- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 148,789
लखन : (आइसक्रीम खाते) तो फीर तब भाइको सम्हालेगा कौन..? कोइ तो बीवी होगी..?
पुनम : (मुस्कुराते) हां.. इसके लीये उनकी बीवी वहा पहोंच गइ हे.. अब भाइको वोही सम्हालेगी.. उनकी पहेली बीवी.. जो हर जन्ममे उनकी पहेली बीवी होती हे.. हमारी नीर्मला आंटी..
लखन : (सामने देखते) आपको कब जाना हे..?
पुनम : (सामने देखते) जीतनी जल्दी हो सके.. (सृतीकी ओर देखते) दीदी.. मे इनको कब मील सकती हु..?
सृती : (सरमाकर मुस्कुराते) डीलीवरीको काफी टाइम हो गया हे.. आप मील सकती हो..
पुनम : (सरमाकर मुस्कुराते) भाइ.. आज मे सृतीदीदी वाले रुममे सोउगी.. अपनी बाकी बीवीओको नीपटाकर आजाओ.. आज पुरी रात हमारी.. फीर पता नही हमे कब मीलनेका मौका मीलेगा..
लखन : (मुस्कुराते) क्यु..? वहा आउगा तो नही मीलोगी..?
पुनम : (सरमाकर धीरेसे) अफकोर्स हम मीलेगे.. मे यहाकी बात कर रही हु.. वहा तो आप जीतनी बार मीलना चाहो हम मील सकते हे..
सृती : (सामने देखते) दीदी.. मे भी आना चाहती हु.. लेकीन कैसे.. मे आखरी दीनोमे उनके पास रहेना चाहती हु..
पुनम : (मुस्कुराते) मे आपको फोन करदुगी.. तब आजाना.. तीन चार दीन काफी होगा.. यहा हमारे पतीको भी तो सम्हालना हे..
सृती : (हसते) मे अकेली क्यु..? राधुदीदी.. रजुदी भी अभी हे.. ओर इनकी नीलुतो सदाबहार हेही.. हें..हें..हें.. ओर आजकल भाभी कोभी बहुत घुमाते हे.. वोभी तो हे.. हें..हें..हें..
लखन : (हसते) देखा..? ज्वेलेसी.. हें..हें..हें..
सृती : (जांगपे चपत लगाते) अरे.. मे क्यु जलुगी..? अब तो ये रोजका होगा.. जबसे मोमसे बात हुइ तबसे नही जलती.. मेनेतो भावीकाको भी अेक्सेप्ट करलीया हे.. ओर पता नही ओर कीतनी आयेगी.. आप फीकर मत करो.. बस मजे करो.. हें..हें..हें..
पुनम : (मुस्कुराते) सृतीदी.. ध्यान रहे.. चंदाभाभीके सामने नीलुका जीक्र मत करना.. वो उनके बेटेकी बीवी हे.. ये बात वो बरदास्त नही करपायेगी.. जबतक धीरेन हे.. इसके बाद वोही नीलुको हमारे पतीको सम्हालनेके लीये कहेगी.. लेकीन अभी इनमे काफी टाइम हे.. अब चले..?
सृती : (मुस्कुराते) कीतना..?
पुनम : (मुस्कुराते) सायद ढाइ से तीन साल.. फीर नीलुको उनकी जोब मील जायेगी.. लेकीन अब चंदाभाभी यही रहेगी.. हमेसाके लीये.. ओर मे हवेलीपे.. आप आती जाती रहेगी..
फीर तीनो आइसक्रीम लेकर पेमेन्ट देकर बाते करते घरकी ओर नीकल गये.. घर जाकर देखा तो सब इनके इन्तजारमे बैठे थे.. कीसीने डीनर नही कीया था.. फीर सबलोग खाना खाने बैठ गये.. ओर भावीकाकी बाते करते रहे.. पुनमने कुछ बाते छोडकर बाकीका सब कुछ बता दीया..
चंदा ये सुनकर बहुत खुस होगइ की अब भावीका हमेसाके लीये गांवमे रहेते होस्पीटल सम्हालने वाली हे.. फीर सबलोग सोफेपे बैठकर आइसक्रीम खा रहे थे.. तब लखन जानबुजकर चंदासे सटकर बैठ गया.. ओर सबसे छुपकर उनको छेडता रहा.. तो चंदा बहुत ही सरमाकर मुस्कुराती रही..
दीन बीतने लगे.. इसी बीच टीना ओर लखन भी अेक कोफी शोपमे मीले.. उस दीन टीना बहुत ही सजधजके आइ थी.. दोनोकी पहेली डेट थी.. ओर कोफी पीते बाते करते रहे.. ओर बातोसे दोनोके बीच ओर घनीस्टा बढ गइ.. टीना बाते करते बार बार लखनका हाथ छु लेती थी.. ओर आखीर उसने लखनसे प्यारका इजहार करलीया..
ओर अगली बार दुबारा बहुत ही जल्द मीलनेका वादा करके दोनो जुदा हुअे.. लखन भी रेग्युलर वसुधासे चेटपे बाते करने लगा.. ओर बात बहुत आगे बढी.. लखन अगली बार गांव आये तो वसुधाने उसे घरपे अकेले मीलने लीये कहा.. ओर दोनोके अफैरके बारेमे छुपानेके लीये कहा..
तो अेक दीन मुना अपनी क्लीनीकपे बैठा था.. बरखा अपनी छोटी बच्चीकी वजहसे अभी भी छुटीपे थी.. मुनाका फोन बज उठा.. देखा तो उनकी मामी गीताका फोन था.. आम तौरपे गीता कामके वक्त दोपहोरको ही फोन करती हे.. क्युकी तब उनका पती वीनोद घरसे बहार होता हे.. मुनाने फोन उठा लीया..
मुना : (मुस्कुराते धीरेसे) हेलो गीता डार्लींग.. बात करनेका टाइम मील गया..?
गीता : (सरमाकर धीरेसे) हां.. वो अभी अभी बहार गये हे.. तो सोचा पहेले आपसे बात करलु.. जानु.. मुजे आपसे कुछ कहेना हे..
मुना : (मुस्कुराते) हंम.. बोलो.. क्या कोइ खुसखबर तो नही..?
गीता : (आस्चर्यसे मुस्कुराते) हाय राम..? आपको कैसे पता..? कीसीने कुछ कहा हे क्या..?
मुना : (हसते) अरे नही यार.. मेतो बस अैसे ही केह रहा था.. बोलो.. क्या कहेना हे..?
गीता : (सरमाकर धीरेसे) जानु.. मे.. मे प्रेगनेन्ट हु.. आपसे.. मुजे पका यकीन हे ये हम दोनोका बच्चा हे.. क्युकी इतने साल होगये.. मे उनसे इतनी कोसीसोके बावजुद कभी नही हुइ..
मुना : (धीरेसे) तो क्या उनको सक नही होगा..?
गीता : (मुस्कुराते धीरेसे) नही.. सहेरसे वापस आनेके बाद मेने उसे कहाथा की हम सहेरमे पेपर सबमीट करवाने गये.. तब मे अेक वैदजीसे मीली थी.. ओर उसने मुजे जडी बुटी दीथी.. वो काम कर गइ.. तो मान गये... ओर बहुत खुस हुअे.. हें..हें..हें.. यारो दोस्तोमे पार्टीया दे रहे हे.. हें..हें..हें..
मुना : (मुस्कुराते) क्या कोइ रीस्तेदार नही हे..? मतलब.. आपके मायके वाले.. या फीर आपके ससुरालके पक्षमे.. उनको पता हे..?
गीता : (आंख गीली करते) हे.. लेकीन उन लोगोने हमारे साथ रीस्ता खतम करलीया हे.. ओर ससुरालमे भी कीसीने हमसे रीस्ता नही रखा..
मुना : (धीरेसे) क्यु..? अेक बात पुछु..? आपके ससुरालमे कौन कौन हे..
गीता : (आंख गीली करते) बताउगी.. आपको सब कुछ बताउगी.. लेकीन फोनपे नही.. कल सुबह वो अहेमादाबाद कीसी कामसे जा रहे हे.. तो क्या आप कल मीलने आओगे..?
मुना : (मुस्कुराते) नेकी ओर पुछपुछ.. जरुर आउगा.. दोनो मीलकर सेलीब्रेट करेगे.. हें..हें..हें..
गीता : (सरमाकर मुस्कुराते धीरेसे) मुजे पता हे आपका सेलीब्रेट.. हालत खराब कर देते हो.. पता नही आपके हथीयारने मुजपे क्या जादु करदीया मेतो आपकी दीवानी होगइ.. कल मीलते हे.. तब आपको सब कुछ बतादुगी.. सायद मेरे दीलका बोज भी कुछ कम होजाये..
कहेते फोन रखदीया.. मुना उनकी पुरी कहानी बसंतीके मुहसे सुन चुका था.. वो जानना चाहता थाकी गीता उनको कीतनी सचाइ बताती हे.. वो गीताको प्रेगनेन्ट करके अपना बदला लेना चाहता था.. जो उसने लेलीया.. लेकीन बदलेके चकरमे वो गीताको प्यार भी करने लगा था..
इसी दौरान भावीकाने भी अपने डीवोर्स पेपर तैयार करवा लीये.. ओर उन्होने पुनमको फोन करके बता दीया.. तब पुनमने कुछ अैसा कहा जीसे सुनकर भावीका भी चौंक गइ.. ओर उसने आज ही क्लीनीकसे डीवोर्स पेपर अपने साथ लेलीया.. वो जानती थीकी उनका ससुरतो बहार ही घुमता रहेता हे.. घरपे सीर्फ मां बेटे ही होगे.. भावीका थोडी डर भी रही थी....
कन्टीन्यु
पुनम : (मुस्कुराते) हां.. इसके लीये उनकी बीवी वहा पहोंच गइ हे.. अब भाइको वोही सम्हालेगी.. उनकी पहेली बीवी.. जो हर जन्ममे उनकी पहेली बीवी होती हे.. हमारी नीर्मला आंटी..
लखन : (सामने देखते) आपको कब जाना हे..?
पुनम : (सामने देखते) जीतनी जल्दी हो सके.. (सृतीकी ओर देखते) दीदी.. मे इनको कब मील सकती हु..?
सृती : (सरमाकर मुस्कुराते) डीलीवरीको काफी टाइम हो गया हे.. आप मील सकती हो..
पुनम : (सरमाकर मुस्कुराते) भाइ.. आज मे सृतीदीदी वाले रुममे सोउगी.. अपनी बाकी बीवीओको नीपटाकर आजाओ.. आज पुरी रात हमारी.. फीर पता नही हमे कब मीलनेका मौका मीलेगा..
लखन : (मुस्कुराते) क्यु..? वहा आउगा तो नही मीलोगी..?
पुनम : (सरमाकर धीरेसे) अफकोर्स हम मीलेगे.. मे यहाकी बात कर रही हु.. वहा तो आप जीतनी बार मीलना चाहो हम मील सकते हे..
सृती : (सामने देखते) दीदी.. मे भी आना चाहती हु.. लेकीन कैसे.. मे आखरी दीनोमे उनके पास रहेना चाहती हु..
पुनम : (मुस्कुराते) मे आपको फोन करदुगी.. तब आजाना.. तीन चार दीन काफी होगा.. यहा हमारे पतीको भी तो सम्हालना हे..
सृती : (हसते) मे अकेली क्यु..? राधुदीदी.. रजुदी भी अभी हे.. ओर इनकी नीलुतो सदाबहार हेही.. हें..हें..हें.. ओर आजकल भाभी कोभी बहुत घुमाते हे.. वोभी तो हे.. हें..हें..हें..
लखन : (हसते) देखा..? ज्वेलेसी.. हें..हें..हें..
सृती : (जांगपे चपत लगाते) अरे.. मे क्यु जलुगी..? अब तो ये रोजका होगा.. जबसे मोमसे बात हुइ तबसे नही जलती.. मेनेतो भावीकाको भी अेक्सेप्ट करलीया हे.. ओर पता नही ओर कीतनी आयेगी.. आप फीकर मत करो.. बस मजे करो.. हें..हें..हें..
पुनम : (मुस्कुराते) सृतीदी.. ध्यान रहे.. चंदाभाभीके सामने नीलुका जीक्र मत करना.. वो उनके बेटेकी बीवी हे.. ये बात वो बरदास्त नही करपायेगी.. जबतक धीरेन हे.. इसके बाद वोही नीलुको हमारे पतीको सम्हालनेके लीये कहेगी.. लेकीन अभी इनमे काफी टाइम हे.. अब चले..?
सृती : (मुस्कुराते) कीतना..?
पुनम : (मुस्कुराते) सायद ढाइ से तीन साल.. फीर नीलुको उनकी जोब मील जायेगी.. लेकीन अब चंदाभाभी यही रहेगी.. हमेसाके लीये.. ओर मे हवेलीपे.. आप आती जाती रहेगी..
फीर तीनो आइसक्रीम लेकर पेमेन्ट देकर बाते करते घरकी ओर नीकल गये.. घर जाकर देखा तो सब इनके इन्तजारमे बैठे थे.. कीसीने डीनर नही कीया था.. फीर सबलोग खाना खाने बैठ गये.. ओर भावीकाकी बाते करते रहे.. पुनमने कुछ बाते छोडकर बाकीका सब कुछ बता दीया..
चंदा ये सुनकर बहुत खुस होगइ की अब भावीका हमेसाके लीये गांवमे रहेते होस्पीटल सम्हालने वाली हे.. फीर सबलोग सोफेपे बैठकर आइसक्रीम खा रहे थे.. तब लखन जानबुजकर चंदासे सटकर बैठ गया.. ओर सबसे छुपकर उनको छेडता रहा.. तो चंदा बहुत ही सरमाकर मुस्कुराती रही..
दीन बीतने लगे.. इसी बीच टीना ओर लखन भी अेक कोफी शोपमे मीले.. उस दीन टीना बहुत ही सजधजके आइ थी.. दोनोकी पहेली डेट थी.. ओर कोफी पीते बाते करते रहे.. ओर बातोसे दोनोके बीच ओर घनीस्टा बढ गइ.. टीना बाते करते बार बार लखनका हाथ छु लेती थी.. ओर आखीर उसने लखनसे प्यारका इजहार करलीया..
ओर अगली बार दुबारा बहुत ही जल्द मीलनेका वादा करके दोनो जुदा हुअे.. लखन भी रेग्युलर वसुधासे चेटपे बाते करने लगा.. ओर बात बहुत आगे बढी.. लखन अगली बार गांव आये तो वसुधाने उसे घरपे अकेले मीलने लीये कहा.. ओर दोनोके अफैरके बारेमे छुपानेके लीये कहा..
तो अेक दीन मुना अपनी क्लीनीकपे बैठा था.. बरखा अपनी छोटी बच्चीकी वजहसे अभी भी छुटीपे थी.. मुनाका फोन बज उठा.. देखा तो उनकी मामी गीताका फोन था.. आम तौरपे गीता कामके वक्त दोपहोरको ही फोन करती हे.. क्युकी तब उनका पती वीनोद घरसे बहार होता हे.. मुनाने फोन उठा लीया..
मुना : (मुस्कुराते धीरेसे) हेलो गीता डार्लींग.. बात करनेका टाइम मील गया..?
गीता : (सरमाकर धीरेसे) हां.. वो अभी अभी बहार गये हे.. तो सोचा पहेले आपसे बात करलु.. जानु.. मुजे आपसे कुछ कहेना हे..
मुना : (मुस्कुराते) हंम.. बोलो.. क्या कोइ खुसखबर तो नही..?
गीता : (आस्चर्यसे मुस्कुराते) हाय राम..? आपको कैसे पता..? कीसीने कुछ कहा हे क्या..?
मुना : (हसते) अरे नही यार.. मेतो बस अैसे ही केह रहा था.. बोलो.. क्या कहेना हे..?
गीता : (सरमाकर धीरेसे) जानु.. मे.. मे प्रेगनेन्ट हु.. आपसे.. मुजे पका यकीन हे ये हम दोनोका बच्चा हे.. क्युकी इतने साल होगये.. मे उनसे इतनी कोसीसोके बावजुद कभी नही हुइ..
मुना : (धीरेसे) तो क्या उनको सक नही होगा..?
गीता : (मुस्कुराते धीरेसे) नही.. सहेरसे वापस आनेके बाद मेने उसे कहाथा की हम सहेरमे पेपर सबमीट करवाने गये.. तब मे अेक वैदजीसे मीली थी.. ओर उसने मुजे जडी बुटी दीथी.. वो काम कर गइ.. तो मान गये... ओर बहुत खुस हुअे.. हें..हें..हें.. यारो दोस्तोमे पार्टीया दे रहे हे.. हें..हें..हें..
मुना : (मुस्कुराते) क्या कोइ रीस्तेदार नही हे..? मतलब.. आपके मायके वाले.. या फीर आपके ससुरालके पक्षमे.. उनको पता हे..?
गीता : (आंख गीली करते) हे.. लेकीन उन लोगोने हमारे साथ रीस्ता खतम करलीया हे.. ओर ससुरालमे भी कीसीने हमसे रीस्ता नही रखा..
मुना : (धीरेसे) क्यु..? अेक बात पुछु..? आपके ससुरालमे कौन कौन हे..
गीता : (आंख गीली करते) बताउगी.. आपको सब कुछ बताउगी.. लेकीन फोनपे नही.. कल सुबह वो अहेमादाबाद कीसी कामसे जा रहे हे.. तो क्या आप कल मीलने आओगे..?
मुना : (मुस्कुराते) नेकी ओर पुछपुछ.. जरुर आउगा.. दोनो मीलकर सेलीब्रेट करेगे.. हें..हें..हें..
गीता : (सरमाकर मुस्कुराते धीरेसे) मुजे पता हे आपका सेलीब्रेट.. हालत खराब कर देते हो.. पता नही आपके हथीयारने मुजपे क्या जादु करदीया मेतो आपकी दीवानी होगइ.. कल मीलते हे.. तब आपको सब कुछ बतादुगी.. सायद मेरे दीलका बोज भी कुछ कम होजाये..
कहेते फोन रखदीया.. मुना उनकी पुरी कहानी बसंतीके मुहसे सुन चुका था.. वो जानना चाहता थाकी गीता उनको कीतनी सचाइ बताती हे.. वो गीताको प्रेगनेन्ट करके अपना बदला लेना चाहता था.. जो उसने लेलीया.. लेकीन बदलेके चकरमे वो गीताको प्यार भी करने लगा था..
इसी दौरान भावीकाने भी अपने डीवोर्स पेपर तैयार करवा लीये.. ओर उन्होने पुनमको फोन करके बता दीया.. तब पुनमने कुछ अैसा कहा जीसे सुनकर भावीका भी चौंक गइ.. ओर उसने आज ही क्लीनीकसे डीवोर्स पेपर अपने साथ लेलीया.. वो जानती थीकी उनका ससुरतो बहार ही घुमता रहेता हे.. घरपे सीर्फ मां बेटे ही होगे.. भावीका थोडी डर भी रही थी....
कन्टीन्यु