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पीर डॉक्टर ने साडी मेडिसिन नाजिया को दिखते हुए बोली ये गोलिया जब बुकर उतर जय तो खिला देना और ये एक तेल है इसे पूरी बॉडी में लगा देना जब तक इसका बुखार उतर नहीं जाता इसकी मालिश करते रहना कोई भी ुंग छूटना नहीं चाहिए इस आयल से समीर में कप कपि ख़तम होगी और सरीर में गर्मी पैदा करेगी और जो पट्टी कर रही हो उसे जब बुखार काम हो जय तब छोड़ देना ये सब कुछ बता के चल दी और बोली अगर पीर भी कुछ होता है तो सीधे क्लिनिक में ले ए पीर वह ट्रीटमेंट होगा,
नाजिया ठीक है डॉक्टर,
डॉक्टर के चले जाने के बाद नाजिया रूम में ै और बोली जाओ सब लोग खाना खा लो अब तुम्हारे चाचू ठीक है पीर सब की जान में जान ै,
नाजिया - नाज आप भी चलिए खाना खा लीजिये पट्टी शमा कर देगी ये सुनते hi शमा की आंखे चमक गई,
नाज इस लिए इतना कुछ कर रही थी क्युकी माय उसको पहली नज़र में मुझसे प्यार हो गया था और जब मुझे बीमार बाद पे देखि तो वो बचें हो गई नाजिया की कहने पे बोली अरे मुझे कोई दिक्कत नहीं है भाभी आप लोग खाना खा ले माय तब तक इनका पट्टी करती हु तब,
शमा - अरे ma'am आप चलो खाना खा लो न आप मेहमान है हमारी वजह से आपको कास्ट नहीं होनी चाहिए माय कर देती हु न चाचू को पट्टी,
पीर ज्यादा बोलने के कारन नाज उठ गई और शमा तुरंत मेरे बीएड पे आ के बैठ गई और मेरा पट्टी करने लगी,
नाज और नाजिया दोनों निचे गए शालू आयशा ने खाना निकला और सब को खाना दिया इनायत भाभी अपने रूम में लेती हुई थी उन्हें कुछ पता नहीं था क्युकी उनके पेअर के दर्द बहुत ज्यादा रहती है इसलिए वो सीधी नहीं चढ़ पति थी इस लिए वो सैम होते hi मेडिसिन लेके बिस्तर पे चली जाती,
इधर सब लोग खाना खा लिए और अपने अपने रूम में जाने लगी तो नाज बोली नाजिया से भाभी माय समीर के रूम में hi आज रहूंगी आपको अगर कोई प्रॉब्लम न हो तो वैसे भी मुझे वीराने घर के रूम में नीद नहीं आएगी क्युकी मुझे अकेले में दर लगता है,
नाजिया मान में आज hi तो समीर से मिली है और इतना अपना पान इसे कही प्यार तो नहीं हो गया, शमा है ऊपर अगर तुम को भी रुकना है तो चली जाओ और रही बात तुम्हारी दर की तो तुम यही अपना सामान लेके आ जाओ ऊपर 3 रूम है 2 रूम में तो समीर रहता है एक में तुम हो जाओ,
और ऊपर से बहार निकलने के लिए सीधी भी है लेकिन अभी शादी है घर में बहुत चहक पहल रहेगी क्या तुम एडजस्ट कर पाओगी,
नाज, है भाभी माय एडजस्ट कर लुंगी माय अपना सामान सुबह रख लुंगी,
नाजिया, वो आयल जो डॉक्टर ने दी थी तुम लगा डौगी समीर को या माय एके लगा दू डॉक्टर ने बोली थी पूरी बॉडी में लगनी है एक भी जगह नहीं चुटनी चाहिए,
नाज, है माय सुनी थी मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है लगाने में लेकिन शमा होगी उसे कोई प्रॉब्लम हुई तो,
नाजिया, अरे वो तो बच्ची है वो सब नहीं जानती तुम अपना काम कर देना माय एक बार आउंगी रात में अगर सोना होगा तो वही सो जाना समीर का बीएड बहुत बड़ा है तुम देखि होना तुम तीनो एक बीएड में आ जाओगी,
नाज, भाभी थोड़ा मेरे साथ वीराने रूम में चलो न माय अपना निघ्त्य वह से नहीं ला पाई हु,
नाज
नाजिया, रुको तुम आज आयशा की निघ्त्य पहन लो तुम्हारी और ऐसा की साइज एक है फिट आएगी अभी रात में कौन जय तुम्हारे रूम में पीर भाभी आयशा को आवाज़ दी तो आयशा निचे ै है छोटी अम्मी क्या हुआ,
नाजिया ठीक है डॉक्टर,
डॉक्टर के चले जाने के बाद नाजिया रूम में ै और बोली जाओ सब लोग खाना खा लो अब तुम्हारे चाचू ठीक है पीर सब की जान में जान ै,
नाजिया - नाज आप भी चलिए खाना खा लीजिये पट्टी शमा कर देगी ये सुनते hi शमा की आंखे चमक गई,
नाज इस लिए इतना कुछ कर रही थी क्युकी माय उसको पहली नज़र में मुझसे प्यार हो गया था और जब मुझे बीमार बाद पे देखि तो वो बचें हो गई नाजिया की कहने पे बोली अरे मुझे कोई दिक्कत नहीं है भाभी आप लोग खाना खा ले माय तब तक इनका पट्टी करती हु तब,
शमा - अरे ma'am आप चलो खाना खा लो न आप मेहमान है हमारी वजह से आपको कास्ट नहीं होनी चाहिए माय कर देती हु न चाचू को पट्टी,
पीर ज्यादा बोलने के कारन नाज उठ गई और शमा तुरंत मेरे बीएड पे आ के बैठ गई और मेरा पट्टी करने लगी,
नाज और नाजिया दोनों निचे गए शालू आयशा ने खाना निकला और सब को खाना दिया इनायत भाभी अपने रूम में लेती हुई थी उन्हें कुछ पता नहीं था क्युकी उनके पेअर के दर्द बहुत ज्यादा रहती है इसलिए वो सीधी नहीं चढ़ पति थी इस लिए वो सैम होते hi मेडिसिन लेके बिस्तर पे चली जाती,
इधर सब लोग खाना खा लिए और अपने अपने रूम में जाने लगी तो नाज बोली नाजिया से भाभी माय समीर के रूम में hi आज रहूंगी आपको अगर कोई प्रॉब्लम न हो तो वैसे भी मुझे वीराने घर के रूम में नीद नहीं आएगी क्युकी मुझे अकेले में दर लगता है,
नाजिया मान में आज hi तो समीर से मिली है और इतना अपना पान इसे कही प्यार तो नहीं हो गया, शमा है ऊपर अगर तुम को भी रुकना है तो चली जाओ और रही बात तुम्हारी दर की तो तुम यही अपना सामान लेके आ जाओ ऊपर 3 रूम है 2 रूम में तो समीर रहता है एक में तुम हो जाओ,
और ऊपर से बहार निकलने के लिए सीधी भी है लेकिन अभी शादी है घर में बहुत चहक पहल रहेगी क्या तुम एडजस्ट कर पाओगी,
नाज, है भाभी माय एडजस्ट कर लुंगी माय अपना सामान सुबह रख लुंगी,
नाजिया, वो आयल जो डॉक्टर ने दी थी तुम लगा डौगी समीर को या माय एके लगा दू डॉक्टर ने बोली थी पूरी बॉडी में लगनी है एक भी जगह नहीं चुटनी चाहिए,
नाज, है माय सुनी थी मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है लगाने में लेकिन शमा होगी उसे कोई प्रॉब्लम हुई तो,
नाजिया, अरे वो तो बच्ची है वो सब नहीं जानती तुम अपना काम कर देना माय एक बार आउंगी रात में अगर सोना होगा तो वही सो जाना समीर का बीएड बहुत बड़ा है तुम देखि होना तुम तीनो एक बीएड में आ जाओगी,
नाज, भाभी थोड़ा मेरे साथ वीराने रूम में चलो न माय अपना निघ्त्य वह से नहीं ला पाई हु,
नाज
नाजिया, रुको तुम आज आयशा की निघ्त्य पहन लो तुम्हारी और ऐसा की साइज एक है फिट आएगी अभी रात में कौन जय तुम्हारे रूम में पीर भाभी आयशा को आवाज़ दी तो आयशा निचे ै है छोटी अम्मी क्या हुआ,