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सेक्स का जमाना अपडेट 85
जैसा की आपने पिछले कुछ उपदटेस में देखा की कैसे पोपटलाल िएर से मिली स्टैमिना बूस्टर पिल लेकर श्रद्धा के साथ चुदाई करता है और श्रद्धा Us'se अपना लव कंफेस्स करती है वही टापू के घर पर पढ़ने गए गोली को दया की चुदाई करने का मौका मिलता है और फिर वो गदा फॅमिली के साथ Hi डिनर करता है और जाते वक़्त अनन्य को रात को छठ पर आने के लिए कहता है और दोनों छत पर जोरदार चुदाई करते है वही तीसरी तरफ टापू और प्रणाली चाट करते है और छठ पर मिलते है और उन्हें वह अनन्य और गोली पहले से दीखते है और वो उनके जाने के बाद चुदाई करते है और सेक्स कम्पटीशन के बारे में कुछ डिसकस करते है अब चलिए आगे बढ़ते है
गोकुलधाम सोसाइटी कंपाउंड. सुबह का टाइम है. सब कॉलेज जाने के लिए रेडी खड़े हैं सोनू, प्रणाली, गोगी, पिंकू, जहान्वी और अनन्य. सबके बैग्स पहले से पैक्ड हैं. थोड़ी Masti–mazak चल रही होती है
पिंकू (Idhar–udhar देखते हुए): अरे यार… यह टापू कहाँ रह गया? इतनी देर क्यों लगा रहा है?
ये सुनकर प्रणाली हल्का सा ब्लश कर देती है, स्माइल करते हुए नीचे देखने लगती है. लेकिन सब अपनी बातों में बिजी होते हैं, किसी को नोटिस Hi नहीं होता
सोनू (फ़ोन निकलते हुए): रुक पिंकू… मैं कॉल करती हूँ उससे. वैसे भी लेट आना उसका ओल्ड हैबिट है.
गोगी (थोड़ा इर्रिटेट होते हुए): हाँ और एक और प्रॉब्लम है गोली भी तोह अभी तक नहीं आया! यह दोनों हमेशा लास्ट में Hi एंट्री मारते है. चल, मैं Hi गोली को बुला के लाता हूँ.
गोगी तेज़ कदम से सोसाइटी के अंदर की तरफ चला जाता है. तब तक सोनू टापू का नंबर डायल करती है
सोनू (फ़ोन एअर पे लगाके): हम्म… लगता है फ़ोन रिंग हो रहा है… Hello? … अरे! कॉल पिक Hi नहीं कर रहा! मतलब हद्द है यार…
अनन्य (थोड़ा तंग करके): टिपिकल टापू… हीरो बनना है हर वक़्त.
जहान्वी (हंसी छुपाते हुए): हाँ, लगता है फिर से सो गया होगा.
सोनू (थोड़ा सीरियस होते हुए): ऐसा भी तोह हो सकता है की इम्पोर्टेन्ट काम में फंसा हो… पर बिना बताये लेट होना अच्छा लगता है क्या?
प्रणाली Chup–chap सोनू की बात सुन रही होती है, लेकिन मैं Hi मैं टापू के बारे में सोच कर मुस्कुराती है
पिंकू (थोड़ा डेटर्मीनेड टोन में): छोडो तुम लोग… मैं जाता हूँ उससे बुलाने. वैसे भी वह मेरी सुनता है. तुम लोग यहीं वेट करो, मैं टापू को लेके आता हूँ.
सोनू: अरे रुक पिंकू… तू अकेला मत जा, मैं भी चलती हूँ!
पिंकू: अरे सोनू, तू टेंशन मत ले… तू यहीं सबको हैंडल कर. मैं अभी लेके आता हूँ टापू को.
सब हाँ में हाँ मिलते हैं. पिंकू के कॉंफिडेंट एक्सप्रेशन के साथ सीढ़ियों पर टापू के घर की तरफ जाने लगता है
गोगी सीधा गोली के घर की तरफ जाता है. दरवाज़ा खुलता है, सामने डॉ. हठी.
डॉ. हठी (खुश होते हुए): अरे गोगी बीटा! आओ आओ… इधर आओ. तुम्हारे लिए Garam–garam नाश्ता तैयार है. पूरी, जलेबी, फाफड़ा… सब बना है.
गोगी (हाथ जोड़ते हुए, टेंशन में): अरे नहीं नहीं हठी अंकल! मैं नाश्ता करने नहीं आया… मैं तोह गोली को बुलाने आया हूँ. हमारी कॉलेज की बस छूट जायेगी वर्ण. जल्दी बुलाओ उसे.
ये सुनके डॉ. हठी के चेहरे पर एक कातिलाना मुस्कान आ जाती है. जैसे उन्हें आलरेडी पता हो की गोली कहाँ और किस हाल में है.
डॉ. हठी (आधे बंद आँखों से, हस्की टोन में): हम्म… तोह तुम गोली को बुलाने आये हो… ठीक है… जाओ, उसके कमरे में देख लो…
गोगी थोड़ा कंफ्यूज एक्सप्रेशन के साथ गोली के रूम की तरफ बढ़ता है. पीछे डॉ. हठी अपनी मुस्कान को और ज़्यादा क्रिप्य बना देते हैं. बैकग्राउंड में सस्पेंस वाली फील आ जाती है
गोगी धीरे धीरे गोली के रूम के दरवाज़े के पास पहुँचता है. दरवाज़े से हलकी सी खुशबू आ रही होती है जैसे अंदर फिर से कोई खाने का “माहौल” बना हुआ हो
गोगी (अंदर झाँकने की कोशिश करते हुए, थोड़ा इर्रिटेट टोन में): गोली! ोये गोली! तू अभी तक रेडी नहीं हुआ? कॉलेज मिस करवाएगा क्या?
रूम का दूर हल्का खुला होता है, गोगी अपने हाथ से दरवाज़ा धक्का देके खोलता है… और सामने का नज़ारा देख कर दांग रह जाता है
और तभी सन बदलता है और हमें पिंकू दीखता है जो जेठालाल के घर में एंट्री ले रहा था जेठालाल पहले Hi दूकान के लिए निकल चूका था और बापूजी किसी काम से बाहर थे
पिंकू (घबरा के): आंटी! आप ठीक तोह हो न?
दरवाज़ा हल्का खुला होता है. पिंकू धीरे से अंदर जाता है और देखता है की दया भाभी बाथरूम के फ्लोर पर नंगी गिर्री हुई है उसके घुटने पर छोटी सी चोट लगी है और हल्का सा खून आ रहा है
पिंकू (फ़ौरन झुक कर): अरे आंटी! यह क्या हो गया आपको? रुकिए, मैं उठता हूँ आपको.
पिंकू ध्यान से दया भाभी को संभालता है और उन्हें बीएड पर लिटा देता है
दया (दर्द से): ैय्य… बीटा पिंकू, मैं बाथरूम में फिसल गयी थी… घुटने में बहुत दर्द हो रहा है…
पिंकू (फ़िक्र से): आप टेंशन मत लीजिये आंटी, मैं हूँ न. आप बताइये दवाई कहाँ राखी है, मैं तुरंत ले आता हूँ.
दया (थोड़ा सा हैंडल करते हुए): बीटा, अलमारी के ऊपर छोटी सी डब्बी है… उसमे एक मलहम है… वही लगा देना…
पिंकू तुरंत अलमारी खोलता है, डब्बी से मलहम निकलता है. कॉटन और कपडा भी साइड टेबल से ले आता है. धीरे से दया आंटी के घुटने पर मलहम लगता है
दया (थोड़ा रिलैक्स्ड होते हुए): शुक्रिया बीटा… तू बहुत समझदार है. अगर तू टाइम पे नहीं आता तोह पता नहीं क्या होता.
पिंकू (मुस्कान के साथ): अरे आंटी, आप हम सब की मम्मी जैसी हो… अब आप फ़िक्र मत करो. थोड़ी देर रेस्ट कीजिये, मैं टापू को भी देख लेता हूँ.
दया : थीअन्यउ बीटा बस वो फ़ोन वह से ला कर दे दो
पिंकू : ठीक है आप यही रुको मई हाथी अंकल को भी बोल देता हु वो आपको दवा दे देंगे
दया : ारेह नहीं बीटा अब मई संभाल लुंगी तुम कॉलेज के लिए निकलो तुम्हारे बस के आने का टाइम कबका हो गया है
पिंकू : हां पर ये टापू मिले तो न
दया : वो पिंकू बीटा टापू सुबह Hi किसी काम से बाहर चला गया था बोलै सीधे कॉलेज चला जाएगा
पिंकू : Accha...theek है आंटी आप अपना ध्यान रखना मई चलता हु
दया : Ok थीअंक्यो बीटा फिर से
और पिंकू धीरे धीरे वह से निकल जाता है
पिंकू (मैं में) : वाह कितने फर्म बूब्स The...ek बार मिल जाए तूह
और इधर सन शिफ्ट होता है डॉ हाथी के घर पर और हमें गोगी दीखता है जो अपने फ़ोन में कुछ रिकॉर्ड कर रहा है धीरे धीरे उसका फ़ोन स्क्रीन विज़िबल होता है और हमें गोली कोमल की छूट में मुँह लगाए दीखता है

Uhhmmm....babyyh....tumhariihhh...jeebhhh...hansss....keeehh...moteehh....jeebhhh
Seehh...bhihhh....acchihh...haihhh....i...cann....seeehh....tummmm....bhiii.....abbb...
Experienceddd......hoteehhh....jaahhh....rahehhhh....hohhhhh...haahhh
Rrrraaaagh...rrrr...mmmmmph...rraaagh...mmmmpfff...mmmmmpph...
Rrrraaaaagh...mmmmph!!
Grrr...grrrrr...mmmmpf...ahhm...shhh...oooohhh...
Mmmmpff...aaaahhh...sssshhh...oooooohhh...
Mmmmpf...aaaahhh...sssshhh...ooooohhh...aaaahhh...sssshhh
गोली : ओह्ह मम्मी आपकीह एई टाइट पुसी क्या Hi कहऊ खुद की माँ छोड़ने का मज़ा Hi कुछ ऑर्डर ही चाहे लाइफ में हो या घर में
Mmm....aaahhg....mmm....ummma.....iishh....sshh....slurppp
Slurrppp....slurppp...sslrrrp...ccchg...ssluurpp....
Ummmm.....ammmm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uhhh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...slurppp....slurrppp...
Slurppp...aahha...hmmm...

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....umm...ummm....ahh...uhhffhh....
Ummmm.....ahmmmm...uhhhmm....ummmm.......uhmm
Ohhh...youuu....dirtyyy...littleee....doctttoorrr....i...mmm...sureee...johhhh...bhihhhh....
Tumhariihhh...wifeee....banegihhh....sheeeh....willl....beeee....reallyyhh...happyyyhh
Aahhh....babyyy...immm.....cumminggg....maihhhh...jhaddd....rahihhh...huuummm
Aahahh....ssshhh....aaarhhgh......mmmhhh......mmmhhgh.....
और कोमल अपनी छूट का रास छोड़ने लगती है और गोली उसकी छूट चाट कर साफ़ करने लगता है
उनका काम पूरा होते Hi गोगी हड़बड़ा जाता है और गोली को आवाज़ देता है
गोगी : गोली कहा है तू जल्दी कर वर्ण बस छूठ जायेगी
गोली (घबराते हुए) : हां गोगी रुक आया
गोगी : जल्दी आ
और गोगी वह से हॉल की तरफ चल देता है
डॉ हठी उसे देख कर मुस्कुराते हुए कहते है
डॉ हाथी : क्या हुआ गोगी बीटा
गोगी : वह कुछ नहीं हाथी अंकल बस हमारे बस के आने का टाइम हो चूका था और न टापू दिख रहा था न गोली तो मई गोली को बुलाने आया था
डॉ हाथी : अच्छा तो वो झाड़ रहा है Ab...mera मतलब इस हे कमिंग (किंग)
गोगी : हां आ रहा है
और तभी अपनी टी शर्ट पेहेनते हुए गोली आता है
गोली : चल गोगी
गोगी : हम्म चल
गोली : Bye पापा Bye मुम्मा
डॉ हाथी : Bye बीटा
कोमल : Bye बेबी और वो गोगी को आँख मारती है
गोगी के बदन में करंट दौड़ जाता है
और तभी डॉ हाथी का फ़ोन बजता है
डॉ हाथी : हां बोलिये जेठा भाई
और तभी उनके घर में पूरी टापू सेना आती है
पिंकू : हाथी अंकल आप जरा जेठा अंकल के घर जाओगे क्या
डॉ हाथी : हां हां मई अभी जाता हु जेठा भाई और फ़ोन रख देता है
कोमल : क्या हुआ बच्चो
पिंकू : वह दया आंटी को घुटने में काफी चोट लग गयी है तो मई हाथ अंकल को बुलाने आया था
कोमल : व्हाट कब कैसे हुआ ये सब
हाथी : तुम टेंशन मत लो कोमल मुझे जेठा भाई ने सब बता दिया है मई अभी उनके यहाँ Hi जा रहा हु
कोमल : मई भ अति हु
हाथी : कोमल डॉक्टर के काम में कोई प्रॉब्लम मत डालो मुझे अकेले जाने दो
कोमल : ठीक है
पिंकू : ओह तो आप वही जा रहे हो
हाथी : तुम लोग यहाँ क्यों आये हो बच्चो
सोनू : हम आपको दया आंटी के पास बुलाने के लिए आये थे
गोली : अरे अनन्य दीदी कहा है
प्रणाली : वो दया आंटी को देखने गयी है
गोली : चलो हम भी देखने चलते है
हाथी : बच्चो तुम्हे लेट हो रहा है अगर बस चौथ गयी तो सोढ़ी भी नहीं है और कोई ऑटो उतनी दूर जाएगा भी नहीं तो अपने कॉलेज जाओ और डॉक्टट को उनका काम करने दो
सभी : Ok अंकल
और डॉ हाथी अपने मस्तमौज अंदाज़ में धीरे धीरे जेठालाल के घर की तरफ चल देते है
और टापू सेना कॉलेज के लिए निकलने लगती है तब तक अनन्य भी सीढ़ियों से नीचे आ रही थी
पूरी टापू सेना कॉलेज के लिए निकल जाती है
गोली : अच्छा तो वो पहले Hi कॉलेज चला गया
गोगी : वाह....
और इधर डॉ हाथी जेठालाल के घर पर पहोच जाते है
डॉ. हाथी: अरे दया भाभी यह क्या हो गया आपको?
दया आंटी दर्द से कराहते हुए बोलती हैं: हाथी भाई मैं बाथरूम में फिसल गयी थी… घुटने में बहुत दर्द हो रहा है… मूव Hi नहीं हो रहा.
डॉ. हाथी तुरंत उनके पास जा कर उनका घुटना चेक करते हैं. धीरे से हाथ रख के देखते है दया के बदन में इस छुअन से एक किरकिरी सी दौड़ जाती है
डॉ. हाथी: देखिये स्वेलिंग आ गयी है और आपको घुटना हिलाने में प्रॉब्लम हो रही है. अभी के लिए घुटना बिलकुल मूव मत कीजिये. मैं अभी आइस पैक मांगता हूँ और दवाई भी लिख देता हूँ
दया आंटी कराह कर कहती हैं: आयी ो माँ… डॉक्टर साहब, बहुत तकलीफ हो रही है.
डॉ. हाथी उन्हें शांत करते हैं: रिलैक्स भाभी… आप टेंशन मत लो. दो दिन प्रॉपर रेस्ट और Dawai-Seekai से सब ठीक हो जाएगा. अगर पैन ज़्यादा रहा तोह फिर X-Ray करवाना पड़ेगा.
दया भाभी थोड़ा रिलैक्स्ड होकर अपना सर तकिये पर रख देती है डॉ हाथी दया के पैरो को सहलाते हुए एक क्रीम उसके चोट पर लगा रहे थे दया मंत्रमुग्ध हो रही थी जिसका एहसास डॉ हाथी को भी हुआ
डॉ हाथी (मैं में) : ओह्ह दया भाभी अगर आप कहो को आपकी चोट एक झटक में ठीक कर दू
दया : ओह्ह मेरठ छुट्ठ हाथीहह भाईह ने जबसे छुआ ही तबसे पानी छोर रही हैठ लगता ही छुड़वा के Hi मानेगी
तभी डॉ हाथी की नज़र दया के बूब्स पर जाती है जो आधे बाहर थे और उन्हें देख कर डॉ हाथी का लुंड धीरे धीरे करक होने लगता है
डॉ हाथी (मैं में) : ये क्या कर रहा है हंसस्स तू अभी पेशेंट को देखने आया है शांत होजा
दया भी हाथी भाई के खरे लुंड को देखती है
Daya(mann में) : जैसा सुना था वैसा Hi लगता हैठ आठ हठः बहीह ापकाः यीह लुंड मुझेयह मेरीह चुत्थ में चाहिये
हाथी : तोह दया भाभी अब मई आपके इस पेअर को ऊपर उठाऊंगा और आप मुझे बताना आपको और कहा कहा दर्द हो रहा है
दया : ठीक है
और हाथी धीरे से दया की बायीं टांग को ऊपर करने लगता है
डॉ हाथी : चलिए दया भाभी, पेअर को सीधा रखिये… हाँ बिलकुल ऐसे. अब धीरे से घुटने को ऊपर उठाइये.
दया पेअर उठती हैं दर्द से मुँह बनती हैं और ज़ोर से "हे माँ, माताजी!" कह कर चिल्लाती हैं
डॉक्टर हाथी (मुस्कुराते हुए): अरे नहीं नहीं, यह बिलकुल नार्मल है. दया भाभी, अब पेअर को Dheere-Dheere गोल गोल घुमाइए…
दया के ऐसा करते Hi उसकी साड़ी पूरी तरह से नीचे हो जाती है और हाथी भाई को दया की पंतय नज़र आने लगती है जिससे हाथी भाई की नज़र एक पल को नहीं हैट टी दया भी ये देखती है और अंदर Hi अंदर मुस्कुरा देती है
दया (पेअर घूमते घूमते मस्ती में): ारेह हाथी भाई यह तोह बिलकुल चाकरी जैसा लग रहा है… गुजरात की चाकरी!
डॉक्टर हाथी ज़ोर से हसने लगते है
डॉक्टर हाथी (हंसी रोक कर): बस बस, आपकी यह हसी Hi सबसे बड़ी दवा है! जल्दी Hi आप ठीक हो जाएंगी.
दया : अब मैं ठीक हो जाऊं तोह नवरात्री का पूरा गरबा आपके साथ करुँगी! हाथी भाई
डॉक्टर हाथी हस्ते हैं उसका हाथ धीरे से दया भाभी के कंधे पर रहता है
हाथी : आपके लिए कुछ भी दया भाही. मैं आपको ठीक करने के लिए कुछ भी कर सकता हूँ.
वह करीब आता है उसका हाथ उसकी बांह पर फिसलता है उसका स्पर्श हल्का और चिढ़ाता है. दया भाभी कांप उठी उसकी सांसें Thodi-Thodi हिचकिचा रही थीं. डॉक्टर हाथी झुक जाता है उसके होंठ उसके कान से टकराते हुए फुसफुसाते हैं "मैं आपकी जाँघों पर हाथ रख देता हूँ दया. आपको क्या लगता है?"
दया भाभी ने सर हिलाया उसकी आवाज हलकी सी आवाज़ से कहती है
दया : हाथी भाई मैं ठीक हो जाउंगी तो जरूर
डॉक्टर हाथी मुस्कुराते है और खुद का हाथ दया की जांघ की और बढ़ाते है उनकी उंगलियां दया के घुटने के ठीक ऊपर की हलकी त्वचा का पता लगा रही है. दया भाभी का शरीर तुरंत कपकपा उठी थी उसकी त्वचा गर्मी से लाल हो जाती है.
हाथी भाई अपना हाथ ऊपर सरकाते है उनकी हथेली दया की अंदरूनी जांघ पर आराम से तिकी हुयी है. दया भाभी हांफती है उसके चुत्तड़ बीएड से थोड़े ऊपर उठ जाते हैं. डॉक्टर हाथी का दूसरा हाथ पहले वाले से जुड़ जाता है उनकी उंगलियां उसकी जाँघों को फैला देती है जिससे हाथी भाई को भाभी आसानी से पहुँच मिलती है.
डॉ हाथी : आराम करो दया भाभी मैं आपको ठीक करने के लिए यहां हु
दया भाभी सर हिलाती है उसका शरीर हाथी भाई के स्पर्श से Dhire-Dhire गरमल हो रहा है. डॉक्टर हाथी के हाथ ऊपर उठते है और उंगलियां दया भाभी की पंतय के किनारे से छूती है. वो उससे निकलती गर्मी को कपडे में से रिसने वाली नमी को महसूस कर सकते है.
हाथी भाई अपनी उँगलियों को उसकी पंतय के कमरबंद में फसाते है और Dheere-Dheere उसे निचे खींचता है. दया भाभी अपने गांड को उठाती है और उसकी पंतय आराम से निकल जाती है डॉक्टर हाथी ने पंतय को एक तरफ फ़ेंक दिया उनकी आँखें दया के बूब्स पर घूम रही थी.
डॉ हाथी : आपकी आग भड़क चुकी है दया भाभी मई आपको ठीक करने के लिए यहां हु
दया भाभी कराहती है उनका शरीर बीएड से ऊपर उठ जाता है क्योंकि डॉक्टर हाथी की उंगलियां उसके छूट में घुस जाती है
दया : हाथी भाई प्लीज़ मैं ठीक हो जाउंगी न
डॉक्टर हाथी मुस्कुराते है उनकी उंगलियां तेजी से चलते है और दया की सिसकियाँ तेज़ होने लगती है
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Mmmha....mmmm....uhhmmm....oomm....mmma....mmhh...slurrppp...
Sshh...ssshhh......hmmm....ummmh....aahhgh...assshh....slurrpphh....
Ahhhhh....ummmm....ummmmm....ummmmm....u........
Ummmmmm....ummmm....ahahaahhaha....ahahahahaha....ummmmmmm....
Auahahahaha....mmmmmmmmmm....
डॉ हाथी : मई आपको ठीक करता हु दया भाभी
और अपना मुँह दया की छूट पर लगा देते है और उसकी छूट के इर्द गिर्द अपनी जीभ घूमने लगते है
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Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
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Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhh
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Ahahahahahha...ahahahaha....ummmmmmmmm....
Mmmm....haathihhhh....bhaiihhhhh.....aaapkeehhh....isssiihhh...ilaajjj....kiihhh....
Jaruratttt....thihhh....mujhehhhhh.....aqaahhhh...abbbb....barddaasssttt...nahihh...
Hotaahhh....chooodoohh...mujehhh...apnaahhh....yeeeehh...lunddhh...mereehhh...
Chutthh....meehhh....daaloohh.....
हाथी भाई अपनी जीभ दया के छूट से निकालते हुए कहते हैठ
हाथी : हां दयाहः भाभिह अब्ब्ब मेहः भीह नहींहह सेठ सकतहहह
और हाथी भाई अपने पंत की कमरबंद को खोलते हुए अपने 8 इंच के लुंड को उजागर करते है
दया : होठ हाथीहह भैहहह जल्दीह मेरठ छुट्ठ मीठ डालहठ इसीहहह
हाथी : चुदैई चुदैई छुडाईइच ाःह हहह
और हाथी भाई उत्सुकता से अपना लुंड दया भाभी की छूट में घुसा देते है
हाथी : आह दया भाभी आप बस आराम से मज़े लोह साड़ी म्हणत आज मई करूँगा
दया : यीह चुदाई का दर्द्द मेरे घुटने के दर्द से कई गुना अच्छा है

Aaahhh....haathihhh...bhaiiihhh....chooddoohhh...mujjjhheehhh...theekkk....karoohhh...mereeehhh...
Dardddhh.....kooohhhh...aaahhh.....sssshh.....aaahhh....aarrgghhh....haathihhh....bhaiihhh...hhmmm
Aaahh....ooohhhhh....aaahhghh....
Aaahhhmmm....uhhhh.........ahhhh....ahhhh...aaahgg...uhffhhh....hmmmm
Ahhh.....ahhhh.....ahhhh......ohhhm....aaahhh...uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....ahhhh.....uhhhhh
Aaaahhhh....aaahhhh......ooohhhh......aaahhhh.....aahhhh.....chodoohhh....
Ahhhhmm.....chooodddoohhh....aahhgh...uuuhfhhh....aahhgh...ssshhh
Aaaahhhh...aaaahhhh....aaaahhhh....aaahhhh....aaaahhhhmmm......aaahhhh..... Aaaahhhh....aaahhhh....ssshhhuppp.....cchhpp.....

Aaaahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
Ahhhh....ccchhpp...hhmm...aahhh...aaggh.....hmmmaa.....oohhhm...
अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....
Uhhffhh...chodoohhhh..haathihh...bhaiihh....aahhh...bohothhh...mazaahhh...aahhh...rahahhh...haihhh
Haathihhh.....bhaaihhh.....aaahhh...uuhhffhh...uhhmma....aahhgh...chodohhh...chodoohhh...
Sssshhh...haaa...orrrr.....zorrrr....seeehhhh....aaarrhghh....hhmmm.....ssshhh
Haaa...wahiii....peehhh...ssshhh...gghhh...oohhh...aisaahhh...mazaahhh...ahhh
Aahhh....uhhhghh...hhhmmm...aaahhh....
हाथी : आप्कीहठ घुटनीह कीह ड़ड़ड़ड़ड़ कहाः क्याह दयाहः भाभीहहह
दया: कौनसाः ड़ड़ड़ड़ड़ड़ हाथिहहह भाईहह ोर्ड्र्र कैसाहह ड़ड़ड़ड़ड़ मेहः तोहह अभिह उठ्ठ कीह गराहः कररर साकटिहह हुउउम्म आह्हः मममहह

Ssshhh....hmmmm....uhhhh.....aaahhhh....ahhhh....chodoohhhh.....haathiiihhhh....bhaiihhh....
Ahhh...ahhhh....ahhhh......ohhhm....uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....chodoohh...orrrrr....zorrr....seeehhhhh.....uuuhhmmm.....
Ahhhh.....uhhhhh....ahmmm...ahhh....ahhhh..ohhhhh....uhhmm...ahhhh...
Ohhhh...ahhhh....mujheehhh...bohotthh...mazaahhh...aahh..rahahhh...haihhh
Aaahh....uhhmmm....hhhsh....ooohhhm....kkhgh....hmmm...isshhhh...aaahhhgh
Aaaahhhh....aaahhhh......ooohhhh......aaahhhh.....aahhhh.....chodoohhh....
Ahhhhmm.....chooodddoohhh....aahhgh...uuuhfhhh....aahhgh...ssshhh
Aaaahhhh...aaaahhhh....aaaahhhh....aaahhhh....aaaahhhhmmm......aaahhhh..... Aaaahhhh....aaahhhh....ssshhhuppp.....aaarrrghhhh.....haatahihhh....bhaaiihh....aapphh
Itneehhh...moteehhhh...hhooohhh...firrrr..bhihhh...aapmmehhh....kitnaahhh...dammm....haihhh
Aaahhh...aisssehhh...hihhhh...haatthihhh....bhaiihhh....aaahghh.....
Aaaahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
Ahhhh....uhhfhhh...hhmm...aahhh...aaggh.....hmmmaa.....oohhhm...
अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...haaathihhh...bhaihhh...chodohhh...orrr....zorrr....sehhhh
....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh....mereehhh
...Ghuttneehh...kaahhh....darddd....kammm.....hohhh....rahahhh...haihhh....ahm....
Ammmm...ummm....ahh...uhh...
Ahhh...uhhhm...ahhh....aaahhh....ohhhhh....uhhh....heyyy...maahhh....aahhh....maatahh...jihhhh
Aahhhgh....ssshh....uuuhhmm.....aaarrhghh....ssshhh...haatthihhh...bhaihhhh.....
Ufffff...uffff...ufffffhhfff...uhhfffhff...ufffff...uhhhffff...ufffffhhfff...ufffhhff...ufffhhf...
Ahhhh...ahhhh...ahhhh...ahhhh...ahhhh...ahhhh...ahhhh...ahhhh..
हाथी : होठ रहहह हैठ ना दर्द्द कम् मेरा एई सेक्रेट इंजेक्शन हैठ जोह्ह सिर्फ सोसिएटियय किह्ह औरतों को मिलताह हैहहह आठ क्याहाः तिघटतह चुत्थ हैठ आपकीह
Aapkahhh...lunndhh....kitaannhh...motaahhh...haihhh....abb...patahhh...chalahhh...komalll..bhabhihh...
Kaahh....raazzzhh....aahh....hhh...ooohhhh...aarrghh....sshhh....mmmhh....

Uuhffhhh....ahhmm...ahhhh........uhhhh.....ahhhh....ahhhh
Ahhhhhhh...aaahhhh......ohhhm....uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....uuuhfhhh....haathihhh...bhaiihhh....aahrghhh....
....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....
Uhhh....ahhh...ahmm....wahiihhh...parrr....orrr...tezzz.....orrrr....tezziihh...seeehh Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....
Ahhh...uhhhmmm...agghh...chodohhh.....mujehhh....aahhh...haathihhh...bhaiihhh.....
..Uhmm....humm....ahhmm......
Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....
Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....
Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm
Ahhhhhh.....ohhhh.......haathihhh....bhaihhh....aapkahhh....lunddhh...merehhhh...chutthh...
Meehhh...khalll..baliiihh...maccchaahh....rahahhh...haihhh....oohhh....hmmm.....
Ahhhhh...ohhhhh...ohhhhhh...ufffff...uffff...uffffffff...ufffff...wahhhhhhhhh...
Wahhhhhhh...wahhhhhhhhh...wahhhhhhh...wahhhhhhhhh...ohhhhhhhhh...
Hooooooo...ummmm...ahhhh...ahhhh...ummmm...

Yahhhhhhh...yahhhhhhh...yaaahhhhhhh...yaaaahhhhhhh...uffhhfff...sssesssssss...ahhhhhh...
Yesssssss...ahhhhhh...issssssssss...uffffffff...wahhhh...wahhhhhh...wahhhhhh
हाथी : ओह्ह दयहह भाभीहहह आपकीह ईठ तिघटत छुट्ट्ठ मेरीह लूंणद्धः कोठ दबोच राहीयह हैहहह मेहः जाहड़द्धः रहहह हहहह्म्म आह्हः ोूहः ाररग्गहह हहम्म्म्म
दया : Ohhhh....haathihhh....bhaiihh....maihh....bhihh....jhadneehh....walihhh....hummm....a
Hahh....ohhh....orrr....jorrrr....seehhh....choododhhh....maihh....bhih....basss....aaah....hihh....gaayiihhh....
Aahh....ohhh....aahhgh....
हाथी : Lohh....maihh....aayahhh....oohh....
दया : Maihh....bhiihh....ahahh....aahhh....aargghh....uhhhhmmm....aahhhh....uhhfffhh....haathihhh....
Bhaihhhh....merihhh....chuthhththh....aahhhh....ohhhhhsghh....aahhhsh....asshsh....ahahhhh....
दया भाभी का शरीर ऐंठ जाता है उसका चरमसुख उसे चीरता हुआ बाहर आने लगता है
और दोनों एक साथ झड़ने लगते है हाथी अपना सारा माल दया के घुटनो पर गिरा देता है और दया झड़ते हुए पूरा बिस्तर गीला कर देती है हाथी भाई मुश्किल से खुद की तेज़ साँसों को रोक पाते है और झुक कर दया को एक गहरा किश देते है
सन कट होता है और हमें तारक दीखता है जो अपने फ़ोन की स्क्रीन देख रहा है
तारक : इस ग्रुप में सबसे काम मेस्सगेस मेरे Hi है और जेठालाल को तो देखो मेस्सगेस पे मेस्सगेस
यहाँ तक की इस ग्रुप का उद्घाटन भी उसके मैसेज से Hi हुआ है मुझे तो लगता है मुझसे ज्यादा सेक्स तो पोपटलाल कर चूका होगा अपनी श्रद्धा के साथ चीः कैसी किस्मत दी हिअ मुझे भगवन मेरी खुद की इतनी सेक्सी बीवी किसी और के प्यार में पर गयी और यहाँ मई अपने दोस्त की बीवी तक नहीं छोड़ पाया ये आदर्शवादी भिड़े भी मुझसे आगे है, सब सेक्स कर रहे है कुछ कुछ तो अपने Hi बच्चो के साथ मिलकर यहाँ मई हर रोज़ ऑफिस को चला आता हु ये किस्मत Hi ख़राब है
तभी उसका फ़ोन बजता है जेठालाल कालिंग लिखते हुए
तारक : हां बोलो जेठालाल अब क्या प्रॉब्लम है
जेठालाल : आप
तारक : मतलब
जेठालाल : प्रॉब्लम आप को है मेहता साहब
तारक : ये तुम क्या कह रहे हो जेठालाल मुझे प्रॉब्लम होती तो मई तुम्हे बताता नहीं
जेठालाल : अच्छा आप मुझे बताते तो अबतक बताया क्यों नहीं
तारक : अरे भाई ये कौनसी ऐसी प्रॉब्लम है जो मुझे Hi नहीं पता मेरी प्रॉब्लम है
जेठालाल : वही तो आपकी प्रॉब्लम क्या है की आप हमारे सीक्रेट ग्रुप में मेस्सगेस नहीं दाल रहे
तारक : Ohh...kya बताऊ जेठालाल ये भादवा बॉस रोज़ सुबह कॉल कर देता है सूअर सी आवाज़ लेके की मेह्ते आज ऑफिस में ये काम है वो काम है माधरचोद मेरे गांड में घुस जा न
जेठालाल (हस्ते हुए) : ारेह ारेह मेहता साहब आराम से ज्यादा गुस्सा नहीं करते आपके लिए एक मस्त ोपटूनिटी है
तारक : अच्छा ओप्पोर्तुनिटी पर कैसी ओप्पोर्तुनिटी
जेठालाल : दया को पेअर में चोट लगी है
तारक : उन्हें चोट कैसे लग गया
जेठालाल : आप वो छोरो और सोचो वो अभी घर पर अकेली है वैसे तो मैंने हाथ भाई को घर भेजा है की वो उसको देख लेयर तभी मुझे ध्यान आया की आप इस ग्रुप में कुछ ज्यादा Hi काम मैसेज नहीं डालते तो मैंने सोचा की...
तारक : वाह जेठालाल क्या सोचा क्या सोचा तुमने मई अभी गोकुलधाम वापस जा रहा हु
जेठालाल : और हां घर वापस जा Hi रहे हो तो अपने बॉस के मुँह पर इस्तीफा नामा मारते आना
तारक : क्या बात कर रहे हो जेठालाल मेरे लिए कोई Is'se बेहतर नौकरी है क्या
जेठालाल : नौकरी Hi नहीं एक बोहोत बरी चीज़ है बस उसके लिए आपको तैयार कर रहा हु
तारक : वाह जेठालाल वाह तुमने तो मेरा दिल खुश कर दिया मई अभी गोकुलधाम जा रहा हु फिर देखो कैसे दया भाभी को छोड़ता हु
जेठालाल : ारेह मेहता साहब लगता है आपसे पहले किसी और ने बाज़ी मार ली
तारक : क्या मतलब
जेठालाल : जरा हमारा ग्रुप तो देखो
तारक : ारेह तेरी की हाथी भाई तो फुल जोश में है पिछले हफ्ते से
जेठालाल : पहले वो िएर के साथ मिलकर तीन वाला सेक्स और माधवी के साथ चुदाई और फिर रोशन और फिर आज दया की ठुकाई हाथी भाई तो फुल आग लगा रखे है
तारक : मुझे तो लगता है की तुम्हारे बाद इस गोरुप में सबसे ज्यादा मैसेज उन्होंने Hi भेजा है
जेठालाल : हां बिलकुल और कोई टक्कर में Hi नहीं
तैराक : वैसे Maan'na पड़ेगा जेठालाल नोर्मल्ली तुम्हारी किस्मत कैसी भी हो लेकिन चुदाई के मामले में बोहोत तगड़ी है
जेठालाल : हां हां आप तो सबसे करीब से जानते हो चलो अब ये सब बाद में पहले नौकरी छोरो और दया को छोड़ो
तारक : ये हुयी न बात मेरे कुच्ची माणूस
जेठालाल : हफ़ हफ़ हफ़
और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है उम्मीद करता हु की आपको ये अपडेट पसंद आया होगा अगर हां तो लिखे बटन दबाओ यारो बस पढ़ के इधर उधर मत भागो
जैसा की आपने पिछले कुछ उपदटेस में देखा की कैसे पोपटलाल िएर से मिली स्टैमिना बूस्टर पिल लेकर श्रद्धा के साथ चुदाई करता है और श्रद्धा Us'se अपना लव कंफेस्स करती है वही टापू के घर पर पढ़ने गए गोली को दया की चुदाई करने का मौका मिलता है और फिर वो गदा फॅमिली के साथ Hi डिनर करता है और जाते वक़्त अनन्य को रात को छठ पर आने के लिए कहता है और दोनों छत पर जोरदार चुदाई करते है वही तीसरी तरफ टापू और प्रणाली चाट करते है और छठ पर मिलते है और उन्हें वह अनन्य और गोली पहले से दीखते है और वो उनके जाने के बाद चुदाई करते है और सेक्स कम्पटीशन के बारे में कुछ डिसकस करते है अब चलिए आगे बढ़ते है
गोकुलधाम सोसाइटी कंपाउंड. सुबह का टाइम है. सब कॉलेज जाने के लिए रेडी खड़े हैं सोनू, प्रणाली, गोगी, पिंकू, जहान्वी और अनन्य. सबके बैग्स पहले से पैक्ड हैं. थोड़ी Masti–mazak चल रही होती है
पिंकू (Idhar–udhar देखते हुए): अरे यार… यह टापू कहाँ रह गया? इतनी देर क्यों लगा रहा है?
ये सुनकर प्रणाली हल्का सा ब्लश कर देती है, स्माइल करते हुए नीचे देखने लगती है. लेकिन सब अपनी बातों में बिजी होते हैं, किसी को नोटिस Hi नहीं होता
सोनू (फ़ोन निकलते हुए): रुक पिंकू… मैं कॉल करती हूँ उससे. वैसे भी लेट आना उसका ओल्ड हैबिट है.
गोगी (थोड़ा इर्रिटेट होते हुए): हाँ और एक और प्रॉब्लम है गोली भी तोह अभी तक नहीं आया! यह दोनों हमेशा लास्ट में Hi एंट्री मारते है. चल, मैं Hi गोली को बुला के लाता हूँ.
गोगी तेज़ कदम से सोसाइटी के अंदर की तरफ चला जाता है. तब तक सोनू टापू का नंबर डायल करती है
सोनू (फ़ोन एअर पे लगाके): हम्म… लगता है फ़ोन रिंग हो रहा है… Hello? … अरे! कॉल पिक Hi नहीं कर रहा! मतलब हद्द है यार…
अनन्य (थोड़ा तंग करके): टिपिकल टापू… हीरो बनना है हर वक़्त.
जहान्वी (हंसी छुपाते हुए): हाँ, लगता है फिर से सो गया होगा.
सोनू (थोड़ा सीरियस होते हुए): ऐसा भी तोह हो सकता है की इम्पोर्टेन्ट काम में फंसा हो… पर बिना बताये लेट होना अच्छा लगता है क्या?
प्रणाली Chup–chap सोनू की बात सुन रही होती है, लेकिन मैं Hi मैं टापू के बारे में सोच कर मुस्कुराती है
पिंकू (थोड़ा डेटर्मीनेड टोन में): छोडो तुम लोग… मैं जाता हूँ उससे बुलाने. वैसे भी वह मेरी सुनता है. तुम लोग यहीं वेट करो, मैं टापू को लेके आता हूँ.
सोनू: अरे रुक पिंकू… तू अकेला मत जा, मैं भी चलती हूँ!
पिंकू: अरे सोनू, तू टेंशन मत ले… तू यहीं सबको हैंडल कर. मैं अभी लेके आता हूँ टापू को.
सब हाँ में हाँ मिलते हैं. पिंकू के कॉंफिडेंट एक्सप्रेशन के साथ सीढ़ियों पर टापू के घर की तरफ जाने लगता है
गोगी सीधा गोली के घर की तरफ जाता है. दरवाज़ा खुलता है, सामने डॉ. हठी.
डॉ. हठी (खुश होते हुए): अरे गोगी बीटा! आओ आओ… इधर आओ. तुम्हारे लिए Garam–garam नाश्ता तैयार है. पूरी, जलेबी, फाफड़ा… सब बना है.
गोगी (हाथ जोड़ते हुए, टेंशन में): अरे नहीं नहीं हठी अंकल! मैं नाश्ता करने नहीं आया… मैं तोह गोली को बुलाने आया हूँ. हमारी कॉलेज की बस छूट जायेगी वर्ण. जल्दी बुलाओ उसे.
ये सुनके डॉ. हठी के चेहरे पर एक कातिलाना मुस्कान आ जाती है. जैसे उन्हें आलरेडी पता हो की गोली कहाँ और किस हाल में है.
डॉ. हठी (आधे बंद आँखों से, हस्की टोन में): हम्म… तोह तुम गोली को बुलाने आये हो… ठीक है… जाओ, उसके कमरे में देख लो…
गोगी थोड़ा कंफ्यूज एक्सप्रेशन के साथ गोली के रूम की तरफ बढ़ता है. पीछे डॉ. हठी अपनी मुस्कान को और ज़्यादा क्रिप्य बना देते हैं. बैकग्राउंड में सस्पेंस वाली फील आ जाती है
गोगी धीरे धीरे गोली के रूम के दरवाज़े के पास पहुँचता है. दरवाज़े से हलकी सी खुशबू आ रही होती है जैसे अंदर फिर से कोई खाने का “माहौल” बना हुआ हो
गोगी (अंदर झाँकने की कोशिश करते हुए, थोड़ा इर्रिटेट टोन में): गोली! ोये गोली! तू अभी तक रेडी नहीं हुआ? कॉलेज मिस करवाएगा क्या?
रूम का दूर हल्का खुला होता है, गोगी अपने हाथ से दरवाज़ा धक्का देके खोलता है… और सामने का नज़ारा देख कर दांग रह जाता है
और तभी सन बदलता है और हमें पिंकू दीखता है जो जेठालाल के घर में एंट्री ले रहा था जेठालाल पहले Hi दूकान के लिए निकल चूका था और बापूजी किसी काम से बाहर थे
पिंकू (घबरा के): आंटी! आप ठीक तोह हो न?
दरवाज़ा हल्का खुला होता है. पिंकू धीरे से अंदर जाता है और देखता है की दया भाभी बाथरूम के फ्लोर पर नंगी गिर्री हुई है उसके घुटने पर छोटी सी चोट लगी है और हल्का सा खून आ रहा है
पिंकू (फ़ौरन झुक कर): अरे आंटी! यह क्या हो गया आपको? रुकिए, मैं उठता हूँ आपको.
पिंकू ध्यान से दया भाभी को संभालता है और उन्हें बीएड पर लिटा देता है
दया (दर्द से): ैय्य… बीटा पिंकू, मैं बाथरूम में फिसल गयी थी… घुटने में बहुत दर्द हो रहा है…
पिंकू (फ़िक्र से): आप टेंशन मत लीजिये आंटी, मैं हूँ न. आप बताइये दवाई कहाँ राखी है, मैं तुरंत ले आता हूँ.
दया (थोड़ा सा हैंडल करते हुए): बीटा, अलमारी के ऊपर छोटी सी डब्बी है… उसमे एक मलहम है… वही लगा देना…
पिंकू तुरंत अलमारी खोलता है, डब्बी से मलहम निकलता है. कॉटन और कपडा भी साइड टेबल से ले आता है. धीरे से दया आंटी के घुटने पर मलहम लगता है
दया (थोड़ा रिलैक्स्ड होते हुए): शुक्रिया बीटा… तू बहुत समझदार है. अगर तू टाइम पे नहीं आता तोह पता नहीं क्या होता.
पिंकू (मुस्कान के साथ): अरे आंटी, आप हम सब की मम्मी जैसी हो… अब आप फ़िक्र मत करो. थोड़ी देर रेस्ट कीजिये, मैं टापू को भी देख लेता हूँ.
दया : थीअन्यउ बीटा बस वो फ़ोन वह से ला कर दे दो
पिंकू : ठीक है आप यही रुको मई हाथी अंकल को भी बोल देता हु वो आपको दवा दे देंगे
दया : ारेह नहीं बीटा अब मई संभाल लुंगी तुम कॉलेज के लिए निकलो तुम्हारे बस के आने का टाइम कबका हो गया है
पिंकू : हां पर ये टापू मिले तो न
दया : वो पिंकू बीटा टापू सुबह Hi किसी काम से बाहर चला गया था बोलै सीधे कॉलेज चला जाएगा
पिंकू : Accha...theek है आंटी आप अपना ध्यान रखना मई चलता हु
दया : Ok थीअंक्यो बीटा फिर से
और पिंकू धीरे धीरे वह से निकल जाता है
पिंकू (मैं में) : वाह कितने फर्म बूब्स The...ek बार मिल जाए तूह
और इधर सन शिफ्ट होता है डॉ हाथी के घर पर और हमें गोगी दीखता है जो अपने फ़ोन में कुछ रिकॉर्ड कर रहा है धीरे धीरे उसका फ़ोन स्क्रीन विज़िबल होता है और हमें गोली कोमल की छूट में मुँह लगाए दीखता है

Uhhmmm....babyyh....tumhariihhh...jeebhhh...hansss....keeehh...moteehh....jeebhhh
Seehh...bhihhh....acchihh...haihhh....i...cann....seeehh....tummmm....bhiii.....abbb...
Experienceddd......hoteehhh....jaahhh....rahehhhh....hohhhhh...haahhh
Rrrraaaagh...rrrr...mmmmmph...rraaagh...mmmmpfff...mmmmmpph...
Rrrraaaaagh...mmmmph!!
Grrr...grrrrr...mmmmpf...ahhm...shhh...oooohhh...
Mmmmpff...aaaahhh...sssshhh...oooooohhh...
Mmmmpf...aaaahhh...sssshhh...ooooohhh...aaaahhh...sssshhh
गोली : ओह्ह मम्मी आपकीह एई टाइट पुसी क्या Hi कहऊ खुद की माँ छोड़ने का मज़ा Hi कुछ ऑर्डर ही चाहे लाइफ में हो या घर में
Mmm....aaahhg....mmm....ummma.....iishh....sshh....slurppp
Slurrppp....slurppp...sslrrrp...ccchg...ssluurpp....
Ummmm.....ammmm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uhhh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...slurppp....slurrppp...
Slurppp...aahha...hmmm...

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....umm...ummm....ahh...uhhffhh....
Ummmm.....ahmmmm...uhhhmm....ummmm.......uhmm
Ohhh...youuu....dirtyyy...littleee....doctttoorrr....i...mmm...sureee...johhhh...bhihhhh....
Tumhariihhh...wifeee....banegihhh....sheeeh....willl....beeee....reallyyhh...happyyyhh
Aahhh....babyyy...immm.....cumminggg....maihhhh...jhaddd....rahihhh...huuummm
Aahahh....ssshhh....aaarhhgh......mmmhhh......mmmhhgh.....
और कोमल अपनी छूट का रास छोड़ने लगती है और गोली उसकी छूट चाट कर साफ़ करने लगता है
उनका काम पूरा होते Hi गोगी हड़बड़ा जाता है और गोली को आवाज़ देता है
गोगी : गोली कहा है तू जल्दी कर वर्ण बस छूठ जायेगी
गोली (घबराते हुए) : हां गोगी रुक आया
गोगी : जल्दी आ
और गोगी वह से हॉल की तरफ चल देता है
डॉ हठी उसे देख कर मुस्कुराते हुए कहते है
डॉ हाथी : क्या हुआ गोगी बीटा
गोगी : वह कुछ नहीं हाथी अंकल बस हमारे बस के आने का टाइम हो चूका था और न टापू दिख रहा था न गोली तो मई गोली को बुलाने आया था
डॉ हाथी : अच्छा तो वो झाड़ रहा है Ab...mera मतलब इस हे कमिंग (किंग)
गोगी : हां आ रहा है
और तभी अपनी टी शर्ट पेहेनते हुए गोली आता है
गोली : चल गोगी
गोगी : हम्म चल
गोली : Bye पापा Bye मुम्मा
डॉ हाथी : Bye बीटा
कोमल : Bye बेबी और वो गोगी को आँख मारती है
गोगी के बदन में करंट दौड़ जाता है
और तभी डॉ हाथी का फ़ोन बजता है
डॉ हाथी : हां बोलिये जेठा भाई
और तभी उनके घर में पूरी टापू सेना आती है
पिंकू : हाथी अंकल आप जरा जेठा अंकल के घर जाओगे क्या
डॉ हाथी : हां हां मई अभी जाता हु जेठा भाई और फ़ोन रख देता है
कोमल : क्या हुआ बच्चो
पिंकू : वह दया आंटी को घुटने में काफी चोट लग गयी है तो मई हाथ अंकल को बुलाने आया था
कोमल : व्हाट कब कैसे हुआ ये सब
हाथी : तुम टेंशन मत लो कोमल मुझे जेठा भाई ने सब बता दिया है मई अभी उनके यहाँ Hi जा रहा हु
कोमल : मई भ अति हु
हाथी : कोमल डॉक्टर के काम में कोई प्रॉब्लम मत डालो मुझे अकेले जाने दो
कोमल : ठीक है
पिंकू : ओह तो आप वही जा रहे हो
हाथी : तुम लोग यहाँ क्यों आये हो बच्चो
सोनू : हम आपको दया आंटी के पास बुलाने के लिए आये थे
गोली : अरे अनन्य दीदी कहा है
प्रणाली : वो दया आंटी को देखने गयी है
गोली : चलो हम भी देखने चलते है
हाथी : बच्चो तुम्हे लेट हो रहा है अगर बस चौथ गयी तो सोढ़ी भी नहीं है और कोई ऑटो उतनी दूर जाएगा भी नहीं तो अपने कॉलेज जाओ और डॉक्टट को उनका काम करने दो
सभी : Ok अंकल
और डॉ हाथी अपने मस्तमौज अंदाज़ में धीरे धीरे जेठालाल के घर की तरफ चल देते है
और टापू सेना कॉलेज के लिए निकलने लगती है तब तक अनन्य भी सीढ़ियों से नीचे आ रही थी
पूरी टापू सेना कॉलेज के लिए निकल जाती है
गोली : अच्छा तो वो पहले Hi कॉलेज चला गया
गोगी : वाह....
और इधर डॉ हाथी जेठालाल के घर पर पहोच जाते है
डॉ. हाथी: अरे दया भाभी यह क्या हो गया आपको?
दया आंटी दर्द से कराहते हुए बोलती हैं: हाथी भाई मैं बाथरूम में फिसल गयी थी… घुटने में बहुत दर्द हो रहा है… मूव Hi नहीं हो रहा.
डॉ. हाथी तुरंत उनके पास जा कर उनका घुटना चेक करते हैं. धीरे से हाथ रख के देखते है दया के बदन में इस छुअन से एक किरकिरी सी दौड़ जाती है
डॉ. हाथी: देखिये स्वेलिंग आ गयी है और आपको घुटना हिलाने में प्रॉब्लम हो रही है. अभी के लिए घुटना बिलकुल मूव मत कीजिये. मैं अभी आइस पैक मांगता हूँ और दवाई भी लिख देता हूँ
दया आंटी कराह कर कहती हैं: आयी ो माँ… डॉक्टर साहब, बहुत तकलीफ हो रही है.
डॉ. हाथी उन्हें शांत करते हैं: रिलैक्स भाभी… आप टेंशन मत लो. दो दिन प्रॉपर रेस्ट और Dawai-Seekai से सब ठीक हो जाएगा. अगर पैन ज़्यादा रहा तोह फिर X-Ray करवाना पड़ेगा.
दया भाभी थोड़ा रिलैक्स्ड होकर अपना सर तकिये पर रख देती है डॉ हाथी दया के पैरो को सहलाते हुए एक क्रीम उसके चोट पर लगा रहे थे दया मंत्रमुग्ध हो रही थी जिसका एहसास डॉ हाथी को भी हुआ
डॉ हाथी (मैं में) : ओह्ह दया भाभी अगर आप कहो को आपकी चोट एक झटक में ठीक कर दू
दया : ओह्ह मेरठ छुट्ठ हाथीहह भाईह ने जबसे छुआ ही तबसे पानी छोर रही हैठ लगता ही छुड़वा के Hi मानेगी
तभी डॉ हाथी की नज़र दया के बूब्स पर जाती है जो आधे बाहर थे और उन्हें देख कर डॉ हाथी का लुंड धीरे धीरे करक होने लगता है
डॉ हाथी (मैं में) : ये क्या कर रहा है हंसस्स तू अभी पेशेंट को देखने आया है शांत होजा
दया भी हाथी भाई के खरे लुंड को देखती है
Daya(mann में) : जैसा सुना था वैसा Hi लगता हैठ आठ हठः बहीह ापकाः यीह लुंड मुझेयह मेरीह चुत्थ में चाहिये
हाथी : तोह दया भाभी अब मई आपके इस पेअर को ऊपर उठाऊंगा और आप मुझे बताना आपको और कहा कहा दर्द हो रहा है
दया : ठीक है
और हाथी धीरे से दया की बायीं टांग को ऊपर करने लगता है
डॉ हाथी : चलिए दया भाभी, पेअर को सीधा रखिये… हाँ बिलकुल ऐसे. अब धीरे से घुटने को ऊपर उठाइये.
दया पेअर उठती हैं दर्द से मुँह बनती हैं और ज़ोर से "हे माँ, माताजी!" कह कर चिल्लाती हैं
डॉक्टर हाथी (मुस्कुराते हुए): अरे नहीं नहीं, यह बिलकुल नार्मल है. दया भाभी, अब पेअर को Dheere-Dheere गोल गोल घुमाइए…
दया के ऐसा करते Hi उसकी साड़ी पूरी तरह से नीचे हो जाती है और हाथी भाई को दया की पंतय नज़र आने लगती है जिससे हाथी भाई की नज़र एक पल को नहीं हैट टी दया भी ये देखती है और अंदर Hi अंदर मुस्कुरा देती है
दया (पेअर घूमते घूमते मस्ती में): ारेह हाथी भाई यह तोह बिलकुल चाकरी जैसा लग रहा है… गुजरात की चाकरी!
डॉक्टर हाथी ज़ोर से हसने लगते है
डॉक्टर हाथी (हंसी रोक कर): बस बस, आपकी यह हसी Hi सबसे बड़ी दवा है! जल्दी Hi आप ठीक हो जाएंगी.
दया : अब मैं ठीक हो जाऊं तोह नवरात्री का पूरा गरबा आपके साथ करुँगी! हाथी भाई
डॉक्टर हाथी हस्ते हैं उसका हाथ धीरे से दया भाभी के कंधे पर रहता है
हाथी : आपके लिए कुछ भी दया भाही. मैं आपको ठीक करने के लिए कुछ भी कर सकता हूँ.
वह करीब आता है उसका हाथ उसकी बांह पर फिसलता है उसका स्पर्श हल्का और चिढ़ाता है. दया भाभी कांप उठी उसकी सांसें Thodi-Thodi हिचकिचा रही थीं. डॉक्टर हाथी झुक जाता है उसके होंठ उसके कान से टकराते हुए फुसफुसाते हैं "मैं आपकी जाँघों पर हाथ रख देता हूँ दया. आपको क्या लगता है?"
दया भाभी ने सर हिलाया उसकी आवाज हलकी सी आवाज़ से कहती है
दया : हाथी भाई मैं ठीक हो जाउंगी तो जरूर
डॉक्टर हाथी मुस्कुराते है और खुद का हाथ दया की जांघ की और बढ़ाते है उनकी उंगलियां दया के घुटने के ठीक ऊपर की हलकी त्वचा का पता लगा रही है. दया भाभी का शरीर तुरंत कपकपा उठी थी उसकी त्वचा गर्मी से लाल हो जाती है.
हाथी भाई अपना हाथ ऊपर सरकाते है उनकी हथेली दया की अंदरूनी जांघ पर आराम से तिकी हुयी है. दया भाभी हांफती है उसके चुत्तड़ बीएड से थोड़े ऊपर उठ जाते हैं. डॉक्टर हाथी का दूसरा हाथ पहले वाले से जुड़ जाता है उनकी उंगलियां उसकी जाँघों को फैला देती है जिससे हाथी भाई को भाभी आसानी से पहुँच मिलती है.
डॉ हाथी : आराम करो दया भाभी मैं आपको ठीक करने के लिए यहां हु
दया भाभी सर हिलाती है उसका शरीर हाथी भाई के स्पर्श से Dhire-Dhire गरमल हो रहा है. डॉक्टर हाथी के हाथ ऊपर उठते है और उंगलियां दया भाभी की पंतय के किनारे से छूती है. वो उससे निकलती गर्मी को कपडे में से रिसने वाली नमी को महसूस कर सकते है.
हाथी भाई अपनी उँगलियों को उसकी पंतय के कमरबंद में फसाते है और Dheere-Dheere उसे निचे खींचता है. दया भाभी अपने गांड को उठाती है और उसकी पंतय आराम से निकल जाती है डॉक्टर हाथी ने पंतय को एक तरफ फ़ेंक दिया उनकी आँखें दया के बूब्स पर घूम रही थी.
डॉ हाथी : आपकी आग भड़क चुकी है दया भाभी मई आपको ठीक करने के लिए यहां हु
दया भाभी कराहती है उनका शरीर बीएड से ऊपर उठ जाता है क्योंकि डॉक्टर हाथी की उंगलियां उसके छूट में घुस जाती है
दया : हाथी भाई प्लीज़ मैं ठीक हो जाउंगी न
डॉक्टर हाथी मुस्कुराते है उनकी उंगलियां तेजी से चलते है और दया की सिसकियाँ तेज़ होने लगती है
Mmm....aaahhg....mmm....ummma.....iishh....sshh....slurppp
Slurrppp....slurppp...sslrrrp...ccchg...ssluurpp....
Ummmm.....ammmm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uhhh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...slurppp....slurrppp...
Slurppp...aahha...hmmm...

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....umm...ummm....ahh...uhhffhh....
Ummmm.....ahmmmm...uhhhmm....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm.....ohhm...chusooohh...aamm...mmmh....aahhgh....mmhhmm...
Mmmha....mmmm....uhhmmm....oomm....mmma....mmhh...slurrppp...
Sshh...ssshhh......hmmm....ummmh....aahhgh...assshh....slurrpphh....
Ahhhhh....ummmm....ummmmm....ummmmm....u........
Ummmmmm....ummmm....ahahaahhaha....ahahahahaha....ummmmmmm....
Auahahahaha....mmmmmmmmmm....
डॉ हाथी : मई आपको ठीक करता हु दया भाभी
और अपना मुँह दया की छूट पर लगा देते है और उसकी छूट के इर्द गिर्द अपनी जीभ घूमने लगते है
Ahhhhhhh....hmmmmmm....hmmmmmmummm....ummmm....yessssh....
Aurrrr....hmmmmi....ahhhhhhhahhhhh.....ahhhhhhh....
Aaahhhhhahhhhh....aaahhhhhh....ahhhh....ahhhhmm....ahhhh....aaahhhh....
Ahhhhmm....aaahhhh....ahhhh....aaahhhh....ahhhh....ahhhhmm....aaahhhh....
Ahhhh....aaahhhhmm....ahaahhh....ahhhhmm....ahhhh....ahhhmmh....ahhhh....
Ahhhh....ahhhhmm....ahhhh....ahhmmhh....ahhhh........

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...mmmhh...nngh....
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....aammm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...slurppp...slurrpp....slurppp...slurppp
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm...mmhh....
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhh
Aaahmm...mmmh....ummha....oohhm....ummmh....aahhmm...isshh..ssshhh...
Ahahahahahha...ahahahaha....ummmmmmmmm....
Mmmm....haathihhhh....bhaiihhhhh.....aaapkeehhh....isssiihhh...ilaajjj....kiihhh....
Jaruratttt....thihhh....mujhehhhhh.....aqaahhhh...abbbb....barddaasssttt...nahihh...
Hotaahhh....chooodoohh...mujehhh...apnaahhh....yeeeehh...lunddhh...mereehhh...
Chutthh....meehhh....daaloohh.....
हाथी भाई अपनी जीभ दया के छूट से निकालते हुए कहते हैठ
हाथी : हां दयाहः भाभिह अब्ब्ब मेहः भीह नहींहह सेठ सकतहहह
और हाथी भाई अपने पंत की कमरबंद को खोलते हुए अपने 8 इंच के लुंड को उजागर करते है
दया : होठ हाथीहह भैहहह जल्दीह मेरठ छुट्ठ मीठ डालहठ इसीहहह
हाथी : चुदैई चुदैई छुडाईइच ाःह हहह
और हाथी भाई उत्सुकता से अपना लुंड दया भाभी की छूट में घुसा देते है
हाथी : आह दया भाभी आप बस आराम से मज़े लोह साड़ी म्हणत आज मई करूँगा
दया : यीह चुदाई का दर्द्द मेरे घुटने के दर्द से कई गुना अच्छा है

Aaahhh....haathihhh...bhaiiihhh....chooddoohhh...mujjjhheehhh...theekkk....karoohhh...mereeehhh...
Dardddhh.....kooohhhh...aaahhh.....sssshh.....aaahhh....aarrgghhh....haathihhh....bhaiihhh...hhmmm
Aaahh....ooohhhhh....aaahhghh....
Aaahhhmmm....uhhhh.........ahhhh....ahhhh...aaahgg...uhffhhh....hmmmm
Ahhh.....ahhhh.....ahhhh......ohhhm....aaahhh...uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....ahhhh.....uhhhhh
Aaaahhhh....aaahhhh......ooohhhh......aaahhhh.....aahhhh.....chodoohhh....
Ahhhhmm.....chooodddoohhh....aahhgh...uuuhfhhh....aahhgh...ssshhh
Aaaahhhh...aaaahhhh....aaaahhhh....aaahhhh....aaaahhhhmmm......aaahhhh..... Aaaahhhh....aaahhhh....ssshhhuppp.....cchhpp.....

Aaaahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
Ahhhh....ccchhpp...hhmm...aahhh...aaggh.....hmmmaa.....oohhhm...
अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....
Uhhffhh...chodoohhhh..haathihh...bhaiihh....aahhh...bohothhh...mazaahhh...aahhh...rahahhh...haihhh
Haathihhh.....bhaaihhh.....aaahhh...uuhhffhh...uhhmma....aahhgh...chodohhh...chodoohhh...
Sssshhh...haaa...orrrr.....zorrrr....seeehhhh....aaarrhghh....hhmmm.....ssshhh
Haaa...wahiii....peehhh...ssshhh...gghhh...oohhh...aisaahhh...mazaahhh...ahhh
Aahhh....uhhhghh...hhhmmm...aaahhh....
हाथी : आप्कीहठ घुटनीह कीह ड़ड़ड़ड़ड़ कहाः क्याह दयाहः भाभीहहह
दया: कौनसाः ड़ड़ड़ड़ड़ड़ हाथिहहह भाईहह ोर्ड्र्र कैसाहह ड़ड़ड़ड़ड़ मेहः तोहह अभिह उठ्ठ कीह गराहः कररर साकटिहह हुउउम्म आह्हः मममहह

Ssshhh....hmmmm....uhhhh.....aaahhhh....ahhhh....chodoohhhh.....haathiiihhhh....bhaiihhh....
Ahhh...ahhhh....ahhhh......ohhhm....uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....chodoohh...orrrrr....zorrr....seeehhhhh.....uuuhhmmm.....
Ahhhh.....uhhhhh....ahmmm...ahhh....ahhhh..ohhhhh....uhhmm...ahhhh...
Ohhhh...ahhhh....mujheehhh...bohotthh...mazaahhh...aahh..rahahhh...haihhh
Aaahh....uhhmmm....hhhsh....ooohhhm....kkhgh....hmmm...isshhhh...aaahhhgh
Aaaahhhh....aaahhhh......ooohhhh......aaahhhh.....aahhhh.....chodoohhh....
Ahhhhmm.....chooodddoohhh....aahhgh...uuuhfhhh....aahhgh...ssshhh
Aaaahhhh...aaaahhhh....aaaahhhh....aaahhhh....aaaahhhhmmm......aaahhhh..... Aaaahhhh....aaahhhh....ssshhhuppp.....aaarrrghhhh.....haatahihhh....bhaaiihh....aapphh
Itneehhh...moteehhhh...hhooohhh...firrrr..bhihhh...aapmmehhh....kitnaahhh...dammm....haihhh
Aaahhh...aisssehhh...hihhhh...haatthihhh....bhaiihhh....aaahghh.....
Aaaahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
Ahhhh....uhhfhhh...hhmm...aahhh...aaggh.....hmmmaa.....oohhhm...
अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...haaathihhh...bhaihhh...chodohhh...orrr....zorrr....sehhhh
....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh....mereehhh
...Ghuttneehh...kaahhh....darddd....kammm.....hohhh....rahahhh...haihhh....ahm....
Ammmm...ummm....ahh...uhh...
Ahhh...uhhhm...ahhh....aaahhh....ohhhhh....uhhh....heyyy...maahhh....aahhh....maatahh...jihhhh
Aahhhgh....ssshh....uuuhhmm.....aaarrhghh....ssshhh...haatthihhh...bhaihhhh.....
Ufffff...uffff...ufffffhhfff...uhhfffhff...ufffff...uhhhffff...ufffffhhfff...ufffhhff...ufffhhf...
Ahhhh...ahhhh...ahhhh...ahhhh...ahhhh...ahhhh...ahhhh...ahhhh..
हाथी : होठ रहहह हैठ ना दर्द्द कम् मेरा एई सेक्रेट इंजेक्शन हैठ जोह्ह सिर्फ सोसिएटियय किह्ह औरतों को मिलताह हैहहह आठ क्याहाः तिघटतह चुत्थ हैठ आपकीह
Aapkahhh...lunndhh....kitaannhh...motaahhh...haihhh....abb...patahhh...chalahhh...komalll..bhabhihh...
Kaahh....raazzzhh....aahh....hhh...ooohhhh...aarrghh....sshhh....mmmhh....

Uuhffhhh....ahhmm...ahhhh........uhhhh.....ahhhh....ahhhh
Ahhhhhhh...aaahhhh......ohhhm....uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....uuuhfhhh....haathihhh...bhaiihhh....aahrghhh....
....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....
Uhhh....ahhh...ahmm....wahiihhh...parrr....orrr...tezzz.....orrrr....tezziihh...seeehh Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....
Ahhh...uhhhmmm...agghh...chodohhh.....mujehhh....aahhh...haathihhh...bhaiihhh.....
..Uhmm....humm....ahhmm......
Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....
Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....
Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm
Ahhhhhh.....ohhhh.......haathihhh....bhaihhh....aapkahhh....lunddhh...merehhhh...chutthh...
Meehhh...khalll..baliiihh...maccchaahh....rahahhh...haihhh....oohhh....hmmm.....
Ahhhhh...ohhhhh...ohhhhhh...ufffff...uffff...uffffffff...ufffff...wahhhhhhhhh...
Wahhhhhhh...wahhhhhhhhh...wahhhhhhh...wahhhhhhhhh...ohhhhhhhhh...
Hooooooo...ummmm...ahhhh...ahhhh...ummmm...

Yahhhhhhh...yahhhhhhh...yaaahhhhhhh...yaaaahhhhhhh...uffhhfff...sssesssssss...ahhhhhh...
Yesssssss...ahhhhhh...issssssssss...uffffffff...wahhhh...wahhhhhh...wahhhhhh
हाथी : ओह्ह दयहह भाभीहहह आपकीह ईठ तिघटत छुट्ट्ठ मेरीह लूंणद्धः कोठ दबोच राहीयह हैहहह मेहः जाहड़द्धः रहहह हहहह्म्म आह्हः ोूहः ाररग्गहह हहम्म्म्म
दया : Ohhhh....haathihhh....bhaiihh....maihh....bhihh....jhadneehh....walihhh....hummm....a
Hahh....ohhh....orrr....jorrrr....seehhh....choododhhh....maihh....bhih....basss....aaah....hihh....gaayiihhh....
Aahh....ohhh....aahhgh....
हाथी : Lohh....maihh....aayahhh....oohh....
दया : Maihh....bhiihh....ahahh....aahhh....aargghh....uhhhhmmm....aahhhh....uhhfffhh....haathihhh....
Bhaihhhh....merihhh....chuthhththh....aahhhh....ohhhhhsghh....aahhhsh....asshsh....ahahhhh....
दया भाभी का शरीर ऐंठ जाता है उसका चरमसुख उसे चीरता हुआ बाहर आने लगता है
और दोनों एक साथ झड़ने लगते है हाथी अपना सारा माल दया के घुटनो पर गिरा देता है और दया झड़ते हुए पूरा बिस्तर गीला कर देती है हाथी भाई मुश्किल से खुद की तेज़ साँसों को रोक पाते है और झुक कर दया को एक गहरा किश देते है
सन कट होता है और हमें तारक दीखता है जो अपने फ़ोन की स्क्रीन देख रहा है
तारक : इस ग्रुप में सबसे काम मेस्सगेस मेरे Hi है और जेठालाल को तो देखो मेस्सगेस पे मेस्सगेस
यहाँ तक की इस ग्रुप का उद्घाटन भी उसके मैसेज से Hi हुआ है मुझे तो लगता है मुझसे ज्यादा सेक्स तो पोपटलाल कर चूका होगा अपनी श्रद्धा के साथ चीः कैसी किस्मत दी हिअ मुझे भगवन मेरी खुद की इतनी सेक्सी बीवी किसी और के प्यार में पर गयी और यहाँ मई अपने दोस्त की बीवी तक नहीं छोड़ पाया ये आदर्शवादी भिड़े भी मुझसे आगे है, सब सेक्स कर रहे है कुछ कुछ तो अपने Hi बच्चो के साथ मिलकर यहाँ मई हर रोज़ ऑफिस को चला आता हु ये किस्मत Hi ख़राब है
तभी उसका फ़ोन बजता है जेठालाल कालिंग लिखते हुए
तारक : हां बोलो जेठालाल अब क्या प्रॉब्लम है
जेठालाल : आप
तारक : मतलब
जेठालाल : प्रॉब्लम आप को है मेहता साहब
तारक : ये तुम क्या कह रहे हो जेठालाल मुझे प्रॉब्लम होती तो मई तुम्हे बताता नहीं
जेठालाल : अच्छा आप मुझे बताते तो अबतक बताया क्यों नहीं
तारक : अरे भाई ये कौनसी ऐसी प्रॉब्लम है जो मुझे Hi नहीं पता मेरी प्रॉब्लम है
जेठालाल : वही तो आपकी प्रॉब्लम क्या है की आप हमारे सीक्रेट ग्रुप में मेस्सगेस नहीं दाल रहे
तारक : Ohh...kya बताऊ जेठालाल ये भादवा बॉस रोज़ सुबह कॉल कर देता है सूअर सी आवाज़ लेके की मेह्ते आज ऑफिस में ये काम है वो काम है माधरचोद मेरे गांड में घुस जा न
जेठालाल (हस्ते हुए) : ारेह ारेह मेहता साहब आराम से ज्यादा गुस्सा नहीं करते आपके लिए एक मस्त ोपटूनिटी है
तारक : अच्छा ओप्पोर्तुनिटी पर कैसी ओप्पोर्तुनिटी
जेठालाल : दया को पेअर में चोट लगी है
तारक : उन्हें चोट कैसे लग गया
जेठालाल : आप वो छोरो और सोचो वो अभी घर पर अकेली है वैसे तो मैंने हाथ भाई को घर भेजा है की वो उसको देख लेयर तभी मुझे ध्यान आया की आप इस ग्रुप में कुछ ज्यादा Hi काम मैसेज नहीं डालते तो मैंने सोचा की...
तारक : वाह जेठालाल क्या सोचा क्या सोचा तुमने मई अभी गोकुलधाम वापस जा रहा हु
जेठालाल : और हां घर वापस जा Hi रहे हो तो अपने बॉस के मुँह पर इस्तीफा नामा मारते आना
तारक : क्या बात कर रहे हो जेठालाल मेरे लिए कोई Is'se बेहतर नौकरी है क्या
जेठालाल : नौकरी Hi नहीं एक बोहोत बरी चीज़ है बस उसके लिए आपको तैयार कर रहा हु
तारक : वाह जेठालाल वाह तुमने तो मेरा दिल खुश कर दिया मई अभी गोकुलधाम जा रहा हु फिर देखो कैसे दया भाभी को छोड़ता हु
जेठालाल : ारेह मेहता साहब लगता है आपसे पहले किसी और ने बाज़ी मार ली
तारक : क्या मतलब
जेठालाल : जरा हमारा ग्रुप तो देखो
तारक : ारेह तेरी की हाथी भाई तो फुल जोश में है पिछले हफ्ते से
जेठालाल : पहले वो िएर के साथ मिलकर तीन वाला सेक्स और माधवी के साथ चुदाई और फिर रोशन और फिर आज दया की ठुकाई हाथी भाई तो फुल आग लगा रखे है
तारक : मुझे तो लगता है की तुम्हारे बाद इस गोरुप में सबसे ज्यादा मैसेज उन्होंने Hi भेजा है
जेठालाल : हां बिलकुल और कोई टक्कर में Hi नहीं
तैराक : वैसे Maan'na पड़ेगा जेठालाल नोर्मल्ली तुम्हारी किस्मत कैसी भी हो लेकिन चुदाई के मामले में बोहोत तगड़ी है
जेठालाल : हां हां आप तो सबसे करीब से जानते हो चलो अब ये सब बाद में पहले नौकरी छोरो और दया को छोड़ो
तारक : ये हुयी न बात मेरे कुच्ची माणूस
जेठालाल : हफ़ हफ़ हफ़
और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है उम्मीद करता हु की आपको ये अपडेट पसंद आया होगा अगर हां तो लिखे बटन दबाओ यारो बस पढ़ के इधर उधर मत भागो




























































































































































