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सब से पहले बहोत बहोत शुक्रिया आपका
जहा तक मुझे याद है की आपने पहले भी यही मुद्दा उठाया था जिसका जवाब मैंने दिया था। पक्का याद नहीं
खेर फिर से ही सही.......
सब से पहले हम चर्चा करते है परम-सुंदरी शीर्षक की।
शायद यह शीर्षक ठीक नहीं है या हीर कहानी के अनुरूप नहीं है। पर मेरे ख्याल से इस कहानी में दो पात्रो है परम और सुंदरी जो कहानी लो लीड करनेवाले थे। और कहानी उनके आस-पास ही घूमनेवाली थी या है। शायद यह कहानी के बहोत से शीर्षक हो सकते थे जैसे एक गाँव की कहानी, मा बेटे की आज़ादी, एक नंगा गाँव,चुदाई से भरपूर एक गाँव,गाँव की मस्तिय,गाँव की नंगी औरते,........और बहोत सी.....पर मैंने परम-सुंदरी चुना ताकि यह कहानी के मुख्य किरदार है। और थोडा सा भिन्न भी है।
अब आते है इस कहानी के मूल रूप पर....शायद आपको याद होगा की मैंने कहानिके शुरुआत में ही एक गाँव की बात कही है जहा सीसी भी प्रकार की अश्लीलता को सामान्य तरीके से लिया जाता है और वे लोग यही भाषा का प्रयोक करते है अपनी सामान्य बातचीत में। मतलब गाँव ही किछ ऐसा है जो हमारे भद्र समाज से काफी विपरीत है। इसका मतलब यह है की यह कहानी परम और सुंदरी से जुड़ते हुए गाँव की बात कह रही है।
अब रही बात परम और सुंदरी जो की मुख्या पात्रो है इस कहानी के, यह कहानी में भले ही माँ बेटे है पर ऐसा नहीं है की यह कहानी आम कानी के तौर पर चले।
मैंने बहोत कहानी पढ़ी है जिस में माँ बेटे की चुदाई या फिर सेक्स कुछ गिने चुने प्रसंगों से चलती है, जैसे माँ को बाज़ार ले जाना और कुछ लोगो की नजरो से बाते कोविचलित करना, माँ का व्यवहार निर्दोष पर मादकता दिखाती है, माँ के लिए अंडर गारमेंट्स खरीद ने जाना और धीरे धीरे प्यार और वासना का बढ़ावा, फिर कहानी में एक तौर से माँ और बेटे की कई सारे प्रसगो और स्थलों पे चुदाई जैसे किचन में बाथरूम में ड्राइंग रूम में छत पर मतलब के घर के हर कोने में अलग अलग तरीके से। और कई बार माँ कोदुसरे व्यक्तियों से भी चुदाई होती है जो की कहानी को लम्बाई देती है।
लेकिन इस कहानी में माँ और बेटे की चुदाई के साथ-साथ माँ और बेटा दोनों स्वतंत्र है अपने सेक्सुअल लाइफ के मजे लेने के लिए। और इस तरह से दोनों पात्रो अन्य कई पात्रो से भिड़ते है। यहाँ पर भी एनी पात्रो से ही कहानी कोलाम्बाई मिल रही है। बेशक!
सुंदरी एक ऐसी स्त्री है जो वासना से भरी पड़ी है और अब वह अपनी वासनाओं को अंजाम देती है कहा तक कैसे यह तो कहानी बताएगी। वह अपने बेटे से चुद तो गई है पर वह ज्यादातर उसे दूर रखने के प्रयास में है। और दुसरे लोगो से अपनी वासना संतोष्टि है। बीटा उसी माँ का बेटा है और वह भी एक से नहीं चले जैसा है। उसे हर वक़्त नए चूत की तलाश में रहता है। और आपने देखा भी है
। उसमे उसकी माँ और बहन भी मदद करती है।
अब परम जैसा की आपने कहा परम और सुंदरी को स्ट्रोंग दिखाए, मेरे ख्याल से तो यह लोग स्ट्रोंग ही है अब आपकी परिभाषा क्या है यह आपने स्पष्ट नहीं किया की स्ट्रोंग किसे कहा जा सकता है। उसकी स्टेमिना आपने दुसरे पात्रो के मुंह से सूना आगे भी सुनेंगे,
मेरी इस कहानी में मैंने किसी भी पात्र को ज्यादा स्तरों बनाया नहीं क्योकि मैं मानती हु के best होता ही नहीं, बेस्ट तब तक ही होता है जब आपके सामने और कोई अच्छा नहीं आता। फिर वह बेस्ट हो जाता है। पहले मोटोरोला के फ़ोन चलते थे तब वह हमारे लिए बेस्ट था अब एप्पल चलता है .....आगे और भी नए मोडल आयेंगे।
इसलिए मुनीम को परम से ज्यादा स्ट्रोंग चुदाई के बारे में बताया गया है लेकिन उसे हाईलाईट में नहीं रखा है क्यों की परम हीरो है।
आपक इस कहानी में रिपीट बहोत कम पात्रो से मिलेंगे सब अपने अपने नए लोगो से अपनी विषय वासना संतोशेंगे आगे प्रयास करुँगी एक पात्र रहे।
यह कहानी माँ बेटे की भी नहीं और है भी। गाँव ही ऐसा है जहा घर में लोग चुदाई करते है लेकिन बहार कुछ नहीं अब वह पात्रो खुलेंगे बस यही तक है कहानी।
फिर भी आप स्ट्रोंगनेस की स्पष्टीकरण करेंगे तो आगे मैं उस हिसाब से लिख सकती हु।
मेरे ख्याल से मैंने काफी स्पष्टि कारन दे दिया है, आपको संतुष्टि होगी.....फिर भी सुझाव आमत्रित है...।
स्शुक्रिया दोस्त ।
जहा तक मुझे याद है की आपने पहले भी यही मुद्दा उठाया था जिसका जवाब मैंने दिया था। पक्का याद नहीं
खेर फिर से ही सही.......
सब से पहले हम चर्चा करते है परम-सुंदरी शीर्षक की।
शायद यह शीर्षक ठीक नहीं है या हीर कहानी के अनुरूप नहीं है। पर मेरे ख्याल से इस कहानी में दो पात्रो है परम और सुंदरी जो कहानी लो लीड करनेवाले थे। और कहानी उनके आस-पास ही घूमनेवाली थी या है। शायद यह कहानी के बहोत से शीर्षक हो सकते थे जैसे एक गाँव की कहानी, मा बेटे की आज़ादी, एक नंगा गाँव,चुदाई से भरपूर एक गाँव,गाँव की मस्तिय,गाँव की नंगी औरते,........और बहोत सी.....पर मैंने परम-सुंदरी चुना ताकि यह कहानी के मुख्य किरदार है। और थोडा सा भिन्न भी है।
अब आते है इस कहानी के मूल रूप पर....शायद आपको याद होगा की मैंने कहानिके शुरुआत में ही एक गाँव की बात कही है जहा सीसी भी प्रकार की अश्लीलता को सामान्य तरीके से लिया जाता है और वे लोग यही भाषा का प्रयोक करते है अपनी सामान्य बातचीत में। मतलब गाँव ही किछ ऐसा है जो हमारे भद्र समाज से काफी विपरीत है। इसका मतलब यह है की यह कहानी परम और सुंदरी से जुड़ते हुए गाँव की बात कह रही है।
अब रही बात परम और सुंदरी जो की मुख्या पात्रो है इस कहानी के, यह कहानी में भले ही माँ बेटे है पर ऐसा नहीं है की यह कहानी आम कानी के तौर पर चले।
मैंने बहोत कहानी पढ़ी है जिस में माँ बेटे की चुदाई या फिर सेक्स कुछ गिने चुने प्रसंगों से चलती है, जैसे माँ को बाज़ार ले जाना और कुछ लोगो की नजरो से बाते कोविचलित करना, माँ का व्यवहार निर्दोष पर मादकता दिखाती है, माँ के लिए अंडर गारमेंट्स खरीद ने जाना और धीरे धीरे प्यार और वासना का बढ़ावा, फिर कहानी में एक तौर से माँ और बेटे की कई सारे प्रसगो और स्थलों पे चुदाई जैसे किचन में बाथरूम में ड्राइंग रूम में छत पर मतलब के घर के हर कोने में अलग अलग तरीके से। और कई बार माँ कोदुसरे व्यक्तियों से भी चुदाई होती है जो की कहानी को लम्बाई देती है।
लेकिन इस कहानी में माँ और बेटे की चुदाई के साथ-साथ माँ और बेटा दोनों स्वतंत्र है अपने सेक्सुअल लाइफ के मजे लेने के लिए। और इस तरह से दोनों पात्रो अन्य कई पात्रो से भिड़ते है। यहाँ पर भी एनी पात्रो से ही कहानी कोलाम्बाई मिल रही है। बेशक!
सुंदरी एक ऐसी स्त्री है जो वासना से भरी पड़ी है और अब वह अपनी वासनाओं को अंजाम देती है कहा तक कैसे यह तो कहानी बताएगी। वह अपने बेटे से चुद तो गई है पर वह ज्यादातर उसे दूर रखने के प्रयास में है। और दुसरे लोगो से अपनी वासना संतोष्टि है। बीटा उसी माँ का बेटा है और वह भी एक से नहीं चले जैसा है। उसे हर वक़्त नए चूत की तलाश में रहता है। और आपने देखा भी है
। उसमे उसकी माँ और बहन भी मदद करती है।
अब परम जैसा की आपने कहा परम और सुंदरी को स्ट्रोंग दिखाए, मेरे ख्याल से तो यह लोग स्ट्रोंग ही है अब आपकी परिभाषा क्या है यह आपने स्पष्ट नहीं किया की स्ट्रोंग किसे कहा जा सकता है। उसकी स्टेमिना आपने दुसरे पात्रो के मुंह से सूना आगे भी सुनेंगे,
मेरी इस कहानी में मैंने किसी भी पात्र को ज्यादा स्तरों बनाया नहीं क्योकि मैं मानती हु के best होता ही नहीं, बेस्ट तब तक ही होता है जब आपके सामने और कोई अच्छा नहीं आता। फिर वह बेस्ट हो जाता है। पहले मोटोरोला के फ़ोन चलते थे तब वह हमारे लिए बेस्ट था अब एप्पल चलता है .....आगे और भी नए मोडल आयेंगे।
इसलिए मुनीम को परम से ज्यादा स्ट्रोंग चुदाई के बारे में बताया गया है लेकिन उसे हाईलाईट में नहीं रखा है क्यों की परम हीरो है।
आपक इस कहानी में रिपीट बहोत कम पात्रो से मिलेंगे सब अपने अपने नए लोगो से अपनी विषय वासना संतोशेंगे आगे प्रयास करुँगी एक पात्र रहे।
यह कहानी माँ बेटे की भी नहीं और है भी। गाँव ही ऐसा है जहा घर में लोग चुदाई करते है लेकिन बहार कुछ नहीं अब वह पात्रो खुलेंगे बस यही तक है कहानी।
फिर भी आप स्ट्रोंगनेस की स्पष्टीकरण करेंगे तो आगे मैं उस हिसाब से लिख सकती हु।
मेरे ख्याल से मैंने काफी स्पष्टि कारन दे दिया है, आपको संतुष्टि होगी.....फिर भी सुझाव आमत्रित है...।
स्शुक्रिया दोस्त ।