- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 89,421
आज तो पूरा लुंड दाल के hi छोडूंगा तुम्हे फिर लुंड को पूरा निकला तो उसके छूट से पक्क की आवाज़ ै और लुंड को चढ़नी के मु में डालने लगा,
अह्ह्ह समीर मु में नहीं कितना गन्दा लग रहा है,.
अरे चूसने को नहीं बोल रहा थोड़ा इस्पे अपना थूक लगाओ और थोड़ा अपनी छूट में भी,
उसने अपना थूक निकल के मेरे लुंड के सुपडे पे लगाई और थोड़ा सा थूक निकल के अपने छूट पे लगाई जब अपना हाँथ देखो तो दर गई समीर अपने मेरी छूट फाड् दी देखो कितना खून निकला है,
तुम तो शादी शुदा हो पीर ये खून क्यों निकला सुहागरात में तुम्हारे पति ने तुम्हारी विर्जिनिटी नहीं तोड़ी थी क्या,
शादी के बाद खून तो निकला था लेकिन आज जितना नहीं देखो मेरे जांघ तक बाह रहा है,
सुहागरात में तुम्हारे पति ने सायद अछि तरह विर्जिनिटी नहीं तोड़ी होगी इस लिए आज मेरे मुसल लुंड ने तुम्हारी छूट के सरे रस्ते खोल दिए है,
अपना तंग फैला के मेरे लुंड डालने का वेट करने लगी माय उसके मोठे मोठे जांघ को अपने जांघ पे रखा और चढ़नी ने मेरे लुंड को पकड़ के अपनी छूट प राखी और वो मुझे अपने ऊपर खींच ली और मेरे होंठ को चूसने लगी और बोली डालो न,
मैने भी औ देखा न ताओ एक जोर का झटका मारा और पूरा का पूरा लुंड उसकी फूली हुई छूट में समां गया और इतना तेज चिल्लाई की अगर कोई आस पास होगा वो जरूर सुन लिया होगा लेकिन अब माय रुकने वाला नहीं था माय पूरा लुंड निकल निकल के चढ़नी की छूट में दमदार धक्का दे रहा था और वो बस यह यह यह उईईईईई अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह मम्मीयीय मेरी पूरी फहद दी अपने भैयाआ यह ुह्ह्ह्ह मममममयीय बस्सस अब्ब्ब्ब हिलो मत्तत्त बहुत ड़ड़ड़ड़ड़ड़ हो रहा है भैया ओह्ह्ह्ह आज नैनीई याद दिला दी आपके मुसल लुंडडडड ने ओह्ह्ह्ह आज टककक इतना दर्द नाहीइ हुआआ है मुझे ओह्ह्ह भियाआ मेरी छूट की धज्जियाआ होई ुधाआ दी है,
माय रुकने का नाम नहीं ले रहा था और आज चढ़नी की फूली हुई छोटी छूट मुझे भ गई थी फूली हुई छूट छोड़ने का मज़ा hi कुछ और होता ह मेरे धक्के मरने से उसकी छूट से थापा थप थापा थप की आवाज़ आ रही थी माय अपना पूरा लुंड निकलता और 16 इंच लुम्बा और 5, 6 इंच मोटा लुंड एक hi धक्के में उसके छूट में पेल देता और घुसते hi सीधे बच्चे दानी में घुस जा रहा था,
अब चढ़नी को भी धीरे धीरे मज़ा आ रहा था,
इतना मज़ा तो कभी किसी लड़की के छूट छोड़ने में भी नहीं आया जितनी तुम्हारी छूट छोड़ने म आ रही है,
कैसा लग रहा है चढ़नी मेरी जान,
अब ाचा लग रहा है सैम भैया,
चलो पीर कुटिया बन जाओ अब पीछे से छोडूंगा,
डौगी स्टाइल में बीएड से निचे उतर के टेबल को पकड़ के अपनी बड़ी गांड मेरे तरफ मैने निकल दी,
चढ़नी देखो कोकोनट आयल रखा है टेबल पे तेल लगा लो काम दर्द होगा वैसे जेल तो लगाई है लेकिन आयल लगाने से और भी ज्यादा चिकना हो जायगा,
उसने तेल निकल के मेरे लुंड पे लगा दी और थोड़ा सा तेल निकल के अपने छूट में भी लगाया उसके बाद माय पीछे जा के एक छूट पे अपना लुंड सेट किया और एक धक्के में अपना मुसल लुंडडडड पैल्ल दियाआ अह्ह्ह उह्ह्ह मायआ थोड़ा धीरे छोड़िये न आपको रहम करना नहीं ाताआ है न जब भी अपना लुंड पेलते है मेरी जान hi निकल देते है ैई मुमय्य्य्यय्य ओह्ह्ह्ह भगवन आज मुझे छोड़ के अपने बच्चे की माँ बना दीजिये,..
माय चढ़नी को सुपर एक्सप्रेस की तरह पीछे से छोड़ रहा था उसकी गांड बहुत hi सुन्दर लग रही थी तो एक ऊँगली में तेल लगा के उसके गांड में डालने लगा जिससे चढ़नी को दूंगा मज़ा मिलने लगा,
कैसा लग रहा है जाननं और तेज करू बोलते भी जाया करो जान तब न पता चलेगा की मेरे पेलने से मेरी जान को मज़ा आ रहा है या दर्द hi दर्द हो रहा है क्युकी बस चिल्ला रही हो,...
जब जोर से पेलते हो तभी दर्द होता है अब ठीक है इतने hi रफ़्तार से बस पेलो आज चुदाई का असली मज़ा मिला है,
कुछ देर के चुदाई के बाद पोजीशन चेंज की दीवाल को पकड़ को पकड़ने के लिए बोलै और एक तंग उठा के उसके पीछे आ गया और छूट के मुहाने पे रख के एक जोर का धक्का दिया जिससे पूरा लुंड घुस गया,
अह्ह्ह्ह इस पोज़ में पूरा घुस गया अह्ह्ह्ह माआ पलज़्ज़ज़्ज़ज़ समीर थोड़ा धीरे धीरे करो न है बस ऐसे hi धीरे धीरे ओह्ह्ह्ह गॉडडडडड कितना बड़ा लुंड है आपका मेरी बचे दानी में पूरा घुस घुस रहा है और अंदर ऐसे जाता है जैसे कोई सैप हो अब ये छूट किसी और के छोड़ने के काबिल hi नहीं बची है,
मैने पोजीशन चेंज की इस बार उसे वही रखे टेबल पे उसको लता दिया और उसके पेअर को अपने कंधे पे रख के और चढ़नी से बोलै लुंड छूट के मुहाने पे रखो उसने वैसा hi किया और माय उसको निचे से धक्के पे धक्का मरने लगा और अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह मम्मीयीय प्ल्ज़ थोड़ा धीरे की आवाज़ निकलने लगी अह्ह्ह्ह माआ पलज़्ज़ज़्ज़ज़ समीर रहम करूऊ मेरिइइइ छुट्ट्ट्ट पीई,
ऐसे hi चुदाई करते हुए हम दोनों को 1 घंटा से ऊपर हो गया और माय झड़ने के करीब पहुंच गया, चढ़नी चलो अब बीएड पे लेट जाओ, वो बेचारी लंगड़ाते हुए बीएड पे चढ़ के लेट गई,
अह्ह्ह समीर मु में नहीं कितना गन्दा लग रहा है,.
अरे चूसने को नहीं बोल रहा थोड़ा इस्पे अपना थूक लगाओ और थोड़ा अपनी छूट में भी,
उसने अपना थूक निकल के मेरे लुंड के सुपडे पे लगाई और थोड़ा सा थूक निकल के अपने छूट पे लगाई जब अपना हाँथ देखो तो दर गई समीर अपने मेरी छूट फाड् दी देखो कितना खून निकला है,
तुम तो शादी शुदा हो पीर ये खून क्यों निकला सुहागरात में तुम्हारे पति ने तुम्हारी विर्जिनिटी नहीं तोड़ी थी क्या,
शादी के बाद खून तो निकला था लेकिन आज जितना नहीं देखो मेरे जांघ तक बाह रहा है,
सुहागरात में तुम्हारे पति ने सायद अछि तरह विर्जिनिटी नहीं तोड़ी होगी इस लिए आज मेरे मुसल लुंड ने तुम्हारी छूट के सरे रस्ते खोल दिए है,
अपना तंग फैला के मेरे लुंड डालने का वेट करने लगी माय उसके मोठे मोठे जांघ को अपने जांघ पे रखा और चढ़नी ने मेरे लुंड को पकड़ के अपनी छूट प राखी और वो मुझे अपने ऊपर खींच ली और मेरे होंठ को चूसने लगी और बोली डालो न,
मैने भी औ देखा न ताओ एक जोर का झटका मारा और पूरा का पूरा लुंड उसकी फूली हुई छूट में समां गया और इतना तेज चिल्लाई की अगर कोई आस पास होगा वो जरूर सुन लिया होगा लेकिन अब माय रुकने वाला नहीं था माय पूरा लुंड निकल निकल के चढ़नी की छूट में दमदार धक्का दे रहा था और वो बस यह यह यह उईईईईई अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह मम्मीयीय मेरी पूरी फहद दी अपने भैयाआ यह ुह्ह्ह्ह मममममयीय बस्सस अब्ब्ब्ब हिलो मत्तत्त बहुत ड़ड़ड़ड़ड़ड़ हो रहा है भैया ओह्ह्ह्ह आज नैनीई याद दिला दी आपके मुसल लुंडडडड ने ओह्ह्ह्ह आज टककक इतना दर्द नाहीइ हुआआ है मुझे ओह्ह्ह भियाआ मेरी छूट की धज्जियाआ होई ुधाआ दी है,
माय रुकने का नाम नहीं ले रहा था और आज चढ़नी की फूली हुई छोटी छूट मुझे भ गई थी फूली हुई छूट छोड़ने का मज़ा hi कुछ और होता ह मेरे धक्के मरने से उसकी छूट से थापा थप थापा थप की आवाज़ आ रही थी माय अपना पूरा लुंड निकलता और 16 इंच लुम्बा और 5, 6 इंच मोटा लुंड एक hi धक्के में उसके छूट में पेल देता और घुसते hi सीधे बच्चे दानी में घुस जा रहा था,
अब चढ़नी को भी धीरे धीरे मज़ा आ रहा था,
इतना मज़ा तो कभी किसी लड़की के छूट छोड़ने में भी नहीं आया जितनी तुम्हारी छूट छोड़ने म आ रही है,
कैसा लग रहा है चढ़नी मेरी जान,
अब ाचा लग रहा है सैम भैया,
चलो पीर कुटिया बन जाओ अब पीछे से छोडूंगा,
डौगी स्टाइल में बीएड से निचे उतर के टेबल को पकड़ के अपनी बड़ी गांड मेरे तरफ मैने निकल दी,
चढ़नी देखो कोकोनट आयल रखा है टेबल पे तेल लगा लो काम दर्द होगा वैसे जेल तो लगाई है लेकिन आयल लगाने से और भी ज्यादा चिकना हो जायगा,
उसने तेल निकल के मेरे लुंड पे लगा दी और थोड़ा सा तेल निकल के अपने छूट में भी लगाया उसके बाद माय पीछे जा के एक छूट पे अपना लुंड सेट किया और एक धक्के में अपना मुसल लुंडडडड पैल्ल दियाआ अह्ह्ह उह्ह्ह मायआ थोड़ा धीरे छोड़िये न आपको रहम करना नहीं ाताआ है न जब भी अपना लुंड पेलते है मेरी जान hi निकल देते है ैई मुमय्य्य्यय्य ओह्ह्ह्ह भगवन आज मुझे छोड़ के अपने बच्चे की माँ बना दीजिये,..
माय चढ़नी को सुपर एक्सप्रेस की तरह पीछे से छोड़ रहा था उसकी गांड बहुत hi सुन्दर लग रही थी तो एक ऊँगली में तेल लगा के उसके गांड में डालने लगा जिससे चढ़नी को दूंगा मज़ा मिलने लगा,
कैसा लग रहा है जाननं और तेज करू बोलते भी जाया करो जान तब न पता चलेगा की मेरे पेलने से मेरी जान को मज़ा आ रहा है या दर्द hi दर्द हो रहा है क्युकी बस चिल्ला रही हो,...
जब जोर से पेलते हो तभी दर्द होता है अब ठीक है इतने hi रफ़्तार से बस पेलो आज चुदाई का असली मज़ा मिला है,
कुछ देर के चुदाई के बाद पोजीशन चेंज की दीवाल को पकड़ को पकड़ने के लिए बोलै और एक तंग उठा के उसके पीछे आ गया और छूट के मुहाने पे रख के एक जोर का धक्का दिया जिससे पूरा लुंड घुस गया,
अह्ह्ह्ह इस पोज़ में पूरा घुस गया अह्ह्ह्ह माआ पलज़्ज़ज़्ज़ज़ समीर थोड़ा धीरे धीरे करो न है बस ऐसे hi धीरे धीरे ओह्ह्ह्ह गॉडडडडड कितना बड़ा लुंड है आपका मेरी बचे दानी में पूरा घुस घुस रहा है और अंदर ऐसे जाता है जैसे कोई सैप हो अब ये छूट किसी और के छोड़ने के काबिल hi नहीं बची है,
मैने पोजीशन चेंज की इस बार उसे वही रखे टेबल पे उसको लता दिया और उसके पेअर को अपने कंधे पे रख के और चढ़नी से बोलै लुंड छूट के मुहाने पे रखो उसने वैसा hi किया और माय उसको निचे से धक्के पे धक्का मरने लगा और अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह मम्मीयीय प्ल्ज़ थोड़ा धीरे की आवाज़ निकलने लगी अह्ह्ह्ह माआ पलज़्ज़ज़्ज़ज़ समीर रहम करूऊ मेरिइइइ छुट्ट्ट्ट पीई,
ऐसे hi चुदाई करते हुए हम दोनों को 1 घंटा से ऊपर हो गया और माय झड़ने के करीब पहुंच गया, चढ़नी चलो अब बीएड पे लेट जाओ, वो बेचारी लंगड़ाते हुए बीएड पे चढ़ के लेट गई,