Incest Sex Kahani परम-सुंदरी - Page 161 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest Sex Kahani परम-सुंदरी

शुक्रिया दोस्त

आप एक नयी कहानी भी पढ़े "पूजा की पूजा"
 
शुक्रिया दोस्त

एक और कहानी शुरू की है "पूजा की पूजा" और वही कहानी इंग्लिश में भी उपलब्ध है पढ़े और अपने मंतव्यो दे...............

लिंक मेरी सिग्नेचर में दी गई है..............................
 
हिंदी में होता तो अच्छा था

यहाँ कई लोग इंग्लिश नहीं समजते............

शुक्रिया
 
शुक्रिया दोस्त

पढ़ते रहिये...................

जुड़े रहे .......................
 
रजनी ने बताया कि सुधा की शादी पास के गाँव में एक व्यापारी के बेटे से लगभग तय हो गई है, लेकिन उनके पास पैसे कम पड़ रहे हैं।



परम ने ज़ोर दिया तो रजनी ने कहा कि उन्हें कम से कम 50,000/- और चाहिए। उसने कहा कि उन्होंने हर संभव जगह से उधार लिया है, लेकिन उन्हें पैसे का कोई ज़रिया नहीं मिल रहा है।

उसने रजनी की चूत खींची, उसे चूमा और कहा कि रेखा की शादी हो जाने दो, फिर वह उसे सेठजी के पास ले जाएगा और जो भी पैसे चाहिए वो लाकर देगा।

“वह कैसे होगा बेटे?”
फनलवर की लिखावट

“अरे, रजनी अब तुम मेरी रखैल हो तो मेरा भी फर्ज बनता है की कुछ मैं भी करू।“

“तुम चिंता मत करो बस मेरे लंड से खेलती रहो बाकी काम हो जाएगा, हो सकेगा तो उस से भी ज्यादा पैसे दिलवाउंगा।“

तभी रिंकू भी बोली: “मेरा ख़याल भी रखना परम, मैं भी तो गरीब ही हूँ।“

“अरे हाँ, हाँ, अब तू इस घर का ही माल है तो तेरा भी ख्याल तो रखना ही पड़ेगा। हो सकेगा तो तुजे भी मालामाल कर दूंगा।“ बस मेरा कहना मान के चलेगी तो तुजे अपनी पिछली जिंदगी के लिए कुछ नहीं करना पड़ेगा।“ रिंकू यह सुन कर खुश हो गई।

“लेकिन जब मैं रजनी और सुधा को चोदता हूँ तब तुम उनके पैरो को ज्यादा चौड़ा कर के रखा कर, उनकी कसी हुई चूत मार ने में मजा आता है।“

रजनी ने कहा: “हां, रिंकू, खास कर सुधा, वह ज्यादा देर तक अपने पैर चौड़ा नहीं रख सकती इसलिए परम के लंड को तकलीफ होती होगी, जरा उस पर ध्यान देते रहना।“

रजनी ने आगे जोड़ के कहा: “लेकिन परम सुधा तो अब तुम्हारे लंड की दीवानी है अब उसे पता होना चाहिए की तुमसे चुदते वक़्त उसे अपने पैरो को कैसे रखना चाहिए। मुझे लगता है अभी बच्ची है चुदाई के मामले में, भले ही वह कई बार तेरे लंड का मजा ले चुकी हो। मेरा तो कहना है की तेरा लंड यही खाली किया कर, मेरी चूत में, मेरा माल तो वैसे ही तेरी सोच मात्र से पानी छोड़ता रहता है।

“रजनी,अब मुझे कितनी बार कहना पड़ेगा की तुम्हे चोदते वक़्त मुझे दुनिया का कोई भान नहीं होता, बस मेरा लंड और तेरा यह सुहाना माल, तुम्हे चोदने में जो मजा है वह और कही नहीं। अब तू मुज से यह एक ही बात ज्यादा बार बुलवाएगी क्या!”

रजनी: ”अरे बोलेगा तो तेरे बाप का क्या जाता है! मुझे अच्छा लगता है जब तू मेरे माल को सराहता है, और ऐसी कोई महिला नहीं जिसे अपने माल की खुशामत पसंद ना हो। सच कह रही हु ना रिंकू?”

“हां, मेडम, आप सच ही कह रही हो पर, मुझे तो सब से ज्यादा मजा परम का लंड से मिलता है, और वही पर मुझे आराम मिलता है इस लंड की गुलाम हूँ, जब भी परम चाहेगा मेरी चूत का छेद उसके लिए खुला ही रहेगा, चाहे वह घर आपका हो या मेरा, या फिर भर बाजार।“ यह सुन कर परम को बेहद ख़ुशी हुई।

“देख रजनी, इसे कहते है,सरंडर।“ उसने रिंकू के एक बोबले को जोर से खींचा और वापस छोड़ दिया। “तेरी बेटी को समजा जरा मेरे लंड पे अपनी चूत को लॉक कर के रखे।“

हां हां बिलकुल सुधा को मैं बता दूंगी बेटे, वैसे वह भी तेरे लंड के लिए पागल है, भले ही उसका बाप उसे रोज ही चोदता है फिर भी हर चुदाई के वक़्त वह कहती है, पप्पा आपसे चुदवाने में मजा तो है पर परम जैसा कोई नहीं, और हां कभी कभी वह मुनीम के सुपारे की भी बात करती है, कहती है की मुनीम के लंड ने ही मेरी मस्त चूत का भोसडा बना दिया है।“

“हम्म, ठीक है।” परम को किसी और की बात हो तो उसे पसंद नहीं आती थी।

“लेकिन बेटे तुमने अभी तक बताया नहीं की कैसे पैसो का इंतज़ाम होगा?”
फनलवर की प्रस्तुति है



परमने रजनी से कहा कि उसे बस उसके साथ सेठजी के पास चलना है, सारे पैसे का इंतज़ाम हो जाएगा। परम ने उसे यह नहीं बताया कि पैसों के बदले में परम उसे सेठजी के साथ चुदवाएगा, जिन्हें छोटी बहू जैसी पतली औरतें बहुत पसंद हैं।

बने रहिये
 
Back
Top