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- Dec 5, 2013
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अपडेट 170.
लास्ट Episode फाइनल part.
अख्तर का chapter क्लोज करनी क बढ़ में काफी रिलैक्स हो गया था.
अब में अपनी बिज़नेस पैर फोकस क्र सकता था.
एक दिन में ऑफिस में बैठा था क मुझे रिसेप्शन सी कॉल आई.
रिसेप्शन. सर मम आशा आई हैं
में. ठीक है उनको मेरी ऑफिस में भेज दो.
आशा मेरी ऑफिस में आ गयी.
में. आशु. व्हाट ा प्लीजेंट सरप्राइज. किसी हो.
आशा. में अछि हूँ.
में. किसी जा रही है तुम्हारी मैरिड लाइफ.
आशा. भट अछि. अमित भट ाच्य हैं. मेरा भट ख्याल रखती हैं.
में. That's गुड तो क्नोव. ये देख क्र ाचा लगा क तुम खुश हो. और सेक्स लाइफ किसी चल रही है.
आशा. सेक्स लाइफ भी अछि है. लकिन सच बताओं तो जैसा मज़ा तुम देती थय वैसा मज़ा नहीं है.
में. तुम सटिस्फी नहीं होती क्या.
आशा. ऐसा नहीं है. सटिस्फी तो हो जाती हूँ में लकिन यू क्नोव. तुम्हारी वाली बात नहीं है. तुम्हारी साथ सेक्स में में 3 सी 4 बार झड़ती थी. लकिन अमित क साथ बस एक बार.
में. जान क्र ाचा लगा क तुम सटिस्फीएड तो हो.
आशा. सटिस्फीएड तो हूँ लकिन तुम्हें भट मिस करती हूँ. एक बात बोलूं.
में. हाँ बोलो.
आशा. अमित आउट ऑफ़ सिटी गए हैं. मेरी घर चलो न प्लीज.
में. तुम अमित को धोका दो गई.
आशा. तुम न्य हे बोलै था क अगर कभी ज़रूरत हुई तो सिर्फ तुम्हें बताओं. और यू क्नोव प्यार तो में सिर्फ तुम सी हे करती हूँ.
में. तुम जानती हो मुझे किसी मानना है. चलो.
में और आशा ऑफिस सी निकली और आशा क घर पोहंच गए.
अंदर जाती हे आशा न्य मुझे धक्का दी क्र सोफे पैर बैठा दिए और मेरी गॉड में चार क्र बेथ गयी और मुझे किश करनी लगी.
में भी आशा क होंठ चुसनी लगा.
कच हे दिएर में हम दोनो क कापरी ज़मीन पैर थय
में सोफे पैर बैठा था और आशा नीची बैठी मेरा लुंड चूस रही थी.
भट दिएर मेरा लुंड चुसनी क बढ़ आशा सोफे क ऊपर चार गयी और अपनी छूट को मेरी मुँह पैर लय आई.
आशा न्य मेरा सर पकड़ा और मेरा मुँह अपनी छूट पैर लगा दिए
में आशा की छूट को चैतन्य लगा.
ऐसा लग रहा था क आशा आज सब कच खुद हे करना चाहती है.
कच दिएर बढ़ आशा मेरी गॉड में बेथ गयी और लुंड को अपनी छूट में लय क्र ऊपर नीची होनी लगी.
आशा जो भी क्र रही थी में उसको करनी दी रहा है.
आशा मेरी लुंड पैर ऊपर नीची उछाल रही थी.
आशा. ाः ाःह अली ी मिस्ड यू ाः ाः ी मिस्ड थिस. ाःह ये मज़ा भट मिस किआ में न्य ाः किश में अली ाः किश में जाएं.
में न्य अपनी होंठ आशा क होंतु सी मिला दिए और उसको किश करनी लगा.
आशा डबल मज़ा प् क्र झाड़ गयी.
आशा नीची उतरी और बीएड क पास जा क्र घोड़ी बन गयी.
आशा. फ़क में फ्रॉम बिहाइंड. फ़क में लिखे ा बीच.
में न्य आशा की छूट पैर लुंड रखा और एक हे ढक्की में अंदर घुसा दिए और ज़ोरदार चुदाई स्टार्ट क्र दी.
और ऐसी हे आशा भी झाड़ गयी और में भी उसकी. छूट क अंदर झाड़ गया.
में न्य वो दिन आशा क साथ स्पेंड किआ और शाम को घर आ गया.
कच दिन ऐसी हे नोर्मल्ली गुज़र गए.
में ऑफिस क काम में भट बिजी हो गया था. मेरी मीरा सी रोज़ाना बात होती थी.
रात को में और नेहा एक साथ हे सत्य थय जैसी हम पेहली सोया कृत्य थय लकिन हमारी बिच भट टाइम सी कच हुआ नहीं था.
शायद नेहा को लग रहा था क मीरा सी शादी की वजह सी मेरा नेहा में इंटरेस्ट खत्म हो गया है.
आज वीकेंड था.
में सुबह उठा और नाश्ता बनानी लगा.
नेहा अभी सो रही थी.
कच दिएर क बढ़ नेहा भी किचन में आई.
नेहा. आर्य तुम क्यों नाश्ता बना रही हो.
में. में न्य सोचा आज अपनी जान को अपनी हाथ सी नाश्ता करवाएं.
नेहा. तुम्हारी जान तो अब कहीं और है.
में. मेरी जान तुम हो और ये तुम्हें भी पता होना चाहिए.
नेहा. पता नहीं लकिन मुझे ऐसा लग रहा है क में तुम्हें खो न दूँ.
में. तुम फज़ूल में सोच रही हो. चलो नाश्ता क्र क तैयार हो जाओ. हम लॉन्ग ड्राइव पैर जा रही हैं.
नेहा. मेरा मूड नहीं है यार.
में. मूड है या नहीं. इसका मुझे नहीं पता हम जा रही हैं बस.
नेहा. तुम भी न बचूं की तरह ज़िद करना शरू हो जाती हो.
में. हाँ ज़िद तो क्र रहा हूँ में. चलो. जल्दी करो.
नेहा. ाचा ठीक है होती हूँ तैयार.
नेहा तैयार हो क्र आ गयी और हम लॉन्ग ड्राइव पैर निकल गए.
में नेहा की परेशानी समझ रहा था. किसी क लवर की उस क सामन्य शादी हो जाए और उसी एक हे घर में उन क साथ रहना प्रय.
में नेहा की परेशानी समझ रहा था. लकिन में नेहा को ये चीज़ बता चूका था क उस की मेरी दिल में अलग जगह है.
में ड्राइव क्र रहा था और नेहा खामोश बैठी थी.
में. जान क्या हुआ है तुम परेशान क्यों हो.
नेहा. पता नहीं मेरा दिल भट उदास है.
में. में समझ रहा हूँ तुम्हारा दिल क्यों उदास है.
नेहा. तुम मेरी लिए मेरी जान सी ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट हो
अली. मेरा दिल ये सोच क्र उदास है क तुम किसी और क हो गए हो.
में. नेहा में तुम्हारा हूँ और हमेशा तुम्हारा हे रहूं गए.
नेहा. लकिन हूँ तो में तुम्हारी माँ हे न.
में. दुन्या क लिए तुम मेरी माँ हो. लकिन मेरी लिए मेरी जान हो.
नेहा. में जानती हूँ. लकिन मुझे ये नहीं पता क पहर भी मेरा दिल क्यों उदास है.
में. चलो पहर शादी क्र लेती हैं.
नेहा. क्या... अरे यू सीरियस.
में. हाँ में सीरियस हूँ.
अगर तुम्हारी दिल की उदासी खत्म नहीं हो रही तो हम शादी क्र लेती हैं.
नेहा. अली मेरी जान ऐसा नहीं है. में माँ नहीं बन सकती इस लिए हमारा शादी करना या न करना मटर नहीं करता.
जो मटर करता है वो है हमारा प्यार और मुझे हमारी प्यार में कोई शक नहीं है.
में. ाचा ठीक है आज हम इस टॉपिक पैर बात नहीं करिअन गए.
आज का दिन सिर्फ में और तुम. हम सिर्फ एन्जॉय करिअन गए.
नेहा क चेहरी पैर स्माइल आ गयी.
में नेहा को लय क्र हमारी फेवरेट स्पॉट पैर गया और हम न्य लंच किआ.
पहर हम एक हिल स्टेशन पैर चली गए जहाँ हम न्य एक बिलकुल अकेली जगह देखि और खूब बातें किन.
शाम को हम घर क लिए वापस निकली. हम न्य डिनर भी बहार हे किआ और लेट नाईट घर वापस आ गए.
घर पोहंची तो नेहा का मूड भट ाचा हो चूका था.
हम दोनो फ्रेश हुए और कम्र्य में आ गए.
में. तुम न्य बोलै था न क जो भी है हो तो तुम मेरी माँ हे.
नेहा. हाँ. बोलै था.
में. अब सी नहीं हो.
नेहा. क्या मतलब.
में न्य नेहा को पाकर क्र अपनी सामन्य बैठा लिए.
में. (नेहा की आंखूं में देखती हुए) में अली मालिक आज सी और अभी सी तुम्हें अपनी पत्नी मंटा हूँ और हमेशा मंटा रहूं गए.
नेहा क चेहरी पैर स्माइल और आंखूं में आंसू आ गए.
नेहा. (अपनी आंसू साफ़ कृत्य हुए) में नेहा आज सी और अभी सी तुम्हें अपना पति मानती हूँ और हमेशा मानती रहूं गई.
नेहा रोटी हुई मेरी गली लग गयी. और में न्य नेहा को टाइट हुग क्र लिए.
में. देख लो अब तो तुम मेरी माँ नहीं रही न. अब तुम मेरी पत्नी बन गयी हो.
नेहा. ी लव यू अली. ी लव यू सो मच.
में. ी लव यू तू मेरी जान.
नेहा. हमेशा ऐसी हे मुझे प्यार कृत्य रहना.
में. तुम भी हमेशा ऐसी हे मेरी बन क्र रहना.
हम दोनो मुस्कुराती हुए एक दूसरी सी अलग हुए.
नेहा. तो मेरी प्यारी हस्बैंड अब क्या प्लान है.
में. में तुम्हरी लिए कच लाया हूँ.
नेहा. ाचा क्या लाए हो.
में न्य एक बॉक्स निकल क्र नेहा को दिए.
में. जाओ और ये पहन क्र आओ.
नेहा. ये क्या है. (बॉक्स को देखती हुए)
में. जा क्र देख लो और पहन क्र आओ. और हाँ बाल खुली चूर्ण.
नेहा. वो क्यों
में. तुम्हारी खुली बाल मुझे ाच्य लगती हैं.
नेहा न्य बॉक्स लिए और बाथरूम में चली गयी.
कच दिएर क बढ़ नेहा बाथरूम सी नकली.
जो बॉक्स में न्य नेहा को दिए था उस में एक ब्लैक निघ्त्य थी.
ब्लैक ब्रा. ब्लैक पंतय और साथ ब्लैक गाउन था.
नेहा. ब्लैक निघ्त्य में खुली बालून क साथ क़यामत लग रही थी.
नेहा निघ्त्य पहन क्र सेक्सी स्टाइल में मेरी पास आई और बोली.
नेहा. ाचा तो तुम न्य साडी प्लानिंग क्र क राखी थी आज रात की.
में. में न्य तुम्हें बोलै था न क तुम्हारी जगह खास है.
तुम्हारी जगह कोई नहीं लय सकता.
नेहा. हाँ सही कहा तुम न्य. में हे पागल थी जो साद हो गयी.
में. अब वहां खरी रहो मेरी पास आओ. मुझ सी अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा.
नेहा. हाल तो मेरा भी ऐसा हे है. नेहा मेरी पास आ क्र बीएड पैर बेथ गयी.
में न्य टाइम वास्ते किये बगैर नेहा को अपनी पास किआ हाथ उस क चेहरी पैर रखा और अपनी होंतु की नेहा क होंतु सी मिला दिए.
और हमारी किसिंग स्टार्ट हो गयी.
में और नेहा दोनो एक दूसरी क होंतु को चूमनी और चुसनी लगी.
हम दोनो की आंखें बंद थीं और हम बस एक दूसरी क होंतु की मिठास का मज़ा लय रही थय.
किश कृत्य कृत्य नेहा खरी हो गयी और मेरी शर्ट उतरण्य लगी.
में न्य अपनी हाथ ऊपर क्र दिए और नेहा को शर्ट उतरण्य में मदद की.
नेहा न्य मेरी शर्ट उतर क्र फ़ेंक दी और पहर अपना गाउन भी उतर क्र फ़ेंक दिए.
अब नेहा मेरी सामन्य ब्रा और पंतय में खरी थी और में शर्ट क भैर. हम दोनो न्य एक बार पहर अपनी जिस्म मिला दिए और पहर सी किसिंग स्टार्ट क्र दी.
नेहा की आंखूं में एक अजीब सा नशा था. और ये नशा उस चाहत का था जो उस न्य आज तक छुपा क्र राखी हुई थी.
नेहा मेरी पंत का बटन खोलनी लगी और नीची बेथ क्र मेरी पंत उतर दी.
में न्य भी अपनी पाऊँ उठा क्र नेहा को अपनी पंत पाऊँ सी अलग करनी में मदद की
नेहा अपनी घुट्नु पैर बेथ गयी और मेरी पेट पैर और मेरी टांगून पैर किश करनी लगी.
में ये देख क्र हैरान था क्यों क पेहली तो में हे नेहा क जिस्म को. चूमता था लकिन आज नेहा मेरा जिस्म चूम रही थी.
शायद आज हमारी बीच जो हुआ उस न्य नेहा की छुपी चाहत बहार आ गयी थी.
नेहा न्य अपनी ब्रा खोल क्र फ़ेंक दी और मेरा अंडरवियर नीची क्र दिए.
मेरा खरा लुंड ुन्दुरवेअर सी कूद क्र बहार आ गया.
और नेहा न्य अपना मुँह खोल क्र मेरा पूरा लुंड क हे बार अपनी गली तक उतार लिए.
नेहा न्य मेरा लुंड मुँह में लय लिए और उस को चुसनी लगी.
नेहा कभी मेरी लुंड को पूरा मुँह में लय क्र चुस्ती तो कभी नीची सी ऊपर तक उसको ज़ुबान सी चाट टी.
में न्य नेहा क बाल पिच्य क्र क पाकर रखी थय और नेहा पूरा मज़ा लय क्र मेरा लुंड चूस रही थी.
अब में न्य नेहा को उठाया और बीएड पैर लेता दिए और उसकी पंतय उतर क्र उस की छूट पैर झुक गया.
में न्य अपना मुँह नेहा की छूट में घुसा दिए और उसको चुसनी और चैतन्य लगा.
में नेहा की छूट चाट रहा था और नेहा माज़ी में सिसकियाँ लय रही थी. नेहा झाड़नी क करीब थी.
नेहा. ाआअह ाःह ालईईईई आअह्ह्ह्ह डोंट स्टॉप आआह्ह्ह आअह्हह्ह्ह्ह
नेहा झाड़ गयी और नेहा की छूट ने पानी का फुवारा मेरी मुँह पैर चोर दिए. जिसको में न्य भट प्यार सी चाट क्र साफ़ क्र दिए.
अब में न्य नेहा की टांगें उठा क्र उस क घुटनी उस क पेट क साथ लगा दिए. और लुंड को उसकी छूट पैर रख क एक ज़ोरदार धक्का लगा दिए.
इस पोजीशन में मेरा पूरा लुंड एक हे ढक्की में नेहा की छूट में उतर गया.
नेहा की छूट पानी चोर रही थी और पूरा लुंड अंदर जन्य की वजह सी नेहा की एक मस्त सिसकी निकली.
नेहा. Aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh
और में न्य स्ट्रोक्स लगाना शरू क्र दिए.
अब में नेहा को पूरी ताक़त सी छोड़नी लगा और नेहा भी मस्त होनी लगी.
में ज़ोरदार ढक्की मर रहा था और मेरा लुंड नेहा की बची दानी को टच क्र रहा था. जिस की वजा सी नेहा को थोड़ा थोड़ा दर्द भी हो रहा था.
में न्य नेहा को घोड़ी बना दिए और पिच्य सी लुंड उसकी छूट में दाल दिए.
नेहा. आआअह्ह्ह्ह अली आज भट मज़ा आ रहा है.
में. मेरी जान आज तुम भी एक अलग हे मज़ा दी रही हो मुझे.
नेहा. करो नाआआ आअह्ह्ह्ह
में न्य ढक्की लगाना स्टार्ट क्र दिए.
में न्य पहर सी ज़ोरदार चुदाई स्तरी क्र दी और नेहा एक बार पहर झाड़नी लगी.
नेहा न्य बेडशीट्स को अपनी मुठी में पाकर लिए और में न्य अपनी हाथ नेहा की शोल्डर्स पैर रख दिए.
और उसको अपनी तरफ खेंच क्र ज़ोरदार ढक्की लगानी लगा.
इस बार नेहा की सिसकियाँ नहीं चींखें निकल गयीं.
नेहा. आआआआहहहहहहह आआआआअह्हह्ह्ह्हह
ज़ोर सस्ससियययय आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह आअह्ह्ह्ह. नेहा का जिस्म कम्पनी लगा और वो बीएड पैर गिर गयी.
में न्य नेहा को पहर सी सीधा लेटाया और उसकी टांगें उठा क्र एक बार पहर चुदाई स्टार्ट क्र दी
में न्य नेहा की टांगें खोल दिन और पूरी ताक़त सी लुंड को बार पहर उसकी छूट में मारण्य लगा.
नेहा एक बार पहर झाड़ गयी.
लकिन इस बार में अपनी पूरी वेइट क साथ नेहा को छोड़ रहा था और ज़ोरदार ढक्की मर रहा था.
नेहा. अली प्लीज स्टॉप. अब और नहीं हो रहा.
में. क्यों मेरी जान. अभी तो तुम सी और प्यार करना है.
नेहा. अली तुम न्य आज मेरी जान निकल दी है. अब में और बर्दाश्त नहीं क्र पाऊँ गई. अब स्लो करो ज़ोर सी नहीं.
में. ाचा ठीक है मेरी जान.
में न्य नेहा को खेंच क्र बीएड क कार्नर पैर किआ और घोड़ी बना क्र पिच्य सी छोड़नी लगा.
लकिन इस बार में न्य अपनी स्पीड काम राखी.
नेहा. ाः ाःह सससससीई आअह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़. अली जब तुम्हारा होनी वाला हुआ तो बताना ाहाहहहहह.
में. मेरा होनी वाला है.
नेहा. बहार निकल लो
में न्य लुंड बाउअर निकल लिए और नेहा मुँह खोल क्र फर्श पैर बेथ गयी.
में नेहा की ये हरकत देख क्र हैरान हो गया. लकिन में समझ गया क नेहा क्या चाहती है.
में लुंड को हिलनी लगा और सारा पानी नेहा क मुँह पैर निकल दिए. मेरा कच पानी नेहा क मुँह पैर प्र और कच मुँह क अंदर जिसको नेहा न्य पी लिए.
नेहा कच दिएर वैसी हे बैठी रही और पहर उठ का अपना मुँह साफ़ किआ और बाथरूम में चली गयी.
कच दिएर बढ़ नेहा बाथरूम सी निकल क्र बहार आई. और आ क्र मेरी पास लेत गयी.
नेहा. ी लव यू अली.
में. ी लव यू तू.
नेहा. मुझे हमेशा ये वाला अली चाहिए
में. अगर ये वाली नेहा हमेशा मेरी पास रही तो वादा करता हूँ क में कभी चेंज नहीं हूँ गए.
हम दोनो नंगी हे सो गए.
सुबह उठ क्र हम न्य बाथरूम में सेक्स किआ और पहर हम न्य किचन में सेक्स किआ.
में न्य नेहा को अपनी वाइफ मान लिए था और नेहा न्य मुझे अपना हस्बैंड मान लिए था.
इस तरह अब मेरी 2 बीवियां थीं. मीरा अपनी डैड क साथ रहती थी. और कभी कभी आती थी. या में कभी कभी चला जाता था.
नेहा. जो मेरी पास हे रहती थी. लकिन मेरी ज़िन्दगी में मेरा पहला प्यार नेहा हे थी और में उस सी मीरा क बराबर प्यार करता था.
रही बात नैना की तो उस न्य मेरा साथ नहीं दिए और उस की सजा उसको मिल गयी.
नैना क बाप न्य मेरी डैड की इंसल्ट की और उसको डैड सी माफ़ी मांगना परइ.
कच साल बढ़.
मेरा नाम अली मालिक है. और में सिटी का सब सी बारे बिजनेसमैन हूँ.
मेरी वाइफ मीरा और मेरी जान नेहा दोनो मेरी साथ रहती हैं.
मीरा की कंपनी का हेड ऑफिस भी ंकितय में शिफ्ट हो चूका है.
मीरा मेरी बची की माँ बननी वाली है. और में इस बात को लय क्र भट खुश हूँ.
और नेहा भी भट खुश है.
क्यों क नेहा खुद तो माँ नहीं बन सकती लकिन मेरा बचा नेहा का बचा भी हो गए और मेरा बचा इतना लकी है क उसको 2 माओं का प्यार मिली गए.
आशा और अमित अपनी मैरिड लाइफ में भट खुश हैं.
लकिन आशा मेरी बगैर ज़्यादा दिएर रह नहीं सकती इस लिए कभी कभी वो मेरी पास आ जाती है.
जब मीरा घर नहीं होती तो में और नेहा भट एन्जॉय कृत्य हैं. और जब मीरा घर होती है तो नेहा और में दोनो मिल क्र मीरा का ख्याल रखती हैं.
परोस वाली दिया का डाइवोर्स हो चूका है. और वो भी अकेली रहती है. और अपनी तन्हाई दूर करनी क लिए मेरी पास आ जाती है.
इस तरह सिटी का सब सी बारे बिजनेसमैन एक प्लेबॉय भी है.
और में अपनी बिजनेसमैन और प्लेबॉय दोनो लिफेस को एन्जॉय करता हूँ.
ये थी मेरी कहानी.
और में आप सी अपनी दोस्त कशी की कहानी में मिलता रहूं गए..
तब तक क लिए गुड bye.
लव यू आल.
थैंक यू फॉर योर सपोर्ट एंड लव.
लास्ट Episode फाइनल part.
अख्तर का chapter क्लोज करनी क बढ़ में काफी रिलैक्स हो गया था.
अब में अपनी बिज़नेस पैर फोकस क्र सकता था.
एक दिन में ऑफिस में बैठा था क मुझे रिसेप्शन सी कॉल आई.
रिसेप्शन. सर मम आशा आई हैं
में. ठीक है उनको मेरी ऑफिस में भेज दो.
आशा मेरी ऑफिस में आ गयी.
में. आशु. व्हाट ा प्लीजेंट सरप्राइज. किसी हो.
आशा. में अछि हूँ.
में. किसी जा रही है तुम्हारी मैरिड लाइफ.
आशा. भट अछि. अमित भट ाच्य हैं. मेरा भट ख्याल रखती हैं.
में. That's गुड तो क्नोव. ये देख क्र ाचा लगा क तुम खुश हो. और सेक्स लाइफ किसी चल रही है.
आशा. सेक्स लाइफ भी अछि है. लकिन सच बताओं तो जैसा मज़ा तुम देती थय वैसा मज़ा नहीं है.
में. तुम सटिस्फी नहीं होती क्या.
आशा. ऐसा नहीं है. सटिस्फी तो हो जाती हूँ में लकिन यू क्नोव. तुम्हारी वाली बात नहीं है. तुम्हारी साथ सेक्स में में 3 सी 4 बार झड़ती थी. लकिन अमित क साथ बस एक बार.
में. जान क्र ाचा लगा क तुम सटिस्फीएड तो हो.
आशा. सटिस्फीएड तो हूँ लकिन तुम्हें भट मिस करती हूँ. एक बात बोलूं.
में. हाँ बोलो.
आशा. अमित आउट ऑफ़ सिटी गए हैं. मेरी घर चलो न प्लीज.
में. तुम अमित को धोका दो गई.
आशा. तुम न्य हे बोलै था क अगर कभी ज़रूरत हुई तो सिर्फ तुम्हें बताओं. और यू क्नोव प्यार तो में सिर्फ तुम सी हे करती हूँ.
में. तुम जानती हो मुझे किसी मानना है. चलो.
में और आशा ऑफिस सी निकली और आशा क घर पोहंच गए.
अंदर जाती हे आशा न्य मुझे धक्का दी क्र सोफे पैर बैठा दिए और मेरी गॉड में चार क्र बेथ गयी और मुझे किश करनी लगी.
में भी आशा क होंठ चुसनी लगा.
कच हे दिएर में हम दोनो क कापरी ज़मीन पैर थय
में सोफे पैर बैठा था और आशा नीची बैठी मेरा लुंड चूस रही थी.
भट दिएर मेरा लुंड चुसनी क बढ़ आशा सोफे क ऊपर चार गयी और अपनी छूट को मेरी मुँह पैर लय आई.
आशा न्य मेरा सर पकड़ा और मेरा मुँह अपनी छूट पैर लगा दिए
में आशा की छूट को चैतन्य लगा.
ऐसा लग रहा था क आशा आज सब कच खुद हे करना चाहती है.
कच दिएर बढ़ आशा मेरी गॉड में बेथ गयी और लुंड को अपनी छूट में लय क्र ऊपर नीची होनी लगी.
आशा जो भी क्र रही थी में उसको करनी दी रहा है.
आशा मेरी लुंड पैर ऊपर नीची उछाल रही थी.
आशा. ाः ाःह अली ी मिस्ड यू ाः ाः ी मिस्ड थिस. ाःह ये मज़ा भट मिस किआ में न्य ाः किश में अली ाः किश में जाएं.
में न्य अपनी होंठ आशा क होंतु सी मिला दिए और उसको किश करनी लगा.
आशा डबल मज़ा प् क्र झाड़ गयी.
आशा नीची उतरी और बीएड क पास जा क्र घोड़ी बन गयी.
आशा. फ़क में फ्रॉम बिहाइंड. फ़क में लिखे ा बीच.
में न्य आशा की छूट पैर लुंड रखा और एक हे ढक्की में अंदर घुसा दिए और ज़ोरदार चुदाई स्टार्ट क्र दी.
और ऐसी हे आशा भी झाड़ गयी और में भी उसकी. छूट क अंदर झाड़ गया.
में न्य वो दिन आशा क साथ स्पेंड किआ और शाम को घर आ गया.
कच दिन ऐसी हे नोर्मल्ली गुज़र गए.
में ऑफिस क काम में भट बिजी हो गया था. मेरी मीरा सी रोज़ाना बात होती थी.
रात को में और नेहा एक साथ हे सत्य थय जैसी हम पेहली सोया कृत्य थय लकिन हमारी बिच भट टाइम सी कच हुआ नहीं था.
शायद नेहा को लग रहा था क मीरा सी शादी की वजह सी मेरा नेहा में इंटरेस्ट खत्म हो गया है.
आज वीकेंड था.
में सुबह उठा और नाश्ता बनानी लगा.
नेहा अभी सो रही थी.
कच दिएर क बढ़ नेहा भी किचन में आई.
नेहा. आर्य तुम क्यों नाश्ता बना रही हो.
में. में न्य सोचा आज अपनी जान को अपनी हाथ सी नाश्ता करवाएं.
नेहा. तुम्हारी जान तो अब कहीं और है.
में. मेरी जान तुम हो और ये तुम्हें भी पता होना चाहिए.
नेहा. पता नहीं लकिन मुझे ऐसा लग रहा है क में तुम्हें खो न दूँ.
में. तुम फज़ूल में सोच रही हो. चलो नाश्ता क्र क तैयार हो जाओ. हम लॉन्ग ड्राइव पैर जा रही हैं.
नेहा. मेरा मूड नहीं है यार.
में. मूड है या नहीं. इसका मुझे नहीं पता हम जा रही हैं बस.
नेहा. तुम भी न बचूं की तरह ज़िद करना शरू हो जाती हो.
में. हाँ ज़िद तो क्र रहा हूँ में. चलो. जल्दी करो.
नेहा. ाचा ठीक है होती हूँ तैयार.
नेहा तैयार हो क्र आ गयी और हम लॉन्ग ड्राइव पैर निकल गए.
में नेहा की परेशानी समझ रहा था. किसी क लवर की उस क सामन्य शादी हो जाए और उसी एक हे घर में उन क साथ रहना प्रय.
में नेहा की परेशानी समझ रहा था. लकिन में नेहा को ये चीज़ बता चूका था क उस की मेरी दिल में अलग जगह है.
में ड्राइव क्र रहा था और नेहा खामोश बैठी थी.
में. जान क्या हुआ है तुम परेशान क्यों हो.
नेहा. पता नहीं मेरा दिल भट उदास है.
में. में समझ रहा हूँ तुम्हारा दिल क्यों उदास है.
नेहा. तुम मेरी लिए मेरी जान सी ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट हो
अली. मेरा दिल ये सोच क्र उदास है क तुम किसी और क हो गए हो.
में. नेहा में तुम्हारा हूँ और हमेशा तुम्हारा हे रहूं गए.
नेहा. लकिन हूँ तो में तुम्हारी माँ हे न.
में. दुन्या क लिए तुम मेरी माँ हो. लकिन मेरी लिए मेरी जान हो.
नेहा. में जानती हूँ. लकिन मुझे ये नहीं पता क पहर भी मेरा दिल क्यों उदास है.
में. चलो पहर शादी क्र लेती हैं.
नेहा. क्या... अरे यू सीरियस.
में. हाँ में सीरियस हूँ.
अगर तुम्हारी दिल की उदासी खत्म नहीं हो रही तो हम शादी क्र लेती हैं.
नेहा. अली मेरी जान ऐसा नहीं है. में माँ नहीं बन सकती इस लिए हमारा शादी करना या न करना मटर नहीं करता.
जो मटर करता है वो है हमारा प्यार और मुझे हमारी प्यार में कोई शक नहीं है.
में. ाचा ठीक है आज हम इस टॉपिक पैर बात नहीं करिअन गए.
आज का दिन सिर्फ में और तुम. हम सिर्फ एन्जॉय करिअन गए.
नेहा क चेहरी पैर स्माइल आ गयी.
में नेहा को लय क्र हमारी फेवरेट स्पॉट पैर गया और हम न्य लंच किआ.
पहर हम एक हिल स्टेशन पैर चली गए जहाँ हम न्य एक बिलकुल अकेली जगह देखि और खूब बातें किन.
शाम को हम घर क लिए वापस निकली. हम न्य डिनर भी बहार हे किआ और लेट नाईट घर वापस आ गए.
घर पोहंची तो नेहा का मूड भट ाचा हो चूका था.
हम दोनो फ्रेश हुए और कम्र्य में आ गए.
में. तुम न्य बोलै था न क जो भी है हो तो तुम मेरी माँ हे.
नेहा. हाँ. बोलै था.
में. अब सी नहीं हो.
नेहा. क्या मतलब.
में न्य नेहा को पाकर क्र अपनी सामन्य बैठा लिए.
में. (नेहा की आंखूं में देखती हुए) में अली मालिक आज सी और अभी सी तुम्हें अपनी पत्नी मंटा हूँ और हमेशा मंटा रहूं गए.
नेहा क चेहरी पैर स्माइल और आंखूं में आंसू आ गए.
नेहा. (अपनी आंसू साफ़ कृत्य हुए) में नेहा आज सी और अभी सी तुम्हें अपना पति मानती हूँ और हमेशा मानती रहूं गई.
नेहा रोटी हुई मेरी गली लग गयी. और में न्य नेहा को टाइट हुग क्र लिए.
में. देख लो अब तो तुम मेरी माँ नहीं रही न. अब तुम मेरी पत्नी बन गयी हो.
नेहा. ी लव यू अली. ी लव यू सो मच.
में. ी लव यू तू मेरी जान.
नेहा. हमेशा ऐसी हे मुझे प्यार कृत्य रहना.
में. तुम भी हमेशा ऐसी हे मेरी बन क्र रहना.
हम दोनो मुस्कुराती हुए एक दूसरी सी अलग हुए.
नेहा. तो मेरी प्यारी हस्बैंड अब क्या प्लान है.
में. में तुम्हरी लिए कच लाया हूँ.
नेहा. ाचा क्या लाए हो.
में न्य एक बॉक्स निकल क्र नेहा को दिए.
में. जाओ और ये पहन क्र आओ.
नेहा. ये क्या है. (बॉक्स को देखती हुए)
में. जा क्र देख लो और पहन क्र आओ. और हाँ बाल खुली चूर्ण.
नेहा. वो क्यों
में. तुम्हारी खुली बाल मुझे ाच्य लगती हैं.
नेहा न्य बॉक्स लिए और बाथरूम में चली गयी.
कच दिएर क बढ़ नेहा बाथरूम सी नकली.
जो बॉक्स में न्य नेहा को दिए था उस में एक ब्लैक निघ्त्य थी.
ब्लैक ब्रा. ब्लैक पंतय और साथ ब्लैक गाउन था.
नेहा. ब्लैक निघ्त्य में खुली बालून क साथ क़यामत लग रही थी.
नेहा निघ्त्य पहन क्र सेक्सी स्टाइल में मेरी पास आई और बोली.
नेहा. ाचा तो तुम न्य साडी प्लानिंग क्र क राखी थी आज रात की.
में. में न्य तुम्हें बोलै था न क तुम्हारी जगह खास है.
तुम्हारी जगह कोई नहीं लय सकता.
नेहा. हाँ सही कहा तुम न्य. में हे पागल थी जो साद हो गयी.
में. अब वहां खरी रहो मेरी पास आओ. मुझ सी अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा.
नेहा. हाल तो मेरा भी ऐसा हे है. नेहा मेरी पास आ क्र बीएड पैर बेथ गयी.
में न्य टाइम वास्ते किये बगैर नेहा को अपनी पास किआ हाथ उस क चेहरी पैर रखा और अपनी होंतु की नेहा क होंतु सी मिला दिए.
और हमारी किसिंग स्टार्ट हो गयी.
में और नेहा दोनो एक दूसरी क होंतु को चूमनी और चुसनी लगी.
हम दोनो की आंखें बंद थीं और हम बस एक दूसरी क होंतु की मिठास का मज़ा लय रही थय.
किश कृत्य कृत्य नेहा खरी हो गयी और मेरी शर्ट उतरण्य लगी.
में न्य अपनी हाथ ऊपर क्र दिए और नेहा को शर्ट उतरण्य में मदद की.
नेहा न्य मेरी शर्ट उतर क्र फ़ेंक दी और पहर अपना गाउन भी उतर क्र फ़ेंक दिए.
अब नेहा मेरी सामन्य ब्रा और पंतय में खरी थी और में शर्ट क भैर. हम दोनो न्य एक बार पहर अपनी जिस्म मिला दिए और पहर सी किसिंग स्टार्ट क्र दी.
नेहा की आंखूं में एक अजीब सा नशा था. और ये नशा उस चाहत का था जो उस न्य आज तक छुपा क्र राखी हुई थी.
नेहा मेरी पंत का बटन खोलनी लगी और नीची बेथ क्र मेरी पंत उतर दी.
में न्य भी अपनी पाऊँ उठा क्र नेहा को अपनी पंत पाऊँ सी अलग करनी में मदद की
नेहा अपनी घुट्नु पैर बेथ गयी और मेरी पेट पैर और मेरी टांगून पैर किश करनी लगी.
में ये देख क्र हैरान था क्यों क पेहली तो में हे नेहा क जिस्म को. चूमता था लकिन आज नेहा मेरा जिस्म चूम रही थी.
शायद आज हमारी बीच जो हुआ उस न्य नेहा की छुपी चाहत बहार आ गयी थी.
नेहा न्य अपनी ब्रा खोल क्र फ़ेंक दी और मेरा अंडरवियर नीची क्र दिए.
मेरा खरा लुंड ुन्दुरवेअर सी कूद क्र बहार आ गया.
और नेहा न्य अपना मुँह खोल क्र मेरा पूरा लुंड क हे बार अपनी गली तक उतार लिए.
नेहा न्य मेरा लुंड मुँह में लय लिए और उस को चुसनी लगी.
नेहा कभी मेरी लुंड को पूरा मुँह में लय क्र चुस्ती तो कभी नीची सी ऊपर तक उसको ज़ुबान सी चाट टी.
में न्य नेहा क बाल पिच्य क्र क पाकर रखी थय और नेहा पूरा मज़ा लय क्र मेरा लुंड चूस रही थी.
अब में न्य नेहा को उठाया और बीएड पैर लेता दिए और उसकी पंतय उतर क्र उस की छूट पैर झुक गया.
में न्य अपना मुँह नेहा की छूट में घुसा दिए और उसको चुसनी और चैतन्य लगा.
में नेहा की छूट चाट रहा था और नेहा माज़ी में सिसकियाँ लय रही थी. नेहा झाड़नी क करीब थी.
नेहा. ाआअह ाःह ालईईईई आअह्ह्ह्ह डोंट स्टॉप आआह्ह्ह आअह्हह्ह्ह्ह
नेहा झाड़ गयी और नेहा की छूट ने पानी का फुवारा मेरी मुँह पैर चोर दिए. जिसको में न्य भट प्यार सी चाट क्र साफ़ क्र दिए.
अब में न्य नेहा की टांगें उठा क्र उस क घुटनी उस क पेट क साथ लगा दिए. और लुंड को उसकी छूट पैर रख क एक ज़ोरदार धक्का लगा दिए.
इस पोजीशन में मेरा पूरा लुंड एक हे ढक्की में नेहा की छूट में उतर गया.
नेहा की छूट पानी चोर रही थी और पूरा लुंड अंदर जन्य की वजह सी नेहा की एक मस्त सिसकी निकली.
नेहा. Aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh
और में न्य स्ट्रोक्स लगाना शरू क्र दिए.
अब में नेहा को पूरी ताक़त सी छोड़नी लगा और नेहा भी मस्त होनी लगी.
में ज़ोरदार ढक्की मर रहा था और मेरा लुंड नेहा की बची दानी को टच क्र रहा था. जिस की वजा सी नेहा को थोड़ा थोड़ा दर्द भी हो रहा था.
में न्य नेहा को घोड़ी बना दिए और पिच्य सी लुंड उसकी छूट में दाल दिए.
नेहा. आआअह्ह्ह्ह अली आज भट मज़ा आ रहा है.
में. मेरी जान आज तुम भी एक अलग हे मज़ा दी रही हो मुझे.
नेहा. करो नाआआ आअह्ह्ह्ह
में न्य ढक्की लगाना स्टार्ट क्र दिए.
में न्य पहर सी ज़ोरदार चुदाई स्तरी क्र दी और नेहा एक बार पहर झाड़नी लगी.
नेहा न्य बेडशीट्स को अपनी मुठी में पाकर लिए और में न्य अपनी हाथ नेहा की शोल्डर्स पैर रख दिए.
और उसको अपनी तरफ खेंच क्र ज़ोरदार ढक्की लगानी लगा.
इस बार नेहा की सिसकियाँ नहीं चींखें निकल गयीं.
नेहा. आआआआहहहहहहह आआआआअह्हह्ह्ह्हह
ज़ोर सस्ससियययय आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह आअह्ह्ह्ह. नेहा का जिस्म कम्पनी लगा और वो बीएड पैर गिर गयी.
में न्य नेहा को पहर सी सीधा लेटाया और उसकी टांगें उठा क्र एक बार पहर चुदाई स्टार्ट क्र दी
में न्य नेहा की टांगें खोल दिन और पूरी ताक़त सी लुंड को बार पहर उसकी छूट में मारण्य लगा.
नेहा एक बार पहर झाड़ गयी.
लकिन इस बार में अपनी पूरी वेइट क साथ नेहा को छोड़ रहा था और ज़ोरदार ढक्की मर रहा था.
नेहा. अली प्लीज स्टॉप. अब और नहीं हो रहा.
में. क्यों मेरी जान. अभी तो तुम सी और प्यार करना है.
नेहा. अली तुम न्य आज मेरी जान निकल दी है. अब में और बर्दाश्त नहीं क्र पाऊँ गई. अब स्लो करो ज़ोर सी नहीं.
में. ाचा ठीक है मेरी जान.
में न्य नेहा को खेंच क्र बीएड क कार्नर पैर किआ और घोड़ी बना क्र पिच्य सी छोड़नी लगा.
लकिन इस बार में न्य अपनी स्पीड काम राखी.
नेहा. ाः ाःह सससससीई आअह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़. अली जब तुम्हारा होनी वाला हुआ तो बताना ाहाहहहहह.
में. मेरा होनी वाला है.
नेहा. बहार निकल लो
में न्य लुंड बाउअर निकल लिए और नेहा मुँह खोल क्र फर्श पैर बेथ गयी.
में नेहा की ये हरकत देख क्र हैरान हो गया. लकिन में समझ गया क नेहा क्या चाहती है.
में लुंड को हिलनी लगा और सारा पानी नेहा क मुँह पैर निकल दिए. मेरा कच पानी नेहा क मुँह पैर प्र और कच मुँह क अंदर जिसको नेहा न्य पी लिए.
नेहा कच दिएर वैसी हे बैठी रही और पहर उठ का अपना मुँह साफ़ किआ और बाथरूम में चली गयी.
कच दिएर बढ़ नेहा बाथरूम सी निकल क्र बहार आई. और आ क्र मेरी पास लेत गयी.
नेहा. ी लव यू अली.
में. ी लव यू तू.
नेहा. मुझे हमेशा ये वाला अली चाहिए
में. अगर ये वाली नेहा हमेशा मेरी पास रही तो वादा करता हूँ क में कभी चेंज नहीं हूँ गए.
हम दोनो नंगी हे सो गए.
सुबह उठ क्र हम न्य बाथरूम में सेक्स किआ और पहर हम न्य किचन में सेक्स किआ.
में न्य नेहा को अपनी वाइफ मान लिए था और नेहा न्य मुझे अपना हस्बैंड मान लिए था.
इस तरह अब मेरी 2 बीवियां थीं. मीरा अपनी डैड क साथ रहती थी. और कभी कभी आती थी. या में कभी कभी चला जाता था.
नेहा. जो मेरी पास हे रहती थी. लकिन मेरी ज़िन्दगी में मेरा पहला प्यार नेहा हे थी और में उस सी मीरा क बराबर प्यार करता था.
रही बात नैना की तो उस न्य मेरा साथ नहीं दिए और उस की सजा उसको मिल गयी.
नैना क बाप न्य मेरी डैड की इंसल्ट की और उसको डैड सी माफ़ी मांगना परइ.
कच साल बढ़.
मेरा नाम अली मालिक है. और में सिटी का सब सी बारे बिजनेसमैन हूँ.
मेरी वाइफ मीरा और मेरी जान नेहा दोनो मेरी साथ रहती हैं.
मीरा की कंपनी का हेड ऑफिस भी ंकितय में शिफ्ट हो चूका है.
मीरा मेरी बची की माँ बननी वाली है. और में इस बात को लय क्र भट खुश हूँ.
और नेहा भी भट खुश है.
क्यों क नेहा खुद तो माँ नहीं बन सकती लकिन मेरा बचा नेहा का बचा भी हो गए और मेरा बचा इतना लकी है क उसको 2 माओं का प्यार मिली गए.
आशा और अमित अपनी मैरिड लाइफ में भट खुश हैं.
लकिन आशा मेरी बगैर ज़्यादा दिएर रह नहीं सकती इस लिए कभी कभी वो मेरी पास आ जाती है.
जब मीरा घर नहीं होती तो में और नेहा भट एन्जॉय कृत्य हैं. और जब मीरा घर होती है तो नेहा और में दोनो मिल क्र मीरा का ख्याल रखती हैं.
परोस वाली दिया का डाइवोर्स हो चूका है. और वो भी अकेली रहती है. और अपनी तन्हाई दूर करनी क लिए मेरी पास आ जाती है.
इस तरह सिटी का सब सी बारे बिजनेसमैन एक प्लेबॉय भी है.
और में अपनी बिजनेसमैन और प्लेबॉय दोनो लिफेस को एन्जॉय करता हूँ.
ये थी मेरी कहानी.
और में आप सी अपनी दोस्त कशी की कहानी में मिलता रहूं गए..
तब तक क लिए गुड bye.
लव यू आल.
थैंक यू फॉर योर सपोर्ट एंड लव.