अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड) - Page 42 - SexBaba
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अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड)

अपडेट 40


हम वही खड़े थे जंहा से चले थे , मेरा गांव ..

काजल किसी काम की वजह से हमारे साथ नहीं आयी थी , नेहा , mahima(Neha की माँ ) , भाभी और मैं एक गाड़ी से रातो रत यंहा पहुंच गए थे ..

वही कॉलेज के बहार की छोटी सी चाय की टापरी जो की अभी बंद थी ..

उसे देखकर भाभी एक बार के लिए इमोशनल हो गयी ..

भाभी ने अपने घर का पता बताया , घर क्या था 2 कमरों की छोपडी hi कहिये ..

लेकिन उसमे भी टाला लगा था ,

पड़ोस की महिला ने जैसे hi भाभी को देखा वो उन्हें गाला लगाकर रोने लगी ..

“आरती तू कहा थी , और ये क्या सुनने में आया की तू अपने देवर के साथ भाग गयी .. ऐसा क्यों किया बेटी तूने .. तेरे माँ बाप तो जैसे टूट hi गए ये सब सुनकर “

उस महिला की बात से भाभी पर क्या असर हुआ ये तो मुझे नहीं पता लेकिन है मुझे अपने भाई पर जरूर जोरो का गुस्सा आया , जो गुस्सा उस समय हालत की वजह से मैंने अपने अंदर दबा लिया था .. उसने न सिर्फ हमें हमारे hi घर और जिंदगी से निकाल दिया बल्कि हमारे पवित्र रिश्ते को भी बदनाम किया था ..

“माँ बाबू जी कहा है काकी “

भाभी ने अपने आप को सम्हालता हुए कहा

“क्या पता बेटी जब से वो खबर आयी कुछ दिन तक तो उन्होंने तुम्हारा राष्ट देखा लेकिन फिर अचानक से गायब हो गए किसी को कुछ भी नहीं बताया की कहा जा रहे है कब आएंगे ..”

उनकी बात सुनकर सभी के माथे में बल पद गए थे ..

अब आखिर ये लोग कहा गायब हो गए थे ..

मैंने सबसे दूर हटकर काजल को फ़ोन लगा दिया ..

“ओह्ह सच को सामने लेन के लिए कोमल का मिलना बहुत जरुरी है सोनू , अगर वो नहीं मिली तो … हमारा तो कुछ नहीं जायेगा लेकिन रीडर्स का जरूर भेजा ख़त्म हो जायेगा :हहै:”

(जस्ट जोकिंग)

“है आप सही कह रही हो लेकिन .. लेकिन आखिर वो गयी कहा होगी ..”

“हम्म एक काम करो एक एड्रेस देती हु वंहा चले जाओ , शायद वंहा तुम्हे कोई हेल्प मिल जाए “

काजल ने मुझे मेरे गांव से 20 कम दूर जंगल की तरफ एक आश्रम का पता दिया ..

मैं सभी को लेकर उस आश्रम की तरफ निकल पड़ा..

“हमें कोमल जी को ढूंढना है और तुम ये हमें कहा बाबा बाबा के पास ले जा रहे हो “

नेहा ने मुझे गुस्से से कहा

“यार जब कही से कोई उम्मीद नहीं दिखती न तो एक hi सहारा बचता है… “

मेरी बात सुकर सभी चुप थे ,

“लेकिन ये बाबा है कौन ??“ इस बार महिमा आंटी (मेरी सौ माँ :ब्लश: ) ने कहा था

“क्या पता, सुना है कोई बहुत hi सिद्ध बाबा है , सब कुछ जानते है .. कुछ लोग तो उन्हें देवता की तरह पूजते है .. “

जो जानकारी मैंने आश्रम के बारे में अभी तक जुताई थी उसी आधार पर मैंने कहा था ..

कुछ देर के सफर के बाद hi हम आश्रम के बहार खड़े थे ..

वो आश्रम कोई बहुत hi खास नहीं लग रहा था बस घास फुस की कुछ छपड़िया और बस जंगल का साम्राज्य ..

कोई घेरा नहीं था , जंहा से पता चलता की आश्रम कहा से शुरू होता है और कहा ख़त्म .

है पास में एक झरने का आभास जरूर हो रहा था, कितनी शांति थी वंहा ..

जंहा तक गाड़ी जा सकती थी हम वंहा तक गाड़ी से गए फिर हमने पगडण्डी पकड़ ली थी ..

थोड़ी hi दूर में हमें लोग मिलने शुरू हो गए वो पेड़ो के निचे ध्यान लगाए बैठे हुए दिख रहे थे ..

हम थोड़ी hi दूर गए थे की

“हे भगवन “

ये आवाज महिमा की थी ,हम सभी ने उस और देखा जंहा वो देख रही थी , सभी का मुँह खुला का खुला hi रह गया था

एक जवान जोड़े पूर्ण तह नंग अवस्था में एक दूसरे से सम्भोग में लिप्त थे .. जैसे दुनिया की कोई भी खबर नहीं हो , एक दूसरे को ऐसे खा रहे थे जैसे कोई फल को चूस रहे हो , इतना सूंदर सम्भोग का दृश्य मैंने कभी नहीं देखा था ..

हम सभी की नज़ारे वंहा ऐसे जैम गयी की हम खुद को hi भूल गए थे .. नेहा ने मेरे हाथो को जोरो से पकड़ लिया था ,,

“अरे ये सब क्या देख रहे हो आगे चलो, न जाने ये कैसी जगह आ गयी मैं अपने जवान बेटी के साथ “

महिमा ने अपना सर झटक दे कहा , उसकी बात से हम सभी को जैसे होश आया , मेरी और नेहा की नज़ारे मिली और वो शर्मा गयी .. वही भाभी के चेहरे में बस एक हलकी सी मुस्कान थी ..

हम थोड़े और आगे गए तो हमें एक विदेशी सी महिला मिल गयी

“नमस्कार आप लोगो का स्वागत है .. क्या आप hi अंकित है “

उसकी हिंदी सुनकर मैं भी थोड़ा दांग था क्योकि वो पूरी विदेशी लग रही थी , लेकिन थोड़ी इंडियन .. जैसे कोई नृ होइ .. भरा हुआ मांसल बदन जो हर जरुरत की जगह से कैसा हुआ था ..

उसे देख कर मेरे मुँह से निकल गया ‘सनी लीओन यंहा’

एक सफ़ेद साड़ी में लिपटी हुई टपकती हुई जवानी का झरना थी वो , बस एक सफ़ेद साड़ी थी उसके जिस्म पर .. बस एक साड़ी ..:विंक:

उसके उभारो को देखकर तो किसी भी मर्द का ईमान दोल जाए तो मैं क्या चीज था ..

नेहा ने एक बार मेरे कमर में जोरो की चिमटी की ..

“खा जाओगे क्या उसे जो ऐसे घर रहे हो “

उसकी आवाज में जलन की बू साफ साफ सुनाई दे रही थी ..

“जी आपको कैसे पता की हम ..”

“काजल कामिनी ने फ़ोन किया था , आइये अंदर आइये “

काजल कामिनी ??? उसने बड़े hi सपाट रूप से कहा था उसके चेहरे में कोई सिकन तक नहीं आयी थी ..

और वो कहा अंदर आने के लिए कह रही थी , साला यंहा तो कोई बाउंड्री hi नहीं था , बस जैसे कोई जंगल हो और जंगल में कुछ जगह को साफ़ कारक छोटा गरदन जैसा बना दिया गया हो ..

हम उसके पीछे चले गए ..

“बाबा जी है न हमें उनसे hi मिलाना है “

मैंने उससे पूछ लिया ..

“है हमारे सिद्ध महाराज बाबा जी आपने भक्तो को घ्यान दे रहे है “

उसने बड़े hi प्यार से कहा

“क्या वो सच में सिद्ध है “

महिमा के मुँह से अचानक से निकल गया

“है बिलकुल ..मन सालो पहले उनके पास अपने पति से झगड़ा करके आयी थी ताकि वो हम दोनों को मिला दे .. तब से मैं उनके hi पास हु …”

उसने मुस्कुराते हुए कहा

“और आपका पति ..” नेहा ने पूछ लिया

“मुझे क्या पता ..:डेड: “ उसने बेख्याली से कहा

एक पेड़ के निचे तबूतरा जैसा बना था जिसमे एक व्यक्ति बैठा था .. तो ये hi है वो बाबा जी .. सामने कुछ लोग बैठे हुए थे , हम भी उनमे शामिल हो गए ..

“बाबा जी मेरा पति बहुत hi कमजोर हो गया है कुछ भी नहीं कर पता ..”

एक महिला और उसका पति जो की किसी कंकाल की तरह hi दिख रहा था दोनों hi हाथ जोड़कर खड़े हुए ..

“ये कुछ नहीं कर पता तो दूसरे से करवा देता हु पुत्री …”

पास खड़े एक पहलवान की तरफ इशारा करते हुए बाबा जी ने कहा

उसे देखकर महिला तो जैसे उछाल hi पड़ी लेकिन वो इंसान बोल पड़ा

“नहीं नहीं महराज ऐसा अन्याय न करना .. जो करना है मैं hi करूँगा “

“बीटा तूने दारू पि पि कर अपना पूरा मांस तो गाला hi दिया अब कुछ करने जायेगा तो बची खुची हड्डिया भी गाल जाएगी “

“नहीं महराज आप कुछ ऐसा उपाय बताओ की मैं hi कर पाउ ..”

“अच्छा ठीक है तो पुत्री इसे दूध पिलाया करो “

“महराज दूध तो पिलाती हु लेकिन साला पिता काम है और मसलता जायदा है ..”महिला की बात सुनकर बाबा जी मुस्कुरा उठे

“अरे बेटी अपना नहीं कुटिया का दूध पिलाओ इसे तब जाकर कुत्तो जैसे चादहए करेगा तुम्हारे ऊपर “

महराज की बात सुनकर महिला शर्मा गयी थी

“महराज अगर घोड़ी का पुलाव तो ..”

“देखो बीटा जयदा लालच नहीं करते घोड़ी का दूध पीकर अगर ये पड़ोस की घोडियो पर पढ़ने लगा तो फिर तुम्हे hi दुखो होगा ..जाओ कल्याण होगा “

दोनों hi उनका चाहरण स्पर्श करके वंहा से निकल गए ..

तभी दूसरी ायरत कड़ी हुई ..

“बाबा जी पिछले सप्ताह आपको बताया था न की मुझे गर्मी बहुत रहती है .. आपने गाजर और खीरा लेने को कहा था “

“है पुत्री .. तुमने गाजर लिया “

“जी महराज लिया लेकिन फायदा नहीं हुआ ..”

“ओह्ह कैसे लिया ..??”

“दो दिन तो आगे से hi लिया फिर सोचा की पीछे से ले के देखु तो पीछे से लिया , फिर खीरा आगे से और गाजर पीछे से लिया फिर..”

“रुको रुको … बेटी लेने का मतलब ऐसा लेना नहीं उसे मुँह से लेना था “

“महराज मुँह में भी लिया ना”

वो शर्मा गयी थी

“बेटी मुँह में नहीं लेना था .. मुँह से लेना था .. मतलब खाना था “

उसकी बात सुनकर वो थोड़ी उदास हो गयी ..

“ओह्ह खाना था क्या…”

“है अब की बात उसे खाना , लेने के लिए हम दूसरी चीज दे देंगे जो शहर की महिलाओ की असली सहेली होती है .. जिसका नाम दिल से शुरू होता है .. दिल दो… कहा जाता है “ :हहै:

“जय हो महाराज की ..”

वो महिला चिल्ला उठी ..

तभी एक भक्त चिल्लाया

“बोलिये ज्ञानियों से घ्यानी , ध्यानियों से ध्यानी , सिद्ध पुरुष , मन मानव , चुतियो के चुटिया महा चुटिया .. चुटिया डॉ महराज की ..”

जय जय जय ………



ाक्ष में एक घोष होने लगा था …….
 
अपडेट 41

“मुझे यंहा कुछ ठीक नहीं लग रहा है अंकित, ये लोग कैसी कैसी बाटे कर रहे है ..”

महिमा का चेहरा उतर गया था

“अरे माँ आपने इन्हे पहचाना नहीं ??”

नेहा की बात से हम सभी उसे hi देखने लगे

“अरे ये डॉ चुन्नी लाल है .. डॉ चुटिया, पापा के दोस्त ,बस दाढ़ी बढ़ा ली है ..”

महिमा ने फिर से उसे देखा और उसके चेहरे में एक चमक आ गयी ..

थोड़ी hi देर में सब भीड़ हैट गयी थी और हमें बाबा जी के कमरे में भेजा गया ,

हमने देखा की वो अपनी दाढ़ी उतार रहे थे ..

“ोूफ़ साला ये काम भी बड़ा अजीब है … कैसे कैसे चूतिये यंहा आते रहते है “

उन्होंने पास में रखा पानी पि लिया, फिर हमारे और देखने लगे

“ही महिमा कैसी हो , hi नेहा बेबी “

“डॉ साहब ये आप किन नाटकों में पढ़े है “

महिमा की बात सुनकर डॉ जोरो से हंस पड़ा ..

“अरे मत पूछो यार बस एक काम के चक्कर में यंहा फंसा हुआ हु , जो बाबा जी यंहा थे वो नहीं है तो मैं hi बाबा बना हुआ हु “

“लेकिन ऐसे में तो आश्रम की ऐसी की तैसी हो जाएगी “

मैंने मुस्कुराते हुए कहा

“कोई नहीं देखेंगे ऐसे भी मैं एक डॉ हु तो लोगो का इलाज करने की कोशिस करता हु .. थोड़े अलग तरीके से , तुम लोग बताओ की यंहा आना कैसे हुआ ..”

डॉ की बात से सभी के चेहरे में एक मुस्कान आ गयी थी .

“डॉ साहब हम एक मुसकीबत में फंस गए है “

महिमा की बात से डॉ थोड़े अलर्ट हो गए थे, मैंने अपनी कहानी बतानी शुरू की , की कैसे हम गांव से शहर पहुंचे और कैसे भाभी को जीवा गैंग ने इस्तमाल किया ,कैसे मर्डर्स हुए और शिवा का नाम उसे किया गया जो की मेरा hi पैन नाम है , कैसे हमें ये नहीं पता की कौन हमारे साथ है और कौन हमारे खिलाफ … और अब हमें कोमल की जरुरत है जो हमें सच्ची बता सके की आखिर हुआ क्या था .. वही महिमा ने भी अपने बारे में सब बताया ..

“ओह्ह तो तुम कोमल को ढूंढते हुए आये हो , काजल के कहने पर …हम्म सही जगह आये हो लेकिन तुम्हे एक दिन दो का इन्तजार करना होगा ..”

“क्यों..??”

मेरे मुँह से अचानक से निकल गया ..

“क्योकि कोमल उर्फ़ शक्ति तुम्हे ढूंढती हुई शहर चली गयी है … “

“व्हाट ..:व्हाट:”

सभी के मुँह से एक साथ निकला

“है जब से तुम लोग गांव छोड़कर गए तब से वो भी तुम्हे ढूंढते हुए शहर चली गयी , क्योकि उसे ये अंदाजा लग गया था की तुम्हारे चेहरे के कारण तुम फंस सकती हो .. कुछ दिनों तक वो मेरे पास hi थी ..”

“व्हाट…”

हम सभी के मुँह से फिर से निकला

“अब इसमें इतना चौकाने वाली क्या बात है , क्या तुम लोगो को नहीं पता की उसे तिवारी और जीवा से छुपकर इस गांव में बसने वाला मैं hi था “

हम सब एक दूसरे का चेहरा देखने लगे थे

“वो जब शहर आयी तो पहले मेरे पास hi रुकी थी , हम तुम्हे धुंध hi रहे थे की पाण्ड्य का मर्डर हो गया , इसी बिच मुझे भी इधर आना हो गया .. हमें ये तो पता चल गया की तुम लोग सम्पत के हवेली में हो .. सकती सामने नहीं आना चाहती थी इसलिए वो तुमसे नहीं मिली .. और मुझे इसी दौरान एक काम के सिलसिले में यंहा आना पद गया तब से मैं यही हु ..”

“तो माँ कहा है ??”

भाभी लगभग चिल्ला पड़ी

“शहर में मेरे घर में hi रह रही थी लेकिन मेरे आने के बाद से उसका कोई पता नहीं है , उसने तुम्हारे पिता को वापस भेज दिया वो अभी इसी आश्रम है , थोड़ी देर में आता होगा … लेकिन तुम्हारी माँ वही रुक गयी “

“क्या.. पिता जी ऐसा कैसे कर सकते है , उन्होंने माँ को अकेले कैसे छोड़ दिया “

भाभी मनो आग बबूला हो गयी थी , उन्हें इतने गुस्से में मैंने कभी नहीं देखा था ..

उनकी बात सुनकर डॉ मुस्कुरा उठे

“बीटा वो सकती है, उसकी चिंता तुम छोड़ hi दो .. और उसके सामने तो बड़े बड़े गैंगस्टर्स की नहीं चली तुम्हारे पिता तो बेचारे भोले भले से इंसान है … उसने कह दिया तो बेचारे को वापस आना hi पड़ा ..”

डॉ की बात सुनकर भाभी भी शांत हो गयी थी , इतने दिनों में उन्हें ये तो पता चल hi गया था की उनकी माँ आखिर चीज क्या है ..

“तो क्या वो दो खून ..”

मेरे मन में अचानक से एक शंका जाएगी

“कुछ भी कह नहीं सकते .. “

डॉ ने भी सफाई दे दी

“लेकिन काजल ने इस बारे में हमें क्यों नहीं बताया ..”

मुझे काजल पर गुस्सा आ रहा था ..

“अब उसे खुद पता हो तब वो बताएगी , और मुझे क्या पता था की वो इस केस में फंस जाएगी , और मैं भी तो इतने दिनों से यहाँ hi हु , सब से दूर … काजल और मेरी इस बारे में बात hi नहीं हुई … चलो तुम लोग थक गए होंगे तुम लोग आराम करो और जब तक कोमल का पता नहीं चल जाता यही रहो क्योकि बहार तिवारी और जीवा के लोग भी तुम्हे ढूंढ रहे होंगे .. और सबसे पहले वो इस गांव में भी चक्कर काट लेंगे .. मैं कोमल को ढूंढने के लिए अपने लोगो को लगा देता हु , तुम्हारा नाम सुनते hi वो यंहा चली आएगी उसे पता है की मैं कहा हु “

“लेकिन आखिर माँ शहर गयी hi क्यों सब मेरी गलती है “

भाभी अपना सर पकड़कर रो रही थी



“आरती तुम्हारी माँ बहुत hi चालाक महिला है , उसकी सकती और बुद्धि की लोग मिशाल दिया करते थे .. जब तुम दोनों गांव से भागे तो उसने तुरंत hi पता कर लिया की आखिर तुम गए कहा हो और किसके हाथ लग गए , वो ये भी जानती थी की जीवा पहले तुमसे तुम्हारे गांव का पता निकलवायेगा फिर अपने आदमियों की कोमल को पकड़ने के लिए भेजेगा , इसलिए वो भी तुरंत hi गांव छोड़कर चली गयी .. और ऐसा हुआ भी जीवा से तुम लोगो के मिलने के दूसरे दिन hi कोमल की पता सजी करने वाले आने लगे थे , कॉलेज के बहार hi एक नयी दुकान भी खुल गयी , जो हर हरकत पर नजर बनाये हुए है , अब तुम समझ सकते हो की तुम लोगो का यंहा आना भी उन्हें पता चल गया होगा , और शायद यंहा रुकना भी तो तुम्हे झूठ मुठ hi सही लेकिन फिर से गांव में जाकर एक गेम खेलना होगा ताकि तुमपर नजर बनाये रखने वाले गुमराह हो सके …लेकिन वो सब कल hi करना .. ऐसे भी यंहा शहर से जो लोग आते है एक दिन रूककर hi जाते है “

डॉ ने मुस्कुराते हुए कहा ..
 
कहानी बेहद रोमांच के ड़ोर से निकलती हुई आरती को माँ की फ़िक्र है पर वो ये भूल गयी की वो तो पुरानी गैंगस्टरनी है और वो भी शहर में ही बड़ी गेम खेल रही है

गाँव के शांतिपूर्ण माहौल में कइयों की सेटिंग भी हो जायेगी नेहा-शिवा-भाभी,

नेहा की माँ महिमा भी अब देखो रसिया है की नहीं पर ये साले जिवा-सम्पत निकले एक नंबर के हरामी अब लगे हाथों सोनू को अपने भाई से भी बदला ले लेना चाहिए
 
ी फील सो बाद व्हेन समवन सेक्स तहत भाभी राण अवे विथ हेर देवर , ी don't लिखे आईटी ात आल, आईटी फीलस लिखे ा स्टिग्मा.

:angryno::angryno::angryno:


ी दो नॉट क्नोव मच अबाउट थे आश्रम, बूत सीइंग थे ब्यूटीफुल सीनरी, थे देसिरेस वेरे क्रिएटेड इन everyone's मंद.

बाबा जी सिम्स तो हैवे ा सलूशन तो आल प्रोब्लेम्स.

:डी





ी आलरेडी सस्पेक्टेड तहत थिस बाबा जी इस डॉ. चुटिया, नाउ तहत हे है के, एवरीथिंग विल बे ऑलराइट. थे वे डॉ. Chutiya's एंट्री इन today's अपडेट वास् फैंटास्टिक.

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थैंक यू...

???
 
तो डॉ साहब ने तो यहाँ एक नया hi chapter शुरू करा दिया लेकिन कई राज़ खुल के सामने आये अब आश्रम. में. रुके है और मौक़ा भी दस्तूर भी हैं तो लगे हाट आज यहाँ hi भाभी या नेहा में से किसी एक का रंगडम पत्ता तो होना मांगता है क्यों भाई अगर आप लोग भी एग्री है तो मेरे साथ ज़ोर साई जय डॉ चुटिया महाराज की.....????
 
:सुपर्ब: :गुड: अमेजिंग अपडेट है डॉ साहब,

ये कोमल अब कहाँ गायब हो गयी है,

और ये सोनू के भाई ने तो पूरे गाओं में अफवाह hi उदा दिया है सोनू और भाभी के भागने का,

और ये क्या डॉ चुन्नीलाल तिवारी का सबसे लेटेस्ट वर्शन सबसे शानदार लग रहा है,

डायरेक्ट सिद्ध महात्मा छुम सेक्स गुरु hi बने बैठे हैं,

और आश्रम में तो सब कुछ खुल्लम खुल्ला है,

अब देखते हैं की आगे क्या होता है
 
नेहा आलरेडी कनेव डॉ. साहब. :ो एवरीवन इस अवेयर ऑफ़ थे वे डॉ. साहब इस treated.:D थी पीपल हैवे के तो थे विलेज तो फंड कोमल एंड कोमल है गॉन तो थे सिटी तो फंड them.:lotpot: मीनिंग कोमल इस मिसिंग एंड कोमल इस आल्सो विशियस. नाउ तहत आल थे विल्लगेस हैवे अर्रिवेद, टेक रिवेंज ों Sonu's एल्डर बरोथेर. :nutkick:From रीडिंग थे लास्ट लाइन ऑफ़ थे अपडेट आईटी सिम्स तहत मय्बे थे नेक्स्ट अपडेट विल प्लीज थे हार्ट. :लव:

अस ऑलवेज थे अपडेट वास् ग्रेट, यू अरे राइटिंग वैरी वेल, नाउ let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट, टिल थें वेटिंग फॉर थे नेक्स्ट part ऑफ़ थे स्टोरी.

थैंक यू...

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:सुपर्ब: :गुड: अमेजिंग अपडेट डॉ साहब,

बेहद hi शानदार और लाजवाब अपडेट है भाई,

तो कोमल आरती की खोज में सहर निकल गयी है, और इधर आरती उसे गाओं में ढूंढ रही है,

और डॉ यहाँ नकली बाबा बनकर सबको चुटिया बना रहे है,

अब देखते हैं की आगे क्या होता है,

वेटिंग फॉर नेक्स्ट अपडेट
 
क्या कुछ भी... अगर माता श्री इतनी hi शशक्त थी, तोए क्या जब सोनू का भाई भाभी की घंड मर रहा था, वोह भी इतने टाइम से, तोए माता श्री ने भाई के अगेंस्ट एक्शन क्यों नहीं लिया.....?

थे ीसीएस्ट वे तो किल ा गुड सस्पेंस इस बी इंट्रोडसिंग ा नई करैक्टर एंड क्रिएट अब्सोलुतेल्य ुँतौचेड reasons...if साडी मेस का पुलिंदा कोमल माता श्री के सर पे भांधने की तयारी है तोए....??
 
सो कुल मिलके छेड़ती जवानी कोमल की चाल भी मस्तानी हैं... :डी

क्या यार डॉ साहब दोनों माँ बेटी को एक साथ लाइव शो दिखा दिया.... :lol:

हव्व... यह चुन्नीलाल क्यों आया स्टोरी mein..kya बिकास और देव के बाद अब इस सोनू क बारी है :डी

खैर

Let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट

ब्रिलियंट अपडेट.. डॉ साहब.. ग्रेट गोइंग :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:
 
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