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- Dec 5, 2013
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यहाँ मैं बात कर के जब रूम में आया तो अंदर आते hi मेरी नजर रश्मि पर padi...jo naha-dho कर टॉवल लपेटे अपने बालो को संभल रही थी....
उसे देख कर hi मेरी साड़ी परेशानिया दिमाग से बाहर हो gai...aur मैं उसके पास आ गया...
मुझे पास आता देख hi रश्मि ने शर्मा कर अपनी नजरें झुका ली....
रश्मि- tum...tum aise...aise क्या देख रहे हो....
मैं- पता nhi....bas तुम्हे देखता हु तो आँखे ठहर सी जाती hai.....aisa लगता है की बस तुम्हे देखता rahu....yu hi....
ये बोल कर मैंने रश्मि के बालों में हाथ डाला तो रश्मि ने अपना चेहरा ऊपर कर liya......aur मेरी आँखों में देखने लगी...
मैं- अब तुम क्या देख रही हो.....
रश्मि- पता nhi....par मुझे भी यही लगता hai...ki अब तुम hi....(chup रह गई )
मैं- kya....main hi kya...bolo....
रश्मि- क्या bolu....jo मुमकिन nhi....use बोलने से क्या होगा....
Main(baal सहलाते हुए)- तुम बोल कर तो dekho.....use मुमकिन करना मेरी जिम्मेदारी है.....
Rashmi(hath पकड़ कर)- पर मैं उस लायक नहीं...
मैं- तुम जो भी ho.....mujhe इससे कोई फर्क नहीं padta....bas बोल कर dekho....main तुम्हारी हर िक्षा पूरी कर दुगा....
रश्मि- नहीं golu....aisa मत बोलो plz....maine तुम्हारे साथ अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल गुजरे hai....aur मैं नहीं चाहती की ये पल तुम्हारे लिए सबसे ज्यादा दर्दनाक पल बन जाए....
मैं- ऐसा कुछ नहीं होगा.....
Rashmi(palat कर)- पर ऐसा हो चूका hai...aur उसकी जिम्मेदार मैं hi hu...sirf मैं...
मैं- नहीं rashmi...tum मुझे कोई दर्द नहीं दे sakti....kabhi नहीं....
रश्मि- पर मैं दे चुकी hu....de चुकी हु....
और रश्मि ने रोना सुरु कर diya....aur उसे रोटा देख कर मैंने उसे घुमाया और उसे ले जा कर बीएड पर बैठा दिया.....
मैं- तुम रो क्यों रही ho...chup हो jao....yaha कुछ भी गलत नहीं hua.....plz...
Rashmi(rote हुए)- गलत तो हो chuka...aur उसकी वजह मैं hu...sirf मैं...
मैं- तुम खुल कर बताओगी की तुम कहना क्या चाहती हो....
Rashmi(meri आँखों में देख कर)- मुझे माफ़ कर देना golu...maine...maine तुमसे झूठ बोलै hai....ek nhi...balki कई jhooth...wo भी एक बार nhi...balki कई baar....hamesha hi...mujhe माफ़ कर dena....(joor से रोने लगी )
मैं- प्ल्ज़ rashmi.....chup हो jao...aur फिर मुझे बताओ की तुम्हारे दिल में है क्या...
रश्मि- hmm...main...main बताती हु....
मैं- पहले पानी पि lo....fir bolo....ok...
ये बोल कर मैंने रश्मि को पानी diya....aur पानी पि कर जब रश्मि शांत हो gai....to उसने बोलना सुरु किया.....
रश्मि- golu....main जानती हु की तुम मेरी बात सुनते hi गुस्से से पागल हो jaoge....fir भी मेरी रिक्वेस्ट है की एक बार मुझे मेरी बात ख़त्म कर लेने dena.....fir जो दिल में aaye...wo कर lena...ok
मैं- hmm...ab बोलो भी....
रश्मि- golu....main जो दिखती हु वो हु नहीं....
मैं- ये पहेलियाँ मत sunao....sabkuch saaf-saaf bolo....ok..
रश्मि- hmm...asal me....main....main....
मैं- अब बोलो भी.....
Rashmi(hichak कर)- मैं शादीसुदा नहीं hu.....rajkumar मेरा पति नहीं hai...aur न hi राज मेरा बीटा है.....
मैं- ओह my.....to fir....aakhir तुम हो koun....aur...
Rashmi(beech में)- प्ल्ज़ golu...mujhe बात पूरी करने do...aise तो मेरी हिम्मत hi टूट जाती है....
मैं- ohk...ab सिर्फ तुम hi bolna....aur मैं तभी boluga....jab तुम kahogi...ok....ab सुरु करो....
रश्मि- hmm...main इस सहर में सिर्फ तुमसे बदला लेने के लिए आई thi...par मैं तुम्हारे बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानती thi....na hi तुम्हे सकल से पहचानती thi...aur न hi तुम्हारे इस नाम से....
मैं बस इतना जानती थी की तुम्हारा नाम आदित्य है और तुम आदित्य इन्तेर्प्रिसेस के मालिक हो....
असल me....tumne मेरे भाई की जिंदगी बर्बाद की thi....isliye मैं तुम पर गुस्सा thi....aur तुम्हे मिटा देना चाहती थी....
अब तुम सोच रहे होंगे की मैं किसकी बेहेन hu...jiski तुमने जिंदगी ujadi.....to वो है mr.mishra.....
सायद तुम मेरे भाई को न पहचान पाए ho...par तुम नेहा को जरूर जानते hoge.....wo नेहा मेरे भाई की बीवी थी.....
वही neha....jise तुमने अपनी रखेल बना लिया tha...aur उसने फिर तुम्हारे hi बेटे को पैदा किया था.....
अब तुम समझ गए होंगे की मैं किस नेहा की बात कर रही हु.....
( नेहा के बारे में जानने के लिए आपको शिकार - दूसरों की बीवियों का 1सत PART पढ़ना HOGA....JO यही PDF कलेक्शन में मिल JAYGI...OK...)
और अब मैं बताती हु की क्यों और कैसे मैं राजकुमार से मिली और उसकी बीवी बन कर यहाँ रहने लगी....
असल में जब मैं इस सहर में आई तो कई बार तुम्हे देखने के लिए तुम्हारी कंपनी में gai....par बदकिस्मती से हर बार मैं तुमसे नहीं मिल पाई....
पर उसी दौरान मुझे राजकुमार ने देख liya....aur उसने कही से मेरे बारे में पता kiya.....aur मेरा सच जान लिया.....
और जब उसे मेरा मक़सद पता chala...to वो अपने भाइयों के साथ मुझसे mila...aur उन्होंने बताया की उनका मक़सद भी तुम्हे बर्बाद करना है....
और फिर उनके प्लान के हिसाब से मैं इस कॉलोनी में रहने lagi.....taki मैं तुम्हारे करीब जाओ और तुम्हे इमोशनली फसा कर उन सबका साथ दू....
पर यहाँ भी तुम काम hi रहते the....isliye जब मैं तुमसे पहली बार mili...to मुझे पता नहीं था की तुम hi आदित्य हो....
पर जैसे hi मुझे पता चला तो मैंने अपना खेल सुरु कर दिया.....
मेरा काम था तुम्हे मजबूर कर के अपने साथ करने ka....tumhe अपने पीछे पागल बनाने ka...taki तुम मेरी मुट्ठी में raho...aur इसका फायदा उठा कर राजकुमार और उनके भाई तुम्हारी कंपनी के दूसरे लोगो को अपने साथ मिला कर फिनांकिअल्ली तुम्हे तोड़ दे.....
और एक बार तुम्हारी कंपनी barbaad...to फिर तुम्हे dil-dimaag से झटका मुझे hi देना tha....baki का काम राजकुमार के भाई करने वाले थे....
मैं तुम्हारे दिल को तोड़ कर तुम्हे अहसास दिलाना चाहती thi...ki जब कोई अपना हमे धोखा दे कर छोड़ता hai....to दिल को कितनी तकलीफ होती hai.....samjhe....
Main(sir हिला कर)- ूमम...
रश्मि- अब बोल सकते ho....meri कहानी ख़त्म....
मैं- fffooo....kya मस्त स्टोरी थी yaar.....pyar....dhokha...badla...action...sabkuch था इसमें....
रश्मि- ये कोई स्टोरी नहीं hai...ye एक कड़वी सच्चाई hai......tumne मेरे भाई की जिंदगी बर्बाद की है....
मैं- अगर तुम ऐसा मानती hi ho...to फिर तुमने मुझे सच क्यों bola....mujhe बर्बाद करना था न....
रश्मि- पता nhi....par मुझे लगने लगा है की तुम ऐसा नहीं कर sakte...kabhi नहीं...
Main(aankho में देख कर)- और ऐसा kyo....itna यकीन है मुझ par....haa...
Rashmi(najren झुका कर)- है hai.....main नहीं मानती की तुम hi भैया की हालत के लिए जिम्मेदार ho.....par मैं सच जरूर जानना चाहती hu.....plz golu...mujhe सच batao....tumhare और नेहा भाभी के बीच ये सब क्यों hua....kaise हुआ....
मैं- ok...par पहले तुम batao...ki तुम्हारे भैया ने तुम्हे क्या बताया....
रश्मि- उन्हीने बोलै की पहले तुमने मेरे भाई से दोस्ती ki....fir उसके घर aate-jaate हुए तुम्हारी बुरी नजर भाभी पर padi....aur एक दिन तुम दोनों को कोल्ड ड्रिंक ले gaye...jisme नशे की दवा थी....
और जब वो दोनों नशे में the...to तुमने भाभी के साथ सेक्स किया और उसकी रिकॉर्डिंग कर ली.....
फिर उसी रिकॉर्डिंग से भाभी को ब्लैकमेल kar-kar के उनको अपनी रखेल बना liya...aur बच्चा भी पैदा कर दिया....
इसलिए भाभी मेरे भाई को छोड़ कर चली gai....aur मेरा भाई टूट गया...
मैं- ओह teri.....aisa बोलै usne.....sala कमीना....
रश्मि- ye...mera भाई है वो...
मैं- तो kya....sala झूठ बोलता है....
रश्मि- accha...to तुम सच batao....batao की आखिर हुआ क्या था....
मैं- देखो rashmi.....sach ये है की तेरा भाई नेहा को खुश नहीं रख पता tha...aur वो कभी बाप भी नहीं बन सकता tha.....samjhi....
रश्मि- ये क्या बोल रहे हो.....
मैं- sach....chahe तो जा कर चेकउप करवा ले uska......kami थी usme....tabhi नेहा मेरे पास aai...aur फिर वही hua....jo ायरत और मर्द के बीच होता hai.....aur नेहा अपनी मर्जी से माँ bani....kyoki वो बैओलाद नहीं रहना चाहती thi...samjhi...
रश्मि- mana....par भाभी ने भैया को छोड़ा क्यों....
मैं- उसने नहीं chhoda...balki तेरे भाई को जब पता चला ki.....baap बनना तो दूर की baat.....wo तो ायरत को खुश भी नहीं कर sakta.......bas...ye जान कर उसने नेहा से झगड़ा kiya...use मरने laga...aur नेहा से सच जानते hi उसे घर से निकाल diya....samjhi...
Rashmi(hairani से)- तो फिर भैया ने मुझसे झूठ क्यों बोलै....
मैं- क्योकि सच बताने की उसमे हिम्मत hi नहीं thi...kya bolta...ki वो नामर्द है...
रश्मि - तुम सच बोल रहे हो न....
मैं- है rashmi....main उस बच्चे की कसम खा कर बोलता hu...jo मेरा और नेहा का बीटा hai.....meri हर बात सच है....
मेरी बात सुनते hi रश्मि रोने lagi...use अपनी करनी पर अफ़सोस हो रहा था....
मैं- देखो rashmi.....tum प्ल्ज़ रो mat....meri बात suno...plz...
रश्मि- ी म सॉरी golu....anjaane में hi मैंने तुम्हारे sath.....tum नहीं जानते की मैंने क्या करवा diya...bahut bura....bahut hi बुरा किया मैंने....
मैं- पर बताओ तो की तुमने किया kya.....plz...
रश्मि- असल me...ye मर्रिज एनिवर्सरी का प्लान इसीलिए किया tha...taki तुम सहर से दूर आ jao....aur मैंने hi राज के हाथो वो डायरी तुम तक पहुंचाई thi...jisme ये लिखा था की मेरा सपना क्या hai...matlab मैं किस तरह से ये दिन गुजरना चाहती थी.....
मैं- kya...ye सब भी प्लान tha...haa....
रश्मि- है golu....isliye तुम यहाँ ho....mere sath...aur वह तुम्हारी गैरहाजरी में वो लोग पता नहीं क्या karege....oh माय god...maine ये क्या कर दिया....
मैं- तुम प्ल्ज़ शांत raho....plz...aur मेरी बात ध्यान से suno...hmm..shant हो जाओ...
रश्मि- hmm..bolo...
मैं- देखो rashmi...tumne जो kiya...wo बता diya.....ab वो भी सुन lo....jo मैं जनता tha...par फिर भी तुमसे छुपा कर रखा....
Rashmi(chounk कर)- मतलब....
मैं- मतलब ye...ki मैं भी जान चूका था की तुम्हारी असलियत क्या hai....tum कौन ho...kaha से आई ho...aur क्यों आई ho....samjhi...
Rashmi(hairani से)- तुम sab....matlab सबकुछ जानते the.....fir भी चुप....
Main(beech में) - haa...kyoki मुझे लगा hi tha...ki तुम बुरी इंसान नहीं ho....aur एक दिन तुम खुद hi सच बोल dogi...aur आज वही hua...hai न.....
रश्मि- इतना भरोषा tha....haa..
मैं- haa....kya है na...main लड़कियों को देख कर hi उन्हें अच्छे से समझ लेता hu....andar tak...(muskurane लगा )
रश्मि- पर तुम ये सब जान कैसे gaye....meri जासूसी की क्या....
मैं- bilkul....ab तुम्हे अपनी जान जो बनाना tha.....aur जिसे अपनी जान बनाना ho...uske बारे में सब पता करना hi होगा na....kyo...
रश्मि- और ये काम किया kisne....khud तुमने किया क्या.....
मैं- nhi....maine अपनी नौकरानी को नेहा के पास भेजा tha.....tumhari फोटो ले kar....bas...fir मुझे सबकुछ पता चल gaya....bas 1 बात छोड़ कर....
रश्मि- कौन सी बात.....
मैं- राज किसका बीटा है.....
रश्मि- मेरी बेहेन ka.....jo इसे पैदा करते hi गुजर गई thi...to बचपन से मैंने hi उसे माँ बन कर पला hai....aur उसके लिए भी उसकी माँ मैं hi hu...wo सच नहीं जनता....
मैं- hmm....ok...ab तो सबकुछ क्लियर hai....to अब bolo...aage क्या करने वाली हो...
रश्मि- करना क्या hai....yaha से चलते hai....aur उनको रोकते hai...pata नहीं वो क्या करने वाले होंगे...
मैं- बिलकुल nhi....hum वैसे hi chalege...jaise उनलोगो ने प्लान kiya.....aur haa...unhe भनक भी न लगे की तुम मेरे साथ ho...samjhi...
रश्मि- पर kyo...ab तुम सच जान चुके ho...to रिस्क क्यों लेना.....
मैं- क्योकि मैं चाहता हु की सारे दुश्मन अपनी कामयाबी पर खुश हो jaaye...aur फिर खुल कर सामने आ jaye....fir उन्हें मिटाना आसान होगा न....
रश्मि- पर तुम्हे कुछ हो गया तो...
Main(muskura कर)- फ़िक्र मत कर मेरी jaan....tera गोलू शिकारियों का शिकारी hai.....uska शिकार करना किसी के बस का nhi......to अब फ़िक्र छोडो और वही karo...jo तुम्हे कहा gaya.....bolo...aage क्या होना है...
रश्मि- अभी पता nhi....unka कॉल या मश्ग आएगा.....
मैं- तो फिर तब तक भूल जाओ सबकुछ और सिर्फ एक बात याद rakho...ki तुम मेरी जान ho....hmmm...
रश्मि- hmm..par तुम मुझे माफ़ कर दो plz....main सच में तुम्हे समझ नहीं पाई thi...aur उनकी....
तभी मैंने रश्मि के होंठो पर ऊँगली रख दी....
मैं- sshhh..tum माफ़ी मत maago....kyoki यहाँ सिर्फ तुम hi nhi...jisne बातें छिपाई ho....main भी था न.....
Rashmi(gussa दिखा कर)- जानती hu....jhoote कही ke.....sabkuch जान कर भी ऐसे बने थे जैसे कुछ भी पता न ho...huh....
Main(muskura कर)- है मेरी jaan....main सब जान कर hi तुम्हारे पास आया tha....taki तुमसे दूर न जा सकू.....
Rashmi(haath मार कर)- मुझे बताया क्यों nhi...ye नाटक क्यों करते रहे....
मैं- are...ab मेरी जान नाटक कर रही thi...to मैं क्यों nhi...waise तुम्हारी एक्टिंग कमाल रही....
रश्मि- hato....mere साथ naatak...haa...main tumhe...nhi chhodugi....kabhi nhi....huh...huh..huh....naatakbaaj...huh...
ये बोलते हुए रश्मि ने मेरे सीने पर हाथ मारने सुरु कर diye........aur तभी मैंने उसे बाहों में भर लिया....
Main(muskura कर)- मैं भी nhi.....kabhi भी नहीं....
और रश्मि भी मेरे सीने से चिपक कर ख़ुशी महसूस करने लगी.....
रश्मि - बहुत परेशान किया tumne.....sach me....main तो ये सोच कर hi परेशान थी की मैं करू तो करू क्या.....
मैं- जनता hu....par मैं चाहता था की तुम खुद hi मुझे सच batao...isliye मैं तुम्हारे इशारों पर नाचता रहा....
Rashmi(hath मार कर)- बड़े आये नाचने wale....pata hai...mera कैसा हाल हुआ.....
मैं- कोई बात nhi....tumhara जितना बुरा हाल होना tha...wo हो chuka....ab तुम बस देखती jao.....hum मिल कर सबका बुरा हाल karege....aur उन्हें ऐसा nachayege...ki उन्हें साड़ी जिंदगी याद rahega....ok...
रश्मि- hmm..par तुम करने क्या वाले ho...ye तो बताओ....
मैं- वो सब batauga....par पहले अपनी जान को एक बार ठीक से प्यार तो कर लू....
रश्मि- एक baar....to अब तक क्या कर रहे थे....
मैं- वो तो सच जाने बिना वाला प्यार था na....ab तुम्हारा सच जान chuka....to ये तो पहली बार hi हुआ न....
रश्मि- ohh....tab तो मेरा भी पहली बार hi होगा न....
मैं- और नहीं तो क्या....
रश्मि- तब तो तुम्हे मेरे हिसाब से प्यार करना chahiye....ladies first...hai न....
Main(has कर)- बिलकुल मेरी jaan....hukum karo....kaisa प्यार पसंद करेगी आप....
रश्मि- बोल दू....
मैं- जरूर....
रश्मि- to...mujhe ऐसा प्यार karo....jisse मेरी दर्द के मारे चीखे निकल जाए....
Main(chounk कर)- what....ye kyo...nhi...main तुम्हे दर्द नहीं दे सकता न.....
रश्मि- तुम क्यों फ़िक्र करते ho....us दर्द से hi मुझे मेरा प्यार milega....wo क्या है na.....mujhe रफ़ सेक्स की दिली तमन्ना thi....aur मैंने सोचा tha...ki मैं ये सेक्स उस इंसान से karugi....jo मेरे दिल में basega....samjhe mr.golu....
मैं- oh....fir भी सोच lo....kahi गुस्सा न हो जाओ....
Rashmi(gaal चूम कर)- कभी नहीं....
मैं- तो फिर टॉवल का क्या kaam....chalo...nikalo ise....aur सुरु करो....
रश्मि- मैं....
मैं- जी ha....suruwat तो तुम hi karogi....fir ख़त्म मैं karuga...ok....
रश्मि- तो फिर लो....
और ये बोल कर रसंहि पीछे हटी और टॉवल निकाल कर फेक di....aur फिर मेरे शार्ट को नीचे कर के मस्ती से लुंड हिलने लगी.....
रश्मि- याद rakhna.....koi रहम नहीं....
मैं- कमाल हो तुम bhi....mere सामने लड़कयाँ रहम की भीख मांगती hai.....aur तुम बेरहमी करने को बोल रही हो.....
रश्मि- और kya....main ऐसे hi सबसे अलग nhi.....samjhe mr.golu....
ये बोल कर रश्मि ने लुंड की मुँह में भरा और joor-joor से चूसने लगी......
मई - समझ gaya....jo तुम kaho.....aaahhh.....kitna गरम मुँह हो गया tera.....lagta है सच बहार आते hi गर्मी बाद gai....haa....
रश्मि- uuuuummmmm....uuuummmmm....uuuummmmmm......
मैं- aaaaahhhh.....ab तो तुम सच में धमाल कर रही ho.....aah.....abki बार तो बड़ी जोरदार चुदाई होगी.....
रश्मि- uuuuummmmm,.....uuuuuummmmm...uuummmmmm....uuummmmm....
रश्मि की चसाई से मेरे जिश्म में भी गर्मी बाद गई और मैंने रश्मि का सर पकड़ा और लुंड पर दवा diya....jisse रश्मि का गाला चौक हो गया.....
मैं कुछ देर तक यु hi रश्मि का सर लुंड पर दवाये raha...jisse रश्मि की साँसे फूलने लगी और वो हाथ मार कर मुझे रोकने लगी....
और जैसे hi मैंने उसे छोड़ा तो वो खासते हुए लार टपकने लगी....
रश्मि- kho...kho...aaahh..aaah....kya करते हो....
मैं- तुम्ही को बेरहम सेक्स करना था na.....dekh lo...itne में hi जान निकल गई...
रश्मि- kho...aah...koi जान नहीं nikli....aise hi karna....samjhe न....
मैं- तेरी to....to आ फिर....
और मैंने रश्मि को खींच कर लिटाया और उसके पीछे लेट कर लुंड उसकी गांड में दाल दिया.....
रश्मि- aaaaiiii....ek साथ hi.....aaahhhh....
मैं- अभी भी सोच lo....main अपनी पर आया na....to बुरा रुलाऊंगा....
रश्मि- aahh....main यही चाहती hu....maaro....aahhhhhh....
और रश्मि के बोलते hi मैंने तेजी से उसकी गांड मरना सुरु कर diya....aur रश्मि दर्द से सिसकने लगी....
मुझे रश्मि की हालत पर वाकई तरह आ रहा tha....par रश्मि मान ने को तैयार नहीं थी....
वो मुझे बेरहम बनने के लिए उकसाती rahi....aur कुछ टाइम बाद मैंने भी सोच लिया की अब रश्मि को दर्द की इन्तहा दिखा hi देता हु....
फिर मैंने उसे सीधा लिटाया और सामने बैठ कर उसकी जोरदार गांड चुदाई सुरु कर दी....
रश्मि- aaaaahhhh....ab लगा na...aaahhh...dard हो रहा है.....
मैं- तो होने de....ab कोई रहम नहीं hoga....ab jhel...yeeehhhhh....
रश्मि- aaaahhhhh......mar gai....aaaahh...aaahh...
अब मैं पूरी तरह से रश्मि को तड़पने के मूड में आ चूका tha....aur रश्मि भी मेरी बेदर्दी देख कर खुश thi...halaki उसकी आँखे आंशुओ से भरने लगी thi...par वो इस चुदाई का पूरा मज़ा मार रही थी....
फिर जैसे hi रश्मि झड़ी तो मैंने उसे बाहों में भरा और घूम कर लेट गया.....
और रश्मि समझ चुकी थी की उसे लुंड की सवारी करने milega..par आज उसकी सामत आने वाली थी....
और फिर वही hua....maine नीचे से जोरदार धक्के सुरु कर दिए और रूम में फिर से रश्मि की चीखे गूजने लगी....
रश्मि- aaaaahhhhhh......aise hi....faad doooo....aaaahhhhhh...
मैं- देखती ja.....yeeehhhh...yeeehhh....
मैं baar-baar सोच रहा था की रश्मि मुझे रुकने का बोल de....par रश्मि ने एक बार भी नहीं bola......wo इस चुदाई में तड़पते हुए मज़ा ले रही थी....
थोड़ी देर के दमदार धक्को ने रश्मि को फिर से झड़ने पर मजबूर कर diya...aur वो मेरे सीने पर पास्ट पद गई.....
मैं- अभी भी बेरहम चुदाई चाहती हो....
रश्मि- aaaahhhh....haa...aaj कोई रहम नहीं....
मैं- तो फिर uth....aaraam भी नहीं.....
और मैंने रश्मि को बाजु में धकेल कर कुटिया बनाया और एक बार फिर से जोरदार गांड चुदाई सुरु हो गई....
रश्मि अभी इतना चीख रही thi...jitna वो गांड खुलने पर भी नहीं चीखी थी ..फिर भी वो मान ने को तैयार नहीं थी....
वो मुझे उल्टा जोइर से करने को उकसा रही thi....aur मैं भी उसकी हर ख्वाहिस पूरी करने में लगा था.....
मैं- kyo....ab मन bhara...ki नहीं....
रश्मि- aaaaahhhhhhhh....haaa....maza आ gayaaa....aaaahhh.....aaahhh...
मैं- तू मर कर hi manegi....yeeehhhh....yeeeehhhh...
रश्मि- aaaahhhh....marne do.....aaaaahhh.....aaaahhhhh...
थोड़ी देर बाद रश्मि फिर से पूरी तरह गरम हो गई और खुद hi सवारी करने का बोल कर मेरे ऊपर आ कर उछलने lagi.....aur मैं भी नीचे से ताबड़तोड़ धक्के मरने लगा....
अब पुरे रूम में हमारे जिश्मो की तापें और रश्मि की चीखे गूँज रही थी.....
रश्मि दर्द से तड़प रही thi...fir भी उसकी मस्ती में कोई कमी नहीं aai....wo जोर से चीखते हुए अपनी गांड uchhal-uchhal कर लुब्द खा रही थी....
मुझे नहीं पता की वो ऐसा क्यों कर रही thi...par सच kahu...to ये चुदाई एक शानदार चुदाई महसूस हो रही थी....
फिर हम दोनों मस्ती में कमर हिलाते हुए अपने चरम पर जा पहुंचे.....
पहले रश्मि एक चीख के साथ झड़ी और जब मैं झड़ने को हुआ तो रश्मि ने एक और फरमाइश कर दी....
रश्मि- aaaahhhh.....mujhe चखना hai...aaahhh..mere ...मेरे मुँह में करना....
Main(chounk कर)- kya...sach में....
Rashmi(uth कर)- haa....come on....mujhe ये करना hai...plz.....
ये बोल कर रश्मि बाजु में घुटनो पर बैठ गई और मैं भी खड़ा हो कर अपना लुन्द्रास उसके मुँह में डालने लगा....
और झड़ने के बाद हम दोनों बीएड पर लेट कर आराम करने लगे......
यहाँ मैं बात कर के जब रूम में आया तो अंदर आते hi मेरी नजर रश्मि पर padi...jo naha-dho कर टॉवल लपेटे अपने बालो को संभल रही थी....
उसे देख कर hi मेरी साड़ी परेशानिया दिमाग से बाहर हो gai...aur मैं उसके पास आ गया...
मुझे पास आता देख hi रश्मि ने शर्मा कर अपनी नजरें झुका ली....
रश्मि- tum...tum aise...aise क्या देख रहे हो....
मैं- पता nhi....bas तुम्हे देखता हु तो आँखे ठहर सी जाती hai.....aisa लगता है की बस तुम्हे देखता rahu....yu hi....
ये बोल कर मैंने रश्मि के बालों में हाथ डाला तो रश्मि ने अपना चेहरा ऊपर कर liya......aur मेरी आँखों में देखने लगी...
मैं- अब तुम क्या देख रही हो.....
रश्मि- पता nhi....par मुझे भी यही लगता hai...ki अब तुम hi....(chup रह गई )
मैं- kya....main hi kya...bolo....
रश्मि- क्या bolu....jo मुमकिन nhi....use बोलने से क्या होगा....
Main(baal सहलाते हुए)- तुम बोल कर तो dekho.....use मुमकिन करना मेरी जिम्मेदारी है.....
Rashmi(hath पकड़ कर)- पर मैं उस लायक नहीं...
मैं- तुम जो भी ho.....mujhe इससे कोई फर्क नहीं padta....bas बोल कर dekho....main तुम्हारी हर िक्षा पूरी कर दुगा....
रश्मि- नहीं golu....aisa मत बोलो plz....maine तुम्हारे साथ अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल गुजरे hai....aur मैं नहीं चाहती की ये पल तुम्हारे लिए सबसे ज्यादा दर्दनाक पल बन जाए....
मैं- ऐसा कुछ नहीं होगा.....
Rashmi(palat कर)- पर ऐसा हो चूका hai...aur उसकी जिम्मेदार मैं hi hu...sirf मैं...
मैं- नहीं rashmi...tum मुझे कोई दर्द नहीं दे sakti....kabhi नहीं....
रश्मि- पर मैं दे चुकी hu....de चुकी हु....
और रश्मि ने रोना सुरु कर diya....aur उसे रोटा देख कर मैंने उसे घुमाया और उसे ले जा कर बीएड पर बैठा दिया.....
मैं- तुम रो क्यों रही ho...chup हो jao....yaha कुछ भी गलत नहीं hua.....plz...
Rashmi(rote हुए)- गलत तो हो chuka...aur उसकी वजह मैं hu...sirf मैं...
मैं- तुम खुल कर बताओगी की तुम कहना क्या चाहती हो....
Rashmi(meri आँखों में देख कर)- मुझे माफ़ कर देना golu...maine...maine तुमसे झूठ बोलै hai....ek nhi...balki कई jhooth...wo भी एक बार nhi...balki कई baar....hamesha hi...mujhe माफ़ कर dena....(joor से रोने लगी )
मैं- प्ल्ज़ rashmi.....chup हो jao...aur फिर मुझे बताओ की तुम्हारे दिल में है क्या...
रश्मि- hmm...main...main बताती हु....
मैं- पहले पानी पि lo....fir bolo....ok...
ये बोल कर मैंने रश्मि को पानी diya....aur पानी पि कर जब रश्मि शांत हो gai....to उसने बोलना सुरु किया.....
रश्मि- golu....main जानती हु की तुम मेरी बात सुनते hi गुस्से से पागल हो jaoge....fir भी मेरी रिक्वेस्ट है की एक बार मुझे मेरी बात ख़त्म कर लेने dena.....fir जो दिल में aaye...wo कर lena...ok
मैं- hmm...ab बोलो भी....
रश्मि- golu....main जो दिखती हु वो हु नहीं....
मैं- ये पहेलियाँ मत sunao....sabkuch saaf-saaf bolo....ok..
रश्मि- hmm...asal me....main....main....
मैं- अब बोलो भी.....
Rashmi(hichak कर)- मैं शादीसुदा नहीं hu.....rajkumar मेरा पति नहीं hai...aur न hi राज मेरा बीटा है.....
मैं- ओह my.....to fir....aakhir तुम हो koun....aur...
Rashmi(beech में)- प्ल्ज़ golu...mujhe बात पूरी करने do...aise तो मेरी हिम्मत hi टूट जाती है....
मैं- ohk...ab सिर्फ तुम hi bolna....aur मैं तभी boluga....jab तुम kahogi...ok....ab सुरु करो....
रश्मि- hmm...main इस सहर में सिर्फ तुमसे बदला लेने के लिए आई thi...par मैं तुम्हारे बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानती thi....na hi तुम्हे सकल से पहचानती thi...aur न hi तुम्हारे इस नाम से....
मैं बस इतना जानती थी की तुम्हारा नाम आदित्य है और तुम आदित्य इन्तेर्प्रिसेस के मालिक हो....
असल me....tumne मेरे भाई की जिंदगी बर्बाद की thi....isliye मैं तुम पर गुस्सा thi....aur तुम्हे मिटा देना चाहती थी....
अब तुम सोच रहे होंगे की मैं किसकी बेहेन hu...jiski तुमने जिंदगी ujadi.....to वो है mr.mishra.....
सायद तुम मेरे भाई को न पहचान पाए ho...par तुम नेहा को जरूर जानते hoge.....wo नेहा मेरे भाई की बीवी थी.....
वही neha....jise तुमने अपनी रखेल बना लिया tha...aur उसने फिर तुम्हारे hi बेटे को पैदा किया था.....
अब तुम समझ गए होंगे की मैं किस नेहा की बात कर रही हु.....
( नेहा के बारे में जानने के लिए आपको शिकार - दूसरों की बीवियों का 1सत PART पढ़ना HOGA....JO यही PDF कलेक्शन में मिल JAYGI...OK...)
और अब मैं बताती हु की क्यों और कैसे मैं राजकुमार से मिली और उसकी बीवी बन कर यहाँ रहने लगी....
असल में जब मैं इस सहर में आई तो कई बार तुम्हे देखने के लिए तुम्हारी कंपनी में gai....par बदकिस्मती से हर बार मैं तुमसे नहीं मिल पाई....
पर उसी दौरान मुझे राजकुमार ने देख liya....aur उसने कही से मेरे बारे में पता kiya.....aur मेरा सच जान लिया.....
और जब उसे मेरा मक़सद पता chala...to वो अपने भाइयों के साथ मुझसे mila...aur उन्होंने बताया की उनका मक़सद भी तुम्हे बर्बाद करना है....
और फिर उनके प्लान के हिसाब से मैं इस कॉलोनी में रहने lagi.....taki मैं तुम्हारे करीब जाओ और तुम्हे इमोशनली फसा कर उन सबका साथ दू....
पर यहाँ भी तुम काम hi रहते the....isliye जब मैं तुमसे पहली बार mili...to मुझे पता नहीं था की तुम hi आदित्य हो....
पर जैसे hi मुझे पता चला तो मैंने अपना खेल सुरु कर दिया.....
मेरा काम था तुम्हे मजबूर कर के अपने साथ करने ka....tumhe अपने पीछे पागल बनाने ka...taki तुम मेरी मुट्ठी में raho...aur इसका फायदा उठा कर राजकुमार और उनके भाई तुम्हारी कंपनी के दूसरे लोगो को अपने साथ मिला कर फिनांकिअल्ली तुम्हे तोड़ दे.....
और एक बार तुम्हारी कंपनी barbaad...to फिर तुम्हे dil-dimaag से झटका मुझे hi देना tha....baki का काम राजकुमार के भाई करने वाले थे....
मैं तुम्हारे दिल को तोड़ कर तुम्हे अहसास दिलाना चाहती thi...ki जब कोई अपना हमे धोखा दे कर छोड़ता hai....to दिल को कितनी तकलीफ होती hai.....samjhe....
Main(sir हिला कर)- ूमम...
रश्मि- अब बोल सकते ho....meri कहानी ख़त्म....
मैं- fffooo....kya मस्त स्टोरी थी yaar.....pyar....dhokha...badla...action...sabkuch था इसमें....
रश्मि- ये कोई स्टोरी नहीं hai...ye एक कड़वी सच्चाई hai......tumne मेरे भाई की जिंदगी बर्बाद की है....
मैं- अगर तुम ऐसा मानती hi ho...to फिर तुमने मुझे सच क्यों bola....mujhe बर्बाद करना था न....
रश्मि- पता nhi....par मुझे लगने लगा है की तुम ऐसा नहीं कर sakte...kabhi नहीं...
Main(aankho में देख कर)- और ऐसा kyo....itna यकीन है मुझ par....haa...
Rashmi(najren झुका कर)- है hai.....main नहीं मानती की तुम hi भैया की हालत के लिए जिम्मेदार ho.....par मैं सच जरूर जानना चाहती hu.....plz golu...mujhe सच batao....tumhare और नेहा भाभी के बीच ये सब क्यों hua....kaise हुआ....
मैं- ok...par पहले तुम batao...ki तुम्हारे भैया ने तुम्हे क्या बताया....
रश्मि- उन्हीने बोलै की पहले तुमने मेरे भाई से दोस्ती ki....fir उसके घर aate-jaate हुए तुम्हारी बुरी नजर भाभी पर padi....aur एक दिन तुम दोनों को कोल्ड ड्रिंक ले gaye...jisme नशे की दवा थी....
और जब वो दोनों नशे में the...to तुमने भाभी के साथ सेक्स किया और उसकी रिकॉर्डिंग कर ली.....
फिर उसी रिकॉर्डिंग से भाभी को ब्लैकमेल kar-kar के उनको अपनी रखेल बना liya...aur बच्चा भी पैदा कर दिया....
इसलिए भाभी मेरे भाई को छोड़ कर चली gai....aur मेरा भाई टूट गया...
मैं- ओह teri.....aisa बोलै usne.....sala कमीना....
रश्मि- ye...mera भाई है वो...
मैं- तो kya....sala झूठ बोलता है....
रश्मि- accha...to तुम सच batao....batao की आखिर हुआ क्या था....
मैं- देखो rashmi.....sach ये है की तेरा भाई नेहा को खुश नहीं रख पता tha...aur वो कभी बाप भी नहीं बन सकता tha.....samjhi....
रश्मि- ये क्या बोल रहे हो.....
मैं- sach....chahe तो जा कर चेकउप करवा ले uska......kami थी usme....tabhi नेहा मेरे पास aai...aur फिर वही hua....jo ायरत और मर्द के बीच होता hai.....aur नेहा अपनी मर्जी से माँ bani....kyoki वो बैओलाद नहीं रहना चाहती thi...samjhi...
रश्मि- mana....par भाभी ने भैया को छोड़ा क्यों....
मैं- उसने नहीं chhoda...balki तेरे भाई को जब पता चला ki.....baap बनना तो दूर की baat.....wo तो ायरत को खुश भी नहीं कर sakta.......bas...ye जान कर उसने नेहा से झगड़ा kiya...use मरने laga...aur नेहा से सच जानते hi उसे घर से निकाल diya....samjhi...
Rashmi(hairani से)- तो फिर भैया ने मुझसे झूठ क्यों बोलै....
मैं- क्योकि सच बताने की उसमे हिम्मत hi नहीं thi...kya bolta...ki वो नामर्द है...
रश्मि - तुम सच बोल रहे हो न....
मैं- है rashmi....main उस बच्चे की कसम खा कर बोलता hu...jo मेरा और नेहा का बीटा hai.....meri हर बात सच है....
मेरी बात सुनते hi रश्मि रोने lagi...use अपनी करनी पर अफ़सोस हो रहा था....
मैं- देखो rashmi.....tum प्ल्ज़ रो mat....meri बात suno...plz...
रश्मि- ी म सॉरी golu....anjaane में hi मैंने तुम्हारे sath.....tum नहीं जानते की मैंने क्या करवा diya...bahut bura....bahut hi बुरा किया मैंने....
मैं- पर बताओ तो की तुमने किया kya.....plz...
रश्मि- असल me...ye मर्रिज एनिवर्सरी का प्लान इसीलिए किया tha...taki तुम सहर से दूर आ jao....aur मैंने hi राज के हाथो वो डायरी तुम तक पहुंचाई thi...jisme ये लिखा था की मेरा सपना क्या hai...matlab मैं किस तरह से ये दिन गुजरना चाहती थी.....
मैं- kya...ye सब भी प्लान tha...haa....
रश्मि- है golu....isliye तुम यहाँ ho....mere sath...aur वह तुम्हारी गैरहाजरी में वो लोग पता नहीं क्या karege....oh माय god...maine ये क्या कर दिया....
मैं- तुम प्ल्ज़ शांत raho....plz...aur मेरी बात ध्यान से suno...hmm..shant हो जाओ...
रश्मि- hmm..bolo...
मैं- देखो rashmi...tumne जो kiya...wo बता diya.....ab वो भी सुन lo....jo मैं जनता tha...par फिर भी तुमसे छुपा कर रखा....
Rashmi(chounk कर)- मतलब....
मैं- मतलब ye...ki मैं भी जान चूका था की तुम्हारी असलियत क्या hai....tum कौन ho...kaha से आई ho...aur क्यों आई ho....samjhi...
Rashmi(hairani से)- तुम sab....matlab सबकुछ जानते the.....fir भी चुप....
Main(beech में) - haa...kyoki मुझे लगा hi tha...ki तुम बुरी इंसान नहीं ho....aur एक दिन तुम खुद hi सच बोल dogi...aur आज वही hua...hai न.....
रश्मि- इतना भरोषा tha....haa..
मैं- haa....kya है na...main लड़कियों को देख कर hi उन्हें अच्छे से समझ लेता hu....andar tak...(muskurane लगा )
रश्मि- पर तुम ये सब जान कैसे gaye....meri जासूसी की क्या....
मैं- bilkul....ab तुम्हे अपनी जान जो बनाना tha.....aur जिसे अपनी जान बनाना ho...uske बारे में सब पता करना hi होगा na....kyo...
रश्मि- और ये काम किया kisne....khud तुमने किया क्या.....
मैं- nhi....maine अपनी नौकरानी को नेहा के पास भेजा tha.....tumhari फोटो ले kar....bas...fir मुझे सबकुछ पता चल gaya....bas 1 बात छोड़ कर....
रश्मि- कौन सी बात.....
मैं- राज किसका बीटा है.....
रश्मि- मेरी बेहेन ka.....jo इसे पैदा करते hi गुजर गई thi...to बचपन से मैंने hi उसे माँ बन कर पला hai....aur उसके लिए भी उसकी माँ मैं hi hu...wo सच नहीं जनता....
मैं- hmm....ok...ab तो सबकुछ क्लियर hai....to अब bolo...aage क्या करने वाली हो...
रश्मि- करना क्या hai....yaha से चलते hai....aur उनको रोकते hai...pata नहीं वो क्या करने वाले होंगे...
मैं- बिलकुल nhi....hum वैसे hi chalege...jaise उनलोगो ने प्लान kiya.....aur haa...unhe भनक भी न लगे की तुम मेरे साथ ho...samjhi...
रश्मि- पर kyo...ab तुम सच जान चुके ho...to रिस्क क्यों लेना.....
मैं- क्योकि मैं चाहता हु की सारे दुश्मन अपनी कामयाबी पर खुश हो jaaye...aur फिर खुल कर सामने आ jaye....fir उन्हें मिटाना आसान होगा न....
रश्मि- पर तुम्हे कुछ हो गया तो...
Main(muskura कर)- फ़िक्र मत कर मेरी jaan....tera गोलू शिकारियों का शिकारी hai.....uska शिकार करना किसी के बस का nhi......to अब फ़िक्र छोडो और वही karo...jo तुम्हे कहा gaya.....bolo...aage क्या होना है...
रश्मि- अभी पता nhi....unka कॉल या मश्ग आएगा.....
मैं- तो फिर तब तक भूल जाओ सबकुछ और सिर्फ एक बात याद rakho...ki तुम मेरी जान ho....hmmm...
रश्मि- hmm..par तुम मुझे माफ़ कर दो plz....main सच में तुम्हे समझ नहीं पाई thi...aur उनकी....
तभी मैंने रश्मि के होंठो पर ऊँगली रख दी....
मैं- sshhh..tum माफ़ी मत maago....kyoki यहाँ सिर्फ तुम hi nhi...jisne बातें छिपाई ho....main भी था न.....
Rashmi(gussa दिखा कर)- जानती hu....jhoote कही ke.....sabkuch जान कर भी ऐसे बने थे जैसे कुछ भी पता न ho...huh....
Main(muskura कर)- है मेरी jaan....main सब जान कर hi तुम्हारे पास आया tha....taki तुमसे दूर न जा सकू.....
Rashmi(haath मार कर)- मुझे बताया क्यों nhi...ye नाटक क्यों करते रहे....
मैं- are...ab मेरी जान नाटक कर रही thi...to मैं क्यों nhi...waise तुम्हारी एक्टिंग कमाल रही....
रश्मि- hato....mere साथ naatak...haa...main tumhe...nhi chhodugi....kabhi nhi....huh...huh..huh....naatakbaaj...huh...
ये बोलते हुए रश्मि ने मेरे सीने पर हाथ मारने सुरु कर diye........aur तभी मैंने उसे बाहों में भर लिया....
Main(muskura कर)- मैं भी nhi.....kabhi भी नहीं....
और रश्मि भी मेरे सीने से चिपक कर ख़ुशी महसूस करने लगी.....
रश्मि - बहुत परेशान किया tumne.....sach me....main तो ये सोच कर hi परेशान थी की मैं करू तो करू क्या.....
मैं- जनता hu....par मैं चाहता था की तुम खुद hi मुझे सच batao...isliye मैं तुम्हारे इशारों पर नाचता रहा....
Rashmi(hath मार कर)- बड़े आये नाचने wale....pata hai...mera कैसा हाल हुआ.....
मैं- कोई बात nhi....tumhara जितना बुरा हाल होना tha...wo हो chuka....ab तुम बस देखती jao.....hum मिल कर सबका बुरा हाल karege....aur उन्हें ऐसा nachayege...ki उन्हें साड़ी जिंदगी याद rahega....ok...
रश्मि- hmm..par तुम करने क्या वाले ho...ye तो बताओ....
मैं- वो सब batauga....par पहले अपनी जान को एक बार ठीक से प्यार तो कर लू....
रश्मि- एक baar....to अब तक क्या कर रहे थे....
मैं- वो तो सच जाने बिना वाला प्यार था na....ab तुम्हारा सच जान chuka....to ये तो पहली बार hi हुआ न....
रश्मि- ohh....tab तो मेरा भी पहली बार hi होगा न....
मैं- और नहीं तो क्या....
रश्मि- तब तो तुम्हे मेरे हिसाब से प्यार करना chahiye....ladies first...hai न....
Main(has कर)- बिलकुल मेरी jaan....hukum karo....kaisa प्यार पसंद करेगी आप....
रश्मि- बोल दू....
मैं- जरूर....
रश्मि- to...mujhe ऐसा प्यार karo....jisse मेरी दर्द के मारे चीखे निकल जाए....
Main(chounk कर)- what....ye kyo...nhi...main तुम्हे दर्द नहीं दे सकता न.....
रश्मि- तुम क्यों फ़िक्र करते ho....us दर्द से hi मुझे मेरा प्यार milega....wo क्या है na.....mujhe रफ़ सेक्स की दिली तमन्ना thi....aur मैंने सोचा tha...ki मैं ये सेक्स उस इंसान से karugi....jo मेरे दिल में basega....samjhe mr.golu....
मैं- oh....fir भी सोच lo....kahi गुस्सा न हो जाओ....
Rashmi(gaal चूम कर)- कभी नहीं....
मैं- तो फिर टॉवल का क्या kaam....chalo...nikalo ise....aur सुरु करो....
रश्मि- मैं....
मैं- जी ha....suruwat तो तुम hi karogi....fir ख़त्म मैं karuga...ok....
रश्मि- तो फिर लो....
और ये बोल कर रसंहि पीछे हटी और टॉवल निकाल कर फेक di....aur फिर मेरे शार्ट को नीचे कर के मस्ती से लुंड हिलने लगी.....
रश्मि- याद rakhna.....koi रहम नहीं....
मैं- कमाल हो तुम bhi....mere सामने लड़कयाँ रहम की भीख मांगती hai.....aur तुम बेरहमी करने को बोल रही हो.....
रश्मि- और kya....main ऐसे hi सबसे अलग nhi.....samjhe mr.golu....
ये बोल कर रश्मि ने लुंड की मुँह में भरा और joor-joor से चूसने लगी......
मई - समझ gaya....jo तुम kaho.....aaahhh.....kitna गरम मुँह हो गया tera.....lagta है सच बहार आते hi गर्मी बाद gai....haa....
रश्मि- uuuuummmmm....uuuummmmm....uuuummmmmm......
मैं- aaaaahhhh.....ab तो तुम सच में धमाल कर रही ho.....aah.....abki बार तो बड़ी जोरदार चुदाई होगी.....
रश्मि- uuuuummmmm,.....uuuuuummmmm...uuummmmmm....uuummmmm....
रश्मि की चसाई से मेरे जिश्म में भी गर्मी बाद गई और मैंने रश्मि का सर पकड़ा और लुंड पर दवा diya....jisse रश्मि का गाला चौक हो गया.....
मैं कुछ देर तक यु hi रश्मि का सर लुंड पर दवाये raha...jisse रश्मि की साँसे फूलने लगी और वो हाथ मार कर मुझे रोकने लगी....
और जैसे hi मैंने उसे छोड़ा तो वो खासते हुए लार टपकने लगी....
रश्मि- kho...kho...aaahh..aaah....kya करते हो....
मैं- तुम्ही को बेरहम सेक्स करना था na.....dekh lo...itne में hi जान निकल गई...
रश्मि- kho...aah...koi जान नहीं nikli....aise hi karna....samjhe न....
मैं- तेरी to....to आ फिर....
और मैंने रश्मि को खींच कर लिटाया और उसके पीछे लेट कर लुंड उसकी गांड में दाल दिया.....
रश्मि- aaaaiiii....ek साथ hi.....aaahhhh....
मैं- अभी भी सोच lo....main अपनी पर आया na....to बुरा रुलाऊंगा....
रश्मि- aahh....main यही चाहती hu....maaro....aahhhhhh....
और रश्मि के बोलते hi मैंने तेजी से उसकी गांड मरना सुरु कर diya....aur रश्मि दर्द से सिसकने लगी....
मुझे रश्मि की हालत पर वाकई तरह आ रहा tha....par रश्मि मान ने को तैयार नहीं थी....
वो मुझे बेरहम बनने के लिए उकसाती rahi....aur कुछ टाइम बाद मैंने भी सोच लिया की अब रश्मि को दर्द की इन्तहा दिखा hi देता हु....
फिर मैंने उसे सीधा लिटाया और सामने बैठ कर उसकी जोरदार गांड चुदाई सुरु कर दी....
रश्मि- aaaaahhhh....ab लगा na...aaahhh...dard हो रहा है.....
मैं- तो होने de....ab कोई रहम नहीं hoga....ab jhel...yeeehhhhh....
रश्मि- aaaahhhhh......mar gai....aaaahh...aaahh...
अब मैं पूरी तरह से रश्मि को तड़पने के मूड में आ चूका tha....aur रश्मि भी मेरी बेदर्दी देख कर खुश thi...halaki उसकी आँखे आंशुओ से भरने लगी thi...par वो इस चुदाई का पूरा मज़ा मार रही थी....
फिर जैसे hi रश्मि झड़ी तो मैंने उसे बाहों में भरा और घूम कर लेट गया.....
और रश्मि समझ चुकी थी की उसे लुंड की सवारी करने milega..par आज उसकी सामत आने वाली थी....
और फिर वही hua....maine नीचे से जोरदार धक्के सुरु कर दिए और रूम में फिर से रश्मि की चीखे गूजने लगी....
रश्मि- aaaaahhhhhh......aise hi....faad doooo....aaaahhhhhh...
मैं- देखती ja.....yeeehhhh...yeeehhh....
मैं baar-baar सोच रहा था की रश्मि मुझे रुकने का बोल de....par रश्मि ने एक बार भी नहीं bola......wo इस चुदाई में तड़पते हुए मज़ा ले रही थी....
थोड़ी देर के दमदार धक्को ने रश्मि को फिर से झड़ने पर मजबूर कर diya...aur वो मेरे सीने पर पास्ट पद गई.....
मैं- अभी भी बेरहम चुदाई चाहती हो....
रश्मि- aaaahhhh....haa...aaj कोई रहम नहीं....
मैं- तो फिर uth....aaraam भी नहीं.....
और मैंने रश्मि को बाजु में धकेल कर कुटिया बनाया और एक बार फिर से जोरदार गांड चुदाई सुरु हो गई....
रश्मि अभी इतना चीख रही thi...jitna वो गांड खुलने पर भी नहीं चीखी थी ..फिर भी वो मान ने को तैयार नहीं थी....
वो मुझे उल्टा जोइर से करने को उकसा रही thi....aur मैं भी उसकी हर ख्वाहिस पूरी करने में लगा था.....
मैं- kyo....ab मन bhara...ki नहीं....
रश्मि- aaaaahhhhhhhh....haaa....maza आ gayaaa....aaaahhh.....aaahhh...
मैं- तू मर कर hi manegi....yeeehhhh....yeeeehhhh...
रश्मि- aaaahhhh....marne do.....aaaaahhh.....aaaahhhhh...
थोड़ी देर बाद रश्मि फिर से पूरी तरह गरम हो गई और खुद hi सवारी करने का बोल कर मेरे ऊपर आ कर उछलने lagi.....aur मैं भी नीचे से ताबड़तोड़ धक्के मरने लगा....
अब पुरे रूम में हमारे जिश्मो की तापें और रश्मि की चीखे गूँज रही थी.....
रश्मि दर्द से तड़प रही thi...fir भी उसकी मस्ती में कोई कमी नहीं aai....wo जोर से चीखते हुए अपनी गांड uchhal-uchhal कर लुब्द खा रही थी....
मुझे नहीं पता की वो ऐसा क्यों कर रही thi...par सच kahu...to ये चुदाई एक शानदार चुदाई महसूस हो रही थी....
फिर हम दोनों मस्ती में कमर हिलाते हुए अपने चरम पर जा पहुंचे.....
पहले रश्मि एक चीख के साथ झड़ी और जब मैं झड़ने को हुआ तो रश्मि ने एक और फरमाइश कर दी....
रश्मि- aaaahhhh.....mujhe चखना hai...aaahhh..mere ...मेरे मुँह में करना....
Main(chounk कर)- kya...sach में....
Rashmi(uth कर)- haa....come on....mujhe ये करना hai...plz.....
ये बोल कर रश्मि बाजु में घुटनो पर बैठ गई और मैं भी खड़ा हो कर अपना लुन्द्रास उसके मुँह में डालने लगा....
और झड़ने के बाद हम दोनों बीएड पर लेट कर आराम करने लगे......