Incest Sex Kahani परम-सुंदरी - Page 110 - SexBaba
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Incest Sex Kahani परम-सुंदरी

जी शुक्रिया दोस्त

कोशिश की है अब अच्छ्ह रिस्पोंस आया तो अच्छा लगा
 
जी बिलकुल जब कोई नयी चीज़ अपने सामने आती है तो कुतुहल छुपा नहीं सकते और मन करता है जी भर के उसकी मजा ले ले ये आम बात है और उसीका प्रयोग करने की कोशिश थी

शुक्रिया दोस्त
 
शुक्रिया दोस्त

आप सब का साथ रहेगा तो चलता रहेगा.........................
 
चलिए अब आगे बढ़ते है

वैसे मेरे ख्याल से मेरी यह कहानी रीडर्स मित्रो को आकर्षण नहीं दे रही................डे बाय डे रीडर्स कम हो रहे है.................

मुझे लगता है की इस से अच्छा तो एक थ्रिलर ही लिख देती तो पता तो चलता की रीडर्स कम ही रहेंगे

खेर अब हाथ में लिया है तो क्या करे....जल्दी ही रेखा की शादी करा देते है और फिर आगे नहीं लिखूंगी
 
जिस प्रकार से रीडर्स की पसंद सामने आई है मुझे लगता हैकि गुलाबो का प्रकरण को कुछ लम्बाई देना चाहिए और नेक्स्ट एपिसोड में ऐसा ही लम्बाई देने की कोशिश की है

आशा है की आप सब को पसंद आएगा......................

 
“ओफ्फ्फ…।क्या लाख टके का माल है तू! तेरे जैसे माल की बहुत डिमांड है खास कर बड़े उमरा के आदमियों में…।” लेडी ने छोटे-छोटे निपल्स दबाये और बोली,

अब आगे....................

“सेठजी ने जब मेरी सील थोड़ी थी तो मैं बहुत छोटी थी…मेरी झांट भी नहीं हुई थी, मुझे मालूम था कि सेठजी कई सालो से मेरी माँ को चोद रहे हैं, फिर भी मैं उनसे हमेशा सट जाती थी और आख़िर उन्हें मेरी कच्ची चूत फाड़ डाली…।सेठजी ने ही कहा मेरी शादी करवाएं और जब भी गाओ से शहर आते थे तो मैं जम कर चुदवाती थी।।फिर मेरी तीन बेटियां हुई।। मां तो कहती है कि तीनो सेठजी की संतान है। लेकिन क्या फर्क पड़ता है। सेठजी हर महिने मुझे और माँ को और अब मेरी तीनो बेटी को खूब पैसा मिलता है। मेरी बेटियां जवान हुई और एक-एक करके चुद गई। उसमे से दो बेटी को तो सेठजी के लंड ने बच्चा भी दिया, लेकिन सेठजी ने कहा गर्भपात करवा लो, यह सब शादी के बाद मेरे बच्चे की ही तो माँ बन ना है। तो हमने मेरी बेटीयो के गर्भपात करवा लिए। अभी छोटी भी तो है बच्चे का भार सहन नही कर सकती। “ फनलव की रचना है

लेडी ने गुलाबो की चुत में उंगली डुबा दी और गुलाबो ने आंखें खोल लीं।

"फिर क्या हुआ? किस ने उनको पहले चोदा?" गुलाबो ने पूछा।

मेरी बड़ी बेटी, तेरे बड़ेभैया की माल है। उसकी पहली चुदाई बड़े भैया ने की। उसने शादी भी नहीं की, बस बड़ेभैया की रखैल है। दूसरी बेटी को सबसे पहले छोटेभैया ने चोदा, उसकी शादी हो गई है लेकिन जब भी अज्जू बुलाता है, तो आ जाती है और तीसरी बेटी मेरे जैसे बड़े सेठ के लिए पागल है, उसकी कुंवारी चूत सेठजी ने फाड़ी और बाद में सेठजी के दोनों बेटों ने भी उसे चोदा, और अब मेरी छुटकी बबली सेठजी और उनके दोनों बेटों की रखैल है। उसकी भी शादी हो गई है लेकिन वो इन तीनों के लिए पागल है। खास कर बड़े सेठ के लिए। बड़े सेठ बहुत ही प्यार से चुदाई करते हैं।”

लेडी ने गुलाबो की चुची को दोनो हाथो से जाकर कर खूब जोर से रगड़ा और पूछा; "तुझे अपने ड्राइवर की कसम, सच बोल कल रात क्या हुआ?"

“और गुलाबो ने कार से लेकर, क्लब डांस की और बाद में रात की पूरी चुदाई के बारे में बता दिया।”

यह महिला के लिए कोई नयी खबर नहीं थी… “मैं जानती हूं, ये दोनो हरामी किसी भी औरत को मौका मिले तो चोदेंगे ही, अपनी बहन रेखा को भी नहीं छोड़ेंगे। फिर तुझे कैसे छोड़ेंगे!”

लेडी ने पूछा तो गुलाबो ने ईमानदारी से जवाब दिया कि दोनों ने कल रात कार और बिस्तर पर बहुत सारे पैसे दिए थे।

लेडी ने गुलाबो को सलाह दी कि वह आज रात भी दोनों के साथ एन्जॉय करे और सुनिश्चित करे कि उसका पति उसे दोनों सेठजी के साथ चुदाई करते हुए देखे।

“एक बार वो तुझे सेठ और उनकी बेटो से चुदवाते देख लेगा तो वो फिर कभी तेरे सामने नजर नहीं उठा पाएगा और तुझे दूसरे से भी चोदने से मना नहीं करेगा।”

“ठीक है, वे फिर चोदेंगे तो मैं मना नहीं करूंगी।” गुलाबो सहमत हो गई।
फनलव द्वारा रचित

महिला ने गुलाबो और अपना भी शेव किया और फिर दोनों नहाए। गुलाबो ने साड़ी पहनी जो कल रात छोटी बहू की अलमारी से उठाई थी और आभूषण भी पहने।

“छोटी बहू का ब्लाउज और ब्रा भी तुझे फिट आ गई है…।” महिला ने कहा, "तुम दोनों जुड़वा बहन जैसी हो।"

छोटी बहू से इस तुलना से गुलाबो का हौसला बढ़ा। जब ड्राइवर ने दस्तक दी तो वह मेकअप कर रही थी। महिला ने तौलिया लपेटा और दरवाज़ा खोला और दरवाज़े पर ही सामने से तौलिया खोल दिया। सूजी हुई, अच्छी शेव की हुई चूत और बड़ी चुचियों से ड्राइवर नजर नहीं हटा पा रहा था। “बहनचोद क्या माल है!”

'रात में सब लोग गुलाबो को लेकर फिर बाहर जाएंगे, उन्हें गुलाबो को चोदने दो, तुम मुझे चोदना और खुश कर दोगे तो एक बढ़िया इनाम भी दूंगी!'

उसने खुद को ढक लिया और ड्राइवर के साथ अंदर आ गई। वह तौलिया में ही रही और कुछ खाना बनाया। गुलाबो बाथरूम गई तो ड्राइवर ने तौलिया खींचा और चूत पर हाथ फेरा।

“मैं तो कल रात इसमें लौड़ा पेलना चाहता था…उफ्फ्फ क्या रसीली और गरम चूत है।” महिला ने उसे धक्का देकर दूर धकेल दिया।

“रात में पूरा मज़ा दूँगी। कहा ना!” उसने खुद को ढक लिया।

तीनों ने खाना खाया और ड्राइवर गुलाबो को साथ ले गया। महिला ने उन्हें शाम 6 बजे से पहले लौटने की याद दिलाई।

“गुलाबो को घर में नहीं देखेंगे तो सब लोग बहुत गुस्सा करेंगे।”

दोनों एक बड़े शहर की सड़क पर कार में घूमने में बहुत अच्छा महसूस कर रहे थे। एक घंटे तक शहर में घूमने के बाद वह उसे एक अंग्रेजी फिल्म दिखाने ले गया, दोनों को एक शब्द भी समझ नहीं आया लेकिन चुंबन, दुलार और स्क्रीन पर होता नग्नता का आनंद लिया। वह गुलाबो को एक अच्छे दिखने वाले रेस्तरां में ले गया और गुलाबो ने देखा कि लोग उसे घूर रहे थे। वहाँ गुलाबो ने पति का परीक्षण करने के लिए कहा,

“मैं उन लोगों के साथ बाहर नहीं जाऊंगी…।” उन्होंने कहा कि वह दोनों भाइयों के साथ अकेले बाहर नहीं जाना चाहतीं।

ड्राइवर ने कारण पूछा, तो गुलाबो ने बताया कि “किसी न किसी बहाने दोनों ने मुझे यहां-वहां छुआ था और जब दोनों उसकी जांघें दबाते थे तो मुझे अच्छा नहीं लगता था।“

पति के आँखों में देखते हुए उसने जोड़ा; “मुझे उनका इरादा ठीक नहीं लगता है।”

“अरे रानी, कुछ नहीं होगा, वे लोग हमारे मालिक हैं, मर्द है और तुम्हारे जैसा मस्त माल साथ रहे तो कोई मर्द शांत कैसे रह सकता है…देखो सब कैसे तुझे घूर रहे हैं…।”

उसने धीरे से कहा; “सब तुझे आँखों से चोद रहे हैं!”

“और वो लोग अगर सच में मुझे चोदेंगे तो!!!!! मैं तो हल्ला कर दूंगी सुरक्षा अधिकारी को बोल दूंगी…” उसने कहा।

“अरे नहीं रानी, अगर दोनों तुम्हें चोदेंगे तो तुम भी प्यार से चुदवा लेना, किसी से बोलना नहीं…बहुत बदनामी होगी…तुम्हारी…” उसने पत्नी को सलाह दी।

“और तुम मुझे घर से निकाल दोगे…उसका क्या!” उसने डर जताया।
फनलव की पेशकश

“एक-दो बार कोई तुम्हें चोद लेगा तो मैं थोड़े ही तुम्हें बाहर निकाल दूंगा, मैं तुम्हें जान से ज्यादा प्यार करता हूं…” उसने पत्नी का हाथ पकड़कर कहा।

“जब तक कोई मुझे सामने से आकर नहीं कहेगा कि मेरी घरवाली रंडी है, मैं तुम्हें बाहर नहीं निकालूंगा।”

“सच…!” उसने पति का हाथ पकड़ लिया।

”ठीक है देखती हूं…आज वे दोनों हरामी सिर्फ जांग मसलेंगे कि चोदेंगे भी…थोड़ा माल (पैसा) भी ले लुंगी। लेकिन अगर कोई आके कह दे की मैंने तुम्हारी बीवी को चोदा तो निकाल दोगे?” गुलाबो अब चाहती थी कि उसके पति की मौजूदगी में उसके भाई उसे चोदें।

“अरे। नहीं रानी, पर तुजे भी कहा सब से चुदवाना है! बस सेठजी और उनके यह दो बेटे का लंड को ही संभालना है और हां,पैसा भी एथना है इन लोगो से ताकि अपना गुजारा आसानी से चल सके।“

“तो ठीक है, फिर मैं उनके लंड से खेलना शुरू कर देती हूँ। अपना माल बेच के हम आराम से अपनी जिंदगी हजार सकेंगे।“ गुलाबो को ग्रीन सिग्नल मिल गया था। और उसने भी चुदवाने के लिए अपने आप को तत्पर कर लिया और साथ में पति को बाकि जिंदगी की सहूलियत की लालच भी दे दी। उसने मन से उस लेडी का धन्यवाद किया।

दोनों ने नाश्ता किया और बाहर आ गये। उन्होंने माँ, बहन और बहन के बच्चे के लिए कुछ सामान, कपड़े खरीदे। वे घर पहुँचे 5:30 बजे थे, दोनों भाई नहीं लौटे थे।

गुलाबो ने जो देखा और खरीदा उसके बारे में खुशी से बताया। फिर गुलाबो ने मौसी / औरत को आँख मारी और कहा,

“जानती हो मौसी, तुम्हारा ये ड्राइवर बोलता है कि मैं दोनों भाई से चुदवा लूं! “गुलाबो एक गवाह की उपस्थिति में ड्राइवर की सहमति चाहती थी।

“छी, कहीं ऐसा होता है क्या!” गुलाबो ने अपनी चिंता जताने का नाटक किया।

“वो बिल्कुल ठीक कहता है…।” मौसी गुलाबो को चुदवाना चाहती थी, “इतना बढ़िया मौका मिला है, एक रात तो बर्बाद कर दिया, अब आज जैसे भी हो उनको पटाकर दोनों से चुदवाओ।”

उसने जारी रखा,

“देख गुलाबो, तू इतनी मस्त है, कड़क,खट्मिठा माल है…आज नहीं तो कल ये दोनों भाई तुझे चोदेंगे ही, इनकी नज़र तुझ पर है तो ये तुझे छोड़ेंगे नहीं। और तब ऐसा हो सकता है की, ना प्यार मिलेगा और ना पैसा।”

उसने बताया कि कैसे वह और उसकी तीन बेटियाँ सेठजी और उनके बेटों से अलग रहकर खुशी से रह रही हैं।

“बेटी, ये बाप-बेटे अच्छे चोदु तो नहीं है लेकिन इनके जैसा कोई भी पैसा नहीं देगा।'' मौसी ने ड्राइवर से पूछा,

“तुमको कितना मिलता है महीना मे…?”

“सब मिला कर 3-4 हज़ार।” ड्राइवर ने जवाब दिया।

“और हम मां बेटी को बैठे-बिठाए हर महीने 20-20 हजार मिलते हैं, सिर्फ अपने पैरो को फैलाके रखने के लिए, और ऊपर से गहना कपड़ा भी…और दूसरे से चुदवाने की भी पूरी छूट है। बस यही है की जब भी वे लोग यहाँ होते है तब हमारी माँ-बेटियों की चूत और गांड उनकी होती है। अब बताओ और क्या चाहिए,पैसा भी मिलता है और सभी छेदों की मरामत भी हो जाती है। बाकी समय हम अपने यारो से चुदवाती ही है

लेडीने दोनों को सलाह दी, “ये शरम-धर्म छोड़ो… प्यार से चुदाई में कोई पाप नहीं है। मुझे और मेरी माँ को सेठजी ने चोदा, मेरी छोटी बेटी को तीनो बाप बेटे चोदते हैं और देखो हम सब कितने खुश हैं! अपना माल है सही तरीके से बेचोगे तो बुढ़ापा सरल जाएगा।”

उसने सलाह दी, “गुलाबो आज तो दोनो भाई को अपना गुलाम बना ले और ड्राइवर तू कैसे भी इसे बड़े सेठजी से चुदवा दो…। उन्हे ऐसी लचकदार लड़की बहुत पसंद है। अगर छोटी मालकिन उनकी बहू नहीं होती तो सेठजी जैसे तैसे लीला को भी चोद डालते। सेठजी अपनी छोटी बहू के लिए पागल है।”

ड्राइवर ने हामी भर दी, “जी आप सही कह रही हो, मैंने भी गुलाबो से यही कहा की अपने माल का सही उपयोग करो, और फिर जहा चाहो अपनी चूत की आग बुझा लो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है।“

गुलाबो को और क्या चाहिए था! उसने तय किया की आज अपने पति के सामने उन दोनों भाई के लंड को अपनी चूत में निगल लेगी। और उसकी परवानगी से मनचाहा मर्द के लोडे से भी चुदवाती रहूंगी।

*****

आज के लिए बस इतना ही कल फिर एक नए एपिसोड के साथ मिलेंगे तब तक आप अपने मंतव्यो की बरसात करे...............

फनलव की ओर से।


।। जय भारत ।।
 
Vaise aapki baat sahi hai par muje comments bahot kam mil rahe hai....

Thanks for highlighting the viewers numbers.

Bane rahiye
 
Aapka bahot bahot dhanyawad

Gulabo ki bat to wah to kahani me pata chalega ki lesbianism hai ya nahi, kuchh bate mujhe khud ko pata nahi hoti ki main kya likhungi. Kher lekin ha aage thodi lambai tak gulabo ko Calcutta me ghumaungi aur maje kara dungi.

Bat yah hai ki mai kahani ki pathari se utar jati hu. Muje khud ko pata nahi kab rekha ki shadi karva paaungi.

Kabhi kabhi sochti hu ki aise chalega to kahani kab khatam hogi. Yah sirf rekha ki shadi tak nahi hai aur bhi bahot plots hai likhne ko lekin wah ek naye chapter se likhenge.

Shukriya dost samay mile har episode par comment jurur kare. Overall comment me samaj nahi aata kyo ki us waqt 2 teen episode age hote hai.

Dhanyawaad
 
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