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सेक्स का जमाना अपडेट 76
टापू अपने कॉलेज में है उसके दिमाग में रात की Hi घटना चल रही है
टापू (खुद से): अरे यह क्या मुसीबत हो गयी कल रात तोह बस... पर रोशन आंटी ने देखा… और मैंने भी उनको गोगी के साथ देखा वह कॉल वाला इशारा क्या था अब यह बात किसी को पता चली तोह टप्पू सेना का बंद बज जायेगा
वह अपना फ़ोन खोलता है और रोशन आंटी को मैसेज टाइप करता है
अरे रोशन आंटी यह क्या सन था कल रात का
मैं तोह बस अनन्य के साथ थोड़ी सी बातें कर रहा था बालकनी पे और आप… मतलब गोगी के साथ… हहै वह क्या रोमांटिक सन था
आपने कॉल वाला इशारा क्यों किया अब यह बात टॉप सीक्रेट है प्लीज किसी को मत बोलना वर्ण दादाजी और भिड़े सर का लेक्चर शुरू हो जायेगा 
टापू मैसेज सेंड करता है और फ़ोन को साइड कर के सर पकड़ लेता है.
टापू (खुद से): हे भगवन यह मैसेज भेजना ठीक था न रोशन आंटी तोह चिल हैं पर अगर उन्होंने गलत समझा तोह अरे यह बालकनी रोमांस भी न… कभी सेफ नहीं होता
कट तो सोढ़ी फ्लैट
रोशन किचन में पराठा बना रही है जब उसका फ़ोन पिंग करता है. वह अपना एप्रन पोछते हुए फ़ोन देखती है और टापू का मैसेज पढ़ती है. उसका चेहरा पहले शॉक में फिर हसी में बदल जाता है.
रोशन (खुद से है के): अरे यह टापू भी न कल रात का सन याद दिलाया… उफ़ कितना ावक्वार्ड था गोगी के साथ थोड़ी सी मस्ती हो रही थी और यह टापू भी अनन्य के साथ… हाहाहा यह कॉल वाला इशारा तोह बसफलो फ्लो में हो गया चलो इसको थोड़ी सी मस्ती में रिप्लाई करती हूँ वह अपना फ़ोन उठती है और रिप्लाई टाइप करती है.
टापू यह क्या शैतानी है
कल रात तोह बस गोगी के साथ थोड़ी सी मूनलाइट बातें थी और तुम भी तोह अनन्य के साथ बड़े बिजी थे
वह कॉल वाला इशारा अरे मैं तोह बस मज़ाक कर रही थी तुमने भी तोह किया चलो यह बात हम दोनों का सीक्रेट है सोढ़ी को भी नहीं पता वर्ण वह अपनी जीप में भाग जायेगा
पर अगली बार बालकनी पे ध्यान से समझा 
रोशन मैसेज सेंड करती है और है है के अपने पराठे पलटने लगती है. तभी सोढ़ी अंदर आता है अपनी गेराज की टीशर्ट पहने और रोशन को हसी का मूड देखता है.
कट बैक तो टापू टापू रोशन का रिप्लाई पढता है और ज़ोर से है पड़ता है टेंशन छोड़ के.
टापू: हाहाहा रोशन आंटी तोह एकदम कूल हैं यह सीक्रेट सेफ है… पर यह बालकनी वाला रोमांस अब थोड़ी सी प्लानिंग के साथ करना पड़ेगा वर्ण फिर कोई और देख लेगा
टापू वापस रोशन को मैसेज करता है आज सोसाइटी के छत पे आना कुछ बात करनी है रोशन आंटी
और वह अपना फ़ोन पॉकेट में डालता है और अपने क्लास में चला जाता है
रोशन इस मैसेज को पढ़ती है
रोशन (मैं में) : ये सेक्स की प्यास मुझ से क्या कुछ करवाएगी
तारक मेहता अपने ऑफिस के केबिन में बैठा है एक फाइल खुली पड़ी है पर उसका दिमाग कहीं और है. ऑफिस का एक चालू है पर तारक के चेहरे पे एक छोटी सी मुस्कान है जैसे वह कोई खुशनुमा ख्याल में डूबा हो वह अपना पेन हाथ में घूमते हुए खुद से बातें कर रहा है और उसके दिमाग में सुबह का सन फ़्लैश कर रहा है जब वह माधवी के साथ Achaar-Papad की डिलीवरी के लिए गया था.
तारक (खुद से पोएटिक टोन में): अरे यह ज़िन्दगी भी न… एक पल में कितनी चटपटी हो जाती है सुबह का वह Scene—madhavi भाभी के साथ वह Hansi-Mazaak वह तीखी बातें वह डब्बे सँभालते हुए थोड़ी सी मस्ती… उफ़ दिल के तार क्यों बजने लगे हैं? वह अपना सर झटकता है और है पड़ता है.
फ्लैशबैक शुरू होता है: सुबह का सन जब तारक और माधवी एक दुसरे के साथ Hasi-Mazaak कर रहे थे डिलीवरी के लिए चलते हुए.
माधवी: मेहता साहब यह तीखी बातें छोडो आपके ऑफिस का क्या होगा? वैसे भी यह अचार के डब्बे मुझे अभी डिलीवर करने हैं. मरस. गुप्ता वेट कर रही होगी और उनका मूड… उफ़ एकदम लाल मिर्ची जैसा
तारक (सोचने का नाटक): हम्म ऑफिस तोह बनता है पर जब बात दिल से दिल तक जाती है… Ab..b.. …मतलब अचार के डब्बे से डिलीवरी तक तोह मैं कैसे पीछे रहूं? चलो मैं आपके साथ चलता हूँ. आपकी डिलीवरी भी हो जाएगी और मेरी सुबह भी थोड़ी मसालेदार हो जाएगी
माधवी शॉक में देखती है पर मज़ा भी आ रहा है. वह सर घूमती है उसके साथ खेलती है.
दोनों है रहे हैं और तारक माधवी के डब्बे सँभालते हुए उसके साथ चल रहा है पूरा सन एकदम Light-Hearted और मज़ेदार है.
फ्लैशबैक ख़तम होता है और तारक अब अपनी ऑफिस चेयर पे पीछे झुकता है अपने ग्लासेज उतरता है और एक बड़ी सी सांस लेता है.
तारक (खुद से): हाँ यह बात है यह गोकुलधाम सोसाइटी का जादू Hai—har पल में एक नया मसाला पर यह तारक मेहता अब शांत नहीं बैठेगा हर रोज़ ऑफिस घर और अंजलि के डाइट वाले खिचड़ी का रूटीन… बस अब थोड़ी सी मस्ती चाहिए माधवी भाभी के साथ वह मज़ाक वह एनर्जी… उसको वापस लाना है वह टेबल पे हाथ मार के खुद को मोटीवेट करता है.
वह अपना फ़ोन उठता है और एक प्लान बनाने लगता है. उसका दिमाग पोएटिक मोड में चला जाता है और वह खुद से बोलता है.
तारक: बस आज रात एक धमाकेदार प्लान बनेगा अंजलि को बोलूंगा भिड़े और माधवी भाभी को इन्विते करेंगे. एक छोटा सा Get-Together थोड़ी सी म्यूजिक थोड़ी सी चटपटी बातें और माधवी भाभी के फेमस अचार के साथ अंजलि के Diet-Friendly स्नैक्स अरे यह रात होगी एकदम Masaledaar—pure गोकुलधाम स्टाइल में वह अपनी चेयर से खड़ा होता है और एक फिल्मी हीरो वाला पोज़ मरता है.
तभी उसका फ़ोन बजता Hai—anjali का कॉल है. तारक जल्दी से कॉल उठता है.
अंजलि (फ़ोन पे): तारक जी यह क्या? तुम अभी तक ऑफिस में हो? जल्दी घर आओ आज मैंने एक नया डाइट सूप बनाया है टास्ते करना है
तारक (है के): अरे मेरी प्यारी अंजलि सूप तोह मैं ज़रूर टास्ते करूँगा पर एक बात बोलूं? आज रात थोड़ी सी मस्ती का प्लान करते हैं. भिड़े और माधवी भाभी को बुलाओ एक छोटा सा हैंगऑउट Karenge—thodi सी बातें थोड़ी सी हंसी और थोड़ा सा ुहम्म तुम जानती Ho...tumhare सूप के साथ माधवी भाभी का अचार क्या बोलती है?
अंजलि (खुश होक): अरे यह तोह बड़ा मस्त आईडिया है तारक जी ठीक है मैं माधवी को बोल देती हूँ. तुम जल्दी घर आओ और हाँ कोई उन्हेअल्थी स्नैक्स मत लाना
तारक (मुस्कुराते हुए): दोने अंजलि बस यह रात होगी एकदम ज़बरदस्त तारक मेहता का स्टाइल गोकुलधाम का जादू वह फ़ोन रखता है और अपनी फाइल बंद करता है पूरा मोटिवेटेड फील करते हुए.
वह अपने ऑफिस बैग में अपना सामन डालता है और खुद से बोलता है.
तारक (खुद से पोएटिक मोड में): अरे ज़िन्दगी एक खाली कैनवास है और तारक मेहता उसपे रंग भरने वाला पेंटर आज रात गोकुलधाम के दोस्तों के साथ थोड़ी सी मस्ती थोड़ी सी हंसी और थोड़ा सा अचार का स्वाद सेक्स के साथ… यह है असली ज़िन्दगी का मसाला
वह अपना बैग उठता है और ऑफिस से निकल जाता है चेहरे पे एक बड़ी सी स्माइल के साथ.
टप्पू सेना कॉलेज से वापस आयी है सब के चेहरे पे थकन और मस्ती का मिक्स दीखता है. दोनों हाथों में कॉलेज बैग्स लटकाये वह कंपाउंड में एक साथ चल रहे हैं आपस में Hasi-Mazaak करते हुए
गोगी (फ़ोन हाथ में व्लॉग बनाते हुए): अरे दोस्तों यह है गोगी का डेली व्लॉग Episode 247 आज कॉलेज में बड़ा धमाल Hua—professor ने मुझे और गोली को क्लास के बहार खड़ा किया पर हमने फिर भी क्विज में टॉप किया है न गोली? वह फ़ोन गोली की तरफ करता है जो अपना बैग शोल्डर पे एडजस्ट कर रहा है.
गोली (है के पोज़ देते हुए): हाँ भाई गोली का दिमाग एकदम राकेट है पर अब मैं घर जा रहा हूँ मम्मी के हाथ का खाना वेटिंग में है चल बाद में मिलते हैं
वह अपना बैग उठता है और अपने फ्लैट की तरफ भागता है रस्ते में एक छोटा सा डांस स्टेप करता हुआ.
जहान्वी पिंकू को देख के वह पिंकू का हाथ पकड़ती है और दोनों पिंकू के फ्लैट की तरफ निकल जाते है
प्रणाली (गोगी को देख के): गोगी यह Vlog-Vlog खेलना बंद कर और चल मुझे एक असाइनमेंट के नोट्स चाहिए. तेरे पास हैं न वह केमिस्ट्री वाले? वह गोगी के फ़ोन को छेड़ती है और गोगी अपना फ़ोन छुपाते हुए उसके साथ चल पड़ता है.
गोगी (व्लॉग में ड्रामेटिक टोन में): दोस्तों यह देखो प्रणाली दीदी मेरी व्लॉगिंग करियर पे अटैक कर रही है पर कोई बात नहीं गोगी का दिल बड़ा है चल नोट्स देते हैं दोनों Hasi-Mazaak करते हुए अपने फ्लैट की तरफ निकल जाते हैं गोगी अभी भी फ़ोन पे बातें करता हुआ.
अब कंपाउंड में सिर्फ टापू सोनू और अनन्य बचे हैं. अनन्य अपना बैग एडजस्ट करती है और टापू को देखती है थोड़ी सी मुस्कान के साथ.
अनन्य: टापू मैं फ्लैट पे जा रही हूँ बैग रख के वापस आती हूँ. तू यहीं रुकेगा न?
वह अपनी पोनीटेल थोड़ी सी फ्लिक करती है और अपने फ्लैट की तरफ चल पड़ती है रस्ते में एक छोटी सी वेव देते हुए
टापू (मुस्कुराते हुए): हाँ अनन्य दीदी मैं यहीं हूँ जल्दी आना वर्ण गोगी फिर से व्लॉग में हम सबको बॉस बोलेगा
वह है देता है पर उसकी नज़र थोड़ी देर अनन्य पे टिकती है फिर वह अपना बैग नीचे रखता है
सोनू जो अभी तक अपने फ़ोन में कुछ चेक कर रही थी अपना बैग उठती है और अपने फ्लैट की तरफ जाती है. वह टापू को एक क्विक स्माइल देती है.
सोनू: चल टापू मैं घर जा रही हूँ. थोड़ी देर में मिलते हैं ठीक है? और हाँ गोगी को बोल देना उसका व्लॉग बंद करे वर्ण बाबा उसका फ़ोन चीन लेंगे
वह है के अपने फ्लैट की तरफ चल पड़ती है उसका दुपट्टा थोड़ा सा हवा में उड़ता है.
टापू सोनू को पीछे से देखता रहता है उसके चेहरे पे एक अलग सी स्माइल है. उसका दिल थोड़ी सी धड़कन बढ़ा देता है जैसे वह कुछ कहना चाहता हो पर बोल नहीं पता. वह अपने बैग के स्ट्राप के साथ खेलता हुआ खुद से बोलता है
टापू (खुद से धीरे से): अरे यह सोनू भी न… हर बार ऐसे स्माइल देती है और दिल एकदम क्रिकेट मैच का लास्ट ओवर जैसा हो जाता है कुछ बोलना चाहिए था न… पर क्या बोलता? ‘सोनू तेरा दुपट्टा बड़ा सुन्दर है’ अर्घ यह क्या फालतू लाइन है टापू वह अपना सर खुजाता है और है पड़ता है
तारक के घर में एक छोटा सा Get-Together चल रहा है. लिविंग रूम में एक डाइनिंग टेबल सेट है जिसमे अंजलि के Diet-Friendly स्नैक्स (कुकुम्बर स्टिक्स क्विनोआ सलाद) और माधवी के मसालेदार Achaar-Papad के प्लेट्स सजाये हुए हैं. सॉफ्ट म्यूजिक बैकग्राउंड में बज रहा है और तारक अंजलि भिड़े और माधवी टेबल के अराउंड बैठ के Hasi-Mazaak कर रहे हैं. तारक अपना पोएटिक मोड में है अंजलि अपने हेल्थ टिप्स दे रही है भिड़े अपने उसुअल डिस्कॉपलीनेड स्टाइल में लेक्चर दे रहा है और माधवी सबको अपने अचार का स्वाद चखा रही है
तारक (गिलास उठाते हुए पोएटिक टोन में): अरे दोस्तों यह रात यह बातें और यह माधवी भाभी का अचार… इससे कहते हैं ज़िन्दगी का असली मसाला टोस्ट करते हैं गोकुलधाम की दोस्ती के नाम पे वह अपना निम्बू पानी का गिलास उठता है.
माधवी (है के): मेहता साहब यह मसाला वाली बात आप सुबह से बोल रहे हो अब यह अचार खा के थोड़ी सी तीखी शायरी भी सुनाओ न
वह अपना प्लेट तारक की तरफ बढाती है एक पापड़ ऑफर करते हुए.
भिड़े (थोड़ा सीरियस पर मज़ाक में): अरे मेहता साहब शायरी छोडो और यह अचार के साथ अंजलि भाभी का सलाद भी तरय करो यह हेल्थ के लिए भी अच्छा है. और माधवी तुम भी थोड़ी सी डाइट फॉलो करो यह अचार के डब्बे बंद कर दे रात को वह अपना डिस्कॉपलीनेड टीचर वाला टोन निकल देता है.
अंजलि : हाँ भिड़े भाई सही बोल रहे हैं यह क्विनोआ सलाद में प्रोटीन है फाइबर है और टास्ते भी है. माधवी मैं कल तुझे रेसिपी देती हूँ. और तारक तुम भी एक दिन मेरी डाइट क्लास ज्वाइन करो
वह तारक को एक कुकुम्बर स्टिक ऑफर करती है.
तारक (ड्रामेटिक टोन में): अरे अंजलि यह कुकुम्बर स्टिक दिल को छेड़ देता है पर माधवी भाभी का अचार दिल को छू जाता है चलो एक शायरी हो जाये
यह अचार का स्वाद यह दोस्ती का जादू गोकुलधाम में हर पल है एकदम नया माजू
वह अपना सिग्नेचर शायरी पोज़ मरता है और सब है पड़ते हैं.
डिनर चल रहा है और सब एक दुसरे को छेड़ रहे हैं. माधवी और तारक थोड़ी सी चटपटी बातें करते हैं जो सुबह के डिलीवरी सन की याद दिलाती हैं पर बिलकुल इनोसेंट और फ्रेंडली विबे में
माधवी (तारक को छेड़ते हुए): मेहता साहब आप सुबह बोल रहे थे न मेरी अचार रेसिपी टास्ते करेंगे? अब बोलो यह नया मिर्ची वाला अचार कैसा लगा? थोड़ी सी तीखी बातें भी ऐड करनी है क्या? वह विंक मरती है मज़ाक में.
तारक (है के): अरे भाभी यह अचार तोह एकदम ब्लॉकबस्टर है और तीखी बातें? वह तोह मैं आपके साथ हमेशा कर सकता हूँ बस अंजलि का डाइट लेक्चर न शुरू हो जाये वह अंजलि की तरफ देखता है और अंजलि प्लेफुल तरीके से उसको घूरती है.
भिड़े (अंजलि से): अंजलि भाभी यह मेहता साहब और माधवी की यह चटपटी बातें सुन के लगता है हमें भी थोड़ी सी मस्ती करनी चाहिए चलो एक बात बोलूं? आपका यह सलाद सच में बढ़िया है. मैं माधवी को बोलूंगा इसको अपने मेनू में ऐड करे
वह अंजलि को इम्प्रेस करने की कोशिश करता है पर थोड़ा ावक्वार्ड हो जाता है.
अंजलि (खुश होक): अरे भिड़े भाई यह तोह बड़ी बात है चलो मैं आपको और माधवी भाभी को एक डाइट चार्ट बनके देती हूँ. हेल्थ फर्स्ट है न?
डिनर के बाद सब थोड़ी देर लिविंग रूम में बैठ के बातें करते हैं. तारक और माधवी सोफे पे एक तरफ और भिड़े और अंजलि दुसरे सोफे पे.
अंजलि: अरे यह प्लेट्स तोह अभी क्लीन करने पड़ेंगे. तारक तुम माधवी भाभी के साथ किचन में प्लेट्स ले जाओ मैं और भिड़े भाई यहाँ लिविंग रूम संभल लेंगे. थोड़ी सी डस्टिंग भी करनी है वह अपना एप्रन पेहेन लेती है.
भिड़े (नोद करते हुए): हाँ बिलकुल अंजलि भाभी. मैं यहाँ फर्नीचर ठीक करता हूँ और आप डस्टिंग कर दो. मेहता साहब आप और माधवी जल्दी से किचन का काम निपटा दो वह अपना डिस्कॉपलीनेड मोड में आ जाता है
तारक (है के): अरे भिड़े यह क्या? हम दोनों को किचन में भेज रहे हो?
मतलब किचन तो और गन्दा हो जाएगा
ठीक है तो माधवी भाभी चलो हम अपना मसालेदार काम शुरू करते हैं वह एक प्लेट स्टैक उठता है और माधवी के साथ किचन की तरफ चलता है.
माधवी (मज़ाक में): हाँ तमेहता साहब पर यह मसालेदार काम सिर्फ प्लेट्स धोने तक Hi समझे? वर्ण अंजलि भाभी का डाइट लेक्चर शुरू हो जायेगा
वह है के तारक के साथ किचन में चली जाती है.
अंजलि और भिड़े लिविंग रूम में रह जाते हैं. अंजलि डस्टिंग के लिए एक क्लॉथ उठती है तभी भिड़े उसका हाथ पकड़ लेता है और कहता है
भिड़े : बोहोत हुआ नाटक जिस चीज़ के लिए आया हु वो Hi करूँगा
अंजलि : आप किस लिए आये है? (सरकास्टिक टोन में)
भिड़े : आपको नहीं पता?
भिड़े अंजलि के कमर में हाथ दाल देता है और उसको अपनी बाहो में खींच लेता है दोनों एक दुसरे के बेहद करीब होते है एक दुसरे के साँसों से एक दुसरे को गरम कर रहे होते है
अंजलि : आप किस लिए यहाँ आये है
भिड़े : अभी पता चल जाएगा कह कर भिड़े अपना हाथ अंजलि के छूट पर रख देता है और कपड़ो के ऊपर से छूट को दबाने लगता है
अंजलि की एक जोर की सिसकी निकलती है जो वो अपने मुँह पर हाथ रख के दबा लेती है
अंजलि : बोहोत तेज़्ज़ हो आप भिड़े भाई अभी तारक सुन लेता तो और माधवी भाभी
भिड़े : आपको क्या लगता है वो आपकी सिसकी सुन पाते?
अंजलि : क्या आप भी भिड़े भाई
किचन में तारक और माधवी
तारक (प्लेट्स धोते हुए): माधवी भाभी यह देखो हम फिर से एक साथ काम कर रहे हैं सुबह डब्बे अब प्लेट्स यह तोह एकदम चटपटा कॉम्बो बन गया है वह एक प्लेट माधवी को पास करता है.
माधवी (है के): अरे मेहता साहब यह कॉम्बो सिर्फ काम के लिए है वैसे आपकी शायरी ने आज रात को सच में रंगीन कर दिया. अंजलि भाभी लकी हैं ऐसा शायर हस्बैंड मिला वह प्लेट्स ड्राई करती है और तारक उसके हाथ को पकड़ लेता है
माधवी : ये आप क्या कर रहे है मेहता साहब
मेहता माधवी के होंठो पे हाथ रखता है और हलके से उसके कान के पास अपने होंठ लगा के कहता है
"अब असली अचार का स्वाद चखूँगा"
माधवी एक हलकी सी सिसकी लेती है
ाअहंम...
तारक उसके गले को चूमता है और उसके सारे का पल्लू सरका देता है
माधवी ने बालक कलर की ब्रा पंतय पेहेन राखी थी जिसमे उसका बदन बेहद खूबसूरत लग रहा था

तारक से रहा नहीं जाता और वो तुरंत माधवी की छूट में ऊँगली घुसा देता है
माधवी हलक हलकी सी सिसकियाँ लेने लगती है
Hmm...aahh...uhmm....mehtaahh...sahabhhh...aaramm...sehhh...aahhm...
Aaraaammm....seehh...ohhh...aaahoo...orrr...anjaliihh...bhabhiihh..baaharrr...hihhh
हैठ...
तारक : मुझे नहीं लगता की वो इधर ध्यान देंगे
माधवी : Matlabbbh...sabbhh...plaann....karr....rakhaahh..thahhh...aapnehhh...
Hmm...aahhmm..uhh...aahh...ohhh...uhhh...ohhh...hmm....mehtaahhh...sahabhh..
तारक : हां माधवी भाभी आपके इस छूट को छोड़ने में बोहोत मज़ा आएगा
माधवी सिसकियाँ लेती रहती है
Aahhmm....ohhh...hummm...hufhhh....aahhhmm...uhhhmm...ohhh....aahh...
Hhhmm....uhhhnmm...mmm...haahh....agooo...baiihh...ahahh...aahhmm...uhhh
तारक नीचे झुक कर माधवी के छूट पर अपने मुँह को लगा देता है
माधवी की सिसकियाँ तेज़ हो जाती है
Aaahmmm....ummmm.....ammmm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...slurppp..

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....umm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh..slurppp...ahhgh...ummm..
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....aammm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...slurppp...slurrpph....
Ahmmm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm..aahghh....mehtaashh...sahabh...
Aaahmmm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhh
Uhhmmmm.....ahmmmm...uh....ummmm...hmm....ummmhaa.... ....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh
...Uhhh...mehtaashh...sahabhh...aahh.....ummm...mmmha....hmmm
Aaahm....ammmm...ummm....aaahh...uhh....agooo..baiii...aahhm...
Ummhhhmm.....ammmm...ummm....aaahhh...uhh....hmm....aahhgh...
Ummmm.....ahmmmm...uhhh....umhhmmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhhh...uhhh...slurppp...ssss....slurpph...

Uhhmmmm.....ahmmmm...uh....ummmm... ....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh
...उह्ह्ह...
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....
अब तारक खरा होता है और माधवी को नीचे झुका देता है माधवी उसका समर्थन करते हुए नीचे झुक जाती है
तारक का 10 इंच लम्बा लुंड उसके सामने होता है माधवी बिना समय गवाए उसे अपने मुँह में भर लेती है

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Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...
अब माधवी खरी होती है और तारक को किश करती है
तारक माधवी को पकड़ कर घुमा देता है और पीछे से उसके छूट पे लुंड सेट करता है
माधवी एक हलकी सी सिसकी लेती है और तारक अपना लुंड उसके छूट में घुसा देता है
Aaahhh....mehtaaahh...sahabb....
सन बदलता है और हमें अंजलि और भिड़े दीखते है
भिड़े सोफे पर बैठा है और अंजलि उसके लुंड को चूस रही है

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...
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....Gagsg...agga
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Gulppp....aagghhbb....aagaghh....xxxghhh....uhhggh...aaaghhv....
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Aagghhb....cogghh...coxxgghh...gulppp....gwaakkkhh....huugghh...aaghhh...
Aaagghhnn....uhhhgg....uffgghh....aaaghhh....
भिड़े अब अंजलि को उठा लेता है और उसे खरा कर के उसकी छूट में अपनी जीभ घुसा देता है
अंजलि कुछ कुछ्ह की सिसकियाँ भरने लगती है

Oohhh....bhideehh...bhaiii...ohhh....aahhh....ohhhh....
Uhhhhhm.....aaaahhmmm....ooohhh....ummmm...
Uhhmmmm.....ahmmmm...aaaahhmm....ummmm... ....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh
...Uhhh...bhidehhhh...bhaiihhh...dheerehh...aahhhmmm
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....hmmm...ummm...ahamma...
Ummmm.....ammmm...ummm....ahh...uhh....aahhmm...ummm...
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...mmmhaa.....ohhhmmm....
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....umm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...ohhmmm....

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....aammm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...aaammm.....aammm...
Hmmmm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....bhideehhh...bhaiihh...
Ahmmmm...ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhh...
भिड़े सोफे पे बैठ जाता है और अंजलि को उल्टा घुमा कर अपने लुंड पर बिठा लेता है
अंजलि सिसकियाँ लेते हुए उसके लुंड पे बैठ जाती है

Aaaahhhh...bhideehhhh...bhaiiihhh....aaaahhhmm.....
सन बदलता है और हमें माधवी और तारक दीखते है
तारक माधवी की छूट में जोरदार धक्के लगाए जा रहा है
माधवी जोरो से सिसकियाँ ले रही है उन दोनों को अंजलि की सिसकियाँ भी सुनाई दे रही है
तारक : लगता है उधर भी कार्यक्रम सुरु हो गया है
माधवी : Uhmmm...lagtaahh....tohhh...aisahhh..hihh..haiih...aahah
Aaraamm...sehhh....mehtaah.....sahabhh...uhhmmmm

Aaahhh...hmmm....uhhh....aaaa....oohhh....uhhmmm....aahhghh...oohhh....
Fuckkk....mehtaahhh....sahabbbh...oohhhm....uhhhghh....aaahh....
Chodohhh...uhhmmm....ohhhmmm...oohhmm...yeaahhh....sshhh...hmmm...ohhh....
Aaahhhmmm....uhhhh.........ahhhh....ahhhh...aaahgg...uhffhhh....hmmmm
Ahhh.....ahhhh.....ahhhh......ohhhm....aaahhh...uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....ahhhh.....uhhhhh
अह्ह्ह.... Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh.... फुककक मीठ.... प्लेअसीह... Ahhh....fuckkkh....meehhh.....ahmmm....uhhh....ahmm
Ohhhh....ahhhh...ahhhh....ohhh....or....zorrrrr...seeehhh...karo...bhot...mazaaaah Rahaaa....hai...ohhh......aahhh......ahhh.....ahhhhaaaahhhh....chodoohhh...mehtaahh Sahabbhh....zorrr....sehh..........oh......uhhmmmm...fuckkkk....aaahhh
Fuck........mehh......fuckkkkk...me.....uhhhhh...ohhhh......ahhhh...mehtaahh Sahabhhh....ahhhh......ahhh.......ahhhha.....hahahh....haahha......ahhhh...fuck
Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... Ahhhh.....ahhhh....ahhhhmm.....
Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh....ahhhh....
Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
अह्ह्ह्ह....
Umm....aahhggg....agoo...baiii...aaraamm...seehh...karoohh..naahh...ohhm...uuuhh
Aahahhgh....ooohaha....hhaahh..huufhhh...mihhh...toohhnnaa....ohhhmm...
Aahhh....gelllaah...chodoohh...mehtahhh....sahabbbh...ohhh....aahh..
Fuckkk....aaahhh

........Uhhhh.....aaahhhh....ahhhh
Ahhh...ahhhh....ahhhh......ohhhm....uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
अह्ह्ह्ह.....
Ahhhh.....uhhhhh....ahmmm...ahhh....ahhhh..ohhhhh....uhhmm...ahhhh...
Ohhhh...ahhhh....
Aaaahhhh....aaahhhh......ooohhhh......aaahhhh.....aahhhh.....ahhhh....ahhhhmm.....
Aaaahhhh...aaaahhhh....aaaahhhh.... Aaahhhh....aaaahhhhmmm......aaahhhh..... Aaaahhhh....aaahhhh....
Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
अह्ह्ह्ह....
Hffhhh....ahhmm...ahhhh........uhhhh.....ahhhh....ahhhh
Aaaahhhhhhh...aaahhhh......ohhhm....uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....aaahhh...mehtaaahhh....sahabbbbhh...ohhhmm
....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....
Uhhh....ahhh...ahmm...mehtaashhh...sahabbbhh Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....
Ahhh...uhhhmmm...agghh...chodohhh.....mehtaahhh...sahabhh
..Uhmm....humm....ahhmm......
Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....
Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....
Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm
Ahhhhhh....ohhhh.......mehtaahhh...sahabbhh....meriihhh...chuttthhh.
..आअह्ह्ह...

Ohhh...mehtaahhh...sahaabhhh...yeehh...lunndhh...meriihh...chutthh..kiihh...gehriiii
Khudaiii....karrr....rahahhh...haihhh...ohhmm...mehtaaahh...sahabbbb...uhhhhm...
Aaahh..yess...isshhh..agooo...baiii....khuppp...mazaahhh...aahett....
Malā...khūpaaahh...majāaahh...yētassshh...āhē.....mmehtaaah...sahebbb...ajūnaaahh ....Karāaah....oohhmm...aahhh....jorrr....seeehh...karaa....mehtaaashh...sahebbbh...aa
Ohhmmm....uhhmm...aahhhmm.....
Hffhhh....ahhmm...ahhhh........uhhhh.....ahhhh....ahhhh
Ahhhhhhh...aaahhhh......ohhhm....uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....uhhmmhaa
....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....
Uhhh....ahhh...ahmm...aahaghh...hhmmaa... Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....
Ahhh...uhhhmmm...agghh...chodohhh.....mehtaahh...sahabbb...chodoohhh...aahhh
..Uhmm....humm....ahhmm......
Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....
Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....
Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm
अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.......

Fuckkkk....fuccckkkk....fuuuckkk....fucckkkkhh..ahhhmm...ohhhh...ahhh...
Fuckkkk.....ittthh...ahhh...ahhh..ohhhh...fukkkk...ahhh...fuckkk...mehtaahhh.
Sahaabbb....ohhhmmm.....ummm...haahhmm.....mehtaahh...sahabbb....
अह्ह्ह.... Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh.... फुककक मीठ.... प्लेअसीह... Ahhh....fuckkkh....meehhh.....ahmmm....uhhh....ahmm
Fuck........mehh......fuckkkkk...me.....uhhhhh...ohhhh......ahhhh Ahhhh......ahhh.......ahhhha.....hahahh....haahha......ahhhh...fuck
....Mehh.....ahhhh.....ahhhh.......orrrrr....tezzzzz....orrr....tezzz....mujheeehh...
Bohottthh....mazaahhh....aaahh....rahaahhh...haihhh....ohhhmm....fuckkkk
.......Mujhehh...bohotthhh....mazaahh.....aaahhh....rahahhh....haiihh..... Maaahhhmm....ohhhhh....uhhh....ohhhhh.....mehtaahhh...sahabbbhh.....
Aaaahhh....ohhhhhhhh....aaahhhhmm....ohhhhhh...fuckkkkkk....ohhhh....
Uhhhhmmmm...ohhhhhhh...aaaggghh....fuckkkk...fuckkkk.....fuck.....
Ohhhh......ahhh...fuckkkhhh....ohhhh....fuckkkkkhhmmm....mehtaahhh....sahabbb...
Aaaahhhmm.....ohhhhh....uhhhh.....ohhhhh....fuckkkkk....mehtaahhh...sahabbbhh...
Ohhmmm...hmaa....uhhhm...ohhh..agooo...baiii...ahhh...ohhh...uhhfhh...mhhaa...
Hhhmm....ohhh...aarammm...sehhh...mehtahhh...saahhabb....merii...chutthh...aahh
Uuhh...ooomm...uhhmmm...ohhhmmm...uhhmm...uhhhm...aahhh...aahhhmm...
Uhhhmm...oooohhhh...mehtaa...sahabb...meraaa..dimaagg...aaahh...ghhoomm...
Rahahhh..haihhhh...bohotthh..acchahhh....laggg...rahahhh...haihhh...hmmm...ohhh
Aahhmmm..uhhhmm...maihhhh...jhadnehhh...walihhh...maihh..jhadneehh....waliihh
...Huumm...maihhhh...jhadneeehh...walihhh..huuu...aahhh...mehtaahhh...sahabbbb
...Maihhhhh...oohhhh....aahhhhggg...hmmmm...aahhhh
तारक : ओह्ह माधवी भाभी आपकी छुटत मेरी लुंढ़ कुछ जोरो सीह जकड रही है मेरा लुंड मई भी झड़ने वाला होऊं छूटने वाला ही माधवी भाभी
Aahhh..mehtahhh...sahabb...jhaaddd...doohhh...hmmm...aahhh...ohhh....aaahh
Aaaaaahhhhhhhh...maiiiihh....bhhiiii...aayyiiiiihhhh....aaaaahhhmm...

और माधवी के छूट का सारा पानी निकलने लगता है और उसके छूट का गरम एहसास तारक को भी झड़ने पर मजबूर कर देता है
और दोनों एक दुसरे के ऊपर झाड़ जाते है
सन बदलता है और हमें अंजलि और भिड़े दीखते है
अंजलि भाभी जोरो से चीखने लगी है
Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
Ahhhh....dheere.....ahhh.....iihhh....ihhh....yeahh....iyaaahhhhh...Issyeaahhh.... Iiiahhh....aoooobhhhh....ahhhhmm.....ohhhmm....
अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...bhideehhh...... Bhaiii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...bhideehhh Bhaiii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...bhidehhh Bhaiii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh.....dheereeeh....
अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh
अह्ह्ह्ह.....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...bhideehhh Bhaiii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...bhidehhh Bhaiii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh....
Aaahhmm...bhidehhh...bhaiihh...aapkahhh...lunddd...ekdammm...taarakkk...jitnaahh
Haiihhh...bohothhh...acchaahhh...lag....rahahhh..haihhh...hmmm...bhideee...bhaiiii
Orrr...jorrrr....sehhh...karooohhh...aahhh...orrr..jorrrr.....sehhhh...aahhh...hmmm....
Bhideehhhh..bhaiiiii.....ohhhh...oghhhh...aahhh...ohhhh...ummm..hmmm...ahhh..
Bhideee...bhaiii...aaapkaahhh...lundhhhh....mere....chuttthh....mehhh...ohhhhh...
Hmmmm...aahhh...kyaaa....batauuuu...bohottthh....accahhhh....laggg...rahahhh..haii
ओह्हःमममम

Aaahhh...chodohhh...bhidehhhh...bhaiiihh....aahhhh...chodoohhh....bohotthh....
Acchahhh....lagggg....raahhhh...haihhhh....orrrr....jorrr....seehhh...ruknaahhh...mattth
Aaahh...ohhhh....aaahhhhhhhhhhhh......aaahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
Ahhhh....dhmmm....aahhhmm.....chodoohhhh...bhidehhh...bhaiihhhh...aahhmm....
Aaahhhmmm....uhhhh.........ahhhh....ahhhh...aaahgg...uhffhhh....hmmmm
Ahhh.....ahhhh.....ahhhh......ohhhm....aaahhh...uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....ahhhh.....uhhhhh
अह्ह्ह.... Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh.... फुककक मीठ.... प्लेअसीह... Ahhh....fuckkkh....meehhh.....ahmmm....uhhh....ahmm
Ohhhh....ahhhh...ahhhh....ohhh....or....zorrrrr...seeehhh...karo...bhot...mazaaaah Rahaaa....hai...ohhh......aahhh......ahhh.....ahhhhaaaahhhh....fuckkkk...bhidehhhh.... Bhaiiii....jorrrrr......seehhh.....oh......uhhmmmm...fuckkkk....bhidehhhh....bhaiiihhh....
Fuck........mehh......fuckkkkk...me.....uhhhhh...ohhhh......ahhhh..uuhhhmmm... Ahhhh......ahhh.......ahhhha.....hahahh....haahha......ahhhh...fuck....bhidehhhh...bhaiiii
अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म.....
अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
अह्ह्ह्ह....
अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....
........Uhhhh.....aaahhhh....ahhhh
Aaahhh...ahhhh....ahhhh......ohhhm....uaaahhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
आअह्ह्ह्ह.....
Aaaahhhh.....uhhhhh....aahmmm...aaahhh....ahhhh..ohhhhh....uhhmm...ahhhh...
Ohhhh...aaahhhh....aaahhmmm...bhidehhhh...bhaiiihhh
Chodoohhh...mujehhhh....orrrrr....jorrr....seehhh...aaahh...ohhhmm....maihhhh...
Jhadnehhh....walliihh...hummm....bhideehhh...bhaiiii....aaahh...ohhhhm....
भिड़े : मेहः भी झड़ने वल्लाह हुऊ अंजली भाभी कहा झाड़ू
अंजलि के दिमाग में उसकी और जेठा की चुदाई घूमने लगती है
अंजलि (मैं में) : मेरे पेट में सिर्फ जेठा भाई का बच्चा रहेगा और किसी का नहीं
अंजलि : Aap....apnaahhh...saarahhh...maalll...merreeehh...chehrrrehh...parrr....griaahh...dooh
भिड़े : तोह ठीक है
और भिड़े अपना लुंड अंजलि की छूट से निकल कर अपना माल अंजलि के मुँह पे झार्ने लगता है अंजलि अपनी छूट सहलाते हुए सारा पानी वही झार देती है

थोड़ी देर बाद
अंजलि (डस्टिंग करते हुए): भिड़े भाई आप तोह एकदम परफेक्ट हो सब कुछ इतना आर्गनाइज्ड वैसे माधवी भाभी के अचार के साथ मेरा सलाद कैसा लगा? थोड़ी सी हेल्थ एडवाइस तोह बनता है न?
भिड़े (कुशीओंस ठीक करते हुए): अरे अंजलि भाभी आपका सलाद एकदम Top-Class था मैं तोह बोलता हूँ आप और माधवी एक हेल्थ फ़ूड बिज़नेस शुरू कर दो. गोकुलधाम में रेवोलुशन हो जायेगा
तारक और माधवी किचन से प्लेट्स धोके वापस आने वाले होते हैं
अंजलि: तारक माधवी भाभी तुम दोनों यहाँ लिविंग रूम में बैठो हम प्लेट्स सेट कर देते हैं
वह भिड़े को इशारा करती है और दोनों किचन की तरफ चल पड़ते हैं.
तारक (मज़ाक में): अरे यह क्या? अंजलि और भिड़े अब किचन पे रोमांटिक सन बनाएंगे? माधवी भाभी लगता है हमें भी कोई शायरी का प्लान बनाना पड़ेगा
वह सोफे पे बैठ जाता है और माधवी भी है के उसके बगल में बैठ जाती है.
माधवी: मेहता साहब यह शायरी बंद करो चलो थोड़ी देर बातें करते हैं वर्ण अहो वापस आके लेक्चर शुरू कर देंगे
वह अपना दुपट्टा एडजस्ट करती है और दोनों एकदम नार्मल फ्रेंडली बातें शुरू कर देते हैं
किचन में अंजलि और भिड़े
भिड़े अपनी उसुअल सोसाइटी के रूल्स की बात करता है और अंजलि उसको हेल्थ टिप्स देती है. दोनों के बीच एकदम प्लेटोनिक फनी डायनामिक है.
भिड़े: वैसे आपके डाइट टिप्स सच में काम के हैं. मैं माधवी को बोलूंगा थोड़ी सी योग शुरू करे वह अपना डिस्कॉपलीनेड टोन रखता है.
अंजलि (है के): हाँ भिड़े भाई योग और डाइट से सब ठीक रहता है चलो अब वापस चलते हैं वर्ण तारक और माधवी भाभी कोई नया शायरी का ड्रामा शुरू कर देंगे वह मुरकुरति है और दोनों वापस लिविंग रूम की तरफ आते हैं.
लिविंग रूम में तारक और माधवी अभी भी बातें कर रहे हैं एकदम Light-Hearted विबे में. जैसे Hi अंजलि और भिड़े वापस आते हैं सब एक साथ हसने लगते हैं.
तारक: अरे यह क्या? किचन का रोमांस ख़तम? चलो अब एक ग्रुप शायरी हो जाये ‘यह दोस्ती यह मस्ती गोकुलधाम का है जादू हर पल में है एक नया माजू’ वह सबको एक साथ जोड़ देता है.
भिड़े (है के): मेहता साहब यह शायरी बंद करो और अंजलि भाभी के सूप का एक और बाउल दे दो यह रात सच में ज़बरदस्त थी
सब एक साथ है पड़ते हैं और सन बदलता है
टापू अकेले छत पर आता है हाथ में हूडि का कपडा सँभालते हुए. हवा हलकी सी चल रही है आसमान में चाँद पूरी रौशनी से चमक रहा है.
टापू (दिल में हल्का मुस्कराते हुए):
यह छत… रात में कुछ ज़्यादा Hi ख़ास लगती है…
टापू रेलिंग के पास जाकर खड़ा हो जाता है. पीठ मोड के आसमान की तरफ देख रहा होता है… तभी पीछे से एक हलकी सी आवाज़ आती है
रोशन (आँखों में नज़र डालती हैं):
जिस तरह कल रात तुमने मुझे देखा… वह नज़र भूलने लायक नहीं थी. मुझे लगा… अगर तुम आज भी आये… तोह मैं भी कुछ अधूरा न छोडूं
टापू थोड़ा सा ब्लश करता है लेकिन आँखों में Cheekh-Chhupi चमक है.
टापू:
तोह हम दोनों… बिना कुछ बोले… मिल गए?
रोशन (अब बहुत पास बिलकुल सामने):
कुछ लोगों के बीच बातें नहीं होती… सिर्फ ख़ामोशी बोलती है.
एक पल के लिए दोनों के बीच सिर्फ साँसें चलती हैं. चांदनी उन दोनों के चेहरों पे पड़ती है. रोशन अपना शाल थोड़ा एडजस्ट करती है टापू की नज़र उसके हाथों तक रुक जाती है.
रोशन (थोड़ा नरम टोन में):
तुम्हारे आँखों में कुछ आज भी वैसे Hi है… जैसे कल था.
टापू (धीरे से ऑलमोस्ट व्हिस्पर):
और आपके पास आज ज़्यादा वक़्त है... या फिर ज़्यादा जज़्बात?
रोशन भाभी एक स्टेप और पास आती हैं दोनों के बीच बस इनचेस का फासला बचा होता है.
रोशन अपना हाथ टापू के कंधे पर हलकी सी थपकी के जैसे रखती हैं.
रोशन :
मैं भी समझ नहीं पायी… की मैं छत पे तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूँ… या अपने छूट की प्यास बुझाने वाले लुंड का
टापू धीरे से रोशन के हाथ को पकड़ लेता है और उसे हलके से अपने लुंड पर रख देता है
टापू (नरम सी आवाज़ में):
आज रात… चाँद सिर्फ ऊपर नहीं… यहां भी है रोशन आंटी
दोनों आँखों से आँखें मिलके ख़ामोशी में खो जाते हैं… हवा तेज़ चलती है और दोनों थोड़ा और क्लोज आते हैं…
और एक दुसरे के होंठ से होंठ लगा देते है
और यही पे हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है
उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा अगर आया तो लिखे और कमैंट्स जरूर करना यारो
टापू अपने कॉलेज में है उसके दिमाग में रात की Hi घटना चल रही है
टापू (खुद से): अरे यह क्या मुसीबत हो गयी कल रात तोह बस... पर रोशन आंटी ने देखा… और मैंने भी उनको गोगी के साथ देखा वह कॉल वाला इशारा क्या था अब यह बात किसी को पता चली तोह टप्पू सेना का बंद बज जायेगा
वह अपना फ़ोन खोलता है और रोशन आंटी को मैसेज टाइप करता है
अरे रोशन आंटी यह क्या सन था कल रात का
टापू मैसेज सेंड करता है और फ़ोन को साइड कर के सर पकड़ लेता है.
टापू (खुद से): हे भगवन यह मैसेज भेजना ठीक था न रोशन आंटी तोह चिल हैं पर अगर उन्होंने गलत समझा तोह अरे यह बालकनी रोमांस भी न… कभी सेफ नहीं होता
कट तो सोढ़ी फ्लैट
रोशन किचन में पराठा बना रही है जब उसका फ़ोन पिंग करता है. वह अपना एप्रन पोछते हुए फ़ोन देखती है और टापू का मैसेज पढ़ती है. उसका चेहरा पहले शॉक में फिर हसी में बदल जाता है.
रोशन (खुद से है के): अरे यह टापू भी न कल रात का सन याद दिलाया… उफ़ कितना ावक्वार्ड था गोगी के साथ थोड़ी सी मस्ती हो रही थी और यह टापू भी अनन्य के साथ… हाहाहा यह कॉल वाला इशारा तोह बसफलो फ्लो में हो गया चलो इसको थोड़ी सी मस्ती में रिप्लाई करती हूँ वह अपना फ़ोन उठती है और रिप्लाई टाइप करती है.
टापू यह क्या शैतानी है
रोशन मैसेज सेंड करती है और है है के अपने पराठे पलटने लगती है. तभी सोढ़ी अंदर आता है अपनी गेराज की टीशर्ट पहने और रोशन को हसी का मूड देखता है.
कट बैक तो टापू टापू रोशन का रिप्लाई पढता है और ज़ोर से है पड़ता है टेंशन छोड़ के.
टापू: हाहाहा रोशन आंटी तोह एकदम कूल हैं यह सीक्रेट सेफ है… पर यह बालकनी वाला रोमांस अब थोड़ी सी प्लानिंग के साथ करना पड़ेगा वर्ण फिर कोई और देख लेगा
टापू वापस रोशन को मैसेज करता है आज सोसाइटी के छत पे आना कुछ बात करनी है रोशन आंटी
और वह अपना फ़ोन पॉकेट में डालता है और अपने क्लास में चला जाता है
रोशन इस मैसेज को पढ़ती है
रोशन (मैं में) : ये सेक्स की प्यास मुझ से क्या कुछ करवाएगी
तारक मेहता अपने ऑफिस के केबिन में बैठा है एक फाइल खुली पड़ी है पर उसका दिमाग कहीं और है. ऑफिस का एक चालू है पर तारक के चेहरे पे एक छोटी सी मुस्कान है जैसे वह कोई खुशनुमा ख्याल में डूबा हो वह अपना पेन हाथ में घूमते हुए खुद से बातें कर रहा है और उसके दिमाग में सुबह का सन फ़्लैश कर रहा है जब वह माधवी के साथ Achaar-Papad की डिलीवरी के लिए गया था.
तारक (खुद से पोएटिक टोन में): अरे यह ज़िन्दगी भी न… एक पल में कितनी चटपटी हो जाती है सुबह का वह Scene—madhavi भाभी के साथ वह Hansi-Mazaak वह तीखी बातें वह डब्बे सँभालते हुए थोड़ी सी मस्ती… उफ़ दिल के तार क्यों बजने लगे हैं? वह अपना सर झटकता है और है पड़ता है.
फ्लैशबैक शुरू होता है: सुबह का सन जब तारक और माधवी एक दुसरे के साथ Hasi-Mazaak कर रहे थे डिलीवरी के लिए चलते हुए.
माधवी: मेहता साहब यह तीखी बातें छोडो आपके ऑफिस का क्या होगा? वैसे भी यह अचार के डब्बे मुझे अभी डिलीवर करने हैं. मरस. गुप्ता वेट कर रही होगी और उनका मूड… उफ़ एकदम लाल मिर्ची जैसा
तारक (सोचने का नाटक): हम्म ऑफिस तोह बनता है पर जब बात दिल से दिल तक जाती है… Ab..b.. …मतलब अचार के डब्बे से डिलीवरी तक तोह मैं कैसे पीछे रहूं? चलो मैं आपके साथ चलता हूँ. आपकी डिलीवरी भी हो जाएगी और मेरी सुबह भी थोड़ी मसालेदार हो जाएगी
माधवी शॉक में देखती है पर मज़ा भी आ रहा है. वह सर घूमती है उसके साथ खेलती है.
दोनों है रहे हैं और तारक माधवी के डब्बे सँभालते हुए उसके साथ चल रहा है पूरा सन एकदम Light-Hearted और मज़ेदार है.
फ्लैशबैक ख़तम होता है और तारक अब अपनी ऑफिस चेयर पे पीछे झुकता है अपने ग्लासेज उतरता है और एक बड़ी सी सांस लेता है.
तारक (खुद से): हाँ यह बात है यह गोकुलधाम सोसाइटी का जादू Hai—har पल में एक नया मसाला पर यह तारक मेहता अब शांत नहीं बैठेगा हर रोज़ ऑफिस घर और अंजलि के डाइट वाले खिचड़ी का रूटीन… बस अब थोड़ी सी मस्ती चाहिए माधवी भाभी के साथ वह मज़ाक वह एनर्जी… उसको वापस लाना है वह टेबल पे हाथ मार के खुद को मोटीवेट करता है.
वह अपना फ़ोन उठता है और एक प्लान बनाने लगता है. उसका दिमाग पोएटिक मोड में चला जाता है और वह खुद से बोलता है.
तारक: बस आज रात एक धमाकेदार प्लान बनेगा अंजलि को बोलूंगा भिड़े और माधवी भाभी को इन्विते करेंगे. एक छोटा सा Get-Together थोड़ी सी म्यूजिक थोड़ी सी चटपटी बातें और माधवी भाभी के फेमस अचार के साथ अंजलि के Diet-Friendly स्नैक्स अरे यह रात होगी एकदम Masaledaar—pure गोकुलधाम स्टाइल में वह अपनी चेयर से खड़ा होता है और एक फिल्मी हीरो वाला पोज़ मरता है.
तभी उसका फ़ोन बजता Hai—anjali का कॉल है. तारक जल्दी से कॉल उठता है.
अंजलि (फ़ोन पे): तारक जी यह क्या? तुम अभी तक ऑफिस में हो? जल्दी घर आओ आज मैंने एक नया डाइट सूप बनाया है टास्ते करना है
तारक (है के): अरे मेरी प्यारी अंजलि सूप तोह मैं ज़रूर टास्ते करूँगा पर एक बात बोलूं? आज रात थोड़ी सी मस्ती का प्लान करते हैं. भिड़े और माधवी भाभी को बुलाओ एक छोटा सा हैंगऑउट Karenge—thodi सी बातें थोड़ी सी हंसी और थोड़ा सा ुहम्म तुम जानती Ho...tumhare सूप के साथ माधवी भाभी का अचार क्या बोलती है?
अंजलि (खुश होक): अरे यह तोह बड़ा मस्त आईडिया है तारक जी ठीक है मैं माधवी को बोल देती हूँ. तुम जल्दी घर आओ और हाँ कोई उन्हेअल्थी स्नैक्स मत लाना
तारक (मुस्कुराते हुए): दोने अंजलि बस यह रात होगी एकदम ज़बरदस्त तारक मेहता का स्टाइल गोकुलधाम का जादू वह फ़ोन रखता है और अपनी फाइल बंद करता है पूरा मोटिवेटेड फील करते हुए.
वह अपने ऑफिस बैग में अपना सामन डालता है और खुद से बोलता है.
तारक (खुद से पोएटिक मोड में): अरे ज़िन्दगी एक खाली कैनवास है और तारक मेहता उसपे रंग भरने वाला पेंटर आज रात गोकुलधाम के दोस्तों के साथ थोड़ी सी मस्ती थोड़ी सी हंसी और थोड़ा सा अचार का स्वाद सेक्स के साथ… यह है असली ज़िन्दगी का मसाला
वह अपना बैग उठता है और ऑफिस से निकल जाता है चेहरे पे एक बड़ी सी स्माइल के साथ.
टप्पू सेना कॉलेज से वापस आयी है सब के चेहरे पे थकन और मस्ती का मिक्स दीखता है. दोनों हाथों में कॉलेज बैग्स लटकाये वह कंपाउंड में एक साथ चल रहे हैं आपस में Hasi-Mazaak करते हुए
गोगी (फ़ोन हाथ में व्लॉग बनाते हुए): अरे दोस्तों यह है गोगी का डेली व्लॉग Episode 247 आज कॉलेज में बड़ा धमाल Hua—professor ने मुझे और गोली को क्लास के बहार खड़ा किया पर हमने फिर भी क्विज में टॉप किया है न गोली? वह फ़ोन गोली की तरफ करता है जो अपना बैग शोल्डर पे एडजस्ट कर रहा है.
गोली (है के पोज़ देते हुए): हाँ भाई गोली का दिमाग एकदम राकेट है पर अब मैं घर जा रहा हूँ मम्मी के हाथ का खाना वेटिंग में है चल बाद में मिलते हैं
वह अपना बैग उठता है और अपने फ्लैट की तरफ भागता है रस्ते में एक छोटा सा डांस स्टेप करता हुआ.
जहान्वी पिंकू को देख के वह पिंकू का हाथ पकड़ती है और दोनों पिंकू के फ्लैट की तरफ निकल जाते है
प्रणाली (गोगी को देख के): गोगी यह Vlog-Vlog खेलना बंद कर और चल मुझे एक असाइनमेंट के नोट्स चाहिए. तेरे पास हैं न वह केमिस्ट्री वाले? वह गोगी के फ़ोन को छेड़ती है और गोगी अपना फ़ोन छुपाते हुए उसके साथ चल पड़ता है.
गोगी (व्लॉग में ड्रामेटिक टोन में): दोस्तों यह देखो प्रणाली दीदी मेरी व्लॉगिंग करियर पे अटैक कर रही है पर कोई बात नहीं गोगी का दिल बड़ा है चल नोट्स देते हैं दोनों Hasi-Mazaak करते हुए अपने फ्लैट की तरफ निकल जाते हैं गोगी अभी भी फ़ोन पे बातें करता हुआ.
अब कंपाउंड में सिर्फ टापू सोनू और अनन्य बचे हैं. अनन्य अपना बैग एडजस्ट करती है और टापू को देखती है थोड़ी सी मुस्कान के साथ.
अनन्य: टापू मैं फ्लैट पे जा रही हूँ बैग रख के वापस आती हूँ. तू यहीं रुकेगा न?
वह अपनी पोनीटेल थोड़ी सी फ्लिक करती है और अपने फ्लैट की तरफ चल पड़ती है रस्ते में एक छोटी सी वेव देते हुए
टापू (मुस्कुराते हुए): हाँ अनन्य दीदी मैं यहीं हूँ जल्दी आना वर्ण गोगी फिर से व्लॉग में हम सबको बॉस बोलेगा
वह है देता है पर उसकी नज़र थोड़ी देर अनन्य पे टिकती है फिर वह अपना बैग नीचे रखता है
सोनू जो अभी तक अपने फ़ोन में कुछ चेक कर रही थी अपना बैग उठती है और अपने फ्लैट की तरफ जाती है. वह टापू को एक क्विक स्माइल देती है.
सोनू: चल टापू मैं घर जा रही हूँ. थोड़ी देर में मिलते हैं ठीक है? और हाँ गोगी को बोल देना उसका व्लॉग बंद करे वर्ण बाबा उसका फ़ोन चीन लेंगे
वह है के अपने फ्लैट की तरफ चल पड़ती है उसका दुपट्टा थोड़ा सा हवा में उड़ता है.
टापू सोनू को पीछे से देखता रहता है उसके चेहरे पे एक अलग सी स्माइल है. उसका दिल थोड़ी सी धड़कन बढ़ा देता है जैसे वह कुछ कहना चाहता हो पर बोल नहीं पता. वह अपने बैग के स्ट्राप के साथ खेलता हुआ खुद से बोलता है
टापू (खुद से धीरे से): अरे यह सोनू भी न… हर बार ऐसे स्माइल देती है और दिल एकदम क्रिकेट मैच का लास्ट ओवर जैसा हो जाता है कुछ बोलना चाहिए था न… पर क्या बोलता? ‘सोनू तेरा दुपट्टा बड़ा सुन्दर है’ अर्घ यह क्या फालतू लाइन है टापू वह अपना सर खुजाता है और है पड़ता है
तारक के घर में एक छोटा सा Get-Together चल रहा है. लिविंग रूम में एक डाइनिंग टेबल सेट है जिसमे अंजलि के Diet-Friendly स्नैक्स (कुकुम्बर स्टिक्स क्विनोआ सलाद) और माधवी के मसालेदार Achaar-Papad के प्लेट्स सजाये हुए हैं. सॉफ्ट म्यूजिक बैकग्राउंड में बज रहा है और तारक अंजलि भिड़े और माधवी टेबल के अराउंड बैठ के Hasi-Mazaak कर रहे हैं. तारक अपना पोएटिक मोड में है अंजलि अपने हेल्थ टिप्स दे रही है भिड़े अपने उसुअल डिस्कॉपलीनेड स्टाइल में लेक्चर दे रहा है और माधवी सबको अपने अचार का स्वाद चखा रही है
तारक (गिलास उठाते हुए पोएटिक टोन में): अरे दोस्तों यह रात यह बातें और यह माधवी भाभी का अचार… इससे कहते हैं ज़िन्दगी का असली मसाला टोस्ट करते हैं गोकुलधाम की दोस्ती के नाम पे वह अपना निम्बू पानी का गिलास उठता है.
माधवी (है के): मेहता साहब यह मसाला वाली बात आप सुबह से बोल रहे हो अब यह अचार खा के थोड़ी सी तीखी शायरी भी सुनाओ न
वह अपना प्लेट तारक की तरफ बढाती है एक पापड़ ऑफर करते हुए.
भिड़े (थोड़ा सीरियस पर मज़ाक में): अरे मेहता साहब शायरी छोडो और यह अचार के साथ अंजलि भाभी का सलाद भी तरय करो यह हेल्थ के लिए भी अच्छा है. और माधवी तुम भी थोड़ी सी डाइट फॉलो करो यह अचार के डब्बे बंद कर दे रात को वह अपना डिस्कॉपलीनेड टीचर वाला टोन निकल देता है.
अंजलि : हाँ भिड़े भाई सही बोल रहे हैं यह क्विनोआ सलाद में प्रोटीन है फाइबर है और टास्ते भी है. माधवी मैं कल तुझे रेसिपी देती हूँ. और तारक तुम भी एक दिन मेरी डाइट क्लास ज्वाइन करो
वह तारक को एक कुकुम्बर स्टिक ऑफर करती है.
तारक (ड्रामेटिक टोन में): अरे अंजलि यह कुकुम्बर स्टिक दिल को छेड़ देता है पर माधवी भाभी का अचार दिल को छू जाता है चलो एक शायरी हो जाये
यह अचार का स्वाद यह दोस्ती का जादू गोकुलधाम में हर पल है एकदम नया माजू
वह अपना सिग्नेचर शायरी पोज़ मरता है और सब है पड़ते हैं.
डिनर चल रहा है और सब एक दुसरे को छेड़ रहे हैं. माधवी और तारक थोड़ी सी चटपटी बातें करते हैं जो सुबह के डिलीवरी सन की याद दिलाती हैं पर बिलकुल इनोसेंट और फ्रेंडली विबे में
माधवी (तारक को छेड़ते हुए): मेहता साहब आप सुबह बोल रहे थे न मेरी अचार रेसिपी टास्ते करेंगे? अब बोलो यह नया मिर्ची वाला अचार कैसा लगा? थोड़ी सी तीखी बातें भी ऐड करनी है क्या? वह विंक मरती है मज़ाक में.
तारक (है के): अरे भाभी यह अचार तोह एकदम ब्लॉकबस्टर है और तीखी बातें? वह तोह मैं आपके साथ हमेशा कर सकता हूँ बस अंजलि का डाइट लेक्चर न शुरू हो जाये वह अंजलि की तरफ देखता है और अंजलि प्लेफुल तरीके से उसको घूरती है.
भिड़े (अंजलि से): अंजलि भाभी यह मेहता साहब और माधवी की यह चटपटी बातें सुन के लगता है हमें भी थोड़ी सी मस्ती करनी चाहिए चलो एक बात बोलूं? आपका यह सलाद सच में बढ़िया है. मैं माधवी को बोलूंगा इसको अपने मेनू में ऐड करे
वह अंजलि को इम्प्रेस करने की कोशिश करता है पर थोड़ा ावक्वार्ड हो जाता है.
अंजलि (खुश होक): अरे भिड़े भाई यह तोह बड़ी बात है चलो मैं आपको और माधवी भाभी को एक डाइट चार्ट बनके देती हूँ. हेल्थ फर्स्ट है न?
डिनर के बाद सब थोड़ी देर लिविंग रूम में बैठ के बातें करते हैं. तारक और माधवी सोफे पे एक तरफ और भिड़े और अंजलि दुसरे सोफे पे.
अंजलि: अरे यह प्लेट्स तोह अभी क्लीन करने पड़ेंगे. तारक तुम माधवी भाभी के साथ किचन में प्लेट्स ले जाओ मैं और भिड़े भाई यहाँ लिविंग रूम संभल लेंगे. थोड़ी सी डस्टिंग भी करनी है वह अपना एप्रन पेहेन लेती है.
भिड़े (नोद करते हुए): हाँ बिलकुल अंजलि भाभी. मैं यहाँ फर्नीचर ठीक करता हूँ और आप डस्टिंग कर दो. मेहता साहब आप और माधवी जल्दी से किचन का काम निपटा दो वह अपना डिस्कॉपलीनेड मोड में आ जाता है
तारक (है के): अरे भिड़े यह क्या? हम दोनों को किचन में भेज रहे हो?
मतलब किचन तो और गन्दा हो जाएगा
ठीक है तो माधवी भाभी चलो हम अपना मसालेदार काम शुरू करते हैं वह एक प्लेट स्टैक उठता है और माधवी के साथ किचन की तरफ चलता है.
माधवी (मज़ाक में): हाँ तमेहता साहब पर यह मसालेदार काम सिर्फ प्लेट्स धोने तक Hi समझे? वर्ण अंजलि भाभी का डाइट लेक्चर शुरू हो जायेगा
वह है के तारक के साथ किचन में चली जाती है.
अंजलि और भिड़े लिविंग रूम में रह जाते हैं. अंजलि डस्टिंग के लिए एक क्लॉथ उठती है तभी भिड़े उसका हाथ पकड़ लेता है और कहता है
भिड़े : बोहोत हुआ नाटक जिस चीज़ के लिए आया हु वो Hi करूँगा
अंजलि : आप किस लिए आये है? (सरकास्टिक टोन में)
भिड़े : आपको नहीं पता?
भिड़े अंजलि के कमर में हाथ दाल देता है और उसको अपनी बाहो में खींच लेता है दोनों एक दुसरे के बेहद करीब होते है एक दुसरे के साँसों से एक दुसरे को गरम कर रहे होते है
अंजलि : आप किस लिए यहाँ आये है
भिड़े : अभी पता चल जाएगा कह कर भिड़े अपना हाथ अंजलि के छूट पर रख देता है और कपड़ो के ऊपर से छूट को दबाने लगता है
अंजलि की एक जोर की सिसकी निकलती है जो वो अपने मुँह पर हाथ रख के दबा लेती है
अंजलि : बोहोत तेज़्ज़ हो आप भिड़े भाई अभी तारक सुन लेता तो और माधवी भाभी
भिड़े : आपको क्या लगता है वो आपकी सिसकी सुन पाते?
अंजलि : क्या आप भी भिड़े भाई
किचन में तारक और माधवी
तारक (प्लेट्स धोते हुए): माधवी भाभी यह देखो हम फिर से एक साथ काम कर रहे हैं सुबह डब्बे अब प्लेट्स यह तोह एकदम चटपटा कॉम्बो बन गया है वह एक प्लेट माधवी को पास करता है.
माधवी (है के): अरे मेहता साहब यह कॉम्बो सिर्फ काम के लिए है वैसे आपकी शायरी ने आज रात को सच में रंगीन कर दिया. अंजलि भाभी लकी हैं ऐसा शायर हस्बैंड मिला वह प्लेट्स ड्राई करती है और तारक उसके हाथ को पकड़ लेता है
माधवी : ये आप क्या कर रहे है मेहता साहब
मेहता माधवी के होंठो पे हाथ रखता है और हलके से उसके कान के पास अपने होंठ लगा के कहता है
"अब असली अचार का स्वाद चखूँगा"
माधवी एक हलकी सी सिसकी लेती है
ाअहंम...
तारक उसके गले को चूमता है और उसके सारे का पल्लू सरका देता है
माधवी ने बालक कलर की ब्रा पंतय पेहेन राखी थी जिसमे उसका बदन बेहद खूबसूरत लग रहा था

तारक से रहा नहीं जाता और वो तुरंत माधवी की छूट में ऊँगली घुसा देता है
माधवी हलक हलकी सी सिसकियाँ लेने लगती है
Hmm...aahh...uhmm....mehtaahh...sahabhhh...aaramm...sehhh...aahhm...
Aaraaammm....seehh...ohhh...aaahoo...orrr...anjaliihh...bhabhiihh..baaharrr...hihhh
हैठ...
तारक : मुझे नहीं लगता की वो इधर ध्यान देंगे
माधवी : Matlabbbh...sabbhh...plaann....karr....rakhaahh..thahhh...aapnehhh...
Hmm...aahhmm..uhh...aahh...ohhh...uhhh...ohhh...hmm....mehtaahhh...sahabhh..
तारक : हां माधवी भाभी आपके इस छूट को छोड़ने में बोहोत मज़ा आएगा
माधवी सिसकियाँ लेती रहती है
Aahhmm....ohhh...hummm...hufhhh....aahhhmm...uhhhmm...ohhh....aahh...
Hhhmm....uhhhnmm...mmm...haahh....agooo...baiihh...ahahh...aahhmm...uhhh
तारक नीचे झुक कर माधवी के छूट पर अपने मुँह को लगा देता है
माधवी की सिसकियाँ तेज़ हो जाती है
Aaahmmm....ummmm.....ammmm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...slurppp..

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....umm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh..slurppp...ahhgh...ummm..
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....aammm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...slurppp...slurrpph....
Ahmmm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm..aahghh....mehtaashh...sahabh...
Aaahmmm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhh
Uhhmmmm.....ahmmmm...uh....ummmm...hmm....ummmhaa.... ....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh
...Uhhh...mehtaashh...sahabhh...aahh.....ummm...mmmha....hmmm
Aaahm....ammmm...ummm....aaahh...uhh....agooo..baiii...aahhm...
Ummhhhmm.....ammmm...ummm....aaahhh...uhh....hmm....aahhgh...
Ummmm.....ahmmmm...uhhh....umhhmmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhhh...uhhh...slurppp...ssss....slurpph...

Uhhmmmm.....ahmmmm...uh....ummmm... ....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh
...उह्ह्ह...
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....
अब तारक खरा होता है और माधवी को नीचे झुका देता है माधवी उसका समर्थन करते हुए नीचे झुक जाती है
तारक का 10 इंच लम्बा लुंड उसके सामने होता है माधवी बिना समय गवाए उसे अपने मुँह में भर लेती है

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..
Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....
Aggh...gghj....axgghh....gwak...
Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...
Gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...
Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga
....Gagsg...agga
Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...
Vogghh...coghh..xggh...gwakk.agh...coggh...
Gulppp....aagghhbb....aagaghh....xxxghhh....uhhggh...aaaghhv....
Aaagghhb....xxgghh....ggullp....aagghh...gillppp...........
Aagghhb....cogghh...coxxgghh...gulppp....gwaakkkhh....huugghh...aaghhh...
Aaagghhnn....uhhhgg....uffgghh....aaaghhh....

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...
Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..
Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....
Aggh...gghj....axgghh....gwak...
Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...
Gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...
Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga
....Gagsg...agga
Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...
Vogghh...coghh..xggh...gwakk.agh...coggh...
Gulppp....aagghhbb....aagaghh....xxxghhh....uhhggh...aaaghhv....
Aaagghhb....xxgghh....ggullp....aagghh...gillppp...........
Aagghhb....cogghh...coxxgghh...gulppp....gwaakkkhh....huugghh...aaghhh...
Aaagghhnn....uhhhgg....uffgghh....aaaghhh....
Agghhh.....xgghh....gwwakgg....aahhgg..ohgghh....fucggh....gwaakkk....
Gwakkk....gwakhhh...gwaakggh...aaggghhh...xggghhhh....gwaakkhhhgg....

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga....gagsg...agga Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...
Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...
Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..
Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...
अब माधवी खरी होती है और तारक को किश करती है
तारक माधवी को पकड़ कर घुमा देता है और पीछे से उसके छूट पे लुंड सेट करता है
माधवी एक हलकी सी सिसकी लेती है और तारक अपना लुंड उसके छूट में घुसा देता है
Aaahhh....mehtaaahh...sahabb....
सन बदलता है और हमें अंजलि और भिड़े दीखते है
भिड़े सोफे पर बैठा है और अंजलि उसके लुंड को चूस रही है

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...
Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..
Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....
Aggh...gghj....axgghh....gwak...
Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...
Gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...
Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga
....Gagsg...agga
Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...
Vogghh...coghh..xggh...gwakk.agh...coggh...
Gulppp....aagghhbb....aagaghh....xxxghhh....uhhggh...aaaghhv....
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Aagghhb....cogghh...coxxgghh...gulppp....gwaakkkhh....huugghh...aaghhh...
Aaagghhnn....uhhhgg....uffgghh....aaaghhh....
Agghhh.....xgghh....gwwakgg....aahhgg..ohgghh....fucggh....gwaakkk....
Gwakkk....gwakhhh...gwaakggh...aaggghhh...xggghhhh....gwaakkhhhgg....
Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga....gagsg...agga Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...
Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...
Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..

Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...
Aaagghhb....xxgghh....ggullp....aagghh...gillppp...........
Aagghhb....cogghh...coxxgghh...gulppp....gwaakkkhh....huugghh...aaghhh...
Aaagghhnn....uhhhgg....uffgghh....aaaghhh....
भिड़े अब अंजलि को उठा लेता है और उसे खरा कर के उसकी छूट में अपनी जीभ घुसा देता है
अंजलि कुछ कुछ्ह की सिसकियाँ भरने लगती है

Oohhh....bhideehh...bhaiii...ohhh....aahhh....ohhhh....
Uhhhhhm.....aaaahhmmm....ooohhh....ummmm...
Uhhmmmm.....ahmmmm...aaaahhmm....ummmm... ....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh
...Uhhh...bhidehhhh...bhaiihhh...dheerehh...aahhhmmm
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....hmmm...ummm...ahamma...
Ummmm.....ammmm...ummm....ahh...uhh....aahhmm...ummm...
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...mmmhaa.....ohhhmmm....
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....umm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...ohhmmm....

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....aammm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...
Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...aaammm.....aammm...
Hmmmm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....bhideehhh...bhaiihh...
Ahmmmm...ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhh...
भिड़े सोफे पे बैठ जाता है और अंजलि को उल्टा घुमा कर अपने लुंड पर बिठा लेता है
अंजलि सिसकियाँ लेते हुए उसके लुंड पे बैठ जाती है

Aaaahhhh...bhideehhhh...bhaiiihhh....aaaahhhmm.....
सन बदलता है और हमें माधवी और तारक दीखते है
तारक माधवी की छूट में जोरदार धक्के लगाए जा रहा है
माधवी जोरो से सिसकियाँ ले रही है उन दोनों को अंजलि की सिसकियाँ भी सुनाई दे रही है
तारक : लगता है उधर भी कार्यक्रम सुरु हो गया है
माधवी : Uhmmm...lagtaahh....tohhh...aisahhh..hihh..haiih...aahah
Aaraamm...sehhh....mehtaah.....sahabhh...uhhmmmm

Aaahhh...hmmm....uhhh....aaaa....oohhh....uhhmmm....aahhghh...oohhh....
Fuckkk....mehtaahhh....sahabbbh...oohhhm....uhhhghh....aaahh....
Chodohhh...uhhmmm....ohhhmmm...oohhmm...yeaahhh....sshhh...hmmm...ohhh....
Aaahhhmmm....uhhhh.........ahhhh....ahhhh...aaahgg...uhffhhh....hmmmm
Ahhh.....ahhhh.....ahhhh......ohhhm....aaahhh...uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....ahhhh.....uhhhhh
अह्ह्ह.... Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh.... फुककक मीठ.... प्लेअसीह... Ahhh....fuckkkh....meehhh.....ahmmm....uhhh....ahmm
Ohhhh....ahhhh...ahhhh....ohhh....or....zorrrrr...seeehhh...karo...bhot...mazaaaah Rahaaa....hai...ohhh......aahhh......ahhh.....ahhhhaaaahhhh....chodoohhh...mehtaahh Sahabbhh....zorrr....sehh..........oh......uhhmmmm...fuckkkk....aaahhh
Fuck........mehh......fuckkkkk...me.....uhhhhh...ohhhh......ahhhh...mehtaahh Sahabhhh....ahhhh......ahhh.......ahhhha.....hahahh....haahha......ahhhh...fuck
Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... Ahhhh.....ahhhh....ahhhhmm.....
Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh....ahhhh....
Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
अह्ह्ह्ह....
Umm....aahhggg....agoo...baiii...aaraamm...seehh...karoohh..naahh...ohhm...uuuhh
Aahahhgh....ooohaha....hhaahh..huufhhh...mihhh...toohhnnaa....ohhhmm...
Aahhh....gelllaah...chodoohh...mehtahhh....sahabbbh...ohhh....aahh..
Fuckkk....aaahhh

........Uhhhh.....aaahhhh....ahhhh
Ahhh...ahhhh....ahhhh......ohhhm....uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
अह्ह्ह्ह.....
Ahhhh.....uhhhhh....ahmmm...ahhh....ahhhh..ohhhhh....uhhmm...ahhhh...
Ohhhh...ahhhh....
Aaaahhhh....aaahhhh......ooohhhh......aaahhhh.....aahhhh.....ahhhh....ahhhhmm.....
Aaaahhhh...aaaahhhh....aaaahhhh.... Aaahhhh....aaaahhhhmmm......aaahhhh..... Aaaahhhh....aaahhhh....
Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
अह्ह्ह्ह....
Hffhhh....ahhmm...ahhhh........uhhhh.....ahhhh....ahhhh
Aaaahhhhhhh...aaahhhh......ohhhm....uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....aaahhh...mehtaaahhh....sahabbbbhh...ohhhmm
....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....
Uhhh....ahhh...ahmm...mehtaashhh...sahabbbhh Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....
Ahhh...uhhhmmm...agghh...chodohhh.....mehtaahhh...sahabhh
..Uhmm....humm....ahhmm......
Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....
Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....
Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm
Ahhhhhh....ohhhh.......mehtaahhh...sahabbhh....meriihhh...chuttthhh.
..आअह्ह्ह...

Ohhh...mehtaahhh...sahaabhhh...yeehh...lunndhh...meriihh...chutthh..kiihh...gehriiii
Khudaiii....karrr....rahahhh...haihhh...ohhmm...mehtaaahh...sahabbbb...uhhhhm...
Aaahh..yess...isshhh..agooo...baiii....khuppp...mazaahhh...aahett....
Malā...khūpaaahh...majāaahh...yētassshh...āhē.....mmehtaaah...sahebbb...ajūnaaahh ....Karāaah....oohhmm...aahhh....jorrr....seeehh...karaa....mehtaaashh...sahebbbh...aa
Ohhmmm....uhhmm...aahhhmm.....
Hffhhh....ahhmm...ahhhh........uhhhh.....ahhhh....ahhhh
Ahhhhhhh...aaahhhh......ohhhm....uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....uhhmmhaa
....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....
Uhhh....ahhh...ahmm...aahaghh...hhmmaa... Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....
Ahhh...uhhhmmm...agghh...chodohhh.....mehtaahh...sahabbb...chodoohhh...aahhh
..Uhmm....humm....ahhmm......
Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....
Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....
Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm
अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.......

Fuckkkk....fuccckkkk....fuuuckkk....fucckkkkhh..ahhhmm...ohhhh...ahhh...
Fuckkkk.....ittthh...ahhh...ahhh..ohhhh...fukkkk...ahhh...fuckkk...mehtaahhh.
Sahaabbb....ohhhmmm.....ummm...haahhmm.....mehtaahh...sahabbb....
अह्ह्ह.... Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh.... फुककक मीठ.... प्लेअसीह... Ahhh....fuckkkh....meehhh.....ahmmm....uhhh....ahmm
Fuck........mehh......fuckkkkk...me.....uhhhhh...ohhhh......ahhhh Ahhhh......ahhh.......ahhhha.....hahahh....haahha......ahhhh...fuck
....Mehh.....ahhhh.....ahhhh.......orrrrr....tezzzzz....orrr....tezzz....mujheeehh...
Bohottthh....mazaahhh....aaahh....rahaahhh...haihhh....ohhhmm....fuckkkk
.......Mujhehh...bohotthhh....mazaahh.....aaahhh....rahahhh....haiihh..... Maaahhhmm....ohhhhh....uhhh....ohhhhh.....mehtaahhh...sahabbbhh.....
Aaaahhh....ohhhhhhhh....aaahhhhmm....ohhhhhh...fuckkkkkk....ohhhh....
Uhhhhmmmm...ohhhhhhh...aaaggghh....fuckkkk...fuckkkk.....fuck.....
Ohhhh......ahhh...fuckkkhhh....ohhhh....fuckkkkkhhmmm....mehtaahhh....sahabbb...
Aaaahhhmm.....ohhhhh....uhhhh.....ohhhhh....fuckkkkk....mehtaahhh...sahabbbhh...
Ohhmmm...hmaa....uhhhm...ohhh..agooo...baiii...ahhh...ohhh...uhhfhh...mhhaa...
Hhhmm....ohhh...aarammm...sehhh...mehtahhh...saahhabb....merii...chutthh...aahh
Uuhh...ooomm...uhhmmm...ohhhmmm...uhhmm...uhhhm...aahhh...aahhhmm...
Uhhhmm...oooohhhh...mehtaa...sahabb...meraaa..dimaagg...aaahh...ghhoomm...
Rahahhh..haihhhh...bohotthh..acchahhh....laggg...rahahhh...haihhh...hmmm...ohhh
Aahhmmm..uhhhmm...maihhhh...jhadnehhh...walihhh...maihh..jhadneehh....waliihh
...Huumm...maihhhh...jhadneeehh...walihhh..huuu...aahhh...mehtaahhh...sahabbbb
...Maihhhhh...oohhhh....aahhhhggg...hmmmm...aahhhh
तारक : ओह्ह माधवी भाभी आपकी छुटत मेरी लुंढ़ कुछ जोरो सीह जकड रही है मेरा लुंड मई भी झड़ने वाला होऊं छूटने वाला ही माधवी भाभी
Aahhh..mehtahhh...sahabb...jhaaddd...doohhh...hmmm...aahhh...ohhh....aaahh
Aaaaaahhhhhhhh...maiiiihh....bhhiiii...aayyiiiiihhhh....aaaaahhhmm...

और माधवी के छूट का सारा पानी निकलने लगता है और उसके छूट का गरम एहसास तारक को भी झड़ने पर मजबूर कर देता है
और दोनों एक दुसरे के ऊपर झाड़ जाते है
सन बदलता है और हमें अंजलि और भिड़े दीखते है
अंजलि भाभी जोरो से चीखने लगी है
Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
Ahhhh....dheere.....ahhh.....iihhh....ihhh....yeahh....iyaaahhhhh...Issyeaahhh.... Iiiahhh....aoooobhhhh....ahhhhmm.....ohhhmm....
अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...bhideehhh...... Bhaiii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...bhideehhh Bhaiii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...bhidehhh Bhaiii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh.....dheereeeh....
अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh
अह्ह्ह्ह.....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...bhideehhh Bhaiii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....
Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...bhidehhh Bhaiii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh
Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh....
Aaahhmm...bhidehhh...bhaiihh...aapkahhh...lunddd...ekdammm...taarakkk...jitnaahh
Haiihhh...bohothhh...acchaahhh...lag....rahahhh..haihhh...hmmm...bhideee...bhaiiii
Orrr...jorrrr....sehhh...karooohhh...aahhh...orrr..jorrrr.....sehhhh...aahhh...hmmm....
Bhideehhhh..bhaiiiii.....ohhhh...oghhhh...aahhh...ohhhh...ummm..hmmm...ahhh..
Bhideee...bhaiii...aaapkaahhh...lundhhhh....mere....chuttthh....mehhh...ohhhhh...
Hmmmm...aahhh...kyaaa....batauuuu...bohottthh....accahhhh....laggg...rahahhh..haii
ओह्हःमममम

Aaahhh...chodohhh...bhidehhhh...bhaiiihh....aahhhh...chodoohhh....bohotthh....
Acchahhh....lagggg....raahhhh...haihhhh....orrrr....jorrr....seehhh...ruknaahhh...mattth
Aaahh...ohhhh....aaahhhhhhhhhhhh......aaahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
Ahhhh....dhmmm....aahhhmm.....chodoohhhh...bhidehhh...bhaiihhhh...aahhmm....
Aaahhhmmm....uhhhh.........ahhhh....ahhhh...aaahgg...uhffhhh....hmmmm
Ahhh.....ahhhh.....ahhhh......ohhhm....aaahhh...uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
Ahhhh.....ahhhh.....uhhhhh
अह्ह्ह.... Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh.... फुककक मीठ.... प्लेअसीह... Ahhh....fuckkkh....meehhh.....ahmmm....uhhh....ahmm
Ohhhh....ahhhh...ahhhh....ohhh....or....zorrrrr...seeehhh...karo...bhot...mazaaaah Rahaaa....hai...ohhh......aahhh......ahhh.....ahhhhaaaahhhh....fuckkkk...bhidehhhh.... Bhaiiii....jorrrrr......seehhh.....oh......uhhmmmm...fuckkkk....bhidehhhh....bhaiiihhh....
Fuck........mehh......fuckkkkk...me.....uhhhhh...ohhhh......ahhhh..uuhhhmmm... Ahhhh......ahhh.......ahhhha.....hahahh....haahha......ahhhh...fuck....bhidehhhh...bhaiiii
अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म.....
अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......
अह्ह्ह्ह....
अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....
........Uhhhh.....aaahhhh....ahhhh
Aaahhh...ahhhh....ahhhh......ohhhm....uaaahhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh
आअह्ह्ह्ह.....
Aaaahhhh.....uhhhhh....aahmmm...aaahhh....ahhhh..ohhhhh....uhhmm...ahhhh...
Ohhhh...aaahhhh....aaahhmmm...bhidehhhh...bhaiiihhh
Chodoohhh...mujehhhh....orrrrr....jorrr....seehhh...aaahh...ohhhmm....maihhhh...
Jhadnehhh....walliihh...hummm....bhideehhh...bhaiiii....aaahh...ohhhhm....
भिड़े : मेहः भी झड़ने वल्लाह हुऊ अंजली भाभी कहा झाड़ू
अंजलि के दिमाग में उसकी और जेठा की चुदाई घूमने लगती है
अंजलि (मैं में) : मेरे पेट में सिर्फ जेठा भाई का बच्चा रहेगा और किसी का नहीं
अंजलि : Aap....apnaahhh...saarahhh...maalll...merreeehh...chehrrrehh...parrr....griaahh...dooh
भिड़े : तोह ठीक है
और भिड़े अपना लुंड अंजलि की छूट से निकल कर अपना माल अंजलि के मुँह पे झार्ने लगता है अंजलि अपनी छूट सहलाते हुए सारा पानी वही झार देती है

थोड़ी देर बाद
अंजलि (डस्टिंग करते हुए): भिड़े भाई आप तोह एकदम परफेक्ट हो सब कुछ इतना आर्गनाइज्ड वैसे माधवी भाभी के अचार के साथ मेरा सलाद कैसा लगा? थोड़ी सी हेल्थ एडवाइस तोह बनता है न?
भिड़े (कुशीओंस ठीक करते हुए): अरे अंजलि भाभी आपका सलाद एकदम Top-Class था मैं तोह बोलता हूँ आप और माधवी एक हेल्थ फ़ूड बिज़नेस शुरू कर दो. गोकुलधाम में रेवोलुशन हो जायेगा
तारक और माधवी किचन से प्लेट्स धोके वापस आने वाले होते हैं
अंजलि: तारक माधवी भाभी तुम दोनों यहाँ लिविंग रूम में बैठो हम प्लेट्स सेट कर देते हैं
वह भिड़े को इशारा करती है और दोनों किचन की तरफ चल पड़ते हैं.
तारक (मज़ाक में): अरे यह क्या? अंजलि और भिड़े अब किचन पे रोमांटिक सन बनाएंगे? माधवी भाभी लगता है हमें भी कोई शायरी का प्लान बनाना पड़ेगा
वह सोफे पे बैठ जाता है और माधवी भी है के उसके बगल में बैठ जाती है.
माधवी: मेहता साहब यह शायरी बंद करो चलो थोड़ी देर बातें करते हैं वर्ण अहो वापस आके लेक्चर शुरू कर देंगे
वह अपना दुपट्टा एडजस्ट करती है और दोनों एकदम नार्मल फ्रेंडली बातें शुरू कर देते हैं
किचन में अंजलि और भिड़े
भिड़े अपनी उसुअल सोसाइटी के रूल्स की बात करता है और अंजलि उसको हेल्थ टिप्स देती है. दोनों के बीच एकदम प्लेटोनिक फनी डायनामिक है.
भिड़े: वैसे आपके डाइट टिप्स सच में काम के हैं. मैं माधवी को बोलूंगा थोड़ी सी योग शुरू करे वह अपना डिस्कॉपलीनेड टोन रखता है.
अंजलि (है के): हाँ भिड़े भाई योग और डाइट से सब ठीक रहता है चलो अब वापस चलते हैं वर्ण तारक और माधवी भाभी कोई नया शायरी का ड्रामा शुरू कर देंगे वह मुरकुरति है और दोनों वापस लिविंग रूम की तरफ आते हैं.
लिविंग रूम में तारक और माधवी अभी भी बातें कर रहे हैं एकदम Light-Hearted विबे में. जैसे Hi अंजलि और भिड़े वापस आते हैं सब एक साथ हसने लगते हैं.
तारक: अरे यह क्या? किचन का रोमांस ख़तम? चलो अब एक ग्रुप शायरी हो जाये ‘यह दोस्ती यह मस्ती गोकुलधाम का है जादू हर पल में है एक नया माजू’ वह सबको एक साथ जोड़ देता है.
भिड़े (है के): मेहता साहब यह शायरी बंद करो और अंजलि भाभी के सूप का एक और बाउल दे दो यह रात सच में ज़बरदस्त थी
सब एक साथ है पड़ते हैं और सन बदलता है
टापू अकेले छत पर आता है हाथ में हूडि का कपडा सँभालते हुए. हवा हलकी सी चल रही है आसमान में चाँद पूरी रौशनी से चमक रहा है.
टापू (दिल में हल्का मुस्कराते हुए):
यह छत… रात में कुछ ज़्यादा Hi ख़ास लगती है…
टापू रेलिंग के पास जाकर खड़ा हो जाता है. पीठ मोड के आसमान की तरफ देख रहा होता है… तभी पीछे से एक हलकी सी आवाज़ आती है
रोशन (आँखों में नज़र डालती हैं):
जिस तरह कल रात तुमने मुझे देखा… वह नज़र भूलने लायक नहीं थी. मुझे लगा… अगर तुम आज भी आये… तोह मैं भी कुछ अधूरा न छोडूं
टापू थोड़ा सा ब्लश करता है लेकिन आँखों में Cheekh-Chhupi चमक है.
टापू:
तोह हम दोनों… बिना कुछ बोले… मिल गए?
रोशन (अब बहुत पास बिलकुल सामने):
कुछ लोगों के बीच बातें नहीं होती… सिर्फ ख़ामोशी बोलती है.
एक पल के लिए दोनों के बीच सिर्फ साँसें चलती हैं. चांदनी उन दोनों के चेहरों पे पड़ती है. रोशन अपना शाल थोड़ा एडजस्ट करती है टापू की नज़र उसके हाथों तक रुक जाती है.
रोशन (थोड़ा नरम टोन में):
तुम्हारे आँखों में कुछ आज भी वैसे Hi है… जैसे कल था.
टापू (धीरे से ऑलमोस्ट व्हिस्पर):
और आपके पास आज ज़्यादा वक़्त है... या फिर ज़्यादा जज़्बात?
रोशन भाभी एक स्टेप और पास आती हैं दोनों के बीच बस इनचेस का फासला बचा होता है.
रोशन अपना हाथ टापू के कंधे पर हलकी सी थपकी के जैसे रखती हैं.
रोशन :
मैं भी समझ नहीं पायी… की मैं छत पे तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूँ… या अपने छूट की प्यास बुझाने वाले लुंड का
टापू धीरे से रोशन के हाथ को पकड़ लेता है और उसे हलके से अपने लुंड पर रख देता है
टापू (नरम सी आवाज़ में):
आज रात… चाँद सिर्फ ऊपर नहीं… यहां भी है रोशन आंटी
दोनों आँखों से आँखें मिलके ख़ामोशी में खो जाते हैं… हवा तेज़ चलती है और दोनों थोड़ा और क्लोज आते हैं…
और एक दुसरे के होंठ से होंठ लगा देते है
और यही पे हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है
उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा अगर आया तो लिखे और कमैंट्स जरूर करना यारो


























































































