Rabiara ki kamukta Part 1& 2 - Page 9 - SexBaba
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Rabiara ki kamukta Part 1& 2

थैंक्स ा लोट दीदी &: शामे 2 ु 💕

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अपडेट - 22 शादी के बाद दूल्हा दुल्हन के साथ राबिआ, स्मिता और साजिद का सफर.

साजिद ने स्मिता को अपनी बहन पीहू के पास उसके कमरे में छोड़ दिया ,

पीहू को ये बोलकर के यह तुम्हारी ननद रानी स्मिता है

और तुम से मिलने आयी है.

पीहू ने स्मिता को बहो में लेके उसका स्वागत किया.

फिर दोनों ननद भाभी बातें करने लगी. दोनों को एक दूसरे की नेचर बहुत पसंद आयी.

पीहू ने स्मिता को पूछा यह मेरा भाई साजिद कैसे तुम्हारे साथ घूम रहा है.

स्मिता जवाब में बस हल्का सा मुस्करा दी. पीहू कुछ कुछ समझ तो गयी लेकिन उसने ज्यादा ज़ोर देना ठीक नहीं समझा इस बात पर.

उसके बाद शादी की सभी रस्में पूरी हो गयी और पीहू की विदाई हो गयी.

जैसे पहले hi तेह हुआ था, राबिआ और साजिद ससुराल में पीहू के साथ रवाना हो गए. बड़ी गाड़ी थी जिसमें ड्राइवर अग्गे अकेला था और पिछले 2 काबिन्स में,

पीहू और उसके दूल्हे के साथ hi थे राबिआ, स्मिता और साजिद बैठे थे.

पहले तोह पिछली सीट पर अमर और पीहू hi बैठे थे

और अग्गे तीनो राबिआ, स्मिता और साजिद.

लेकिन थोड़ा अग्गे जा कर, पीहू ने राबिआ को अपने साथ पीछे hi बिठा लिए खुद बोल कर.


अब पिछली सीट्स पर पीहू की एक साइड अमर और दूसरी साइड राबिआ बैठी थी.

और अगली सीट्स पर साजिद और स्मिता बैठे थे.


राबिआ ने पीहू के कान में धीरे से पूछा की तुमने मुझे पीछे क्यों बुला लिया, तुम एन्जॉय करना चाहिए था, दामाद जी के साथ.

पीहू ने कहा तुम्हारे दामाद के कहने पर hi पीछे बुलाया है तुम मेने.

राबिआ ने फिर पीहू के कान में कहा, बहुत जल्दी लगती है दामाद जी को मुझसे प्यार करने की.


पहले तुम्हारे साथ तो अच्छे से सुहागरात मन लेते, अभी से मुझ पर डोरे डालने लगे हैं.

मेने तुम्हे कहा था पहले दिन hi

की में बड़ों बड़ों को बे ईमान करने की क्षमता रखती हु.


लेकिन में अपनी बेटी के प्यार पर दक्का नहीं डालना चाहती.

तुम फ़िक्र न करो पीहू बेटी.

पीहू: अरे यार मुझे कोई इतराज़ नहीं तै जी

अगर मेरा दूल्हा मेरे साथ साथ तुम्हारे साथ भी प्यार करले तो.

मुझे तो बल्कि इनके बड़े लोडे से डर लगता है

और अगर तुम्हारा दामाद चाहेगा तो सुहागरात के समय में तुम भी अपने साथ hi ले लुंगी किसी न किसी तरह.

पहले तुम मेरी ठुकाई करवा देना मेरे दूल्हे से, मतलब मुझे संभल लेना मेरे साथ रहकर जब तुम्हारा दामाद मेरी छूट फाड़ेगा ,

पहली बार मेरी वर्जिन फुद्दी में अपना गधे जैसा बड़ा लुंड दाल कर.

मेरी सील मेरे हुब्बी से तुड़वाने के बाद तुम सास दामाद एन्जॉय कर लेना एक दूजे के साथ.

मतलब तुम मरवा लेना अपना भोसड़ा अपने दामाद से जब तक मेरी फटी हुई फुद्दी का दर्द ठीक नहीं होगा.


और यह अपना साजिद भी मेरी ननद स्मिता के साथ बड़ा घुल मिल रहा है, ऐसा क्यों.

राबिआ : तुम्हारी ननद स्मिता का दाना भी बहुत उछाल कूद कर रहा है,


लगता है वह भी अपनी छूट की सील तुड़वा लेगी साजिद से

जब उसका भाई तुम्हारी फुद्दी की सील तोड़ेगा.

मुझे कोई इतराज़ नहीं दामाद जी से प्यार करने में.

अगर मौका मिला तो में तुम्हारी मदद कर दूंगी सुहागरात पर दामाद जी से अच्छे से छोड़ने में.

लेकिन वो सब तो तुम्हारे ससुराल जा कर करेंगे, अभी क्यों बुलाया तुमने मुझे.

पीहू👇: यार तुम्हारा दामाद

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मुझे ज़ोर से मसल और चुम रहा था,

तो मेने इनको कहा की राजे जब में ससुराल में पहुंचू गई

तो मेरी उखड़ी हुई मेकअप देख कर क्या सोचेंगे सब.

तुम मुझे घर जा कर मसल लेना.


उन्होंने कहा मुझे बहुत बेचैनी हो रही है

बहुत दिल कर रहा है तुम पकड़ कर प्यार करने का.

मेने कहा यार अभी मेरी पिक्स भी लेंगे ससुराल में लोग

तो वहां मेरी गैलन पर लव बिट्स देख कर क्या सोचेंगे सब.

तो अमर ने कहा की अगर तुम राबिआ आंटी को यहाँ पिछली सीट पर बिठा लो बुला कर

तो में उनसे कर लूंगा थोड़ा प्यार.

वैसे भी राबिआ मुझे बहुत पसंद है.


मेने कहा में तुम्हारी सास को बुला तो देती हु लेकिन यहाँ गाड़ी में थोड़ा लिमिट्स में रहना उनके साथ,

घर जा कर जो मर्ज़ी कर लेना

और तुम्हारी बहिन सरिता भी तो बैठी है अग्गे.


उन्होंने कहा तुम बुला लो मेरी सासु माँ को पीछे,

मेरी बहन से क्या डरना है वह भी तो जल्दी से जल्दी तुम्हारे भाई के निचे लेटने की कोशिश कर रही है.

देख लेना घर पहुंच कर मरवा लेगी अपनी फुद्दी तुम्हारे भाई साजिद से.

मेने कहा, मेने भी देखा था शादी के समय

तुम्हारी बहिन सरिता मेरे भाई साजिद के साथ घूम रही थी,

और तुम कोई इतराज़ नहीं होगा अगर मेरा भाई स्मिता की वर्जिन छूट फाड़ देगा तो.

उन्होंने कहा यार तुम कैसे बताऊ, िह्न दिनों मेरी बहन बहुत हीट में है,

कई बार तो वह मुझे भी छू लेती थी.

में तो कहता हु साजिद बुझा hi दे उसकी प्यास. तुम्हारा भाई तो घर का बाँदा है,

मेरी बहन की छूट घिस तो नहीं जाएगी


अगर मेरा साला मर लेगा उसकी फुद्दी.

लेकिन अगर मेरी बहन ने अपनी गर्मी के चलते किसी अजनबी से मरवा ली अपनी फुद्दी

और वह अजनबी गलत बाँदा निकला

तो घर की बदनामी हो सकती है.

मुझे तो कोई इतराज़ नहीं साजिद और स्मिता के मिलान से, अगर तुम कोई इतराज़ है तो बता दो.


मेने कहा मुझे भला क्या इतराज़ होना है, मुझे तो तब भी कोई इतराज़ नहीं अगर तुम खुद भी मेरे साथ साथ अपनी बहन की प्यास भी बुझा दिए करोगे तो.

मेरी ननद रानी कहे प्यासी रहे


और किसी अजनबी से छूट मरवाये,

इस से अच्छा तो वह तुम्हारा डंडा hi ले लिए करे अपनी छूट में.

तुम्हारे ऐसा करने से तुम्हारा लुंड घिस तो नहीं जायेगा,

अगर तुम अपने मुस्सल से मेरी प्यास बुझा ते रहे

तो भला मुझे तुम्हारे किसी और को छोड़ देने पर क्यों इतराज़ होगा

तुम जितनी मर्ज़ी औरतों के साथ एन्जॉय करते रहो, मुझे कोई इतराज़ नहीं होगा

अगर तुम साथ में मेरी प्यास भी बुझा ते रहो तो.


उन्होंने कहा तुम कितनी अच्छी हो, मुझे ऐसी hi खुले विचारों वाली हमसफ़र चाहिए थी. अब तुम जल्दी बुला लो मेरी सास को बखसैत पर हमारे साथ बैठने के लिए ,

मेरा लोढ़ा ज्यादा इंतज़ार नहीं कर पायेगा.

में जल्दी से जल्दी अपना लोढ़ा अपनी सास को पकड़ा न चाहता हु.

उनके ऐसा बोल ने पर hi मेने तुमको पिछली सीट पर बुलाया है तै जी.

राबिआ ने कहा फिर ठीक है.

पीहू ने कहा लेकिन तुम हमारी सुहागरात पर हम दोनों को कैसे ज्वाइन करोगी

यह जुगाड़ तुम hi लगाना पड़ेगा तै जी.


राबिआ ने कहा, तुम फ़िक्र मत करो पीहू बेटी ऐसे जुगाड़ लगाने में तो में माहिर हूँ. में अपनी संबंधन को टिका लुंगी.

उनको बोल दूंगी की मुझे दूल्हा दुल्हन के साथ वाला कमरा दे दो सोने के लिए.

पीहू अभी बची है कहीं बिदक न जाये अमर से प्यार करते हुए,

अगर ऐसा हुआ और पीहू को तकलीफ होगी तो में संभाल लुंगी उसको.

मेरी बातों के चक्कर विहु से तुम्हारी सास निकल नहीं पायेगी

और मुझे साथ वाले कमरे में ठहरा देगी

और में तुम्हारी दामाद जी के साथ सुहागरात को यादगार बना दूंगी.

तुम दोनों की इतना स्वाद दूंगी

की जमाई राजा हनीमून🏩 पर भी मुझे साथ लेके जायेगा तुम्हारे साथ साथ

मतलब हनीमून🏩 पर भी हम दोनों के साथ थ्रीसम किया करेगा.

अमर को भी दोनों लेडीज की बातें कुछ कुछ सुन रही थी

लिहाजा उसने पीहू को पकड़ कर अपनी गोद में बिठा लिया

और अपना हाथ राबिआ👇 की फुद्दी पर

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रख दिया.

राबिआ ने एकबार तो नेहरा करते हुए अपने दामाद का हाथ अपनी छूट पर से हटा दिया लेकिन जब दामाद ने सेकंड बार अपना हाथ अपनी सास के भोसड़े पर रखा


तो कामुक राबिआ जिसकी छूट गन्दी बातों से पहले hi अत्यंत गीली हुई पड़ी थी

ने दामाद के हाथ को हटाने की बाजए

अपना हाथ भी उनके हाथ पर रख दिया और बहुत शिद्दत से मसल आने लगी अपना फुड्डा अमर से.


अमर को बहुत स्वाद आया राबिआ के फुद्दी से खेल कर और मज़े से उसकी aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh निकल गयी.

राबिआ की भी सिस्किअ निकल रही थी लेकिन उसने आवाज बहार नहीं निकली


और दामाद जी के कान में कहा,

राजे आवाज बाहर मत निकालो, अग्गे बचे बैठे हैं.

अमर ने राबिआ की गर्दन चुम कर जवाब दिए, सासु माँ कहे फ़िक्र करती हो,

बचे भी वही कुछ करेंगे या कर रहे होंगे जो हम कर रहे हैं.

तुम बस मज़ा लो , ऐसे बोल कर राबिआ का एक मुम्मा ज़ोर से दबा दिए


और उसका एक हाथ अपने खड़े लोडे पर रखवा लिए.

जब अमर ने जीभ बहार निकल कर पीहू की गाल को चेतना चाहा


तो राबिआ ने कहा

राजे तुम पीहू बेटी को रात में चाट लेना, अभी उसका मेकअप खराब मत करो.

अगर तुम्हारा ज्यादा दिल करता है चाटने का

तो तुम मेरा चाट लो

जो भी तुमने चेतना है.

ऐसे ही अमर पीहू और राबिआ के साथ मज़े ले रहा था पिछली सीट्स पर.

और दूसरी तरफ अग्गे वाली सीट्स पर जहां स्मिता और साजिद बैठे थे,

वहां पर जैसे hi साजिद ने देखा के उसके जीजू ने उसकी बहन को अपनी गोद में अपने लुंड पर बिठा लिए है

तो उस से भी रहा नहीं गया उसने भी अपना हाथ स्मिता 👇 की छूट पर रख दिया.

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स्मिता ने साजिद का हाथ तो नहीं हटाया अपनी फुद्दी पर से

लेकिन उसके कान में कहा बाबू,


भय भाभी कहीं हमें देख न ले पीछे से.

साजिद ने कहा नहीं बेबी कुछ पता नहीं चलेगा उनको,

हमने ब्लैंकेट तो ले रखा है अपने ऊपर, बस तुम आवाज मत करना.

और तुम्हारे भय ने भी तो एक हाथ से मेरी बहन का


और दूसरे हाथ से मेरी मम्मी का बूब पकड़ रखा है.

देखो कितनी बेरहमी से दबा रहे हैं दोनों के चुके.

तो अब अमर जीजू अगर हम दोनों को देख भी लेंगे कुछ कुछ करते हुए

तो चुप hi रहेंगे .

स्मिता भी डेरिंग हो गयी यह सुनकर साजिद से और उसके लुंड के उभर को पेण्ट के ऊपर से दबाते हुए कहा,

यार ये तो तुम ठीक hi कह रहे हो.

मेने भय को भाभी से छेड़छाड़ करते हुए तो देखा था

लेकिन वो तुम्हारी मम्मी को भी मसल रहे हैं

ये मेने नहीं देखा था.

तुम्हारी यह बात तो ठीक है की भाभी को मसल ने का तो हक़ है उनको


लेकिन अगर वह तुम्हारी मम्मी के गुप्तांगो से भी खेल रहे हैं

तो वह हमें कुछ बोलने का हक़ नहीं रखते.

लेकिन भय अपनी सास को भाभी के सामने hi कैसे पकड़ सकते हैं यार.

Sajid:yar यहाँ से साफ दिख रहा है मुझे, अमर जीजू ने मेरी मम्मी की सलवार का नाडा खोल रखा है और उनके भोसड़े के साथ खेल रहे हैं.

तुम्हारी हाइट कुछ लेस्स है मुझसे,

तभी नहीं तुम दिखाई दे रहा है.


और जीजू बहुत आराम से डेरिंग होकर खेल रहे हैं मेरी बहन और मम्मी के गुप्तांगों से,

कुछ छिपा नहीं रहे हैं.

हम तो ऐसा कुछ ब्लैंकेट के अंदर छिपा कर hi ,कर रहे हैं

लेकिन जीजू तो हमसे बिलकुल भी छिपा नहीं रहे बिलकुल बेख़ौफ़ होकर मेरी बहिन और मम्मी के जिस्मों से प्यार कर रहे हैं.

जहां तक मेरी मम्मी को मेरी बहन के सामने पकड़ ने की बात है

तो हमारे घर में सब औरतें खुले विचारों वाली हैं.


मतलब अगर मेरी बहन को कोई इतराज़ नहीं

तो जीजू उनके सामने hi मेरी मम्मी को छोड़ सकते हैं, मम्मी की सहमति से.

तुम ने शायद देखा नहीं पीहू ने खुद मम्मी को बुलाया था पीछे अपने साथ बैठने के लिए.

ज़ाहिर है पीहू की सहमति से hi छोड़ेंगे जीजू मेरी मम्मी को.

शायद गाड़ी में तो चुदाई मुमकिन न हो

लेकिन घर जाकर तो कहाँ छोड़ना है जीजू ने मेरी मम्मी को , छोड़ hi देना है. मुझे लगता है सुहागरात पर जीजू मेरी बहिन और मम्मी दोनों की hi छूट मरेंगे.

स्मिता: ने ज़िप खोल कर साजिद का लोढ़ा बाहर निकल लिए


और लुंड की मुठ मर ते हुए कहा

यार में तो बहुत हैरान हूँ

तुम्हारी ये बात सुनकर


की सुहागरात पर मेरे भय

भाभी के साथ साथ तुम्हारी मम्मी को भी छोड़ देंगे.


लेकिन मेरी मम्मी कैसे घुसने देगी तुम्हारी मम्मी को भय भाभी के कमरे में, सुहागरात समय.

साजिद :ने स्मिता की सलवार का नाडा खोलकर और पेंटी निचे करके


उसकी छूट में एक ऊँगली दाल कर

इन आउट करते हुए कहा

बेबी तुमने यह कहावत तो सुनी hi होगी


की में बीवी राजी तो क्या करेगा काज़ी.

मतलब अगर मेरी बहन और मम्मी अमर जीजू से इकठ्ठा छोड़ना चाहेंगी

और जीजू दोनों की फुद्दी मरना चाहेगा

तो कोई न कोई जुगाड़ ये सब कर hi लेंगे. तुमको तो मेने ये सब बता दिया

तुम्हारी मम्मी को भला क्या पता है,

उसको तो कुछ भी कह देंगे अमर जीजू

मसलन की पीहू की तबियत ठीक नहीं

उसकी तै को अंदर भेज दो.

सूपपोसे अगर कल को तुम्हारी भाभी

और तुम चाहोगी की तुम दोनों को इकठ्ठा छोड़ना है अमर जीजू से,

तो ऐसा होना भी कोई बड़ी बात नहीं होगी.

ऐसे बातों से गर्म होकर स्मिता सिस्किअ लेने लगी ह्ह्ह्हह्हह्हींईईईई ccccccccccc सीईईईई उफ्फफ्फ्फ़. और आवाज रोकने के लिए साजिद ने हाथ रख लिया स्मिता के माउथ पर,

तभी स्मिता ने झाड़ कर बेतहाशा तरल पदार्थ निकल दिए अपनी छूट से.

झड़ने के बाद स्मिता भी ज़ोर से मुठ मरने लगी साजिद के लुंड की उसको फारिग करने के लिए और नतीजे में साजिद के लोडे ने अपना रास स्मिता के हाथ पर hi निकल दिया.

स्मिता ने हाथ पर लगा अपने यार के लोडे का रास बहुत खुश होकर चाट लिए,


अपनी सलवार का नाडा बांध लिए

और हाथ को रुमाल से साफ़ कर लिया.


अपडेट यहीं पर 💯 परसेंट कम्पलीट होती है.

फ्रेंड्स काइंडली लिखे रिप्लाई ंद कमैंट्स करो प्लीज🙏🙏🙏

राजी आप के प्यार के इंतज़ार में
 
थैंक्स ा लोट डिअर परकास 🙏🙏🙏❤️ ❤️❤️ फॉर फर्स्ट like.So लवली 🌹 ऑफ़ ु 💕💋.

स्पेशल 👇 थैंक्स फॉर 1सत लिखे


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अपडेट - 23 पीहू के ससुराल में राबिआ का ,सर्वेंट प्रेम से 👙👠💋मिलान.

पीहू के ससुराल पहुँच ने पर ससुराल वालों ने दुल्हन समेत सब का बहुत प्यार से स्वागत किया.

राबिआ से उसकी समाधान आशा बहुत प्यार से मिली.

असल में आशा के पति की तो बहुत पहले किसी हादसे में मौत हो चुकी थी.

इसीलिए वह भी बहुत प्यासी और कामुक थी. आशा की सभी सहेलियां और रिश्तेदारों को दुल्हन बहुत पसंद आयी.

सब लोग ख़ुशी से नाचने लगे म्यूजिक पर.


Asha:Swagat के बाद आशा , राबिआ से बात करने लगी.

उसने पूछा संधान जी किसी चीज़ की जरुरत हो तो बता देना, में कोई कमी नहीं रखना चाहती तुम्हारी खातिर दारी में.

राबिआ ने कहा नहीं ऐसी कोई बात नहीं जी बस में चाहती हु की मेरा कमरा दूल्हा दुल्हन के साथ वाला hi हो.

बहिन तुम जानती hi हो सुहागरात पर अज्ज क्या करेंगे दूल्हा दुल्हन.


मुझे दर है की कहीं पीहू रोने न लगे ज्यादा तकलीफ के चलते.

अगर ऐसा हुआ और में नजदीक हुई तो संभल लुंगी उसको, में इसीलिए उसके साथ आयी हु.

आशा ने कहा में समझ सकती हु बहिन.

उसने राबिआ और साजिद को दूल्हा दुल्हन के साथ वाला कमरा दे दिया रात को सोने के लिए.

दूल्हा दुल्हन का कमरा मिडिल में था और उसकी साइड वाला एक कमरा अमर की बहन स्मिता का था

और दूसरी साइड वाला अब राबिआ और उसके बेटे को मिल गया.

साइड वाले दोनों कमरों के मिडिल में एक एक दूर था जो मिडिल वाले दूल्हा दुल्हन के कमरे में खुलता था.

आशा ने राबिआ की मुलाकात अपने नौकर प्रेम से करवा कर कहा

की मेरे सर्वेंट प्रेम का कमरा तुम्हारे कमरों की बक्सीडे पर है

और सब के लिए कॉमन बाथरूम भी उसी तरफ है.

अगर किसी चीज़ की जरुरत पड़ी तो तुम प्रेम को बुला कर उसको बता देना वो तुम्हारी जरुरत पूरी कर देगा.

आशा ने यह बात राबिआ को चुम कर एक कातिल मुस्कान के साथ कही.

राबिआ प्रेम की पर्सनालिटी से बहुत प्रभावित हो गयी खास करके उसकी चौड़ी छाती और मस्कुलर बॉडी से.


प्रेम के वारे में सुनकर उसका फुड्डा गिला हो गया और उसने भी अपनी समाधान आशा को चुम कर

कातिल मुस्कान के साथ कहा बहन जी जब प्रेम तुम्हारी सब जरुरत पूरी करता है


तो मेरी जरुरत भी पूरी कर hi देगा,

उसने आशा को हल्का सा हुग करके कहा.

जवाब में राबिआ की समाधान आशा बस सिर्फ मुस्करा दी.

तो खाना खाने लगे सब लोग,

प्रेम खाना सर्वे करने लगा.

राबिआ ने झुक कर प्रेम को अपने बूब्स की झलक

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दिखा कर कहा तुम्हारा खाना बहुत स्वादिष्ट हल तुम मेरे कैसे लगे.


प्रेम ने राबिआ के चूतड़ों पर हाथ फेर कर कहा ऐसे कैसे बताऊँ मैडम जब टास्ते करवाओ गई तभी बता पाउँगा.

राबिआ ने कहा तुम ा जाना मेरे कमरे में टास्ते करने के लिए और यह बताने के लिए की कैसे लगे तुम मेरे.

प्रेम ने कहा मैडम में ऐसे कैसे ा जाऊंगा तुम्हारे कमरे में, वहां तुम्हारा बीटा भी होगा तुम्हारे साथ.

राबिआ ने कहा तुम मुझे भाभी बुला सकते ho,madam कुछ ाचा नहीं लगता .

मुझे लगता है तुम मेरी संधान आशा को भी भाभी hi बुला ते होंगे.

अपने बेटे को में अपने कमरे से कहीं और भेज दूंगी


लेकिन तुझे अपने जरूर दिखा दूंगी

अगर तुम मेरे पास मेरे कमरे में आओ गए तो.

मुझे बहुत क्यूरोसिटी है तुमसे अपने जिस्म के वारे में पूछने की.

प्रेम : ठीक है भाभी जी, फिर कोई समस्या नहीं होगी.


मुझे भी बहुत क्यूरोसिटी है तुम्हारा जिस्म देखने की.

आशा जी को वैसे तो में मेमसाब कहता हु

लेकिन अकेले में तो तुम जैसा कहती हो, भाभी hi कहता हु, उसने एक कातिल स्माइल देकर कहा.

Rabia:Uske बाद में अपने कमरे में ा गयी. मेने देखा की मेरे फुद्दी से प्रेम से मिलने के बाद बहुत लिक्विड निकल ने लगा था


मतलब प्रेम को मिल कर मेरे भोसड़े के मुँह में पानी ा गया था.

या यूँ कहे की मेरा भोसड़ा उसका लोढ़ा अंदर लेने के लिए तड़प ने लगा.

थोड़ी देर बाद साजिद कमरे में ा गया और मुझे पकड़ कर प्यार करके कहने लगा, मम्मी अगर में स्मिता दीदी के कमरे में चला जॉन तो तुम कोई इतराज तो नहीं है.

मेने कहा मुझे क्यों इतराज होगा, मेरी छूट तो तुम पहले hi मर चुके हो, अब तुम स्मिता की छूट hi मर लेना रात को.


जब अमर तुम्हारी पीहू बहिन की छूट फाड़ेगा तब तुम उसकी स्मिता बहिन की फाड् देना.

वह बहुत खुश हो कर मेरे मुम्मे दबा कर स्मिता के कमरे में चला गया.

मुझे अब बहुत प्यार आने लगा अपने नए आशिक प्रेम पर और मेने उसको कमरे में बुलाने के लिए बेल्ल मर दी.

वह फ़ौरन मेरे कमरे में ा गया और मुझे अपनी बहो में लेके चूमने लगा.

मेने कहा अभी तुम्हारा मुझसे ज्यादा चिपक न ठीक नहीं, यहाँ कोई ा सकता है.

जब रात को अमर मेरी बेटी पीहू की छूट फाड़ेगा

तब में तुम्हारा लोढ़ा डलवा लुंगी अपने फुद्दी में.

बस यही बताने के लिए बुलाया था तुम, मेने अपने बेटे को

अमर की बहिन स्मिता के कमरे में भेज दिया है.

अब जब अमर पीहू की फुद्दी का उद्घाटन करेगा तो मेरा बीटा साजिद उसकी बहिन स्मिता की छूट की सील तोड़ देगा

और तुम मेरे भोसड़े में अपना झंडा गाड़ देना.

क्यों किसी लगी तुम मेरी स्कीम.

प्रेम: भाभी आपकी स्कीम तो बहुत अच्छी है लेकिन उस से पहले

एक बार में तुम्हारे मुम्मे नंगे देखना चाहता हु.

राबिआ :यार में भी तुम्हारा नंगा लोढ़ा पकड़ कर देखना चाहती हु लेकिन ऐसा करना अभी ठीक नहीं है.

प्रेम: भाभी जी यहाँ तो ऐसा करना ठीक नहीं लेकिन और एक जगह है जहां हम ऐसा कर सकते हैं.

िह्न कमरों के पीछे कॉमन बाथरूम है.

में अभी यहाँ से चला जाता हूँ.

थोड़ी देर बाद तुम बाथरूम में ा जाना, में भी वहां ा जाऊंगा.

बाथरूम में कर लेंगे हम एक दूसरे के गुप्तांगो से प्यार

और अगर तुम ने कुछ ज्यादा करना है तो बाथरूम के पीछे hi मेरा कमरा है

तुम वहां ा जाना डार्लिंग भाभी जी.

राबिआ : यार बाथरूम में या तुम्हारे कमरे में आउंगी

तो वहां पर मेरी संधान आशा भी तो ा सकती है.


Prem:bhabhi जी तुम आशा भाभी की कोई फ़िक्र न करो, वो मंद नहीं करेगी

अगर उन्होंने हमें सम्भोग करते देख भी लिया तो.

और अगर तुम को कोई इतराज नहीं होगा तो उसको भी तुम्हारे साथ hi छोड़ दूंगा में.

असल में वह तो खुद बहुत गरम है अपने बेटे की सुहागरात को लेकर.

उसने तो इसी कमरे में मुझसे सुहागरात मन ने की बात सोची हुई थी


जब उसके बेटे ने उसकी बहु की छूट फडनी थी. लेकिन सब यह कमरा तुमने ले लिया आशा भाभीजी से.

राबिआ: फिर क्या हुआ, अभी थोड़ी देर में

में तुम्हारे कमरे में ा कर तुम से थोड़ा प्यार कर लुंगी और रात को


जब अमर , पीहू की छूट मरेगा

तब तुम मेरे और आशा बहिन दोनों के साथ सुहागरात मन लेना.

मतलब तुम दोनों संधान ो को एक साथ hi छोड़ लेना .

प्रेम: तुझे शर्म नहीं आएगी अपनी संधान के साथ साथ मुझसे सम्भोग करने में.

राबिआ: जब उसको तुम से अपना फुड्डा मरवाने में कोई शर्म नहीं आएगी

तो क्या शर्म का ठेका सिर्फ मेने hi ले रखा है.

जब हम दोनों ने hi तुम्हारा लोढ़ा अपने भोसड़े में लेना है

तो फिर हम दोनों संधान बहनो को एक दूसरे से शर्म कहे की.

राबिआ 👇:

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इसके बाद प्रेम मेरा हाथ पकड़ कर अपने गधे जैसे लुंड पर दबा कर


यह कह कर चला गया की

वह बेसब्री से मेरी उडीक करेगा अपने कमरे में.

मेने क्या बोलना था मेरा फुड्डा तो पहले hi पानी पानी हुआ पड़ा था

और जल्दी प्रेम का लोढ़ा समां लेना चाहता था अपने अंदर.

लिहाजा में फ़ौरन अपने कमरे से निकल कर चरों तरफ देखती हुई चुपके से सर्वेंट प्रेम के कमरे में पहुँच गई.

कमरे में एक टूटी सी गन्दी सी चादर वाली चारपाई राखी हुई थी.

पहले तो मुझे अपने आप पर कुछ शर्म सी आयी

की एक गन्दी सी चारपाई पर

एक गंदे से कमरे में


में एक नौकर से अपना भोसड़ा मरवाने आयी हु.

लेकिन मेरी छूट की भयानक खुजली के चलते मेने इस विचार को फ़ौरन त्याग दिए.

में ये सब सोच hi रही थी की प्रेम मुझे पकड़ कर चूमने लगा.

में भी उसके चुम्बन का भरपूर जवाब देने लगी

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चूँकि मेरी छूट में भी अग्ग लगी हुई थी.

प्रेम मेरी गर्दन चूमने लगा, मेरे चुके दबाने लगा और मेरी ब्रा और ब्लाउज उतर ने लगा मेरे बूब्स से प्यार करने के लिए.


मेने भी ज्यादा समय वास्ते करना उचित नहीं समझा और उसको मुझे नंगा करने में उसकी सहायता की.

हमारे पास ज्यादा समय नहीं था इसलिए में बगैर किसी नखरे के नंगी हो गयी .


वह मेरे बड़े और प्यारे मुम्मो को दबाने और मसल ने लगा.

मेरी ब्रैस्ट के निप्पल्स को मुँह में लेके बरी बरी से चूसने लगा.

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उसके रफ़ हैंड्स मेरे सॉफ्ट जिस्म से खेलने लगे.

उसके ऐसे प्यार से

में और ज्यादा गर्म होकर सिस्किअ लेने लगी hhhhhhhhhh iiiiiiiiiiiiii ccccccccccccccccc uffffffffffff Premmmmmmmmmmmmmm और ज़ोर से दबाओ मेरे बूब्स, खा जाओ मेरे चुके मेरे प्यारे यार जी.

फिर मेरा नई यार बहुत ज़ोर से प्यार करने लगा मेरे बूब्स को, मेरी नाभि और पेट चाटने लगा.

मेरे अंदर की गर्मी के चलते मेने उसका मुँह अपने भोसड़े पर दबा दिए.


वह बहुत शिद्दत से मेरी छूट चाटने लगा. में खुद हिल हिल कर चटवाने लगी उसको अपना भोसड़ा.

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वह मेरी गांड से भी खेलने लगा, मेरे चुत्तड़ चाटने लगा.

उसके प्यार से मुझे लगातार सिस्किअ ा रही थी. वह मेरी गांड के छेड़ को तैसे करने लगा.

में भी और ज़ोर से चटवाने लगी उस से अपनी छूट.

मेने कहा अभी ज्यादा कुछ करने का समय नहीं है और उसका अंडर वियर निचे करके उसका घोड़े जैसा लुंड बहार निकल लिया.

उसके लोडे की मुठ मरने लगी, उसको 💋किश करने लगी.


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उसका लोढ़ा मुँह में लेके चाटने लगी. वह भी ज़ोर से धक्के लगा कर लुंड से मेरा मुँह छोड़ने लगा.

मेने उसको लोढ़ा छूट में डालने का इशारा किया.

उसने लुंड मेरे भोसड़े के छेड़ पलर रख कर धक्का मर दिए


और आधा लुंड मेरी छूट में दाल दिया.

उसका लोढ़ा मोटा था लिहाजा मुझे थोड़ा दर्द हुआ.

मेने उसको कहा राजे तुम्हारा लोढ़ा बहुत बड़ा है, तुम धीरे धीरे लुंड दाल कर छोड़ो अपनी राबिआ भाभी को.

लेकिन मर्द कहाँ रुकते हैं ऐसे मौकों पर.


उसने मेरी ताबड़तोड़ चुदाई शुरू कर दी.

पहले पहले तो मुझे उसके तेज धक्कों से दर्द हुआ लेकिन जल्दी hi मेरे फुद्दी में उसके बड़े लुंड के लिए जगह बन गयी और मुझे भरपूर स्वाद आने लगा.

मेने हिल हिल कर अपने फुद्दी की गहरायिओं में लेना शुरू कर दिया उसका लोढ़ा.

मुझे हिलते देख कर उसने भी अपने धक्के और तेज कर दिए और मुझे असीम आनंद की प्राप्ति होने लगी.

उसने आधा घंटा मेरी जबरदस्त चुदाई की और उसके बाद हम दोनों इकठ्ठा hi फारिग हो गए.

उसने मेरा फुड्डा अपने माल से भर दिया.

मेरे भोसड़े से हम दोनों की छुम का मिक्सचर बहार टपकने लगा.

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प्रेम ने मुझसे पूछा क्यों भाभी जी तुझे मज़ा आया मुझसे अपना भोसड़ा मरवा कर.


मेने कहा मुझे बहुत स्वाद आया राजे तुम्हारे गधे जैसे लुंड से चुद कर.

तुम बताओ तुम केसा लगा अपनी राबिआ भाभी का भोसड़ा मर कर.

उसने कहा भाभी जी मुझे बहुत स्वाद आया.


तुमने मुझे 💯 ℅ संतुष्ट करके,

ज़न्नत की सैर करवा दी.

मेने कहा राजे ये तो अभी ट्रेलर है अभी पिक्चर🖼️ तो में तुमको रात को दिखाऊ न गई.

अपडेट यहीं पर 💯 ℅ कम्पलीट होती है.


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राजी आपके रिप्लाई के इंतज़ार में
 
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थैंक्स ा लोट डिअर लवली सिस्टर्स आरुषि & रिया एंड धुरंधर संजू सर फॉर सुच ा नीस & सेक्सी डिस्कशन ों माय स्टोरी thread.Raji धन्य हुई स्टोरी पर

आप तीनो की इस सेक्सी डिस्कशन से 🙏🙏🙏❤️❤️❤️💋
 
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अपडेट - 24 साजिद और दूल्हे की बहन स्मिता का संवाद.

राबिआ बहुत खुश हुई सर्वेंट प्रेम से सम्भोग करके.

पहले तो उसने अपने लिए दूल्हे दुल्हन के साथ वाला कमरा इसलिए लिए था अपनी संधान से


चूँकि वह उनकी सुहागरात देखने के साथ साथ खुद भी मौका देख कर दूल्हे से छोड़ना चाहती थी

लेकिन अब प्रेम से उसकी आश्चर्य जनक चुदाई के चलते उसकी दिलचस्पी दूल्हे से थूकने की बजाये प्रेम से hi छोड़ने में हो गयी थी.

तभी उसके कमरे में घर का एक और नौकर सुशिल आया

और उसको बाँहों में लेके बोलै,

भाभी जी थोड़ा मज़ा मुझे भी दे दो जैसे प्रेम को दिए है.


राबिआ ने कहा यार तुम कैसे कह सकते हो की मेने प्रेम को स्वाद दिए है, ऐसी कोई बात नहीं है.

सुशिल ने कहा भाभी जी अगर अग्गे से किसी का डंडा अपने फुद्दी में डलवाओ तो दरवाजा बंद कर लिया करो.

चूँकि दरवाजा खुला था इसलिए मेने तुझे प्रेम से छूट मरवाते हुए देख लिया था. लेकिन इसमें मुझे कोई इतराज नहीं होगा

अगर तुम मेरे सांप को भी अपने बिल में पनाह दे दो .


राबिआ: यार तुम कल कर लेना मुझसे मज़े, अज्ज अभी प्रेम आता hi होगा मेरी अच्छी तरह ठुकाई करने के लिए.

जो तुमने देखा था वो तो सिर्फ ट्रेलर था, अभी हमारी पूरी पिक्चर तो यहाँ चलने वाली है.

प्रेम को कहे बताना है की में तुझसे भी छोडूंगी.


सुशिल ने कहा किसी से डरने की कोई जरुरत नहीं, हम दोनों तो इकठ्ठा hi छोड़ते हैं मालकिन आशा को

और तुझे भी इकठ्ठा hi थोक देंगे.

राबिआ ने कहा यार ऐसे क्यों करते हो तुम.

अगर तुम दोनों को मेरी ठुकाई करते हुए मेरी संधान आशा ने देख लिए तो मुझे शर्मिंदगी उठा नई पड़ेगी.


बल्कि तुम बाहर रह कर आशा पर नज़र रखना जब में प्रेम का डंडा ले रही होयुंगी अपने फुद्दी में.

और जब प्रेम मेरी चुदाई कर चुकेगा तो तुम ा कर थोक लेना मुझे और वो बहार नज़र रख लेगा.


सुशिल ने कहा, कोई मुश्किल नहीं होगा आशा भाभी को भी साथ में hi छोड़ देंगे हम दोनों.

हम दोनों तुम दोनों भाभी ो को बरी बरी से अच्छी तरह थोक देंगे.

तुम दोनों की hi पूरी तसल्ली करवा देंगे.


राबिआ: यार तुम एक बार तो मुझे अकेले अकेले hi छोड़ लो दोनों.

जब मेरी शर्म थोड़ी लेस्स हो जाएगी तुम से चुद कर, फिर चाहे तुम दोनों अपनी दोनों भाभी ो को इकठ्ठा hi थोक लेना.

एकदम मुझे इतना बेशर्म मत बनाओ तुम प्लीज.


अगर तुम दोनों मेरी ठुकाई अच्छी तरह करोगे तो हो सकता है में यहाँ तुम से छोड़ने के लिए कुछ ज्यादा दिन रुक जॉन.

इतनी सी बात तो मान लो तुम अपनी राबिआ भाभी की, मेने सुशिल का बड़ा लोढ़ा दबा कर कहा.

वैसे मुझे तुम दोनों के औज़ार बहुत पसंद ए हैं

और में खुद भी तुमसे थूकने के लिए बहुत उत्सुक हूँ.

लेकिन तुम थोड़ा सबर करो, में तुझे बहुत मज़ा दूंगी.

और इसके बाद भी हो सकता है में तुमसे छोड़ने के लिए आती रहूंगी अपनी भतीजी से मिलने के बहाने.


सुशिल ने राबिआ को चुम कर

और उसके चुके मसल कर कहा, जी भाभी जी फिर ठीक है जी.

में तुम जैसा कहती हो वैसे hi सहमत हु और अभी जाता हु,

थोड़ी देर बाद मौका देख कर पहले

प्रेम hi ा जायेगा तुम्हारे पास तुम्हारी छूट मरने.

में अपना नंबर उसके बाद लगा लूंगा.


राबिआ ने भी उसके लुंड को दबा कर और उसको चुम कर विदा कर दिए.

वह अंदर से बहुत खुश हो गयी के दोनों सर्वेन्ट्स के लोडे कितने बड़े हैं घोड़े के लुंड जैसे, कितना मज़ा देंगे ये दोनों मेरे भोसड़े में अपना वीर्य दाल कर.

दूसरी तरफ जब साजिद जाने लगा दूल्हे की बहन स्मिता के पास तो रस्ते में उसने किचन में आशा और प्रेम को एक दूजे की बहो में देखा.

प्रेम किचन में आशा से इंटिमेट हो कर मसल रहा था उसको.

आशा ने उसको कहा यार अभी तो तुम मेरी संधान राबिआ 👇

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की छूट मर कर ए हो

और अब मुझे पकड़ लिया.


मेरी छूट में तो तुम जब मर्ज़ी अपना लुंड दाल लेना बाद में

अभी तुम मेरी संधान राबिआ से मज़े करलो

चूँकि उसने तो एक 2 दिन में चले जाना है.

उसके यहाँ से जाने से पहले तुम दोनों सर्वेन्ट्स अच्छे से ठुकाई करलो राबिआ की,

मेरे ऊपर तो तुम दोनों जब मर्ज़ी चढ़ सकते हो उसके जाने के बाद.

में तो तुम दोनों के लिए घर की मुर्गी दाल बराबर हूँ

अभी तुम बाहर की बिरयानी का स्वाद ले लो.


प्रेम ने कहा अभी सुशिल गया है राबिआ के ऊपर हाथ फेरकर उसको टिकने के लिए.

अगर राबिआ मान गयी तो हम दोनों इकठ्ठा hi थोक देंगे उसके फुद्दी में अपने लुंड.

आशा 👇 ने कहा

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यार पहले तुम दोनों अकेले अकेले hi छोड़ लो मेरी संधान को


जब तुम खुल जाओगे उसके साथ तब इक्कठे थोक लेना उसको.

तब मुझे भी शर्म नहीं आएगी तुम दोनों से उसके सामने hi छोड़ने में

लेकिन एक बार तुम दोनों राबिआ को थोक कर उसको बेशर्म बना दो.


प्रेम ने आशा की छूट मसल कर कहा जी भाभी जी ठीक है जैसा तुम कहो.

तभी साजिद ने महसूस किआ के स्मिता 👇

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भी उसके साथ चिपक कर अपनी मम्मी और प्रेम की इंटिमेसी देख रही थी.

साजिद उसको, उसके चुचों से पकड़ कर कमरे में ले गया

और पूछने लगा की स्मिता डिअर तुम्हारी मम्मी कैसे प्रेम के साथ इंटिमेट हुई,

प्लीज मुझे इस वारे में सब कुछ बताओ.

अभी दूल्हा दुल्हन को तो सुहागसेज पर आने में समय लगेगा, तब तक तुम मुझे बताओ के सर्वेन्ट्स के साथ तुम्हारी आशा मम्मी का टंका कैसे भिड़ा.


स्मिता बताने लगी: यार मेरी मम्मी बहुत चूड़ाकड है.

में छुप छुप कर अपने मम्मी पापा की चुदाई देखा करती थी.

मेरी मम्मी हमेशा से बहुत प्यासी है.

मेरे पापा थक जाते थे उसको छोड़ते हुए लेकिन वह नहीं थकती थी, हमेशा त्यार रहती थी पापा से थूकने के लिए.

जब मेरे पापा जिन्दा थे तब वह किसी न किसी तरह मम्मी की प्यास बुझा ते रहते थे.

लेकिन जब मेरे पापा की कुछ वर्ष पहले अचानक एक्सीडेंट में मौत हो गयी

तब मम्मी की प्यास को कौन बुझा पता.

वह छोड़ने के लिए बहुत उत्सुक रहने लगी.

हमारे सर्वेन्ट्स तो मेरी ब्यूटीफुल❤ मम्मी के पहले से hi दीवाने थे.

पापा के जिन्दा रहते वह प्यार से मेरी मम्मी को भाभी भाभी तो कहते रहते थे

लेकिन उनमें उसको पकड़ कर रगड़ ने का हौसला नहीं था.

पापा की मौत के बाद मम्मी भी दोनों सर्वेन्ट्स को घास डालने लगी


मतलब उनको अपना कामुक रूप दिखने लगी.

किचन में जाकर उनको थोड़ा छूने लगी.

मम्मी के ऐसा करने से सर्वेन्ट्स का हौसला बढ़ गया.


एक दिन मेने देखा की प्रेम ने किचन में मम्मी को बूब्स से पकड़ रखा था. मम्मी चुप चाप उनसे अपने मुम्मे मसलवा रही थी.

फिर प्रेम मम्मी की छूट को दबाने लगा और उसने अपना बड़ा लोढ़ा मम्मी के हाथ में पकड़ा दिए.


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मम्मी ने उसके लुंड को दबा कर कहा, ये तुम क्या कर रहे हो देवर जी

यहाँ किचन में बचे देख लेंगे.

मम्मी वैसे छोड़ना तो चाहती hi थी प्रेम अंकल से बस ऊपर ऊपर से नखरे कर रही थी.

स्माइल करते हुए कहने लगी तुझे शर्म नहीं आती अपनी मालकिन के साथ ऐसी हरकत करते हुए.

लेकिन प्रेम भी खिलाड़ी था और समझ गया की छोड़ना तो चाहती है आशा मेमसाब बस थोड़ा पर्दा चाहती है.

उसने नोट किआ की मेरी मम्मी ने उसका लुंड अभी तक पकड़ रखा था

और कहने लगा भाभी जी ठीक है यहाँ बचे देख लेंगे

तो में रात को तुम्हारे कमरे में ा जाऊंगा.

तुम वैसे hi मेरा बड़ा लोढ़ा देख कर दर रही हो.


मेने तुम्हारी छूट थोड़ा मारनी है बस वैसे hi प्यार करना है तुझसे सिंपल वाला.

मम्मी मुस्करा कर कहने लगी कितना गन्दा बोलते हो तुम.

रात को कहीं सचमुच मत ा जाना मेरे कमरे में, मम्मी ने स्माइल देकर और प्रेम का लुंड मसल कर कहा

और भाग कर किचन से बहार ा गयी.

में साइड पर हो गयी और मम्मी अपने रूम में चली गयी.

फिर मेने प्रेम को किचन में कहते सुना, अज्ज तो में भाभी जी की प्यास बुझा कर hi डैम लूंगा.


मुझे पता है अंदर से तो मालकिन छोड़ना चाहती है

बस बहार से hi नखरे कर रही है.

एक बार मुझसे प्यार करके तो देखले आशा भाभी, में उसको ज़न्नत की सैर करवा दूंगा.

उस रात में जल्दी नहीं सोई चूँकि मुझे पता था की रात को हमारा सर्वेंट प्रेम


, मम्मी की ठुकाई करने जरूर आएगा मम्मी के बैडरूम में.

मम्मी या तो रूम का दरवाजा बंद hi नहीं करेगी या फ़ौरन खोल देगी प्रेम के नॉक करने पर.

वही हुआ जो मेने सोचा था आधी रात को प्रेम दबे पाऊँ मम्मी के रूम की तरफ जाने लगा.

जैसा मेने सोचा था कमरे का दरवाजा खुला था, मतलब मेरी मम्मी त्यार थी हमारे नौकर प्रेम से अपना फुड्डा मरवाने के लिए.

पहले मम्मी ने दरवाजा खुला छोड़ा था और अब प्रेम ने भी अंदर दाखिल hokar,door क्लोज नहीं किआ.

में दरवाजे को थोड़ा पुश करके दरार से अंदर का नज़ारा देखने लगी.


अंदर जाकर प्रेम ने मम्मी को अपनी बहो में लेके चुम्मा.

मम्मी ने भी प्रेम अंकल को चुम लिए


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और ऊपर ऊपर से कहा, मेने तुम्हे महना किआ था न, तुम फिर भी ा गए.

प्रेम ने मम्मी के चुके दबा कर कहा , तुम जैसी खूबसूरत भाभी को भला कोई कैसे छोड़ सकता है.

अज्ज तो में तुझे छोड़कर hi जाऊंगा.

मम्मी ने कहा कितना गन्दा बोलते हो तुम, ऐसे कोई साफ़ थोड़ा बात करता है अपनी मालकिन को छोड़ने की.

पहले थोड़ा प्यार करना चाहिए उस से जिसके साथ सम्बन्ध बना न होता है, फिर अपने आप बात अग्गे बढ़ जाती है.


सीधे hi छोड़ने जैसे डर्टी शब्द थोड़ा बोलता है कोई.

प्रेम ने मम्मी का ब्लाउज उतर दिया जिसमें मम्मी ने भी बहे ऊपर उठा कर उसकी मदद की.

ब्लाउज खुलते hi मम्मी के बड़े मुम्मे फड़फड़ा कर बहार ा गए.

और प्रेम अंकल ने बहुत ज़ोर से मम्मी के बड़े बूब्स दबाते हुए कहा


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एक तो जी अब तुम मालकिन के साथ साथ मेरी भाभी भी बन गयी हो

दूसरा जब एक बार तुम मेरा लोढ़ा अपने भोसड़े में डलवा लोगी

तो तुझे कुछ भी गन्दा नहीं लगेगा.

तब आशा भाभी जी तुझे मेरे लुंड समेत मेरा सब कुछ अच्छा hi लगेगा,

अंकल ने मम्मी की ब्रा उतर ते हुए

और बूब्स से प्यार करते हुए कहा.

मम्मी भी वैसे hi ड्रामा कर रही थी ऊपर ऊपर se,uncle से छोड़ने के लिए तो वह कब से उत्सुक थी.

खुद hi बहुत ज़ोर से अपने चुके मसल व रही थी अंकल से

और ज़ोर से सिसक भी रही थी aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh हीईईई मेरे राजेईईई दबाआआआ लेटी ज़ोररररर सीए hhhhhhhhhh iiiiiiiiiiiiii ccccccccccccccccc uffffffffffff सीईईईई.

ऐसे बोलते हुए कभी एक मुम्मा अंकल के मुँह में दाल कर चुसवा रही थी कभी दूसरा.

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अंकल भी समझ गया था की लोहा गरम हो गया है अब हथोड़ा मरने का समय ा गया है.


लिहाजा अंकल दोनों बूब्स चूसने के साथ साथ, मम्मी का पेट और नाभि भी चाट रहा था.

मम्मी भी अब शर्म छोड़ कर उसके साथ पूरा सहयोग करने लगी सिस्किअ भरते हुए. अंकल ने अब मम्मी को पूरा नंगा कर दिए और खुद भी नंगे होकर उन्होंने अपना बड़ा कला लुंड मम्मी के हाथ में पकड़ा दिए. मम्मी ने फ़ौरन अंकल का लुंड पकड़ कर उस से प्यार करना शुरू क्र दिए.

प्रेम ने अपना घोड़े जैसा बड़ा कला लुंड मम्मी के होंठों पर रख दिया.

मम्मी ने पहले ऊपर ऊपर से लुंड को चूसने से इंकार कर दिए लेकिन जब अंकल ने ज़ोर से अपना मुस्सल मम्मी के मुँह में ठूस दिए

तो वह बाबत मज़े लेके चूसने लगी अंकल का बड़ा लोढ़ा.

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और कहने लगी यार तुम्हारा ये तो बहुत बड़ा है गधे के लुंड जैसा

ये तो मेरी छूट को फाड् hi डालेगा.

अंकल ने कहा क्यों मालिक का इतना बड़ा नहीं था.

मम्मी ने कहा मेरे हुब्बी का तो तुम्हारे लोडे से आधे साइज का hi था.

अब तुम मुझे छोडो गए तो नहीं,

में जानती हु तुम डालोगे तो जरूर अपना मॉन्स्टर मेरे फुद्दी में

लेकिन तुम ऐसा करना, अज्ज मुझे आधे लुंड से hi छोड़ लेना.

अज्ज तो में तुम्हारा पूरा लुंड नहीं ले पाऊँगी अपने भोसड़े में,

लेकिन धीरे धीरे जब मेरे फुद्दी में स्पेस बन जाएगी

तब तुम मुझे अपना कम्पलीट लोढ़ा दाल कर छोड़ लेना.

अज्ज अगर तुम पूरा लोढ़ा दाल कर मुझे छोड़ो गए

तो मेरी चीख निकल जाएगी

और मेरी बेटी ा सकती है कमरे में

मेरी चीख सुनकर.

अंकल ने कहा, भाभी जी तुम फ़िक्र न करो

में तेल लगा कर छोडूंगा तुमको,

चीख नहीं निकल ने दूंगा तुम्हारी.

और अगर तुम्हारी बेटी ा भी जाएगी तो भी क्या फर्क पड़ता है,

उसको भी छोड़ दूंगा में.


वैसे स्मिता भी काफी गर्मी में है अज्ज कल उसको भी लुंड चाहिए hi.

मम्मी ने कहा यार ये किसी बातें कर रहो हो तुम, पहले मुझे तो छोड़ लो .


अभी से तुम्हारी नज़र मेरी बेटी पर है.

स्मिता तो वर्जिन है वह कैसे ले लेगी तुम्हारा मॉन्स्टर अपनी छूट में.

ऐसे बोल कर मम्मी बहुत गर्म होकर सिस्किअ लेने लगी हीईईई ccccccccccccccccc uffffffffffff सीईईईई उफ्फफ्फ्फ़ प्रेममममम.

और ऐसे बोलते हुए मम्मी ने अंकल का मुँह अपनी छूट पर दबा दिए.

प्रेम अंकल को और क्या चाहिए था वह फुड्डा चाटने लगा मम्मी का.

जैसे hi अंकल ने अपने काळा खुरदरे होंठ मम्मी की छूट पर रखे


मम्मी फिर ज़ोर से सिसकने लगी

और अंकल को लोढ़ा छूट में डालने का इशारा किआ.

अंकल तो कब से त्यार थे लोढ़ा मम्मी के फुद्दी में डालने के लिए, उन्होंने फ़ौरन अपना लुंड मम्मी की छूट के छेड़ पर रख के धक्का मर दिए.

अंकल का आधा लुंड छूट में दाखिल हो गया, दर्द से मम्मी की आआअह्ह्ह aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh निकल गयी.

मम्मी ने कहा, राजे अब ज़ोर से धक्के मत लगाना, जितना लुंड मेरी योनि में चला गया है, उतने से hi धीरे धीरे धक्के लगा कर छोड़ लो अपनी आशा भाभी को.

प्रेम ने कहा जी भाभी जी जैसे तुम कहोगी वैसे hi छोडूंगा में तुझे, कोई जबरदस्ती नहीं करूँगा.

और अंकल आराम से लोढ़ा अंदर बाहर करने लगे मेरी मम्मी की छूट में.


लेकिन देखते hi देखते अंकल का पूरा लुंड मम्मी के भोसड़े ने निगल लिए

और मम्मी हिल हिल कर

अंकल को ज़ोर से धक्के लगाने के लिए उकसाने लगी .

अंकल ने मेरी मम्मी की धुंआ धार ठुकाई

शुरू कर दी

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और काफी देर बाद मम्मी झाड़ गयी

और तक़रीबन उसी समय अंकल के लोडे ने भी छूट कर मम्मी का फुड्डा अपने वीर्य से भर दिया.

मम्मी और अंकल दोनों की छुम का लिक्विड मम्मी के फुद्दी के बहार टपकने लगा. अंकल ने अपने मॉन्स्टर से मम्मी को थोक कर उसकी पूरी तस्सली करवा दी.


चुदाई के बाद दोनों एक दूजे को बहो में लेकर चूमने लगे.

अंकल ने मम्मी से पूछा क्यों भाभी केसा लगा तुझे अपने देवर का प्यार.

मम्मी ने कहा देवर राजे तुमने अपनी भाभी को छोड़ कर


पूरी तरह संतुष्ट कर दिए, ज़न्नत की सैर करवा दी.

अब बताओ तुझे क्या चाहिए मुझे इतनी ख़ुशी देने के बदले में.

अंकल ने कहा तुझे पता hi है भाभी जी मुझे क्या चाहिए, एक तो अब मुझे हर रात तुम्हारी छूट चाहिए

और दूसरा में स्मिता बेटी को भी ऐसे hi छोड़ना चाहता हु जैसे तुझे छोड़ा है.


मम्मी ने कहा तुम्हारी एक बात तो में अभी मान लेती हु तुम अब रोज रात को ा जाया करना मेरी छूट मरने के लिए

और दूसरी बात के लिए तुझे थोड़ी वेट करनी पड़ेगी.

चूँकि अभी hi अगर तुमने इतने बड़े लुंड से स्मिता बेटी को छोड़ कर उसकी छूट खोल दी,

तो उसके पति को उसकी खुली हुई छूट देख कर उस पर शक हो सकता है.

लिहाजा उसकी शादी के बाद जब वह अपनी छूट अपने हुब्बी से मरवा कर घर आया करेगी

तब में तुम्हारी सहायता कर दूंगी उसकी छूट मरने में किसी न किसी बहाने से.

और अगर वह तुम्हारे निचे लेटने के लिए नखरा करेगी तो में उसको समझा बुझा कर तुम से छोड़ने के लिए मन लुंगी.


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फ्रेंड्स काइंडली लिखे रिप्लाई ंद कमेंट करो 🙏🙏🙏

राजी को आपके प्यार का इंतज़ार रहेगा.
 
वैरी नीस पोएम डिअर लवली आरुषि सीस, जस्ट सुपर और पिक्स का तो क्या kehna.Thanks ा लोट 💕 अरु ❣️❣️❣️

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