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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - ९
तभी उनके सरीरमे हजारो चीटीया रेगंती महेसुस करने लगी ओर वो स्वर्गमे पहोच गइ तो अचानक उनकी चुतसे अेक सफेद फवारा नीकला जीनकी वजहसे वो पुरी कांप गइ ओर हांफने लगी..फीर जुकके चुतकी ओर देखते सरमा गइ ओर मुस्कराते चुतको पानीसे साफ करने लगी फीर अपनी पेन्टी नही पहेनी ओर कपडे पहेनके बहार आगइ ओर मुस्कराती रही.., उनका आज देवायतकी ओर जुकाव बढ गया था....अब आगे
तब दुसरी ओर देवायत ओर चंदा दोनोही बहुत कामुक होते अेक दुसरेके लंड चुतको सीक्स नाइन पोजीसनमे होते अपने मुहसे खरोद रहेथे तब चंदाकी चुतने थोडीही देरमे जवाब देदीया ओर देवायतके मुहमे पानीका फवारा छोड दीया तो देवायत चाटके उसको साफ करने लगा, चंदाके लीये कीतना प्यारा अहेसास था वो अेसा देवायतके साथ कइ बार कर चुकी थी..उनको देवायतका पानी बहुतही अच्छा लगता था....
तब देवायतने कमरके जटके मारने सुरु करदीये ओर पीचकारीया छोडके चंदाके मुहको भरने लगा तब देवायतजे पुरी ताकतसे कमरको चंदाके मुहमे दबा दीया ओर पानी सीधाही चंदाके हलकमे उतर गया, चंदाने देवायतके लंडको मुहसे नीकाल दीया ओर देवायतकी पीठमे मुका मारने लगी.. तब देवायत उनके उपरसे हसते हुअे उतर गया.. तब चंदाभी जटसे बेटसे उतर गइ ओर बाथरुमकी ओर भागने लगी..
चंदा : (बाथरुमकी ओर भागते) कीतने कमीने हो.., उब..उआ..उ..आ..उउउउ..
करते चंदा बाथरुममे घुस गइ ओर उलटीया करने लगी तब देवायत उनके पीछे हसते हुअे आ गया ओर उनकी पीठ सहेलाता रहा फीर चंदाने मुह साफ करलीया तो देवायतभी अपना मुह साफ करने लगा तब चंदाने हसते हुअे उनकी पीठमे मुका मारदीया ओर पीछेसे पकडके अपनी बाहोमे भरलीया.. तब देवायत पलटके चंदाको अपनी गोदमे उठालेता हे बहारकी ओर चलते चंदाको बेडपे पटक देता हे.. ओर खुद उनके उपर लेटता हे तब चंदा..
चंदा : (सरमाके जोरोसे हसते) बेडबोय.., मुजेतो मारही डाला था..पुरा घुसा दीया..सांसभी अटक गइथी..
देवायत : (हसते चुमते) अरे डार्लींग अेसे थोडी मरने देता..तुमसे पहेले मे मर जाता..
तब चंदा देवायतके मुहपे हाथ रख देती हे ओर अेक तमाचा देवायतके गालमे जड देती हे.., उनके आंसु आजाते हे तब देवायत गालपे हाथ रखते उनकी ओर देखते रहेता हे तो चंदा देवायतको कसके बाहोमे भीच लेती हे ओर उनके चहेरेको पागलकी तराह चुमने लगती हे फीर रुकके उनकी आंखोमे देखते कहेती हे..
चंदा : (रुहांसी आवाजमे) देवु..आजके बाद अेसी बात कभी मत करना..मे तेरे बगैर जी नही पाउगी..
देवायत : (उनके आंसु पोछते) बस..सांत..सांत होजा, बेबी..आइ अेम सोरी, कभी नही कहुगा..
चंदा : (आंसु बहाते) देवु पता हे मे तुमसे कीतना प्यार करती हु..? भगवानसे तुजे हर जन्मके लीये मांगती हु मे रोज यही इश्वरसे प्रार्थना करती हुकी मेरा देवु ही मुजे पतीके रुपमे मीले..
देवायत : (उनके गाल सहेलाते) हां चंदा..जीस तराह तुम मुजे प्यार करतीहे उसी तराह मंजुभी करती हे वोभी मुजे हर जन्मके लीये मांगती हे.. मेभी प्रर्थना करता हु हर जन्ममे मुजे तुम दोनोही मीलो..क्या अपनी सौतनको स्वीकार करोगी..हें..हें..हें..
चंदा : (सरमाते सीनेमे मुका मारते) कीतने कमीने हो.., चलो ठीक हे.., अेक सौतन बरदास्त करलुगी.. हें..हें..हें..
देवायत : बेबी मुजे आपको अेक बात कहेनी हे..हां आपभी मुजे कुछ कहेने वाली थी..
चंदा : (सीरीयस होते) बाबु मुजे लगता हे अब मेरा यहा रहेना मु्स्कील लगता हे..वो गांवके लोग मेरे बारेमे तराह तराहकी बाते उडाने लगे हे..मुजे नही रहेना सरपंच.., जीनको सरपंच बनान हे वोही बाते फैलाता हे.., अबतो धिरेनभी जवान हो गया हे..वो सारा दीन रुममे पडा रहेता हे ओर पता नही मोबाइलमे क्या देखते रहेता हे..स्वभावभी बहुत चीडचीडा हो गया हे.., लगता हे गांव वालोकी बाते वोभी सुन चुका हे..
देवायत : कोन हे वो कमीना तुम सीर्फ नाम बताओ.., आजही उसे ठीक करदुगा.., ओर रही बात धिरेनकी तो.. (हसते) हां जवानीमे अेसा होता हे मेरा लखनभी अेसा हो गया हे.., इसीलेतो उनका रीस्ता तैय करदीया हे.. बस इसी सीलसीलेमे धिरेनकी तुमसे बात करनी थी..
चंदा : (हसते) क्या धिरेनके बारेमे..? कोनसी बात..?
देवायत : (चंदाके होंठको चुमते) बेबी..अब मेरी बहेन पुनमभी जवानीके दहेलीजपे कदम रख चुकी हे..ओर मे चाहता हु हमारे धीरेनसे उनकी सादी होजाये..क्या कहेती हो..? सीर्फ बता रह हु फोर्स नही करता.., पसंद ना होतो मना करदेना मेरे व्यवहारमे कोइ फर्क नही पडेगा.., क्या कहेती हो..?
चंदा : (खुसीसे हसते) कीतने कमीने हो..अरे बाबु पुनम जेसी लडकी मुजे कहा मीलेगी..? बस अेक बार धीरेनसे पुछलु.., मुजे कोइ अेतराज नही मेरी ओरसे रीस्ता पका हें..हें..हें.., चलो मुह मीठा करवाओ.. हें..हें..हें..
देवायत : (होंठ चुमते) मुं...हां.....लो हो गया अब चुतभी मीठी करवाता हु चल तैयार होजा..
चंदा : (जोरोसे हसते) कीतने कमीने हो.., रीस्ता पका करने आयेहो मेरे बेटेका वोभी उनकी मां चोदते हुअे.., हें..हें..हें..चलो आजाओ..आज रीस्ता पका करही लेते हे..
तब देवायत चंदाके पैरके बीच चला जाता हे तो चंदा अपना दोनो पैर घुटनोसे मोडके फैला देती हे ओर देवायतकी ओर कामुक नजरसे देखते हसती रहेती हे, देवायत लंडको पकडके चंदाकी चुतपे घीसने लगता हे तब चंदा आधी नसीली आंख करते सीसकारीया करने लगती हे तभी लंड गीला होतेही देवायत चुतके लव होलमे लंडके टोपेको फसा देता हे ओर चंदाके उपर लेट जाताहे तब चंदा उसे कसके बाहोमे भीच लेती हे..ओर जोरोसे सीसकारीया करते देवायतके होंठ भीचलेती हे फीर उनकी ओर सरमाते देखती हे..
देवायत : (कामुक आवाजमे) चंदा.. डालदु..? हं.. बोलनां..तेरी चुत आजभी कसी हुइ हे..हां..बोलनां..
चंदा : (मादक आवाजमे) हांआआआ..डालदो..क्यु तडपाते हो..सीइइइइ दे..वु..प्लीज...
देवायत : (मदहोसीमे) कीतना..? पुरा डालदु..? हां..बोल..बोलनां..
चंदा : हां..पुरा डालदो.., मत तडपाओ..बच्चा देदो..भरदो मेरी ..चुतको..डालोनां.. सीसीसीइइइइइअअअससस
तब देवायत चंदाके बुब्सकी नीपलको अपने होंठोसे दबाके खीचता हे तो चंदा पागल जेसी होजाती हे ओर देवायतके नींतबपे दोनो हाथ रखके देवायतकी कमरको अपनी चुतपे दबाने लगती हे तब देवायतने अेकही जटकेमे पुरा लंड चंदाकी चुतमे घुसा दीया.., चंदाकी चीख नीकल गइ ओर अपने पैर बेटपे पटकते आंसु बहाने लगी..क्युकी देवायतने अेकही बारमे पुरा लंड घुसा दीयाथा तो वो बरदास्त नही करपाइ
चंदा : (रोते) देवु..प्लीज. प्लीज..रुको..बहुत जलन होती हे..यार..अेकही बार मे घुसा दीया..
देवायत : सोरी बेबी तुजे देखतेही जोस चडा हुआथा..नही रोक पाया..अभी ठीक होजायेगा..
देवायत थोडी देर अेसेही रहेता हे तब चंदाको राहत महेसुस हुइ तब उनकी दर्द भरी सीसकारीया कामुक सीसकारीयामे तबदील होगइ ओर अपनी कमर धीरे धीरे हीलाने लगी तो देवायतभी समज जाता हे ओर वो धीरे धीरे कमर हीलाते जटके मारने लगता हे ओर चंदाकी चुदाइ करने लगता हे, वो बीच बीचमे चंदाके होंठ ओर बुब्सको चुसता रहेता हे तब चंदा अेकदम मदहोस हो चुकीथी ओर देवायतका साथ दे रही थी.. वो दोनो हाथसे चदर पकडके लगातार चुदते हुअे देवायतकी आंखोमेही देख रही थी..
चंदा : सीइइइइ जानु..थोडा जोरोसे..ब..हु..त..म..जा..आ..र..हा..हे..अेअेअेअसीइइइ आह..आह..आह..
देवायत : (जोरोसे चोदते) पुरा..डालदु..हां..बोलना..देदु बच्चा..हं..तु मस्त..चीज..हे..बोलना..बच्चा..देदु..
चंदा : (नसीली आधी बंध आंखोसे) नही..पता..सीइइइ आह..उइइइ ओह..ओह..ओह.इइइ गगगइइइइइइ..
कहेते चंदा देवायतको कसके बाहोमे भीचलेती हे ओर जडने लगतीहे..,तब नीढाल होके चुदवाती रहेती हे उनके दोनो बुब्स जोरोसे चुदाइकी वजहसे उछल रहेथे.., देवायत अबभी जोरोसे चोदेअी जा रहाथा दोनोही चुदाइ करते कामुक बाते करते चुदाइ कर रहेथे तब देवायत अकडके कमरको जटके मारने लगा तो चंदाने कसके बाहोमे भीचलीया ओर होंठोको लीपलोक करलीया तभी देवायका लावा छुटके चंदाकी चुतको भरता रहा
जब तुफानका भवंडर चंदाकी चुतको भरके सांत हो गया तब देवायत चंदाके उपर ढेर होगया तब चंदा उनकी पीठ सहेलाती रही ओर दोनोही अपनी सांस कंटड्ढोल करते रहे थोडी देर दोनोही बीना कुछ बोले अेसेही अेक दुसरोकी आगोसमे पडे रहे तब देवायतका लंड अबभी चंदाकी चुतमे मुरजा हुआ पडा था तब चंदाको अपनी चुतके अंदर चीपचीपासा लग रहाथा तो देवायतको अपने उपरसे हटनेको कहेने लगी..
चंदा : (धीरेसे थकी हुइ आवाजमे) देवु..दे..वु.., हटोनां..बाथरुम जाना हे..
देवायत : (सर उचा करते) हां हां..रहेने देना..अंदर अबभी गरम भठी जेसा लग रहा हे..मुजे अेक बार ओर करना हे..अेसेही रहेने देना..
चंदा : क्या रहेने देनां.., देखो कीतने बजे हे..खाना नही खाना क्या..? फीर कर लेना..साम तक उपरसे नही उतरने दुगी बस.., चलना भुख लगी हे..पता नही कीतना पानी नीकालतेहो पुरी चुत भरी हे.., तुमनेतो अेकही बारमे थका दीया.. पता हे मुजे तीन बार जडा दीया हे..हीलनेकी ताकात नही हे..मुजे ले चलोनां..
तब देवायत उनके उपरसे हट जाता हे तब लंड नीकतेही फच..की आवाज आती हे तो देवायत हसने लगता हे तो चंदा सरमा गइ ओर अेसेही पडी रही तब उनकी चुतसे दोनोका कामरस चुतसे बहारकी ओर टपकने लगा.., तब चंदा हाथके बल उची होगइ ओर चुतमे दबाव बनाते पुरे रसको बहारकी ओर उडेलनेकी कोसीस करती रही.., वो प्रेगनेन्ट होना नही चाहतीथी सब रस नीकल गयातो चुतको अपनी पेन्टीसे साफ करलीया..
फीर देवायतकी ओर हसते हुअे हाथ लंबा करदीया तो देवायत उसे गोदमे उठा लेता हे ओर बाथरुमे लेजाता हे तब दोनोही नहाने लगतेहे तब चंदाके लंबे खुले बाल देखते देवायत फीरसे गरम हो जाता हे ओर नहाते नहाते चंदाकी मस्ती करते छेडछाड करने लगता हे तब अेकबार फीरसे दोनो गरम होके उतेजीत हो गये.. तभी देवायतने चंदाको पीछेसे बाहोमे भीचलीया ओर पीछेसे ही खडेखडे लंको चंदाकी चुतमे घुसा दीया
दोनोही खडे खडे चुदाइ करने लगे जब दोनो जड गये तो चंदा देवायतसे छुटके मुका मारते हसती हुइ बहार भाग गइ..फीर दोनोही तैयार होके नीचे आगये, चंदाने अपने बालोका ढीला जुडा बनालीया ओर खाना गरम करके नीकालने लगी जब खाना नीकालके बहार आइ तो देवायतने उसे अपनी जांगोपे गोदमे बीठा दीया ओर अपने हाथोसे खीलाने लगा तो चंदाभी देवायतको खीलाती रही दोनोही प्यारकी भावनामे बहेकते अेक दुसरेको खीलाने लगे ओर खाना खा लीया तब चंदाने सब बरतन धोके रखदीये..
जब चंदा सब काम नीपटाके बहार आइ तो देवायतने उसे फीरसे गोदमे उठालीया ओर उपर बेडरुममे लेगया फीर दोनो प्यारकी आगोसमे चले गये ओर दो जीस्म अेक जान होगये साम ६ बजे तब बीना नीचे उतरे ही देवायत चंदाकी जमकर चुदाइ करता रहा, तब चंदाभी देवायतका पुरा साथ देती रही, आखीर उनका पतीजो था, साम तक देवायत चंदाकी चुतको चार बार भर चुका था फीर दोनो नहाके तैयार हो गये..
चंदाने अपने कपडे पेक करलीये वो आज अच्छेसे तैयार हुइथी बस उसने सामको अपनी मांग नही भरी, क्युकी वो देवायतके घर जा रही थी वहा मंजुको पता चल जाता.., बाकी जबभी घरमे अकेली होतीथी वो देवायतके नामकी मांग भरना नही भुलती थी, चंदाने घरको ठीकसे ताला लगादीया.. तबतक देवायत कार के बहार खडा रहा फीर चंदाने गेइटभी अच्छेसे बंध कीया ओर आकर देवायतकी बगल वाली सीटमे बेठ गइ..
चंदा : (हसते) तो मजनुजी चले..? आजतो मेरी सारी कशर पुरी करदी.. अभीभी नीचे हल्का दर्द हो रहा हे.., देखना वहाभी मेरा खयाल रखना पडेगा.. अभीसे केह देती हु.. हें..हें..हें..
देवायत : (कार चलाते) अरे चलोतो सही..वहा अेसी बजाउगाकी ठीकसे चलभी नही सकोगी..
चंदा : (सरमाते हसते) ना बाबा नां देखना..हमारी फजीहत ना होजाये.., अगर मंजुको सक हो गयातो दोनो गये कामसे..हें..हें..हें..
देवायत : (हसते) अरे नही..मेरी मंजुतो खुस होजायेगी..हें..हें..हें.., तुजे पता हे मंजु अब नही कर सकती..तो उसने मुजे पुरी छुट दे रखी हे..
चंदा : (जोरोसे हसते) क्या..मंजुने छुट देदी..? इम्पोसीबल..वो तुमसे बहुत प्यार करती हे..कभी छुट नही देगी.., अगर मे होतीतो तुजे कच्चा ही चबा जाती..हें..हें..हें..
देवायत : (गंभीर होते) चंदा मुजे अेसा क्यु लग रहा हे..अेक दीन मे सबके सामने तुजे अपनाउगा..
चंदा : (सीरीयस होते) देवु.., ये क्या बोल रहेहो तुम..लोग क्या कहेगे..अेसा कभी नही होता..
देवायत : चंदा अगर तुजे सरपंच नही रहेना तो वहा रहेके क्या करोगी..? वहा सब बेचके धरही रहेने आजाओ.., यहा सब जमीन बाडी मकान खरीद लेना.. बाकी वहा उन लोगोको मे देख लुगा..
चंदा : नही देवु..कीसीसे जगडा नही करना.., बस हमारे धिरेनकी सादी तक उधरही रहेना हे, मे सब सम्हाल लुगी..अगर तुम्हारी जरुरत पडी तो फोन करदुगी आजाना.., कमीना.. खुद उनकी भाभीको ठोकता हे ओर मुजे बदनाम करता हे..
देवायत : (हसते) क्या उनके भाइको सब पता हे..? कोन हे वो..?
चंदा : भवान नाम हे उनका.., वोही अब सरपंच होना चाहता हे..इसीलीये मेरी जुठी बात फेलाता हे..
देवायत : कोन..वो भवान..भीमाका छोटा भाइ.., क्या ये वोहीतो नही..?
चंदा : (उनकी ओर देखते) हां..वोही.., क्या तुम जानतेहो उसे..?
देवायत : (कातील मुस्कानके साथ) हां..जानता हु उनका भाइ भीमा मेरा दोस्त हे.., हम स्कुलमे साथ पढते थे.., क्या वो कमीना भीमाकी बीवीकोही चोदता हे..
चंदा : (जुठा मुह बनाते देवायतको मुका मारते) हंहंहं.. छी.., कीतना गंदा बोलते हो.., सरमभी नही आती.. हां वोही हे.. अभी तक कोइ बच्चा नही हुआ..तो दोनो लगे होगे..हें..हें..हें.., देवु उनके भाइके बारेमे अेक बात बताउ..? जब उनकी सादी नही हुइथी तब वो खुद अपनी बहेनसेही..मतलब सब कुछ करते थे..,अब उनकी बहेनकीभी सादी हो गइ हे.. वो अब यहा कभी नही आती..घरमे सबको पता चल गया था.., हें..हें..हें..
देवायत : (हसते) देखा ये कमीनी आगही अेसी हे.. कोइ रीस्ते नाते नही देखते..
चंदा : (गंभीर होते) जानु..क्या अेसे रीस्ते जाइज होते हे..? जेसे हमारा.., मेभीतो आपकी मौसीजी हुं..
देवायत : (कार चलाते) नही चंदा हमने सच्चे दीलसे प्यार कीया हे, ओर तुजे अेक बातभीतो बतानी हे.., हमारे रीस्तेके बारेमे सीर्फ अेकही आदमीको पता हे..
चंदा : (चोंकते) कोन..हे..? कीसको पता हे..?
देवायत : (हसते) तु टेन्शन मत ले..वो त्रिकाल ज्ञानी हे.., उनको सब पता चल जाता हे.., हमारे गुरुबाबा.. वो सबकुछ हमारे बारेमे जानते हे.., बस वोही सब बाते मे तुमको बताने वाला था.., बेबी अब हमारे घरमे बहुत कुछ होने वाला हे.., वहा तुजे अकेलेमे फुरसतमे बताउगा..
चंदा : देवु अेसी क्या बात हे जो तु इतना चीतांमे दीख रहा हे..
देवायत : नही बेबी कोइ चीन्ता नही.. बस हम अकेले होगे तब तुजे सबकुछ बताउगा.., अभी उचीत वक्त नही हे.., बस तु अेक बार धिरेनसे पुछले.., मेरी मंजु सुनेगीतो बहुत खुस होजायेगी मेने उनसे बात छीपाइहे उनको सरप्राइज देने.., हें..हें..हें..
चंदा : (हसते) ओ..हो.., तो ये बात हे.. चलो मेभी मेरी भांजीकी खुसी देख सकुगी.., क्या पुनमको पता हे..?
देवायत : (हसते) नही..उनको सीर्फ इतना पता हे मे रीस्तेकी बात करने जा रहाहु..कहा कीसके साथ वो नही बताया.., बस उनकोभी सरप्राइज देनी हे.., हें..हें..हें..
चंदा : (जोरोसे हसते) ये सरप्राइज देना कहासे सीखके आये हे.., मुजे जातेही आइपील लेनी हे.., आपके प्यार करनेके चकरमे भुल गइ.., वरना कुछ दीनके बाद आपकोभी सरप्राइज मीलेगी हें..हें..हें..
देवायत : (हसते) तो अच्छा हेनांं.. करलेती हमारा अेक बच्चा..
चंदा : दे..वु.., आ..यु सीरीयस..? क्या सचमे आप बच्चा चाहते हो..? बाबु मेरीतो बहुत इच्छा हे.. पर नही कर सकती.. मजबुरी हे.. आपभी जानते हो.. सोरी यार.. फीरभी आप चाहतेहो तो मे कुछ सोचती हु..
देवायत : (हसते) नही बेबी..मेतो मजाकमे केह रहा हु.., कास हम पहेले मीले होते.. मे आपकी सारी तम्मना पुरी करदेता.. चलो हमारा गांव आगया.., हम इस बारेमे फीर कभी बात करेगे..
दोनोही अपने गांव आगये देवायतने कारको सीधेही हवेलीमे लेली ओर आंगनमे खडी करदी.. कारकी आवाज सुनतेही मंजु जटसे हसती हुइ आने लगी.., उनको पताथा उनकी खास सहेली ओर अेक लौती मौसीजो आने वालीथी, तब चंदा कारसे उतरतेही हसती हुइ मंजुकी ओर दोड पडी ओर उसे जोरोसे गले लग गइ तब उनके पेटका खयाल रखा.. फीर दुर हटके दोनो हाथ मंजुके गालपे रखदीया ओर हसते उनकी ओर देखती रही....
कन्टीन्यु
अध्याय - ९
तभी उनके सरीरमे हजारो चीटीया रेगंती महेसुस करने लगी ओर वो स्वर्गमे पहोच गइ तो अचानक उनकी चुतसे अेक सफेद फवारा नीकला जीनकी वजहसे वो पुरी कांप गइ ओर हांफने लगी..फीर जुकके चुतकी ओर देखते सरमा गइ ओर मुस्कराते चुतको पानीसे साफ करने लगी फीर अपनी पेन्टी नही पहेनी ओर कपडे पहेनके बहार आगइ ओर मुस्कराती रही.., उनका आज देवायतकी ओर जुकाव बढ गया था....अब आगे
तब दुसरी ओर देवायत ओर चंदा दोनोही बहुत कामुक होते अेक दुसरेके लंड चुतको सीक्स नाइन पोजीसनमे होते अपने मुहसे खरोद रहेथे तब चंदाकी चुतने थोडीही देरमे जवाब देदीया ओर देवायतके मुहमे पानीका फवारा छोड दीया तो देवायत चाटके उसको साफ करने लगा, चंदाके लीये कीतना प्यारा अहेसास था वो अेसा देवायतके साथ कइ बार कर चुकी थी..उनको देवायतका पानी बहुतही अच्छा लगता था....
तब देवायतने कमरके जटके मारने सुरु करदीये ओर पीचकारीया छोडके चंदाके मुहको भरने लगा तब देवायतजे पुरी ताकतसे कमरको चंदाके मुहमे दबा दीया ओर पानी सीधाही चंदाके हलकमे उतर गया, चंदाने देवायतके लंडको मुहसे नीकाल दीया ओर देवायतकी पीठमे मुका मारने लगी.. तब देवायत उनके उपरसे हसते हुअे उतर गया.. तब चंदाभी जटसे बेटसे उतर गइ ओर बाथरुमकी ओर भागने लगी..
चंदा : (बाथरुमकी ओर भागते) कीतने कमीने हो.., उब..उआ..उ..आ..उउउउ..
करते चंदा बाथरुममे घुस गइ ओर उलटीया करने लगी तब देवायत उनके पीछे हसते हुअे आ गया ओर उनकी पीठ सहेलाता रहा फीर चंदाने मुह साफ करलीया तो देवायतभी अपना मुह साफ करने लगा तब चंदाने हसते हुअे उनकी पीठमे मुका मारदीया ओर पीछेसे पकडके अपनी बाहोमे भरलीया.. तब देवायत पलटके चंदाको अपनी गोदमे उठालेता हे बहारकी ओर चलते चंदाको बेडपे पटक देता हे.. ओर खुद उनके उपर लेटता हे तब चंदा..
चंदा : (सरमाके जोरोसे हसते) बेडबोय.., मुजेतो मारही डाला था..पुरा घुसा दीया..सांसभी अटक गइथी..
देवायत : (हसते चुमते) अरे डार्लींग अेसे थोडी मरने देता..तुमसे पहेले मे मर जाता..
तब चंदा देवायतके मुहपे हाथ रख देती हे ओर अेक तमाचा देवायतके गालमे जड देती हे.., उनके आंसु आजाते हे तब देवायत गालपे हाथ रखते उनकी ओर देखते रहेता हे तो चंदा देवायतको कसके बाहोमे भीच लेती हे ओर उनके चहेरेको पागलकी तराह चुमने लगती हे फीर रुकके उनकी आंखोमे देखते कहेती हे..
चंदा : (रुहांसी आवाजमे) देवु..आजके बाद अेसी बात कभी मत करना..मे तेरे बगैर जी नही पाउगी..
देवायत : (उनके आंसु पोछते) बस..सांत..सांत होजा, बेबी..आइ अेम सोरी, कभी नही कहुगा..
चंदा : (आंसु बहाते) देवु पता हे मे तुमसे कीतना प्यार करती हु..? भगवानसे तुजे हर जन्मके लीये मांगती हु मे रोज यही इश्वरसे प्रार्थना करती हुकी मेरा देवु ही मुजे पतीके रुपमे मीले..
देवायत : (उनके गाल सहेलाते) हां चंदा..जीस तराह तुम मुजे प्यार करतीहे उसी तराह मंजुभी करती हे वोभी मुजे हर जन्मके लीये मांगती हे.. मेभी प्रर्थना करता हु हर जन्ममे मुजे तुम दोनोही मीलो..क्या अपनी सौतनको स्वीकार करोगी..हें..हें..हें..
चंदा : (सरमाते सीनेमे मुका मारते) कीतने कमीने हो.., चलो ठीक हे.., अेक सौतन बरदास्त करलुगी.. हें..हें..हें..
देवायत : बेबी मुजे आपको अेक बात कहेनी हे..हां आपभी मुजे कुछ कहेने वाली थी..
चंदा : (सीरीयस होते) बाबु मुजे लगता हे अब मेरा यहा रहेना मु्स्कील लगता हे..वो गांवके लोग मेरे बारेमे तराह तराहकी बाते उडाने लगे हे..मुजे नही रहेना सरपंच.., जीनको सरपंच बनान हे वोही बाते फैलाता हे.., अबतो धिरेनभी जवान हो गया हे..वो सारा दीन रुममे पडा रहेता हे ओर पता नही मोबाइलमे क्या देखते रहेता हे..स्वभावभी बहुत चीडचीडा हो गया हे.., लगता हे गांव वालोकी बाते वोभी सुन चुका हे..
देवायत : कोन हे वो कमीना तुम सीर्फ नाम बताओ.., आजही उसे ठीक करदुगा.., ओर रही बात धिरेनकी तो.. (हसते) हां जवानीमे अेसा होता हे मेरा लखनभी अेसा हो गया हे.., इसीलेतो उनका रीस्ता तैय करदीया हे.. बस इसी सीलसीलेमे धिरेनकी तुमसे बात करनी थी..
चंदा : (हसते) क्या धिरेनके बारेमे..? कोनसी बात..?
देवायत : (चंदाके होंठको चुमते) बेबी..अब मेरी बहेन पुनमभी जवानीके दहेलीजपे कदम रख चुकी हे..ओर मे चाहता हु हमारे धीरेनसे उनकी सादी होजाये..क्या कहेती हो..? सीर्फ बता रह हु फोर्स नही करता.., पसंद ना होतो मना करदेना मेरे व्यवहारमे कोइ फर्क नही पडेगा.., क्या कहेती हो..?
चंदा : (खुसीसे हसते) कीतने कमीने हो..अरे बाबु पुनम जेसी लडकी मुजे कहा मीलेगी..? बस अेक बार धीरेनसे पुछलु.., मुजे कोइ अेतराज नही मेरी ओरसे रीस्ता पका हें..हें..हें.., चलो मुह मीठा करवाओ.. हें..हें..हें..
देवायत : (होंठ चुमते) मुं...हां.....लो हो गया अब चुतभी मीठी करवाता हु चल तैयार होजा..
चंदा : (जोरोसे हसते) कीतने कमीने हो.., रीस्ता पका करने आयेहो मेरे बेटेका वोभी उनकी मां चोदते हुअे.., हें..हें..हें..चलो आजाओ..आज रीस्ता पका करही लेते हे..
तब देवायत चंदाके पैरके बीच चला जाता हे तो चंदा अपना दोनो पैर घुटनोसे मोडके फैला देती हे ओर देवायतकी ओर कामुक नजरसे देखते हसती रहेती हे, देवायत लंडको पकडके चंदाकी चुतपे घीसने लगता हे तब चंदा आधी नसीली आंख करते सीसकारीया करने लगती हे तभी लंड गीला होतेही देवायत चुतके लव होलमे लंडके टोपेको फसा देता हे ओर चंदाके उपर लेट जाताहे तब चंदा उसे कसके बाहोमे भीच लेती हे..ओर जोरोसे सीसकारीया करते देवायतके होंठ भीचलेती हे फीर उनकी ओर सरमाते देखती हे..
देवायत : (कामुक आवाजमे) चंदा.. डालदु..? हं.. बोलनां..तेरी चुत आजभी कसी हुइ हे..हां..बोलनां..
चंदा : (मादक आवाजमे) हांआआआ..डालदो..क्यु तडपाते हो..सीइइइइ दे..वु..प्लीज...
देवायत : (मदहोसीमे) कीतना..? पुरा डालदु..? हां..बोल..बोलनां..
चंदा : हां..पुरा डालदो.., मत तडपाओ..बच्चा देदो..भरदो मेरी ..चुतको..डालोनां.. सीसीसीइइइइइअअअससस
तब देवायत चंदाके बुब्सकी नीपलको अपने होंठोसे दबाके खीचता हे तो चंदा पागल जेसी होजाती हे ओर देवायतके नींतबपे दोनो हाथ रखके देवायतकी कमरको अपनी चुतपे दबाने लगती हे तब देवायतने अेकही जटकेमे पुरा लंड चंदाकी चुतमे घुसा दीया.., चंदाकी चीख नीकल गइ ओर अपने पैर बेटपे पटकते आंसु बहाने लगी..क्युकी देवायतने अेकही बारमे पुरा लंड घुसा दीयाथा तो वो बरदास्त नही करपाइ
चंदा : (रोते) देवु..प्लीज. प्लीज..रुको..बहुत जलन होती हे..यार..अेकही बार मे घुसा दीया..
देवायत : सोरी बेबी तुजे देखतेही जोस चडा हुआथा..नही रोक पाया..अभी ठीक होजायेगा..
देवायत थोडी देर अेसेही रहेता हे तब चंदाको राहत महेसुस हुइ तब उनकी दर्द भरी सीसकारीया कामुक सीसकारीयामे तबदील होगइ ओर अपनी कमर धीरे धीरे हीलाने लगी तो देवायतभी समज जाता हे ओर वो धीरे धीरे कमर हीलाते जटके मारने लगता हे ओर चंदाकी चुदाइ करने लगता हे, वो बीच बीचमे चंदाके होंठ ओर बुब्सको चुसता रहेता हे तब चंदा अेकदम मदहोस हो चुकीथी ओर देवायतका साथ दे रही थी.. वो दोनो हाथसे चदर पकडके लगातार चुदते हुअे देवायतकी आंखोमेही देख रही थी..
चंदा : सीइइइइ जानु..थोडा जोरोसे..ब..हु..त..म..जा..आ..र..हा..हे..अेअेअेअसीइइइ आह..आह..आह..
देवायत : (जोरोसे चोदते) पुरा..डालदु..हां..बोलना..देदु बच्चा..हं..तु मस्त..चीज..हे..बोलना..बच्चा..देदु..
चंदा : (नसीली आधी बंध आंखोसे) नही..पता..सीइइइ आह..उइइइ ओह..ओह..ओह.इइइ गगगइइइइइइ..
कहेते चंदा देवायतको कसके बाहोमे भीचलेती हे ओर जडने लगतीहे..,तब नीढाल होके चुदवाती रहेती हे उनके दोनो बुब्स जोरोसे चुदाइकी वजहसे उछल रहेथे.., देवायत अबभी जोरोसे चोदेअी जा रहाथा दोनोही चुदाइ करते कामुक बाते करते चुदाइ कर रहेथे तब देवायत अकडके कमरको जटके मारने लगा तो चंदाने कसके बाहोमे भीचलीया ओर होंठोको लीपलोक करलीया तभी देवायका लावा छुटके चंदाकी चुतको भरता रहा
जब तुफानका भवंडर चंदाकी चुतको भरके सांत हो गया तब देवायत चंदाके उपर ढेर होगया तब चंदा उनकी पीठ सहेलाती रही ओर दोनोही अपनी सांस कंटड्ढोल करते रहे थोडी देर दोनोही बीना कुछ बोले अेसेही अेक दुसरोकी आगोसमे पडे रहे तब देवायतका लंड अबभी चंदाकी चुतमे मुरजा हुआ पडा था तब चंदाको अपनी चुतके अंदर चीपचीपासा लग रहाथा तो देवायतको अपने उपरसे हटनेको कहेने लगी..
चंदा : (धीरेसे थकी हुइ आवाजमे) देवु..दे..वु.., हटोनां..बाथरुम जाना हे..
देवायत : (सर उचा करते) हां हां..रहेने देना..अंदर अबभी गरम भठी जेसा लग रहा हे..मुजे अेक बार ओर करना हे..अेसेही रहेने देना..
चंदा : क्या रहेने देनां.., देखो कीतने बजे हे..खाना नही खाना क्या..? फीर कर लेना..साम तक उपरसे नही उतरने दुगी बस.., चलना भुख लगी हे..पता नही कीतना पानी नीकालतेहो पुरी चुत भरी हे.., तुमनेतो अेकही बारमे थका दीया.. पता हे मुजे तीन बार जडा दीया हे..हीलनेकी ताकात नही हे..मुजे ले चलोनां..
तब देवायत उनके उपरसे हट जाता हे तब लंड नीकतेही फच..की आवाज आती हे तो देवायत हसने लगता हे तो चंदा सरमा गइ ओर अेसेही पडी रही तब उनकी चुतसे दोनोका कामरस चुतसे बहारकी ओर टपकने लगा.., तब चंदा हाथके बल उची होगइ ओर चुतमे दबाव बनाते पुरे रसको बहारकी ओर उडेलनेकी कोसीस करती रही.., वो प्रेगनेन्ट होना नही चाहतीथी सब रस नीकल गयातो चुतको अपनी पेन्टीसे साफ करलीया..
फीर देवायतकी ओर हसते हुअे हाथ लंबा करदीया तो देवायत उसे गोदमे उठा लेता हे ओर बाथरुमे लेजाता हे तब दोनोही नहाने लगतेहे तब चंदाके लंबे खुले बाल देखते देवायत फीरसे गरम हो जाता हे ओर नहाते नहाते चंदाकी मस्ती करते छेडछाड करने लगता हे तब अेकबार फीरसे दोनो गरम होके उतेजीत हो गये.. तभी देवायतने चंदाको पीछेसे बाहोमे भीचलीया ओर पीछेसे ही खडेखडे लंको चंदाकी चुतमे घुसा दीया
दोनोही खडे खडे चुदाइ करने लगे जब दोनो जड गये तो चंदा देवायतसे छुटके मुका मारते हसती हुइ बहार भाग गइ..फीर दोनोही तैयार होके नीचे आगये, चंदाने अपने बालोका ढीला जुडा बनालीया ओर खाना गरम करके नीकालने लगी जब खाना नीकालके बहार आइ तो देवायतने उसे अपनी जांगोपे गोदमे बीठा दीया ओर अपने हाथोसे खीलाने लगा तो चंदाभी देवायतको खीलाती रही दोनोही प्यारकी भावनामे बहेकते अेक दुसरेको खीलाने लगे ओर खाना खा लीया तब चंदाने सब बरतन धोके रखदीये..
जब चंदा सब काम नीपटाके बहार आइ तो देवायतने उसे फीरसे गोदमे उठालीया ओर उपर बेडरुममे लेगया फीर दोनो प्यारकी आगोसमे चले गये ओर दो जीस्म अेक जान होगये साम ६ बजे तब बीना नीचे उतरे ही देवायत चंदाकी जमकर चुदाइ करता रहा, तब चंदाभी देवायतका पुरा साथ देती रही, आखीर उनका पतीजो था, साम तक देवायत चंदाकी चुतको चार बार भर चुका था फीर दोनो नहाके तैयार हो गये..
चंदाने अपने कपडे पेक करलीये वो आज अच्छेसे तैयार हुइथी बस उसने सामको अपनी मांग नही भरी, क्युकी वो देवायतके घर जा रही थी वहा मंजुको पता चल जाता.., बाकी जबभी घरमे अकेली होतीथी वो देवायतके नामकी मांग भरना नही भुलती थी, चंदाने घरको ठीकसे ताला लगादीया.. तबतक देवायत कार के बहार खडा रहा फीर चंदाने गेइटभी अच्छेसे बंध कीया ओर आकर देवायतकी बगल वाली सीटमे बेठ गइ..
चंदा : (हसते) तो मजनुजी चले..? आजतो मेरी सारी कशर पुरी करदी.. अभीभी नीचे हल्का दर्द हो रहा हे.., देखना वहाभी मेरा खयाल रखना पडेगा.. अभीसे केह देती हु.. हें..हें..हें..
देवायत : (कार चलाते) अरे चलोतो सही..वहा अेसी बजाउगाकी ठीकसे चलभी नही सकोगी..
चंदा : (सरमाते हसते) ना बाबा नां देखना..हमारी फजीहत ना होजाये.., अगर मंजुको सक हो गयातो दोनो गये कामसे..हें..हें..हें..
देवायत : (हसते) अरे नही..मेरी मंजुतो खुस होजायेगी..हें..हें..हें.., तुजे पता हे मंजु अब नही कर सकती..तो उसने मुजे पुरी छुट दे रखी हे..
चंदा : (जोरोसे हसते) क्या..मंजुने छुट देदी..? इम्पोसीबल..वो तुमसे बहुत प्यार करती हे..कभी छुट नही देगी.., अगर मे होतीतो तुजे कच्चा ही चबा जाती..हें..हें..हें..
देवायत : (गंभीर होते) चंदा मुजे अेसा क्यु लग रहा हे..अेक दीन मे सबके सामने तुजे अपनाउगा..
चंदा : (सीरीयस होते) देवु.., ये क्या बोल रहेहो तुम..लोग क्या कहेगे..अेसा कभी नही होता..
देवायत : चंदा अगर तुजे सरपंच नही रहेना तो वहा रहेके क्या करोगी..? वहा सब बेचके धरही रहेने आजाओ.., यहा सब जमीन बाडी मकान खरीद लेना.. बाकी वहा उन लोगोको मे देख लुगा..
चंदा : नही देवु..कीसीसे जगडा नही करना.., बस हमारे धिरेनकी सादी तक उधरही रहेना हे, मे सब सम्हाल लुगी..अगर तुम्हारी जरुरत पडी तो फोन करदुगी आजाना.., कमीना.. खुद उनकी भाभीको ठोकता हे ओर मुजे बदनाम करता हे..
देवायत : (हसते) क्या उनके भाइको सब पता हे..? कोन हे वो..?
चंदा : भवान नाम हे उनका.., वोही अब सरपंच होना चाहता हे..इसीलीये मेरी जुठी बात फेलाता हे..
देवायत : कोन..वो भवान..भीमाका छोटा भाइ.., क्या ये वोहीतो नही..?
चंदा : (उनकी ओर देखते) हां..वोही.., क्या तुम जानतेहो उसे..?
देवायत : (कातील मुस्कानके साथ) हां..जानता हु उनका भाइ भीमा मेरा दोस्त हे.., हम स्कुलमे साथ पढते थे.., क्या वो कमीना भीमाकी बीवीकोही चोदता हे..
चंदा : (जुठा मुह बनाते देवायतको मुका मारते) हंहंहं.. छी.., कीतना गंदा बोलते हो.., सरमभी नही आती.. हां वोही हे.. अभी तक कोइ बच्चा नही हुआ..तो दोनो लगे होगे..हें..हें..हें.., देवु उनके भाइके बारेमे अेक बात बताउ..? जब उनकी सादी नही हुइथी तब वो खुद अपनी बहेनसेही..मतलब सब कुछ करते थे..,अब उनकी बहेनकीभी सादी हो गइ हे.. वो अब यहा कभी नही आती..घरमे सबको पता चल गया था.., हें..हें..हें..
देवायत : (हसते) देखा ये कमीनी आगही अेसी हे.. कोइ रीस्ते नाते नही देखते..
चंदा : (गंभीर होते) जानु..क्या अेसे रीस्ते जाइज होते हे..? जेसे हमारा.., मेभीतो आपकी मौसीजी हुं..
देवायत : (कार चलाते) नही चंदा हमने सच्चे दीलसे प्यार कीया हे, ओर तुजे अेक बातभीतो बतानी हे.., हमारे रीस्तेके बारेमे सीर्फ अेकही आदमीको पता हे..
चंदा : (चोंकते) कोन..हे..? कीसको पता हे..?
देवायत : (हसते) तु टेन्शन मत ले..वो त्रिकाल ज्ञानी हे.., उनको सब पता चल जाता हे.., हमारे गुरुबाबा.. वो सबकुछ हमारे बारेमे जानते हे.., बस वोही सब बाते मे तुमको बताने वाला था.., बेबी अब हमारे घरमे बहुत कुछ होने वाला हे.., वहा तुजे अकेलेमे फुरसतमे बताउगा..
चंदा : देवु अेसी क्या बात हे जो तु इतना चीतांमे दीख रहा हे..
देवायत : नही बेबी कोइ चीन्ता नही.. बस हम अकेले होगे तब तुजे सबकुछ बताउगा.., अभी उचीत वक्त नही हे.., बस तु अेक बार धिरेनसे पुछले.., मेरी मंजु सुनेगीतो बहुत खुस होजायेगी मेने उनसे बात छीपाइहे उनको सरप्राइज देने.., हें..हें..हें..
चंदा : (हसते) ओ..हो.., तो ये बात हे.. चलो मेभी मेरी भांजीकी खुसी देख सकुगी.., क्या पुनमको पता हे..?
देवायत : (हसते) नही..उनको सीर्फ इतना पता हे मे रीस्तेकी बात करने जा रहाहु..कहा कीसके साथ वो नही बताया.., बस उनकोभी सरप्राइज देनी हे.., हें..हें..हें..
चंदा : (जोरोसे हसते) ये सरप्राइज देना कहासे सीखके आये हे.., मुजे जातेही आइपील लेनी हे.., आपके प्यार करनेके चकरमे भुल गइ.., वरना कुछ दीनके बाद आपकोभी सरप्राइज मीलेगी हें..हें..हें..
देवायत : (हसते) तो अच्छा हेनांं.. करलेती हमारा अेक बच्चा..
चंदा : दे..वु.., आ..यु सीरीयस..? क्या सचमे आप बच्चा चाहते हो..? बाबु मेरीतो बहुत इच्छा हे.. पर नही कर सकती.. मजबुरी हे.. आपभी जानते हो.. सोरी यार.. फीरभी आप चाहतेहो तो मे कुछ सोचती हु..
देवायत : (हसते) नही बेबी..मेतो मजाकमे केह रहा हु.., कास हम पहेले मीले होते.. मे आपकी सारी तम्मना पुरी करदेता.. चलो हमारा गांव आगया.., हम इस बारेमे फीर कभी बात करेगे..
दोनोही अपने गांव आगये देवायतने कारको सीधेही हवेलीमे लेली ओर आंगनमे खडी करदी.. कारकी आवाज सुनतेही मंजु जटसे हसती हुइ आने लगी.., उनको पताथा उनकी खास सहेली ओर अेक लौती मौसीजो आने वालीथी, तब चंदा कारसे उतरतेही हसती हुइ मंजुकी ओर दोड पडी ओर उसे जोरोसे गले लग गइ तब उनके पेटका खयाल रखा.. फीर दुर हटके दोनो हाथ मंजुके गालपे रखदीया ओर हसते उनकी ओर देखती रही....
कन्टीन्यु