अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰 - Page 34 - SexBaba
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अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰

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मल्टी ऐसे hi जंगल में भटकती रही... लेकिन लता ने उसको गांव से बहुत दूर जंगल में ले जाकर छोड़ा था..... ये जंगल मल्टी के लिए अनजान था..... अगर गांव का जंगल होता तोह वोह आसानी से अपने घर का रास्ता ढूंढ लेती... लेकिन इस अनजाने जंगल में वोह भटके... जा रही थी..... और mehhhhhhhhhhh mehhhhhhhhhhh.... करते हुए रट हुए मैं में चुड़ैल के साथ बिमला को भी गालियां देते हुए जा रही थी....

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मल्टी - उस छिनाल बिमला की बात में आकर उस कौवे 🐦‍⬛को मारा उसी का सजा भुगतना पड़ रहा है...... और ये चुड़ैल रंडी भी.... क्या मैंने hi उसको पत्थर मारा था क्या...? वोह बिमला दिखाई नहीं दी इसको..... उसको तोह कुछ नहीं किया वोह बच गयी साली छिनाल और मई यहाँ फस्स गयी..... 😭😭😭..... कोई बचाओ... मुझे यहाँ से बहार निकालो.... मुझे मेरे घर पंहुचा दो...... mehhhhhhhhhhh mehhhhhhhhhhh mehhhhhhhhhhh.....

लेकिन उसकी बात सुनने और समझने वाला वह कोई नहीं था....

लेकिन....... शयद... कोई था.. जिसने उसकी बात सुन ली थी और वोह उसकी मदद के लिए भी आ रहा था...... तेज़्ज़ तेज़्ज़ रफ़्तार से सरसराहट की आवाज़ से..... एक भेड़िया.......

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बकरी की स्मेल 👃 पाकर अपने पानी भरे मुँह से लार टपकाता हुआ..... दौड़ते हुए आने लगा....

मल्टी... - ये कैसी आवाज़ है... इतनी तेज़्ज़ दौड़ने की आवाज़ आ रही...... कही कोई जंगली जानवर तोह नहीं.....(. mehhhhhhhhhhh mehhhhhhhhhhh)

अभी मालती इतना hi सोच पायी थी की...... भेड़िया वह आ धमका.....

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भेड़िया को देख के मल्टी की गांड फट गयी...... और वोह महहहह.... मेहह्ह्ह्ह.... चिल्लाते हुए भागने लगी......

भेड़िया भी उसका शिकार करने के लिए उसके पीछे पीछे दौड़ पड़ा....

मल्टी... की गांड फट के चिढ़ता होने की कगार पर थी..... वोह भेड़िया छलांग मारते हुए मल्टी के इतने करीब आ चूका था की अब तोह मालती ने उम्मीद hi खो दी थी...... लेकिन लास्ट मिनट पे एक पेड़ की नुकीली साखा उस बेहड़िये के पेअर में घुस गयी और वोह दर्द से बिलबिला उठा..... और बेतहासा चिल्लाने लगा.... मालती उसकी ऐसी हालत देख भगवान् को शुक्रिया अदा करते हुए तेज़्ज़ी से वह से भाग निकली.......

लेकिन ये जंगल है मेरी जान..... 😁😁😁

मालती ( बकरी...) - भागते भागते...... एक गुफा के पास पहुंच गयी......

अब मालती थी अनजान..... कभी जंगल में निवास किया नहीं था...... वोह गुफा के पास थोड़ी देर रुक के सुस्ताने लगी........

मल्टी 🐐🐐🐐 - चैन की सांस लेते हुए...

-- थका... दिया उस कमीने भेड़िया ने...... उसने तोह लगभग पकड़ hi लिया था मुझे...... वोह भला हो उस पेड़ की टहनी का......... ये जगह थोड़ी ठिक्क लग रही है थोड़ी देर यहाँ आराम कर लेती..... भाग भाग के थक्क गयी हु.... आराम करने के बाद घर का रास्ता ढूढ़ने के लिए निकलूंगी......

मल्टी..... थोड़ा देर आराम करने के उद्देश्य से वह पे रुक गयी.... रात का समय था मालती की नींद भी पूरी नहीं हुई थी.... ऊपर से भागने के कारन थकान की वजह से कब उसकी आँख भारी हो गयी और बंद हो गयी उसको पता hi नहीं चला..... मल्टी नींद के आगोश में समां चुकी थी.... तभी.... कुछ सरकने की आवाज़ से मल्टी की नींद खुली.....

मालती 🐐- ये घिसटने सरकने की आवाज़ कहा से आ रही है... 😰 ये क्या.... मई पीछे कैसे जा रही हु.... और ये मेरी पूँछ ( टेल ) कौन पकड़ के खींच रहा है.... और ये मई गुफा के अंदर कैसे जा रही हु.... 😕😕

मल्टी 🐐 ने जैसे hi पीछे की ऑर्डर मुंडी घुमाई... तोह उसकी एक hi गांड 5तह ( पांचवी) बार पाहट गयी..... मम्मी... बचाओ.... ( महहहह).... ये तोह लकड़बग्घे है.,..

इसका मतलब मई लकड़बग्घों के गुफा के सामने सोई पड़ी थी..... 😰..... अब मेरा क्या होगा..

mehhhhhhhhhhh.. महहहहहह.....

मल्टी ने अपनी पूँछ...... झटकने की कोशिश की...... लेकिन लेकिन.... नहीं छुड़ा पायी.....

मल्टी 🐐 - अब क्या होगा... लगता है मई आज गयी.....

मल्टी ने दिल से एक बार भगवान् जी को याद किया..... और फिर संजू को याद किया......

मल्टी 🐐 - संजू बीटा... अगर आज तू यहाँ होता तोह मुझे बचा लेता.... लेकिन आज मई मौत के मुँह में फांसी हुई हु और तू भी मेरे साथ है...... 🥺....... लगता है अब मई नहीं बचूंगी... मरने से पहले एक बार तुझे देखना चाहती थी...... ये कहते हुए मालती🐐 की आँखों में आंशू आ गए....

मल्टी 🐐 - मई कभी माँ नहीं बन पायी लेकिन तू जब मिला तोह मेरी फॅमिली कम्पलीट हो गयी.... तूने मुझे माँ बना दिया..... मुझे अभागन को माँ होने का दर्जा देकर तूने मेरा जीवन धन्य कर दी..... ये तेरी माँ आज मौत के मुँह में फांसी है लेकिन देख तुझे hi याद कर रही है......

मल्टी 🐐 रोने लगी..... तभी... पता नहीं शयद... संजू को एक आखरी बार देखने की उसकी प्रबल इच्छा ने या फिर.... उसके ममता की शक्ति ने उसको इतनी ताकत दे दी इतना जोश उसको दे दिया की उछाल पड़ी... जिससे उसकी पूँछ ( टेल) जो लकड़बग्घों के पंजे के नीचे दबी हुई थी वोह निकल गयी..... और जैसे hi मल्टी को इस बात का आभास हुआ की उसकी पूँछ निकल गयी है.... उसने आव देखा न ताव....... सीधा जो भी दिशा मिली... उस दिशा में किसी बुलेट ट्रैन की तरह दौड़ लगा दी....... शयद ये उसके दिल में संजू के लिए जो प्रेम था उसकी hi शक्ति थी.....

लकड़बग्घे भी एक सेकंड के लिए हैरत में पद गए की ये क्या हुआ..... फिर बकरी को भागता हुआ देख.... वोह लोग भी दौड़ लगा दिए.........

अब मल्टी 🐐 रुकने वाली नहीं थी.... कोई बाँदा जो काल के गाल से भागा हो उसकी हालत का अंदाजा आप लोग लगा hi सकते हो....

मल्टी🐐 का अब ऐसा हो गया था की कौन सी झाडी..... कौन सा नदी.... कौन सा नाला.... कौन सा रास्ता..... वोह रास्ते में जो आरा सबको पार करते हुए आगे बढे जा रही थी... उसका अब यही सोच था की चाहे थक के मर जाउंगी लेकिन किसी का शिकार बांके नहीं मरूंगी......

लकड़बग्घे भी उसको दौड़ाते हुए उसके पीछे आने....... ऐसे... hi भागते भागते.... पूरी रात बीत गयी.... अब मल्टी 🐐 भी थक चुकी थी रात भर से भागते हुए....

तभी उसको सामने एक रास्ता दिकहि पड़ा जो जंगल से बहार एक गांव की तरफ जाता था....

मल्टी 🐐 - अब जितना भी दम बचा है सब झोक दूंगी........

मल्टी 🐐 ने फुल स्पीड में दौड़ लगाई..... और गांव में घुस गयी.... वोह लकड़बग्घे भी गांव में घुस गए.....

मल्टी की हवा टाइट हो गयी जब उसने देखा की लकड़बग्घे भी गांव में घुस आये है करके......

वोह फिर से अपनी जी जान लगते हुए भागते हुए जाके.... एक घर में घुस गयी.... वह और भी बकरे बकरियां... बंधी हुई थी... वोह उनके पास जेक.... बांध बैठ गयी.....

लकड़बग्घे घर के अंदर घुसने का हिम्मत नहीं कर पाए और वापस लौट गए....

लकड़बग्घों के जाने के बाद मल्टी 🐐 वह से जाने को हुई... तभी उस घर की मालकिन ने उसको देख लिया....

औरत - जिसका नाम राबिआ था.....

राबिआ - ारी... ये कौन सी बकरी खुल गयी है ये तोह भागने को हो रही है.. रुको अभी बाँध देती हूँ

राबिआ ने मल्टी 🐐 को पकड़ लिया और बाँध दिया....

राबिआ के यहाँ... 1 नया नया जवान हुआ बकरा था और बाकी सभी बकरियां hi थी....

बकरा छोड़ने के लिए.... और बकरियां दूध और बच्चे पैदा करने के लिए.... इसलिए ज्यादा मात्रा में बकरियां थी और बकरा एक hi था....

राबिआ - ये बकरी तोह हमारी नहीं लग रही.... तोह यहाँ कैसे आ गयी.... ारी हां ये भी तोह हो सकता है..... ये हमारी पुरानी वाली जो एक मेम्नि थी वोह कुछ सालों पहले जंगल में खो गयी थी मिली hi नहीं थी वोह हो.... अब खा पीकर मोती तगड़ी हो गयी हो.... हां वही होगी.. इसलिए इसको हमारा घर याद आया होगा तोह आ गयी होगी... अब आ गयी है न तोह बस अब इसको कही जाने नहीं दूंगी..... इसके हाथ पेअर सब बांध के रखूंगी..... मस्त मोती ताज़ी हो गयी है.....

राबिआ ने मल्टी को अपनी सालों पहले गुमसुदा हो गयी मेम्नि समझ के बांध लिया.....



मल्टी 🐐 - ारी मुर्ख औरत..... तुझे इतना समझ नहीं आता.... की जंगल में जो भी जाता वोह वापस नहीं आता..... उसका जान चला जाता... और तेरी उस मेम्नि को तोह ये लकड़बग्घे hi मार के खा चुके होंगे..... गाढ़ी कही की.. मुझे बकरी समझ के बाँध के चली गयी. अब मई घर कैसे जाऊ... mehhhhhhhhhhh... महहहह.... mehhhhhhhhhhh....
 
109.......

मल्टी...... जहा पे बाँधी गयी थी ...... ठीक उसके कुछ दुरी पर वोह बकरा भी बंधा हुआ था...... जो मल्टी 🐐 को देखे जा रहा था....

मल्टी 🐐 - ये बकरा मुझे ऐसे क्यों देख रहा....... मुझे इसके इरादे नेक नहीं लग रहे..... इससे दुरी बनके रखनी होगी..... कोई मुझे मेरे घर भेजो..... ( महहहह.... मेहह्ह....)

1सत बकरी.... - मेहह्ह्ह्ह.... मेहह्ह्ह्ह.... मिहःहःहः.....

( कौन से घर की बात कर रही हो बहिन..... अबसे यही तुम्हारा भी घर है..... ) .

मल्टी 🐐 - ये.. ये... कौन बोलै... ( मेहह्ह... मेहह्ह...)

बकरी 1 - मई बोली... ( मेहह्ह...)...

मल्टी 🐐 - मई तुम्हारी बात कैसे समझ पा रही हु....

बकरी 1 - ारी ये क्या बोल रही हो... तुम मेरी नहीं तोह क्या इंसानो की बात समझती....

मल्टी 🐐 - हां.... मई इंसानो की बात समझती हूँ... लेकिन इंसान मेरी बात समझ नहीं पा रहे.....

बकरी 2 - यह कैसे हो सकता है.....

मल्टी 🐐 - क्युकी.. मई भी बकरी बनने से पहले एक इंसान थी... और मेरा नाम था मल्टी..... ( फिर मालती अपने साथ हुई aap-biti... सभी बकरियों को सुनाने लगी...)

बकरी 2 - आआकककककहहहहहह.... थूऊ..... वाह्ह... क्या.... दर्दनाक स्टोरी है..... ायककककककहहहहहह... थूऊ......

मल्टी 🐐 - ये ायककककककहहहहहह थू... क्यों कह रही हो.....

बकरी 1 - हमको जो बहुत जायदा पसंद आता है हम उसको ायककककककहहहहहह थू कहते है......

मल्टी 🐐 - ओह अच्छा... तब ठीक है....

वैसे एक बात बताओ.... ये बकरा ऐसे घूरे क्यों जा रहा है हमें.....

बकरी 1 - घूरेगा नहीं तोह क्या करेगा बेचारा.... आज hi कुछ घंटो में इसकी कटाई होने वाली है.....

मल्टी 🐐 - क्या..... पर क्यों....??

बकरी 2 - एक कॅशे ने इसको खरीद लिया है..... अब वोह इसको लेने आ hi रहा होगा.... वोह देखो आ भी गया....

कॅशे... - राबिआ भाभीजाण.... कहा है... आप...

राबिआ अंदर से आती हुई...

राबिआ - जी कहिये...

कॅशे - भाभीजाण.... हम उस बकरे को लेने आये थी... भाईजान से बात हुई थी न उस दिन!..

राबिआ - हां.. हां.... याद आया... वोह रहा ले जाइये.....

कॅशे ने बकरे को खूटे से खोला और जबरदस्ती खींचते हुए ले जाने लगा.... बकरा.... mehhhhhhhhhhh... mehhhhhhhhhhh... करता रह गया.....

कॅशे जैसे hi घर से बकरे को लेकर निकल रहा था की तभी..... अहमद आता हुआ दिखा....

कॅशे... - ारी भाईजान आप आ गए....

अहमद - हां...

कॅशे - चलिए मेरे साथ फिर... अब उसको ले आइये.... इसके बदले.......

अहमद - हां.. चलो....

कॅशे और अहमद दोनों कॅशे के दूकान पे पहुंच गए.... वह एक और बकरा बंधा हुआ था जो की इस बकरे से दिखने में भी सुन्दर और जानदार था.... अहमद को अपने बकरियों को प्रेग्नेंट करने के लिए ऐसे hi बकरे की तलाश थी...... अहमद का बकरा थोड़ा कमजोर हो चूका था इसलिए अहमद ने उसको बदलने के लिए कॅशे से कहा था अब कॅशे को तोह गोस्त से मतलब...... इसलिए वोह मान गया.....

अहमद - चल भाई बरखुरदार आजा... चल मेरे साथ....

अहमद उस बकरे को खूटे से खोलने लगा....

अहमद का बकरा जो कॅशे के हाथो बलि चढ़ने जा रहा था....

बकरा - भाई... भाई.... मई तोह कुछ नहीं कर पाया...... य्र्र... लेकिन मेरी दुआ तेरे साथ है.... की तू वह जाके सभी बकरियों की माँ छोड़ देना..... सबकी गांड मार मार के सबको गाभिन कर देना.....

बकरा हैरान हो गया....

बकरा - ये मादरचोद..... मुझे ऐसे बोल रहा है जैसे की ये नहीं बोलता तोह मई छोड़ता hi नहीं.... भूतनी का... कुछ भी समझ लेते है लोग...

कॅशे ने उस बकरे को लेजाकर.... काट डाला.... अहमद भी बकरा लेके चला गया और बकरे को ले जाकर घर में उस बकरे के जगह पर बाँध दिया.....

उस बकरे को देख.... के साड़ी बकरियां ब्यौरा गयी..... सभी की आखों में 😍 हार्ट ❤ बन गया..... मल्टी को छोड़के....

बकरी 1 - यारर.... ये कितना हैंडसम😍 है.... मेरी बुर तोह अभी से खुजलाने लगी इसका लुंड लेने के लिए......

बकरी 2 - हां... सही कहा तूने.... मेरी भी बुर लसलसा गयी है..... क्या बॉडी सहोदय है इसकी.... इसके पहले वाला तोह साला मरियल था....

बकरी 3 - इसके लुंड की तोह मई दासी बनना पसंद करुँगी.....

मल्टी 🐐 - ये क्या बकवास करे जा रही हो तुम लोग..... बंद करो अपनी बकवास... वोह एक मामूली सा बकरा hi तोह है... कोई हूर का कोहिनूर नहीं उतर आया है....

बकरी 3 - चल परे हट पगली..... तुझे क्या पता हम बकरियों के लिए ये क्या है.... तू अगर बकरी होती न तब तुझे पता चलता..... चुपचाप अपना मुँह बंद करके बैठ यहाँ इंसान कही की.....

मल्टी 🐐 चुप हो जाती है.....

राबिआ.. - ारी आपको पता है... आज क्या हुआ...

अहमद - क्या हुआ बेगम जानन....

राबिआ - आज न वोह हमारी सालों पहले खो गयी मेम्नि थी न वोह वापस मिल गयी.... वोह खुद आयी थी मैंने उसको बाँध दिया है...

अहमद - चलो.. ये तोह अच्छा हुआ... चलो अब जल्दी से कुछ खाने को देदो.... बहुत भूक लगी है.....

राबिआ ने अहमद को खाना parosa....dono खाना खाने lage.......phir दोनों सोने चले गए......

इधर.... मालती.... जिसने दिन भर से कुछ नहीं खाया था.....

बकरी 1- ारी... मल्टी बहिन तुम खाना क्यों नहीं खा रही हो.....

मल्टी 🐐 ;- कैसे खो ये खाना..... मई ये सब थोड़े न खाती हु... मई तोह दाल चावल खाने वाली औरत हु....

बकरी 3 - ओह... महारानी.... जयादा नखरा न दिखा... चुपचाप जो मिल रहा है वोह खा जा... एक बकरी को यही सब खाने दिया जाता है.... और तू भूल मत की तू अब बकरी बन चुकी है... तू रही होगी कभी इंसान लेकिन अब अगर तुझे जिन्दा रहना है तोह तुझे एक अच्छी बकरी की तरह यही सब खाना होगा और अपना पेट भरना होगा....

बकरी 2 - हां...... थोड़ा सा खा के तोह देखो... क्या पता तुम्हे पसंद आ जाये.....

मालती 🐐 अब उन बकरियों के इतना समझाने से वोह घास फूस खाने को तैयार हो जाती है... लेकिन उससे खाया नहीं जा रहा था.... इसलिए वोह नाम मात्रा का खाकर चुपचाप सोने की कोशिश करती है..... उसको घर की याद आ रही होती है.....

मालती 🐐 - उस कमीनी बिमला के आईडिया 💡 के कारन मई यहाँ क्या से क्या बन गयी....... 😖.....

और उस चुड़ैल कमीनी की तोह गर्दन तोड़ दूंगी... साली.... मुझे बकरी बनके क्या हालत कर दी है मेरी 😣


( यही सब सोचते हुए पता नहीं कण मालती को नींद आ गयी और वोह सो गयी)....
 
110............

इधर... सुबह होती है तब बिमला मल्टी को उसके कमरे में उठाने जाती है तोह क्या देखती है की मालती तोह कमरे में नहीं हैं..

बिमला - ारी ये इतनी सुबह सुबह कहा चली गयी....... वोह भी... बिना बताये...... कही नहाने तोह नहीं गयी... नहीं... नहीं नहाने नहीं गयी होगी.. नहाने तोह मेरे साथ hi जाती है....

बिमला को थोड़ी चिंता होने लगी....

बिमला... - ारी... चंदा... मेनका... बीटा... इधर आना जरा.....

दोनों आ जाते है...

चंदा - क्या हुआ माँ.. क्यों बौखलाई हुई हो इतनी सुबह सुबह..

बिमला - अरे... ये मल्टी कहा गयी है तुम्हे पता है क्या.... इतनी सुबह से घर से गायब है....

चंदा - नहीं... तोह.... हमें नहीं मालूम....

मेनका - हां.. काकी मैंने भी उनको सुबह से नहीं देखा.....

बिमला - कहा जा सकती है इतनी सुबह सुबह...

मेनका - काकी... हो सकता है नहाने चली गयी हो..... हम दोनों देख क्र आती है...

बिमला - हां बेटी... जाओ... जल्दी जाओ....

मेनका और चंदा नदी पे चले जाते है...

चंदा - ारी.. यहाँ भी तोह नहीं है मल्टी काकी... तोह फिर कहा गयी होंगी....

मेनका - हो सकता है कजरी काकी के यहाँ गयी हो....

चंदा - हां... ये भी हो सकता है... चल चलकर देखते है कजरी काकी के यहाँ....

दोनों फिर नदी से सीधा कजरी काकी के यहाँ पहुंच गए......

लेकिन यहाँ भी उनके हाथ निराशा hi हाथ लगी...... अब मामला थोड़ा गंभीर होता जा रहा था... क्युकी... सुबह से शाम होने को आयी थी.... इधर.... घर वाले मल्टी के गायब होने की खबर से बहुत जायदा परेशान थी..... उन्होंने गांव के हर गली हर कोने में छान मारा लेकिन..... उनको मल्टी कही भी नहीं मिली.....

चंदा.... - हमें संजू को फ़ोन करके.... बता देना चाहिए की मल्टी काकी कही मिल नहीं रही.....

बिमला :- हां... अब तोह बताना hi होगा....

चंदा ने संजू को फ़ोन 📱 मिलाया लेकिन संजू का फ़ोन नहीं लग रहा था....

बिमला - क्या हुआ... लगा फ़ोन...

चंदा - नहीं... माँ... नहीं लग रहा....

बिमला... - तू एक ात बार और लगा के देख....

चंदा - नहीं लग रहा....

बिमला - अब क्या करे....

कजरी - मई तोह कहती हु.... की हमें पुलिस में गुमसुदा होने की रिपोर्ट दर्ज़ करा देनी चाहिए.......

चंदा - लेकिन पुलिस वाले भी 24 घंटे के पहले रिपोर्ट नहीं लिखते.....

बिमला - अब क्या... करे...

कजरी - फिर तोह अब बस 24 घंटे पूरे होने का वेट करो....

वैसे.... बिमला बहिन एक बात मेरी समझ में नहीं आ रही की.... ये मल्टी... इतनी सुबह को घर से गयी तोह गयी कहा.... क्या सुबह तुम लोगो के जागने से पहले गेट खुला था या बंद था...

चंदा - बंद था वोह भी अंदर से.....

कजरी - जब गेट अंदर से बंद था तोह कोई बहार कैसे जा सकता है.... कोई इंसान जब बहार जायेगा... तोह वोह बहार से hi तोह बंद कर पायेगा... ना की अंदर से..... और अगर मल्टी जी किडनेपिंग भी हुई होती तोह गेट अंदर से बंद नहीं होता... होता तोह बहार से hi बंद.... इसका मतलब समझ रहे हो..... मल्टी का न तोह किडनैप हुआ है न hi वोह गुमसुदा हुई है...

बिमला - तुम कहना क्या चाहती हो कजरी...

कजरी - मेरे कहने का अर्थ ये है की मल्टी को शयद...... कोई चुड़ैल उठा के ले गई है.....

बिमला - क्या कहा... चुड़ैल.... 😰 ये कैसे हो सकता है... चुड़ैल को तोह संजू ने मार डाला था न.....

चंदा.... - 😯😯- माँ... माँ... कजरी काकी... सही कह रही है.... हो सकता है की चुड़ैल hi मल्टी काकी को लेके गयी हो....

बिमला - तू इतने यकीन से कैसे कह सकती है.....

चंदा - क्युकी..... कल रात की बात बताते हुए..

कल रात को जब मई और मेनका अपने कमरे में सो रहे थी.... तभी.... एक काला साया.... हमारे रूम में आया..... और हमारे बीएड के चक्कर काटने लगा..... बहुत तेज़्ज़ी से वोह हमारे बीएड के चारो तरफ चक्कर लगाने लगा...... और फिर अचानक से वोह मेरे साइड आके रुक गया... और बीएड पे मेरे बगल में बैठ गया..... उसके काले.... काले... घने बिखरे हुए बाल थी.. जो उसके चेहरे पे छाये हुए थी..... और वोह...... बीएड पे बैठे बैठे.... झूल रही थी...... उसकी आंखें एकदम लाल... और डरावनी थी..... और वोह आवाज़ कर रही थी झूलते हुए....

बिमला - कैसी आवाज़ कर रही थी...

चंदा.... - ह्ह्हह्हूऊऊऊऊह्ह्ह्हह्ह्ह्ह........... hhhhhhhhhhuuuuuuuuuhhhhhhhh.......... ह्ह्हह्हूऊऊऊऊह्ह्ह्हह्ह्ह्ह......... और उसके बीएड पे बैठ के झूलने के कारन... बीएड भी आवाज़ करने लगा...... चायरररररर...... माररररर.... chaaarrrrrr....marrr.....

मई बीएड के बजने की आवाज़ से और उसके हहह... हहहह... की आवाज़ सुनके उठी..... और मैंने अपनी आंखें खोलके जब देखा...... मेरी फाटत gayi...mujhe तोह हार्ट अटैक सा आने को हो गया था.... इतना भयानक roop....tha उसका.... मई उसको देखते hi बेहोस हो गयी..... और जब होश आया तोह देखा की सुबह हो चुकी है....

बिमला - तूने मुझे बताया क्यों नहीं...

चंदा - मुझे लगा वोह सब मेरा एक सपना था.... लेकिन जब कजरी काकी ने लॉजिक लगाया दरवाजे का अंदर से बंद होना और मल्टी काकी का घर से गायब होना तब मुझे अपने इस सपने पर यकीन होने लगा.... और मैंने बता दिया..... कजरी काकी जो कह रही है उसके हिसाब से देखा जाए तोह केवल और केवल चुड़ैल hi ऐसा कर सकती है..... चुड़ैल hi अपने जादू से मल्टी काकी को दरवाजा अंदर से बंद होने के बाउजूद ले जा सकती है....

चंदा की बात बिमला के भी समझ में कुछ कुछ आने लगी थी.....

बिमला - तुम्हारी बात अब मुझे भी कुछ हद तक सही लग रही हैं. बेटी लेकिन हमें फिर भी पुलिस कॉम्पलिएंट करनी होगी.....

चंदा - हां.. वोह तोह करना hi होगा... लेकिन मई ये कह रही थी माँ की हम किसी पहुंचे हुए पंडित जी या तांत्रिक से एक बार जाके मिल ले और इस बात की भी पुस्टि कर ले की वोह सपना जो मैंने कल रात देखा था वोह केवल एक सपना था या हकीकत..... तोह हो सकता है हमें क्लू मिल जाए मल्टी काकी तक पहुंचने का.....

बिमला - बात में तेरी दम है.... भले hi तेरे घुटनो में दिमाग काम है....

कजरी - मई जानती हु एक ऐसे तांत्रिक बाबा को....

जो ये बता सकते है....

बिमला - तोह ठीक है हम कल hi चलेंगे.... उन तांत्रिक बाबा के पास...... लेकिन जाने से पहले पुलिस स्टेशन में जाके गुमसुदगी की रिपोर्ट दर्ज़ कराएंगे....

चंदा - हां.. हां...

मेनका... ( मैं में) - ये लता भी पागल है साली.... क्या जरुरत थी उसको इस चंदा को डराने की..... अब मरे साली..... वैसे भी वोह तांत्रिक अगर लता को मार देगा तोह इसमें मेरा hi फायदा है..... मर जाने दो साली को..., 😁

 
111........

इधर लता..... अपनी बेटी के पास मिलने के लिए जाने लगती है....

लता - मई तोह आज मिलूंगी अपनी बेटी से... ला.. ला.. ला.. ला... लाला... 💕💞

लता कौवे का भेस धार लेती है और अपने बेटी के यहाँ जाने के लिए उड़ान भरने hi वाली होती है की....

लता - नहीं.. नहीं.. नहीं... ये कौवे वाले रूप में मार पड़ती है.... ये रूप नहीं लुंगी... कोई दूसरा रूप धारण करना होगा मुझे.... क्या रूप धारण कारु..... सोच लता सोच.... है... बगूले का रूप धारण करती हु..... ये ठीक रहेगा....

लता ने बगूले का रूप धारण कर लिया.... एक काले रंग के खूबसूरत फीमेल बगूले का...

और फिर उड़ते हुए.... अपनी बेटी से मिलने के लिए उड़ान भर चली....

लता गाना गाते हुए - लो चली मई... अपने बेटी से मिलने को..... लो चली मई....

इधर........ सुमोना....... अपने महल में गुस्से से टहल रही होती है....

सुमोना - दासी माँ से एक काम ढंग से नहीं होता... उस लड़के को मारने का काम सौपा था बताओ अभी तक उस लड़के की खबर तक नहीं ला पायी है..... मुझे उस लड़के को जल्द से जल्द मारना है..... वार्ना मुझे चैन नहीं मिलेगा और न मेरी बहिन की आत्मा को शांति मिलेगी.... मुझे कैसे भी उस लड़को को खोजना होगा.... ये काम अब दासी माँ के बस का नहीं लग रहा....

मुझे किसी ऐसे शक़्स की तलाश करनी होगी जो मुझे मेरा शिकार वोह लड़का संजू लकार दे.... क्या करू क्या करू..... हां... आईडिया 💡.....

सुमोना - दासी... दासी.... दासी....

दासी - जी मलिका... आपने बुलाया....

सुमोना - हां... जाओ... जाकर पूरे चुड़ैल लोक में ऐलान करवा दो.... की जो भी उस लड़के संजू को ढूढ़ेगा उसको हमारी तरफ से पुरष्कार मिलेगा....

दासी - जो आज्ञा... मलिका...

दासी ने जाकर सारे चुड़ैल लोक में ऐलान करा दिया..... की मलिका का हुक्म है जो भी संजू नाम के लड़के को पकड़ के मलिका के सामने पेश करेगा.... मलिका उसको पुरष्कार देंगी....

चुड़ैल लोक से सभी...... चुड़ैल और भूत अब पुरष्कार की लालच में संजू को ढूढ़ने के लिए लग गए.....
 
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इस आंटी को इतना रेट करना चाहोगे आप... 10 में से कितना..??

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देखो भाई लोग.... जो बस सेक्स hi चाहते है स्टोरी में... उनसे मई बस इतना कहना चाहता हु... की अभी स्टोरी में कुछ episode तक सेक्स नहीं आएगा... तोह उनके लिए ये पिक्स है अपना लुंड पकड़ के हिलाते रहो
 
112.........



इधर... अगली सुबह....... कजरी चंदा और बिमला करके..... पुलिस स्टेशन पहुंच गए और मल्टी की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखने लगे.....

उसके बाद वही से वोह तीनो उस तांत्रिक के पास जाने लगे... मेनका को घर की रखवाली के लिए छोड़ दिया था.....

चंदा कजरी और बिमला बस 🚍 से तांत्रिक बाबा के पास जाने लगे......

5 घंटे के बस 🚍 के सफर के बाद वोह तीनो अपनी डेस्टिनेशन पर पहुंच.. गए....

कजरी - उतरो.... चलो.... यहाँ से अभी 1 कम पैदल चलना होगा.... फिर जाकर तांत्रिक बाबा की जगह आएगी....

तीनो बस 🚍 से उतर के पैदल चलने लगे.... कजरी ग्रुप को लीड करती हुई आगे चले जा रही थी.... उसके पीछे पीछे चंदा और बिमला चले जा रहे थी....

ऐसे... hi चलते चलते... एक घर के बहार...... पहुंच के कजरी रुक गयी.....

चंदा - क्या हुआ काकी... आप रुक क्यों गयी....

कजरी.. - इसलिए रुक गयी क्युकी... तांत्रिक बाबा का घर आ गया... यही है...

चंदा - ओह अच्छा... अच्छा....

कजरी - चलो आओ मेरे पीछे पीछे....

चंदा और बिमला कजरी के पीछे hi पीछे तांत्रिक बाबा के घर के अंदर घुस गए.....

अब इधर..... रात को राबिआ और अहमद अपने कमरे में सम्भोग करने लगे......

अहमद बहुत जल्दी फ़स... हो गया...

राबिआ गुस्से में.... - ये क्या है... तुम इतना जल्दी फ़स कैसे हो जाते हो.....

अगर तुम्हारा ऐसा hi हाल रहा तोह मई.. तोह मई... उस बकरे के साथ सम्भोग करने चली जाउंगी.... कहे देती होऊ.. हाँ....

अहमद भी गुस्से में..... कह देता है....

अहमद - तोह जा.. न... मरवा ले अपनी इस प्यासी बुर को उस बकरे का लुंड घुसा के....

राबिआ - हां.. हां.. अब तोह जरूर लुंगी उसका लुंड काम से काम तेरे से जयादा तोह दम होगा उसमे...... ये तेरे मरगिल्ले लुंड जैसा तोह नहीं होगा न....

अहमद - तुझे जो करना है कर.... मई चला सोने....

राबिआ... रट हुए बिस्तर पे अपनी साइड सोने लगी.... लेकिन उसको नींद नहीं आ रही थी इसलिए वोह खुद अपनी उंगलियां अपने बुर में घुसा घुसा के अपने बुर की आग को शांत करने की कोशिश कर रही थी.....

राबिआ मैं में अहमद को गाली देते हुए...

( मैं में) - छोड़ तोह ठीक से पाटा नहीं हिजड़ा साला.... हर बार मुझे गरम करके छोड़ देता है..... मेरी आग कभी शांत नहीं कर पाटा..... लानत है ऐसे पति की बीवी कहलाने पर... राबिआ ऐसे hi गुस्से में बड़बड़ाते हुए सो गयी.....

अगली सुबह...... अहमद की आँख.... एक बकरी के मेहह्ह मेहह्ह मेहह्ह की लगातर आ रही आवाज़ से खुलती है.....

अहमद - ारी.. राबिआ.... ये बकरी इतना शोर क्यों मचा रही है..... उसको घास नहीं डाली क्या.... नहीं डाली होगी तोह दाल दो न मुझे थोड़ा और सोना है......

राबिआ - दाल दी है घास पर पता नहीं आज क्यों ठीक से खा भी नहीं रही है और नाही चुप हो रही.... सुबह से लगातार चिल्लाये जा रही है.... आप hi आके देखो....

राबिआ की बात सुनके अहमद बिस्तर से उठने लगता है...

अहमद - एक काम ठीक ढंग से नहीं कर पाती ये औरत..... मुझे hi उठना होगा.....

अहमद जब उठता है तोह देखता है की बकरी 1 की बुर पे लस्सी आयी है..... और वोह महहहह... मेहह्ह... महहहह करके.... चिल्लाये जा रही है.....

राबिआ... - देखा आपने मैंने तोह चारा डाला हुआ है..... लेकिन ये खा hi नहीं रही है.... पता नहीं क्या हो गया है इसको.... और वोह जो कल आयी थी न जो सालो पहले घूम गयी थी पता नहीं वोह भी क्यों नहीं खा रही है और दोनों चिल्लाये जा रही है मेहः मेहह्ह करके.......

अहमद बकरी 1 को ठीक से अच्छे से धायण लगा के देखता है...... तोह उसको सब समझ में आ जाता है....

अहमद - सब समझ गया मई की ये ऐसा क्यों कर रही है......

राबिआ - क्यों कर रही हैं...

अहमद - क्युकी... इसको गर्मी आ गयी है.... और अब ये सम्भोग करना चाहती है....

राबिआ - ओह.... ऐसा क्या....

अहमद - हआ....

राबिआ - लेकिन ये आपको कैसे पता चला.....

अहमद - ारी क्युकी.... जब भी ऐसा होता है तोह ये खाना पीना छोड़ देती है और इनके बुर से एक लसलसा चिपचिपा सा द्रव निकलता है जो देखो निकल रहा..... जिसमे एक अलग hi खुसबू होती है जो मेल बकरे को इनकी तरफ आकर्षित करती है सम्भोग के लिए......

राबिआ - ओह... अच्छा ऐसा क्या....

अहमद - हां....

राबिआ - तोह अब क्या करना होगा...

अहमद - कुछ नहीं..... बकरे को खोल दो..... और ले आओ यहाँ पर...... और इसके पास लेकर खड़ा कर दो बाकी वोह अपना काम खुद hi कर देगा....... तुम बकरे को खोलके इसके पास लेकर बाँध दो तब तक मई टॉयलेट से आता हु....

राबिआ - जी.....

अहमद जल्दी से जाके टॉयलेट में घुस गया...

राबिआ - चलो अब इस बकरे को खोल दिया जाए.....

राबिआ ने खूटी से बंधे हुए बकरे को खोला और ले जाकर उस रंभाती हुई बकरी 1 के पास ले जाकर बाँध दिया...... और वह पे कड़ी हो गयी......

बकरी 1 - आअह्हह्ह्ह्ह... मेरे राजा.... आ गए तुम... आआह्ह्ह्हह्ह..... अब.... देर न करो... जल्दी से मुझ कामज्वाला में जलती हुई तड़पती हुई काम पिपासू के बुर में अपना ये मुसल लुंड दाल के मुझे छोड़ डालो....... देखो... देखो मेरी बुर को देखो.... देखो.... ये कैसे पानी बहा रही है...... आआह्ह्ह..... अब रहा नहीं जा रहा उफ्फ्फ.... अब देर न करो मेरे बकरे महाराज.... अब दे दाना मार दो धक्का..... ( meeehhhhhhhh........meeehhhhhhhh....mehhhhhh....)

बकरा की तोह जैसे मैं मांगी मुराद पूरी हो गयी थी.... उसको क्या चाहिए 2 वक़्त का खाना और एक लपलपाती हुई छूट.... 😍

बकरे ने अपनी नाक बकरी 1 के छूट के पास ले जाकर सुघने लगा.....

बकरा - aaaaa....haa...haa...haa.......kya खुसबू है.....

सुघने के बाद बकरे ने अपनी जीभ निकाली और बकरी की पानी छोड़ती बुर को छठे लगा....... और चाट चाट के उसके बुर का सारा पानी चाट गया......

इधर...... मल्टी 🐐 ये सब देख के दांग हुए जा रही थी.....

मल्टी 🐐..... - ये ये... उस बकरे को वह पे उस बकरी बहिन के पास क्यों बाँधा गया है....

बकरी 2 - हम तोह चाहती है की ये पल हमारे पास कब आएगा.... कब ये बकरा हमारे पास बाँधा जायेगा....

मल्टी 🐐 - पर क्यों..... बाँधा गया है और ये बकरी बहिन इतना मेहह्ह्ह्ह... मेहह्ह... क्यों कर रही है....

बकरी 3 - तूने आज तक किसी का लिया नहीं होगा

न इसलिए तुझे नहीं मालूँम.... मई बताती हु...

बकरी 1 बहिन को न उनके बुर में खुजली मची है जिसको ये हैंडसम 😍 से बकरे महाराज अपने लुंड से खुजला के दूर करेंगे...

मल्टी 🐐 - क्या.... ये क्या बोल रही है आप.....

बकरी 2 - ारी.. इसको तेरी ये खुजली वाली बात समझ नहीं आएगी... बहुत भोली है ये..... इसको मई अपने वाले तरीके से समझाती हु रुक...

- हां. तोह मल्टी 🐐 जी.... यहाँ पे ये दोनों सम्भोग करने वाले है... सम्भोग पता है आपको..... जिससे बच्चा पैदा होता है....

मल्टी 🐐 - क्या... ये ऐसा करने वाले है....

बकरी - हां..... अब सवाल जवाब बंद करो और चुपचाप देखने दो हमें...

अब बकरे ने अपना औज़ार ( लुंड) निकाल लिया..... बकरे का लुंड देखते hi सभी बकरियां.... 😍😍😍😍 .... वाह्ह्ह्हह्ह....... क्या... शानदार लुंड है इसका...... इस लुंड से छोड़ने तोह कितना मजा आएगा......

मल्टी 🐐 - ये ये... तोह बहुत बड़ा hai...aur बहुत मोटा भी.... इसका लुंड तोह मेरे मरे हुए पति के लुंड से भी जायदा बड़ा और मोटा है...

बकरी - आज तक कई लुंड देखे लेकिन ऐसा मोटा और लम्बा लुंड न कही देखने को मिला न hi लेने को ☺

अब देर न करो मेरे राजा.... अब मेरी बुर में घुसेड़ दो अपना लुंड..... और छोड़ डालो मुझे वोह भी बड़े प्रेम से..... हा.. 😚

बकरे का लुंड देख के राबिआ की भी आंखें चमक उठी......

राबिआ - वाओ 😍....... क्या लुंड है इस बकरे का तोह...... मेरा पति का तोह इसके सामने कुछ भी नहीं है......

अब बकरे ने अपने दोनों पेअर ऊपर उठाये और बकरी 1 के ऊपर कर लिए और अपने आप को बाकि 1 के पीछे एकदम से चिपका लिया और अपना लुंड बकरी 1 के खुली हुई गांड के छेड़ के पास ले जाकर एक जोर का झटका मारा और उसके साथ hi अपना आधा लुंड बकरी 1 की गांड के छेड़ में ठूस दिया..... बकरी 1 का गांड का छेड़ अभी बकरे के लुंड के लिए छोटा था इसलिए..... घुसने में परेशानी जा रही थी..... बकरे ने एक और धक्का मारा... और लुंड को थोड़ा और बकरी 1 के गांड के भीतर ठूस दिया...... बकरी 1 की गांड फट गयी.... और वोह महहहहहह..... महहहहहह..... मेहह्ह्ह्ह.... करती हुक दर्द से चिल्लाती हुई वह से हट गयी जिसके कारन बकरे का लुंड उसके गांड से निकल गया....

राबिआ - ारी... ये क्या हो गया....

बकरी 2 - ारी..... हट क्यों गयी वह से.....

बकरी 1 - आआह्ह्ह्ह.... नहीं... हट टी तोह मर्डर जाती दर्द से..... आआह्ह्ह्हह्ह..... इसका लुंड तोह आजतक जितने भी लुंड लिए सबसे मजबूत बड़ा और मोटा है.... आअह्ह्ह्हह....... बहुत दर्द हो रहा मई तोह और नहीं ले पाऊँगी..... आअह्ह्ह्हह... अगर और लिया होता होता तोह मई मर hi जाती....

बकरी 2 - तू तोह बड़ी फटती निकली.... की... ऐसे लुंड के लिए तोह मई 50 बार मरने को तैयार हु.....

बकरी 3 - मई भीं....

बकरी 1 - अच्छा.... तोह तुम hi लोग ले लो इसको अपनी गांड में.... मुझे बक्श दो......

मालकिन... मालकिन... राबिआ मालकिन मुझे नहीं... इनको इस बकरे से छुड़वाओ.... मालकिन सुनिए मेरी बात...

राबिआ ने आगे बढ़ते हुए बकरी 1 को आगे से पकड़ लिया और उसे आगे के पेअर बाँध दिए और गर्दन से पकड़ लिया.....

बकरी 3 - अब तोह तू मरी 😁

बकरी 1 - मालकिन... मालकिन ये.. ये आप क्या कर रही है मालकिन..... नहीं.. नहीं... ऐसा मत करो मालकिन.... मई मर जाउंगी इसके लुंड से.....

लेकिन बकरी की बात राबिआ को कहा समझ आणि थी वोह तोह बस महहहह... मेहह्ह.... सुनने की दीवनी थी ☺

बकरे ने अपना लुंड फिर से बकरी 1 के गांड पे ठूस दिया.. और इस बार बिना रुके.... धक्के पे धक्का मारते हुए..... पूरा का पूरा लुंड बकरी के गांड में ठूस दिया... बकरे का लुंड बकरी की गांड को फाड़ते हुए उसके बच्चेदानी के छेड़ को भी फाड़ते हुए बच्चेदानी के अंदर पूरा घुस गया....

बकरी 1 की आंखें ऊपर को च ऐड गयी.... वोह दर्द में बेतहासा.... चिल्लाने लगी... और छटपटाने लगी लेकिन राबिआ के पकडे होने के कारन उसकी छटपटाहट का कोई असर नहीं हो पाया...... और बकरा दनादन..... दनादन..... तेज़्ज़ तेज़्ज़ज़ धक्के मारता हुआ बकरी को छोड़ने लगा......

मल्टी 🐐 - ये... ये.... जो भी हो रहा सही नहीं हो रहा.... वोह बेचारी दर्द में तड़प रही.... कोई रोको इसको....... वोह मर जायेगी... वोह बहुत दर्द में है....

बकरी 3 - ारी कोई दर्द वार्ड में नहीं है वोह..... देखना छोड़ने के बाद खुद hi बोलेगी मजा आया करके....

मल्टी 🐐 - कैसे दोस्त हो तुम लोग..... वह वोह बेचारी दर्द से बिलख रही है और तुम लोगो को मजाक लग रहा है..... वोह मर जायेगी.... नहीं...

बकरी 2 - ारी कोई मरने वर्ण वाली नहीं है वोह.... तुम बेकार का टेंशन ले रही हो... शयद तुम्हे मालूम नहीं होगा न ऐसा होता hi है चुदाई के दौरान..... तुम अभी नयी नयी बकरी बानी हो न इसलिए......

राबिआ - ारी...... 10 मिनट के करीब होने को आये ये बकरा अभी तक इसको चोदे जा रहा है.... इतना लम्बा तोह मेरा पति भी छोड़ पता..... इसका मतलब इसके लुंड में मेरे पति से भी जायदा दम है........

तभी टॉयलेट से निकल के आता हुआ अहमद....

अहमद - क्यों.... कैसा है इस बकरे का परफॉरमेंस.....

राबिआ ( झूट बोलते हुए) - अभी अभी तोह डाला है देखते है कितना लम्बा चलता है......

अहमद - हां.... इसका परफॉरमेंस देख के hi इसको लाया था.... कॅशे ने कहा था की एक बार शुरू हो जाए तोह आधे घंटे तक तोह छोड़के hi रहता है...

राबिआ - क्या... आधे घंटे तक.....

अहमद - हां.... अगर ऐसा हो गया तोह आस पास के सभी बकरी वाले अपने बकरी के में इसका hi लुंड घुसवाने आएंगे.... और सोचो हम इसके माध्यम से पैसे कमा सकते हैं...

राबिआ - हां... ये बात तोह आपने सही कही.......

करीब... 40 मिनट तक उस बकरी की गांड मारने के बाद बकरा उसके बच्चेदानी में अपना बीज दाल देता है.... और फिर अपना लुंड निकाल लेता है.....

अहमद की नज़र जब उसके लुंड पर पड़ती है..

अहमद - ये क्या.... ये.. ये... तोह सांड के लुंड जैसा है

बकरे को अब ले जाकर उसके जगह पे बाँध दिया जाता है......

बकरी 1 की कंडीशन तोह मरगिल्ली हो चुकी थी.... उसकी गांड से खून के साथ साथ बकरे जो अपना लुंड ला पानी छोड़ा था वोह बहे जा रहा था...... और बकरी 1 अधमरी हालत में अपने जगह पे बैठ गयी...

बकरी 2 - कैसा लग रहा है अब....

बकरी 3 - मजा आया होगा बहुत....... देखो कैसे छुड़वाने के बाद संत पड़ी है... हिहि😁

अहमद...... को किसी का कॉल आता है....

अहमद - hello... हां चाचा जान.... क्या... जी जी... चाचा जान... मई अभी निकल रहा......

राबिआ - क्या हुआ....

अहमद - राबिआ वोह चाचा जान थी न मेरे मैसूर वाले उनकी बेटी सकीना का इंतकाल हो गया है इसलिए मुझे फ़ौरन जाना होगा....

राबिआ - फिर तोह आपको जाना hi चाहिए....

अहमद - हां... बेगम... मेरा सामान जल्दी से पैक करो... मई फ़ौरन वह के लिए रवाना होता हु....

इधर... मालती 🐐 बकरी 1 की हालत देख के डर गयी......

मल्टी 🐐- ारी बाप रे.... ये क्या हालत हो गयी है इसकी.... अगर कुछ दिन और मई यहाँ रही तोह कही ये लोग मुझे भी सचमुच का बकरी समझ के मुझे भी इस बकरे से न छुड़वा दे.... नहीं नहीं... मुझे यहाँ से कैसे भी निकलना होगा....

और ये बकरा ऐसे क्यों देख रहा है मेरी तरफ...... और इसका ये लुंड ये फिर अस से क्यों निकाल रहा..... कही... ये मेरे को छोड़ने के बारे में तोह नहीं सोच रहा नहीं.. नहीं... ऐसा नहीं हो सकता मुझे कैसे भी करके.... यहाँ से निकलना होगा वार्ना इस बकरे का कोई भरोसा hi नहीं है....

मल्टी 🐐 - मुझे खोलो... मुझे यहाँ से जाने दो.... मई एक इंसान हु...... जो एक चुड़ैल के कारन बकरी बन गयी हु... मुझे जाने दो.....

( महहहहहह...... मेहह्ह्ह्हह्हह...... मेहह्ह्ह्हह्हह.......)

लेकिन उसकी बात कोई सुनने वाला था नहीं....

अहमद तोह जा चूका था अपने चाचा जान के घर..... और राबिआ भी अपने घर के कामो में लगी पड़ी थी.....

राबिआ अपना काम निपटा के आयी और उसने बकरी 2 एंड 3 को चरने के लिए खोल दिया.... वोह दोनों घर से बहार चरने चली गयी..... बकरी 1 की हालत देख के आज उसको राबिआ ने नहीं खोला और बकरे और मल्टी 🐐 ( बकरी) को भी नहीं खोला क्युकी ये दोनों नए थी भाग भी सकते थी... और अहमद भी घर पे नहीं था.....

मल्टी 🐐 राबिआ को देख के चिल्लाने लगी... मेहह्ह... मेहह्ह.... महहहह....

( खोलो मुझे खोलो... मुझे जाने दो.... यहाँ से) .....

राबिआ - ये.... वाली बकरी भी आज इतना बहुत मेहह्ह्ह्हह्हह.... मेहह्हह्ह्ह्ह... कर रही.... कही ऐसा तोह नहीं की इसको भी गर्मी आ गयी है... हां हो सकता है इसलिए खाना भी ठीक से नहीं खा रही और मेहह्ह्ह्ह... मेहह्ह्ह्हह्हह.... करे जा रही..... इसकी भी गर्मी को शांत करवा hi देती हु.... वार्ना दिन भर मेहह्ह्ह्हह्हह... मेहह्ह्ह्हह्हह करके.... परेशान कर देगी....

राबिआ बकरे के पास जाती है और उसको खूटे से खोलके मल्टी 🐐 के पास लाने लगती है सम्भोग के लिए.....

मल्टी 🐐 - ारी.. ारी... ये ये... इस बकरे वोह वह खूटे से खोल क्यों रही है..... लगता है सबको खोलके घर से बहार चरने भेजेंगी.... चलो सही है मई बहार जब चरने जाउंगी तब मौका पाके यहाँ से भाग लुंगी.....

तभी... राबिआ के घर पे उसकी पड़ोसन सबने आ जाती है.....

सबने - क्या कर रही हो राबिआ... बहिन...

सबने को आया देख..... राबिआ जो बकरे और मल्टी 🐐 के बिच सम्भोग करवाने वाली थी वोह रोक देती है और बकरे को ले जा कर.... मल्टी 🐐 के पास के खूटे में बाँध देती है....

मल्टी 🐐 - ारी.. ारी... ये क्या कर रही हो राबिआ.... ये.. ये.. इसको मेरे पास वाले खूटे में क्यों बाँध दिया.... तुम तोह हमें खोल के चरने के लिए भेजने वाली थी न....

मल्टी 🐐 बेचारी..... राबिआ की सोच से अनजान.... 😁

सबने - आओ... राबिआ बहिन थोड़ी देर बैठ के बात करते है.....

राबिआ और सबने घर के अंदर बात करने चले गए.....

इधर..... बकरा महाराज... घर घर करके मल्टी 🐐 को निहारे जा रहा था....

बकरा ( मैं में ) - यार.... कितनी खूबसूरत बकरी है य्र्र....... इसको छोड़ डाला तोह लाइफ jhinga-laalaa...

मल्टी 🐐 - ऐ... ऐ... ऐसे क्या देख रहा है इधर.....

बकरा - कुछ नहीं बस आपकी सुंदरता को निहार रहा था.....

मल्टी 🐐 - देख... मेरी तरफ देखने की तुझे कोई जरुरत नहीं है यहाँ और भी बकरियां है तू उनपर डोरे दाल समझा....

बकरा - बड़ी तीखी मिर्ची है ये तोह..... 😍 मजा आएगा.... इसका भोग लगाने में....

मल्टी 🐐 - तू नहीं माना.... मैंने बोलै था न मेरी तरफ मत देख करके.....

बकरा - मई तोह देखूंगा.... अगर आपको मुझे अपनी तरफ देखते हुए नहीं देखना तोह आप अपनी आंखें बंद कर लो....

मल्टी 🐐 - मई क्यों करुँगी आंखें बंद.... मई नहीं कर रही अपनी आंखें बंद...

बकरा - ठीक है तुम्हारी मर्जी.... मई तोह देखूंगा तुझे.... तेरे हुस्न को... तेरे जिस्म को....

मल्टी 🐐 - साला ठरकी बकरा....

मल्टी ने खुद hi अपनी ांकिएन बंद कर ली....

बकरा मुश्कुराते हुए.... फस गयी बकरी जाल में..... बकरा अपनी नाक मल्टी 🐐 के गांड के पास ले जाकर सूंघने लगा....

बकरा - आआ.... हआ.... हआ..... क्या..... खुसबू है.... मंत्रमुग्ध कर देने वाली खुसबू है इसकी तोह गांड में.....

बकरा थोड़ी देर मल्टी 🐐 की गांड की खुसबू सुघने के बाद अपनी मुँह को खोलके अपनी जीभ बहार निकाल लेता है और अपनी जीभ से मल्टी की गांड को छठे लगता है....

मल्टी 🐐 को जैसे hi उसकी गांड में कुछ गर्मागर्म एहसास होता है वोह झट्ट से अपनी आंखें खोलके देखती हैं.

मल्टी 🐐 - हैयय राम ये क्या... ये ठरकी बकरा तोह मेरे पीछे hi पद गया साला मेरी गांड चाट रहा बड़े प्रेम से....

हाटट.... हॉट... हटतट वह से.....

बकरा - चुप कर बहिन की लोदी... इतनी मस्त गांड राखी है ..... कितनी जायदा खूबसूरत है तू भी और तेरी गांड भी... मैं तोह कर रहा है की..... हचक हचके छोड़ दालु.....

मल्टी 🐐 उससे थोड़ा दूर होती है...... लेकिन बकरा भी काम नहीं था.... फिर से उसके पास जाकर उसकी गांड चाटना शुरू कर देता है....

मल्टी 🐐 बार बार उससे अपनी गांड बचाने की कोशिश करती रहती है लेकिन उसकी कोशिश नाकाम हो जाती है.... बकरा.... फुल मल्टी की गांड लापर- लापर अपनी जीभ निकाल के चाटने के बाद..... अपना तना हुआ मोटा लम्बा लुंड निकालता है..... जिसको देख के मल्टी की गांड बिना मारे hi पाहट जाती है....

मालती - ये... ये... क्या... ये बकरा तोह आज मेरी लेके hi मानेगा लगता है....

बचाओ... बचाओ... कोई मुझे इससे बचाओ.... ( महहहह.. महहहह... मेहह्ह)

सबने - ारी... राबिआ ये तेरी बकरी इतना मेहह्ह्ह्हह्हह मेहह्ह्ह्हह्हह.... क्यों कर रही है...

राबिआ - ारी... उसे गर्मी आ गयी है... इसलिए उसको बकरे से छुड़वाना पड़ेगा...

सबने - अच्छा... चल तोह फिर छुड़वाते है साली को और उसकी गर्मी भी शांत कर देते है....

राबिआ - हआ.... चल....

सबने और राबिआ आने लगते है उनको देख के मालती की जान में जान आती है...

मल्टी 🐐 - ये... आ गयी... आ गयी मेरी जान बचने...... थैंक यू.... तेरा राबिआ... बहुत बहुत थैंक यू.... जल्दी से इस बकरे को यहाँ से दूर वाले खूटे पे ले जाकर बाँध और मुझे यहाँ से जाने दे..... हां... आ... जल्दी आ मेरे पास आए.....

राबिआ - ले ये सुबह काम तू hi कर अपने हाथ से सबने बीबी...

सबने - हां.....

सबने मल्टी की तरफ आगे बढ़ती हुई..

मालती 🐐 - हां.. तू कर सुबह काम मुझे खोलने का... चल जल्दी से खोल मुझे और जाने दे यहाँ से....

बकरा - नहीं... नहीं... ये क्या कर रही हो औरतों.... मेरा कलपद ( खड़े लुंड पर डंडा मत मारो) मत करो....

मल्टी 🐐 - इस भड़वे बकरे की बात मत सुन्ना बिलकुल भी जल्दी जल्दी मुझे खोलो....

सबने मल्टी 🐐 के दोनों पेअर पकड़ के बाँधने लगती है.... और राबिआ जाके बकरे को खोलने लगती हैं....

मालती🐐 - ये.. ये... तू क्या कर रही है... मेरा पेअर क्यों बाँध रही है.... ा.. ा.. खोल मेरे पेअर...

सबने मल्टी 🐐 के आगे के दोनों पेअर आपस में बाँध देती है और मल्टी 🐐 की गर्दन को पकड़ लेती है....

सबने - चल राबिआ ले आ उस बकरे को....

राबिआ बकरे को खूटे से खोल के मल्टी 🐐 के गांड की तरफ ले जाती है....

मल्टी 🐐 - ये... क्या कर रही हो तुम दोनों तुम दोनों पागल तोह नहीं हो गयी हो.... एक इंसान को बकरे से छुड़वाने जा रही हो..... रंडियों छोड़ो मुझे......

राबिआ बकरे को मल्टी के गांड के पास ले जाकर खोल देती है..... .

बकरा - अब आएगा मजा 😁😁

बकरे ने अपना लुंड nikaala....bakre का लुंड देख के मल्टी की गांड पहले से hi फट गयी...

सबने - वाओ 😲😍 क्या लुंड है इस बकरे का तोह इतना बड़ा तोह मेरे पति का भी नहीं है....

राबिआ - हां.. ये एक स्पेशल बकरा है.....

बकरा अब अपना लुंड मल्टी 🐐 के गांड के छेड़ पे सेट करता है.....

मल्टी 🐐 रट बिलखते हुए चिल्लाते हुए... nhi....nhi..... मत करो ऐसा.... मई एक विधवा हु.. एक इंसान हु..... मुझे बकरे से मत छुड़वाओ...... कोई तोह रोको इन्हे...

लेकिन सबको यही सुनाई दिया-- ( मेहह्ह... मेहह्हह्ह्ह्ह.... मेहह्हह्ह्ह्ह)

सबने :- देख रही है राबिआ तेरी बकरी.... कितना चीख रही चिल्ला रही.... इससे थोड़ा सा भी इंतज़ार नहीं किया जा रहा.... देख कैसे मेहह्ह मेहः करके हमें जल्दी से छोड़ने देने को कह रही....

राबिआ - हां... बहुत गर्मी है इसमें.... सुबह से चिल्ला रही थी.... चलो अब इसकी गर्मी भी शनत हो hi जाएगी....

मल्टी 🐐 - ारी... मादरचोदियो... रंडियों... मैं क्या बोल रही और तुम दोनों क्या समझ रही... हरामज़ादियूं....

राबिआ - चल चल बकरे अब शुरू हो जा अपने काम पे.... देख तेरी मेहबूबा कैसे तड़प रही....

बकरा अपना लुंड मल्टी 🐐 के गांड पे रख के एक तेज़्ज़ tar.raar.... ढाका मारा..... लुंड का 1 इंच मल्टी की गांड में घुसा....

मल्टी 🐐 - मेहह्ह्ह्हह्हह मेहह्ह्ह्हह्हह...... मार डाला रे..... आअह्हह्ह्ह्हह..... aaa-hhhh.... mehhhh-hhhhhhh......

बकरे ने एक और जोरदार धक्का मारा..... इस बार लुंड आधा घुस गया......

मल्टी की गांड फट चुकी थी.... उसकी आँखों से आंशू बहे जा रहे थी... वोह बेतहासा दर्द के मारे चिल्लाये जा रही थी....

मल्टी🐐 - ये... क्या करवा रही हो तुम लोग... 😭 एक बकरे से इंसान को छुड़वा रही.... 😫😫.........

बकरे ने एक और टनटनाते हुआ धक्का मारा लुंड मल्टी🐐 की बच्चेदानी को छू गया...

मल्टी 🐐 - मार दिया रे.... मार दिया.... अब मई नहीं बचूंगी लगता है... आआ... हां... हां..... मेरा विधवा धरम तोड़वा दिया.... अब मई अपने मरे हुए पति को क्या मुँह दिखाउंगी... 😫😭.......

बकरे ने एक और तगड़ा धक्का जमा के मारा... और लुंड इस बार पूरा मल्टी 🐐 की बच्चेदानी के छेद से बच्चेदानी के अंदर घुस गया...... .

मल्टी🐐 के हाथ पेअर थरथर... कांपने लगे..

वोह बेतहासा रोने लगी.... उसकी आँखों से आंशू जहर जहर करके बहने लगे....

सबने - देख... देख..... कैसे चुदाई का सुख प्राप्त होने से खुसी के आंसू बहा रही तेरी बकरी.....

राबिआ - हां. य्र्र सबने लगता है इसको चुदाई से बड़ा माज़ा आ रहा...

सबने - हां.... अबसे रोज़ दोनों टाइम इसकी चुदाई करवाया करेंगे... इस बेचारी को भी सुख मिल जाएंगे और हमें भी ये देख के मजा आएगा... 😁😁

राबिआ - हां.... अबसे रोज इनकी चुदाई करवाएंगे...

मल्टी 🐐 - क्या.... रोज़.... 🤯..... अब मेरा क्या होगा 😩..

बकरा लगतार तेज़्ज़ तेज़्ज़ धक्के मारते हुए मल्टी को चोदे जा रहा था.... करीब 1 घंटे तक रगड़ कर मल्टी की गांड मारने के बाद बकरे ने अपना पानी मल्टी🐐 की बच्चेदानी में दाल दिया... ☺

मल्टी🐐 - हो गया बेड़ागर्क.... इसने तोह मेरे अंदर अपना बीज दाल दिया... अब क्या मई एक बकरे के बच्चे की माँ बनूँगी.... नहीं... नहीं... 😭😭😭.

राबिआ अब बकरे को ले जाकर उसके खूटे पर बाँध देती है....

सबने - वाओ 😍 य्र्र राबिआ ये बकरा तोह कितना लम्बा छोड़ता है.... 1 घंटा.... और हमारे पतियों को देखो 5 मिनट से जायदा चलता hi नहीं.....

राबिआ - हां.. य्र्र... मई भी अपने पति के इसी कमी से दुखी हु.....

मल्टी 🐐 की हालत छोड़ने के बाद तोह मरगिल्ली टाइप हो गयी थी........ उसके हाथ पेअर में ताकत hi नहीं बचा था.. इसलिए वोह अपने hi जगह पर बैठ गयी.....

बकरी 1 - अब कैसा लग रहा है बहिन.... ज्यादा दर्द तोह नहीं हुआ न....

मल्टी🐐- आह्ह्ह्ह.... आअह्ह्ह्हह.... क्या ख़ाक दर्द नहीं हुआ.... साला... दर्द के मारे जान निकलने वाली थी meri...aahhh.... एक तोह साला ये बकरे का इतना बड़ा लुंड..... मुझे तोह इन दोनों रंडियों को अपने सिंह से होब होब के मारने का मैं कर रहा है सालियों को .......

एक इंसान को बकरे से छुड़वा दी..... की... 😭😭

बकरी 1 - रो मत बहिन.... अब तुम अपना अतीत भूल जाओ.... क्युकी... मुझे नहीं लगता की अब तुम कभी बकरी से दोबारा इंसान बन पाओगी..... अब यही बकरी के hi रूप में तुम्हे अपना आगे का जीवन गुजारना होगा.. और अबसे ये बकरा hi तुम्हरे साथ साथ हम सब का पति है.....

मल्टी🐐 - नहीं.. ऐसा नहीं हो सकता... मई ऐसे कैसे मान लू.... मुझसे नहीं होगा ये सब.... मुझे अपने घर जाना है मुझे फिर से इंसान बनना है... 😭😭😭😭....

सबने भी जा चुकी थी ...... शाम हो चुकी थी बकरी 2 &3 भी चारा खा के आ चुकी थी....

राबिआ ने उन दोनों को उनके जगह पर बाँध दिया था.....

बकरी 2 - बकरी 1 से --((()))) --- क्या हुआ... रे... इसको...... इतना गुमसुम सी बैठी है... जैसे तू सुबह चुदाई के बाद बैठी थी.... कही इसका भी खाता तोह नहीं खुल गया.... 😁😁

बकरी 1 - हां.. खुल गया इसका भी कहा... 🙂

बकरी 2 & 3 - क्या बात कर रही हो... 😧

लेकिन कैसे....?? ..

बकरी 1 ने साड़ी कहानी सूना डाली...

बकरी 2 &3 - इसका मतलब इंसान की बुर में बकरे का लुंड वाली कहावत सच हो गयी....

मल्टी 🐐 - हआ 😩😩😩

बकरी 2 - ारी रो क्यों रही है.... देख मल्टी अब तू फिर से इंसान बनेगी की नहीं इसका जवाब किसी के पास नहीं है.... भलाई इसी में है की जो हो रहा है उसको एक्सेप्ट कर और आगे बढ़.....

बकरा तोह मस्त 2 - 2 गांड मारने की खुसी में सोये हुए था..... उसको तोह इन लोगो की पंचायत से कोई मतलब नहीं था....



 
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