Incest Sex Kahani परम-सुंदरी - Page 70 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest Sex Kahani परम-सुंदरी

बहोत बहोत धन्यवाद मित्र

जय भारत
 
सभी पाठको को दिवाली की शुभकामनाये।।

चलिए आज दिवाली के शुभ अवसर पर एक छोटा सा अपडेट दे देती हूँ।

आशा है की आप को पसंद आएगा।

आज से मैं एक छोटा सा वेकेशन पर जा रही हु तो कुछ दिनों के लिए अपडेट नहीं दे पाउंगी. जैसे ही वापिस आउंगी फिर से यह कहानी को आगे ले जाने का प्रयास करुँगी।

आप सब को नए साल की शुभकामनाये।

।।जय भारत।।
 
कपडे पहन लेने के बाद परम ने पुष्पा की साड़ी और पेटीकोट कमर तक उठा कर अपनी तरफ चेहरा करके गोदी में बैठा लिया और दोनो चुत्तडो को मसलते-मसलते बात बनाने लगा। पुष्पा की गांड को रगड़ते हुए परम ने पुष्पा को याद दिलाया कि वो पुमा से ही शादी करेगा और उसे (पुष्पा) जब तक लंड में दम है चोदता रहेगा।

पुष्पा ने जवाब में सिर्फ इतना कहा “देखेंगे।”

अब आगे..........

कुछ देर के बाद पहले पूनम घर आई और फिर पुष्पा का पति और पुमा। परम पुमा को देखने के लिए ही रुका था। पूनम परम को अपने घर में देख कर घबरा गई और कमरे के तहत चली गई और पुष्पा अपने पति को लेकर दूसरे कमरे में चली गई। पुष्पा ने परम को पूमा के साथ अकेले रहने का मौका दिया था। पुमा भी रूम मे जाने लगी तो परम ने उसे पकड़ कर उसे चूम लिया और उसकी नन्ही-नन्ही चूची को मसल दिया। परम फुसफुसाया,


“पूमा मैं तुमसे प्यार करता हूं और तुमसे ही शादी करूंगा।”

यह सुन कर पूमा का गुस्सा ठंडा हो गया। उसने आंख उठा कर परम को देखा और

“कोई देखेगा तो!”

लेकिन परम ने फिर उसे अपनी बाहो में लेकर जोर से दबाया और सीधा फ्रॉक उठाया कर नंगी चूचियो को मसल डाला।

“कभी अकेले मेरे घर पर आना, खूब मजा दूंगा…।”

दोनो अलग हो गए, पूमा अंदर चली गई। परम ने पुमा के शरीर में जहर भर दिया था और वो परम से अकेले मिलने का मौका का इंतजार करने लगी।

फिर पुष्पा ने परम को कुछ खाने को दिया और अपने पति से कहा कि परम पुमा से शादी करना चाहता है..।

“तो ठीक है… कर देंगे…उसमे कुछ बुराइ नहीं है” उसने उत्तर दिया…।” परम और पूमा की जोड़ी ठीक रहेगी...परम पागल है जो पूनम और रेखा से शादी का सोचता था...दोनों उससे बड़ी है... ।''

पुष्पा खुश हुई क्यों की उसके पति की परवानगी मिल गई थी तभी उसका पति ने बोला: “ और हां, अब जमाई समज लिया है तो उनको थोडा अकेले रहने का मौक़ा भी दे दिया करो, लेकिन उतना भी नहीं की शादी के पहले ही पूमा का पेट फुल जाए, तुम भी उसका साथ देती रहना।“ उसने पुष्पा की चूत पर हाथ रखते हुए कहा,”यह भी काफी समय से मांग रही है राईट??? घर की बात रहेगी और घर पर ही होता रहेगा।“

पुष्पा ने चिंतित नजर से कहा और पूनम?

“तुम्हे और मुझे दोनों को पता है पर बोलने की जरुरत नहीं, सिर्फ चोदु बनते रहे समजी?”

***

परम बहार निकल गया और सीधा सेठजी के वहा पहुंचा। सुंदरी तैयार थी। आते समय छोटी बहू ने परम से अगले दिन 2-3 बजे दोपहर में आने को कहा। परम सुंदरी को लेकर सेठजी के ऑफिस वाले रूम में आया। वहा देखा कि महक नंगी ही अजनबी के ऊपर लेटी हुई है और उसके लंड से खेल रही है। लंड लंगड़ा हो चुका था, यानी महक की चूत को फाड़कर ठंडा हो गया था। परम और माँ को देखकर महक अजनबी से अलग हो गई और अपनी माँ के पास आ गई। सुंदरी ने पुछा,

“सब ठीक से हो गया ना?”

महक शर्मा गई और मां चिपक गई। महक फुसफुसा कर बोली,

“बहुत मजा आया, लौड़ा में बहुत दम है.... साले ने तीन बार रगड़-रगड़ को चोदा है.,.चूत में झिल्ली जैसा कुछ रहा नहीं।“

अजनबी भी खड़ा हो गया,सुंदरी को देखा ही अजनबी का लंड टाइट होने लगा,

“क्या जबरदस्त माल है, कौन है यह माल?कोई है यहाँ?”

"ये सेठजी का खास माल है" परम ने जवाब दिया। “हर चुदाई का 50000/- देते हैं सेठजी.

परम ने उत्तर दिया.

“मैं एक लाख दूँगा।” अजनबी ने जवाब दिया और अपने ब्रीफ़केस से नोटों का बंडल निकाला और सुंदरी को दे दिया। “लो पूरा एक लाख है।” अजनबी ने सुंदरी को बिस्तर पर गिरा दिया और फटाफट उसे नंगा कर दिया। करीब 10 मिनट तक अजनबी सुंदरी को चूमता रहा, कभी होंठों पर, कभी चूची को तो कभी बेली को तो कभी चूत को। उसका लंड पूरा टाइट हो गया था और एक अजनबी ने एक धक्के में पूरा लंड सुंदरी के चूत को चीरता हुआ अन्दर चला गया।

इधर परम नंगी महक और सुंदरी की चुदाई देख कर गरमा गया और वो पूरा नंगा होकर महक को चूमने लगा। फिर महक को सुंदरी के बगल में लिटा कर अपनी बहन के टाइट चूत में लंड घुसेड़ दिया और चूतड उछाल कर चोदने लगा। परम के हर धक्के पर महक “आह…” “उहहह…” करती रही। परम और अजनबी दोनों पहले ही झड़ चुके थे तो दोनों आराम से खूब जम कर चुदाई कर रहे थे। आज एक दिन में सुंदरी दूसरी बाद नए आदमी से चुदाई कर रही थी और उधर 2 घंटे पहले महक का चूत फटा था और अब दूसरे लंड का मजा ले रही थी। सुंदरी और महक दोनो माँ-बेटी ने अपने-अपने पार्टनर को पूरा सहयोग किया। उन्हें चूमा, सहलाया, पैरों में कसा और अंत में दोनो के पानी को अपनी अपनी चूत के अन्दर लिया।

चुदाई ख़त्म करने के बाद सब कपड़े पहन कर तैयार हो गए तो अजनबी ने महक से पूछा कि वो बिना कुछ लिए (पैसे) परम से कैसे चुदवायी तो जवाब सुंदरी ने दिया,

“परम हम दोनों का यार है… जब चाहे हमारी चुदाई कर सकता है।”

परम ने अजनबी सेठ से उन्हें उनके घर तक छोड़ने का अनुरोध किया। अजनबी ने उन्हें बाध्य किया।

जब तीनों घर पहुंचे तो मुनीम ने दरवाजा खोला। सुंदरी अच्छी मात्रा में खाने का सामान लेकर आई थी जो बड़ी बहू ने उसे दिया था, सभी ने खाया और सोने के लिए अपने कमरे में चले गए।


***********

आज के लिए बस यही तक।


कुछ दिनों के लिए कहानी को आराम देंगे और बाद में फिर से वही रफ़्तार पकड़ लेंगे।

आशा रखती हूँ की पाठक फिर से यही पर आ जायेंगे,,,,,,,,,,,,,,

शुक्रिया दोस्तों।


आपको यह एपिसोड कैसा लगा इस बारे में तो बताना ही है।

।।जय भारत।।
 
Excellent.

Unfortunately, I didn't notice while reading. But I think it's good practice to provide such revival views before moving on. I agree with you that it provides a legacy of continuity. If you follow such an idea, you can say I copied yours. And I don't feel bad. In fact, I think there should be no hesitation in adopting good ideas.

Please accept my compliment.

Thank you very much.
 
Hey hey..... Finally at home....

See you tomorrow.....

Thanks
 
शुक्रिया दोस्त

अगर आप भाषा को प्राथमिकता देते है तो वह कहानी अच्छी लगेगी
 
आपका बहोत बहोत शुक्रिया दोस्त

जुड़े रहिये
 
शुक्रिया दोस्त

आप सब को पसंद आया यही तो दिवाली की गिफ्ट है मेरे लिए
 
Back
Top