- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 139,766
मेगा अपडेट -41
रात के 3 बजे के करीब मुझे अपने ऊपर वजन महसूस हुआ तो मैंने आंख खोल के देख की दीदी अपनी छूट में लुंड लिए ऊपर निचे हो रही थी
में- उठा hi लेती इतना मैं था तो
दीदी- बस जब छूट में आग लगती है न तो बस कुछ समझ नहीं पाती में और जब तेरे जैसा भाई बगल में हो तो क्या पूछना फिर तो लुंड छूट में लो और शुरू हो जाओ
में- और जब शादी कर के चली जाओगी तब किस पैर चढ़ के बैठोगी
दीदी- तेरे hi ऊपर बैठूंगी मेरे भाई मेरी छूट को तेरा लुंड hi सकूं देता है और मुझे किसी से कोई मतलब नहीं है समझा तो अभी मूड मत ख़राब कर बस मजा ले और दे आअह्ह्ह साला घोड़े का है तेरा ऊऊफफफफफफ
में- अरे मेरी जान गुस्सा क्यों हो रही हो ऐसी बात है तो ये लो
और एक झटके में दीदी को पलट के घोड़ी बनाया और पीछे से उसके दोनों हाथो को पकड़ के तेज़ तेज़ लुंड पेलने लगा
आआह्ह्ह्हह्ह ित्तन्नीई तेज़ क्यों कर रहा है आराम से नहीं कर सकता क्या आआआहहहहह mmmmmaaaaaaaaaaaa मम्माआरररररगगगगगआयआयययययीईईई जज़्ज़ाएलीयंम बहिन हु तेरी रंडी नहीं समझा ना प्यार से काररर
में- क्यों क्या हुआ अभी तो बहुत बोल रही थी अब क्या हुआ बस इतनी hi आग थी जो इतनी जल्दी ठंडी पद गयी पैर में तो अब करके hi हटूंगा अब तुम बस मजे लो
दीदी- हां तो ये थोड़ी बोलै था की मुझे मारर होई दे आआअह्ह्ह्ह मम्माआ oooohhhhhhuuuuufffffffffff हाथ तो छोड़ दे कामीणी आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्हआआ अक़बबब कारररर जैसे तेरा मैं करे ऊऊफफफफड़फ्फ्फ मेरे भाई में मर जाउंगी तेरे बिना आआह्ह्ह्हह माआआ yeee3sssssss ीीीेस्सस्सवस्स ीीीेस्सस आआह्ह्ह्ह माआ देख ले तेरे बेटे ने तेरी बेटी की छूट फाआड़द्द डीईई माआआ ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह मीटीए गैय्यियीईइ रररीीीीे माआ आअह्ह्ह्ह युवी बुस्स्सस कर भाई ऊऊफफफफफफफफफ
आआह्ह्ह मेरी प्यारी दीदी अभी कैसे बस करू चाटतायकक कछहहयतत्ताआक्ककक तो थप्पड़ मारे गांड पे और फिर छोड़ते हुए दीदी की चुकी मसल ने लगा जोर जोर से जिस से दीदी की हालत पतली हो ररहि थी कभी थप्पड़ और कभी चुकी मसल ने से दीदी की गांड और चुकी दोनों लाल पद चुकी
दीदी- आअह्ह्ह्हह मर गयीईइ मा रररीी कामिनी मार न रुक क्यों गया बहुत मजा आ रहा है मसल मेरी चूचियों को उखड से इन्हे आआह्ह्ह इनकी वजह से hi मेरी ये हालत होती है आअह्ह्ह्ह ईस्सस हर्डर मोरे हर्डर मेरे भाई उउउउउउउफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh mmmmaaaaaaaaaaa उउउउउउम्मम्मम्मम्म ममममम आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आआह्ह्ह्ह आअज क्या खा कर चढ़ गया तू uuuuufffffffffff मई टट्टूओं फिर से ायनी वाली तू कब झाड़ेगा reeeeeeeeeee आआह्ह्ह्ह
और एक दम से शांत पद गयी
में- आआह्ह्ह्हह बस मीटींन भी आए hi रहा हु मेरे जाननं उउउउउउफफ्फ्फफ्फ्फ़ क्या मस्त छूट है टेरिइइइइइइइइ आअह्हह्ह्ह्हह आह्ह्ह्हह दद्दीीड्डडीईई में ाययययय अअअअअअअ
दीदी- मुझे दे में करुँगी
और घूम कर बैठ गयी और तेज़ तेज़ मुठ मार ने लगी और कुछ hi सेकण्ड्स में मेरे लुंड से पिचकारी उडी जो दीदी के फेस और चूचियों पे गिरी
जिसे मस्ती में उड़ते हुए देखती रही
दीदी--- आआअह्ह्ह्हह कितना माल भरा है तेरे अंदर रोज़ चुद रही हु फिर भी काम नहीं हो रहा
में- आपकी आग भी तो रोज़ बढ़ती जा रही है वो भी तो काम नहीं हो रही
दीदी- सच युवी में तो पागल हो गयी हु तेरे लिए कितना भी चुद लू मैं नहीं भरता दिल करता है बस तुझ में समां जाऊ ी लव यू सोऊ मच
में- इतना पागलपन भी ठीक नहीं है दीदी ऐसा न हो इस पागल पैन की वजह से सबको पता चल जाये और हम दूर हो जाए
मेरा लुंड अभी भी दीदी के साथ में hi था जिस पैर दीदी ने बड़े hi सेक्सी तरीके से जीव फेरई
और फिर चाट कर साफ़ किया और बोली
दीदी- मुझे पता है भाई इसलिए कण्ट्रोल कर रही हु खुद को तभी तो जब किसी के देखने का दर न हो तभी तेरे पास आती हु और वैसे भी सच पूछ तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कोई देख भी ले तो क्युकी में तेरे बिना जीने के बारे में सोच भी नहीं सकती
में- ाचा और वो जो शादी के लिए हां की उसका क्या होगा
दीदी- इस का जवाब तुझे कल मिल जायेगा अभी में चलती हु तूने सारा जिस्म हिला दिया है चैन से सो जाऊँगी अब bye गुड नाईट लव यू
में- गुड़ नाईट bye स्वीट ड्रीम्स
दीदी- वो तो तेरे hi आएंगे ः
मुस्कुराती हुई अपने कमरे में चली गयी ये उनकी एक अछि आदत थी की वो कभी भी चुदाई के बाद मेरे कमरे में नहीं रूकती सीधा अपने कमरे में खैर उनकी बाते सोचते हुए में भी सो गया सुबह मेरे किसी के होठ मेरे होठ पैर चुने से मेरी आँख खुली और जैसे hi सामने देखा मेरी तो नींद hi गायब हो गयी क्युकी मेरे सामने प्रिय थी जो मेरे उठ ते hi दरवाज़े के पास जा कर सर झुकाये कड़ी हो गयी थी माथे पे वो छोटी सी बिंदी और मांग मेरे नाम का सिन्दूर ऊऊफफफफफ क़यामत
कंधे से साड़ी भी गिर गयी थी जिस वजह से उनका उभार साफ़ दिख रहा था
में- तुम यहाँ कैसे और इतनी दूर क्यों कड़ी हो इधर आओ न मेरे पास
प्रिय - 9 बज गए है में आयी तो माँ जी ने तुम्हे उठाने के लिया बोल दिया और पास नहीं आने वाली अभी तुम्हारा कोई भरोषा नहीं है कह के मुस्कुराने लगी
में- ाचा जी मुझसे दूर रह सकोगी तुम आती हो या में औ और ये सुबह 2 ऐसे दर्शन कराओगी तो महात्मा का ईमान भी दोल जायेगा में तो फिर भी तुम्हारा पति हु
सच में आज का दिन ाचा जाने वाला था उसकी मासूमियत जान लेवा थी जिस ने मुझ जैसे छोड़ो को भी बेचैन कर दिया था
प्रिय- अगर तुम घर होते तो बिलकुल दूर नहीं जाती पैर यहाँ मेकअप ख़राब हो जायेगा जान नाराज़ मत हो
में- पागल हो नाराज़ क्यों होने लगा और जो तुम किश कर रही थी तब खराब नहीं हुआ मेक उप
प्रिय- वो तो में बहुत आराम से कर रही थी तुम तो निचोड़ लोगे इन्हे
उसने बोल ने के बाद इतने प्यार से देखा की में तो उसकी आँखों में hi खो गया उसकी कलाई में वो लाल चूड़ी और गले में पतली सी गोल्ड चैन उसे और भी खूबसूरत बना रही थी
और ब्लाउज झक्ति वो गोरी गोरी चूचिया एक अलग पर्दर्सन कर रही थी जिन्हे कितनी बार मसल चूका हु और बिना कपड़ो के भी देख चूका हु पैर इस वक़्त का दृश्य एक अलग hi कामुक माहोल बना रहा था
में- ाचा एक बार गले तो लग जाओ
प्रिय - जी नहीं तुम बस निचे आ जाओ और सुषमा दीदी को भी उठा देना अब जल्दी आओ
इतना बोल के निचे भाग गयी तो में भी मुस्कुराते हुए खड़ा हुआ और पहले दीदी को उठाया फिर बाथरूम में जा के फ्रेश हुआ और निचे पंहुचा तो सब दिंनिंग टेबल पे थे और प्रिय रसोई से पराठे ला रही थी सब के लिए मैंने निचे पहुंचते hi सब को गुड मॉर्निंग विश किया जिसका जवाब पापा ने दिया
पापा- आ गए राजा जी अब जल्दी आओ पराठे ठन्डे हो जायेंगे नहीं तो
में- जी पापा जी
माँ- प्रिय बेटे तुम भी बैठो
प्रिय- जी आप लोग खाइये में घर से खाकर hi आयी थी
पापा- जब बड़े बोले तो मना नहीं करते चलो जल्दी से बैठो
पापा बात सुनके प्रिय भी चुप चाप हमारे साथ बैठ के नास्ता करने लगी
नास्ता करने के बाद हम सब निकल लिए सहर के लिए जहा से शॉपिंग करनी थी शॉपिंग करते वक़्त माँ ने प्रिय को 1 साड़ी और एक सूट दिलवाया पहले तो प्रिय ले नहीं रही थी पैर फिर से पापा के कहने पैर लेने पड़े वह प्रिय ने शादी के लिए मेरी ड्रेस पसंद की जो की ब्लैक कलर का कुरता पजामा था और एक जीन्स और टी- शर्ट अपनी तरफ से लेकर दिया फिर मैंने माँ को लाइट वेट का ग्रीन लेहंगा दिलवाया जो की मस्त लग रहा था दीदी ने अपने लिए ब्लू कलर की ड्रेस ली फिर कुछ मिठाई ले कर हम सब घर को वापस चल दिए और कुछ hi देर में घर पहुंच गए घर पहुंचते hi पापा ने प्रिय को कॉफ़ी के लिए बोलै तो वो भी जल्दी से सबके लिए कॉफ़ी बना कर लायी
पापा- तो प्रिय बीटा अब क्या करने का इरादा है आगे लाइफ में
प्रिय- कुछ नहीं अंकल जी बस अपनी जॉब पैर ध्यान देना है और बाकि आप लोग हो hi मेरे साथ
पापा- वो तो हम है hi पैर अकेले जीवन तो नहीं काट ता न शादी तो करनी hi होगी और तुम्हारे घर वाले भी तो यही चाहते होंगे
प्रिय- जी मैंने घर बोल दिया है की अभी कुछ नई सोचा मैंने और अकेले कहा हु युवी है और आप सब भी तो है मेरे साथ
अभी पापा कुछ कहते की दूर बेल्ल बजी तो ये बात यही रुक गयी मैंने जा कर गेट खोला तो सामने अंकित ( वो लड़के वाले आये थे) और उसके पापा आये थे
में- नमस्त्य अंकल जी
अंकल- नमस्त्य बीटा
और फिर वो सब भी हॉल में आकर बैठ गए तो माँ के साथ प्रिय भी उनके साथ किचन में चली गयी अब हॉल में में दीदी पापा और वो दोनों hi थे
फिर अंकल और पापा बात करने लगे दीदी तो टीवी में मस्त थी जैसे उन्हें कोई फर्क hi नहीं पद रहा था की तभी माँ और प्रिय चाय और मिठाई लेकर आ गयी चाय सर्व करने के बाद माँ भी पापा के साथ बैठ गयी और प्रिय मेरे पास आकर उन अंकल ने एक बार प्रिय और मेरी तरफ देखा और फिर बोले
अंकल- वैसे भाई साब आप ने बताया नहीं था की युवी की भी शादी कर दी है
उनकी बात सुनके हम सब एक दूसरे को देख रहे थे तो पापा hi है कर बोले
पापा- जी वो दोनों बच्चे एक दूसरे को पसंद करते थे इसलिए सब जल्दी में हो गया लेकिन रिसेप्शन करूँगा धूम धाम से आखिर एक hi लड़का है
पापा की बात सुनके जहा में चौक गया वही प्रिय शर्मा गयी मुझे चौकता देख दीदी ने मेरी तरफ आंख मरी तो वही माँ ने सरप्राइज किया इशारे से हां करके खैर
अंकल- ोूहः लव मर्रिज की है वैसे लड़की किस धरम की है
पापा- अब तो हमारे धरम की है हमारी बेटी है क्यों आप जाट पात मानते हो क्या
अंकल- नहीं में तो नहीं मानता पैर अब सुषमा हमारे घर आएगी तो लोगो को भी तो कुछ बताना होगा न वैसे बहु से जॉब भी करवाओगे क्या आप
पापा- जी बिलकुल खली घर पैर क्या करेगी वैसे हमारी बहु सरकारी डॉक्टर है वो सब छोड़ो अब आगे बताओ क्या करना है
अंकल- माफ़ करना भाईसाब आपको नई लगता की आप कुछ जायदा hi खुले माहोल के हो फिर तो कल को सुषमा भी जॉब के लिए कह सकती है
पापा- देखो भाई साब अगर ये शादी होती है तो सुषमा आपके घर की बहु होगी फिर ये मर्ज़ी आपकी है की जॉब करवानी है या नहीं
दीदी- एक मिंट पापा जी पहले में ये क्लियर कर दू की में इस से कोई शादी नहीं करने वाली मुझे तो ें अंकल को कुछ बताना था इस लिए मैंने हां कहा ताकि मेरी तरह किसी और लड़की की ज़िन्दगी बर्बाद न हो
अंकल- क्या मतलब है तुम्हारा की ज़िन्दगी बर्बाद न हो क्या कमी है मेरे लड़के में
दीदी- यही की आपका लड़का नामर्द है और ये बात आपको पता भी नहीं और आप किसी लड़की की ज़िन्दगी बर्बाद करने जा रहे हो
अंकल- जुबान पैर लगाम दे लड़की ऐसा न हो की में भूल जाओ की तुम लोग कोण हो
दीदी- पहले अपने लड़के से तो पूछ लीजिये जो सिर्फ अपनी इज़्ज़त बचने के लिए किसी लड़की की ज़िन्दगी को बर्बाद करने के लिए आप के साथ चला भी आया
दीदी की बात सुनते hi अंकल ने दीदी पे हाथ उठाना चाहा जिसे मेरे से पहले hi प्रिय ने पकड़ लिया और झिड़क दिया
प्रिय- हाथ उठाने से पहले अपने लड़के की झुकी हुई नज़र तो देख लेते आप आप जैसे माँ बाप की वजह से hi कई लड़किया नर्क में झुक दी जाती है और फिर ऊँगली उनके चरित्र पैर उठती है
अंकल- जो कुछ भी ये कह रही है क्या ये सच है अंकित
अंकित- जी चोट लगने के कारण ऐसा हुआ पिता जी
अंकल- तो बताया क्यों नहीं मुझे में तेरा इलाज़ करवा देता तो आज इन लोगो के सामने मेरा सर नहीं झुकता
पापा- इस में इस की नहीं आपकी गलती है अभी आप ने हमारे खुले माहोल को ज्यादा बताया था न काश इस का कुछ हिस्सा भी अगर आप ने अपने घर में दिया होता तो आपका बीटा आपको अपना दोस्त समझता और अपनी हर तकलीफ आप से शेयर करता और हां इस लड़की से मेरे बेटे की शादी नहीं हुई है पैर अब होगी और वो भी इतने धूम धाम से की पूरा सेहर देखेगा
पापा की बात सुनके उन्होंने पापा की तरफ देखा और सर झुका कर चुप चाप चले गए उनके जाने के बाद पापा प्रिय से बोले
पापा- माफ़ करना बीटा तुमसे बिना पूछे मैंने उनके सामने बोल दिया
प्रिय- नहीं अंकल जी आप माफ़ी मत मांगिये आप लोगो जैसा परिवार तो नसीब से मिलता है और मुझे तो खुसी है की आप ने मुझे इस लायक समझा वर्ण में तो युवी के नाम का सिन्दूर मांग में भर कर hi साड़ी ज़िन्दगी काट लेती
माँ- अरे मेरी बच्ची इधर आ( और फिर माँ ने प्रिय का माथा चुम लिया) अब से तुम यही रहोगी
प्रिय- नहीं माँ जी अभी नहीं जब शादी होगी तभी में इस घर में रहूंगी और वैसे भी आपके पास hi तो हु
पापा- शाबाश बीटा तुम फ़िक्र मत करो में जल्द hi तुम्हारे घरवालों से मिलके रिश्ते की बात करूँगा
प्रिय- जी जैसे आपको ठीक लगेगा वैसा hi होगा में आपके साथ hi हु पैर पहले दीदी के बारे में तो सोचिये
दीदी- मुझे नहीं करनी शादी पापा प्ल्ज़ और मुझे फाॅर्स करके करनी है तो करा दो फिर चली जाउंगी चुप चाप
पापा- पैर बीटा साडी उम्र तो अकेले नहीं कटेगी न
दीदी- अकेले कहा हु में और ये भाई भाभी किस लिए है इनके बच्चो के साथ खेल खुद कर काट लुंगी ज़िन्दगी और प्यार तो आप सब मुझे करते hi हो
पापा- अभी नहीं करनी मत कर पैर करनी जरूर पड़ेगी समझी न
दीदी- ok फिलहाल के लिए तो भूल जाओ हआ
उनकी बात सुनके सब है ने लगे और में उनकी चालाकी देख रहा था की तभी पापा बोले
पापा- तुझे तो करनी है न
में- जी पैर अभी कोई जॉब नहीं है मेरे पास ऐसे में कैसे
पापा- क्यों किस बात की कमी है तेरे पास मेरे से जयादा पैसा है तेरे अकाउंट में
में- मेरे पास कहा से आया
पापा- वो जो मकान बेका है उस के 30 लाख तेरे अकाउंट में दाल दिए थे और 20 सुषमा के और जो जयपुर में जो मकान है उसका 25000 किराया भी तो तुम्हारे अकाउंट में आता है ये काम है क्या प्रिय और तेरे लिए
में- पैर पापा फिर भी जॉब लग जाती तो
प्रिय- अगर आप सबको बुरा न लगे तो में कुछ बोलू
पापा- हां बीटा बोलो न अब तुम भी इस घर की सदस्य हो
प्रिय- तो क्यों न हम युवी जी को सेहर में एक कपडे का या शूज का शोरूम खुलवा दे
पापा- वाह्ह ये ठीक रहेगा वो जयपुर वाला मकान भी बेच देता हु
प्रिय- नहीं कुछ बिकना नहीं है मेरे अकाउंट में 70 लाख है उनसे खोलेंगे
पापा- नहीं बीटा वो पैसे तुम्हारी म्हणत के है और युवी को उसके पैरो पे खड़ा करना मेरा फ़र्ज़ है
प्रिय- तो क्या मेरा कोई फ़र्ज़ नहीं अपनी फॅमिली की तरफ
पापा- नहीं बीटा ऐसा नहीं है बस में नहीं चाहता की कोई ये समझे की पैसो की वजह से ये शादी की
प्रिय- वो मेरे पैसे है उनका किसी से कोई लेना देना नहीं प्ल्ज़ आपको मेरी कसम है मना मत करना
पापा- पैर बीटा अभी तुम्हारे घरवालों से इज़ाज़त मिलनी बाकि है
प्रिय- हां hi होगी आप टेंशन मत लो ये मेरी जिम्मेदारी है
माँ- पैर फिर भी प्रिय बीटा ये ठीक नहीं है
प्रिय- तो क्या आप हमारी शादी के बाद मेरी जॉब से कुछ नहीं करने डोज घर में
प्रिय की इस बात से सब चुप हो गए पैर मेरा बोलना अभी बाकि था
में- हो गया सबका तो मेरी सुनो देखो प्रिय जितने पैसे मेरे अकाउंट में है उस में जितना होगा उतना hi करेंगे और फिर जैसे जैसे पैसा आएगा वो लगते जाएंगे तब तक किराये पे दूकान लेंगे बस फाइनल
प्रिय- मतलब मेरे से पैसे नहीं लेने
पापा- अरे बाबा लंच का टाइम हो गया है अभी के लिए ये सब छोड़ो में जब अगली बार आऊंगा तब देखेंगे क्या करना है और अब कोई बहस नहीं
पापा की बात सुनके सब चुप हो गए पैर प्रिय वही उदास सा चेहरा लिए मुझे देख रही थी उसका वो मासूम चेहरा बहुत कुछ कह रहा था
उन आँखों में जैसे दर्द था की क्या में तुम्हारी कुछ भी नहीं जो ऐसे इंकार कर दिया पैर में चाहता था की में अपनी ज़िम्मेदारी खुद सँभालु ऐसा नहीं है उसके पैसो से कोई दिक्कत थी पैर वो पैसे उसकी कई सालो की म्हणत थी जिसे में एक पल में खर्च नहीं कर सकता था
फिर हम सब ने लंच किया तो प्रिय बोली
प्रिय- माँ जी अब में घर चलती हु कल से ड्यूटी भी जाना है
माँ- तो युवी को लेजा आज यहाँ तेरे पापा है तो युवी वही रुक जायेगा रात को भी पैर अलग अलग सोना और कोई शरारत नहीं ok
प्रिय- नहीं माँ जी में चली जाउंगी अभी दिन के 4 बजे है क्यों चिंता करते हो आप इतनी
माँ- जो मैंने कहा है वो सुनो ठीक है जाओ दोनों एक साथ
इस के बाद प्रिय कुछ नहीं बोली तो वो और में घर से बहार आगये घर का गेट बंद होते hi में बोलै
में- तुम जाओ में थोड़ी देर में आता हु
प्रिय- क्या में अब इतनी बुरी लग रही हु की साथ भी नहीं चल सकते
में- ऐसा नहीं है पैर में कुछ वक़्त अकेले बिताना चाहता हु
प्रिय- देखो युवी अगर तुम शादी नहीं करना चाहते तो मुझे बता सकते हो में समझती हु की तुम्हारे दिल में भी एक कुंवारी लड़की से शादी करने की ीचा होगी
में- तुम पागल हो कुछ चलो साथ पता नई क्या क्या बोल रही हो
फिर में प्रिय को लेके नदी पे चला गया नदी पे पहुंचते hi प्रिय बोली
प्रिय- वाह्ह कितनी सुन्दर जगह है ये
में- हां और में अक्सर यही अपना समय बीतता हु क्युकी यहाँ शांति मिलती है
इतना बोल कर मैंने वो कपडा दाल से उतरा जिस से मैंने पिछली बार मछली पकड़ी थी और फिर से मछली पकड़ ने लगा इस बार तो एक hi बार में 3/4 बड़ी मछली फास गयी तो में भी पानी से बहार आज्ञा
प्रिय- वाह्ह्ह क्या बात है रात के डिनर का इंतज़ाम हो गया
में- तुम खा लेती हो
प्रिय- हां क्यों में क्यों नई खाउंगी
में- नहीं बस ऐसे hi पूछ रहा था
बहार आकर में वही प्रिय के पास बैठ गया तो वो भी पेड के साथ अपनी पीठ लगा ली और मेरे सर को अपनी गॉड में रख लिया और बालो में उंगलिया घूमने लगी तो मैंने भी आंखे बंद कर ली इस वक़्त कोई हवस नहीं थी जो था वो था सकूं
प्रिय- युवी कुछ पुछु तुमसे
में- हम्म्म
प्रिय- जब तुम ने उस दिन कहा था की तुम मुझसे शादी करना चाहते हो और मैंने मना किया था क्या तब तुम सच बोल रहे थे या सिर्फ मुझे पाना चाहते थे
में- सच बोलो तो उस वक़्त का मुझे भी नहीं पता पैर अब तुम्हारे बिना बेचैन सा हो जाता हु वैसे आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो किसी नयी दुल्हन की तरह
प्रिय- ये हाल hi मेरा है सच में यही सोच रही थी अगर तुम्हारे पापा न कहते तो में कैसे जीती
में- अब चले घर या और रुकना है यहाँ
प्रिय- क्यों तुम्हे ाचा नहीं लग रहा मेरी गॉड में
में- मुझे नींद आ रही है और आज तुम्हारी बाहो में चैन से सोना चाहता हु
प्रिय - चलो फिर
हम दोनों खड़े हुए और घर को चल दिए घर पहुंच कर प्रिय ने गेट लॉक किया और मेरे हाथ पकड़ कर बैडरूम में ले गयी
प्रिय तुम बैठो में चेंज करके आती हु
में- नहीं पहले मेरे पास लेत जाओ प्ल्ज़
मेरी बात सुनके प्रिय वही मेरे बगल में लेत गयी और में उसकी चूचियों के पास मुँह रखकर लेत गया मेरी साँसे अपनी घाटी पे महसूस करके मेरे सर को अपनी छाती पैर दबा दिया पैर मुझे कोई हरकत न करते देख वो फिर से बालो में हाथ घूमने लगी और पता hi नहीं चला कब हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देखते हुए hi लिपट कर सो गयी
और हसीं सपनो में खो गए
अपडेट दे दिया है दोस्तों उम्मीद करता हु की पसंद आएगा सेक्स जायदा नहीं है इस अपडेट में तो सूर्य
रात के 3 बजे के करीब मुझे अपने ऊपर वजन महसूस हुआ तो मैंने आंख खोल के देख की दीदी अपनी छूट में लुंड लिए ऊपर निचे हो रही थी
में- उठा hi लेती इतना मैं था तो
दीदी- बस जब छूट में आग लगती है न तो बस कुछ समझ नहीं पाती में और जब तेरे जैसा भाई बगल में हो तो क्या पूछना फिर तो लुंड छूट में लो और शुरू हो जाओ
में- और जब शादी कर के चली जाओगी तब किस पैर चढ़ के बैठोगी
दीदी- तेरे hi ऊपर बैठूंगी मेरे भाई मेरी छूट को तेरा लुंड hi सकूं देता है और मुझे किसी से कोई मतलब नहीं है समझा तो अभी मूड मत ख़राब कर बस मजा ले और दे आअह्ह्ह साला घोड़े का है तेरा ऊऊफफफफफफ
में- अरे मेरी जान गुस्सा क्यों हो रही हो ऐसी बात है तो ये लो
और एक झटके में दीदी को पलट के घोड़ी बनाया और पीछे से उसके दोनों हाथो को पकड़ के तेज़ तेज़ लुंड पेलने लगा
आआह्ह्ह्हह्ह ित्तन्नीई तेज़ क्यों कर रहा है आराम से नहीं कर सकता क्या आआआहहहहह mmmmmaaaaaaaaaaaa मम्माआरररररगगगगगआयआयययययीईईई जज़्ज़ाएलीयंम बहिन हु तेरी रंडी नहीं समझा ना प्यार से काररर
में- क्यों क्या हुआ अभी तो बहुत बोल रही थी अब क्या हुआ बस इतनी hi आग थी जो इतनी जल्दी ठंडी पद गयी पैर में तो अब करके hi हटूंगा अब तुम बस मजे लो
दीदी- हां तो ये थोड़ी बोलै था की मुझे मारर होई दे आआअह्ह्ह्ह मम्माआ oooohhhhhhuuuuufffffffffff हाथ तो छोड़ दे कामीणी आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्हआआ अक़बबब कारररर जैसे तेरा मैं करे ऊऊफफफफड़फ्फ्फ मेरे भाई में मर जाउंगी तेरे बिना आआह्ह्ह्हह माआआ yeee3sssssss ीीीेस्सस्सवस्स ीीीेस्सस आआह्ह्ह्ह माआ देख ले तेरे बेटे ने तेरी बेटी की छूट फाआड़द्द डीईई माआआ ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह मीटीए गैय्यियीईइ रररीीीीे माआ आअह्ह्ह्ह युवी बुस्स्सस कर भाई ऊऊफफफफफफफफफ
आआह्ह्ह मेरी प्यारी दीदी अभी कैसे बस करू चाटतायकक कछहहयतत्ताआक्ककक तो थप्पड़ मारे गांड पे और फिर छोड़ते हुए दीदी की चुकी मसल ने लगा जोर जोर से जिस से दीदी की हालत पतली हो ररहि थी कभी थप्पड़ और कभी चुकी मसल ने से दीदी की गांड और चुकी दोनों लाल पद चुकी
दीदी- आअह्ह्ह्हह मर गयीईइ मा रररीी कामिनी मार न रुक क्यों गया बहुत मजा आ रहा है मसल मेरी चूचियों को उखड से इन्हे आआह्ह्ह इनकी वजह से hi मेरी ये हालत होती है आअह्ह्ह्ह ईस्सस हर्डर मोरे हर्डर मेरे भाई उउउउउउउफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh mmmmaaaaaaaaaaa उउउउउउम्मम्मम्मम्म ममममम आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आआह्ह्ह्ह आअज क्या खा कर चढ़ गया तू uuuuufffffffffff मई टट्टूओं फिर से ायनी वाली तू कब झाड़ेगा reeeeeeeeeee आआह्ह्ह्ह
और एक दम से शांत पद गयी
में- आआह्ह्ह्हह बस मीटींन भी आए hi रहा हु मेरे जाननं उउउउउउफफ्फ्फफ्फ्फ़ क्या मस्त छूट है टेरिइइइइइइइइ आअह्हह्ह्ह्हह आह्ह्ह्हह दद्दीीड्डडीईई में ाययययय अअअअअअअ
दीदी- मुझे दे में करुँगी
और घूम कर बैठ गयी और तेज़ तेज़ मुठ मार ने लगी और कुछ hi सेकण्ड्स में मेरे लुंड से पिचकारी उडी जो दीदी के फेस और चूचियों पे गिरी
जिसे मस्ती में उड़ते हुए देखती रही
दीदी--- आआअह्ह्ह्हह कितना माल भरा है तेरे अंदर रोज़ चुद रही हु फिर भी काम नहीं हो रहा
में- आपकी आग भी तो रोज़ बढ़ती जा रही है वो भी तो काम नहीं हो रही
दीदी- सच युवी में तो पागल हो गयी हु तेरे लिए कितना भी चुद लू मैं नहीं भरता दिल करता है बस तुझ में समां जाऊ ी लव यू सोऊ मच
में- इतना पागलपन भी ठीक नहीं है दीदी ऐसा न हो इस पागल पैन की वजह से सबको पता चल जाये और हम दूर हो जाए
मेरा लुंड अभी भी दीदी के साथ में hi था जिस पैर दीदी ने बड़े hi सेक्सी तरीके से जीव फेरई
और फिर चाट कर साफ़ किया और बोली
दीदी- मुझे पता है भाई इसलिए कण्ट्रोल कर रही हु खुद को तभी तो जब किसी के देखने का दर न हो तभी तेरे पास आती हु और वैसे भी सच पूछ तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कोई देख भी ले तो क्युकी में तेरे बिना जीने के बारे में सोच भी नहीं सकती
में- ाचा और वो जो शादी के लिए हां की उसका क्या होगा
दीदी- इस का जवाब तुझे कल मिल जायेगा अभी में चलती हु तूने सारा जिस्म हिला दिया है चैन से सो जाऊँगी अब bye गुड नाईट लव यू
में- गुड़ नाईट bye स्वीट ड्रीम्स
दीदी- वो तो तेरे hi आएंगे ः
मुस्कुराती हुई अपने कमरे में चली गयी ये उनकी एक अछि आदत थी की वो कभी भी चुदाई के बाद मेरे कमरे में नहीं रूकती सीधा अपने कमरे में खैर उनकी बाते सोचते हुए में भी सो गया सुबह मेरे किसी के होठ मेरे होठ पैर चुने से मेरी आँख खुली और जैसे hi सामने देखा मेरी तो नींद hi गायब हो गयी क्युकी मेरे सामने प्रिय थी जो मेरे उठ ते hi दरवाज़े के पास जा कर सर झुकाये कड़ी हो गयी थी माथे पे वो छोटी सी बिंदी और मांग मेरे नाम का सिन्दूर ऊऊफफफफफ क़यामत
कंधे से साड़ी भी गिर गयी थी जिस वजह से उनका उभार साफ़ दिख रहा था
में- तुम यहाँ कैसे और इतनी दूर क्यों कड़ी हो इधर आओ न मेरे पास
प्रिय - 9 बज गए है में आयी तो माँ जी ने तुम्हे उठाने के लिया बोल दिया और पास नहीं आने वाली अभी तुम्हारा कोई भरोषा नहीं है कह के मुस्कुराने लगी
में- ाचा जी मुझसे दूर रह सकोगी तुम आती हो या में औ और ये सुबह 2 ऐसे दर्शन कराओगी तो महात्मा का ईमान भी दोल जायेगा में तो फिर भी तुम्हारा पति हु
सच में आज का दिन ाचा जाने वाला था उसकी मासूमियत जान लेवा थी जिस ने मुझ जैसे छोड़ो को भी बेचैन कर दिया था
प्रिय- अगर तुम घर होते तो बिलकुल दूर नहीं जाती पैर यहाँ मेकअप ख़राब हो जायेगा जान नाराज़ मत हो
में- पागल हो नाराज़ क्यों होने लगा और जो तुम किश कर रही थी तब खराब नहीं हुआ मेक उप
प्रिय- वो तो में बहुत आराम से कर रही थी तुम तो निचोड़ लोगे इन्हे
उसने बोल ने के बाद इतने प्यार से देखा की में तो उसकी आँखों में hi खो गया उसकी कलाई में वो लाल चूड़ी और गले में पतली सी गोल्ड चैन उसे और भी खूबसूरत बना रही थी
और ब्लाउज झक्ति वो गोरी गोरी चूचिया एक अलग पर्दर्सन कर रही थी जिन्हे कितनी बार मसल चूका हु और बिना कपड़ो के भी देख चूका हु पैर इस वक़्त का दृश्य एक अलग hi कामुक माहोल बना रहा था
में- ाचा एक बार गले तो लग जाओ
प्रिय - जी नहीं तुम बस निचे आ जाओ और सुषमा दीदी को भी उठा देना अब जल्दी आओ
इतना बोल के निचे भाग गयी तो में भी मुस्कुराते हुए खड़ा हुआ और पहले दीदी को उठाया फिर बाथरूम में जा के फ्रेश हुआ और निचे पंहुचा तो सब दिंनिंग टेबल पे थे और प्रिय रसोई से पराठे ला रही थी सब के लिए मैंने निचे पहुंचते hi सब को गुड मॉर्निंग विश किया जिसका जवाब पापा ने दिया
पापा- आ गए राजा जी अब जल्दी आओ पराठे ठन्डे हो जायेंगे नहीं तो
में- जी पापा जी
माँ- प्रिय बेटे तुम भी बैठो
प्रिय- जी आप लोग खाइये में घर से खाकर hi आयी थी
पापा- जब बड़े बोले तो मना नहीं करते चलो जल्दी से बैठो
पापा बात सुनके प्रिय भी चुप चाप हमारे साथ बैठ के नास्ता करने लगी
नास्ता करने के बाद हम सब निकल लिए सहर के लिए जहा से शॉपिंग करनी थी शॉपिंग करते वक़्त माँ ने प्रिय को 1 साड़ी और एक सूट दिलवाया पहले तो प्रिय ले नहीं रही थी पैर फिर से पापा के कहने पैर लेने पड़े वह प्रिय ने शादी के लिए मेरी ड्रेस पसंद की जो की ब्लैक कलर का कुरता पजामा था और एक जीन्स और टी- शर्ट अपनी तरफ से लेकर दिया फिर मैंने माँ को लाइट वेट का ग्रीन लेहंगा दिलवाया जो की मस्त लग रहा था दीदी ने अपने लिए ब्लू कलर की ड्रेस ली फिर कुछ मिठाई ले कर हम सब घर को वापस चल दिए और कुछ hi देर में घर पहुंच गए घर पहुंचते hi पापा ने प्रिय को कॉफ़ी के लिए बोलै तो वो भी जल्दी से सबके लिए कॉफ़ी बना कर लायी
पापा- तो प्रिय बीटा अब क्या करने का इरादा है आगे लाइफ में
प्रिय- कुछ नहीं अंकल जी बस अपनी जॉब पैर ध्यान देना है और बाकि आप लोग हो hi मेरे साथ
पापा- वो तो हम है hi पैर अकेले जीवन तो नहीं काट ता न शादी तो करनी hi होगी और तुम्हारे घर वाले भी तो यही चाहते होंगे
प्रिय- जी मैंने घर बोल दिया है की अभी कुछ नई सोचा मैंने और अकेले कहा हु युवी है और आप सब भी तो है मेरे साथ
अभी पापा कुछ कहते की दूर बेल्ल बजी तो ये बात यही रुक गयी मैंने जा कर गेट खोला तो सामने अंकित ( वो लड़के वाले आये थे) और उसके पापा आये थे
में- नमस्त्य अंकल जी
अंकल- नमस्त्य बीटा
और फिर वो सब भी हॉल में आकर बैठ गए तो माँ के साथ प्रिय भी उनके साथ किचन में चली गयी अब हॉल में में दीदी पापा और वो दोनों hi थे
फिर अंकल और पापा बात करने लगे दीदी तो टीवी में मस्त थी जैसे उन्हें कोई फर्क hi नहीं पद रहा था की तभी माँ और प्रिय चाय और मिठाई लेकर आ गयी चाय सर्व करने के बाद माँ भी पापा के साथ बैठ गयी और प्रिय मेरे पास आकर उन अंकल ने एक बार प्रिय और मेरी तरफ देखा और फिर बोले
अंकल- वैसे भाई साब आप ने बताया नहीं था की युवी की भी शादी कर दी है
उनकी बात सुनके हम सब एक दूसरे को देख रहे थे तो पापा hi है कर बोले
पापा- जी वो दोनों बच्चे एक दूसरे को पसंद करते थे इसलिए सब जल्दी में हो गया लेकिन रिसेप्शन करूँगा धूम धाम से आखिर एक hi लड़का है
पापा की बात सुनके जहा में चौक गया वही प्रिय शर्मा गयी मुझे चौकता देख दीदी ने मेरी तरफ आंख मरी तो वही माँ ने सरप्राइज किया इशारे से हां करके खैर
अंकल- ोूहः लव मर्रिज की है वैसे लड़की किस धरम की है
पापा- अब तो हमारे धरम की है हमारी बेटी है क्यों आप जाट पात मानते हो क्या
अंकल- नहीं में तो नहीं मानता पैर अब सुषमा हमारे घर आएगी तो लोगो को भी तो कुछ बताना होगा न वैसे बहु से जॉब भी करवाओगे क्या आप
पापा- जी बिलकुल खली घर पैर क्या करेगी वैसे हमारी बहु सरकारी डॉक्टर है वो सब छोड़ो अब आगे बताओ क्या करना है
अंकल- माफ़ करना भाईसाब आपको नई लगता की आप कुछ जायदा hi खुले माहोल के हो फिर तो कल को सुषमा भी जॉब के लिए कह सकती है
पापा- देखो भाई साब अगर ये शादी होती है तो सुषमा आपके घर की बहु होगी फिर ये मर्ज़ी आपकी है की जॉब करवानी है या नहीं
दीदी- एक मिंट पापा जी पहले में ये क्लियर कर दू की में इस से कोई शादी नहीं करने वाली मुझे तो ें अंकल को कुछ बताना था इस लिए मैंने हां कहा ताकि मेरी तरह किसी और लड़की की ज़िन्दगी बर्बाद न हो
अंकल- क्या मतलब है तुम्हारा की ज़िन्दगी बर्बाद न हो क्या कमी है मेरे लड़के में
दीदी- यही की आपका लड़का नामर्द है और ये बात आपको पता भी नहीं और आप किसी लड़की की ज़िन्दगी बर्बाद करने जा रहे हो
अंकल- जुबान पैर लगाम दे लड़की ऐसा न हो की में भूल जाओ की तुम लोग कोण हो
दीदी- पहले अपने लड़के से तो पूछ लीजिये जो सिर्फ अपनी इज़्ज़त बचने के लिए किसी लड़की की ज़िन्दगी को बर्बाद करने के लिए आप के साथ चला भी आया
दीदी की बात सुनते hi अंकल ने दीदी पे हाथ उठाना चाहा जिसे मेरे से पहले hi प्रिय ने पकड़ लिया और झिड़क दिया
प्रिय- हाथ उठाने से पहले अपने लड़के की झुकी हुई नज़र तो देख लेते आप आप जैसे माँ बाप की वजह से hi कई लड़किया नर्क में झुक दी जाती है और फिर ऊँगली उनके चरित्र पैर उठती है
अंकल- जो कुछ भी ये कह रही है क्या ये सच है अंकित
अंकित- जी चोट लगने के कारण ऐसा हुआ पिता जी
अंकल- तो बताया क्यों नहीं मुझे में तेरा इलाज़ करवा देता तो आज इन लोगो के सामने मेरा सर नहीं झुकता
पापा- इस में इस की नहीं आपकी गलती है अभी आप ने हमारे खुले माहोल को ज्यादा बताया था न काश इस का कुछ हिस्सा भी अगर आप ने अपने घर में दिया होता तो आपका बीटा आपको अपना दोस्त समझता और अपनी हर तकलीफ आप से शेयर करता और हां इस लड़की से मेरे बेटे की शादी नहीं हुई है पैर अब होगी और वो भी इतने धूम धाम से की पूरा सेहर देखेगा
पापा की बात सुनके उन्होंने पापा की तरफ देखा और सर झुका कर चुप चाप चले गए उनके जाने के बाद पापा प्रिय से बोले
पापा- माफ़ करना बीटा तुमसे बिना पूछे मैंने उनके सामने बोल दिया
प्रिय- नहीं अंकल जी आप माफ़ी मत मांगिये आप लोगो जैसा परिवार तो नसीब से मिलता है और मुझे तो खुसी है की आप ने मुझे इस लायक समझा वर्ण में तो युवी के नाम का सिन्दूर मांग में भर कर hi साड़ी ज़िन्दगी काट लेती
माँ- अरे मेरी बच्ची इधर आ( और फिर माँ ने प्रिय का माथा चुम लिया) अब से तुम यही रहोगी
प्रिय- नहीं माँ जी अभी नहीं जब शादी होगी तभी में इस घर में रहूंगी और वैसे भी आपके पास hi तो हु
पापा- शाबाश बीटा तुम फ़िक्र मत करो में जल्द hi तुम्हारे घरवालों से मिलके रिश्ते की बात करूँगा
प्रिय- जी जैसे आपको ठीक लगेगा वैसा hi होगा में आपके साथ hi हु पैर पहले दीदी के बारे में तो सोचिये
दीदी- मुझे नहीं करनी शादी पापा प्ल्ज़ और मुझे फाॅर्स करके करनी है तो करा दो फिर चली जाउंगी चुप चाप
पापा- पैर बीटा साडी उम्र तो अकेले नहीं कटेगी न
दीदी- अकेले कहा हु में और ये भाई भाभी किस लिए है इनके बच्चो के साथ खेल खुद कर काट लुंगी ज़िन्दगी और प्यार तो आप सब मुझे करते hi हो
पापा- अभी नहीं करनी मत कर पैर करनी जरूर पड़ेगी समझी न
दीदी- ok फिलहाल के लिए तो भूल जाओ हआ
उनकी बात सुनके सब है ने लगे और में उनकी चालाकी देख रहा था की तभी पापा बोले
पापा- तुझे तो करनी है न
में- जी पैर अभी कोई जॉब नहीं है मेरे पास ऐसे में कैसे
पापा- क्यों किस बात की कमी है तेरे पास मेरे से जयादा पैसा है तेरे अकाउंट में
में- मेरे पास कहा से आया
पापा- वो जो मकान बेका है उस के 30 लाख तेरे अकाउंट में दाल दिए थे और 20 सुषमा के और जो जयपुर में जो मकान है उसका 25000 किराया भी तो तुम्हारे अकाउंट में आता है ये काम है क्या प्रिय और तेरे लिए
में- पैर पापा फिर भी जॉब लग जाती तो
प्रिय- अगर आप सबको बुरा न लगे तो में कुछ बोलू
पापा- हां बीटा बोलो न अब तुम भी इस घर की सदस्य हो
प्रिय- तो क्यों न हम युवी जी को सेहर में एक कपडे का या शूज का शोरूम खुलवा दे
पापा- वाह्ह ये ठीक रहेगा वो जयपुर वाला मकान भी बेच देता हु
प्रिय- नहीं कुछ बिकना नहीं है मेरे अकाउंट में 70 लाख है उनसे खोलेंगे
पापा- नहीं बीटा वो पैसे तुम्हारी म्हणत के है और युवी को उसके पैरो पे खड़ा करना मेरा फ़र्ज़ है
प्रिय- तो क्या मेरा कोई फ़र्ज़ नहीं अपनी फॅमिली की तरफ
पापा- नहीं बीटा ऐसा नहीं है बस में नहीं चाहता की कोई ये समझे की पैसो की वजह से ये शादी की
प्रिय- वो मेरे पैसे है उनका किसी से कोई लेना देना नहीं प्ल्ज़ आपको मेरी कसम है मना मत करना
पापा- पैर बीटा अभी तुम्हारे घरवालों से इज़ाज़त मिलनी बाकि है
प्रिय- हां hi होगी आप टेंशन मत लो ये मेरी जिम्मेदारी है
माँ- पैर फिर भी प्रिय बीटा ये ठीक नहीं है
प्रिय- तो क्या आप हमारी शादी के बाद मेरी जॉब से कुछ नहीं करने डोज घर में
प्रिय की इस बात से सब चुप हो गए पैर मेरा बोलना अभी बाकि था
में- हो गया सबका तो मेरी सुनो देखो प्रिय जितने पैसे मेरे अकाउंट में है उस में जितना होगा उतना hi करेंगे और फिर जैसे जैसे पैसा आएगा वो लगते जाएंगे तब तक किराये पे दूकान लेंगे बस फाइनल
प्रिय- मतलब मेरे से पैसे नहीं लेने
पापा- अरे बाबा लंच का टाइम हो गया है अभी के लिए ये सब छोड़ो में जब अगली बार आऊंगा तब देखेंगे क्या करना है और अब कोई बहस नहीं
पापा की बात सुनके सब चुप हो गए पैर प्रिय वही उदास सा चेहरा लिए मुझे देख रही थी उसका वो मासूम चेहरा बहुत कुछ कह रहा था
उन आँखों में जैसे दर्द था की क्या में तुम्हारी कुछ भी नहीं जो ऐसे इंकार कर दिया पैर में चाहता था की में अपनी ज़िम्मेदारी खुद सँभालु ऐसा नहीं है उसके पैसो से कोई दिक्कत थी पैर वो पैसे उसकी कई सालो की म्हणत थी जिसे में एक पल में खर्च नहीं कर सकता था
फिर हम सब ने लंच किया तो प्रिय बोली
प्रिय- माँ जी अब में घर चलती हु कल से ड्यूटी भी जाना है
माँ- तो युवी को लेजा आज यहाँ तेरे पापा है तो युवी वही रुक जायेगा रात को भी पैर अलग अलग सोना और कोई शरारत नहीं ok
प्रिय- नहीं माँ जी में चली जाउंगी अभी दिन के 4 बजे है क्यों चिंता करते हो आप इतनी
माँ- जो मैंने कहा है वो सुनो ठीक है जाओ दोनों एक साथ
इस के बाद प्रिय कुछ नहीं बोली तो वो और में घर से बहार आगये घर का गेट बंद होते hi में बोलै
में- तुम जाओ में थोड़ी देर में आता हु
प्रिय- क्या में अब इतनी बुरी लग रही हु की साथ भी नहीं चल सकते
में- ऐसा नहीं है पैर में कुछ वक़्त अकेले बिताना चाहता हु
प्रिय- देखो युवी अगर तुम शादी नहीं करना चाहते तो मुझे बता सकते हो में समझती हु की तुम्हारे दिल में भी एक कुंवारी लड़की से शादी करने की ीचा होगी
में- तुम पागल हो कुछ चलो साथ पता नई क्या क्या बोल रही हो
फिर में प्रिय को लेके नदी पे चला गया नदी पे पहुंचते hi प्रिय बोली
प्रिय- वाह्ह कितनी सुन्दर जगह है ये
में- हां और में अक्सर यही अपना समय बीतता हु क्युकी यहाँ शांति मिलती है
इतना बोल कर मैंने वो कपडा दाल से उतरा जिस से मैंने पिछली बार मछली पकड़ी थी और फिर से मछली पकड़ ने लगा इस बार तो एक hi बार में 3/4 बड़ी मछली फास गयी तो में भी पानी से बहार आज्ञा
प्रिय- वाह्ह्ह क्या बात है रात के डिनर का इंतज़ाम हो गया
में- तुम खा लेती हो
प्रिय- हां क्यों में क्यों नई खाउंगी
में- नहीं बस ऐसे hi पूछ रहा था
बहार आकर में वही प्रिय के पास बैठ गया तो वो भी पेड के साथ अपनी पीठ लगा ली और मेरे सर को अपनी गॉड में रख लिया और बालो में उंगलिया घूमने लगी तो मैंने भी आंखे बंद कर ली इस वक़्त कोई हवस नहीं थी जो था वो था सकूं
प्रिय- युवी कुछ पुछु तुमसे
में- हम्म्म
प्रिय- जब तुम ने उस दिन कहा था की तुम मुझसे शादी करना चाहते हो और मैंने मना किया था क्या तब तुम सच बोल रहे थे या सिर्फ मुझे पाना चाहते थे
में- सच बोलो तो उस वक़्त का मुझे भी नहीं पता पैर अब तुम्हारे बिना बेचैन सा हो जाता हु वैसे आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो किसी नयी दुल्हन की तरह
प्रिय- ये हाल hi मेरा है सच में यही सोच रही थी अगर तुम्हारे पापा न कहते तो में कैसे जीती
में- अब चले घर या और रुकना है यहाँ
प्रिय- क्यों तुम्हे ाचा नहीं लग रहा मेरी गॉड में
में- मुझे नींद आ रही है और आज तुम्हारी बाहो में चैन से सोना चाहता हु
प्रिय - चलो फिर
हम दोनों खड़े हुए और घर को चल दिए घर पहुंच कर प्रिय ने गेट लॉक किया और मेरे हाथ पकड़ कर बैडरूम में ले गयी
प्रिय तुम बैठो में चेंज करके आती हु
में- नहीं पहले मेरे पास लेत जाओ प्ल्ज़
मेरी बात सुनके प्रिय वही मेरे बगल में लेत गयी और में उसकी चूचियों के पास मुँह रखकर लेत गया मेरी साँसे अपनी घाटी पे महसूस करके मेरे सर को अपनी छाती पैर दबा दिया पैर मुझे कोई हरकत न करते देख वो फिर से बालो में हाथ घूमने लगी और पता hi नहीं चला कब हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देखते हुए hi लिपट कर सो गयी
और हसीं सपनो में खो गए
अपडेट दे दिया है दोस्तों उम्मीद करता हु की पसंद आएगा सेक्स जायदा नहीं है इस अपडेट में तो सूर्य