- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 31,768
अपडेट 22-1
कंटिन्यू फ्रॉम थे लास्ट अपडेट....
उस रात अपने बेटे कार्तिक की हवस देखने के बाद अपेक्षा कुलकर्णी उपाध्याय अपना ग्लोवन पहकर अपने बैडरूम में चली गयी . पूरी तरह से अंदर से नंगी थी वो ......वो बीएड के पास aati...badan से तो बस मूतने की बदबू आ रही thi....pati एकदम घेहीर नींद में था......
तभी अपेक्षा 5 मं बीएड
पारी बैठे jaati....badan से बदबू आ रही थी.... बाथरूम ुसेड नहीं कर सकती....
लेकिन बदन से काफी बदबू आने के कारन वो बस बीएड पर बैठी जाती ....
अपेक्षा खुद से बात करते huye...kya कर दिया maine....aur बीटा भी मेरा काम थोड़ी है.... कितना बिगाड़ गया अपनी माँ को hi छोड़ने चाहता thaa....had है यार ...ये तो स्कूल की हेर लड़की को ऐसे hi देखता hogna...ya फिर इसको शादी शुदा औरत hi पसंद है.... कैसे अपनी मिर्ची मेरे अंदर डालना चाहता tha...iska वो छोटा लैंड .....वैसे बड़ी औरत को भी काचे वर्जिन लड़के मसलना में मज़ा आता hai.....naaa... अपेक्षा कुलकर्णी की भी कोई तो डार्क चॉकलेट वाली फंतासी होंगी ना....
लेकिन गलती मेरी है .. मैंने उसको पहले hi रोकना चाहिए था....
खुदको भी गलत समज रही थी.... ऑलमोस्ट मैंने मान बना लिया था बेटे के साथ सोने का....
लेकिन क्या पता एकदम से मुझे सही नहीं लगा.... लेकिन ये आग कार्तिक ने नहीं... परवेज़ ने लगा दिए है और परवेज़ की जगह कार्तिक तो ले नहीं सकता.....
अपेक्षा को नहाना thaa......badan से मूतने की बदबू आ रही.... बाथरूम का शावर
ों करती तो पति उठा jaata...aur फालतू मटर हो jaata....tabhi अपेक्षा को क्या होता क्या पता......






वो अपने रूम से बहार aati...aate वक़्त दरवाज़ा बंद कर deti...aur हॉल में आके बैठ jaati...usko अपने आखो सामने वही देखा रहा था... किचन का वो टेबल उसपर नंगी होकर परवेज़ उसकी मस्सगे कर रहा था ...फिर अपेक्षा एक नज़र अपन घर के बहार जाने का मन बना leti...wo बाहेर jaati..aur दरवाज़ा खोलके मैं गेट के पास aati.....mast ठंडी हवा चल रही थी.... थोड़ा बारिश माहौल बना thaa....thandi हवा अपेक्षा के ग्लौंस से उसकी गांड और छूट को लग रही thi....tabhi अपेक्षा को याद आता... उसकी निघ्त्य और निकार जो बेटे ने फाड़ डाली वो उसके रूम में पड़ी hai...agar सुबह कोई चला गया तो बवाल हो जाएगा......
अपेक्षा कुलकर्णी उपाध्याय मैं गेट से हॉल में aati...aur हॉल से बेटे की रूम की तरफ jaati...aate वक़्त दरवाज़ा खुला था .. सोचो क्या कर रहा होंगे कार्तिक.....
कार्तिक बीएड पर nahi...niche जो फ्लोर दोनों के मूतने से गीला हो चूका thaa...usper सोया हुवा था... मतलब फ्लोर पर....
माँ की जो निघ्त्य उसने फाड़ डाली thi.....jisme उसकी माँ का पीसने.... कार्तिक का मूतने की खुशबु thi...wo कार्तिक ने अपने उप्पेर... आँखों के उप्पेर लपेट लिया thi....aur माँ की gili...faati हुयी चड्डी निकार
को लैंड से पार रखना कर हिला रहा था ..और कुछ तो बोल रहा thaa....wo उसका बोलना शॉकिंग था.......
कार्तिक:- हां haaa....aur zorse....ahhh अह्ह्ह्ह ummmmm....aahhhhh दाल और अंदर daal.....nikaal चीखी nikaal.....ummmmmma मा मज़ा आ रहा है
कार्तिक के पास जाके अपेक्षा बैठ जाती....
और वो देखा रही की उसके बेटे को ठीक से मऊठ मारनी भी नहीं आता.... अपेक्षा का मूड ऐसा बन रहा thaa..ki उसको बेटे पर ग़ुस्सा काफी thaa.....lekin उसकी हवस ग़ुस्से से ज्यादा थी..... हवस घुसे पे भरी थी......
तभी कार्तिक कुछ ऐसा बोल detaa...ki अपेक्षा शॉकिंग हो जाती....
कार्तिक:- अब्ब साली का पीछे से छेद मी डालो और छोड़ो ज़ोर से.... हम्म्म्म आह्ह्ह्ह मज़ा आ रहा maaa....daaal और अंदर haaaa..aaahhhhhh
अपेक्षा उसकी बाते सुनके यह समज jaati...ke देखा कर हिला रहा....
तभी वो कुछ नहीं karti...waha से थोड़ा दूर चली जाती... दरवाज़े के paas.....aur. कार्तिक को आवाज़ देती...
अपेक्षा:- बीटा हो गया होंगे तो मेरे कपडे देदो....
कार्तिक ज़त्पते हुए एकदम से अपने उप्पेर से माँ की निघ्त्य और निकार हटा deta.....aur कापते हुए खड़ा होता....
अपेक्षा सामने आने लगती...... मैं गेट बहार की ठंडी हवन अपेक्षा की ग्लौंस को खोल दिया thaa....to उसके boobs....naabhi ...सेक्सु लेग्स और उसकी छूट दिखाई दे रही thi...aur अपेक्ष जान बुज़कर कैटवाक करते हुए अपने बेटे के पास आ जाती.......











कार्तिक का लैंड फिर से टाइट था.... गीला और इस बार वो आयल ुसेड कर रहा था.... अपेक्षा हंसने लगती....
उधर कार्तिक के टेबल पर स्टपलर गिरा हुवा thaa....pin
मरने वाला.......
अपेक्षा :- तू सुधरने वाला नहीं है.... इतना ज़ोर और जवानी में आ गया तू... समजने के बाद भी लगा है.......
जा वो स्टेप्प्लेर लेकर आ...
कार्तिक की गांड फात jaati...wo टेबल से स्टेप्प्लेर लेकर aata........abhi भी अपेक्षा की अंडरवियर
कार्तिक के हाथ में thi......aur गले में उसकी निघ्त्य थी.......
अपेक्षा:- अब अपेक्षा आगे आने लगती.... कार्तिक की गांड फैट रही थी...... कार्तिक पीछे पीछे जा रहा था.....
थोड़ी दूर पीछे एक कपबोर्ड्स था ..और उसके साइड में दिवार का पिल्लर्स था.... मतलब एक कोण था जिसमे मुश्किल से एक आदमी चुप पाटा अगर छुपाना चाहे हो....
कार्तिक को पीसना आ Gaya..kyo की उसको अपनी माँ का ग़ुस्सा पता था ...उसको लग रहा thaa...ki कही अपेक्षा स्टपलर से उसको कही पिन न लगा दे.... पीच जाते जाते दिवार को कार्तिक चिपक जाता....
अपेक्षा अपने बेटे को कोने में लेकर जाती.... तभी अपेक्षा अपने ग्लोवन का नाडा खोल देती..... उफ्फ्फ्फ़

उसका नंगा बदन फिर से कार्तिक को दिखाई देता.....
अपेक्षा:- अभी जो हमारे बीच में huvaa....usko मई भूल जाउंगी एक सपना समझ कर अगर तुम मेरे सवालों का सही जवाब डोज तो......
कार्तिक:- सॉरी' maa....wo बस हो गया अब जाने भी दो...
अपेक्षा:- तुमने मेरी निघ्त्य और अंडरवियर को फायदा क्यों.....
कार्तिक कुछ नहीं बोलता.... अपेक्षा कुलकर्णी अपना ग्लोवन उतार deti...aur एकदम कार्तिक के पास आ jati....apne दोनों पैरो तो कार्तिक के पेअर के उप्पेर रख देती.... कार्तिक का लैंड अब अपेक्षा की छूट को टच कर रहा thaa.....aur उसके बूब्स कार्तिक के मुह्हह्ह के पास थे.......
बोलो ना tum....nighty और निकार आराम से उतार भी सकते तुमने क्यों फाड़ी.....
तभी कार्तिक कुछ नहीं बोलता....
तभी अपेक्षा सा फिर से bolti....kahi तुमको मेरी इज़्ज़त तो लूटनी नहीं thi....like ®@p£...zor ज़बरदस्ती से .. या फिर किसी और से करवाना hai.....yee.....yahi सोचते हो क्या तुम.... स्कूल में ... कॉलेज me....apni माँ के साथ... बहिन के साथ..... टीचर तिवारी मैडम के साथ.... तिवारी मैडम का नाम अपेक्षा ऐसे hi ले लेती लेकिन कार्तिक को लगता मैडम ने बता दिया माँ को.
उतने में कार्तिक से लैंड से माल निकाल jaata....aur अपेक्ष के छूट के उप्पेर गिर जाता......
तभी अपेक्षा कार्तिक के माल को अपनी ऊँगली से लेकर अपने होंठ से चूसने लगती....
फटी हुयी निकार अपेक्षा पहन leti....aur जहा से फटी पड़ी थी वह कार्तिक को स्टेप्प्लेर मरने bolto....same. निघ्त्य के साथ भी करती.....
फिर निचे गिरा हुवा ग्लोवन पहकर ज़ोर से एक बार एक थप्पड़ मार्के अपेक्षा कार्तिक को सोने को bolti...aur रूम का दरवाज़ा बहार से लगा लेती....
हॉल में आने के बाद अपेक्षा हसने lagti....usko ये समज आ गया की कार्तिक अब कही कुछ बोलेगा नहीं.... बदन से और बदबू आ रही थी अब...
तभी अपेक्षा उप्पेर चाट पे चली जाती....
उप्पेर जाते hi बारिश का मौसम बना था.....
बारिश आने लगती... अपेक्षा कुलकर्णी पानी में भीग रही thi.....raat काफी हो चुकी था.... कोई देखा नहीं सकता था... इसलिए अपेक्षा एक एक करके अपने सब कपडे उतार देती.... और पूरी नानाजी होकर बारिश में भीगने lagiti....thodi देर बाद लगने बदन के साथ वो निचे आके अपने बैडरूम में चली jaati..aur दूसरी निघ्त्य पहकर सो जाती...


कंटिन्यू फ्रॉम थे लास्ट अपडेट....
उस रात अपने बेटे कार्तिक की हवस देखने के बाद अपेक्षा कुलकर्णी उपाध्याय अपना ग्लोवन पहकर अपने बैडरूम में चली गयी . पूरी तरह से अंदर से नंगी थी वो ......वो बीएड के पास aati...badan से तो बस मूतने की बदबू आ रही thi....pati एकदम घेहीर नींद में था......
तभी अपेक्षा 5 मं बीएड
लेकिन बदन से काफी बदबू आने के कारन वो बस बीएड पर बैठी जाती ....
अपेक्षा खुद से बात करते huye...kya कर दिया maine....aur बीटा भी मेरा काम थोड़ी है.... कितना बिगाड़ गया अपनी माँ को hi छोड़ने चाहता thaa....had है यार ...ये तो स्कूल की हेर लड़की को ऐसे hi देखता hogna...ya फिर इसको शादी शुदा औरत hi पसंद है.... कैसे अपनी मिर्ची मेरे अंदर डालना चाहता tha...iska वो छोटा लैंड .....वैसे बड़ी औरत को भी काचे वर्जिन लड़के मसलना में मज़ा आता hai.....naaa... अपेक्षा कुलकर्णी की भी कोई तो डार्क चॉकलेट वाली फंतासी होंगी ना....
लेकिन गलती मेरी है .. मैंने उसको पहले hi रोकना चाहिए था....
खुदको भी गलत समज रही थी.... ऑलमोस्ट मैंने मान बना लिया था बेटे के साथ सोने का....
लेकिन क्या पता एकदम से मुझे सही नहीं लगा.... लेकिन ये आग कार्तिक ने नहीं... परवेज़ ने लगा दिए है और परवेज़ की जगह कार्तिक तो ले नहीं सकता.....
अपेक्षा को नहाना thaa......badan से मूतने की बदबू आ रही.... बाथरूम का शावर






वो अपने रूम से बहार aati...aate वक़्त दरवाज़ा बंद कर deti...aur हॉल में आके बैठ jaati...usko अपने आखो सामने वही देखा रहा था... किचन का वो टेबल उसपर नंगी होकर परवेज़ उसकी मस्सगे कर रहा था ...फिर अपेक्षा एक नज़र अपन घर के बहार जाने का मन बना leti...wo बाहेर jaati..aur दरवाज़ा खोलके मैं गेट के पास aati.....mast ठंडी हवा चल रही थी.... थोड़ा बारिश माहौल बना thaa....thandi हवा अपेक्षा के ग्लौंस से उसकी गांड और छूट को लग रही thi....tabhi अपेक्षा को याद आता... उसकी निघ्त्य और निकार जो बेटे ने फाड़ डाली वो उसके रूम में पड़ी hai...agar सुबह कोई चला गया तो बवाल हो जाएगा......
अपेक्षा कुलकर्णी उपाध्याय मैं गेट से हॉल में aati...aur हॉल से बेटे की रूम की तरफ jaati...aate वक़्त दरवाज़ा खुला था .. सोचो क्या कर रहा होंगे कार्तिक.....
कार्तिक बीएड पर nahi...niche जो फ्लोर दोनों के मूतने से गीला हो चूका thaa...usper सोया हुवा था... मतलब फ्लोर पर....
माँ की जो निघ्त्य उसने फाड़ डाली thi.....jisme उसकी माँ का पीसने.... कार्तिक का मूतने की खुशबु thi...wo कार्तिक ने अपने उप्पेर... आँखों के उप्पेर लपेट लिया thi....aur माँ की gili...faati हुयी चड्डी निकार
कार्तिक:- हां haaa....aur zorse....ahhh अह्ह्ह्ह ummmmm....aahhhhh दाल और अंदर daal.....nikaal चीखी nikaal.....ummmmmma मा मज़ा आ रहा है
कार्तिक के पास जाके अपेक्षा बैठ जाती....
और वो देखा रही की उसके बेटे को ठीक से मऊठ मारनी भी नहीं आता.... अपेक्षा का मूड ऐसा बन रहा thaa..ki उसको बेटे पर ग़ुस्सा काफी thaa.....lekin उसकी हवस ग़ुस्से से ज्यादा थी..... हवस घुसे पे भरी थी......
तभी कार्तिक कुछ ऐसा बोल detaa...ki अपेक्षा शॉकिंग हो जाती....
कार्तिक:- अब्ब साली का पीछे से छेद मी डालो और छोड़ो ज़ोर से.... हम्म्म्म आह्ह्ह्ह मज़ा आ रहा maaa....daaal और अंदर haaaa..aaahhhhhh
अपेक्षा उसकी बाते सुनके यह समज jaati...ke देखा कर हिला रहा....
तभी वो कुछ नहीं karti...waha से थोड़ा दूर चली जाती... दरवाज़े के paas.....aur. कार्तिक को आवाज़ देती...
अपेक्षा:- बीटा हो गया होंगे तो मेरे कपडे देदो....
कार्तिक ज़त्पते हुए एकदम से अपने उप्पेर से माँ की निघ्त्य और निकार हटा deta.....aur कापते हुए खड़ा होता....
अपेक्षा सामने आने लगती...... मैं गेट बहार की ठंडी हवन अपेक्षा की ग्लौंस को खोल दिया thaa....to उसके boobs....naabhi ...सेक्सु लेग्स और उसकी छूट दिखाई दे रही thi...aur अपेक्ष जान बुज़कर कैटवाक करते हुए अपने बेटे के पास आ जाती.......











कार्तिक का लैंड फिर से टाइट था.... गीला और इस बार वो आयल ुसेड कर रहा था.... अपेक्षा हंसने लगती....
उधर कार्तिक के टेबल पर स्टपलर गिरा हुवा thaa....pin
अपेक्षा :- तू सुधरने वाला नहीं है.... इतना ज़ोर और जवानी में आ गया तू... समजने के बाद भी लगा है.......
जा वो स्टेप्प्लेर लेकर आ...
कार्तिक की गांड फात jaati...wo टेबल से स्टेप्प्लेर लेकर aata........abhi भी अपेक्षा की अंडरवियर
अपेक्षा:- अब अपेक्षा आगे आने लगती.... कार्तिक की गांड फैट रही थी...... कार्तिक पीछे पीछे जा रहा था.....
थोड़ी दूर पीछे एक कपबोर्ड्स था ..और उसके साइड में दिवार का पिल्लर्स था.... मतलब एक कोण था जिसमे मुश्किल से एक आदमी चुप पाटा अगर छुपाना चाहे हो....
कार्तिक को पीसना आ Gaya..kyo की उसको अपनी माँ का ग़ुस्सा पता था ...उसको लग रहा thaa...ki कही अपेक्षा स्टपलर से उसको कही पिन न लगा दे.... पीच जाते जाते दिवार को कार्तिक चिपक जाता....
अपेक्षा अपने बेटे को कोने में लेकर जाती.... तभी अपेक्षा अपने ग्लोवन का नाडा खोल देती..... उफ्फ्फ्फ़
उसका नंगा बदन फिर से कार्तिक को दिखाई देता.....
अपेक्षा:- अभी जो हमारे बीच में huvaa....usko मई भूल जाउंगी एक सपना समझ कर अगर तुम मेरे सवालों का सही जवाब डोज तो......
कार्तिक:- सॉरी' maa....wo बस हो गया अब जाने भी दो...
अपेक्षा:- तुमने मेरी निघ्त्य और अंडरवियर को फायदा क्यों.....
कार्तिक कुछ नहीं बोलता.... अपेक्षा कुलकर्णी अपना ग्लोवन उतार deti...aur एकदम कार्तिक के पास आ jati....apne दोनों पैरो तो कार्तिक के पेअर के उप्पेर रख देती.... कार्तिक का लैंड अब अपेक्षा की छूट को टच कर रहा thaa.....aur उसके बूब्स कार्तिक के मुह्हह्ह के पास थे.......
बोलो ना tum....nighty और निकार आराम से उतार भी सकते तुमने क्यों फाड़ी.....
तभी कार्तिक कुछ नहीं बोलता....
तभी अपेक्षा सा फिर से bolti....kahi तुमको मेरी इज़्ज़त तो लूटनी नहीं thi....like ®@p£...zor ज़बरदस्ती से .. या फिर किसी और से करवाना hai.....yee.....yahi सोचते हो क्या तुम.... स्कूल में ... कॉलेज me....apni माँ के साथ... बहिन के साथ..... टीचर तिवारी मैडम के साथ.... तिवारी मैडम का नाम अपेक्षा ऐसे hi ले लेती लेकिन कार्तिक को लगता मैडम ने बता दिया माँ को.
उतने में कार्तिक से लैंड से माल निकाल jaata....aur अपेक्ष के छूट के उप्पेर गिर जाता......
तभी अपेक्षा कार्तिक के माल को अपनी ऊँगली से लेकर अपने होंठ से चूसने लगती....
फटी हुयी निकार अपेक्षा पहन leti....aur जहा से फटी पड़ी थी वह कार्तिक को स्टेप्प्लेर मरने bolto....same. निघ्त्य के साथ भी करती.....
फिर निचे गिरा हुवा ग्लोवन पहकर ज़ोर से एक बार एक थप्पड़ मार्के अपेक्षा कार्तिक को सोने को bolti...aur रूम का दरवाज़ा बहार से लगा लेती....
हॉल में आने के बाद अपेक्षा हसने lagti....usko ये समज आ गया की कार्तिक अब कही कुछ बोलेगा नहीं.... बदन से और बदबू आ रही थी अब...
तभी अपेक्षा उप्पेर चाट पे चली जाती....
उप्पेर जाते hi बारिश का मौसम बना था.....
बारिश आने लगती... अपेक्षा कुलकर्णी पानी में भीग रही thi.....raat काफी हो चुकी था.... कोई देखा नहीं सकता था... इसलिए अपेक्षा एक एक करके अपने सब कपडे उतार देती.... और पूरी नानाजी होकर बारिश में भीगने lagiti....thodi देर बाद लगने बदन के साथ वो निचे आके अपने बैडरूम में चली jaati..aur दूसरी निघ्त्य पहकर सो जाती...






























