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सुषमा युवी से बिछड़ते वक़्त कुछ जायदा hi िमोस्टिओनल हो रही थी उसे ऐसा लग रहा था जैसा वो सब कुछ यही छोड़े जा रही हो इस ख्याल से उसकी आँखों में नमी दिख ने लगी थी जिसे देख कर युवी सुषमा से बोलै
युवी - अब ऐसे बंदरिया जैसा फेस तो बनाओ मत वर्ण में भी रो दूंगा और फिर आप को पता hi है की में रट हुए कितना बुरा लगता हु
सुषमा - न बाबा तुम मत रोना वर्ण मेरी हसी निकल जाएगी अब तू जा नहीं तो में खुद को रोक नहीं पाऊँगी
युवी - कुछ तो शर्म करो दीदी ये एयर पोर्ट है अब क्या यहाँ सब के सामने करोगी न बाबा मुझे तो शर्म आएगी ऐसे सब के सामने



सुषमा - मेरा वो मतलब नहीं था इडियट और ये तू भी जानता है कुत्ता न हो वे किसे था डा ( रोनी सूरत से हल्का सा मुस्कुराते हुए बोली )
युवी - ः ये हुई न बात मेरी प्यारी दीदी वाली अब जाओ नहीं तो आप की फ्लाइट मिस हो जाएगी
सुषमा - छ्हम्म अपना ख्याल रखना तुम और वक़्त मिले तो अपनी इस बहिन को भी याद कर लिया कर न क्युकी में तुझे बहुत मिस करती हु तेरे साथ बिताये हर पल में अपनी यादो में ताज़ा रखती हु मेरे भोले बालम लव यू सू मच bye
(gaal पैर छोटा सा किश कर के मुस्कुराते हुए बोली )
सुषमा की फीलिंग्स उसका प्यार ब्यान कर ने के लिए काफी थी जो बताती थी की वो सेक्स में भले hi वो पागल हो जाती हो मगर वो प्यार भी उतनी hi सिद्दत से करती थी अपने भाई से जो आज युवी को महसूस किया पैर ज़ाहिर नहीं किया क्युकी वो सुषमा को और भावुक नहीं करना चाहता था इसलिए bye बोल कर बहार निकल कर अपनी कार की तरफ जा hi रहा था की उसकी नज़र राजी पैर पड़ी जो सड़क पार कर रही थी उसे देखते hi युवी की जीन्स में हलचल हुई और वो उसे आवाज़ देते हुए बोलै
युवी - हे राजी रुको जरा
अपना नाम सुनकर राजी ने पीछे मुद कर देखा तो उसे युवी दिखाई दिया जिसे देख कर वो भी मुस्कुरा कर उसे देख ने लगी और युवी उसके पास आ कर बोलै
युवी - क्या बात है साली साहिबा आज एयरपोर्ट को आग लगा ने का इरादा है क्या जो इतनी हॉट बन कर घूम रही हो
राजी - ऐसा कुछ नहीं है जीजा जी वो हस्बैंड काम के सिलसिले में बहार गए है तो उन्हें hi ड्राप कर ने आयी थी पैर आप यहाँ कैसे
युवी - वो दीदी वापस गयी है न तो उन्हें hi छोड़ ने आया था और देखो तुमसे मुलाकात हो गयी चलो कही कॉफ़ी पिटे है चल कर
राजी - हम्म कही क्यों मेरे घर hi चलते है यही पास में hi है अगर आप चाहे तो
युवी - घर ले जा कर भी बस कॉफ़ी hi पिलाओगी या कुछ ख़ास भी है अपने जीजा के लिए
राजी - पहले चलिए तो सही फिर देखते है की आप कॉफ़ी पिटे है या कुछ or(kamuk भरे स्वर में युवी की आँखों में देखते हुए बोली )
युवी तो उसके गुलाबी होठो को देख कर hi उत्तेजित हो रहा था फिर मना करने का तो सवाल hi कहा था इसलिए झट से बोलै
युवी - तो फिर चलो आज देख hi लेते है की नसीब में क्या लिखा है आज
राजी - तो आइये और मुझे फॉलो कीजिये जीजा जी
युवी मुस्कुराते हुए अपनी कार में बैठ कर राजी को फॉलो करते हुए प्रिय का फ़ोन मिला कर उसे साड़ी बात बता देता है जिस पैर प्रिय उसे बेस्ट ऑफ़ लक कह कर फ़ोन कट कर देती है और जब तक युवी भी राजी के घर पहुंच चूका था जहा राजी अपनी सेक्सी गांड मटका कर अंदर जाते हुए बोली
राजी - अब आ भी जाइये जीजा जी या फिर कार में hi कॉफ़ी लेकर औ
युवी - नहीं जी आज तो कॉफ़ी आप के साथ hi पीना का इरादा बनाया है
युवी की बात पैर राजी मुस्कुराते हुए घर में दाखिल हुई जिसके पीछे पीछे युवी भी अंदर आया तो राजी स्माइल कर के उसे सोफे पैर बैठ ने का बोल कर किचन में चली गयी और युवी उसे जाते हुए देख ने लगा जिसका कारन था राजी की गांड जिसे वो बड़े hi सेक्सी अंदाज़ में मटकते हुए जा रही थी युवी उस में खोया था की राजी किचन से बोली
राजी - मीठा कैसा लोगे जीजा जी
युवी - मध्यम hi रख न और लोग नहीं है क्या घर में जो इतनी शांति छायी हुई है
राजी - में और हस्बैंड hi रहते यहाँ जीजा जी बाकि लोग क्सक्सक्स सिटी में रहते है
युवी - हम्म
घर में सिर्फ राजी और खुद को सोच कर hi युवी के जिस्म में गर्मी बढ़ ने लगी जिसे वो अब कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा था जिस के चलते वो अपनी जगह से खड़ा हुआ और किचन में जा कर पीछे से राजी से चिपक गया जिसे राजी ने बड़ा नार्मल लिया जैसे उसे पता हो की युवी जरूर ये करेगा इसलिए स्माइल करते हुए बोली
राजी - आप तो बड़े चालाक निकले जीजा जी अकेली देख कर जबरदस्ती कर ने लगे ये उम्मीद नहीं थी मुझे आप से
राजी के मुँह से जबरदस्ती सब्द सुन कर युवी उस से अलग हो गया और उसे अपनी तरफ घुमा कर उसकी आँखों में देखते हुए बोलै
युवी - सॉरी राजी पैर तुम्हे देख कर में कण्ट्रोल नहीं कर पाया पैर जबरदस्ती वो मेरे खयालो में भी नहीं ी ऍम रियली सॉरी
राजी - ऊह्ह्ह्ह जीजा जी बहुत भोले हो यार कसम से में मज़ाक कर रही थी आप से क्या मुझे नहीं पता की आप मुझसे क्या चाहते हो
युवी की तो मनो लाटरी लग गयी राजी की बात सुनकर और अब उस से रुका न गया और उस ने सीधा अपने तपते होठ राजी के होठो से चिपका दिए जिस में राजी ने भी रिस्पांस किया
दोनों के जिस्म आपस में टकराये तो जिस्म का तापमान बढ़ ने लगा जिस में खो कर दोनों एक दूसरे को चूस ने चाट ने लगे जैसे की बरसो के इंतज़ार के बाद मिले हो ये किश देख कर कोई भी कह सकता था की दोनों अपने अपने में मधूस है जिन्हे फ़िक्र नहीं है किसी की भी
जब दोनों को सांस लेने में तकलीफ न हुई उनके होठ यु hi एक दूसरे के होठो का रास निचोड़ ते रहे किश टूट ते hi युवी बोलै
युवी - यू र सू हॉट राजी में तुम्हे और भी अचे से महसूस कर न चाहता हु प्ल्ज़ आज मना मत कर न
राजी - अगर मना करना होता तो आप को घर नहीं लाती जीजा जी वो तो किस्मत है की आप आज मिल गए वर्ण कल में खुद आप को फ़ोन करती
युवी - ओह्ह्ह राजी अगर ऐसा है तो फिर आओ न मेरी बाहो में जल्दी से और मुझे महसूस कर ने दो इस सुन्दर काय को जिसे देख कर में पहली नज़र में घायल हो गया था
राजी - थोड़ा सब्र कीजिये और कॉफ़ी पीजिये पहले फिर जो दिल करे वो कीजियेगा( एक कप युवी को देकर दूसरा खुद मुँह से लगते हुए बोली )
युवी के जिस्म में बढ़ती गर्मी उसे रुक ने नहीं दे रही थी जिस में सुलगता वो राजी को गॉड में उठा कर बोलै
युवी - इस वक़्त मुझे कॉफ़ी की नहीं तुम्हारे हुसैन की शराब को चख ने की तालाब है तो प्ल्ज़ और मत तड़पाओ मुझे राजी वर्ण में पागल हो जाऊंगा
राजी को भी अपने दीवाने को और तड़पना ाचा नहीं लगा और उस ने आँखों से hi अपने दीवाने को इज़ाज़त दे दी जिसे समझते hi युवी उसकी गर्दन को चुम ने लगा जिस का एहसास इतना कामुक था की राजी की आंखे बंद हो कर एक युवी के बालो को सेह लेन लगा
राजीब- उउउउम्मम्मह्हह्ह्ह्ह ाआहहससससस आआअह्हह्ह्ह्ह आराम से जीजू उउउउउफफ्फ्फ्फ़ मममममअअअअअअअ ाआऊऊह्ह्ह्हह्ह जीजू पलज़्ज़ज़ रोऊं तो चलो ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ यहाँ ठीक से प्यार नहीं हो गए uuyyfffffffssssaaaaaahhhhhhhhhh aaaaaahhhhhhhhhhhhh uuuuummmmmmmmmmhhhhhhhhhhhh
राजी की बात किसी आज्ञाकारी बच्चे की तरह मान कर युवी ने उसे गॉड में उठाया और रूम में ले गया जहा आगे का सफर और भी कामुकता से भरा होने वाला था
सुषमा युवी से बिछड़ते वक़्त कुछ जायदा hi िमोस्टिओनल हो रही थी उसे ऐसा लग रहा था जैसा वो सब कुछ यही छोड़े जा रही हो इस ख्याल से उसकी आँखों में नमी दिख ने लगी थी जिसे देख कर युवी सुषमा से बोलै
युवी - अब ऐसे बंदरिया जैसा फेस तो बनाओ मत वर्ण में भी रो दूंगा और फिर आप को पता hi है की में रट हुए कितना बुरा लगता हु
सुषमा - न बाबा तुम मत रोना वर्ण मेरी हसी निकल जाएगी अब तू जा नहीं तो में खुद को रोक नहीं पाऊँगी
युवी - कुछ तो शर्म करो दीदी ये एयर पोर्ट है अब क्या यहाँ सब के सामने करोगी न बाबा मुझे तो शर्म आएगी ऐसे सब के सामने
सुषमा - मेरा वो मतलब नहीं था इडियट और ये तू भी जानता है कुत्ता न हो वे किसे था डा ( रोनी सूरत से हल्का सा मुस्कुराते हुए बोली )
युवी - ः ये हुई न बात मेरी प्यारी दीदी वाली अब जाओ नहीं तो आप की फ्लाइट मिस हो जाएगी
सुषमा - छ्हम्म अपना ख्याल रखना तुम और वक़्त मिले तो अपनी इस बहिन को भी याद कर लिया कर न क्युकी में तुझे बहुत मिस करती हु तेरे साथ बिताये हर पल में अपनी यादो में ताज़ा रखती हु मेरे भोले बालम लव यू सू मच bye
सुषमा की फीलिंग्स उसका प्यार ब्यान कर ने के लिए काफी थी जो बताती थी की वो सेक्स में भले hi वो पागल हो जाती हो मगर वो प्यार भी उतनी hi सिद्दत से करती थी अपने भाई से जो आज युवी को महसूस किया पैर ज़ाहिर नहीं किया क्युकी वो सुषमा को और भावुक नहीं करना चाहता था इसलिए bye बोल कर बहार निकल कर अपनी कार की तरफ जा hi रहा था की उसकी नज़र राजी पैर पड़ी जो सड़क पार कर रही थी उसे देखते hi युवी की जीन्स में हलचल हुई और वो उसे आवाज़ देते हुए बोलै
युवी - हे राजी रुको जरा
अपना नाम सुनकर राजी ने पीछे मुद कर देखा तो उसे युवी दिखाई दिया जिसे देख कर वो भी मुस्कुरा कर उसे देख ने लगी और युवी उसके पास आ कर बोलै
युवी - क्या बात है साली साहिबा आज एयरपोर्ट को आग लगा ने का इरादा है क्या जो इतनी हॉट बन कर घूम रही हो
राजी - ऐसा कुछ नहीं है जीजा जी वो हस्बैंड काम के सिलसिले में बहार गए है तो उन्हें hi ड्राप कर ने आयी थी पैर आप यहाँ कैसे
युवी - वो दीदी वापस गयी है न तो उन्हें hi छोड़ ने आया था और देखो तुमसे मुलाकात हो गयी चलो कही कॉफ़ी पिटे है चल कर
राजी - हम्म कही क्यों मेरे घर hi चलते है यही पास में hi है अगर आप चाहे तो
युवी - घर ले जा कर भी बस कॉफ़ी hi पिलाओगी या कुछ ख़ास भी है अपने जीजा के लिए
राजी - पहले चलिए तो सही फिर देखते है की आप कॉफ़ी पिटे है या कुछ or(kamuk भरे स्वर में युवी की आँखों में देखते हुए बोली )
युवी तो उसके गुलाबी होठो को देख कर hi उत्तेजित हो रहा था फिर मना करने का तो सवाल hi कहा था इसलिए झट से बोलै
युवी - तो फिर चलो आज देख hi लेते है की नसीब में क्या लिखा है आज
राजी - तो आइये और मुझे फॉलो कीजिये जीजा जी
युवी मुस्कुराते हुए अपनी कार में बैठ कर राजी को फॉलो करते हुए प्रिय का फ़ोन मिला कर उसे साड़ी बात बता देता है जिस पैर प्रिय उसे बेस्ट ऑफ़ लक कह कर फ़ोन कट कर देती है और जब तक युवी भी राजी के घर पहुंच चूका था जहा राजी अपनी सेक्सी गांड मटका कर अंदर जाते हुए बोली
राजी - अब आ भी जाइये जीजा जी या फिर कार में hi कॉफ़ी लेकर औ
युवी - नहीं जी आज तो कॉफ़ी आप के साथ hi पीना का इरादा बनाया है
युवी की बात पैर राजी मुस्कुराते हुए घर में दाखिल हुई जिसके पीछे पीछे युवी भी अंदर आया तो राजी स्माइल कर के उसे सोफे पैर बैठ ने का बोल कर किचन में चली गयी और युवी उसे जाते हुए देख ने लगा जिसका कारन था राजी की गांड जिसे वो बड़े hi सेक्सी अंदाज़ में मटकते हुए जा रही थी युवी उस में खोया था की राजी किचन से बोली
राजी - मीठा कैसा लोगे जीजा जी
युवी - मध्यम hi रख न और लोग नहीं है क्या घर में जो इतनी शांति छायी हुई है
राजी - में और हस्बैंड hi रहते यहाँ जीजा जी बाकि लोग क्सक्सक्स सिटी में रहते है
युवी - हम्म
घर में सिर्फ राजी और खुद को सोच कर hi युवी के जिस्म में गर्मी बढ़ ने लगी जिसे वो अब कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा था जिस के चलते वो अपनी जगह से खड़ा हुआ और किचन में जा कर पीछे से राजी से चिपक गया जिसे राजी ने बड़ा नार्मल लिया जैसे उसे पता हो की युवी जरूर ये करेगा इसलिए स्माइल करते हुए बोली
राजी - आप तो बड़े चालाक निकले जीजा जी अकेली देख कर जबरदस्ती कर ने लगे ये उम्मीद नहीं थी मुझे आप से
राजी के मुँह से जबरदस्ती सब्द सुन कर युवी उस से अलग हो गया और उसे अपनी तरफ घुमा कर उसकी आँखों में देखते हुए बोलै
युवी - सॉरी राजी पैर तुम्हे देख कर में कण्ट्रोल नहीं कर पाया पैर जबरदस्ती वो मेरे खयालो में भी नहीं ी ऍम रियली सॉरी
राजी - ऊह्ह्ह्ह जीजा जी बहुत भोले हो यार कसम से में मज़ाक कर रही थी आप से क्या मुझे नहीं पता की आप मुझसे क्या चाहते हो
युवी की तो मनो लाटरी लग गयी राजी की बात सुनकर और अब उस से रुका न गया और उस ने सीधा अपने तपते होठ राजी के होठो से चिपका दिए जिस में राजी ने भी रिस्पांस किया
दोनों के जिस्म आपस में टकराये तो जिस्म का तापमान बढ़ ने लगा जिस में खो कर दोनों एक दूसरे को चूस ने चाट ने लगे जैसे की बरसो के इंतज़ार के बाद मिले हो ये किश देख कर कोई भी कह सकता था की दोनों अपने अपने में मधूस है जिन्हे फ़िक्र नहीं है किसी की भी
जब दोनों को सांस लेने में तकलीफ न हुई उनके होठ यु hi एक दूसरे के होठो का रास निचोड़ ते रहे किश टूट ते hi युवी बोलै
युवी - यू र सू हॉट राजी में तुम्हे और भी अचे से महसूस कर न चाहता हु प्ल्ज़ आज मना मत कर न
राजी - अगर मना करना होता तो आप को घर नहीं लाती जीजा जी वो तो किस्मत है की आप आज मिल गए वर्ण कल में खुद आप को फ़ोन करती
युवी - ओह्ह्ह राजी अगर ऐसा है तो फिर आओ न मेरी बाहो में जल्दी से और मुझे महसूस कर ने दो इस सुन्दर काय को जिसे देख कर में पहली नज़र में घायल हो गया था
राजी - थोड़ा सब्र कीजिये और कॉफ़ी पीजिये पहले फिर जो दिल करे वो कीजियेगा( एक कप युवी को देकर दूसरा खुद मुँह से लगते हुए बोली )
युवी के जिस्म में बढ़ती गर्मी उसे रुक ने नहीं दे रही थी जिस में सुलगता वो राजी को गॉड में उठा कर बोलै
युवी - इस वक़्त मुझे कॉफ़ी की नहीं तुम्हारे हुसैन की शराब को चख ने की तालाब है तो प्ल्ज़ और मत तड़पाओ मुझे राजी वर्ण में पागल हो जाऊंगा
राजी को भी अपने दीवाने को और तड़पना ाचा नहीं लगा और उस ने आँखों से hi अपने दीवाने को इज़ाज़त दे दी जिसे समझते hi युवी उसकी गर्दन को चुम ने लगा जिस का एहसास इतना कामुक था की राजी की आंखे बंद हो कर एक युवी के बालो को सेह लेन लगा
राजीब- उउउउम्मम्मह्हह्ह्ह्ह ाआहहससससस आआअह्हह्ह्ह्ह आराम से जीजू उउउउउफफ्फ्फ्फ़ मममममअअअअअअअ ाआऊऊह्ह्ह्हह्ह जीजू पलज़्ज़ज़ रोऊं तो चलो ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ यहाँ ठीक से प्यार नहीं हो गए uuyyfffffffssssaaaaaahhhhhhhhhh aaaaaahhhhhhhhhhhhh uuuuummmmmmmmmmhhhhhhhhhhhh
राजी की बात किसी आज्ञाकारी बच्चे की तरह मान कर युवी ने उसे गॉड में उठाया और रूम में ले गया जहा आगे का सफर और भी कामुकता से भरा होने वाला था