अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰 - Page 15 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰

संजू सभी औरतो के साथ.... हवेली के लिए... निकल गया...

संजू ने पंडित को हवेली की लोकेशन पे हे बुलाया था...

संजू और सभी औरतें हवेली पहुंच गयी.... हवेली में... सभी हवेली पहुंच के.... पंडित जी के पाँव छू के आशीर्वाद लेने लगे...

फिर... पंडित... ने... सभी को आशीर्वाद दे... दिया और सभी पूजा के लिए बैठ गए...

हवं में.... केवल... संजू को baithna...tha...

इसलिए संजू पूजा में.... बैठा... बाकि सभी... पीछे बैठे... थी...

यहाँ पे फोटो... संजू पूजा में बैठा हुआ..

save-2023-10-27-15-22-20.jpg


संजू पूजा में बैठा हुआ होता है... तभी.... हवेली के बहार एक गाडी आके रूकती है.. जिसमे से 2 औरतें बहार निकलती है.... और उनके साथ... एक आदमी... जो की चूसा हुआ आम लग रहा था वोह भी आता है... और वोह तीनो हवेली के अंदर आते है.... उनके अंदर आते he....malti उन तीनो के पास चली जाती है और उन तीनो के लिए कुर्सी की व्यवस्था करती है...

संजू जो पूजा में बैठे हुए मल्टी को उन तीनो की इस तरह से सेवा करते देख आश्चर्य से भर जाता है....

संजू ( मैं में) - ये तीनो कौन है... ये चूसा हुआ आम... कहिका... और ये दो बुर वाली... चूड़ाकड औरतें कौन है.... साली... लग तोह करारा माल रही...

वोह तीनो कुर्सी पे बैठ के.... पूजा 🙏 देखने लगे....

तोह चलिए... थोड़ा फैसिक देख लेते है... तीनो का...

चूसा हुआ आम का नाम है... श्याम.. आगे 52

फोटो देख लो य्र्र.. 📷

images-29.jpg


उसकी बीवी... 50 की उम्र... ब्लैक साड़ी में लग रही कमाल... या कहु.. क्या.. माल... 😍

आप खुद हे देख लीजिये... नाम.. है... कनिका... देवी...

save-2023-10-27-15-22-21.jpg


अब चलते है.... तीसरी वाली की तरफ... इसकी उम्र उन दोनों से काम लग रही थी.... करीब... 30-32 के आस पास की होगी.... रेड... कलर की ड्रेस में काफी कमाल लग रही थी... नाम था... सोनिआ...

📷

save-2023-10-27-15-22-22.jpg


संजू... - ये लोग कौन है... य्र्र...

संजू की नज़र बार बार उनके ऊपर हे जा रही थी... क्यों की... वह दोनों औरतें कनिका और सोनिआ किसी बड़े घराने की लग रही थी.... है उनके साथ आये आदमी की भी ड्रेस ाची थी लेकिन चूसा हुआ आम था..

संजू ने पूजा 🙏 खतम की... फिर... पंडित ने संजू को एक कलस दिया... जिसमे गंगा जल भरा हुआ था..

पंडित - संजू बीटा... ये कलश लो ये गंगाजल से भरा हुआ अभिमंत्रित कलश है... इसका छिड़काव तुम हवेली के हर एक कोने में कर दो... इस से हवेली में बची खुची जो भी बुरी शक्ति होगी... वोह सब खत्म हो जाएगी और हवेली का शुद्धिकरण हो जायेगा...

संजू - जी.. पंडित जी....

संजू.... ने ठीक वैसा हे किया...

इधर संजू को देखकर..

सोनिआ - माँ... ये कौन है...

कनिका - ये... वही लग रहा है बीटा जिसने हमारी हवेली खरीदी है... और इस से हे हमें अपनी हवेली वापस लेनी है...

सोनिआ - ओह्ह्ह... अच्छा... तोह ये वही है... जिसने हमारी हवेली को खरीदा था...

कनिका - हां.. लेकिन... ये हवेली को काम दाम में बेचना तुम्हारे नाना की सबसे बड़ी गलती थी... ये हवेली में कुछ बुरी शक्ति भूत वगैरह का अफवाह के कारन तुम्हारे नाना सुरेंद्र सिंह ने ये हवेली इसकी दादी को सस्ते में बेच दी... लेकिन अब ये हवेली कई करोडो की हो गयी है.....

और वैसे भी तुम्हारे नाना ने हवेली बेच तोह दी थी लेकिन हम हवेली का आधा हिस्सा ले सकते है कोर्ट में केस करके... इसलिए हम यहाँ आये है... कोर्ट के नोटिस के साथ...

सोनिआ - हआ... माँ... ये हवेली हम अपने हाथ से नहीं जाने देंगे... देखो देखो तोह कैसी आलिशान हवेली है...

कनिका - हां.. जायेगा तोह ये लड़का वोह भी खाली हाथ.... और हवेली आएगी हमारे हाथ हीहीही 😁

संजू हवेली के सभी जगह गंगाजल छिड़कने के बाद.... पंडित के पास आकर

संजू - ये लीजिये पंडित जी.. हो गया...

पंडित - बीटा... अब दक्छिना देके.. हमको विदा करो...

संजू - जी... संजू ने उस पंडित को 11 रुपया दक्छिना सवरूप पकड़ा दिया...

पंडित - आयआययययययय.....😨

🤣

संजू - क्या हुआ पंडित जी...

पंडित - ये क्या मजाक है बीटा..

संजू - ो सॉरी सॉरी पंडित जी... वोह गलती हो गयी...

पंडित ( मैं में) - लगता है समझ गया... चलो बढ़िया है..

संजू - पंडित जी अपना हाथ आगे करिये...

पंडित ( मैं में) - लगता है... इस बार अच्छी दक्षिणा देगा हीहीही😁

पंडित अपना हाथ आगे करते हुए...

पंडित- लो बीटा... कर दिया.. हाथ आगे.. 🖐

संजू - हनन...

संजू अब अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए... पंडित के हाथ पे ले गया और जो दिए हुए दक्षिणा के 11 रूपए थी उसको उठा लिया 😅

पंडित ( 🥺 ) - मैं में - ारी.. इस बकलोल ने... 11 रूपए भी उठा लिए...

पंडित ( 😐) - बीटा ये 11 रूपए क्यों उठा लिए... दक्षिणा नहीं देना है क्या... नहीं देना है तोह बता दो... 😑

संजू - ारी.. ारी.. नहीं.. पंडित जी.. लगता है आप बुरा मान गए... मई तोह इसलिए ये 11 रूपए उठाया ताकि आपको इसके बदले जो आप सोच रहे है ऐसी दक्षिणा दे सकू...

पंडित की आँखों में चमक आ गयी..

पंडित (😃) - क्या सच.. बीटा... जग जग... जियो बीटा... खूब फलो फूलो... भगवान् तुम्हारी साड़ी मनोकामना पूरी करे...

संजू - जी... 😊

संजू ने अपने जेब में हाथ डाला और कुछ टटोलने के बाद अपने हाथ को जेब से बहार निकला.... और पंडित के हाथ पे रख दिया..

पंडित मैं हे मैं खुस हो रहा था...

संजू - ये लीजिये... पंडित जी आपकी दलशीना ठीक है अब आप जाइये मई भी उधर चलता हु बहुत काम है...

संजू पंडित के हाथ पे दक्षिण रख के अंदर चला गया...

पंडित मैं हे मैं खुस होते हुए... अपना हाथ देखने लगा...

पंडित ने जैसे हे देखा 😰-- इ का है बी... 5 रुपैया... साला... 11 रूपए को काम बोलै तोह 5 रुपैया... पकड़ा के छोड़ू बना के निकल जिस 🥲

बहनचोद... बड़ा हरामी आदमी है ये तोह

पंडित अब क्या हे करता... 5 रुपैया.. पकड़ के चला गया... 🤣🤣

संजू उसको अंदर से चुप के देख रहा था...

संजू - साले... बांगड़ू... हमसे होसियारी... पड़ेगी तोहरा के भारी.. क्यों.. की सही वही है जो कही है संजू भैया.. 😎.....

तोह रीडर्स ठोको ताली... और मारो... बुर की मारी 🥰

संजू पंडित के जाने के बाद... बहार आकर मल्टी के पास आ गया..

संजू - मल्लू माँ... ये तीनो कौन है...

मल्टी- ारी.. बीटा ये इस हवेली के पुराने मालिक ठाकुर सुरेंद्र सिंह के बेटी कनिका , दामाद श्याम और उन दोनों की बेटी सोनिआ है.. इन सब को मैंने हे फ़ोन करके बुलाया था हवेली में पूजा थी तोह...

संजू - अच्छा... " अच्छा किया जो आप ने इन लोगो को बुला लिया.. " मैं में - वर्ण इन दोनों बुर मारियो को कैसे देख पाटा 😁

मल्टी - आ बीटा.. मई तुझे... उनलोगो से मिलवाती हु...

मल्टी संजू को उन तीनो के पास ले गयी

मल्टी - कनिका जी... ये है... संजू इनकी दादी ने हे ये हवेली आपके पिता जी से खरीदी है और अब यही है इस हवेली के मालिक...

कनिका - मल्टी... मल्टी... एक मिनट रुको...

मल्टी - जी... क्या हुआ कनिक जी... माने कुछ गलत बोल दिया क्या..

सोनिआ - हां.. अआपने गलत बोलै..

कनिका - सोनिआ... ... तुम शांत रहो.. मई बात करती हु...

सोनिआ - ok माँ

कनिका - देखो... मल्टी... हमारे पिताजी ने ये हवेली हमारे मर्ज़ी के बिना बेचीं थी... हम में से किसी की भी मर्ज़ी नहीं थी इस हवेली को बेचने की... इसलिए हमें हवेली वापस चाहिए...

मल्टी & संजू 😨- क्या...

संजू - ये आप क्या कह रही है..

मल्टी - हां.. कनिका जी ये आप कैसी बात कर रही है... ये हवेली तोह खुद आपके पिता ने इनकी दादी को बेचीं है फिर... आप कैसे ये हवेली ले सकती है...

संजू - एक्साक्ट्ली.... आपकी बातों का कोई सर पेअर हे नहीं है...

सोनिआ - एआईए मिस्टर.... मेरी माँ बिलकुल सही कह रही है... ननु ने ये हवेली बिना मेरे माँ की परमिशन के बेचीं है.. लेकिन वह ये भूल गए थे की उनकी प्रॉपर्टी में हिस्सा मेरी माँ का भी है इस लिहाज़ से अगर मेरी माँ ये हवेली वापस लेना चाहे तोह ले सकती है...

संजू - ये... क्या बोल रही हो तुम लड़की..

कनिका - मेरी बेटी सही बोल रही है... हमने हमारे वकील से भी बात कर ली है.. और उसने कहा भी है की केस लगा दो... लेकिन हमने सोचा एक बार तुमसे बात कर ले वर्ण कोर्ट के चक्कर लगते लगते तुम्हारे घुटने छील जाते...

संजू - ये बिलकुल गलत है...

मल्टी - हां... ये सरासर अन्याय है... कनिका जी...

कनिका - वोह सब मुझे नहीं पता... मई बस इतना जानती हु की ये हवेली मुझे वापस चाहिए...

संजू - नहीं ऐसा नहीं हो सकता मई कोर्ट जाऊंगा...

सोनिआ - जाओ जाओ.. हीहीही... वह तोह हम हे जीतेंगे.... पर उस से पहले इस हवेली से बहार जाओ... समझे...

संजू का दिमाग ख़राब होने लगा था...

संजू ( मैं में ) - ये क्या हो रहा है... साला एक मुशीबत जाती नहीं की दूसरी आ जाती है... इन रंडियो को आज हे याद आया की इनके बाप ने कोई हवेली बेचीं है... और मल्लू माँ को भी इनको यहाँ बुलाने की क्या जरुरत थी... खामखा एक और मुशीबत गले पद गयी....

मई इस हवेली के भरोसे हे तोह यहाँ आया था... और अब ये हवेली हे हाथ से जाते दिख रही है... जॉब भी छूट गयी है अब क्या करूँगा मई... 😐

कनिका - जो भी करना है करते रहना... पहले निकलो हवेली से.... क्यों की ये मेरी है...

कनिका ने मल्टी को कहा..

कनिका - ले जाओ मल्टी इस लड़के को मेरी हवेली से बहार वार्ना मई पुलिस बुला लुंगी..

संजू - बुलाइये पुलिस... मई भी देखता हु मेरे हे हवेली से मुझे कौन निकालता है...

कनिका - अच्छा... ये तेरी हवेली कब से हो गयी... पेपर है तेरे पास...

संजू - पेपर...

कनिका - हां.. इस हवेली के पेपर....

संजू - नहीं... मेरी दादी के पास थी...

कनिका - अच्छा... तोह तेरी दादी कहा है बुला उसको....

संजू - वोह तोह मर चुकी है..

कनिका - तोह बुल जा... हीहीही.. 😁

संजू - मई 2 दिन में पेपर्स ले के ाऔँगा...

कनिका - ारी.. रुक जा... रुक जा... पेपर्स होंगे तब न लाएगा... इस हवेली के पेपर्स तोह कभी पिताजी ने तेरी दादी को दिए हे नहीं थी...

मल्टी - ये आपको कैसे पता है... इसका मतलब की आप भी इस हवेली को बेचते वक़्त थी... वह पे...

कनिका ( हड़बड़ाते हुए) - मैं में - ये मई क्या बोल गयी... खुद हे अपना भन्दा फोड़ दिया.... लेकिन कोई बात नहीं क्या हे उखाड़ लेंगे ये लोग.... हीहीही 😁

कनिका - हां... लेकिन ये बात तुम कोर्ट में कैसे सिद्ध करोगे... कोर्ट तोह सबूत मांगती है और सबूत है पेपर्स और पेपर्स तोह अभी भी हमारे नाम पे है...

संजू - ये तोह सरासर बेमानी है...

सोनिआ - अपनी चीज़ को लेने में कैसी बेमानी... वैसे भी ननु ने ये हवेली कौड़ी के भाव में दे दी थी तुम्हारी बुढ़िया दादी को...

संजू अपनी दादी के लिए बुढ़िया सुनकर गुस्से में आ गया लेकिन मल्टी ने उसका हाथ पकड़ कर उसको रोक लिया...

मल्टी - कनिका जी ये सही नहीं है...

श्याम जी... आप तोह कुछ कहिये

श्याम ( कनिका का पति) - मई क्या कहु... जो मेरी बीवी कह रही है वही सही है...

मल्टी और संजू उसके साथ बाकि घर वाले में उन तीनो को समझाने लगे... की ये गलत है.

लेकिन वह तीनो नहीं माने तभी चुपके से सोनिआ ने पुलिस को कॉल कर दिया और पुलिस आ गयी...

लेकिन पुलिस ने भी कनिका का साइड लिया... और संजू & सीओ को हवेली से जबरदस्ती बहार निकाल दिया.. और वार्निंग भी दे दी...

पुलिस - अगर तुम में से कोई भी इस हवेली के आस पास भी भटका और ये खबर मुझ तक गयी तोह फिर उसके बाद सीधा हवालात में ठोस दूंगा...

वार्निंग देने के बाद.... पुलिस वाले तब तक वही रहे जब तक की

संजू और औरतें वह से नहीं गयी....

संजू और सभी औरतें घर आ गयी...

संजू - ये क्या हो गया... मैंने क्या क्या सोचा था हवेली को लेकर... लेकिन सब सपने मेरे चूर चूर हो गए... 😣

संजू की ऐसी हालत देख.... सभी दुखी थी... सबसे ज्यादा दुखी मल्टी थी...

मल्टी संजू का ढाढस बाँधने लगी...

मल्टी - कुछ नहीं होगा बीटा... सब ठीक हो जायेगा...

लेकिन संजू को भी ये बात पता थी की कोर्ट में फैसला इनके हक़ में नहीं आएगा... इसलिए वोह बिना कुछ बोले चुपचाप... एक कमरे में चला गया... और बीएड पे लेट के कुछ सोचने लगा.... संजू ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था...

मल्टी और घर वाले भी आज की इस घटना से सदमे में थी....

सभी इस घटना को भुलाने का प्रयास करने लगे....

... संजू जब सो के उठा तब उसको भी थोड़ा फ्रेश फील हुआ... संजू को अपने तकिये पे कुछ उबड़ खाबड़ सा महसूस हुआ... उसने देखा तोह ये कमरा जहा संजू सो रहा है वोह बिमला का कमरा था जहा बिमला और चमेली ममी सोती थी... और संजू उस तरफ सोया था जिस तरफ चमेली ममी सोती थी...

संजू - ये तोह चमेली ममी का तकिया है इस्पे इतना उबड़ खाबड़ सा क्यों महसूस हो रहा है...

संजू ने तकिये को हटा के देखा....

संजू - ोोू..... भैसाअहब्बब... 🤯

ये क्या... ककड़ी...

संजू ने जैसे हे ककड़ी को देखा उसके दिमाग में थॉट्स आने लग गए...

तभी मल्टी ने संजू को. आवाज़ लगायी...

संजू खाने के लिए आ गया...

संजू खाना कहते हुए ककड़ी के बारे में हे सोच रहा था...

उसको सोच में डूबा हुआ देखकर मल्टी ने पूछा...

मल्टी - क्या हुआ बीटा अभी भी उस हवेली के बारे में सोच रहा...

संजू का ध्यान ककड़ी से हट के इधर आया..

संजू - नहीं... नहीं.. मल्लू माँ.. मई अब उस हवेली का टेंशन नहीं लूंगा... वैसे भी साला ये हवेली जबसे आया हु टेंशन पे टेंशन दिए जा रही है.... अच्छा है लेने दो उनलोगो को... मई अभी और इस बात के बारे में और नहीं सोचना चाहता जो होना होगा वह तोह हो के रहेगा...

मल्टी - हां.. बीटा... सही कहा तूने...

फिर सबने खाना खाया... और सोने के लिए जाने लगी..

मल्टी ने सोने जाने से पहले...

मल्टी - बिमला दीदी आज आप मेरे कमरे में सोने आ जाना.... वोह क्या है न की मेरी बॉडी पूजा के कारन थकावट सी महसूस कर रही और आप ाचे से मालिश करती हो इसलिए...

बिमला - ठीक है मल्टी मई कटोरे में तेल गरम करके आती हु तू जा कमरे में...

बाकी लोगो को सक न हो इसलिए दोनों बड़ी सफाई से झूट बोल के चले जाते है.... संजू अभी नीचे हॉल में हवेली के बारे में सोच रहा था की तभी उसको याद आता है.... ककड़ी... और ककड़ी याद आते हे उसको याद आती है चमेली ममी..... की....
 
चमेली ममी के तकिये के निचे से हलके से निकले हुए हरे सामान पर पड़ी, तकिया उठाया तोह पता चला चमेली ममी ने एक ठीक ठाक साइज की ककड़ी रखा है, उसका क्या इस्तेमाल होता होगा यह समझने मई मुझे टाइम नहीं लगा. चमेली ममी का भरा बदन बिस्तर पर लेट क्र लम्बी और उखड़ी सासें लेते हुए इस ककड़ी को लुंड की तरह अपनी छूट के अंदर दौड़ता होगा , मेरा तोह सोच क्र hi खड़ा सा होने लगा पर तभी मल्लू माँ की निचे से आवाज़ आयी और मेरा ध्यान टुटा

बिस्तर पर लेटते hi मुझे चमेली ममी का ख्याल आना शुरू हो गया

वह रसीली चूचिया

उनकी बिलखती हुई गांड

उनकी गोरी सी कामुक कमर और प्यारे से होठ

एहि होठ मेरे लुंड पे कितने सही लगेंगे बीएस इतना hi सोचा था की मेरा लुंड चमेली ममी की खूबसूरती को सलाम करते हुए खड़ा हो गया




jayden-jaymes-nude.jpg


मैंने सोचा ध्यान भटका लून और सो जाऊ पर चमेली ममी का नंगा बदन वहां ककड़ियो से अपनी प्यास बुझा रहा होगा सोच सोच क्र मेरे लुंड की हालत ख़राब हो गयी , मेरे शरीर की गर्मी बढ़ गयी सोचा कपडे उतर लून पर कोई फायदा नहीं हुआ

मेरे ख्याल बिगड़ने से लगे इतनी सुन्दर और जवान चमेली ममी ऊपर है और तू नीचे मुठ मरने की सोच रहा है काम से काम एक बार चल के तोह देख हो सकता है गलती से चमेली ममी के सुडोल शरीर के दर्शन hi हो जाये

अब खली मुठ मरने से काम नहीं बनेगा, ऐसा लगा जैसे मेरे लुंड का अलग hi खुद का दिमाग चल रहा हो, न जाने कैसे मई बिस्तर से उठा और ऊपर चलने का मैं बना लिया

यह आम बात नहीं थी, वैसे तोह मेरा कड़क hi खड़ा होता है पर आज तोह ये लगभग लोहा बन चूका था और छूट की प्यास से ाचा रास बहा रहा था, ऐसा तभी होता था जब कोई लड़की बिस्तर पर मेरे सामने अपनी टंगे फ्लाईए छोड़ने के लिए तड़प रही हो पर आज सिर्फ चमेली ममी की सोच ने यह हाल क्र दिया था

मई ऊपर चमेली ममी के दरवाज़े के सामने पंहुचा पर दरवाज़ा अछि तरह से बंद था, मैंने सोचा था की अगर दरवाजा खुला होगा तोह काम से काम चमेली ममी को थोड़ा देख लूंगा, लुंड को रहत मिलेगी पर अब क्या?

मुझे लगा मई पगलाता जा रहा था क्युकी मैंने सोचा की अब चमेली ममी के दरवाज़े पर नॉक करता हूँ

मई यहाँ बिना कपड़ो के अपना खड़ा लुंड लेके दरवाजा ठोकने जा रहा था, कैसा पागलपन था यह

मैंने सोचा नहीं जब दरवाज़ा खुलेगा तोह क्या जवाब दूंगा, एक तरह से मई दिखाना चाहता था की चमेली ममी तुम्हारी वजह से मेरा क्या हाल हुआ है

मैंने दरवाज़ा नॉक किया, कोई जवाब नहीं आया

दूसरी बार जब मैंने नॉक किया तोह कमरे से जल्दबाज़ी की आवाज़े आयी जैसे चमेली ममी जल्द से जल्द अपने कपडे समेत रही हो

आखिर कर उन्होंने दरवाज़ा खोला और मैंने देखा चमेली ममी बिखरे बाल और जल्दबाज़ी मई अपना साड़ी लपेट के बहार आयी है, उनकी सासें तेज़ चल रही थी जिससे उनकी बड़ी चूचिया ऊपर निचे हो रही थी


IMG-20231025-123029.jpg


वह एक पल बोहोत लम्बा बीता और शायद उनके लिए भी क्यूंकि उनकी नज़र मेरे भीगे बड़े लुंड से हट hi नहीं रही थी

जैसे तैसे खुद को सँभालते हुए उनके मुँह से निकला

Yeh...yeh kya...kya हाल बना रखा है संजू बीटा

मेरे कदम अपने आप आगे बढ़ गए और अपने आप चमेली ममी पीछे होती जा रही थी

चमेली mami...aap बोहोत सुन्दर ho...aur इस मौके को हमें जाने नहीं देना चाहिए

ऐसा मत बोल Sanju...mere पति का ख्याल क्र

चमेली ममी भले कह कुछ भी रही हो पर उनकी नज़र मेरे लुंड से हैट hi नहीं रही थी

ये देख मेरा हौसला बढ़ गया, पीछे जाते जाते चमेली ममी अपने बिस्तर पर बैठ गयी और अब मेरा लुंड सीधे उनके चेहरे के सामने आ गया



inawecock-1426126786n8k4g-1.jpg


"तुम भी तोह यही चाहती हो न" ऐसा कह क्र मैंने उनका हाथ धीरे से लेकर मेरे लुंड पर रख दिया

चमेली ममी ? संजू ये तुम क्या बोल रहे हो तुम्हे सरम आणि चाहिए

संजू ? अच्छा मुझे सरम आणि चाहिए तोह आपको भी सरम आणि चाहिए ककड़ी घुसा घुसा के जो अपना छेड़ बड़ा कर रही हो ये अत्याचार है मई इसके खिलाफ आवाज़ उठाऊंगा

चमेली ममी ? ये क्या बोल रहे हो.. तुम अभी के अभी यहाँ से जाओ वर्ण मई चिल्ला के सबको यहाँ बुला लुंगी

संजू ? अच्छा तोह चिल्लाओ? सब तुम्हे हे रंडी समझेंगे मेरा क्या जाता है?

देखो चुपचाप से मेरी बात मान जाओ चमेली ममी ये कहते हुए संजू ने अपना लुंड चमेली के हाथ में पकड़ाते हुए ममी क हाथ से लुंड को सहलवाने लगा ममी की नज़र संजू के लुंड पे जैसे अटक सी गयी

धीरे धीरे चमेली ममी संजू (मेरे) लुंड को सहलाने लगी और थोड़ी हे देर में मेरे लुंड के pre-cum रास से उनका हाथ भींग गया

चमेली ममी की पकड़ अब कस्ती जा रही थी यह देखकर मेरा लुंड फड़कने लगा बीएस अब मेरा लुंड चमेली ममी के मुँह में जाना छठा था

आखिर वह होने लगा जो मई चाहता था चमेली ममी ने अपने होठ मेरे लुंड पर चढ़ा दिए और फिर धीरे से जीभ से सहलाने लगी

4360-milf-blowjob.gif


मेरी नज़र उनके बिस्तर पर गयी संजू ने देखा की एक नई ककड़ी पड़ी हुई है और चमेली ममी की हालत भी मेरी hi तरह थी

'तेरा लुंड कितना बड़ा है संजू' चमेली ममी धीरे से बोली उस समय hi मेरा मैं किया की उनका साड़ी फाडू और उनकी गीली छूट मई अपना लुंड पिस्टन की तरह घुसा घुसा के छोडूं पर किसी तरह खुद पे कण्ट्रोल किया

चमेली ममी अपने मुँह से मेरे लुंड का टोपा चूस रही थी और बाकि लुंड पर उनके दोनों हाथ चल रहे थे, मुझे तोह जन्नत मिल गयी पर मेरे लुंड को चमेली ममी की छूट का चढ़ावा लगवाना था सिर्फ मुँह का नहीं

मैंने उनके ब्लाउज मई हाथ डालकर उनकी चूचियों को दबाना शुरू किया, जैसा सोचा था उससे भी बेहतर थी वह

पर अब मुझसे धीरज नहीं हुआ और अपने लुंड से जैसे तैसे मैंने उनके मुँह की बेदर्दी से चुदाई शुरू करदी

adultnode-bbc2509d78e0261fd78a0818ec5ce719.gif




उम्फ ...umff...sanju.....um...

चमेली ममी छटपटाने लगी और मुझसे दूर होने लगी

मुझे लगा हवस हवस मई कही मई ज्यादा तोह नहीं क्र गया

'कुछ पलों के लिए हम बहक गए थे बीटा , अब रेहनेदे' चमेली ममी बिस्तर पर पीछे खिसकते हुए बोली

मई नहीं चाहता था की चमेली ममी सिर्फ मेरे लुंड का बीएस स्वाद चखे, मैं तोह उनकी छूट को इसके एक एक इंच से वाक़िफ़ करना चाहता था

अब समय था कुछ ऐसा करने का जिससे खुद चमेली ममी मुझसे छोड़ने के लिए तड़प जाये

'हाँ चमेली ममी, शायद हम थोड़ा बहक से गए' मैं उनके पैरों के पास आ गया, पर तुमने मुझे जो कुछ पालो की जन्नत दिखाई उसका एहसान मुझे चुकता करने दो, फिर भले hi कुछ न करना'

ऐसा कहते hi मैंने उनकी जांघों को हलके से चूमना शुरू क्र दिया


मैं चाहता था की उनके बदन को इस साड़ी के नाज़ुक पिंजरे से आज़ाद करदु, और कुछ hi पलों मई साड़ी बिस्तर पर और मेरे हूंठ चमेली ममी की छूट पर थे

Anna-Polina-getting-her-pussy-eaten-in-sexy-black-lingerie.gif


Uhm...aah... beta...thoda upar....yhi... उम्

थोड़ी hi देर मई चमेली ममी अब शौंक से छूट चटवा रही थी और एक तरह से ाचा hi हुआ की चमेली ममी पहले पीछे हट गयी क्युकी अगर थोड़ी देर और मई चमेली ममी का मुखछोडन कर लेता तोह पक्का मेरा लुंड उनके मुँह को मेरे वीर्य से भर देता

इस रात का जितना हो सके उतना मज़ा लेना चाहता था मई

मेरे लुंड को थोड़ा आराम मिला पर चमेली ममी के छूट के रास ने मेरी हवस और बड़ा दी थी और अब बिस्तर पर मई किसी भूके जानवर की तरह उनकी छूट की सेवा क्र रहा था


20141130115857uid.gif


Bsss.....yuhi..yu....ahh..ahh

चमेली ममी झड़ने के करीब थी और अब मौका आया था उनके अंदर की रैंड बहार निकलने का

मई उठ के बैठ गया

'रुका क्यों tu..kya हुआ' चमेली ममी की फ़्रस्ट्रेशन साफ़ दिखाई दे रही थी

'जल्दी से इससे खुश करो फिर सेह भी नहीं पाओगी ऐसा मज़ा दूंगा'

मैं अपना लगभग आधा खड़ा लुंड चमेली ममी के मुँह के पास ले जा के बोलै

उनकी थूक और मेरे रास मई लिप्त हुआ लुंड देख के चमेली ममी और उत्तेजित हो गयी और इस बार बिना झिझक अलग hi हवस मई मेरा लुंड चूसना शुरू क्र दिया


amazing-bj-photo-with-a-stunning-big-boobs.gif


चमेली ममी के यह अंदाज़ देख क्र मेरा तोह मानो सारा खून hi लुंड मई चला गया और अब चुदाई शब्द के अलावा मुझे और कुछ नहीं सूझ रहा था

कुछ देर मज़े लेने के बाद अपना लुंड मैंने चमेली ममी के मुँह से अलग किया और उनकी टंगे उठा के उनकी छूट को फैला दिया

अब बीएस यह लुंड उनकी छूट को भर देना चाहता था

आहिस्ता से करना, इतना बड़े के साथ कभी किया नहीं', चमेली ममी धीरे से बोली


हम दोनों की नज़रे मिली और चमेली ममी की छूट के दरवाज़े पर मैंने अपना लुंड सेट क्र लिया और हल्का सा धक्का लगाया

लुंड मोटा था, घुसा तोह चमेली ममी की छूट की दीवारे खींच गयी और चमेली ममी की थोड़ी सी चीख निकल पड़ी

क्या टाइट थी चमेली ममी... यह पल मुझे हमेशा याद रहेगा

फिलहाल तोह सिर्फ मेरा थोड़ा सा hi लुंड अंडर जा पाया और उसी मई मैंने हलके धक्के लगाने शुरू किये,


,फिर मैंने (संजू) खत से पास पड़ी तेल के शीशी उथली, अचे से लुंड पर तेल मसला और मेरे नंगे लुंड को चमेली ममी की खुली छूट मई घुसाने के लिए तैयार क्र लिया

162.gif


कहा ककड़ियो से काम चला रही थी और अब इतने बड़े लुंड से नंगी छुड़ेगी' मैंने इतना कहकर एक तगड़ा झटका लगाया

ऐसी बातों ने चमेली ममी की छूट बुरी तरह गीली क्र दी और ऊपर से तेल लगा होने के कारन अब मेरा आधा लुंड झटके से चमेली ममी की छूट मई धरा गया

'हैए ढैय्या .......AHH...Uahhhmm....AAAAAA

पिछले आधे घंटे से में चमेली ममी की छूट छोड़ रहा था, बड़े लुंड का एहसास और गन्दी बातों से चमेली ममी खुद को रोक नहीं पायी और एक hi झटके मई झाड़ गयी

अलग hi मज़ा आता है जब अपने बीएस अपना आधा लुंड hi चल्या हो और उसी मई छूट झाड़ जाये हीहीही


मई और चमेली ममी एक दूसरे चिपक क्र जोरदार किश करने लगे वही नीचे मई उन्हें हलके झटको से छोड़ रहा था, मेरा मैं तोह था अपना लुंड जड़ तक घुसाने का पर अभी उनकी छूट बीएस इतना hi ले पा रही थी

6357-cunt-lapper-gushy-pussy-fucked-by-big-cockyour-pussys-drooling-dear.gif



143-1000.gif


मई पूरा जोर लगाके के उनकी चूचियों को चूस रहा की तभी मेरे ाँद चमेली ममी की चूतड़ों से टकराये

चमेली ममी की छूट मई मेरा लुंड अब जड़ तक जा प् रहा था और चमेली ममी भी चूतड़ उछाल के ज्यादा से ज्यादा लुंड लेने की कोशिश क्र रही थी

अब टाइम था इस रैंड की कस के चुदाई करने का

चमेली ममी के चूतड़ों पे मैंने एक सटका लगाया और अब उन्हें बेदर्दी से छोड़ने लगा

Ahh......phatt जाएगी chu..chut कैसा ....Ah...ah kr..rha है

पुरे कमरे में थप थप और चमेली ममी की चिकोह की आवाज़ ज़ोरो से गूंज रही थी

'बड़े लुंड से ऐसी hi चुदाई होती है, बोल तेरे पति ने की ऐसी चुदाई कभी'

चमेली ममी बोलने मई कटरा रही थी तोह मैंने छोड़ने की गति और तेज़ करदी

'Naaah....aaah ....तेरी जैसी चुदाई नहीं की किसीने'

'कैसे करेगा चुदाई वह, छूट फाड़ने के मुसल लगता है मूंगफली नहीं'

और अब मई पागलो की तरह चमेली ममी की छूट मार रहा था, चमेली ममी भी ऐसी बातें सुन क्र गीली होती जा रही थी, तभी अचानक उनका शरीर झटके खाने लगा और छूट मेरे लुंड पर कसकर झड़ने लगी, पूरा लुंड भिगो के रख दिया चमेली ममी ने

'चलो प्यारी चमेली ममी अब पलट जाओ, तुझे अब कुटिया सामान छोड़ेंगे'

इस समय तोह चमेली ममी मेरी कठपुतली बन गयी थी

लुंड चुसवाते तो शौंक से चुस्ती

बोलता तोह छूट भी फैला लेती

और जोश जोश मई अपने पति को भी गालिया देती

ऐसी रैंड रोज़ कहा मिलती है


इसे कुटिया बनाया और जोरदार झटका दे के लुंड इसके अंदर घुसेड़ा, और फिर बाल पकड़ के इसको सस्ती रैंड समझ क्र चुदाई शुरू क्र दी

tumblr-ml0983-C1-CC1rlfnfko1-500.gif


Aaaahh.....beta......thoda..aaaAAH... मसल दे मेरी छूट aaj.....aaah..Ah

चमेली ममी की तोह हालत ख़राब हो गयी, कहा समाज के सामने पति व्रत पत्नी और मर्द सी बन के घूमने वाली औरत आज पलंग पर अपने से आधी उम्र के लड़के को अपनी छूट फाड़ने के लिए उकसा रही थी

चमेली ममी गालियां दे दे के चुद रही थी इससे संजू का जोश और बढ़ रहा था और उन्हें ताबड़तोड़ छोड़ रहा था

'पहाड़ दाल आज छूट meri...mere चूतिये पति से तोह होने से रहा. .. बख्श मत आज संजू'

यह सुन क्र संजू चमेली ममी की कमर को मज़बूती से पकड़ कर पूरा लुंड उसकी छूट मई भर कर कुछ पल के लिए कास के दबा दिए

इस बार चमेली ममी बुरी तरह झड़ी और आधी पलंग से नीचे गिर पड़ी


मेरे लुंड को पर चैन नहीं था वही चमेली ममी को पकड़ क्र पलटा और बिस्टेर के कोने पर उनकी छूट चढ़ा दी और उसी के सहारे अपने लुंड के हत्तोड से चमेली ममी की छूट की दीवारे बुरी तरह बजा दी

Milf-Ava-Addams-pounded-hard-from-behind.gif


'Ahh...ab तेरी छूट मई झाड़ूंगा तब hi मुझे चैन मिलेगा' मैंने चमेली ममी को अपने इरादे बता दिया

चमेली ममी जैसे तैसे हफ्ते हुए बोली

'Nhi....ah..mer..mera..uff..pati झाड़ा अंदर अब तक बस'

मुझे घंटा कुछ समझ नहीं आया, मेरा लुंड अब इतना कड़क हो चूका था की हल्का दर्द करने लगा था अब बस इससे और तेज़ी से चमेली ममी की चुदाई करनी थी

चमेली ममी के थके हारे बदन को मैंने ऊपर गोद मई उठाया और मेरे खम्बे से लुंड पर उनकी पूरी छूट उतर दी

चमेली ममी तोह अब जैसे मेरे लुंड से चलने वाली कठपुतली बन गयी थी, उनके नंगे बदन को अब कास के पकड़ा और उनकी चूचियों मई अपना मुँह दे दिया और बोहोत hi तेज़ छोड़ना शुरू क्र दिया


75-HPoina-T-juicy.gif


चमेली ममी का शरीर झटके खाने लगा और वह लगातार जड़ने लगी

मेरा लुंड अब पहात पड़ने को था, मैंने जल्दी से चमेली ममी को पलंग पर बिना मेरा लुंड निकले पटका और और उनकी छूट को बेरहमी से रऔंढ दिया

वीर्य का दवाब इतना बना की मुझे कुछ पल के लिए अपने ाँद और लुंड फूलते हुए महसूस हुए


और फिर बस

valerie-kay-danny-mountain-curvealicious.gif


Aaaah....Umph.....le रैंड सारा ले बोलकर संजू ने चमेली ममी की छूट मई मुठ की बाढ़ बहा दी

गरम इतना था की झड़ते हुए भी लुंड के कड़कपन पर कोई पराभव नहीं पड़ा और झड़ते झड़ते भी संजू चमेली ममी की छूट फाड़ने से बाज़ नहीं आ रहा था

मेरे लुंड का रास अब ओवरफ्लो होकर चमेली ममी की छूट से बहने लगा पर मई रुक नहीं रहा था

तभी चमेली ममी ने रिक्वेस्ट की रुकने की , वह बेहोश सी हो रही थी इतनी देर से बुरी तरह छोड़ने के कारन

मेरा लुंड अभी भी खड़ा था, मेरे और चमेली ममी के रास से भीगा हुआ पर सच मई थोड़ा आराम मुझे भी लगा, न जाने कितने देर से चमेली ममी को खुल्ले सैंड की तरह छोड़ रहा था मैं


थोड़ी देर आराम लेने के बाद

3264-my-cousin-caught-me-jerking-off-into-one-of-her-socks-amp-started-to-yell-at-me-so-i-spent-the.gif


मैंने खा था न अंदर नहीं

....हाय कितना सारा निकला तूने'

चमेली ममी अपनी छूट को सहलाते हुए बोली, उनकी छूट वाकई मई झरने सामान लग रही थी, छूट का रास मेरे वीर्य के साथ मिलके अचे से उनकी छूट भर चूका था और जिसके लिए जगह न थी वह भरभरा के नीचे गिर रहा था

'चमेली ममी चिंता मत करो मई तुम्हारे लिए कल पिल्स ले आऊंगा और वैसे भी सम्भोग का असली मज़ा तभी आता है जब उससे बिना किसी हद्द के किया जाए'

मई सांस सँभालते हुए बोलै

'बिना हद्द के किये jaye....bhag ,रंडी बना के रख दिया तूने मुझे, जोड़ जोड़ दुख दिया पर इतनी जबरदस्त चुदाई कभी नहीं हुई'

यह कहकर चमेली ममी की नज़री मेरे अभी भी खड़े लुंड पर पड़ी और वही टिक गयी , मैंने घडी देखि तोह अभी तोह रात बोहोत बची हुई थी

हम दोनों को पता था की क्या करना है


[URL=']
8561-autumn-falls-takes-a-huge-creampie.gif
[/URL]

चमेली ममी की सहमति के बाद तोह उनकी छूट मेरे लिए खुले कुए सी हो गयी

जब चाहो तब अपने खड़े लुंड की बारिश से इसे लबालब भर दो


मैंने भी मौका गवायाँ नहीं, और चमेली ममी की छूट पर साड़ी हवस निकल दी

चमेली ममी भी 1-2 राउंड बाद मेरे लुंड से कम्फर्टेबले और थोड़ा ज्यादा hi हवसी हो गयी, एक सेशन के एन्ड मई चमेली ममी मेरा लुंड अपनी छूट मई भर क्र तब तक उछली जब तक मेरे लुंड से निकला वीर्य का फव्वारा उनकी छूट मई नहीं फट गया






चमेली ममी हसंते हुए बोली की इतना रास मैंने उनकी छूट मई निकला की अगर हम बच्चा बना रहे होते तोह तोह कम से कम तिड़वा होते :)

खैर तूफानी चुदाई और मखमली चुम्बनों से भरी ये रात बीत hi गयी और हम दोनों ने सोने का फैसला किया

चमेली ममी की गद्देदार चूचियों पर सर रख मुझे कब नींद आ गयी पता hi नहीं चला


पर यह तोह बस एक रात थी, हीहीही
 
संजू की नींद खुली... तोह पाया की वह चमेली ममी के नंगे बदन से लिपट के सोया हुआ है...

उठते हे संजू ने अपना खड़ा लुंड चमेली ममी की बुर में दाल के छोड़ना शुरू किया और इस तरह दिन की शुरुआत हुई....

थोड़ी देर में सभी उठ गए....

इधर....

सुमोना के महल में...

लता - ... 2 दिन हो गए... न तोह चिंकी ने उस लड़के की कोई खबर दी है और न हे चिमकाण्डी ने कोई खबर दी है...

लगता है मुझे हे जाना पड़ेगा...

लता चुपचाप महल से निकल के जाने लगती है...

लता को जाते हुए... मोना देख लेती है...




save-2023-10-28-02-55-53.jpg



लता - अरे.. मोना.. उस दिन जो काम करने गयी थी उसी काम से रिलेटेड है अभी मुझे जाने दे..



लता वह से निकल के जाने लगी...

लता कुए से बहार आ गयी...

लता हवेली के बगल वाले कुए से बहार निकल के कुछ देर अँगड़ाईआं भरने लगी..

लता - आआअह्हह्ह्ह्ह..... इधर की हवा में इन आदमियों के खून की खुसबू कितनी मस्त आ रही...

लता - मैं कर रहा किसी को अपना डिनर बना लू...

तभी लता का हवेली के अंदर से कुछ आवाज़ें आने लगी...

लता - इस हवेली से कैसी आवाज़ें आ रही... कही यहाँ वह लड़का रहने तोह नहीं आ गया...

चलो चल के देखती हु...

लता हवेली के अंदर जाने लगी...

लता अभी हवेली में घुसी hi थी की...

लता - ये क्या.. हवेली का नक्शा हे बदल दिया है..

अभी लता हवेली में एंटर हुई हे थी की.....



IMAGE-4709b6b8-53aa-4150-81a7-8f8990a8cfb1.png




save-2023-10-28-02-55-56.jpg







save-2023-10-28-02-57-56.png


कनिका जो अभी अपने कमरे से बहार निकल हे रही थी.....

कनिका - हां... हां... मई करती हु कुछ... तू रुक जा थोड़ी देर....



IMAGE-967d8c84-1e8e-4ef9-b1e9-94f02557ca50.png




save-2023-10-28-02-55-59.jpg


लता - ये औरत कौन है...

और ये लोग इस हवेली में क्या कर रहे... और वोह लड़का कहा है...?


कनिका - अब ये पानी कहा से लौ मई... यहाँ तोह पंप भी नहीं है की पंप चालू करो और पानी आ जाये... अब तोह लगता है कुए से हे पानी लाना पड़ेगा... वर्ण सोनिआ की गांड पे टट्टी सुख के चिपक जाएगी...

कनिका ये बोलते हुए... वापस अपने कमरे में गयी... और

कनिका - ाजी... सुनते हो.... ोये... उठो...

श्याम - क्या हुआ... क्यों उठा रही हो इतनी सुबह सुबह...

कनिका - जाओ जेक... पानी ले आओ.. कुए से. सोनिआ बाथरूम गयी है और बाथरूम में पानी नहीं है..

श्याम - अच्छा... जा रहा हु... बाल्टी तोह ला दो.

कनिका बाल्टी लेक दे देती है...

लता - ये लोग आखिर है कौन... और ये लोग यहाँ है तोह वोह लड़का कहा है...

लता.... तुझे जल्द से जल्द चिंकी से भेट करनी होगी और उस लड़के के बारे में और इनके बारे में पता करना होगा...

लता ये सोचते हे हवेली से अपनी तीज़ज़ रफ़्तार में सरपट एक साये की तरह दौड़ लगा के गांव की तरफ जाने लगती है...

इधर.....

घर पे सभी उठ चुके थी... सभी खाने के लिए बैठे थी...

तभी.....

संजू - मल्लू माँ एक बात समझ नहीं आ रही... जब इनको हवेली चाहिए हे थी तोह मेरे आने से पहले ये लोग हवेली को क्यों नहीं हटियाये... और अब अच्चानक से.

मल्टी - ारी.. बीटा.. वोह लोग पहले इसलिए हवेली में नहीं रह रहे थी क्यों की वह भूतिया घटना होने लगी...

संजू ने जैसे हे मल्टी की बात सुनी... उसकी आंखें चमक आयी...

🤩

संजू - आपने क्या कहा.. एक बार फिर से दोहराइये तोह.

मल्टी - ारी.. बीटा मैंने यही कहा की हवेली में पहले भूत का साया था इसलिए कोई हवेली में रहना नहीं चाहता था और इसलिए हे तोह ठाकुर सुरेंद्र सिंह ने हवेली तुम्हारी दादी को काम दाम में बेंची...

संजू - हआ... हां... हां... बस... यही तोह है... यही तोह मिस हो रहा था... अब तक...

मल्टी - क्या हुआ बीटा.. क्या मिस हो रहा था..

संजू - कुछ नहीं मल्लू माँ... अब देखिये... मई कैसे अपनी हवेली वापस लेता हु उनसे... 😎

इधर... चिमकाण्डी... अपने अड्डे ( पेड़ के पास) पहुंच जाती है...

चिमकाण्डी - हाय... हैई... रे... ऊऊह्ह्ह्ह.... मेरी बुर... का कचुम्बर बना डाला है रे... हैई.... uuuuhhhh...maa..... उस लड़के ने आअह्ह्ह... उसको... मई छोडूंगी नहीं... कमीना कही का... मेरी बुर का भोसड़ा बना दिया hai...aaaahhhh.... मुझसे ठीक से चला भी नहीं जा रहा... आआह्ह्ह्हह..... हायई... मेरी बुर... कैसे सूज़्ज़ गयी है देखो तोह... जरा भी रहम नहीं किया उसने... बड़ी बेरहमी से मेरी बुर मार ली.... उसको मई छोडूंगी नहीं.... आआह्ह्ह्ह.... आआआहहहहह...... चिमकाण्डी अपने पेड़ पे जाकर लटक जाती है...

इधर... घर पे जब दिन में चमेली से उसके लंगड़ा के चलने की बात पूछी जाती है

चमेली - वोह कल रात बीएड का एक कोना लग गया था इसलिए थोड़ा दर्द है... जायदा कुछ नहीं हुआ है 2 दिन में ठिक्क हो जायेगा...

सभी चमेली की बात को सच मान लेते है लेकिन असल बात क्या है ये तोह या चमेली जानती थी या फिर संजू हिहि 😁

संजू दोपहर को घर से बहार निकल गया और गांव में अपने पुराने वर्कर्स से मिलने चला गया जो की हवेली में पहले साफ़ सफाई का काम करते थी...

संजू ने सभी वर्कर्स के घर जाके उनसे बात की एक काम के सिलसिले में लेकिन उनमे से केवल 4 लोग हे संजू की मैडम करने को राज़ी हुए...

संजू ने उन चारो को काम समझा दिया..

उन चारो के नाम..

पप्पू, चंदू, कालिया, ढोलू, और मांगू था...

उन सब को काम समझाने के बाद संजू घर आ गया...

इधर लता भी गांव आ चुकी थी.... और गांव में वोह एक छत्त पे चढ़.. के किसी का इंतज़ार कर रही थी...

लता छत्त पे आकर एक कौवे का रूप धारण करके... काव... काव... की आवाज़ निकालने लगी...

ये काव काव की आवाज़ नार्मल कौवो के काव काव से थोड़ी अलग थी..

मल्टी - ारी... ये कौन सा कौवा आ गया है... जो अलग तरह का काव काव का धवनि निकाल रहा...

चंदा - मई जाके देखती हु...

चंदा छत्त पे चढ़ गयी...

चंदा के आते हे... वोह कौवा उड़द गया... और उसके साथ हे एक और कौवा... जो की अभी तक छत्त पे था भी नहीं पता नहीं कहा से निकल के उड़द गया...

मल्टी - ारी... चंदा बेटी... दिखा क्या कौवा...

मल्टी की इस बात का कोई जवाब नहीं आया...

मल्टी - ारी.. ये चंदा कहा उड़द.. गयी अभी तोह छत पे हे गयी थी....

उधर वोह दोनों कौवे उड़द के एक पेड़ पर बैठ गए.. और दोनों आपस में कौवे के रूप में हे बात करने लगे...

save-2023-10-28-02-56-00.jpg


लता ( जो कौवे के रूप में थी) - क्यों... क्या हुआ उस लड़के के बारे में कुछ पता चला... की वोह लड़का कौन है क्या क्या सकतिया है उसमे...

कौवा - नहीं... अभी तक तोह नहीं...

लता - तोह आखिर और कितना टाइम लगेगा..

कौवा - मई कोशिश कर रही हु... पता करने की बस मुझे कुछ महोलट चाहिए... उनके साथ घुलना मिलना होगा तभी मुझे उसकी असलियत का उसकी शक्तियों का पता चलेगा..

लता - अच्छा... ठीक है... जो करना है जल्दी करो चिंकी...

कौवा ( चिंकी ) - ji....vaise कल रात को गुरु माँ भी आयी थी... बहुत गुस्से में थी उस लड़के के ऊपर क्युकी उन्होंने उनका सबसे प्यारा कौवा मार दिया... था...

लता - फिर तोह जरूर कुछ न कुछ करेगी चिमकाण्डी वोह ऐसे हे छुप रहने वालो में से नहीं हैं.. उसकी चीज़ को कोई छू भी दे तोह वह गुस्सा हो जाती है फिर ये तोह उसका फेवरेट कौवा था उसका बदला तोह चिमकाण्डी जरूर लेगी...

चिंकी ( कौवा) - हां... मई भी जहा तक गुरु माँ को जानती हु... वोह उस कौवे की मौत का बदला उस लड़के संजू से जरूर लेगी...

लता - अच्छा... एक और बात बताओ... ये हवेली तोह इस लड़के संजू की है न... तोह वह ये 3 बदबूदार लोग कौन है... जिनके बदन से बदबू आ रही...

चिंकी - क्या कहा... बदबू...

लता - हां.. मुझे तोह आ रही... खैर छोड़... उस बात को ये बता की वोह लोग है कौन.. और हवेली में क्या कर रहे...

चिंकी - ारी.. वोह लोग... उस हवेली के पहले मालिक ठाकुर सुरेंद्र सिंह के बेटी और उसकी फॅमिली है....

लता - अच्छा.. लेकिन वोह हवेली तोह इस लड़के ने खरीदी है न.. तोह वोह लोग क्यों रह रहे

चिंकी - अरे... लता जी... वोह क्या हुआ की न.. फिर साड़ी बात बता दी...

लता - तोह ऐसा हुआ हैं..

चिंकी - हां.. इसलिए संजू टेंशन में हैं..

लता - ये तोह अच्छी बात है इस लड़के के हाथ से वोह हवेली गयी...

चिंकी. - अच्छी बात तोह है लेकिन... जब हवेली रहेगी हे नहीं तोह संजू यहाँ क्यों रहेगा वोह यहाँ से वापस सेहर नहीं चला जायेगा क्या.. और फिर सुमोना जी के बदले का क्या होगा...

लता - तुम ठीक कह रही हो इस बारे में तोह मैंने सोचा हे नहीं...

अब क्या किया जाए...

चिंकी - पता नहीं...?? अगर आप कुछ कर सकती हो तोह बताओ...

लता - इसमें मई क्या कर सकती हु...

चिंकी - हां ये भी है.... ठीक. है फिर अब मई भी चलती हु जयादा देर रुकूंगी तोह कोई ढूढ़ते हुए आ जायेगा...

लता - अच्छा ठीक है जाओ....

कौवा उड़ते हुए छत्त पे आ गया..

चंदा नीचे सीढ़ी से उतरने लगी...

मल्टी- ारी. चंदा कहा रुक गयी थी इतनी देर... क्या कर रही थी छत्त पे... कितनी बार आवाज़ लगायी लेकिन कोई जवाब भी नहीं दे रही रही...

चंदा - वोह मल्टी काकी क्या है न की मई छत्त के दूसरे कोने पे चली गयी थी इसलिए आवाज़ सुनाई नहीं दी होगी....

मल्टी - अच्छा accha..aa चल... अब थोड़ा मुझे ये रोटियां बनाने में मदद कर दे...
 
संजू... अब इधर... हाथ में कुछ हतियार सवरूप डंडा पकड़ के हवेली की ऑर्डर दनदनाता हुआ बढ़ने लगा...

संजू ( मैं में ) - आज तोह मई अपनी हवेली इस रंडी कनिका से लेके हे रहूँगा... या तोह आज वोह रहेगी या मई...


संजू गुस्से में टनटनाते हु अपने कदम तेज़्ज़ तेज़्ज़ बढ़ाते हुए हवेली की ऑर्डर जाए जा रहा था...

संजू ने अपने साथियों को भी बुलाया था लेकिन अभी तक कोई दिख नहीं रहा था... संजू उन सब को न आता देख... अकेले हे हवेली पहुंच गया...


संजू हवेली के बहार पहुंच के गुस्से में...

संजू - इस बरमारी कनिका के लिए मई अकेले हे काफी हु.... आज इसको इस दुनिया से हटा दूंगा.... साला मेरा हवेली को होटल बनाने के सपने पे पानी फेरने आयी न रुक जा अभी बताता हु तुझे..

संजू ने हवेली के बहार से कुछ पत्थर उठा लिए... और हवेली के अंदर दनदनाते हुए घुस गया..


संजू ( गुस्से में चिल्लाते हुए) - कनिका देवी.. कहा छुपी बैठी है बहार निकल... बहार निकल धोखेबाज औरत.... मेरी हवेली को धोके से हड़पने वाली आज तू नहीं बचेगी... बहार निकल...

संजू की आवाज़ सुनके... कनिका सोनिआ और श्याम तीनो दौड़ते हुए निचे आ गए...

कनिका सीढ़ियों से उतारते हुए...

कनिका - ारी.. तू फिर आ गया... और ये कुत्तो की तरह बौककक क्यों रहा है.... पुलिस वालो ने जो वार्निंग दी थी उसको भूल गया क्या... लगता है फिर से उनको बुलाना पड़ेगा...


कनिका के इतना कहते हे संजू ने एक पत्थर जो की अभी अभी हवेली के बहार से उठाया था उसको कनिका की ऑर्डर जोर से फ़ेंक दिया .....

पत्थर सीधा उड़ते हुए जेक कनिका के सर पे लगा...


कनिका - aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh.....

माअररर्र.... डाला... रे.... आआआआअह्हह्ह्ह्ह..... मेरा सर फोड़ दिया इस कमीने ने....

कनिका जोर से दर्द के मारे चिल्लाने लगी...

कनिका की आवाज़ इतनी तेज़्ज़ थी की हवेली के पास में हे लकड़ी लेने गए कुछ लकड़हारों को उसकी आवाज़ सुनाई दे गयी...

लकड़हारा 1 - ारी.. ये तोह किसी औरत के चीखने की आवाज़ लग रही है वोह भी हवेली से आ रही चलो चल के देखते है...


बाकि के लकड़हारे - हां... हां... चलो...

वोह सभी हवेली की तरफ बढ़ने लगे...


इधर संजू का गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ था... उसने एक और पत्थर फेंका जो की सोनिआ के सर पे लगा... उसकी भी छींक निकल गयी...

लकड़हारे... - जल्दी चलो... फिर से कोई छींक रहा...

लकड़हारे हवेली के करीब पहुंच गए

जैसे हे लकड़हारों ने हवेली के गेट पे पहुंच के अंदर का नज़रअंदाज देखा..


लकड़हारे - ारी... ये तोह हमारे ठाकुर सुरेंद्र सिंह की बेटी है कनिका जी इनके सर पे चोट.... और ये लड़का कौन है ....

संजू अब हाथ में पकड़ी हुई लाठी को उठा के लिए जैसे हे कनिका को मारने दौड़ा वैसे हे किसी ने आके संजू के पीठ पे लकड़ी काटने की कुल्हाड़ी से संजू के पीठ पे वार कर दी....


संजू की जोर से चींख निकल गयी....

संजू -आआह्ह्ह्हह..... माआ.....

संजू की पीठ से खून बहने लगा... और संजू के हाथ से लाठी छूट गयी और संजू धड़ाम से ज़मीन पे गिर पड़ा...

संजू को ऐसे ज़मीन पे गिरता देख .... कनिका सोनिआ और श्याम की जान में जान आयी... पर उन्हें अभी ये समझ नहीं आया की ऐसा हुआ कैसे...


संजू के गिरते हे वह... लकड़हारे दिखे... जिनमे से एक के हाथ में वही कुल्हाड़ी थी जो अभी संजू के पीठ में घुस के निकली थी.... उसपर अभी भी संजू का खून लगा था... ये देख श्याम कनिका और सोनिआ की फाटत गयी...

कनिका - क.. K...kk... कौन हो... तुम लोग....

लकड़हारा ( जिसके हाथ में संजू के खून से भीगी कुल्हाड़ी थी) -- वोह... मालकिन... हम इस गांव के हे निवासी है आपके पिता ठाकुर सुरेंद्र सिंह के बहुत एहसान है हम लोगो पर.. आप भले हे हम लोगो को नहीं जानती हो लेकिन हम आपको ाचे से जानते है...

श्याम - ये इसको क्यों मारा...


लकड़हारा -- हम लोग जंगल में लकडिया काट रहे थी तभी मालिकन की आवाज़ आयी तोह हमें लगा कोई मुसीबत में होगा हम उस आवाज़ का पीछा करते हुए यहाँ आ gye...aur यहाँ आये तोह क्या देखा की ये लड़का मालिकन को पत्थर मारकर उनका सर फोड़ चूका है और उनपर डंडे से प्राणघातक हमला करने वाला है ऐसी सिथिति में हमको कुछ नहीं सुझा बस मालिकन की जान किसी भी तरीके से बचाना है ये सोच के हमने अपनी कुल्हाड़ी घुमा दी... और ये मर गया....

कनिका - यही तोह गड़बड़ हो गयी... अब पुलिस आएगी और मर्डर के जुर्म में तुम सब को साथ में मुझे और मेरे पति और बेटी को जेल में दाल देगी...

लकड़हारा - ये तोह हमने सोचा हे नहीं मालकिन... हमने आपका नमक खाया है मालकिन हमारे लिए आपके जान बचाना बहुत जरुरी था...


सोनिआ - माँ ये लोग काफी वफादार लगते है..

कनिका - देखिये आप लोग की वफादारी और ईमानदारी से मई बहुत प्रभावित हु... लेकिन अगर हम सब को जेल जाने से बचना है तोह इस लड़के की लाश को जल्दी से जल्दी


ठिकाना लगाना होगा...... और मई इस काम को आप लोग पर सौपती हु.... इसकी लाश को ऐसा ठिकाना लगाओ की किसी को ढूढ़ने पर भी न मिले और इसकी मौत को एक रहस्य्मयी घटना की तरह गांव वालो के सामने पेश कर देना...

और कहना की लाश मिली हे नहीं...

लकड़हारे - जी मालकिन...


लकड़हारों ने बिलकुल वैसा हे किया.... वोह संजू की खून से लथपथ लाश को उठा के नदी के किनारे ले गए..... और वह ठिकाने लगाने के बाद हवेली आ गए...

हवेली आने के बाद...

लकड़हारा - मालकिन उसको ठिकाना लगा दिया...

कनिका - गुड अब तुम लोग जाओ...

सोनिआ - माँ ये आप क्या कर रही हो...

कनिका - क्या... क्या कर रही हु...

सोनिआ - ारी माँ... अगर आप इन लोगो को ऐसे हे छोड़ दी. और कभी पुलिस आयी तोह ये पुलिस के डर में आकर सच न बोल दे...


कनिका - तोह अब क्या करू...

सोनिआ - मई तोह कहती हु इनको काम पे रख लो... हवेली की सुरक्षा के लिए.. और ये यहाँ रहेंगे तोह पुलिस आ भी गयी तोह आप तोह है hi पुलिस को संभाल लेंगी....


कनिका - हां तू बिलकुल सही कह रही है

बहुत तेज़्ज़ दिमाग पाया है रे तूने... हो भी क्यों न मेरी बेटी जो है 😁

कनिका - ारी.. रुको... तुम लोग...

सभी लकड़हारे - जी मालकिन....

कनिका - मई आज से तुम सब को यहाँ हवेली की सुरक्षा के लिए नौकरी पे रखती हु तुम लोग अबसे यही हवेली के बहार पहरा दिया करोगे और जो भी काम हम कहे करना होगा तनख्वा तुम लोग को हर महीने मिलती रहेगी... तुम लोगो को अब ये लकड़हारे का काम करने की कोई जरुरत नहीं है...


सभी लकड़हारे ( खुस होते हुए) - क्या... सच में मालकिन....

कनिका - हां... सच में...

सभी लकड़हारे - भगवान् आपका भला करे मालकिन.... आप खूब फलो... फूलो... और गडराओ....

कनिका - क्या कहा...


लकड़हारे - आए.. बाए.. बा... बा.. हम तोह ये कह रहे थी की आप खूब खुस रहो...

कनिका - ओह अच्छा... ठीक है कल से काम पे आ जाना....

सभी 5 के 5 लकड़हारे - ठीक है मालकिन...

सभी घर चले गए.. और गांव में ये बात फैला दी की एक लड़का जो नदी की तरफ गया था उसकी रहस्य्मयी तरीके से मौत हो गयी....


इधर संजू को गए हुए सुबह से रात होने को थी... मल्टी का जी.... घबराने लगा.... उसके मैं में तरह तरह के ख़याल उठने लगे की संजू कहा है अभी तक आया क्यों नहीं....

मल्टी ने चंदा को संजू को. फ़ोन लगाने को कहा....

चंदा - उसका फ़ोन स्विच ऑफ आ रहा...


मल्टी - हे.... भगवान् आखिर कहा गया ये लड़का... उसको सही सलामत घर लौटा दो भगवान्... गांव में ऐसे हे किसी के रहस्य्मयी तरीके से मौत होने की खबर आग की तरह फैली हुई है कही मेरे संजू के साथ भी कोई अनहोनी न हो जाए उसकी रक्षा करना भगवान्.... उसकी रक्षा करना.... 🙏🙏

😌बाकि नेक्स्ट एप में....😊

ी होप की ये अपडेट आप लोगो को पसंद आया हो...

अब कहानी में ट्विस्ट आ गया है ऐसे ट्विस्ट एंड तुरंस तोह आते रहते है आप लोग कहानी एन्जॉय करिये राम राम 🙏
 


इसलिए वोह लोग संजू के घर आने की राह देख रहे थी...

मल्टी - चंदा बेटी तू संजू को फ़ोन 📱 मिलाते रह.... क्या पता लग जाए....

चंदा - हां.. मई करती हु....

सभी घरवाले संजू को लेकर चिंतित थी... कोई खाना तक नहीं खा रहा था...

ऐसे हे राह देखते देखते रात के 12 बज गए....

मल्टी अब रोवासा हो गयी...

मल्टी ( रोवासी) - कहा होगा मेरा संजू.... आखिर कहा चला गया....

बिमला - मल्टी धीरज रखो.... ऐसे हिम्मत हार जाओगी तोह कैसे चलेगा....

मल्टी - कही भी गया हो... अब तक तोह आ जाना चाहिए था न... दीदी उसको...

बिमला - हो सकता है सेहर चला गया हो... और बताना भूल गया हो... और रस्ते में फ़ोन की बैटरी भी उतर गयी हो...

चंदा - हां... मल्टी काकी ये हो सकता है यही हुआ होगा... आप टेंशन मत लीजिये चलिए खाना खा लीजिये हम कल फिर से तरय करेंगे फ़ोन लगाने का सुबह तक तोह संजू अगर सेहर गया होगा तोह पहुंच जायेगा क्या पता फ़ोन ों हो जाये... या वह जाकर संजू फ़ोन चार्ज कर ले ....

मल्टी - हां... तुम दोनों जो बोल रही हो वोह बात भी हो सकती है...

मेनका - जी माँ जी... अब चलिए खाना खा लीजिये...

सभी ने 12 बजे खाना खाया और फिर सोने चले गए....

लेकिन मल्टी को अभी भी नींद नहीं आ रही थी उसको रह रह के संजू की याद सत्ता रही थी... की संजू कैसा होगा किस हालत में होगा ठीक होगा कुछ खाया होगा की नहीं ये सब...

आखिर कार उसको भी नींद आ गयी मल्टी भी सो गयी...

इधर जैसे हे मल्टी सोई... उसको एक सपना आने लगा....

मल्टी सपने में संजू को देख रही थी तभी वह पे एक कुल्हाड़ी उड़ती हुई आयी और संजू के पीठ पे लग गयी और संजू आआआआअह्हह्ह्ह्ह.... की आवाज़ से चिल्लाता हुआ वही गिर गया... ये दृश्य देख मल्टी नींद में चीखते हुए उठ के बैठ गयी....

मल्टी की चीख सुन के घर के सभी लोग वह आ गया...

बिमला - क्या हुआ क्या हुआ मल्टी बहिन तुम ऐसे चींखी क्यों...

मल्टी - दीदी दीदी वोह संजू...

बिमला - हां.. क्या हुआ संजू को...

मल्टी - दीदी वोह मैंने अभी सपना देखा जिसमे संजू मेरे सामने हे खड़ा था और एक कुल्हाड़ी उड़ती हुई आयी और उसके पीठ पे लग गयी और मेरा संजू वही तड़पते हुए मर गया...

बिमला - क्या..

मल्टी ( रट हुए) -- हां दीदी... जरूर मेरे संजू की जान खतरे में दीदी... मुझे अपने संजू के पास जाना है दीदी.... मुझे अपने संजू के पास जाना है... मुझे उसके पास ले चलो दीदी...

बिमला और बाकि घर वाले मल्टी का सपना सुन घबरा से गए...

बिमला ने मल्टी की हालत को देखते हुए कहा...

बिमला - ठीक है मल्टी अगर ऐसी बात है तोह हम लोग कल हे संजू को ढूढ़ने के लिए... सेहर चलेंगे...

अब तुम सो जाओ...

बिमला मल्टी के साथ हे रुक गयी बाकि सभी अपने अपने कमरे में जेक सो गए....

इधर... हवेली पे दोनों माँ बेटी अपने अपने सर की चोट पे मलहम पट्टी करके रात का खाना खा के अपने अपने कमरे में फ़ोन चला रही थी.... श्याम सो चूका था... और अब कनिका भी अपना फ़ोन 📱 बंद करके सोने लगी...

सोनिआ अभी रील देख हे रही थी...

की उसके फ़ोन पे एक रील में बहुत ाचा सा सांग प्ले हुआ और बिच में हे अटक गया..

सोनिआ - हॉट... भेनचोद... ये अटक क्यों गया...

सोनिआ की नज़र नेटवर्क📡 पे गयी...

सोनिआ - ू शीट यार... ये साला गांव का यही प्रॉब्लम है नेटवर्क ठीक से मिलता नहीं है....

लगता है बहार जाना पड़ेगा.... क्युकी ये रील मई मिस नहीं कर सकती मुझे देखनी हे है....

सोनिआ अपने बीएड से उठी और अपने कमरे का दरवाज़ा खोल के कमरे से बहार निकली और नेटवर्क 📡 ढूढ़ने के लिए हवेली की छत पे चढ़ने लगी...

सोनिआ अभी छत की सीडिया छड्ड हे रही थी की उसको कुछ अजीब सा मह्सूस हुआ जैसे की अभी अभी कोई कला साया तेज़्ज़ी से उसके पीछे से गुज़रा हो...

सोनिआ - ारी... मुझे ऐसा क्यों लगा की अभी अभी कुछ यहाँ से गुज़रा...

लगता है मुझपे आज की घटना का कुछ जयादा हे असर हो गया है... मई भी न क्या क्या फील करने लगती हु... 😅

सोनिआ इस बात को अपना वहां समाज के छत की ऑर्डर कदम बढ़ाते हुए चढ़ने लगती है..

सोनिआ छत पे चढ़ के छत पे टहलने लगती है और नेटवर्क ढूढ़ने लगती है...

सोनिआ - आजा यार... नेटवर्क📡 कहे तंग कर रहा है... एक हे तोह रील देखनी है...

सोनिआ अभी छत पे इधर से उधर होते हुए नेटवर्क तलाशने लगती है... तभी फिर से उसको वही एहसास होता है....

सोनिआ - ारी.. कही मई पागल वागल तोह नहीं हो रही ये फिर से क्या क्या एहसास हुआ मुझे...

तभी हवेली के बहार कुछ कुत्तो के रोने की आवाज़ आने लगती है...

सोनिआ - ारी.. ये कुत्ते कहा से आ गए अब और ये लोग ऐसी रोने जैसी आवाज़ें क्यों निकाल रहे है...

सोनिआ अब हवेली के कार्नर पे जेक बहार से भौक रहे ( रो रहे) कुत्तो को देखने जाती है....

जैसे हे वोह देखनी जा रही होती है उसको ऐसा लगता है की किसी ने उसके हाथ को अभी अभी टच किया हो....

और ये एहसास होते हे वोह रुक के घूम के देखती है.... लेकिन वह कोई भी दिखाई नहीं देता..

सोनिआ - ारी.. ये क्या हो रहा आज मुझे ऐसे अजीब अजीब से एहसास क्यों हो रहे है....

सोनिआ वापस अपने कदम बढ़ाते हुए हवेली के रेलिंग की तरफ जाने लगती है

सोनिआ जैसे हे रेलिंग के पास पहुंच के नीचे देखती है वैसे हे कुत्तो के रोने की आवाज़ बंद हो जाती है और न हे वह नीचे कोई कुत्ता दीखता है...

सोनिआ - ारी ये क्या यहाँ तोह कोई कुत्ता नहीं है और उनकी आवाज़ भी आणि बंद हो गयी...

तभी एक आवाज़ अचानक से बज उठी.. और सोनिआ घबरा गयी... उसकी सांसें मानो अटकते अटकते बची हो...

सोनिआ - ारी.. साला.. ये रील है.. आखिर कार नेटवर्क आ हे गया... लेकिन इसने तोह मेरी जान हे निकाल दी थी..

सोनिआ ने वोह रील ख़तम की और नीचे अपने कमरे के तरफ जाने लगी...

सीढ़ियों से उतारते वक़्त भी सोनिआ को वही एहसास दोबारा हुआ की कोई साररररररर..... से उसके बगल से गुज़रा हो....

सोनिआ - लगता है मुझे नींद आ रही है इसलिए मेरा दिमाग कुछ भी सोचे जा रहा..



सोनिआ अपने रूम पे आ जाती है और अपने रूम का दरवाज़ा अंदर से बंद करके बीएड पे लेट के अपने ऊपर ब्लैंकेट डालकर सो जाती है
 


सोनिआ अपने कमरे में आके अपने ऊपर ब्लैंकेट दाल के सो गयी....

अभी सोनिआ को सोये हए कुछ हे मिनट हुए थी... उसको ठंडी लगने लगी..

सोनिआ ने अपना हाथ टटोल के ब्लैंकेट को और अच्छे से ूढ़ना चाहा लेकिन जैसे हे सोनिआ ने ब्लैंकेट को पकड़ना चाहा ब्लैंकेट तोह ग़ायबा था... 🥺

सोनिआ - आंखें बंद किये हुए हे...

( ारी ये बैंकेट कहा गया...) सोनिआ ने अपनी आँख खोली तोह पाया की उसने जो बैंकेट ूढ़ राखी थी वोह अब उसके सरीर पे नहीं थी बल्कि ज़मीन पे पड़ी थी...

सोनिआ - लगता है गिर गयी थी... मई भी न बच्चो के जैसे सोती हु कुछ होश नहीं रहता सोने के बाद...

सोनिआ ब्लैंकेट को उठती है और ब्लैंकेट को झाड़ के फिर से ूढ़ के सोने लगती है...

अभी 5 मिनट हे हुए होते है सोनिआ को ब्लैंकेट ूढ़े... की वापस उसको ठण्ड लगने लगती है...

सोनिआ - ब्लैंकेट ूढ़ने के बाद भी

ठण्ड कैसे लग रही है

सोनिआ ने अपनी आँख खोल के देखि... और आँख खोलते हे सोनिआ आश्चर्य से भर गयी...

सोनिआ - ये ये... क्या...

ब्लैंकेट कहा गया... अभी 5 मिनट पहले हे तोह ूढा था और अभी तोह मेरी नींद भी नहीं लगी थी जो मई नींद में ब्लैंकेट गिरा देती तोह फिर ब्लैंकेट कैसे गिरा....

सोनिआ को अब थोड़ा ये चीज़े उन्नातुराल लगने लगा...

लेकिन अब क्या करती वोह.... ठण्ड तोह लग हे रही थी... ऐसे हे रात काटनी मुश्किल हो जाती...

सोनिआ ने वापस वोह ब्लैंकेट उठाया और फिर से झाड़ के उसको अपने ऊपर ूढ़ लिया और इस बार आँख खोल के रखा....

सोनिआ आँख खोल के रखी रही... अबकी बार कुछ नहीं हुआ ब्लैंकेट सही सलामत सोनिआ के बदन पे हे रहा इस बार...

सोनिआ ऐसे हे आँख खोले जागते हुए कब उसकी आँख बंद हो गयी और वोह सो गयी उसको खुद पता नहीं चला...

सोनिआ अभी नींद के आगोश में थी की... उसको महसूस हुआ की कुछ भारी सी चीज़ उसके चेस्ट पे आके बैठ सी गयी है....

सोनिआ अपने चेस्ट पे दबाव महसूस होने से थोड़ा नींद से जागने लगी... उसकी आँख हलकी हलकी सी हे अभी ओपन हुई थी की उसकी हलकी सी खुली आँखों ने जो देखा उसके बाद सोनिआ की चीख निकल गयी.. और उसकी आँख पूरी खुल गयी..... लेकिन जैसे हे उसकी आँख पूरी खुली उसने अपने आस पास देखो लेकिन कोई नहीं दिखा..

सोनिआ की हार्ट बीट बहुत तेज़्ज़ हो गयी थी उसका वक्षस्थल बड़ी हे तेज़्ज़ गति से ऊपर नीचे हुए जा रहा था...

सोनिआ - ये... अभी... क्या हुआ... क्या वोह एक सपना था... या सच में नहीं नहीं... सच नहीं हो सकता अगर सच होता तोह वोह जो भी था वोह इतनी जल्दी कहा भागता... नहीं ये सपना हे था... हां... एक सपना हे था... और कुछ नहीं... सो जा सोनिआ बीटा सो जा...

सोनिआ फिर से सोने लगी....

सोनिआ को नींद तोह आ नहीं रही थी लेकिन वोह अपनी आँख बंद करके सोने की कोशिश करने लगी...

तभी... उसको अपने पेअर के हिस्से पे ठंडी लगने लगी... और थोड़ी हे देर में सोनिआ को पैरो में गुदगुदी होने लगी....

सोनिआ अपने पैरो में गुड़गुड़ाहट से चौक गयी...

सोनिआ ( मैं में) - ये मेरे पेअर में गुड़गुड़ाहट कैसे हो रही और ठंडी कैसे लग रही...

सोनिआ ने अपनी आँख खोली और अपने पेअर की तरफ देखा... उसका पेअर ब्लैंकेट के अंदर हे था...

सोनिआ ( मैं में) - कमाल है पेअर तोह ब्लैंकेट के अंदर हे है फिर कैसे ठंडी लगी और वोह गुड़गुड़ाहट होना शयद मेरा वहां होगा आज सोने में देर हो गयी है इसलिए बार बार वहां हो रहा होगा...

सोनिआ फिर से अपनी आँख बंद करके सोने लगती है...

सोनिआ ने जस्ट अभी आँख बंद की हे थी की उसको उसके बालू पे किसी के हाथ फेरने का एहसास होता है... सोनिआ चौक के उठ जाती है और उठ के बैठ जाती है वह आस पास देखती है फिर कमरे की लाइट जलने के लिए उठती है की वैसे हे कोई उसका पेअर पकड़ लेता है ...

अपने पेअर को ऐसे किसी के द्वारा जकड़े होने का आभास सोनिआ के सरीर में झनझनाहट पैदा कर देता है.....

सोनिआ - कौन है... कौन है....

सोनिआ के पेअर से वोह हाथ हट जाता है...

जैसे हे सोनिआ के पेअर से हाथ हटा वोह दौड़ते हुए जाकर लाइट ों कर देती है और कमरे को अच्छे से देखने लगती है की कही कोई चोर व्होर तोह नहीं... लेकिन उसको कोई नहीं दिखा....

सोनिआ (टेंशन) - ऐसा कैसे हो सकता है... अगर यहाँ कोई नहीं था तोह फिर मेरा पेअर किसने पकड़ा था... क्या वोह भी मेरा एक वहां hi था या सच में किसी ने मेरा पेअर पकड़ा था...

नहीं नहीं.... एक हे दिन में इतने वहां नहीं हो सकते जरूर कुछ गड़बड़ है....

एक काम करती हु इस बार लाइट ों करके सोती हु...

सोनिआ कमरे की लाइट💡 ों करके सोने चली जाती है....

सोनिआ बीएड पे लेट जाती है और फिर से ब्लैंकेट ूढ़ लेती है...

इस बार कमरे की लाइट 💡ों थी और सोनिआ ने भी अपनी आँखें खुली रखी हुई थी...

कुछ देर तक कुछ भी नहीं होता... सोनिआ को लगा अब सोया जाए... वोह अपनी आंखें बंद कर लेती है..

जैसे हे सोनिआ आंखें बंद करती है.. उसको किसी का हाथ अपने चहरे पे महसूस हुआ...

सोनिआ ने झट से आंखें खोली... आंखें खोलते हे नज़ारा देख के सोनिआ चौक गयी...

सोनिआ - ारी.. ये क्या... कमरे में अँधेरा कैसे है... मैंने तोह लाइट ों किया था...

सोनिआ ने स्विच बोर्ड की तरफ नज़र घुमा के देखा स्विच बोर्ड की लाल बत्ती जल रही थी

सोनिआ - ये क्या... बत्ती तोह जल रही इसका मतलब लाइट तोह है फिर ये लाइट कैसे नहीं जल रहा... कही फ्यूज तोह नहीं हो गया...

अभी सोनिआ ये सोच हे रही थी की लाइट 💡 आटोमेटिक ों हो गया...

सोनिआ - ये देख सोनिआ थोड़ा सेहम गयी...

सोनिआ - ये क्या हो रहा है आज...

ऐसा क्यों हो रहा हैं.... इतना सब कुछ होना वहां नहीं हो सकता और न हे ये सब इत्तेफाक हैं..

सोनिआ अभी खुद से बात किये जा हे रही थी की लाइट💡 फिर से बंद हो गयी... लेकिन लाल बत्ती अभी भी चालू थी बॉस 🤓

सोनिआ - ये... ये... लाइट फिर कैसे बंद हो gyi...jabki लाल बत्ती तोह जल रही है...

सोनिआ अब घबरा गयी...

सोनिआ ने जैसे हे बीएड से उठने की कोशिश की वोह उठ नहीं पायी... उसको लगा किसी ने उसके पैरो पे बहुत जयादा वजन रख दिया हो...

सोनिआ अँधेरे कमरे में..

सोनिआ ( सेहमी सी आवज़ में) - कौन है..

तभी उसके कान के पास किसी के गरम गरम साँसों की हवा चलने लगी.....

और किसी के फुफकारने की आवाज़ आने लगी.. जैसे कोई गुस्से में तेज़्ज़ तेज़्ज़ सांस ले और छोड़ रहा हो... और दूसरे हे पल सोनिआ के पेट पे किसी के हाथो का घेरा कसने लगा...

सोनिआ अपने पेट पे ऐसे हाथो का घेरा कस्ते हुए पाकर बेहद ख़ौफ़ज़दा हो गयी...

सोनिआ - कौन हो... छोडो... मुझे कहते हुए खुद को उस पकड़ से छुड़ाने के लिए छटपटाने लगी.....

लेकिन उस हाथो के घेरे ने सोनिआ को नहीं छोड़ा... अब धीरे धीरे... वोह हाथो की उंगलियां सरकते हुए सोनिआ के चेस्ट की तरफ बढ़ने लगी....

सोनिआ अब बेहद डर चुकी थी.... उसने अपने आप को उन हाथो के घेरो से आज़ाद करने की साड़ी कोशिश कर ली.... एक तोह अँधेरे कमरे में उसको कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था..

सोनिआ ने एक जोर की छींक मारी....

सोनिआ - माँ...... डैड...... माँ....

सोनिआ की छींक सुनके... दूर कमरे में सो रहे कनिका और श्याम की नींद खुल गयी..

श्याम. - ये तोह सोनिआ की आवज़ थी न...

कनिका - हां उसकी हे आवज़ है..

वोह दोनों अपने रूम का दरवाजा खोल के सोनिआ के कमरे की तरफ भागे लगे..

सोनिआ के दरवाजे तक पहुंच के...

कनिका - सोनिआ बीटा दरवाजा खोलो...

कनिका सोनिआ के रूम का दरवाजा पीट ते हुए बोलने लगी...

अब सोनिआ के पेट पे जो हाथ का घेरा था वोह भी छूट गया... और जैसे हे सोनिआ को इस बात का एहसास हुआ वोह तुरंत अपने बीएड से उठ के भागते हुए दरवाजे के पास गयी और दरवाजा खोल के अपनी माँ. से लिपट गयी और रोने लगी....

कनिका - क्या हुआ... रो क्यों रही हो... और चिल्लाई क्यों...

सोनिआ - वोह.. वोह... मेरे कमरे में कुछ है...

श्याम. - क्या हैं सोनिआ...

सोनिआ - पता नहीं डैड... लेकिन बहुत अजीब अजीब सा हो रहा...

फिर सोनिआ ने सब बात बता दी

सोनिआ की बातें सुन के श्याम और कनिका भी सोच में पद गए की ये सब क्या है...

कनिका - जाइये आप जेक देखिये तोह सही कौन है और किसने मेरी बेटी के साथ ऐसा घटिया काम करने की हिम्मत की... कोई जरूर सोनिआ की खूबसूरती देख के घुस आया होगा. .

श्याम - तुम दोनों यही रुको मई अभी जेक देखता हु....

श्याम कमरे के अंदर प्रवेश करता है और स्विच बोर्ड के पास जाता है और स्विच बोर्ड पे लाइट ों करने के लिए बटन ढूढ़ने के लिए हाथ से टटोलने लगता है.... अभी श्याम टटोल हे रहा था की.... उसका हाथ एक कटी हुई वायर पे चला जाता है और श्याम को शॉक लगता है और वह वही शॉक लगने से मर जाता है...

ये देख के कनिका और सोनिआ की हालत और भी खराब हो जाती है...

कनिका तोह जैसे सदमे में चली गयी हो.... अपने आँखों के सामने अपने हे पति की मौत होते देखना... ऐसा हे हाल कुछ सोनिआ का भी था....

अब न तोह सोनिआ की और न हे कनिका की हिम्मत हो रही थी उस कमरे में जाने की....

सोनिआ तोह जैसे बेहोश हो गयी.... कनिका कभी सोनिआ को देखती तोह कभी श्याम की मृत पड़ी लाश को....

कनिका को समझ में हे नहीं आ रहा था की ये क्या हुआ... और किसने किया...

उसके सोचने समझने की शक्ति मानो खत्म हो चुकी थी....

कनिका ऐसे हे अपने पति की लाश को बैठे बैठे देखती रही....

ऐसे हे सुबह हो गयी.....

सुबह सोनिआ को होश आया... तोह देखा की वोह कनिका के कमरे में बीएड पे लेती हुई है...

सोनिआ को होश आते हे उसको रात को जो जो भी घटनाएं घाटी थी वोह सब एक एक करके याद आने लगी... और आखिरी में सिम की मौत भी याद आ गयी और वोह याद आते हे सोनिआ छींक मार के रोने लगी .... उसके रोने की आवज़ सुनके कनिका कमरे में आयी...

कनिका को देख के सोनिआ उस से लिपट के रोने लगी...

कनिका भी सोनिआ से लिपट के रोये जा रही थी...

तभी कमरे में 2 और औरतें दाखिल हुई... जिसको देख के सोनिआ बारी बारी से उन्दोनो से लिपट के रोने लगी...

वोह दोनों सोनिआ की बुआ थी... श्याम की बहन...

एक का नाम था सुनीता और दूसरी का नाम था अनीता...

वोह सब फिर नीचे आ गए... जहा सिम की लाश राखी हुई थी...

सोनिआ के दोनों फूफा भी वह थी....

कुछ देर रोना गण हुआ फिर लाश को जलने ले गए...

फूफा 1 - अनीता का पति... नाम है बिजॉय...

फूफा 2 - सुनीता का पति नाम अमित...

ऐसे हे आज का दिन इनका गुज़र गया...

इधर.... घर पे सुबह मल्टी और बिमला सेहर जाने के लिए निकलने हे वाले थी की तभी....

चंदा - रुकिया...

मल्टी - क्या हुआ चंदा... संजू का कॉल आया क्या..

चंदा - नहीं...

मल्टी का चेहरा नहीं सुन के लटक गया...

चंदा - कॉल तोह नहीं आया लेकिन संजू का मैसेज आया है...

मल्टी - बता जल्दी बता क्या मैसेज किया है संजू ने...

चंदा - जी अभी पढ़ के बताती हु...

बिमला - हां हां जल्दी पढ़...

चंदा - इसमें लिखा है की सॉरी मई आप लोग को जाने से पहले नहीं बता पाया...

मल्टी - कहा गया है..

चंदा - हां मई आगे पढ़ती हु...

की मई सेहर जा रहा हु.... और अभी कुछ हफ्ते वही रहूँगा मुझे एक जरुरी काम है वह ख़तम कर के आ जाऊंगा आप लोग को टेंशन लेने की कोई जरुरत नहीं है...

मल्टी - अच्छा... ये बात बता के नहीं जा सकता था क्या... यहाँ उसकी फ़िक्र में मेरी जान जाई जा रही थी गधा है एक नंबर का...

चंदा - अब तोह खुस हो न आप...

मल्टी - हां... भगवान् का लाख लाख सुकर है की मेरा संजू सही सलामत हैं..

बिमला - देखा मल्टी बहिन मई तोह पहले हे कह रही थी की संजू ठीक होगा और सेहर गया होगा तुम हे फालतू में टेंशन ले रही थी...

मल्टी - हां... क्या करू..... उनके जाने के बाद एक वही तोह सहारा है मेरा.

बिमला ( आँख मारते हुए) - और मई क्या हु.. ( धीरे से )

मल्टी - (धीरे से) - आप तोह गुज़ारा हो हमरा...

दोनों मुश्कुराने लगती है...

इधर...

एक लकड़हारा... - क्यों बी... तूने उस लड़के के फ़ोन से उसके घर वालो को मैसेज पंहुचा दिया न की वोह अभी नहीं आएगा..

दूसरा लकड़हारा जिसके हाथ में फ़ोन था...

- हां भाई भेज दिया मैसेज....

1सत - चल आ अब और वोह फ़ोन 📱 फिर से स्विच ऑफ कर दे...

उसने अपने साथी की बात मान के फ़ोन स्विच ऑफ कर दिया...

इधर चिमकाण्डी चुड़ैल अपने पेड़ पे बैठ के अपनी फटी हुई बुर को सहलाये जा रही थी...

चिमकाण्डी - हैई.... मेरी बुर का क्या हाल किया था उस छोकरे ने 2 दिन होने को आये अभी तक दर्द काम नहीं हुआ.... एक बार दर्द काम हो जाए फिर उस लड़के को बताती हु इस बार उसको जिन्दा नहीं छोडूंगी जितनी बेरहमी से उसने मेरी बुर मारी है उतनी हे बेरहमी से मई उसको मारूंगी ( हाहाहा 😂)

इधर हवेली में रात को सब सोने वाले थी... लेकिन आज भी सोनिआ के दिल में कल रात का हर एक सन दिख रहा था इस कारन वोह आज तोह बिलकुल भी अकेले नहीं सोने वाली थी...

लेकिन कनिका और सोनिआ अनीता सुनीता और अमित और बिजॉय को कुछ बता नहीं सकती थी... क्यों की ऐसी अजीबोगरीब घटना के बारे में सुनके कही वोह उन दोनों को पागल न समझे इस डर से कनिका और सोनिआ ने उन लोगो को कुछ भी नहीं बतया बास सिम की डेथ करंट ⚡ लगने से हुई बस यही बताया....

अब हवेली में एक कमरे में अनीता और उसका हस्बैंड बिजॉय सो रहा था और दूसरे कमरे में सुनीता और उसका पति अमित सो रहे थी... और कनिका के रूम में कनिका और सोनिआ सो रहे थी.....

सोनिआ आज भी घबराई तोह थी लेकिन कल के मुताबिक़ उसकी घबराहट काम थी क्यों की आज उसके साथ उसकी माँ कनिका भी थी जिस कारन सोनिआ को हिम्मत मिल रही थी...

ऐसे हे सब सो रहे थी...

तभी... कनिका और सोनिआ जिस रूम में सोये हुए थी... उस रूम का दरवाज़ा बजा...

डेढ़... दढठ... दढठ.....

दरवाजे की बजने की आवाज़ सुनके सोनिआ की नींद खुली....

सोनिआ ने दरवाजे की तरफ देखा दरवाजा डेढ़.... दढठ... दढठ... की आवाज़ से बजे जा रहा था....

सोनिआ ने अपने बगल में सो रही अपनी माँ को उठाना चाहा..

सोनिआ - माँ... माँ.... उठिये न... देखिये न दरवाजे पे कोई है...

कनिका गहरी नींद में थी इसलिए उसने नींद में हे कहा... तोह जेक देख न कौन है तेरी बुआ लोग होगी.. उनकी आदत है ऐसे रात को जागने पे आती है कभी कभी....

सोनिआ - अच्छा ....

सोनिआ बीएड से उठती है और अपने कदम बढ़ाते हुए दरवाजे के पास जाती है और दरवाजा खोलती है...

सोनिआ ने दरवाजा खोल दिया...

दरवाजे के बहार कोई नहीं था...

सोनिआ ने अगल बगल नज़र घुमा के देखा लेकिन कोई नहीं दिखा.... सोनिआ को जब आस पास कोई नहीं दिखा तोह उसके दिमाग में कल रात के सीन्स फिर से घूमने लगे और वोह घबराने लगी... और जल्दी से दरवाजा बंद करके कमरे के अंदर आ गयी और अपनी माँ को उठाने लगी...

सोनिआ - माँ माँ... उठिये न... माँ... प्लीज उठिये...

कनिका -( नींद में...) क्या है क्यों उठा रही इतनी रात को....

सोनिआ - माँ... वोह... वोह... दरवाजा बज रहा था न तोह जब मैंने दरवाजा खोला तोह देखा की...

कनिका - तेरी बुआ है .

सोनिआ - ारी नहीं माँ...

कनिका - तोह...

सोनिआ - कोई नहीं था...

कनिका - जब कोई नहीं था तोह क्यों इतना हंगामा मचा रही चल सो चुपचाप...

सोनिआ - ारी.. माँ आप कल रात की बातें भूल गयी क्या....

कनिका - रात गयी बात गयी चल सो जा चुपचाप...

कनिका ने डाट डपट के सोनिआ को सुला दिया...

लेकिन अब तोह जो होना था हो चूका था...

दोनों माँ बेटी सो रही होती है...

तभी कनिका की साड़ी के अंदर उसकी बुर पर कुलबुलाहट सी होती है....

कनिका नींद में हे अपना हाथ अपनी साड़ी के ऊपर से बुर पे रख के खुजलाने के लिए ले जाती है और अपना हाथ जैसे हे बुर पे रखती है उसको उसकी बुर की जगह पर किसी का हाथ का एहसास होता है....

ये एहसास होते हे की उसकी बुर में कोई हाथ फेर रहा है कनिका की नींद खुल गयी और वोह अपनी आंखें खोल के देखती है... और क्या देखती है....

एक काला साया उसके पेअर की तरफ बैठा हुआ था उसका चेहरा अँधेरे के कारन दिख नहीं रहा था लेकिन इतना तोह समझ में आ रहा था की वोह अपने हाथ को कनिका के बुर पे रख के कनिका की बुर की जहातू को सहला रहा था....

कनिका ऐसे अपने बुर की झट्टू को सहलाने वाले साक्ष को जोर से गुस्से में चिल्लाते हुए

कनिका - कौन है तू... और ये क्या हरकत है...

कनिका अपने हाथ से उसके हाथ को पकड़ते हुए कहती है

और अपने बगल में लगी लाइट की बटन को जलने के लिए हाथ बढ़ाया.... तब तक तोह वोह साये ने कनिका की बुर को पकड़ लिया...

कनिका - आअह्ह्ह्ह....... क्या... कर रहा है....

कनिका ने बल्ब 💡 जला दिया... और बल्ब 💡जलते हे.... कनिका के सामने उस काले साये का चेहरा आया...

और उसका चेहरा देखते हे कनिका का चेहरा पीला पद गया.....

कनिका - तुम.......

साया.... - हाहाहा 😂 ... मई.... क्यों तूने क्या समझा था की संजू बाबा ऐसे हे मर जाएगा.. संजू बाबा मर के भी अपने दुश्मनो को नहीं भूलता मेरी रानी... हीहीही...

save-2023-10-28-19-51-54.jpg


संजू मरने के बाद एक ईविल 😈 भूत में ट्रांसफॉर्म हो चूका था....

तोह देख क्या रहे हो... स्वागत नहीं करोगी हमारा अपनी बुर में कनिका रानी... तेरी बुर बड़ी मस्तानी चल छोड़ने दे न कर मेरे सामने आना कानि... 😛

सोनिआ मैडम भी अब तक उठ चुकी थी और संजू बाबा का ये रूप देख के तोह सोनिआ मैडम मूर्ति की तरह उसको देख के कोमा में चली गयी....

😅

कनिका - तुम.. तुम... तुम.. तोह मर गए थी... न...

संजू - ारी... बोलै तोह डार्लिंग... की

" छोडूंगा न मई तेरा और तेरी इस चुड़क्कड़ बेटी का साथ ू कनिका रंडी मरते दम तक "

कनिका - पर तुम तोह मर चुके हो...

संजू - मई तोह तुम दोनों के मरते दम तक की बात कर रहा था हहै😄 हहै😄 हेहही😂

कनिका और सोनिआ घबरा जाती है..

सोनिआ - इसका मतलब कल वह रात को...

संजू - हेहेहे 😆 मई हे था तीखी बुर वाली रंडी की बेटी वोह मई हे था... जो तुझे छोड़ने आया था... हेहेहे 😆 ....

लेकिन तेरा बाप बिच में घुस आया इसलिए उसको टपका दिया... हहहहए 😆

कनिका और सोनिआ सिम की मौत संजू ने की है ये जान ने के बाद अंदर तक कांप गए...

संजू - हहहहए😆 हहहहए 😆 अब चलो दोनों नंगी हो जाओ.... फिर तुम दोनों की बुर मारनी है हेहेहे 😃 और उसके बाद तुम दोनों रणदिवो को मारनी है हेहेहे.. 😃 वोह भी जान से हहहहए 😃 हहहहए 😆

संजू की. ऐसी. बातें सुनके कनिका और सोनिआ की बिना मारे हे फाटत गयी.... 🤣🤣



 
तोह क्या बोलती पब्लिक संजू बाबा का नया लुक भूत के रूप में कैसा लगा...

1698376734013.jpg




क्यों हिला डाला न....😎
 
संजू का भूत वाला रूप देख के और उसकी बातें सुनके

कनिका और सोनिआ की बिना मारे हे गांड फाटत गयी...

कनिका ( सहमे हुए )- क.. क... क.. क्या.. कहा तुमने...??

संजू - वही जो तेरी बुर ने सुना.. हहै 😁

फटेगी तेरी बुर भी और तेरा पेट भी बुर मेरे लुंड से और पेट मेरे दंड (सजा) से हहै 😁

संजू का इतना कहना था की दोनों माँ बेटी रोने लगी... और संजू से मिन्नतें करने लगी...

कनिका - हमें माफ़ कार्डो संजू... प्लीज हम दोनों को माफ़ कर दो हमसे बहुत बड़ी गलती हो गयी... यहाँ आकर... प्लीज हम दोनों को छोड़ दो... चाहे तोह ये हवेली रख लो... लेकिन प्लीज हम दोनों को छोड़... दो...

संजू - हहै 😁 तुम दोनों को मार के वैसे भी हवेली मेरी हे हो जाएगी हहै 😁

कनिका और सोनिआ की फिर से फाटत गयी....

सोनिआ ( रट हुए...) - प्लीज प्लीज संजू हम दोनों को मत मारो... मई तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हु....

संजू - अच्छा... ठीक है एक शर्त पे तुम दोनों की जाना बक्श सकता हु...

कनिका और सोनिआ की आँखों में चमक आ गयी....

कनिका - क्या... शर्त है...

संजू - हहै... 😁

तुम दोनों को मुझसे आज रात भर छुड़वाना होगा... और अपने साथ अपनी मेहमानो को भी छुड़वाना होगा आज रात हे हीहीही 😁 और सुबह होते हे ये हवेली के कागज़ात ( पेपर्स) यही हवेली में छोड़ के निकल जाना होगा वार्ना तोह तुम दोनों जानती हे हो की मई क्या करूँगा...

कनिका और सोनिआ - हमें मंज़ूर है... सब मंज़ूर है बस हमें मारना मत...

संजू - ठीक है... हहै 😁 अब आएगा मज़ा ...


चलो अब नंगी हो जाओ....
 
संजू: तो चल ले ले मुँह में



कनिका: छूट में दे दो न

संजू: नहीं अभी नहीं आराम से दूंगा

घबरा मत

ले अब मुँह में ले अपने मालिक के लुंड को

Kanika:lambi साँस लेते हुए जैसी तुम की मर्ज़ी छूट को अभी और इंतज़ार करना पड़ेगा आपके मुसल का

अब कनिका ने संजू का लुंड मुँह में भर ली और चूसने लगी

और संजू कनिका के सर को पकड़ के अपने लुंड पर दबाने लगे









[URL=']
unnamed.gif
[/URL]
 


कनिका – ुन्ना… ुन्ना…. ुन्ना… ुन्ना

कनिका बड़े प्यार से और दर से चूस रही थी संजू के लुंड को और संजू भी पुरे मज़े ले रहा था लुंड चूसै के

संजू लुंड को मेरा मुँह मैं पेहलता रहा

सोनिआ - देखने लगी

की उसकी माँ भूत संजू का लुंड कैसे चूस रही है

कनिका सोनिआ की आँखों में देख रही थी और लुंड को चूस रही थी

सोनिआ: मा संजू का कितना बड़ा है

संजू: चिंता मत करा तेरे मुँह में भी दूंगा हहै

सोनिआ: घबराते हुए --- नहीं नहीं मुझे नहीं लेना

संजू तरय तो करो जब माँ ले सकती है तो बेटी क्यों नहीं

तभी संजू ने लुंड कनिका के मुँह से निकला और सोनिआ के सामने क्र दिया

संजू: लो एन्जॉय करो एक भूत के लुंड को

कनिका संजू को देख रही थी

सोनिआ -- नहीं मुझे नहीं लेना और उठने लगी तो कनिकै उसका हाथ पकड़ के बिठा दी

कनिका: ले लो बेटी वर्ण तुम्हे पता है न

सोनिआ पर माँ इसका बहुत बड़ा है

संजू: हेहेहे

कनिका: ले ले बेटी नहीं तोह मारे जाएंगे …

सोनिआ -- माँ पर बहुत बड़ा है और अपने हाथ में पकड़ लिया

नहीं नहीं ये तोह वैसे भी जान ले लेगा

संजू -- तरय तो करो

कनिक ने संजू के लुंड को पकड़ा और

कनिका: चल मुँह खोल और सोनिआ ने खोल दिया और कनिका ने उसके मुँह में संजू का लुंड भर दिया

सोनिआ: गुगुगु करने लगी पर

अब संजू कहा मैंने वाला था

और कनिकै भी उसका साथ दिया और पूरा का पूरा लुंड सोनिआ के मुँह में भर दिया कुछ इस तरह



tumblr-inline-nj508f-Bpdf1t2ulr7540.gif
 
Back
Top