Shikari- Dusron ki biwiyon ka - Page 2 - SexBaba
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Shikari- Dusron ki biwiyon ka

अपडेट - 8



मैंने ऊँगली निकलते hi अपना लुंड जो अब थोड़ा सूख गया था …सीमा की छूट में सेट करके 1 hi बार में अंदर उतर दिया.....

Seema—aaaaaaaaa………….iiiiiiiiiiiiii....

मैं- आज तेरी छूट का बरता बनेगा...

मैंने फिर ताबड़तोड़ तरीके से अपना लुंड सीमा की छूट में फुल स्पीड से aage-piche करना स्टार्ट कर दिया...,

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Seema-aaaahhhh….iiiiiii……..mmmmmmaaaaaa...

Main-aaaahhhhh….maza आया …मेरी कुटिया...

Seema-aaahhh…..hhhhaaaa….mmmmaaaaoooo.....

Main-Sali अभी तो बड़े नखरे कर रही थी...

Seema-aaaahhh…..mmmaarrrroooo……llluuunnndd….mmmeeerreee,,,ddaarrrddd,,ki,,,dddaaawwwwaaaaaaaaa..hai...

मैं- aaahhh….to ले फिर....

मैं फुल स्पीड से धक्के मरता रहा और सीमा सिसकती rahi….Seema की छूट ने पानी छोड़ना सुरु कर दिया....

Seema-aaahhhh….uuummmmm....

मैंने लुंड को पूरा बहार निकला और सीमा को पलटा कर उसके मुँह में भर दिया और सीमा का मुँह छोड़ने लगा.....

Seema-aaammmmm….uuuummm…gggghhhhhhhooooo...

2 मिनट बाद मैंने लुंड को सीमा के मुँह से बहार निकल और उसे बाथरूम के फर्श पर हथेली के बल झुका diya..aur पीछे आकर उसकी छूट में 1 hi झटके में लुंड उतर दिया....

Seema--aaaiiii....mmmaa….mmmaaarrr दद्दाआलल्लाआ....

मैंने अपनी स्पीड फुल राखी और सीमा की छूट मारने लगा.....

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Seema-aaaaaaaa…..mmmmmaaazzzaaaa…aaaa….gggggyyyyaaaa….ooorrr…ttteeeejjjj...

मैंने लुंड को फुल स्पीड में सीमा की छूट में चला रहा tha….thodi देर बाद सीमा दुवारा झड़ने लगी.....

फिर मैंने दोनों हाथो से सीमा के पैरो को हवा में उठा लिया और फुल स्पीड से छूट मने लगा....

Seema-aaahhhh…aaabbbb…sssa…kkkaarrrooo....

Main-aaahhhh…ruk जा कुटिया ruk….aaahhhh...

और मैं भी सीमा की छूट में झड़ने लगा....

जब मैंने पूरा लुंड रास सीमा की छूट में भर दिया तो मैंने उसे वही फर्श पर छोड़ diya…aur मैं भी साइड मैं बैठ गया...

थोड़ी देर बाद सीमा उठी और मेरे लुंड को चाट कर साफ़ करने लगी....

Main-are कुटिया उठ गई...

सीमा- ooommmhhh…ha सर मज़ा आ gya….puri खुजली संत हो गई...

मैं – चल शावर चालू कर और नहला मुझे...

उसके बाद मैं और सीमा नहाने लगे…

मैं- चलो अब नहाते हुए hi मेरे सवालों के जवाब दो...

Seema(mera लुंड सहलाते हुए)- hmm...chaliye puchiye....tab तक ये फिर से खड़ा कर दूगी...

Main(muskura कर)- hmm...to batao...main यहाँ क्यों hu...aur वो ायरत कौन थी और तुमने...

सीमा- bas-bas...ek साथ hi पूछेंगे kya...chalo बताती hu...ye सब सुरु हुआ एक फोन se...wo फोन सिमी मैडम ने किया था मुझे....

मैं- hmm...tum सिमी को कैसे जानती हो...??

सीमा- मैंने बताया न की मेरे पति सिमी मेम की कंपनी में काम करते hai...bas वही से jaan-pahchan हो गई...

मैं- वो samjha...par सिमी क्या तुम्हारे इस रूप से बाक़िफ़ थी...

सीमा- bilkul...aur ये कैसे हुआ वो अलग बात hai...abhi पॉइंट की बात सुनिए...

मैं- ok..bolo फिर...

सीमा- असल में सिमी मेम का कॉल आया की वो मेरी सहेली के बारे में पता करना चाहती है...

मैं- koun...wahi जो अभी तेरे साथ...

Seema(beech में)- है wahi..aur उन्होंने कहा की इसकी साडी डिटेल मैं आपको du...isiliye आप यहाँ हो....

मैं- ओह ho...par तुम मेरे सामने इस हालत में आने को कैसे तैयार hui..i मैं तुम और तुम्हारी सहेली...

Seema(mera लुंड मसल कर)- वो isliye...kyoki मैं जानती हु की सिमी और उस कंपनी के असली मालिक आप hi hai...aur आपको nai-nai छूटो का शिकार करने का सूक है...

Main(seema के निप्पल मरोड़ कर)- accha...ab सब समझ गया....

सीमा- अरे अभी तो आपके लिए खास बात आई hi नहीं....

मैं- क्या मतलब....???

सीमा- बताती hu...par पहले इस लुंड को तो प्यार कर lu....dekho ये बड़ा हो गया फिर se...aur अब मैं रुक नहीं सकती...

मैं- तो रोका kisne...pyaas बुझा लो...

Seema(lund को चूसते हुए)- sssrrruuuup....ssrrruupppp...aaahh....to आपको पता है की मैंने उस सहेली को क्यों बुलाया और आपको ये सब क्यों दिखाया...

मैं- नहीं na...main वही पूछने वाला tha...bolo....

सीमा- रुको thoda....sssrrruuupppp...sssrruuupppp....sssrruuupppp....

मैं- ohh...bolti भी जा थोड़ा....

Seema-uummm...ye वही है जिसके बारे में आपने सिमी से बात की थी....

Main(kuch सोच कर)- koun....are मेरे बाजु वाली क्या...??

सीमा- hmm....wahi...aapke बाजु में जो रहता है वो आपके यहाँ अकाउंट देखता hai....ye उसी की बीवी hai...reema....

मैं- accha....ye थी wo...is साली का तो लफड़ा भी चल रहा है...

Seema-ssrrruuuppp....uuummmm...lafda...nhi...uska कोई लफड़ा nhi...wo बस मेरे साथ hi अपनी िक्षाए पूरी करती है....

मैं- अरे मैंने खुद सुना tha...saali बाल साफ़ करके जाने वाली थी....

सीमा- uummmhhh..wo मेरे hi पास आती hai...mujhse hi बात कर रही थी....

मैं- ऐसा kya...par उसके पति के होते होते उसे तेरी जरूरत क्यों padi...wo नामर्द है क्या...

सीमा- nhi...but सीधा hai...wo बस छूट में लुंड दाल कर सेक्स करता है और रीमा को चाहिए फुल मज़ा...

मैं- मतलब....

सीमा- uuummm...uummm...matlab की वो लुंड choose...koi उसकी छूट chate...gaand chate...muh chode...ye सब...

मैं- वो तो उसका पति भी कर लेगा na...bole उसे...

Seema(khadi हो कर)- वो नहीं karega...wo बात कर चुकी है....

मैं- तो कोई दूसरा मर्द देख ले na...tum hi kyo....kya मजा आता होगा...

Seema(mere सीने को सहलाते हुए)- वो डर्टी hai...bas कोई ऐसा मिले जो उसके अंदर छुपी रंडी को जगाये और दर भगा de...tabhi कुछ हो सकता है...

Main-hmm...

Seema(mujhse चिपक कर)- और ये काम आप hi कर सकते hai...mujhe पता है....

Main(muskura कर)- hmm...main उसे सब दुगा जो वो चाहती hai...ab वो मुझे chahiye....har हाल में....

सीमा- पर मैं उससे ये बात नहीं कर सकती...

मैं- कोई nhi...tu बस वो करना जो मैं kahu....nd ी promis...tumhare कहे बिना hi वो मेरी बाहों में होगी,.....

सीमा- ok...par वो जब होगी तब hogi...abhi मैं आपकी बाहों में hu...aur मेरी छूट झटपटा रही है इस लुंड को खाने के liye....khilao न...

मैं- aa....khilata हु तुझे रंडी......

फिर मैंने नहाते हुए सीमा को गॉड में उठाकर 1 बार फिर छोड़ा…

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फिर हम रेडी होकर बहार आ gaye...aur सीमा को कुछ समझा कर मैं घर निकल गया....
 
अपडेट - 9

घर आने के बाद थोड़ा रेस्ट कर hi रहा था की राज फिर से आ गया....

राज- hello भैया....

मैं- अरे आओ raj...kaise हो....

राज- ठीक हु bhaiya....par आपसे गुस्सा हु...

मैं- ओह ho...mera फ्रंड मुझसे गुस्सा hai...kyo भाई....

राज- क्योकि आपने प्रॉमिस पूरा नहीं किया....

मैं- promis....koun सा प्रॉमिस भाई..,.

राज- वही की आप मैं और मेरी मम्मी फ्रंड बन जायगे....

Main(muskura कर)- ओह ho....sach me...par मैंने प्रॉमिस तोडा nhi....bas उस पर अभी काम चल रहा hai.,.jaldi ऐसा hi होगा....

Raj(muh बनके)- पर कब hoga...mujhe आज hi जरूरत है....

मैं- aaj...aaj ऐसा क्या हो गया...

राज- मुझे फिल्म देखनी hai...aur मम्मी कहती है की पापा नहीं तो नहीं जा सकते....

मैं- बस इतनी सी baat...ek काम karo...mere साथ फिल्म देखने चलो ...हम्म्म...

Raj(khush हो कर)- सच में भैया...

मैं- यस....

राज- ok...main मम्मी को बोल कर आता हु....

मैं- अरे रुको तो पहले....

राज- क्या hua...nhi जायगे क्या....

मैं- जायगे beta...pakka jayge...par तुम अगर चाहते हो की मैं तुम्हारी मम्मी का फ्रंड बनु तो तुम्हे वो करना होगा जो मैं कहुगा....

Raj(sir हिला कर)- ok...kya करू...

मैं- सुनो....

और मैंने राज को अच्छे से समझा कर उसे घर भेज diya....aur राज ने घर जाते hi अपनी मम्मी से बात सुरु की.....

राज- mummy...mummy...ab हम मूवी देखने जा सकते है....

रश्मि- क्या मतलब...

राज- मतलब ये की गोलू भैया मुझे मूवी दिखने ले जाने वाले है...

Rashmi(thoda गुस्से से)- kya...tumne उनसे क्यों bola..haa...

राज- kyo...isme गलत क्या है....

रश्मि- arre....tum थोड़ा वेट नहीं कर सकते the...papa ले जायगे न....

Raj(muh लटका कर)- पर उन्हें टाइम कहा hai...wo तो रात में आते hai...aur कभी तो मेरे सोने के बाद...

Rashmi(raj के पास आ कर)- अरे beta...papa को काम होता है न....

राज- इसीलिए तो मैंने गोलू भैया से bola....papa को काम करने do...hum मूवी देखगे....

रश्मि- नहीं beta...hum नहीं जा सकते उनके साथ...

राज- पर क्यों नहीं....

Rashmi(man में)- अब तुझे कैसे samjhau...main एक जवान आदमी के साथ मूवी देखने गई तो लोग क्या कागज...

राज- बोलो न mummy...hum गोलू भैया के साथ क्यों नहीं जा सकते...

रश्मि- नहीं बोलै na....bas अब कुछ मत बोलना....

Raj(rota हुआ)- आप गन्दी ho...mujhe कही घूमने नहीं ले jati...movie भी जाने नहीं deti....main आपसे बात नहीं करुगा....

रश्मि- अरे तू रोटा क्यों hai....accha एक काम kar...tu चला ja..ok...

Raj(khush हो कर)- सच्ची न....

रश्मि- सच्ची...

राज- पर वह मुझे नीड आई to....aap नहीं चलोगी तो मुझे कौन उठेगा.....

रश्मि- तेरे गोलू भैया है न...

राज- hmm...par आप चलती तो ज्यादा मज़ा आता न...

रश्मि- बीटा समझा kar...tere पापा रात में आयगे और घर में कोई नहीं होगा तो...

राज- तो आप पापा से पूछ लो न की वो कब तक aayge...hum उनके पहले hi आ जायगे न...

रश्मि- अरे उनके आने तक मूवी पूरी नहीं होगी बीटा...

राज- आप पूछ तो लो न mummy...fir भले hi मत जाना...

रश्मि- तू बड़ा ज़िद्दी हो गया gai...ruk कॉल करती हु....

रश्मि ने जब अपने पति को कॉल किया तो पता चला की वो रात को 11 बजे तक आएगा...

रश्मि ये सुनकर सोचने लगी की क्या मूवी देखने जाना chahiye...kyoki मूवी के बाद 10 बजे तक आराम से बापिस आ सकते hai...par उसके दिल में एक सवाल था....

Rashmi(call कट करके)- beta...hum मूवी देखने तो जा सकते hai...par...

राज- पर क्या मम्मी...

रश्मि- umm...tu पापा से ये बोलना की हम दोनों hi मूवी देखने गए the...nhi...tu मूवी के बारे में पापा को बोलना hi mat...nhi तो वो गुस्सा करेंगे की उनके बिना हम मूवी क्यों gaye....ok

राज- ok मम्मी...

रश्मि- प्रॉमिस...

राज- प्रॉमिस mummy...main गोलू भैया को बता कर आता हु की हम चलेंगे....

Rashmi(man में)- राज तो मान hi नहीं raha...par गोलू जी के साथ मैं kaise...yaha सब देख lege....hmm...unse बोलती हु की आगे से हमारे साथ chale...ye सही रहेगा...

रश्मि सब सोच कर मेरे घर aai...jaha राज मुझे खुसखबरी दे hi रहा था...

राज- मम्मी मान gai...hum मूवी देखने जायगे....

Rashmi(piche से)- है बाबा jayge..,ab तुम घर जाओ और होमवर्क फिनिश karo...fir चलेंगे...

राज- ok mummy...bye भैया...

मैं- bye....aur रश्मि ji...aap kaise...i मैं कोई काम...??

Rashmi(sakuchate हुए)- असल me...ye राज तो मान hi नहीं raha...aapko भी परेशान कर दिया...

मैं- अरे इसमें परेशानी kaisi...aur बच्चे थोड़ा हटी होते hi hai...to उनके मन का कर देना chahiye....waise आपको कोई प्रॉब्लम तो नहीं मेरे साथ चलने से...

Rashmi(smile कर के)- अरे nhi..,ulta मुझे तो थैंक्स कहना चाहिए aapka...aapki वजह से hi राज खुश है अभी...

मैं- अरे आप भी na...isme थैंक्स kaisa...,bas मैं फ्री tha...aur मेरा फंदा hi है की खुसिया बात ते रहो...

Rashmi(muskura कर)- अच्छा फंदा hai...waise एक बात थी....

मैं- जी बोलिये....

रश्मि- असल me...main अगर घर से आपके साथ निकली तो लोग...

Main(beech में)- समझ gaya...aap लोगो का मैं आगे रोड पर वेट करुगा...

रश्मि- oh...aapne तो प्रॉब्लम सोल्वे कर दी....

मैं- अरे इसमें kya...main आपकी हर प्रॉब्लम सोल्वे कर दुगा....

Rashmi(aankhe बड़ी कर के)- क्या...??

मैं- मतलब आप बिना किसी प्रॉब्लम के मूवी का मज़ा ले सकेगी...

रश्मि- ohh...waise हम 10 बजे तक आ जायगे na...kyoki 11 बजे मेरे पति आने वाले है और घर लॉक रहेगा तो....

मैं- आप बेफिक्र रहिये ....हम आपके पति के आने से पहले घर पर honge....ok...

रश्मि- ok....chalo रेडी हो कर आगे मिलते है....

मैं- hmm...waise भी आपको रेडी होने में काफी टाइम lagega...hahaha....

Rashmi(muskura कर)- अब ये तो हमारा हक़ है गोलू ji...intzaar तो करना hi पड़ेगा....

Main(muskura कर)- जी bilkul....main इंतज़ार करुगा....

थोड़ी देर बाद मैं अपनी कार में रोड के किनारे रश्मि का वेट करने laga....mere इंतज़ार की घडिया जल्दी hi ख़त्म हुई और रश्मि अपने बेटे के साथ आ गई....

Raj(piche शीट पर बैठते हुए)- आप आगे बैठ जाओ mummy...yaha मेरा फ्रंड आने वाला है...

रश्मि- कौन सा फ्रंड....??

राज- अरे वो pinku...wo भी आ रहा है साथ में...

रश्मि- पर उसकी मम्मी ने अकेले भेज दिया उसे...???

राज- अरे उसके papa-mummy बहार जाने वाले hai...wo तो मैंने बोलै की गोलू भैया साथ है तो उसे भेज दिया....

Rashmi(sakpaka कर)- तूने क्या बोलै unhe....koun-koun जा रहा है...

राज- यही की गोलू भैया साथ में है....

रश्मि- पर वो मुझे देखेगा तो घर पर नहीं बोलेगा kya....ye क्या किया तूने...

मैं- रश्मि ji...aap टेंशन मत lo...use कुछ पता नहीं चलेगा....

रश्मि- गोलू जी ऐसा कैसे hoga...wo जनता है मुझे....

मैं- भरोषा rakhiye....aapke बारे में कुछ भी भनक नहीं lagegi....aur आपको जो दर hai...wo किसी हाल में सच नहीं होगा....

Rashmi(tention से)- पर कैसे....

मैं- आप बस आगे बैठ jaite....main कार की लाइट डिम rakhuga...usme किसी को पता नहीं चलेगा की कौन बैठा hai...aur हॉल में जाते वक़्त आप बाद में aana...akeli....aisa hi आते वक़्त karna...fir कार में ऐसे hi..bas सब ठीक होगा...

रश्मि- आप संभल लोगे न....

मैं- hmm...aapko सँभालने की ज़िम्मेदारी meri....aaiye बैठ जाइये....

Rashmi(baithte हुए)- ये राज भी न....

मैं- raj...ab ध्यान से suno...apne फ्रंड को बताना मत की आगे तुम्हारी मम्मी है....

राज- ok...

मैं- वैसे वो है कहा...

राज- उसकी नौकरानी आती hi होगी उसे ले kar...wo आ रही है देखो....

रश्मि- गोलू ji....ab सब आपके हाथ में है....

मैं- आप टेंशन न le...main जनता हु की ये आपकी इज़्ज़त का सवाल hai...dont worry...aapki इज़्ज़त मेरे हाथो में सुरक्षित रहेगी....

Rashmi(chounk कर)- क्या...

मैं- मतलब आप डरिये mat...main संभल लगा....

फिर राज के फ्रंड को साथ ले कर हम मूवी देखने के लिए निकल pade...rasta करीब 40 मिनट का tha...aur ऊपर से मेरी स्लो driving...ab तो रास्ता कुछ लम्बा hi होने वाला था...

पिंकू- raj...ye आंटी कौन है आगे...

राज- ye..ye गोलू भैया के साथ है....

पिंकू- ohh...bhaiya की गर्ल फ्रंड है...

Rashmi(sakpaka कर)- nhi....battameez....

पिंकू- क्या बोलै आपने....

मैं- अरे कुछ nhi...ye मेरी फ्रंड hai...ok...

Rashmi(dheere से)- ये आज के बच्चे भी na...girlfrnd का मतलब भी समझते है क्या...

मैं- अरे आप क्यों गुस्सा हो रही hai...bacche hai...chhodo न...

रश्मि- hmm..bas कोई गड़बड़ न हो....

मैं- डोंट worry...main हु na...relax....

फिर कार आगे चलती जा रही थी और raj-pinku की गैसब हो रही thi...par रश्मि चुप thi....ab मैंने उसे चुप रहने के लिए थोड़े साथ लिया tha...kuch तो करना hi होगा....

मैंने गैर चेंज करते हुए अपने हाथो को थोड़ा फ्री kiya...kabhi उसके पेअर में हाथ टच होता तो कभी मेरी कोहनी उसकी कमर के uper....halaki ऐसा होते hi मैं सॉरी बोल deta....par रश्मि चुप hi थी....

अचानक मैंने हाथ उसकी जगह पर रखा तो वो सकपका गई....

रश्मि- गोलू...

मैं- डरो mat...main सिर्फ बोल रहा था की रिलैक्स rahiye...sorry है....

रश्मि- oookk...nd सॉरी वो मैं गोलू बोल गई...

मैं- अरे उसमे kya...aap मुझे गोलू hi कहा kijiye....aap बड़ी भी है...

रश्मि- मैं कोई बड़ी nhi...aapse छोटी hi हु...

Main(haste हुए)- ok...to मैं आपको रश्मि बोलूगा...

Rashmi(smile कर ke)-aapki जैसी marji...par मैं छोटी हु...

मैं- ok...hahaha....

पता नहीं लड़कियों को छोटा कहना कितना अच्छा लगता gai....khair मेरा काम तो आसान हो रहा tha...ab रश्मि जी nhi...rashmi hi कहुगा...

थोड़ी देर बाद हम सिनेमा हॉल pahuche....rashmi हमारे पीछे aai...akele...par वह एक प्रॉब्लम thi....hume 2 शीट्स अलग मिली और बाकि 2 अलग....

रश्मि चाहती थी की वो राज के साथ रहे पर राज तो अपने फ्रंड के साथ बैठना चाहता tha....majboori में hi sahi...rashmi को मेरे साथ hi बैठना पड़ा...

रश्मि- वह राज अकेला hai...wo ठीक होगा न....

मैं- डोंट worry...main उस पर नज़र रख रहा hu...aap मूवी एंजोये kare....tention मैं देख लगा...

रश्मि- थैंक्स...

मैं- वैसे रश्मि....

रश्मि- क्या बोलै....

मैं- अरे तुम मुझसे छोटी हो na...to रश्मि hi बोलूगा न....

Rashmi(haste हुए)- बड़े फ़ास्ट ho...aap से सीधा तुम और रश्मि जी से रश्मि ....वह...

मैं- अरे मेरी स्पीड कमाल की hai...tum बस देखती जाओ...

रश्मि- are...aap तो ज्यादा hi फ़ास्ट हो रहे hai...sambhal kar...thokar न लग जाए....

मैं- ठोकर लगे na...to तुम संभल lena....hahaha....

रश्मि- वैरी funny...film देखिये अब..,

main(man में)- इसे मेरी किसी बात का बुरा नहीं laga...na hi गुस्सा aaya...matlab कुछ तो चांस hai....bas इसी चांस पर डांस karuga...bas थोड़ा आराम से चलना होगा....

अब देखते है की मूवी देखते हुए मेरी और रश्मि की फिल्म कैसे बनती है.....??????

नोट- Hello frnds....updates दे दिए hai....apna व्यू जरूर बताये....

एंड आपकी एडवाइस ंद विशेष का स्वागत hai...koi हो तो जरूर कहे...

थैंक्स............
 
अपडेट - 10



मैं रश्मि के साथ बैठ कर मूवी देखने लगा और मन hi मन रश्मि के साल हाल hi में हुई बातों को सोचने लगा....

Main(man में)- इसे मेरी किसी बात का बुरा नहीं laga...na hi गुस्सा aaya...matlab कुछ तो चांस hai....bas इसी चांस पर डांस karuga...bas थोड़ा आराम से चलना होगा....

अब आगे.......

फिर हम मूवी देखने lage...matlab रश्मि मूवी देख रही थी और मैं उसे...

तभी मुझे कुछ ऐसा दिखा जिससे मेरी आँखे चमक उठी...

असल में मेरे आगे वाली शीट पर एक लड़का बाजु वाली ायरत के साथ कुछ जयादा hi चिपका हुआ था...

देखने से पता नहीं चल रहा था की वो pati-patni है या कुछ और hi सम्बन्ध hai...par ायरत के गले का मंगलसुरता साफ़ बता रहा था की वो शादीसुदा है...

मैंने मूवी छोड़ कर उन दोनों पर आँखे गदा di...pahle तो वो बस चिपके हुए थे पर थोड़ी देर बाद hi उस लड़के का हाथ उस ायरत के सीने पर पंहुचा और वो उसके बूब्स दवाने laga....aourat पूरी कोसिस कर रही थी की उसके मुँह से सिसकी न निकले पर थोड़ी आवाज़ तो आ hi गई...

बस उसी आवाज़ ने रश्मि का ध्यान भी खींच लिया और वो भी वह देखने लगी...

ायरत- nhi...waha nhi...ohh..saadi मत उठाओ न...

लड़का- बस थोड़ा sa....ok...

ायरत- aaahhh...kitni जोर से दावते ho..aaaram से करो...

लड़का- अरे मज़ा आता है ऐसे...

Aourat-aaahhh...aaaraam से...

तभी मेरी नजर रश्मि की तरफ घूमी और हम दोनों की नजर मिलते hi रश्मि ने शर्मा कर सर झुका लिया...

मैं- huh...pata नहीं लोग कैसे कही भी सुरु हो जाते है...

Rashmi(sir झुका कर)- हम्म...

मैं- इन्हे सोचना तो चाहिए की कहा बैठे है...

Rashmi(najar मिलाये बिना)- नै सदी हुई है सायद...

मैं- फिर भी...

तभी वह से थोड़ा जोर की आवाज़ आई...

ायरत- aaaiiiii...ungli मत डालो...

रश्मि तो सुन कर hi pani-pani हो gai...par मुझे तो अंदर hi अंदर मज़ा आ रहा था...

लड़का- बस thoda....tum इसे हिलाओ to...ruko मत...

ायरत- aahhhh...hila रही हु na...mujhe आदत नहीं...

लड़का- क्यों तेरा पति नहीं हिलवाता क्या...

ायरत- nhi....kabhi नहीं...

ये सुन कर तो रश्मि के कान खड़े हो गए...

रश्मि- ये pati-patni नहीं है गोलू जी...

मैं- तभी तो मज़ा कर रहे है....

रश्मि- क्या मतलब....

मैं- are...kuch nhi...hume क्या...

रश्मि- कैसे कोई शादीसुदा हो कर दूसरे मर्द के साथ aisa...hey भगवन...

मैं- हमे kya...aap टेंशन क्यों लेती hai...maza कीजिये...

Rashmi(man में)- अरे मज़ा kya...main तो ये सोच कर hi पागल हो रही हु की किसी की पत्नी किसी गैर मर्द की बाहों में पड़ी ऐसे काम कर रही hai...par पता नहीं इस सब से मैं क्यों एक्ससिटेड हो रही हु....

मैं और रश्मि मज़ा ले hi रहे थे की तभी इंटरवल हो गया और वो ायरत उस लड़के से अलग हो गई और दोनों कपडे ठीक कर के बाहर निकल गए...

मैं- चलो तमसा khatm...main कुछ लता हु आप सब के लिए..

इतना कह कर मैं निकल गया और फिर हमने कुछ स्नैक्स खाया और मूवी बापिस स्टार्ट हो गई...

फिर मूवी देखते हुए कुछ खास नहीं हुआ बस थोड़ा बहुत mazak....kyoki मैं एकदम से आगे नहीं बढ़ना चाहता tha...kahi जल्दी में शिकार उड़ न जाय....

खैर मूवी ख़त्म होते hi मैंने रश्मि को सबसे पहले कार में भेजा और फिर मैं बच्चो के साथ nikla...raste में बच्चो ने ice-cream की ज़िद्द की....

मैं- ok...but सब कार में rahege...main लता हु....

राज- ok...mere लिए choclate...pinku को भी same...aur खाने वाली lana...choosna पसंद नहीं हमे...

मैं- ok....aur तुम क्या logi...choosna पसंद है...???

Rashmi(gusse से)- क्या..??

मैं- sorry...waisa कुछ नहीं tha...wo आती है na...choosne वाली और खाने वाली...

रश्मि- सब समझती हु main...mujhe नहीं चाहिए...

मैं- तुम तो गुस्सा हो gai....ruko मैं ice-cream लता hu...fir समझाऊंगा...

मैं ice-cream तो ले aaya...par रश्मि ने ली hi नहीं....

मैं- sorry....mera मतलब गलत नहीं tha....bas baat-baat में निकल gaya...sorry na...plzzz...

रश्मि- इतस ok....kabhi ऐसा हो जाता hai...laiye...

Main(dheere से)- थैंक god...maan तो गई...

फिर सबने ice-cream खाई और हम उसी जगह पहुंच गए यहाँ से मैंने सबको पिक किया tha....waha पिंकू की नौकरानी आई और वो निकल gaya...uske बाद राज और रश्मि भी निकल गए...

Rashmi(car का गेट लगते हुए)- थैंक्स.... ice-cream अच्छी थी...

Main(muskura कर)- तुम खुश तो सब theek....aur हम टाइम पर भी आ गए...

रश्मि- hmm..waise मुझे चूसने वाली ice-cream ज्यादा पसंद है....

इतना बोलते hi रश्मि ने गेट बंद किया और राज को ले कर तेजी से निकल gai...main कुछ समझा भी और कुछ नहीं भी...

पर आज की ड्राइव का मतलब ये निकला की रश्मि को पाने के लिए इंतज़ार थोड़ा और काम हो गया......

फिर रात को वही हुआ जो रोज होता hai...sanno की दमदार chudai...aur सुबह होते hi मैं पहुंच गया सीधा office...simi से मिलने....
 
अपडेट - 11

Simi(mujhe देखते hi)- ohh...mere malik...aaj का दिन तो...

Main(beech में)- ये तारीफ रहने दे abhi...pahle काम की बात करते है...

ये कहते हुए मैं चेयर पर बैठ गया और सिमी आ कर मेरी गॉड में बैठ गई...,,

सिमी- जी sir...aapke सरे इंतज़ामात हो गए...

मैं- ओह ho...par ये किस तरह के इंतज़ामात है...

सिमी- hmm...bataugi...par पहले...

Main(beech में)- simi...abhi मूड मत bigaad...jaldi बोल...

सिमी- ok...to एड्रेस आपने बताया tha...wo एक co-oprative सोसाइटी hai...aur जिस बिल्डिंग में आपका दिल आ गया hai...uska थर्ड फ्लोर अब आपके नाम हो चूका hai...aur वह रहने जा रहा है एक कंप्यूटर expert...jo वह कंप्यूटर की कोचिंग देगा...

मैं- hmm...intresting...

सिमी- hmm...waise वह पोस्टर लग चूका hai...admission भी ओपन हो गए hai...but..but...but...but...

मैं- बूत क्या...

सिमी- अभी तक वो एडमिशन नहीं hua...jiske लिए ये साडी म्हणत की गई...

मैं- hmm...ye बात है...

सिमी- yes...aur पता नहीं की वो कोचिंग लेने में इंट्रेस्टेड है भी की नहीं...

Main(muskura कर)- वो इंट्रेस्टेड हो या न ho...use लेशन तो मैं सीखा कर hi rahuga....computer का तो पता nhi...par चुदाई में तो उसे पूरा ट्रेंड karuga...waise ये स्टार्ट कब होगा...

सिमी- 1 मंथ है अभी...

मैं- hmm...aur मेरी प्यारी student...kya नाम है उसका...

सिमी- आयशा खान...

मैं- wow...maza aayga...aur उसका kya...reema का पति...

सिमी- सरीफ बाँदा hai....kafi स्ट्रीक भी hai...par काम तो कमाल का करता hai...naam है पंकज मिश्रा....

मैं- hmm...janta हु ise...kaam में कोई मुक़ाबला नहीं iska...aur ये जनता है की कंपनी मेरी है...

सिमी- यही to....koi कमजोरी नहीं दिखती iski...kaise होगा....???

मैं- कमजोरी तो nhi...ise तोड़ने के लिए कोई कमजोरी क्रिएट करनी padegi...aur रश्मि का pati...uska क्या...

सिमी- नया आया है कंपनी me...kaam बढ़िया करता है...

मैं- तब तो इसे जल्दी hi प्रमोशन देना होगा...

सिमी- uh...kya चल रहा है मंद में...

मैं- कुछ khass...khair...humare नए क्लाइंट्स का क्या हाल है....

Simi(haste हुए)- वो तो चगुल में फास chuke....call आया था unka...milna चाहते hai...wo भी फार्महाउस पर...

Main(muskura कर)- बहुत acche...unhe जल्दी hi bulauga...par उससे पहले मैं उनके घर जा कर उनकी फॅमिली से मिलुंगा....

सिमी- किसी को नहीं छोड़ोगे क्या....

Main(simi के बूब्स दवा कर)- दुनिया में जो मिले उसे दबोच lo...chhod कर किसी का फायदा नहीं...

Simi(mere मुँह को अपने सीने पर दावते हुए)- तो इन्हे भी दबोचो na...ye भी फड़फड़ा रहे है...

Main(boobs को किस कर के)- आज़ाद करो इस जिश्म को कपड़ो से....

फिर क्या था सिमी ने जल्दी से केबिन को अंदर से लॉक किया और पालक झपकते hi नंगी हो gai...fir सुरु हुआ चुदाई का garma-garam dour....jo ख़त्म हुआ मेरे लुंड रास का सिमी के पेट में जा कर...

सिमी- आज का दिन तो अच्छा निकलेगा....

मैं- चल अब मैं चलता hu....tu कंपनी sambhal...main कुछ और संभालता हु....

हमने कपडे पहने और मैं चुपचाप कंपनी से निकलने laga...tabhi मेरी नजर एक एम्प्लोयी पर padi...behad hi हॉट माल था...

Main(man में)- कंपनी में काफी फुलझड़ियां आ गई gai...sochna padega...hahaha.....

फिर दोपहर को मैंने कुछ खास नहीं kiya...bas छज्जे पर जाकर बाजु वाली को देखने की कोसिस ki...par सायद दिन में तो वो निकलती hi नहीं...

फिर थोड़ा रेस्ट kiya...aur जब आँख खुली तो सन्नो की आवाज़ aai...jo मुझे जगा रही थी....

Main(aankh खोल कर)- uumm....kya हुआ यार...

सन्नो- saab....saam हो gai...aur कोई आपसे मिलने आया गई...

मैं- huh...koun आया...???

सन्नो- नहीं pata...naam गणेश बता रहे है....

मैं- ok...tum उसे chai-coffy pilao...main फ्रेश हो कर आता हु....

सन्नो- ोकक...

फिर मैं रेडी हो कर हॉल में आया तो वह एक लड़के को पाया.....

Ladka(khade हो कर)- नमस्ते गोलू ji...main ganesh...yahi पास में रहता हु...

Main-namaste....baithiye न...

गणेश- ऐसे बिना बताय आया इसलिए सॉरी...

मैं- अरे सॉरी kaisa.....bas ये बताइये की आप कौन है और मेरे पास कैसे आना हुआ....

गणेश- असल me...mujhe जानकारी मिली की आप मेरी hi कंपनी के फिटनेस ट्रेनर है...

मैं- oh...aap मेरी hi कंपनी से hai....i मैं हमारी कंपनी एक hi hai...good...kahiye क्या कर सकता हु आपके लिए....

गणेश- असल me...main यहाँ नया hu...ye मेरी पहली जॉब है....

मैं- hmm....aap सीधा पॉइंट पर आ सकते है...

गणेश- sorry...actually मुझे अपने घरवालों के लिए एक फिटनेस ट्रेनर चाहिए tha...jo मेरे घर आ कर...

Main(beech में)- घर आ kar...ganesh ji...yaha काफी गयम hai...aap वह तरय कर सकते है...

गणेश- जी sir...par गयम काफी दूर hai...aur ये सहर नया है हमारे liye....isliye मैं कोई पहचान वाले se...kyoki घर की ladies(chup हो गया)

मैं- hmm...main आपकी प्रॉब्लम समझ सकता hu...par मैं दोपहर से शाम तक अपना काम देखता hu...i मैं मेरे अस्सिस्टेंस को सब बताने कंपनी जाना पड़ता है न...

गणेश- जी sir...janta hu...isliye अगर आप सुबह में टाइम निकाल le...aur haa...meri फॅमिली के साथ वह कुछ और फैमिलीज़ भी hai....agar परेशानी न हो तो प्ल्ज़...

मैं- यार मैं कुछ समझ नहीं प् raha,...tum कहते हो की तुम्हारी फैमिलीज़ के साथ कुछ और फैमिलीज़ भी hai...matlab...i मैं आप सब एक साथ ट्रेनिंग चाहते hai...wo भी घर par...ye कैसे हो सकता है...

गणेश- असल में सर वो सब लेडीज hai...bahar जाना मुमकिन नहीं होगा...

Main(man में)- ladies...matlab शिकार....

गणेश- आप चुप क्यों हो गए....

मैं- haa...matlab मैं बोल रहा था की आपकी बात सच hai...par ट्रेनिंग के लिए एक माहौल chahiye...machines chahiye....aur...

Ganesh(beech में)- वो सब हो जायगा sir...aap चेक करने के बाद hi हां कहना...

Main(muskura कर)- okk...but लास्ट qus...aapne मुझे hi kyo...i मैं मुझ पर इतना भरोषा...

गणेश- एक्चुअली सिमी मेम ने आपके लिए bola...wo भी तो आपसे hi ट्रेनिंग लेती है न...

मैं- ohh..simi mem...tab तो हां बोलना hi padega...wo गलत बोल hi नहीं सकती...

गणेश- ok sir..aapka नंबर dijiye....sab रेडी कर के मैं कॉल करुगा...

मैं- ok...likh lo....aur हां एक बात और बताओगे.....

गणेश - जी क्या...

मैं- जहा तक मैं जनता hu...humari कंपनी के लगभग सारे लोग यदि कॉलोनी में रहते hai..,to फिर आप का घर...

Ganesh(beech में)- oh....asal में नया हु na...to खली घर मिल नहीं paya...aur दूसरी बात ये की मेरी फॅमिली काफी बड़ी hai...aur हमने पहले hi घर बनवा लिया था ....और अब तो वह गाओं के कुछ पडोसी भी आ कर बस gaye...to मेरा तो वही ठीक है....

मैं- ohk...good...milte है फिर...

गणेश के जाते hi मैं जोर से हसने laga...jise सुन कर सन्नो किचेन से hi बोल पड़ी.....

सन्नो- क्या हुआ साब...

मैं- कुछ नहीं मेरी jaan...bas शिकारी को शिकार करने के लिए एक झुण्ड मिलने वाला hai...shikaar hi shikaar...hahaha....
 
अपडेट - 12

गणेश अपने घर gaya...sanno किचेन में गई और मैं टीवी देखते लगा और साथ में गणेश की बातें सोच कर खुली आँखों से hi सपने देखने लगा....

Main(man में)- क्या किस्मत है yaar...ghar बैठे hi चुदाई के लिए माल मिल gaye...kitne लोग होंगे गणेश की फॅमिली me...age क्या hogi...khuli छूट मिलेगी या सील pack...aur सबसे बड़ी baat....aasani से मिलेगी या म्हणत se....kuch भी ho...uski फॅमिली की साड़ी छूट मेरे लुंड का स्वाद कहेगी जरूर....

ऐसा soch-soch कर hi मेरा लुंड सनसनाने laga...aur उसको शांत करना जरूरी हो गया tha....jiske लिए एक hi ऑप्शन tha....sanno........

फिर मैं उठ कर किचेन में pahucha...jaha सन्नो रात के खाने की तयारी करने वाली थी.....

सन्नो- अरे saab...aap yaha...kuch चाहिए था क्या...???

Main(muskura कर)- nhi...bas ये पूछने आया था की तुम कैसी हो....

सन्नो- क्या saab...aap शर्मिंदा कर रहे hai....aapke साथ हु तो अच्छी hi होगी न....

Main(haste हुए)- are...mera मतलब था की तुम्हारी gaand...kaisi है वो....

Sanno(sharma कर)- वो बिलकुल ठीक है बस आपकी अगली चुदाई का इंतज़ार कर रही है...

Main(sanno के पास जा कर)- hmm...tab तो ठीक hai....chalo थोड़ा hi-hello बोल दू उसे...

सन्नो- जैसा आप kahe...chaliye...

मैं- चलिए nhi....chai बनाइये...

Sanno(chouk कर)- chai....par आपने बोलै की...

Main(beech में)- haa...maine जो बोलै वही hoga...tum चाय banao...main जब तक गांड चेक कर लेता hu...ok...

Sanno(sharma कर)- जी साब....

फिर मैं सन्नो के पीछे खड़ा हुआ और उसकी साड़ी के sath-sath उसके पेटीकोट को उसकी कमर तक चढ़ा diya....jisse उसकी गांड मेरी आँखों के सामने आ गई...

मैं- तुम बस चाय banao...main इसे संभालता हु...

सन्नो अपने काम में लग gai...aur मैं उसकी गांड मसलने laga...mere हाथ लगते hi सन्नो मचलने lagi...fir भी चुपचाप चाय बनती रही...

मैंने फिर हाथो से गांड के फाके फैलाये और उसके लाल छेद को निहारने लगा....

मैं- ohh....abhi तक बेचारी लाल पड़ी hai...bahut मार पड़ी है इसे तो...

सन्नो- हां saab...ise रोज ऐसे hi मार की जरूरत hai...tabhi ये शांत rahegi...warna ये तड़पती hi रहेगी....

Main(haste हुए)- milegi...milegi...ise ऐसे hi जोरदार मार milegi....par अभी इसके अंदर का हाल तो जान लू जरा....

सन्नो- हम्म्म...

मैंने फिर 2 उंगलियों से सन्नो की गांड के छेद को खुरेदना सुरु कर diya....jisse सन्नो की मस्ती भी बढ़ने लगी...

Main(ungliyon को गांड में डालते हुए)- अब टेस्टिंग की bari....hiiii...

Sanno(uchal कर)- उउउउउम्मम्मम....

मैं- ohh...hi का रिप्लाई भी मिल gaya...hahaha....

सन्नो- हहहआ....

Main-yaar sanno...teri गांड ने तो मेरे लुंड में जैसे बारूद भर diya...ab इसे निकला नहीं तो बिस्फोट हो जायगा....

सन्नो- too...nikal दो न saabbb....ye तैयार है....

मैं- जनता hu...par अभी nhi...accha चाय बन गई न....

सन्नो- बस छान hi रही हु....

मैं- good...to मैं अब चाय piuga...aur tum...tum नहीं पिओगी...??

सन्नो- नहीं साब...1 hi कप बनाई है...

मैं- ohh...main अकेला चाय पीटा rahu...aur tum...haaa...tum लुंड रास का मज़ा lo....gaand को बाद में पिलाऊंगा...

सन्नो- जैसा आप कहे...

मैं- चल फिर आजा...

यहाँ मैंने चाय की चुस्कियां लेनी सुरु की और वह सन्नो ने घुटनो पर आकर मेरे लुंड को आज़ाद किया....

सन्नो- ये तो पूरा भरा पड़ा है साब...

मैं- hmmm...kya kare..teri गांड ने ये हालत की...

सन्नो- तब तो गांड को इसकी सजा मिलनी चाहिए....

मैं- वो भी milegi...par फिलहाल तुम्हारा मुँह इस सजा का हक़दार है....

सन्नो- हम्म...

और इतना बोल कर सन्नो ने लुंड को मुँह में भर कर चूसना सुरु कर दिया....

Sanno-sssrruuuupppppp....sssrrruuuuppp...sssrrruuupppp....ssrrruuupppp....

मैं बस चाय पिटे हुए इस पल का आनंद ले रहा था और वह सन्नो पूरी लगन से मेरे लुंड को खली करने की कोसिस में लगी थी....

सन्नो- uuummmn...ssrrgggpppp...sssrrugggpppp....uumm...uumm...uuummm....

मैं चाय पिता रहा और मेरा लुंड चरम पर जाने laga....chai ख़त्म होते hi मैंने सन्नो का मुँह पकड़ा और उसका मुँह छोड़ने लगा....

लुंड उसके गले में धूम मचा रहा था और सिर्फ सन्नो की घिघयाने की आवाज़ आ रही थी....

सन्नो- uuuummmm.....uumm...uummm...uuummm....uuummm...

मैं- aahhhh....maza आ रहा hai...tera मुँह तो छूट को भी फ़ैल कर de....yyyeeehhhh.....

सन्नो- kkhhhuummmmm.....kkkhhuuuummmm.....kkkkhhuuuuummmm....kkkhhuuummm....uuuukkkkmmmmmmm.....

ये शानदार सन चल hi रहा था की तभी गेट की तरफ से एक आवाज़ aai...aur मेरा लुंड सन्नो के मुँह में hi रह गया....

आवाज़ सुनते hi हम दोनों पुतले की तरह रह गए और हमारी नज़र एक साथ गेट की तरफ पहुंची....

""yeeee....ye सब क्या हो रहा है......????? "'
 
अपडेट - 13

किचेन में सन्नो घुटनो के बल बैठी थी और मैं उसके मुँह को dana-dan चोदे जा रहा था....

ये शानदार सन चल hi रहा था की तभी गेट की तरफ से एक आवाज़ aai...jise सुनते hi हम दोनों पुतले की तरह रह गए और हमारी नज़र एक साथ गेट की तरफ पहुंची....

""ये सब क्या हो रहा है.....????? "'

अब आगे........

आवाज़ सुनते hi हमने गेट की तरफ देखा तो पाया की राज वह खड़ा हुआ hai...uske चेहरे के भाव साफ़ बता रहे थे की वो कुछ समझ नहीं प् रहा बस भौचक्का रह गया था ये नज़ारा देख कर...

Raj(fir से)- ye...ye क्या कर रहे हो भैया...??

राज के सवाल के बाद मेरी और सन्नो की नजरे mili....uski नजर में ये सवाल था की अब क्या kare...par अभी भी मेरा तना हुआ लुंड उसके मुँह में आधा घुसा हुआ था....

Raj(paas आते हुए)- ये आंटी क्या कर रही है भैया....

Main(kuch सोच कर)- अरे ye...ye...wo...beta...haa...beta ये आंटी मेरा इलाज कर रही है...

राज- कैसा इलाज....

मैं- मैं बताता hu....ye इलाज करते हुए समझाता hu....sanno...tum चालू रहो....

और फिर से मैंने सन्नो का मुँह छोड़ना सुरु कर दिया....

राज- बताओ भैया...

मैं- hmm...,beta aisa....aaahh...aisa है की ये मेरी चोट theek...aaahhhh...theek कर रही है...

राज- chot...par ऐसे कैसे....

Main-batata हु na....aaahhhh....sanno bas...thoda और....

सन्नो- ggghhuuupppp...ggghhuuppp...ggguuupppppp.....

राज- आंटी कुछ बोल रही है सायद....

मैं- aaahhhh....nhi वो अभी nhi....ruko thoda....sanno ये aaaya.....yyyeeehhhhh....yyeeehhh....aaahhhhh....

और मैंने सन्नो का मुँह छोड़ते हुए पूरा लुंड रास उसके गले से उतार diya...par अभी लुंड को बहार निकला नहीं....

मैं- sanno....ek बूँद भी बहार न निकले....

राज- कैसी बूँद bhaiya....kya ह्या...??

मैब- aaahh...ab बताता hu...suno....jaise तुम्हारी ऊँगली काट जाय या उसमे चोट लग जय तो तुम्हारी मम्मी उसे मुँह में ले कर चूसती है न....

राज- hmmm....ek बार हुआ था ऐसा..,

मैं- haa...bas आज मुझे यहाँ चोट लग गई thi...to सन्नो आंटी इसे चूस कर मेरा इलाज कर रही thi...bas..,.aur boond...wo खून की बूँद होती है na...wahi बोल रहा था....

राज- ohh...to फिर आप मेरे साथ खेलने नहीं आओगे....???

मैं- अरे आउगा न....

राज- पर आपकी chot....aapko दर्द हो रहा होगा न...

मैं- अरे चोट का इलाज हो gaya...aur सन्नो आंटी ने सारा दर्द भी दूर कर दिया....

Raj(khush हो कर)- तो फिर चले....

मैं- चलते hai...main चेंज कर लू thoda...tab तक तुम हॉल में baitho....hmm...

राज (जाते हुए)- ोकक...

राज के जाते hi मैं सन्नो से अलग हुआ....

सन्नो- uuhhh...aaj तो फास hi गए थे saab...par आपका जवाब nhi...kya खूब बोतल में उतरा लड़के को....

मैं- अरे बोतल में तो उसकी माँ को उतरना hai..,tabhi तो उसे utara....khair...aage से अगर मैं भूल जाऊ तो तुम याद रखना की कही गेट खुला तो nhi...aaj अगर राज की जगह उसकी माँ या कोई और आ जाता तो पूरी इज़्ज़त उतर jati...samjhi...

सन्नो- जी saab....aage से कभी ऐसी गलती नहीं होगी...

मैं- चल अब ठीक hai...main जाता hu...raj की माँ को भी बोतल में उतरना है न....

इस बात पर हम दोनों है दिए और मैं रेडी हो कर राज के साथ निकल गया....

थोड़ी देर राज और उसके दोस्तों के साथ बहार खेल कर मैं राज के साथ उसके घर पंहुचा....

वह जाते hi राज ने विडिओ गेम ों कर लिया पर मेरी निगाहें तो उसकी माँ को खोज रही thi...jo अभी तक मुझे दिखाई नहीं दी....

मैं- और raj...tumhari mummy....kahi गई है क्या...

राज- नहीं to...yahi अंदर होगी...

Main(man में)- अंदर है और बहार भी नहीं aai....kal की बात का कुछ गलत तो नहीं हो gaya...par कल तो लगा था की साली लाइन पर आ रही hai...pata तो करना hi hoga...par कैसे करू...

राज- अरे bhaiya..,khelo न...

मैं- hmm...wo raj...mujhe पानी पीना tha...pyaas लगी है...

रश्मि- ये lijiye...pani...

मैंने पानी का बोलै hi था और रश्मि पीछे से पानी ले कर आ gai...aur ये kya...aaj वो इतनी सजी हुई थी की मेरी नजर उसी पर ठहर गई...

Rashmi(muskura जार)- लीजिये न...

Main(pani पि कर)- थैंक्स...

Rashmi-hmm...ab आपकी प्यास भुझ गई hogi...hai न....

Main(muskura कर)- hmm...par प्यास कभी भुझ्ती कहा hai....matlab फिर लगेगी....

Rashmi(muskura कर)- तो मैं हु na...fir बुझा doogi...ghar में बहुत पानी है....

Main(haste हुए)- okk...waise आज आप थोड़ा हैट कर...

Rashmi(beech में)- are...aap भूल गए kya...main आपसे छोटी hu...tum hi बोलना mujhe(smile)

मैं- okk...tum...theek है न रश्मि....

रश्मि- hmm...waise आप कुछ कह रहे थे...

मैं- haa...wo आज तुम थोड़ा अलग लग रही हो...

रश्मि- अलग matlab...kya मैं बुरी लग रही हु...

मैं- अरे nhi...tum तो aaj...(ruk गया)

Rashmi(najaqat के साथ)- आज तो main....main क्या....???

Main(rashmi की आँखों में झांक कर)- तुम बेहद hi खूबसूरत लग रही हो....

Rashmi(gusse से)- क्या मतलब आपका...

Main(darte हुए)- mmmm...mera मतलब था था की....

Rashmi(beech में, गुस्से से)- क्या मतलब था aapka...haa...

Raj(chounk कर)- क्या हुआ मम्मी...

मैं- कुछ नहीं beta...tum गेम खेलो न....

राज- okk...but आप लोग ज्यादा hi शोर कर रहे hai....dheere बोलिये न थोड़ा....

मैं- okk...main थोड़ा दूर हो जाता hu...tum खेलो...

इतना कह कर मैंने अपनी चेयर रश्मि के पास hi रख ली...

Rashmi(gusse से)- तो क्या कह रहे थे aap...matlab क्या था आपका..,

मैं- मैंने to...main बस आपकी थोड़ी taareef...bas...

रश्मि- tareef....wo samjhi...par इसका क्या मतलब था की आज बहुत खूबसूरत दिख रही हु....

मैं- वो मैं....

Rashmi(beech में)- क्या मैं कल खूबसूरत नहीं लगी thi...ya उससे pahle...aaj hi लग रही hu...haa...

रश्मि की बात सुनते hi मैं उसे आँखे फाड़ के देखने laga...aur रश्मि मेरी हालत पर हसने lagi....uski हसी सुन कर राज फिर बोल पड़ा....

राज- क्या हुआ mummy...aap है क्यों रही hai...bhaiya ने कोई जोके सुनाया क्या.......

Rashmi(mujhe देखते हुए)- नहीं beta...main तो तुम्हारे भैया पर है रही thi....bilkul बुद्धू है ये....

मैं- buddhu...nhi raj....aisa नहीं hai...bas मैं तो तुम्हारी मम्मी के लिए बुद्धू बन गया था...

Rashmi(mujhe घूर कर)- अच्छा जी...

मैं- और नहीं तो क्या...

रश्मि- hmm...abhi तो दर के मरे हाल बेहाल हो रहा tha...aur अब badi-badi बातें...

मैं- अरे डरता कौन hai...bas नाटक था...

Rashmi(aankho में झांक कर)- naatak...haa...

मैं- असल me....main दर गया tha...mujhe लगा की आज के बाद सायद तुमसे मिल भी न पाउगा....

Rashmi(najren घुमा कर)- चलिए अब बताइये आप कह क्या रहे थे....

मैं- बस sach....tum बेहद खूबसूरत ho...sach में...

रश्मि- कोई सच नहीं hai...ek डैम झूट...

Main-yakeen नहीं मेरी बात का.... तो मेरी आँखों में देख lo.....aankhe झूठ नहीं कहती...

ये कह कर मैं रश्मि की आँखों में झाँकने laga...aur रश्मि भी मेरी आँखों में सच देखने lagi...hum कुछ मिनट तक बस ek-dusre को hi देखते rahe..,jab तक की राज नहीं बोलै...,

राज- mummy...bhaiya को कॉफी पिलाओ na...aur मुझे मिल्कशेक...

Rashmi(sakpakate हुए)- haa...abhi ले...

और इतना बोल कर रश्मि अंदर चली gai...par मेरे मन में सितार बजने lage....mujhe लग रहा था की मैं रेस की लाइन क्रॉस करने के बेहद hi करीब हु....

Main(man में)- अब कॉफी आ jay...fir बातें आगे badegi...aaj बोल hi दू kya...jaldi तो नहीं होगा na...dekhate है..,.

थोड़ी देर बाद रश्मि कॉफी ले कर आ gai...aur राज को मिल्कशेक...

रश्मि और मैं कॉफी पिटे हुए आँखों hi आँखों में बातें कर रहे the....kabhi नजरें मिलती तो कभी वो नजरे चुराती....

बड़ा hi दिलचस्प माहौल tha...ki तभी रश्मि का फोन बज उठा और हमारा गेम ओवर हो गया...

क्योकि कॉल उसके पति का tha...jisne बोलै की वो घर आ रहा है और रश्मि और राज को ले कर कही जाना है तो रेडी रहे...

Rashmi(call कट कर के)- राज beta...chalo रेडी हो jao...papa आने वाले hai...hume बहार जाना है...

Raj(khush हो कर)- कहा mummy...hotal या मूवी...

रश्मि- घूमने nhi...tumhare चाचा के घर जाना gai...waha कोई पूजा है...

राज- मेरा मन नहीं मम्मी....

Rashmi(mujhe देख कर)- मन तो मेरा भी नहीं tha...fir भी जाना होगा....

Main(rashmi को देख कर)- कोई बात नहीं raj...tum jao....hum कल मिलेंगे na...baki का खेल कल khelege...ok...

Rashmi(mujhe देख कर)- राज beta....aaj का गेम एंजोये किया na...(muskura दी)

Main(muskura कर)- hmm...bahut मज़ा आया आज to...par मन नहीं bhara....kyo राज...

Rashmi(raj को सहलाते हुए)- एक साथ ज्यादा मज़ा नहीं मिलता ....इंतज़ार करना पड़ता gai...hai न बीटा...

राज- hmm...theek है भैया बाकि गेम कल khelege....bye...

रश्मि- एक मिनट beta..ruk थोड़ा..,

इतना बोल कर रश्मि अंदर गई और 2 साड़ी के साथ बापिस आई...

Rashmi(mujhe दिखा कर)- राज beta,.,koun सी साड़ी pahnu....batao...

Main(rashmi को देख कर)- raj...right हैंड वाली ज्यादा अच्छी लगेगी न...

राज- है मम्मी...

Rashmi(muskura कर)- जैसा kaho...yahi पहनती हु...

फिर मैं वह से निकल आया क्योकि मैं नहीं चाहता था की राज के पापा और मेरा aamna-saamna हो.....

मैं घर आ कर ऊपर छज्जे पर खड़ा रश्मि के निकलने का वेट करने laga...kyoki मैं देखना चाहता की मेरी पसंद की साड़ी उस पर लगती कैसे है....

खैर उन्हें टाइम लगने वाला tha....isliye मैंने सन्नो से कॉफी मगवाई और टहलते हुए कॉलोनी का जायज़ा लेने लगा....

Main(man में)- क्या कॉलोनी की एयरटेन छुट्टी पर है और लड़कियां भी...1 भी चाट या छज्जे पर नहीं दिख rahi....gali में भी कोई nhi...karti क्या है घर में घुस kar...haatt...

तभी मुझे बाजु वाले छज्जे से आहात सुनाई di...palat कर देखा तो सामने रीमा thi...haa...wahi रीमा जिसे मैंने नंगा देखा था सीमा के साथ....

इस वक़्त रीमा एक अच्छी हाउसवाइफ की तरह फुल मैक्सी पहने हुई thi....seene पर दुपात्र tha..ek लम्बी choti...aur हाथ में jhadu....pakka छज्जा साफ़ करने आई थी...

रीमा छज्जे पर आई और मुझे देख कर भी अनदेखा कर के अपने काम में लग gai...jhaadu लगते हुए वो झुकी तो sahi...par दुपट्टा था तो कुछ दिखने का चांस hi नहीं था....

मैं भी टहलते हुए उसे चोर नजरों से देखता raha...par उसने एक बार भी नहीं dekha..,par जब वो दूसरी साइट जगदु लगाने वाली थी तो उसने मुझे थोड़ा देखा पर अगले hi पल दूसरी तरफ झुक जार झाड़ू करने लगी....

अब इससे मुझे तोडा सुकून mila...kyoki उसके झुकते hi उसकी gol-matol गांड उभर gai....ab इस पर तो दुपट्टा दाल नहीं सकती थी na...hahaha....

Main(man में)- इसकी गांड देख कर कंट्रोल नहीं hota...ye जल्दी से जल्दी chahiye...par करू kya...kya इसे बोल दू की सीमा के साथ मैंने इसे dekha...nhi-nhi...ye तो ब्लैकमेल करना hoga....aur इससे मेरा फायदा भी nhi...kyoki ब्लैकमेल कर के छूट तो मिल jaygi...par दिल से कुछ नहीं milega...aur मुझे वही छूट chahiye...jo खुद वो ायरत या लड़की अपने दिल से दिल खोल कर de....golu...intzar kar...aur सही मौके पर चौका मारना...

Khair....reema अपना काम निपटा कर निकल gai...saali ने मुझे देखा भी nhi....main एक बार फिर से रश्मि को देखने के लिए घूमने लगा....

कुछ देर बाद रश्मि अपने पति और बेटे के साथ nikli...aur उसे देखते hi मेरा दिल खुश हो gaya...kyoki उसने मेरे पसंद की साड़ी पहनी हुई थी...

रश्मि भी मेरे गेट की तरफ देख रही thi...sayad मुझे hi देख रही ho....fir उसकी नहिगाह ऊपर uthi...aur मेरी निगाहों से मिल गई....

मुझे देखते hi उसने साड़ी को टच किया और मुस्कुरा diya...jaise कह रही हो की देख lo...aapki पसंद hi है...

मैंने भी ध्यान से उसे हाथ से इसरा कर दिया की कमाल लग रही ho...fir वो नजरे झुका जार शर्मा गई और अपने पति के साथ निकल गई...

Main(man में)- आज मेरी पसंद की साड़ी पहना दी tujhe...kal मेरी पसंद से hi तेरी साड़ी nikalwauga...just वेट ंद वाच....
 
अपडेट - 14

रश्मि अपने पति के साथ घूमने निकल गई और मैं अंदर चला aaya....fir रात को सिमी से गणेश के बारे में बात hui....aur आगे के प्लान्स डिसकस kiye....aur फिर सन्नो की chudai...bas ऐसे hi रात निकल गई.....

सुबह- सुबह सिमी के फोन ने मेरी नीड ख़राब कर दी....

( कॉल पर )

मैं- uuhhhh...koun है....

सिमी- आपके लुंड की dhadkan....hehehe...

मैं- hmm...to लुंड खा जा na...phon क्यों किया....

सिमी- कुछ खास काम था नहीं तो मेरी क्या हिम्मत की अपने बॉस को परेशान करू...

मैं- hmm...bol क्या हुआ...

सिमी- आज आपको फार्महाउस जाना है....

मैं- पर क्यों...??

सिमी- आप पहुँचो to....sab समझ जाओगे....

मैं- dekh...subah-subah मंद मत ghuma....seedha बोल न....

सिमी- okk...ek नया बकरा मिला hai...kaatege की नहीं....

मैं- accha....theek है....11 बजे का बोल दे...

सिमी- okk...aur अगर टाइम मिले तो गणेश से भी मिल lena...uski फॅमिली कुछ ज्यादा hi जल्दी में है....

मैं- देखता hu...phon रख abhi...sone दे....

मैंने फोन कट किया और फिर से सोने की कोसिस करने laga....lekin नीड नहीं आई...

Main(man में)- साली सिमी ने पूरी नीड hi ख़राब कर di...milne दो ise...batata hu....are sanno...kaha हो...1 कॉफी लाना.....

फिर रेडी हो कर मैं 10 बजे फार्महाउस निकल gaya....aur वेट करने लगा नए बकरे का मतलब नए क्लाइंट का.....

तभी मेरे फार्म पर काम करने वाला किसान aaya...naam था aasif....aur उसके साथ थी उसकी biwi...zoya....

आरिफ- अरे saab....salaam...aap कब आये....

मैं- आओ aarif...kaise ho...main बस अभी aaya...aur काम मस्त है सब....

आरिफ- अल्लाह के फसल से सब बढ़िया है साब...

मैं- अच्छा hai...aur ye...tumhari बीवी है क्या...

आरिफ- है saab...zoya...are सलाम कर साब को...

ज़ोया- सलाम साहिब....

मैं- salaam....sab बढ़िया hai....koi परेशानी तो नहीं....

ज़ोया- सब ठीक है साहिब...

मैं- वैसे aarif....aaj तुम्हारी बीवी यहाँ kaise....aaj से पहले तो नहीं आई....

आरिफ- साब वो काम के liye....matlab मैं सोच रहा था की आप इस गरीब के साथ मेरी बीवी को भी कोई काम दे दे तो मेहरवानी होगी साब....

मैं- पर तुम तो जानते हो aarif...main खेतो में अयर्तों से काम नहीं karwata...jante हो न...

आरिफ- जनता हु saab....aap अयर्तों का बड़ा ध्यान रखते है....

मैं- फिर भी तुम इसे ले आय....

आरिफ- असल में साब मैंने सोचा की आप इस बड़े से बंगले पर इसे कोई काम दे दे तो बड़ी मेहरवानी hogi....koi भी काम हो...

मैं- वो तो सही hai...par यहाँ ...और ये बुर्के में rahegi...ye नहीं हो सकता...

आरिफ- साब इसकी कोई परेशानी nhi...ye यहाँ काम करेगी तो वैसे hi रहेगी जैसे बाकि सब रहती hai....bas आपकी मेहरवानी हो जाय बस....

मैं- वो ठीक है पर....

Zoya(chere से बुरखा उठा कर)- मन मत कीजिये saab...badi परेशानी hai....koi भी काम ho...kaise भी कर लगी....

मैंने ज़ोया को देखा तो एक hi नजर में उसे अपने नीचे रोंदने का सोच लिया....

Zoya(hath जोड़ कर)- बड़ी मेहरवानी होगी saab....na मत कहियेगा....

मैं- ठीक hai...par पहले ये तो बताओ की तुम्हारी परेशानी क्या है....

ज़ोया- वो क्या है साब की गाओं में ज़मीदार से कर्ज़ा लिया tha....bola था की किस्तों में चूका dege...aur ज़मीन भी गिरबी राखी thi...par अब उसकी नियत ख़राब हो gai...bolta है की 3 महीनो में कर्जा चुकाओ नहीं तो ज़मीन भूल जाओ....

Main(gusse से)- saala....kameena....

आरिफ- बस इसीलिए saab...hum दोनों काम करेंगे तो कर्जा जल्दी चूक jayga...humari ज़मीन बच जायगी....

मैं- ठीक hai....to तुम इसे यही छोड़ जाओ aarif...ise आज यहाँ के नियम बता duga...aur काम भी समझा duga...saam को ले जाना फिर...

आरिफ- जो हुकुम saab...to मैं चलता hu...aur zoya....saab जो भी कहे दिल लगा कर karna...samjhi...

ज़ोया- जी...

आरिफ के जाते hi मैं वह काम करने वाली लड़की के पास पंहुचा और उसे कुछ समझा कर ज़ोया को उसके साथ भेज दिया....

मैं- zoya...tum इस लड़की के साथ jao...main आता हु......

वो लड़की मेरे इसारे पर ज़ोया तो अंदर ले gai...aur अंदर जाते hi ज़ोया की आँखे फटी रह gai...kyoki ज़ोया ने आज तक इस तरह का आलीशान रूम देखा hi नहीं था...

ये वो रूम था जो खास टूर पर मैंने अपने लिए बनवाया tha.....ek शानदार अय्याशी का adda...jaha शराब भी था और सवाब भी आते थे...

ज़ोया तो बेचारी उस रूम की चकाचोंध में खो सी गई thi...ki तभी उस लड़की ने ज़ोया को हिलाया और उसे हक़ीक़त में बापिस लाइ...

लड़की- zoya...ab तुम अपने कपडे निकाल कर फेक दो और नाहा लो...

Zoya(saham कर)- कपडे क्यों फेकू...

लड़की- अरे घबराओ mat...yaha तुम्हे कपडे दिए jayge...wahi pahanna...yaha तुम ये कपडे पहन कर काम नहीं कर सकती...

Zoya(sir हिला कर)- हम्म...

लड़की- तो अब कपडे निकालो तो मैं उसे ले जाओ और जब तक तुम nahaogi...tab तक मैं कपडे ले कर आ jaugi...ek डैम नए और सेक्सी kapde...tumhe वही पहनने होंगे....

Zoya(bina मन के)- ठीक है...

फिर ज़ोया ने टॉवल के सहारे अपने तन को छुपा कर सारे कपडे निकाल दिए और बाथरूम में चली गई....

ज़ोया- या allah...ye बाथरूम है की ghar...ye तो मेरे घर से भी बड़ा hai...kaash...ye मेरा होता...

Main(zoya के पीछे से)- हो सकता है...

मेरी आवाज़ सुनते hi ज़ोया हड़बड़ा गई और अपने तन पर लिपटे टॉवल को जोर से पकड़ कर दुबक gai...aur सिर्फ सर घुमा कर बोली..

ज़ोया- saab...aaap...aap यहाँ क्या....

Main(beech में)- देखो zoya...main झूठ नहीं boluga...saaf बात करुगा...

ज़ोया- kk...kya साब...

मैं- देखो zoya...maine तुम्हे काम इसलिए दिया क्योकि तुम मुझे भा गई thi...aur तुम्हे जिस दिन पहली बार मार्किट में देखा tha...usi दिन सोच लिया था की मैं तुम्हे अपनी रखेल बना कर रहुगा...

ज़ोया मेरी बातें सुन कर घबरा gai...uski बोलती बंद thi...wo करे तो क्या करे....

Main(apni शर्ट निकाल कर)- zoya....main जनता हु की तुम दरी हुई हो पर टेंशन मत lo...main किसी के साथ जबरजस्ती नहीं karta....main तो बस तुम्हे अपने मन की बात बताने आया tha...aur साथ में ये दिखने भी की यहाँ काम करने वाली क्या काम करती है...

ज़ोया- ssaabbb...mera पति है....

मैं- तुम उसकी टेंशन मत lo...yaha की बातें यही दफ़न रहती गई....

और ये बोल कर मैंने अपना पेण्ट भी निकाल diya...main अब सिर्फ ुंडेरवेरे में था....

मैं- zoya...tum आराम से नाहा lo...aur सोचो की अगर गाओं के जमींदार के पैसे नहीं चुकाय तो क्या hoga....tum चाहो तो मैं सारे पैसे दे duga...aur haa...yaha रहोगी तो इस आलीशान जगह का मज़ा जिंदगी भर milega...bas तुम्हे मेरी रखेल बन कर रहना होगा....

ज़ोया- saab...mera पति....

मैं- उसकी टेंशन छोडो na....main संभल luga...ye lo....aa gai...ab देखो zoya...ye लड़की क्या करती है....

इतना सुनते hi ज़ोया ने पलट के dekha.,to वही लड़की जो ज़ोया को यहाँ लाइ थी...

मेरा इसरा होते hi उसने मुझे नंगा किया और मेरे लुंड को चूसने lagi....ye नज़ारा देख कर ज़ोया की आँखे बड़ी हो गई....

मैं- देखो zoya...main बीएड पर इससे लुंड चुसवा रहा hu....tab तक तुम सोच lo....aish की लाइफ चाहिए तो मेरी रखेल बनने आ jana...warna नहाना कर बापिस अपने घर चली jana...samjh गई....

इतना बोल कर मैंने उस लड़की को साथ लिया और बीएड पर बैठ कर उससे लुंड चुसवाने लगा....

Zoya(man में)- क्या सोच रही है zoya...aisa मौका फिर नहीं milega...aish की लाइफ होगी teri...kaha तेरा फटीचर pati....jiske पास खाने को भी मुश्किल पड़ती hai...aur कहा ये शानदार jagah...aish hi ऐश hoge...aur फिर छूट तो छोड़ने के लिए hi hai...meri छूट भी तो कबसे परेशान hai...aarif थक कर आता है और सो जाता hai...yaha तो ...aallahhh...kitna तगड़ा लुंड है साब ka...choot फाड़ के रख देंगे....

सोच mat....us फटीचर की बीवी से अच्छा तो इस रईस की रखेल बनना hi hai...aur तेरा कर्जा भी चूक jayga...betiyon की सदी भी अच्छे से कर paygi...soch mat...haa कह de...chali ja...aur खा ले उस तगड़े लौड़े ko..kha ले....

Main(room me)-aaahhh....aaraam se....wo बस आने hi वाली hai...fir उसकी गांड में ये लुंड कब्बडी खेलेगा.....

मेरे कहने की hi देरी थी की सामने से ज़ोया आती हुई dikhi...towel में लपटे हुए मलाई जैसा जिश्म...

Main(man में)- इसका जिश्म तो कमाल दिख रहा hai...kitna gora...saali हमेशा बुरखे में जो ढकी रहती hai...par आज के बाद इसके जिश्म को कपडे भी नसीब नहीं होने दुगा....

तभी ज़ोया ने जो हरकत की उसे देख कर मेरी आँखे ख़ुशी से बड़ी हो gai....zoya ने चलते हुए अपने बदन से टॉवल को ऐसे अलग किया जैसे की एक प्रोफेशनल रंडी हो.....

अब वो बिलकुल नंगी thi...uska सफ़ेद जिश्म चमक रहा tha...bade-bade बूब्स हवा में हिलोरे मारने lage...aur उसकी चाल के साथ उसकी गांड लहराने lagi...aur देखते hi देखते वो मेरे पास आ गई...

मैंने लुंड चूसने वाली लड़की को इसरा किया तो वो कड़ी हो कर बहार जाने लगी....

Main(ladki से)- जब तक मैं न kahu...yaha कोई न आ paaye...aur haa...ek मेहमान आने वाला hai...uski खातिर karna....main इससे खातिर करवा कर आता हु....

मेरी बात सुनकर वो लड़की निकल गई और मेरे सामने कड़ी ज़ोया शर्मा गई....

मैं- अब शर्मा क्यों रही है randi....ye dekh...iski खातिर kar....(lund दिखते हुए)

ज़ोया को मेरे मुँह से रंडी सुन कर सायद बुरा लगा ...पर जैसे hi मैंने लुंड की तरफ इसरा किया तो उसकी आँखे मेरे लुंड पर रुक गई....

मैं- कैसा लगा...????

Zoya(ek तक देखते ुये)- aallaahhhh.....itna bada...aur मोटा भी hai....aaj पहली बार देखा....

मैं- ऐसे देखने से समझ नहीं aayga....isko पकड़ कर dekh....lambai - मोटाई सब समझ आ जायगी....

ज़ोया ने शरमाते हुए अपने हाथ को आगे बढ़ाया hi था की मैंने उसे खींच कर नीचे बैठा दिया....

ज़ोया- आह्हः....

मैं- आवाज़ nhi...tu मेरी रखेल hai..rakhel के ऊपर मालिक का पूरा हक़ होता hai....isliye चुपचाप रहो और रखेल का फ़र्ज़ निभाओ....

ज़ोया ने हां में गार्डन हिलाई और अपने हाथ से मेरे लुंड को पकड़ liya....uske हाथ में आते hi लुंड ने अंगड़ाई ली और ज़ोया की गर्मी का अहसास करने लगा.....

मैं- yess....ab अच्छे से देख lo....ab बाकि की जिंदगी इसी से तेरे सारे छेद चौड़े होने वाले है....

Zoya(sharmate हुए)- bahut...bahut तगड़ा है साब....

मैं- accha....pahle कभी खाया है ऐसा....

Zoya(sir हिला कर)- नहीं saab...main तो बस अपने पति के साथ hi....

मैं- ohhh...chalo अब उसका भूल jao....wo अब कभी नहीं milega...aur इसे अपना बना lo....dosti करो isse....sahalao ise....baat करेगा ye...hahaha....

ज़ोया ने मुस्कुराते हुए शर्म के साथ अपने हाथ की पकड़ मजबूत की और लुंड को मोठ्याने लगी....

यहाँ मैं ज़ोया के जिश्म की बनावट देख कर खुश हो रहा tha....kya होठ थे uske...bilkul gulaabi...aur बूब्स to...uufff....perfact size....gore-gore...gol-gol....aur bade-bade....aur ऊपर से डार्क nippal...uff....

Main(man में)- आरिफ saala...aise दिलकस हुश्न को दुनिया से छिपा कर रखा tha...ab इसका रास तो सिर्फ मैं hi चखूगा...

ज़ोया ने लुंड मुठ्यना जारी रखा पर शर्म उस पर अभी भी हावी थी....

मैंने ज़ोया को रोका और उसे उठा कर अपनी जगह पर बैठा लिया....

मैं- रखेल को शर्माना नहीं chahiye....ek रंडी की तरह दिल खोल कर मालिक को मज़े देने चाहिए...

ज़ोया- wo....abhi....aadat नहीं है saab...pahli बार गैर मर्द के sath...to शर्म तो आएगी hi....

मैं- तो समझ ले की आज से मैं hi तेरा मर्द hu....aur आज तेरी सुहागरात hai....aur सुहागरात कैसे मानते hai...ye पता है मुझे....

इतना बोल कर मैंने अपने होंठ ज़ोया के होंठो पर रख diye...aur उसके गुलाबी होंठो का रास चूसने लगा....

ज़ोया इसी थोड़ा घबरा सी गई और शांति से अपने होंठ चुस्वाति rahi....par थोड़ी hi देर में उसकी गर्मी जागने लगी और वो भी मेरे साथ होंठो का रसपान करने लगी....

मैं- uuummmm....uummm...sssrrruuuuppp....uummm....

ज़ोया- uuuummmm.....aaauuummmm....sssrrrrppppp....sssrrruuupppp.....

एक दूसरे को किश करते हुए हमारे बदन भी आपस में रगड़ रहे the..jisse हमारे sath-sath रूम का तापमान भी हाई हो चला था.......

मुझे ज़ोया के कड़क निप्पल भी सीने पर चुभने लगे the...aur मेरे हाथ उसकी कासी हुई गांड को कुरेद रहे थे...

फिर मैं एक्सीटेंड हो कर ज़ोया को बीएड पर पलट कर अपने नीचे कर दिया और उसके बूब्स पर टूट पड़ा....

Zoya-aaahhhh...ssshhhiiii...uuummm...aaahh......aaahhh....ab बर्दास्त नहीं होता....

मैं- uuummmhhhh....mujhse भी नहीं मेरी जान ....

ज़ोया ने अब शर्म्रा छोड़ दिया और अपने कड़क हो चुके बूब्स और नंगे जिश्म को मुझे सौंप दिया....

ज़ोया- saab......aaa...ab कीजिये na.....aaahhh...

ज़ोया ने मेरा सर पकड़ के अपने सीने पर झुकाया और मैंने भी उसके निप्पल को मुँह में भर लिया....

मैं- uuummmmmmm...aaahh...yammy....uuuummm...uuummmm...

ज़ोया- ooohhhh....aaahhhh....

मैं- uuuummm...uuummm...aaahh...uuummm...uuumm....

ज़ोया- aaahhh...aise hi.....uuuuummmm....aaahhh....

मैं- uuummm...uuummm...aahh...maza आ gaya....wow...

पर मैंने देखा की ज़ोया अपनी आँखे बंद किये हुए लेती hai...to मैं रुका और उसके ऊपर से उठ गया....

Zoya(aankh खोल kar)-kya...kya हुआ....

मैं आँखे निकाल कर उसे घूरने laga...aur ज़ोया अंदर hi अंदर दर से कापने लगी.....

मैं- देखो zoya....main जब ायरत के साथ बिस्तर पर होता हु तो मुझे शर्म करने वाली ायरत पसंद नहीं aati....agar तुझे शर्माना है तो रहने दे और निकल यहाँ से......

नोट- hello frnds....updates आ गए.....

शेयर ुर कमैंट्स एंड एडवाइस.....

थैंक्स.......
 
भाई बात तो तेरी बिलकुल सच hai....but तूने भी देखा होगा की अभी तक यहाँ कोई शर्मीली और अच्छी वाली बीवी नहीं मिली....

रश्मि, रीमा और कुछ aur...inke साथ सेडक्टिव सही लगेगा....

फिर भी कुछ रंडी टाइप भी होगी.....

एक्चुअली लव ंद लस्ट दोनों के लिए दोनों टाइप की होनी चाहिए न.....

आप आगे देखते jao....i होप निरास नहीं hoge....ok

थैंक्स.....
 
अपडेट - 15

मैं जब ज़ोया को लगातार शरमाते डेझ तो मुझे गुस्सा आ गया....

मैं आँखे निकाल कर उसे घूरने laga...aur ज़ोया अंदर hi अंदर दर से कापने लगी.....

मैं- देखो zoya....main जब ायरत के साथ बिस्तर पर होता हु तो मुझे शर्म करने वाली ायरत पसंद नहीं aati....agar तुझे शर्माना है तो रहने दे और निकल यहाँ से......

अब आगे......

इतना कह कर मैं उठने को हुआ hi था की ज़ोया भी बैठ गई....

ज़ोया- saab...koi गलती हुई kya...bataiye तो सही आप चाहते क्या है.....

मैं- बस यही की हर पल का खुल के मज़ा lo...apne आपको मुझे सौंप दो और मज़ा karo...shrarma छोड़ do...theek ...

Zoya(muskura कर)- hmm...to आओ मेरे raja....ab मुझे अपनी रंडी बना कर मज़ा करो..

Main(man में)- ये साली तो एक कदम आगे निकल गई....

Zoya(hath खींच kar)aao न malik...ab ये रंडी शर्माएगी nhi......aao मेरे मालिक और अपनी रंडी का मज़ा lo...hehehe....

फिर क्या tha...maine फिर से ज़ोया के बूब्स पर हमला बोल diya...aur बूब्स चूसते हुए उसकी छूट पर ऊँगली का जादू चलना सुरु कर दिया......

ज़ोया- aaahhh....malik थोड़ा aaram...oohhh....aaraam से....

मैं- uuummmhh....chup कर saali...rakhel बनाना है तुझे वो भी रंडी टाइप की rakhel....jitna खुलेगी उतना hi मुझे मज़ा aayga...aur haa...mujhe अपनी रखेल को तड़पने में ज्यादा मज़ा आता hai...samjhi...uuummm...uummn...uummm...

मैंने फिर जोता के निप्पल को होठो से dawa-dawa कर जोर से चूसा और साथ में उसकी छूट को मुट्ठी में bhar-bhar का मसलने लगा....

ज़ोया- aaahhh...aaalllaahhh....aaaiiiii....aaaraam se....oohh मेरे maaalliikkk....aaaahhhh.....

मैं- uuummmm....uuummm...uummm....uuummm....uummm....

ज़ोया- ohhh....bas ...aaahhh...,maallik....,uuufff....aaaaahhhhhh.....

ज़ोया के बूब्स और छूट पर हुआ हमला अब उसके बर्दास्त के बहार हो रहा tha...use दर्द भी हुआ पर मज़ा भी आ रहा tha....iska सबूत था उसकी छूट का pani....jo ज़ोया के गरम होने की गवाही दे रहा था....

थोड़ी देर तक ज़ोया को तड़पने के बाद मैंने एक कदम आगे बढ़ाया और उसके निप्पल को काट लिया...,

जोता- ये aaaalllllhhhh.....dard....dard हो रहा malik....kato mat....aaaiiiiii.....

ज़ोया दर्द से बिलखने लगी पर मैं नहीं ruka...ulta मैंने उसके बूब्स को baari-baari काटना सुरु कर दिया....

ज़ोया के गोर बूब्स मेरे काटने से लाल हो गए the...,aur दूसरी तरफ उसकी छूट का दाना मेरी उँगलियों के बीच में tha...jise दावते हुए मैं ज़ोया के दर्द को और बड़ा रहा था....

ये katne-dawane का सिलसिला थोड़ी देर और चला जब तक की ज़ोया की छूट ने पानी नहीं छोड़ दिया....

ज़ोया- maalik...,malik....main....aaahhhh....ggaaaiiiii....aaaahhhh.....

ज़ोया झड़ते hi शांत पद gai...par मैं कहा मैंने वाला tha....maine ज़ोया के बूब्स से मुँह अलग किया और देखा की मेरे काटने के निसान उसके बूब्स पर छाप चुके है....

Main(haste हुए)- hmmm....aaj से ये निसान तुझे हमेशा याद दिलेगे की तेरे जिश्म सिर्फ मेरा hai...aaj से तू मेरी पर्सनल रंडी हो gai....samjhi....

Zoya(bilakhti हुई)- हां मालिक....

मैं- पर अभी तो सुरुवात hai....nissan तो हर उस जगह पर होने चाहिए जिससे ये पता चले की तू निसान देने वाली की रांड hai...hai न....

इतना बोलकर मैंने ज़ोया की गार्डन को चूमते हुए लव बाइट दे di...zoya फिर से तड़प uthi...par मैं रुका nhi...maine उसे पलटाया और उसकी पीठ पर kaat-kaat कर कई निसान बना दिए...,

मैं- hhhmmm....ye गोरी gaand...kya गोलाई है iski....is पर तो मेरी छाप होनी hi चाहिए....

मैंने ज़ोया की गोरी गांड को chumna-chatna सुरु कर diya....jisse ज़ोया को थोड़ा सुकून मिला....

मैं- uufff....mast गांड है साली तेरी to...,aasuuummmm....ssssrrrrrrrpppp....

ज़ोया- aaahhhh....aaahhh....

मैं- aaauummmmm....aisi गांड कितने दिनों से परदे में hi देखि thi....pata होता तो कबका फाड़ दी hoti...sssrrruuuupppppp...

ज़ोया- ओह्ह मेरे malik.....aaaahhhhh.....

मैं- sssrrrruuuupppp.....ab वो गुलाबी छेड़ भी तो dekhu....jo इस गांड का मैं हिस्सा hai...hai न...

ज़ोया- ह्ह्हम्म्म...

इतना बोलकर मैंने गांड के फाके फैला दिए और उसके छेद को अंगूठे से सहलाया....

मैं- zoya....isko कितनो से फतवा चुकी है...

ज़ोया- किसी से नहीं saab....kori है....

मैं- सच me....wow....ye बहुत अच्छा hua...par ये तो बता की तेरे सोहर को भी नहीं दी तूने....

ज़ोया- मालिक wo...wo ये सब पसंद नहीं करता...

मैं- और tu....tu चाहती है की इस छेड़ में एक लम्बा और मोटा लौड़ा jaaye...teri गांड के फरखचचे udaay...haa....

Zoya(sharma कर)- जी saab...par क्या karu....usne कभी पूछा hi नहीं,....

मैं- चलो मेरे लिए अच्छा hua...ab इस कोरी गांड को मैं जन्नत की सैर करोगे....

ज़ोया- जी malik...ab ये आपकी hai...faad दो इसे...

मैं- faaduga...par अभी इस पर मेरी मुहर भी लगा du....kyo zoya....laga दू....

ज़ोया- है malik....laga दो अपनी chhap....aur बना लो इसे अपनी गुलाम...

मैं- ये हुई न रखेल वाली बात....

और इतना बोल कर मैंने गांड के दोनों गोलों पर काट कर अपनी छाप छोड़ di....zoya को दर्द इस बार भी hua...par इस बार वो ज्यादा नहीं tadpi....sayad समझ चुकी थी की वो अब मेरी गुलाम hai....hoga वही जो मैं चाहुगा....

मैं- अब सबसे खास cheej...waha तो निसान जरूर होना चाहिए....

ज़ोया- जी मालिक...

और इतना बोलते hi ज़ोया खुद hi पलट गई और अपने पैरों को हवा में उठा कर अपनी जाँघे खोल di...uski छूट उभर कर मेरे सामने आ गई....

Main(muskura कर)- wahh...tu जल्दी सीख रही hai....asli रखेल वही होती है जो मालिक के कहने के पहले hi उसे वो पेश करे जो मालिक चाहता hai....accha है...

ज़ोया- जी malik...main आपके मन की रखेल बनने की पूरी कोसिस karugi...man से भी और तन से भी....

मैं- ये हुई न baat...ab इस खास जगह अपनी निसानी तो छाप दू....

इतना बोल कर मैंने ज़ोया की जांघो को थमा और मुँह उसकी छूट के पास ले गया...

wow...kya चिकनी छूट थी ज़ोया ki...bacche होने के बाद भी काफी शाप में thi....uper से एक भी बाल nhi....maza आ गया....

मैं- क्या बात है zoya....choot एक डैम चिकनी hai..tere सोहर को छूट चूसना ज्यादा hi पसंद है क्या....

ज़ोया- नहीं saab...aisa तो कुछ nhi...usne तो आज तक हाथ भी नहीं लगाया...

मैं- तो साली किसके लिए चिकनी किये घूमती hai...randi...

ज़ोया- किसी के लिए नहीं saab..wo बस पसंद है तो....

मैं- ohh...sahi hai...ise देखते hi मुँह में पानी आ gaya....sssrrruuupppppp....

ज़ोया- या aallllaaahhh.....aisa अहसास तो कभी नहीं हुआ साब....

मैं- ssssrrruuuppp....aaahhh...abhi तो बहुत से अहसास hoge...jo कभी नहीं huye....ssssrrruuuuuppppp.....

ज़ोया- aaaaahhhhh....maza....aaaa gaya....chato saab....aur...

मैं- ssssrrrrruuuupppp.....sssrrruuuppp....sssrrruuupppp....sssrrruuppppp...

मैं पूरी स्पीड से ज़ोया की छूट चाट रहा था और ज़ोया मस्ती में सिसकारी मारे जा रही थी की तभी उसकी सिसकारी एक जोरदार चीख में बदल गई....

ज़ोया- aaaaaaiiiiii......mmmmaaaarrrrrrr...gggaaaiiiii.....

मैं- hahaha.....maza इतनी आसानी से नहीं मिलने bala....dard तो मिलेगा hi....

ज़ोया- aaaaahhhhh....saaab....itni जोर से kata....aaahhh....dard हो रहा है....

मैं- oohhh...dard हो रहा hai...chalo ये लो फिर...

ज़ोया- aaaaammmmmmiiiiiiiiiiii.......nnnniiiii....sssaaabbbb....uuuuunnnnnn.....

मैंने ज़ोया की छूट को फिर से kaata...aur इस बार पहले से भी tej....zoya की तो जान hi निकल gai....aur मुझे मज़ा आ गया....

ज़ोया- aaaaaa....saaab...saab...ab nhi....aaahhhh....mmaar जोगी saaab...nhii...

मैं- रो मत मेरी raand...ab दर्द दे चूका hu...ab मलहम भी मैं duga....ssssrrruuupppp....sssrrruuupppp....sssrruuuppppp....

और मैंने फिर से ज़ोया की छूट को चेतना सुरु कर dita...jisse उसका दर्द काम होता gaya....aur थोड़ी देर बाद वह गांड utha-utha कर छूट चटवाने लगी...

पर मैं इतनी आसानी से उसे मज़ा देने के मूड में नहीं tha....isliye मैं रुक गया....

ज़ोया- aaahhh...kya हुआ saab...bas थोड़ा और...

मैं- naa...itni आसानी से नहीं...

ज़ोया- पर kyo....kya हुआ...

मैं- बस मेरी marji....samjh ले की रखेल बनने की ट्रेनिंग है तेरी....

ज़ोया- कैसी...

मैं- एक असली रखेल वो होती है जो अपने मज़े की परवाह किये bina...puri बेशर्मी से अपने मालिक को खुश rakhe...par मुझे लग रहा की तू अभी तक बेशर्म नहीं hui...isliye....

ज़ोया- saab...main पूरी बेशर्मी से आपको खुश कर सकती hu....aajma लो....

मैं- ऐसा kya....soch lo...agar शरमाई या dari....to तुझे इस होटल के सारे नौकरों से एक साथ chudwauga...samjhi...

Zoya(muskura कर)- साब एक मौका तो do...main साबित कर दूगी की मैं पक्की रखेल banugi....puri बेशरम...

मैं- hmm...chalo अभी आजमाते hai....ruk...

फिर मैं बीएड से दूर गया और एक कॉल कर दिया...

Zoya(mere पास आते hi)- क्या करना है saab...batao...

मैं- थोड़ा ruk...sab पता चल jayga...chal मेरा लुंड गरम कर तब तक....

ज़ोया- जी मालिक....

ज़ोया ने लुंड को पकड़ तो liya...par उसे मुँह में लेने से हिचकिचा रही thi....isliye हाथ से hi मोठ्याने लगी...

मैं- ोये randi....ye ऐसे गरम नहीं hoga...use अपनी मुँह की गर्मी से गरम karo....utaro इसे अपने गले की गहराई me...,tab कही जा कर इसका मूड बनेगा...

Zoya(jhijhakte हुए)- जी साब....

और ज़ोया ने सर झुका कर अपने होंठ लुंड पर लगा diye...par अगले hi पल हटा भी लिए...

मैं- इतना टाइम लगेगी तो मेरी रखेल कैसे banegi...le मुँह me....aur चूस....

ज़ोया ने फिर से लुंड को होंठो में फसाया और चूसना सुरु kiya...par अभी भी उसकी झिझक साफ़ दिख रही thi...usne सिर्फ आधा टोपा hi मुँह में भरा था....

मैं- साली पहले नहीं चूसा kabhi...aise चूसते है...

ज़ोया- uuummhhh...nhi saab....pahli बार है...

Main(zoya का निप्पल खींच कर)- तो रखेल भी पहली बार बनेगी na...chal अच्छे से choose...muh खोल और जितना हो सके उतना लुंड मुँह में भर le...baki तो अपने आप hi तेरे गले तक पहुंच jayga...chal जल्दी कर....

ज़ोया- हम्म...

और अब ज़ोया ने थोड़ा आगे बाद कर लगबगाग आधा लुंड माह में ले लिया और dheere-dheere चूसने लगी.....

ज़ोया- uuummm...uuumm....uuummm...uuimmm...

मैं- अभी भी मज़ा नहीं aya....thoda और...

ज़ोया- uuummmm....uuummm....uuummm....

मैं- अच्छा ये बता की अगर कोई तीसरा सामने हो तो तू शर्माएगी या फिर वही करेगी जिससे मुझे ख़ुशी मिलती है...

Zoya(lund निकाल कर)- aaahh....sharm तो आएगी न मालिक...

मैं- वही तो नहीं आणि chahiye....chahe तेरा सोहर भी सामने ho...tab भी तू मुझे खुश karegi....tabhi मेरी रखेल कहलाएगी....

Zoya(choukte हुए)- sohar....saab...aisa कैसे...

मैं- कैसे nhi....aisa करना hi padega....jaise सोच की तू मेरा लुंड चूस रही है और तेरा सोहर आ जाय तो तू रुकेगी nhi...lund चूसती रहेगी....

Zoya(man में)- ऐसा कभी होगा hi nhi...haa कहती hu...(mujhse) जी मालिक ...मेरा शोहर भी आ गया तब भी मैं बेशर्म बन कर लौड़ा चूसूंगी....

मैं- ये हुई न baat...ab choos...aur पूरा लुंड तेरे मुँह में होना chahiye....thoda भी बहार रह गया तो सोच lena...main सजा भी तगड़ी देता हु....

ज़ोया- जी malik...aisa hi होगा....

और फिर ज़ोया ने अपने अंदर की रंडी को जगाया और पूरा लुंड मुँह में भर liya...aur अब उसका चूसना भी शानदार था..,.

मैं- ooohhh....sahi जा रही hai....aise hi choos....apne गले में उतार ले ise...uuufff....

ज़ोया- ssssrrruuupppp....sssrruuupppp....sssrrruuuppppp....sssrrruuupppp....

मैं- aahh...chooste rahna....kuch भी हो रुकना नहीं....

ज़ोया- uuummm....sssrrruuuupppp....sssrrruuupppp....sssrruuuppp...

ज़ोया लुंड चूस hi रही थी की रूम का गेट khula...jiski आवाज़ से ज़ोया रुक गई...

मैं- बोलै था न की रुकना nhi....choos...

ज़ोया- uumm....sssrrruuuppp...sssrruuuppp...sssrruuupppp...

गेट खोल कर काम करने वाली लड़की आई थी....

लड़की- sir...wo आ गया....

मैं- अंदर भेजो use...aur तुम जाओ....

यहाँ लड़की बहार गई और वह मैंने टॉवल उठा कर ज़ोया का सर धक् diya...ab अगर कोई पीछे से देखता तो उसे ज़ोया की गोरी पीठ और गांड hi dikhti...uska सर नहीं....

Zoya-uummhhh...kya हुआ...

मैं- तूने लुंड बहार क्यों kiya....andar ले और चूसती rah....yaha कोई आने वाला है और मैं नहीं चाहता की उसे अभी तेरा चेहरा dikhe...isliye तू आराम से अपना काम kar...use भनक भी नहीं लगेगी की लुंड चूसने वाली तू है....

ज़ोया- jee....uuummm.....uuummmm....

तभी कोई अंदर aaya...jise देख कर मेरे चेहरे पर कामिनी मुस्कान फ़ैल gai...aur ज़ोया को पीछे से देख कर उस साक्ष के चेहरे पर भी मुस्कान खिल गई..........
 
अपडेट - 16

मैं- आओ aarif...aao...

आरिफ का नाम सुनते hi ज़ोया की गांड फैट gai....uska बदन सुन्न हो gaya....lund उसके मुँह में फास सा gaya...aur मारे दर के उसके हाथो की पकड़ मेरी जांघो पर मजबूत हो गई....

Aarif(muskura कर)- ohh...main बहार जाता हु...

मैं- ruko...aisa क्यों दिखा रहे हो की तुम ये सब पहली बार देख रहे हो...

Zoya(man में)- मेरे शोहर के सामने मालिक ये सब करते hai...aur मेरे शोहर देखते भी hai...kyo...

आरिफ- नहीं saab...wo मुझे लगा....

मैं- अरे अब ये नाटक chhod...aur पेग बना....

आरिफ- जी saab....wahi वाला...

मैं- तू सब जनता है तो पूछता क्यों hai...pata है न तुझे...

आरिफ- वो तो hai...jab भी आप किसी क्लाइंट की बीवी को छोड़ते हो तो पेग मुझसे hi बनवाते है....

Zoya(man में)- मतलब सच में ...ऐसा हमेशा होता hai....aakhir मेरा शोहर इतना कमीना कैसे हुआ...

मैं- hmm....dusre की बीवी छोड़ते हुए पेग लगाना तो बनता hi है न...

आरिफ- सही कहा saab...waise आज किसकी बीवी चुद रही है....

Zoya(man में)- कमीने तेरी hi बीवी चुद रही hai....piche से देख कर भी नहीं समझ paya...ya allah...kaisa शोहर दिया मुझे.....

मैं- अरे है किसी कमीने ki....par माल बड़ा तगड़ा hai....ise मैं अपनी रखेल बना कर रखुगा..,,

आरिफ- ये तो खुशनसीबी है iski...aapki रखेल बनेगी तो ऐश hi ऐश होंगे इसके तो....

Zoya(man में)- kameene...mujhe तो रखेल बनना hi tha...aur तेरा ये रूप देखने के बाद तो और भी तगड़ी रखेल banugi...dekhna..,

मैं- hmm....yahi बात इसे बोल de....saayad तेरी बात का असर ज्यादा पड़ेगा....

Aarif(mujhe पेग देते हुए)- हां medam...humare साब की रखेल बनोगी तो साड़ी जिंदगी ऐश karogi...aur ऊपर से ऐसी तगड़ी चुदाई मिलेगी की कभी सपने में भी न सोची hogi....are अपने सोहर का भूल जाओगी जब साब का khaogi....hahaha...

Main(zoya के सर पर हाथ रख kar)-ab सुना na....ab bolo....banogi न रखेल..,.

ज़ोया ने है में सर हिला दिया....

Zoya(man में)- अरे bhadwe....apni hi बीवी को किसी दूसरे की रखेल बनने को बोल रहा hai....theek hai...jab मेरा शोहर hi बोल रहा है तो न बोलने का सवाल hi नहीं...

और तभी मेरे इसारे पर ज़ोया ने फिर से लुंड चूसना सुरु कर diya...aur इस बार तो वो और भी अच्छे से लुंड चूस रही थी....

Main(peg जातक कर)- वैसे aarif...yaha देख कर तो बताओ की ये माल कैसा hai....dekh कितनी गोरी hai...aur उसकी गांड तो dekh....bilkul कोरी दिखती है.....

Aarif(zoya का पिछवाड़ा देख कर)- saaab...maal तो सच में धमाका hai....lagta है इसके मर्द ने इसे ठीक से छुआ भी nhi....kya गोरा जिश्म hai...aur इसकी गांड to....lagta है बदनसीब है ये....

मैं- बदनसीब क्यों...

आरिफ- अरे saab....aisi गांड लिए जिसकी बीवी ho...wo गांड न मारी jaay....to इतनी प्यारी गांड का मतलब क्या nikla....koi गांडू hi मिला होगा इसे....

Zoya(teji से लुंड चूसते हुए)- hnmm....tu hi तो है वो गांडू saale...ab देख मैं कैसे इस गांड की किस्मत बललटी hu....rooj लौड़ा लूँगी साब का isme...aur तुझे तो आज के बाद मेरा बदन छूने भी नहीं milega....dekhna....

मैं- wow...aarif लगता है तेरी बातों का अच्छा असर हो रहा hai...ye पुरे जोश में लुंड चूस रही hai...ab मुझे झाड़ा कर hi रहेगी....

Aarif(muskura कर)- साब मेरी कुसनसीनी है....

मैं- चल अब तू पलट ja....ise बाथरूम में जाना hai....aur तुझे इसका चेहरा देखने का हक़ नहीं...

आरिफ- जनता हु saab....abhi लो....

आरिफ थोड़ा दूर जा कर पलट gaya...aur मैंने ज़ोया के सर से टॉवल हटा diya...zoya ने दर के मारे आँखे बंद कर li...par लुंड चूसना जारी रखा...

Main(zoya का सर हिला कर)- uth...aankhe khol....dar mat....uski ायकाट नहीं की वो पलट कर देखे.....

ज़ोया ने बड़ी हिम्मत जूता कर आँखे खोली और लुंड को मुँह से निकाल कर आरिफ की तरफ dekha....aur फिर मुझे हस्ता हुआ देख कर मुस्कुरा दी...

मैं- दर को दिल से निकाल do...ab उठो और बाथरूम में chalo....fir तुम्हारे गले को खोलता हु....

ज़ोया का दर भी थोड़ा काम हुआ tha...fir भी आरिफ शोहर था uska...isliye वो डैम बढ़ कर उठी और आरिफ को देखते हुए बाथरूम में चली गई....

ज़ोया के पीछे मैं भी बाथरूम में पहुंच गया...

मैं- चल अब नीचे बैठ ja...ab मैं तेरा मुँह choduga...wo भी तेरे शोहर के सामने...

ज़ोया- साब टॉवल उठा लू....

मैं- nhi....ab टॉवल भी nhi...ek डैम उसकी नजरों के saamne...tujhe पूरा नंगा कर के तेरा मुँह choduga....maza आएगा...

Zoya(darte हुए)- saab...use पता....

Main(beech में)- तू बस मुझे dekh....aur मुझे दिखा की तू कितनी बेशर्मी से अपने शोहर के सामने मुझसे मुँह chudwaygi...aur तू जितनी जल्दी बेशरम hogi...utni जल्दी hi तुझे इनाम milega.....soch ले...

Zoya(muskura कर)- तो फिर देखो saab...jab कोई बीवी किसी गैर मर्द की हो जाना चाहे तो उसे खुद के मर्द की भी शर्म नहीं होती....

मैं- ये हुई रंडी वाली baat....chal चूस ab....main आरिफ को उसी की बीवी का मुँह छोडन दिखता हु....

ज़ोया ने लुंड को हाथ से पकड़ा और लुंड हिलाते हुए मेरे गोले चाटने लगी....

मैं- ohhh....bahut badiya....naya-naya करेगी तो मुझे ज्यादा खुश कर paygi...aaahhh

यहाँ ज़ोया मेरे बॉल्स को चाट ते हुए लुंड को मोठ्याने लगी और वह मैंने आरिफ को दूसरा पेग लेन का बोल दिया....

ज़ोया- sssrrruuuuppppp....sssrrruuupppppp....sssrrruuuuppppp....

मैं- ohh...kya मस्त रंडी मिली hai....chat ऐसे hi....aur जोर से...

ज़ोया ने लगातार अपनी जीभ और हाथ का कमाल दिखाना जारी rakha...jisse मेरा लुंड पुरे उफान पर पहुंच गया था....

तभी आरिफ पास में आता दिखा तो मैंने ज़ोया को रोका और लुंड उसके मुँह में उतार diya...jisse ज़ोया थोड़ा chouki...par आरिफ की आहात सुन कर सब समझ गई...

मैंने आरिफ से हाथ बड़ा कर पेग लिया ताकि ज़ोया का चेहरा उसे न dikhe...aarif पेग दे कर जाने laga...par मैंने उसे रोका....

मैं- अरे aarif...ruk yahi...aur देख isko...jishm मस्त है इसका पीछे se...ab पूरा दिख रहा है न...

आरिफ को ज़ोया का पूरा बैक साइड दिख रहा tha...par चेहरा nhi...kyoki उसका चेहरा तो में जांघो के बीच में tha...uper से उसके लम्बे बालो ने उसके चेहरे को साइड से भी छुपा कर रखा था....

आरिफ- क्या बोलू saab...ye तो बाला की हसीं hai...uper वाले ने बड़ा मखमली जिश्म दिया है inhe....aur ऐसा जिश्म सिर्फ आपके hi नीचे होना chahiye....tabhi इस जिश्म के साथ सही होगा....

ज़ोया( मन में)- कैसा गांडू इंसान है uperwale....khud की बीवी को बोल रहा है की इसका जिश्म साब के नीचे hi होना chahiye....ye साला इतना बड़ा चुटिया है की मुझे नंगा देख कर भी नहीं समझ पाया की मैं इसी की बीवी हु....

मैं- अरे तू bhi...itni तारीफ मत kar....waise इसके सोहर ने आज तक इसके मुँह में लुंड नहीं dala...isliye बेचारी थोड़ा झिझक रही thi....par अब इसकी झिझक थोड़ी काम हुई है....

आरिफ- तो इसमें क्या saab....ek बार इसका मुँह छोड़ daliye...fir खुद hi बोलेगी की मुँह में do...muh में do...hahaha...

Zoya(man में)- साले bhadwe....khud तो कभी मुँह में डाला भी nhi...aur सलाह ऐसे दे रहा है जैसे रोज मुँह छोड़ता ho....koi nhi..tujhe तो नसीब हुआ nhi...ab देख की तेरी बीवी का मुँह कैसे छुड़ता hai....dekh....

Main(peg ख़त्म जार के)- चल मेरी randi...ab आरिफ को दिखा hi दू की मुँह कैसे छोड़ा जाता hai....taiyaar है न...

ज़ोया ने भी हां में सर हिला dita...jise देख कर आरिफ भी मुस्कुरा दिया....

मैंने फिर ज़ोया का सर हाथो में थमा और पूरी स्पीड से लुंड को उसके गले तक पेलने laga...ab बस ज़ोया के मुँह से देवी हुई चीखे सुनाई देने लगी...

मैं- yeeeehhh....yyee...le randi....ab फटेगा muh....yyeee....

ज़ोया- uuuuummmm.....uuummmmmmm....uuummmmm....uuummmm....

मैं- yesss....thoda aur....thoda bas....yyeesss....

ज़ोया- uuuummmm....uuummmm....kkkhhuummm.....uuummmm....

मैं- bas...ye...ye main....aaya....llleee....

Zoya-uuuuuuummmmmmmmmmmmmmmmmm.........uuuuuuuuuuuuuummmmmmmmmmmhhhhhh.....

और मैं पूरी स्पीड के साथ ज़ोया के मुँह में जगद gaya.....aur ज़ोया ने मेरी कमर में हाथ दाल कर मेरे लुंड को कैद कर liya....taki मेरे लुंड रास की एक भी बूँद बहार न जा सके....

मैं- aaahhhh....saandaar.....tu आज से मेरी रखेल हुई....

आरिफ- saab...ab इसका सोहर इसे छू न पाए तभी सही होगा...

Zoya(man में)- सही कह रहा hai...is लुंड को चखने के बाद तुझे तो उंगली भी लगाने नहीं मिलगे....

Main(zoya का सर सहला कर)- क्यों तू अपने सोहर को तेरा जिश्म छूने देगी...

ये सुन कर ज़ोया ने ना में सर हिला दिया....

मैं- देख aarif...ab इसका सफर सिर्फ नाम का सोहर hoga...aur उसकी बीवी का असली सोहर मैं रहुगा....

ये सुन कर आरिफ है diya....aur उसकी हसी सुन कर ज़ोया भी मन hi मन हसने lagi....kyoki उसे पता था की जो इंसान उसी के शोहर के सामने उसे रंडी की तरह रख रहा hai...to शोहर की गैर मौजूदगी में तो कितनी बड़ी रंडी बनेगा उसे....

Zoya(man में)- मान गए साब ko...asli मर्द hai...mere शोहर के saamne...usi से बात करते huye...mera पिछवाड़ा दिखते हुए भी मेरा मुँह छोड़ते rahe...unhe जरा भी दर नहीं लगा की आरिफ को पता चल सकता hai....sach में क्या निडर मर्द मिला hai...iski रखेल बनना तो किसी गांडू की बीवी बनने से ज्यादा अच्छा है....

यही सोचते हुए ज़ोया लुंड को choos-choos कर साफ़ करने लगी

मैं- ok aarif...ab तुम खेत पर जाओ...

आरिफ- जी malik....par मैं सोच रहा था की यहाँ आया हु तो ज़ोया से मिल लेता...

मैं- ज़ोया आज तो नहीं मिल पाएगी...

आरिफ- क्यों मालिक....

Main(zoya का सर सहलाते हुए)- क्योकि अभी वो काम सीख रही hai...saam को मिल लेना....

ज़ोया ने लुंड चूसते हुए मेरी आँखों में देखा तो उसकी आँखों में ख़ुशी की अलग hi चमक दिखी....

आरिफ- जी malik...izazat दो...

मैं- जा सकते हो....

आरिफ के जाते hi ज़ोया लुंड को छोड़ कर बैठ गई....

मैं- मज़ा aaya...ya दर लगा....

Zoya(muskura कर)- dono...pahle तो बहुत दर लग रहा tha...par बाद में इतना मज़ा आया की आज तक नहीं आया...

मैं- अरे आगे देखती jao...main तुम्हारे दिल से दर को पूरा निकाल duga..,aur मज़ा तो ऐसा आएगा की तेरी छूट वो मज़ा सोच कर hi झाड़ जायगी...

ज़ोया- सच malik...mujhe इंतज़ार रहेगा...

मैं- बस देखती ja...aur फिलहाल अपने मालिक को नहला....

ज़ोया ने जल्दी से शावर चालू किया और अंग से अंग लगते हुए हम नहाने lage...ki तभी काम करने वाली लड़की फिर से आई और उसने मुझे बताया की मेहमान इंतज़ार कर रहे hai...to मैंने ज़ोया को उस लड़की के साथ वही छोड़ा और रेडी हो कर पहुंच गया अपने मेहमान से milne...dekhe तो मेहमान है कौन...???

नोट- hello frnds...updates posted...pic विल ऐड सून...

आपकी एडवाइस और कहानी के बारे में सोच जरूर bataye...ur वेलकम....

थैंक्स.....
 
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