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मैं जब ज़मीन पेय पोंछा जहँ जानवरों का बड़ा था एक रूम मैं लाइट जल रही थी मैं वहां गया दरवाज़ा बंद था मैं विंडो की तरफ गया जो थोड़ी खुली होइ थी अंदर देखा तो मेरी आँखें खुली की खुली रह गई अंदर खादिम पूरा नंगा चारपाई पेय लेता हुवा था और उस की बेटी सनम पूरी नंगी हो क्र अपने बाप क पाऊँ क पास घोड़ी बानी लुंड चूस रही थी उफ़ उस की गांड मेरी तरफ hi थी उस की फूडी और गांड का सुराख़ सामने चमक रहा था क्यों क लाइट बी विंडो क ऊपर साइड लगी थी जिस की रौशनी से सब क्लियर नज़र आ रहा था मेरा देख क hi खड़ा हो गया मैं ने पावर से उन की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू क्र दी फिर सनम उठी और साइड पेय हो गई खादिम का लुंड कोई 7 इंच हो गए खादिम ने अपनी बेटी को लेता दिया और फूडी चाटने लगा मुझे सनम क बड़े बड़े ममी क्लियर नज़र आ रहे थे वो बाद बड़ा रही थी
सनम : अहह अबू छतो अपनी गश्ती बेटी की फूडी उफ़ बोहत मज़ा आ रहा है अहह आप ने छोड़ छोड़ क इतनी खुली क्र दी थी क वो साला मुंशी लाला का बीटा देख क hi समझ गया इस लिए डाइवोर्स हो गई
खादिम : रंडी तू पहले hi उस मोची क बेटे क सतह सेट थी मैं रेंज हाथों तुम को न पकड़ता तो पता नहीं कितने और लोगों से चुदती
सनम : आप ने पकड़ा लेकिन फिर खुद बी छोड़ा आप को तो फ़ायदा hi हुवा न अब डाइवोर्स क बेहद आप की मौज लगी है
खादिम : जब तक तेरी शादी नहीं होती तेरे सतह मज़ा तो करों
सनम : आप ने देखा आप की पुराणी माशूक़ का की बेटी और बचे ए हैं
खादिम : क्या यद् करवा दिया काशिफ की नानी थी बोहत मज़े की मैं ने तो बीएस 3 या 4 बार hi छोड़ा है उस को लेकिन थी मज़े की
सनम : अब उस की बेटी बी आई है
खादिम : यह बी अपनी माँ पेय hi गई है काश उस की बी मिल जाये
सनम : मैं कोशिश करों गई लेकिन बदले मैं मुझे बी कुछ चाहिए
खादिम : बोल क्या चाहिए तुझे
सनम : आप पहले अपना लोढ़ा अंदर डालो बताती हों
खादिम ने लुंड सेट क्र क झटका मारा और आराम से अंदर चला गया मतलब बोहत बार चुद चुकी है अपने बाप से अब खादिम लग गया छोड़ने सनम बी फुल एन्जॉय क्र रही थी
खादिम : अब बोल रंडी क्या फ़ायदा चाहिए तुझे
सनम : मुझे कशी से छोड़ना है
खादिम : वखि रंडी है तू मैं इस मैं हेल्प नहीं क्र सकता खुद लाइन डे उस को
सनम : चलो ठीक है ाहः मैं करती हों कुछ वैसे आप अम्मी को बी छोड़ा करो नहीं तो उन को शक हो जाये गए हम पैर
खादिम : साली सारा तो तू मुझे निचोड़ लेती है 2 साल से चुद रही है जब रीमा की उम्र की थी तब से
सनम : वैसे कभी रीमा पेय आप का दिल नहीं आया
खादिम : दिल तो करता है पैर कैसे समझ नहीं आ रही
सनम : वैसे उस को इतना पता है मैं अब बी चुदती हों लेकिन किस से यह नहीं पता उस को मुझे कह रही थी बजी आप का जिसम जिस तरह खुल रहा है लगता है कोई म्हणत क्र रहा है
खादिम : तो कोई मदद क्र न
सनम : ज़ोर से छोड़ो मेरा निकलने वाला है
इस क सतह hi सनम फ़ारिग़ हो गई खादिम ने उस को घोड़ी बनाया और छोड़ने लगा कुछ देर मैं hi सनम फिर से फ़ारिग़ होइ तो खादिम ने लुंड निकल क्र सनम क मुंह मैं डे दिया और अपना पानी अपनी बेटी को पीला दिया दोनों एक दूसरे क ऊपर पड़े रहे मैं वहां से ग़ैब हो क अपने कमरे मैं आ गया और प्लान सोच क सो गया सुबह जल्दी उठ क मैं खेतों की तरफ चला गया रनिंग की फिर एक्सरसाइज की इतने मैं सनम आती होइ दिखी जो अब शायद घर जाने लगी थी मेरे पास आई
सनम : ओह आप इतनी सुबह उठ गए
मैं : हाँ मुझे आदत है सुबह उठने की
सनम : वैसे यह बॉडी सिर्फ शो ऑफ करने क लिए hi है या कुछ काम बी लेते हो इस से
मैं : आप ने कोण सा काम लेना है बोल क देखो फिर इस बॉडी का कमल ज़िन्दगी भर यद् रखो गई
सनम : चलो फिर देख बी लेते हैं कभी
मैं : मेडम ग आप का पला अभी तक मेरे जैसे बन्दे से नहीं पड़ा ज़रा आँखें खोल क देखो 7 इंच से बड़ी दुन्या बी है
सनम : क्या क्या मतलब
मैं : मतलब आप समझ गई हो मैं क्या कह रहा हों ok चलो घर चलें
सनम अब खामोश हो गई थी और कुछ पेरशान बी क्यों क 7 इंच का मतलब उस क अबू का लुंड था वो सोचने लगी क मुझे कैसे पता चला उस को दर लगने लगा क मैं ने कुछ देख तो नहीं लिया
सनम : आप की बात का मतलब मैं नहीं समझी
मैं : कोई नै घर चलो आंटी क सामने बताता हों
सनम : रुको कशी बात सुनो सुच सुच बताओ क्या कहना चाहते हो
मैं रुक गया उस को देखा उस का चेहरा पीला पढ़ गया था
मैं : टेंशन न लो ऐसी कोई बात नहीं है मज़ाक़ क्र रहा था मैं तो ऐसे hi चेक क्र रहा था क तुम डर्टी हो क नहीं लेकिन अब कन्फर्म है क दाल मैं कुछ कला है जो तुम दर गई
सनम : सूचि मज़ाक़ क्र रहे थे न
मैं : और नहीं तो क्या चलो अब
वो अब थोड़ी रिलेक्स हो गई थी लेकिन अब बी दरी होइ थी घर पांच क्र मैं नहाने चला गया फिर तैयार हो क नीचे आया और सब बैठे थे सब ने नाश्ता किया फिर मैं ने गुड़िया को बोलै क खेत पेय चलो गई घूमने
खादिम : बीटा इस को घर hi रहने दो वो जमशेद या उस क बेटे आमिर की नज़र इस पेय पद गई तो पता नहीं क्या हो गए
मैं : आप इस को नहीं जानते इस लिए बोल रहे हो एक जमशेद क्या 20 बी हों तो यह अकेले hi काफी है
खादिम : हैरान हो क मतलब
मैं : टाइम आया तो खुद देख लेना ाचा कोई और बी चले गए सतह
रीमा : मैं चालों गई फरज़ाना क सतह क्यों क यह मेरी फ्रेंड बन गई है
मैं : चलो ग आप की तो फ्रेंड बन गई अब मेरी कोण बने गई सनम तुम बनो गई
अम्मी : सनम बीटा तुम बी जाओ इन क सतह
सनम : ग ठीक है
फिर हम सब निकले खेत की तरफ गुड़िया और रीमा आगये चल रही थीं इस लिए मैं सनम क सतह चल रहा था
मैं : क्या बात है बोहत खामोश हो यार कुछ तो बोलो
सनम : क्या बोलों कुछ समझ नहीं आ रहा
मैं : यहाँ क बारे मैं बताओ क्या ाचा है देखने क लिए इस गाओं मैं
सनम : यहाँ नहर है खेतों मैं एक बाघ है और तो कुछ खास नहीं
मैं : ाचा यह बताओ क यह मुंशी लाला और उस क बीटा जो तुम्हारा शोहर था क्या करते हैं
सनम : मुंशी लाला मालिक ग़ज़नफ़र का मुंशी है उस की सब ज़मीन का हिसाब किताब और जितने बी गोदाम हैं सब वही देखता है और उस का बीटा अनवर जो मेरा शोहर था वो बी मालिक ग़ज़नफ़र का ड्राइवर है
मैं : वैसे तुम्हें डाइवोर्स क्यों होइ थी
सनम : वो जहेज़ की वजा से
मैं : झूट
सनम : मैं झूट क्यों बोलों गई
मैं : मैं जनता हों सुच क्या है
सनम : का क्या मतलब सुच क्या है
मैं : क्या sun'na चाहती हो हाँ मैं सारा सुच जनता हों समझी
सनम : तुम जान क मुझ पेय प्रेशर दाल रहे हो
मैं : न मैं तो वही कह रहा हों जो सुच है अगर नहीं यक़ीन तो सुनो फिर ..कहँ से शुरू करों मोची क बेटे से या तुम्हारे अबू ने जब तुम को पकड़ा था वहां से
सनम एक दम चलते हुवे रुक गई उस का रंग उड़द गया था उस की हालत ऐसी हो गई थी क काटो तो खून नहीं मैं ने उस को कंधे से पकड़ा और
मैं : होश मैं आओ सनम क्या हुवा
सनम : आप को कैसे पता सब
मैं : रिलेक्स मैं किसी को नहीं बताओं गए चलो अब सोचो मत
हम नहर पेय पांच गए मैं एक साइड जा क बेथ गया सनम बी गुड़िया क पास hi चली गई थी कुछ देर बेहद मेरी नज़र पड़ी उन पर देखा तो सनम बैठी मुझे hi देख तेहि थी मेरे देखते hi नज़र घुमा लेती फिर वो उठी और मेरे पास आ गई मेरे पास बेथ गई पहले खामोश रही फिर
सनम : थैंक्स इतना सब jan'ne क बेहद बी तुम ने किसी को कुछ नहीं बताया और न मुझे ब्लैकमेल किया
मैं : हाहाहा मैं किसी क सतह ग़लत नहीं क्र सकता
सनम : तुम बोहत अलग हो बोहत स्पेशल काश मैं ग़लत रस्ते न चली होती तुम जैसा लड़का मेरी ज़िन्दगी मैं होता
मैं : हाँ यह तो है
सनम : वैसे मेरे और मेरे अबू क बेच जो रिश्ता है जान क्र बोहत घुसा आया हो गए तुम्हें
मैं : नै बिलकुल नहीं
सनम : अपनी आँखें बड़ी क्र क हाँ मतलब तुम को अजीब नै लगा
मैं : हाँ लगता अगर इन्सेस्ट का पता न होता तो लेकिन मैं इस चीज़ को ग़लत नहीं मंटा अगर आप मैं प्यार है रेस्पेक्ट है एक दूसरे की ख़ुशी एक दूसरे की ज़रुरत का ख्याल है तो बुरा नहीं है हाँ अगर हवस है तो फिर ठीक नहीं है
सनम : मुझे ऐसा क्यों लगता है क तुम बी इस तरह क किसी रिश्ते से जुड़े हो
मैं : अगर न कहां गए तो झूट है हाँ समझ लो ऐसा hi है कुछ
सनम : क्या वो फरज़ाना है
मैं : यह मैं बता नहीं सकता सॉरी
सनम : थैंक्स मेरी टेंशन काम करने क लिए
मैं : ाचा क्या सोचा फिर मेरे बारे मैं
सनम : किस बारे मैं
सनम : रात को बोल रही थी न अपने अबू से क मुझे कशी चाहिए
सनम : ओह तो मतलब तुम रात को यहाँ ए थे और सब सुन बी लिया और देख बी लिया
मैं : वो एक कहावत है न दीवारों क बी कान होते हैं तो समझो वो ठीक hi है इस लिए कभी बी जोश मैं अपने मुंह से अपना राज़ नहीं बोलना चाहिए और दूसरी बात मेरी अम्मी क कहयल अपने अबू क दिल से निकल दो एक बार बोल दिया फिर से कोई ग़लती नहीं होनी चाहिए
सनम : ok ok घुसा नहीं मैं अबू को समझा दूँ गई और आज रात तैयार रहना मैं आप क रूम मैं आऊं गई
मैं : नीचे जो घास उगी होइ है न साफ़ क्र क आना
सनम : मुस्करा क्र ok डार्लिंग
मैं चल चुप हो जा देख वो दोनों नाहा क बी आ गई
फरज़ाना: क्या भाई आप इधर आ क बेथ गए कितना मज़ा आता है नहर मैं नहाने का चलो न आप बी
मैं : नहीं गुड़िया फिर कभी आज मूड नहीं है
फरज़ाना : प्लीज भाई मान जाओ न
मैं : ok चल मेरी माँ मुझे पता है तुम ऐसे तो मनो गई नहीं
मैं बी गुड़िया क सतह चला गया रीमा सनम को बी ले आई मैं ने शर्ट उतर दी और अपना वॉलेट और मोबाइल बी निकल क रख दिया और कूद गया पानी मैं हमारे सतह वो सब बी कूद गई हम एक दूसरे पेय पानी फेंकने लगे खूब एन्जॉय क्र रहे थे क इतने मैं एक आवाज़ आई
क्या माल हैं यार एक बार मिल जैन तो मज़ा hi आ जाये आर्य यह गोरी सी माँ की गुड़िया तो देख जैसे पारी हो इस को तो मैं अपनी रखेल बनाओं गए
मैं ने उन की तरफ देखा तो 2 लड़के खड़े थे और उन क सतह कुछ गुंडे बी थे मैं समझ गया हो न हो यह आमिर है जमशेद का बीटा
रीमा : काशिफ यह आमिर है प्लीज चलो यहाँ से
सनम : हाँ कशी चलो यह बोहत खतरनाक हैं
फरज़ाना : आर्य क्यों डर्टी हो इन जैसे हिजड़ों से इन क लिए मैं hi काफी हों
आमिर ने जब यह सुना तो घुसा हो गया
आमिर : यह लड़की मुझे चाहिए बोहत अकड़ है इस मैं जाओ निकालो इसे बाहिर
मैं : 1 मिनट कोई आगये नहीं ए गए हम खुद hi बाहिर आ रहे हैं
आमिर और उस क सतह सब हंसने लगे
आमिर : ओह आ जाओ आ जाओ मैं बी देखों
हम बाहिर निकल रहे थे क मैं ने पावर से hi सब क कपडे सूखा दिए और कवर बी क्र दिए जिस से उन की गन्दी नज़र न पड़े वो सब हमें सूखा देख क शॉक हो गए
मैं : क्या हुवा आ गए हम बाहिर
आमिर : तुम सब एक दम से सूख कैसे गए जैसे पानी मैं उतरे hi नहीं
मैं : वो छोड़ क्या बोल रहा था इस को देख क हाँ रखेल बनाये गए इस को चल पहले इस को छू क तो देखा
फरज़ाना आगये आई आमिर ने जैसे hi उस को छूने क लिए हाथ आगये किया उसी वक़्त खादिम पांच गया
खादिम : रुक जाओ इन को कुछ मत करना मेरे मेहमान हैं यह
आमिर : जनता है मैं कोण हों बूढ़े फिर बी मुझे रोक रहा है
मैं : बाबा आप पीछे हो जाओ मैं बी देखों इस मैं कितना दम है
खादिम : नहीं कशी बीटा तुम नहीं जानते िस्ये यह बोहत खतरनाक है
फरज़ाना : बाबा आप पीछे हैट जाओ मैं आज इस की मर्दानगी देखती हों
खादिम पीछे हैट गया गुड़िया उस क सामने हाथ बंद क कड़ी हो गई वो लड़ने क स्टाइल मैं आया और गुड़िया पेय पंच करने लगा लेकिन गुड़िया की स्पीड इतनी थी क उस का हर पंच गुड़िया को स्लो मोशन मैं नज़र आ रहा था गुड़िया हाथ बन्दे hi उस से बच रही थी कबि वो पंच तो कभी किक मरता लेकिन एक बार बी वो छू नहीं पाया गुड़िया को अब उस का घुसा बढ़ता जा रहा था इस लिए उस की स्पीड बी तेज़्ज़ होने लगी लेकिन 5 मिनट मैं hi उस की सांस फूल गई और वो अपने घुटनो पेय हाथ रख क हांपने लगा
फरज़ाना : बीएस इतनी hi मर्दानगी है तुझ मैं 5 मिनट से तेरे सामने कड़ी हों लेकिन तू मुझे छू बी नहीं पाया सोच मैं मरने पेय आ गयी तो तेरा क्या हल हो गए
आमिर : घुसे से देख क्या रहे हो मारो इन सब को और इस लड़की को आज मेरे बिस्तर पेय होना चाहिए
फरज़ाना : ओह बिस्तर लाइक रहे गए तो तब न
इस क सतह hi उन गुंडों ने फरज़ाना को घेर लिया
सनम : कशी बचाओ फरज़ाना को
मैं : आर्य यार खड़े खड़े मेरे पाऊँ दर्द करने लगे आओ हम बेथ क शो देखते हैं मेरी बात से वो दोनों बहने मुंह फाड़े मुझे देख रही थीं मैं दोनों को ले क साइड पेय बेथ गया गुड़िया उन सब क बीच मैं थी फिर जो गुड़िया शुरू होइ किसी को उस की स्पीड का अंदाज़ा hi नहीं हुवा बीएस हुवा क जैसा उन क पास से गुज़रता हुवा महसूस हो रहा था और बीएस हाड़ियाँ टूटने और चीखों की आवाज़ें hi सुनाई डे रही थीं 2 मिनट मैं सब नीचे बेहोश पड़े थे अब बचे थे सिर्फ 2 लोग आमिर और उस का एक दोस्त
मैं : देख लिया एक लड़की का पावर
आमिर : कोण हो तुम लोग इतनी स्पीड किसी आम इंसान की नहीं हो सकती
मैं : तेरे सामने hi तो है बीटा यह आम लड़की नहीं ब्लैक बेल्ट क सतह मार्टिकल आर्ट और kung-fu की मैहर है तेरे जैसे 20 को एक सतह ढोह सकती है अब अगर ग़ैरत है तो फिर कभी हम से पन्गा नहीं लेना और हाँ यह सोच इस की स्पीड इतनी है तो मेरी क्या हो गई आज पहली वार्निंग डे क छोड़ रहा हों वो बी इस लिए क्यों क तू अपने खंडन का एक वाहिद मर्द है जिस से आगये की नेसल ने चलना है यह न हो यहाँ hi थे एन्ड हो जाये
आमिर मुझे घूरने लगा फिर उस ने किसी को कॉल क्र क बुलाया ता क उन गुंडों को उठा क ले जा सके हम सब चल पड़े अपने घर की तरफ मैं ने घुड़िया को सीने से लगाया हुवा था सनम हैरान थी क एक महसूम सी दिखने वाली लड़की इतनी खतरनाक बी हो सकती है
मैं : क्यों खादिम बाबा अब पता चला मैं क्यों कहता था यह काफी है उन क लिए
खादिम : बीटा अब संभाल क वो अब बदला ज़रूर लें गए
मैं : आप बीएस देखते जाओ मैं क्या करता हों इन का
हम घर पोंछे जहँ रीमा और सनम ने मिर्च मसाला लगा क्र अपनी अम्मी और मेरी अम्मी को सब बताया जिसे सुन का शकीला बाउंटी बी हैरान थी
मैं ऊपर टेरेस पेय चला गया सनम बी आ गई
सनम : कोण हो तुम लोग
मैं : यह कैसा सवाल है
सनम : मैं वहां नहीं बोली इस का मतलब यह नहीं क मैं ने घोर नहीं किया एक आम सी लड़की की इतनी स्पीड नहीं हो सकती जो नज़र hi न ए और पानी से बाहिर आते hi कपडे सूख गए
मैं : मुझे नहीं पता कैसे हुवा और तुम इतना क्यों सोचती हो
सनम : ok नहीं बताना तो न बताओ झूट तो मत बोलो
मैं : हम इंसान hi हैं बीएस यह समझ लो अभी नहीं बता सकता
फिर वो नीचे चली गई कुछ देर बेहद मैं बी नीचे आ गया तो देखा शकीला आंटी सब्ज़ी काट रही हैं दिन क खाने क लिए मैं बी उन क सामने बेथ गया चारपाई पेय ुनों ने शलवार क़मीज़ पहना था जिस मैं क़मीज़ का गाला काफी खुला था उन क ममी आधे नज़र आ रहे थे अचानक ुनों ने अपना एक घुटना खड़ा किया जिस की वजा से एक ममी को नीचे से तक लगी और वो और बाहिर आ गया मेरा दिन उन क मामों पेय hi था जो ुनों ने नोट क्र लिया
शकीला : बीटा क्या देख रहे हो
मैं : देख रहा हों बाबा की तो काफी उम्र हो गई है उन को आप जैसी ख़ूबसूरत बीवी कैसे मिल गई
शकीला : क्या फ़ायदा फिर बी उन का दिन मुझ पेय है नहीं
मैं : आंटी अस पास देख लो हो सकता है आप का दिन रखने क लिए कोई हो लेकिन एस्प ने घोर hi नहीं किया
शकील : मैं शरीफ औरत हों ऐसा सोच बी नहीं सकती
मैं : अछि बात है लेकिन फिर बी कभी लगये क मैं ठीक हों तो घोर करना इस बात पेय
मैं उठ क अंदर गया और लेट गया कुछ देर मैं hi मुझे नींद आ गई और मैं सो गया
बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं......
मैं जब ज़मीन पेय पोंछा जहँ जानवरों का बड़ा था एक रूम मैं लाइट जल रही थी मैं वहां गया दरवाज़ा बंद था मैं विंडो की तरफ गया जो थोड़ी खुली होइ थी अंदर देखा तो मेरी आँखें खुली की खुली रह गई अंदर खादिम पूरा नंगा चारपाई पेय लेता हुवा था और उस की बेटी सनम पूरी नंगी हो क्र अपने बाप क पाऊँ क पास घोड़ी बानी लुंड चूस रही थी उफ़ उस की गांड मेरी तरफ hi थी उस की फूडी और गांड का सुराख़ सामने चमक रहा था क्यों क लाइट बी विंडो क ऊपर साइड लगी थी जिस की रौशनी से सब क्लियर नज़र आ रहा था मेरा देख क hi खड़ा हो गया मैं ने पावर से उन की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू क्र दी फिर सनम उठी और साइड पेय हो गई खादिम का लुंड कोई 7 इंच हो गए खादिम ने अपनी बेटी को लेता दिया और फूडी चाटने लगा मुझे सनम क बड़े बड़े ममी क्लियर नज़र आ रहे थे वो बाद बड़ा रही थी
सनम : अहह अबू छतो अपनी गश्ती बेटी की फूडी उफ़ बोहत मज़ा आ रहा है अहह आप ने छोड़ छोड़ क इतनी खुली क्र दी थी क वो साला मुंशी लाला का बीटा देख क hi समझ गया इस लिए डाइवोर्स हो गई
खादिम : रंडी तू पहले hi उस मोची क बेटे क सतह सेट थी मैं रेंज हाथों तुम को न पकड़ता तो पता नहीं कितने और लोगों से चुदती
सनम : आप ने पकड़ा लेकिन फिर खुद बी छोड़ा आप को तो फ़ायदा hi हुवा न अब डाइवोर्स क बेहद आप की मौज लगी है
खादिम : जब तक तेरी शादी नहीं होती तेरे सतह मज़ा तो करों
सनम : आप ने देखा आप की पुराणी माशूक़ का की बेटी और बचे ए हैं
खादिम : क्या यद् करवा दिया काशिफ की नानी थी बोहत मज़े की मैं ने तो बीएस 3 या 4 बार hi छोड़ा है उस को लेकिन थी मज़े की
सनम : अब उस की बेटी बी आई है
खादिम : यह बी अपनी माँ पेय hi गई है काश उस की बी मिल जाये
सनम : मैं कोशिश करों गई लेकिन बदले मैं मुझे बी कुछ चाहिए
खादिम : बोल क्या चाहिए तुझे
सनम : आप पहले अपना लोढ़ा अंदर डालो बताती हों
खादिम ने लुंड सेट क्र क झटका मारा और आराम से अंदर चला गया मतलब बोहत बार चुद चुकी है अपने बाप से अब खादिम लग गया छोड़ने सनम बी फुल एन्जॉय क्र रही थी
खादिम : अब बोल रंडी क्या फ़ायदा चाहिए तुझे
सनम : मुझे कशी से छोड़ना है
खादिम : वखि रंडी है तू मैं इस मैं हेल्प नहीं क्र सकता खुद लाइन डे उस को
सनम : चलो ठीक है ाहः मैं करती हों कुछ वैसे आप अम्मी को बी छोड़ा करो नहीं तो उन को शक हो जाये गए हम पैर
खादिम : साली सारा तो तू मुझे निचोड़ लेती है 2 साल से चुद रही है जब रीमा की उम्र की थी तब से
सनम : वैसे कभी रीमा पेय आप का दिल नहीं आया
खादिम : दिल तो करता है पैर कैसे समझ नहीं आ रही
सनम : वैसे उस को इतना पता है मैं अब बी चुदती हों लेकिन किस से यह नहीं पता उस को मुझे कह रही थी बजी आप का जिसम जिस तरह खुल रहा है लगता है कोई म्हणत क्र रहा है
खादिम : तो कोई मदद क्र न
सनम : ज़ोर से छोड़ो मेरा निकलने वाला है
इस क सतह hi सनम फ़ारिग़ हो गई खादिम ने उस को घोड़ी बनाया और छोड़ने लगा कुछ देर मैं hi सनम फिर से फ़ारिग़ होइ तो खादिम ने लुंड निकल क्र सनम क मुंह मैं डे दिया और अपना पानी अपनी बेटी को पीला दिया दोनों एक दूसरे क ऊपर पड़े रहे मैं वहां से ग़ैब हो क अपने कमरे मैं आ गया और प्लान सोच क सो गया सुबह जल्दी उठ क मैं खेतों की तरफ चला गया रनिंग की फिर एक्सरसाइज की इतने मैं सनम आती होइ दिखी जो अब शायद घर जाने लगी थी मेरे पास आई
सनम : ओह आप इतनी सुबह उठ गए
मैं : हाँ मुझे आदत है सुबह उठने की
सनम : वैसे यह बॉडी सिर्फ शो ऑफ करने क लिए hi है या कुछ काम बी लेते हो इस से
मैं : आप ने कोण सा काम लेना है बोल क देखो फिर इस बॉडी का कमल ज़िन्दगी भर यद् रखो गई
सनम : चलो फिर देख बी लेते हैं कभी
मैं : मेडम ग आप का पला अभी तक मेरे जैसे बन्दे से नहीं पड़ा ज़रा आँखें खोल क देखो 7 इंच से बड़ी दुन्या बी है
सनम : क्या क्या मतलब
मैं : मतलब आप समझ गई हो मैं क्या कह रहा हों ok चलो घर चलें
सनम अब खामोश हो गई थी और कुछ पेरशान बी क्यों क 7 इंच का मतलब उस क अबू का लुंड था वो सोचने लगी क मुझे कैसे पता चला उस को दर लगने लगा क मैं ने कुछ देख तो नहीं लिया
सनम : आप की बात का मतलब मैं नहीं समझी
मैं : कोई नै घर चलो आंटी क सामने बताता हों
सनम : रुको कशी बात सुनो सुच सुच बताओ क्या कहना चाहते हो
मैं रुक गया उस को देखा उस का चेहरा पीला पढ़ गया था
मैं : टेंशन न लो ऐसी कोई बात नहीं है मज़ाक़ क्र रहा था मैं तो ऐसे hi चेक क्र रहा था क तुम डर्टी हो क नहीं लेकिन अब कन्फर्म है क दाल मैं कुछ कला है जो तुम दर गई
सनम : सूचि मज़ाक़ क्र रहे थे न
मैं : और नहीं तो क्या चलो अब
वो अब थोड़ी रिलेक्स हो गई थी लेकिन अब बी दरी होइ थी घर पांच क्र मैं नहाने चला गया फिर तैयार हो क नीचे आया और सब बैठे थे सब ने नाश्ता किया फिर मैं ने गुड़िया को बोलै क खेत पेय चलो गई घूमने
खादिम : बीटा इस को घर hi रहने दो वो जमशेद या उस क बेटे आमिर की नज़र इस पेय पद गई तो पता नहीं क्या हो गए
मैं : आप इस को नहीं जानते इस लिए बोल रहे हो एक जमशेद क्या 20 बी हों तो यह अकेले hi काफी है
खादिम : हैरान हो क मतलब
मैं : टाइम आया तो खुद देख लेना ाचा कोई और बी चले गए सतह
रीमा : मैं चालों गई फरज़ाना क सतह क्यों क यह मेरी फ्रेंड बन गई है
मैं : चलो ग आप की तो फ्रेंड बन गई अब मेरी कोण बने गई सनम तुम बनो गई
अम्मी : सनम बीटा तुम बी जाओ इन क सतह
सनम : ग ठीक है
फिर हम सब निकले खेत की तरफ गुड़िया और रीमा आगये चल रही थीं इस लिए मैं सनम क सतह चल रहा था
मैं : क्या बात है बोहत खामोश हो यार कुछ तो बोलो
सनम : क्या बोलों कुछ समझ नहीं आ रहा
मैं : यहाँ क बारे मैं बताओ क्या ाचा है देखने क लिए इस गाओं मैं
सनम : यहाँ नहर है खेतों मैं एक बाघ है और तो कुछ खास नहीं
मैं : ाचा यह बताओ क यह मुंशी लाला और उस क बीटा जो तुम्हारा शोहर था क्या करते हैं
सनम : मुंशी लाला मालिक ग़ज़नफ़र का मुंशी है उस की सब ज़मीन का हिसाब किताब और जितने बी गोदाम हैं सब वही देखता है और उस का बीटा अनवर जो मेरा शोहर था वो बी मालिक ग़ज़नफ़र का ड्राइवर है
मैं : वैसे तुम्हें डाइवोर्स क्यों होइ थी
सनम : वो जहेज़ की वजा से
मैं : झूट
सनम : मैं झूट क्यों बोलों गई
मैं : मैं जनता हों सुच क्या है
सनम : का क्या मतलब सुच क्या है
मैं : क्या sun'na चाहती हो हाँ मैं सारा सुच जनता हों समझी
सनम : तुम जान क मुझ पेय प्रेशर दाल रहे हो
मैं : न मैं तो वही कह रहा हों जो सुच है अगर नहीं यक़ीन तो सुनो फिर ..कहँ से शुरू करों मोची क बेटे से या तुम्हारे अबू ने जब तुम को पकड़ा था वहां से
सनम एक दम चलते हुवे रुक गई उस का रंग उड़द गया था उस की हालत ऐसी हो गई थी क काटो तो खून नहीं मैं ने उस को कंधे से पकड़ा और
मैं : होश मैं आओ सनम क्या हुवा
सनम : आप को कैसे पता सब
मैं : रिलेक्स मैं किसी को नहीं बताओं गए चलो अब सोचो मत
हम नहर पेय पांच गए मैं एक साइड जा क बेथ गया सनम बी गुड़िया क पास hi चली गई थी कुछ देर बेहद मेरी नज़र पड़ी उन पर देखा तो सनम बैठी मुझे hi देख तेहि थी मेरे देखते hi नज़र घुमा लेती फिर वो उठी और मेरे पास आ गई मेरे पास बेथ गई पहले खामोश रही फिर
सनम : थैंक्स इतना सब jan'ne क बेहद बी तुम ने किसी को कुछ नहीं बताया और न मुझे ब्लैकमेल किया
मैं : हाहाहा मैं किसी क सतह ग़लत नहीं क्र सकता
सनम : तुम बोहत अलग हो बोहत स्पेशल काश मैं ग़लत रस्ते न चली होती तुम जैसा लड़का मेरी ज़िन्दगी मैं होता
मैं : हाँ यह तो है
सनम : वैसे मेरे और मेरे अबू क बेच जो रिश्ता है जान क्र बोहत घुसा आया हो गए तुम्हें
मैं : नै बिलकुल नहीं
सनम : अपनी आँखें बड़ी क्र क हाँ मतलब तुम को अजीब नै लगा
मैं : हाँ लगता अगर इन्सेस्ट का पता न होता तो लेकिन मैं इस चीज़ को ग़लत नहीं मंटा अगर आप मैं प्यार है रेस्पेक्ट है एक दूसरे की ख़ुशी एक दूसरे की ज़रुरत का ख्याल है तो बुरा नहीं है हाँ अगर हवस है तो फिर ठीक नहीं है
सनम : मुझे ऐसा क्यों लगता है क तुम बी इस तरह क किसी रिश्ते से जुड़े हो
मैं : अगर न कहां गए तो झूट है हाँ समझ लो ऐसा hi है कुछ
सनम : क्या वो फरज़ाना है
मैं : यह मैं बता नहीं सकता सॉरी
सनम : थैंक्स मेरी टेंशन काम करने क लिए
मैं : ाचा क्या सोचा फिर मेरे बारे मैं
सनम : किस बारे मैं
सनम : रात को बोल रही थी न अपने अबू से क मुझे कशी चाहिए
सनम : ओह तो मतलब तुम रात को यहाँ ए थे और सब सुन बी लिया और देख बी लिया
मैं : वो एक कहावत है न दीवारों क बी कान होते हैं तो समझो वो ठीक hi है इस लिए कभी बी जोश मैं अपने मुंह से अपना राज़ नहीं बोलना चाहिए और दूसरी बात मेरी अम्मी क कहयल अपने अबू क दिल से निकल दो एक बार बोल दिया फिर से कोई ग़लती नहीं होनी चाहिए
सनम : ok ok घुसा नहीं मैं अबू को समझा दूँ गई और आज रात तैयार रहना मैं आप क रूम मैं आऊं गई
मैं : नीचे जो घास उगी होइ है न साफ़ क्र क आना
सनम : मुस्करा क्र ok डार्लिंग
मैं चल चुप हो जा देख वो दोनों नाहा क बी आ गई
फरज़ाना: क्या भाई आप इधर आ क बेथ गए कितना मज़ा आता है नहर मैं नहाने का चलो न आप बी
मैं : नहीं गुड़िया फिर कभी आज मूड नहीं है
फरज़ाना : प्लीज भाई मान जाओ न
मैं : ok चल मेरी माँ मुझे पता है तुम ऐसे तो मनो गई नहीं
मैं बी गुड़िया क सतह चला गया रीमा सनम को बी ले आई मैं ने शर्ट उतर दी और अपना वॉलेट और मोबाइल बी निकल क रख दिया और कूद गया पानी मैं हमारे सतह वो सब बी कूद गई हम एक दूसरे पेय पानी फेंकने लगे खूब एन्जॉय क्र रहे थे क इतने मैं एक आवाज़ आई
क्या माल हैं यार एक बार मिल जैन तो मज़ा hi आ जाये आर्य यह गोरी सी माँ की गुड़िया तो देख जैसे पारी हो इस को तो मैं अपनी रखेल बनाओं गए
मैं ने उन की तरफ देखा तो 2 लड़के खड़े थे और उन क सतह कुछ गुंडे बी थे मैं समझ गया हो न हो यह आमिर है जमशेद का बीटा
रीमा : काशिफ यह आमिर है प्लीज चलो यहाँ से
सनम : हाँ कशी चलो यह बोहत खतरनाक हैं
फरज़ाना : आर्य क्यों डर्टी हो इन जैसे हिजड़ों से इन क लिए मैं hi काफी हों
आमिर ने जब यह सुना तो घुसा हो गया
आमिर : यह लड़की मुझे चाहिए बोहत अकड़ है इस मैं जाओ निकालो इसे बाहिर
मैं : 1 मिनट कोई आगये नहीं ए गए हम खुद hi बाहिर आ रहे हैं
आमिर और उस क सतह सब हंसने लगे
आमिर : ओह आ जाओ आ जाओ मैं बी देखों
हम बाहिर निकल रहे थे क मैं ने पावर से hi सब क कपडे सूखा दिए और कवर बी क्र दिए जिस से उन की गन्दी नज़र न पड़े वो सब हमें सूखा देख क शॉक हो गए
मैं : क्या हुवा आ गए हम बाहिर
आमिर : तुम सब एक दम से सूख कैसे गए जैसे पानी मैं उतरे hi नहीं
मैं : वो छोड़ क्या बोल रहा था इस को देख क हाँ रखेल बनाये गए इस को चल पहले इस को छू क तो देखा
फरज़ाना आगये आई आमिर ने जैसे hi उस को छूने क लिए हाथ आगये किया उसी वक़्त खादिम पांच गया
खादिम : रुक जाओ इन को कुछ मत करना मेरे मेहमान हैं यह
आमिर : जनता है मैं कोण हों बूढ़े फिर बी मुझे रोक रहा है
मैं : बाबा आप पीछे हो जाओ मैं बी देखों इस मैं कितना दम है
खादिम : नहीं कशी बीटा तुम नहीं जानते िस्ये यह बोहत खतरनाक है
फरज़ाना : बाबा आप पीछे हैट जाओ मैं आज इस की मर्दानगी देखती हों
खादिम पीछे हैट गया गुड़िया उस क सामने हाथ बंद क कड़ी हो गई वो लड़ने क स्टाइल मैं आया और गुड़िया पेय पंच करने लगा लेकिन गुड़िया की स्पीड इतनी थी क उस का हर पंच गुड़िया को स्लो मोशन मैं नज़र आ रहा था गुड़िया हाथ बन्दे hi उस से बच रही थी कबि वो पंच तो कभी किक मरता लेकिन एक बार बी वो छू नहीं पाया गुड़िया को अब उस का घुसा बढ़ता जा रहा था इस लिए उस की स्पीड बी तेज़्ज़ होने लगी लेकिन 5 मिनट मैं hi उस की सांस फूल गई और वो अपने घुटनो पेय हाथ रख क हांपने लगा
फरज़ाना : बीएस इतनी hi मर्दानगी है तुझ मैं 5 मिनट से तेरे सामने कड़ी हों लेकिन तू मुझे छू बी नहीं पाया सोच मैं मरने पेय आ गयी तो तेरा क्या हल हो गए
आमिर : घुसे से देख क्या रहे हो मारो इन सब को और इस लड़की को आज मेरे बिस्तर पेय होना चाहिए
फरज़ाना : ओह बिस्तर लाइक रहे गए तो तब न
इस क सतह hi उन गुंडों ने फरज़ाना को घेर लिया
सनम : कशी बचाओ फरज़ाना को
मैं : आर्य यार खड़े खड़े मेरे पाऊँ दर्द करने लगे आओ हम बेथ क शो देखते हैं मेरी बात से वो दोनों बहने मुंह फाड़े मुझे देख रही थीं मैं दोनों को ले क साइड पेय बेथ गया गुड़िया उन सब क बीच मैं थी फिर जो गुड़िया शुरू होइ किसी को उस की स्पीड का अंदाज़ा hi नहीं हुवा बीएस हुवा क जैसा उन क पास से गुज़रता हुवा महसूस हो रहा था और बीएस हाड़ियाँ टूटने और चीखों की आवाज़ें hi सुनाई डे रही थीं 2 मिनट मैं सब नीचे बेहोश पड़े थे अब बचे थे सिर्फ 2 लोग आमिर और उस का एक दोस्त
मैं : देख लिया एक लड़की का पावर
आमिर : कोण हो तुम लोग इतनी स्पीड किसी आम इंसान की नहीं हो सकती
मैं : तेरे सामने hi तो है बीटा यह आम लड़की नहीं ब्लैक बेल्ट क सतह मार्टिकल आर्ट और kung-fu की मैहर है तेरे जैसे 20 को एक सतह ढोह सकती है अब अगर ग़ैरत है तो फिर कभी हम से पन्गा नहीं लेना और हाँ यह सोच इस की स्पीड इतनी है तो मेरी क्या हो गई आज पहली वार्निंग डे क छोड़ रहा हों वो बी इस लिए क्यों क तू अपने खंडन का एक वाहिद मर्द है जिस से आगये की नेसल ने चलना है यह न हो यहाँ hi थे एन्ड हो जाये
आमिर मुझे घूरने लगा फिर उस ने किसी को कॉल क्र क बुलाया ता क उन गुंडों को उठा क ले जा सके हम सब चल पड़े अपने घर की तरफ मैं ने घुड़िया को सीने से लगाया हुवा था सनम हैरान थी क एक महसूम सी दिखने वाली लड़की इतनी खतरनाक बी हो सकती है
मैं : क्यों खादिम बाबा अब पता चला मैं क्यों कहता था यह काफी है उन क लिए
खादिम : बीटा अब संभाल क वो अब बदला ज़रूर लें गए
मैं : आप बीएस देखते जाओ मैं क्या करता हों इन का
हम घर पोंछे जहँ रीमा और सनम ने मिर्च मसाला लगा क्र अपनी अम्मी और मेरी अम्मी को सब बताया जिसे सुन का शकीला बाउंटी बी हैरान थी
मैं ऊपर टेरेस पेय चला गया सनम बी आ गई
सनम : कोण हो तुम लोग
मैं : यह कैसा सवाल है
सनम : मैं वहां नहीं बोली इस का मतलब यह नहीं क मैं ने घोर नहीं किया एक आम सी लड़की की इतनी स्पीड नहीं हो सकती जो नज़र hi न ए और पानी से बाहिर आते hi कपडे सूख गए
मैं : मुझे नहीं पता कैसे हुवा और तुम इतना क्यों सोचती हो
सनम : ok नहीं बताना तो न बताओ झूट तो मत बोलो
मैं : हम इंसान hi हैं बीएस यह समझ लो अभी नहीं बता सकता
फिर वो नीचे चली गई कुछ देर बेहद मैं बी नीचे आ गया तो देखा शकीला आंटी सब्ज़ी काट रही हैं दिन क खाने क लिए मैं बी उन क सामने बेथ गया चारपाई पेय ुनों ने शलवार क़मीज़ पहना था जिस मैं क़मीज़ का गाला काफी खुला था उन क ममी आधे नज़र आ रहे थे अचानक ुनों ने अपना एक घुटना खड़ा किया जिस की वजा से एक ममी को नीचे से तक लगी और वो और बाहिर आ गया मेरा दिन उन क मामों पेय hi था जो ुनों ने नोट क्र लिया
शकीला : बीटा क्या देख रहे हो
मैं : देख रहा हों बाबा की तो काफी उम्र हो गई है उन को आप जैसी ख़ूबसूरत बीवी कैसे मिल गई
शकीला : क्या फ़ायदा फिर बी उन का दिन मुझ पेय है नहीं
मैं : आंटी अस पास देख लो हो सकता है आप का दिन रखने क लिए कोई हो लेकिन एस्प ने घोर hi नहीं किया
शकील : मैं शरीफ औरत हों ऐसा सोच बी नहीं सकती
मैं : अछि बात है लेकिन फिर बी कभी लगये क मैं ठीक हों तो घोर करना इस बात पेय
मैं उठ क अंदर गया और लेट गया कुछ देर मैं hi मुझे नींद आ गई और मैं सो गया
बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं......