GOD OF PAIN (Completed) - Page 3 - SexBaba
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GOD OF PAIN (Completed)

अपडेट 18

अलीना की आँख सुबह 5 बजे खुल गयी

और उसने देखा

की मैं उससे नंगा लिप्त हुआ हूँ

उसने मेरे सर पे किश किया

अलीना

रोहित

रोहित

रोहित

मैं

सोने दो न

अलीना

तुम बिना कपड़ो के सोये हो

मैं

तुम भी सो जाओ

अलीना

पागल माँ और बहने भी यही पे सोई हैं

मैं

क्या मुसीबत है

मैं उठा

रूम में अँधेरा था

बहार में जो लाइट जल रही थी

उसकी रौशनी आरही थी रूम में

मैं उसे किश किया

और फिर खड़ा हो गया

तभी अलीना के नजर मेरे लुंड पे पड़ी

वह कुछ नहीं बोली

और अपनी नजरें नीचे कर ली

मैं

वाह बीवी आज शर्मा रही हो

अलीना

यह लो चादर और लपेट के जाओ

मैं

सोने भी नहीं देती चैन से

अलीना

मैं अपने लिए नहीं कह रही

इस हालत में तुम्हें देखेंगी माँ

तोह बोलेंगी कुछ नहीं

लेकिन उन्हें दुःख होगा

मैं

माँ को दुःख कब नहीं होता

उनका तोह काम hi यही है

अलीना

ऐसा क्यों बोलते हो

अब तोह तुम्हारे बीच सब कुछ ठीक हो चूका है

मैं

तुम नहीं समझोगी

यह बोलके मैं छोटे चाचा के रूम में जाके सो गया

मीरा चची अब ठीक हो चुकी थी

जैसे hi उनकी नजर मुझपे पड़ी

वह मुझे देखने लगी

मीरा मन में

कमीना कहीं का

ऐसा हालत तोह सुहागरात के अगले दिन भी नहीं हुई थी

जैसा तूने मेरा कल किया था

तभी मीरा चची को महसूस हुआ

की उनकी बूर पानी बहाने लगी है

कलमुही तुझे भी चैन नहीं है

मैं करवट लिया

मीरा चची फिरसे सो गयी

कुछ देर बाद रेखा चची की आँख खुली

और उन्होंने मेरे लुंड को देखा

फिर मेरे ऊपर चादर डालके चली गयी

कुछ देर बाद मेघा चची की आँख खुली

और उन्होंने मेरे लुंड को देखा

पहले उन्होंने गेट लॉक किया

फिर मेरे पास आयी

और मेरे लुंड को पकड़के देखने लगी

मीरा

कलमुहे तूने तोह मेरी हालत hi ख़राब कर दी है

काश तेरे चाचा होते यहाँ

मेरा बहुत मन कर रहा है

तभी मेघा चची को आवाज आयी

और वह जल्दी से मेरे ऊपर चादर डालके

गेट खोलके चली गयी

मीरा चची बीएड से नीचे उत्तरी और मेरे पास आयी

एक बार मुझे देखा

फिर चली गयी

आज काजल बुआ करीना को लेके दिल्ली जा रही थी

उसका एग्जाम था न

हमेशा की तरह पायल बर्तन धो रही थी

अलीना नेहा बुआ राधा दीदी और अलका दीदी

रसोई में थी

मैं अपनी कमर पे चादर लपेटके आँगन में आके बैठ गया

और उबासी लेने लगा

तभी मेरी नजर कोमल दीदी पे पड़ी

जो फ़ोन चला रही थी

मैं

रसोई में हाथ भी बता दिया करो

कोमल दीदी ने यह सोचा की वह मुझे इग्नोर कर सकती है

मैं पायल के पास गया

उसने नजरें उठके देखि

तभी उसकी नजर मेरे शरीर पे पड़ी

बॉडी तोह हम बढ़िया बनाया था

मज़ेदार

वह थूक निगलके रह गयी

मैं

कोमल दीदी को कुछ समझा

वह मेरी बात नहीं सुनती

यह सुनके पायल कड़ी हुई

और कोमल को घूरके देखि

कोमल अब भी फ़ोन में लगी हुई थी

पायल कोमल के पास गयी

कोमल ने एक बार पायल को देखा

और फिरसे फ़ोन में लग गयी

एक ज़ोरदार थप्पड़ मारा कोमल को पायल ने

कोमल की आँखों में आंसू आगये

पायल

मेरे पति की बात क्यों नहीं सुनती तू

कमीनी दिन भर फ़ोन में लगी रहती है

जो उन्होंने बोलै है कर जाके

कोमल रट हुए

इसी लिए आपकी यह हालत है

पायल ने एक बार फिर कोमल को मारा

कोमल रोने लगी

सबने जब कोमल के रोने की आवाज सुनी

तोह बहार आगयी

दादी

क्या हुआ कोमल

क्यों रो रही है

कोमल

दादी देखो न पायल दीदी बेवजह मुझे मार रही हैं

सीमा चची यह सुनके गुस्से में बोली

करमजली कुट्टी कमीनी

क्यों सुबह सुबह उसे मार रही है

पायल

मारु नहीं तोह आरती उतारू

हर वक़्त फ़ोन में लगी रहती है

घर का कुछ काम भी नहीं करती

सीमा चची

रुक जा तू

बहुत सर पे चढ़ रही है तू

वह क्या सीमा चची को कुछ ज्यादा hi लगाव था कोमल दीदी से

वह पायल की तरफ बढ़ी उसे मारने के लिए

मैं

कहाँ चची

कहाँ

उसे हाथ सिर्फ मैं लगा सकता हूँ

सीमा छाछ कुछ नहीं बोली

tabhi.main काजल बुआ को देखा

मैं

बुआ तुम गयी नहीं अब तक

काजल बुआ

एक घंटे बाद गाडी आएगी बीटा

कुछ देर बाद

मैं नाश्ता कर रहा था

अलीना मेरे पास बैठी थी

अलीना

अच्छे से खाओ

आज कल कमज़ोर हो गए हो

मैं

तुम दूध नहीं पिलाती अब

इसी लिए कमज़ोर हो गया हूँ

अलीना

तुम hi नहीं पीते

पता नहीं कहाँ ध्यान रहता है

आज कल तुम्हारा

यह बोलके वह दूसरी तरफ देखने लगी

मैं

अब तोह ताने भी मारने लगी हो

और मैं उसे किश किया

अलीना

खा लो पहले

मैं नाश्ता किया

और फिर अलका दीदी आयी प्लेट लेने

तभी मेरी नजर उनके दूध पे पड़ी

मैं खो सा गया

अलका दीदी का तोह पहले ध्यान नहीं गया

लेकिन जब उन्हें पता चला

वह मुंह बनके चली गयी

और फिर मेरी नजर अलीना पे पड़ी

वह मुझे ऐसे देख रही थी

जैसे अभी खा जायेगी

तभी किसी ने मुख्या द्वार की माँ छोड़नी शुरू कर दी

ज़ोर ज़ोर से पीते जा रहा था कोई गेट

सिया गयी गेट खोलने और तभी सोनल मेरी साली

रट हुए अंदर आयी

मेरे पास पहुंची

सोनल

भैया मीनल को जान से मार देंगे

उन्होंने उसे बहुत मारा

मैं

इसकी माँ का दूध

यह बोलके मैं दौड़ने लगा

अब सरपंच का घर गाओं के दूसरी तरफ था

मैं भागता हुआ वहां पहुंचा

देखा वह मादरचोद मेरा साला पूर्ण

मीनल के ऊपर मिटटी का तेल दाल रहा था

मैं गुस्से में उसकी तरफ बढ़ा

और एक हाथ मारा उसके कान के नीचे

उसकी आँखों के सामने अँधेरा छ गया

मैं उसके गले को पकड़ा

और उठके उसे ज़मीन पे दे मारा

उसकी चीख निकल गयी

मैं उसे छोड़ मीनल को उठाया

वह मुझसे लिपटके रोने लगी

मार मार का उसका चेहरा सुजा दिया था

मैं चीखा

और फिर पूर्ण के पास पहुंचके उसे उठाया

उसके पेट में पंच मारा

फिर उसके चेहरे पे पंच मारा

और फिर उसे छोड़ दिया

मैं रसोई में गया

गैस सिलिंडर उठाया

और उसे पूर्ण के पास ले गया

मैं

मादरचोद बड़ा शौक है तुझे आग से खेलने का

तेरी यह मजाल की तू रोहित भाई की बीवी को हाथ लगाएगा

मादरचोद

तभी मेरी नजर रूम में पड़ी

उस भड़वे ने अपनी माँ और बीवी को रूम में बंद किया हुआ था

मैं एक लात उसे मारा

और फिर सिलिंडर को उसके ऊपर रख दिया

और फिर उसके ऊपर मिटटी के तेल का डब्बा उड़ेल दिया

मैं इधर उधर देखा

माचिस पे नजर पड़ी मेरी

पूर्ण को जब समझ आया की मैं क्या कर रहा hoon.tu उसकी गांड फैट गयी

वह रोने लगा

वहां उसकी माँ और बीवी चीख रही थी

मैं

साले दल्ले मादरचोद

तभी मीनल ने आके मेरे पेअर पकड़ लिए

मीनल

मेरे भैया को छोड़ दीजिये

छोड़ दीजिये

वह रट हुए बोली

मैं उसे उठाया

और फिर अपने सीने से लगा लिया

वह रोटी रही

कुछ देर बाद वह चुप हुई

मैं उसे लेके खाट पे बैठ गया

सोनल तब तक वापस आचुकी थी

और जाके उसने गेट खोला रूम का

सुनीता आगे बढ़ी और मीनल को अपने सीने से लगा ली

मैं

यह झूठे आंसू बहाना बंद करो

तुम जैसी भोसड़ी मैंने आज तक नहीं देखा

मीनल

माँ की कोई गलती नहीं है

भैया आज hi शहर से वापस आये थे

उन्होंने आते hi जब मेरी मांग में सिन्दूर देखा

तोह भड़क गए

भाभी ने उन्हें बता दिया

आपने जो किया

वह आपको गालिया देने लगे

मैंने उन्हें मन किया

तोह वह मुझे मारने लगे

मैं मीनल की भाभी को घूरके देखा

मैं

भोसड़ी तेरे अंदर बड़ी गर्मी है

चल आज तुझे कोठे पे छोड़ आता हूँ

वह दर से सेहम गयी

मैं

लेकिन यह तुझे जान से क्यों मारने वाला था

मीनल

वह ठाकुर साहब का आदेश है न

की गाओं का कोई भी लड़का और लड़की शादी नहीं कर सकते

और अगर किसी ने किया

तोह उसके पूरे परिवार को बीच गाओं में बांधके जला दिया जाएगा

मैं

और इस मादरचोद ने यह सोचा

की यह तेरी बलि देके

बाकी सबको बचा लेगा

मेरी सास सुनीता झेंप गयी

मुक्ति

माँ जे इनकी हालत बिगड़ रही है

मैं

मरने दे मादरचोद को

मुक्ति रोने लगी

मैं

चल अब तू यहाँ नहीं रहेगी

मेरे साथ रहेगी

मरने दे इन भोस्दियो को

मीनल

मेरे भैया को हॉस्पिटल ले जाइये न

मैं

तुझे भी तोह ले जाना पड़ेगा

मीनल

मैं ठीक हूँ

मैं पूर्ण की तरफ देखा

सुन मादरचोद आज के बाद अगर तूने कभी गलती से भी मेरी मीनल की तरफ देख भी लिया

तोह मारूंगा नहीं

ऐसी जगह भेजूंगा

जहाँ तू मौत की भीख मांगेगा

लेकिन मौत आएगी नहीं तुझे

मैं नीलम को मैसेज कर दिया

लेकिन आज तोह नीलम के साथ चमेली भी आयी थी

मैं नीलम को घुरा

नीलम

आपसे मिलने की ज़िद्द कर रही थी

मैं

इस भड़वे को हॉस्पिटल पहुंचा दो

और डॉक्टर को यहाँ भेज दो

लड़कियां पूर्ण को उठा के ले गयी

और उसके साथ उसकी जोरू भी गयी

नीलम भी गयी

मैं चमेली को अपने साथ आने को बोलै

और हम बहार आये

मैं

कहो क्यों मिलना था मुझसे

चमेली

मेरा वहां मन नहीं लगता

मुझे अपने घर जाना है

मैं

तोह चली जाओ

मैंने रोका है क्या

चमेली

ठाकुर

मैं

वह अब कुछ नहीं करेगा

चमेली

आपका उपकार मैं ज़िन्दगी भर नहीं भूलूंगी

आपको कभी भी मेरी जरूर पड़े

तोह मुझे जरूर याद कीजियेगा

मैं

वैसे तोह मुझे तुम्हारा दूध पीना था

लेकिन अब क्या कर सकते हैं

यह सुनते hi वह झेंप गयी

फार्महाउस पे नीलम और उसके साथ बाकी रह रही लड़कियों ने उसे मेरे बारे बता दिया था

जो भी वह मेरे बारे में जानती थी

और फिर चली गयी वह

मैं वापस घर में गया

और मीनल के गाल सहलाया

मैं

कितनी बेरहमी से मारा है मादरचोद ने

साले की माँ छोड़ दूँ मैं

वहीं मेरी सास बैठी थी

जो बुरी तरह से लज्जा गयी

मीनल

इतनी गन्दी बातें क्यों बोलते हैं आप

मुझे अच्छा नहीं लगता

मैं

ठीक है नहीं बोलता

तू उदास मत हो

सुनीता

सोनल दामाद जी के लिए कुछ खाने को ला

मैं

कोई जरुरत नहीं है

कुछ देर में एक डॉक्टर आयी

और मेरे सामने झुक गयी

जैसे मैं कोई राजा हूँ

डॉक्टर

मेरी बीवी को चेक करो

डॉक्टर ने मेरी बीवी को चेक kiya.use कुछ दवाई लिखके दी

फिर एक इंजेक्शन निकाली

मीनल रट हुए

मैं नहीं लगवाउंगी नहीं लगवाउंगी

मैं इंजेक्शन लिया

मैं

चल अब पेट के बल लेट

मीनल

आप मुझे जान से मार दीजिये

लेकिन मैं इंजेक्शन नहीं लगवाउंगी

मुझे बहुत दर लगता है

मैं

मुझपे भरोसा नहीं है तुझे

यह सुनके वह कुछ नहीं बोली

मैं

चल जल्दी कर

वह पेट के बल लेट गयी

मैं उसके कूल्हे में इंजेक्शन लगा दिया

मीनल

अब लगा भी दीजिये

मैं

लगा तोह दिया

मीनल

हैं

मुझे तोह पता hi नहीं चला

आप डॉक्टर भी हैं

मैं

हम आल इन ओने हैं

थैंक यू डॉक्टर

डॉक्टर फिरसे एक बार मेरे सामने झुकी

और फिर चली गयी

सोनल

यह यहाँ की डॉक्टर तोह नहीं लगती

मैं

शहर बुलवाया है

यह मेरे फार्महाउस पे hi रहती है

सोनल

आपका फार्महाउस भी है

मैं

और नहीं तोह क्या

चलना कभी घूमने

वह कुछ नहीं बोली

मैं कुछ देर वहीं बैठा रहा

सुनीता

चाय पीयेंगे

मैं

दूध पीला दीजिये

वह चली गयी

मीनल

मेरे बापू कैसे हैं

मैं

किस भड़वे का नाम ले लिया

मीनल

वह ठीक तोह हैं न

मैं

हाँ ठीक है

जब पूरी तरह से ठीक हो जाएगा

तोह आजायेगा

वहीं दूसरी तरफ मुखिया और सरपंच एक रूम में बंधे पड़े थे

वह भी नंगे

और कई लड़के बारी बारी उन दोनों की गांड मार रहे थे

मैं

मेरी माँ से मिलेगी

मीनल

जैसे आपको अच्छा लगे

मैं

चल फिर तैयार हो जा

ले चलता हूँ

वहीं आराम भी कर लियो

शाम में वापस ले आऊंगा तुझे

मीनल तैयार होक आगयी

मैं उसे लेके अपने घर पहुंचा

मैं ज़ोर से

माँ कहाँ हो

माँ रूम से बहार निकली

माँ ने मीनल को देखा

मैं

यह तुम्हारी बहु है

सरपंच की बिटिया

तुमसे मिलने आयी है

तभी माँ ने मीनल के चेहरे पे मार के निशाँ देखे

माँ मीनल को अपने पास आने का इशारा की

और फिर मीनल उनके पास गयी

उनके पेअर छुए

माँ ने बड़े प्यार से उसके सर पे हाथ फेरा

मैं

आप सब भी आजाओ

अपनी बीवी से मिलवाता हूँ

सब आँगन में जमा हो गयी

मैं मीनल को बताने लगा

की कौन मेरी क्या लगती है

मैं

सिया अपनी भाभी के पेअर छू

तभी मुझे सुनाई दिया

मधु बुआ दादी से बोल रही थी

माँ देखो तोह कितनी काली है

मैं

तुम्हारी बूर भी तोह काली है

उसको hi गोरा कर लो

मधु बुआ का खून खौल गया

नेहा बुआ

रोहित

मैं

हाँ तोह मेरी बीवी को काली क्यों बोल रही है बुआ

है तोह है

मधु बुआ रट हुए रूम में चली गयी

सिया

आओ भाभी

तुमको मैं अपना मैं घर दिखती हूँ

méenal ने अलीना को देखा

मीनल

यह कौन हैं

मैं

मेरी बीवी है

अलीना आगे बढ़ी और मीनल को अपने सीने से लगा ली

अलीना

यह अगर तुम्हें परेशां करे

तोह मुझे बताना

साला पार्टी बदल ली

राधा दीदी

कस्तूरी को भी ले आता

जब इसे लाया है तोह

मैं

हमें अपनी ज़िन्दगी में अशांति नहीं लानी है

वह साली बहुत तेज़ है

राधा दीदी

हाँ तोह तुझे कौनसा दर लगता है

मैं

दीदी हम मजबूर हूँ

राधा दीदी

क्यों

मैं

आप नहीं समझोगी

राधा दीदी

समझा न फिर

मैं

माँ राधा दीदी परेशां कर रही है

राधा

माँ ने आँख दिखाया दीदी को

कमीना कहीं का

मैं खाट पे लेट गया

पायल एक तरफ बैठी थी

मीनल उसके पास गयी

मीनल

आपके बारे में नहीं बताया इन्होने

मैं

है तोह मेरी बीवी hi

लेकिन इसको मैं अपनी रखेल भी न बनाऊ

भोसड़ी

पायल को बड़ा दुःख हुआ इस बात का

उसकी आँखों में आंसू आगये

बाकी सब तोह घर के थे

लेकिन मीनल के सामने उसे अपनी बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई

मीनल

ऐसा क्यों बोलते हैं

कितनी खूबसूरत तोह हैं

मैं

हाँ वह तोह है

यह बोलके मैं छोटे चाचा के रूम में घुस गया

तीनो चची टीवी देख रही थी

मैं उनके पास जाके बैठ गया

रेखा

आज हमारी कैसे याद आगयी रोहित

मैं

आपको भूला hi कब था चची

रेखा

वैसे कल तू गुस्से में ठाकुर के पास गया था

क्या हुआ वहां

मैं

उसकी माँ को

उसकी दोनों बीवी को

उसकी बहु को

उसके भाई की बीवी को

और उसकी बेहेन सिमरन सबको छोड़ डाला

यह सुनके चाचियों के होश उड़द गए

मीरा चची

क्या मतलब

मैं

मतलब अब ठाकुर के घर की औरतें मेरी रखेल हैं

मेघा चची

क्या फेकाम फेक रहा है

हलवा है क्या

मैं

लो देखो

मैं अपने फ़ोन में एक वीडियो प्ले किया

और उनकी तरफ कर दिया

वह सब आँखें फाड़े देखती रही

और तभी रेखा चची ने मुंह घुमा लिया

रेखा

नहीं देखना मुझे

मैं वीडियो बंद किया

मेघा चची

तूने उन सबके साथ एक बार में कर लिया

मैं

और नहीं तोह क्या

एक घंटे तक चुदाई करता हूँ मैं चची

रेखा चची

रोहित

मैं

हाँ तोह पूछ hi क्यों रही हो

मैं वहां से निकल गया

रेखा चची

कमीना कहीं का

मीरा चची को अब छोड़ने के मन करने लगा था

मीरा चची

दीदी मैं ललिता के यहाँ से होक आती हूँ

और मीरा चची चली गयी ललिता के यहाँ

मैं भी रिद्धिमा से मिलने निकल गया...
 
अपडेट 19

मैं नताशा को मैसेज कर दिया था

की मुझे रिद्धिमा की लोकेशन बता दे

कुछ देर में उसने लोकेशन भेज दी

यह साली आज घर पे है

मैं पहुंचा उसके घर

और दुर्बल बजाय

माइड ने गेट खोला

माइड

आप बैठिये

मैं मैडम जी को बुलाती हूँ

उसने मुझे लिविंग रूम में बिठाया

साला यह इतना क्यों इज़्ज़त दे रही है

कुछ देर बाद रिद्धिमा अपने रूम से बहार निकली

बाथरोब पहने

अब उसके अंदर भी उसने कुछ नहीं पहना था

एक बार मैं उसे भरपूर देखा

फिर वह मेरे सामने आके बैठ गयी

रिद्धिमा

चाय पीयेंगे या फिर कॉफ़ी

मैं

कुछ भी पीला दो तुम

पी लूंगा

यह सुनके वह एक नजर मुझे देखि

फिर माइड को आवाज लगा दी

की दो कॉफ़ी बना दो

मैं

आज गयी नहीं तुम

काम पे

रिद्धिमा

तबियत ठीक नहीं थी

आप बताइये कैसे आना हुआ

मैं अपना फ़ोन निकाला

और उसमें एक वीडियो प्ले करके उसे दे दिया

उस वीडियो में ठाकुर उसके भाई

और बेटे की गांड मारी जा रही थी

रिद्धिमा फटी आँखों से कभी मुझे देखती

तोह कभी स्क्रीन को

मैं

मैंने तुमसे कहा था न

की मौत तोह यु hi बदनाम है

तकलीफ तोह ज़िन्दगी देती है

रिद्धिमा

यह सब नहीं होता

अगर आपने मुझे ठाकुर की फैक्ट्रीज को सील करने को नहीं बोलै होता

आप जानते थे की अगर मैं उससे उलझी

तोह वह ऐसा hi कुछ करेगा

मैं

अब तुम्हें ऐसा लगता है

तोह मैं क्या कर सकता हूँ

चलो अब चलता हूँ

दोबारा कभी तुम्हें परेशां नहीं करूँगा

और मैं वहां से निकल गया

रिद्धिमा वहीं बैठी रही

उसका मुंह लटक गया था

माइड ने जब देखा

तोह पूछी

मैडम जी आप उदास क्यों हो गयी

रिद्धिमा

बस ऐसे hi

माइड

वैसे यह हैं कौन

जिसे देखके आप कभी घबरा जाती हैं

कभी आप ख़ुशी से झूम उठती हैं

जैसे पिछली बार यह आये थे

तब आप घबरा गयी थी

इस बार आये तब आप का चेहरा खिल गया

रिद्धिमा

मेरी समझ में खुद कुछ नहीं आता

माइड ने आगे बोलना ठीक नहीं समझा

और फिर अपने काम में लग गयी

वहीं दूसरी तरफ इंस्पेक्टर प्रिय

अपने केबिन में बैठी

कुछ case's की फाइल देख रही थी

तभी एक सीनियर्स हवलदार आके बोलै

मैडम जी एक कंप्लेंट आयी है

प्रिय

कैसी कंप्लेंट

वह ठाकुर शमशेर सिंह के लड़के ने

फिर से एक लड़की को उठा लिया

******* गाओं से

उसके माता पिता बहार hi हैं

प्रिय

अब मैं क्या कर सकती हूँ

इसमें सुरजन

तुम्हें भी पता है

की सप मैडम भी शमशेर सिंह का कुछ नहीं बिगाड़ सकती

हम क्या बिगाड़ लेंगे

शमशेर सिंह की जो बीवी है

वह कम की ननद है

कम ने उसे खुली छूट दे रख्खी है

और शमशेर सिंह ने अपने बेटे को खुली छूट दे रख्खी है

सुरजन मुंह लटकाये

बहार आगया

20 साल से वह इस नौकरी में था

लेकिन आज तक उसने किसी के साथ भी इन्साफ होता हुआ नहीं देखा

हफ्ते में एक दिन ठाकुर से जुडी शिकायत आती hi थी

कभी कोई कहने आता था

की ठाकुर साहब ने मेरी ज़मीन hadap.li

कोई कहने आता था की ठाकुर के बेटे मेरी बेटी इज़्ज़त लूट ली

कोई कहने आता था की ठाकुर की बेटी

ने मेरे सामने अपनी गाडी से मेरे बच्चे को कुचल दिया

लेकिन आज तक किसी को भी इन्साफ नहीं मिला

तभी सुरजन को याद आया

की रोहित भाई तोह यहीं हैं

सुरजन ने उस लड़की के माँ बाप

को रोहित भाई के घर पता दिया

और समझा दिया की क्या करना है

मैं हवेली पहुंचा

जिस जावेळी के बहार 50 आदमी काम से काम पहरा देते थे

आज वहां कोई कुत्ता भी नहीं मूट रहा था

मैं जब हॉल में पहुंचा

तोह कोई नहीं था

अब मुझे पता था की कौनसा रूम किसका है

तभी एक रूम से कोई नयी औरत बहार निकली

बहनचोद

देखके hi लुंड खड़ा हो गया

इसी लिए मैं अलीना के अलावा किसी की बूर नहीं मारता

साला भूख बढ़ जाती है

उसने जब देखा की मैं उसकी चूचियों को देख रहा हूँ

तोह वह भड़क गयी

कौन हो तुम और यहाँ क्या कर रहे हो

मैं

कामिनी को बुलाओ उससे मिलना है

यह सुनके वह गुस्से में बोली

तमीज से बात करो

वह हमारी माँ है

अच्छा अच्छा यह कामिनी की बड़ी लौंडिया ज्योति है

लेकिन यह साला अचानक कैसे आगयी

यह तोह यहाँ नहीं रहती

मैं

आपसे बोलै न कामिनी को बुला दीजिये

उनसे बात करनी है

ज्योति अपनी माँ का नाम सुनके

और गुस्से में आगयी

अब उसकी माँ 100 गाओं की मालकिन थी

आज तक उसके बाप ने भी उसकी माँ को नाम से नहीं पुकारा था

और आज मैं एक लौंडा उसकी माँ को नाम से पुकार रहा था

उसकी झांटें सुलग्नि थी hi

ज्योति की आवाज सुनके

कामिनी देवी अपने रूम से बहार निकली

मुझे देखके वह घबरा गयी

मैं

कामिनी मेरी डार्लिंग

कामिनी मेरी जान

कामिनी मेरी लाडो

कामिनी मेरी

और मैं रांड नहीं बोलै

ज्योति

कौन है यह बद्तमीज़

जो आपसे ऐसी बातें कर रहा है

कामिनी

ज्योति बीटा यह यह

कामिनी को कुछ समझ में नहीं आया वह क्या बोले

मैं कामिनी की तरफ बढ़ा वह घबरा गयी

मैं उसका हाथ पकड़ा

और उसे उसी के रूम में लेके गया

और गेट बंद कर दिया

वह घबरा के पीछे हटने लगी

मैं

डरो मत ठकुराइन

मैं उतना बड़ा हरामी नहीं हूँ

जितना बड़ा तुम मुझे समझती हो

अब यह बताओ की तुम्हारी बड़ी लौंडिया यहाँ क्या कर रही है

कामिनी

आज मेरा जन्मदिन है

इसी लिए वह यहाँ आयी है

आपसे विनती है

उसे कुछ पता नहीं चलना चाहिए

मैं

तोह फिर उसे बोल दो

की मैं तुम्हारा खसम हूँ

तुम्हारी इज़्ज़त भी रह जायेगी

और वह कुछ बोल भी नहीं पाएगी

कामिनी के होश उड़द गए

कामिनी

सब मेरे बारे में क्या सोचेंगे

कैसे मुंह दिखाउंगी मैं उन्हें अपना

मैं तोह बर्बाद हो जाउंगी

मैं

हाँ तोह मैंने बोलै था

तुम्हारे बेटो से

की जाके मेरी गर्लफ्रेंड को उठा लो

और उसकी इज़्ज़त लूटने की कोशिश करो

मैंने बोलै था उन्हें

की मेरी बेहेन को कोठे पे बेच दो

ठकुराइन तुम इस बात को सोचो

और समझो

मैं कभी भी किसी को भी मार सकता हूँ

उनके साथ कुछ भी कर सकता हूँ

और कोई मुझपे ऊँगली तक नहीं उठाएगा

फिर भी मुझे मेरी हद्द पता है

लेकिन तुम जैसे नीच लोग ज़रा सी दौलत क्या आजाती है

किसी की भी ज़िन्दगी के साथ खेलने लग जाते हो

हलवा है क्या

कामिनी अपना सर झुका के सब सुनती रही

मैं उसके कंधे पे हाथ रख्खा

मैं

अब बताओ अपनी बेटी को क्या बताना है

तुम मेरी रांड हो

या फिर बीवी

कामिनी

बीवी

मैं

हाँ तोह हँसके बोलो

मैं रूम से बहार निकला

और फिर ज्योति को देखा

कामिनी देवी बहार निकली

और फिर ज्योति की तरफ देखके बोली

यह मेरे पति हैं ज्योति

ज्योति के पैरो टेल ज़मीन खिसक गयी

ज्योति

माँ तुम्हारा दिमाग तोह ठीक है

कामिनी

क्या कहा तुमने

अपनी हद्द में रहो

ज्योति घबराके

पर क्या जरुरत ाँ पड़ी थी

ऐसा करने की

कामिनी

एक ज्योतिष ने हमसे कहा था

की एक महीने के अंदर हमारे सारे बच्चो की मृत्यु हो जायेगी

इसे टालने के लिए हमें विवाह करना होगा

मैं

तुम दोनों बात करो

जब तक मैं सिमरन से मिल लेता हूँ

मैं सिमरन के रूम की तरफ बढ़ गया

ज्योति

माँ मेरी समझ कुछ नहीं आरहा

यह सब क्या हो रहा है

भैया कहाँ हैं यह पता नहीं

मेरे भतीजे कहाँ हैं यह पता नहीं

और तोह और

आपने इतना बड़ा फैसला कर लिया

और मुझे बताया तक नहीं

तभी एक रूम से ऋचा निकली

शमशेर की बहु

और हेमंत की बीवी

ऋचा

बुआ जी मैं बताती हूँ

की क्या हुआ है

कामिनी देवी

बहु

ऋचा

दादी जी अब किस बात का पर्दा

आपकी बड़ी बेटी को भी तोह पता चलना चाहिए

की हमारे साथ क्या हुआ

कामिनी देवी

बहु हमने कहा न

अंदर जाओ

ज्योति

माँ आप उसे बोलने तोह दीजिये

हाँ ऋचा बहु तुम बताओ

की यहाँ चल क्या रहा है

कामिनी देवी

आओ ज्योति मैं तुम्हें बताती हूँ

और फिर वह ज्योति को अपने साथ ले गयी

मैं सिमरन के रूम में पहुंचा

देखा सिमरन सो रही है

पेट के बल

मैं उसके पास बैठ गया

सिमरन को देखके बस यही मन करता था

की उसे बिना रुके प्यार किया जाए

लेकिन उस गंडमारी की हरकतें ऐसी कहाँ थी

मैं सिमरन की गांड पे ज़ोरदार थप्पड़ मारा

उसकी चीख निकल गयी

वह मुझे देखके घबरा गयी

मैं

कमल करती हो मेरी रांड तुम भी

अब भी तुम्हें मुझसे दर लगता है

वह कुछ नहीं बोली

मैं

जवाब जो दे दे

सिमरन

नहीं

मैं

मतलब तू मुझसे डर्टी नहीं है

सिमरन

डर्टी हूँ

मैं

क्यों

मैंने क्या किया

वह कुछ बोल hi नहीं पायी

सिमरन की आँखों में आंसू आगये

मैं

वाह जी वाह

दुसरो की तकलीफ में तोह तुझे मज़ा आता था

आज तुझे खुद तकलीफ हो रही है

तोह आँखों से आंसू निकल रहे हैं

सिमरन

अभी भी दर्द है

आज मत कीजिये

मैं उसे देखा

वह सर झुका के यह बात बोली थी

मैं उसपे झपटा

और उसके पेट पे बैठ गया

उसके दोनों हाथ अपने घुटनो के नीचे के दबाया

उसकी आँखों में आंसू आगये

सिमरन रट हुए

कर लीजिये कर लीजिये

दर्द नहीं है

बस मुझे सजा मत दीजिये

सजा देने से उसका मतलब था

की मैं उसके निप्पल्स को न ऐन्ठू

मैं हंसने लगा

तू भी कमल करती है

मैं कोई हवसी जानवर थोड़ी हूँ

जो हर वक़्त चुदाई के बारे में hi सोचता रहता हूँ

पागल है क्या

मैं तोह यह देखने आया था

की तू कैसी है

तू मेरी रखेल है

मैं तेरा मालिक हूँ

तेरा ख्याल रखना मेरी ड्यूटी है

और मेरे लुंड का ख्याल रखना तेरी ड्यूटी

समझी की नहीं

यह बोलके मैं उसे किश किया

और फिर बोलै

चल अब आराम कर

मैं जाता हूँ

यह बोलके मैं उसके रूम से निकला

तभी मुझे हॉल में बैठी

ऋचा दिखी

जो मुझे देखके कड़ी हो गयी

मैं

और ठाकुर की बहु ठीक हो

ऋचा

जी

मैं

चलता हूँ फिर

ऋचा

सुनिए

मैं

सुनाइए

ऋचा

आपसे अकेले में बात करनी है

मैं

यहीं पे कर लीजिये

ऋचा

मैं चाहती हूँ

की आप मुझे हेमंत के ऊपर लटके

छोड़ें

मैं

बड़ी हरामी हो आप तोह

ऋचा

मैं उससे बदला लेना चाहती हूँ

मैं

किस बात का

ऋचा

शादी से लेके अब तक

कभी भी उसने मुझे प्यार नहीं किया

बस अपनी हवस मिटाई

जब मर्ज़ी होती मुझपे चाहड़ जाता

यह भी नहीं देखता था

की मैं कैसी हूँ

मेरी तबियत कैसी है

बस उसका मन हुआ

उसने कर लिया

अब मैं उससे बदला लेना चाहती हूँ

मैं

कल आऊंगा

तब बदला ले लेना

अब मैं घर जा रहा हूँ

ऋचा

आप जैसा मैंने आज तक नहीं देखा

मैं

मतलब

ऋचा

हम सब आपकी रखेल हैं

फिर भी आप हमारे साथ ऐसा बेहवे करते हैं

की हम सबका आपके लिए मायने रखते हैं

मैं

बस बस इतनी तारीफ़ की मुझे आदत नहीं है

यह बोलके मैं वहां से निकल गया

अब और कुछ था नहीं करने को

इसी लिए मैं घर आगया

घर आया तोह देखा

की एक आदमी और एक औरत आँगन में बैठे हैं

राधा दीदी

रोहित अच्छा हुआ तू आगया

यह दोनों पास के गाओं से आये हैं

तुझसे मिलना चाहते थे

मैं

सिया एक गिलास पानी दो

सिया मुझे पानी लाके दी

मैं

कहो क्या काम है

वह दोनों मेरे पास आये

और मेरे सामने हाथ जोड़ दिया

रोहित भाई हम आपसे मदद मांगने आये हैं

हमारी बेटी को ठाकुर संजीत उठा के ले गया है

हम पुलिस के पास भी गए

लेकिन उन्होंने हमारी एक न सुनी

सुरजन भैया ने बताया की अब आप hi हमारी मदद कर सकते हैं

आप हमारी बेटी को बचा लीजिये

औरत

रोहित जी

आप हमारी बेटी को बचा लीजिये

बदले में आप मेरा दूध पी लीजियेगा

साला पानी सरक गया

मैं खांसने लगा

क्यूंकि और सब तोह ठीक था

किसी का भी मुझे दर नहीं था

लेकिन नेहा बुआ अलीना

दोनों मुझे खा जाने वाली नजरो से देख रही थी

और वहीं माँ का चेहरा शर्म से झुक गया था

और बोनस में मीनल बेचारी का मुंह लटक गया था

मैं

तुम दोनों जाओ

और एक घंटे में तुम्हारी बेटी

तुम्हारे पास होगी

औरत

दूध यहाँ पीयेंगे

या फिर कहीं और

अलीना

जाओ दोनों यहाँ से

और दोबारा अगर यहाँ दिखी

तोह अच्छा नहीं होगा

यह सुनके वह दोनों चली गयी

नेहा बुआ

हरामी करमजले

तोह यह सब करता है तू

किसी की मदद करने के बदले में तू दूध पीटा है

शर्म नहीं आती

मैं

अरे बुआ ऐसा नहीं है

किसी भड़वे ने इन्हें यह सब करने को बोलै होगा

मैं ऐसा नहीं करता

अलीना से पूछ लो

नेहा बुआ अलीना की तरफ देखो

अलीना

मुझे क्या पता

बहार आप क्या क्या करते हैं

मैं

यह तोह कोई बात नहीं हुई

tabhi.meenal ने रोना शुरू कर दिया

माँ

मेरी बच्ची तू क्यों रोटी है

चुप हो जा

यह सब मेरी गलती है

मैंने hi अपने बेटे को ऐसा बनाया है

यह बोलके माँ भी रोने लगी

मैं नताशा को फ़ोन किया

नताशा

यस बॉस

मैं

उस हरामखोर ठाकुर के पिल्लै को उठा

और उसके पास जो भी लड़किया हैं

उन्हें उनके घर पहुंचा दो

और उस मादरचोद

को थर्ड डिग्री टॉर्चर दो

नताशा

ok बॉस

वैसे बॉस कुछ जलने की बदबू आरही है

मैं

तेरी बूर के बाल जल रहे होंगे शायद

और नताशा हंसने लगी

मैं फ़ोन काट दिया

अब माँ को रोटा देख

अलीना ने झट से बोलै

माँ आप मत रोइये

मैं तोह मजाक कर रही थी

यह किसी की मज़बूरी का फायदा नहीं उठाते

मैं

चल मीनल तुझे घर छोड़ आऊं

माँ

इसे यहीं रहने दे

अब तोह यह मेरी बहु है

मैं

अरे इसे पढ़ने लिखने दो

क्यों इसकी ज़िन्दगी ख़राब कर रही हो

पता चले पाऊँ भारी हो जाएंगे इसके

तोह पढ़ना लिखना सब बंद हो जाएगा

माँ लाज शर्म से अपना सर झुका ली

अलका दीदी

कमीना कुत्ता हरामी कहीं का

मैं

तुम किसको गाली दे रही हो दीदी

अलका

किसी को भी तोह नहीं

मैं

चल मीनल

और मैं मीनल को लेके निकल गया

कुछ देर में उसका घर आगया

उसने गेट पीटा

गेट सोनल ने खोला

और फिर हम अंदर गए

मीनल

अब कैसी है मीनल

मीनल

ठीक हूँ दीदी

सोनल

आप दोनों कमरे में जाइये

मैं आपके लिए चाय बनके लाती हूँ

हम दोनों कमरे में आगये

मैं मीनल को देखने लगा

मीनल

ऐसे क्यों देख रहे हैं

मैं

तुम hi बताओ

फिर कैसे देखु

मीनल कुछ नहीं बोली

बहुत शर्मा रही थी वह

मैं उसके गाल सहलाने लगा

वह बेचारी शर्माती रही

मैं

अच्छा एक बात बताओ

मीनल

जी

मैं

तुम्हारी बूर पे बाल हैं

मीनल

छी कितने गंदे हैं आप

मैं

इसमें गंदे वाली क्या बात है

मीनल

मैं तोह इतनी बदसूरत हूँ

अलीना दीदी कितनी खूबसूरत हैं

मैं

यह हाथ देख रही हो

मीनल

जी

मैं

आज के बाद अगर खुदको बदसूरत कहा तुमने

तोह गांड लाल कर दूंगा

वह शर्मा के नजरें नीचे कर ली

मैं

अब मैंने जो पूछा है

उसका हवाब तोह दे दो

मीनल

क्या

मैं

बूर पे बाल हैं या नहीं

मीनल

ऐसी बातें मत कीजिये न

मेरी जान निकल जायेगी

मैं

मरने की बातें करनी जरुरी है

मैं जा रहा हूँ

मीनल ने मेरा हाथ पकड़ लिया

मीनल

माफ़ कर दीजिये

अब कभी नहीं करुँगी

मैं

चलो ठीक है

किया

मैं उसके पास बैठा

और उसके हाथ अपना हाथ रख दिया

मैं

अब बता भी दो

बाल हैं की नहीं

méenal

है

यह बोलके वह मेरे सीने में अपना मुंह छिपा ली

मैं उसकी पीठ सहलाने लगा

मैं

अच्छा सुनो न

मीनल

हम्म

मैं

पप्पी दो न

वह कोई जवाब नहीं

मैं

दे दो न यार

बहुत मन कर रहा है

यह सुनके वह अपना सर उठके

मेरी तरफ देखि

मीनल

मैं आपको रोम थोड़ी रही हूँ

यह सुनते hi मैं उसे किश करना शुरू किया

कभी ऊपरी होंठ तोह कभी निचले

वह भी मेरा साथ देने लगी

हमारी किश इतनी पैशनेट हो गयी

की मीनल मेरे ऊपर hi झूल गयी

किश करते हुए मैं कभी उसकी पीठ को सहलाता तोह कभी उसकी कमर

कुछ देर बाद मैं किश तोड़ दिया

वह लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी

तभी सोनल आगयी

चाय लेके

उसने चाय टेबल पे रख दिया

मैं चाय पीने लगा

मीनल ज़मीन में देख रही थी

मैं

मैं इधर हूँ

और तुम हो की नीचे देख रही हो

वह मेरी तरफ देखि

और फिर देखती रही

मैं चाय पीया

उसके हाथ को पकड़ा

और फिर चूम लिया

मैं

अब मैं जाता हूँ

यह बोलके मैं निकल आया

उसके रूम से

सोनल आँगन में बैठी थी

मैं उसके पीछे पहुंचा

और उसकी कमर में चिमटी काटा

वह उछाल पड़ी

ुयी माआ

मैं

मेरी बीवी का ख्याल रखना साली जी

सोनल

हम्म

मैं

यह दो चुटिया मत रख्खा करो

तुम्हें प्यार करने का मन करता है

पहले तोह वह शॉकेड हो गयी

फिर लज्जा गयी

मैं घर आगया

रात का खाना खाया

और फिर रेखा चची के रूम में जाके सो गया....
 
अपडेट 20

तीनो चची तोह पहले hi सोई हुई थी

और मैं बस वेट कर रहा था

जैसे hi 12 बजे

मैं मेघा चची के पास गया

उनके ब्लाउज खोला

ब्रा पहना नहीं था उन्होंने

मैं उनके ऊपर आगया

और उनकी चूचियों को बारी बारी चूसने

बारी बारी

कभी लेफ्ट वाले का

तोह कभी राइट वाले का

उनकी चूचियों में दूध भरा हुआ था

कुछ hi देर में उनकी आँखें खुल गयी

वह चीखती उससे पहले hi मैं उनका मुंह बंद कर दिया

रूम में घनघोर अँधेरा था

बहार की लाइट भी बंद कर दिया था मैं

मैं धीरे से

मीरा चची मैं हूँ

यह सुनके वह मुझे धक्का देने लगी

मैं मेघा चची की चूचियों को फिरसे चूसना शुरू कर दिया

वह मुझे धक्का देती रही

मैं बुरी तरह से उनकी चूचियों को चुस्त रहा

दबाता रहा

कुछ hi देर में उनका विरोध काम हो गया

वह गरम होने लगी

उनकी चूचियों को छोड़ मैं उनके होंठो को चूसना शुरू किया

वह मेरे साथ नहीं दे रही थी

मैं धीरे से

क्या हुआ मीरा चची साथ क्यों नहीं दे रही हो

यह बोलके मैं फिरसे किश करने लगा

और साथ में उनके दूध भी दबाने लगा

मेघा चची की आह निकल गया

मैं उनके दूध को ज़ोर ज़ोर से दबाना शुरू किया

और होंठों को चूसने लगा

कुछ hi देर में वह मेरा साथ देने लगी

मैं मेघा चची के कभी ऊपरी होंठ चुस्त तोह कभी निचले होंठ

मेघा चची जब पूरी तरह से गरम हो गयी

तोह मैं उनसे अलग हो गया

और फिर अपने कपडे उतार फेंका

फिर मैं मेघा चची की साड़ी और पेटीकोट उठाने लगा

और अब साड़ी और पेटीकोट दोनों उनकी कमर पे थे

मैं मेघा चची की बूर पे अपना हाथ रख दिया

उनकी आह निकल गयी

बूर पूरी गीली हुई पड़ी थी

मैं अपना लुंड मेघा चची की बूर पे सेट किया

उनके ऊपर आया

होंठों पे होंठ रख्खा

वह मेरे सीने पे हाथ रख दिया

मैं मारा धक्का

सूपड़ा अंदर जाते hi मेघा चची की आँखों में आंसू आगये

मेघा चची मुझे धक् देने लगी

मैं एक और धक्का मारा

और आधा लुंड मेघा चची की बूर में समां गया

मेघा चची की चीख निकल गयी

मैं मेघा चची के होंठों को चूसने लगा

वह मुझे धक्का देने लगी

मैं आधे लुंड से hi धीरे धीरे उन्हें छोड़ने लगा

उनके होंठ चूसते हुए

मेघा चची कुछ देर हाथ पेअर चलती रही

और जैसे हो वह शांत हुई

मैं एक ज़ोरदार धक्का मारा

और पूरा लुंड उनकी बूर को फाड़ता हुआ

उनकी बच्चादानी से जा टकराया

मेघा चची फिरसे चीखी

उन्होंने मेरे होंठों पे अपने दांत गदा दिए

मुझे धक्का देने लगी

मैं उनकी चूचियों को मसलने लगा

साथ में होंठों को भी चूसने लगा

और मेघा चची शांत हुई

लेकिन अब भी उन्हें दर्द हो रहा था

मैं किश करना बंद किया

वह सिसक सिसक के रोने लगी

मैं उनके गले को चूमने लगा

और उनकी बूर के दाने को मसलने लगा

कुछ hi देर में मेघा चची ने अपनी कमर हिलना शुरू कर दिया

मैं फिर उन्हें धीरे धीरे छोड़ने लगा

मेघा चची आहें भरने लगी

जब उनका जोश चरम पे पहुंचा

तोह मैं अपनी स्पीड बढ़ाया

और ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा

हर धक्के के साथ मेघा चची की चीख निकल जाती

लेकिन वह अपने हाथो से अपना मुंह बंद किये

आहें भर्ती रही

कुछ hi देर में मेघा चची का शरीर अकड़ गया

और वह बुरी तरह से झड़ने लगी

मैं उनकी बूर से लुंड निकाला

और फिर उनकी बूर में तीन ऊँगली डालके

अंदर बहार करने लगा

मेघा चची का शरीर बुरी तरह से हिलने लगा

वह

ज़ोर ज़ोर से आहें भरने लगी

और कुछ hi देर में उनका पानी निकल गया

मैं फिर से उनकी बूर में लुंड घुसा दिया

और उन्हें छोड़ने लगा

मेघा चची फिरसे आहें भरने लगी

मैं मेघा चची की चूचियों को मसलते हुए उन्हें छोड़ता रहा

और देखते hi देखते वह फिरसे झाड़ गयी

लुंड बूर से निकालके

मैं अपना मुंह मीरा चची की बूर पे लगा दिया

और उनकी बूर चूसना शुरू किया

मेघा चची की आँखें बड़ी हो गयी

और उनकी कमर हवा में उठ गयी

अब चाचा उन्हें हफ्ते में एक बार छोड़ते थे

बाकी दिन मीरा चची को hi छोड़ते थे

और रेखा चची को छोड़ने का मन नहीं करता था चाचा को

मेघा चची भी औरत थी

और उनका मन भी छोड़ने का करता था

लेकिन मेघा चची की हिम्मत नहीं होती थी

चाचा से बोलने की

मैं मेघा चची की बूर तब तक चुस्त रहा

जब तक उनकी बूर से पानी नहीं निकल गया

जैसे मेघा चची झड़ी

मैं उन्हें घोड़ी बनाया

और उनकी चौड़े नितम्बो को पकड़के मसलने लगा

वह आहें भरने लगी

और मैं लुंड उनकी बूर पे सेट किया

और एक hi बार में पेल दिया

मेघा चची की आह निकल गयी

मैं बिना रुके उन्हें छोड़ने लगा

वह आहें भरने लगी

मीरा चची की आँख तोह कबका खुल चुकी थी

वह सब समझ गयी थी

की उनके बगल में सोई उनकी सौतन मेघा चुद रही है

और वह अपनी बूर मसल रही थी

मैं तेज़ तेज़ धक्के मार रहा था

मेघा चची की बूर में

मेघा चची बेचारी की चीख निकल रही थी

लेकिन उन्होंने अपना मुंह बंद कर रखा था

मैं ताबड़तोड़ उनकी बूर में धक्के मारता

और मेघा चची एक बार फिर झाड़ चुकी थी

और इस बार झड़ते hi मेघा चची की गांड फैट गयी

मैं मेघा चची को पेट के बल लिटा दिया

मेघा चची

रोहित रुक जा वर्ण मैं मर जाउंगी

अब नहीं होगा मुझसे

मैं

कैसे नहीं होगा

यह बोलके मैं उनकी पीठ चूमा

और फिर उनकी बूर में फिरसे लुंड पेल दिया

और ज़ोरदार राक्षशी धक्के मारने लगा

मेघा चची

आह आह ोूह उम्म्म ाः आह माँ आहाअम्मा

मैं मेघा चची के ऊपर hi लेट गया

और अपनी कमर चलता रहा

कुछ hi देर में मेघा चची का पानी फिरसे निकल गया

अब मेघा चची रो पड़ी

मैं मेघा चची के मुंह पास लुंड ले गया

मैं

अब इसे थोड़ी देर चुसो

तब तक तुम्हारी बूर को आराम मिलेगा

मेघा चची ने झट से लुंड मुंह में लिया और चूसने लगी

अब लुंड तोह वह पहली बार hi चूस रही थी

लेकिन ठीक चूस रही थी

कुछ देर लुंड चूसने के बाद

उनका मुंह भी दुखने लगा

इस बार मैं उन्हें सीधा लिटा दिया

और फिरसे उन्हें छोड़ना शुरू किया

और देखते hi देखते मेरे लुंड से रास निकलना शुरू हुआ

और मेघा चची भी कांपते हुए झड़ने लगी

मैं कुछ देर उनके ऊपर hi पड़ा रहा

फिर उनकी बूर से लुंड निकाला

अब मैं रूम की लाइट जला दिया

और मेघा चची अधखुली आँखों से

मुझे देखती रही

मैं अपनी पंत पहना

और अपने रूम में पहुंचा

जहाँ सब तोह सोई हुई थी

और राधा दीदी फ़ोन चलने में बिजी थी

मैं फ़ोन की लाइट जलाया

और फिर अपने बैग से एक टेबलेट निकाला

वापस रेखा चची के रूम में आया

मेघा चची को वह टेबलेट खिलाया

मीरा चची सोने का नाटक कर रही थी

मैं

मीरा चची छोड़ना है

तोह बोल दो

वर्ण मैं सो रहा हूँ

यह सुनते hi मीरा चची आँखें खोलके बैठ गयी

मीरा चची

धीरे बोल

रेखा दीदी उठ गयी

तोह हम दोनों मार देंगी

मेघा चची शॉकेड

मेघा चची

करमजले इसका मतलब

तुझे पता था की मैं मीरा नहीं हूँ

मैं

और नहीं तोह क्या

मेघा चची

और अगर मैं चिल्ला देती तोह

तुझे थप्पड़ मार देती तोह

मैं

तुमने अगर मन किया होता

तोह मैं रुक जाता

ज़बरदस्ती तुम्हारी बूर में लुंड थोड़ी दाल देता

और रेखा चची गहरी नींद में सोई हुई हैं

उनकी चिंता मत करो

मीरा चची

दीदी तुम भी नहीं बच पायी रोहित से

मेघा चची

दिन रात अपना लुंड दिखता रहता है

इतना तगड़ा लुंड कौन नहीं लेना चाहेगा

मैं तोह तेरी घुलम हो गयी

मैं

दोबारा चुड़ोगी

मेघा चची

नहीं नहीं

मैं मर hi जाउंगी

इतना काफी है

तू इस कमीनी को hi छोड़

मीरा चची

आपको तोह पता है

की मुझे छोड़ना कितना पसंद है

रोहित अब देर मत कर

दिन भर ऊँगली करती रही हूँ मैं

यह सुनके मैं मीरा चची को किश करना शुरू किया

और फिर उनका उद्धार करके

उनकी बूर का भोसड़ा बनके

उनकी बूर में hi झाड़ गया

मीरा चची की हालत भी पतली हो गयी

मैं लाइट ऑफ किया

और सो गया

सुबह जब रेखा चची की आँख खुली

तोह उन्होंने मेरे लुंड को देखा

रेखा चची ने दोनों को आवाज दी

और फिर मेरे ऊपर चादर डालके चली गयी

मैं भी उठ गया

और आँगन में आके बैठ गया

मैं

अलीना सग्गेराते दे दो

अलीना ने मुझे सग्गेराते दिया

मैं पीने लगा

तभी मेरी रवीना दीदी पे पड़ी

वह और करिश्मा दीदी दोनों एक जगह बैठी

हुई बात कर रही थी

करिश्मा का चेहरा हमेशा की तरह उदास था

अलीना

आज 15 दिसंबर है रोहित

यह सुनके मैं उसे देखा

मैं

पता है

रवीना दीदी

उन्होंने मेरी तरफ देखा

मैं

आप दोनों जाओ अपने घर

यह सुनके रवीना और करिश्मा दीदी

का मुंह खुला का खुला रह गया

रवीना

सचमें

मैं

हाँ जाओ आप दोनों

यह सुनते hi दोनों जल्दी से रेडी हुई

और फिर चली गयी

बहनचोद

मैं खाट पे लेट गया

अलीना मेरे पास बैठी हुई थी

तभी मेरी नजर पायल पे पड़ी

जो झाड़ू मार रही थी

बहनचोद जब वह झुकी

तोह उसकी गांड देखके मेरा लौड़ा उछाल गया

मैं अपनी आँखें बंद कर लिया

और काश मारता रहा

मैं

तुम सिया को पढ़ा दिया करो

अलीना

वह मैं पहले से hi कर रही हूँ

मैं

कुछ चाहिए

अलीना

मुझे एक बच्चा चाहिए

मैं

नहीं

अलीना

प्लीज

मैं

बोलै न नहीं

अलीना

कुछ नहीं होगा उसे

मैं

कुछ हो या न हो

तुम मुझसे कुछ भी मांग लो

लेकिन बच्चा नहीं

अलीना

प्लीज

मैं ज़ोर से

तुम्हें एक बार में सुनाई नहीं देता

नहीं मतलब नहीं

मेरी आवाज सुनके

सब अपने रूम से बहार निकली

नेहा बुआ

क्या हुआ करमजले क्यों चिल्ला रहा है

माँ

क्या हुआ बहु

मैं

तुम्हारी बहु को बच्चा चाहिए

और मुझे नहीं चाहिए

अंजलि चची

बीटा रोहित

अपनी बीवी को खुश रखना

तुंहारा कर्त्तव्य है

मैं

बड़ी सटी सावित्री बन रही हो

खुद इतनी हरामीपना किया है

भूल गयी क्या

चाचा को शादी के बाद शहर ले गयी

फिर यहाँ से नाता hi तोड़ दिया

फिर चाचा ने घर में पैसे देना भी बंद कर दिया

अब देखो जैसे वह अपनी माँ को छोड़के गया था

वैसे hi तुम्हें भी छोड़ गया

एक बार भी आया तुम्हें लेने

दादी

आएगा कैसे

तुमसे पूरी दुनिया डर्टी है

वह नहीं डरेगा

मैं

हर इंसान डरता है

लेकिन तुमने मेरे बाप को छोड़के बाकी बेटे जो जाने

वह कायर और दलिद्दर निकले चची

यह बात मान लो

तुम्हारे बड़े बेटे ने मेरी बेहेन को बेच दिया

तुम्हारा मझला बीटा शहर जाके तुम्हें भूल गया

तुम्हारा छोटा बीटा तीन बीवियों के होते हुए भी रंडीबाजी करता था

तुम इतनी हरामी

की तुम्हारा बस चलता

खैर छोडो

दादी मेरी बात सुनके सकपका गयी

और अंजलि चची रट हुए रूम में भाग गयी

नेहा बुआ

क्या हुआ है

जो सुबह सुबह इतना चिल्लम चिल्ली कर रहा है

मैं

कुछ नहीं हुआ है

यह बोलके मैं अपनी टीशर्ट पहना

और बहार चला गया

माँ अलीना के पास पहुंची जो रो रही थी

माँ

कोई बात नहीं बहु

उसका मन नहीं है

तोह ज़िद्द क्यों करती हो

बचपन से वह बहुत ज़िद्दी था

अब भी है

अलीना

पता नहीं मुझे क्या हो गया

जो मैं उनसे वह सब बोल गयी

जबकि मुझे पता है

यह बोलके वह चुप हो गयी

माँ

क्या पता है बहु

अलीना

कुछ नहीं माँ

माँ

तुम्हें मेरी कसम

जो तुमने मुझसे कुछ छिपाया

अलीना

आपका बीटा एक बार अपने बच्चे को खो चूका है

यह सुनके सबके पैरो टेल ज़मीन खिसक गयी...
 
अपडेट 21

मैं कस्तूरी के घर पहुंचा

गेट उसकी छोटी बेहेन साक्षी ने खोला

आँगन में कस्तूरी बैठी

सब्ज़ियां काट रही थी

वहीं उसकी माँ कमला बर्तन धो रही थी

कस्तूरी ने जैसे hi मुझे देखा

कड़ी हो गयी

मैं उसके पास पहुंचा

उसने मेरे पेअर छुए

मैं उसके सर पे हाथ रख्खा

वह कड़ी हुई

तोह मैं उससे लिपट गया

कस्तूरी

क्या करते हैं

माँ यहीं पे हैं

लेकिन मैं उसके सीने से लगा रहा

तभी उसने मेरे सर को सहलाया

कस्तूरी

क्या हुआ

मैं

कुछ नहीं

कस्तूरी

बताइये न

और कल आप क्यों नहीं आये

मैंने सुना आपने पूर्ण को बड़ी मार मारा

मैं चुप रहा

वैसे तोह हमेशा मैं खुश रहता हूँ

लेकिन अलीना ने मेरे ज़ख्मो को हरा कर दिया था

भले hi मैं कितना भी बड़ा सूरमा हूँ

लेकिन हूँ तोह इंसान hi

कभी कभी तकलीफ याद आजाती है

कमला

बीटा साक्षी दामाद जी

के लिए चाय बना दे

साक्षी

अभी बनती हूँ

कमला

कस्तूरी

दामाद जी को अंदर लेके जा

मैं कमला को देखा

मेरी सासु एक दम देसी औरत थी

मुझे अपनी तरफ देखता देख वह बौखला गयी

मैं

यहाँ कौनसा मैं आपकी बेटी का दूध पी रहा हूँ

जो आप मुझे अंदर भेज रही हो

कमला बुरी तरह से लज्जा गयी

कमला

मैं तोह ऐसे hi कह रही थी

दामाद जी

मैं

आपकी बेटी तोह कुछ करने भी नहीं देती

बोलै की दूध पीला दो

तोह मन कर दी

चुम्मा मांगो तोह नहीं देती

यह नहीं की पति आया है

तोह उसे कसके गले लगाके

उसके होंठ चूमे

कस्तूरी शरमाते हुए

यह आप क्या बातें लेके बैठ गए

माँ क्या सोचेंगी

मैं

हाँ तोह सासु माँ ने नहीं किया होगा

क्या यह सब

कमला यह सुनते hi उदास हो गयी

और उसे अपने पति की याद आने लगी

खैर उस मादरचोद की बात क्यों कर रहा हूँ मैं

कस्तूरी

बैठिये न

मैं बैठ गया

कस्तूरी भी बैठ गयी

मैं अब भी उसके सीने से अपना सर लगाए हुआ था

मेरी सास चली गयी

तभी एक औरत अंदर आयी

मैं उसे देखा तोह देखता रह गया

इतनी ज्यादा गोरी और खूबसूरत थी वह

की पूछो मत

हाथ लगा दो तोह निशाँ पद जाए

टमाटर की तरह लाल

पूरा शरीर भरा हुआ था

उसने जब देखा

की मैं कस्तूरी से लिप्त हुआ हूँ

तोह वह चौंक गयी

और आँखें फाड़े देखने लगी

तभी साक्षी की आवाज आयी

साक्षी

दीदी

और जाके साक्षी उससे लिपट गयी

हम्म देखके तोह भव्य लग रही है

भव्य एक शादी शुदा लड़की थी

जिसका बदन एक दम गदराया हुआ था

और वह कस्तूरी से बड़ी थी

भव्य

माँ यह सब क्या है

तुमने कस्तूरी की शादी कर दी

और बापू भी लापता हैं

कई दिनों से

कमला

तू room.mein चल

मैं तुझे सब बताती हूँ

मैं

कोई कहीं नहीं जाएगा

मैं बताता हूँ

भव्य

मैं तुमसे बात नहीं कर रही

इसी लिए खामोश रहो

कस्तूरी

दीदी मेरे पति से तमीज से बात करो

जिस तरह से तुम्हें तुम्हारा पति प्यारा है

उसी तरह मेरे पति भी मुझे प्यारे हैं

कस्तूरी की बात सुनके

भव्य का फ्यूज उड़द गया

कमला

भव्य तू चल न बीटा कमरे में

मैं तुझे सब बता दूंगी

भव्य मेरी सास के साथ चली गयी

करीब आधा घंटा हो चूका था

मैं कस्तूरी से लिप्त हुआ था

कस्तूरी

हटिये न सब्ज़ी काटनी है

मैं हैट गया

और फिर जाने लगा

यह देखके कस्तूरी झट से उठी

और मेरा हाथ पकड़ ली

कस्तूरी

आपका जो मन करे

कीजिये

मैं फिरसे उसके सीने से लग गया

कस्तूरी

आज आपको क्या हुआ है

मैं

कुछ भी तोह नहीं हुआ है

वह मेरे सर को सहलाने लगी

कस्तूरी

अच्छा सुनिए

मैं

सुनाइए

कस्तूरी

मुझे अपने घर कब ले जाएंगे

kal.meenal को ले गए थे न

मैं

तुम्हें कैसे पता

कस्तूरी

मैं गयी थी कल मीनल से मिलने

वही बता रही थी

मैं

कल ले जाऊँगा

कस्तूरी

ठीक है

मैं उससे अलग हुआ

और लेट गया

कस्तूरी बैठी रही

कस्तूरी

चाय बना रही है

या फिर बीरबल की खिचड़ी

साक्षी

ला रही हूँ

एक दम स्पेशल बनाया है

मैंने जीजा जी के लिए

मैं

इसमें अपना दूध मिलाया है क्या

जो स्पेशल बता रही हो

साक्षी शर्मा गयी

और चाय देके भाग गयी

कस्तूरी

कैसी कैसी बातें करते हैं

मैं

तुम जब करने नहीं डौगी

तोह किसी और से तोह करूँगा hi

कस्तूरी

मीनल से कीजिये

अपनी पहली बीवी से कीजिये

मैं

मीनल से तोह करता हूँ

और मेरी पहली बीवी अलीना करमजली शर्माती नहीं है

वह पता है क्या करती है

जैसे hi मुझे अकेला देखती है

मेरी पंत उतारके

मेरा लुंड चूसने लगती है

कस्तूरी का चेहरा टमाटर की तरह लाल हो गया

दूसरी तरफ

प्रिय को खबर मिली

की एक खून हुआ

प्रिय जब वहां पहुंची

तोह देखा

की एक औरत को बड़ी बेरहमी से मारा गया था

उसकी लाश नंगी पड़ी थी

प्रिय ने उसके ऊपर चादर डलवाया

और फिर भीड़ हटवाई

उसके बाद फॉरेंसिक वाले आये

और उस औरत को ले गए

सुरजन

मैडम क्या लगता है किसने किया होगा

प्रिय

जिस हरामज़ादे ने किया होगा

उसे गोली मार दूंगी

मादरचोद

और फिर आस पास के लोगो से पूछताछ होने लगी

सबने यही बोलै

की हमें नहीं पता

सप रिद्धिमा को भी खबर मिल चुकी थी

उसने इंस्पेक्टर प्रिय को फ़ोन करके पूछा

इंस्पेक्टर प्रिय ने वही बताया

जो अब तक पता चला था

सुरजन

मैडम किसी से भी कुछ पता नहीं चला

बस इतना पता चला

की यह सुबह काम पे गयी थी

वहां से वापस आके अपने घर में गयी

और फिर सुबह किसी अनजान का फ़ोन आया हमें

प्रिय

उस नंबर का पता लगवाया

सुरजन

लगवा रहा हूँ

वहीं टॉर्चर चैम्बर में

संजीत की पेट बल लिटाया हुआ था

वह बंधा पड़ा था

एक लड़की उसकी टांग के पास थी

दूसरी उसकी कमर के पास

एक उसकी गांड पे बेल्ट मार रही थी

और दूसर उसके तलवो में लेथ

तीसरी भी थी

जो उसे इलेक्ट्रिक शॉक दे रही थी

वह बुरी तरह से चीख रहा था

बीतता अपनी बीवी के साथ रहता था

जब से उसने कमला को देखा था

उसे छोड़ना चाहता था

चमेली के सास ससुर ने उसे घर से निकाल दिया था

कई साल पहले जब उसका पति चल बसा

तबसे वह बीतता के घर में hi रहती थी

बीतता उसका जेठ था

जबसे बीतता ने चमेली को देखा था

तबसे उसका मन चमेली के लिए मचल रहा था

लेकिन बीतता की बीवी बहुत गुस्से वाली थी

और पैसे वाली भी

इसी लिए बीतता अपनी बीवी के दर से कुछ नहीं बोलती थी

चमेली घर के काम कर रही थी

बीतता का बीवी का नाम

मंजू था

बीतता

कहाँ थी इतने दिन चमेली

चमेली

अपने मायके गयी थी

जेठ जी

बीतता

किसी चीज़ की जरूर हो तोह बता देना

चमेली

जी

तभी मंजू अपने कमरे से बहार निकली

और जब उसने अपने पति को चमेली से बात करते देखा

उसका खून जल गया

मंजू भी खूबसूरत थी

लेकिन चमेली चमेली थी

उसे चमेली की सुंदरता से हमेशा से जलन रहती थी

उसे भी पता था की उसका पति चमेली को कुछ ज्यादा hi देखता है

मंजू

आप गए नहीं काम पे

बीतता

जा रहा हूँ

बस चमेली से उसका हाल पूछ रहा था

मंजू

वह ठीक है

सुना नहीं था क्या

ठाकुर के बेटे ने इसके साथ ज़बरदस्ती की थी

यह उसे चाक़ू मार्के भाग गयी

और फिर ठाकुर ने इसे उठवा लिया

कई दिनों तक मुंह काला करवाके आयी है

चमेली

नहीं दीदी

मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ

मंजू

अच्छा

तोह ऐसे hi उसके आदमी तुझे कुत्ते की तरह धुंध रहे थे

वह ठाकुर है ठाकुर

यहाँ का मालिक

उसके एक इशारे पे पूरा का पूरा गाओं साफ़ हो जाए

और उसने तुझे छोड़ दिया

बीतता

मंजू यह सब बातें करने की क्या जरुरत है

मंजू

आप गए नहीं अब तक

बीतता चला गया

मंजू

कहीं और काम मिला

या फिरसे मुफ्त की रोटी तोड़ने का विचार है

चमेली

कल गयी थी दीदी

आज फिर जाउंगी

मंजू

वैसे बता तोह

सिर्फ ठाकुर के बेटो ने तेरे साथ किया

या फिर और सबने भी

चमेली

दीदी मैं कह रही हूँ न

मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ

एक भले आदमी ने मुझे बचा लिया था

मंजू

और फिर तूने उसे फँसके अपनी छूट दे दी होगी

मेरे पति से दूर रहा कर

वर्ण तेरी टांगें तोड़ दूंगी

चमेली निकल गयी

अपने लिए काम ढूंढ़ने

लेकिन अब कोई उसे काम देने को तैयार नहीं था

हवेली

कामिनी ने ज्योति को यही बताया था

की ज्योतिष के कहने पे उसे रोहित से शादी करनी पड़ी

और रोहित बहुत बड़ा आदमी है

इसी लिए वह ऐसा है

ज्योति अपनी छोटी बेहेन के पास जब गयी

तोह सिमरन लेती हुई थी

ज्योति

मेरी प्यारी गुड़िया

कैसी है

सिमरन

ठीक हूँ दीदी

ज्योति

यह क्या

मेरी गुड़िया आज शेरनी से भीगी बिल्ली क्यों लग रही है

सिमरन

आप को यहाँ आना नहीं चाहिए था दीदी

ज्योति

क्यों

सिमरन ने बताना शुरू किया

और जैसे जैसे वह बताती गयी

ज्योति की आँखें गुस्से जलने लगी

ज्योति

उस हरामज़ादे की यह मजाल

वह हमारे घर की इज़्ज़त के साथ खेलेगा

सिमरन

दीदी वह बहुत खतरनाक आदमी है

आप ऐसा वैसा कुछ मत करना

कहीं उसे फिरसे गुस्सा आगया

तोह मुझे मार डालेगा

ज्योति

हम ठाकुर हैं सिमरन

मरने से नहीं डरते

तू शायद जानती नहीं

मेरे पति को

मैं अभी उन्हें फ़ोन करती हूँ

और उनसे कहती की हूँ

इस कुत्ते की वह हालत करे

की देखने वालो की रूह काँप जाए

सिमरन

दीदी आप समझती नहीं हो

वह अकेला 100 आदमियों पे भारी है

राक्षस है वह राक्षस

ज्योति

यही तुम्हारी और भैया की दिक्कत है

तुम बल का प्रयोग करते हो

छल का नहीं

और jyoti.ne अपने पति को फ़ोन लगाया

उसका पति बहुत बड़ा आदमी था

उसके पति का नाम

धर्मवीर सिंह था

पहुँच गयी ठीक से

ज्योति

जी

और ज्योति रोने लगी

धर्मवीर

घबरा गया

क्या हुआ ज्योति

तुम रो क्यों रही हो

ज्योति

एक लड़के ने मेरे साथ बदतमीज़ी की

मुझे गाली दिया

धर्मवीर

क्या

कौन है वह हरामज़ादा

और तुमने अपने भाई को नहीं बताया

ज्योति

मेरा अपमान हुआ है

और मेरे पति आप हैं

मैं सिर्फ आपको बता सकती हूँ

धर्मवीर

उस लड़के का नाम पता है

ज्योति

हाँ

उसका नाम रोहित है

और इसी गाओं में रहता है

धर्मवीर

बस और कुछ बोलने की जरुरत नहीं है

तुम बस यह बताओ की उसे क्या सजा देनी है

ज्योति

मैं चाहती हूँ

की उसके खंडन की एक एक औरत को

नंगा करके

बीच बाजार में नीलाम किया जाए

धर्मवीर

ऐसा hi होगा

ज्योति ऐसा hi होगा

और फिर फ़ोन कट गया

धर्मवीर सिंह ने किसी को फ़ोन मिलाया

और उसे सब समझा दिया

करीब 200 आदमी लेके वह आदमी निकल पड़ा

मेरे घर की और

यहाँ कस्तूरी के घर पे मुझे 12 बज गए थी

मैं उसे छेड़े जा रहा था

मैं

अब इतनी देर हो चुकी है

किश तोह दे दो

यह सुनके

वह मेरे होंठों पे अपने होंठ रख दी

काफी समय तक हम दोनों एक दूसरे के होंठों का रास पीते रहे

मैं किश करते हुए

उसके चूचियों को सहलाने लगा

वह मेरी बाहों में झूल रही थी

तभी साक्षी ने देखा

अपनी दीदी और जीजा जी को

किश करते हुए

वह छिपके देखने लगी

कस्तूरी की सांसें जब भारी हुई

मैं किश तोड़ दिया

वह लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी

जब उसकी सांस सम्भली

तोह मैं फिरसे लग गया उसके होंठों का रास पीने में

करीब आधे घंटे उसके होंठों का रास पीटा रहा मैं

तभी उसने मुझे कसके पकड़ लिया

और उसका शरीर झटके खाने लगा

मैं उसे देखा

तोह वह शर्मा गयी

मैं

अब मैं जाता हूँ

कस्तूरी

क्यों

मैं

तुम्हारी सौतन के पास भी जाना है

कस्तूरी

वैसे आपने कस्तूरी से शादी क्यों की

मैं

ऐसे hi सेक्सी लग रहा था

यह बोलके मैं उसके दूध दबा दिया

वह सकपका गयी

मैं मीनल के घर पहुंचा

साला कोई गेट hi नहीं खोला

मैं वापस जाने लगा

तभी पड़ोस की महिला ने मुझे देखा

तुम कौन हो

और रोज़ रोज़ यहाँ क्यों आते हो

मैं

सरपंच का दामाद हूँ मैं

यह सुनके वह चौंक गयी

इसी गाओं के हो

मैं

हाँ

राजेश बाबू का लड़का हूँ

यह सुनके वह अंदर चली गयी

मैं फिर अपने फार्महाउस पहुंचा

जब मैं हॉल में पहुंचा

तोह सन्नाटा hi सन्नाटा था

बहनचोद

यह सब कहाँ गयी

तभी एक रूम से कोई लौंडिया बहार निकली

मुझे देखके hi उसका खून सूख गया

मैं

बाकी सब कहाँ गए

जी जी सर वह वह सब मूवी देखने गए हैं

मैं

हाँ तोह इतना दर क्यों रही हो

तभी उसने सर झुकाके बोलै

सर मैंने कभी आपको थैंक यू नहीं बोलै

मैं

किस लिए

मेरे पिता ने मुझे बेच दिया था

कोठे पे मेरी नीलामी चल रही थी

लेकिन आप मुझे अपने साथ ले गए

मुझे त्रिनेड करवाया पढ़ाया लिखाया

और अपने पास रहने दिया

मैं

बस बस इतना काफी है

मैं थोड़ी देर सो रहा हूँ

अगर किसी का फ़ोन आये तोह उठा के पूछ लेना की क्यों फ़ोन किया है

सर

मैं

हम्म

मेरे पास आपको देने के लिए तोह कुछ नहीं है

नीलम दीदी कहती हैं

की आपको दूध बहुत पसंद है

आपका मन करे

तोह आप मेरा

यह बोलके वोग चुप हो गयी

मैं

सो रहा हूँ मैं

यह बोलके मैं अपनी आँखें बंद कर लिया..
 
अपडेट 22

कोई मेरे सर पे हाथ फेर रहा था

मैं आँखें खोला

तोह देखा नीलम थी

नीलम

सर आप यहाँ

मैं

घर पे मन नहीं लग रहा था

नीलम

मुझे बुला लिया होता

मैं

तुम्हें डिस्टर्ब करना नहीं चाहता था

नीलम चुप हो गयी

मैं

वैसे एक बात बताओ नीलम

नीलम ध्यान से सुनने लगी

मैं

तुम्हारे पिता ने शायद तुम्हें बेच दिया था न

नीलम

जी सर

मैं

क्यों

नीलम

मेरे भाई को कैंसर था

उसके इलाज के लिए उन्होंने मुझे बेच दिया

मैं

तुम अपने पिता से तोह बहुत नफरत करती होगी

नीलम

नहीं करती सर

मैं भी अपने भाई को बचाना चाहती थी

मैं

तोह कभी खबर ली

की तुम्हारा भाई कैसा है अब

नीलम

ठीक है सर अब वह

मैं

कभी घर जाने का मन नहीं करता

नीलम

मेरे लिए तोह आप hi सब कुछ हैं

मैं

हॉस्पिटल और स्कूल का काम कैसा चल रहा है

नीलम

शुरू हो गया है

मैं

हम्म कोई बात नहीं

तुम बस अपना और अपनी बहनो का ध्यान रखना

किसी को जाने का मन हो

तोह जाने देना

रोकना मत

नीलम

आपको छोड़के कहाँ जाएंगी

आपके सिवा उनका है hi कौन

मैं

ऐसा मत बोलो यार

मैं इतनी लड़कियों को कैसे छोडूंगा

वह बुरी तरह से शर्मा गयी

नीलम

आपसे एक बात पुछु

मैं

पूछो

नीलम

आप बर्सर्क मोड में कब जाते हैं

मैं

जब मेरा खून बेहटा है

या फिर जब मुझे बाबत ज्यादा गुस्सा आरहा हो

नीलम

क्यों सर

मैं

एक साइंटिस्ट एक सीरम बना रहा था

लेकिन एक्सपेरिमेंट करने के लिए उसे कोई चाहिए था

उसे मैं मिला

और मुझपे उसने एक्सपेरिमेंट किये

जिसके बाद

मैं ऐसा हो गया

नीलम

लेकिन एक बात समझ नहीं आती

आप तीन साल पहले अपने घर से गए थे

लेकिन हमसे भी तोह आप तीन साल पहले hi मिले थे सर

और उस वक़्त आप गॉड ऑफ़ पैन बन चुके थे

मैं

दूध पिलाओगी

नीलम बुरी तरह से शर्मा गयी

नीलम

बताइये न

ऐसा कैसे हो सकता है

आप तीन साल पहले hi गॉड ऑफ़ पैन कैसे बने

जब की आप उस समय बहुत छोटे थे

मैं

अरे मेरी जान

इतना सोचोगी

तोह पगला जाओगी

फिर मैं तुम्हारा दूध कैसे पी पाऊंगा

नीलम

आप तोह बस बोलते hi हैं

कभी करते थोड़ी हैं

और अगले शान मेरा फ़ोन बजा

उस लड़की ने मुझे फ़ोन लाके दिया

मैं उठाया

और फिर जो सुना

मेरा दिमाग ख़राब

मैं

अभी कहाँ पे है

मैं फ़ोन रख्खा

और फिर नीलम की तरफ देखा

मैं

चलो मेरे साथ

और फिर हम दोनों निकल गए

आज कार मैं खुद चला रहा था

स्पीड इतनी थी

की नीलम का हार्ट फ़ैल होने वाला था

बेचारी की आँखें नहीं खुल रही थी दर से

मैं बीच रोड पे अपनी गाडी रोक दिया

और फिर उसके बोनट पे बैठ गया

कुछ देर बाद

एक लाइन में 30 गाड़िया आती हुई दिखाई दी

नीलम थूक निगलके रह गयी

मैं

जब तुम्हारे साथ मैं हूँ

तोह तुम्हें दर क्यों लग रहा है

नीलम

इन सबसे बिना हथियार के कैसे निपटेंगे सर

मैं

अब रोहितवा को भी हथियार की ज़रूरत पड़ेगी

रोहितवा का नाम hi काफी है

यह क्या बहनचोद यह तोह चांडाल है

नीलम उसे देखके बुरी तरह से चौंक गयी

चांडाल बहुत हरामी आदमी थी

किसी को भी मारना होता था

तोह उसके ांडो को पकड़के इतनी ज़ोर से दबाता था

की उसके प्राण निकल जाते थे

जैसे hi चांडाल ने मुझे देखा चौंक गया

चांडाल

ा बृजवा जरा हमको चिमटी काट

हमें भी पता चले

की रोहित भैया सचमें हमें दिख रहे हैं

बृजवा ने बड़ी ज़ोर से चांडाल को चिमटी काट लिया

चांडाल

मादरचोद इतनी जोर से भी नहीं बोलै था

चिमटी काटने को

तुम्हारी अम्मा को छोड़ें

बृजवा

हमरी अम्मा तोह ऊपर है चांडाल भैया

चांडाल

हैट साला करमजला

हम तोह फ्लो में बोल गया

तुम वहां कहाँ पहुंच गया

हम आता हूँ मिलके

रोहित भैया से

और चांडाल मेरे सामने खड़ा था

उसने मेरे सामने हाथ जोड़ दिए

चांडाल

परनाम करते हैं

रोहित भैया

मैं

कहाँ जा रहे हो

चांडाल

अरे धर्मवीर सिंह का काम है

ओकर मेहरारू को कोई पागलचौड़ा ऊँगली कर दिया

बस ओकर घर जा रहे हैं

मैं

क्यों

चांडाल

धर्मवीर सिंह ने कहा है

की ओकर घर में जॉन भी औरत हो

उन सबको बीच बाजार में नीलाम कर दो

मैं

तू जानता है वह सब kaun.hain

चांडाल

नाही

मैं

मेरा परिवार है

मादरचोद

चांडाल की गांड फैट गयी

वह ghabra.ke.do कदम पीछे हैट गया

चांडाल रट हुए

साला धर्मवीर मादरचोद हमारा गेम बाजवा दिया

ओकर मैय्या न छोड़ दिए

तोह हमर नाम भी चण्डलवा नहीं

रोहित भैया गलती हो गयी

पता नहीं था

फिर भी आप हमें सजा दे दीजिये

यह बोलके चांडाल ज़मीन पे बैठ गया

मैं

भोस्डिके कितनी बार बोलै है

किसी का काम करने से पहले पूरी बात जान लिया कर

लेकिन नहीं

aur.main उसे थप्पड़ मार दिया

मैं

चल अब जा और धर्मवीर के घर में जितनी भी औरतें हैं

सबको हवेली उठके ला

और धर्मवीर को भी ला

उसके दिन भी पूरे हो गए हैं

याद रहे किसी को भी तकलीफ नहीं होनी चाहिए

चांडाल

धर्मवीर बहुत बड़का आदमी है

एक बार फिर सोच लीजिये

मैं

क्या बोलै तू

मैं ऐसे डिवाइस निकाला

और फिर चांडाल की तरफ बढ़ा

वह भागा

चांडाल

रोहित भैया गलती से मुँहँसे निकल गया

माफ़ कर दीजिये

मैं

भोस्डिके रुक जा

चांडाल रट हुए

रोहित भैया

पलीज

मैं

भोस्डिके

दफा हो जा

और वह सब चले गए

मैं नीलम को गाडी में बैठने को बोलै

बृजवा

चांडाल भैया

अब क्या करना है

चण्डलवा

उस भोसदिया के धर्मवीर की ैय्या मैय्या ढैय्या सब छोड़ेंगे रोहित भाई

बृजवा

आप रोहित भैया से इतना डरते काहे हो

चण्डलवा

हैट बुरबक

हम उनसे काहे डरेंगे

बृजवा

इसी लिए भाग रहे थे उनके दर से

चण्डलवा

तुम जानता नहीं है बृजवा रोहित भाई क्या बाला है

हमारी चार बहने थी

एक ज़मीन के पीछे

हमारे चाचा ने उन सबको ठिकाने लगवा दिया

किसी को पैसे दिए

उसने हमारी चारो बहनो का रपे करके मार दिया

तब हम जवानी में कदम hi रख्खे थे

हमने भी अपने चाचा के बेटो का सर में hi सलिया घुसा दिया

फिर हमें जेल हो गयी

2015 की बात है

एक दिन रोहित भाई जेल में आये

और हमको अपने साथ ले गए

न कोर्ट का आर्डर

न जेलर की परमिशन

न किसी मिनिस्टर की सिफारिश

हमें वह जेल से ऐसे ले गए

जैसे उनका बाग़ीचा हो

वह हमें अपने घर ले गए

वहां एक बच्चा था

जो हमें देखके दर रहा था

बीटा रोहन इनसे मिलो

यह हैं चंदू अंकल

वह बच्चा हमारे पास आके हमारे पेअर छुआ

और फिर चला गया अपने रूम में

और फिर चांडाल रोने लगा

बिरजवा

वैसे यह रोहन कौन था

चांडाल

रोहित भाई का एक लौटा बीटा

बृजवा

लेकिन चांडाल भैया

वह मारा कैसे

किसकी हिम्मत हुई उसे मारने की

चांडाल

उसको कैंसर था

मैं नीलम को फार्महाउस पे छोड़ा

नीलम

दूध नहीं पीयेंगे

मैं

फिर कभी

और मैं वापस घर आगया

जैसे hi मैं घर पहुंचा

तोह मुझे रोने की आवाजें सुनाई दी

मैं

कौन मर गया है

सिया रट हुए मेरे पास आयी

और मुझसे लिपट गयी

वह बुरी तरह से रो रही थी

मैं

क्या हुआ

वह रोटी रही

मैं

ऐसे तोह तबियत ख़राब हो जायेगी

तुम्हारी

बोलो न क्या हुआ

सिया

भाभी भाभी भाभी

मैं

क्या हुआ अलीना को

मैं चिल्लाया

अलीना

और फिर रूम में पहुंचा

देखा

राधा दीदी अलका दीदी माँ

तीनो रो रही थी

और एक साइड में अलीना बैठी हुई थी

मैं

अलीना क्या हुआ है

अलीना

माँ को पता चल गया की आपके

रोहन की बरसी है आज

मैं

तुमको किसने बोलै था बताने को

आज कल तुम्हारी जुबां कुछ ज्यादा नहीं चलती है

अलीना रट हुए

ी ऍम सॉरी

यह बोलके वह रोने लगी

मैं

माँ क्यों रोटी हो

मैं बहुत रोया था

उसके जाने पे

लेकिन वह वापस नहीं आया

उस दिन सोचा की तुम्हारे पास ाजों

लेकिन फिर तुम्हारी कसम याद आगयी

इसी लिए नहीं आया

माँ बिलख बिलख के रोने लगी

मैं

तुम्हारा पोता बहुत भोला था

बिलकुल तुम्हारी तरह

मुझसे कहता था

की दादी से मिलना है

माँ आके मेरे सीने से लग गयी

और रोने लगी

माँ

अपनी माँ को माफ़ कर दे रोहित

अपनी माँ को माफ़ कर दे

तेरी माँ बहुत बुरी है

काश उस दिन तुझे खुदसे दूर करने से पहले मैं मर गयी होती

मैं माँ की पीठ सहलाने लगा

मैं

तुम्हारे रोने से अब वह वापस थोड़ी आएगा

और वैसे भी उसने मुझे रोने से मन किया था

इसी लिए मैं रोटा नहीं हूँ

तुम भी रोना बंद करो

माँ हिचकिया लेके रोटी रही

वहीं पायल रूम के बहार कड़ी सब सुन रही थी

अंजलि चची

माँ जी कल मैं चली जाउंगी

अपने घर

दादी

रोहित जाने देगा तुम्हें

मधु बुआ

मैं भी उससे पूछ लेती हूँ

शायद मुझे भी जाने दे

वैसे इसके बेटे की दूसरी बरसी है

इसका मतलब यहाँ से जाते hi इसकी शादी हो गयी

और अगले साल बच्चा भी हो गया

रात में अलका दीदी मेरे लिए खाना लेके आयी थी

अलीना

मुझे भूख नहीं

मैं

खाओ

अलीना

सचमें भूख नहीं है

मैं

ठीक है ले जाओ

मैं भी नहीं खा रहा

वह प्लेट लेके चली गयी

मैं अलीना से कुछ बोलता

उससे पहले hi

मधु बुआ आगयी

मैं

आओ बुआ आओ

मधु बुआ

बीटा मुझे अपने घर जाने दे

मैं

कल चली जाना

यह सुनके वह खुश हो गयी

चली गयी

रात हो चुकी थी

मैं अलीना का दूध पी रहा था

रेखा चची वाले रूम में

वह सब आज बहार सोई थी

अंदर से अलीना की आहें ज़ोर ज़ोर से सुनाई दे रही थी

मैं अलीना के दोनों थान का दूध पीये जा रहा था

साथ में उसकी फुद्दी भी मसल रहा था

अलीना पागल हो रही थी

कुछ देर तक उसका दूध पीने के बाद

मैं उसकी बूर पे लुंड रख्खा

और एक hi झटके में दाल दिया

वह चीख पड़ी

मैं धक्के मारने लगा

वह ज़ोर ज़ोर से आहें भरने लगी

धर्मवीर सिंह की दो बेटी थी

एक ब कर रही थी

और दूसरी 12तह में थी

चांडाल ने धर्मवीर और उसकी दोनों बेटियों को उठवा लिया था

तीनो बेहोश पड़े थे

सुबह सुबह रेखा बुआ रूम में जब आयी

अपने कपडे लेने

तोह उनकी आँखें फटी की फटी रह गयी

अलीना बिना कपड़ो के पड़ी थी

मैं भी

अलीना के बूर का छेड़ एक दम खुला हुआ था

रेखा चची की बूर से दो बूँद टपक गया

वह जल्दी से कपडे ली

और चली गयी

और बहार से गेट लगा दी

अलीना की आँख खुली

उसने अपने कपडे पहने

और मेरे ऊपर चादर डालके

बहार जाने लगी

लेकिन गेट बंद था

अलीना

सिया

सिया

आयी भाभी

अलीना

गेट खोल दो

सिया ने गेट खोला

अलीना

किसने बंद किया था

सिया

पता नहीं

अलीना लंगड़ाते हुए चल रही थी

सिया

क्या हुआ भाभी

आप लंगड़ा रही हो

अलीना

पेअर में चोट लग गयी थी

सिया जब अंदर आयी रूम में

तोह उसने देखा

उसके भैया सो रहे हैं

तभी उसे अपने भैया की चादर में कुछ उठा हुआ दिखाई दिया

सिया आगे बढ़ी और उसने चादर हटा दिया

और उसके होश उड़द गए

वह बेहोश होक नीचे गीध गयी

मैं अपनी आँख खोला तोह देखा

की सिया मेरे पैरो के पास पड़ी है

मैं अपनी लोअर पहना

और फिर उसे उठाने लगा

वह होश में आते घबराके भाग गयी

मैं

इसको क्या हुआ

मैं बहार गया

पायल पे नजर पड़ी

नेहा बुआ ने जब मुझे शिरट्लेस्स देखा

तोह देखती रह गयी

राधा दीदी

बुआ रोटी बेलो न

कहाँ खोयी हो

नेहा बुआ झेंप गयी

तभी राधा दीदी की नजर मुझपे पड़ी

राधा

नाहा ले

नाश्ता बन रहा है

मैं

अलीना कहाँ जय

राधा

माँ के पास है

मैं

अलीना

अलीना

आयी

और फिर वह बहार निकली रूम से

मैं

कपडे निकाल दो

अलीना

जी अभी निकालती हूँ

तभी किसी ने गेट पीटा

सिया ने गेट खोला

मीनल आयी थी अपनी बेहेन के साथ

जैसे hi उसने मुझे शिरट्लेस्स देखा

देखती रही

वह मुझे देखके खो सी गयी

मैं

बीवी शर्म करो

यह सुनके

वह जो शर्मायी

और फिर मेरे पास आके

मेरे पेअर छुई

मैं उसके कंधे को पकड़ा

और अपने सीने से लगा लिया

वह कांपने लगी

मैं

स्कूल नहीं गयी

मीनल

स्कूल की छुट्टी है

मैं

कल कहाँ गयी थी

मैं आया था

मीनल

भैया को देखने को गयी थी

जब आये थे

मैं

उस हरामी को क्यों देखने गयी थी

मीनल

ऐसा क्यों बोलते हैं

मैं

उस हरामी ने तुम्हें इतना मारा

तुम्हें गुस्सा नहीं आया

मीनल

नहीं

मैं

क्यों

मीनल

क्यूंकि वह मेरे भैया हैं

मैं

इसका मतलब मैं भी तुम्हें मारूंगा

तोह गुस्सा नहीं करोगी

मीनल

आप मेरे सब कुछ हैं

थोड़ा सा मार भी देंगे

तोह क्या हो जाएगा

भैया ने मुझे इस लिए नहीं मारा था

की वह मुझसे गुस्सा थे

वह आप पे गुस्सा थे

और उन्हें इस बात पे ज्यादा गुस्सा आया था

की मैं आपका पक्ष ले रही थी

मैं उसे देखा

और फिर उसके होंठ चुम लिया

नेहा बुआ

हरामी उसके अभी पढ़ने के दिन है

मैं

मैं कौनसा इसके पाऊँ भारी कर रहा हूँ

बीवी है थोड़ा तोह प्यार करने दिया करो

अलका दीदी

हरामी कमीना कुत्ता करमजला

तभी किसी ने फिरसे गेट पीटा

और सिया ने फिरसे गेट खोला

और फिर मैं अपना सर पकड़ लिया

बहनचोद

सामने कस्तूरी और उसकी बेहेन साक्षी कड़ी थी...
 
अपडेट 23

कस्तूरी मेरे पास आयी

फिर मेरे पेअर छुई मैं उसके सर पे हाथ रख्खा

वह कड़ी हुई

और मीनल को देखि

मीनल उसे देखके घबरा गयी

कस्तूरी

डर्टी क्यों है

मैं तुझे खा थोड़ी जाउंगी

अब मीनल कस्तूरी से इस लिए डर्टी थी

क्यूंकि कस्तूरी ने स्कूल में दो लड़को बड़ी मार मारा था

मीनल

आप यहाँ क्यों आयी हो

कस्तूरी

यह मेरे भी पति हैं

यह सुनके मीनल का मुंह खुला का खुला रह गया

मैं

तुम्हें पता नहीं था

मीनल

नहीं जी

मैं उसके गाल पे किश किया

और फिर कस्तूरी ने बोलै

माँ कहाँ हैं

मैं

room.mein है

सिया

कस्तूरी तू खुश तोह है न

कस्तूरी

तू क्यों पूछ रही है

सिया

भैया ने तुझसे ज़बरदस्ती शादी की है

इसी लिए पूछ रही हूँ

कस्तूरी

वह मेरे पति हैं

मैं उनकी पत्नी

मैं बहुत खुश हूँ

इनके जैसा पति मिलना बहुत बड़ा सौभाग्य है

यह सुनके सिया मुस्कुरा दी

नेहा बुआ

अपनी छोटी बेहेन की शादी भी करवा दे इससे

अगर इतनी सौभाग्य शैली है तोह

कस्तूरी

बुआ मैंने मन थोड़ी किया है

करना है तोह करने को बोल दीजिये

नेहा बुआ को ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं थी

मैं कस्तूरी को चिमटी काटा

कस्तूरी

आह आह माँ उफ़

chhodiye.na

मैं

जुबां काम चला

कस्तूरी की आवाज सुनके माँ बहार निकली रूम से

क्या कर रहा है

छोड़ उसे

मैं कस्तूरी को छोड़ा

कस्तूरी ने माँ के पेअर छुए

फिर मीनल ने छुए

कस्तूरी ने जाके दादी के पेअर छुए

वह आशीर्वाद नहीं दे रही थी

मैं दादी को घूरने लगा

दादी घबरा गयी

और उसके सर पे हाथ रख दिया

फिर कस्तूरी ने पांचो चची के पेअर छुए

मधु बुआ अपने घर के लिए निकल गयी थी

अंजलि बुआ तैयार हो रही थी

11 बजे गाडी आने वाली थी

मैं

कहीं जा रही हो

चची

अंजलि

वह बीटा तेरी दीदी की तबियत ख़राब है

मैं

जाओ जाओ

लेकिन जल्दी वापस आना

अंजलि

हम्म

और कस्तूरी ने पायल को देखा

कस्तूरी

इन्होने तेरा रपे किया था न

पायल कुछ नहीं बोली

कस्तूरी

मन तोह करता है

तुझे जान से मार दूँ

मैं

उससे बात करने की कोई जरुरत नहीं है

कस्तूरी

रुकिए तोह

तेरे जैसी छिनाल

का यह रपे क्यों करेंगे

सीमा चची

अपनी जुबां को लगाम दे लड़की

कस्तूरी

मैं अपनी जुबां को लगाम दूँ

जब तुमने और तुम्हारे उस भड़वे पति ने

सिया को बेच दिया था

तब तुम्हारी बूर में आग नहीं लगी थी

तब तोह तुम्हें अपने भोसड़े में

पैसे डालने थे

अपनी बेटी के लिए तुमने मेरी सिया को बेच दिया

सीमा चची हक्की बक्की रह गयी

उसे समझ नहीं आया

की वह क्या बोले

कोमल

और तेरे बाप ने जो गीता चची के साथ गलत किया उसका क्या

तू और तेरी माँ कौनसा दूध की धूलि है

पायल दीदी ने जो किया

सजा भुगत रही है

और भुगतेगी ज़िन्दगी भर

लेकिन तुझे बोलने का कोई हक़ नहीं है

कस्तूरी

अरे हाँ मैं तोह बताना भूल hi गयी

सीमा चची तुम्हारी यह जो बेटी है न

अश्लील फिल्में देखके

अपनी बूर में ऊँगली करती है

कोमल की गांड फैट गयी

कोमल

क्या बकवास कर रही है

तेरी जुबान खींच लुंगी

कस्तूरी

अपना फ़ोन दे

कोमल

रोहित तू कुछ बोलेगा

या फिर जोरू का घुलम बांके रह गया है

बहनचोद यह पर्सनल बातें इसको कैसे पता

साला जेम्स बांड की अम्मा है यह तोह

मैं कोमल दीदी से

तुम्हें शर्म नहीं आती

यह सब करते हुए

यही सब करना है

तोह शादी कर लो

मैं कल hi तुम्हारे लिए लड़का ढूंढ़ता हूँ

कोमल रट हुए भाग गयी

माँ

कस्तूरी बहुत हो गया

अब तुम एक शब्द भी नहीं बोलोगी

चलो कमरे में

कस्तूरी

जी माँ

कस्तूरी मीनल मेरी माँ अलका दीदी

सिया अलीना सब रूम में थी

पायल बहार hi बैठी थी

सीमा चची

उसकी बाकी दोनों बेटी रूम में थी

तीनो छोटी चची दादी और अंजलि चची एक रूम में थी

राधा दीदी और नेहा बुआ नाश्ता बना रही थी

मैं नहाने लगा

तभी राधा दीदी की नजर मुझपे पड़ी

वह मुझे देखने लगी

तभी मेरी नजर उनपे पड़ी

मैं आँखों से पूछा क्या हुआ

वह शर्मा गयी

और फिर नजरें फेर ली

मैं नहाके रूम में गया

टॉवल लपेटके

सबका तोह ठीक था

लेकिन अलका दीदी मीनल और कस्तूरी मुझे देखते hi खो गयी

और सिया की नजर मेरे पेट से नीचे थी

अलीना ने कपडे निकाल दिए थे

मैं कपडे पहना

और फिर बहार निकला

नेहा बुआ खाना लाके

जैसे hi प्लेट खाट पे रखने के लिए झुकी

उनकी घाटियों को देखके

मैं बुरी तरह से मचल उठा

और उनकी चूचियों को घूरने लगा

नेहा बुआ को तोह पहले समझ नहीं आया

लेकिन फिर वह बौखला गयी

और अपना दुपट्टा सही करने लगी

मैं नाश्ता किया

और फिर वेट करने लगा

कोई बीवी आये और मैं उसके साथ बातें करू

लेकिन कोई करमजली नहीं आयी

इनकी माँ को छोड़ू

राधा दीदी फ़ोन चला रही थी

नेहा बुआ भी जाके माँ के पास बैठ गयी

मैं

दीदी इधर आना

राधा दीदी मेरे पास आयी

राधा दीदी

कुछ चाहिए

मैं

आप किसी लड़के से बात तोह नहीं करती हो

राधा दीदी आँखें दिखते हुए

क्या बकवास कर रहा है

मैं

तोह दिन रात फ़ोन क्यों चलती हो

राधा दीदी

फिल्म देखती हूँ

कितनी फिल्में हैं

यूट्यूब पे

मैं

अच्छा अच्छा

मैं सोच रहा था

आपकी उम्र हो अब हो गयी है

शादी के लायक

कोई लड़का ढूंढ दूँ

राधा दीदी

नहीं

मैं

क्यों

राधा दीदी

मेरी मर्ज़ी

मैं

गुस्सा क्यों करती हो

राधा दीदी

अच्छा नहीं करती

वैसे एक बात बता

तेरे बच्चे की माँ जो थी

कैसी थी

मैं

बड़ी अच्छी थी

राधा दीदी

वह अब कहाँ है

मैं

रोहन को जन्म देते hi

चल बसी

राधा दीदी

ओह

इसका मतलब तूने अपने बच्चे को अकेले पाला

मैं

मुझे देखके लगता है आपको

की मैं कोई बच्चा पाल सकता हूँ

राधा दीदी

तोह फिर पाला किसने

मैं

दूसरी शादी किया

लेकिन रोहन को वह मम्मी भी नहीं पसंद आयी

फिर तीसरी शादी किया

फिर चौथी शादी किया

राधा दीदी

कितनी शादिया की हैं तूने

मैं

आप वह बात क्यों पूछते हैं

जो बताने के क़ाबिल नहीं

राधा दीदी मुंह बनके चली गयी

हवेली

चांडाल ने धर्मवीर के गले में कुत्ते का पत्ता दाल रख्खा था

और उसे घसीट ते हुए

हॉल में लेके पहुंचा

धर्मवीर की दोनों बेटी के हाथ पेअर बंधे थे

मुंह पे टेप लगा हुआ था

उन्हें लड़के उठके लाये थे

और फिर चांडाल ने धर्मवीर के ाँद को पकड़के दबा दिया

धर्मवीर की चीख निकल गयी

उसकी चीख सुनके

सब बहार निकली

कामिनी

उसकी तीनो बहु

दोनों बेटी

और ऋचा भी

जैसे hi ज्योति ने अपने पति की हालत देखि

ज्योति की चीख निकल गयी

ज्योति अपने पति की तरफ बढ़ी

चांडाल

बिरजवा कोई आगे बढे तोह धर्मवीर की गांड में गोली मार देना

सबके पेअर वहीं जैम गए

धर्मवीर को कुछ समझ नहीं आरहा था

की यह सब क्या हो रहा है

आखिर क्यों चांडाल ने यह सब किया

तभी एक आदमी बोलै

चांडाल भैया लड़किया बड़ी मस्त हैं

एक बार मज़ा ले लें

यह सुनके चांडाल मुस्कुराया

और फिर उस आदमी के पास

चांडाल

तुमको मज़ा चाहिए

हाँ चांडाल भैया

चांडाल ने उस आदमी के ांडो को पकड़के इतनी ज़ोर से दबाया

की उसका दम निकल गया

सबकी गांड फैट गयी

चांडाल ने नताशा को फ़ोन किया

नताशा

तुमने फिर मुझे फ़ोन किया

चण्डलवा

हमको कोई शौक नहीं है

आपकी गन्दी आवाज सुनने का

भैया को कह दीजिये

की हम अपना काम कर दिया हूँ

और हवेली पे हूँ

सिमरन का पूरा जिस्म काँप रहा था

क्यूंकि उसे महसूस हो चूका था

की रोहित भाई के आदमी hi हैं यह

नताशा का फ़ोन आया

मैं

बोलो मेरी जान

नताशा

उस गंवार का फ़ोन था

कह रहा था की काम हो गया है

और हवेली में है

मैं

अब भी तुम उससे नाराज़ हो

नताशा

उस बास्टर्ड से मुझे कोई मतलब नहीं है

मैं

चिल बेबी चिल

नताशा ने फ़ोन काट दिया

और फिर मैं हवेली पहुंचा

कुछ hi देर में

चांडाल ने मेरे पेअर छुए

मैं

जाओ अब

चांडाल

रोहित भैया आपसे एक विनती है

मैं

बोल

चांडाल

इस धर्मवीर को मारने दीजिये हमें

साला बहुत बड़ा छोटा है ीे

मैं

बोलै न जा

और इन दोनों खोल दे

चांडाल

जाते हैं

यह बोलके चांडाल ने फिरसे धरम के ांडो को भींच दिया

धर्मवीर दर्द से रोने लगा

और फिर चांडाल चला गया

और उसके आदमी भी

कामिनी

यह सब क्या है

मैं

वही तोह मैं भी जान न चाहता हूँ

तुम्हारे इस दामाद ने चांडाल को पैसे दिए

की वह मेरी माँ बहनो को बीच बाजार में नीलाम करे

तभी ज्योति की बड़ी लौंडिया मुझपे झपटी

नाम था पूजा

उसने मुझे मारना शुरू कर दिया

यह पंच मारे एग किक मारी

कुछ देर में मैं ज़मीन पे गीध गया

फिर वह मेरे सीने पे बैठके

मेरे चेहरे पे पंच मारने लगी

ज्योति

जान से मार दे

इस हरामज़ादे को

पूजा मुझे पंच मारते मारते रुक गयी

मैं मुस्कुरा जो रहा था

लेकिन पूजा ने फिरसे मुझे पंच मारना शुरू किया

साली के पंच इतने ज़ोरदार थे

की अभी तक कोई भी बेहोश हो जाता

मैं उसका हाथ पकड़ा

और अब वह नीचे थी

मैं उसके ऊपर था

वह फिरसे अपना हाथ चलायी

मैं उसके हाथ अपने घुटनो के नीचे किया

वह अपने घुटनो से ज़ोर लगा के

मुझे गिडाना चाह रही थी

मैं उसकी आँखों पे अपना थंब लगाया

और ज़ोर लगाया

वह रो पड़ी

मैं

शांत हो जा

वर्ण दोनों आँखें फोड़ दूंगा

उसने अपना शरीर ढीला छोड़ दिया

और रो पड़ी

अब उसने मेरा कोई नुक्सान नहीं किया था

की मैं उसे सजा दूँ

मैं उसके ऊपर से हटा

और फिर ज्योति की तरफ देखा

मैं

हाँ तोह ज्योति ठाकुर अब होगा यह

की तुम अपने सारे कपडे उतारेगी

फिर मैं तुम्हारी बूर में कुल्हाड़ी घुसूंगा

अगर यह सजा स्वीकार नहीं है

तोह वह 200 आदमी जो अभी यहाँ थे

वह वापस आएंगे

तुम्हें एक साथ मिलके छोड़ेंगे

यह भी सजा अगर तुम्हें स्वीकार नहीं है

तोह तुम्हारी दोनों बेटी की शादी मुझसे होगी

सब शॉकेड

ज्योति ठाकुर को कुछ भी समझ नहीं आरहा था

जहाँ तक उसे पता था

तोह उसका पति धर्मवीर बहुत बड़ा आदमी था

उसके एक इशारे पे स्टेट की सर्कार गीध जाती थी

बहुत बड़ा बिज़नेस टाइकून था वह

और आज उसका पति कुत्ते की तरह ज़मीन पे पड़ा था

तभी धर्मवीर सिंह ने मेरे पेअर पकड़ लिए

धर्मवीर रट हुए

रोहित भाई मैं नहीं जानता था

मैं

तोह मैं क्या करू

देख तेरी सास तेरे दोनों साले की बीवी

तेरी साली

और तेरे साले की बहु

सब मेरी रखेल हैं

ठीक है

अब अपनी जोरू को बोल

की जल्दी से bataye.ki क्या करना है

धर्मवीर

रोहित भाई

आप मेरी साड़ी दौलत ले लीजिये

लेकिन हमें माफ़ कर दीजिये

मैं

माफ़ करना मेरा काम थोड़ी है

तुम्हें मजबूर कर देना

की तुम भगवन को याद कर सको

मेरा यह काम है

चलो बोलो अपनी बीवी से

मैं

कामिनी ठाकुर अपनी बेटी से बोलो

जल्दी चुने

मेरा दिमाग सटका

तोह पहले 200 आदमी तुम्हारी बेटी को छोड़ेंगे

फिर मैं उसके सामने उसके सुहाग को उजाड़ूंगा

फिर इसकी बूर में कुल्हाड़ी घुसूंगा

फिर इसकी दोनों बेटी से शादी करूँगा

तुम सबकी ऐसी गांड फाड़ूंगा

की सिलते सिलते धागा काम पद जाएगा

ज्योति की गांड फैट गयी थी

सारे भगवन उसे याद आगये थे

और बाकी सबको भी

मैं

10 तक गिनूंगा

और फिर मैं गिनने लगा

कामिनी

पूजा और आरती की शादी होगी आपसे

ज्योति

मा

कामिनी

चुप रहो

मैं

ज्योति बोले तोह मज़ा आये

तभी पूजा बोली

ी हैवे ा बॉयफ्रेंड

मैं उसकी तरफ देखके मुस्कुराया

मैं

एंड ी हैवे थिस कुल्हाड़ी

शादी ना करोगी

तोह फाड़ दूंगा तुम्हारी माँ की भोसड़ी

वह रो पड़ी

मैं

लगता है तू ऐसे नहीं मानेगी

यह बोलके मैं ज्योति पे झपटा

और उसे लटके उसके ऊपर आया

और फिर उसका ब्लाउज फायदा

फिर उसकी ब्रा फायदा

उसके वह बड़े नदी तरबूज़ मेरी आँखों के सामने थे

मैं उसके दोनों निप्पल्स पकड़ा

और इतनी ज़ोर से ऐंठा

की उसकी भयंकर चीख निकल गयी

वह चीख चीख के रोने लगी

मैं

मजाक समझ रख्खा है मुझे

माँ की लौड़ी मेरी इज़्ज़त नीलाम करेगी

मैं साला किसी की इज़्ज़त के साथ तक तब तक नहीं खेलता

जब तक कोई ऊँगली न करे

मैं फिरसे उसके निप्पल्स ऐंठा

तभी आरती रट हुए बोली

मैं करुँगी आपसे शादी

मेरी माँ को छोड़ दो

मैं फिरसे ज्योति के निप्पल्स ऐंठा

निप्पल्स काफी बड़े थे उसके

एक बार तोह पूजा का मन किया

की फिरसे मुझपे हुम्ला करे

लेकिन मेरी हैवानियत देखके उसकी भी फैट गयी थी

पूजा

मैं भी करुँगी तुमसे शादी

छोड़ दो मेरी माँ को प्लीज

मैं ज्योति को छोड़ दिया

और फिर सोफे पे बैठ गया

ज्योति अपना सीना छिपके रोने लगी

मैं बाकी सबको देखा

किसने बताया था इसे

मेरे बारे में

सिमरन का खून सूख गया

वह घबरा गयी

मैं सिमरन को देखा

अच्छा तोह वह आप हैं

अच्छी बात है

चलिए आज आपकी कोरी गांड का उद्घाटन करते हैं

सिमरन रट हुए मेरे पास आयी

और मेरे पेअर पकड़ ली

और बिलख बिलख के रोने लगी

मैं

ठीक है ठीक है

पेअर दबा

और फिर मैं नीलम को मैसेज किया

नीलम कुछ देर में पंडित जी को लेके आगये

पंडित जी मुझे देखके शॉकेड

पंडित

जजमान आपको दर नहीं लगता

यह आपकी तीसरी शादी है

मैं

पंडित जी आप मुझे जानते हैं

पंडित

आप रोहित भाई हैं

मैं

फिर भी आप मुझसे कह रहे हैं

की मुझे दर लगता है की नहीं

पंडित

शमा करें जजमान

कुछ देर में साड़ी तैयारी हो गयी

मैं

हाँ तोह पूजा जी आइये

आपकी पूजा करते हैं

पूजा रट हुए आगे आयी

और फिर मेरी उससे शादी हुई

उसके बाद आरती की तरफ देखा मैं

मैं

आइये आरती जी आपकी आरती उतारते हैं

आरती बेचारी आयी

और उसकी भी मुझसे शादी हो गयी

पंडित जी

आज्ञा दीजिये जजमान

मैं

जाइये pandit.jee

नीलम चली गयी पंडित जी को लेके

मैं

चलो अब तुम दोनों जाओ रूम में

मुझे तुम्हारी माँ से कुछ काम है

और हाँ अपने बाप को भी ले जाओ

पूजा और आरती रट हुए अपने बाप को उठके ले गयी

धर्मवीर से चला भी नहीं जा रहा था

तभी मुझे एक आईडिया आया

मैं अपनी पंत नीचे किया

और फिर जैसे सबने मेरे राक्षसी लुंड को देखा

थूक निगलके रह गयी

ज्योति आँखें फाड़े मेरे लुंड को देखने लगी

मैं

चलो सासु माँ

अब चुसो अपने दामाद का लुंड...
 
अपडेट 24

मैं

सासु माँ क्या सोच रही हो

अपने दामाद का लुंड नहीं चुसोगी

यह सुनके ज्योति कुछ नहीं बोली

बस रोने लगी

मैं

सासु माँ

तुम्हें पता है

मुझसे बड़ा हरामी शायद hi इस दुनिया में कोई हो

अब यह सोचो की तुमने मेरे परिवार के बारे में जो सोचा

वह मैं तुम्हारे परिवार के साथ कर सकता था

लेकिन किया नहीं

क्यों क्यूंकि मैं हवस का पुजारी नहीं हूँ

इसी लिए मैं आज तुम्हें माफ़ कर रहा हूँ

लेकिन दोबारा ऐसी गलती नहीं होनी चाहिए

वह कुछ नहीं बोली

मैं

मैंने सुना नहीं

जो तुमने कहा सासु माँ

ज्योति रट हुए

अब कभी ऐसी गलती नहीं होगी

दामाद जी

मैं

होनी भी नहीं चाहिए

यह बोलके मैं सिमरन की तरफ देखा

जो घबरा रही थी

मैं

आओ सिमरन मेरी रांड यहाँ आके

मेरी गॉड में बैठो

वह घबराते हुए आयी

और मेरी गॉड में बैठ गयी

मैं

मेरी तरफ देखो

वह मेरी तरफ देखि

मैं उसके गाल सहलाया

मैं

चलो अब अपना ब्लाउज खोलो

और मुझे अपना दूध पिलाओ

उसने मेरे आदेश का पालन किया

और अपना ब्लाउज खोलके

अपनी ब्रा को अपने दूध से ऊपर कर दी

उसके बूब्स पे मैं अपना मुंह लगा दिया

और उसके निप्पल्स दूध निकलना शुरू हुआ

मैं दूध पीने लगा

कुछ देर लेफ्ट वाले से पीटा रहा

फिर राइट वाले का पीने लगा

कोई भी समझ नहीं पाया था

की सिमरन को दूध कैसे आने लगे

जबकि वह अभी तक माँ भी नहीं बानी है

कुछ देर सिमरन का दूध पीने के बाद

मैं अपना मुंह उससे हटा दिया

और फिर उसे किश किया

उसने भी मेरा साथ दिया

कुछ देर उसे किश करता रहा मैं

फिर किश तोड़ दिया

मैं

चलो अब ठीक है

मैं जाता हूँ

तभी ऋचा पवित्र की बहु मेरे पास आयी

ऋचा

आपने मुझसे एक वादा किया था

मैं

किया तोह था

ऋचा

तोह फिर आप क्यों नहीं आये

मैं

कल कुछ ज़रूरी काम था

वह दर रही थी

मुझसे पूछने के लिए

मैं

चलो तुम्हारी कामना भी पूरी कर देते हैं

और मैं उसका हाथ पकड़के

हेमंत के रूम में पहुंचा

जैसे hi हेमंत ने मुझे देखा

उसका खून सूख गया

वह घबरा गया

मैं ऋचा के कपडे उतारने लगा

कुछ hi देर में वह पूरी नंगी हो गयी

फिर मैं अपने कपडे उतारा

कुछ देर ऋचा को किश किया

और फिर वह घुटनो के बल बैठके

मेरे लुंड को चूसने लगी

हेमंत ने अपनी आँखें बंद कर ली थी

कुछ देर वह मेरे लुंड को चुस्ती रही

फिर मैं उसे देखा

और उसे हेमंत के ऊपर पेट के बल लेटने को बोलै

हेमंत ने जैसे hi आँखें खोली

देखा की उसकी बीवी की चीख निकल गयी

मेरा पूरा लुंड ऋचा की बूर में समां चूका था

ऋचा रो रही थी

मैं धीरे धीरे धक्के मारने शुरू किया

आराम आराम से

कुछ hi देर में उसका दर्द काम हो गया

और फिर मैं अपनी स्पीड बढ़ाया

और उसकी बूर में ज़ोर ज़ोर से लुंड पेलने लगा

ऋचा एक बार झड़ी दूसरी बार झड़ी

तीसरी बार झड़ी

और चौथी बार में वह बेहोश हो गयी

मैं उसके चेहरे पे पानी मारा

ऋचा रट हुए

आह मालिक अब और नहीं

मर जाउंगी मैं

मैं

एक काम करो

अपनी सास को बुला लाओ

ऋचा उसी हालत में लंगड़ाते हुए

पवित्र के पास पहुंची

सब एक साथ बैठी हुई थी

सब के होश उड़द गए

ऋचा

सासु माँ आपको मालिक बुला रहे हैं

यह सुनके पवित्र थूक निगलके रह गयी

कुछ देर बाद दोनों आयी

पवित्र ने जैसे hi अपने बेटे की आँखों में आंसू देखा

उसका कलेजा फैट गया

मैं आगे बढ़ा और पवित्र को किश करने लगा

वह मेरा साथ देने लगी

इधर मैं पवित्र को किश कर रहा था

और उधर ऋचा मेरा लुंड चूस रही थी

मैं पवित्र के बूब्स आज़ाद किया

और उन्हें भारी बारी चूसने लगा

पवित्र आहें भरने लगी

फिर मैं पवित्र को बीएड पे लिटाया

और एक hi बार में लौड़ा पेल दिया

उसकी बूर में

पवित्र की चीख निकल गयी

वह रोने लगी

मैं उसे किश करने लगा

और धीरे धीरे छोड़ने लगा

पवित्र आहें भरने लगी

पवित्र भी तीन बार झाड़ गयी

और फिर रो पड़ी

मैं उसकी बूर से लुंड निकाला

और फिर ऋचा को हेमंत के ऊपर लटके.

ऋचा को छोड़ना शुरू किया

ऋचा

मालिक उफ़ बस ऐसे hi छोड़ो अपनी रांड को

फ़क में लिखे ा व्होरे

यस यस फ़क में

मैं धक्के मारता रहा

वह आहें भर्ती रही

और आखिर में मैं ऋचा की बूर में झड़ने लगा

ऋचा का जिस्म कांपने लगा

और एक बार फिरसे वह झाड़ गयी

मैं उसके ऊपर hi पड़ा रहा

बाथरूम में जाके नहाया

और फिर अपने कपडे पहना

और वहां से निकल गया

वहीं चमेली को अब तक कोई भी काम नहीं मिला था

वह बुरी तरह से मायूस हो गयी थी

यहाँ

दोपहर का समय था

जब वह घर पे पहुंची

तोह मंजू घर पे नहीं थी

चमेली एक जगह जाके बैठ गयी

और अपनी किस्मत पे रोने लगी

शादी को 1 महीना भी नहीं हुआ था

और उसका पति चल बसा

फिर सास ससुर ने घर से निकाल दिया

बीतता ने चमेली को पनाह दी

लेकिन कुछ hi समय में चमेली समझ गयी की बीतता क्या चाहता है

इसी लिए वह मंजू के पास hi रहती थी

बीतता को कभी कोई मौका hi नहीं मिला

चमेली अपनी hi सोच में गम हुई बैठी थी

तभी बीतता दोपहर का खाना खाने घर पे आगया

उसने चमेली को देखा

चमेली बीतता को देखके घबराई

बीतता

मंजू कहाँ है

चमेली

पता नहीं

जब मैं आयी तोह वह घर पे नहीं थी

बीतता ने चमेली को देखा

चमेली का शरीर पसीने से भीगा हुआ था

और वह चमक रही थी

बीतता ने सोचा की आज मौका सही है

बीतता

मेरी दवाई ला दो चमेली

चमेली चली गयी बीतता के रूम में दवाई लाने

बीतता ने गेट लॉक किया

और चमेली के पीछे पहुंचा

जैसे hi चमेली दवाई लेके पीछे मुड़ी

बीतता को अपने इतना करीब देखके

घबरा गयी

aur.do कदम पीछे हैट गयी

चमेली

जेठ जी आप क्यों आये

मैं दवाई ला रही थी

बीतता

मेरी बीमारी का इलाज इस दवाई से नहीं होगी

चमेली

चमेली ने बीतता की आँखों में हवस देखा

और घबरा गयी

चमेली

जेठ जी मैं आपके छोटे भाई की विधवा हूँ

बीतता

तुमने मुझे पागल कर दिया है

मैं अपने आपको अब नहीं रोक सकता

यह बोलके बीतता

चमेली पे झपटा

और उसे अपनी बाहो में लेके उसके चेहरे को चूमने की कोशिश करने लगा

चमेली

जेठ जी मुझे छोड़ दीजिये

भगवन के लिए छोड़ दीजिये

बीतता

अरे हरमन ठाकुरो का लुंड लेके आयी है

और अब इतने नखरे कर रही है

चमेली ने ज़ोर से बीतता को धक्का दिया

और भागी बीतता

बीतता ने चमेली का पेअर पकड़ा

चमेली नीचे गीड़ि

बीतता उसके ऊपर आगया

तभी मंजू की आवाज आयी

गेट क्यों बंद कर रख्खा है

खोलो गेट

चमेली

अपनी बीवी की आवाज सुन

बीतता घबरा गया

और फिर जाके गेट खोला

चमेली भागती हुई गयी

और मंजू से लिपटके रोने लगी

मंजू

क्या हुआ क्यों रो रही है

चमेली

दीदी इन्होने मेरी इज़्ज़त लूटने की कोशिश की

यह सुनके मंजू की आँखें फटी की फटी रह गयी

मंजू ने गुस्से में बीतता की तरफ देखा

बीतता

मंजू यह हमारे पास 5 साल से रह रही है

अगर मेरे मन में ऐसा कुछ होता

तोह क्या मैं अब तक रुका रहता

मैं जब घर पे आया तोह यह अकेली थी

उसने अपने कपडे खुद फाड़ लिए

और बोली की अगर मैंने इसके नाम पे यह घर नहीं किया

तोह यह सबको यह बताएगी

की मैंने इसकी इज़्ज़त लूटी है

यह सुनके मंजू ने चमेली को थप्पड़ मार दिया

और मारती रही

चमेली

दीदी मैं सच कह रही हूँ

भगवन के लिए मेरा यकीन करो

मंजू

करमजली कमीनी कुलटा

निकल जा मेरे घर से

और कभी मुझे अपनी शकल मत दिखाना

aur.manju ने चमेली को मार्के निकाल दिया

प्रिय को अब तक कोई भी सुराग नहीं मिला था

उस खुनी के बारे में

गाओं था इस लिए प्रिय पे उठा प्रेशर नहीं था

लेकिन एक लड़की के साथ हुए अत्याचार को वह सेहेन नहीं कर पा रही थी

तभी उसे पता चला

की मला बच्चा यादव की पार्टी का एक वर्कर उस लड़की को परेशां करता था

इसी लिए प्रिय ने उस आदमी को अरेस्ट कर लिया

उसका नाम रंजन था

रंजन

मैडम जी क्या तुम नहीं जानती

की मैं किसके लिए काम करती हूँ

प्रिय

वह सब मैं बाद में जान लुंगी

पहले यह बताओ

की दो दिन पहले तुम रात 2 बजे से 6 बजे तक कहाँ थे

रंजन

आपकी माँ के पास था

वह मेरा लुंड चूस रही थी

यह सुनके प्रिय को बहुत गुस्सा आया

और उसने रंजन को बड़ी मार मारा

रंजन चीखता रहा

जब बच्चा. यादव को पता चालक

तोह उसने अपने राइट हैंड वीरेंदर को

भेजा रंजन को छुड़वाने के लिए

बच्चा यादव को इस बात का दर था

की कहीं रंजन उसके राज़ न उगल दे

वीरेंदर करीब 50 आदमी को लेके पुलिस स्टेशन पहुँच गया

सबकी घिघि बंद हो गयी

सुरजन

वीरेंदर बाबू आप यहाँ

वीरेंदर

सुरजन तुम अभी तक यहीं पे हो

सुरजन

हाँ और कहाँ जाऊँगा

वीरेंदर

सुना है तुम्हारी मैडम बड़ी उछाल रही है

उससे बोलो की रंजन को छोड़ दे

वर्ण अच्छा नहीं होगा

सुरजन

हमारी अभी पूछताछ चल रही है

जब हो जायेगी

तोह उसे छोड़ देंगे

वीरेंदर

मादरचोद शायद तुझे सुनाई नहीं दिया

प्रिय अपने केबिन से बहार निकली

प्रिय

क्या बात है

यह पुलिस स्टेशन है

तुम्हारे बाप का घर नहीं

वीरेंदर

अच्छा तोह तुम hi हो

रंजन को छोड़ दो

प्रिय

नहीं छोड़ सकते

अभी हमारी इन्वेस्टीगेशन चल रही है

छुड़वाना है तोह बैल पेपर्स लेके आओ

वीरेंदर ने प्रिय को घूरके देखा

और फिर साइड में आके

बच्चा यादव को फ़ोन लगाया

वीरेंदर

मालिक इंस्पेक्टर तोह मन कर रही है

बच्चा यादव

अरे बूर के चोदे उसके मन करने से क्या होता है

एक काम करो

रात में hi पुलिस स्टेशन का काम तमाम कर दो

और फिर रंजन को छुड़वा ला

वीरेंदर

जी मालिक

बच्चा यादव

वैसे इंस्पेक्टर कैसी है

दिखने में

वीरेंदर

मालिक आपके लायक है

बच्चा यादव

उसे फार्महाउस पे ले आना

बाकी सबको मार देना

वीरेंदर अपने आदमियों के साथ चला गया

मैं घर पहुंचा

तोह सब आँगन में बैठी बातें कर रही थी

अंजलि चची जा चुकी थी

मैं खाट पे बैठ गया

मीनल मेरे पास आना चाहती थी

लेकिन उसे दर था की सब उसके बारे में क्या सोचेंगे

मैं

मीनल इधर आओ

वह माँ की तरफ देखि

माँ

मेरी तरफ क्यों देख रही हो

जाओ

मीनल मेरे पास आयी

मैं उसके गाल सहलाया

ी लव यू

यह सुनके वह बुरी तरह से लज्जा गयी

मैं

अरे तुम भी तोह बोलो

हाँ वह अलग बात है

की तुम मुझसे प्यार नहीं करती

बस अपना धरम निभाने के लिए मुझे झेल रही हो

मीनल

नहीं जी

मैं भी करती हूँ आपसे प्यार

आप जैसा पति मुझ जैसी के नसीब में कहाँ था

मैं आगे बढ़ा और उसे किश किया

वह भाग गयी

तभी मेरी नजर नेहा बुआ पे पड़ी

जो मुझे घर घर के देख रही थी

मैं

बुआ इधर आओ न

वह आयी मेरे पास

मैं

दिल में बड़ा दर्द है

एक बार अपना दूध पीले न

हम दोनों आँगन के दूसरे साइड थे

जहाँ से हमारी बात कोई नहीं सुन पा रहा था

नेहा

चप्पल देख रहा है कमीने

बहुत मारूंगी

मैं

बुआ बड़ा मन करता है

तुम्हारा दूध पीने का

जब तुम्हारा दूध पीया था

तोह मैं अपने सारे गम दुःख तकलीफ भूल गया था

पता है यहाँ से जब मैं गया

तोह सबसे ज्यादा तुम्हारी याद आती थी

तुमने hi तोह मुझे पैसे दिए थे

यहाँ से भागने के लिए

और कहा था

जब आना तोह ऐसा बांके आना

की कोई तुझे आँख उठके भी न देख पाए

मैंने बड़ी कोशिश की अच्छा इंसान बनने की

लेकिन यह दुनिया अच्छे लोगो के लिए नहीं है

एक से एक मादरचोद मिले मुझे

जिन्होंने मेरी पीठ में खंजर उतारा

नेहा बुआ की आँखों में आंसू आगये

उन्होंने मेरा सर अपने सीने से लगा दिया

और मेरे सर में उंगलिया फेरने लगी

नेहा बुआ

आज रात मैं तेरा घर के बहार जो कमरा है

उसमें इंतज़ार करुँगी

राधा दीदी

मुझे तोह कभी ऐसा प्यार नहीं किया

तुमने बुआ

अब मैं समझी की तुम सबसे ज्यादा

इसी से प्यार करती हो

नेहा बुआ हंस पड़ी

और फिर दोपहर का खाना

हम सबने साथ में खाया

अलीना कस्तूरी और मीनल को देखके

साला मेरा दिल के साथ साथ लुंड भी मचल रहा था

अलीना मुझे आँखें दिखने लगी

पहले अलीना मुझसे बहुत डर्टी थी

लेकिन जबसे शादी हुई थी

तबसे उसने डरना hi बंद कर दिया था

उसका दर ख़तम हो गया था

उसे यकीन हो गया था

की मैं उससे प्यार करता हूँ

दादी और चारो चची एक साथ बैठी कुछ प्लान कर रही थी

दादी

अब तुम hi बताओ की क्या करना है

सीमा

सीमा

माँ जी मैं यहाँ से सब कुछ बेचके जाना चाहती हूँ

अपने पति को लेके

यह रोज़ रोज़ का अपमान अब मुझसे सेहेन नहीं होता

रेखा चची

मैं भी माँ जी यहाँ से जाना चाहती हूँ

मीरा चची

और रोहित हमें जाने देगा

रेखा

वही तोह सोचना है

की उसे मनाये कैसे

मेघा

मैं एक बात बोलू

रेखा

तू सोचती भी है

मेघा

क्या दीदी आप भी

दादी

उसे बोलने तोह दो

हाँ मेघा तू बोल

मेघा

माँ जी मैंने देखा है

की रोहित उस कलुत्ती मीनल की कोई बात नहीं टालता

उसे हम अपनी तरफ कर लेते हैं

फिर वह हमारी तरफ से उससे बात करेगी

मीरा मन में

और मैं यह होने नहीं दूंगी

मेरा पति जैसा भी था

मुझे स्वीकार था

लेकिन मेरे रहते हुए

वह रंडीबाजी करता था

यह मैं बर्दाश्त नहीं कर सकती

अब रोहित hi मेरा सब कुछ है

मैं उसे छोड़के कहीं नहीं जाउंगी

एक वही है जो मेरी प्यास बुझा सकता है

और मुझे कभी किसी चीज़ की कमी नहीं होगी

दादी ne.meera चची की तरफ देखा

तू चिंता क्यों करती है

मेरी लाडो सब ठीक हो जाएगा

मेघा चची बुरा सा मुंह बना ली

मैं आँगन में लेता हुआ था

तभी मुझे किसी के रोने की आवाज सुनाई दी

मैं

सिया गेट पे देखो

कौन है

सिया गयी गेट खोलने

कुछ देर बाद वह मेरे पास आयी

सिया

भैया कोई औरत है

जो रही है

मैं

क्या नाम है

सिया

चमेली

यह सुनके मैं बहार गया

उसने जैसे hi मुझे देखा

रट हुए मुझसे लिपट गयी....
 
अपडेट 25

बच्चा यादव का दादा भी उसी एरिया का मला था

बच्चा यादव का बाप भी उसी एरिया का मला था

और अब बच्चा यादव खुद भी उसी एरिया का मला

यह चौथी बार था

जब वह मला बना था

बच्चा यादव अपने एरिया का बहुत बड़ा सूरमा था

ठाकुर शमशेर सिंह और उसकी khoob.jamti थी

लेकिन बच्चा यादव कभी भी सामने से वार नहीं करता था

शमशेर सिंह तोह जो करना होता था

वह खुल्ले में करता था

लेकिन बच्चा यादव अगर किसी को मरवा भी देता

तोह उसका नाम तक नहीं आता था

दुनिया के सामने वह बहुत भला और अच्छा इंसान था

एक बार बच्चा यादव की नजर एक लड़की पे पड़ी

एक स्कूल का उद्घाटन करने पहुंचा था

लड़की duswi.mein थी

बच्चा यादव को वह लड़की पसंद आगयी

बच्चा यादव ने उसे किडनैप करवा लिया

रंजन hi किडनेपिंग बिज़नेस संभालता यह

उसके माँ बाप से 5 लाख रूपीस देने को कहा

और फिर रात भर उस लड़की का बलात्कार करता रहा

लड़की की आँखों पे पट्टी बंधी थी

इसी लिए वह बच्चा यादव को देख नहीं पायी

लड़की के बाप ने 5 लाख रूपीस उस जगह पे रख दिए

और फिर दूसरी जगह उसे उसकी बेटी मिल गयी

बच्चा यादव को पैसे भी मिल गए

और मज़े भी ले लिए उसने

बच्चा यादव के परिवार में 7 लोग थे

बच्चा यादव की बीवी

सुमन

बड़ा बीटा

चेतन

wife..preeti

बड़ी बेटी.. आरोही

छोटी बेटी.. आरुषि

बच्चा यादव की छोटी विधवा बेहेन

शीतल

चेतन की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी थी

दिन भर उसी में बिजी रहता था

रात को आता

खाना खाता

और अपनी वाइफ प्रीती

को खूब छोड़ता

और फिर सो जाता

लेकिन उसकी वाइफ प्रीती का पानी नहीं निकलता

उसकी वाइफ प्रीती ऐसी घोड़ी थी

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की वह चेतन जैसे 10 को अपने भोसड़े में समां सकती थी

इतनी भारी भरकम और गदराया हुआ माल थी वह

चेतन उसे कितना भी छोड़ लेता

लेकिन उसका जी कभी नहीं भरता था

शादी को अभी एक साल hi तोह हुआ था

वह दूसरी तरफ

बच्चा यादव की बड़ी बेटी

आरोही एक डॉक्टर थी

अभी उसकी शादी की बात

डीएम से चल रही थी

आरोही एक ऐसी लड़की थी

जिसकी नाक पे हमेशा hi गुस्सा रहता था

वह कभी भी नार्मल नहीं रहती थी

हमेशा गुस्से में

एक दिन एक लड़के ने उसे प्रोपोसड किया था

आरोही ने उसके हाथ पेअर तुड़वा दिए थे

आरोही ज्यादातर वेस्टर्न कपडे hi पहनती थी

उसे मज़ा आता था लड़को को अपना हुस्न दिखने में

लेकिन आरोही अभी तक वर्जिन थी

उसे अब तक कोई ऐसा मिला hi नहीं था

जिससे वह अपनी सील तुड़वा सके

आरोही कोई बुद्धा भी देख लेता तोह पंत में मुठिया जाता

आरोही की जवानी इतनी क़ातिल थी

चेहरे क्यूटनेस से भरपूर

जिस्म जवानी पे भरपूर

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वहीं दूसरी तरफ

आरुषि एक सुलझी हुई लड़की थी

और एक दम संस्कारी

अपनी माँ पे गयी थी

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और आरोही अपनी बुआ

शीतल पे

शीतल का ऐसा था

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की उसके सीने पे दो बड़े बड़े पहाड़ थे

उसकी चूचियों में इतना दूध भरा हुआ था

की अगर उसमें से 10 आदमी को भी निकालके दिया जाता

तोह kam.nahi पड़ते

और रही बात गांड की

तोह किसी ैरे गैर के बस की बात नहीं थी

उन पहाड़ो के बीच खुदाई करना

उसके चूतड़ जितने बड़े थे

किसी का लुंड उसके चूतड़ की गहराई में पहुँच hi नहीं सकता था

गांड में घुसाने की बात तोह छोड़ hi दो

आरोही अपनी बुआ की कॉपी थी

बहुत बड़ी हरमन

सिमरन तोह उसके सामने कुछ भी नहीं थी

सिमरन को तोह फिर भी अपनी फॅमिली से प्यार था

लगाव था

लेकिन शीतल एक प्स्य्चोपत थी

हर हफ्ते वह एक लड़के को अपने रूम में बुलवाती

और फिर पहले उसे हैंडजॉब देती

अगर वह लड़का 10 मिनट्स तक नहीं झाड़ता

तोह वह उसके साथ सेक्स करती

और फिर अगली सुबह उस लड़के को गायब करवा देती

लेकिन अगर वह लड़का दस मिनट्स से पहले झाड़ जाता

तोह वह उसे उसी वक़्त मार देती

उसके जो पर्सनल बोडीगार्ड्स थे

वह फोरेइग्नेर्स थे

इसी लिए उन्हें कोई मतलब नहीं था

की शीतल क्या करती है

बस यहीं तक था

मला और उसके खंडन का इंट्रो

अब चमेली रोटी रही

मैं उसके सर को सहलाता रहा

मैं

अब चुप भी हो जाओ

देखो सब देख रहे हैं

आस पास के लोग देख रहे थे हमें

हमारी पड़ोसन ललिता भी थी

चमेली ने रोना बंद किया

मैं

हम्म अब बताओ क्या हुआ तुम्हारे साथ

जो ऐसी हालत बना रख्खी है

चमेली

मुझे भी अपने साथ रहने दीजिये

मैं

क्यों

तुम तोह चली गयी थी न

चमेली

मेरी भूल थी वह

मैं

एक काम करो तुम नीलम के पास चली जाओ

उसके साथ जब तक चाहो रह सकती हो

चमेली

मुझे आपके पास रहना है

मैं

मेरे घर में मेरी माँ बहने भी हैं

उन्हें मैं क्या बताऊंगा

की तुम कौन हो

चमेली

आपने मुझे तीन बार बचाया

और बदले में मुझसे कुछ नहीं माँगा

और एक वह मेरा जेठ

जिसने मेरी इज़्ज़त लूटने की कोशिश की

मेरी जेठानी ने मेरी एक न सुनी

और मुझे धक्के मार्के निकाल दिया

मैं

ओह तोह यह बात है

चलो कोई बात नहीं

तुम नीलम के पास चली जाओ

चमेली

क्या आप मुझे अपने साथ नहीं रख सकते

मैं

यहाँ किस हैसियत से रहोगी

बहुत सवाल किये जाएंगे

मुझपे तोह कोई ऊँगली नहीं उठाएगा

लेकिन तुम्हें कोई जीने नहीं देगा

सब तुम्हें बदनाम कर देंगे

चमेली

मुझे फरक नहीं पड़ता

जब तक आप मेरे साथ रहेंगे

तब तक किसी की हिम्मत नहीं होगी

मुझे आँख उठके भी देखे

मैं

इतना भरोसा है मुझपे

चमेली

अपनी जान से भी ज्यादा

मैं

ठीक है

तोह फिर बैठो गाडी में

मैं अंदर गया

कार की चाभी लिया

नेहा बुआ

कहाँ जा रहा है

मैं

आरहा हूँ बुआ

यह बोलके मैं निकल गया

चमेली को कुछ समझ में नहीं आरहा था

की मैं उसे कहाँ लेके जा रहा हूँ

मैं नीलम को मैसेज कर दिया

और फिर हम फार्महाउस पहुंचे

और फिर चमेली ने जैसे hi हॉल को देखा

उसकी आँखों में आंसू आगये

शादी की पूरी तैयारी हो चुकी थी

नीलम

हम्म तोह तुम्हें भी सर से प्यार हो hi गया

चमेली नजरें झुकाके रह गयी

उसके बाद नीलम उसे ले गयी

शादी का जोड़ा पहनाने

गहने भी पहना दी

उसके बाद मेरी शादी हो गयी चमेली से

उसके बाद मैं उसे लेके घर पहुंचा

जैसे hi सबने उसे मेरे साथ देखा

सबके होश उड़द गए

नेहा बुआ राधा दीदी अलका दीदी

का तोह सर hi घूम गया

नेहा बुआ

करमजले शादी करने गया था

पागल हो गया है

कितनी शादी करेगा

शर्म हाय है की नहीं

मैं

मेरे सिवा इसका कोई नहीं है बुआ

नेहा बुआ

तोह क्या तूने सबका ठेका ले रख्खा है

मैं

तुम समझती नहीं हो बुआ

अब अपनी बहु को आशीर्वाद दो

सब मिलके

अलीना मुझे कभी कुछ भी बोल नहीं सकती थी

उसे पता था मेरे बारे में

मीनल भी कुछ नहीं बोल सकती थी

लेकिन कस्तूरी के मुंह में तोह इतनी लम्बी जुबां थी

वह कैसे नहीं बोलती

कस्तूरी

मेरा पति hi मिला था तुझे

लूटने को

और किसी के घर पे डाका नहीं दाल सकती थी

यह सुनके चमेली शर्मिंदा हो गयी

उसे समझ नहीं आया वह क्या बोले

मैं कस्तूरी को घूरने लगा

कस्तूरी कुछ बोलना चाहती थी

तभी उसकी नजर मुझपे पड़ी

मैं

अगर किसी ने इसके साथ कोई भी बदतमीज़ी की

तोह ऐसी गांड फाड़ूंगा

की सिलने के लिए धागा भी काम पड़ जाएगा

मैंने इससे शादी की है

जो कहना है मुझे कहना

ठीक है

उसके बाद मैं चमेली को पहले अपनी माँ से मिलवाया

फिर नेहा बुआ से

फिर राधा दीदी से

फिर अलका दीदी से

फिर अलीना से

फिर कस्तूरी से

फिर मीनल से

फिर अपनी गुड़िया सिया से

बाकी सबकी तरफ ऊँगली करके मैं बता दिया

वह मेरी दादी है

वह मेरी बड़ी चची है

वह तीनो उसकी बेटी है

वह मेरी तीनो छोटी चची है

मैं

खाना खा लिया

चमेली

भूख नहीं है

मैं

खाया या नहीं

चमेली

नहीं

मैं

बुआ अपनी बहु को खाना खिलवाओ

नेहा बुआ

इतनी साड़ी बीविया उनसे जो कह दे

मेरे सीने पे hi मूंग ददता रहेगा क्या

मैं

तुमने hi तोह कहा था

नयी बहु से एक महीने तक काम नहीं करवाना चाहिए

यह सुनके वह मुंह बना ली

और फिर खाना लेके आगयी

मैं निवाला बनाया और चमेली को खिलाया

चमेली की आँखों में आंसू आगये

वह रो पड़ी

मैं

खाना खा लो फिर जी भरके रो लेना

मैं अपने हाथो से चमेली को तब तक खिलवाया

जब तक उसने मन नहीं कर दिया

मैं

चलो अब तुम दोनों को तुम्हारे घर छोड़ आऊं

मीनल

शाम तक रहने दीजिये न

शाम में छोड़ आइयेगा

मैं

जैसी तुम सबकी मर्ज़ी

मैं सो रहा हूँ

और मैं एक खाट पे सो गया

तभी मुझे महसूस हुआ की कोई मेरा पेअर दबा रहा है

मैं आँखें खोलके देखा

तोह चमेली मेरे पेअर दबा रही थी

मैं

रहने दो

उसने अपनी गर्दन ना में हिलायी

यह भी ठीक है

शाम होते hi मैं पहले méenal को उसके घर छोड़ा

फिर कस्तूरी को

कस्तूरी

चाय पिके जाइये न

मैं अंदर गया

और आँगन में बैठा

मेरी नजर कस्तूरी की माँ कमला पे पड़ी

और उसके साथ बैठी उसकी बेहेन भावना पे पड़ी

दूध दोनों के मस्त थे

काश साला पीने को मिल जाते

इस तरह अपनी तरफ मुझे घूरता देख

नजरें फेर ली

मेरी सास ने तोह कुछ नहीं कहा

लेकिन भावना का खून जल रहा था

होता है होता है

ऐसा भी होता है

कमला ने उसे सब बता दिया था

जो भी हुआ था

उसे अपने बाप से बहुत लगाव था

मैं

सासु माँ मेरी बीवी का अच्छे से ख्याल रख रही हो की नहीं

कमला

रख रही हूँ

दामाद जी

मैं

किसी की जरुरत हो

तोह अपनी बेटी को बोल देना

वह मुझे बोल देगी

भावना

मेरे बापू कहाँ हैं

मैं

जहन्नुम में

जाओगी

भावना खून के घूंट पिके रह गयी

भावना

तुम जो कर रहे हो

वह सही नहीं है

मेरी बेहेन की ज़िन्दगी तोह बर्बाद कर hi दी है

अब मेरी माँ की क्यों कर रहे हो

मैं हंसने लगा

कमला बेचारी मेरी सास के रोंगटे खड़े हो गए

मैं

पति का नाम क्या है तुम्हारे

यह सुनके वह चौंक गयी

भावना

तुमसे मतलब

मैं

हम्म

मैं नताशा को फ़ोन मिलाया

नताशा

यस

मैं

मेरी एक साली है

उसके पति को उठा लो

और उससे बोलो की मेरी साली को डाइवोर्स दे दे

नताशा

नाम तोह बताओ अपनी साली का

एक थोड़ी हैं

मैं

भावना

मुखिया की लौंडिया

नताशा

ok

यह सुनके कमला बुरी तरह से घबरा गयी

भावना को तोह समझ में hi नहीं आया

वह क्या बोले

लेकिन उसे भरोसा था अपने पति पे

वह कभी उसे डाइवोर्स नहीं देगा

मैं चाय पीने लगा

कस्तूरी

दीदी मेरे पति से माफ़ी मांग लो

शायद तुम नहीं जानती

की मेरे पति को

वह रोहित भाई हैं

भावना चौंकी

क्यूंकि उसने कहीं तोह रोहित भाई का नाम सुना था

लेकिन उसे याद नहीं आरहा था

अभी कुछ hi देर हुए थे

की नताशा का फ़ोन आगया

नताशा

काम हो गया

वह डाइवोर्स दे देता अपनी बीवी को

मैं

सुनाई नहीं दिया

ज़रा फिरसे बोलना

मैं स्पीकर ों कर दिया

नताशा

रवि मान गया है अपनी वाइफ को डाइवोर्स देने के लिए

भावना

मैं नहीं मानती

मैं

रवि से कहो

की फ़ोन करे अपनी बीवी को

और उसे बता दे

भावना के फ़ोन की घंटी बजी

और भावना ने घबराते हुए फ़ोन उठाया

रवि

भावना मैं तुम्हें तलाक के पेपर्स भेज दूंगा

उसपे सिग्न कर देना

भावना

आप आप ऐसा कैसे कर सकते हैं

रवि ने फ़ोन काट दिया

इंसान कितना भी बहादुर हो

वह अपनी गांड बचने के लिए कुछ भी करेगा

भावना रो पड़ी

कस्तूरी ने जब अपनी बेहेन को रोटा देखा

तोह उसका दिल भर आया

कस्तूरी

मेरी दीदी को माफ़ कर दीजिये

मैं

ठीक है कर दिया

मैं नताशा को मैसेज कर दिया

नताशा ने रिप्लाई किया

फ़क यू

मैं हंसने लगा

कस्तूरी

दीदी माफ़ी मांगो

मेरे पति से

भावना रट हुए

मुझे माफ़ कर दीजिये

मैं

कर दिया साली जी

आपको भी समझना चाहिए था

की आपका बाप जो मुखिया था

उसके गायब होने के बाद

किसी ने भी कोई पूछताछ नहीं की

कुछ तोह बात होगी

मैं कस्तूरी का हाथ पकड़ा

और उसे रूम में लेके आया

कस्तूरी

क्या कर रहे हैं

मैं उसे किश करने लगा

वह भी मेरा साथ देने लगी

मैं कभी उसके ऊपरी होंठ चुस्त

तोह कभी निचले. होंठ

कुछ देर किश करने के बाद

मैं किश तोडा

वह लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी

मैं फिरसे उसे किश करना शुरू कर दिया

इस बार उसकी जुबां चूसने लगा

साथ में उसके दूध भी दबाने लगा

कस्तूरी मचलने लगी

मैं उसके दूध खूब ज़ोर ज़ोर से मसलने लगा

ब्लाउज के अंदर उसके दूध बड़े मस्त लग रहे थे

मैं फिरसे किश तोडा

वह फिरसे लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी

मैं उसके गाल सहलाने लगा

और फिर से किश करने लगा उसे मैं

करीब आधे घंटे तक उसे किश करता रहा

मैं

कभी उसके होंठों को चुस्त

तोह कभी उसकी जुबां

कभी वह मेरी जुबान चुस्ती

और देखते hi देखते उसका पानी निकल गया

वह मेरी बाहो में hi झूल गयी

मैं

अब मैं जाता हूँ

kasturi.kuchh कहना चाहती थी

लेकिन कह नहीं पायी

और फिर मैं निकल गया

अपने घर

जब घर पहुंचा

तोह देखा मेरी बहने रूम सजा रही थी...
 
अपडेट 26

मैं

यह सब क्या हो रहा है बुआ

नेहा बुआ

शादी करके आया है

इसी लिए तेरा रूम सजा रहे हैं

मैं

क्यों

नेहा बुआ

मुझे क्या पता अपनी माँ से पूछ

मैं अलीना को अपने पास बुलाया

वह खाट पे बैठ गयी

मैं उसकी गॉड में सर रखके लेट गया

और उसके गाल सहलाने लगा

अलीना

तुम बदल गए हो रोहित

मैं

कैन यू प्लीज ेलबोरते

अलीना

पहले तोह इतनी शादी नहीं करते थे

अब किसी से भी शादी कर लेते हो

मुखिया और सरपंच की बेटी से शादी करना तोह मैं समझ सकती हूँ

लेकिन यह कौन है

जिससे तुम्हें इतना लगाव हो गया

मैं

वह मुझे अपना सब कुछ मानती है

अलीना

मैं भी तोह मानती थी

मैं

तुम तोह मेरा सब कुछ हो

यह सुनके अलीना ने मुझे किश करना शुरू कर दिया

एक तोह साला कस्तूरी के साथ रोमांस करने के बाद

लुंड अकड़ा हुआ था

ऊपर से यह और मेरा मूड बना रही है

तभी नेहा बुआ बोल पड़ी

अलीना

अलीना होश में आयी

और किश तोड़ दी

कुछ देर बाद हम सबने खाना खाया

एक रूम में दादी और बुआ सोने वाली थी

दूसरे रूम में सीमा चची और उसकी दोनों बेटी

एक रूम में मेरी माँ और बहने

और एक रूम हमारे लिए सजाया गया था

वही रूम रेखा चची वाला

माँ

रेखा तुम तीनो रूम में सो जाना

हम बहार सो जाएंगे

रेखा

नहीं दीदी आप हमारी चिंता मत करो

मैं खाना पीना खाके

रूम में गया

तोह चमेली दुल्हन बानी घुघट ओढ़े बैठी थी

मैं उसके पास बैठ गया

और फिर उसका घुघट उठाया

तभी मेरा फ़ोन बजा

मैं

क्या है

नताशा

इंस्पेक्टर प्रिय तुम्हारी गर्लफ्रेंड है क्या

मैं

नहीं

क्यों क्या हुआ

नताशा

वह क्या है मला के आदमी जा रहे हैं

पुलिस स्टेशन को जलने

मैं

क्यों

नताशा

प्रिय ने मला के किसी आदमी को अरेस्ट किया है

मला के कहने पे

उसने उसे नहीं छोड़ा

अब मला उसे नहीं छोड़ेगा

मैं

यह मादरचोद बच्चा यादव

कभी नहीं सुधरेगा

नताशा

he's ा गुड एसेट फॉर उस

मैं

जानता हूँ जानता हूँ

इन मादरचोदो को और कोई काम नहीं

इनकी माँ को छोड़ू

मेरे माल पे hi हाथ डालते हैं

भोस्डिके

मैं अपनी कार की key's लिया

और निकल गया

पुलिस स्टेशन

वहां दूसरी तरफ वीरेंदर 100 आदमियों के साथ पुलिस स्टेशन पहुँच चूका था

उसने चारो तरफ से घेर लिया पुलिस स्टेशन को

सबके मुंह पे कपडा बाँधा हुआ था

कोई भी उन्हें देखके पहचान नहीं सकता था

वीरेंदर ने इशारा किया

और फिर सबने हुम्ला कर दिया

पुलिस वालो को सँभालने तक का मौका नहीं मिला

वीरेंदर के आदमियों ने उन सबको गाजर मूली की तरह काट दिया

आधे पुलिस वाले मारे जा चुके थे

तभी कुछ आदमी इंस्पेक्टर प्रिय को पकड़ के ले आये

अब किसी को भी नहीं पता था

की वह सब कौन हैं

इंस्पेक्टर प्रिय की खूबसूरती देखके

वीरेंदर भी मचल उठा

उसने अपने लौड़े को सहलाया

वीरेंदर

नंगा करो साली को

प्रिय चीखने लगी

प्रिय

इसका अंजाम ठीक नहीं होगा

कमीने कुत्ते

वीरेंदर

किसी को पता चलेगा तब तोह

जल्दी करो

तुम में से एक इसका वीडियो बनाओ

और बाकी नंगा करो साली को

सुरजन ज़मीन पे पड़ा था

उसके कंधे से खून निकल रहा था

सुरजन

प्रिय मैडम रोहित भाई की हैं

यह सुनके वीरेंदर की एक पल के लिए गांड फैट गयी

वीरेंदर

चल बे चल

वह यहाँ क्यों आएंगे

उनका यहाँ क्या काम

सुरजन

यकीन न आये तोह मैडम से पूछ लो

वीरेंदर

मैडम क्या यह सच है

की तुम रोहित भाई की हो

प्रिय को अपनी इज़्ज़त बचानी थी

लेकिन यह बात वह कह नहीं सकती थी

क्यूंकि यह सच नहीं था

वीरेंदर

मुझे मेरा जवाब मिल गया

चलो नंगा करो इसे

उन आदमियों ने प्रिय के कपडे फाड़ने शुरू किये

प्रिय रोने लगी

चीखने लगी

प्रिय की ड्रेस उसके शरीर से अलग हो चुकी थी

और अब उसके शरीर पे ब्रा और पंतय hi थी

प्रिय के शरीर को देखके सबके मुंह में पानी आगया

तभी वीरेंदर के एक आदमी की चीख निकल गयी

उसकी गांड में मैं ऐसे घुसा दिया था

सब पीछे मुड़े

वीरेंदर ने जैसे hi मुझे देखा

उसका मूट निकल गया

मैं अपना ऐसे चलता रहा

वह सब मेरी तरफ बढ़ते रहे

मैं किसी के सीने में कुल्हाड़ी मारता तोह किसी के पेट में

तोह किसी के सर में

कुछ hi मिनट्स में सब नीचे पड़े तड़प रहे थे

और कुत्ते की मौत मर रहे थे

वीरेंदर घुटनो के बल बैठ गया

सुरजन

रोहित भाई मैंने इसे बताया था

की मैडम आपकी हैं

फिर भी यह मैडम की इज़्ज़त लूटने वाला था

मैं वीरेंदर के हाथ पे वार किया

उसकी चीख निकल गयी

फिर दूसरे हाथ पे भी वार किया

वीरेंदर दर्द से तड़पने लगा

उसके दोनों हाथ

उसके एल्बो से अलग हो चुके थे

कुछ hi देर में नीलम अपनी टीम लेके पहुँच गयी

वह सब पुलिस वालो को हॉस्पिटल लेके गए

और फिर मैं देखा

वीरेंदर के कुछ आदमी ज़िंदा हैं

नीलम

इन सबका क्या करना है

मैं

जो ज़िंदा हैं उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाओ

और जो मर गए हैं

उन्हें उनके घर

और इस मादरचोद को लेके भी हॉस्पिटल जाओ

नीलम ने वही किया

जो उससे बोलै गया था

प्रिय अपनी शरीर को छिपाते हुए

रो रही थी

मैं अपनी शर्ट उतारा

और प्रिय को पहना दिया

और फिर उसे अपनी गॉड में उठके

अपनी कार में डाला

वह बस रो रही थी

अपने आपको छिपाने की नाकाम कोशिश कर रही थी

मैं अपने फार्महाउस पे पहुंचा

और गेट खोलके उसकी तरफ हाथ बढ़ाया

एक बार उसने मुझे देखा

और फिर मेरा हाथ पकड़ ली

मैं उसे लेके फार्महाउस के अंदर गया

वहां मैं उसे एक रूम में ले गया

मैं

तुम यहाँ आराम करो

और सुबह में चली जाना अपने घर

प्रिय

आप मुझे बचने क्यों आये

मैं

तुम सिर्फ मेरी हो

यह सुनके उसकी आँखें बड़ी हो गयी

प्रिय

मैं तोह आपसे प्यार नहीं करती

मैं

मत करो

मैं ज़बरदस्ती थोड़ी कर रहा हूँ

प्रिय

मेरी जगह कोई और होती

तोह क्या आप उसे भी बचने आते

मैं

नहीं

यह बोलके मैं रूम से बहार निकला

और फिर एक लड़की मुझे दिखी

बिलकुल सिया के जितनी थी वह

मुझे अपने पास आता देख वह घबरा गयी

मैं

अंदर जो दीदी हैं

उनका ख्याल रखना

किसी भी चीज़ की जरुरत हो

उन्हें दे देना

जी सर

मैं उसके सर पे हाथ फेरा

और फिर घर आगया

घर आया आवाज़ दिया

गेट नेहा बुआ ने खोला

नेहा बुआ

कहाँ मरने गया था

मैं

मारने गया था

कुछ बेहेन के लौड़े पुलिस स्टेशन जलने गए थे

उन सबकी माँ छोड़के आया हूँ

नेहा बुआ शॉकेड

और कोई काम है

या फिर खुनी बांके hi जीएगा

और तेरी शर्ट कहाँ गयी

मैं

तुमने बोलै था

की दूध पिलाओगी

नेहा बुआ

नहीं पिलाऊंगी

जा जाके अपनी नयी बीवी का दूध पी

मुझमें ऐसा क्या है

इतनी हैं तेरे पास

उन सबका दूध पी लिया कर

यह सुनके मैं नेहा बुआ की आँखों में देखा

और फिर रूम की तरफ चला गया

नेहा बुआ मुझे जाते हुए देखती रही

और फिर मैं रूम में पहुंचा

जहाँ चमेली अब भी बैठी थी

मैं उसका घुघट उठाया

चमेली बड़ी खूबसूरत लग रही थी

मैं उसकी चीन पकड़के उठाया

वह अपनी नजरें नीचे किये थी

मैं

मेरी तरफ देखो न

उसने मुझे देखा

हम दोनों की आँखें एक दूसरे से मिली

मैं उसक गहने उतरने लगा

और कुछ hi देर में उसके सारे गहने उतारने के बाद मैं उसे देखा

मैं

बीवी

तुम्हारा पति तुम्हें प्रेम करने की अनुमति चाहता है

अनुमति दे दो तोह मैं आगे बधु

यह सुनके वह बुरी तरह से शर्मा गयी

मैं

अनुमति है

वह कुछ नहीं बोली

मैं

ठीक है फिर सो जाते हैं

यह सुनके उसने मेरा हाथ पकड़ा

और दबा दिया

मैं

मुंडी hi हिला दो

उसने झट से अपनी मुंडी हिला दी

मैं उसके गालो को थामा

और फिर उसके माथे पे किश किया

फिर उसके गालो पे किश किया

उसने अपनी आँखें बंद कर ली

मैं उसकी आँखों पे किश किया

मैं

आँखें खोलो न

वह अपनी आँखें खोलके मुझे देखि

और फिर मैं उसके होंठों पे अपने होंठ रख दिया

और उन्हें बड़े प्यार से चूसने लगा

लेकिन जब उसने रिस्पांस नहीं दिया

तोह मैं किश तोडा

मैं

तुम भी करो. न

मैं hi प्यार थोड़ी करूँगा

यह बोलके मैं फिरसे उसे किश करना शुरू किया

इस बार वह मेरा साथ देने लगी

मैं उसके ऊपरी होंठ चूस रहा था

वह मेरे निचले होंठ चूस रही थी

फिर मैं ऊपरी होंठ चूसने लगा

और वह निचले होंठ चूसने लगी

कुछ देर किश करने के बाद

मैं किश तोड़ दिया

और फिर उसे देखा

वह शर्मा गयी

मैं फिरसे उसे किश करना शुरू किया

इस बार मैं अपनी जुबान उसके मुंह में दाल दिया

वह मेरी जुबान चूसने लगी

किश करते हुए मैं उसके पूरे जिस्म को सेहला रहा था

कभी उसकी पीठ तोह कभी उसके बाजू

कुछ देर किश करने के बाद

मैं उसके सीने से दुपट्टा हटाया

और फिर उसे लिटा दिया

और उसके ऊपर आके

उसके गले को चूमने लगा

उसकी आह निकल गयी

गले को चूमते हुए

मैं उसकी चूचियों पे आया

और फिर उसके ब्लाउज को उतार दिया

ब्लाउज उतारते hi मुझे उसकी रेड ब्रा दिखी

मैं ब्रा के ऊपर से hi उसके निप्पल्स को मुंह में लेके चूसने लगा

वह मचल उठी

फिर मैं उसकी ब्रा भी तार दिया

और उसके वह बड़े बड़े मोसम्मी देखके मेरा दिल मचल उठा

मैं उसकी चुकी पे टूट पड़ा

लेफ्ट वालो को चूसते हुए राइट वाले को दबाने लगा

चमेली की इतनी ज़ोर से आह निकली

की उसने अपना मुंह बंद कर लिया

मैं उसके दूध को खूब मजे में चूस रहा था

कुछ देर लेफ्ट वाले को चूसने के बाद

मैं राइट वाले को चूसना शुरू किया

और लेफ्ट वाले को कास कास के दबाने लगा

चमेली ने अपना आप खो दिया

और ज़ोर ज़ोर से आहें भरने लगी

मैं चूसना बंद किया

और उसके लेफ्ट दूध अपनी मुट्ठियों में भरा

और उसके निप्पल को ज़ोर. से चूसा

चमेली अपने हाथ इधर उधर मारने लगी

मैं उसके निप्पल को मुंह में भरता

और ज़ोर से चुस्की छोड़ देता

फिर मुंह में भरता

फिर ज़ोर से चुस्की छोड़ देता

फिर मैं राइट वाले के साथ भी ऐसा hi करने लगा

पहले निप्पल को जुबां से खरीदा

फिर होंठों में भरके

अपनी जुबां से निप्पल को सहलाने लगा

चमेली ज़ोर ज़ोर से आहें भर्ती रही

और अपने मुंह पे हाथ रखके

चीख पड़ी

उसका शरीर झटके खाने लगा

मैं फिर उसके पेट को चूमा

और फिर उसकी गहरी नाभि में फूंक मारा

वह आह करके रह गयी

मैं अपनी जुबां उसकी नाभि में घुसाया

और ghumane.laga

चमेली जान बिन मछली की तरह तड़पने लगी

उसकी नाभि को छोड़ मैं उसका लेहंगा उतारा

और फिर उसे देखा

वह बुरी तरह से शर्मा गयी

अब वह सिर्फ पंतय में थी

मैं उसके पेअर को चूमते हुए उसकी जांघो तक पहुंचा

और उसकी जांघो को कास कास के चूमने लगा

वह उछाल पड़ी

फिर मैं ऊपर आया

और एक बार फिर उसके दूध चूसते हुए

उसकी पंतय के ऊपर से hi उसकी बूर मसलने लगा

वह आहें भरने लगी

फिर मैं उसकी पंतय उतारा

और उसकी टांगो के बीच आगया

और उसकी बूर को देखा

बूर पे घने बाल थे

मैं उसकी बूर पे अपना मुंह लगा दिया

और फिर मैं कभी उसके बूर के दाने को चुस्त

तोह कभी उसकी बूर के फांको को

तोह कभी उसकी बूर के फांको को फैलाके

उसकी बूर में जुबान डालके खरीदता

चमेली से अब सहा नहीं जा रहा था

और जब वह अपने चरम पे पहुंची

उसने मेरा सर अपनी बूर पे दबा दिया

और बुरी तरह से झड़ने लगी

मैं उसका सारा पानी पी गया

उसके बाद मैं खड़ा हुआ

और अपने कपडे उतारा

चमेली अपनी आँखें बंद किये हुई थी

मैं पूरी तरह से नंगा होक

उसके ऊपर आगया

जैसे hi चमेली ने मेरा लुंड अपने पेट पे महसूस किया

उसका शरीर काँप गया

मैं उसे थोड़ी देर किश किया

मैं

लुंड चुसोगी

यह सुनके वह बुरी तरह से लज्जा गयी

मैं

बोलो न चुसोगी

चमेली कुछ नहीं बोली

मैं उसका हाथ पकड़के अपने लुंड पे रख दिया

वह अपना हाथ हटा ली

मैं फिरसे हाथ रख्खा

और अपने लुंड को मुठियाने लगा

उसके हाथ से

चमेली अपनी आँखें बंद किये रही

कुछ देर अपना लुंड मुठियाने के बाद

मैं तेल की बोतल लिया

और चमेली की बूर पे लगा दिया

और फिर बाकी तेल अपने लुंड पे लगाया

उसके बाद मैं उसके ऊपर आगया

और अपना लुंड उसकी बूर पे सेट किया

चमेली बुरी तरह से घबरा गयी

मैं एक धक्का मारा

चमेली की आह निकल गयी

अब उसकी सील टूटी हुई थी

इसी लिए उसे ज्यादा दर्द नहीं होना चाहिए था

लेकिन मैं जैसे hi अगला धक्का मारा

वह चीख पड़ी

मैं उसके होंठों पे अपने होंठ रख दिया

और चूसने लगा

वह रोने लगी

कुछ देर बाद जब वह शांत हुई

मैं फिरसे धक्का मारा

और इस बार फिरसे वह चीखी

अभी भी थोड़ा लुंड बचा था

चमेली की बूर बहुत ज्यादा टाइट थी

मैं एक और धक्का मारा

और लुंड उसकी बच्चादानी से जा टकराया

वह बेहोश हो गयी

मैं पानी उसके चेहरे पे मारा

होश में आते hi वह मुझे धक्का देने लगी

मैं

बस मेरी जान हो गया

अब और दर्द नहीं होगा

और मैं उसकी चूचियों को दबाने लगा

साथ में उसे किश करने लगा

कुछ देर में वह शांत हो गयी

और अपनी कमर हिलने लगी

मैं धीरे धीरे उसे छोड़ने लगा

वह आँखें बंद करके आहें भर्ती रही

मैं बड़े प्यार से उसे छोड़ रहा था

कुछ देर में जब उसका पानी निकल गया

तोह मैं अपनी स्पीड बढ़ाया

और ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा

हर धक्के के साथ उसकी चीख निकल जाती

वह आहें भर्ती रही

मैं उसे छोड़ता रहा

कुछ hi देर में वह फिरसे झाड़ गयी

मैं लुंड उसकी बूर से निकाला

और देखा मेरे लुंड पे खून लगा है

मैं लुंड साफ़ किया

और फिर उसे घोड़ी बना दिया

फिर मैं उसे फिरसे छोड़ना शुरू किया

उसके कंधो को पकड़के धक्के मारने लगा

चमेली

आह उह आह उम् उफ़ ाः ाः माआ

आह उम् उह उफ़ आआह

मैं उसकी पीठ चूमते हुए उसे छोड़ता रहा

कुछ hi देर में उसका पानी फिरसे निकल गया

मैं उसे उसी पोजीशन में लिटा दिया

और अब वह पेट के बल लेती हुई थी

मैं उसे फिरसे छोड़ने लगा

वहीं दूसरी तरफ

सीमा चची के रूम में

सीमा चची और निधि तोह सोई हुई थी

लेकिन चमेली की आहें सुनके

कोमल एक हाथ से अपने दूध दबा रही थी

और उसका दूसरा हाथ उसकी शलवार में था

जिससे वह अपनी बूर मसल रही थी

पूरे घर में चमेली की आहें गूंज रही थी

मेघा चची और मीरा चची दोनों अपनी बूर मसलने में लगी थी

और रेखा चची को नींद नहीं आरही थी

कुछ hi देर में चमेली फिरसे झाड़ गयी

और बेहोश हो गयी

मैं उसे होश में लाया

और वह रोने लगी

मैं उसे किश करने लगा

और उसके बूब्स दबाने लगा

जब वह शांत हो गयी

तोह मैं फिरसे उसे छोड़ना शुरू किया

और फिर देखते hi देखते मैं अपना सारा रास उसकी बूर में छोड़ दिया

वह फिरसे झड़ने लगी

मैं उसके ऊपर hi लेता रहा

कुछ देर में हम दोनों सो गए....
 
अपडेट 27

सुबह हो चुकी थी

माँ

बेटी राधा जाके रोहित को उठा दे

राधा दीदी

मैं नहीं जाउंगी

माँ

वह कमीना नंगा सोता है

माँ भी कुछ नहीं बोली

अलीना

मैं जाती हूँ माँ

और अलीना मेरे रूम में आयी

और उसने चमेली को देखा

जो चादर ओढ़े हुई थी

और फिर मुझे देखा

मैं उससे नंगा लिप्त सोया हुआ था

अलीना ने मेरे सर पे हाथ फेरा

रोहित रोहित रोहित

मैं उठके बैठ गया

और अलीना को देखा

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सुबह सुबह मेरा दिल मचल उठा

वह इतनी खूबसूरत लग रही थी

मैं बता नहीं सकता

ऐसा लग रहा था

की मैं दिल बहार को आजायेगा

अलीना

उठ जाओ

नाश्ता बन रहा है

मैं अलीना का हाथ पकड़ा

और अपनी तरफ खींचा

वह मेरे सीने से ालगि

मैं उसे किश करने लगा

अलीना

छोडो ना

तुम्हारे चक्कर में फिरसे नहाना पड़ेगा

मैं उसकी एक न सुना

उसे नीचे किया

और फिर उसके ऊपर आके

उसके होंठों को चूसना शुरू किया

कुछ देर होंठ चूसने के बाद

मैं उसके ब्लाउज से उसकी चूचियों को निकाला

और उनका बारी बारी दूध पीने लगा

अलीना आहें भरके रह गयी

मैं तब तक दूध पीटा रहा

जब तक उसका पानी नहीं निकल गया

फिर उसकी साड़ी और पेटीकोट उसकी कमर तक चढ़ाया

और उसकी पंतय उतारके उसकी बूर चूसने लगा

अलीना अपना मुंह बंद किये हुई थी

मैं उसकी बूर तब तक चूसा

जब तक वह झाड़ नहीं गयी

और फिर मैं अपना लुंड उसकी बूर पे सेट किया

और दो झटके में अंदर दाल दिया

अलीना की चीख निकल गयी

मैं धक्के मारने लगा

और अलीना आहें भरने लगी

चमेली बेचारी तोह चादर से बहार hi नहीं निकली

उसे बस अपनी सौतन की आहें सुनाई दे रही थी

रात उसकी मुनिया की ज़ोरदार कूटै हुई थी

अभी तक दर्द हो रहा था

पूरे घर में अलीना की आहें गूंज रही थी

राधा अलका और नेहा तीनो रसोई में थी

माँ बाग़ीचे में चली गयी थी

और वहीं पायल दूसरे कामो में लगी हुई थी

अलका

बुआ इस कमीने को आप समझती क्यों नहीं हो

एक ज़रा भी शर्म नहीं है

सुबह हुई नहीं

की हो गया शुरू

नेहा बुआ गुस्से

मैं उससे क्या कहु

यह

की अपनी बीवी पे सुबह सुबह क्यों चढ़ जाता है

अलका झंपके रह गयी

राधा हंसी और बोली

वैसे एक बात तोह है

इसकी बीविया बड़ी किस्मत वाली हैं

अलका

मैं कुछ समझी नहीं

नेहा बुआ

तू भी अपनी आग भुजवा ले

राधा

क्या बुआ आप भी

कैसी बातें करती हो

नेहा

माफ़ करना गुस्से में इधर उधर निकल जाती हूँ

जब अलीना बहार निकली

तोह बेचारी लंगड़ा रही थी

बाल बिखरे हुए थे

राधा अलीना को देखके हंस रही थी

अलीना बेचारी फिरसे गयी नहाने

लेकिन एक hi हैंडपंप था

वहां पायल कपडे धो रही थी

वह बाल्टी में पानी भरने लगी

मैं चमेली के होंठों को चूसा

मैं

उठ जाओ बीवी सुबह हो गयी है

चमेली घबराते हुए आँखें खोली

मैं उसके सामने नंगा खड़ा था

वह थूक निगलके रह गयी

और अपनी आँखें बंद कर ली

मैं लोअर और बनियान पहना

और बहार निकल गया

जाके आँगन में बैठ गया

मैं

अलीना सग्गेराते दे दो

अलीना ज़ोर से

नाहा रही हूँ

तभी सिया रूम से बहार निकली

शायद अभी सके उठी थी

मैं

गुड़िया सग्गेराते देना

सिया गयी ढूंढ़ने सग्गेराते

लेकिन उसे मिला नहीं

मैं पायल की तरफ देखा

वह बैठी कपडे धो रही थी

साला कितनी भारी भरकम गांड है

कुछ देर बाद अलीना नहाके मेरे पास आयी

मैं उसे देखने लगा

अलीना

अब नहीं करने दूंगी

मैं

सग्गेराते

अलीना गयी और सग्गेराते लाके दी मुझे

मैं पीने लगा

फिर मैं हैंडपंप पे गया

पायलिया दर रही थी

मैं

पानी भर

मैं नहाके रेडी हुआ

रूम में गया तोह देखा

चमेली निघ्त्य पेहेनके. बैठी है

मैं

क्या हुआ

चमेली

कुछ नहीं

मैं

पति पत्नी एक दूसरे से झूठ नहीं बोलते

चमेली नजरें नीचे करके

दर्द हो रहा है

मैं अपना सर पीट लिया

और फिर माँ के रूम में जाके

टेबलेट लाया

और उसे खिला दिया

कुछ hi देर में उसका दर्द पूरी तरह से गायब हो गया

मैं उसके होंठो को चूमा

वह बहार चली गयी

कुछ देर बाद अलीना मेरे लिए नाश्ता लेके आगयी

मैं खाने लगा

वहीं दूसरी तरफ प्रिय ने जब देखा

की फार्महाउस पे 200 लड़किया रहती हैं

तोह उसके होश उड़द गए

उसे नए कपडे दे दिए गए थे

वह भी रेडी होक अपने घर hi जा रही थी

नीलम

आप बहुत किस्मत वाली हैं

जो सर आपको चाहते हैं

प्रिय

क्या मतलब चाहते हैं

उनके चाहने से क्या होता है

नीलम

मेरा वह मतलब नहीं था

प्रिय

वह चाहें कुछ भी कर लें

मैं उनसे प्यार नहीं करुँगी

नीलम ने आगे कुछ बोलना ठीक नहीं समझा

फिर नीलम ने प्रिय को उसके घर छोड़ा

प्रिय का फ़ोन तोह पहले hi टूट गया था

प्रिय घर पहुँचते hi

सबसे पहले सप मैडम को फ़ोन लगायी

और साड़ी बात एक सांस में बता दी

रिद्धिमा

मैं डगप ma'am से बात करती हूँ

तुम घर पे hi रहो अभी कुछ टाइम

मैं सिक्योरिटी का इंतज़ाम करती हूँ

प्रिय

मुझे पूरा यकीन है

वह सब मला के आदमी थे

रिद्धिमा

मैंने कहा न

तुम बस आराम करो

रिद्धिमा ने फ़ोन काट दिया

और फिर जीडीपी को फ़ोन लगाया

मालिनी

बोलो रिद्धिमा

रिद्धिमा ने सब कुछ बता दिया मालिनी को

मालिनी

रोहित भाई क्यों बचने गए थे

इंस्पेक्टर प्रिय को

रिद्धिमा

मुझे नहीं पता

मालिनी

अब मुझे या तुम्हें कुछ करने की जरुरत नहीं है

रोहित भाई खुद देख लेंगे

मला बच्चा यादव को

या जो भी होगा इन सबके पीछे

रिद्धिमा

मैं कुछ समझी नहीं ma'am

मालिनी

वह लड़की रोहित भाई की है

अगर नहीं होती तोह वह उसे नहीं बचते

यह बोलके मालिनी ने फ़ोन कट कर दिया

रिद्धिमा शॉकेड हो गयी

वह जल्दी से रेडी हुई

और फिर अपने ऑफिस निकल गयी

मैं नीलम को मैसेज किया

चमेली जब तैयार होक आयी

मैं उसे देखता रह गया

मैं

किसके कपडे हैं यह

अलीना

माँ के हैं

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दोनों मेरे पास बैठी हुई थी

मैं नाश्ता कर रहा था

मैं

अलीना देखो जो कहना हो मुझे कहना

इसे कुछ मत कहना

मेरी बीवी है न

मुझे दुःख होगा

पहले भी तुम कई बार मुझे पीट चुकी हो

यह सुनके चमेली का मुंह खुला का खुला रह गया

चमेली मन में

यह यह आपको पीट टी हैं

और आप पिट जाते हैं

चमेली को सोच में डूबा देख

मैं और अलीना हंसने लगे

अलीना

वह मजाक कर रहे हैं

चमेली कुछ नहीं बोली

अलीना

तुम चलना मेरे साथ मार्किट

तुम्हारे लिए कपडे लेने हैं

चमेली

मैं ऐसे hi ठीक हूँ

आप जो नहीं पहनती हैं

वही दे दीजियेगा

मैं पेहेन लिया करुँगी

मैं

ज्यादा दिमाग मत चलाओ

नाश्ता करने के बाद

मैं सीमा चची के रूम पे नजर मारा

देखा कोमल दीदी बीएड पे सोई फ़ोन चला रही है

मैं उठा और धीरे से उसके पास पहुंचके

उसका फ़ोन छीन लिया

वह बौखला गयी

कोमल दीदी

रोहित मेरा फ़ोन दे

मैं

जैसे hi स्क्रीन पे देखा

मेरे होश उड़द गए

मैं

यह सब क्या है

कोमल दीदी रोने लगी

साला वह मेरी फोटो देख रही थी

मैं

अभी चची को बताती हूँ

कोमल दीदी

ऐसा मत कर

वह मुझे बहुत मारेंगी

मैं

ठीक है

फिर चलो मेरे साथ मेरी कार में

और मुझे पूरी बात बताओ

वर्ण गांड फाड़ दूंगा

बहुत दिन से तुम्हारी हरकतें देख रहा हूँ

मैं चची के पास गया

मैं

चची मैं कोमल दीदी को अपने साथ ले जा रहा हूँ

सीमा चची घबराते हुए

क्यों

मैं

चिंता मत करो

उसे खा नहीं जाऊँगा

यह बोलके मैं कोमल के साथ निकल गया

और फिर फार्महाउस पहुंचा

सब लड़कियों को देखके

कोमल शॉकेड हो गयी

मैं

यह मेरी दीदी है

नमस्ते करो

उन सबने कोमल को नमस्ते किया

मैं उसे लेके एक रूम में पहुंचा

कोमल दीदी

वह लड़किया तेरी गर्लफ्रेंड हैं

मैं

नाही

कोमल

तोह फिर बीविया

मैं

नाही

कोमल हलकलाते हुए

रखेल

मैं

नाही

उन सबको पाल रहा हूँ मैं

कोमल

हैं

मैं

तुम यह सब छोडो न

और बताओ की चक्कर क्या है

कोमल दीदी चुप हो गयी

मैं

अब बोलोगी भी

कोमल

वह वह तू मुझे अच्छा लगता है

मैं

क्या मतलब अच्छा लगता हूँ

भाई हूँ तोह अच्छा तोह लगूंगा hi

कोमल

नहीं पागल

वैसे नहीं

मैं

अरे तोह फिर क्या

कोमल

मैं तुझसे

मैं

जल्दी बोलो और भी काम है

कोमल

सुन्ना है तोह सुन वर्ण मैं जा रही हूँ

मैं

अच्छा अच्छा बोलो

कोमल

मैं तुझसे प्यार करती हूँ

मैं

भाई को तोह बेहेन प्यार करती hi है

कोमल

पागल मैं तुझसे एक लड़की की तरह प्यार करती हूँ

मैं

तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है

शर्म नहीं आती

यह सब बोलते हुए

कोमल रोने लगी

मैं

यार दीदी अब इसमें रोने की क्या बात है

कोमल

मैं क्या करू

जबसे तुझे देखा है तुझसे प्यार करने लगी हूँ

खुदको रोक hi नहीं पाती हूँ

बस तेरे बारे में hi सोचती रहती हूँ

मैं

तुम्हें मुझसे कोई प्यार नहीं हुआ है

तुम्हारी आगे अब शादी की हो चुकी है

तुम्हारे अंदर अब वासना जाग गयी है

कोमल

मुझे अपनाना नहीं है मत अपना

लेकिन मेरे प्यार को gaali.mat दे

मैं

और वह जो गन्दी फिल्में देखती हो उसका क्या

कोमल

गन्दी फिल्में देखने से मेरा चरित्र गन्दा हो गया

मैं अभी तक कुंवारी हूँ

आज तक किसी लड़के से बात नहीं किया

न hi किसी की तरफ आँख उठके देखा कभी

मैं

यह बात कस्तूरी को कैसे पता चली

कोमल

वह तेरी लाड़ली गुड़िया

एक दिन देख लिया था उसने

जब मैं वह देख रही थी

उसी ने बता दिया होगा

मैं

तोह तुम यह बात मुझे पहले नहीं बता सकती थी

कोमल

किस मुंह से बताती

मेरे दीदी ने तेरे साथ कितना गलत किया

फिर मैंने मेरी माँ ने मेरी बहनो ने सालो तक चची और तेरी बहनो के साथ परयो जैसा बर्ताव किया

नौकरानी समझती थी मेरी माँ

तेरी माँ और बहनो को

मैं

तुमको तोह पता है

की मैं कैसा इंसान हूँ

फिर भी तुम्हें मुझसे प्यार हो गया

कोमल दीदी कुछ नहीं बोली

मैं

बोलोगी

कोमल

मुझे नहीं पता

की मैं क्यों तुझसे प्यार करने लगी हूँ

मैं

सच्चा प्यार करती हो

कोमल

अपनी माँ की कसम

मैं तुझसे बहुत प्यार करती हूँ

मैं

मैं कैसे मान लून

कोमल

तू hi बता मैं क्या करू

मैं

बूर दे दो

कोमल दीदी शॉकेड हो गयी

मैं

ऐसे मुंह फाड़े क्यों देख रही हो

प्यार करती हो

तोह बूर देने में क्या दिक्कत है

कोमल दीदी की आँखों में आंसू आगये

वह रोने लगी

मैं

बस हवा निकल गयी

बड़ा कह रही थी प्यार करती हो

कोमल दीदी ने अपने आंसू पोछे

कोमल

ठीक है मैं यहीं पे हूँ

जो तेरा मन करे कर ले

लेकिन रोहित मुझे धोखा मत देना

मेरा शरीर पाने के बाद

कहीं ऐसा न हो

की तू मुझे छोड़ दे

मुझे रुस्वा कर दे

मेरी दीदी का बदला तू मुझसे ले

मेरे साथ जो चाहे कर लेना

तेरा मन करे तोह मुझे मार लेना

मुझे पीट लेना

लेकिन खुदसे अलग मत करना

मैं मर जाउंगी

मैं मर जाउंगी

यह बोलके वह रोने लगी

एक लड़की का एक लड़के ने हाथ पकड़ रख्खा था

और उसे खींच रहा था

वह लड़की रोहित के पेअर पकडे चीख चीखके रट हुए बोल रही थी

मैंने तोह सुना था

की रोहित भाई इन्साफ करते हैं

तोह फिर तुम मेरे साथ गलत क्यों कर रहे हो

रोहित मुझे छोड़के मत जाओ

मुझे छोड़के मत जाओ

मैं इससे शादी नहीं करना चाहती

मैं इससे शादी नहीं करना चाहती

मैं तुमसे प्यार करती हूँ

मैं तुमसे प्यार करती हूँ

तुम चाहो तोह मुझे मारना पीटना

लेकिन मुझे छोड़के मत जाओ

मैं मर जाउंगी

मैं मर जाउंगी

मैं ज़हर खा लुंगी

मैं तुम्हारे प्यार की कसम खाती हूँ

मैं ज़हर खा लुंगी

रोहित

हैट साला बेटीचोद राइटर

मेरे ज़ख्मो को खुरेद रहा है

मैं आगे बढ़ा और कोमल दीदी को अपनी बाहो में भर लिया

जो बिलख बिलख के रो रही थी....
 
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