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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - ३८
तब देवायत ओर मंजु दोनोही खडे होगये तो सृती देवायतकी ओर देखते कातील स्माइल करती रही.. ओर दोनो भावुके पासके बेडपे आगये.. तब अेक नर्स पानी ओर अेक गोली लेके आइ ओर मंजुको खीलादी तब देवायत बहार भानुके पास चला गया ओर दोनो बहारही होटेलथी वहा चाइ पीने चले गये.. ओर बाते करने लगे....अब आगे
इधर गांवमे लखन अपनी बाइक लेके भानुके गांव चला गया ओर १० मीनीटके बादही गांवके जनदीक पहोंच गया तब अेक पेडके नीचे खडा होके उसने लताको फोन कर दीया तो लताने आंगनका दरवाजा खोल दीया ओर वही दरवाजेके पीछे खडी रही तभी थोडीही देरमे लखन अपनी बाइक लेके सीधा अंदरही आगया तब लताने फटाफट दरवाजा बंध करलीया ओर जटसे अपने रुममे चली गइ..
तभी लखनभी बाइक रखके अंदर चला गया तब लता अपने बेडपे बेठीथी ओर भावेशका जुला जुला रहीथी भावेशभी सो गयाथा तभी लखन लताके पास जाके बेठ गया तो लताकी सांसे तेज चलने लगी.. अपनी नैन जुकाके पैरके नाखुनसे जमीनको खरोचने लगी वो आज पहेली बार अेसे अकेलेमे लखनसे मील रहीथी.. तो लखनभी पहेलीबार कीसी लडकीको अेसे मील रहाथा दोनोही अन्जानथे की क्या कहेना हे..
लखन : (धीरेसे हीमत करते) वो भावेश सो गया..?
लता : (सरमाते) हां.. अभी अभी सोया हे.. पानी पीयेगे..? आप बैठो में लेके आती हु..
कहेते लता जटसे खडी होगइ ओर कीचनमे भाग गइ.. फीर पानी लेके वापस रुमकी ओर बढने लगी तब उनकी दीलकी धडकन बढने लगी उनको समजमे नही आ रहाथा की सुरुआत कहासे करे.. फोनमे तो दोनोही बीन्दास लगे रहेते थे लेकीन आज रुबरु मीलते ही दोनो गभरा रहेथे लता हींमत करते अंदर चली गइ ओर लखनको पानी दीया तो लखनने पानी पीकर ग्लास वापस दीया तो लता वापस कीचनमे चली गइ ओर ग्लास रखके वापस आगइ ओर लखनके पास थोडी दुर खडी रही..
लखन : अरे बेठोनां.. इतनी दुरसे तुमसे मीलने आया हु..
लता : (सरमसे पानीपानी होगइ) वो..वो.. भावेश इधर सोया हे.. वहा.. भाभीके रुममे चले..?
तभी लखन खडे होकर बहार आगया तब लताने धीरेसे अपने रुमका दरवाजा बंध करलीया ओर भानुके रुमकी ओर चलने लगी तो लखनभी उनके पीछे जाने लगा.. जेसेही दोनो अंदर चले गये तो लताने इस रुमका दरवाजाभी बंध करदीया ओर पलट गइ तो लखन उनके पीछेही खडाथा.. उसने जोरोसे लताको अपनी बाहोमे भरलीया तो लताभी उनकी कमरमे हाथ डालके लखनको बाहोमे भीच लेती हे..
ओर लखनके सीनेमे सर रख देती हे.. दोनो काफी देर अेक दुसरोकी बाहोमे खडे रहे तभी लखन उनके पीछे आगया ओर अपने हाथ लताकी कमरमे डालते बाहोमे भरलीया फीर अपने सरको लताके गलेमे लगाके हल्कासा चुमने लगा.. तब लता बुरी तराह सरमा गइ ओर अपनी नजर जुकाली.. अपने दोनो हाथ लखनके हाथपे रख दीये.. फीर अचानक पलट गइ ओर लखनकी बाहोमे लमा गइ..
लखनने उसे फोरन अपनी गोदमे उठालीया तो लता अपना सर लखनके सीनेमे छुपने लगी उनकी सांसे तेज चलने लगी..फुफुफु..फुफुफु..की आवाज लखनके कानो तक आने लगी साथमे लताकी चुडीयोकी खनखनाहटभी बजने लगी.. लखन उसे बेडकी ओर लेगया ओर धीरेसे लताको पीठके बल लीटा दीया ओर खुदभी पास लेठके लताके उपर जुक गया.. ओर धीरेसे अपने होंठ लताके होंठोसे मीला दीया.. तो लताभी आंख बंध करके लखनका साथ देने लगी..
दोनो काफी देर अेक दुसरेके होंठोके रसपान करते रहे तब लताभी धीरे धीरे कामातुर होने लगी ओर धीरे धीरे अपनी सरमहया त्यागने लगी उसने लखनके गलेमे दोनो हाथ डाल दीये ओर लखनको अपने सीनेसे लगानेकी कोसीस करने लगी तभी लखन कीस करते अेक हाथ लताके उरोजोपे रख देता हे तब लता सरसे पांव तक हील गइ.. ओर लखनको जोरोसे बाहोमे भीच लीया.. तो लखन लताके गलेमे मुह छुपाते उनके गलेको चुमने लगा..तो लताके सरीरमे सुरसुराहट होने लगी..
तब लता अेकदम मदहोसीमे पुरी तराह कामाग्नीमे जलने लगी उनकी चुत फडफडाते पानीका रीसाव करने लगी.. धीरे धीरे करते उनकी सारी सरम हया दुर होगइ ओर लखनसे खुलके प्यारका खेल खेलने लगी.. वो अब कीसीभी तराह लखनमे समा जाना चाहती थी..तो दुसरी ओर लखनभी कामाग्नीमे जलेते लगातार लताके गलेको गालको ओर होंठोको चुमेही जा रहाथा ओर अेक हाथसे उनके बुब्स मसल रहा था..
लता : (मदहोसीमे) ससससीसीमंमंमंअअअअइइइइससहंहंहंमंमंमं ललखखनननन..
लखन : (कामुक्तासे) हंमम.. क्या.. हुआ.. हंहंमंमंंमममम डालदुउउउउ..हंममममम
लता : पता नहीइइ सससइइइइइ नननहीही नहीइइ दददर्दर्दर्द होगा सीसससइइइइ हंममम बुचचच..
लखन : बुचचच बुचचच नननहीहीही होहोगागा बससस अेकक बाबाररर हंमममम डालदुदु..
लता : (मदहोसीमे) हंममम हांहांहामम मननन हे तो सससइइइइ डाआआलोओओ उउउउसससहहहममम..
लता बहुतही कामुक लडकीथी वो पुरी तराह कामातुर हो चुकीथी वो चाहतीथी की लखन जटसे उनकी चुतमे अपना लंड डालदे लेकीन पहेली बार लंड डलवानेसे डरभी लग राहथा तभी लखन जटसे बेडसे उतर गया ओर अपना सर्ट नीकालने लगा फीर लताकोभी बेडसे उतारके साथ खडा कर दीया ओर उनके सब कपडे नीककालने लगा तब लताने उसे दिखावेकी नाकाम रोकनेकी कोसीस की.. वो बुरी तराह सरमसे पानीपानी होने लगी जब लखनने उनकी ब्रा नीकालदी तब उनके दोनो उरोज उछलके बहार आगये तब लताने अपने दोनो हाथ उनके बुब्सपे रख दीये ओर सरमसे नजरे चुराने लगी..
तभी लखनने उनका लंहेगाभी खीचलीया ओर लताको पुरी नंगी करदीया तब लता ना नुकुर करती रही.. ओर आखीरमे लखनसे रहा नही गया ओर लताको जोरोसे बाहोमे भीच लीया.. ओर लताके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगा तो लताभी मदहोसीमे छा चुकीथी वो भुल गइ की उनके तनपे अेकभी कपडा नही हे सीवाय उनकी पेन्टी.. जो सीकुडके वी सेइपमे अपनी चुतको ढकनेकी नाकाम कोसीस कर रहीथी..
लता लखनके सरको अपने सीनेमे दबाने लगी तो लखनने उनका मुह लताके बुब्सपे था तो बुब्सको मुहमे लेलीया ओर चुसने लगा तब लता पागलसी होगइ ओर लखनके कंधेपे सर डालके जोरोसे सीसकारीया करने लगी मानो वो सातवे आसमानमे पहोंच गइ हो उनके लीये ये सब नया अनुभव था उनको पताही नही था की प्यारमे इतना सुख मीलता हे अब उसने प्यारका हर लम्हा अनुभव करनेकी मनमे ठानली..
लखन लगातार लताके दोनो बुब्स बारी बारी चुमने लगा ओर बीच बीचमे बुब्सकी नीपलको अपने दातोसे दबाके हल्कासा खीचभी लेता तब लता पुरी तराह पागल होजाती ओर अपनी कमर लखनकी ओर बढाते उनसे चीपक जाती उसे पताही नही चलाकी लखनने उनकी पेन्टी कब उंगलीया फसाके नीकाल दी तब लखनका लंड खडे होते लताकी चुतमे ठोकर मारने लगा तो लताको अपनी चुतपे लखनका लंड महेसुस हुआ तब उसे होस आया तो वो जटसे लखनसे अलग होगइ ओर अपने दोनो हाथसे अपनी चुतको ढकने लगी..
लखन : (मदहोसीमे उखडी सांस से) क्या हुआ.. हंमम.. मन नही हे..? फीर मौका नही मीलेगा..
लता : (बुरी तराह सरमसे) वो.. भावेशको देखके आउ..? जागतो नही गया.. अभी आइ.. चाइ पीओगे..?
लखन : (हसते) अरे नही जगा हे.. सोया हे.. वरना आवाज आती.. चाइ नही मुजे तो तेरा दुध पीना हे.. पीलाओगी क्या..?
लता : (अेकदम सरमसे लाल होगइ) धत्.., मुजेतो सरम आ रही हे.. अभी बेठो आपके लीये दुध बनाके लाती हुं आप दुध पीते हो..?
लखन : (सरारतसे) हां.. लेकीन तेरा.. हें..हें..हें.., ओर अैसीही जाओ.. बीना कपडे..
लता : (बुरी तराह सरमाते) नही.. वो बहार..
लखन : (हसते) अरे कोइ नही हे तुमने सब दरवाजेतो बंध कीये हे..कोन आयेगा? जाओना.. फीर फटाफट आजाओ.. आजतो हमारा मीलन होकेही रहेगा चाहे तुम कीतनाभी मना करो..
लता : (सरमसे पानीपानी होते नजर जुकाते धीरेसे) नही.. क्या.. आज.. ये सब जरुरी हे.. हम सादीके बाद सब केरेंगेनां..
लखन : (हसते) नही लता हमने फोनपे कइ बार वादा कीया हे.. की सादीसे पहेले सब कुछ करेगे.. मेने अपनी कोलेज लाइफमे कभी कीसी लडकीको नही छुआ.. मेरे सब दोस्त सब कुछ अपनी गर्लफ्रेन्डके साथ कर चुके हे.. ओर मेरी गर्लफ्रेन्ड सीर्फ तुम हो.. जो हर लम्हा तुम्हारे साथ जी लेना चाहता हु..
लता : (इम्शोनल होते) क्या इतना प्यार करते हे मुजसे..? (कहेते दोडके लखनकी बाहोमे समा गइ) आइ लव यु लखन.., आइ लव यु सो मच..मे सब कुछ करुगी सीर्फ तुम्हारे लीये.. मुजे कभी मत छोडना..
लखन : (हसते बाहोमे भीचते) अरे पगली इसमे छोडनेकी बात कहासे आगइ? मेतो जींदगीभर तुजे अैसेही प्यार करता रहुगा.. क्या मुजपे भरोसा नही हे..?
लता : (लखनके होंठ चुमते) खुदसे ज्यादा.. अब कभी भरोसेकी बात मत करना.. ठीक हे आज हम सबकुछ करेगे मेरा सबकुछ आपको सोंप दुगी.. बस मेरा विस्वास कभी मत तोडना.. आज सही मायनोमे लता आपकी होजायेगी.. बस अेक डर था.. जो अब नही हे.. आप बैठो मे अभी मस्त केशरवाला दुध बनाके आइ..
कहेते लखनकी बाहोसे छुटके बहारकी ओर चली गइ फीर अेक बार अपने रुममे भावेशको देखके सीधी कीचनमे चली गइ अब उसे नंगी घुमनेमे कोइ सरम नही आ रहीथी वो कीचनमे जाके दुघ गरम करने लगी तब उसे अहेसास हुआकी लखन कीचनमे खडा होके उसे देख रहा हे तो मुह घुमाके दरवाजेकी ओर देख लीया तो सचमे लखन दरवाजेके पास अदब लगाके लताको देख रहाथा.. जीसे देखके लता खुब सरमाइ..
लता : (सरमसे) अरे.. आप..? बेठीयेना मे अभी लेके आइ..
लखन : (हसते) नही मेरी खुबसुरत बीवीका दीदार करनेदो.. बीना कपडोमे क्या मस्त दीख रही हो तुम..
लता : (अेकदम सरमाते) धत् जाइअेना.. मुजे सरम आ रहीहे.. अभी आती हुनां..
कहेते वो दुध देखने लगी तो दुधमे उफान आगया तो उसने दुध उतार लीया ओर उसमे केशर सकर सब मीला दीया ओर दो ग्लासमे भरलीया.., तभी उसे अपनी कमरमे लखनका हाथ महेसुस हुआ तो अेक बारतो डर गइ ओर जटसे मुह घुमाके देखा तबतक लखन उसे पीछेसे बाहोमे भरते उनके गलेको चुमने लगा, लखनकी इसी हरकतकी वजहसे लता मदहोसीमे छाने लगी ओर सीइइइ हंमममम की आवाज करने लगी तभी लखनने पीछेसेही अपने दोनो हाथसे लताके दोनो बुब्स पकडलीये ओर हल्कासा दबाके मसलने लगा..
लता : (मदहोसीमे) सीसीसससइइइइ हंमम आहहहह छोडीयेनानाना कुछछछ होररररहाहाहा हेहेअेअेससइइइइइ
लखन : (कामुक्तासे) क्या होहोरररहाहाहा हेहेहे हंममम बोबोललनानानां? डालदु हंमम बोललल हंममम..
लता : ननहहीहीइइइ यहाआआ ननहीहीइइइ प्लीइइजजज, अंअंददरररर चचलोलो सससससइइइइइ..
कहातो लखन उनके गलेको लगातार चुमता रहा.. ओर लताके उरोजोको मसलता रहा.. दोनोही पुरी तराह कामाग्नीमे जलने लगे तभी लखनने अपना अेक हाथ लताकी चुतपे रख दीया तो लता सरसे पांव तक कांपने लगी ओर लखन चुतको सहेलाने लगा तो लतासे दरदास्तके बहार होने लगा तभी लता अेक दम पलट गइ ओर लखनकी बाहोमे समा गइ तो लखनने वापस हाथ चुतपे रख दीया ओर लताके होंठोसे अपने होंठ मीला दीया ओर जोरोसे भीचके अपने हाथकी अेक मीडल उंगली लताकी चुतमे घुसादी जीनकी वजहसे लताने फोरन लीपकीस तोड दी ओर लखनका हाथ हटाने लगी वो लखनसे छुटनेकी कोसीस करने लगी..
लता : (रोने वाली आवाजमे) प्लीजजज नहीही नहीही नहीइइ अभी नहीही अंदररर चलोलो प्लीज..
लखन : (कमरसे पकडते अपनी ओर खीचते) अंदर दोगी? हंममम बोललल दोगीना..?
लता : (सरमसे पानीपानी होते) हंहंममम हा..हा..हहा.. चलो.. प्लीज.. यहा नही..
लखन : (लताको गोदमे उठाते) चलो तुम्हे अंदर छोडदु फीर मे दुध लेके आता हु..
लता : (सरमसे) अरे.. मे लाती हुनां..
लखन : (हसते) अरे मेरी बीवीको कुछ नही करने दुगा.. तुम सीर्फ मुजे प्यार दो..
कहेते लखन लताको गोदमे उठाते रुममे लेकर आता हे तबतक लता सीर्फ लखनकी आंखोमे सरमाती देखती रही.. आज उसे लखनपे बहुत प्यार आरहा था लखन उनकी अेक अेक बात मान लेताथा ओर उनकी बहुत केरभी करताथा.. लता अपने आपको भाग्यशाली समजने लगी ओर लखनको प्यार भरी नजरोसे देखती रही.. तभी लखनने लताको बेडपे बडीही सावधानीसे पीठके बल सुला दीया ओर वो कीचनमे दुध लेने चला गया ओर वापस अपने हाथोमे दो दुधका ग्लास लेके आगया ओर वही टेबलपे रख दीया....
कन्टीन्यु
अध्याय - ३८
तब देवायत ओर मंजु दोनोही खडे होगये तो सृती देवायतकी ओर देखते कातील स्माइल करती रही.. ओर दोनो भावुके पासके बेडपे आगये.. तब अेक नर्स पानी ओर अेक गोली लेके आइ ओर मंजुको खीलादी तब देवायत बहार भानुके पास चला गया ओर दोनो बहारही होटेलथी वहा चाइ पीने चले गये.. ओर बाते करने लगे....अब आगे
इधर गांवमे लखन अपनी बाइक लेके भानुके गांव चला गया ओर १० मीनीटके बादही गांवके जनदीक पहोंच गया तब अेक पेडके नीचे खडा होके उसने लताको फोन कर दीया तो लताने आंगनका दरवाजा खोल दीया ओर वही दरवाजेके पीछे खडी रही तभी थोडीही देरमे लखन अपनी बाइक लेके सीधा अंदरही आगया तब लताने फटाफट दरवाजा बंध करलीया ओर जटसे अपने रुममे चली गइ..
तभी लखनभी बाइक रखके अंदर चला गया तब लता अपने बेडपे बेठीथी ओर भावेशका जुला जुला रहीथी भावेशभी सो गयाथा तभी लखन लताके पास जाके बेठ गया तो लताकी सांसे तेज चलने लगी.. अपनी नैन जुकाके पैरके नाखुनसे जमीनको खरोचने लगी वो आज पहेली बार अेसे अकेलेमे लखनसे मील रहीथी.. तो लखनभी पहेलीबार कीसी लडकीको अेसे मील रहाथा दोनोही अन्जानथे की क्या कहेना हे..
लखन : (धीरेसे हीमत करते) वो भावेश सो गया..?
लता : (सरमाते) हां.. अभी अभी सोया हे.. पानी पीयेगे..? आप बैठो में लेके आती हु..
कहेते लता जटसे खडी होगइ ओर कीचनमे भाग गइ.. फीर पानी लेके वापस रुमकी ओर बढने लगी तब उनकी दीलकी धडकन बढने लगी उनको समजमे नही आ रहाथा की सुरुआत कहासे करे.. फोनमे तो दोनोही बीन्दास लगे रहेते थे लेकीन आज रुबरु मीलते ही दोनो गभरा रहेथे लता हींमत करते अंदर चली गइ ओर लखनको पानी दीया तो लखनने पानी पीकर ग्लास वापस दीया तो लता वापस कीचनमे चली गइ ओर ग्लास रखके वापस आगइ ओर लखनके पास थोडी दुर खडी रही..
लखन : अरे बेठोनां.. इतनी दुरसे तुमसे मीलने आया हु..
लता : (सरमसे पानीपानी होगइ) वो..वो.. भावेश इधर सोया हे.. वहा.. भाभीके रुममे चले..?
तभी लखन खडे होकर बहार आगया तब लताने धीरेसे अपने रुमका दरवाजा बंध करलीया ओर भानुके रुमकी ओर चलने लगी तो लखनभी उनके पीछे जाने लगा.. जेसेही दोनो अंदर चले गये तो लताने इस रुमका दरवाजाभी बंध करदीया ओर पलट गइ तो लखन उनके पीछेही खडाथा.. उसने जोरोसे लताको अपनी बाहोमे भरलीया तो लताभी उनकी कमरमे हाथ डालके लखनको बाहोमे भीच लेती हे..
ओर लखनके सीनेमे सर रख देती हे.. दोनो काफी देर अेक दुसरोकी बाहोमे खडे रहे तभी लखन उनके पीछे आगया ओर अपने हाथ लताकी कमरमे डालते बाहोमे भरलीया फीर अपने सरको लताके गलेमे लगाके हल्कासा चुमने लगा.. तब लता बुरी तराह सरमा गइ ओर अपनी नजर जुकाली.. अपने दोनो हाथ लखनके हाथपे रख दीये.. फीर अचानक पलट गइ ओर लखनकी बाहोमे लमा गइ..
लखनने उसे फोरन अपनी गोदमे उठालीया तो लता अपना सर लखनके सीनेमे छुपने लगी उनकी सांसे तेज चलने लगी..फुफुफु..फुफुफु..की आवाज लखनके कानो तक आने लगी साथमे लताकी चुडीयोकी खनखनाहटभी बजने लगी.. लखन उसे बेडकी ओर लेगया ओर धीरेसे लताको पीठके बल लीटा दीया ओर खुदभी पास लेठके लताके उपर जुक गया.. ओर धीरेसे अपने होंठ लताके होंठोसे मीला दीया.. तो लताभी आंख बंध करके लखनका साथ देने लगी..
दोनो काफी देर अेक दुसरेके होंठोके रसपान करते रहे तब लताभी धीरे धीरे कामातुर होने लगी ओर धीरे धीरे अपनी सरमहया त्यागने लगी उसने लखनके गलेमे दोनो हाथ डाल दीये ओर लखनको अपने सीनेसे लगानेकी कोसीस करने लगी तभी लखन कीस करते अेक हाथ लताके उरोजोपे रख देता हे तब लता सरसे पांव तक हील गइ.. ओर लखनको जोरोसे बाहोमे भीच लीया.. तो लखन लताके गलेमे मुह छुपाते उनके गलेको चुमने लगा..तो लताके सरीरमे सुरसुराहट होने लगी..
तब लता अेकदम मदहोसीमे पुरी तराह कामाग्नीमे जलने लगी उनकी चुत फडफडाते पानीका रीसाव करने लगी.. धीरे धीरे करते उनकी सारी सरम हया दुर होगइ ओर लखनसे खुलके प्यारका खेल खेलने लगी.. वो अब कीसीभी तराह लखनमे समा जाना चाहती थी..तो दुसरी ओर लखनभी कामाग्नीमे जलेते लगातार लताके गलेको गालको ओर होंठोको चुमेही जा रहाथा ओर अेक हाथसे उनके बुब्स मसल रहा था..
लता : (मदहोसीमे) ससससीसीमंमंमंअअअअइइइइससहंहंहंमंमंमं ललखखनननन..
लखन : (कामुक्तासे) हंमम.. क्या.. हुआ.. हंहंमंमंंमममम डालदुउउउउ..हंममममम
लता : पता नहीइइ सससइइइइइ नननहीही नहीइइ दददर्दर्दर्द होगा सीसससइइइइ हंममम बुचचच..
लखन : बुचचच बुचचच नननहीहीही होहोगागा बससस अेकक बाबाररर हंमममम डालदुदु..
लता : (मदहोसीमे) हंममम हांहांहामम मननन हे तो सससइइइइ डाआआलोओओ उउउउसससहहहममम..
लता बहुतही कामुक लडकीथी वो पुरी तराह कामातुर हो चुकीथी वो चाहतीथी की लखन जटसे उनकी चुतमे अपना लंड डालदे लेकीन पहेली बार लंड डलवानेसे डरभी लग राहथा तभी लखन जटसे बेडसे उतर गया ओर अपना सर्ट नीकालने लगा फीर लताकोभी बेडसे उतारके साथ खडा कर दीया ओर उनके सब कपडे नीककालने लगा तब लताने उसे दिखावेकी नाकाम रोकनेकी कोसीस की.. वो बुरी तराह सरमसे पानीपानी होने लगी जब लखनने उनकी ब्रा नीकालदी तब उनके दोनो उरोज उछलके बहार आगये तब लताने अपने दोनो हाथ उनके बुब्सपे रख दीये ओर सरमसे नजरे चुराने लगी..
तभी लखनने उनका लंहेगाभी खीचलीया ओर लताको पुरी नंगी करदीया तब लता ना नुकुर करती रही.. ओर आखीरमे लखनसे रहा नही गया ओर लताको जोरोसे बाहोमे भीच लीया.. ओर लताके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगा तो लताभी मदहोसीमे छा चुकीथी वो भुल गइ की उनके तनपे अेकभी कपडा नही हे सीवाय उनकी पेन्टी.. जो सीकुडके वी सेइपमे अपनी चुतको ढकनेकी नाकाम कोसीस कर रहीथी..
लता लखनके सरको अपने सीनेमे दबाने लगी तो लखनने उनका मुह लताके बुब्सपे था तो बुब्सको मुहमे लेलीया ओर चुसने लगा तब लता पागलसी होगइ ओर लखनके कंधेपे सर डालके जोरोसे सीसकारीया करने लगी मानो वो सातवे आसमानमे पहोंच गइ हो उनके लीये ये सब नया अनुभव था उनको पताही नही था की प्यारमे इतना सुख मीलता हे अब उसने प्यारका हर लम्हा अनुभव करनेकी मनमे ठानली..
लखन लगातार लताके दोनो बुब्स बारी बारी चुमने लगा ओर बीच बीचमे बुब्सकी नीपलको अपने दातोसे दबाके हल्कासा खीचभी लेता तब लता पुरी तराह पागल होजाती ओर अपनी कमर लखनकी ओर बढाते उनसे चीपक जाती उसे पताही नही चलाकी लखनने उनकी पेन्टी कब उंगलीया फसाके नीकाल दी तब लखनका लंड खडे होते लताकी चुतमे ठोकर मारने लगा तो लताको अपनी चुतपे लखनका लंड महेसुस हुआ तब उसे होस आया तो वो जटसे लखनसे अलग होगइ ओर अपने दोनो हाथसे अपनी चुतको ढकने लगी..
लखन : (मदहोसीमे उखडी सांस से) क्या हुआ.. हंमम.. मन नही हे..? फीर मौका नही मीलेगा..
लता : (बुरी तराह सरमसे) वो.. भावेशको देखके आउ..? जागतो नही गया.. अभी आइ.. चाइ पीओगे..?
लखन : (हसते) अरे नही जगा हे.. सोया हे.. वरना आवाज आती.. चाइ नही मुजे तो तेरा दुध पीना हे.. पीलाओगी क्या..?
लता : (अेकदम सरमसे लाल होगइ) धत्.., मुजेतो सरम आ रही हे.. अभी बेठो आपके लीये दुध बनाके लाती हुं आप दुध पीते हो..?
लखन : (सरारतसे) हां.. लेकीन तेरा.. हें..हें..हें.., ओर अैसीही जाओ.. बीना कपडे..
लता : (बुरी तराह सरमाते) नही.. वो बहार..
लखन : (हसते) अरे कोइ नही हे तुमने सब दरवाजेतो बंध कीये हे..कोन आयेगा? जाओना.. फीर फटाफट आजाओ.. आजतो हमारा मीलन होकेही रहेगा चाहे तुम कीतनाभी मना करो..
लता : (सरमसे पानीपानी होते नजर जुकाते धीरेसे) नही.. क्या.. आज.. ये सब जरुरी हे.. हम सादीके बाद सब केरेंगेनां..
लखन : (हसते) नही लता हमने फोनपे कइ बार वादा कीया हे.. की सादीसे पहेले सब कुछ करेगे.. मेने अपनी कोलेज लाइफमे कभी कीसी लडकीको नही छुआ.. मेरे सब दोस्त सब कुछ अपनी गर्लफ्रेन्डके साथ कर चुके हे.. ओर मेरी गर्लफ्रेन्ड सीर्फ तुम हो.. जो हर लम्हा तुम्हारे साथ जी लेना चाहता हु..
लता : (इम्शोनल होते) क्या इतना प्यार करते हे मुजसे..? (कहेते दोडके लखनकी बाहोमे समा गइ) आइ लव यु लखन.., आइ लव यु सो मच..मे सब कुछ करुगी सीर्फ तुम्हारे लीये.. मुजे कभी मत छोडना..
लखन : (हसते बाहोमे भीचते) अरे पगली इसमे छोडनेकी बात कहासे आगइ? मेतो जींदगीभर तुजे अैसेही प्यार करता रहुगा.. क्या मुजपे भरोसा नही हे..?
लता : (लखनके होंठ चुमते) खुदसे ज्यादा.. अब कभी भरोसेकी बात मत करना.. ठीक हे आज हम सबकुछ करेगे मेरा सबकुछ आपको सोंप दुगी.. बस मेरा विस्वास कभी मत तोडना.. आज सही मायनोमे लता आपकी होजायेगी.. बस अेक डर था.. जो अब नही हे.. आप बैठो मे अभी मस्त केशरवाला दुध बनाके आइ..
कहेते लखनकी बाहोसे छुटके बहारकी ओर चली गइ फीर अेक बार अपने रुममे भावेशको देखके सीधी कीचनमे चली गइ अब उसे नंगी घुमनेमे कोइ सरम नही आ रहीथी वो कीचनमे जाके दुघ गरम करने लगी तब उसे अहेसास हुआकी लखन कीचनमे खडा होके उसे देख रहा हे तो मुह घुमाके दरवाजेकी ओर देख लीया तो सचमे लखन दरवाजेके पास अदब लगाके लताको देख रहाथा.. जीसे देखके लता खुब सरमाइ..
लता : (सरमसे) अरे.. आप..? बेठीयेना मे अभी लेके आइ..
लखन : (हसते) नही मेरी खुबसुरत बीवीका दीदार करनेदो.. बीना कपडोमे क्या मस्त दीख रही हो तुम..
लता : (अेकदम सरमाते) धत् जाइअेना.. मुजे सरम आ रहीहे.. अभी आती हुनां..
कहेते वो दुध देखने लगी तो दुधमे उफान आगया तो उसने दुध उतार लीया ओर उसमे केशर सकर सब मीला दीया ओर दो ग्लासमे भरलीया.., तभी उसे अपनी कमरमे लखनका हाथ महेसुस हुआ तो अेक बारतो डर गइ ओर जटसे मुह घुमाके देखा तबतक लखन उसे पीछेसे बाहोमे भरते उनके गलेको चुमने लगा, लखनकी इसी हरकतकी वजहसे लता मदहोसीमे छाने लगी ओर सीइइइ हंमममम की आवाज करने लगी तभी लखनने पीछेसेही अपने दोनो हाथसे लताके दोनो बुब्स पकडलीये ओर हल्कासा दबाके मसलने लगा..
लता : (मदहोसीमे) सीसीसससइइइइ हंमम आहहहह छोडीयेनानाना कुछछछ होररररहाहाहा हेहेअेअेससइइइइइ
लखन : (कामुक्तासे) क्या होहोरररहाहाहा हेहेहे हंममम बोबोललनानानां? डालदु हंमम बोललल हंममम..
लता : ननहहीहीइइइ यहाआआ ननहीहीइइइ प्लीइइजजज, अंअंददरररर चचलोलो सससससइइइइइ..
कहातो लखन उनके गलेको लगातार चुमता रहा.. ओर लताके उरोजोको मसलता रहा.. दोनोही पुरी तराह कामाग्नीमे जलने लगे तभी लखनने अपना अेक हाथ लताकी चुतपे रख दीया तो लता सरसे पांव तक कांपने लगी ओर लखन चुतको सहेलाने लगा तो लतासे दरदास्तके बहार होने लगा तभी लता अेक दम पलट गइ ओर लखनकी बाहोमे समा गइ तो लखनने वापस हाथ चुतपे रख दीया ओर लताके होंठोसे अपने होंठ मीला दीया ओर जोरोसे भीचके अपने हाथकी अेक मीडल उंगली लताकी चुतमे घुसादी जीनकी वजहसे लताने फोरन लीपकीस तोड दी ओर लखनका हाथ हटाने लगी वो लखनसे छुटनेकी कोसीस करने लगी..
लता : (रोने वाली आवाजमे) प्लीजजज नहीही नहीही नहीइइ अभी नहीही अंदररर चलोलो प्लीज..
लखन : (कमरसे पकडते अपनी ओर खीचते) अंदर दोगी? हंममम बोललल दोगीना..?
लता : (सरमसे पानीपानी होते) हंहंममम हा..हा..हहा.. चलो.. प्लीज.. यहा नही..
लखन : (लताको गोदमे उठाते) चलो तुम्हे अंदर छोडदु फीर मे दुध लेके आता हु..
लता : (सरमसे) अरे.. मे लाती हुनां..
लखन : (हसते) अरे मेरी बीवीको कुछ नही करने दुगा.. तुम सीर्फ मुजे प्यार दो..
कहेते लखन लताको गोदमे उठाते रुममे लेकर आता हे तबतक लता सीर्फ लखनकी आंखोमे सरमाती देखती रही.. आज उसे लखनपे बहुत प्यार आरहा था लखन उनकी अेक अेक बात मान लेताथा ओर उनकी बहुत केरभी करताथा.. लता अपने आपको भाग्यशाली समजने लगी ओर लखनको प्यार भरी नजरोसे देखती रही.. तभी लखनने लताको बेडपे बडीही सावधानीसे पीठके बल सुला दीया ओर वो कीचनमे दुध लेने चला गया ओर वापस अपने हाथोमे दो दुधका ग्लास लेके आगया ओर वही टेबलपे रख दीया....
कन्टीन्यु