अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड) - Page 64 - SexBaba
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अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड)

बीआरओ आपकी बात मैं समझता हु , ये सही भी है , बूत एक चीज में थोड़ा आपको करेक्ट करूँगा की आप मैजिक और सुपरनैचरल थिंग की जगह फंतासी वर्ड का उसे कर रहे हो , फंतासी तो हर चीज hi है , पूरी स्टोरी hi फंतासी है , इन्सेक्ट और अडल्ट्री भी तो फंतासी hi है वो रियल थोड़े hi है ...

आप स्टोरी में आये मैजिक और सुपरनैचरल पावर्स की बात कर रहे हो ,तो यंहा कहना चाहूंगा की ..

अभी ये कन्फर्म थोड़ी है की ये सुपरनैचरल पावर्स hi है :शहहह: :हिंतहिंट2:

ये बात मुझे समझ नहीं आयी की आप क्या बोलना चाहते हो :?:

अंकित को तो हमेशा से पता था की आरती कहा से है , क्योकि उसका भाई जंहा से पढ़ा था वही तो आरती के परिवार की दुकान थी ...

इसे थोड़ा एक्सप्लेन कीजिये की आप क्या पूंछ रहे है

:थैंक्स: धन्यवाद विक्रम भाई :)
 
आपकी बात में पॉइंट तो है :अप्प्रोवे:

ऐसा है की टिया स्टॉले कॉलेज के पास का है , और कॉलेज किसी कसबे का है जंहा से वो शहर दूर है जंहा जीवा या तिवारी सोच भी नहीं सकते की कोमल यंहा ऐसा काम कर रही होगी :)

जंहा तक पढ़े लिखे होकर भी चाय बेचने का काम है तो जैसा उन लोगो का सिचुएशन था उन्हें जरुरत पैसे की नहीं बल्कि शांति की थी , और कुछ लोग कहते है की ग़ुरबत में शांति होती है , :संत: शायद कोमल ने इसे सही मान लिया :lol1:

पहली बात यंहा ये समझने की है की तिवारी ने करीम को मारा लेकिन कैसे ये अभी क्लियर नहीं है और इसमें एक लोचा भी है जो बाद में पता चलेगा :डी

जीवा कोमल का उसे तब करना शुरू किया जब करीम जिन्दा था :डेड:

दूसरी की जीवा को कोमल की शक्ति का कोई पता hi नहीं था न hi उसे कन्फर्म है की आरती में वो शक्ति है , कोमल के बारे में उसे पता तब चला जब उसने कत्लेआम किया तब जाकर उसने अपने बाप की बात को सीरियसली लिया था, उसे बस ये पता है की जो भी शक्ति है उसे सिर्फ वो hi कण्ट्रोल कर सकता है की जिससे वो लड़की प्यार करती है ..

अब इसी बेस वो आरती को भी तरय कर रहा है, वो खुद कन्फर्म नहीं है (और ये लाइन तो मैंने लिखी भी है शायद :हँ: )

एक और चीज करीम के मरने के बाद जीवा पावरफुल बना की नहीं ये तो वक़्त hi बताएगा :डी

कोमल शातिर थी इसलिए निकल गयी जैसे आरती के साथ आया हुआ शख्स भी निकल गया, महिमा और आरती ऐसी चीजों में एक्सपेरिएंस नहीं थे इसलिए फंस गए :अप्प्रोवे:

ये मन जा सकता है , सच्चाई तो स्टोरी के ख़त्म होने पर hi समझ आएगी :हिंतहिंट:

कुछ लूप्स जांबुच्कर छोड़े जाते है जो की आगे जाकर क्लियर होते है :)

:थैंक्स: धन्यवाद विक्रम भाई :)
 
अपडेट 64
जब मेरी आंखे खुली तो मेरे सामने जो मुखड़ा था उसे देखकर मुझे बहुत hi सुकून मिला , वो शायद रत भर जगाने की वजह से अभी सो रही थी ..

प्यारे से चेहरे पर कोई मासूमियत टपक रही थी ..

मुझे मेरे शरीर में अभी बहुत hi कमजोरी से लगी लेकिन मैंने अपने होठो को फड़फड़ाने का प्रयास किया ..

“नेहा.. “

मैं बड़ी hi मुश्किल से बोल पाया था

नेहा ने झट से आंखे खोल ली जैसे वो इसी शब्द को सुनने का इन्तजार कर रही थी और मुझे अपनी और देखकर बात करता हुआ देखकर रट हुए मेरे साइन से लग गयी ..

मुझमे अभी इतनी हिम्मत नहीं थी की मैं उसके बालो को सहला पता ..

“तुम्हे होश आ गया अंकित, कितने दिनों से मैं इस पल का इन्तजार कर रही थी ..”

मैंने अपने होठ हिलाये लेकिन मेरी आवाज बहुत hi हलकी थी , मैं उसे कुछ बोलना चाहता था लेकिन मैं बस फुसफुसाई hi सकता था , उसने मुझे ऐसा करते देखा तो उसके होठो में मुस्कान आ गयी ..

उसने बड़े hi प्यार से मेरे बालो को सहलाया ..

“तुम अभी आराम करो मैं डॉ. को बता कर आती हु की तुम्हे होश आ गया है”

थोड़ी hi देर में वंहा डॉक्टर और कुछ नर्स आ गयी , मैं पुरे तरह से होश में आ चूका था , मैं सब देख और सुन सकता था साथ hi साथ हलकी आवाज में कुछ बात भी कर प् रहा था लेकिन अभी शरीर को पूरी तरह से हिलने की ताकत मुझमे नहीं थी ..

डॉक्टर ने मुझे देखा और मुस्कुराये ,

“कुछ hi घंटे में आपके शरीर में ताकत धीरे धीरे वपस आने लगेगी , don’t वोर्री अभी जयदा बोलने का प्रयास मत कीजिये ,आप आराम कीजिये “

डॉ. के जाने के बाद नेहा मेरा हाथ थामे मेरे पास hi बैठ गयी उसकी आंखे अभी भी नाम थी जिसे वो कुछ कुछ देर में पोंछ लिया करती थी , थोड़ी hi देर में मेरे कमरे में डॉ. चुटिया, कोमल , भुवन और काजल भी आ गए , मैं उन्हें देखकर खुस हो चूका था , मैं कुछ बोलने की कोशिस कर रहा था , मेरे होठो को फड़फड़ा हुआ देखकर कोमल मेरे होठो के पास अपने कानो को ले आयी ..

“भाभी ..”

मैं बस इतना hi बोल पाया था , जब कोमल उठी तो वो अपने आँखों में आये हुए आंसुओ को पोंछ रही थी , उसने भी मेरे बालो को सहलाया ,

“तुम आराम करो तुम्हारी भाभी ठीक है और जल्द hi तुमसे मिलने आएगी “

मैं समझ नहीं पा रहा था की आखिर ऐसा क्या हो गया है की भाभी मुझसे मिलने नहीं आयी ..

थोड़ी देर बस अक्की , अज्जू और मोनिका भी वंहा आ गए , अक्की और अज्जू अभी ठीक लग रहे थे लेकिन अभी भी उनके शरीर में कही कही पर छोटो में लगी पट्टी दिखाई दे रही थी ,

सभी मुझे देखकर खुस थे , मैं भी सभी को देखकर खुस था लेकिन अभी भी मेरी आंखे भाभी को hi धुंध रही थी , या कहो की उन्हें देखने के लिए तरस रही थी लेकिन भाभी का अभी भी कोई आता पता नहीं था …

रत होते होते मैं अपने शरीर और होठो को थोड़ा जयदा हिला प् रहा था , आज मुझे मुँह से खिलने की परमिशन दी गयी और नेहा ने अपने हाथो से मुझे जूस पिलाया ,रत भी गुजर गयी थी लेकिन न तो भाभी आयी न hi किसी ने उनके बारे में बात तक की ..

सुबह जब नींद खुली मैं फिर से नेहा को अपने बिस्टेर के पास hi बैठे बैठे सोता पाया ,

“नेहा “

मैं खुद को ज्यादा अच्छा फील कर रहा था , आज मैं ढंग से बोल पा रहा था, लेकिन अभी भी आवाज थोड़ी कमजोर थी , नेहा ने झट से आंखे खोल ली, और मुस्कुराते हुए मेरे माथे पर किश कर लिया ..

“अब कैसे हो “वो मुस्कुराते हुए बोली

“तुम साथ हो तो मुझे कुछ हो सकता है क्या “

मेरी बात सुनकर उसने मेरे गलो को हलके से सहलाया ,

“तुम जल्दी ठीक हो जाओ न “

“मैं कितने दिनों से यंहा हु “

वो थोड़े देर के लिए चुप हो गयी फिर मुस्कुराते हुए बोली

“3 महीने हो गए उस एक्सीडेंट को “

हे भगवन मैं 3 महीनो से बेहोश था ,

“नेहा मुझे सच सच बताओ भाभी कहा है “

मेरी बात सुनकर नेहा का गाला थोड़ा भर गया था , वो कुछ बोल नहीं प् रही थी .. उसने मुझे रुकने का इशारा किया और तुरंत hi कमरे से बहार चली गयी ..

उसे ऐसा करते हुए देख मैं बेचैन हो गया था

वो थोड़े देर बाद कमरे में आयी ,

“अंकित भाभी अभी तुमसे मिलने तो नहीं आ सकती लेकिन मैं तुम्हारी बात उनसे करवा दूंगी “

नेहा की बात सुनकर मेरी बेचैनी और भी बढ़ गयी थी

“आखिर वो है कहा जो मुझसे मिलने के लिए नहीं आ सकती , ऐसा नहीं हो सकता की मेरी भाभी मुझे ऐसे हालत में छोड़कर चले जाए “

मेरी बात सुनकर वो थोड़ी देर के लिए चुप हो गयी ,

“उन्ही से पूछ लेना की वो कहा गयी है और क्यों गयी है , ऐसे भी मैं उनसे बात नहीं करती “

“क्यों ..??”

“कौन लड़की अपनी सौत को पसंद करती है “

इससे पहले की मैं कुछ समझ पता वो कड़ी हो चुकी थी उसके होठो में एक बड़ी सी मुस्कान थी ,

“मैं फ्रेश होकर आती हु “

इतना बोलकर वो टॉयलेट में घुस गयी

सौत ???? :?:

क्या नेहा ने भाभी को अपनी सौत के रूप में स्वीकार कर लिया ? :लव:

मेरे मन में तो कई किलो के लड्डू फुट गए थे :व्हॅप्पी:

लेकिन ये भाभी आखिर गयी कहा थी …………

******************

थोड़ी hi देर बाद पूर्वी और विकाश वंहा आये..

“अब कैसे हो अंकित “

विकाश ने मुस्कुराते हुए कहा

“ठीक हु सर ..:)

थोड़ी और औउपचारिक बात के बाद पूर्वी अपना मोबाइल पकड़ कर बहार गयी और थोड़ी देर बात फिर से कमरे में आयी वो किसी से बात कर रही थी ..

“है है ये लो “

उसने फ़ोन मेरे तरफ बढ़ाया और मुझे सपोर्ट देकर मेरे कानो में फ़ोन को लगा दिया ,

“कैसा है मेरा बीटा, तुझे होश आ गया “

ये वही आवाज थी जिसे मैं सुनने को तरस गया था , ये मेरी भाभी थी , पता नहीं क्यों ये आवाज सुनकर hi मेरे आँखों आंसू आ गए थे , शायद वही हल फ़ोन के उस पार मेरी भाभी का भी रहा होगा

“आप कहा हो “

मेरा गाला भर हुआ था , मैं बड़ी hi मुश्किल से बोल पाया था ..

“बीटा अभी मैं तुझसे बहुत दूर हु ,लेकिन जल्द hi हम मिलेंगे तू फ़िक्र मत कर , मेरी गैरमौजूदगी में नेहा तेरा अच्छे से ख्याल रखेगी, लेकिन अभी नेहा को वो वाला ख्याल रखने मत बोलना “

वो जोरो से हंस पड़ी जिसे सुनकर मैं थोड़ा शर्मा गया था , लेकिन उनको हँसता हुआ देखकर मुझे भी यकीं हो गया था की वो जंहा भी है ठीक है ,

“आपको देखने का मन कर रहा है “

“मुझे भी कर रहा है बीटा , मैं वडा करती हु हम जल्द hi मिलेंगे , तू बस जल्दी से ठीक हो जा “

हमने थोड़ी देर बात की फिर भाभी ने मुझे आराम करने को बोलकर फ़ोन रख दिया , भाभी गयी कहा थी :कंफ्यूज:

तभी मुझे उस दिन टीवी पर देखि खबर की यद् आयी , और मैं जैसे उछाल पड़ा

“क्या भाभी ने hi जीवा और सम्पत को मारा है ???”

मेरी बात सुनकर पूर्वी और विकास दोनों hi चौक गए थे , साथ साथ नेहा भी ..

“तुम.. तुम ये क्या बोल रहे हो “

नेहा कनपटी हुई आवाज में बोली

“मुझे पता है की जीवा और सम्पत मरे गए है , उसी के हाथो जो शिवा के नाम से कतल कर रहा है , और जीवा गैंग के कई लोगो को बुरी तरह से मारा गया है , तो क्या भाभी ने उन्हें मारा है , और क्या वो फरार है ??”

सभी एक दूसरे को देखने लगे थे, मैं कई दिनों से बेहोश था उन्हें समझ hi नहीं आया की आखिर मुझे ये सब कैसे पता चल गया था

“ये सब तुम्हे कैसे पता ??”

आखिर पूर्वी बोल उठी

“जब मैं पहली बार होश में आया तो ये न्यूज़ टीवी में चल रही थी “

मैं मुस्कुराते हुए बोलै

“देखो अंकित आरती ने उन्हें मारा है या नहीं इसका अभी फैसला नहीं हुआ है , जाँच तो चल hi रही थी , लेकिन आरती को मौकैवरदत में देखा गया था साथ hi उसके खिलाफ हमें गवाह भी मिले है … “

मैं पूर्वी को आश्चर्य से बस देखता hi रहा उसने बोलना जारी रखा

“अंकित अभी आरती जेल में है , लेकिन फ़िक्र की कोई बात नहीं है अगर वो बेगुनाह होगी तो हम उसे बचा लेंगे “

पूर्वी की बात सुनकर मैं रो पड़ा था वही नेहा तुरंत मेरे पास आ गयी और मुझसे लिपट कर मुझे दिलाशा देने लगी ..

“फ़िक्र मत करो अंकित भाभी को कुछ नहीं होगा “

“मुझे उनसे मिलना है”

मैंने मुश्किल से बोल पाया था



“तुम पहले ठीक हो जाओ फिर मैं खुद तुम्हे उनसे मिलवाने ले जाऊंगा “ इस बार विकाश ने कहा था
 
Sonu's कंडीशन इस आलरेडी फाइन बूत इस स्टिल वैरी बाद एंड नेहा इस सिटींग तेरे वेटिंग फॉर सोनू तो के तो हेर सेंसेस, थिस शोज तहत शी स्टिल लव्स सोनू वैरी मच. टीयर्स चामे तो Komal's आईज अस सून अस शी हर्ड भाभी, ी थिंक एवरीवन इस हिडिंग समथिंग. नेहा अक्सेप्टस सोनू, it's ा प्लेअसुरे. भाभी इस इम्प्रिसोनेद.??? Don't क्नोव व्हाट विल हैपन नेक्स्ट

अस ऑलवेज थे अपडेट वास् ग्रेट, यू अरे राइटिंग वैरी वेल, नाउ let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट, टिल थें वेटिंग फॉर थे नेक्स्ट part ऑफ़ थे स्टोरी.

थैंक यू...

???
 
ग्रेट....

मुझे लगा hi था भाभी किसी बड़ी मुसीबत मई फस गई hai.....but ये महिमा, करीम, नेहा और तिवारी का कुछ तक से अवि तक समझ नहीं पाया...

महिमा का रपे कब हुआ. अगर प्रेजेंट मई hi रपे हुआ तो नेहा अमित क पास कैसे पौची. करीम और तिवारी का क्या हुआ. ऐसा hi छोटे छोटे डॉट कुछ ज़यादा हो गए है....

वेटिंग फॉर योर रिप्लाई.....
 
:सुपर्ब: :गुड: अमेजिंग अपडेट है डॉ साहब,

बेहद hi शानदार और लाजवाब अपडेट है भाई,

तो आखिर कर 3 महीने के बाद अंकित को होश आ hi गया है,

और नेहा ने भी भाभी को अपनी सौत के रूप में स्वीकार कर लिया है,

लेकिन भाभी जेल में बंद है,

अब देखते हैं की आगे क्या होता है,

वेटिंग फॉर नेक्स्ट अपडेट
 
ह्म्म्मम्म्म्म

आपकी बात भी ठीक हे लेकिन कुछ हद तक.....

जैसे की अगर देखा जाए तो तो ये पूरी साइट ही फंतासी he....kyoki यंहा पर लोग उन् चीजों को करते या लिखे he...or पढ़ते he...ho उन्हें रियल वर्ल्ड में नहीं मिल सकती या नहीं लिख sakte....bas दिमाग में सोच सकते he.....akele मई उन् चीजों को अंदर ही अंदर विसुअलीसे करने की कोशिश करते hai....wo बात अलग हे

लेकिन यंहा बात आपकी स्टोरी की हे जिसमे की आपने फंतासी या सुपरनैचरल को अचानक से दाल diya...mera मतलब हे की अगर आप इसे ओनली सस्पेंस थ्रिलर ही रहने देते तो बेटर होता....

बिना पहले बताइये या कंही भी उजागर किये सस्पेंस थ्रिलर में अगर कोई राइटर फंतासी या सुपरनैचरल को ऐड कर दे तो इसका मुझे तो एक ही मतलब समझ आता he......ki उसने रायता इतना फैला दिया हे जिसे समेत न मुश्किल हो रहा he.....jiske लिए की वो फंतासी सुपरनैचरल का सहारा ले रहा हे....

जो आप कह रहे है की अभी कन्फर्म नहीं हे तो अगर ये बात आप माने की आगे जाकर आप इसे घुमा फिरा कर किसी भी तरह वो बाबा और शक्ति या श्राप वाली बात को गलत भी साबित कर de.....lekin अभी तो ये सुपरनैचरल की तरह ही देखा jaayega....ya फिर माइथोलॉजी क्योकि ये श्राप या वरदान वाला फंदा तो माइथोलॉजी से ही स्टार्ट हुआ था....
 
ह्म्म्मम्म्म्म

OK है....

सबसे पहले तो कोमल प्रोडक्ट्स बाकी को ये पता होना चाहिए की भाग न किसी भी प्रॉब्लम का सलूशन नहीं होता hai....or किसी बात से जितना भागते है उतना ही वो हम आते सामने आती hai....jyada बार और हर बार पहले से ज्यादा खतरनाक रूप मई....

ये लोग भले ही चले jaaye....lekin वो हो शिवा बना हुआ है वो नहीं रुकी gaya....uske अलावा आरती को इतनी आसानी से जीवा जाने नहीं dega...prabha अंकित तो खुद इन् सब मई पड़ा hai.....or जिस अट्मॉस्फेरे मई वो था उस से निकलने का बहुत ही काम होता है....

ये भी सही hai....ab नेहा को समझ में आ गया hai....actually उसे ये चीज जब फर्स्ट टाइम हुआ तब ही समझ जानी चाहिए thi....ki अब ये लोग पीछे नहीं हैट सकते....

कोई एक मन भी कटे तो दूसरा लग जाएगा उसे मानाने या फिर इनका जिस्म इन को ऐसा करने पर मज़बूर कर देगा.....

खैर देखते है आगे क्या होता है

अन्य्वयस

गुड अपडेट

थैंक्स
 
ह्म्म्मम्म्म्म

गुड अपडेट.....

वैसे काफी छोटा था लेकिन कोई न.....

बात करे अपडेट की तो महिमा की बात भी काफी हद तक सही hai......komal ने खुद को सही और जीवा और तिवारी को विलन बना दिया.....

लेकिन हकीकत हुए भी है की हर क्रिमिनल को जब की वो पहला क्राइम करता hai....uska मन उसका ज़मीर जरूर कहता है की उसे अब रुक जाना chahiye.....lekin उसे ऊपर होता है की वो क्या करता है.....

कोमल ने भी जब फर्स्ट क्राइम किया था तो वो उसके बाद रुक सकती thi....chalo कोई न नहीं रुकी लेकिन उसने काफी सारे लोगो को mara....jaisa की उसने खुद kaha.....or ये तो ऑब्वियस है की हर बार जब जुंग या लड़ाई होती है बुरे लोगो के साथ अच्छे भी काम में आ जाते hai...to क्या कोमल ने कभी सोचा जी मई किस कारण लोगो का खून बहा रही हु....

हर कोई क्रिमिनल चाहे वो कितना ही बड़ा हो या chhota....lekin जब वो एकांत मई होता है या रात मई एंड हेरे मई होता ऐसे तो एक बार जरूर अपने किये काम ko.....rewind करता है अपने दिमाग mai.....or सोचता जरूर है की वो सब कैसे hua....kyo हुआ और क्या होना चाहिए था

ध्यान रहे यंहा मई प्स्य्चोपत की बात नहीं कर रहा hu....sirf क्रिमिनल्स की....

तो मेरे कहने का मतलब है की कोमल ने भी सोचा hoga....or उसे भी अच्छी तरह से पता होगा की उसने क्या पाप या गुनहगार किये hai....or बाकी सब जो भी उसने अपने फ्लैशबैक में बताया वो सब नार्मल चीजे है जो की एलेक्शंस के टाइम होती hai....lekin उस से कोई क्रिमिनल नहीं banta...khas कर कोमल जैसा हार्डकोर क्रिमिनल.....

तो उसने भी कई साड़ी बाते छुपा li....or खुद को निर्दोष और jiva...Tiwari को विलन बना diya....kyoki ये चीज तो मुझे उसी टाइम लग गयी थी की सिर्फ तिवारी की बाते सुनकर ही कोमल उसे नहीं छोड़ सकती.... बात कुछ और ही है...

बात करे महिमा ki....to काफी रीडर्स उसे गलत बता रहे hai....OK....ye भी कह रहे है की वो तिवारी की कीप hai....ye भी मान लेते है.....

लेकिन उन मई से किसी ने भी ये दिमाग क्यों नहीं लगाया ki....agar वो तिवारी की कीप hai...ya उसे अहसास के निचे दबी है तो फिर वो उस पार्टी वाले दिन तिवारी को मार ने क्यों जाती.....

और उसके बाद से बार बार इन् लोगो को ये न कहती की वो तिवारी को मार ने गयी thi...kyoki उसकी वजह से मेरा हस्बैंड मारा गया.....

यकीन तो महिमा की बात का भी नहीं किया जा सकता.....

देखा जाए तो अब तक स्टोरी के किसी भी करैक्टर ne......apne बारे मई..... कोई भी ऐसी बात नहीं बात आयी है जिस पर की यकीन किया जा sake.....ya उसे सही ठहराया जा sake.....except हीरो....

खैर देखते है आगे क्या होता है

अन्य्वयस

गुड अपडेट

थैंक्स
 
ह्म्म्मम्म्म्म

क्या कहु कुछ समझ नहीं आ रहा....

स्टोरी में कंही से भी कुछ भी उठ के आ रहा HAI....KISI का कोई मतलब नहीं निकल रहा है....

न ही अब कोई एंगल बचा HAI....KAHANI का

बस गोल गोल घूम रही HAI.....OR स्किज़ोफ्रेनिअ के मई ये साड़ी चीजे कब से होने लगा गयी....

माफ़ कीजियेगा ये कहने के लिए लेकिन.....

अब धीरे धीरे मेरा और शायद मेरे साथ काफी लोगो का इंटरेस्ट ख़त्म हो रहा HAI....AB कहानी रोचक नहीं बोरिंग लगने लगी है....

और सबसे मैं दिक्कत ये भी है की आप इसमें इवेंट्स पर इवेंट्स डाले जा रहे HAI...CHAHRE पर CHAHRA....KAHANI पर कहानी और कोई भी क्लियर तो क्या उसके आस पास भी नहीं है....

सोचियेगा मेरी बात पर एक बार.....

थैंक्स
 
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