- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 141,337
अगर ऐसा कुछ है तो ये मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि मेरी तरफ से जो मेहनत की गई है वो सफल साबित हो रही है।।
सरिता और निश्चल के बीच ये प्यार भरी नोंक झोंक आगे भी चलती रहेगी।।
ये तो आपका बड़प्पन है महोदय जो आप मुझे इतना मान दे रहे हैं। बाकी अभी हम अपने आपको उस काबिल नहीं समझते। मेरी कोशिश बस इतनी कि कहानी पाठकों को पसंद आए।
आपकी बात बिल्कुल सही है महोदय।
अगर एक पुलिसवाला चाहे तो क्या नहीं कर सकता है। अगर वो अपने पर आ जाये तो बड़े से बड़ा गुंडा उसके कदमों पर अपनी नाक रगड़ेगा।। ये भले कहा जाता है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते है लेकिन कुछ ऊंची पहुच वाले उनके हाथ बांध देते हैं। लेकिन सरिता किसी की बात ही नहीं मान रही है और अपना काम किये जा रही है। जिसके कारण उसके ऊपर मुसीबत बढ़ती जा रही है।।
दोनों आगे चलकर पति पत्नी तो बनेंगे ही, लेकिन उसके पहले दोनों के बीच की जो कमेस्ट्री बनेगी वो बहुत लाजवाब होने वाली है। निश्चल का सरिता के प्रति लगाव जाहिर हो चुका है। जिसमे उसकी मदद साली साहिबा ही करने वाली हैं।।
कोई बात नहीं संजू जी।।
समय का पूरा सदुपयोग व्यक्तिगत जीवन में पहले करना चाहिए, उसके अगर समय मिले तो कहीं और।। बस आप ऐसे ही 3-4 भाग बाद अपनी खूबसूरत टिप्पणी दे दिया करिए, वही बहुत है कहानी के लिए।।
सही है महोदय। कम पाठक ही आते हैं लेकीनूनकी टिप्पणी सही होती है। हम उनपर अपनी बात कह सकते हैं। पिछली कहानी में आपने भी देखा होगा कि आई पाठक कैसी कैसी टिप्पणी करते थे जिसके जवाब देना बहुत मुश्किल होता था। तरह तरह के सवाल करते थे हमसे। एक दो का जवाब भी तो अपने भी दिया था।।
रोमांस, सस्पेन्स और थ्रिलर कहानियों में सुकून होता है पढ़ने और लिखने के बाद, उन कहानियों की अपेक्षा।।
पाठक चाहे कितने भी कम या ज्यादा आएं। कहानी पूरी होगी और ऐसे ही चलेगी।।
बहुत बहुत धन्यवाद आपका महोदय इस खूबसूरत समीक्षा के लिए।
साथ बने रहिए।।