Main Aur Meri Family - Page 11 - SexBaba
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Main Aur Meri Family

अपडेट 93

कुछ देर मैं वो तैयार बी हो गई और सामान बी ले लिया फिर हम ने घर लॉक किया और सब बाहिर निकल क चल पड़े सब मेरे सतह घर आ गई जहाँ कश्मला बुआ ने जब शाहीन बुआ को देखा तो उन की आँखों मैं आंसू आ गए शाहीन बुआ क हाथ से बैग छूट गया दोनों एक दूसरे क गले लग क रोने लगी कुछ देर रोने क बेहद अलग होइ

कश्मला बुआ : यह क्या हालत बनाई होइ है तुम ने

मैं ने बुआ को सब बताया जिसे सुन क उन को बी दुःख हुवा और घुसा बी आया फिर मैं ने शाहीन बुआ को कश्मला बुआ का बी बताया जिसे सुन को उन को बी दुःख हुवा और अपने बाप और भाई क लिए और नफरत

कश्मला बुआ : इतने पास रह रही थी फिर बी पता hi नहीं चला

शाहीन बुआ : कभी इधर आई hi नहीं तो कैसे पता चलता

मैं : ाचा बुआ सब तैयार हो तो चलें मैं ने मार्क को बोलै था गाड़ी ले क्र आने क लिए बीएस पांच hi रहा हो गए

इतने मैं मार्क बी आ गया हम सब अपना अपना सामान ले क्र निकले बाहिर मार्क मुझ से मिला

मैं : कैसे हो मार्क और बाक़ी सब ठीक है न

मार्क : मैं ठीक हों और बाक़ी सब बी ठीक हैं सिर्फ एक को छोड़ क्र

मैं : पेरशान हो क्र कोण

मार्क : मोनी

मैं ने अपना सर पीट लिया उस को तो मैं ने फ़ोन बी नहीं किया

मैं : देख मार्क तू संभाल ले बोल देना क ट्रेनिंग की वजा से मोबाइल उसे करने की इजाज़त नहीं थी

मार्क : मैं कुछ नहीं करने वाला आप जानो और वो

मैं : सोच ले फिर यह न हो उस को मानाने क चक्र मैं मुझ से कुछ हो गया तो

मार्क : मुझे कोई ाहतेराज़ नहीं है आप जो मर्ज़ी करो अगर वो आप क सतह खुश है तो मुझे उस की ख़ुशी चाहिए

मैं : चलो फिर जल्दी पहले वही चलते हैं एक गाड़ी मार्क क पास थी उस मैं कश्मला बुआ, शाहीन बुआ बेथ गई मैं फरीदा आंटी और नैना से मिला उन का चेहरा लटका हुवा था पैर मैं ने मन लिया मेरी गाड़ी मैं मेरे सतह फ्रंट पेय अम्ब्रेन जल्दी से बेथ गई तो मेरे चेहरे पेय मुस्कान आ गई मतलब यह आज अपने आप को मेहफ़ूज़ समझ रही है जैसा अब इन का कोई अपना आ गया है जो उन की हिफाज़त करे गए जो उन क लिए लाडे गए जिस से यह ज़िद क्र क कोई बात मनवा ले गई जिस पेय अपना हक़ जिताए गई लेकिन जब से पता चला है यह तो अपनी है मैं ठीक से मिला बी नहीं हों इस से मैं आगये बड़ा उस की साइड का दूर खोला तो वो पेरशान हो गई मैं ने उस का हाथ पकड़ क नीचे उतरा तो उस का चहेरा रोने जैसा हो गया जैसे उस ने समझा हो क मैं ूसये आगये से उतर क पर्चे बैठने लगा हों लेकिन वो शॉक तब होइ जब मैं ने ूसये गले लगा लिया कुछ देर तो ूसये समझ बी नहीं आई क हुवा क्या है लेकिन जब उस को समझ आई तो उस की आँखों मैं से आंसू बहने लगये उस ने बी मुझे कास लिया बाँहों मैं कुछ देर बेहद मैं ने ूसये अलग किया उस क आंसू पूंछे

मैं : नहीं रोना नहीं अब मैं हों न

अम्ब्रेन : बोहत तरसी हों इस प्यार क लिए प्लीज कभी अकेला न छोड़ना क्यों पहले तो यह पता था क अपना कोई नहीं है इस लिए किसी से प्यार की उम्मीद hi नहीं की लेकिन अब जब पता है क हमारी बी फॅमिली है सब है अगर अब अकेला क्र दिया तो शायद यह सदमा सेह न पैन हम माँ बेटी

मैं : हे शी चुप पागल हो गए जो इतनी पायरी लड़की को छोड़ क जाये गए जितना रोना था रो लिया जितने दुःख देखने थे देख लिए अब और नहीं अब खुश रहना ok

अम्ब्रेन: ok थैंक यू

मैं : अब अगर थैंक यू बोलै न मारों गए चलो बैठो

वो बेथ गई फिर से फ्रंट सीट पेय मैं ने पीछे देखा तो सब मुझे गुर रही थी

मैं : अब आप लोगों को क्या हुवा

नदिअ : बोहत प्यार आ रहा था न पता नहीं यह लिस्ट कहँ जा क रुके गई

मैं : पागल हो क्या कुछ बी बोलती रहती हो देखा नहीं कितने दुःख देखे हैं उस ने थोड़ी सी तसली डे दी तो क्या फ़र्क़ पड़ता है चलो बैठो

नदिअ : सॉरी हम मज़ाक़ क्र रही थी

फिर सब बेथ गई नदिअ, सारा ली, ज़रा और अलिसा बी मैं मास्टर और नताशा आंटी से मिला उन से इजाज़त ले क मैं गाड़ी मैं बेथ गया जो सिक्योरिटी वाले थे उन को वही रहने दिया हम निकल पड़े अपने सफर पेय और तक़रीबन 2 ऑवर क बेहद हम पोंछे मेरे फॉर्म हाउस पेय जहाँ मोनी और मार्क रहते हैं हम ने गाड़ी पोर्च मैं रोकी मोनी बाहिर आई सब से मिली लेकिन मेरी तरफ देखा बी नहीं मैं समझ गया भाई अब खैर नहीं हम सब अंदर आ क बेथ गए मोनी शायद किचन मैं चली गई थी मैं ने सब की तरफ देखा तो सब आँखें फाड़े घर को देख रही थीं

सारा ली : वाओ कितना पायरा घर है किस का है

नदिअ : पागल यह घर नहीं महल है पूरा वैसे आप ने बताया नहीं किस का है

मैं : तुम लोगों का hi है और किस का हो गए

सारा ली : मज़ाक़ नहीं सुच बताओ न

ज़रा : आर्य पगली समझो न क्यों कह रहे हैं क तुम लोगों का hi है

सारा ली : अब समझी मतलब आप का है वाओ इतना पायरा घर मैं ने पहले नहीं देखा

मैं : तुम लोग बैठो मैं आता हों मार्क तुम आओ पानी ले क आना सब क लिए

मार्क मेरे सतह किचन मैं आया और सब क लिए पानी लिया उस ने जो मोनी ने शरबत तैयार किया था मार्क ले क चला गया तो मैं ने मोनी को फौरन बाँहों मैं भर लिया वो घुसे से छूटने की कोशिश क्र रही थी लेकिन मैं ने कास क पकड़ा था थोड़ी देर उस की पीठ सहलाता रहा तो उस का झपटना काम हुवा

मैं : सॉरी मोनी महफ क्र दो अब से ग़लती नहीं हो गई प्लीज महफ क्र दो तुम्हें पता है न कितना बिजी था प्लीज एक बार महफ क्र दो

मोनी : नाम आँखों से जब पता है तो ऐसी हरकत क्यों करते हो

मैं : ok ok शांत देखो बाहिर मेहमान हैं और पता है मेरी 2 बुआ बी मिल गई वो बी सतह हैं

मोनी : ok आप जाओ बाहिर मैं चाहे नाश्ता लती हों

मैं : ऐसे कैसे मुंह तो मीठा करवाओ

मोनी ने फ़ौरन मुझे किश किया 2 मिनट बेहद अलग हो क्र मुझे किचन से बाहिर ढाका डे दिया मैं मुस्कराता हुवा बाहिर आ गया और सब क सतह बेथ गया मैं ने बी पानी पिया कुछ देर बेहद मोनी टिया ट्रूली ले क आई सब को चाहिए और सतह स्नैक्स दिए खुद बी बेथ गई फिर सब का टाग्राफ करवाया लड़कियां तो फ़ौरन मोनी क सतह गुल मिल गई चाहिए ख़तम क्र क मोनी

मोनी : मैं खाना तैयार करती हों

मैं : कोई ज़रुरत नहीं जा क तैयार हो जाओ शॉपिंग पेय जाना है खाना बाहिर से खाएं गए

मोनी चली गई तो मैं ने देखा नदिअ सारा क कान मैं कुछ बोल रही थी

मैं : कुछ प्रॉब्लम है नदिअ

नदिअ : नहीं तो कोई मसला नहीं

मैं : वो सामने चली जाओ वहां वाशरूम है फ्रेश हो जाओ कुछ ऊपर चली जाओ वहां बी हैं और इस तरफ बी हैं सब फ्रेश हो जाओ जब तक मोनी तैयार हो क आती है बीएस फिर सब उठ गई फ्रेश होने चली गई कोई 30 मिनट बेहद हम 2 गाड़ी मैं निकले शॉपिंग क लिए और कोई 20 मिनट बेहद पोंछे अपने शॉपिंग मॉल मैं गाड़ी पार्क क्र क हम सब अंदर चले गए कक्तव मैं देख क मॉल का मैनेजर भगा भगा आया

मैनेजर: hello सर आप अचानक बताया नहीं

मैं : कोई नै अचानक प्रोग्राम बन गया आप कुछ सेल्स गर्ल्स की ड्यूटी लगा दें इन क सतह इन को जो चाहिए वो लें गई

लड़कियों की तरफ देख क्र और आप सब अपने लिए कुछ बी चाहिए ले लो कंजूसी मत करना और बिल की परवा बी मत करना मोनी यह तुम्हारी ड्यूटी है

मोनी सब को ले क निकल गई मैं ने मार्क को बोलै चलो मेरे सतह मैं बी एक शॉप मैं घुस गया और घर मैं सब लेडीज क लिए कपडे और सैंडल्स लिए फिर ज़रा, अलिसा और अम्ब्रेन क लिए मोबाइल लिए अबू क लिए बी कपडे जूते लिए अपने लिए बी लिए फिर नूर बनो आंटी, tooba,adnan और पीने क लिए बी कपडे लिए फिर गाओं मैं जो शॉप है शामू की उस की बीवी क लिए बी एक जोड़ी कपडे की ली चलो काम ए गई मैं ने सारा सामान गाड़ी मैं रखवा दिया फिर अपनी पसंद क इन सब क लिए बी लिए जो सतह थीं और फिर जेवेलरी ली सब क लिए इन सब मैं 2 ऑवर लग गए इतने मैं बाक़ी सब ने बी शॉपिंग क्र ली दिन क 2 बज रहे थे सब वापिस आई तो मैं ने मार्क की मदद से सब बैग गाड़ी मैं रखवा दिए और बिल पाए किया जो जेवेलरी की वजा से 30 लाच बन गया था बिल पाय क्र क हम एक रेस्टोरेंट मैं गए और खाना खाया 3 बजे हम वहां से निकले मोनी को वापिस छोड़ा घर और उस क लिए की होइ शॉपिंग उस को दी जिस से वो खुश हो गई फिर हम निकल पड़े गाओं की तरफ सब बोहत थक गई थीं इस लिए गाड़ी मैं hi सो गई शाम को 5 बजे हम गाओं पोंछे तो देख क hi लग रहा था क हमरे आने की तैयारी होइ है क्यों क घर क बाहिर सिक्योरिटी तो थी hi सतह गुड़िया कड़ी थी तैयार हो क मैं ने मॉग क्र दिया था ूसये पहले hi जैसे hi हमारी गाड़ी पोंछी सिक्योरिटी ने गेट खोला मैं ने गाड़ी अंदर ली पीछे मार्क की बी गाड़ी अंदर आ गई मैं गाड़ी से उतरा hi था क गुड़िया भाग क मेरे गले लग गई और रोने लगी मैं उस को ऐसे hi गले लगा क खड़ा रहा किसी ने बी कुछ नहीं बोलै सब चुप क्र क देख रहे थे जब अलग हुवे तो मैं ने उस क आंसू पोंछे उस क माथे को चूमा

मैं : पता है न यह आंसू मैं नहीं देख सकता तो फिर क्यों रोटी है चल अब मुस्करा डे ता क मैं सब से मिल सकें और वैसे बी अब से मैं अकेला कहें नहीं जाओं गए तुम्हें छोड़ क्र

फरज़ाना : बोहत तड़पते हो आप और अब तो वैसे बी मैं जाने नहीं डॉन गई कहें बी

मैं : ok ठीक है और नूर किदर है

नूर : मैं इधर hi हों बाबा आप मम्मी को छोड़ो गए तो कोई मिले गए न

उस की बात सुन क्र सब की हंसी छूट गई वही जो मेरे सतह आई थीं उन का मुंह खुल गया वजा 2 थीं एक तो यह इतनी छोटी बची इतनी बड़ी बात कैसे बोल गई दूसरा उस ने मुझे बाबा और गुड़िया को मम्मी बोलै था मैं ने आगये बढ़ क उस को गले लगा लिया उस क चेहरे को बेतहशा चूमा

नूर : बाबा आप मुझे छोड़ क कहाँ चले गए थे ताई एमी बोल रही थीं बाबा किसी काम क लिए गए हैं जल्दी आ जैन गए और आप हो 1 माह से बी ज़ियादा लगा दिया

मैं : बीटा काम बी तो ज़रूरी था न अब नहीं जाओं गए अपनी जान को छोड़ क्र

फिर मैं दादी से मिला उन क गले लगा तो ुनों ने मुझे कास लिया मेरे कान मैं

दादी : इस बूढी की ज़िन्दगी पहले hi थोड़ी रह गई है जो है उस मैं थोड़ा सा सकूं डे डे क्यों भाग जाता है दूर

मैं : नहीं जाओं गए अब कभी अब आप को अपनी खुराक मिलती रहे गई लेकिन एक वहदा करो तो तब

दादी : तेरे लिए जान बी हाज़िर है वहदा कैसा

मैं : बताओं गए अभी नहीं

सतह hi मैं ने उन क गाल पेय किश क्र दिया और ुनों ने बी किया फिर अम्मी से मिलाने क लिए मुदा तो ो माय गॉड यह मेरी अम्मी है या बहन इतना कैसा हुवा जिसम 38 क तने हुवे ममी पतली कमर और बाहिर को निकली गांड ुनों ने बी पहले गले लगाया जिस से उन क मोठे मोठे ममी मेरे सीने मैं लगे

मैं : उफ़ अम्मी यह गुड़िया ने तो आप को एक मंथ मैं औरत से वापिस लड़की बना दिया ऐसा करता हों दादी से आप का हाथ मांग लेता हों

अम्मी : शर्मा क्र जान हाथ क्या करो गए मुझे पूरी की पूरी मानगो न अब इतना हॉट फिगर बन hi गया है तो लड़का बी हॉट होना चाहिए न

मैं : उफ़ दिल क्र रहा है अभी आप को रूम मैं ले जाओं पैर बेहद मैं

फिर मैं उन क गाल पेय किश क्र क हटा और चची से मिला उन क बेहद भाभी से मिला फिर रानी बुआ से मिला फिर सकीना आंटी से जो रानी बुआ की दोस्त हैं उन से मिला फिर बरी आई अपनी बहनों की फरिहा को गले लगाया तो

फरिहा : शुक्र मेरी जान सही सलामत वापिस तो ए

मैं : आप की जान को क्या होना था जब आप जैसी उस क लिए दुआ करती हो

फिर फरहाना से बी मिला फिर सना और सैर से मिला फिर सोबी से और लास्ट पेय आमना और अक़्सा से मिला उधर मैं ने पहले hi बोलै था कश्मला बुआ और शाहीन बुआ को क गाड़ी से नहीं उतरना जब तक मैं न बोलों इस लिए वो अभी तक गाड़ी मैं hi बैठी थीं मैं ने अबू का पुछा तो

फरज़ाना: भाई वो बीएस एते hi हों गए

इतने मैं अबू बी घर मैं दाखिल हुवे मैं उन से गले मिला

अबू : कैसा है मेरा शेर लगता है पहले से बी मज़बूत हो गया है

मैं : मैं ठीक हों अबू आप कैसे हैं कोई मसला तो नबी

अबू : नहीं मेरे बचे मैं ठीक हों और कोई मसला नहीं है

मैं ने देखा जैसे कोई बात है लेकिन बताना नहीं चाहते मैं ने सोचा कोई नई फिर पता क्र लोन गए दिमाग़ तो पढ़ hi सकता हों

मैं : आओ अबू बैठो और आप सब बी बैठो एक बोहत ज़रूरी बात करना है

अम्मी : बीटा उस मैं मार्क है न गाड़ी मैं और स्टार्ट क्यों है गाड़ी बंद क्र दो उस को बी बोलो क अंदर आ जाये

मैं : अम्मी उस को छोड़ो वो बेहद मैं बताओं गए पहले मुझे कुछ पूछना है और बताना बी है

दादी : बीटा खैर है न क्यों क तुम जब बी ऐसे सब को बैठा क कुछ पूछते हो या बतातये हो तो कोई न कोई बड़ी बात होती है

मैं : हाँ सब ठीक है लेकिन दादी और अबू आप लोग एक बात बताओ और प्लीज आज कुछ नहीं छुपाओ गए आप दोनों

अबू : बीटा बात क्या है क्यों ऐसे बोल रहा है

मैं : दादी आप क कितने बचे थे

दादी, अबू रानी बुआ यह सवाल सुन क पेरशान हो गए और एक दूसरे को देखने लगे जब क बाक़ी घर वाले अम्मी, चची, भाभी और मेरी बहने बी इस सवाल को सुन क्र शॉक हो गए क मैं ऐसा क्यों पूछ रहा हों

अबू : बीटा यह कैसा सवाल है तुम जानते तो हो क हम 3 भाई बहन थे

दादी : नहीं आबिद अब छुपाने का कोई फ़ायदा नहीं ूसये सब पता चल गया है तभी उस ने यह सवाल किया कशी बीटा हाँ जो तुम पूछ रहे हो वो सुच है मेरे 3 नहीं 4 बचे थे 2 बेटे 2 बेटियां

अब की बार बाक़ी सब बी शॉक थे इवन क अम्मी बी इस राज़ को नहीं जानती थी

मैं : दादी ग़लती इंसान से hi होती है उस वक़्त बुआ ने भाग क शादी की मंटा हों ग़लत किया पैर वो खुद को जहानम मैं कैसे झोंक देती जमशेद से शादी क्र क मैं तो कहता हों ुनों ने ाचा hi किया था पैर आप लोगों ने उन को ढूंढ़ने की कोशिश क्यों नहीं की आप का खून नहीं थी वो या आप बी उस शराफत अली जैसे संग दिल हो गए थे एक बार पता बी नहीं किया क हमारी बची किस हल मैं है और अबू आप मुझे आप से तो यह उम्मीद बिलकुल नहीं थी आप की जुड़वाँ बहन थी न वो आप से कितना प्यार करती थी जैसे गुड़िया मुझ से दूर नहीं रह सकती ऐसे वो बी आप से दूर नहीं रहती थी फिर आप ने कैसे उन की खबर न ली

अबू : हम्हें महफ क्र डे बीटा हम से ग़लती होइ उस क बेहद फ़ौरन मेरी शादी हो गई बाक़ी तो तुम को पता है क्या हुवा था जिस वजा से गाओं छोड़ना पड़ा

मैं : मुझ से नहीं उन से महफि मानगो आप जो दर दर की ठोकरें कहती रही जिसे 1 साल बी नसीब नहीं हुवा अपने शोहर क सतह और बेवा हो गई जो लड़ और नाज़ से पाली थी कभी खुद से पानी नहीं पीती थी लोगों क घरों मैं नौकरानी बन क रह गई

दादी : चीख क्र बीएस क्र डे बीटा बीएस क्र डे और नहीं सुन सकती मैं

अचानक दादी उठ क मेरे पास आई

दादी : कहाँ है मेरी बची कश्मला बोल कहाँ है अभी ले चल मुझे उस क पास अब और नहीं बोहत बर्दाश्त क्र लिया मैं ने अंदर hi अंदर घुट घुट क्र जीती रही हों मैं

मैं : आप बैठो पहले मैं आप को मिलवाऊं गए उन से

मैं उठा और बाहिर आ गया गाड़ी मैं से कश्मला बुआ को उतरा जो रो रही थीं क्यों क अंदर नदिअ ने वीडियो कॉल मिले होइ थी जो मार्क क फ़ोन से कश्मला बुआ देख रही थी मैं बुआ को ले क्र जब अंदर आया तो सब देख क खड़े हो गए कश्मला बुआ क सबर का बंद टूट गया वो दौड क दादी क गले लग गई और फूट फूट क्र रोने लगी अबू बी आगये हो क्र बुआ क सर को सहलाने लगये सब hi रो रहे थे क्यों क अपने तो अपने hi होते हैं जब कुछ तूफ़ान थमा तो बुआ अबू क गले बी लगी

कश्मला बुआ: महफ क्र दो भाई ग़लती हो गई

अबू : न छोटी तुम क्यों महफि मांगती हो असल गुनहगार तो तेरे हम हैं हमें महफ क्र डे सब गीले शिकवे दूर हुवे कश्मला बुआ से अम्मी बी मिली

कश्मला बुआ: तो आप हो मेरी भाभी जैसा वो शैतान बता रहा था उस से बी ख़ूबसूरत हो आप मुझे तो आप अभी 30 की लगती हो

अम्मी : क्या नन्द रानी एते hi तंग खेच रही हो

यह सुन क सब हंसने लगे

मैं : दादी, अबू, रानी बुआ और सकीना आंटी आप सब क लिए एक और सरप्राइज बी है

दादी : देख पहले hi बोहत रुला चूका है अब दिन से वर्ण पीट दलों गई

मैं : क्या दादी डार्लिंग एक तो आप को आप की बेटी ला क दी और आप हो मुझे पेय hi घुसा क्र रही हो

दादी : हाँ पता है मुझे बी बेटी क लिए तो तेरी अहसान मंद हों

मैं : छोड़ो इन बातों को ाचा अबू आप यह बताएं क आप किसी से प्यार करते थे

अबू : क्या बोल रहा है मरवाए गए क्या तेरी माँ बैठी है एहि

मैं : आर्य अबू आप उन की फ़िक्र नहीं करो उन को मैं संभाल लोन गए वैसे बी जितनी हॉट हो गई हैं अब आप क बस की बात नहीं उन को मैं hi सम्भालों गए

अबू : बेशरम माँ है तेरी

मैं : हाँ हॉट एंड सेक्सी बी

अम्मी : देख बोहत हो गया मार खाये गए अब

मैं : अबू वो बात तो वही रही प्यार वाली बताओ न

अबू : हाँ तुझ को बताया तो था शाहीन से प्यार करता हों मैं वो तो हालात ऐसे हुवे क कश्मला ने भाग क शादी क्र ली और हमारी शाहीन से नहीं हो पाई

मैं : आप ने यह नहीं कहा क आप प्यार करते थे आप ने कहा क आप प्यार करते हो मतलब अब बी करते हो

अबू : क्यों यार फंसा रहा है

मैं : लग गया पता अबू आप उन से आज बी प्यार करते हो और पता है वो बी बेवा हैं वो एक बेटी की माँ हैं और बेसहारा हैं वो बी आप से आज बी प्यार करती हैं मैं चाहता हों आप उन से शादी करो प्लीज न मत करना अपने बेटे की पहली खावेश समझ क मान लो अम्मी बोलो न आप

अम्मी : कशी ठीक बोल रहा है आप हाँ क्र दें मुझे कोई ाहतेराज़ नहीं है

दादी : पैर बीटा वो है कहाँ

मैं : आर्य दादी मिलवाता हों सबर करो पहले इस से मिलो अम्ब्रेन इधर आओ

मेरे आवाज़ देते hi अम्ब्रेन आगये आई

मैं : दादी पहचाना िस्ये

दादी और अबू घोर से देखने लगे अचानक

अबू : यह शाहीन की बेटी है इस की शकल उस से मिलती है

मैं : देखा अम्मी यह होता है प्यार 27 साल से जिसे देखा नहीं उस की शकल इतनी यद् है क उस की बेटी को बी पहचान गए

अबू शर्मा गए

दादी ने ूसये गले लगाया प्यार किया

दादी : आज से यह बी मेरी पोती है आज से यह बी आबिद की बेटी होइ

मैं बाहिर गया शाहीन बुआ को लेने वो मोबाइल पेय सब देख चुकी थीं अभी वो शर्मा रही थीं

मैं : चलो बुआ अंदर चलें

शाहीन : बेशरम यह क्या किया इतना बड़ा कांड क्र दिया अब बुआ बी बोल रहा है मुझ से पूछे बिना अब अम्मी बोलने क लिए तैयार हो जा

मार्क : हंस क्र भाई आप तो फँस गए

मैं : तू चुप क्र लाइव टेलीकास्ट दिखा रहा था तेरी बी खैर नहीं

मार्क : वो तो नदिअ मम ने बोलै मेरी क्या ग़लती

मैं : तुझे तो बेहद मैं देखों गए सतह उस को बी और बुआ ओह सॉरी अम्मी आप फ़िक्र न करो जा क दादी क गले मिलो सब से मिलो और प्लीज मेरी खातिर अबू क गले लग जाना इस से अबू क दिमाग़ मैं जो तूफ़ान चल रहा है शादी करों या नहीं वो ख़तम हो जाये गए वो खुद hi आप को बाँहों मैं ले लें गए

शाहीन : मुझ से नहीं हो गए यह सब और वो बी सब क सामने

मैं : मेरी खातिर बी नहीं

शाहीन : ाचा ाचा अब यह मुंह न लटका चल अंदर

हम दोनों अंदर ए तो दादी ने अम्ब्रेन को साइड किया और कड़ी हो गई और शाहीन को गले लगा लिया फिर से सब की आँखों मैं आंसू ा गए फिर रानी बुआ मिली फिर सकीना आंटी बी फिर अम्मी और चची बी मिली सब का मेल मालाप हो गया तो देखा शाहीन कड़ी अबू की तरफ देख रही है अबू बी ूसये hi देख रहे हैं अचानक शाहीन बुआ ने आगये बढ़ क्र अबू को बाँहों मैं ले लिया अब अबू का बी बंद टूट गया ुनों ने शाहीन को बाँहों मैं ले लिया कुछ देर बेहद अलग हुवे तो शाहीन बुआ शर्मा क्र अम्मी क पास चली गई

दादी : बीटा अब बीएस या कुछ और बी है

मैं : 2 और हैं

दादी : क्या कोण हैं

मैं : आर्य दादी आप की फॅमिली की ख़तम हो गई अब मेरी फॅमिली वाली हैं इधर आओ तुम दोनों

मेरे बोलते hi ज़रा और अलिसा आगये आई

मैं : दादी यह बी आप की होने वाली बहु हैं

अबू : नहीं बीटा मैं इतनी शादी नहीं क्र सकता

यह सुन क सब हंस पड़े

मैं : देख लो अम्मी यह आज अंदर से कितने खुश हैं क मस्करी बी करने लगे आर्य वालिद मोहतरम यह आप क लिए नहीं मेरी हैं आप की बहु हैं यह है ज़रा और यह है अलिसा

दादी ने दोनों को गले लगया और प्यार किया फिर अम्मी ने बी ऐसा किया सब एक दूसरे से मिल क फ़ारिग़ होइ

मैं : लगता है इस घर मैं किसी को हमारी परवा hi नहीं आर्य 1 घंटा हो गया है ए हुवे न चाहिए न पानी किसी ने पुछा

बीएस फिर क्या था भाभी, चची, मेरी बहने सब एक सतह किचन की तरफ भागी पहले सब को पानी दिया फिर चाहिए बनाने लगी

अम्मी : तो सौतन ग आप खुश तो हो न

शाहीन : अम्मी क गले लग क्र बोहत बड़ा दिल है आप का आपि जो खुद अपने हाथ से अपने शोहर की शादी करवाने क लिए मान गई

अम्मी : बीएस वो क्या है न हमारी फॅमिली कुछ अलग सी है और वैसे बी आप दोनों एक दूसरे को चाहते हो तो मैं कोण होती हों आप क बीच आने वाली वैसे एक बात बता जब उन क गले लगी कैसा लगा

शाहीन : आपि सुच कहां दुन्या जहाँ का सकूं मिल गया था अभी बी लग रहा है जैसे उन को बाँहों मैं हों

ऐसे hi चाहिए आ गई सब ने पी फिर खाना तैयार होने लगा मैं ने समान उतरवा लिया था ऊपर रूम मैं पोंछा दिया गया था मार्क चाहिए पी क चला गया था मैं बी ऊपर आ क फ्रेश हो गया था और कपडे बदल लिए थे बाक़ी लड़किया ज़रा, अलिसा और अम्ब्रेन को अपने सतह ले गई थीं इतने मैं दूर ओपन हुवा तो सामने.


बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं...
 
अपडेट 94

मेरे रूम का दूर खुला तो सामने मेरी जान गुड़िया उस क पीछे सोबी थी जिस ने नूर को उठाया हुवा था वो दोनों मेरे दोनों साइड पेय आ गई मैं ने फ़ौरन गुड़िया का चेहरा अपने हाथों मैं थमा उस क चहेरे को घोर से देखने लगा जहाँ दुन्या जहाँ की खूबसूरती थी जिस चहेरे को देख बाँदा अपने सरे ग़म भुला डे जिस मैं खो क्र बाँदा दुन्या से बेखबर हो जाये

फरज़ाना : क्या देख रहे हो

मैं : बोहत मिस किया इस मुखड़े को मैं hi जनता हों कैसा रहा हों तुम्हारे बिन

फरज़ाना : मैं बी बोहत तदपि हों आप की बिना अब और नहीं कभी मुझे अपने से दूर नहीं करना

मैं : ऐसा करना तो दूर सोच बी नहीं सकता और अगर किसी ने हम्हें अलग करने की कोशिश बी की तो इस दुन्या को आग लगा डॉन गए

गुड़िया ने मुझे अपने सैन्य से लगा क कास लिया हम थोड़ी देर ऐसे hi रहे फिर मैं अलग हो क्र सोबी की तरफ देखा जो मुझे hi देख रही थी उस की ऑंखें बी नाम थी मैं ने उस को गले लगा लिया वो बीएस किसी मॉम की गुड़िया की तरह बाँहों मैं आ गई

मैं : कैसी है मेरी जान

सोबी : आप क बिना बिलकुल बी अछि नहीं हों

फरज़ाना : पता है आप को इस पागल ने तो खाना बी छोड़ दिया था हर वक़्त आप को यद् करती रहती थी यह तो मैं थी जो इस को संभाल लिया वर्ण पता नहीं इस का क्या होता

मैं : यह क्या बात होइ जान ऐसे बी कोई करता है यह बी नहीं सोचा जब मैं तुम्हें तकलीफ मैं देखों गए तो मेरे ऊपर क्या बीते गई

सोबी : सॉरी मुझे महफ क्र दें पर मेरी क्या ग़लती मैं मान बी जाओं पैर यह दिल था क मंटा hi नहीं था आप क दूर जाने से किसी चीज़ मैं दिल hi नहीं लगता था और न hi भूक लगती थी

मैं : वैसे यह बताओ कब से प्यार करती हो मुझ से

सोबी : यद् है जब हम छोटे होते थे तो खेतों मैं मैं अमरुद क दरख्त से गिर गई थी तो आप की आँखों मैं आंसू आ गए थे मेरी चोट देख क पहले तो मैं रोने लगी लेकिन जब आप ने मुझे उठाया अपने सीने से लग क चुप करवाया मुझे उठा क घर लाये घर मैं बी मेरी कितनी फ़िक्र करते रहे आप 2 दिन तो स्कूल hi नहीं गए मेरी वजा से मुझे अकेला hi नहीं छोड़ते थे तब तो मुझे प्यार का मतलब बी नहीं पता था लेकिन मैं तब से आप क पास रहने की कोशिश करती थी लेकिन जब आप बोर्डिंग चले गए मैं बोहत रोहि गुड़िया आपि ने मुझे संभाला हालां क यह खुद टूट गई थी तब आप की कमी ने मुझे अहसास दिलाया क मैं आप को चाहने लगी हों जब यह अहसास पैदा हुवा तो मैं दर गई क कहें घर मैं किसी को पता चला तो पता नहीं आप से मिलने से पहले hi अलग न क्र दें इस लिए मैं चुप चुप सी रहने लगी और आप से बी दूर रहने लगी आप ने देखा हो गए हमेशा जब साडी आपि लोग आप क पास होते थे मैं उन से पीछे कड़ी होती थी कहें आप क नज़दीक आई तो शायद खुद पैर से कण्ट्रोल न खो डॉन

सोबी इतना बोल क चुप हो गई बीती यादों की वजा से उस की आँखें नाम हो गई थीं सतह उस क इस अनमोल प्यार की वजा से मेरी आँखें बी नाम थीं मैं ने ूसये कास क गले लगा लिया

फरिहा अप्पी : मुझे तो पता बी नहीं था मेरी लड़ो इतना प्यार करती है अपने जणू से जिसे मैं सब से छोटी समझती थी वो तो हम सब से आगये निकल गई जिसे मैं एक शर्मीली स गुड़िया समझती थी वो तो अपने प्यार को दबा क बैठी थी दिल मैं

मैं : आपि आप यहाँ और आप हमारी बातें सुन रही थीं

फरिहा आपि : आर्य मैं तो तुम से मिलने आई थी पैर जैसे hi मैं ने दूर खोला तुम ने सोबी से यह सवाल क्र दिया इस लिए रुक गई क मैं बी सुनों आखिर हमारी लड़ो कब से प्यार क्र रही अपनी जान से

सोबी : चलो मेरा तो सुन लिया अब आप बी बताओ

फरिहा : वो बी बता डॉन गई पहले मुझे मेरी जान से मिल तो लेने डे इतने दिनों बेहद आया है

आपि आगये आ क्र मेरे ऊपर लेट गई और मेरे लिप्स पेय लिप्स रख क किश करने लगी मैं बी उन का सतह देने लगा जो नशा जो अहसास अपने खून क रिश्तों मैं होता है वो कभी किसी और से नहीं मिल सकता यह जानते हुवे क आप की सगी बहन आप को किश क्र रही उस की लाज़त hi अलग होती है कुछ देर किश करने क बेहद आपि मेरे सीने पेय सर रख क लेट गई मैं समझ गया यह बी मुझे मिस करती रही हैं मैं ने उन का माथा चूमा

फरज़ाना : अब हम ने बी मुंह मीठा करना है

फरिहा आपि : तो करो न किस ने रोका है ाचा आप लोग लगे रहो मैं चलती हों

आपि क जाने क बेहद मेरी जंगली बिली गुड़िया मुझे पेय चढ़ गई उस क सतह किश का अलग hi अहसास होता है हर बार जब वो हटी तो सोबी आ गई थोड़ी देर बेहद जब अलग होइ तो

मैं : अब खुश हो दोनों

सोबी : मैं ने आप क सतह सोना है

मैं : हाँ तो सो जाओ न रोका किस ने है

इतने मैं 3 और आ गई फरहाना बजी, सना और सैर

मैं : आ जाओ मेरी जान आप लोगों का hi वेट हो रहा था

फरहाना ने कोई बात नहीं की और आ क्र किश करने लगी एक तो वो चश्मा पहनती है ऊपर से है बी थोड़ी मोती उस क बड़े बड़े ममी मेरे सीने मैं धंस गए किश करते करते मेरे हाथ बजी की मोती गांड पेय उफ़ क्या नरम गांड थी फरहाना बजी ने किश तोडा और मेरी आँखों मैं देख क्र

फरहाना बजी : क्यों मेरे मुना को बजी की गांड पसंद आ गई क्या

मैं : इतनी पायरी और नरम चीज़ किस को पसंद नहीं ए गई

फरहाना बजी : क्या करो गए इस क सतह

मैं : पहले तो प्यार करों गए फिर

फरज़ाना : बीएस बीएस समझ गई हम और बजी अब इस को तैयार क्र लो आज नहीं तो कल यह फटने वाली है

सना : कमीनी अब उतर बी ऊपर से उन क भैंस जितना वज़न है तुम्हारा

फरहाना बजी : हाँ उतर रही हों और वैसे बी जिस क ऊपर हों वो मेरी पारी को प्यार क्र रहा है

बजे मेरे लुंड की बात क्र रही थी जो इस वक़त उन की फूडी पेय ठोकर मर रहा था बजी मेरे ऊपर से उठी तो सना चढ़ गई उस को बी कुछ देर किश किया फिर सैर ने बी किश किया कुछ हंसी मज़ाक़ की क इतने मैं आमना और अक़्सा बी आ गई

मैं : आओ आओ मैं बी बोलों यह कैसे रह गई आज जो अभी तक नहीं आई

आमना : वो हम को अम्मी ने बुला लिया था उन क पास थीं

आमना इतना बोल क मेरे ऊपर आ गई

मैं : यह आज क्या आप सब ने मिल क प्रोग्राम बनाया था क जो बी ए गई मेरे ऊपर छाडे गई

आमना : वो तो मुझे नहीं पता पैर जब से आप गए हो न हम सब का बुरा हल है अभी तो सब की हालत ऐसी होइ है क दिल क्र रहा है आप का रपे क्र डॉन

मैं : नाइकी और पूछ पूछ शुरू हो जाओ

बीएस फिर क्या था लगी वो किश करने जब उस की सांस फूलने लगी तो अक़्सा ने ूसये साइड पेय ढाका दिया और मेरे मुंह पेय बेथ गई उस ने एक फॉक पहना था और नीचे पंतय नहीं पहनी थी उस ने अपनी फूडी मेरे मुंह पेह रख दी उफ़ क्या खुशबु थी मैं ने उस की फूडी मुंह मैं भर ली थोड़ी देर hi चूसा छठा था क उस ने पानी छोड़ दिया वो मेरे मुंह मैं फ़ारिग़ हो गई मैं उस का पानी पी गया उफ़ हम्म्म्म टेस्टी था वो उठी और मुझे किश करने लगी जो मेरे चेहरे पेय उस का पानी लगा था उस को चाट क्र गई हम अलग हुवे तो देखा

मैं : क्या हुवा आप लोगों को ऐसे क्यों देख रही हो

आमना : ो गॉड कुछ शर्म है क नहीं तुम लोगों को यह क्या था

मैं : अपनी इस बहन से पूछ न मैं क्या बोलों जब यह आ क मेरे मुंह पेय बेथ गई तो मैं क्या करता

अक़्सा : एपीआई इन की ग़लती नहीं है वो जब से यह वापिस ए हैं मेरा पानी रुक hi नै रहा ऊपर से यहाँ किसिंग सन देख क कण्ट्रोल नहीं क्र पाई

सना : लो है हम से छोटी अपना पानी बी टास्ते करवा दिया

मैं : आप बी करवा लो रोका है किसी ने

सना : चुप बेशरम

मैं : हे उफ़ यह अड्डाहन वैसे एक बात है मैं बोहत लकी हों जो इतनी साडी परियां मेरे पास हैं ाचा सुनो मेरे ख्याल मैं मस्ती बोहत हो गई है चल क खाना खा लेते हैं

फरज़ाना : वो तो ठीक है पहले आप यह बताएं यह ज़रा और अलिसा कोण हैं

मैं : वो बी मुझे चाहती हैं आगये तो आप को पता hi है

फरज़ाना : मैं वो नहीं पूछ रही मतलब क मुझे वो कुछ अलग hi नज़र आती हैं हम जैसी नहीं हैं इस लिए मैं 10प% सूरे हों वो इंसान नहीं हैं सोनी की तरह वो बी अलग हैं

मैं : और आप सब बी यह jan'na चाहती हो

सब ने हाँ मैं गर्दन हिला दी

मैं : हाँ यह सुच है वो दोनों इंसान नहीं हैं ज़रा एक चुड़ैल है

सब एक सतह क्या..

सना : चुड़ैल ो गॉड भाई आप की आगये की नेसल कहाँ कहाँ होने वाली है

फरज़ाना : और यह अलिसा एक यूनिकॉर्न है मेरी यूनिकॉर्न

फरहाना: मतलब एक घोड़ी है उड़ने वाली

मैं : हाहाहा हाँ पैर इतना वज़न नहीं उठाती

मैं ने फरहाना बजी की तरफ अशरा किया जिस से सब हंस पड़े इतने मैं भाभी रूम मं आई

सलमा भाभी : चलो सब खाना तैयार है नीचे चलो

सब जल्दी जल्दी उठ गई नूर तो सो गई थी कब की तो ूसये सोने दिया लास्ट मैं भाभी और मैं hi रह गए वो बड़े नखरे सर मेरे पास आई मुझे गरीबन से पकड़ क अपनी तरफ खींचा और मेरी आँखों मैं नशीले अंदाज़ मैं देखते हुवे मेरे होंठों पेय टूट पड़ी मेरे चेहरे पेय मुस्कान थी मैं बी सतह देने लगा कुछ देर बेहद अलग होइ

सलमा भाभी : और कितना तरसाओ गए अब सबर नहीं होता कशी मैं मर जाओं गई

मैं : नहीं मेरी जान कुछ नहीं हो गए आप को मैं कुछ करता हों आप ऐसा करो कल तैयार रहो आज तो वो दोनों ज़िद क्र रही हैं गुड़िया और सोबी मेरे सतह सोने क लिए

सलमा भाभी: ok मेरी जान जहाँ इतना सबर किया एक रात और सही पैर कल का मतलब कल hi

मैं : लेकिन एक शर्ट पैर आप मुझे रात को दुल्हन क रूप मैं चाहिए

सलमा भाभी: मुस्करा क्र जो हुकम सरताज

एक छोटा सा किश क्र क चली गई मैं बी हाथ मुंह ढोह क नीचे चल दिया जहाँ सब बैठे थे खाने क लिए मैं बी जा क बेथ गया सब ने खाना खाया मिल क्र और उस क बेहद मैं ऊपर ा गया शॉपिंग क बैग लिया सब को दिए जिन जिन क थे सब अपने लिए कपडे सैंडल्स और जेवेलरी देख क खुश हो गई जब क ज़रा, अलिसा और अम्ब्रेन अपने लिए मोबाइल देख क और खुश हो गई

अम्ब्रेन : भाई इन दोनों क लिए मोबाइल क्यों लिया इन को क्या ज़रुरत

मैं : कोई नै यह बी टाइम पास क्र लें गई

दादी : बीटा इतना खर्चा क्यों किया है

मजन : आर्य दादी डार्लिंग इतने दिन बेहद घर आया तो क्या खली हाथ आता और वैसे बी इन सब क लिए hi तो कमाता हों इन सब पेय खर्च हो गया तो कोण सी बड़ी बात है

दादी : तोबा है अब नहीं कुछ पूछों गई पूरा लेक्चर डे देता है

अम्मी : बीटा अब तो कहें नहीं जाये गए न

मैं : अम्मी एक जगा है जहाँ जाना ज़रूरी है

अम्मी : कोण स जगा और क्यों जाना ज़रूरी है और कब और कितने दिन क लिए

मैं : आर्य इतने सवाल बताता हों अपने गाओं हासिलपुर

अबू : क्या पैर बीटा वहां खतरा हो सकता है और इतनी जल्दी क्यों है

मैं : अबू आप की भांजी उन क क़ब्ज़े मैं है कश्मला बुआ की बेटी हरीम उन क पास है 5 साल की आगे मैं किडनैप की थी ुनों ने 21 साल पहले

सब शॉक क्या

दादी : बेटी तुम ने बताया क्यों नहीं पता नहीं हमारी बची किस हल मैं हो गई

मैं : दादी फ़िक्र न करें वो ठीक है उस की हिफाज़त क लिए मैं ने सिक्योरिटी लगाई होइ है

फिर चाहिए वग़ैरा पी हम ने मैं ऊपर आ गया और लेट गया कुछ देर बेहद गुड़िया और सोबी बी आ गई आज दिन की बोहत थकावट थी इस लिए बातें करते करते पता hi नहीं चला और सो गया..


बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं...
 
अपडेट 95

सुबह मेरी अपने टाइम आंख खुल गई थी मेरे दोनों तरफ गुड़िया और सोबी सो रही थीं मैं बरी बरी दोनों को होंठों पेय किश किया फिर दोनों को उठा दिया

फरज़ाना : सोने दो न जणू किन तंग क्र रहे हो

मैं : उठो न जान चलो जॉगिंग पेय जाते हैं तुम न बोहत सुस्त हो गई हो

फरज़ाना: ऑंखें खोल क्र ok ठीक है आप इस को उठाओ मैं फ्रेश हो क आई

वो फ़ौरन निकल गई मैं ने सोबी की तरफ देखा ऐसा लग रहा था जैसे कोई मासूम सी बची सो रही है मैं ने उस क होंठों को अपने होंठों मैं ले लिया सुबह सुबह का यह अहसास बी अलग hi था वो शायद जाग रही थी वो बी शुरू हो गई मैं ने किश तोडा

मैं : चलो शाबाश एक्सरसाइज टाइम

सोबी : आप ऐसे hi जगाया करो सुबह बोहत ाचा लगता है

मैं : ok अब जा फ्रेश हो क आ मैं नीचे चला

मैं ने रूम मैं hi ट्रैकसूट पहन लिया और नीचे बाथ मैं जा क्र फ्रेश हो गया इतने मैं देखा वो दोनों बी आ गई हम तीनो निकल गए पार्क की तरफ पहले रनिंग की फिर एक्सरसाइज और योग फिर हम वापिस चल दिए रस्ते मैं

मैं : गुड़िया अब तुम्हारी ड्यूटी है तुम ने बाक़ी सब बहेनो को रोज़ लाना है रनिंग और एक्सरसाइजेज क लिए फरिहा आपि, फरहाना बजी, सना, सैर, आमना और अक़्सा को बी और हो सके तो भाभी को बी ok

फरज़ाना : तो आज नाश्ते पेय आर्डर सुना देते हैं

सोबी : वैसे आपि बाँदा बोहत फ्रेश महसूस करता है

मैं : तभी तो बोल रहा हों न इस से बोहत फ़ायदा हो गए सहित बी अछि रहे गई सतह आप लोग लाइफ मैं अचे से ग्रोथ क्र सको गए अगर सतह फाइटिंग स्किल्स बी सीख लो तो आगये चल क मुश्किल नहीं हो गई गुड़िया वैसे hi मार्टिकल आर्ट्स जानती है यह आप की हेल्प करे गई और मैं बी करों गए ok

सोबी : ठीक है कल से हम एक नई जज़्बे से करें गई

यह सुन क गुड़िया की हंसी निकल गई

सोबी : आपि क्या हुवा आप हंस क्यों रही हैं

फरज़ाना: कल तुझ से हिला जाये गए तो जज़्बे से करे गई न

सोबी : मतलब

मैं : आर्य मेरी गुड़िया आज जो आप ने रनिंग की और एक्सरसाइज की न तो आप की बॉडी इस की आदि नहीं थी इस लिए कल सुबह आप की पूरी बॉडी जैम हो जाये गई

सोबी : पेरशान हो क अब क्या हो गए

फरज़ाना: आर्य कुछ नहीं हो गए मैं हों न रात को तेरी मालिश करों गई पूरी बॉडी की सतह एक पैन किल्लर खा लेना सुबह ठीक हो गई

सोबी : पूरी बॉडी की

फरज़ाना: क्यों क्या हुवा

सोबी : कुछ नहीं वो मैं ने कभी अपनी बॉडी को किसी को छूने नहीं दिया

मैं : मैं क्र डॉन हाहाहा

सोबी : शर्मा क्र जैसा आप को ठीक लगे वैसे बी इस जिसम पेय सिर्फ आप का हक़ है

फरज़ाना: ो हो क्या प्यार है कोई नई मेरा तेरा रपे नहीं करों गई

हम घर पोंछे फ्रेश हो क तैयार हुवे आज हमारा रिजल्ट था तो मैं नीचे आया तो अम्मी ने मुझे फ़ौरन पकड़ क अपने रूम मैं ले गई अबू तो खेतों मैं जा चुके थे अम्मी ने दूर बंद किया और मुझे पकड़ क्र किश करने लगी कुछ देर बेहद ुनों ने मुझे छोड़ा वो बीएस प्यार से मेरी आँखों मैं देख रही थीं

मैं : क्या हुवा मेरी जान को

अम्मी : और कितना तड़पाए गए तेरे लिए तो अब मैं आबिद को बी हाथ नहीं लगाने देती हों

मैं : ok जल्दी आप से मिलता हों ok और आज मेरा रिजल्ट है

अम्मी : हाँ पता है तभी तो मुंह मीठा करवाया न तुम्हारा

मैं : लोग तो पता नहीं खीर या शकर से कतए हैं जैसे आप ने करवाया इस तरह तो कोई बी नहीं करता और मैं हमेशा ऐसे hi मुंह मीठा करवाना चाहता हों और चलो अब हम को लेट हो रहा है नाश्ता दो

हम बाहिर ए तो बाक़ी सब बी इतने मैं डाइनिंग टेबल पेय आ गई थीं मैं ने सब को गुड मॉर्निंग विश किया फिर बेथ गए नाश्ता करने देखा तो आज आलू क पराठे बने थे

मैं : वाओ आज मज़ा ए गए आलू क पराठे

फरिहा : आप की पसंद का नाश्ता बना है आज क्यों क आज आप का एक तो रिजल्ट है दूसरा आज बोहत दिनों बेहद घर पेय नाश्ता क्र रहे हो

हम ने नाश्ता किया फिर सब से इजाज़त ली मैं और गुड़िया बाइक पेय जब क फरिहा appi,farhana बजी, सना और सैर अलग गाड़ी मैं जाने वाले थे आमना, अक़्सा और सोबी ने बोलै वो शाम को हमारे सतह बाहिर चलें गई खैर मैं और गुड़िया चल पड़े बाइक पे गुड़िया मुझ से चिपक क बैठी थी

मैं : क्या बात है आज बोहत प्यार आ रहा है

फरज़ाना: कोई लम्हा ऐसा नहीं होता जब मुझे आप पे प्यार न आता हो ाचा भाई

मैं : गुड़िया तुम्हारी तबियत ठीक है न आज तुम मुझे भाई बोल रही हो

फरज़ाना: वो क्या है न कभी कभी मेरा दिल करता है आप को भाई बोलों मुझे न पता नहीं क्यों यह सोच क hi जिसम मैं सिहरन सी uth'ti है यह सोच क hi क मेरा होने वाला जणू मेरा भाई है एक अलग hi अहसास होता है

मैं : हम्म मतलब तुम को इन्सेस्ट का अहसास हो रहा इन्सेस्ट वाला मज़ा

फरज़ाना : हाँ मुझे बी लगता है और वैसे यह है बी सुच जो मज़ा इन्सेस्ट मैं है वो किसी और मैं नहीं

मैं : जान एक बात बतानी थी

फरज़ाना: मुझे पता है आप अम्मी क बारे मैं बात करना चाहते हो

मैं : हाँ लेकिन तुम्हें किसे पता

फरज़ाना: जब आप मुर्री गए थे तो अम्मी को मैं एक्सरसाइज वग़ैरा करवाती रही और ज़ियादा टाइम उन क सतह hi गुज़रा है मेरा तो उन को बी पता है सब हमारे बारे मैं तो ुनों ने खुद बताया क मुर्री जाने से पहले लास्ट नाईट को आप क और अम्मी क बीच क्या क्या हुवा है

मैं : तुम्हें घुसा तो आया हो गए

फरज़ाना: नहीं बिलकुल बी नहीं इन्फेक्ट मैं तो बोहत एक्सीटेंड हो गई थी क्यों क वो बी हमारी तरह आप को चाहती हैं जब वो हमारी ख़ुशी क लिए इतना कुछ क्र सकती हैं तो क्या हमारा फ़र्ज़ नहीं बनता क हम बी उन की ख़ुशी क लिए कुछ करें और अब तो और बी उन को आप की ज़रुरत हो गई अगर अबू ने शाहीन बुआ से शादी क्र ली तो

मैं : यह वजा है जो तुम को सब से अलग बनती है इसी लिए तुम्हारा हक़ सब से ज़ियादा है

फरज़ाना: ाचा वो छोड़ो यह बताओ आज तैयार हो किसी का सामना करने क लिए

मैं : किस का सामना किस की बात क्र रही हो

फरज़ाना: वही जिस को चैलेंज दिया था जिस ने अपनी वाच बंद क्र दी थी

मैं : सहित यार मैं तो भूल hi गया था अब देखना आज जोबिअ ठाकुर फिर हम से पीछे रहे गई

फरज़ाना: कुछ ग़लत तो नहीं करे गई न

मैं : आर्य कुछ नहीं करे गई उस क लिए तुम hi काफी हो

इतने मैं हम कॉलेज पांच गए थे जहाँ अदनान हमारा वेट क्र रहा था मैं ने उस को मश्ग क्र दिया था क मैं आ गया हों तो कॉलेज मैं hi मीलों गए नहीं तो मेरी वाट लगनी पाकी थी उस ने मुझे देखा तो ऑंखें फाड़े देखता hi रह गया मैं उस क पास गया

मैं : अब सेल ऐसे मुंह खोले क्या देख रहा है

अदनान : अबे क्या लड़कियों की जान लेनी है इतना कैसे बदल गया तू तेरी यह बॉडी तो कमल की हो गयी है और बस मज़बूत बी ऐसी जिसे पत्थर हो ऊपर से आज इतना तैयार हो क आया है यह फिटिंग शर्ट और यह लुक आज तो सब गई काम से

मैं ने ूसये गले लगाया

मैं : बीएस आज किसी को देखना है मैं क्या हों

अदनान : कोण है भाई को लफड़ा है क्या

मैं : आर्य नहीं किसी ने मेरी औकात की बात की थी

अदनान : ाचा छोड़ जो बी है चल कैंटीन चलते हैं और गुड़िया तुम कैसी हो मेरी बहन

फरज़ाना: शुक्र है अदनान भाई आप की नज़र मुझ पेय तो पड़ी और मैं बिलकुल ठीक हों

मैं : चलो कैंटीन hi चलते हैं

फिर हम कैंटीन मैं आ गए जहँ बोहत रश था हम बी एक टेबल पेय बेथ गए मैं ने देखा एक टेबल पेय मेरी बाक़ी सब बहन और उन की फ्रेंड्स बैठी थी मैं उन क पास जा क बोलै आप लोग कुछ लें गई तो सब ने कॉफ़ी का बोलै मैं ने देखा अप्पी लोगों की फ्रेंड्स ऑंखें फाड़े देख रही थीं मैं वापिस आ क सब क लिए कॉफ़ी आर्डर की और वापिस आ क बेथ गया टेबल पेय इतने मैं वो आ गई जिस का इंतज़ार था जी आप ठीक समझे जोबिअ ठाकुर वो मुझे घूरते हुवे हमारे सामने क टेबल पेय बेथ गई

फरज़ाना: लो आ गई आप की एक और बीवी

मैं : हाँ देख रहा हों बीएस यह अपनी अकड़ कुछ काम क्र ले न तो सब ठीक हो सकता है

मैं ने घोर से देखा तो वो जान क्र अपनी कलाई सामने क्र रही थी जिस पेय वही वाच थी जिस पेय उस ने टाइम रोक रखा था मेरे होंठों पेय मुस्कान आ गई जिसे देख उस की जल गई पर कुछ क्र नहीं सकती थी

अदनान : भाई अब समझ गया मैं तुम किस क बारे मैं बात क्र रहे थे पैर भाई मैं तो कहता हों पन्गा न hi ले तो ाचा है यह ठाकुर लोग हैं ऊपर से खतरनाक बी और तुम हो उस को और घुसा दिला रहे हो

मैं : आर्य यार मैं ने क्या किया छोड़ इस बात को चल कॉफ़ी आ गई पीते है

हम कॉफ़ी पीने लगे सतह बातें बी क्र रहे थे और यह बी क किस यूनिवर्सिटी मैं एडमिशन लेना है फिर हम सब हॉल की तरफ चल पड़े जहँ रिजल्ट की तक़रीब होना थी हॉल तक़रीबन भरा हुवा था कुछ hi जगा बाक़ी थी जो स्टूडेंट बाहिर या कैंटीन मैं थे ऊनि क लिए थोड़ी देर मैं सब आ गए इतने मैं मेडम सीमा स्टेज पेय आ गई आज की तक़रीब ुनों ने hi होस्ट करना थी सरे टीचर्स और प्रिंसिपल बी स्टेज पेय आ गए

म सीमा : गुड मॉर्निंग एव्री ओने मैं शुकरिअ अड्डा करती हों प्रिंसिपल साहब का और सब टीचर्स का जो यहाँ मजूद हैं उन सब पेरेंट्स का जो यहाँ अपने बच्चों क लिए ए जिन की म्हणत से आज हमारे कॉलेज का नाम रप्शन हुवा है उन तमाम स्टूडेंट्स का जिन की म्हणत से न सिर्फ अपना फ्यूचर बनाने मैं मदद मिले गई बल्कि हमरे कॉलेज का हमारा नाम बी रोशन किया है आप सब को ज़ियादा इंतज़ार न करवाते हुवे आज क स्पेशल गेस्ट को मैं स्टेज पेय आने की गुज़ारिश करती हों प्लीज पुर जोश तरीके से वेलकम कीजिये हमारे इस इलाक़े क बोहत hi मोह्ज़ीज़ शख्सियत और इस कॉलेज क ट्रस्टी और जामनगर गाओं क ठाकुर जामेशद का

सब लोग तालियां बजाने लगे हम एक दूसरे को देखने लगे क यह कैसे मैं ने जोबिअ को देखा तो वो बोहत ऐटिटूड से देख क मुस्करा रही थी मैं समझ गया क्यों क िस्ये लगता है क यह आज फर्स्ट ए गई ठाकुर पर्सनालिटी से रोहबदार शख्स लग रहा था मैं ने उस का दिमाग़ रीड किया तो मेरे चेहरे पेय मुस्कराहट आ गई क्यों ठाकुर ाचा इंसान था बीएस बुरे लोगों क लिए बुरा था वो मैं ने सोचा चलो ग कोई तो ाचा है पैर सिर्फ एक आदत उस को है चुदाई की अपनी बहन तक को छोड़ता है

म सीमा : तो स्टूडेंट्स आप सब तैयार हो रिजल्ट क लिए

सब ने यस मम बोलै

म सीमा : आज मुझे बतातये हुवे ख़ुशी हो रही है क आज हमरा कॉलेज एक नई अहज़ाज़ से नवाज़ा जाये गए फर्स्ट टाइम इस कॉलेज क स्टूडेंट ने न सिर्फ इस कॉलेज से टॉप किया है न क इस सिटी से न क इस पूरे प्रोविसिओं से बल्कि उस ने कंट्री टॉप किया है इसी कॉलेज क hi एक स्टूडेंट ने कंट्री सेकंड बी ली है तो यह इतना बड़ा अहज़ाज़ हमारे लिए एक बोहत बड़ी ख़ुशी की बात है सो चौंक क यह कॉलेज & ुनिवर्स्टी बी है तो हम पहले ऊपर से शुरू करते हैं रिजल्ट का अनाउंसमेंट

फिर मेडम ने रिजल्ट सुनना शुरू किया और जिस मैं फरिहा एसपी ने बी अपनी सिटी से टॉप किया था फिर फरहाना बजी ने बी अपने लेवल मैं 2ंद ली थी सना और सैर बी पास थी अचे मार्क्स से अब जब बरी आई हमारी

म सीमा : तो डिअर स्टूडेंट्स पहले मैं थर्ड पोजीशन का नाम लेती हों थर्ड पेय हैं मस जोबिअ जमशेद ठाकुर 98.5% क सतह मैं जोबिअ ठाकुर को स्टेज बी बुलाती हों आ क अपनी ट्रॉफी हासिल करें

जोबिअ पेरशान और घुसे मैं हमारी तरफ देखती होइ स्टेज पेय गई और अपने अबू क हाथ से ट्रॉफी ली जमशेद ठाकुर इस से बी खुश थे ुनों ने अपनी बेटी क माथे को चूमा जोबिअ मुंह लटका क झूटी हंसी हँसते हुवे स्टेज से नीचे आ गई उस की आँखों मैं आंसू थे जो मैं ने देख लिए उस ने एक बार रोहणसी आँखों से मेरी तरफ देखा उस क चहेरे का दर्द देख क मैं बी पेरशान हो गया था मैं ने उस को न मैं इशारा किया क रोना नहीं और उस को आंसू पूछने का इशारा किया तो वो आंसू पूछ क बेथ गई

म सीमा : सो अब बरी है 2ंद पोजीशन की जिस ने कंट्री टॉप बी किया है अपनी तालियों मैं वेलकम कीजिये मस फरज़ाना अली का जीनों ने 99.5% से पूरी कंट्री मैं 2ंद पोस्टिव ली है

सब की तालियों मैं गुड़िया ने जा क जमशेद ठाकुर से अपनी ट्रॉफी ली और फिर मुस्कराती होइ नीचे आ गई

म सीमा : अब बरी है उस स्टूडेंट की जिस ने यह अहज़ाज़ हासिल किया है गवर्नमेंट की तरफ से उस क लिए स्पेशल प्राइड ऑफ़ परफॉरमेंस का अवार्ड दिया जाये गए सतह 5 लाच कॅश और फ्री स्कालरशिप और सतह टॉप 5 यूनिवर्सिटीज ने अप्रोच किया है इन को अपनी ुनिवर्स्टी मैं एडमिशन क लिए वो बी फ्री ो माय गॉड लगता है मैं किसी सेलिब्रिटी को इन्विते करने वाली हों पैर इस मैं ग़लत hi क्या है वो हमारे लिए सेलिब्रिटी से काम बी नहीं प्लीज वेलकम कीजिये ज़ोरदार तालियों से स्टैंडिंग ोवतिओं क सतह मर. काशिफ अली 100% मार्क्स क सतह टॉप ऑफ़ कंट्री

मैं ने जोबिअ की तरफ देखा तो हैरान हो गया वो खड़े हो क्र मुसकरते हुवे तालियां बजा रही थी मैं स्टेज पेय पोंछा जहँ मुझे ट्रॉफी दी गई सतह एक चेक दिया गया गोवत. की तरफ से जो प्राइड ऑफ़ परफॉरमेंस मिलना था उस की एक अलग तक़रीब होना थी

मैं ने ठाकुर साहब का शुकरिअ अड्डा किया फिर

मैं : मम मैं कुछ कहना चाहता हों

तो मम ने मुझे माइक डे दिया

मैं : गुड मॉर्निंग आल ऑफ़ यू सब से पहले मैं अपने माँ बाप की दुआ से मैं आज यहाँ हों

मेरी नज़र जब सामने पेरेंट्स सीट पेय पड़ी तो वहां अबू और अम्मी बैठे थे वो बी तैयार हो क मैं ने फ़ौरन अपने राइट साइड देखा जहाँ मार्क खड़ा था विप सिक्योरिटी वालों की तरह ब्लैक सूट मैं आँखों पेय ब्लैक चश्मा और कानों मैं ब्लूटूथ लगे मैं समझ गया यह ऐसी का किया धरा है

मैं : उस क बेहद मेरे टीचर्स जीनों ने अपनी म्हणत और तजर्बे से हम को पढ़ाया सिखाया और सब से बड़ी बात क हम को ेन्सॉरगे किया मैं खुश हों क मैं ने टॉप किया है पैर मैं साद बी हों क्यों क आज मेरी वजा से किसी का दिल दुख है किसी का सपना टूटा है और मैं जितना मज़बूत नज़र आता हों उतना hi नरम दिल बी हों अंदर से जो किसी को बी दुखी नहीं देख सकता

मैं ने देखा जोबिअ बोहत घोर से देख रही थी

मैं : उस को मैं इतना बोलों गए क लाइफ मैं कभी पीछे नहीं हटना कभी डिसअप्पोइन्त्मेन्त नहीं होना लाइफ मैं और बी मौके होते हैं जहँ शायद आप सब से आगये हों ी होप क मेरी बात उन को समझ आ गई हो गई अब बात करता हों फ्री स्कालरशिप की तो यह मैं अपने दोस्त को देना चाहता हों क्यों क मुझ से ज़ियादा उस को ज़रुरत है अदनान स्टेज पेय आओ

वो खड़ा हुवा और ऊपर आ गया और मेरे सतह खड़ा हो गया

मैं : और इस क इलावा यह जो चेक है यह बी मैं इस को hi डे रहा हों क्यों क यह बोहत ग़रीब फॅमिली से अदनान यह लो

अदनान : पैर भाई मैं कैसे इस पेय तुम्हारा हक़ है

मैं : हाँ जनता हों पैर मेरा तो तुझ पेय बी हक़ है इस लिए रख ले

मैं : सो फ्रेंड्स अब बात करते हैं क जो यूनिवर्सिटी मुझे एप्रोच क्र रही हैं उन का शुकरिअ उन से मैं इतना बोलों गए क प्लीज आप चाहो तो उन स्टूडेंट पेय खर्च करो जो आगये भड़ना चाहते हैं पैर उन क पास पैसे नहीं हैं थैंक यू

मैं स्टेज से नीचे उतर क आया गुड़िया मेरे गले लग गई उस क बेहद मैं अम्मी अबू क पास गया उन क गले मिला अम्मी ने मेरे गलों पेय प्यार किया

मैं : ाचा सरप्राइज था वैसे किस ने किया यह सब

अबू : बीटा मार्क को गुड़िया ने बोलै था तो उस ने hi हम को बोलै और गुड़िया ने hi फिर हम को बोलै और यह बात तुम्हें न बताने को कहा

मैं : थैंक्स गुड़िया मेरी खुशियों को चार चाँद लगाने क लिए ाचा आप लोग चलो हम थोड़ी देर मैं ऍन गए मार्क थैंक्स यार

मार्क : गुड़िया को बोलो मैं ने कुछ नहीं किया

मैं : ok इन को ले जाओ घर और हाँ बेहद मैं बात करता हों तुम से एक पार्टी बी रखनी है ok

मार्क चला गया अम्मी अबू को ले क्र

मैं : तो गुड़िया तुम खुश हो न

फरज़ाना : वैसे आज बड़ी फेवर हो रही थी किसी की

मैं : वो कुछ ग़लत न करे इस लिए बोलै उस को

फरज़ाना : ok अब क्या प्रोग्राम है

मैं : घर hi चलते हैं फिर शाम को शॉपिंग वग़ैरा

कोंग्रटुलतिओन्स मर. काशिफ

मैंने ने पीछे देखा तो वहां जोबिअ कड़ी थी

मैं : hi थैंक्स मिस जोबिअ एंड अप्प को बी कोंग्रटुलतिओं

जोबिअ : ी ऍम सॉरी

मैं : किस लिए

जोबिअ : उस दिन क बिहेवियर क लिए मुझे अपनी ग़लती का अहसास है शायद मैं कुछ ज़ियादा बोल गई थी

मैं : आर्य नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं और आप दिल मैं कुछ नहीं रखना मैं नाराज़ नहीं हों आप से

जोबिअ : और थैंक्स मेरे लिए इतना कुछ बोलै आप ने नै तो मैं पता नहीं क्या क्र beth'ti

मैं : उस की कोई ज़रुरत नहीं वैसे घुसे मैं शेरनी बन जाती हो आप

जोबिअ : मुस्करा क्र क्या हम फ्रेंड्स बन सकते हैं

मैं : हाँ ज़रूर पैर वो आप की वाच

जोबिअ : अब इस की ज़रुरत नहीं आज यह जोबिअ ठाकुर आप से हर गई

मैं : कहें फिर तो तहना तो नहीं दो गई न तुम्हरे जैसे को मैं नौकर बी न रखों

यह सुन क उस की आँखों मैं आंसू आ गए

जोबिअ : ी ऍम सॉरी प्लीज महफ क्र दो आज मुझे पता चल गया इंसान की औक़ात रुपए पैसे से नहीं उस क दिल और किरदार से बी होती है और जहाँ तक मुझे लगता है आप कोई आम इंसान नहीं हो क्यों क जो बाँदा दूसरों क लिए इतना कुछ के और खुद सब क्र क बी क्रेडिट न ले वही तो heera(diamond) होता है जो बीत गया ूसये भूल जाते हैं आज से एक नई लाइफ शुरू करते हैं अगर आप ने आज मेरी दोस्ती की ऑफर को एक्सेप्ट क्र लिया तो मैं समझों गई क आप ने मुझे महफ क्र दिया

मैं : वेल ok सो फ्रेंड्स

मैं ने हाथ आगये क्र दिया उस ने मेरा हाथ थम लिया वो तो बीएस मेरी आँखों मैं देखती रही क़रीब था क वो शायद मुझे किश क्र देती लेकिन

फरज़ाना : अब अगर लैला मजनू का प्यार हो गया हो तो छोड़ दो एक दूसरे का हाथ

जोबिअ हड़बड़ा गई और मेरा हाथ छोड़ क्र शर्माने लगी गुड़िया आगये होइ और उस को गले लगा लिया वो शॉक बी होइ और खुश बी क आज लगा उस को क उस क किसी अपने ने सहारा दिया हो ऐसा क्यों यह आगये पता चले गए उस की आँखों मैं ख़ुशी क आंसू हैं

जोबिअ : मुझे महफ क्र..

इस से आगये कुछ कहती गुड़िया ने अपने होंठ उस क होंठों पेय रख दिए और एक छोटा सा किश क्र क

फरज़ाना: क्या मेरी जान सब से महफि मांग रही है अब तू ग़ैर नहीं बहन है मेरी दोबारा सॉरी मत बोलना चलो अब

मैं : ाचा जोबिअ हम घर जा रहे हैं शाम को हमारा प्रोग्राम है शॉपिंग वग़ैरा का तो क्या आना चाहो गई

जोबिअ : हाँ क्यों नहीं

मैं : तो ठीक है 4 बजे रेडी रहना मैं घर से hi पिक क्र लोन गए

जोबिअ : नै नै वो अबू ने देख लिया तो मर डालें गए

मैं : मुझ पेय भरोसा है

जोबिअ : ok जैसा आप बोलो bye चलती हों

वो चली गई तब अदनान बोलै

अदनान : साले क्या चीज़ है तू दुश्मन को बी अपना मुरीद बना लेता है

मैं : चल चले और शाम को तू बी तैयार रहना और तूबा को बी ले आना बाइक पेय आ जाना तुम लोग अब तेरा घर इस तरफ जोबिअ का घर उस तरफ है ok

अदनान : हाँ अब तू हमारी तरफ क्यों ए गए चलो कोई नई

हम वहां से निकलने लगे क

फरिहा : कोंग्रटुलतिओन्स मेरी जान खुश क्र दिया

मैं : थैंक्स आपि आप को बी कॉंग्रट्स

फरहाना : कॉंग्रट्स बीच

मैं : थैंक्स बजी और आप को बी

सना : बीच कॉंग्रट्स

मैं : थैंक्स आप सब को बी कॉंग्रट्स

सैर : ok बीच हम घर चल रही हैं

मैं : हाँ चलो हम बी आ रहे हैं

फिर सब अपने अपने घर चले गए.


बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं....
 
अपडेट 96

हम घर पोंछे तो बेल्ल देने से पहले hi अम्मी ने दूर खोल दिया

मैं : आप नहीं सुधरो गई न

अम्मी : बिलकुल नहीं

फरज़ाना : वैसे गुड़िया यह अपनी अम्मी कुछ ज़ियादा hi चंचल सी नहीं हो गई

फरज़ाना : हाँ मुझे बी लगता है दोबारा से जवान हो गई है तो अब लड़कियों की तरह चंचल तो हों गई

अम्मी : नौटंकी ख़तम हो गई हो तो अंदर तशरीफ़ लेन की ज़ेहमत करें गए

मैं अंदर आ क्र अम्मी को बाँहों मैं भर लिया ुनों ने बी मुझे कास लिया

मैं : ी लव यू वैरी मच

अम्मी : ी लव यू तू जान

फरज़ाना : हे लव बर्ड्स बीएस करो और अम्मी आप कुछ खाने को ले क आओ और यह बजी लोग नहीं आई क्या

अम्मी : आती hi हों गई आप दोनों फ्रेश हो क आओ मैं कुछ बना लेती हों ok

हम जा क फ्रेश हुवे जब नीचे ए तो बाक़ी बी आ गई थीं इस क इलावा दादी, चची, सकीना आंटी, भाभी, कश्मला बुआ, शाहीन बुआ, आमना, अक़्सा, सोबी और रानी बुआ सब बैठी थीं मैं दादी क पास गया ुनों ने मुझे गले लगाया फिर गाल पेय चूमा

दादी : आज मेरे बेटे ने हमारा नाम रोशन क्र दिया

मैं : आखिर पोता किस का हों

फिर चची बी मेरे लगी और सब क सामने लिप पेय किश किया

दादी : शर्म क्र बहु सब देख रहे हैं

चची : देखने दो मैं डर्टी हों क्या किसी से

फिर भाभी बी गले लगी ुनों ने बी ऐसा किया

दादी : लगता है बीटा तेरा आज रपे पका है

मैं : दादी डार्लिंग बाक़ी का तो नहीं पता पर आप ने ज़रूर करवा देना है

सब हसने लगी

फिर रानी बुआ ने बी ऐसा किया उस क बेहद कश्मला बुआ और शाइन बुआ ने मुबारक बाद दी फिर सकीना आंटी ने बी गले लगाया मैं उन क कान मैं

मैं : मौक़ा ाचा है आंटी लगये हाथ आप बी किश क्र hi लो

मैं ने उन को छेड़ने क लिए बोलै था पैर हुवा उस क उल्टा ुनों ने बी मुझे लिप किश डे दिया जिसे देख मैं हैरान हो गया बल्कि सब का मुंह खुल गया खास क्र आमना और अक़्सा का

आमना : अम्मी आप बी शुरू हो गई

सकीना आंटी : आर्य इस मैं क्या है वैसे बी इतना पायरा घाबरू जवान है कोण िस्ये मनः करता

यह सुन आमना कहाँ पीछे रहने वाली थी उस ने पहले गले लगाया फिर लिप पेय किश क्र क हैट गई

दादी : आर्य कोई इस को बचा लो सब पीछे पद गई मेरे बचे क

मैं : दादी डार्लिंग आप का दिल बी क्र रहा है न

दादी : तू अकेले मिल फिर बताती हों डार्लिंग क बचे

फिर सब हंसने लगये क अचानक सब की हंसी रुक गई क्यों क अक़्सा ने एक दम से आ क्र मुझे किश करना शुरू क्र दिया फिर अलग हो क पीछे हैट गई

मैं : ok अब कुछ खाने को डे दो

दादी : इतनी देर से खा hi तो रहा था

मैं दादी क पास बेथ गया उन को गले लगाया

मैं : मेरी दादी डार्लिंग नाराज़ न हो बच्चियां हैं इस से उन को ख़ुशी मिलती है तो क्या हो गया

दादी : ाचा ाचा ठीक है चलो कुछ खा लो

फिर हम ने चाहिए नाश्ता किया अभी टाइम था खाने मैं फिर मैं बाइक ले क निकला गाओं की तरफ अभी मैं जा hi रहा था क मुझे किसी ने आवाज़ दी मैं ने बाइक रोक दी पीछे देखा तो नुकर वाली गली से पीने निकली वो मेरे पास आई

मैं : क्या बात है डार्लिंग आज तो ग़ज़ब लग रही हो

परवीन : क्या कशी बाबू आप ने उस दिन क बेहद ए hi नहीं यह बी पता नहीं किया मैं ज़िंदा बी हों या नहीं क्या मैं उस दिन पसंद नहीं आई थी क्या

मैं : आर्य कैसी बातें क्र रही हो पीने वो क्या है बोहत बिजी था टाइम hi नहीं मिला मैं तो यहाँ था hi नहीं कल hi तो वापिस आया हों वैसे इधर कहाँ से आ रही है

परवीन : वो नूर बनो क घर गई थी वही से आ रही हों आप किदर चले

मैं : मैं तो ऐसे घूमने निकला था

परवीन : कभी हम को बी टाइम दो न मेरा दिल अभी क्र रहा है पैर मेरे बचे अभी स्कूल से एते hi हों गए ऐसा करना कल आ जाना मेरे घर

मैं : वहदा नहीं करता अगर फ्री हुवा तो आऊं गए ok

परवीन : चल ठीक है ज़रूर आना और हाँ वो नूर बनो क घर जाना वो यद् क्र रही है तुम को

मैं : हाँ तू ने जो सब बता दिया उस को यद् तो करे गई

परवीन : नै नै मैं ने तो कुछ नहीं बताया

मैं : ज़्यादा नौटंकी नहीं मुझे पता है सब उस दिन आप दोनों का शो खेत वाले कमरे मैं जो चल रहा था मैं ने सब देखा और बातें बी सुनी जहँ तुम ने नूर बनो को मेरे बारे मैं बोलै था जहाँ से तुम लोगों ने मिशन कशी शुरू किया था

परवीन : शर्मा क्र तो तुम्हें सब पता था तभी मैं बोलों अचानक तू लाइन मैं कैसे आ गया

मैं : हाँ मेरी रंडी सब पता था

परवीन : ष्ठीय ेस्ता बोल गाओं मैं खड़ा है कोई बी अत जाता सुन ले गए अब मैं चलती हों यद् से आना जब फ्री हो

मैं : ok ठीक है bye

मैं आगे निकल गया और पोंछा शामू की दुकान पैर जहँ वो खुद बैठा था

मैं : कैसे हो शामू भैया

शामू : आर्य कशी बीटा कैसे हो कहाँ ग़ैब हो भाई नज़र hi नहीं एते

मैं : अरे भैया हम ने किदर जाना है एहि होता हों बीएस थोड़ा बिजी रहा हों एक 2 बार आया मैं लेकिन आप नहीं थे वो भाभी hi थी शॉप पेय

शामू : हाँ हो सकता है मैं दुकान का सामान लेने गया हो गए तो उस बीच शानो hi दुकान देखती है

मैं : और सुनाओ बाबू ग कैसे हैं

शामू : बीएस भाई बाबू ग की उम्र हो गई है और दूसरा आगये घर का वारिस न होने का ग़म वो तो शानो उन को संभल रही है तो बेहतर हैं

मैं : ाचा मैं ज़रा बाबू ग से मिल क आता हों

शामू : हाँ हाँ क्यों नहीं चलो मैं बी चल क शानो को चाहिए पानी का बोलता हों

मैं : आर्य रहने दो शामू भाइयाँ आप दुकान देखो मैं खुद hi बोल डॉन गए कोण सा मैं पराया हों अपना घर hi तो है

शामू : जीता रो बीटा तेरे जैसी सोच सब की हो

मैं उस शॉप से hi अंदर घर की तरफ जो दूर खुलता है उस से अंदर चला गया सहन मैं कोई नहीं था मैं सीधा अंदर चला गया तो मुझे एक रूम से कुछ आवाज़ आई मैं समझ गया क आज बी अंदर शानो अपने सुसार क सतह लगी है मैं ने विंडो से देखा जो खुली होइ थी शामू का बाप एहनी शानो का सुसार बीएड पेय सीधा लेता था और शानो की शलवार उत्तरी होइ थी और वो अपने सुसार क लुंड क ऊपर बैठी होइ थी और मज़े से ऊपर नीचे हो रही थी कोई 2 मिनट मैं hi उस क ससर का पानी निकल गया जिस से शानो को घुसा आ गया

शानो : बहनचोद बूढ़े जब ठीक से टिक नहीं पता तो क्यों मेरे पीछे पड़ा रहता है जैसा बीटा वैसा hi बाप दोनों बेह्चोड़ जल्दी फ़ारिग़ हो जाते हैं और मैं जलती रहती हों

मैं ने बाहिर सहन मैं जा क आवाज़ लगाई

मैं : शानो भाभी कहाँ हो

मेरी आवाज़ क एक मिनट बेहद शानो रूम से निकली उस को पसीना आया हुवा था और वो दर्री होइ थी

शानो : आर्य कशी बाबू आप आओ अंदर आ जाओ

मैं उस क सतह गया शानो का सुसार अपनी शलवार बंद चूका था और बीएड पेय तक लगा क बैठा था

मैं : कैसे हो बाबू ग

( शानो क सुसार का नाम खादिम)

खादिम : ठीक हों बीटा अब बूढ़ा हो गया हों उम्र हो गई है तो कोई न कोई बीमारी लगी hi रहती है

शानो शायद मुझे बैठा क बाथ मैं चली गई थी

थोड़ी देर गुप् शाप लगाई मैं ने क शानो आ गई

शानो : कशी बाबू आप बैठो मैं चाहिए बना क लती हों

मैं : भाभी क्यों तकलीफ करती हो

शानो : आर्य इस मैं तकलीफ की क्या बात होइ तुम कोण सा रोज़ रोज़ एते हो

वो चली गई चाहिए बनाने थोड़ी देर मैं उस ने मुझे आवाज़ दी आ क्र

शानो : वो कशी बाबू शकर का डिब्बा ऊपर रखा है वो उतर क डे दो

मैं : हाँ क्यों नहीं भाभी चलो अभी उतर क देता हों

मैं उस क सतह बाहिर आया और किचन मैं चला गया

मैं : कहाँ है डिब्बा भाभी

शानो : डिब्बा नीचे hi है मैं ने तुम से कुछ बात करना थी इस लिए बुलाया है तुम को

मैं : ग बोलो भाभी

शानो : देख कशी तुम अचे लड़के हो समझदार बी पैर कशी हम जैसे लोगों क पास उन की सिर्फ इज़हट hi होती है उस दिन तुम्हारी डबल मीनिंग वाली बातें मुझे समझ आ गई थीं बेहद मैं मैं ने बोहत सोचा उस पेय और यह जान गई क तुम ने उस दिन हम को देख लिया था प्लीज किसी को बताना नहीं मैं बोहत मजबूर हो क क्र रही हों मेरी कोई औलाद नहीं है और न hi ठीक से जिसम का सुख मिला है

मैं : हाँ मैं ने उस दिन देख लिया था और सिर्फ उस दिन hi नहीं आज बी देख लिया है और भाभी आप को पेरशान होने की ज़रुरत नहीं समझो मैं ने कुछ नहीं देखा न सुना ok आप बोहत पायरी और क्यूट स हो भला आप की इज़हट मैं कैसे दुन्या मैं उछाल सकता हों

शानो : शर्मा क्र तुम वखि बोहत अचे हो

मैं : भाभी चाहिए जल रही है दूध डालो न इस मैं

शानो : ओह सॉरी मैं बी न बातों मैं लग गई ाचा यह बताओ चाहिए मैं दूध ज़्यादा पसंद है या काम

मैं : अगर दूध ताज़ा और घर का हो तो ज़ियादा वैसे नार्मल

शानो : अभी तो बाहिर का है

मैं : घर का बी है आप क पास चाहो तो दाल सकती हो

शानो : कशी बाबू बोहत नॉटी हो गए हो आज तो इसी से गुज़ारा करो घर क दूध की चाहिए फिर कभी पीला डॉन गई

मैं : सोच लो बेहद मैं मुकर तो नहीं जाओ गई

शानो : किसी और का तो पता नहीं पैर शानो जो ज़ुबान क्र ले पूरा ज़रूर करती है अब एक वहदा करो क मैं कुछ मांगू तो दो गए

मैं : ok भाभी वहदा मांगो क्या मांगती हो

शानो : मेरी गोद भर डाई तेरे आगये हाथ जोड़ती हों तेरे पेअर पड़ती हों

शानो मेरे पाऊँ छूने लगी थी तो मैं ने उन को खड़ा क्र दिया

मैं : क्या क्र रही हो भाभी आप बड़ी हो मेरे पाऊँ छू क्र क्यों गुनहगार करती हो हाँ मुझे मंज़ूर है आप की शर्त सुच तो यह है मैं खुद आप क इस प्यारे से जिसम को जी भर क प्यार करना चाहता हों

शानो : खुश हो क्र थैंक्स लो चाहिए बी बन गई

शानो ने चाहिए दाल क मुझे दी

शानो : वैसे यह बातो उस दिन शॉप का शटर बंद था तुम ने हम को देखा कहाँ से

मैं : यह राज़ की बात है भाभी नहीं बता सकता

शानो : चलो कोई नई फिर कभी सही बच्चू मेरे हाथ बी लगे गए

मैं : यह तो वक़्त hi बताये गए भाभी कोण किस क हाथ लगता है

शानो : लगता है तुम मैं कुछ खास है जो इतना उछाल रहे हो

मैं : हाँ है न जिस दिन देखो गई आँखें बाहिर आ जैन गई वैसे यह शामू बहिया दुकान का सामान लेने कब जैन गए

शानो : वो तो कल जैन गए वो करमु है न जिस ने गाडी राखी है उस मैं शामू बाबू ग को ले क जाये गए सिटी हॉस्पिटल मैं सतह दुकान का सामान बी लाये गेन

मैं : तो कल अपनी पारी को तैयार रखना मुझे बाल बिलकुल नहीं पसंद और नाहा क अचे से कपडे पहन लेना खुशबु लगा क मैं 10 बजे आऊं गए

शानो : मैं इंतज़ार करों गई

मैं : ठीक है मैं चलता हों bye

मैं वहां से निकला शामू से हाथ मिलाया और बाहिर निकल आया फिर मैं पोंछा नूर बनो क घर मैं अंदर चला गया नूर बनो सहन मैं hi थी मुंहे देख खुश हो गई मैं उन क पास गया तो वो मेरे गले लग गई और मेरे होंठों पेय किश क्र दिया

मैं : क्या बात है डार्लिंग लगता है घर कोई नहीं है जो बग़ैर दर क किश क्र दिया

नूर बनो: मैं डर्टी हों क्या किसी से शुक्र है तुम ए तो कब से रह देख रही थी

मैं : पता तो है आप को कहाँ था मैं और अब आ गया हों न

नूर बनो : ाचा आओ बैठो

मैं जा क अंदर बेथ गया

मैं : वैसे कहाँ है लव बर्ड्स

नूर बनो : तुम को पता है उन क बारे मैं हाँ वो दोनों खेत की तरफ गए हैं

मैं : मुझ से कुछ नहीं चुप सकता सब पता है

नूर बनो : मुझे ख़ुशी बी है और दुःख बी ख़ुशी इस लिए क मेरी बेटी हमेशा मेरे पास रहे गई और दर इस बात का क अगर किसी और को पता चला तो और इन क अबू न मने तो क्या हो गए

मैं : मैं समझ सकता हों आप का डर पैर आप फ़िक्र न करो मैं संभल लोन गए

फिर मैं कुछ देर बेथ क वहां से आ गया मैं घर पोंछा खाना खाया और रूम मैं चला गए रेस्ट करने

बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं...
 
अपडेट 97

मैं रूम मैं आ क फ्रेश हो क कपडे चेंज क्र क लेट गया इतने मैं गुड़िया नूर को ले आई मैं ने नूर को अपने सीने पेय लेता लिया वो बी आराम से लेट गई गुड़िया बी कपडे चेंज क्र क आ गई थी आज कल मौसम बी अचानक ख़राब हो जाता है मून सून शुरू होने को था फ़िलहाल आज ठीक था मौसम बदल तो थे पैर बारिश नहीं होइ थी

फरज़ाना : कितने बजे चलना है शॉपिंग को

नूर : मैं बी जाओं गई बोहत दिन हो गए बाबा मैं बाहिर नहीं गई

मैं : ok मेरा बचा आप को तो ले क जाओं गए क्या क्या लेना है

नूर : वो माँ देख लें गई मुझे तो घूमना है आइस क्रीम कहानी है और झूला बी झूलना है

मैं : बीएस इतनी स बात ठीक है और कुछ

नूर : आप दोनों मेरे सतह हों गए जब देखो किसी न किसी क पास बेझ देते हो

मैं : ओह मतलब मेरा बचा शकायत क्र रहा है ठीक है मेरी जान आज आप क सतह हों गए ok

फरज़ाना : आप को नहीं लगता यह भिगाड रही है

मैं : नहीं गुड़िया यह उस का हक़ है जो मांग रही है और सोचो हम इस को टाइम hi कितना देते हैं बचे तो होते hi अपने माँ बाप क क़रीब हैं और हम क्या क्र रहे हैं ठीक से वक़्त hi नहीं डे पा रहे अगर ऐसा रहा तो इस मैं चेंज ए गए और इस मैं चीड़ चिड़ा पैन आ जाये गए

नूर : फ़िक्र नहीं करो मैं इतनी बी पागल नहीं हों समझती हों आप को टाइम नहीं मिल रहा था

मैं : बीटा मैं ने क्या बोलै था बड़ी बड़ी बातें नहीं करनी किसी को शक हो गए

नूर : पता है बाबा सिर्फ आप क सामने की हैं यहाँ कोई और है बी नहीं

मैं : ाचा चल सो जा फिर शॉपिंग पेय चलना है

हम लेट गए 3:30 मैं उठा गुड़िया को उठाया फिर मैं ने फ्रेश हो क्र बाक़ी सब को बी उठा दिया सब फ्रेश हो क्र तैयार होने लगी मैं तैयार हो क नीचे आया इतने मैं मार्क बी आ गया था उस ने एक ड्राइवर की मदद से गाड़ियों की सर्विस करवाई थी जिस की वजा से चमक रही थीं मैं ने आज किआ ग्रैंड कंवल मंगवाई थी मार्क को बोल क्र वो है बी 11 सीटर सब तैयार हो क आई तो एक से बढ़ क एक लग रही थीं मैं ने देखा सलमा भाभी बी चल रही थीं ुनों ने मुझे देखा तो शर्मा गई मैं समझ गया आज लगता है फुल तैयारी है मैं ने मार्क को एक गाड़ी दी जिस मैं भाभी, आमना, सना, सैर और अम्ब्रेन बेथ गई मेरी वाली मैं गुड़िया नूर को अपनी गोद मैं ले क आगये बेथ गई पीछे फरिहा अप्पी, फरहाना बजी, सोबी, अक़्सा, अलिसा और ज़रा बेथ गई

अम्मी : बीटा मेरी बच्चियों का ख्याल रखना

मैं : आप फ़िक्र न करो अम्मी जैसे जा रही हैं ऐसे hi वापिस आएं गई

फिर हम निकल पड़े जामनगर गाओं की तरफ जोबिअ ठुकर को पिक करने टाइम 4 से ऊपर हो गया था कुछ देर मैं हम वहां पोंछे जमशेद ठाकुर क घर वैसे घर नहीं बंगलो था या हवेली कह सकते हो गेट पेय गॉर्ड ने रोका

मैं : ठाकुर साहब से मिलना है

गॉर्ड : आप का नाम

मैं : उन को बोलो सतह वाले गाओं से काशिफ अली ए हैं

गार्ड ने कॉल क्र क बात की फिर गेट खोल दिया मैं ने गाड़ी अंदर ले ली मार्क बी गाड़ी अंदर ले आया

मैं : आप सब बैठो गाड़ी मैं hi मैं आता हों गुड़िया मेरे सतह चलो

हम दोनों अंदर गए एक नौकर ने हमें ड्राइंग रूम मैं बैठाया इतने मैं ठाकुर बी आ गए

मैं : hello ठाकुर साहब कैसे हैं

ठाकुर : आओ काशिफ बीटा कैसे हो भाई तुम ने वखि सब का नाम रोशन क्र दिया

मैं : आर्य नहीं ठाकुर साहब बीएस थोड़ी स म्हणत की थी

ठाकुर : ाचा बीटा कैसे आना हुवा

मैं : वो ठाकुर साहब...

ठाकुर : क्या यह बार बार ठाकुर साहब बोल रहे हो अंकल कह सकते हो

मैं : ग शुकरिअ अंकल वो बात यह है क मेरी बहने सब ज़िद क्र रही थी सिटी जा क शॉपिंग करने क लिए तो िनों ने जोबिअ से पुछा तो वो बी जाना चाहती है हम सब क सतह अगर आप परमिशन दें तो क्या हम जोबिअ को सतह ले जा सकते हैं

ठाकुर : आर्य बीएस इतनी सी बात हाँ क्यों नहीं ले जाओ बीटा तुम ऊपर जाओ राइट साइड व्स्ल रूम है उस का

गुड़िया ऊपर चली गई जोबिअ को लेने इतने मैं एक नौकर ठंडा ले आया अभी वो रख क जाने hi वाला था क 3 ितमे एक सतह ऊपर से नीचे उत्तरी मैं तो देख क hi हैंग हो गया बनछोड़ इन क घर मैं माल hi माल है

ठाकुर : आर्य आओ आओ इन से मिलो यह काहिफ है अपनी जोबिअ बेटी क सतह पढता है ऐसी क बारे मैं हम बात क्र रहे थे जिस ने कंट्री टॉप किया है और जो ऊपर गई है इस क बहन है जो कंट्री सेकंड आई है और बीटा इन से मिलो यह है मेरी बीवी ठुकराएँ बिल्क़ीस इन क सतह हैं मेरी छोटी बहन शमीन और यह है मेरी बहु फरवा

मैं ने सब को hello बोलै ठुकराएँ ने आ क मेरे सर पेय हाथ फेरा फिर मैं ने तीनो का दिमाग़ रीड क्र लिया ठुकराएँ बोहत छुडासी है लुंड क लिए तड़प रही है ठाकुर छोड़ता तो है लेकिन काम क्यों क ठाकुर बाहिर बी मुंह मरता है और अपनी बहन को बी छोड़ता है ठाकुर की बहन बी छुडासी है अपनी पियास से मजबूर हो क अपने भाई से चुदती है लेकिन इस की पियास बी नहीं भुजती और ठाकुर की बहु का हल बी एहि है क्यों क उस का शोहर बिज़नेस देखता है तो ट्रिप पेय hi रहता है मैं ने देखा तीनो मुझे खा जाने वाली नज़रों से देख रही थीं खैर इतने मैं गुड़िया जोबिअ को ले क आ गई ज़ालिम ने आज क़तल करने का hi इरादा किया था वाइट टॉप और ब्लैक जीन्स पहन क आई थी हम ने hello बोलै फिर हम ने इजाज़त ली उन से और निकल लिए अभी मैं दरवाज़े पेय hi था मैं ने अपने sun'ne की पावर को भाड़ा दिया

बिल्क़ीस : देखा कैसे तैयार हो क गई है मुझे लगता है जैसे वो खुश थी कहें इस लड़के क सतह कोई चाकर तो नहीं है इस का

शमीन : हाँ भाभी मुझे बी लगता है भाई आप इस लड़के का बैकग्राउंड पता करो हम नहीं चाहते क हमारी बची किसी ग़रीब कमी क चाकर मैं फंसे

ठाकुर : हाँ लगा मुझे बी क इन क बीच कुछ है मैं अभी इस का पता करवाता हों

यह बोल क उस ने किसी को फ़ोन किया इधर हम घडी मैं बेथ क निकल गए

मैं : कैसी हो जोबिअ

जोबिअ : मैं ठीक हों मुझे क्या होना है

मैं : नै खुश लग रही हो क्या बात है

जोबिअ : ऐसी तो कोई बात नहीं ाचा किस ुनिवर्स्टी मैं जा रहे हो आप लोग

मैं : गुड़िया से पूछ लो

फिर सब ऐसे hi बातें करते हंसी मज़ाक़ करते सिटी पोंछे जहँ सब क लिए सरप्राइज था ग हाँ वहां पहले से hi मिनी, निमि, पारी और मेरे खवाबों की शहज़ादी हनिया कड़ी थीं पार्किंग मैं हम सब उतरे वो बी पास आ गई

मैं : सॉरी सॉरी ज़ियादा वेट तो नहीं करना पड़ा

पहले निमि और मिनी मेरे गले लगी फिर पारी और फिर हनिया मैं ने ूसये थोड़ी देर बाँहों मैं रखा

मैं : ी ऍम सॉरी जान बोहत बिजी था कैसी है मेरी जान

हनिया : नाम आँखों से अब और दूर नहीं रह सकती प्लीज मुझे अपने सतह रख लो

मैं : आर्य पगली रोना नहीं ok ठीक है लेकिन देखो ऐसे तो सबीन आंटी अकेली हो जैन गई न मैं अब आ गया हों न अब सब को यहाँ hi शिफ्ट करों गए ok

फरज़ाना : अगर मिल लिया हो तो चलें 6 बज रहे हैं टाइम बोहत लग जय गए शॉपिंग मैं

फिर सब एक दूसरे से मिल क्र हम चल पड़े मॉल क अंदर

जोबिअ : वाओ कितना बड़ा मॉल है मैं तो कभी आई hi नहीं यहाँ

फरज़ाना: चलो अब तो आ गई हो न

जोबिअ : पैर गुड़िया यह तो महंगा हो गए न

फरज़ाना : कितना बोलती है चुप क्र क शॉपिंग क्र तुम ने कोण सा पैसे देने हैं

जोबिअ : क्या मतलब शॉपिंग करें गए तो पैसे बी दें गए न

फरज़ाना: चुप हो जा मेरी माँ

नूर : माँ यह कोण हैं

जोबिअ शॉक

जोबिअ : क्या बोलै इस ने माँ यह तेरी बेटी है तू ने कब शादी की

फरज़ाना : लो गई भैंस पानी मैं नूर बीटा दो अब जवाब

मैं : आर्य यार शॉपिंग करो टाइम नहीं है

इतने मैं मॉल क मैनेजर ने कुछ सेल्स गर्ल्स की ड्यूटी लगाई सब को शॉपिंग करवने की सब लग गई शॉपिंग करने मैं नूर को ले क निकल गया बच्चों क प्लेइंग एरिया मैं जो क थर्ड फ्लोर पेय था वहां देखा बोहत से बचे खेल रहे थे जिन क सतह उन क पेरेंट्स या कोई न कोई था नूर देख क खुश हो गई मैं ने नूर को अंदर बेझ दिया वो जा क एयर जंपिंग पेय कूदने लगी सतह एयर बॉल क सतह खेलने लगी और बी बचे थे वहां पेय उन क सतह घुल मिल गई आज बोहत खुश थी वो जिसे देख मुझे बी ख़ुशी होइ फिर वो वहां से निकल क स्लाइड पेय चढ़ गई और स्लाइड करने लगी अचानक एक बची जो नूर क आगये थी स्लाइड पेय वो ऊपर से स्लिप होइ नीचे गिरने लगी इस से पहले क वो नीचे गिरती नूर ने पता नै कैसे बिजली की तरह उस का हाथ पकड़ा और ऐसे ऊपर उठाया जैसे वो उस की आगे की बची न हो क्र कोई खेलने वाली डॉल हो उस को ले क स्लाइड से नीचे आ गई उस बची की माँ भाग क आई और अपनी बची को उठा लिया वो बची रोने लगी थी डर की वजा से नूर मेरे पास आ गई मैं ने ूसये उठा लिया

मैं : ी प्राउड ऑफ़ यू मेरा बचा तुम ने ूसये बचाया

नूर : बाबा वो तो बीएस मैं ने देख लिया तो बचा लिया

मैं : पैर तुम ने यह सब किया कैसे मतलब इतनी स्पीड से

नूर : यह तो मुझ को बी नहीं पता

अदनान : यार मैं शॉक उस वक़्त से यह इतनी आसानी से उस बची को उठाया कैसे इस ने वो तो ऑलमोस्ट ऊपर से नीचे गिर रही थी

मैं : छोड़ इस बात को चल उधर चलते हैं

इतने मैं एक आवाज़ आई एक्सक्यूज़ में

मैं ने पीछे देखा तो उसी बची की माँ थी और बची को उठाये आई बची अब चुप हो गई थी

औरत : थैंक्स आप की बची ने मेरी बची को बचा लिया

मैं : आर्य इस मैं थैंक्स की क्या बात है बीएस इस ने देख लिया तो बचा लिया

औरत : वैसे बोहत पायरी बची है आप की और बहादर बी मेरा नाम निघत है यह मेरी बेटी मरियम हम यहाँ पास hi मैं रहते हैं कभी हो सके तो हमरे घर आना इस गुड़िया को ले क

मैं : ग ज़रूर कभी टाइम मिला तो मेरा नाम काशिफ है और यह मेरी जान नूर है और यह मेरा बेस्ट फ्रेंड अदनान और यह रहा मेरा कार्ड कभी बी कोई मसला हो तो कॉल क्र सकती हैं आप वैसे आप क हस्बैंड नज़र नहीं आ रहे

निघत : ग वो आउट ऑफ़ कंट्री हैं मैं यहाँ अपने सास सुसार क सतह रहती हों

मैं : ok ठीक है हम चलते हैं bye

हम वहां से निकले

अदनान : कमीने कोई तो छोड़ दिया क्र उस को बी no डे क आ गया

मैं : तेरी सोच वही क्यों रहती है

अदनान : इस लिए क्यों क जब तुम ने कार्ड दिया उस की आँखों की चमक मैं ने देख ली थी और हस्बैंड तो है hi बाहिर पार्टनर तो उस को चाहिए जो अब लगता है उस को मिल गया है देखना आज रात को hi मश्ग ए गए

मैं : वैसे तूबा का असर लगता है वर्ण तेरा दिमाग़ इतना नहीं चलता चल अब

फिर हम चल पड़े फ़ूड सेक्शन मैं नूर को आइस क्रीम ले क दी वो और खुश हो गई ऐसे hi तोमे पास करते रहे 7:30बज गए थे सब ने शॉपिंग क्र ली थी फिर हम ने खाना खाया उस क बेहद मैं ने हनिया, मिनी, निमि और पारी को बेझ दिया ड्राइवर क सतह वो वही ड्राइवर था जो मिनी और निमि को स्कूल ले क जाता है फिर हम वापिस चल पड़े 8 से ऊपर टाइम हो गया था जोबिअ ने घर कॉल क्र क बता दिया था हम रस्ते मैं हैं और आ रहे हैं 9:30 तक मैं ने जोबिअ को उस क घर ड्राप किया फिर हम अपने घर पोंछे मार्क हम को उतर क hi निकल गया हम बी अपने अपने रूम मैं चले गए फ्रेश हुवे और नीचे आया अम्मी चाहिए बना रही थी सब क लिए मैं किचन मैं hi चला गया उन को पीछे से hi बाँहों मैं ले लिया

अम्मी : आ गई यद् अपनी माँ की

मैं : आप को कभी भूल सकता हों क्या

अम्मी : आज रात का क्या प्रोग्राम है

मैं : आप की बहु क पास जाना है बोहत वेट क्र लिया उस ने

अम्मी : क्या सलमा क पास

मैं : ग अम्मी

अम्मी : तभी मैं बोलों वो शॉपिंग पेय क्यों गई आज इस का मतलब आज कुछ स्पेशल हो गए

मैं : आप को जलन तो नहीं हो रही

अम्मी : मुझे क्यों जलन हो गई वो बी मेरी बहु है बड़ा बीटा किसी काम का नहीं तो क्या हुवा मेरा शेर तो है

मैं : ाचा अम्मी सुनो आज आप की पोती ने जो कारनामा किया है

फिर मैं ने सब बता दिया कैसे नूर ने बची की जान बचाई

अम्मी : बीटा मुझे डर लगता है इस बची की पावर्स शो न हो जैन किसी क सामने

मैं : आप फ़िक्र न करो मैं ने उस की मैं पावर्स बंद क राखी होइ हैं इतनी बी जो सामने आ जाती हैं यह इस क फायदे क लिए हैं अगर आज पावर न होती तो बची ज़ख़्मी हो सकती थी

अम्मी : चल जा सब को बुला ला चाहिए तैयार है

मैं : आप भूल रही हो वो शॉपिंग से आई हैं नीचे आने से तो वो रही सब खोल खोल क चेक क्र रही हों गई आप दाल क दो मैं ले जाता हों और आप भाभी को डे आना मैं उन क पास उस वक़्त जाओं गए जब वो दुल्हन बन क तैयार हो जैन गई और प्लीज आप ज़रा फरिहा आपि को बोल देना क भाभी को तैयार क्र दें

अम्मी : हे सड़के कितनी फ़िक्र है उस की चल बोल दूँ गई लेकिन तू बी चाहिए पी और नाहा क तैयार हो जाना वो एक शेरवानी पड़ी है अलमारी मैं नई पहन लेना

मैं : ok ठीक है पैर शेरवानी क्यों कुरता पजामा पहन लून गए न

अम्मी : ाचा ाचा ठीक है जैसे तेरी मर्ज़ी

फिर मैं चाहिए ले क ऊपर गया सब क रूम मैं डे क आया फिर अपने रूम मैं बेथ क पीने लगा गुड़िया बी आ गई वो बी बेथ क पीने लगी

मैं : क्या लिया है आज

फरज़ाना : आप कल ए थे तो ले आये थे कपडे आज सिर्फ कुछ अंडर गारमेंट्स लिए हैं और बाक़ी तो आज मैं ने भाभी को हेल्प की चीज़ें लेने मैं अभी आपि आ जैन तो हम दोनों जा रही हैं उन को तैयार करने

मैं : मेरे कपडे निकल देना कुरता पजामा मैं नाहा क आता हों

उस क बेहद मैं नाहा क आया गुड़िया वहां नहीं थी शायद भाभी क रूम मैं चली गई हो गई मेरे कपडे बीएड पेय पड़े थे मैं ने जिसम खुश क्र क पहन लिए मस्त स बॉडी परफ्यूम लगी थी फिर मैं रेडी हो क बेथ गया 11 बजे क बेहद गुड़िया मेरे पास आई

फरज़ाना : चलो जाओ आप की दुल्हन इंतज़ार क्र रहा है

मैं ने उस को गले लगा लिए

मैं : ी ऍम सॉरी मैं समझता हों तुम पेय क्या बीत रही हो गई

फरज़ाना : hello ऐसा कुछ नहीं है वो कोई परै नहीं है भाभी है हमारी जितना हमारा हक़ है उन का बी है और जितना वो सबर क्र चुकी है शायद कोई और होता तो कब का कुछ न कुछ क्र चूका होता

मैं : ok मेरी जान चलता हों

मैं ने गुड़िया को एक किश किया और रूम से बाहिर निकल गया जब भाभी क रूम क बाहिर पोंछा तो वहां का नज़ारा देख क मैं शॉक हो गया क्यों क वहां..


बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं....
 
अपडेट 98

मैं जब भाभी क रूम क बाहिर पोंछा तो देख क शॉक हो गया सब गर्ल्स मण्डली वहां जमा थी

मैं : यहाँ क्या क्र रही हो सब जाओ जा क सो जाओ

फरिहा अप्पी : ऐसे कैसे जा क सो जैन पहले जेब ढीली करो

मैं : देखो आप सब को शॉपिंग करवा तो दी अब क्या है

फरहाना बजी : वो तो टॉप करने की वजा से करवाई न अभी जा क सोहाग रात मनो गए उस का क्या

मैं : ाचा ाचा ठीक है बोलो क्या चाहिए

सना : चाहने को तो बोहत कुछ है पैर अभी क लिए एक एक किश चाहिए

मैं : यार तुम सब बी न ाचा ठीक है

अम्मी : क्या हो रहा है यहाँ यह दरवाज़े क आगये क्यों कड़ी हो

मैं : अम्मी देखें न यह अंदर नहीं जाने देती

अम्मी : चलो जाओ जा क सो जा

फरिहा अप्पी : अम्मी आप बीच मैं न आओ हम ने कहा है भाभी क रूम मैं जाना है सोहाग रात मानाने तो शुगन तो बनता है

अम्मी : बीटा इन को ले डे क फ़ारिग़ करो

मैं : अम्मी यह सब किश करने को बोल रही हैं

अम्मी : आर्य वह यह तो सस्ते मैं निमत गया फिर तो मुझे बी चाहिए

मैं : लो मैं ने सोचा था आप इस सिचुएशन से निकालो गई आप बी इन क सतह शामिल हो गई

सैर : वैसे जनाब अब सिर्फ किश से काम नहीं चले गए

मैं : मतलब??

सैर : अभी ताई अम्मी ने बोलै न क कुछ ले डे क फ़ारिग़ करो सब को तो आप किश लो किश दो और हम को फ़ारिग़ बी करो

अम्मी : शैतान कुछ तो शर्म क्र क्या बोल रही है

मैं : तुझे तो देख लोन गए जिस दिन मेरे नीचे आई न

सैर : ए मेरी जान मैं तो तरस रही हों मैं तो कहती हों अभी ले चल अंदर भाभी क सतह सतह मेरा बी किलः फतह क्र ले

अम्मी : फरिहा संभाल इस तरसी होइ को

मैं ने सब को एक एक किश किया लास्ट मैं अम्मी को बी सब क सामने किश किया जिस से सब हंसने लगी फिर मैं अंदर चला गया और दरवाज़ा लॉक क्र दिया शुक्र है सांस वापिस आई पता नहीं आगये क्या हो गए कैसे संभालों गए सब को जब सांस कुछ कंटोरल होइ तो सामने जब देखा तो एक बार फिर से सांस रुक गई रूम क दूर से ले क्र बीएड तक फूलों की पत्तियां बिछी होइ थीं सामने बीएड पेय लाल शादी क जोड़े मैं सलमा भाभी घुघट ोदये बैठी थी बीएड पेय सफेद चादर जिस क ऊपर लाल फूलों की पत्तियां दिल को छू लेने वाली खुशबू मैं आगये बढ़ा और जा क्र भाभी क पास बेथ गया बीएड पेय मैं ने मुस्कराते हुवे उन का घूँघट उठाया हाय मर जवान क्या अदा थी आज पहली बार अहसास हो रहा था मैं क्यों इस नाज़क सी गुड़िया से दूर भाग रहा था यह तो बानी hi प्यार करने क लिए है मैं ने भाभी की थोड़ी क नीचे हाथ रख क उस का चेहरा ऊपर किया भाभी क आँखें बंद हो गई थीं चेहरे पेय शर्म की लाली सतह एक लरज़ते होंठों पेय नशीली मुस्कराहट जो किसी को बी पागल क्र डे

मैं : आँखें खोलो सलमा

मेरे मुंह से अपना नाम सुन क भाभी और बी शर्मा गई और ेस्ता ेस्ता आँखें खोल दी उफ़ क्या खुमारी थी उन आँखों मैं मैं तो जैसे डूब रहा था उन आँखों की गहराई मैं

मैं : वो सलमा कहाँ है जो अपना हक़ जीता रही थी मुझे पाने क लिए यह वाली तो कोई और hi है जो चुप चाप बैठी शर्मा रही है वो तो बड़ी चंचल सी थी

भाभी : मेरे रूह क मालिक यह सलमा बी वही है आज शायद मैं मकमल होने जा रही हों इस लिए शर्म आ रही है रही बात हक़ की तो यह यह जो अनमोल फल मिलने जा रहा है उसी हक़ का hi तो नतीजा है अगर मैं हक़ न जीता पति तो आज न मैं इस रूप मैं आप क सामने बैठी होती न आप इस हक़ से मेरे सामने होते रही रिश्तों की द्वार की बात तो दुन्या क सामने मैं आप की भाभी हों इमरान की बीवी पैर हक़ से अपना शोहर मैं आप को मान चुकी हों मेरी नज़र मैं अब आप hi मेरे शोहर हो

मैं : मैं समझ सकता हों आप ने कितने दुःख झीले हैं एक औरत को रुपया पैसे से बढ़ क्र प्यार की क़ीमत होती है जो उस को सिर्फ बोलने वाला चाहिए सतह जिस्मानी सुख बी आप पेय तो मैं उस दिन hi फ़िदा हो गया था जब मुझे पता चला भाई इमरान कुछ नहीं क्र सकते आप अभी तक वीरन हो लेकिन आप ने उफ़ तक न की न hi हमारे घर को बदनाम किया वर्ण कोई और होती तो पता नहीं क्या करती

भाभी : ाचा अब सिर्फ बातें hi करो गए क्या वो दूध रखा है पी लें

मैं ने दूध उठाया और पहले खुद पिया फिर भाभी को दिया जो वो पी गई मैं ने गिलास साइड टेबल पेय रखा और एक बोहत पायरा सा नेकलेस निकला भाभी ने देखा तो

भाभी : मुझे मुंह दिखाई नै आप चाहिए हमेशा क लिए

मैं : मुंह दिखाई तो बनती है न और बाक़ी रही बात मेरी तो अब मैं तुम्हारा hi तो हों

मैं ने नेकलेस पहनाया फिर भाभी क माथे को चूमा वो मेरे गले लग गई

भाभी : कब से तरस रही थी इन बाँहों मैं आने क लिए

मैं ने भाभी को लेता दिया खुद उन क सतह लेट गया उन क गहने और दोपटा रकावट बन रहा था मैं ने भाभी को बैठा दिया और उन का दोपटा उतरा जो पिन क सतह लगाया गया था फिर उन की जेवेलरी उतरी फिर मैं उन को लेता क्र उन को देखने लगा

भाभी : क्या देख रहे हो

मैं : पता नहीं भाई क सतह आप की शादी कैसे हो गई आप जैसी पारी तो सिर्फ मेरे लिए होनी चाहिए थी.

भाभी : ाचा hi है न तुम्हारे भाई की वजा से इस घर मैं तो आई और आज देखो आप क पास हों

मैं ने अपने लिप्स आगये किये तो भाभी ने लपक अपने होंठ मेरे होंठों से मिला दिया और चूसने लगी मेरे चेहरे पेय मुस्कान आ गई क आज यह जंगली बिल्ली चोदे गई नहीं हम एक दूसरे क होंठ चूसते कभी ज़ुबान चूसते कोई बी आज पीछे नहीं हैट रहा था मैं हाथ बढ़ा क्र भाभी क ममी पकड़ लिए जिस से वो और जोश से किश करने लगी मैं ममी दबाने लगा क्या कड़क ममी थे भाभी क 34 क साइज क हों गए पैर एक दम पत्थर की तरह अपनी जगा लगता है भाई ने ममी बी ठीक से नहीं दबाये खैर मैं अलग हुवा भाभी से और उन की गर्दन पेय किश करने लगा

भाभी : हआ जणू यह क्या जादू क्र रहे हो पहले यह अहसास क्यों नहीं हुवा हम्म और दबाओ इन को बोहत तंग किया है िनों ने

मैं : मेरी जान अब इन को दबा दबा क कैसे ढीला करता हों देखती जाओ

मैं ने अब भाभी क कपडे उतरने लगा भाभी की चोली खोल दी मैं ने उस को अलग किया फिर फिर मैं ने ब्रा क हुक खोल दिए पैर जिसम से अलग नहीं की और भाभी को लेता दिया बीएड पेय और गर्दन से किश करता हुवा मामों तक आया उफ़ क्या खुशबू थी भाभी क जिसम की एक तो परफ्यूम ऊपर से उस क जिसम की अपनी खुशबू जो और बी माहौल को मस्त बना रही थी मैं ने ब्रा खेंच क उतर दी उफ़ मैं तो देखता hi रह गया गोल मटोल राउंड शेप छोटा सा लघित पिंक सर्किल उस पेय छानने क डेन जैसे निपल्स मैं ने फ़ौरन एक को मुंह मैं भर लिया जिस भाभी का जिसम हवा मैं उठा एक बार मैं एक ममी को चूसने लगा दूसरे को दबा रहा था

भाभी : उफ़ ससीई अह्ह्ह अह्ह्हा सरताज कब से तरस रही थी इन को चुसवाने क लिए चूसो ज़ोर से उफ़ अम्मी खा जा इन को

मैं अब दूसरे को चूसने लगा और पहले वाले को दबने लगा 5 मिनट बेहद मैं नीचे आया भाभी क मखमली पेट की जानिब मैं ने पूरे पेट को चूमा फिर ज़ुबान से चाटने लगा भाभी क पेट थार था रहा था पेट को chat'te हुवे क्यूट स नबी तक पोंछा उस मैं ज़ुबान घुसा दी जिस से भाभी बुरी तरह तड़प उठी

भाभी : आअह्ह्हा मेरी जान लेने का इरादा है क्या यह कैसे जादू क्र रहे हो ससससीई हुम्म्म

मैं थोड़ी देर नबी chat'ta रहा फिर मैं ने भाभी का लेहंगा खोला ूसये उतर दिया भाभी की रेड पंतय आगये से पूरी भीग चुकी थी मैं ने भाभी क पाऊँ की तरफ आया और उन क पाऊँ को चूमा फिर उन की टांगों को चूमने लगा ेस्ता ेस्ता ऊपर की तरफ आया उन की रानों को चूमते हुवे मैं उन की फूडी तक पांच गया मैं ने नाक उन की फूडी क पास ले क आया और एक सांस ली बोहत तेज़्ज़ स्मेल थी जिस से मेरा लुंड झटके मरने लगा मैं ने अपने सरे कपडे उतर दिए सिर्फ अंडरवियर को छोड़ क्र मैं ने भाभी की पंतय उतर दी उन की क्लीन शेव फूडी देख क मुंझ से रहा नहीं गया मैं भाभी क टाँगें मदद क उठा ली और उन की छोटी से फूडी को खोल क देखा जो पिंक कलर की थी जिस मैं पानी रिस रहा था मैं ने एक बार उस पेय ज़ुबान घुमाई भाभी तो एक बार बीएड से उछाल गई मैं ने फिर से उन को काबू किया और अपना मुंह रख दिया उन क फूडी पेय बल्कि पूरी फूडी hi मुंह मैं भर ली और चूसने चाटने लगा

बहभी : हे एससससीई अह्हह्ह्ह्ह ऐसे hi खा जाओ िस्ये

मैं ने अपनी ज़ुबान फूडी क अंदर दाल दी भाभी तड़प उठी उन का बंद टूट गया और मेरे मुंह मैं hi पानी छोड़ दिया ुनों ने मेरा सर ज़ोर से अपनी फूडी पेय दबाया हुवा था उन क जिसम को झटके लग रहे थे मैं उन का पानी पीटा गया जब वो ठंडी पद गई तो मैं उन क स्टब लेट गया भाभी अपनी साँसें काबू क्र रही थीं जब कुछ रिलेक्स होइ तो मेरी तरफ देखा मैं ने उन की आँखों मैं देखा जहाँ प्यार, रेस्पेक्ट, नशा, खुमारी, सकूं, और चमक सब था भाभी ने मुझे लिप किश करना शुरू क्र दिया फिर वो नीचे होइ और मेरी छाती पेय किश करने लगी और मेरे निपल्स को ज़ुबान से कुरेदने लगी यह एक अलग अहसास था मेरे लिए भाभी मेरे पेट पेय किश करते करते नीचे आई और मेरे अंडरवियर तक पांच गई और अंडरवियर क ऊपर से मेरे लुंड को किश करने लगी मुझे आज एक अलग मज़ा आ रहा था भाभी ने देर न करते हुवे मेरा अंडरवियर उतर दिया जिस से मेरा लुंड स्प्रिंग की तरह उछाल क उस क सामने आ गया मैं ने बी सकूं का सांस लिया लेकिन भाभी की नज़र जब लुंड पेय पड़ी उन क हाथ और नज़र एक hi जगा रुक गई और मुंह खुला का खुला रह गया ुनों ने बड़ी मुश्किल से अपना थूक निगला और बोली

भाभी : ये यह क्या है

मैं : लुंड है कभी देखा नहीं क्या

भाभी : इतना बड़ा और मोटा बी किसी का होता है क्या

मैं : मेरा है न आप क सामने है

भाभी ने डरते हुवे हाथ आगये बढ़ाया और लुंड पकड़ लिया और उस को ऊपर नीचे करने लगी

भाभी : यह कैसे लून गई मैं मेरी तो पहात hi जाये गई और लगता है मैं मर hi..

इस से आगये कुछ बोलती मैं ने उन का मुंह बंद क्र दिया

मैं : ख़बरदार कभी ऐसी बात बोली बी पता नहीं क्यों पैर मैं आप को चाहने लगा हों ी लव यू प्लीज फिर कभी ऐसी बात नहीं करना जिस से मैं टूट जाओं आप सब मेरी ताक़त हो तो प्लीज ताक़त hi बन क रहो कमज़ोरी न बनो

भाभी : सॉरी फिर कभी नहीं बॉन गई ग़लती हो गई महफ क्र दो और ी लव यू तू मेरी जान मुझे पता था एक न एक दिन आप को मेरा प्यार एक्सेप्ट करना हो गए

फिर भाभी नीचे झुकी मेरी आँखों मैं देखते हुवे पहले लुंड की टोपी पेय किश किया उफ़ एक क्रुन्तत्त सा लगा मेरे जिसम को उस वक़त भाभी की आँखें नशीली हो गई थीं भाभी ने ज़ुबान निकल क पूरी कैप को छठा फिर लुंड क ऊपरी साइड को पूरी तरह ज़ुबान से छठा फिर कैप से ले क्र नीचे तटों तक ज़ुबान से छठा अह्ह्ह क्या मज़ा था जो बयां नहीं क्र सकता भाभी ने टट्टे मुंह मैं ले लिए और चूसने लगी कभी एक तो कभी दूसरा फिर भाभी ने लौंद मुंह मैं ले लिया और चूसने लगी मेरे मुंह से मज़े की ाहः निकल गई

मैं : अह्ह्हा ऐसे hi मेरी जान चूसो बोहत ाचा चूस रही हो

भाभी कभी गले तक लुंड उतर लेती तो कभी आगये क हिसे को चूसती सतह हाथ से मुठ बी लगाती 5 मिनट क बेहद मैं ने भाभी को हटा दिया और भाभी को बीएड पेय लेता दिया और उन की कमर क नीचे तकिया रखा फिर भाभी की टाँगें उठा ली फोल्ड क्र क और एक किश किया फूडी पेय मैं ने एक लोस्तिओं लिया और लुंड पेय अचे से लगा दिया फिर मैं ने लुंड की टोपी को भाभी की फूडी पेय जिसने लगा भाभी तड़प उठी

भाभी : क्यों तड़पा रहे हो दाल दो न

मैं : दर्द हो गए बर्दाश्त क्र लेना

मैं ने लुंड सेट किया फूडी पैर और भाभी पेय लेट गया उन क होंठ अपने होंठों मैं ले लिए और एक झटका मारा लुंड की टोपी अंदर चली गई उफ़ इतनी टाइट फूडी पहले किसी की नहीं मरी भाभी को दर्द की एक लेहेर उठी वो मछली लेकिन मेरे काबू मैं होने की वजा से हिल नहीं पाई मैं ने एक झटका मारा लुंड फूडी की सील तोड़ता हुवा आधे से ज़ियादा अंदर चला गया भाभी क मुंह से चीख निकली जो मेरे मुंह मैं hi रह गई मैं वही रुक गया उन का जिसम कैंप रहा था आँखों से आंसू बहने लगे मैं ने उन क ममी दबाने शुरू क्र दिए सतह किश बी करता जा रहा था कुछ देर बेहद जब वो कुछ रिलेक्स होइ तो थोड़ा से लुंड बाहिर खेंच क एक और झटका मारा अब की बार लुंड बच्चादानी से जा टकराया अब की बार फिर से भाभी चीखी और मैं फिर से भाभी को रिलेक्स करने लगा जब कुछ रिलेक्स होइ तो मैं ने अपने होंठ हटा दिए जिस से भाभी लम्बी लम्बी सांस लेने लगी मैं अब बी उन क ममी दबा रहा था जिस से उन का ठंडा पड़ा जिसम गरम हो सके हुवा बी ऐसे hi भाभी फिर से गरम हो गई मैं ेस्ता ेस्ता इन आउट करने लगा ता क लुंड अपनी जगा बना सके

भाभी : जान निकल दी थी मेरी आप ने

मैं : सॉरी जणू पैर क्या करता आप की फूडी बोहत छोटी है ऊपर से मेरा लुंड बड़ा ऐसे तो जाता नहीं फिर था बी आप का पहली बार

भाभी : कहा अब ाचा लग रहा है थोड़ा तेज़्ज़ करो

मैं ने अपने स्पीड थोड़ी बढ़ा दी अब बी लुंड फँस पंस क जा रहा था फूडी मैं भाभी सिसकारियां ले रही थी मैं ने अपनी स्पीड और भाड़ा रहा था अब काफी जगा बन चुकी थी इस क सतह hi भाभी अपनी कमर उठा उठा क सतह देने लगी मैं समझ गया यह फ़ारिग़ होने वाली है इस लिए मैं ने बी स्पीड बढ़ा दी और कुछ देर मैं भाभी ने पानी छोड़ दिया वो लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी मैं ने लुंड बाहिर निकल लिया भाभी को किश करने लगा सतह ममी बी दबाने लगा कुछ देर मैं वो फिर से गरम होने लगी मैं ने उन को घोड़ी बना दिया उफ़ क्या गांड थी मैं ने दोनों हाथ से गांड पहला दी गांड का छोटा सा सुराख़ जो पिंक कलर का था देख क मुंह मैं पानी आ गया मैं ने उस को चाटने लगा उफ़ क्या टास्ते था

भाभी : ोये गंदे क्या क्र रहा है

मैं : मेरी जान आप की कोई चीज़ गन्दी नहीं हो सकती और एक बात मेरे सतह अब आप को मेरे जैसा बना हो गए सेक्स मैं जितना डर्टी करो गए उतना hi मज़ा ए गए यह तो साफ सुथरी गांड है अगर इस पेय टट्टी बी लगी हो तो उस को चाटने का अपना hi मज़ा है इसी तरह पेशाब पीना पिलाना वो बी डायरेक्ट उस का बी अलग hi मज़ा है

भाभी : उफ़ लगता है अपने जैसा मुझे बी बना दो गए

मैं : आप नहीं करना चाहती तो न करना

भाभी : नै नै मैं तरय करों गई लाज़मी

मैं ने लुंड फिर से फूडी पेय सेट किया और ेस्ता ेस्ता पूरा अंदर उतर दिया और छोड़ने लगा लगातार 10 मिनट क बेहद भाभी फिर से फ़ारिग़ हो गई मैं ने लुंड निकला और बीएड पेय लेट गया भाभी ऊपर आई और फूडी मैं लुंड ले क ऊपर नीचे होने लगी मज़ीद 20 मिनट छोड़ने क बेहद मैं भाभी की फूडी मैं hi फ़ारिग़ हो गया भाभी की फूडी अपने पानी से भर दी भाई बी मेरे सतह फिर से फाइ होइ हम दोनों ऐसे hi एक दूसरे की बाँहों मैं लेट रहे फिर मैं उठा भाभी को उठाया अपनी बाँहों मैं बाथरूम मैं ले जा क्र गरम पानी क तब मैं लेता दिया जिस से उन की फूडी की सूजन ज़ियादा नहीं हो गई और आराम बी मिले गए भाभी मेरी आँखों मैं प्यार से देख रही थी

मैं : क्या देख रही हो आप

पता नहीं क्या हुवा अचानक भाभी की आँखों मैं आंसू आ गए मैं ने आगये बढ़ क उन का चेहरा अपने हाथ मैं लिया

मैं : क्या हुवा दर्द हो रहा है क्या रो क्यों रही हो

भाभी : ी ऍम सॉरी

मैं : हे हे चुप हुवा क्या किस बात की सॉरी

भाभी : पता नहीं उस दिन मुझे क्या हो गया था आप बी घुसा हो गई थी नफरत होती है मुझे अपने आप से जब बी वो यद् करती हों

मैं : चुप एक दम चुप भूल जाओ वो सब मैं तो आप से नाराज़ था hi नहीं और न कभी कोई शकायत की तो क्यों खुद को गिलटी फील करवा रही हो

भाभी : आज पता चला असली मर्द का सुख क्या होता है आप की जगा कोई और होता पता नहीं कितना दर्द देता आप ने बोहत प्यार से सब किया फिर कोई और इतना नहीं करता जिस तरह सेक्स क बेहद इतनी केयर क्र रहे हो आप वखि एक मर्द हो हर औरत हर लड़की आप जैसा इडिअल साथी चाहे गई काश मैं आप की बीवी होती

मैं : बीएस बीएस मेरी जान आप अब बी मेरी hi बीवी हो और बोहत जल्द मेरे बचे को बी पैदा करो गई अब ज़ियादा सेंटी नहीं होना तुम बैठो मैं ज़रा बीएड की चादर चेंज करता हों

मैं भाभी को वही तब मैं hi छोड़ क आया अलमारी से बेडशीट निकली पहले वाली जिस मैं खून लगा था उस को हटा दिया दूसरी शीट बेचा दी फिर एक निघ्त्य निकली अलमारी से भाभी क लिए उस को बीएड पेय रख दिया फिर मैं बाथ मैं जा क्र भाभी को तब से उठाया दोनों ने मस्ती करते हुवे नहाया फिर टॉवल से जिसम खुश्क क्र क रूम मैं ए वहां पहले से निघ्त्य देख क भाभी खुश हो गई

भाभी : क़सम से आप बोहत प्यारे हो कितना ख्याल क्र रहे हो

मैं ने भाभी को पैन किलर की गोली दी मैं अभी सोच hi रहा था क किचन से गरम दूध ले क आऊं क तभी दूर पेय नॉक होइ हम दोनों एक दूसरे को देखने लगे मैं ने अपना पजामा पहन लिया था जा क दूर खोला सामने कोई खड़ा था हाथ मैं दूध का गिलास लिए जिसे देख क मैं शॉक हो गया

बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं......
 
अपडेट 99

दरवाज़े पेय खड़े शख्स को देख क्र मैं हैरान था रात क 2 बज रहे थे उन का भाभी क रूम मैं दूध ले क आना समझ नहीं आई

मैं : दादी आप इस वक़्त यहाँ

दादी : अब हैट बी अंदर आने डे मुझे

मैं साइड पेय हो गया दादी रूम मैं आ गई उन को देख क भाभी जो लेट चुकी थी उठ क बेथ गई

भाभी : दादी ग आप इस वक़्त क्या बात है

दादी : बताती हों पहले यह दूध पी ले फिर बात करती हों और तू सुन जा किचन मैं और दूध पड़ा हो गए पतीली मैं वो गिलास मैं दाल क पी ले

मैं नीचे चला गया दूध गिलास मैं दाल क पिया फिर ऊपर आ गया देखा तो दादी बीएड पेय चढ़ क बेथ चुकी थी भाभी अब बी दूध पी रही थी लेकिन लगता है उस मैं कुछ दादी ने डाला था जिस की वजा से भाभी मुंह टेहड़ा सा क्र रही थी जब दूध ख़तम बो गया तो भाभी ने गिलास साइड टेबल पेय रखा

मैं : दादी आप को ऐसे ऊपर नहीं आना चाहिए था रात क 2 बज रहे हैं

दादी : बीटा सलमा को यह दूध देना ज़रूरी था इस से मुझे जल्दी hi खुशखबरी मिले गई इस मैं मैं ने एक दवाई डाली है जिस से हमाल जल्दी ठहर जाता है

मैं : ाचा ठीक है अब आप जा क सो जैन

दादी : क्यों मेरा आना तुम को बुरा लगा क्या

मैं : कैसे बातें करती हो दादी डार्लिंग आप को तो पता है मैं आप से कितना प्यार करता हों

दादी : इधर आ देख आज मुझे बोहत आग लगी है कुछ क्र न

भाभी शॉक हो क कभी दादी को तो कभी मुझे देख रही थी

मैं : भाभी आप पेरशान न हों मेरा फर्स्ट टाइम दादी क सतह hi हुवा था वैसे बी इस घर की सब औरतें मुझ से प्यार करती हैं दादी बी करती हैं

भाभी : वो तो ठीक है पैर मैं ने कभी सोचा नहीं था

मैं बीएड पेय जा क्र दादी को बाँहों मैं ले लिया जिस देख भाभी शर्मा गई

दादी : मेरी बची शर्मा नहीं अब तुम को इस घर मैं यह सब देखना पड़े गए सतह करना बी हो गए इधर आ

भाभी शर्मा क आगये आई दादी ने उस को अपनी बाँहों मैं लिया और उस क होंठ चूम लिए भाभी को अजीब लगा लेकिन दादी अब भाभी को किश करने लगी जिस से भाभी बी सतह देने लगी दादी ने जो निघ्त्य पहनी होइ थी यज्ञ से खुल जाती थी मैं ने निघ्त्य खोल दी नीचे दादी ने कुछ नहीं पहा था मैं दादी क बड़े बड़े ममी चूसने लगा भाभी बी गरम हो गई और अलग हो क्र अपनी निघ्त्य उतर दी मैं नीचे आया और दादी की फूडी चाटने लगा भाभी उठी और दादी क ममी चूसने लगी कुछ देर बेहद मैं ने दादी क मुंह क पास गया दादी ने मेरा लुंड पकड़ा और मुंह मैं दाल लिया और चूसने लगी भाभी नीचे आ क्र दादी की फूडी चाटने लगी आज भाभी पूरी तरह खोल गई थी मैं ने लुंड निकला दादी क मुंह से और भाभी को हटा दिया और दादी की फूडी पेय लुंड सेट क्र लिया भाभी दादी क ऊपर आई अपनी फूडी उन क मुंह पेय रख दी जिसे दादी मज़े से चाटने लगी भाभी का मुंह मेरी तरफ था मैं ने लुंड अंदर किया भाभी का मुंह मेरी तरफ था मैं सतह भाभी को किश करने लगा सतह दादी को छोड़ने लगा कम्र्य मैं सिसकारियां और थप थप की आवाज़ गूंज रही थी कुछ देर बेहद दादी को मैं ने उठाया भाभी नीचे लेट गई मेरी तरफ सर क्र क दादी उस क ऊपर आई 69 पोजीशन मैं दादी घोड़ी बानी होइ थी मैं ने पीछे से उन की फूडी मैं लुंड दाल दिया दादी भाभी की फूडी चाटने लगी और भाभी कभी दादी की फूडी को chat'ti तो कभी मेरे टट्टे 5 मिनट बेहद दादी का पानी निकल गया जो भाभी क मुंह मैं गिर रहा था भाभी उस को पी गई मैं ने लुंड निकला और साइड पेय लेट गया भाभी उठी और खुद मेरे ऊपर आ गई मेरा लुंड पकड़ क आराम आराम से उस को अपने अंदर ले लिया भाभी को दर्द हो रहा था इस लिए दादी उठी और भाभी को किश करने लगी सतह भाभी क ममी बी दबाने लगी भाभी को कुछ आराम मिला और वो ऊपर नीचे होने लगी दादी बाथरूम चली गई फ्रेश होने या शायद उन को पेशाब आया हो गए भाभी को मैं ने 30 मिनट छोड़ा और भाभी क अंदर hi फ़ारिग़ हो गया दादी नाहा क आई थी रात क 3 बज गए थे दादी गुड नाईट बोल क चली गई हम दोनों बी फ्रेश हो क्र लेट गए मैं ने भाभी को बाँहों मैं भर लिया

मैं : कैसा लगा दादी क सतह

भाभी : बोहत मज़ा आया पहले कुछ अजीब लगा लेकिन एक नया तज़र्बा था ाचा लगा

मैं : हाँ जनता हों कितना एन्जॉय क्र रही थी

भाभी : दादी क सतह कैसे शुरू हुवा और घर मैं और कोण कोण जनता है

मैं : फिर कभी बताओं गए और खुद तुम को पता चल जाये गए कोण कोण जनता है फ़िलहाल इतना समझ ले गुड़िया सब जानती है

भाभी : हाँ वो तो वैसे बी आप का hi हिंसा है तो सब जाने गई hi

मैं : चल मेरा बचा सो जा हम्म

भाभी : हम्म मेरा शोना

हम ऐसे hi सो गए सुबह मैं उठ नहीं सका एक्सरसाइज क लिए बाक़ी सब चली गई थीं मैं जब उठा 8 बज रहे थे मैं ने भाभी को बी उठा दिया दोनों सतह hi फ्रेश हो क ए कपडे पहने नीचे ए तो सब वहां hi थे अबू को छोड़ क्र हम ने सब को विश किया

फरिहा : हए देखो तो जैसे नई नई शादी क बेहद पहली सुबह को शादी शुदा जोड़ा होता है ऐसे लग रहा है

दादी : हाँ तो ऐसा hi है तुम क्यों जल रही हो

मैं : दादी इन का बी no ए गए

फरहाना : पता नहीं कब ए गए हमारा no

अम्मी : चुप चलो नाश्ता करो

फिर सब ने नाश्ता किया मैं बाहिर लाओं मैं टहलने लगा क अचानक मुझे कुछ घबराहट सी होने लगी अजीब सी कैफियत होने लगी जैसे कुछ बुरा होने वाला है मैं बहगा घर क अंदर देखा अभी सब नीचे hi थे मैं ने सब की तरफ नज़र डाली तो अबू तो खेत मैं थे लेकिन रानी बुआ और चची ग़ैब थीं

मैं : यह बुआ और चची कहाँ हैं

अम्मी : क्या हुवा बीटा इतने पेरशान क्यों हो

मैं : मैं ने पुछा बुआ और चची कहाँ हैं

बुआ अंदर से बाहिर एते हुवे

बुआ : क्या हुवा कशी मैं तो अपने रूम क बाथरूम मैं गई थी

मैं : अम्मी चची कहाँ हैं

अम्मी : बीटा वो आज तुम्हारे अबू को नाश्ता देने गई हैं खेत मैं

मैं : आप सब मैं से कोई बी बाहिर नहीं जाये गए जब तक मैं वापिस न आ जाओं मैं दूर लॉक क्र लो मैं अभी आता हों

मैं खेत का बोल क निकल गया मैं खेत की तरफ भागे जा hi रहा था तो रस्ते मैं एक खेत मैं मकई की फसल थी उस मैं से मुझे कुछ हलचल महसूस होइ मैं ने सोचा शायद कोई जानवर हो गए मैं ने अभी 2 क़दम hi बढ़ाये थे क फिर से आवाज़ आई अब मुझे कुछ शक होने लगा क कुछ तो गढ़ बढ़ है क्यों क किसी औरत की आवाज़ आई थी वो बी घुटी घुटी स जैसे किसी ने ज़बरदस्ती उस का मुंह बंद किया हो वहां खड़े हो क मैं ने अपनी पावर्स उसे की मैं अब उस सरे नज़ारे को आसानी से देख सकता था जो मैं ने देखा ूसये देख क घुसे से मेरी आँखों का रंग बदलने लगा जो क सुर्ख हो गई थीं तेज़्ज़ गर्मी क मौसम मैं बी अचानक मौसम बदलने लगा तेज़्ज़ हवें चलने लगी आसमान पेय बिजलियाँ कड़कने लगी वो लोग बी बदले हुवे मौसम को देख क पेरशान हो गए काली घटायें च गई ऐसा लगता था जैसे दिन मैं hi रात हो गई हो उस चाहिए हुवे अँधेरे मैं मेरी आँखों मैं आग जल रही थी क्यों क सामने का नज़ारा hi कुछ ऐसा था सामने मेरी चची नाज़िआ जो शायद अबू को सुबह का नाश्ता डे क वापिस आ रही थीं उन को 4 लोग उठा क खेत मैं ले गए और उन की हिज़हात लूटने की कोशिश करने लगये चची क कपडे जगा जगा से फटे थे उन क मुंह मैं एक कपडा ठोंसा हुवा था ता क वो शोर न क्र सकें मैं ने अपने दोनों हाथ की हथेलियां सीढ़ी क्र क अपने दोनों हाथ पहला क नीचे से ऊपर उठाने लगा ेस्ता ेस्ता मेरे दोनों हाथ राइट और लेफ्ट साइड से ऊपर उठ रहे थे हाथ की हथेली सीढ़ी ऊपर आसमान की तरफ थी देखते hi देखते हवा का एक bagola(tornado) बन गया जिस ने उन चरों को अपनी लिपट मैं ले लिया वो चरों चीखने लगये वो सब उस हवा क बगोली मैं उड़ने लगी पैर चची को कुछ बी नहीं हो रहा था उन को सिर्फ यह होता तो दिखाई डे रहा था लेकिन उन क ऊपर कोई हवा का दबाओ महसूस नहीं हो रहा था वो चरों उड़ते हुवे मेरे आगये आ क गिरे सब की दर्द से चीखें निकल रही थीं मैं ने उन की तरफ देखा सब मुझे देख क काँप रहे थे मेरी आँखों का कलर लाल आग बरसा रहा था

मैं : किस ने बेझा है तुम लोगों को

घुंडा 1 : हमें महफ क्र दो आज क बेहद सब कुछ छोड़ क गाओं चला जाओं गए एक बार महफ क्र दो

मैं : मैं ने पुछा किस ने बेझा है तुम लोगों को और रही बात ज़िंदा छोड़ने की तो वो कभी हो नहीं सकता क्यों मुझे जो ऐसे देख ले वो तो गया आखरी बार पूछ रहा हों किश क आदमी हो किस ने बेझा और क्यों

जब वो नहीं बोले इस क सतह hi आसमान से एक तेज़ बिजली की कड़क की आवाज़ क सतह बिजली की लेहेर सीढ़ी 4 no गुंडे पेय पड़ी वो वही जल क्र रॉक हो गया

मैं : अब बी वक़्त है बता दो नहीं तो तुम सब का हल इस से बी बुरा हो गए

घुंडा 1 : नै नै बताता हों हम हासिलपुर गाओं से ए हैं जमशेद अली क लिए काम करते हैं ुनों ने बेझा है आबिद अली और उस की फॅमिली का पता करने और बोलै था जो बी मिले मर देना सब को हम को पता चला था इस गाओं मैं रहते हैं जब हम यहाँ ए तो यह औरत रस्ते मैं मिल गई इस से पुछा तो इस ने बोलै क आबिद अली इस का जेठ है हम ने पुछा वो कहाँ हैं तो बोली खेत मैं हैं उस तरफ जब इस ने पुछा क्या काम है तो हम ने बोलै क हम हासिलपुर से हैं तो यह हासिलपुर का नाम सुन क्र भागने लगी तो हम ने यहाँ इस को पकड़ लिया सोचा अब इस को मर देते हैं लेकिन इस की खूबसूरती देखि क हमारी नियत खराब हो गई इस लिए हम इस को उठा क्र खेत क अंदर ले गए

मैं ने इतना सुना hi था क मैं ने एक बार फिर अपने हाथ ऊपर किये वो तीनो हुवा मैं ऊपर उठने लगये वो अपने आप को बचा नहीं सकते थे उन की चीखें सुनाई डे सकती थी उन तीनों पेय बी बिजली गिरी और जल क्र खाक हो गए पांच गए जहनम की आग मैं मैं ने पावर से चरों की बॉडी को जमशेद अली क घर क बाहिर बेझ दिया जहँ उन क सतह एक नोट लिखा पेपर था सतह ब्लैक टाइगर का सिग्न मैं ने अपनी आँखें बंद क्र ली फिर मैं ने जब आँखें खोली मौसम पहले जैसा हो गया था जैसे कुछ हुवा hi न हो चची सामने कड़ी थी मुझे देख क भाग क मेरे गले लग गई मैं ने उन को बाँहों मैं भर लिया वो रो रही थीं मैं ने उन को चुप करवाया

चची : आप नहीं होते तो पता नहीं क्या हो जाता आज

मैं : मुझे महफ क्र दो चची थोड़ी देर हो गई नहीं तो उन को छूने बी नहीं देता आप क जिसम को

चची : नहीं इस मैं आप की कोई ग़लती नहीं चुप हो जाओ चलो घर सब इंतज़ार क्र रहे हैं

मैं ने चची को अलग किया तो चची हैरान हो गई क्यों क उन क कपडे जो पहात गए थे पहले जैसे हो गए और जो उन को खरोच लगी थीं वो बी भर गई असल मैं हुवा ऐसे क जब मैं चची को गले से लगा क्र तसली डे रहा था चुप करवा रहा था तब hi मैं ने उन क कपडे और खरोच ठीक क्र दिए थे हम वापिस घर ए तो दरवाज़ा जब खुला तो गुड़िया भाग क आई मेरे सीने से लग गई उस को देख क लग रहा था जैसे वो रोइ हो

नैन : आर्य क्या यार छोटी छोटी बातों पेय रोने लगती हो

फरज़ाना : मुझे पता है मैं ने कितना घुसा महसूस किया था फिर यह बदला हुवा मौसम बी सब देख चुके हैं

मैं : ाचा मेरी जान थैंक्स मेरी फ़िक्र करने क लिए पैर मुझे लगता है अभी मुझ से ज़ियादा ज़रुरत प्यार की तसली की चची को है जाओ उन क पास

इधर चची घर मैं घुसी मेरे सतह तो दादी ने उन को गले लगा लिया और चूमने लगी सब की आँखें नाम थी दादी तो ऐसे प्यार डे रही थीं चची को जैसे वो उन की सगी बेटी हो एहि वो अड्डा है दादी की जो आज बी मुझे पसंद है खैर माहौल थोड़ा ग़मगीन हो गया था पैर मेरे अंदर लगी आग और भाड़ गई थी अब बरी है जमशेद अली और उस क बाप शराफत अली की इधर अम्मी ने बी अबू को कॉल क्र क घर बुला लिया था जब उन को पता चला तो वो चची क पास गए चची उन क गले लग गई कुछ देर ऐसे hi रहे तो सोचा माहौल चेंज क्र डॉन मैं ने ेस्ता से चची क कान मैं बोलै जो अबू ने बी सुन लिया

मैं : आर्य चची जब आप का दिल है अबू क सतह मस्ती करने का बोल दो मैं बंदोबस्त करवा डॉन गए अभी छोड़ो सब देख रहे हैं

मेरी बात से दोनों अलग हो गए चची शर्मा रही थी मैं ने सोच लिया था कुछ बंदोबस्त क्र डॉन गए

अम्मी : मेरा बचा मुझे फखर है क तुझ जैसे बेटे की माँ हों

मैं : आर्य नहीं अम्मी मुझे फखर है क मैं आप जैसे माँ बाप की औलाद हों

दादी : यह तो मेरा शेर है किसी की हिमत जो इस का सामना क्र सके

मैं : आर्य अप्पी लोग जाओं किचन मैं यार चाहिए बना लाओ सब काफी टेंशन मैं हैं थोड़ा सर दर्द काम हो

मेरे बोलते hi आपि और बजी किचन मैं चली गई

अबू : मैं खुद हैरान था क यह मौसम अचानक ऐसे ख़राब कैसे हो गया वो बी इतना जो कभी देखा नहीं एक दम रात हो गई थी फिर खुद hi साफ़ बी हो गया सतह इतनी खतरनाक आंधी और बिजली का कड़कना यह तो अब पता चला क बात क्या है

मैं : अबू उन को पता चल गया है हम इस गाओं मैं हैं इस लिए मैं ने फैसला किया है आज तैयारी करो कल आप का निकाह करवा देता हों शाहीन बुआ क सतह और परसु मैं और गुड़िया जा रहे हैं हासिलपुर

अबू : पेरशान हो क्र नै मेरे बचे मैं तुम लोगों ऐसे अकेले कैसे जाने डे सकता हों

मैं : अबू आज क वाक़्या को देख क बी आप यह बोल रहे हो वो कुछ नहीं क्र सकते बीएस आप इजाज़त दें और एक बात अम्मी से अभी बाक़ायदा इजाज़त लेनी हो गई आज आप को दूसरी शादी की

अबू : ठीक है पैर तू बी सतह हो गए तब hi

मैं : ठीक है मैं हों गए अभी चाहिए पी क एक काम जाओं गए फिर वापिस आ क बात करते हैं आप बी चाहिए पियो और खेतों पेय जाओ

फिर चाहिए आई हम ने पी मैं ने बोलै

मैं : ाचा मैं आता हों 2 घंटे तक एक काम है

मैं घर से निकल पड़ा शानो क घर की तरफ आज उस को टाइम दिया था 10 का पैर इस हादसे की वजा से 11 बज गए थे खैर मैं उन की शॉप पेय गया जहँ शानो बैठी थी मैं अंदर गया तो देख क खुश हो गई वो उठ क आई शॉप को अंदर से बंद क्र दिया और मुझे ले क अंदर चली गई घर मैं रूम मैं ले जा क्र उस ने दूर बंद क्र क कुण्डी लगा दी

बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं.......
 
अपडेट 100

It's मेगा अपडेट...

मुझे रूम मैं ला क्र शानो ने बीएड पेय बैठा दिया मैं ने अब उस को भरपूर नज़र से देखा आज शायद वो मेरे लिए स्पेशल तैयार होइ थी इस वक़्त वो ब्लैक बंजाबी पतयला सूट मैं थी जिस क सतह लाल दोपटा जो उस ने सर पेय लिया था क़यामत hi लग रही थी ऊपर से उस ने पाऊँ मैं पंजाबी खुसा पहना था और सब से क़ातिल उस क नाक मैं नथली जो डाली थी वो तो जान hi निकल रही थी

मैं : उफ़ मेरी जान आज तो तुम पंजाबी नुत्ति लग रही हो

शानो : यह सब तो आप क लिए किया है

वो मेरे पास आई उस क जिसम की खुशबु मुझे मदहोश क्र रही थी मैं बीएड पेय बैठा था अपने पाऊँ नीचे किये हुवे वो मेरे दोनों पाऊँ क बीच मैं आ कड़ी होइ मैं ने उस की कमर पेय हाथ रखे उस को अपनी तरफ खींच जिस से मेरा मुंह उस क बड़े बड़े मामों मैं जा घुसा उफ़ क्या खुशबु थी क्या लम्स था मैं ने उस क दोनों मामों क बीच मैं किश क्र दिया उस की बहन मेरे सर क पीछे थीं मैं ने उस को थोड़ा पीछे किया उस क गुलाबी होटों को चूमने चाटने लगा क्या बताओं यार यह इतनी पायरी चीज़ शामू को कैसे मिल गई वो बी मेरा सतह डे रही थी मैं अलग हुवा उस से मैं ने उस क कपडे उतरने शुरू क्र दिए अब सिर्फ वो ब्लैक ब्रा पंतय मैं थी मैं ने बी अपने कपडे उतर दिए अंडरवियर को छोड़ क्र मैं उस को ले क्र बीएड पेय लेता दिया उस क ऊपर आ क्र उस की गर्दन को चूमने लगा

मैं : क्या जिसम है तुम्हारा शानो

शानो : पैर क्या फ़ायदा किसी को क़दर नहीं

मैं : क्यों शामू नहीं छोड़ता क्या

शानो : उस हिजड़े से कुछ होता तो क्या उस क बाप से पानी निकलवाती मैं

मैं : अब मैं हों न तेरी पियास बिझने क लिए और वैसे बी गाओं क बोहत से लोग तुझे देख लुंड हिलाते हैं

शानो : पता है मुझे पैर मैं ऐसे थोड़े hi हर किसी को डे डॉन कल को बदनाम हो गई तो तुम पेय मुझे भरोसा है बीएस कभी बदनाम नहीं करना बाक़ी जहाँ बोले गए चुद जाओं गई

मैं : फ़िक्र न करो मैं बदनाम नै करों गए

मैं ने उस की ब्रा खोल दी और निकल दी उफ़ क्या ममी थे 38 साइज क पतला पेट उफ़ खूबसूरती का मजसमे थी वो मैं टूट पड़ा उस क मामों पैर चूसने लगा कभी एक तो कभी दूसरा फिर मैं उस क पेट को किश करते हुवे नीचे आया और उस की पंतय उतरी उफ़ क्या फूडी थी फूली होइ मैं ने उस की टाँगें मदद क्र उठा दी और अपना मुंह लगा दिया उस की फूडी पैर और चाटने लगा मैं बेदर्दी से फूडी चाट रहा था वो मज़े से सिसकारियां ले रही थी उस क हाथ मेरे सर पेय थे और मेरे सर को अपनी फूडी पेय दबा रही थी कुछ देर बेहद उस का जिसम अकड़ा और पानी छोड़ दिया मैं उस का नमकीन पानी पी गया और चाट क्र फूडी साफ क्र दी मैं लेट गया शानो ने उठ क्र मेरा अंडरवियर उतर दिया जब लुंड झटके से बाहिर आया तो उस को फटी आँखों से देखने लगी सतह hi एक चमक बी आ गई उस की आँखों मैं

शानो : ओह गॉड यह इंसान का है या घोड़े का

मैं : जब अंदर जये गए पता चले गए

शानो ने मेरा लुंड पकड़ा और उस की मुठ लगा क्र देखने लगी फिर लुंड की टोपी को उस ने चाट लिया मेरे मुंह से सीकरी निकल गई फिर मुंह मैं ले क चूसने लगी उस क चूसने से पता चल रहा था इस काम की वो एक्सपर्ट है 5 मिनट बेहद मैं ने ूसये हटा दिया शानो बीएड क नीचे खड़ा किया और उस को घोड़ी की तरह बना क्र बीएड पेय लेता दिया उस क पाऊँ नीचे थे जब क पेट और ऊपर का हिंसा बीएड पेय था शानो की गोल गांड देख क मुंह मैं पानी आ गया मैं ने उस की गांड को पहला क उस की गांड क सुराख़ को देखा जिसे देख क मैं समझ गया क इस ने गांड मरवाई होइ है मैं उस की गांड चाटने लगा एक अलग hi टास्ते था उस का कुछ देर बेहद मैं ने उठ क्र लुंड पैर टेल लगाया और उस की फूडी पेय सेट किया और उस क ऊपर आ क्र उस को कन्धों से पकड़ लिया एक झटका दिया आधा लुंड अंदर चला गया शानो क मुंह से एक हलकी अहह निकली मैं ने एक झटका मारा पूरा लुंड अंदर दाल दिया इस बार उस क चीख क सतह सतह आंसू बी निकले वो तो ाचा हुवा मैं ने मज़बूती से पकड़ क राखी थी नहीं तो वो नीचे से निकल जाती मैं कुछ देर उस क होंठ चूसता रहा और उस क ममी दबाता रहा जब उस का दर्द काम हुवा तो मैं लुंड ेस्ता ेस्ता अंदर बाहिर करने लगा अब वो बी सिसकारियों क सतह अपनी गांड हिला रही थी मैं ने स्पीड भाड़ा दी वो मेरा सतह डे रही थी कमरे मैं जैसे तूफान सा आ गया था

शानो : हाँ छोड़ो और ज़ोर से आज पता चला है किसी मर्द क नीचे हों आज पता चला चुदाई होती क्या है वर्ण वो गांडू बाप बीटा मेरे पीला पद गए

मैं : कुछ देर hi और छोड़ा उस को इस पोस्टिव मैं उस ने पानी छोड़ दिया मैं हटा बीएड पेय लेट गया वो ऊपर आई और खुद लुंड पेय बेथ गई और अंदर ले लिया मैं नीचे से छोड़ने लगा वो बी उछाल रही थी मैं सतह उस क ममी बी दबा रहा था 10 मिनट बेहद एक बार फिर वो फ़ारिग़ हो गई और उतर क्र बीएड पेय लेट गई और लाबी लम्बी सांसें लेने लगी मैं उस क ऊपर आया और टाँगें उठा क्र एक hi बार मैं दाल दिया अंदर और स्पीड से छोड़ने लगा ऐसे hi उस का 4 बार पानी निकला और मैं बी उस की फूडी को पानी से भर दिया मैं कुछ देर उस क ऊपर hi रहा फिर उठ क्र बाथ मैं गया फ्रेश हो क आया उस को बाथ मैं ले जा क्र क्र दोनों नही और मैं ने कपडे पहने

शानो : मेरे गले लग क्र ी लव यू प्लीज मुझे कभी छोड़ नहीं देना पहले तो किसी तरह सबर क्र लिया अब नहीं हो गए

मैं : नहीं छोड़ों गए अब जल्दी hi तुम से मीलों गए ok चलता हों कुछ काम है

मैं शानो को एक किश क्र क निकल गया टाइम देखा तो 12:30 बजे थे मैं अदनान क घर की तरफ चल पड़ा वहां पोंछा तो तुबा नज़र आई अदनान की बड़ी बहन मुझे देख क खुश हो गई

तुबा : आज सूरज किदर से निकला जो आप हमारे घर तशरीफ़ लाये

मैं : तंज़ क्र रही हो

तुबा : मैं डर्टी नहीं तुम से जो बोलों मैं मज़ाक़ क्र रही थी सुच तो एहि है तंज़ hi क्र रही हों

मैं : ाचा ग अपना प्यार क्या मिल गया बोलना बी आ गया तुम को

तुबा : ऐसी लिए तो घुसा हों तुम से तुम ने हम को मिलाया अगर अदनान को तुम मेरी तरफ कैल न करते तो शायद वो दिल की बात दिल मैं hi रखता लेकिन तुम ने खुद मुंह मदद लिया कभी एते hi नहीं

मैं : चलो ाचा है तुम दोनों तो खुश हो और यार बिजी था न नहीं आ सका

तुबा : ाचा यद् है मैं ने एक दिन बोलै था क मैं कुछ दूँ तो आप इंकार नहीं करो गए

मैं : अछि तरह यद् है तो बोलो क्या देना चाहती हो

तुबा मेरे नज़दीक आ क्र

तुबा : अपना आप देना चाहती हों आप को प्लीज न मत करना मेरा सपना है आप से एक बार मुझे प्यार करो

मैं : देख तुम अदनान की अमानत हो मैं अपने दोस्त क सतह धोका नहीं क्र सकता

तुबा : मैं तो हमेशा उस की hi राहों गई एक बार की तो बात है

मैं : ठीक है लेकिन अभी नहीं

तुबा : खुश हो क्र मुंह मीठा बी नहीं करवाओ गए

मैं ने उस को खेंच क छाती से लगा लिया और अपने होंठ उस क होंठों पेय रख दिए और चूसने लगा कुछ देर बेहद अलग हुवे

मैं : वाओ बोहत टेस्टी हो यार

तुबा : आप बी टेस्टी हो और प्लीज कभी टाइम निकलना

मजन : ाचा आंटी और अदनान किधर हैं

तुबा : ओह मैं बताना भूल गई एमी और भाई दोनों मामू क घर गए हैं शाम को वापिस आ जैन गए और एक बात और बी है

मैं : क्या

तुबा : मुझे लगता है एमी और अदनान क बेच कुछ चल रहा है

मैं : तुम को कोई ाहतेराज़ है उन क रिश्ते पैर

तुबा : नहीं मुझे तो ख़ुशी है इस से हमारा रिश्ता और पका हो जाये गए

मैं : तो ठीक है तुम अदनान को और उकसाओ ता क वो एमी को बी छोड़ ले तीनो खुश रहना तेरे बाप का मैं ने पता लगवा लिया है किसी और से बी शादी की है उस ने इस लिए घर नहीं एते

तुबा : मुझे शक था पहले hi चलो ाचा है वो न हो तो अपना काम आसान हो जाये गए

मैं : ok मैं चलता हों कुछ काम है

मैं वहां से निकला खेतों पेय गया अबू काम क्र रहे थे उन क पास बैठा और उन से शाहीन बुआ क सतह शादी पेय बात होइ तो कल का कन्फर्म क्र दिया बिलकुल सादगी से निकाह हो गए

मैं : ठीक है अबू मैं छोटी एमी को शॉपिंग पेय ले जाता हों कल की तैयारी क्र लें और प्लीज मामू और खला की सब फॅमिली को इन्विते क्र दें

अबू : बीटा खुद hi उन को इन्विते क्र दो और प्लीज नाज़ी को मुझ से दूर रखो मेरे लिए अब शाहीन hi बोहत है और एक बात अपनी एमी का ख्याल रखो मुझे लगता है वो तुम्हारी तरफ अतररेक्ट है मेरी शादी क बेहद वो टूट न जाये मैं खुद तुम्हें इजाज़त देता हों उस से शोहर वाला प्यार करो

मैं : ठीक है अबू मुझे मंज़ूर है यह बात मैं खुद आप को बताना चाहता था क वो खुद मुझे चाहती हैं मुर्री जाने से पहले आखिरी रात को हमारे बीच बोहत कुछ हो चूका है

अबू : चलो ाचा है ूसये बी प्यार की ज़रुरत थी

मैं : आप की शादी क बेहद मैं निकल रहा हों हासिलपुर की तरफ ok

अबू : ठीक है बीटा

मैं घर चला आया घर पेय सभी बैठे थे खाना का टाइम हो रहा था अबू बी कुछ देर मैं घर hi आ गए क्यों क सुबह जिस तरह चची क सतह हुवा अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था मैं फ्रेश हुवा नीचे आया सब ने मिल क्र खाना खाया उस क बेहद

मैं : एमी मैं चाहता हों कुछ शॉपिंग हो जाये छोटी एमी क लिए कल को निकाह का प्रोग्राम है सिर्फ अपने hi लोग हों गए आप खला शज़िआ को कॉल करो सब कल आ जैन शाम को निकाह है और दादी आप नानी से बात करो सब ने आना है खास क्र ज़फर मामू क्यों क निकाह मैं विटनेस की जगा उन का नाम हो गए और एमी खलु का बी

एमी : ठीक है बीटा मैं अभी बात करती हों

मैं : गुड़िया आप तैयार हो जाओ और छोटी एमी आप बी और बाक़ी किसी ने जाना है तो तैयार हो जाओ

फरिहा : नहीं भाई हम कल hi तो शॉपिंग क्र क ए हैं हम नहीं जैन गए आप गुड़िया को ले जाओ और इस सोबी को बी यह बोलती नहीं है पैर इस का दिल इतना साफ़ है सतह बैठे बन्दे को बी इस क दिल की बात सुनाई देती है और एक बात वो अपनी जान हनिया और सबीन आंटी को अभी कॉल क्र दो उन को बी इन्विते क्र दो बोलना कल खलु की फॅमिली क सतह hi आ जैन

मैं : वाओ आपि आप को बी लगता है मेरी हवा लग गई कितना कुछ सोच लेती हो थैंक्स

फरिहा : तुझ से बड़ी हों समझा और जिस दिन तेरी हवा लगी खुदा जाने क्या हो गए अब जा तैयार हो

मैं ऊपर गया तैयार हुवा नीचे आया तो छोटी एमी तैयार थीं और गुड़िया पता नहीं आपि क रूम मैं थी वो बी आ गई मुझे कुछ यद् आया और भाग क ऊपर गया सीधा भाभी क रूम मैं देखा वो लेती होइ थीं मुझे खुद पेय घुसा आने लगा इतनी बड़ी ग़लती कैसे क्र सकता हों मैं मैं उन क पास गया उन क माथे पेय हाथ रखा तो हल्का बुखूर था मेरी आँखों मैं आंसू आ गए मेरे हाथ रखते उन की आँख खुल गई

भाभी : आप कब ए और यह आप की आँखें नुम क्यों हैं

मैं : ी ऍम सॉरी कितना बुरा हों मैं आप को देखने बी नहीं आया

भाभी : ेशहहह चुप कुछ नहीं हुवा मुझे बीएस थोड़ा बुखार था अब ठीक है और वैसे बी आज आप ने जो चची क लिए किया उस क लिए मैं बोहत खुश हों

मैं : ाचा अपनी आँखें बंद करो

भाभी ने आँखें बंद क्र ली मैं ने उन क माथे पेय हाथ रखा और कुछ देर बेहद हटा लिया

मैं : अब आप बिलकुल ठीक हो हुआ बिस्तर छोड़ो उठ क नीचे जाओ एक स्ट्रांग स चाहिए पियो मैं जा रहा हों छोटी एमी को शॉपिंग करवाने कल उन का निकाह है अबू क सतह

भाभी : वाओ अचानक hi चलो ाचा है आप जाओ लेट हो रहा है 3 बज रहे हैं

मैं : ok मेरी जान हम्म

मैं एक लिप किश क्र क निकल आया रूम से नीचे आया तो एक और सरप्राइज था मेरे लिए कश्मला बुआ बी तैयार थी जाने क लिए

मैं : आर्य बुआ आप बी चलो गई

शाहीन : हाँ बीटा इस को मजन ने तैयार किया है क्यों क अब हम सहेली बन गई हैं अब दुल्हन की सहेली तो उस की शॉपिंग पेय सतह होती है न

मैं : हाँ यह बी ठीक है तो चलो फिर

हम ने सब को bye बोलै और गाड़ी मैं बेथ गए मैं ने गाड़ी घर से निकली और चल पड़ा सिटी की तरफ मैं ने फ़ोन निकला और कॉल मिला दी आगये से अटेंड होइ

मोनी : शुक्र है आप को यद् तो हों

मैं : क्या यार तंज़ करना ज़रूरी है

मोनी : ाचा वो छोड़ो आप लोग इस घर मैं कब शॉट हो रहे हो

मैं : बोहत जल्द अभी सुनो जल्दी से तैयार हो क मॉल पोंचो मैं घर से निकल आया हों

मोनी : एक तो एन्ड वक़्त पेय बताते हो ाचा मैं मार्क को बुला लेती हों एते हैं हम

मैं : ok डार्लिंग bye

मैं ने कॉल सुत्त की तो गुड़िया क फेस पेय मुस्कान थी जब क छोटी एमी और कश्मला बुआ हैरान थीं

कश्मला बुआ : बीटा कितने अकाउंट खोले हुवे हैं

फरज़ाना : बुआ ग 30 से ज़ियादा हैं आप ने बी खुलवाना हो तो बता देना

कश्मला बुआ : तोबा है इंसान हो या कोई और मख्लूक़

मैं : छोड़ो बुआ ऐसे hi बोल रही है

मैं ने फिर से कॉल मिला दी सामने से मीठी स आवाज़ आई

हनिया : अत था वो जो सपनों मैं हकीकत मैं बी मिला

हकीकत मैं क्या मिला वो क अब सपनों मैं बी नहीं मिलता

मैं : नाराज़ हो मुझ से

हनिया : नै मैं तो बोहत खुश हों

मैं : यार मैं बिजी बी बोहत रहता हों एक कॉल तो तुम बी क्र hi सकती हो

हनिया : ाचा सॉरी मेरी ग़लती है

मैं : ाचा सुनो कल आप लोग आ रहे हो गाओं अबू की दूसरी शादी है

हनिया : क्या यार हमारी शादी करवाने की जगा अपनी क्र रहे हैं बोहत अचे पता नहीं अपना क्या हो गए

मैं : हाहाहा उन की पुराणी और पहली मोहब्बत मिल गई बीएस सबर नहीं क्र पा रहे हैं

मैं ने इतना बोलै तो पीछे से एक मुक़ा पड़ा मुझे देखा तो छोटी एमी ऑंखें दिखा रही थीं

हनिया : ाचा ठीक है मैं एमी से बात क्र लोन गई ठीक है

मैं : हाँ वो खलु की फॅमिली बी ए गई तो उन क सतह आ जाना

हनिया : ठीक है नहीं तो सनी सतह हुवा तो अपनी गाड़ी ले ऍन गए

मैं : ok ठीक है bye लव यू

मैं ने कॉल सुत्त की

छोटी एमी : शर्म नहीं आती सब को ऐसे बताते हैं मेरे बारे मैं

मैं : कुछ ग़लत बोलै क्या ाचा घुसा नहीं करना नहीं बोलों गए

ऐसे hi हम सिटी पोंछे गाड़ी पार्क क्र क हम मॉल मैं गए शॉपिंग को फिर अबू क लिए बी कपडे जूते लिए एक वाच बी और परफ्यूम फिर छोटी एमी क लिए बोहत कुछ लिया फिर हम ने ज्वेलरी बी ली अबू क लिए बी रिंग ली और छोटी एमी क लिए मुंह दिखाई क लिए नेकलेस बी लिया फिर हम ने वहां से पिज़्ज़ा पाक करवाया सब क लिए सतह कोल्ड ड्रिंक बी ली और घर वापिस आ गए रात क 8 बज गए थे खाना बी तैयार था हम ने पिज़्ज़ दिया एमी को भाभी ने ओवन मैं गरम किया फिर सब ने खाया नूर बोहत खुश होइ खा क्र फिर मैं बेथ गया टीवी लाउन्ज मैं बाक़ी बी आ गए सब और शादी की बात डिसकस करने छोटी एमी कमरे मैं चली गई वो आज वैसे बी अबू से चेहरा छुपा रही थीं मैं ने वाक का बोलै और बाहिर निकल गया मैं सीधा गाओं की मस्जिद मैं गया अभी नमाज़ क बेहद वहां क मस्जिद क इमाम बैठे होते हैं मैं उन से मिला उन को हम करि साहब बोलते हैं

मैं : करि साहब कैसे हैं आप

करि साहब : ठीक हों बैठा और बीटा मस्जिद आया करो नमाज़ क लिए तुम सब से अलग हो पूरा गाओं तुम्हारी तहरीफ़ करता है

मैं : ग ज़रूर बीएस कुछ बिजी रहा हों आगये से आया करों गए ाचा एक काम था आप से

करि साहब : हाँ बोलो

मैं : कल एक निकाह पढ़ना है आप रजिस्ट्रार को ले ए गए शाम को 4 बजे हमारे घर

करि साहब : तुम शादी क्र रहो हो गाओं मैं तो किसी को नहीं पता क्या ख़ामोशी से क्र रहे हो

मैं : ग नहीं मैं नहीं क्र रहा मेरे अबू का निकाह है उन की तय की बेटी क सतह वो क्या है क वो बेवा हैं तो हम ने सोचा उन को सहारा मिल जाये गए

करि साहब : यह तो बोहत अछि बात है मैं आ जाओं गए

मैं : ग ठीक है मैं चलता हों

मैं करि साहब से अलविदा ले क्र मस्जिद से निकला रात क 10 बज रहे थे अभी मैं एक गली मुद्दा hi था क मुझे एक बाँदा दिखा जो एक घर क बाहिर खड़ा था और इधर उधर देख रहा था जैसे चोरी छुपे इस घर मैं जा रहा हो मैं ने घोर से देखा तो यह तो जीरो( नज़ीर) था हमारे hi गाओं का है बोहत बदनाम इंसान है इस क बारे मैं मशहूर है इस ने बोहत स औरतों क सतह तलाक़ बनाये हैं और इस की सांगत ग़लत लोगों से बी है अभी मुझे हैरान करने वाली बात यह थी क इस वक़्त जिस घर क बाहिर खड़ा है यह हमारे गाओं क चौधरी का घर है काफी बड़ी हवेली है चौधरी क घर मैं खुद चौधरी करम दिन, उस की बीवी चौधराइन मीणा, इन का बीटा चौधरी जब्बार, बहु चौधराइन सीमी और बेटी नौरीन हैं लेकिन यह किस से मिलने आया हो गए इतने मैं दरवाज़ा खुला और वो अंदर चला गया अब मुझे पता लगाना था क यह क्यों गया है क्यों क चौधरी क घर ऐसे जाना अपनी जान देने क बराबर था खैर मैं पावर का इस्तेमाल क्र क ग़ैब हो क्र हवेली पोंछा मैं ने देखा ूसये कोई औरत पीछे की तरफ ले क जा रही थी मैं बी उन क पीछे चला गया जब मैं ने देखा वो औरत एक रूम क बाहिर रुक क्र दूर नॉक करती है कुछ देर बेहद एक आदमी दरवाज़ा खोलता है यह घर मैं काम करने वाले सर्वेंट क्वार्टर थे जहँ उन क सर्वेंट रहते थे एक 2 बार मैं एहन आया हों चौधरी से मिलने यह इन क घर का नवाकर है दीनू कोई 40 साल का लेकिन इस क सतह इस की बीवी बी तो रहती है जमीला नाम है 38 की आगे हो गई थोड़ी सांवली है लेकिन बोहत hi टाइट जिसम है उस का वो दोनों अंदर चले गए और दूर बंद हो गया बाक़ी हवेली पूरी तरह खमोश थी जैसे सब अपने अपने रूम मैं हों गए या सो गए हों गए मैं उस सर्वेंट क्वार्टर क बाहिर पोंछा और विंडो जो हलकी स खुली थी उस मैं से देखा तो मैं हैरान हो गया वो औरत कोई और नहीं खुद चौधराइन मीणा थी चौधरी करम दिन की बीवी उस क सतह दीनू नौकर और उस की बीवी जमीला बी बैठी थीं और जीरो जो चौधराइन क सतह अंदर आया था वो बी चौधराइन क सतह बेथ गया

च. मीणा : हाँ जीरो क्या बना हमारे काम का

जीरो : मालकिन काम थोड़ा मुश्किल है क्यों क उस का बीटा बी यहाँ होता है अगर उस को पता चला तो बोहत गढ़ बढ़ हो जाये गई

च. मीणा : तो तू डरता है उस से क्या देख किसी बी तरह यह दोनों काम हो जाने चाहिए एक वो बाघ वाली ज़मीन हम्हें चाहिए और दूसरा चौधरी को वो औरत पसंद आ गई है वो वैसे बी बेवा है उस का बी भला हो जाये गए

जीरो : मालकिन आप को लगता है उस लड़के क बारे मैं पता नहीं है जितनी मज़बूत बॉडी है उस की अगर एक बार उस को ज़रा सी भनक बी लग गई तो वो क्या क्रय गए मैं नहीं जनता

च. मीणा : आर्य हमारी पावर क आगये वो कुछ नहीं उठवा क जेल मैं डलवा दूँ गई और देख कैसे करना है दीनू से मश्वरा क्र ले

दीनू : मालकिन काम वखि मुश्किल है पहले उस लड़के का बंदोबस्त क्र दें फिर आसानी हो गई

जमीला : और पता करो उस को औरत एहनी चुदाई मैं अगर दिलचस्पी है तो मैं जाल मैं फंसा लेती हों फिर रपे मैं अंदर दाल दें गए

च. मीणा : वह दिल खुश क्र दिया तू ने जमीला अब देख क्या करती हों मैं उस पिले को रपे मैं अंदर करवाएं गई फिर उस क बाप को ब्लैकमेल क्र क एक तो वो ज़मीन अपने नाम करनी है और बेटे को बाहिर लेन क बदले उस की चची को चौधरी की रखेल बना दूँ गई

जीरो : मालकिन यह ाचा आईडिया है जमीला कल से लग जाओ काम पेय

च. मीणा : चलो यह तो प्लान हो गया अब जीरो आया है तो जमीला इस को खुश तो क्र और तू दीनू इधर आ तेरा लुंड लिए बिना नींद नहीं आती

दीनू : मालकिन आप को कोण न बोल सकता है आप चाहती तो उस आबिद अली को खुद क जाल मैं फंसा क्र यह सब क्र लेती

च. मीणा : वो साला बोहत शरीफ है मैं ने फुल लाइन दी साला तस से मास नहीं हुवा

मैं दिल मैं बहन छोड़ तो यह बात है हमारे दुश्मन गाओं मैं बी मजूद हैं कोई नहीं देख चौधराइन मैं अब ऐसा खेल खेलों गए तेरी आने वाली नस्लें बी मेरे लुंड क नीचे हों गई मैं ने इन की सब बातें और वीडियो अपनी पावर से अपने मोबाइल मैं रिकॉर्ड क्र ली और अंदर चल रही चुदाई बी जहाँ जीरो नौकरानी जमीला को छोड़ रहा था और दीनू मीणा को फिर जीरो मीणा को छोड़ने लगा और दीनू अपनी बीवी को जब चुदाई ख़तम होइ मैं ने सब रिकॉर्ड क्र ली थी मैं वहां से ग़ैब हो क घर क बाहिर आ गया और दूर से घर आया अम्मी ने दूर खोला था

अम्मी : कहाँ रह गया था टाइम देखा है

मैं : वो करि साहब को बोलने गया था कल क लिए

अम्मी : चाहिए पिए गए मैं बना रही हों

मैं : हाँ क्यों नहीं वैसे आज का क्या प्रोग्राम है

अम्मी : आज तुम चची क रूम मैं जाओ गए बीटा ग

मैं : और आप आप का क्या

अम्मी : मुझे आज से ज़ियादा कल अकेला पैन लगे गए तो प्लीज कल तुम मेरे पास हो गए

मैं : जैसे आप की मर्ज़ी लेकिन प्लीज दिल पेय मत लेना मैं आप को बोहत चाहता हों और खोना नहीं चाहता खुले दिल से अपनी सौतन को क़बूल करो कल आप को अपना नया शोहर मिल जाये गए

अम्मी मेरे गले लग क्र ऐसा hi हो गए मेरी जान ाचा यह ले चाहिए पी ले

मैं चाहिए ले क्र अपने रूम मैं गया वहां गुड़िया लेती थी उस को एक किश किया बेथ क चाहिए पीने लगा

फरज़ाना : कहाँ गए थे आप

मैं : गुड़िया इस गाओं मैं बी अपने दुश्मन हैं

फरज़ाना: क्या कोण हैं

मैं ने सब बात गुड़िया को बता दी

फरज़ाना : आप फ़िक्र न करो मैं कहती हों उन की बेटी नौरीन को टारगेट करो वो वैसे बी आप पेय लाटू है

मैं : नहीं गुड़िया मैं किसी बेगुनाह क सतह ग़लत नहीं क्र सकता वैसे बी उस बेचारी की क्या ग़लती है ग़लती तो उस क माँ बाप की है और तुम को कैसे पता वो मुझ पेय लाटू है

फरज़ाना: कहाँ रहते हो आप वो बी अपने कॉलेज मैं थी अपने बैच मैं मैं ने कही बार देखा उस की आँखों मैं

मैं : फिर तो वो बी

फरज़ाना : हाँ मुझे पता है लेकिन आप उस से मिलो उस से बात करो इस बारे मैं वो अछि लड़की है और खबसूरत बी

मैं : थैंक्स ाचा आज वो

फरज़ाना: मुझे एमी ने बताया जाओ आप चची वेट क्र रही हों गई

मैं ने कपडे बदले और चला गया चची क रूम की तरफ दूर नॉक किया चची ने दूर खोला वो इस वक़्त निघ्त्य मैं थीं मैं आदर आ क्र दूर लॉक किया और वापिस घूमा तो मैं शॉक हो गया क्यों वहां कोई और बी था..

बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं......
 
अपडेट 101

मैं जैसे वापिस घूमा मैं शॉक हो गया वहां चची अकेली नहीं बल्कि रानी बुआ बी थी और वो बी निघ्त्य मैं

मैं : बुआ आप यहाँ चची क रूम मैं

बुआ : क्यों नहीं आ सकती क्या मैं तो यहाँ सोने आई हों वहां कश्मला आपि हैं

मैं : ok ाचा मैं चलता हों

मैं वापिस घूमा hi था क बुआ ने मुझे कंधे से पकड़ा और घुमा क्र बीएड तक ले क आई और ढाका डे क बीएड पेय गिरा दिया और खुद मेरे ऊपर आ क्र लेट गई क़सम से आज तो वो किसी लड़की की तरह अपनी अड़ाएं दिखा रही थीं

मैं : बुआ यह क्या क्र रही हो

बुआ : वही जो तू यहाँ करने आया था

मैं : बुआ आप सुच मैं मेरे सतह

बुआ : सष्ठ चुप अब कुछ मत बोल

इस क सतह hi बुआ ने अपने होंठ मेरे होंठों पेय रख दिए और चूसने लगी मैं बी सतह देने लगा आज एक नई फूडी का सोच क hi लुंड खड़ा हो गया उधर चची ने मेरा लोअर निकल दिया और लुंड बाहिर निकल क ूसये चूसने लगी मैं तो डबल मज़े मैं था मैं ने बुआ को साइड किया और उठ क्र अपने बाक़ी कपडे उतर दिए और बुआ की निघ्त्य बी उतर दी पीछे देखा चची बी फुल नंगी थी मैं बुआ का जिसम देखता hi रह गया क्या ममी थे मैं बुआ क ममी चूसने लगा चची मेरा लुंड चूसने लगी कुछ देर बेहद मैं और बुआ 69 पोजीशन मैं आ गए मैं बुआ की फूडी को चाटने लगा बुआ सिसकारियां लेने लगी ुनों ने मेरा लुंड मुंह मैं ले लिया और चूसने लगी चची बी बुआ क सतह लेट क्र मेरे टट्टे चूसने लगी 5 मिनट बेहद मैं उठा और बुआ की टाँगें उठा क मदद दी

मैं : बुआ डार्लिंग दर्द हो गए बर्दाश्त क्र लेना

बुआ : मेरी फ़िक्र न क्र आज मुझे इस आग से छूटकर दिला डे

मैं ने चची को इशारा किया चची झुक क्र बुआ को किश करने लगी मैं ने लुंड बुआ की फूडी क मुंह पेय रखा और एक झटका मारा आधा लुंड अंदर चला गया बुआ की दबी होइ चीख निकली जो चची क मुंह मैं hi रह गई मैं बुआ क ममी दबाने लगा जब कुछ आराम मिला बुआ को मैं ने थोड़ा सा लुंड पीछे खेंच क फिर से झटका मारा पूरा लुंड अंदर चला गया बुआ तड़पने लगी दर्द से चची ने उन क होंठ नहीं चोदे मैं रुक गया और उन क ममी दबने लगा एक हाथ से और एक हाथ से उन की फूडी क डेन को मसलने लगा जिस से बुआ का दर्द काम हुवा और वो हिलने लगी मैं समझ गया मैं अब अंदर बाहिर करने लगा चची ने होंठ अलग किये बुआ तेज़्ज़ तेज़्ज़ सांसें लेने लगी मैं ने बी रफ़्तार तेज़्ज़ क्र दी

बुआ : कहा मेरी जान लेनी है क्या

मैं : क्यों मज़ा नहीं आ रहा

बुआ : उफ़ ाहः मज़े क सतह यह घोड़े जैसा लुंड डाला है दर्द बी हो रहा है ऐसा मीठा मीठा दर्द ाहः छोड़ अपनी बुआ को आज से यह बुआ तेरी होइ जब बोले गए जहाँ बोले गए चंदे क लिए तैयार हों

मैं : मैं अपनी स्पीड से छोड़ता रहा कुछ देर बेहद बुआ का जिसम अकड़ा और वो फ़ारिग़ हो गई मैं उन क ऊपर से हटा चची बुआ की फूडी चाटने लगी घोड़ी बन क्र वो बोहत गरम हो चुकी थी मैं ने चची क पीछे आया और उन की फूडी चाटने लगा 2 मिनट बेहद मैं ने चची की फूडी मैं लुंड उतर दिया चची क मुंह से हलकी सी चीख निकली लेकिन मैं रुका नहीं और छोड़ने लगा कमरे मैं सिसकारियों क सतह सतह थप थप की आवाज़ें आती रही 10 मिनट मैं चची बी फ़ारिग़ हो गई मैं ने लुंड निकला बुआ उठी और लुंड मुंह मैं ले क्र चूसने लगी चची बुआ की जगा लेट गई मैं ने बुआ को घोड़ी बना दिया और पीछे से फूडी मैं दाल दिया और लगा घोड़ी दौड़ने बुआ ने अपना मुंह चची की फूडी पेय रख दिया ऐसे hi दोनों का 3, 3 बार पानी निकला और मैं ने लुंड निकल लिया और दोनों मुंह खोल क बेथ गई मैं ने दोनों क मुंह अपने पानी से भर दिए जो दोनों मज़े से पी गई और लुंड को अछि तरह चाट क्र साफ़ क्र दिया फिर दोनों ने एक दूसरे क मुंह पेय लगे मेरे पानी को चाट लिया

मैं : कैसा लगा बुआ

बुआ : मेरी जान इतना मज़ा कभी नहीं आया आज से यह बुआ तेरी है

मैं : बुआ यह गोआल मटोल गांड कब डे रही हो

बुआ : जब मैं hi तेरी हों तो गांड बी तुझ को hi दूँ गई जब दिल करे मर लेना पैर आज नहीं देख कैसे सूज गई है मेरी फूडी

चची : नन्द रानी गांड बी एक दिन hi मरवाएँ गई दोनों सतह मैं

मैं : जैसे आप की मर्ज़ी अभी जाओ फ्रेश हो जाओ मैं बी जा रहा हों अपने रूम मैं

मैं जल्दी से फ्रेश हो क कपडे पहने दोनों को एक एक किश क्र क निकल गया अपने कमरे मैं जहाँ गुड़िया सो रही थी मैं उस को बाँहों मैं ले क लेट गया उस ने नींद मैं hi मुझे किश किया मैं ने बी ूसये किश किया और सो गया सुबह मैं अपने टाइम पेय उठ गया आज सब क सतह पार्क गए हम रनिंग एक्सरसाइज क बेहद वापिस ए और फिर नाश्ता किया उस क बेहद मैं घर से निकला गया मैं एक कैटरिंग वाला है उस को खाने का आर्डर दिया फिर मैं अदनान क घर गया उन को इन्विते किया फिर पीने क घर जा क उस को बी इन्विते किया फिर शामू क घर गया वो दुकान पेय hi था उस को इन्विते किया उस ने बोलै क वो नहीं आ पाए गए दुकान पेय हो गए मैं ने कहा शानो भाभी को बेझ देना वो मान गया मैं वापिस आ hi रहा था क देखा चौधरी क घर से जमीला जो उन की नौकरानी है वो निकली मुझे देख क मेरे पास आई

जमीला : आर्य कशी बाबू आप तो ईद का चाँद hi हो गए कभी आते hi नहीं इधर

मैं : आर्य जमीला चची कैसी हो आर्य चची क्या करों बोहत बिजी रहता हों आप सुनाओ दीनू चाचा कैसे हैं

जमीला : उन को क्या होना है वो तो अचे भले हैं आर्य तुम तो पूरे घाबरू जवान हो गए हो

मैं : आर्य चची आप बी न मज़ाक़ करती हैं वैसे आप दिन बढ़ीं जवान होती जा रही हैं क्या बात है दीनू चाचा की म्हणत है या खेत मैं कोई और पानी लगा रहा है

जमीला दिल मैं यह तो खुद hi लाइन डे रहा है और मैं चली थी इस को दाना डालने

जमीला : बोहत शरारती हो गए हो कशी बाबू कभी अकेले मिलो तो बताओं गई कोण पानी लगा रहा है वैसे मुझे लगता है तू बी पानी लगाने क क़ाबिल हो गया है

मैं : आर्य चची कभी मौक़ा तो दो ऐसा पानी लगाएं गए आप क खेत मैं आप खुद पानी लगाने का बोलै करो गई

जमीला : ठीक है फिर कभी आओ न सब क सोने क बेहद पीछे क्वार्टर मैं देख लोन गई

मैं : न चची न पियासा कुँवें क पास आता है कुंवां पियासे क पास नहीं आता

जमीला दिल मैं यह तो बड़ा चालू निकला ऐसे तो यह नहीं ए गए कुछ सोचना हो गए

जमीला : ठीक है अपना नंबर डे दो मैं कॉल क्र डॉन गई

मैं ने नंबर दिया और चल पड़ा वापिस घर की तरफ मैं ने सोच लिया था अब क्या करना है इस का लेकिन हासिलपुर से आने क बेहद मैं घर पोंछा फिर तैयार हो क्र गाड़ी निकली और चला गया सिटी वहां से ज़रूरी सामान लिया और वापिस आ गया वापिस आया तो घर मैं काफी चहल फेहल थी देखा तो मिनी और निमि भाग क आई और मेरे गले लग गई

मैं : कैसी हैं मेरी गुड़िया

निमि : बोहत अछि हैं भाई बीएस अब आप से दूर नहीं रहा जाता

मिनी : हाँ भाई आप जल्दी से सिटी शिफ्ट हो जाओ फिर सतह रहें गए

मैं : हाँ मेरी गुड़िया जल्दी हम सतह रहें गए ाचा एमी अबू किदर हैं

निमि : वो अंदर बैठे हैं

हम अंदर ए मैं जा क खलु से मिला फिर खला शज़िआ क पास गया ुनों ने मुझे गले लगाया

खला : मेरा बचा कैसा है

मैं : मैं तो ठीक हों डार्लिंग आप कैसी हो

खला : प्यार से मेरे कान खेंच क्र क्या बोलै डार्लिंग हाँ

सब देख क हंसने लगे खला ने मेरा कान अभी पकड़ा हुवा था क ममी लोग कमरे मैं दाखिल हुवे

ममी : यह क्या शज़िआ छोड़ मेरे बचे का कान

ममी तेज़ी से मेरे पास आई और मुझे गले लगा लिया मैं ममी क कान मैं

मैं : थैंक्स मेरी जान कैसी हो

ममी : बिलकुल ठीक नहीं हों तुम्हारे बिना कुछ बी ाचा नहीं लगता

मैं : आज आप यही हो न आज आप का कुछ करता हों

मैं फिर मामू से मिला फिर नानी क गले लगा

नानी : इस बुढ़िया को तो तू भूल hi गया

मैं : नहीं नानी बिजी था न आप को भला भूल सकता हों

मैं उन से अलग हुवा तो सामने सोनिया और सबा खला कड़ी थीं मैं ने बहन पहला दी सोनिया भाग क मेरे गले लग गई

सोनिया : भाई आप बोहत बुरे हो मुझ से मिलने एते hi नहीं

मैं : कुछ दिन और मेरा बचा सब एक सतह रहें गए ok

मैं सोनिया से अलग हुवा सबा खला क पास गया उस को गले लगाया वो पागल रोने लगी मैं ने चुप करवाया उस क आंसू पोंछे सब देख रहे थे मैं उस का हाथ पकड़ क अपने रूम मैं ले गया दरवाज़ा बंद क्र क उस को गले लगा लिया एक अलग सा सकूं था उस की बाँहों मैं मैं अलग हुवा उस क चेहरे को हाथों मैं लिया और अपने होंठ सबा क होंठों पेय रख दिए 2 मिनट बेहद अलग हुवा

मैं : पागल रोने क्यों लग जाती हो

सबा : आप से और दूर नहीं रह सकती अब

मैं : ok ठीक है कुछ दिन और हम सब सिटी शिफ्ट हों गए ठीक है अब रोना नहीं मुझे तकलीफ होती है जब कोई अपना रोटा है क्या मुझे तकलीफ मैं देख सकती हो

सबा : न मैं गर्दन हिलती है

मैं : चलो अपना हुलिया ठीक करो नीचे सब बैठे हैं चाहिए तैयार हो गई

सबा ने बाथ मैं जा क्र खुद को ठीक किया फिर हम नीचे ए तो देखा सबीन आंटी, हनिया और सनी ए हुवे थे मैं सबीन आंटी क पास गया ुनों ने मुझे गले लगया और मेरे गाल पेय किश क्र दिया सब की हंसी निकल गई

दादी : देखना सबीन बीटा बिघड न देने मेरे पोते को

सबीन : नहीं माँ ग मेरा बचा कभी बिघड नहीं सकता

मैं फिर सनी से मिला फिर हनिया की तरफ देखा तो वो शर्मा रही थी

सबीन : क्या हुवा हनिया बड़ा बोल रही थी जा क लड़ों गई यह करों गई वो करों गई अब क्या हुवा

वो और शर्माने लगी

मैं : क्या सासु माँ आप उस को शर्मिंदा क्र रही हो

मैं ने ूसये गले लगा लिया और माथे पेय किश किया वो शर्माती होइ भाग गई गुड़िया की तरफ सब हंसने लगे

नानी : बोहत पायरी बची है ऐसे hi आप लोग हंस क उस को शर्मिंदा क्र रहे हो

फिर छाए वग़ैरा सब ने पी बैहर कोई आया तो मैं गया 2 लड़के थे मैं उन को सतह लाया उन क पास फूल वग़ैरा थे मैं ने उन को चची वाला कमरा सजाने क लिए बोलै चची को मैं ने रानी बुआ क कमरे मैं शिफ्ट क्र दिया सोबी ऊपर बाक़ी बहनों क सतह एडजस्ट हो गई फिर ऐसे सब तैयारी हो गई फरिहा और रानी बुआ ने छोटी अम्मी को तैयार किया अदनान और उस की एमी और बहन बी ए गए सतह पीने और शानो बी सब ने उन का वेलकम किया मामू और खलु ने अबू को तैयार किया सतह मज़ाक़ बी करते रहे 4 बजे करि साहब रेगिस्ट्रर क सतह ए फिर निकाह की रसम होइ फिर करि साहब खलु और मामू क सतह अंदर रूम मैं गए जहँ छोटी एमी से इजाज़त ली गई ुनों ने क़बूल है कहा उन से सिग्नेचर करवाए फिर बाक़ी की फॉर्मलिटीज की गई मामू और कहलू क सिग्नेचर विटनेस मैं लिए गए फिर करि साहब ने दुआ की सब को मिठाई खिलाई गई उस क बेहद हवेली मैं hi खाने का इंतेज़ाम था सब को खाना दिया गया कहने से फ़ारिग़ होते होते 6 बज गए सब सामान समेत क 7 बजे फ़ारिग़ हुवे और ड्राइंग रूम मैं सब बेथ गए सब ने मुबारक बाद दी मैं अबू क गले लग क्र

मैं : अबू आप खुश हो न

अबू : मेरे शेर यह सब तेरी वजा से hi तो हुवा है तुम को शाहीन का पता न लगता तो यह सब नहीं होता

मैं मेहरीन क पास गया

मैं : आज आप क सर पेय बाप का साया आ गया है आप खुश तो हो न

वो रट हुवे मेरे गले लग गई मैं ने चुप करवाया

मैं : पागल रोटी क्यों है यह तो ख़ुशी का दिन है

मेहरीन : यह तो ख़ुशी क आंसू हैं सिर्फ बाप hi नहीं पूरी फॅमिली मिल गई मुझे दादी, नानी, इतनी साडी मैं चची बुआ बहने आप जैसा भाई बीएस बर्दाश्त नहीं क्र पाई

अम्मी ने ूसये गले लगा लिया और चुप करवाया

मेहरीन : बोहत बड़ा दिल है माँ आप का खुद अपने शोहर की दूसरी शादी की मुझे यतीम से फिर एक बाप क नाम वाली ज़िन्दगी दी

अम्मी : नहीं ऐसा कुछ नहीं है तू बी मेरी बेटी है जैसी मेरे लिए बाक़ी बेटियां हैं वैसी hi तुम हो चलो अब रोना नहीं

उस क बेहद तो सब खाना खा चुके थे चाहिए वग़ैरा चली फिर मैं, सनी और अदनान बाहिर निकले टहलने क लिए

सनी : जीजा ग आप ग्रेट हो क़सम से आप ने जिस तरह इतने बड़े खंडन को संभाला है कोई दूसरा नहीं क्र सकता

मैं : आर्य ऐसा कुछ नहीं बीएस मैं अपनी फॅमिली क लिए कुछ बी क्र सकता हों और यद् रख तू बी मेरी फॅमिली का hi हिंसा है

अदनान : ाचा क्या प्रोग्राम है आगये

मैं : वो तो बताओं गए बचे मुझे कुछ पता चला है तेरे बारे मैं क्या वो सुच है

अदनान : की किस बारे मैं

मैं : वही जो तू सोच रहा है देख मुझे कोई ाहतेराज़ नहीं है बीएस कभी उन को दुःख नहीं देना ok

अदनान : यार तुझे पहले से कैसे पता चल जाता है और सुन अम्मी से मिलना वो तुम से कुछ बात करना चाहती हैं

मैं : हाँ मिल लोन गए उन से और आगये का प्रोग्राम यह है क मैं कल जा रहा हों गुड़िया क सतह अपने पुराने गाओं हासिलपुर वहां कितने दिन लगते हैं पता नहीं

अदनान : वहां क्या काम आ गया तुम को

मैं : वो फिर कभी बताओं गए वहां हमारी ज़मीन बी है देखता हों जा क

सनी : हम सुबह निकलें गए वापिस घर क लिए

मैं : ठीक है हम जल्दी मिलें गए ok और अबू की सुनाओ कैसे हैं जाते हो मिलने

सनी : वो बी ठीक हैं आप का पूछते हैं और आप क और हनिया क रिश्ते की बात बी की है उन को कोई ाहतेराज़ नहीं बल्कि वो खुश हैं

मैं : चलो ाचा है अदनान मैं वापिस आ जाओं तो फिर सब सतह मैं hi एडमिशन लें गए सिटी मैं यूनिवर्सिटी मैं

अदनान : ठीक है

फिर हम वापिस आ गए और देखा तो अदनान की एमी लोग वापसी क लिए तैयार थे

नूर बनो : बीटा कभी हम को बी टाइम डे दिया क्र

मैं : आप क लिए टाइम hi टाइम है आंटी अभी आप का बीटा जिस मिशन पेय है उस मैं उस का सतह दो इस से आप सब खुश रहो गए

नूर बनो कुछ देर देखती रही मुझे

नूर बनो : उस क पेट मैं लगता है कुछ नहीं रहता बता दिया उस ने तुम्हें बी

मैं : उस ने नहीं बताया मुझे पहले hi पता चल जाता है अब आप खुश रहो मैं बी मीलों गए आप से ok

नूर बनो मुस्करा क्र चली गई पीछे उस क तुबा ने मुझे thumbs-up का इशारा किया उन क सतह पीने और शानो बी चली गई अदनान बी चला गया सतह मैं और सनी अंदर ए तो सब को उन क रूम्स दिखा दिए गए मामू, खलु और सनी और मैं एक रूम मैं रुकने वाले थे जो क मेरा hi रूम था चची, भाभी और अम्मी भाभी वाले रूम मैं और सबीन आंटी, हनिया, कश्मला बुआ रानी बुआ एक रूम मैं फरिहा आपि फरज़ाना बजी सना और सैर एक रूम मैं एक रूम मैं दादी नानी ममी खला शज़िआ और एक रूम हम ने अलग साफ़ किया था उस मैं ज़ीनत आंटी आमना अक़्सा और मेहरीन थे मैं ने बिस्तर अलग लगा दिया था स्टोर रूम मैं ममी को बोल दिया था सब क सो जाने क बेहद आ जाना मैं अभी नीचे hi बैठा था अबू को उन क रूम मैं बेझने लगा क दूर पैर कश्मला बुआ, रानी बुआ ज़ीनत आंटी कड़ी थीं मैं ने जा क्र सब को 5, 5 हज़ार डे क जान बचाई अबू की और उन को अंदर बेझ दिया ुनों ने दूर बंद क्र दिया

रानी बुआ : तुझे काया ज़रुरत थी सब को पैसे देने क लिए

मैं : मैं कोई ग़ैर हों क्या चलें जा क सो जैन अपने अपने रूम मैं

सब चली गई मैं ने पहले hi अबू को बता दिया था मुंह दिखाई का गिफ्ट अलमारी मैं रखा है खैर सब जा क सो गए 12 बजे मैं उठा और स्टोर रूम मैं आ गया मैं वेट करने लगा ममी का इतने मैं कोई आया रूम मैं अंदर था मैं ने उस को अंदर खेंच लिया और बिस्तर पेय ले जा क्र लेता दिया और अपने होंठ उस क होंठों पेय रख दिए वो बी मेरा सतह देने लगी कुछ देर बेहद मैं ने जल्दी मैं उन का कपडे उतरे और खुद बी नंगा हो गया वो बी गरम हो गई थी फिर से मुझे किश करने लगी सतह मेरे लुंड को पकड़ लिया मैं जल्दी मैं दूर लॉक करना भूल गया था अचानक रूम की लाइट जाली मैं हद बढ़ा क्र दूर की तरफ देखा तो मेरे पाऊँ से ज़मीन किसक गई क्यों क सामने दूर पेय ममी कड़ी थी...


बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं
 
अपडेट 102

अचानक कमरे की लाइट जाली मैं ने फ़ौरन दूर की तरफ देखा तो मेरी गांड पहात गई क्यों क वहां ममी कड़ी थीं बहनचोद ममी वहां हैं तो मेरे नीचे कोण है मैं ने फ़ौरन अपने नीचे देखा तो एक और शॉक लगा क्यों क वहां सबीन आंटी थी

मैं : सासु माँ आप यहाँ क्या क्र रही हैं

सबीन : मैं कहाँ क्र तो तुम रहे हो

मैं : आप क्यों आई यहाँ

सबीन : क्यों क मैं ने सुन लिया था जब तुम अपनी ममी को बोल रहे थे यहाँ आने क लिए मैं तो देखने आई थी लेकिन तुम ने हाथ से पकड़ क खेंच लिया फिर जो हुवा तुम्हारे सामने है

मैं : सॉरी मुझे लगा ममी हैं आप जाओ

सबीन : कहाँ जाओं मेरी दबी होइ आग को जगा क्र अब बोल रहा है मैं जाओं

ममी ने दूर बंद क्र दिया और बोली

ममी : कशी उन को प्यार की ज़रुरत है वो बी एक औरत हैं और शोहर क बिना एक औरत का वजूद अधूरा है अब अगर उन को तुम्हारी शकल मैं थोड़ा सुख मिल सकता है तो उन को वो सुख दो

मैं : ठीक है ममी पैर आप का क्या

ममी : मुझे कोई ाहतेराज़ नहीं है और अगर तुम्हारी सासु माँ को कोई ाहतेराज़ न हो तो हम सतह मैं एन्जॉय क्र सकते हैं

मैं : आप बी तो सासु माँ हो

सबीन : कशी ी लव यू मैं खुद बी एहि चाहती थी जब से तुम्हें देखा है पागल हों तुम्हारे लिए

मैं : सासु माँ सुच तो यह है पहले दिन hi मैं बी आप पेय फ़िदा हो गया था

सबीन : मैं समझ गई थी पैर हनिया की वजा से डर्टी थी

ममी : अब कुछ करना है या बातें hi करो गए

मैं : इधर तो आओ और यह कपडे उतर दो

ममी ने कपडे उतर दिए हम सब नंगे थे अब कोई शर्म नहीं थी मैं ने अपने होंठ सबीन आंटी क होंठों से मिला दिए ममी ने मेरा लुंड पकड़ लिया और चूसने लगी मैं आंटी क ममी दबाने लगा आंटी का फिगर बोहत मस्त था उन क ममी कैसे हुवे थे उफ़ ऊपर से गोरा रंग मैं ने किश टॉड क्र उन की गर्दन पेय किश करने लगा उधर ममी कभी लुंड को चूसती तो कभी टट्टे आठ खून क रिश्तों मैं जो मज़ा है वो अलग hi होता है मैं आंटी क ममे चूसने लगा वो मेरे बालों मैं हाथ घूमने लगी मैं उठा और आंटी की फूडी देखि उफ़ पिंक कलर की मैं ने अपना मुंह रख दिया वहां और चाटने लगा आंटी मज़े से सिसकारियां लेने लगी मैं 5 मिनट तक फूडी chat'ta रहा फिर अलग हुवा और लुंड आंटी क मुंह क पास ले क गया आंटी ने लुंड पकड़ लिया और मेरी आँखों मैं देखते हुवे मुस्करा क्र टोपी पेय किश किया उफ़ उन की अड्डा जान लेवा थी उन की आँखें जैसे शराब क नशे मैं नशीली हो गई थीं आंटी ने मेरा लुंड मुंह मैं ले लिया और चूसने लगी उफ़ और ममी आंटी की फूडी को चाटने लगी सबीन आंटी बी लुंड चूसने की एक्सपर्ट लग रही थीं कुछ देर बेहद मैं ने आंटी क दोनों पाऊँ उठा लिए और लुंड फूडी पेय सेट किया और उन क होंठ चूसने लगा मैं ने एक झटका मारा और आधा अंदर चला गया आंटी ने बोहत टाइम से चुदाई नहीं करवाई थी इस लिए उन को दर्द हुवा उन की चीख मेरे मुंह मैं hi रह गई मैं ने एक और झटका मर क पूरा लुंड अंदर उतर दिया आंटी तड़पने लगी मैं कुछ देर उन क होंठ चूसता रहा उन क ममी बी सहलाता दबाता रहा जब कुछ आराम आया तो मैं ेस्ता ेस्ता इन आउट करने लगा आंटी बी अब कमर हिलने लगी मैं ने अपने होंठ हटा दिए वो लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी मैं ने स्पीड बड़ा दी उफ़ क्या फूडी थी आंटी की अभी बी टाइट ममी आंटी क ऊपर आई और अपनी फूडी उन क मुंह पेय रख दी आंटी बी जोश मजन ममी की फूडी चाटने लगी कुछ देर बेहद आंटी का जिसम अकड़ा और वो फ़ारिग़ हो गई मैं उन क ऊपर से हटा और ममी को घोड़ी बना लिया उन की फूडी पेय मुंह रख लिया और चाटने लगा कुछ देर बेहद मैं ने लुंड ममी की फूडी मैं उतर दिया कमरे मैं तूफान सा आ गया था ममी आंटी की फूडी चाटने लगी और मैं पीछे से ममी की फूडी छोड़ रहा था ऐसे hi 1 घंटे तक दोनों को स्टाइल बदल बदल क्र छोड़ा आखिर मैं दोनों क मुंह मैं फ़ारिग़ हो गया दोनों निढाल हो क गिर गई मैं सीधा हुवा तो मुझे लगा कोई था विंडो पेय मैं ने पावर उसे की तो देख क हैरान हो गया वो सनी था लेकिन एक बात से मैं खुश हो गया क्यों क उस ने अपनी माँ को मुझे से चुड़ते देख लिया था वो घुसा नहीं था बल्कि बाहिर खड़ा मुठ मर रहा था और अपनी माँ को छोड़ने का सपना देख रहा था हम उठे कपडे पहने सनी नीचे भाग गया था हम निकल क अपने अपने रूम मैं चले गए मैं ने देखा सनी बिस्तर पेय लेता था मैं बी ज़मीन पैर उस क पास लेट गया ऐसे hi कब नींद आई पता नहीं चला सुबह वही रूटीन फिर नाश्ते पेय सब मिले अबू और छोटी अम्मी बी वही थे मैं ने देखा अम्मी कुछ नाराज़ हैं मुझे यद् आया अम्मी को खुश रखना हो गए अबू ने तो दूसरी शादी क्र ली पैर अम्मी का क्या ऐसा करता हों अम्मी को बी हासिलपुर सतह ले चलता हों हम ने नाश्ता किया फिर सब ड्राइंग रूम मैं बैठे मैं छोटी एमी क पास बेथ गया उन क कान मैं बोलै

मैं : रात को कुछ हुवा या नहीं

छोटी अम्मी : बेशरम कोई माँ से ऐसे पूछता है

मैं : अब हों जो बेशरम बताओ न क्या हुवा

छोटी अम्मी : हाँ हुवा न आज मैं बोहत खुश हों तुम से मेरा प्यार मुझे मिला दिया

मैं : बीएस ऐसी ख़ुशी क लिए hi तो मैं सब का ख्याल रखता हों

फिर मैं ने अम्मी को बोलै आप बी मेरे सतह हासिलपुर चल रही हो

अम्मी : मैं क्या करों गई वहां जा क्र

मैं : यह तो आप जानो क्या करना है मैं ने बोल दिया तो बोल दिया

अम्मी : ok ठीक है मैं तैयारी करती हों

फिर हम तैयार हुवे इतने मैं सबीन आंटी सनी और हनिया बी तैयार हो गए वो हम से मिल क्र निकलने लगे सबीन आंटी मेरे गले लगी उन की आँखें नुम थीं

मैं : क्या हुवा सासु माँ रो क्यों रही हो

सबीन : अब नहीं रह सकें गई तेरे बिन प्लीज मुझे अपने सतह रख लो

मैं : ok ok ठीक है करता हों कुछ और प्लीज रोना बंद करो और सुनो सनी का ख्याल रखना वो बी आप को वैसे hi चाहता है जैसा मैं चाहता हों

आंटी का मुंह खुला का खुला रह गया मैं ने हनिया को गले लगाया वो बी पगली रोने लगी उस को बी समझा क्र मन लिया फिर सनी से मिला उस क कान मैं बोलै

मैं : मैं ने आंटी से बात क्र ली है अपनी अम्मी को खुश रखना उन को प्यार की ज़रुरत है और मैं जनता हों तुम ने रात को सब देख लिया है

वो पेरशान हो गया मैं ने सब को bye बोलै वो लोग गाड़ी मैं बैठे और निकल गए हम बी तैयार थे तो सब से मिले जाने क लिए नूर को समझा दिया वैसे वो खुद समझदार है मैं ने गाड़ी निकली ज़रा और लिसा को बोल दिया क सब का ख्याल रखना नदिअ को मैं ने बोलै क तुम्हारा कंप्यूटर सेटअप रेडी है काम पेय लग जाओ और हिना और पारी से कॉन्टेक्ट मैं रहना फिर मार्क को मैं ने बोल दिया घर की सिक्योरिटी क लिए और उस को बोलै क अबू खेतों पेय होते हैं खुफ़िआ तरीके से उन की सिक्योरिटी करो मार्क ने ok बोलै हम बेथ गए गाड़ी मैं अम्मी आगये बैठी थीं और गुड़िया पीछे बेथ गई हम ने सब को bye बोलै और निकल गए अपने सफर पैर गाओं से बाहिर निकले और मैं रोड पेय आ गए यहाँ से हमारा सफर 8 घंटे का था अभी सुबह क 9 बज रहे थे

अम्मी : बीटा मुझे सतह ले जाने का मक़सद

मैं : आप समझ जाओ गई वैसे बी घर मैं पेरशान hi होती तो ाचा है न हमारे सतह आ गई

फरज़ाना: और नहीं तो क्या अपने दोनों लादले बच्चों की फ़िक्र लगी रहती अभी काम से काम इतना तो आप को हो गए न क मेरे सतह हैं दोनों

अम्मी : हाँ बात तो सही है वैसे वहां जा क कुछ मसला किया उन लोगों ने तो

मैं : आप को मुझ पेय यक़ीन है न

अम्मी : खुद से बी ज़ियादा और वैसे बी मेरा बीटा शेर है यह मैं कहती नहीं बल्कि तुम हो

मैं ने गाड़ी पेट्रोल पंप पेय रोकी और पेट्रोल टेंक फुल करवाने क लिए मैं वहां मजूद टिक शॉप से कुछ स्नैक्स कोल्ड ड्रिंक्स और पानी की बॉटल्स ले क आया फिर हम चल पड़े ऐसे hi बातें करते हम ने आधा रास्ता क्र लिया मैं ने रस्ते मैं एक ढाबा टाइप होटल पेय गाड़ी रोकी और हम उतरे वहां अक्सर लारी वाले रुकते हैं हम अंदर गए और फ्रेश होने क लिए एक साइड बाथ बने थे मैं गया फ्रेश हुवा लेडीज क अलग बाथ थे अम्मी और गुड़िया उधर चली गई मैं आ क बेथ गया एक लड़का आया टेबल पेय कपडा मर क पानी वग़ैरा रख क चला गया लेकिन अभी तक अम्मी और गुड़िया नहीं ए थे 3 से 4 ट्रक वहां खड़े थे और लोग खाना खा रहे थे अचानक मुझे घुसा फील होने लगा मैं समझ गया ज़रूर गुड़िया को घुसा आ रहा है मैं फ़ौरन उठ क लेडीज बाथ वाली साइड भगा तो देखा अम्मी गुड़िया को शांत करने की कोशिश क्र रही हैं और एक बाँदा जो शायद किस ट्रक का ड्राइवर लग रहा था खड़ा था उस क नाक से खून निकल रहा था

मैं : अम्मी क्या हुवा

फरज़ाना : हम यहाँ ए अम्मी अंदर से फ्रेश हो क आई तो मैं चली गई मैं वापिस आई तो देखा अम्मी ने इस को थपड मारा इस ने अम्मी का हाथ पकड़ लिया और थपड मरने वाला था क मैं ने इस का हाथ पकड़ लिया और एक पंच मारा मैं तो और मरने वाली थी अम्मी ने मुझे पीछे खेंच लिया वर्ण इस को तो जान से मर देती मैं

मैं : क्या किया था अम्मी इस ने

अम्मी : बीटा मैं गुड़िया का वेट क्र रही थी यह मेरे पीछे से गुज़रा मेरी बैक को टच किया इस ने मैं ने पीछे देखा यह आगये चला गया मैं ने इग्नोर क्र दिया यह फिर वापिस आया और इस बार जान क्र मेरी बैक पकड़ क दबाया मैं ने घूम क एक थपड मर दिया उसी वक़्त गुड़िया बी आ गई उस ने देख लिया

मेरे वहां से भाग क आने से और इस शोर की वजा से बोहत से लोग जमा हो गए थे

मैं : तेरे घर मैं माँ बहन नहीं है क्या क्यों किया ऐसा

ट्रक ड्राइवर : यह झूट बोल रही है मैं ने ऐसा कुछ नहीं किया

मैं : तो यहाँ क्या क्र रहा था यह तो लेडीज बाथरूम है न

ट्रक ड्राइवर : वो मैं...

अब देख तेरा क्या हल करता हों मैं

वहां मजूद लोगों मैं से एक बोलै

शख्स : क्या करे गए तू यहाँ हम रोज़ आते हैं पहले hi हमारे एक बन्दे को तुम लोग ज़ख़्मी क्र चुके हो अब तुम लोग बच क नहीं जाओ गए यहाँ से तुझे यहाँ hi मर क गढ़ दें गए और तेरी इस माँ बहन क सतह हम सब ऐश करें गए वैसे बी जितनी चिकनी हैं यह दोनों ऐसा माल तो ज़िन्दगी मैं नहीं चका हम ने

मैं : बोहत बड़ी ग़लती क्र दी तुम लोगों ने मेरी माँ बहन क लिए ऐसा बोल क्र अब देखना किस की लाश गिरती है यहाँ तुम मैं से जो बी लोग इन क सतह हैं वो खड़े रहो बाक़ी पीछे चले जाओ क्यों क मैं किसी बेगुनाह को सजा नहीं देता और इस ढाबे का ओनर कोण है

मेरे इतना कहते hi जो बाक़ी लोग थे वो पीछे हो गए और जो आगये रह गए 15 लोग थे जिन मैं वो ज़ख़्मी बी था

एक शख्स आगये आया जो ढाबे का ओनर था

मैं : पुलिस को कॉल क्र तेरे ढाबे पेय झगड़ा हो गया है और 15 लोगों का क़तल हो गया उन की लाशें पड़ी हैं सतह एम्बुलेंस को बी

ओनर : बीटा ज़ियादा न उड़द यह हमारे रोज़ क कस्टमर हैं वैसे बी तुझे मरने क बेहद तेरी लाश तो ग़ैब क्र दें गए पुलिस की ज़रुरत hi नहीं पड़े गई

मैं : तुझे लास्ट मैं मारो गए अब वहां खड़ा हो क तमाशा देख

मैं उन सब क सामने आ गया लेकिन गुड़िया ने मेरा हाथ पकड़ क पीछे क्र दिया और

फरज़ाना : इन क लिए मैं hi काफी हों आप पीछे हो जैन

मैं हंस क पीछे हो गया

वो सब हंसने लगे गुड़िया आगये गई जो सब से जीयदा दन्त निकल रहा था घूम क बैक फ्लिक मरी उस क मुंह पेय उस क दन्त बी टूट गए और जबड़ा बी यह देख क बाक़ी की हंसी रुक गई अब गुड़िया आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो गई थी जो बी सामने आता उस को अपने मार्टिकल आर्ट्स क ज़रिये धो रही थी बस वहां हदी क टूटने और चीखों की आवाज़ आ रही थी गुड़िया अब घुसे मैं फाइनल शो पेश क्र रही थी कभी वो अपनी टांगों मैं गर्दन को पकड़ क तोड़ रही थी तो कभी हाथों से 10 मिनट मैं सब की लाशें पड़ी थीं ज़मीन पैर गुड़िया एक जगा कड़ी रही जैसे घुसे को कण्ट्रोल क्र रही हो मैं ने गले लगाया उस को तो वो शांत होइ मैं ने लाशों की तरफ देखा तो हालत hi बुरी थी सब की सब की गर्दन टूट चुकी थी इस क इलावा हाथ पाऊँ तो सब क टूटे थे वहां मजूद सब शॉक थे अब उस ढाबे क ओनर की पहात क हाथ मैं आ गई थी मैं ने गुड़िया को वाशरूम मैं हाथ मुंह धोने का बोलै वो फ्रेश होइ हम ढाबे क ओनर क पास गए

मैं : अब क्या कहता है तेरी लाश बी इन क सतह डालनी है या पुलिस को बोले गए

ओनर : पुलिस प्लोसे को बोलों गए

मैं : चल वो बेहद मैं पहले बाध्य सा खाना डे

उस ने जल्दी से सब क लिए खाना लगवाया हम ने खाना खाया और बिल देने लगये तो वो महफि मांगने लगा

मैं : तुझे छोड़ रहा हों लेकि नेक्स्ट टाइम ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए औरतों की इज़ाहत किया करो न क इन जैसों का सतह दो

हम वहां से निकल गए रस्ते मैं ख़ामोशी रही

मैं : गुड़िया घुसे को कण्ट्रोल किया करो अब दिन मैं ज़ियादा टाइम दो हाड़ियाँ तोड़ने पेय आती हो तो रुकने का नाम hi नहीं लेती

फरज़ाना : कोई मेरी फॅमिली पेय बुरी नज़र डेल बर्दाश्त नहीं होता मुझ से

अम्मी : वैसे तुम दोनों एक जैसे हो बात फॅमिली की हो तो फिर सामने वाला गया

मैं : तो क्या आप नाराज़ हैं हम से

अम्मी : नहीं मेरे बचे मुझे ख़ुशी है क तुम दोनों कितना प्यार करते हो सब से

मैं : एक बात समझ नहीं आई अम्मी मुझे कुछ शक हो रहा है

अम्मी : क्या कोण सी बात

मैं : एहि क छोटी अम्मी शाहीन क कहने क मताबिक उन का शोहर मर गया और उस क बेहद उन क घर वाले उन पेय ज़ुल्म करते रहे

अम्मी : हाँ तो इस मैं न समझने वाली बात कोण स है

मैं : लेकिन अम्मी ज़रा सोचो जब मैं ने ज़ीनत आंटी और उन की बेटियों को बचाया था गुंडों से वो पता है किस क आदमी थे

अम्मी : हाँ किसी मालिक ग़ज़नफ़र क

मैं : अम्मी वो मालिक ग़ज़नफ़र कोई और नहीं मालिक ग्रुप ऑफ़ इंडस्ट्री का ओनर है और छोटी अम्मी शाहीन का पहला शोहर

अम्मी : क्या..

मैं : हाँ अम्मी वो ज़िंदा है और शायद उस ने जान क्र अपने मरने की झूटी खबर पहले हो सकता है वो छोटी अम्मी से जान छुड़ाने क लिए और मुझे उन बाप बेटे पेय घुसा आ रहा है शराफत अली और जमशेद अली पेय खुद की बेटी और बहन की ज़िन्दगी की उन को कोई फ़िक्र नहीं क्यों क मालिक ग़ज़नफ़र पावर वाला बाँदा है यह उस क चमचे और उस क काळा धंदे मैं सतह देने वाले

अम्मी : पहले मैं ने सोचा था क कोशिश करें गए अगर वो बदल जैन तो महफ क्र दें गए मेरे सतह किये गए ज़ुल्म को बी मैं महफ क्र देती पैर जो लोग अपनी hi बेटी क नहीं हो सके उन का खत्म hi ाचा है

फरज़ाना : अम्मी वहां अपना घर है न

अम्मी : हाँ बीटा वो खादिम हमारा नौकर होता था वो अब हो सकता है बूढ़ा हो गया हो गए पैर ज़िंदा है वही संभालता है सब

ऐसे hi बातें करते हम हासिलपुर गाओं मैं एंटर हुवे बोहत hi पायरा गाओं था पानी की नहर क सतह रोड जा रहा था कुछ लोग रस्ते मैं बड़े घोर से देख रहे थे गाड़ी को

मैं : अम्मी अपना घर किस तरफ है

अम्मी : बीटा चलते रहो मैं बता दूँ गई वैसे बोहत चंगेस आ गई हैं पैर गाओं का मैं चौराहा वैसा hi गए उस चौक मैं पांच क सीधे आगये जाने देना

हम थोड़ी hi देर मैं उस चौक मैं पोंछे वहां काफी चहल पहल थी क्यों क वहां गाओं की मार्किट थी दूध दही की शॉप, सब्ज़ी की शॉप, किरयाना शॉप और बाक़ी ज़रुरत इ ज़िन्दगी की शॉप्स थी हम वहां से आगये चल पड़े थोड़ा hi आगये गए थे क

अम्मी : बीटा यहाँ से राइट ले लो और वो सामने जो पुराणी हवेली है वही है हमारा घर

हम ने देखा वो पुराणी हवेली बानी थी लेकिन थी अभी बी क़ाइम डैम खैर हम हवेली क बाहेर पोंछे मैं ने हॉर्न दिया काफी देर तक कोई नहीं आया फिर कुछ देर मैं एक 18 साल की लड़की ने गेट खोला उस ने अपना चेहरा दोपटे से ढांप रखा था मैं गाड़ी से बाहिर आया

लड़की : ग किस से मिलना है आप को

मैं : ग वो खादिम बाबा से

लड़की : ग अबू तो जानवरों क डेरे पेय हों गए आप कोण हैं

मैं : अम्मी तो हों गई तुम्हारी

लड़की : ग हाँ वो तो हैं

मैं : उन को बोलो जा क छोटी मालकिन आई हैं जिन की यह हवेली है

लड़की : ग अभी बताती हों

वो चली गई कुछ देर बेहद एक औरत निकली जो 45 क अस पास की हो गई पैर बोहत फिट जिसम की मालिक थी वो भाग क आई थी जैसे उस को सांस चढ़ गई थी उस औरत को देख अम्मी गाड़ी से उत्तरी जब उस ने अम्मी को देखा तो आगये आ क्र अम्मी क पाऊँ को हाथ लगाने लगी लेकिन अम्मी ने इस को पकड़ क खड़ा क्र दिया

औरत : बीबी ग आप आ गई मुझे पता था एक दिन आप आओ गई

अम्मी : कैसी हो शकीला

शकीला : मैं ठीक हों बीबी ग आओ आप अंदर आओ

अम्मी उस क सतह hi अंदर चल पड़ी और मैं गाड़ी मैं बैठा और गाड़ी अंदर ले ली मैं गाड़ी पार्क क्र क उतरा गुड़िया बी उतर गई घर मैं ए तो उस औरत क सतह एक और लड़की बी थी जो 22 साल की लग रही थी लेकिन जिसम उस का कमल का था देख क hi पता लग रहा था खेली खाई है

अम्मी : आओ बीटा बैठो शकीला यह मेरा छोटा बीटा काशिफ है और यह मेरी बेटी फरज़ाना दोनों ट्विन्स हैं

शकीला : mash..ah बोहत प्यारे हैं मुझे बोहत ख़ुशी होइ आप सब को देख क्र मैं तो पता नहीं कितनी दुआएं की हैं आप वापिस आ जाओ लेकिन जब से आप लोग गए वापिस नहीं ए और आप क जाने क बेहद बोहत दुःख देखे हम ने

अम्मी : अपनी बेटियों से नहीं मिलवाया तुम ने

शकीला : मैं बी न अपना दुःख ले क बेथ गई यह मेरी बड़ी बेटी है सनम और छोटी रीमा

अम्मी : mash..ah रब नसीब अचे करे

शकीला : नसीब hi तो नहीं ठीक एक साल पहले सनम की शादी की थी लेकिन जहेज़ ज़्यादा नहीं था ुनों ने डाइवोर्स डे दी तब से यहाँ hi है

अम्मी : तुम फ़िक्र न करो मैं हों न मैं अब दोनों बेटियों की शादी करों गई वैसे किस क सतह शादी की थी इस की

शकीला : अपने गाओं मैं hi वो मुंशी लाला क बेटे क सतह पता नहीं उस को जमशेद ने क्या पति पढाई क तलाक़ डे दी

मैं : आंटी ग आप फ़िक्र न करो उन सब का अब टाइम आ गया है अब वक़्त आ गया है उन क किये गए गुनाहों का हिसाब करने का

शकीला : छोटे साहब आप उन को नहीं जानते वो बोहत खतरनाक हैं उन क शर से कोई बी मेहफ़ूज़ नहीं है आप ने छोटी को सतह नहीं लाना चाहिए था उस नीच की नज़र पद गई तो पता नहीं क्या हो गए और अब तो जमशेद अली का बीटा आमिर अली बी अपने बाप दादा से 2 हाथ आगये है गाओं की कोई माँ बेटी बहन उन से मेहफ़ूज़ नहीं मुझे पता है मैं ने कैसे अपने बच्चियों को उन दरिंदों से बचा क रखा है वो तो सनम क पीछे कब से पड़ा है

मैं : आप फ़िक्र न करो आंटी और प्लीज यह छोटे साहब मत कहो बीटा कह क पकरो और आप इस को छोटी मत समझो यह अकेले hi काफी है उन सब क लिए

अम्मी : हाँ शकीला बीएस अब तुम देखती जाओ होता है क्या

इतने मैं खादिम बाबा गेट से अंदर दाखिल हुवे शाम का टाइम हो रहा था उन की नज़र पहले गाड़ी पेय पड़ी वो पेरशान हो गए क कोण आया है उन से मिलने इधर सनम पानी और चाहिए बी ले आई थी खादिम बाबा हमारे पास ए तो अम्मी को देख क hi पहचान गए उन की आगे 55 क क़रीब थी

खादिम : आर्य रुखसाना बेटी

वो आगये ए एमी क सर पेय हाथ फेरा

अम्मी : कैसे हैं बाबा आप

खादिम : बीएस बेटी अब भूदा हो गया हों बोहत इंतज़ार किया आप लोगों का ाचा बाक़ी सब कैसे हैं

अम्मी : बाबू ग गुज़र गए और मेरा देवर आतिफ अली बी इस दुन्या मैं नहीं रहे

खादिम दादा ग का सुन क्र ाब्दीदा हो गया क्यों क उस ने बोहत ाचा वक़्त गुज़ारा उन क सतह

खादिम: बड़े साहब का सुन क बोहत दुःख हुवा पैर छोटे मालिक को क्या हुवा

मैं : उन का क़तल हुवा था

खादिम : क्या किस ने किया

मैं : वो छोड़ो आप बीएस हो गया जो होना था

खादिम : रुखसाना यह दोनों तुम्हारे बचे हैं

अम्मी : हाँ बाबा यह मेरा छोटा बीटा काशिफ और इस की जुड़वाँ बहन फरज़ाना इन क इलावा इन से बड़े 1 बीटा और 2 बेटी हैं

खादिम : all..ah लम्बी उम्र डे इन को बोहत अचे बचे हैं

हम ने चाहिए वग़ैरा पी सनम और रीमा खाने की तैयारी करने लगी शकीला बी उठ गई थी थोड़ी देर बेहद शकीला आंटी ने खादिम को आवाज़ दी वो बी किचन की तरफ चले गए उन क जाने क बेहद

अम्मी : बीटा इन क हालात इतने अचे नहीं हैं क कुछ ाचा पका सकें तुम जाओ गुड़िया को बी सतह ले जाओ यह पीछे चौक मैं जो मार्किट है वहां से सब सामान ले आओ

मैं : ग अम्मी अभी ले क आता हों

हम दोनों गाड़ी मैं बैठे खादिम आया हमारे पास

खादिम : छोटे मालिक आप किधर चले

मैं : वो बाबा हम अभी आते हैं मार्किट से हो क्र

खादिम : छोटे मालिक मुझे बी सतह ले चलें मैं ने बी वहां hi जाना है

मैं : एक शर्त पैर आप छोटे मालिक नहीं बल्कि आज से बीटा कह क्र पकरो गए तो

खादिम : खुश हो क्र ठीक है बीटा

हम ने उस को बी सतह ले लिया रस्ते मैं

मैं : वैसे आप मोके का फ़ायदा अचे से उठा लेते हो

खादिम : मैं समझा नहीं बीटा

मैं : आर्य जैसे अभी हम जा रहे थे तो आप ने बी मौक़ा देखा और सतह चल पड़े

खादिम : ओह ाचा मैं तो कुछ और hi

मैं : मैं बी उसी की बात क्र रहा हों नानी ने मुझे सब बता दिया

खादिम : क्या क्या बताया ुनों ने

मैं : वही जो मज़े करते रहे हो

खादिम ने नज़रें नीची क्र ली वो शर्मिंदा हो गया

मैं : आर्य आप घबरा क्यों गए मुझे पता है जवानी मैं ऐसी चीज़ें हो जाती हैं

फिर हम मार्किट पोंछे और गाड़ी पार्क क्र क हम शॉपिंग करने लगे लोग हम को अजीब नज़रूँ से देख रहे थे मैं ने खादिम को सतह लिया घर का सारा सामान लिया फिर हम बेथ गए गाड़ी मैं और घर वापिस आ गए उस क बेहद खादिम ने हम को कमरा दिखाया जो शायद हमारे जाने क बेहद सेट किया गया था और सामान बी वहां रखवा दिया हम फ्रेश हुवे अम्मी किचन मैं मदद क लिए चली गई थी हम आपिस मैं बातें करते रहे मग़रिब का टाइम था मैं और गुड़िया ऊपर टेरेस पेय चले गए सूरज घरऊब हो रहा था बोहत hi दिलकश नज़ारा था गाओं का

फरज़ाना: वाओ कितना प्यार नज़ारा है न फिर गाओं का खुला माहौल एक अलग hi ताज़ा हवा कितना पायरा अहसास है

मैं : हाँ यह तो है वैसे जहाँ हम रहते हैं कहने को तो वो बी गाओं hi है लेकि सिटी क पास होने की वजा से अब बोहत पूल्सातिओं हो गई है

फरज़ाना : वैसे कुछ नोट किया आप ने यह जो शकीला आंटी की बड़ी बेटी है सनम मुझे लगा यह अब बी एक्टिव है हालांकि इस की डाइवोर्स हो चुकी है

मैं : बोहत तेज़्ज़ हो हाँ यह सुच है मुझे बी ऐसा लगा लेकिन मैं ने दिमाग़ रीड नहीं किया उस का

फरज़ाना : चलो पता चल जाये गए

मैं : वैसे हवेली कैसी लगी

फरज़ाना : बोहत अछि है बीएस काफी आरसे से देख भल नहीं होइ रंग रोग़न हो जाये और कुछ मरमत का काम तो आज बी यह अपनी शान से कड़ी हो

हम बातें क्र hi रहे थे क अम्मी ऊपर आ गई

अम्मी : तो आप दोनों यहाँ हो मैं नीचे ढून्ढ रही थी आओ नीचे सब बैठे हैं खाना बी समझो रेडी है

मैं : हाँ चलो

फिर हम नीचे ए कुछ देर बेहद खाना लगा दिया गया हम सब ने खाया अम्मी ने बिरयानी पकाई थी सतह स्वीट बी थी आज मैं ने देखा सनम और रीमा बोहत खुश थीं बिरयानी खा क्र

मैं : मुझे लगता है आप दोनों को खाना बोहत पसंद आया

सनम : हाँ आज पता नहीं कितने आरसे बेहद बिरयानी खाने को मिली

मैं : शुक्र है आप बोलती बी हो मैं समझा आप बोल नहीं सकती कब से देख रहा हों दोनों खामोश हो

रीमा : वो बाबू हमारी इतनी औक़ात नहीं है आप क सामने बोल सकें

मैं : यह बात आप को किस ने बोली आप सब को सतह बैठा क खाना खिलाया न तो कोण कहता है आप लोगों की औक़ात नहीं समझी आइंदा ऐसे नहीं बोलना और मुझे कशी कह सकती हो यह मालिक बाबू इस तरह ाचा नहीं लगता ok

रीमा : ग समझ गई

फिर हम हवेली क ड्राइंग रूम मैं बैठे कुछ देर मैं चाहिए बी आ गई

मैं : तो बाबा जानवरों क डेरे पेय कोण होता है

खादिम : मैं होता हों कभी कभी कुछ काम हो तो सनम को बी के जाता हों वहां

मैं : आप आज बी वहां जाओ गए

खादिम : हाँ जाओं गए और आज शायद रात को गए को बछड़ा होने वाला है तो सनम बी चले गई

मैं : ठीक है ाचा यह बताओ शराफत अली क बारे मैं

खादिम : वो शैतान अभी बी ज़िंदा है बूढ़ा बीएस घर मैं बेथ क आर्डर देता रहता है जमशेद अली और उस का बीटा आमिर अली ने पूरे इलाक़े मैं कोई ऐसा काम नहीं जो नहीं किया

मैं : वो कहाँ मिलें गए

खादिम : शराफत अली तो घर मैं होता है जब क जमशेद अली ने फॉर्म हाउस बनाया है अपनी ज़मीनों पेय वहां उस का बीटा बी होता है

मैं : मालिक ग़ज़नफ़र कहाँ है

खादिम : वो कमीना अपनी मौत की झूटी खबर पहला क्र आज बी ज़िंदा है यह दोनों बाप बेटे उसी क चमचे हैं

मैं : ठीक है आप जाओ आप को लेट हो रहा है

खादिम ने सनम को आवाज़ दी वो एक बड़ी स चादर क्र क आ गई और खादिम क सतह चली गई हम बी सब अपने अपने रूम मैं चले गए जब सब सो गए तो मैं उठा और अपने रूम से ग़ैब हो क्र पांच गया अपनी ज़मीनों पैर जहाँ जानवरों का बड़ा था सतह रहने क लिए कमरे बी एक कमरे मैं लाइट जल रही थी मैं वहां गया और देखा विंडो खुली है थोड़ी मैं ने वहां से अंदर देखा तो हैरान हो गया अंदर का नज़ारा hi ऐसा था

बाक़ी नेक्स्ट अपडेट मैं...
 
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