Fantasy Kahani - Werewolf with system - Page 10 - SexBaba
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Fantasy Kahani - Werewolf with system

ग बिल्कुल.

और स्टोरी स्लो हो रही है. मई इन दिनों फ्री होता हं और अपडेट लिख क रख देता हं क टारगेट कम्पलीट हो जल्दी से और मई अपडेट दे डॉन. इसी लिए मक टारगेट बी ज़ादा नई दे रहा. लीकन पीर बी टारगेट कम्पलीट नहीं होता.

मई बी छटा हं क स्टोरी ाहगे बारे जल्दी से.

और सिकंदर पावर उप करे. और कुछ बिग फाइट्स हूँ.

बूत...... 😒😒😒
 
Episode 55

नई प्रॉब्लम

कारन ने मोटे आदमी की गर्दन पर खंजर रख दिया.

उसकी हरकत इतनी तेज़ थी के मोटा आदमी रियेक्ट भी न कर सका.

कारन की आँखें तेज़ और चौकन्नी थीं.

उसने टेबल पर राखी प्लेट पर नज़र डाली—

और अगले hi लम्हे उसके चेहरे के ta’assurat बदल गए.

जो खाना मोटा आदमी खा रहा था,

वो उस लाश का गोश्त था जो कुछ दिएर पहले फेंकी गयी थी.

लाश को छोटे छोटे टुकड़ों में काट दिया गया था—

ऐसा मंज़र जो किसी बचे के लिए बर्दाश्त से बहार था.

कारन ने फ़ौरन नज़र हटा ली.

उसने मोटे आदमी की गर्दन पकरि और उसे ज़ोर से साइड पर फ़ेंक दिया.

बराक!!

मोटा आदमी बुरी तरह दीवार से जा टकराया.

ज़मीन पर बेथ गया, लाचार और बेबस,

उसका पेट इधर उधर हिल रहा था.

कारन का जिस्म ग़ुस्से से उबाल रहा था.

उसे यक़ीन नहीं आ रहा था के उसके सामने खरा इंसान

इतनी गन्दी हरकत कर सकता है.

एक इंसान का दूसरे इंसान को खाना—

यह सिर्फ घिन नहीं, बल्के वेह्शत थी.

और यह सब अथॉरिटीज की आँखों के नीचे हो रहा था.

कारन ने नफरत भरी नज़रों से उसे देखा.

“बोलो.”

बेम!

कारन ने अपना पाऊँ मोटे आदमी की गर्दन पर रख कर उसे ज़मीन से चिपका दिया.

उसकी आँखें बर्फ की तरह ठंडी और be-ehsaas थीं.

“तुम कौन हो, और प्लाची फॅमिली में तुम्हारी पोजीशन क्या है?”

यह सुन कर मोटा आदमी पैनिक में आ गया

और बस कारन को देखता रह गया.

“M-main… यह…”

वो हकलाने लगा.

फिर अचानक उसकी नज़र कारन के पीछे गयी—

उसकी आँखों में खौफ साफ़ नज़र आ रहा था.

यह देखते hi कारन फ़ौरन झुक गया.

स्वूश!

बराक!

लकड़ी का फर्नीचर लोहे के बात से टुकड़े टुकड़े हो गया.

एक आदमी कारन को मिस कर के आगे लड़खड़ा गया.

कारन साइड में रोल हुआ और उस आदमी को देखा.

इसी दौरान उसने मोटे आदमी को उलटी करते हुए देखा—

जो इंसानी गोश्त उसने खाया था,

अब खून के साथ उसके मुंह से बहार आ रहा था.

“क्या इसे मजबूर किया गया था?”

यह ख्याल कारन के ज़ेहन में आया.

मगर सोच का सिलसिला उस वक़्त टूट गया

जब वह आदमी दोबारा मेटल बात ले कर

सीधा उस पर झपट पड़ा.

उस आदमी का जिस्म लाल रौशनी से चमक रहा था—

यह वाज़ेह था के वो भी एक ावकेनेड था.

कारन ने उसकी कलाई पकरि और ज़ोर से घूमा दी.

उसका छोटा जिस्म इस वक़्त दरिंदे जैसी ताक़त दिखा रहा था—

वेयरवोल्फ बनने का असर पूरी तरह ज़ाहिर था.

आदमी की आँखें हैरत से फैल गयीं

जब कारन ने उसे ज़ोर से ज़मीन पर पटख दिया.

मगर गिरते हुए उस आदमी ने

कारन की टांग पर वार कर दिया,

और दोनों ज़मीन पर जा गिरे.

बेम!

ज़मीन पर घमसान की जंग शुरू हो गयी.

कारन खंजर से वार करने की कोशिश कर रहा था,

जबकि वह आदमी पूरी ताक़त से

उसका हाथ पाकर कर जान बचने की कोशिश कर रहा था.

दोनों ज़मीन पर इधर उधर रोल करते रहे—

ताक़त लगभग बराबर थी.

आखिर एक लम्हे के लिए

कारन ने उसे हैरत में दाल दिया

और खंजर सीधा उसके सीने में उतार दिया.

“अर्घह!”

आदमी दर्द से चीख उठा.

कारन ने फ़ौरन उसका मुंह बंद किया

और दूसरा वार कर के

उसकी ज़िन्दगी हमेशा के लिए ख़तम कर दी.

वो भरी सांस लेते हुए ज़मीन पर गिर गया.

वह आदमी पीक रैंक थ्री ावकेनेड था,

इसी लिए जंग इतनी सख्त और थका देने वाली थी.

खुश क़िस्मती से उसने स्पेल्स का उसे नहीं किया.

वो हंगामा नहीं चाहता था—

अगर अथॉरिटीज का ध्यान मार्किट पर चला जाता

तोह सब के लिए तबाही होती.

कारन ने कुछ दिएर में खुद को संभाला

और फिर मोटे आदमी की तरफ देखा.

वो अभी भी उलटी कर रहा था,

ज़मीन पर खून का गड्ढा बन चूका था.

कारन खरा हुआ और उसका कालर पाकर लिया.

“अब जवाब दो.

मुझे मजबूर मत करो के मैं तुम्हें मार दूँ.”

ज़मीन पर पारी लाश देख कर

मोटा आदमी टूट गया.

“मैं… मैं कोई नहीं हूँ,”

उसने लरज़ती आवाज़ में कहा.

“प्लाची ने मुझे सजा दी…

क्यों के मैंने उनके वेयरहाउस से $1,000 चुरा लिए थे.”

यह सुन कर कारन की आँखें फैल गयीं.

सिर्फ पैसों के लिए

किसी इंसान को दूसरा इंसान खिलाना—

यह ज़ुल्म था, और हद्द से ज़्यादा घिनौना.

ग़लत था वह आदमी,

लेकिन यह सजा इंसानियत से बहार थी.

कारन ने दोबारा उसका कालर पकड़ा.

“फ्रंट दूर के इलावा कोई और रास्ता है?”

“मुझे नहीं पता,”

मोटा आदमी बोलै.

जवाब न मिलने पर कारन ने जगह का जायज़ा लिया.

यह कमरा सिर्फ सजा के लिए उसे होता लग रहा था—

बाक़ी कमरे खाली थे.

आखिर उसने एक जुआ खेलने का फैसला किया.

“इस तरफ hi होगा.”

उसने दीवार पर मुक्का मारा—

पूरी कोशिश के साथ के आवाज़ काम से काम हो.

क्रैश!!

दीवार में सुराख़ बन गया.

कारन ने मोटे आदमी को उठाया

और फ़ौरन वहां से निकल गया.

कुछ दिएर बाद गार्ड्स अंदर आये

और तबाही देख कर

बाक़ी लोगों को रिपोर्ट भेज दी.

कारन इस वक़्त रूफटॉप पर वापस था.

उसे हैरत हुई के

जो अँधेरी ताक़त उसे मिली थी

वो दूसरों पर भी असर कर सकती थी—

मोटा आदमी उस अंधेरे में घुल चूका था.

नीचे गार्ड्स गलियों में

मोटे आदमी को ढूँढ़ते फिर रहे थे.

“मुझे उनके वेयरहाउस तक ले चलो,”

कारन ने हुक्म दिया

और अपने तमाम ट्रैप्स समेत कर

ब्लैक बैग में दाल लिए.

मोटा आदमी उसे देख कर बोलै,

“तुम बोहत जवान लगते हो…

क्या तुम किसी और फॅमिली से तलूक रखते हो?”

कारन ने कोई जवाब नहीं दिया.

“वेयरहाउस,”

उसने दोबारा कहा,

उसकी बात को बिलकुल इग्नोर करते हुए.

समझ कर के कारन जवाब नहीं देगा,

मोटा आदमी ने सिर्फ सर हिला दिया

और उसे रास्ता दिखने लगा.

दोनों रात के सायों की तरह चल पड़े.

कारन उसे उठाये

बिल्डिंग से बिल्डिंग पर छलांगें लगता रहा—

पुलिस और दूसरे ावकेनेड से बच कर.

यहाँ क़ानून था

के पब्लिक जगह पर पावर्स उसे नहीं की जा सकती.

तक़रीबन 20 मिनट के बाद

वह शहरी इलाक़े से काफी दूर

फैक्ट्री जोन में पोहंच गए.

यहाँ सिर्फ फैक्ट्रीज और वरहॉउसेस थीं.

कुछ मज़दूर सुबह जल्दी काम पर आ चुके थे

ताके अपने घर वालों के लिए रोज़ी कमा सकें.

कारन एक अँधेरी फैक्ट्री के पास रुका—

लगता था के यह अभी ऑपरेट नहीं हो रही,

क्यों के सुबह होने वाली थी.

उसके सामने दो वरहॉउसेस थीं,

दोनों बिलकुल एक जैसी.

“दाहिना वाला,”

मोटा आदमी बोलै,

“प्लाची का इन्वेंटरी वहीँ है.”

कारन ने दाहिना वेयरहाउस खोला

और मोटे आदमी को साइड पर फ़ेंक दिया.

अंदर बोहोत से बॉक्सेस पड़े थे.

वो जैसे hi एक बॉक्स चेक करने लगा—

बीप!!

अचानक पूरी जगह रौशनी से भर गयी.

जल्दी में कारन ने

पीछे रखा हुआ एक लम्बा बॉक्स उठाया.

यह दूसरों से मुख्तलिफ था—

सिर्फ लकड़ी का बना हुआ,

जबकि बाक़ी सब मेटल के थे.

कारन ने एक नज़र

कोना में सिमटे मोटे आदमी पर डाली.

वो पहले hi ख़ौफ़ज़दा था,

अब बिलकुल पीला और काँपता हुआ लग रहा था—

जो देख कर कारन को थोड़ी सी रेहम आ गयी.

बग़ैर पीछे देखे

कारन वेयरहाउस से बहार निकल गया.

“इसे छोर देता हूँ,”

कारन ने सोचा.

“प्लाची ने जिस तरह इसका हाल किया है,

यह अब कुछ नहीं करेगा.”

और फिर वो अंधेरे में गायब हो गया۔

.

.

.

अगली सुबह…

सिकंदर और आधार ट्रेनिंग हॉल के अंदर मौजूद थे. दोनों अभी अभी सपररिंग ख़तम कर चुके थे, उनके जिस्म पसीने से भीगे हुए थे.

अब दोनों अपनी अपनी प्रैक्टिस पर फोकस कर रहे थे.

सिकंदर ने आधार को dekha—uske हाथ में डैगर था, और उसकी बॉडी मूवमेंट इतनी स्मूथ और प्रेसीसे थी के देख कर हैरानी होती थी.

“तुम डैगर के साथ काफी अछि हो गयी हो,” सिकंदर बोलै, “लगता है सूरज से ट्रेनिंग ली है?”

यह सब तब मुमकिन होता है जब कोई बोहोत म्हणत kare—aur आधार ने वाक़ई बोहोत म्हणत की थी.

यह सुन कर आधार हल्का सा शर्मा गयी, फिर मुस्कुराते हुए बोली,

“ऑफ़ कोर्स. मैं तुम्हारी राइट हैंड हूँ, याद है न?”

उसकी मुस्कराहट इतनी गरम और सिंकेरे थी के सिकंदर का दिल एक पल के लिए रुक सा गया. वह वही अजीब सी फीलिंग फिर से महसूस करने लगा.

सिकंदर की नज़र धुंधली सी हो गयी जब वह आधार को देखने लगा.

दोनों इस वक़्त यूनिवर्सिटी के एक प्राइवेट ट्रेनिंग रूम में thay—jo सिर्फ top-rank स्टूडेंट्स के लिए बनाया गया था. ज़्यादा बड़ा नहीं था, लेकिन प्राइवेसी बोहोत थी.

‘सिस्टम… यह फीलिंग मेरे लिए मसला बन रही है,’ सिकंदर ने दिल hi दिल में कहा.

‘क्या तुम इसे हटा सकते हो?’

वह हर दफा आधार के क़रीब आते hi ऐसा महसूस नहीं करना चाहता था.

आखिर वह भी एक मर्द था.

आधार ने नोटिस किया के सिकंदर की आँखों का रंग अचानक वायलेट हो गया. इतना अचानक के जैसे यह कोई नार्मल बात हो.

उसे हवा में भी एक अजीब सी वाइब्रेशन महसूस हुई. सिकंदर धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ रहा था.

लेकिन इस से पहले के माहौल और इंटेंस होता—

रिंग!

सिकंदर का फ़ोन बज उठा.

दोनों का ख़याली लम्हा टूट गया.

सिकंदर ने सर झटका, पीछे हटा और कॉल उठा ली.

“Hello? कौन बोल रहा है?”

“सिकंदर… मैं हूँ, वह बुद्धा जिससे तुम पहले मिले थे.”

‘बुद्धा?’ सिकंदर एक पल के लिए कन्फ्यूज्ड हुआ, फिर अचानक समझ आ गया.

“ओह! सर प्रिंसिपल. आप कैसे याद कियस? मैं क्या मदद कर सकता हूँ?”

फ़ोन पर मौजूद शख्स फैराडे यूनिवर्सिटी का प्रिंसिपल tha—jisse सिकंदर वहां से निकलते वक़्त मिला था.

“बस यह पूछने के लिए कॉल किया है के तुमने अपना फैसला कर लिया या नहीं.”

सिकंदर ने एक पल के लिए पॉज लिया. उसने आधार की तरफ dekha—woh भी उसे देख रही थी.

“जी हाँ… लेकिन मेरी एक छोटी सी कंडीशन है, अगर आप सुन्ना चाहें.”

प्रिंसिपल हंसा.

“कहो बीटा. यह बुद्धा अपनी पूरी कोशिश करेगा.”

“मैं सिर्फ इतना चाहता हूँ के मेरे साथ एक और स्टूडेंट का ट्रांसफर भी हो.”

प्रिंसिपल और ज़्यादा खुश हो गया.

“बिलकुल! तुम्हारी रिकमेन्डेशन से आने वाला स्टूडेंट यक़ीनन जीनियस होगा. हम सब अर्रंगे कर देंगे.”

“फिर ठीक है. मैं आपकी ऑफर एक्सेप्ट करता हूँ. डिटेल्स थोड़ी दिएर में भेज देता हूँ.”

कॉल ख़तम कर के सिकंदर ने आधार की तरफ देखा और सीधा कहा,

“अपना सामान पैक करो. हम फैराडे यूनिवर्सिटी शिफ्ट हो रहे हैं.”

यह कह कर वह आधार के पास से गुज़रता हुआ ट्रेनिंग रिज्यूमे करने लगा.

तब अचानक—

“मैं फैराडे यूनिवर्सिटी नहीं जा रही,” आधार ने सख्त लहजे में कहा.

“मैं यहीं ोचीरा यूनिवर्सिटी में रहूँ गई.”

यह सुन कर सिकंदर रुक गया.

वह पलट कर कन्फ्यूज्ड नज़रों से आधार को देखने लगा.

आधार ने पहले कभी उसकी बात इस तरह नहीं काटी थी.

“क्यों?” सिकंदर ने पुछा.

“वहां हम ज़्यादा तेज़ी से स्ट्रांग बन सकते हैं.”

फैराडे यूनिवर्सिटी की फैसिलिटीज, बेनिफिट्स और resources—sab कुछ यहाँ से कई गुना बेहतर था.

आधार ने गहरी सांस ली. उसके चेहरे पर उलझन साफ़ नज़र आ रही थी.

“मैं नहीं जा रही,” वह दोबारा बोली.

“मैं ोचीरा में hi रहूँ गई.”

‘इसे क्या हो गया है?’ सिकंदर ने सोचा.

उसने आधार के चेहरे को गौर से देखा.

“क्या तुम मुझ से कुछ छुपा रही हो?” वह बोलै.

“हमने वडा किया था के हम एक दूसरे से कुछ नहीं छुपायेंगे.”

आधार फ़ौरन पलट कर बोली,

“तुम खुद भी तोह नहीं बताया के तुम्हें फैराडे यूनिवर्सिटी से एप्रोच आयी है.”

सिकंदर लाजवाब हो गया.

वह जानता था के आधार सही कह रही है, लेकिन उसने सोचा था यह बात इतनी अहम नहीं.

“तुम्हें भी ोचीरा यूनिवर्सिटी ने एप्रोच किया है न?” सिकंदर ने पुछा.

उसकी ज़िद्द देख कर सिकंदर को यक़ीन हो गया था के ज़रूर कोई वजह है.

दोनों एक दूसरे को देख रहे थे. टेंशन बढ़ने लगी.

तभी—

रिंग!

सिकंदर का फ़ोन दोबारा बज उठा.

उसने एक लम्हा तक फ़ोन नहीं उठाया, बस आधार से आँखों में आँखें दाल कर देखता रहा. फिर कॉल रिसीव की.

“कौन है?”

“सिकंदर! बोहोत बुरा हो गया है!”

दूसरी तरफ से चीख सुनाई दी.

“सूरज?” सिकंदर घबरा गया.

“क्या हुआ? तुम पर अटैक हुआ है क्या?”

सूरज की आवाज़ काँप रही थी.

“काश ऐसा होता… लेकिन यह उस से भी ज़्यादा बुरा है. यह कारन के बारे में है.”

“क्या वह पकड़ा गया?!” सिकंदर ने घबरा कर पुछा.

“यह कैसे हो सकता है?!”

आधार भी क़रीब आ गयी. कारन का नाम सुनते hi उसका चेहरा सफ़ेद पर गया.

सूरज ने फ़ौरन मन किया.

“नहीं… बात वह नहीं है. मसला यह है के—”

सूरज ने जो आगे कहा…

उसे सुन कर सिकंदर की सांस अटक गयी.

उसकी आँखें फैल गयीं.

“वह… क्या?!”

_ _ _

उस रात…

एक मोटा आदमी वेयरहाउस से घबराहट में भाग रहा था.

उसकी चाल धीमी थी, मगर उसने अपनी पूरी ताक़त लगा दी थी — क्यों के उससे डर था के कहीं पकड़ा न जाये.

“अगर प्लाची को पता चल गया के मैंने क्या किया है… तोह मैं गया,” मोटा आदमी सोच रहा था.

वह फैक्ट्री के गेट से बहार निकल चूका था.

इस वक़्त उसका सिर्फ एक hi ख्वाब था — इस जगह से भागना, सब कुछ भूल जाना, और कहीं दूर जा कर एक सीढ़ी, आम ज़िन्दगी जीना.

प्लाची के पैसे लेना…

अब उससे हर लम्हा उस फैसले पर अफ़सोस हो रहा था.

उसकी आँखें बार बार idhar-udhar दौर रही थीं.

वेयरहाउस के अंदर से लोगों के क़दम और चीखें आ रही थीं, लेकिन वह इतना दूर निकल चूका था के उनकी आवाज़ें उस तक साफ़ नहीं पोहंच रही थीं.

अगर किसी भी तरह वह लोग उस तक पोहंच गए…

तोह यक़ीनन उसे बिना रेहम के टार्चर करके मार दिया जाता.

आखिरकार वह सड़क तक पोहंच गया.

उसने एक जारी को गुज़रते देखा.

उसके चेहरे पर उम्मीद भरी मुस्कराहट आ गयी.

उसने अपनी रफ़्तार और तेज़ कर दी — मगर चीखने से पहले hi…

एक हाथ ने साइड से उसे पाकर लिया.

“आआह—!”

मोटा आदमी हैरत और दर्द के साथ साइड पर फ़ेंक दिया गया.

ज़मीन पर गिरते hi उसके बाज़ू चील गए, खून बहने लगा.

“दमन आईटी! कौन है ये—?!”

वह कराहते हुए ज़मीन पर पलटा.

उसके सामने तीन लोग उसकी तरफ आ रहे थे.

वह तीनों सफ़ेद ुनिफॉर्मस में थे, जिन पर सोने के नक़शी काम था.

उनकी गर्दन पर लाल स्कार्फ़ बंधा हुआ था, और हर एक के पास चंडी का बना हुआ वेपन था.

मगर वह आम वेपन्स नहीं थे.

उन से इतनी ज़बरदस्त ताक़त निकल रही थी के एक नार्मल आदमी भी उसे महसूस कर सकता था.

और मोटा आदमी तोह फिर भी एक ावकेनेड था.

उनको देखते hi उसका चेहरा पीला पर गया.

“तुम… तुम कौन हो?”

उसकी आवाज़ काँप रही थी.

सिर्फ उन तीनों की आँखों से hi वह समझ गया था —

अगर उसके पास हज़ार ज़िंदगियाँ भी होतीं, तब भी वह इन से पन्गा नहीं ले सकता था.

उन में से एक औरत आगे बढ़ी.

उसके लम्बे, गहरे सब्ज़ बाल थे.

उसने अपनी हील्स सीधा मोठे आदमी के सीने पर रख दी.

वह उसे ऐसे देख रही थी जैसे कचरा हो.

उसकी आँखों में नफरत साफ़ नज़र आ रही थी.

उसकी चीरती हुई नज़र ने मोठे आदमी का गाला सूखा दिया.

“हनी,”

वह औरत ठंडे लहजे में बोली,

“तुम ने हमारा प्लान बर्बाद कर दिया है.

इस लिए हमें तुम से कुछ सवालात पूछने हैं…

और मुझे उम्मीद है तुम उनका सही जवाब डोज.”

साइड पर खरे आदमी ने हल्का सा हंस कर कहा,

“अगर मैं तुम्हारी जगह होता, तोह सच बोल देता.

यह काफी खतराक और बेरहम है.”

यह सुनते hi मोटा आदमी समझ गया —

चाहे वह भी एक ावकेनेड hi क्यों न हो…

इस दफा भागना मुमकिन नहीं.

“मैं बुरी तरह फँस चूका हूँ,”

उसने दिल hi दिल में कहा.

.

.

.

.

दुदृ तरफ

सिकंदर अपने घर में तेज़ क़दमों से घुस आया.

उसके पीछे आधार थी — बिलकुल be-khabar के असल मसला क्या है.

“वह कहाँ है?!”

सिकंदर ने गुस्से और परेशानी के साथ idhar-udhar देखते हुए कहा.

सूरज आगे बढ़ा, उसके साथ कारन खरा था.

कारन का सर नीचे झुका हुआ था.

सिकंदर ने कारन को घूरा.

उसकी आँखों में गुस्सा था — मगर वह जानता था के इस में उसकी अपनी भी ग़लती थी.

“सूरज ने तुम्हें तुम्हारा ऑब्जेक्टिव नहीं बताया था?

फिर तुम ने कांटेक्ट क्यों किया?!”

सिकंदर ने सख्त लहजे में कहा.

“वह बेस्ट मौक़ा था स्नीक इन करने का,”

कारन ने अपना दिफ़ा किया.

“और इसी वजह से मुझे उनके वेयरहाउस का पता भी चला.”

मगर सिकंदर की नज़र के नीचे वह अपना सर ऊपर नहीं उठा सका.

हालत को सँभालते हुए सूरज आगे आया.

“चलो, दुसरे कमरे में चलते हैं,”

उसने कहा.

“चीज़ वहीँ राखी है.”

सूरज और सिकंदर दुसरे कमरे में चले गए.

कमरे के बीच में एक लम्बा लकड़ी का बॉक्स रखा था.

देखने में बिलकुल आम सा.

सूरज ने सर से इशारा किया, जैसे कह रहा हो:

खुद देख लो.

सिकंदर आहिस्ता आहिस्ता बॉक्स के पास गया.

उससे खुद नहीं पता था के वह अंदर क्या देखने वाला है.

उसने हाथ बढ़ाया…

और बॉक्स का ढक्कन खोल दिया.

थुड़!

ढक्कन ज़मीन पर गिर गया.

सिकंदर की आँखें फैल गयीं.

वह हैरानी से अपना चेहरा हाथों में छुपा लेता है, फिर सूरज को be-yaqeen सी नज़र से देखता है.

“अंदर तीन बोहोत high-ranking विंड स्पैलबुक्स हैं,”

सूरज ने वाज़ेह किया.

“एक ओफ्फेंसीवे, एक डिफेंसिव…

और तीसरी एक बोहोत ज़्यादा पावरफुल एनहांसमेंट स्पेल.”

बॉक्स के अंदर न सिर्फ क़ीमती स्पैलबुक्स थे,

बालकः उनके साथ कुछ ख़ास स्टोन्स भी थे.

यह लोग जैकपोट मार चुके थे.

मगर फिर भी…

दोनों के चेहरे संजीदा थे.

सिकंदर गहरी सोच में नीचे देखता है.

सूरज ने धीमी आवाज़ में कहा,

“तुम समझ रहे हो इसका मतलब क्या है, न?”

“वेयरहाउस के इतने सामान में से…

कारन को यही चीज़ उठानी थी,”

सिकंदर ने ग़ुस्से और थकन के साथ कहा.

“लगता है एक और बारे मसला

मेरी ज़िन्दगी में आ गिरा है.”

सिकंदर ने सिस्टम के ज़रिये स्पैलबुक्स और स्टोन दोनों को दोबारा चेक किया, और यह बात बिलकुल सच निकली.

यह तीनो बेहद ताक़तवर विंड एलिमेंट स्पैलबुक्स थे. इन्हें सीखने के लिए काम आज काम रैंक सेवन ावकेनेड होना ज़रूरी था.

सूरज दीवार के साथ तक लगा कर खरा हो गया, उसके चेहरे पर सख्त और परेशान एक्सप्रेशन था.

“वे हैवे तो गिव आईटी बैक.”

“वापस कैसे?!” सिकंदर गुस्से से चिल्ला उठा, उसके जज़्बात कण्ट्रोल से बहार हो रहे थे.

“वो वेयरहाउस अब लोगों से भरा होगा जो इस चीज़ को ढूंढ रहे होंगे!”

उसके पास पहले hi बोहोत मसले थे, और अब एक नया मुसीबत उसके सर पर आ गिरा था.

और यह मुसीबत छोटी नहीं… बिलकुल तबाह कुन थी.

सूरज ने सिकंदर को गौर से देखा और बोलै,

“हम बस बॉक्स को प्लाची मार्किट के क़रीब छोर देते हैं. वो खुद उसे ढूंढ लेंगे, और सब कुछ नार्मल हो जायेगा.”

यह सुन कर सिकंदर ने हाथ झटका और बालकनी की तरफ चल दिया.

उसे ठंडी हवा चाहिए थी, खुद को सँभालने के लिए.

‘यह इमरजेंसी है… हमें क्या करना चाहिए?’ सिकंदर ने भरी सांस लेते हुए सोचा.

बॉक्स के अंदर जो था, वो तीन ऐसी विंड स्पैलबुक्स थे जो सिर्फ रैंक सेवन से ऊपर वाले hi उसे कर सकते थे.

प्लाची फॅमिली रैंकिंग्स में सिर्फ 25तह नंबर पर थी.

उनका लीडर, डंकन प्लाची, खुद एक रैंक सेवन पावरहाउस था.

मगर डंकन फायर ेलेमेंटलिस्ट था.

इसका मतलब साफ़ था — यह स्पैलबुक्स प्लाची के लिए नहीं थी.

यह बॉक्स किसी और के लिए था… और वो “कोई और” यक़ीनन बोहोत hi पावरफुल लोग थे.

प्लाची कभी भी इतनी क़ीमती चीज़ मार्किट में ओपनली नहीं लाते. अगर ऐसा करते, तोह बोहोत सी फोर्सेज उन पर टूट पार्टी.

इसलिए सिकंदर को पूरा यक़ीन था के प्लाची सिर्फ कूरियर का काम कर रहे थे — लौकी रहने के लिए.

इस सब के पीछे कोई प्लाची से भी ज़्यादा पावरफुल फॅमिली थी.

और सिकंदर की करंट कंडीशन में, वो प्लाची से डील करने में hi मुश्किल महसूस कर रहा था…

उनसे भी ज़्यादा पावरफुल फॅमिली का सोचना भी नामुमकिन था.

सिकंदर बालकनी के फ्लोर पर बैठ गया, भरी पेशानी के साथ गहरी सोच में डूब गया.

तकरीबन दस मिनट बाद, आधार बालकनी में आयी और सिकंदर को फ्लोर पर बैठा हुआ देखा.

“सिकंदर…” उसने आहिस्ता से पुकारा.

सिकंदर ने पलट कर उसे देखा, आँखों में सवाल था.

आधार उसके पास आ कर बैठ गयी.

“क्या हुआ? क्या कारन ने कुछ ऐसा कर दिया जो तुम्हें परेशान कर रहा है?”

“उसने ग़लत फूकिंग बॉक्स उठा लिया!” सिकंदर गुस्से से बोलै.

“मिशन के सिर्फ एक दिन के अंदर! सिर्फ एक दिन! और इतनी बरी ग़लती कर दी!”

सिचुएशन उस पर हावी होती जा रही थी.

आधार ने सिकंदर के गले में बाहें दाल दी, सीधा उसकी आँखों में देखते हुए उसकी गॉड में बैठ गयी.

“कलम डाउन… मुझे बताओ, इतना बुरा क्या हो गया है?”

सिकंदर ने शुरू से ले कर आखिर तक कारन की हर ग़लती उसे बता दी.

आधार की आँखें हैरत से फैल गयीं.

“अगर उन्हें पता चल गया के बॉक्स हम ने लिया है, तोह हम ख़तम हो जायेंगे,” सिकंदर ने भरी आवाज़ में कहा.

“वो हम से बोहोत ज़्यादा पावरफुल हैं.”

उसने गहरी सांस ली, खुद को सँभालने की कोशिश की.

तब आधार बोली,

“तोह फिर बॉक्स को उस जगह रख देते हैं… जहाँ ओगरे रहता है.”

सिकंदर की आँखें अचानक चमक उठी.

“क्लस्टर डोमेन…!”

“यह ाचा आईडिया है,” उसने कहा. “इस से हमें सोचने का वक़्त मिल जायेगा.”

वो तुरंत घर के अंदर गया.

अंदर कारन कुर्सी पर बैठा हुआ था.

उसके होंठों के पास खून का हल्का सा निशान था.

सिकंदर समझ गया… सूरज ने फिर से सजा दी है.

सिकंदर ने आधार से कहा,

“गरम पानी में टॉवल भिगो कर लाओ.”

अब सिकंदर का गुस्सा काफी हद तक शांत हो चूका था.

“हे… ठीक हो?” उसने कारन से पुछा.

कारन ने नज़र उठायी, फिर शर्म और गिल्ट के साथ चेहरा घूमा लिया.

सिकंदर उसके सामने घुटनों के बल बैठ गया. आधार ने टॉवल उसके हाथ में थमा दिया.

उसने नरम अंदाज़ में कारन के चेहरे से खून साफ़ किया.

“यह मेरी ग़लती है के मैं ने तुम्हें जल्दी में मिशन पर भेजा,” सिकंदर बोलै.

“इसलिए खुद को दोषी मत समझो.”

यह सुनते hi कारन की आँखों में रौशनी आ गयी.

“मुझे बताओ,” सिकंदर ने पुछा,

“क्या किसी ने तुम्हें बॉक्स उठाते हुए देखा?”

कारन ने पूरी कहानी सुनाई.

मार्किट में उसने एक आदमी देखा जो प्लाची के खिलाफ जुर्म करने की वजह से क़ैद था.

उसने गार्ड को मार कर उसे बहार निकला.

फिर इंटेररोगेशन के दौरान उस आदमी ने वेयरहाउस का रास्ता बताया.

लेकिन जैसे hi कारन वहां पोहंचा, अलार्म बज गया.

मजबूरन उसने पास में पड़ा हुआ वुडेन बॉक्स उठा लिया.

सूरज और आधार ख़ामोशी से सुन रहे थे.

रीज़े दुसरे कमरे में था, उसे इस मामले से दूर रखा गया था.

“उस आदमी को मारा?” सिकंदर ने पुछा.

कारन ने सर हिला कर मन कर दिया.

“वो बोहोत पिटिफुल लग रहा था…”

सिकंदर ने आहिस्ता से सर हिला दिया.

“वो प्लाची से नफरत करता है,” कारन बोलै.

“वो कभी उन्हें नहीं बताएगा.”

सूरज बीच में बोलै,

“लेकिन उसका ग़ैब होना और तुम्हारा मिशन एक hi वक़्त पर हुआ. वो शुबा के तहत ज़रूर आएगा.”

“अगर टार्चर हुआ, तोह वो सब उगल देगा,” सिकंदर ने कहा.

“और अगर नहीं भी, दूसरी फोर्सेज उस तक पोहंच जाएँगी.”

कारन चुप हो गया.

वो समझ गया के उसे सिखाया जा रहा है.

सिकंदर ने उसके हाथ देखे — बिलकुल स्टेडी.

“तुम्हारा हाथ काँप नहीं रहा… जब के तुम ने कल hi एक और इंसान मारा है.”

यह बात कारन को हिला कर रख गयी.

“इसलिए मैं कभी कभी be-rahm होता हूँ,” सिकंदर बोलै.

“अगर तुम नहीं चाहते के तुम किसी को मारो, तोह फिर दूसरों को अपनी प्रोब्लेम्स में मत घसीटो.”

कारन ने सर झुका लिया.

दरवाज़े से निकलते हुए सिकंदर ने सिर्फ इतना कहा:

“किलिंग मेरे ज़िम्मेदारी है.”

_ _ _

घर से निकलते हुए,

सिकंदर ने आधार और सूरज से कहा,

“सूरज, मुझे तुम से एक काम चाहिए. तुम ेमहम फारेस्ट जाओ, बिलकुल उस जगह पर जहाँ मैं तुम्हें गाइड करूँगा.”

उस ने सूरज को क्लस्टर डोमेन के बारे में बताया और साथ hi यह भी कहा के यह एक सीक्रेट जगह है.

यह सब सुन कर सूरज ने कोई सवाल नहीं किया. उसका सिकंदर पर पूरा भरोसा था, चाहे उसका फैसला ाचा हो या बुरा.

सिकंदर को लगा के खुद वहां जाना उस के लिए ठीक नहीं होगा, क्यों के उसका चेहरा बोहोत लोग जानते हैं.

सूरज के मुक़ाबले में, वह फैराडे यूनिवर्सिटी से था, इस इलाक़े में ज़्यादा लोग उससे नहीं पहचानते थे.

फिर सिकंदर ने कहा,

“आधार, तुम मेरे साथ चलोगी. हमें यह पता लगाना है के हम किस के साथ डील कर रहे हैं.”

लकड़ी के बॉक्स के अंदर जो चीज़ें थीं, उनसे सिकंदर को एक इम्पोर्टेन्ट लीड मिली थी.

वह पावरफुल स्पैलबुक्स सिर्फ विंड ेलेमेंटलिस्ट के लिए थे. इस का मतलब था के जिस फॅमिली का हाथ इस में है, वह विंड Element-based होगी और उस में कई पावरफुल ावकेनेड होंगे.

सूरज ने कहा,

“अगर Wind-based फैमिलीज़ ढूंढ रहे हो, तोह इंटरनेट पर सर्च कर लो. यह फैमिलीज़ काफी फेमस होती हैं, आसानी से शॉर्टलिस्ट हो जाएँगी.”

यह सुन कर सिकंदर ने सर हिला दिया.

लेकिन जब सूरज बॉक्स के साथ निकलने लगा, सिकंदर ने उसे रोका,

“सूरज, एहतियात से. हो सकता है उन्हें पता चल गया हो के हम hi चोरी के पीछे हैं.”

अगर मोटा आदमी सच में उनके दुश्मनों के हाथ लग चूका है, तोह वह उसकी साड़ी डिटेल्स उगल देगा.

कारन का लिबास पूरा ब्लैक था, चेहरा ब्लैक मास्क से ढाका हुआ, सिर्फ आँखें नज़र आती थीं.

अगर कोई ऐसा ावकेनेड हुआ जो ट्रेस कर सकता हो, तोह वह लोग जल्दी hi उनके पीछे होंगे.

सूरज ने सर हिलाया. उसने लकड़ी का बॉक्स अपनी ब्लैक बैग में रखा — वही बैग जिसमें वह अपना यूनिफार्म रखता था — और फिर ेमहम फारेस्ट की तरफ रवाना हो गया.

सूरज के जाने के बाद,

आधार घर के अंदर गयी और कारन को स्ट्रिक्टली मन कर दिया के वह बहार न निकले.

उसने कारन को कांटेक्ट लेन्सेस दी जो सिकंदर ने सिस्टम से खरीदी थीं.

यह बोहोत रिस्की था के वह ऐसे hi घूमता फिर.

कई ावकेनेड की परसेप्शन बोहोत तेज़ होती है, और कारन की आँखें उससे तुरंत एक्सपोज़ कर सकती थीं.

इस लिए सिकंदर ने दो तुरकोईसे कांटेक्ट लेन्सेस ली थीं ताके कारन की आँखों का रंग चेंज हो जाये.

यह काम आज काम एक एक्स्ट्रा लेयर ऑफ़ कॉशन थी.

इसके बाद, सिकंदर और आधार यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी चले गए.

उन्होंने एक क्वाइट रूम लिया और रिसर्च शुरू कर दी.

उन्हें जल्दी से जल्दी पता लगाना था के असली दुश्मन कौन है.

सिकंदर ने कहा,

“यहाँ 7 फैमिलीज़ हैं जो कैंडिडेट्स हो सकती हैं — गरंलोर, अटकिंस, सीटों, शेलफोर्ड, रिड और क्वेंटिन फॅमिली.”

उसने ऑनलाइन रैंकिंग्स देखि थीं, यह सब विंड एलिमेंट एफिनिटी वाली फैमिलीज़ थी.

आधार ने पुछा,

“उन में से कौन सी फॅमिली के पास सब से ज़्यादा पावरफुल ावकेनेड हैं?”

सिकंदर लिस्ट को देखते हुए बोलै,

“इस डाटा के मुताबिक़, अटकिंस, रिड और गरंलोर के पास रैंक 7 से ऊपर के सब से ज़्यादा ावकेनेड हैं. डिसिशन इन तीन के बीच होगा.”

अटकिंस, रिड और गरंलोर की रैंकिंग्स 9, 11 और 17 थी.

यह तीनों, प्लाची फॅमिली (रैंक 25) से काफी ज़्यादा पावरफुल थी.

इस का मतलब स्पैलबुक्स का असल मालिक इन तीन में से कोई एक था.

आधार ने परेशानी से पुछा,

“लेकिन हमें कैसे पता चलेगा के असल में कौन सी फॅमिली इन्वोल्वेद है?”

सिकंदर भी उलझन में था.

उसे नहीं पता था के कौन सी फॅमिली प्लाची को कूरियर के तौर पर उसे करेगी.

‘स्पैलबुक्स बिलकुल नए लगते हैं… इसका मतलब है के कोई नया पायनियर इस के पीछे है,’ सिकंदर ने सोचा.

उसने सिस्टम की नोटिफिकेशन्स दुबारा ओपन की, जो पहले उसने सिर्फ सरफेस लेवल पर चेक की थी.

यह एक सुप्रीम मैजिक स्पैलबूक है जो सिर्फ रैंक 7 या उस से ऊपर के विंड ेलेमेंटलिस्ट सीख सकते हैं.

यह एक स्टॉर्म डोमेन क्रिएट करता है जो कॉस्टर के स्टैट्स को मल्टीप्ल टाइम्स एनहान्स करता है.

साथ hi, यह कॉस्टर को डोमेन के अंदर टेलिपोर्ट होने और अपने जिस्म को हवा में तब्दील करने की सलाहियत देता है.

यह पढ़ कर सिकंदर के चेहरे पर घेरि लकीर आ गयी.

स्पैलबूक में मेकर का नाम लिखा hi नहीं था.

उसने फ़ौरन आधार से कहा के सूरज को कॉल करे और पूछे के बॉक्स के अंदर कोई और क्लू है या नहीं.

फ़ोन पर आधार ने कहा,

“सूरज, क्या तुम स्पेल का पायनियर देख सकते हो?”

सूरज ने धीमी आवाज़ में जवाब दिया,

“अभी? मैं पब्लिक स्पेस में हूँ.”

“हाँ, अभी चाहिए,” आधार ने फ़ौरन कहा.

थोड़ी देर बाद सूरज ने फ़ोन पर कहा,

“नाम है… सहने थॉम्पसन.”

उसने बताया के यह नाम स्पैलबूक में नहीं, बल्के बॉक्स के अंदर एक ब्लैक पेपर पर लिखा हुआ था.

यह बात उसे भी अजीब लगी.

यह सुनते hi आधार ने कॉल काट दी और सिकंदर को नाम बता दिया.

सिकंदर ने इंटरनेट सर्च की — लेकिन सहने थॉम्पसन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला.

वह थक कर कुर्सी पर ढीला पर गया.

‘यह इन्फो इंटरनेट पर मिलने वाली नहीं,’ उसने सोचा.

आधार भी फ़ैल हो गयी.

दोनों गहरी सोच में डूब गए.

आखिर सिकंदर ने अपना सर पकड़ा और कहा,

“मुझे मजबूरन उस से मदद लेनी होगी…”

उसने एक नंबर डायल किया.

रिंग…

रिंग…

दो तीन रिंग्स के बाद आवाज़ आयी,

“सिकंदर, क्या बात है? क्या अभी मूव इन करना चाहते हो?”

“सर प्रिंसिपल, मुझे एक फेवर चाहिए. मैं यह क़र्ज़ ज़रूर चुकाऊंगा,” सिकंदर ने संजीदगी से कहा.

प्रिंसिपल मुस्कुराया,

“फेवर की बात क्यों? बताओ क्या चाहिए.”

“मैं एक पायनियर के बारे में मालूमात चाहता हूँ… सहने थॉम्पसन,” सिकंदर ने कहा.

दूसरी तरफ कुछ लम्हों की ख़ामोशी हुई, फिर आवाज़ आयी,

“सहने थॉम्पसन… हँ.”

.

.

.

.

उधर…

सूरज ट्रैन में बैठा हुआ था.

उसने अपनी कार उसे नहीं की, क्यों के वह ट्रैक हो सकती थी.

इस लिए उसने ट्रैन का रास्ता चुना.

ेमहम फारेस्ट ज़्यादा दूर नहीं था, और ट्रैन ज़्यादा सेफ थी.

सूरज ने डेनिम जैकेट पहनी हुई थी, वाइट T-shirt के साथ.

सर पर ब्लैक कैप और हाथ में एक ब्लैक बैग.

बैग आम लग रहा था, लेकिन अगर किसी को उसके अंदर का पता चल जाता, तोह खून उगल देता.

ट्रैन लोगों से भरी हुई थी.

सूरज ने जान बुझ कर इकनोमिक क्लास ली थी — क्राउड उसकी शील्ड था.

कोई ावकेनेड इतनी भीड़ में अटैक करने की हिम्मत नहीं करता.

ुवो इस चीज़ को बिलकुल टोलेराते नहीं करता.

ट्रैन चल पड़ी.

सूरज ने अपनी कैप ठीक की…

तभी उसे एहसास हुआ के कोई उससे बोहोत देर से देख रहा है.

उसने चोरी छुपी उस आदमी की तरफ देखा — और वह फ़ौरन अपना चेहरा घुमा गया.

‘क्या यह लोग इतनी जल्दी ट्रेस कर गए?’ सूरज ने सोचा.

जैसे hi ट्रैन रुकी, लोग उतरने लगे.

बिलकुल उसी लम्हे, सूरज झुक कर भीड़ के साथ बहार निकल गया.

उसका दिल तेज़ धड़क रहा था.

फिर उसे फिर से वही एहसास हुआ…

वह आदमी उसका पीछा कर रहा था.

सूरज लोगों के दरमियान झुक कर चलने लगा.

कुछ लोग अजीब नज़रों से देखने लगे.

तभी उसकी नज़र एक क्लोथ्स स्टाल पर पड़ी…

बिना स्टाल कीपर के देखे, उस ने एक ब्लैक हूडि उठाई और फ़ौरन पहन ली.

अपनी डेनिम जैकेट उस ने सीधा कचरे के दबे में फ़ेंक दी और ब्लैक हूडि पहन ली. उस की मूवमेंट इतनी स्मूथ थी के आस पास किसी को भी शक तक न हुआ.

अभी वो सीधा खरा hi था के चार लोग स्टाल के पास आ गए और idhar-udhar देखने लगे.

सूरज ने यह सब देख लिया. उस ने फ़ौरन अपनी कैप नीचे खींच ली और बिलकुल नार्मल अंदाज़ में वहां से चल पारा.

“इन की तादाद एक से ज़्यादा है… मुझे यहाँ से जल्दी निकलना होगा,” उस ने दिल में सोचा.

उस के बाद वो सीधा ेमहम फारेस्ट की तरफ चल दिया.

फारेस्ट के एंट्रेंस पर सिक्योरिटी ने उसे रोका और चेक किया के वो ावकेनेड है या नहीं. सूरज ने अपनी आग की पावर्स दिखा कर तस्दीक़ करवाई, फिर अंदर चलने लगा.

तभी पीछे से आवाज़ आयी,

“हे तुम, एक मिनट रुको!”

सूरज ने आहिस्ता से पीछे मुर कर देखा और बिलकुल pur-sukoon लहजे में बोलै,

“क्या कोई मसला है?”

वो बिलकुल laid-back रहने की कोशिश कर रहा था. चेहरे पर मासूम सी मुस्कराहट थी जब वो उस सिक्योरिटी गार्ड की तरफ देख रहा था जो उस की तरफ आ रहा था.

गार्ड ने सवाल किया,

“बैग में क्या है?”

सूरज ने सकूं से जवाब दिया,

“बैग? मेरा वेपन है.”

उस के चेहरे पर पैनिक का एक निशान तक नहीं था.

यह सुन कर गार्ड ने आँखें तंग की और बोलै,

“दिखाओ.”

सूरज ने फ़ौरन बैग नीचे रखा और खोल दिया.

सर नीचे झुकाते hi, एक hi पल में उस का चेहरा ब्रूटल हो गया, लेकिन सिर्फ एक लम्हे के लिए.

बैग के अंदर एक लकड़ी का डब्बा था. गार्ड ने इसे देख कर भौंवें चढ़ा ली और अपनी साइड पर राखी गन को पाकर लिया.

सूरज के हाथ बिलकुल धीमे थे जब उस ने लकड़ी के डब्बे का ढक्कन खोला.

गार्ड का दिल तेज़ धरकने लगा…

और फिर डब्बा खुला—

अंदर दो सुर्ख डैगर्स थे जो हलकी सी लाल रौशनी छोर रहे थे.

“बस मेरा वेपन hi है,” सूरज ने कहा और डैगर्स बहार निकाल लिए.

यह देख कर गार्ड ने सकूं का सांस ली और बोलै,

“माफ़ी चाहते हैं, आप जा सकते हैं.”

सूरज ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,

“कोई बात नहीं, ाचा काम जारी रखें.”

असल में स्पैलबुक्स सूरज ने पहले hi लकड़ी के डब्बे के नीचे छुपा दी थी. ये सिर्फ एक एहतियात thi—agar कभी किसी को बैग दिखाना पर जाये तो.

खैर, वो सिक्योरिटी को धोका देने में कामयाब हो गया.

वो अंदर ेमहम फारेस्ट में चला गया. उस के दिमाग़ में सिकंदर के अलफ़ाज़ गूँज रहे थे:

“टूटी हुई दरख़्त के बीच एक खोखला सुराख, जो दो बर्रे पत्रों के दरमियान दबा हुआ है.”

सूरज ने idhar-udhar देखा और उस की नज़र दो बोहत बारे बोल्डर्स पर पढ़ी.

यह देख कर उस के चेहरे पर ख़ुशी आ गयी और वो सीधा उन की तरफ दौरा—

लेकिन अचानक,

बेम!

दायी तरफ से गोली की आवाज़ आयी. सूरज ने बीच में hi अपनी ट्राजेक्टोरी बदल ली. उस के रेफ्लेक्सेस बोहत तेज़ थे, वो गोली से बच गया.

अगले hi लम्हे, चार लोग एक दम सामने आ गए—

ये वही चार लोग थे जो पहले ट्रैन में उस का पीछा कर रहे थे.

सूरज उन के चेहरे पहचान चूका था.

सामने खरा शख्स मुस्कुराया और बोलै,

“आखिर कार तुम मिल hi गए. Maan’na पड़ेगा, तुम काफी तेज़ हो… हम तुम्हें लगभग खो hi चुके थे.”

सूरज ने सब को स्कैन किया. जो बोल रहा था वो सब से ताक़तवर लग रहा था.

उस के जिस्म से निकलती और देख कर सूरज समझ गया—

रैंक फाइव ावकेनेड.

“मैं फँस चूका हूँ… मुझे उस सुराख तक पोहंचना hi होगा,” सूरज ने दिल में सोचा.

उस की नज़र बार बार उस खोखले सुराख की तरफ जा रही थी जिसका ज़िकर सिकंदर ने किया था.

सिकंदर ने कहा था के अगर वो उस सुराख के अंदर चला गया, तो वो मेहफ़ूज़ हो जायेगा. वो जगह किसी को भी उस तक पोहॉंछने से रोक सकती थी.

लीडर ने सूरज की नज़र देख ली और हंसी के साथ बोलै,

“भागने का सोच रहे हो?”

सूरज ने उस की बात को नज़रअंदाज़ करते हुए पुछा,

“तुम लोग हो कौन?”

लीडर की मुस्कराहट और गहरी हो गयी,

“हम तुम्हें पकड़ने आये हैं. तुम्हें इस्तेमाल कर के सिकंदर को बहार लाएंगे… और फिर उसे मार देंगे.”

“तोह यह स्पैलबुक्स के पीछे नहीं हैं…” सूरज ने सोचा.

उस के दिल में खौफ बैठ गया के कहीं यह लोग किसी पावरफुल फॅमिली से न हों. अगर ऐसा हुआ, तो उस के लिए बचना मुश्किल हो जाये गए.

लीडर ने बाक़ी तीन को इशारा किया,

“पकरो इसे.”

सूरज ने एक भी पल जाया नहीं किया.

उस का जिस्म आग से भर गया, मसल्स उभर आये. वो पूरी ताक़त से उस सुराख की तरफ भागना चाहता था—

लेकिन तीन लोग पल भर में hi उस के बिलकुल क़रीब आ गए.

तभी,

रूजआर!!!

बोऊं!!

अचानक एक भरी क्लब के वार से वो तीनों हवा में उछाल कर दूर जा गिरे. सब कुछ इतना तेज़ हुआ के उन्हें रियेक्ट करने का मौक़ा hi नहीं मिला.

सूरज की आँखें हैरत से फैल गयीं.

उस ने सामने देखा और दिल में कहा,

“उस ने झूट नहीं बोलै… लेकिन यह क्रेअटुरे उसे मिला कैसे?”

_ _ _

आज के लिए इत्नाह hi. ी होप ये episode बे आप सुब को पसंद ाहये गह

मई चाहता हूँ के स्टोरी को जल्दी जल्दी पोस्ट किया करों. 1 2 दिन बाद अपडेट दे दिया करों.

क्यों के इन दिनु मई फ्री होता. इस लिए टारगेट बे ज़ादा नहीं देता.

बूत लगता है स्टोरी इतनी अछि नहीं के टारगेट कम्पलीट हो.

अगर स्टोरी अछि नहीं लग रही तो बताओ मई स्टोए मई चंगेस कर देता हूँ.

अपने सुग्गेस्टियन्स दिया करो यार. अगर कोई प्रॉब्लम है स्टोरी मई तो मई वो ठीक करता.

बाकि टारगेट इस बार बे 50.

नहीं तो 30 दिसंबर को अपडेट ाहये गह.

बाकि बने रहिये साथ मिलते है नेक्स्ट episode मई तब तक के लिए.

थैंक्स एंड Bye..
 
थैंक्स बीआरओ फॉर रिव्यु एंड लिखे..

आधार का फैसला उस के बाप की वजे से. यहाँ पर उस के बाप का बाज़ू ठीक करने की ऑफर मिली. जिस वजा से उस ने सिकंदर क साथ जाने से मन किया.

बाकि देखती है सिकंदर क्या करता इस मामले मई.

कारन ने गलती की लेकिन सिकंदर को पता है क वो बरी फैमिलीज़ से नहीं लार सकता वो सुब तो लेवल 8 पर है.

और नेक्स्ट अपडेट से ओनली टारगेट hi रखों गए.

यार स्टोरी मई बोहत फाइट्स ाहये गई. बूत वो तो मोके के हिसाब से. अभी मिशन चल रहा प्लाची का जिस मई सिकंदर उन का मुककला नहीं कर सकता. प्लाची लेवे 7 है और सिकंदर अभी 5 पर बी नहीं है. तो जीत तो सकता नहीं. इस लिए या दुअरी तरह से hi ठीक हो गए मामला.

लेकिन जल्द hi मिशन कहने वाला है जिस मई काफी ज़ादा फाइट होने वाली. जिस मई लेवल 9 की पावर्स बे सामने ाहये गई. लेकिन उस से बी पहली सको का मिशन ाहये गह जिस मई अपनी पागल हो चुकी प्रिंसेस देखने को मिले गई..
 
कारन ने किसी और बरी और पावरफुल फॅमिली का सामान उठा लिए. जिस वजा से सिकंदर टेंशन मई यह गया.

और वो फॅमिली प्लाची से बी ज़ादा पावरफुल है.

और थॉमस वो बाँदा है जो सुब से चुप क स्पेल बुक त्यार करता है.

लेकिन उस का ज़ादा कोई काम नहीं इस स्टोरी मई इस लिए इसे भूल जाओ..

आधार का सन जल्द कहने वाला है.

बीएस हौसला रखो थोड़ा 😂😂
 
Episode 56

नई ॉपपोनेंट

सूरज हैरानी से अपने सामने खरे मख्लूक़ को देख रहा था. उसे यक़ीन hi नहीं आ रहा था के सिकंदर अपने अंदर के डेमों को दबाने में कामयाब हो गया… और उस ने एक सुपरनैचरल को ज़िंदा छोर दिया.

उस के सामने जो मख्लूक़ खरी थी, वह एक साईक्लोप्स था — उग्रक.

उग्रक ने गरज कर ज़ोर से रोर किया.

उस की रोर से हवा पर बोझ सा महसूस हुआ, जैसे प्रेशर वेव फैल गयी हो. लीडर और उस के साथी बुरी तरह हिला दिए गए. उन्हें यक़ीन नहीं आ रहा था के वह क्या देख रहे हैं.

‘साईक्लोप्स?! यह यहाँ कैसे आ गया?’

लीडर ने दिल hi दिल में हैरानी से सोचा.

उग्रक के पहले हमले में जो चार आदमी उछाल कर दूर जा गिरे थे, वह बुरी तरह ज़ख़्मी हो चुके थे. उग्रक के भरी क्लब ने उन के सीने के राइट साइड पर ज़ोर दार वॉर किया था, जिस की वजह से उन्हें सांस लेना मुश्किल हो रहा था.

लीडर ने भौंवें सिकोड़ ली.

उस का जिस्म आग से जल उठा.

िरद गिरद का टेम्परेचर एक दम बढ़ गया.

उस के राइट हाथ की पीठ पर एक रूण चमक उठी — रौशनी इतनी तेज़ थी के आँखें चुभने लगें.

यह रूण सिकंदर के ब्लैक लाइटनिंग रूण से मुख्तलिफ थी, और आधार के पर्पल फायर रूण से भी.

यह रूण मुकम्मल थी.

‘यह वाक़ई रैंक फाइव ावकेनेड है…’

सूरज ने दिल में सोचा.

फिर उस ने उग्रक की तरफ देखा जो उन सब पर साया बन कर खरा था.

‘क्या यह साईक्लोप्स… एक रैंक फाइव ावकेनेड को हरा सकता है?’

सूरज के ज़ेहन में सवाल उठा.

उग्रक की एक आँख लाल हो गयी.

उस के जिस्म की नसें फूल गयीं. उस के दांत और सींग तेज़ और मोठे हो गए. उस का जिस्म और ज़्यादा बारे हो गया.

सूरज ने देखा के उग्रक के जिस्म से dark-yellow और निकल रही थी.

यह देख कर सूरज चौक गया.

उस और में कुछ ऐसा था जो उसे सिकंदर के वाइट और की याद दिला रहा था.

अगर सिकंदर यहाँ होता, तो वह भी हैरान रह जाता.

यह dark-yellow और असल में फाॅर्स का एक आला दर्जा थी.

फाॅर्स के मामले में, उग्रक ने सिकंदर को भी पीछे छोर दिया था.

वह dark-yellow फाॅर्स को कण्ट्रोल कर रहा था.

एक लम्हा जाया किये बग़ैर, उग्रक ने लीडर की तरफ दौर लगा दी.

लीडर की आँखें फैल गयीं जब उस ने महसूस किया के उग्रक की और उसे दबा देने वाली है.

“फायर मैजिक — से ऑफ़ फायर!”

स्वूश!!

ज़मीन एक दम आग में घिरी.

दरख्तेय जल उठे…

लेकिन उग्रक की रफ़्तार पर कोई असर नहीं हुआ.

उस का जिस्म dark-yellow फाॅर्स के बैरियर में ढाका हुआ था जो आग को रोक रहा था.

“क्या?!”

लीडर ह्रास हो कर चीख पड़ा और साइड पर छलांग लगा दी.

क्रैक!!

उग्रक ने पागलपन से क्लब घुमाया.

कई दरख़्त टूट कर गिर गए. इस वार की ताक़त इतनी ज़्यादा थी के रैंक फाइव ावकेनेड भी इसे हलके में नहीं ले सकता था.

जब उग्रक लीडर से लर्र रहा था, सूरज चुप चाप साइड की तरफ निकल गया.

वह उन ज़ख़्मी आदमियों के पास गया जो पहले उग्रक के हमले में गिर चुके थे.

सूरज के दिल में कोई रेहम नहीं था.

जो लोग कुछ दिएर पहले उसे क़तल करना चाहते थे, उन के लिए कोई रेहम नहीं.

डब्बा खोल कर उस ने डैगर्स निकाले.

एक एक कर के…

उस ने सब को ख़तम कर दिया.

कोई भी ज़िंदा नहीं बचा.

बूम!!

अचानक लीडर हवा में ुरता हुआ सूरज के पास से गुज़रा और ज़ोर से दरख़्त से टकरा गया.

उग्रक का वार लगा था.

उग्रक का जिस्म आग में जल रहा था.

Dark-yellow बैरियर टूट चूका था — आखिर रैंक फाइव ावकेनेड के स्पेल्स मज़ाक़ नहीं होते.

लेकिन अजीब बात यह थी…

उग्रक को कोई नुकसान नहीं हुआ था.

लीडर मुश्किल से उठा.

उस का जिस्म नीले दाघूँ और खून से भरा हुआ था.

रोर!!

उग्रक ने फिर से गरज कर रोर किया.

हवा काँप उठी.

बूम!!

उस रोर से एक खौफनाक सौंदवावे निकली.

क़रीब के तमाम दरख़्त ज़मीन से लग गए.

लीडर ने अपने आग से बने बाज़ू सामने ला कर गार्ड ली, फिर भी वह पीछे धकेल दिया गया.

जैसे hi सौंदवावे ख़तम हुई, लीडर ने उग्रक के जिस्म में तब्दीली महसूस की.

उग्रक की लाल स्किन से इन्तेहाई तेज़ गर्मी निकल रही थी.

उस की आँख से आंसू बहने लगे…

लेकिन गर्मी की वजह से फ़ौरन भाप बन कर ग़ायब हो गए.

अगर सिकंदर यहाँ होता, तो वह फ़ौरन पहचान जाता.

यह उग्रक का आखरी और सब से ताक़तवर अटैक था — वही स्किल जो कभी सिकंदर को भी ज़ख़्मी कर चुकी थी.

उग्रक की ताक़त हर सेकंड बढ़ रही थी.

लीडर का चेहरा सफ़ेद पर गया.

उस ने एक पल भी जाया नहीं किया… और भाग निकला.

सूरज उस के पीछे भागना चाहता था, लेकिन लीडर बोहत तेज़ था.

‘लानत… वह भाग गया. बाद में वापस आएगा…’

सूरज ने दांत पीसते हुए सोचा.

वह जानता था के उसे लीडर को मरना चाहिए था — लेकिन वह इतना ताक़तवर नहीं था.

अगर साईक्लोप्स न होता… तो आज सूरज ज़िंदा न होता.

‘यह लोग ज़रूर प्लाची की तरफ से थे… सिकंदर को फंसने के लिए मुझे बैत बनाना चाहते थे,’

सूरज ने सोचा.

तभी उस के पीछे से भारी क़दामून की आवाज़ आयी.

थुड़… थुड़…

उग्रक सूरज के पास आकर रुक गया.

उस का बारे जिस्म सूरज की नज़र को पूरी तरह धक् रहा था.

उग्रक ने नीचे देखा.

सूरज पसीने में नाहा गया.

उग्रक ने उसे सूंघता हुआ कहा,

“उग्रक को लगता है… तुम्हारी खुशबू पहचानी सी है.”

सूरज फ़ौरन बोलै,

“मुझे सिकंदर ने भेजा है. मुझे यह बैग उस राज़ वाली जगह में रखना है… उस गड्ढे के अंदर.”

उस ने होलो होल की तरफ इशारा किया.

उग्रक ने इशारे से सूरज को फॉलो करने को कहा.

हर क़दम पर ज़मीन काँप उठती.

उग्रक पहले से ज़्यादा ताक़तवर लग रहा था.

शायद… अगर सिकंदर वेयरवोल्फ न बनता, तो उग्रक उसे भी हरा देता.

सूरज ने हाथ होल के अंदर डाला.

उसे महसूस हुआ जैसे हाथ कहीं और टेलिपोर्ट हो रहा हो.

अंदर ठण्ड ज़्यादा थी… और जगह बिलकुल मुख्तलिफ महसूस हो रही थी.

यक़ीन होने के बाद, सूरज खुद भी अंदर चला गया.

अंदर का मंज़र पहले जैसा था… लेकिन इस दफा खाली.

सिर्फ उग्रक आग के पास बैठा था… और एक और वजूद था.

“वूहू!!”

एक लाल स्किन का 1 छोटा सह बचा— मुश्किल से एक साल का — इधर उधर भाग रहा था.

उस की रफ़्तार हैरान कुन थी.

“दिरमिर, इधर आ कर खाना खाओ,”

उग्रक ने कहा.

खाने का नाम सुनते hi दिरमिर पल भर में आ कर बैठ गया.

सूरज ने गौर से देखा.

दिरमिर के पास लाइटनिंग पावर थी.

और… उस की दो आँखें थी.

“यह… आप का बीटा है?”

सूरज ने हिचकिचाते हुए पुछा.

“दिरमिर, उग्रक का बीटा है.

वह half-human है,”

उग्रक ने जवाब दिया.

सूरज ने सर हिला दिया.

अब सब समझ आ गया.

उग्रक ने पुछा,

“बैग में क्या है?”

सूरज ने बैग उठा कर कहा,

“सिकंदर ने कहा है यहाँ रखना. खोलना मत… वर्ण वह ग़ुस्सा हो जाये गए.”

उग्रक ने बैग हूत के अंदर रख दिया.

“तुम्हारा नाम?”

उग्रक ने पुछा.

“सूरज.

सिकंदर का सब से क़रीबी दोस्त,”

उस ने जवाब दिया.

सूरज आग के पास बैठ गया और बोलै,

“जब तक सब ठीक नहीं होता… मैं यहीं रुकूँ गए.”

आग की लपटों में देखते हुए, उस के ज़ेहन में सिर्फ एक बात थी—

यह जुंग अभी ख़तम नहीं हुई.

.

.

.

.

मैंवहीले…

डंकन हमेशा की तरह अपने ऑफिस में बैठा था के अचानक उसका फ़ोन बज उठा. उसने सुस्त अंदाज़ में फ़ोन उठाया और कान से लगा लिया.

“कौन है?” उसने ुक्तये हुए लहजे में कहा.

दूसरी तरफ से एक घबराई हुई आवाज़ आयी,

“प्रेजिडेंट! एक बोहत बुरी सिचुएशन हो गयी है!”

डंकन सीधा हो कर बैठ गया.

“स्पैलबुक्स! वो… वो हमारी इन्वेंटरी से गायब हो चुकी हैं! कोई उन्हें चुरा कर ले गया है!”

यह सुनते hi डंकन अपनी कुर्सी से उठ खरा हुआ.

“व्हाट?! ये कैसे हो सकता है?! तुम लोगों से ये कैसे होने दिया?!”

“A-alarm बजा था सर, हमारे आदमी फ़ौरन पोहंच गए थे… लेकिन जब तक वो वहां पोहंचे, बॉक्स पहले hi गायब हो चूका था.”

डंकन की उँगलियाँ काँप रही थीं जब उसने अगला सवाल किया,

“क्या कुछ भी मिला? कोई क्लू? कोई लीड?!”

“सर… उन्हों ने तीन लोग देखे थे. सफेद कपड़ों में, और उनकी गर्दनों में लाल स्कार्व्ज़ थे. अलार्म बजने के फ़ौरन बाद एक आदमी ने उन्हें देखा.”

डंकन ने ग़ुस्से में फ़ोन ज़मीन पर पटक दिया और कॉल ख़तम कर दी.

वो वापस कुर्सी पर बैठ गया, गहरी सोच में डूबता हुआ.

“तीन लोग सफ़ेद कपड़ों में… आखिर ये कौन हो सकते हैं?”

कुछ दिएर सोचने के बाद उसने na-chahte हुए एक और नंबर डायल किया.

“बेहतर है खुद बता दूँ… वर्ण अगर उन्हें खुद पता चल गया तो अंजाम और बुरा होगा.”

कुछ रिंग्स के बाद कॉल उठाई गयी.

“सर… मुझे अफ़सोस है के डिस्टर्ब कर रहा हूँ, लेकिन स्पैलबुक्स चोरी हो चुकी हैं. तीन अफ़राद थे, सफ़ेद लिबास और लाल स्कार्व्ज़ के साथ,” डंकन ने खौफ छुपाते हुए कहा.

उसके माथे पर पसीना था.

दूसरी तरफ से सख्त ग़ुस्सा सुनाई दिया. गालियां, धमकियाँ… लेकिन डंकन हैरान रह गया जब उसे कोई सजा नहीं मिली.

आखिर में सिर्फ इतना कहा गया,

“अब कुछ नहीं हो सकता. उन्हें ढूंढो… लेकिन याद रखना, ये बोहत खतरनाक होगा.”

कॉल ख़तम हुई.

डंकन ने गहरी सांस ली.

“लगता है higher-rank फैमिलीज़ फिर से हरकत में आ चुकी हैं… और चोर कोई आम बाँदा नहीं हो सकता.”

.

.

.

सिकंदर और आधार इस वक़्त जारी में थे, शहर की सड़कों पर तेज़ी से आगे बढ़ रहे थे. दोनों फॉर्मल कपड़ों में थे — लगता था किसी ख़ास जगह जा रहे हों.

“आधार,” सिकंदर ने आवाज़ दी.

आधार खिड़की से बहार मंज़र देख रही थी. उसने हल्का सा सर मोड़ कर कहा,

“हम्म?”

“तुम जानती हो न… हम एक दूसरे से सब कुछ शेयर कर सकते हैं?” सिकंदर ने नरमी से कहा.

आधार ने नज़र चुरा ली.

“…”

“तो फिर बताओ… तुम फैराडे यूनिवर्सिटी शिफ्ट होने से क्यों इंकार कर रही हो? मुझे सच बता सकती हो,” सिकंदर ने पुछा.

कुछ लम्हों तक ख़ामोशी रही. आधार ने होंठ दांतों में दबा लिए.

आखिर उसने धीमी आवाज़ में कहा,

“उन्हों ने कहा है… अगर मैं यहाँ रुकी रही, तो वो मेरे डैड का कटा हुआ हाथ वापस ऊगा देंगे. मैं उनसे कभी कभी नफरत करती हूँ… लेकिन फिर भी… मैं चाहती हूँ के वो पहले जैसे हो जाएँ.”

सिकंदर की भौंहें सिकुड़ गयीं.

“इस लिए…”

उसने दिल में सिस्टम से पुछा,

“सिस्टम, क्या कोई आइटम है जो एक नार्मल इंसान का हाथ रिस्टोर कर सके?”

<सिस्टम: हाँ. बॉडी रेस्टोरिंग पिल एक नार्मल इंसान का हाथ वापस ला सकती है.

क़ीमत: 5,000 गोल्ड>

सिकंदर हैरान हुआ, लेकिन मुत्मइन भी.

“महंगी है… लेकिन na-mumkin नहीं.”

वो आधार की तरफ देखता हुआ बोलै,

“तुम मेरे साथ फैराडे यूनिवर्सिटी चलो. मैं खुद तुम्हारे डैड का हाथ ठीक कर दूंगा.”

आधार ने शॉक से सिकंदर को देखा.

“T-tum ये कर सकते हो?!”

“बस मुझ पर भरोसा रखो,” सिकंदर ने हल्का सा मुस्कुरा कर कहा.

उसने प्यार से आधार के सर पर हाथ रखा.

ये छोटा सा इशारा आधार के दिल तक उतर गया. उसके गाल हल्के से सुर्ख हो गए और उसने नज़र झुका ली.

उसके सीने में अजीब सी गर्मी महसूस हुई — जैसे वो किसी के लिए वाक़ई अहमियत रखती हो.

वो फिर सिकंदर को देखने लगी, लेकिन इस दफा उसकी आँखों में एक नया यक़ीन था.

“शायद… मैं वाक़ई उस पर भरोसा कर सकती हूँ.”

_ _ _ _

इंटरनेट पर मौजूद हर मुमकिन मालूमात हासिल करने के बाद, सिकंदर और आधार लाइब्रेरी से बहार निकल आये.

फैराडे यूनिवर्सिटी के प्रिंसिपल ने उन्हें एक फेवर देने पर रज़ामंदी ज़ाहिर की थी.

सिकंदर को उम्मीद थी के प्रिंसिपल कुछ वक़्त बाद फ़ोन या मैसेज के ज़रिये जवाब दें गए, लेकिन उसकी उम्मीद के बिलकुल bar’aks, प्रिंसिपल ने अचानक खुद उन्हें face-to-face मीटिंग के लिए बुला लिया, और यह भी बताया के उन्हें जवाब पहले hi मिल चूका है.

यह बात सिकंदर और आधार दोनों के लिए हैरत अंगेज़ थी.

इतनी गहरी और पुराणी मालूमात इतनी आसानी से मिल जाना… यह नार्मल बात नहीं थी.

आखिरकार, सिकंदर और प्रिंसिपल के दरमियान यह तय हुआ के वह ोचीरा यूनिवर्सिटी के क़रीब मौजूद एक six-star होटल रेस्टोरेंट में मिलेंगे — अमेथिस्ट होटल, जो एवं और ख़ास दोनों में बोहोत मशहूर था.

अमेथिस्ट होटल सिर्फ आम लोगों के लिए नहीं, ावकेनेड लोगों के लिए भी मुकम्मल फैसिलिटीज रखता था. यह होटल सेलिब्रिटीज और इलीट ावकेनेड को ैकमोदते करने के लिए जाना जाता था, अपनी high-end सर्विसेज और शानदार सिक्योरिटी की वजह से.

मुख़्तसर यह के, अमेथिस्ट होटल इस सेक्टर का एक लीजेंडरी होटल था.

सिकंदर और आधार होटल पोहचते हैं, जारी से उतरने से पहले अपने कपड़ों को ठीक करते हैं, फिर जारी से बहार निकलते हैं.

सिकंदर ने ब्लैक टुक्सेडो पहना हुआ था — वह टुक्सेडो जो आधार ने कुछ घंटे पहले ज़बरदस्ती खरीदवाया था इस मीटिंग के लिए.

टुक्सेडो उसके जिस्म पर बिलकुल फिट बैठ रहा था, उसकी मस्कुलर पोस्चर को और भी नुमाया कर रहा था.

उस पर लगायी हुई महंगी कोलोन उसकी मरदाना पर्सनालिटी को और गहरा बना रही थी.

आधार, दूसरी तरफ, O-neck रेड ड्रेस में थी जो देखने वालों की नज़र को खुद बा खुद अपनी तरफ खींच रही थी.

ड्रेस उसकी लम्बी, पतली टांगों का हल्का सा इशारा देती थी, और रेड हाई हील्स उसकी हाइट को सिकंदर के बराबर ला रही थी.

उसके बाल नेअटली बन में बंधे हुए थे, उसकी सफ़ेद और मुलायम गर्दन बिलकुल नुमाया थी, जो उसकी ख़ूबसूरती को और बढ़ा रही थी.

उसने नेचुरल मेकअप किया हुआ था, जब के गहरी लाल लिपस्टिक उसके ड्रेस के साथ कमल का कंट्रास्ट पैदा कर रही थी.

जैसे hi वह जारी से बहार निकली…

कई नज़रें उस पर टिक गयीं.

सिकंदर ने एक नज़र idhar-udhar देखि, फिर आधार की कमर पर हाथ रखा और दोनों होटल के एंट्रेंस की तरफ चल दिए.

होटल के बहार महंगी और लक्ज़री गाड़ियों की लम्बी लाइन लगी हुई थी, और अंदर आने वाले लोग भी कामयाब और पावरफुल लग रहे थे — चाहे वह ावकेनेड हों या नार्मल.

रिसेप्शन पर पोहंच कर सिकंदर ने कहा:

“एक्सक्यूज़ में, मैं वर्गास पियर्स के नाम से बुक की गयी रूम के लिए आया हूँ.”

प्रिंसिपल ने पहले hi सिकंदर को मैसेज कर के रूम बुकिंग का नाम भेज दिया था.

सिकंदर नहीं जानता था के वर्गास कौन है, लेकिन वह सिर्फ प्रिंसिपल की हिदायत फॉलो कर रहा था.

जैसे hi रिसेप्शनिस्ट ने यह नाम सुना…

उसका रवैया तुरंत बदल गया.

वह फ़ौरन झुक कर सलाम करता है और सिकंदर और आधार को खुद गाइड करने लगता है.

होटल का इंटीरियर वाइट, ग्रे और ब्लैक रंगों से भरा हुआ था — क्लासी और इलीट.

ग्रे मार्बल फ्लोर, सफ़ेद दीवारें और यूनिक सॉफ्ट लाइटिंग पूरी जगह को बोहोत hi pur-sukoon बना रही थी.

रिसेप्शनिस्ट उन्हें रेस्टोरेंट सेक्शन से गुज़रता हुआ सेकंड फ्लोर पर एक ख़ास रूम तक ले जाता है.

पूल के पास से गुज़र कर, वह एक बोहोत बरी और भारी दरवाज़े के सामने रुकता है.

दरवाज़ा खुलता है…

और वाक़ई वह एक हॉल होता है.

हॉल के बीच में एक लम्बी डाइनिंग टेबल राखी होती है, और उस पर दो लोग मौजूद होते हैं.

सिकंदर ने फ़ौरन पहचान लिया —

प्रिंसिपल और उसके साथ खरा एक और आदमी.

जैसे hi सिकंदर और आधार अंदर दाखिल होते हैं, दोनों लोग खरे हो जाते हैं.

रिसेप्शनिस्ट अदब से दरवाज़ा बंद कर देता है.

“यह… सिकंदर सिल्वेर्स्टर, वेलकम,” प्रिंसिपल मुस्कुराते हुए कहता है और हाथ आगे बढ़ाता है.

सिकंदर भी हाथ बढ़ाता है, दोनों हाथ मिलते हैं.

फिर सिकंदर पूछता है:

“अगर बुरा न मनाएं… क्या वर्गास पियर्स आप का नाम है?”

यह सुन कर प्रिंसिपल हल्का सा हंस देता है.

“अब जब तुम ने पुछा है, तोह हाँ… मैं ने अपना नाम पहले कभी बताया hi नहीं,”

“जी हाँ, मेरा नाम वर्गास पियर्स है.”

फिर वर्गास की नज़र सिकंदर के साथ खरी खूबसूरत औरत पर पड़ती है.

आधार ऐसी लग रही थी जैसे हर मर्द की नज़र को मजबूरन अपनी तरफ खींच ले — चाहे वह कितना hi एक्सपेरिएंस्ड या umar-rasida क्यों न हो.

“तोह यह वह लड़की है जिसका तुम ज़िकर करते रहते हो… आधार ालपेनोरे,”

वर्गास कहता है और आधार की तरफ बढ़ता है.

वह अदब से आधार का हाथ पाकर कर हल्का सा बोसा देता है.

“ग्रीटिंग, मस. आधार. मेरा नाम वर्गास पियर्स है… और मैं तुम्हारा फ्यूचर प्रिंसिपल भी हूँ.”

आधार ने सर झुकाया और नरमी से मुस्कुराते हुए जवाब दिया:

“आपसे मिल कर ख़ुशी हुई, सर वर्गास.”

मुख़्तसर ta’aruf के बाद, वेटर हॉल में दाखिल होता है और खाना सर्वे करता है.

पोटेड क्रेबस और सामन की प्लेट्स उन तीनो के सामने रख दी जाती हैं.

खाने की खुशबू फ़ौरन हवा में फैल जाती है.

“बिज़नेस शुरू करने से पहले,” वर्गास कहता है,

“क्यों न हम थोड़ी दिएर खाने का लुत्फ़ उठाएं?”

सिकंदर और आधार एक दोसराय की तरफ एक छोटी सी नज़र डालते हैं, फिर खाना शुरू कर देते हैं.

उन्हें जल्दी थी…

लेकिन वर्गास को जल्दी नहीं करवाई जा सकती थी.

आखिरकार, वह उन पर एहसान कर रहा था.

इस दौरान, वर्गास के साथ खरा आदमी एक पल के लिए भी नहीं हिला.

उसका चेहरा बिलकुल be-ta’assur था — जैसे एक मशीन.

न आवाज़, न हरकत, न तवज्जो.

कुछ भी हो रहा हो, वह बिलकुल मुतासिर नहीं लगता था.

सिकंदर उस पर चोरी छुपी नज़रें डालता है.

वर्गास यह नोटिस कर लेता है और हलकी सी मुस्कराहट के साथ कहता है:

“फ़िक्र मत करो, यह मेरा असिस्टेंट है.”

“और अगर तुम सोच रहे हो के यह खाने में शामिल क्यों नहीं… तोह वजह यह है के यह अभी ड्यूटी पर है.”

वर्गास हलकी सी हंसी के साथ यह बात कहता है.

यह सुन कर सिकंदर भी अदब से मुस्कुराता है.

.

.

.

.

जब तीनो लोग खाना खा रहे थे,

कारन खिड़की के पास बैठा ख़ामोशी में सोच रहा था. उसके दिल पर अभी तक अपनी ग़लती का बोझ था. उस रात जो कुछ भी हुआ, उसकी ज़िम्मेदारी का एहसास उसे अंदर से खा रहा था. वो किसी हल तक पोहंचना चाहता था, किसी ऐसे रास्ते तक जो उस मुसीबत को सुलझा सके जो उसने खुद पैदा की थी.

रात की ठंडी हवा उसके चेहरे को छू रही थी, और उसकी आँखें हलकी सी चमक रही थीं.

उसने एक काग़ज़ उठाया और लिखना शुरू kiya—us रात की हर छोटी बरी बात. जो कुछ उसने महसूस किया, जो देखा, जो सुना… एक एक लम्हा. काग़ज़ धीरे धीरे अलफ़ाज़ से भरने लगा.

कारन ने अपनी नज़र से उस रात के तमाम वाक़िआत likhe—Fatman का किडनैप होना, फैक्ट्री के अंदर का वाक़िअ, और वह सब कुछ जो उसने अपनी आँखों से देखा.

उसने कभी सिकंदर को गुस्से में नहीं देखा था. उसकी नज़र में सिकंदर हमेशा pur-sukoon, हमेशा कण्ट्रोल में रहता था.

सिकंदर का हर क़दम इतना भरोसा और यक़ीन रखता था जैसे हर चीज़ उसके हाथ में हो. मगर आज… आज उसके जज़्बात फूट परे थे.

इसका सिर्फ एक मतलब tha—masla इस दफा बोहत ज़्यादा गहरा था.

इसी लिए कारन उसकी मदद करना चाहता था, चाहे उसकी मदद कितनी hi छोटी क्यों न हो. उसे नहीं पता था के वो सिकंदर के लिए ये सब कर रहा है या अपने दिल के बोझ को हल्का करने के लिए.

मगर जो भी था, इसी एहसास ने कारन को मजबूर किया के वो सिकंदर की मदद करे.

इसी दौरान, दुसरे कमरे में रीज़े ज़मीन पर सिमट कर लेता हुआ था.

अगर कोई घोर से देखता, तो उसकी बंद आँखों से आंसू बहते नज़र आते. वो ख़ामोशी से रो रहा था… अकेला.

.

.

.

वापस अमेथिस्ट होटल में,

“आधार भी रैंक फोर ावकेनेड है, इस लिए वो फैराडे यूनिवर्सिटी की ताक़त में इज़ाफ़ा करेगी. और वो केविन के खिलाफ जीत भी सकती है,” सिकंदर ने फख्र से कहा.

यह सुन कर वर्गास की आँखें चमक उठीं.

वो pur-josh नज़रों से आधार को देख कर बोलै,

“क्या तुम अपना एलिमेंट दिखा सकती हो?”

सिकंदर के सर हिला कर इशारा देने पर, आधार ने अपनी मन जमा की और अपनी हथेली पर मर्कूज़ की.

अगले hi लम्हे, पर्पल फिर उसकी हथेली पर भाररक उठी और पूरा माहौल पर्पल रौशनी से चमक उठा.

यह देख कर वर्गास कुर्सी पर पीछे झुक गया, उसकी नज़र सिर्फ उस आग पर जमी हुई थी.

सिकंदर सिर्फ उसके चेहरे से hi अंदाज़ा लगा सकता था के वर्गास कितना हैरान हो चूका है.

“La-jawab… यह पर्पल फायर वाक़ई एक पीक ग्रेट एलिमेंट है,” वर्गास ने हैरानी से कहा.

वो गहरी सांस ले कर पर्पल फायर को देखता रहा, जैसे वो आग किसी खूबसूरत औरत की तरह उसके सामने रक़्स कर रही हो.

आधार ने फिर आग को ख़तम किया और सीढ़ी हो कर वापस बैठ गयी.

“तुम दोनों के हमारी यूनिवर्सिटी ज्वाइन करने से हमारा रैंक यक़ीनन बोहत ऊपर चला जाये गए,” वर्गास हंस कर बोलै.

उसके चेहरे की हलकी झुर्रियां भी उसकी ख़ुशी छुपा नहीं प् रही theen—wo वाक़ई जवान सा लगने लगा था.

आधार ने कोई जवाब नहीं दिया. उसने पहले hi फैराडे यूनिवर्सिटी ज्वाइन करने का फैसला कर लिया था.

सिकंदर ने उससे वडा किया था के वो उसके डैड का कटा हुआ बाज़ू वापस लौटा dega—aur आधार के लिए यह वडा काफी था.

कुछ दिएर बाद,

सिकंदर और आधार ने स्टार्टर ख़तम कर लिया. खाना la-jawab था, लेकिन वो सिर्फ खाने के लिए यहाँ नहीं आये थे.

“प्रिंसिपल, माज़रत के साथ… क्या हम खाने के दौरान सहने थॉम्पसन के बारे में बात कर सकते हैं?” सिकंदर ने पुछा.

यह सुन कर वर्गास ने खाना छोर दिया और कोने में खरे वेटर को इशारा किया के वो कमरा छोर दे.

वेटर के जाते hi, वर्गास ने एक भूरी फाइल निकली.

उसने फाइल टेबल पर रख कर सिकंदर की तरफ सरका दी.

“सहने थॉम्पसन के बारे में हर ज़रूरी चीज़ इस रिपोर्ट में hai—uski पैदाइश, उसका रिकॉर्ड, उसके कनेक्शंस, हत्ता के उसकी मौजूदा रिहाइश भी,” वर्गास ने वाज़ेह किया.

सिकंदर ने फ़ौरन फाइल kholi—sab कुछ वाक़ई अंदर मौजूद था. फिर उसने सिस्टम से स्कैन करवाया, ताके कोई चीज़ मिस न हो.

उसने फाइल आधार को दे दी, जिसने उसे अपने बैग में रख लिया.

सिकंदर ने महसूस किया के आधार की हरकतें सख्त और सांस be-qaabu सी हैं.

‘ये घबरा रही है… इसे आदत डालनी होगी,’ उसने सोचा.

सिकंदर शुक्रिया ऐडा करने hi वाला था के—

“सिकंदर… क्या तुम किसी मुश्किल में हो?” वर्गास ने बीच में hi पूछ लिया.

सिकंदर एक लम्हे के लिए सकता में आ गया.

उन दोनों के दरमियान सख्त ऑय कांटेक्ट हो गया. इतना गहरा के आधार ने भी घूँट लिया.

यह सिकंदर की आदत thi—jab वो सोचता था, वो सामने वाले की आँखों में सीधा देखता था.

कुछ लम्हों बाद, सिकंदर ने कहा,

“सब कुछ मेरे कण्ट्रोल में है.”

वर्गास ने आँखें सिकोड़ कर उसे देखा.

“मुझे तुम्हारी आँखें पसंद हैं… बिलकुल मेरी जवानी जैसी. Be-khof और be-larzah,” वर्गास बोलै.

फिर उसकी आवाज़ हलकी हो गयी,

“मगर वही ग़लती मत करना जो मैंने की… मैं ने इसी ज़िद की वजह से अपनी बेटी खो दी.”

वो नज़र हटा कर पीछे हो गया.

माहौल उदास होने hi वाला था के—

“लेकिन मुझे यक़ीन है तुम सही फैसले करोगे. मुझ से मदद मांग कर तुमने ठीक किया,” वर्गास ने कहा.

अचानक उसका असिस्टेंट आया और उसके कान में कुछ कहा.

वर्गास ने सिकंदर की तरफ देखा,

“तुम दोनों के साथ खाना खाना ाचा लगा, लेकिन मुझे जाना होगा. बाक़ी का खाना एन्जॉय करो.”

इतना कह कर वर्गास और उसका असिस्टेंट वहां से चले गए.

उनके जाते hi आधार सीधा कुर्सी पर ढेर हो गयी.

“टेंशन ख़तम हो गयी,” उसने गहरी सांस ले कर कहा.

“आधार , क्या तुम्हें उनमें कोई मालिसियस इंटेंट महसूस हुई?” सिकंदर ने पुछा.

आधार इमोशनल और देख सकती thi—isi लिए सिकंदर उसे हर ऐसी मीटिंग में साथ रखता था.

“उसकी बेटी का ज़िकर करते वक़्त उसके अंदर ग़म था… लेकिन मुझे कोई दुश्मनी महसूस नहीं हुई,” आधार ने जवाब दिया.

सिकंदर ने सर हिला दिया.

उसने वर्गास का इंतेखाब इस लिए किया था क्यों के अगर वो दोनों मर गए, तो वर्गास का भी नुकसान होता.

यह एक win-win डील थी.

जब सिकंदर और आधार उठ कर जाने लगे,

“हम?” सिकंदर के चेहरे पर घेरा पैन आ गया.

उसने अचानक तीन बोहत ताक़तवर औरस महसूस किये.

वो आधार को खींच कर खिड़की की तरफ ले गया, लेकिन जैसे hi वो कूदने वाला tha—hawa का एक बैरियर सामने आ गया.

वो ज़ोर से पीछे धकेल दिया गया.

‘हमें फंसा लिया गया है,’ सिकंदर ने सोचा.

“सिकंदर सिल्वेर्स्टर… हमें लगता है के तुम्हारे पास कोई चीज़ है जो असल में हमारी है,” एक औरत की आवाज़ कमरे में गूँज उठी.

सिकंदर ने पीछे मूढ़ कर dekha—teen लोग वहां खरे थे.

उसने फ़ौरन उन्हें स्कैन किया… और उसी लम्हे भाग जाने का ख्याल छोर दिया.

‘इस से भागना मुमकिन नहीं,’ सिकंदर ने दिल में कहा.

_ _ _ _

सिकंदर के सामने जो लोग सफ़ेद ुनिफॉर्मस पहने खरे थे, वह आम लोग बिलकुल भी नहीं थे. वह सब इन्तेहाई ताक़तवर ावकेनेड thay—khaaskar वह औरत जो उनके ग्रुप की लीडर लग रही थी.

सिकंदर ने पहले hi तीनो को स्कैन कर लिया था, और जो नतीजा निकला उस ने उसे अंदर से हिला दिया.

औरत के दोनों साइड्स पर खरे मर्द पीक रैंक फाइव ावकेनेड थे, और दोनों विंड Elementalist—bilkul उस औरत की तरह.

लेकिन असल मसला वह औरत खुद थी.

वह अर्ली रैंक सिक्स ावकेनेड थी.

सिकंदर ने पहले भी उस से ज़्यादा ताक़तवर ावकेनेड देखे थे, जैसे वर्गास, लेकिन उस ने कभी किसी रैंक सिक्स ावकेनेड को लरते हुए नहीं देखा था.

उसे यह भी नहीं पता था के कोई ावकेनेड रैंक सिक्स तक पोहचता कैसे है.

“यह बुरा है… यह लोग हमें पाकर चुके हैं,” सिकंदर ने दिल hi दिल में सोचा.

उसे पूरा यक़ीन था के यह वही ग्रुप है जो उन स्पैलबुक्स से ta’alluq रखता है जो कारन ने चुराई थीं. अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं tha—teeno विंड ेलेमेंटलिस्ट थे.

बिलकुल सीढ़ी शकल के साथ, सिकंदर ने आधार का हाथ पकड़ा और डाइनिंग टेबल की तरफ चल दिया.

उसके दिमाग़ में सिर्फ एक hi सवाल घूम रहा था:

यह इतनी जल्दी हम तक कैसे पोहंच गए?

सिकंदर ने पहले आधार के लिए कुर्सी खींच कर राखी, फिर खुद उसके पास बैठ गया. फिर उस ने हाथ के इशारे से उस औरत को अपने सामने बैठने का इशारा किया.

“प्लीज,” सिकंदर ने pur-sukoon आवाज़ में कहा.

सिकंदर के be-parwah रवैये को देख कर औरत की भौंहें सिकुड़ गयीं, लेकिन फिर भी वह उसके सामने आ कर बैठ गयी.

जैसे hi वह बैठी, हवा के साथ उस औरत की लकड़ी और जंगली दरख्तों जैसी खुशबू सिकंदर की नाक तक पोहंची.

उस खुशबू ने सिकंदर के ज़ेहन में कोई पुराणी याद जगा दी.

औरत ने बैठते hi दोबारा कहा,

“मैं समझती हूँ तुम्हारे पास वह चीज़ है जो हमारी है, सिकंदर सिल्वेर्स्टर.”

“कौनसी चीज़?” सिकंदर ने बिलकुल ठंडे लहजे में जवाब दिया.

उसने पहले hi शॉप से एक ट्रांस्फेर्राल क्रिस्टल खरीद रखा था.

अभी बात चल hi रही थी के एक वेटर खाना ले कर अंदर आ गया.

जैसे hi उस ने कमरे के अंदर तीन अजनबी लोग देखे, वह सकता में आ गया. कमरा पहले hi बूकेड था. वह तुरंत बहार जा कर मैनेजर को बुलाना चाहता था, लेकिन दरवाज़ा खोलने से पहले hi—

फ्वूश!

औरत के साथ खरे दोनों मर्दों में से एक पल भर में उसके पास पोहंच गया और दरवाज़े के सामने आ खरा हुआ.

वेटर का चेहरा खौफ से सफ़ेद हो गया.

वह मर्द शैतानी मुस्कराहट के साथ उसे घूरने लगा, लेकिन सिकंदर ने हाथ के इशारे से वेटर को कहा के खाना टेबल पर रख दो.

कमरे में तनाव बढ़ता जा रहा था जब वेटर कांपते हाथों से प्लेट्स टेबल पर रखने लगा.

खाना रखने के बाद, सिकंदर ने इशारा किया के वेटर उसके पास आ कर खरा हो जाये.

वेटर ने फ़ौरन हुक्म माना. वह सर झुकाये, पूरा काँपता हुआ खरा था.

सिकंदर ने स्टेक का एक टुकड़ा काटा और pur-sukoon अंदाज़ में दोबारा कहा,

“कौनसी चीज़? जाने अटकिंस.”

इंटरनेट पर की गयी रिसर्च के ज़रिये, सिकंदर ने हर मशकूक फॅमिली के मैं मेंबर्स का रिकॉर्ड निकाल लिया था.

और उसने इस औरत को पहचान लिया tha—Jane, अटकिंस फॅमिली की डायरेक्ट डेस्केन्डन्ट.

उसके बाल गहरे हरे रंग के थे, बिलकुल दरख्तों के पत्तों jaise—jo अटकिंस फॅमिली की मशहूर पहचान थी.

वह नाइन्थ रैंक फॅमिली thi—behad ताक़तवर.

जाने ने यह सुन कर मीठी सी हंसी हंसी.

फिर उसकी ठंडी, चीयर देने वाली नज़र सिकंदर पर टिक गयी.

“गेम्स मत खेलो. बताओ, तुम ने हमारी स्पैलबुक्स कहाँ छुपाई हैं?”

सिकंदर ने स्टेक का एक टुकड़ा मुंह में डाला, जैसे कोई खतरा हो hi न.

वह चबाते हुए हैरत से बोलै,

“क्या लज़ीज़ स्टेक है… तुम्हें भी पसंद आयी?”

आधार का चेहरा ज़र्द पर गया. उसे सिकंदर की सोच बिलकुल समझ नहीं आ रही थी.

जाने का चेहरा सखहत हो गया. उसके साथी जुबां से टस्क की आवाज़ निकालने लगे.

“मैं आखरी बार पूछ रही हूँ,” जाने ने घुर्राटे हुए कहा,

“स्पैलबुक्स कहाँ हैं?!”

सिकंदर ने सीढ़ी नज़र जाने से मिलायी.

“तुम लोग बिना चेहरा छुपाये यहाँ घुस आये हो… क्या तुम्हें एक्सपोज़ होने का डर नहीं?”

जाने ने फखर से कहा,

“तुम जैसे बचे से? मैं तुम्हें ऊँगली घुमा कर मार सकती हूँ.”

सिकंदर ने हलकी सी हंसी के साथ सर हिलाया.

“हैरत है… इतनी बड़ी फॅमिली की वारिस इतनी बेवक़ूफ़ भी हो सकती है.”

यह सुनते hi जाने का गुस्सा पहात पारा.

उस ने टेबल का किनारा पकड़ा और पूरी ताक़त से दीवार की तरफ फ़ेंक दिया—

बेम!!

टेबल दीवार से टकरा कर टुकड़ों में टूट गया.

आधार चीख उठी.

लेकिन सिकंदर…

उसके चेहरे पर ज़रा सी भी तब्दीली नहीं आयी.

जाने उठ खरी हुई.

“हम दूसरी डायमेंशन की फॅमिली से हैं. तुम बच्चों ने बोहत ग़लत चीज़ से खेलना शुरू कर दिया है.”

उसके पीछे हवा में एक अजीब सी ताक़त जमा होने लगी.

सिकंदर ने घोर से देखा—

यह सिर्फ और नहीं थी.

यह किसी ज़िंदा चीज़ की एनर्जी लग रही थी… जैसे जाने के अंदर कोई और मख्लूक़ रहती हो.

वह एनर्जी धीरे धीरे एक हवा से बना हुए शैतानी परिंदे की शकल इख़्तियार कर गयी.

वह परिंदा घुर्राता हुआ सिकंदर के सामने नुमाया हुआ, जैसे वह लाखों लाशों के ऊपर खरा हो.

सिकंदर भी अपनी कुर्सी से उठ खरा hua—bilkul pur-sukoon.

जाने ने धमकी देते हुए कहा,

“अगर तुम ने स्पैलबुक्स का नहीं बताया, तो मैं तुम्हारी छोटी सी टीम और तुम्हारे गिर्द सब को ऐसी दुनिया दिखाउंगी जिसे वह कभी समझ भी नहीं पाएंगे.”

परिंदे की ताक़त से पूरा कमरा दबने लगा.

आधार ज़मीन पर गिर गयी. जिस कुर्सी पर वह बैठी थी, वह टूट गयी और वह प्रेशर के नीचे डाब गयी.

साड़ी ताक़त का मरकज़ सिकंदर था.

जाने की आँखों में हैरानी आ गयी—

सिकंदर घुटनों पर नहीं गिरा.

उसका चेहरा बिलकुल नार्मल था.

“अंदर से मुश्किल है… लेकिन मुमकिन,” सिकंदर ने सोचा.

उसने सिस्टम से पुछा:

“यह परिंदा… क्या यही चीज़ है जो रैंक सिक्स बनती है?”

<सिस्टम: हाँ. रैंक सिक्स तक पोहॉंछने के लिए ावकेनेड को किसी स्पिरिट के साथ असिमिलते होना परता है. स्पिरिट के साथ मर्ज होने के बाद, ावकेनेड ऐसी ताक़त अनलॉक करता है जो उसके तसव्वुर से बहार होती है.>

सिकंदर ने दोबारा पुछा:

“यह परिंदा और जो फायर सरपेंट मुझे क्वेस्ट से मिलेगा… कौनसा ज़्यादा ताक़तवर है?”

<सिस्टम: फायर सरपेंट पांच हज़ार साल पुराणी स्पिरिट है. तुम्हारे सामने जो परिंदा है, वह उसके मुक़ाबले में सिर्फ एक बच्चा है.>

यह पढ़ कर सिकंदर मुस्कुराया.

इस मुलाक़ात से उसे बोहत क़ीमती मालूमात मिल चुकी थी.

अटकिंस फॅमिली का शुक्रिया… दिल hi दिल में.

अब बस एक hi मसला था—

ज़िंदा यहाँ से निकलना.

सिकंदर ने अपने टुक्सेडो के अंदर जेब की तरफ हाथ बढ़ाया…

मगर जैसे hi सिकंदर ने अपने हाथ हिलाये—

श्रृंग!!

बिजली की तरह चमकते हुए दो तलवारें सीधा सिकंदर के गले पर आ कर रुक गयीं. जाने के दोनों साइड खरे आदमी एक पल में मूव हुए और अपनी तलवारें उसकी गर्दन से लगा दें.

सिकंदर एक लम्हे के लिए बिलकुल सख्त हो गया.

फिर धीरे से उसने अपनी जेब से मोबाइल निकला.

उसने स्क्रीन पर एक तस्वीर kholi—ek डब्बा जिसमे स्पैलबुक्स मौजूद the—aur मोबाइल आगे करते हुए कहा,

“जो चीज़ तुम ढून्ढ रही हो… वह मेरे पास है. तुम्हारी तीन स्पैलबुक्स मेरे हाथ में हैं.”

जाने की नज़र पहले तस्वीर पर गयी, फिर सीधा सिकंदर पर टिक गयी.

सिकंदर ने pur-sukoon लहजे में कहा,

“मेरे आदमियों ने यह स्पैलबुक्स ग़लती से उठा ली थीं. हमारा चोरी का कोई इरादा नहीं था.”

जाने की आँखों में सख्ती आ गयी.

“तोह फिर वापस करो!”

उसके चेहरे पर एक खेलती हुई मुस्कराहट थी.

सिकंदर ने हलकी सी मोकेरी के साथ मुस्कुरा कर जवाब दिया,

“बदक़िस्मती से मैं इतना नैवे नहीं हूँ. अगर मैं यह वापस कर दूँ, तोह तुम मुझे ज़िंदा छोर दो गई? या यहीं मार डालो गई?”

जाने ने ठंडे लहजे में कहा,

“मैं तुम्हें अभी मार कर तुम्हारे ैकप्लिकेस का पता लगा सकती हूँ.”

उसने हाथ का इशारा kiya—qatl का हुक्म.

मगर सिकंदर फ़ौरन बोलै,

“अगर मैं मारा, तोह मेरा एक ैकप्लिके यह तीन स्पैलबुक्स सीधा रिड फॅमिली को दे देगा. और दूसरा ुवो को इन्फॉर्म करेगा.”

उसकी आँखों में चमक थी.

“सहने थॉम्पसन ने यह बुक्स बनायीं हैं… इसका मतलब यह ुंलिसेंसेड हैं, सही कहा न?”

जाने की आँखें हैरत से फैल गयीं.

उससे यक़ीन नहीं आ रहा था के एक स्टूडेंट इतनी गहरी सोच रख सकता है.

लाइब्रेरी में रिसर्च के दौरान सिकंदर ने सिर्फ फैमिलीज़ hi नहीं देखि theen—balkay स्पैलबुक्स के पीछे का पूरा गेम समझ लिया था.

उसका अंदाज़ा था के इस सब के पीछे अटकिंस, रिड और गरंलोर फैमिलीज़ का हाथ है.

और उन तीनों के दरमियान एक कोल्ड वॉर चल रही है.

रैंकिंग्स के मुताबिक़, अटकिंस और रिड सब से क़रीब थे.

अगर यह स्पैलबुक्स अटकिंस के लिए थीं और सिकंदर इन्हें रिड को दे देता—

तोह रिड उनकी पोजीशन चीन सकता था.

यह स्पैलबुक्स बोहत ज़्यादा पावरफुल थीं.

उनका असर पूरे बैलेंस को हिला सकता था.

यह सब सिकंदर की थ्योरी थी—

मगर जाने के चेहरे पर उभरते हुए टेंशन ने यह सब कन्फर्म कर दिया.

और यह सिर्फ एक चाल नहीं थी.

इंटरनेट पर रिसर्च करते हुए सिकंदर को ुवो का एक क़ानून मिला था:

हर एक 25 टॉप फैमिलीज़ में से सिर्फ एक ुंलिसेंसेड स्पैलबूक रख सकती है.

बाकी हर स्पेल ऑफिशियली रजिस्टर होनी chahiye—warna सख्त सजा.

पावर बैलेंस को कण्ट्रोल करने के लिए यह क़ानून बनाया गया था.

तीन पावरफुल ुंलिसेंसेड स्पैलबुक्स का मतलब था—

अटकिंस फॅमिली की तबाही.

चाहे उन्हों ने जंग में कितनी hi क़ुर्बानियां क्यों न दी हों.

सिकंदर ने जाने की हिचकिचाहट देखि और धीरे से कहा,

“अगर तुम पकरि गयीं… तोह अटकिंस फॅमिली का डायरेक्ट डेस्केन्डन्ट 50 साल के लिए जेल जा सकता है.”

उसने हल्का सा झुक कर कहा,

“टॉप 10 फॅमिली होने की वजह से सजा आधी हो जाए गई… कनेक्शंस लगा कर भी काम आज काम 10 साल.”

फिर मुस्कुराया.

“इतना वक़्त रिड और गरंलोर के लिए काफी है… तुम्हें पीछे छोड़ने के लिए, है न?”

जाने का जिस्म गुस्से से काँप उठा.

सिकंदर का चेहरा बिलकुल सकूं में था—

और एहि बात जाने को और ज़्यादा जला रही थी.

“चाहो तोह चेक कर लो,” सिकंदर ने कहा.

“आज मैं तुम्हारे रेहम ो करम पर हूँ.”

दोनों वर्डस्मैन जाने की तरफ देखने लगे—

हुक्म का इंतज़ार.

मगर हुक्म नहीं आया.

जाने ने जब्र से दांत पीस कर इशारा किया.

“तलवारें हटाओ.”

दोनों आदमी पीछे हैट गए.

आधार भी संभल कर खरी हो गयी.

उसकी आँखों में हैरानी थी—

ऐसे हालत में इतना कलम रहना… यह आम बात नहीं थी.

अगर वह सिकंदर की जगह होती—

शायद ज़िंदा भी न रहती.

सिकंदर और जाने एक दूसरे को घूरते रहे.

टेंशन फिर बढ़ गयी.

मगर इस दफा—

उप्पेर हैंड सिकंदर के पास थी.

सिकंदर ने अपना टुक्सेडो सीधा किया, आधार को देखा के वह ठीक है या नहीं, फिर कहा,

“तुम से बात करना बेकार है. मेरे टर्म्स सिर्फ एक hi सुन सकता है.”

जाने ने उलझन से पुछा,

“कौन?”

सिकंदर ने सीधा कहा,

“मैं बॉस से बात करना चाहता हूँ.”

जाने का दिल धक् से रह गया.

“यह लड़का… मेरे डैड से बात करना चाहता है?”

सिकंदर ने आधार का हाथ पकड़ा और दोनों आगे बढ़ गए.

जाने के पास रुक कर सिकंदर ने धीमी मगर सख्त आवाज़ में कहा,

“बॉस से मेरा मतलब… वेस्ली अटकिंस है.”

फिर वह वेटर के पास गया—

और एक पल में उसका सर पहात गया.

सीढ़ी, पैलेस मौत.

“माफ़ करना,” सिकंदर ने दिल में कहा,

“ग़लत जगह, ग़लत वक़्त.”

वह पहले hi देख चूका था के जाने के आदमी वेटर को किस नज़र से देख रहे थे.

उसके बाद—

सिकंदर और आधार हॉल से निकल गए.

और जाने…

अपनी जगह पर बिलकुल जैम चुकी थी.

_ _ _ _

आज के लिए इत्नाह hi. ी होप ये episode बे आप सुब को पसंद ाह्या हो गह.

लिखे टारगेट अभी बे शामे 50. ये कुछ episode नार्मल है फाइट नहीं है और मिशन बे स्टार्ट नहीं होवा तो लिखे टारगेट ज़ादा नहीं दे रहा. बूत 1 2 अपडेट के बाद मिशन शोरों होने वाला है पीर टारगेट ज़ादा हो जाये गह.

और फुल मून बे कहने वाला है. और आप सुब को पता hi हो गह क फुल मून पर हमेशा प्रोब्लेम्स होती है.

नेक्स्ट episode टारगेट कम्पलीट होने पर..

बने रहिये साथ. मिलते है नेक्स्ट episode मई तब तक के लिए.

थैंक्स एंड Bye..
 
थैंक्स बीआरओ फॉर रिव्यु एंड लिखे.

सिस्टम है तो क्या मुमकिन नहीं हो सकता बीआरओ. शाद ाउब रीडर्स भूल गौए थय. 😅😅

बाकि ये ज़ादा पावरफुल फैमिलीज़ हैं पळताची तो 25 रैंक पर है. हाईएस्ट रैंक 7 लेवल है प्लाची के पास.

अब देखो सिकंदर इन सुब से बचने के लिए क्या करता है.

प्रिंसिपल बोहत खास बाँदा है और सिकंदर और आधार का काफी साथ दे गह ाहगे चल कर. ये बे आप को पता चले गह बाद मई.

नेक्स्ट अपडेट से फुल मून कहने वाला है तो काफी चंगेस कहने वाले है. खास कर कारन क लिए. क्यों क उसे अभी तक पता नहीं क वो वेयरवोल्फ बन चूका है. और उस का ये 1सत फुल मून है.

बस बने रहिये साथ..
 
थैंक्स बीआरओ फॉर रिव्यु एंड लिखे.

बीआरओ अभी सिकंदर काफी प्रोब्लेम्स मई फसा होवा है. इस वक़त वो नहीं कर सकता कुछ.

चलो 1 हिंट दे देता हूँ, जैसे hi सिकंदर यूनिवर्सिटी चेंज करे गह आप को इरोटिक सन देखने को मिले गह.

बूत मुझे इरोटिक सन कबि लिखा नहीं तो ज़ादा आईडिया नहीं है. बूत कोशिश करों गए क ठीक से लिख सकें..

बीएस बने रहिये साथ.
 
थैंक्स बीआरओ फॉर रिव्यु.

असल मई स्टोरी का मज़ा तभी कहता है.

अगर सिर्फ फाइट hi फाइट हो तो उस स्टोरी का मज़ा नहीं कहता.

स्टोरी मई सस्पेंस बे होना चाहिए, रोमांस बे होना चाहिए, कुछ जासूसी बे होनी चाहिए, कुछ इमोशनल बे होना चाहिए,

तभी स्टोरी का मज़ा कहता.

और ये मिशन प्लानिंग और ठन्डे दिमाग से पूरा करने वाला है न के फाइट से.

फाइट बे मिले गई बोहत ज़ादा मिले गई.

लेकिन वक़त के साथ.

बस बने रहिये साथ..
 
Episode 57

यूल मून इस किंग

सुपरनैचरल टेरिटरी – वैम्पायर किंगडम

सोलोमन के क़िला के अंदर

सोलोमन के क़िला के अंदर एक azeem-o-shaan हॉल था — इतना वासी के हज़ारों लोग एक साथ खरे हो सकते थे बिना किसी घुटन के.

इस हॉल के बीच में be-shumar इंसान जमा हुए थे… सब कांपते हुए, डरे हुए.

ज़्यादा तर इंसान ज़ख़्मी नहीं थे,

लेकिन उन के गिर्द खरे वामपिरेस की नज़रें उन के लिए किसी क़तल से काम नहीं थी.

वामपिरेस ने इंसानो को बीच में रख कर दायरा बना लिया था.

उन की आँखें लाल थी, सांस भरी हुई,

और उन के हलक़ से भूक और जूनून भरी गरौल निकल रही थी.

उन्हें इंसानो के जिस्म के अंदर बेहतय हुए खून की हर लहर महसूस हो रही थी.

यह उन के लिए एक अज़ीम अज़ाब था —

जैसे भूके शिकारी के सामने be-bas शिकार हो…

लेकिन हाथ बंधे हुए हों.

गुस्से और हवस ने उन्हें पागल कर दिया था.

हॉल के दाएं दरवाज़े से

सोलोमन और नज़र अंदर आये —

उन के पर फैले हुए, शाही और खौफनाक.

सोलोमन के सियाह और लाल पर रौशनी छोर रहे थे,

जैसे खुद अँधेरा और खून उन के घुलम हों.

जैसे hi वह दोनों हॉल में दाखिल हुए,

वामपिरेस की गरौलिंग फ़ौरन खामोश हो गयी.

सब पीछे हैट गए,

रास्ता बनाया गया.

सोलोमन ने अपनी लाल आँखों से दोनों तरफ नज़र डाली.

इंसानों की तादाद देख कर उस के चेहरे पर हलकी सी मुस्कराहट आ गयी.

“हम्म… मेरी उम्मीद से ज़्यादा हैं.”

नज़र ने ठंडी और नफरत भरी नज़रों से इंसानो को देखा.

“सो यह कौनसा रिचुअल है जिस का तुम ज़िकर कर रहे थे?”

उस ने पुछा, आवाज़ में सख्ती थी.

उस के चेहरे से साफ़ ज़ाहिर था के

वह इंसानो के साथ एक hi कमरे में सांस लेना भी गवारा नहीं करती.

सोलोमन हंसा.

“तुम खुद देखोगी.”

सोलोमन ने अपने पर ज़ोर से फैलाये

और हवा में उठ गया.

उस ने वामपिरेस की तरफ देखा —

जिन के जिस्म तनय हुए थे,

जैसे बस इजाज़त का इंतज़ार हो.

“मेरे लोगों… शुरू करो.”

गरुवोल!!

अगला लम्हा क़ियामत था.

वामपिरेस इंसानो पर टूट परे —

जैसे मुर्दे पर कीड़े पर जाते हैं.

“आआह्ह्ह!!”

“नहीं! खुदा के वास्ते, यह मेरा बीटा है!”

चीखों और फर्यादों ने पूरा हॉल भर दिया.

यह qatal-e-aam था.

कोई भी इंसान ावकेनेड नहीं था.

और हर वैम्पायर काम आज काम रैंक फाइव का था.

इंसानों के लिए कोई चांस नहीं था.

नज़र ने भोंह चढ़ा दी.

उस ने सोलोमन की तरफ देख कर कहा,

“यह तोह आम फीडिंग जैसा hi लगता है. इस में रिचुअल क्या है?”

सोलोमन फिर हंसा —

इस दफा और ज़्यादा शरारती.

“बस देखते रहो.”

नज़र को हैरानी हुई,

क्यों के सोलोमन काम hi ऐसे मुस्कुराता था.

उस ने तवज्जो से देखा.

और फिर…

उसे फ़र्क़ नज़र आया.

हर वैम्पायर सिर्फ एक मर्तबा हर इंसान को काट रहा था.

किसी ने भी दुबारा बाईट नहीं किया.

जैसे कोई an-dekha क़ानून उन्हें रोक रहा हो.

कुछ दिएर बाद,

वामपिरेस पीछे हैट गए

और अपनी जगह पर वापस आ गए.

उन के दांतों से खून टपक रहा था —

सिर्फ एक छोटा सा घोंट लिया गया था.

यह उन के लिए बिलकुल na-kaafi था,

लेकिन सोलोमन की लाल नज़रों के सामने

किसी की हिम्मत नहीं थी.

इंसानो की गर्दनों पर दो खुनी निशान चमक रहे थे.

दर्द काम था…

लेकिन खौफ हद से ज़्यादा.

“रिचुअल शुरू होता है.”

सोलोमन की आँखें गहरी लाल हो गयीं.

उस ने अपने बाज़ू फैला दिए.

अगला लम्हा…

इंसानो की गर्दनों से खून हवा में उठने लगा.

खून के क़तरे उन के सर के ऊपर जमा हो गए.

इंसान लाचारी में अपनी गर्दन ढकने लगे.

उन्हें दर्द नहीं हो रहा था —

बस एक ग़लत, गन्दी सी फीलिंग महसूस हो रही थी.

सोलोमन ने हाथ घुमाया.

खून ने मिल कर

एक अज़ीम सुर्ख रूण बना दिया —

सैंकड़ों अजीब ो ग़रीब निशानों से भरा हुआ.

पूरा हॉल लाल रौशनी में डूब गया.

नज़र की सांस रुक गयी.

यह पावर…

उसे कभी महसूस नहीं हुई थी.

“अन्सिएंट…”

उस के ज़ेहन में सिर्फ एहि लफ्ज़ आया.

सोलोमन ने आँखें बंद कर के

अजीब ज़बान में चांट शुरू की.

यह ज़बान नज़र ने कभी नहीं सुनी थी.

यह क़दीम दौर की ज़बान थी —

जो सोलोमन ने नोलकुला से हासिल की थी,

और खुद अपनी मर्ज़ी से इस रिचुअल के लिए ढली थी.

चांट ख़तम हुई.

सोलोमन की आँखें खुल गयीं.

बोऊं!!

लाल शॉकवेव्स उस की आँखों से फूट परे

और सीधा इंसानो पर जा लगे.

“खून के आग़ाज़ के नाम पर…

तुम सब मेरी नेसल के घुलम बनोगे!”

स्वुयश!!

इंसानों के जिस्म लाल रौशनी से चमक उठे.

रूण से अन्सिएंट एनर्जी बरसी

जो उन्हें पूरी तरह घेर चुकी थी.

वामपिरेस और नज़र दोनों

सांस लेना भूल गए.

यह एनर्जी…

बिलकुल उन के ओरिजिन जैसी थी.

मुक़द्दस.

Pur-sukoon.

और खौफनाक.

किसी को बोलने की हिम्मत नहीं हुई.

इंसानो की आँखें लाल हो गयीं.

फिर…

चीखें शुरू हो गयीं.

जिस्म चटखने लगे.

हड्डियां चीखने लगीं.

दांत लम्बी हो कर फंगस बनने लगे.

खून उन के जिस्म के हर सुराख से बहने लगा.

“ाआरघः!!”

सोलोमन और नज़र ख़ामोशी से देखते रहे.

उन के लिए यह मंज़र

खूबसूरत था.

जैसे रात में

कोई क़ीमती चीज़ आँखों को छेड़ रही हो.

कुछ दिएर बाद…

चीखें रुक गयीं.

ट्रांसफॉर्मेशन मुकम्मल हो चुकी थी.

लेकिन हर कोई ज़िंदा नहीं रहा.

Teen-chauthai इंसान

इस अज़ाब को बर्दाश्त नहीं कर पाए.

सिर्फ aik-chauthai बचे.

जब वह खरे हुए…

तोह सोलोमन और नज़र की आँखें

हैरत से फैल गयीं.

जो चीज़ उन के सामने खरी थी…

वह इंसान नहीं थे.

“यह… यह मैं क्या देख रही हूँ?”

नज़र ने हैरानी से कहा.

सोलोमन के चेहरे पर एक शैतानी मुस्कराहट आ गयी जब उस ने अपनी आँखों के सामने मौजूद मख्लूक़ को देखा.

“कामयाब हो गया… कामयाब हो गया! यह वाक़ई काम कर गया! ओरिजिन ने हमें अपनी बरकत दे दी है!”

हॉल के अंदर मौजूद तमाम ज़िंदा बच जाने वाले इंसान पूरी तरह तब्दील हो चुके थे.

अब वह इंसान नहीं रहे थे.

उनकी जिल्द लाश की तरह फीकी हो चुकी थी, दांत चाकू की तरह तेज़ हो गए थे, और आँखें खून जैसी सुर्ख और be-rahm चमक रही थी.

तमाम बचे हुए इंसान वैम्पायर बन चुके थे.

उनकी नज़रें इधर उधर भटक रही थीं, जैसे उन्हें अपना गुज़रा हुआ वजूद याद hi न हो.

उनकी इंसानियत, उनकी तब्दीली के साथ hi ख़तम हो चुकी थी.

स्निफ्फ… स्निफ्फ…

नए बने हुए वामपिरेस की तवज्जोह ज़मीन पर बिखरे हुए खून पर जा टिक्की.

जो खून मरे हुए इंसानो से बहा था, वह उन्हें अपनी तरफ खींच रहा था.

उन्हें अजीब सा एहसास हो रहा था… वह खून जो पहले उन्हें घिनोना लगता था, अब लज़ीज़ नज़र आ रहा था.

उन्हों ने la-sha’oori तौर पर निगला.

उनके अंदर एक न qabil-e-bardasht प्यास पैदा हो चुकी थी.

तब सोलोमन ने भारी और दबाओ भरी आवाज़ में कहा,

“तुम उनका खून पी सकते हो… जितना चाहो, पी सकते हो.”

फिर उस ने मुस्कुराते हुए कहा,

“खानदान में खुश आमदीद.”

.

.

.

.

सिकंदर और आधार जल्दी जल्दी अमेथिस्ट होटल से बहार निकले.

दोनों सीधा अपनी जारी की तरफ बढ़े और बिना वक़्त जाया किये वहां से रवाना हो गए.

जारी चलते हुए सिकंदर गहरी सोच में गम था जब के आधार बिलकुल खामोश थी.

“शुक्र है मैं उन्हें रोकने में कामयाब हो गया… बस एक ग़लत क़दम, और मेरी मौत यक़ीनी थी,”

सिकंदर ने दिल hi दिल में सोचा.

अटकिंस की अचानक ज़हूर ने उसे बिलकुल be-khabar पाकर लिया था.

अभी तक उसे समझ नहीं आ रहा था के अटकिंस इतनी आसानी से उन्हें ट्रैक कैसे कर पाए.

और सब से अजीब बात यह थी के उन्हों ने कारन को ढूंढने की भी कोशिश नहीं की — जब के असल चोरी उस ने की थी.

“तुम किसे कॉल कर रहे हो?”

आधार ने पुछा, जब उस ने सिकंदर के चेहरे पर परेशानी देखि.

सिकंदर जारी तेज़ चलता हुआ बोलै,

“सूरज को. हमें अपनी साड़ी कमज़ोरियों को मेहफ़ूज़ करना होगा, वर्ण वह फिर हमला कर सकते हैं.”

फ़ोन काफी दिएर तक रिंग होता रहा… मगर सूरज ने जवाब नहीं दिया.

“यह कहाँ है? कॉल क्यों नहीं उठा रहा?”

सिकंदर ने सोचा.

फिर भी उसे ज़्यादा फ़िक्र नहीं थी — वह सूरज की सलाहियत पर भरोसा करता था.

तक़रीबन आधा घंटा बाद, सिकंदर अपने घर पोहंच गया.

वह और आधार घर के अंदर गए और देखा के कारन पहले से वहां मौजूद था.

कारन ने हाथ में एक कागज़ पकड़ा हुआ था.

“यह लो. मैं ने उस रात जो कुछ याद आ सका, सब लिख दिया है.”

सिकंदर ने कागज़ लिया और घोर से पढ़ना शुरू किया.

अचानक उसकी भौंहें सीकर गयीं.

“तीन ताक़तवर मोजूदगियां?”

सिकंदर के ज़ेहन में ख्याल उभरा.

“क्या वह तीन ावकेनेड मुझ से ज़्यादा ताक़तवर थे? तुम याद कर सकते हो के उनकी ताक़त मेरी मुक़ाबले में कैसी थी?”

सिकंदर ने पुछा.

कारन कुछ दिएर सोचता रहा, फिर बोलै,

“दो के बारे में नहीं कह सकता… लेकिन उन में से एक यक़ीनन तुम से ज़्यादा ताक़तवर था.”

सिकंदर और आधार ने एक दोसराय की तरफ देखा.

“अगर स्पैलबुक्स प्लाची के ज़रिये डिलीवर होनी थीं… तो फिर अटकिंस वहां क्या कर रहे थे?”

सिकंदर ने सोचा.

अचानक दोनों को एक hi वक़्त एहसास हुआ.

“स्पैलबुक्स अटकिंस के लिए नहीं थीं!”

दोनों एक साथ बोल उठे.

अगर स्पैलबुक्स अटकिंस के लिए होतीं, तो उनका वहां मौजूद होना be-maani होता.

इस का मतलब सिर्फ एक hi था…

अटकिंस भी उन्हें चुराने आये थे.

कारन बस ग़लत वक़्त पर ग़लत जगह पोहंच गया और ग़लत बॉक्स उठा लिया —

इसी लिए जब उनकी सिकंदर से मुलाक़ात हुई, तो वह इतने ग़ुस्से में थे.

“अगर स्पैलबुक्स अटकिंस के लिए नहीं थीं… तो फिर किस के लिए थीं?”

सिकंदर ने कहा.

आधार भी गहरी सोच में गम हो गयी.

अब सिर्फ दो मुमकिन नाम बचे थे —

गरंलोर या रिड फॅमिली.

सिकंदर का झुकाओ रिड फॅमिली की तरफ था, क्यों के उनका दर्जा और रावबित अटकिंस के ज़्यादा क़रीब थे.

कुछ दिएर सोचने के बाद, सिकंदर ने अचानक पुछा,

“तुम्हारे डैड कहाँ हैं?”

आधार ने जवाब दिया,

“यहाँ से काफी दूर हैं. काम आज काम 6 घंटे लग जाएँ गए.”

“कल सुबह निकलते हैं. तैयारी करो,”

सिकंदर ने फैसला सुना दिया.

.

.

.

.

इसी वक़्त…

सूरज अभी तक क्लस्टर डोमेन में था.

वह जान बूझ कर रुखा हुआ था, ताके बहार निकलना मेहफ़ूज़ हो.

अचानक वह नींद से जाग गया जब उस ने महसूस किया के कोई उसके ऊपर बैठा हुआ है.

उस ने आँख खोली तो देखा —

छोटा सा साईक्लोप्स, दिरमिर, उसके सीने पर बैठा था.

“तुम क्या कर रहे हो?! नीचे उतरो!”

सूरज घबरा कर बोलै.

मगर दिरमिर हंसने लगा और सूरज के पेट पर कूदने लगा, जैसे यह सब उसे मज़े का खेल लग रहा हो.

“मिस्टर… तुम लाल क्यों नहीं हो?”

दिरमिर ने पुछा.

सूरज ग़ुस्से में उसे पकड़ने hi वाला था के अचानक —

ज़ैप!

दिरमिर बिजली बन कर गायब हो गया और अगले लम्हे सूरज के बाएं तरफ ज़ाहिर हुआ.

उसके हाथ में सूरज का फ़ोन था.

सूरज उठ कर उसके पीछे भागा, मगर वह उसे पाकर hi नहीं प् रहा था.

“यह क्या बकवास है… एक साईक्लोप्स और लाइटनिंग एफिनिटी? यह मुमकिन hi नहीं,”

सूरज ने झुंझला कर सोचा.

तब उग्रक ने आगे बढ़ कर दिरमिर को पाकर लिया और फ़ोन वापस सूरज को दे दिया.

“दिरमिर बच्चा है,”

उग्रक ने सिर्फ इतना कहा.

सूरज ने फ़ोन पकड़ते हुए पुछा,

“क्या यह नार्मल है? क्या साईक्लोप्स के पास लाइटनिंग एफिनिटी हो सकती है?”

उग्रक ने सर हिला कर कहा,

“उग्रक भी हैरान है… यह नामुमकिन होना चाहिए.”

दोनों be-bas नज़रों से दिरमिर को देखने लगे जो अब भी थके बग़ैर इधर उधर भाग रहा था.

“मुझे लगा था इंसानी बचे hi मुश्किल होते हैं… मगर यह तो अलग hi लेवल का है,”

सूरज ने सोचा.

फिर उस ने उग्रक की तरफ देख कर कहा,

“क्या सिकंदर को इसके बारे में पता है? हैरानी है के उस ने अभी तक इसे ज़ंजीर नहीं लगायी.”

उग्रक ने सर हिला दिया —

सिकंदर को अभी तक दिरमिर के बारे में कुछ भी नहीं पता था.

आखरी दफा जब सिकंदर यहाँ आया था, दिरमिर सो रहा था…

इतना एक्टिव नहीं था.

“शायद मुझे सिकंदर को बता देना चाहिए,”

सूरज ने दिल hi दिल में सोचा.

_ _ _ _

अगलेय दिन,

सूरज क्लस्टर डोमेन से वापस आ चूका था और सीधा सिकंदर के घर पोहंचा.

उस ने सिकंदर को बताया के स्पैलबुक्स बिलकुल मेहफ़ूज़ हैं और अभी भी क्लस्टर डोमेन के अंदर hi हैं.

लेकिन…

एक मसला था.

सूरज ने बताया के जब वह क्लस्टर डोमेन में दाखिल होने hi वाला था, उस पर प्लाची फॅमिली के लोगों ने हमला कर दिया था.

अगर उग्रक वक़्त पर न आता, तो शायद बात बोहोत खतरनाक हो जाती.

मसला यह था के

उन में से एक शख्स भाग निकलने में कामयाब हो गया था,

और उस ने उग्रक को ेमहम फारेस्ट में देख लिया था.

यह सुन कर सिकंदर ने अपनी पेशानी दबाई, गहरी सोच में डूब गया.

आखिरकार उस ने फैसला किया,

“जब तक उग्रक खुद बहार नहीं आता, तब तक कोई बारे मसला नहीं होगा.”

इस वक़्त सिकंदर के पास पहले hi बोहोत ज़्यादा अर्जेंट मैटर्स थे.

वह और वक़्त जाया नहीं कर सकता था.

उस ने सूरज को अपना पूरा प्लान समझा दिया.

ुवो के लिए कंटिंगेंकी प्लान

सिकंदर और सूरज ने मिल कर ुवो के लिए एक ऑफिसियल फॉर्म तैयार किया,

ताके अगर अटकिंस फॅमिली ने कोई भी ग़लत हरकत की, तो फ़ौरन रिपोर्ट की जा सके.

इस फॉर्म की कपीस:

सिकंदर

सूरज

आधार

कारन

और हत्ता के रीज़े के पास भी थी

अगर अटकिंस फॅमिली ने उन में से किसी को भी मार दिया,

तो जो भी ज़िंदा बचता,

वह यह फॉर्म ुवो तक ज़रूर पोहचता.

ओरिजिनल फॉर्म रीज़े के पास था.

किसी को नहीं पता के सिकंदर ने रीज़े को फ़िरेबंद मार्किट से खरीदा था या नहीं,

लेकिन अब रीज़े का सब से बारे काम यही था

के ज़रुरत पर्ने पर यह फॉर्म ुवो तक पोहंचाये.

पेरेंट्स को छुपाना

स्पैलबुक्स सिक्योर करने और ुवो का काम कम्पलीट करने के बाद,

सिकंदर ने सूरज को हुक्म दिया के:

“अपनी माँ और उसके शोहर को क्लस्टर डोमेन ले जाओ.”

सिकंदर की माँ सूरज को पहचानती थी,

इस लिए वह पैरानॉयड नहीं होती.

सिकंदर ने दिल hi दिल में सोचा:

“उम्मीद है माँ, उग्रक से मिल कर पैनिक नहीं करेगी…”

क्लस्टर डोमेन अब तक की सब से मेहफ़ूज़ जगा थी जो सिकंदर के पास थी.

इस जगा के बारे में सिर्फ:

सिकंदर

आधार

और रोसिए

को hi इल्म था.

यह जगा सिकंदर को डार्क मून के दौरान ग़लती से मिली थी,

लेकिन अब यही उन सब की हिफाज़त का जरिया थी.

चाहे पेरेंट्स को उग्रक जैसे सुपरनैचरल से मिल कर दर लगे,

उन्हें बचने का यही एक तरीक़ा था.

आधार का फादर

सिकंदर और आधार ने फैसला किया के

आधार के वालिद को भी फ़ौरन उठा कर क्लस्टर डोमेन पहंचाया जाये.

सिचुएशन बोहोत तेज़ी से एस्कलटे हो रही थी.

जो भी उन के करीबी थे,

बार्गेनिंग चिप बन सकते थे.

अटकिंस फॅमिली बिलकुल भी पीछे नहीं हटने वाली थी.

मीटिंग से पहले hi वह पहला हमला करना चाहती थी.

सिकंदर और आधार दोनों जानते थे

के उन की सब से बरी कमज़ोरी उन के पेरेंट्स हैं.

अगर पेरेंट्स पकड़े गए,

तो उन की साड़ी बार्गेनिंग पावर ख़तम हो जाती.

.

.

.

ोचीरा यूनिवर्सिटी

इस वक़्त सिकंदर और आधार ोचीरा यूनिवर्सिटी में थे.

उन्हें आधार के फादर तक पोहॉंछने के लिए ट्रैन लेनी थी,

क्यों के यही सब से तेज़ जरिया था.

लेकिन जैसे hi वह ट्रैन स्टेशन के क़रीब पोहंचे,

सिकंदर की नज़र अचानक एक ब्राउन ट्रेंच कोट पहने हुए आदमी पर पारी

जो प्रिंसिपल के साथ बात कर रहा था.

सिकंदर ने फ़ौरन आधार को रोका.

“तुम यहीं रुको.”

वह खुद धीरे धीरे उन के क़रीब गया,

लेकिन 15 मीटर का डिस्टेंस बरक़रार रखा.

प्रिंसिपल और ट्रेंच कोट वाला आदमी

एक कमरे में दाखिल हो गए,

जहाँ गार्ड्स पहले से मौजूद थे.

सिकंदर रुक गया.

तब hi उस ने महसूस किया:

“इस आदमी की खुशबू… बोहोत जनि पहचानी लग रही है.”

अचानक उसे याद आ गया.

“यह वही लकड़ी जैसी वुडी सेंट है…

बिलकुल जाने वाली, जो कल रात अटकिंस के साथ थी!”

सिकंदर की एनहांस्ड स्मेल्लिंग एबिलिटी

15 मीटर दूर से भी सेंट पाकर सकती थी.

अब उसे यक़ीन हो गया था:

यह आदमी किसी न किसी तरह अटकिंस से जुड़ा हुआ है.

“क्या यह डिटेक्टिव है?

या अटकिंस के लिए काम कर रहा है?”

जब ेअवेस्ड्रोप का कोई तरीक़ा न मिला,

सिकंदर वापस आधार के पास आया.

आधार ने फ़ौरन पुछा:

“क्या हुआ?”

सिकंदर गहरी सोच में था.

कुछ दिएर बाद उस ने कहा:

“आधार, तुम अपने डैड को लेने जाओ और उन्हें क्लस्टर डोमेन ले जाओ.

मुझे यहाँ एक काम करना है.”

आधार ने उस का हाथ पाकर लिया.

उस की आँखों में ज़िद थी.

“तुम क्या करने वाले हो?”

सिकंदर ने उसे एक खाली जगह पर ले जा कर सब कुछ समझाया.

“अगर यह आदमी जाने से मिला है,

तो इसका मतलब स्पैलबुक्स शायद सिर्फ अटकिंस के लिए नहीं हैं.

मुझे पता करना होगा के यह सब किस के लिए है.”

आधार ने सर हिला दिया.

नॉलेज इस पावर,

और वह यह बात अछि तरह जानती थी.

सिकंदर वहां बैठ कर इंतज़ार करता रहा.

दो घंटे बाद,

ट्रेंच कोट वाला आदमी बहार निकला,

ब्राउन हैट पहनी और प्रिंसिपल को अलविदा कहा.

सिकंदर ने उस का पीछा शुरू कर दिया.

बस, फिर दूसरा एरिया,

और आखिरकार वह फाए ऑफिस में दाखिल हो गया.

“यह वाक़ई डिटेक्टिव हो सकता है…”

लेकिन जब सिकंदर वापस मूर्धन्य लगा,

उस ने महसूस किया…

कोई और भी उसे फॉलो कर रहा है.

कासुअल कपड़ों में एक आदमी,

हर दूकान के बहार रुक जाता,

फ़ोन देखने का नाटक करता.

सिकंदर समझ गया.

सिकंदर मॉल में घुसा,

सीधा मूवी थिएटर.

एक खाली स्टूडियो.

स्टाफ मेंबर ने रोकने की कोशिश की,

लेकिन अल्फा इंटिमीडेशन के सिर्फ एक झटके से

वह दर के मरे बेहोश हो गयी.

ट्रेंच वाला स्टाल्कर अंदर आया…

लेकिन स्टूडियो खाली था.

अचानक—

ज़ूम!!

ज़मीन अचानक सियाह हो गयी.

पूरी स्टूडियो की फ्लोर पर काली बिजली हलकी हलकी चमकने लगी, और चाँद hi लम्हों में वह सियाही पूरी जगह को निगल गयी.

यह देख कर उस आदमी ने भोने चढ़ा लिए.

वह छह रहा था के छलांग लगा कर ज़मीन को छूने से बच जाये, लेकिन दिएर हो चुकी थी.

अचानक ज़मीन से काली बिजली के चार चाबुक निकल आये.

वह चाबुक सीधा उस आदमी को निशाना बना कर उस का पीछा करने लगे.

आदमी idhar-udhar छलांग लगता रहा, बाएं और दाएं डॉज करता रहा.

वह बाएं तरफ से आने वाले एक चाबुक से बच गया—

लेकिन अगले hi लम्हे उसकी आँखों के सामने नामुमकिन हुआ.

बिजली का चाबुक मुद गया

और सीधा उसके बाएं बाज़ू पर आ कर ज़ाप्प कर गया.

“क्खह!”

उसके मुंह से दर्द भरी कराह निकली.

काली बिजली उसके बाज़ू से होती हुई उसके पूरे जिस्म में फैल गयी,

उसका जिस्म सुन्न पर गया, ताक़त ख़तम होती महसूस हुई.

वह भागने hi वाला था के—

सिकंदर अचानक उसके सामने आ खरा हुआ.

सिकंदर के चेहरे पर एक शैतानी मुस्कराहट थी.

वह धीमी आवाज़ में बोलै:

“मिस्टिक शॉक…”

देग!

जैसे hi अलफ़ाज़ उसके होंठों से निकले—

आदमी का दिल ज़ोर से धड़का.

उसके जिस्म के अंदर मौजूद काली बिजली अचानक पहात पड़ी,

उसका पूरा जिस्म परलयज़े हो गया

और वह घुटनों के बल ज़मीन पर गिर गया.

सिकंदर ने हाथ घुमाया.

काली बिजली के चारों चाबुक ने उस आदमी के हाथ और पाऊँ पाकर लिए.

हर बार जब वह मन एक्टिवटे करने की कोशिश करता,

बिजली उसे और ज़्यादा जला देती.

वह बिलकुल be-bas हो चूका था.

उस हाल में देख कर सिकंदर के होंठों पर हलकी सी मुस्कराहट आ गयी.

जो जादू सिकंदर ने ज़मीन को सियाह करने के लिए इस्तेमाल किया था,

वह उसका नया स्पेल था:

ब्लैक फील्ड ोरको

यह स्पेल एक ऐसा फील्ड बनता है जो उस के अंदर मन के फ्लो को बिगाड़ देता है.

कमज़ोर मन कण्ट्रोल वाले ावकेनेड

इस फील्ड के अंदर स्पेल्स इस्तेमाल hi नहीं कर सकते.

इसके साथ सिकंदर ने लाइटनिंग साल्वो भी उसे किया था—

काली बिजली के चाबुक जो फील्ड के अंदर

heat-seeking मिसाइल की तरह टारगेट का पीछा करते हैं.

फ़र्क़ सिर्फ यह था के

लाइटनिंग साल्वो सिर्फ उन लोगों को निशाना बनता है

जिन्हें सिकंदर चाहे.

और जब मिस्टिक शॉक को इस के साथ जोर दिया जाये—

तोह यह पूरा एरिया एक qatal-khaana बन जाता है.

यहाँ तक के

रैंक-4 मिड लेवल ावकेनेड

भी इस फील्ड में आसानी से गिर जाता है.

सिकंदर आहिस्ता आहिस्ता उस आदमी के पास गया.

वह अभी भी सुन्न और ज़मीन पर जाककरा हुआ था.

सिकंदर उसके सामने बैठ गया

और उसके कपड़े पहाड़ दिए.

उसके सीने पर एक टैटू नुमाया हुआ—

अटकिंस फॅमिली का क्रेस्ट.

एक परिंदा,

हरे रंग की आँखें,

और पूरी ताक़त से फैले हुए पर.

बिलकुल वही निशान

जो सिकंदर ने पिछली रात जाने की स्पिरिट एनर्जी में देखा था.

सिकंदर मुस्कुराया.

“देखो तोह सही…

अटकिंस फॅमिली का एक स्टाल्कर.”

वह खरा हुआ, थोड़ी दिएर सोचा, फिर चीख के बोलै:

“लगता है अटकिंस यह समझ रहे हैं के मैं मज़ाक़ कर रहा हूँ?

मुझे फॉलो करने के लिए ऐसे लोग भेज रहे हैं?”

आदमी ने मुश्किल से सर उठाया.

“मुझे छोर दो…

तुम अटकिंस फॅमिली को नहीं जानते.

तुम ग्रेट अटकिंस फॅमिली से दुश्मनी नहीं मोल ले सकते.”

उसकी आवाज़ में फख्र था.

सिकंदर हंस पड़ा.

“ओह रियली?

ग्रेट अटकिंस फॅमिली का एक स्टाल्कर मुझे धमका रहा है?

मैं तोह बोहत डर गया.”

उस आदमी ने गुस्से से दांत पीस लिए.

अक्सर लोग अटकिंस का नाम सुनते hi झुक जाते थे—

लेकिन सिकंदर के लिए

यह सिर्फ एक मज़ाक़ था.

सिकंदर की मुस्कराहट गायब हो गयी.

उसकी आँखें ठंडी और खतरनाक हो गयीं.

“अपने बॉस को यह पैग़ाम दे देना,”

सिकंदर ने सख्ती से कहा,

“अगर दोबारा मेरे पीछे ऐसे लोग भेजे…

तोह उसके क़ीमती स्पैलबुक्स कभी वापस नहीं मिलेंगे.”

“मैं मज़ाक़ नहीं कर रहा,”

उसकी आवाज़ और भी ठंडी हो गयी,

“वर्ण पछताना पड़ेगा.”

आदमी खामोश हो गया.

सिकंदर की और इतनी भरी थी

के वह समझ गया—

अगर सिकंदर चाहे

तोह इसी लम्हे उसे मार सकता है.

सिकंदर ने सीढ़ी नज़र उसकी आँखों में डाली.

“मैं ज़्यादा सब्र वाला नहीं हूँ.”

यह कह कर सिकंदर ने चाबुक हटा लिए.

आदमी लड़खड़ाता हुआ उठा

और भागने hi वाला था के—

सिकंदर की आवाज़ आयी:

“रुको.”

“ओह हाँ…

तुम एक मिसाल बनो गए.”

“स्टाल्कर की सजा—

एक आँख.”

सिकंदर के चेहरे पर शैतानी मुस्कराहट फैल गयी.

उसका हाथ काली बिजली से भर गया

और एक पल में—

ज़ैप!

बिजली सीढ़ी उस आदमी की बाएं आँख में घुस गयी.

सप्लरत!!

“ागरगठ्ह!”

चीख स्टूडियो में गूँज उठी.

सिकंदर ने उसकी बाएं आँख नूच कर बहार निकाली

और ज़मीन पर फ़ेंक दी.

फिर उस आदमी को ज़ोर से लात मारी.

“अब वापस जाओ,”

सिकंदर ने सार्ड लहजे में कहा,

“और उन्हें बताओ—

मैं इंतज़ार कर रहा हूँ.”

_ _ _ _

सिकंदर अपने खून से भरे हाथ साफ़ करता हुआ स्टूडियो से बहार निकल आता है.

पहले जो स्टाल्कर था, वह अब जगह छोर चूका था.

सिकंदर ने अटकिंस फॅमिली के लिए एक मिसाल क़ाइम कर दी थी — उसकी बायीं आँख ले कर.

चाहे वह अभी स्टूडेंट hi क्यों न हो, उसे हल्के में लेना एक भूल होती.

यही बात सिकंदर उन्हें याद दिलाना चाहता था.

खाने के बाद, जब उसका पेट भर चूका था, वह मॉल से बहार निकला और अपने घर की तरफ चल पारा ताके कारन का हाल देख सके.

सूरज और आधार बिलकुल वही कर रहे थे जो उसने उन्हें कहा था, इस लिए उसके लिए अब कोई काम बाक़ी नहीं था.

उसने खुद अपनी फॅमिली को लेने का फैसला नहीं किया, क्यों के उसे डर था के कोई उसका पीछा कर रहा है — और बाद में यह एहसास बिलकुल सही साबित हुआ.

“कल डिटेक्टिव को दोबारा चेक करूँगा… उसे मुझे कुछ देना hi होगा,” सिकंदर ने सोचा जब वह बस स्टॉप पर खरा था.

वह आसमान की तरफ देखता है, आँखें थोड़ी सी सिक्योरटी हुई.

सूरज सीधा उसके सर पर चमक रहा था, और सिकंदर महसूस कर सकता था के धुप की गर्मी उसकी जिल्द के अंदर तक उतर रही है के अचानक—

उसकी नज़र धुंधली हो जाती है.

सिकंदर दो तीन मर्तबा पलकें झपकते है, लेकिन जब अपने gird-o-nawaah को देखता है, तो सब लोग ग़ैब हो चुके होते हैं.

भीड़ का शोर भी ख़तम हो चूका होता है.

“हम्म?” सिकंदर हैरानी से अपने आस पास देखता है.

अभी चाँद सेकण्ड्स पहले यहाँ लोगों का हुजूम था, लेकिन अब ऐसा लगता है जैसे हवा ने सब को उठा कर ले गया हो.

वह बाएं और दाएं देखता है, दिल में अजीब सा खतरा महसूस करता हुआ.

फिर उसे एहसास होता है के धुप की गर्मी भी गायब हो चुकी है.

उसका माहौल गहरा नीला हो जाता है, जैसे सूरज की जगह किसी और चीज़ ने ले ली हो.

उसके बिलकुल ऊपर, आसमान में एक गहरा नीला गोला था.

सिकंदर उसे घोर से देखता है और समझ जाता है के यह चाँद है — लेकिन यह आम चाँद जैसा नहीं था.

अचानक—

उसने महसूस किया के उस नीले चाँद की रौशनी उसके जिस्म को चुभने लगी है.

यह चुभन धीरे धीरे बढ़ती चली गयी, इतनी के जैसे उसकी जिल्द जल रही हो.

“यह क्या हो रहा है?” सिकंदर घबरा कर सोचता है.

वह देखता है के उसकी जिल्द राख जैसी सियाह होती जा रही है, चाँद की रौशनी की वजह से.

आहिस्ता आहिस्ता, उसका जिस्म राख में तब्दील होने लगता है.

सिकंदर घबरा जाता है और उस राख को पकड़ने की कोशिश करता है, लेकिन बेकार.

वह सिर्फ be-basi से देखता रहता है के कैसे उसका जिस्म का हिस्सा हिस्सा राख बन रहा है — और फिर अचानक—

उसकी आँख खुल जाती है.

तीन!!

सामने से गाड़ियों के हॉर्न बजते हैं, जो सिकंदर को हकीकत में वापस ले आते हैं.

उसका माहौल फिर से नार्मल हो चूका होता है.

सिकंदर अपना हाथ छोरता है जो साइड में लगी मैटेलिक पोल को जोरर से पकड़े हुए था.

वह पोल को देखता है — वह उसकी पाकर की वजह से मुर चुकी होती है.

“माँ, क्या यह टीवी वाले ावकेनेड जैसा है?”

एक छोटा लड़का अपनी माँ से पूछता है, सिकंदर की तरफ इशारा करते हुए.

दोनों बस स्टॉप पर बैठे होते हैं के उसकी माँ फ़ौरन उसका मुंह धक् देती है.

“बस करो माइकल, किसी अजनबी की तरफ ऊँगली उठाना बदतमीज़ी होती है,”

वह हलकी सी दांत कहती है.

सिकंदर पीछे देखता है तो माँ शर्मिंदगी के साथ मुस्कुराती हुई नज़र आती है.

वह फिर अपनी नज़र आगे करता है और अपना स्टैट्स तब खोलता है.

(स्टैट्स)

पैक: सिल्वेर्स्टर (2/2)

लेवल: 26 (2,481,000 / 10,000,000)

रेस: हाई वेयरवोल्फ

Full-Moon: 8 डेज – यूल मून

बर्सर्क: 62%

सनीति: 33%

मेन्टल: 51 (+32)

स्ट्रेंथ: 115 (+60)

अगिलिटी: 59 (+2)

ेंदुराने: 46 (+26)

इंटेलिजेंस: 82 (+20)

<एवरेज ह्यूमन एडल्ट्स के पास हर स्टेट के लिए सिर्फ 5–7 पॉइंट्स होते हैं, सिवाए इंटेलिजेंस के>

अपने स्टैट्स देखते हुए,

सिकंदर को एहसास हुआ के अगला फुल मून सिर्फ एक हफ्ते दूर है.

उस ने इस के लिए कोई ख़ास तैयारी नहीं की थी, क्यों के मसाइल एक के बाद एक उस पर टूट रहे थे.

“मेरी सनीति बोहोत लौ है… मुझे इसे बढ़ाना होगा,” सिकंदर ने खुद से सोचा.

फुल मून के दौरान सनीति स्टैट्स कैलकुलेट होते हैं, और वह नहीं चाहता था के उसकी सनीति इतनी काम रहे.

काम आज काम 70% या उस से ज़्यादा होनी चाहिए थी.

सोचते सोचते, अचानक उसे धुप से बेचैनी महसूस हुई.

उस ने देखा के बस क़रीब आ चुकी थी, लेकिन इंतज़ार करने के बजाये वह दौर कर बस की तरफ गया और ज़ोर से दरवाज़ा खटखटाया.

“सब्र करो जवान, मैं कहीं भागा नहीं जा रहा,”

बस ड्राइवर ने सर हिलाते हुए कहा.

सिकंदर फ़ौरन बस के पिछले सीट पर जा कर बैठ गया.

जैसे hi उसका जिस्म सीढ़ी धुप से दूर हुआ, उसे थोड़ा सुकून महसूस हुआ.

“क्या जो अजीब सी डार्क ब्लू मून मैं ने देखि… वही अगला फुल मून है?”

सिकंदर ने दिल में सोचा.

⟨यस, थे यूजर सॉ ा ग्लिम्पसे ऑफ़ थे यूल Moon’s पावर⟩

यह पढ़ कर सिकंदर की भौंवें सिकुड़ गयीं.

“ये फुल मून मुझे अपनी विज़न क्यों दिखा रही है?

मैं ने कभी किसी और फुल मून के साथ ऐसा महसूस नहीं किया…”

⟨आईटी इस नॉट ा विज़न, बूत राथेर ा वार्निंग फ्रॉम थे यूल मून⟩

सिकंदर और भी कंफ्यूज हो गया.

उसे सिर्फ इतना पता था के फुल मून एक वेयरवोल्फ को ज़्यादा ताक़त देता है.

मगर यह सब… बिलकुल मुख्तलिफ था.

वह बस के पिछले हिस्से में ख़ामोशी से बैठा रहा, चेहरा संजीदा था.

“क्या इसका मतलब है के यूल मून मेरे लिए खतरनाक है?

और जो अजीब सी बेचैनी मुझे धुप से महसूस होती है…

क्या वह इसी से जुडी हुई है?”

कुछ दिएर सोचने के बाद, सिकंदर ने सिस्टम शॉप खोल ली.

उस ने यूल मून के लिए कोई ब्रीथिंग तकनीक ढूंढने की कोशिश की,

लेकिन हैरानी की बात थी के कुछ भी नहीं मिला.

उस ने कीवर्ड डाला: “यूल मून”

शॉप ने सिर्फ लॉक्ड आइटम्स दिखाए —

जिन के लिए वह रिक्वायरमेंट्स पूरी नहीं करता था.

तब उसकी आँखें अचानक खुल गयीं.

“अगर यूल मून के लिए कोई ब्रीथिंग तकनीक hi नहीं है…

तो इसका मतलब है के यह वह फुल मून नहीं जहाँ वेरेवोल्वेस अपनी ताक़त बढ़ाते हैं.”

उसे अपनी पहली विज़न याद आ गयी.

“बिलकुल उस विज़न की तरह…

अगर मैं इस मून की रौशनी के सीधे सामने आया,

मेरा जिस्म रख बन सकता है.”

अगर सिस्टम कह रहा था के वह विज़न एक वार्निंग थी,

तो इसका मतलब था के यूल मून खुद उसे वारं कर रही है.

और शॉप में ब्रीथिंग तकनीक का न होना…

उसकी थ्योरी को कन्फर्म कर रहा था.

सिकंदर ने सूरज की तरफ देखा.

उसके ज़ेहन में अभी तक वह डार्क ब्लू मून चमक रही थी.

“क्या मुझे कोई अंडरग्राउंड जगह ढूंढनी चाहिए?”

उस ने खुद से पुछा.

.

.

.

.

मैंवहीले…

सूरज सिकंदर की माँ के घर पोहंच चूका था.

ोचीरा यूनिवर्सिटी ज़्यादा दूर नहीं थी, इस लिए वह जल्दी वहां आ गया.

उस ने कपड़े ठीक किये और दरवाज़े पर दो तीन दफा नॉक किया.

कुछ hi लम्हों बाद, दरवाज़ा खुला.

सामने एक middle-aged आदमी खरा था.

ग्रे slick-back बाल, ग्रे आँखें,

उम्र के बावजूद पोस्चर काफी स्ट्रांग था.

बाज़ू से एक टैटू झलक रहा था.

सफ़ेद शर्ट, और आँखों पर ब्लैक रीडिंग ग्लासेज.

“तुम कौन हो?”

उस आदमी ने सूरज को ऊपर से नीचे तक देखते हुए पुछा.

सूरज ने पोलाइट मुस्कराहट के साथ हाथ आगे बढ़ाया.

“सॉरी बोथेर करने के लिए.

मेरा नाम सूरज है, मैं सिकंदर का दोस्त हूँ.

क्या मरस. ग्रीन घर पर हैं?”

आदमी ने हाथ मिलाया.

“मैं उसका शोहर हूँ, रोबर्ट.

वह अभी घर पर नहीं, थोड़ी दिएर में आ जाएँगी.”

सूरज कुछ और पूछना चाहता था,

लेकिन रोबर्ट ने पहले hi अंदर आने का इशारा कर दिया.

सूरज ने शिस्तगी से अंदर क़दम रखा.

घर अंदर से बोहोत कोजी था,

लेकिन सिर्फ दो लोगों के लिए काफी ज़्यादा बारे.

नए फर्नीचर की खुशबू हवा में घुली हुई थी.

सूरज ने सोचा:

“लगता है सिकंदर ने इन पर काफी पैसा लगाया है… सब कुछ नया है.”

“प्लीज बैठो,”

रोबर्ट ने सोफे की तरफ इशारा किया.

फिर मुस्कुराते हुए पुछा:

“कॉफ़ी या पानी?

मेरी बीवी ने अछि कॉफ़ी ली है, रेकमेंड करता हूँ.”

“कॉफ़ी hi ठीक है,”

सूरज ने मुस्कुराते हुए कहा.

कुछ hi दिएर में, रोबर्ट दो कप्स ले कर आया.

सूरज ने कॉफ़ी की खुशबू महसूस की और एक सिप ली.

“कैसी है? ज़बरदस्त है न?”

रोबर्ट ने फखर से पुछा.

सूरज ने सर हिला कर हाँ कहा.

उसकी नज़र बैकयार्ड पर चली गयी.

वहां मज़दूर काम कर रहे थे —

स्मेल्टिंग, हममेरिंग… धुप के बावजूद म्हणत.

रोबर्ट ने कहा:

“नया पूल बनवा रहे हैं.

मेरी बीवी पूल्स की बोहोत शौक़ीन है.”

सूरज सिर्फ ावक्वार्ड मुस्कुराया.

फिर रोबर्ट ने पुछा:

“तुम सिकंदर के दोस्त हो?

यूनिवर्सिटी में मिले थे?”

“नहीं… हम मिलिट्री में मिले थे.

जब सिकंदर सर्विस में था,”

सूरज ने थोड़ी उदासी के साथ जवाब दिया.

रोबर्ट हैरान हुआ.

“मुझे यक़ीन नहीं होता के उसका कोई पुराण दोस्त भी हो सकता है.

वह बोहोत खामोश लड़का है.”

फिर बातों बातों में, रोबर्ट सूरज को गेराज ले गया.

वहां चार मोटरसाइकिल्स थी —

हर एक मुख्तलिफ टाइप की.

रोबर्ट अपनी जवानी के क़िस्से सुनाने लगा.

“उस वक़्त बाइक्स के साथ लड़कियां खुद लाइन में लग जाती थी,”

वह हंस कर बोलै.

“जवानी में मज़े कर लो…

वर्ण बाद में एक hi लड़की के साथ फँस जाओगे.”

रोबर्ट हंस रहा था.

मगर सूरज का चेहरा बदल गया.

“एक्सक्यूज़ में… बाथरूम?”

बाथरूम में पोहंच कर, सूरज ने पानी खोला

और ज़ोर से अपना चेहरा धोया.

उसकी सांस तेज़ थी,

जिस्म पसीने से भर गया.

आँखों के सामने फ्लेशबैक्स आने लगे.

बूम!

गोलियों की आवाज़ें!

लोगों की चीखें!

“मेडिक! इधर आओ!”

“मेरी बाज़ू!”

“मैं मरना नहीं चाहता!”

आईने में अब उसका अक्स नहीं था,

बल्के ज़ख़्मी और खून में डूबे लोग थे.

वह मिलिट्री यूनिफार्म में था,

बाज़ू पर मेडिक का बंद.

वह तय नहीं कर प् रहा था

किस की जान पहले बचाये.

सूरज फिसल कर दीवार के साथ बैठ गया

और सर पाकर लिया.

यह बात उस ने कभी किसी को नहीं बताई…

न hi सिकंदर को.

कुछ दिएर बाद, वह बहार निकला.

चेहरा फिर से नार्मल था.

और तभी दरवाज़ा खुला.

मरस. ग्रीन शॉपिंग बैग्स के साथ अंदर आयी.

डिज़ाइनर कपड़े, क्लासी अंदाज़.

सूरज को देख कर वह ख़ुशी से बोली:

“सूरज! आओ, मुझे हुग दो!”

_ _ _ _

मरस. ग्रीन धीरे धीरे सूरज की तरफ आयी और उसे गले लगा लिया.

दोनों की पहली मुलाक़ात उस दिन हुई थी जब ुवो ने उन्हें बहादुरी के मेडल्स दिए थे. उस दिन के बाद सूरज, मरस. ग्रीन से काफी फेमिलिअर हो चूका था—

खासकर जब भी उसे याद आता के सिकंदर ने उसके लिए अपनी जान क़ुर्बान कर दी थी.

“तुम कैसे हो बीटा? काफी महीने हो गए हैं तुम्हें देखे हुए,”

मरस. ग्रीन ने मुस्कुराते हुए कहा.

सूरज के लिए ये देख कर दिल को सुकून मिला के वो अब ठीक लग रही थी.

सूरज ने नरमी से मुस्कुराते हुए जवाब दिया,

“मैं बिलकुल ठीक हूँ मरस. ग्रीन… और मुझे अफ़सोस है के मैं कुछ अरसे से आप से मिलने नहीं आ सका.”

ये सुन कर मरस. ग्रीन हलकी सी हंस पारी.

“इस में सॉरी किस बात का? मुझे पता है तुम लोग कितने मसरूफ हो,”

उन्हों ने कहा और रोबर्ट को इशारा किया के शॉपिंग बैग्स ले जाये.

अपने दोस्त की माँ को इतना ठीक देख कर सूरज भी खुश हो गया.

उसे याद था पिछली mulaqat—jab मरस. ग्रीन बिलकुल टूट चुकी थी.

आज उनकी आँखों में ज़िन्दगी वापस देख कर सूरज का दिल हल्का हो गया.

मरस. ग्रीन, सूरज को सोफे तक ले आयी.

दोनों बैठ गए.

“तुम पहले बता देते के आ रहे हो, मैं तुम्हारे लिए खुद खाना बनती,”

उन्हों ने प्यार से कहा.

“कोई बात नहीं मरस. ग्रीन,” सूरज ने अदब से जवाब दिया.

ये सुन कर मरस. ग्रीन फ़ौरन खरी हो गयी.

“ये क्या बात हुई? मैं अभी बना लेती हूँ!”

लेकिन सूरज ने उनका हाथ पाकर कर उन्हें रोका.

वो हैरानी से सूरज को देखने लगी.

“असल में… मैं आप दोनों को कहीं ले जाने आया हूँ,”

सूरज ने थोड़ा हिचकिचाते हुए कहा.

इसी वक़्त रोबर्ट वापस आया और बात सुन ली.

“ट्रिप?” रोबर्ट ने उदासी से कहा,

“माफ़ करना सूरज, लेकिन मैं शायद नहीं आ सकता. काम बोहत ज़्यादा है.”

मरस. ग्रीन ने फ़ौरन कहा,

“मैं आ सकती हूँ, तुम फ़िक्र मत करो. बताओ, कहाँ जा रहे हैं?”

सूरज ने सीधा रोबर्ट की तरफ देखा.

“नहीं… आप दोनों को आना होगा. ये ट्रिप सिकंदर ने प्लान की है. अगर आप नहीं आये तो वो बोहत उदास हो जायेगा.”

रोबर्ट हैरान रह गया.

“सिकंदर ने प्लान की है?”

मरस. ग्रीन की आँखों में चमक आ गयी.

“तुम सिकंदर से मिले? ये तो बोहत अछि खबर है!”

फिर उन्हों ने रोबर्ट को कहा के एक दिन की छुट्टी ले ले.

थोड़ी दिएर सोचने के बाद रोबर्ट मान गया.

“लेकिन अगर तुम सिकंदर से मिले हो तो वो खुद क्यों नहीं आया?”

मरस. ग्रीन ने पुछा.

सूरज ने फ़ौरन जवाब दिया,

“यूनिवर्सिटी में उसका कुछ ज़रूरी काम है, इस लिए नहीं आ सका.”

दोनों ने सर हिला दिया और पैकिंग शुरू कर दी.

सूरज ने कहा के वो जल्द रवाना होंगे.

‘शुक्र है ये मान गए… बाक़ी बात सिकंदर खुद समझा देगा,’

सूरज ने दिल hi दिल में सोचा.

.

.

.

.

राटमवटी सिटी के किसी कोने में…

एक azeem-o-shaan मेन्शन के अंदर एक खानदान नाश्ता कर रहा था.

सफ़ेद और हरी रंग से सजा हुआ ये मेन्शन हर तरफ से गार्ड्स से घिरा हुआ था.

लक्ज़री कार्स सामने खरी थी, और हर चीज़ बिलकुल परफेक्ट लग रही थी—

लेकिन माहौल घुटन भरा था.

डाइनिंग हॉल में पांच अफ़राद बैठे थे.

सब के बाल हरी रंग के थे, सिवाए एक दरमियानी उम्र की औरत के जिसके बाल भूरे थे.

ख़ामोशी इतनी गहरी थी के चमच की हलकी आवाज़ भी तेज़ लग रही थी.

खानदान का सरबराह आराम से खाना खा रहा था,

लेकिन उसकी तेज़ नज़रें अपनी बेटी पर जमी हुई थीं.

अगर सिकंदर यहाँ होता,

तो वो इस लड़की को पहचान लेता—

ये वही जाने थी जो उस से पिछली रात अमेथिस्ट होटल में मिली थी.

जाने ने नज़रें नीचे कर राखी थीं.

उसके हाथ काँप रहे थे और वो टेबल के नीचे उँगलियों से खेल रही थी.

“तो तुम कह रही हो… के ये सिकंदर नाम का लड़का तीनो स्पैलबुक्स रखता है?”

बाप ने उसकी बात दोहराई.

जाने ने होंठ काट लिए.

“जी… उसके पास सबूत था. और वो हमारे खानदान से बिलकुल नहीं डरता.”

ये सुन कर पूरा हॉल और ज़्यादा भारी हो गया.

ये बात के कोई ‘आम लड़का’ उन्हें धमका सके—

ये वेस्ली अटकिंस के लिए बर्दाश्त से बहार था.

“उसने तुम से और क्या कहा?”

वेस्ली ने पुछा.

“उसने कहा के वो आपसे बात करना चाहता है…

वो चाहता है के उसकी शर्तें सुनी जाएं.

वो aapse—Wesley Atkins—se बात करना चाहता है.”

वेस्ली ने गहरी सांस ली.

“मैं ने तुम्हें स्पैलबुक्स चुराने को कहा था.

तुम्हें सिर्फ प्लाची से डील करनी थी.

और तुम कह रही हो के सिकंदर ने तुम से पहले हाथ मार लिया?”

जाने फ़ौरन बोली,

“नहीं फादर… उसका कहना है के उसने जान बूझ कर नहीं लिया.

उसके लोग ग़लत बॉक्स ले आये.

और लगता है वो प्लाची का भी दुश्मन है.”

प्रांग!

वेस्ली की और पहात पड़ी.

पलटें और खाना हवा में उड़ गया.

“ये कोई जस्टिफिकेशन नहीं है!”

वेस्ली ने घुर्राटे हुए कहा.

“तुम रैंक सिक्स हो!

और तुम एक स्टूडेंट से हार गयी जो मुश्किल से रैंक फोर तक पोहंचा है?!”

वो उठ कर जाने के बिलकुल क़रीब आ गया.

“स्पैलबुक्स की अहमियत मैं ने समझायी थी!

अगर ये हाथ से निकल गए तो हम टॉप तेन से नीचे गिर जायेंगे!”

इसी वक़्त एक गार्ड आगे आया और वेस्ली के कान में कुछ कहा.

वेस्ली की आँखें फैल गयीं.

फिर उसका चेहरा सख्त हो गया.

“मैं खुद जा कर इस हरामज़ादे से मिलूंगा,”

उसने कहा.

“तुम फिलहाल अपना हिसाब बराबर करने की कोशिश करो.”

ये कह कर वेस्ली हॉल से निकल गया.

.

.

.

.

अगला दिन…

सिकंदर अपने घर में रीज़े और कारन के साथ नाश्ता कर रहा था.

उसकी नज़र कारन पर पारी—

उसकी आँखों के नीचे गहरे सियाह हलके थे.

वो रात भर सो नहीं सका था.

उसे डर था के जैसे hi वो सोये, दुश्मन हमला कर देंगे.

“मैं मदद करना चाहता हूँ…

मुझे मदद करने दो,”

कारन ने pur-azm लहजे में कहा.

सिकंदर ने उस रिमाइंडर की तरफ देखा, फिर गहरी सांस ली.

“तुम मुश्किल soorat-e-haal में हो,”

सिकंदर ने कहा.

“अगर मदद करनी है…

तो पहले अपनी ग़लतियों पर सोचो जो तुम्हें यहाँ तक ले आयी.

और दोबारा वो ग़लती मत दोहराना.”

कारन ने मजबूरन ख़ामोशी इख़्तियार कर ली.

सिकंदर का मूड वैसे भी ख़राब था.

उस विज़न के बाद उसे समझ आ चूका था—

यूल मून उसे मज़ीद ताक़त नहीं दे सकती…

और ये बात उसके लिए सब से ज़्यादा खतरनाक थी.

इतनी साडी चीज़ें एक साथ हो रही थीं के सिकंदर का दिमाग़ भरी हो चूका था.

उसे पूरी उम्मीद थी के आने वाली फुल मून उसे बोहत ज़्यादा स्ट्रांग बना देगी, क्यों के वह एक वेयरवोल्फ था.

लेकिन अब…

उसे अछि तरह पता था के अगली फुल मून उसकी मदद नहीं करेगी.

यूल मून के क़रीब होने और अपनी काम सनीति को देख कर, सिकंदर समझ चूका था के सिर्फ इंतज़ार से काम नहीं चले गए.

इस लिए उस ने सिस्टम शॉप खोलने का फैसला किया.

“शायद यहाँ कुछ ऐसा मिल जाये जो मेरी मदद कर सके…”

उस ने शॉप खोली और फ़िल्टर को ‘स्पिरिट’ पर सेट कर दिया.

जैसे hi फ़िल्टर अप्लाई हुआ, उस के सामने मुख्तलिफ किसम के स्पिरिट्स आ गए — आग, पानी, हवा, ज़मीन और बिजली के एलिमेंट्स के साथ, हर एक के अपने अजीब इफेक्ट्स थे.

इस वक़्त सिकंदर को हैरानी भी नहीं हुई.

सिस्टम से वह अब काफी कुछ देख चूका था.

स्क्रॉल करते हुए उसे एहसास हुआ के तमाम चाय स्पिरिट्स काम आज काम 20,000 गोल्ड से शुरू हो रहे थे — और इतना गोल्ड उस के पास फिलहाल बिलकुल नहीं था.

फिर उस की नज़र एक स्पिरिट पर जा कर रुक गयी.

एक अज़ीम स्पिरिट जिस ने 11,000 साल पहले क्लाउड्स के पुराने गेटकीपर को रेप्लस किया था.

देवो एक इन्तेहाई पावरफुल lightning-based स्पिरिट है.

जिस लाइटनिंग ेलेमेंटलिस्ट के साथ यह बाँध होता है, उस की ताक़त तीन गुना बढ़ जाती है.

इफ़ेक्ट ग्रैनेड:

• एनहांस्ड Lightning-Based

ाबिलिटीज़

• एक्सपैंडेड मन अब्सॉर्प्शन

रेडियस

• वेअथेर कण्ट्रोल

सिकंदर की आँखों में चमक आ गयी.

यह स्पिरिट बिजली का था, जो बिलकुल उस के साथ कम्पेटिबल था — लेकिन असल वजह कुछ और थी.

एक्सपैंडेड मन अब्सॉर्प्शन रेडियस.

“यह… यह मेरी ज़िन्दगी बदल सकता है…”

अगर नोर्मल्ली रैंक 6 तक पोहॉंछने में सिकंदर को 4 महीने लगते, तो इस स्पिरिट के साथ वह शायद आधा वक़्त, या उस से भी काम में रैंक उप कर सकता था.

सिर्फ तसव्वुर hi उस के जिस्म को कपकपा गया.

अगर वह स्ट्रांग हो जाये…

तो उस के तमाम मसाइल ख़तम हो सकते हैं.

लेकिन फिर उस की नज़र प्राइस पर पारी.

100,000 गोल्ड.

सिकंदर ने गहरी सांस ली और ठंडी यह भरी.

“हाई स्पिरिट है… सस्ता तो हो hi नहीं सकता.”

‘पहले रैंक फाइव तक पोहंचना होगा… फिर hi मैं इसे खरीद सकता हूँ,’

सिकंदर ने दिल hi दिल में सोचा.

सोचते सोचते वह be-ikhteyar दूसरे कमरे में चला गया, जब के रीज़े और कारन किचन में hi मौजूद थे.

कई घंटे गुज़रने के बाद, सिकंदर कमरे से बहार निकला.

उस की आँखों में अब आज़म था.

उस के ज़ेहन में एक प्लान बन चूका था — अगर यह प्लान कामयाब हो गया, तो वह सिर्फ स्ट्रांग hi नहीं…

बालकः नयी बुलंदियों को छू सकता था.

सिकंदर फिर से फाए ऑफिस की तरफ गया.

इस मर्तबा उस का मक़सद था —

डिटेक्टिव का पीछा करना और यह jaan’na के स्पैलबुक्स असल में किस के लिए हैं.

अब तक यह बात उसे बिलकुल भी क्लियर नहीं थी.

लेकिन जैसे hi वह घर से बहार निकला, उस ने देखा के गलियों में फाए के बोहत से मेंबर्स मौजूद हैं.

कहीं छोटे ग्रुप्स में, कहीं अकेले…

और बोहत से तो ोचीरा यूनिवर्सिटी के अंदर तक फैल चुके थे.

“यह यक़ीनन स्पैलबुक्स की तलाश में हैं,”

सिकंदर ने सोचा.

उस ने एक स्टाल से टोपी खरीदी, फिर यूनिवर्सिटी के अंदर चला गया.

उसे डिटेक्टिव की खुशबू महसूस हो रही थी.

वेयरवोल्फ होने की वजह से सिकंदर के तमाम सेंसेस हद्द से ज़्यादा तेज़ थे —

खासकर स्मेल.

सिर्फ एक दफा दूर से स्मेल कर के, वह किसी की खुशबू याद रख सकता था.

वह एक कोने में पोहंचा और देखा के डिटेक्टिव कुछ फाए मेंबर्स से बात कर रहा है.

इसी दौरान सिकंदर का फ़ोन बज उठा.

स्क्रीन पर सूरज का नाम चमक रहा था.

“सब कैसा चल रहा है?” सिकंदर ने पुछा.

“मैं रास्ते में हूँ,”

सूरज ने जवाब दिया, आवाज़ से लग रहा था के वह कार में है.

“तुम्हें भी वहां पोहंच कर उन्हें सिचुएशन एक्सप्लेन करनी होगी.”

“समझ गया,”

सिकंदर ने कहा और कॉल बंद कर दी.

डिटेक्टिव फाए मेंबर्स को सर्च रेडियस के बारे में बता रहा था,

लेकिन सिकंदर को वहां से कोई ख़ास मालूमात नहीं मिली.

जब वह वापस जाने hi वाला था…

उस ने कुछ देखा.

डिटेक्टिव अचानक ग्रुप से अलग हो गया.

वह आम लोगों के साथ नार्मल अंदाज़ में चल रहा था,

idhar-udhar नज़र डालते हुए.

सिकंदर ने उस का पीछा जारी रखने का फैसला किया.

यूनिवर्सिटी से बहार निकल कर डिटेक्टिव एक छोटे से घर के सामने रुक गया.

उस ने idhar-udhar देखा —

जिस पर सिकंदर फ़ौरन एक बारे हमले के पीछे छुप गया.

इत्मीनान के बाद के कोई पीछा नहीं कर रहा,

डिटेक्टिव ने दरवाज़े पर एक कोड नॉक की —

जो सिकंदर ने अपनी तेज़ आँखों से नोट कर लिया.

डिटेक्टिव के अंदर जाने के बाद,

सिकंदर दीवार के साथ लग कर दरवाज़े के क़रीब आ गया.

वह पूरी तरह सुन नहीं सकता था,

लेकिन कुछ अलफ़ाज़ उस के कानों तक पोहंच रहे थे.

“हमारे लोगों ने महसूस किया है के स्पैलबुक्स किसी चोर के पास हैं… और वह यहीं के आस पास है,”

एक औरत की आवाज़ सुनाई दी.

“हम पूरी कोशिश कर रहे हैं, ma’am,”

डिटेक्टिव ने जवाब दिया.

“हो सकता है यह अटकिंस फॅमिली हो,”

औरत ने कहा.

“वह हाल hi में काफी हरकत में हैं.”

डिटेक्टिव ने हिचकिचाते हुए पुछा,

“फिर क्या मुझे उन की प्रॉपर्टी सर्च करनी चाहिए?”

“नहीं,”

औरत ने सख्ती से कहा.

“स्पैलबुक्स बोहत सीक्रेट हैं.

हम यह बात पब्लिक नहीं कर सकते के हम उन्हें ढूंढ रहे हैं.”

फिर वह बोली,

“अगर तुम स्पैलबुक्स ढूंढ कर हमें दे दो,

तो रिड फॅमिली तुम्हारी क़र्ज़दार होगी…

और तुम्हें भरपूर इनाम मिलेगा.”

यह सुन कर सिकंदर की आँखें फैल गयीं.

“रिड फॅमिली…?”

उसे जैसे hi इतनी मालूमात मिल गयी,

वह वहां से हटना hi चाहता था के…

अचानक!

किसी ने पीछे से उस का मुंह पाकर लिया.

काली एनर्जी ने दोनों को ग़ैर लिया.

सिकंदर ने पूरी ताक़त से छूटने की कोशिश की,

लेकिन be-faida.

उस ने देखा के उस का जिस्म पूरी तरह ब्लैक एनर्जी में डूब गया —

और अगले hi लम्हे…

टेलिपोर्ट!

ज़मीन पर ज़ोर से गिरते हुए वह आगे फेंक दिया गया.

थुड़!

दर्द से दांत पीस कर, सिकंदर ने पीछे देखा.

और जिसे देखा…

उस की सांस अटक गयी.

“A-Aap…?”

“प्रिंसिपल?!”

_ _ _ _

आज के लिए इत्नाह hi. ी होप ये अपडेट बे आप को पसंद ाहये गह.

अब से 2 3 उपदटेस मेगा अपडेट हूँ गे. क्यों क मिशन जल्दी खतम काटना चाहता. क्यों के काफी लोगों को ये उपदटेस पसंद नहीं यह रहे. कुछ लोग चाहते है क ओनली फाइट हो. लेकिन अहसा बे नहीं चलता, कुछ मिशंस फाइट से नहीं जीते जाते. उन को जीतने के लिए दिमाग से काम लेना परता, ये मिशन बे अहसा hi है.

बाकि टारगेट शामे 50.

बने रहिये साथ. मिलते है नेक्स्ट episode मई तब तक के लिए.

थैंक्स एंड Bye.
 
Episode 58

डील विथ रिड फॅमिली

सिकंदर ने अपने सामने देखा और हैरानी से उसकी आँखें फैल गयीं.

उसके सामने खरा शख्स ोचीरा यूनिवर्सिटी का प्रिंसिपल था. उसकी सार्ड, be-ehsaas आँखें सिकंदर पर जमी हुई थीं, जो ज़मीन पर बैठा हुआ था.

अगले hi लम्हे, सिकंदर को एहसास हुआ के उसे टेलिपोर्ट करके प्रिंसिपल के ऑफिस में लाया गया hai—wahi जगह जहाँ पहले आधार को बुलाया गया था.

सिकंदर फ़ौरन पीछे चला गया, दोनों के दरमियान फासला बनाते हुए. उसकी नज़र हमेशा की तरह चौकन्नी थी.

“तुम ने मुझे यहाँ टेलिपोर्ट क्यों किया?” सिकंदर ने सख्ती से पुछा.

प्रिंसिपल आराम से अपनी कुर्सी पर बैठ गया.

“क्या तुम्हारे पास वो चीज़ है?” उस ने पुरसुकून लहजे में कहा.

उस ने अपनी उँगलियाँ आपस में फंसा कर चेहरे के सामने रखीं और सिकंदर के चेहरे के हर रिएक्शन को घोर से देखने लगा.

बिना ज़रा सी कमज़ोरी दिखाए,

सिकंदर ने जवाब दिया,

“क्या? तुम उस कॉन्ट्रैक्ट की बात कर रहे हो जो तुम ने आधार को दिया था? हाँ, वो मेरे पास था… और मैंने उसे पहाड़ दिया.”

सिकंदर ने जान बूझ कर झूट बोलै.

उसे पता था के प्रिंसिपल ने आधार को ोचीरा यूनिवर्सिटी में रोकने की कोशिश की थी, क्यों के सिकंदर को मनाना आसान नहीं था. प्रिंसिपल ने आधार को बैत बना कर सिकंदर को यहीं बांधना चाहा.

इसी लिए सिकंदर ने जान बूझ कर कॉन्ट्रैक्ट वाली बात chhedi—taake असल जुर्म, यानि चुराए गए स्पैलबुक्स, से तवज्जो हटा सके.

प्रिंसिपल ने भोने उछाल दिए.

“तुम समझते हो के आधार को यहाँ रोक कर मुझे मजबूर कर लोगे?” सिकंदर ने बात जारी राखी,

बिलकुल कुदरती अंदाज़ में.

उसका ब्लफ इतना बेहतरीन था के खुद सिकंदर को भी हैरानी हुई के उसने इतनी जल्दी ये सोच लिया.

प्रिंसिपल हल्का सा हंस कर कुर्सी से पीछे टिका.

“मुझे बेवक़ूफ़ समझने की ग़लती मत करो,” उस ने आहिस्ता कहा.

“तुम जैसा स्टूडेंट फाए के एक मेंबर का पीछा क्यों कर रहा था?”

सिकंदर का दिल एक लम्हे को धड़कना भूल गया.

‘उसे पता चल गया?’

सिकंदर के चेहरे पर हलकी सी लर्ज़िश देख कर प्रिंसिपल और ज़्यादा pur-aitemaad हो गया.

“तोह मैं दोबारा पूछता हूँ,” उस ने कहा,

“क्या तुम्हारे पास वो चीज़ है?”

कमरे में ख़ामोशी च गयी.

सिकंदर सीधा प्रिंसिपल की आँखों में देखता रहा, फिर बोलै,

“क्या आप अपने स्टूडेंट पर इलज़ाम लगा रहे हैं सिर्फ इस लिए के मैं किसी के पीछा कर रहा था?”

प्रिंसिपल की नज़र और ज़्यादा भारी हो गयी.

“जब मुझे चोरी शुदा चीज़ों की इत्तिला मिले, और कोई स्टूडेंट उसी वक़्त मशकूक हरकत करे—

तोह शुबा होना बिलकुल फिटरी होता है,” प्रिंसिपल ने कहा.

सिकंदर ने अपना हाथ पीछे किया, अपनी सांस को काबू में लाने की कोशिश करता हुआ.

प्रिंसिपल की मौजूदगी खुद एक दबाओ थी—

वो ोचीरा यूनिवर्सिटी का सब से ताक़तवर ावकेनेड था.

“मैं इस यूनिवर्सिटी का टॉप first-year हूँ,” सिकंदर ने कहा.

“क्या आपका फ़र्ज़ नहीं के मुझे प्रोटेक्ट करें? आप किस साइड पर हैं?”

प्रिंसिपल की लिप्स पर एक ma’ni-khez मुस्कराहट आयी.

“उस स्टूडेंट के साइड पर नहीं…

जो इस यूनिवर्सिटी को छोड़ने वाला हो.”

दोनों ख़ामोशी से एक दुसरे को घूरने लगे.

.

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( यार ये सुब कबि लिखा नहीं है. 1सत टाइम है. बोहत साडी गलतिया हूँ गई. और वो वाली फीलिंग बे नहीं ाह्य गई आप को मय्बे. पीर बे गलतिओं के लिए सॉरी. नेक्स्ट टाइम कोशिश करों गए के बेहतर लिखों ये वाले सीन्स.)

दूर शहर – टोलक सिटी

राटमवटी सिटी के साउथ हिस्से में, एक level-four shehar—Tolk सिटी.

रात के सन्नाटे में, जंगल के दरमियान एक मर्द और एक औरत hans-te खेलते भाग रहे थे. दोनों जवान, खूबसूरत और एक दुसरे में गम.

औरत के सुनहरी बाल उसकी पीठ पर लहरा रहे थे, उसकी नीली आँखें चांदनी में चमक रही थीं. कपड़ों पर मिटटी थी, मगर उसकी जिल्द की नरमी अभी भी वाज़ेह थी.

मर्द की हेज़ल रंग आँखें किसी को भी अपनी तरफ खींच सकती थीं. उसका जिस्म मुतनासिब और मज़बूत था.

आखिरकार मर्द ने औरत को पाकर लिया.

दोनों हंस रहे थे, ज़मीन पर गिरते हुए. जंगल में कीड़े मकोड़ों की आवाज़ और ऊपर चमकता चाँद—

सब कुछ उस लम्हे को और गहरा बना रहा था.

वो दोनों करीब ाहये और दोनों ने के होंठ आपस मिल गए.

दोनों बोहत प्यार और शिद्दत से एक दूसरे को किश कर रहे थे.

लड़के का एक हाथ लड़की के कपड़ों के ऊपर से hi उस के बूब्स पर चला गया, और लड़की के बूब्स को प्यार से मसलने लगा.

लड़की के मू से एक मेथी अह्ह्ह्ह निकल गई,

लेकिन लड़का उस अह्ह्ह्ह को सुन कर और बे जोश के साथ लड़की के बूब्स को मसलने लगा.

लड़की बे उस का पूरा साथ दे रही थी.

लड़के ने पीर उस लड़की के शर्त को पाकर कर सर से उतर दिया.

अब लड़की ऊपर से बिल्कुल ओपन हो गई.

उस का बदन चाँद की रौशनी मई चमकने लगा.

और लड़की और बे ज़ादा खुबसूरत और हॉट लगने लगी.

लड़के ने बिना देरी किये उस के एक बूब को पकड़ा और दूसरे का निपल मू मई भर लिए.

लड़की बे उस का साथ देते हॉवे उस का सर अपने सीने पर सबने लगी.

अह्ह्ह्ह, एहसे hi, और ज़ोर से चुसो, नोच डालो इन को.

लड़की के मू से मदहोश सी आवाज़े निकल रही थी.

थोड़ी देर सोनो बूब्स के साथ खेलने के बाद लड़के ने लड़की के बाकि के कपड़े बे उतर दिए.

इसी बीच लड़के की शर्त बे उतर चुकी थी.

लड़के ने पीर लड़की को वही ज़मीन पर कपड़ों के ऊपर लता दिया.

और हुड बे लड़की के पेट पर यह चूमने लगा.

लड़की की सस्कारिअ गूंजने लगी.

लड़का हलके हलके निचे कहने लगा,

पीर उसे वो मंज़िल मिल गई.

लड़की की दोनों लेग्स के बीच एक प्यारी सी गुफा..

लड़के ने पहली लड़की की आँखों मई देखा और स्माइल की. लड़की बे उसे देख के शर्मा गई.

पीर लड़के ने पहले प्यार से लड़की की उस पिंक गुफा पर किश की,

अह्ह्ह्ह,

लड़की के मू से लज़्ज़त बरी अहह निकले.

पीर लड़के ने पिंक गुफा को अपनी ज़ुबान से गिला करना शूरों कर दिया.

लड़की बे तर्पण लगी, और लड़के का सर अपनी गुफा पर दबाने लगी.

10 मिन्ट्स तक लड़का उस लड़की की गुफा से खेलता रहा, चुस्त रहा, छत्ता रहा, और पीर लड़की अपनी हद पर पांच गई और अपनी गुफा से पानी की धार चोर दी.

लड़के ने तब तक अपना सर नहीं उठाया जब तक धार बहती रही.

पीर लड़की शांत होइ, और लड़का बे लड़की के साथ लेट गया. और दोनों पीर से किश करने लगे.

"अब तुमारु भरी है"

लड़के ने हस्ते हॉवे शरारती मुस्कराहट के साथ कहा.

और लड़की बे हस्ते हॉवे उठी और लड़के की शार्ट एक hi जटके से उतर दी.

लड़के का हथ्यार अपनी पूरी ताकत के साथ लहराता होवा उस के सामने यह गया.

लड़की ने एक नज़ीर लड़के को देखा और दोनों मुस्कराने लगे.

लड़की ने हाथ ब्रह कर उस के हथ्यार को पकड़ा, उसे हल्का सह ऊपर नीचे किया, और उस की कैप पर हलकी सी किश कर दी.

अह्ह्ह्ह"

लड़के के मू से बे लज़्ज़त बरी अहह निकली.

" चलो बे अब शर्माओ मत, पूरा लो मू मई"

लड़के ने हस्ते हॉवे लड़की को कहा.

और पीर लड़की ने हिच्छ्ते हॉवे लड़के का हथ्यार अपने मू में भर लिए.

बोहत मुश्किल से सिर्फ हाफ hi मू मई ले सकीय.

लेकिन इतने मई hi लड़के की हालत हरब होने लगी.

उसे देख क लग रहा था के ये दोनों का 1सत टाइम है.

पीर लड़की जितना मू मई ले सकती थी उतने से hi उस का हथ्यार को चूसने लगी. किसी लोल्लिपोप की तरह.

5 मिन्ट्स hi गुज़रे हूँ गए के लड़के ने लड़की के मू से अपना हथ्यार निकला और लड़की को उठा के ज़मीन पर लता दिया.

दोनों की नज़ीर पीर से मिली और पीर,

"क्या तुम तैयार हो जान?"

लड़के ने लड़की से पूछा.

" है जान! मई तैयार हूँ, लेकिन प्लीज थोड़ा डेरे से करना"

लड़की के चेहरे पर दर साफ़ दिख रहा था. जैसे उस का 1सत टाइम हो.

पीर लड़के ने लड़की की गुफा पर अपना हथ्यार रखा और हल्का हल्का ऊपर जिसस्ने लगा.

" बीएस करो जान, और मत तरपओ"

लड़की ने बेचैनी से कहा.

जैसे उस से बे अब और कण्ट्रोल नहीं हो रहा था.

पीर लड़के अपने हथ्यार की कैप को गुफा के मू पर रखा और हल्का सा दक्का मारा.

"अह्ह्ह्ह"

लड़की की मू से हलकी सी चीख निकली.

जिस से लड़का रुक गया.

और लड़की के ऊपर जुक कर उस के होंठ चूमने लगा.

2मिंट बाद उस ने पीर से दक्का मारा और उस का हाफ हथ्यार लड़की की गुफा मई चला गया.

लड़की को बोहत पैन होइ जिस वजा से वो छूटने की कोशिश करने लगी लेकिन लड़के ने उसे नहीं छोरा और उस के होंठ अपने होंठों से और ज़ोर से दबा दिए के आवाज़ न निकले.

5मिंट तक पीर से वेट करने के बाद जब लड़की को सकूं होवा तो लड़के ने अपनी अहदे हथये से hi उसे दकके लगाने शोरों कर दिए.

" अह्ह्ह्ह जान एहसे hi करते रहो, आराम से."

लड़की को बे अब मज़ा कहने लगा था वो बे पाने हिप्स उठा के लड़के का साथ देने लगी.

लड़का ने पीर एक ज़ोर का दक्का मारा और अपना पूरा हथ्यार लड़की की गुफा मई उतर दिया.

"अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह"

लड़की की पीर से चीख निकल गई.

और उस की आँखों से ाँसों बहने लगे.

लड़का पीर से उसे किसा करने लगा और दकके रोक दिए.

" है जान अब करो, लेकिन प्लीज आराम आराम से बोहत पैन हो रहा है"

थोड़ी देर बाद लड़की ने कहा.

लड़के ने जब अपना हथयात बाहिर निकल के पीर से दक्का मरना चाहा तो उसे अपने हथ्यार पर लड़की का ब्लड दिखा.

उस के चेहरे पर तकलीफ बे थी और ख़ुशी बे.

पीर 1 ज़ोरदार दकके से उस ने अपना हथयात लड़की की गुफा मई दाल दिया और पीर आराम आराम से दकके लगने लगा.

10 मिंट गुज़रे हूँ गे के लड़के की सांस फूलने लगी और. और लड़की बे शहद पीर से फरग होने वाली थी.

लड़के ने अपनी स्पीड और भ्रः दी और लड़की की बे आवाज़े तेज़्ज़ हो गई.

"अह्ह्ह्ह जान और तेज़्ज़ करो, मेरा होने वाला है"

लड़की ने हफ्ते हॉवे कहा.

कोई 2 मिनट्स गुज़रे हूँ गए क दोनों एक साथ फरग होने लगे.

लड़की ने अपने नाख़ून लड़के की पीठ पैट घर दिए.

लड़का बे लड़की के ऊपर लेट के हांफने लगा.

(फ्रेंड्स मई ने कबि हॉट सीन्स नहीं लिखे तो मुझे इस का एक्सपीरियंस नहीं है. तो जितना लिखा सकता था लिख दिया.

अगर पसंद नाह ाह्या हो तो सॉरी)

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कुछ दिएर बाद, दोनों शहर की तरफ वापस चल पड़े.

टोलक सिटी की दीवारें सिर्फ सख्त लकड़ी की बानी हुई थीं, और शहर ज़्यादा बारे नहीं tha—sirf दो मिले तक फैला हुआ.

जैसे hi वो शहर में दाखिल हुए, एक शोर सुनाई दिया.

“टोलक सिटी के लोगों! सिटी हॉल के पास जमा हो जाओ!”

“सब को फ़ौरन बुलाया जा रहा है!”

एक आदमी दूर से चीख रहा था.

लोग घबरा कर सिटी हॉल की तरफ भागने लगे.

मर्द और औरत ने एक दुसरे को देखा—

और फिर उन्होंने आस पास लोगों की सरसराहट भरी सरगोशियां सुनीं…

“फिर से महीने का वह वक़्त आ गया है?”

“हाँ, मेरे घर के पिछले हिस्सा में कीचड है. अपनी बेटी पर लगा दो, लेकिन इतना ज़्यादा भी नहीं के सब को फ़ौरन नज़र आ जाये.”

यह सुन कर मर्द ने कहा, “आओ ेलिए, तुम पर भी थोड़ा लगा देते हैं.”

ेलिए ने शरारती मुस्कराहट के साथ कहा,

“क्या मैं पहले से गन्दी नहीं लग रही? रहने दो रफाएल, वह मुझे नहीं चुनेंगे.”

रफाएल ने ज़िद्द की के और लगा लें, लेकिन ेलिए ने मन कर दिया.

“ज़्यादा ऑब्वियस हो जायेगा.”

आखिर रफाएल मान गया और दोनों शहर के सिटी हॉल की तरफ चल दिए.

सिटी हॉल के गिर्द सैंकड़ों लोग जमा थे. सब का नाम लिखा गया, गिनती हुई.

जब तस्दीक़ हो गयी के तमाम शहरी मौजूद हैं, तीन लोग लकड़ी के स्टेज पर आये.

उन के गिर्द चमकती हुई रौशनी से साफ़ था के यह तीन ावकेनेड हैं.

भीड़ फ़ौरन खामोश हो गयी — जैसे सब उन से ख़ौफ़ज़दा हों.

एक आदमी जो लिबास से सिटी हेड लगता था, बोलै:

“जैसा के आप सब जानते हैं, महीने का वह वक़्त आ चूका है. क्या कोई वालंटियर है जो अगले महीने के लिए इन जेंटलमेन का पार्टनर बनना चाहे?”

भीड़ में शोर मच गया.

स्टेज पर खरे ावकेनेड में से दाएं तरफ वाला ग़ुस्से में आ गया.

उस ने अपनी और फैला दी — सुर्ख झटका सा महसूस हुआ.

लोगों पर बोझ सा आ गया, सब फ़ौरन खामोश हो गए.

लोगों के चेहरों से साफ़ था के वह इस ावकेनेड को पसंद नहीं करते.

थोड़ी दिएर बाद, एक औरत ने हाथ उठाया.

“मैं वालंटियर हूँ.”

वह औरत खूबसूरत थी — pur-aitmaad और दिलकश.

सिटी हेड ख़ुशी से बोलै,

“किस की खिदमत करना चाहती हो?”

वह औरत बग़ैर हिचकिचाहट बाएं तरफ वाले ावकेनेड की तरफ इशारा करती है.

ावकेनेड हंस कर बोलै,

“लगता है मुझे अछि लड़की मिल गयी, दोस्तों.”

बाकी दोनों ावकेनेड जल भून गए.

फिर एक और खूबसूरत लड़की आगे आयी और बीच वाले ावकेनेड को चुन लिया.

अब सिर्फ दाएं तरफ वाला ावकेनेड रह गया.

सिटी हेड ने आवाज़ बुलंद की:

“क्या इस बेहतरीन शख्स के लिए कोई और वालंटियर है?”

ख़ामोशी.

ावकेनेड के चेहरे पर नफरत और ग़ुस्सा उभर आया.

ेलिए ने नफरत से कहा,

“पिछले महीने मेरी दोस्त ने उस की खिदमत के बाद ज़ख्मों के साथ वापसी की थी. कोई बेवक़ूफ़ hi होगा जो इस दरिंदे को चुने.”

रफाएल ने फ़ौरन उस का मुंह धक् दिया.

“पागल हो गयी हो? चुप रहो, मुश्किल में दाल दो गई.”

ेलिए मुस्कुरा कर बोली,

“मेरा मुंह तुम्हें भी मुश्किल में दाल सकता है.”

रफाएल ने उस के सर पर हलकी सी थपकी दी, बिलकुल be-bas महसूस करता हुआ.

सिटी हेड घबरा गया.

“इन जेंटलमेन के बग़ैर हम वन्डरिंग बंशी का मुक़ाबला नहीं कर सकते. मेहेरबानी कर के कोई वालंटियर बन जाये.”

कोई आगे नहीं आया.

दाएं वाले ावकेनेड ने सार्ड आवाज़ में कहा:

“अगर कोई वालंटियर नहीं, तो फिर मैं खुद चुनूंगा.”

सिटी हेड का चेहरा पीला पर गया.

ावकेनेड की नज़र भीड़ पर फिरने लगी —

और फिर ेलिए पर रुक गयी.

“तुम! आगे आओ! तुम मेरी पार्टनर होगी!”

ेलिए का चेहरा सफ़ेद पर गया.

दो आदमी आये और उस के बाज़ू पाकर लिए.

“नहीं! उसे मत चुनो!” रफाएल चीखा,

वह ेलिए का हाथ पकड़ने की कोशिश करता रहा.

“रफाएल! मदद करो!” ेलिए रट हुए चीखी.

ेलिए को स्टेज पर घसीट कर ले जाया गया.

ावकेनेड की मुस्कराहट और भी गन्दी हो गयी.

“छोर दो मुझे! मैं इस गंदे इंसान की पार्टनर नहीं बनूंगी!”

ठु!

ेलिए ने ावकेनेड के चेहरे पर थूक दिया.

बाकी ावकेनेड हंस दिए.

ावकेनेड ने हाथ उठाया — लेकिन उस से पहले एक आवाज़ गूंजी:

“मैं वालंटियर हूँ!”

एक औरत आगे आयी — गिट्टा.

“यह लड़की मसला बनाएगी,” गिट्टा ने कहा.

“मैं ज़्यादा बेहतर रहूंगी.”

ावकेनेड ने सोचा, फिर सर हिला दिया.

ेलिए को स्टेज से उतार दिया गया.

“गिट्टा, तुम्हें यह नहीं करना चाहिए,” ेलिए ने कहा.

“रफाएल के पास वापस जाओ,” गिट्टा ने मुस्कुराते हुए कहा.

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रात के कुछ घंटे बाद…

शहर में cheekh-o-pukaar मच गयी.

ेलिए और रफाएल दौर कर आये.

लोग रफाएल के घर के सामने जमा थे.

चार भले ज़मीन में गाड़े हुए थे…

और उन पर रफाएल का पूरा खानदान.

माँ, बाप, बहनें —

नीचे से ऊपर तक भले से चिदाय हुए.

रफाएल ज़मीन पर गिर गया.

“नहीं… नहीं…”

ेलिए चीखी:

“तुम सब देख क्यों रहे हो?! उन्हें नीचे उतारो!”

जवाब आया:

“ावकेनेड का हुक्म है. जो भले हटाए गए, मार दिया जायेगा.”

ेलिए का दिल टूट गया.

वह भाग कर जंगल चली गयी…

आंसू, चीखें, और दर्द.

वॉटरफॉल के पास गिर कर दुआ मांगी:

“ऐ खुदा… अगर तुम हो… मेरी सुनो.”

“उन लोगों को तुम ने ब्लेस्ड कहा… मगर वह दरिंदे निकले.”

उस ने अपना पेट पकड़ा.

“मुझे दो बचे अत करो…

खून और तबाही के निशान.”

अचानक बंशीस की आवाज़ ख़तम हो गयी.

ेलिए के बाल सुर्ख हो गए.

उस ने घूमती हुई आवाज़ में कहा:

“खुदा… मुझे सिबलिंग ऑफ़ चाओस अत करो.”

_ _ _ _

सिकंदर प्रिंसिपल के ऑफिस से निकलते hi तेज़ क़दम उठाने लगा.

प्रिंसिपल उस के लिए एक राज़ बन चूका tha—ek ऐसा आदमी जो हर वक़्त सायों की तरह उस के गिर्द महसूस होता था.

जैसे कोई शैडो हो जो हमेशा उस के पीछे हो.

“यह क्या प्लान कर रहा है? इतनी आसानी से मुझे जाने दे दिया…”

सिकंदर के ज़ेहन में सवाल उठने लगे.

स्पैलबुक्स पर उन दोनों के दरमियान सख्त बहस हुई थी, लेकिन उस के बाद प्रिंसिपल ने बिना मज़ीद सवाल किये, अचानक उसे जाने दिया.

यह बात सिकंदर को बिलकुल भी हज़म नहीं हुई.

वह जानता tha—principal को पता है के स्पैलबुक्स उस के पास हैं.

फिर भी उसे छोर देना… यह नार्मल नहीं था.

ऑफिस से निकल कर सिकंदर सीधा यूनिवर्सिटी के बहार आ गया.

उस के दिल में अजीब सी बेचैनी thi—jaise कोई उस का पीछा कर रहा हो.

अब उसे बिलकुल भी मेहफ़ूज़ महसूस नहीं हो रहा था.

प्रिंसिपल उसे बिना किसी एहसास के कहीं से भी टेलिपोर्ट कर सकता था.

इस तरह आसानी से उठाया जाना और फ़ेंक दिया जाना… यह सोच भी सिकंदर के लिए घुटन भरी थी.

यूनिवर्सिटी से निकल कर उस ने अपना रास्ता बदल लिया.

अपने घर जाने के बजाये, वह जान बूझ कर अपनी माँ के घर वाली स्ट्रीट की तरफ चला गया.

उसे कुछ चेक करना था.

स्ट्रीट हमेशा की तरह भरी हुई thi—log, गाड़ियां, awaazain—sab कुछ नार्मल लग रहा था.

सिकंदर रोड के दूसरी तरफ खरा हो कर इधर उधर नज़र डालने लगा.

उस ने पहले से खरीदा हुआ हैट पहना हुआ था, अपनी शनाख्त छुपाने के लिए.

जब वह ेमहम फारेस्ट की तरफ निकलने hi वाला था के अचानक उस की नज़र किसी पर पर गयी.

उस ने बाएं तरफ देखा.

दो लोग रोड के दूसरी साइड खरे thay—bilkul casually—but वह बार बार उस की माँ के घर की तरफ देख रहे थे.

घर खाली था.

सिकंदर के पेरेंट्स को सूरज पहले hi पिक कर चूका था.

सब कुछ नार्मल लग रहा था…

लेकिन जब वह दोनों लोग वहां से चलने लगे, सिकंदर की नज़र सिर्फ एक सेकंड के लिए उन में से एक के बालों पर पर गयी.

डार्क ग्रीन बाल.

यह देख कर सिकंदर के चेहरे पर हलकी सी मुस्कराहट आ गयी.

“अटकिंस फॅमिली… बिलकुल कन्फर्म.”

“तुम लोग बोहत दिएर से आये हो. अब उप्पेर हैंड तुम्हारा नहीं रहा.”

यह सोच कर सिकंदर भी वहां से निकल गया.

वह सीधा अपने घर गया, कारन और रीज़े को लेने के लिए.

घर पोहचते hi देखा के दोनों पहले से तैयार थे.

सिकंदर ने उन्हें पहले hi बता दिया था के उन्हें कहीं जाना है, इस लिए दोनों ने डिस्गाइज़ भी पहना हुआ था.

तीनों घर से बहार निकले.

“कारन,” सिकंदर ने गहरी आवाज़ में कहा,

“तुम टैक्सी लो और सीधा ुवो ऑफिस जाओ. यह पैसे rakho—Ryze के लिए भी. लोक्ये रहना, और रीज़े पर नज़र रखना.”

उस ने 100 डॉलर्स कारन को पकड़ा दिए.

रीज़े के पास एक फॉर्म tha—agar हालात बिगड़ जाते, तो यह ुवो को दिया जाना था.

उस फॉर्म में लिखा था के तीन इललीगल spellbooks—jo सहने थॉम्पसन ने अटकिंस और रिड फॅमिली के लिए बनायीं thin—kis के क़ब्ज़े में हैं.

अगर यह बात बहार आ जाती, दोनों फैमिलीज़ सीढ़ी मुसीबत में फँस जाती.

यह सब सिकंदर के प्लान का हिस्सा था.

उस ने रिड फॅमिली के बारे में पहले भी सुना था—

एक डिटेक्टिव और एक औरत, दोनों रिड फॅमिली से तालुक रखती थीं.

फाए के मेंबर्स जो शहर में घूम रहे थे, वह भी रिड फॅमिली की वजह से थे.

रिड फॅमिली फाए के बोहत क़रीब थी…

और यह स्पैलबुक्स असल में उन्ही के लिए बनायीं गयी थीं.

“अगर मुझे स्ट्रांग बनना है, तो रिस्क लेना hi पड़ेगा,”

सिकंदर ने दिल में सोचा.

उसे रोबर्ट की बात याद आ गयी.

रोबर्ट ने कहा था:

“अगर रिस्क लेना है, तो ऐसा लो जो पागलपन हो—

जहाँ रिवॉर्ड रिस्क से काम आज काम दो या तीन गुना ज़्यादा हो.”

सीढ़ी बात यह थी—

अगर क्रेजी बनना है, तो आधा नहीं… पूरा जाओ.

और सिकंदर का इरादा भी एहि था.

वह इस दफा पूरा all-in जाने वाला था.

अटकिंस और Reed—dono फैमिलीज़ को उसे करने वाला था.

अगर किसी को सिकंदर का पूरा प्लान पता चल जाता,

तो वह फ़ौरन शॉक में चला जाता.

पूरी राटमवटी सिटी में, हज़ारों लोगों के बीच,

शायद सिर्फ सिकंदर hi था

जो 25 गोल्डन क्रेस्ट की दो फैमिलीज़ को एक साथ खेलने का हौसला रखता था.

यह प्लान…

सीधा सीधा दीवानगी था.

कारन ने सर हिला कर हाँ की और रीज़े को साथ ले कर टैक्सी में बैठ गया.

दोनों ुवो ऑफिस की तरफ रवाना हो गए, जब के सिकंदर ख़ामोशी से उन्हें जाता हुआ देखता रहा.

उन्हें भेजने के बाद, सिकंदर ेमहम फारेस्ट की तरफ जाने hi वाला था के…

“सिकंदर सिल्वेर्स्टर?”

पीछे से आवाज़ आयी.

सिकंदर ने मुद कर देखा—

लेकिन आवाज़ सुनते hi, और उस शख्स की सेंट महसूस करते hi,

उसे पता चल चूका था…

यह कौन है.

उस शख्स की खुशबू से hi सिकंदर समझ चूका था के कौन उसे बुला रहा है.

वह धीरे से पलटा और अपनी पीठ के पीछे डिटेक्टिव को खरा देखा. डिटेक्टिव तीस साल के क़रीब का आदमी tha—jet ब्लैक बाल, साफ़ और ट्रिम दाढ़ी, और उसके हाथ में एक बैज था.

बैज पर फाए का एंब्लेम चमक रहा था. उसने बैज सिकंदर के सामने किया, अपनी अथॉरिटी दिखने के लिए.

सिकंदर ने pur-sukoon लहजे में कहा,

“जी? आप मुझे बुला रहे थे?”

डिटेक्टिव ने सीधा जवाब दिया,

“मैं फाए से हूँ. मुझे आपसे कुछ सवालात पूछने हैं. क्या आप मेरे साथ कुछ दिएर चल सकते हैं?”

सिकंदर ने हल्का सा सर हिलाया और उसके साथ चल दिया.

चलते हुए सिकंदर के होंठों पर एक हल्का सा स्मिर्क था.

दोनों एक क़रीबी साफé में आये और एक दुसरे के सामने बैठ गए. साफé अजीब तोर पर बिलकुल खाली tha—na कोई आवाज़, न कोई कस्टमर.

सिकंदर ने फ़ौरन महसूस कर लिया के कुछ ग़लत है.

उसने अपने ird-gird का जायज़ा लिया, अपनी सेंसेस को पूरी हद तक तेज़ करते हुए, फिर सकूं से बोलै,

“आप क्या पूछना चाहते हैं? बेझिझक शुरू कीजिये.”

डिटेक्टिव ने कहा,

“मैं यह पूछना चाहता हूँ, क्या आप—”

उससे पहले के वह बात मुकम्मल करता, सिकंदर ने बात काट दी,

“मुझे 5000 हाई ेलेमेंटल स्टोन्स चाहिए, 10 मिलियन डॉलर्स, और रिड फॅमिली की तरफ से प्रोटेक्शन.”

डिटेक्टिव बुरी तरह घबरा गया.

“माँ… माफ़ कीजिये?”

सिकंदर कुर्सी पर आराम से पीछे टिका और बोलै,

“यही मेरी क़ीमत है. कोई नेगोटिएशन नहीं.”

डिटेक्टिव ने ग़ुस्से और हैरानी के साथ कहा,

“आप ग़लत समझ रहे हैं. मैं आपको रिक्रूट करने नहीं आया, सिर्फ सवालात—”

“मेरे पास वह चीज़ है जो आप ढूंढ रहे हैं,” सिकंदर ने धीमी आवाज़ में कहा.

डिटेक्टिव खामोश हो गया, बात समझने की कोशिश करते हुए.

सिकंदर ने ठंडी सांस ले कर कहा,

“हाँ, मेरे पास स्पैलबुक्स हैं.”

यह सुनते hi डिटेक्टिव की आँखें फैल गयीं.

“अगर आप अभी बता दें, तो हम सब कुछ भूल जायेंगे,” डिटेक्टिव ने धमकी भरे लहजे में कहा.

सिकंदर मुस्कुराया.

High-ranking फैमिलीज़ की धमकियाँ उसके लिए नयी नहीं थी.

उसने टेबल पर उँगलियाँ हलकी हलकी बजाते हुए कहा,

“आप वाक़ई डिटेक्टिव हैं? आप काफी स्लो लग रहे हो.”

डिटेक्टिव को सख्त बुरा लगा,

“एक्सक्यूज़ में?”

सिकंदर ने बेपरवाही से समझाया,

“मैं ने कहा मेरे पास स्पैलबुक्स hain—iska मतलब है मुझे यह भी पता है के यह सहने थॉम्पसन के बनाये हुए हैं. और इसका मतलब यह इललीगल हैं.”

फिर उसने एक जुमला और ऐड किया,

“और मुझे उम्मीद है के मेरे पीछे जो बाँदा खरा है, वह भी सुन रहा होगा.”

डिटेक्टिव के चेहरे का रंग ुर गया.

काउंटर के पीछे खरे बरिस्ता के क़रीब से एक आदमी उठ कर सामने aaya—uske चेहरे पर भी वही सख्त फ्रौं था.

उसने अपनी प्रजेंस छुपाने के लिए आइटम्स उसे किये हुए थे, लेकिन फिर भी सिकंदर ने उसे महसूस कर लिया.

सिकंदर हल्का सा हंस पड़ा,

‘अगर मेरी सेंसेस पर इतना शॉक हो रहा है, तो कारन की सेंसेस का सुन कर तो तुम लोग मर hi जाओगे.’

वह आदमी आगे आया और डिटेक्टिव के साथ बैठ गया.

सिकंदर ने देखा के वह ब्लैक ऑउटफिट और मास्क पहने हुए था. उसके लिबास से हलकी सी एनर्जी निकल रही thi—yeh वाज़ेह तौर पर बैटल इक्विपमेंट था.

“तुम कौन हो?” सिकंदर ने पुछा.

आदमी ने जवाब दिया,

“मेरा नाम देनीज़ है. मैं स्टेवानुस रिड का right-hand हूँ.”

‘स्टेवानुस रिड का right-hand…’ सिकंदर ने दिल में सोचा, ‘यह बाँदा काफी इम्पोर्टेन्ट है.’

स्टेवानुस Reed—Reed फॅमिली का सरबराह, एक पावरफुल विंड ेलेमेंटलिस्ट, जो la-mihdood टोर्नेडोइस सुम्मों करने के लिए मशहूर था.

देनीज़ ने सिकंदर को ग़ौर से देखा और कहा,

“तुम हमारे साथ काम करना चाहोगे? हमें तुम जैसे लोग चाहिए.”

सिकंदर के होंठों का कोना उठा,

“हम यहाँ स्पैलबुक्स के लिए आये हैं. लेकिन जब बात निकली है, तो मेरे पास एक प्रोपोज़िशन है.”

डिटेक्टिव ने पुछा,

“स्पैलबुक्स के मुतालिक?”

सिकंदर ने आँखें घूमा कर कहा,

“मेरी ऑफर अब भी वही है. कोई नेगोटिएशन नहीं.”

देनीज़ ने भरी आवाज़ में कहा,

“5000 ेलेमेंटल स्टोन्स, 10 मिलियन डॉलर्स, और रिड फॅमिली की प्रोटेक्शन?”

सिकंदर ने सर हिला दिया.

देनीज़ ने हलकी सी मॉकिंग स्माइल दी,

“पहली दो चीज़ें मुमकिन हैं. लेकिन हमारी फॅमिली की प्रोटेक्शन आसान नहीं होती.”

सिकंदर muskuraya—khatarnaak मुस्कराहट.

“क्या तुम अटकिंस फॅमिली को कमज़ोर करना चाहते हो?” उसने पुछा.

देनीज़ और डिटेक्टिव ने एक दुसरे को देखा, फिर धीरे से सर हिला दिया.

सिकंदर ने आगे कहा,

“अगर मेरे लोग ग़लती से तुम्हारी स्पैलबुक्स न चुरा लेते, तो आज यह अटकिंस के पास होती.”

“तुम कह रहे हो के वह शुरू से चोरी का प्लान बना रहे थे?” डिटेक्टिव गुस्से से बोलै.

सिकंदर ने तस्दीक़ की.

डिटेक्टिव गुस्से से भरा हुआ था, लेकिन देनीज़ pur-sukoon रहा,

“तुम्हारे पास इसका सबूत?”

“मैं उनसे पहले मिला था,” सिकंदर ने कहा,

“वह मुझे मारना चाहते थे. कह रहे थे के स्पैलबुक्स उनकी hain—lekin मैंने उन्हें रोक दिया.”

देनीज़ गहरी सोच में चला गया,

“अकेले कैसे रोका?”

सिकंदर ने कंधे उचका कर कहा,

“ब्लैकमेल. उन्हें तुम तक स्पैलबुक्स पोहॉंछने का बोहत डर है.”

फिर उसने ठन्डे लहजे में ऐड किया,

“कुछ दिनों में मैं वेस्ली अटकिंस से मिलने वाला हूँ.”

यह सुनते hi दोनों सख्त हैरान रह गए.

देनीज़ समझ गया के इसका मतलब क्या है.

अगर अटकिंस फॅमिली का सरबराह खुद सिकंदर से मिलने आ रहा है, तो उनके कोर मेंबर्स भी उसके साथ होंगे.

सिकंदर ने धीरे से कहा,

“अटकिंस कार प्रोडक्शन इंडस्ट्री में हैं. बोहत पैसा है वहां.”

फिर उसकी आँखों में चमक आयी,

“और अगर उनकी फैक्ट्रीज को कुछ हो जाये… तो काफी दर्द होगा.”

देनीज़ के चेहरे पर खौफ था.

‘यह सिर्फ एक स्टूडेंट नहीं…’ उसने सोचा.

‘यह इंसानी जिल्द में छुपा हुआ एक मॉन्स्टर है.’

सिकंदर — एक मॉन्स्टर.

_ _ _ _

सिकंदर साफé से रिड फॅमिली से बात करने के बाद बहार निकल आया.

हैरानी की बात यह थी के मीटिंग उसकी सोच से काफी ज़्यादा अछि रही.

उसने पहले hi प्लान बना रखा था के कैसे रिड फॅमिली की तवज्जोह अपनी तरफ खींचनी है, लेकिन किसने सोचा था के डिटेक्टिव खुद उस तक आ जायेगा. इस वजह से रिड फॅमिली का इंटरेस्ट हासिल करने का उसका पूरा प्लान बेकार हो गया — लेकिन अछि तरह से.

डिटेक्टिव की अचानक दिलचस्पी देख कर सिकंदर के ज़ेहन में फ़ौरन एक hi शख्स का ख्याल आया.

“यह प्रिंसिपल hi होगा… उसने एक पल भी नहीं लगाया रिड फॅमिली को मेरे स्पैलबुक्स के बारे में बताने में,” सिकंदर ने दिल hi दिल में सोचा.

प्रिंसिपल पहले hi जानता था के एक्सचेंज के वक़्त स्पैलबुक्स सिकंदर के पास आ चुकी हैं, इस लिए सिकंदर के लिए उसे मैं सस्पेक्ट बनाना बिलकुल लॉजिकल था.

लेकिन अब यह बात ज़्यादा मटर नहीं करती थी.

असल बात यह थी के उसका प्लान अब बोहोत तेज़ हो चूका था. डिटेक्टिव की वजह से सिकंदर रिड फॅमिली के साथ एक डील करने में कामयाब हो गया था.

अब उसके लिए रास्ता साफ़ था.

इस लिए वह बिना किसी फ़िक्र के ेमहम फारेस्ट की तरफ चल दिया.

अब सिर्फ एक hi चीज़ उसके लिए अहमियत रखती थी — अपना घर और अपनी फॅमिली.

“उम्मीद है माँ वहां ठीक होंगी…” सिकंदर ने खुद से कहा.

.

.

.

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ेमहम फारेस्ट के बहार…

सूरज अजीब सी बेचैनी के साथ खरा था. उसके सामने मरस. ग्रीन और रोबर्ट उसे घूरे जा रहे थे, दोनों के चेहरों पर कन्फूसिओं साफ़ नज़र आ रही थी.

उन्हें समझ नहीं आ रहा था के सूरज उन्हें इस जगह क्यों ले आया है.

ेमहम फारेस्ट एक ट्रेनिंग ग्राउंड था ावकेनेड लोगों के लिए. नार्मल लोगों का यहाँ आना न सिर्फ मन था, बल्के बोहोत खतरनाक भी.

और अगर कोई नार्मल इंसान अंदर जा भी सकता, फिर भी मुतातेड़ बीस्ट्स से भरा हुआ जंगल एक अजीब चॉइस थी.

अचानक मरस. ग्रीन और रोबर्ट के चेहरों पर समझ आने वाली दहशत छा गयी.

दोनों एक क़दम पीछे हैट गए.

“तुम… तुम हमें मारने का प्लान तोह नहीं बना रहे?” मरस. ग्रीन ने कांपती आवाज़ में कहा.

“हम ने तुम्हारा सिर्फ भला hi किया है…”

सूरज के आँखें फैल गयीं.

“क्या?! नहीं नहीं नहीं!” वह फ़ौरन बोलै.

“मैं ऐसा कुछ भी नहीं कर रहा, खुदा की क़सम!”

उसे यक़ीन hi नहीं आ रहा था के सिकंदर के पेरेंट्स उसके बारे में ऐसा सोच सकते हैं. कहीं न कहीं उसका दिल भी दुख.

“उम्… असल में सिकंदर चाहता था के आप दोनों को अपनी पावर्स दिखाए,” सूरज ने जल्दी से झूट गढ़ लिया.

“इस लिए वह आपको यहाँ बुलाना चाहता था… हाँ, सिर्फ शो ऑफ के लिए.”

वह बस वक़्त खरीदना चाहता था जब तक सिकंदर यहाँ पोहंच जाये.

“यह बाँदा कहाँ रह गया है… मैं ज़्यादा दिएर झूट नहीं बोल सकता,” सूरज ने सोचा.

मरस. ग्रीन और रोबर्ट ने एक दूसरे की तरफ देखा, फिर दोनों मुस्कुरा दिए.

“ओह माय गॉड… मैं हमेशा से देखना चाहती थी के वह किस किसम का ावकेनेड बना है,” मरस. ग्रीन ख़ुशी से बोली.

“हाँ, मैं भी देखना चाहता हूँ के मेरा बीटा कितना स्ट्रांग हो गया है,” रोबर्ट ने कहा.

सूरज ने दिल hi दिल में सुकून का सांस लिया.

उसने उन्हें जंगल के अंदर चलने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने फ़ौरन इंकार कर दिया.

“नहीं… हम सिकंदर का इंतज़ार यहीं करेंगे,” मरस. ग्रीन ने थोड़ी घबराहट के साथ कहा.

सूरज उसका चेहरा देख कर सर पाकर लिया.

“यह अभी भी मुझे मर्डरर समझ रही हैं…”

“अंदर एक बोहोत खूबसूरत वॉटरफॉल है,” सूरज ने फिर कोशिश की.

“आप दोनों को बोहोत पसंद आये गए.”

असल में, वह डरता था के कहीं सिकंदर के दुश्मन उन्हें देख न लें.

यहाँ बोहोत से ावकेनेड aa-ja रहे थे, लेकिन इस का मतलब यह नहीं था के यह जगह मेहफ़ूज़ है — बल्के उल्टा, और भी ज़्यादा खतरा.

सूरज सब को अकेला अकेला मॉनिटर नहीं कर सकता था.

काफी कोशिश के बाद भी जब बात न बानी, तोह सूरज ने हार मान ली और अपनी गार्ड मैक्सिमम पर रख दी.

तकरीबन एक घंटा बाद…

सूरज अब भी इधर उधर देख रहा था के अचानक उसकी नज़र दाहनी तरफ पड़ी.

वह चौंक गया.

भीड़ के दरमियान उसने आधार को देखा… उसके साथ एक ोल्डमन खरा था जिसका एक हाथ नहीं था.

फिर भी, उस ओल्ड मन की पोस्चर देख कर सूरज समझ गया —

यह आदमी कभी सोल्जर रहा है.

सूरज खुद मिलिट्री से था, इस लिए वह पहचान सकता था.

“आधार! यहाँ!” सूरज ने आवाज़ लगायी और हाथ हिलाया.

आधार ने देखा और उस बुज़ुर्ग के साथ सूरज की तरफ आ गयी.

मरस. ग्रीन और रोबर्ट की आँखें चमक उठीं — लेकिन फिर जब उन्हें एहसास हुआ के यह सिकंदर नहीं है, तोह उनकी उम्मीद फिर टूट गयी.

फिर उनकी नज़र आधार पर पड़ी.

और दोनों हैरान रह गए.

आधार का हुस्न — सर से ले कर पाऊँ तक — किसी भी इंसान को रुक कर देखने पर मजबूर कर दे.

यहाँ तक के मरस. ग्रीन ने भी दिल में माना के यह वह ख़ूबसूरती है जो हर लड़की चाहती है.

“तुम लोग यहाँ क्यों खरे हो?” आधार ने हैरानी से पुछा.

“हमें अंदर जाना चाहिए.”

प्लान के मुताबिक़, सब को सिकंदर के क्लस्टर डोमेन के एंट्रेंस पर मिलना था.

लेकिन यहाँ खरे रहना उन्हें अटकिंस फॅमिली और रिड फॅमिली दोनों के लिए एक्सपोज्ड कर रहा था.

सूरज ने गर्दन खुजाई और ावक्वार्ड स्माइल के साथ बोलै,

“मैं अंदर जाना चाहता था… लेकिन सिकंदर के पेरेंट्स के साथ थोड़ा मसला हो गया.”

“कैसा मसला?” आधार ने पुछा.

सूरज ने पीछे मरस. ग्रीन और रोबर्ट की तरफ देखा और फिर धीमी आवाज़ में कहा,

“उन्हें मुझ पर पूरा भरोसा नहीं है…”

उसने आधार को साड़ी सिचुएशन समझा दी.

आधार ने गहरी सांस ली और फिर मरस. ग्रीन और रोबर्ट की तरफ देखा.

“तोह यह हैं सिकंदर के पेरेंट्स …”

उसकी आँखों में सोच और एहतियात दोनों साफ़ नज़र आ रहे थे.

आधार उनकी तरफ देख रही होती है जब मरस. ग्रीन और रोबर्ट उसके पास आते हैं.

मरस. ग्रीन मुस्कुराते हुए पूछती हैं,

“सूरज? यह खूबसूरत लड़की कौन है?”

रोबर्ट भी थोड़ा हैरानी से ऐड करता है,

“क्या यह तुम्हारी गर्लफ्रेंड है?”

सूरज हलकी सी सूखी मुस्कराहट के साथ पहले चुप रहता है, फिर कहता है,

“इस के बिलकुल उलट… यह आधार है, और यह सिकंदर के बोहोत क़रीब है.”

यह सुनते hi मरस. ग्रीन और रोबर्ट दोनों की आँखें फैल जाती हैं.

दोनों आधार को ऐसे देखने लगते हैं जैसे कोई फरिश्ता हो. इतनी घुरि हुई नज़रों से आधार को शर्म महसूस होती hai—unki नज़र किसी भूके शिकारी जैसी होती है जो अपना शिकार देख चूका हो.

मरस. ग्रीन फ़ौरन आधार के हाथ पाकर लेती हैं,

“आधार! मैं सिकंदर की माँ हूँ. तुम मुझे mother-in-law कह सकती हो!”

रोबर्ट भी पीछे नहीं रहता,

“और मैं सिकंदर का स्टेपफादर हूँ. मुझे father-in-law कहना.”

यह सन देख कर सूरज चुप चाप पीछे हैट जाता है, हलकी सी हंसी के साथ.

आधार गुस्से से सूरज को देखती hai—uska दिल करता है के उसका चेहरा नोच le—lekin मरस. ग्रीन ने उसके हाथ पकड़े हुए होते हैं.

फिर सवालों की बरसात शुरू हो जाती है:

“तुम सिकंदर से पहली बार कब मिली?”

“उसने तुम्हे प्रोपोज़ कैसे किया?”

“उसने हमें तुम्हारे बारे में कभी क्यों नहीं बताया?”

“क्या तुम दोनों छुप के रिलेशनशिप में हो?”

“और… क्या तुम दोनों ने—”

सवाल पर सवाल, बिना रुके.

आधार बिलकुल घबरा जाती है. उसे जवाब देने का मौक़ा hi नहीं मिलता. बस वह बेचैन मुस्कराहट के साथ दोनों को देखती रहती है.

लेकिन फिर भी… सिकंदर के पेरेंट्स से इतनी garam-joshi और प्यार भरा वेलकम मिल कर आधार के गाल हल्का सा सुर्ख हो जाते हैं.

उसने कभी सोचा भी नहीं था के इतना ठंडा, खामोश और कंट्रोल्ड सिकंदर के पेरेंट्स इतने zinda-dil होंगे.

आधार ने सोचा था के “सेब दरख़्त से दूर नहीं गिरता”,

लेकिन सिकंदर के केस में बिलकुल उल्टा था.

उनकी पर्सनालिटीज एक दुसरे से बिलकुल मुख्तलिफ थी.

जब सब ख़ुशी ख़ुशी बातें कर रहे होते हैं, आधार के फादर थोड़ी दूर ख़ामोशी से सब कुछ देख रहे होते हैं.

सूरज यह नोटिस करता है और उनके पास जा कर कहता है,

“एक्सक्यूज़ में सर, आप आधार के फादर होंगे. मैं सूरज hoon—Adhara का दोस्त.”

आधार के फादर बस एक नज़र दाल कर सूरज को इग्नोर कर देते हैं.

सूरज बुरा नहीं मानता और कहता है,

“क्या आप मिलिट्री में थे, सर?

सॉरी… आपके बाज़ू के बारे में.”

यह सुनते hi आधार के फादर घूर कर देखते हैं और फिर अपना चेहरा फेर लेते हैं.

सूरज समझ जाता है के उसने ग़लत टॉपिक छेड़ दिया.

थोड़ा गिलटी महसूस करते हुए, सूरज पास खरी जारी के साथ लेअन हो जाता है.

“मैं भी मिलिट्री से हूँ,” सूरज कहता है,

“इस लिए मुझे पता है बटलेफील्ड कितनी सख्त होती है.”

आधार के फादर हैरानी से उसकी तरफ देखते हैं,

“कौनसी डिवीज़न?”

“16तह कॉम्बैट मेडिक,” सूरज जवाब देता है,

“तीन यूनिट्स में एसाइन्ड था.”

वह पॉकेट से सिगरेट निकल कर जलाता है और ऑफर करता है.

आधार के फादर भी ले लेते हैं.

दोनों सिगरेट पीते हुए बात करने लगते हैं.

“मेरी जान 16तह कॉम्बैट मेडिक ने बचायी थी,”

आधार के फादर कहते हैं,

“खून बोहोत बह गया था… लगभग मर चूका था.”

सूरज मुस्कुरा देता है.

दोनों फिर अपनी अपनी मिलिट्री स्टोरीज शेयर करते हुए हंसने लगते hain—ek अजीब सी बॉन्डिंग हो जाती है.

तब तक सिकंदर के पेरेंट्स आधार को छोर देते हैं.

आधार पीछे देखती है और अपने फादर और सूरज को बात करते हुए देखती है.

वह उनके पास आती है,

“आप दोनों क्या बात कर रहे हो?”

सूरज हंसी में कहता है,

“जो तुम समझ नहीं सकती.”

आधार सूरज के कंधे पर पंच मारती है.

सूरज दर्द का नाटक करता है.

दोनों हंस देते हैं.

अचानक सूरज की नज़र दूर खरे एक शख्स पर पार्टी है जो शुबा भरी नज़रों से उन्हें देख रहा होता है.

जब वह शख्स सूरज को पहचानता है, उसकी आँखें फैल जाती हैं.

सूरज का चेहरा संजीदा हो जाता है.

“हमें अभी अंदर जाना होगा. अभी!”

मरस. ग्रीन और रोबर्ट हैरानी से सूरज को देखते हैं.

शिकायत का मौक़ा मिलने से पहले hi सूरज उन दोनों को पाकर कर ेमहम फारेस्ट की तरफ खींच लेता है.

आधार और उसके फादर भी पीछे पीछे चल देते हैं.

सिक्योरिटी रोकना चाहती है, लेकिन जैसे hi वह आधार को पहचानती है, रास्ता दे देती है.

राटमवटी सिटी के हर कोने में सिकंदर का केविन को हराना ब्रॉडकास्ट हुआ था,

लेकिन आधार भी टूर्नामेंट में चमकी थी.

यह उसी असर का नतीजा था.

.

.

.

मैंवहीले…

सिकंदर ेमहम फारेस्ट से ज़्यादा दूर नहीं होता.

तकरीबन दस मिनट में पोहॉंछने वाला होता है.

वह इकनोमिक ट्रैन में होता hai—logon का रश होता है, लेकिन उसे फ़र्क़ नहीं परता.

अचानक—

रिंग!

उसका फ़ोन बजता है.

स्क्रीन पर अननोन नंबर होता है.

बिना झिझक सिकंदर कॉल उठा लेता है,

“सिकंदर सिल्वेर्स्टर स्पीकिंग.”

दूसरी तरफ से एक सख्त आवाज़ आती है,

“कब और कहाँ मिलना है?”

सिकंदर आवाज़ से hi अंदाज़ा लगा लेता है, फिर भी पूछता है,

“कौन बोल रहा है?”

“तुमने खुद मुझसे मिलने की बात की थी,”

आदमी ठन्डे लहजे में जवाब देता है.

अब सिकंदर को पूरी तस्दीक़ हो जाती है—

यह वेस्ली अटकिंस है.

जाने के ज़रिये सिकंदर ने पहले hi कह दिया था के वह “बॉस” से मिलना चाहता है.

और बॉस… वेस्ली अटकिंस tha—Atkins फॅमिली का सरबराह.

“ओह… मर. वेस्ली,”

सिकंदर हलकी सी शरारत से कहता है,

“इतनी जल्दी कॉल आएगी, मुझे उम्मीद नहीं थी.”

वेस्ली का गुस्सा बढ़ता है, लेकिन वह खुद को रोक लेता है.

“तुम मिलना चाहते thay—ab मिल रहे हो. बताओ, जगह और वक़्त तुम चुनो गए या मैं?”

सिकंदर हलकी सी हंसी हँसता है,

“मैं डिटेल्स इस नंबर पर भेज देता हूँ. मिलने के लिए शुक्रिया, मर. वेस्ली.”

कॉल कट हो जाती है.

वेस्ली मैसेज खोलता है और जगह देख कर भोने चढ़ा लेता है—

वह काफी दूर होती है.

“यह क्या प्लान कर रहा है…”

वह भरी आवाज़ में सोचता है.

_ _ _ _

आज के लिए इत्नाह hi. ी होप ये episode बे आप सुब को पसंद ाह्या हो गए.

इस बार कुछ नई करना चाहा. बूत मुझे लग रहा है क बोहत गन्दा लिखा मई ने.

क्यों के मुझे सेज़ सन लिखने का कोई तजुर्बा नहीं है.

ये गलती माफ़ करना. नेक्स्ट टाइम कोशिश करों गह क बेहतर लिख सकें.

टारगेट इस बार बे शामे 50.

अपने लाइक्स और रेविएवस ज़रूर देना. और खास तोर पर अपने सुग्गेस्टियन्स.

मिलते है नेक्स्ट episode मई तब तक के लिए.

थैंक्स एंड Bye.
 
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