दिवाली एनकाउंटर
EPISODE. :- 001.
आज बड़ा हे सुहाना दिन था.... खुशियों का दमन हर तरफ एक अलग हे मजा बनकर चहक रहा tha...har तरफ ...आनंद और उत्साह भरा हुवा था. ..क्या पता ...लग रहा tha..ki खुद भगवन धरती पर पधार रहे ho...har taraf...bas खुशिया हे खुशिया ...thi....Suraj धीरे धीरे पाने ...तेजस्वी रूप बहार निकल रहा tha...har घर main...abb...insan का उत्साह बढ़ रहा tha...q की आज दिवाली का आखरी दिन tha...aur...issi दिन को यादगार बनाने के लिए सब बेताब थे........
तभी ...एक स्लम एरिया से गन्दगी से एक Ganda...aaadmi भर निकलता hain...har इंसान को ख़ुशी थी मगर ये इंसान खुद से हे नाराज था ..aur..bas चल रहा था ...ganda...sa avtar...gande कपडे मनो उसके लिए दिवाली कुछ भी नहीं thi...na उसके चेरे पे ख़ुशी थी न दिवाली का कोई आनंद .....
और वोह कोई नहीं ...सावला था.......
वोह सोचते चले जा रहा tha...aise..anand के मुके पर भी उसके साथ कोई नहीं tha...na घर वाले na...biwi न bacche....uske लिए दिवाली क्या और साधारण दीं kya...sab एक जैसा था.....
ऊपर से उसके हैट नम्रता भी नहीं आ रही thi....chalte चलते वोह पाने किस्मत को कोस रहा था..
बार बार अपने किस्मत को दोष दे रहा था ....
और दे भी क्यू नहीं....3 बार नम्रता उसके हाट से निकल गई thi...aur वोह भी बोहत क्लोज आजके ...मनो एक मिनट के लिए ट्रैन छूट गयी हो.....
वोह सावला हे tha...jiske सामने नम्रता ने पाने बुलिडिंग के पीछे सावला को अपनी गीली पंतय निकल के दिए थी....
वोह सावला हे tha...jisne नम्रता को सेडक्टिव क्या होता hain..ye बताया था ..वोह सावला हे था जिसने नम्रता की फर्स्ट टाइम लेग्गिंग्स के ऊपर से गांड छाती थी नम्रता को गिला कर दिया tha..namrta को मजबूर कर दिया था..
वोह सावला हे था जिसने नम्रता को जवानी का अहसास दिलाया tha...par फिर भी नम्रता ने अपने अनजाने पैन मैं सावला को ठुकराया था.....
और अब्ब्ब तोह नम्रता ने सीधा सावला को धमकी दे राखी hain...ki अगर मुझे चुने की कोशिश किए तोह मैं पापा को बता दूंगी .....
और इस हालत मैं सावला नम्रता पे बिलकुल तरय नहीं मर सकता था ..और ऊपर से नम्रता ने पिछली बार सावला को धक्का देके धमकाया भी था.....
तोह अब्ब सावला उसी निराश मन से अपने रोज के काम के लिए आएगी सोसाइटी के तरफ बढ़ रहा था....
क्या किस्मत थी ...एक पारी के इतने पास आके भी सावला भिकारी tha...aur वह बिरजू ने नम्रता को 2 मुलाकातों मैं हे अपने लुंड के रास का स्वाद चखाया tha...aur वोह भी गांड पे ...
और तभी सावला अपने ख़राब गंदे कपड़ो में कपडे कहा एक ख़राब गंजी और धोती थी ...उसमे एक बड़े से सोसाइटी मैं एंटर करता hainn..savla को तोह सोसाइटी मैं एंटर करने के लिए भी शर्म आती थी.......
तभी सावला को सामने से नम्रता के पापा संजय आता दीखता हैं. संजय अपने काम पे जा रहा था और सावला उसी देख वही खड़ा हो जाता हैं....
सावला :- नमस्ते साहब...
संजय :- नमस्ते....
सावला :- आपको दिवाली की शुभ कामनाये....
संजय :- है तुम्हे भी ..
सावला :- है साहब....
संजय :- अभी घर जाओगे क्या ....
सावला :- नहीं अभी सोसाइटी को झाड़ू लगावूंगा और फिर घर जावूंगा ....
संजय :- अच्छा नम्रता आपके बारे मैं बता रही थी.....
ये सुन के सावला की फैट जाती hainn...usee दर लगता हैं कही कही नम्रता ने बता तोह नहीं दिया....
सावला :- क्या क्या बताय साहब ...
संजय:- यही की आप बोहत काम करते हो ...और मदत भी करते हो ...
सावला :- है वोह तोह काम हैं मेरे...
संजय :- चलो फिर मैं जाता हु हमें कहा कहती हैं....
सावला :- है ठीक हैं साहब ...
और सावला आगे चलता hainn...tabhi उससे संजय का आवाज आता हैं...
सावला :- जी जी साहब .....क्या हुवा...
संजय:- अरे voh...Suchita और मेरा प्लान हुवा हैं की शाम को थोड़ा एक दम छोटा फंक्शन रखे तोह तुम भी आना थोड़ी मदत हो जाएगी......
सावला :- मानीं साहब....
संजय :- ha....aaa जाना ....
और संजय वह से निकल जाता hainn...aur सावला भी पुरे सोसाइटी को साफ कर ने मैं जुट जाता हैं.......
इधर नम्रता ....कल के ...महा ...तांडव के बाद जमीं पैन हे गिर गयी thi.....rat के रास की वजह से उसके जीन्स पे अभी भी गिला पैन tha....aur अब्ब वोह उठ चुकी थी......
नम्रता:- ओह्ह माय गॉड अच्छा हुवा मैं जग गयी अगर माँ आती तोह क्या कहती ..
और नम्रता अपने बाथरूम मैं फ्रेश होने चली जाती hainn...aur यहाँ सुचिता कब की उठ चुकी थी ... संजय का ब्रेकफास्ट वैगेरा कर के वोह किचन मैं काम कर रही थी.......
तभी नम्रता फ्रेश होक अपने बीएड रूम से किचन मैं आती हैं.....
नम्रता:- गुड मॉर्निंग माँ...
सुचिता :- गुड मॉर्निंग बीटा ...
नम्रता:- डैड चले गए....
सुचिता:- है अभी गए थोड़ा लेट हो गई तुम ...
नम्रता:- उम् ोककक
सुचिता:- चलो ाअब जल्दी नाहा लो ...मुझे बाजु वाले आंटी के यहाँ थोड़ा काम हैं ब्लाउज का .....
नम्रता:- ओह्ह्ह किश चीज की तेरी हो रही हैं.
सुचिता:- अरे तुम्हारे पापा छोटासा फंक्शन रख रहे हैं घर पे ...उनके कुछ दोस्त और तुम्हारी आंटी ...आए रही हैं....
नम्रता:- ओह्ह्ह्ह ऐसी बात हैं...
सुचिता:- हआ चलो jao....aise ाचे दिन मैं ऐसे नहीं रहा करते ...चलो जाओ...
नम्रता अपने बाथरूम मैं चली जाती hainn...uske मन मैं कुछ अलग हे चल रहा tha.....usee दिवाली और इन् सब चीजों मैं मन नहीं लग रहा था....
कल आपने आप को इतना शांत करने के बावजूद भी नम्रता का अंतर मन शांत नहीं हुवा tha...aur न हे नम्रता शांत हुवी थी......
उसके आँखों के सामने बार बार लिफ्ट का चक्कर घूम रहा tha....aur वह वोह खुद को गुलिटी भी फील कर रही thi....aur वोह सोच के उससे मजा भी आ रहा था ....
नम्रता को शायद पता नहीं था ये सब उसकी लाइफ उथल पुथल कर सकता hainn..par फिर भी नम्रता उन् चीजों की तरफ एक आकर्षण मैं चली जा रही थी.....
नम्रता खुद को भूल चुकी थी ...क्यू की उसको अब भूल लगी थी शरीर संतुष्टि की ....मन की संतुष्टि तोह वोह खुद को दे सकती thi...jo उसने रात को दिए ...पर श्री संतुष्टि सिर्फ इंसान दे सकता था.....
और नम्रता के रात के कमीने ख्याल अभी भी उसके मन मैं थे या नहीं ये तो सिर्फ नम्रता को हे पता था.......
नम्रता अपने बाथरूम मैं जेक नहाना चालू करती hainn...tabhi उससे सावला की यद् आती हैं... अक्सर नम्रता जब नाहा रही होती थी तोह सावला उसके रूम को क्लीन कर रहा होता tha...lekin आज नम्रता जल्दी उठ चुकी थी और वोह नाहा भी जल्दी रही थी....
नम्रता आपने बदन को पूरा साफ करती हैं जब वोह आपने नैक को साफ करती हैं तोह उससे बिरजू का ख्याल आता hainn..kaise बिरजू ने आपने गंदे जबान से उसकी नैक चाट रहा था.....
नम्रता अब आपने पास्ट के इंसिडेंट को सोच के आपने मन हे मन खुश हो रही thiiii....par बिरजू के घातक हमले से नम्रता के बूब्स अभी भी तीथर रहे थे .क्यू की बिरजू ने नम्रता के बूब्स मसले और दबाये हे इतने थे की अगले 5 दिन तक उसका आसार रहने वाला था.....
उधर तभी दूर बेल्ल बजती हैं..........
और नम्रता की माँ दरवाजा खोलती हैं ...
सुचिता:- अरे बाबा आए गए असप..
सावला :- हआ आज जल्दी हो गया बहार का काम ...
सुचिता:- वैसे आज घर मैं ज्यादा काम नहीं हैं...
सावला :- अच्छा ठीक हैं क्या करना है बताओ आप ..
सुचिता:- कुछ नहीं हॉल क्लीन करो और नम्रता का बाथरूम बस आज इतना हे हैं.
सावला :- ठीक hain...aur वोह साहब कुछ बोल रहे थे रात को कुछ हैं कर के ..
सुचिता:- अरे है आप को शाम को आना पड़ेगा दिवाली का छोटा सा फंक्शन हैं घर मैं....
सावला :- ाचा ठीक है मेम साहब
सुचिता:- बाबा आप सुचिता बोलै करो मुझे कितनी बार बोलै आपको...
सावला :- ाचा ठीक हैं सुचिता.
और सुचिता किचन मैं चली जाती हैं....
यहाँ सावला हॉल और हॉल का बाथरूम क्लीन कर देता hainn...aaaj उसके मन मैं नम्रता को देखने की बोहत ख्वाइश थी....
यहाँ नम्रता ... बाथरूम से बहार आए जाती hain...aur अपने कपट मैं से एक ड्रेस निकलती hainn..ek ट्रेडिशनल ड्रेस ...जो उसने कभी नहीं पहना था.......
नम्रता को पता था की सावला घर मैं आए चूका हैं...
नम्रता वोह ड्रेस आपने बदन पे लगा के देखती hainn...ahh क्या ड्रेस था....
नम्रता पहले अपना ब्लैक ब्रा पहन लेती hainn...bad main...apni ब्लैक panty....aur...abb ड्रेस की बरी थी...
नम्रता वोह लॉन्ग ड्रेस आपने बदन पे पहन लेती हैं ओह्ह्ह....
नम्रता के टाइट टाइट बूब्स उस ड्रेस मैं और टाइट दिख रहे the....aur ऊपर से नम्रता की बड़ी गांड इससमे फूल के दिख रही thi...aur...namrta का गोरा चिट्टा रंग उस ब्लैक ड्रेस मैं खुल के दिख रहा था ...आअज ...ऐसा लग रहा था .नम्रता ने... शायद सावला को उकसाने के लिए ये किया ho...par कुछ भी बोलो नम्रता काम की देवी लग रही thi...mano प्यासे को सम्नदर मिल गया ho.....ahh
नम्रता का गोरा गोरा नेवेल उस ड्रेस मैं साफ दिख रहा tha...aur बेल्ल का part तोह कोई भी देख मुठ मरने लगे ...अहह आज सावला का लुंड नम्रता को देख सलामी ठोकने वाला था ये तोह तय था ....
तभी नम्रता ....अपना दुपट्टा पहन लेती hainn...aur अपने दोनों सैंट्रो के बिच के दरार को दुपट्टे से धक् लेती hainn..aur आपने रूम से बहार आ जाती हैं....
सावला हॉल मैं काम कर रहा tha....namrta किचन मैं चली जाती हैं....
सुचिता:- अरे वाआह बीटा बोहत खूबसूरत लग रही हो....
नम्रता:- थैंक यू माँ ....
और नम्रता हॉल मैं चली जाती hainn.....namrta के पैरो की चणक सवाल के कानो पैन सुनाई देती hainn..aur जैसे जैसे नम्रता आगे बढ़ रही थी वैसे वैसे सावला के लुंड मैं हलचल मच रही थी नम्रता भी थोड़ा शर्माके चल रही थी ....
और तभी सावला अपनी गर्दन उठके नम्रता को देखता hainn....vohhb क्या दिख रही थी नम्रता ....उह्ह्ह
सावला का लुंड नम्रता को देख के हे टाइट होता hainn....aur अआपने धोती मैं उछलने लगता हैं.....
पर क्या पता सावला आपने काम मैं लग जाता hainn...namrta को देख के ....
नम्रता को सरप्राइज होता हैं की सावला ने रोज की तरह कॉम्पलिमेंट नहीं दिए और घुरा भी नहीं......
पर सावला को नम्रता को देखने की बड़ी चाहत हो रही थी पर वोह नम्रता के धमकी से दर गया था......
यहाँ नम्रता का चेहरा ऐसे उतर जाता हैं मनो वोह सावला लिए हे तैयार हुवी thi...par सावला ने तोह उसको रिस्पांस भी नहीं किया ...
नम्रता के मन मैं कुछ अलग हे चल रहा था.....
इधर सावला अब नम्रता का रूम क्लीन करने चला जाता hainn....aur ...यहाँ नम्रता सोफे पैन बैठ जाती हैं......
तभी सुचिता आती हैं....
सुचिता:- बीटा मैं अभी आयी ....मुझे ब्लाउज का काम हैं बाजु वाले आंटी से..
नम्रता:- ok माँ .
सुचिता:- सावला को नाश्ता दे देना ..
नम्रता:- है माँ
और सुचिता चली जाती हैं........
यहाँ नम्रता सोच मैं थी की सावला ने उसी इग्नोर क्यू किया ......
और सोचते सोचते नम्रता ...सावला की तरफ जाती हैं......
पर सावला नम्रता के बाथरूम मैं tha...aur नम्रता का बाथरूम साफ कर रहा था .....
नम्रता सोचती hainn..ohh बेचारे कितनी म्हणत करते hainn..aur कल मैंने चाचा को डाटा वोह गलत था ..गलती तोह हो जाती hainn...jaise कल मैंने लिफ्ट मैं किए.....
शायद इसी वजह से कल के धमकी के वजह से चाचा ने बात नहीं किए.....
और तभी सावला भर आता हैं....
सावला :- बीटा तुम यहाँ क्या कर रही हो...
नम्रता:- कुछ नहीं....
सावला :- अच्छा ठीक हैं...
नम्रता:- कैसी लग रही हु मैं...
सावला :- खूबसूरत...
नम्रता:- तोह ये पहले नहीं कह सकते थे..
सावला :- मुझे लगा तुम नाराज हो कल के वजह से इस्सलिये....
नम्रता:- नहीं चाचा मैं तोह भूल भी गयी .....
सावला :- कितनी अच्छी हो तुम काश तुम्हारा जैसा कोई मेरा होता अपना होता...
नम्रता:- मैं हु न ...
सावला :- तुम कहा मेरे साथ रहती हो हर वक्त ...
नम्रता:- है वोह तोह हैं....
सावला :- वैसे ये काफी टाइट ड्रेस हैं..
नम्रता:- है थोड़ा....
सावला :- थोड़ा पीछे का ड्रेस देखने डौगी ..कैसा लग रहा हैं...
नम्रता:- चाचा आपन भी न....
सावला :- हो जाओ सिर्फ देखूंगा...
नम्रता:- है सिर्फ देखना ....
और नम्रता मुस्कुराते हुवे सावला के आगे अपनी पीठ कर देती hainn...aur अपनी गांड सावला के आगे कर देती hainn.....aur थोड़ा मुस्कुराती हैं..
अह्ह्ह सावला जी भर के नम्रता को पीछे से निहारता hainn...namrta भी सावला को स्माइल दे रही थी......
सावला नम्रता के नंगी पीठ को देखता हैं नम्रता का चिकना रंग उससे पागल कर देता हैंन..
नम्रता आज उससे काफी चुलबुली लग रही thi....bojh नम्रता के गांड को जी भर के देखता hainn...namrta की गांड उस ड्रेस मैं काफी खुल के दिख रही thi....namrta को भी मजा आ रहा tha...aise आपने बदन को कोई देख रहा hainn..ye फीलिंग उसी मजा दे रही थी......
सावला अब धीरे धीरे आगे बढ़ता हैं...
नम्रता थोड़ा ऑक्वर्ड फील करती हैं....
सावला नम्रता के शोल्डर पे हैट रख देता हैं.
सावला :- सच बतावु बीटा....
नम्रता:- है....
सावला :- तुम्हारे जितना खूबसूरत अभी तक मैंने किसी को नहीं देखा....
नम्रता:- अच्छा....
सावला नम्रता के शोल्डर को सहलाना चालू कर देता हैं....
नम्रता को सावला का स्पर्श ाचा लगता हैं ......
नम्रता कुछ नहीं कहती .....
सावला :- बीटा क्या पता ऐसा लगता हैं तुम देखता हे रह जावु......
नम्रता:- है chacha..dekho ...
सावला :- ऐसा लगता hainn...tumhe दीं भर प्यार करू....
नम्रता:- कैसा प्यार ..चाचा..
सावला :- प्यार वाला pyara...pyar .
नम्रता:- तोह ...क्या प्रॉब्लम हैं...( और मुस्कुराती हैं) .
सावला :- तुम्हे पसंद आएगा मेरा प्यार
नम्रता:- तोह ...अब्ब क्या कर रहे हो....
सावला :- तुम्हारे खूबसूरत बदन को देख रहा हु.....
नम्रता:- तोह देखो.....
सावला :- देख तोह रहा हु......
नम्रता:- अम्म देखो.....
और सावला आपने हाट को जोर जोर से नम्रता के शोल्डर पे सहलाता हैं.....
नम्रता के पीठ पैन अपना दूसरा हाट लेके जाता हैंन.....
सावला :- कितनी गोरी पीठ हैं तुम्हारी ...
नम्रता:- हआ.....
सावला :- ऐसा लगता हैं दीं भर हैट घूमता राहु...
नम्रता:- अह्ह्ह....
सावला :- क्या मैं करीब ावु और ...
नम्रता:- आपकी मर्जी .....
सावला नम्रता के और करीब हो जाता हैं नम्रता के पीठ को आपने उंगलियों से सहलाता हैं.....
सावला की गन्दी गन्दी उंगलिया जो अभी बाथरूम साफ कर के आयी थी वोह नम्रता के गोरी गोरी पीठ को सेहला रही थी.....
नम्रता के आंग मैं कल की तरह फिर से शारीरिक बदलाव होने लगते hainn...jo नम्रता को चाहिए थे ....
सावला अब नम्रता को आपने करीब कर लेता hainn...aur नम्रता को पीछे से पकड़ लेता हैं .... नम्रता के शरीर की खुस्भु वोह सूंघने लगता hainn...aur सूंघता सूंघते वोह नम्रता के नैक की स्मेल लेता hainn...aur ...नम्रता को पीछे से हुग करने लगता हैं.
पर नम्रता उससे रोकती हैं.....
नम्रता:- चाचा ...ज्यादा करीब मत आओ
सावला :- ठीक hainn...tum जो कहोगी वोह करूँगा..
नम्रता:- मुझे कुछ नहीं कहना....
और नम्रता ...वह से निकल जाती हैं....
सावला वही खड़ा रहता hainn..aur खुश होता hainnnnn.....q की आअज उससे पहली बार नम्रता की गर्मी महसूस हुवी thi....aaaj पहली बार उसको नम्रता गरम लग रही थी......
नम्रता हॉल मैं जा के सोफे पैन बैठ जाती हैं...
सावला भी जाता hainn...aur नम्रता के सामने खड़ा होता हैं.....
नम्रता उससे आपने बाजु मैं बैठने के लिए कहती हैं. सावला नम्रता के बाजु मैं बैठ जाता हैंन....
सावला :- क्या हुवा बेटी .....
नम्रता :- नम्रता कहो न ाचा लगता हैं...
सावला :- क्या हुव नम्रता....
नम्रता:- क्या पता अलग सा लग रहा हैं...
सावला :- ाचा या बुरा ...
नम्रता:- पता नहीं...
सावला :- तोह अब्ब्ब....
नम्रता:- चाचा आप नाश्ता कर लो .....
और नम्रता सावला को नास्ता लेने जाती hainn...aur वापस आती hainn.....savla नाश्ता की प्लेट बाजु मैं रखता hainn....aur नम्रता उसके सामने कड़ी थी........
सावला :- आअज बोहत ाची लग रही हो.....
नम्रता:- हा चाचा.....
सावला :- तुम्हारे बदन से कुछ अलग हे खुस्भु आती हैं
नम्रता:- ओह्ह कैसी खुस्भु....
सावला :- अलग हे आयति हैं मदहोश करने वाली ....
नम्रता:- अच्छा......
सावला :- मेम साहब कहा गयी हैं....
नम्रता :- बहार ....
सावला :- कब आएगी....
नम्रता:- पता नहीं.....
सावला :- अच्छा तोह मैं खुस्भु ले सकता हु.....
नम्रता:- हआ.....
सावला नम्रता का हैट पकड़ता hainn.....aur ...नम्रता के हैट को सूंघने लगता hainn....ahhh नम्रता का हैट सूंघ के सावला का लुंड टाइट हो जाता हैंन....
नम्रता के मन मैं भी हलचल हो रही थी ...उसका मन खाये जा रहा था क्या वोह सही कर रही hainn....par अंदर से वोह कन्वर्सेशन और वोह टच उससे अलग हे फीलिंग दे रहा tha....aur नम्रता उस फीलिंग मैं खोयी जा रही थी.....
सावला धीरे धीरे नम्रता के पुरे आंग को सूंघता hainnn....namrta के पुरे बदन को सिंह लेता hainnn...aur...abb...voh नम्रता का हैट आपने गंदे हाट मैं लिए ..नम्रता को पास खींचता हैं...
सावला सोफे पैन बैठा था और नम्रता उसके घुटनो के यहाँ कड़ी थी ...और नम्रता का बदन खुस्भु छोड़ रहा था ...सावला के सामने अब काम की देवी thi....aur नम्रता तोह अलग हे फीलिंग मैं थी...
सावला नम्रता को और पास खींचता hainn...aur नम्रता का बदन सावला के घुटनो को टच होता हैं.....
सावला जैसे घर के मालिक की तहर ...गंदे भद्दे धोती hainn...apan गन्दा सवलूण्ड लिए ...बैठा था ..और नम्रता भी ुसस्स बुड्ढे के सामने शर्मा रही थी mano....usse सब अकह लग रहा हो....
तभी सावला नम्रता के पेट पे हैट रखता हैं अपने गंदे काळा हैट नम्रता के बेल्ली पे घूमना चालू करता हैं....
नम्रता आपने बेल्ली पे सावला के हैट महसूस कर सेहर जाती hainn.....savla अब नम्रता के बेल्ली को छेड़ता hainn....aur नम्रता के बेल्ली मैं अपना एक ऊँगली दाल देता हैंन....
नम्रता:- ुह्ह्हह्ह क्या कर रहे हो चाचा...
सावला :- प्यार......
नम्रता:- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
सावला अपनी पूरी हतेली ाअब नम्रता के पेट पे घूमता हैं...
नम्रता के पुरे नैवेल पे आपने हाट घूमता hainn....aur ....
नम्रता .....िण्णं सब से बोहत गरम हो जाती hainn....namrta का बदन सावला के टच aur....sehlane से बोहत तप जाता हैंन.
मोनो कोई गरम भट्टी हो ....सावला को नम्रता की गरमी महसूस होती hain....aur वोह नम्रता के अब पीछे पीठ पे हॉट घूमना चालू कर देता hainnn.....aur...namrta भी आपने आआँख बंद कर के फील लेना चालू करती हैंन....
सावला :: कही से बोहत बढ़िया गरम खुस्भु आए रही हैं नम्रता ......
नम्रता:- अह्ह्ह पता नहीं....
सावला :- कुछ गीली गीली खुस्भु हैं....
नम्रता:- अह्ह्ह तोह....
सावला :- मैं लू वोह खुस्भु....
नम्रता:- लोह न ......
सावला :- उसके लिए तुम्हारा ये लम्बा ड्रेस ऊपर करना पड़ेगा.....
नम्रता:- अह्ह्ह नहीं.....
सावला :- मैं संतुष्ट हो जावूंगा बीटा वोह खुस्भु leke....madat करो मेरिन...
नम्रता:- पर सिर्फ खुस्भु लेना..
सावला :- अह्ह्ह्ह तोह करू ऊपर.....
नम्रता:- अह्ह्ह जरा सा करो .....
अह्ह्ह..
सावला आपने गंदे बदबूदार काळा हाट नम्रता के निचे ड्रेस पे लेहंगा पे जाते hainn....aur नम्रता का लेहंगा सावला धीरे धीरे ऊपर करता हैंन....
जैसे जैसे लेहंगा ऊपर हो रहा था वैसे सावला को नम्रता के गरम गरम छूट की खुशबु आए रही थी......
वोह नम्रता का जांघ तक लेहंगा ऊपर करता हैं....
सावला :- ओह्ह्ह्ह क्या खुस्भु hainn...beta....
नम्रता को बड़ा हे अज्जेब लग रहा था ...उससे कुछ महसूस हो रहा tha....jo बोहत अच्छा था ....
नम्रता के पेअर को सावला के गंदे धोती मैं पेअर टच हो रहे the....aur नम्रता भी ...जान बुझ कर सावला के गंदे पेअर को अपने पेअर से टच कर के घिस रही थी....
सावला नम्रता का पूरा लेहंगा ऊपर कर देता hainn...ahhh
और सावला के सामने नम्रता की जरा से गीली huvi....halki सी ब्लैक कलर की पंतय दिखती हैंन.......
अह्ह्ह सावला का लुंड पूरा टाइट हो जाता hainn...ahh... नम्रता को भी बोहत अच्छा फील हॉट hainn...ahh....namrta की सांस ाअब ऊपर निचे हो रही थी.....
नम्रता का लेहंगा सावला ने उसके कमर तक ऊपर कर के रखा tha...namrta मन मैं शर्म के लेहेर दौड़ रही थी नम्रता को अब्ब अच्छा भी लग रहा था और शर्म भी आ रही थी.....
सावला ने आज थान लिया था ये मछली आज हैट से जाने नहीं दूंगा .....सावला ने नम्रता को और पास ले लिया aur...halke से नम्रता के कमर को आपने दोनों हटो से पकड़ लिया ....
नम्रता अब सावला के गिरफ्त मैं आ चुकी thi....namrta को सावला ने बैठे बैठे आपने काळा कलूटे हातो से आपने बहो मैं ले लिया था.....
नम्रता को अब सावला के हटो के मजबूती का अंदाज़ आता hainn...aur उससे बोहत ऑक्वर्ड भी लगता हैं.....
नम्रता ने बिरजू को फेस तो फेस कुछ नहीं किया tha....par यहाँ सावला उसके सामने tha...aur ाअब नम्रता के ऊपर सावला के बदसूरती का असर दिख रहा था ....नम्रता के चेहरे से साफ लग रहा था ...नम्रता को सावला की घिन आए रही hainn...par ..
अब्ब नम्रता सावला की ....जाखड़ मैं thi....par नम्रता को बोहत ऑक्वर्ड फील होता hainn......isss सब चक्कर main....kab...savla ने नम्रता के खुल्ले नैवेल पे अपना मुह्ह रखा नम्रता को भी नहीं समझ आया
नम्रता:- ahhhhhh....chacha.....
सावला की गन्दी जबान नम्रता के नैवेल पे तिकी हुवी थी और नम्रता की गोरी गोरी स्किन सावला के जबान के चपेट main....aaa चुकी थी.....
सावला अपनी गन्दी काली जबान नम्रता के ....खुल्ले नैवेल पे घूमता hain...aur आपने जबान का गीलापन ..
नम्रता के ....पेट पैन..
लगाना चालू करता हैं....
..
ठन्डे ठन्डे जबान का अहसास करते हुवे नम्रता ाअब सिसकार्य ...भरना चालू करती hainn....aur तेजी से अपने ...अंदर ...के फीलिंग को बहार निकलती हैं....
नम्रता:- ुह्ह्ह्ह ahhhh...uhhhh....ahhhh
सावला को नम्रता का आवाज सुन्न खुमारी चढ़नी लगती हैं..
सावला भी नम्रता के सिसकारियां मैं खो जाता hainn....uski जबान तेजी से नम्रता के बेल्ली मैं एंटर करती hainn...aur नम्रता के बेल्ली मैं घूमना चालू करती हैं...
Ah....namrta की बेल्ली मनो सावला की बुद्धि जुबान से खुल जाती hainn....jaban का अहसास बेल्ली को इतना पसंद आता hainn..ki ...इसका जवाब नम्रता की सिसकरिअ देती hainn...ahhhhh
नम्रता अब आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो जाती हैं ...और सावला का गन्दा सर पकड़ लेती hainn...aur तेजी से अपने नैवेल पे दबाना चालू करती हैं......
पर सावला भी चालक था ....वोह inn...chijo मैं नहीं फसना चाहता tha...voh ...सीधे नम्रता के छूट के और अपना मुह्ह लेके जाता हैं.....
पर नम्रता भी जानती thi...usee क्या करना हैं....
नम्रता की गांड को वोह फीलिंग चाहिए थी जोह बिरजू ने उसी लिफ्ट मैं दिए thi....aur कल रात के मस्टरबैशन के बाद उसने तय किया था की गांड के जलन को कैसे शांत करना हैं....
नम्रता भी थोड़ा दूर होती हैं...
सावला :- क्या हुवा बेटी ....
नम्रता;- कुछ nahi...apko कुछ हुवा क्या .
सावला :- है हो तोह बोहत कुछ रहा हैं..
नम्रता:- toh...abbb....
सावला :- आओ न पास मुझे खुस्भु लेने दो निचे ki...kya गर्मी हैं इससमे...
नम्रता:- nahi....aap लिमिट क्रॉस करते हो
सावला :- नहीं karunga....aaao...
नम्रता फिर से सावला के पास जाती hainn..aur सावला नम्रता का पूरा लेहेंगा ऊपर कर देता hainn....abb..
नम्रता की ब्लैक कलर की पंतय ...सावला के सामने थीम....
नम्रता के पंतय से सावल को बड़ी हे गरम गरम खुस्भु आते hainn...aur .वोह स्मेल सूंघ के सावला का आपने धोती मैं हे कड़क होता हैं....
नम्रता की छूट गरम ग्राम पानी छोड़ रही थी ... इस्सलिये नम्रता की छूट पूरी गीली होती hainn...savla देख रहा tha...kaise नम्रता की छूट गरम ग्राम ....फुंकार छोड़ रही हैंन....
तभी नम्रता घूम जाती हैं.......
Ahhh...aur सावला के सामने नम्रता की टाइट टाइट गांड आते hainn...black पंतय मैं नम्रता की टाइट गांड ...फूल के सावला के मुह्ह के सामने थी......
सावला को सरप्राइज होता hainn..akhir नम्रता ने गांड क्यू मुह्ह के सामने राखी पर उसको kya....usko तोह सोने पे सुहागा ...हो गया....
नम्रता को भूक उस चीज की thi...koh बिरजू ने उससे लिफ्ट मैं दिए thi....uss चीज की thi...jab बिरजू ने नम्रता के जीन्स के ऊपर ाअपना लुंड टिकाया tha...namrta को वोह चाहिए था.....
और सावला यहाँ नम्रता की गांड सूंघ ने लगता हैं...
वोह नम्रता को बहो मैं पकड़ के नम्रता के गांड पे अपना मुह्ह लगता hainn...aur तेजी से ...अपना मुह्ह नम्रता के गांड पे रगड़ना चालू करता हैं....
सावला की गरम गरम सांसे नम्रता के गांड पे गिरती hainn...aur नम्रता की गांड गरम गरम लावा ...सावला ke...muhh की वजह से आपने अंदर तड़पती हैं....
और अब सावला नम्रता का पूरा लेहंगा ऊपर कर देता hainn...aur नम्रता के पंतय के ऊपर se....aapni गन्दी जबान से नम्रता की गांड चाटने लगता हैं....
सावला बिच बिच मैं नम्रता की गांड को जोर से कट्टा hainn...aur...teji से पूरी पंतय को अआपने जबान से गिला कर देता हैं....
अआपने अनादर का सारा गन्दा सलीवा नम्रता के पंतय पैन फैला देता hainn...aur....namrta के गांड के दरार को आपने जबान से साफ करता हैं....
नम्रता को ये आज अलग हे फीलिंग thi....pehli बार नम्रता को अच्छा फील huva...savla के sath...nahi तोह हर वक्त प्रेशर मैं आती thi...voh आअज खुल क्र अपनी गांड चाटने दे रही थी......
नम्रता ाअब सावला को पूरा सपोर्ट करती hainn..aaur आओनी गांड को पीछे सावला के मुह्ह पैन दबोचती हैं....
अह्ह्ह्ह इहह्ह्ज chacha....ahhh....
नम्रता की सिसकरिअ पुरे घर मैं फैलती hainn....namrta के गांड और छूट की खुसबू pure....room मैं फ़ैल जाती हैं.
तभी नम्रता को सावला झट से पीछे खींचता हैं और अआपने जांघ पैन बिठा लेता हैंन....
नम्रता को सरप्राइज होता hainn...par उसके गांड को जोर से कुछ चुभता hainnn..namrta सरप्राइज हो जाती हैंन....
नम्रता खुदको सावला के गोदी मैं... ऑक्वर्ड फील करती hainn...par उसको वोह चुभने वाली चीज बेचीं करती हैं....
औरर ुस्ससी चुभने वाले चीज के अट्रैक्शन मैं नम्रता आराम से अपनी गांड को लिए सावला के गॉड मैं बैठ जाती हैं....
सावला की वोह चुभने वाली चीज नम्रता को इतना परेशां करती हैं की नम्रता खुद उस चीज पैन ाअपनी गांड रगड़ना चालू कर देती हैं...
सावला को भी सरप्राइज होता हैं नम्रता इतनी बोल्ड कब होने लगी पर नम्रता आपने हे जोन मैं थी....
नम्रता अपनी गांड ऐसे हिला रही थी जैसे उससे उस चीज की भूक लगी ho...namrta को अब्ब सावला सपोर्ट करने लगता hainn...abbb सावला सिर्फ नम्रता को अपने लुंड पैन नचा रहा tha....namrta की गांड लुंड ढूंढ रही थी ...और सावला ाअपना लुंड छुपा रहा था.....
और सावला समाज जाता हैं नम्रता को क्या चाहिए.......
आओर तभी सावला आपने कला कलूटा 11इंच का राक्षस जिसे लुंड आपने ीक हैट से धोती के भर निकलता हैंन.....
औरर भर निकलते हे नम्रता के गांड पैन सलामी देता हैंन.....
नम्रता के गांड पैन वोह ऐसे टिकता हैं जैसे आजभी गांड फाड् देगा ...
सावला का कला लुंड बोहत तप चूका था....
नम्रता को आपने गांड पे गरम गरम महसूस होता hainn...aur मनो नम्रता पागल हो जाती हैंन.....
नम्रता के छूट से अब्ब्ब बोहत लावा बहने लगता hainn...voh पंतय से बहार आजके सोफे के शीट पैन गिरने लगता हैंन...
नम्रता अपनी पूरी पंतय के अंदर से सावला के लुंड पैन अपनी गांड थमा देती hainn...aaaur जी भर के आपने पंतय और गांड को लुंड की गर्मी देती hainn...ahhh...
यहाँ सावला नम्रता के कमर और गांड को पूरा आपने ऊपर लेता देता hainn...aur नम्रता को बहो मैं भर के....
नम्रता के पंतय के ऊपर अपना हैट रख देता हैं....
नम्रता को कुछ नहीं समाज रहा tha...voh इतनी तप चुकी थी की उसको ये भी नहीं समज रहा tha....ki वोह आपने दादा के उम्र के बुड्ढे के बहो मैं लेट चुकी hainn...aur वोह बुद्धा उसके घर का नौकर हैं...
नम्रता अब कुछ समझने के बहार thi...aur सावला आपने हैट नम्रता के चूर के ऊपर रख देता hainn...aur teji....se नम्रता के पंतय को सहलाता है .....
नम्रता आपने गरम गरम काम रास तेजी से छोड़ रही thi...savla का हैट पूरा भीग जाता hainn...savla वोह गिला hat...aaapne जबान पैन रखता hainn..aur नम्र का रास टेस्ट करता हैं......
नम्रता वोह देख शर्मा जाती hainn...q की उसने कभी ऐसा नहीं देखा tha...kal उसने आपने रास टेस्ट किया tha...aur आअज सावला उसके रास को चाट रहा था....
नम्रता अब तेजी से सावला के खुल्ले लुंड पैन अपनी गांड को घूमना चालू करती hainn.....aur सावला आपने हैट नम्रता के पंतय के ऊपर से छूट को घिसता हैं...
क्या काम माहौल बना हुवा tha...uss घर mainn...namrta की आएग हवा बन के पुरे माहौल को और गरम कर रही थी....
नम्रता को वोह फीलिंग चाहिए थी जोह बिरजू ने नम्रता के गांड को दिए thi...jo नम्रता के गांड को बिरजू ने पूरा गिला कर दिया tha...tab तोह जीन्स गीली किए thi....abb नम्रता को वोह आपने पंतय पे चाहिए था.....
पर सावला नम्रता के छूट के पीछे लगा था ....सावला का खुल्ला लुंड तोह गांड को सुख दे रहा tha....par सावला का ध्यान नम्रता के छूट पैन था ....
नम्रता को समाज नहीं आता कैसे सावला को बताये की मेरे गांड को लो शांत करो मेरे मेरे गांड को ...
दबाओ ...useee....HH.....feel दो......
तभी सावला नम्रता की मुश्किल को समझता hain...ya नहीं क्या पता पर सावला आपने लुंड को एडजस्ट कर के उसके पंतय के लाइन पे रखता हैं....
नम्रता की गांड लुंड के टच से फुंकार रही थी की तभी नम्रता को सावला निचे झुका ता hainn...aur पूछता हैं....
सावला :- मा कब आएगी.....
नम्रता:- पता नहीं अह्ह्ह चाचा.....
सावला :- ahhhh...tum बोहत सेक्सी हो बीटा....
नम्रता:- अह्ह्ह्ह.....
और सावला नम्रता को झुका देता hainn...usse भनक लग जाती हैं की नम्रता की माँ कभी भी आए सकती hainn...q न लुंड को शांत किया जाये....
वोह नम्रता को कुट्टी की तरह झुका देता हैं....
और नम्रता की टाइट टाइट 36 की गरम गांड अब पूरी सावला के लुंड के सामने आए जाती hainn..aur सावला आपने लुंड हैट मैं ...लेता हैं....
नम्रता की गांड ब्लैक पंतय मैं ऐसी लग रही थी मनो अभी उसके लुंड घुसा के गांड का भोसड़ा बना दिया जाये ...और कोई भी यही करता मगर सावला मैं वोह हिम्मत नहीं thi....aur नहीं नम्रता की tayari...usne तोह अभी तक लुंड भी नहीं देकः था....
सावला नम्रता के गांड को पूरा फैला tha...hainn..aur जोर से दबाता hainn...tabhi नम्रता के मुह्ह से चीख निकलती हैं...
नम्रता:- ोुछहहहबबब.....
सावला जोर जोर से नम्रता की गांड को मसलना चालू करता hainn.....aur नम्रता का छेद ढूंढ़ने की कोशिश करता हैंम...
नम्रता के चेहरे पे ख़ुशी साफ झलक रही thi...namrta का चेहरा संतुष्ट हो जाता hainn....usko यही chahiye.....tha....
और सावला को नम्रता के पंतय के ऊपर से नम्रता के गांड का छेद मिल जाता हैं...
सावला जोर से नम्रता के छेद को दबाता hainn...namrta को बोहत दुखता हैं...
Ahhhhhhhhhhhhhh ोुछहहहह
सावला अब अपना अंगूठा ...नम्रता के छेद के वपर से ठसा ता हैं.....
पर नम्रता दर्द से सावला के हैट को निअक्ल देती हैं......
आज नंर्ता को पहली बार गांड का दर्द मालूम पड़ा की गांड कितना दर्द दे सकती hainn...aur कितनी khushi....aur नम्रता के चेरे पे मुस्कान थी....
तभी सावला आपने एक हैट से ज्यादा ...लुंड को हीअलाना चालू करता हैं.... नम्रता के गांड को जो ख्वाब main....yad कर के मुठ मरता tha...aaaj नम्रता को वोह खुद अआपने हटो से गांड पकड़ के अपना लुंड हिला रहा था .....
नम्रता को भी सावला के लुंड की खुसबू आने लगती hainn...aur ये बिरजू से काफी डिफरेंट thi....namrta सावला के लुंड के खुसबू को पुरे बदन मैं महसूस करती हैंम....
सावला जोर जोर से नम्रता की गांड हिलता hainnm..aur अपना लुंड भी हियलता hainnm......namrta भी सावला को सपोर्ट करती हैं....
और तभी सावला आपने लुंड नम्रता के गांड पे रख देता hainn...aur पंतय के ऊपर घिसने लगता हैं..
वोह नम्रता के बूब्स को पकड़ने की कोशिश करता हैं पर नम्रता उससे पकड़ने नहीं देती क्यू की अभी तक बिरजू का दर्द गया नहीं था.......
सावला जोर से नम्रता के गांड को ढकी देता hainn...namrta जोर जोर से चीखती हैं... सिसकरिअ निकलती हैं....
अह्ह्ह्हह ुह्ह्हह्ह अहह उम्म्म ोुछःह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह ोुछहहहहह चाचा अह्ह्ह्हह उम्मम्मम
नम्रता की सिसकरिअ सुन के सावला का रसपान निकलना चालू होता hainnm..savla के काळा लुंड के टोपे पे ाअब वाइट वाइट रास आयना चालू होता हैंम....
नम्रता को भी यही इंतज़ार था कब उसकी गांड और पंतय सावला बिरजू की तरह भीगा देगा ....
नम्रता आपने गांड को ऊपर ऊपर कर के सावला को ुकसतै hainn....aur लघबघ 20 मिनट्स के घमासान के बाद सावला चीखता हैं....
सावला :- अह्हह्ह्ह्हहब नम्रता मेरी jaaaan...ahhhhh
और सावला का गधा गधा छुम ras.....namrta के गांड पे गिरता hainnn...ahhhhhh...
खुदको जान सुनके नम्रता भी बोल्ड होती hainn...aur अआपने गांड पे पूरा गिला रास लेने के liye...namrta ....गांड को सावला को सॉफ देती हैं....
जब नम्रता की गांड पे गिला रास महसूस होता hainn..namrta का चेहरे पैन संतुष्टि की झलक दिखती hainn....aur नम्रता संतुष्ट हो जाती हैं....
पर सावला नम्रता के गांड पे अपनी पिचकारियां ऐसे छोड़ता हैं जैसे होली का रंग ho...namrta की गांड पूरी वाइट हो जाती hainn...voh अपनी एक बून्द भी वास्ते नहीं करना छठा था.......
नम्रता को आपने गांड पे इतना गिला लगता हैं जैसे उसकी गांड धूल गयी ho......namrta की सिसकरिअ उस गीले पैन से और बढ़ती हैं...
सावला का छुम नम्रता के पंतय के ऊपर से गांड मं जा रहा tha.....namrta की गांड की दरारे सावला के छुम से पूरी भर गयी थी .....
बिरजू के कपरिसों मैं सावला का छुम दो गुना ज्यादा tha....aur नम्रता को ये तभी समझता hainn...jab उसके गांड पे उससे वजन महसूस होता हैं....
और तभी घर की बेल्ल बजती हैं........
नम्रता झट से कड़ी होती हैं......
और सावला आपने लुंड धोती मैं दाल देता हैं...
नम्रता सावला को नहीं देखती voh....jhat से ाअपना लेहंगा निचे कर देती hainn....aur....savla को देखे बिना अआपने रूम मैं दौड़ती hainn....aur दरवाजा लगा लेती हैं.....
और सावला दिवाली की किस्मत पे अपने आपको कोस रहा था... मॉर्निंग को अब्ब उस्सकी किस्मत पे खुश होक दरवाजा खोलने चला जाता हैं...........
दिवाली एनकाउंटर EPISODE :- 01 .....एंडेड......
स्टे सेफ.....