SAFAR..................(EPISODE :- 01)
PART :-01
हर तरफ शांति का माहौल था ......रात की आहत और अँधेरा दीं ख़तम होने का अहसास दिला रहा tha....aur एक नयी शुरवात की उस रात के अँधेरे मैं अहसास दिला रहा था ....... दिवाली का बारूद अब इस आखरी रत के साथ ख़तम होने जा रहा tha.....aur एक नए दीं की शुरुआत होने वाली थी.....
रात के 2 बज रहे थे..... नम्रता की खिड़की से ठंडी हवा की ायंच उसके कोमल से मस्सों चेरे पैन गिर रही thi.....sharir सोया हुवा tha....pan अंतर्मन का विचार अभी भी दर और गिल्ट से भरा हुवा था...... पापा के ट्रिप और मनाली के बातो ने मन को संभल लिया था ...पर इतनी काम उम्र main.....joh चीज उसने किए थी uska....ek एक पल दर्द दे रहा tha....mano वोह चीज दर्द के लिए हे बानी ho.....khudke ऊपर की ghin....aur पापा के विश्वास और किया हुवा कारनामा ..... िन्न्न सब चीजों मैं नम्रता सो गयी थी ....आपने आंख से पानी भर कर ....
और यहाँ..... सुचिता और संजय आपने रूम मैं सोये हुवे the...aur दोनों को भी अच्छी नींद आ गयी थी.....
संजय का ट्रिप का प्लान सुन के सुचिता को बोहत ख़ुशी हुवी thi...boht दिनों बाद उसी आराम मिलने वाला tha...aur अआपने पति का टाइम ...जोह... शादी के बाद सिर्फ हनीमून पैन मिला tha....toh आज सोते वक्त भी सुचिता के चेहरे पैन मुस्कराहट थी ...और सोते sote....uske चेहरे के भाव बदल जाते hainn....uske चेहरे के ऊपर का तनाव बढ़ जाता हैं..... एकदम से घबराहट जैसा महसूस होने लगता हैं.....
संजय :- तुम ऐसा कैसे कर सकती हो सुचिता ु don't केयर अबाउट आवर फॅमिली हमारे बच्ची के बारे मैं सोचा होता ....
सुचिता :- संजय सुनिए मेरा मैंने कुछ नहीं किया.... संजय सच मैं बिलीव में .....
संजय :- सब देख तोह लिया अब्ब क्या बिलीव करू......
सुचिता :- तुम जैसा सोच रहे हो वैसा नहीं हैं... संजय लिस्टिने में.....
संजय :- मुझे कुछ नहीं सुनना .....क्या नहीं किया मैंने तुम्हारे liye....aur ये सब मेहनत हमारे liye....logo के लिए hain...aur तुम.......
सुचिता :- माफ करो मुझे.... संजय ऐसा कुछ नहीं हैं.... संजय .....
संजय :- मुझे अब्ब्ब नहीं सेहन होता .... लीव में निकल jao.....i वांट डाइवोर्स.......
सुचिता :- ऐसा मत कहो संजय क्या हुवा hainn....beti का तोह ख्याल करो.....
संजय :- है उसका हे ख्याल hain....mere पास हे रहेगी वोह.... तुम्हारे साथ रहेगी तोह बिगड़ जाएगी ......निकालो यहाँ से .......
सुचिता :- संजय नहीं नहीं ......मेरे बेटी को मुझ से दूर मत करो अभी बच्ची हैं वोह संजय
और सुचिता के आँखों मैं पानी आए जाता hainn.....aur आपने सुन्दर आँखों से होते huve.....uski बेडशीट पैन गिर जाता हैं .....
और एकदम से सुचिता घबरा के उठ जाती hainn....aur....aapne बाजु मैं सोये हुवे आपने पति को देखती hainn....aur तभी वोह खुद के हालत को देखती hainn.....aur हलके से तेजी से साँस लेती hainn....aur आपने .....बीएड से उठ जाती हैं ....aur.....namrta के बैडरूम के तरफ जाती hainn....aur नम्रता को सोता देख उसको सुकून मिलता hainn.....and ......आपने मन मैं कुछ सोचती हैं....
( उफ्फ्फफ्फ्फ़ कितना भयानक सपना था ......) और उसकी सांसे सपने के बारे मैं सोच तेज हो जाती hainn.....aur उससे दर सा लगने लगता हैं.....
सुचिता नम्रता के बैडरूम से हॉल मैं आ जाती hainn....aur आपने सपने के बारे मैं सोच थोड़ा दर जाती hainn....aur आपने कुछ प्रेजेंट सिचुएशन और थोड़ा पास्ट को यद् करती hainnnn....aur सोफे पैन बैठ आपने बारे मैं सोचने लगती hainn....aur उसके रीसेंट हुवे सावला के साथ वाला इंसिडेंट उससे परेशां कर देता hainn....ki कैसे उसने ....ऐसा kiya.....voh....bhi आपने नुकर के साथ ...न इतनी पहचान na....kuch..... रिलेशन फिर भी... अब्दुल के साथ.... ऐसा उसने कभी नहीं kiya....ayr जयदा नजदीक भी नहीं आयने diya.....feer इस बुड्ढे नौकर मैं क्या बायत थी की उसका कला .... बड़ा मोटा गन्दा लुंड मैं मुह्ह मैं लिया ...
और तभी बैठे बैठे सुचिता के मुह्हब पैन शर्म और गिल्ट नजर आयति hainn....aur ....अपने करतूत पैन शर्माती huvi....voh फ्रिज के तरफ पानी ीीे जाती हैं.......
फ्रिज खोलते हे फ्रिज की ठंडी ठंडी हवा उसके बदन पैन गिरती hainn....aur उसका बदन ठण्ड से एकदम कप उठता हैं...... सुचिता को आज नींद नहीं आए रही थी ..........क्यू की दिवाली के लास्ट night......savla ने सुचिता को बोहत तैसे और टचिंग किया था ....और उसी के सोच मैं.... सुचिता चिंतित thi....ki अब्ब वोह क्या करे सावला को दूर करे .....या काम से निकल डीई.....
और वैसे भी कल घूमने चले जाना हैं....1 वीक के लिए तोह क्यू काम से निकल दे और फिर संजय को भी रीज़न बताना पड़ेगा ...जाने do......dekh लेंगे ....
तभी सुचिता को नोटिस होता हैं आज उसने नाईट गाउन हे नहीं पहना .......और उसको खुद पैन हसी आती hainn....aur वोह आपने साड़ी को देखने लगी हैं.....
और उसको यकीं नहीं होता आज उसने अपने नौकर के कहने पैन ये सारे पहनी thi.......aur उसको खुद पैन हसी आती हैं......
तभी उसको यद् आता hain....kaise एक बुद्धा नौकर उसकी गांड मसल रहा था.... किचन मैं काम करते करते मेहमानो के होते हुवे .......
कैसे उस बुड्ढे ने मेरे कोमल नाजुक साड़ी को ग्रैब कर के मुझे तैसे कर रहा rha.....ufffff.......aise तैसिंग और सिचुएशन का क्या फायदा उठाया उसने ......दूसरा कोई रहता toh....himmat नहीं करता......
तभी.... सुचिता फिर से सरप्राइज होती hainn....ki voh..ab..savla को रेस्पेक्ट से नहीं थिंक कर रही ....अस नौकर एंड बुद्धा कर के सोच रही hainn.......aur उसको उसमे अलग हे विबे आ रही हैंन.....
अगर वोह बुद्धा आगे बढ़ता तोह .....
अगर कल हमें जाना नहीं होता तोह.....
अगर ....उसने मुझे फीएररर किया तोह.....
उफ्फ्फ्फ़ पर मैंने भी कैसे उसका डिक मुहहह मैं लिया ...यार
बिग्गेस्त मिस्टेक ......बूत क्या करू मॉन्स्टर था ..... पोर्नस्टार को bhi....sharam आये ...ऐसा ....था ..पर था तोह बुद्धा हे पर दिख तोह कला जवान लग रहा था .....उफ्फ्फ्फ़ मैं भी क्या सोचने लगी वोह भी 2:39 बजे .....
और सुचिता नोटिस करती hainnn.....uffff ...उसका हैट तोह उसके खूबसूरत साड़ी से उसके छूट के ऊपर घूम रहा था. .अकेली हॉल mainn.....ek ... हाउसवाइफ अनजाने मैं ...कुछ तोह ....कर रही थी ...ek...tayari ...आपने मन की .. जिसका रास्ता और मोटिवेशन छूट था ....
उफ्फ्फ ये क्या कर रही हु मैं .....अह्ह्ह . यार. .. संजय तुम्हारे बजे से होता hainn....par तुम्हे toh...duety और देश की पड़ी hainn....uf.............. संजय.......
और..... सुचिता साड़ी के ऊपर से अपनी छूट दबाने लगती hainn....aur ...तभी उसको सावला का लुंड यद् आता hainn....aur उसका चेहरा उसके सामने घूमने लगता हैं....
उफ्फ्फ्फ़ सब बुड्ढे की वजह से हो रहा hainn...ahhh.....aapne छूट को सुचिता इतने जोर से रगड़ने लगती हैं की ...उसके साड़ी और अंदर के प्रकार का आवाज घिसससससससस घिसससससस आने लगता हैं....
सुचिता के छूट से एक बूँद टपक के उसके पंतय पे गिरती हैं ..
तप्प्प्पपपपपप
और उस एक बूँद से सुचिता पागल की तरह आपने आप को घिसने लगती हैं....
अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
अहह क्या आएग थी. ......यार .....ufffff....kya एक्सप्रेशन...... अँधेरे main......jwala भड़क रही थी ...एक औरत की .....
और तभी सूचि को होश ात hainn...aur वोह सोचती हैं...
उफ्फ्फ मैं भी न बेहहहह जाती हु ....
सॉरी बाबा apko...aisa सोचा........
और हस्ते huve.....nikal जाती hainn....sone ..........
मॉर्निंग..........7 बजे ......
सुचिता :- हारे आज तोह निकलना हैं न हमें और आप कहा जा रहे होओओओ.....
संजय :- अरे यार वोह थोड़ा प्रॉब्लम हुवा हैं इसलिए पहले पलाइन से जाने का डिसिशन हुवा था पर अब्ब ट्रैन से जाना padega......boss ने सब कर दिया हैं ट्रैन का बास अब सिर्फ जेक सबको काम बता देना hain.....kuch इन्कम्प्लीट केस हैं उसको समझा देना हैं....3 बजे तक
आ जावूंगा तुम मेरी बैग एंड दोनों रेडी रहना..... इवनिंग को 7 की train....hainn......
सुचिता :- ओह्ह्ह्ह अच्छा हुवा पलाइन का कैंसिल huva.....mujhe तोह ट्रैन का सफर हे पसंद hain....and नम्रता को भी......
संजय :- है है पता हैं..... मुझे.....
सुचिता :- और voh.....savla बाबा को क्या बोलना हैं...
संजय :- ारी यार मैं कल बताना भूल गया ...उन्हें की कल से आना nahiye.......jane दो अच्छा huva....aaj आएगा तोह तुम बता देना एंड ये 15 हजार रुपये दे डेन्न्हे उन्हें....
सुचिता :- इतने उनको काम करे 15 दीं हुवे हैं सिर्फ....
संजय :- जा ने दो गरीब लगते hain....and दिवाली का बोनस समझ के दे देना तुम भी तोह लेके गयी थी उन्हें शॉपिंग को सामान उठाने........
सुचिता :- ः दे dungi.......bye...acche से जाना......
संजय :- bye जाता हु ..........मेरे एंजेल को जगा देना बाद main.......bye......
और संजय चला जाता hainn.....aur यहाँ..... सुचिता सोचा मैं पद जाती hainn......ki सावला आने वाला hainn.....usko लग रहा tha....voh अब सावला को डायरेक्ट एक वीक बाद फेस करेगी............
सुचिता ने आअज ग्रीन कलर की खूबसूरत टाइट साड़ी पहनी हुवी thi.....uska नहाना हो गया tha.....khulle गीले बल और ऊपर से मदमस्त बदन .....क्या हॉट माँ लग रही thi.....ufffff......
यहाँ....
नम्रता आपने रूम main....soyi huvi....thi.... सुचिता उससे नहीं jagati.....aur.... किचन मैं काम करने लगती हैं.......
तभी........
Trinnggggggggg.........tringggggggggg
दरवाजे पैन बेल्ल बजती हैं..... सुचिता दरवाजा ओपन करती hainn....aur सामने सावला आपने रोज के कोदो मैं.... आपने पिले डट निकल के खड़ा था.....
सुचिता उससे घर के अंदर लेती hainn.....aur किचन मैं चली जाती hainn....aur पानी लती हैं.....
सुचिता :- baba.....kal से काम पैन नहीं आना hainn...apko
सावला की ये सून फैट जाती हैं.....
सावला :- ारी क्या हुवा मेमसाहब मैं बोहत गरीब hu.....kal का मैं कब का भूल gaya....galti हो गयी आज माफ़ी भी मांगने वाला tha.....isss बुड्ढे पैन रेहम करो.... मेमसाहब.......
सुचिता :- अरे अरे बाबा सून तोह लो..........
सावला :- क्या मेमसाहब.....
सुचिता :- हम पूरा परिवार आज शाम को मनाली जा रहे हैं.....1 वीक के liye.....feee आप 7 दीं बाद आ जाना ...वाइस भी आप को पता चल जायेगा......
सावला :- ओह्ह्ह्हह ऐसे बात hain......abb रहत मिली सून के ...मुझे laga.....aap काम से निकल रहे हो.....
सुचिता :- नहीं नहीं ...और हस्ती हैं....
सावला :- कल का दीं बोहत अच्छा tha...jivan मैं मेरे ....
सुचिता :- चलो मुझे बोहत काम हैं आप भी करो.... अपना काम.......
सावला :- ठीक हैं.....
सुचिता :- एंड है नम्रता के रूम मैं मत जाना उसका बाथरूम भी रहने do....so रही hainn.....voh....
सावला :- और आपका बाथरूम ....उसमे जावु न....
सुचिता :- है क्लीन करने जाओ.....
सावला :- है सफाई का हे बोल रहा हु......
और सुचिता किचन मैं चली जाती hainn......aur सावला सुचिता के साड़ी के अंदर की ठुमकती गांड को बड़े बड़े चुत्तड़ को पीछे से देखता हैं......
सावला आपने काम करने लगता hainn....aur सोचता hainn....kaise उसके लुंड की हवस जवान नम्रता से उसके माँ के ऊपर आआ गई .....उफ्फ्फ्फ़ पर दोनों भी माल hain...yar..... पर नम्रता अभी छोटी hainn......ha...par अब्ब्ब इस्सस लुंड का स्वाद मा ने चख लिया hainn...ahhh......par abb....kya करू........
यहाँ...... किचन मैं..... सुचिता गैस के सामने नाश्ता बना रही थी .......और उसका ...pasina......uske नैक से होते हुवे ....उसके .....बूब्स के दरार मैं बह रहा tha......aur उसके नैवेल पसीने से भीग गयी थी .....उफ्फफ्फ्फ़.....
यहाँ...
सावला .....अपना काम कर लेता hainn...aaj काम काम tha...aur झाड़ू लेके. . किचन main...chala जाता हैं.......
और सुचिता के खूबसूरती को देखता hainn....ufff...kya लग रही थी मंशाभ..........
सावला झाड़ू मरते मरते सुचिता के बेल्ली और भीगे नैवेल को देखता hainn....ab....savla ठीक सुचिता के पीछे था .... सुचिता को भी समझ आया सावला पीछे झाड़ू मर रहा है.
पर वोह इंग्नोरे करती hainn........aur तभी झाड़ू मरते मरते सवाल सुचिता के गांड के यहाँ पोहच जाता है. ..और आपने नाक से सुचिता के बॉडी को सूंघता हैं....
अह्ह्ह्ह क्या स्मेल hainn...ufff इन आमिर औरतो की खुसबू हे अलग होती हैं..........
तभी सुचिता सावला को देखती hainn.....aur घूरती हैं ...सावला झाड़ू लगाने लगता हैं.....
सावला :- मंशाभ हो गया सब काम....
सुचिता:- है नाश्ता हो रहा हैं ....खा के जाना बाबा...
सावला :- तब तक क्या करू.....
सुचिता:- बैठ jao.....hall मैं....
सावला :- यहाँ ruku....aapko देखता hu....nashta कैसी बनती हो आप ...
सुचिता :- अच्छा ठीक हैं.......
सावला सुचिता के बाजु main....khada हो जाता hainn...aur थोड़ा पीछे हो जाता हैं........
सावला को सुचिता की कड़क बेल्ली पसीने से भीगी हुवी दिख रही थी ....uffff....aur सुचिता के अंडर आर्म्स वेट हो गए the.........aur सावला आपने लुंड को धोती के ऊपर से दबाने लगता hainn....ahhh....lund इस्सस माल को dekh....uchal रहा था ...और सावला .....गर्मी मैं खो रहा था .....
तभी सुचिता पीछे मूड के देखती hainn.....aur अपने भीगे हुवे ब्लाउज को ठीक करती hainn....aur कामुक नजरो से सावला को देखती हैं
उफ्फ्फफ्फ्फ़ क्या लग रही थी सुचिता ahhhh.....badan पसीने से और सेक्सी और कामुक लग रहा था ......और ब्लाउज मैं बड़े बड़े आजम भर के रखे थे.......
सुचिता :- क्या कर रहे हो baba....koi प्रॉब्लम हैं.
सावला:- नहीं नहीं कुछ नहीं........
सुचिता समझ जाती hainn....savla पीछे क्या कर रहा है. ....वोह भी मन मैं खुश हो जाती हैं....
उसके हे घर main.....usiko देख कोई अपन लुंड हिला रहा hainn.....uff.......soch के हे उसके बदन मैं गुदगुदी होती हैंन........
यहाँ इतनी बड़ी मंशाभ की गांड देख सावला का लुंड धोती मैं तम्बू बना रहा था ....अह्ह्ह... बिरजू नम्रता के बारे मैं कण्ट्रोल कर सकता tha.....par इस्सस लुंड को जीसस औरत ने मुहहह मैं लिया हैं.... उसके लिए नहीं कण्ट्रोल कर sakta....ahhhh....
आओर तभी सावला अपना धोती hainn....hat दाल के आपने मॉन्स्टर ko......hilane लगता hainn.....aur सुचिता के गांड को आँखों से सीखने लगता हैं...... सुचिता को भी अब्ब शर्म आए रही thi....usko पता था सावला क्या कर रहा हैं.....
सुचिता के भी छूट मैं गुदगुदी होने लगती hainn.....aur सोचने लगती hainnn....ki सावला को तैसे करे या नहीं.....
तभी सुचिता किचन के yaha.....aapne पेट को दबती hainn...aur अपनी थोड़ी से गांड को पीछे कर देती हैं ....पर सावला को समझ नहीं अत ....की सुचिता क्या कर रही हैं.....
पर बहार निकली गांड देख सावला आगे बढ़ता हैं.... सुचिता की सांसो की आवाज उसके कण पैन आ रही थी ....
सावला समझ जाता हैं.... सुचिता किश मूड main...hainn...aur सावला सुचिता के एकदम पीछे सात जाता हैं. ....
और आपने धोती के अंदर का लुंड थोड़ा बहार निकलता हैं......
उफ्फ्फ्फ़ सावला का कला लुंड सुचिता के ग्रीन सर्रे के अंदर के गांड को देखता hainn....aur पागल हो जाता hainn....aur कड़क होक तांडव मचने लगता हैं.....
सुचिता आगे देख सब को महसूस कर रही thi.....usko सावला के लुंड का स्वाद अभी भी यद् tha.....uski टेस्ट उसके मुहं मैं घूम रही थी.....
तभी सावला सुचिता को पीछे से पकड़ लेता hainn....aur उसके कमर को आपने हटो से हलके से पकड़ता hainn....aur कमर को ग्रैब कर लेता हैं....
सुचिता :- क्या कर रहे हो बाबा....
सावला :- वही जोह आपने कल करने की परमिशन दिए थी ...कुछ भी ....
सुचिता :- कल के लिए था वोह....
सावला :- है पर बताया नहीं tha....log आने वाले hainn...voh परमिशन मुझे आज चाहिए मंशाभ
सुचिता :- नहीं दे सकती बाबा.....
सावला तभी सुचिता के बेल्ली के ऊपर धीरे से हैट घूमता hainn....aur सुचिता के नैक पे अपनी गन्दी जनाबन रख देता hainn....aur सुचिता के नैक के ऊपर जे गीले पसीने को चाटने लगता हैं....
सुचिता :- अह्ह्ह्हह baba....mat karo....aisa ...
सावला चराते छाती निचे...... सुचिता के बेल्ली और नैवेल को पूरा मसल देता हैं.....
सुचिता :- अह्ह्ह्ह ouchhh......baba......
सावला :- कल आप बोहत खूबसूरत दिख रही थी मंशाभ
सुचिता :- अच्छा.........
सावला :- है .....मन कर रहा tha....ki आपको .....
सुचिता :- क्या मन कर रहा tha.....bolo....
सावला :- की आपको उठा के मेरे घर लेके जावु ....
सुचिता :- achha.......aur....
सावला :- और आपको प्यार करू.....
सुचिता :- तोह abb....kya कर रहे हो बाबा.....
सावला :- ये तोह sirf.......apko खुश करने के लिए hainn....pyar तोह कुछ और हैं.....
सुचिता :- अच्छा पर मैंने नहीं करने को बोलै है ....
सावला :- वोह तोह ...juban....se आपका बदन तोह कुछ और बता रहा हैं....... मंशाभ....
सुचिता :- क्या बता रहा hainn.....mere बदन .....
सावला :- यह आपके दोनों कितने उछाल रहे हैं........
सुचिता :- और.....
सावला :- अआप्की गरम गरम सबसे आपके छाती पैन mano......Khar उठा रही hainn.....aur....aapne mujhe.....ek प्रकार से परमिशन दे दिए हैंन........
सुचिता :- कैसे......
सावला :- क्यू की 5 मिनट्स हो गए मुझे आपको पीछे से बहो मैं पकडे huve......aur अभी तक आपने मुझे दूर नहीं किया........
सुचिता :- बोहत तेज हो ....aap.....baba.....
सावला :- ओह्ह्ह मेरी मंशाभ आपसे तेज नहीं.....
और तभी सावला सुचिता के साड़ी का पल्लू आपने काळा हटो से हटा डेरा hainn....aur.....aapne काळा हैट सुचिता के बदन पे घूमने लगता हैं....
सुचिता के चेहरे पे हलकी सी स्माइल आती हैं....
और सावला सुचिता के बड़े बड़े पहाड़ो पैन आपने कला हैट घूमने लगता हैं...
और सुचिता के गोर गोर नैक को आपने काळा मुझ से चूमने लगता हैं.... सुचिता को बोहत अच्छा लग रहा था ...
ुह्ह्ह्ह सुचिता आपने किचन मैं अब्ब अपने हे नौकर के बहो मैं thi....aur अब्ब्ब वोह नौकर उसपे हावी हो रहा था....
सुचिता :- अह्ह्ह्ह बाबा कल अपने बोहत परेशां किया mujhe...ahhhhh
सावला :- अब्ब्ब नहीं करूँगा.... मंशाभ .....
और तभी सुचिता को सावला पीछे से उसके तने हुवे 36 के ामो को पकड़ लेता hainn....aur आपने काळा हटो से दबाने लगता हैं.......
अह्ह्ह्हह धीरे .....baba....dukh रहा hainn......jaldi मत करो itni....bhag के नहीं जाने vali....ahhh
और सावला सुचिता को कास के पीछे से जाखड़ लेता hainn....aur. आपने औजार सुचिता के गांड को सत्ता देता हैं.....
अह्ह्ह सुचिता को अब्ब्ब खुमार चढ़ने लगा tha....aur ....उसका बदन अब्ब्ब पूरा तप चूका tha...ufffffff
सुचिता आपने बूब्स के ऊपर का हैट हटा देती hainn...aur सावला का हैट आपने कमर पैन रखती hainn....aur....aapne ब्लाउज का एक बटन खोलने लगती hainn....ufff
सावला को यकीं नहीं होता सुचिता इतने जल्दी गरम हो गयी uffff....aur सावला सुचिता के नैक को चाटने लगता hainn....aur सुचिता आपने पुरे बटन निकल देती hainn....ohhhhh.........
क्या सन tha.....ek जवान लड़की की मा और एक पति की वाइफ आपने बुड्ढे नौकर के लिए आपने ब्लाउज निकल रही thi....ufffff
ब्लाउज खुलते हे सुचिता के ायमो की खुसबू सावला के लुंड को आए जाती hainn....aur सुचिता का ब्रा सावला को दीखता hainn....uffff क्या बड़े बड़े ...मानगो थे सुचिता के ahhh.....savla का तोह देख के हे तन जाता हैं.......
सुचिता के दोनों बूब्स ऊपर निचे हो रहे थे ....
सावला जजहट से उसपे आपने दोनों हैट रख देता hainn.....uffff गोर गोर दूध जैसे बदन पैन काळा काळा कोयले जैसे हैट अह्ह्ह्ह
सावला धीरे धीरे आपने हटो से बूब्स को कसने लग जाता हैंन....
और सावला दोनों आपने मुट्ठी मैं भर लेता hainn....par सुचिता के इतने बड़े थे की सावला के काळा हैट मैं आ भी नहीं रहे थे ....उफ्फफ्फ्फ़
सुचिता के गोर गोर बूब्स को सावला कास के दबा देता hainn.....aur ब्रा के ऊपर से दोनों बॉब्स को दोनों हटो से मसलने लगता हैं....
सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह ोुछःह अह्ह्ह्ह baba...ahhhhh
सावला :- अह्ह्ह मंशाभ कितने मुलायम hainn...ah
सावला पूरा तप जाता hainn...usko तोह लग रहा था उसके हैट मैं जन्नत आ गयी hainn....uske हैट अब्ब्ब सुचिता के बूब्स पैन तेजी से घूमने लगते hainnn...aur सुचिता के गोर गोर पके आम मसलने लगते hainn...ahhh.....kya गरम गर्मी चालू थी गरम किचन mainn....ufffff......
सावला अब्ब्ब सुचिता के दोनों आजम जोर से दबा देता hainn...ufff....aur जोर से अह्ह्ह्ह ouch....aur... अह्ह्ह्हह...
सुचिता को बोहत दर्द हो रहा tha....par वोह भी अब्ब्ब मजे ले रही thi....uske मुहहह से सिसकारी बढ़ रही थी ....उफ्फफ्फ्फ़....
अह्ह्ह्ह ोुछः अह्ह्ह्ह ahhhhh.....kya.....kamuk सन चालू tha...ahhh.....
सुचिता के तने हुवे बूब्स ब्रा से बाहर निकलने के लिए तड़प रहे थे ....और muhhh...main से कोमल सिसकारी सावला के लुंड को उत्तेजित कर रही थी ....उफ्फ्फ्फ़...
तभी सावला सुचिता के पीछे से अपनी जबान को सुचिता के पीठ पैन रख देता हैंन....
ओह्ह्ह सावला की काली जबान सुचिता के नंगे पीठ पैन ठीक जाती hainn....aur....savla जोर से अपनी जबान पीठ मैं घूमता हैं....
और सुचिता के बदन को चाटने लगता हैं....
अह्ह्ह abab....uffff....baba.....ahhhhh....
सुचिता के चेहरे पैन कामुकता और सटिस्फैक्शन साफ दिख रहा था ...अह्ह्ह्ह....
सावला अपनी जबान चाटते हुवे नैक तक आता hainn....aur अब शोल्डर को चाटने लगता हैं....
अह्ह्ह्हह सुचिता अब्ब पूरी गरम हो चुकी थी .....उसके छूट से काम रास की धरा बह रही thi....aur चूर मैं जैसी आएग लग रही थी....
सावला की जबन चल तोह बदन पे रही थी लेकिन दर्द अब्ब छूट मैं होने लगा tha...ahhh....aur....gila पैन मनो पंतय फाड् के बहे जा रहा था ..अह्ह्ह...
धीरे धीरे सुचिता की पंतय गीले पैन से भरने लगी थी और उत्तेजना की लहर लहर सुचिता को बेकाबू कर रही थी..... सुचिता भी अब्ब सावला के अंग को अंग से घिस रही thi....abbb...usse भी इस्सस खेल मैं मजा आने लगा था....
सावला अब्ब्ब सुचिता के पुरे बदन को नोच रहा tha...aur आपने अंग को सुचिता पे इतना काबू कर रहा tha...mano वोह उसका हे माल ho....aur सुचिता का भी कोई विरोध नहीं tha....aur तभी अगला पल ऐसा आता hainn.....ki गरमी के लहर मैं दोनों खो के सावला सुचिता को आपने सामने कर देता हैंन.....
अब्ब्ब दोनों एक दूसरे के सामने थे ....और दोनों की नजरे हवस से भरी हुवी थी.... मालकिन और नौकर दोनों की नजरो मैं बस हवस और उत्तेजना थी.....
सुचिता को अब्ब कोई फरक नहीं था की सामने वाला उसका नौकर हैं या बुद्धा उसको उसकी छूट सिर्फ एक चीज कह रही थी ....की मुझे शांत kari....kuch भी करो पर मुझे मर्द का सुख दोऊ.....
और तभी सुचिता कामुकता से सावला के आँखों मैं देखती hainn....aur किचन पैन बैठने के लिए अपनी गांड उठा देती हैंम...
बुद्धा सावला भी समाज जाता हैं... सुचिता मेमसाहब क्या कर रही hainn.....voh भी उसके गांड को निचे से पकड़ता हैंण्ण्न.... और अपनी नाजुक बदन वाली मालकिन को किचन पैन बिठा देता हैं.....
अब्ब्ब सुचिता आपने तरीके से खेल को खेलना चाहती thi.....voh ाअपनी साड़ी को आपने जांघ तक ऊपर करती hainn....aur आपने लिप्स को चबा के सावला के आँखों मैं देखती हैं....
सावला इस्सस ऐडा को देख चौक जाता hainn....uffffff मालकिन तोह पूरी माल hainn....aise कामुक तोह रंडी भी नहीं करती कितनी रंडियो को छोड़ा hoga....par ये माल कुछ अलग हैं........
और सावला शुचि का इशारा समझ जाता हैं..... सुचिता आँख बंद कर अब्ब्ब पाना मजा लेने के लिए तैयार हो जाती हैं......
सावला घुटनो पैन बैठ कर अब्ब्ब सुचिता के निचे झुक जाता hainn...aur बुद्धा सुचिता के जांघ और पैरो को सूंघते हुवे निचे से सुचिता के साड़ी को पकड़ लेता hainn....aur .....कामुकता के नजरो से सुचिता की साड़ी ऊपर करने लगत हैं....
उफ्फफ्फ्फ़ क्या सन था........
सुचिता के साड़ी जैसे जैसे ऊपर हो रही थी वैसे वैसे सुचिता के छूट का स्मैल पुरे किचन मैं फ़ैल रहा tha....savla का लुंड मनो छूट के खुसबू के लिए तड़प रहा था......
ऊपर से सुचिता का पानी बहे जा रहा था ....आज इस बुड्ढे मर्द का दीं tha....joh सुचिता के छूट तक पोहच पाया tha.....uffff.....ab तक ये चीज ..... अब्दुल को भी नहीं मिली thi....ahhh....aur आज सुचिता ने बुड्ढे को होना खजाना खोलने के लिए परमिशन दे दिए थी.........
सावला का हैट आपन जांघो पैन घूमने लगता hainn....aur नाक छूट के करीब जाता हुवा स्मेल लेता hainn....lund सख्त हो जाता hainn.....aur कामुकता से सुचिता बुड्ढे को देख आह्ह्हह्ह्ह्ह
ाआहे भरने लगती hainn.....ahhhhhhhhhhh
सावला सुचिता के पूरी साड़ी उसके कमर तक कर देता hainn....aur उसको आपने आँखों के सामने जोह था उससे देख विश्वास नहीं होता
उसके मालकिन की छूट और पंतय उसके सेडक्टिव से पूरी भीग चुकी थी ...और पानी मनो हवस की तरह टपक रहा था.....
वोह आपने मालकिन का अपना अनमोल खजाना बड़े गौर से देखता है न.....
रंडी के अलावा वोह पहली बार किसी बड़े घर के औरत को देख रहा था इस्सस हालत मैं....
भीगी हुवी पंतय .......अह्ह्ह...
पंतय सुचिता की गीली होक छूट के लाइन से बाजु हो गयी thi....aur उसका छूट का पानी उसके जांघो से बहे जा रहा था ....aur.....panty का पानी छूट से मनो अमृतु के बूँद सामान टपक रहा tha....ufffffff....
ाआअंज्जज्जं क्या देख लिया था बुड्ढे सावला ने अह्ह्ह ये तोह जन्नत सामान नजारा था एक रणदिचोड बुड्ढे के लिए.......
उफ्फफ्फ्फ़ गुलाबी chutttttt.....voh भी लाल लाल हो गयी थी जैसे किसी ने बोहत छोड़ा हो और वोह और छोड़ने की डिमांड कर रही होओओओ......
ये सब सावला निचे से देख रहा tha....aur ऊपर सुचिता उसके एक्सप्रेशन देख खुद के जवानी और बदन पैन गर्व कर रही thi.....mano सच मैं वोह एक रंडी होऊ........
सावला ......ुसस्स छूट से टपकता अमृत सामान बूँद आपने आँखों से देखता hainnn..aur...apna मुहहह आगे कर देता हैं.....
सुचिता आपने दोनों जंघे फैला देती हैं......
और......................