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फिर माय लुंड को उसके मु से निकला और उसे सीधा लेता के दोनों पैरो को फैला के अपने कंधे पे रख के लुंड को छूट के फैंको पे रख के घिसने लगा और सुमि मस्ती में अह्हह्ह्ह्ह माआआ ह्यययययययय ससससस शह्ह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ दाल भी दो मालिक इतना न ताड पाए माय थोड़ा झुक के अपनी गांड को थोड़ा उठाया और एक जोर का ढाका मारा जिससे मेरा आधा 8 इंच उसकी छूट की फैंको को फैलते हुए जा घुसा और सुमि दर्द से अह्हह्ह्ह्ह माआआ ह्यययययययय शह्ह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कककककककक कितना जलन हो रही है मेरी छूट के अंदर हे बबबबब भगवन अह्ह्ह्हह्हह ओह्ह्ह्हह्हह जनुउउउउ प्लीज सलौलियी सलौलियी ककक छोड़ो न इधर माय कुछ सुनाने के मूड में नहीं था और अपने आधे लुंड से उसकी छूट..
की धजिया उड़ने लगा क्युकी पिछली बार डॉक्टर ने कहा था की इसकी बच्चे दानी में प्रॉब्लम है किसी वजह से वो पूरा लुंड नहीं ले सकती इस वजह से अपने आधे लुंड से उसकी गरम छूट को छोड़ने लगा, अब उसकी दोनों टैंगो को अपने कंधे से हटा के अपने जांघो के अगल बगल रख के माय सुमि के ऊपर पूरा लेट के उसकी कान के पास अब मज़ा आ रहा मेरी जान सुमि, ये सुन के है मालिक बहुत मज़ा आ रहा है अब छोड़ो अपने सुमि को वैसे मेरी छूट आपको मज़ा तो दे रही है की नहीं मैं, बहुत hi गरम छूट है मेरी जान तेरी बेटी की छूट की तरह एक काम करेगी जब भी अउ तू अपनी छूट एक बार मुझसे छुड़वा लिया कर तू भले hi 45 की हो गई है लेकिन तेरी छूट अभी भी कुमारी लड़की की तरह hi गरम है और तेरी छूट इतना पानी..
बहती है की तेरे सामने कुमारी लड़की भी फ़ैल है ये कह के माय थोड़ा उठा और जोर जोर से अपने आधे लुंड से पेलने लगा और सुमि अपनी दोनों पैरो को हवा में उठा ली इस वजह से उसकी फूली हुई छूट एक दम ऊपर की तरफ हो गई जिसकी वजह से मेरा लुंड आसानी से उसके छूट के अंदर घुस रहा था उसकी छूट इतनी तो तित नहीं थी लेकिन मेरे मुसार के लिए वो बहुत तित थी करीब 10 मिनट्स के चुदाई में hi सुमि अपना गरमा गरम पानी मेरे मुसार के ऊपर चढ़ने लगी और उसका जोश भी काम हो गया लेकिन उसके पानी गरमा गरम गिरने से मेरा मुसार में और जान आ गई थी और लोहे की माफिक एक दम तित अगर अभी उसके ऊपर कोई बच्चा लटक भी जाये तो भी वो झुकेगा नहीं इतनी जान आ गई थी..
तभी सुनीता अपने माँ को आवाज़ देते हुए माँ आप कहा हो मेरी नई साड़ी लेके औ ये आवाज़ सुन के सुमित्रा मुझे अपने ऊपर से हटाने लगी तो माय अरे मेरी जान अभी तो मज़ा आना सुरु हुआ है पीर कहा चली सुमि, मालिक अब मेरी बेटी के ऊपर अपना जैसे निकालिएगा मेरा काम तो हो गया ये बोल के वो मेरे निचे से निकल गई और जल्दी से कपडे पहनी और निचे चली गई इधर मेरा मुसार अभी भी खड़ा था और सुनीता की माँ की छूट के पानी उसपे लगा हुआ जो चढ़नी रात में चमक रहा था पीर माय नग्गे hi सीधी से उतरा और बाथरूम में जैसे hi घुसा वह सुनीता नग्गी कड़ी अपनी ब्रा पंतय पहन रही थी मुझे ऐसा घूरता देखते hi वो शर्मा गई इधर माय उसे देख के यार मुझे मूतना है..
की धजिया उड़ने लगा क्युकी पिछली बार डॉक्टर ने कहा था की इसकी बच्चे दानी में प्रॉब्लम है किसी वजह से वो पूरा लुंड नहीं ले सकती इस वजह से अपने आधे लुंड से उसकी गरम छूट को छोड़ने लगा, अब उसकी दोनों टैंगो को अपने कंधे से हटा के अपने जांघो के अगल बगल रख के माय सुमि के ऊपर पूरा लेट के उसकी कान के पास अब मज़ा आ रहा मेरी जान सुमि, ये सुन के है मालिक बहुत मज़ा आ रहा है अब छोड़ो अपने सुमि को वैसे मेरी छूट आपको मज़ा तो दे रही है की नहीं मैं, बहुत hi गरम छूट है मेरी जान तेरी बेटी की छूट की तरह एक काम करेगी जब भी अउ तू अपनी छूट एक बार मुझसे छुड़वा लिया कर तू भले hi 45 की हो गई है लेकिन तेरी छूट अभी भी कुमारी लड़की की तरह hi गरम है और तेरी छूट इतना पानी..
बहती है की तेरे सामने कुमारी लड़की भी फ़ैल है ये कह के माय थोड़ा उठा और जोर जोर से अपने आधे लुंड से पेलने लगा और सुमि अपनी दोनों पैरो को हवा में उठा ली इस वजह से उसकी फूली हुई छूट एक दम ऊपर की तरफ हो गई जिसकी वजह से मेरा लुंड आसानी से उसके छूट के अंदर घुस रहा था उसकी छूट इतनी तो तित नहीं थी लेकिन मेरे मुसार के लिए वो बहुत तित थी करीब 10 मिनट्स के चुदाई में hi सुमि अपना गरमा गरम पानी मेरे मुसार के ऊपर चढ़ने लगी और उसका जोश भी काम हो गया लेकिन उसके पानी गरमा गरम गिरने से मेरा मुसार में और जान आ गई थी और लोहे की माफिक एक दम तित अगर अभी उसके ऊपर कोई बच्चा लटक भी जाये तो भी वो झुकेगा नहीं इतनी जान आ गई थी..
तभी सुनीता अपने माँ को आवाज़ देते हुए माँ आप कहा हो मेरी नई साड़ी लेके औ ये आवाज़ सुन के सुमित्रा मुझे अपने ऊपर से हटाने लगी तो माय अरे मेरी जान अभी तो मज़ा आना सुरु हुआ है पीर कहा चली सुमि, मालिक अब मेरी बेटी के ऊपर अपना जैसे निकालिएगा मेरा काम तो हो गया ये बोल के वो मेरे निचे से निकल गई और जल्दी से कपडे पहनी और निचे चली गई इधर मेरा मुसार अभी भी खड़ा था और सुनीता की माँ की छूट के पानी उसपे लगा हुआ जो चढ़नी रात में चमक रहा था पीर माय नग्गे hi सीधी से उतरा और बाथरूम में जैसे hi घुसा वह सुनीता नग्गी कड़ी अपनी ब्रा पंतय पहन रही थी मुझे ऐसा घूरता देखते hi वो शर्मा गई इधर माय उसे देख के यार मुझे मूतना है..