अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰 - Page 35 - SexBaba
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अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰

113.......

रात को राबिआ जल्दी कहना पीना खा के सोने गयी.... लेकिन उसको नींद hi नहीं आ रही थी.... उसकी बुर कुलबुला रही थी... इसलिए वोह अपने बुर की कुलबुलाहट को शांत करने के लिए अपनी बुर में ऊँगली ग़ुस्सा ग़ुस्सा के अपनी बुर के साथ कहलने लगी..... बुर के साथ खेलने से राबिआ की बुर रोने लग गयी... और फिर राबिआ को पता hi नहीं चला की कब उसकी आँख लग गयी......

वही कोई और भी ऐसी थी जो असंतुस्ट थी....

सबने के घर पे उसका पति उसको छोड़ रहा था...

सबने - और जोर से... और.. और... यस... एस...

हतोऊ.... मेरे ऊपर से....

सबने का पति - सॉरी.... फिर से मई जल्दी गिर गया....

सबने - तुम किसी काम के नहीं हो.... आगे से मेरे पास भी मत आना.... कुछ कर तोह पाते नहीं.... बस मुझे गरम करके छोड़ देते हो.... जाओ... सो जाओ अपनी जगह पर..............

सबने ( मैं में...) - मेरी तोह किस्मत hi खराब है.... ऐसा नकारा पति मिला है किसी काम का नहीं.... साला अपनी बीवी की प्यास भी बुझा नहीं पाटा.... मुश्किल से 5 मिनट कर पाटा है.... मेरे गरम होने तक तोह इसका ठंडा पद जाता है.... कोई काम का नहीं है ये.... इससे तोह अच्छा मोटा और लम्बा उस राबिआ के बकरे का लुंड है और उसकी कैपेसिटी भी 1 घंटे है...... क्यों न उसका लुंड लिया जाए अपनी बुर में..... किसी को पता भी नहीं चलेगा... हां.. ये सही रहेगा... लेकिन राबिआ से छुप के करना होगा ये सब.... है.... ये बहाना सही रहेगा मई अपनी बकरी को उसके बकरे से छुड़वाने का कहके उस बकरे को अपने घर ले आउंगी और जी भर के उसका लुंड लुंगी और फिर वापस बकरे को छोड़ आउंगी..... हां... ये ठीक रहेगा.... मई कल hi राबिआ से उस बकरे को मांग लुंगी अपनी बकरी के साथ सम्भोग करवाने का कहके... 😁😁😁

सबने अब सो जाती है.....

सुबह.... फिर से जब सबने राबिआ के घर आती है....

राबिआ - अरे.... सबने बहिन तुम.... आओ.. आओ...

सबने - हां.. राबिआ बहिन मई.... कल कहा था न तोह कैसे नहीं आती .....

राबिआ - हां... हां...

सबने - तोह कहा है तुम्हारी बकरी रानी.... चलो उसको थोड़ा सुख दिला देते है...

राबिआ-- है.. हां.. क्यों नहीं... 😄

राबिआ और सबने को अपनी और आता हुआ देख मल्टी की गांड पाहट जाती है.... ये.. ये लोग मेरी तरफ क्यों आ रहे कही फिर से कल की तरह... नहीं.. नहीं....

सबने - आज तुम इस बकरी को पकड़ो मई इस बकरे को इसके पीछे खड़ा करवाती हु...

राबिआ - ठीक है....

राबिआ ने मल्टी 🐐 के दोनों आगे के पेअर को बाँध दिया और उसकी गर्दन पकड़ के बैठ गयी....

राबिआ - ले आओ अब बकरे को...

मल्टी 🐐 - छोड़ दो... मुझे ये सब तुम दोनों क्या करवा रही..... मुझ विधवा औरत को बार बार इस बकरे से क्यों छुड़वा रही हो 😩

सबने ने बकरे को खूटे से खोल दिया..... खूटे से खोलते hi बकता तोह जैसे इंतज़ार में hi था.... वोह जाके सीधा अपना मुँह मल्टी 🐐 के गांड में घुसा दिया और हचक हचक के मल्टी 🐐 की गांड चाटने लगा..... गांड चाटने के बाद बकरे ने अपना लुंड निकला और अपना लुंड मल्टी 🐐 की गांड के छेड़ पे रख के जोरदार तीन चार धक्के मारे और अपना लुंड जड़ तक घुसेड़ दिया मल्टी की गांड में...... मल्टी 🐐 बेचारी कर भी क्या सकती थी.... महहहह... Mehhhh..karke... चिल्लाते हुए... चुदवाती रही...... आज का सेशन भी 1 घंटे चला.....

चुदाई के बाद बकरे को सबने ने बकरी से दूर किया....

राबिआ - सुबह का तोह हो गया शाम को भी एक राउंड कहलायेंगे इनको....

सबने - हां....

अच्छा सुन न राबिआ मई क्या कह रही थी की क्या मई तेरे इस बकरे को अपने यहाँ ले जा सकती हु... मेरी भी बकरी को गर्मी चढ़ी है उसकी भी गर्मी उतार देगा तेरा ये बकरा...

राबिआ - देख.... सबने तू मेरी अच्छी सहेली है इसलिए सिर्फ तुझे ले जाने दे रही हु... वार्ना अहमद जी ने मुझे मन किया है की फ्री में किसी को भी इस बकरे से सम्भोग नहीं कराएंगे...

सबने - थैंक यू राबिआ... तू hi मेरी एक ाची और सच्ची दोस्त है....

ठीक है मई इसको थोड़ी देर बाद आके ले जाउंगी... तब तक इसको भी थोड़ा आराम कर लेने दे......

सबने - हां.... ठीक है ला मई इसको बाँध देती हु खूटे पे....

बकरी 2- ओह... भाई... इस मल्टी के तोह मजे hi मजे है देखो.... इस हैंडसम बकरे के लुंड को रोज अपनी गांड में ले रही कितना मजा आ रहा होगा हमारी ऐसी किस्मत कहाँ..

बकरी 3 - सही कह रही हो हमारी ऐसी किस्मत कहा.... मुझे तोह अब इस मल्टी से जलन होने लगी है....

बकरी 2 - सही कहती है तू... मुझे भी अब इसको देख के जलन होती हैं...

इधर सबने अपने सौहार के जाने के बाद अपने घर को खाली पाकर..... बकरे को लाने के लिए राबिआ के घर जाती है....

सबने - राबिआ... बहिन.... ारी... ो... राबिआ बहिन...

राबिआ - है.... आ गयी आप...

सबने - हां... कहा है बकरे महराज...

राबिआ - वही पे hi बंधा है... ले जाओ आप... मई भी थोड़ी देर सोऊंगी फिर...

सबने - है.. है.. अच्छे से सोना.... मई ले जाती हु....

सबने ने बकरे को खूटे से खोल दिया और फिर अपने घर ले जाने लगी.... राबिआ ने अपने घर का दरवाजा बंद कर दिया और खुद सोने चली गयी....

सबने अपने घर में घुसते hi घर का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया....

बकरा - चलो यहाँ भी एक बकरी की छूट मारने को मिलेगी मजा आएगा....

सबने.... बकरे को अपने कमरे में ले गयी...

बकरा - ये मुझे अपने कमरे में क्यों ले आयी... यहाँ तोह कोई बकरी नज़र नहीं आ रही...

सबने ने अब अपने कमरे के सारे खिड़की दरवाजे बंद कर दिए.... सारे खिड़की दरवाजे बंद करने के बाद सबने ने अपने कपडे उतारने शुरू कर दिए....

बकरा - मुझे इसके इरादे कुछ ठिक्क नहीं लगते रे बाबा.... कही मेरी इज़्ज़त खतरे में तोह नहीं...

😅😂

सबने ने अपने बदन के सारे कपडे उतार दिए..... उसकी बॉडी पूरी नंगी हो चुकी थी....

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सबने का बदन वाकई में खूब छोड़ने लायक था.....

बकरा - ये तोह बहनचोद बवाल है य्र्र.....

सबने अब बकरे के पास आकर घुटनो के बल बैठ गयी..... और बकरे के गाल पे पप्पी 😘 देने लगी....

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इतने से भी जब सबने बीबी का मैं नहीं भरा तोह वोह.... अपनी जीभ निकाल के बकरे की जीभ से मिलाने लगी....

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ऐसे hi सबने बीबी कुछ मिनट्स.... बकरे महाराज का चुम्बन लेने लगी....

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उसके बाद..... सबने बीबी ने बकरे को खींचते हुए अपने बीएड के पास ले गयी और बीएड पे बैठ गयी...... बीएड पे बैठने के बाद सबने बीबी ने बकरे का सर पकड़ा और उसके सर को पकड़ के अपनी बुर पे रख दिया और दबाने लगी....

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अब बकरा महाराज कहा पीछे रहने वाले थी.. उनको तोह लगा यहाँ से अमृत रास बरसेगा वोह लगे चाटने.......

सबने - आअह्ह्ह... आआअह्ह्ह.... सस्शह्ह्हह्हा... ससससस.... स्स्सस्स्स्शह्ह्ह्ह... ाअम्म्ममममहहहह... आआआअह्ह्ह्ह..... यस.... यस.... ऐसे... hi... चाट ते रहो... आआह्ह्हह्ह्ह्ह.... उफ्फ्फ्फ़.......

सबने बकरे के सर पे हाथ फेरते हुए अपनी बुर चटाई का आनंद लेने लगी.... 😌

बकरे की बुर चटाई से सबने बीबी... गरम हो गयी..... और उनका बदन अकड़ गया और वोह भलभला के झाड़ गयी.... बकरा भी सबने बीबी के बुर से निकले कॉमर्स को आमरस समझ के चाट चाट के सफाचट कर गया... वोह भी बड़े प्रेम से 😋......

बकरा - वह... क्या था ये..... आमरस तोह नहीं था... लगता है कॉमर्स था... हां... हां... 😃 बहुत टेस्टी😋 था.... मजा आ गया...

अब झड़ने जे बाद सबने बीएड से उठी.... और बकरे के पास ज़मीन में नीचे बैठ गयी और बकरे के लुंड को तलाशने लगी....

बकरे का लुंड तोह सबने का हाथ पड़ते hi एक्टिवटे हो गया....

बकरे का लुंड देख के सबने की आँखों में चमक आ गयी.... 🤩.....

उसने तुरंत लुंड को पकड़ा और अपने मुँह में भर लिया.... और चूसने लगी....

बकरा - आआहाआ.. हां... हां.... अद्भुत... अविस्मरणीय...... क्या आनंद आ रहा है इसमें.... ाआअहाहा....

सबने सलापपप... स्लाप्प... करके... बकरे का लुंड चूसने लगी...

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सबने ने इतना चूसा इतना चूसा की बकरे के लुंड का पानी निकल गया....

अब कई लोग यहाँ बोलेंगे की बकरे का लुंड ित्नु 🤏 सा होता है.......... ित्नु 🤏 सा मतलब कित्नु सा अभी हम बताते है आपको...

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ित्नु 🤏 सा.... लेकिन.... अगर आप सोचते है की इस बकरे का भी ऐसा होगा

तोह उनको हम ये पिक्चर दिखाना चाहता हु..

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... इ देखो.... थे बकरा विथ ा लुंड जिसका है उसे घमंड 😚....

तोह समझ आया बांगड़ू... की कई बकरो के पास ऐसा लुंड भी होता है.... 😄

अब चूसा चूसी होने के बाद..... सबने बीबी बकरी बन जाती है बकरे महाराज के सामने ताकि वोह उसकी छूट मार सके.... कुछ इस प्रकार....

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बकरा - वाओ 😍 छूट मिलेगा.... मई तोह यहाँ बकरी की छूट मारने का सोच के आया था लेकिन यहाँ तोह इंसानी छूट मिल रहा है वह... बाक़रुद्दीन वह... क्या किस्मत है तेरी....

जी हां... इस बकरे का नाम है बाक़रुद्दीन.... जो इसके मालिक कॅशे ने रखा था.....

अब बाक़रुद्दीन ने अपनी आगे की दोनों टांगें उठा के सबने के ऊपर चढ़ाई करनी शुरू कर दी....

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बाक़रुद्दीन का लुंड तोह टनटनाया हुआ था hi.... सबने बीबी ने उसके लुंड को पकड़ के अपने छूट के छेड़ पे सेट किया..... और फिर क्या था.... बाकी आगे तोह बाक़रुद्दीन समझदार था hi...... लगा पेलने सबने बीबी की छूट को...

घपपप... घपपप.... घपपप... घप्प....

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करीब.... 45 मिनट की चुदाई के बाद बाक़रुद्दीन ने अपना पानी सबने बीबी की छूट के भीतर भर दिया.... इस दौरान..... सबने बीबी 4 दफा झाड़ चुकी थी.... आज तोह उनको एक बकरे असीम चरमसुख की प्राप्ति हुई थी....

सबने बीबी के चेहरे पे सांतोस था.... उनके चेहरे से पता चल रहा था की आज जो उनको सुख मिला था वोह सुख कभी उसको इंसान के लुंड से भी नहीं मिल पाया था...

थोड़ी देर... ऐसे हु हफ्ते हुए सबने बीबी लेती रही.... और बकरे को चूमती रही... फिर थोड़ी देर बाद वोह अपने कपडे पहनन के बकरे को वापस राबिआ के घर छोड़ने चली गयी...

राबिआ भी तब तक सके उठ चुकी थी....

राबिआ - ारी.. सबने बीबी आप ले आयी बकरे मिया को....

सबने - हां....

राबिआ - हुआ आपका काम...

सबने - हां..... बहुत अच्छे से हुआ...

सुन न राबिआ क्या मई इसको ऐसे hi रोज ले जा सकती हु क्या... वोह क्या है की न तेरे बकरी की तरह मेरी बकरी भी कुछ जायदा hi सुखी महसूस कर रही है इस से छुड़वाने के बाद इसलिए....

राबिआ - अच्छा ऐसा क्या... अगर ऐसी बात है तोह ठीक है ले जायेगा...

सबने - शुक्रिया राबिआ तू hi मेरी सच्ची सहेली है...

अच्छा चल मई थोड़ी देर में आती हु फिर तेरी इस बकरी के साथ फिर से इस बकरे का एक राउंड खेल करवाएंगे...

राबिआ - हां... जल्दी आना...

सबने - हां.. हां..

सबने अपने घर चली गयी....

शाम को फिर सबने जब आयी तोह राबिआ और सबने ने मिलके फिर से मल्टी 🐐 की बुर कुटाई करवा दी.... मल्टी 🐐 बेचारी फफकती रह गयी......

अब रोज यही सिलसिला चलने लगा..... रोज सबने आती और फिर राबिआ और सबने मिलके मल्टी 🐐 को बकरे से छुड़वाते है.... और फिर रोज सबने बकरे को लेके अपने घर जाती और सम्भोग करती फिर शाम को फिरसे मल्टी 🐐 को बकरे से छुड़वाते है ऐसे hi चलने लगा....
 
114



इधर..... कजरी, बिमला और चंदा तंत्रिका बाबा के यहाँ पहुंच जाते है....

वह उनको 2 आदमी रोक लेते है...

1सत - रुको.... कहा घुसे चले आ रहे हो अंदर....

कजरी - जी हमें तंत्रिका बाबाजी से मिलना है.... हम बहुत परेशान है.... हमारा उनसे मिलना बहुत जरुरी है....

2ंद - चाहे कितना भी जरुरी हो.... जब तक बाबाजी नहीं बुलाएंगे कोई अंदर नहीं जा सकता.... अगर आपको जाना है मिलने तोह आपको उनकी आज्ञा का इंतज़ार करना होगा....

कजरी - जी.... हम समझते है.... लेकिन आप हमारी भी बात समझिये हमारा उनसे मिलना जरुरी है..... आप कृपा करके एक बार उनसे पूछिए न..... उनसे कहियेगा की कजरी आयी है

2ंद - ठीक है ठीक ही माताजी... आप इतना कह रही है तोह मई अंदर जाके बाबाजी से पूछ के आपको बताता हु... अगर उन्होंने आज्ञा दे दी तोह आप अंदर जा सकती हो...

कजरी - शुक्रिया.....

2ंद वाला बाँदा अंदर गया और थोड़ी देर बाद वापस आया...

2ंद - जाइये... आपको बाबाजी ने अंदर बुलाया है.....

कजरी, बिमला और चंदा तीनो अंदर चले गए....... अंदर तांत्रिक बाबा बैठे हुए थी...

तांत्रिक - आओ... कजरी बीटा बताओ क्या बात है...

कजरी - बाबा जी दरअसल बात ये है की... फिर कजरी ने चंदा का सपना बताया और मल्टी की गुमशुदगी के बारे में भी बताया....

तांत्रिक बाबा - हम्म्म....... तोह तुम हमसे क्या चाहती हो...

कजरी - हम ये जाना कहते है की मल्टी के साथ क्या हुआ...... और क्या चंदा के सपने का मल्टी के गुमसुदगी से कोई कनेक्शन है या नहीं....

तांत्रिक - ह्म्म्मम्म.... इसके लिए मुझे ध्यान लगाना होगा.... मई अभी ध्यान करके देखती हु की आखिर क्या हुआ.......

चलो भाई लोग तांत्रिक बाबा को ध्यान लगाने दो हम तब तक चलते है गेड़ी मारने... 🚲....

इधर..... लता अपनी बेटी के यहाँ जा रही होती है.....

लता अपने बेटी के घर जाती है...

लता - घर के अंदर एंट्री मारती है.... तोह क्या देखती है.... ..

लता - बेटी... बेटी... कहा हो... देखो... कौन आयी है तुमसे मिलने.... देखो तोह सही... तुम्हारी माँ आयी है.... beti....husna... कहा हो तुम...


ारी कहा गयी ये लड़की.... घर में नहीं है क्या??

हुस्ना....


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जी हाँ... सही समजे... ये वही है जिसको संजू बाबा जंगल में पेला था वही भूतनी है ये.... जो की है लता की बेटी....

अब बारी आती है.... इनकी बेटी पारी की... जिसको संजू ने जंगल में नहाते हुए देखा था....

इनका नाम है पारी और ये है लता की नातिन और हुस्ना की बेटी....

तोह चलिए आपको मिलवाते है

पारी से....



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बाकी..... लता जी से तोह आप लोग मिल hi चुके होंगे... पुराना नाता जो तेहरा 😁😁😁



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नहीं मिले तोह मिल लो.... ☺
 
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टाइटल -- सबने का सच आया राबिआ के सामने

स्टार्ट....

हुस्ना - बेटी... पारी ये आवाज़ तोह तुम्हारी नानी की लग रही है...

पारी ( हुस्ना की बेटी) - हां माँ ये आवाज़ तोह नानी माँ की hi है लगता है वोह हमसे मिलने आयी है...

हुस्ना - चलो चलके देखते है...

हुस्ना और पारी दोनों अपने कमरे से बहार आते है......

हुस्ना - माँ... आप....

लता - हां.. बेटी मई....

हुस्ना तेज़ी से दौड़ते हुए जाकर अपनी माँ लता के गले लग जाती है..... और रोने लगती है....

लता - अरे.. अरे... रो क्यों रही है पागल...

पारी बीटा तू भी आजा नानी के पास आजा आजा...

पारी भी आके अपनी नानी लता के सीने से लग जाती है... और रोने लगती है...

लता - अरे... तू भी रोने लग गयी अब.. दोनों माँ बेटी पागल हो....

लता - अच्छा ये बता हुस्ना दामाद जी कहा है दिखाई नहीं दे रहे....

ये...... सुनते hi हुस्ना और पारी दोनों माँ बेटी... फुट - फुट के रोने लगी....

लता - ारी.. क्या हो गया है आज तुम दोनों को हर बात पे रोये जा रही हो...

दोनों और जोर जोर से रोने लगी....

लता - ारी... बात क्या है बताओगी भी या ऐसे hi रोटी रहोगी.....

हुस्ना -→ वोह माँ... वोह... वोह.. 😭.... वोह

लता -→ ारी कुछ बोलेगी भी या बस वोह.. वोह... hi करती रहेगी.... आगे भी तोह कुछ बोल बीटा....

हुस्ना -→ माँ... वोह... वोह... न.... 😭

लता - फिर से... इसका भई.. भई... रोना शुरू हो गया.... बताना वातना तोह है नहीं कुछ बस रोये जा रही है....

पारी बीटा तू मेरी होसियार और समझदार बच्ची है न तू बता बता बीटा मम्मी क्यों रो रही है....

पारी ( सिसकते हुए ) - नानी... वोह... न... क्या हुआ की..... - स्टोरी बताते हुए... -→>>>

→→→ नानी..... मई मम्मी और पापा करके... न रोज रात को जंगल में जाते थी..... वह मई जंगल के बीचो बीच बने एक तालाब में नहाया करती थी और मम्मी और पापा...... शिकार किया करते थी.... और आपस में सेक्स करते थी.....

यही सब चलता आ रहा था..... एक दिन की बात है मई जब नाहा के आयी तोह देखा की मम्मी नंगी बेहोसी की हालत में जंगल में लेती हुई है और इनके आँख पे पट्टी और हाथ पीछे की तरफ बंधे हुए है.... मई ये देख के घबरा गयी..... मई तुरंत दौड़ते हुए मम्मी के पास गयी और उनके हाथ की रस्सी खोली और इनके आँखों से पट्टी हटाई.... और मम्मी को होश में लाया....

मम्मी के होश में आते hi मैंने मम्मी से पुछा.... की मम्मी आपकी ये हालत कैसे हुई..... तब मम्मी ने मुझे बताया की मम्मी और पापा रोज यहाँ ऐसे hi अलग अलग स्टाइल से सेक्स करते है...... और मम्मी की ये हालत पापा ने की है.... तोह मैंने पुछा की पापा कहा गए.... जिसका जवाब मम्मी के पास भी नहीं था हमें थोड़ी टेंशन होने लगी क्युकी पापा ऐसे बिना बताये कभी नहीं जाते.... मम्मी की हालत तोह ऐसी थी की उनसे उठा तक नहीं जा रहा था इसलिए मैंने उनको वही पर उनके कपडे पहना के बैठा दिया... और खुद पापा की तलाश में चल पड़ी..... मैंने पूरा जंगल छान मारा लेकिन मुझे पापा का कही अत पता नहीं चला... मई जब उनको ढूढ़ने जा रही थी तभी मुझे जंगल से एक बस 🚍 मैं रोड की तरफ जाती दिखी.... मैंने पहले तोह सोचा की उसका पीछा करू फिर मैं वापस लौट आयी क्युकी इधर मम्मी अकेली थी उनको ऐसे अकेले छोड़ के जाना सेफ नहीं था....

लता - ..... इतना सब कुछ हो गया और तुम

लोग मुझे अब बता रहे हो.....

पारी - वोह सॉरी नानी... हम पापा के गायब होने के टेंशन में आपके बारे में भूल hi गए थी....

लता - खैर वोह सब छोडो ये बताओ की कोई तरीका है क्या ऐसा जिससे दामाद जी के बारे में पता लगाया जा सके.....

हुस्ना - हां... एक तरीका है माँ... जिससे हमें ये पता चल सकता है की वोह कहा है........

लता - क्या है वोह तरीका...

हुस्ना - उसका नाम है... " भूटोपीडिए.. "

लता - भूटोपीडिए... ये क्या चीज़ है... मैंने तोह इसके बारे में आज तक नहीं सुना...

हुस्ना - माँ... भूटोपीडिए वह चीज़ है जिसमे सभी भूतों का भूत, भविष्य और वर्तमान का सारा लेखा जोखा लिखा होता है..... उससे हम किसी भी भूत की लाइव लोकेशन का पता कर सकते है.....

लता - ओह्ह... अच्छा... ऐसा है क्या..

पारी - haa..nani...

लता - फिर तोह ये बड़े काम की चीज़ है... कहा मिलेगा ये....

हुस्ना - ये एक बर्फीली गुफा में स्थित है.... जहा तक आज तक कोई नहीं पहुंच पाया.!..

पारी - लेकिन मई जाउंगी अपने पापा के लिए

लता - साबआष मेरी बच्ची.... लेकिन कही भी जाने से पहले तुम दोनों मेरे साथ चलो.... वह तुम्हारी सहेली सुमोना भी तोह है..... वोह तुम्हारी जरूर मदद करेगी.....

हुस्ना - हां.. माँ मुझे भी सूमो से मिले हुए कई साल हो गए.... मई चलूंगी आपके साथ..... बेटी पारी अपने सामान पैक कर लो.... हम तुम्हारी नानी के साथ जाने वाले है.....

हुस्ना और पारी ने अपना सामान पैक कर लिया... और लता के साथ चुड़ैल लोक के लिए निकल पड़े......

इधर.... मेनका... घर पर अकेली होती है उसको तोह दर ये था की कही उसका भेद न खुल जाए..... की वोह इंसान नहीं चुड़ैल है....

मेनका - अब क्या करू... क्या करू... इस लता ने तोह मुझे भी फसा दिया अपने साथ .....कही उस तांत्रिक ने मेरे बारे में भी घरवालों को सच्चाई बता दी तोह मेरा क्या होगा.... मेनका इसी उधेड़बुन में लगी हुई थी.....

इधर.... राबिआ को एक दिन अहमद का कॉल आता है.....

अहमद - hello... हां... राबिआ बेगम कैसी हो......

राबिआ - हम तोह तड़प रहे है जनाब के इंतज़ार में.... लेकिन जनाब लग रहे बड़े खुस मिज़ाज है....

अहमद - हां... खुस तोह मई हु hi.... राबिआ बीबी... क्युकी बात hi खुसी वाली है.... हमारा बकरा है न.... बकरा.. जिसको मई उस दिन कॅशे के यहाँ से लाया था....

राबिआ - हां....

अहमद - मैंने उसके बारे में यहाँ बताया की मेरा बकरा 1 घंटे तक छोड़ सकता है तोह ये लोग दक्खना चाहते है.... और कह रहे है अगर ये सच हुआ तोह ये हमें उस बकरे के लाखो दे सकते है.....

राबिआ - क्या सच में........

अहमद - हां.. राबिआ सच...... तुम जल्दी से जाके किसी बकरी को उस बकरे से छुड़वाओ.... और वीडियो कॉल करो.... ताकि इनको यकीन हो जाए की ये सच है...

राबिआ - जी... जी मई अभी जाती हु.... 2 मिनट्स बस.......

राबिआ फ़ोन को अपने बीएड पर छोड़ कर बकरे को लेने के लिए सबनम के घर जाने लगती है......

सबनम के घर...... तोह अभी चुदाई का कोहराम मचा हुआ था.... सबनम अपनी सुध बुध खोके बकरे के लुंड का मजा लूट रही थी......

राबिआ सबनम के घर पहुंच जाती है लेकिन उसको सबनम कही नहीं दिखती है....

राबिआ - ारी ये सबनम कहा गयी....

तभी..... राबिआ को किसी के सिसकारिओं की आवाज़ आती है.....

राबिआ - ये कौन सिसक रहा..... आवाज़ तोह इसी कमरे से आ रही है.... चलके देखती हु........

राबिआ उस कमरे के तरफ आगे बढ़ जाती है...... राबिआ को अब सिसकियों की आवाज़ साफ़ साफ़ सुनाई दे रही थी.....

राबिआ - ये आवाज़ तोह इसी कमरे से आ रही है..... के होल से देखती हु आखिर माज़रा क्या है.....

राबिआ अपनी आईज 👀 के होल पे चिपका देती है और अंदर देखने लगती है......

राबिआ की आंखें अंदर का नज़ारा देख फटी की फटी रह जाती है.....

राबिआ - या अल्लाह.... ये सबनम बकरे के साथ.......

कमरे से फच्चेआकककक..... फच्छाककक... आअह्ह्ह्हह... आअह्ह्ह्हह... की आवाज़ें आ रही थी..... राबिआ तब तक कड़ी देखती रही जबतक बकरे ने अपना माल सबनम के बुर के अंदर नहीं गिराया.....

और जैसे hi चुदाई खतम हुई राबिआ वह से चुपचाप खिसक ली..... और अपने घर आ गयी.....

राबिआ को याद आया की अहमद का फ़ोन उसने चालू छोड़ा हुआ था..... राबिआ ने जाकर फ़ोन देखा तोह उसपर 25 मिस्ड कॉल्स थी अहमद के....

राबिआ - ये मैंने क्या कर दिया.... मई तोह भूल hi गयी की मैंने फ़ोन चालू छोड़ा

है..... इनसे कॉल करके माफ़ी मांग लेती हु.....

राबिआ ने अहमद को कॉल लगाया....

राबिआ - hello जी वोह माफ़ करियेगा..... मई जब बकरे को लेने गयी तोह मैंने देखा की बकरी की बुर गीली है तोह मई उसको बकरे से छुड़वाने में लग गयी.... और फ़ोन का भूल गयी....

अहमद - अच्छा... अच्छा.... कोई बात nhi...kal फिर से आएंगे ये साहब..... कल वीडियो बना के भेज देना ठीक हैं...

राबिआ - जी ठीक है....

थोड़ी देर बाद सबने बकरे को लेके राबिआ के घर आ जाती है.....

राबिआ.... - आ गयी तुम... हो गया तुम्हारा.....

सबने - हां.... आ गयी.... हो गया मेरी बकरी का आज के लिए.....

राबिआ - अच्छा... अच्छा....

सबने - चलो.... अब थोड़ी देर बाद मई आती हूँ उसके बाद तुम्हारी इस बकरी और इस बकरे का संगम करवाएंगे...

राबिआ - हां.... जल्दी आना...

मल्टी 🐐... - मुझ विधवा..... इंसान को एक बकरे से छुड़वा छुड़वा के लगता है ये मुझे इसकी रखैल बना के छोड़ेंगी....

( महहहह........ मेहह्ह्ह्ह..... महहहहहह...)

सबने - देख रही हो राबिआ बहिन कैसे अभी से छुड़वाने के लिए तड़प रही..... मेहह्ह्ह्ह.... मेहह्ह्ह्ह.... करना शुरू कर दिया इसने अभी से..... हीहीही😁...

ठीक है अभी मई चलती हु..... बाद में आउंगी....

राबिआ - ठिक्क है.....

सबने वह से चली जाती है..... राबिआ भी बकरे को खूटे में बांड देती है और आज जो सबने के घर में हुआ उसके बारे में सोचने लगती है......

इधर..... तांत्रिक बाबा अपने ध्यान में जा कर..... देख लेता है की मल्टी के साथ क्या क्या हुआ और अब वोह कहा है..... और किस हालत में है.....

बाबा आंखें खोल लेता है....

बिमला - क्या... हुआ... बाबा.... क्या देखा आपने ध्यान में जाके.... बताइये न बाबा......

कजरी - हां.... हां.... बताइये न बाबा..... कहा है हमारी मल्टी क्या हुआ है उसके साथ......

चंदा - हां बाबा जी बतातिये न क्या मेरा सपना सिर्फ एक सपना था या कोई.....

अभी चंदा इतना hi बोल पायी थी की बाबा बोल उठे.....

तांत्रिक बाबा ( टी. बी) - वोह सपना नहीं.... हकीकत थी...... वोह जो कुछ भी तूने देखा वोह असलियत में हुआ है.... चुड़ैल तुम्हारे घर पर आयी थी..... उसने चंदा के बीएड के चक्कर लगाए है और फिर चंदा के पास बैठ के आवाज़ें की है....

और झूलने लगी है...... मई साफ़ साफ़ देख पा रहा हु... की वोह चुड़ैल को जब तुमने आँख खोलके देखा तोह तुम्हारी घीघी बांध गयी न तुम्हारी आवाज़ निकल पायी न तुम कुछ सोच समझ पायी और उसका डरावना रूप देख कर बेहोस हो गयी......

उसके... बाद.... वोह चुड़ैल तुम्हारे पास से उठी और उठकर..... तुम्हारे बगल सोई हुई लड़की को अपने कंधे पर उठा के ले गयी...... और ले जाकर जंगल में पटक दिया...... ये जंगल में क्या हुआ मुझे दिख नहीं पा रहा..... शयद..... उस चुड़ैल ने यहाँ पे अपना जादू कर रखा हो.... उसके बाद वोह वापस उस लड़की को लेकर उसकी जगह पर सुला दी और फिर मल्टी के कमरे में गयी..... और ये क्या..... उसने मल्टी को एक बकरी 🐐 में बदल दिया....

बिमला - क्या....?? 🤯..... पर ऐसा कैसे हो सकता है...

टी. बी >>> हो सकता है जरूर हो सकता... है...

जादू से आखिर क्या नहीं हो सकता....

उसने मालती को बकरी 🐐 बना के अपने कंधे पे लाढ़ के घर से निकल आयी.... और कहा गयी... ये नहीं दिख रहा शयद उस चुड़ैल जे जादू का असर हो.....

कजरी >>> बाबाजी... प्लीज..... देखने की कोशिश करिये न की हमारी मालती कहा है.... प्लीज... बाबा जी... प्लीज🙏....

टी. बी >>> ठीक है मई एक और प्रयास करके देखता हु..... बाबा जी ने अपनी आंखें फिर से बंद की और देखने की कोशिश की ....... की आखिर वोह चुड़ैल मालती को बकरी 🐐 बनके कहा लेके गयी है.... लेकिन उनको वोह नहीं दिखा.... हां... लेकिन उसके आगे का दिखा जो की मालती के साथ जंगल में क्या क्या हुआ.... उसका भेड़िये से बचना..... लकड़बग्घों का उसकी पूँछ को अपने पंजो से दबाना..... इत्यादि...... और बाबा ने ध्यान में और अंदर तक देखने की कोशिश की..... तोह ये देखा की मालती जंगल से निकल के एक गाओं में पहुंच जाती है वह एक मुस्लिम ☪️️ फॅमिली के यहाँ घुस जाती है जिसको वोह लोग अपनी बकरी समझ के रख लेते है... और वोह देखने वाला होता है मल्टी को बकरी समझ के वोह उसको बकरे से छुड़वाने वाले है..... इतने में hi उसका ध्यान भांग हो जाता है.....

>> असंभव.... असंभव...... ये नहीं हो सकता..... ये नहीं होना चाहिए..... मुझे ऐसा होने से रोकना होगा......

बिमला - क्या हुआ.. बाबा जी.... क्या देखा आपने....

कजरी - हां.. हां बाबा जी बताइये.... क्या हमारी मल्टी किसी मुसीबत में है....

बाबा - हां... बहुत बड़ी मुशीबत में है वोह... अगर हमने देर की तोह अनर्थ हो सकता है....

चंदा - क्या हुआ है.... कहा है मल्टी काकी बताइये बाबा जी...

बाबा ने साड़ी बात बताई...... और कहा... की वोह लोग मल्टी को सच मच का बकरी समझ कर बकरे के साथ उसका संगम करवाना चाहते है.... हमें उनको जल्दी जाके रोकना होगा....

बिमला - क्या.... 🤯... नहीं ऐसा नहीं हो सकता... बाबा जी कैसे भी करके ऐसा अनर्थ होने से रोक लीजिये.....

बाबा - ठीक है पुत्री..... हम रोकेंगे उसके लिए हमें फ़ौरन निकलना होगा..... हमें वह पहुंचते पहुंचते..... काम से काम 2 दिन लग hi जायेंगे.......

कजरी - तोह फिर और देर क्यों कर रहे है बाबा जी चलिए जल्दी चलिए.....

सभी बाबा के साथ..... उस जगह के लिए निकल पड़े जहा मल्टी 🐐 बकरी बांके रह रही थी......

इधर..... शाम को सबने राबिआ के घर फिर पहुंच जाती है..... जहा पर वोह राबिआ को किसी खयालो में खोया हुआ पाती है....

सबने - शह्ह्ह्ह..... ( राबिआ के कान के पास जाकर...)

राबिआ - आअह्ह्ह्हह... आअह्ह्ह्ह... आआह्ह्ह.... सांप.... 🐍....

सबने - 😆😆😆😆..... डरा दिए... द्वारा दिया..... हीहीही 😁.... ये कोई सांप वाप नहीं मई हु....

राबिआ - तुम भी कोई सांप 🐍से काम थोड़ी न हो.....

सबना - कुछ कहा क्या तुमने....

राबिआ - नहीं नहीं कुछ भी तोह नहीं....

सबने - चलो तोह करवाते है अब तुम्हारी बकरिया..... और इस बकरे का संगम......

राबिआ - सबने आज तुम बकरी 🐐 को पकड़ो और मई बकरे को लेके आती हु..

सबने - ठीक है भाई.... ले आओ बकरे जी को मई इस बकरईया को पकड़ लेती हु....

सबने ने मालती 🐐 के आगे के दोनों पेअर बाँध दिए और उसकी गर्दन पकड़ ली.... राबिआ भी तब तक बकरे को उसके खूटे से खोल आयी..... और लाकर बकरी के पिछवाड़े खड़ा कर दिया..... बकरा क्या मांगे.... एक छूट...... और यहाँ क्या मिल रहा छूट तोह वोह मन कैसे कर सकता है...... बकरे ने अपना लुंड निकाला....

बकरे का लुंड आज राबिआ एकटक..... देखे जा रही थी.....

बकरे ने अपना लुंड निकाल के मल्टी 🐐 के गांड पे सेट किया और लगाया..... जबरदस्त धक्का..... और फिर पेलमपेल करके पेल पेल के मल्टी की रेल बना दी.....

मल्टी 🐐 - हाय्यय... हैयय.. मोदी रे... उफ्फफ्फ्फ़..... आआह्ह्ह्हह्ह..... पूरा... बदन झन्ना.... देता है.... ये... उफ्फ्फ....... आआह्ह्ह्हह्ह..... पता नहीं... लेकिन... आआआहहहहह..... अब मजा आने लगा है.... आआअह्हह्ह्ह्हह.... उफ्फ्फ...... ह्यययय.... आआह्ह्ह्ह...... छोड़.... बकरे..... छोड़..... आआह्ह्ह्हह्ह..... न जाने इस बकरे के लुंड ने कैसा जादू कर दिए है मुझपे.... आआह्ह्हह्ह्ह्ह....... अब तोह आदत सी लग गई इसकी...... उफ्फफ्फ्फ़...... एइस्स्स्स....... ऐसे... hi छोड़... बकरे...... आआह्ह्ह्हह.... उफ्फ्फ...... मुझ जैसी पतिव्रता नारी..... विधवा बुढ़िया को छोड़ छोड़ क्र तूने अपनी गुलाम कर दिया रे..... आआह्ह्ह्हह.... बकरे.... आअह्ह्ह्हह.....

1 घंटे की चुदाई के बाद बकरा झाड़ गया और अपना सारा माल उसने मल्टी 🐐 के बच्चेदानी में भर दिया....

सबने - अच्छा... राबिआ बहिन अब मई चलती हु......

राबिआ - ठीक है......
 
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सबने के जाने के बाद... राबिआ... अपने लिए खाना बनाने लग गयी..... रात को जब राबिआ सोने गयी तोह उसको दिन में सबने के घर हुई बात याद आने लगी..... की कैसे सबने उस बकरे का लुंड कैसे अपनी बुर में ठूस के उस बकरे के दमदार लुंड से अपनी बुर फड़वा रही थी......

ये सन याद करते hi...... राबिआ की बुर में पानी आ गया..... उसके मैं में ख़याल आया की....

राबिआ - जब.... सबने अपनी बुर में बकरे का लुंड लेके चरमसुख पा सकती है तोह फिर मई क्यों नहीं...... ये ख्याल आते hi राबिआ के होठो पे मुश्कुराहट आ गयी..... और वोह बीएड से उतर के बहार आँगन में जहा बकरियां बंधी थी उस तरफ जाने लगी..... और बकरे के पास जाने लगी....

राबिआ ने बकरे को खूटे से खोला और फिर..... अपने साथ घर के अंदर ले जाने लगी....

बकरी 2 - ये... राबिआ.... बकरे को लेके कहा गयी....

बकरी 3 - घर के अंदर गयी है...

बकरी 1 - क्यों.. ले गयी ..... वोह भी इतनी रात को....

बकरी 2 - तू समझी..... लगता है तू समझी नहीं.....

बकरी 3 - मई तोह सब समझ गयी....

मल्टी 🐐 :- क्या समझ गयी हो....

बकरी 3 - यही की अब.... बकरे मिया.... हम बकरियों के साथ साथ अब इन इंसानो के भी बुर में अपना लुंड पेलेंगे.... हीहीही😁

मल्टी 🐐 - नहीं... नहीं... ऐसा कुछ नहीं है... इंसान भला ऐसा क्यों करेंगे....

बकरी 2 - लगता है मल्टी बहना तुमने इंसान होकर भी उतनी दुनिया देखि नहीं.... जितनी हमने बकरी होकर देख ली है... क्यों ऋ.....

बकरी 3 - हां... सही कहा तूने... ये मल्टी तोह भोली भली है..... बच्चो जैसी.... हिहि 😁

इधर.... राबिआ ने बकरे को अपने कमरे के अंदर ले जाकर अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया..... और कुण्डी लगा दी....

अब क्या था.... बाक़रुद्दीन मिया तोह सब पहले से hi समझ चुके थी.... की राबिआ किस लिए उसको यहाँ लेके आयी है.....

राबिआ ने अपने कपडे अब एक एक करके.... निकालने शुरू किये.... और थोड़ी hi देर में सारे कपडे उतर के नंगी होकर.... जमीन पर लेट गयी..... अब क्या था.... बाक़रुद्दीन मिया तोह थी hi समझदार.... उसने राबिआ की वयथा को समझते हुए खुद hi पहल कर दी..... जाके राबिआ के पीछे चढ़ गए और अपना लुंड राबिआ की बुर के छेद पे रख के धक्को की बौछार मारने लगे...

बकरे का लुंड बुर में घुसते hi.... राबिआ ने आआआहहहहह....... आआआअह्हह्ह्ह्ह..... आआआआअह्हह्ह्ह्ह...... निकल गयी......

राबिआ से बर्दास्त नहीं हुआ...... आआह्ह्ह्हह्ह.

दर्द से बिलबिलाने लगी....

लेकिन बाक़रुद्दीन मिया..... ने लगतार धक्को की झड़ी लगा दी.... और फिर.... राबिआ की रेलम पेल बना दी....

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1 घंटे की चुदाई में राबिआ... 3 बार झाड़..... चुकी थी...... आज उसको वोह चरमसुख की प्राप्ति हुई थी... जो उसको उसके पति अहमद से आजतक नहीं हुई....

राबिआ - वह.... रे बकरे.... तूने तोह आज मुझे अपना गुलाम hi कर दिया रे..... आआह्ह्हह्ह्ह्ह.... देख... तेरी लुंड ने मेरी बुर का क्या हाल किया है..... देख कैसे फैल और सिखुद रही......

इतने में भी बकरा..... अपना मुँह राबिआ के बुर के पास ले जाता है और अपना जीभ निकाल के लापर लापर करके राबिआ की बुर को चाटने लगता है....

राबिआ को बहुत hi अच्छा लगने लगता है...

राबिआ - ाःह.... ये... क्या कर रहा है... आआह्ह्ह्हह.... बहुत अच्छा लग रहा है... आआह्ह्ह्हह्ह.... और चाट.... चाट... उसको... आअह्हह्ह्ह्ह.... ीीेहठ्ठ....... उफ्फफ्फ्फ़..... अम्मी.... मई.... गयी.... मई... गयी.... मई... गयी......

राबिआ की बुर भलभला के झाड़... गयी....

बाक़रुद्दीन ने राबिआ की बुर का सारा माल चाट के सफ़चात्त कर दिया...

इधर... बहार.... बकरी 1 - ये राबिआ इतनी आवाज़ें क्यों निकाल रही.....

बकरी 2 - ारी.... छुड़वा रही है न इसलिए

बकरी 3 - सही पकड़ी है तू.... हिह😁

मल्टी 🐐 - ये क्या हो गया है इंसानो को जो बकरे से अपनी छूट मरवा रही.....

हां मन की मुझे भी अब उस बकरे का लुंड लेना अच्छा लगने लगा है....

इधर... राबिआ की बुर को चाटने के बाद बाक़रुद्दीन ने अपना लौड़ा..... राबिआ के बुर पे रखा और फिर से उसके ऊपर चढ़ते हुए घायचाआ... घछह.... राबिआ को छोड़ने लगा....

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राबिआ भी चुदाई का मजा लेती रही.... इस रात राबिआ ने 8 बार बकरे का लुंड अपनी बुर में ले... ले... के... अपनी बुर का भरता... बनवा डाला......

सुबह.... लडख़ड़ाती हुई राबिआ.... बकरे को उसके खूटे पर बाँध कर जाके अपने कमरे में सो गयी.....

बाक़रुद्दीन..... - वह.... झकस्स.... अपना सितारा आजकल बहुत hi बुलंद है लगता है..... साला... यहाँ बकरिया.... तोह बकरिया.... इंसान भी मुझसे छोड़ने को आतुर हुई जा रही है.... हीहीही😁

( मेहह्ह.... महहहह.... मेहह्ह)

इधर...... टी. बी के साथ कजरी बिमला और चंदा आधे रस्ते को पार कर चुके थी...... उनको मल्टी 🐐 तक पहुंचने में अभी भी एक दिन लगने वाला था.....

इधर... घर पर मेनका.... या कहा जाय मोना.... भी अपनी बुर खुजला रही थी...

मोना - कहा है वोह लड़का है... जिसके लौड़ा लेने मई यहाँ आयी हु.... जिसका लौड़ा लेके मुझे शक्तियां मिलेंगी और मई ताकतवर हो जाउंगी और उस रंडी लता और सुमोना का खात्मा कर पाऊँगी... कहा है कहा है वोह....

इधर.... लता अपनी बेटी हुस्ना और अपनी नातिन पारी को लेकर..... आ रही होती है.... तोह वोह एक बार मेनका से मिलने का सोचती है तोह वोह उन दोनों को लेके मेनका के पास आ जाती है....

मेनका ( मोना) - जो अभी यही सोच विचार कर रही थी की कैसे पता लगाया जाए को वोह लड़का कहा है जो उसकी मदद कर सकता है... उसको छोड़ के उसकी पावर्स को बढ़ा सकता है...

तभी..... लता आ जाती है... अपनी हुस्ना और पारी के साथ....

लता - और..... चिंकी चुड़ैल जी... क्या हाल है....

मेनका - आइये... आइये....

हाल तोह बेहाल है...

लता - क्यों ऐसा... क्यों....

मेनका - क्युकी.... आपको नहीं पता न की घरवाले सभी कहा गए है.... वोह सब एक तांत्रिक बाबा के पास गए है जो मल्टी के बारे में पता लगाएगा....

लता - क्या....

मेनका - हां..... मुझे तोह दर है की वोह तांत्रिक.... आपको नुक्सान न पहुंच दे.....

लता - अच्छा किया जो तुमने मुझे बता दिया.....

मेनका - अब आप क्या करोगी....

लता - उसके लिए भी प्लेन है मेरे पास.....

मेनका - प्लान कैसा प्लान


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लता - ************..... समझी...

मेनका - ओह.... तोह ये है प्लान...

लता - हआ....

मेनका - वैसे ये दोनों कौन है आपके साथ.....

लता - ारी... इनसे तोह मई तुम्हारा परिचय करवाना भूल hi गयी.. इनसे मिलो ये है मेरी बेटी हुस्ना.... और ये है मेरी नातिन पारी....

मेनका - अच्छा ये यहाँ अपनी नानी के यहाँ घूमने आयी है...

लता - नहीं.... ये यहाँ मदद लेने आयी है...

मेनका - मदद कैसी मदद....

लता ने सब बात बताई..

मेनका - मतलब.... भूटोपीडिए एक ऐसा यन्त्र है जिससे किसी के भी बारे में पता लगाया जा सकता है...

लता - हां.... और इनको उसकी hi तलाश है.... और इसलिए मई इनको यहाँ लायी हु ताकि ये सुमोना से मदद ले सके... वोह चुड़ैलों की मलिका है उनको इसके बारे में कुछ न कुछ तोह पता होगा..... हो सकता है वोह इनकी मदद कर दे.... उसको ढूढ़ने में....

मेनका - ये तोह आपने बिलकुल सही किया.....

लता - अच्छा... ठीक hain...ab मई चलती हु....

मेनका - जी....

लता अपनी बेटी और नातिन को लेके चुड़ैल लोक चली गयी.....

लता के जाने के बाद मेनका के दिमाग में एक खुराफात सूझी....

मेनका - भूटोपीडिए.. हां.... हम्म्म.... इसका तोह पता लगाना hi होगा.... अब यही मुझे मेरे लक्ष्य तक पहुचायेगी....

मेनका ने फ़ौरन अपना रूप एक चमगादड़ के रूप में बदला और फिर उड़द चली..... एक पहाड़ी की ऑर्डर.....

एक सुनसान.... पहाड़ी पर जाके.... उसने.... अपनी एक टांग उठा ली और अपनी आंखें बंद करके..... एक मंत्र.... को बार बार चांट करने लगी....

मंत्र....

- अगड़म बगड़म भोसड़ी... तू बन जा बहिन की भोसड़ी.....

इस मंत्र... का जाप मोना करने लगी....

वार्निंग... -- इस मंत्र का जाप.... आपको भोसड़ी वाला बना सकता है तोह मेरी अपने रीडर्स से हाथ जोड़ के अनुरोध है इस मंत्र को अपने घर पे तरय न करे.. 🙏

इधर..... दूसरे.... दिन.... सबने फिर से राबिआ के घर आ गयी...



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सबने - राबिआ... बहिन... राबिआ... बहिन....

राबिआ.... जो कल रात को बकरे के साथ मनाई सुहागरात याद कर रही थी...


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राबिआ - हां.... हां.... क्या हुआ.... सबने बहिन...

सबने - तोह क्या बोलती हो... शुरू करे आज का भी सेशन......

राबिआ - नेकी और पूछ पूछ..... चलो... अभी शुरू करते है.... लेकिन बकरा मई पकड़ूँगी.....

सबने - ठीक है......

सबने ने मल्टी 🐐 को पकड़ा और राबिआ ने बकरे को खोल दिया और फिर क्या था हो गयी चुदाई स्टार्ट मल्टी की बाक़रुद्दीन से....

रोज की तरह दोपहर को सबने बकरे को लेके चली गयी...... और शाम को छोड़ने आ गयी... फिर एक राउंड मल्टी का बकरे से और लगवा गयी.... दिन तोह ऐसे hi बीत गया..... रात को राबिआ बीबी भी अपनी छूट की गर्मी को शांत करने के लिए बकरे मिया को ले आयी.... और फिर क्या था दे घपाघपपपप...... दे घपाघपपपप....

लेकिन...... लेकिन..... लेकिन..... कोई था.... जिसने राबिआ को बकरे के साथ ये सब करते देख लिया था......

इधर...... लता हुस्ना और पारी को चुड़ैल लोक लेके पहुंच जाती है.....

सुमोना जो अभी अपने कक्ष में बैठी हुई थी.... वोह अपनी बचपन की सहेली हुस्ना को देख..... खुसी की मारे दुअडते हुए जाकर उससे गले मिल जाती है....

सुमोना - हंसा.... मेरी दोस्त तुम..... इतने दिन तक क्यों मिलने नहीं आयी थी....

हुस्ना - हां... सुमोना..... मई.... मुझे माफ़ करना मई आ नहीं पायी.... और अब आयी भी हु तोह

हुस्ना रोने लगी....

सुमोना - क्या हुआ.... तुम रो क्यों रही हो....

हुस्ना ने साड़ी बात बताई... की कैसे उस्क्स पति मिल नहीं रहे....

सुमोना - क्या....

पारी - हां... मौसी..... अगर पापा को ढूढ़ना है तोह भूटोपीडिए को ढूढ़ना होगा....

सुमोना - ये क्या तुम्हारी बच्ची है हुस्ना....

हुस्ना - हां.... मेरी बच्ची है.... पारी नाम रखा है... इसका...

पारी बीटा मौसी के गले मिलो...

पारी सुमोना के गले लग जाती है....

सुमोना - अच्छा बीटा ये बताओ.... की इस भूटोपीडिए से हम किसी का भी भूत भविष्य वर्तमान जान सकते है... उसके प्रेजेंट लोकेशन भी पता कर सकते है... हैना...

पारी - हां.... मौसी..... अब वही एक मात्रा सहारा है..... जिससे हम पापा का पता लगा सकते है....

सुमोना - हम्म.... इसका... मतलब... ये उस लड़के की भी लोकेशन बता सकता है....

पारी - ये किस लड़के की बात कर रही है आप ........

लता - मई बताती हु... बेतु..

बहुत समय की बात है..... एक लड़का.... जिसका नाम है संजू... वोह यहाँ गांव में हवेली में रहने आया.... वह तुम्हारी सुमोना मौसी की छोटी बहिन रहा करती थी...... उस लड़के ने तुम्हारी सुमोना मौसी की छोटी बहिन को मार डाला..... इसलिए हम सभी उस लड़के संजू को तलाश कर रही है ताकि उसका गेम बजा सके....

पारी- ओह.... फिर तोह आपको और मुझे मिलके उस भूटोपीडिए को ढूढ़ना चाहिए मौसी.....

सुमोना - हां... बेटी.... जितनी जरुरत तुम्हे उस भूटोपीडिए की है उतनी hi जरुरत मुझे भी उस लड़के का पता लगाने के लिए उस भूटोपीडिए की जरुरत है....

पारी - तोह तय रहा हम दोनों उस भूटोपीडिए को जरूर ढूढ़नेंगे...

सुमोना - हां..... मई उसके बारे में चुड़ैल देवी से बात करुँगी की वोह कहा हैं...

पारी - हां..... अब आप और माँ बात करिये....

लता - हां..... उन दोनों सहेलियों को बात करने दो... और तुम चलो मेरे साथ...

पारी - कहा नानी माँ...

लता - चलो तोह सही..... एक खेल खेलने चलते है.....

पारी - खेल कैसा खेल....


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लता - वोह बाद में बताउंगी...

अभी चलो....

लता पारी को अपने साथ लेकर चल पड़ी.....

इधर...... अगले दिन सुबह... hi सुबह..... राबिआ के घर का दरवाजा.... बजता है....


खट्ट... खट्ट... खट्ट.. खट्ट....
 
अगले दिन सुबह... hi सुबह... राबिआ के घर का दरवाजा बजता है..... खट्ट... खट्ट... खट्ट... खट्ट....

राबिआ.. - कौन है.... आ रही हु...

राबिआ... दरवाजा खोलती है...

जैसे hi दरवाजा खोलके देखती है...


राबिआ - ारी.. आप.... आ गए....

जी हां.... ये अहमद hi था राबिआ का पति...

अहमद... - हां.. राबिआ... मई आ गया.. वोह क्या है न की मुझे घर की बहुत याद आ रही थी इसलिए मई आ गया....

ाचा अब मुझे यही रोके रहोगी की अंदर भी आने डौगी...

राबिआ - आइये न... आइये....

अहमद - मई जरा फ्रेश होक आता हु... तुम चाय बनाओ...

राबिआ - जी....

राबिआ चाय बनाने चली गयी....

अहमद फ्रेश होक... निकला... तब तक राबिआ ने चाय बना ली थी..... अहमद ने चाय पि फिर कहा....


अहमद - राबिआ.... मई जरा बकरे को घुमाने लेकर जा रहा हु..... हरी हरी घास खायेगा तोह इसका ताकत और बढ़ेगा....

राबिआ - जी....

अहमद.... बकरे को खूटे से खोलके.... निकल गया.... चारा खिलाने...

अहमद - साले... भोसड़ीवाले बकरे.. तूने मेरी जगह लेनी शुरू कर दी..... हराम के जाने.... तू मेरी बीवी की बुर छोड़ता फिर रहा है.....

बकरा- ारी.. ारी... ये अहमद को कैसे पता चला.. ..

( मेहह्ह... मेहह्ह... मेहह्ह...)


अहमद - ये mehhh...mehhh क्या कर रहा है बी.... यही सोच रहा है क्या की मुझे कैसे पता चला... साले... भड़वे... जब कल रात को राबिआ तेरा लुंड मजे से अपनी बुर में पिलवा रही थी तभी मई आ गया था लेकिन ये देख के मुझे बहुत दुःख हुआ.... मेरे प्यार का राबिआ ने ये सिला दिया... की.... अब तू देख..... भोसड़ीवाले बकरे बकरुद्दीन मई तेरा क्या हाल करता हु.... तुझे उस कॅशे के पास ले जाकर.... तुझे अभी कटवा दूंगा....

अहमद बकरे को लेकर..... कॅशे के घर पर पहुंच गया..... कॅशे घर पर नहीं था.... तोह अहमद ने खुद hi कॅशे का कटना...( यहाँ katana....kaatne वाले हतियार को बोलै गया है..)

अहमद ने वोह उठा के बकरे के गर्दन को काटना चाहा.... तभी... अहमद के कान पे किसी की सुरीली आवाज़ सुनाई पड़ी....

- सजना... है मुझे सजना के लिए.... सजना है मुझे सजना के लिए....

अहमद - इतनी सुरीली आवाज़ कहा से आ रही...

अहमद बकरे को काटना छोड़ उस आवाज़ का पीछा करते हुए..... घर के पीछे बने बाथरूम के पास पहुंच गया..... ये बाथरूम ऐसा था मतलब की पुराणी साड़ी को लपेट के बनाया गया था.. जिसके अंदर एकदम दूध सी गोरी औरत..... नाहा रही थी... जिसके सरीर पर एक भी कपडे नहीं थी.... अहमद ने साड़ी में हुए होल से अंदर देखा..... अंदर का नज़ारा देख.... अहमद का लुल्ली नुमा लुंड.... फनफना गया....

इधर.... बाक़रुद्दीन मिया.... जैसे hi अहमद के हाथो से छूटा.... फ़ौरन दौड़ते हुए.... उसके दूकान पर पहुंच गया....

अपने बाक़रुद्दीन को अपने दूकान पर देख..... कॅशे को बड़ा आश्चर्य हुआ...


कॅशे - ारी... इस भड़वे बकरे को तोह मैंने उस भड़वे अहमद को दे दिया था....

बाक़रुद्दीन...... कॅशे के पास जाकर उसका लुंगी अपने दांत से चबाकर उसको खींचते हुए घर ले जाने लगा....

कॅशे - अरे... अरे... बाक़रुद्दीन... भड़वे.. ये क्या कर रहा है... कहा ले जा रहा मुझे.... छोड़ छोड़ मुझे छोड़...

लेकिन बाक़रुद्दीन कहा मानने वाला था.. उसने कॅशे को उसके घर के अंदर तक कीचते हुए ले आया..... जहा.... कॅशे की नज़र जैसी hi बाथरूम पर पड़ी उसका खून कॉल गया....

बाक़रुद्दीन बेटे...... तू इसलिए मुझे यहाँ ले आया.... शाबाश... बेटे शाबाश.... तू एक साचा और अच्छा बकरा है बेटे.... जा... अब तू जा... अब ये अहमद भोस्डिका.... आज जिन्दा नहीं जा पायेगा... इसकी ये मजाल की ये मेरी बीवी को नंगी नहाते हुए देखे....

कॅशे गुस्से में तमतमाए हुए..... अहमद के पास गया... और उसके कंधे पर ऊँगली से थपथपाया...

अहमद जो कॅशे की बीवी के नंगे बदन में इतना खो चूका था की उसको होश hi नहीं रहा...

अहमद - कौन है बी.... जा.. यहाँ से.... मुझे हुस्न का दीदार करने दे..

कॅशे ने फिर से उसके कंधे पर हाथ रखा..

अहमद- ारी.. बरमारी के जा... न यहाँ से.... क्यों बार बार डिसट्रब कर रहा है....

अहमद की बात सुन कॅशे की बीवी जो अंदर नाहा रही थी वोह जड़बड़ा गई.... उसने इस ऑर्डर देखा तोह उसको साड़ी के पीछे परछाई दिखाई दी और साड़ी के होल से किसी की आँख दिखाई दी.... वोह दर के मारे चीख पड़ी.... उसको चीखता देख अहमद हड़बड़ा गया... और पीछे पलट के भागने लगा.... तोह वोह कॅशे से टकरा गया.....

अहमद - कौन मादरचोद है बी बार बार कछार कर रहा....

जब अहमद ने देखा की वोह किस्से टकराया है तोह..... उसकी भी चीख निकल गयी...

अहमद - Aaaaaaaaaa...... बचाओ... बचाओ....

कॅशे - मादरचोद.... भड़वे.... अहमद....

कॅशे अपने हाथो में कटना लिए अहमद के पास गया...


अहमद जमीन में घिसट ते हुए... पीछे भागने लगा..... लेकिन कॅशे ने उसका पेअर पकड़ लिया और अपने हाथो में पकडे हुए कटना से उसका पेअर काट दिन...

एक दर्दनाक चीख..... गूंज उठी...... फिर.... उसके बाद इतने से भी कॅशे का गुसा शांत नहीं हुआ तोह उसने अहमद के लुल्ली नुमा लुंड को भी खचाक से काट दिया.....

अहमद...... दर्द के मारे बेहोस हो गया....

उसके बाद कॅशे ने उसको वैसे hi उसकी एक टांग पकड़ के घसीट ते हुए..... पूरे गांव में घूमने लगा...

और चिल्ला चिल्ला के अहमद की करतूत बताने लगा...... राबिआ को भी जब ये बात पता लगी.... वोह भी बेहोस हो गयी.....

इधर.... बकरा बाक़रुद्दीन..... भाग के.... एक घर में घुस गया... जो उसको जाना पहचाना लगा.... वोह उस घर के अंदर घुसते हुए एक काले कमरे में पहुंच गया.... जहा एक अघोरान.... अपनी साधना में बैठी थी.... पूरी नंगी...

बाक़रुद्दीन...... बेचारा.... नंगी का मतलब तोह यही जानता था की उसकी बुर को चाटो और लुंड घुसेड़ के छोड़ डालो....

उसने उस साधना में लीं..... अघोरान की बुर में अपना जीभ घुसा के लापर लापर चाटना शुरू कर दिया....

अघोरान... - ारी.. ारी... ये क्या... हो रहा हैं... आआह्ह्ह्ह.... उफ्फ्फ..... मेरी..... बुर.... इतनी गीली कैसे होने लगी.... कौन मेरी बुए चाट... रहा.... कही..... शैतान देवता मुझसे प्रसन्न तोह नहीं हो गए... कही वही तोह नहीं आ गए.....

आआह्ह्ह्ह..... उफ्फफ्फ्फ़..... स्स्सस्स्स्शह्ह्हह्ह... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.....


बाक़रुद्दीन ने चाट चाट के अघोरान को दिया..... और उसकी बुर का जो पानी निकला उसको पि गया....

अघोरान ने अपनी आंखें खोल के देखि....

अघोरान - ये क्या... ये तोह एक बकरा है... ारी ये क्या ये तोह वही बकरा है....


तब तक बाक़रुद्दीन ने अपना लुंड निकाल के अघोरान के बुर में ठूस दिया.....

अघोरान - आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.... निकाल निकाल.... बहार.... आआह्ह्ह्हह......

बाक़रुद्दीन.... लगातार धक्के पे धक्के मारते हुए..... अघोरान को छोड़ने लगा....

अघोरान - आआह्ह्ह्ह..... छोड़.... मुझे... आअह्ह्ह्ह..... कमीने.... आआअह्ह्ह्हह....... दूर हट मुझसे..... मई सैतान की अमानत हु.... आआआह्ह्ह्हह्ह....

लेकिन बाक़रुद्दीन मिया को कुछ समझ में तोह आना वाना था नहीं... वोह अघोरान की छूट को पेल पेल के रेल बना गया..... अघोरान.......... 1 घंटे की ताबड़तोड़... चुदाई से..... निढाल होकर.... अधमरी सी हो गयी.....

बाक़रुद्दीन ने अब उसके मुँह में अपना लुंड भर दिया... और अब उसके मुँह को छोड़ने... लगा... गलापपप... glappp...glappp..... बाक़रुद्दीन का लुंड अघोरान के गले के भीतर तक घुस रहा था.... अघोरान..... गलप्प गलप्प करती.. बाक़रुद्दीन का लुंड लेती रही.....

फिर बाक़रुद्दीन ने अपना पानी अघोरान को पीला डाला.....

बाक़रुद्दीन...... अब भी वह से जाने का नाम hi नहीं ले रहा था....

बाक़रुद्दीन ने.... अब अपने पेअर की खुर्र ( जिसपर नाल लगी होती है.... घोड़ो में...) वोह वाला हार्ड पोरशन...... अघोरान की बुर में घुसेड़ दिया..........


अघोरान - aaaaaahhhhhhhhhh.... ये... क्या कर रहा है..... हराम के जाने...... आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.... मर्डर गयी मई मर गईइइइइइ....... ऊऊह्ह्ह्हह्ह...... मा.... कोई बचाओ मुझे इससे....... ये बकरा पागल हो गया है.... ohhhhhhhhhh....... माआआ...... हे सैतान बचाओ मुझे.....

अघोरान...... की बुर में अपना खुर्र... घुसा के बाक़रुद्दीन अघोरान की बुर को कुरेदने लगा... जिससे बुर फटी और ब्लड भी निकलने लगा......

अघोरान दर्द से छटपटाने लगी.... आअह्ह्ह्ह..... आआह्ह्ह्ह.... तेरी तोह रुक.....

अघोरान ने दर्द भरी हालत में hi एक मंत्र पड़ा और बाक़रुद्दीन के ऊपर फूँक मार दी...... फूँक मारते hi बाक़रुद्दीन एक सुन्दर लड़के में बदल गया.... और अपना हाथ अघोरान की बुर में घुसा पाया....


अघोरान - अब तोह मैंने तुझे फिर से इंसान बना दिया है अब तोह छोड़ दे मुझे आअह्ह्ह्ह... बहुत दर्द हो रहा...

- नहीं.. नहीं..... ऐसे नहीं....

लड़के ने अपना हाथ और अंदर घुसाया... और अघोरान के पेट के अंदर तक घुसा के उसकी अतड़ियों को किडनी को बुर के माद्यम से खींचते हुए बहार निकाल लिया..... अघोरान की वही पे मौत हो गयी...

लड़का... - अब जाके... चैन आया... है...

" हमको मिटा सके.... जमाने में दम नहीं.....

हमसे ज़माना है.... जमाने से हम नहीं..... "


तू है जेंटलमैन, हम हैं बालक देसी

हाँ, मैंने पटायी तेरी छोरी कलेशि

हम हैं नीरज चोपड़ा, तू है लिओनेल मेस्सी

जिसे बुरा लगे वा की ऐसी की तैसी


बचपन से स्टार और लाइट्स से फ्लाश्य

दिक्कत न हमें कोई aisi-waisi

गुरु ऊपर वाला, हम हैं वैरी ब्लेस्सी


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जी हआ...... ये कोई और नहीं.... बल्कि अपने hi संजू बाबा है.......😎

अब ये बाक़रुद्दीन कैसे बने इसकी कहानी.... थोड़ी देर बाद पात चलेगी........

अब इधर...... मल्टी को ढूढ़ने निकले लोग..... बस से आ रहे थी.... तभी.... बस के सामने अच्चानक से एक छोटी सी लड़की आ गयी और रोने लगी... जिसे देख कर बस ड्राइवर ने बस रोक दी.....

टी. बी. - क्या हुआ... बस क्यों रोक दी...

ड्राइवर - बाबा जी बस के सामने एक बच्ची कड़ी रो रही है...

टी. बी. - अच्छा... रुको मई उतर के देखता हु......

टी. बी. बस से उतर के उस रोटी हुई लड़की के पास गया.....

टी. बी. - तुम कौन हो बेटी..... और रो क्यों रही हो.....

लड़की - वोह मेरी मम्मी.... मम्मी....

टी. बी. - हां.. क्या हुआ तुम्हारी मम्मी को....

लड़की - जल्दी उधर चलिए.... जल्दी...

टी. बी. - अच्छा... चलो मई तुम्हारे साथ चलता हु....

टी. बी. लड़की के साथ चला गया.... वोह लड़की उसको थोड़ा रोड के लेफ्ट साइड की ऑर्डर अंदर ले गयी..... उसके जाते hi.......

बिमला - ारी ये टी. बी. कहा चले गए.....

कजरी - हमें जल्द से जल्द मल्टी 🐐 के पास पहुंचना है.....

तभी..... भागती हुए टी. बी. आ जाता है....

और गेट के पास आकर..... वोह एक बोतल को बिमला की ऑर्डर फेकते हुए कहता है.... जाओ... जाओ... तुम लोग... ये बोतल का पानी मल्टी के ऊपर छिड़क देना...... जाओ तुम लोग... जल्दी जाओ... ड्राइवर... जल्दी बस 🚍 स्टार्ट कर...... हमारे साथ धोखा हुआ है.... वोह लड़की वही चुड़ैल थी.... जो मेरे पीछे है मई उसको यही रोकने की कोशिश करती हु.... तुम लोग जाओ.... जल्दी जाओ....


टी. बी. - आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह...

टी. बी. को कोई खींचता हुआ.... बस के भीतर से ले गया...... ये देख सबकी गांड फट गयी..... बिमला ने जल्दी से वोह बोतल उठा ली.... बस ड्राइवर ने भी बस 🚍 स्टार्ट करके.... जो स्पीड में बस भगाया है न क्या बताऊ... 😁........ इतना स्पीड में तोह सुपरमैन भी नहीं उड़ता होगा....

रस्ते में जो भी ठेला वेला मिल रहा था बस ड्राइवर किसी को नहीं बक्श रहा था सबको उड़ाते हुए ठोकते हुए आगे बढ़ रहा था..... वोह कहते है न जब पीछे मौत पड़ी हो तोह फिर कोई इंसानियत विनसानियत नहीं दिखती... अब अपनी जान दिखती है......

लता - जाओ.... जल्दी... जाओ..... मजा आएगा.... हीहीही 😁😁.....

इधर... जंगल के भीतर.....

टी. बी. - कहा है तुम्हारी मम्मी बीटा.....


लड़की गायब हो चुकी थी....

टी. बी. - 😧..... ये क्या... ये लड़की कहा गायब हो गयी..... इसका मतलब.... धोका धोका हुआ है हमारे साथ.... वोह लड़की वही चुड़ैल थी जिसने मल्टी को बकरी 🐐 बनाया है.... इसका मतलब मल्टी 🐐 की जान खतरे में है.... वोह कभी नहीं चाहेगी की मल्टी 🐐 फिर से इंसान बने..... मुझे जल्दी वह पहुंचना होगा....

टी. बी. - दौड़ते भागते..... उसी दिशा में आगे बढ़ने लगा....

इधर...... बिमला कजरी और चंदा को बस 🚍 वाला उतार के फिर से अपनी रफ़्तार से बस को भागने लगा.... लेकिन अफ़सोस...... उसने जाकर बस को नाले में गिरा डाला और सभी बस वालो की मौत हो गयी....

इधर.... बिमला कजरी और चंदा.... तीनो टी. बी. के बताये अनुसार उस घर को ढूंढ रही थी जिस घर में मल्टी बकरी के रूप में खूटे से बंधी है.......

इधर जब ये उस गांव में घुसते है तोह देखते है की गांव के पूरे रस्ते में खून की धार गिरी हुई है.... ये देख वोह तीनो घबरा जाती है....

लेकिन मल्टी को तोह ढूढ़ना hi था isliye......voh तीनो आगे बढ़ते हुए जाती है...... और आखिर कार उनको वोह घर मिल hi जाता है.....

लेकिन ये क्या उनके घर पे तोह भीड़ लगी हुई थी.....

तीनो अभी अंदर जाना ठीक नहीं समझते.... बहार से hi थोड़ा माजरा समझने की कोशिश करते है....

तभी घर के अंदर से एक लाश को लेकर कई लोग निकलते है........

कजरी - लगता है इनके यहाँ किसी की मौत हो गयी है अब ऐसे में कैसे जायेंगे ......

बिमला - कुछ भी हो जाना तोह पड़ेगा hi....

चंदा - एक काम करते है.... जिससे जाना भी नहीं पड़ेगा और हम अपना काम भी कर लेंगे....

कजरी - जल्दी बता क्या करना है....

चंदा - तोह फिर सुनो.... *******

कजरी : - हां..... ये आईडिया सही है...... इससे सांप भी मर जायेगा और लाठी भी नहीं टूटेगी.........
 
एप -- 118....

संजू के बाक़रुद्दीन बाने की कहानी...



एक दिन वनराज को पता चल जाता है की संजू और प्रेमा के सम्बन्ध के बारे में......

वनराज.... - एक नौकर की इतनी हिम्मत की वोह मेरी बेटी के साथ इश्क़ लड़ाई...... इसका तोह मई वोह हाल करूँगा की न ये जी सकेगा और न मर सकेगा.....

वनराज गुस्से में तमतमाए हुए...... संजू के कमरे की तरफ बढ़ रहा होता है.....

तभी जब वनराज संजू के कमरे के बहार तक पंहुचा hi होता है की....... उसको आवाज़ सुंई पड़ती है...

-- हां ताऊ जी..... मैंने काम पूरा कर लिया है मैंने वोह पेपर्स 📑 वनराज के अलमारी से चुरा लिए है..... और मई आज रात को hi यहाँ से निकल रहा हु...... वनराज को अब मई अपने रस्ते से हटाऊँगा और अपने माता पिता की मौत का बदला लूंगा....

वनराज ( मैं में) - माता पिता.... ये कौन से माता पिता की बात कर रहा है ये.... मैंने इसके माँ बाप को कब मारा....

- ताऊ जी..... मई नहीं भुला की कैसे जब मेरे माँ बाप यहाँ अपने जमीन के कागज़ लेने आये थी तब इस वनराज ने उनका एक्सीडेंट करवा दिया.........

वनराज ( मैं में) - ओह..... अच्छा... तोह ये उनका बीटा है जिनका मैंने एक्सीडेंट कराया था.... क्या करू साले को अभी के अभी टपका डालू क्या........ नहीं... नहीं.... ऐसा मैंने किया तोह मेरी बेटी जो इसके प्यार के जाल में फस चुकी है वोह भी मुझसे नफरत करने लगेगी और हो सकता है अपनी जान भी ले ले.... मुझे कुछ और सोचना होगा.....

वनराज अभी कुछ सोच hi रहा था की..... किसी ने उसके कंधे पर हाथ रख दिया.....

ऐसे अचानक किसे का अपने कंधे पे पाकर वनराज की सांस जैसे थम सी गयी उसको लगा मानो उसकी चोरी पकड़ी गयी हो....

वनराज ने पलट के देखा....

वनराज - तुम......

सविता- offfh...hoo... आप को मई कब से ढूंढ रही और आप यहाँ है चलिए न मेरी मदद करिये की कौन सी साड़ी पह्नु मई......

वनराज - तुम्हारा जो मैं करे वोह पेहेन लो...

सविता - नहीं नहीं... आज मई आपके पसंद का hi पहनूंगी....

वनराज न न करता रहा..... सविता उसको खींच के अपने साथ ले गयी....

सविता वनराज को अब अपनी साड़ी चूसे करने को कहने लगी...

वनराज - मुझे नहीं सूझ रहा अभी.. तुम अपने हिसाब से पेहेन लो...

सविता - क्या हुआ आप आज इतने चिड़चिड़े क्यों हो रहे हो.... कोई टेंशन है क्या....

वनराज :- हां... टेंशन है और बहुत बड़ी टेंशन है,....

सविता - कैसी टेंशन......

वनराज ;- ये मत पूछो....

सविता - देखिये.... मई आपकी अर्धांग्नी हु अगर आप मुझे नहीं बताओगे तोह फिर किसे बताओगे.....

वनराज बहुत सोच विचार करने के बाद....

वनराज - देखो.... सविता..... मेरी टेंशन की वजह है एक लड़का जो की अब मेरे से बदला लेने आया है.......

सविता - कौन सा लड़का....

वनराज - तुम्हे याद होगा..... आज से 20 साल पहले मुझसे अपनी जमीन के कागज़ मांगने कुछ लोग आये थी.....

सविता - हां हां याद है..... और आपने उनको जमीन के कागज़ नहीं दिए थी...

वनराज - हां... क्युकी वोह जमीन हमारी थी....

सविता - हां आपने बताया था.... की वोह जबरजस्ती हमारी जमीन को हड़पना चाहते थी...

वनराज - है..... और तुम्हे ये भी याद होगा की जब हमने उनको जमीन के कागज़ात नहीं दिए तोह वोह यहाँ से गुस्से में पुलिस स्टेशन के लिए निकले और रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया....

सविता - हां.... याद है.... लेकिन उनका क्यों टेंशन ले रहो हो आप ..

वनराज - टेंशन उनका नहीं उनके बेटे का है जो की यहाँ आ गया है मुझसे अपने माँ बाप के मौत का बदला लेने.....

सविता - क्या.... लेकिन वोह आपसे क्यों बदला लेना चाहता है...

वनराज - क्युकी..... उसको लगता है की मैंने उसके माँ बाप को मारा है.....

सविता - ये तोह गलत है....

वनराज - हां... लेकिन उसको कौन समझाए... वोह तोह मानने वाला नहीं है.... मुझे बस उसकी hi थोड़ी टेंशन थी.... की कही वोह नुक्सान न पहुचाये.... मेरी फॅमिली को..... क्या पता प्रेमा पर हुआ हमला उसने hi कराया हो....

सविता - हां... हो सकता है....

अब क्या... करे....

वनराज - वही तोह समझ नहीं आ रहा.....

वनराज अब यहाँ अपने दिल की बात को दिल में नहीं रख पाटा..... और सब कुछ बता देता है की संजू जो उनके यहाँ नौकर बांके आया है वही है वोह लड़का.....

सविता - क्या.... 🤯 संजू है वोह....

वनराज - हां... और मई चाह के भी उसको रोक नहीं सकता क्युकी मुझे दर है की अगर मैंने उसको रोकने की कोशिश की तोह हमारी बेटी प्रेमा जो उसके प्यार के झाल में फस चुकी है वोह खुद को कोई नुक्सान न पंहुचा ले...

सविता - हां.... आपने सही सोचा ये.... प्रेमा तोह उसके प्यार में बावली hi हो गयी है....

सविता - एक काम करिये आप जल्दी से तैयार हो जाइये.... और मेरे साथ चलिए....

वनराज - कहा चलना है...

सविता - सवाल काम काम जयादा. चलिए तोह सही.....

वनराज सविता की बात मानते हुए तैयार हो गया.....

वनराज - हो गया तैयार अब तोह बताओ कहा चलना है....

सविता - आपकी परेशानी को दूर करने....

चलिए अब जल्दी से कार 🚘 निकालिये....

वनराज ने कार निकाली.....

सविता - अब चलिए.... मेरे सहेली सुनंदा के घर......

वनराज के आँखों में सुनंदा का नाम सुनते hi चमक आ गयी....

वनराज - ये तुम्हारी वही सहेली है न जिसका पति नहीं है....

सविता - हआ.....

वनराज के मैं में लाडू फूटा..... 2 सेकंड में 2 लाडू.,...

सविता - अब चलिए भी.....

वनराज - हां.. हां....

वनराज कार 🚘 को ले जाकर सीधा सुनंदा के घर के सामने रोका....

सविता - चलिए अब जल्दी उतरिये....

वनराज - हां.. हां.... जल्दी तोह उतरना hi पड़ेगा... 😊

वनराज कार से उतर गया और सविता से पहले घर के गेट खोलने पहुंच गया....

सविता - ारी... मेरे लिए तोह रुकिए..... इतना भी जल्दी नहीं बोलै था मैंने...

वनराज - हां.. हां..

वनराज सविता के लिए रुकता है....

फिर दोनों साथ में घर के अंदर घुसते है...

दोनों अंदर का नज़ारा देख आश्चर्यचकित हो जाते है....

अंदर धुंआ... hi.. दुआएं,.... पूरे घर में भरा हुआ था.... उस धुंए में अजीब सी कसीस थी...... जो उन दोनों को खींचे जा रही थी..... दोनों एक दिशा की तरफ बढ़ते जा रहे थी......

दोनों ऐसे hi आगे बढ़ते बढ़ते..... एक कमरे में पहुंच गए.,...... वोह कमरा भी धुंआ से पूरा भरा हुआ था....

जैसे hi ये दोनों उस कमरे में एंटर हुए.... अलमारी के अंदर से एक आवाज़ आयी...

- आओ...... सविता..... आओ........

वोह दोनों हैरत में पद गए.... की ये आवाज़ अलमारी से कैसे आ सकती है...

- तुम दोनों सोच रहे होंगे की ये आवाज़ अलमारी से कैसे आ रही है....

वनराज - हां... हां.....

- जयादा मत सोचो.... तुम्हारा दिमाग ये सब सोचने के लिए अभी कमजोर है..... और कहते है काम दिमाग खतरनाक.... चुपचाप अलमारी के भीतर घुस जाओ....

वनराज ( मैं में) - ये क्या भूलभुलैया है...

सविता - चलिए....

दोनों अलमारी के अंदर घुस जाते है...

अलमारी के अंदर घुसते hi सबकुछ अंधकारमय हो जाता है......

वनराज - ये क्या यहाँ तोह घोर अँधेरा है....

- चुपचाप... सीढ़ी दिशा में आगे बढ़ते जाओ.....

दोनों वैसे hi करते है.... और फिर.... किसी चीज़ से टकरा जाते है...

वनराज - आआह्ह्ह्हह्ह....

- दरवाजा खोलो और अंदर आ जाओ....

वनराज - इतना अँधेरा है दरवाजा कैसे खोले.... कुण्डी भी तोह दिख नहीं रही 🥲

- ारी!.... चोमू इंसान.... फ़ोन रखा है की नहीं.....

वनराज - रखा है....

- तोह उसमे जो फ्लैशलाइट 🔦दी है उसका उपयोग कर ....

वनराज - ओह्ह.... सॉरी सॉरी.... 🙂

वनराज ने फ़ोन की फ़्लैश ों करके.. दरवाजे की कुण्डी को खोला... और फिर अंदर प्रवेश कर गए......

जैसे hi वनराज और सविता अंदर घुसे उनके पेअर थम से गए....

सविता - सुनंदा......

वनराज - ये कैसी हुलिया बनाया हुआ है .....

वैसे इस गेटउप में भी बहुत मस्त लग रही आप...

सुनंदा - ोई... चपडगंजुओ..... तेरा दिमाग पढ़ चुकी हु मई.... जयादा होसियारी नहीं.....

क्या क्या सोच रहा था मेरे बारे में सब पता है मुझे.... बोल काम की बात बोल ..

वनराज फिर अपनी साड़ी परेशानी बताता है...

सुनंदा - तोह तू क्या चाहता है की मई उस लड़के के साथ क्या करू... क्या उसको मार दू.... अभी अपने कुछ आत्माओ को भेज के उसको मरवा देती हु....

वनराज - नहीं... नहीं... मौत उसके लिए बहुत छोटी सजा होगी..... उसको तोह मई मौत से भी बदतर सजा देना चाहता हु.....

सुनंदा - सुन..... ज़रा मेरे पास... आ...

वनराज - लगता है गिर गयी मेरे प्यार में...

जो मुझे पास बुला रही 😍

सुनंदा - ोई.... शेखचिल्ली..... की औलाद.. ऐसा कुछ नहीं है अब जल्दी से इधर आ.... और सविता तू भी इधर आ....

दोनों सुनंदा के पास जाते है...

सुनंदा उनके कान में कुछ कहती है जिसको सुनके उन दोनों के चेहरे पे मुश्कान आ जाती है.....

सुनंदा - क्यों कैसा लगा आईडिया...

वनराज - आपकी तरह बहुत hi मस्त..

सुनंदा शर्मा जाती है...

सुनंदा - चलो अब मेरे शतान सरकार को नमस्ते करो और जल्दी निकलो... और हां... जैसा मैंने कहा है ठीक वैसा करना वनराज फिर तुम्हारी सभी इच्छा पूरी होगी....

वनराज - सभी इच्छा.....

सुनंदा ( मुस्कुराकर ) - हां.. सभी इच्छा...

वनराज भी सुनंदा का इशारा समझ जाता है.... और फिर दोनों कार 🚘 से घर की तरफ निकल पड़ते है....

वनराज - सुनो एक बात बताओ....

सविता - हां बोलिये...

वनराज - ये तुम्हारी सहेली.... सुनंदा ऐसी कैसे हो गयी......

सविता - अपने पति के मौत के बाद वोह एक जगह ट्रिप पर चली गयी वह इसके पीछे एक भूत पद गया...... इसने उस भूत से छुटकारा पाने के बजाये उसको गुरु बना लिया और उसने hi इसको काली शक्तियों का ज्ञाता बना दिया.....

वनराज - मतलब की ये भूत के साथ करती होगी...

सविता - क्या .??

वनराज - सेक्स,..

सविता - हां.. तभी तोह भूत इसकी साड़ी बात मानते है...

वनराज की ये सुनके गांड फट गयी...

वनराज ( मैं में) - ारी दादा... मई भी किसके चक्कर में फस रहा था.... खुद तोह मुझसे छुड़वा लेगी फिर मुझे भूतों से छुड़वा देगी... न बाबा ना.... मई इसके झांसे में नहीं आऊंगा.... चुपचाप अपना काम करके निकल जाऊंगा......

वनराज और सविता घर पहुंच गए....

संजू...... जो अभी अभी अपने कमरे से निकल रहा था...

संजू - ारी मालिक आप.... और मालकिन कहा से आ रहे...

सविता - वोह एक दोस्त के यहाँ गए थी....

वनराज - सुन संजू.. चल तोह मेरे साथ मुझे तुझसे एक काम है...

संजू.... - जी... मालिक... बताइये कहा चलना है...

वनराज - तू कार 🚘 निकल तब तक मई आता हु...

संजू कार निकालने चला जाता है....

वनराज भी थोड़ी hi देर में आ जाता है फिर.... वनराज डायरेक्शन बताते हुए संजू को सुनंदा के घर पे ले जाता है....

संजू - ये हम कहा आ गए मालिक.....

वनराज - यया मुझे काम है... चल तू भी मेरे साथ....

संजू - जी मई भी....

वनराज - हां....

संजू - ठीक है....

फिर दोनों..... अंदर चले गए....

संजू - ये इतना दुआएं दुआ कैसे है यहाँ मालिक...

वनराज - यहाँ पूजा हो रही है इसलिए....

संजू - अच्छा.....

वनराज - अब चल मेरे पीछे पीछे आता जा...

संजू वनराज के पीछे पीछे चला गया...

वनराज सुनंदा के पास पहुंच गया.... और संजू भी....

सुनंदा - ले आये...

वनराज - हां....

सुनंदा - ह्म्म्मम्म

संजू - ये क्या लाने की बात कर रही है मालिक....

वनराज - थोड़ी देर शांत रह सब पता चल जाएगा...

सुनंदा ने अपनी आंखें बंद कर ली और कुछ मंत्र पढ़ने लगी..... और अपने मुट्ठी में राख.... ( भस्म) या जिसको ऐश बोलै जाता है... वोह मुट्ठी में पकड़ के संजू के ऊपर फ़ेंक दी.......

संजू को एक तेज़्ज़ झटका सा लगा....

संजू - मालिक... मालिक... ये क्या कर रही है मालिक..... ये आप कहा ले आये मुझको मालिक....

कमरे में मिठ्ठ.... महहहहहह..... महहहहहह... की आवाज़ होने लगी....

संजू को भी ये आवाज़ आने लगी...

संजू - ये बकरे की आवाज़ कहा से आ रही है...

वनराज - हां.. हआ हआ 😆😆.... क्या खूब सुनंदा.... तुमने इस लड़के को सच में बकरा बना दिया.... वह... वह.....

सुनंदा - हां... मैंने कहा था न.... की मई इसको ऐसी जिंदगी दे सकती हु जो मौत से बदतर है..... तोह ये लो.... हीहीही 😆

वनराज - अब ये घास पत्ते खाके hi रहेगा.... और किसी को शक भी नहीं होगा.... की यही संजू है क्युकी ये तोह बोल नहीं सकता हहहह😆

सुनंदा - अब मेरे काम भी तोह कर दे....

वनराज - कैसा काम....

सुनंदा - अच्छा जी अब भूल गए.... यहाँ मई इस काम की आग में जल रही हु और तुम पूछते हो कैसा काम...

वनराज - नहीं.. नहीं... अभी नहीं.... मई पहले इस बकरे को किसी कॅशे के यहाँ छोड़ के आता हु.,. उसके बाद....

सुनंदा - अच्छा... ठीक है... लेकिन आना जरूर....

वनराज - हां.. हां... जरूर आऊंगा....

वनराज वह से संजू जो की अब बकरा बन चूका था उसके गले में रस्सी बाँध देता है और उसको लेके अपने साथ चलने लगता है...

संजू - सब समझ गया मई.... इस साले वनराज को मेरी असलियत पता चल गयी थी इसलिए इसने मुझे इस बकरे में तब्दील करवा दिया... इसका माँ का...

वनराज - अबे... चुप.... ये... मेहह्ह...

महहहहहह करना बंद कर.... तेरी बात और अब कोई नहीं सुनने वाला और न hi तेरी भासा कोई समझेगा...... समझा.... हीहीही 😆

वनराज संजू ( बकरा) को ghaseet-te हुए..... पास में hi एक कॅशे की दूकान पे जाकर बेंच दिया......

वनराज अब सुनंदा के घर के सामने पार्क अपनी कार 🚘 के अंदर बैठ के जाने को हुआ...

वनराज - ारी... चाबी कहा गयी..... अभी तोह कार में घुसड़ी थी.....

सुनंदा अपने घर के सामने खड़े होकर.,.

सुनंदा - कार की चाबी ढूंढ रहे हो.... कही ये तोह नहीं....

वनराज - ारी.. ये तुम्हारे पास कैसे...

सुनंदा - मई वोह हु जो उड़ती चिड़िया के पर काट दू.... तुम तोह फिर भी जमीन में चलने वाले इंसान हो....

सुनंदा - चुपचाप आते हो मेरे साथ अंदर की तुम्हारा चलना फिरना हमेसा के लिए बंद करू....

वनराज की गांड फट गयी...

वनराज - आता हु... तुम... चलो...

सुनंदा - जल्दी...

वनराज - हां मेरी माँ दरवाजा तोह खोलने दे...

वनराज कार से उतर के घर के अंदर प्रवेश करता है... घर के अंदर घुसते hi सारे दरवाजे बंद हो जाते है और थोड़ी hi देर में एक भयंकर दर्दनाक चींख गूंजती है.... जो की मरदाना थी..... और थोड़ी hi देर में घर का दरवाजा खुलता है..... और वनराज बहार आता है उसकी चाल में बलाव था एक अलग सी लड़खड़ाहट थी..... उसकी आँखों पे पानी..... चेहरे पे दर्द की अलग सी hi खुमारी छायी हुई थी....... ऐसा लग रहा था मानो किसी ने उसकी गांड मार ली हो 😅.... वोह भी एक साथ - 4 लुंड घुसेड़ के.... 😂

वनराज कार में बैठ जाता है..... लेकिन बैठा नहीं जा रहा था उससे.,.. लगता है सुनंदा के प्यार ने वनराज को बैठने लायक नहीं छोड़ा था 😆......

सुनंदा - बई.. ब्येई.. डार्लिंग... 😘 ी मिस यू... आते रहना....

वनराज - तेरी माँ की छूट.... नहीं आऊंगा मई कभी...

सुनंदा - क्या बोल रहे थोड़ा जोर से बोलो न जानू...

वनराज - मैंने कहा आता रहूँगा जानू... बई...

वनराज ने कार जल्दी से स्टार्ट करि और वह से भाग निकला....

वनराज घर पहुंच गया...

वनराज की ऐसी लड़खड़ाती हालत देख सभी

सभी - क्या हुआ... ऐसे लड़खड़ा क्यों रहे हो...

वनराज ( झूटी खाने...) - रट हुए.... क्या बताऊ अब तुम लोगो को..... बेटी... तुम थोड़ा हिम्मत से काम लेना...

प्रेमा - आप ऐसा क्यों बोल रहे है पापा...

वनराज - देखो बेटी प्रेमा मई जानता था की तुम संजू से प्यार करती हो..... मैंने तुम्हारी आँखों में देख लिया था..... और मई भी उसको अपना दामाद बनाने के लिए तैयार था लेकिन होनी को कुछ और hi मंजूर था...

नूरी - क्या.. क्या.. हुआ भाईसाहब...

वनराज - संजू और मई कार से जा रहे थी.... कार वोह बड़ी सी खायी वाली जगह पे से होकर गुजर रही थी.... की तभी गाडी का दरवाजा पता नहीं कैसे आटोमेटिक खुल गया शयद ठीक से बंद न हुआ रहा हो.... और संजू खायी में जा गिरा..... मैंने तुरंत गाडी रोकी... और संजू को ढूंढने के लिए खायी में उतरा लेकिन मुझे उसकी लाश कही नहीं मिली... और उल्टा मई भी खायी से ऊपर आते वक्त फिसल गया और मुझे चोट लग गयी कमर पे....

संजू के साथ हुई ये घटना सुनके प्रेमा तोह बेहोस hi हो गई...... नूरी भी बेहोश हो गयी और लैला भी बेहोश हो गयी....

वनराज - ये क्या माजरा है प्रेमा का बेहोश होना समझ आता है भाभी क्यों बेहोश हो गयी... और ये नौकरानी लैला क्यों बेहोश हुई....

सविता ने डॉक्टर को फ़ोन कर दिया.....

थोड़ी hi देर में डॉक्टर आ गया.... उसने तीनो का चेकउप किया...

वनराज - क्या हुआ डॉक्टर

डॉक्टर - मुबारक हो..... ये प्रेग्नेंट है....

वनराज - ये मतबल कौन ......

डॉक्टर - ये तीनो..

वनराज की आंखें ये सुनके फटी की फटी रह गयी....

वनराज - क्या कह रहे हो तुम डॉक्टर....

डॉक्टर - जी मैं सही कह रहा हु....

वनराज ने डॉक्टर को वह से भगा दिया....

वनराज अब सबसे जाके अकेले में मिलने लगा...

और उसको साड़ी सचाई पता चल गयी..

वनराज - इन सबने मेरी नाक कटा दी... इन दोनों रंडियों को तोह मैं छोडूंगा और इस छिनाल को आज hi शादी करके इसके ससुराल भेज दूंगा....

वनराज ने अपने आदमी को फ़ोन किया...

वनराज - सुन..... गुप्ता जी को फ़ोन लगा... बोल उसके लड़के को दूल्हे के गेटउप में तैयार करके ले आये... आज hi मेरी बेटी और उसके बेटे की शादी होगी......

शाम को प्रेमा की शादी गुप्ता जी के बेटे के साथ हो जाती है और रात को जब वनराज अपनी भाभी नूरी और लैला से सुहागरात मानाने जाता है तोह नूरी उसको दूध में ज़हर देके मार देती है...... और लैला सविता को सोते हुए hi उसके मुँह पे तकिया दबा के मार देती है...

नूरी को साड़ी प्रॉपर्टी मिल जाती है..... उसके बच्चे का और उसका भविष्य वोह सिक्योर कर लेती है...... लैला भी संजू की आखिरी निशानी समझ के वोह बच्चा पैदा करने का सोचती है.... प्रेमा भी अपने पति को सुहागरात वाली रात ज़हर देके मार देती है........ और उसके बाप को भी मार देती है और वह की साड़ी प्रॉपर्टी अपने नाम करा के नूरी तै के साथ रहने आ जाती है... अब तक ये खुलासा हो गया था की संजू ने hi नूरी तै प्रेमा बाई और लैला का छैल छबीला किया था मतलव... प्रेग्नेंट किया था लेकिन सभी एक दूसरे को माफ़ कर चुके थी और एक साथ hi रहने लगे....

यहाँ पर से अभी वनराज और उसकी फॅमिली का chapter क्लोज करते है.....



अब आगे.... की स्टोरी संजू बाबा की तरफ अपना रुख मोड़ती है...
 
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अब इधर.....

चंदा - तोह फिर प्लान शुरू करते है....

कजरी काकी आप घर के अंदर जाओ और जैसे मैंने कहा है ठीक वैसे hi करना...

कजरी - हां... ठीक है....

कजरी घर के अंदर घुस जाती है.... वह साडी औरतें.... राबिआ को दिलासा दे रही थी......

कजरी... - ारी... ारी.... सुनो... सुनो... वोह जो..... मारा है वोह न.... फिर से जिन्दा हो गया... जाओ... जाओ... जल्दी.... देखने जाओ....

सभी..... आश्चर्य से कजरी की ऑर्डर देखने लगे......

तभी.... यही चिल्लाते हुए घर के अंदर बिमला भी घुस गयी....

बिमला - चमत्कार हो गया... चमत्कार हो गया...... मारा हुआ आदमी जिन्दा हो गया.... जाओ... जाओ... जल्दी देखने जाओ....

तभी.... यही बात चिल्लाते हुए चंदा भी घर के अंदर घुस गयी.....

अब तीन तीन लोगो की बात झूट कैसे हो सकती है ये सोच के सभी दौड़ पड़े जिस दिशा में अहमद की लाश को ले जाय जा रहा था.... राबिआ सबसे आगे दौड़ रही थी और उसके पीछे सभी औरतें दौड़ रही थी.....

ये सही मौका पाकर..... तीनो... ने सभी बकरियों... को खोल लिया... और जंगल की ऑर्डर..... ले गयी.....

चंदा.... - देखा मेरे आईडिया 💡 का कमाल....

कजरी - हां... मान न पड़ेगा बेटी.... तेरा आईडिया 💡 तोह बड़ा गजब का था....

बिमला - चलो चलो अब देर न करो.... जल्दी से मल्टी को मल्टी बनाओ...

कजरी - मल्टी को मल्टी कैसे बना सकते है...

बिमला - सॉरी .... मेरा मतलब है बकरी को मल्टी बनाओ....

चंदा - हां... लेकिन इनमे से मल्टी काकी है कौन..... यहाँ तोह चारो hi बकरियां है....

अब कैसे पता चलेगा.....

बिमला - ारी.. सबके ऊपर डालते जा न जो इंसान बांके मल्टी जैसे दिखेगा वोह मल्टी होगी...

चंदा - हां... ये भी ठीक है....

बकरी 2 - बहिन मल्टी तेरे चाकर में हम भी इंसान बन जाएंगे.... हम लोगो को आगे आने दे..... तू लाइन में सबसे पीछे हो जा.... क्यों की.... जब ये हमपे पानी डालेंगी..... और जब हम इंसान बनेंगी तोह हमारा चेहरा तेरे से मैच नहीं करेगा तोह ये फिर तेरे को इंसान बनाने के लिए पानी डालेगी hi.... और यदि तू आगि रही और इन्होने सबसे पहले तेरे ऊपर पानी डाला तोह तू तोह इंसान बन जाएगी फिर ये हम तीनो पर बिना पानी डाले hi चली जाएगी...

मल्टी - हां बहनो.... तुम्हारी बात भी ठीक है मई पीछे हो जाती हु...

मल्टी 🐐 लाइन में सबसे पीछे लग जाती है..... अब जब चंदा बोतल का पानी छिड़कने लगी तोह सबसे पहले पानी बकरी 2 के ऊपर पड़ा.... और पानी पड़ते hi.... वोह भस्म हो गयी....

ये देख.... सबकी गांड फाटत गयी... लेकिन कोई ऐसा भी था वह जो इस बात से बहुत खुस था... वोह थी लता जो ये देखने आयी थी की उसका प्लान वर्क करा की नहीं.. और बकरी को भस्म होते देख.... उसको यकीन हो गया की उसका प्लान वर्क कर गया.... और वोह खुस होकर वह से ये सोच कर चली गयी की मल्टी मर गयी....

लेकिन उसको कहा पता था... की मल्टी तोह जिन्दा है.. वोह क्या है न की जो बकरी भस्म हुई और मल्टी का बकरी वाला रूप एक जैसा था जिस कारन लता एक्ससिटेमेंट में..... ये ध्यान देना भूल गयी की उसके जैसी एक और बकरी है..... और मल्टी को भस्म हुआ समझ के खुस होते हुए वह से बगुला बांके उड़द गयी...

बिमला - कजरी का मुँह ताकने लगी.... कजरी... चंदा का.... और चंदा बिमला का....

कजरी - ये क्या हुआ..... पानी डालते hi बकरी राख में कैसे बदल गयी.... उस तांत्रिक ने तोह कहा था की पानी डालते hi मल्टी 🐐 बकरी से इंसान बन जाएगी लेकिन यहाँ तोह....

तभी.... उधर से गिरते पड़ते..... दौड़ते हुए.... टी. बी. आ रहा होता है....

टी. बी. - रुक जाओ.... रुक जाओ....

उसकी बात सुनके... तीनो उसकी तरफ देखती है....

चंदा.... - तांत्रिक जी... तांत्रिक जी... आपने जो दिया था वोह पानी हमने डाला.... लेकिन उससे बकरी इंसान में नहीं बदली बल्कि राख में बदल गयी....

टी. बी. - क्या... मैंने कौन सा पानी दिया... मई तोह उस चुड़ैल के जाल से बच के आ रही..... फिर तांत्रिक ने सब बताया...

बिमला - इसका मतलब वोह जो आपका भेस लेके हमे ये पानी दे गया वोह

टी. बी.- वोह वही चुड़ैल थी....

जल्दी से फेंको इस पानी को....

टी. बी. ने चंदा के हाथ से उस बोतल को पकड़ के फ़ेंक दिया....

चंदा - तांत्रिक जी... अब मल्टी काकी को वापस कैसे इंसान बनायेगे.....

टी. बी. - चिंता मत करो मई हु न...

अगड़म बगड़म... फुसकी.. बम... फूट जा... बेम बेम.. हो जा ताम ताम...

फूऊ.... फूऊओ.... फूऊ... टी. बी. ने फूँक मार दी.... और मल्टी बकरी से इंसान बन गयी.....

इंसान बनते hi मल्टी... टी. बी. के पैरो पे गिर पड़ी.....

मल्टी - बाबा... बाबा... अगर आप न होते तोह मुझे साड़ी जिंदगी बकरी hi बांके रहना पद जाता.... धन्यवाद बाबा आपका कोटि कोटि धन्यवाद....

फिर मल्टी सबसे गले मिली....

और फिर बाबा के पेअर छुए.

टी. बी. - आयुष्माबभाव.... चलो अब यहाँ से चलो.....

इन दोनों बकरियों को बाँध आओ बाड़े में ..... ये एक बकरी जो मरी है उसको तोह हम जीवित नहीं कर सकते इसका हमें खेद है खैर चलो यहाँ से जल्दी....

चंदा ने दोनों बकरियों को घर के अंदर जाकर उनके खूटे पर बाँध दिया... और फिर वोह सभी वह से निकल क्र बस स्टैंड पर आ गए... उनके बस स्टैंड पर पहुंचते hi बस आ गयी.... सभी उसमे चढ़ गए.... सभी को सीट मिल गयी थी...

टी. बी. - मल्टी बेटी.... मैंने तुम्हे ठीक कर तोह दिया है लेकिन वोह चुड़ैल अब तुम्हसे बदला लेने की कोशिश करेगी... इसलिए मई तुम्हे ये ताबीज़ बाँध देती हु इसको कभी अपने बदन से जुड़ा मत करना.... जब तक ये ताबीज़ तुम्हारे सरीर पर बंधा रहेगा वोह चुड़ैल तुम्हे कोई नुक्सान नहीं पंहुचा पायेगी..

ये सुनके... इन तीनो के मैं में भी ताबीज़ लेने का विचार आया...

चंदा - तांत्रिक जी..... हमें भी उस चुड़ैल से बचने के लिए कोई ताबीज़ दे दीजिये....

टी. बी.-- क्यों नहीं..... ये लीजिये.... आप लोग भी...

उन तीनो ने भी ताबीज़ बांध लिया....

और अब वोह टी. बी. के घर उनको छोड़ के वापस अपने घर आ गए.....

टी. बी. ने उन्हें आश्वासन दिया की वोह जल्द hi उस चुड़ैल को खत्म करने का उपाय लेके हाज़िर होंगे ....... इसी बात के भरोसे चारो... घर आ गए .......

खौफ तोह सबको... था चुड़ैल के वापस आने का..... लेकिन बाबा के बताये अनुसार ताबीज़ पहनने से उनको थोड़ी रहत थी..... सभी घर आ गए....

मल्टी अपने आप को सुरक्षित घर पहुंचने की खुसी में...... मैं में hi ईश्वर से को शुक्रिया अदा करने लगती है....

मल्टी - शुक्रिया.... शुक्रिया..... शुक्रिया... भगवान् जी..... आपने मुझे बचा लिया... और आपके hi प्रताप से मई फिर से इंसान बन पायी हु..... अपना हाथ सदा हमारे ऊपर बनाये रखना..... आपका कोटि कोटि धन्यवाद......

मल्टी - अच्छा... सुनो.... तुम में से किसी ने संजू को तोह ये बात नहीं बताई न की मई गुमशुदा हो गयी थी.... या बकरी बन गयी थी.....

बिमला - नहीं..

मल्टी - हाउस....

चंदा - हां.. वोह हमने फ़ोन लगाया था लेकिन लगा नहीं उसका फ़ोन... मई अभी बता देती हूँ...

मल्टी - नहीं... उसकी कोई जरुरत नहीं है... वोह बेचारा टेंशन में आ जायेगा... चुड़ैल का सुनके.... उसको मत बताओ...... उसको कोई भी मेरे बकरी बनने के बारे में नहीं बताएगा... ये मेरा आखरी फैसला है...

चंदा - जी.... काकी....

बिमला - ठीक है... जैसा तुम कहो...


फिर सब अपने अपने काम में लग गए.....
 
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