Parivartan ( badlaav) - Page 4 - SexBaba
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Parivartan ( badlaav)

अपडेट-19

रात भर चैन की नींद सोने के बाद सुबह जब मेरी आँख खुली तो में अकेला बीएड पे नंगा hi सोया हुआ था रात की बात याद करके में मुस्कुराते हुए खड़ा हुआ और फ्रेश हो के निचे गया और हॉल में बैठ क्र टीवी देख ने लगा थोड़ी देर बाद सब बहार से अंदर आये

में- आप लोग कहा गए थे

पापा- बीटा पूजा में पड़ोसियों को भी तो बुलाना था न तो में और तेरी दीदी स्टेशन और तेरी माँ और बुआ पास के पड़ोसियों को बोल ने गए थे तू सो रहा था इसलिए जगाया नहीं अब जा के पंडित जी को ले आ

में- जी बिलकुल बस एक कप कॉफ़ी मिल जाये तो

दीदी- तू बैठ में अभी लायी कॉफ़ी तेरे लिए और कोई तो नहीं पियेगा न

पापा- 1 कप मुझे भी दे hi दो कल से फिर वो सदी चाय hi पिणि है है

थोड़ी देर में hi दीदी 2 कप कॉफ़ी लेकर आयी और हम दोनों को दे दी तभी मेरी नज़र बुआ की चाल पे गयी वो थोड़ा लंगड़ा के चल रही थी

में- क्या हुआ बुआ ऐसे क्यों चल रही हो

मेरे ऐसा कहते hi सब की नज़र बुआ पैर गयी

पापा- हां किरण क्या हुआ ऐसे कई चल रही हो

माँ- क्या हुआ तुम्हे

बुआ- अरे एक साथ बोलोगे तो जवाब कैसे दूंगी वो दरसल पेअर मुद गया था सुबह सीधी उतारते वक़्त( और मुझे प्यार से घर कर देखा)

में- ओह हो बुआ फिर तो आप ऊपर नहीं सो पाओगे फिर मेरे रूम में( ये बात मैंने मजा लेने के लिए बोली थी)

बुआ- नहीं नहीं इतना भी दर्द नहीं है शाम तक ठीक हो जायेगा तू फ़िक्र मत कर

बुआ जब बोल रही थी तो मुझे हसी आ रही थी इसलिए मैंने जल्दी से कॉफ़ी ख़तम की और पापा से एड्रेस लेके पंडित जी लेने के लिए निकल गया वह पहुंच के पंडित जो को साथ लिया और घर आज्ञा पूजा में माँ और पापा बैठे थे अभी पूजा शुरू hi हुई थी की सविता आंटी की बहु आयी उफ़ क्या लग रही थी रेड पटियाला सूट में उसने अंदर आते हुए इशारे से सब को नमस्ते की और मेरी बगल में आ के बैठ गयी दीदी मेरी दूसरी साइड में बैठी थी और बुआ मेरे आगे जैसे hi भाभी मेरे पास बैठी उनकी खुशबू फ़ैल गयी मेरे आस पास मैंने स्माइल कर के उन्हें देखा तो उन्होंने भी मुझे स्माइल की और सर पे चुन्नी रख कर सामने देखने लगी तभी दीदी मेरे पास आयी और कान के पास आके बोली

दीदी- लो आगयी तुम्हारी मस्त भाभी और बैठी भी तुम्हारे पास hi है

में- तो आपको क्यों जलन हो रही है मेरी भाभी है न तो चाहे बगल में बैठे या मेरी गॉड में

दीदी- मुझे क्यों जलन होगी जो मर्ज़ी कर

में- हां तो करूँगा न वैसे भी हॉट है न

दीदी - मुझे नई पता अब चुप चाप बैठ और पूजा पे ध्यान दे

फिर कुछ और लोग आये कुछ पापा की जान पहचान के थे तो भाभी को मेरी तरफ खिसकना पड़ा जिस वजह से भाभी की और मेरी जाएंगे आपस में मिल गयी मेरा तो ये महसूस करके hi खड़ा होने लगा था तो मैंने अपना ध्यान पूजा में लगाया

करीब 1.30 घंटे बाद पूजा समाप्त हुई और आरती के लिए खड़े होने लगे तो बहुत दिएर बढ़े रहने की वजह से पेअर अकड़ ने लगे थे में तो खड़ा हो पैर जैसे hi भाभी कड़ी हुई तो एक दम गिरने लगी तो मैंने हाथ बढ़ा के उन्हें पकड़ लिया और इस घटना में उनका एक पपीता मेरे हाथ में आज्ञा उफ्फ्फ हम दोनों hi एक दूसरे को देख रहे थे पैर जैसे hi भाभी का ध्यान मेरे हाथ पे गया तो उन्होंने हाथ हटा के नज़रे घुमा ली तो मैंने धीरे से उनके कान में सॉरी बोलै तो उन्होंने मुझे देखा पैर बोली कुछ नहीं

तभी आरती थाली मेरे पास आयी तो मैंने भी आरती करके थाली भाभी की तरफ की और थाली पकड़ा ते वक़्त उनका हाथ दबाया जिस से उन्होंने फिर मेरी तरफ देखा तो मैंने फिर इशारे से सॉरी बोलै इस बार वो हल्का सा मुस्कुराई और थाली लेके आरती करने लगी

ऐसे hi पूजा सम्पत हुई तो सब प्रसाद लेके अपने घर निकल गए भाभी भी सबसे मिलके और प्रसाद लेके अपने घर चली गयी

फिर पापा ने पंडित जी को दक्षिअ दी और में पंडित जी को उनके घर छोड़ आया इस सब में मुझे 12 बज गए तो मैंने भी एक पन्नी में प्रसाद लिया और कजरी से मिलने के लिए निकल गया चुप चाप
 
अपडेट -20

घर से निकल के तेज़ी से चलता हुआ जा रहा था जब में नदी के नज़दीक पंहुचा तो मुझे दूर से hi कजरी घूमती नज़र आयी और जैसे hi उसकी नज़र मुझ पैर पड़ी तो वो भागते हुए आयी और मेरे गले से लग गयी और पागलो की तरह मुझे चुम ने लगी

में- क्या हुआ कजरी देखो में आज्ञा हु

कजरी- मुझे लगा आज तुम नहीं आओगे और फिर 5/6 दिन में भी नहीं मिल पाऊँगी तुम्हे

में- मतलब क्या है इसका कही जा रही हो तुम

कजरी- हां वो मेरी बहिन की शादी है न इसलिए में बस जाने hi वाली थी देखो बकरिया भी नहीं लायी आज

में- यार ये क्या बात हुई अब क्या होगा मेरा

कजरी- में भी तो दूर रहूंगी न तुमसे पैर तुम आज इतने लेट कैसे हो गए

में- अरे हां ये प्रसाद लो आज घर पे हवन था न वैसे कहा जा रही हो

कजरी - वो सेहर न उस आगे नदी से उलटे हाथ पे कच्चा रास्ता है बस उसी पे 2कम दूर मेरा गाओं है

में- ओह्ह वो तो पास hi है पैर मिलूंगा कैसे तुम्हारे पास तो फ़ोन नहीं

कजरी- किसने कहा फ़ोन नहीं वो जो आप ने 2000 दिए थे उस से मैंने 1300 का फ़ोन ले लिया

में- वह मेरी जान दिमाग तो है तुम्हारे पास लाओ नंबर दो

फिर कजरी ने मुझे अपना no दिया और मैंने भी उसके फ़ोन पे मिस कॉल दी

में- किश नाम से सेव करू

कजरी- ज़िन्दगी के नाम से सेव कर दो

में- तुम पढ़ लोगी

कजरी- यस माय डार्लिंग

में-( चौकते हुए) कजरी तुम इंग्लिश जानती हो

कजरी- हां में छोटे से जिस आंटी के घर काम करती थी वो मुझे काम के बाद पद्धति भी थी

में- ये तो कमाल है यार चलो ाचा है तो अब का क्या प्रोग्राम है

कजरी- अब तो मुझे जान होगा युवी पहले hi बहुत लेट हु वार्ना वो शराबी मुझे मारेगा

में- कोई बात नई तुम जाओ हां और ये लो 2000 रस और शादी के लिए कपडे ले लेना और अब सूट सलवार की आदत दाल लो

कजरी- पैसे है मेरे पास तुम रहने दो

मैंने उसे घर कर देखा तो उसने पैसे रख लिए और मुझे किश कर के चली गयी तो में भी वापस घर आज्ञा और अपने रूम में आज्ञा

अभी आया hi था की किसी अननोन नंबर से फ़ोन आया

में- hello

अननोन- hi क्या आप युवी बोल रहे हो

में- जी हां आप कोण

अननोन- में प्रिय आप की आंटी की बहु

में- ओह्ह हआ हांजी बोलिये भाभी

पब- वो मुझे सेहर कुछ काम था क्या आप अभी आ सकते है

में- जी अभी आता हु

फिर में निचे गया और बाइक की जगह कार चाबी ले के निकल गया और भाभी के घर जा के हॉर्न बजाय

थोड़ी देर बाद भाभी निकली और घर को लॉक करके कार में बैठ गयी और मैंने भी कार आगे बढ़ा दी

भाभी- नई कार है न ये

में- जी कल hi लाये है वैसे आपको क्या काम पद गया सेहर में मुझे बता देते में hi ला देता

पब- नहीं हॉस्पिटल से फ़ोन आया है एक एमर्जेन्सी आगयी है इस लिए जाना पद रहा है तुम चाहो तो छोड़ के आ जाना

में- न बाबा अपनी सूंदर सी भाभी को अकेले छोड़ के कैसे आऊंगा बिलकुल भी नहीं

पब- ज्यादा माखन मत लगाओ कुछ नई मिलने वाला

में- कोई बात नहीं मुझे कुछ नहीं चाहिए भाभी मिल जाये वो hi बहुत है और आप अगर अब तक नाराज़ है तो सॉरी अगेन

पब- बाते अछि बनाते हो पैर सॉरी में शादी शुदा हु

में- जानता हु जी आप शादी शुदा हो और पति पूछता भी नहीं की आप कैसी हो वैसे आप टेंशन न लो मुझे आंटी ने सब बता रखा है की आप आंटी को बहुत प्यार करते हो अब आप जाओ हॉस्पिटल आज्ञा में यही हु
 
अपडेट -21

फिर भाभी बिना कुछ कहे अंदर चली गयी और में गाड़ी में बैठ के गाने सुन ने लगा करीब 1 घंटे बाद 3/4 लड़के दौड़ते हुए हॉस्पिटल में घुस गए और उनके जाते hi भीड़ िकखाथा होने लगी मुझे कुछ गड़बड़ है तो में भी से उतर के अंदर गया देखा तो वह बहुत हल्ला हो रहा था और हॉस्पिटल से बतमीजी कर रहे थे में थोड़ा और आगे गया

लड़का1- सालो तुम लोगो की वजह से हमारे भाई की मौत हुई हम तुम्हे छोड़ेंगे नहीं

लड़का2 - पहले तो उस डॉक्टरनी को बहार निकालो साली कह रही है की खून ज्यादा बहने की वजह से मौत हुई है तो साले खून खहे नहीं चढ़ाया

2डॉक्टर- देखिये हम ने आप लोगो पहले hi बता दिया था की खून नहीं है स्टॉक में तो आप ने क्यों इंतज़ाम नहीं किया

लड़का3- साले हमे hi बोल रहा है की खून क्यों नई लाये तेरी माँ को छोड़ू मादरचोद

2डॉक्टर- देखिये गली गलोच मत कीजिये हम ने पहले hi कहा था की हालत नाज़ुक है और अब आप लोग हम पैर hi अरूप लगा रहे है हम ने पूरी कोशिश की थी अपनी तरफ से

लड़का1- साले कोशिश करते तो वो मरता नहीं तोड़ दो सब सामान और तू बाहर निकाल के ला उस रांड को अब बताता है उसे साली बहुत बोल रही थी

तभी वो दूसरा लड़का अंदर गया और एक लेडी डॉक्टर को बालप से पकड़ के बहार लाया अभी तक उसका चेहरा नहीं दिखा था उसे बचने के लिए जैसे hi स्टाफ आगे गया तो उस 3 लड़के ने उनके ऊपर हॉकी से मार न चालू कर दिया और जैसे hi वो लेडी डॉक्टर बहार आयी तो मेरी झाते सुलग गयी वैसे तो कोई भो होती तो में बचता मगर ये तो मेरी प्रिय भाभी थी

लड़का1- हां तो साली रंडी क्या बोल रही थी खून ज्यादा बह गया था अब देखना जब तेरी छूट में लुंड डालूंगा तब देखना कितना खून निकलता है

इस पहले की वो कुछ और कहता में दौड के वह पहुंच गया और उनके बाल छुड़ाकर बोलै

में- देख भाई तेरे भाई के साथ जो हुआ वो गलत हुआ मुझे दुःख उसका पैर डॉक्टर पैर हाथ उठाना भी गलत इसलिए शांति से काम लो

लड़का2- तू कोण है बे जो मुखिया बन्न रहा है तेरी क्या लगती है ये जो तू भासन दे रहा है साले

में- देख पहले तो जुबान को कायदे में रख समझा पहले तो में इंसान हु इसके नाते गलत होते देखना भी गलत है और रही मेरे और इनके रिश्ते की तो ये मेरी भाभी है समझा

लड़का1- तभी में कहु तेरी गांड में क्यों दर्द उठा इतने लोगो में तो मुन्ना चुप चाप निकल ले क्युकी इसकी छूट का तो में भोसड़ा बनाऊंगा ताकि इसे पता चले खून कैसे निकलता है

भाभी उसकी बात सुनके दर गयी और मेरे पीछे चुप्प गयी

में- में तो तेरे भाई की मौत की वजह से प्यार से समझा रहा था पैर शायद तू कुत्ते की दम है बिना पिटे नहीं मानेगा

मेरी बात सुनके उसे ने मेरी तरफ को एक पंच घुमाया पैर में तो पहले से तैयार था और जैसे hi उसका हाथ आया मैंने जोर से पकड़ के घुमा और दूसरे वाले के मुँह पे एक फ्लयिंग किक जड़ दी किक इतनी जबरदस्त थी की उसके मुँह से और नाक से खून निकलने लगा अपने दोनों की हालत देख के 3 लड़का गुस्से मेरी तरफ हॉकी फैक मरी और वो हॉकी इस पहले मुझे लगती उस पहले hi मैंने पास पड़ी टेबल उसके पैरो पे मारी और झुक गया और वो हॉकी उसके hi साथी के सर में लगी अभी कुछ और करता की वह पुलिस आगयी फिर हॉस्पिटल स्टाफ ने उन्हें सब बताया और पुलिस उन 3no को लेके चली गयी पैर मेरी नज़र तो भाभी को ढून्ढ रही थी जो की घबराई हुई सी टेबल के पीछे बैठी थी में उनके पास गया और आवाज़ दी और उन्होंने आवाज़ सुनके मुझे देखा और कड़ी हो के मुझे गले से लगा लिया और किसी बच्चे की तरह बिलख बिलख के रोने लगी मैंने भी उन्हें रोका नहीं ताकि रोने से उनकी साड़ी घबराहट दूर हो सके और हुआ भी वही थोड़ी देर बाद वो कुछ नार्मल हुई तो मैंने धीरे से उनके कान में बोलै

में- भाभी आप शादीशुदा है भूल गयी क्या जो मुझ जैसे कुंवारे लड़के पे लाइन मार रही देखो सब देख रहे है

पब- शट उप बड़े आये में क्यों लाइन मरूंगी तुम्हे वो तो में ये सोच रही थी आज तुम न होते तो मेरा क्या होता

में- क्या होता बस आप मुझ जैसे लड़के पे लाइन नहीं मार पाती

मेरी बात सुनके वो है दी और एक बार फिर से मेरे गले गयी और मेरा गाल चूम के थैंक्स बोली तो में भी उनका मज़ाक उड़ाते हुए

में- हे राम देखो तो शादीशुदा हो के कैसे मुझ बेचारे को सरे आम चुम रही है कोई तो बचा लो मुझे

पब- बस करो वार्ना सच में कोई नई बचाएगा

में- आप जैसी सुन्दर भाभी से बचना भी कोण चाहता है

अभी हम ये बात कर hi रहे थे की हॉस्पिटल स्टाफ भी हमारे पास आज्ञा और मुझे थैंक्स बोल ने लगे तभी आंटी भाभी से बोली

आंटी- प्रिय मैडम कोण है ये लड़का

पब- ये मेरा देवर है मैडम

आंटी- पहले कभी नहीं देखा इसे पैर जो भी तुम्हे प्यार बहुत करता है देखा नहीं केस भीड़ गया उनसे अकेले hi तुम्हारे लिए

आंटी की बात सुनके मैंने धीरे से भाभी के कान में कहा

में- देखा इन्हे भी पता लग गया की में आप से कितना प्यार करता हु

पब- हां आंटी ये कुछ जयादा hi प्यार करता है ाचा अब में चलती हु और अब 1 हफ्ते बाद hi आउंगी

ये बोल के भाभी मेरे साथ बहार आयी और हम घर को चल दिए
 
अपडेट -22

वह से निकल ने के बाद गाड़ी में शांति छायी हुई थी तो मैंने hi शुरुवात की

में- अब क्या हुआ आपको नाराज़ हो गए क्या मुझसे सॉरी अगर कोई बात बुरी लगी हो

पब- ( मुझे घूरते हुए) पागल हो क्या तुमसे क्यों नाराज़ होउंगी में तुमने तो मेरी इज़्ज़त पे दाग लगने से बचाया है में तो ये सोच रही हु की अगर आज तुम न होते तो क्या होता

में- फिर से वही बात बताया तो था की अगर में नहीं होता तो आप एक कुंवारे लड़के से फ़्लर्ट नहीं कर पाती

पब- शट उप युवी ये कोई मज़ाक की बात नहीं है तुम समझ नहीं सकते जब वो मेरे बाल पकड़ के ले जा रहा था तो मेरे दिमाग में क्या क्या चल रहा था में तो ये सोच रही थी की तुम चले गए होंगे पैर थैंक्स 2 यू की तुम वही रुके मेरे लिए सच आज तुम ने भगवान् बन के मेरी इज़्ज़त बचाई है जिसे एहसान में कभी नहीं उतार सकती और न hi उतार न चाहती हु

में- अब हो गया न जो होना था तो अब क्यों वो सब सोच रहे हो और में कोई भगवान् नई हु में तो बस अपनी भाभी के लिए वह रुका था और आप ने सोचा भी कैसे की में आप को छोड़ के चला जाता और में बहुत ठरकी हु

पब- नहीं तुम बहुत अचे हो सच में यू र सो करेंग

में- ok जी उतरो घर आज्ञा आपका

पब- तुम्हारे साथ तो वक़्त का भी नहीं पता चलता आओ न थोड़ी देर बैठ के बात करते है

में- आप चलो और फ्रेश हो जाओ तब तक में गाड़ी कड़ी करके आता हु

पब- पक्का आओगे न

में- हांजी पक्का मुझे भी तो अपनी सुन्दर भाभी को देखने और करीब रहने का मौका मिलेगा

पब- नॉटी बॉय अब जाओ और जल्दी आना

फिर वो अपने घर में चली गयी और में गाड़ी लेके घर आया और बेल्ल बजे थोड़ी देर बाद दीदी ने दरवाज़ा खोला

दीदी- कहा गया था तू

में- गया था किसी काम से क्यों क्या हुआ

दीदी- बता के भी तो जा सकता था न

में- हटो न दीदी आप इतनी टेंशन मत लिया करो

फिर में अंदर गया तो सभी वह बैठे थे तो में भी जा के पापा के पास बैठ गया और टीवी देखने लगा

पापा- युवी बीटा शाम को अपनी माँ और बुआ को मार्किट ले जाना वो क्या है न की तुम्हारी बुआ के लिए कपडे वगैरह लेने है तुम्हारी बुआ जाएगी परसो

में-( मन में ये क्या हो रहा है मेरे साथ पहले आंटी चली गयी तो सोचा कजरी तो है फिर वो भी चली गयी तो बुआ तो है अब ये भी)

क्या पैर बुआ तो रहने वाली थी न

पापा- हां वो तेरे पहुपा का फ़ोन आया था इसलिए जाना पड़ेगा

तभी मैंने बुआ को देखा तो वो भी उदास थी मेरी hi तरह

में- पैर आप ने कुछ बोलै क्यों नहीं

पापा- बोलै था पैर कुछ अर्जेंट है इसलिए जाना hi होगा

फिर में कुछ नहीं बोलै और शाम की हां करके चुप चाप बहार निकला गया और सीधा भाभी के घर गया और बेल्ल बजे

थोड़ी देर बाद भाभी ने गेट खोला इस वक़्त उन्होंने एक लूसे टी- शर्ट और एक स्माल निक्कर पहना था जो उनके घुटनो तक आरहा था और उनकी गोरी गोरी टाँगे देख के तो मेरे लुंड में हल चल होने लगी फिर हम अंदर गए और में सोफे पे बैठ गया थोड़ी देर बाद भाभी मेरे और अपने लिए कॉफ़ी लायी और जब मुझे देने लगी तो झुकने से उनकी गोरी गोरी चूचिया दिखी जो की ब्लैक ब्रा में कैद थी और जब भाभी में मुझे यु अपनी चूचियों को घूरते हुए देखा तो सीधा हो गयी और मेरे सामने बैठ गयी और बोली

पब- तुम तो गंदे बच्चे हो

में- क्यों मैंने क्या किया और अभी थोड़ी देर पहले तो बहुत तारीफ कर रही थी आप

पब- पहले पता नहीं था न की तुम्हारी नज़ारे कहा रहती है

में-( में समझ गया इन्होने देख लिया था मुझे इनकी चूचियों को घूरते हुए) वो सॉरी मेरा कोई इरादा नहीं था वो अचानक से सब हो गया

पब- तो नज़ारे हटा लेनी चाहिए थी फिर न अगर गलती से हुआ था तो ऐसे घर के देखने के क्या जरुरत थी बोलो

में- सॉरी भाभी पता नई क्या हुआ नज़र हटी hi नहीं

पब- क्यों ऐसा क्या हुआ की नज़र नहीं हटी

में- वो बहुत ब्यूटीफुल है मैं किया की बस देखता hi राहु

पब- बस चुप करो याद नहीं क्या की में शादीशुदा हु

में- ो तेरे की में तो भूल hi गया की आप शादीशुदा हो वैसे एक बात पुछु अगर बुरा न लगे तो

पब- पूछो क्या पूछना है

में- यही की आपका मैं नहीं करता की आपकी बॉडी की नीड्स पूरी हो और भैया रही रहे

पब- करता है पैर काम भी तो जरुरी है न अगर कमाएंगे नहीं तो खाएंगे क्या

में- और अगर आज आप को कुछ हो जाता तो उस पैसे का क्या अचार डालते आप प्यार भी जरुरी है भाभी जीवन के लिए

पब- पता है मुझे पैर तुम hi बताओ में क्या करू

में- क्या भइया वह कुछ नहीं कर रहे होंगे आपको क्या लगता साल 2 साल कुछ दिन आप के साथ बिता के वो किसी के साथ कुछ नहीं करते होंगे

पब- मुझे पता है युवी तुम सही कह रहे हो पैर में एक औरत हु और वो मर्द मेरा एक गलत कदम मुझे बर्बाद कर देगा और वैसे भी कोई ट्रस्ट वाला कहा मिलता है आज कल तो वीडियो बना के ब्लैकमेल करते है सब

में- हर कोई ऐसा नहीं होता सोचना आप अपनी लाइफ के बारे में आखिर कब तक अपनी इछाओ को दबा कर रखोगे

पब- हम्म शायद तुम ठीक कह रहे हो पैर मुझे दर लगता है

में- जैसी आपकी मर्ज़ी अब में चलता हु माँ और बुआ को सेहर भी ले जाना है

फिर में खड़ा हुआ तो भाभी ने कप्स उठाये और इस बिच एक बार फिर से दर्शन हुए उनकी गोलाइयों के पैर इस बार वो जल्दी नहीं उठी और फिर मुस्कुराते हुए बोली

पब- अगर ताड़ना हो गया हो तो कप्स उठा लू

में- आपकी मर्ज़ी है भाभी हम तो बस देख के खुश हो जाते है और जिन्हे ये नसीब है वो पैसे कमा ने में व्यस्त है

पब- बस करो में नहीं फसने वाली समझे

में- ये बात मेरे जाने के बाद अकेले में खुद से पूछना सही जवाब मिल जायेगा आपको की आप फास ने वाली है या फास चुकी है

और फिर उन्हें आँख मार के घर के लिए निकल गया वही भाभी सोचने लगी

पब- क्या कह गया ये क्या में सच में उसे पसंद करने लगी हु नहीं नहीं ये सच नहीं है पैर अगर ये सच नहीं है तो क्यों मैंने उसे अपना जिस्म आराम से देखने दिया क्यों मुझे उसका देखना बुरा नहीं लगा कही जो वो कह के गया वो सच तो नहीं इन्हे सोच में डोबी वो अपने कमरे में सोने चली गीयी
 
अपडेट- 23

भाभी के पास से निकल के में सीधा घर पंहुचा और सब के साथ बैठ के खाना खाया

तब तक 2.30 बज चुके थे और हमे शाम को मार्किट जाना था तो

मैंने आराम करना hi सही समझा और अपने रूम की और चल पड़ा

दीदी अभी किचन में hi थी माँ पापा और बुआ उनके hi रूम में चले गए तो

में भी अपने रूम में जा के लेत गया अभी थोड़ी देर hi हुई थी की दीदी मेरे रूम में आयी

दीदी- युवी सो रहा है क्या

में- नहीं बस सोने के लिए लेता था पैर आप मेरे रूम क्या बात है रास्ता भूल गए क्या

दीदी- नहीं बस नींद नहीं आ रही थी तो सोचा तेरे साथ बात कर लू

में- पैर मुझे नींद आ रही है तो आप भी अपने कमरे में जा के सो जाओ

दीदी- क्यों तेरे पास नहीं सो सकती में

ने- जी नहीं आप यहाँ नहीं सो सकती क्युकी मुझे पसंद नहीं है की समाज में बंधा व्यक्ति मेरे पास सोये तो प्ल्ज़ आप अपने रूम में जाओ

दीदी- तू यहाँ आके बहुत बदल गया है

में- जी नहीं बस मैंने दुसरो को तंग करना छोड़ दिया है और वैसे भी आप भी तो यही चाहती थी न तो अब क्यों मेरे पास आयी हो

दीदी- अगर तुझे मेरा आना ाचा नहीं लगा तो में जाती हु

में- हां जल्दी जाओ वैसे भी पापा आप कस लिए लड़का ढूंढ रहे है जल्दी hi आपको समाज के नियम के साथ जीने वाला मिल जायेगा

दीदी- मुझे नहीं करनी शादी समझा तू और आज के बाद मेरे पास भी आया तो पापा को बता दूंगी जा ऋ हु में

में- तो जाओ न वैसे भी में बुलाने नहीं आया था आपको और आज के बाद मेरे रूम में नॉक किये बिना मत आना

दीदी- जारी हु बात मत कर

और फिर वो कमरे से बहार चली गयी और में सो गया शाम को पापा ने उठाया और में उठ के फ्रेश हुआ और निचे आया वो सब तैयार थे मतलब की दीदी भी जा रही थी तो मैंने गाड़ी की चाबी ली और बुआ को बोलै

में- बुआ आप मेरे साथ आए बैठ न

और ये बोल के बहार निकल गया थोड़ी देर बाद 3no बहार आये और माँ आगे बैठ जबकि दीदी और बुआ पीछे मुझे समझ जी नहीं आया की ये कैसे हो गया और माँ क्यों आगे बैठ गयी खेर मैंने गाड़ी बढ़ा दी सेहर की तरफ करीब 15 मं में हम सेहर में थे

में- बुआ वो सामने मॉल है आप लोग शॉपिंग कर लो में यही गाड़ी में वेट करता हु

माँ- चुप चाप निचे उतर और साथ चल तेरे पापा ने बोलै था साथ रखना

में कोई बहस नहीं करना चाहता था इस

लिए चुप चाप उनके पीछे चल ने लगा

फिर वो लोग अपने लिए कपडे लेने लगे

तभी मेरे फ़ोन पे भाभी का कॉल आया

पब- कहा बिजी हो देवर जी

में- बस सेहर आया हु आपको बताया तो था

पब- ाचा क्या शॉपिंग कर रहे हो

में- माँ और बुआ कर रहे है में तो ड्राइवर हु और वैसे भी में किसके लिए शॉपिंग करू

पब- क्यों कोई गफ तो होगी hi

में- 4 दिन आये नहीं हुए गफ कहा से आएगी और जिस पे तरय किया वो शादीशुदा है

पब- ाचा जी फ़ोन पे लाइन मार रहे हो

में- नहीं जी किसी की सुन्दर घाटी की लाइन देखी थी उसे याद कर रहा हु ऊफ्फ क्या नज़ारा था

भाभी- शर्म कर लो कुछ बदमाश ाचा अब रखती हु जब घर आओगे तब देखूंगी तुम्हे

में- ok जी वैसे मैंने नई दिखने वाला कुछ भी मुझे शर्म आएगी हाहाहा

पब- शट उप bye

में- bye

और फिर कॉल कट हो गया और में माँ और बुआ को ढूंढ ने लगा पैर वो कही नज़र नहीं आ रहे थे तभी मेरी नज़र ऊपर गयी जहा मुझे वो 3no दिख गयी तो में भी वही चला गया माँ और बुआ ट्रेल रूम में चली गयी और दीदी मुझे गुस्से में घर के देख ने लगी

तो मैंने नज़र घुमा ली तभी पता नई उसे क्या हुआ की मेरी तरफ चल के आने लगी

और मेरे पास आयी और मेरा हाथ पकड़ के लेडीज बाथरूम में घुस गयी और मेरे होठो को चूसने लगी

में-( होठ छुड़ाते हुए) ये क्या कर रही हो आप कोई देख लेगा तो क्या होगा

दीदी- देख ने दे मुझे कोई परवाह नहीं है तूने मुझे पागल कर रख्हा और अब तेरी बेरुखी मुझे तड़पा रही है जो की मुझसे सेहन नहीं हो रही

में- पैर समाज क्या कहेगा ये तो आप भूल hi गयी( अभी में कुछ कहता की)

वो फिर से मुझे पागलो की तरह चूमने चाट ने लगी में भी आखिर कब तक कण्ट्रोल करता आखिर इंसान हु तो में भी किश में साथ देने लगा और मेरे हाथ दीदी की गांड को सेहला रहे तभी दीदी निचे बैठ गयी और लोअर निचे खेच दिया और मेरा लुंड भी एक दम से उछाल के बहार आज्ञा जिसे दीदी ने देखते hi मुँह में भर लिया

उफ्फ्फ क्या एहसास था में तो एक दम जन्नत में पहुंच गया और मजे में दीदी के सर को पकड़ के छोड़ने लगा अभी में मस्ती में गम था की बाथरूम में किसी के आने की आहात हुई

औरत- पता नई दोनों कहा चले गए ये नई की जल्दी से शॉपिंग कर के घर चले

ो माय गॉड ये तो माँ की आवाज़ है उनकी आवाज़ सुन के मैंने दीदी को इशारा किया पैर वो तो जैस कुछ सुन न hi नहीं चाहती थी और पागलो की तरह लुंड चूसे जा रही थी तो मैंने भी अपना उधर से हटा कर लुंड चूसै की तरफ कर लिया पैर बहार से आवाज़ आ रही थी

बुआ- वैसे भाभी आपका पिछवाड़ा काफी बड़ा हो गया है अब तो भैया को बहुत मजा आता होगा

माँ- चुप कर बेशरम और मेरा देख रही है अपना भी तो देख पूरा खा जाती होगी तू तो

बुआ- क्यों आप क्या नाप के लेती हो जैसी आप हो गयी मुझे तो लगता है खुद hi लुंड की सवारी करती होगी बेचारे मेरे भैया

माँ- ाचा बस कर और जल्दी चल घर भी जाना है

बुआ- आये हाय देखो तो भैया के नाम से hi छूट में खुजली हो गयी

माँ- तू भी न कभी नहीं सुधरेगी चल अब

फिर वो दोनों बहार चली गयी

और इधर में भी झड़ने वाला था तो मैंने दीदी को कहा

में- दीदी में झड़ने वाला हु

पैर वो कुछ नई बोली तो मैं भी उनके मुँह को तेज़ तेज़ छोड़ने लगा और कुछ hi पल में एक साथ कई पिचकारी उनके मुँह में मारी और जोश में उनका सर जब तक दबाये रखा जब तक खली नहीं हो गया थोड़ी देर बाद जब होश आया तो मैंने दीदी का सर छोड़ दिया

और वो काहस्ते हुए कड़ी हुई कुछ माल वो पि गयी थी और कुछ उनके मुँह से बहार गिरने लगा फिर वो कड़ी हुई और अपने आपको साफ़ करके बोली

दीदी- कैसे लगा

में- बहुत मजा आया सच में पैर ये सब अचानक कैसे दोपहर तो लड़ रही थी आप

दीदी- बस ये दिल नहीं माना युवी बहुत कोशिश की

में- तो अब समाज की चिंता नहीं है

दीदी- अब किसी की चिंता नहीं

और मेरे गले लग गयी

दीदी- ी लव यू युवी ी लव यू सू मच

में- ी लव यू मोरे थान यू माय स्वीट दीदी

दीदी- चल अब बहार चलते है

में- हां चलो वैसे ये कब मिलेगी( एक हाथ से उनकी छूट पकड़ते हुए जो की बहुत गीली थी)

दीदी- अब तो तेरी hi है जब चाहे ले लिए पैर बस बुआ को जाने दे क्युकी तेरा बहुत बड़ा और मोटा है तो इसका मजा खुल के लेना चाहती हु

में- ठीक है कल आपको नदी दिखते है

दीदी- अब ये बिच में नदी कहा से आ गयी

में- कल खुद समझ जाओगी अब चलो

फिर हम दोनों चुप चाप धीरे से बहार निकले और माँ बुआ को ढूंढ़ने लगे थोड़ी देर में hi वो हमे मिल गए

माँ- कहा गए थे तुम दोनों

दीदी- हम तो आप लोगो को hi ढूंढ रहे थे

माँ- चलो फिर घर चले भूक भी लगी है

दीदी- चलो वैसे मैंने तो जूस पि लिया है तो में तो आराम से हु( ये कह के मेरी तरफ आँख मार दी)

फिर हम सब बहार आये और गाडी सब सामान रख के घर के लिए निकल गए में गाडी चलते वक़्त दीदी में एक दम से आये परिवर्तन (बदलाव) के बारे में सोच ने लगा की अब तो रोज़ मौज होगी
 
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अपडेट -24

घर पहुंच के सब अपने अपने रूम में चले गए मैंने भी कपडे चेंज किये और अपने बीएड पे लेत केर फ़ोन पे गेम खेल ने लगा था की तभी भाभी का कॉल आने जिसे मैंने इग्नोर कर दिया फ़ोन के बाद फिर से गेम खेल ने लगा तो फिर से उनका कॉल आया

इस बार मैंने फ़ोन उठा लिया

में- जी भाभी बोलिये

पब- पहले क्यों नई उठाया फ़ोन

में- टॉयलेट में था इसलिए नहीं उठाया क्यों क्या हुआ कोई काम था क्या

पब- जब काम होगा तभी फ़ोन करुँगी क्या वैसे नहीं कर सकती

में- नहीं ऐसी बात नहीं है जब आपका मैं हो तब करो

पब- घर नहीं आ रहे क्या

में- क्यों अब क्या हो गया दिन में तो आया था

पब- मैं नहीं लग रहा थोड़ी देर के लिए आजाते

में- ऐसे बार बार आना ठीक होगा क्या आपकी शादीशुदा ज़िन्दगी पे भी असर पद सकता है और लोग देखेंगे की बार बार क्यों आता है ये लड़का

पब- मुझे किसी से कोई मतलब नहीं है तुम आ रहे हो या नहीं बस इतना बताओ

में- कैसे औ गेट तो बंद है ( दरसल उनसे बात करते हुए hi में उनके घर के लिए निकल गया था) खुद बुलाते हो और गेट भी नहीं खोलते ये तो कोई बात नहीं हुई

तभी दरवाज़ा खुला और में अंदर गया

इस वक़्त भाभी ने एक सिल्क hi ब्लैक निघ्त्य पहन राखी थी जिस में उनका गोरा रंग अलग hi सितम ध रहा था

पब- मुझे शता रहे थे न जान बुझ कर हां

में- नहीं में तो बस ये देख रहा था की कितनी परसेंट सेट हुई हो

पब- शट उप अकेली थी इसलिए बुलाया है में कोई पति आती नहीं हु

में- चलो जी मान लेते है

पब- ये हुई न बात वैसे मेरे लिए कुछ लाये या नहीं

में- आप ने कब कहा कुछ लाने को

पब- तो क्या वैसे hi भाभी करते फिरते हो खली पीली

में- ये लो आपका गिफ्ट आपकी तरह नहीं हु में जो ऊपर से दिखावा करू आपको दिल से अपना मंटा हु

पब- वाऊ क्या है इस में और गिफ्ट खोलने लगी

में- अभी नहीं मेरे जाने के बाद खोल के देखना वैसे इस निघ्त्य में गज़ब लग रही हो आप

पब- थैंक्स और बताओ क्या लोगे

में- जो मुझे चाहिए वो आप डोज नहीं( उनकी चूचियों को घर कर)

पब- वो तो मिलने से रहा अगर शादी न हुई होती तो पक्का तुमसे hi शादी करती

में- ाचा वैसे भैया के साथ कितनी रात गुज़ारी है आप ने सच बताना

पब- 2 रात पहली में कुछ नई किया और दूसरी में उनसे नई हुआ अब खुश

में- मुझसे शादी करोगी हां या न सोच के जवाब दे देना

पब- में मतलब कैसे और तुम्हारे घर वाले

में- मुझे सीधा बोल ने की आदत है अब तुम सोच लो जो करना है

पब- तुम समझ नहीं रहे ये इतना आसान नहीं है डाइवोर्स भी तो तभी होगा जब वो यहाँ आएगा

में- तुम सिर्फ अपनी बताओ हां या ना

पब- अभी मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा प्ल्ज़ मुझे थोड़ा टाइम दो सोच ने के लिए

में- ठीक है खूब सोच लो अलग तो तुम रह hi रही हो 2 साल से डाइवोर्स भी आसानी से मिल जायेगा बाकी तुम्हारी मर्ज़ी अब में चलता हु

पब- प्ल्ज़ युवी जबरदस्ती मत करो जल्दी के फैसले अक्सर दुःख देते है

में- ठीक है कोई जल्दी नहीं जब आपका मैं हो तो बता देना ok

इतना बोल के में वह से निकल आया और सीधा छत्त पे चला गया वह पहले से hi कोई टहल रहा था पैर अँधेरा होने की वजह से दिख नहीं रहा था ऐसा लगा जैसा बुआ है पैर में उसके पास न जाकर में टंकी तरफ चल दिया और वह जा के खड़ा हो गया

वो जो कोई भी था उसकी नज़र अभी तक मुझ पैर नहीं पड़ी थी और अचानक hi वो मेरी तरफ घुमा और जैसे hi उसने मुझे देखा नज़र तो साफ़ उसे भी नहीं आया होगा पैर फिर भी वो एक बार को रुका और फिर पता नई क्या सोच के मेरे पास और आते hi मेरे गले लग गया

अभी में कुछ बोलने वाला hi था की उसने मेरे होठो पे हाथ रख के चुप रहने का इशारा किया और मेरे होठो पैर अपने होठ रख दिए और बड़े प्यार से चूसने लगा मुझे साथ न देते देख उसने मेरा हाथ अपनी एक चुकी पे रखा जिस से की मुझे और उसे एक झटका लगा मेरे झटके का कारन उसकी चुकी का नंगा होना था

अब वो मुझे और जोर से चुम ने लगी और एक हाथ मेरे लुंड पे रख दिया और मसल ने लगी अब तक में फुल हार्ड हो चूका था तो मैंने भी सब भूल के उसे कोने में घोड़ी बनाया और उसकी साड़ी को एक झटके में कमर तक उठा दिया और पेंटी को निचे खींच के फाड़ दिया और निचे बैठ के उसकी मोती गांड को दोनों हाथ से थाम कर अलग किया और पीछे से hi उसकी छूट को मुँह में भर लिया और जोर जोर से चूस ने लगा मेरे इस जोरदार हमले से वो एक दम हिल सी गयी और अपनी छूट को मेरे मुँह पे दबाने लगी थोड़ी देर छूट चाट ने के बाद में खड़ा हुआ और लोअर को निचे करके लुंड को बहार निकाल कर छूट पे सेट किया मेरे ऐसा करते hi उसने साड़ी के पल्ले से मुँह बंद कर लिया जैसे कह रही हो की में तैयार हु तुम आगे बढ़ो तो मैंने भी देर न करते हुए लुंड को छूट पे सेट करके जोरदार धक्का मारा और लुंड छूट की दीवारों को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया अभी आधा hi लुंड गया थी की वो घु घु घु करने लगी पैर अभी वक़्त नहीं था इस बात पे ध्यान देने का इसलिए मैंने कमर को पकड़ के एक और जोरदार धक्का मारा और जड़ तक लुंड घुसेड़ दिया लुंड के अंदर जाते hi वो आगे को भाग ने लगी पैर मैंने मजबूती से उसकी गांड को पकड़ रखा था और तेज़ तेज़ धक्के मार ने लगा अब वो भी थोड़ा नार्मल थी और चुदाई का मजा ले रही थी तो में भी अब मजे से छोड़ने लगा रात के अंधरे में हम दोनों अपनी चुदाई में मस्त थे और अब तो वो भी हर धक्के के साथ अपनी गांड को पीछे की और धकेल रही थी छत्त थप थप थप की आवाज़ गूंज रही थी बड़ा hi सुन्दर संगीत लग रहा था हम दोनों को चुदाई करते हुए 15 मिंट हो चुके थे और वो शायद झाड़ चुकी थी क्युकी उसकी छूट बहुत गीली हो रही थी और उसका रास उसकी जांघो से बेहटा हुआ निचे जा रहा था अब में भी झड़ने के करीब था तो तेज़ तेज़ छोड़ने लगा और कुछ hi देर में उसके ऊपर ढेर हो गया

थोड़ी देर ऐसे hi रहने के बाद में सीधा खड़ा हुआ और साइड में हो गया तो वो भी सीधा कड़ी हुई और पेटीकोट से अपनी छूट साफ़ की और मेरा लुंड भी पोछा और अपने कपडे सही किये और एक बार फिर से मेरे होठो को चूसने लगी तभी निचे से दीदी की आवाज़ आयी

दीदी- मा ू मा ऊपर हो क्या

दीदी की आवाज़ सुन के वो निचे चली गयी

जी हां वो और कोई नहीं माँ hi थी और इसका पता मुझे उनके किश करने से पता चल गया इस लिए में पहले करना नहीं चाहता पैर उनकी

तड़प देख के में समझ गया की माँ आज

बहुत गरम है क्युकी जब में ऊपर आया था तो वो शयद .छूट में ऊँगली कर रही थी और जब वो रुकी थी तो समझ गयी थी की मैंने उन्हें देख लिया है इसलिए वो भी हवस में जलती हुई ये सब कर गयी

उनके जाने के बाद में न जाने कितनी देर छत्त पे टहलता रहा और जब निचे से आवाज़ आयी तो निचे चला गया वह सब डिनर के लिए बैठे थे पैर मेरी नज़र जैसे hi माँ पे पड़ी वो ऐसे शरमाई जैसे नयी दुल्हन रात की चुदाई के बाद अपने पति से शर्माती है

तो मैं भी मुस्कुराकर खाने बैठ गया और जल्द hi खाने से फ़ारिग़ हो कर कमरे में आज्ञा और सोच ने लगा की कहा तो कोई राज़ी नहीं हो रही थी और कहा आज hi माँ और दीदी एक साथ मिल गयी और अभी बुआ आने वाली है छोड़ने के लिए क्युकी उन्हें कल जाना था तो वो देर नहीं करना चाहेगी और जल्दी hi ऊपर आएगी
 
अपडेट - 25

अभी मुझे थोड़ी देर hi हुई थी रूम में आये हुए की भाभी का कॉल आया

में- क्या बात है इतनी जल्दी फैसला कर लिया आप ने

पब- फैसले के बच्चे ये क्या गिफ्ट दिया और तुम्हे मेरे साइज का कैसे पता चल

में- क्यों ाचा नहीं है क्या और साइज का क्या है दो दिन से देख रहा हु तो इतना अंदाज़ा तो लगा hi सकता हु ( दरसल मैंने भाभी के लिए एक ब्लैक कलर को ब्रा पेंटी का सेट लिया था मॉल से)

पब- बहुत तेज़ नज़र है तुम्हारी हलकी सी झलक में सब पता लगा लिया

में- वैसे कैसा लगा गिफ्ट पहन के भी देखा या नहीं

पब- ाचा और में यही ब्रांड उसे करती हु थैंक यू

में- ाचा अगर इतना पसंद आया तो मुझे भी तो गिफ्ट मिलना चाहिए न

पब- हां बोलो क्या चाहिए

में- मुझे आपको देखना है उस गिफ्ट में

पब- पागल हो तुम देखो युवी मैंने बहुत सोचा पैर में तुमसे शादी नहीं कर सकती पैर तुम बहुत अचे हो इसलिए तुम्हे खोना भी नहीं चाहती तो क्या हम दोस्त बनकर नहीं रह सकते

में- बिलकुल रह सकते है मैंने तो पहले hi कहा था की सोच कर जवाब देना आप ने जवाब दिया मैंने मंज़ूर किया पैर मेरे गिफ्ट का क्या

पब- ये कोई गिफ्ट थोड़ी है यार

में- देना है तो बोलो वार्ना कोई बात नहीं

पब- तुम बार बार गुस्सा क्यों हो जाते हो तुम मेरे अचे दोस्त हो न तो फिर ये गन्दी बाते क्यों

में- ाचा जी ये गन्दी बाते है पैर तुम्हे देख के मुझ कुछ होने लगता है प्ल्ज़ बस एक बार फिर कुछ नहीं कहूंगा

पब- यार मुझे शर्म आएगी तुम समझते क्यों नहीं मैंने आज तक ये सब नहीं किया मेरा आज तक किसी के साथ अफेयर भी नहीं रहा

में- ठीक है आपकी मर्ज़ी और कोई बात करनी है या राखु

पब- तुम्हे तो बस गुस्सा करना आता है बस

में- में तो प्यार करना चाहता हु पैर तुम ंशी चाहती तो में क्या करू और में गुस्सा नहीं हु बुआ आने वाली ok bye गुड़ नई8 कल मिलते है

पब- ok गुड़ नाईट और प्यार एक दोस्त की तरह भी होता है या तुम सिर्फ सेक्स को hi प्यार कहते हो

में- ऐसा होता न तो शादी के लिए नहीं कहता समझी आप अब सो जाओ

पब- वो भी सेक्स के लिए hi कहा था तुमने ताकि उसके बाद जैसे मर्ज़ी करो और जिसे तुम प्यार कह रहे हो वो बस अट्रैक्शन है और कुछ नहीं

में- ठीक है अगर इतना hi बुरा हु तो अब आप को डिस्टर्ब नहीं करूँगा और हां सेक्स hi करना हो तो कमी नहीं है मेरे पास बस आप अछि लगी इसलिए वार्ना आज तक किसी को नहीं कहा अब आप सो जाओ शादीशुदा भाभी जी bye

और कॉल कट करदी पैर वो बार बार कॉल कर रही थी तो मैंने फ़ोन ऑफ कर दिया और बुआ का इंतज़ार करने लगा पैर जब बुआ आयी तो वो उदास थी

में- क्या हुआ आप इतना उदास क्यों हो

बुआ- बस क्या बताऊ कल जाना है तो मैंने सोचा था की आज रात जैम के मजा लुंगी पैर

में- सोचा था मतलब अब नहीं करनी क्या

बुआ- मेरी डेट आ आगयी है तो कैसे करुँगी

में- क्ययया ऐसे मत बोलो यार में तो लुंड पैना के बैठा था ( और मेरे रीडर्स को भी इंतज़ार था)

बुआ - मैं तो मेरा भी था न अब पता नई कब आना होगा

में- क्या यार बुआ सारे मूड की ऐसी तैसी कर दी

पैर तभी दिमाग की घंटी बजी

में- बुआ आगे नहीं तो पीछे से कर लेते है

बुआ- नहीं युवी आज पहला दिन है तो ब्लड जयादा गिर रहा है समझा कर तू घर आजाना न कुछ बहाना करके

में- कोई नई जैसी आपकी मर्ज़ी ( अब कोण यार 150 कम का सफर करे इतनी गर्मी में) अरे पैर अगले महीने माँ पापा की अंनिवर्सरी रहे तब आजाना

बुआ- अरे हां ये तो मुझे याद hi नहीं रहा चल अब सोते है वैसे भी सुबह जल्दी निकल जाउंगी क्युकी अब कुछ होना तो है नहीं

करवाने को तो मुँह से करवा लेता पैर माँ की टाइट छूट मार चूका था तो अब ख़ास मैं नहीं किया और सो गया

रात को करीब 1 बजे आँख खुली और प्यास बहुत तेज़ लगी थी और बोतल बुआ लायी नहीं थी इसलिए में उठा और निचे चल दिया जैसे निचे जाने के लिया हुआ मेरी नज़र किचन में गयी जहा माँ अभी अभी घुसी थी और इस वक़्त एक निघ्त्य में थी माँ देख के लुंड महराज जाग ने लगे तो में भी फुर्ती से निचे गया माँ फ्रिज के पास कड़ी हो के पानी पि रही थी और मुझे देख के चौक गयी

माँ- तू सोया नहीं अभी तक युवी

me-pyaas लगी थी तो पानी पीने आया था

माँ- ठीक है पानी पि के लाइट बंद कर देना

येबोलके सर झुकाये बहार जाने लगी तो मैंने हाथ पकड़ लिया

में- माँ शाम को छत्त पे कैसा लगा

माँ कुछ नहीं बोली और हाथ छुड़ाने लगी

तो में पीछे से उनसे चिपक गया और उनकी गर्दन पे अपने होठ रख दिए तो माँ की एक आठ निकल गयी

में- कुछ तो बोलो माँ

माँ- युवी छोड़ दे कोई देख लेगा समझा कर

में- तो बता दो न की कैसा लगा या अब भी मैंने जबरदस्ती की है

मेरी बात सुनके माँ मेरी तरफ घूम गयी और सर झुकाये hi बोली

माँ- नहीं युवी तूने कोई जबरदस्ती नहीं की और न hi कभी तेरी कोई गलती थी हर बार मैंने hi साथ दिया और जब दुनिया का ख्याल आया तो तुझे hi दोसी बना दिया मुझे माफ़ कर दे बीटा

में- माँ ऐसे मत बोलो आपको पूरा हक़ है मुझे डाट ने का मार ने का बस ये बता दो आज कैसा लगा

माँ ने मेरे कंधे पे सर रख लिया और सर झुकाये हुए hi बोली

माँ- जैसे की आज मैंने पहली बार वो सब किया हो सच में में उस दिन से तड़प रही हु जब ये पहली बार मेरे अंदर गया था उस एहसास को महसूस करके न जाने कितनी रात में बेचैन रही हु युवी सच में तेरा बहुत मोटा है और बड़ा भी

माँ की गरम बाते सुनके लुंड पूरा अपनी औकात में आ चूका था और अब इसे ठंडा करना था तो मैंने किचन की लाइट ऑफ कर दी और मास को उठा के सलापे पे बिठा दिया वो कुछ कहती उस पहले hi मैंने अपने होठ उनके होठो से चिपका दिए और एक हाथ उनकी निघ्त्य में घुसा के उनकी छूट में ऊँगली करने लगा माँ इस दोहरे हमले से गरम हो गयी और मुँह में जीब दाल के चूस ने लगी अब वक़्त जयादा नहीं था और रिस्क भी था तो मैंने एक हाथ से लोअर निचे करके लुंड बहार निकला ओट निघ्त्य को कमर तक कर दिया और होठो को चूसते हुए माँ को आगे खिशकाया माँ अब पूरी तरह से मेरा साथ दे रही थी तो मैंने भी जल्दी लुंड को छूट पे सेट किया और जोरदार धक्का मारा और एक शॉट में आधा लुंड अंदर माँ बहुत जोर से चीखी थी मगर होठ मेरे होठो में होने से उनकी चीख डाब गयी वार्ना सब किचन में आ जाते माँ कुछ संभालती की मैंने दूसरे धक्के में जड़ तक लुंड घुसा दिया माँ ने मेरी कमर को कास के पकड़ लिया और तेज़ तेज़ छोड़ने लगा अब माँ भी अपनी छूट को आगे पीछे कर रही थी टी मैंने भी होठ छोड़ दिए

माँ- आअह्ह्ह युवी फाड़ दे मेरी छूट को आठ बहुत तंग किया है इसने ऊऊफफफ माँ क्या मस्त लुंड है तेरा में तो दीवानी हो गयी

माँ जोश में पता नई क्या बोले जा रही थी और जायदा देर न तिकी और झाड़ ने लगी

में- क्या माँ इतनी जल्दी साथ छोड़ दिया अभी मजा आ रहा था

माँ- क्या करू युवी बहुत देर से गरम थी तेरे पापा ने अपना किया और सो गए आठ माँ

में- आज सकूं मिला है माँ मिझे उफ्फ्फ क्या तिघ्य छूट है आपकी

माँ- अब तो रोज सकूं दूंगी अपने बेटे को बहुत तडफाया है न मैंने तुझे अब तेरा जब मैं हो इशारा कर देना तेरी माँ अपनी दोनों टाँगे खोल देगी बस अभी जल्दी कर

में- बस माँ में भी आने वाला हु

और बस 2 4 धक्के टाइट टाइट मारे और छूट में hi झाड़ गया अपने अंदर गर्मी महसूस करके माँ भी तेज़ तेज़ साँसे लेने लगी

फिर हम जल्दी से अलग हुए और माँ ने अपनी निघ्त्य से अपनी छूट और मेरे लुंड को साफ़ किया और मुझे एक प्यारा सा चुम्बन करके चली गयी और में वही खड़ा हो के पानी पीने लगा न जाने कितनी hi देर यही खड़ा रहा और इस नए बदलाव के बारे में सोचता रहा न जाने कब ऊपर जा के सू गया

सुबह दीदी के उठाने से आँख खुली

दीदी- भाई खड़ा हो जा पापा और बुआ को छोड़ आ स्टेशन

में- हां उठता हु दीदी पहले इधर तो आओ

और उनका हाथ पकड़ के अपने ऊपर खींच लिया और वो एक दम से कड़ी हो गयी

दीदी- गंदे बच्चे पहले फ्रेश हो जा और निचे आ जा अभी कुछ नहीं मिलने वाला

ये बोलके निचे भाग गयी और में जाते हुए उसकी हिलती गांड देख खड़ा हुआ भाग लो जितना मर्ज़ी पैर आज तुम्हारी छूट और गांड दोनों का बजा बजाना है वो भी पूरा नंगा करके आज तुम्हारी चाल न बदली तो कहना फिर जल्दी से फ्रेश हुआ और निचे आया

में- गुड मॉर्निंग पापा बुआ माँ

पापा- गुड मॉर्निंग बीटा क्या बात है आज तो अलग hi मूड है जनाब का

अभी में कुछ कहता की माँ बोल पड़ी

माँ- तो क्या नज़र लगनी है मेरे लाल को

पापा- (चौकते हुए) ये कमाल कब हुआ भाई चलो ाचा है अब में टेंशन फ्री जा सकता हु

में- जीआप फ्री हो के जाइये यहाँ में सब का ध्यान रखूँगा और माँ जल्दी से कॉफ़ी दो मुझे

माँ- ये ले दूध पि कॉफ़ी बंद तेरी अब से

में- माँ में कोई छोटा बच्चा हु जो दूध पीयू

माँ- हां अब चुप चाप से पि

में- ताज़ा तो है न( माँ की चूचियों को देखते हुए)

माँ ने प्यार से मेरे गाल पे चपत लगायी

फिर हम सब ने नास्ता किया और बुआ पापा को लेके निकल गया स्टेशन जाते वक़्त कसके मेरे गले लगी

पापा- ध्यान से जाना और गुस्सा नहीं करना मेरा राजा बीटा

में- जी आप भी अपना ख्याल रखना

उन दोनों को छोड़ के गाड़ी में बैठा और फ़ोन ों किया तो भाभी की 32 मिस कॉल्स थी अभी चेक कर hi रहा था की भाभी की कॉल आगयी पैर मैंने नहीं उठायी और घर की तरफ चल दिया घर पहुंच कर जब गाड़ी से उतरा तो भाभी अपने गेट पे कड़ी थी और मुझे देखते hi बुलाने लगी तो में अंदर जाने लगा की फिर से उनका फ़ोन आया इस बार मैंने उनकी तरफ देखा तो कान पकड़ के सॉरी बोल रही थी

में- हां बोलो क्या काम है

पब- सॉरी न वो में कुछ जयादा hi बोल गयी क्या अपनी इस दोस्त को माफ़ नहीं करोगे

में- माफ़ किया अब राखु

पब- गुस्से से नहीं प्यार से

में- सॉरी जी हमसे न हो पायेगा आप से प्यार

पब- ाचा घर तो आओ कुछ काम है

में- शाम को देखता हु अभी नहीं आ सकता

पब- में इंतज़ार करुँगी अपने दोस्त का

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अपडेट -26

फिर में अंदर गया तो माँ किचन में थी और दीदी कही नज़र नहीं ा रही थी मुझे देखते hi माँ बोली

माँ- छोड़ आया दोनों को

में- हां छोड़ आया बुआ ट्रैन भी टाइम पैर थी

माँ - चल ठीक है तू आराम कर ले में भी थोड़े से बर्तन रह गए वो कर लू बस

में- दीदी कहा है नज़र नहीं ा रही

माँ- वो नाहा ने गयी है अभी ऊपर

माँ की बात सुनके मैंने माँ को पीछे से बाहो में भर लिया और उनकी गर्दन चूमने लगा

माँ- अभी नहीं युवी सुषमा आजायेगी बीटा समझा कर न

में- क्या करू तुम्हे देख के कण्ट्रोल नहीं होता दिल करता है बस तुमसे लिप्त राहु तुम नहीं जानती माँ कितना तड़पा हु में तुम्हारे लिए

माँ- सब जानती हु पैर अभी की लिए समझ न बीटा दोपहर को जो मर्ज़ी कर लियो में बिलकुल नहीं रोकूंगी

में- ठीक है माँ पैर आज आप खुल के प्यार करने डौगी न

अभी हम बात कर hi रहे थे की दीदी निचे आती दिखी तो हम दोनों ठीक से खड़े हो के बाते करने लगे

दीदी- क्या बाते हो रही माँ बेटे में

में- कुछ नहीं दीदी बस पूछ रहा था लंच में क्या बनाएंगी

दीदी- माँ आज तो दाल बनाओ बहुत दिन हो गए

माँ- दाल hi बनाई है बीटा बस चौक अभी बाकि है वो साथ साथ लगा दूंगी

आज दीदी ने स्कर्ट और टॉप पहना था जिस में वो गज़ब लग रही थी पर माँ के होते हुए देख भी नहीं सकता था

में- क्या दीदी दाल में तो नहीं खाने वाला मुझे मच्छी करि की है वो भी माँ के हाथ की में चला नदी पे मछली लाने

माँ- हां तो ले आ युवी वैसे भी वो मछली खाने में सुवाद थी

में- ठीक है माँ में जाता हु और पकड़ के लाता हु ( अब मुझे पकड़ नई तो आती नहीं थी तो कुछ समझ भी नहीं आ रहा था )

दीदी- ोये में भी चलूंगी तेरे साथ मुझे भी नदी देखनी है

में- नहीं आप क्या करोगी वह पैर

दीदी- मैंने पूछा नहीं है बताया है की में भी चलूंगी

में- ok बस 2 मिंट रुको में अभी आया

और जल्दी से अपने रूम में जा के कजरी को फ़ोन लगया थोड़ी देर बाद कजरी ने फ़ोन उठाया

कजरी- क्या बात है मेरी याद आ रही है क्या

में- वो तो आ hi रही पैर अभी ये बताओ मछली कैसे पकडू क्युकी माँ को वही कहानी है

कजरी- ओह्ह तो मेरे नन्हे बालम फास गए

में- यार प्ल्ज़ मज़ाक मत करो बताओ न

कजरी- आप घर से कुछ आते की गोलिया ले जाना और एक चुन्नी या चादर पहले उसे बिछाना पानी में फिर आते की गोलिया दाल देना और जब आपको लगे की बहुत मछली है तो चादर उठा लेना बस यही आसान तरीका है आप के लिए

में- ठीक है शुक्रिया

कजरी- आपकी बहुत याद आ रही है पता नई ये 4 दिन कैसे काटेंगे

में- जैसे मर्ज़ी करो पैर कोई लुंड मत ले लेना ः

कजरी- ऐसा मज़ाक में भी मत कहना दोबारा ये आपकी है और अब आपकी hi रहेगी अगर दोबारा ऐसा बोलै तो जान दे दूंगी बिना बताये और आपको कभी पता भी नहीं लगेगा

में- सॉरी यार में तो बस वैसे hi मजे ले रहा था और कल मिलता हु तुमसे

कजरी- सच में में इंतज़ार करुँगी आपका ी लव यो ोूउउउउ

में- ी लव ु 2

फिर मैंने कॉल कट की और निचे गया और एक चादर लेके दीदी के साथ निकल गया

दीदी- ये तो बड़ा घाना होता जा रहा है युवी कोई जानवर आज्ञा तो

में- क्यों मिस ब्लैक बाल्ट दर लग रहा है क्या

दीदी- ोये में नहीं डर्टी किसी से भी समझा न

में- आज आप वो सब कुछ करोगी जो नहीं किया आज तक

दीदी- मतलब क्या है तेरा

में- आप ने hi तो कहा था की आप खुल के मजे लेना चाहती हो

दीदी- शट उप और में ऐसे खुले में कुछ करुँगी सोचना भी मत

आज वैसे भी एनिग्मा भाई ने पूछा है अपडेट दी की नहीं तो आज तो देनी बनती है क्युकी आज उनका भी दूसरा part आएगा

दीदी- कुछ बोलोगे भी अब और ये नदी कब आएगी जल्दी बता

में- बस आने वाली है क्यों थक गए क्या

दीदी- नहीं यार पैर सुसु आयी है बहुत तेज़ की

में- तो आप ने तो स्कर्ट पहनी कही भी उठा के बैठ जाओ न इतना सोचना क्या है

दीदी- हम्म बात तो सही चल तू उधर देख

में- उधर क्यों वैसे भी अब तो आप भी मेरे हो तो क्या फर्क पड़ेगा

दीदी- हां तो इस का मतलब ये थोड़ी है की बिलकुल बेशरम बन जाऊ चल जल्दी से उधर कर मुँह

में- ok कर लो जल्दी बस नहीं देखता

जैसे hi वो सुसु के लिए बैठी में एक दम से मुद गया उनकी सीटी की आवाज़ सुनके और जैसे hi नज़र पड़ी क्या नज़ारा था एक दम क्लीन सेव छूट थी और उस में से निकलती मूट की धार एक अलग प्रदर्शन कर रही थी में उस में hi खो सा गया था की वो कड़ी हुई और बोली

दीदी- चल अब शो ख़तम हो गया है बेशरम

उनकी आवाज़ सुन के मैंने उन्हें अपनी तरफ खींचा और अपने होठ उनके होठो से जोड़ लिए पैर उन्होंने मुझे धक्का दिया

दीदी- युवी ये क्या है कोई देख लेगा सीधा चल

उनकी बात का मैंने कोई जवाब नहीं दिया क्युकी में अपना और उनका मूड ख़राब नहीं करना चाहता था पैर अपनी हरकते भी चालू राखहि कभी उनकी बड़ी सी गांड को मसल देता तो कभी मोती चूचियों को सच में एक आकर्षण था दीदी में जो मुझे उनसे दूर नहीं होने दे रहा था और वो जब भी मुझे देखती तो नकली गुस्से में घूरती

ऐसे hi मीठी नोक झोक करते हुए हम नदी पे पहुंच गए

दीदी- वाऊ युवी कितना सुन्दर नज़ारा है

में- ये तो कुछ भी नहीं है दीदी एक बार आप पानी में तो उतरो फिर देखना

दीदी- नहीं भाई बिलकुल नहीं ऐसे खुले में मुझे दर लगता है

में- मेरा विश्वाश करो दीदी यहाँ कोई नहीं आता

दीदी- और अगर कोई आ गया और मुझे ऐसे देख लेगा तो

में- अरे यार आप बात तो मानती हो नहीं तो अब क्या करे प्ल्ज़ चलो न थोड़ी देर नहाते है और वैसे भी मछली भी तो पकड़ नई है न

दीदी- पैर युवी अगर कोई आज्ञा तो

में- आप चलती हो या में जबरदस्ती उठा के पानी में फैक दू

दीदी- ाचा सुन तू जा नदी में में अभी आती हु

फिर में नदी में चला गया और थोड़ी देर बाद दीदी जब सामने आयी तो कामदेवी का रूप लग रही थी उस तवो पैसा बिकिनी में

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और फिर वो मेरे पास आयी

दीदी- ऐसे क्या देख रहा है पहले कभी लड़की नहीं देखि क्या

में- लड़की तो देखि पैर जल पारी आज देख रहा हु

दीदी अपनी तारीफ सुन के शर्मा गयी पैर मुझसे अब कण्ट्रोल करना बहार हो रहा था तो मैंने उन्हें अपनी बाहो में भर लिया और उनके होठो को चूसने लगा अबकी बार दीदी ने भी पूरा साथ दिया और हम दोनों इस खुले आश्मान के निचे एक दूसरे को पूर्ण सुख दे रहे थे न किसी की चिंता न किसी का दर और हाथो की हरकत ने भी दीदी को सुख देना शुरू कर दिया था और इस सब न जाने कब दीदी की अंडरवास्तृ नदी के भाव में बह गए ये उन्हें भी पता न चला पैर अब आग बादक चुकी थी और इस आग के चलते मैंने दीदी को गॉड में लिया और अपने लुंड को जो की अब काबू से बहार हो चूका था उसे दीदी की रास भरी छूट के छेद पे लगाया और धीरे से आगे का रास्ता दिखा दिया और वो भी चुपचाप अंदर जाने लगा और इस का असर दीदी के चेहरे पे साफ़ दिखने लगा था जो की बता रहा था की ये मजा अब दर्द भी देगा और आखिर उनका धर्ये जवाब दे गया और वो बोली

दीदी- आठ युवी दर्द हो रहा है में इसे ऐसे यहाँ इस तरह नहीं ले पाऊँगी प्ल्ज़ घर पे कर लेना

मैं कुछ नहीं बोलै और दीदी ऐसे hi उठाये कजरी की झड़ी की तरफ चल दिया पैर मेरे हर कदम रखने पैर दीदी के भाव बदल रहे थे तो मैंने उन्हें उतारा और अपने और उनके कपडे उठा के चल दिया तो दीदी को लगा में घर जा रहा हु तो बोली

दीदी- अरे कपडे तो देदे अब क्या नंगी घर ले जायेगा पहले hi पेंटी ब्रा बह गयी

में- आप इधर आओ

और फिर वो झाडी हटा के दीदी को अंदर जाने को बोलै और जब वो अंदर चली गयी तो में भी अंदर घुस गया और झड़ी वापस लगा दी

दीदी- ये क्या है ये तो बिलकुल कमरे जैसा है और गद्दे भी है ये कब किया तूने

में- जब आप ने बोलै की आपको खुल के करना है और अब बाते नहीं

और बैठे बैठे hi उनकी छूट को हाथ में कास लिया

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और उनके गालो को चूमते हुए ऊँगली अंदर बहार करने लगा

दीदी- आह युवी ये हाथो का खेल छोड़ अब ये में बहुत बार कर चुकी प्ल्ज़ आज असली खेल hi खेल अब तो साडी ज़िन्दगी पड़ी है भाई

में- कुछ जयादा hi गरम हो रही हो

दीदी- जब तो ऐसे ऊँगली करेगा तो गरम hi होउंगी न और अब तू क्यों बाते कर रहा है असली काम शुरू कर न अब और बर्दास्त नहीं हो रहा

पैर मुझे तो मजा आ रहा था तो में कुछ नहीं बोलै और ऊँगली करता रहा पैर शायद दीदी अब रुकने के मूड में नहीं थी इसलिए उन्होंने मुझे धक्का दिया और मेरे दोनों तरफ टाँगे करके लुंड को छूट पे सेट किया और धीरे धीरे लुंड को अंदर लेने लगी उन्हें दर्द भी हो रहा था पैर शायद आज वो हर दर्द सेह लेना चाहती थी इसलिए थोड़ा सा रुकी और फिर एक दम जोर से ऊपर निचे होते हुए पूरा लुंड अंदर लेनी लगी

दीदी- आठ मा में मर गयी युवी उफ्फ्फ कितना मोटा है तेरा माँ पैर आज में इसे खुद में समां कर hi रहूंगी बहुत तदपि हु इस दर्द के लिए आह्हः मा


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ऊऊफफफ मा आठ युवी ये तो अंदर तक लग रहा है आह्हः मुझे छोड़ भाई जोर से छोड़ अब मुझसे नहीं होगा प्ल्ज़ मेरी साडी खुजली मिटा दे

और मेरे ऊपर झुक कर मेरे होठो को चूस ने लगी तो मैंने भी दोनों हाथो से उसकी गांड को पकड़ के निचे से धक्के देने लगा ऊफ्फ सच में छूट टाइट थी उनकी आँखों में आँशु भी थे जिन्हे देख के में स्पीड काम करनी चाही तो उन्होंने इशारे से मना किया जैसे कह रही हो की रुकना मत चाहे जो हो

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और खुद भी धक्के लगाने लगी

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पैर जयादा देर तिकी न रह सकीय और उनका जिस्म अकड़ ने लगा

दीदी- ायःहज मा भाई में तो गयी उफ्फ्फ ाहहमा

पैर अभी होना बाकि था तो मैंने उन्हें घोड़ी बन ने को बोलै और पीछे से तेज़ तेज़ छोड़ने लगा

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अहह लवी मेरे भाई मेरी जान आज तो तूने स्वर्ग दिखा दिया काश तेरे जैसा hi लुंड होता उस कमीने का तो मुझे अपने भाई से न छोड़ना पड़ता ऊऊफफफ आठ ऐसे hi फाड़ मेरे भाई बहुत ाचा लग रहा है आठ

हां मुझे भी बहुत मजा ारः है दीदी वैसे तुम्हारी छूट बहुत टाइट है लगता नहीं की तुम शादी शुदा हो

आह हां मेरे भाई क्युकी तेरी दीदी की छूट के तेरे जैसा लुंड चाहिए उसका तो पतला सा था और छोटा भी आठ भाई में फिर से आने वाली हु

वो अब ढीली पड़ने लगी थी तो मैंने उनके दोनों हाथ पकड़ लिए और जोर जोर से छोड़ ने लगा

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और वो बिलकुल सुस्त पड़ी बस मेरे धक्के झेल रही थी और में मस्त चुदाई में लगा हुआ था थोड़ी देर बाद उन्हें छोड़ ने बाद मुझे लगा की अब में झड़ने वाला हु तो दीदी को बोलै

में- ड्डी में झड़ने वाला हु आठ कहा निकलू

दीदी- मेरे मुँह में hi झाड़ झा भाई आठ मुझे पीना है वो बहुत टेस्टी है

तो उनकी बात सुनके मैंने उन्हें घुमाया और उनके मुँह पे hi झाड़ गया

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आज मेरा बहुत माल निकल रहा था जो की आधा बहार और आधा उनके मुँह में गिर रहा था आखिर कार आज मैंने अपनी सपनो की रानी अपनी डीडू को छोड़ लिया था और फिर वही गद्दे पे गिर गया और हम दोनों कब सो गए पता hi नहीं चला

करीब 1 घंटे बाद आँख खुली तो दीदी को उठाया और कपडे पहन ने को दिए फिर हम दोनों ने कपडे पहने और बहार आगये फिर मैंने कजरी के तरीके से मछली पकड़ी और हम दोनों बहिन भाई घर को चल दिए दीदी को चल ने थोड़ी दिक्कार हो रही थी पैर घर तो जाना hi था और इसका ये असर हुआ की दीदी घर पहुंचते अपने रूम में जा के सो गया
 
अपडेट -27

दीदी के ऊपर जाते hi में किचन में गया और फ्रिज से पानी निकाल पिने लगा अब दीदी तो शाम से पहले उठने से रही तो मैंने मछली फ्रिज में रक्खी और ऊपर जाने लगा तभी सोचा क्यों न माँ के रूम में जाऊ और फिर माँ के रूम पे नॉक किया hi था की वो खुल गया अंदर माँ बीएड पे सो रही थी तो में चुपके से उनके पास गया और उनकी निघ्त्य को धीरे 2 उठाने लगा पैर वो उनकी गांड के निचे डाभी हुई थी और अंदर उन्होंने पंतय नहीं पहनी थी तो छूट तो दिख रही थी पैर निघ्त्य ऊपर नहीं जा रही थी तो मैंने निघ्त्य के अंदर सर डाला और माँ की छूट को मुँह में भर लिया और छूट पे किसी चीज़ का एहसास होते hi माँ के हाथ मेरे सर पे आ गए निघ्त्य के ऊपर से hi तो माँ ने कड़ी हो के निघ्त्य उतार फेकि ओट टांगो को पूरा खोल दिया ताकि और अचे से छूट की चूसै कर सकू

माँ- आठ मेरे लाल आते hi शुरू हो गया ूउम्म्मĥĥĥ स्स्स्सह्ह खा जायेगा क्या आठ हां ऐसे hi ये क्या कर दिया तूने उफ्फ्फ्मा कितनी पागल थी जो इतने दिन इस मजे से दूर रही आठ ाष्ठ

माँ बिलकुल पागल सी हो गयी थी और मेरे सर को दबाये जा रही थी

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खाजा इसी आह्हः मॉस युवी ऊऊफफफ मेरे बच्चे आठ क्या मर्द जना है मैंने अपनी कोख से उउउफ हाय माँ में गयीईइ युवी मेरा राजा और तेज़ आठ ुउउइइइइइमा ये क्या हो रहा है मुझे इतना मजा तो आज तक नहीं मिला ऊऊफफफ आआह्ह्हआ मी gyyyiiiiiiiiiiii

और माँ एक दम ढीली पद गयी तो थोड़ी देर बाद बोली

माँ- ऊऊफफफ युवी एक बार तो ऐसा लगा जैसे जिस्म से जान hi निकल जाएगी मेरी

में- ऐसा कैसे हो सकता की मेरे होते हुए आप की जान निकल जाए बस आप ये बताओ मजा आया की नहीं

माँ- तू मजे की पूछ रहा है में तो हवाओ में उजड़ रही थी मेरे बच्चे ी लव यू सो मुस्छ

में- लव यू 2 माँ तो अब असली खेल की शुरुवात करे अगर आपका हुकम हो तो

माँ- हां पैर उस से पहले में भी तो अपना प्यार जाता दू अपने बेटे को

और ये बोल के माँ ने मुझे निचे लिटा दिया और खुद मेरी दोनों टैंगो के बिच में आगयी और मेरे लुंड को अपने हाथो से मसल ने लगी और फिर लुंड की चमड़ी को निचे करके उसपे जीब फेरई ऊऊफफफ में तो पागल सा हो गया सच एक्सप्रिन्स का अलग hi फायदा होता है फिर माँ ने उसे कुल्फी की तरह चूसते हुए मुँह में ले लिया और बड़े प्यार से अंदर बहार करने लगी

में- ोुह्ह्ह्ह माआ यू र ग्रेट बहुत ाचा लग रहा है ऐसे hi माँ ऊऊफफफ यू अरे अमेज़िंग ऐसे hi पूरा मुँह में लो न


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माँ-( मुँह से निकालते हुए) बीटा तेरा बहुत मोटा है पूरा नहीं ले पाऊँगी इतने से hi मुँह दर्द कर रहा है

में- तो हैट जाओ माँ आपको दर्द हो रहा है तो बस बहुत है इतना बाकि का मजा में आपकी छूट से लूंगा

माँ- जहा से लेना है ले अब तो तेरी माँ तेरी हो चुकी है मेरे बच्चे चाहे तो फाड़ दे इस निगोड़ी को जिसने इतना तंग किया है तेरी माँ को

में- चिंता मत करो माँ इसकी तो साड़ी खुजली मिटा दूंगा में ये अब आपको तंग नहीं करेगी इस की ऐसी हालत करूँगा

माँ- आज तो ऐसे कर की पूरा रोम रोम हिल जाये एक बार बेदर्दी की तरह चुदाई कर दे

में- नहीं माँ आपको बहुत दर्द होगा

माँ- होने दे तुझे मेरी कसम चाहे जो हो तू रुकना नहीं

में- ठीक है माँ जैसा तुम चाहो

और फिर माँ के पैरो के बिच आ के माँ की टैंगो को उठाया और लुंड को छूट पे सेट एक जोरदार धक्का मारा और एक बार में hi लुंड पूरा अंदर जिस से माँ की एक जोरदार चीख मेरे मुँह में hi डाब के रह गयी और जोरदार उनकी चुदाई कर ने लगा थोड़ी hi देर में माँ की हालत ख़राब होने लगी थी

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माँ- आअह्ह्ह युवी बीटा ऐसे hi जोर जोर से छोड़ फाड़ दे मेरी छूट को ऊऊफफफ आह्हः माँ छोड़ छोड़ और छोड़ आह्हः

माँ की बात सुनके मैंने और तेज़ तेज़ छोड़ने लगा माँ की बस सिसकिया गूंज रही थी पुरे कमरे में ऊऊफफफफफ आएसईईईई आह्हः माँ आज तो मर जाउंगी

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हर धक्के के साथ माँ की गांड भी हिल रही थी जिसे देख के एक अलग hi मजा आ रहा था

माँ- आअह्ह्ह्ह युवी में गयीईईई बीटा ऊऊफफफफ आह्हः मम्मा

ऐसे hi चुदाई चल रही थी और माँ जोरो से हांफ रही थी और माँ के झाड़ ने के बाद माँ की छूट का पानी भी बहार आ रहा था

जिस वजह से ठप्प ठप्प की आवाज़े आ रही थी पैर माँ अभी भी बोले जा रही थी आठ फाड़ दी बेटे तूने तो आज ऐसे hi कर रोज़ ऐसे hi फाड़ मेरी छूट को माहहह

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आआह्ह्ह मा कसम से बहुत मजा आ रहा है तुम बहुत गरम औरत हो माँ कसम से आपकी छूट मार के दिल भरता hi नहीं ऊऊफफफ मा

माँ अब काफी थकान महसूस कर रही थी और में भी झड़ने के करीब था तो 10/12 तेज़ धक्के मारे और माँ की छूट में hi झाड़ गया और उनके ऊपर hi ढेर हो गया माँ के चेहरे पे भी एक संतुस्ती झलक रही थी

में- ज्यादा दर्द तो नहीं हुआ माँ आपको

माँ- नहीं मेरी जान ये तो मेरी एक फंतासी थी जो तूने आज पूरी कर दी सच में ऐसा लग रहा है की में फिर से जवान हो गयी हु पूरा जिस्म हिल गया है

में- सच माँ आपके साथ बहुत मजा आता है मैं करता है बस रात दिन करता राहु कभी न निकलू

माँ- इतना ाचा लगता है मेरे बच्चे को उउउउम्म्माआहहह

और मेरे गाल चुम के बाथरूम में चली गयी और में वही माँ के बीएड पे hi नंगा सो गया

मुझे सोता देख माँ भी मेरे साथ चिपक के सू गयी शाम को 6 बजे के करीब मेरी आँख खुली देखा तो माँ वह नहीं थी तो में उठा और उनके बाथरूम में hi फ्रेश हो के बहार आया माँ हॉल में टीवी देख रही थी

में- आप ने मुझे उठाया क्यों नहीं

माँ- सोते हुए बड़ा प्यारा लग रहा था इसलिए सोने दिया

में- माँ आप सच में ठीक हो न कही दर्द तो नहीं है

माँ- नहीं बस हलकी सी सूजन है और कुछ नहीं मैंने गरम पानी से सिक लिया है ठीक हो जाएगी

में- दीदी कहा है

माँ- ऊपर अपने कमरे में है कह ऋ थी आप चलो में अभी आती हु तू बैठ में कॉफ़ी बनती हु तेरे लिए तब तक

ये बोल माँ किचन में चली गयी और सोफे पे बैठ के टीवी देखने लगा थोड़ी देर बाद दीदी आयी और मेरी गॉड में सर रख के लेट गयी

में- क्या हुआ दीदी दर्द है क्या

दीदी- है थोड़ा सा है अभी वैसे भी तूने इतनी दुमदार ठुकाई की है की अभी ऐसा लग रहा की अंदर hi है लव ु युवी

में- लव ु 2 दीदी

और फिर उनके बालो में हाथ फेरने लगा तो उन्होंने लेते लेते hi मुझे बहो में कास लिया इस वक़्त सिर्फ प्यार था हवस दूर तक नहीं थी तभी माँ आयी तो मुझे उनकी आँखों में जलन साफ़ दिखी जिसे देख में मुस्कुरा दिया

माँ- शुष्मा चलो कड़ी हो जाओ और ये क्या है अब तुम कोई बच्ची थोड़ी हो

दीदी- तो क्या हुआ माँ मेरा भाई और में अपने भाई के पास हु किसी गैर के नहीं तो आप टेंशन न लो

माँ- ये कैसी बात कर रही है कोई देख hi ले तो क्या करोगी क्या जवाब डौगी

दीदी- मुझे किसी के आने से कोई फर्क नहीं पड़ता नहीं किसी के कुछ सोच ने से अब आप भी बेथ के कॉफ़ी पियो

इस पहले की माँ कुछ कहती तो में hi बोल पड़ा

में- बस भी करो यार आप दोनों चलो दीदी कड़ी हो जाओ कॉफ़ी पिटे है और माँ मछली टेस्टी सी बनाना

माँ- चिंता मत कर आज तुझे मजा आ जायेगा ऐसी बनाउंगी

में- मजा तो आज आ hi रहा और अब तो रोज़ hi मजा आएगा

मेरी बात सुनके दोनों ने एक साथ मेरी तरफ देख के मुस्कुरा दिया तो में भी स्माइल के साथ खड़ा हुआ और बहार का बोल के निकल गया
 
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