Adultery Raj-- hero of the family - Page 83 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

तोम्मोरोव अपडेट 240

"हु र यू...."

" है है है है है है हु ी म है है है है है "
 
अपडेट 240



“हु र यू”

“है है है है हु ी म है है है है”

जैस्मिन की किक से निचे गिरा फुस्पेंद्र भी जैस्मिन की किक से शॉक हो गया था पर फिर वो जल्दी से खड़ा हुवा और जैस्मिन को गुसाई से देखते हुवे …. राइट किक जैस्मिन के मू की तरफ मरी पर जैस्मिन तेज़ी से निचे झुक gayiii…phuspendra ने फिर लेफ्ट किक उसके पेअर पर मारनी चाही तोह जैस्मिन ऊपर हवा मई जम्प ले गयी… और अपने दोनों वार को बेकार जाते देख उसका कण्ट्रोल खोने लगा …और उसने गुसाई से अब अपने पंच का वार किया ….जिसका इंतज़ार जैस्मिन क्र रही थी उसने उसके पंच को दोनों हाथो से ब्लॉक करते हुवे उसके एक हाथ को पकड़कर तेज़ी से खुदको पीछे घुमते हुवे पूरी ताकत लगाकर फुस्पेंद्र को अपने ऊपर से उठाकर जोर से निचे पटका …और ये सन देख तोह सब शॉक से हिल गए …की अभी क्या हुवा और कैसे हुवा ..इधर निचे गिरे फुस्पेंद्र को हुवा तेज़ दर्द और वो दर्द से बुरी तरह बिलबिलाया पीछे साडी लड़किया वोओओओओओ वोओओओओ जैस्मिन जैस्मिन चिल्लाने लगी और ये सुनकर निचे गिरे फुस्पेंद्र के चेहरे पर हैवानियत आगयी और वो खड़ा हुवा और जैस्मिन की आँखों मई देखने लगा और बोलै “ये तूने ाचा नहीं किया…” और बस अबकी बार जैस्मिन डिस्ट्रक्ट हुवी और उसने गलती करदी और उसने पहले राइट लेग से किक मरी बाजु par…..usne सोचा की फुस्पेंद्र ब्लॉक karega…par फुस्पेंद्र ने बिना ब्लॉक किये हुवे हे अपनी राइट किक जैस्मिन के मू पर दे दी जैस्मिन को हुवा तेज़ दर्द और वो साइड मई कई कदम लड़खड़ा गयी उसकी दर्द से कराह निकल गयी फुस्पेंद्र किक खाने के बाद हलके से हिला पर उसने इसका फायदा उठाकर जैस्मिन की मू की तरफ पंच मार दिया जो रूल के खिलाफ tha….uske दोस्त ये देख चीखे jasmi….wo जैस्मिन पूरा भी नहीं बोल पाए थे की फुस्पेंद्र का पंच जैस्मिन के मू पर लगने वाला था पर अचानक एक हाथ के हलके से प्रेशर से फुस्पेंद्र का पंच साइड से निकल गया और वो पंच के पुरे प्रेशर मई था इसलिए खुदको संभल नहीं paya…aur जाकर निचे gira…khud के वार को खली जाता देख और किसी के बिच मई आने से और खुद के निचे गिरने की वजह से वो गुसाई से पागल हो गया …और खड़ा होकर राज की तरफ आकर अपना पंच मू की तरफ चला diya…par उसे पहले हे एक झन्नाटेदार थपड जो उसके आधे गाल और आधा कान पर पड़ा और उसका दिमाग सून्नन हो gaya….aur वो लड़खड़ाता हुवा साइड मई गिरा “ये मेरे रूल तोड़ने की वार्निंग और मेरे स्टूडेंट पर रॉंग अटैक के लिए था दुबारा वार्निंग नहीं दूंगा…”

भावेश राज “ तुम्हारी हीमत कैसे हुवी स्टूडेंट को मरने की”

राज “ ओह्ह देखो कौन जगा नींद से …ग्रेट वाईस प्रिंसिपल …और आप तब कान्हा थे जब उसने सर फेस पर किक मरी और अब फेस पर पंच मरने वाला tha…tab कान्हा थे आपके ये विचार. रूल्स आपके सामने डीएड किये थे न”

भावेश “ उसको सजा milegi..par तुम्हे हाथ नहीं उठाना चाहिए था …प्रिंसिपल मम”

राज “ तोह आप मुझे ससपेंड करवाना चाहते हो”

भावेश “ है प्रीती मम आप करेंगी या फिर आप चाहती ह की पहले की तरह स्ट्राइक हो जाये”

प्रीती सोच मई पद गयी…

पर तभी पीछे से आवाज आयी “ भावेश सर फुस्पेंद्र ने रूल तोडा तोह राज सर ने एक स्टूडेंट की प्रोटेक्शन के लिए रूल तोडा ह इसलिए सब इक्वल ह क्यों बात को भाड़ा रहे ह आप



भावेश “सारिका”

सारिका “ है मैं सर जाने दीजिये क्यों टिल का ताड़ बना रहे हो …सबने देखा गलती किसकी थी और किसकी नहीं और ऐसे मई मैंने मेरा स्टैंड तोह क्लियर कर हे दिया ह बाकि आपकी मर्जी”

भावेश “ सारिका तुम”

सारिका “प्लीज सर समझने की कोसिस कीजिये इवेंट सर पर ह और आपको इसे भी जायदा जरुरी काम ह …..” फिर मुस्कुराते हुवे “ह न सर”

भावेश “ तीख ह आज के लिए भूल जाता हु पर अगली बार एक गलती करने पर नहीं छोडूंगा”

राज के चेहरे पर गहरी मुस्कराहट थी जैसे उसे पता हो की यही हे होना था…

प्रीती “ थैंक यू सारिका…”

सारिका “यही तोह मेरा काम ह मम”

राज जैस्मिन के पास जाकर सीरियस होकर बोलै“ कभी भी फाइट मई केयरलेस नहीं होना होता ह वापस जाओ और ट्रेनिंग करो सोचो की जीत ते हुवे मैच को क्यों हार गयी…

जैस्मिन राज की दांत सुनकर रोने जैसी हो गयी और चली gayiiii…aur उसका ग्रुप उसके पीछे पीछे चला गया…

सारिका “ नीस तो मीट यू राज sir..janha भी देखो चारो तरफ आपके जलवे ह “

राज मुड़कर “ जलवे हमे तोह पता हे नहीं था पर आपका जलवा जरूर दिख गया ”

सारिका मिसकुरते हुवे“ पुरे हॉस्टल की लड़कियों की जुबान पर आप हे हो और कईयों के तोह दिलो और सपनो मई भी आप हे हो”

राज मुस्कुराकर “ No No ी म फाइन मैं दिलो के बहार हे तीख हु… क्योकि जिंदगी जीनी ह तोह कैद से बहार रहो फिर चाहे वो किसी के दिल की कैद हे क्यों न हो”

पास कड़ी निशा और प्रीती भी मुस्कुरा उठी…

सारिका “जैसा सुना था बिलकुल वैसे हे ह आप स्ट्रेस फ्री कर देते ह पल मई किसी को भी”

प्रीती “राज sir…kabhi भी गर्ल्स स्टूडेंट्स से जुडी प्रॉब्लम हो सारिका से कांटेक्ट कर सकते ह”

सारिका “ बिलकुल इनफैक्ट मुझे तोह ख़ुशी होगी आपका साथ पाकर”

राज “ बिलकुल मुझे हेल्प की नीड हुवी तोह जरूर कहूंगा…”

सारिका “अन्य टाइम कभी भी ये मेरे कांटेक्ट नंबर ह”

सारिका और प्रीती ने काम से जाने का कहा और दोनों बात करते हुवे चली गयी तोह…

निशा “बहुत मस्ती सूज रही थी आपको पछतावा हो रहा ह क्या रात का”

राज “ छ्हम्म वैसे क्यों नहीं होना चाहिए …कॉलेज की सबसे हॉट लड़की मेरे साथ पूरी रात रही थी और मैंने एडवांटेज भी नहीं लिया अगर किसी को पता लगा तोह पता ह न क्या क्या कहेंगे मुझे”

निशा हंसती हुवी “ दुबारा मिस कहा तुम जो हो वो दीखते नहीं हो”

राज “मुझे संजना आसान ह निशा जी बस होश मई समझने वाला चाहिए …पर आप क्या छिपा रही ह इन काली आँखों मई एक मिनट एक minut…mujhe तोह मेरे लिए कुछ दिख रहा ह ये ये तोह वो क्या कहते ह”

निशा राज की बाते सून हलके से कंधे पर मरती हुवी “ शट उप मैं मैरिड हु”

राज “ आज तोह आपकी आँखों मई नहीं दिख रहा ह की आप मैरिड h…aur वैसे भी मैंने सुना ह मैरिड वीमेन.. रिलेशनशिप मई बहुत अछि होती ह”

निशा अब खिलखिलाकर हंसपदी और काफी दिएर बाद रूककर boli“rajjj….tum सच मई बहुत बड़े वो हो और वैसे तुम्हे बड़ा पता ह शादी शुदाओ के बारे मई क्या सच मई अछि होती h”aur उसे एक लुक दिया

राज “ क्या पता मुझे मिली हे नहीं”

निशा स्माइल के साथ मोदी और बोली“ ohhh…maine सोचा मिल गयी” इतना कह वो जाने लगी और राज उसे पीछे से जाता देखता रह gaya….kuch पल बाद वो दुबारा मुस्कुराती हुवी मुड़ी और राज को अपनी तरफ देख दुबारा मूड कर चलने लगी पीछे राज के चेहरे पर भी एक गहरी मुस्कान आगयी

Udhar….jabra को पता लगा की फुस्पेंद्र के साथ क्या हुवा उसे बहुत गुसा आने laga…aur वो बोलै … “ फुस्पेंद्र को लेकर औ यंहा”

और जब्र का आर्डर सून उसके आदमी फुस्पेंद्र को लेने के लिए निकल गए इधर राज अपनी क्लास मई आगया और अपनी क्लास ली और काफी लड़के लड़कियों को स्ट्रेचिंग और मोटिवेशन टिप्स di……phir टाइम देख कर … “ अरे यार 4 बज गए ह ..और शामको प्रीती जी के घर भी जाना ह पर उससे पहले जैस्मिन से मिल लू …उसे जायदा हे सीरियस होकर कह दिया था….” और इतना कह वो खुद उसे ढूंढने निकला तोह आशीष एंड ग्रुप बहार बाते करते हुवे मिल गया और उनसे उसे पता लगा की वो क्लास मई हे ह और प्रैक्टिस कर रही ह और साद h…wo उनके साथ वंहा पंहुचा तोह जैस्मिन लगातार राज के बताये मोमेंट्स की कंटिन्यू प्रैक्टिस कर रही thi…pasina चेहरे से टपक टपक कर निचे गिर रहा tha..usai ऐसे देख राज को हंसी आगयीईइ… और वो bola“jasmin ऐसे पागलपन से तोह तुम सिर्फ बीमार हो जाउंगी बस”

जैस्मिन साइलेंट

राज “ok sorry…ab तोह रूक जाओ”

जैस्मिन साइलेंट

राज “ तीख ह फिर मैं जाता हु bye”

और bye का नाम सुनते हे वो रूक गयी और चुप चाप राज के सामने आगयीईइ…

राज उसके सर पर अपना एक हाथ से थपथपाते huve“hostle जाओ रिलैक्स करो शामको मिलते ह और आने से पहले कॉल करना मैं बहार मिल जाऊंगा या खुद पहुंच जाऊंगा ok”

जैस्मिन “ ok” तभी शालिनी आगयी…

जैस्मिन “ तोह यंहा ह आप”

राज ने कोई जवाब नहीं दिया और जैस्मिन के साथ बात करने के बाद शालिनी के साथ बात करता हुवा कॉलेज से बहार निकल आया….

शालिनी “ थैंक यू राज”

राज “ थैंक यू तो यू मेरी हेल्प के लिए अब मैं चला जाऊंगा तीख ह,”

शालिनी “ आप कह देते की आपकी तबियत तीख नहीं ह तोह मई हे मेडिसिन ला देती”

राज “ अगली बार कह दूंगा ok …तक” वो ये कह जल्दी से मेडिकल शॉप पर आगया और साडी बात बताई ….मेडिकल वाले ने क्रीम लगाने के लिए और साफ़ करने के लिए कुछ दिया और हाई दोसे दी पैन के लिए फिर राज ने उसे कुछ नाम लिख कर दिया और बोलै “ मुझे ये चाहिए ह”

मेडिकल वाला हैरान हो गया सुर राज को देखने लगा

राज “ये एक लाख रस तुम्हारे अकाउंट मई एडवांस दाल दिया ह बाकि काम हो जाने पर टोटल कीमत 5 लाख ह अगर कल तक अर्रंगे कार्डो तोह एक लाख तुम्हारा कमीशन वर्ण मई दूसरे किसी को देखु इस काम के लिए ”

मेडिकल शॉप वाला आँखों मई लालच लिए huve“ho जायेगा बॉस और समझो हो गया”

राज “ok मैं कल कभी भी दोपहर के बाद ले lunga”raj बात करके अंदर आया तोह सामने हे खबरि लाल मिल गया.

राज “ तोह आज टाइम मिल गया और क्या पता लगा …”

खबरि लाल “ सर जी …इस बार ड्रग्स के साथ साथ लड़कियों की डील भी होगी”

राज “लड़कियों की डील मतलब”

खबरि लाल “ गेम बड़ा हो गया ह पहले ड्रग्स हे एते थे पर इस बार जो लड़किया ड्रग्स के नशे की आधी हो गयी ह अब उनकी डील होगी बड़े बिजनेसमैन से जो गेस्ट बनकर आएंगे …एक रात की कुंवारी लड़की की कीमत 10 लाख से सुरु ह”

राज “ तोह अब सारा खेल क्लियर हो गया h…ab तुम …निशा मम , bhavesh,phuspendra,sarika पर खास नज़र रखोगे ….अगर तुमने ये काम कर दिया तोह इनाम तुम्हारा”

खबरि लाल “ सर जी खबरि लाल हु खबर पक्की हे लता हु वैसे एक खबर और ह इवेंट मई अभी सुनने मई आया ह की आप पर भी निशाना ह और कोई आपके खिलाफ भी स्कीम बना रहा ह पर क्या कौन और क्या स्कीम बना रहा ह ये मुझे नहीं पता ह आपको होशियार रहना होगा..”

राज के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी..

खबरि लाल “ वैसे कल मेरी खबरि लड़की ने बताया की आप पर हॉस्टल की आधी लड़किया मर मिटी ह स्पेशलय सारिका उसे आप मई कुछ जायदा हे इंटरेस्ट ह”

राज “ तीख ह कुछ और हो तोह बताना” राज कुछ और बात करके अपने गेस्ट हाउस की तरफ आगया…

राज ने धीरे से दूर ओपन किया और अंदर आया …तोह नेहा अभी भी सो हे रही थी…

राज “ ये तोह सो रही ह जब तक कॉफ़ी बना लेता हु” और अंदर दो कप कॉफ़ी के बनाने लगा और कुछ हे दिएर मई नेहा के पास आकर बैठ gaya…aur उसे हिलाते हुवे “ नेहा नेहा”

नेहा ने धीरे धीरे आंखे खोली और अपनी आँखों के सामने राज को देख उसे देखती हे रहियी फिर रात की याद एते हे … “सेल कुत्ते kamine…tharki” राज ने तुरंत उसके मू पर हाथ रख दिया… और बोलै “ वेट वेट मेरी जंगली बिल्ली पहले मेरी बात अचे से सुनलो उसके बाद बोलना वर्ण video…samaj गयी न”

नेहा ने है मई गर्दन हिला दी और राज ने धीरे से हाथ हटाया … नेहा राज से दूर होने के लिए पीछे हटी तोह हुवा दर्द “ुयीईई माँ” और राज के सीने पर मूका मारा …उसे फिर से हुवा दर्द और फिरसे बिलबिलायी “आअह्ह्ह माँ कुत्ते सेल क्या हाल कर दिया मेरा”

राज “ शांत शांत हिलो दूलो मत मुझे देखने दो”

नेहा “कुत्ते दूर रहो मुझसे चुवा तोह छोडूंगी नहीं तुम्हे”

राज गुसाई से “चुप बिलकुल चुप अब छू भी करि तोह मुझसे बुरा कोई नहीं होगा” और फिर चद्दर हटाया तोह नेहा ने निचे की लोअर खोल राखी थी " देखने दो" ये कहकर उसने धीरे से टंगे चौड़ी करि तोह नेहा को हुवी जलन ….

राज “हिलो मत”

नेहा ने हिलना डुलना बंद किया तोह राज ने पॉलिथीन मई से क्रीम निकली और उसको सपनी ऊँगली पर लगा कर नेहा की छूट की तरफ करि तोह वह फिर हिली तोह…

राज “ वीडियो वायरल करदु”

नेहा अब हिली दुली नहीं तोह राज ने बड़े प्यार से उसकी छूट पर क्रीम को लगा दिया और जितनी दिएर उसने क्रीम लगायी नेहा को जलन थोड़ा दर्द और एक अजीब सा अहसास होता रहा ….वो राज को देखती rahi…raj ने पास से कॉफ़ी का मग उठाया और नेहा को दिया तोह नेहा ने ले लिया…

राज “ अब जलन नहीं होगी समझी और अब जो मैं कहूंगा उसमे एक इंच भर भी झूट नहीं h…isliye धयान से सुन्ना और जवाब देना नहीं डौगी तोह तुम्हारा हे नुक्सान ह और रही बात वीडियो की तोह ये लो मेरा मोबाइल मेरे पास कोई वीडियो सेव नहीं ह जो था वो वही ह जो तुम्हरे मोबाइल मई ह” ये कह उसने अपना मोबाइल उसे दे दिया …

राज “कॉफ़ी पीती रहो …तुम्हारा कोई अपना हे तुम्हारे साथ खेल खेल रहा h…wo तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता ह इसलिए उसने तुम्हे कॉफ़ी या टिया मई ड्रग्स को मिलकर लगातार तुम्हे देता ारः ह पहले बिलकुल काम फिर थोड़ा जायदा और अब तुम्हारी कंडीशन ये ह की तुम्हे ड्रग्स चाहिए हे चाहिए होता ह …क्यों सही हु न क्योकि जंहा तक मैंने पता किया तुम एक अछि लड़की रही हो कॉलेज मई…. सिंकेरे इनोसेंट और टोपर रही हो तोह अचानक तोह तुम्हारी ये हालत होने से रही“

नेहा की सोच को झटका लगा और वो सोचने लगीई जो अब तक सब हुवा…

राज “ सेकंड thing…tumhe अब सेक्स की नीड भी होती ह और उसे तुम फिंगर या किसी और तरीके से सटिस्फीएड भी कर रही हो ह न”

नेहा ने शर्म से गर्दन नीची कर्ली

राज “कबसे हो रहा ह ऐसा”

नेहा “ 2 मोनथस”

राज “और अब ये भड़ती हे जा रही ह राइट”

नेहा “ तुम्हे कैसे पता”

राज “ कल रात की हरकते वीडियो डिलीट करने से पहले देख लेना …तुम्हारे साथ सब कल इसलिए हे किया क्योकि कोई तुम्हे ड्रग्स दे रहा था और जब तुम उसकी एडिक्ट हो गयी और सीधी हे डिमांड कर लेने लगी तोह उसने ड्रग्स मई सेक्स ड्रग्स मिलाना सुरु कर दिया और कल रात जो हाई दोसे तुमने ली थी उतनी हे तुम्हे देकर जो कल मैंने किया वो तुम्हारे साथ रोज करता …”

नेहा “उसमे और तुममे क्या फरक ह तुमने भी तोह फायदा उठाया”

राज मुस्कुराकर “फर्क ह अगर नहीं करता तोह तुम जल्द हे किसी और के पास होती ह और खुद सोचो जो तुम सोचती थी जैसी फीलिंग दिल और दिमाग मई रहती थी वो अब ह नहीं न …… मैंने तुम्हे कॉल पर भी कहा था की जिस राह पर तुम हो फँसोगी एक दिन …और देखो आज तुम हो भी”

नेहा चुप हो गयी फिर हैरानी से “मतलब कॉल वाले तुम हो जिसकी हेल्प करनी थी मुझे”

राज “ है वो मैं हे हु neha…aur तुम्हारे बारे मई सब पता कर चूका हु मैं …अब बस सच सुन्ना चाहता हु की कॉलेज की टोपर लड़की जिसने कॉलेज की भलाई के लिए प्रेजिडेंट बानी वो इस हालत मई कैसे …और प्रॉब्लम थी तोह फिर पापा ैप ह उनसे हेल्प क्यों नहीं ली”

नेहा की सकल रोने जैसे हो चुकी थी और …वो राज को देखे जा रही थी…

राज “ तुम मुझ पर ऊपर वाले के बाद पूरा विस्वास कर सकती हो…”

नेहा “ सून पाओगे सचाई और यकीं करोगे”

राज “ बिलकुल सुंगा और पूरा यकीं करूँगा

नेहा कुछ पल चुप रही और बोली “मेरे मां का लड़का जो मेरा छोटा भाई था जिसे मैं बहुत चाहती थी जो मेरी दुनिया था वो फर्स्ट ईयर मई इसी कॉलेज मई पढ़ने आया ths….wo बहुत खुस था की दी के साथ पढूंगा रहूँगा… हम दोनों बचपन से हे साथ रहे थे औरवो मेरा भाई मेरा दोस्त सब था उसे यंहा आकर एक लड़की पसंद आगयी और वो उसके साथ खुस रहने लगा tha…aur मैं भी दोनों को देख कर खुस thi…par…ek साल बाद सब तीख था हम भी खुस थे उसने अचानक कॉलेज से कुढ़ कर सुसडे कर ली और वो लड़की भी गायब हो गयी जिस साई वो प्यार करता tha…maine पापा को भी कहा और उन्होंने कुछ दिन बाद मुझसे कहा की वो ड्रग्स लेता था इसलिए सुइड कर्ली यही इन्वेस्टीगेशन मई पता चला ह और अब कोई बात नहीं सुन्नी ह कितनी बाटे सुनने को मिली ह mujhe…par मुझे यकीन था की वो ऐसा नहीं कर सकता ह इसलिए मैंने उस दिन से सब छोड़ सा दिया और खुद सचाई जानने मई लग गयी और मुझे पता लगा की उस लड़की पर जब्र जो लोकल गुंडा ह उसका दिल आगया tha….aur सायद उसी ने हे उसे गायब किया ह इसके आगे मुझे कुछ पता नहीं लगा …पर मेरे भाई ने सुइड क्यों किया ये नहीं पता लगा mujhe.aj tak…aur आज तक भी मैं सचाई को हे ढूंढ रही हु क्योकि फुस्पेंद्र एंड ग्रुप के साथ मरने से एक दिन पहले उलझते हुवे देखा tha…aur लास्ट बार वो भावेश सर से मिलने गैस था और रात को लेट भी आया था और अगले दिन सुभे हे उसने सुइड कर लिया अब ये सुइड ह या खून ये पता करना ह और मैं करके रहुंगीय. राज वो मेरी दुनिया था वो मुझे पापा मम्मी से कभी प्यार मिला नहीं बस वो हे था जो मुझे प्यार करता मेरी हर बात सुनता था दन्त सुनता था फिर भी मुझे दीदी दीदी कहता रहता था…

राज जो सीरियस होकर सून रहा था उसने नेहा के हाथ को अपने हाथ मई लिया और बोलै …तुम मुझे नहीं जानती हो …और न मैं बता सकता हु की मैं कौन hu…bus इतना हे कहूंगा की कुछ दिन bus….aur वो शख्स जो भी हो चाहे एक हो या अनेक चाहे जब्र हो या उसका बाप वो तुम्हारे सामने होगा …और तुम अपने हाथो से सजा dogi…ye राज का वडा ह”

नेहा “जिसकी आँखों मई आंसू थे वो फुट फुट कर रो पडीई…”

राज ने उसे जी भर रोने diya…aur बाद मई बोलै “ पता ह नेहा …अकेले लड़ाई लड़ना बहुत मुश्किल होता ह तुम्हारे साथ सेक्स इसीलिए किया ताकि तुम्हारी सेक्स की जो डिजायर ड्रग्स की वजह से होती थी वो ख़तम हो जाये” फिर उसके आंसू पौंछते हुवे “ मैंने दवाईया मंगवा ली ह वो आजाएंगी उन्हें लेना धीरे धीरे ये जो ड्रग्स की नीड मंद करता ह वो भी ख़तम हो jayegi…aur कितने पैसे और देने ह उस भावेश को”

नेहा “ रोटी हुवी राज आप”

राज “ सब सून लिया था मैंने”

नेहा “ 5 लाख”

राज “ अकाउंट चेक कर लेना 25 लाख ट्रांसफर किये ह”

नेहा “ तुम्हारे पास अकाउंट नंबर और इतने क्यों”

राज “ खेल हम भी तोह खेलेंगे… ट्रस्ट में मैं जब खेलता हु तोह सामने वाला अपनी मौत की भीक मांगता ह”

नेहा “ क्या मतलब”

राज “मेरी आंखे तुम बनोगी और उन सबका काल मैं लिस्ट बनाओ हर सस्पेक्ट के नाम दो मुझे जो भी जानती हो और कॉलेज मई इवेंट मई लड़कियों को कौन खरीदता ह और कैसे बोली लगायी जाएगी नज़र रखो और सब करने के बाद बस पॉपकॉर्न लेकर शो के मज़े लेना बूत पहले प्रॉमिस करो अब ऐसा कोई काम नहीं करोगी”

नेहा ने जल्दी जल्दी अपने आंसू पौंछे और है मई गर्दन हिला diii…par आंखे फिर भी भीगी हुवी थी

राज “ अरे वाह मेरी जंगली बिल्ली तोह सीधी हो गयी”

नेहा को शर्म agayiiii…aur वो न बोल पायी न नज़र उठा पायी…

राज “दूर बहार से बंद रहेगा मैं सब चीजे ले आया हु रात को खाना गरम karlena…aur खलेना ok”

नेहा जल्दी से “ आप नहीं रहोगे रात मई …” और वो खुदकी हे बात पर शर्मा गयी…

राज “नहीं…”

नेहा “ kyo..mujhe अब कोई शिकायत नहीं ह आपसे आप चाहे तोह मेरे साथ दुबारा से ”

राज “ पगली कुछ भी बोलती ह लेट आऊंगा अब तोह तीख ह”

नेहा “ok”

राज खड़ा होने लगा तोह नेहा ने उसका हाथ पकड़ा और उसे होने पास बैठकर गले लगा लिया…. और कई दिएर गले लगाने के बाद उसके होठो पर एक किश करके बोली.. “ थैंक यू ….मेरी हेल्प के लिए ..अगर आप उस कुत्ते को मेरे सामने ला देंगे तोह ये जिस्म क्या जिंदगी भर आपकी ग़ुलामी भी करने को तैयार हु मई”

राज के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आगयी और बोलै “तुम्हारी ीचा जरूर पूरी होगी और तुम अछि रहो अछि जिंदगी जियो बस मैं यही चाहता हु बाकि मैं सब देख लूंगा …” वो खड़ा हुवा और अपनी टी शर्ट खोलकर निचे टॉवल लपेट कर लोअर खोलने लगा तोह नेहा बोली “मैंने सब देख रखा ह भले हे होश मई नहीं थी पर वीडियो मई मैंने सब देख हे लिया ह इसलिए आप कम्फर्टेबले रहिये जैसे आप मुझे रख रहे ह और अब तोह हम पार्टनर्स ह न हर तरह से”

राज भी बस मुस्कुरा दिया और नहाने चला गया …पीछे नेहा की आँखों मई पुराणी यदि घूमने लगी और उसका खुनखोल उठा ये सोच सोचकर की किस तरह की मौत देगी wo…usai….

इधर वो बिजनेसमैन बहार एक होटल मई रुका हुवा था और उसके सामने भावेश बैठा हुवा था

बिज़नेस “ 4,5 दिन हुवे ह से क्या मतलब ह कान्हा से ह और कौन ह एड्रेस क्या ह ये तोह बता”

भावेश “ सर मैंने पता किया था बस इतना पता चला ह की वो पहले विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल दिल्ली मई वर्क कर रहा था और वचनस्य ओपन हुवी तोह यंहा अप्लाई कर दिया”

बिजनेसमैन “ तू चुटिया ह भावेश मैं तुझे डायरेक्टर बनाने की सोच रहा हु और तू छोटी सी जानकारी नहीं ला सकता ह उसमे कुछ तोह खास ह एक काम कर ैप नोन ह न tera…usai लगा काम पर नार्मल पुलिस वेरिफिकेशन पर उसे तोह सब बताएगा हे और सक भी नहीं होगा”

भावेश “जी सर पर थोड़ा खर्चा लगेगा”

बिजनेसमैन ने चुटकी बजायी तोह P.A ने 5 लाख सामने रख दिए..

भावेश “अब हो जायेगा काम”

बिजनेसमैन “ट्रस्टी आया नहीं अभी तक डील सिग्न करने”

भावेश “ सर 6 बजे का बोलै था”

बिजनेसमैन “तीख ह”

कॉलेज के बहार राज एक तरफ चल दिया …तोह उसके टैक्सी ड्राइवर ने इशारा कर दिया जीका मतलब था की आप पर निगरानी राखी जा रही h..toh राज ने उसे कॉल करके कुछ कहा ..फिर सामने रोड क्रॉस करके दिवार पर चढ़ा और दूसरी तरफ कुढ़ गया उसका पीछा करने वाले जब तक दीवार फांद कर कुड़ते राज गायब हो चूका था ..

टैक्सी ड्राइवर “ क्या गोचा दिया ह मान गए बाप जी कान्हा चलना ह”

राज “वालिया स्ट्रीट बंगलो नंबर 5”

टैक्सी ड्राइवर ने तेज़ी से कार तेज़ी से आगे बढ़ा दी

वालिया स्ट्रीट बंगलो नंबर 5….

राज “ सर से कहिये कॉलेज से आया हु इम्पोर्टेन्ट काम ह”

गॉर्ड “ आप यही रुकिए मैं पूछता हु और उसने अंदर कॉल करके पूछा तोह सामने से मन कर दिया गया

गॉर्ड “ सर बिजी ह अभी नहीं मिलेंगे”

राज “ बोलिये पुलिस स्टेशन से आया हु सिर्फ 5 मिनट चाहिए रात को वररेंट लेकर आऊंगा तोह कई घंटे ख़राब करूँगा”

कुछ मिनट बाद “5मिनट दिए ह आईये” और उसने अपने साथी को इशारा किया तोह वो राज को लेकर बंगलो मई आ गया राज ने नज़र घुमाई तोह हॉल मई भी 2 बॉडी गॉर्डस और खड़े हुवे the…aur दीवारों से लेकर हॉल का और कौन बंगलो का अपना रुवाब दिखा रहा tha….tabhi आवाज आयी “हर चीज नायब ह …इसीलिए मिटटी का एक कण भी इनको छू नहीं पता ह और ये अपनी शान ो शौकत बरक़रार रखते ह”

राज “बिन मट्टी के तोह मोक्ष भी नहीं मिलता ह….. फिर चाँद पालो के धत्त भट्ट पर क्या मूंछो पर तांव ह…. मिलना तोह मट्टी मई हे h….fir माटी से क्यों ऐतराज़ ह…”

आदमी “ तुम्हारी उम्र काम और बाटे बड़ो की ह खैर जो भी हो पर ये सूरे ह तुम पुलिस वाले तोह बिलकुल नहीं हो यानि हमारे कॉलेज से हे हो बोलो क्या कहना ह हमे बहार भी जाना ह ”

राज “ 5 मिनट दिए ह न मैं 1 मिनट हे लूंगा बैठिये”

आदमी सामने बैठता हुवा राज को देखने लगा

राज “ कॉलेज की कितने कर की डील हुवी ह “

आदमी “ बचे औकात से बहार के काम नहीं करने चाहिए ह बस हो गयी बाते बहार ले जाओ”

पीछे से बॉडी गॉर्ड ने कंधे पे हाथ हे रखा था की सामने बैठे ट्रस्टी के ऊपर से उड़ता हुवा वो पीछे जाकर पेंटिंग से टकराकर निचे गिरा और ट्रस्टी पर कांच गिरे तोह दर से सोफे से खड़ा हो gaya…tabhi दूसरा आगे आया तोह राज सामने टेबल पर रखे पॉट को उठाकर पीछे की तरफ फेंका जो लगा सिकड़े उसके मू पर और वो दर्द से बिलबिलाता हुवा निचे गिर पड़ा …

ट्रस्टी “हु र यू”

राज के चेहरे पर जो नार्मल एक्सप्रेशन थे वो पुरे बदल gaye…aur भयानक हंसी हंसा “ है है है है है हु ी म है है है” फिर उसके चेहरे के करीब आकर उसकी आँखों मई घूरते हुवे 2 साल से सोया हुवा और खून का प्यासा हु main…aur तू अगर नहीं चाहता की मेरे अंदर का सोया हुवा हैवान भहर आकर हैवानियत पर उतरे तोह निचे बैठ जा …क्योकि वो बहार आया तोह इतनी बात नहीं करेगा”

राज की बाते सून ट्रस्टी दर से चुप चाप निचे बैठ गया …

राज “तेरे लिए दो बात ह जिनका जवाब तुझे देना पहली कितने कर की डील हुवी ह और दूसरी बात कॉलेज से जिस लड़के ने सुइड की थी उस केस मई कौन कौन इन्वॉल्व था”

ट्रस्टी “मुझे नहीं पता ह”

और राज का थपड पड़ा उसके गाल पर और वो कुछ पल के लिए सुध बुध हे खो गया राज अपनीइ

पीठ से सुनील वाला डैगर निकलता हुवा “बस एक बार और झूट बोल पहले तेरे निचे का काटूंगा फिर तड़पने dunga…phir तेरी गोटिया katunga….dheere धीरे …और तू मरेगा भी नहीं ….और फिर तेरी आंखे nikalunga….ek एक करके …फिर भी तू नहीं मरेगा ….ऐसे हे अंत तक एक एक हिस्सा तेरे सरीर से अलग करता jaunga….yakin नहीं ह खुद देख ले …मोबाइल निकल एक वीडियो प्ले कर diya…aur फटी ट्रस्टी की और वो स्पीड से बोलै…. “ कॉलेज मई फंक्शन था …और उस लड़के के साथ एक लड़की ने डांस kiya…tab उसपर मेरी नज़र पद गयी thi….aur वो मुझे पसंद agayiii…par मेरे साथ हे ैप भी बैठे हुवे थे जिन्होंने मेरी नज़रो को लड़की की तरफ देखते हुवे देख लिया था और वो मुझसे बोलै “ पसंद तोह मुझे भी आगयी ह ye”tab हमने वाईस प्रिंसिपल भावेश से उसके बारे मई पता किया तब पता चला की वो फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट ह और उस लड़के को प्यार करती h…..aur ैप उस लड़के को जनता था कह रहा था उसका रिश्ते दार ह इसलिए वो संभल lega…aur लड़की नार्मल फॅमिली से थी तोह कोई दिकत नहीं होनी थी हमे उसे काबू मई करने पर इसलिए उसने कुछ दिन बाद हे एक प्लान बना कर भावेश के पास से ड्रग्स लड़की के बैग मई किसी की हेल्प से रखवा दिया और जब दोनों कॉलेज से बहार लव बर्ड्स पार्क मई बैठे हुवे थे तब अपने पुलिस के आदमियों के हाथो पकड़वा लिया और पुलिस स्टेशन ले ए और आगे वही हुवा जो ैप चाहता था …लड़के ने एक कॉल करने के लिए कहा और कांस्टेबल ने करने दिया …और लड़के ने ैप को हे कॉल किया …और ैप ने एते हे अपना प्लान सुरु कर दिया…

फलेश बैक..

ैप लड़के से “देख शयाम ये बहुत बड़ी गड़बड़ हो गयी ह तुम्हारी दी नेहा को पता लगा की तुम और तुम्हारी गफ ड्रग्स बेचते हो तोह वो तुमसे नफरत करने लगेगी”

शयाम “ मैंने कुछ नहीं किया ह ….” रट हुवे “अब मैं क्या करूँगा कसम से”

ैप “ देख साथ तू भी था फंसेगा तू bhi…tu एक काम कर किसी को मत बताना और अभी वंहा बैठ जा मैं देखता हु कुछ ”

और उसको भेजते हे ैप के चेहरे पर मुस्कुराकहत आगयी क्योकि अब अगला प्लान सुरु करना था और वो लड़की के पास गया जो रो रही थिई “ अब रोने से क्या hoga…jab ड्रग्स बेचने आयी तब नहीं सोचा की क्या होगा पकडे जाने. पर ”

लड़की “ सर मैंने कुछ नहीं किया मैं निर्दोष हु आप श्याम से पूछ लीजिये हम सुभे से हे साथ ह”

ैप “ वो तोह जेल जायेगा हे aur…wo भी लम्बा इसमे मैं भी कुछ नहीं कर paunga…range हाथ पुलिस ने पकड़ा ह”

लड़की सर हमने कुछ नहीं किया ह प्लीज आप तोह उसे जानते हे आपका रिलेटिव ह सर प्लीज कुछ करिये कोई तोह रास्ता होगा सर मैं बेगुनाह हु सर ”

ैप “ देख अब मैं भी कुछ नहीं कर सकता हु …और अब तोह तुम्हारे माँ बाप गाँव तक बात jayegiii…aur छानबीन होगी”

लड़की बुरी तरह रोटी हुवी “ प्लीज सर कुछ करिये मैंने ड्रग्स नहीं रखे ह किसी ने फंस्या ह हमे”

ैप कुछ पल बाद “ पैसे खिलने होंगे 50 लाख रुपये लगेगा तब जाकर ये मामला दबेगा समाज रही ह ह तेरे पास”

लड़की “ इतने पैसे वो वो कान्हा से लाऊंगी “

ैप साद सा फेस बनाकर “ फिर तोह शयाम भी जेल जायेगा …और तुम तोह जाओगी हे जाओगी और फिर तुम्हारे माँ बाप को भी गिरफ्तार करना होगा… पता नहीं वो ये सब सह पाएंगे या नहीं..”

लड़की पेअर पकड़ते हुवे “ सर आप बचा सकते ह बचा लीजिये जो आप कहेंगे वो मैं करुँगी प्लीज सर प्लीज उन्हें पता लगा तोह जीते जी मर जायेंगे वो”

और ैप जो चाहता था वो उससे मिल गया उसने लड़की को से वो कहा जो वो चाहता था और उसे मोहलत दी सोचने की और माँ बाप की जान जाने के दर और बदनामी के दर से 2 ऑवर बाद तैयार हो गयी …फिर ैप और मैंने एक महीने तक उसके साथ सब करते रहे पर ैप हरमि था वो उस लड़के के साथ लड़की को अपने घर बुलाता और लड़के को काम से बहार भेज उस छोड़ता …सब सही चल रहा था पर सब काम गड़बड़ तब हुवा जब एक बार भावेश उस लड़की को ऑफिस मई हे छोड़ने लगा तब उस शयाम नाम के लड़के ने देख लिया और लड़के और लड़की मई जगदा हुवा और सचाई बहार आगयी किसी को पता न लगे इसलिए हमने उसे छठ पर बुलवा कर छठ से धक्का दे दिया और लड़की को पहले दरकार चुप रखा और बाद मई उसको वर उसकी पूरी फॅमिली को हे लापता करवा दिया….

राज जो अब तक सून रहा tha…usne उस ट्रस्टी को पूरा ऊपर उठैस और कांच की टेबल पर पटक diya…aur फिर भी नहीं रूका और दुबारा खड़ा कर मू पर एक साथ कई पांच दिए….

राज “ तुम जैसे लोग दुनिया मई जिन्दा हे क्यों ह …सेल कोठे खुले हुवे ह न उसपर मू क्यों नहीं मरता …” और फिर से उसके मू पर कई थपड जड़ diye….college के डॉक्यूमेंट कान्हा ह”

ट्रस्टी “उउउउ ऊपर ह”

राज ने उसे धक्का दिया सीढ़ियों की तरफ उसका खून अंदर से खोल रहा था….

“मादरचोद चल जल्दी वर्ण सब तोड़ दूंगा”

ट्रस्टी ने कुछ दिएर बाद कॉलेज के ओरिजनल डॉक्यूमेंट निकले जिसमे बाकि ट्रस्टी के सिग्न the…sale के लिए

राज ने अपनी बैक से पेपर निकले और बोलै सिग्न कर ….

पेपर पर लीखे वर्ड देखते हे उसका दर्द दूर हो गया और वो खुस हो गया …और बोलै “ पैसे कान्हा ह”

राज ने दिया एक थपड “तुझे यंहा मर भी दूंगा न तोह ट्रस्ट में कुछ नहीं मिलेगा किसी को जिन्दा रहने के लिए मौका दे रहा हु समझा पैसे ले लिए ह तब्भी तोह तूने बेचा ह समझा चक कर ” अपनी गर्दन पर खंजर देख उसने जल्दी से सिग्न कर दिए

राज “ जिन्दा रहना ह तोह आज रात के बाद दिखना मत वर्ण तेरे पार्टनर पैसो के लिए तुझे मर देंगे”

राज ये कह और डॉक्यूमेंट लेकर बहार आगया जसंहा टैक्सी ड्राइवर खड़ा था“ क्या साब बहुत टाइम लगा दिया अपुन कॉफ़ी लेकर आया आपके लिए यंहा की स्पेशल ह”

राज ने कॉफ़ी ली और बोलै “ सेंचुरी बिल्डिंग लेनी ह

टैक्सी ड्राइवर “ आप तोह बाप जी पहुंची हुवी चीज हो अभी ले चलता हु आप कॉफ़ी पियो जब तक

पीछे आराम से बैठकर “ piche…trustee गुसाई से जल उठा और बोलै “ अब मैं बताता हु तुझे की आज रात के बाद तू जिन्दा नहीं रहेगा ये कह उसने मोबाइल निकलकर नंबर डायल किया हे था की खछः की आवाज हुवी और उसका हाथ काट gaya…usne सामने देखा तोह एक बिलकुल काली ड्रेस मई एक शख्स खड़ा था…

ट्रस्टी “ तुम कौन हो”

“यमदूत तेरी रूह लेने आया हु”

और फिर खांछ की आवाज हुवी और दूसरा हाथ काट गया फिर यमदूत पुरे बंगलो मई जितने लोग थे सबको मरता गया ….फिर वो तिजोरी के पास गया और उसी पूरी साफ़ करदी सिलिंडर को खोल आग लगाकर … निकल gaya…aur जाने से पहले साथ हे कक्तव की हार्डड्रिवे भी निकल li…aur बूम की आवाज से बंगलो धु धु कर जल उठा…

इधर जैस्मिन जो पहले हे प्रिंसिपल प्रीती के घर खाना बनवा रही थी

..

जैस्मिन “ मम राज सर को हम बाटे न बताकर गलत तोह नहीं कर रहे ह न …एक तरफ तोह हेल्प ले रहे ह और एक तरफ उनसे छिपा भी रहे ह…”

प्रीती “ पूरा सच बताया तोह हेल्प करेगा कोई भी …वो एक नार्मल पर्सन ह …मैं नहीं चाहती की वो हमारी वजह से किसी बड़ी मुसीबत मई पड़े”

जैस्मिन “ वैसे मम मुझे लगता ह निशा मम राज सर को लिखे करती ह आज कल काफी वक़्त साथ बिट रहा ह दोनों का”

प्रीती “ नहीं वो साथ काम कर रहे ह बस …”

जैस्मिन “ मम आप ऑफिस मई होती हो. दोनों साथ मई कॉफ़ी पितृ ह और उसी पहले एक दिन शाम को तोह साथ हे बहार गए थे 9 बजे तक तोह वो ए नहीं थे वापस कॉलेज”

प्रीती “ काम रोक कर जैस्मिन को देखने लगी”

जैस्मिन “ और अब आज जब आप चली गयी तब भी बहुत खिलखिलाकर हंस रही थी… मुझे तोह लगता ह जल्द हे देखना डेट पर भी चले जायेंगे”

प्रीती “ निशा मैरिड ह”

जैस्मिन “ मम आज की दुनिया मई सब मुमकिन ह वैसे भी राज मई क्या कमी ह”

प्रीती सोच मई पद गयी… “ ाचा तुम भी तोह साथ रहती हो तुम्हे कैसा लगता ह”

जैस्मिन “ मैं क्या बोलू मुझे तोह वो ऐसे ट्रीट करते ह जैसे मैं बची हु बूत केयर करते ह बहुत मेरी. देखा नहीं था आज कैसे एक थपड मई हे टारे दिखा दिए थे फुस्पेंद्र को …पता ह आपको राज जैसा हस्बैंड मिलना चाहिए था…”

प्रीती के दिल मई अजीब से अहसास उठे और वो धीरे से बोली “ सबको सब नहीं मिलता ह”

जैस्मिन “ प्लीज बुरा मत maniyega…ap यंहा अकेली रहती ह आपको भी अपनी जिंदगी जिनि चाहिए”

प्रीती अपनी सोच मई डूब गयी…

जैस्मिन “ अरे मैं तोह भूल हे गयी राज सर को अल्लू के परांठे बहुत पसंद”

प्रीती की आँखों मई चमक आगयी और वो तयारी मई लग गयी और बोली “ पता नहीं आज राज ने 1 मिनट मई क्या किया वो हरामी माफ़ी मांग कर चला गया बस अब इवेंट और सही से हो जाये…”

तभी दूर बेल्ल की आवाज हुवी…

जैस्मिन “ लगता ह राज आगये”

पर आज किस्मत ख़राब थी सामने प्रीती का हस्बैंड था जिसके चेहरे पर कामिनी मुस्कान थिई…

जैस्मिन “ नमस्ते सर आईये”

प हस्बैंड “ namaste…namste…kya बात ह नया चेहरा आपकी तारीफ”

जैस्मिन “ मेरा नाम जैस्मिन ह”

प हस्बैंड “ ब्यूटीफुल नाम …”

तभी प्रीती आगयी और जैस्मिन को साइड कर दिया ..

प्रीती “ क्या चाहिए”

प हस्बैंड “ तू क्या दे सकती h…aur ह क्या तेरे pass…jo ह वो तोह तू तेरे आशिको देती रहती ह”

प्रीती कुछ नहीं बोली….

प हस्बैंड “ साइड हैट” और प्रीती को धक्का देकर सोफे पर बैठ गया और बोलै “खाने की बड़ी अछि खुस्भु आरही ह और तू भी सलवार सूट मई तैयार h…tera आशिक़ ारः ह क्या…”

प्रीती मन मई “राज आगया और उसे इसने कुछ कह दिया तोह गड़बड़ हो जाएगी ..क्या करू”

प हस्बैंड “ बोल न साली”

कोई कुछ बोलता तभी दूर बेल्ल फिर बज उठी और जैस्मिन और प्रीती की सांसे अटक गयी…

प हस्बैंड “जैस्मिन दूर ओपन करो मैं भी देखु इसके आशिक़ को या तेरे आशिक़ ko…pata तोह चले की मेरे घर पीठ पीछे क्या क्या होता ह…” ये कह उसने दोनों को मुस्कान दी …जैस्मिन ने घबराते हुवे दूर ओपन किया तोह सामने राज था….

प हस्बैंड सोफे पर बैठे हुवे “कौन हो तुम”

राज “ पहले अंदर नहीं बुलाएँगे मेहमान को मर निखिल”

निखिल ने नज़र मार कर दोनों को देखा और फिर अंदर आने दिया …वंही प्रीती सुर जैस्मिन के दिल की धड़कन धक् धक् कर रही थी तेज़ी से…

जैस्मिन “स्ससियररर”

राज “ वेल मर निखिल माय सेल्फ सिंह अपनी बात हुवी थी”

निखिल “ ओह्ह hello मर सिंह मैं आपका हे तोह वेट कर रहा tha…sir के लिए पानी और कॉफ़ी लाओ”

अभी जो हुवा उसे जानकार प्रीती और जैस्मिन शॉक मई चली gayiii…dono मई से कोई नहीं हिला तोह…

प हस्बैंड निखिल “ सुना नाहीइ..”

प्रीती “ है लायी और पीछे मूड कर जैस्मिन के साथ चली gayi…par कान दोनों की बातो पर हे था”

निखिल “ अंदर बात करते ह”

राज “कोई प्रॉब्लम नहीं ह सब अपने हे तोह ह यंहा”

निखिल “ यस यस सब अपने हे ह”

राज “ सो मेरी इनफार्मेशन”

निखिल “ मेरी पेमेंट”

राज “ क्सक्सक्स…… बार मई टेबल नंबर 9 पर मेरा आदमी बैठा ह आप उस साई से पैमेंट कलेक्ट कर सकते ह”

निखिल “ok आप यही रुकिए लंच साथ करेंगे जब तक मैं पैमेंट और आपकी इन्फो लेकर अत हु”

राज “कोई प्रॉब्लम नहीं ह फिर एक काम कीजियेगा इनफार्मेशन मेरे आदमी को हे दे दीजियेगा और डील वंही पूरी हो जाएगी जब तक मैं यही वेट करता हु अगर आपको प्रॉब्लम न हो”

निखिल “ no no मर सिंह कोई प्रॉब्लम नहीं आप यही वेट कीजिये” फिर प्रीती की तरफ देख कर मर सिंह खास मेहमान ह डिनर तैयार करो इनके liye.mujhe शिकायत नहीं मिलनी चाहिए ह मैं अभी वापस अत हु”

और उसके जाते हे वो दोनों राज के सामने थी …

राज “वेट wait….are बॉस आप झाँसी की रानी मत बनो …अभी तोह कहा निखिल ने मैं खास मेहमान हु”

प्रीती आंखे और बड़ी करती हुवी घूरने लगी…

राज ने उसका हाथ पकड़ा और सामने बिठा कर “ चुने के लिए सॉरी boss…ap क्या सोचती ह आप मिझे बताएगी नहीं तोह क्या मुझे पता नहीं लगेगा जब्र के पास जाकर आगयी क्या सोचा सब छिपा लोगी मुझसे इतना हे भरोसा ह मुज पर मन गिने चुने दिन हुवे ह हमे मिले हुवे par…thoda तोह पता लगता हे होगा मेरे बारे मई…”

प्रीती शॉक से उसे हे देख रही thi…aur बस इतनी हे बोली “ पर क्यों”

राज मज़ाक मई “ ये भी कोई पूछने की बात अपने बोलै था न मैं कुंवारा नहीं मरूंगा तोह इतना तोह बनता हे ह न अपने बॉस के लिए”

प्रीती के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और वो बोली थैंक यू सो मच राज …

“ और और तुम ऐसे अफसर बनोगी”

जैस्मिन “ वो सॉरी मैंने खूब कहा वापस चलते ह”

राज “ सब पता ह मुझे और अभी इजी रहो निखिल आज नहीं आएगा हम तीन हे ह जैसा डीडे हुवा था अब आप सच बोलोगी या फिर झूट बोलने वाली हो दोनों दुबारा से…”

प्रीती जैस्मिन तुम वो अल्लू को सम्भालो और परांठे तैयार करो मैं बताती हु”

जैस्मिन “ जी मम”

राज “ यस बॉस बताईये”

प्रीती एक एक करके साडी बात जो अबतक उसके साथ हुवी कॉलेज से लेकर शादी के बाद तक और अब कॉलेज मई जो हो रही ह बता दी”

राज “राज आपका हस्बैंड अब वो नहीं ह बॉस जो आप चाहती ह वो जल्द हे ऐसी मुसीबत मई पड़ने वाला ह की उसे कोई नहीं बचा सकता ह ड्रग्स का सप्लायर बन चूका ह वो आपको क्या लगता ह किस इनफार्मेशन की डील मैंने की ह”

प्रीती “ मुझे नहीं पता ह”

राज “कभी सोचा ह की मुझे जैस्मिन निशा फुस्पेंद्र शालिनी आशीष खभरी लाल भावेश और नेहा सारिका मई हे इंट्रेस्ट क्यों ह क्यों मैं हमेशा आप सबके पास हे रहता हु “

प्रीती क्यों

राज “आप सब के फैक्टर हो इस कॉलेज mai…apke सबके पास वो इनफार्मेशन ह जिसे कॉलेज की साडी कड़िया जोड़ सकता हु मैं की कौन ह इन सबके पीछे”

प्रीती शॉक पर शॉक खा कर हैरानी से बोली “ हु र यू”

राज “है है है है हु ी म है है है”

प्रीती तेल्ल में राज

राज “ इजी बॉस क्या फरक पड़ेगा जानकार …फर्क इससे पढता ह की मैं सही हु या गलत …और ये. बात आप अपने दिल से पूछो की मैं क्या हु आपके लिए”

प्रीती “ तुम तुम मुझे बातो मई फंसा रहे हो राज ”

राज “ाचा तोह ये बताओ आपके किसी काम को मन किया ह मैंने क्या जो अपने बोलै किया नहीं और क्या वो हुवा नहीं….”

प्रीती “राज”

राज “ बॉस आप कह कुछ रही ह और आपकी आंखे कुछ कह रही ह”

प्रीती “ तुम फिर से सुरु हो गए”

राज “ लगता ह मेरी बॉस की बातो की कोई वैल्यू नहीं ह खुदकी कही गयी बातो से हे पलट जाती ह”

प्रीती “ तुम्म”

पीछे जैस्मिन मंद मंद मुस्कुरा रही थी “ मुझे तोह पहले हे सक हो गया था प्रीती मम को क्रश हो गया ह राज पर जबसे वो ए ह इनके एक्सप्रेशन ड्रेसिंग सब चेंज हो गयी ह”

एक घंटे बाद हे निखिल का कॉल भी आगया की वो नहीं आएगा…

राज “ इवेंट पर सूरे ह की बहुत बड़ी गड़बड़ hogiii”aur फिर राज साडी प्लानिंग बताता चला गया toh…dusri तरफ कॉलेज मई भावेश को पता लगा राज बहार गया ह तोह वो ड्रग्स लेकर उसके गेस्ट हाउस की तरफ चुपके से चल पड़ा…

वर्ड काउंट 6.9क….

आज के लिए इतना हे …

मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का

 
अपडेट 241

चेस…

राज जब कॉलेज पंहुचा तब रात के 12 बज रहे the…isliye गेट पर पुलिस वाले कॉन्स्टेबल्स ने रोक लिया..

राज “ सर डिनर से आया हु आप चाहे अंदर केबिन मई कन्फर्म कर सकते ह उनको इनफार्मेशन मिल चुकी होगी.”

कांस्टेबल “ ok”

कांस्टेबल ने अंदर से कन्फर्म किया तोह प्रिंसिपल प्रीती ने पहले हे इन्फॉर्म कर दिया था फिर दूसरे कांस्टेबल ने तलाशी ली और अंदर जाने diya……wo आराम से चलते हुवे गेस्ट हाउस की तरफ आया तोह बिच मई चौकीदार घूमता हुवा मिला… “सलाम सब्जी”

राज “टॉर्च लेकर दूर से मत देखा कर पेड़ पौधो के पीछे भी झाँका कर” इतना कह चल दिया पीछे चौकीदार सर खुजलेटे रह गया और अब सच मई वो पेड़ पौधो के पीछे झांकता हुवा जा रहा था….

राज ने दूर ओपन करने से पहले मोबाइल की लाइट निचे मरी और फिर दूर ओपन करके अंदर agaya…….usne नेहा को देखा पर वंहा उसे नेहा नहीं mili…usne एक कौन की तरफ देखा ….तोह वो साया सामने आगया…

“मास्टर घर मई आवाज हुवी तोह वो किचन मई चिप गयी ”

राज जल्दी से किचन की तरफ जाकर “ neha…Neha मैं राज हु”

नेहा ने राज की आवाज सुनी तोह जल्दी से निचे की एक ड्रावर से बहार निकली और राज को अपने सामने देख उसके गले लग गयीईइ…

राज “ क्या हुवा”

नेहा “ तुमने कहा था तुम लेट आओगे इसलिए मैं इंतज़ार करते हुवे सो gayi.thi…par 10 बजे दूर को लगातार खोलने की आवाज आयी मुझे सक हुवा तोह दूर के पास जाकर देखा तोह दो जाने बात कर रहे थे की जल्दी खोल कोई आजायेगा जल्दी से काम तमाम करना ह और मैं घबरा गयी और यंहा आकर चिप gayi…aur तब से यही hu…ek आवाज जानी सी थी”

राज उसे बीएड के पास ले आया और उसे बैठकर “सब तीख ह नेहा मैं आगया हु..”

नेहा “सायद वो तुम्हे मरना चाहते थे …”

राज “ पागल लड़की काम तमाम करने के मतलब सायद वो चोरी करने ए होंगे और जल्दी कर रहे होंगे दर से कंही पकडे न जाये…”

नेहा “ नहीं राज”

राज “ ok कोई बात नहीं अब मैं यंहा हु तुम सो जाओ मैं दूसरे रूम मई हे सो रहा हु ”

नेहा “ नहीं तुम भी यही सो जाओ मेरे पास प्लीज”

राज पर “ ok तीख ह” इतना कह वो भी उसके साथ हे लेट gaya…aur दरी हुवी नेहा तुरंत उसकी बांहो मई सिमट गयी”

राज “सब तीख ह नेहा…” कुछ दिएर बाद नेहा सो गयी ह ये अचे से चेक करने के बाद उसने अपना मोबाइल निकला और कक्तव जो उसने गेस्ट के आसपास फिट कर दिए थे हिडन प्लेसेस पर उसकी रिकॉर्डिंग देखने laga….aur कुछ पल बाद उसके चेहरे पर मुस्कराहट agayiii…..usne नेहा की तरफ देखा और फिर एक कॉल लगाया …

और खुद बहार आगया…..

मॉर्निंग टाइम..

Raj…Rajj….ap उठे नहीं …

राज जो नाहा रहा था उसने ड्रेस्सपेहनकर दूर खोला और सामने जैस्मिन को देख… “कितना शोरे करती h….koyi देख लेगा न रोज यंहा ऐसे चिल्लाते हुवे तोह बदनाम कर देगा मुझे…”

जैस्मिन “ प्रभु दूर पूरा ओपन करो मैं अकेली नहीं हु…”

राज ने दूर पूरा ओपन किया तोह सामने प्रीती थी… “ अरे बॉस आप भी ह साथ मई आईये न और साइड हैट गया”

और किचन मई जाकर कॉफ़ी बनाने लगा

प्रीती “ तुम्हारे लिए ब्रेकफास्ट लायी हु”

राज “ एक मिनट ….एक minut…bosssss ये अपने बनाया ह मेरे लिए अपने हाथो से ….जैस्मिन सच ह क्या”

जैस्मिन जो जोर से हसने लगी तोह प्रीती के चेहरे पर भी मुस्कान आगयी राज की नौटंकी देख”

प्रीती “सच ह ….और ाजका क्या प्रोग्राम ह”

राज “ आज तोह ब्लास्ट karunga…jasmin एक काम करना आज अपने ग्रुप के साथ हे रहना और आज आप बहुत बिजी होने वाली ह इसलिए बस रिलैक्स रहिये और कुछ दिएर रेस्ट कीजिये और इंतज़ार कीजिये”

किसी को कुछ समाज नहीं आया और न राज ने संजय राज और वो दोनों नास्ता करने के बाद बाते करते हुवे बहार agayiii…dono को bye बोलकर बहार कॉलेज की मैं बिल्डिंग की तरफ चल दिया जंहा निशा और सारिका उसे बाते करती हुवी मिल गयी …

राज “ही”

सारिका हाथ वेव करती हुवी “ ही राज सर”

निशा मुस्कुराते हुवे “तोह फुर्सत मिल गयी”

राज “बिजी तोह आप ह जो कल से मिली हे नहीं”

निशा “ओह्ह्ह ऐसे क्या जनाब आप कॉलेज से बहार गए हुवे थे वो भी अकेले अकेले और फिर भी ब्लैम मुझे हे मिल रहा ह”

राज “ ओह्ह्ह ये तोह गड बाद हो गयी …अब तोह जेल मई जाना पड़ेगा”

निशा तिरछी मुस्कान के साथ“ वो तोह जाना हे पड़ेगा”

तभी निशा को स्टूडेंट्स ने आवाज मरी और

निशा “ डांस प्रैक्टिस का टाइम ह जाना पड़ेगा bye मिलती हु आपसे बाद मई…”

उसके जाने के बाद

सारिका “ तोह हमारे राज सर के दिल पर निशा मैडम का राज लगता ह”

राज “ नहीं”

सारिका कुटिल मुस्कान के साथ“ तोह डिनर पर हमे तोह बुलाया नहीं फिर निशा मम के साथ हे क्यों”

राज भी सारिका की आँखों मई देखते हुवे “मेरा डिनर लेट नाईट तक होता ह और हम तोह कल हे मिले ह न और आप प्रेजिडेंट हो कॉलेज की किसी ने साथ देख लिया नाईट मई डिनर साथ करते हुवे तोह बाते बनते वक़्त नहीं लगेंगी ”

सारिका “ जितने मू उतनी बाटे ह मुझे दर नहीं लगता ह और मिलने से हे जान पहचान भड़ती ह और वैसे भी अब तोह मैं और आप यही ह तोह जितना जायदा मिले उतनी जान पहचान गहरी होती जाएगी और हमारा साथ का सफर भी लम्बा ह”

राज “बिलकुल जल्द हे करते ह डिनर”

तभी उसकी नज़र आशीष पर चली गयी और वो सारिका को bye बोलकर आशीष की तरफ चला गया….

पीछे कड़ी सारिका राज को देखते हुवे धीरे से बोली “ तुम हो तोह मर्द हे और दुनिया मई ऐसा मर्द हे नहीं बना ह जो सारिका के हुसैन को देख खुदको रोक पाया ह जल्द हे तुम भी मेरे इशारो पर नाचोगे”

राज “आशीष आशीष…”

आशीष “ अरे राज सर आप यंहा”

राज “ मेरी छोड़ो तू ये बता ग्रुप छोड़ यंहा अकेला कान्हा घूम रहा ह”

आशीष “ केमिस्ट्री लैब जा रहा हु कुछ काम था क्या आपको”

राज “केमिस्ट्री लैब मेरी भी कभी देखि हुवी नहीं ह मैं भी साथ चालू”

आशीष “ आप क्या करेंगे वंहा वप सर इंचार्ज ह आपको देखते हे उछाल पड़ेंगे”

राज “ ok कोई बात नहीं ह तीख ह तुम जाओ”

आशीष के जाने के बाद राज वापस मुदा और ग्राउंड की तरफ चल दिया वंहा बास्केटबॉल टीम के साथ बास्केट बॉल खेलने लगा….

तभी उसे खबरि लाल बुलाने आया “सर जी सर जी बवाल हो गया ह आज का न्यूज़ पेपर देखा अपने”

राज “ नहीं ”

खबरि लाल “ ट्रस्टी सर का घर आग मई जल गया ह और साथ हे वो भी परमात्मा के पास चले गए ह अंतिम संस्कार की भी जरुरत नहीं पड़ी उन्हें toh…chaliye प्रिंसिपल मम बुला रही ह”

राज “ओह्ह्ह ये तोह बड़ा गलत हुवा चलो…”

प्रिंसिपल ऑफिस…

राज “ मई ी के इन बॉस”

प्रीती “ ाजाओ”

राज अंदर एंटर हुवा तोह सामने पुलिस का एक इंस्पेक्टर खड़ा था और ैप बैठा हुवा tha…raj ने दोनों की तरफ देखा पर ैप की पीठ अपनी तरफ होने की वजह से वो उसे देख नहीं पाया…

प्रीती “ ैप सर यही ह मर राज सिंह…” फिर ैप से राज का इंट्रो करवाती हुवी “ इनसे मिलो राज ये ह ैप तरुण भार्गव तुमसे कुछ पूछना चाहते ह”

ैप भार्गव ने राज को धयान से ऊपर से निचे की तरफ देखा

राज “ जी कहिये”

ैप भार्गव “ कल रात आप कान्हा थे”

राज “ क्या आपके पास इन्क्वायरी की परमिशन ह”

ैप भार्गव “ सिर्फ सवाल का जवाब दो”

राज “और अगर जवाब नहीं दू तोह”

ैप “ तोह फिर ठाणे चलना पड़ेगा फिर कई और सवाल पूछेंगे हम अपने तरीके से”

राज चेयर घुमाकर ैप के सामने करता हुवा बोलै “ सर ऐसा ह ता डा मिलके जितना आपको मिलता ह उतना हे मुझे मिलते ह …और दूसरी बात आप ठहरे सरकारी नौकर और मैं सिविलियन हु जो किसी के बाप का घुलम नहीं हु…

ैप “ तुममम…”

राज बिच मई हे “मैं तोह बोल लू पहले और अब तीसरी बात मैं हु सिंगल और मुझ पर पुलिस गिरी करने से पहले बता दू यंहा साडी रिकॉर्डिंग हो रही ह वो भी वौइस् के साथ …मैं अपनी साडी इनकम जो आज तक अकाउंट मई ह करीब 10 लाख से ऊपर ह वकील कोसिस के ऐसे दे dunga…aur आगे भी पूरी मंथली सैलरी लगा दूंगा और ये एविडेंस तोह तुम्हारे पुरे पुलिस डिपार्टमेंट का जुलुस निकलने के लिए काफी होगा samjhe…isliye पुलिस गिरी की धोंसे मुज पर तोह दुबारा बिलकुल मत दिखाना ” फिर पलटकर…… “ok मम मैं चलता हु दुबारा जब तक कोई जरुरी काम न हो तोह मुझे मत बुलाना …वर्ण रिजाइन आपकी टेबल पर होगा फालतू कामो के लिए वक़्त नहीं ह मेरे पास”

प्रीती राज का ताका सा जवाब सुनकर हैरान रह गयी और ैप से बोली “ मुझे आज की ये साडी बात कमिश्नर को बतानी होगी आप मेरे हे कॉलेज मई मेरे हे सामने कॉलेज के टीचर को थ्रेट दे रहे the…ye कह उसने कमिश्नर के ऑफिस मई कॉल लगाने लगी तोह…”

ैप “ आप बेसक कर सकती ह हमरे पास सर के हे आर्डर ह”

प्रीती “ तोह लीगल व्रीटेर आर्डर लेकर आईये ऐसे हे आप कॉलेज के मैं इवेंट टाइम पर परेशानी कड़ी नहीं कर सकते ह”

ैप कुटिल मुस्कान मुस्कुराते हुवे “ परेशानी तोह अब सुरु hogi…aur अबकी बार आऊंगा तोह डाक्यूमेंट्स साथ लाऊंगा चलो खान”

ैप भार्गव और इंस्पेक्टर असलम खान भी उनके पीछे पीछे चले गए…

ैप बहार आया तोह कुछ दूर हे उसकी नज़र नेहा पर गयी जो राज के साथ हंस हंस कर बात कर रही थी …उसने नेहा को बुलाया…

ैप “ कैसी हो”

नेहा नीची गर्दन करे हुवे “अछि हु”

ैप “ पढ़ाई कैसी चल रही ह”

नेहा “आप सीधी बात कर सकते ह क्योकि मैं अचे से जानती हु मेरी पढ़ाई या मैं कैसी हु आपको और माँ को कोई फरक नहीं पड़ता ह”

ैप राज की तरफ इशारा करके “ उससे दूर रहना …”

नेहा “ क्यों,” … फिर bye बोलकर “ मेरी क्लास ह” इतना कह वो चली गयी और राज मुस्कुराता हुवा ैप भार्गव को देखने laga..aur ैप भार्गव की और सुलग गयी…

टाइम दोपहर 2 बजे तक सबको पता लगा गया था की कॉलेज के मैं ट्रस्टी घर मई सिलिंडर ब्लास्ट मई मरे गए h…baki के ट्रस्टी भी सोच मई पढ़ गए the…aur इन्वेस्टीगेशन को प्रायोरिटी पर लेने के लिए प्रेस्सुरीसेड कर रहे थे पुलिस को…

दोपहर एक बजे …एक बार फिर ैप भार्गव एंटर हुवा प्रिंसिपल रूम मई और डॉक्यूमेंट दिखा कर बोलै अब बुलाएंगी उसे…

प्रीती ने राज को इस बार मोबाइल से कॉल करके बुलाया…

कुछ मिनट बाद

ैप भार्गव “ अब बताओ”

राज “ पूछिए”

ैप “ कल रात कान्हा थे”

राज “ अपने गेस्ट हाउस मई”

ैप “ तुम कल बहार गए थे शामको”

राज बुरा सा फेस बनाकर“ सर आप कंफ्यूज मत करिये आप क्लियर पूछिए छोड़िये मैं हे पुरे दिन भर की हे बता देता हु” फिर बताते हुवे मैंने दिन मई कॉलेज मई ये किया और फिर ये किया और शाम को बहार गया था …प्रिंसिपल मम के घर हे था डिनर के लिए …और फिर ैप के पीछे खड़े शख्स की नाम प्लेट देखकर अरे आप ह असलम खान आप जैस्मिन के फादर ह न”

असलम खान “ है”

राज “ इनकी बेटी भी साथ थी पूछ सकते ह क्या अल्लू के परांठे बनाये थे मज़ा आगया था”

और ैप ने असलम की तरफ घूर कर देखा और असलम ने कहा “मुझे पता नहीं ह सर” फिर जैस्मिन को बुलाया तोह जैस्मिन ने हां भर डीई…

राज “ तोह आपका हो गया हो तोह जा सकता हु मेरे स्टूडेंट्स वेट कर रहे ह”

ैप “ Nahii….Tumhari फॅमिली डिटेल चाहिए”

राज “ आपको हे चाहिए या”

ैप “ सक ह तोह डिटेल चाहिए ह रिकॉर्ड के लिए”

राज “अनाथ हु क्सक्सक्सक्स ॉर्फिन से हु”

ैप “ मतलब लावारिश ह तभी ऐसा ऐटिटूड ह”

राज की आईज ब्रो ऊपर हो गयी और आँखों मसि आंखे डालकर बोलै “ ैप भार्गव राइट …अनाथ हु पर एक बात कह देता हु आपको जितना मुझे उकसाओगे उतना हे पछताओगे. ..इसलिए जितना सह सको उतना हे उलझना”

ैप भार्गव “ धमकी दे रहो ों डूएटी अफसर को”

राज आंखे दिखते हुवे“ आग से खेलोगे तोह जल जाओगे”

दोनों के बिच गरमा गर्मी देख …प्रीती बोली “ैप सर आपकी इन्क्वारी हो गयी ह”

ैप “ सर्च करना ह”

प्रीती “ सर्च वररेंट ह”

राज मुस्कुराता हुवे “ खेलने दो मैडम पुराण खेल ह इनका चलिए इस बार सर्च वररेंट की भी जरुरत नहीं ह” सब बहार ए toh…bahar कॉलेज के बहुत सरे स्टूडेंट्स खड़े हो चुके थे और जानना चाहते थे की क्या हो रहा ह ..

राज “ अरे तुम सब प्रैक्टिस नहीं कर रहे”

एक स्टूडेंट “ सर क्या बात ह कोई प्रॉब्लम ह ये लोग फिर से ए ह आपको परेशां तोह नहीं कर रहे ह आप कान्हे तोह स्टूडेंट पावर दिखा दे”

राज “अरे नहीं सब तीख ह बस दस मिनट मई आया”

सब “ok सर”

गेस्ट हाउस के सामने …

राज “ जाईये बस बस तोड़ फोड़ मत करना मेरा घर नहीं ह न कॉलेज का गेस्ट हाउस ह”

ैप ने इंस्पेक्टर असलम को इशारा किया तोह वो अपने कांस्टेबल के साथ पुरे घर को अचे से छान मारा और आकर बोले “ कुछ नहीं ह सर और भार्गव को लगा शॉक”

राज “ जिसने आपको कहा ह न उसे बोलना मेरे नाजायज औलादे भी उसे ाचा खेलती ह ये खेल”

ैप गुसाई से भन्ना उठा..

राज “ अरे मैं तोह भूल हे गया था मम अपने यंहा से सिर्फ कमिश्नर ऑफिस मई हे इनविटेशन कार्ड देना ..वो क्या ह न मुझे वो लोग बिलकुल पसंद नहीं ह जो दुसरो के टुकड़ो पर पालते ह कुत्ते सिर्फ चौकीदारी के लिए तीख ह”

ैप ने गुसाई से राज का गिरेबान पकड़ लिया …

राज अपने गुसाई को कंट्रोल karke“tere उलटे दिन सुरु हो चुके ह ैप अरे एक बात बताना भूल गया बाबू… है यही तेरी बेटी रात को मुझे कह रही थिई मेरा बाबू”

और ैप को लगीई mirchi…aur वो कुछ और करता इंस्पेक्टर असलम ने जल्दी से आगे आकर उसे पकड़ लिया और बोलै “कंट्रोल सर क्या कर रहे हो बवाल हो जायेगा उसके खिलाफ पहले हे कोई प्रूफ नहीं ह चलिए इसे बाद मई देख लेंगे”

पर अब राज का मूड ख़राब हो चूका था और वो जोर से बोलै “ बाबू ओह बाबूउ मेरे शोना बाबू ” बस ैप को फिर से लगी मिरचियइ और फिर उछाला…

पीछे प्रीती उसके जाने के बाद“ ये क्या ह राज”

राज प्रीती की आँखों मई देख कर “ मुझे सब मंजूर ह बस मेरे गिरेभान पर कोई हाथ डेल तोह कण्ट्रोल नहीं होता ह और मेरे अंदर ka..…khair ये सब छोड़िये आप बॉस. वैसे भी आपकी हेल्प का वडा किया ह न वैसे ये सादे से एक्सप्रेशन मेरी स्वीट सी बॉस पर अचे नहीं लगते ह”

प्रीती “तुम फिर सुरु हो गए”

राज के चेहरे पर मुस्कुराकहत आगयी …

पर अभी जो हुवा उसे बहुत साडी आंखे बड़े धयान से देख रही थी ..जिसमे निशा शालिनी फुस्पेंद्र जैस्मिन आशीष और वाईस प्रिंसिपल भी tha….raj प्रीती से बात करके निकल जाता ह ग्राउंड की taraf…janha स्टूडेंट्स अभी जो हुवा पूछने लगते ह और वो शार्ट मसि बता देता ह और स्टूडेंट्स को लास्ट मिनट टिप्स देते हुवे कहता ह…

“ मू से सांस लोगे जल्दी थकोगे …इसलिए नाक से साँस लो और जैसे हे मौका मिले लम्बी सांस लो और छोड़ो इसे बॉडी जल्दी रिलैक्स होगी और गेम के बिच मई एक एक घूँट पानी पिटे रहो समाज गए सब…..”

सरे स्टूडेंट्स “यस सर”

राज “ और एक लास्ट एडवाइस सबके लिए फॉर life…..jab तुम सोचलोगो तुम हार चुके हो हर जाओगे और जब तक हर नहीं मानोगे और सामना करोगे …तब तक तुम लाइफ मई आगे बढ़ते जाओगे क्योकि हर फेलियर तुम्हे इवॉल्वे करेगा और साथ हे उस वीकनेस को दूर करते रहो जिसकी वजह से फेलियर आया और आगे बढ़ते जाओ ात लास्ट तुम वंहा पहुंचोगे जंहा तुम खुदको देखना चाहते the…understand ”

सब पुरे जोश से और जोर से “यस सर”

राज “ तुम्हे लगता होगा मैं मज़ाक कर रहा hu….ek काम करो कौन तुम मई से सबसे जायदा पुल्ल यूपीएस मार सकता ह”

तभी एक लड़का जो जिम जाता था वो कहता ह “सर मैं 30 मार सकता हु”

राज “ गुड चलो करके दिखाओ”

और वो लड़का फुटबॉल पोल के ऊपर लटक कर पुल्ल यूपीएस मरने laga…aur कुछ दिएर बाद वो हांफता हुवे निचे उठता और बोलै सर 35”

अब बहुत सरे बॉयज एंड गर्ल्स और स्टूडेंट्स भी तेज़ शोरे सुनकर वंहा आगये की राज सर क्या बता रहे ह…

राज “good…kya सोचते हो इसे आगे कोई कितने लगा सकता ह …”

सब एक एक करके “सर इतने हे बहुत ह मुझसे तोह 10 हे निकलते ह तोह कोई 25बोलै तोह कोई बोलै सर 50 से जायदा बहुत डिफिकल्ट ह है हमने टीवी मूवीज मई जरूर 100 पुललस यूपीएस मरते देखा ह हीरो ko”aur उसकी बात सून सब हसने लगते ह

राज “ वेट एंड सी और राज ने अपना कासुअल शर्ट जो पहना हुवा था उसे खोला और एक लड़के को पकड़कर 50 किसने बोलै था…

एक लड़का मैंने सर…

राज मुस्कुराते हुवे उसे देखा और एक हाथ से पोल्ल को पकड़ा और लगा पुल्ल यूपीएस लगाने कुछ दिएर बाद सबकक आंखे चौड़ी हुवी फिर मू खुले और फिर सब सुरु हो गए तेज़ काउंटिंग करने 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50…

राज निचे उतरा और पसीने आने की वजह से उसकी चेस्ट का शेप दिखने लगा था और निचे के एबीएस का शेप भी हल्का हल्का दिखने लगा…

लड़किया तोह इम्प्रेस थी हे साथ हे लड़के भी मोटीवेट हो गए थे..

राज “ इसलिए कहा था जितना पुश करोगे उतनी हे तुम्हारी लिमिट्स increase…hongi….aur स्पेशलय एक बात कहूंगा ड्रिंक स्मोकिंग …गफ bf…ye सब लाइफ का part ह बूत अपना एआईएम बनाओ उसके आगे किसी को मत आने do…kyoki…respect लव मनी रिलेशनशिप ये सब तभी मिलेगा जब उलटिमटेली अपना गोआल अचीव करोगे ….”

एक लड़का “सर आपका एआईएम क्या”

राज “आसमान की तरफ देख कर मेरा एआईएम एक मिस्ट्री को सोल्वे करना ह”

लड़की “ पर सर कॉलेज मई कैसी मिस्ट्री कंही वो मूवीज की तरह कंही आपका भी अपने सपनो की सज़दाति को ढूँढना तोह नहीं ह न”

राज के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी ….और बोलै …पढ़ाई पर धयान दो और तुम तोह रेस मई हो न 400 मीटर की मैंने जो एक्सरसाइजेज बताई थी वो कर रही हो या नहीं या तुम भी सपनो के राजकुमार को हे धुंध रही हो”

राज की बात सून सब हंस पड़े…

राज “ ok चलो लगे रहो प्रैक्टिस मई अपनी स्ट्रेटेजी को डोबबले चेक करो“ राज फिर सबको bye बोलकर निकल गया तोह शामको जैस्मिन आगयी

जैस्मिन “ पापा बोल रहे थे आज अपने ैप सर को बहुत गुसा दिला दिया”

राज “पापा और क्या बोले”

जैस्मिन “ यही की अब तुम्हारे सर को वो नहीं छोड़ेगा…”

राज “ तुम डिनर करना चाहती थी न मुझे आज की रात कैसी रहेगा”

जैस्मिन “राज पर”

राज “ पर वॉर कुछ नहीं जाओ प्रैक्टिस करो शामको 7 बजे के अस्सपस्स साथ हे चलेंगे”

जैस्मिन अपनी प्रैक्टिस मई लग गयी क्योकि तीन दिन हे बाकी थे बस इवेंट mai…idhar राज गेस्ट हाउस मई जल्दी आगया और अपने लैपटॉप से मई कुछ देखने laga…aur कुछ दिएर बाद फिर टैक्सी वाले को कॉल कर दिया की क्या करना ह ..

इवनिंग 7.30 पं…

राज और जैस्मिन टैक्सी मई बैठे हुवे थे….

राज “ कितने ह”

टैक्सी ड्राइवर “ बॉस 2 जाने ह बाइक पर”

राज “ ok पहले किसी स्वीट्स की शॉप पर रोको स्वीट्स लेने ह”

एक बड़ी सी स्वीट की शॉप से राज ने काफी डिफरेंट डिफरेंट स्वीट्स liye…aur जैस्मिन के घर के आगे कार रुकी…

राज “ तुम्हे डिनर करके ाजाओ क्योकि वक़्त लगेगा”

टैक्सी ड्राइवर “ ok सर”

राज “ तुम नर्वस हो”

जैस्मिन “ननननही तोह”

राज जैस्मिन के साथ चलते हुवे“ तुम्हे अफसर बनना ह जैस्मिन बाकि सब भूल जाओ जिंदगी मई चांस काम हे मिलते ह”

जैस्मिन ने है मैं गर्दन भरी और दूर बेल्ल बजायी तोह …

तोह सामने से इंस्पेक्टर असलम ने हे दूर ओपेनकिया…

राज “ गुड इवनिंग सर ी होप आप गुसा नहीं होंगे मैं बिन बुलाये आगया”

असलम ने एक बार जैस्मिन को घूर कर देखा और साइड हैट ते हुवे “आईये”

राज जिसने स्वीट्स पकड़ रखे थे उसे टेबल पर रख दिए …और असलम इतने सरे बैग्स देख राज को देखने लगे…

राज “डोंट वोर्री sir…iska दूसरा कोई मतलब नहीं ह जैस्मिन बहुत हेल्प करती ह मेरी बस इसलिए …”

असलम खान सामने बैठते हुवे “ आज जो हुवा ाचा नहीं हुवा था”

राज “ सर मेरी फॅमिली फ्रेंड्स को कोई कुछ कहे ट्रस्ट में मैं मैं उसे छोड़ता नहीं हु …वो तोह ों डूएटी था वर्ण उसे वंही मार देता” ये कह राज कुछ सेकंड चुप हुवा और फिर हँसता हुवा बोलै ….सीरियस हो गए आप तोह…”

असलम राज को देखते हुवे “ कितनी को मार चुके हो अब तक ”

राज “काउंटिंग नहीं करि ह पर 2000 से ऊपर हो हे गए होंगे”

असलम खान मुस्कुराते हुवे “ बरखुद्दर तुमंर इस बार ैप को छेद कर सच मई मुसीबत ले ली ह”

तभी जैस्मिन पानी लेकर आयी

राज “ ये कह रही थी अगर मैंने इसका किडनैप किया तोह आप फिरौती मई कुछ नहीं देंगे सही ह क्या”

जैस्मिन की हालत पतली हो गयी ये सुनते हुवे और वो खस्ने लगीई

असलम खान उसे अपना पानी का गिलास देते हुवे “ पानी पियो …और इसने सच कहा मेरे पास कुछ नाहीइ देने के लिए …ईमानदारी की कमाई से घर हे चलता ह”

राज “ इसीलिए अपने ग्वालियर से यंहा पोस्टिंग ले ली जैस्मिन ने बताया”

असलम खान “मुझे ब्रस्ताचार से भरस्ट अफसर से सख्त नफरत ह”

राज जैस्मिन की माँ को आता देख कर खड़ा हुवा और उनके पाँव चुकार बोलै …आपके अल्लू परांठो का स्वाद बिलकुल मेरे घर की तरह”

और ये सून असलम को लगा झटका और बोलै “ पर तुम तोह कॉलेज मई कह रहे थे तुम अनाथ हो”

राज “मैंने जो कहा उस बेवक़ूफ़ ने मान लिया वो लीगली आएगा तरीके से बात करेगा तब सच पता चलेगा”

असलम “ ाचा कौन ह तुम्हारे पापा और क्या नाम ह उनका”

राज ने जैस्मिन की तरफ देखा तोह असलम राज को लेकर एक रूम मई आगये..

असलम “अब बताओ”

राज “सायद आप जानते ह उन्हें दिल्ली कमिश्नर जोगिन्दर सिंह”

और ये सुनते हे असलम शॉक से “ मतलब दिल्ली के अंदर जिनका खोफ्फ़ रहता ह वो तुम्हारे पापा ह. जोगिन्दर सिंह सर”

राज “ हां”

असलम “सच बताओ तुम यंहा क्यों हो फिर फॅमिली को छोड़कर”

राज “ पहले एक सवाल मेरा ह अपने जैस्मिन के लिए क्या सोचा ह ”

असलम “ उसका एआईएम पुलिस अफसर बनना ह इसलिए उसे S.i. एग्जाम की प्रेपरेशन भी साथ करवा रहा हु और दर निकल जाये इसलिए मार्टिकल आर्ट्स सिखाये… इसे जायदा मैं मेरी ईमानदारी की कमाई मई उसके लिए कुछ नहीं कर सकता हु ”

राज ने अपने मोबाइल को ओपन किया और असलम खान की तरफ कर दिया .. असलम ने एक बार राज की तरफ देखा और फिर मोबाइल की स्क्रीन की तरफ देखा और उन्हें बहुत बड़ा शॉक लगा और वो राज को तोह एक बार वापस स्क्रीन की तरफ देखते

राज “ मेरी बहुत सी िडेंटीटीएस ह सर …पर जो आप अपने हाथमे देख रहे ह वो बिलकुल सच ह …..एक दोस्त और टीचर होने के नाते इतना तोह कर हे सकता हु जैस्मिन के लिए…”

असलम खान के पास वर्ड नहीं थे और उन्हें समाज नहीं ारः था की वो क्या कहे….

असलम खान “ तुम बैठो मैं ये जैस्मिन को दिखा दू उसका ड्रीम ह ये”

राज मुस्कुराते हुवे “जरूर”

बहार असलमखान ने जल्दी से सबको दिखाया तोह उन्हें भी कुछ दिएर यकीं नहीं हुवा और जब यकीं हुवा जैस्मिन और उसकी माँ ख़ुशी से रोने लगीई…

राज उनको खुस होता देख कर मुस्कुरा रहा था ..

जैस्मिन भागकर राज के गले लग gayiiii…ye देख असलम खान और उसकी वाइफ भी शॉक हो गए पर बोले कुछ नहीं…

राज “पागल लड़की”

जैस्मिन अलग होकर “पर कैसे…”

राज “ खुस मत हो स्पेशल अफसर कैंप मई एंट्री तब मिलेगी जब हिमाचल इस आश्रम मई ट्रेनिंग सक्सेस्स्फुल्ली पास करलोगी और मैं बता देता हु मेरी रिकमेन्डेशन का मतलब ह सबसे हार्ड ट्रेनिंग सचेडूले जिसमे पैन एक्सटर्नल से जायदा इंटरनल होगा ”

जैस्मिन “पर मैंने कितनी हे बार अप्लाई किया मुझे हर बार रिजेक्शन हे मिला …यंहा तोह इंडिया के टॉप जीनियस हे सेलेक्ट होते ह इनफैक्ट उनकी स्कूल भी ह उसमे भी अप्लाई किया था बूत हर बार रिजेक्ट हुवी पर अपने कैसे” असलम भी राज की तरफ देख रहे थे की राज ने कैसे किया…

राज “ वंहा जाओगी तब पता चल जायेगा और है …एक बात बता देता हु तुम्हे क्लेअर्ल्य वंहा किसी को और खासकर दो जानो को कभी मत बताना की मैंने तुम्हे भेजा ह वर्ण वो तुम्हे छोड़ेंगे नहीं”

जैस्मिन “ कौन”

राज “ नाम याद नाहीइ दिमाग मई फिट करलो उनका नाम सभी और आग…”

जैस्मिन” सभी और आग”

राज “है एक पानी तोह दूसरा सच मई आग ह अब डिनर करे लेट हो जायेंगे वर्ण”

असलम खान “ बेगम लगाओ डिनर”

डिनर करने के बाद …निचे असलम खान और राज घूम रहे थे…

असलम खान “ ट्रस्टी”

राज “ मैंने मारा ह …”

असलम खान शॉक से उसे देखने लगे …

राज “ देखिये सर आपके पास क्यों आया जैस्मिन हे क्यों …बहुत सवाल होंगे …ये सब मेरे प्लान का part ह …जैस्मिन से मिलकर मैं आप तक पहुंचना चाहता था पर जैस्मिन की डिटेल पता करि तब पता लगा की वो क्या चाहती इसलिए.. उसकी हेल्प करि और जब उसे साथ रहकर जाना तोह वो अछि lagi…aur आप मुजरिमो से नफरत करते ह और मैं भी बस मेरा मन्ना ह उन्हें इस दुनिया मई होना हे नहीं चाहिए ह इसलिए मैं मार देता हु …और ट्रस्ट में ैप भी मरेगा …पर अभी कुछ दिन बाकी ह उसके क्योकि उसने जो काम किये ह उसके लिए. मौत हे उसकी सजा ह…”

आलम खान “ कानून के सिकंजे मई फंस गए तोह बच नहीं पाओगे”

राज मुस्कुरा कर “ है है है कानून कौनसा kanun…aur आपको क्या मिला अपने कानून से सीनियर्स की बेरुखी और आप इतने केस सोल्वे करने के बाद भी सुब इंस्पेक्टर हे रह gaye…waise भी मुझे पूरा यकीं h…kal आपके पास कॉल आएगा या बुलाकर आपको डिपार्टमेंट से ससपेंड कर देंगे”

असलम खान “ और वो क्यों”

राज “पुलिस के दो आदमी मेरा पीछा कर रहे ह और वो ैप के आदमी ह और ैप कल आपको ससपेंड करवाके रहेगा… क्योकि उन्होंने मुझे जैस्मिन के साथ देखा और अब उसके साथ रातको आपके घर देखा और अब आपके साथ घर पर रूक कर और अब बहार घूमते हुवे देख रहे होंगे इतना बहुत ह उसे यकीं दिलाने के लिए की उसे घर मई तलाशी के वक़्त क्यों कुछ नहीं mila….ok सर आपसे मिलकर ाचा लगा पर साथ हे ढक भी हुवा …आप जैस्मिन को बुला दीजिये ”

राज ने इशारा किया तोह दूर से टैक्सी की लाइट ों हुवी और आकर बगल मई रुकी जैस्मिन और वो दोनों बैठ गए तब राज ने असलम खान को कुछ दिखाया और टैक्सी रावण होगयी कॉलेज की तरफ…

टैक्सी ड्राइवर “ सर एक गाड़ी हमारा पीछा कर रही ह”

ये सून जैस्मिन ने तुरंत पीछे मुड़कर देखा तोह एक स्कार्पियो तेज़ी से उनकी तरफ आरही थी..

जैस्मिन “ मैं पापा को कॉल करती हु”

राज “वेट”

जैस्मिन “पर” कहकर पीछे मुड़ी और चलती कार से पीछे आरही स्कार्पियो को देखने लगी…

कुछ मिनट मई हे स्कार्पियो तेज़ी से उनकी टैक्सी कार के आगे आकर रुकी…

टैक्सी ड्राइवर “ सर ये स्कार्पियो आज सुभे भी कॉलेज के बहार कड़ी थी”

स्कोर्पियन से 6 जाने हाथो मई हथियार लेकर उतरे…

जैस्मिन आदमियों को देखकर “ ये तोह जब्र के आदमी ह सर हमे निकलना होगा भैया चलिए जल्दी यंहा से ..राज…..

उसने राज की तरफ देखा जो बहार जा चूका tha….wo ये देख थोड़ी दर गयी पर दिमाग से काम लेकर उसने जल्दी से अपने पापा को कॉल लगा दिया…

सामने से hello

जैस्मिन जल्दी से“ पपपप जब्र के आदमियों ने हमे रोक लिया …प्लीज आप जल्दी ाजाईये”

असलम खान “ रिलैक्स हो जाओ pahle….ye बताओ वो कान्हा ह”

जैस्मिन “वो कौन”

असलम खान “ सर कान्हा ह”

जैस्मिन “वो वो बहार खड़े ह उनके samne…ap ाजाईये जल्दी से उनके हाथ मई चाकू और हथियार भी ह हम दजप बैंक से थोड़ा आगे हे ह वो मार देंगे हमे”

असलम खान “ मार देंगे ….पागल लड़की तुम जानती नहीं हो तुम्हारे साथ कौन ह…”

जैस्मिन “ मुझे जाना होगा पापा उनकी हेल्प के लिए वर्ण आज वो जिन्दा नहीं बचेंगे”

इधर वो सरे राज की तरफ बढे और एक बोलै…. “ तू हे राज सर ह न”

राज “ हां”

आदमी ने अपने साथियो की तरफ देखा तोह एक ने उसे इशारा किया

इधर कार मई असलम खान मोबाइल पर….

असलम खान “ वो नहीं बचेंगे अरे वो खुद उनकी मौत h….tumhare साथ कोई आम सा दिखने वाला टीचर नहीं h..jisai तुम जानती हो …वो एक वेल त्रिनेड अंडर कवर पुलिस अफसर ह”

जैस्मिन शॉक से “ क्या”

बहार राज “ एक सवाल किसने भेजा ह”

आदमी कुछ नहीं बोलै …और राज के पास agaya..Raj का हाथ उठा और घुमा और अंदर से जैस्मिन जो मोबाइल मई सच सुनकर शॉक मई थी उसने बहार का सन जो अभी हुवा था उसे देखा तोह आंखे हैरानी से चौड़ी हो गयी और वो टैक्सी से उतर कर बहार agayii..par मोबाइल अभी भी कान पर हे था

असलम खान “ वो कोई मामूली अंडरकवर अफसर नहीं h…usai डायरेक्ट …इंडियन पुलिस के चीफ ने रेक्रुइत kiya….wo फ्री h…fearless ह वो जंहा होगा मतलब वंहा मौत barsegi…aur इस वक़्त जो उसके सामने ह वो खुद अपनी मौत के सामने ह” इतना कह उसने कॉल कट कर दिया…

इधर राज ने जिसे अपना धन्य हाथ मारा था वो साइड मई कई फ़ीट दूर जाकर gira..aur सामने देख दुबारा से बोलै

राज “ किसने”

फिर कोई जवाब नहीं मिला और राज के चेहरे पर एक भयानक मुस्कुराकहत आगयी और उसने अपना हाथ झटका तोह उसके हाथ मई था उसके यार का गिफ्ट उसका डैगर …और सामने आरहे आदमी के सर मई घोप दिया जो घुसा तोह सर से पर निकला थोड़ी से आर पार …पीछे कड़ी जैस्मिन के हाथ से मोबाइल छूट गया राज ने डैगर निकला और घूमकर दुबारा वार किया तोह अगले के चेहरे मई घुसता चला गया ..जैस्मिन ये देख थार थार काँप रही थी ये फर्स्ट टाइम था जब उसने लाइव मर्डर देखा tha..raj ने बायकी तीन को भी मसर दिया अब एक जिन्दा बचा था जिसने दर से पेण्ट मई हे मूट दिया

राज “किसने”

आदमी “ज्ज्ज्जेब्रा भाई ने भेजा ह”

उसने इतना हे कहा था की डैगर उसकी गर्दन के आरपार हो गया…

राज पलटकर “ तुम्हारे पापा को बोलो आज हम उनके पास हे रुके हुवे थे तीख ह उन्हें कल ऐसा हे बोलना ह”

जैस्मिन “ तत्तथिक ह”

कुछ दिएर baad…wo एक घर के सामने थे …

जैस्मिन “ ये तोह वार्डन मम का घर ह”

राज “ है चलो”

वो दोनों अंदर आगये …राज ने टैक्सी वाले को इशारा किया तोह उसने है मई सर हिलाया और टैक्सी का नंबर चेंज कर निकल गया…

शामे टाइम कॉलेज…

कॉलेज मैं गेट…


कांस्टेबल “ क्या ह”

कॉलेज गेट कीपर “ सर ये लीजिये आपकी कॉफ़ी और ये मिनी ट्रक स्कूल के विप गेस्ट के लिए सोफे और डेकोरेशन का सामान लाया ह..”

दूसरा कांस्टेबल “ अरे शामको हे तोह ये बता रहे थे तू कान्हा था तब..

गेट कीपर “ हमेशा यही से अत ह डेकोरेशन और विप की विप सीट्स टेबल से लेकर बर्तन तक सब… विस्वास वाले ह”

कांस्टेबल “ ok.sayad भूल गया मैं तीख ह भाई जाओ तुम सामान लेकर”

मिनी ट्रक सीधा मैं बिल्डिंग की तरफ आया जंहा …वप भावेश पहले हे मौजूद tha..aur ट्रक को देख उसकी आँखों मई चमक agayiii…par चमक सिर्फ उसकी आँखों मई हे नहीं थी …और भी आंखे थी जिनकी आँखों मई बड़ी सी चमक agayiii..thii…

वंही वार्डन हाउस…

राज जैस्मिन को पानी देते हुवे … “लो पानी पियो”

जैस्मिन ने जल्दी से पानी लिया और पिने लगी…

राज “ कॉफ़ी”

जैस्मिन “ नही वो वो”

राज ने जैस्मिन का इशारा देखा तोह टीशर्ट पर खून लगा हुवा था…

राज “ मेरा नहीं ह”

जैस्मिन “ आप”

राज “मैं कौन हु क्यों हु किसलिए हु …जिसने जाना ह वो या तोह मेरा बहुत खास ह या फिर वो इस दुनिया मई हे नहीं ह”

जैस्मिन “मम्म्मात्लब”

राज “ कांपना बंद karo…Tum मुझे पसंद ho…bus इतना बहुत h…tumhe कैसा अफसर बनना ह ये सोचो और सो जाओ गुड नाईट ..” फिर राज जाते हुवे…. क्या नाम था जब्र ये वही ह न जिस साई तुम और प्रीती बॉस मिलने गए थे”

ये सून जैस्मिन पूरी हिल गयी…

राज सो जाओ और जाते हुवे राज गाना गेट हुवे बोलै “ मैं हु koun….main हु जब्र फैन…..”

आज के लिए इतना he….Masti मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का...
 
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