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- Dec 5, 2013
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संजू सभी औरतो के साथ.... हवेली के लिए... निकल गया...
संजू ने पंडित को हवेली की लोकेशन पे हे बुलाया था...
संजू और सभी औरतें हवेली पहुंच गयी.... हवेली में... सभी हवेली पहुंच के.... पंडित जी के पाँव छू के आशीर्वाद लेने लगे...
फिर... पंडित... ने... सभी को आशीर्वाद दे... दिया और सभी पूजा के लिए बैठ गए...
हवं में.... केवल... संजू को baithna...tha...
इसलिए संजू पूजा में.... बैठा... बाकि सभी... पीछे बैठे... थी...
यहाँ पे फोटो... संजू पूजा में बैठा हुआ..
संजू पूजा में बैठा हुआ होता है... तभी.... हवेली के बहार एक गाडी आके रूकती है.. जिसमे से 2 औरतें बहार निकलती है.... और उनके साथ... एक आदमी... जो की चूसा हुआ आम लग रहा था वोह भी आता है... और वोह तीनो हवेली के अंदर आते है.... उनके अंदर आते he....malti उन तीनो के पास चली जाती है और उन तीनो के लिए कुर्सी की व्यवस्था करती है...
संजू जो पूजा में बैठे हुए मल्टी को उन तीनो की इस तरह से सेवा करते देख आश्चर्य से भर जाता है....
संजू ( मैं में) - ये तीनो कौन है... ये चूसा हुआ आम... कहिका... और ये दो बुर वाली... चूड़ाकड औरतें कौन है.... साली... लग तोह करारा माल रही...
वोह तीनो कुर्सी पे बैठ के.... पूजा
देखने लगे....
तोह चलिए... थोड़ा फैसिक देख लेते है... तीनो का...
चूसा हुआ आम का नाम है... श्याम.. आगे 52
फोटो देख लो य्र्र..
उसकी बीवी... 50 की उम्र... ब्लैक साड़ी में लग रही कमाल... या कहु.. क्या.. माल...
आप खुद हे देख लीजिये... नाम.. है... कनिका... देवी...
अब चलते है.... तीसरी वाली की तरफ... इसकी उम्र उन दोनों से काम लग रही थी.... करीब... 30-32 के आस पास की होगी.... रेड... कलर की ड्रेस में काफी कमाल लग रही थी... नाम था... सोनिआ...

संजू... - ये लोग कौन है... य्र्र...
संजू की नज़र बार बार उनके ऊपर हे जा रही थी... क्यों की... वह दोनों औरतें कनिका और सोनिआ किसी बड़े घराने की लग रही थी.... है उनके साथ आये आदमी की भी ड्रेस ाची थी लेकिन चूसा हुआ आम था..
संजू ने पूजा
खतम की... फिर... पंडित ने संजू को एक कलस दिया... जिसमे गंगा जल भरा हुआ था..
पंडित - संजू बीटा... ये कलश लो ये गंगाजल से भरा हुआ अभिमंत्रित कलश है... इसका छिड़काव तुम हवेली के हर एक कोने में कर दो... इस से हवेली में बची खुची जो भी बुरी शक्ति होगी... वोह सब खत्म हो जाएगी और हवेली का शुद्धिकरण हो जायेगा...
संजू - जी.. पंडित जी....
संजू.... ने ठीक वैसा हे किया...
इधर संजू को देखकर..
सोनिआ - माँ... ये कौन है...
कनिका - ये... वही लग रहा है बीटा जिसने हमारी हवेली खरीदी है... और इस से हे हमें अपनी हवेली वापस लेनी है...
सोनिआ - ओह्ह्ह... अच्छा... तोह ये वही है... जिसने हमारी हवेली को खरीदा था...
कनिका - हां.. लेकिन... ये हवेली को काम दाम में बेचना तुम्हारे नाना की सबसे बड़ी गलती थी... ये हवेली में कुछ बुरी शक्ति भूत वगैरह का अफवाह के कारन तुम्हारे नाना सुरेंद्र सिंह ने ये हवेली इसकी दादी को सस्ते में बेच दी... लेकिन अब ये हवेली कई करोडो की हो गयी है.....
और वैसे भी तुम्हारे नाना ने हवेली बेच तोह दी थी लेकिन हम हवेली का आधा हिस्सा ले सकते है कोर्ट में केस करके... इसलिए हम यहाँ आये है... कोर्ट के नोटिस के साथ...
सोनिआ - हआ... माँ... ये हवेली हम अपने हाथ से नहीं जाने देंगे... देखो देखो तोह कैसी आलिशान हवेली है...
कनिका - हां.. जायेगा तोह ये लड़का वोह भी खाली हाथ.... और हवेली आएगी हमारे हाथ हीहीही
संजू हवेली के सभी जगह गंगाजल छिड़कने के बाद.... पंडित के पास आकर
संजू - ये लीजिये पंडित जी.. हो गया...
पंडित - बीटा... अब दक्छिना देके.. हमको विदा करो...
संजू - जी... संजू ने उस पंडित को 11 रुपया दक्छिना सवरूप पकड़ा दिया...
पंडित - आयआययययययय.....

संजू - क्या हुआ पंडित जी...
पंडित - ये क्या मजाक है बीटा..
संजू - ो सॉरी सॉरी पंडित जी... वोह गलती हो गयी...
पंडित ( मैं में) - लगता है समझ गया... चलो बढ़िया है..
संजू - पंडित जी अपना हाथ आगे करिये...
पंडित ( मैं में) - लगता है... इस बार अच्छी दक्षिणा देगा हीहीही
पंडित अपना हाथ आगे करते हुए...
पंडित- लो बीटा... कर दिया.. हाथ आगे.. 🖐
संजू - हनन...
संजू अब अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए... पंडित के हाथ पे ले गया और जो दिए हुए दक्षिणा के 11 रूपए थी उसको उठा लिया
पंडित (
) - मैं में - ारी.. इस बकलोल ने... 11 रूपए भी उठा लिए...
पंडित (
) - बीटा ये 11 रूपए क्यों उठा लिए... दक्षिणा नहीं देना है क्या... नहीं देना है तोह बता दो... 
संजू - ारी.. ारी.. नहीं.. पंडित जी.. लगता है आप बुरा मान गए... मई तोह इसलिए ये 11 रूपए उठाया ताकि आपको इसके बदले जो आप सोच रहे है ऐसी दक्षिणा दे सकू...
पंडित की आँखों में चमक आ गयी..
पंडित (
) - क्या सच.. बीटा... जग जग... जियो बीटा... खूब फलो फूलो... भगवान् तुम्हारी साड़ी मनोकामना पूरी करे...
संजू - जी...
संजू ने अपने जेब में हाथ डाला और कुछ टटोलने के बाद अपने हाथ को जेब से बहार निकला.... और पंडित के हाथ पे रख दिया..
पंडित मैं हे मैं खुस हो रहा था...
संजू - ये लीजिये... पंडित जी आपकी दलशीना ठीक है अब आप जाइये मई भी उधर चलता हु बहुत काम है...
संजू पंडित के हाथ पे दक्षिण रख के अंदर चला गया...
पंडित मैं हे मैं खुस होते हुए... अपना हाथ देखने लगा...
पंडित ने जैसे हे देखा
-- इ का है बी... 5 रुपैया... साला... 11 रूपए को काम बोलै तोह 5 रुपैया... पकड़ा के छोड़ू बना के निकल जिस 
बहनचोद... बड़ा हरामी आदमी है ये तोह
पंडित अब क्या हे करता... 5 रुपैया.. पकड़ के चला गया...

संजू उसको अंदर से चुप के देख रहा था...
संजू - साले... बांगड़ू... हमसे होसियारी... पड़ेगी तोहरा के भारी.. क्यों.. की सही वही है जो कही है संजू भैया..
.....
तोह रीडर्स ठोको ताली... और मारो... बुर की मारी
संजू पंडित के जाने के बाद... बहार आकर मल्टी के पास आ गया..
संजू - मल्लू माँ... ये तीनो कौन है...
मल्टी- ारी.. बीटा ये इस हवेली के पुराने मालिक ठाकुर सुरेंद्र सिंह के बेटी कनिका , दामाद श्याम और उन दोनों की बेटी सोनिआ है.. इन सब को मैंने हे फ़ोन करके बुलाया था हवेली में पूजा थी तोह...
संजू - अच्छा... " अच्छा किया जो आप ने इन लोगो को बुला लिया.. " मैं में - वर्ण इन दोनों बुर मारियो को कैसे देख पाटा
मल्टी - आ बीटा.. मई तुझे... उनलोगो से मिलवाती हु...
मल्टी संजू को उन तीनो के पास ले गयी
मल्टी - कनिका जी... ये है... संजू इनकी दादी ने हे ये हवेली आपके पिता जी से खरीदी है और अब यही है इस हवेली के मालिक...
कनिका - मल्टी... मल्टी... एक मिनट रुको...
मल्टी - जी... क्या हुआ कनिक जी... माने कुछ गलत बोल दिया क्या..
सोनिआ - हां.. अआपने गलत बोलै..
कनिका - सोनिआ... ... तुम शांत रहो.. मई बात करती हु...
सोनिआ - ok माँ
कनिका - देखो... मल्टी... हमारे पिताजी ने ये हवेली हमारे मर्ज़ी के बिना बेचीं थी... हम में से किसी की भी मर्ज़ी नहीं थी इस हवेली को बेचने की... इसलिए हमें हवेली वापस चाहिए...
मल्टी & संजू
- क्या...
संजू - ये आप क्या कह रही है..
मल्टी - हां.. कनिका जी ये आप कैसी बात कर रही है... ये हवेली तोह खुद आपके पिता ने इनकी दादी को बेचीं है फिर... आप कैसे ये हवेली ले सकती है...
संजू - एक्साक्ट्ली.... आपकी बातों का कोई सर पेअर हे नहीं है...
सोनिआ - एआईए मिस्टर.... मेरी माँ बिलकुल सही कह रही है... ननु ने ये हवेली बिना मेरे माँ की परमिशन के बेचीं है.. लेकिन वह ये भूल गए थे की उनकी प्रॉपर्टी में हिस्सा मेरी माँ का भी है इस लिहाज़ से अगर मेरी माँ ये हवेली वापस लेना चाहे तोह ले सकती है...
संजू - ये... क्या बोल रही हो तुम लड़की..
कनिका - मेरी बेटी सही बोल रही है... हमने हमारे वकील से भी बात कर ली है.. और उसने कहा भी है की केस लगा दो... लेकिन हमने सोचा एक बार तुमसे बात कर ले वर्ण कोर्ट के चक्कर लगते लगते तुम्हारे घुटने छील जाते...
संजू - ये बिलकुल गलत है...
मल्टी - हां... ये सरासर अन्याय है... कनिका जी...
कनिका - वोह सब मुझे नहीं पता... मई बस इतना जानती हु की ये हवेली मुझे वापस चाहिए...
संजू - नहीं ऐसा नहीं हो सकता मई कोर्ट जाऊंगा...
सोनिआ - जाओ जाओ.. हीहीही... वह तोह हम हे जीतेंगे.... पर उस से पहले इस हवेली से बहार जाओ... समझे...
संजू का दिमाग ख़राब होने लगा था...
संजू ( मैं में ) - ये क्या हो रहा है... साला एक मुशीबत जाती नहीं की दूसरी आ जाती है... इन रंडियो को आज हे याद आया की इनके बाप ने कोई हवेली बेचीं है... और मल्लू माँ को भी इनको यहाँ बुलाने की क्या जरुरत थी... खामखा एक और मुशीबत गले पद गयी....
मई इस हवेली के भरोसे हे तोह यहाँ आया था... और अब ये हवेली हे हाथ से जाते दिख रही है... जॉब भी छूट गयी है अब क्या करूँगा मई...
कनिका - जो भी करना है करते रहना... पहले निकलो हवेली से.... क्यों की ये मेरी है...
कनिका ने मल्टी को कहा..
कनिका - ले जाओ मल्टी इस लड़के को मेरी हवेली से बहार वार्ना मई पुलिस बुला लुंगी..
संजू - बुलाइये पुलिस... मई भी देखता हु मेरे हे हवेली से मुझे कौन निकालता है...
कनिका - अच्छा... ये तेरी हवेली कब से हो गयी... पेपर है तेरे पास...
संजू - पेपर...
कनिका - हां.. इस हवेली के पेपर....
संजू - नहीं... मेरी दादी के पास थी...
कनिका - अच्छा... तोह तेरी दादी कहा है बुला उसको....
संजू - वोह तोह मर चुकी है..
कनिका - तोह बुल जा... हीहीही..
संजू - मई 2 दिन में पेपर्स ले के ाऔँगा...
कनिका - ारी.. रुक जा... रुक जा... पेपर्स होंगे तब न लाएगा... इस हवेली के पेपर्स तोह कभी पिताजी ने तेरी दादी को दिए हे नहीं थी...
मल्टी - ये आपको कैसे पता है... इसका मतलब की आप भी इस हवेली को बेचते वक़्त थी... वह पे...
कनिका ( हड़बड़ाते हुए) - मैं में - ये मई क्या बोल गयी... खुद हे अपना भन्दा फोड़ दिया.... लेकिन कोई बात नहीं क्या हे उखाड़ लेंगे ये लोग.... हीहीही
कनिका - हां... लेकिन ये बात तुम कोर्ट में कैसे सिद्ध करोगे... कोर्ट तोह सबूत मांगती है और सबूत है पेपर्स और पेपर्स तोह अभी भी हमारे नाम पे है...
संजू - ये तोह सरासर बेमानी है...
सोनिआ - अपनी चीज़ को लेने में कैसी बेमानी... वैसे भी ननु ने ये हवेली कौड़ी के भाव में दे दी थी तुम्हारी बुढ़िया दादी को...
संजू अपनी दादी के लिए बुढ़िया सुनकर गुस्से में आ गया लेकिन मल्टी ने उसका हाथ पकड़ कर उसको रोक लिया...
मल्टी - कनिका जी ये सही नहीं है...
श्याम जी... आप तोह कुछ कहिये
श्याम ( कनिका का पति) - मई क्या कहु... जो मेरी बीवी कह रही है वही सही है...
मल्टी और संजू उसके साथ बाकि घर वाले में उन तीनो को समझाने लगे... की ये गलत है.
लेकिन वह तीनो नहीं माने तभी चुपके से सोनिआ ने पुलिस को कॉल कर दिया और पुलिस आ गयी...
लेकिन पुलिस ने भी कनिका का साइड लिया... और संजू & सीओ को हवेली से जबरदस्ती बहार निकाल दिया.. और वार्निंग भी दे दी...
पुलिस - अगर तुम में से कोई भी इस हवेली के आस पास भी भटका और ये खबर मुझ तक गयी तोह फिर उसके बाद सीधा हवालात में ठोस दूंगा...
वार्निंग देने के बाद.... पुलिस वाले तब तक वही रहे जब तक की
संजू और औरतें वह से नहीं गयी....
संजू और सभी औरतें घर आ गयी...
संजू - ये क्या हो गया... मैंने क्या क्या सोचा था हवेली को लेकर... लेकिन सब सपने मेरे चूर चूर हो गए...
संजू की ऐसी हालत देख.... सभी दुखी थी... सबसे ज्यादा दुखी मल्टी थी...
मल्टी संजू का ढाढस बाँधने लगी...
मल्टी - कुछ नहीं होगा बीटा... सब ठीक हो जायेगा...
लेकिन संजू को भी ये बात पता थी की कोर्ट में फैसला इनके हक़ में नहीं आएगा... इसलिए वोह बिना कुछ बोले चुपचाप... एक कमरे में चला गया... और बीएड पे लेट के कुछ सोचने लगा.... संजू ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था...
मल्टी और घर वाले भी आज की इस घटना से सदमे में थी....
सभी इस घटना को भुलाने का प्रयास करने लगे....
... संजू जब सो के उठा तब उसको भी थोड़ा फ्रेश फील हुआ... संजू को अपने तकिये पे कुछ उबड़ खाबड़ सा महसूस हुआ... उसने देखा तोह ये कमरा जहा संजू सो रहा है वोह बिमला का कमरा था जहा बिमला और चमेली ममी सोती थी... और संजू उस तरफ सोया था जिस तरफ चमेली ममी सोती थी...
संजू - ये तोह चमेली ममी का तकिया है इस्पे इतना उबड़ खाबड़ सा क्यों महसूस हो रहा है...
संजू ने तकिये को हटा के देखा....
संजू - ोोू..... भैसाअहब्बब...
ये क्या... ककड़ी...
संजू ने जैसे हे ककड़ी को देखा उसके दिमाग में थॉट्स आने लग गए...
तभी मल्टी ने संजू को. आवाज़ लगायी...
संजू खाने के लिए आ गया...
संजू खाना कहते हुए ककड़ी के बारे में हे सोच रहा था...
उसको सोच में डूबा हुआ देखकर मल्टी ने पूछा...
मल्टी - क्या हुआ बीटा अभी भी उस हवेली के बारे में सोच रहा...
संजू का ध्यान ककड़ी से हट के इधर आया..
संजू - नहीं... नहीं.. मल्लू माँ.. मई अब उस हवेली का टेंशन नहीं लूंगा... वैसे भी साला ये हवेली जबसे आया हु टेंशन पे टेंशन दिए जा रही है.... अच्छा है लेने दो उनलोगो को... मई अभी और इस बात के बारे में और नहीं सोचना चाहता जो होना होगा वह तोह हो के रहेगा...
मल्टी - हां.. बीटा... सही कहा तूने...
फिर सबने खाना खाया... और सोने के लिए जाने लगी..
मल्टी ने सोने जाने से पहले...
मल्टी - बिमला दीदी आज आप मेरे कमरे में सोने आ जाना.... वोह क्या है न की मेरी बॉडी पूजा के कारन थकावट सी महसूस कर रही और आप ाचे से मालिश करती हो इसलिए...
बिमला - ठीक है मल्टी मई कटोरे में तेल गरम करके आती हु तू जा कमरे में...
बाकी लोगो को सक न हो इसलिए दोनों बड़ी सफाई से झूट बोल के चले जाते है.... संजू अभी नीचे हॉल में हवेली के बारे में सोच रहा था की तभी उसको याद आता है.... ककड़ी... और ककड़ी याद आते हे उसको याद आती है चमेली ममी..... की....
संजू ने पंडित को हवेली की लोकेशन पे हे बुलाया था...
संजू और सभी औरतें हवेली पहुंच गयी.... हवेली में... सभी हवेली पहुंच के.... पंडित जी के पाँव छू के आशीर्वाद लेने लगे...
फिर... पंडित... ने... सभी को आशीर्वाद दे... दिया और सभी पूजा के लिए बैठ गए...
हवं में.... केवल... संजू को baithna...tha...
इसलिए संजू पूजा में.... बैठा... बाकि सभी... पीछे बैठे... थी...
यहाँ पे फोटो... संजू पूजा में बैठा हुआ..
संजू पूजा में बैठा हुआ होता है... तभी.... हवेली के बहार एक गाडी आके रूकती है.. जिसमे से 2 औरतें बहार निकलती है.... और उनके साथ... एक आदमी... जो की चूसा हुआ आम लग रहा था वोह भी आता है... और वोह तीनो हवेली के अंदर आते है.... उनके अंदर आते he....malti उन तीनो के पास चली जाती है और उन तीनो के लिए कुर्सी की व्यवस्था करती है...
संजू जो पूजा में बैठे हुए मल्टी को उन तीनो की इस तरह से सेवा करते देख आश्चर्य से भर जाता है....
संजू ( मैं में) - ये तीनो कौन है... ये चूसा हुआ आम... कहिका... और ये दो बुर वाली... चूड़ाकड औरतें कौन है.... साली... लग तोह करारा माल रही...
वोह तीनो कुर्सी पे बैठ के.... पूजा
तोह चलिए... थोड़ा फैसिक देख लेते है... तीनो का...
चूसा हुआ आम का नाम है... श्याम.. आगे 52
फोटो देख लो य्र्र..
उसकी बीवी... 50 की उम्र... ब्लैक साड़ी में लग रही कमाल... या कहु.. क्या.. माल...
आप खुद हे देख लीजिये... नाम.. है... कनिका... देवी...
अब चलते है.... तीसरी वाली की तरफ... इसकी उम्र उन दोनों से काम लग रही थी.... करीब... 30-32 के आस पास की होगी.... रेड... कलर की ड्रेस में काफी कमाल लग रही थी... नाम था... सोनिआ...
संजू... - ये लोग कौन है... य्र्र...
संजू की नज़र बार बार उनके ऊपर हे जा रही थी... क्यों की... वह दोनों औरतें कनिका और सोनिआ किसी बड़े घराने की लग रही थी.... है उनके साथ आये आदमी की भी ड्रेस ाची थी लेकिन चूसा हुआ आम था..
संजू ने पूजा
पंडित - संजू बीटा... ये कलश लो ये गंगाजल से भरा हुआ अभिमंत्रित कलश है... इसका छिड़काव तुम हवेली के हर एक कोने में कर दो... इस से हवेली में बची खुची जो भी बुरी शक्ति होगी... वोह सब खत्म हो जाएगी और हवेली का शुद्धिकरण हो जायेगा...
संजू - जी.. पंडित जी....
संजू.... ने ठीक वैसा हे किया...
इधर संजू को देखकर..
सोनिआ - माँ... ये कौन है...
कनिका - ये... वही लग रहा है बीटा जिसने हमारी हवेली खरीदी है... और इस से हे हमें अपनी हवेली वापस लेनी है...
सोनिआ - ओह्ह्ह... अच्छा... तोह ये वही है... जिसने हमारी हवेली को खरीदा था...
कनिका - हां.. लेकिन... ये हवेली को काम दाम में बेचना तुम्हारे नाना की सबसे बड़ी गलती थी... ये हवेली में कुछ बुरी शक्ति भूत वगैरह का अफवाह के कारन तुम्हारे नाना सुरेंद्र सिंह ने ये हवेली इसकी दादी को सस्ते में बेच दी... लेकिन अब ये हवेली कई करोडो की हो गयी है.....
और वैसे भी तुम्हारे नाना ने हवेली बेच तोह दी थी लेकिन हम हवेली का आधा हिस्सा ले सकते है कोर्ट में केस करके... इसलिए हम यहाँ आये है... कोर्ट के नोटिस के साथ...
सोनिआ - हआ... माँ... ये हवेली हम अपने हाथ से नहीं जाने देंगे... देखो देखो तोह कैसी आलिशान हवेली है...
कनिका - हां.. जायेगा तोह ये लड़का वोह भी खाली हाथ.... और हवेली आएगी हमारे हाथ हीहीही
संजू हवेली के सभी जगह गंगाजल छिड़कने के बाद.... पंडित के पास आकर
संजू - ये लीजिये पंडित जी.. हो गया...
पंडित - बीटा... अब दक्छिना देके.. हमको विदा करो...
संजू - जी... संजू ने उस पंडित को 11 रुपया दक्छिना सवरूप पकड़ा दिया...
पंडित - आयआययययययय.....
संजू - क्या हुआ पंडित जी...
पंडित - ये क्या मजाक है बीटा..
संजू - ो सॉरी सॉरी पंडित जी... वोह गलती हो गयी...
पंडित ( मैं में) - लगता है समझ गया... चलो बढ़िया है..
संजू - पंडित जी अपना हाथ आगे करिये...
पंडित ( मैं में) - लगता है... इस बार अच्छी दक्षिणा देगा हीहीही
पंडित अपना हाथ आगे करते हुए...
पंडित- लो बीटा... कर दिया.. हाथ आगे.. 🖐
संजू - हनन...
संजू अब अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए... पंडित के हाथ पे ले गया और जो दिए हुए दक्षिणा के 11 रूपए थी उसको उठा लिया
पंडित (
पंडित (
संजू - ारी.. ारी.. नहीं.. पंडित जी.. लगता है आप बुरा मान गए... मई तोह इसलिए ये 11 रूपए उठाया ताकि आपको इसके बदले जो आप सोच रहे है ऐसी दक्षिणा दे सकू...
पंडित की आँखों में चमक आ गयी..
पंडित (
संजू - जी...
संजू ने अपने जेब में हाथ डाला और कुछ टटोलने के बाद अपने हाथ को जेब से बहार निकला.... और पंडित के हाथ पे रख दिया..
पंडित मैं हे मैं खुस हो रहा था...
संजू - ये लीजिये... पंडित जी आपकी दलशीना ठीक है अब आप जाइये मई भी उधर चलता हु बहुत काम है...
संजू पंडित के हाथ पे दक्षिण रख के अंदर चला गया...
पंडित मैं हे मैं खुस होते हुए... अपना हाथ देखने लगा...
पंडित ने जैसे हे देखा
बहनचोद... बड़ा हरामी आदमी है ये तोह
पंडित अब क्या हे करता... 5 रुपैया.. पकड़ के चला गया...
संजू उसको अंदर से चुप के देख रहा था...
संजू - साले... बांगड़ू... हमसे होसियारी... पड़ेगी तोहरा के भारी.. क्यों.. की सही वही है जो कही है संजू भैया..
तोह रीडर्स ठोको ताली... और मारो... बुर की मारी
संजू पंडित के जाने के बाद... बहार आकर मल्टी के पास आ गया..
संजू - मल्लू माँ... ये तीनो कौन है...
मल्टी- ारी.. बीटा ये इस हवेली के पुराने मालिक ठाकुर सुरेंद्र सिंह के बेटी कनिका , दामाद श्याम और उन दोनों की बेटी सोनिआ है.. इन सब को मैंने हे फ़ोन करके बुलाया था हवेली में पूजा थी तोह...
संजू - अच्छा... " अच्छा किया जो आप ने इन लोगो को बुला लिया.. " मैं में - वर्ण इन दोनों बुर मारियो को कैसे देख पाटा
मल्टी - आ बीटा.. मई तुझे... उनलोगो से मिलवाती हु...
मल्टी संजू को उन तीनो के पास ले गयी
मल्टी - कनिका जी... ये है... संजू इनकी दादी ने हे ये हवेली आपके पिता जी से खरीदी है और अब यही है इस हवेली के मालिक...
कनिका - मल्टी... मल्टी... एक मिनट रुको...
मल्टी - जी... क्या हुआ कनिक जी... माने कुछ गलत बोल दिया क्या..
सोनिआ - हां.. अआपने गलत बोलै..
कनिका - सोनिआ... ... तुम शांत रहो.. मई बात करती हु...
सोनिआ - ok माँ
कनिका - देखो... मल्टी... हमारे पिताजी ने ये हवेली हमारे मर्ज़ी के बिना बेचीं थी... हम में से किसी की भी मर्ज़ी नहीं थी इस हवेली को बेचने की... इसलिए हमें हवेली वापस चाहिए...
मल्टी & संजू
संजू - ये आप क्या कह रही है..
मल्टी - हां.. कनिका जी ये आप कैसी बात कर रही है... ये हवेली तोह खुद आपके पिता ने इनकी दादी को बेचीं है फिर... आप कैसे ये हवेली ले सकती है...
संजू - एक्साक्ट्ली.... आपकी बातों का कोई सर पेअर हे नहीं है...
सोनिआ - एआईए मिस्टर.... मेरी माँ बिलकुल सही कह रही है... ननु ने ये हवेली बिना मेरे माँ की परमिशन के बेचीं है.. लेकिन वह ये भूल गए थे की उनकी प्रॉपर्टी में हिस्सा मेरी माँ का भी है इस लिहाज़ से अगर मेरी माँ ये हवेली वापस लेना चाहे तोह ले सकती है...
संजू - ये... क्या बोल रही हो तुम लड़की..
कनिका - मेरी बेटी सही बोल रही है... हमने हमारे वकील से भी बात कर ली है.. और उसने कहा भी है की केस लगा दो... लेकिन हमने सोचा एक बार तुमसे बात कर ले वर्ण कोर्ट के चक्कर लगते लगते तुम्हारे घुटने छील जाते...
संजू - ये बिलकुल गलत है...
मल्टी - हां... ये सरासर अन्याय है... कनिका जी...
कनिका - वोह सब मुझे नहीं पता... मई बस इतना जानती हु की ये हवेली मुझे वापस चाहिए...
संजू - नहीं ऐसा नहीं हो सकता मई कोर्ट जाऊंगा...
सोनिआ - जाओ जाओ.. हीहीही... वह तोह हम हे जीतेंगे.... पर उस से पहले इस हवेली से बहार जाओ... समझे...
संजू का दिमाग ख़राब होने लगा था...
संजू ( मैं में ) - ये क्या हो रहा है... साला एक मुशीबत जाती नहीं की दूसरी आ जाती है... इन रंडियो को आज हे याद आया की इनके बाप ने कोई हवेली बेचीं है... और मल्लू माँ को भी इनको यहाँ बुलाने की क्या जरुरत थी... खामखा एक और मुशीबत गले पद गयी....
मई इस हवेली के भरोसे हे तोह यहाँ आया था... और अब ये हवेली हे हाथ से जाते दिख रही है... जॉब भी छूट गयी है अब क्या करूँगा मई...
कनिका - जो भी करना है करते रहना... पहले निकलो हवेली से.... क्यों की ये मेरी है...
कनिका ने मल्टी को कहा..
कनिका - ले जाओ मल्टी इस लड़के को मेरी हवेली से बहार वार्ना मई पुलिस बुला लुंगी..
संजू - बुलाइये पुलिस... मई भी देखता हु मेरे हे हवेली से मुझे कौन निकालता है...
कनिका - अच्छा... ये तेरी हवेली कब से हो गयी... पेपर है तेरे पास...
संजू - पेपर...
कनिका - हां.. इस हवेली के पेपर....
संजू - नहीं... मेरी दादी के पास थी...
कनिका - अच्छा... तोह तेरी दादी कहा है बुला उसको....
संजू - वोह तोह मर चुकी है..
कनिका - तोह बुल जा... हीहीही..
संजू - मई 2 दिन में पेपर्स ले के ाऔँगा...
कनिका - ारी.. रुक जा... रुक जा... पेपर्स होंगे तब न लाएगा... इस हवेली के पेपर्स तोह कभी पिताजी ने तेरी दादी को दिए हे नहीं थी...
मल्टी - ये आपको कैसे पता है... इसका मतलब की आप भी इस हवेली को बेचते वक़्त थी... वह पे...
कनिका ( हड़बड़ाते हुए) - मैं में - ये मई क्या बोल गयी... खुद हे अपना भन्दा फोड़ दिया.... लेकिन कोई बात नहीं क्या हे उखाड़ लेंगे ये लोग.... हीहीही
कनिका - हां... लेकिन ये बात तुम कोर्ट में कैसे सिद्ध करोगे... कोर्ट तोह सबूत मांगती है और सबूत है पेपर्स और पेपर्स तोह अभी भी हमारे नाम पे है...
संजू - ये तोह सरासर बेमानी है...
सोनिआ - अपनी चीज़ को लेने में कैसी बेमानी... वैसे भी ननु ने ये हवेली कौड़ी के भाव में दे दी थी तुम्हारी बुढ़िया दादी को...
संजू अपनी दादी के लिए बुढ़िया सुनकर गुस्से में आ गया लेकिन मल्टी ने उसका हाथ पकड़ कर उसको रोक लिया...
मल्टी - कनिका जी ये सही नहीं है...
श्याम जी... आप तोह कुछ कहिये
श्याम ( कनिका का पति) - मई क्या कहु... जो मेरी बीवी कह रही है वही सही है...
मल्टी और संजू उसके साथ बाकि घर वाले में उन तीनो को समझाने लगे... की ये गलत है.
लेकिन वह तीनो नहीं माने तभी चुपके से सोनिआ ने पुलिस को कॉल कर दिया और पुलिस आ गयी...
लेकिन पुलिस ने भी कनिका का साइड लिया... और संजू & सीओ को हवेली से जबरदस्ती बहार निकाल दिया.. और वार्निंग भी दे दी...
पुलिस - अगर तुम में से कोई भी इस हवेली के आस पास भी भटका और ये खबर मुझ तक गयी तोह फिर उसके बाद सीधा हवालात में ठोस दूंगा...
वार्निंग देने के बाद.... पुलिस वाले तब तक वही रहे जब तक की
संजू और औरतें वह से नहीं गयी....
संजू और सभी औरतें घर आ गयी...
संजू - ये क्या हो गया... मैंने क्या क्या सोचा था हवेली को लेकर... लेकिन सब सपने मेरे चूर चूर हो गए...
संजू की ऐसी हालत देख.... सभी दुखी थी... सबसे ज्यादा दुखी मल्टी थी...
मल्टी संजू का ढाढस बाँधने लगी...
मल्टी - कुछ नहीं होगा बीटा... सब ठीक हो जायेगा...
लेकिन संजू को भी ये बात पता थी की कोर्ट में फैसला इनके हक़ में नहीं आएगा... इसलिए वोह बिना कुछ बोले चुपचाप... एक कमरे में चला गया... और बीएड पे लेट के कुछ सोचने लगा.... संजू ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था...
मल्टी और घर वाले भी आज की इस घटना से सदमे में थी....
सभी इस घटना को भुलाने का प्रयास करने लगे....
... संजू जब सो के उठा तब उसको भी थोड़ा फ्रेश फील हुआ... संजू को अपने तकिये पे कुछ उबड़ खाबड़ सा महसूस हुआ... उसने देखा तोह ये कमरा जहा संजू सो रहा है वोह बिमला का कमरा था जहा बिमला और चमेली ममी सोती थी... और संजू उस तरफ सोया था जिस तरफ चमेली ममी सोती थी...
संजू - ये तोह चमेली ममी का तकिया है इस्पे इतना उबड़ खाबड़ सा क्यों महसूस हो रहा है...
संजू ने तकिये को हटा के देखा....
संजू - ोोू..... भैसाअहब्बब...
ये क्या... ककड़ी...
संजू ने जैसे हे ककड़ी को देखा उसके दिमाग में थॉट्स आने लग गए...
तभी मल्टी ने संजू को. आवाज़ लगायी...
संजू खाने के लिए आ गया...
संजू खाना कहते हुए ककड़ी के बारे में हे सोच रहा था...
उसको सोच में डूबा हुआ देखकर मल्टी ने पूछा...
मल्टी - क्या हुआ बीटा अभी भी उस हवेली के बारे में सोच रहा...
संजू का ध्यान ककड़ी से हट के इधर आया..
संजू - नहीं... नहीं.. मल्लू माँ.. मई अब उस हवेली का टेंशन नहीं लूंगा... वैसे भी साला ये हवेली जबसे आया हु टेंशन पे टेंशन दिए जा रही है.... अच्छा है लेने दो उनलोगो को... मई अभी और इस बात के बारे में और नहीं सोचना चाहता जो होना होगा वह तोह हो के रहेगा...
मल्टी - हां.. बीटा... सही कहा तूने...
फिर सबने खाना खाया... और सोने के लिए जाने लगी..
मल्टी ने सोने जाने से पहले...
मल्टी - बिमला दीदी आज आप मेरे कमरे में सोने आ जाना.... वोह क्या है न की मेरी बॉडी पूजा के कारन थकावट सी महसूस कर रही और आप ाचे से मालिश करती हो इसलिए...
बिमला - ठीक है मल्टी मई कटोरे में तेल गरम करके आती हु तू जा कमरे में...
बाकी लोगो को सक न हो इसलिए दोनों बड़ी सफाई से झूट बोल के चले जाते है.... संजू अभी नीचे हॉल में हवेली के बारे में सोच रहा था की तभी उसको याद आता है.... ककड़ी... और ककड़ी याद आते हे उसको याद आती है चमेली ममी..... की....