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- Dec 5, 2013
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नीलम : (सामने देखकर मुस्कुराते) जीजु.. बडी मम्मीसे बात हो रही थी..?
लखन : (मुस्कुराते) हंम.. मेरी मांसे.. वो मां हे मेरी.. नीलु.. तुम मुजे क्या बात करने वाली थी.. बता..
नीलम : (सरमाते धीरेसे खडी होते) जीजु.. यहा नही.. मेरे रुममे.. मे वही आपका इन्तजार कर रही हु.. आप बाते खतम करके आइअे..
लखन : (नीलमके जाते ही पुनमको फोन लगाते) हेलो डार्लींग सीस्टर.. कैसी हो..? हें..हें..हें..
पुनम : (सरमाते हसते) अरे.. कैसे हो मेरे मजनु भाइ.. मजेमे..? आज चेट करनेके बजाय सीधा फोन ही करदीया..? जरुर कुछ काम होगा.. कहीये.. हें..हें..हें..
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. बस.. आपकी याद आ रही थी.. ओर मम्मीने आपको फोन करनेको कहा था तो करदीया.. दीदी.. हमे कार लेनी हे.. तो मेने सोचा आपकी पसंदकी लेलु.. तो कहीयेना आपको कौनसी कार पसंद हे..? तो कल लेने जाना हे तो वोही ले लुगा..
पुनम : (मुस्कुराते) भाइ.. यहाकी तराह थोडी बडी लेना.. ताकी हम सभी सौतने अेक साथ बैठ सके.. आप चाहोतो इनोवा अच्छी हे.. आप वो ही लेलो.. ओर वो भी व्हाइट कलर.. या फीर मेटालीक चेरी रेड कलर.. दोनोमेसे आपको जो भी अच्छा लगे.. भाइ.. वो मेरा ड्रिम कलर हे.. फीर भी आप मेरी दुसरी सौतनसे पुछ लेना.. क्या इनके साथ आपकी लव स्टोरी कुछ आगे बढी की नही..?
लखन : (मुस्कुराते) नही.. बस.. धीरे धीरे आगे बढ रही हे.. अेक डरसा लग रहा हे.. पहेले भाभी थी तब बात कुछ ओर थी.. लेकीन अब तो वो भी हमारी बडी बहेन नीकली.. दीदी.. आप आजाओनां.. मे आपको बहुत मीस करता हु..
पुनम : भाइ.. आइ नो.. मे भी आपको बहुत बहुत मीस कर रही हु.. लेकीन फीकर मत करो.. मे तो अब सीर्फ आपकी हु.. सीर्फ वहा आनेकी देरी हे.. मुजे अपना वादा अच्छी तराह याद हे.. लेकीन अभी जो वहा हे उनकी फीकर करो.. भाइ.. मुजे आपसे अेक प्रोमीस चाहीये.. दोगे क्या..?
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. प्रोमीस क्या आप जान भी मांगलो.. मे कभी आपको मना कर सकता हु क्या..? बोलो.. क्या प्रोमीस चाहीये..
पुनम : (सरमाते धीरेसे) भाइ.. तीन चार दिनमे मे ओर दयादीदी भावना दीदी.. सब वहा सादीकी खरीदी करने आ रहे हे.. तो आप वादा करोकी हमारे वहा आनेसे पहेले हमारी सौतनको मील लोगे.. आप समज गयेनां..?
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. परसो उनका बर्थडे हे.. तो कल रात बारा बजेके बाद हम उनका बर्थडे सेलीब्रेट करेगे.. आप समज गइनां.. आपको तो सब पता हे.. वो क्या चाहती हे..
पुनम : (मुस्कुराते) भाइ.. वो नीलुभी आपसे मीलना चाहती हे.. वो बीलकुल बदल चुकी हे.. मेरी उनसे काफी बाते हुइ.. वो इस बारेमे आपसे बात भी करना चाहती हे.. लेकीन आप भावनाओमे आकर कुछ वादा मत कर देना.. जो हो रहा हे होने दीजीये.. क्युकी खतरा अभी टला नही हे.. आगे तो हमे बहुत कुछ ओर भी करना हे..
लखन : (मुस्कुराते) ठीक हे दीदी.. इसीलीये तो मे नीलु ओर धिरेनकी सादी अभी करदेना चाहता हु.. ताकी नीलु धिरेनकी बीवी होजाये.. तभी तो आप भी मेरे साथ होगी.. तो आप मुजे गाइड करती जाना.. हम हर मुसीबतका सामना मीलकर करेगे.. दीदी.. क्या आज रातको मे आपको फोन करु..?
पुनम : (सर्मसार होते धीरेसे) नही भाइ.. आज भावना दीदी ओर लता दीदी मेरे साथ ही सोती हे.. अगर बाथरुममे देर लगती हे.. तो कमीनी दोनो मुजे आपका नाम लेकर चीडाती हे.. तो मे ही आपको फोन करुगी.. वरना हम चेटपे तो बात करते ही रहेते हे.. भाइ.. आइ मीस यु.. मे जल्दसे जल्द आपके पास आना चाहती हु.. कुछ कीजीयेनां..
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. तो फीर आजाओनां.. आप ही कहेती होनां.. सबरका फल मीठा होता हे.. तो जुदाइके बाद ही मीलनका मजा आता हे.. ओर जब हम मीलेगेनां.. तो उस रात थम जायेगी.. आप समज गइनां..?
पुनम : (सर्मसार होते मुस्कुराते धीरेसे) हमं.. मतलब मुजे पुरी रात जगानेका इरादा हे जनाबका.. मुजे पता हे आप मुजे सोने नही देगे.. ठीक हे.. मे भी उस रातका बेसब्रीसे इन्तजार करुगी.. भाइ.. जब हम भाइ बहेनका मीलन होगा.. तो देख लेना.. काम ओर रती दोनो अपने चरमो पे होगे.. जो मे अभी आपको बयान नही कर सकती..
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. आपकी अेक पीक भेजोनां.. आज कोनसा कलर पहेना हे आपने..
पुनम : (सर्मसार होते धीरेसे) पागल हो गये हो क्या..? अभी..? यार यहा सब लोग हे.. कुछ तो समजो..?
लखन : (मुस्कुराते धीरेसे) बु..च.. दीदी.. प्लीज.. अंदर जाकर लेलोनां.. मुजे आपका देखना हे..
पुनम : (सरमसे पानी पानी होते धीरेसे) भाइ.. जीद मत करो.. मे यहा आ रही हुनां..? मेरा सबकुछ तो देख चुके हो.. आपको मेरी कीतनी पीक भेजी हे.. अभीभी जी नही भरा क्या.. बेसर्म लडका..
लखन : (जुठ नाराज होते) तो फीर ठीक हे.. मुजसे बात मत करना.. मे फोन रखता हु..
पुनम : (धीरेसे) यार अैसे नाराज मत हो.. ठीक हे.. सुनो.. आज आपका फेवरीट.. व्हाइट ट्रान्सफरंट कलर.. कुछ देरके बाद भेजती हु.. यार फीर मे भी नही रेह पाती.. आप देर रात फोन करना.. मे बाथरुममे चली जाउगी.. तब सबकुछ देख लेना जो देखना हो.. फीर देखते रहेना.. ओके..? चलो बाय..लगता हे भाभीमां मुजे ढुंढ रही हे.. मे आपसे बादमे बात करुगी..
लखन : (जटसे) अरे दीदी.. सुनो सुनो.. मे फ्रि होते ही देर रात फोन करुगा.. तो आप बाथरुममे चली जाना.. समज गइनां..?
पुनम : (सर्मसार होते धीरेसे) भाइ.. आपने मुजे ये कैसी आदत डालदी.. फोन सेक्समे ही मुजे संतुस्ट कर देते हो.. पता नही हम मीलेगे तब क्या होगा.. ठीक हे.. मे टड्ढाइ करुगी.. आप मीस कोल देना.. बाय..
कहेते पुनमने फोन रखदीया.. तभी उनको ढुंढती हुइ मंजु वहा आ गइ.. ओर उसने पुनमको लखनके साथ बात करनेको बोल दीया.. तो पुनमने उसे बोल दीयाकी बात होचुकी हे.. तो इधर लखन भी फोन रखकर सभी दरवाजा लाइट बंध करके उपरकी ओर चला गया.. तो सृती लखनका इन्तजार करते बेठी थी.. जैसे ही लखन वहासे गुजरा उसने लखनको आवाज देकर अंदर बुलाया.. ओर बाथरुम जानेकी बात की....
कन्टीन्यु
लखन : (मुस्कुराते) हंम.. मेरी मांसे.. वो मां हे मेरी.. नीलु.. तुम मुजे क्या बात करने वाली थी.. बता..
नीलम : (सरमाते धीरेसे खडी होते) जीजु.. यहा नही.. मेरे रुममे.. मे वही आपका इन्तजार कर रही हु.. आप बाते खतम करके आइअे..
लखन : (नीलमके जाते ही पुनमको फोन लगाते) हेलो डार्लींग सीस्टर.. कैसी हो..? हें..हें..हें..
पुनम : (सरमाते हसते) अरे.. कैसे हो मेरे मजनु भाइ.. मजेमे..? आज चेट करनेके बजाय सीधा फोन ही करदीया..? जरुर कुछ काम होगा.. कहीये.. हें..हें..हें..
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. बस.. आपकी याद आ रही थी.. ओर मम्मीने आपको फोन करनेको कहा था तो करदीया.. दीदी.. हमे कार लेनी हे.. तो मेने सोचा आपकी पसंदकी लेलु.. तो कहीयेना आपको कौनसी कार पसंद हे..? तो कल लेने जाना हे तो वोही ले लुगा..
पुनम : (मुस्कुराते) भाइ.. यहाकी तराह थोडी बडी लेना.. ताकी हम सभी सौतने अेक साथ बैठ सके.. आप चाहोतो इनोवा अच्छी हे.. आप वो ही लेलो.. ओर वो भी व्हाइट कलर.. या फीर मेटालीक चेरी रेड कलर.. दोनोमेसे आपको जो भी अच्छा लगे.. भाइ.. वो मेरा ड्रिम कलर हे.. फीर भी आप मेरी दुसरी सौतनसे पुछ लेना.. क्या इनके साथ आपकी लव स्टोरी कुछ आगे बढी की नही..?
लखन : (मुस्कुराते) नही.. बस.. धीरे धीरे आगे बढ रही हे.. अेक डरसा लग रहा हे.. पहेले भाभी थी तब बात कुछ ओर थी.. लेकीन अब तो वो भी हमारी बडी बहेन नीकली.. दीदी.. आप आजाओनां.. मे आपको बहुत मीस करता हु..
पुनम : भाइ.. आइ नो.. मे भी आपको बहुत बहुत मीस कर रही हु.. लेकीन फीकर मत करो.. मे तो अब सीर्फ आपकी हु.. सीर्फ वहा आनेकी देरी हे.. मुजे अपना वादा अच्छी तराह याद हे.. लेकीन अभी जो वहा हे उनकी फीकर करो.. भाइ.. मुजे आपसे अेक प्रोमीस चाहीये.. दोगे क्या..?
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. प्रोमीस क्या आप जान भी मांगलो.. मे कभी आपको मना कर सकता हु क्या..? बोलो.. क्या प्रोमीस चाहीये..
पुनम : (सरमाते धीरेसे) भाइ.. तीन चार दिनमे मे ओर दयादीदी भावना दीदी.. सब वहा सादीकी खरीदी करने आ रहे हे.. तो आप वादा करोकी हमारे वहा आनेसे पहेले हमारी सौतनको मील लोगे.. आप समज गयेनां..?
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. परसो उनका बर्थडे हे.. तो कल रात बारा बजेके बाद हम उनका बर्थडे सेलीब्रेट करेगे.. आप समज गइनां.. आपको तो सब पता हे.. वो क्या चाहती हे..
पुनम : (मुस्कुराते) भाइ.. वो नीलुभी आपसे मीलना चाहती हे.. वो बीलकुल बदल चुकी हे.. मेरी उनसे काफी बाते हुइ.. वो इस बारेमे आपसे बात भी करना चाहती हे.. लेकीन आप भावनाओमे आकर कुछ वादा मत कर देना.. जो हो रहा हे होने दीजीये.. क्युकी खतरा अभी टला नही हे.. आगे तो हमे बहुत कुछ ओर भी करना हे..
लखन : (मुस्कुराते) ठीक हे दीदी.. इसीलीये तो मे नीलु ओर धिरेनकी सादी अभी करदेना चाहता हु.. ताकी नीलु धिरेनकी बीवी होजाये.. तभी तो आप भी मेरे साथ होगी.. तो आप मुजे गाइड करती जाना.. हम हर मुसीबतका सामना मीलकर करेगे.. दीदी.. क्या आज रातको मे आपको फोन करु..?
पुनम : (सर्मसार होते धीरेसे) नही भाइ.. आज भावना दीदी ओर लता दीदी मेरे साथ ही सोती हे.. अगर बाथरुममे देर लगती हे.. तो कमीनी दोनो मुजे आपका नाम लेकर चीडाती हे.. तो मे ही आपको फोन करुगी.. वरना हम चेटपे तो बात करते ही रहेते हे.. भाइ.. आइ मीस यु.. मे जल्दसे जल्द आपके पास आना चाहती हु.. कुछ कीजीयेनां..
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. तो फीर आजाओनां.. आप ही कहेती होनां.. सबरका फल मीठा होता हे.. तो जुदाइके बाद ही मीलनका मजा आता हे.. ओर जब हम मीलेगेनां.. तो उस रात थम जायेगी.. आप समज गइनां..?
पुनम : (सर्मसार होते मुस्कुराते धीरेसे) हमं.. मतलब मुजे पुरी रात जगानेका इरादा हे जनाबका.. मुजे पता हे आप मुजे सोने नही देगे.. ठीक हे.. मे भी उस रातका बेसब्रीसे इन्तजार करुगी.. भाइ.. जब हम भाइ बहेनका मीलन होगा.. तो देख लेना.. काम ओर रती दोनो अपने चरमो पे होगे.. जो मे अभी आपको बयान नही कर सकती..
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. आपकी अेक पीक भेजोनां.. आज कोनसा कलर पहेना हे आपने..
पुनम : (सर्मसार होते धीरेसे) पागल हो गये हो क्या..? अभी..? यार यहा सब लोग हे.. कुछ तो समजो..?
लखन : (मुस्कुराते धीरेसे) बु..च.. दीदी.. प्लीज.. अंदर जाकर लेलोनां.. मुजे आपका देखना हे..
पुनम : (सरमसे पानी पानी होते धीरेसे) भाइ.. जीद मत करो.. मे यहा आ रही हुनां..? मेरा सबकुछ तो देख चुके हो.. आपको मेरी कीतनी पीक भेजी हे.. अभीभी जी नही भरा क्या.. बेसर्म लडका..
लखन : (जुठ नाराज होते) तो फीर ठीक हे.. मुजसे बात मत करना.. मे फोन रखता हु..
पुनम : (धीरेसे) यार अैसे नाराज मत हो.. ठीक हे.. सुनो.. आज आपका फेवरीट.. व्हाइट ट्रान्सफरंट कलर.. कुछ देरके बाद भेजती हु.. यार फीर मे भी नही रेह पाती.. आप देर रात फोन करना.. मे बाथरुममे चली जाउगी.. तब सबकुछ देख लेना जो देखना हो.. फीर देखते रहेना.. ओके..? चलो बाय..लगता हे भाभीमां मुजे ढुंढ रही हे.. मे आपसे बादमे बात करुगी..
लखन : (जटसे) अरे दीदी.. सुनो सुनो.. मे फ्रि होते ही देर रात फोन करुगा.. तो आप बाथरुममे चली जाना.. समज गइनां..?
पुनम : (सर्मसार होते धीरेसे) भाइ.. आपने मुजे ये कैसी आदत डालदी.. फोन सेक्समे ही मुजे संतुस्ट कर देते हो.. पता नही हम मीलेगे तब क्या होगा.. ठीक हे.. मे टड्ढाइ करुगी.. आप मीस कोल देना.. बाय..
कहेते पुनमने फोन रखदीया.. तभी उनको ढुंढती हुइ मंजु वहा आ गइ.. ओर उसने पुनमको लखनके साथ बात करनेको बोल दीया.. तो पुनमने उसे बोल दीयाकी बात होचुकी हे.. तो इधर लखन भी फोन रखकर सभी दरवाजा लाइट बंध करके उपरकी ओर चला गया.. तो सृती लखनका इन्तजार करते बेठी थी.. जैसे ही लखन वहासे गुजरा उसने लखनको आवाज देकर अंदर बुलाया.. ओर बाथरुम जानेकी बात की....
कन्टीन्यु