Shikari- Dusron ki biwiyon ka - Page 5 - SexBaba
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Shikari- Dusron ki biwiyon ka

भाई सॉरी की जरूरत nhi....asal me...main इसी तरह के कमेंट का कबसे वेट hi कर रहा tha....finally आज मिला...

Well...ab तक इसमें जो भी hua...aur आगे जो hoga...us सबकी वजह hai...wo पता जरूर chalegi....aur तब आप एग्री करेंगे...

Well...kuch आयतों की रंडी की तरह hi हालत hogi...but आगे बहुत ऐसी आएगी जो म्हणत karwaygi....ok...

और haa..,har एक ायरत और लड़की के साथ कुछ न कुछ वजह जरूर hogi....ye पक्का है....

उम्मीद करता हु की इसी तरह के कमैंट्स आगे भी mile...till थें....

थैंक्स & एंजोये......
 
अपडेट - 33

सिया का नशीला जिश्म देख कर मैं गरम हो चूका tha...par बात आगे बढ़ती, उससे पहले hi उसके पति का कॉल आया और वो निकल गई.....

फिर मैं अपनी किस्मत को कोस्टा हुआ गणेश के घर निकल पड़ा....

और जब मैं गणेश के घर के पास पंहुचा तो वह 2-3 लोगो को बात करते suna...jise सुनते hi मेरे कान खड़े हो गए और दिमाग दौड़ने लगा.....

अब आगे......

गणेश के घर कार पार्क कर के निकला तो मैंने 2 -3 लोगो को कुछ बात करते हुए suna....aur उनकी बातें सुन कर मेरा मन खुश हो गया....

फिर मैं गयम में पंहुचा तो सभी लोग मेरा hi वेट कर रहे थे…...

मैं- तो सब लोग आ गए....

पम्मी- जी हम तो कबसे आपका hi इंतज़ार कर रहे थे...

मैं- ohk....chalo सुरु करते hai....sushma...tumhari टीम साइकिलिंग karegi...,slow स्पीड.....

Payal.....tum सब दुम्ब्ले मरोगी....5 पौंड ke....aur बाकि सब आज स्ट्रेचिंग karegi....well....sab warm-up सुरु karo...jaisa कल सिखाया था....

आशा- golu....humara पूरा बदन दर्द दे रहा hai....kya करे....

मैं- aasha....massage इसीलिए जरूरी होता hai...isiliye मैंने मसाज पर जोर दिया tha....samjhi....

आशा- तो फिर मस्सगे कर दो na....dard सहन नहीं होता....

मैं- ठीक है पर एक hi दिन में सबका मस्सगे नहीं हो sakta....time लगता hai....to एक बार में एक का hi hoga....wo भी साम के टाइम....

आशा- तो आज मेरा कर do....plz...

मैं- ohk...but पहले जो कहा वो karo...massage सबकी ट्रेनिंग ख़त्म होने के बाद hoga....ok....

आशा- ठीक है....

फिर सब अपने काम में लग गए और मैं baari-baari सबको हेल्प करने लगा और उसी बहाने उसके जिश्म का आनंद उठाने लगा.....

तभी मेरी नज़र निशु पर padi....wo warm-up करते हुए ठीक से नीचे नहीं झुक प् रही थी.....

मैं- nishu....koi परेशानी hai....theek से झुको....

Nishu(jhukte हुए)- मुझसे हो नहीं raha....pahle कभी किया hi नहीं न....

मैं- तो kya....life में हर काम कभी न कभी पहली बार होता hai....ruko मैं करवाता हु....

मुझे तो बस मौका hi चाहिए था किसी के पास जाने ka....isliye मैं जल्दी से गया और निशु के बगल में खड़ा हो गया.....

और जैसे hi निशु आगे को झुकी तो मैंने उसकी पीठ पर हाथ रख कर ठीक से झुका दिया......

Nishu(uth कर)- aaaahhhh.....dard होता है....

Main(muskura कर)- दर्द के बाद कुछ अच्छा होता है तो दर्द अच्छा hai...samjhi....chalo मैं खुद करवाता हु....

इतना बोल कर मैं निशु के पीछे आ गया और उसे झुकने में हेल्प करने लगा.....

मैं निशु से लगभग चिपक कर hi खड़ा tha....uski गांड मेरे लुंड से कुछ hi दूरी पर थी....

पर जैसे hi वो झुकती थी तो मैं अपने दोनों हाथो से उसकी पीठ को देवता tha....jisse मेरा बदन उसके बदन के ऊपर आ रहा था....

और नीचे उसकी गांड उभार लेकर मेरे लुंड से चिपक रही थी....

ये सिलसिला 2-3 मिनट hi चला था की मेरा लुंड ायकाट में आने laga....aur जैसे hi कड़क लुंड ने निशु की गांड पर दस्तक दी तो निशु चौंक गई और पलट कर मुझे देखने लगी.....

मैं- अरे रुकना नहीं hai...chalo अभी कई बार करना hai...chalo....

निशु ने कुछ बोलै तो नहीं पर उसकी आँखे कुछ कह रही thi....par मेरे कहते hi निशु बापिस काम में लग गई और फिर से मैं उसकी पीठ dawa-dawa कर उसे uper-neeche करने लगा.....

यहाँ मेरा लुंड पूरा कड़क हो गया और अब निशु की गांड से मेरे लुंड की जोरदार टक्कर होने लगी....

हर एक बार जब निशु नीचे झुकती और अपनी गांड पर लुंड का अहसास पाती तो वो उसका मुँह खुल जाता....

वो ऊपर उठ कर baar-baar मुझे देखती पर मैं बिना किसी फ़िक्र के उसे नीचे झुका deta.....aur फिर से लुंड उसकी गांड में चुभ जाता....

मुझे तो मज़ा आ hi रहा tha...par ऐसा लगा की सायद निशु भी अब थोड़ा मज़ा महसूस कर रही थी....

मैंने फिर मौका देखा और जैसे hi निशु को झुकाया तो वैसे hi मैंने लुंड को सेट करके सीधा गांड के फाको में दास दिया....

Nishu(chounk कर)- ूउम्मम्म......

Main(peeth दवाये हुए)- ऐसे hi....jitni देर तक झुकेगी उतनी जल्दी hi झुकने की आदत पद jaygi....hmm....aise hi....

इतना बोल कर मैंने थोड़ा सा दवाब और बड़ा दिया और लुंड निशु की गांड में थोड़ा और समां gaya....matlab गांड की फाकों के beech...wo भी लम्बाई में....

Nishu(mujhe घूर कर)- उठ जाओ....

मैं- haa...ab ऐसे hi baar-baar करना...

जैसे hi मैंने देखा की निशु ने कोई बिरोध नहीं दिखाया तो मेरी हिम्मत बाद गई और मैंने निशु के पीछे ऐसे खड़ा हुआ की अब मेरे पेअर निशु के पेअर के बाजू में थे....

इसका मतलब ये था की मेरा लुंड निशु की गांड से चिपका हुआ tha....aur उसके झुकते hi लुंड पुरे आकार के साथ गांड की फाको में फास जाता....

Main(nishu को झुका कर)- अब मज़ा आ रहा है न.....

निशु- huh...hmm....

मैं ऐसे hi कुछ देर और निशु के मज़े मारता raha...aur जब मुझे लगा की सब लोग warm-up से थक गए है तो मैंने निशु को छोड़ दिया और सबको आगे का इंटरैक्शन देकर एक तरफ बैठ गया....

निशु कसरत करती हुई baar-baar मुझे घूर रही thi...aur जैसे hi मेरी नज़र उससे मिलती तो मैं मुस्कुरा देता और वो बेचारी नजरे घुमा कर अपने काम पर लग जाती.....

इसी बीच मेरी नजर सीनू पर padi....wo ठीक से स्ट्रेचिंग नहीं कर रही thi...ulta beech-beech में रीनू से बात करते हुए khil-khila रही थी....

Main(thoda गुस्से से)- seenu....kya हो रहा है ये....

Seenu(ghabra कर)- kk...kuch nhi...main तो वो स्ट्रेचिंग....

Main(beech में)- एक तो तुम अपना काम ठीक से नहीं कर rahi...uper से बातें कर के रीनू को भी डिस्टर्ब कर रही ho....haa,...

Seenu(saham कर)- sorry...ab नहीं करुँगी....

Main(gusse me)-mujhe ये सब पसंद nhi....aur मैं गलती माफ़ नहीं karta....i जस्ट हेट सॉरी....

सीनू कुछ नहीं boli....bas नजरें झुका li....aur मेरी बात सुन कर बाकि सब भी रुक कर मुझे देखने लगे....

मैं- तुम सब क्यों रुक gaye....jo कहा वो करते raho....aur seenu....tumhe इसकी सजा जरूर milegi...wo भी आज hi....aur तुम सब भी सुन lo...meri क्लास कोई भी डिस्टर्बे करेगा उसे सजा milegi...samjhe....

सीनू- सॉरी ...अब नहीं karugi....aur ये मुझसे हो नहीं रहा....

मैं- नहीं हो रहा तो मुझे bolo...main batauga....ruko मैं आता hu....par इससे सजा नहीं bachegi.....class के बाद तुम्हारी सजा batauga...but अभी तुम्हारी हेल्प करता हु....

इतना बोल कर मैं सीनू के पास पंहुचा और उसे स्ट्रेचिंग करने लगा....

मैं- seenu...pata है स्ट्रेचिंग सरीर के लिए कितनी जरूरी होती hai....are इस से सरीर की फुर्ती बढ़ती hai....samjhi....

सीनू- haa...par मुझसे हो नहीं प् रहा न....

मैं- तो इसके लिए मैं हु na...chalo अभी करवाता हु....

इतना बोल कर मैं सीनू के पीछे दोनों पेअर फैला कर बैठ gaya....ab सीनू की गांड मेरे पैरों के बीच में thi....bilkul मेरे लुंड के पास....

मैं- चलो पहले हाथो को failaao...aur फिर पैरों को भी....

Seenu(hath फैला कर)- हाथ तो आराम से फ़ैल जाते hai...par पेअर नहीं....

मैं- अरे फैलाओ तो pahle...fir मैं देख लगा....

सीनू ने जितना हो सका उतना अपने पैरों को फैला दिया....

सीनू- बस इस से ज्यादा नहीं होता....

मैं- hoga...tumhe करना hi padega...chalo मैं करता हु...

और मैंने पीछे से हाथ ले जा कर सीनू की दोनों जाँघे थाम li...jisse सीनू चौंक गई पर बोली कुछ नहीं....

मैं- अब failao....dekhta हु कैसे नहीं होगा....

और मैं सीनू की जांघो को पकड़ जार उन्हें फ़ैलाने laga..,par इस से सीनू को तकलीफ हो रही थी....

तो मैंने प्यार से झाघो को सहलाना सुरु कर diya.....jisse सीनू फिर से चौंक गई और मुझे देखने lagi...par मैं रुका nhi...balki जोर से जांघो को सहलाता रहा....

मैं- देखो seenu..,.ladkiyon की जांघो की maas-pesiyan मजबूत रहना chahiye....kyoki इन जांघो पर सरीर का काफी वजन होता hai....samjhi....

Seenu(sharmate हुए)- हम्म...

मैं- अरे शर्माना chhodo....kyoki जैसे डॉक्टर के सामने बीमारी बताने में नहीं शर्माना चाहिए वैसे hi मेरे सामने शर्माना nhi...main भी बॉडी का फिटनेस डॉक्टर hu....samjhi न...

मेरी बात jis-jis ने सुनी वो भी मुस्कुरा उठे और अपने काम पर लगे rahe....koi अभी हमारी तरफ नहीं देख रहा था...,

सीनू- हम्म....

मैंने सब पर एक नजर डाली और फिर अपने हाथो को सीनू की छूट के पास ले गया और सहलाने लगा...,

Main(dheere से)- seenu...ab दर्द हो रहा है....

Seenu(chounk कर)- थोड़ा....

मैं- कोई nhi...main हूँ na...sab ठीक कर दुगा....

और मैंने हाथो की पकड़ मजबूत कर दी और सीनू की छूट के दोनों तरफ दवाब बनाने laga....yaha मेरा लुंड जो की कुछ देर पहले hi पूरा टाइट tha...wo फिर से टाइट हो गया और सीनू की गांड पर दस्तक देने लगा....

मैं सीनू को सहलाते हुए उससे चिपक गया tha....jisse सीनू के जिश्म में झुरझुरी उठने लगी थी....

फिर जैसे hi मैंने मौका देखा तो एक हाथ को सीनू की छूट पर फिरने laga....jisse सीनू दांग रह गई और मुझे घूरने लगी....

Main(dheere से)- इससे आराम milega.....pair आसानी से फ़ैल jayge...hmm....

Seenu(dheere से)- पर आपका हाथ ....वह....

Main(beech में)- तुम्हे अच्छा लग रहा है न...

सीनू ने बिना कुछ कहे सर झुका दिया...

Main(choot को दवा कर)- बोलो....

Seenu-uummmm.....

Main(fir से छूट दवा कर)- बताओ to...fir आगे बड़े....

Seenu(sharm से सर हिला कर)- हम्म..

Main(kaan में)- अच्छा hai...ab पेअर आसानी से फ़ैल जायगे....

सीनू की छूट पर मेरे हाथो के दवाब ने जादू करना सुरु कर diya....is बात का सबूत ये था की सीनू आप खुद पीछे हो कर मेरे जिश्म से चिपक गई थी.....

मैं बड़े प्यार से उसकी छूट सहला रहा था और वो भी अपनी आवाज़ को दवाय मज़े ले रही thi....ye सब लगबगाग 2-3 मिनट hi चल पाया था की तभी पम्मी बोल padi...aur हम दोनों हड़बड़ा कर अलग हो गए....

पम्मी- गोलू ji...ek बात dasso....hum कितना साइकिल चलेगे ji.....are इतनी देर में तो मैं अपने गाओं पहुंच जाती....

Main(seenu से दूर हो कर)- अरे pammi....gaon का तो पता nhi....par ये साइकिल नहीं चलाई न तो ये तुम्हारे पेट की चर्बी नहीं niklegi.....ab चुपचाप साइकिल chalao....aur haa....beech में बोलने के लिए तुम्हे सजा भी मिलेगी...

पम्मी- ओह rabba....saza....koun सी सजा.....

Main(thoda गुस्से से)- फिलहाल साइकिल chalao....saja बाद में batauga....chalo...

पम्मी तुरंत सहम गई और साइकिल चलने lagi....but साली ने मेरा खेल चौपट कर दिया था....

Main(seenu के कान में)- क्यों अच्छा लगा न ये सब....

Seenu(sharma कर)- हम्म....

मैं- और भी अच्छा lagega....par उसके लिए तुम्हे स्पेशल ट्रेनिंग देनी padegi...bolo चाहिए....

Seenu(thoda सोच कर)- जी....

मैं- good....to कल स्कूल से आने के बाद मेरे रूम में aana...,wahi ट्रेनिंग duga...ok

सीनू कुछ नहीं बोली बस शर्मा कर सर झुका liya....maine भी कोई जोर नहीं दिया और उठ कर आ गया.....

फिर करीब 30 मिनट तक मैं सबको िट्रक्शन देते हुए एक्ससरसीसे करता रहा और फिर ब्रेक टाइम दे दिया....

ब्रेक के बाद फिर से वही सब रेपेटे किया और आज के लिए इतने में hi फिनिश कर दिया......

Main(claas ख़त्म कर के)- आज की क्लास काफी छोटी थी बूत ऐसा तुम लोगो की हालत देख कर kiya....tum सब काफी थकी लग रही ho...well....kal से क्लास लम्बी hi hogi...isliye तैयार rahna...ok...ab सब जा सकते hai....sirf सीनू और पम्मी को छोड़ कर....

सब मुझे हैरानी से देखने लगे....

मैं- अरे उन्हें सजा मिलनी hai...chalo बाकि सब jaao.....aur याद रखना की जो भी मेरे रूल्स तोड़ेगा उसे सजा मिलेगी jaroor....samjhe sab...ab जाओ....

फिर सब निकल gaye...rah गई सिर्फ पम्मी और निशु....

मैं- hmm....to बोलो क्या सजा दी जाए तुम्हे....

Pammi(muskura कर)- ू जी माफ़ी दे दो सजा me...hehehe....

Main(gusse से)- तुम्हारी सजा double...samjhi....

पम्मी- सॉरी जी सॉरी....

मैं- naa...koi सॉरी nhi...tumhe डबल सजा milegi....par आज तुम्हारी हालत काफी बुरी hai...isliye तुम्हारी सजा बाद में दी jaygi...ab चुपचाप जाओ यहाँ से....

Pammi(udaas हो कर)- ठीक है जी....

पम्मी के जाने के बाद हाल में सिर्फ मैं और सीनू बाकि थे....

Main(muskura कर)- तो seenu...tumhe क्या सजा दी जाए....

Seenu(sir झुका कर)- आप hi बता दो....

मैं- hmm....tumhari सजा भी बाद में दी jaygi....abhi तुम जा सकती हो....

Seenu(muskura कर)- हम्म....

मैं- वैसे स्पेशल ट्रेनिंग के लिए आ रही हो न....

Seenu(jaate हुए)- पता नहीं....

और सीनू लगभग भागते हुए हाल से निकल gai...aur उसकी हालत पर मैं मुस्कुरा उठा....
 
अपडेट - 34

रात को गणेश की फॅमिली के साथ डिनर करने पंहुचा तो देखा की वह काफी काम लोग the.....sirf गणेश की बीवी पायल, आशा , दीपा और सुषमा थी....

मैं- are....sab लोग खा चुके क्या....

आशा- haa...aaj कुछ ज्यादा hi थक गए the...isliye जल्दी hi खा कर सोने चले गए.....

मैं- ohh....koi nhi...suru में दर्द होता hi है...2-3 दिन में सब ठीक हो jayga...waise गणेश कहा है....

आशा- अरे वो आज लेट aayga...kuch काम है ऑफिस में....

मैं- ok....chaliye आप लोग तो है साथ देने को.....

फिर हम सब डिनर करने lage....aur मैं मन hi मन ये सोचने लगा की आज मेरे लुंड की किस्मत में सिर्फ कलपद होना hi लिखा है kya....kya आज छूट नहीं milegi....kaash आज भी वो लड़की मिल जाए जो उस रात मिली थी....

यही सब सोचते हुए और कुछ बातें करते हुए हमारा डिनर ख़त्म हुआ और मैं अपने रूम में आ गया....

रूम में आ कर मैं इंतज़ार करने लगा उस वक़्त का जिस वक़्त पर रात में गणेश के घर छूट मिली थी......

रात को करीब 11 बजे मैं अपने फलते से नीचे आया और halke-halke कदमो के साथ नीचे हॉल में पहुंच gaya....aur चुपचाप रह कर उसका इंतज़ार करने लगा जिसकी छूट मैंने पिछली रात मारी थी.....

पर आज काफी देर तक कोई भी हलचल नहीं hui....wo नहीं आई तो मैंने सोचा की सायद ट्रेनिंग की थकान की वजह से सो गई होगी....

Main(man में)- लगता है आज बिना छूट मारे hi सोना hoga....saali खुद तो सो गई होगी और बेहाल मेरा लुंड हो gaya...huh...chalo सो जाता हु.....

ये सब सोच कर मैं जैसे hi बाहर निकला तो गलती से मेरा हाथ गेट के साइड में रॉकगे गुलदान से टकरा gaya...aur इससे पहले की मैं कुछ samjhta...usse पहले hi गुलदान टूटने की जोरदार आवाज़ हुई....

ये आवाज़ सुन कर अंदर कोई जगा की nhi...ye तो पता nhi...par मैं जरूर हड़बड़ा गया और गेट के दूसरी तरफ रखे गुलदान से टकरा गया....

क्योकि मैं इस बार जोर से गुलदान से टकरा गया था तो गिलदान उछाल कर दूर गिरा और आवाज़ भी पहले के मुकावले जोर से हुई....

इतनी आवाज़ काफी थी अंदर सो रहे कुछ लोगो को जगाने के लिए....

यहाँ मैं दो गुलदान टूटने से हड़बड़ा गया tha...aur डरा हुआ भी था....

Main(man में)- माँ की aankh....aaj तो बुरे fase....isse पहले की कोई aay...mujhe भागना होगा....

मैं हड़बड़ा कर उठा hi था की एक आवाज़ हॉल में गूँज uthi...aur साथ में लाइट भी जल उठी....

""कौन हो तुम""

मैं डरते हुए पलट कर देखा तो सामने दीपा कड़ी हुई thi....ganesh की chachi.....jo मेरा चेहरा देखने के बाद थोड़ा चूँकि पर अगले hi पल मुझे गुस्से से घूरने लगी....

Deepa(joor से) - गोलू tum......tum यहाँ क्या कर रहे हो.....

Main(thook निगलते हुए)- deepa.....main wo....main गुलदान से टकरा गया था.....

Deepa(joor से) - वो तो दिख रहा hai....dono गुलदान टूटे पड़े hai...par तुम यहाँ आय क्यों....

Main(hadbadate हुए)- main...main wo....wo मुझे....

Deepa(gusse से)- क्यों आय थे.....

दीपा की आवाज़ इस बार ज्यादा hi तेज थी जिसकी वजह से सुषमा और आशा भी नीड से जाग गई और भागते हुए हाल में आ गई....

और मुझे देखते hi वो दोनों भी चौंक gai....unki आँखों में भी वही सवाल था जो की दीपा ने पूछा था,....

Main(man में)- अब तो पक्का फसा golu....kuch soch....warna यहाँ से जाना padega....aur इतने माल हाथ से निकल jayge....soch kuch...soch....

sushma(gusse से)- गोलू तुम यहाँ क्या करे ho....haa....wo भी इतनी रात में...

Main(hadbada कर)- wo...wo...wo...

सुषमा- ये क्या wo-wo लगा रखा hai...seedhe से बताओ...

Main(sahma हुआ)- वो रूम me...wo hai...mere रूम में.....

Sushma(joor से)- क्या बोल रहे ho....koun है रूम में....

Main(darte हुए बैठ गया)- wo....nhi pata...par hai...koi है....

अब की बार मेरी बात सुन कर सबके चेहरे के भाव बदल gaye....ab उनका गुस्सा भी काम दिख रहा था....

आशा- golu....tum पहले शांति से बैठ jao....deepa.,.golu को पानी देना ....

फिर आशा ने मुझे पकड़ा और चेयर पर बैठ्या और दीपा ने मुझे पानी पिलाया....

Main(pani पि कर)- haaa....koi है waha.....mujhe नहीं जाना waha....nhi....

सुषमा- golu...tum शांत हो jao....fir आराम से batana....bilkul shant...hmm....

और फिर कुछ देर तक हॉल में सन्नाटा छाया raha...koi भी कुछ नहीं बोलै....

Sushma(kuch देर बाद)- golu...ab ठीक हो न....

मैं- hmm....pahle से अच्छा....

सुषमा- अब बताओ की हुआ क्या था....

मैं- ha...sab बताता हु....

फिर मैंने एक मनगढंत कहानी सुनाई ki....jab मैं रूम में सो रहा था तो किसी ने मुझे jagaya....par आँखे खोलने पर वह कोई नहीं tha....fir मुझे कुछ आवाज़ सुनाई di....main हर तरफ देखा पर कोई नहीं दिखा....

फिर किसी के हसने की आवाज़ आने lagi....aur मुझे एक जोर का धक्का laga....uske बाद मैं बुरी तरह से दर गया और यहाँ आ gaya....aur उसी बीच गुलदान से टकरा गया...,

मेरी कहानी सुन कर किसी को भी यकीन नहीं हुआ tha...par मेरी हालत देख कर वो सब सोचने पर जरूर मजबूर थे....

सुषमा- मैं नहीं manti....tumhe कोई सपना देखा होगा....

मैं- nhi...wo सपना नहीं tha....bilkul नहीं....

Sushma(aasha और दीपा को देख कर)- देखो golu...ye सब मन का वहां होता hai...tum जाओ और सो jao....kuch नहीं है वह....

Main(darte हुए)- nhiiiii....main वह नहीं jauga...akela तो बिलकुल nhi....main yahi...yaha सोफे पर सो jauga...plz...mujhe नहीं जाना....

आशा- सुषमा bhabhi....ab क्या kare....kya इसे सोफे पर hi....

Sushma(beech में)- ये क्या बोल रही ho....sofe पर kaise....aur इसे सोफे पर देख कर बाकि सब क्या sochege.....unhe क्या बोलेगे hum...nhi...yaha नहीं सुला सकते....

आशा- तो फिर क्या करे bhabhi....aap hi बताओ....

सुषमा- hmm...chalo मेरे साथ....

इसके बाद तीनो मुझसे कुछ दूर चली गई.....

Sushma(kuch देर सोच कर)- ये अकेले तो जा नहीं raha....to हम में से किसी को उसके साथ जाना होगा.....

दीपा- ये क्या बोल रही हो bhabhi.....hum कैसे....

सुषमा- अरे उसकी हालत तो dekho....faltu मत soch....ye सोच की उसकी हालत क्या hai,....bas रात भर की बात hai....baki सुबह कुछ sochege....abhi के लिए तो यही सही होगा....

आशा- तो फिर जल्दी hi करो जो करना hai....ganesh आने वाला hi hoga....wo देखेगा तो सवाल hi सवाल सुरु हो जायगे....

दीपा- hmm....sahi कहा bhabhi....ganesh के साथ बाकि सब भी आ गए to,....arre भछियों को क्या bolege,....haa....

आशा- तभी तो कहा की जल्दी करो....

सुषमा- अरे करना क्या hai....hum में से एक को इसके साथ जाना है bas....bolo कौन जा रहा है....

दीपा- मैं तो नहीं जाने wali....mujhe तो वैसे भी दर लगता hai....agar गोलू ने जैसा कहा और वह वैसा कुछ हुआ to.....main तो मर hi जोगी....

सुषमा- hmm....janti हु main...darpok कही ki....accha आशा तुम....

आशा- वैसे मुझे दर तो नहीं लगता...

Sushma(beech में)- तो तू hi जा....

Aasha(be मन से)- ठीक hai....jati हु...

सुषमा- theek...ab तू गोलू को ले कर निकल और deepa....chal हम गुलदान के टुकड़े साफ़ कर लेते hai....aa जा....

उसके बाद आशा मुझे समझा कर मेरे साथ मेरे रूम में आ gai...aur हम दोनों एक hi बीएड पर लेट गए.....

आशा- golu....ab आराम से सो jao....darne की जरूरत nhi.....main यही hu....agar दर लगे तो मुझे बताना....

Main(sahma हुआ सा)- हम्म....

Aasha(let कर , मन में)- बस अब ये आराम से सो जाय तो accha....pata नहीं इसने क्या देखा, क्या suna....bas फिर से न कुछ ho....waise भी आज बदन में इतना दर्द है की अब और नहीं जाग sakti...main तो चली सोने....

Main(man में)- क्या बात है golu....mast आईडिया tha....fase भी नहीं और साथ में सोने के लिए एक छूट चल कर आ gai....ab बस किसी तरह कुछ मस्ती मिल जाय तो मज़ा आ जाये.....

यही सोचते हुए मैं बाथरूम गया और फ्रेश हो कर बापिस लेट gaya....bapis आने तक आशा जाग hi रही thi...par मुझे देख कर कुछ बोली नहीं बस लेती रही....

khair....raat गहराने लगी और उसी के sath-sath आशा भी सपनो की गहराई में निकल gai.....matlab सो gai.....par मेरी आँखों में नीड कहा आने वाली thi....mujhe तो बस आशा की बड़ी गांड hi दिख रही थी....

फिर करीब एक घंटे तक लेते रहने के बाद मैंने सोच लिया की कुछ तरय मारते hai...baat बानी तो ठीक वर्ण डरने का बहाना ज़िंदाबाद.....

यही सोच कर मैं आशा के करीब खिसक gaya...wo दूसरी तरफ मुँह किये सो रही थी और मेरे सामने चद्दर में लिपटी उसकी बड़ी सी गांड थी....

Main(man में)- वह yaar....aisi पोजीशन में गांड कुछ ज्यादा hi मोती लगती hai...khair...pahle उस चद्दर को तो हटा lu...are nhi...pahle ये तो देखु की ये सो गई की नहीं....

मैंने धीरे से आशा को टच kiya...kuch इस तरह की उसे लगे की गलती से लग gaya...par उसकी तरफ से कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला...

मैं समझ गया की वो जाग नहीं रही hai...par ये पता करना भी जरूरी था की उसकी नीड कितनी गहरी है...

इसके लिए मैंने पेअर से फसा कर चद्दर पकड़ा और नीचे kheecha...jo आशा ने ूढ़ रखा tha....par चद्दर आसानी से नीचे जा रहा tha...matlab साफ़ था की आशा को कुछ अहसास नहीं था....

मेरी हिम्मत बड़ी और मैंने जल्दी से चद्दर को आशा के जिश्म से अलग कर diya...ab आशा निघ्त्य में मेरे सामने thi...aur एक बार फिर से मैं उसकी गांड को देख कर मचल utha...par अभी बहुत काम बाकि था....

Main(man में)- अब क्या karu...ise हाथ लगा कर देखु या फिर इस से चिपक jaau...agar कुछ हुआ तो बोल दुगा की कोई दिख gaya...hahaha....chalo आगे बढ़ता hu...jo होगा देखा जायगा....

मैंने अपनी बॉडी को आगे खिसकाया और आशा से लगभग चिपक hi gaya....halaki अभी हवा aane-jane जितनी जगह बाकि थी हमारे बीच....

फिर मैंने अपना एक पेअर उठा कर आशा के ऊपर रख दिया और आँखे बाद कर के चुपचाप लेता रहा....

जब कुछ देर तक आशा ने कोई हरकत नहीं की तो मैं आगे बड़ा और हाथ उठा कर उसकी कमर पर रख diya....fir भी कोई हरकत नहीं hui...isse मेरी हिम्मत और बाद गई.....

फिर कुछ देर तक शांत रहने के बाद मैंने अपने हाथ को आशा की कमर पर घूमना सुरु kiya...kamar से लेकर जांघो तक और फिर जगह से कमर तक....

और नीचे पेअर का दवाब आशा के पेअर पर बढ़ाने laga....par अभी भी कोई हलचल नहीं hui...meri हिम्मत और बड़ी...

माइए पेअर की ऊँगली ने आशा की निघ्त्य फसे और ऊपर करने laga...par निघ्त्य दूसरे पेअर से देवी हुई thi...isliye थोड़ी ताक़त लगनी padi...par बात नहीं बन रही थी....

मैंने निघ्त्य को छोड़ कर आशा की कमर पर फोकस किया और हाथ को आगे करके अपने जिश्म को आशा से चिपका liya...ap उसकी गांड मेरे लुंड से सात गई थी....

नीचे मैंने फिर से कोसिस ki...thoda डैम गगया तो निघ्त्य एक पेअर के घुटने तक आ gai...par दूसरे पेअर के नीचे देवी हुई थी....

Main(man में)- hmm....iske पेअर तो बड़े गोर hai....umm...to जाँघे कैसी hogi....ab तो इसे नंगा देख कर hi rahuga....chahe जो भी हो....

यही सोच कर मैंने पेअर से निघ्त्य को छोड़ा और आशा के दोनों पैरों के नीचे फसा diya....aur ऊपर उठाया....

आशा के पेअर बीएड से ऊपर the....mere पेअर par...aur तभी मैंने निघ्त्य को पकड़ कर ऊपर खींचा....

इससे आशा की निघ्त्य नीचे वाले पेअर के घुटने तक आ गई और ऊपर वाले पेअर के ऊपर तक...

अब आशा की एक जगह मेरे सामने बिलकुल नंगी thi....ek डैम गोरी और चिकनी jaangh.....man तो किया की चूम लू पर मैं जल्दी कर के मज़ा ख़राब नहीं करना चाहता था....

फिर मैंने आशा के पैरों को छोड़ा और बापिस अपना पेअर उसके ऊपर चढ़ा दिया और हाथ को उसकी कमर में फसा कर चुपचाप लेट गया....

अभी भी आशा तस से मास नहीं हुई thi...isse पता चल रहा था की वो गहरी नीड में hai...isliye मैंने आगे बढ़ने का फैसला किया....

मैंने हाथ को आशा की कमर से सरकते हुए ऊपर किया और उसके बूब्स पर रख diya....fir थोड़ा रुकने के बाद मैंने हाथ से बूब्स सहलाना सुरु कर diya....aur नीचे भी मेरा पेअर आशा की नंगी हो चुकी जगह पर रगड़ मार रहा था....

Main(man में)- ये साली तो बिलकुल हिली तक nhi....aisi कैसी नीड है iski...koi असर nhi....mujhe kya...mera काम तो हो रहा है न....

मेरा हाथ आशा के एक चुकी से होते हुए दूसरी चुकी तक jata...isse पहले hi निघ्त्य का हुक मेरे हाथ में फसा...

हुक हाथ में आते hi दिमाग ने कहा की हुक खोल de...aur फिर मज़े le....par थोड़ा दर भी tha....kahi आशा जाग गई और शोर मचा दिया तो.....??????
 
अपडेट - 35

खैर मैंने हाथ को एक hi चुकी पर रखा और पेअर से हरकत चालू ki...main आशा की दोनों जांघो को नंगा देखना चाहता था....

इसलिए मैंने पेअर को आशा के दोनों पैरों पर लपेटा और अपनी तरफ kheecha...jis से आशा के पेअर अलग हो gaye...matlab अब आशा नीचे से थोड़ी सीढ़ी लेट चुकी थी....

Main(man में)- वैरी good....ab निघ्त्य को कमर तक उठा सकता hu...thoda डैम लगत hu...but आराम se...jaag न जाए....

मैंने हाथ को दूसरी तरफ किया और निघ्त्य पकड़ कर ऊपर खींच li...jitni खींच saki....isse उसकी दोनों जाँघे तो दिखने lagi...par काम अभी बाकि था....

पर आशा की दोनों नंगी जाँघे देख कर मेरे दिमाग पर हवस हावी हो gai...ab मैं आशा को नंगा करना hi चाहता tha....bina किसी फ़िक्र के....

मैंने हाथ से आशा का बाजु पकड़ा और अपनी तरफ खींच कर आशा को सीधा लिटा दिया.....

अब आशा का मुँह छत की तरफ था और उसके bade-bade बूब्स साँसों के साथ uper-neeche होते हुए मेरी हवस को भड़काने lage...aur वह नीचे उसकी निघ्त्य जांघो में फांसी thi....par मेरी हवस तो अब बूब्स और छूट को नंगा देखना चाहते थे.....

वैसे तो रूम में रौशनी बिलकुल काम थी पर फिर भी पास से मुझे लगभग सब साफ़ hi दिख रहा tha...aur ये देख कर मेरे लुंड ने अंगड़ाई ले ली थी....

Main(man में)- आशा जांघो तक नंगी है तो मैं क्यों nhi....hmm....maza आएगा.....

मैंने जल्दी से लोअर और t-shirt निकाल कर फेक diya...ab मैं सिर्फ ुंडेवेरे में tha...wo भी व् शेप वाली....

मैंने फिर से मोर्चा संभाला और अपनी नंगी टांग को आशा की नंगी जाघों पर लपेट liya,....aur अपने हाथ को आशा के सीने पर....

अब ऐसे hi पड़े हुए मैंने निघ्त्य के हुक खोलना सुरु kiya....kareeb 10 मिनट आराम से कोसिस करने के बाद मैं सफल hua...aur जैसे hi मैंने निघ्त्य के दोनों हिस्सों को अलग किया तो मेरी आँखे चमक उठी....

आशा ने अंदर ब्रा नहीं पहनी thi...matlab उसकी गोरी चूचियां मेरे सामने नंगी thi....ye अहसास होते hi मेरे लुंड ने एक जोईरदार झटका मारा....

Main(man में)- wow...,saali ने ब्रा भी नहीं pahni....maza आ gaya...aaj किस्मत सच में मेहरवान है मुझ par....na hi ये जाएगी और इतनी आसानी से नंगी भी हो gai....are एक minute...bra नहीं पहनी तो panty....pahle वो देखता hu....kaash नीचे भी कुछ न हो to....uuummmm....

मैंने निघ्त्य को बूब्स से जितना हो सकता था उतना अलग किया और डरते हुए अपना हाथ नंगे बूब पर रख दिया....

Main(man में)- कितने मुलायम दूध hai....man तो कर रहा है की चूसे lu....aaahhhh......

फिर थोड़ी देर तक इसी पोजीशन में लेटने के बाद मैंने फोकस नीचे की तरफ kiya....mujhe ये देखने की जल्दी थी की इसने पंतय पहनी है की नहीं....

मैंने हाथ को जांघो पर फांसी निघ्त्य के नीचे फसाया और dheere-dheere आगे करने लगा...,

कुछ देर बाद मेरे हाथ में जानत का बाल टकरा gaya...aur मैं ये जान कर खुश हुआ की आशा ने पंतय नहीं पहनी....

बस फिर kya...dimaag ने तय कर लिया की अब इसे कमर तक नंगा करना hi है....

मैंने फिर आशा के जागने की परवाह किये बिना hi निघ्त्य को पकड़ कर जोर से ऊपर कर diya...aur उसकी बालो भरी छूट का ऊपरी हिस्सा नंगा हो गया....

Main(dheere se)-ho गया kaam...par ये baal...mujhe बिलकुल पसंद nhi...are छूट को चिकना होना चाहिए....

पर अभी काम पूरा नहीं हुआ tha...meri हवस ने आशा की गांड को नंगा करने का सोच लिया था....

Main(man में)- अब गांड से पर्दा कैसे हतौ.... गांड तो नीचे hai.....ise पलटाया तो नंगे बूब्स भी पलट jayge.....kya kare....chalo पहले बूब्स तो जी भर कर देख lu...fir सोचता हु....

मैंने फिर से आशा के ऊपर पेअर चढ़ा liya...aur अब मेरा घुटना उसकी छूट के ऊपर दवाब दे रहा था....

वह ऊपर मैंने बूब्स को पकड़ कर निघ्त्य से आज़ाद कर liya...dar तो लगा tha.,.par हवस के आगे दर फीका पद गया....

मैंने हाथ से आशा का एक बूब पकड़ा और दवाने laga...yaha नीचे मेरे घुटना उसकी छूट पर uper-neeche होने लगा....

मेरे जिश्म की गर्मी पूरी तरह भड़क चुकी thi....lund पूरी ायकाट में आ gaya...ab मुझे किसी बात का दर नहीं tha...bas लुंड को आशा की छूट में जाने की पड़ी थी.....

मैंने सोच लिया की पहले इसके दूध का मज़ा ले लू फिर इसे पलटा जार इसकी गांड को नंगा करुगा....

इसलिए मैंने हाथ से आशा के दूध मसलना सुरु कर diya...par halke-halje...taki वो जाग न पाए....

कुछ देर तक दोनों बूब्स को मसलने के बाद मेरी चाहत और बाद गई और मैंने अपना मुँह बूब्स पर रख दिया....

और baari-baari जीभ से बूब्स चाटने laga...aur करीब 10 मिनट बाद मैंने एक निप्पल को मुँह में भर कर दूध चूसना सुरु कर diya...yaha नीचे मेरा घुटना पुरे फाॅर्स से आशा की छूट दवा रहा था....

मैंने बड़े आराम से अगले 20-25 मिनट तक दोनों दूध को मुँह में दवा कर choosa...mere थूक से आशा के दूध गीले हो gaye....aur मेरा मन अब आगे बढ़ने को होने लगा....

Main(man में)- आज के लिए दूध बहुत पि liya...ab इसकी गांड देख lu....par पहले बूब्स को अंदर करना hoga...fir जाग भी गई तो दर nhi....nighty तो ऊपर हो सकती है पर हुक कैसे khule...chalo पहले हुक बंद कर du....bekaar में क्यों फसना....

मैंने बूब्स पकड़ कर निघ्त्य के अंदर किये और हुक लगा diye....ab दर कुछ काम tha....aur मेरा ध्यान अब आशा की गांड पर था....

मैंने जल्दी से आशा को घुमा दिया और उसकी उभरी गांड मेरे सामने आ गई....

मैंने जल्दी से निघ्त्य को ऊपर खींचा और उसकी goori-goori मदमस्त गांड मेरे सामने नंगी आ गई...,,

Main(man में)- uuufff....kya चिकनी गांड hai....kaash इसे अभी मारने का मौका milta.....par अभी नहीं मार sakta....oh ho....ise देख कर भी रुकना hoga....haatttt....

मैंने बड़े प्यार से आशा को एक बार फिर से बाहों में समेत liya....mera हाथ उसके सीने को दवाये हुए था और मेरस पेअर उसकी गांड को फसाये tha....aur मेरा लुंड गांड से पूरी तरह चिपका हुआ था....

मेरा लुंड आशा की गांड का अहसास पते hi झटपटा उठा और मैंने आशा को पकड़ कर अपने जिश्म से चिपका liya....is वक़्त मुझे कोई दर नहीं tha...bas हवस hi हवस थी....

थोड़ी देर तक यु चिपके रहने के बाद मैंने हाथ को सीने से हटाया और नीचे ले जा जार आशा की छूट पर रख दिया....

आशा थोड़ा kasmasai...par मुझे कोई दर नहीं laga...ulta मैंने हाथ को छूट के ऊपर और ज्यादा दवा दिया....

कितना आनंद आ रहा था इस waqt....man तो किया की लुंड को गांड में दाल hi du...par दिमाग ने रोक diya...par तभी एक और सैतानी आईडिया aaya...aur मैंने जल्दी से अपनी ुंडेरवेरे निकाल di...ab मैं पूरी तरह नंगा था....

मैंने फिर से आशा को दबोच liya...aur इस बार मेरा हाथ उसकी छूट तक आसानी से पहुंच gaya....kyoki उसकी टाँगे थोड़ी खुली हुई थी...

और छूट सहलाते हुए मैंने पीछे से अपना लुंड आशा की गांड की दरार में फसाया और चिपक कर halje-halke धक्के मरने laga...jaise उसे छोड़ hi रहा हु....

ये सिलसिला 10 मिनट hi चला था की आशा कसमसाने lagi....aur इस बार वो बड़ी तेज कसमसा uthi,...jisse मैं दर गया और जल्दी से अलग हो कर चद्दर लपेट ली....

मैं सोने का नाटक करने laga...aur जोर से धड़कते दिल के साथ देखने लगा की आशा क्या हरकत करती है....

तभी आशा उठी और अपने आप को देख कर चौंक गई....

Aasha(dheere से)- हे bhagwan...meri nighty....are मैं तो नीचे से नंगी hi हो gai....accha हुआ गोलू सो रहा है, नहीं तो क्या सोचता....

और आशा ने जल्दी से अपनी निघ्त्य ठीक की और बाथरूम चली गई....

Main(man में)- बेन की loudi....abhi जागना tha...thoda रुक नहीं सकती thi....sala कलपद हो गया....

करीब 10 मिनट बाद ासगा बापिस ऐसी और चद्दर ओढ़ कर लेट गई.....

Main(man में)- साली को नंगा करने में करीब 3 घंटे बर्बाद कर दिए the....aur इसे 3 मिनट भी नहीं लगे कपडे पहनने ko....kya मज़ाक हुआ रे आज to....chalo chhodo...sala आज किस्मत hi खराब है....

फिर कुछ देर तक मैं लेता रहा ताकि आशा सो jaaye...aur जब मुझे लगा की वो सो गई तो मैं भी बाथरूम जाकर आया और कपडे पहन कर सो गया....

जब सुबह मेरी आँख खुली तो आशा का चेहरा मेरे सामने था....

Aasha(mujhe हिलाते हुए)- golu....golu utho....training का टाइम हो गया...

Main(aankh मॉल कर)- ohh...haa...good मॉर्निंग....

Aasha(muskura कर)- गुड morning....ab रेडी हो jao...tab तक मैं कॉफी लती hu...jaldi karo....sab आते hi होंगे....

और फिर आशा अपनी बड़ी सी गांड मटकते हुए नीचे चली gai...aur मैं भी रेडी होने वाशरूम निकल गया.....

फिर ट्रेनिंग सुरु hui....aur स्टार्टिंग हुई warm-up से....

इस दौरान मैं आशा को नोटिस कर रहा tha....asal me...main जानना चाहता था की आशा को कल रात का कोई शक है की nhi....par वो बिलकुल नार्मल दिखी...

जिससे मेरे दिल को तसल्ली मिल gai....aur फिर मैंने फोकस किया यंग माल par....matlab निशु और सीनू.....

Main(man में)- अच्छा हुआ की आशा थकी हुई thi...saayad इसीलिए उसे रात में कुछ होश नहीं tha....khair मैं बच gaya....ab आज भी ये ऐसे hi सोती रहे to....kand hi हो jayga....hahaha....

नोट- Hello frnds....updates posted...hope u'll लिखे तहत....

एंड पिछ विल बे एडेड soon...i म वर्किंग ों it....u'll गेट आईटी विथ एव्री update...ok

थैंक्स & एंजोये....
 
अपडेट - 36

इस दौरान मैं आशा को नोटिस कर रहा tha....asal me...main जानना चाहता था की आशा को कल रात का कोई शक है की nhi....par वो बिलकुल नार्मल दिखी...

Main(man में)- अच्छा हुआ की आशा थकी हुई thi...saayad इसीलिए उसे रात में कुछ होश नहीं tha....khair मैं बच gaya....ab आज भी ये ऐसे hi सोती रहे to....kand hi हो jayga....hahaha....

अब आगे............

सबसे पहले मैंने निशु की warm-up में हेल्प ki...kal की hi tarah....aur आज तो कल से ज्यादा मज़ा आया....

फिर सीनू को स्ट्रेचिंग karwai....aur आज मैंने महसूस किया की सीनू कुछ ज्यादा hi मज़े ले रही thi...khair मज़े तो मैंने भी लिए....

फिर मैंने सबको नया लेशन bataya....yoga का लेशन....

मैं- तो सब लोग योग के लिए रेडी हो....

दीपा- पर तुमने तो कहा था की योग का अलग सेशन रहेगा....

मैं- कहा तो tha...par थोड़ा सा साथ में भी karwauga....ok

सुषमा- हम्म...

मैं- तो सब लोग घुटनो पर बैठो और ऐसे बैठो की पेअर के पंजे जांघो के नीचे ho...aur उसके बाद हाथो को ऊपर ले जा कर आपस में मिलाओ और फिर आगे की तरफ झुक jaao....kuch इस तरह se...dekho....

मैंने सबको पोजीशन बता di...aur सबने वैसा hi kiya...fir मैं सबके पीछे पंहुचा और देखने लगा की कौन कैसा कर रहा है...

असल में मेरा ध्यान तो सबकी गांड देखने में tha....,bas कहने के लिए उनकी पोजीशन चेक कर रहा था...

तभी मेरे दिमाग की घंटी बजी और मैं सीनू के पीछे पहुंच गया.,.,

Main(seenu को कमर से पकड़ कर)- ये क्या hai.....aage तक karo....tabhi फायदा होगा....

Seenu(chonk कर)- nhi...ho नहीं रहा....

मैं- रुको मैं करवाता हु....

और मैं सीनू के पीछे कुछ इस तरह आ गया की सीनू की गांड मेरे लुंड से चिपक gai....ye अहसास होते hi सीनू मुस्कुरा दी....

Main(seenu की गांड पर दवाब बना कर)- hmm...ab करो....

सीनू- नहीं हो रहा....

Main(thoda दवाब बड़ा कर)- अब....

सीनू- uuuummmm.....nhi...

Main(man में)- ये तो गई काम से....

सीनू- करवाओ न....

Main(gaand को हाथ से पकड़ कर)- करवाता hu.....ab करो....

Seenu(chounk कर)- आआह्ह्ह्ह....

Main(gaand दवा कर)- क्या हुआ....

सीनू- कुछ nhi...ab ठीक है न....

Main(gaand दवा kar)-:theek तो hai...par देखना पड़ेगा.....

सीनू- dekho...ab ठीक है...

मैं- ऐसे hi raho....aur तुम sab...agle 2 मिनट तक ऐसे hi रहना hai...samjhe...,

"" हआ""

सब अपना सर झुकाये हुए the....mouka अच्छा tha...aur मौके पर चौका मरना मुझे अच्छी तरह से आता है....

मैंने सीनू की गांड से लुंड सताया और अपने हाथो को आगे ले जा कर उसके बूब्स पकड़ लिए....

मेरी इस हरकत पर सीनू उछाल padi...par मुँह से कुछ नहीं boli...bas घूम कर मुझे आँखे दिखने लगी....

Main(muskura कर)- ऐसे hi raho....accha lagega....main थोड़ा चेक कर लू....

और फिर 2 मिनट तक मैं सीनू के बूब्स सहलाते होते उसकी गांड पर लुंड का प्रहार करता रहा....

सीनू इस हरकत से शॉकेड भी थी और उत्तेजित bhi....fir भी वह चुप rahi...bas बीच में मुझे आँख दिखा कर मन करती रही....

आखिर कार मैंने उस पर तरस खाया और उठ gaya....fir सबको उठने का बोलै और क्लास ख़त्म....

दीपा- aaahhh....pahle hi बॉडी का बुरा हाल tha..,aur आज ये yoga..,..ab दर्द ज्यादा होगा....

मैं- hmm...wo तो hoga...bas कुछ दिन aur...fir सब अच्छा होगा....

दीपा- पर ये दिन कैसे काटेंगे....

मैं- उसके लिए hi तो मस्सगे होता है...

दीपा- तो करिये na...der किस बात की....

मैं- देर मेरी तरफ से कोई नहीं hai....par 1 दिन में 1 का hi मस्सगे hoga....bolo सुरुवात किस्से करू...

""mujhe...mujhe...mujhe...mujhe...mujhe ""

मैं- chup.....sab chup....koi एक बोलो....

दीपा- मुझे....

मैं- ok...but याद है न की मस्सगे कैसा होने वाला है....

Deepa(yaad कर के)- ओह maa.....nhi मुझे nhi....pahle किसी और को करो...

मैं- dekho...,tum सब को पता है की मसाज कैसे hoga....par कोई भी सुरुवात खुद से नहीं chahta....but चाहते सभी hai....ye कैसे hoga...kisi को तो सुरुवात करनी होगी न.....

दीपा- hmm...par मैं सुरुवात नहीं कर sakti....koi और करे न.....

फिर सब एक -दूसरे को बोलने lage....par मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था.....

Main(gusse से)- chup....chup रहो sab...ab कोई एक bolega...warna मैं खुद hi किसी को चुन कर सुरुवात कर duga....samjhe सब....

आशा- अगर कोई तैयार नहीं है तो मैं....

Sushma(beech में)- सुरुवात मुझसे karo.....in सब में मैं बड़ी hu...isliye मुझे hi आगे होना chahiye.....aur फिर सबको पता चल जायगा की मस्सगे सही है या galat....hai की नहीं....

सबने सुषमा की हां में हां मिला दी और ये तय हो गया की आज शाम को सुषमा का मस्सगे होगा....

फिर क्लास के बाद मैं रेडी हो कर ऑफिस के लिए निकल गया और आरिफ को कॉल कर के तब्बू (आरिफ और ज़ोया की बेटी ) को भी ऑफिस लेन का बोल दिया.....

[ ऑफिस में ]

सिमी( मुझे देखते hi)- आ गए aap....welcome....

मैं- तूने पहचान लिया mujhe....kaise....

सिमी- अरे आप bhi...kal देखा तो था इस रूप me....bhool गए....

मैं- अरे haa....kya करू मंद में इतना कुछ चलता है तो भूल gaya....waise वो काम हो गया की नहीं....

सिमी- जी hujoor....terrece के रूम में आपका नया केबिन रेडी करवा दिया hai....aaj से आप वही milege...khush....

Main(simi को बाहों में खींच कर)- खुश हु मेरी jaan...par असली ख़ुशी बाकि है....

सिमी- haay....aapko हर ख़ुशी देने के लिए hi मैं बानी hu...sab तैयार है...

Main(simi की गांड पर थप्पड़ मार कर)- तो बता की कैसे देगी मुझे असली ख़ुशी....

सिमी- आपके लिए 2 हसीनाओ को तैयार कर दिया hai.....komal और तब्बू....

मैं- साली तूने तैयार kiya...bhool गई की तब्बू को लाया कौन है....

Simi(muskura कर)- अरे मेरे malik....laay तो आप hi hai....par उसे तैयार तो मैं hi करूगी न....

Main(simi की गांड थपका कर)- अच्छी तरह जनता hu....chalo मैं चलता hu...tum ले आओ उन्हें....

थोड़ी देर बाद सिमी अपने साथ कोमल और तब्बू को ले कर टेर्रेस पर बने एक शानदार रूम में aai....jaha मैं पहले से hi उनका इंतज़ार कर रहा था....

Simi(meri तरफ इसरा कर के)- ये है Mr.aaditya....is कंपनी के असली बॉस....

कोमल और तब्बू ने तुरंत मुझे विश kiya.....tabu तो मुझे जानती thi...but कोमल अभी तक सिमी को hi बॉस समझती thi...isliye वो थोड़ा शॉकेड थी...

Main(komal से)- अरे शॉकेड मत ho....main hi यहाँ का बॉस hu...par सबकी नजरों में सिमी hi बॉस hai....samjhi...

कोमल- पर sir...aisa किस liye....matlab आपने ये छुपाया क्यों है...

मैं- उसकी कुछ खास वजह hai...par उसे chhodo....aur मेरी बात ध्यान से suno....par पहले बैठ जाओ....

फिर सब बैठ गए और मैंने उनको समझा दिया की मेरे बॉस होने की बात बहार न जाए...

मैं- वैसे तुम दोनों को आज से यही काम करना hai....mere साथ...

कोमल- जी सर...

मैं- और komal...tum तब्बू को टाइपिंग और कंप्यूटर sikhaogi...jo भी यहाँ जरूरी ho...aur जो तुम्हे भी न आय वो मुझसे पूछ लेना....

कोमल- जी सर...

मैं- simi....ab तुम कोमल को काम समझा do...main चलता hu...,kal aauga,,.aur तब्बू...

तब्बू- जी साब...

मैं- साब nhi...sir बोलना सुरु कर do....aur अभी मेरे साथ chalo...aao...

फिर मैं तब्बू को ले कर ऑफिस से निकल gaya....aur उसे अच्छे ड्रेस dilwai...aur फिर शानदार होटल में लंच करवाया....

Tabu(car में)- sir....aapne मेरे लिए इतना सब kiya...uske लिए सुक्रिया,...

मैं- अरे इसकी जरूरत nhi...tum खुश हो न.....

Tabu(muskura कर)- bahut...par एक बात hai...izazat हो तो पुछु क्या...

मैं- तुम्हे मुझसे कुछ पूछने के लिए इज़ाज़त की जरूरत nhi....khul के पूछो....

तब्बू- sir...aapne मेरे लिए ये सब क्यों किया...

मैं- क्या मतलब....

तब्बू- sir...is दुनियां में कोई बिना किसी फायदे के किसी के लिए कुछ नहीं karta....to फिर आपने क्यों....

Main(car साइड में रोक कर)- hmm...sabhi की तरह अपने फायदे के लिए...

Tabu(saham कर)- कैसा फायदा....

Main(tabu को देख जार)- दिल का फायदा...

Tabu(chonk कर)- मैं समझी नहीं...

मैं- देखो tabu....saayad तुम्हे मेरी बात झूठ lage....par तुम्हे देखते hi मुझे तुमसे प्यार हो गया था....

तब्बू मेरी बात सुन कर सहम सी gai....par बोली कुछ नहीं....

मैं- जनता हु तुम क्या सोच रही ho...tumhe सायद ऐसा लग रहा होगा की मैं पैसे का रॉब दिखा कर तुम्हारे जिश्म को पाना चाहता hu...par nhi...main तुमसे सच में प्यार करता हु.....

तब्बू अभी भी आँखे फाड़े मुझे देख रही thi...par एक सब्द भी नहीं बोली....

मैं- tabu...i लव you....par ये प्यार तुम्हे हासिल करने के लिए nhi....bas प्यार के बदले pyaar...,aur haa..,maine तुम्हे जॉब दी तो मैं उसके बदले में प्यार नहीं मांग raha...aur न hi तुम्हारे मन करने से तुम्हारी नौकरी jaygi...aisa सोचना भी मत...

Tabu(najren झुका कर)- sir...ye क्या कह...

Main(beech में)- ssshhheeee....meri बात अभी ख़त्म नहीं hui....main तुमसे प्यार करता hu...par तुम्हे मजबूरी में कुछ करने की जरूरत nhi...agar मुझसे प्यार नहीं तो कोई बात नहीं....

तब्बू चुपचाप नीचे देखती रही....

मैं- तुम मेरी कंपनी में जॉब karogi...aur बिना किसी दर ke....main तुम्हे मजबूर नहीं karuga....tumhe प्यार पसंद हो तो hi हां bolna....bolo tabu....main पसंद हु तुम्हे....

Tabu(bina देखे)- aap...aap अच्छे hai...par आपसे pyaar,..,maine kabhi...kabhi सोचा भी नहीं....

मैं- कोई बात nhi...tum सोच lena....jo दिल करे वो batana....abhi ऐसा मुँह मत banao...,tum हस्ती हुई अच्छी लगती ho...chalo तुम्हे घर छोड़ du...fir मुझे कुछ काम hai....ab मुस्कुरा भी दो....

तब्बू मुझे देख कर मुस्कुरा uthi....aur फिर मैंने उसे घर छोड़ा और खुद फार्महाउस पर पहुंच गया.....

फार्महाउस पहुंचते hi मैंने देखा की मेरे दो क्लाइंट ( सिंह और खान) वह बैठे हुए थे और उनकी गॉड में काम करने वाली लड़कियां थी....

Main(car से निकल कर)- benchod...ye साले क्या अपने बाप का फार्महाउस समझ कर बैठे hai....abhi देखता हु सालो को....

मैं आगे कुछ करता उसके पहले hi दोनों की नजरें मुझ पर पद गई और वो जल्दी से उठ कर मेरे पास आ गए....

मैं- आप लोग यहाँ kaise....wo भी बिना बताये....

सिंह- अरे हमने सिमी को कॉल किया tha...usne बोलै की हम आपका यहाँ वेट kare....aap सायद बोल कर निकले थे की यही आ रहे है...

मैं- ओह ha...bola tha...waise आज कैसे याद आ gai...koi काम....

सिंह- अरे हम आज बिज़नेस की बात करने नहीं आये....

मैं- तो fir...ohh.....maze मारने आये है....

खान- अरे वो to....asal में हम कुछ पूछने आये है...

मैं- अरे कहिये न...

सिंह- आपको याद होगा की हमने बोलै था की हम यहाँ अपनी फैमिलीज़ को लाना चाहते है....

खान- hmm....aapka फार्महाउस एक रेसॉर्ट की तरह hai....socha की फॅमिली भी कुश हो जायगी और हम bhi....hahaha,...

Main(muskura कर)- अरे haa...to ले aaiye...swagat है आपका...

सिंह- पर आपने hi कहा था न ki...ki पहले आप हमारे घर aayge...aur डील फाइनल karege....fir यहाँ का प्रोग्राम होगा...

मैं- ओह haa....accha किया याद दिला दिया....

खान- तो कब आ रहे है...

मैं- hmm...jaldi hi aauga....final डेट बाद में batauga...ok...

खान- ok....par डील किस के घर karege...mere या सिंह साहब के....

मैं- वो मैं डीडे कर के batauga....par फिलहाल आप आय hi है तो मज़े udaaye....mujhe कुछ काम hai...isliye आप मज़े ले कर निकल jana...ok...

Singh(muskura कर)- कोई बात nhi....kaam pahle....chalo khan...hum मज़े करे....

फिर मैंने दोनों को लड़कियों के साथ रूम में पंहुचा दिया और खुद अपने रूम में आ gaya..,jaha ज़ोया मेरा इंतज़ार कर रही थी....
 
अपडेट - 37

Main(zoya को देख कर) - अरे तू कब आ गई....

Zoya(muskura कर)- आपको देख लिया था neeche....bas आ gai...koi गलती की क्या...

मैं- nhi...par अभी मुझे नीड की जरूरत hai....tu एक काम kar...ek मस्त पेग bana...mujhe सुकून भरी नीड चाहिए.....

ज़ोया मुस्कुराई और पेग बना कर मुझे थमा diya....aur जब तक मैंने पेग gatka...tab तक ज़ोया कपडे निकाल कर नंगी हो गई...

मैं- are...mujhe सोना है अभी.....

Zoya(muskura कर)- चिंता मत कीजिये saab....aaoko आज मस्त नीड dugi...bas 1 मिनट.....

और फिर मुझे नंगा करने lagi...aur जैसे hi मैं नंगा हुआ तो ज़ोया ने मुझे अपने ऊपर लिटा लिया...

Zoya(mera सर सहला कर)- आपको इस गद्दे पर अच्छी नीड आएगी malik...so जाइये.....

Main(muskura कर)- हम्म....

और मैंने भी ज़ोया के बूब्स के बीच सर रखा और उसे बाहों में कास कर सोने लगा......

क्या मस्त नरम और गरम गद्दा था aaj....aise गद्दे पर कब नीड आ गई पता hi नहीं चला....

जब मेरी आँख खुली तो मैंने ज़ोया को जागता paya....wo अभी भी प्यार से मेरा सर सहला रही थी....

Main(uth कर)- hmm....acchi नीड आई....

ज़ोया- आप खुश हो न....

Main(zoya का गाल सहला कर)- बहुत....

और फिर मैंने टाइम देखा तो मेरे होश उड़ gaye....ye टाइम ट्रैंनिंग का था....

मैं जल्दी से रेडी हुआ और गणेश के घर pahucha....waha सब लोग मेरा hi वेट कर रहे थे....

Main(andar आते hi)- सॉरी frnd....thoda फास गया tha...,sorry....

सुषमा- कोई बात नहीं...,

मैं- पर ये kya....tum सब गप्पे मरने में लगे the...are काम से काम warn-up तो कर सकते थे na....haa...

आशा- सॉरी....

मैं- कोई nhi....agli बार अगर कभी मैं लेट हो जाओ तो तब तक वो करना जो बता चूका hu...ok....ab सुरु करे....

फिर ट्रेनिंग चली और ख़त्म होने के बाद सब एक साथ खड़े हो गए....

मैं- तुम सब रुके क्यों ho...aaj की क्लास khatm....ja सकते हो.....

मेरी बात का जवाब किसी ने नहीं diya...bas सब ek-dusre को देखने लगे....

मैं- आखिर बात क्या hai...koi बताएगा...

आशा- असल me....hum sab....wo...wo आज मस्सगे करने वाले हो na...isliye...

मैं- ohh....par मस्सगे तुम सबका नहीं होना hai...sirf सुषमा का hoga...isliye बाकि सबकी कोई जरूरत नहीं....

पम्मी- रुकने दो na....hume पता तो चले की मस्सगे कैसे होता है....

Main(ghoor कर)- यहाँ कोई फिल्म की शूटिंग नहीं होनी hai....chalo जाओ sab....sirf सुषमा rukegi....tum hi कुछ बोलो सुषमा....

Sushma(sabse)- गोलू सही बोल रहा hai....chalo जाओ यहाँ se....aur मस्सगे कैसा हुआ ये मैं सबको bataugi...ab जाओ सब...,

सुषमा ने सबको दांत कर भगा दिया पर वो खुद अंदर से दरी हुई थी की आखिर आगे क्या और कैसे होगा...

मैं- sushma...tum मस्सगे रूम में जाओ और कपडे निकाल lo...main भी चेंज कर के आता हु....

सुषमा अंदर चली तो गई पर कुछ किया nhi...bas आने वाले वक़्त के बारे में सोचने लगी....

थोड़ी देर बाद जब मैं अंदर गया तो सुषमा जैसी की तैसी कड़ी हुई thi....aur मेरे अंदर आते hi वो मुझे देख कर चौंक गई...

सुषमा- ये kya....tum तो शार्ट में आ gaye....aur ये t-shirt....are निकाल क्यों रहे हो...

Main(t-shirt निकाल कर)- अरे टेंशन मत lo...wo मस्सगे के दौरान मेरे कपडे खराब न ho....isliye निकाल di...par तुमने कपडे नहीं निकाले.....

सुषमा- सच कहु तो मेरी हिमनत नहीं hui....kuch मदद करो न...

मैं- ok...tum सुरु तो karo...jaha जरूरत होगी वह मैं खड़ा हु न.....

फिर सुषमा पलट गई और सबसे पहले अपना टाइट टॉप nikala....ab ऊपर सिर्फ ब्रा बाकि थी....

मैं- बहुत acche....aage bado....tum कर सकती हो....

फिर सुषमा शरमाते हुए अपनी लेग्गी निकलते हुए jhuki...to उसकी बड़ी सी गांड और बड़ी हो gai....aur मेरे लुंड ने ये नज़ारा देख कर झटका मार दिया....

अब सुषमा सिर्फ bra-panty में thi....par उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी ुंगे निकलने की....

मैं- sushma...kya hya...ruki क्यों ho....nikalo ise....ye नेकेड मस्सगे है....

सुषमा- तुम देख रहे हो न....

मैं- अरे मुझसे शरमाओगी तो मसाज कैसे karwaogi...bhool गई की मुझे hi मस्सगे करना है....

सुषमा- पर मुझे अच्छा नहीं लग रहा na....kya करू...

मैं- देखो sushma....tum जितना मुझसे खुलेगी na...utna hi फायदा hai....chalo मैं हेल्प करता हु...

और इतना बोल कर मैं आगे बड़ा और ब्रा के हुक खोल दिए....

सुषमा- aahhh....golu....

मैं- मुझसे शर्माने की जरूरत नहीं....

और मैंने ब्रा को पकाकड़ा और दोनों हाथो से निकाल di....sushma ऊपर से नंगी हो चुकी thi....isliye उसने जल्दी से अपने हाथो से अपना सीना छुपा liya....halaki मैं पीछे खड़ा था...

मैं- अब पंतय तुम निकलोगी या मैं hi....

Sushma(beech में)- golu.....mujhe बहुत शर्म आ रही है....

Main(sushma के कंधे पकड़ कर)- देखो sushma...main बॉडी का फिटनेस डॉक्टर hu....aur डॉक्टर से शर्म नहीं....

और मैंने पंतय को दोनों तरफ से पकड़ा और नीचे खिसका diya....aur नीचे आते hi सुषमा ने पेअर उठा कर पंतय को अलग करवा दिया....

सुषमा अब पूरी नंगी thi...aur उसे पीछे से देखते हुए मेरा लुंड कड़क होने लगा...

मैं- kyo,...abhi भी शर्माना है...

सुषमा- शर्म तो बहुत आ रही hai....main पहली बार किसी गैर मर्द के सामने बिना कपड़ों के कड़ी हु...

मैंने कुछ कहा नहीं बल्कि सुषमा को एक झटके में पलटा diya....ab सुषमा मेरे सामने थी....

सुषमा- गुल्लुउउउउउ.....

सुषमा उकडू बैठ गई और अपनी छूट को जाघों से छुपा liya...aur सर झुका कर अपने बूब्स भी छिपा लिए....

Main(joor से)- sushma....utho और लेट jao...der हो रही है....

Sushma(shamate हुए)- प्ल्ज़ golu...mujhe बड़ी शर्म आ रही है....

मैं- तुम ऐसे नहीं manogi...par मैं अपना काम अधूरा नहीं छोड़ता....

मैंने सुषमा को कंधो से पकड़ा और मस्सगे टेबल पर लिटा diya....sushma चौंक गई और शर्मा कर एक कार्बेट ले कर सिकुड़ गई.....

मैं- ओह ho...ab मैंने सब देख liya...ab शर्माने का क्या fayda....bolo...kuch और बचा है क्या जो न देखा हो मैंने...

Sushma(sharma कर)- क्या बोल रहे हो....

मैं- और kya...tumhare bade-bade doodh...badi gaand...chikna jishm....sab तो देख liya....aur क्या बचा...

Sushma(gusse से)- ये कैसी बातें कर रहे हो....

मैं- sorry...par ऐसी बातों का फायदा हुआ na...tum शर्माने की जगह गुस्से में आ गई na....hmmm....

Sushma(muskura कर)- बड़े बदमाश हो....

मैं- अब बदमाशी देख ली na...ab सीढ़ी लेट jao....mujhe मस्सगे करने दो.....

सुषमा- पर गोलू.....

Main(sushma के होंठ पर ऊँगली रख कर)- ssshhhh...kuch नहीं bologi....ab मैं जो चाहुगा वो करुगा....

सुषमा- kya...aaahhhhh....

सुषमा कुछ कहती उससे पहले hi मैंने सुषमा के पेअर फैला दिए और फिर उसके हाथो को सीधा कर दिया....

सुषमा अब पूरी नंगी मेरे सामने लेती thi....par आँखे बंद किये हुए.....

मैं- आँखे खोलो....

सुषमा- nhi...main तुमसे नजरें नहीं मिला सकती.....

मैं- कोई nhi....main अपना काम करता hu....jab तुम्हारा मन करे तभी आँखे kholna,...theek है.....

Sushma(aankhe बंद किये हुए)- हहममम.....

मैंने फिर अपनी आँखों से सुषमा की बॉडी का स्कैन करना सुरु किया.....

क्या बॉडी थी yaar...are मतलब बॉडी तो कई देखि है मैंने ...वो भी इससे अच्छी पर इस तरह की body...wo भी इस उम्र me...aur वो भी बच्चे होने के baad....kam hi देखने मिलती है यार....

सुषमा का हर अंग मादकता से भरपूर tha....uske कैसे हुए doodh...uper से kale-kale nippal....are एक दूध एक हाथ में भी न samaaye...itne बड़े थे....

फिर उसका pet....kitna शेप में tha....koi चर्बी nhi.....patli kamar....gahri नाभि....

और फिर उसकी छूट का hissa.....phoola हुआ वो भी पूरा chikna....ek भी बाल नहीं था waha....aur मुझे चिकनी छूट hi पसंद है.....

अभी मुझे छूट का दाना तो दिख रहा tha...par वो गुलाबी ched....haay....jiske लिए साड़ी दुनिया दीवानी hai...wo अभी नजर नहीं आया....

सुषमा की पूरी बॉडी पर एक भी बाल नहीं tha....puri चिकनी thi...lagta है पूरी तैयारी में आई थी....

मैं मन hi मन खुश हो रहा था की तभी सुषमा की आवाज़ सुन कर मैं हड़बड़ा गया......

Sushma(aankhe बंद किये हुए)- क्या हुआ....

Main(hadbada जार)- kk..kuch nhi....main बस सुरु hi कर रहा हु....

Sushma(muskura कर)- हम्म...

फिर मैंने तेल की बोतल ली और सुषमा के ऊपर डालने laga....tek की बूँद टच होते hi सुषमा कसमसा उठी....

मैं- अरे क्या hua...tel hi तो hai...tejaab nhi....hahaha....

Sushma(muskura कर)- बस गुदगुदी सी हुई थी....

मैं- होता hai....par मैं इसे ठीक कर दुगा....

और फिर मैंने हाथो में तेल माला और सबसे पहले सुषमा के पंजों की मालिश करने लगा....

मैं- hmm...ab अच्छा lagega....aur दर्द भी काम हो जायगा....

सुषमा- हम्म्म....

कुछ देर तक पंजो को मसलने के बाद मैं आगे बड़ा और बढ़ते हुए घुटनो तक पहुंच गया....

Main(ghutne दवा कर)- यहाँ दर्द hoga....hai न...

सुषमा- aaahhh...haa....bahut दर्द होता है....

मैं- जनता hu....abhi दूर करता हु....

और कुछ देर तक मैं सुषमा से पूछते हुए उसके घुटनो को मसलता raha...aur जब सुषमा को थोड़ी राहत मिली तब मैं आगे बड़ा...

अब बारी थी जाघों ki....aourat के जिश्म का एक सेंसटिव hissa....kisi भी ायरत की जगह को टच भी करो तो वो मचल जाती hai....aur मैं तो जाघों को मसलने वाला tha....sushma का तो बुरा हाल होने वाला था....

Main(jaagho पर तेल लगा कर)- hmm....ab बहुत अच्छा लगेगा तुम्हे....

और मैंने दोनों जांघो को सहलाबा सुरु कर diya....aur सुषमा को देखने लगा....

मेरे हाथो का जांघो पर स्पर्श होते hi सुषमा मचल uthi....uske बदन में झुरझुरी सी उठने lagi...jo उसका चेहरा साफ़ बता रहा tha...,par फिर भी सुषमा ने आँखे नहीं खोली थी....

मैं जाँघे सहलाते हुए अपना हाथ baar-baar ऊपर ले जाता और फिर neeche....uper जाते हुए मेरा हाथ छूट के बगल तक जा रहा tha,..aur ये अहसास सुषमा को पागल कर रहा था....

जैसे hi मेरा हाथ सुषमा की छूट के करीब pahuchta...to उसकी कमर अपने आप उठने lagti....ye इसरा काफी था मुझे समझने के लिए की सुषमा गरम होना सुरु हो गई है....

कुछ देर तक जाँघे सहलाने के बाद मैंने सुषमा के पैरों को और failaya...jisse उसकी छूट बिलकुल मेरे सामने आ गई....

Main(man में)- wow....iski छूट तो काफी अच्छी hai...mujhe तो लगा था की भोसड़ा बन गई hogi...par इसे देख कर लगता hi नहीं की इस छूट ने 2 बेटियां भी निकली hai...hmm...maza आएगा...

और फिर मैंने छूट को तेल से नहला diya...aur जैसे hi छूट पर हाथ लगाया तो सुषमा सिसक उठी....

Main(muskura कर)- क्या hua.....daro mat...main सिर्फ अपना काम karuga....aur कुछ नहीं....

Sushma(aankhe बंद किये हुए)- nhi...kuch nhi....karte raho...bas सिसकी निकल जाती है..,

मैं- वो नार्मल hai...tum सिसकती raho....ok...

Sushma(sharma कर)- हम्म....

फिर मैंने दोनों हाथो से छूट की मालिस सुरु ki....aur छूट के दोनों फाको को मसल कर लाल करने लगा....

सुषमा की हालत काफी कामुक हो गई thi...wo लगातार कमर हिलाते हुए सिसक रही thi...fir भी उसकी आँखे बंद थी....

मैं- अब तुम्हे सबसे ज्यादा मज़ा आने वाला hai...taiyaar हो जाओ...

और फिर मैंने एक हाथ से छूट का दाना पकड़ा और एक ऊँगली छूट में दाल di...is झटके से सुषमा की आँखे खुल gai...aur उसने बैठ कर मुझे धक्का दे दिया....

Sushma(gusse से)- aaahhh...ye क्या कर रहे ho....door hato...battamiz....

Main(ghoor कर)- अरे गुस्सा मत ho....ye जरूरी hai....tabhi तो बॉडी की गर्मी बहार niklegi...aur तुम रिलेक्स हो जोगी...

Sushma(gusse से)- मसाज में ये नहीं hota....itna तो मैं भी जानती hu....samjhe....

और सुषमा कड़ी हो गई और टॉवेल लपेट ली....

सुषमा का चेहरा देख कर मुझे थोड़ा दर भी लगने लगा tha...main बस यही सोच रहा था की अब करू kya...kaise समझौ...

Sushma(gusse से)- मैं अभी सब को बताती hu...tum..tum निकल जाओ यहाँ se...hume तुम्हारी कोई जरूरत nhi....aur haa....jane से पहले तुम्हारी म्हणत का इनाम जरूर लेते जाना......

Main(man में)- गई भेष पानी me....jaldi के चक्कर में सब हाथ से निकल gai...pata नहीं ये सब मेरा क्या हाल करेंगे......??????
 
अपडेट - 38

और फिर मैंने एक हाथ से छूट का दाना पकड़ा और एक ऊँगली छूट में दाल di...is झटके से सुषमा की आँखे खुल gai...aur उसने बैठ कर मुझे धक्का दे दिया....

Sushma(gusse से)- aaahhh...ye क्या कर रहे ho....door hato...battamiz....

और सुषमा कड़ी हो गई और टॉवेल लपेट ली....

Sushma(gusse से)- तुम निकल जाओ यहाँ se...hume तुम्हारी कोई जरूरत nhi....aur haa....jane से पहले तुम्हारी म्हणत का इनाम जरूर ले जाना....

Main(man में)- गई भेष पानी me....jaldi के चक्कर में सब हाथ से निकल gai...pata नहीं ये सब मेरा क्या हाल करेंगे......??????

अब आगे.........

मस्सगे रूम का माहौल वैसे hi गरम tha...par सुषमा के गुस्से से कुछ ज्यादा hi गरम हो गया....

मैं तो सुषमा का गुस्सा देख कर मन hi मन कांप रहा tha...dar ये नहीं था की ये लोग मेरे साथ क्या karege....kyoki इस बात को तो मैं संभल लगा...

मुझे दर इस बात का था की हाथ में आय सारे शिकार एक पल में hi हाथ से निकलने वाले है....

फिर भी मैंने मंद को शांत रखा और इस सिचुएशन को हैंडल करने का तरीका सोचने laga...aur सायद मेरी किस्मत अच्छी thi...isiliye मुझे एक मस्त आईडिया आ गया....

Main(pure गुस्से से)- ये नेकेड मस्सगे है sushma...isme यही होता hai...fir भी तुम्हे गलत लगता है तो जा सकती ho...aur मैं भी जाता hu....jaha मेरे प्रोफेशन पर कोई शक kare...waha मैं काम नहीं karta....bye...

कहते है की जहर को जहर मारता hai...bas यही सोच कर मैंने भी गुस्से का जवाब गुस्से से diya....yahi मेरी आखिरी उम्मीद थी....

फिर मैंने सुषमा की तरफ देखे बिना hi अपना saamaan(oil ेट्स) समेटा और कपडे पहन लिए....

और मैं गुस्से में मुद कर गेट तक पंहुचा hi था की सुषमा ने मुझे रोक लिया....

सुषमा- golu....ruko...

Main(bina पालते)- अब क्या hai...aur भी बेइज़्ज़ती करनी है kya...to बोलो...

सुषमा- nhi...wo...golu.....i म sorry....par मैं भी क्या karu...maine आज तक ऐसा कुछ किया hi nhi....isliye थोड़ा गुस्सा आ गया....

Main(palat कर, गुस्से से)- accha.....chalo ये बताओ की तुमने सुहागरात मानाने से पहले कितनी बार सुगागरात मनाई थी....

Sushma(gusse से)- ये क्या बकवास hai....main ऐसी वैसी नहीं समझे....

मैं- बुरा लगा तो sorry...par ये इसलिए बोलै की तुम कुछ समझ सको...

सुषमा- kya...main कुछ समझी नहीं...

मैं- huh...jaise की तुमने सुहागरात manaai...par उससे पहले नहीं मनाई थी न.....

सुषमा- बिलकुल नहीं...

मैं- फिर भी मनाई na....mana तो नहीं kiya...ye तो नहीं बोलै की आज के पहले किया nhi....hmm....to फिर आज क्यों बोल रही हो.....

Sushma(meri बात संहह कर)- समझ gai.....har काम कभी तो पहली बार होता hi hai...sorry....ab तुम जैसा कहो....

और ये बोल कर सुषमा ने टॉवल निकाल दी और बापिस उसी पोजीशन में लेट gai....jis पोजीशन में उसे छोड़ा था.....

Main(man में)- ये गुस्सा दिखा कर तूने मेरा काम आसान कर diya...ab देख क्या हाल करता हु tera...aur तू कुछ नहीं बोल paygi....hahaha.....

मैं एक बार फिर तैयार tha....maine थोड़ा तेल हाथो में लगाया और एक झटके में सुषमा की टाँगे फैला di...aur उसकी छूट एक बार फिर से मेरे सामने थी....

सुषमा- अरे आराम se....gussa थूक दो अब...

Main(muskura कर)- अरे गुस्से जैसे कोई बात nhi....bas जल्दी करना है na...tumne टाइम बर्बाद जो कर दिया....

सुषमा- सॉरी haa....kya karu....ek ायरत hu...aisi हरकत पर गुस्सा तो आएगा hi न....

मैं- hmm...samjh सकता hu...maine ये सब पहले भी झेला hai...waise तुममे आँखे क्यों बंद कर li...ab भी शर्म आ रही है क्या....

Sushma(aankhe बंद किये शर्मा गई)- हम्म...

मैं- कोई बात nhi...main बोलूगा nhi...par तुम खुद hi आँखे खोलोगी...

सुषमा- नहीं...

मैं- देखते है...

सुषमा से बात करते हुए मैं उसकी छूट के aaju-baaju अच्छे से माला करता raha...aur एक बार फिर मैंने एक उंगलु उसकी छूट में दाल दी....

सुषमा- aaaahhhhh.....golu....

मैं- अच्छा लगेगा.....

और मैंने दूसरे हाथ से छूट का दाना पकड़ा और हलके हाथ से दवाने लगा...

सुषमा की तो जान hi निकल गई thi....mere एक हाथ में उसकी छूट का दाना था और दूसरे हाथ की ऊँगली उसकी छूट में घुसी पड़ी थी....

मैंने सुषमा को एक नजर देखा तो पाया की वो अब भी आँखे बंद किये हुए इस प्यारे से अहसास महसूस कर रही है....

मैं आगे बड़ा और छूट का दाना मसलते huye....ungli को छूट के andar-baahar करने लगा.....

ऊँगली की हरकत से सुषमा अपना सर yaha-waha घूमने lagi....uski कमर में भी हरकत होने lagi....par फिर भी उसने आँखे नहीं खोली....

मैंने भी उससे कुछ कहा nhi....bas एक की जगह दो उँगलियाँ छूट में दाल di....aur इस बार सुषमा के मुँह से जोर से सिसकी निकली और साथ में आँखे भी खुल गई....

सुषमा- goollluuuuu.....aaahhhh.....nnhhhiiii....

Main(muskura कर)- क्या hua....aankhe खुल hi गई न....

Sushma(sharma kar)-aaahhh....mat करो na....uuummm....

मैं- अरे इससे बॉडी रिलैक्स hogi....dekhna....

मैं उँगलियों को तेजी से छूट में घुसाने laga....jisse सुषमा की सिसकियाँ भी बढ़ती गई.....

मैं- अब कैसा लग रहा hai....maza आ रहा है na.....bolo....

सुषमा ने शर्मा कर सिर्फ स्माइल दे दी....

Main(ungliyano को तेजी से पेलते हुए)- hmm....kamar हिल रही hai...matlab मज़ा आने लगा....

सुषमा ने पलके झुका कर मुस्कुरा diya...par अब वो गांड हिलने लगी thi....matlab साफ़ था की छूट गरम hai...aur कुछ देर में hi सुषमा जोर से सिसक उठी......

सुषमा- aaahhhh....golu....nhi...nhhii....aaahhhhh.....nnnnhhhhhhiiiiiiiii.....

और एक जोरदार चीख के साथ सुषमा झड़ने lagi......aur फिर आँखे बंद कर के हाफने लगी....

Main(man में)- साली ये तो ऊँगली में hi झाड़ gai....wo भी इतनी jaldi....kuch ज्यादा hi गर्मी है इसे.....

मैंने अपने हाथ को सुषमा की छूट से अलग कर के साफ़ kiya....aur कुछ देर बाद सुषमा ने आँखे खोली और शर्मिंदगी के साथ मुझे देखने लगी....

सुषमा- सॉरी....

मैं- सॉरी क्यों...

Sushma(najren चुरा कर)- तुम जानते हो.....

मैं- kya....accha wo....are उसमे सॉरी kaisa....ye तो नार्मल है....

सुषमा- फिर bhi....sorry....wo बहुत सालो baad....isliye...

Main(muskura कर)- समझता hu...ab सॉरी रहने do....pahle काम पूरा कर लू....

और एक बार फिर मैंने हाथो में तेल लगाया और सीधा सुषमा के सर की तरफ पहुंच गया....

Sushma(muskura कर)- मैं तैयार हु....

मैंने भी मुस्कुरा दिया और दोनों हाथो से सुषमा के कडढ़े से मालिस सुरु कर दी...

कंधे से ले कर पुरे हाथ की मालिश करने के बाद मैंने पेट की मालिस सुरु ki....aur ऊँगली से नाभि को अच्छी तरह माल्टा रहा....

नाभि छूटे hi सुषमा के बदन में फिर से गुदगुदी सी होने lagi....aur उसने अपने दाँतों से निचला होंठ दवा liya....ye इसरा था की सुषमा अब एंजोये कर रही है.....

मैं- sushma.....kaisa फील हो रहा है....

सुषमा- aahh....ajeeb अहसास है ye....pahle नहीं hua...uummm....

Main(muskura कर)- पहले hi बोलै था की मज़ा aayga,....masaage चीज hi ऐसी है...

मैंने अब सुषमा को और ज्यादा गरम करने का सोच लिया tha...isliye मैंने एक ऊँगली से सुषमा की नाभि को छूट की तरह छोड़ना सुरु कर दिया.....

सुम्हा की सासे तेज हो रही थी और वो मज़े में होंठ को दाँतों से dawa-dawa कर सरीर हिला रही थी....

मैंने मौके की नजाकत समझी और अपनी बॉडी को झुका कर हाथो को सुषमा की छूट के ऊपर तक ले गया....

ऐसा करने से मेरा मुँह सुषमा के बूब्स के ऊपर आ गया और मेरी सांसे सुषमा के बूब्स पर टकरा कर उसको मदहोश करने लगी....

यहाँ सुषमा का सर मेरे लुंड के बिलकुल करीब tha...har बार मेरे आगे होते hi लुंड उसके बालो से टकरा रहा था....

Sushma(man में)- हे bhagwan...ye क्या हो रहा है mujhe....mera बदन इतना garam....aahh.....kitna मज़ा आ रहा hai....karte रहो golu....karte रहो....

सुषमा ये सोच hi रही थी की मैंने हाथो को सुषमा के बूब्स पर लगा दिया और दोनों हांथो में सुषमा के बूब्स पकड़ liye....is अहसास से सुषमा और गरम हो गई....

मैंने फिर हलके हाथो से सुषमा के बूब्स सहलाना सुरु kiya....kitne बड़े और मुलायम the....aur ऐसे भरे हुए थे जैसे अभी दावते hi दूध निकल आये.....

सुषमा- aaahh....golu...

मैं- क्या हुआ suahma...pasand नहीं आ रहा क्या....

सुषमा- nhi....matlab ha....karte raho....thoda जोर से....

मैं समझ गया की अब सुषमा का बदन मेरे कण्ट्रोल में hai...par मुझे तो उसका मन कण्ट्रोल करना tha...,fir तन अपने आप मिल जायगा.....

फिर मैंने हाथो की पकड़ मजबूत की और दोनों बूब्स जोर से मसलबे laga...aur अपना मुँह सुषमा के मुँह के करीब ले gaya...ab हम दोनों ek-dusre की साँसों को महसूस कर रहे थे.....

Main(boobs दावते हुए)- sushma....ab कैसा लगा....

Sushma(sharma कर)- accha....umm...

मैं- अच्छा एक बात कहु...

सुषमा- हम्म...

मैं- तुम्हारे बूब्स na....ye बहुत अच्छे hai,...bilkul सॉफ्ट और bhare-bhare,....

सुषमा ने शर्मा कर आँखे बंद कर दी.....

Main(muskura कर)- अरे शर्मा gai....koi nhi....waise मुझे ये बहुत पसंद aaye...dil करता है की बस,...

Sushma(aankhe खोल कर)- क्या करता है....

मैं- वो bas....sorry...par मन करता है की इन्हे देवता hi राहु....

सुषमा- accha....itne भी अच्छे नहीं....

मैं- जैसी जिसकी soch....waise तुम्हे कैसा लग रहा है.....

सुषमा- accha....kuch नया सा अहसास है......

मैं- असल में इससे बॉडी गरम होती hai....aur फिर साड़ी गर्मी निकलते hi बॉडी एक डैम रिलैक्स हो जाती है और साथ में दर्द भी मिट जाता है....

सुषमा- hmm....par अभी तो गर्मी बाद रही है....

Main(muskura कर)- है तो बढ़ने do....fir बहार निकलूंगा न....

सुषमा- हम्म....

और फिर बूब्स दावते हुए मैंने हाथो को आगे बढ़ाया और सुषमा के दोनों निप्पल दवाने laga....jisse सुषमा के मुँह से सिसकी निकल गई....

सुषमा- aaahhh....golu....nhii...

मैं- अरे गर्मी बड़ा रहा हु.....

सुषमा- aahh....mujhe कुछ हो रहा है....

मैं- तो होने do...main लास्ट में सब ठीक कर duga....abhi बस एंजोये करो....

और फिर मैंने सुषमा के निप्पल और बूब्स dawa-dawa कर लाल कर दिए....

सुषमा आहें भर्ती हुई झात्पटती रही और jor-jor से सिसकने लगी...

उसका पूरा बदन हिलने laga....aur उसके हाथ खुद की छूट पर पहुंच gaye.....uski गर्मी चरम पर पहुंचने वाली थी की तभी मैंने हाथ हटा लिए....

Sushma(gusse से)- क्या हुआ....

मैं- बूब्स की मालिस हो चुकी hai...ab तुम पलट जाओ.....

सुषमा- पर मेरी गर्मी....

मैं- वो तो अभी और badegi...fir niklegi...ab जल्दी से पलट जाओ.....

और सुषमा चुचाप पलट gai....aur उसके पलट ते hi मैंने फिर से ढेर सारा तेल उसकी बॉडी पर डाला और उसकी पीठ और कंधो की मालिश करने लगा...

Main(thodi देर में)- sushma....bura न मनो तो एक बात बोलू....

सुषमा- हम्म....

मैं- असल me....mujhe तुम्हारी कमर और पीठ की मालिश करने को तुम्हारे ऊपर आना होगा....

Sushma(chounk कर)- kyo...uper क्यों...

मैं- अरे वो ायरत की पीठ से कमर का हिस्सा मजबूत होना जरूरी hai....iske लिए रिड की हड्डी की ऊपर से नीचे मालिश होती hai...jo साइड से ठीक से नहीं hogi...uper आना होगा...

सुषमा- तो क्या मेरे ऊपर बैठना है,...

Main(muskura कर)- अरे nhi...main दोनों पेअर तुम्हारे दोनों बाजु rakhuga....tum पर कोई वजन नहीं आएगा....

सुषमा- अब मैं क्या bolu...jo ठीक है वो karo....tum ज्यादा जानते हो....

Main(khush हो कर)- ok....ek मिनट...

और फिर मैं सुषमा के ऊपर इस तरह से आया की उसकी गांड मेरे लुंड के ठीक नीचे थी....

मैंने फिर तेल को हाथो में लगाया और कंधे से कमर तक मालिश करने लगा....

मैं aage-piche हो रहा था और मेरा कड़क हो चूका लुंड सुषमा की गांड से टकरा रहा था....

Sushma(man में)- हे bhagwan....iska लुंड तो पूरा तना हुआ hai...aur मेरी गांड में टकरा कर मेरी गर्मी बड़ा रहा hai...ab क्या karu...rok भी नहीं sakti...kahi पूछ लिया की क्या हुआ तो क्या बोलूगी....

वैसे भी मालिश hi कर रहा hai.....ab ऐसा हो रहा है तो उसकी क्या galti....mard है न तो नंगी ायरत देख कर लुंड तो खड़ा होगा hi....hmm...

थोड़ी देर बाद मैंने अपनी पैरों को थोड़ा फैला दिया जिससे मेरा लुंड सुषमा की गांड से चिपक gaya...aur मेरे हिलते hi लुंड भी गांड पर aage-piche होने लगा....

Sushma(honth दवा कर)- कितना बड़ा है iska....aaahhh....ye तो गांड में फसा diya.....ab क्या karu....iske अहसास ने मेरी छूट गीली कर दी hai....golu....kya कर दिया तुमने....

मैं जान- भुज कर काफी देर तक मालिश करते हुए लुंड को सुषमा की गांड पर सरकता raha....jisse सुषमा की छूट pani-pani हो गई....

और फिर मैं नीचे आ गया जिससे सुषमा का मूड बिगड़ गया......

Sushma(man में)- aahhh....utar क्यों gaya.....meri छूट पूरी गरम हो चुकी hai....mere न चाहते हुए भी मेरी छूट लुंड मांग रही hai....kuch करो golu....daal दो इस तगड़े लुंड को मेरी छूट me....daalo न प्ल्ज़....

अब सुषमा का जिश्म चुदाई के लिए पूरी तरह तैयार tha....aur उसकी ये हालत देख कर मैं मुस्कुरा उठा

Main(man में)- एक और शिकार हो गया taiyaar.....ab आएगा मज़ा....

मैं अगर इस वक़्त सुषमा को छोड़ने लगता तो मन नहीं karti...par इससे आने वाले वक़्त की प्लानिंग बिगड़ jati....isliye मैंने अपने आप को समझाया और काम पर फोकस किया.....

मैंने नीचे आते hi सुषमा के पैरो की मालिश की और फिर जांघो ki...aur फिर हाथो से उसकी गांड को कास कर दवा दिया.....

सुषमा- aaahhhh......golu....dheere....

मैं- अरे sushma...gaand को दवा कर hi इसकी गर्मी निकली जाती है....

Sushma(sharma कर)- chhee....kaisi बातें करते हो...

Main(muskura कर)- अरे गांड को गांड hi कहेगे na....khair तुम मेरे वर्ड पर मत जाओ बस मज़े लो....

और फिर मैंने गांड को dawa-dawa कर और faila-faila कर मालिश ki.....jisse सुषमा की छूट ने पानी बहाने की गति बड़ा di....ab उसकी छूट को लुंड की सख्त जरूरत महसूस होने लगी थी.....

सुषमा अब पूरी तरह मस्ती में चूर थी और jor-jor से सिसकिया लेने lagi...sath में वो अपनी छूट को नच्चे दवा कर रगड़ने लगी.....

मैं कुछ देर तक सुषमा की गांड को अच्छे से मसला और फिर एक झटके में उसकी जांघो को फैला diya....aur इससे पहले की सुषमा कुछ bolti...maine दो उँगलियों को एक साथ उसकी छूट में दाल दिया.....

सुषमा- aaahhhhh.....golu......aaaahhh....

मैं- बस हो गया.....

और मैंने उँगलियों से सुषमा की छूट को छोड़ना सुरु कर diya....sushma भी मस्ती में गांड हिलाते हुए मन से छुड़वाने lagi.....tabhi मैंने दूसरे हाथ की एक ऊँगली उसकी गांड में पेल di....to सुषमा दर्द से चीख पड़ी.....

सुषमा- aaaaaiiiiii.....waha नहीं golu.....aaahhhhhh......

मैं- अरे हर छेद को मालिस की जरूरत होती है.....

सुषमा- aaahhh....par ये दर्द....

मैं- बस थोड़ा sa.....fir मज़ा आएगा....

और मैंने स्पीड बड़ा di....sushma की छूट उँगलियों से छोड़ने लगी और सुषमा पूरी मस्ती में गांड हिलने लगी....

सुषमा की छूट में दो उँगलियाँ थी और गांड में ek...is मज़े का उसे पहली बार अहसास हुआ tha...aur वो पूरी मस्ती में गांड हिलाते हुए झड़ने लगी....

सुषमा- aahhh...golu...aahhh...aahhh....uuummmmm......

और छूट पटकते हुए सुषमा झाड़ gai...aur उसके झड़ते hi मैंने ुंगियों को बापिस निकाल लिया और आराम से चेयर पर बैठ गया....

कुछ देर बाद जब सुषमा नार्मल हुई तो उसे अपनी हरकतों पर बड़ी शर्म आई और जैसे hi उसने मुझे देखा तो मैंने मुश्कुरा diya...jisse सुषमा ज्यादा hi शर्मा गई और अपना चेहरा छिपा लिया....

मैं- अरे अब किस लिए शर्मा रही ho....chalo उठो और नाहा लो....

( मसाज रूम के साथ अटेचेड बाथरूम भी था वो भी फुल्ली high-fi )

सुषमा- मुझे सच में बड़ी शर्म आ रही है...

मैं- अरे तुम भी.... अब उठ भी jao....aur नाहा lo...fir बताना की मसाज के बाद कैसा laga...ok....main बहार वेट करता हु...

फिर सुषमा शरमाते हुए बाथरूम में चली गई और मैं भी कपडे पहन कर बहार निकला....

पर जैसे hi मैंने गेट खोला तो चौंक गया....

क्योकि गेट से कान लगाए आशा, दीपा, सलमा और पम्मी कड़ी हुई thi...jo गेट खुलते hi girte-girte बची...

Main(chounk कर)- ttt...tum सब yha,...ye हो क्या रहा है यहाँ...???

मुझे देख कर सब घबरा hi गए थे इसलिए सब नजरें झुकाये खड़े थे.....

मैं- ohh....lagta है सब जासूस बन गई hai....koi nhi....main चलता hu...tum करो जासूसी...

आशा- nhi...hum तो बस.....

Main(beech में)- समझता hu....sushma नहाने गई hai.....aaygi तो सब पूछ lena....ok....

सलमा- सॉरी गोलू जी...

मैं- पहली baat...golu जी nhi....golu...aur दूसरी baat....sorry की कोई बात nhi....tum सब सुषमा से पूछ lena....main भी नाहा लेता hu...bye....

और मैं मुस्कुराते हुए निकल gaya....aur मेरे जाने के बाद सब सुषमा का इंतज़ार करने लगे....

अब देखना ये है की सुषमा सबको क्या बताती hai....jhooth....aadha sach.....ya पूरा सच.....????????

नोट- frnds.....aaj एक hi अपडेट दिया है....

दूसरा अधूरा है तो कल आएगा....

इस वीक 3 दिन में 3 उपदटेस आयगे....

1सत इस दोने....2 मोरे commung...tomorrow & डे आफ्टर टुमारो ....

थैंक्स,.....
 
अपडेट - 39

Garma-garam मस्सगे से सुषमा एक बार फिर से झाड़ गई और शरमाते हुए बाथरूम में चली गई और मैं भी कपडे पहन कर बहार निकला....

पर जैसे hi मैंने गेट खोला तो चौंक gaya....kyoki गेट से कान लगाए आशा, दीपा, सलमा और पम्मी कड़ी हुई thi...jo गेट खुलते hi girte-girte बची...

मैंने देखा की सबकी आँखों में यही सवाल था की मस्सगे में क्या हुआ और कैसे हुआ.....

पर मैंने कोई जवाब नहीं दिया और मुस्कुराते हुए निकल gaya....aur मेरे जाने के बाद सब सुषमा का इंतज़ार करने लगे....

अब देखना ये है की सुषमा सबको क्या बताती hai....jhooth....aadha sach.....ya पूरा सच.....????????

अब आगे........

रात को गणेश की फॅमिली के साथ डिनर करते वक़्त मेरी नज़र baar-baar सुषमा पर जा रही thi....sushma खुश तो दिखी पर अभी भी शर्मा रही थी....

और बाकि सब भी सुषमा को देख कर mand-mand मुस्कुरा रहे थे....

मैं- क्या बात hai...aap सब मुस्कुरा क्यों रहे hai....kya मसाज की वजह se...kyo सुषमा.....

Sushma(sharma कर)- hmm...dekho सब कैसे है रहे hai....jaise कोई अजूबा दिख गया हो....

Main(muskura कर)- hmm....koi nhi....in सबका भी मसाज hoga....fir देखना की कौन muskurayga.....haaa....

दीपा- अरे ऐसी बात नहीं ....वो तो आज सुषमा भाभी ज्यादा hi फ्रेश दिख रही है....

मैं- ये तो होना hi tha....ye मस्सगे चीज hi ऐसी hai...par इसमें हसने की क्या बात है बल्कि सबको कुश होना चाहिए की मस्सगे कितनी अच्छी चीज hai....hai न सुषमा,....

सुषमा- bilkul...dekho मस्सगे के बाद मेरा सारा दर्द दूर हो gaya...aur मैं पूरी तरह फ्रेश महसूस कर रही hu....golu मैं तो हर दिन ऐसा मस्सगे करवा सकती हु....

Main(muskura कर)- हर din...to इन सबका क्या hoga....khair अगली बार कुछ नया karege...,jyada मज़ा aayga...theek....

Sushma(muskura कर)- हम्म....

मैं- वैसे अब नेक्स्ट मस्सगे 2 दिन बाद hoga....tab तक तुम सब सोच लो की अगला नंबर किसका hoga...ok....

आशा- हम्म....

Well....dinner ख़त्म हुआ और सब लोग apne-apne रूम में जाने lage....tabhi मैंने सुषमा को भूत के दर के बारे में याद dilaya...aur रिक्वेस्ट की ....की कल की तरह आज रात भी किसी को मेरे रूम में भेज दे....

सुषमा- ठीक है golu...main खुद आ जोगी....

आयशा- अरे भाभी आप क्यों परेशान होती hai....main जाती हु na....golu तुम jao...main आती हु....

मैं- ठीक है aasha....jaldi aana....main अकेला नहीं रह सकता....

आशा- तुम chalo...main बस आती हु.....

फिर मैं अपने रूम में आ गया और बीएड को ठीक कर के जल्दी से कपडे चेंज किये और आशा का इंतज़ार करने लगा....

Main(man में)- आज सुषमा ने तो लुंड में आग hi लगा di....saali खुद तो झाड़ गई पर मेरा kya....pura लुंड भरा पड़ा hai....ab बस आशा जल्दी से सो jaay....fir लुंड को आराम दे hi दुगा....

थोड़ी देर बाद आशा आ gai....par वो अभी भी साड़ी पहने हुई thi....par उसके हाथ में कुछ बेग जैसा था....

मैं- अरे तुमने चंगे नहीं kiya....aise hi सोना है क्या....

आशा- kyo...saree पहन कर सोने में कोई बुराई है क्या...

मैं- nhi...mera मतलब था की कल तुमने निघ्त्य पहनी thi...to पूछ लिया...

आशा- ठीक kaha...par सोचती हु की साड़ी पहन कर hi सो जाऊ....

Main(man में)- अरे साड़ी नहीं निघ्त्य पहन na.....saree में बड़ी मुश्किल आएगी मुझे....

Aasha(muskura कर)- अरे परेशान मत ho...main निघ्त्य लाइ हु इस बेग me...main चेंज कर के आती हु...

और फिर आशा बाथरूम में चेंज करने चली gai...aur जब बापिस आई तो मैं उसे देख कर हैरान रह गया..,

आज उसने जो निघ्त्य पहनी thi...wo उसके घुटनो तक hi thi...uper से पूरी निघ्त्य सिर्फ कमर पर कासी डोरी की मदद से hi जिश्म से लापति thi....na कोई button...na कोई हुक....

Main(man में)- ये हुई कोई baat...aaj तो साली को नंगा करने में टाइम भी काम lagega...aur fir...aaahhh....maza आ जायगा.....

आशा ने एक नजर मुझे मुस्कुरा कर देखा और फिर चद्दर ओढ़ कर लेट gai...aur मैं भी लेट कर उसके सोने का वेट करने लगा....

करीब 30-35 मिनट बाद मैं धीरे से आशा की तरफ खिसका तो देखा की आशा का चद्दर थोड़ा नीचे तक आ चूका hai...par ये समझ नहीं आया की वो सोइ है या जाएगी....

मैंने चेक करने के लिए दो बार उसे आवाज़ di...par कोई जवाब नहीं mila...main समझ गया की वो सो gai...aur मैं खिसक कर उसके करीब पहुंच gaya...par अभी भी हमारे बीच काफी जगह थी...

फिर मैं अगले 20-25 मिनट उसे baar-baar हाथ या पेअर टच करता raha...kuch इस तरह जैसे नीड में गलती से हो गया ho....tab भी आशा ने कोई हरवत नहीं की...

मेरी हिम्मत थोड़ी बाद gai...par दर तो था hi...to मैंने थोड़ा सा उठ कर उसका चेहरा dekha...uski आँखे बंद thi....to मैंने सोच लिया की बस अब आगे बढ़ते hai...nhi तो लेट hi हो रहा हु...

मैं जल्दी से खिसका और पूरी तरह आशा से चिपक gaya....mera लुंड आशा की गांड में जा bhida....aur मेरा सीना उसकी पीठ par....aasha अब भी वैसी hi लेती रही....

मैंने फिर पिछली रात को याद किया जिससे मेरी हिम्मत बाद gai...kyoki कल आशा को कुछ पता भी नहीं चला tha....matlab उसकी नीड hi गहरी है...

Main(man में)- जब इसे कल का कुछ याद नहीं तो आज क्या chalega....main फालतू hi दर रहा hu...chalo सुरु करता हु....

और मैंने बिना डरे चद्दर को नीचे खींच diya.....ab आशा पूरी तरह मेरे सामने thi.....uski निघ्त्य वैसे भी घुटनो तक thi....wo अब जांघो तक चढ़ चुकी थी.....

मैंने अपने जिश्म पर सिर्फ ुंडेरवेरे छोड़ा और बाकि सब अलग जार के आशा से चिपक gaya....ek हाथ से उसका सीना लपेटा और पेअर को उसकी जाघों पर चढ़ा diya....to मेरे नंगे पेअर से आशा की नंगी जांघ चिपक गई....

Main(man में)- aahhh...kitni मुलायन जाँघे है iski....pura जिश्म भी बड़ा मुलायम hai.....bas मेरे कठोर लुंड को इस मुलायम जिश्म को रोंदने को मिल jaay....bas....

मैंने आशा की निघ्त्य को जांघो से ऊपर खिसका दिया तो मेरे सामने आशा की नंगी गांड आ gai.....saali ने पंतय नहीं पहनी थी....

मैंने हाथ को आशा के सीने से हटा कर उसकी गांड को सहलाना चालू कर diya...ek डैम मुलायम अहसास था.....

Main(man में)- बस golu....aur देर मत kar...kahi कल जैसा न हो की तू इसे नंगा करे और वो जाग कर कपडे पहन le.....aur फिर मज़ा kharab...haa...

ये ख़याल आते hi मैंने हिम्मत दिखा कर आशा को सीधा कर दिया और जल्दी से निघ्त्य की डोरी खोल कर दोनों हिस्से अलग कर दिए.....

निघ्त्य को दोनों तरफ फैलते hi मेरी असंख्य बड़ी हो gai....aur दिल खुश हो gaya,....kyoki आशा ने अंदर कुछ नहीं पहना tha...bra भी nhi....wo मेरे सामने पूरी नंगी थी....

Main(man में)- इसकी माँ ka....saali पूरी नंगी hai....kasam से आज इसे चोदे बिना हटूगा nhi....chahe ये सोती रहे या जाग जाए.....

मेरा लुंड तो सुषमा की मालिस करने से भरा पड़ा tha...uper ये आशा का नंगा जिश्म मेरे सामने आ gaya...jisse हवस ने दिमाग पर कब्ज़ा कर लिया था...

मैं बिना कोई चिंता किये आशा के ऊपर आ गया और उसके गले को चूमने लगा....

गले से होते हुए मैं उसके सीने पर आ गया और बूब्स को मुँह में भर liya....tabhi आशा की तरफ से कुछ हलचल हुई....

मैं चौंका और डरा bhi...par हवस ने सब भुला diya...aur मैं bari-bari बूब्स चूसने लगा....

मुझे आशा की हलकी सी सिसकी सुनाई di...par उसकी आँखे बंद thi...maine सोचा की सपने में महसूस हो रहा होगा उसे...

और मैंने अपना काम जारी rakha....dono बूब्स को choos-vhoos कर गीला कर दिया....

फिर मैं नाभि और पेट चाट ता हुआ आशा की छूट तक पहिच gaya....aur उसकी जांघो को अलग कर diya.....ab चिकनी छूट मेरे सामने थी....

Main(man में)- क्या चिकनी छूट है साली ki...muh में पानी hi आ gaya....aahh.....aaj इसका रास जी भर कर चखूगा.....

और मैंने जीभ से छूट चाट li.....aur फिर से मुझे सिसकी सुनाई दी....

Main(aasha को देख कर)- साली की आँखे तो बंद hai...par सिसकियाँ बराबर ले रही hai....kahi जाग तो नहीं gai....khair...jaag गई होगी तो भी अच्छा hi hai...dekhte है आगे क्या होगा....

और मैंने छूट चाटना सुरु कर diya....aur हर बार जीभ फिरते hi मुझे आशा की सिसकी सुनाई देने लगी...

कुछ देर छूट को ऊपर से चाटने के बाद मैंने छूट को फाके फैलाई और जीभ को अंदर दाल diya....aur इस बार आशा की सिसकी जोर से सुनासी दी...

Main(man में)- accha....saali जाग रही hai....wah...maze ले ले mere...ab देख मैं क्या हाल करता हु तेरा.....

मैंने दोनों हाथो से आशा के दोनों बूब्स पकडे और जीभ को उसकी छूट में पेलते हुए दोनों बूब्स जोरो से दवाने लगा.....

मैं- sssrrrruuupppppp......sssssrrrruuuuupppppp.....sssrrruuupppppp.....

Aasha(aankhe बंद किये हुए)- uummm...uuummm...uuummm...

मैं तेजी से बूब्स मसलते हुए जीभ से आशा की छूट छोड़ता raha.....aur इस दोगुनी मार से आशा इतनी गरम हो गई की वो झड़ने के करीब आ गई....

और फिर अचानक आशा ने एक हाथ से मेरे सर को अपनी छूट पर दवा दिया और गांड हिलने लगी....

मैं समझ गया की ये बस झड़ने वाली hai....isliye मैं स्पीड से छूट चूसने laga.....sath में दोनों बूब्स को jor-jor से मसलने लगा....

आशा- aaaahhhh....aaahhhh....aaahhhh.....uuummmmm....

और कुछ देर बाद hi आशा मेरा सर अपनी छूट पर दवा कर सिसकते हुए झड़ने लगी....

मैंने इत्मीनान से छूट रास पिया और फिर उठ कर आशा के ऊपर चढ़ कर उसे देखने लगा....

जैसे hi मेरी नजर आशा से मिली तो उसने ने मारे शर्म के अपनी आँखे बंद कर ली....

Main(muskura कर)- अब शर्माने का कोई फायदा नहीं aasha....saare परदे हैट चुके है....

आशा- sorry...wo मैं...

मैं- अरे सॉरी kya....tumne मज़ा किया और मैंने bhi....haa...

Aasha(aankhe खोल कर)- फिर bhi...sooo.....

और इससे पहले की आशा आगे bolti...maine उसके होंठो को अपने होंठो में कैद कर लिया.....

मैंने किश करना सुरु किया hi था की आशा ने मुझे बाहों में भर लिया और जोर से मेरे होंठ चूसने लगी.....

हम दोनों ek-dusre को करीब 10 मिनट तक चूमते rahe....isi दौरान मेरे हाथ उसके बूब्स और गांड को मसलते रहे और आशा ने तो मदहोश होकर अपने पैरों से मेरी कमर को कास लिया....

आशा अब पूरी तरह मस्त हो कर अपनी प्यास बुझाने में लगी thi....usne मेरे होंठो को ऐसे चूसा जैसे जन्मो की प्यासी हो....

मैंने वक़्त की नजाकत समझी और आशा को किश करते हुए jaise-taise अपनी ुदेवेरे को अलग किया....

जैसे hi मैं नंगा हुआ तो मेरा लुंड फड़फड़ाता हुआ सीधा आशा की छूट से टकरा गया.....

आशा ने तो पहले hi मेरी कमर में पेअर फसाये हुए थे इसलिए आशा की छूट पर मेरे लुंड की ठोकर काफी तेज हो रही थी....

मेरे लुंड का अहसास होते hi आशा के जिश्म में सनसनी बाद गई और उसने अपनी पकड़ और ज्यादा कर दी और साथ में होंठो को भी पागलो की तरह चूसने लगी....

आग तो मेरे अंदर भी लगी हुई थी इसलिए मैंने देर न करते हुए लुंड को छूट पर सेट किया और एक तेज धक्का मार दिया......

धक्का लगते hi लुंड का टोपा छूट को चीयर कर अंदर घुस गया और दर्द के मारे आशा चीख उठी और उसकी पकड़ भी ढीली पद गई....

आशा- aaaaaiiiiiiiii.....golu.....aaaahhhhh.....nhiiiii....

Main(aasha को किश कर के)- अब रुक नहीं sakta...bas थोड़ा सह लो....

और मैंने किश करते हुए दूसरा धक्का maara...lagbhag आधा लुंड आशा की छूट में जा चूका था और आशा की आँखों से आँशु निकल आये....

मैं- are...pahli बार चुद रही हो kya...roti क्यों हो...??

आशा- aaahhhh....mota है....

Main(kiss कर के)- अभी लम्बाई भी देख लेना....

और मैंने तीसरे धक्के में पूरा लुंड छूट में उतार diya....aasha दर्द से झटपटाने lagi....uski आँखों से आँशु निकल रहे the....aur मुँह से चीखे.....

आशा- aaaaahhhhh....nnnhhiiii....nikalo ise....aaaahhhhh.....

मैं ऐसी सिचुएशन को हैंडल करना अच्छे से जनता tha....isliye मैंने आशा के रोने की परवाह किये बिना उसे किश करना सुरु कर diya...sath में dheere-dheere उसके बूब्स दवाने लगा....

कुछ देर बाद आशा शांत हुई तो मैंने अपनी कमर को halke-halke aage-piche करना सुरु kiya...aasha का दर्द काम हो रहा tha...par अभी भी टाइम था....

थोड़ी देर बाद आशा ने भी मुझे किश करना सुरु किया तो मैं समझ गया की अब मामला ठीक हो रहा है....

मैं हलके से धक्के मारते हुए आशा को चूमता रहा और कुछ देर बाद आशा ने अपनी गांड हिलना सुरु कर diya...ye इसरा था चुदाई की स्पीड बढ़ाने का....

मैंने किश करना बंद किया और मुँह में आशा के बूब्स दावते हुए धक्को की स्पीड badai....aasha भी अब गांड उचकने लगी थी....

करीब 5 मिनट के बाद आशा ने स्पीड बड़ा दी और गांड उचकते हुए शांत पद गई....

मैं समझ गया की वो झाड़ चुकी hai...isliye मैंने joor-joor से बूब्स को चूसते हुए चुदाई की स्पीड बड़ा दी....

कुछ देर बाद hi आशा भी फुल स्पीड में गांड utha-utha कर मेरा साथ देने lagi....ab चुदाई पुरे सबाब पर थी....

मैंने तेजी से धक्के मरता और आशा हर धक्के पर अपनी गांड उठा कर मेरा साथ देती....

आशा- aaahhhhh....aaaahhh...tej....aur तेज....

मैं- ये ले मेरी jaan....yeeesss.....yyeesss....

आशा- aaahh....aaahhh...aahhh....aaahhhh....

मैं- मज़ा अस्य na....hhmm...

आशा- aaahhh....haaa....,jjooorr...sseee....maaro...aaahhh....joor से.....

और करीब 5 मिनट बाद आशा फिर से झड़ने लगी ....

आशा- golu....aaahhh....main...aahhh....aaahhhhhhhhhhhh......hhhhmmmm....

आशा के झड़ने के बाद 4-5 धक्को में hi मैं भी झड़ने laga...aur मैंने गरम लुंड रास की पिचकारियां आशा की छूट में मार दी....

मैं- yeehhh....main आया मेरी jaan...aahh....aahh....yehhh....

झड़ने के बाद मैं आशा के ऊपर hi लेट gaya...aur हम दोनों फिर से किश करने lage...mera लुंड अभी भी आशा की छूट में tha...par इसकी परवाह किसे thi...hum दोनों तो एक दूसरे को बाहों में भरे किश करते रहे.....

जब हमारा मन भर गया तो मैं अलग हुआ और साइड में लेट gaya....wur कुछ देर तक हम यु hi लेते रहे.....

थोड़ी देर बाद आशा उठी और अपनी निघ्त्य पहनने लगी की तभी मैंने निघ्त्य पकड़ ली....

आशा- हँ...

Main(nighty खींच कर)- अब इसकी जरूरत nhi....ise रहने दो....

Aasha(sharma कर)- छोडो न....

Main(muskura कर)- nhi....tum छोड़ do....aur वैसे चली kaha....raat अभी बाकि है...

Aasha(nighty छोड़ कर)- कही नहीं....

और आशा नंगी गांड मरवाते हुए बाथरूम चली gai...aur जब बापिस आई तो निघ्त्य मांगने लगी....

आशा- अब तो दे दो....

मैं- आओ ले लो...

मैंने निघ्त्य को आगे किया और जैसे hi आशा ने हाथ आगे बढ़ाया तो मैंने उसे पकड़ कर अपने ऊपर खींच लिया....

मेरे ऊपर गिरते hi आशा ने अपना चेही मेरे सीने में दवा लिया....

Main(aasha की पीठ सहला कर)- क्या हुआ....

आशा- मुझे शर्म आ रही है....

मैं- ohh....par अब kyo...huh...

आशा- बस आ रही है....

मैंने दोनों हाथो से आशा का चेहरा पकड़ा और फिर से उसे किश करने laga...aasha भी मुझे किश करने लगी....

मैं- ssrrruuppp....uuummhh....to...kaisa लगा.....

Aasha(sharma कर)- बहुत दर्द हुआ....

मैं- ohh....par मज़ा आया न...

Aasha(sharmate हुए)- hmm...par खून भी निकला...

मैं- खून kyo...tumhare तो बच्चे भी है...

आशा- उनको हुए तो जमाना बीत gaya....tabse कुछ किया hi nhi....wo छेद सिकुड़ जाता hai...samjhe...

मैं- अरे मुझे कैसे पता hoga...khair....baccha नहीं hua...par चुदाई तो हुई होगी न...

Aasha(sharma कर)- chhee...kaisi बातें करते ho...gandhe....

और आशा ने मेरे सीने पर मुक्का मार दिया....

Main(gaand दवा कर)- अरे मेरी jaan....karne में गन्दा नहीं तो बोलने में kyo...waise बताओ to...kab से नहीं चूड़ी....

Aasha(sharma कर)- बेशरम हो pure....theek hai...batati hu....beti होने के बाद कुछ नहीं हुआ....

मैं- ओह ho...aisa नशीला badan...aur इसकी चुदाई भी नहीं hui....kyo किसी गांडू के हाथ पद गई थी क्या....

Aasha(aankhe दिखा कर)- मेरे पति को कुछ नहीं कहना....

मैं- ok...par बताओ तो की उसने चुदाई क्यों नहीं की...

आशा- पता nhi...kaam में बिजी the...uper से बच्चो की tention...sayad इसी लिए....

मैं- पर तुम्हारा मन भी नहीं हुआ क्या....

Aasha(sharma कर)- बहुत hua...par क्या करती....

मैं- कोई nhi....ab मैं karuga...hmm...

Aasha(uth कर)- हैट गांधी....

मैं- क्या हुआ...

आशा- तुम बहुत गांधी ho....kal से देख रही hu..haa...

मैं- ohh...to तुम्हे सब पता hai...matlab जाग रही thi...hmm...

Aasha(najren झुका कर)- हम्म...

मैंने आशा को अपने पेट से टिका लिया और उसका ढूढ़ मसलने लगा,..

आशा- aahhh....dheere....

मैं- यार इतने अच्छे दूध है tere....man करता है की पिता hi राहु....

Aasha(sharma कर)- इनमे दूध नहीं nikalta....sab ख़त्म है....

Main(joor से दवा कर)- तो मैं निकाल duga....fir पिलाओगी न...

आशा- aaahhh...pagal....dheere करो न....

मैं- अच्छा ये बताओ की कल तुम्हे सब पता था...

Aasha(sir हिला कर)- हम्म....

मैं- फिर भी गुस्सा नहीं hui...kyo....

Aasha(sharma कर)- पता nhi...man नहीं kiya....bas...

Main(aasha को ऊपर खींच कर)- तो मन क्या किया tha....ye बता दो...

Aasha(najren चुरा कर)- नहीं पता...

मैं- अरे मेरी jaan....ab शर्माना choodo....aur मज़ा लो...

इतना बोल कर मैंने आशा को नीचे लिटाया और ऊपर आ कर फिर से उसके होंठो को चूमने लगा...

आशा भी फुल मस्ती में मुझे किश कर रही thi...aur मुझे बाहों में झकड़ लिया था....

मैं- sssrrruuppp....accha ये बताओ की तुम निघ्त्य के अंदर bra-panty नहीं पहनती क्या....

Aasha(muskura कर)- पहनती हु....

मैं- पर मुझे तो नहीं दिखी...

Aasha(sharma कर) आज तो निकाल कर आई थी....

Main(kiss कर के)- hmm...puri तयारी से आई थी न...

Aasha(sharma कर)- हम्म...

मैं- uuummmhhh....par kal....kya कल भी निकल कर आई थी...

Aasha(muskura कर)- ुम हु....

मैं- पर मुझे तो कल भी नहीं दिखी....

Aasha(sharma कर)- वो तुम बाथरूम गे थे na...tab निकाल ली थी....

मैं- accha....par kyo...matlab क्या तुम पहले से hi....matlab तुम...

Aasha(beech में)- nhi....wo मैंने तुम्हारी बात सुन ली thi...jab तुम बाथरूम में थे....

Main(man में)- अरे haa...main अपने आप से hi बोल रहा था की आशा को नंगा करना है....

Aasha(mera गाल थपका कर)- कितना गन्दा सोच रहे थे मेरे liye....haa...

Main(muskura कर)- क्या karu...tumhe देख कर नशा चढ़ गया tha....par तुम्हे कौन सा नशा था जो bra-panty निकाल ली थी...

Aasha(najre जुखा कर)- वो मैंने तुम्हारा वो देख लिया था....

मैं- kya...kaise...

Aasha(muskura कर)- बाथरूम का गेट खोल कर नहीं rakhte...samjhe....

मैं- ohh...koi nhi....iska फायदा hi हुआ na....hai की नहीं....

आशा- बदमाश....

मैं- अरे अभी तो बदमाशी देखि hi नहीं tumne....aaj के बाद रोज देखोगी....

Aasha(sharma कर)- besharam....kuch नहीं देखना मुझे...

मैं- तो ठीक hai...so jao...kuch नहीं करुगा....

और इतना कह कर मैं आशा के ऊपर से हटने लगा की तभी आशा ने मुझे जकड लिया....

आशा- नहीं...

मैं- hmm....to फिर मेरी जान बन कर रहना hoga...bolo है...

Aasha(sharma कर)- बदमाश कही के....

और आशा ने मेरे होंठो को चूसना सुरु कर दिया....

थोड़ी देर तक किश करने के बाद आशा की गर्मी बाद गई thi...ab उसे चुदाई की जरूरत थी...

फिर मैंने देर नहीं की और एक बार फिर से आशा की सॉफ्ट चुदाई ki...kyoki उसको अभी भी दर्द था....

खैर चुदाई कर के हम दोनों एक- दूसरे की बाहों में सो गए और सुबह तब जागे जब कोई joor-joor से गेट थोक रहा था....

Aasha(jaagte hi)- गोलू utho....gate पर कोई है...

Main(aankh खोल कर)- तो खोलो न...

Aasha(mujhe हिला कर)- अरे paagal...tum नंगे पड़े ho...aur मैं भी...

Main(chounk कर)- ohh...chalo जल्दी से कपडे पहनो....

आशा- अरे तुम पहनो और गेट kholo...mujhe साड़ी पहनना hai...main जाती हु....

आशा उठ कर बाथरूम में चली गई और मैं जल्दी से कपडे पहन कर गेट खोलने....

गेट खोलते hi मैंने सामने खड़े साक्ष को देखा तो हैरान रह गया.....

मैं- tum....subah-subah.....tum...tum यहाँ कैसे.....?????

नोट- अपडेट posted....next विल के टुमारो नाईट....

थैंक्स.......
 
ायरत को सेक्स सुख न मिले तो जल्दी पैट जाती hai....chudne के लिए...

बस हर किसी को भरोशे का इंसान और सही टाइम नहीं मिलता...

जिसे मिला, वो टाँगे खोल देती है....

बाकि मर्द का टेलेंट है की वो kise,kaise पटटा है....

देखते है अगली खुद छुड़ेगी या म्हणत karwaygi.....hahaha....

थैंक्स......
 
अपडेट - 40

रात को आशा की चुदाई करके हम दोनों नंगे hi चिपक कर सो gaye....aur हमारी नीड तब खुली ,जब किसी ने जोर- जोर से दरवाजा पीटा....

आशा उठ कर बाथरूम में चली gai...kyoki उसे साड़ी पहननी थी..... और मैं जल्दी से कपडे पहन कर गेट खोलने....

गेट खोलते hi मैंने सामने खड़े साक्ष को देखा तो हैरान रह गया.....

मैं- tum....subah-subah.....tum...tum यहाँ कैसे.....?????

अब आगे.......

गेट खोल कर देखा तो सामने निशु कड़ी thi...hath में कॉफी लिए....

निशु को देख कर मैं हैरान हो gaya...kyoki निशु तो लेट जागने वाली लड़की thi..,uper से उसे काम करना भी पसंद नहीं था....

तो subah-subah वो मेरे लिए कॉफी laai...ye बात हैरान कर देने वाली तो थी hi.....

मैं- अरे nishu..tum....tum kaise....andar आओ....

Nishu(andar आ कर)- मझली चची (आशा) कहा है......

मैं- huh...pata nhi...sayad बाथरूम में hogi....waise तुम आज जल्दी जाग gai....coffy ले कर भी आई....

Nishu(muskura कर)- hmm....waise आप इतनी देर तक सो रहे the....raat को सोये नहीं क्या ठीक से....

Main(chounk कर)- nhi...matlab पता nhi....need hi नहीं खुली....

Nishu(muskura कर)- और मझली चची भी आज देर तक soi....wo तो जल्दी जाग जाती थी....

मैं- सायद ट्रैंनिंग की थकान hogi.....accha अब रेडी हो कर गयम में aao....main भी आता hu....ok

और फिर निशु मुस्कुरा कर निकल gai...tab मेरे दिल को राहत मिली...

Main(man में)- साली कितने सवाल करती है....

और फिर मैंने गेट लगाया और कॉफी पिने laga....tab तक आशा भी साड़ी पहन कर आ गई थी....

आशा- चलो अब जल्दी से रेडी हो jao...main चलती hu.....waise भी आज देर हो gai....sab तुम्हारी वजह से....

Main(aasha को एक हाथ से बाहों में खींच कर)- गुस्सा क्यों हो मेरी jaan....raat को मज़ा नहीं आया क्या,....

Aasha(sharma कर)- छोडो na....puri रात तो हो gai....abhi तो छोडो....

Main(kiss कर के)- रात को जल्दी आना मेरी jaan.....hmm....

आशा फिर शर्मा गई और गेट खोल कर मुझे पलट के देखा और बोली....

Aasha(muskura कर)- नहीं ाउगि....

और जल्दी से निकल gai....main भी मुस्कुरा उठा और कॉफी ख़त्म करके बाथरूम चला गया...,.

फिर ट्रैंनिंग में कुछ खास नहीं hua...bas कल वाली एक्ससरसिस hi ki...par पुरे टाइम जब भी आशा से नजरें मिली तो वो शर्माती रही.....

ट्रैंनिंग ख़त्म करने के बाद मैं ऑफिस निकल गया.......

ऑफिस जाने के पहले मैंने tabu(aarif और ज़ोया की बेटी) को कॉल kiya...par मोबाइल बंद आ रहा था....

Main(man में)- इसका मोबाइल बंद क्यों hai...kya कल की बात से बुरा मान gai....chalo ऑफिस में मिलेगी तो पूछ लूँगा....

Well...main भेष बदल कर ऑफिस पंहुचा और अपने नए केबिन में बैठ कर कोमल और तब्बू का वेट करने लगा....

थोड़ी देर बाद कोमल तो आ gai...par तब्बू नहीं आई....

Komal(gate पर)- sir....andar आ सकती हु...

मैं- oh...haa...aa जाओ....

कोमल जैसे hi अंदर आई तो मैं उसे देखता hi रह gaya...wo कल से भी ज्यादा कमाल दिख रही thi....bilkul अलग....

आज उसने स्लीवलेस ब्लाउज पहना tha....wo भी छोटा sa....bas उसके बूब्स hi धक् रहा था....

और सारी भी थोड़ा नीचे से बाँधी हुई thi....jisse उसका पेट और कमर कुछ ज्यादा hi दिख रहा था.....

ऊपर से उसके खुले हुए बाल उसकी खूबसूरती को और ज्यादा बड़ा रहे थे.....

मैं तो उसे देख कर hi मस्त हो gaya...aur फिर उसने झुक कर मेरे सामने फाइल राखी तो उसकी ब्लाउज से झांकती चूचियों को देख कर मेरे लुंड में सनसनी सी होने lagi....kitna गहरे गले का ब्लाउज था uska....chuchiyon के बीच की गहराई साफ़ दिख रही thi....dil खुश हो गया...

Komal(muskura कर)- sir....ye फाइल चेक कर lijiye...simi मेडम ने भेजी hai...sir....

Main(chounk कर)- ha...kya कहा...

Komal(muskura कर)- सर file...simi मेम ने भेजी है...

Main(muskura कर)- hmm...tum baitho....main देखता हु...

फिर मैंने फाइल पर नजर डाली और सिघन कर के कोमल को दे di...jise उठाने कोमल फिर से झुकी और एक बार फिर से मुझे उसके gore-gore बूब्स दिख गए...

कोमल- मैं फाइल दे कर आती हु...

कोमल ने फाइल उठाई और बापिस जाने lagi.....aur मैं उसकी बलकटी हुई कमर देखने लगा की तभी मुझे तब्बू का ख्याल आया....

मैं- अरे komal...ek मिनट...

Komal(palat कर)- जी सर....

मैं- अरे वो ladki...matlab tabu...wo कहा है...

कोमल- सर वो सायद आज आई नहीं....

मैं- ohk...tum jao...aur जल्दी aana....bahut काम है...

Komal(haste हुए)- जी sir...abhi आई....

कोमल तो चली गई पर मेरा दिमाग ये सोच कर परेशान था की तब्बू क्यों नहीं aai...uper से उसका फोन भी बंद था.....

Main(man में)- कही कल जल्दी तो नहीं कर di....sali हाथ से न निकल jaaye.....aarif से बात karuga....aise hi हाथ से नहीं जाने दुगा...

फिर जितनी देर तक मैं ऑफिस में raha...utni देर बस कोमल को देखता raha....kisi न किसी बहाने मैं उसे पास बुलाता और उसकी जवानी का रसपान करता....

Main(man में)- ये तो आज बिजलियाँ गिरा रही hai.....bas एक बार मेरी बन जाय तो fir....aahh....tab तक ऐसे hi मज़े लो और क्या....

कोमल के चक्कर में आज मैं ज़ोया से मिलने भी नहीं gaya...seedha गणेश के घर आ गया और आते hi सो gaya...raat की नीड भी पूरी करनी थी न...

पर मेरी किस्मत में सायद नीड थी hi nhi....main सोया hi था की कुछ देर बाद सन्नो का कॉल आ गया....

( कॉल पर )

Main(phon उठा कर)- है sanno....bolo....

सन्नो- कैसे है साब...

मैं- बढ़िया hu....tune ये पूछने के लिए मेरी नीड ख़राब की है क्या.....

सन्नो- नहीं saab....maine तो इसलिए फोन किया क्योकि राज baar-baar आपके लिए पूछने आता hai.....socha आपको बता दू...

मैं- ohh...koi बात nhi....main जल्दी hi aauga...fir खुद संभल looga....ok....aur कुछ...

सन्नो- है saab...wo मैं थोड़ा गाओं तक जाना चाहती thi...bas 2 दिन के liye....jane की इज़ाज़त है साब...

मैं- हम्म...2 din...par जाना क्यों है....

सन्नो- वो साब एक सहेली है meri...usne बुलाया hai....uske घर सदी है...

मैं- hmm...theek है चली jao...waise भी मैं 2 दिन नहीं आने wala...khair...tum तयारी karo...main पैसे पहुँचता हु...

सन्नो- अरे नहीं saab...paise तो है saab....maine बस पूछने के लिए फोन किया था...

मैं- अरे sanno...tu मेरी रखेल hai....aisi-waisi nhi.....tu बिलकुल रहीसी से रहा kar....tu ruk....kuch देर बाद ड्राइवर आ जायगा पैसे ले kar....fir उसी के साथ कार में jana...aur haa...pahle शॉपिंग karna...samjhi....

Sanno(muskura कर)- सुक्रिया साब....

मैं- अरे सुक्रिया kaisa...main आउगा तो हिसाब बराबर कर looga...hahaha....

सन्नो- जी saab...mujhe इंतज़ार रहेगा...

मैं- चल अब रेडी हो ja...main भेजता हु car...ok....bye...

मैंने कॉल कट की और सिमी को कॉल कर के सब समझा diya....aur फिर से सो गया....

फिर मेरी नीड तब खुली जब कोई मुझे हिला रहा tha...aankh खोल कर देखा तो सामने निशु कड़ी थी...

Main(baith कर)- tum...tum अंदर कैसे....???

निशु- वो आप गेट खोल कर सो रहे थे....

मैं- ohh....bolo क्या हुआ...

निशु- वो गयम का टाइम होने वाला है na....to जगाने आई thi...coffy भी ले हु...

मैं- hmm...lao..coffy की जरूरत भी hai...thakaan सी हो रही है...

Nishu(muskura कर)- अब इतनी म्हणत करेंगे तो थकान होगी hi न...

मैं- hmm...lao कॉफी लाओ....

Nishu(coffy दे कर)- आप ठीक से नीड लिया karo...thakaan नहीं होगी...

Main(nishu को देख कर)- hmm...waise तुम्हारी सजा बाकि hai...taiyaar रहना....

निशु- जानती hu....aap रेडी हो jao...main चलती हु....

और निशु जल्दी से निकल गई....

Main(muskura कर)- सजा का सुनते hi भाग gai....ruk तुझे batauga....badi आई एडवाइस dene...huh...

फिर ट्रैंनिंग में सबको योग करवाया और फिर उसके बाद वक़्त था उसका नाम जानने का जिसकी आज मस्सगे होने वाली है....

मैं- to...aaj कौन आएगा मस्सगे के liye....aage आओ...

आज भी सब मस्सगे की बात सुन कर शर्मा गए और ek-dusre को देखने लगे....

मैं- अरे yaar...aise नहीं chalega....koi तो bolo...nhi तो मैं जिसे कहुगा उसे आना hoga....samjhe....

फिर भी कोई आगे नहीं आया....

सुषमा- अरे तुम सब चुप क्यों ho....ab मैं तो जा नहीं sakti...kal hi करवाया tha....aaj भी जाऊ क्या...

मैं- nhi....sushma तुम nhi....sabka नंबर जरूरी hai...par haa...tum इनको ये बताओ की मस्सगे का फायदा kya-kya हुआ....

सुषमा- अरे फायदा hi फायदा hai,...meri बॉडी का सारा दर्द दूर हो gaya....poora आराम मिल gaya....aur haa....golu एक प्रोफेशनल की तरह मस्सगे करते hai...isliye जैसा करे करवा lena....ho सकता है तुम्हे सुरु में वो गलत lage...par उसके बाद तुम्हे मज़ा hi aayga...aur बॉडी में पूरा आराम milega...samjhi...

जब तक यहाँ किसी का नाम तय हो pata...uske पहले hi मुझे एक कॉल आ गया और मुझे मस्सगे को कल पर ताल कर जाना पड़ा....

मैं- sorry...par बहुत जरूरी काम hai.....massage कल hoga...tab तक तुम सब सोच लो की कौन करवाएगा नहीं तो मैं किसी एक को चुन luga...ok...

और मैं रेडी हो कर निकल gaya...aur बापिस आया रात के 9 baje...jab सब मेरा डिनर टेबल पर वेट कर रहे थे....

Sushma(mujhe देख कर)- आओ golu....kitni देर लगा di...hum सब कबसे रह देख रहे थे....

मैं- सॉरी थोड़ा लेट हो gaya...par तुम लोगो को खा लेना चाहिए था न....

सुषमा- अरे इतनी भी कोई देर नहीं hui...chalo सुरु करो....

फिर सबने डिनर किया और beech-beech में आशा के साथ मेरा nain-matakka चलता रहा....

Main(uth कर)- मेरा हो gaya....chalo मैं चलता hu....aasha चलो....

मेरी बात सुन कर सब चौंक gaye...kyoki मैंने बोलै hi इस तरह था जैसे मैं अपनी बीवी को आर्डर दे रहा हु.....

Main(sabko देख कर)- अरे ऐसे क्यों देख रहे है sab...wo तो आशा साथ रहती है तो दर नहीं lagta...bas इसलिए...

सुषमा- वैसे दर की कोई बात है hi nhi...accha तुम बताओ aasha...tumhe कुछ दर महसूस हुआ क्या...

Aasha(mujhe देख कर)- नहीं bhabhi..dar तो nhi.....par haa...kuch तो है waha...jo रात को सोने नहीं देता....

सुषमा- ऐसा क्या hai....main समझी नहीं....

Aasha(man में)- अब आपको कैसे samjhau....ki क्या सोने नहीं deta...bas मज़े देता है....

सुषमा- अरे बोल na....kya देखा तुमने...

आशा- अरे bhabhi....dikhta nhi....bas महसूस होता hai....kaise बताऊ.....

मैं- dekho....main समझा तो नहीं sakta....par...agar तुम लोगो को मेरे साथ रहने से दिक्कत है तो मैं घर चला जाता hu...ok...

आशा- nhi....matlab दिक्कत kaisi....main चलती hu...theek...kyo भाभी....

सुषमा- bilkul...dekho golu...hume कोई दिक्कत nhi...hum तो बस पूछ रहे the....aasha...tum jao....aur बाकि सब जल्दी सोने jao...subah टाइम पर उठना है na...mujhe रोज की तरह सबको जगाना न पड़े.....

मैं- ठीक hai...aasha तुम जल्दी aana...tab तक मैं भी चेंज कर लेता hu....ok

इतना बोल कर मैं रूम में आ gaya.....yaha आशा तो मेरे साथ चलने के लिए तैयार hi thi....baki सबको भी कोई प्रॉब्लम नहीं thi....isliye सब सोने निकल गए.....

पर कोई था जिसके दिमाग में कुछ uthal-puthal चल रही thi....isliye वो दर के पीछे की सच्चाई जान्ने को बेकरार tha......par कैसे...????

थोड़ी देर बाद आशा रूम में आ gai....jiska मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा tha....wo आज भी साड़ी पहन कर आई थी....

आशा ने अंदर आते hi गेट लॉक किया और मुझे देखते hi शर्माने लगी....

Main(aasha के पास जा कर)- ओह ho....ye शर्म किस लिए मेरी jaan....ab इसकी जरूरत तो नहीं....

Aasha(sharmate हुए)- चुप रहो....

मैं- kyo...chup रखने के लिए आई हो kya...hmm....

आशा ने सर झुकाये हुए ना में हिला दिया....

Main(aasha के कंधे जकड कर)- तो देखो मेरी आँखों me...aur bolo...ki यहाँ क्यों आई हो....

Aasha(mujhe देख कर)- तुम नहीं जानते.....

मैं- अरे हम तो सब जानते hai...par तुम अपने नरम होंठो से कुछ कहोगी न तो बात hi कुछ और है....

Aasha(muskura कर)- सोने के लिए...

मैं- अरे तुम्हे सुलाने को तो मेरी बाहें कब से बेकरार hai...aao मेरी बाहों में समां कर सो जाओ....

और मैंने आशा को अपनी बाहों में भर लिया....

Aasha(meri पीठ पर थपकी मार कर)- besharam....hehehe.....

मैं- अरे बेशर्मी देखि कहा अब tak...aaj रात भर dikhauga...aur तुम्हे भी बेशरम बना दुगा....

Aasha(mere होंठो पर ऊँगली रख कर)- chup....main कोई बेशरम nhi....na बानगी...

Main(ungli चूम कर)- देखती जाओ....

और मैंने आशा को किश करना सुरु कर diya...,aasha भी मेरे साथ पुरे जोश के साथ किश करने लगी...

थोड़ी देर तक किश करने के बाद मैंने आशा को बाहों में जकड कर ऊपर उठा लिया और ला कर उसे बीएड पर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट कर किश करता रहा....
 
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