Main Aur Meri Family - Page 12 - SexBaba
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Main Aur Meri Family

अपडेट 103

मैं जब ज़मीन पेय पोंछा जहँ जानवरों का बड़ा था एक रूम मैं लाइट जल रही थी मैं वहां गया दरवाज़ा बंद था मैं विंडो की तरफ गया जो थोड़ी खुली होइ थी अंदर देखा तो मेरी आँखें खुली की खुली रह गई अंदर खादिम पूरा नंगा चारपाई पेय लेता हुवा था और उस की बेटी सनम पूरी नंगी हो क्र अपने बाप क पाऊँ क पास घोड़ी बानी लुंड चूस रही थी उफ़ उस की गांड मेरी तरफ hi थी उस की फूडी और गांड का सुराख़ सामने चमक रहा था क्यों क लाइट बी विंडो क ऊपर साइड लगी थी जिस की रौशनी से सब क्लियर नज़र आ रहा था मेरा देख क hi खड़ा हो गया मैं ने पावर से उन की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू क्र दी फिर सनम उठी और साइड पेय हो गई खादिम का लुंड कोई 7 इंच हो गए खादिम ने अपनी बेटी को लेता दिया और फूडी चाटने लगा मुझे सनम क बड़े बड़े ममी क्लियर नज़र आ रहे थे वो बाद बड़ा रही थी

सनम : अहह अबू छतो अपनी गश्ती बेटी की फूडी उफ़ बोहत मज़ा आ रहा है अहह आप ने छोड़ छोड़ क इतनी खुली क्र दी थी क वो साला मुंशी लाला का बीटा देख क hi समझ गया इस लिए डाइवोर्स हो गई

खादिम : रंडी तू पहले hi उस मोची क बेटे क सतह सेट थी मैं रेंज हाथों तुम को न पकड़ता तो पता नहीं कितने और लोगों से चुदती

सनम : आप ने पकड़ा लेकिन फिर खुद बी छोड़ा आप को तो फ़ायदा hi हुवा न अब डाइवोर्स क बेहद आप की मौज लगी है

खादिम : जब तक तेरी शादी नहीं होती तेरे सतह मज़ा तो करों

सनम : आप ने देखा आप की पुराणी माशूक़ का की बेटी और बचे ए हैं

खादिम : क्या यद् करवा दिया काशिफ की नानी थी बोहत मज़े की मैं ने तो बीएस 3 या 4 बार hi छोड़ा है उस को लेकिन थी मज़े की

सनम : अब उस की बेटी बी आई है

खादिम : यह बी अपनी माँ पेय hi गई है काश उस की बी मिल जाये

सनम : मैं कोशिश करों गई लेकिन बदले मैं मुझे बी कुछ चाहिए

खादिम : बोल क्या चाहिए तुझे

सनम : आप पहले अपना लोढ़ा अंदर डालो बताती हों

खादिम ने लुंड सेट क्र क झटका मारा और आराम से अंदर चला गया मतलब बोहत बार चुद चुकी है अपने बाप से अब खादिम लग गया छोड़ने सनम बी फुल एन्जॉय क्र रही थी

खादिम : अब बोल रंडी क्या फ़ायदा चाहिए तुझे

सनम : मुझे कशी से छोड़ना है

खादिम : वखि रंडी है तू मैं इस मैं हेल्प नहीं क्र सकता खुद लाइन डे उस को

सनम : चलो ठीक है ाहः मैं करती हों कुछ वैसे आप अम्मी को बी छोड़ा करो नहीं तो उन को शक हो जाये गए हम पैर

खादिम : साली सारा तो तू मुझे निचोड़ लेती है 2 साल से चुद रही है जब रीमा की उम्र की थी तब से

सनम : वैसे कभी रीमा पेय आप का दिल नहीं आया

खादिम : दिल तो करता है पैर कैसे समझ नहीं आ रही

सनम : वैसे उस को इतना पता है मैं अब बी चुदती हों लेकिन किस से यह नहीं पता उस को मुझे कह रही थी बजी आप का जिसम जिस तरह खुल रहा है लगता है कोई म्हणत क्र रहा है

खादिम : तो कोई मदद क्र न

सनम : ज़ोर से छोड़ो मेरा निकलने वाला है

इस क सतह hi सनम फ़ारिग़ हो गई खादिम ने उस को घोड़ी बनाया और छोड़ने लगा कुछ देर मैं hi सनम फिर से फ़ारिग़ होइ तो खादिम ने लुंड निकल क्र सनम क मुंह मैं डे दिया और अपना पानी अपनी बेटी को पीला दिया दोनों एक दूसरे क ऊपर पड़े रहे मैं वहां से ग़ैब हो क अपने कमरे मैं आ गया और प्लान सोच क सो गया सुबह जल्दी उठ क मैं खेतों की तरफ चला गया रनिंग की फिर एक्सरसाइज की इतने मैं सनम आती होइ दिखी जो अब शायद घर जाने लगी थी मेरे पास आई

सनम : ओह आप इतनी सुबह उठ गए

मैं : हाँ मुझे आदत है सुबह उठने की

सनम : वैसे यह बॉडी सिर्फ शो ऑफ करने क लिए hi है या कुछ काम बी लेते हो इस से

मैं : आप ने कोण सा काम लेना है बोल क देखो फिर इस बॉडी का कमल ज़िन्दगी भर यद् रखो गई

सनम : चलो फिर देख बी लेते हैं कभी

मैं : मेडम ग आप का पला अभी तक मेरे जैसे बन्दे से नहीं पड़ा ज़रा आँखें खोल क देखो 7 इंच से बड़ी दुन्या बी है

सनम : क्या क्या मतलब

मैं : मतलब आप समझ गई हो मैं क्या कह रहा हों ok चलो घर चलें

सनम अब खामोश हो गई थी और कुछ पेरशान बी क्यों क 7 इंच का मतलब उस क अबू का लुंड था वो सोचने लगी क मुझे कैसे पता चला उस को दर लगने लगा क मैं ने कुछ देख तो नहीं लिया

सनम : आप की बात का मतलब मैं नहीं समझी

मैं : कोई नै घर चलो आंटी क सामने बताता हों

सनम : रुको कशी बात सुनो सुच सुच बताओ क्या कहना चाहते हो

मैं रुक गया उस को देखा उस का चेहरा पीला पढ़ गया था

मैं : टेंशन न लो ऐसी कोई बात नहीं है मज़ाक़ क्र रहा था मैं तो ऐसे hi चेक क्र रहा था क तुम डर्टी हो क नहीं लेकिन अब कन्फर्म है क दाल मैं कुछ कला है जो तुम दर गई

सनम : सूचि मज़ाक़ क्र रहे थे न

मैं : और नहीं तो क्या चलो अब

वो अब थोड़ी रिलेक्स हो गई थी लेकिन अब बी दरी होइ थी घर पांच क्र मैं नहाने चला गया फिर तैयार हो क नीचे आया और सब बैठे थे सब ने नाश्ता किया फिर मैं ने गुड़िया को बोलै क खेत पेय चलो गई घूमने

खादिम : बीटा इस को घर hi रहने दो वो जमशेद या उस क बेटे आमिर की नज़र इस पेय पद गई तो पता नहीं क्या हो गए

मैं : आप इस को नहीं जानते इस लिए बोल रहे हो एक जमशेद क्या 20 बी हों तो यह अकेले hi काफी है

खादिम : हैरान हो क मतलब

मैं : टाइम आया तो खुद देख लेना ाचा कोई और बी चले गए सतह

रीमा : मैं चालों गई फरज़ाना क सतह क्यों क यह मेरी फ्रेंड बन गई है

मैं : चलो ग आप की तो फ्रेंड बन गई अब मेरी कोण बने गई सनम तुम बनो गई

अम्मी : सनम बीटा तुम बी जाओ इन क सतह

सनम : ग ठीक है

फिर हम सब निकले खेत की तरफ गुड़िया और रीमा आगये चल रही थीं इस लिए मैं सनम क सतह चल रहा था

मैं : क्या बात है बोहत खामोश हो यार कुछ तो बोलो

सनम : क्या बोलों कुछ समझ नहीं आ रहा

मैं : यहाँ क बारे मैं बताओ क्या ाचा है देखने क लिए इस गाओं मैं

सनम : यहाँ नहर है खेतों मैं एक बाघ है और तो कुछ खास नहीं

मैं : ाचा यह बताओ क यह मुंशी लाला और उस क बीटा जो तुम्हारा शोहर था क्या करते हैं

सनम : मुंशी लाला मालिक ग़ज़नफ़र का मुंशी है उस की सब ज़मीन का हिसाब किताब और जितने बी गोदाम हैं सब वही देखता है और उस का बीटा अनवर जो मेरा शोहर था वो बी मालिक ग़ज़नफ़र का ड्राइवर है

मैं : वैसे तुम्हें डाइवोर्स क्यों होइ थी

सनम : वो जहेज़ की वजा से

मैं : झूट

सनम : मैं झूट क्यों बोलों गई

मैं : मैं जनता हों सुच क्या है

सनम : का क्या मतलब सुच क्या है

मैं : क्या sun'na चाहती हो हाँ मैं सारा सुच जनता हों समझी

सनम : तुम जान क मुझ पेय प्रेशर दाल रहे हो

मैं : न मैं तो वही कह रहा हों जो सुच है अगर नहीं यक़ीन तो सुनो फिर ..कहँ से शुरू करों मोची क बेटे से या तुम्हारे अबू ने जब तुम को पकड़ा था वहां से

सनम एक दम चलते हुवे रुक गई उस का रंग उड़द गया था उस की हालत ऐसी हो गई थी क काटो तो खून नहीं मैं ने उस को कंधे से पकड़ा और

मैं : होश मैं आओ सनम क्या हुवा

सनम : आप को कैसे पता सब

मैं : रिलेक्स मैं किसी को नहीं बताओं गए चलो अब सोचो मत

हम नहर पेय पांच गए मैं एक साइड जा क बेथ गया सनम बी गुड़िया क पास hi चली गई थी कुछ देर बेहद मेरी नज़र पड़ी उन पर देखा तो सनम बैठी मुझे hi देख तेहि थी मेरे देखते hi नज़र घुमा लेती फिर वो उठी और मेरे पास आ गई मेरे पास बेथ गई पहले खामोश रही फिर

सनम : थैंक्स इतना सब jan'ne क बेहद बी तुम ने किसी को कुछ नहीं बताया और न मुझे ब्लैकमेल किया

मैं : हाहाहा मैं किसी क सतह ग़लत नहीं क्र सकता

सनम : तुम बोहत अलग हो बोहत स्पेशल काश मैं ग़लत रस्ते न चली होती तुम जैसा लड़का मेरी ज़िन्दगी मैं होता

मैं : हाँ यह तो है

सनम : वैसे मेरे और मेरे अबू क बेच जो रिश्ता है जान क्र बोहत घुसा आया हो गए तुम्हें

मैं : नै बिलकुल नहीं

सनम : अपनी आँखें बड़ी क्र क हाँ मतलब तुम को अजीब नै लगा

मैं : हाँ लगता अगर इन्सेस्ट का पता न होता तो लेकिन मैं इस चीज़ को ग़लत नहीं मंटा अगर आप मैं प्यार है रेस्पेक्ट है एक दूसरे की ख़ुशी एक दूसरे की ज़रुरत का ख्याल है तो बुरा नहीं है हाँ अगर हवस है तो फिर ठीक नहीं है

सनम : मुझे ऐसा क्यों लगता है क तुम बी इस तरह क किसी रिश्ते से जुड़े हो

मैं : अगर न कहां गए तो झूट है हाँ समझ लो ऐसा hi है कुछ

सनम : क्या वो फरज़ाना है

मैं : यह मैं बता नहीं सकता सॉरी

सनम : थैंक्स मेरी टेंशन काम करने क लिए

मैं : ाचा क्या सोचा फिर मेरे बारे मैं

सनम : किस बारे मैं

सनम : रात को बोल रही थी न अपने अबू से क मुझे कशी चाहिए

सनम : ओह तो मतलब तुम रात को यहाँ ए थे और सब सुन बी लिया और देख बी लिया

मैं : वो एक कहावत है न दीवारों क बी कान होते हैं तो समझो वो ठीक hi है इस लिए कभी बी जोश मैं अपने मुंह से अपना राज़ नहीं बोलना चाहिए और दूसरी बात मेरी अम्मी क कहयल अपने अबू क दिल से निकल दो एक बार बोल दिया फिर से कोई ग़लती नहीं होनी चाहिए

सनम : ok ok घुसा नहीं मैं अबू को समझा दूँ गई और आज रात तैयार रहना मैं आप क रूम मैं आऊं गई

मैं : नीचे जो घास उगी होइ है न साफ़ क्र क आना

सनम : मुस्करा क्र ok डार्लिंग

मैं चल चुप हो जा देख वो दोनों नाहा क बी आ गई

फरज़ाना: क्या भाई आप इधर आ क बेथ गए कितना मज़ा आता है नहर मैं नहाने का चलो न आप बी

मैं : नहीं गुड़िया फिर कभी आज मूड नहीं है

फरज़ाना : प्लीज भाई मान जाओ न

मैं : ok चल मेरी माँ मुझे पता है तुम ऐसे तो मनो गई नहीं

मैं बी गुड़िया क सतह चला गया रीमा सनम को बी ले आई मैं ने शर्ट उतर दी और अपना वॉलेट और मोबाइल बी निकल क रख दिया और कूद गया पानी मैं हमारे सतह वो सब बी कूद गई हम एक दूसरे पेय पानी फेंकने लगे खूब एन्जॉय क्र रहे थे क इतने मैं एक आवाज़ आई

क्या माल हैं यार एक बार मिल जैन तो मज़ा hi आ जाये आर्य यह गोरी सी माँ की गुड़िया तो देख जैसे पारी हो इस को तो मैं अपनी रखेल बनाओं गए

मैं ने उन की तरफ देखा तो 2 लड़के खड़े थे और उन क सतह कुछ गुंडे बी थे मैं समझ गया हो न हो यह आमिर है जमशेद का बीटा

रीमा : काशिफ यह आमिर है प्लीज चलो यहाँ से

सनम : हाँ कशी चलो यह बोहत खतरनाक हैं

फरज़ाना : आर्य क्यों डर्टी हो इन जैसे हिजड़ों से इन क लिए मैं hi काफी हों

आमिर ने जब यह सुना तो घुसा हो गया

आमिर : यह लड़की मुझे चाहिए बोहत अकड़ है इस मैं जाओ निकालो इसे बाहिर

मैं : 1 मिनट कोई आगये नहीं ए गए हम खुद hi बाहिर आ रहे हैं

आमिर और उस क सतह सब हंसने लगे

आमिर : ओह आ जाओ आ जाओ मैं बी देखों

हम बाहिर निकल रहे थे क मैं ने पावर से hi सब क कपडे सूखा दिए और कवर बी क्र दिए जिस से उन की गन्दी नज़र न पड़े वो सब हमें सूखा देख क शॉक हो गए

मैं : क्या हुवा आ गए हम बाहिर

आमिर : तुम सब एक दम से सूख कैसे गए जैसे पानी मैं उतरे hi नहीं

मैं : वो छोड़ क्या बोल रहा था इस को देख क हाँ रखेल बनाये गए इस को चल पहले इस को छू क तो देखा

फरज़ाना आगये आई आमिर ने जैसे hi उस को छूने क लिए हाथ आगये किया उसी वक़्त खादिम पांच गया

खादिम : रुक जाओ इन को कुछ मत करना मेरे मेहमान हैं यह

आमिर : जनता है मैं कोण हों बूढ़े फिर बी मुझे रोक रहा है

मैं : बाबा आप पीछे हो जाओ मैं बी देखों इस मैं कितना दम है

खादिम : नहीं कशी बीटा तुम नहीं जानते िस्ये यह बोहत खतरनाक है

फरज़ाना : बाबा आप पीछे हैट जाओ मैं आज इस की मर्दानगी देखती हों

खादिम पीछे हैट गया गुड़िया उस क सामने हाथ बंद क कड़ी हो गई वो लड़ने क स्टाइल मैं आया और गुड़िया पेय पंच करने लगा लेकिन गुड़िया की स्पीड इतनी थी क उस का हर पंच गुड़िया को स्लो मोशन मैं नज़र आ रहा था गुड़िया हाथ बन्दे hi उस से बच रही थी कबि वो पंच तो कभी किक मरता लेकिन एक बार बी वो छू नहीं पाया गुड़िया को अब उस का घुसा बढ़ता जा रहा था इस लिए उस की स्पीड बी तेज़्ज़ होने लगी लेकिन 5 मिनट मैं hi उस की सांस फूल गई और वो अपने घुटनो पेय हाथ रख क हांपने लगा

फरज़ाना : बीएस इतनी hi मर्दानगी है तुझ मैं 5 मिनट से तेरे सामने कड़ी हों लेकिन तू मुझे छू बी नहीं पाया सोच मैं मरने पेय आ गयी तो तेरा क्या हल हो गए

आमिर : घुसे से देख क्या रहे हो मारो इन सब को और इस लड़की को आज मेरे बिस्तर पेय होना चाहिए

फरज़ाना : ओह बिस्तर लाइक रहे गए तो तब न

इस क सतह hi उन गुंडों ने फरज़ाना को घेर लिया

सनम : कशी बचाओ फरज़ाना को

मैं : आर्य यार खड़े खड़े मेरे पाऊँ दर्द करने लगे आओ हम बेथ क शो देखते हैं मेरी बात से वो दोनों बहने मुंह फाड़े मुझे देख रही थीं मैं दोनों को ले क साइड पेय बेथ गया गुड़िया उन सब क बीच मैं थी फिर जो गुड़िया शुरू होइ किसी को उस की स्पीड का अंदाज़ा hi नहीं हुवा बीएस हुवा क जैसा उन क पास से गुज़रता हुवा महसूस हो रहा था और बीएस हाड़ियाँ टूटने और चीखों की आवाज़ें hi सुनाई डे रही थीं 2 मिनट मैं सब नीचे बेहोश पड़े थे अब बचे थे सिर्फ 2 लोग आमिर और उस का एक दोस्त

मैं : देख लिया एक लड़की का पावर

आमिर : कोण हो तुम लोग इतनी स्पीड किसी आम इंसान की नहीं हो सकती

मैं : तेरे सामने hi तो है बीटा यह आम लड़की नहीं ब्लैक बेल्ट क सतह मार्टिकल आर्ट और kung-fu की मैहर है तेरे जैसे 20 को एक सतह ढोह सकती है अब अगर ग़ैरत है तो फिर कभी हम से पन्गा नहीं लेना और हाँ यह सोच इस की स्पीड इतनी है तो मेरी क्या हो गई आज पहली वार्निंग डे क छोड़ रहा हों वो बी इस लिए क्यों क तू अपने खंडन का एक वाहिद मर्द है जिस से आगये की नेसल ने चलना है यह न हो यहाँ hi थे एन्ड हो जाये

आमिर मुझे घूरने लगा फिर उस ने किसी को कॉल क्र क बुलाया ता क उन गुंडों को उठा क ले जा सके हम सब चल पड़े अपने घर की तरफ मैं ने घुड़िया को सीने से लगाया हुवा था सनम हैरान थी क एक महसूम सी दिखने वाली लड़की इतनी खतरनाक बी हो सकती है

मैं : क्यों खादिम बाबा अब पता चला मैं क्यों कहता था यह काफी है उन क लिए

खादिम : बीटा अब संभाल क वो अब बदला ज़रूर लें गए

मैं : आप बीएस देखते जाओ मैं क्या करता हों इन का

हम घर पोंछे जहँ रीमा और सनम ने मिर्च मसाला लगा क्र अपनी अम्मी और मेरी अम्मी को सब बताया जिसे सुन का शकीला बाउंटी बी हैरान थी

मैं ऊपर टेरेस पेय चला गया सनम बी आ गई

सनम : कोण हो तुम लोग

मैं : यह कैसा सवाल है

सनम : मैं वहां नहीं बोली इस का मतलब यह नहीं क मैं ने घोर नहीं किया एक आम सी लड़की की इतनी स्पीड नहीं हो सकती जो नज़र hi न ए और पानी से बाहिर आते hi कपडे सूख गए

मैं : मुझे नहीं पता कैसे हुवा और तुम इतना क्यों सोचती हो

सनम : ok नहीं बताना तो न बताओ झूट तो मत बोलो

मैं : हम इंसान hi हैं बीएस यह समझ लो अभी नहीं बता सकता

फिर वो नीचे चली गई कुछ देर बेहद मैं बी नीचे आ गया तो देखा शकीला आंटी सब्ज़ी काट रही हैं दिन क खाने क लिए मैं बी उन क सामने बेथ गया चारपाई पेय ुनों ने शलवार क़मीज़ पहना था जिस मैं क़मीज़ का गाला काफी खुला था उन क ममी आधे नज़र आ रहे थे अचानक ुनों ने अपना एक घुटना खड़ा किया जिस की वजा से एक ममी को नीचे से तक लगी और वो और बाहिर आ गया मेरा दिन उन क मामों पेय hi था जो ुनों ने नोट क्र लिया

शकीला : बीटा क्या देख रहे हो

मैं : देख रहा हों बाबा की तो काफी उम्र हो गई है उन को आप जैसी ख़ूबसूरत बीवी कैसे मिल गई

शकीला : क्या फ़ायदा फिर बी उन का दिन मुझ पेय है नहीं

मैं : आंटी अस पास देख लो हो सकता है आप का दिन रखने क लिए कोई हो लेकिन एस्प ने घोर hi नहीं किया

शकील : मैं शरीफ औरत हों ऐसा सोच बी नहीं सकती

मैं : अछि बात है लेकिन फिर बी कभी लगये क मैं ठीक हों तो घोर करना इस बात पेय

मैं उठ क अंदर गया और लेट गया कुछ देर मैं hi मुझे नींद आ गई और मैं सो गया


बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं......
 
अपडेट 104

मैं सोया हुवा था क मुझे फील हुवा कोई मेरे सतह लेता है मैं ने आँखें खोली तो देखा सनम थी मैं ने उस को बाँहों मैं भरा

मैं : कब आई

सनम : अभी आई हों तुम सो गए थे

मैं : हाँ पता नहीं नींद आ गई थी सब सो गए क्या

सनम : हाँ सो गए

मैं ने उस की आँखों मैं देखा एक नशा सा था मैं उस क लिप्स पेय एक किश किया उस को एक झटका सा लगा मैं फिर उस क होंठ चूसने लगा वो बी सतह देने लगी मैं ने उस क मामों पेय हाथ रख उफ़ क्या अहसास था मैं उस क ममी दबाने लगा वो बी सतह देने लगी मैं अलग हुवा उस क कपडे उतरने लगा फिर अपने बी उतर दिए और नंगा हो गया मैं उस क ममी चूसने लगा उस का जिसम भरा हुवा था ममी और गांड मोती थी कुछ देर बेहद मैं नीचे आया उस की फूडी पैर जहाँ एक बी बाल नहीं था उस की फूडी खुली होइ थी लेकिन मेरे लुंड क हिसाब से नहीं मैं उस की फूडी चाटने लगा वो सिसकारियां लेने लगी फिर मैं उठा उस क सामने खड़ा हो गया वो उठ क बेथ गई मेरा लुंड देख क hi उस का गाला सूख गया

सनम : ो गॉड यह क्या है

मैं : बोलै तो था 7 इंच से बी बड़ी दुन्या है

सनम : नै समझ तो मैं गई थी लेकिन इतना बड़ा हो गए सोचा नहीं था

वो पहले पकड़ क देखने लगी फिर उस ने लुंड की टोपी पेय किश किया फिर मुंह मैं ले क चूसने लगी किसी पोर्न स्टार की तरह चूस रही थी 5 मिनट बेहद मैं ने उस को हटा लिया और बीएड पेय गिरा दिया मैं ने लुंड सेट किया और एक झटका मारा उस की चीख निकल गई मैं ने फ़ौरन उस का मुंह बंद किया पर देर हो चुकी थी क्यों क मुझे लगा क किसी न किसी ने सुन ली हो गई मैं ने उस क होंठों पेय अपने होंठ रख दिए और एक झटका मारा और पूरा लुंड अंदर उतर दिया उस क मुंह से आवाज़ निकल तो रही थी लेकिन मैं ने मुंह बंद किया हुवा था मैं ेस्ता ेस्ता हिलने लगा कुछ देर मैं hi वो नार्मल हो गई मैं सीधा हुवा और रफ़्तार बड़ा दी

सनम : ज़ालिम इंसान कुछ तो ख्याल करता

मैं : तुझ जैसी चुदकड़ को कुछ नहीं होता

सनम : अब ठीक लग रहा है क्या लुंड है तेरा पूरा फँस क जा रहा है

मैं अब जोश क सतह उस की बजा रहा था अचानक मुझे कुछ महसूस हुवा तो मैं ने विंडो की तरफ देखा जो आधी खुली होइ थी वहां कोई खड़ा था मैं ने पावर उसे की तो देखा शकीला आंटी एहनी सनम की अम्मी कड़ी देख रही थीं उन का एक हाथ ऊपर मामों पेय और दूसरा हाथ फूडी पेय था मेरे चेहरे पेय मुस्कान आ गई

मैं : अहह रंडी बोहत मज़ा देती है तू क्या फूडी है तेरी तू इतनी गरम है तेरी अम्मी बी गरम हो गई

सनम : अब क्या उन को बी छोड़ना है

मैं : हाँ बोहत कैसा हुवा जिसम है उन का मोठे मोठे ममी बड़ी स गांड उन की फूडी फूली होइ हो गई जिस मैं मेरा यह लुंड जाये गए अहह तेरी अम्मी को बी जन्नत दिखाओं गए बोल छोड़ लोन उन को

सनम : हाँ छोड़ लेना मैं खुद अम्मी को तेरे पास लाओं गई हम दोनों को सतह मैं छोड़ना

बाहिर कड़ी शकीला अपने बारे मैं सुन क और एक्सीटेंड हो गई और शलवार नीचे क्र क फूडी मैं ऊँगली डालने लगी मेरी बातों से सनम जल्दी फ़ारिग़ हो गई मैं ने घोड़ी बनाया उस को और पीछे से पूरा लुंड दाल क छोड़ने लगा चुदाई का तूफान तब रुका जब मैं सनम क मुंह मैं फ़ारिग़ हुवा मैं ने विंडो की तरफ देखा आंटी बी फ़ारिग़ हो गई थीं और उन का जिसम कैंप रहा था बड़ी मुश्किल से ुनों ने शलवार ऊपर की और चली गई फिर सनम उठ क चली गई मैं उठ क नाहया और आ क्र सो गया सुबह जल्दी उठ क्र खेतों की तरफ चला गया रनिंग और एक्सरसाइज क्र क खादिम क पास गया वो चारा दाल रहे थे जानवरों को मुझे देख क मेरे पास ए

खादिम : इतनी सुबह उठ जाते हो आप

मैं : बीएस आदत है खुद को फिट रखने की आप सुनाओ आज अकेले hi थे यहाँ

खादिम : हाँ आज अकेला hi था वैसे बच क रहने वो आमिर चुप नहीं बैठे गए

मैं : मैं बी तो एहि चाहता हों वो चुप न बैठे वैसे एक बात बताओ आप ने कभी उन क घर कोई लड़की देखि जो उन की बेटी न हो

खादिम : नहीं क्यों क मैं कभी वहां गया hi नहीं

मैं : आप को पता था मुंशी लाला मालिक ग़ज़नफ़र का बाँदा है तो फिर सनम की शादी क्यों की वहां

खादिम : असल मैं वो लड़का अनवर खुद ठीक है सिर्फ बाप हरामी है

मैं : मैं ने मालिक ग़ज़नफ़र क घर जाना है वहां शराफत अली की बेटी है जो मालिक ग़ज़नफ़र क भाई की बीवी थी ूसये निकलना है वहां से लेकिन एक बात समझ नहीं आई जब दोनों भाई की मौत की खबर आई थी तो उस का भाई कैसे मारा गया जब क मालिक ग़ज़नफ़र ज़िंदा है

खादिम : सब किया कराया मालिक ग़ज़नफ़र का है उस ने खुद भाई को रस्ते से हतय ता क सब जायदाद उस क पास hi रहे उस क बेहद ुनों ने शराफत अली की दोनों बेटी पेय बोहत ज़ुल्म किये जिस की वजा से मालिक ग़ज़नफ़र की बीवी घर छोड़ क चली गई वो उस वक़्त पेट से थी जब क छोटी बेटी यहाँ hi रह गई उस की बी एक बेटी है

मैं : मैं ने उन को वहां से निकलना है

खादिम : क्यों आखिर बात क्या है

मैं : वो बेहद मैं पहले मुझे बताओ क उस क घर मैं घुसने का तरीक़ा

खादिम : मालिक ग़ज़नफ़र का बीटा मालिक आसिफ लेकिन नहीं वो तो दोस्त है आमिर का कल वो बी सतह था उस क वो तो तुम्हें पहचान ले गए मालिक ग़ज़नफ़र की बेटी

मैं : क्या मतलब उस ने फिर से शादी की थी

खादिम : हाँ उसी क लिए तो मरने का ड्रामा किया था उस ने ता क शाहीन को घर से निकला जा सके और वो जिस से प्यार करता है उस से शादी क्र सके

मैं : नाम क्या है उस की बेटी का

खादिम : शुमैला नाम है उस का बाप क पैसे का घमंड है उस को ग़रीब को तो इंसान hi नहीं समझती ऊपर से उस क बाप क डर की वजा से कोई लड़का उस क नज़दीक hi नहीं आता बेचारी को बॉयफ्रेंड तक नसीब नहीं इस बात का बी उस को घुसा है

मैं : ok कहाँ मिले गई यह

खादिम : यहाँ हासिलपुर क पास hi सिटी है वही कॉलेज मैं या फिर मार्किट मैं या फिर किसी पार्क मैं हो गई दोस्तों क सतह

मैं : ok मैं चलता हों

मैं वहां से निकला और घर आया फ्रेश हो क तैयार हुवा वो बी नार्मल कपडे पहने फिर नाश्ता किया खादिम बी घर आ गया था नाश्ते क लिए नाश्ते क बेहद

मैं : बाबा कोई बाइक मिल सकती है क्या

खादिम : बाइक तो नहीं है एक काम करो आप गाड़ी पेय जाओ सिटी मैं वहां यह एड्रेस है उस को कॉल क्र क मैं बता दूँ गए वो आप को बाइक डे डे गए

मैं : ठीक है

मैं सब को समझा क निकल गया गाड़ी मैं सिटी पांच क कॉल की उस no पेय वो बाँदा सामने hi खड़ा था मैं उस से मिला गाड़ी वही पार्क क्र दी और बाइक ले ली मैं बाइक पेय सीधा कॉलेज पोंछा वहां मैं बाइक पार्क क्र क कैंटीन मैं चला गया कॉलेज मैं बोहत से स्टूडेंट्स थे पैर मुझे इंतज़ार था शुमैला का मैं ने पावर से देखा वो क्लास रूम से निकल क्र कैंटीन hi की तरफ आ रही थी सतह उस की 2 फ्रेंड बी थी मैं ने कॉफ़ी आर्डर की वेट करने लगा इतने मैं वो बी वहां आ गई मेरे सामने hi एक टेबल था वो वहां आ क बेथ गई उस की नज़र मुझ पेय पड़ी थोड़ी देर देखती रही अब उस की ग़लती बी नहीं थी ख़ूबसूरत और हैंडसम बाँदा किसे ाचा नहीं लगता मैं ने उस की तरफ नहीं देखा लेकिन पावर से मैं सब देख रहा था मुझे उन की बातों की आवाज़ बी साफ सुनाई डे रही थी

शुमैला : यार कितना हॉट है यह लड़का

फ्रेंड 1 : किदर है

शुमैला : पीछे तो देख

उस ने पीछे देखा तो वो बी हैंग हो गई उस क सतह फ्रेंड 2 बी कुछ देर देखती रही

शुमैला : क्यों रीना मेडम हो गई न हैंग

रीना : हाँ यार काश यह मेरा बॉयफ्रेंड बन जाये

शुमैला : तुम्हारा तो बन बी सकता है मेरा कोई चांस नहीं मेरे बाप की वजा से कोई लड़का हिम्मत hi नहीं करता

फ्रेंड 2 : यार रीना मेरा hi करवा डे इस क सतह

रीना : भूल गई मिस ज़रमीं लास्ट बार एहि बात मैं ने बोली थी तब तुम ने मुंह बना लिया था

शुमैला : एक मिनट क्या हर वक़्त लड़ना शुरू क्र देती हो देखो तो सही ड्रेसिंग उस की मुझे तो यह ग़रीब लग रहा है अब खली हैंडसम होने से हमारा गुज़ारा थोड़ा hi हो सकता है

रीना : हाँ यार आज कल पैसा है तो सब है

ज़रमीं : लो मेडम आ गया आप का आशिक़ अपनी लोफर टीम क सतह

रीना : यह मेरा पीछा नहीं चोदे गए आज इस को मैं देखती हों

इतने मैं 6 लड़के कैंटीन मैं दाखिल हुवे हलए से बिगड़ी बाप की औलाद लग रहे थे वो जो लड़का उन क आगये था सीधा उन लड़कियों क टेबल पेय आया

लड़का : ो हो जाने मैं मेरा वेट क्र रही थी

रीना : तुम्हारी प्रॉब्लम क्या है रेहान क्यों मुझे पेरशान करते हो

रेहान : क्या यार यह ओल्ड नाम ले रही हो डार्लिंग आज का ज़माना थोड़ा एडवांस हो गया है रोनी बोल रोनी और रही प्रॉब्लम तो वो बी तुम hi हो कितने चाकर लगा चूका हों तेरे आगये पीछे एक तू है सीधे मुंह बात नहीं करती

रीना : देख चला जा यहाँ से नहीं तो ाचा नहीं हो गए

रेहान : तो क्या क्र ले गई तू हाँ बोल जानती है मैं कोण हों

उस ने रीना का हाथ पकड़ लिया

शुमैला : हाथ छोड़ रीना का

रेहान : नहीं छोड़ता और तू बेच मैं न आ

शुमैला : लगता है मेरे बाप को तू जनता नहीं साले तेरी लाश बी नहीं मिले गई

शुमैला थपड मरने लगी hi थी क उस ने हाथ पकड़ लिया

रेहान : यह हाथ इतने नाज़क हैं इन से थपड नहीं कोई और काम लो

शुमैला : मेरा हाथ छोड़

मैं : हाथ छोड़ डे लड़की का

मैं अपनी जगा बैठे hi बोलै

उन सब ने मेरी तरफ देखा

रेहान : कोण है तू आज से पहले तो नहीं देखा तुझे

मैं : अपनी जगा से uth'te हुवे मैं कोण हों इस बात का तुझ से कोई लेना देना नहीं लड़कियों पेय मर्दानगी देखा रहा है माँ का दूध पिया है तो मुझ से मुक़ाबला क्र

रोनी : हाथ छोड़ क मेरी तरफ आया ठीक है चल बाहिर तुझे दिखता हों

हम बाहिर आ गए ग्राउंड क पास वो सब मुझे घेर क खड़े हो गए मैं और रोनी एक दूसरे क सामने थे वहां काफी भेद जमा हो गई थी

मैं : रोनी अपने चमचों को बोल क साइड पेय खड़े हो जैन मैं भागों गए नहीं

रोनी : क्यों दर गया क्या

मैं : यह तो सिर्फ 5 हैं 500 बी बुला ले मैं नहीं भाग गए

शुमैला और उस की फ्रेंड बी वहां थीं

रीना : यह सब मेरी वजा से हो रहा है देख हमारी खातिर यह आगये आया इसे कुछ हो गया तो

शुमैला : कुछ नहीं हो गए ूसये मैं ने उस की आँखें देखि हैं उस मैं डर नाम की चीज़ नहीं है

मैं : तुम मैं से कोई बी बेच मैं आया समझो वो गया चल रोनी आ जा मुझे छू क दिखा

मैं अपने हाथ बंद क खड़ा हो गया रोनी मुझे पेय वॉर करने लगा मैं हर बार हैट जाता वो घुसे मैं तेज़्ज़ तेज़्ज़ वॉर करने लगा 5 मिनट तक वो लगा रहा लेकिन मुझे छु बी नहीं पाया इस लिए वहां खड़े सब उस पेय हंस रहे थे यह देख क उस क चमचे आगये भड़ने लगये

मैं : न न यह ग़लती न करना दोबारा अब तुम मैं से कोई एक क़दम बी हिला तो उस की खोपड़ी उड़द जाये गई यक़ीन नहीं तो ऊपर देखो पोल पेय लगी लाइट को

सब की नज़र उस पेय गई और अगले hi पल पोल की लाइट ब्लास्ट हो गई सब शॉक हो गए

मैं : अब कोई अपनी जगा से हिला तो अगली गोली उस की खोपड़ी को ऐसे hi उड़ाए गई किसी को पता बी नहीं चले गए गोली चली कहाँ से मैं ने आगये बढ़ क्र एक पंच दिया रोनी क मुंह पेय और वो वही गिर क बेहोश हो गया उस क नाक मुंह से खून निकलने लगा

मैं वहां से कैंटीन मैं गया वहां मैं ने कॉफ़ी क पैसे दिए और बाहिर जाने लगा तो शुमैला और उस की फ्रेंड्स मेरे सामने आ गई

मैं : ग बोलेन

शुमैला : थैंक्स हमारी मदद करने क लिए लेकिन आप को ऐसे खुद को खतरे मैं नहीं डालना चाहिए था

मैं : मुझे न किसी पेय ज़ुल्म होता हुवा देखा नहीं जाता खैर अब मैं चलता हों

शुमैला : वेट वेट अपना नाम तो बताओ कोण हो कहाँ से ए हो और यहाँ तो पहले कभी नहीं देखा

मैं : मैं काशिफ हों यहाँ नहीं रहता मैं ***सिटी से हों

शुमैला : आज आप ने हमारी मदद की तो प्लीज एक कॉफ़ी हमारे सतह हो जाये

मैं : वो तो ठीक है लेकिन मैं इस कॉलेज का नहीं हों ऊपर से झगड़ा बी क्र लिया तो कोई बी मसला हो सकता है हाँ अगर इतना hi ज़रूरी है तो बाहिर कैफ़े मैं चल सकता हों

शुमैला : ठीक मैं गाड़ी ले क अति हों

मैं : मेरे पास बाइक है आप ऐसा करो यहाँ पास मैं फ्रेंड्स कैफ़े पेय आ जाओ

मैं वहां से बाइक से निकला और कैफ़े पांच गया वो बी कुछ देर मैं तीनो आ गई हम एक टेबल पेय बेथ गए

रीना : थैंक्स मेरी वजा से आप को तकलीफ होइ

मैं : अब और एक बार थैंक्स बोलै तो मैं चला जाओं गए

ज़रमीं : आप हम से दोस्ती करो गए

मैं : वैसे दोस्ती मैं कोई बुराई तो नहीं लेकिन मैं इतने दूर से हों तो कोई फ़ायदा नहीं

शुमैला : मैं ने आज तक किसी लड़के से दोस्ती नै की मेरे अबू से सब डरते हैं इस लिए लड़के मेरे क़रीब बी नहीं आते

इतने मैं हम ने कॉफ़ी आर्डर की इतने मैं शुमैला का मोबाइल बजने लगा

शुमैला : ो गॉड अबू का फ़ोन लगता है उन को पता चल गया

उस ने कॉल अटेंड की और बात की क वो घर hi आ रही है कॉल सुत्त होने क बेहद

शुमैला : अबू को पता चल गया है अब काशिफ आप को मेरे घर चलना हो गए क्यों क अबू ने कहा है क उस लड़के को सतह ले क आओ

मैं : ठीक है आप चलो मैं आप क पीछे आता हों

फिर हम निकले और कुछ देर मैं हम उन क घर पांच गए मैं ने बाइक पार्क की शुमैला मुझ ले क्र अंदर चली गई ड्राइंग रूम मैं मुझे बैठा दिया थोड़ी देर बेहद एक औरत आई जिसे देख क मैं समझ गया यह शुमैला की माँ है

औरत : कोण हो तुम किस से मिलना है

मैं उस की बात करने क स्टाइल से hi समझ गया था पैसे का ग़रूर है इस को

मैं : ग मुझे शुमैला ले क आई है

औरत : उस की इतनी हिम्मत लड़के घर तक लेन लगी और तुम निकलो यहाँ से चलो

मैं : मुझे मालिक साहब ने बुलाया है

इतने मैं आवाज़ आई

क्या हुवा सेहरिश क्यों शोर क्र रही हो

सेहरिश : इस लड़के को आप ने बुलाया है

मालिक ग़ज़नफ़र: हाँ मैं ने hi बुलवाया है इस को आओ बैठो और हाँ वो शुमैला को बी बुला लो

इतने मैं शुमैला दोनों फ्रेंड्स क सतह नीचे आई

मालिक ग़ज़नफ़र: अब बताओ बीटा क्या हुवा था

फिर शुमैला सब बता देती है जो बी हुवा और मैं ने जो किया बल्कि मिर्च मसाला लगा क्र बताया

मालिक ग़ज़नफ़र: शुकरिअ बीटा तुम ने मेरी बेटी की मदद की और शुमैला वो लड़का कोण है

शुमैला : अबू वो आप क दोस्त मना यावर का बीटा है रेहान उर्फ़ रोनी

मालिक ग़ज़नफ़र: चल मैं बात करों गए उस क बाप क सतह

सेहरिश : सॉरी मैं ने पता नहीं क्या क्या बोल दिया तुम को वो क्या है डर लगता है कहें बेटी का कोई ग़लत फ़ायदा न उठा ले

मैं : कोई बात नहीं आंटी मैं समझ सकता हों

सेहरिश : मैं आंटी लगती हों क्या

मैं : नै नै आप तो शुमैला की बड़ी बहन लगती हो

शुमैला : एमी आप ने कुछ ऐसा वैसा कहा काशिफ को

सेहरिश : वो बीटा कुछ ग़लत फेहमी हो गई थी

मैं : ाचा इतने hi लोग हो आप क्या घर मैं

मालिक ग़ज़नफ़र: आर्य नहीं नहीं मेरी माँ हैं मेरा एक बीटा बी है और एक मेरे भाई की बीवी है और उन की बेटी

मैं : ओह ाचा ठीक है मैं चलता हों

मालिक ग़ज़नफ़र: नहीं तुम खाना खा क जाओ गए सेहरिश यह खाना खाये बिना जाना नहीं चाहिए और मैं एक काम जा रहा हों शाम को आऊं गए

मालिक वहां से चला गया

सेहरिश: शुमैला काशिफ को ले जाओ घर दिखाओ मैं खाने का करती हों कुछ

हम ऊपर चले गए मैं ने देखा एक जवान लड़की एक रूम से निकली

मैं : शुमैला यह कोण है

शुमैला : यह मेरे चाचा की बेटी है िराम

मैं ने उस को hello बोलै वो सिर्फ ेस्ता से बोली hello

मैं : आप खामोश खामोश सी हैं क्या बात है ऐसा करो हमारे सतह चलो बातें करते हैं

शुमैला : रहने दो काशिफ वो नहीं ए गई वो ऐसी hi है मोदी सी

मैं : िराम चलो गई न

उस ने एक बार मुझे देखा फिर हाँ मैं गर्दन हिला दी शुमैला बी हैरान थी क ऐसे कैसे एक अजनबी क कहने पाय वो मान गई हम ऊपर टेरेस पेय आ गए कुछ देर बातें की

मैं : शुमैला वो वाशरूम किदर है

वो हंसने लगी

मैं : यार यह कोई हंसने की बात है क्या

शुमैला: सॉरी सॉरी चलो देखती हों

मैं : नहीं आप एहि रुको मैं ढून्ढ लोन गए ऐसा करता हों िराम तुम चलो मेरे सतह यह तो हैं hi शरारती आओ मेरे सतह और तुम सब इधर hi रुकना मैं अभी आया

िराम मेरे सतह नीचे आई

मैं : मेरी बात सुनो घोर से मैं आप लोगों की मदद क लिए यहाँ आया हों अम्मी किदर हैं तुम्हारी मुझे उन से मिलवाओ साडी बात बताओं गए अभी टाइम नहीं है

िराम ने फ़ौरन मुझे सतह लिया और अपनी अम्मी क रूम मैं ले गई वहां मैं ने देखा एक औरत बीएड पेय लेती है शायद बीमार है वो

िराम : अम्मी आप से कोई मिलने आया है

वो औरत उठ क बेथ गई और मुझे देखने लगी

मैं : आप नहीं पहचान पाओ गई चची मैं काशिफ हों

वो मुझे घोर से देखती रही फिर

औरत : तुम्हारी शकल आबिद से मिलती है

मैं : हाँ चची मैं आबिद अली का बीटा हों और अब सुनो आओ की बड़ी बहन शाहीन मुझे मिल गई थीं उन की शादी मैं ने अपने अबू से करवा दी है वो बोहत खुश हैं लेकिन नसरीन चची आप क लिए एक बुरी खबर है चाचा आतिफ अब इस दुन्या मैं नहीं रहे

चची नसरीन ने सुना तो रोने लगी

मैं : नहीं चची रोना नहीं मैं हों न ाचा सुनो दोनों अपना ज़रूरी सामान पैक क्र लेना मैं आज रात को hi आप दोनों को ले जाओं गए यहाँ से मुझे पता है आप पेय होने वाले ज़ुल्म का प्लीज किसी को बी शक नहीं होना चाहिए बीएस नार्मल रहो और हाँ मैं अभी बाहिर जा रहा हों किसी को शक न हो नहीं तो मसला हो जाये गए ok

मैं वहां से निकला और ऊपर चला गया

शुमैला : इतनी देर लगती है तुम को

मैं : आर्य नहीं एक कॉल आ गई थी वो sun'ne लग गया था

फिर हम नीचे ए सब क लिए खाना लगाया गया लेकिन नसरीन चची और िराम ऊपर hi थीं

मैं : यह िराम और उस की एमी आप क सतह खाना नहीं कहती क्या

सेहरिश : कुछ पेरशान हो क नहीं ऐसी बात नहीं है वो उन को भूक नहीं है

मैं समझ गया क उन क सतह क्या सलूक किया जा रहा है मैं खाना खा क सब से इजाज़त ली शुमैला ने मेरा no लिया सतह अपना बी दिया मैं बाइक से वापिस सिटी गया वहां से अपनी गाड़ी मैं बैठा और घर क लिए निकल गया घर पोंछा तो 4 बज गए थे थोड़ी रेस्ट क्र क मैं उठा चाहिए तैयार थी वो पी

अम्मी : बीटा कहाँ गया था

मैं : अम्मी मैं नसरीन बुआ से मिल क आ रहा हों उन क सतह बोहत ज़ुल्म करते हैं वो लोग और पता है उन की बेटी मुरझाई होइ है जैसे कभी हंसी hi न हो

अम्मी : तो ले क क्यों नहीं आया उस को

मैं : अम्मी आज रात को वो आप क सामने हों गई मेरे चाचा की अमानत थी वो उन को और तकलीफ मैं नहीं देख सकता मैं

फरज़ाना : भाई उन क बारे मैं क्या सोचा है

मैं : कुछ समझ नहीं आ रहा क्या करों

अम्मी : कशी तुम को hi संभालना है नसरीन को

अम्मी : एक बात और बी है कश्मला बुआ की बेटी जमशेद क घर मैं है हरीम उस को बी लाना है

अम्मी : तो अब तक इतनी देर क्यों की

मैं : ठीक वक़्त का इंतज़ार क्र रहा था मैं वैसे बी उन की सिक्योरिटी क लिए मैं ने किसी को रखा हुवा है अभी तक आमिर को हरीम का सुच नहीं पता क्यों क जमशेद ने उस को बताया हुवा है क तेरी बड़ी बहन है नहीं तो वो जानवर उस को नोच लेता

अम्मी : अब यह तुम पेय है कैसे और कब लेकिन हरीम को एक खरोच बी नहीं आणि चाहिए

मैं : ठीक है जैसा आप बोलो

मैं निकल गया खेतों की तरफ सतह मैं गुड़िया बी थी हम घूमते हुवे बाघ मैं पोंछे

फरज़ाना : भाई आप की लिस्ट तो लम्बी होती जा रही है

मैं : गुड़िया वो रात को मैं ने..

फरज़ाना : पता है सनम क सतह थे

मैं : हाँ पता है अपने hi बाप से चुद रही है

फरज़ाना : मुझे शक हो गया था जो उस को सतह खेतों पेय ले क जाते हैं

मैं : एक बात है इस आमिर ने वॉर नहीं किया पलट क्र लगता है कुछ बड़ा करना चाहता है

फरज़ाना : बाहिर से कराये क गुंडे बुलाये गए और क्या शायद अब लगता है उस का वक़्त आ गया है भाई ऐसा करो कल चलते हैं उन की हवेली समझा क देखें गए नहीं तो आप को पता है क्या करना है

मैं : ठीक है तो कल फिर तैयार रहना

इतने मैं हम ने देखा खादिम खेत वाले कमरे मैं जा रहा है कुछ देर बेहद एक औरत बी अंदर गई

मैं : इस बूढ़े मैं पता नहीं कितनी गर्मी है अब यह कोण है जो इस से छोड़ने आई है

फरज़ाना : चलो देख hi लेते हैं

हम दोनों आराम से चल पड़े कमरे क बाहिर पांच क देखा दरवाज़ा बंद था हम उसी विंडो पेय पोंछे जिस से मैं ने बाप बेटी की चुदाई देखि थी हम ने अंदर देखा तो मैं हैरान रह गया अंदर खादिम क सतह जो औरत थी वो...

बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं...
 
अपडेट 105

मैं और गुड़िया ने विंडो से देखा तो हैरान हो गए अंदर खादिम किसी औरत क सतह बात क्र रहा था

औरत : बोल क्यों बुलाया मुझे

खादिम : कुछ बताने क लिए मालकिन

औरत : क्या बताने क लिए

खादिम: वो लोग वापिस आ गए हैं और हो सकता है अपना सब कुछ बेच क चलें जैन

औरत : कब ए और कोण कोण आया है

खादिम: 2 दिन हो गए हैं और आबिद अली की बीवी और उस का बीटा और बेटी ए हैं

औरत : क्या 2 दिन और तुम अब बता रहे हो

खादिम: मौक़ा hi नहीं मिला बताने का अब क्या करना है

औरत : देख उन को ऐसे hi वापिस नहीं जाने डे सकते और अगर ुनों ने अपनी ज़मीन और हवेली बेच दी तो हम्हें कुछ नहीं मिले गए मैं ने इतने साल तेरी मदद इस लिए की ता क यह ज़मीन और हवेली पेय हमारा क़ब्ज़ा हो तुम ने उन को शक नहीं होने देना क तुम हम से मिले हुवे हो तेरी बेटी सनम बी मेरी वजा से तेरे नीचे है नहीं तो तुम को पता बी नहीं लगता वो मोची क बेटे से चुदवाती है

खादिम: वो तो आप बी अपने बेटे आमिर और मालिक ग़ज़नफ़र क बेटे आसिफ से चुदवाती हो

हम यह सुन क शॉक हो गए बहनचोद यह जमशेद की बीवी नौरीन है साली रंडी देख तेरे सतह क्या करता हों मैं

नौरीन : साले तो क्या हुवा तुझ से बी चूड़ी हों न

खादिम : लेकिन अब इतना आसान बी नहीं है आबिद अली का बीटा और बेटी दोनों बोहत खतरनाक हैं कल उस की बेटी ने आप क बेटे का बुरा हल किया फाइट मैं आमिर तो ूसये छु बी नहीं सका और जितने बी सतह बन्दे लाया था सब की हाड़ियाँ टॉड दी

नौरीन : मैं जमशेद से बात करती हों इन सब का कुछ करते हैं और वैसे बी उस आबिद की बीवी का वो अधूरा काम जो उस वक़्त नहीं हो सका इस बार हो गए

खादिम : कुछ बी बोलो मालकिन वो और उस की बेटी क्या माल हैं देख क hi लुंड खड़ा हो जाता है

नौरीन : साले मेरे सामने उन की तहरीफ़ क्र रहा है चल जल्दी से मुझे छोड़ मैं ने जाना बी है

फिर खादिम नौरीन को पकड़ क लेता देता है और उस की शलवार उतर देता उफ़ साली थी कमल उस की क़मीज़ ऊपर क्र क ममी बाहिर निकल लेता है और चूसने लागत है नौरीन थी बी एक गरम औरत फ़ौरन गरम हो जाती है फिर खादिम उस की फूडी चाटने लगता है कुछ देर बेहद अपनी शलवार उतरता है और अपना लुंड नौरीन क मुंह क पास करता है वो रंडी फ़ौरन उस को मुंह मैं ले क चूसने लगती है कुछ देर मैं hi वो उस की टाँगें उठा क्र लुंड अंदर दाल देता है 15 मिनट छोड़ने क बेहद दोनों फ़ारिग़ हो जाते हैं नौरीन एक कपडे से फूडी साफ़ करती है और कपडे पहन लेती है मैं ने सब कुछ वीडियो रिकॉर्ड क्र लिया था हम दोनों वहां से निकल गए

फरज़ाना : यह बूढ़ा तो धोके बाज़ निकला

मैं : हाँ यह हरामी शुरू से hi ऐसा है तब बी हमारी नानी को ब्लैकमेल किया था इस ने आज बी यह सिर्फ अपना फ़ायदा देखता है

फरज़ाना : क्या करना है अब

मैं : यह तो तुम को पता है क यह कुछ बी क्र लें हमारा बाल बी बांका नहीं क्र सकते आज रात शकीला आंटी की बजानी है और देखना है वो बी मिली होइ है इस सब मैं या नहीं और मुझे लगता है सनम बी अपने बाप से मिली होइ है क्यों क बाप से चुदती है तो एक दूसरे क राज़ तो जानते hi हों गए

हम घर पांच गए शाम हो गई थी मैं ने अम्मी को आँखों से इशारा किया ऊपर आने का मैं और गुड़िया ऊपर चले गए टेरेस पैर कुछ देर मैं अम्मी बी आ गई

अम्मी : क्या बात है

मैं ने अम्मी को सब बता दिया

अम्मी : इस नमक हराम को छोड़ना मत मैं सोच बी नहीं सकती थी यह उन क सतह मिला हुवा है

मैं : आप किसी तरह शकीला को चुप रखना वो बता न डे मेरे आज क प्लान क बारे मैं जो मैं ने नसरीन बुआ का बताया था

अम्मी : ok मैं कोशिश करों गई

फिर रात का खाना खाया सब ने हम ऐसे hi बातें करने लगे खादिम बी बैठा था

खादिम : कशी बीटा आमिर ने कुछ किया तो नहीं

मैं : उस मैं दम नहीं जो हमारा मुक़ाबला क्र सके वैसे बाहिर क दुश्मन से हम को ज़ियादा खतरा नहीं जितना घर क अंदर क दुश्मन से होता है

मेरी बात सुनते hi खादिम को पसीना आने लगा

खादिम : मैं समझा नहीं

मैं : जल्द hi समझ जाओ गए और हाँ आप ने खेत मैं नहीं जाना क्या आज

खादिम : हाँ जा रहा हों

फिर खादिम चला गया मैं ने सनम की तरफ देखा उस का बी रंग उड़ा हुवा था मतलब यह सब जानती है मैं थोड़ी देर बेहद रूम मैं चला गया रात क 10 बजे थे मैं ने अपनी ऑंखें बंद की और खादिम को चेक किया वो खेत मैं बने रूम मैं सो रहा था मैं ने फिर नसरीन बुआ को चेक किया वो और उन की बेटी ने सब तैयारी क्र ली थी दोनों रूम मैं बैठी थीं क मालिक ग़ज़नफ़र की बीवी सेहरिश आ गई

सेहरिश : तुम दोनों महरानी यहाँ बैठी हो जाओ किचन मैं सरे बर्तन धो क फिर खुद खा लेना वो दोनों चुप क्र क नीचे गई और काम करने लगी 1 घंटे बेहद सब अपने अपने रूम मैं थे मैं ग़ैब हो क सीधा उन क रूम क बाहिर पोंछा मैं ने दरवाज़ा चेक किया लॉक नहीं था मैं अंदर गया मुझे देख दोनों माँ बेटी उठ क बेथ गई

नसरीन : कशी तुम यहाँ कैसे ए किसी ने देखा तो नहीं

मैं : नहीं आप तैयार हो

नसरीन : मुझे दर लग रहा है किसी ने देख लिया तो क्या हो गए

मैं : मुझ पेय भरोसा है न और एक बात आप मुझे जानती नहीं हो मैं क्या चीज़ हों महफ करना मालिक ग़ज़नफ़र को सजा तो मिले गई hi लेकिन आप का बाप, भाई और बातेजः मुझ से नहीं बचें गए

नसरीन: तुम जो मर्ज़ी करो उन क सतह मुझे कोई लेना देना नहीं और न hi मैं कोई रिश्ता रखना चाहती हों उन से

मैं : चलो फिर अपना सामान किदर है

नसरीन : बीएस यह 2 बैग हैं

मैं ने दोनों बैग उठाये

मैं : आप मेरा राइट हैंड पकड़ो और िराम तुम इधर लेफ्ट हैंड पकड़ो

िराम : क्यों जादू से ग़ैब हो क ले जाओ गए

मैं : ऐसा है समझ लो

वो दोनों मुझे देखने लगी

मैं : सोचो मत और ऐसे बिलकुल न देखो तुम दोनों प्यार हो जाये गए

वी दोनों शर्मा गई फिर ुनों ने मेरा हाथ पकड़ लिया

मैं : अब दोनों अपनी ऑंखें बंद करो जब मैं कहां तब खोलना

दोनों ने अपनी ऑंखें बंद की और अगले hi पल हम अम्मी क रूम मैं थे अम्मी जग रही थीं बीएड क सतह तक लगाए कोई बुक पढ़ रही थीं हम पेय नज़र पड़ी तो चौंक गई

मैं : आँखें खोलो

दोनों ने जब आँखें खोली तो खुद को किसी और जगा देख क दर गई और मुझ से अलग हो क्र एक दूसरे से चिमट गई

अम्मी : डरो नहीं नसरीन मुझे देखो मैं रुखसाना आबिद की बीवी

जब नसरीन बुआ ने घोर से देखा तो अम्मी क गले लग क रोने लगी अम्मी ने उन को दिलासा दिया

अम्मी : ok अब चुप अब सब ठीक है ok और इधर आओ मेरी बची

िराम बी अम्मी क गले लगी फिर अलग होइ तो

मैं : हाँ अब आप क सवाल की बरी मुझे पता है कुछ पूछना चाहती हो

नसरीन : हम यहाँ कैसे ए

मैं : ग़ैब हो क्र

नसरीन : तुम ने कैसे किया

मैं : अम्मी इन को बता दो और अब यह बी बताओ क इन को एहि रखना है या घर छोड़ आऊं क्यों क खादिम की असलियत तो आप को पता है

अम्मी : नहीं एहि रहने दो खादिम को मैं देख लोन गई

फिर अम्मी ने उन को शार्ट शार्ट मैं बताया मुझ मैं पावर्स हैं वो शॉक हो गई िराम मुझे प्यार से देख रही थी

मैं : अम्मी आप इन को एहि सुला लो और िराम तुम चलो मेरे सतह

नसरीन : नै नै तुम्हरे सतह क्यों

अम्मी : आर्य पागल वो अपने सतह नहीं सुलाए गए मेरी बेटी क रूम मैं ले जा रहा है उस को

नसरीन: ओह सॉरी मैं कुछ और hi समझी

अम्मी : कुछ और बी हो गए तो सब को बता क हो गए देख ले अपनी बेटी को मेरे बेटे को कैसे देख रही है

िराम यह सुन क हद बढ़ गई मैं िराम को ले क्र गुड़िया क रूम मैं आया गुड़िया पहले hi वेट क्र रही थी िराम को देख क उस क पास आई और गले लगा लिया

फरज़ाना: तो तुम िराम हो बोहत पायरी हो

िराम : आप का नाम किया है

फरज़ाना: मेरा नाम फरज़ाना है और प्यार से गुड़िया कहते हैं आ इधर बेथ क बातें करते हैं

वो दोनों बीएड पेय बेथ गई

मैं : गुड़िया मैं रूम मैं जा रहा हों

फरज़ाना: ठीक है भाई आप जाओ और हाँ वो काम आज hi रात को क्र दो

मैं हाँ मैं गर्दन हिला क निकल गया मैं समझ गया गुड़िया किस काम का बोल रही थी मैं रूम मैं आया और कपडे चेंज किये एक टी शर्ट और लूसे ट्रॉउज़र पहना और मैं ने अपनी आँखें बंद की शकीला आंटी को देखा वो रूम मैं लेती होइ थी और अपने जिसम क सतह खेल रही थी मैं ने सोचा लोहा गरम है हथोड़ा मर देना चाहिए मैं उन क रूम मैं पांच गया वो अपनी आँखें बंद किये अपनी फूडी को मसल रही थी साली बोहत गर्मी है इस क जिसम मैं आगये हो क मैं उस क सतह लेट गया उस को पता hi नहीं चला वो मज़े मैं बोलने लगी

शकीला : उफ़ कशी तुम्हारा लुंड कितना बड़ा है कैसे मेरी रंडी बेटी ले रही थी उफ़ काश उस की जगा मैं होती उस घोड़े जैसे लुंड का मज़ा hi आ जाता यह गर्मी भड़ती hi जा रही है रात को बोल रहा था मुझे छोड़ना चाहता है लेकिन पूरा दिन मुझे उस ने देखा बी नहीं आज उस क लिए कितनी बार अपने ममी शो किये

मैं सब सुन रहा था लेकिन कुछ नहीं बोलै

शकीला : अहह पता नहीं आज फिर से न छोड़ रहा हो मेरी बेटी को काश इस वक़्त वो मुझे आ क छोड़ डेल कुछ नहीं बोलों गई

मैं ने सुना तो उस क क़रीब हो गया और अपना एक हाथ उस की फूडी पेय रख दिया उस को जैसे hi पता लगा क किसी और का हाथ है फौरन मेरी तरफ देखा मुझे देख क चीखने hi वाली थी क मैं ने उस का मुंह बंद क्र दिया हाथ रख क्र और न का इशारा किया वो खामोश हो गई मैं उस की फूडी को मसलने लगा सतह उस क मुंह से अपना हाथ हटा लिया और अपने होंठ आगये किये वो देख रही थी मैं ने उस क होंठ अपने होंठों मैं ले लिए और चूसने लगा वो बी गरम थी सतह देने लगी देखते hi देखते हमारी किश वाइल्ड हो गई जब मैं अलग हुवा वो तेज़्ज़ तेज़्ज़ सांसें लेने लगी

मैं : मेरी पायरी आंटी मुझे यद् क्र रही थी मैं न आओ ऐसा हो सकता है क्या जो मैं न आऊं

शकीला : मुस्करा क्र बोहत तेज़्ज़ हो मुझ जैसी औरत जिस ने कभी ग़ैर क सतह नहीं किया फ़ौरन फंसा लिया

मैं : जब से आप का जिसम देखा है पागल था आप क लिए तो आप को नीचे लाना hi था कल विंडो पेय मैं ने आप को देख लिया था

शकीला : बोहत चालू चीज़ हो यह बताओ सनम को कैसे फंसा लिया

मैं : वो तो है गरम और चुदकड़ उस का जिसम देख क आप को शक नहीं हुवा क वो चुदवाती है

शकीला : शक तो था लेकिन वो बाहिर जाती hi नहीं हर वक़्त घर पेय hi होती है तो मैं बी चुप रही

मैं : बोहत भोली हो आप वो किसी बाहिर क बन्दे से चूड़े तो बाहिर जाये न

शकीला : क्या मतलब बाहिर का नहीं है तो कोण है

मैं : आप यक़ीन नहीं करो गई पैर यह सुच है वो अपने बाप खादिम से चुदती है इसी लिए हर 3 दिन बेहद उस को सतह ले जाते हैं खेत मैं सुलाने क लिए

शकीला सुन क्र उछाल पड़ी और बीएड पेय बेथ गई

शकीला : कमीने इंसान तेरी इतनी हिमत कैसे होइ मेरी बेटी और शोहर पेय ऐसा इलज़ाम लगाने की

मैं : यह सुच है और अब गली नहीं देना वर्ण ाचा नहीं हो गए वो तेरा शोहर साला हमारे दुश्मन क सतह मिला हुवा है जमशेद की बीवी नौरीन क कहने पेय सब क्र रहा है उस को बी छोड़ता है और पता है तेरी बेटी कोई दूध की दुली नहीं है पहले मोची क बेटे क सतह फँसी होइ थी नौरीन ने खादिम को बता दिया खादिम ने सनम को रेंज हाथों मोची क बेटे से चुड़ते पकड़ा और बेहद मैं द्र धमका क खुद छोड़ने लगा फिर मुंशी लाला क बेटे अनवर से उस की शादी होइ पता है डाइवोर्स क्यों होइ क्यों क सनम की फूडी का खादिम ने फूड बना दिया हुवा था तुम को यक़ीन नहीं है तो यह देख

मैं ने मोबाइल पेय खादिम और सनम की चुदाई की वीडियो प्ले क्र दी जिसे देख शकीला बेथ क रोने लगी फिर मैं ने नौरीन और खादिम की वीडियो बी प्ले क्र क दिखा दी

शकीला : इतना बड़ा धोका छोड़ो गई नहीं इस खादिम को

मैं : क्या क्र लो गई वो तुम को ढके मर क निकल डे गए फिर रोज़ सनम क ऊपर चढ़ा हो गए लेना है तो बदला लो

शकीला : कैसे

मैं : वो जो करते हैं करने दो आप क्यों शोहर क लिए जल रही हो आप बी छुड़वाओ लेकिन हाँ अब उन की नज़र रीमा पेय है उस को बचा लो

शकीला : ठीक है अभी मुझे छोड़ो मैं बी देखती हों इन दोनों को

मैं ने शकीला क कपडे उतर क नंगा क्र दिया मैं ने अपने कपडे बी उतर दिए

मैं : इतना टाइट जिसम कैसे रखा है

शकीला : वो हाथ लगाए तो ढीला हो न कभी कभार छोड़ता है अब पता चला खुद तो बाहिर मुंह मर रहा है

मैं उस क ममी चूसने लगा बड़े बड़े 40 साइज क ममी थे उस क कुछ देर बेहद नीचे उस की फूडी पेय आया देखा उस की फूडी अभी बी तंग है

मैं : यह तो किसी लड़की जैसी है

शकीला : बोहत काम चूड़ी हों इस लिए

मैं ने उस की फूडी मुंह मैं भर ली और चाटने लगा वो कमर उठा उठा क फूडी मेरे मुंह पेय रगड़ रही थी कुछ देर मैं उस ने पानी छोड़ दिया फिर मैं उठा उस क सामने खड़ा हो गया वो मेरे लुंड को देख क उस को अपने हाथ मैं ले लिया

शकीला : आज लगता है पहात जाये गई मेरी

मैं : जब तक फटे न मज़ा बी तो नहीं आता

शकीला ने उस को मुंह मैं लिया और चूसने लगी मैं बी उस क मुंह को छोड़ने लगा ऐसे hi 5 मिनट तक उस ने चूसा फिर मैं ने उस को लेता दिया और उस की टाँगें उठा क लुंड सेट किया मैं उस क ऊपर आ गया और उस क होंठ चूसने लगा वो होंठ चूसने मैं लगी थी क मैं ने एक झटका मारा आधा लुंड उस क अंदर उतर गया उस की चीख मेरे मुंह मैं hi रह गई वो मुझे हटने लगी लेकिन मैं ने एक और जहतका मारा पूरा अंदर दाल दिया उस की फूडी वखि बोहत तंग थी मैं रुक गया उस की आँखों से आंसू निकल रहे थे मैं उस क ममी दबाने लग और सतह होंठ बी चूसता रहा जब कुछ देर बेहद वो रिलेक्स होइ तो मैं हिलने लगा ेस्ता ेस्ता इन आउट करता रहा वो बी सतह देती रही मैं ने अपने होंठ अलग किये वो तेज़्ज़ सांसें लेने लगी

शकीला : पहाड़ दी न मेरी

मैं : अब मज़ा ए गए

मैं ने स्पीड भाड़ा दी वो बी कमर उठा उठा क सतह देने लगी कमरे मैं थप थप की आवाज़ गूंजने लगी कुछ देर बेहद उस का जिसम अकड़ा और वो फ़ारिग़ हो गई मैं ने लुंड निकला और उस क मुंह क पास किया उस ने चूसना शुरू क्र दिया फिर मैं ने उस को घोड़ी बनाया और पीछे से फूडी मैं दाल दिया उफ़ क्या मज़ा था बड़ी गांड जब सतह टकराती एक अलग hi सकूं मिल रहा था मैं बी लगा स्पीड से छोड़ने शकीला की आवाज़ें निकल रही थीं कुछ देर बेहद पोस्टिव चेंज उस को ऊपर ले लिया वो खुद उछलने लगी उस क बड़े बड़े ममी डांस करने लगये मैं ने बी नीचे से पम्पिंग शुरू क्र दी 30 मिनट मैं मैं ने उस को बोहत स पोजीशन मैं छोड़ा आखिर उस क मुंह को भर दिया अपने पानी से वो बी 4 बार फ़ारिग़ हो चुकी थी मैं कुछ देर बेहद उठा और अपने कमरे मैं आ गया नाहा क सो गया सुबह उठा खेतों की तरफ चला गया रनिंग और एक्सरसाइज की फिर मैं खादिम की तरफ गया

खादिम : आर्य कशी बीटा आओ आओ

मैं : क्या हो रहा है

खादिम : कुछ नहीं अभी चारा डाला जानवरों को थोड़ी देर मैं घर जाओं गए खाना खाने

मैं : ाचा यह बताएं यहाँ का बड़ा जागीरदार कोण है

खादिम : क्यों क्या हुवा

मैं : यह सब ज़मीन और हवेली मैं ने बेचनी है

खादिम : पेरशान हो क बीटा यह तुम्हारी पुरखों की ज़मीन और हवेली है ऐसे न बेचो

मैं : अब यहाँ किस ने आना है इस लिए मैं ने सोचा है क बेच दूँ

खादिम : मैं कहता हों फिर एक बार सोच लो यह न हो बेहद मैं बछताओ

मैं : बचतों गए क्यों भला

खादिम : तुम एक बार सोच तो लो ज़मीन और हवेली की क़ीमत बोहत है पहले अछि कोई पार्टी देख लो जल्द बाज़ी न क्र और वैसे बी मैं यहाँ हों न फ़िक्र करने की ज़रुरत नहीं है

मैं : नहीं मैं सोच चूका हों और पार्टी बी मिल जाये गई मैं आज hi पता करवा रहा हों

मैं इतना बोल क वहां से निकला पीछे देखा तो खादिम अंदर कमरे की तरफ जा रहा था मैं बी वापिस आ गया और विंडो पेय चला गया देखा खादिम मोबाइल से नंबर मिला रहा था

खादिम : hello मालकिन एक बुरी खबर है वो कशी ज़मीन और हवेली बेचना चाहता है बोल रहा था आज hi वो पता करवाए गए किसी पार्टी का जो खरीद सके

दूसरी तरफ से: ....

खादिम : ok ठीक है उन सब को बोल दो क अलर्ट रहें मैं किसी तरह इस को ले क्र वहां आता हों ok bye

मैं वहां से ग़ैब हो क अपने रूम मैं पांच गया और फ्रेश हो क्र तैयार हुवा फिर मैं गुड़िया क पास गया वो और िराम बेथ थीं

मैं : गुड़िया बात सुनो खादिम ने अपनी चल चल दी है वो मुझे ले क्र जमशेद की हवेली जाना चाहता है तुम यहाँ सब का ख्याल रखना मुझे लगता है उन का प्लान हो गए मैं उधर जाओं गए पीछे से वो अम्मी को मोहरा बना क्र हम से जायदाद अपने नाम करवाने का

फरज़ाना : आप उस की फ़िक्र न करो मैं यहाँ सब संभाल लोन गई एक बार आने तो दो उन को

िराम : गुड़िया क्या बात क्र रही हो वो खतरनाक लोग हैं और अब तक तो मालिक ग़ज़नफ़र क घर मैं बी पता लग गया हो गए क हम माँ बेटी ग़ैब हैं

मैं : िराम तुम िस्ये जानती नहीं हो क यह है क्या चीज़ यह नज़र नाज़क सी आती है ok अब चलो नाश्ता करते हैं

उधर मालिक ग़ज़नफ़र घुसे मैं

मालिक ग़ज़नफ़र: खाक ड्यूटी क्र रहे थे तुम लोग वो घर से बाहिर गई तो गई कैसे

गॉर्ड : सर वो यहाँ से नहीं गई हम सब ड्यूटी पेय थे आप सब कैमरा चेक क्र लो न वो गेट से गई हैं दोनों और न hi किसी दिवार से

सेहरिश : यह ठीक बोल रहे हैं मुझे कुछ और hi लगता है

मालिक ग़ज़नफ़र: क्या मतलब

सेहरिश : वो लड़का जो कल आया था हाँ काशिफ कहें उस का किया धरा तो नहीं जिस तरह से कल खाने मैं उस ने पुछा क नसरीन और िराम क्यों नहीं आई खाना खाने मुझे शक है उस पैर

मालिक ग़ज़नफ़र: अगर तुम्हारी बात मान बी लून फिर बी बात वही है न वो लड़का यहाँ आया न इन दोनों क जाने का कोई सबूत है

सेहरिश : आप जमशेद से बात करो पूछो उस से क उस की बहन यहाँ से भाग गई कहाँ है वो

और इधर जब हम नीचे ए तो खादिम बी आ चूका था जब उस की नज़र नसरीन और िराम पेय पड़ी उस का मुंह खुला का खुला रह गया

खादिम : यह यहाँ कैसे

मैं : मैं लाया हों क्यों कोई मसला है

खादिम : जानते हो कोण है यह

मैं : हाँ जनता हों कोण है तभी तो इन को उस जहनम से निकल लाया हों

खादिम : मालिक ग़ज़नफ़र और जमशेद को पता चला तो वो तुम्हें ज़िंदा नहीं छोड़ें गए

मैं: हाहाहा लगता है आप ने मेरा असली चेहरा देखा hi नहीं है नहीं तो यह बात नहीं बोलते जो हो गए देखा जाये गए आओ बैठो नाश्ता करते हैं

फिर हम ने नाश्ता किया आज शकीला आंटी खिली खिली दिख रही थीं जिसे सनम ने नोट क्र लिया वो मेरे सतह hi बैठी थी

सनम : मेरे कान मैं यह आज अम्मी क्यों खिली खिली लग रही हैं

मैं : क्यों क आज रात को िनों ने मेरा केला खाया है

सनम : हैरान हो क मुझे देखते हुवे यह कैसे हुवा

मैं : आप दोनों बाप बेटी का राज़ बता क्र उन को अपनी साइड क्र लिया

सनम : क्या..

अम्मी : क्या हुवा बेटी

सनम : को कुछ नहीं बीएस ऐसे hi

मैं हंस रहा था

अम्मी : कशी शरारत नहीं नाश्ता करो चुप चाप

मैं नाश्ता क्र क फ़ारिग़ हुवा तो खादिम बाहिर जाने लगा

मैं : आप कहाँ चल दिए

खादिम : वो मुझे ज़रूरी काम है

मैं : जनता हों आप का काम चलो मेरे सतह

खादिम : कहाँ

मैं : बताता हों

मैं ने खादिम को सतह लिया और गाड़ी मैं बैठा लिया

उधर मालिक ग़ज़नफ़र ने जमशेद को साडी बात बता दी जमशेद ने ूसये अपने घर आने का बोल दिया था जिस की वजा से मालिक ग़ज़नफ़र अपने बन्दे ले क्र उन क घर की तरफ चल पड़ा उस क सतह 6 गाड़ियां थीं वो हम से पहले hi जमशेद क घर पांच गया था

इधर हम गाड़ी मैं बैठे और निकल पड़े जमशेद क घर की तरफ रस्ते मैं

खादिम : यह कहाँ ले क जा रहे हो

मैं : वो एक कहवत है इंसान को नमक हरामी नहीं करनी चाहिए समझ रहे हो न मेरी बात और हाँ हम जमशेद क घर जा रहे हैं

खादिम पेरशान हो गया उस को समझ आ गई थी क मैं उस की हकीकत जान चूका हों मैं ने गाड़ी जमशेद की हवेली क बाहिर रोकी क्यों क वहां पहले से hi गाड़ियां कड़ी थीं जो मालिक ग़ज़नफ़र की थीं मैं नीचे उतरा खादिम डरा हुवा था जमशेद क घर मैं जो गॉर्डस थे ुनों ने खादिम की वजा से नहीं रोका हम अंदर आ गए हवेली क सामने क हिसे मैं बोहत बड़ा लाओं था सब इस वक़्त वहां मजूद थे शराफत अली एक कुर्सी पेय बैठा था उस क सतह जमशेद और फिर नौरीन जब क दूसरी तरफ मालिक ग़ज़नफ़र उस क सतह नमुस की बीवी सेहरिश बैठी थीं एक तरफ आमिर और आसिफ दोनों खड़े थे जब क बोहत से सिक्योरिटी गार्ड्स गन्स लिए खड़े थे उन की नज़र जब हम पैर पड़ी तो

जमशेद अली : खादिम तुम यहाँ क्या क्र रहे हो और यह कोण है

खादिम : यह मुझे ज़बरदस्ती लाया है

जमशेद : अपनी जगा से खड़े होते हुवे कोण हो तुम और क्यों ए हो यहाँ

खादिम : मालिक यह आप क दुश्मन का बीटा है आबिद अली का और इस को मेरे बारे मैं बी पता चल गया है

जमशेद : ओह तो तू आबिद का बीटा है हाहाहा खुद hi मौत क मुंह मैं आ गया

मैं : मैं तो आप लोगों को समझने आया था आखिर दुश्मनी hi क्या है हम लोगों मैं आप दोनों बाप बीटा ग़लत काम करते थे मेरे बाप दादा ने तो आप को सुधरने क लिए कितने मौके दिए पैर नहीं आप लोग आज तक हर एक ग़ैर क़ानूनी काम करते ए हो आज आप लोगों की आगये की नेसल बी एहि क्र रही है आप लोग अचे होते तो आज रिश्तों मैं बंद चुके होते लेकिन आप लोगों को सिर्फ पैसा hi नज़र आता था

शराफत अली : ज़ुबान संभाल क बात क्र ज़रा देख तू कहाँ खड़ा है

मैं : शराफत अली आप को बड़े दादा कहने का बी दिल नहीं करता आप ने आज तक अपनी औलाद को जिस रस्ते चलाया वो सिर्फ और सिर्फ मौत का है

खादिम : मालिक आप की बेटी नसरीन और नाती बी यह ले गया है अपने सतह

जमशेद : पकड़ो इस को जाने न पाए यहाँ से

मैं : वेट वेट इतनी बी क्या जल्दी है मैं कहें नहीं जा रहा मैं तो बात करने आया था आप से सोचा था मेरे समझने से शायद आप लोग समझ जाओ पैर नहीं कुत्ते की दुम्म कभी सीढ़ी नहीं होती शराफत अली पता है यहाँ आने से पहले मैं ने तुम्हारी बेटी नसरीन से पुछा क आप लोगों क सतह क्या करों पता है क्या बोली वो वो बोली मेरा कोई रिश्ता नहीं उन से जो मर्ज़ी करो उन क सतह

आमिर : क्या क्र ले गए देख नहीं रहा कितने लोग हैं यहाँ

मैं : हाहाहा तू रोके गए इतना जल्दी भूल गया तेरा और तेरे गुंडों का क्या हल किया था मेरी बहन ने

आमिर : उस दिन तो बच गई थी पैर आज कोण बचाये गए उस को और तेरी बहन को पता है तू यहाँ है और वहां तेरी माँ और बहन को उठाने क लिए मैं ने बाहिर से आदमी मंगवाए हैं वो बी 5 नहीं 10 नहीं पूरे 50 और फुल त्रिनेड फाइटर

मैं ने अपनी आँखें बंद की और दिल मैं ज़रा लिसा को बोलै क वो अम्मी और गुड़िया की हिफाज़त करें सोनी को वहां घर की हिफाज़त क लिए बोल दिया और आज़ाद को बी बुला लिया गुड़िया क पास जब क मुराद को अपने पास बुला लिया मैं ने अपनी आँखें खोल ली

आमिर : क्या हुवा आँखें क्यों बंद क्र ली दर गया क्या

मैं : डरता तो मैं किसी क बाप से बी नहीं सोच रहा हों तुम सब को कैसी मौत दूँ फिर मैं ने सोचा आप सब से hi पूछ लेता हों जैसी मौत आप को पसंद है वैसे hi मारों गए लेकिन उस से पहले घर की लेडीज को एक मौक़ा देता हों क अपने अपने शोहर, भाई या बेटे को समझा लें अब वक़्त है महफ क्र डॉन गए सब से पहले नौरीन आंटी आप हो तो घटिया औरत शोहर क होते हुवे बी आप बाहिर मुंह मरती हो जमशेद अली तुम्हें पता है यह इस नौकर खादिम से चुदती है सिर्फ इस से नहीं बल्कि खुद क बेटे आमिर और उस क दोस्त आसिफ से बी

जमशेद : लगाम डे अपनी ज़ुबान को तेरी हिमत कैसे होइ इस पेय इलज़ाम लगाने की

मैं : यह ले वीडियो देख ले अगर यक़ीन नहीं तो

मैं ने वीडियो दिखा दी जिस मैं नौरीन खादिम से चुद रही थी जमशेद वीडियो देख क पागल हो गया उस ने नौरीन को थपड मर दिया

मैं : आर्य आर्य ठहर जाओ क्या क्र रहे हो तो मेडम नौरीन आप अब बताएं क्या किया जाये

नौरीन : घुसे से मौत तो तेरी हो गई मेरी हस्ती बस्ती ज़ुंदगी मैं आग लगा क्र पूछ रहा है

मैं : चलो आप ने फैसला क्र लिया तो क्या क्र सकते हैं ाचा है आज आप क सुसार, हस्बैंड और बेटे का काम तमाम हो जाये गए ाचा है आप की बेटी नहीं वर्ण उस से पूछना पड़ता

आमिर : क्या बोलै बेटी नहीं क्या मतलब मेरी बड़ी बहन है

मैं : हाहाहा लगता है तुझे सुच नहीं पता वो तेरी बहन नहीं है वो मेरी बुआ की बेटी है कश्मला बुआ की बेटी हरीम जिस को तेरे इस बाप ने किडनैप क्र लिया था जब वो 5 साल की थी

आमिर अब शॉक हो क्र अपने माँ बाप को देख रहा था अचानक मेरी नज़र पड़ी घर की ऊपर वाली मंज़ल पैर जहाँ विंडो मैं हरीम कड़ी सब सुन रही थी उस की आँखों मैं आंसू थे वो मुझे hi देख रही थी मैं ने उस को रिलेक्स रहने का इशारा किया तो उस ने अपने आंसू पूंछे और हाँ मैं सर हिलाया

मैं : अब बरी है सेहरिश आंटी आप की आप अपने शोहर और बेटे को बचाना चाहती हैं क नहीं

सेहरिश : तू क्या मरे गए उन को वो hi तुम को ज़िंदा गढ़ दें गए

मैं : अब आप लोग नहीं सुधरना चाहते तो मैं क्या कह सकता हों आप का तो पता नहीं पैर मुझे दुःख हो गए शुमैला क सर से बाप और भाई का साया उठ जाने से क्यों क वो तुम सब से अलग है

शराफत अली : देख क्या रहे हो पकड़ो और मर डालो इस को

मैं : ठीक है मर देना वैसे आप लोगों ने ब्लैक टाइगर का नाम सुना है

आसिफ : हाँ जो बड़े बड़े लोगों का मर्डर क्र देता है लेकिन कोई उस को पकड़ नहीं पाया

मैं : हाँ बिलकुल वही और वो मैं हों जो महाश्रे से तुम जैसे नापाक वायरस का खत्म क्र रहा है

इस क सतह hi मैं फुल ब्लैक टाइगर क रूप मैं आ गया मुझे देख सब शॉक हो गए वहां खड़े सभी गुरदस ने अंडा ढूंढ मुझ पेय गोलियां चलना शुरू क्र दी मैं अपनी जगा खड़ा रहा जब उन की गोलियां ख़तम हो गई तो ुनों ने सामने देखा मैं वैसे का वैसे hi खड़ा हों मैं ने अपने जिसम को एक बार झटका दिया जितनी बी गोलियां लगी थीं सब मोती की तरह नीचे गिरी और बिखर गई

मैं : आतिश बाज़ी हो गई हो तो मैं अपना काम शुरू करों

अब तो सब की पहात क हाथ मैं आ गई थी जमशेद, मालिक ग़ज़नफ़र, और उन क घर वाले डर क एक साइड खड़े हो गए थे मैं ने अपनी तलवार निकली और झपट पड़ा उन पैर मेरी स्पीड इतनी थी क कोई कुछ करता उस से पहले hi मैं उस का काम क्र क निकल गया होता किसी को मैं नज़र बी नहीं आ रहा था मैं सब को गाजर मोली की तरह काट रहा था 1 मिनट मैं वहां 30 क क़रीब गुंडों की लाशें पड़ी होइ थी कैसी की गर्दन ग़ैब तो किसी का बाज़ू किसी की बॉडी हाफ से कटी होइ तो किसी की तंग अलग सब मर चुके थे मैं ने अब सुब की तरफ देखा वो सब थार थार कैंप रहे थे

मैं : क्या हुवा मुझे मरना था न आप लोगों ने चलो मारो न

मैं घुसे मैं आगये बड़ा और शराफत अली क पास पांच गया

मैं : तेरा क्या करों बूढ़े

शराफत अली : महफ क्र दो आज क बेहद कभी कोई ग़लत काम नहीं करें गए

मैं : तुझ को मर क कोई फ़ायदा बी नहीं है तेरे बेटे को मर देता हों तू वैसे hi मर जाये गए

मैं जमशेद अली क सामने खड़ा हो गया

मैं : तेरा क्या करों बोल

जमशेद : मैं महफि मांगता हों महफ क्र डे

मैं : यद् है मेरी माँ को उठाया था न तू ने यद् है या भूल गया

जमशेद : या यद् है यद् है बीएस एक बार महफ क्र डे

मैं : ता क तू फिर से दुन्या मैं अपना गांड पहला सके

नौरीन : महफ क्र दो हम कभी किसी क सतह ग़लत नहीं करें गए

मैं : मालिक ग़ज़नफ़र यद् है तू ने क्या किया है ज़ीनत नाम की औरत क सतह

मालिक ग़ज़नफ़र: कोण ज़ीनत

मैं : वही ज़ीनत जिस क शोहर की डेथ कैंसर से होइ थी जिस ने इस बूढ़े शराफत से 2 लाख क़र्ज़ लिया था जो वो चूका नहीं पाई तो इस बूढ़े और इस कमीने जमशेद ने क़ब्ज़ा क्र लिया उस की ज़मीन पैर इतना hi नहीं उस को बोले रात क लिए हवेली आया क्र सारा क़र्ज़ महफ क्र दें गए जब वो नहीं मानी तो उस को घर से निकल दिया ज़बरदस्ती वो बेचारी अपनी 2 बेटियां लिए तेरे पास आई तू ने उस को घर दिया बोलै जब कराया हो डे देने लेकिन तेरी नज़र उस की बड़ी बेटी पेय थी जिस को उठाने क लिए तू ने जबा को बेझा था यद् आया कुछ

मालिक ग़ज़नफ़र: तुझे कैसे पता यह सब एक मिनट वो

मैं : हाँ मैं वही हों जिस ने जबा और तेरे आदमियों को मारा था और तू ने कहा था बोल मिलर गए मैं ने कहा था हाँ लेकिन अभी नहीं आऊं गए जब मेरा मूड हो गए देख ले आज तेरे सामने हों


(यह सब डिटेल अपडेट 42 क एन्ड और 43 क शुरू मैं है पेज no 90 और 92 पेय)

मालिक ग़ज़नफ़र: हम से ग़लती होइ महफ क्र डे

मैं : ok ठीक है एक मौक़ा देता हों वो बी किसी वजा से वजह यह है पहले तो अपने बन्दे वापिस बुला लो मेरी हवेली जो गए हैं वर्ण सब मरे जैन गए दूसरा तुझे छोड़ रहा हों शुमैला की वजा से और तुम लोगों को सिर्फ यह लास्ट वार्निंग है इस क बेहद मैं बात नहीं करों गए तुम लोगों ने हरीम क सतह ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं की इस लिए बच गए हो वर्ण आज इस वक़्त इन सब क सतह पड़े होते

मैं ऊपर गया हरीम क पास वो भाग क आई और मेरे गले लग गई

मैं : बस मेरा बचा रोना नहीं मुझे बोहत पहले पता चल गया था तुम्हारे बारे मैं इस लिए मैं ने तुम्हारे लिए स्पेशल सिक्योरिटी राखी होइ थी जो तुम को बी नहीं पता

हरीम : कोण है कहा है

ो गॉड मैं उस की आवाज़ सुन क hi हैंग हो गया क्या आवाज़ थी उस की एक तो वो ख़ूबसूरत ऊपर से मीठी आवाज़ मैं तो देखता hi रह गया

मैं : बताओं गए अभी चलो घर चलना है

मैं हरीम को ले क नीचे आया वो सब अभी बी खड़े थे मैं ने पावर उसे की और उन की मेमोरी मैं से ब्लैक टाइगर वाली फिल्म मिटा दी सिर्फ मैं यद् था उन को जो आया और मर क चला गया और यह यद् था क अब उन लोगों ने सुधरना है

मैं नार्मल रूप मैं आ गे था बैहर आया तो खादिम मेरे पाऊँ पकड़ क बेथ गया

मैं : अब यह नौटंकी छोड़ और गाड़ी मैं बेथ अपनी उम्र देखो और काम वैसे मैं ने कोई सजा नहीं देनी तुम को घर चलो पता चल जाये गए

खादिम : का क्या मतलब

मैं : शकीला आंटी को पता चल गया है तुम्हारे और सनम क बारे मैं और नौरीन क बारे मैं

खादिम : इस से ाचा था मर hi देता यह क्या किया तुम ने

मैं : किया तुम ने है अब भुगतो

हम घर पोंछे जहँ सब ठीक था मैं जैसे hi हरीम को ले क्र अंदर आया अम्मी हरीम को देख क पास आई और उस को गले लगा लिया.

बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं....
 
अपडेट 106

हरीम अम्मी क गले लग क रोने लगी कुछ देर बेहद अम्मी ने उस को चुप करवाया

अम्मी : तुम्हें यद् है अपनी अम्मी का नाम उन की शकल

हरीम : हाँ वो अम्मी हैं मेरी कैसे भूल सकती हों मैं

मैं : आप क सतह क्या क्या हुवा

हरीम : रहने दो मेरे भाई न यद् करवाओ कैसे कैसे ज़ुल्म बर्दाश्त किये मैं ने आप ने ाचा नहीं किया उन को ज़िंदा छोड़ क्र

अम्मी : क्या कशी तुम ने उन को ज़िंदा छोड़ दिया

मैं : अम्मी मंटा हों वो बुरे हैं लेकिन मैं ने उन को सुधरने क लिए एक मौक़ा दिया है महफ नहीं किया अगर अब उन लोगों ने कुछ ऐसा वैसा किया तो फिर कोई नहीं बचे गए उन मैं से और यह बताओ यहाँ क्या हुवा

अम्मी : होना क्या था उन क बोहत से गुंडे ए थे यहाँ लिसा और ज़रा ने उन की ऐसी बंद बजे अभी शुरू hi हुवा था क उन को कोई कॉल आई और वो वापिस भाग गए सब

मैं : गुड़िया हरीम को ले जाओ कमरे मैं और आप इधर आओ

खादिम नज़रें नीची किये हुवे आगये आया

मैं : अब बोलो क्यों किया यह सब

खादिम : ग़लती हो गई जमशेद ने मुझे धमकी दी थी इस लिए पहले नहीं माना था मैं फिर उस की बीवी ने चल चली मुझे वो सब करवा लिया और मैं उन की हर बात मंटा गया

मैं : शकीला आंटी अब आप की बरी

शकीला : मुझे शर्म आती है इस को शहर कहते हुवे एक तो नमक हरामी की ऊपर से कमीने इंसान यह क्या किया सनम क सतह

सनम : ामी इस मैं अबू की कोई ग़लती नहीं

शकीला : कंजरी तू बाप की तरफ दरी करे गई तुझे लुंड जो मिलता है तुझे शर्म नहीं आई बाप क सतह करते हुवे

मैं ने देखा रीमा बी वही थी उस का मुंह खुला हुवा था यह सुन क्र

मैं : आंटी क्या क्र रही हो रीमा बी यहाँ है

शकीला : हाँ तो ूसये बी पता चले न क उस का बाप और बहन क्या गुल खिला रहे हैं

मैं : आर्य वो क्या सोच रही हो गई बची है अभी

शकीला : न किस एंगल से बची लगती है मुझे तो लगता है यह कमीना अब इस की फिरकक मैं हो गए

खादिम : मैं मजबूर था अगर ऐसा नहीं करता यह पता नहीं बाहिर कहाँ कहाँ हमारी इज़हट उछलती

मैं : ok ok जो होना था हो गया अब यह बताओ क्या करना है

शकीला : करना क्या है मुझे कुछ समझ नहीं आ रही किसी तरह इस की शादी करो क्यों क इतने आरसे से यह जो क्र रहे हैं अब बात खुल जाने से इन को शर्म तो रही नहीं अब यह खुल क करें गए बेहतर है कोई रिश्ता देख क इस की शादी क्र दो

मैं : ok ठीक है सनम तुम कुछ कहना चाहती हो

सनम : जैसे आप लोग बोलो

मैं : आप आज क बेहद उन लोगों से कोई राब्ता नहीं रखो गए क्यों क मैं दूसरी वार्निंग नहीं देता आप की उम्र का लेहाज़ क्र गया हों मैं और सनम खुद को कण्ट्रोल करो इतनी गर्मी बी अछि नहीं और अम्मी एक 2 दिन मैं साडी प्रॉपर्टी सेल हो जाये गई फिर वापिस चलें गए

शकीला : आप यह सब बेच दो गए तो हम किदर जैन गए

मैं : यह रहे पेपर ज़ीनत आंटी क घर क आप लोग वहां चले जाना कुछ ज़मीन बी है वो बी आप ले लेना और बाक़ी मैं इन की शादी करवा डॉन गए आप फ़िक्र न करो

अम्मी : अगर हमारे जाने क बेहद वो लोग फिर कुछ करें तो

मैं : अम्मी अब जो वो देख चुके हैं इतनी हिम्मत नहीं क वो कुछ करें मैं ज़रा फ्रेश हो लून आंटी डार्लिंग एक चाहिए तो बनाओ

अम्मी : बेशरम

मैं हँसता हुवा रूम की तरफ चल पड़ा पीछे पीछे रीमा बी आ गई

मैं : आओ अंदर मुझे पता है तुम कुछ पूछना चाहती हो

रीमा : हाँ पूछना तो है समझ नहीं आ रही कैसे पूछों

मैं : तुम्हारे अबू और सनम का पूछना चाहती हो न

रीमा : हाँ

मैं : तो पूछो न

रीमा : आप को कैसे पता चला और कब से यह सब

मैं : सनम को देख क hi पता लग गया था क कोई तो है जो इस पेय म्हणत क्र रहा है और 2 साल से चल रहा है सनम की शादी से पहले का

रीमा : तोबा है अबू ऐसा करें गए मैं ने सोचा बी नहीं था और बजी को बी शर्म नहीं आई

मैं : वो तो अब तेरे बारे मैं सोच रहे थे अगर ऐसा होता तो तुम क्या करती

रीमा : कशी झूट नहीं बोलों गई कभी कभी बोहत दिल करता है हो सकता है अगर वो कोशिश करते तो मैं बी

मैं : ाचा ग मतलब जवान हो गई हो वैसे अब किस क सतह करने का दिल करता है

रीमा : शर्मा क्र पता नहीं

मैं : शर्माओ नहीं देखो बाहिर कुछ ग़लत न करना तुम्हारी अम्मी घुसा तो है तुम्हारे अबू और सनम पैर लेकिन अगर सोचा जाये तो वो अपनी जगा ठीक हैं अगर तुम्हारे अबू उस वक़्त सनम को न संभालते तो वो एक से दूसरे फिर तीसरे पता नहीं कितने लोगों क सतह यह सब करती मैं तो यह बोलों गए अगर नौबत यहाँ तक ए क तुम ने करना hi है तो अबू बेहतर हैं तुम्हारे लिए

रीमा : कशी आप बी यह बोल रहे हो

सनम जो शायद हमारे पीछे hi आ गई थी बोली

सनम : कशी ठीक बोल रहा है वैसे तो मैं घुसा थी इस पैर इस ने अम्मी को बता दिया लेकिन इस की असल चल मैं अब समझी इस ने इस लिए बताया ता क अब अम्मी क होते हुवे बी हम क्र सकें क्यों क अम्मी ज़ियादा कुछ बोल माहि पैन गई और रही तुम्हारी बात तो यह तुम पैर है तुम क्या चाहती हो

रीमा : मैं ने कशी क सतह करना है पहले

वो जल्दी जल्दी मैं बोल तो गई फिर जब समझ आया तो शर्मा गई

मैं : ठीक है मैं तैयार हों ok रात को तैयार रहना

सनम : पागल हो अपना वो घोड़े जैसा लुंड कैसे ले गई यह मैं 2 साल से चुद रही हों मेरी हालत तुम ने खराब क्र दी थी

रीमा : क्या बजी आप बी क्र चुकी हो कशी क सतह

सनम : मैं क्या यह कमीना अम्मी को बी छोड़ चूका है रात को

रीमा : ाचा ग अब ए गए मज़ा अम्मी का मुंह बंद करने का राज़ पता लग गया ठीक है मैं रात क लिए तैयार हों

मैं : सनम देख लेना नीचे इस क जंगल hi न ऊगा हो और हाँ आज रात तुम दोनों सतह हो गई मेरे ok

सनम : तो अबू का क्या

मैं : आज उन को तुम्हारी अम्मी क पास बझना है

सनम : ठीक है हम चलती हैं

इतने मैं आंटी चाहिए ले क आ गई

मैं : आर्य आप आवाज़ डे देती मैं आ जाता

शकीला : कोई बात नहीं वैसे मैं ने प्लान सुन लिया है मुझे कोई ाहतेराज़ नहीं मैं समझ गई हों खादिम ने क्यों सनम क सतह किया मेरी बच्चियां खुश रहें चाहिए अपने अबू से खुश हों

मैं : तो यह बात है ठीक है आज आप क सरताज आप क सतह हों गए ok

मैं ने चाहिए पी फिर निकला घर से और पांच गया जमशेद क घर मुझे देख क ुनों ने गेट खोल दिया मैं अंदर गया अंदर अभी तक साफ सफाई चल रही थी सब लाशें उठा ली गई थीं जमशेद और उस का बाप सामने hi थे सतह मालिक ग़ज़नफ़र और उस की बीवी बी

मैं : तो क्या सोचा आप सब ने

शराफत अली: यह मत सोचना क हम दर गए हैं

मैं : अकड़ नहीं गई अभी बी आप की ाचा सुनो बताने आया था नसरीन बुआ को मैं सतह ले क जाओं गए ok और हाँ आप की बड़ी बेटी शाहीन अब मेरे बाप की दूसरी बीवी है एहनी मेरी छोटी माँ तो ग़लती से बी कुछ उल्टा सीधा नहीं करना

मालिक ग़ज़नफ़र: जनता है वो मेरी बीवी थी मैं ने डाइवोर्स नहीं दी थी

मैं : तुम ने तो अपने मरने की झूटी अफवा जो पहला दी थी और रही डाइवोर्स की बात तो यह रहे पेपर इस पेय डेट आज से 20 साल पहले की है सिग्न क्र

मालिक ग़ज़नफ़र ने चुप चाप सिग्न क्र दिए

मैं : एक बात की समझ नहीं आई आप की तो दोनों बेटियां थीं न फिर उन क सतह ऐसा सलूक क्यों किया आप ने

शराफत अली : वो दोनों तुमरे अबू और चाचा से प्यार करती थीं बग़ावत पेय उतर आई थीं घर से भागने वाली थीं इस लिए उन की शादी हम ने करवा दी थी

मैं : तो तुम ने अपनी मौत की झूटी अफवा क्यों पहला दी थी

मालिक ग़ज़नफ़र: क्यों क मैं शाहीन को नहीं सेहरिश को चाहता था इस से शादी करने क लिए

मैं : देखो अब सब ठीक हो रहा है तो होने दो कोई पन्गा नहीं लेना

आमिर और आसिफ वहां एते हुवे

आमिर : तेरा इंतेज़ाम मैं ने क्र दिया है देख उधर गेट की तरफ

मैं ने जैसे hi उधर देखा पुलिस की गाड़ियां एक लाइन मैं अंदर दाखिल हो रही थीं कोई 8 क क़रीब गाड़ियां आई थीं जिन मैं सब पुलिस वाले हथियार क सतह थे एक गाड़ी मैं से एसएसपी, सप, एक मैं से दसप और एक मैं से इंस्पेक्टर उतरा बाक़ी और बी ऑफिसर्स थे

शराफत अली : आओ आओ एसएसपी राणा जहांजाइब

एसएसपी : मुझे आप पहले hi खबर क्र देते तो यह नहीं होना था इतने लोग नहीं मरते अब देखो मैं इस क सतह क्या करता हों

मालिक ग़ज़नफ़र: ज़िंदा नहीं बचना चाहिए यह

मैं : कोण मारे गए मुझे यह शायद तुम भूल रहे हो मैं क्या चीज़ हों अभी एक मिनट लगे गए तुम सब को मौत क नींद सुलाने मैं और मैं ने आप लोगों को वार्निंग दी थी न क सुधर जाओ लेकिन अब आप लोगों ने अपनी मौत को दहवत दी है

एसएसपी : ज़ियादा न उड़द बचे जनता नहीं तू मुझे आज तक कोई मुजरिम मुझ से बच क नहीं गया

मैं : वैसे मुझे आप जैसे नमक हारमोन को मरने मैं कोई मसला नहीं है जो इन जैसों क तलवे chat'te हैं

एसएसपी : पकड़ लो िस्ये

मैं : एक मिनट एसएसपी इतनी बी क्या जल्दी है मैं नहीं भागों गए एक बार वार्निंग डे रहा हों चले जाओ वापिस वर्ण नुकसान क खुद ज़िम्मेदार हो गए तुम और आप लोग आज नहीं बचो गए इस लिए नौरीन आंटी और सेहरिश आंटी अपने शोहर और बच्चों से मिल लो क्यों क अब यह नहीं बचने वाले

नौरीन : मरे गए तो तू

सेहरिश : नौरीन सोच लो मुझे डर लग रहा है

नौरीन : आर्य डरो नहीं देख नहीं रही इतने पुलिस वाले हैं और वो बी हथियार क सतह

मैं : ok चांस ख़तम तो आओ देखों तो सही किस मैं इतनी हिमत क मुझे छु सके

2 पुलिस वाले आगये ए मुझे पकड़ने जैसे hi मुझे छूने लगा मैं ने स्पीड से दोनों को पंच मरे दोनों हवा मैं उड़ते हुवे एसएसपी क आगये जा गिरे दोनों की पसलियक़न टूट गई थीं मुंह से खून निकलने लगा और दोनों बेहोश

एसएसपी : फायर

मैं ने उसी वक़्त अपना रूप बदल लिया ब्लैक टाइगर क रूप मैं आ गया सब ने पोस्टिव ले ली थी मेरा रूप देख क सब एक बार दर गए और गोलियां चला दी लगातार मुझे पेय गोलियां चल रही थीं लेकिन मैं एक जगा खड़ा बीएस देखता रहा जब सब की गोलियां ख़तम हो गई तो वो सब शॉक थे क्यों क मैं वैसे का वैसा खड़ा था

मैं : हो गया आप का अब मेरी बरी

मैं ने अपनी तलवार को यद् किया जो मेरे अंदर थी मेरे हाथों मैं आ गई मेरे हाथों मैं एते hi वो गोल्डन रंग मैं चमकने लगी जिसे देख क सब की पहात गई मैं स्पीड मैं भगा किसी को नज़र बी नहीं आया और कुछ सेकण्ड्स मैं सब क जिसम क कटे हुवे हिसे ज़मीन पेय थे वहां मेरी स्पीड से बीएस धुल hi उड़द रही थी और दर्द नक् चीखें मैं एसएसपी क सामने खड़ा हो गया जब धुल काम होइ तो वो मुझे देख क एक दम से दर गया और पीछे गिर गया जब उस ने अपने चरों तरफ देखा तो सब पुलिस वालों की लाशें पड़ी होइ थी वो थार थार कंपनी लगा इंस्पेक्टर और दसप और सप की बी ऐसी हालत थी

मैं : क्या सोचा था कोई आम शख्स है एनकाउंटर मैं मर दें गए हाँ जब बी जहँ बी ज़ुल्म हो गए ब्लैक टाइगर ए गए

एसएसपी : तू तुम ब्लैक टाइगर हो

मैं : अब बी तुम को शक है

एसएसपी : हम्हें महफ क्र दो ग़लती हो गई

मैं : मैं वार्निंग सिर्फ एक बार hi देता हों दोबारा सिर्फ मौत देता हों मौत मैं ने स्पीड से बाक़ी रहते पुलिस ऑफिसर्स को बी ख़तम क्र दिया और सीधा जा क खड़ा हो गया आमिर क सामने वो मुझे देख क मेरे पाऊँ मैं बेथ गया

मैं : न न बचे भूल गया जब तू लोगों क बेटियों बहेनो क सतह ज़ुल्म ज़ियादिति करता था लोग बी तेरे पाऊँ पड़ते थे कभी महफ किया उन को आज नहीं

जमशेद अली : महफ क्र दो मेरा एक hi बीटा है

मैं : तो पहले तेरे पास आ जाता हों तुझे महफ क्र बी डॉन तो बी नहीं क्र सकता यद् है जो मेरी माँ क सतह किया था इस हाथ से छुआ था न

मैं ने उस का हाथ hi काट दिया नौरीन की चीख निकल गई मैं ने फिर शराफत अली की तरफ देखा

मैं : देख ले शराफत अली तेरी बुराई की कड़ी दिवार तेरा hi घर गिरा रही हैं

मैं पीछे हैट गया और अपने दोनों हाथ उठा लिए और देखते hi देखते मौसम ख़राब होने लगा तेज़्ज़ हवाएं चलने लगी एक तेज़्ज़ आसमानी बिजली गिरी जिस मैं शराफत अली, जमशेद अली, मालिक ग़ज़नफ़र, उस का बीटा आसिफ और जमशेद का बीटा आमिर जल क्र रैक हो गए नौरीन और सेहरिश सकते मैं आ गई उन को समझ hi नहीं आई क हुवा क्या है इस क सतह hi मौसम पहले जैसा हो गया सब कुछ थम गया मैं ने चुटकी बजे सब कुछ ग़ैब हो गया जैसे यहाँ कोई खून हुवा hi न हो मैं अपने असली रूप मैं आ गया मैं उन दोनों क पास गया वो मुझे देख रही थीं

मैं : अपने शोहर और बेटों को मरवाने मैं आप का बी हाथ है एक बार उन को समझा लेती पैर नहीं आप लोगों की आँखों क आगये तो दौलत की पति बंधी थी न अब देख लिया अंजाम क्या करो गई अब साडी ज़िन्दगी

नौरीन : रट हुवे ग़लती हो गई ग़लती हो गई साडी ज़िन्दगी ग़रूर और दौलत की अकड़ मैं गुज़र दी ग़रीब को तो हम कीड़े मकोड़े समझते रहे आज पता चला क हम ग़लत थे मुझे तुम से कोई शकायत नहीं शायद यह हमारे अपने किये हुवे पाप hi थे जिस ने जला क सब ख़तम क्र दिया

सेहरिश : साडी ज़िन्दगी बनावटी ज़िन्दगी जीते रहे हम अंजाम से बेखबर क ऐसा वक़्त बी आ सकता है आज जब असमं से सीधा ज़मीन पेय गिरे तो पता चला इतना बी ऊँचा नहीं उड़ना चाहिए क तेज़्ज़ हुवा क झोंके को सेह न सकें तेरे आगये हाथ जोड़ती हों हम्हें महफ क्र दो

मैं ने आगये बढ़ क दोनों को गले लगाया दोनों मेरे कंधे पेय सर रख क रोने लगी कुछ देर रोने दिया जब अंदर का ग़ुबार हल्का हुवा तो दोनों सीढ़ी हो क बेथ गई

मैं : मैं अब चलता हों

नौरीन : एक शर्त पेय जाने दूँ गई

मैं : कैसी शर्त

नौरीन : मेरा बीटा बने गए देख न मत करना जिस नौरीन को तू जनता था वो बी आज अपने शोहर क सतह जल क मर गई यह नौरीन आज hi पैदा होइ है वैसे बी मेरे बेटे को तो तू ने मर दिया मुझे बी एक सहारा चाहिए नहीं तो इस संसार मैं अकेली कैसे राहों गई

सेहरिश : और मेरी बी शर्त है

मैं : अब आप बी बोल दो

सेहरिश : मेरी बेटी शुमैला से शादी करना हो गई मेरा दामाद बने गए

मैं : नौरीन आंटी की बात मंटा हों आज से आप का बीटा ठीक और आप मेरे सतह चलो गई घर और आप की बात मान तो लोन पैर इस क लिए आप को 2 लोगों से परमिशन लेना हो गई

सेहरिश: किस से

मैं : एक तो अपनी बेटी से क्यों क जब उस को सुच पता चले गए तो शायद वो न बोल डे और दूसरा शख्स है मेरी ट्विन बहन फरज़ाना उस क पास है लिस्ट

सेहरिश: लिस्ट कैसी लिस्ट

मैं : मेरी होने वाली बीवियों की लिस्ट क्यों क अब तक 30 क क़रीब उस लिस्ट मैं हैं

दोनों एक सतह क्या..


बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं......
 
अपडेट 107

मैं : हाँ यह सुच है मेरी बोहत सी शादियां होनी हैं

नौरीन : तुम चीज़ क्या हो क्या सब को एक दूसरे का पता है

मैं : हाँ सब को पता है

सेहरिश: एक बात समझ नहीं आई तुम्हारी बहन फरज़ाना क पास लिस्ट क्यों है

मैं : क्यों क वो बी मेरी बीवी बने गई सिर्फ वो hi नहीं मेरी तीन सगी बहन, 2 चाचा की बेटी, 1 बुआ की बेटी, 1 बड़ी बुआ की बेटी बी जो आज मैं यहाँ से ले क गया हों और बी इतनी हैं जो आप की सोच बी नहीं

नौरीन : अपनी hi बहेनो को बी नहीं छोड़ा तुम ने

मैं : आप ने बी तो अपने बेटे को बी नहीं छोड़ा था और वैसे बी अब कोई मुझ से प्यार करे तो मैं उस का दिल तो नहीं टॉड सकता ok अब ऐसा करो अपना सामान समेटो मेरे सतह रहो गई आप यहाँ की प्रॉपर्टी बेच क मेरे सतह चलो

नौरीन : लेकिन मेरा अब क्या हो गए शोहर तुम ने मर दिया बीटा पियास बुझा देता था वो बी मर दिया

मैं : वो बी हो जाये गए आप ज़ियादा नहीं सोचो ok

सेहरिश: मैं घर जाओं गई पहले शुमैला को बी समझाना है

मैं : ok मैं चलता हों फिर आऊं गए अभी कुछ काम है

मैं वहां से निकल क्र वापिस आ गया घर वहां सब पहले hi मेरा वेट क्र रहे थे अम्मी ने मुझे गले लगा लिया

मैं : आर्य क्या हुवा

फरज़ाना : अपना फ़ोन तो देखो

मैं ने अपना मोबाइल निकला तो 20 मिस कॉल्स लगी थीं

मैं : ो सॉरी शायद साइलेंट था मैं ने देखा नहीं

अम्मी : क्या हुवा था आज तेरा घुसा मैं ने बी महसूस किया और मौसम का बदलना बी

मैं : अम्मी उन सब को ख़तम क्र दिया मैं ने सोचा था शायद सुधीर जैन गए पैर नहीं अब नौरीन आंटी, सेहरिश आंटी और उन की बेटी शुमैला बची हैं मैं ने फैसला किया है उन को बी अपने सतह hi रखें गए

अम्मी : ठीक किया बीटा पैर उन को सतह तो लेट न

मैं : ले आऊं गए अभी उन को अपना सामान लेना है फिर ले आऊं गए खाना दो भूक लगी है

फिर सब ने खाना खाया दिन का और फिर मैं ने एक कॉल की ऐसे hi शाम हो गई हरीम मेरे पास आई वो मुझे देखती रही काफी देर फिर मेरे गले लग गई

मैं : क्या हुवा मेरे बचे को

हरीम : आप से बड़ी हों फिर बी आप बच्चों जैसा क्यों ट्रीट करते हैं

मैं : आप को ाचा नहीं लगता क्या

हरीम : बोहत ाचा लगता है ऐसा लगता है जैसे आप से जन्मों का रिश्ता है पहली बार जब मैं ने आप को देखा तो उसी वक़्त मुझे एक खेचाव सा महसूस हुवा जैसे आप अपने हो फिर जब आप ने मेरे बारे मैं बोलै तब मैं समझ गई आप तो मेरे मामू क बेटे हो मैं छोटी थी अम्मी ने बता दिया था कैसे ुनों ने घर से भाग क शादी की थी और यह बी बता दिया था क कोण कोण रिश्तेदार हैं मैं ने देखा तो किसी को नहीं था पैर पता था मेरे अपने हैं मुझे यक़ीन बी था क कोई न कोई एक दिन ए गए और मुझे इन की क़ैद से आज़ाद क्र क ले जाये गए

मैं : जो होना था हो गया अब कभी मत रोना इतने प्यारे चेहरे पेय आंसू नहीं हंसी अछि लगती है और जल्दी hi आप अपनी अम्मी क पास हो गई

हरीम : मेरी अम्मी कैसे मिली आप को

मैं : मैं तो जनता बी नहीं था क मेरी बड़ी बुआ बी हैं वो तो मैं मुर्री गया हुवा था ट्रेनिंग क लिए तो वहां तुम्हारी अम्मी होती थीं घर क काम क लिए पहले दिन hi उन को देख क ऐसा लगा जैसे यह कोई अपनी हैं इन से कोई रिश्ता है मेरा और उन की आँखों मैं दर्द था जो मैं देख चूका था बीएस फिर क्या था अकेले मैं उन की दुखती रुग पेय हाथ रख दिया तो वो रट हुवे सब बताने लगी फिर मैं ने बताया क मैं आप क भाई का बीटा हों आप मेरी बुआ हो फिर जब वापिस आया तो उन को सतह घर ले आया

हरीम : दुन्या कितनी छोटी है न कैसे बिछड़े हुवे मिल जाते हैं ाचा अब मुझे बताओ क आप मैं पावर्स हैं क्या

मैं : मुस्करा क्र आप बोहत तेज़्ज़ हो पता लगा लिया

हरीम : नहीं जिस तरह उन लोगों को बिजली की स्पीड से आप ने कटा मुझे तो दिखाई बी नहीं दिए इस लिए पूछ रही हों

मैं : हाँ मुझ मैं पावर्स हैं मैं फिर कभी डिटेल मैं बताओं गए या ऐसा करना गुड़िया से पूछ लेना

हरीम : वैसे गुड़िया है बोहत पायरी और दिल की बी अछि है मैं उस से कितनी बड़ी हों फिर बी मेरी केयर ऐसे क्र रही थी जैसे मैं छोटी बची हों

मैं : मेरा hi साया है वो हम ट्विन्स हैं और एक दूसरे क लिए बने हैं

हरीम : क्या आप लवर्स हो

मैं : लव तो बोहत छोटा लफ्ज़ है हम 2 जिसम एक जान हैं अभी तुम ने देख hi लिया था कैसे मैं वहां घुसे मैं था और यहाँ सब को पता चल गया गुड़िया और अम्मी को

हरीम : कितनी लकी है न वो जो आप जैसा हमसफ़र मिला उस को

मैं : राज़ की बात बताओं सिर्फ यह नहीं और बी बोहत सी लाइन मैं हैं जिन से मेरी शादी होनी है

हरीम : पेरशान हो क्र पता नहीं मेरा क्या हो गए

मैं : आप फ़िक्र नहीं करो आप जिस को चाहो गई आप को मिले गए

इतने मैं अम्मी अंदर आई

अम्मी : बीटा वो कुछ लोग ए हैं तुम से मिलने उन को खादिम ने मेहमान खाने मैं बैठा दिया है

मैं : ग अम्मी मैं आता हों ाचा हरीम अब रेस्ट करो ok अब खुश रहना क्यों क बुरे दिन ख़तम हुवे

वो मुझे देखते हुवे मेरे गले लग गई कुछ देर बेहद

अम्मी : ो लैला मजनू बेहद मैं पपियाँ झपियाँ करना चलो अब

हम अलग हो गए हरीम शर्मा गई और मेरी अम्मी क गले लग गई

मैं मुस्क्रत हुवा उन क पास से गुज़रा

मैं : अम्मी आप बी थोड़ा प्यार क्र लो अपनी बहु को

मेरे इतना कहते hi हरीम की आँखें बड़ी हो गई और मैं निकल गया मेहमान खाने की तरफ वहां पोंछा तो देखा 4 लोग थे जो मुझे देख क खड़े हो गए

मैं : आर्य आर्य बेथ जैन आप

वो लोग बेथ गए

आदमी 1 : मेरा नाम चौधरी खलील है इस गाओं मैं हमारी काफी जायदाद है वैसे रहता सतह वाले गाओं मैं हों आदमी 2 की तरफ इशारा करते हुवे यह मेरा छोटा भाई है इसी गाओं मैं रहता है चौधरी जलील तीसरे बन्दे को तरफ इशारा क्र क यह मेरा बीटा है चौधरी नासिर और सतह मैं भटेजा चौधरी खवार

मैं : hello आप सब से मिल क ख़ुशी होइ मेरा नाम काशिफ अली है तो मैं ने hi कॉल की थी आप को असल मैं बात यह है क हम सब यहाँ से शिफ्ट हो गए थे बोहत पहले hi तो यह साडी ज़मीन जायदाद अब सेल करनी है 60 आकर ज़मीन है 2 हवेली हैं और एक बंगलो है आप चाहो तो सब देख सकते हो

च. खलील : नहीं हम ने प्रॉपर्टी देखि होइ है दोनों हवेली और ज़मीन बी लेकिन बंगलो कोण सा और ज़मीन इतनी और कोण सी है

मैं : साथ क hi गाओं मैं है मालिक ग़ज़नफ़र का बंगलो और ज़मीन

च खलील : ाचा ाचा ठीक है तो आप अपनी डिमांड बताएं

मैं : आज कल यहाँ आकर का रेट चल रहा है 45 लाख आप को 40 की दूँ गए हवेली मंटा हों पुराणी है पैर है बोहत मज़बूत दोनों hi तो दोनों हवेली की डिमांड है 6 करोड़ और ज़मीन का बन गया 24 करोड़ यह मैं ने लेस्स क्र क आप को बताया है टोटल 30 करोड़ बनते हैं

च खलील : ठीक है हमें मंज़ूर है

मैं : अब अगर बंगलो की बात करें तो वो बोहत बड़ा है इस लिए उस का 10 करोड़ हो गए तोतले 40 करोड़

फिर सब काग़ज़ी करवाई होइ मैं ने खादिम को बोल क मालिक ग़ज़नफ़र क घर और ज़मीन क पेपर और शराफत अली क हवेली और ज़मीन क पेपर मंगवा लिए सतह मैं वहां का पटवारी बी था स्टैनो बी सब कुछ मैं 2 हौरे लग गए मैं ने उन को अकाउंट नंबर दिया ुनों ने बोलै कल पैसे जब ट्रांसफर हो जैन गए तो काग़ज़ ले जैन गए उन को चाहिए पानी पिलाया गया मैं ने ज़ीनत अनूठी की ज़मीन और घर खादिम क नाम करवा दिया वो लोग चले गए तो मैं आ क फ्रेश हुवा फिर रात क खाने का टाइम हो गया तो हम सब बेथ गए खाने पेय मैं ने देखा तो हरीम शर्मा रही थी गुड़िया बी देख रही थी उस ने मुझे इशारे से पुछा तो मैं ने बी आँख मर दी गुड़िया बी समझ गई और वो बी मुस्करा दी हम ने खाना खाया और फिर सिटींग मैं बेथ गए

मैं : अम्मी साडी प्रॉपर्टी का सोडा हो गया है कल तक पैसे अकाउंट मैं आ जैन गए और एक बात मैं अभी किसी काम क लिए जा रहा हों थोड़ी देर मैं आता हों

अम्मी : बीटा अभी रात को जाने की क्या ज़रुरत है

मैं : जाना ज़रूरी है

मैं बाहिर निकलने लगा तो एक काम ऐसा हुवा क मुझे उन पेय प्यार hi बोहत आया वो यह क गुड़िया और हरीम मेरे सतह आई दरवाज़े तक मैं ने दोनों को गले लगाया तो मेरी नज़र इन क पीछे कड़ी रीमा पेय पड़ी

मैं : क्या हुवा आप सब को

हरीम : अपना ख्याल रखना

गुड़िया : जल्दी वापिस आना

मैं : और तुम्हें क्या हुवा

रीमा : आप जा रहे हो तो बीएस ऐसे सी ऑफ करने आई थी

गुड़िया : यह बोलती नहीं है सुच तो यह है यह बी आप को चाहती है आप क जाने का सुन क इस को बी फ़िक्र है तभी तो दरवाज़े तक आ गई

मैं ने ूसये बी इशारा किया वो बी आ क गले लगी

हरीम : अब समझी क कैसे इतनी लवर्स हैं आप की क्यों क कोई बी आप से दूर नहीं जाना चाहती

मैं : ok मेरा बचा जाओ मैं आता हों ok

मैं वहां से निकला और गाड़ी मैं बेथ क पोंछा एक गोडाउन क बाहिर वहां कुछ गुंडे बाहिर बैठे थे कुछ खड़े थे मुझे देख क मेरे पेय गन तान ली

घुंडा : कोण हो तुम यहाँ क्यों ए हो

मैं : मालिक ग़ज़नफ़र से मिलना है

घुंडा : वो यहाँ नहीं हैं जाओ यहाँ से

मैं : मुझे पता है वो यहाँ नहीं है वो तो अब इस दुन्या मैं बी नहीं है

घुंडा : तेरी तो..

इस से पहले क वो कुछ और बोलता उस की गर्दन नीचे पड़ी थी मैं बिजली की तेज़्ज़ी से उन को काट क अंदर चला गया अंदर बोहत से गुंडे थे जो ड्रग्स और असलाह की हिफाज़त क्र रहे थे मैं इस वक़्त ब्लैक टाइगर क रूप मैं था मुझे देख क वो गोलियां चलने लगे लेकिन मैं स्पीड से सब को काट क ा क रुका सिर्फ एक ज़िंदा था

मैं : इन क सतह hi मरना है या जो पूछों मैं वो बताये गए

घुंडा : नै नै मरना नहीं जो पूछो गए बताओं गए

मैं : सामने रूम का पासवर्ड क्या है

घुंडा : मैं खोल क देता हों

उस ने पासवर्ड लगाया और दूर ओपन hi हुवा था क मैं ने उस की गर्दन उड़ा दी मैं अंदर गया और देख क शॉक हो गया वहां करोड़ों का असलाह ड्रग्स पैसा और सोना था मैं ने असलाह, पैसा और गोल्ड ग़ैब क्र दिया जो सीधा मेरे घर क खुफ़िआ तहखाने मैं पांच गया ड्रग्स वही रहने दिया और मैं ने हर जगा बम लगा दिए बाहिर आया गाड़ी मैं बेथ क अपने असली रूप मैं आ गया मैं थोड़ा hi आगये गया था क पूरा गोडाउन धमाकों से गूँज उठा जिस से सब कुछ जल क रॉक हो गया मैं ने फ़ोन निकला और कॉल मिला दी दूसरी तरफ से अटेंड होइ

नदिअ : hello माय लव

मैं : वाओ क्या बात है माय लव लगता है बोहत मिस क्र रही हो

नदिअ : और नहीं तो क्या और आप हो क फ़िक्र hi नहीं हमारी

मैं : फ़िक्र नहीं होती तो कॉल क्यों करता ाचा सुनो मैं ने 3 अकाउंट नंबर्स सेंड किये हैं इन तीनो मैं जितना बी पैसा है वो सब मेरे खुफ़िआ अकाउंट मैं दाल दो

नदिअ : वैसे यह काम हिना का है न

मैं : अब तुम बी तो हम से जुड़ गई तो इस लिए तुम्हें बोलै अगर कहती हो तो हिना को बोल देता हों

नदिअ : मज़ाक़ क्र रही हों हो जाये गए

मैं : ok ठीक है हो सकता है कल तक वापिस आ जाओं

नदिअ : ok ठीक है हम इंतज़ार करें गए

मैं ने कॉल कट की और घर वापिस पांच गया मैं ने गाड़ी पार्क की अंदर अभी तक सब बैठी होइ थीं

मैं : यह क्या आज सोना नहीं है क्या

अम्मी : तेरा hi इंतज़ार क्र रही थीं मैं ने बोलै बी इन को जा क सो जाओ पैर यह सब नहीं मानी कहती हैं जब तक तुम वापिस नहीं आते तब तक नींद नहीं ए गई

मैं : ाचा एक चाहिए तो पीला दो

हरीम : मैं बना क लती हों

अम्मी : नहीं तुम बैठो आज hi आई हो आज hi काम करो गई

हरीम : प्लीज ममी बनाने डे न

फरज़ाना : अम्मी बना लेने दो उस को वो अब अपनी सीट पाकी करना चाहती हैं

हरीम शर्मा क किचन मैं चली गई

मैं : अम्मी कल की तैयारी करें फिर वापसी की

अम्मी : हाँ बीटा वैसे बी मुझे न सब की यद् आ रही है

शकीला : कशी लगता है फिर कभी वापिस नहीं आओ गए

मैं : नहीं आऊं गए न आप लोगों क लिए आऊं गए

इतने मैं चाहिए बी आ गई मैं ने चाहिए ली और चेक की

मैं : हम्म वाओ क्या टेस्टी चाहिए है मज़ा आ गया

अम्मी : क्यों मैं ने कभी टेस्टी नहीं बानी मेरी चाहिए की तो कभी तहरीफ़ नहीं की

मैं : आर्य अम्मी आप की चाहिए की बात hi अलग है लेकिन आप यह वाली बी चेक क्र क देखो

अम्मी ने एक सिप लिया

अम्मी : हाँ वखि हरीम बोहत मज़े की चाहिए बनाई है

हरीम : थैंक्स ममी

अम्मी : ममी की बची तुम बी अम्मी बोलै करो समझी नहीं तो साडी ज़िन्दगी ममी hi बोलती रह जाओ गई

हरीम : नै नै अम्मी ठीक है अब से अम्मी बोलै करों गई

उस की जल्द बाज़ी को देख हम सब की हंसी छूट गई जिस से हरीम शर्मा गई

हरीम : क्या अम्मी आप बी मेरी तंग खींच रही हो

मैं : वैसे कुछ बी बोलो आप हो बोहत स्वीट ाचा यह बताओ क एजुकेशन बी ली क नहीं

हरीम : हाँ न वो जैसे बी थे पता नहीं क्या मतलब था उन का क्यों मुझे सतह रखा था लेकिन एजुकेशन दी ुनों ने मैं ने बिज़नेस मैनेजमेंट किया हुवा है

मैं : वाओ मतलब आप हमारी टीचर hi होइ न हम ने बी अभी एडमिशन लिया है तो आप से हेल्प बी मिल जाये गई वैसे आगये का क्या सोचा है

हरीम : मैं अब क्या बोलों

मैं : देखो अगर जॉब करना चाहती हो तो बी मेरे पास जॉब है और अगर कुछ और सोचा है तो बी मैं हेल्प क्र सकता हों वैसे बी एक लड़की और है मेरी दोस्त मुर्री मैं उस को बी जॉब देनी है

अम्मी : किस की बात क्र रहे हो तुम

मैं : अम्मी मैं नैना की बात क्र रहा हों नैना और उस की अम्मी अकेली रहती हैं वहां उन का बीटा आर्मी मैं भाई इमरान क सतह होया है औक hi यूनिट मैं नैना ने अपनी माँ क अकेले होने की वजा से जॉब नहीं की और उस की माँ फरीदा आंटी बी बोहत अछि हैं उन दोनों की वजा से hi मुझे छोटी अम्मी और मेहरीन मिली थीं क्यों क नैना मेहरीन की फ्रेंड थी और एक दूसरे क घर आना जाना था

अम्मी : तो यह बात तू अब बता रहा है उन दोनों को वहां कैसे छोड़ क आ गया सतह क्यों नहीं लाया

मैं : लाओं गए उन को बी और मास्टर और उन की फॅमिली को बी

अम्मी : वैसे मुझे लग रहा है नैना बी लिस्ट मैं..

फरज़ाना : 100% ठीक अम्मी

मैं : लो अब मेरी खैर नहीं

क्यों क मैं ने देख लिया था हरीम और रीमा मुझे घूर क देख रही थीं

अम्मी : ाचा अब चलो जा क सो जाओ

मैं : हाँ चलो सब मैं बी चला सुबह जल्दी उठना है

मैं अपने रूम मैं आ गया पीछे hi hareem,gudiya,reema और सनम बी आ गई

मैं : क्या हुवा आप सब को

फरज़ाना : आप क पास आज किस ने सोना है

मैं : यह अब तुम लोग डीडे क्र लो

फरज़ाना: मैं क्या कहती हों रीमा को सतह ले चलते हैं अपने घर

मैं : रीमा चलो गई

रीमा : शर्मा क्र हाँ

मैं : ठीक है तो तैयारी क्र लेना सुबह आंटी से मैं बात क्र लोन गए

फरज़ाना : मैं न हरीम और रीमा को अपने रूम मैं ले क जा रही हों

मैं : ठीक है जाओ सो जाओ

वो तीनो चली गई मैं ने देखा सनम कड़ी है और अपने हाथ की उँगलियों मदद रही है

मैं : तो आप ने क्या कहना है इधर आओ बैठो

वो पीछे घूमी और दूर को अंदर से लॉक क्र दिया मेरे चेहरे पेय मुस्कान आ गई वो आई और बीएड पेय मेरे साथ बेथ गई मैं ने देखा उस की आँखों मैं आंसू हैं

मैं : क्या हुवा

सनम : आप ने इन 2 दिन मैं मेरे दिल मैं जो जगा बनाई है वो मैं कभी भूल नहीं पाऊँ गई प्लीज चाहिए जो बी हो जाये मुझ से नफरत न करना मैं मजबूर थी अपने जिसम क आगये

मैं : पागल हो क्या मैं अगर नफरत करता तो तुम्हारे सतह कभी बी जिस्मानी तहलक न बनता मैं जनता हों जो बी हुवा ठीक हुवा तुम्हरे अबू तुम्हरे लिए सेफ हैं जब चाहो आप लोग मज़ा क्र सकते हो किसी को शक बी नहीं हो गए और हाँ मेरे जाने क बेहद कोशिश करना क तुम्हरे अबू तुम्हारी अम्मी को बी टाइम दें उस क लिए तुम्हें आगये बढ़ना हो गए क्यों क हो सकता है तुम्हारे अबू का इंट्रस्ट तुम्हारी अम्मी की तरफ काम हो क्यों क तुम जवान हो और ऊपर से सगी बेटी बी तो ज़हर सी बात है जो मज़ा जो लाज़त वो तेरे सतह हासिल करते हैं वो शायद उन क सतह न हो तुम ने अपनी अम्मी क क़रीब होना है उन क सतह लेस्बियन सेक्स करो और अबू को बी सतह शामिल क्र लो तीनो सतह मैं करो गए तो मज़ा बी दुगना हो जाये गए

सनम : मैं समझ गई कल से hi मैं अम्मी की दोस्त बन जाओं गई वैसे बी जब से अबू क सतह शुरू हुवा है तब से मैं अम्मी से बोहत दूर हो गई हों

मैं : ok अब जाओ जा क सो जाओ

सनम ने जब यह सुना तो मुझे बीएड पेय ढाका डे क गिरा दिया और ऊपर आ गई

सनम : जान से मर डॉन गई ऐसा बोलै तो आज मैं अपने जणू क सतह मज़े करों गई

मैं : ाचा ग अब जणू क्यों अब अबू क सतह मज़ा नहीं आता

सनम : आप का लुंड कोई एक बार ले ले ूसये किसी दूसरे लुंड से मज़ा hi नहीं आता

उस क बेहद शुरू हुवा चुदाई का खेल मैं ने सनम को उस रात 2 बार छोड़ा उस क बेहद हम सो गए.


बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं....
 
अपडेट 108

सुबह अपने टाइम से उठा मैं और जॉगिंग क लिए निकल गया फिर वापिस आ क्र फ्रेश हो क नाश्ता किया नाश्ता क्र क बैठे तो

मैं : आंटी मैं रीमा को सतह ले जाना चाहता हों

शकीला : बीटा तुम्हारी मर्ज़ी जैसे मैं तो वैसे बी तुम्हारी क़र्ज़ दर हों खादिम को महफ क्र दिया वर्ण यह बी उन क सतह मर गया होता

अम्मी : तुम फ़िक्र न करो रीमा बी अब से मेरी बेटी है ok

मैं : रीमा तैयारी क्र लो

रीमा : वो तो मैं ने सुबह उठ क hi क्र ली थी

फरज़ाना : देखा कितनी जल्दी है इस को सतह जाने की

सब हंसने लगे तो वो शर्मा गई

मैं : ाचा आप सब अपनी तैयारी रखना मैं नौरीन आंटी को ले क आता हों फिर यहाँ से निकलते हुवे सेहरिश आंटी क घर जैन गए उन को सतह ले लें गए

अम्मी : आर्य अभी न जा उन को बोल डे तैयार हो जैन एक बार hi निकलते हैं पहले नौरीन और फिर सेहरिश को पिक क्र लें गए

मैं : हाँ यह बी ठीक है

इतने मैं मेरा फ़ोन बजने लगा मैं ने नंबर देखा तो.. यार लग गई अब तो.. मैं ने कॉल अत्येंद की

मैं : hello इरफ़ान कैसे हो

इरफ़ान : गुड मॉर्निंग सर मैं ठीक हों

मैं : ाचा तैयारी हो गई शादी की

इरफ़ान : सर तैयारी तो हो गई पता नहीं कैसे सुन्दास और संबल को पता चल गया आप मुर्री से वापिस आ गए हो इतने दिन हो गए लेकिन आप ने उन से राब्ता बी नहीं किया

मैं : क्या यार उन को कैसे पता चला

इरफ़ान : वो मिनी और निमि आप क गेन आईं थीं न आप क अबू क निकाह पेय तो वापिस जा क स्कूल मैं ुनों ने संबल को बता दिया

मैं : यार यह दोनों बी न कोई बात इन क पेट मैं रहती hi नहीं है ाचा देख आज हम यहाँ से निकल रहे हैं रात को पांच जैन गए कल मैं खुद उन क घर जा क मिलता हों ok

इरफ़ान : ok सर

मैं : और बाक़ी कैसे हैं हिना लोग और समर

इरफ़ान : सब ठीक हैं सर और हाँ ऊपर बात क्र लेना आप क लिए मश्ग है

मैं : यार मरवा दिया चल कोई नहीं ok bye

मैं ने कॉल सुत्त की इतने मैं एक कॉल आई मैं ने अटेंड की

मैं : hello

च. खलील : काशिफ साहब मैं चौधरी खलील बोल रहा हों आप अपना अकाउंट चेक क्र लें अमाउंट ट्रांसफर हो चुकी है

मैं : ग मैं चेक क्र क बताता हों

मैं ने एक कॉल मिला दी

पारी : hello भैया

मैं : hi कैसी हो

पारी : आप से नाराज़ हों आप ए मिले बी नहीं और कहें और बी चले गए और तो और मिनी निमि को गाओं बुलाया मुझे नहीं

मैं : कल तैयार रहना कहें जाना है मेरे साथ चलो गई ok अब खुश

पारी : बोहत खुश

मैं : ाचा पारी एक काम करो मैं ने अभी आप को एक अकाउंट no सेंड किया है ज़रा चेक क्र क बताओ क्या इस मैं 40 करोड़ रूपीस ऐड हुवे हैं क नहीं

पारी : अभी बताती हों आप वेट करो

मैं कुछ देर वेट करता रहा

पारी : hello भैया हाँ हो गए हैं किसी चौधरी खलील क अकाउंट से

मैं : गुड वर्क मेरा बचा लव यू अभी बिजी हों आ क मिलता हों ok

पारी : ok लव यू तू bye

मैं ने कॉल सुत्त की

फरज़ाना : आज पारी की कैसे यद् आ गयी

मैं : आप सब को सिर्फ एक काम है मुझ पेय नज़र रखना मुझ से प्यार करना लेकिन मुझे बोहत से काम हैं सब को टाइम देना

अम्मी : हाँ भई वखि हिम्मत है तुम्हारी तुम्हें पता चल जाता है किसे किश वक़्त बात करनी है नहीं तो नाराज़ हो जाये गई

मैं.: अब आप hi देख लो उन मिनी निमि का काम गाओं से वापिस जा क संबल को बोल दिया क मैं मुर्री से आ गया हों अब वो दोनों बहन अलग मुंह बना क बेथ गई वैसे अम्मी जा क तैयारी क्र लो सुन्दास की शादी है इरफ़ान क सतह

अम्मी : वैसे बताया नहीं कोण हैं यह

मैं : आर्य मैं बी न वो इरफ़ान तो मेरे सतह काम करता है और सुन्दास नाम की लड़की से ूसये प्यार हो गया और शादी क्र रहे हैं सुन्दास की बहन संबल पारी और मिनी निमि क सतह पढ़ती है

अम्मी : ओह तो यह बात है चलो ठीक है

फिर मैं ने च. खलील को बता दिया क आप पेपर ले जाओ और रजिस्ट्री आप को 15 दिन बेहद मिल जाये गई कुछ देर मैं उन का भाई और बीटा आ क पेपर ले गए हम बी तैयार हुवे सब और निकलने लगये

मैं : अब आप लोग कुछ दिन एहि रहो मैं ने चौधरी से बात क्र ली है और ज़ीनत आंटी वाले घर को देख लो जो काम करवाना है करवा लो आंटी मैं ने खादिम क अकाउंट मैं पैसे डेल हैं वहां से निकल क काम करवाओ घर का और अलग से वहां जो उन की ज़मीन है जानवरों क लिए डेरा बना लेना और सनम अभी आप क पास है जल्दी इस की शादी करवा डॉन गए

शकीला : इतने अहसान कैसे जूता पैन गए

मैं खादिम की तरफ देख क्र

मैं : बीएस कभी नमक हरामी नहीं करना

खादिम : हाथ जोड़ क्र महफ क्र दो ग़लती हो गई

मैं : यह लो कुछ कॅश काम ए गए ाचा हम चलते हैं

फिर सब एक दूसरे से मिली सनम मेरे गले लग क रोने लगी वो ज्सिसि बी थी शायद उस का बी दिल लग गया था शकीला आंटी बी मेरे गले लगी रीमा अपनी माँ और बहन से गले लग क मिली खादिम ने रीमा क सर पेय हाथ रखा तो रीमा ने अपने अबू को गले लगा लिया फिर

रीमा : अबू आप मुझ से झिझक क्यों रहे हैं आप ने कुछ ग़लत नहीं किया शर्मिंदा न हों ok चलती हों

खादिम क दिल का बोझ बी हल्का हो गया फिर सब से अलविदा ले क्र मैं ने गाड़ी स्टार्ट की अम्मी पीछे बेथ गई आगये मैं ने हरीम को बैठा लिया अम्मी, गुड़िया और रीमा पीछे बेथ गई उस क पीछे बी तीन लोगों की जगा थी पहले हम नौरीन आंटी क घर गए वो तैयार थीं मैं उतरा उन से मिला उन क 2 बैग थे मैं ने पीछे रखे वो आ क अम्मी क सतह बेथ गई गुड़िया और रीमा पीछे चली गई मैं ने गाड़ी आगये बढ़ा दी

अम्मी : कैसी हो नौरीन

नौरीन : हाथ जोड़ क्र मुझे महफ क्र दो रुखसाना मेरे किये की सजा मुझे मिल गई

अम्मी ने नौरीन आंटी को गले लगा लिया वो रोने लगी अम्मी उन को चुप करवाने लगी

अम्मी : चुप हो जा ग़लती इंसान hi से होती है लेकिन ग़लती का अहसास हो जाये और महफि मांग लो तो सब ठीक बी हो जाता है अब चुप हो जा

लेकिन आंटी थी क चुप hi नहीं हो रही थी जब वो चुप नहीं होइ तो अम्मी ने उन को पकड़ा और अपने होंठ उन आंटी क होंठों पेय रख दिए कुछ देर अम्मी आंटी को किश करती रही जिस से आंटी शॉक हो क चुप हो गई पीछे बैठी गुड़िया मुस्करा रही थी लेकिन रीमा का मुंह खुला हुवा था अम्मी अलग होइ तो आंटी शर्मा गई

अम्मी : बोलै था चुप हो जा पैर नहीं

रीमा : गुड़िया यह क्या था

फरज़ाना : देख ले तेरी सास कितनी एडवांस है

रीमा : उफ़ पता नहीं आगये क्या क्या देखने को मिले गए

नौरीन : आप बोहत शरारती हो ऐसा बी कोई करता है

अम्मी : वैसे कैसा लगा

नौरीन : ाचा था फर्स्ट टाइम किसी लेडी क सतह

मैं : मैं बी एहि हों

अम्मी : तेरे मुंह मैं क्यों पानी आ रहा है

मैं : यह ज़ियादित्य है आप ने अपना मुंह मीठा क्र लिया मेरा सोचा बी नहीं

अम्मी : तू घर चल तेरा करवाती हों

नौरीन : कोई नहीं मैं करवा दूँ गई

फ़र्ज़न : आंटी ग आप रहने दो हम हैं न

इतने मैं हम सेहरिश आंटी क घर पोंछे वो बी माँ बेटी तैयार थीं शुमैला बी शायद रोटी रही है उस की आँखों से लग रहा था लेकिन मुझे देख क खुश हो गई फिर मैं उन से मिला और उन का सामान बी रखा गाड़ी मैं शुमैला पीछे बेथ गई गुड़िया और रीमा क सतह और सेहरिश आंटी बेथ गई अम्मी और नौरीन आंटी क सतह उन सब क बी गीले शिकवे दूर हुवे और हमारा सफर चलता रहा आधे रस्ते पेय हम रुके यह वही दहबा था जहाँ उस दिन जाते हुवे गुड़िया ने तबाही मचाई थी हम ने गाड़ी रोकी और नीचे उतरे डाहबे का मालिक ने हम्हें देखा तो हमारे पास आया भगा भगा

मैं : क्या बात है आज तो भाग क आया है

दहबा ओनर : वो सर आप क्यों यहाँ ए चले जाओ पुलिस आप को ढून्ढ रही है

मैं : नाम क्या है तेरा

दहबा ओनर : ग नूरा

मैं : देख नूरे पुलिस क्या यहाँ कोई बी आ जाये हम्हें हाथ नहीं लगा सकता समझा

हम जा क फ्रेश हुवे फिर खाने का आर्डर दिया कुछ देर मैं खाना आ गया सब ने खाना खाया इतने मैं पुलिस वहां आ गई शायद किसी ने खबर क्र दी थी हम बेथ हुवे थे क

इंस्पेक्टर : यू अरे अंडर अरेस्ट

वहां बैठे नौरीन आंटी, सेहरिश आंटी, शुमैला और रीमा शॉक हो गई

मैं : क्या हुवा इंस्पेक्टर किस बात क लिए अरेस्ट

इंस्पेक्टर: 4 दिन पहले तुम ने और गुड़िया की तरफ इशारा क्र क इस लड़की ने यहाँ ऐसी डाहबे मैं 15 लोगों का खून किया है

मैं : किस ने बोलै हम ने किया है कोई सबूत है क्या

इंस्पेक्टर: सबूत है हमारे पास एक गवा है जिस ने देखा सब और वो कोर्ट मैं गावै बी डे गए उसी ने तुम दोनों क स्कॉच बी बनवाए थे

मैं : ओह ाचा यह बात है वैसे तुम्हारा अभी फ़ोन बजे गए सुन लेना

इतने मैं इंस्पेक्टर का फ़ोन बजा

मैं : सुन लो कहें यह न हो वर्दी उतर जाये

इंस्पेक्टर ने मुझे घूरते हुवे कॉल अटेंड की

इंस्पेक्टर: hello

सामने से :......

इंस्पेक्टर: नहीं सर मेरे पास गवा है

सामने से : ....

इंस्पेक्टर : नै नै सर सॉरी मैं जाता हों

कॉल सुत्त गई

मैं : क्या हुवा करना है अरेस्ट या जाओं

इंस्पेक्टर: नै जाओ तुम चलो वापिस

इंस्पेक्टर क कहने पेय सब पुलिस वाले गाड़ी मैं बैठे और चले गए

नौरीन : किस का फ़ोन था जो ऐसे hi चले गए और गुड़िया ने क्या किया था

मैं : गाड़ी मैं बैठो बताता हों

हम गाड़ी मैं बैठे और निकल पड़े

मैं : गुड़िया ने जो किया उन क सतह ऐसा hi होना चाहिए था ुनों ने मेरी अम्मी क सतह बदतमीज़ी की थी और यह उन का रोज़ का hi था कितनी औरतों क सतह ज़ियादित्य क्र चुके थे वो

सेहरिश : लेकिन कॉल किस की थी

मैं : कम की

दोनों : क्या..

नौरीन : मतलब कम ने तुम्हारे लिए कॉल की

अम्मी : अभी आप ने कशी को जाना hi कहाँ है कम क्या पं और प्रेजिडेंट बी इस क आगये कुछ नहीं

नौरीन : अब तो jan'na पड़े गए क यह है क्या चीज़

फरज़ाना : हाहाहा लेकिन फिर बी जान नहीं पाओ गई आप जब तक यह खुद न बताये

शुमैला : वैसे मैं न इन को देख क hi पहचान गई थी क यह बोहत पोंछी होइ चीज़ है

हम बातें करते हुवे रात क 7 बजे घर पोंछे गाड़ी पार्क की सब उतरे चची आई तो अम्मी क गले लगी

मैं : क्या ज़माना आ गया है पहले हम से मिलने की जगा आप अपनी जेठानी क गले लग गई

चची : जलन हो रही है

मैं : ठीक है मेरे पास मत आना

चची ने मुझे गले लगाया

चची : ऐसे क्यों रूठ जाता है आप क लिए तो दुन्या छोड़ डॉन

फरज़ाना : चची मैं बी हों यहाँ

फिर चची गुड़िया से मिली फिर मैं ने सब से मिलवाया और अंदर आ गए वहां सब hi मजूद थीं दादी से गले मिला ुनों ने प्यार किया सब से मिला मैं भाभी, कश्मला बुआ, रानी बुआ, ज़ीनत आंटी, छोटी अम्मी, फरिहा आपि, फरहाना बजी, सैर, सना, सोबी, मेहरीन, आमना, अक़्सा, ज़रा, लिसा और लास्ट मैं मेरी जान नूर से मिला

नूर : बाबा आप मुझ से लास्ट मैं क्यों मिले

मैं : क्यों क आप सब से छोटी हो न इस लिए

बाक़ी सब बी एक दूसरे से मिले लेकिन हरीम एक साइड कड़ी रही

नूर : बाबा यह आंटी कोण हैं

मैं : अभी बताता हों खाशमला बुआ ज़रा पहचानो कोण है यह

कश्मला बुआ ने हरीम को देखा तो उन की आँखों मैं आंसू आ गए

कश्मला : हरीम मेरी बची

वो दौड क उस को गले लगा लिए दोनों माँ बेटी रोने लगी वहां मजूद सब क आंसू निकल रहे थे अम्मी ने कश्मला बुआ और हरीम की पीठ को सेहला क डालसा डे रही थीं

कश्मला : कहाँ कहाँ नहीं ढूंढा तुझे मेरी बची

हरीम : अम्मी मैं बोहत रोइ आप क लिए आज बी इन आँखों क सामने आप का चेहरा है अम्मी मुझे कभी खुद से अलग नहीं करना माँ क प्यार को तरसी हों मैं

कश्मला : नहीं मेरी बची अब कभी तुझे खुद से दूर नहीं करों गई

दादी : आर्य मुझे बी मिलने डे न अपनी नवासी से

दादी आगये आई और हरीम का माथा चूमा उस को गले लगाया

हरीम : नानी ग मुझे महफ करना

दादी : चुप किस बात की महफि महफि तो मुझे मांगनी चाहिए मैं अगर तेरी अम्मी की शादी अपने हाथ से करती तो मेरी आँखों क सामने तो होते तुम लोग तो यह नहीं होता हम्हें तो खबर hi नहीं थी यह तो इस कशी की वजा से आज देखो मेरी बेटी बी मिल गई और नवासी बी

फिर सब हरीम से मिली खास क्र क आपि लोग बोहत खुश थीं ुनों ने तो फ़ौरन दोस्ती क्र ली

मैं : लो अब एक और जुड़ गई गैंग मैं

फरिहा : हाँ ग मज़े तो आप क हैं

हरीम : क्या मतलब

फरहाना : समझ जाओ गई

मैं : एक मिनट दादी एक और बी है इस से मिलो यह अपने खादिम की बेटी है रीमा

दादी ने ूसये बी प्यार किया

दादी : बोहत पायरी है वैसे और कोण कोण है उस क घर शकीला कैसी है

अम्मी : शकीला बी ठीक है और उन की 2 hi बेटियां हैं यह छोटी है और एक बड़ी है इस से सनम नाम है उस का

फिर दादी को नौरीन का बताया क यह जमशेद की बीवी है और सेहरिश और शुमैला का बी बताया तो दादी ने उन को एक्सेप्ट क्र लिया सब को रूम देखए गए फ्रेश हो क्र हम नीचे ए खाना तैयार था आपि, भाभी, चची और रानी बुआ ने खाना लगाया सब ने मिल क्र खाना खाया उस क बेहद हम बेथ क बातें करने लगये

मैं : अम्मी कल आप और गुड़िया सतह चलना सुन्दास क घर

फिर मैं ने सुन्दास लोगों क बड़े मैं बता दिया सब को

फरिहा : बही आप को नहीं लगता क आप हर बार गुड़िया को ले जाते हो हम्हें नहीं

मैं : आर्य मेरी माँ शादी पेय सब जैन गए कल सिर्फ उन लोगों से मिलना है वैसे बी शादी का खर्चा मैं क्र रहा हों

फरिहा : सॉरी सॉरी मैं बीएस ऐसे hi बोल रही थी

मैं उठ क उन क पास गया और उन क सतह बेथ गया एक तरफ आपि और दूसरी तरफ फरहाना बजी थीं मैं ने दोनों को गले लगाया

मैं : मेरी जान मैं जनता हों आप लोग मिस करती हो पैर कुछ चीज़ें हर एक बस की बात नहीं होती जिस की ज़रुरत होती है ूसये hi ले क जाता हों

फरहाना : हम जानते हैं भाई बीएस कभी कभी अकेला फील होता है

मैं : अब नहीं हुवा करे गए ok मैं ने दोनों क माथे को चूमा

नौरीन : वैसे रुखसाना एक बात man'ni पड़े गई तेरा बीटा हीरा है कितना प्यार करता है सब से और वखि कुछ तो है इस मैं कोई एक बार इस से जुड़ जाये अलग नहीं होना चाहिए गए

सेहरिश : हाँ यह बात तो है जो चीज़ लड़कियों को चाहिए प्यारे करने वाला, केयर करने वाला, उन की हिफाज़त करने वाला वो सब तो इस मैं है शायद इस लिए और जिस तरह पूरी फॅमिली को इस ने जोड़ क रखा है शायद hi कोई ऐसा हो

अम्मी : मुझे तुम दोनों की नियत ठीक नहीं लग रही बीटा बच क रहना दोनों से

सब हंसने लगये इतने मैं अबू बी आ गए मैं उन से मिला

मैं : अबू आप इतने लेट कहाँ थे अभी तक

अबू : बीटा शर गया था आगये गंडम का सीजन है तो बीझ क लिए

मैं : आर्य अबू आप बी न मैं सोच रहा था हम सब अब शर जा क रहें गए तो फसल कोण देखे गए

अबू : उस की फ़िक्र न क्र हम यहाँ ज़मीन जायदाद सेल नहीं करें गए इस क लिए किसी को रख लें गए कभी कभी चाकर लगा लिया करें गए क्यों

मैं : ग ठीक है

अम्मी : आप बी न किन बातों पेय लग गए इधर देखो आप की बहन की बेटी हरीम

अबू ने ूसये देखा और आगये बढ़ क उस क सर पेय हाथ फेरा और माथा चूमा

अबू : कश्मला यह तो तेरी hi कॉपी है

कश्मला : हाँ भाई आखिर बेटी जो मेरी है

अबू : आज मेरे बेटे ने मुझ बोहत ख़ुशी दी पता है हम दोनों बहन भाई तुम जैसे hi थे जैसे तुम और गुड़िया हो यह चली गई लेकिन मैं बोहत यद् करता था इस को यह मिली तेरी वजा से लेकिन इस क चेहरे पेय वो रौनक नहीं थी मुझ से मिलते हुवे बी लेकिन आज आज वो रौनक लौट आई है यह सब तेरी वजा से है बीटा

मैं : अबू आखिर मेरी बी कुछ लगती हैं यह और मेरे लिए फॅमिली सब से पहले है आप जानते हो और एक बात अब आप क रिश्तेदार कहां या दुश्मन सब ख़तम हो गए लेकिन मैं जमशेद तय की बीवी नौरीन आंटी को सतह लाया हों और मालिक ग़ज़नफ़र की बीवी सेहरिश और उन की बेटी शुमैला

अबू ने उन क सर पेय हाथ फेरा तो दोनों ने हाथ जोड़ लिए

अबू : आर्य नहीं नहीं तुम लोग महफि न मानगो

नौरीन : नहीं भाई हमारी बी ग़लती है जो हम उन क सतह मिल गई यह अहसान है कशी का जिस ने उन को उन क किये की सजा दी

अबू : भूल जाओ सब और मैं महफि बी छहों गए जो बी था आखिर कशी ने आप लोगों को बेवा किया है हो सके तो महफ क्र देना

सेहरिश: नहीं भाई कशी ने कुछ ग़लत नहीं किया ाचा hi किया है मैं ने तो शुमैला को बी बता दिया इस को बी सुचै का पता चल गया है इस ने बी कशी को क़सूर वॉर नहीं ठहराया कशी ने तो उन को छोड़ दिया था लेकिन वो बाज़ hi नहीं ए

मैं : ाचा जो हुवा उस को बदल तो नहीं सकते न अब आप खुश रहो ok

इतने मैं चची और बुआ चाहिए ले क आ गई

मैं : यह सब महरानियां बैठी हैं आप सुबह से काम किये जा रही हो इन को क्यों नहीं बोलती

चची : कशी आज खाना ुनों ने hi बनाया है हम ने तो सिर्फ सर्वे किया था

मैं : क्या बात क्र रही हो चची मतलब आज जो टेस्टी खाना हम ने खाया इन लोगों ने बनाया था

सना : और नहीं तो क्या वो जो 2 बार खीर आप ने खाई है मैं ने बनाई थी

सैर : और चिकेन कोरमा मैं ने

फरहाना : बिरयानी मैं ने

फरिहा : चिकेन स्टीम रोस्ट मैं ने बनाया था

भाभी : बस करो क्या लगा लिया तुम लोगों ने

मैं : नहीं भाभी सुच मैं इन क हाथ मैं जादू है खाना आज बोहत मज़े का था

नूर : बाबा आज आप क सतह सोना है मैं ने

मैं : ok मेरा बचा

नौरीन : यह तुम्हें बाबा क्यों कहती है

नूर : अब बेटी बाबा को बाबा hi बोले गई न आप बी न

नौरीन हैरान हो क क्या बेटी तुम ने शादी की होइ है

मैं : नहीं शादी नहीं की लेकिन फिर बी यह मेरी बेटी है

नौरीन : कुछ समझ नै आ रही फिर बेटी कैसे

नूर : आर्य आंटी आप बी न मुझे गॉड लिया है िनों ने अब समझ आई

मैं : नूर हाथ हल्का रखो बीटा

नूर : सॉरी वो कभी कभी हो जाता है

सेहरिश: यह इतनी छोटी सी है जवाब तो किसी बड़ी उम्र क बचे की तरह देती है

मैं : कुछ अलग है यह आप बच क रहना फ़ौरन बन्दे का पोस्ट मार्टम क्र देती है

शुमैला : मुझ से दोस्ती करो गई

नूर : पहले यह तो बताओ क आप को मैं क्या कह क बोलों

शुमैला : .मुझे क्या बोलो गई गुड़िया को क्या बोलती हो

नूर : वो तो मम्मी हैं मेरी

शुमैला : आँखें बड़ी क्र क क्या मम्मी तो फिर मुझे बी मम्मी बोलै करो

नूर : मानती हों बाबा ने सब पेय जादू किया हुवा है लेकिन क्या सब को मम्मी बोलै करों गई

सब हंसने लगे क यह क्या बोल गई मैं ने आँखें निकल क देखा

नूर : बाबा आप आँखें नहीं निकालो एक तो आप की वजा से हर कोई मुझे बोलती है मम्मी बोलो लगता है मम्मी क सतह अब मुझे मम्मी 1, मम्मी 2 बोलना पढ़े गए

इस बार तो पूरा रूम हंसी से गूँज उठा

हरीम : ो गॉड यह बची hi है न सो क्यूट चल यह बी ठीक है तो बता मैं कोण से नंबर वाली मम्मी हों

नूर मुझे घूरने लगी

नूर : बाबा कहें तो ब्रेक लगा दो ऐसे तो गिनती बी ख़तम हो जाये गई मुझे पता है वो जो बैठी हैं अब वो बी बोलेन गई

मैं : कोण रीमा की बात क्र रही हो

नूर : हाँ और नहीं तो क्या

रीमा : हाँ तो मैं क्यों पीछे राहों

अम्मी : बीटा नूर को रूम मैं ले जाओ यह बैठी रही तो किसी और की पोल बी खोल डे गई

मैं : ाचा अम्मी

मैं ने नूर को उठाया और रूम की तरफ चल पड़ा

मैं : शैतान बोलै था न खुद से बड़ी बातें न किया क्र

नूर : आप मम्मी पेय मम्मी लेट रहो मैं चुप राहों

मैं : मेरी माँ इस मैं मेरी कोई ग़लती नहीं है सब अपनी तो हैं

नूर : ाचा ठीक है नहीं कहती कुछ लेकिन आप कल जहाँ बी जा रहे हो मुझे बी सतह ले क जाओ गए

मैं : ok ठीक है बाबा चलना अब चुप क्र क सो जा

इतने मैं गुड़िया बी आ गई

फरज़ाना : क्यों बजा दिया न बंद इस ने

मैं : यार यह न बोहत शैतान होती जा रही है

फिर हम ने कपडे बदले और लेट गए नूर हम दोनों क दरमियान थी हम गुड नाईट किश क्र क सो गए क्यों क लम्बे सफर की वजा से थकावट थी.

बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं.....
 
अपडेट 109

सुबह मैं जल्दी उठा गुड़िया को बी उठाया आज सब को ले क हम फिर से एक्सरसाइज क लिए निकल गए वापिस आ क्र हम ने फ्रेश हो क्र नाश्ता किया सब ने मिल क्र फिर

मैं : अम्मी आप और गुड़िया तैयार हो जाओ और भाभी इस शैतान को तैयार करो यह बी जाये गई

भाभी : ाचा अभी करती हों

दादी : बीटा वापिस तो आओ गए न

मैं : हाँ दादी आप फ़िक्र क्यों करती हैं

शाहीन : बीटा उन को फ़िक्र नहीं हो गई तो किस को हो गई

मैं : छोटी अम्मी अब न यह आप की ज़िमेदारी है क्यों क घर को संभालना बड़ी बहु का काम होता है जो क मेरी अम्मी हैं लेकिन जब वो घर न हों तो उस से छोटी का लेकिन आप अब इस घर की दूसरी बहु हैं तो अब यह ज़िमेदारी आप की है

शाहीन : मुझे ख़ुशी है क बीटा तुम ने मुझे इस क़ाबिल समझा

मैं : छोटी अम्मी मैं आप का बी गुनहगार हों आप क भाई और बाप को मैं ने..

मैं इतना hi बोलै था क छोटी अम्मी ने मेरा मुंह बंद क्र दिया

शाहीन : कुछ नहीं किया तुम ने वो जैसे थे उन क किये की सजा मिल गई आइंदा यह बात मत करना ok

वैसे बी मेरी बहन तू ले आया वही काफी है


नोट:( सॉरी फ्रेंड्स कुछ काम का लोड और टेंशन की वजा से ठीक से लिख नहीं प् रहा हों मैं क्यों कुछ चीज़ें मैं मिस क्र गया था पिछले अपडेट मैं हासिलपुर गाओं से वापिस आते हुवे मैं शाहीन एहनी छोटी अम्मी की बहन नसरीन और उन की बेटी िराम को बी लाया था जो शायद लिखा नहीं मैं ने)

मैं : चलो ाचा है इस बहाने आप को बहन मिली ाचा अभी मैं तैयार होने जाता हों अब घर आप क हवाले

मैं तैयार हुवा अम्मी और गुड़िया बी तैयार थीं भाभी ने नूर को बी तैयार क्र दिया था मैं ने गाड़ी निकली हम बेथ गए और घर से निकले मैं ने कॉल मिला दी दूसरी तरफ से अटेंड होइ

पारी : hello माय स्वीट बेबी

मैं : लगता है आज कुछ ज़ियादा hi खुश हो

पारी : हाँ हों न आज मेरे सपनो का राजकुमार मुझ से मिलने आ रहा है

मैं : ाचा ग वैसे बता दूँ फ़ोन का स्पीकर ों है और अम्मी और गुड़िया बी सुन रही हैं

नूर : मेरे कान क्या बंद हैं मैं बी सुन रही हों

पारी : क्या बता नहीं सकते थे पहले hello मुंय ग सॉरी ज़ुबान फिसल गई थी

अम्मी : hello कैसी हो पारी बीटा आर्य सॉरी की कोई ज़रुरत नहीं यह तो तुम्हें ऐसे hi तंग क्र रहा है ाचा सुन जल्दी से तैयार हो जा हम आ रहे हैं

पारी : ठीक है मम्मी और गुड़िया आपि कैसी हो आप

फरज़ाना : मैं बी ठीक हों पारी अब जल्दी से तैयार हो जा ok हम 1 ऑवर तक पांच जैन गए

पारी : ठीक है अभी होती हों लेकिन मुझे एक क्यूट सी आवाज़ सुनाई दी थी नूर बीटा आप बी सतह हो

नूर : हाँ छोटी मम्मी

मैं : ोये यह क्या है छोटी मम्मी की बची क्या बोल रही है

नूर : वही जो सुच है कोई झूट बोलै क्या

पारी : हम्म मेरा बचा आज आप क लिए मेरी तरफ से चॉकलेट आ जाओ जल्दी

मैं : पारी मैं आ क तुझे देखता हों

इस क बेहद कॉल सुत्त गई

अम्मी : वैसे पारी मुझे बोहत पसंद है वैसे बी तुम से जो सब से क्लोज हैं उन मैं पावर्स हैं पारी बी शामिल है उन मैं तो इतना रियेक्ट क्यों करता है पारी मेरी बहु बने गई वैसे बी पारी, निमि, मिनी और सोनिया एक hi आगेķ की हैं तो मुझे सब hi मंज़ूर हैं

मैं : और अब जो और आई हैं उन का क्या हरीम, िराम, शुमैला और रीमा

अम्मी : मैं ने कुछ थोड़ा hi किया है क्या अब बुगतो

फरज़ाना : आप टेंशन न लो हो जाये गए सब का

मैं : जहाँ जा रहे हैं न वहां बी बैठी है पारी की आगे की

फरज़ाना : हाहाहा संबल न

मैं : हाँ

अम्मी : तू जहँ बी जाता है वहां जो बी हो गई समझो गई काम से

मैं : एहि तो मसला है मैं किसी को को दुःख मैं नहीं देख सकता और न hi दिल तोड़ सकता हों

ऐसे hi बातें करते करते हम पारी क घर पांच गए क्यों क वो आज घर पेय थी वर्ण वो हिना क पास होती है हम ने गाड़ी बाहिर hi पार्क की और बेल्ल बजने hi लगये थे क गेट खुल गया सामने शख्स को देख क मैं पेरशान हो गया क्यों क सामने कोई और नहीं सुमैरा कड़ी थी पारी की बहन

मैं : कैसी हो सुमि

सुमैरा : ग ठीक हों

उस ने रूखे से अंदाज़ मैं जवाब दिया फिर अम्मी और गुड़िया से मिली फिर नूर से हम अंदर ए तो पारी भगति होइ आई और मेरे गले लग गई सुच hi कहा था अम्मी ने जो मुझ से क्लोज है वखि उस मैं कुछ तो है एक अलग hi सकूं मिल गया ूसये सीने से लगा क्र फिर मैं अलग हुवा अंकल आंटी से मिला सब एक दूसरे से मिले सुमैरा अंदर चली गई छाए वग़ैरा क लिए बाक़ी सब वहां बेथ गए पारी बी मेरे सतह बैठी थी मैं उठा वहां से

मैं : मैं आता हों

इतना बोल क मैं किचन मैं चला गया और देखा सुमैरा ने चाहिए राखी होइ थी गैस पेय मैं ने पीछे से उस को गले लगा लिया और उस क कान मैं बोलै

मैं : सॉरी महफ क्र दो यहाँ था hi नहीं तो कैसे बात करता वैसे बी मुर्री वाला ट्रिप भूल गई

सुमैरा एक दम पलट क गले लग गई और रोने लगी

मैं : क्या हुवा बोल न रो क्यों रही है

सुमैरा : नहीं रही सकती तुम्हारे बिना ी लव यू

मैं : क्या बोल रही है सब कुछ जानते हुवे बी

सुमैरा : हाँ जानती हों फिर बी मैं ने तो आस hi छोड़ दी थी उस दलदल मैं वहां से निकलने वाला कोण था आप, हमारे लिए कोई सीना तान क खड़ा हुवा कोण आप, पहली बार मेरे नाम को किसी ने निकनेम दिया किस ने आप ने हम सब को समझ क्र मुर्री बुला क्र हमारी खुशियों का ख्याल रखा आप ने इतना सब होने क भाड़ बी कोई आप को न चाहिए यह नहीं हो सकता

मैं : हाँ यह सुच है पैर सुमि मैं समझता हों तुम्हारे जज़्बात को लेकिन ाचा सुन अम्मी से बात करों गए ok

सुमि मेरे होंटो पेय किश क्र क थैंक्स

मैं : तुम लड़कियां बी न पल मैं रंग बदल लेती हो

फिर मैं बाहिर आया और पारी क पास बेथ गया पारी नेरे जान मैं

पारी : सुन ली उन की फर्याद

मैं : तुम जानती हो सब

पारी : हाँ

मैं : समझाओ उस को और बाक़ी का क्या जो इस क सतह थी वो बी मेरे सर hi हैं

पारी : मैं ने उन का तो नहीं बोलै

मैं : जब उन को पता चले गए तब मैं क्या जवाब दूँ गए

पारी आप फ़िक्र न करो कुछ सोचते हैं

फिर सुमि चाहिए ले हम ने पी फिर हम निकले पारी को सतह ले क्र

नूर : बाबा आप बोल रहे थे न छोटी मम्मी को तुझे आ क देखता हों अब देख लो

मैं : यार मेरी माँ चुप हो जा मरवाये गई मुझे

नूर : आप की माँ वो बैठी हैं मैं नहीं हों आप की माँ

मैं : गुड़िया इस का कोई स्विच ऑफ क्र नहीं तो बोलती रहे गई

नूर : हाहाहा ाचा ाचा नहीं बोलती अब मज़ाक़ बी न करो

मैं : मैं बी मज़ाक़ क्र रहा हों

पारी : थैंक्स मेरी गुड़िया मुझे छोटी अम्मी बनाने क लिए

नूर : मेरी चॉकलेट कहाँ है

पारी : यह लो मैं समझी थी भूल गई हो गई

मैं ने कॉल मिला दी दूसरी तरफ से अटेंड होइ

इरफ़ान : ग सर

मैं : कहाँ हो इस वक़्त

इरफ़ान : वो मैं वो

मैं : पता हैं सुन्दास क घर है तू

इरफ़ान : ग सर

मैं : हम आ रहे हैं बाहिर आ

मैं ने कॉल सुत्त की और उन क घर क बाहिर पांच गए गाड़ी पार्क की इरफ़ान बाहिर hi खड़ा था उस ने दूर खोला अम्मी नीचे उत्तरी

ईरान : hello आंटी

अम्मी : hello बीटा कैसे हो मुबारक हो शादी की

इरफ़ान : ठीक हों आंटी थैंक्स

फरज़ाना : कोंग्रटुलतिओन्स भाई

इरफ़ान : थैंक्स गुड़िया

मैं : और भाई क्या चल रहा है

इरफ़ान : सब ाचा है सर

मैं : अब यह सर सर बोलना बंद क्र भाई बोल चल अंदर वैसे बाक़ी नहीं ए

इरफ़ान : आप को पता है न काम होता है तो कोई नहीं आया और आप की खैर नहीं अंदर तो जाओ और यहाँ से बच गए तो ऊपर से खैर नहीं आप को मश्ग दिया था लेकिन आप ने कॉल नहीं की

मैं : मैं ने उन को टाइम दिया हुवा है कब बात करनी है तू फ़िक्र नहीं क्र

हम अंदर ए सामने सुन्दास की अम्मी बैठी थीं मैं जा क मिला फिर बाक़ी सब मिले उन क सतह तहराफ करवाया

अम्मी : मुबारक हो सुन्दास क शादी तेह हो गई

स अम्मी : सुक्रिया बहन बीएस हम ग़रीब लोग हैं बच्चों ने खुद hi एक दूसरे को पसन् क्रिया और जो बी हुवा इस कशी ने किया है बोहत hi ाचा बचा है रब हर माँ को ऐसा बीटा डे

अम्मी : आप ऐसे अपनी 2 बेटी क सतह रहती हैं और कोई नहीं आप का

स अम्मी : नहीं बहन कोई बी नहीं है शोहर मर गया था बीटा है नहीं एहि बेटी हैं 2 इन क लिए hi ज़िंदा हों

अम्मी : बच्चियां कहाँ हैं

स अम्मी : सुन्दास अपने कमरे मैं तैयार हो रही है संबल बी शायद उस क सतह है अभी आती hi हों गई

मैं : अम्मी एक और बात है शायद आप ने इन को पहचाना नहीं ज़रा घोर से देखो

अम्मी पहले मुझे देखने लगी फिर सुन्दास की अम्मी की तरफ घोर से देखने क बेहद अम्मी ने उन का चेहरा अपने हाथों मैं लिया

अम्मी : तू तुम शकरा हो न जमपुर गाओं से

स अम्मी : तुम रुखसाना हो

अम्मी ने उन को गले लगा लिया

अम्मी : मेरी बहन मैं तुम्हें पहचान hi नहीं पाई

दोनों कुछ देर बेहद अलग होइ तो अम्मी ने मेरा कान पकड़िया

मैं : आर्य अहह अम्मी क्या क्र रही हो एक तो आप क बचपन की सहेली मिलवा दी और आप हो क मेरे hi कान खेंच रही हो

अम्मी ने मुझे गले लगा लिया

अम्मी : थैंक्स तू नहीं जनता कितनी बड़ी ख़ुशी दी है मुझे कान तो इस लिए खेंच रही हों जब पता था तो बताया क्यों नहीं

मैं : एसीए आप को लाया हों मैं यहाँ सरप्राइज देने क लिए मैं ने इन क बारे मैं जब पता लगवाया क कोण हैं तो तब पता चला क आप दोनों तो बचपन की फ्रेंड्स थीं बेहद मैं यह गाओं छोड़ गए और आप बड़ी होइ तो शादी फिर सब ने वो गाओं बी छोड़ दिया


इतने मैं सुन्दास और संबल अंदर से आई संबल मुझे देख क मेरे गले लग गई मैं ने उस क कान मैं

मैं : मेरी अम्मी और बहन बी यहाँ हैं

तो वो शर्मा क अलग हो गई फिर मैं सुन्दास से बी मिला फिर सब जा तहराफ हुवा उन को बी बता दिया क हमारी अम्मी आपिस मैं बचपन की सहेली हैं

अम्मी : शकरा तुम अब यहाँ नहीं रहो गई इतना छोटा घर

मैं : अम्मी आप फ़िक्र न करो अपने घर क पास इन क लिए घर ले लिया है यह वही रहें गए

फिर सब क लिए चाहिए पानी किया गया फिर खाना बी हुवा बेहद मैं

संबल : आप तो नाराज़ थीं न

संबल : आप से कोण नाराज़ हो सकता है ऐसे hi घुसा थी क आप ए वापिस तो बताया नै

मैं : कुछ काम था गाओं चला गया था और अम्मी एहि है संबल

अम्मी : पता है बीटा बोहत पायरी बची है

नूर : बाबा यह बी

मैं : ोये चुप कुछ नहीं बोलना

नूर : मैं कहाँ बोली पूरी बात

संबल : यह आप को बाबा क्यों बोलती है

अम्मी : पता चल जाये गए

फिर हम ने शादी क बारे मैं डेट फिक्स की और इजाज़त ली और इरफ़ान को बोलै क पारी को घर ड्राप क्र डे पारी मुझ से मिल क इरफ़ान क सतह निकल गई हम बी सब से मिल क निकले और घर आ गए

बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं....
 
अपडेट 110

शाम का वक़्त था मैं घर से निकला और खेतों पेय चला गया वहां अबू बैठे थे मैं बी उन क पास जा क बेथ गया

अबू : आ गए वापिस

मैं : ग अबू और पता है आप को जहाँ हम गए थे जिस लड़की की शादी है सुन्दास नाम है उस की अम्मी का नाम शकरा है और वो जमपुर से हैं अम्मी की बचपन की सहेली निकल आई

अबू : वैसे अब मैं हैरान नहीं हों गए यह बी तेरा hi किया धरा हो गए तुम ऐसे hi अम्मी को नहीं ले क गए हो गए वहां

मैं : हाहाहा ठीक बोले आप एहनी अब आप अपने बेटे को समझने लगये हो वैसे यह चेंज कैसे आया मतलब अब आप मुझे ले क सोचते हो इस लिए या नै अम्मी का असर है

अबू : बोहत शैतान हो गया है वैसे बीटा सुच तो यह है क शाहीन को प् क्र मैं बोहत खुश हों मुझ मैं आई चेंज बी शायद उस की वजा से है

मैं : अबू वो तो ठीक है पैर अम्मी क बारे मैं सोचा आप ने उन का क्या हो गए

अबू : बीटा तेरी अम्मी और मेरी सेक्स लाइफ पहले hi न क बराबर रह गई थी जब से नाज़ी क सतह मुझे तैयार किया था इंसान चेंज चाहता है नाज़ी क सतह चेंज तो आया लेकिन मेरा ज़मीर कभी इस बात को एक्सेप्ट नै क्र पाया लेकिन अब जब मुझे मेरा प्यार मिला मुझे लगता है मैं फिर से जवान हो गया हों

मैं : वैसे आप हो कमल आप पेय किसी और ने बी तरय मरी थी लेकिन आप उस क हाथ नहीं ए

अबू : मैं जनता हों तुम किस की बात क्र रहे हो हाँ यह सुच है नूर बनो ने मुझे पेय बोहत तरय मरी लेकिन मैं ने इग्नोर किया उस की बी 2 वजा हैं एक तुम्हारी अम्मी वो मुझ से वफादार रही तो मैं क्यों करता कुछ ऐसा और दूसरी वजा उस वक़्त हमारे पास इतना पैसा नहीं था जब क नूर बनो मुझे लूट क ले जाती

मैं : ाचा मैं अदनान क घर से हो क आता हों

अबू : वैसे कहें अब नूर बनो को तुम तो..

मैं : अभी तक तो नहीं लेकिन देखते हैं

अबू : हाहाहा मज़े हैं भाई तेरे

मैं : आप को किस ने रोका बोलो तो उस से बात करता हों खेतों पेय तो वो वैसे बी आती है

अबू : मुझे तो महफ hi क्र तू हाँ अब से अपनी अम्मी पेय दिन डे

मैं : आप को बुरा नहीं लगये गए

अबू : नहीं मेरे बचे मैं ने उस की आँखों मैं देखा है तेरे लिए प्यार वो तो किसी गर्लफ्रेंड की तरह तुम्हें चाहने लगी है अब अगर इस से उस को ख़ुशी मिलती है तो मुझे क्यों बुरा लगये गए

मैं : थैंक्स चलता हों

मैं वहां से निकला अदनान क घर गया दूर तूबा ने खोला

तूबा : आर्य ईद क चाँद आओ आओ कैसे हो

मैं : ठीक हों आप सुनाओ और बाक़ी सब कैसे हैं

तूबा : मैं बी ठीक हों और बाक़ी सब बी ठीक हैं आओ बैठो

मैं अंदर जा क बेथ गया

मैं : आंटी और अदनान किदर हैं

तूबा : अदनान रूम मैं हो गए अम्मी सतह वाले घर गई हैं

मैं : ok मैं अदनान क पास hi beth'ta हों आप एक मज़े की चाहिए बना दो

तूबा : चाहिए क्या तुम्हें तो मैं कुछ और बी पिलाना चाहती हों लेकिन तुम हो क देखते तक नहीं

मैं : वो बी पी लें गए लेकिन वक़्त आने पैर ok

मैं अंदर गया तो देखा जनाब मोबाइल पेय लगे हुवे हैं

मैं : बन्दे को न इतना बी बिजी नहीं होना चाहिए क अस पास क्या हो रहा है पता hi न चले

अदनान उठ क मुझे गले मिला

अदनान : आर्य तू कब आया

मैं : कल hi वापिस आ गया था रात को आज सिटी गया था काम था

अदनान : और सुना क्या चल रहा है

मैं : कुछ खास नहीं बीएस एक दोस्त की शादी है तो मैं hi अर्रंगेमेन्ट्स क्र रहा हों उस क लिए गया था

अदनान : तेरा कोण सा दोस्त है

मैं : वक़्त आने पैर बता दूँ गए अभी तुम मुझे जानते hi नहीं हो मैं क्या हों

अदनान : देख सुच सुच बता बात क्या है

मैं : बताओं गए लेकिन बेहद मैं ाचा यह बता बात कहँ तक पोंछी

अदनान : खुश हो क्र समझ ले काम तो हो गया है पैर एक मसला है

मैं : कैसा मसला

अदनान : अम्मी कहती हैं क वो मेरे सतह बेहद मैं करें गई पहले वो तेरे सतह करना चाहती हैं

मं : मुझे पता है और वो अकेली हैं उन को ज़रुरत है मैं ने hi उन को तेरे लिए बोलै था घर की बात घर मैं hi रहे गई ाचा यह बता अगर वो मेरे सतह क्र लें तो तुम्हें बुरा नहीं लगये गए

अदनान : मुझे बुरा क्यों लगये गए तू ने हमेशा मेरे लिए बोहत कुछ किया अगर मैं अम्मी को हासिल बी क्र लोन तो वो बी तेरी वजा से तूबा को हासिल किया तेरी वजा से और तो और तूबा बी पहला सेक्स तेरे सतह करना चाहती है मुझे उस से बी कोई ाहतेराज़ नहीं फिर तो ज़िन्दगी भर वो मेरी hi हैं न और वैसे बी वो 2 हैं मैं अकेला मैं तो चाहता हों तुम बी आ जाया करना मिल क्र चरों मज़े किया करें गए

मैं : थैंक्स मुझे लगा तुझे समझाना पड़े गए लेकिन तुम बोहत चेंज हो गए हो इस की वजा

अदनान : अभी मैं नेट पेय सेक्स स्टोरीज hi पढ़ रहा था जिस मैं एक लड़का अपने दोस्त की मदत से अपनी माँ बहन को फंसा लेता है और वो दोनों मिल क्र उन की चुदाई करते हैं

मैं : ओह तो यह बात है ठीक है कभी प्रोग्राम फिक्स करते हैं कल मैं जा रहा हों तेरे बाप क पास ज़रा उस की फिल्म तो ख़तम करों तेरी अम्मी को डाइवोर्स दिलवाएं गए सतह मैं साडी प्रॉपर्टी और पैसा जो उस ने जमा किया हुवा है वो बी तुम दोनों क नाम करवाएं गए सिटी मैं आप लोगों क लिए घर ले लिया मैं ने वहां जा क्र तेरी शादी तेरी बहन से करवाएं गए सतह मैं अम्मी फ्री मैं

अदनान : नुम आँखों से और कितने अहसान करे गए

मैं : मेरे सतह चलना कल तेरे बाप ने जो रंडी फंसा क राखी है वो बोहत hi मस्त चीज़ है उस को बी अपने जाल मैं फंसना है

अदनान : फिर तो मज़ा ए गए

इतने मैं तूबा चाहिए ले आई उस ने मुझे दी एक कप अदनान को दिया खुद बी वहां hi बेथ गई एक कप ले क्र

अदनान : जणू कशी तैयार है तो कोई प्रोग्रम बना लो फिर किसी दिन

तूबा : मैं तो अभी बी तैयार हों यह है क पता नहीं क्या सोच रखा है इस ने

मैं : आप दोनों मेरी असलियत नहीं जानते जब पता चले गए पता नहीं आप का क्या रिएक्शन हो गए

तूबा : उस से हमें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कुछ बी हो और तुम अपने बारे मैं कब बताओ गए

अदनान : पता है इस ने हमारे लिए सिटी मैं घर बी ले लिया है और कल यह मुझे ले क जा रहा है अबू क पास उन से प्रॉपर्टी लेने और अम्मी का डाइवोर्स बी फिर हम सिटी चले जैन गए वाहन हम शादी क्र लें गए

तूबा : ो गॉड कितना कुछ क्र रहे हो कशी हमारे लिए अब यह तूबा हमेशा क लिए हाज़िर है जब बी बोले गए मैं कभी पीछे नहीं हाटों गई

अदनान : हाँ कशी तूबा ठीक बोल रही है

मैं : ok तो अब मैं चलता हों

तूबा : मुंह तो मीठा करवा डे

मैं हंस पड़ा मैं ने अदनान क सामने hi तूबा को किश किया उस से रहा नहीं गया मैं अलग हुवा तो वो तूबा को किश करने लगा मैं बाहिर निकल आया तो देखा नूर बनो आंटी घर मैं दाखिल हो रही हैं मैं वही रुक गया वो मुझे देख क काफी खुश होइ और आ क्र मुझे गले लगा लिया फिर बाँहों मैं hi मुझे भरे हुवे थोड़ा चेहरा पीछे क्र क मुझे देखने लगी

मैं : क्या देख रही हो आप

नूर बनो : अपनी फूडी क ने खसम को देख रही हों

मैं : ऐसा न बोलै करो जब आप क मुंह से फूडी सुनता हों दिल करता है अभी आप को नंगी क्र क आप की फूडी को ग भर क चूस लोन

नूर बनो : तो चूस लो न मनः किस ने किया है

मैं : हाँ चूसें गए बी और छोड़ों गए बी लेकिन आज नहीं अभी तो मुंह मीठा करवाओ

मैं उन्हें किश करने लगा इतने मैं तूबा और अदनान बी बाहिर ए हम अलग हो गए

अदनान : अम्मी लगता है बोहत तरसी होइ हो

नूर बनो : बीटा इतने आरसे से लुंड नहीं लिया न अब यह है क हर दफा भाग जाता है

मैं : मैं भाग नहीं रहा ठीक टाइम पेय सब हो गए ok और अदनान इन को बता देना बाक़ी बातें मैं चला घर सुबह तैयार रहना मैं 8 बजे आ जाओं गए

फिर मैं वहां से निकल आया सीधा पोंछा शामू की दुकान पेय वो खुद बैठा था

मैं : क्या हल है शामू भाई

शामू : आर्य कशी आओ यार मैं न तुम्हें hi यद् क्र रहा था तुम खुद नहीं आते तो शायद मैं किसी को बेझता तुम्हें बुलाने क लिए

मैं : क्या बात है खैर तो है न

शामू : वो ऐसा है क बाबू ग तो कुछ बेहतर हैं अब लेकिन शानो बोल रही है ूसये अपनी माँ क घर जाना है अब मैं दुकान पेय बिजी रहता हों जा नहीं सकता और कोई भरोसे लाइक है नहीं शानो ने तेरे बारे मैं बताया मुझे बी लगा क तुम hi हो जो गाओं मैं सब की इज़हट करता है

मैं : कब जाना है

शामू : जब तुम फ्री हो तब

मैं : ठीक है परसु का रख लेते हैं क्यों क कल मुझे काम है और परसु क 2 दिन छोड़ क फिर से काम है

शामू : ठीक है तो परसु ले जाना उस को एक रात रह क फिर सतह hi आ जाना

मैं : वैसे जाना कहाँ है

शामू : सिआलकोट

मैं : मरवा दिया इतनी दूर फिर मैं अपनी गाड़ी ले जाओं गए टाइम बी बचे गए और गर्मी से बी बचत हो गई

शामू : हाँ यह बी ठीक है

मैं : ाचा मैं भाभी से मिल क आता हों

शामू : हाँ ठीक है जाओ

मैं अंदर आया तो देखा शामू का बाप बाहिर एक चारपाई पेय बैठा है मैं ने उन से तबियत का पुछा फिर मैं किचन मैं गया जहाँ शानो खाना पका रही थी मुझे देख क उस का चेहरा खिला गया एक बार बाहिर की तरफ देख क मेरे गले मैं झूल गई

मैं : आर्य क्या हुवा कण्ट्रोल क्र

शानो : तुझे देख क किस को कण्ट्रोल होता है

मैं ने उस को अलग किया फिर उस क होंठों क सतह होंठ मिला दिए कुछ देर बेहद अलग हुवा

मैं : कैसी हो

शानो : बोहत ज़ालिम हो क़सम से मैं 2 दिन ठीक से चल बी नहीं पाई और तुम हो क फिर पुछा तक नहीं

मैं : आर्य यार मैं यहाँ था hi नहीं तो क्या पूछता ाचा सुन एक खुश खबरि है

शानो : क्या

मैं : परसु मैं और तुम सिआलकोट जा रहे हैं

शानो ख़ुशी से उछाल क्र मेरे गले लग गई मेरे चेहरे होंटो माथे हेर जगा को चूमने लगी

मैं : बीएस क्र जंगली बिल्ली

शानो : अलग हो क्र मैं बता नहीं सकती कितनी खुश हों यह बात सुन क्र अब आप मेरे सतह चलो गए मेरे घर तो इस का इन्हें मैं आप को वहां दूँ गई एक सरप्राइज है आप क लिए

मैं : बता न क्या बात है

शानो : न न अभी नहीं सरप्राइज है तो बेहद मैं hi बताओं गई वहां जा क्र

मैं : ाचा मैं चलता हों शामू को शक हो जाये गए

शानो : खाना खा क जाओ न

मैं : नहीं खाना तो दोनों सतह खाएं गए परसु हुम्म्म

मैं ने ूसये एक किश किया और निकल गया उन क घर से फिर मैं पोंछा अपने घर शाम हो गई थी अबू बी आ गए थे घर रात का खाना सब ने मिल क खाया फिर हम बेथ क बातें करने लगये

मैं : दादी आप बड़ी हो तो आप hi सब से रे लो क कब चलना है सिटी वाले घर मैं क्यों क मैं चाहता हों क अब वक़्त आ गया है क हम सब सिटी मैं hi रहें

दादी : बीटा तुम खुद अब इस घर क सरबराह की तरह फैसला करते हो बेहतर है तुम hi बता दो क्यों आबिद बीटा तुम क्या कहते हो

अबू : हाँ माँ ग कशी hi फैसला करे तो बेहतर है

मैं : ठीक है तो हम इरफ़ान और सुन्दास की शादी क बेहद यहाँ से शिफ्ट हो रहे हैं मैं कल एक काम से जा रहा हों तो अबू आप की नज़र मैं कोई ऐसा है जो यह घर ज़मीन और जानवरों की देख भल क्र सके

अबू : बीटा मेरी नज़र मैं तो कोई ऐसा नहीं है तुम hi बता दो या फिर नूर बनो की फॅमिली को

मैं : नहीं अबू नूर बनो आंटी अकेली हैं इस काम क लिए एक मज़बूत मर्द की ज़रुरत है हाँ सतह उस क फॅमिली हो तो ाचा है यह घर बी संभाल ले गई और रही नूर बनो की बात तो अबू आप को बता दूँ उस क शोहर ने दूसरी शादी क्र राखी है सिटी मैं इस लिए आता नहीं है गाओं कल मैं और अदनान जा रहे हैं उन क पास नूर बनो का डाइवोर्स लेने सतह जायदाद बी इन क नाम करवानी है

अबू : क्या उस ने शादी की होइ है मैं बी बोलों इतने आरसे से वो आया क्यों नहीं लेकिन बीटा नूर बनो का क्या हो गए फिर अभी कोण सी वो बूढी हो गई है

मैं : आप फ़िक्र न करो अबू सब सोच समझ क hi हो रहा है

अम्मी : ठीक है बीटा पैर जान से नहीं मर देना ूसये

मैं : हाहाहा ok नहीं मरता लेकिन ठुकाई तो करों गए और एक बात मैं ने अपने घर क पास hi 4 घर लिए हैं सिटी मैं एक मैं नूर बनो की फॅमिली, एक मैं इरफ़ान की फॅमिली, एक मैं मास्टर और नताशा आंटी और एक मैं नज्म आंटी एहनी िग साहब की फॅमिली रहे गई नैना और उस की अम्मी हमारे सतह hi रहें गई

अबू : ठीक किया बीटा

उस क बेहद मैं घर से बाहिर निकला चहल क़दमी क लिए रात क 9 बज रहे थे इस वक़्त गाओं मैं सब लोग सोने की तैयारी क्र रहे होते हैं मैं ऐसे hi घुमते हुवे एक गली मैं जा रहा था तो देखा कोई मेरे आगये जा रहा है मैं ने बी ेस्ता ेस्ता उस का पीछा किया वो एक घर क बाहिर रुका मैं चुप गया उस ने इधर उधर देखा कोई नहीं था तो वो दिवार पेय चढ़ गया और फिर अंदर कूद गया मैं सोचने लगा बहन छोड़ यह क्या ड्रामा है यह चोर hi न हो लेकिन जब घर देखा तो यह घर उस जीरो का है जो चौढ़ेरियन क सतह मिला हुवा है हम को फंसने क लिए लेकिन यह इस क घर मैं कोण घुसा है ज़रा देखों तो सही मैं ग़ैब हो क अंदर पोंछा एक रूम की लाइट जल रही थी मैं ने विंडो को चेक किया तो वो खुली होइ थी मैं ने अंदर देखा तो हैरान रह गया बहन छोड़ यह तो हमरे एरिया का शो है जो सिविल कपड़ों मैं था उस का नाम इंस्पेक्टर मुश्ताक़ था जो काफी बदनाम बी था वो अंदर सोफे पेय बैठा था उस क सामने जीरो बैठा था और एक तरफ जीरो की बीवी अज़रा बैठी थी

जीरो : साहब आप को यहाँ इस लिए बुलाया चौधरी करम दीं को आप से काम है

इंस्पेक्टर: हाँ चौधरी साहब ने मुझे फ़ोन क्र क बता दिया था और यह बी बताया था क मैं तेरे घर पेय तुझे मीलों ता क कल को चौधरी पेय कोई ऊँगली न उठा सके

जीरो : बात यह है क आप तो जानते हैं चौधरी साहब आप को बी खुश करते रहते हैं अब उन को एक तो वो बाघ वाली ज़मीन पसंद आ गई है और दूसरा उन की एक औरत खुद आबिद अली कुछ नहीं क्र सकता लेकिन उस का बीटा है वो थोड़ा उलटी खोपड़ी का है उस को रस्ते से हटाना है

इंस्पेक्टर: बोलो तो एनकाउंटर क्र देता हों किसी को पता बी नहीं चले गए

जीरो : नहीं नहीं मरना नहीं है उस को फंसना है रपे केस मैं उस का प्लान यह है क चौधरी क घर एक नौकरानी है जमीला वो किसी तरह उस लड़के से सेक्स करवाए गई और बेहद मैं शोर दाल डे गई क मेरी इज़हट लूट ली इस ने हम गाओं वालों को ले क पहले तो उस की ढुलाई करें गए बेहद मैं आप आ क ले जाना उस को फिर बदले मैं हम उन की ज़मीन बी नाम करवा लें गए और उस औरत को बी तब लड़का छोड़ें गए

इंस्पेक्टर: ok ठीक है काम हो जाये गए जब बी हो बता देना

जीरो : आर्य तू बैठी क्या क्र रही है चाहिए ले क आ

इंस्पेक्टर: चाहिए की जगा कुछ और मिल जाता तो

मैं बाहिर खड़ा समझ गया था उस की नज़र जीरो की बीवी अज़रा पेय है क्यों क वो रंग की साफ़ थी और मोती बी उस की बड़ी गांड और ममी देख क इंस्पेक्टर का खड़ा हो गया था

जीरो : साहब वो बी मिल जाये गए अज़रा इंस्पेक्टर साहब को आज खुश क्र दो

अज़रा : हाँ क्यों नहीं आज की रात यह हमारे मेहमान हैं

फिर अज़रा उठी और इंस्पेक्टर क पास गई और उस क सतह बेथ क अपने होंठ उस क होंठों से मिला दिए मैं वहां से निकल आया और घर पांच गया फिर मैं अपने रूम मैं गया जहाँ गुड़िया क सतह नूर थी और सतह सोबी बी लेती होइ थी

मैं : आर्य वह आज मेरी दोनों गुड़िया सतह मैं

सोबी : आप तो आते नहीं इस लिए हम hi आ गए

मैं : ाचा ग ok मैं अभी आया चेंज क्र क

मैं बाथरूम गया चेंज क्र क आया फिर दोनों को बरी बरी किश किया उस क बेहद

गुड़िया : आज आप यहाँ नहीं सो सकते

मैं : क्या यार मुझे रूम से निकल रही हो

सोबी : हाँ ग आप जाओ ामी बुला रही हैं आप को

मैं : क्या बुआ बुला रही हैं पैर क्यों

सोबी : यह तो उन को hi पता हो गए न मुझे क्या पता आप जाओ शायद कोई बात करना चाहती हैं

मैं मैं मर क रह गया क्यों क मेरा आज मूड बना था क आज दादी या चची मैं से किसी एक को छोड़ों गए क्यों क एक तो वो अज़रा की वजा से और ऊपर से इन दोनों को बी किश क्र बैठा था मैं चला गया नीचे और जा क्र रानी बुआ क रूम का दूर नॉक किया

बुआ : आ जाओ कशी

मैं दूर खोल क अंदर चला गया डिम लाइट जल रही थी मैं ने दूर बंद किया लेकिन कुण्डी नहीं लगाई

बुआ : कुण्डी लगा दो

मैं ने कुण्डी लगा दी लेकिन अभी तक मैं ने बीएड की तरफ नहीं देखा था मैं कुण्डी लगा क जैसे hi घुमा मेरी नज़र बीएड पेय पड़ी तो मैं शॉक हो गया वहां तो बुआ अकेली नहीं थी उन क सतह तो...


बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं...
 
अपडेट 111

मैं शॉक हो गया मेरे पाऊँ वही दूर क पास hi जैम गए क्यों क बीएड पेय रानी बुआ अकेली नहीं थी उन क सतह बड़ी बुआ एहनी कश्मला बुआ बी थी और चौंकने वाली बात यह थी दोनों ने बोहत hi सेक्सी निघ्त्य पहनी थी जिस क अंदर कुछ बी नहीं पहना था रानी बुआ को तो मैं छोड़ चूका था लेकिन बड़ी बुआ को ऐसे देख क मैं हैरान था मेरे मुंह से तो कुछ निकल बी नहीं रहा था वो अलग बात मुझे पता था रानी बुआ मुझ से छोड़ें गई पैर सतह मैं कश्मला बुआ

रानी बुआ : इधर आओ वहां क्यों खड़े हो

मैं : वो वो मैं नहीं बीएस ऐसे hi आप दोनों क्या बात है

रानी बुआ : इधर आ मेरे पास यहाँ बेथ बताती हों

मैं चल क बीएड क पास गया रानी बुआ ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे बीएड पेय बैठा लिया उफ़ क्या बताओं नज़दीक से तो दोनों सेक्स की मूरत लग रही थीं ऊपर से जो परफ्यूम लगाया था दोनों ने मैं मदहोश होता जा रहा था और इस माहौल की वजा से मेरी शार्ट मैं हलचल मच गई थी लुंड खड़ा होना शुरू हो गया

मैं : आप ने मुझे बुलाया था

रानी बुआ : देख इतना नर्वस क्यों हो रहा है हम खा थोड़ा hi जैन गई

मैं : वो मैं ने कभी आप लोगों को इस रूप मैं नहीं देखा न इस लिए

रानी बुआ : तो क्या हुवा आज देख ले

मैं : ाचा बोलेन क्यों बुलाया था

रानी बुआ : अपनी आरती उतरने क लिए पागल देख क बी नहीं समझा

मैं : पैर बुआ वो तो ठीक है पैर मैं ने कभी बड़ी बुआ क बारे मैं नहीं सोचा और फिर दोनों सतह मैं

कश्मला बुआ : मैं जानती हों मेरे बचे तुम ने कभी मेरे बारे मैं ऐसा नहीं सोचा जब तुम ने पहली बार मुझे अपने बारे मैं बताया क तुम कोण हो उस से पहले hi मैं नहीं जानती थी क तुम कोण हो लेकिन तुम ने मेरी आँखों मैं छुपा हुवा दर्द देख लिया सिर्फ इतना hi नहीं तुम ने मुझ से पुछा क बताएं क्यों दुखी हैं मेरे हँसते हुवे चहेरे क पीछे बी तुम ने वो दर्द देख लिया फिर जिस तरह तुम ने मुझ से हमदर्दी जीते मुझ से मेरा घूम पुछा तो मुझे लगा तुम hi हो जो मेरा सहारा बन सकते हो क्यों क आज तक मेरे दुःख को किसी ने नहीं बनता था फिर जब पता चला तुम तो मेरे hi भतीजे हो मेरी ख़ुशी का कोई टिकना नहीं था उस क बेहद तुम ने बताया क तुम जानते हो मेरी बेटी कहाँ है और ठीक है तो उस वक़्त hi तुम ने मुझे खरीद लिया था वक़्त क सतह सतह मैं तुम्हारे और क़रीब आती गई कल मेरी बची जब मेरे सीने से लगी मैं बता नहीं सकती कशी तुम ने अपनी बुआ को हमेशा क लिए अपना घुलम बना लिया है फैसला तो मैं पहले hi क्र चुकी थी क कभी बी कशी ने मुझे पाना चाहा तो इंकार नहीं करों गई लेकिन बीटा इस को यह न समझना क मैं इस अहसान का बदला चूका रही हों मैं सुच मैं तुम्हें चाहने लगी हों तुम तो जानते हो बरसु बीत गए मेरे शोहर को गुज़रे हुवे एक औरत को पेट की भूक क सतह सतह जिसम की भूक बी होती है और यह भूक हम जैसी औरतों की वक़्त क सतह भड़ती जाती है इतने अहसान जब क्र hi चुके हो एक और क्र दो मेरी बरसु की पियास बुझा दो

मैं : बुआ आप ऐसा क्यों बोलती हैं क मैं ने कोई अहसान किया है या एक और अहसान करों क्या आप मेरी कुछ लगती क्या हरीम मेरी कुछ नहीं लगती बुआ आप को तो मैं जनता बी नहीं था बल्कि मुझे यह बी नहीं पता था क मेरी एक और बुआ बी है मैं तो वैसे बी अपनी फॅमिली पेय कोई आंच नहीं आने देता आप ने तो बोहत कुछ सहा था तो मैं कैसे किसी अपने को दुःख मैं देख सकता था बाक़ी रही पियास की बात तो यह बी मैं अपना फ़र्ज़ समझता हों क्यों क आप सब का मुझ पेय हक़ है शायद आप लोगों को पता नहीं इस घर मैं आप दोनों पहली नहीं जो मुझ से जिसम का सुख चाहती हैं बल्कि और बी बोहत हैं जिन क सतह मैं क्र बी चूका हों

रानी बुआ : जानती हों मेरे बचे सब जानती हों नाज़िआ और सलमा क बारे मैं

मैं : और बी हैं आप दोनों हैरान नहीं होना मेरा फर्स्ट टाइम सेक्स अपने घर मैं hi हुवा था पता है कोण है

दोनों : कोण है

मैं : मेरी पायरी दादी आप दोनों की अम्मी

दोनों : क्या..

रानी : ो गॉड मतलब अम्मी हम से पहले नंबर लें गई

कश्मला बुआ : यह तो झटका है हमारे लिए

मैं : आप से नहीं छुपाऊँ गए अब तक मैं दादी, नानी, ममी, चची, भाभी, सबीन आंटी, आप खुद रानी बुआ, दादी की भाभी नरगिस, िग साहब की बीवी नज्म आंटी, गाओं मैं शकीला आंटी और उन की बेटी सनम, नूर बनो की सहेली पीने, शामू दुकानदार की बीवी शानो और बी हैं सब क सतह क्र चूका हों

कश्मला बुआ : रानी तू ने बताया नहीं क तुम क्र चुकी हो इस क सतह

रानी बुआ : क्या करती वैसे उस दिन मुझे और नाज़िआ को सतह मैं छोड़ा था इस ने

कश्मला बुआ : शर्म क्र कैसे लफ्ज़ उसे क्र रही है

मैं : बुआ सेक्स मैं जितने गंदे लफ्ज़ खुल क बोलो गई सुनो गई उतना hi मज़ा ए गए आज़मा क देख लेना बीएस एक चीज़ यद् रखना बीएड पेय जब मेरे सतह हो तो बेशरम बन जाना इतनी बेशरम जितनी किसी कोठे की रंडी बी न हो

कश्मला बुआ : मादरचोद फिर देख क्या रहा है आ क हमारी फुड़ियों को छोड़ न अपने लुंड से

मैं : वाओ ऐसे hi मेरी रंडी बेशरम बन जा

रानी बुआ : तो मादरचोद सब क बारे मैं बता दिया मादरचोद कब बन रहा है

मैं : सिटी वाले घर मैं जा क्र

उस क बेहद मैं कश्मला बुआ क पास गया उन को लेता क्र उन क ऊपर आ गया और अपने होंठ मिला दिए उन क होंठों से वो बी मेरी बातों से गरम हो गई थीं मेरा सतह देने लगी हम एक दूसरे की ज़ुबान चूसने लगे मैं सतह उन क ममी बी दबाने लगा 5 मिनट बेहद मैं अलग हुवा और उन क गले को चूमने लगा वो सिसकारियां लेने लगी मैं अलग हुवा और अपने कपडे उतर दिए रानी बुआ ने बी अपने कपडे उतर दिए मैं अब रानी बुआ को किश करने लगा वो तो किसी जंगली बिल्ली की तरह टूट पड़ी कश्मला बुआ ने बी अपनी निघ्त्य उतरी और नंगी हो गई मैं रानी बुआ को किश क्र रहा था सतह उन क ममी बी दबा रहा था कश्मला बुआ ने हम को पलट दिया अब मैं बीएड पेय था रानी बुआ मेरे ऊपर मेरा लुंड फुल खड़ा था जिस को कश्मला बुआ ने अपने हाथ मैं पकड़ लिया

कश्मला बुआ : उफ़ हरामी घोड़े का लुंड लगवाया हुवा है क्या

मैं : किश टॉड क्र तुम जैसी अत्रि घोड़ियों क लिए इंसान का लुंड कहाँ काफी है

मैं रानी बुआ क ममी चूसने लगा उधर कश्मला बुआ ने मेरे लुंड की टोपी पेय ए हुवे क़तरों को चाट लिया मेरे मुंह से सिसकारी निकल गई

कश्मला बुआ : वाओ क्या टास्ते है लगता है तेरा पानी बी मज़े का हो गए

कश्मला बुआ ने मेरे लुंड को मुंह मैं ले लिया और चूसने लगी वाओ क्या गरम मुंह था उन का और मैं ने रानी बुआ क ममी चोदे तो वो अपनी फूडी मेरे मुंह पेय रख क बेथ गई मैं रानी बुआ की फूडी चाटने लगा वो अपनी फूडी को मेरे मुंह पेय रगड़ने लगी कश्मला बुआ कभी लुंड चूसती तो कभी टट्टे मुंह मैं ले लेती कुछ hi देर मैं रानी बुआ मेरे मुंह पेय hi फ़ारिग़ हो गई और ढीली पद गई मैं ने उन को हटाया और कश्मला बुआ को बीएड पेय पाठकः दिया उन की टाँगें उठा क फोल्ड क्र ली और मैं देख क हैरान रह गया खाशमला बुआ का जिसम तो बरी था लेकिन उन की फूली होइ फूडी बोहत तंग थी मैं ने अपना मुंह लगा दिया उन की फूडी पैर वो उछाल पड़ी मैं तो उन की फूडी को खाने लगा रानी बुआ थोड़ा रिलेक्स होइ तो कश्मला बुआ क मोठे मोठे ममी सहलाने लगी फिर उन को मुंह मैं ले क चूसने लगी कश्मला बुआ दोहरे हमले से आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो गई मेरे सर को ज़ोर से दबाने लगी अपनी फूडी पैर मैं ने उन की टांगों को थोड़ा और उठाया उन की गांड क नीचे हाथ दाल क्र जिस से उन की गांड का सुराख़ सामने आ गया मैं उन की गांड चाटने लगा वो अपने सुराख़ को कभी बंद करती तो कभी खोलती कुछ देर बेहद मैं सीधा हुवा अपने लुंड को उन की फूडी पेय रगड़ने लगा रानी बुआ ने जब यह देखा तो वो उठ क कश्मला बुआ क मुंह पेय बेथ गई अपनी फूडी अपनी hi बड़ी बहन क मुंह पेय रख दी जिसे कश्मला बुआ मज़े से चाटने लगी मैं ने लुंड सेट क्र क एक झटका मारा मेरे लुंड की टोपी अंदर चली गई कश्मला बुआ की चीख निकल गई लेकिन वो चीख रानी बुआ की फूडी की वजा से डाब गई मैं ने एक और जाहताका मारा आधे से ज़ियादा लुंड अंदर चला गया इस बार चीख बोहत तेज़्ज़ थी कश्मला बुआ की घुन घुन की आवाज़ आने लगी मैं रुक गया उन क ममी दबाने सहलाने लगा जब क रानी बुआ अपनी फूडी उन क मुंह पेय रगड़ने लगी कुछ देर बेहद मैं ने थोड़ा सा लुंड बाहिर खेंचा एक और झटका मर दिया जिस से पूरा लुंड अंदर चला गया जो उन की बचा दानी से जा टकराया एक बार फिर बुआ की चीख निकली वो रानी बुआ को हटाने लगी मैं फिर से रुक गया और झुक क्र उन क ममी चूसने दबाने लगा जब कुछ आराम मिला उन को तो वो खुद हिलने लगी मैं बी ेस्ता ेस्ता अंदर बाहिर करने लगा ेस्ता ेस्ता स्पीड बढ़ा दी अब दर्द की जगा मज़े ने ले ली थी मैं अब स्पीड से छोड़ने लगा रानी बुआ एक बार फिर फ़ारिग़ हो क साइड पेय हो गई

कश्मला बुआ: अह्ह्ह स्सीइ उफ़ छोड़ बहनचोद और ज़ोर से मादरचोद क्या लुंड है तेरा आज पता चल रहा है चुदाई क्या होती है हए मेरी फूडी पहाड़ दी तू ने

मैं : हाँ मेरी रंडी तेरी फूडी है बी टाइट कैसे लुंड फँस फँस क जा रहा है ऐसे hi तेरी यह बड़ी गांड पहाड़ों गए

कुछ देर मैं hi कश्मला बुआ का जिसम अकड़ा और वो फ़ारिग़ हो गई मैं ने लुंड निकला रानी बुआ ने उस को मुंह मैं ले लिया जिस पेय कश्मला बुआ का पानी लगा हुवा था फिर मैं ने कश्मला बुआ को घुमा दिया अब उन का सर मेरी तरफ था उन क ऊपर रानी बुआ को 69 पोजीशन मैं क्र दिया रानी बुआ मेरे सामने घोड़ी बानी होइ थीं मैं ने लुंड उन की फूडी पेय रगड़ा और फिर ेस्ता ेस्ता अंदर उतर दिया रानी बुआ जिन का मुंह कश्मला बुआ की फूडी पेय था ुनों ने ऊपर उठा क अह्ह्ह की आवाज़ की मैं अब उन को छोड़ने लगा वो मज़े से बड़ी बहन की फूडी चाटने लगी जिस से कश्मला बुआ फिर से गर्म होने लगी वो बी नीचे से कभी रानी बुआ की फूडी को तो कभी मेरे तटों को कहत रही थीं 10 मिनट्स की चुदाई मैं रानी बुआ का बी पानी निकल गया फिर मैं ने कश्मला बुआ को बीएड क कोने मैं करवट क बॉल लेता क्र उन की फूडी मैं लुंड दाल दिया और खुद नीचे खड़ा था मैं उन को छोड़ने लगा उन की बड़ी गांड जब सतह टकराती तो एक अलग hi आवाज़ और मज़ा पैदा क्र रही थी जब कश्मला बुआ का पानी निकल गया मैं ने उन को हटा दिया और रानी बुआ को अपनी बाँहों मैं उठा लिया मैं खड़े खड़े hi लुंड रानी बुआ की फूडी मैं दाल दिया उन की टाँगें मेरी कमर क गिर्द थीं वो अब खुद लुंड पेय उछलने लगी कुछ देर बेहद मैं ने अपने हाथों मैं उन को उठा क्र स्पीड से छोड़ने लगा जिस से उन की आवाज़ कमरे मैं गूंजने लगी एक बार फिर से रानी बुआ फ़ारिग़ हो गई मुंझे बी लगने लगा मैं फ़ारिग़ होने लगा हों मैं ने उन को नीचे उतरा दोनों को अपने सामने बैठा क्र लुंड हिलने लगा कुछ देर मैं hi मेरा पानी निकला मैं बरी बरी दोनों क मुंह मैं पिचकारियां मरने लगा दोनों मेरा पानी चाट क्र गई फिर मेरे लुंड को बरी बरी चूसे चाट क साफ़ किया मैं बीएड पेय लेट गया वो बी सतह मैं लेट गई एक क बावजूद हम पसीने से नाहये हुवे थे कुछ देर बेहद

मैं : कैसा लगा बुआ

कश्मला बुआ : लगता है आज पहली बार चूड़ी हों तू वखि घोडा है क़सम से हम दोनों को हिला क रख दिया वैसे तुझ जैसा मर्द हर औरत कहए गई वैसे बी किसी एक की बस की बात नहीं है तुम को झील पाना हम ज़ियादा कुछ नहीं मांगती बीएस कभी कभी ऐसे hi खुराक डे दिया करना

रानी बुआ : वैसे सुच मैं अपनी अम्मी को बी चोदे गए

मैं : क्यों उन का हक़ नहीं है क्या

रानी बुआ : हम से तो ज़ियादा उन का हक़ है अब लगता है घर की सब औरतें तेरे नीचे हों गई वैसे एक बात और है

मैं : हाँ बोलो न

रानी बुआ : वो ज़ीनत को बी अगर चाहो तो वो क्या है न वो खुद से बोल नहीं पति लेकिन उस ने बी करना है

मैं : हाँ तो कभी रख लो मैच आप दोनों और वो सब मिल क करते हैं

रानी बुआ : खुश हो क्र थैंक्स मुझे लगा तू नहीं मने गए

मैं : आप सब अब हमारी फॅमिली हो आप लोगों क लिए तो जान बी हाज़िर है बीएस आप से जो पास्ट मैं ग़लतियाँ हो गई दोबारा नहीं होनी चाहिए क्या मैं इतना पराया था क आप ने मसीबत मैं बी मुझे नहीं बताया और हाँ किसी दिन जैन गए आप की सहेली नदिअ की तरफ किया तो उस ने आप क सतह धोका hi था लेकिन उस का बदला अब मेरा लुंड ले गए उस की बेटियां बी हैं न

रानी बुआ : नहीं बीटा किसी बेक़सूर क सतह कुछ नहीं करना उस की बेटियों का क्या क़सूर हाँ नदिअ को मैं ने महफ क्र दिया है वो बोहत शर्मिंदा बी होइ थी

मैं : मज़ाक़ क्र रहा हों मैं देख क hi समझ गया था नदिअ चाहिए खुद जैसी बी थी लेकिन उस ने अपनी बेटियों की परवरिश अछि की है वो दोनों शरीफ हैं ाचा अब फ्रेश हो क सो जाओ

फिर हम सब फ्रेश हुवे और लेट गए रात क 12 बज गए थे फिर हम एक दूसरे को बाँहों मैं भर क सो गए सुबह मैं जल्दी उठ क्र रनिंग एक्सरसाइज योग क्र क वापिस आ गया और नाहा क तैयार हुवा फिर नीचे आया तो सब मजूद थे नाश्ता लगा दिया गया मैं ने देखा दोनों बुआ बोहत खुश थी

हरीम : क्या बात है अम्मी आज आप बोहत खिली खिली लग रही हो

कश्मला बुआ : आर्य अब मेरी बेटी तू जो मेरे पास आ गई है िसिये

फरिहा : आप कुछ बी बोलो बुआ बात कुछ और है

मैं : आर्य यार तो अछि बात है न वो खुश और खिली लग रही हैं तो

फरिहा : अच्छा अब समझी तो यह बात है क्यों खिली खिली लग रही हैं

कश्मला बुआ : का क्या मतलब क्या समझी

मैं : छोड़ो न बुआ इन को यह तो तंग खेंच रही हैं

फरिहा : हाँ तो ाचा है न तंग खरंच रही हों वैसे बी रात को फोल्ड होइ रही हों गई

मैं : आपि ऐसे नहीं बोलते

फरिहा ने जब देखा कश्मला बुआ की आँखें नुम हो गई हैं तो वो फ़ौरन उठी और कश्मला बुआ को पीछे से बाँहों मैं भर लिया और उन क गाल पेय किश क्र क उन क कान मैं बोली

फरिहा : मेरी पायरी बुआ मैं मज़ाक़ क्र रही थी आप तो हैरत हो गई मैं सब जानती हों और आप को शर्मिंदा होने की ज़रुरत नहीं आप क सतह बचपन नहीं गुज़ारा न तो अब आप सतह हो हम अब बी आप से मज़ाक़ नहीं करें गई तो कब करें गई कभी बी हमारी बात का बुरा मत man'na हम सब आप से प्यार करते हैं

कश्मला बुआ : नहीं मेरी बची बुरा नहीं लगा बल्कि यह आंसू इस लिए आ गए पहले कोई था नहीं हंसी मज़ाक़ करने वाला बोहत अकेली हो गई थी मैं आज आप सब का प्यार सेहन नहीं क्र प् रही हों

मैं उठ क बुआ क पास गया

मैं : बुआ आज क बेहद आप अकेली नहीं हो भूल जाओ वो सब

अम्मी : हाँ मेरी बहन भूल जाओ सब जो हुवा अब जो आगये है उस को ख़ुशी से जी लो

मैं : आर्य नाश्ता ठंडा hi रहा है चलो सब नाश्ता करो

हम सब ने नाश्ता किया फिर मैं सब से इजाज़त ले क बाहिर निकला तो िरुम भगति होइ आई

मैं : आर्य आराम से गिर जाओ गई

िरुम : आप कब वापिस आओ गए

मैं : क्यों क्या हुवा

िरुम : वो कैसे बातों

मैं ने उस का दिमाग़ रीड क्र लिया

मैं : बीएस 2 दिन सबर करो फिर हम सब सतह चलें गए और बोहत साडी शॉपिंग करें गए ok

िरुम : आप को कैसे पता चला क मैं शॉपिंग का बोलने आई थी

मैं : मैं तो यह बी जनता हों तुम्हें कोण पेरशान किया करता था जब तुम कॉलेज जाती थी

िरुम की आँखें बड़ी हो गई

मैं : पेरशान न हो मुझ से कुछ नहीं छुपता यह तो तुम को पता hi है भूल गई उस दिन कैसे मैं लाया था आप दोनों को ग़ैब क्र क

िरुम : वैसे न मुझे सब jan'na है क आप हो क्या चीज़

मैं : उस क लिए तुम को गुड़िया से राब्ता करना हो गए

िरुम : ok ठीक है

मैं ने गाड़ी निकली और अदनान क घर की तरफ चल पड़ा उस क घर क बाहिर रुका हॉर्न दिया वो बाहिर आ गया आ क गाड़ी मैं बैठा और हम निकल गए सिटी की तरफ रस्ते मैं एक कॉल की हम ने और हम पोंछे एक ऑफिस क बाहिर एक बाँदा बाहिर खड़ा था वो हम को ले क अंदर चला गया अंदर पांच क्र सामने वाला बाँदा हम्हें देख क खड़ा हो गया

मैं : कैसे हो अधिवक्ता साजिद साहब

साजिद : सर आप की दुआ है आप ने ज़िद की आने की वर्ण मैं आ जाता लेकिन आप नहीं मने

मैं :आर्य नहीं मुझे वैसे बी यह काम यहाँ hi करना है तो बोलो वकील साहब सब पेपर तैयार हैं

साजिद : हाँ सर सब तैयार हैं यह रहे प्रॉपर्टी क पेपर और यह रहे डाइवोर्स क पेपर

मैं : और मंथली खर्चा

साजिद : हाँ वो बी है पैर मंथ 20 हज़ार

मैं : गुड तो अब चलें फिर

साजिद : हाँ क्यों नहीं

फिर साजिद अधिवक्ता को ले क हम पोंछे एक घर क बाहिर हम ने गाड़ी रोकी और बेल्ल बजे कुछ देर बेहद एक औरत ने दूर खोला

औरत : ग किस से मिलना है

मैं तो उस को देख क hi हैंग हो गया साली क्या माल थी सफेद गोरा रंग बड़े बड़े ममे पतली कमर बाहिर को निकली गांड मैं सोचने लगा साला अदनान क बाप का क्या क़सूर यह साली तो है hi बम

मैं : ग क्या ज़ाहिद साहब घर पेय हैं

औरत : ग हाँ वो अंदर हैं लेकिन आप कोण

मैं : उन को बोलो वकील साहब ए हैं कुछ बात करनी है

इतने मैं अंदर से अदनान क अबू की आवाज़ आई आर्य लुबना कोण है बाहिर

हम उस औरत क सतह अंदर आ गए जब ज़ाहिद की नज़र हम पेय पड़ी तो उस क होश उड़द गए खास क्र क अपने बेटे अदनान को देख क्र

ज़ाहिद : तू तुम लोग यहाँ कैसे किस ने दिया यहाँ का पता

मैं : यार अदनान तुझे देख क इन को मिलना चाहिए था यह तो उल्टा सवाल क्र रहे हैं

ज़ाहिद : देखो कशी यह मेरा निजी महंला है जाओ तुम लोग यहाँ से

अदनान : कोण सा निजी महंला वहां हम बैठे रोटी को तरस रहे हैं और आप यहाँ अयाशी क्र रहे हो इन जैसी औरतों क सतह क्या क़सूर था मेरी माँ का जो ूसये वहां अकेले छोड़ ए क्या क़सूर था मेरी बहन का जो बैठी अपने सुसराल जाने का इंतज़ार क्र रही है क्या क़सूर था मेरा जो बाप क होते हुवे बी यतीम की ज़िन्दगी ग रहा हों आप ने इस औरत क लिए मेरी माँ को छोड़ा यद् रखना आज पैसा है तो यह है जब नहीं हो गए तो यह पानी बी नहीं पूछे गई और छोड़ जाये गई आप को मरने क लिए तब आप बछताओ गए समझे

ज़ाहिद : अपनी हद मैं रह तेरी माँ ने आज तक किया hi क्या है मेरे लिए एक पेंडू औरत मैं इस क सतह खुश हों और मैं नहीं जाना चाहता वापिस वहां

अदनान : तो ठीक है यह रहे पेपर्स सिग्न क्र दीजिये

ज़ाहिद : कैसे पेपर

अदनान : डाइवोर्स पेपर आप मेरी माँ को तलाक़ डे रहे हो

ज़ाहिद : ाचा है बाला से जान छूटे गई

मैं : एक मिनट सतह इन पेपर्स पैर बी सिग्न करने हों गए

ज़ाहिद : कैसे पेपर्स

मैं : प्रॉपर्टी क आप अपनी प्रॉपर्टी अपने बेटे अदनान और बेटी तूबा क नाम क्र रहे हो अपनी मर्ज़ी से

ज़ाहिद : यह मैं नहीं करों गए और वैसे बी मेरे पास इतनी प्रॉपर्टी नहीं है

मैं : पूरी कुंडली है आप की मेरे पास यह घर इस क इलावा 2 घर और हैं आप क हम ज़ियादिति नहीं करें गए गाओं वाला घर हो गए नूर बनो आंटी क नाम यह घर आप इन मेडम को डे दें बाक़ी रहे 2 घर एक अदनान क नाम और एक तूबा क नाम

लुबना : मेरे जीते ग ऐसा कभी नहीं हो गए

मैं : हो गए ज़रूर हो गए समझी आप बीएस आप देखती जाओ अभी तो आप क प्यारे हस्बैंड को आप की असलियत का नहीं पता और इस क इलावा आप क 2 बैंक अकाउंट हैं एक जिस मैं सिर्फ 2 लाख हैं जिस मैं आप खर्चा वग़ैरा करते हैं जब क एक आप का सीक्रेट अकाउंट है पता है अदनान कितनी अमाउंट है 5 करोड़

अदनान : क्या 5 करोड़ पैर इतने पैसे

मैं : यह एक पटवारी से मिल क्र शामलात ज़मीन खरीद लेते हैं या क़ब्ज़ा क्र लेते हैं जिन ज़मीन का कोई ओनर नहीं होता फिर उन क पेपर बना क्र आगये सेल क्र देते हैं तो जनाब असूल क हिसाब से यहाँ क 2 घर और 3 करोड़ रूपीस आप इन क नाम क्र रहे हो चलो सिग्न करो वर्ण वो सबक़ सीखों गए यद् रखो गए आप की विल बानी होइ है सिग्न करो ता क हम जा सकें बाक़ी हमारा वकील देख ले गए

ज़ाहिद : मेरा इन से अब कोई वास्ता नहीं है न hi कोई रिश्ता है तो मैं क्यों दूँ

मैं : दिमाग़ ख़राब मत क्र नहीं तो जान से मार डॉन गए और हाँ यह है अकाउंट नंबर इस मैं हर मंथ 20 हज़ार नूर बनो आंटी क लिए तुम डालो गए वर्ण मैं क्या हों पता चल जाये गए

इतने मैं लुबना अंदर चली गई दूसरे रूम मैं और कुछ देर बेहद फिर आ गई

लुबना : देखो बेथ क बात क्र लो मैं चाहिए बनती हों

वो चाहिए बनाने चली गई ज़ाहिद था क सिग्न करने क मूड मैं नहीं था

साजिद : सर लगता है यह ऐसे सिग्न नहीं करें गए

मैं : करें गए ज़रूर करें गए देखता जा

कुछ देर मैं चाहिए आ गई मैं ने सब कप को घोर से देखा तो उस मैं कुछ मिला हुवा था मैं ने पावर से वो चाहिए hi बदल दी हम बेथ क चाहिए पीने लगये फिर

मैं : बोलो क्या सोचा है तुम ने

ज़ाहिद : तुम लोग अपना टाइम बर्बाद क्र रहे हो

मैं : ो ाचा कोई नहीं हम फ्री हैं आज पूरा दिन आप बीएस बोलो करना क्या है

ज़ाहिद : मैं ने सिग्न नहीं करने

मैं कुछ बोलता इस से पहले बाहिर बेल्ल बजी जिस को सुन क्र लुबना क चहेरे पेय मुस्कान आ गई वो उठ क गई और कुछ देर बेहद उस क सतह पुलिस थी जो अंदर आ गई

लुबना : एहि हैं वो लोग जो हमारे सतह ज़बरदस्ती क्र रहे है हम से जायदाद लेना चाहते हैं ज़बरदस्ती सिग्न करवाना चाहते हैं

इंस्पेक्टर: क्यों बे तू कोई दादा है यहाँ का जो लोगों से उन की जायदाद ज़बरदस्ती सिग्न करवा रहा है

मैं : हमारे पास सब कोर्ट की तरफ से परमिशन हैं ok यह देखो और आप लोगों ने बीच मैं आने की कोशिश की तो अंजाम खुद सोच लेना किन क मैं वरन्निंग सिर्फ एक hi बार देता हों

इंस्पेक्टर: मुझे धमकी डे रहा है राणा याक़ूब को

मैं : अभी आप क फ़ोन पेय एक कॉल ए गई वो सुन लेना

इतने मैं उस का मोबाइल बजा वो सब हैरान थे जब उस ने अटेंड किया तो उस की पहात क हाथ मैं आ गई फ़ौरन कॉल सुत्त क्र क मेरे पाऊँ पकड़ लिए

इंस्पेक्टर: मुझे महफ क्र दो सर मैं नहीं जनता था आप को आप जो चाहिए करो मैं बेच मैं नहीं आऊं गए मैं जा रहा हों

वो भाग गया अपने स्थि ले क्र लुबना का मुंह खुला रह गया

मैं : क्यों मेडम और किसी को बुलाना है

लुबना : की किस का फ़ोन था

मैं : कम का

लुबना : क्या...

मैं : चलो सिग्न करो वर्ण मेरी पांच का तुम सोच बी नहीं सकते समझे

ज़ाहिद डर गया था उस ने सिग्न क्र दिए सब पेपर्स पैर

लुबना : छोड़ों गई नहीं मैं तुम लोगों को

मैं : क्या क्र ले गई तेरी असलियत बताओं तेरे खसम को तो सुन तेरी माँ रुबीना ने भाग क शादी की थी लेकिन तेरा बाप जवारी निकला सब कुछ जुवे मैं हार गया यहाँ तक क तेरी माँ रुबीना को बी दहो पेय लगा दिया वो बी हर्र गया तेरे बाप क दोस्त hi थे सब उन सब ने तेरी माँ को रात भर खूब मज़े से छोड़ा तू उस वक़्त पेट मैं थी उस क बेहद तेरी माँ को उन लोगों ने एक बार नहीं बोहत बार आ क छोड़ा वो आते तेरे बाप क आगये पैसे फेंकते और तेरी माँ पेय चढ़ जाते तेरी माँ को बी आदत लग गई इस सब की तू पैदा होइ फिर तेरी माँ उस क बेहद एहि काम करने लगी अब तेरे बाप क दोस्तों क इलावा बी कस्टमर आने लगे ेस्ता ेस्ता पूरे एरिया मैं बात फेल गई तेरा बाप तुझे और तेरी माँ को ले क वो इलाक़ा छोड़ गए एक नै जगा आ क रहने लगे वहां बी एहि काम स्टार्ट किया एक कोठा बना लिया तेरी माँ ने तेरी माँ रुबीना से रूबी मशहूर हो गई रूबी रंडी क नाम से तू बड़ी होती चली गई चकले का माहौल देख देख क बड़ी होइ थी इस लिए कच्ची उम्र मैं hi तू ने बी यह काम शुरू क्र दिया हर रात तेरी बोली लगती क्यों क तू ख़ूबसूरत थी अभी जो तेरा यह नाम है न लुबना असल मैं वहां यह नाम नहीं था तुम पारी क नाम से जनि जाती थी फिर एक बार एक पुलिस वाला आया और उस ने तेरी माँ को उठा लिया उस दिन तू वहां नहीं थी इस लिए बच गई कोठा बंद हो गया तेरा बाप शराब क नशे मैं गाड़ी क नीचे आ क मर गया कोठा बंद होने से तू बी किसी और जगा चली गई तेरी माँ को एड्स निकल आया और वो 1 साल पहले मर गई तू ने सोचा कोई बड़ी मछली फंसा लेती हों एक दिन तू ने एक होटल मैं खाना कहते हुवे इस ज़ाहिद की बातें सुन ली जो ज़मीन बेच क करोड़ों अंदर करने क थे तुम इस क पीछे लग गई तुम्हें पता चल गया क इस क पास कितना पैसा कितने घर हैं इस लिए तुम ने ज़ाहिद क सतह मुख्तलिफ जगा इत्तेफ़ाक़ से टकराना शुरू क्र दिया जिस की वजा से तुम दोनों मैं hello हए स्टार्ट होइ बेहद मौन दोस्ती फिर रेलेशं फिर शादी हो गई इस शादी क पीछे तेरा सिर्फ एक hi मक़सद था पैसा और सिर्फ पैसा और कुछ बताओं क बोहत है मिस पारी

लुबना : इतना तो मुझे बी अपने बारे मैं नहीं पता

ज़ाहिद : तू एक कोठे वाली तवायफ है मतलब तुम ने यह सब मेरी जायदाद क लिए किया

लुबना : हाँ किया मैं ने तो क्या ग़लत किया तू कोण सा दूध का धुला है लोगों की ज़मीन पेय क़ब्ज़ा क्र क बेच देता है यह बी हराम का कमाया हुवा है हाँ मैं ग़लत थी लेकिन मैं ने अब छोड़ दिया सब अब मैं तुम्हारे सतह hi रहना चाहती हों चाहिए कुछ दो या न दो

मैं : हम चलते हैं

लुबना : ठहरो मुझे महफ क्र दो मैं आंधी हो गई थी पैसे क लिए लेकिन मैं अब बदल गई हों बीएस अब अपने गुनाहों की महफि मांगों गई ग़लती इंसान से hi होती है बीएस एक बार महफ क्र दें और हाँ आप की चाहिए मैं ज़हर मिला दिया था मैं ने प्लीज आप हॉस्पिटल चलो

मैं : हाहाहा ज़हर हमारा कुछ नहीं बिगड़ सकता समझी आप और मुझे ख़ुशी है क आप ने खुद को बदलने का फैसला किया यह लो मेरा नंबर कभी बी कोई मसला हो तो कॉल क्र देना और हाँ मर ज़ाहिद चलते हैं हम अब यह हमारी ज़िमेदारी हैं आज से नूर बनो आंटी, अदनान और तूबा मेरी फॅमिली का हिंसा हैं कभी भूल क बी मत आना वहां

हम वहां से निकल ए


बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं...
 
अपडेट 112

हम वहां से निकले और अधिवक्ता साजिद को उस क ऑफिस छोड़ा फिर हम वापिस गाओं आ गए अदनान क घर क बाहिर गाड़ी रोकी और हम उन क घर चले गए नूर बनो आंटी और तूबा घर hi थे हम ने उन को साडी बात बताई फिर मैं ने डाइवोर्स पेपर पैर नूर बनो क बी सिग्न लिए

नूर बनो : नुम आँखों क सतह आज मैं तलाक़ याफ्ता हो गई

मैं : नहीं आंटी आप उस शख्स क लिए क्यों आंसू बहा रही हो जो अपनी ज़िन्दगी मैं आप को कोई अमित न डे जो यह बोले क नूर बनो ने ूसये दिया hi क्या है क्या आप ने अपने बदन से उस को एक बेटी और बीटा नहीं दिया क्या साडी ज़िन्दगी उस क लिए खाना नहीं पकाया क्या साडी ज़िन्दगी उस की खिदमत नहीं की क्या साडी ज़िन्दगी उस क रहते वफादारी से नहीं रही क्या जो होना था हो गया मैं चाहता तो उस को समझा क ला बी सकता था लेकिन आप क बदलते रिश्ते को देख ये मुमकिन नहीं था उन क रहते न आप खुल क अपनी आगये की ज़िन्दगी जी पति न अदनान और तूबा का रिश्ता हो पता अब सब क्लियर है नै ज़िन्दगी शुरू करो सिटी जैन गए और वहां एक नई लाइफ शुरू करें गए

नूर बनो : ठीक कह रहे हो अब एक आज़ादी सी महसूस हो रही है जैसे किसी बंधन से आज़ाद हो गई हों कब चलना है सिटी

मैं : कुछ दिन और एक दोस्त की शादी है वो हो जाये फिर हम सब बी सिटी शिफ्ट हो रहे है और आप को बी ले जाओं गए आप लोग ऐसा करो 2 जोड़ी कपडे उसे क बाहिर रहने दो बक सब पैक क्र दो जो बी सामान ले क जाना है और हाँ इस घर का क्या करना है अब यह आप क नाम है

नूर बनो : अब इस का क्या करना है कोण सा हम ने वापिस आना है

मैं : ok तो ऐसा करता हों वकील से बात करों गए जैसे hi इस की रेगिस्टरी हो जाती है इस को सेल क्र दें गए आप क अकाउंट मैं पैसे दाल दें गए बाक़ी 2 घर सिटी मैं बी हैं जो तूबा और अदनान क नाम करवा लिए हैं मैं ने उन का रेंट बी आया करे गए आप का गुज़ारा अचे से हो जाया क्रय गए बाक़ी जो घर मैं ने दिया है वो मेरी तरफ से गिफ्ट है

नूर बनो : लेकिन एक बात समझ नहीं आई तेरे पास इतने पैसे ए कहाँ से मैं ने तुम्हें साडी ज़िन्दगी यहाँ hi देखा वो बी स्टूडेंट क रूप मैं तो फिर हाँ सिर्फ जब तुम बोर्डिंग मैं पढ़ने गए उस का पता नहीं क वहां क्या करते रहे तुम

मैं : ok लगता है अब वक़्त आ गया आप लोगों को सब सुच बता hi दूँ

तूबा : कैसा सुच

मैं : मेरी ज़िन्दगी का सुच वो सुच जो सिर्फ मेरे क़रीबी जानते हैं क्यों क आज से आप लोग बी मेरी hi फॅमिली का हिंसा हो तो आप को बी पता होना चाहिए क मैं क्या हों और क्यों हों लेकिन उस से पहले एक वहदा चाहिए आज जो बी मैं आप से कहां गए जो बी मेरा राज़ है वो आप तीनो से आगये नहीं जाये गए आंटी ग चाहिए वो पीने hi क्यों न हो क्यों क आप क पेट मैं कोई बात नहीं रहती यह मैं अछि तरह से जनता हों

नूर बनो : मैं वहदा करती हों तुम जो बी बताओ गए वो इस नूर बनो क सीने मैं दफ़न हो जाये गए पेट तक पोंछे गए hi नहीं जो आगये जा सके

इस बात पेय सब हंस पड़े

तूबा : हाँ कशी हम बी वहदा करते हैं

मैं : अदनान जाओ बाहिर वाला मैं गेट अंदर से बंद क्र आओ

अदनान गया गेट को अंदर से बंद क्र क आ गया

मैं : बात यह है क मेरा यह दूसरा जनम है 500 साल पहले बी मैं था लेकिन मेरे सतह कुछ ग़लत हुवा था जिस की वजा से मेरा मर्डर हो गया था

तूबा : देखो कशी मज़ाक़ नहीं सुच सुच बातो हम बेवक़ूफ़ नहीं हैं

अदनान : तूबा प्लीज ऐसा मत बोलो कोई और के या न के मुझे इस पेय यक़ीन है क यह न तो झूट बोले गए और न hi इस वक़्त मज़ाक़ क्र रहा है

मैं : थैंक्स मुझे पता है तुम मुझ पेय यक़ीन करो गए बात ऐसी है क आप को यक़ीन नहीं हो गए अब मुझे देखना मैं अपने असली रूप मैं आता हों

मैं उन क सामने खड़ा हो गया मैं ने अपनी आँखें बंद की और उसी वक़्त मौसम बदलने लगा अचानक तेज़्ज़ हवा चलने लगी काळा बदल आसमान मैं आने लगे बिजलियाँ कड़कने लगी दिन मैं hi रात का मंज़र महसूस हो रहा था उन काळा बादलों मैं से 5 रोशनियां निकली जो मेरे चरों तरफ घूमने लगी रौशनी इतनी तेज़्ज़ थी क उन टीनू को बी अपनी आँखें बंद करना पड़ी वो सब ृष्णियां मुझ मैं समां गई मौसम ेस्ता ेस्ता ठीक होने लगा बदल हैट गए सूरज की रौशनी फिर से हर तरफ छह गई मैं ने अपनी आँखें खोल ली

मैं : अब अपनी आँखें खोल लो

उन सब ने अपनी आँखें खोल ली जब मुझे देखा तो तीनो शॉक हो गए नूर बनो आंटी और तूबा तो मेरी आँखों मैं hi खो गई मेरी ब्लू आँखें उन को अपनी तरफ खींच रही थीं मेरा चहेरा इतना साफ़ ख़ूबसूरत हो गया था क वो खुद से कण्ट्रोल खोह beth'ti इस से पहले hi मैं नार्मल हो गया और वो एक दम से होश मैं आ गई मैं या वो कुछ बोलते उस पहले hi मेरा फ़ोन बजा देखा तो गुड़िया की कॉल थी मैं ने मुस्करा क अटेंड की

मैं : ग मेरी जान क्या हुवा

फरज़ाना : कहाँ हो आप क्या हुवा है

मैं : यहाँ hi हों मेरी जान गाओं मैं नूर बनो आंटी क घर अभी वापिस आया हों थोड़ी देर मैं आता हों सतह hi खाना खाएं गए

फरज़ाना : यह मौसम क्यों बदला था क्या हुवा है

मैं : कुछ नहीं बीएस इन सब को अपने बारे मैं बता रहा था यह यक़ीन नहीं क्र रही थीं इस लिए बीएस छोटा सा नमूना दिखाया है

फरज़ाना : ok ठीक है जल्दी आना

मैं : ok आता हों अम्मी को बी बता देना वो बी पेरशान हो गई हों गई

फरज़ाना : वो बी पास hi हैं ok bye

मैं ने फ़ोन जेब मैं रखा

नूर बनो : यह सब क्या था

मैं : मेरा असली रूप

नूर बनो : इतना मौसम का बदलना यह सब बी वो रौशनी कैसी थी हम को तो अपनी ऑंखें बंद करना पड़ी

मैं : वही तो बता रहा हों लेकिन आप हो क सुन hi नहीं रही मैं कोई नार्मल इंसान नहीं हों मुझ मैं पावर्स हैं मैं अपना बदला लेने क लिए पैदा हुव हों आप दोनों ऐसे hi मेरी तरफ खेचि होइ नहीं आती हो मुझ मैं कुछ तो है जिस वजा से है मैं अपने असली रूप मैं थोड़ी देर और रहता तुम दोनों कण्ट्रोल खो beth'ti मेरी कोई एक शादी नहीं होनी बोहत सी शादियां होनी हैं जिन मैं सब मेरी बहन बी शामिल हैं और बी बोहत स लड़कियां हैं आंटी सिर्फ एक आप नहीं जिस को मैं ने जिस्मानी सुख देना है मेरे घर और बाहिर बोहत सी औरतें हैं अब नाम नहीं बताओं गए जिन को मैं डे बी चूका हों रही बात पैसे की तो मेरा अपना बिज़नेस है जो मेरे घर वालों क इलावा चाँद एक बन्दे हैं जिन को पता है आप लोगों को यद् हो गए आपि फरिहा क बर्थडे पेय आप को सिटी ले क गया था जिस महल मैं वो बर्थडे पार्टी होइ थी वो मेरा hi है आप लोग सिटी बी गए हुवे हो शॉपिंग पेय अदनान तुम तो बोहत बार जा बी चुके हो K&F शॉपिंग मॉल, K&F होटल्स, K&F ग्रुप ऑफ़ इंडस्ट्रीज और K&F ग्रुप ऑफ़ कंस्ट्रक्शन सब मेरे हैं पाकिस्तान मैं इस वक़्त पहले नंबर पेय मैं हों और आज तक लोगों को पता बी नहीं है क K&F कम्पनीज का ओनर कोण हैं लाखों नहीं करोड़ों नहीं अरबों का बिज़नेस है

मैं चुप हुवा तो देखा सब शॉक थे

मैं : क्या हुवा

अदनान : बेलीवे नहीं हो रहा क इतना बड़ा आदमी मेरा दोस्त है और यह बात तुम ने मुझ से बी छुपाई

मैं : हर चीज़ का एक वक़्त होता है जैसे अब था तो बता दिया

नूर बनो : मतलब तुम इतने बड़े आदमी हो क्र बी हम जैसों क सतह अपनों की तरह रहते हो कभी लगने hi नहीं दिया क तुम हम से अलग हो

मैं : मैं अलग कहाँ हों आंटी और मैं 3 बातें हर एक को बोलता हों अदनान ज़रा घोर से sun'na और पीला बांध लेना क्यों क वक़्त एक जैसा नहीं रहता कल को तुम बी पैसे वाले हो सकते हो

1. कभी बी अपनी औक़ात मत भूलना चाहिए दुन्या क अमीर शख्स बी बन जाओ

2. कभी ग़रूर मत करना क्यों क रब क आगये हम सब कुछ बी नहीं हैं रब को अकड़ पसंद नहीं

3. कभी किसी ग़रीब, मजबूर, मस्कीन और महज़ूर का हक़ नहीं मरना

यह तीन बातें हमेशा पीला बांध लो

नूर बनो : मुझे फखर है तुम पेय बीटा क तुम ने खुद इन बातों पेय अमल किया इस लिए रब ने बी तुम्हरे ऊपर करम किया

मैं : देखा था आप ने जैसे hi मौसम बदला मुझे घर से फ़ोन आ गया था उन को पता चल गया था क कुछ हुवा है मेरे सतह

तूबा : आप अपनी बहेनो क सतह बी

मैं : हाँ सब मेरी क़िस्मत मैं लिखा जा चूका है मैं बदल नहीं सकता उस को अब मैं चलता हों जैसा बोलै था इस का ज़िकर नहीं करना किसी से और अपनी पैकिंग क्र लेना

मैं वहां से निकल आया गाड़ी मैं था क मुझे जमीला नज़र आई वही जो चौधरी क घर नौकरानी है मैं ने गाड़ी उस क पास रोकी

मैं : कहाँ जा रही हो आंटी कहें खेत को पानी तो नहीं लगवाना

जमीला : आर्य कशी बाबू तुम आर्य तुम तो नज़र hi नहीं आते हमारे खेत तो अब सूखे पड़े हैं कहाँ कोई पानी लगाए गए

मैं : आर्य मैं हों न किसी दिन लगा दूँ गए ok फ़िक्र न करो यह बातो कहाँ चली

जमीला : वो मैं आप क घर hi जा रही हों वो क्या है न छोटी मालकिन आप क घर गई हैं तो उन को लेने जा रही हों


नोट : ( मैं ने चौधरी करम दीं की बेटी का नाम नौरीन लिखा था लेकिन स्टोरी मैं जमशेद की बीवी का बी नाम नौरीन चल रहा है तो इस लिए मैं चौधरी की बेटी का नाम चेंज क्र क अब से सुमैरा लिख रहा हों)

मैं : हमारे घर क्यों खैर है

जमीला : वो तो मुझे नहीं पता सिर्फ इतना पता है क कह रही थीं क किस यूनिवर्सिटी मैं आप लोगों ने जाना है शायद वही पता करना था

मैं : ओह ाचा समझ गया ाचा बेथ जाओ गाड़ी मैं घर hi जा रहा हों

वो दूसरी साइड से बेथ गई हम घर आ गए वो उत्तरी मैं बी गाड़ी पार्क क अंदर चला गया सामने hi गुड़िया और सुमैरा बैठी थीं बाक़ी सब बी वहां hi थे सुमैरा ने मुझे देखा तो शर्मा गई मैं यार इस को क्या हुवा है तो ख़ूबसूरत

मैं : आर्य आज मेहमान ए हैं हमारे घर कैसी हो सुमैरा

सुमैरा : ग ठीक हों आप कैसे हैं

मैं बी वहां एक सोफे पेय बेथ गया जमीला बी सतह आई थी तो वो कड़ी रही

अम्मी : आर्य जमीला कड़ी क्यों हो बेथ जाओ

वो बी एक तरफ बेथ गई

मैं : ाचा खैर है न आज हमारे घर

फरज़ाना : वो यह पूछने आई थी कोण स यूनिवर्सिटी मैं एडमिशन लिया है तो मैं ने बता दिया है यह बी वहां hi जाना चाहती है

मैं : चलो ाचा है मैं ज़रा फ्रेश हो लोन मैं ऊपर आ गया रूम मैं आ क्र फ्रेश हुवा फिर बाहिर आया बाथरूम से तो बीएड पेय गुड़िया क सतह सुमैरा बी बैठी थी मैं हैरान था यह यहाँ कैसे

मैं : गुड़िया कोई मसला है क्या

फरज़ाना : यह आप से कुछ बात करना चाहती है प्लीज आप इस की बात सुन लो इस ने जाना बी है

मैं : ok तो बोलो

फरज़ाना : मैं आती हों आप बात क्र लो

गुड़िया रूम से निकल गई मैं सुमैरा क सामने बेथ गया एक चेयर पेय

मैं : क्या बात है सुमैरा बोलो न

सुमैरा : कैसे बोलों समझ नहीं आ रही कशी बात यह है क मैं आप क hi कॉलेज मैं थी वहां बी आप क क़रीब आने की कोशिश की दोस्ती करना चाही लेकिन आप ने कोई तवज्जो न दी आप शायद जानते बी नहीं थे मुझे आप की ग़लती बी नहीं है आप बोर्डिंग पढ़ क ए थे शायद आप को यद् न हो जब हम छोटे थे तो स्कूल बी एक सतह पढ़ते थे तब बी आप मुझ से बात नहीं करते थे लेकिन मैं तब बी आप को देखा करती थी एक दिन मैं साइकिल से गिर गई आप बी हमारे पीछे आ रहे थे आप ने मुझे उठाया मेरे घुटने पेय चोट थी मैं रो रही थी लेकिन आप ने अपनी शर्ट पहाड़ दी मेरे घुटने पेय बंधी मैं अपने ज़ख़्म को भूल गई बीएस आप को hi देखती रही आप ने अपनी साइकिल से मुझे घर छोड़ा तब बी मैं आप से बात करने की कोशिश की लेकिन आप गाओं छोड़ क बोर्डिंग चले गए जब वापिस ए कॉलेज मैं आप को देखा तो हिम्मत hi नहीं होइ आप से बात करों पैट नहीं क्यों पैर आप दूर होते हो तो लगता है दुन्या मैं अकेली पद गई हों जब बी आप का चेहरा सामने आता है पता नहीं क्यों खींची चली जाती हों अब आप िस्ये प्यार कहें या दीवानगी या कुछ और पैर सुच यह है ी लव यू

मैं :तुम एक अछि लड़की हो मैं जनता हों और तुम्हें क्या लगता है मुझे पता नहीं क तुम मुझे देखती रहती थी सब जनता था मैं लेकिन तुम मेरे बारे मैं अभी कुछ बी नहीं जानती ऊपर से तुम्हरे अबू उन क बारे मैं तुम खुद नहीं जानती ऐसा करो अभी टाइम काम है तुम जाओ घर यह रखो मेरा कार्ड मेरा नंबर है इस पेय मश्ग करना मैं कॉल करों गए ok अब जाओ बाक़ी सब मैं तुम को बताओं गए अब जाओ

सुमैरा : ठीक है चलती हों

वो जाने लगी तो मैं ने उस का हाथ पकड़ा और गले लगा लिया क्यों क वो मासूम थी बिलकुल अपने माँ बाप से हैट क्र फिर मैं अलग हुवा उस क माथे को चूमा उस की आँखों मैं एक चमक स थी

सुमैरा : थैंक्स ी लव यू

मैं : ी लव यू तू अब जाओ

वो खिशी से खिली होइ रूम से निकली बाहिर hi गुड़िया थी जिस को सब पता था वो नीचे चली गई मैं बी नीचे आया सुमैरा जमीला क सतह निकल गई

मैं : आर्य कोई खाना बी डे दो

भाभी : आप बैठो अभी लती हों

मैं बेथ गया

दादी : बीटा क्या बना नूर बनो क काम का

मैं : दादी सब हो गया है अब कोई मसला नहीं

अम्मी : तो उन को बी अपने बारे मैं बता दिया

मैं : अम्मी वो बी अब अपनी hi फॅमिली का हिंसा हैं तो बताना पड़ा

भाभी : यह लो खाना हम सब खा चुके बीएस गुड़िया रहती है

फरज़ाना : आर्य भाभी कोई तो होना चाहिए न इन का सतह देने क लिए

मैं : नहीं गुड़िया तुम बी खा लेती ऐसे इंतज़ार नहीं किया करो और सतह देने क लिए मेरे पास आईडिया है आप सब एक एक निवाला बी मेरे सतह लो तो जब तक सब का होता है मेरा खाना बी हो जाये गए

अम्मी : हाँ ग थोड़ी हों तो तब न अभी अभी तो एक गई है तुम्हें क्या लगता है जब वो ऊपर गई थी तब और वापिस आई तब मैं ने उस क चेहरे को नहीं देखा जाते हुवे उस क चेहरे पेय पेरशानी डर पता नहीं क्या क्या था वापिस एते हुवे उस का चेहरा जिस तरह खिला हुवा था वो मैं क्या कोई बी देख क बता सकता है जैसे एक जीत की ख़ुशी होती जैसे सब कुछ पा लेने की ख़ुशी

फरज़ाना : आप ठीक बोल रही हो ामी वो बचपन से इन को चाहती है बीएस बोल आज पाई है आप तो जानती हैं इन को यह किसी को बी दुःख मैं नहीं देख सकते तो कैसे उस को मनः क्र देते

मैं : अम्मी वो बोहत अछि लड़की है अब यह आप को सेलेक्ट करना है किश बहु से लड़ाई करनी है हाहाहा

अम्मी : मुझे अपनी सब बहु नहीं बेटी क रूप मैं चाहिए लड़ाई क्यों करों गई भला

मैं : ाचा चलो बात ऐसी है कल मैं किसी काम से जा रहा हों सिआलकोट तो परसु वापिस आऊं गए

दादी : बीटा एक जगा रुकता क्यों नहीं तू

मैं : ाचा ग मेरी दादी को लगता है प्यार की ज़रुरत है

इतने मैं नौरीन आंटी और सेहरिश आंटी वहां आ गई

नौरीन : हाँ ग अपनी दादी को प्यार करना हम तो यहाँ सिर्फ रहने hi आई हैं न

सेहरिश : और नहीं तो क्या हमारे खसम तो मर गए हम क्या करें अब

अम्मी : आर्य तुम दोनों उदास क्यों होती हो कशी तो आप से बी प्यार करता है ऐसा नहीं होता तो सतह hi क्यों लता

मैं : आंटी आप लोग ऐसे hi टेंशन ले रही हो मैं हों न पेरशान न हों

फिर मैं उठ क्र घर से निकल गया और जा पोंछा पीने क घर उस ने दूर खोला मुझे देख क खुश हो गई मैं अंदर गया तो कोई नहीं

मैं : बचे कहाँ हैं

पीने : वो अपने मां क घर गए हैं

मैं : तुम नहीं गई

पीने : नहीं कल को वो वैसे बी वापिस आ जैन गए उन का स्कूल बी तो है मैं ने कहा क्या एक दिन क लिए क्या जाओं

हम अंदर ए पीने मेरे गले लग गई

मैं : क्या हुवा

पीने : वो नूर बनो आई थी बोल रही थी आप सब और वो बी यह गाओं छोड़ क जा रहे हो अब मेरा क्या हो गए

मैं : पीने दिल छोटा न क्र ाचा बेथ इधर एक बात बता तेरा भाई तुझ से बड़ा है या छोटा

पीने : मुझ से छोटा है अभी तो वो आप की आगे का है

मैं : इस का मतलब उस की अभी शादी नहीं होइ

पीने : नहीं शादी तो नहीं होइ क्यों तुम क्यों पूछ रहे हो

मैं : ाचा वो क्या करता है और घर मैं और कोण कोण है

पीने : घर मैं माँ है अबू हैं एक और भाई है वो बी मुझ से छोटा है लेकिन इस से बड़ा है उस की शादी हो चुकी है अब घर मैं भाभी बी है एक बेटी बी है उन की और यह भाई अभी फ़ारिग़ hi है

मैं : ाचा यह बता क यह खेत का काम जनता है मतलब खेती वग़ैरा और जानवरों का

पीने : हाँ जनता है लेकिन बड़ा भाई ज़ियादा जनता है वहां बी वो लोगों की ज़मीनो पेय काम करता है

मैं : गुड हो गया ऐसा क्र उन सब को यहाँ बुला ले सब को मेरा घर खली हो गए वहां hi रह लें गए घर बी बोहत बड़ा है उस को बी संभाल लें गए और तेरे भाई हमारे खेतों पेय काम बी क्र लिया करें गए माल मवेशी बी हैं उन को बी संभाल लें गए हम कुछ बी नहीं लें गए आप से चाहिए फसल हो या बाघ क फल या जानवरों का दूध आप खुद hi इस्तेमाल बी करना और फसल बेच क घर बी चलना इस क इलावा बी मैं खर्चा बेझता राहों गए

पीने : खुश हो क्र सुच मैं आज hi बात करती हों वैसे बी वहां जिस घर मैं रहते हैं वो अपना नहीं है उस का कराया देते हैं

मैं : और क्या चाहिए तुम को तुम चाहो तो उन क सतह उस घर मैं रह लेना चाहो तो यहाँ hi रहना यह तुझ पेय है

पीने : नहीं मैं यहाँ hi ठीक हों लेकिन मेरे मसले का हल वही है

मैं : उस का हल बी है मेरे पास ाचा एक बात बता तेरे छोटे भाई का नाम क्या है

पीने : हमजा

मैं : ाचा यह बता कभी तुझे लगा क वो तुझे बहन की नज़र से नहीं किसी औरत की नज़र से देखता है

पीने : कुछ सोच क्र हाँ ऐसा बोहत बार हुवा है मैं ने तो उस को अपनी पंतय मैं मुठ मरते हुवे बी देखा है

मैं : तो मसला बी हल हो गया पागल आज कल 90% लोग घर मैं hi यह खेल खेल रहे हैं अब एक काम क्र बाक़ी फॅमिली रहे गई हमारे घर और छोटे भाई को तुम अपने पास रहने क लिए बोलना फिर उस को थोड़ी लिफ्ट करवा अपने ममी दिखा अपना जिसम दिखा थोड़ा फलर्ट क्र और सुन थकन का बहाना बना क अपना जिसम दबवा और लास्ट दो खेलना उस को बोलना मालिश क्र डे कमर की दर्द है बीएस देखना बाक़ी वो क्या करता है

पीने : वैसे है बोहत हरामी तू सोचा नहीं था मैं ने सिर्फ तू ने मेरे भाई का बोलै hi है तो नीचे से टपकने लगी हों मैं वैसे आईडिया बुरा नहीं है और मुझे तरसना बी नहीं पड़े गए

मैं : चल तेरा मसला तो हल हुवा अब सीढ़ी हो तेरी यह जो टपक रही है न इस का पंक्चर लगा दूँ

फिर मैं ने एक तूफानी राउंड चुदाई का लगाया पीने क सतह और उस क बेहद मैं घर आ गया शाम का वक़्त था मैं नाहा क फ्रेश हो क लेट गया थोड़ी देर पता hi नहीं चला मेरी आँख लग गई रात क खाने क टाइम मुझ किसी ने हिलाया मेरी आँख खुली सामने हरीम कड़ी थी

हरीम : उठ जाओ खाना खा लो सब नीचे वेट क्र रहे हैं

मैं : आप गुड़िया कहाँ है

हरीम : क्या मेरा कोई हक़ नहीं क्या हर वक़्त गुड़िया hi यद् आती है

मैं : ऐसा नहीं है गुड़िया का मक़ाम कोई और नहीं ले सकता आप को सुच का पता नहीं है सिर्फ इतना hi पता है क मुझ मैं पावर हैं लेकिन क्यों हैं यह नहीं पता और गुड़िया तो रब ने बी मेरे सतह माँ क पेट मैं सतह बेझि है तो वो मुझ से अलग कैसे हो सकती है

हरीम : ी ऍम सॉरी मुझे पता नहीं था लेकिन अब मुझे सब jan'na है क आप क्या हो

मैं : ok बता दूँ गए अब मैं ज़रा हाथ मुंह धो लून नीचे जाना है न

हरीम : हम्म ok

मैं हाथ मुंह धो क नीचे आया सब बैठे वेट क्र रहे थे मैं बी बेथ गया

अम्मी : क्या बात है थक गए थे क्या

मैं : नहीं पता नहीं कैसे आँख लग गई थी

फिर खाना लग गया सब ने मिल क्र खाना खाया फिर हम बेथ क बातें करने लगये

मैं : शुमैला मैं देख रहा हों जब से ए हम तुम खामोश सी हो क्या बात है

शुमैला : न नहीं तो ऐसी बात नहीं है बीएस ऐसे hi

मैं : देखो कोई बी पेरशानी है तो बता सकती हो शायद मैं कोई हेल्प क्र सकें

शुमैला : नहीं कोई बात नहीं है अगर कोई बात हो गई तो बात डॉन गई

मैं : ok मान लेता हों लेकिन अगर कुछ प्रॉब्लम होइ और न बताया तो मुझ से बुरा कोई नहीं हो गए

अम्मी : कशी ऐसे बात करते हैं किसी से

मैं : अम्मी मुझे सब की फ़िक्र रहती है कहें कुछ हो न जये किसी को इस लिए बोलै देखो न जब से आई है चुप चुप सी है या तो िस्ये यहाँ आ क्र ख़ुशी नहीं होइ या फिर इस ने मुझे महफ नहीं किया क्यों क इस क बाप को मैं ने मारा है

सेहरिश: नहीं कशी ऐसी कोई बात नहीं िस्ये बी पता है क इस का बाप कैसा आदमी था मैं बात करती हों क्या बात है

मैं : ठीक है मैं कल सुबह जा रहा हों परसु लोटों गए इस लिए अगर घर मैं कोई पेरशानी हो तो मैं बी सकूं से नहीं राहों गए

भाभी : यह लो सब चाहिए पियो

भाभी चाहिए ले थी मैं ने चाहिए ली

मैं : ज़रा और लिसा तुम दोनों की ज़िमेदारी है सब की हिफाज़त करना समझी

ज़रा : जो हुकम ऐसा hi हो गए

लिसा : आप फ़िक्र न करें सब ठीक हो गए

सेहरिश : यह दोनों कैसे हिफाज़त करें गई यह बी लड़कियां hi हैं

अम्मी : आप उस की फ़िक्र न करें वक़्त आने पेय आप को पता चल जाये गए यह क्या हैं

मैं : छोटी अम्मी आप बी चुप चुप हो क्या बात है

शाहीन : आर्य नहीं मैं तो आप लोगों की बातें सुन रही हों

मैं : मुझे लगा आप को बी कोई प्रॉब्लम है

अबू : बीटा ग ज़ियादा नौटंकी नहीं अब मैं बी तुम्हें समझता हों तुम क्या कहना चाहते हो मेरी बेगम की तंग खेंच रहे हो

मैं : अबू वखि आप चेंज हो गए सुच कहा किसी ने प्यार मैं बड़ी ताक़त होती है खैर मैं तो यह पूछना चाहता था नसरीन बुआ क बारे मैं वो बी चुप चुप हैं

नसरीन : बीटा मेरी इतनी औक़ात नहीं जो मैं आप क आगये बोल बी पाऊँ

मैं : यह क्या बात की आप ने आप मेरी अबू की साली क सतह सतह मेरी बुआ बी हैं तो आप का मुझ पेय हक़ बी है जैसे छोटी माँ का, जैसे कश्मला बुआ का , जैसे रानी बुआ का तो आप ने सोचा बी कैसे मैं आप को इन से काम समझों गए आर्य आप से तो ज़ियादा अछि आप की बेटी है जिस ने अपना हक़ माँगा है मुझ से

नसरीन : क्या िरुम ने बीटा क्या माँगा तू ने बोल िरुम

मैं : उस को क्यों दन्त रही हो आप उस का बी मुझ पैर हक़ है जैसे फरिहा आपि का बाक़ी सब बहेनो का तो क्या ग़लत माँगा उस ने आर्य मुझ से नहीं मांगे गई तो किस से मांगे गई बोलो आप और माँगा बी तो क्या शॉपिंग का hi बोलै है उस ने मुझे पता है 2 जोड़ी कपड़ों मैं आप लोग ए हो तो क्या हमारा फ़र्ज़ नहीं बनता क आप को कपडे ले क दें गहने ले क दें जूते ले क दें

अम्मी : हाँ नसरीन यह तो हमारी ग़लती है इन सब चक्रों मैं हम तो भूल hi गए थे क तुम लोगों क पास कुछ बी नहीं है मुझे महफ क्र डे बड़ी होने क नाते मेरा फ़र्ज़ था मेरी बहन िरुम बी मेरी बेटी है और हाँ कभी बी तुम इस को नहीं दांतो गई और कशी कब का प्रोग्राम है शॉपिंग का

मैं : परसु का सिआलकोट से वापिस आ क्र आप लोग 11 बजे तक तैयार रहना

अम्मी : ok ठीक है सब चलें गए मेरी बचपन की सहेली की बेटी की शादी है उस की बी शॉपिंग करनी है

मैं : ok तो अब जा क सब अपने अपने रूम मैं सो जाना ok

नौरीन : कशी बीटा तुम न बेहद मैं मेरे कमरे मैं आना बात करनी है

मैं : ग आंटी

मैं उठ क ऊपर चला गया सोचने लगा अब आंटी ने कोण सी बात करनी है खैर मैं ने चेंज किया इतने मैं रूम मैं जोड़ी दाखिल होइ

मैं : आर्य आप दोनों फिर से सतह आज बी तो मैं किदर जाओं सोने

सोबी : यह तो आप को पता हो गए

फरज़ाना : किदर क्या अभी नीचे आप की बुकिंग होइ न नौरीन आंटी क रूम की

मैं : क्या...


बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं...
 
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