In Love.. With You... - Page 5 - SexBaba
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In Love.. With You...

अपडेट 30

रितु बचपन से ही राघव को पसंद करती थी उसके पीछे पीछे घूमती रहती थी और जब इस बारे मे राघव को पता चला तो उसने रितु से दूरिया बनानी शुरू कर दी सोचा टाइम के साथ साथ सब बदल जाएगा लेकिन राघव तो आगे बढ़ गया लेकिन रितु नहीं बदली

रितु को जब राघव की शादी के बारे मे पता चला था तब उसे बहुत तकलीफ हुई थी बहुत रोई थी वो क्युकी वो राघव को पाना चाहती थी किसी भी कीमत पर और इसके लिए कुछ भी कर सकती थी भले वो राघव को पसंद आए या ना आए, उसने राघव के करीब आने की बहुत कोशिश की और जब राघव से उसे कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला तो उसने उसके परिवार से नजदीकिया बढाई और वो भी उसे हमेशा ही राघव की अच्छी दोस्त मानते रहे लेकिन कभी भी किसी ने उन दोनों को रिश्ते मे बांधने के बारे मे नहीं सोचा

रितु को कोई भी लड़की राघव के आसपास बर्दाश्त नहीं होती थी, किसी लड़की को राघव से बात करता देख वो पागल हो जाती थी जब बचपन मे कोई लड़की राघव के बात करने की कोशिश करती तो रितु उसके उससे दूर कर देती.. उसने तो राघव को प्रपोज भी किया था लेकिन राघव ने उसे मना कर दिया ये कहते हुए के वो बस अच्छे दोस्त है और उस वक्त रितु भी उसकी बात मान गई क्युकी वो उससे दूर नहीं जाना चाहती थी लेकिन मन ही मन वो राघव के लिए पागल हो रही थी।

एक लड़की को उसने राघव से बात करता देख उसका सर फोड़ दिया था और अब मामला सीरीअस होता जा रहा था, रितु की राघव के लिए दीवानगी बहुत बढ़ गई थी और राघव भी समझ चुका था के रितु को समझाना मुश्किल है इसीलिए उसने भी गाँव आना धीरे धीरे कम कर दिया था और उसे अवॉइड करने लगा था और बाद मे तो गाँव ना आने के राघव के अपने रीज़न थे जिससे वो गाँव आना ही छोड़ चुका था और अब भी उसे लगा था के रितु सब भूल चुकी होगी, वो बड़े हो गए थे मैच्योर हो गए थे लेकिन रितु नहीं बदली थी और अब भी उसे नेहा को राघव के साथ देख तकलीफ हो रही थी।

राघव और नेहा दोनों भागते हुए घर के पीछे वाले बगीचे मे पहुचे तो दोनों काफी हाफ रहे थे जिससे दोनों रुक गए

राघव- म.... मैं.. तुम्हें... आ.... आखरी बार कह रहा हु..

राघव बीच बीच में सास लेते हुए बोला

नेहा- अब.. अब बहुत.. देर हो गई

नेहा भी हाफ रही थी

राघव- तुम ना दिन ब दिन जिद्दी होती जा रही हो

राघव ने अपनी कमर पे दोनों हाथ रखते हुए कहा

नेहा- हा तो इसकी वजह भी आप ही है

राघव- मैं? मैंने क्या किया बताना जरा?

नेहा- कुछ करते ही तो नहीं यही तो दिक्कत है

नेहा ने एकदम धीमे से कहा जिसे राघव नहीं सुन पाया

राघव- क्या? क्या कहा जोर से कहो!

नेहा- नहीं कुछ नहीं हे :D हे :D मैंने कुछ नहीं कहा

राघव नेहा की ओर बढ़ा और अब उन दोनों के बीच बस 1 इंच का फासला बचा था और वो दोनों ही ये भूल चुके थे के वो कहा है

राघव- तुम्हें पता....

लेकिन राघव बोलते बोलते रुक गया जब उसे किसी चीज का आवाज आया और उसने नजरे घुमा के देखा तो वहा अक्खी गैंग खड़ी उन्हे देख रही थी सब के चेहरे पर शरारती मुस्कान थी सिवाय एक के

उन लोगों को देख राघव झट से पीछे सरका और नेहा भी उनसे नजरे बचाने लगी

अरे यार राघव तुझे हमेशा उसके इतना पास जाकर ही बात क्यू करनी होती है कभी तो जेंटलमैन जैसे बात कर उससे अब ये चांडाल चौकड़ी और परेशान करेगी’ राघव मन ही मन अपने आप को डांटने लगा

रिद्धि- भईया......

रिद्धि ने गाते हुए कहा

विवेक- अपने लिए एक कमरा ढूंढो भाई, हे भगवान मेरे मासूम मन पर इन सब का क्या असर होगा सोचा है आपने

राघव- चुप बे!

आकाश- डॉन्ट वरी भाई रूम साउन्ड प्रूफ है

आकाश अपनी हसी रोकते हुए बोला

शेखर- अरे गजब वैसे भी कल रात जो हुआ था वो दोबारा नहीं होना चाहीये है न भाई

शेखर ने राघव को देखते हुए कहा

राघव- क्या??

शेखर- अरे यार भाई समझो ऐसे सब के सामने बताना अच्छा नहीं लगेगा

राघव- अबे साफ साफ बोलेगा

जिसके बाद शेखर ने राघव के पास आकार कुछ कहा जो सिर्फ राघव को सुनाई दिया और उसके चेहरे के एक्सप्रेशन बदलने लगे वही नेहा बस उन्हे कन्फ़्युशन मे देखने लगी जिसके बाद मैं अभी आया बोलके राघव वहा से निकल लिया

ऐसा क्या कहा शेखर ने जो ये ऐसे चले गए जो भी हो बला टली’ नेहा ने सोचा तभी श्वेता उसके पास आई और उसके चिढाने से बचने के लिए नेहा जल्दी से बहाना बनाके वहा से निकल गई और उन दोनों के जाते ही वहा मौजूद सब हसने लगे

स्वाती- यार ये दोनों कितने क्यूट है यार

श्वेत- हा ना

रितु- हूह इसमे क्यूट क्या है बचकानी हरकते है सब

रितु ने अपनी जलीकटी सुनाई

श्वेता- वो क्या है ना रितु रिलेशनशिप को हेल्थी रखने के लिए भईया भाभी कभी कभी बच्चों जैसी हरकते करते है जिससे न प्यार बढ़ता है पर तुम्हारी कहा शादी हुई है जो तुम्हें ये बात पता होगी

श्वेता ने भी रितु को उसी की भाषा मे जवाब दिया जिसपर बाकी सब अपनी हसी रोकने की कोशिश करने लगे और इसपर रितु कुछ नहीं बोली वही शेखर ने श्वेता का हाथ पकड़ कर उसे आगे कुछ कहने को रोका

पता नहीं क्यू इससे मुझे कुछ अच्छी फीलिंग नहीं आ रही है लेकिन जो होगा देख लेंगे’ श्वेता ने सोचा

देखते देखते दिन बीत गया, रात का खाना पूरे परिवार ने साथ ही खाया और राघव खाना होते ही जल्दी से अपने रूम मे चला गया क्युकी शाम के बाद उसके भाई बहन उसे चिढ़ाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे थे

कुछ समय बाद नेहा भी रूम मे आई क्युकी अब रात काफी हो चुकी थी और सभी लोग अपने अपने कमरों मे जा चुके थे

नेहा अपने कमरे मे आई और उसने दरवाजा लॉक किया और जैसे ही वो दरवाजा लॉक करके पलटी वो वही जम गयी क्युकी वहा राघव उसे घूरते हुए खड़ा था...

ये ऐसे ही मुझे घूरेंगे तो आखे बाहर आ जाएंगी ऐसे इनकी ’ नेहा ने सोचा और अपनी आंखे घुमा दी

अब जो इनसे शाम मे राघव को इतना परेशान किया था अब उसका बदला लेने का टाइम आ चुका था..

राघव नेहा के करीब आया दोनों के चेहरे एक दूसरे के पास थे..

राघव- तो अब चुकी तुम मेरा लैपटॉप बड़ी दादी को दे ही चुकी तो ये कह के की मैं तुम्हें टाइम नहीं देता तो अब मैं एकदम फ्री हु तो चलो फिर साथ वक्त बिताए...

राघव की उँगलिया नेहा की कमर पर घूम रही थी जो उसके रोंगटे खड़े कर रही थी, और राघव अपनी उँगलिया चलाए जा रहा था वही उसके होंठ अब नेहा के गालों के करीब थे... और तभी नेहा को अपनी नाभि के पास राघव की उंगली फ़ील हुई, वो तो मानो सास लेना ही भूल गई थी

नेहा के अपनी आंखे कस के बंद कर ली उसकी साँसे जोर जोर से चलने लगी, राघव की नाक उसकी जॉलाइन से टच होती वो महसूस कर रही थी, नेहा ने जैसे तैसे उसे अपने से दूर हटाना चाहा लेकिन वो उसके और पास आ गया

राघव- अब क्या हुआ नेहा जी अब मेरे साथ टाइम नहीं बिताना

राघव नेहा के कान मे फुसफुसाया और उसके कान को चूम लिया जिससे नेहा के पैर उसका साथ छोड़ने लगे और वो गिरने ही वाली थी के राघव ने उसे कमर से पकड़ लिया

राघव- अभी तो मैंने कुछ किया भी नहीं और तुम्हारे पैर अभी से जवाब देने लगे तब क्या होगा जब....

लेकिन राघव बोलते बोलते रुक गया जब उसने नेहा को देखा जिससे उसके चेहरे पर एक स्माइल आ गई, नेहा पर राघव का इफेक्ट छाया हुआ था

नेहा- पल.. प्लीज...

राघव- हा..

नेहा- रु.... रुकिए... प्लीज...

नेहा राघव को रोकना भी चाहती थी और ये एहसास उसे अच्छा भी लग रहा था उसे, राघव की उँगलिया अभी भी उसकी कमर पर घूम रही थी उसे मदहोश कर रही थी जिससे उससे कुछ बोलते नहीं बन रहा था

नेहा ने राघव का शर्ट उसके कंधे से पकड़ लिया और नर्वसनेस मे उसके और करीब आ गई और उसे अपनी गर्दन पर राघव की साँसे फ़ील हो रही थी लेकिन अपनी नर्वसनेस मे उसने तभी कुछ ऐसा कर दिया जो उसे नहीं करना चाहिए था.. जिसने राघव को अपनी जगह पर जमा दिया.. नेहा की हरकत पर राघव अभी उसपर चिल्लाना चाहता था लेकिन जैसे ही उसने नेहा का मासूम चेहरा देखा वो चुप हो गया.. वेल बनते मूड को नेहा ने एकदम से डाउन कर दिया था और राघव एकदम उससे दूर हट्ट गया अब उसने ऐसा क्या किया था इसको आपलोग इमैजिन करो :D

कुछ पलों बाद कुछ ना होता देख नेहा ने अपनी आंखे खोली तो उसने देखा के राघव टोवेल लिए बाथरूम मे जा रहा था... नेहा का मुह खुला था उसने अपने मुह पर हाथ रखा और बड़ी बड़ी आँखों से बाथरूम के दरवाजे को देखने लगी जो थड़ की आवाज के साथ बंद हुआ....

‘ये क्या हुआ अभी अभी....' नेहा ने सोचा.....

क्रमश:
 
अपडेट 31

अगले दिन हर कोई आकाश की सगाई की तयारियों मे व्यस्त था क्युकी उन्हे सब कुछ करके लड़की वालों के यहा सगाई के लिए जाना था इसीलिए आज सुबह से ही घर मे चहल पहल थी हर कोई किसी ना किसी काम मे लगा हुआ था।

संध्या - नेहा बेटा तुम प्लीज पीछे गार्डन मे से फूलों की टोकरी ले आओगी ? मैंने आकाश से कहा था लेकिन वो भूल गया

नेहा - कोई बात नहीं चाचीजी मैं अभी ले आती हु

इतना बोल के नेहा वहा से चली गई और जब वो गार्डन मे से फूलों की टोकरी लेकर वहा से आ रही थी तभी किसी से उसका कंधा थपथपाया और नेहा ने मूड कर देखा तो वहा रितु खड़ी थी

नेहा - तुम्हें कुछ चाहिए क्या ?

नेहा ने उसे हल्की सी स्माइल पास करते हुए पूछा

रितु- हा! देखो मुझे घुमा फिरा कर बाते करने की आदत नहीं है मैं जो बोलती हु साफ बोलती हु इसीलिए सीधा मुद्दे पर आती हु, मैं चाहती हु तुम राघव से दूर रहो!

रितु से सपाट चेहरे से कहा और उसकी बात सुन नेहा ने कुछ पल उसे अच्छे से देखा और फिर जोर से हसने लगी और उसे हसता देख रितु का चेहरा उतर गया

नेहा- मतलब तुम एक पत्नी को उसके ही पति से दूर रहने कह रही हो ?

नेहा ने ताना मारते हुए पूछा

रितु- मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता तुम उसकी क्या लगती हो पत्नी या जो भी मैं जानती हु तुमने उससे उसके पैसों के लिए शादी की है और उसके गुड लुक्स की वजह से उसके साथ हो और मुझे नहीं लगता के वो तुम्हें पसंद भी करता होगा इसीलिए बेहतर होगा तुम उससे दूर रहो वो सिर्फ मेरा है।

अब रितु ने अपने रंग दिखने शुरू कर दिए थे।

नेहा- पहली बात तो ये के मैं उनकी पत्नी हु तो दूर तुम्हें रहना चाहिए उनसे, हा मानती हु के वो हैंडसम है उनके पास बहुत पैसे है लेकिन इसका ये मतलब नहीं के हमारा रिश्ता इन चीजों पे टीका हुआ है और रही बात उनकी मुझे पसंद करने ना करने की तो उससे तुम्हें कुछ नहीं करना है वो हमारा पर्सनल मैटर है। एक बात मै तुम्हें बता दे रही हु मेरा पति पर डोरे डालने की कोशिश भी मत करना मैं दिखती बहुत स्वीट और भोली हु लेकिन अपने रंग मे आ गई तो तुमसे बर्दाश्त नहीं होगा इसीलिए ये तुम्हारे लिए बेहतर होगा के तुम मेरे पति से दूर रहो!

नेहा के एकदम साफ शब्दों मे रितु को चेतावनी दे दी थी जिससे वो उसकी बात साफ साफ समझ जाए लेकिन जो समझे वो रितु कहा

रितु- हूह! अगर मैंने उसके पास जाना शुरू किया ना तो वो तुम्हें भूल जाएगा

रितु ने शैतानी मुस्कान के साथ कहा और नेहा ने अपनी मुट्ठीया भींच ली

नेहा- कोशिश करके देख लो

रितु- हा!

नेहा की बात ने रितु को कन्फ्यूज कर दिया था

नेहा- मैंने कहा कोशिश करके देख लो के तुम कितनी बुरी तरह हारोगी

अब नेहा ने रितु को चैलेंज दे दिया था

रितु- तो तुम राघव को दाव पर लगा रही हो?

रितु नेहा की बात सुन मन ही मन खुश हो रही थी

नेहा- नाह वो की खेलने की चीज नहीं है मैं तो उनपर जो मुझे यकीन है उसे दाव पर लगा रही हु, मुझे भरोसा है वो मुझे कभी धोका नहीं देंगे, अगर तुम जीती तो मैं अपना यकीन हार जाऊँगी और मैं जीती तो तुम उनका साथ पाने की उम्मीद

रितु- इतना भरोसा है तुम्हे उसपर देख के अच्छा लेकिन भूलो मत वो एक मर्द है

रितु ने शैतानी मुस्कान के साथ कहा

नेहा- हा तो! इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता के कोई मर्द है या औरत जब तक वो उस रिश्ते की कद्र करे, अगर रिश्ते मे विश्वास हो तो वो कभी किसी को धोका नहीं देंगे और मैं मेरे पति को तुमसे बेहतर जानती हु...

रितु- अपने इस डिसिशन पर पछताओगी नेहा

अब यहां नेहा और रितु के बीच जंग छिड़ने वाली है देखना होगा के आगे क्या होता है...

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श्वेता- क्या!!!!! भाभी आपने सच मे ऐसा कहा??

श्वेता ने चौक के नेहा से पूछा क्युकी गार्डन मे उसके और रितु के बीच हुई सारी बात नेहा ने श्वेता को जैसी की वैसी बता दी थी, श्वेता के सवाल पर नेहा ने हा मे गर्दन हिलाई और श्वेता उसके गले लग गई

श्वेता- छा गई भाभी आप तो

नेहा- श्वेता मैंने तुम्हें बताया है लेकिन ये बात बस हमदोनों के बीच ही रहनी चाहिए समझ आया, किसी को मत बताना

श्वेता- अरे भाभी ये बात यहा से बाहर कही नहीं जा रही टेंशन नॉट लेकिन मुझे आपकी ये गुस्से वाली साइड नहीं पता थी

नेहा- कोई साइड नहीं है श्वेता, किसी भी पत्नी को कोई लड़की कहे के तुम्हारा पति मेरा है तो वो ऐसे ही रिएक्ट करेगी

श्वेता- और वो रितु है भी नागिन, पता है भाभी मैं जबसे उससे मिली हु मुझे अच्छी फीलिंग नहीं आ रही लेकिन भाभी बात तो वो सही कह गई मर्द तो आखिर मर्द है

नेहा- हा लेकिन मुझे इनपर पूरा भरोसा है

नेहा के चेहरे पर राघव के बारे मे सोचते ही एक मुस्कान आ गई

श्वेता- आपको अपने रिश्ते का सच पता है फिर भी इतना भरोसा भाभी.. अगर मैं आपकी जगह होती तो शायद शेरी पर इतना विश्वास नहीं दिखा पाती जितना आपने भईया पर दिखाया है..

नेहा- मैंने उनकी आँखों मे अपने लिए प्यार देखा है श्वेता और जबसे मैंने हमारे रिश्ते को सुधारने की कोशिश शुरू की है उनकी आँखों मे भी एक अलग ही चमक देखि है मैंने, उसके बाद उन्होंने कभी मुझे रोका नहीं है और रही बात तुम्हारी तो मैं जानती हु तुम शेखर से कितना प्यार करती हो

श्वेता- फिर भी कुछ प्लान सोचा है आपने उस नागिन से बचने का ? वो कुछ ना कुछ तो जरूर करेगी

नेहा- कोई प्लान नहीं है देखा जाएगा जो होगा....

अब देखने वाली बात होगी के रितु क्या चाल चलेगी और नेहा उसे कैसे रोकेगी लेकिन जो भी हो ये नेहा बनाम रितु की जंग देखने मे मजा बड़ा आएगा तो जुड़े रहिए कहानी के साथ

क्रमश:
 
अपडेट 32

शुभंकर जी बड़ी दादी को लेकर अस्पताल गए हुए थे क्युकी उनका रूटीन चेकप होना था और जो जरूरी था वही घर के बाकी लोग बैठ कर चाय पीते हुए शादी और सगाई मे होने वाली रस्मों के बारे मे बाते कर रहे थे

स्वाती- सबसे बढ़िया तो जूते छुपाने वाली रस्म होती है, हमे मालामाल कर देती है वो

रिद्धि- पैसे का नेग तो और भी रस्मों मे मिलता है स्वाती..

जानकी- शेखर और श्वेता तो अपनी सगाई के टाइम पूरे फिल्मी थे क्या क्या नहीं किया था दोनों ने

रमाकांत- हा ना ये जनाब सीढ़ियों पर खड़े थे और श्वेता की उंगली मे धागा बांधा हुआ था और ऊपर से सरका के अंगूठी पहनाई थी

शेखर- अरे वो तो मैंने एक फिल्म मे देखा था बड़े पापा और मुझे वही करना था

संध्या- और वो नाम रखने वाली रस्म? शेखर तुमने क्या नाम रखा था श्वेता का हम तो बुआ जी की तबीयत की वजह से रुक नहीं पाए थे तो पता ही नहीं

विवेक- नाम वाली रस्म? ये कब हुई? और है क्या ये?

रिद्धि- जगेगा तब पता रहेगा ना दिन मे 18 घंटे तो सोते हो तुम

रिद्धि ने विवेक को टपली मारते हुए कहा

मीनाक्षी- अरे जब शादी के बाद लड़की दुल्हन बनके नए घर मे जाती है ना तो उसका नया नाम रखा जाता है जो उसके पति के नाम से मैच हो

विवेक- सही है यार, मैं भी सोच के रखता हु कुछ कभी काम आएगा

आकाश- ओये शेखर बता न तूने क्या नाम रखा था भाभी का?

शेखर- आद्या! माय फर्स्ट वन एण्ड ओन्ली लव... मैंने आद्या नाम रखा था

शेखर ने श्वेता की आँखों मे देखते हुए आकाश से कहा और श्वेता शर्मा गई

धनंजय- दट्स माय बॉय शाबाश!

धनंजय जी ने शेखर की तारीफ की जिसपर सब मुस्कुराने लगे

आरती- कितना बढ़िया नाम है लेकिन हमने तुम्हें कभी श्वेता को इस नाम से बुलाते हुए नहीं सुना ऐसा क्यू ?

आरती जी का सवाल सुन दादू बोले जो वही बैठे थे

शिवशंकर- ऐसा इस लिए क्युकी ना तो श्वेता अपना नाम बदलना चाहती थी ना ही हमारी उसका नाम बदलने की इच्छा थी, एक लड़की अपना घर अपना परिवार छोड़ कर अपने ससुराल आती है अपने पति के घर को स्वर्ग बनाने इससे ज्यादा और क्या चाहिए

गायत्री- हा... और वैसे भी ये सिर्फ एक रस्म है और किसी भी लड़की को नाम बदलने की जरूरत नहीं है हमारा नाम तो हमारी पहचान होता है हमारे माता पिता ही देन है वो

शिवशंकर- वही तो और बच्चे पर पहला अधिकार उसके मा बाप का होता है फिर उनका दिया नाम कोई लड़की कैसे बदले बताओ

रमेश- एकदम बराबर कहा आपने! मा बाप का दर्ज सबसे ऊपर है

आरती- अच्छा शेखर का तो सुन लिया अब चलो राघव तुमने नेहा को क्या नाम दिया था बताओ?

अचानक आए इस सवाल से नेहा और राघव दोनों के कान खड़े हो गए नेहा ने अपनी नजरे झुका ली और राघव को गिल्टी फ़ील होने लगा

जानकी- आपको तो पता है मामीजी राघव शादी वाले दिन ही बिजनस ट्रिप पर चला गया था और ये रस्म अगले दिन होती है तो हमने सोचा था के राघव से फोन पर वही से पुछ लेंगे लेकिन ये तो बाद मे हम सभी भूल गए थे

अब ये क्या नया रायता है यार, मैंने क्या क्या मिस किया है’ राघव मन ही मन अपने को कोसने लगा

मीनाक्षी- अरे हा ये तो हम भूल ही गए थे राघव को बाद मे किसी ने इस बारे मे पूछा ही नहीं क्युकी ये लौटा ही 2 महीने बाद था और वैसे भी नाम बदलना ही नहीं था तो किसी ने इसके बारे मे उतना सोचा भी नहीं

संध्या- अच्छा अब वैसे भी राघव उसे उस नाम से नहीं बुलाता लेकिन कुछ तो नाम इसने दिया ही होगा नेहा को वो बात दे

अब संध्या जी की बात सुन राघव के रोंगटे खड़े हो गए

राघव- चाची छोड़ो न कहा आप भी ये बात लेकर बैठ गई वैसे भी बुलाना सबने उसे नेहा ही है

राघव के बहाने बनने शुरू हो गए थे वही नेहा अपनी साड़ी के पल्लू से खेलने लगी

गायत्री- हा तुम्हारी बात सही है लेकिन बताओ तो क्या नाम रखा था तुमने ये इतनी कौनसी बड़ी बात है

जानकी – हा राघव ये तो मैं भी नहीं जानती के मेरे बेटे ने मेरी बहु को क्या नाम दिया था! ये तो गलत बात है चलो बताओ अब

राघव- मा आप भी क्या लेके बैठ गई छोड़ो ना

लेकिन राघव की एक नहीं चल रही थी क्युकी अब सारे घरवाले नाम जानने की जिद पकड़ चुके थे और कोई नाम था ही नहीं और इन सब के एक साथ प्रेशर देने से राघव कोई बढ़िया सा नाम सोच भी नहीं पा रहा था उसका दिमाग एकदम खाली हो गया था कोई आइडिया नहीं आ रहा था, उसने आजू बाजू कुछ हिंट्स के लिए देखा लेकिन उसे कुछ नहीं मिला, मदद की आस मे उसने नेहा को भी देखा लेकिन उसने भी हल्के गुस्से मे अपनी नजरे घुमा ली

इनके पास मेरे लिए कोई अच्छा नाम सोचने के 5 मिनट भी नहीं थे क्या? अब भुगतो’ नेहा ने मन ही मन सोचा

‘अरे यार इसको भी अपने मूड स्विंग्स अभी दिखने है क्या?’

रिद्धि- बताओ ना भाई सब राह मे है

रिद्धि ने राघव को उसके खयालों से बाहर निकाला

राघव- वो..

तभी राघव की नजर सामने टेबल पर पड़े अखबार पर गई और उसकी आंखे अखबार मे कोई बढ़िया सा नाम ढूँढने लगी

विवेक- बताओ यार भाई

विवेक ने थोड़ा जोर से पूछा

राघव- चिक्की

विवेक की बढ़ी हुई आवाज सुन एकदम से ये नाम राघव के मुह से निकला जिसे सुन सब लोग एकदम शांत हो गए

सब लोग आश्चर्य से राघव को देखने लगे और नेहा तो आँख और मुह फाड़े उसे देख रही थी और सबका ये रिएक्शन देख राघव ने वापिस अपने आप को मन ही मन डांटा

“चिक्की!!!!!!” गायत्री और जानकी को अब भी यकीन नहीं हो रहा था और राघव ने गर्दन झुकाए अपनी आंखे बंद कर मुंडी हिलाई

और राघव के एक्सप्रेशन देख वह मौजूद सभी जोर जोर से हसने लगे पेट पकड़ पकड़ कर

रिद्धि- भाई सच मे ये नाम रखा है आपने भाभी का ?? चिक्की??

रिद्धि अपना पेट पकड़ के हसते हुए बोली और विवेक जो सोफ़े की साइड पर बैठा हुआ था वो तो हसते हसते गिरने वाला था अगर आकाश उसे नहीं संभालता तो और आकाश विवेक को संभालते हुए हसे जा रहा था

रमाकांत- राघव ऐसा नाम कौन रखता है बेटा?? तुमने पी रखी थी क्या उस दिन?

रमाकांत जि अपनी हसी कंट्रोल करते बोले

राघव- डैड प्लीज आप तो मत ऐसा बोलिए

रमाकांत- अरे ऐसा नाम सोचो तुम हम बोले भी ना 😂

जानकी- तुमने क्या सोचा था राघव जो मेरी बेटी का ऐसा नाम रखा

जानकी जी आपने आँसू पोंछते हुए बोली जो हसते हसते उनकी आँखों से आने लगे थे

शेखर- क्या था ये 😂😂😂😂😂😂😂

राघव- इतनी बड़ी मजेदार बात भी नहीं है जो आपलोग ऐसे रिएक्ट कर रहे है मुझे क्यूट लगा ये नाम तो मैंने ये रख दिया बस

आरती- हा क्यूट तो है लेकिन तुम्हारे मुह से ऐसा नाम सुनना अलग है बस

आरती जी ने हसते हुए कहा और राघव ने मदद के लिए अपने दादू की ओर देखा जो वहा अभी उसका एकमात्र सहारा थे और दादू भी राघव का इशारा समझ कर बोले

शिवशंकर- बस बहुत हो गया ये उसकी चॉइस है उसे क्या नाम देना था ये उसका प्यार जताने का तरीका होगा

रमेश- हा सही है ये तो उनकी चॉइस है ये वो एकदूसरे को किस नाम से बुलाना चाहते है

रमेश जी भी मुसकुराते हुए बोले

गायत्री- अच्छा अब सब चलो बाते बहुत हुई और बहुत सा काम बाकी है अभी

दादी अपनी मुस्कान छुपाने का असफल प्रयास करते हुए बोली और सब हसते हुए अपने अपने काम मे लग गए

शेखर और श्वेता दोनों जानते थे के राघव ने झूठ बोला है लेकिन वो नाम ही ऐसा था के वो अपनी हसी रोक ही नहीं पाए और एक एक करके सब लोग वहा से अपने अपने कामों के लिए निकल गए और राघव ने राहत की सास ली और नेहा को देखा जो अब भी सेम शॉक वाले एक्सप्रेशन लिए वही अपनी जगह पर बैठी थी किसी मूर्ति की तरह

राघव ने नेहा के कंधे को अपनी उंगली से छुआ जिससे झटके के साथ नेहा उसकी ओर मुड़ी और नेहा के एकदम ऐसे मुड़ने से राघव थोड़ा डर के पीछे सरक गया

नेहा- ची.. चिक्की !!? आपको... आपको और कोई नाम नहीं मिल क्या?? चिक्की??

वो राघव की तरफ बढ़ी और राघव पीछे हटने लगा

राघव- मुझे और कोई नाम नहीं मिला तो...

नेहा- तो आपने चिक्की रख दिया हे भगवान मुझे नहीं पता था इस मामले मे आपका दिमाग इतना स्लो है

नेहा ने बाकियों के रिएक्शन याद कर रोने वाले एक्सप्रेशन अपने चेहरे पर लाए

राघव- ओये मेरा दिमाग स्लो नहीं है

नेहा- है!! इसीलिए तो आपने ऐसा नाम बताया, चिक्की कौन रखता है यार

राघव- रहने दो क्यूट नाम है

बदले मे नेहा ने बस उसे घूरा

राघव- क्या? क्यूट है तो है और अब मैं तुम्हें इसी नाम से बुलाऊँगा ठीक है न, चिक्की

राघव ने मुस्कुराते हुए नेहा के गाल खिचते हुए कहा, और कोई वक्त होता तो नेहा राघव के ऐसे उसे छेड़ने को इन्जॉय करती लेकिन अभी उसे चिक्की के सामने कुछ नहीं दिख रहा था

नेहा- आप मुझे इस नाम से बिल्कुल नहीं बुलाएंगे!

नेहा ने अपनी उंगली राघव को दिखा कर धमकाते हुए कहा

राघव- कौन बोला, मैं तो इसी नाम से बुलाऊँगा और तुम मुझे नहीं रोक सकती वैसे भी ये रस्म थी

राघव वहा से इतना बोल कर जाने लगा

नेहा- उहमहू चीटिंग है ये आप... आप ऐसा नहीं करेंगे.... रुकिए.... सुनिए तो... आप मुझे उस नाम से नहीं बुलाएंगे

नेहा राघव के पीछे पीछे जाने लगी लेकिन राघव ना तो मूड रहा था ना उसकी कोई बात सुन रहा था उसने बस चिक्की चिक्की की रट लगाई हुई थी......

क्रमश:
 
रेविएवस? :वेटिंग:

अपडेट लिखे करने वाले 20 रिव्यु देने वाले 10 ऐसा मत करो एक वर्ड बोलै तब भी चलेगा भाईलोग डिटेल्ड नहीं रहेगा तब भी ok है :रेडफास:

और रिव्यु देने वालो को दिल से शुक्रिया आपके रिविएव पढ़ के hi आगे लिखने का और मन होता है :थैंक्स:
 
अपडेट 33

नेहा राघव को अवॉइड कर रही थी क्युकी अब राघव का लैपटॉप तो बड़ी दादी के पास था और करने को कुछ था नहीं तो राघव नेहा को चिक्की नाम से चिढ़ा कर मजे ले रहा था और वो उसे चिक्की चिक्की बुलाते हुए पूरे घर मे उसके पीछे पीछे घूम रहा था बगैर परिवार वालों की चिंता करे और नेहा इससे काफी ज्यादा चिढ़ भी रही थी, इस वक्त नेहा किचन मे थी और सब्जियां काट रही थी

श्वेता- चिक्की भाभी भईया आपको बुला रहे है

श्वेता ने अपनी हसी छुपाते हुए नेहा से कहा और बदले मे नेहा ने उसे घूर के देखा

नेहा- उनहू उनहू श्वेता प्लीज!!

श्वेता- अच्छा अच्छा ठीक है नेहा भाभी मैं नहीं बुलाऊँगी आपको उस नाम से

श्वेता ने हसते हुए कहा

नेहा- वही अच्छा होगा और तभी वहा एंट्री हुई राघव की

राघव- चिक...

राघव किचन मे आते हुए नेहा को चिक्की बुलाने ही वाला था के वहा श्वेता को नेहा के साथ देख वो रुक गया और श्वेता हसते हुए वहा से चली गई और नेहा मन मे सोचने लगी

इनको अचानक क्या हो गया है? उफ्फ़ इनकी ये बच्चों जैसी हरकते!’

नेहा- क्या है!!

नेहा ने थोड़ा रुडली राघव से कहा

राघव- वो चिक्की असल मे......

नेहा- मुझे उस नाम से मत बुलाइए

नेहा ने फ्रस्टेट होकर राघव को अपने हाथ मे पकडा चाकू दिखाते हुए कहा और चाकू उसकी गर्दन के पास पकड़ा

राघव- अरे देखो ऐसा मत करो भरी जवानी मे विधवा हो जाओगी

नेहा- आई डोन्ट केयर मुझे बस मेरे नाम से मतलब है

नेहा ने राघव की तरफ एक कदम और बढ़ाया और राघव एक कदम पीछे हटा और सरेन्डर करने के लिए अपने दोनों हाथ उसने ऊपर उठा लिया

राघव- अरे शांत हो जाओ मेरी मा, और ये बताओ तुम्हें ये नाम पसंद क्यू नहीं है??

राघव ने मासूमियत से पूछा

नेहा- ऐसा नाम कीसे पसंद आएगा और पहली बात आपके दिमाग मे ये नाम आया कहा से वो बताइए पहले ?

नेहा ने राघव से पूछा

राघव- वो अखबार मे एड थी एक जिसमे लिखा था के अब लोनावला की फेमस चिक्की मिलेगी हर जगह बस वही से चिक्की उठा लिया

और राघव का जवाब सुन नेहा ने अपना माथा पीट लिया

नेहा- आप ना...

लेकिन बोलते बोलते नेहा रुक गई जब उसने राघव को उसे देख कर मुस्कुराता हुआ पाया

राघव- अच्छा सुनो न चिक्की.... मतलब नेहा, नेहा

जब चिक्की बुलाने पे नेहा ने वापिस राघव को घूरा तो उसने उसे नेहा बुलाना शुरू कर दिया

नेहा- हम्म क्या..

राघव- मैं जरा शेखर और आकाश के साथ कुछ काम से बाहर जा रहा हु आकाश को कुछ सामान लेना है और आज शॉप से कुर्ते वाला आ रहा है तो अगर मैं टाइम पर ना पहुंच पाया तो मेरे लिए अपनी पसंद का एक कुर्ता चुन कर रखना।

और इतना बोल के राघव बगैर नेहा की बात सुने वहा से निकल गया और नेहा बस मुसकुराते हुए उसे जाते हुए देखती रही

--x--

रमाकांत- स्वाती बेटा जाओ नेहा को बुला लाओ, राघव ने कहा था के नेहा को कहे उसके लिए कुर्ता पसंद करने

रमाकांत जी ने स्वाती से कहा और वो भी हा मे गर्दन हिला कर चली गई

शुभंकर- हा हा अब जब हमने इनकी साड़िया पसंद की है तो ये भी तो हमारे लिए कपड़े पसंद करेंगी न

धनंजय- हा बिल्कुल

सब औरते अपने अपने पतियों की कपड़े सिलेक्ट करने मे मदद कर रही थी तभी वहा रितु आई

रितु- हैलो एवरीवन अरे वाह आज भी कपड़ों की खरीदारी चल रही है

जानकी- हा बेटा आज जेंट्स लोगों की बारी है

जानकी जी की बात सुन रितु ने इधर उधर देखा जैसे किसी को ढूंढ रही हो लेकिन वो बंदा उसे कही नहीं दिखा

रितु- राघव कहा है?? और शेखर और आकाश?

किसी को अजीब न लगे इस लिए उसने शेखर और आकाश के बारे मे भी पुछ लिया

संध्या- वो लोग कुछ काम से बाहर गए है

संध्या जी ने कपड़े देखते हुए ही रितु के सवाल का जवाब दिया

आरती - अरे रितु तुम भी आओ कुछ सजेशन दो

जिसके बाद रितु भी वहा बैठ गई इतने मे वहा नेहा आई और रमाकांत जी से बोली

नेहा- जी पापा आपने बुलाया था

रमाकांत- हा बेटा आओ राघव के लिए कुर्ता पसंद कर लो उसने मुझे तुम्हें याद दिलाने कहा था

और रमाकांत जी की बात सुन रिद्धि अपनी मा से बोली

रिद्धि- देखा मा आपका बेटा लाइन पर आ रहा है अब

जिसपर नेहा शर्मा गई

श्वेता- भाभी यहा आओ न

श्वेता ने नेहा को अपने बाजू की खाली जगह की तरफ इशारा करके बुलाया वही रितु बस नेहा को घूरे जा रही थी लेकिन कोई उसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा था

संध्या- अच्छा है राघव बदल रहा है वरना हम तो भूल ही गए थे के वो आखरी बार ऐसे किसी फॅमिली फंक्शन मे आया हो

मीनाक्षी- अरे ये तो नेहा है जो संभाल रही है उसे

जानकी- वही तो कोई और होती तो पता नहीं उसे संभाल पाती या नहीं

इन लोगों की बाते सुन नेहा कुर्ता पसंद करते हुए मुस्कुरा दी वही इन बातों ने रितु के मन मे आग लगा दी थी जिसकी जलने की बदबू बाहर तक आ रही थी

विवेक- ये गलत बात है यार, मैं तो सिंगल हु अब मेरे लिए कौन पसंद करेगा

विवेक ने कहा जिसपर नेहा और श्वेता ने एकसाथ कहा “हम है ना”

कुमुद- रुक मैं पसंद करती हु तेरे लिए तेरी बड़ी दादी की पसंद इतनी खराब नहीं है

सारा प्रोग्राम सही चल रहा था तभी रितु बीच मे बोल पड़ी

रितु- अरे अरे नेहा ये क्या कर रही हो? इस कुर्ते का कलर ऑफ है राघव को पसंद नहीं आएगा रुको मैं मदद करती हु तुम्हारी

रितु ने नेहा के पसंद किए कुर्ते को घृणित नजरों से देखा और खुद कुर्ता ढूंढने लगी

नेहा- इन्हे क्या पसंद है क्या नहीं मुझे अच्छे से पता है!

रितु- उसे डार्क कलर पसंद है इतना भी नहीं पता क्या फिर तुम्हें

रितु ने नेहा को ताना मारा जो वहा मौजूद किसी को भी अच्छा नहीं लगा

नेहा- वो टाइम और जगह के हिसाब से कलर पसंद करते है

नेहा ने आराम से कहा

रितु- नहीं! बचपन मे वो हमेशा डार्क कलर पहनता था चाहे कुछ हो और उसका पसंदीदा रंग डार्क ब्लू है उसने बताया था मुझे

रितु ऐसा जता रही थी जैसे वो राघव को नेहा से बेहतर जानती थी

नेहा- वो बचपन था रितु, वो अब बच्चे नहीं है और समय के साथ पसंद भी बदलती है

नेहा अब रितु की बातों से परेशान हो रही थी

रितु- तो मैं मदद करती हु तुम्हारी वैसे भी मेरी चॉइस तुमसे अच्छी है उसे पसंद आएगी

अब ये बात रितु ने कही तो नॉर्मली ही थी लेकिन नेहा जानती थी के वो उसे चैलेंज कर रही है

नेहा- उन्होंने मुझे खास तौर से उनके लिए कुर्ता पसंद करने करने कहा है रितु और अगर कोई और ये काम करेगा तो ये उन्हे अच्छा नहीं लगेगा तुम जाओ औरों की मदद करो मुझे अच्छे से पता है इन्हे क्या पसंद है क्या नहीं

नेहा ने प्यार से मुस्कान के साथ रितु से कहा लेकिन उसके शब्द किसी तीर की तरह थे वही ये बवाल देख श्वेता अपनी हसी कंट्रोल कर रही थी

नेहा को ऐसे राघव की साइड लेता देख उसपर हक जमाते देख दादू ने दादी की ओर देखा मानो इशारों मे कह रहे हो मैंने कहा था न नेहा राघव के लिए परफेक्ट है और दादी ने भी इशारों मे सहमति जताई

रितु- ठीक है मैं भी उसके लिए एक कुर्ता पसंद कर लेती हु जब वो आएगा तब उसी से पुछ लेंगे उसे किसका कुर्ता ज्यादा अच्छा लगा

रितु को नेहा द्वारा हुई अपनी सोम्य शब्दों वाली बेइज्जती रास नहीं आई और जिद्दी तो वो बहुत थी वही नेहा ने इसका कुछ नहीं हो सकता सोच के मुंडी हिला दी

कुछ समय मे सब की खरीदारी हो चुकी थी और अब बस वहा अपनी गैंग बची थी वो भी रितु के उस बचकाने आइडीया के चलते, नेहा और रितु दोनों ही राघव की राह देख रही थी तभी वो लोग वहा आए

शेखर- अरे वाह हो गया सब ?

शेखर ने अंदर आते हुए पूछा

रितु- राघव कहा है?

रितु ने शेखर से पूछा और नेहा अब उससे परेशान हो चुकी थी वही शेखर ने उसका सवाल सुन श्वेता को देखा तो श्वेता ने इशारे से ये पागल है ऐसा कहा

शेखर - भाई बस आ ही रहा है

शेखर ने नेहा को देखते हुए कहा और तभी वहा राघव की एंट्री हुई और रिद्धि उसके पास गई

रिद्धि- भाई आप आ गए अब चलो और अपने लिए एक कुर्ता पसंद करो ताकि मेरी भाभी का काम खतम हो

रिद्धि ने कहा और राघव कन्फ्यूजन मे उन्हे देखने लगा

रितु- राघव देखो मैंने तुम्हारे लिए एक कुर्ता पसंद किया है

रितु ने राघव के पास जाते हुए कुर्ता दिखाया और उसे देख राघव का मूड ही खराब हो गया और उसने नेहा को देखा और इशारों मे कहा के मैंने तुम्हें कहा था ना?? और इससे पहले रितु उसके पास पहुचती वो जाकर नेहा के बाजू मे बैठ गया

श्वेता- भईया भाभी और रितु ने आपके लिए ये दो कुर्ते पसंद किए है अब बताओ आपको कौनसा बढ़िया लगा

श्वेता ने राघव को एक डार्क ब्लू और एक हल्के गुलाबी रंग का ऐसे दोनों कुर्ते दिखाए

राघव- ये वाला...

राघव के डार्क ब्लू कुर्ते की ओर इशारा किया जिससे वहा बस एक इंसान को खुशी हुई

नेहा- ठीक है यही फाइनल फिर

नेहा ने झूठी मुस्कान के साथ कहा और वहा से उठने लगी इतने मे ही राघव ने उसका हाथ पकड़ कर उसे वहा बैठा लिया

राघव- क्या? फाइनल क्या? अरे पहले पूरी बात तो सुन लो मैं कह रहा हु ये वाला बहुत डार्क है सगाई के फंक्शन मे उतना सही नहीं लगेगा इसीलिए दूसरा वाला फाइनल करो

राघव की बात सुन नेहा ने उसकी ओर देखा और रितु की स्माइल गायब हो गई

राघव- और वैसे भी ये चिक्की... मतलब तुम्हारी साड़ी के साथ मैच हो रहा है तो इसे ही डन करो

राघव ने नर्वस स्माइल के साथ कहा और उसकी बात सुन नेहा के गाल लाल होने ले

शेखर- ओ हो हो मैचिंग मैचिंग....

शेखर ने राघव को चिढ़ाते हुए कहा वही राघव कुछ नहीं बोला बस उसने एक बार नेहा को देखा और वहा से निकल गया.....

क्रमश:
 
पहले खुद कुछ लिखो थें किसी भी राइटर को कुछ कहो, ऐसे कमेंट तब अच्छे लगते है जब आपने खुद कुछ उखाड़ा हो :रोल:

इस ा फैंटास्टिक राइटर, मैंने पढ़े है उसके लिखे कुछ उपदटेस :रोल3:

और इसका काउंटर रिप्लाई लाउन्ज या सस्कस्ट में करना विस्तार से समझाऊंगा
 
देवनागिरी में भाई की सभी स्टोरीज और की विश्वरूप पढ़ो बढ़िया स्टोरीज है, अगर देवनागिरी के अलावा पढ़ना है तो की स्टोरी और की स्टोरीज पढ़ो भाई

बढ़िया मसाले के लिए भौ की स्टोरीज और फंतासी के लिए और एक्शन थ्रिलर के लिए भौ की स्टोरीज पढ़ो

:गोटम:
 
अपडेट 34

आज आकाश की सगाई थी और सब लोग तयारियों मे बिजी थी रेडी हो रहे थे ताकि सगाई वाली जगह के लिए निकल सके

कुमुद- सब हो गया?

बड़ी दादी ने संध्या जी से पूछा

संध्या- जी बुआ जी सब हो गया है अब आप आराम करिए चिंता मत करिए

कुमुद- ठीक है, सब तयार हो गए है ना हमे वहा समय पर पहुचना है

संध्या- मैं बस वही देखने जा रही थी

और इतना बोल के संध्या जी वहा से चली गई

शिवशंकर- अरे ये क्या अभी तक कोई तयार नहीं हुआ ?

दादू ने वहा आते हुए पूछा

कुमुद- संध्या गई है देखने..

तभी राघव वहा आ पहुचा जो पूरा रेडी था

शिवशंकर- अरे वाह राघव तुम हो गए तयार, जाओ और नेहा को बुला लाओ

दादू ने राघव को देखते ही कहा

कुमुद- और हा अगर उसे कुछ मदद चाहिए होगी तयार होने मे तो कर देना वो सबसे आखिर मे रेडी होने गई थी

बड़ी दादी और दादू दोनों ने ही राघव को नेहा को बुलाने कहा वही नेहा का नाम सुनते ही राघव वही जम गया और उसके गाल लाल हो गए और ऐसा क्यू हुआ तो ये जानने के लिए चलते है कुछ समय पहले....

राघव तयार होकर बस बाथरूम से बाहर आया ही था के उसने देखा के रूम मे नेहा रेडी हो रही है और नेहा को देखते ही उसकी आंखे बड़ी हो गई क्युकी इस वक्त नेहा बस ब्लाउस और पेटीकोट मे थी और साड़ी पहन रही थी, नेहा को लगा था के राघव रूम मे नहीं है क्युकी बाथरूम से उसे कोई आवाज नहीं आया था इसीलिए वो रेडी होने लगी और जब वो मुड़ी तो उसका मुह खुला का खुला रह गया आखे बाहर आने को हो गई क्युकी राघव बगैर पलके झपकाए उसे देखे जा रहा था...

नेहा ने झट से अपनी साड़ी का पल्लू लिया लेकिन तब तक तो राघव की नजर उसकी पतली कमर पर पड चुकी थी और ऐसे अचानक राघव को देखते ही नेहा चीखने ही वाली थी के राघव ने जल्दी से अपने हाथ से उसका मुह बंद कर दिया और नेहा की आधी पहनी साड़ी नीचे गिर गई और नेहा चौक के राघव को देखने लगी जब उसे राघव का हाथ अपनी कमर पर महसूस हुआ

राघव- चिल्लाओ मत! क्या कर रही हो यार

राघव ने कहा वही नेहा बड़ी बड़ी आँखों से उसे देखने लगी और उसे अपने आप को ऐसे देखता पाकर राघव को सिचुएशन का ध्यान आया और वो थोड़ा पीछे हटा और मूड के खड़ा हो गया

राघव- वो.. मैं... वो जानबुझ के नहीं हुआ.. मैं बाथरूम मे था और तुम यहा कपड़े क्यू बदल रही हो

राघव ने अपनी गलती नेहा पर डालने की कोशिश कि

नेहा- मुझे सपने नहीं आ रहे थे के आप बाथरूम मे हो मुझे कोई आवाज नहीं आया तो लगा के आप नहीं हो और वैसे भी मैं वहा साड़ी नहीं पहन सकती थी

नेहा ने वापिस साड़ी पहनते हुए धीमे से कहा

राघव- तो.. तो अबतक पहनी क्यू नहीं??

नेहा- वो.. वो मुझसे ब्लाउस की डोरी नहीं बंध रही थी पीछे से तो....

नेहा ने थोड़ा हिचकते हुए कहा

राघव- तो किसी को मदद के लिए बुला लेना था

नेहा- सब तयार हो रहे है

राघव- तो अब क्या करोगी कैसे रेडी होगी

राघव ने एकदम से पूछा

नेहा- किसी के रेडी होने का वेट करूंगी फिर

नेहा ने कहा और कुछ पल रूम मे शांति फैल गई

राघव- घूमो!

राघव ने एकदम से कहा जो नेहा को समझ नहीं आया

नेहा- हा?

राघव- अरे घूमो वरना लेट हो जाओगी चलने का टाइम हो गया है

राघव ने अपना कुर्ता सही करते हुए कहा

नेहा- नहीं ठीक है मैं कर लूँगी मैनेज

राघव- मैं खा नहीं जाऊंगा तुम्हें और वैसे भी तुम्ही ने मुझे पति वाला हक जमाने कहा था ना तो अब घूमो इतनी भी बड़ी बात नहीं है

अनहाहा नेहा क्यू कही थी तुमने वो बात’ नेहा ने मन ही मन अपने आप को कोसा

राघव- नेहा घूमो लेट हो रहा है

जिसके बाद नेहा थोड़ा हिचकते हुए मुड़ी और राघव को देखने कहा और राघव ने मूड कर देखा तो अनायास ही उसकी नजर नेहा की पीठ पर पड़ी और उसे पसीना आने लगा और वो धीरे धीरे नेहा की तरफ बढ़ा

राघव ने अपने हाथ से नेहा के बाल एक साइड हटाए, उसके हाथ थरथरा रहे थे और जैसे ही उसने नेहा की पीठ हो छुआ उसके होंठ बंद हो गए वही राघव का स्पर्श पीठ पर पाते ही नेहा के रोंगटे खड़े हो गए

राघव की नजरे एक पल को भी नेहा की पीठ ने नहीं हट रही थी और अब वहा का महोल गरम होने लगा था

राघव ने ब्लाउस की डोरी बांधनी शुरू की, धड़कने दोनों की बढ़ी हुई थी वही नेहा अपनी साँसों पे काबू कर रही थी

जब भी राघव उसके आसपास होता पता नहीं उसे क्या हो जाता

राघव- हो गया!

और इतना बोलते ही राघव झट से रूम से बाहर चल गया और अभी जब दादू और बड़ी दादी ने उसे नेहा को बुलाने कहा था तो रूम मे हुआ यही सीन याद कर राघव के गाल लाल हो गए थे

एक तो कल रात का सीन फिर अब, पता नहीं उसके पास जाते ही मुझे क्या होने लगता है दूर रहना पड़ेगा उससे वरना पता नहीं मैं क्या कर जाऊंगा, लेकिन क्या कमर थी यार’

राघव अपने ही खयालों मे खोया हुआ था तभी रमाकांत जी ने उसके चेहरे के सामने चुटकी बजा कर उसे होश मे लाया

रमाकांत- किधर खोए हो बरखुरदार?

शेखर- बड़े पापा लगता है भाई को कुछ याद आ गया होगा हैना भाई??

शेखर राघव को छेड़ने लगा इतने मे सब लोग वहा जमा हो चुके थे

राघव- शट उप शेखर! नेहा बस आती ही होगी बड़ी दादी

मीनाक्षी- श्वेता कहा है शेखर?

श्वेता- मैं यहा हु मा

श्वेता ने उनके पास आते हुए कहा, आज वो गजब की सुन्दर दिख रही थी और शेखर ने उसे आता देख उसे आँख मार दी

विवेक- वूह! भाभी लूकिंग ऑसम लेकिन आपके पतिदेव का क्या करे ये तो बांदर ही दिख रहा है

विवेक ने कहा जिस पर सब हसने लगे और शेखर ने उसे पेट मे हल्का सा मुक्का जड़ दिया

शेखर- सा...

शेखर अभी विवेक पर शब्द सुमनो की बारिश करने की वाला था के उसे घरवालों का ध्यान आया तो वो रुक गया, सब लोग श्वेता की तारीफ करने लगे

गायत्री- नेहा कहा है??

दादी ने इधर उधर देखते हुए पूछा

स्वाती- वो रही भाभी

स्वाती ने राघव के पीछे की तरफ इशारा किया जहा से नेहा आ रही थी और स्वाती की बात सुन राघव ने जैसे ही मूड कर पीछे देखा तो वो बस नेहा को देखता ही रह गया

नेहा धीरे धीरे चलते हुए राघव की तरफ आ रही थी उर उसके चेहरे पर एक खूबसूरत मुस्कान बनी हुई थी, राघव की पसंद की हुई साड़ी उसपर बहुत जच रही थी

नेहा को देख कर राघव के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई, जो उसे अपने जीवनसाथी मे चाहिए था नेहा मे वो सब कुछ था रूप भी और गुण भी और इस वक्त वो किसी देवी से कम नहीं लग रही थी, सिम्पल एण्ड ब्यूटीफुल

रिद्धि- भाभी बहुत सुन्दर लग रही हो आप

रिद्धि ने कहा जिसपर नेहा बस मुस्कुरा दी

जानकी - आखिर बहु किसकी है

संध्या- साड़ी बहुत सुन्दर लग रही है नेहा नाइस चॉइस

रिद्धि- वो तो भईया की पसंद है चाची

मीनाक्षी- सही मे ? राघव तुमने पसंद की है ये साड़ी?

लेकिन राघव का किसी की बातों पर ध्यान ही कहा था वो तो उसकी बीवी मे ही खोया हुआ था

आकाश- भाई!!

आकाश ने राघव को हिला कर उसके सपनों की दुनिया से बाहर निकाला

राघव- आगाये सब चलो अब लेट हो रहा है और आकाश तुझे सगाई करनी है ना?

राघव ने एकदम से सबकी नजरे अपनी तरफ पाई तो बात बदलते हुए कहा और उसकी बात सुन आकाश भी जल्दी करने लगा

रमेश- हा अब चलना चाहिए वरना हमलोग लेट हो जाएंगे

शुभंकर- हा, और ममता से बात हुई है मेरी वो सीधा वही पहुचेंगे

आरती- ठीक है फिर सब तयार है तो चलते है हमे बस रितु को साथ लेना है उसके मा बाप नहीं आ रहे

और आरती जी के रितु का नाम लेते ही दो लोगों का मूड ऑफ हो गया वो थे नेहा और श्वेता

‘सब ने मेरी तारीफ की लेकिन इनके मुह से एक शब्द नहीं निकला’ नेहा ने राघव को देखते हुए सोचा

अब शेखर श्वेता, राघव और नेहा एक ही कार मे जाने वाले थे

शेखर- भाभी आप सामने भाई के साथ बैठो मैं और श्वेता पीछे बैठते है

शेखर ने नेहा ने कहा और ड्राइविंग सीट पर बैठे राघव को देखा नेहा ने हा मे गर्दन हिलाई और वो दरवाजा खोलने ही वाली थी के रितु वहा आ पहुची

रितु- हे अंकल आंटी ने मुझे तुम लोगों के साथ आने कहा है बाकी सारी गाड़ियां फूल है

रितु ने कहा और वो राघव के बाजू मे बैठने ही वाली थी के नेहा ने उसे रोक दिया

नेहा- वो मेरी जगह है रितु

रितु- तुम्हारा नाम लिखा है क्या यहा?

नेहा- नाम तो तुम्हारा भी नहीं है

अब नेहा इससे चिढ़ने लगी थी

रितु- हा लेकिन अब मैं बैठूँगी यहा

और इससे पहले रितु दरवाजा खोल कर राघव ने बाजू मे बैठती कार का शिशा नीचे हुए एक आवाज आया

राघव- नेहा मेरे बाजू मे आकार बैठो

राघव की उस डोमिनेंट आवाज ने सारा झगड़ा ही खतम कर दिया और रितु शॉक होकर उसे देखने लगी और नेहा राघव का सपाट चेहरा देखते हुए उसके बाजू मे जा बैठी

श्वेता- रितु आओ तुम मेरे पास बैठो

श्वेता ने अपने बाजू की खाली सीट की ओर इशारा करते हुए कहा और रितु तमतमाते हुए पीछे की सीट पर जा बैठी और वो निकल गए

रितु- नेहा तुम तो ऐसे तयार हुई हो जैसे तुम्हारी सगाई हो

रितु ने नेहा का मजाक बनाना चाहा

नेहा- वो क्या है ना शादी शुदा लड़किया ऐसे ही तयार होती है

रितु- लेकिन ये साड़ी कितनी...

नेहा- परफेक्ट! परफेक्ट है मेरे लिए इन्होंने जो पसंद की है!

नेहा ने रितु की बात बीच मे ही काटते हुए कहा जीसे सुन राघव के चेहरे पर भी एक हल्की सी बस हल्की सी स्माइल आ गई वही नेहा के जवाब पे रितु ने उसे गुस्से से देखा लेकिन फिर उसने अपनी नजरे राघव की ओर घुमाई

रितु- राघव तुमने ऐसे अचानक शादी करली ऐसा क्यू? बीवी तुम्हारे पसंद की है भी या नहीं?

उसने नेहा को तान मारा और गाड़ी मे सब एकदम शांत हो गए नेहा का चेहरा उतर गया उसने राघव को देखा जो बाहर रोड को देख कर गाड़ी चलाने पर ध्यान दे रहा था फिर उसने रीयर व्यू मिरर से रितु को देखा जिसके चेहरे पर शैतानी मुस्कान थी और राघव की इस चुप्पी से उदास होकर नेहा बाहर देखने लगी

लेकिन तभी उसके किसी का हाथ अपने हाथ पर महसूस हुआ उसने उस तरफ देखा तो पाया के राघव अपने बाये हाथ से उसका दाया हाथ पकड़ रखा था और उसका ध्यान अब भी रोड पर था, राघव ने नेहा का हाथ पकड़ के उसे चूम लिया जिससे नेहा के मन मे तितलिया उड़ने लगी और फिर

राघव पूरे रास्ते नेहा का हाथ पकड़े गाड़ी चलाता रहा

राघव- मुझे लगता है इतना जवाब काफी होगा

राघव ने रोड पर देखते हुए रितु से कहा और नेहा के चेहरे पर एक मुस्कान उभर आई और रितु चुप हो गई

उसके बाद उनमे से कोई कुछ नहीं बोला जब तक वो अपनी मंजिल पर ना पहुच गए.....

क्रमश:
 
अपडेट 35

कुछ ही समय मे वो सब लोग वेन्यू पर पहुच चुके थे, सारा हॉल फूलों और लाइटिंग से सजा हुआ था और मोस्टली सभी मेहमान लोग आ चुके थे लड़की वाले और लड़के वाले दोनों साइड के

अपनी टीम जब वहा पहुची तो इनका लड़की वालों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया

“भाभी लोग!!” कोई पीछे से आकार नेहा और श्वेता से चिपक गया और वो थी ममता और सुरेश जी की छोटी बेटी निकिता जो नेहा और श्वेता को देख भाग कर उनके पास आई थी

नेहा- हैलो निकिता कैसी हो तुम

निकिता- मैं हमेशा की तरग एकदम फिट और फाइन

निकिता ने श्वेता के गले लगते कहा

श्वेता- बाकी लोग कहा है?

निकिता- मॉम डैड और आँचल दी होंगी यही कही बाकी लोगों से मिल रहे होंगे

जिसके बाद नेहा और श्वेता बाकी लोगों से मिलने वहा से चली गई वही निकिता अपनी बाकी गैंग के पास आई

निकिता- यो भाईलोग क्या हाल है

निकिता ने सबसे मिलते हुए कहा

विवेक- अभी तक तो सब ठीक था अब तुम आगई हो तो आगे पता नहीं ठीक हो या ना हो

विवेक ने आते ही निकिता हो चिढ़ाना शुरू कर दिया और बदले मे निकिता पहुची राघव के पास

निकिता- राघव भाई देखो ना ये आते मुझे ही परेशान कर रहा है

राघव- विवेक!!

निकिता- वैसे आकाश भाई आपका क्या प्लान है?

आकाश- प्लान? मेरा क्या प्लान होगा?

निकिता- मतलब इतने सारे मैरीड लोगों का एग्जांपल है आपके सामने फिर भी आपको शादी करनी है? अब मेरे डैड की ही हालत देख लो ना तो आप श्योर हो ना?

आकाश- निक्की तुझे पता है न ये रिश्ता पक्का हु है तब से तू यही बात बोले जा रही है 🙄😒

आकाश ने निकिता हो घूर के देखा

निकिता- अरे नहीं बाबा मुझे ना आपसे ज्यादा राधिका भाभी की फिक्र है के वो आपको कैसे संभालेगी

आकाश- तुम ना....

लेकिन आकाश आगे कुछ बोलता उससे पहले ही रमेश जी ने उसे आवाज देके बुला लिया तो वो वहा से चल गया जिसके बाद निकिता ने अपना मोर्चा शेखर की ओर बढ़ाया

निकिता- शेखर भईया!!

शेखर- यस स्वीट्हार्ट !

निकिता- आपको नहीं लगता श्वेता भाभी आपसे बहुत बेटर है?

और निकिता की बात सुन शेखर से अपना सर पीट लिया

शेखर- शट अप निक्की तुम ऐसे मे किसी का घर तुड़वाओगी एक दिन

जिसपर निकिता बस मुस्कुरा दी

विवेक- अरे छोड़ो शेखर भाई आप कहा पागल लोगों के चक्कर मे पड रहे ये ऐसी ही है

तभी किसी ने निकिता को पीछे से गले लगा लिया, निकिता ने मूड के देखा तो वहा रिद्धि और स्वाती खड़ी थी

निकिता- रिद्धि बेबी!!!!

निकिता रिद्धि के गले लग गई अब इन लोगों की मेल मुलाकात हो ही रही थी के तभी रितु वहा आई

रितु- हाय निकिता कैसी हो बहुत दिन हो गए तुमसे मिले

रितु ने अपनी आवाज मे शहद घोल के कहा वही निकिता ने उसे एक स्माइल पास कर दी और स्वाती के कान मे धीरे से बोली

निकिता- इसको किसने बुलाया यहा

स्वाती- अपनी ग्रेट फॅमिली ने

विवेक- अबे कितनी इरिटेटिंग है यार ये

विवेक भी उनकी खुसुरपुसूर मे शामिल हो गया

रिद्धि- हा न और चिपकू भी

रितु- क्या बात कर रहे हो मुझे भी बताओ ?

रितु ने उनकी ओर देखते हुए पूछा

निकिता- नहीं बस कुछ नहीं हम आते है अभी

इतना बोल के वो चारों वहा से निकल गए रितु कुछ पल तो उन्हे देखती रही लेकिन फिर उसने अपना ध्यान वहा खड़े राघव पर लगाया जो अपने फोन मे कुछ कर रहा था

रितु- राघव चलो ना साथ मे कुछ फ़ोटोज़ क्लिक करते है

राघव- मुझे फ़ोटोज़ खिचवाना नहीं पसंद

रितु- प्लीज राघव कम से कम मेरी फ़ोटोज़ ही क्लिक कर दो

बोलते बोलते रितु ने राघव का हाथ पकड़ लिया, राघव उसे मना करने मे लगा हुआ था लेकिन वो मान ही नहीं रही थी और आखिर मे मजबूरन राघव को रितु की फ़ोटोज़ क्लिक करनी पड़ रही थी वही नेहा कुछ रिश्तेदारों से बात कर रही थी के एकाएक उसकी नजर राघव पर पड़ी जो रितु के पिक्स क्लिक कर रहा था

मुझे इनपर तो पूरा भरोसा है लेकिन इस नागिन पर बिल्कुल नहीं है’ नेहा ने रितु को देखते हुए सोचा जो फ़ोटोज़ मे कुछ अजीब सेक्सी पोज बना कर राघव को रिझाने मे लगी हुई थी उसे अपनी कमर और क्लीवेज दिखा रही थी

हॉ मेरे पति को रिझाने की कोशिश करती है, उन्होंने मुझे आजतक सही से नहीं देखा और तू बीच मे आ रही है ’ नेहा ने सोचा और उनकी ओर बढ़ी

नेहा उन दोनों के पास पहुची तो उसने रितु को अपनी ओर देख मुस्कुराता पाया लेकिन वो मुस्कान ज्यादा देर नहीं रही क्युकी नेहा ने राघव का हाथ पकड़ उसे कुछ इस तरह खिचा के उसके हाथ मे का फोन नीचे गिर गया और फोन से साथ रितु का चेहरा भी

राघव ने पहले नेहा को देखा फिर गिर कर टूट चुके उस फोन को

रितु- ये क्या किया तुमने नेहा!!?

नेहा- हे भगवान सॉरी सॉरी रितु तुम्हारा फोन था क्या? वो मैं इन्हे बुलाने आई थी मुझे क्या पता इनके पास तुम्हारा फोन होगा

नेहा ने मासूमियत से कहा

राघव- मुझे क्यू बुला रही थी तुम?

राघव ने रितु का फोन टूटा है इस बात को पूरा इग्नोर करते हुए नेहा से पूछा

रितु- राघव तुम कुछ कहते क्यू नहीं उसे, उसने मेरा फोन तोड़ा है

रितु ने अपना फोन उठाते हुए कहा

राघव- इसमे उसकी गलती नहीं है उसे नहीं पता था तुम मुझे बस अपना फोन का मोडेल बताओ मैं अपने असिस्टन्ट से कह दूंगा वो नया फोन ला देगा

राघव ने रितु को जवाब दीया जीसे सुन नेहा थोड़ा सा पीछे सरक के राघव की बाजू पकड़े उसने अपना चेहरा छुपा लिया ताकि उसकी स्माइल छुपा सके

रितु- लेकिन राघव जो उसने किया...

रितु अपनी बात पूरी करती इससे पहले ही राघव ने उसे रोक दिया

राघव- वो माफी मांग चुकी है रितु

रितु- तुम ऐसे ही उसे सपोर्ट करते रहे तो उसे और बढ़ावा मिलता रहेगा

रितु ने नेहा को घूरते हुए कहा जो इस सीन को इन्जॉय कर रही थी

राघव- अरे पत्नी है वो मेरी सपोर्ट तो करूंगा ही ना

रितु- ऐसे तो तुम उसे बिगाड़ दोगे

राघव- सब वैसे भी सुधारने मे लगे है मैं थोड़ा बिगाड़ देता हु उसमे क्या है

राघव की बात सुन नेहा के चेहरे पे एक बड़ी सी मुस्कान उभर आई लेकिन उसने उसे दबा रखा था और इतना बोल के राघव नेहा के साथ वहा से चला गया

नेहा के साथ कुछ राघव कुछ दूर आया

राघव- अब बताओ क्या बात है ?

राघव और नेहा एक कोने मे आ गए तब राघव ने अपने हाथ बांधे उससे पूछा

नेहा- ह.. क्या?

राघव- आप अच्छे से जानती है मिसेस देशपांडे के मैं क्या पुछ रहा हु।

नेहा- वो.. नहीं कुछ भी तो नहीं जैसा आप सोच रहे है वैसा कुछ नहीं है

नेहा ने अपने बालों की लट अपने कान के पीछे करते हुए कहा

राघव- सच मे? तुमने वो जान बुझ के नहीं किया?

राघव की आँखों मे शरारत साफ थी और वो जानता था के नेहा के दिमाग मे कुछ तो चल रहा है वही उसके सवाल पर नेहा ने उसे शॉक होकर देखा

नेहा- न.. नहीं!!

राघव ने कुछ पल नेहा को अच्छे से देखा और उसके चेहरे पर एक मुस्कान उभर आई वो नेहा के पास आया और धीमे से उसके कान मे बोला

राघव- तुम ना जब ऐसे पज़ेसिव होती हो ना तो और हॉट लगती हो चिक्की, ये मत समझना के मैंने कुछ नोटिस नहीं किया है

राघव अपनी डीप आवाज मे नेहा के कान मे बोला वही नेहा बस अपनी जगह पर खड़ी रही, उसे समझ नहीं आ रहा था के इसपर क्या रिएक्शन दे राघव तो इतना बोल ने वहा से निकल गया और नेहा के चेहरे पर शर्म की लाली उभर आई वही रितु ये सब देख रही थी और राघव और नेहा को ऐसे करीब देखना उससे सहन नहीं हो रहा था

मुझे कुछ न कुछ तो करना पड़ेगा!’ रितु ने मन मे सोचा

अब क्या करेगी रितु?

और नेहा का भरोसा राघव पर सही साबित होगा या इस सगाई मे कुछ और बवाल होगा??

जानेंगे अगले अपडेट मे तब तक लाइक मारो कमेन्ट करो मिलेंगे कल अगले अपडेट के साथ :D

क्रमश:
 
अपडेट 36

नेहा अपने चेहरे पर एक मुस्कान लिए अपने परिवार के पास जा ही रही थे के तभी एक बच्चों को झुंड दौड़ते हुए उसके पास से गुजरा जिनके धक्के से नेहा का अचानक बैलेंस बिगड़ा

नेहा थोड़ा चीखी उसके हाथ हवा में थे और उनसे अपनी आंखे कस के बंद कर ली थी और वो बस गिरने ही वाली थी के किसी ने उसे पकड़ लिया, उसे अपने दाए हाथ पर किसी का स्पर्श महसूस हुआ नेहा ने अपनी आंखे खोल के उस इंसान को देखा जिसने उसे बचाया था और वहा एक हैंडसम लड़का नेहा का हाथ पकड़े खड़ा था

उसने नेहा को सही से खड़े होने मे मदद की

“आप ठीक है ?” उस लड़के ने नेहा से पूछा

नेहा- जी ठीक हु थैंक्स मुझे बचाने के लिए

नेहा ने मुसकुराते हुए उससे कहा

“आपको ध्यान रखना चाहिए, अगर अभी मैं नहीं आता तो आप जमीन पर लेटी होती” उस लड़के मे हसते हुए कहा जिसपर नेहा भी मुस्कुरा दी

नेहा- अगली बार से ध्यान रखूंगी।

“वैसे आप लड़कीवालों की ओर से तो नहीं हो मैंने पहले देखा नहीं है आपको” उसने कहा

नेहा- वो इसीलिए क्युकी मैं लड़केवालों की ओर से हु

“ओह तो आप आकाश की रिश्तेदार है!” उस बंदे ने स्माइल के साथ कहा और नेहा ने भी उसकी बात मे हामी भर दी

“हाइ आइ एम अनिकेत, मैं राधिका का कजीन हु” इतना बोलते साथ ही उसने हाथ मिलने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया और नेहा ने भी उससे हाथ मिलाया

नेहा- मैं नेहा, आकाश की भाभी

अनिकेत- भाभी?? आई एम सॉरी पर आपको देख के लगता नहीं है के आप शादी शुदा है

नेहा- थैंक यू अनिकेत जी पर मेरी शादी आकाश के कजीन से हो चुकी है

नेहा ने अपना मंगलसूत्र दिखाते हुए कहा

अनिकेत- आपसे मिलके खुशी हुई मिसेस नेहा...??

नेहा- देशपांडे! नेहा देशपांडे!!

अनिकेत- ओह तो आप देशपांडे परिवार की बहु है, बहुत सुना है उनके बारे मे

नेहा- उम्मीद है अच्छा ही सुन होगा

अनिकेत- हा बिल्कुल!

अनिकेत ने स्लाइम के साथ कहा तभी विवेक वहा आ गया

विवेक- भाभी सब बुला रहे है आपको वहा

नेहा- बस अभी आई! वन्स अगेन थैंक यू अनिकेत जी, अभी मुझे जाना पड़ेगा

जिसके बाद नेहा वहा से चली गई और अनिकेत बस उसे जाते हुए देखता रहा।

--x--

आँचल- नेहा!!!!!

आँचल(ममता औ सुरेश की बड़ी बेटी, निकिता की बड़ी बहन) ने जैसे ही नेहा को देखा वो उसके पास आई

नेहा- आँचल दी कहा हो यार आप मैं कब से देख रही हु आपको

नेहा ने आँचल के गले लगते हुए कहा, आँचल राघव से बड़ी थी इसीलिए नेहा ने उसे दी कहा

आँचल- अरे यार ये रिश्तेदार और उनके शादी कब करोगी के सवाल से बचा रही हु खुद को

आँचल ने हसते हुए कहा तभी रिद्धि वहा आई

रिद्धि- भाभी ये चाबिया रखो आपके पास, मॉम ने आपको देने कहा है

रिद्धि ने नेहा को चाबिया दी और तभी आरती जी ने सबको बुलाया

आरती- चलो आजाओ सब सगाई की रस्म बस शुरू होने वाली है

आरती जी के कहते ही लड़केवाले और लड़कीवाले दोनों साइड के लोग वहा जमा हो गए

हर कोई अपने अपने पार्टनर के साथ खड़ा था और सिंगल लोग झुंड मे

आकाश सोफ़े पर राधिका के साथ बैठा हुआ था और सगाई की रस्म शुरू हुई, वो दोनों एक दूसरे के साथ जच रहे थे, खुश थे

आकाश और राधिका के एकदूसरे को अंगूठिया पहनाते ही सारा हॉल तालियों से गूंज उठा और विवेक ने पार्टी पोपर्स फोड़ के महोल बना दिया और सगाई की रस्म पूरी होते ही आकाश और राधिका ने सभी बड़ों का आशीर्वाद लेना शुरू किया

“दोनों साथ मे कितने अच्छे लग रहे है ना” नेहा को अपने पीछे एक आवाज सुनाई दी और उसने मूड के देखा तो वहा अनिकेत खड़ा था

नेहा- ओह आप है! हा सही कहा दोनों साथ मे अच्छे लगते है

अनिकेत अपने और नेहा के बीच एक प्रॉपर दूरी बना के वहा खड़ा हो गया ताकि नेहा को अनकंफर्टेबल ना लगे, दोनों बाते कर ही रहे थे के नेहा को अपनी कमर पर एक हाथ चलता हुआ फ़ील हुआ और उसने बगल मे हाथ की ओर देखा तो पाया के राघव उसके बाजू मे आके खड़ा हो गया है और वो सपाट चेहरे के साथ अनिकेत को देख रहा था

अनिकेत- ओह मिस्टर राघव देशपांडे! आप और नेहा....

अनिकेत ने राघव को देखते हुए कहा जो नेहा को उसकी कमर से पकड़े हुए था

राघव- यप, शी इस माइ वाइफ!!

राघव ने अपनी यूजुअल सपाट आवाज मे नेहा को अपने और करीब खिचते हुए कहा

अनिकेत- ये आपके पति है आपने बताया नहीं...

अनिकेत ने शॉक मे नेहा से पूछा एक ऑकवर्ड स्माइल के साथ क्युकी राघव की घूरती नजरे उसे नर्वस कर रही थी

नेहा- आपने पूछा ही नहीं!

राघव- मुझे अपने दोस्त से नहीं मिलवाओगी ??

राघव ने नेहा के बालों की लट उसके कान के पीछे करते हुए पूछा और नेहा ने चौक के उसे देखा

नेहा- ओह ये अनिकेत राणे है, हम अभी कुछ समय पहले ही मिले है

अनिकेत- यस, और अगर मैं ना होता तो ये अभी यहा ना खड़ी होती!

अनिकेत ने महोल हल्का करने की कोशिश की लेकिन राघव ने बदले मे उसे सिर्फ घूर के देखा

राघव- मतलब? आप क्या कहना चाहते है मैं समझा नहीं?

अनिकेत- वो इनका बैलेंस बिगड़ गया था और गिरने वाली थी कॉरिडोर मे तो मैंने इन्हे बचाया था

राघव- क्या?? नेहा तुमने बताया नहीं मुझे?? तुम्हें कही लगि तो नहीं?? दर्द हो रहा है क्या?? हॉस्पिटल चले??

राघव ने एक के बाद एक सवाल पे सवाल दाग दिए नेहा पे

नेहा- रिलैक्स! आप शांत होइए पहले, मैं ठीक हु अनिकेत जी ने सही टाइम पर मेरा हाथ पकड़ के मुझे गिरने से बचा लिया था

नेहा ने मुस्कुरा कर कहा लेकिन अपने राघव बाबू को वो पसंद नहीं आया

राघव- तुम्हें ध्यान रखना चाहिए था

राघव ने नेहा को ऊपर से नीचे देखते हुए कहा तभी आँचल वहा आई

आँचल – अरे तुम लोग यहा क्या कर रहे हो वहा चलो ना सब डांस कर रहे है

जिसके बाद वो सब लोग जहा फंक्शन हो रहा था वहा आए, सब लोग डांस कर रहे थे, मजे कर रहे थे सिवाय अपने हीरो हीरोइन के, क्यू? क्युकी राघव बाबू को ये सब फालतू की बाते पसंद नहीं थी

रिद्धि- भाभी भाई आओ ना डांस करते है

रिद्धि ने राघव को बुलाया लेकिन राघव ने उसे साफ साफ इग्नोर कर दिया

स्वाती- भईया प्लीज आईये ना

लेकिन स्वाती के बुलाने का भी कोई फायदा नहीं हुआ वही नेहा ने उदास चेहरे के साथ उन दोनों को देखा उसे डांस करना था लेकिन इसके चक्कर मे वो भी रुकी हुई थी

आँचल- राघव तुम तुम्हारे चक्कर मे नेहा का एक्साइटमेंट क्यू खतम कर रहे हो??

आखिर आँचल को नेहा की परेशानी समझ आई

राघव- मैंने रोक रखा है क्या उसे? उसे डांस करना है तो करे ना मैंने नहीं नाचने वाला

‘तो यहा ये क्या फोन चलाने आए है’ नेहा ये बात चिल्ला के कहना चाहती थी लेकिन वो बस धीमे से पुटपुटाई वही राघव ने आँखों के कोने से उसे देखा

आँचल- राघव!!

राघव- दी ऐसे बार बार बोल कर फोर्स करने का कोई फायदा नहीं है मैंने कहा ना मैं नहीं कर रहा डांस वांस

नेहा- जाने दो दी चलो हम चलते है

नेहा ने राघव को देखते हुए कहा जो अपने फोन मे देख रहा था और नेहा को जाता देख वो बोला

राघव- चिक्की तुम्हें डांस आता भी है??

राघव ने शरारती मुस्कान के साथ कहा तो नेहा उसे घूर के देखने लागि वही चिक्की नाम सुन के आँचल हस रही थी

आँचल- राघव अब तो गया तू

नेहा- आप चैलेंज कर रहे है मुझे??

राघव- चैलेंज उसे किया जाता है जो उस चीज मे मास्टर हो

नेहा- देखते है!!

जिसके बाद नेहा वहा से चली गई और राघव ने उसे इग्नोर करके वापिस अपना ध्यान अपने फोन मे लगाया लेकिन कुछ ही पलो मे लोगों की आवाज ने उसे ऊपर देखने मजबूर कर दिया

‘वो लड़की क्या मस्त डांस कर रही है यार!’

‘ब्यूटीफुल’

‘इसकी शादी हो गई है क्या?’

‘मैंने सुना है वो देशपांडे परिवार की बहु है’

इन्ही सब बातों ने राघव का ध्यान खिचा और जैसे ही उसने जैसे ही ऊपर देखा तो बस देखता ही रह गया......

क्रमश:
 
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