- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 31,779
अपडेट 242 …
अल्फा…
मॉर्निंग टाइम कॉलेज…
सारिका “तोह मतलब आप कह रहे ह की साडी मेरी गलती ह”
भावेश “ अगर फाइट के टाइम तुम सपोर्ट नहीं करती तोह उसे अब तक ससपेंड करा दिया होता हर हालत मई”
सारिका “उस वक़्त सिचुएशन देखि नहीं थी अपने सब थे और गलती ..इस फुस्पेंद्र की हे थी…”
फुस्पेंद्र गुसाई से “ वो साली कुटिया मुझे मारेगी तोह मैं नहीं मरूंगा उसे ”
सारिका “ बस यही दिकत ह गुसा बहुत जल्दी आजाता ह अरे वो हीरो ह इस वक़्त कॉलेज का प्रिंसिपल और स्टूडेंट्स सबका चाहता बना हुवा h…college की हर लड़की उसकी उसकी दीवानी ह और लड़को का तोह रोले मॉडल बनगया h…agar अभी उसे कुछ हुवा तोह इवेंट से पहले हे दूसरा इवेंट हो जायेगा ैप के टाइम देखा नहीं था स्टूडेंट्स का रिएक्शन कैसे गुसाई मई आगये the…usai कैसे कब्बू करना ह मुझे अचे से पता ह और वैसे भी बॉस का कॉल आगया h…ki इस बार कमीशन ाचा मिलेगा हम सबको अगर सब सही रहा तोह एक जाने की कमाई लाखो मई होगी इसलिए दिमाग से काम लो…”
भावेश “ सारिका आखिर ये बॉस ह कौन कभी दिकता नहीं ह बस कॉल पर बात करता ह”
सारिका “पता नहीं कौन ह पर उसे हमारी हर खबर रहती h…aur जब्र भाई को भी वो कॉल पर हे बताता ह किसी मरना ह किसी नहीं इसलिए तुम जो कर रहे हो इस वक़्त वो भी उसी पता ह इसलिए कोई गलती नहीं करनी ह और ड्रग्स कान्हे रखे हुवे ह”
भावेश “ड्रग्स सभी केमिस्ट्री लैब के अंदर सीक्रेट रूम मई सेफ ह..”
सारिका “ ोक्तुं अभी उस राज से मत उलझो उसे मैं तीखाने लगा दूंगी”
फुस्पेंद्र “ वैसे हे जैसे प्रेजिडेंट रोहित को लगाया h…bechara तुम्हारी टैंगो के बिच मई हे रहता ह ”
ये सून सारिका के चेहरे पर कामिनी मुस्कान आगयी और बोली “अब धयान से सुनो लड़कियों का इंतेज़ाम हो गया ह वो इस कदर नशे की एडिक्टेड हो चुकी ह की बिना नशे के उनसे एक पल नहीं रहा जाता ह जब तक दोसे के नशे मई रहेंगी तब तक जो हम कहेंगे वो हे वो करेंगी”
भावेश “इस बार मैं नहीं चाहता हु की पिछली बार की तरह कुछ हो”
सारिका “ तुम थोड़ा खुद की तीसरी टांग पर काबू रखो तोह सब सही होगा samjhe..pichli बार भी तुम हे थे जिसने …”
तभी सारिका का मोबाइल रिंग हुवा और सारिका नंबर देख निशा का कॉल ह मुझे जाना होगा”
भावेश “ वो”
सारिका “ बोलै था न तीसरी टांग पर काबू रखो”
भावेश का सदा सा मू बन गया…
बहार कुछ दिएर बाद
निशा “कहा बिजी thi…chal लंच करते ह और तुम्हारे क्रश के गेस्ट हाउस मई हे आज लंच”
सारिका “ मैं कुछ भी करू पर पसंद तोह आपको हे करता ह सरे इशारे समाज रही थी उसके कल सुभे मैं”
निशा हलकी सी स्माइल देती हुवी“ मेरी शादी हो राखी ह”.
सारिका आंख मरती हुवी“ रहने दो आप सब पता ह मुझे आप भी काम नहीं हो आपको भी पसंद ह वो इसलिए मज़े तोह आप भी पुरे लेती ho….aur वैसे भी आपके हस्बैंड को परवाह कान्हा ह आपकी इसलिए कहती हु की जैसे मज़े से वो जिंदगी जी रहा ह आप भी jiyo….warna ये हुसैन का खजाना कबाड़ बन जायेगा जुंग लग kar”sarika की बात सून निशा हंस padi….aur दोनों लंच करने के लिए राज के गेस्ट हाउस पर पहुंच गयी…
राज “ वेलकम वेलकम”
निशा “डे डेट”
राज “ कह सकती h…aur वो भी दो ख़ूबसूरत हसीनाओ के साथ..”
सारिका के चेहरे पर मुस्कुराकहत आगयी
राज “ मज़ाक कर रहा हु प्लीज डोंट मंद”
सारिका “ इतस ok वैसे गेस्ट हाउस तोह ाचा दिया ह apko….guest भी एते ह क्या या अकेले he”ye कह वो मुस्कारने लगी
राज “ है नाईट मई आया था एक रात बेहद खूबसूरत haseen….main नशे मई था ी मैं सपने मई था इसलिए देखता हे रह गया … बस उसकी एक खास चीज मतलब याद रह गयी ह मेरे पास… पता नहीं दुबारा कब मिलना होगा”
और राज का मतलब समाज निशा के चेहरे पर शर्म और चमक दोनों आगयी क्योकि उसे पता लग गया था की राज उसकी पंतय की बात कर रहा ह
सारिका निशा को शर्माता देख कुछ कुछ समाज गयी फिर बोली “ कोई न अब आएंगे”
राज आंख मरते हुवे “ अबकी बार आने के बाद मैं आसानी से जाने भी नहीं दूंगा …. इसलिए सोच समाज कर हे आना होगा ”
निशा “ हमरे ऊपर नहीं चलेगी आपकी चिकनी चुपड़ी बातो का जादू”.
राज “ तोह ड्रग्स ले अउ सुना ह बहुत मिलता ह और उसकी एक दोसे हे आदमी को दूसरी सपनो की दुनिया मई ले जाती देती ह”
राज के मू से ये सुनते हे दोनों के चेहरे पर अलग हे एक्सप्रेशन आगये…
राज “ अरे स्टूडेंट्स के मू से सुनता रहता हु और मूवीज मई भी तोह देखा ह की कैसे ड्रग्स लेते हे दूसरी दुनिया मई चला जाता ह लेने वाला खूबसूरत हसीनाएं दिखने लगती ह”
निशा “ राजज्जजज बस भी करो…”
राज “ अरे तरय कर रहा था दो खूबसूरती की मिसाल बैठी ह सामने तोह एक कोसिस तोह करना बनता हे ह न”
सारिका हँसते हुवे “ एंटरटेनमेंट पूरा करते ह आप. रियली आपके साथ टाइम बिताना आसान भी ह और बहुत ाचा भी ह”.
राज “ अरे मेरे साथ सबकुछ हे ाचा लगता ह फिर भी पता नहीं कोई है क्यों नहीं करती h….kyo निशा जी क्यों नहीं करती ह”
सारिका ने निशा की तरफ देखा जो मुस्कुरा रही thi…aur फिर बोली “ तोह जब तक कोई नहीं मिलती ह मैं बन जाती हु आपकी टेम्पररी गफ चलेगा न”
राज डरा हुवा सा फेस बनाकर “ अरे आप प्रेजिडेंट हो सरे लड़के जान के दुश्मन हो जायेंगे मेरी”
सारिका और निशा एक साथ जोर से हंसपदी…
और लंच के बाद जब दोनों चली गयी तब राज ने कहा “आजाओ”
तोह अलमीरा के पीछे से नेहा बहार आयी….
राज “ ये जल्द हे बहार जाएँगी कॉलेज से तब तुम्हे इसके रूम की तलाशी लेनी ह बस चीजे बिखरनी नहीं चाहिए ह वर्ण डाउट हो जायेगा और ये माइक्रो चिप फिट कर देना हिडन प्लेसेस पर ताकि हमे सब सुनाई दे सके ”
नेहा ने ok कहा
राज “ नेहा कुछ पॉइंट्स ह जिनपर तुम्हे धयान देना ह धयान से सुनो नंबर ओने सारिका का बाप बिजनेसमैन ह इसलिए मुझे पूरा यकीं ह की खरीददार लड़कियों के लिए वो हे ला रहा होगा सेकंड जब्र एक लोकल गैंग का गुंडा ह तोह उसके पास इतनी बड़ी डील नहीं हो सकती ह मतलब कोई और उसे दे रहा ह
3रद निशा उसका क्या रोले ह इन सब मई कुछ क्लियर नहीं ह …क्यों की वो कुछ तोह कर रही ह जो बेहद सीक्रेट ह हमे पता करना ह 4तह पॉइंट फुस्पेंद्र का क्या रोले ह क्लियर नहीं ह क्योकि वो भावेश के इशारो पर काम करता ह पर उसका कुछ और भी काम ह जो वो चिपटा ह ऐसा मुझे डाउट ह तुम्हे उसके मोबाइल मई ये सॉफ्टवेर इनस्टॉल करना ह बस उसके मोबाइल मई ये सॉफ्टवेयर कैसे भी आज हे ट्रांसफर कार्डो बाकि सब अपने आप हो जायेगा और है मुलाकात को सीक्रेट रखना अब ये तुम कैसे करोगी ये तुम्हे देखना होगा लास्ट और 5तह पॉइंट ..एक शख्स और ह जो इन सबके पीछे का मास्टर मंद ह जो बिलकुल भी सामने नहीं अत ह …पर उसे कॉलेज का सब पता होता ह हर एक बात हर एक मोमेंट वो हे लीड कर रहा ह इस पुरे गेम की उसको ढूँढना ह वो मिल गया तोह इन सबके पीछे का बाप भी मिल जायेगा”
नेहा “ हम्म्म ऐसा कोई जो सबसे मिलता हो वो हे हो सकता ह”
राज “ करेक्ट ऐसा कोई जो सबसे मिलता ह पर ऐसा या तोह वो फिर स्टूडेंट ह या फिर टीचर”.
नेहा “फिर निशा मम हो सकती ह वो हे सबके टच मई रहती ह और इवेंट भी संभल रही ह”
राज “ है हो सकती ह इसलिए उसके करीब जा रहा हु ताकि कुछ उगलवा सकू”
नेहा राज के करीब आकर जायदा भी करीब नहीं जाना ह …
राज सीरियस होकर “ नेहा मैं वो हवा हु जिसका तीखाना नहीं ह इसलिए तुम समाज रही हो न”
नेहा स्माइल के साथ “डोंट वोर्री मैं सब समझती hu…isliye टेंशन मत लो और जो ट्रीटमेंट तुमने दिया ह मतलब मेडिसिन्स का वो लेनी सुरु करदी ह पर एक बार तुमसे भी ट्रीटमेंट चाहिए h”itna कह उसने आंख मरी और मुस्कराते हुवे उठकर बहार चली गयी….
राज बस उसे देखता रहा और फिर कुछ दिएर के लिए लेट गया अपना मोबाइल निकल कर सोचते हुवे कुछ दिएर बाद उसने मोबाइल मई कम्पलीट बैक उप liya….aur अब उसके सामने थी एक पिछ जिसपर उसकी नज़र thi…jismai सोनाली मनीषा पूनम कविता श्वेता ममता रिफत अनु शेरदिल सुनील शिवानी अंजना दीपिका जानवी अजय सुनील दादाजी सुप्रिया दिव्या सभी the…usne एक फेस पर ज़ूम किया तोह कुछ पल बाद उसकी आँखों से आंसू निकल aye….aur वो बोलै “ ी म सॉरी मुझे आपको भेजना हे नहीं चाहिए tha…ap मेरी सबसे अछि दोस्त थी जो मुझे समझती thi…apne हर बार ढक मई मुझे हंसाया आप हमेशा मेरे दिल मई rahengi…aur उसने मोबाइल साइड मई रख दिया….” साइड मई रखे मोबाइल mai..jo फोटो थी वो अभी भी दिख रही थी और उसमे था उसका मुस्कुराता हुवा चेहरा जो था शिवानी ka…….jisai राज रोज याद करता tha….jab से उसकी याददास्त वापस आयी ह तबसे हमेशा उसने उसकी मौत का जिम्मेदार खुदको हे मन…
राज धीरे से खुदसे बोलै “ बहुत जल्द आप सबके पास आऊंगा बस कुछ वक़्त और…”
साथ हे उसके सामने घूमने लगा डेथ हेलो का चेहरा और उसके चेहरे पर आने लगे नफरत के भाव जिसकी वजह से उसकी आंखे गुसाई से जलने लगी और हर पल उसका गुसा भड़ता हे जा रहा था…..
वंही कॉलेज मई…
निशा “ राइट ओने तवो थ्री फोर …रिपीट अगेन guys…face पर एक्सप्रेशन रहने चाहिए ह तभी लगेगा की डांस कर रहे ho….yaa गुड …ऐसे he…excellent कीप आईटी उप”
निशा डांस की प्रैक्टिस कराती हुवी सबको बोल रही थी…
आशीष अंदर एते हुवे “ मम वो लिस्ट नहीं दी अपने”
निशा एक मिनट और अपने मोबाइल मई से एक लिस्ट आशीष को तुरंत फॉरवर्ड करदी
आशीष “ थैंक यू और ये रहा आपका आर्डर जो अपने मंगवाया था”
निशा के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आगयी“ थैंक यू सो मच आशीष ”
आशीष “आपके लिए कुछ भी”
वंही कॉलेज मई कंही एक मोबाइल पर “अगर तुमसे नहीं होता ह तोह रहने दो …मैं किसी और को कह दूंगा…”
सामने से “ मुझसे नहीं होगा तोह किसी से नहीं होगा …मैं हे हु वो जिसने साडी सप्लाई संभाली हुवी ह”
दूसरी तरफ से“ लगता ह जब्र को पहले तुम्हारे पास हे भेजना पड़ेगा …बहुत वक़्त हो गया ह हड़िया टूटे हुवे”
सामने से डरता हुवा “ रूको रूको मैं कर दूंगा…”
दूसरी तरफ से “ वैरी गुड”
कॉल कट होते हे “ भेनचोद फिर से ये काम” इतना खा वो सीधा कॉलेज के पीछे की तरफ जाने लगा जंहा लड़के लड़किया छिपकर ड्रग्स और गंजे की दोसे लेते ह और वंहा पर उसे उसका पहले से हे इंतज़ार कर रहे लड़के लड़किया दिखे
शख्स “ जिनको नंबर नाम और पहचान दूंगा उन्हें खुस रखने की जिमेदारी तुम लड़कियों की हौर बाकि तुम सरे लड़के पुलिस वालो के पीछे रहोगे उनकी हर पल की खबर डोज समझे”
सब ने है मई गर्दन हिला दी…
शख्स “ तुम्हारी दोसे तुम्हे मिल जाएगी …और याद रखना और कॉल एते हे जिन लड़कियों का नाम तुम्हे दिया जियेगा उन लड़कियों को साथ लेकर जाना बताये एड्रेस पर जाना hoga…koyi गड़बड़ नहीं वर्ण दोसे लेने की तोह दूर की बात देखने को भी नहीं मिलेगी… और आखिरी बात भूल कर भी बात लीक न हो वर्ण मौत के सिवाए कुछ नहीं milega”itna कह वो शख्स मूड कर कॉलेज के आगे की तरफ वापस आगया……
वाईस प्रिंसिपल भावेश रूम
भावेश “ फुस्पेंद्र सब आगये”
फुस्पेंद्र “ है सर वो आगये ह और सब समझा दिया ह अपना माल आराम से स्टूडेंट्स के बिच पहुंच jayega…aur पैसा भी एडवांस मई आ चूका ह…”
भावेश “ इस बार बहुत पैसा banayenge…waise वो तेरी नेहा नहीं दिख रही ह”
फुस्पेंद्र मन मई “ बता दिया तोह छिड़ेगा” फिर “ काम मई बिजी था मैं भी इसलिए मुझे भी पता नहीं ह की कान्हा ह वो”
भावेश “ बस छोड़ने से फुर्सत कान्हा थी tujhe…mujhe वो चाहिए ह समझा”
फुस्पेंद्र “ यस सर पहले आज की रात उस राज को तोह ठिकाने लगा दे”
भावेश “बिलकुल बस कुछ घंटे की बात ह फिर उसकी जिंदगी नरक ह”
इधर राज गुसाई को कंट्रोल नहीं कर पा रहा था वो उठा और बहार आगया …तोह सामने जैस्मिन की आँखों मई आंसू थे…
राज “ किस लिए रो रही हो पापा ससपेंड हुवे ह या कल जो हुवा उसके लिए”
जैस्मिन “ पापा के लिए”
राज “ मेरी तरफ देखो “
राज की आवाज मई भयानक डरवाना असर महसूस कर जैस्मिन फिर से हिल गयी …
राज “तुम्हारे पापा ईमानदार ह पर दुनिया ऐसी हे ह matlbi….agar तुम झुकते जाओगे वो तुम्हे और झुकाती jayegi…agar लड़का हो तोह मार डालेगी और लड़की हो तोह सोच हे सकती हो इसलिए मार डालो जो तुम्हे झुकाये”
जैस्मिन अभी भी दर रही थी
राज “ तुम्हारे पापा तीख ह अब जाओ मुझे इस कम्पटीशन मई तुम टॉप थ्री मई चाहिए हो समझी वर्ण तुम जानती हो मैं क्या कर सकता हु”
राज की आखिरी बात सुनकर तोह जैसे जैस्मिन की आत्मा सिहर गयी….
जैस्मिन को ऐसे हे छोड़ राज ने प्रिंसिपल के ऑफिस की तरफ देखा और उसकी भोंहे सिकुड़ गयी और वो उठकर उस तरफ जाने लगा….
प्रिंसिपल रूम ..
प्रीती “सर पता ह बूत कॉलेज की रेपुटेशन का भी सवाल ह ट्रस्टी सर की डेथ हुवी ह बूत इवेंट नहीं कराया गया तोह रेपुटेशन डाउन होगी ये इवेंट कोई छोटा इवेंट नहीं ह ये आप भी जानते ह”
ट्रस्टी “ हमने कब कहा की नहीं करना ह हमने कहा तुम नहीं करा सकती हो”
प्रीती “ ओह्ह मतलब आप मुझे हटाना चाहते ह”
ट्रस्टी “ हमे हमारे ैक्कॉर्डिंग काम करने वाला चाहिए ह और अब तुम कुछ जायदा हे मन मणि करने लगी हो”
प्रीती “ मतलब उस बिज़नेस मन ने आप सबको खरीद लिया ह तोह ये भी बता दीजिये नया प्रिंसिपल कौन ह जो आपके अकॉर्डिंग काम करेगा”
सभी ट्रस्टीज ने एक दूसरे की तरफ देखा और बोले “ भावेश बहुत पुराने ह और वो लॉयल भी ह वो हे होंगे नई प्रिंसिपल आप पहले की तरह एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक संभालेंगी”
तभी दूर ओपन हुवा और राज सीधे अंदर आगया…
ट्रस्टी “ जरुरी डिस्कशन चल रहा ह बाद मई आना”
राज ने एक बार प्रीती की तरफ देखा जिसके चेहरे पर मायूसी थी….. और फिर ट्रस्टीज की तरफ देख उन सबको अवॉयड करते हुवे प्रीती से बोलै “ क्या huva…apko”
ट्रस्टी “ी साइड गेट आउट”
प्रीती “ राज प्लीज 5 मिनट्स वेट करो आउट साइड”
राज ने सबको घुरा और बहार आगया …
ट्रस्टीज “ इसलिए समझी आपको हटाया ह ….मॉर्निंग से भावेश प्रिंसिपल होंगे वो एते हे होंगे तुमसे मिलने और इसका नाम राज ह न इसको भी टर्मिनेशन लेटर मिल जायेगा इसका” ये कह वो चले गए
उनके जाते हे राज अंदर agaya….jo प्रीती को हे देख रहा था …और प्रीती का चेहरा पूरी तरह उतरा हुवा था…
राज “आप नहीं बोलेंगी”
प्रीती “ क्या क्या बोलू राज तुमसे …क्या क्या बोलू main….aur कान्हा से बोलना सुरु karu….sab कुछ करती ईई hu…phir भी यही सब होता ह मेरे साथ पहले papa…phir निखिल से शादी हुवी …उसके साथ सब ाचा करने की कोसिस की पर उसे परवाह हे नहीं उससे बस मुझे गालिया लड़ाई यही मिलती आयी ह और कॉलेज मई आयी तब से कॉलेज के लिए ाचा करने की कोसिस कर रही हु पर …सेल सबको ये जिस्म चाहिए ह ये दे दो तोह सब तीख वर्ण सब गलती मेरी फिर तुम ए …कुछ दिनों मई हे लगा की कोई तोह ह मेरे sath…par फिर ैप और भावेश और अब ये ट्रस्टी ऐसा लगता ह जैसे मेरी वजह से तुम भी मुसीबत मई फंस गए हो और मैं कभी नहीं चाहती थी की तुम मुसीबत मई पदों ….”
राज ने प्रीती के निचे झुके हुवे चेहरे को ऊपर किया और बोलै “ मुझे नहीं पता था मेरी बॉस मेरी इतनी केयर करती ह…”
तभी भावेश अंदर आ गया और इस बार उसने नॉक भी नहीं किया सामने प्रीती और राज को इतने करीब देख उसकी झांटे सुलग गयी वो तोह ये सोचकर आया था की या तोह अब प्रीती को दबाव मई लाकर निचे ले आएगा या जलील कर निकल देगा पर ऑफिस का सन देख उसको तेज़ गुसा आगया…
भावेश “ वैरी गुड यंहा तोह रोमांस चल रहा h…ek शादी शुदा किसी गैर .मर्द के साथ रंग रलिया मन रही ह वो भी दिन दहाड़े ऑफिस mai…bahut खूब.”
प्रीती ये सुनते हे पीछे हटने लगी तोह राज ने उसका हाथ पकड़ लिया और बोलै “ रोमांस वो तोह अब तक सुरु हे नहीं हुवा ह पर पर par”itna कहा उसने प्रीती को कमर से पकड़ा और अपने सीने से लगा लिया…. प्रीती की आंखे हैरानी से फ़ैल गयी और राज का हाथ प्रीती के बदन पर dekh…bhavesh बस गुसाई से फटने हे वाला था … पर राज उसे अवॉयड कर प्रीती से बोलै “ मैं हु न” और प्रीती को बैठने के बाद भावेश की तरफ घूमकर बोलै “रोमांस देख लिया न तूने” फिर सीधा उसकी कर पकड़ कर बोलै क्या ैप को पता ह की तू उसकी बेटी के साथ क्या करना चाहता ह …अगर नहीं पता तोह मैं डिटेल मई बता देता हु usai…ki तू नेहा के साथ सोना चाहता ह और उसे फाॅर्स कर रहा ह…” ये सून भावेश के चेहरे का रंग उड़ गया राज आगे बोलै “ पंडित के पास जा और कुंडली दिखा तेरी किंडली मई दोष आगया ह वो भी मित्युदोष ”इतना कह उसने उसे गेट की तरफ ढाका दे diya…bhavesh ने उसे घूर कर देखा और बहार निकल गया….
प्रीती “ ये क्या किया राज”
राज प्रीती के पास आकर ी म सॉरी मैंने आपको चुवा”
प्रीती कड़ी हुवी और अपना एक हाथ उठाया पर मारा नहीं बल्कि राज को खींचकर अपने गले से कसकर लगा कर बोली … “ पहली बार पापा के जाने के बाद मुझे सेफ फील हुवा ह राज”
राज ने उसे कुछ दिएर गले लगाए रखा और फिर अलग किया और बोलै “ पूरा नाम प्रीती कुमारी… दौघ्तर ऑफ़ लेट ऋषब कुमार … मदर होस्पिटलिज़्ड ह लास्ट स्टेज कैंसर ह…. निखिल से शादी की क्योकि पापा चाहते थे जबकि आपको साडी सचाई पता थी उसकी की वो कैसा ह बूत फॅमिली फ्रेंड था इसलिए पापा के वेड की वजह से अपने करी…. और इसलिए आज तक उसकी हर गलती को माफ़ कर बस नाम का रिश्ता निभा रही h…wo भी पापा को दिए एक वेड की वजह से…”
प्रीती अब उसे और हैरानी से देखने लगी …
राज “ऐसे क्या देख रही h…ap चाहकर भी मुझसे कुछ नहीं छिपा सकती ह……”
प्रीती “ पर तुम्हे कैसे”
राज “ क्या करेंगी jaankar…aur है मेरी क्यूट बॉस. बॉस की स्टाइल मई हे अछि लगती ह ये साद सा फेस ाचा नहीं लगता ह वैसे हॉट तोह ह आप”
राज के मू से ऐसा सून प्रीती को शर्म आगयी और उसने निचे गर्दन कर्ली और जब उसे समाज आया उसने क्या कहा ह उसने जल्दी से ऊपर देखा पर राज सामने नहीं था…
इवनिंग…
निशा “ राज कान्हा हो आप”
राज मोबाइल कट करते हुवे “ आपके पास हे हु पीछे देखो”
निशा ने पीछे मुड़कर देखा तोह राज सामने था…
निशा “ राज कब से धुंध रही थी…… ये लिस्ट ह इन्हे चेक करलो मैं जब तक वेलकम सेरेमनी की तयारी चेक कर लेती हु…”
राज “ जो हुकुम आपका ..बाँदा सेवा मई हाजिर ह”
निशा “ आज रात डिनर ह गेस्ट्स के साथ”
राज “ उनका साथ क्यों करूँगा आप गेस्ट बनो तोह बात अलग ह आपके साथ करने मई मज़ा भी आएगा”
निशा “ ओह मर. फ्लिर्टू चलो तीख ह दोने आज देखते ह कितना ख्याल रखते हो मेरा”
राज “ सूरे हम तोह तैयार ह जी जान से ख्याल रखने के लिए दिन और रात ”
निशा चली गयी तोह राज ने नेहा को कॉल किया …और बोलै “ आज सारिका और निशा बहार रहेंगी वरदान मम हेल्प करदेंगी तुम्हारी रूम मई एंटर होने मई याद ह न सब कैसे करना ह”
नेहा “ राज मैं कर लुंगी ”
राज “ok सेफ रहना” कॉल कट किया और फंक्शन के काम जी निशा ने दिए थे उन्हें चेक करने लगा …और शाम गहरी होती गयी …
इधर भावेश बेइज़्ज़ती करवा कर गुसाई से जल रहा tha….aur फुस्पेंद्र भी उसके पास खड़ा था…
भावेश “ जब्र भाई को कॉल लगा फुस्पेंद्र उस कुत्ते को नहीं छोडूंगा”
फुस्पेंद्र “सूरे ह न”
भावेश “तू बस लगा”
और फुस्पेंद्र ने कॉल लगा दिया और भावेश जब्र से बाते करने लगा …
इधर जैस्मिन राज के पास आयी “ आप तैयार ह”
राज ने जैस्मिन को देखा और बोलै “ बैठो” फिर उसे प्यार से “ मेरी फ्रेंड जैस्मिन वो नहीं रही जैसे पहले मेरे साथ रहती थी मस्त बिंदास…”
जैस्मिन “ नहीं वो”
राज “तुम पहले जैसे हे रहोगी तोह मुझे ख़ुशी होगी दुनिया के लिए मैं कैसा भी जो भी हु पर तुम्हारे लिए वही राज हे हु मेरी एक साइड ह तुम्हारे लिए उसे याद रखो बस …ोकककक”
जैस्मिन “ ok”
राज “ तोह फिर मुस्कुराओ”
जैस्मिन के चेहरे पर हलकी सी मुस्कराहट आगयी तोह राज बोलै “गुड अब चले डिनर के लिए ”
जैस्मिन और राज पार्किंग की तरफ चल दिए …जंहा प्रीती उनका वेट कर रही थी….
जैस्मिन “ मम लुकिंग गॉर्जियस ड्रेस कब चेंज करि अपने”
प्रीती “कॉलेज मई हे काम जायदा था इसलिए पता हे था की लेट होउंगी और शामको चेंज करने पहले घर जाती फिर आती तोह बहुत टाइम लगता इसलिए साथ हे लायी थी और चेंज कर्ली” फिर उसकी नज़र राज की तरफ गयी जो उसकी तरफ हे देख मुस्कुरा रहा था…
प्रीती“8 बज गए ह ठण्ड होने लग गयी ह चलना चाहिए वर्ण लेट हो जायेंगे”
तीनो निकल pade…aur निकलते हे…
एक ने मोबाइल पर इनफार्मेशन दी“ बॉस प्रिंसिपल , छोकरा और वो असलम खान की बेटी भी साथ ह क्या करना ह”
सामने से “ सिर्फ छोकरे को उठाना ह प्रिंसिपल तोह वैसे भी कैसे हैट jayegi…us छोकरे के पीछे पहले भी भेनचोद आदमी भेजे थे सेल सरे मरे हुवे मिले …वो छोकरा अकेला तोह इतना को मार नहीं सकता ह और असलम ने भी ैप को यही कहा की वो छोकरा उसके घर हे tha…ye जरूर उस कनिये गैंग का काम ह जो नज़र रखे हुवे ह हम पर उन्होंने हे मारा होगा हमारे आदमियों को इसलिए धयान रखना ….
“ जी भाई”
और कॉल कट कर उसने अपने साथियो को कॉल कर इशारा कर दिया की वो निकल चूका ह तैयार हो जाओ तोह इधर राज के मोबाइल पर भी मैसेज पॉप उप हुवा….
इन कार..
प्रीती “ राज तुम अनाथ थे तोह फिर इतनी पढ़ाई कैसे करि …बहुत मुश्किल हुवी होगी न तुम्हे”
ये सुनते हे जैस्मिन को जोर जोर से हिचकी आने लगीई….
राज जो आगे की सीट पर प्रीतीय के पास बैठा था बोलै “ जैस्मिन पानी पियो रूक जाएगी” फिर प्रीती की तरफ सीट पर घूमकर बैठ गया और bola“pareshani बहुत हुवी बॉस कोई खाना खिलने वाला तक नहीं था कई दिनों तक भूखा रहना पड़ता था”
अब जैस्मिन जो पानी पि रही थी उसको और जोर से हिचकिया आगयी और पानी भी गलती से नाक मई चला गया और जोर जोर से अब खस्ने लगीई…
राज उसकी तरफ मू करके “ आराम से आराम से ” फिर प्रीती की तरफ मू करके “है बॉस मैं कह रहा था की ये तोह आप ह जिन्होंने मेरे लिए ब्रेकफास्ट बनाया और डिनर पर बुलाया मेरी केयर करती वर्ण आज तक किसी ने अपना नहीं मन मुझे”
पीछे जैस्मिन आंखे बड़ी करती हुवी मन मई हे बोली “ हे भगवन इतना झूट …अनाथ कबसे और भूखा कौन भूखा कान्हा का भूखा ये जो आगे बैठे ह उनके पापा कमिश्नर ह मेरी प्यारी भोली मम आप इनकी चिकनी चुपड़ी बातो मई मत आना वर्ण ये आपको वो शॉक देंगे की आप सह नहीं पाओगी …
प्रीती “ डोंट वोर्री अब मैं तुम्हारा ख्याल रखूंगी”
जैस्मिन ये सून मन मई हे चीखी “ लो गयी काम से अरे पगली मौत से खेल रही ह आप केयर नहीं डरे कर रही ह आप वो भी शख्सत मौत के देवता से” फिर वो जैसे हे बोलने को हुवी
प्रीती “चुप रहो जैस्मिन” फिर राज की तरफ देख कर “ मैं समाज सकती हु तुमने क्या सहा ह raj…bina प्यार और साथ के रहना कैसा होता ह मशीन समाज सकती हु आज से मैं तुम्हारे साथ हु हमेशा तुम्हे कभी अकेला महसूस नहीं होगा”
अब जैस्मिन का रोने जैसा चेहरा हो गया और वो बेचारी दिल मई हे चीकने लगी “ madam…..madam…rook जाओ …अरे यमराज के साथ कौन घूमता ह और आप तोह उसके साथ रहने का वडा कर रही ho…god ब्लेस्स यू मम”
राज प्रीती को देखते हुवे“ है बॉस ….आप सबसे अछि हो बाकि पूरी दुनिया मतलबी ह ”
जैस्मिन “ मतलबी अरे उन्हें क्या पता मतलबी कौन ह अरे वो तोह बहुत भोली ह बेचारी जो आपकी बातो मई फंस रही ह इन्हे तोह भक्ष दो मेरी प्रिंसिपल गयी काम से आज”
राज अभी कुछ बोलता तभी प्रीती ने ब्रेक मार दिए और राज का बैलेंस बिगड़ गया…
प्रीती “ सामने कोई बाइक से निचे गिरा हुवा ह”
राज “है उम्मीद थी”
प्रीती “ क्या”
राज “ मैंने कहा मैं देखता हु जैस्मिन कार अंदर से लॉक कर लेना मेरे उतारते हे”
और ये सुनते हे जैस्मिन के सरीर मई सिहरन सी दौड़ gayiiiii…aur कुछ सेकण्ड्स लगे उसे सँभालने मई पर फिर राज की तरफ देखा जो बहार जा चूका tha…aur वो जल्दी से बोली “ मम दूर लॉक करो जल्दीई से”
प्रीती “ पर हुवा क्या”
जैस्मिन बिना कुछ बोले जल्दी से आगे झुकी और प्रीती के साइड मई लगे सेंट्रल लॉक बटन को पुश कर दिया उसकी हालत देख प्रीती भी घबरा गयी
बहार राज बाइक के पास जाते हुवे धयान से निचे गिरे हुवे आदमी को देखते हुवे कुछ कदम पहले हे रूक gaya…piche कार मई प्रीती जैस्मिन से कुछ बोलती उसे पहले हे एक आदमी तेज़ी से साइड से उनकी तरफ आया और दूर को खोलने के लिए बहार की तरफ जोर से दूर को khincha….preeti अचानक से सुनसान रोड पर किसी को ऐसा करते देख दर कर साइड हैट गयी …उस आदमी ने जैसे हे हाथ मई पकड़ी रोड को शिक्षा तोड़ने के लिए उठाया तोह उसे साइड से इतना तेज़ प्रेशर अत हुवा महसूस हुवा और उस प्रेशर मई वो उड़ता हुवा दूर जा कर गिरा और उसके कई हड़िया टूट gayiiii….andar जैस्मिन जो इससे भी भयानक देख चुकी थी वो बस दरी हुवी thi….kyoki उसे पता था की क्या होने वाला ह……2 मिनट बाद हे लाइट की तेज़ रौशनी के साथ दो गाड़िया आगे पीछे आकर रुकी और उसमे से कई सरे गुंडे हाथो मई हथियार लेकर निचे उतरे …और उनको आगे पीछे से घेर लिया…
प्रीती “ कॉल ….कॉल करो अपने पापा को तुम जल्दी से …”
पर जैस्मिन तोह कुछ और हे सोच मई खोयी हुवी थी ....
प्रीती जैस्मिन को न हिलती हुवी देख वो बोली "इडियट कॉल करो जल्दी”
जैस्मिन सामने देखते हुवे “ किसके लिए करू”
प्रीती “ दुफर लड़की क्या सोच रही ह वो मार देंगे राज को”
बहार खड़ा उनका लीडर ने राज को देखा फिर उसकी नज़र कार मई गयी और वो बोलै “ अरे प्रिंसिपल मैडम क्या चुम्मा दिया था जब्र भाई को ….पुरे दिन भाई ने पार्टी हे करि फुल टैली थे ”. फिर और जोर से चीख कर “ भाई याद कर रहे थे तुमको दुबारा आने का वैसे कभी अपूण को भी देना एक चुम्मा…”
और बस जो उसे नहीं करना था उसने वो हे कर दिया था दोपहर का गुसा जो डेथ हेलो पर था वो वापस धधक गया ..
राज वापस मुदा और कार की तरफ चल दिया…
लीडर बोलने को हुवा तोह उसे आवाज ईई…. “स्स्स्सस्शह्ह्हह्ह”
जो राज ने लीडर की तरफ चुप रहने के लिए इशारा किया था…
लीडर अपने साथियो से “देखो रे गुसा आगया लौंडे को अब मरेगा वो ”
राज कार के पास आगया और प्रीती को दूर ओपन करके बहार आने का इशारा किया …
प्रीती दरी हुवी बहार उत्तरी jàsmin भी उतरने लगी तो राज ने अंदर रहने को कहा…
राज “ क्या आपके साथ जब्र ने जो इसने कहा वो किया था”
प्रीती “राज”
राज “ मेरी तरफ देख कर बोलिये क्या उसने आपको चुवा था”
प्रीती “ है”
राज वापस कार मई वापस बिठाते के बाद … झुक कर “आप क्या चाहती ह जिन्दा या मुर्दा”
प्रीती ने कुछ नहीं कहा तोह जैस्मिन जो पीछे बैठी सब सून रही थी उसने आग मई घी का पूरा डिब्बा हे दाल दिया और वो बोली “ उस जब्र ने ये भी बोलै की मम जायदा बोली तोह वो मेरा रपे करके वीडियो बना कर वायरल कर देगा इसलिए मम को चुप रहना पड़ा वंहा और ये भी बोलै टाइम खोटी किया उसकी कीमत ह ये चुम्मा”
और यही वो पल था जिसे ट्रिगर नहीं होना था वो ट्रिगर हो gaya….aur बस कुछ सेकंड आंखे बंद हुवी और प्रीती कुछ बोलती उसे पहले राज वंहा नहीं था वो पीछे मुड़ी और जैस्मिन पर गुसाई से बोली “ क्या किया ये….”. पर उसकी बात पूरी होने से पहले हे …जैस्मिन ने उसकी गर्दन वापस अपने दोनों हाथो से घुमाकर सीधी करदी और आगे जो प्रीती ने देखा उसकी रूह काँप गयी क्योकि जिसने अभी कुछ मिनट पहले बोलै था उसका सर कटी हुवी बॉडी सीधी कड़ी थी धड़ गायब हो चूका था….
बहार सरे गुंडे ये सन देखे खोफ्फ़ से हिल gaye…par उन्हें क्या पता था की आज उन्होंने सोये हुवे शैतान को जगा दिया ह फिर जिसने रोड से अटैक किया उसका वो हाथ कटा तोह जिसने पेअर से अटैक किया उसका पेअर kata…aur वंहा चीक गूंजती रही और वो निचे पड़े तड़पते चीकने लगे ...तभी उन मई से एक जाना कार की तरफ आया अटैक करने के liye…par वो अटैक करता उसे पहले हे एक डैगर जैस्मिन और प्रीती ने लाइट की रौशनी मई उसके के आर पार होते देखा …और प्रीती बुरी तरह थार थार कांपने लगी…
जैस्मिन मन मई “ पिछले वाली फाइट को देखने के बाद मुझे उसे भुलाने मई कई बार नहाना पड़ा था ठण्ड मई ठन्डे पानी से और मैडिटेशन करना पड़ा था फिर भी अब तक भूल नहीं पायी हु ..आंख बंद करते हे वो सब दीखता h….aur अब मम का क्या होगा पता nahi…pagli मौत के साथ रोमांस करने की सोच रही थी और करलो अरे जान भी वो बोले मैं हु न तोह सामजी मौत के बदल चने लगे ह...”
कुछ मिनट हे लगे सबको तीखाने लगाने मई राज को. उसने किसी को जान से नहीं मारा सिवाए एक ke….phir वापस चलता हुवा आया और कार के पास मरे पड़े के सर से डैगर निकला एयर जैस्मिन से बोलै …
राज “ जैस्मिन बैग मई से दूसरी शर्ट देना…”
जैस्मिन ने तुरंत राज के बैग मई से दूसरी शर्ट निकलकर दे दी …
प्रीतीय “ tttt…kkkk ….yyyy”uski कांपने की वजह से आवाज हे नहीं निकल रही थी
राज “ बोलै था न बॉस मैं हु न वैसे कितना टाइम lagega….humai डिनर मई”
प्रीती की हालत देख जैस्मिन हे बोली ..
9 बजे सुरु ह तोह 10.30 फ्री हो jayenge…ya जायदा से जायदा 11 बजे तक ”
राज “ गुड चले बॉस ड्राइव कीजिये मुझे भूक लगी ह”
प्रीती “ ये ये ये स्स्स्साब …पूव पुलिस ”
राज ने मोबाइल मई कुछ देखा और बोलै“ पुलिस वो यही ह 2 मिनट बस”
प्रीती “पपप”
जैस्मिन “ पकड़ लेंगे”
राज “नहीं पकड़ेंगे वेट करो”
और फिर कुछ पल बाद एक मिनी ट्रक आया और उसमे से उतरे दो शख्स और एक को देख जैस्मिन और प्रीती के मू खुले के खुले रह गए…..
जैस्मिन “ पापा”
प्रीती “स्स्स्सिर”
राज ने शीशा निचे करके कहा “ जिन्दा जलना ताकि तडफडते हुवे मरे ” असलम खान जंहा चौंक गए राज की बात सून तोह दूसरी तरफ से आवाज आयी “ यस मास्टर”
राज अब चले ….प्रीती बेचारी जिसकी हालत बुरी थी उसे जैस्मिन ने पीछे बैठाया और जैस्मिन ने कार ड्राइव करनी स्टार्ट करि
राज सीट पर पीछे घूमकर “बॉस वैसे ये गलत बात ह उस घटिया इंसान को अपने किश दी और मुझे कुछ भी नहीं दिया ये तोह ना इंसाफ़ी हुवी मेरे साथ इतना भेद भाव क्यों”
प्रीती एक तक राज को देखने लगी
राज “मेरा कोई नहीं ह न इस दुनिया मई इसलिए बॉस बस झूटी हमदर्दी दिखती ह ”
जैस्मिन के चेहरे मन मई “हहहहहह…”
राज “ देखा जैस्मिन बॉस भी बदल गयी पता नहीं इतनी हेल्प करने के बाद भी कोई गफ लवर नहीं बनती ह मेरी सो साद”
जैस्मिन मन मई “ क्या गजब की एक्टिंग करते हो …. अरे आप ऐसे खरबूजे की तरह मार काट करोगे और तोह और जिसे आप पर क्रश ह उसको लाइव भी दिखाओगे तोह कैसे पटेगी अरे रोज देते चॉकलेट देते तोह पैट टी न पर नहीं आपको तोह ये सब देने होते h….sir, हाथ ,पेअर काट कर बेचारी मम कैसे सोयेंगी रात मई”
रात के एक बजे ….
थक थक…
“कौन ”
“मैं हु जब्र फैन… ”
अगली सुभे…
जनगढ़ की हवेली मई एक आदमी झुक कर
“मालिक कॉलेज का न्योता आया ह ब्जस कॉलेज से”
शख्स “जायेंगे जरूर जायेंगे आखिर पुराणी यदि ह हमारी कॉलेज से….”
और उसकी है सुनते हे आदमी ने सर एक बार और झुकाया और चला gaya….bahar आकर …मुन्ना ..
6.5 फ़ीट का सांड जैसी बॉडी का आदमी आया
मुन्ना “ जी भाई”
आदमी “ब्जस कॉलेज के पास कौन ह”
मुन्ना “ भाई वंहा तोह जब्र ह लोकल गुंडा ह”
आदमी “ तीख ह तू अपने 50 आदमी लेकर जा उस साई मिल और उसके सरे आदमी कॉलेज के आसपास निगरानी के लिए लगा दे भाई जायेंगे कॉलेज कार्यक्रम मई”
मुन्ना “जी भाई और अपने 50 आदमी गन के साथ लेकर कॉलेज की तरफ चल दिए कई गाड़ियों मई एक साथ”
आज के लिए इतना he…masti मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का….
अल्फा…
मॉर्निंग टाइम कॉलेज…
सारिका “तोह मतलब आप कह रहे ह की साडी मेरी गलती ह”
भावेश “ अगर फाइट के टाइम तुम सपोर्ट नहीं करती तोह उसे अब तक ससपेंड करा दिया होता हर हालत मई”
सारिका “उस वक़्त सिचुएशन देखि नहीं थी अपने सब थे और गलती ..इस फुस्पेंद्र की हे थी…”
फुस्पेंद्र गुसाई से “ वो साली कुटिया मुझे मारेगी तोह मैं नहीं मरूंगा उसे ”
सारिका “ बस यही दिकत ह गुसा बहुत जल्दी आजाता ह अरे वो हीरो ह इस वक़्त कॉलेज का प्रिंसिपल और स्टूडेंट्स सबका चाहता बना हुवा h…college की हर लड़की उसकी उसकी दीवानी ह और लड़को का तोह रोले मॉडल बनगया h…agar अभी उसे कुछ हुवा तोह इवेंट से पहले हे दूसरा इवेंट हो जायेगा ैप के टाइम देखा नहीं था स्टूडेंट्स का रिएक्शन कैसे गुसाई मई आगये the…usai कैसे कब्बू करना ह मुझे अचे से पता ह और वैसे भी बॉस का कॉल आगया h…ki इस बार कमीशन ाचा मिलेगा हम सबको अगर सब सही रहा तोह एक जाने की कमाई लाखो मई होगी इसलिए दिमाग से काम लो…”
भावेश “ सारिका आखिर ये बॉस ह कौन कभी दिकता नहीं ह बस कॉल पर बात करता ह”
सारिका “पता नहीं कौन ह पर उसे हमारी हर खबर रहती h…aur जब्र भाई को भी वो कॉल पर हे बताता ह किसी मरना ह किसी नहीं इसलिए तुम जो कर रहे हो इस वक़्त वो भी उसी पता ह इसलिए कोई गलती नहीं करनी ह और ड्रग्स कान्हे रखे हुवे ह”
भावेश “ड्रग्स सभी केमिस्ट्री लैब के अंदर सीक्रेट रूम मई सेफ ह..”
सारिका “ ोक्तुं अभी उस राज से मत उलझो उसे मैं तीखाने लगा दूंगी”
फुस्पेंद्र “ वैसे हे जैसे प्रेजिडेंट रोहित को लगाया h…bechara तुम्हारी टैंगो के बिच मई हे रहता ह ”
ये सून सारिका के चेहरे पर कामिनी मुस्कान आगयी और बोली “अब धयान से सुनो लड़कियों का इंतेज़ाम हो गया ह वो इस कदर नशे की एडिक्टेड हो चुकी ह की बिना नशे के उनसे एक पल नहीं रहा जाता ह जब तक दोसे के नशे मई रहेंगी तब तक जो हम कहेंगे वो हे वो करेंगी”
भावेश “इस बार मैं नहीं चाहता हु की पिछली बार की तरह कुछ हो”
सारिका “ तुम थोड़ा खुद की तीसरी टांग पर काबू रखो तोह सब सही होगा samjhe..pichli बार भी तुम हे थे जिसने …”
तभी सारिका का मोबाइल रिंग हुवा और सारिका नंबर देख निशा का कॉल ह मुझे जाना होगा”
भावेश “ वो”
सारिका “ बोलै था न तीसरी टांग पर काबू रखो”
भावेश का सदा सा मू बन गया…
बहार कुछ दिएर बाद
निशा “कहा बिजी thi…chal लंच करते ह और तुम्हारे क्रश के गेस्ट हाउस मई हे आज लंच”
सारिका “ मैं कुछ भी करू पर पसंद तोह आपको हे करता ह सरे इशारे समाज रही थी उसके कल सुभे मैं”
निशा हलकी सी स्माइल देती हुवी“ मेरी शादी हो राखी ह”.
सारिका आंख मरती हुवी“ रहने दो आप सब पता ह मुझे आप भी काम नहीं हो आपको भी पसंद ह वो इसलिए मज़े तोह आप भी पुरे लेती ho….aur वैसे भी आपके हस्बैंड को परवाह कान्हा ह आपकी इसलिए कहती हु की जैसे मज़े से वो जिंदगी जी रहा ह आप भी jiyo….warna ये हुसैन का खजाना कबाड़ बन जायेगा जुंग लग kar”sarika की बात सून निशा हंस padi….aur दोनों लंच करने के लिए राज के गेस्ट हाउस पर पहुंच गयी…
राज “ वेलकम वेलकम”
निशा “डे डेट”
राज “ कह सकती h…aur वो भी दो ख़ूबसूरत हसीनाओ के साथ..”
सारिका के चेहरे पर मुस्कुराकहत आगयी
राज “ मज़ाक कर रहा हु प्लीज डोंट मंद”
सारिका “ इतस ok वैसे गेस्ट हाउस तोह ाचा दिया ह apko….guest भी एते ह क्या या अकेले he”ye कह वो मुस्कारने लगी
राज “ है नाईट मई आया था एक रात बेहद खूबसूरत haseen….main नशे मई था ी मैं सपने मई था इसलिए देखता हे रह गया … बस उसकी एक खास चीज मतलब याद रह गयी ह मेरे पास… पता नहीं दुबारा कब मिलना होगा”
और राज का मतलब समाज निशा के चेहरे पर शर्म और चमक दोनों आगयी क्योकि उसे पता लग गया था की राज उसकी पंतय की बात कर रहा ह
सारिका निशा को शर्माता देख कुछ कुछ समाज गयी फिर बोली “ कोई न अब आएंगे”
राज आंख मरते हुवे “ अबकी बार आने के बाद मैं आसानी से जाने भी नहीं दूंगा …. इसलिए सोच समाज कर हे आना होगा ”
निशा “ हमरे ऊपर नहीं चलेगी आपकी चिकनी चुपड़ी बातो का जादू”.
राज “ तोह ड्रग्स ले अउ सुना ह बहुत मिलता ह और उसकी एक दोसे हे आदमी को दूसरी सपनो की दुनिया मई ले जाती देती ह”
राज के मू से ये सुनते हे दोनों के चेहरे पर अलग हे एक्सप्रेशन आगये…
राज “ अरे स्टूडेंट्स के मू से सुनता रहता हु और मूवीज मई भी तोह देखा ह की कैसे ड्रग्स लेते हे दूसरी दुनिया मई चला जाता ह लेने वाला खूबसूरत हसीनाएं दिखने लगती ह”
निशा “ राजज्जजज बस भी करो…”
राज “ अरे तरय कर रहा था दो खूबसूरती की मिसाल बैठी ह सामने तोह एक कोसिस तोह करना बनता हे ह न”
सारिका हँसते हुवे “ एंटरटेनमेंट पूरा करते ह आप. रियली आपके साथ टाइम बिताना आसान भी ह और बहुत ाचा भी ह”.
राज “ अरे मेरे साथ सबकुछ हे ाचा लगता ह फिर भी पता नहीं कोई है क्यों नहीं करती h….kyo निशा जी क्यों नहीं करती ह”
सारिका ने निशा की तरफ देखा जो मुस्कुरा रही thi…aur फिर बोली “ तोह जब तक कोई नहीं मिलती ह मैं बन जाती हु आपकी टेम्पररी गफ चलेगा न”
राज डरा हुवा सा फेस बनाकर “ अरे आप प्रेजिडेंट हो सरे लड़के जान के दुश्मन हो जायेंगे मेरी”
सारिका और निशा एक साथ जोर से हंसपदी…
और लंच के बाद जब दोनों चली गयी तब राज ने कहा “आजाओ”
तोह अलमीरा के पीछे से नेहा बहार आयी….
राज “ ये जल्द हे बहार जाएँगी कॉलेज से तब तुम्हे इसके रूम की तलाशी लेनी ह बस चीजे बिखरनी नहीं चाहिए ह वर्ण डाउट हो जायेगा और ये माइक्रो चिप फिट कर देना हिडन प्लेसेस पर ताकि हमे सब सुनाई दे सके ”
नेहा ने ok कहा
राज “ नेहा कुछ पॉइंट्स ह जिनपर तुम्हे धयान देना ह धयान से सुनो नंबर ओने सारिका का बाप बिजनेसमैन ह इसलिए मुझे पूरा यकीं ह की खरीददार लड़कियों के लिए वो हे ला रहा होगा सेकंड जब्र एक लोकल गैंग का गुंडा ह तोह उसके पास इतनी बड़ी डील नहीं हो सकती ह मतलब कोई और उसे दे रहा ह
3रद निशा उसका क्या रोले ह इन सब मई कुछ क्लियर नहीं ह …क्यों की वो कुछ तोह कर रही ह जो बेहद सीक्रेट ह हमे पता करना ह 4तह पॉइंट फुस्पेंद्र का क्या रोले ह क्लियर नहीं ह क्योकि वो भावेश के इशारो पर काम करता ह पर उसका कुछ और भी काम ह जो वो चिपटा ह ऐसा मुझे डाउट ह तुम्हे उसके मोबाइल मई ये सॉफ्टवेर इनस्टॉल करना ह बस उसके मोबाइल मई ये सॉफ्टवेयर कैसे भी आज हे ट्रांसफर कार्डो बाकि सब अपने आप हो जायेगा और है मुलाकात को सीक्रेट रखना अब ये तुम कैसे करोगी ये तुम्हे देखना होगा लास्ट और 5तह पॉइंट ..एक शख्स और ह जो इन सबके पीछे का मास्टर मंद ह जो बिलकुल भी सामने नहीं अत ह …पर उसे कॉलेज का सब पता होता ह हर एक बात हर एक मोमेंट वो हे लीड कर रहा ह इस पुरे गेम की उसको ढूँढना ह वो मिल गया तोह इन सबके पीछे का बाप भी मिल जायेगा”
नेहा “ हम्म्म ऐसा कोई जो सबसे मिलता हो वो हे हो सकता ह”
राज “ करेक्ट ऐसा कोई जो सबसे मिलता ह पर ऐसा या तोह वो फिर स्टूडेंट ह या फिर टीचर”.
नेहा “फिर निशा मम हो सकती ह वो हे सबके टच मई रहती ह और इवेंट भी संभल रही ह”
राज “ है हो सकती ह इसलिए उसके करीब जा रहा हु ताकि कुछ उगलवा सकू”
नेहा राज के करीब आकर जायदा भी करीब नहीं जाना ह …
राज सीरियस होकर “ नेहा मैं वो हवा हु जिसका तीखाना नहीं ह इसलिए तुम समाज रही हो न”
नेहा स्माइल के साथ “डोंट वोर्री मैं सब समझती hu…isliye टेंशन मत लो और जो ट्रीटमेंट तुमने दिया ह मतलब मेडिसिन्स का वो लेनी सुरु करदी ह पर एक बार तुमसे भी ट्रीटमेंट चाहिए h”itna कह उसने आंख मरी और मुस्कराते हुवे उठकर बहार चली गयी….
राज बस उसे देखता रहा और फिर कुछ दिएर के लिए लेट गया अपना मोबाइल निकल कर सोचते हुवे कुछ दिएर बाद उसने मोबाइल मई कम्पलीट बैक उप liya….aur अब उसके सामने थी एक पिछ जिसपर उसकी नज़र thi…jismai सोनाली मनीषा पूनम कविता श्वेता ममता रिफत अनु शेरदिल सुनील शिवानी अंजना दीपिका जानवी अजय सुनील दादाजी सुप्रिया दिव्या सभी the…usne एक फेस पर ज़ूम किया तोह कुछ पल बाद उसकी आँखों से आंसू निकल aye….aur वो बोलै “ ी म सॉरी मुझे आपको भेजना हे नहीं चाहिए tha…ap मेरी सबसे अछि दोस्त थी जो मुझे समझती thi…apne हर बार ढक मई मुझे हंसाया आप हमेशा मेरे दिल मई rahengi…aur उसने मोबाइल साइड मई रख दिया….” साइड मई रखे मोबाइल mai..jo फोटो थी वो अभी भी दिख रही थी और उसमे था उसका मुस्कुराता हुवा चेहरा जो था शिवानी ka…….jisai राज रोज याद करता tha….jab से उसकी याददास्त वापस आयी ह तबसे हमेशा उसने उसकी मौत का जिम्मेदार खुदको हे मन…
राज धीरे से खुदसे बोलै “ बहुत जल्द आप सबके पास आऊंगा बस कुछ वक़्त और…”
साथ हे उसके सामने घूमने लगा डेथ हेलो का चेहरा और उसके चेहरे पर आने लगे नफरत के भाव जिसकी वजह से उसकी आंखे गुसाई से जलने लगी और हर पल उसका गुसा भड़ता हे जा रहा था…..
वंही कॉलेज मई…
निशा “ राइट ओने तवो थ्री फोर …रिपीट अगेन guys…face पर एक्सप्रेशन रहने चाहिए ह तभी लगेगा की डांस कर रहे ho….yaa गुड …ऐसे he…excellent कीप आईटी उप”
निशा डांस की प्रैक्टिस कराती हुवी सबको बोल रही थी…
आशीष अंदर एते हुवे “ मम वो लिस्ट नहीं दी अपने”
निशा एक मिनट और अपने मोबाइल मई से एक लिस्ट आशीष को तुरंत फॉरवर्ड करदी
आशीष “ थैंक यू और ये रहा आपका आर्डर जो अपने मंगवाया था”
निशा के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आगयी“ थैंक यू सो मच आशीष ”
आशीष “आपके लिए कुछ भी”
वंही कॉलेज मई कंही एक मोबाइल पर “अगर तुमसे नहीं होता ह तोह रहने दो …मैं किसी और को कह दूंगा…”
सामने से “ मुझसे नहीं होगा तोह किसी से नहीं होगा …मैं हे हु वो जिसने साडी सप्लाई संभाली हुवी ह”
दूसरी तरफ से“ लगता ह जब्र को पहले तुम्हारे पास हे भेजना पड़ेगा …बहुत वक़्त हो गया ह हड़िया टूटे हुवे”
सामने से डरता हुवा “ रूको रूको मैं कर दूंगा…”
दूसरी तरफ से “ वैरी गुड”
कॉल कट होते हे “ भेनचोद फिर से ये काम” इतना खा वो सीधा कॉलेज के पीछे की तरफ जाने लगा जंहा लड़के लड़किया छिपकर ड्रग्स और गंजे की दोसे लेते ह और वंहा पर उसे उसका पहले से हे इंतज़ार कर रहे लड़के लड़किया दिखे
शख्स “ जिनको नंबर नाम और पहचान दूंगा उन्हें खुस रखने की जिमेदारी तुम लड़कियों की हौर बाकि तुम सरे लड़के पुलिस वालो के पीछे रहोगे उनकी हर पल की खबर डोज समझे”
सब ने है मई गर्दन हिला दी…
शख्स “ तुम्हारी दोसे तुम्हे मिल जाएगी …और याद रखना और कॉल एते हे जिन लड़कियों का नाम तुम्हे दिया जियेगा उन लड़कियों को साथ लेकर जाना बताये एड्रेस पर जाना hoga…koyi गड़बड़ नहीं वर्ण दोसे लेने की तोह दूर की बात देखने को भी नहीं मिलेगी… और आखिरी बात भूल कर भी बात लीक न हो वर्ण मौत के सिवाए कुछ नहीं milega”itna कह वो शख्स मूड कर कॉलेज के आगे की तरफ वापस आगया……
वाईस प्रिंसिपल भावेश रूम
भावेश “ फुस्पेंद्र सब आगये”
फुस्पेंद्र “ है सर वो आगये ह और सब समझा दिया ह अपना माल आराम से स्टूडेंट्स के बिच पहुंच jayega…aur पैसा भी एडवांस मई आ चूका ह…”
भावेश “ इस बार बहुत पैसा banayenge…waise वो तेरी नेहा नहीं दिख रही ह”
फुस्पेंद्र मन मई “ बता दिया तोह छिड़ेगा” फिर “ काम मई बिजी था मैं भी इसलिए मुझे भी पता नहीं ह की कान्हा ह वो”
भावेश “ बस छोड़ने से फुर्सत कान्हा थी tujhe…mujhe वो चाहिए ह समझा”
फुस्पेंद्र “ यस सर पहले आज की रात उस राज को तोह ठिकाने लगा दे”
भावेश “बिलकुल बस कुछ घंटे की बात ह फिर उसकी जिंदगी नरक ह”
इधर राज गुसाई को कंट्रोल नहीं कर पा रहा था वो उठा और बहार आगया …तोह सामने जैस्मिन की आँखों मई आंसू थे…
राज “ किस लिए रो रही हो पापा ससपेंड हुवे ह या कल जो हुवा उसके लिए”
जैस्मिन “ पापा के लिए”
राज “ मेरी तरफ देखो “
राज की आवाज मई भयानक डरवाना असर महसूस कर जैस्मिन फिर से हिल गयी …
राज “तुम्हारे पापा ईमानदार ह पर दुनिया ऐसी हे ह matlbi….agar तुम झुकते जाओगे वो तुम्हे और झुकाती jayegi…agar लड़का हो तोह मार डालेगी और लड़की हो तोह सोच हे सकती हो इसलिए मार डालो जो तुम्हे झुकाये”
जैस्मिन अभी भी दर रही थी
राज “ तुम्हारे पापा तीख ह अब जाओ मुझे इस कम्पटीशन मई तुम टॉप थ्री मई चाहिए हो समझी वर्ण तुम जानती हो मैं क्या कर सकता हु”
राज की आखिरी बात सुनकर तोह जैसे जैस्मिन की आत्मा सिहर गयी….
जैस्मिन को ऐसे हे छोड़ राज ने प्रिंसिपल के ऑफिस की तरफ देखा और उसकी भोंहे सिकुड़ गयी और वो उठकर उस तरफ जाने लगा….
प्रिंसिपल रूम ..
प्रीती “सर पता ह बूत कॉलेज की रेपुटेशन का भी सवाल ह ट्रस्टी सर की डेथ हुवी ह बूत इवेंट नहीं कराया गया तोह रेपुटेशन डाउन होगी ये इवेंट कोई छोटा इवेंट नहीं ह ये आप भी जानते ह”
ट्रस्टी “ हमने कब कहा की नहीं करना ह हमने कहा तुम नहीं करा सकती हो”
प्रीती “ ओह्ह मतलब आप मुझे हटाना चाहते ह”
ट्रस्टी “ हमे हमारे ैक्कॉर्डिंग काम करने वाला चाहिए ह और अब तुम कुछ जायदा हे मन मणि करने लगी हो”
प्रीती “ मतलब उस बिज़नेस मन ने आप सबको खरीद लिया ह तोह ये भी बता दीजिये नया प्रिंसिपल कौन ह जो आपके अकॉर्डिंग काम करेगा”
सभी ट्रस्टीज ने एक दूसरे की तरफ देखा और बोले “ भावेश बहुत पुराने ह और वो लॉयल भी ह वो हे होंगे नई प्रिंसिपल आप पहले की तरह एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक संभालेंगी”
तभी दूर ओपन हुवा और राज सीधे अंदर आगया…
ट्रस्टी “ जरुरी डिस्कशन चल रहा ह बाद मई आना”
राज ने एक बार प्रीती की तरफ देखा जिसके चेहरे पर मायूसी थी….. और फिर ट्रस्टीज की तरफ देख उन सबको अवॉयड करते हुवे प्रीती से बोलै “ क्या huva…apko”
ट्रस्टी “ी साइड गेट आउट”
प्रीती “ राज प्लीज 5 मिनट्स वेट करो आउट साइड”
राज ने सबको घुरा और बहार आगया …
ट्रस्टीज “ इसलिए समझी आपको हटाया ह ….मॉर्निंग से भावेश प्रिंसिपल होंगे वो एते हे होंगे तुमसे मिलने और इसका नाम राज ह न इसको भी टर्मिनेशन लेटर मिल जायेगा इसका” ये कह वो चले गए
उनके जाते हे राज अंदर agaya….jo प्रीती को हे देख रहा था …और प्रीती का चेहरा पूरी तरह उतरा हुवा था…
राज “आप नहीं बोलेंगी”
प्रीती “ क्या क्या बोलू राज तुमसे …क्या क्या बोलू main….aur कान्हा से बोलना सुरु karu….sab कुछ करती ईई hu…phir भी यही सब होता ह मेरे साथ पहले papa…phir निखिल से शादी हुवी …उसके साथ सब ाचा करने की कोसिस की पर उसे परवाह हे नहीं उससे बस मुझे गालिया लड़ाई यही मिलती आयी ह और कॉलेज मई आयी तब से कॉलेज के लिए ाचा करने की कोसिस कर रही हु पर …सेल सबको ये जिस्म चाहिए ह ये दे दो तोह सब तीख वर्ण सब गलती मेरी फिर तुम ए …कुछ दिनों मई हे लगा की कोई तोह ह मेरे sath…par फिर ैप और भावेश और अब ये ट्रस्टी ऐसा लगता ह जैसे मेरी वजह से तुम भी मुसीबत मई फंस गए हो और मैं कभी नहीं चाहती थी की तुम मुसीबत मई पदों ….”
राज ने प्रीती के निचे झुके हुवे चेहरे को ऊपर किया और बोलै “ मुझे नहीं पता था मेरी बॉस मेरी इतनी केयर करती ह…”
तभी भावेश अंदर आ गया और इस बार उसने नॉक भी नहीं किया सामने प्रीती और राज को इतने करीब देख उसकी झांटे सुलग गयी वो तोह ये सोचकर आया था की या तोह अब प्रीती को दबाव मई लाकर निचे ले आएगा या जलील कर निकल देगा पर ऑफिस का सन देख उसको तेज़ गुसा आगया…
भावेश “ वैरी गुड यंहा तोह रोमांस चल रहा h…ek शादी शुदा किसी गैर .मर्द के साथ रंग रलिया मन रही ह वो भी दिन दहाड़े ऑफिस mai…bahut खूब.”
प्रीती ये सुनते हे पीछे हटने लगी तोह राज ने उसका हाथ पकड़ लिया और बोलै “ रोमांस वो तोह अब तक सुरु हे नहीं हुवा ह पर पर par”itna कहा उसने प्रीती को कमर से पकड़ा और अपने सीने से लगा लिया…. प्रीती की आंखे हैरानी से फ़ैल गयी और राज का हाथ प्रीती के बदन पर dekh…bhavesh बस गुसाई से फटने हे वाला था … पर राज उसे अवॉयड कर प्रीती से बोलै “ मैं हु न” और प्रीती को बैठने के बाद भावेश की तरफ घूमकर बोलै “रोमांस देख लिया न तूने” फिर सीधा उसकी कर पकड़ कर बोलै क्या ैप को पता ह की तू उसकी बेटी के साथ क्या करना चाहता ह …अगर नहीं पता तोह मैं डिटेल मई बता देता हु usai…ki तू नेहा के साथ सोना चाहता ह और उसे फाॅर्स कर रहा ह…” ये सून भावेश के चेहरे का रंग उड़ गया राज आगे बोलै “ पंडित के पास जा और कुंडली दिखा तेरी किंडली मई दोष आगया ह वो भी मित्युदोष ”इतना कह उसने उसे गेट की तरफ ढाका दे diya…bhavesh ने उसे घूर कर देखा और बहार निकल गया….
प्रीती “ ये क्या किया राज”
राज प्रीती के पास आकर ी म सॉरी मैंने आपको चुवा”
प्रीती कड़ी हुवी और अपना एक हाथ उठाया पर मारा नहीं बल्कि राज को खींचकर अपने गले से कसकर लगा कर बोली … “ पहली बार पापा के जाने के बाद मुझे सेफ फील हुवा ह राज”
राज ने उसे कुछ दिएर गले लगाए रखा और फिर अलग किया और बोलै “ पूरा नाम प्रीती कुमारी… दौघ्तर ऑफ़ लेट ऋषब कुमार … मदर होस्पिटलिज़्ड ह लास्ट स्टेज कैंसर ह…. निखिल से शादी की क्योकि पापा चाहते थे जबकि आपको साडी सचाई पता थी उसकी की वो कैसा ह बूत फॅमिली फ्रेंड था इसलिए पापा के वेड की वजह से अपने करी…. और इसलिए आज तक उसकी हर गलती को माफ़ कर बस नाम का रिश्ता निभा रही h…wo भी पापा को दिए एक वेड की वजह से…”
प्रीती अब उसे और हैरानी से देखने लगी …
राज “ऐसे क्या देख रही h…ap चाहकर भी मुझसे कुछ नहीं छिपा सकती ह……”
प्रीती “ पर तुम्हे कैसे”
राज “ क्या करेंगी jaankar…aur है मेरी क्यूट बॉस. बॉस की स्टाइल मई हे अछि लगती ह ये साद सा फेस ाचा नहीं लगता ह वैसे हॉट तोह ह आप”
राज के मू से ऐसा सून प्रीती को शर्म आगयी और उसने निचे गर्दन कर्ली और जब उसे समाज आया उसने क्या कहा ह उसने जल्दी से ऊपर देखा पर राज सामने नहीं था…
इवनिंग…
निशा “ राज कान्हा हो आप”
राज मोबाइल कट करते हुवे “ आपके पास हे हु पीछे देखो”
निशा ने पीछे मुड़कर देखा तोह राज सामने था…
निशा “ राज कब से धुंध रही थी…… ये लिस्ट ह इन्हे चेक करलो मैं जब तक वेलकम सेरेमनी की तयारी चेक कर लेती हु…”
राज “ जो हुकुम आपका ..बाँदा सेवा मई हाजिर ह”
निशा “ आज रात डिनर ह गेस्ट्स के साथ”
राज “ उनका साथ क्यों करूँगा आप गेस्ट बनो तोह बात अलग ह आपके साथ करने मई मज़ा भी आएगा”
निशा “ ओह मर. फ्लिर्टू चलो तीख ह दोने आज देखते ह कितना ख्याल रखते हो मेरा”
राज “ सूरे हम तोह तैयार ह जी जान से ख्याल रखने के लिए दिन और रात ”
निशा चली गयी तोह राज ने नेहा को कॉल किया …और बोलै “ आज सारिका और निशा बहार रहेंगी वरदान मम हेल्प करदेंगी तुम्हारी रूम मई एंटर होने मई याद ह न सब कैसे करना ह”
नेहा “ राज मैं कर लुंगी ”
राज “ok सेफ रहना” कॉल कट किया और फंक्शन के काम जी निशा ने दिए थे उन्हें चेक करने लगा …और शाम गहरी होती गयी …
इधर भावेश बेइज़्ज़ती करवा कर गुसाई से जल रहा tha….aur फुस्पेंद्र भी उसके पास खड़ा था…
भावेश “ जब्र भाई को कॉल लगा फुस्पेंद्र उस कुत्ते को नहीं छोडूंगा”
फुस्पेंद्र “सूरे ह न”
भावेश “तू बस लगा”
और फुस्पेंद्र ने कॉल लगा दिया और भावेश जब्र से बाते करने लगा …
इधर जैस्मिन राज के पास आयी “ आप तैयार ह”
राज ने जैस्मिन को देखा और बोलै “ बैठो” फिर उसे प्यार से “ मेरी फ्रेंड जैस्मिन वो नहीं रही जैसे पहले मेरे साथ रहती थी मस्त बिंदास…”
जैस्मिन “ नहीं वो”
राज “तुम पहले जैसे हे रहोगी तोह मुझे ख़ुशी होगी दुनिया के लिए मैं कैसा भी जो भी हु पर तुम्हारे लिए वही राज हे हु मेरी एक साइड ह तुम्हारे लिए उसे याद रखो बस …ोकककक”
जैस्मिन “ ok”
राज “ तोह फिर मुस्कुराओ”
जैस्मिन के चेहरे पर हलकी सी मुस्कराहट आगयी तोह राज बोलै “गुड अब चले डिनर के लिए ”
जैस्मिन और राज पार्किंग की तरफ चल दिए …जंहा प्रीती उनका वेट कर रही थी….
जैस्मिन “ मम लुकिंग गॉर्जियस ड्रेस कब चेंज करि अपने”
प्रीती “कॉलेज मई हे काम जायदा था इसलिए पता हे था की लेट होउंगी और शामको चेंज करने पहले घर जाती फिर आती तोह बहुत टाइम लगता इसलिए साथ हे लायी थी और चेंज कर्ली” फिर उसकी नज़र राज की तरफ गयी जो उसकी तरफ हे देख मुस्कुरा रहा था…
प्रीती“8 बज गए ह ठण्ड होने लग गयी ह चलना चाहिए वर्ण लेट हो जायेंगे”
तीनो निकल pade…aur निकलते हे…
एक ने मोबाइल पर इनफार्मेशन दी“ बॉस प्रिंसिपल , छोकरा और वो असलम खान की बेटी भी साथ ह क्या करना ह”
सामने से “ सिर्फ छोकरे को उठाना ह प्रिंसिपल तोह वैसे भी कैसे हैट jayegi…us छोकरे के पीछे पहले भी भेनचोद आदमी भेजे थे सेल सरे मरे हुवे मिले …वो छोकरा अकेला तोह इतना को मार नहीं सकता ह और असलम ने भी ैप को यही कहा की वो छोकरा उसके घर हे tha…ye जरूर उस कनिये गैंग का काम ह जो नज़र रखे हुवे ह हम पर उन्होंने हे मारा होगा हमारे आदमियों को इसलिए धयान रखना ….
“ जी भाई”
और कॉल कट कर उसने अपने साथियो को कॉल कर इशारा कर दिया की वो निकल चूका ह तैयार हो जाओ तोह इधर राज के मोबाइल पर भी मैसेज पॉप उप हुवा….
इन कार..
प्रीती “ राज तुम अनाथ थे तोह फिर इतनी पढ़ाई कैसे करि …बहुत मुश्किल हुवी होगी न तुम्हे”
ये सुनते हे जैस्मिन को जोर जोर से हिचकी आने लगीई….
राज जो आगे की सीट पर प्रीतीय के पास बैठा था बोलै “ जैस्मिन पानी पियो रूक जाएगी” फिर प्रीती की तरफ सीट पर घूमकर बैठ गया और bola“pareshani बहुत हुवी बॉस कोई खाना खिलने वाला तक नहीं था कई दिनों तक भूखा रहना पड़ता था”
अब जैस्मिन जो पानी पि रही थी उसको और जोर से हिचकिया आगयी और पानी भी गलती से नाक मई चला गया और जोर जोर से अब खस्ने लगीई…
राज उसकी तरफ मू करके “ आराम से आराम से ” फिर प्रीती की तरफ मू करके “है बॉस मैं कह रहा था की ये तोह आप ह जिन्होंने मेरे लिए ब्रेकफास्ट बनाया और डिनर पर बुलाया मेरी केयर करती वर्ण आज तक किसी ने अपना नहीं मन मुझे”
पीछे जैस्मिन आंखे बड़ी करती हुवी मन मई हे बोली “ हे भगवन इतना झूट …अनाथ कबसे और भूखा कौन भूखा कान्हा का भूखा ये जो आगे बैठे ह उनके पापा कमिश्नर ह मेरी प्यारी भोली मम आप इनकी चिकनी चुपड़ी बातो मई मत आना वर्ण ये आपको वो शॉक देंगे की आप सह नहीं पाओगी …
प्रीती “ डोंट वोर्री अब मैं तुम्हारा ख्याल रखूंगी”
जैस्मिन ये सून मन मई हे चीखी “ लो गयी काम से अरे पगली मौत से खेल रही ह आप केयर नहीं डरे कर रही ह आप वो भी शख्सत मौत के देवता से” फिर वो जैसे हे बोलने को हुवी
प्रीती “चुप रहो जैस्मिन” फिर राज की तरफ देख कर “ मैं समाज सकती हु तुमने क्या सहा ह raj…bina प्यार और साथ के रहना कैसा होता ह मशीन समाज सकती हु आज से मैं तुम्हारे साथ हु हमेशा तुम्हे कभी अकेला महसूस नहीं होगा”
अब जैस्मिन का रोने जैसा चेहरा हो गया और वो बेचारी दिल मई हे चीकने लगी “ madam…..madam…rook जाओ …अरे यमराज के साथ कौन घूमता ह और आप तोह उसके साथ रहने का वडा कर रही ho…god ब्लेस्स यू मम”
राज प्रीती को देखते हुवे“ है बॉस ….आप सबसे अछि हो बाकि पूरी दुनिया मतलबी ह ”
जैस्मिन “ मतलबी अरे उन्हें क्या पता मतलबी कौन ह अरे वो तोह बहुत भोली ह बेचारी जो आपकी बातो मई फंस रही ह इन्हे तोह भक्ष दो मेरी प्रिंसिपल गयी काम से आज”
राज अभी कुछ बोलता तभी प्रीती ने ब्रेक मार दिए और राज का बैलेंस बिगड़ गया…
प्रीती “ सामने कोई बाइक से निचे गिरा हुवा ह”
राज “है उम्मीद थी”
प्रीती “ क्या”
राज “ मैंने कहा मैं देखता हु जैस्मिन कार अंदर से लॉक कर लेना मेरे उतारते हे”
और ये सुनते हे जैस्मिन के सरीर मई सिहरन सी दौड़ gayiiiii…aur कुछ सेकण्ड्स लगे उसे सँभालने मई पर फिर राज की तरफ देखा जो बहार जा चूका tha…aur वो जल्दी से बोली “ मम दूर लॉक करो जल्दीई से”
प्रीती “ पर हुवा क्या”
जैस्मिन बिना कुछ बोले जल्दी से आगे झुकी और प्रीती के साइड मई लगे सेंट्रल लॉक बटन को पुश कर दिया उसकी हालत देख प्रीती भी घबरा गयी
बहार राज बाइक के पास जाते हुवे धयान से निचे गिरे हुवे आदमी को देखते हुवे कुछ कदम पहले हे रूक gaya…piche कार मई प्रीती जैस्मिन से कुछ बोलती उसे पहले हे एक आदमी तेज़ी से साइड से उनकी तरफ आया और दूर को खोलने के लिए बहार की तरफ जोर से दूर को khincha….preeti अचानक से सुनसान रोड पर किसी को ऐसा करते देख दर कर साइड हैट गयी …उस आदमी ने जैसे हे हाथ मई पकड़ी रोड को शिक्षा तोड़ने के लिए उठाया तोह उसे साइड से इतना तेज़ प्रेशर अत हुवा महसूस हुवा और उस प्रेशर मई वो उड़ता हुवा दूर जा कर गिरा और उसके कई हड़िया टूट gayiiii….andar जैस्मिन जो इससे भी भयानक देख चुकी थी वो बस दरी हुवी thi….kyoki उसे पता था की क्या होने वाला ह……2 मिनट बाद हे लाइट की तेज़ रौशनी के साथ दो गाड़िया आगे पीछे आकर रुकी और उसमे से कई सरे गुंडे हाथो मई हथियार लेकर निचे उतरे …और उनको आगे पीछे से घेर लिया…
प्रीती “ कॉल ….कॉल करो अपने पापा को तुम जल्दी से …”
पर जैस्मिन तोह कुछ और हे सोच मई खोयी हुवी थी ....
प्रीती जैस्मिन को न हिलती हुवी देख वो बोली "इडियट कॉल करो जल्दी”
जैस्मिन सामने देखते हुवे “ किसके लिए करू”
प्रीती “ दुफर लड़की क्या सोच रही ह वो मार देंगे राज को”
बहार खड़ा उनका लीडर ने राज को देखा फिर उसकी नज़र कार मई गयी और वो बोलै “ अरे प्रिंसिपल मैडम क्या चुम्मा दिया था जब्र भाई को ….पुरे दिन भाई ने पार्टी हे करि फुल टैली थे ”. फिर और जोर से चीख कर “ भाई याद कर रहे थे तुमको दुबारा आने का वैसे कभी अपूण को भी देना एक चुम्मा…”
और बस जो उसे नहीं करना था उसने वो हे कर दिया था दोपहर का गुसा जो डेथ हेलो पर था वो वापस धधक गया ..
राज वापस मुदा और कार की तरफ चल दिया…
लीडर बोलने को हुवा तोह उसे आवाज ईई…. “स्स्स्सस्शह्ह्हह्ह”
जो राज ने लीडर की तरफ चुप रहने के लिए इशारा किया था…
लीडर अपने साथियो से “देखो रे गुसा आगया लौंडे को अब मरेगा वो ”
राज कार के पास आगया और प्रीती को दूर ओपन करके बहार आने का इशारा किया …
प्रीती दरी हुवी बहार उत्तरी jàsmin भी उतरने लगी तो राज ने अंदर रहने को कहा…
राज “ क्या आपके साथ जब्र ने जो इसने कहा वो किया था”
प्रीती “राज”
राज “ मेरी तरफ देख कर बोलिये क्या उसने आपको चुवा था”
प्रीती “ है”
राज वापस कार मई वापस बिठाते के बाद … झुक कर “आप क्या चाहती ह जिन्दा या मुर्दा”
प्रीती ने कुछ नहीं कहा तोह जैस्मिन जो पीछे बैठी सब सून रही थी उसने आग मई घी का पूरा डिब्बा हे दाल दिया और वो बोली “ उस जब्र ने ये भी बोलै की मम जायदा बोली तोह वो मेरा रपे करके वीडियो बना कर वायरल कर देगा इसलिए मम को चुप रहना पड़ा वंहा और ये भी बोलै टाइम खोटी किया उसकी कीमत ह ये चुम्मा”
और यही वो पल था जिसे ट्रिगर नहीं होना था वो ट्रिगर हो gaya….aur बस कुछ सेकंड आंखे बंद हुवी और प्रीती कुछ बोलती उसे पहले राज वंहा नहीं था वो पीछे मुड़ी और जैस्मिन पर गुसाई से बोली “ क्या किया ये….”. पर उसकी बात पूरी होने से पहले हे …जैस्मिन ने उसकी गर्दन वापस अपने दोनों हाथो से घुमाकर सीधी करदी और आगे जो प्रीती ने देखा उसकी रूह काँप गयी क्योकि जिसने अभी कुछ मिनट पहले बोलै था उसका सर कटी हुवी बॉडी सीधी कड़ी थी धड़ गायब हो चूका था….
बहार सरे गुंडे ये सन देखे खोफ्फ़ से हिल gaye…par उन्हें क्या पता था की आज उन्होंने सोये हुवे शैतान को जगा दिया ह फिर जिसने रोड से अटैक किया उसका वो हाथ कटा तोह जिसने पेअर से अटैक किया उसका पेअर kata…aur वंहा चीक गूंजती रही और वो निचे पड़े तड़पते चीकने लगे ...तभी उन मई से एक जाना कार की तरफ आया अटैक करने के liye…par वो अटैक करता उसे पहले हे एक डैगर जैस्मिन और प्रीती ने लाइट की रौशनी मई उसके के आर पार होते देखा …और प्रीती बुरी तरह थार थार कांपने लगी…
जैस्मिन मन मई “ पिछले वाली फाइट को देखने के बाद मुझे उसे भुलाने मई कई बार नहाना पड़ा था ठण्ड मई ठन्डे पानी से और मैडिटेशन करना पड़ा था फिर भी अब तक भूल नहीं पायी हु ..आंख बंद करते हे वो सब दीखता h….aur अब मम का क्या होगा पता nahi…pagli मौत के साथ रोमांस करने की सोच रही थी और करलो अरे जान भी वो बोले मैं हु न तोह सामजी मौत के बदल चने लगे ह...”
कुछ मिनट हे लगे सबको तीखाने लगाने मई राज को. उसने किसी को जान से नहीं मारा सिवाए एक ke….phir वापस चलता हुवा आया और कार के पास मरे पड़े के सर से डैगर निकला एयर जैस्मिन से बोलै …
राज “ जैस्मिन बैग मई से दूसरी शर्ट देना…”
जैस्मिन ने तुरंत राज के बैग मई से दूसरी शर्ट निकलकर दे दी …
प्रीतीय “ tttt…kkkk ….yyyy”uski कांपने की वजह से आवाज हे नहीं निकल रही थी
राज “ बोलै था न बॉस मैं हु न वैसे कितना टाइम lagega….humai डिनर मई”
प्रीती की हालत देख जैस्मिन हे बोली ..
9 बजे सुरु ह तोह 10.30 फ्री हो jayenge…ya जायदा से जायदा 11 बजे तक ”
राज “ गुड चले बॉस ड्राइव कीजिये मुझे भूक लगी ह”
प्रीती “ ये ये ये स्स्स्साब …पूव पुलिस ”
राज ने मोबाइल मई कुछ देखा और बोलै“ पुलिस वो यही ह 2 मिनट बस”
प्रीती “पपप”
जैस्मिन “ पकड़ लेंगे”
राज “नहीं पकड़ेंगे वेट करो”
और फिर कुछ पल बाद एक मिनी ट्रक आया और उसमे से उतरे दो शख्स और एक को देख जैस्मिन और प्रीती के मू खुले के खुले रह गए…..
जैस्मिन “ पापा”
प्रीती “स्स्स्सिर”
राज ने शीशा निचे करके कहा “ जिन्दा जलना ताकि तडफडते हुवे मरे ” असलम खान जंहा चौंक गए राज की बात सून तोह दूसरी तरफ से आवाज आयी “ यस मास्टर”
राज अब चले ….प्रीती बेचारी जिसकी हालत बुरी थी उसे जैस्मिन ने पीछे बैठाया और जैस्मिन ने कार ड्राइव करनी स्टार्ट करि
राज सीट पर पीछे घूमकर “बॉस वैसे ये गलत बात ह उस घटिया इंसान को अपने किश दी और मुझे कुछ भी नहीं दिया ये तोह ना इंसाफ़ी हुवी मेरे साथ इतना भेद भाव क्यों”
प्रीती एक तक राज को देखने लगी
राज “मेरा कोई नहीं ह न इस दुनिया मई इसलिए बॉस बस झूटी हमदर्दी दिखती ह ”
जैस्मिन के चेहरे मन मई “हहहहहह…”
राज “ देखा जैस्मिन बॉस भी बदल गयी पता नहीं इतनी हेल्प करने के बाद भी कोई गफ लवर नहीं बनती ह मेरी सो साद”
जैस्मिन मन मई “ क्या गजब की एक्टिंग करते हो …. अरे आप ऐसे खरबूजे की तरह मार काट करोगे और तोह और जिसे आप पर क्रश ह उसको लाइव भी दिखाओगे तोह कैसे पटेगी अरे रोज देते चॉकलेट देते तोह पैट टी न पर नहीं आपको तोह ये सब देने होते h….sir, हाथ ,पेअर काट कर बेचारी मम कैसे सोयेंगी रात मई”
रात के एक बजे ….
थक थक…
“कौन ”
“मैं हु जब्र फैन… ”
अगली सुभे…
जनगढ़ की हवेली मई एक आदमी झुक कर
“मालिक कॉलेज का न्योता आया ह ब्जस कॉलेज से”
शख्स “जायेंगे जरूर जायेंगे आखिर पुराणी यदि ह हमारी कॉलेज से….”
और उसकी है सुनते हे आदमी ने सर एक बार और झुकाया और चला gaya….bahar आकर …मुन्ना ..
6.5 फ़ीट का सांड जैसी बॉडी का आदमी आया
मुन्ना “ जी भाई”
आदमी “ब्जस कॉलेज के पास कौन ह”
मुन्ना “ भाई वंहा तोह जब्र ह लोकल गुंडा ह”
आदमी “ तीख ह तू अपने 50 आदमी लेकर जा उस साई मिल और उसके सरे आदमी कॉलेज के आसपास निगरानी के लिए लगा दे भाई जायेंगे कॉलेज कार्यक्रम मई”
मुन्ना “जी भाई और अपने 50 आदमी गन के साथ लेकर कॉलेज की तरफ चल दिए कई गाड़ियों मई एक साथ”
आज के लिए इतना he…masti मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का….

