Adultery Raj-- hero of the family - Page 81 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 233

राज हीरो ऑफ़ थे फॅमिली

“बैटल फॉर रिवेंज 2

ी साइड no no no"

फलेश बैक …

डेथ हेलो से फाइट होने के बाद जब ऋचा दीपू का ट्रीटमेंट करके मित्युदूत को उसके पास छोड़कर गयी ..उसके बाद…

मित्युदूत घुटनो के बल पास बैठा huva…bahut दुखी था और दीपू को हे देखे जा रहा था “मास्टर आप बहुत छोटे थे जब आपकी माँ ने हमे आपका प्रोटेक्टर बनाया … उन्हें कहा था की हमेशा आपकी रक्षा करे पर ये सरीर उम्र के साथ कमजोर होता जा रहा h….hume पता था ये वक़्त आएगा पर उम्मीद थी की आप जब तक पूरी तरह तैयार हो jayenge…har बार आपकी बात मणि और आपको घायल होते देखा h…aur आज आपकी दूसरी माँ दिव्या को आपकी जरुरत ह वो आपके बिना पल पल अंदर हे अंदर टूट टी जा रही ह और अब तोह आपके पिता का दुश्मन भी उनके पीछे लग गया h…..ap अगर सब सून रहे ह …तोह ये वक़्त आपके सोने का नहीं ये वक़्त आपके जागना का ह और दुश्मनो पर अपना कहर भरसाने का h…ap क्या सोचते ह मुझे पता नहीं ह इस तरह के नींद के इंजेक्शन अपने ट्रेनिंग मई बहुत लिए ह apne…Nirwan परिवार के नायक को आना हे होगा …राज को जागना हे hogaa…..Apke पापा और माँ का दुश्मन हमारे पास सुभे के सूरज के साथ आने हे वाला h….apko जागना होगा मास्टर ये लड़ाई आपकी ह….” मित्युदूत पिछले कई दिएर से यही बात कर रहा था और उसे पता हे नहीं लगा की उसकी बाते कब कुछ मिनट्स से घंटो मई बदल गयी…

तभी ….उसे अपने पीछे आवाज सुनाई दी और उसने अपनी सोर्ड निकल ली …पर पीछे मुड़कर वो हैरानी से देख छोङकर बोलै tuuu…..tu यंहा क्यों ह तुझे दिव्या जी के पास होना चाहिए था न…

मित्युदूत 2 “मुझे अभी दिव्या जी का इमरजेंसी सिग्नल मिला था जब मैं बलराम और उसकी फौज का पीछा कर tha…maine तुम सब से कांटेक्ट करने की कोसिस की पर सिग्नल जाम की वजह से कांटेक्ट नहीं हुवा”

मित्युदूत 1 “ kyaaa….kyaaa हुवा जल्दी बता”

मित्युदूत 2 “वो खतरे मई ह उनके बॉडी गॉर्डस भी कोई जवाब नहीं दे रहे ह”

मित्युदूत 1 “यंहा भी लड़ई होगी ये तय ह मेरा मास्टर के पास होना जरुरी h..r”

मित्युदूत 2 “मैं बस तुझे यही बताने आया था मैंने अज्जू से कहा ह वो ट्रेस करके मुझे बता देगा और सुनील को बताने से और मैसेज करने से मन कर दिया ह मैंने ”

मित्युदूत 1 “ याद रखना मास्टर की माँ ह वो उन्हें कुछ नहीं होना चाहिए ह एक माँ को खो चुके ह और अगर अब दिव्या को कुछ हुवा तोह ये पूरी तरह टूट जायेंगे… सबको मार देना भले हे चाहे उन्हें बचते वक़्त कुढ़ की जान हे क्यों न दांव पर लगनी पड़े पर दिव्या को कुछ नहीं होना चाहिए ह समाज गया”

मित्युदूत 2 “तीख ह मैं जाता हु अलविदा मेरे भाई क्या पता दुबारा मिलकात हो न हो”

मित्युदूत 1 “अलविदा और शान से लड़ना और हो सके तोह जिन्दा वापस आना”

तभी उन्हें पीछे से आवाज आयी “जब दुस्मनी मेरी ह तोह मेरे बिना हे जाओगे” दोनों आवाज सुनकर चौंक गए और पलटकर एक साथ घुटनो पर बैठकर बोले “मास्टर”

राज “ कितना वक़्त हो गया”

मित्युदूत्स दोनों हड़बड़ा गए सीधे सवाल से पर मित्युदूत 2 बोलै “मास्टर पहले हमे जाना होगा मैं बाद मई समझा दूंगा …”

मित्युदूत 1 “ नहीं आप रेस्ट करिये आपको कंही नहीं जाना ह”

राज गुसाई से घूरने लगा और मित्युदूत को दिखाई दी राज की आँखों मई निर्वाण की घुसाई की आग की लपटाइ और वो चुप हो गया …राज ने इधर उधर देखा और उसे दिखाई दिया कौन मई रखा “कुल्हाड़ा” उसने आगे बढ़ उसे उठाया और अपनी पीठ मई टांग लिया और मित्युदूत 2 के साथ गाँव से बहार चिप कर चुप चाप निकल गया …और गाँव से बहार कड़ी थी मित्युदूत 2 की स्पेशल यंहा की मॉडिफाइड बाइक और दोनों सवार हो गए राज ने गाँव के बहार निकलते हुवे बहुत सरे आदमियों को देखा पर बोलै कुछ नहीं…. मित्युदूत 2 की बाइक स्क्रीन पर एक जीपीएस लोकेशन शो होने लगी जो 40 कम दूर की दिखयी दे रही थी उनकी करंट लोकेशन से…

और मित्युदूत ने तुरंत भागी दी बाइक को उस तरफ पीछे बैठा राज इधर उधर देख कर पहचाने की कोसिस कर रहा था की वो कान्हा h…par उसे रह रह कर दिमाग मई झटके लग रहे थे ..और कभी उसकी आंखे नार्मल होती और कभी गुसाई से भड़क उठती …जैसेवो अंदर हे अंदर जल रहा हो ….काफी दिएर बाद बाइक एक फार्महाउस के बहार रुकी …

मित्युदूत 2 “मास्टर क्या हुवा आप तीख ह”

राज “मैं तीख हु पता नहीं बस सर कभी कभी फटने लगता ह अब बताओ क्या हुवा ह”

मित्युदूत 2 “दिव्या माँ की लोकेशन यंहा शो हो रही ह जो की नहीं होनी चाहिए इसका मतलब वो यंहा खतरे मई ह और जबरदस्ती उन्हें यंहा लाया गया ह”

कुछ दिएर पहले इसी फार्म हाउस मई …

“अरे आराम से आराम लाओ हमारी मेहमान ह देखना नाजुक चमड़ी ह …कंही चील न जाये ..”

दिव्या “ओह्ह तुम हो.. ..तोह बाप बीटा और माँ इस हद तक आगये”

बलराम माँ “पहचानती हो मुझे”

दिव्या “तुम्हे कौन नहीं जनता ह तुमने तोह तुम्हारे पति से जायदा गंदे और घिनोने काम किये ह वो तोह मरता हे ह सिर्फ पर तूने तोह छियई बोलते हुवे भी शर्म अति ह मुझे यंहा क्यों लायी ह तुझे बहुत महंगा पड़ेगा ये सब”

बलराम माँ “ ओह्ह इतने तेवर सच mai….mujhe महंगा padega….kya करे जब तुम जैसी धमकी देने लगे तोह हमे हमारी औकात तोह बतानी हे पड़ती ह न”

दिव्या टेडी मुस्कान के साथ “औकात दिख रही ह तेरी इतने आदमियों के साथ ह सेवा तोह तेरी अछि हे हो रही ह यही औकात ह तेरी”

दिव्या की टोन सुनकर और उसका मतलब समाज कर कुंदन की वाइफ ने एक थपड उसे जड़ दिया और अपने हाथ से उसके बल पकड़कर बोली …साली …इनके आगे फेंक दिया तोह कुटिया से जयादा बुरा हल होगा तेरा गईं भी नहीं पायेगी कितने छाडे कितने उतरे सामजी इसलिए मू सोचकर हे खोलना”

दिव्या “गुसाई से उसे देखने लगी …उसकी आँखों मई नफरत साफ़ दिख रही थी”

बलराम माँ पलटकर “ बांध दो साली को और जायदा छू चपड़ करे तोह नंगी करके लटका देना और फिर भी नहीं मने तोह साली को तब तक रगड़ो जब तक दर्द से इसकी चीखे बंद न हो जाये और अकाल तीखाने न अजय…”

दिव्या नफरत से उसे देखती रही पर बोली कुछ नहीं क्योकि उसे पता था की मदद तोह अति हे होगी इसलिए अभी सेफ रहना जरुरी था”

बलराम माँ “शादी करके बलराम भी यही आएगा उस कुटिया डॉ को लेकर …देखना कोई कमी न हो हो स्वागत मई”

आदमी “ठकुराइन सब तयारी ह अपने आदमी चारो तरफ फैले हुवे ह फार्म हाउस के अंदर तोह पक्षी बी पर नहीं मर पायेगा …दारू …लड़किया नाचने वाली सब बस कुछ दिएर मई आजाएंगी रात को जश्न जैसा अपने कहा ह वैसा हे होगा”

ये सब सुन कुंदन की वाइफ मुस्कराने लगी और मू मई दूसरा पान डालकर चबाने लगी और दो जाने उसके पेअर दबाने लगे…

बहार ….

राज के दिमाग मई निर्वाण गुसाई से फैट रहा था और रह रह कर वो राज को गुसा दिला रहा था…

मित्युदूत 2 एक तरफ इशारा करके “मास्टर दिव्या जी को आप अंदर बचने जाईये मैं इनका धयान अपनी तरफ खिंच दूंगा…” इतना कह वो फार्म हाउस की तरफ देखने लगा और जब राज की तरफ से रिप्लाई नहीं आया तोह उसने राज की तरफ देखा तोह चौंक गया और बोलै “ कान्हा गए”

इधर राज के दिमाग मई निर्वाण के गुसाई से और अपनी माँ की जान को खतरे मई जानकार गुसाई से जल रहा tha…aur वो सीधा गेट की तरफ भगा …और एक जम्प के साथ एक पेअर गेट पर और फिर दूसरा रखा और सीधा उड़ता हुवा निचे फार्म हाउस के अन्दर लैंड हुवा…. और उसको ऐसे अंदर लैंड करते देख कर गॉर्ड कर रहे कई सरे आदमियों ने घेर लिया….

“कौन ह बे तट….”

पर बात पूरी होती उसे पहले उसके मू पर पड़ा था राज का पंच और उसका नाक टूट गया और वो हवा मई उडाता हुवा पीछे गिरा और साथ हे मू से टूट कर गिरे आगे के कई दन्त”

अपने साथी की ऐसी हालत देख खड़े आदमियों ने भी राज पर अटैक कर दिया …

राज ने एक के वॉर को डॉज किया और उसके पेट मई घुटने की मरी जिसका प्रेशर इतना था की पीठ से रीद की हठी बहार निकल आयी और वो आदमी कई फ़ीट ऊपर की तरफ उछला और बाकि उसे ऐसे ऊपर कई फ़ीट उछलता देख रूक गए …और उसे ऊपर से निचे गिरते और फिर बिना हिले डुले पड़ा देख सदमे मई चले गए पर वो कुछ सोचते तब तक एक राउंड किक आकर उनके मू पर पड़ी और उन्हें हुवा तेज़ दर्द और वो दर्द उन्हें वापस अपनी दुनिया मई ले aya….awaje सुनकर और भी गुंडों हाथो मई डंडे रोड और धारधार हथियार लिए आगये …..राज ने अपने सामने बचे हुवे एक की गर्दन को पकड़ा और दूसरे हाथ से कान के निचे तेज़ झनातेदार थपड मारा और उसे साइड मई धकेल कर सबको देखते हुवे कुछ बोलने वाला हे था की फिर से सर मई दर्द उठा और उसकी आंखे वापस गुसाई से जलने लगी …राज को ऐसे सर हिलाते देख 2 जाने जल्दी से उसे मरने ए पर अपने हथियार से वो वॉर करते उसे पहले हे उन्हें दिखाई दी राज की लाल आंखे और चेहरे पर भयानक मुस्कान और हाथ मई दिखाई दिया धीरे धीरे बड़ा होता हुवा कुल्हाड़ा जिसका साइज देख हे उनके पसीने निकलने लगे वो पीछे होते उसे पहले हे उनकी आँखों मई आया खोफ्फ्फ और उनकी गर्दन धड़ से अलग हो गयी और फिर राज ने खून को देखा …और उसका दिमाग नार्मल हो गया उसने फिर से अपने सर को हिलाया …उसे फिर से अपने सर को हिलता देख भीड़ मई से कोई आगे नहीं बढ़ा तोह भीड़ को चीयर कर एक 6.5 फिट का लम्बा चौड़ा पहलवान आगे आया ….और राज की तारा बढ़ उसके कंधे को पकड़ लिया ….अपने कंधे पर हाथ देख राज ने सामने देखा और एक झटके से हाथ को झटका और उसकी पकड़ से आज़ाद हो कर एक राउंड काट ते हुवे प उसके पीछे आया और कमर से पकड़कर उसे ऊपर उठाकर अपने पीछे बानी हुवी सीमेंट की चौकी पर जोर से पटक दिया ….पहलवान दर्द से बिलबिलाया हे था की राज ने उसके पेअर के दोनों पंजो को मरोड़ दिया ….और फिर सबकी तरफ देख कर अपने कुल्हाड़े को साइड पटकते हुवे बोलै “चलो ाजाओ”

पर तभी पीछे से मित्युदूत कंफ्यूज होता हुवा आया और बोलै “Nirwaaa…i mean…master हमे गाँव भी पहुंचना ह”

राज ने कन्फूसिओं से देखा…

मित्युदूत “सुनील को आपकी जरुरत ह हमे इन्हे जल्दी मरना होगा फिर बताता हु”

राज ने है मई गर्दन हिलायी

मित्युदूत “ आप अंदर जाईये इन्हे मैं संभालता हु”

राज “तीख ह और वो अपने कुल्हाड़े को पीछे टेंगा कर अंदर की तरफ bhaga…par सामने कई जाने आगये ….

पर राज अब मित्युदूत के कुछ बाते बताने और सुनील का नाम लेने से समाज गया था की मटर सीरियस ह उसने बिना वक़्त गंवाए हे अपने सामने वालो तीन मई से एक को टारगेट किया और दिया पेट मई पूरी तगत से पंच और उसके वार के बाद वो गुंडा सिर्फ सीधा निचे ऐसे हे पेट पकडे गिर गया और फिर दिया दूसरे की गर्दन पर उसके पंच से बचते हुवे किक और वो बस एक साइड सीधा लुढ़क गया और फिर पीछे खड़े की चेस्ट पर भाग कर दी अपने घुटने की और उसकी चेस्ट की हड़िया अंदर धंस गयी टूट कर ….और एक जो नाइफ से वार कर रहा था उसके हाथ को रोक कर उसके नाइफ को उसके हे सीने मई घुसा दिया और ये देख बचे हुवे दो दर से कंपनी लगे …तोह राजने एक को सिर्फ हाथ से मरने का डराया जिसे बचने के लिए वो पीछे भगा तोह दीवार से टकरा कर खुद हे बेहोश गया और बचा एक वो खुद हे दर से हिलता डुलता बेहोश हो गया….

राज …अंदर पंहुचा तोह ….बड़े से हॉल मई दिव्या सामने हे बंधी हुवी थी और एक तरफ गाल लाल हो रखे the…jisai देख राज का गुसा अपने चरम पर पहुंच gaya….aur उसका सरीर गुसाई से कंपनी लगा…

वंही साइड मई बड़े से सोफे पर बैठी कुंडों की वाइफ… अपने खास बॉडीगॉर्ड पहलवानो से अपनी टंगे और कंधे दबवा रही thi…wo बोली … “कौन ह तू जो मौत के मू मई चला आया ह”

पर अब राज राज कान्हा रहा tha…uska दिमाग और निर्वाण आपस मई जुड़ चुके थे और वो बेचारी क्या जाने की जो सामने गुसाई से काँप रहा था अगर उसके बारे मई वो जानती तोह कुछ कहने से पहले हे कंही दूर भाग जाती पर उसके पंडित ने सायद दर से सुबह मुहरत उसकी समस्या को दूर करने का नहीं उनकी मौत का निकला हुवा tha…abhi वो और कुछ कहने के लिए मु खोलती एक हवा का तेज़ झोंखा उसके पास आगया और उसके पहलवान बॉडीगॉर्ड कुछ करते उसे पहले हे एक थपड उसे अपने गाल पर पड़ा …और वो वो सोफे समेत उलटी होकर पीछे गिरे ….अगले 2 मिनट तोह उसे कुछ समाज हे नहीं आया की क्या हुवा और फिर धीरे धीरे होश आने पर उसने देखा की उसके आदमी उसे जगा रहे ह …और हुवा उसे बहुत तेज़ दर्द गाल पर जिसकी वजह से उसकी दर्द से तेज़ आअह्ह्ह निकल गयी और वो बोली जाओ उस कुत्ते हरामी को इतना मारो की कोई हड्डी सलामत न रहे . ..

इधर से दिव्या भी चीखी “इतना तोडना की ये दर्द से चीक चीक कर मर जाये”

दिव्या की चीक सून जंहा कुंदन की वाइफ गुसाई से तिलमिला गयी तोह वंही राज अगले हे पल एक पहलवान के आँखों के आगे आकर सीधे उसके अंडो को पकड़ लिया और अपने हाथो से हे ताकत से मसल दिया और वो पहलवान इतना तेज़ चीखा की आवाज से सबकी हालत ख़राब हो गयी और फिर राज ने उसके गले पर दिया एक पंच जिसे उसकी आवाज भी बंद हो गयी और वो बस निचे पड़ा दर्द से इधर उधर होता रहा बाकि बचे पहलवान बॉडीगॉर्ड्स राज की तरफ भागे तोह राज ने भी एक जम्प के साथ एक कोहनी की दी एक के सर मई और वो बस जिन्दा लाश की तरह भागता हुवा सीधा टेबल पर गिरा और गिरा रह gaya…ab बचे तीन पहलवानो ने एक साथ राज को घेर लिया …एक ने पकड़ने की कोसिस की तोह राज ने साइड हटकर दी उसकी कमर मई किक की और वो आगे जाकर फर्श पर गिरा इसका फायदा उठाकर दूसरा राज के तीख पीछे से आया तोह राज ने बैक फ्लिप लेकर किक जड़ी उसके सर और बिना रुके एक पंच एक घुटने पर फिर दूसरा दूसरे घुटने पर और उसके झुकते हे एक पंच जबड़े पर दिया …और पहलवान चारो खाने चित हो gaya..ab आखिर बचा हुवा राज उसके पास लेफ्ट राइट मूव करते हुवे गया और एक किक उसकी पसलियों पर मरी और हडियो के टूटने की आवाज और दर्दसे एक साइड झुकते हे दी एक किक उसके मू पर और वो पहलवान पीछे की तरफ कई फ़ीट दूर जाकर gira….ab राज कुंदन की वाइफ की तरफ bhada…toh कुंडों की वाइफ चिकि “आगे मत भड़ना वर्ण तू मरेगा”

पर उसने इतना हे कहा था की तड़क तड़क तड़क उसके दोनों गलो पर बेहिसाब थपड पड़े ..और उसका मू कुछ हे पालो मई सूजकर नीला और कला होने laga….par राज यही नहीं रूका और उसके बाल पकड़कर उसे घसीट ते हुवे जोर से दिव्या की तरफ फेंका और फिर दिव्या को खोलकर तुरंत गले लगा लिया और अपनी गोदी मई हे उठा लिया तभी मित्युदूत भी कमिश्नर के साथ अंदर पहुंच गया …

दिव्या बस राज को निहारे जा रही थी…

राज “इस कुटिया को बहार लेकर औ और उधर एक कुत्ता और ह देखना सो कौन ह”

कमिश्नर उस तरफ देख कर “ये तोह कुंदन ठाकुर ह”

राज “ये ऐसा हो गया ह इसे भी ले औ”

Mityudoot”hume गाँव पहुंचना ह वंहा आपके मां की लड़की की शादी जबरदस्ती बलराम के साथ हो रही ह और वंहा खतरा भी ह”

कमिश्नर “है मुझे अज्जू से यंहा की लोकेशन मिली ह और ओप्पोसिशन पार्टी के आदमी भी मदद के लिए आगये ह …अब ये गुंडा राज ख़तम होने का वक़्त ह”

कुंदन और उसकी बीवी को बाँध कर सब चल पड़े गाँव की तरफ…

फलेश बैक एंड्स..

करंट टाइम…

राज ने अंतितोड़े निकली और सुनील को दे दी और उसके चेहरे परलगे खून को पौंछकर बलराम को अपनी खुनी आँखों से देखा ….

बलराम चाचा “कोई बात नहीं भतीजे इनकी दहकती राग हमारे पास भी ह ये दिख रही ह डॉक्टरनी इसकी माशूका ह इसके रहते ये कुछ नहीं karega…”ye कहकर उसने ऋचा के बाल पकड़कर मू ऊपर किया… और ये देखती हे एक भाई का खून क्यों नहीं खोलता वो भड़क उठा ….

सुनील “तू मेरे हाथ हे मरेगा बूढ़े कसम ह मुझे राखी की तेरी मौत बहुत बहुत भयानक होगी ….” माहौल को बुरी तरह गर्माता देख कमिश्नर बिच मई बोलै”

कमिश्नर “मंत्री जी आप स्टेट के मिनिस्टर ह अगर ये सब हुवा तोह पुलिस भी चुप नहीं बैठेगी हमे आप दोनों की दुश्मनी से मतलब नहीं ह पर निर्दोष न मरे इसलिए ये लड़ाई इनदोनो परिवारों के बिच हो तोह तीख ह मामला हम दबा देंगे और सब यही ख़तम क्या कहते ह आप”

मिनिस्टर को भी मामले की गम्बिरता समाज आगयी thi…wo सोच मई पद गया तब दूसरी पार्टी का लीडर बोलै “ है हम भी सहमत ह वर्ण हम भी लड़ने के लिए तैयार ह भले हे चाहे लाशे बिच जाये”

कानून मंत्री “छोटे ठाकुर आप क्या कहते ह ….”

बलराम “मंजूर ह ये दो परिवारों के बिच की ह तोह हम खुद निपटेंगे मंत्री जी आप हैट जाये अपने पार्टीवोर्केर्स के साथ इनसे मैं और मेरे आदमी निपटेंगे ..”फिर जोर से चीख कर मेरी माँ और पापा को छोड़ दो पहले”

राज “लेछोड दिया …” फिर कमिश्नर से “सर आप भी वंहा से ऋचा और बाकि सबको ले जाये ….ये लड़ाई हम दो भाई लड़ेंगे आज”

कमिश्नर “पर ये बहुत सरे ह”

राज के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और तभी मित्युदूत हथोड़ा भी लेकर आगया और सुनील को दे दिया ….

राज “कुल्हाड़ा और हथोड़ा….”

कमिश्नर की टीम मेंबर्स ऋचा सुर बाकी सबको लेकर मंडप से एक तरफ आगये और जंहा सबको काफी दिएर कोसिस करने पर वो होश मई ले ए थे…

अब सिर्फ एक तरफ राज और सुनील खड़े थे तोहक बलराम और उसकी बची हुवी सेना……

बलराम “बस दो लडोगो हमारे इतने सरो के साथ बस अब यही तमाशा बाकि रह गया था” ये कहते वक़्त वो हसने लगा तोह उसके पीछे खड़े आदमी भी हसने लगे….”

तब आवाज ghunjiiii“Nahi तीन…..” फिर कुछ पल बाद एक तेज़ आवाज और ayi“nahi चार” फिर कुछ पल बाद दो और बड़ी भरी भयानक आवाज आवाज आयी “नहीं 6”और अभी सब सोच मई हे थे की दो लास्ट आवाज एक साथ आयी “नहीं 8” और एक के बाद एक sherdil…..rajeev और मैच और माइक और दोनों मित्युदूत आकर राज और सुनील के साइड मई खड़े हो gaye…aur सब के हाथ मई भरी भरकम हथियार थे….

राज ने सबको इतने वक़्त बाद देखा तोह उसके चेहरे पर मुस्कराहट आगयी की इतने वक़्त बाद भी उसके दोस्त भाई उसके साथ कंधे से कंधे मिलकर खड़े थे…..

राज बलराम की तरफ इशारा करके “ये मेरा सीकर ह”

सुनील “और वो बूढ़ा और उसके साथदोनो मेरे”

शेरदिल “तोह फिर बाकि सरे हमारे ह”

मैच माइक “ओह या”

और सबसे पहले भगा सुनील अपने हथोड़े से दिया घुमाकर सबसे आगे वाली की चेस्ट पर वो जितनी तेज़ी से आया था उतनी हे तेज़ी से वापस उड़ते हुवे अपने पीछे आरहे साथियो को लेकर गिरा और फिर दी लेफ्ट लेग की दूसरे की चेस्ट पर और उसे सीधा जमीन पर पटक diya……aur उठाकर अपना हथोड़ा दिया निचे पड़े के सर पर और उसके सर फटा तरबूज की तरह और खून हवा मई उड़ कर दूर तक गिरा और ये सीन देख कर तोह नेता लोगो के साथ खड़े वर्कर भी काँप गए ……और यही हाल वंहा कड़ी पुलिस की टीम का था …जिनके पास जोगिन्दर और चीफ भी पहुंच गए थे …

कमिश्नर “सर ये”

चीफ “तुम्हे बरसो पुराण वो किस्सा याद ह न जब तुम बाद मई यंहा डूएटी के दौरान ए थे”

कमिश्नर “है सर उसे कैसे भूल सकता हु कितनी पुलिस फाॅर्स लगी थी खुद पं को इंस्ट्रक्शंस देने पढ़ गए थे…”

चीफ “ जो सामने वो शख्स दिख रहा तुम्हे”

कमिश्नर “ वो जो हाथ मई बड़ी सी कुहाड़ी लेकर अब तक खड़ा ह”

चीफ “है वही उसकी पहचान जानते हो”

कमिश्नर “नहीं कौन ह वो”

चीफ “वो कौन ह …wo…uska बीटा ह जिसकी वजह से तुम्हारी पहले यंहा डूएटी लगी थी”

और ये सून कर कमिश्नर के सरीर मई झुरझारी दौड़ गयी ..और वो धीरे से बोलै “ये उनका बीटा ह”

चीफ “है और तुम मेरे भरोसे के लोगो मई से एक हो इसलिए इसकी दूसरी पहचान भी ह”

अब कमिश्नर की हालत और ख़राब हुवी और वो पूछा और वो क्या ह सर

चीफ के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और उसके कान मई धीरे से बोले “निर्वाण”

और कमिश्नर के होश उड़ गए ….

इधर इनका बोलना हुवा और उधर से राज का चीखना हुवा “ बलराम” और वो आगे बढ़ा और बिच मई आरहे सबको अपने कुल्हाड़े के एक हे वार से चीरता गया उसके हाथ मई वो भरी भरकम कुल्हाड़ा भी ऐसा लग रहा था की जैसे बचो का हल्का फुल्का खिलौना हो ….इधर बलराम जो पीछे खड़ा था वो भी आवाज सुनकर राज को देखने लगा…

तोह इधर बेहोश होने की वजह से मैच माइक शेरदिल और खूंखार हो गए the…mech के हाथ मई उसके दोनों धारधार हथियार थे जिनको वो ऐसे चला रहा था की हर वॉर मई किसी का हाथ कटा तोह किसी के पेट मई से बड़ा सा घाव से खून के फंव्वारे …और माइक के हाथ हे इतने बड़े थे की खुले हाथ जिसे भी लग रहे थे वो सीधा जमीं पर गिरता तोह बेहोश होता या सायद ऊपर हे पहुंच जाते तोह राजीव भी बराबर तकर देते हुवे हाथ मई पकड़ी रोड से सर पर तोह घुटने पर हे वार कर सबको घायल कर रहा था पर इनसे जायदा खूंखार शेरदिल था जो लड़ाई के बिच मई बेहोश होने की वजह से गुसाई से जल रहा था ….वो सबके बिच जोर से चीखा “ या अली मदद” और अपने हथोड़े जैसा हाथ दिया एक के मू पर उसके हथोड़े की हाथ की पावर से उसकी गर्दन हे टूट gayii…phir दूसरे के कान को पकड़ा और उसका कान हे उखड दिया …और फिर से चीखा और एक को गले से पकड़कर उसके मू पर अपने सर को जोर जोर से मार मार कर उसको जान से हे मार दिया उसे घेर कर खड़े सरे गुंडे दर गए …पर शेरदिल आज शेर से जायदा खूंखार हो गया tha…usne सामने खड़ा मई से एक की चेस्ट पर एक किक मरी और भीडको साइड हटाता हुवा पीछे जाकर gira…..toh फिर अपने लेग को उठाकर एक के मू पर फुल पावर से किक मरी तोह वो कितनी पलटिया हवा मई खता हुवा गिरा किसी को समाज नहीं और फिर अपना भये हाथ का पंच एक के सर पर मारकर उसके सर को हे निचे धंसा diya….aur फिर जोर से ढाहड़ामे laga…aur उसकी दहाड़े किसी घायल खूंखार शेर से भी भयंकर थी उसके अगले कई वार ने किसी के मू के जबड़े तोड़े तोह किसी की पसलिया ….

इधर सुनील सबको अपने हथोड़े से तोड़ता हुवा बलराम के चाचा के पास पहुंच गया तोह बलराम के चाचा के दोनों बॉडी गॉर्ड पीछे से आगे आगये …

सुनील ने अपनी खूंखार नज़रो से उसे घूरा और फिर दोनों बॉडीगॉर्ड्स को देखा जिन्होंने उसकी बहन को चुवा था

सुनील “तेरी मौत के लिए क्या कहा था याद ह न ….”

बलराम का चाचा थोड़ा सा घबराया और बॉडी गॉर्डस से बोलै मार डालो इसे

सुनील हथोड़ो को साइड मई रख कर “एक बार मई मार दिया तोह फिर सुकून कैसे मिलेगा” इतना कह उसने एक बॉडीगॉर्ड के वार को ब्लॉक किया और दूसरे के वार को डॉज किया और निचे घुटने पर बैठ एक के घुटने पर कोहनी का वार किया और कड़क की आवाज के साथ एक सांड जैसा बॉडीगॉर्ड निचे गिरा तोह फिर घुटने की दी उसके मू पर …और फिर दूसरे के वार से बचा फिर अगले एक और आरहे वार से बचा और एक जम्प के साथ उसके एक साइड के कंधे पर अपनी कोहनी की दी और उसकी कंधे की हदी तोड़ डाली जिसे उठे दर्द से वो चीखा भयंकर …फिर भी दर्द को सहनकरते हुवे उसने लात मरी तोह सुनील ने भी अपनी कोहनी को आगे कर दिया दुबारा फिर से एक हड्डी टूटी और वो चीखा ….

सुनील ने दोनों के पीछे खड़े चाचा की तरफ देखा ….और फिर दोनों मई से एक बॉडीगॉर्ड के हाथ को पकड़कर …बोलै …मौत तोह तुझे इस जनम मिलेगी नहीं और जो मिलेगा वो ह सिर्फ दर्द” इतना कह उसने उसके हाथो की उंगलिया फिर कलाई फिर कोहनी की फिर बाजु की हड्डी और गर्दन तक उसके हाथ की साडी हड्डिया तोड़ दी …और वो बॉडीगॉर्ड दर्द से चीक चीक कर बेहोश हे हो गया ….

सुनील की नज़र पीछे खड़े चाचा पर हे थी जो पीछे खिसक रहा था….

सुनील “तुजे आज कोई नहीं बचा सकता ह बूढ़े मेरे हाथो से” इतना कहते कहते वो दूसरे बॉडी गॉर्ड की भी उंगलिया कलाई और फिर कोहनी हाथ की साडी हड़िया तोड़ता गया…

इधर राज का कुल्हाड़ा सबके चीरता फाड़ता जा रहा tha…..aur अपने आदमियों के पीछे खड़ा बलराम गुसाई से राज को देख रहा था…. उसने अपने आदमियों को साइड किया और राज की तरफ भड़ने लगा तोह राज भी तेज़ी से उसकी तरफ भड़ने laga…aur दोनों आमने सामने पहुंचे तोह राज ने हाथ मई पकड़ा कुल्हाड़ा साइड मई फेंक दिया ….

इधर साइड से थोड़ी दूर से देख रहे ठाकुर साब और गाजरंदरा सिंह की भी मुठिया कासी हुवी थी तोह सिमरन और ऋचा भी देख दोनों को हे देख रही thi…sabki अपनी फीलिंग्स और इमोशंस चल रहे थे जंहा ठाकुर साब मन मई बोल रहे थे की “मार डालो इसे दीपू बहुत दुःख दिया ह इसने और इसके बाप ने आज जिन्दा मत छोड़ना “

तोह गजेंद्र सिंह सिम्मी के बाप थे उनकी आँखों मई आंसू थे क्योकि आज उन्हें इस रक्षास से छूटकर मिलने वाला था तोह …सिम्मी की आँखों मई खुसी के आंसू थे की उसका भी भाई ह जो उसके लिए पूरी दुनिया से लड़ सकता ह जिसके रहते उसे डरने की जरुरत नहीं ह …तोह ऋचा की नज़र एक बार राज की तरफ तोह एक बार शेरदिल और सुनील की तरफ thi….ek भाई के होने का फर्ज निभा रहा था तोह दूसरा देवर होने का ह…

इधर चारो तरफ भीड़ हे भीड़ थी …जंहा कुंदन और बलराम के नारे लग रहे थे दूसरी तरफ से मार डालो मार डालो के नारे लग रहे the….raj और बलराम को आमने सामने देख उनके आसपास के गुंडे भी रूक गए और दोनों को देखने लगे ….

और पहला वार किया बलराम ने राज ने उसके हाथ के वार को रोका और उसके हाथ को पकड़कर उसे अपने ऊपर से उठाकर दूसरी साइड मई निचे पातकडिया….

“चल उठ जा कुस्ती मई हड्डिया तोड़ने का बहुत शोख ह न”

बलराम भी एक झटके से सीधा खड़ा हो गया पर खड़े होते हे राज ने उसके एक बाजु को पकड़ा और दुबारा उठाकर निचे पटक दिया ….बलराम गुस्सी से जमीन पर हाथ मरकर खड़ा हुवा अपने दोनों हाथ को राज के हाथो की तरफ कर दिया और …दोनों के पंजे एक दूसरे के हाथ मई फंस गए दोनों एक दूसरे को धक्का देने लगे …राज की चेस्ट के ऊपर जो गांव बना हुवा था वंहा से खून निकल कर टी शर्ट को भीगा चूका था …बलराम ने अपने एक हाथ को छुड़ाया और राज की उसी चोट पर जोर से धक्का मारा …जिसे रोज की अहह निकल gayiii…par राज को ऐसे गांव का दर्द कान्हा रोकने वाला था वो तुरंत दर्द पर काबू पते हुवे बलराम के सामने खड़ा हुवा और बोलै “सोचा था ईमानदारी से लड़ाई होगी पर तू लायक हे नहीं ह” इतना कह उड़ने एक किक साइड से दी उसके चेहरे पर और फिर दिया पंच उसकी चेस्ट पर वो गिरा अपने पीछे खड़े साथियो पर और उसके गिरते हे उसके साथी आगे ए तोह शेरदिल भी आगया और बोलै इन्हे मैं देखता हु तू मार सेल को और शेरदिल टूट पड़ा बलराम के गुंडों पर …और घायल शेर के सामने जंगली कुत्ते आज कान्हा तिखने वाले थे उसने चीरना फाड़ना सुरु कर दिया इधर राज ने बलराम के ारहए पंच के वार को रोका और उसके पेट मई दी घुटने की और वो झुखा निचे तोह एक पंच दिया उसके जबड़े पे वो हवा मई उछाला तोह उसकी एक टांग को पकड़कर उसे घूमकर साइड मई फेंक दिया…

इधर बलराम के चाचा ने सुनील को अपनी तरफ एते देखते हे अपनी गन निकल ली और उसके चेहरे पर मुस्कराहट आगयी पर वो हंसकर मू फाड़ता उसी पहले हे अगले हे पल एक खंजर उसकी गन वाली कलाई मई धंसा हुवा था…

“बूढ़े ये खेल 10साल की उम्र से खेलतः हुवा ारः हु इतना कह वो टेक्सी से आगे बढ़ा और चाचा को सब गोल घूमता हुवा फिखायी दिया और जब उसे होश आया तोह वो जमीं पर निचे गिरा हुवा tha…wo चीखा जोर se…huva ये था की सुनील ने उसे हवा मई उठाकर राउंड घूमते हुवे जमीं पर जोर से पटका था जिसकी वजह से कई सेकण्ड्स तक चाचा की चेतना गड़बड़ा गयी थी…. और चाचा के दर्द से कराहते हे सुनील ने दिया अपने शूज उसके पिछवाड़े के बिछे मई और चाचा और जोर से चीखा फिर सुनील ने हाथ से उसकी गुड्डी को पकड़कर उसे ऊपर उठाया और दी घुटने की रीद की हड्डी पर चाचा हवा मई उछाल कर दुबारा पिछवाड़े के बल गिरा और बिना पानी की मछली की तरह तड़फड़ाने लगा…

सुनील “अभी तोह सुरुवात ह” इतना कह उसने उसे अपने कंधे प् उठा और डंडे को तोड़ते ह वैसे दिया झटका और चाचा को उठाकर निचे पटक दिया और चाचा इतना चीखा की दर्द से उसका मूट निकल गया ..

सुनील “अब डॉ भी तुझे जोड़ नहीं पायेगा” फिर उसके हाथ को इतनी पर ट्विस्ट किया की ये समझना मुस्की हो गया था की ये हुवा तोह हुवा कैसे ….चाचा को बेहोश देख उसने एक बार राज की तरफ देखा जो बलराम से लड़ रहा था….

राज “चल uth”par बलराम के उठते हे राज ने अपना घुटना जम्प के साथ उसके मू पर मारा तोह वो मू से खून थूकता हुवा निचे जमीं पर गिर gaya…phir वो कुंदन की तरफ भाड़ा और उसे और बलराम को पैरो से पकड़कर घसीट ते हुवे अपने नाना के पास ले आया और सामने पटक diya…toh इधर से सुनील ने चाचा को लेकर पटक दिया …

राज “मेरी माँ और पापा आपसे बहुत बार माफ़ी मांगने ए पर अपने माफ़ नहीं किया …मान सकता हु आप गुसा थे पर इतने सालो तक अरे पत्थर भी पिगल जाता ह …और वो तोह आपकी सपनी बेटी थी न …एक बाप इतना पत्थर दिल कैसे हो सकता ह…….”

राज के हर सब्द तीर की तरह चूब रहा था ठाकुर साब के दिल मई…

राज “ आज आपको संकट से निकल कर मैंने अपने माँ की ीचा को पूरा कर दिया ह वो चाहती थी की आप हमेशा खुस रहे आज से आपको कोई दिकत नहीं होगी …..इतना कह उसने कुंदन की गर्दन मरोड़ दी और यही हाल उसने बलराम का किया ….और फिर सुनील ने भी चाचा की गर्दन को तोड़ दी…

राज चलो अब काम ख़तम हुवा उसके कदम उठे हे थे किसी ने पीछे से आयकर उसे अपनी बांहो से जकड लिया …और बोली “नहीं भाई आप हमे छोड़कर ऐसे नहीं जा सकते ho…main अपने भ्सी को अब दूर नहीं जाने दूंगी”

राज ने धीरे से पीछे से सिम्मी को आगे लाया और बोलै …मैं तुमसे कभी दूर नहीं हु एक बहन को जब भी जरुरत पड़ेगी ये भाई आएगा ये वचन ह मेरा”

तोह ठाकुर साब भी बोले “बीटा दीपू हमे भी तुमसे बात करनी ह तुम्हारी माँ के बारे मई रूक जाओ”

सुनील ने भी कंधे पर हाथ रख कर कहा “आज की बात ह रूक जा”

और राज के है बोलते हे सब खुस हो गए सिवाए एक के जो राज की बेरुखी से बहुत दुखी थी पर उसने कुछ नहीं बोलै …इधर चीफ और जोगिन्दर ने सब कुछ संभल लिया और मंत्री भी कुछ नहीं बोलै क्योकि सामने का सन देख सब डरे हुवे थे अब ओप्पोसिशन का पलड़ा भरी था इसलिए मौत का दर सबको चुप करने के लिए काफी था ऊपर से कमिश्नर का खोफ्फ़ की पुलिस भी अब सपोर्ट नहीं करेगी मंत्री ने तुरंत हे स्तीफा दे दिया और सर्कार गिर गयी ……

इधर शामे डे नाईट मई….

काफी दिएर राज और ठाकुर उमेद सिंह ने खूब साडी बाते करि ….और खाने के वक़्त हे बहार ए…. कुछ वक़्त पहले हे अंदर जाने से मैच और माइक ने रविंदर सिंह के बारे मई राज को बता दिया tha…raj रूम से एते हे खाने की टेबल पर बैठा तब …सुनील “वो टिकट्स बुक हो गयी ह” ये सून ऋचा के कान खड़े हो गए तब उसने सुनील को देखा..

राज “ok”

ऋचा “कान्हा के लिए सुनील”

राज “ तुम माँ के साथ वापस दिल्ली जा रही हो…”

ऋचा गुसाई “तुम मुझे आर्डर मत दो और तुम सुनील कान्हा जा रहे हो बताओ मुझे”

सुनील “वो”

राज “अपने काम से काम रखो”

ऋचा “मैं वंही रख रही हु समझे कोई कंही नहीं जायेगा”

राज “हम जायेंगे”

ऋचा “No”

राज “यस”

टेबल पर बैठे सब दोनों को देख रहे थे…

ऋचा “ ी साइड No no no मीन्स no”

राज गुसाई से “तुममममम माँ इसे लेकर आप दिल्ली जा रही हो”

ऋचा “माँ को क्यों बिच मई लेट हो मेरी तरफ देख कर बोलो “

राज टेबल पर से गुस्सी से खड़ा हो गया और चला गया ..उसे ऐसे जाते देख ऋचा के आंसू निकल पड़े …और वो बोली “मैं तोह बस इनकी भलाई के लिए हे बोली हु अभी भी खतरा ह इन्हे बड़ी मुश्किल से जिन्दा बचे ह ये”

दिव्या “मत रो मेरी बची …और फिर सुनील की तरफ घूरकर तू क्या देख रहा ह जा उसे समझा

सुनील घबराकर “जी है मैं समझता हु इतना कह वो राज के पीछे चला गया जंहा राज आसमान को घूर रहा था…

सुनील “क्या देख रहा ह”

राज “वडा किया ह पूनम से उसको उसकी खुसिया लाकर दूंगा बिन माँ बाप के रहना तू और मैं अचे से जानते ह फिर वो क्यों रहे उसे तोह उसकी खुसिया मिलनी चाहिए न”

सुनील क्या बोलता क्योकि राज की बात भी सही थी…

राज “और माँ पापा के बारे मई तोह वो हे बता पाए गए न की क्या हुवा था akhir….isliye उन्हें छुड़ाना जरुरी ह”

सुनील “तू आराम कर हम परसो चलेंगे मैं उन्हें समझाता हु”

राज धीरे से कुढ़ से मैं ारः हु आपको छुड़ाने ….चाहे कितनी हे मुसीबते हो कितनी हे सलाखे हो आप तक मैं जरूर पहुँचूँगा ये मेरा वडा ह …

इधर ऋचा “ी साइड no no no सुनील मुझे बहन मानते हो तोह उसे समझाओ”

सुनील “एक काम करो मारो तुम दोनों मेरी गर्दन काट दो इधर तू no no no की रत लगाए बैठी ह उधर उसके लॉजिक सही भी ह तू बता मैं क्या करू”

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का और बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का
 
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अपडेट 234



क्रिटिकल सिचुएशन…

“तुम समाज क्यों नहीं रहे हो ….”

सुनील “ऋचा मुझे उसका साथ देना होगा”

ऋचा ने सुनील का कलर पकड़ लिया और गुसाई से बोली “फिर से मरवा डोज तुम log…usai उसकी बात मानकर …तुम लोगो को पता भी ह कैसे बचा था किस कंडीशन मई था और अब तक क्या हुवा ह ….नहीं न बस उसे तीख देखा और हो गए उसके साथ ….और तुम क्यों मेरी बात सुनोगे वो भी एक मू बोली बहन की जो सगी भी नहीं ह”

सुनील गुसाई से “ऋचा”

ऋचा “ओह्ह गुसा ारः ह बहन मंटा ह तोह रख मेरी बात की वैल्यू मत जाने दो उन्हें”

सुनील अपना सर पकड़कर बैठ गया

ऋचा “बहुत मुश्किल से बचे ह वो और अब मैं तुम्हारी बहन के साथ साथ उनकी पत्नी भी हु ये देखो ये मंगल सूत्र और ये मांग मई सिन्दूर तुम्हारे दोस्त के नाम का हे ह”

सुनील खड़ा हो गया और ऋचा को पकड़कर “क्याआ कहा”

ऋचा “ वही जो तुमने सुना मेरी उनसे शादी हो चुकी ह”

सुनील “कैसे कब और हमे पता क्यों नहीं ह …तुम ये सब जाने से मन करने के लिए कह रही हो न”

ऋचा “मज़ाक कर रही हु बिलकुल नहीं मेरी हर बात सच h”aur फिर उसने ने एक लम्बी सांस ली और हर बात बताती चली गयी और ऋचा की बात सून उसे महसूस होता गया की ऋचा और दिव्या ने क्या क्या सैक्रिफिएस किया ह खासकर ऋचा ने …उसने ऋचा को गले लगा लिया और काफी दिएर तक लगाए rakha…aur अलग होकर उसके आंसू पौंछकर …उसने कहा “ ी म सॉरी मेरी बहन मुझे नहीं पता था की तूने इतना कुछ सहा ह पर मैं भी क्या करू राज भी कसम से बंधा हुवा ह उसने पूनम से वडा किया था की वो उसकी खुसिया उसे लौटाएगा और इसलिए वो जाना चाहता ह …..और तुम्हे नहीं पता होगा की वो राज के बिना नहीं जी payegi….uski हालत बहुत बुरी हो राखी ह तुम उसे देखती तोह सायद समझती की वो क्या से क्या हो गयी ह …और सोनाली दी उनके साथ क्या हुवा h…tumhe भी अभी बहुत कुछ जानना ह इसलिए तुम्हे दिल्ली से या यही से सीधे मंडावा जाना चाहिए और सचाई जननी चाहिए ….सिर्फ तुम हे नहीं और भी ह जिन्होंने बहुत कुछ सैक्रिफिएस कर दिया ह जिसमे एक नाम तुम्हारी भाभी का भी ह …और रही बात राज की तोह मैं बात करता हु चलो मेरे साथ …

ऋचा “तुम जानते हो की वो मुझसे ढंग से बात नहीं करेंगे”

सुनील “मैं हु न देखता हु कमीने को कैसे मेरी बहन से बकवास करेगा”

सुनील और ऋचा को एक साथ एते देख …राज समाज गया की एक भाई बहन के आंसुओ मई आगया ह …पर वो बोलै कुछ नहीं …

सुनील “बाद मई जायेंगे काम ह अभी मुझे जो की बहुत जरुरी ह”

राज “ मैच माइक हम तीनो हे चल रहे ह …”

ये सून सुनील की आंखे चौड़ी हो गयी…

राज “पता था की तू अपनी बहन के आंसुओ मई पिघल जायेगा तुझ मई अब वो आग नहीं रही”

सुनील “तू सेल” तभी उसे याद आया की साला तोह वो कुढ़ बन गया ह उसने हड़बड़ाकर ऋचा को देखा और फिर राज की तरफ देख कर बोलै “कमीने”

ऋचा दुबारा से राज के सामने कड़ी हो गयी और उसे घूरने लगी

राज “तुम”

ऋचा “ है मैं मैंने तुम्हे बचाया दो साल सेवा करि इसलिए की तुम मुझे उठकर अकड़ दिखाओ”

राज “तोह ग़ुलामी करू”

ऋचा “करो किसने मन किया ह मैं तैयार हु”

राज “ऋचा मुझे गुस्सा मत दिलाओ”

ऋचा “ थपड maroge..maro मुझे दर नहीं लगता ह यूमसे ये लो पर ये बात कान खोलकर सून लो मैं तुम्हे कंही नहीं जाने दूंगी”

राज गुसाई से सुनील से “तू तेरी बहन को लेकर जा वर्ण तेरे मेरे बिच जगदा हो जायेगा…

ऋचा “ उसे क्यों बोलते हो मुझसे बोलो नहीं jaungi…mera घर ह तुम कौन होते मुझे भेजने वाले मेरा मन करेगा वो करुँगी”

राज “ ये मेरी माँ का घर ह”

ऋचा “ ये मेरी सास का घर ह”

राज “कौनसी सास खवाब मत देखो”

ऋचा “बड़े जबान वाले बने फिरते हो विद्या माँ ने हमारा रिश्ता बचपन मई हे तय कर दिया था तब तोह बड़ा मेरा हाथ पकडे हुवे थे अब क्या हुवा स्कूल का जीने मरने का वडा भूल गए एक जगदा क्या हुवा प्यार भूल gaye…aur….tod दो उनका तय किया हुवा रिश्ता”

राज गुसाई से “जैसा भाई वैसी बहन जबान लाडवा लो” इतना कह वो बहार निकल गया …

साइड मई दूर खड़ा शेरदिल सिम्मी डिम्पी और नित्ति से “ वैसे एक बात तोह ह ऋचा भाभी छोटी ह सी ह . पर ह बहुत खतरनाक निर्वाण की हे बोलती बंद थी इनके सामने तोह राज की क्या चलने वाली थी बेचारा खिस्यानी बिल्ली की तरह खम्बा नौच कर चला गया ….” उसकी बात सून तीनो ने बस एक साथ हम्म्म जह गर्दन हिला दी और मू पर हाथ रख हसने lagi…tabhi ऋचा की नज़र शेरदिल पर पड़ी तोह शेरदिल बत्तीसी दिखने लगा और तुमसुप दिखा कर बताने की कोसिस करने लगा की मैं तोह आपकी तरफ hu….bechara और क्या करता …उसे दर था की ये छोटा पैकेट बड़ा धमका उस पर न फैट pade…aur हुवा भी वही …

ऋचा “,तुम क्यों बत्तीसी दिखा रहे हो तुम भी तोह उसके हे भाई हो …सांड बस सींग मरने एते ह”

शेरदिल मन मई “सांड और मैं वो भी सींग मरने वाला” उसने डिम्पी सिम्मी नित्ति की तरफ देखा तोह वो उसकी तरफ देख मू पर हाथ रख हंस रही थी….

सिम्मी “भाई भाभी गुस्से मई ह चलो राज भाई के पास चलते ह देखते ह वो क्या कहते ह”

और चारो चल दिए राज के पास राज बहार अकेला खड़ा था…

सिम्मी “भाई शांत हो जाओ वो आपकी यादास्त गयी हुवी थी न इसलिए आपको याद नहीं ह भाभी ने क्या क्या किया ह आपके लिए”

राज ने मुड़कर उसे ghoora..sur बोलै भाभी कहना बंद कर पहले..

नित्ति “भाभी सॉरी ऋचा तोह बता रही थी की आप तोह अपनी बहनो पर कभी गुसा करते हे नहीं हो पर आप तोह बहुत गुसा कर रहे हो”

राज ने तीनो की नौटंकी देखि तोह बोलै “ मैं तुम तीनो पर गुसा नहीं कर रहा hu…wo तोह उस चुड़ैल की वजह से दिमाग गरम ह हिघ्त मई इतनी सी ह कंधे तक बड़ी मुश्किल से पहुँचती ह पर बाते देखो आज नहीं स्कूल से हे ऐसी ह चिदोक्ली”

शेरदिल “भाई तू”

राज “तू कुछ मत बोलै तू भी चमचा ह उसका सब पता ह मुझे और मेरी और उसकी शादी कभी नहीं होगी इसलिए भाभी के सपने छोड़ दे समझा चमचा कंही का”

शेरदिल का मू खुला रह गया एक सांड बोलती ह दूसरा चमचा अब उसे महसूस हुवा की क्यों सुनील उसके सामने रोना रोटा रहता था की करो तोह मारो और न करो तोह मारो….

नित्ति राज के हाथ के बाजु पकडे हुवे छोड़ो भाई आप साडी टेंशन चलो खाना कहते ह आज हम तीनो आपको खाना khilayengi…apne हाथो से….

राज “ चलो दिमाग को खा गयी वो …और दूर रहना उससे वायरस ह वो”

खाने की टेबल पर सब बैठे हुवे थे …और सबको पता था की अभी राज और ऋचा के बिच नोखझोख हुवी थी….

जोगिन्दर “आज गर्मी जायदा ह क्या या मुझे हे महसूस हो रही ह”

चीफ के चेहरे पर मुस्कान आगयी और बोले “मैंने सुना ह किसी सुरमा की बोलती बंद हो गयी थी आज”

गजेंद्र सिंह “हम तोह नहीं डरते the…par आज कल के जवानो मई वो दम कान्हा रहा”

जोगिन्दर “है बिलकुल बहार तोह बब्बर शेर और घर मई ढेर”

ऋचा ने गर्दन ऊपर उठायी और जोगिन्दर सिंह को घूर कर देखा और जोगिन्दर सिंह को खांसी आगयी

ऋचा “आराम से खाना खाइये कहते वक़्त बोलना ाचा नहीं होता ह….”

सुनील बेचारा शेरदिल के साथ बैठा चुप चाप जल्दी जल्दी खाना खा रहा tha…usai पता था की जल्दी नहीं करि तोह भूखे रहना पद सकता ह उन्हें ऐसे खता देख राजीव बोले “तुम दोनों को क्या जल्दी ह कंही जाना ह क्या जो इतनी जल्दी जल्दी खा रहे हो खाना”

और बस दोनों के गले मई खाना अटक गया और वो बुरी तरह खस्ने लगे ….और ऋचा और राज दोनों उन्हें देखने लगे…

सुनील पानी पिटे हुवे “राजीव सर आप खाना खाइये न शांति से ….जवालामुखी फटने की चेतवानी मिली हुवी ह हमे इसलिए उसके आने से पहले खा रहे ह क्या पता कब फैट पड़े एयर बाद मई खाने का मौका मिले या न मिले …और बस राज और ऋचा के चेहरे के एक्सप्रेशन बदल gaye….par बाकि सबके हंसी के ठहाके गूंज गए….

कुछ दिएर बाद…

सुनील “पता ह अहसान जितनी बहने ह सभी इस कमीने को पसंद करती ह और इनदोनो के चक्कर मई पीसना मुझे पड़ता ह लड़ते ये ह पर सुनते मुझे …अभी हे देखले यार मिया बीवी की लड़ाई और सुना मुझे रहे the…ab बता मेरी क्या गलती ह साली ये क्या जिंदगी ह पहले मिला नहीं था तोह 2 साल तक इसे ढूंढता रहा और मिल गया ह तोह अब बहनो के नाटक सुरु हो गए ह”

शेरदिल “है यार मेरी भी कई दिनों से बुरी हालत ह भाभी सुना जाती ह और ये राज तोह निर्वाण दीपू राज खेल खेलकर मेरी हालत ख़राब कर राखी ह यंहा से जाकर किसी डॉ से मिलना पड़ेगा”

सुनील “ऋचा ह न”

शेरदिल “पागल कुत्ते ने कटा ह क्या मारना ह तोह सीधे बोलदे यार शेरनी के मू मई क्यों भेज रहा ह चिर फाड़ कर देंगी मेरी और मैं उफ़ तक नहीं कर पाउँगा…”

सुनील “है है है ये तोह मेरे साथ तब से होता आरहा ह जब से राज मिला ह”

और दोनों हसने लगे तभी पीछे से मित्युदूत आकर … “कुंदन की वाइफ और बेटी को ओप्पोसिशन पार्टी के लीडर उठाकर ले गए ह…”

सुनील “उसके साथ वही होगा जो वो आज तक करती आयी ह”

शेरदिल “अपने पति के बिस्तर के लिए अब उसके साथ भी रोज नए मर्द होंगे ाचा ह यही होना चाहिए था उस जैसी के साथ”

तोह इनसे दूर सहर मई ओप्पोसिशन पार्टी हाउस मई…

कुंदन की वाइफ की रह रह कर चीखे गूंज रही thi…rah रह रह कर इसलिए क्योकि उसकी उम्र के पार्टी वर्कर …जैसे हे वो चीकने के लिए मू खोलती अपना लुंड उसके मू घुसा देते और उसकी चीक घू घू मई हे रह जाती….

पार्टी लीडर “क्यों ठकुराइन ये याद आना ह ये वही मला ह जिसकी बेटी का रपे तेरे हे कहने पर हुवा था और इसके सामने हे इसको बेटी ने खुद ख़ुशी की thi…aj तेरे साथ भी यही होगा देख” इतना कह उसने टीवी ों किया तोह एक लाइव फुटेज चलने लगी जंहा कुंदन की बेटी नंगी इधर उधर भाग रही thi…aur सरे वर्कर उसके साथ खेल रहे थे….

लीडर “ मज़ा आया …तेरी हे बेटी ह न बहुतो को अपनी कार से और नौकर बना बना कर और तौरतूरे कर कर मारा ह न …ये सब आज नहीं nahi…rojteri बेटी के साथ भी यही करेंगे उसके साथ हम बिस्तर होंगे उसकी रोज सुहागरात और सुहाग दिन hoga…aur वो देख वो रहा डॉ जो धयान रखेगा की ये मरे नहीं …

कुंदनकि वाइफ बस टफी आंख से स्क्रीनहे देख प् रही थी ..क्योकि उसके तीनो छेड़ो मई तोह टीनलूंड गुसाई हुवे the….wo न चीक सकती थी न कुछ कर सकती थी ..

इधर

जब राज सोने के लिए गया तोह …

उसे ढके मार उसके यानि ऋचा के घर भेज diya….simmi नित्ति और डिम्बी ने …की आपको डॉ के साथरहना चाहिए चोट लगी हुवी h…aur राज घर मई घुसकर सोफे पर बैठी ऋचा को देखने लगा..

ऋचा “खा नहीं जाउंगी और वैसे भी ऐसा कुछ नहीं ह तुम्हारा जो मैंने देखा नहीं ह समझे”

राज “ तुम”

ऋचा “जाओ सो जाओ बड़े aye..mujhe आंखे दिखने wale..aur है घर से बहार निकलने का रात को सोचना भी nahi..warna”

राज “वर्ण क्या”

ऋचा “दिव्या माँ नानाजी वाले घर मई हे ह ”

राज मन मई “कामिनी साली” और चुप चाप जाकर बीएड पर लेट गया और ऋचा सोफे पर लेती उसे देखती रही …..

राज एक ऑवर बाद उठा और उसके पास आकर बोलै “मैं क्या हु तुम्हारे लिए”

ऋचा एक पल रुकी और उसकी आँखों मई देख कर बोली “सबकुछ”

राज “तोह मेरी हर बात मानोगी “

ऋचा ख़ुशी से “जिंदगी भर”

राज “प्रॉमिस”

ऋचा “प्रॉमिस”

राज “तोह तुम आगे कोई सवाल नहीं पूछोगी और कुछ नहीं बोलोगी अब कल तुम दिल्ली जा रही हो और वंही से आगे की पढ़ाई करोगी”

ऋचा ने ेकथापड़ राज के गाल पर मारा और पलटकर सोफे पर लेट कर जोर से राज को गालिया देने लगी ….

बहार खड़ा मित्युदूत दूसरे मित्युदूत से बड़बड़ाया… “सोनाली बेटी की संगध का असर तोह नहीं पद गया ह ऋचा बेटी पर. वैसे गलियों मई थोड़ा फरक तोह ह वर्ण वो तोह माँ बहन की गालिया देती ह मास्टर को पर ये भी कुछ हद तक वही कर रही ह…”

दूसरा मित्युदूत “ ये फिर भी तीख ह पर सोनाली तोह आग ह आग ह सोच रहा हु जब मास्टर के बारे मई पता लगेगा तब वो कैसे रियेक्ट karenge…bahut pitenge….master”

पहला मित्युदूत के एक्सप्रेशन पुरे चेंज हो गए और वो हँसते हुवे बोलै “वो तोह मास्टर के बिना बताये कुछ दिन जाने पर हे तोड़ फोड़ देती थी तोह यंहा तोह 2 साल से गायब ह हे हे हे बहुत पीटने वाले ह मज़ा आएगा पिटाई देखने मई”

दूसरा मित्युदूत “हंसले बीटा हंसले और जब उसे ये पता लग गया की हमे पता था तोह सोचा ह हमारा क्या होगा इस उम्र मई हड़िया या दन्त टूटे तोह जुड़ेंगे भी नहीं”

और ये सुनते हे दोनों एक दूसरे को देखने लगे….

पहला मित्युदूत “मेरे पेट मई रह रह कर दर्द उठता ह आजकल सायद पथरी होगी मंडावा जाने पर हॉस्पिटल मई एडमिट हो जाऊंगा इलाज के लिए”

दूसरा मित्युदूत “मुझे भी सांस लेने मई दिकत होती ह फेफड़े और बॉडी का ट्रीटमेंट करा लूंगा तेरे साथ हे एडमिट hokar…warna घर रहे तोह और ख़राब हो जायेंगे…

ये कह दोनों एक दूसरे को बहनो पर शाबाशी देने लगे …आखिर सबको पता था की सोनाली का गुसा कितना खतरनाक होता h…aur इस बार तोह राज ने काम हे ऐसा किया h….ki गोलिया हे न चल पड़े…

अगले दिन सुभे….

राज… बैठक मई सबके साथ बैठा था…. “ बड़े papa,chief सर nanaji…main तीख हो गया हु ये बात अभी किसी को नहीं बतानी ह..

जोगिन्दर “क्यों”

राज “पहले मेरी बात तोह सुन लीजिये पूरी….”

जोगिन्दर “तीख ह”

राज “वो इसलिए क्योकि हमारे परिवार की वजह से पापा के दोस्तों के परिवार की जिन्दगिया भी बर्बाद हो gay…ab वो जिन्दा ह या नहीं मुझे नहीं पता पर रविंदर अंकल वो बड़ी कड़ी ह जिनसे सारा सच बहार आसक्त ह bahar…isliye उन्हें छुड़ाना बहुत जरुरी ह …वो पापा के सबसे करीब दोस्त थे और पापा के बाद सबसे जायदा बुरा उनके साथ हे हुवा hoga…aur पूनम वो तोह बिना बाप के रही ह उनके जिन्दा होने के बाद भी….”

चीफ “पर वो ह कान्हा”

राज “वो फ़िनलैंड के एक आइलैंड 🏝️ पर कैद ह जो की एक सीक्रेट परोसिओं ह”

चीफ हम्म और अचानक हे खड़े होकर “क्या कहा फिनलैंड पर एक आइलैंड पर कंही वो डेथ आइलैंड पर तोह कैदनाही ह जंहा वर्ल्ड के उन कैदियों को हे रखा जाता ह जो वर्ल्ड के सबसे खूंखार कैदी होते ह”

राज “आप जानते ह”

चीफ “नहीं जब रुस्सियन इंटेलेंगेंस के साथ हमने एक सीक्रेट ओप्रशन किया था तब उनके ओप्रशन इंचार्ज के साथ मेरे अचे रिलेशन बन गए थे उन्होंने हे बताया था इसलिए मुझे पता ह …पर वंहा की तोह सिक्योरिटी भी सबसे खतरनाक होगी और सबसे बड़ी बात वो आइलैंड ढूँढना भी मुश्किल बहुत मुश्किल ह क्योकि वंहा उन्हें हे रखा जाता ह जो वर्ल्ड की टॉप 100 लिस्ट मई होते h…aise मई लोकेशन ढूँढना और छुड़ाना सबसे मुश्किल ह

राज ने मैच की तरफ देखा

मैच

मैच “ मैंने अमेरिका के वांटेड कॉन्ट्रैक्ट किलर से कांटेक्ट किया था उसने मुझे एक हैकर के कांटेक्ट दिए और उसी ने हे बताया की सिंह नाम से एक पर्सन ह जिसे अलग प्रिजन से कुछ वक़्त पहले हे फ़िनलैंड लाया गया h….jo अप्प्रोक्स 17 सालो से सजा काट रहा ह और अब उसको मार दिया जायेगा….”

जोहिन्दर “अगर वो रविंदर भाई ह तोह उन्हें छुड़ाना होगा राज क्योकि एक वो हे थे जो हर वक़्त सहदेव भाई के साथ खड़े रहे ह ….उन्हें सबसे जायदा इनफार्मेशन पता होगी की आखिर किसकी वजह से ये सब हुवा ह”

राज “इसीलिए मैं चाहता हु की मेरे जिन्दा होने या तीख होने की बात अभी दबी रहे …उनको इंडिया लेन के बाद हे मैं सबसे मिलूंगा”

चीफ “मुझे दो दिन दो मैं अरेंजमेंट करता हु”

राज “नहीं सर इस बार हम जायेंगे और लागली और वैलिड वीसा के साथ जायेंगे ….मैच और माइक वंही फ़िनलैंड के ह इसलिए कोई प्रॉब्लम नहीं hogi….lagta ह अब पुराने दोस्त से मिलने का वक़्त आगया ह ….हमे दिल्ली जाना होगा”

सुनील “मैं प्राइवेट जेट का अरेंजमेंट करता हु”

राज ने है मई गर्दन हिला दी….

पर बहार जाने से पहले रूका और बोलै …. “यार सहदेव अंकल के दोस्त नरपत सिंह जिन्दा ह अभी एक महीने पहले हे मिले ह कैसे ये बाद मई बताऊंगा पर वो कह रहे थे की मध्य प्रदेश मई एक जगह ह जूनागढ़ वंहा ये लोग काम से बहुत बार जाते थे और उनका दोस्त विपिन का पूरा परिवार वंही रहता था …उन्होंने हे ट्रांसपोर्टेशन का सारा सेट उप किया था …तोह मुझे लगता ह पहले वंहा जाया जाये उनके वंहा से काफी साडी इनफार्मेशन मिल जाएगी …या ऐसा करते ह मैं मैच और माइक पहले चले जाते ह फ़िनलैंड और लोकेशन सर्च करते ह जब तक तू”

राज “है ये तीख ह”

सुनील “तोह पहले दिल्ली चल रहा ह या सीधे”

राज “क्रिटिकल सिचुएशन ह”

सुनील “देख भाई वंहा वक़्त लगेगा क्यों की फ़िनलैंड बहुत बड़ा ह और हम ऐसी लोकेशन धुंध रहे ह जो बहुत सीक्रेट ह और ऊपर से तू अभी तीख हुवा ह तोह तुझे रेस्ट की जरुरत ह”

राज “तीख ह मैं कल जूनागढ़ के लिए निकल जाऊंगा”

ऋचा “पर तुम दिल्ली चल रहे थे न”

राज ने उसे देखा और ऐसा मू बनाया जैसे बोल रहा हो तेरे साथ दिमाग ख़राब नहीं ह मेरा…

उनकी बात अभी ख़तम हुवी हे थी की ओप्पोसिशन पार्टी के लीडर आगये….

लीडर “नमस्कार ठाकुर साब”

उमेद सिंह “हैरानी से जी नमस्कार नेता जी ”

लीडर “ठाकुर साब आपको अब हमारी पार्टी का मुख्या चेहरा दुबारा से बनना होगा”

ऊमेदसिंघ “मैं”

ऋचा आकर “हां सोचिये मत ये सब ऐसे हे नहीं ए ह दिव्या माँ ने विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल को यही रखने के लिया हां कहा ह तभी आपके लिए ए ह”

उमेद सिंह “पर”

लीडर “ठाकुर साब हां नहीं कहेंगे तोह हम यही धरने पर बैठ जायेंगे …आप पहले भी हमारे मुख्या नेता थे वो तोह कुंदन ने जान से मरने की धमकी दे राखी थी और जो नहीं मने उनके साथ आपको भी पता ह उसने क्या क्या किया ह पर अब तोह साडी पावर आपकी हे ह”

तभी कमिश्नर भी आगये

चीफ “है ठाकुर साब आप बेफिक्र रहिये अब नौबत नहीं ayegi….dubara वैसी … मैं भी आपको फुल सपोर्ट दूंगा बस जब तक इललीगल काम न हो और कमिश्नर भी आपका सपोर्ट करेंगे”

गजेंद्र सिंह “पापा है बोल दीजिये”

उमेद सिंह “तीख ह नेता जी मैं आपके साथ हु तयारी सुरु कीजिए चुनाव प्रचार की अबकी बार ईमानदारी की सर्कार …न घोटाला न होगा भ्रस्टाचार … यही पंच लाइन बनाइयेगा”

लीडर “जी ठाकुर साब जैसा आप चाहे इज़्ज़ज़त दीजिये”

ऋचा जो सब सून चुकी थी

वो कुछ बोल नहीं रही थी बस सुनील को हे घूर रही थी…

कमिश्नर जोगिन्दर और चीफ से आप दोनों मेरे साथ चल सकते ह ऑफिस तक मुझे कुछ बेहद जरुरी मामलो मई आपकी हेल्प लेनी ह”

दोनों “चलो”

राज गजेंद्र से “माँ का रूम कौनसा था”

गजेंद्र “विद्या का …औ अंदर चले” और फिर एक रूमके पास आकर जो लॉक था उसे खोला और बोले यही रूम था विद्या का थोड़ा चेंज किया ह पर उसकी चीजे वैसी हे राखी हुवी h…tum अंदर जा सकते हो”

राज अंदर गया तोह सामने हे उसकी माँ की बड़ी सी फोटो लगी हुवी thi….raj ने हाथ से अपनी माँ की फोटो को चुकार देखा और इमोशनल हो गया ….सामने एक बीएड था जिस पर वो लेट गया …और उसे कब नींद आगयी पता हे नहीं laga….shamko उसकी नींद खुली….

राज ने खिड़की से बहार देखा तोह शाम चुकी थी वो कुढ़ से बोलै… “मैं इतनी दिएर तक सोया raha…”wo खड़ा होकर बहार aya…toh सामने शेरदिल खड़ा था और ऋचा से दांत खा रहा tha….sherdil की नज़र राज पर गयी तोह उसकी जान मई जान ayiii…aur वो बोलै “तू उठ गया bhai….aja …भाभी ने छाए बनायीं h”aur बस वो खुद से हे बोलै “बेनस्टॉकेश मधुमखी के चाटते से बचा तोह सांप के बिल मई हाथ दाल दिया अबे हटिये भाभी बोलना जरुरी था”

राज “क्या बोलै”

शेर “कुछ नहीं …तूने क्या सुना भाभी ….तेरे कान बजने लगे ह”

इतना कह वो “आया सुनील कह निकल गया फुल स्पीड से”

ऋचा “बैठो छाए लाती हु”

राज “बनानी आगयी”

ऋचा ने पलटकर घूरा और बोली “ है आगयी…”

राज ने नित्ति की तरफ देखा और बोलै “तुझे बड़ी हंसी आरही ह”

नित्ति “भाई …वो इसलिए हंस रही हु क्योकि शेरदिल भाई की शेर गिरी निकल गयी थी अभी अभी वैसे मैंने सुना आप बहुत रिच हो”

राज “तू बोल क्या चाहिए तुझे”

नित्ति “पक्का न आप मन नहीं करेंगे न”

राज “चल नहीं करूँगा पक्का”

नित्ति “मुझे बहार घूमना ह मैंने कुछ भी नहीं देखा ह मतलब मैं कभी बहार नहीं गयी हु”

राज “ तीख ह वैसे ये काम तोह अहसान भी कर देता”

नित्ति “वो क्या उनको कुछ नहीं पता ह खली बॉडी बनाते घूमते ह इस मामले मई वो जीरो ह है लड़ाई पिटाई वो सब कर सकते ह हमारे liye…please आप कुछ कीजिये न”

राज “तीख ह” तभी ऋचा आगयी छाए lekar…aur वो बोलै इन्हे दिल्ली और आसपास घुमा दो ”

ऋचा “और मुझे क्या मिलेगा”

राज “ तुम्हे क्या चाहिए”

ऋचा “छोड़ो तुम दे नहीं पाओगे”

राज “ तोह मत मांगो”

ऋचा “तुममम”

राज “तुमने हे तोह कहा”

ऋचा टिया का कप हाथ मई देकर पेअर पटकते हुवे चली गयी…

राज “ये ऐसे हे रहती ह क्या…

नित्ति “अरे नहीं ये तोह बहुत सिंपल कूल रहती ह पता नहीं अभी हे ऐसे क्यों कर रही ह बी थे वे थैंक यू सो मच भाई”

राज कोई बात नहीं खूब मजे करना ऋचा के पास बहुत पैसे h….full उड़ाना …ok

नित्ति “एप्प्पी मैं अभी सिम्मी और डिम्पी को बताती हु”

राज सिर्फ मुस्करा दिया और सोचने लगा ….

प्लेस जूनागढ़ ….

“क्या दिकत हो गयी ह बे”

आदमी “मालिक ये कह रहा बम 💣 दिया था उसे बड़ा चाहिए ह मतलब और बारूद वाला”

“क्या करेगा खैर रोकड़ा लाया ह”

सामने से “एलीजिये 20 करोड़ नगद पहुंचना आपको पड़ेगा”

“अरे बाबू हम ट्रांसपोर्ट किंग हु सारा दो नंबर का माल यंहा वंहा करता हु तुम जो ये महंगी गाड़ी का जोर दिखा रहे हो इस्जैसी मई बैठकर तोह मैं हुग्गने जाता हु समझे काम हो जायेगा”

और सामने वाले के जाते हे वो आदमी चीखा अपने पीछे कड़ी शानदार हवेली की तरफ देख कर “अरे कान्हा मर गयी रे”

उसकी आवाज सून एक औरत भगति हुवी आयी “ जी जी जी”

आदमी “का जी जी जी लगा राखी ह”

औरत मालिक “वो वो उसे छोड़ दीजिये”

आदमी “अरे उसे क्या करूँगा वो तोह हमारी हवेली की शोभा बढ़ाएगी उसका गदराया बदन देखते हे अंग अंग मई आगलग जाती ह बस 18की हो जाये”

औरत रट हुवे “मालिक सब तोह मर गए बस हम कुछ हे बचे ह हम पर रहम करिये”

आदमी एक लात मरते हुवे “चुप कर रंडी साली मुझे सिखाती h…tera खसम विपिन उसने दबा कर रखा जो भी मेंकाम करता बिच मई मापनी माँ छुड़ाने आजाता तबसे हे हमने कसंख्यी थी की उसकी नस्लकी है पीढ़ी और चिन्तल हमारी रणदि और आदमी हमारा घुलम होगा .. सहदेव पर बहुते भरोसा था न जा अब तैयार हो जा हम एते ह कमरे मई चलभाग नहीं तोह 18से पहली हे तेरी बेटी की सील टूट जाएगी”

बेचारी दर के मारे अंदर चली गयी जंहा और 5 औरते और 6 लड़किया काम पर लगी हुवी थी और आदमी किसी के हाथ दबा रहे थे तोह कुछ साफ़ सफाई कर रहे थे….

रात के वक़्त…

औरत “मर भी नहीं सकते ह वर्ण ये हमारे बचो की जिन्दगिया नरक कर देंगे”

एक आदमी “अब कौन सी स्वर्ग ह भाभी …सालो से नरक मई हे तोह जी रहे ह और इन्हे देखो ये तोह छोटे हे थे जब ये सब हुवा और देखो आज बड़े होगये ह इसी नरक मई पर इनकी हैवानियत यही नहीं रुकी पहले हमरी बेटियों की इज़्ज़त लूटी और जब मन भर गया तोह भाई बहनो को हे पति पत्नी बना दिया …

औरत “ होगा …जरूर होगा… तुम्हारे भाई के इतने दोस्त थे कोई तोह जरूर आएगा …और जब आएगा तब इसका विनाश भी तय ह”

एक बुजुर्ग “बहु छोड़ दो अब तोह तू तेरी ंहति आस अब कोई नहीं आएगा आना होता तोह आजाता इतने सालो मई अब कोई नहीं आएगा …अब तोह हमारी जिंदगी मई जीते जी बस यही नरक लिखा हुवा ह जो हम बुगट रहे ह”

और सरे दुखी होकर मिला हुवा खाना खाने लगे जो कुत्तो के खाने से भी बेकार था खाकर सो गए इस उम्मीद मई की किसी न किसी सूरज की किरण उनकी जिंदगी मई खुशियों की रौशनी लाएगा …

तोह इधर वो आदमी हवेली मई बैठा हुवा tha…ki उसका एक आदमी उसके पास बोलै… “मालिक खबर ह उप मई सर्कार गिर गयी ह और कुंदन और उनके परिवार की घर मई सिलिंडर फटने से मौत हो गयी ह”

Maalik“kya बक रहे हो”

आदमी “है मालिक और तोह और कमिश्नर नया आगया ह …और पुलिस एनकाउंटर कर रही ह”

मालिक “हम ये तोह बहुत गड बाद बी पर कुंदन को मरना कोई पहाड़ तोड़ने से काम नहीं ह पहले हिमाचल और फिर मुम्बई और दिल्ली और अब उप लगता ह कुछ गड़बड़ ह”

आदमी “हम्म्म एक काम करो अपने सरे खबरियो को काम पर लगा दे जरा सी हल चल हो तोह हमे खबर कर दे और अब ये बता वो हथियारों की सप्लाई गयी ….

आदमी “जी मालिक वो तोह भेज दी ह और अबकी बार केरल से बड़ा आर्डर आया ह बोल रहे ह बड़ी दीवाली माननी ह”

मालिक “तीख ह रकम मिलते हे सप्लाई कार्डो और अबकी बार उन्हें बोलना माल कड़क भेजी हमारे नेता लोग कुंवारी की डिमांड कर रहे ह”

आदमी जी “जी मालिक” इतना कह वो चला गया…

मालिक ने अपनी लुंगी उठायी और एक लड़की को बाल पकड़कर खिंच लिया और बोलै “ इतना हे निकलेगा इसमे से कितना चूसेगी”

वो लड़की जल्दी से भाग गयी…

मालिक “भाहिंचोड़ कोई तोह ह साला पर ह कौन जो इतना सब कुछ कर जाता ह और कोई कुछ करता भी नहीं ह बंगलोरे वालो को पता तोह होगा हे फिर ये चुप कहे बैठे ह ससुर के नाती कल हे तोह सोना भेजा ह तब भी कुछ नहीं कहा”

नेक्स्ट डे…

आफ्टरनून 2पं

जूनागढ़ रेलवे स्टेशन ….

“है बाबू कान्हा चलोगे”

शख्स “भैया ब्जस कॉलेज”

ऑटो वाला “टीचर हो”

शख्स अपना वाइट सनग्लास सेट करता हुवा “है भैया मज़बूरी मई आना पड़ा”

ऑटो वाला 100 रस लगेंगे

शख्स “ तीख ह भाई चलो”

ऑटो वाला कौनसा गाँव ह

शख्स “भैया ग्वालियर से ह”

ऑटो वाला “हम झाँसी से ह”

शख्स “भैया जगह तोह बहुत अछि ह”

ऑटो वाला “बाबू जगह तोह स्वर्ग ह अगर अपने काम से काम रखो वर्ण नरक बनते भी टाइम नहीं लगती ह…” ऑटो वाला रेड लाइट पर रूका तोह सामने से एक आदमी भाग रहा था और उसके पीछे कई सरे गुंडे भाग रहे थे औरवो भाग रहे आदमी ने पीछे मुड़कर गुंडों की तरफ देखा तोह उसके पेअर आपस मई टकरा गए और वो गिर गया …और गिरते हे गुंडों ने घेर लिया और बोले “भैया जी के बारे मई छापेगा अब तेरी खबर छपेगी और उसे वंही काट कर सबके सामने चले गए

ऑटोवाला “आप समझे हम क्यों बोले अपने काम से काम रखो तोह स्वर्ग वर्ण नरक ह”

शख्स “समाज गया भैया”

ऑटो वाला कुछ दिएर बाद “लो भैया जी आपका कॉलेज आगया…

शख्स “ये लो भैया थैंक यू”

इतना कह शख्स अपना बैग टांग कर अंदर चला गया और रिसेप्शन डेस्क पर खड़ा होकर “hi माय सेल्फ राज सिंह”

काउंटर पर बैठी लेडी “यस प्लीज”

राज “ये मेरा अपॉइंटमेंट लत्तेर ह”

रिसेप्शनिस्ट लेडी “अपॉइंटमेंट लत्तेर देख कर ओह्ह तोहप ह योग टीचर”

राज “जी”

लेडी “प्लीज मेरे साथ आईये और उसे लेकर प्रिंसिपल रूम की तरफ चली गयी और बोली मम अंदर ह”

राज “ok”aur दूर नॉक किया..

और अंदर से आवाज आयी “के इन”

राज अंदर आकर “hello मम”

प्रिंसिपल “ ओह मर राज प्लेअसिलसे”

राज चेयर पर बैठकर “मम सिर्फ राज कहिये”

प्रिंसिपल “ok वेल राज गवर्नमेंट नॉर्म्स ह योग टीचर रखना हे होगा और आपके बारे मई तोह विद्या ग्रुप से डायरेक्ट रिकमेन्डेशन आयी ह”

राज “मम मैंने विद्या ग्रुप हॉस्पिटल दिल्ली मई 2 साल वर्किंग की और साथ हे फिटनेस सेण्टर चलाया ह”

प्रिंसिपल “वेल आपकी आगे तोह 28 बताई गयी ह बूत आपकी आगे 22 के आसपास की लगती ह”

राज मुस्कुराकर “मम परफेक्ट डाइट और परफेक्ट एक्सरसाइज के साथ चेहरे का ग्लो बना रहता ह और आप एक्चुअल आगे से काम लगते ह वैसे आपके आंखे के निचे हलके से डार्क सर्किल बता रहे ह की आप नींद नहीं ले पति ह अछि”

प्रिंसिपल छोङकर “है सही कहा अपने पर कैसे”

राज “आपकी आगे थिरतिएस मई ह बूत आप अपनी आगे से जायदा की लग रही ह रुकिए मैं अभी तीख करता हु आप यंहा आईये”

प्रिंसिपल “ अभी ऑफिस मई”

राज “बिलकुल यही don't वोर्री मम मेरी 70.परसेंट फेमल क्लिंट्स हे होती ह .. इसलिए आप ट्रस्ट कर सकती ह”

प्रिंसिपल के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और वो बिच मई आकर कड़ी हो गयी ..

राज पीछे आकर खड़ा हो गया और दोनों हाथो से प्रिंसिपल के हाथो को उसकी ब्रैस्ट के पास मोड़कर लगाया और फिर ऊपर कर तीन बार ऊपर निचे किया …कई सरे काटके निकलने की आवाज आयी …फिर राज ने प्रिंसिपल को वापस चेयर पर बिठाकर गार्डन को धीरे धीरे गोल गोल घुमाया और बड़े प्यार से गर्दन के काटके निकल दिए…

राज “कैसा लग रहा ह”

प्रिंसिपल “ बहुत सुकून मिला ह बॉडी हलकी लग रही ह”

राज “एक मिनट और फिर अपने हाथो से एक हलकी मस्सगे गर्दन के पस्सौर शोल्डर्स पर डिस मिनट तक दी… फि बोलै “अब लास्ट स्टेप सोफे पर लेट जाईये”

प्रिंसिपल ने कुछ नहीं कहा और लेट गयी

राज “रिलैक्स हो जाईये बॉडी को लूसे छोड़ दे” और फिर राज ने प्रिंसिपल के पेअर के घुटनो के पास से पकड़कर टेड़ा किया और कमर पर ऊँगली शरत से फिरते हुवे एक ऊँगली का हल्का सा प्रेशर दिया जिसकी वजह से प्रिंसिपल की सिसकी निकलगाही और राज के चेहरे पर मुस्कान आगयी और फिर राण ने प्रिंसिपल की गोरी कमर को छूटे हुवे हथेली का प्रेशर कमर पर दिया और कही सरे कतको की आवाज हुवी और साथ हे प्रिंसिपल की भी आह्हः निकल gayi…phir राज ने दूसरी तरफसे भी शामे प्रोसीजर किया

राज “कैसा फील कर रही ह”

प्रिंसिपल “रिलैक्स आज तक इतना लाइट फील नहीं किया ह खुदको आपके हाथो मई मैजिक ह”

राज “थैंक यू मम”

प्रिंसिपल “फिर तोह दुबारा सर्विस लेनी पड़ेगी”

राज “कभी भी मम”

प्रिंसिपल “वैसे कान्हा रुके हुवे ह आप”

राज “यही तोह प्रॉब्लम ह अभी रेंट पर रूम देख रहा हु पर मिला नहीं ह”

प्रिंसिपल “ आप हमारे गेस्ट हाउस मई रूक जाईये जब तक मैं देखती हु आपके रूकने के लिए”

राज “ये बेस्ट रहेगा”

कुछ दिएर और प्रिंसिपल से बात की और गेस्ट रूम की तरफ निकल गया …तभी उसके मोबाइल पर कॉल आया उसने कॉल उठाया तोह आवाज आयी “फोटो भेज दी ह और लोकेशन भी”

राज कॉल डिसकनेक्ट होने के बाद “ओह तोह प्रिंसिपल मैडम के बहुत पहुंची हुवी चीज ह वेल मज़ा आएगा”

आज के लिए इतना हे ….मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का…

 
थर्ड फेज मई ह अपडेट नंबर तोह मुझे भी याद नहीं ह बूत मैंने शार्ट मई क्लियर किया था
 
रिलेटिव्स मई भी fuuu..faaa..h तोह समजाओ. ...फूऊऊफा करे बिना तोह रहेगा nahi....🤣🤣🤣🤣isliye एक दिन शांत रहना हे तीख ह और है प्लीज ये मत सोचना बहाना मारा ह अपडेट पूरा हो चूका ह बस एडिटिंग हे बाकी ह



 
अपडेट 235



हुनक…

प्रिंसिपल ने बहार से चपरासी को बुलाया और उसके साथ राज को कॉलेज गेस्ट हाउस की तरफ भेज diya…aur पीछे खुद कड़ी होकर अपनी बॉडी को हिला कर फील करते हुवे बोली “आज तक सिर्फ मेडिसिन हे ली थी फिजिशियन से बूत आज राज ने तोह बस 15 मिनट मई हे हे पूरी बॉडी को इतना ररेलक्स कर दिया ह की साडी अकड़न ख़तम सी हो गयी h…hmmm इंट्रेस्टिंग पर्सन ह….. सुर पर्सनालिटी भी अछि h…aur जानना पड़ेगा राज के बारे मई” फिर वो मुस्कुराती हुवी अपनी डेस्क पर आकर बैठ गयी और अपना काम करने लगी …

वंही चपरासी …साहब ये रहा आपका गेस्ट हाउस लंच मैं आज यही पंहुचा दूंगा और नाईट को डिनर आपको मेष मई जाकर खुद करना होगा वो दिख रही ह बिल्डिंग आपके पीछे विंडो से वंही पर ह …सब वंही कहते ह कॉलेज हॉस्टल के स्टूडेंट्स और कुछ स्टाफ…

राज “और भी टीचर्स एते ह क्या वंहा”

चपरासी “है एते ह जिनका अपनी बीवियों से जगदा हुवा हो वो रूक कर वंही खा लेते ह घर पर गालिया खाने से ाचा तोह यही खाना खा लेना बेहतर ह ….”

राज मुस्करा कर 500 का नोट देते हुवे “दुबारा कुछ पूछना हो तोह”

चपरासी “मोबाइल ह न साब हमको सब प्यार से खबरि लाल कहते ह हमारे पास साडी खबर होती ह”

राज ने 5000 और निकले और उसे देते huve“khabri लाल तुम काम के आदमी हो”

खबरीलाल “बहुत काम का हु सर जी”

इतना कह वो चला गया और राज फ्रेश होकर सोफे पर हे लेत गया और दिव्या से हुवी मुलाकात के बारे मई सोचते हुवे कॉल कर दिया

“माँ पहुंच गया हु…”

दिव्या “गुड ..toh…apna धयान रखना खाना अचे से खाना और टाइम सोना इधर उधर मत घूमना काम से काम रखना”

राज “माआ बचा नहीं हु अब मैं आप मुझे हमेशा बचा हे क्यों समझती हो”

दिव्या “ बचा हे तोह ह मेरा बस बचपन मई नंगा रहता था मेरे सामने और अब अंडरवियर मई रहता ह तोह हुवा न बचा”

राज “माँ”

दिव्या “ बस बस मेरा दिल जनता ह की जब तुझे उस हालत मई देखा था मैंने कुढ़ को कैसे समझाया तू नहीं समझेगा एक माँ की क्या हालत होती ह जब उसका बचा उसके सामने हे जिंदगी और मौत के बिच लेता हुवा हो”

राज “माँ आप फिर सुरु हो गयी कोई रोना धोना नहीं ”

दिव्या “ है तुझे तोह नौटंकी हे लगेगी… मेरी बाते”

राज “माँ खा लूंगा और एक रोटी एक्स्ट्रा हे खाऊंगा टाइम से सोऊंगा साडी बाते manuga…khush हो जाईये अब तोह…”

दिव्या “ गुड मेरा ाचा राजा बीटा”

राज “आप पहुंच गयी दिल्ली”

दिव्या “है पहुंच गयी हु सुनील के साथ हे हु ”

राज “ ok माँ मैं लेट जाता हु ट्रैन मई नींद हे नहीं आयी”

दिव्या “तीख ह दुबारा कर लेना”

कॉल कट होते हे …

ऋचा “देखा सब भूल गया न माँ मेरा एक बार भी नहीं पूछा न …सब भूल गया वो माँ”

दिव्या “न मेरी बची न बिलकुल नहीं वो इडियट कुछ भी करले उसे तुझे अपनाना हे होगा…”

शेरदिल “भाभी आप फिर सत्य हो gayi…wo तोह ह हे इडियट …उसके दिमाग मई बदला लड़ाई बस यही भरा हुवा h…chod उसे वैसे भी वो चाहे कुछ भी करे जिस दिन शादी का बम उस पर फूटेगा तब देखना उसकी सकल की जिस शादी के लिए वो इतने बहाने बना रहा ह उसे शादी कब का कर चूका ह”

ये सून ऋचा भी हसने लगी ..

दिव्या “और क्या शादी तोह हो हे चुकी ह मर्रिज सर्टिफिकेट बन चूका h..aur और”

ऋचा “माँ bus”kahkar दिव्या की बांहो मई मू छिपा लिया…

दिव्या “जब उसे लड़ती ह तब ये शर्म कान्हा जाती ह” इतना कह वो कुढ़ भी हसने लगी ….तभी कविता और श्वेता भी आगयी…

श्वेता “अपने इन्फॉर्म तक नहीं किया पापा ने बताया आप आयी ह”

दिव्या “आज तुझे याद आयी ह एक बार भी कॉल किया बुआ को”

कविता “सॉरी बुआ”

दिव्या “सॉरी कहने से सब तीख हो जायेगा”

माहौल को बिगड़ा देख सुनील बोलै

“आप शांत हो जाईये …और तुम दोनों चलो पहले माफ़ी मानगो”

दोनों आकर गले लग gayiii….toh दिव्या भी नरम पद गयी…

श्वेता कुछ पल बाद ऋचा से “तू बड़ी चमक रही ह चाह्ररे पर ग्लो हे अलग ह ”

कविता श्वेता के कान मई “है यार 2 साल मई ये बहुत ब्यूटीफुल हो गयी ह”

ऋचा “मेक उप का कमल ह अब हो गया तुम दोनों का तोह

चलो ाजाओ लंच टाइम हो गया ह मैंने तैयार कर लिया ह”

श्वेता और कविता “हहहह ये सूरज कान्हा से ऊग आया ह… ऋचा और खाना इम्पॉसिबल हम मान नहीं सकते”

दिव्या “ऋचा ने हे बनाया ह”

कविता “वो फिर तोह जरूर खाउंगी…”

सुनील “नौटंकियो बैठ जाओ”

खाने की टेबल पर सुनील ने आखिर कार पूछ हे लिया दीपिका दी से बात huvi…kya तुम दोनों मई से किसी की

श्वेता “ नहीं और न करनी ह 2 साल से हमने तोह नहीं देखा ह उन्हें तू हे बात करले वैसे भी तुझे कौनसा कॉल किया उन्होंने”

सुनील ने कोई रिप्लाई नहीं किया और बस एक निवाला खा कर उठ गया”

शेरदिल “श्वेता गलत बात”

श्वेता “भाई आप भी न उनकी वजह से क्या नहीं हुवा और उन्होंने एक कॉल तक नहीं किया पूछने के लिए की सब कैसे ह उसके बारे मई बात करनी ह तोह मैं जा रही हु”

कविता “बैठ जा चुप चाप कंही नहीं जाना ह”

कुछ पल बाद दिव्या “तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही ह”

कविता “फाइनल ईयर ह पूरा होने वाला ह बस फाइनल एग्जाम बाकि ह फिर मास्टर्स की प्लानिंग करनी ह कान्हा से करे बस”

दिव्या “गुड …और फिर तुम्हारे पीले हाथ कर देंगे पीछा छूटे हमारा”

श्वेता “no वे बुआ मैं शादी वाड़ी नहीं करूँगा और करनी ह तोह घरजमाई धुंध लेना दोनों के liye…warna रहने दो हम ऐसे हे तीख ह”

कविता “ बिलकुल हम घर से दूर नहीं जाएँगी …”

दिव्या “अरे”

कविता और श्वेता “ no मीन्स no”

नाईट time…junagarh..

राज ने टाइम देखा और उठकर डिनर के लिए चल diya….usai मेष ढूंढने मई जायदा दिकत भी नहीं हुवी और वो सीधा मेष तक जल्दी हे पहुंच गया जंहा से बहुत साडी बातो की आवाजे आरही थी …उसने अंदर एंट्री ली तोह मेष लड़के लड़कियों से भरा हुवा था …वो सभी हॉस्टल के थे जो डिनर के लिए ए हुवे the…kuch की नज़र राज की तरफ गयी तोह सब आपस मई खुसर फुसर करने लगे..

लड़की “ ये कौन ह पहले तोह नहीं देखा और अब तोह सेशन भी एन्ड होने वाला ह”

लड़का “बॉडी तोह जबरदस्त बनायीं हुवी ह इसने”

दूसरी लड़की “गेस्ट फैकल्टी तोह नहीं ह”

लड़का “नहीं ये स्टूडेंट हे ह जो ट्रांसफर लेकर आया होगा”

ऐसे हे सबकी नज़र गयी उस पर …राज अंदर चलता हुवा आया और सीधा काउंटर की तरफ़जाने लगा तभी पीछे से डिनर के लिए आया हुवा एक लड़का जल्द बाज़ी मई तेज़ी से काउंटर पर जाने के चक्कर मई राज से टकरा कर निचे गिर गया…

लड़का “गधे देख कर नहीं चल सकता ह”

राज मुस्कुराकर “सोच कर देख गधा कौन ह और किसी देख कर चलना चाहिए पर सही कहा तुमने गधे मई दिमाग का है होता ह”

लड़का गुसाई से पागल हो गया राज की बात सुनकर और वो कुछ और बोलता

पीछे से उसके स्थायी लड़की “चल न तू भी क्यों दिमाग लगा रहा ह भूक लगी ह मुझे तेरी वजह से पहले हे लेट हो चुके ह”

लड़का चलते हुवे “तुझे बाद मई देखूंगा” इतना कह वो लड़की के साथ चला गया”

राज भी काउंटर पर पहुंच गया और hello करके इंट्रो दिया और अपना डिनर लेने लगा …फिर प्लेट हाथ मई लेकर एक टेबल के पास जाकर बैठ गया वंही स्टूडेंट जिन्होंने अभी सब देखा tha…wo अब अलग हे गॉसिप कर रहे थे…

एक लड़का “ओह्ह तेरी ये क्या किया इसने इसे पन्गा लेने के लिए यही मिला…”

लड़की “सष्ठ धीरे धीरे बोल दोनों ने सून लिया तोह तू जनता ह क्या होगा…”

उधर वो दोनों जाकर अपने ग्रुप के साथ बैठ गए …

उनमे से एक लड़की “नेहा यार तू लेट कैसे हुवी”

नेहा “अरे ये फुस्पेंद्र ह न कमीना हिला रहा होगा अपना यही लेट आया”

फुस्पेंद्र “मैं क्यों हाथ से हिलने लगा तू ह न”

उसकी बात से सब हसने लगे …

नेहा “बस अबे ये कौन ह लम्बा तगड़ा पर्सनालिटी भी हीरो जैसी ह बस सनग्लासेस चम्पू जैसे लग रहे ह”

दूसरी लड़की “अरे नहीं रे सनग्लासेस मई तोह ये किसी पोर्न स्टार के जैसे लग रहा ह जो हंटिंग पर निकला हो और किसी लड़की के पास जाकर उसकी आँखों मई देख कर उसका शिकार करेगा”

नेहा “कामिनी मत देखा कर पोर्न इतनी …वर्ण ऊँगली से सुरु करि थी तूने अब खीरे तोह घुसा लिया ऐसे हे रही तोह शादी वाले दिन तेरा पति हे अंदर घुस जायेगा पूरा रात को”

लड़की ने बुरा सा मू बना लिया

उनके ग्रुप का दूसरा लड़का “वो छोड़ो सत्ता लाया हु जल्दी ख़तम करो और चलते ह फिर वर्ण वो वार्डन आजायेगी अपना मोटा पिछवाड़ा हिलाते हुवे”

नेहा “है यार जल्दी फिनिश करो कल पता करते ह ये कौन ह”

और इतना कह सब जल्दी जल्दी खाकर चले गए ….सत्ता मरने

राज के चुप चाप अपना खाना खाकर वापस चल दिया और मोबाइल निकलकर सुनील को कॉल किया “ क्या बे हटिये”

सुनील “ तू सेल कमीने”

राज हँसते हुवे “अब तेरी क्यों सुलगी हुवी ह”

सुनील “हंसले बीटा पर याद रख जिस दिन सोनाली दी को पता लगा तू जिन्दा ह …उस दिन बीटा पॉपकॉर्न लेकर तेरी फिल्म देखूंगा”

राज की हंसी गायब हो गयी

सुनील जोर से हँसते हुवे “फटी न बीटा फटनी भी चाहिए उस डेथ हेलो से जायदा तेरी कुटाई करेगी wo…sayad अबकी बार 4 साल कोमा मई चला जाये तू…”

राज “ अबे डरा रहा ह”

सुनील “सच बता रहा हु तेरे रूम मई हे रहती ह और किसी की मजाल नहीं ह उन्हें कुछ खड़े और तेरी बस्ती यानि मेरी वाइफ है है है बीटा कायदे से थूकेगी तेरी गैंग बंग सुना ह न वही होगा तेरे साथ है है है है है”

उसको जोर जोर से हँसते देख सब आगये ….पर सुनील हँसता रहा जोर जोर से और बोलै गैंग बंग क्या नाम आया h…aur दुबारा जोर से हसने लगा ऐसे हे कॉल कट करके सोफे पर लेत जोर जोर से हंसने लगा…

डिम्पी क्या हुवा….

राज “ कुछ नहीं एक मस्त मूवी आने वाली ह मार्किट मई मैंने टिकट्स बुक कर दी ह अपन फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखेंगे तेरा पहली बार ह न क्या थ्रिलर एक्शन मूवी होगी”

नित्ति “वो तब तोह मस्त मज़ा आएगा”.

सुनील “ मज़ा अरे रियल एक्सपीरियंस होगा तुम्हारे दिल की धड़कने ऊपर निचे हो जाएँगी इमोशन एक्शन फाइटिंग …बुलेट्स …गालिया सब hongi…tum लाइफ की साडी मूवी भूल जाओगी”

सिम्मी “ फिर तोह जरूर देखेंगे”

सुनील है है है है है है हँसता हुवा ऊपर रूम की तरफ जाने लगा तोह शेरदिल सामने हे tha…wo बोलै इतना मत हंस कभी सोचा ह पीटने के बाद अगर राज ने झूट कह दिया की सुनील को स्टार्ट से सब पता था की मैं जिन्दा हु और मुझे लगा उसने तुम्हे बता दिया होगा तब क्या होगा तेरा वो तोह वैसे हे तुज पर भड़की रहती ह राज का क्या ह जितना पिटेगा उसे जायदा सोनाली भाभी उसे प्यार करेंगी पर तेरा क्या होगा सोचा ह ”

अब सुनील की बुरी तरह फटती…

शेरदिल “मैं भी यही सोच सोच कर खोफ्फ़ मई रहता hu…chit पैट सब राज की ह और मजे की बात देख जगदा मिया बीवी का ह पर दर हमे लगा रहता ह…”

इधर राज जब वापस जा रहा था तोह कुछ दूर हे एक कौन मई हसने की और बाते करने की आवाज ईई…

फुस्पेंद्र “तू क्यों रहती ह यंहा हॉस्टल मई तेरा बाप तोह ैप ह न”

नेहा “अरे यार कितनी बार तोह बताया माँ बाप लड़ते रहते ह इसलिए यंहा रहती हु अब छोड़ तू क्यों घुस रहा ह फॅमिली मई”

दूसरी लड़की “ चिल न यार लड़ो मत”

नेहा “लगता ह तेरी ठुकाई अचे से हुवी ह आज”

वो लड़की “क्या ठुकाई सेल की टेबलेट असर करती जब तक डिस्चार्ज हो गया और जब काम करनी सुरु करि तब तक उसका कॉल आगया”

नेहा तोह फिर

लड़की “बस सेल ने चाट चाट कर गरम कर दिया और फिर अपनी उंगलियों से काम चलना पड़ा”

सब हंस पड़े…

दूसरा लड़का “मैं मर गया था क्या”

लड़की “अबे वो खर्चा करता ह तब उसे चढ़ने देती हु वर्ण उसे अपनी पंतय तक सुगने न दू”

लड़का “कामिनी”

उसी ग्रुप की लड़की “अरे वो देख”

सबकी नज़र गयी …

ग्रुप की हॉट लड़की सरिता “अरे यार कुछ भी कह बेनस्टॉकेश है मस्त फैसिक देख परफेक्ट बॉडी शेप ह खास ये स्टूडेंट हो और हमारी क्लास मई अजय मज़ा आजायेगा”

नेहा “हम्म कल पता करते ह आखिर कौन ह”

तभी वार्डन दिख गयी सबको …

नेहा “लो आगयी भैंस चलो बे वर्ण सीधी बाप को कॉल लगा देगी और बिना वजह हंगामा हो जायेगा”

इधर राज भी गेस्ट हाउस मई आगया …

राज “मैंने कॉलेज लाइफ तोह जी हे नहीं कभी और अब टीचर बनकर आगया सिखाऊंगा क्या तीख ह बेसिक से हे स्टार्ट करेंगे …ये कॉलेज के स्टूडेंट्स हे मुझे इनफार्मेशन लाकर देंगे आखिर ये सब इतनी बड़ी सिटी के कौन कौन से एते ह और मैं योग ट्रेनर हु जो ब बबा engeneering…bsc एमएससी कॉमर्स वालो तक सभी स्ट्रीम्स को योग सीखेगा … चलो कल से स्टार्ट करना ह आज तोह अपना ह”

नेक्स्ट डे …

राज ब्लू जीन्स और वाइट टी शर्ट मई तैयार हुवा जिसमे उसकी पर्सनालिटी हे गजब की दिख रही थी ऊपर से गुरूजी की दवाई और ऋचा की केयरिंग से वो किसी हीफी मॉडल की तरह लग रहा था ऊपर से वाइट सनग्लास जो रात मई चम्पू दिखा रहा था वो अब पूरा फिट बैठ गया था और उसे एयर परफेक्ट बना रहे थे लम्बे बाल …अब स्टूडेंट्स उसे स्टूडेंट्स समाज रहे थे और सब पास से जाने पर उसे एक तक देखते रह जाते..

राज मन मई “यंहा लड़किया जायदा नहीं लग रही ह क्या सायद कोई फंक्शन की तयारी चल रही ह देखते ह”

वो सीधा प्रिंसिपल ऑफिस की तरफ badha…toh बहार हे खबरि लाल बैठा मिला…

खबरि लाल “ गुड मॉर्निंग सर जी”

राज “गुड मॉर्निंग खबरि लाल आज की ताज़ा खबर”

खबरि लाल “सर जी सब ताज़ा हे ताज़ा ह स्पोर्ट्स डे ारः h….aur काफी स्टेट के कॉलेज पार्टिसिपेट करते ह … इसलिए बहुत भीड़ होने वाली ह … और बहुत साडी बेऔतीफुल्ल मैडम भी आएंगी एक रात की प्यार वाली”

राज मुस्कराकर “क्या बात ह खबरि लाल जी ाचा सुभे की छाए तोह पीला दो”

खबरि लाल “आप बैठिये ऑफिस मई हम अभी लाता हु आपके लिए”

राज “मैडम कान्हा ह”

खबरि लाल “वो लगी ह तयारी मई मैं उनतक ढूंढकर खबर भिजवाता hu”itna कह वो चला गया तोह

राज तुरंत उठकर कंप्यूटर स्क्रीन के पसाया और पेण्ड्रीवे को आत्ताच कर एक सॉफ्टवेयर स ड्राइव मई बाकि सॉफ्टवर्स के बिच इनस्टॉल कर दिया और वापस चेयर पर बैठ गया कुछ हे दिएर मई खबरीलाल छाए लेकर आया…

खबरि लाल “ये लीजिये सर गरमा गरम छाए”

राज “थैंक यू”

खबरि लाल “सर जी बॉडीशोदय जबरदस्त बनायीं h…bura मत मानियेगा हमारी बातो का हम ऐसे हे ह”

राज “ कोई बात नहीं …बस शोख होते ह अपने अपने खबरि लाल मेरा शोख खुदको फिट रखना ह”

खबरि लाल “शादी हो गयी आपकी”

राज “नहीं”

खबरि लाल “तोह फिर आपको एक राज़ की बात बताता हु सर जी प्रिंसिपल मैडम की भी अपने आदमी से खटपट चलती रहती ह और मैडम से अलग हे रहता ह शादी के बाद से हे सुनने मई आया ह की उसका अफेयर ह कंही बहार और उसने मैडम को कभी चुवा तक नहीं ह”

राज “ओह्ह्ह”

खबरि लाल “और भी मैडम ह खासकर इंग्लिश वाली सबसे खूबसूरत ह”

तभी दूर ओपन होने की साउंड हुवी और प्रिंसिपल अंदर ayi…aur अपने चेयर पर आकर बैठती हुवी…

“वेल वैसे तोह फॉर्मल्स हे अल्लोवेद ह कॉलेज मई टीचर्स के लिए…”

राज “मम वो फिजिकल ट्रेनिंग होगी न और फॉर्मल्स कम्फर्टेबले नहीं होंगे इसलिए बूत अगर रूल ह तोह मैं फॉलो करूँगा”

प्रिंसिपल “no no इतस ok मैं भूल गयी आपको तोह ट्रेनिंग करनी होगी और एफ्फॉर्ड्स भी फिजिकली होंगे”

राज “वैसे आज कैसा फील कर रही ह आप”

प्रिंसिपल के चेहरे पर मुस्कान आगयी और बोली “सच कहु तोह बहुत अछि नींद आयी और काफी रिलेक्स महसूस किया”

राज “मम आप टाइम निकलकर पहले एक वीक ओने ऑवर और फिर बस हाफ ऑवर डेली एक्सरसाइज जो मैं सिखाऊंगा वो कर लीजियेगा ट्रस्ट में आप कॉलेज की स्टूडेंट जैसी लगने लगेंगी”

प्रिंसिपल खिल खिला कर हंस पड़ी “रियली इस आईटी पॉसिबल”

राज “अफ़्कौर्से इस आईटी पॉसिबल और सबसे बड़ी बात आप हमेशा स्ट्रेस फ्री रहेगी और एक्टिव और एनर्जेटिक फील करेंगी”

प्रिंसिपल “ ok मैं जरूर गौर करुँगी राज फ़िलहाल चलिए मैं आपको आपका क्लासरूम दिखती हु और आपको क्लास रूम के लिए नीड्स हो तोह मुझे बता दीजियेगा अगर मेरी रीच मई हुवा तोह अर्रंगे करवा दूंगी”

राज “ok सूरे मम”

प्रिंसिपल “वैसे विद्या ग्रुप मई तोह जॉब करना सबका ड्रीम होता ह फिर आप यंहा”

राज “ मम उनका एक प्रोजेक्ट ह जो स्टूडेंट्स पर बेस्ड ह बस उसी पर रिसर्च करने के लिए मुझे कॉलेज ज्वाइन करना था और सडनली अपने वचनस्य ओपन करि और ब्जस कॉलेज टॉप 50 मई अत ह इसे बेस्ट और क्या होता मेरी रिसर्च के लिए इसलिए मैं यंहा हु आपके सामने”

प्रिंसिपल “ओह्ह्ह तोह मर राज रिसर्च करने ए ह अस ा योग टीचर”

राज “डोंट वोर्री मम ी म वैरी रेस्पोंसिबल पर्सन एंड ी म आल्सो वैरी गुड इन माय जॉब”

प्रिंसिपल “No no डोंट टेक ोथेरविसे … मुझे आप पर यकीन ह ये लीजिये आपका क्लासरूम आगया ये क्लास रूम ह आपका हैवे ा लुक”

राज ने अंदर से देखा तोह बड़ा सा हॉल था ….

राज “हम्म साइज काफी बड़ा ह बूत एक प्रॉब्लम ह मम”

प्रिंसिपल “वो क्या”

राज “मम ग्लासेज ह चारो तरफ और गर्ल्स योग करेंगी तोह उनका ऑउटफिट अलग होगा और लड़के आप मेरा मतलब समाज रही ह न प्लीज इसे कवर करवा दीजिये और एक छोटा म्यूजिक सिस्टम भी ”

प्रिंसिपल “डोंट वोर्री वो मैंने पहले हे कह दिया ह आज हो जायेगा आज तोह मैं आपको दिखने के लिए लायी थी वैसे अभी स्पोर्ट्स डे की प्रैक्टिस चल रही ह आप उसमे मेरी हेल्प कर सकते ह जब तक आपकी क्लास रेडी हो जाएगी”

राज “कैसी हेल्प”

प्रिंसिपल “आईये बताती हु “ फिर साथ चलते हुवे बोली “ इस इवेंट मई हमारे स्टेट के काफी बड़े बड़े पर्सन्स के बचो से लेकर नार्मल स्टूडेंट्स तक पार्टिसिपेट करते ह ..तोह मैं चाहती हु की आप उन्हें गाइड करे ताकि वो मेंटली स्ट्रेस फ्री हो और फोकस करना सीखे क्योकि विथाउट फोकस किसी भी कम्पटीशन को जितना इम्पॉसिबल होता ह”

राज “राइट …. विथाउट फोकस विनिंग चान्सेस ऑलवेज लौ होते ह”

प्रिंसिपल “ थॉट्स व्हाई राज मैं चाहती हु हमारा कॉलेज टॉप फाइव मई ए और इसमे आप मेरी हेल्प करे आप”

राज “ओह्ह्ह्ह”

प्रिंसिपल “रेस …football…cricket…boxing…dance…martial arts…chess स्विमिंग हर तरीके के कम्पटीशन होंगे”

राज “तोह आप मुझसे क्या चाहती ह आप क्लियर कहिये”

प्रिंसिपल “मैंने आपका कम्पलीट रिज्यूमे पढ़ा ह आप स्विमिंग , मार्टिकल arts,boxing,race,chess जैसे गेम्स मई चैम्पियन h,aur लास्ट आप एक मोटिवेशनल स्पीकर भी ह ी म राइट”

और राज हैरानी से प्रिंसिपल की यरफ देखने लगा…

प्रिंसिपल “विद्या ग्रुप की साइट पर आपकी साडी डिटेल ह इसलिए हैरान मत होईये कल रात को चेक करि थी मैंने”

राज के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी “मतलब अब मुझे प्रिंसिपल मम के सरे आर्डर मैंने होंगे”

प्रिंसिपल मुस्कुरा कर “रिक्वेस्ट ह ये”

राज “एक दिन मई इतनी एक्सपेक्टेशंस प्रिंसिपल मम को मुझसे हो गयी”

प्रिंसिपल “10 इयर्स से टीचिंग मई हु …कुछ सोच कर हे रिस्पांसिबिलिटी देती हु”

राज “ok तोह जो हुकुम प्रिंसिपल मम का”

इधर ये बात कर रहे थे और सबकी जिज्ञासा बढ़ रही थी की ये ह कौन जो प्रिंसिपल मैडम से इतना हंसकर बात कर रहा ह”

प्रिंसिपल “चलिए सभी स्पोर्ट्स स्टूडेंट्स असेंबली मई आगये होंगे”

और राज जब वंहा पंहुचा तोह उसके चेहरे पर एक मुस्कराहट थी पर छोटी क्योकि वो यही तोह चाहता tha…sabhi स्टूडेंट्स से कनेक्ट होना और वो मौका उसी बहुत जल्दी मिल गया….

प्रिंसिपल “ साइलेंस प्लीज …स्टूडेंट्स मैंने आपको यंहा इसलिए बुलाया ह क्योकि कुछ दिनों मई स्पोर्ट्स इवेंट स्टार्ट हो jayega..aur आप सब पर कम्पटीशन और स्टडीज का प्रेशर होता ह जिन्हे मैनेज करते हुवे स्पोर्ट्स डे पैर ाचा परफॉर्म करना नहुत बड़ा चैलेंज होता h…isliye आपकी हेल्प के लिए आपके नई टीचर जिन्होंने अस योग ट्रेनर ज्वाइन किया ह वो हेल्प करेंगे …ये एक मोटिवेशनल स्पीकर भी ह ….”

निचे लाइन मई कड़ी नेहा “ओह तेरी ये टीचर ह …”

सरिता “बोली थी न टीचर ह”

फुस्पेंद्र “बेनस्टॉकेश योग से घंटा कुछ होगा”

नेहा “चुप करना सून तोह ले पहले तू भी तोह मार्टिकल आर्ट्स मई ह”

प्रिंसिपल ने राज को माइक पर आने का इशारा किया

राज माइक पकड़कर “ गुड मॉर्निंग …मैं अभी सिर्फ ये kahunga…ki विन और लोस्स मई एक चीज बहुत इम्पोर्टेन्ट होती ह कोई बता सकता ह वो क्या होती ह…”

एक जाना “ हार्डवर्किंग”

एक लड़की “पुनक्तुअलिटी सर”

राज “और कोई”

एक और लड़की “स्टैमिना सर”

ऐसे हे सभी ने हार्डवर्किंग, रेगुलरिटी, स्मार्ट working,working ों वीकनेस, ेट्स सब कहते गए..

राज “ ok ok आल अंसवेरस अरे राइट बूत अकॉर्डिंग तो में मोस्ट इम्पोर्टेन्ट थिंग इस योर ईगो…”

ये सून सब राज को देखते तोह कभी एक दूसरे को …

राज “ कंफ्यूज”

लगभग सभी ने सर हां मई हिला दिया

राज “जब हमारा ईगो हर्ट होता ह हमारे हार्ट मई फायर बुरण होती ह …जो शेप देती ह विलिंगनेस को, हमरे फोकस ko,hamare एंगर को और हमारा मंद को डायरेक्ट करती ह एक डायरेक्शन मई और वो डायरेक्शन होता ह कुछ कर दिखने ka,kudh को प्रूफ करने का, रॉंग प्रूफ करने का जिसने आपको weaksamjha,looser समझा इसलिए बुरण योर ego…is कम्पटीशन को अपने ईगो पर लो और मैं गारंटी देता हु इन थे एन्ड आप उस पोस्टिव पर होंगे जंहा से एक साइलेंट स्लैप उन्सबके मू पर होगा जो आप पर हंस रहे होंगे और आपके हरने का वेट कर रहे होंगे….

राज के हर सब्द ने उस्वक़्त वंहा खड़े सभी स्टूडेंट्स के दिल मई एक आग सी जगा दी थी…

राज “ सो बुरण योर ego….take थिंग्स ों योर ईगो इन ा पोसिटिव मन्नेर थैंक यू”

निचे कड़ी नेहा के साथ उसकी फ्रेंड सना बोली “वाओ यार क्या स्पीच दी ह मेरे तोह बॉडी के हर पार्ट्स मई घूसबम्प्स उठ रहे ह”

सरिता “है यार रोम रोम मई घूसबम्प्स आरहे ह”

ऐसे हे हर स्टूडेंट के एक्सप्रेशन देख प्रिंसिपल के चेहरे पर भी मुस्कराहट आगयी और उसने तालिया बजायी तोह ग्राउंड तालियों से गूंज गया …वो बोली “एंड ओने लास्ट इनफार्मेशन राज सर आपके स्पोर्ट्स इवेंट सीओ -ऑर्डिनेटर भी ह इसलिए कभी भी कोई प्रोब्ले हो तोह इनसे योग क्लास रूम मई कांटेक्ट कर सकता ह”

और ये सुनते हे वापस सरे स्टूडेंट्स आपस मई खुसर फुसर करने लगे …कुछ मिलना कहते थे तोह लड़कियों को जैसे कोई उनका ड्रीम पार्टनर मिल गया हो …कुछ टीचर मू सिकोड़ रहे थे तोह कुछ फीमेल टीचर जिनका बॉडी शेप मेन्टेन नहीं था वो अपने हे ख़याली पुलाओ बनाने लगती हुवी खुद की ड्रेस तीख करने लगी थी इधर राज प्रिंसिपल के साथ चलते हुवे “ मम मैंनं”

प्रिंसिपल “राज सर मैं इसी कॉलेज से पसौत हु और जब स्टूडेंट थी तब मैं एक स्वीम्मर थी इसलिए मैंने हनेशा चाहा कम्पटीशन मई कॉलेज को टॉप पोजीशन मई लौ बूत कामयाब नहीं हो पायी और इसलिए मैं प्रिंसिपल बनते हे पिछले तीन साल से एफ्फॉर्ड्स कर रही हु और काफी अचे थेलेट्स अलग अलग स्पोर्ट्स मई तैयार हो भी गए ह और आज आपकी मोटिवेशनल स्पीच ने उनमे वो आग जला दी ह जो जीतने के लिए इम्पोर्टेन्ट होती ह इसीलिए आपको ये पोस्ट दी ह और आप कॉलेज गेस्ट हाउस मई हे रूकें ताकि इवनिंग मसि टाइम हो तोह उनकी हेल्प कर सके”

राज “वेल मम आपका आर्डर अब मन कैसे कर सकता हु आखिर बॉस इस ऑलवेज राइट”

प्रिंसिपल “ हर आर्डर”

राज “अफ़्कौर्से …कहा तोह बॉस इस ऑलवेज राइट अन्य डिफीकल्टी और डाउट रेफेर तो रूल नंबर ओने”

प्रिंसिपल “एंड व्हाट इस रूल नंबर ओने”

राज मुस्करा “ रूल नंबर ओने says…..boss इस ऑलवेज राइट”

ये सुनते हे प्रिंसिपल की खिलखिलाहट निकल गयी बूत उसने कंट्रोल करते हुवे कहा..

“नीस वैरी नीस आपके साथ रह कर कोई भी स्ट्रेस फ्री रह सकता ह”

राज “अभी तोह फर्स्ट डे ह बॉस ”

प्रिंसिपल मुस्कुराती huvi“ok राज मैं बाकि अरेंजमेंट के लिए जाती हु आप का ईद कार्ड आपकी क्लास मई हे बिजवाती हु फ्री होकर मिलती हु”

राज खड़ा होकर सीधा आर्मी पोजीशन मई खड़ा होकर “यस बॉस”

प्रिंसिपल फिर मुस्कराने लगीई और राज के जाते हे “इतने सालो मई फर्स्ट टाइम कॉलेज मई कुछ ाचा लगा ह इंट्रेस्टिंग पर्सन ह ट्रस्टबल भी ह खास”

इधर राज क्लास रूम की तरफ जाते हुवे “यार ये कान्हा फंस गया ऐसे तोह टाइम हे नहीं milega….par एक काम ाचा हो रहा ह प्रिंसिपल के करीब हो ारः हु आखिर इसका पति इनफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के मिनिस्टर का प् ह और उसे मुझे साडी इनफार्मेशन मिल सकती ह जो मुझे यंहा चाहिए ह और इसके लिए प्रिंसिपल के करीब जाना होगा …तभी वो मुझसे जलेगा” ये कहते सोचते वो अपनी क्लास मई पंहुचा तोह सामने क्लास मई एक पूरा ग्रुप खड़ा था… और राज को देखते हे वो सरे उसे देखने लगे

राज मन मई “ये सब ऐसे क्यों देख रहे ह मुझे पूछ हे लेता हु” और इतना सोच उसने कहा “क्या बात ह आप सब यंहा”

स्टूडेंट ग्रुप मई से एक लड़का पास कड़ी लड़की को कन्धा मरते huve“tu बोल न तूने पार्टिसिपेट किया ह ”

लड़की ने सबको अपनी तरफ सबको देखते देख बोली “ सर हम फोकस इनक्रीस करने के लिए क्या कर सकते ह एक दिन तक तोह तीख ह बूत कन्टिन्यूसली पॉसिबल नहीं होता h”ye कह वो चुप हो गयी और राज बाकि सबको देखते हुवे

राज “ ok और आप सब कुछ नहीं बोलेंगे” फिर छोटी स्माइल देते हुवे अपने सनग्लास को सही किया और बोलै “फर्स्ट ऑफ़ आल अपनी हसिताशन को हटाओ …ये आपके कॉन्फिडेंस को डायरेक्ट हिट करता ह सेकंड thing…connectivity फोकस के लिए कनेक्टिविटी डीप होनी चाहिए ह”

सब एक दूसरे की तरफ देखने लगे तोह राज आगे बोलै … “फर्स्ट ऑफ़ आल मुझे राज कहो ोकक

सब “ok सर”

राज “सर

सब “ok राज”

राज “बॉय फ्रैंड किसके ह और गफ किसकी ह”

सब एक दूसरे की तरफ देखने लगे

राज “तेल्ल में”

सब ने है भर दी सिर्फ एक लड़की को छोड़कर

राज “तुम सब अपने बॉय फ्रेंड गर्ल फ्रेंड से रात भर बाते करते हो न अपना दुख सुख बताते हो जगदा करते ho..phir भी दिन मई एक बार बात न हो तोह क्या आपका फोकस अपने पार्टनर से हैट ता ह नहीं न …इसलिए आपका फोकस भी ऐसा हे होना चाहिए …चाहे आप कम्पटीशन मई part हे क्यों न ले रहे ho…..ye छोटे छोटे फोकस आपके बड़े फोकस को इनक्रीस करेगा बूत जो भी करो डीपली इन्वॉल्व होकर करो तभी आप उस चीज की इम्पोर्टेंस को समझोगे …जैसे अपनी लवर पर फोकस करते हो”

राज की बात सुनकर सब हसने लगे तोह लड़किया शर्माने लगी…

एक लड़की “ राज आपकी गफ ह”

राज “गफ मेरी ……ह न बहुत साडी “

सब “ह्ह्हह्ह्ह्ह”

राज “मज़ाक कर रहा हु नहीं ह बी थे वे आप मई से भी कोई कम्पटीशन मई part कर रहा ह”

तोह वो लड़की बोली जिसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं h”maine मार्टिकल आर्ट कम्पटीशन मई पार्टिसिपेट किया ह”

राज “ एक्सीलेंट …”

तभी फुस्पेंद्र एंड ग्रुप अंदर अत हुवा लड़की से बोलै “है है है तुमने किया ह दुबारा से तुम्हारा क्या परफॉरमेंस थी लास्ट टाइम मज़ा आगया था”

ये आवाज सून लड़की का चेहरा उतर गया …

नेहा “अरे तुम तोह 5 मिनट मई हे फर्श पर पड़ी दर्द से कराह रही थी सच मई क्या परफॉरमेंस थी”

राज ने देखा तोह उसे याद ए ये तोह वही रात वाला ग्रुप ह पर उसने कुछ नहीं कहा”

तोह उस लड़की के साथ वालो मई से एक बोलै “ इसने पार्टिसिपेट तोह किया पर तुम लोगो ने क्या किया ए और चीयर करने के बजाये डिमोटिवेट करके गए गए”

फुस्पेंद्र “बस बस बीटा इतना उड़ मत मेरे बारे मई याद ह न मैं कौन हु”

लड़का कुछ बोलता उसे पहले जिसका बर्फ नहीं था उस लड़की ने रोक दिया और बोली “फुस्पेंद्र मुझे पता ह तुम टॉप फाइव मई थे पर तुम्हे किसने ये हक़ दिया की किसी का मज़ाक उड़ाओ”

नेहा “ओह jali…chalo साइड हटो हमे तुम जैसे फ़टीचरो के मू नहीं लग्न ह” इतना कह वो आगे बढ़ी तोह नेहा के ग्रुप के बाकि लड़के लड़कियों ने सामने खड़े ग्रुप को साइड धकेल दिया

नेहा राज से “ हमे कुछ पूछना ह”

राज “गेटआउट”

फुस्पेंद्र नेहा एक साथ “व्हाट”

राज “ ी साइड गेट आउट फ्रॉम माय क्लास”

सब देखते रह गए

राज “ फ़ास्ट”

और सबको फुस्पेंद्र बहार की तरफले जाते हुवे राज को देखना laga..abhi वो गेट तक हे पंहुचा था की राज ने कहा “वेट”

सब पीछे मूड…

राज चुटकी बजा कर “यस यू व्हाट इस योर ओह्ह ी रेमेम्बेर phuspendra…kya कहा था तुमने” फिर लड़की की तरफ इशारा करके “इसका परफॉरमेंस…”

फुस्पेंद्र “है बहुत बेकार था”

राज के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और वो लड़की से बोलै “क्या तुम फुस्पेंद्र से कम्पटीशन करोगी अभी”

लड़की घबरा गयी और बोली “मैं पर मैं कैसे नहीं नहीं”

राज “पहले दर से जीतो जब आप गिरते ह तोह सीखते ह… फैलोरेस हे आपकी परफेक्ट नीव होती ह सक्सेस ki..aur तुम इसी से दर रही तोह आगे कैसे बढ़ेगी”

राज की बात सून लड़की ने हीमत करके सोचा और हां कहा …

राज ok फुस्पेंद्र 1 मिनट होगा तुम रिब्स नैक सेंसिटिव जगह को छोड़ अटैक कर सकते ho…jitni फाॅर्स से चाहो”

फुस्पेंद्र के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और बोलै आप सूरे हो न वर्ण कल को सब कहेंगे लड़की को पीट दिया”

राज “डोंट वोर्री चैम्प पर तुम जरूर धयान रखना कंही ये न कहे की लड़की ने लड़के को पीट दिया…”

ये सून फुस्पेंद्र सीधा ग्राउंड मई आगया और “बोलै अजा”

और दोनों ग्राउंड मई आगये लड़की ने अपना एक लेग आगे करके मूव बना liya…..toh सामने फुस्पेंद्र ने भी मूव बना लिया…

राज “रेडी”

दोनों ने सर हिलाया और राज बोलै “स्टार्ट”

और लड़की कुछ करती उसे पहले हे फुस्पेंद्र की आयी किक सीधी जो पहले पेट की तरफ आयी और लास्ट मोमेंट पर ऊपर होकर उसके बाजु पर लगी और लड़की एक साइड होकर गिरी और दर्द से अह्ह्ह निकल गयी ….पर ..दर्द पर काबू पाकर वो दुबारा उठी aur…apna एक पंच फुस्पेंद्र की तरफ मारा पर फुस्पेंद्र ने ैसिलय एक हाथ से उसे साइड मई कर दिया और उसके बाजु को पकड़कर घुमाकर निचे जोर से पटक diya….aur अगला मूव करते हुवे पंच उसके मू के आगे आकर रोका …और लड़की बुरी तरह घबरा गयी और अपनी आंखे बंद कर्ली ..

राज “एनफ”

फुस्पेंद्र “सर जी आप टीचर ह वर्ण आपको भी अपनी पावर दिखता”

राज ये सून मुस्करा दिया और बोलै “ok यू विन बेस्ट ऑफ़ लक 4 दिन बाद दुबारा फाइट करेंगे”

फुस्पेंद्र “सर क्यों पिटवा रहे हो बेचारी को”

नेहा “चल न छोड़ हमने हे आकर टाइम ख़राब किया चल न बड़े ए ज्ञानी बाबा”

इतना कह वो सरे हँसते हुवे चले गए …

राज ने लड़की को उठाया और उसे बैठा कर बोलै “ये पैन तुम्हारी लिमिट्स को इनक्रीस हे करेगा ..क्योकि लड़कियों की पावर लड़के से काम हे मिलेगी कम्पटीशन मई राइट”

लड़की “ने है मई गर्दन हिला दी”

तब उसके साथ ग्रुप मई आयी एक लड़की बोली “सर पर ये फाइट”

राज मुस्कुराकर “पंप थे पैन no पैन no गेन ये लाइन्स हर फिटनेस सेंटर्स मई लिखी होती ह पर इसका मतलब होता डीप मई सोचो तोह एक मतलब ये भी निकलता ह की बॉडी की लिमिट्स वही ह जो आपकी सोच ह इसलिए इनक्रीस करो पैन लो फियर से लड़ो और फिर देखो तुम वो सब पाओगो जो पाना चाहते हो तुम्हारी लिमिट्स वी नहीं जो तुम सोच कर बैठो हो एच डे अपनी लिमिट्स को पुश karo…ab मैं तुम्हे 2 स्टेप्स सिखाऊंगा और इसे तब तक करना ह और जब तक तुम थक कर कदम नहीं उठा पाओ फिर पैन किलर लो और रेस्ट करना और कल आकर मुझसे मिलना और दिखाना कितनी प्रैक्टिस करि तुमने”

ऐसा कहा राज ने उसे एक फुट मोमेंट और एक पंच मोमेंट सिखाया … राज के स्पीड से मोमेंट्स देख वंही खड़े उस पुरे ग्रुप की आंखे फटी रह गयी…

राज “ऐसे क्या देख रहे हो सबके सीक्रेट ह ..और मैं चाहता हु तुम टॉप फाइव मई एटलीस्ट औ…”

लड़की झुक कर “थैंक यू राज”

राज मुस्करा “गुड जितने पर पार्टी मिलेगी”

और सब हसने लगे तोह ..

एक लड़की “ मुझे अपनी गफ बना लीजिये…”

राज “पहले हे दिन कॉलेज से निकलवाना ह”

तब उस लड़की ने जल्दी से अपने नंबर राज को दे दिए और बोली “आपके लिए तोह सब करने को तैयार हु मैं और डोंट वोर्री मैं ट्रस्टबल लड़की हु”

मार्टिकल आर्ट्स वाली लड़की “सर पर थपड मरती हुवी चल पागल लड़की कंही भी सुरु हो जाती ह”

राज “ok तुम मार्टिकल आर्ट्स मई कैसे”

लड़की “मेरा नाम जैस्मिन ह और पापा पुलिस मई ह वो हे सपोर्ट करते ह isliye…martial आर्ट्स मई आगे बढ़ी ताकि उनकी तरह अफसर बन सकू”

राज “गुड अब जमकर प्रैक्टिस करो”

और सरेबाहर ए तोह जैस्मिन की फ्रेंड यार तू भी न कितना हॉट ह और मुझे कौनसी शादी करनी ह उसे तू भी न”

जैस्मिन कुछ नहीं बोली तोह लड़की बोली “ओह्ह्ह कंही तुम्हे कुढ़ तोह क्रश नहीं हो गया ह उनपर”

जैस्मिन “शट उप इडियट कुछ भी पर उसके चेहरे की सरम सब बता रही थी..

लड़की “ोये होये मेरी धन्नो पहली बार इम्प्रेस हुवी ह किसी से …ाचा वैसे तेरे साथ जोड़ी तोह मस्त लगेगी”

इधर राज क्लास मई बैठा मोबाइल देख हे रहा था की कुछ फ्रेमलेस टीचर आगयी…

राज अभी कुछ बोलता उसे पहले हे उसे दूसरी तरफ से एक कॉल आगयी और कॉल पर नाम देख …उसका खिला सा चेहरा मुरझा गया एक बार वो आगे कड़ी फ्रेमलेस को देखता तोह एकबार मोबाइल पर आरहे नाम ऋचा को देखता …कॉल की रिंग बांड हुवी toh…uski जान मई जान आयी

राज “ यस प्लीज”

फेमल टीचर “ सर आप योग क्लासेज स्टार्ट कर रहे ह”

राज “है टीचर्स के सेशन अलग टाइम पर होंगे और आप सबकी ओउत्फिट्स भी ये नहीं होकर आपको स्ट्रेचेबल ड्रेस पहननी होंगी”

दूसरी फीमेल टीचर मुस्कान के साथ “ मतलब आप और हम हे होंगे”

राज “जी हम और आप हे होंगे”

और बस लग गयी साडी खुसर फुसर और कहि कहि करने ….

कुछ दिएर बात करने के बाद साडी चली गयी तोह राज ने अपने चेहरे पर आया पसीना पूंछा और टाइम देख कर निकल गया गेस्ट हाउस की taraf….aur रूम मई एते हे “यार ये क्या ह …कितनी बाते करती ह ये औरते मैं पागल हो जाऊंगा यंहा ..”

पर अभी बेचारी की प्रॉब्लम कान्हा ख़तम होने वाली थी तभी राज का मोबाइल दुबारा बज उठा और नाम ारः था maa..usne कॉल उठाया और “हां माँ बोलै हे था की सामने से भड़की हुवी आवाज आयी … “हां माँ और मेरा कॉल उठाते हुवी दिकत आरही थी तुम्हे…”

राज “मैं कुछ बोलू”

ऋचा “झूट के सिवाए क्या बोलोगे तुम और मैंने तुम्हारे हे काम से कॉल किया था पर तुम खैर छोड़ो और सुनो

राज “सून रहा हु”

ऋचा “तुम्हारी उस कॉलेज मई मेरी फ्रेंड की कजिन सिस्टर पढ़ती ह क्या नाम था नेहा उसे मिल लेना वो हेल्प कर देगी …”

राज “ओह थैंक यू”

ऋचा “ सुनतोह लो पहले खुद नदी ए थैंक यू वाले इतना हे थैंक यू ारः ह तोह पहले हे उठा लेते कॉल .”

राज मन मई बोल मेरी माँ तू हे बोल “ बोलो”

ऋचा “ फैशन डिज़ाइनर क कोर्स कर रही ह ok वर्ण नेहा नेहा करोगे तोह कितनी हे मिल जाएगी अब रखती हु bye और फोटो और नंबर भेज दिए ह”

राजकुछ बोलता उसे पहले हे कॉल कट हो गया और बस राजबड़बड़ाता रह गया खुदसे …

फिर उसने वत्स ों किया तोह निचे फोटो और मोबाइल नंबर लिखे हुवे थे …और फोटो देख उसके चेहरे पर मुस्कान आगयी और वो बोलै 2 मिली दोनों policewali…aur दोनों के हे चैरेक्टर डिफरेंट ह नीस”

रात को खाना खाने के बाद उसकी नज़र नेहा एंड ग्रुप पर गयी और उसने पॉकेट से मोबाइल निकलकर कॉल किया तोह नेहा ने मोबाइल निकला और अटेंड कर के कहा hello

राज “hello मिस नेहा मुझे आपके नंबर मेरी नोन से मिले ह वो आपकी कजिन सिस्टर के साथ पढ़ती ह”

नेहा “ओह्ह यस बताया था उसने कहा था आपकी पूरी हेल्प करू ”

राज “हेल्प तोह चाहिए h..apke कॉलेज मई जो सबसे बिगड़ा लड़के ह जो सरे उलटे काम करते ह उनके नाम चाहिए ह मिल सकते ह”.

नेहा “सॉरी मैं ऐसी लड़की नहीं हु”

राज “वेल मिस नेहा जी आप कैसी ह मुझे पता ह और इनफार्मेशन भी ह आपकी सिगरेट ड्रिंकिंग स्कूल bunks…ganja सबकी इनफार्मेशन ह हेल्प मांगी ह बिख नहीं”

नेहा “ मेरे फादर पुलिस मई ह”

राज “ैप ह कहो तोह उन्हें भेज दू”

नेहा रूकर “मैं हेल्प करुँगी…”

राज “नेहा तुम सही तोह मैं सही सिंपल एक्सचेंज ह ok और आगे मेरी हेल्प करके पछतावा नहीं होगा”

“नेहा ok मैं. इन्फो कलेक्ट करके भेज दूंगी”

कॉल कट होते हे नेहा के चेहरे के एक्सप्रेशन बदल गए और वो फुस्पेंद्र से बोली “ये नंबर ह इस नंबर की डिटेल चाहिए और लोकेशन भी”

फुस्पेंद्र ने नंबर लिए और एक जाने को भेज diye…aur सामने से रिप्लाई आया हो जायेगा और नेक्स्ट डील आरही ह”

नेहा “क्या हुवा हो जायेगा न”

फुस्पेंद्र “है हो जायेगा चल सत्ता मरते ह”

नेहा “ नहीं यार मूड नहीं ह अब”

और नेहा के जाते हे फुस्पेंद्र का दोस्त “ क्या हुवा”

फुस्पेंद्र “साली पुलिस वाले की औलाद ह इसलिए साथ रखतु ताकि कोई काम न हो पर बहनचोद भाव ऐसे दिखती ह जैसे खरीद लिया हो एक दिन इसकी छूट और न गांड न फड़ी तोह मेरा नाम भी फुस्पेंद्र नहीं वैसे भी साली की इतनी फोटो ह की खुद निचे सीएजी बस ये 2 डील पूरी हो जाये”

इधर राज “ अब मुझे जाना चाहिए ह बहार ….” इतना कह वो चुपके से निकला और दीवार फांद कर बहार निकल आया और जिस टैक्सी से वो कॉलेज आया था वो खड़ा मिला और उसके साथ वो सीधा पंहुचा …गैलेक्सी बार

टैक्सी ड्राइवर “ये यंहा का सबसे बड़ा बार ह भाई”

राज “ इंतज़ार करना यही” इतना कह वो अंदर घूस गया…

आज के लिए इतना हे ….

जल्द मिलते ह अगले अपडेट पर मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवेस पेलने का….

 
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