Incest Sex Kahani परम-सुंदरी - Page 133 - SexBaba
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Incest Sex Kahani परम-सुंदरी

शुक्रिया दोस्त

वैसे भी किसी गैर की मौजूदगी में अन्तरंग बाते होती है और आपको बताने में मजा आती है तो अपने आप उत्तेजना में बढ़ावा हो जाता है......ठीक उसी प्रकार सेठानी और सुंदरी दोनों को पता था की क्या हो रहा है और क्या होनेवाला है दोनों की मूक सम्मति से हो रहा है तो बिना विरोध सबकुछ हो सकता है और उसकी असर सेठानी पर काफी पड़ी

खेर आगे देखेंगे बस बने रहिये और अपने विचार देते रहिये
 
जी बिलकुल महक को आप एक आग ही समजीए............

शुक्रिया
 
चलिए कहानी को थोडा आगे ले जाते है
 
Update 22

सेठ आज बहुत खुश हैं कि सुंदरी उसके घर में उसके बिस्तर पर उसका लोडा सहला रही है। सेठ को नहीं पता कि सेठानी दोनों की मस्ती का मजा ले रही है। सुंदरी को सेठ का लंड मुठियाते देख कर सेठानी का भी पनिया गई और परम को याद करने लगी।

सभी मेहमानों के सोने की व्यवस्था से संतुष्ट होने के बाद बड़ी बहू अपने कमरे में दाखिल हुई और अपने पति को बिस्तर पर देखा। उसने साड़ी खोली और उसके बगल में लेट गई। मोटाभाई उसकी ओर मुड़ा और उसे सोने का हार और साड़ी दी जो वह कोलकाता से लाया था। वह खुश हो गई और अपनी भारी चुची को उसकी छाती पर धकेल दिया। उसने शादी की व्यवस्था के बारे में बात की और मोटाभाई उसकी बड़े बोबले को सहलाता रहा। फनलवर की पेशकश

“उफफफ क्या बड़ी-बड़ी चुची है…। दोनो हाथ से भी नहीं संभलता है…।” उसने चूचे दबाये और चूमा।

उषा ने पति का सिर पकड़ कर चुची पर दबाया और पूछा,

“लगता है कोई छोटी चूची वाली पसंद आ गई है…।” उसने उसके गालों पर चुटकी काट ली।

“लीला को पटा लो…। उसकी चुची छोटी है…। मुझ से काफी छोटी है, जिस में आपको मजा आएगा। मेरी तो अब बड़ी है ही और अब मेरे निपल छोटे तो होने से रहे!”

“ओह्ह्ह…। उस चुदास की याद मत दिलाओ…।” उसने कहा... “उस कुतिया का नाम सुनते ही लोडा टाइट हो जाता है…। उफ्फ्फ…क्या लचक-दार औरत है…।”

वह सीधी लेट गई और पति को अपने ऊपर खींच लिया।
फनलवर निर्मित

"छी.... छोटे भाई की पत्नी के बारे में ऐसा बोलते हो!" उसने उसे याद दिलाया कि लीला उसकी छोटी बहन रेखा की तरह है।

“उषा,” उसने कहा कि उसके छोटेभाई ने सहमति दे दी है कि जब भी मैं चाहूं लीला को चोद सकता हूँ। लेकिन, पति ने पत्नी से कहा कि “तुमको भी, अज्जू, उसके छोटे भाई के साथ भी चुदाई करनी होगी।“

उषा ने हँसते हुए कहा।

“बहुत मजा आएगा…।” उसने पति को धक्का दिया, “मैं अभी उन दोनों को बुला कर लाती हूँ…। अज्जू मुझे चोदेगा और तुम लीला को चोदना…।”

उसने पति को थपथपाया। ”छि…रंडी को चोद-चोद कर तुम दोनो भाई भी रंडवा जैसा सोचने लगे हो…। अपनी बीवी की चूत को किसी और को भेंट कर रहे हो!” उषाने उसे चेतावनी दी।

"अगर लीला, अपने छोटे भाई की पत्नी, को कभी हाथ भी लगाओगे तो बहुत पाप लगेगा। जैसे रेखा को चोदने के सपने देखते ही पाप लग सकता है उतना।"

उसने फिर कहा; "छोटा भाई अपनी भाभी को चोद सकता है। मेरा जी करेगा तो मैं अज्जू से चुदवा लूंगी, लेकिन तुम कभी लीला को हाथ लगाना....उसे चोदना रेखा को चोदने जैसा होगा।" उसने पूछा, “बहन को चोदोगे?”

उषा अपने पति की छोटे भाई की पत्नी को चोदने की इच्छा से नाराज थी।

“लीला को छोड़ो…। लेकिन किसी तरह सुंदरी और उसकी बेटी महक को मुझसे चुदने के लिए तैयार कर दो…।” उषा ने पति को धक्का दिया और स्प्रिंग की तरह बिस्तर से कूद पड़ी।

“छि…पागल हो गए हैं…!” उसने जोर से कहा। "महक तुम्हारी बहन की खास सहेली है, सेठानी जी उसको अपनी बेटी मानती है....और सुंदरी....हमारी दीदी है....छि, बहनचोद,तुम ऐसा सोच भी कैसे सकते हो? मैं सुंदरी को क्या मुंह दिखाऊंगी!"

लेकिन पति दृढ़ था। उसने पत्नी का हाथ पकड़ने की कोशिश की और कहा कि वह उन्हें वह देगा जो दोनों माँ और बेटी चाहती हैं लेकिन उसने कहा।

“इस बार दोनों मां-बेटी को चोदूंगा ही।”

पत्नी और पति दोनों को नहीं पता था कि सेठजी पहले ही महक को चोद चुके हैं और उस समय सुंदरी सेठजी की बांहों में थी। और सेठ के लंड से खेल रही थी और उस लंड से प्रसाद पाने को उत्सुक थी। बस कुछ ही दूरी पर।

पति को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसकी पत्नी को सुंदरी का बेटा और पति पहले ही चोद चुके है। और उसकी बीवी दोनों लंड की दीवानी हो गई है। और वह सिर्फ उसे दुरी बनाके रहने की कोशिश कर रही थी।

“साला, मुझे तो चोद ही नहीं सकते, महक और लीला जैसी गरम लड़की को चोदने का सोच रहे हो…उनकी चूत देख कर ही झड़ जाओगे…।” वह चिल्लाते हुए कमरे से बाहर आई। “जाओ सुंदरी और महक को चोदो…। मेरी चूत के बारे में सोचना भी नहीं।”

वह बिना साड़ी के ऊपर रेखा के कमरे में चली गई। वह अंदर से बंद था।

“रेखा, दरवाजा खोल, मैं तेरी बड़ी भाभी…।” रेखा ने दरवाज़ा खोला। उषा ने चारों ओर देखा।

“भाभी,क्या देख रही हो…मैं अकेली हूं…! परम को गए बहुत देर हो गई।”

उषा ने दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया और रेखा के बगल में लेट गयी। उसने पूछताछ की,

“भाभी, परम ठीक से सोया ना”।

"हाय, ननंद को परम की कितनी फ़िक्र है....हा वेश्या तेरा यार आराम से सोया है....।" उसने रेखा के गालों को चूमा।

“उसको बुला दू अभी रूम में? चुदवाओगी उस से? “
पता तो है किस की रचना है?

लेकिन रेखा ने सवाल को नजरअंदाज करते हुए कहा,

“क्या भाभी, भैया 2 रात के बाद आए हैं, उन्हें तेरी ज़रूरत होगी, कुछ झगड़ा हुआ क्या? या फिर अपने पैरो को खोलने से मन कर दिया? या फिर लगता है की भैया का लंड किसी ने खाली कर के भेजा है।”

उषा रेखा के बगल में एक हाथ सीधे चुची पर रखकर लेट गई…।

“बाप रे परम ने दबा-दबा कर कितना बुरा कर दिया है…।” उषा ने कहा और ननंद की बड़ी चुची को सहलाया।

रेखा ने भाभी का हाथ हटाने की कोशिश की और फुसफुसा कर बोली।

“अब भी आपकी चूची से बहुत छोटे है मरे यह बोबले…।। जाइए ना भैया तड़प रहे होंगे इसे चूसने के लिए।”

उषा ने चुची पर हाथ का दबाव बढ़ाया और बोली।।

“रेखा, तेरे भाई को मेरी चूत और चूची नहीं, तेरी सहेली महक और उस हरामजादी सुंदरी का माल चाहिए…।”

उसने चुची को दबाया और कहा; "सारे मर्द को सुंदरी ने बरबाद कर डाला है, तेरा भैया भी उन दोनों माँ-बेटी को ही चोदना चाहता है...।"

रेखा ने अपनी तरफ घूम कर पूछा, "क्या बोलती हो? किसने कहा...?"

“तेरे बहनचोद भाई ने… साला बोलता है कि जैसा भी हो चाहे प्यार से या जबरदस्त इस बार दोनों माँ बेटी को चोद कर ही जायेगा।”

उषा रेखा के ब्लाउज के बटन खोलने लगी।

“भाभी, मत करो। शर्म आ रही है…और वैसे भी परम ने काफी दबाया है।” रेखा फुसफुसाई लेकिन 2 मिनट में रेखा फिर से टॉपलेस और सपाट हो गई।

“सच परम बड़ा किस्मत बाला है कि रोज ऐसा मस्त माल का मजा लेता है। खेर मजा तो जब वह हमें दबाता है तब भही आता है, क्या मस्त निपल कड़क कर देता है और फिर अपने लंड से शांत भी कर देता है। है न!” उसने एक मिनट तक निपल्स चूसे और कहा,

“तेरा भैया का लंड जब चूत में जाता है तो लगता है कि अपनी उंगली से चोद रहा है और वो भी 3-4 मिनट में ढीला हो जाता है। सुंदरी और महक तो वैसे लंड पर झुकेगी भी नहीं…।”

उसने चुची को कस कर भींच लिया और बोली अब मुझे परम के इस मस्त माल का मजा लेने दे।

“भाभी…। परम तो हर समय तेरे साथ रहता है…उसी को बोल तुझे चोद कर ठंडा कर देगा…।” रेखा को अब चूची को सहलाने में मज़ा आया।

“तेरा यार मुझे चोदेगा तो तुझे गुस्सा नहीं आएगा…?” भाभी ने पूछा।

“बिल्कुल नहीं भाभी…।”

****

आज के लिए बस यही तक।

मिलेंगे एक नए एपिसोड के साथ तब तक आप अपने विचार दे।

फनलवर की ओर से शुक्रिया।


।। जय भारत।।
 
Sirji / madamji

Update de doya hai

Ummid hai aap ko pasand aayega.
 
shukriyaa dost

aap pahale pege no 1 par jaaye waha post no 1 padhe

yah kahaani ki sab permission le li gai hai aur yah kahaani twisted aur meri soch ke hisab se chal rahi hai aur haa readers ki demands se bhi update bante rahete hai.

padhte rahiye maja aayegi............
 
शुक्रिया दोस्त

आपकी उत्सुकता सराहनीय है और हो सकता है कुछ जो आपने माना है उसमे से सभी या कुछ हो सकता है

पर मैं यही कहूँगी की इसके लिए इंतज़ार करे......देखते है आगे क्या होता है

आपका बहोत बहोत आभार की आपने एपिसोड को सराहा
 
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