Fantasy Kahani - Werewolf with system - SexBaba
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Fantasy Kahani - Werewolf with system

hotaks

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चरक्टेर्स

अपडेट 75 अपलोड कर दिया है..

Episode 75 उप्लोडेड

लाइक्स टारगेट इस बार 65 लाइक्स. .

नेक्स्ट अपडेट लाइक्स कम्पलीट होने पर..
 
सिकंदर! वेयरवोल्फ विथ सिस्टम

ये कहानी है एक ऐसे इंसान की, जिसने बचपन की मासूम उम्र मई अपनी माँ और बाप को अपनी आँखों के सामने मर्त्य देखा…

और उन्हें मारा था एक खौफनाक वेयरवोल्फ ने.

उस दिन से उसका बस एक hi मक़सद था — हर उस सुपरनैचरल को मिटा देना जो इंसानियत का दुश्मन था.

वो नफरत करता था… इतनी गहरी नफरत के सिर्फ उसका सांस लेना भी उनके खिलाफ एक जंग लगता था.

लेकिन… उससे क्या खबर थी… के जिस रास्ते पे वो चला है… जिस क़सम का वो सिपाही बना है…

उसी बदला लेने के सफर मई…

वो खुद एक वेयरवोल्फ बन जायेगा…

और फिर… दुश्मन और अपने का फ़र्क़… धुंदला पद जायेगा.
 
चरक्टेर्स

1सत

सिकंदर

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ये है अपना स्टोरी का हीरो सिकंदर,

आगे 21

अछि बॉडी

अछि हिघ्त

ये पहले आर्मी मई था. 1 मिशन मई अपनी जान की क़ुरबानी दे दी. लेकिन पीर बे बच गया. और सिस्टम बे मिल गया. साथ मई वेयरवोल्फ बे बन गया. पीर आर्मी ने पीर से यूनिवर्सिटी मई बेज दिया. यूनिवर्सिटी बे ावकनडस वाली यार..

ये लाइटिंग एलिमेंट यूजर है.

2ंद

आधार

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ये है आधार, सिकंदर के साथ hi यूनिवर्सिटी मई होती है. पहले फ्रेंड बानी, पीर 1सत पैक मेंबर बानी, पीर फीमेल अल्फा बानी, और पता नहीं क्या क्या बने गई.

ये फायर एलिमिनेट यूजर है.

3रद

कारन

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ये है कारन, अभी बचा है, आगे बे काम है. लेकिन आगे पर मत जाये बोहत हरामी है. पैक का 2ंद मेंबर काफी ब्रूटल है. एहसे एहसे काम करता है क इंसान दांग राह जाता है. डार्क एलिमिनेट यूजर है.

4तह

सूरज

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ये है सूरज. सिकंदर का आर्मी टाइम का फ्रेंड. सिकंदर के साथ मिशन किया था और इसे बचने क लिए सिकंदर और 1और दोस्त ने जान दे दी थी इस के लिए. तब से सिकंदर के वफादार है. कबि उस के खिलाफ नहीं जाता. फ़िलहाल सिकंदर के बारे मई नहीं पता के वो 1 वेयरवोल्फ बे है.

ये बे फायर एलिमेंट्स यूजर है. और यूनिवर्सिटी मई सिकंदर के साथ है.

5तह

रोसिए

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ये है रोसिए. यही है वो जिसे सुब से पहले सिकंदर के बारे मई पता चला के वो 1 वेयरवोल्फ है.

सिकंदर को प्यार करती है और उस के साथ रहना चाहती है.

लेकिन सिकंदर ने इसे चोर दिया के वो कमज़ोर है. वो सिकंदर का साथ नहीं दे सकती. लेकिन इस ने हिम्मत नहीं हरी इसी कोशिश मई है के सिकंदर के साथ जुड़ जाये.

ये 1 विंड एलिमेंट्स यूजर है.

6तह

कालिडोरा जो अब हसीना है.

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वैसे तो ये वेम्पिरे प्रिंसेस है, लेकिन पता नहीं ये अपने हीरो की दोस्त है या दुश्मिन.

सुब से ज़ायदा दिलचसप करैक्टर है.

अभी फ़िलहाल इत्नाह hi. जैसे जैसे और चरक्टेरा कहते जाये गे. मई ऐड करता जाओं गए.
 
ा नाईट तो रेमेम्बेर

Episode 01

रात ने आसमान को धक् लिया है अपनी सियाही से,

सितारों की शायरी आसमान को सजा रही है जबकि चाँद की रौशनी एक चमकते हीरे की तरह चमक रही है, जो रूह को सुकून और दिल को तसल्ली देती है.

चांदनी एक सादगी भरे घर की खिड़की से अंदर आ रही है.

एक बचा अपने बिस्तर पर आराम से लेहता हुआ है, जबकि उसकी माँ उसके बालों में प्यार से हाथ फेर रही है.

बचा तकिया गले लगा कर अपनी मासूम आँखों से माँ की तरफ देखता है,

"माँ, मुझे नींद नहीं आ रही, मैं अभी अब्बू के साथ खेलना चाहता हूँ."

"नन्नय शैतान, रात काफी हो गयी है. सो जाओ वर्ण बीमार हो जाओगे," माँ ने मुस्कुराते हुए कहा, उसके हाथ अब भी नरमी से उसके बालों में चल रहे थे.

"ठीक है माँ... लेकिन! मुझे कहानी सुना दें जैसे हमेशा सुनती हैं," बचा गिरफ्त में लेते हुए बोलै.

माँ ने गहरी सांस ली और खिड़की के बाहिर देखा, जहाँ पूरा चाँद उसे सलाम कर रहा था. उसने रात की ठंडी हवा महसूस की और कहा:

"तुम जैसों को याद दिलाना चाहिए के रात में कुछ मॉन्स्टर्स घुमते हैं जो उन बच्चों को पकड़ लेते हैं जो रात में नहीं सोते."

यह सुनकर बचे ने ब्लैंकेट को ज़ोर से थाम लिया और अपने चेहरे तक खींच लिया, सिर्फ आँखें बाहर रख कर क्यूरियस नज़र से माँ को देखता रहा.

माँ ने उसकी क्यूट हरकत देख कर हलकी सी हसी की.

थोड़ी दिएर सोचने के बाद माँ ने कहानी शुरू की,

"मैं तुम्हें उन मॉन्स्टर्स की कहानी सुनती हूँ जो रात में निकलते हैं. पहले ज़माने में रात को घर से बाहर निकलने पर सख्त पाबन्दी थी, क्यूंकि लोग उन मॉन्स्टर्स से डरते थे. उन्हें हम 'चिल्ड्रन ऑफ़ थे मून' कहते हैं."

माँ ने ज़रा रुक कर बचे का रिएक्शन देखा और फिर बोलै:

"उनका जिस्म बारे और डरावना होता था, काले घने बालों से ढाका हुआ जो रात में छुप जाता था. उनके पंजे और दांत तेज़ थे, और कान सीधे खरे होते थे, जैसे भेड़िये के."

बचा माँ की कहानी सुन कर डर गया और उसने माँ का हाथ मज़बूती से पाकर लिया.

माँ ने उसकी हालत देख कर प्यार से मुस्कुराया:

"कहते हैं के वो बचे जो रात में खेलते हैं, किसी लानत की वजह से ऐसे मॉन्स्टर्स बन जाते हैं. उनकी उदासी और पछतावा उन्हें दूसरे बच्चों का शिकार बनता है जो रात में नहीं सोते."

"यह बचे जो मॉन्स्टर्स बन जाते हैं, वो रात में घुमते हैं — उनकी चीख (हौल) सुनाई देती है जब वो नॉटी बच्चों को ढून्ढ रहे होते हैं. उनकी लाल आँखें अंधेरे में चमकती हैं, इंतज़ार करती हैं... और फिर..."

जैसे hi माँ इतना बोलती है, वो अचानक पंजे बनाकर बचे की तरफ हाथ मरती है.

"आआह्ह्ह!" बचा चीख कर चिल्लाता है और दर के मारे ब्लैंकेट अपने ऊपर खींच लेता है.

माँ ज़ोर ज़ोर से हंसने लगती है और ब्लैंकेट को हल्के से उठा कर कहती है:

"अब सो जाओ, वर्ण मॉन्स्टर आ जाएगा! और अगर आया भी, तो तुम्हारे अब्बू तुम्हें बचा लेंगे. और देखो, तुम्हारे पास वो नेकलेस भी है जो अब्बू ने दिया था — वो तुम्हें प्रोटेक्ट करेगा."

उसके बाद माँ ने उसके सर पर प्यार से हाथ फेरा और कहा:

"अब सो जाओ, कल तुम्हारा बारे दिन है."

जब माँ दरवाज़े तक पोहंची और उसे आधा खोला, तो पलट कर कहा:

"गुड नाईट मेरा छोटा सिल्वेर्स्टर," फिर उसने बत्ती बंद की और दरवाज़ा बंद कर दिया.

सिकंदर ने अपना बिस्तर थोड़ा ठीक किया और सोहने की कोशिश की.

उसकी आँखें खिड़की की तरफ गयी जहाँ से मून की रौशनी अंदर आ रही थी.

"चिल्ड्रन ऑफ़ थे मून..." उसने धीरे से कहा.

अचानक, जंगल की तरफ से एक डरावनी हौल सुनाई दी:

आउउउउउउउ!

यह सुन कर उसका पूरा जिस्म काँप गया.

दर के मारे उसने अपनी आँखें बंद कर ली और ब्लैंकेट पूरी तरह अपने ऊपर ले लिया, कहीं "चिल्ड्रन ऑफ़ थे मून" उसे पकड़ न लें के वो अब तक जाग रहा है.

---

अगले दिन,

सिकंदर एक खूबसूरत ख्वाब में खोया हुआ था जब उसने महसूस किया के कोई उसे हिला रहा है. आँखें धीरे धीरे खुलीं और उसने गुस्से से देखा के किसने उसकी नींद तोड़ दी.

"उठो, तुम्हारी स्कूल का पहला दिन है, देर हो गयी तो मुश्किल हो जायेगी."

"जल्दी से नाहा लो, मैं नीचे नाश्ता तैयार कर रही हूँ," माँ ने कहा और जाने से पहले यकीन किया के सिकंदर जाग गया है.

सिकंदर ने कुछ मर्तबा आँखें झपकीं, फिर आँखें मॉल के खिड़की की तरफ देखा जहाँ मून की जगह सूरज चमक रहा था.

उसने नींद में उठ कर बाथरूम का रुख किया.

---

नहाने के बाद,

सिकंदर स्कूल का यूनिफार्म पहने हुए नीचे आया, उसके कन्धों पर एक बारे सा बैग लटक रहा था.

"गुड मॉर्निंग बीटा, जल्दी से नाश्ता करो वर्ण स्कूल के लिए लेट हो जाओगे," एक दरमियानी उम्र का आदमी हंस कर कहता है जबकि वो फ़ोन पर कुछ पढ़ रहा होता है.

वह एक आम ऑफिस काम करने वाला शख्स लगता है.

माँ किचन में होती है, और फिर आकर कहती है:

"चलो बीटा, आज तुम्हारा फवौरीते नाश्ता बनाया है — स्क्रेम्ब्लेड एग्स और सॉसेज! आज तो ख़ास दिन है!"

यह सुन कर सिकंदर को अचानक याद आता है के आज स्कूल का पहला दिन है.

उसके maa-baap के चीरफुल अलफ़ाज़ उसके दिल को और ज़्यादा घबराहट में दाल देते हैं.

उसकी आँखों में आंसुओं का झलक आता है.

वह स्कूल के लिए घबराहट महसूस करता है, घर छोड़ कर एक अजनबी जगह जाने का डर उसे रुलाने लगता है.

बाप उसकी सूरत देख कर समझ जाता है और कहता है:

"घबरा रहे हो बीटा? आओ मेरे पास बैठो, कुछ बात करता हूँ."

सिकंदर धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ता है, लेकिन जैसे जैसे करीब होता है, उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं — वह बैठने के बजाये अपने बाप से जेक लग जाता है.

बाप उसे प्यार से गले लगता है और उसकी पीठ थपथपाता है.

फिर वह उसे हल्का सा पीछे करता है, दोनों गालों को हाथ में लेता है और कहता है:

"मेरी बात सुनो, सब ठीक होगा. क्या तुम मेरे बहादुर बीटा नहीं हो?"

सिकंदर आंसुओं भरी आँखों से सर हिला कर हाँ करता है.

"मर्द को मज़बूत बनना पड़ता है बीटा. रोना ठीक है, लेकिन हमेशा आगे बढ़ना ज़रूरी है. जब भी मुश्किल वक़्त आये और दिल करे के रो दो, तो हमेशा खुशगवार ख़यालात सोचना — और यक़ीन रखना के हर मुश्किल वक़्त गुज़र जाता है."

"मुश्किल वक़्त हमेशा नहीं रहता, बिलकुल स्कूल की तरह," सिकंदर के वालिद ने कहा और फिर उसके सर पर प्यार से हाथ फेरा.

सिकंदर की वालिदा, जो किचन साफ़ कर चुकी थी, टेबल के पास आयी और मुस्कुराकर बोली,

"जब तुम बड़े हो जाओगे, तोह स्कूल को मिस करोगे... बिलकुल अपने वालिद की तरह."

यह सुनकर सिकंदर के वालिद ज़ोर से हंस दिए.

"तोह मज़बूत बनो और स्कूल का मज़ा लो, ठीक है?", सिकंदर की माँ ने चमकती मुस्कराहट के साथ कहा.

यह सुनकर, सिकंदर ने बार बार सर हिलाया और आंसुओं को पोछते हुए चेयर पर बैठ गया, अपने माँ बाप के प्यार से बनाये गए नाश्ता को खाने लगा.

नाश्ते के बाद, उसके वालिद ने उसे स्कूल छोरा, चेहरे पर मुस्कराहट के साथ.

"मुझे अफ़सोस है बीटा के मैं तुम्हारे पहले दिन स्कूल नहीं चल सका," उसके वालिद ने कार से कहा.

फिर उन्हों ने हिम्मत देने वाली मुस्कराहट के साथ कहा,

"बहादुर बनो! और मज़े करो!"

सिकंदर ने हल्का सा सर हिलाया, और उसके वालिद चले गए. लेकिन जैसे hi वो स्कूल के दरवाज़े के पास पोहंचा जो बच्चों से भर चूका था, उसका चेहरा फिर से उदास होगया.

'मैं दर रहा हूँ…'

दरवाज़े के पास एक बोर्ड लगा था: "रेनबो किंडरगार्टन"

मगर फिर उसे अपने वालिद की बात याद आयी के वो एक मज़बूत लड़का है, और उसी हिम्मत के साथ वो लम्बे कदम भर के स्कूल के अंदर चला गया.

जब सिकंदर उस क्लास तक पोहंचा जहाँ उसका नाम लिखा था, तोह वो बिलकुल दूसरे बच्चों की तरह घबराया हुआ था.

घबराहट तब और बढ़ गयी जब उसने देखा के बोहत से बचे अपने माँ बाप के साथ आये हैं. वो चुपचाप अपनी सीट पर बैठ गया, और उसकी आँखों में आंसू भर आये.

लेकिन फिर उसकी नज़र एक छोटी लड़की पर पड़ी जो क्लास के आगे बैठी थी.

उसकी लम्बी सुनहरी बालों और गोल मोटे गालों वाली लड़की ने सिकंदर को जैसे जादू में मुब्तला कर दिया. वो उसे देख कर शांत महसूस करने लगा.

वो बिलकुल चाँद की तरह थी, जो अँधेरी रात में रौशनी देता है.

लेकिन उसका ख्वाब उस वक़्त टूटा जब एक टीचर मुस्कराहट के साथ क्लास में आयी. टीचर ने स्कूल के क़वाइद बताये और सब को बहादुर बनने और अगले दिन अकेले आने का मश्वरा दिया.

पहले दिन के आठ घंटे:

सिकंदर ने नए दोस्त बनाये, और धीरे धीरे उसकी घबराहट दूर होने लगी.

उसने महसूस किया के दूसरे बचे और उनके वालिदैन दोस्ताना हैं, और फिर अचानक उसने हौसला इकठ्ठा किया और उस सुनहरी बालों वाली लड़की के पास गया.

वो लड़की अपने माँ बाप के साथ बैठी थी, जिस वजह से सिकंदर थोड़ा रुक गया. लेकिन फिर भी उसने हिम्मत की.

"Hello… मेरा नाम सिकंदर है… क्या हम दोस्त बन सकते हैं?", उसने हलकी सी आवाज़ में कहा.

उसके चेहरे पर घबराहट थी, और वो कभी उस लड़की को देखता तोह कभी उसके वालिदैन को.

लड़की के वालिदैन हंस दिए, उसकी मासूमियत पर.

लड़की के वालिद ने उसे ठूंस उप दिया, और कहा के इतनी छोटी सी उम्र में इतना हौसला देख कर उन्हें ख़ुशी हुई. ये बात सुनकर सिकंदर के दिल में हिम्मत भर गयी.

लड़की ने उसे ठंडी नज़र से देखा, जिस से सिकंदर का चेहरा जैम गया, उसे लगा के उसे मन कर दिया गया है.

लेकिन फिर अचानक उसका चेहरा एक रोशन मुस्कराहट में बदल गया.

"Hi! अच्छा लगा तुमसे मिल कर, सिकंदर! मेरा नाम लौरा है, लौरा फ्रॉस्टबृंद", उसने पुरजोश लहजे में कहा और हाथ आगे बढ़ाया.

सिकंदर के चेहरे पर ख़ुशी की लहर दौड़ गयी और उसने लौरा का हाथ मिलाया.

हाथ मिलते वक़्त, उसने एक और लड़का देखा जो लौरा के पास था, बाल सुनहरी और चेहरा थोड़ा नाराज़.

लगता था के वो लौरा का भाई है.

सिकंदर ने सोचा के वो उससे बात नहीं करेगा, क्यों के वो दोस्ताना नहीं लग रहा.

लौरा से दोस्ती करने के बाद, सिकंदर ने और भी दोस्त बनाये, लेकिन वो सिर्फ लौरा से दोस्ती पर hi खुश था.

रिंग!!

बेल्ल बज गयी, क्लास का वक़्त ख़तम हुआ. सब बचे अपने वालिदैन के साथ घर चले गए.

लौरा ने भी सिकंदर को अलविदा कहा.

सिकंदर ने हाथ हिला कर उसे एक सफ़ेद जीप में चलते देखा, फिर वो स्कूल के फील्ड के एक कोने में बैठ गया, अपने वालिद का इंतज़ार करता हुआ.

बचे एक एक कर के स्कूल से जा रहे थे.

15 मिनट्स गुज़रे मगर उसके वालिद नहीं आये.

'कोई बात नहीं, शायद ट्रैफिक में फँस गए हों,' उसने अपने आप को तसल्ली दी.

लेकिन जब एक घंटा गुज़रा और सूरज ढलने लगा, तब भी उसके वालिद नहीं आये.

सिकंदर रोने लगा, 'अब्बू… आप कहाँ हैं?', उसका दिल दुःख रहा था.

ये उसका पहला दिन था, और वो अकेला छोड़ा गया था.

एक टीचर, मस. ग्रीन, ने उसे रोटा देखा. वो उसके पास आयी और कन्धा थपथपाया:

"Hi बीटा, तुम अब तक यहाँ क्यों हो? तुम्हारे वालिदैन कहाँ हैं?"

सिकंदर ने रोटी हुई आवाज़ में जवाब दिया, "मस. ग्रीन, सोब मुझे नहीं पता सोब वो कहाँ हैं"

मस. ग्रीन ने अफ़सोस भरी नज़र से उसे देखा और कहा,

"तुम्हारा घर कहाँ है? मैं तुम्हे छोर देती हूँ. रात को अकेला रहना ठीक नहीं."

यह सुनकर सिकंदर के चेहरे पर थोड़ी उम्मीद जगी.

"ख़ुशी स्ट्रीट, डपोक सिटी के बॉर्डर के पास," उसने जवाब दिया.

"ठीक है, दूर नहीं है. चलो," मस. ग्रीन ने कहा और उसका हाथ पकड़ लिया.

दोनों स्कूल से बहार आये और मस. ग्रीन के मोटरसाइकिल पर चढ़ गए. सिकंदर ने पीछे से उन्हें ज़ोर से पकड़ लिया.

रात होने लगी.

सिकंदर आसमान की तरफ देखता रहा, सोचता रहा के उसके माँ बाप क्यों नहीं आये.

चौदहवीं का चाँद आसमान में रोशन था. मामूली दिन होता तोह वो ज़रूर डर जाता, लेकिन आज वो सिर्फ एक चीज़ चाहता था — घर वापस जाना.

"क्या यह तुम्हारा घर है?" मस. ग्रीन ने रुक कर पुछा.

सिकंदर ने इधर उधर देखा और ख़ुशी से बोलै,

"हाँ! एहि है! शुक्रिया, मस. ग्रीन!"

वो मोटरसाइकिल से उतरा और छोटी छोटी क़दमों से अपने घर की तरफ चल दिया.

मस. ग्रीन ने उसे मुस्कराते हुए देखा, लेकिन उसे महसूस हुआ के मोहल्लाह कुछ ज़्यादा hi खामोश है.

सिकंदर घर के दरवाज़े तक गया. ख़ुशी उसके चेहरे पर थी... लेकिन ज़्यादा देर तक नहीं रही.

जब वो नॉक करने लगा, दरवाज़ा khud-ba-khud थोड़ा खुल गया.

क्रीक…

सिकंदर ने हैरानी से देखा, 'ये खुला है? अब्बू ने कहा था के दरवाज़ा हमेशा बंद रखना.'

"अम्मी? अब्बू?" उसने धीरे से कहा और अंदर गया.

घर का ड्राइंग रूम अँधेरा था. सिर्फ खिड़की से आती रौशनी थी.

टीवी चालू था.

जैसे जैसे वो अंदर गया, घर की ख़ामोशी उसकी ख़ुशी को फिर से घबराहट में बदल रही थी...

सिकंदर ने गहरी सांस ली ताके अपने नेर्वेस को शांत कर सके और फिर वो धीरे धीरे घर के अंदर चला गया, उसकी उँगलियाँ दांतों से काटने लगा ताके अपनी घबराहट काम कर सके.

थुड़... थुड़... थुड़...

ऊपर से हलकी लेकिन भारी क़दमों की आवाज़ आ रही थी.

सिकंदर ने सीढ़ियों की तरफ कदम बढ़ाये, अब भी घबराहट में अपने नाख़ून काट रहा था. उसने सीढ़ी का रेल पकड़ी और एक एक कदम चढ़ने लगा, के अचानक...

"ाअररघ्ठ!"

ऊपर से एक तेज़ चीख सुनाई दी, इस आवाज़ ने सिकंदर को झटका दे दिया.

वो ऊपर देखने के बजाये वही जैम गया, इस आवाज़ ने उसे जादू की तरह रोक दिया था... ये आवाज़ jaani-pehchani थी... "माँ?"

"दूर हो जाओ तुम दरिंदे!"

छ्लांग! (धात की चीखती आवाज़)

सिकंदर के जिस्म में काँप सी उठ गयी, पसीना उसके माथे से टपकने लगा.

वो ऊपर होने वाली cheekh-pukaar से डरा हुआ था, खासकर जब उसने अपनी माँ की चीख सुनी. फिर भी, किसी तरह वो उस दरवाज़े के पास पोहंच गया जहाँ से आवाज़ आ रही थी.

यह उसके वालिदैन का कमरा था.

दरवाज़ा पूरी तरह से बंद नहीं था, सिकंदर ने हल्का सा झाँका अंदर.

उसका पूरा जिस्म कांपने लगा जब उसने कमरे का मंज़र देखा.

उसके हाथ काँप रहे थे, मुँह पर हाथ रखा हुआ था ताके उसकी सीटी (व्हिंपर) बहार न निकल जाये.

कमरे के अंदर, एक भयानक काला बालों वाला दरिंदा खड़ा था — दो पाऊँ पर — जिसका काला और दहशत फैला रहा था.

दरिंदे का पीठ सिकंदर की तरफ था, उसके नाख़ून लम्बे और तेज़ थे, ऐसे के जैसे लोहा भी चिढ़ दें. उसका पूरा जिस्म बालों से धक्का था, अंधेरे में उसका जिस्म घुल सा गया था.

उसका जिस्म इतना बारे था के छत को लग रहा था, और चांदनी उसके कंधे पर एक T-shape वाला लाल चमकता हुआ निशान रोशन कर रही थी.

एक hi सोच दिमाग़ में आयी: "चिल्ड्रन ऑफ़ थे मून!"

यह वही मख्लूक़ थी जो उसकी माँ ने कल रात कहानी में सुनाई थी, लेकिन इस दरिंदे को देख कर उसका दिल कह रहा था के यह उन में सबसे खतरनाक है.

"नहीं! रुको! मेरी बीवी को कुछ मत करो!"

उसके वालिद की चीख ने सिकंदर को झांझर दिया, लेकिन उसका जिस्म अब भी हिला नहीं. ऐसा लग रहा था के उस मख्लूक़ का और उसे पत्थर बना चूका हो.

वो दरवाज़े के सामने एक मूर्ति की तरह जैम गया था.

कमरे की दीवार में एक बारे सुराख था — ऐसा लगता था जैसे दरिंदे ने दीवार को चिढ़ दिया हो.

लोग जल्द इस एहसास से वाक़िफ़ हो जाएंगे, लेकिन दर का असल मतलब सिकंदर ने इस उम्र में hi महसूस किया — सिर्फ बचा था वो.

"आआअह्ह्ह्ह!!"

रोआंरर!!

स्लैश!

सिकंदर की आँखों के सामने, उसकी माँ का सर काट दिया गया.

उसके वालिद ने रोकने की कोशिश की लेकिन दरिंदा ने उन्हें एक तरफ उछाल दिया, और फिर उसने माँ का सर पकड़ कर उसका सर जिस्म से अलग कर दिया.

लाल लहू उसकी माँ के जिस्म से छिड़क गया, हवा में घूमता हुआ उसका चेहरा हमेशा के लिए यादगार बन गया.

थुड़! (माँ का सर ज़मीन पर गिरा)

"नबीला!!" सिकंदर के वालिद ने पूरी ताकत से चीखा और भाग कर अपनी बीवी के सर को गले लगा कर रोना शुरू कर दिया.

सिकंदर ने अपने वालिद को पहली बार इतना टूट कर रट हुए देखा.

‘फादर…?’ उसने अंदर hi अंदर सोचा, हैरान हो कर.

कुछ दिएर के ग़म के बाद, उसके वालिद की आँखों में गुस्सा भड़क उठा.

बीवी को खोना का दुःख और जोश मिला कर उन्हों ने दरिंदे की तरफ देखा, "क्यों?! क्यों?! तुम डाकू!"

उन्हों ने एक मेटल का बात उठाया और पूरी ताक़त से दरिंदे के सर पर मारा.

बेम!

बात ने मुकम्मल ताक़त से सर पर वॉर किया.

लेकिन…

कुछ भी नहीं हुआ!

दरिंदा वही का वही था. न तो उसका सर हिला, न एक बाल तक उखाड़ा.

उनके चेहरे का गुस्सा एक डैम दर में तब्दील हो गया.

अचानक, दरिंदे ने उनके गले को पकड़ा और हवा में उठा लिया.

उनके पेअर हवा में लटक रहे थे. वो छूटने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दरिंदे का हाथ लोहे का था — हिलता भी नहीं था.

उन्हों ने सीधा उसके लाल आँखों में देखा, जहाँ सिर्फ be-basi थी.

दरिंदा मुस्कराया, अपने तेज़ दांत दिखता हुआ.

और फिर... उसने मुँह खोला और उनका सारा सर निगल गया.

क्रंच!

लहू उनके जिस्म से फॉन्टैन की तरह निकलने लगा, कुछ सिकंदर के चेहरे पर भी गिरा.

छोटी आगे का सिकंदर यह सब देख रहा था, उसके पेअर ठन्डे हो चुके थे, आँखों से ज़िन्दगी चली गयी थी — उसने सिर्फ खली नज़र से वह मंज़र देखा जहाँ उसके maa-baap का क़तल हो रहा था... और वो कुछ भी नहीं कर सका.

क्रैक…

‘खुश सोच…’

क्रंच…

‘खुश सोच…’

करककक…

‘सब ठीक हो जाएगा…’

थुड़...

‘सब ठीक हो जाएगा…’

अपनी शिकार ख़तम करने के बाद, दरिंदा धीरे से अपना सर घुमाता है.

उसकी लाल आँखों ने सिकंदर की आँखों से आँखों मिलायी… एक मनहूस सी मुस्कराहट उसके चेहरे पर फैल गयी… उसके मुँह से उसके माँ बाप का लहू टपक रहा था.

कमरा — उसके वालिदैन के लहू से रंग चूका था.

उनकी लाशें — सिर्फ गोश्त के टुकड़े बन चुकी थी.

उस दरिंदे की लाल आँखें, उसकी मुस्कराहट, उसके दांत...

यह मंज़र सिकंदर के ज़ेहन में हमेशा के लिए नक्स हो गया.

यह ज़ख्म कभी नहीं भर पायेगा.
 
Episode 02

बर्निंग हैट्रेड

शिकार खा कर वह दरिंदा धीरे धीरे अपना सर मोर कर पीछे देखता है, उसकी जानवरों जैसी लाल आँखें सिकंदर पर टिक जाती हैं जो दरवाज़े के पास से झाँक रहा होता है.

यह देख कर सिकंदर बिना कुछ सोचे निचे की तरफ दौड़ता है, अपनी पूरी ताक़त से.

थुड़... थुड़...

वह सुन सकता है के वह मख्लूक़ उसके पीछे चल रही है. वह घर के बहार भागना चाहता था मगर अचानक उस दरिंदे ने एक hi छलांग में दरवाज़े के सामने आ कर उसका रास्ता रोका.

इतनी तेज़ हरकत थी के सिकंदर उसका हरकत भी नहीं देख सका.

दरवाज़े पर वह भयानक जिस्म देख कर सिकंदर फर्श पर गिर गया, मगर फ़ौरन उठ कर आंसुओं भरी आँखों के साथ उलटे रुख में भाग गया.

लिविंग रूम में उससे एक अलमारी नज़र आयी और उसने उसमें छुपने का फैसला किया.

सिकंदर ने अलमारी बंद की और अपनी आँखें भी. वह अपने दोनों हाथों से अपना सर थाम लेता है.

"हैप्पी थॉट्स..."

"वह चला जायेगा..."

यह अल्फ़ाज़ वह बार बार अपने ज़ेहन में दोहरा रहा था — वही बातें जो उसके वालिद उससे हमेशा कहते थे. उसने अपने आप को समझने की कोशिश की, मगर सब कुछ अब भी एक ख्वाब जैसा लग रहा था.

थुड़... थुड़... थुड़...

वह कदम और क़रीब आ रहे थे...

थुड़!

वह मख्लूक़ अलमारी के बिलकुल सामने रुक गया. सिकंदर अलमारी के सुराख से उसका साया देख सकता था. उसने अपनी सांस रुख ली और काम्पटी हाथ से मुंह धक् लिया.

"अम्मी... अब्बू... मुझे दर लग रहा है...", सिकंदर ने रोटी आँखों के साथ सोचा.

दरिंदे ने अपना पंजा अलमारी पर मारा, हलकी हलकी टैपिंग की आवाज़ आयी... और अलमारी का दरवाज़ा धीरे धीरे खुलने लगा — जैसे वह मख्लूक़ जानकार उसका दर बढ़ाने की कोशिश कर रही हो.

मगर अचानक...

"आआह्ह्ह्ह!!"

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कुछ दिएर पहले:

मस. ग्रीन ने देखा के सिकंदर घर के अंदर गया, उसके बाद उन्होंने आस पास देखा, कुछ अजीब था — पूरा मोहल्ला खामोश था.

वह गुल्ली में चलती गयीं जब तक उनको एक ज़ोर का क्रैश सुनाई नहीं दिया.

"यह आवाज़ कहाँ से आयी?", उन्होंने सोचा और देखा के बाज़ू वाले घर की तरफ से रौशनी आ रही थी.

एक और ज़ोर का क्रैश!

"क्या मुझे चेक करना चाहिए?", मस. ग्रीन ने सोचा. मगर कोई भी अपने घर से बहार नहीं निकल रहा था, जब के आवाज़ बोहोत ज़ोर की थी.

जब वह दरवाज़े के पास पोहचने वाली थी...

शटर!

दूसरी मंज़िल की खिड़की टूटती और एक आदमी बहार गिरा — उसका जिस्म गहरे पंजे के ज़ख़्मों से भरा हुआ था.

यह देख कर मस. ग्रीन ज़मीन पर गिर गयीं, उनकी आँखें पहात गयीं — वह आदमी मर चूका था!

गरररहह...

वह नीचे झुकी hi थी के एक गुर्राने की आवाज़ सुनाई दी — उन्होंने फ़ौरन अपनी मोटरसाइकिल की तरफ भागना शुरू किया.

मगर उसी वक़्त, गुल्ली के दुसरे किनारे पर फ़ौज की गाड़ियां आती नज़र आयीं.

मस. ग्रीन ने मोटरसाइकिल स्टार्ट करनी चाही मगर फिर एक चीख सुनाई दी — वह सिकंदर के घर से आयी थी.

उनका जिस्म रुक गया.

वह सिकंदर के घर की तरफ देख कर परेशान हो गयीं. कुछ सेकण्ड्स बाद, उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल छोड़ी और घर के अंदर दौड़ गयीं.

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वापस मौजूदा वक़्त में:

"आआह्ह्ह्ह!!"

एक चीख की आवाज़ पूरी हवेली में गुंजी. आवाज़ सिकंदर को jaani-pehchani लग रही थी, मगर वह सोच नहीं प् रहा था.

दरिंदा उस तरफ देखता है, जैसे एक नया शिकार मिल गया हो...

मस. ग्रीन शॉक में ज़मीन पर गिर गयीं. "यह क्या है?! यह जानवर है या शैतान?!" उनका ज़ेहन चीख रहा था.

उसका दर और हैरत इतना ज़्यादा था के वह हिल भी नहीं सकीय.

दरिंदा उस तरफ चला गया — उसके लिए मस. ग्रीन का जिस्म ज़्यादा "मज़ेदार" था सिकंदर के मुकाबले में.

मगर जब वह उस पर वार करने वाला था...

ाऊउउउउउ!!

एक भयानक भेड़िये की चीख हवा में गुंजी. सिकंदर का जिस्म काँप गया.

दरिंदा रुक गया. ग़ुस्सा और दर दोनों उसके चेहरे पर नज़र आये.

उसने चीख के रुख में देखा, फिर ग़ुस्से में एक काउच उठाया और मस. ग्रीन के पास से गुज़र गया.

क्रैश!

काउच घर की दीवार तोर कर बहार चला गया.

फिर वह मख्लूक़ भी दीवार पहाड़ कर उसी रास्ते से चली गयी...

चलते वक़्त, उसने आखरी बार मस. ग्रीन की तरफ देखा — मगर सिकंदर को भूल गया.

जैसे अँधेरे में आया था, वैसा hi चला गया...

सिकंदर अलमारी से बहार आया. हर तरफ खून का निशान था.

कुछ बचे हुए लोग भी उस रास्ते में उस मख्लूक़ का शिकार बन गए थे.

वह खून से भरे रस्ते को देखता है — उसकी आँखों में नफरत झलकती है, जिस का मतलब शायद वह खुद भी नहीं समझता.

तभी टीवी से आवाज़ आती है:

"दुनिया के मुख्तलिफ हिस्सों में अचानक अजीब मख्लूक़ का हमला. हर मुल्क में लाखों लोग मर चुके हैं. हुकूमत ने मार्टिकल लॉ और इमरजेंसी का एलान कर दिया है. हर शख्स को घर में रहने का हुकम दिया गया है. अपने आप को छुपाएं और किसी भी चीज़ से तवज्जो न खींचें."

मस. ग्रीन उस टीवी की आवाज़ नहीं सुन रही थी.

उसकी नज़र सिर्फ सिकंदर पर टिक्की थी.

“यह चेहरा... यह एक्सप्रेशन किसी बचे का नहीं हो सकता!” उन्होंने सोचा.

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छ्लांग!

सिकंदर ने चीख मार कर आँखें खोल दी. मिलिट्री रव ट्रक रुकने की आवाज़ से उसकी नींद टूटी थी.

उसका चेहरा पसीने में भीग गया था.

उसके चेहरे पर थोड़ी देर के लिए शिद्दत भरी नफरत थी — मगर एक पल में वह चेहरा फिर से ठीक हो गया.

"बस अब और नहीं... यह मेरा पहला क़दम है उन् सुपरनैचरल जानवरों को मारने का. तुम लोगों ने मेरी maa-baap को मारा, और अब मैं तुम सब को मिटा दूंगा!", सिकंदर ने सोचा.

वह लम्हा उसके लिए ज़िन्दगी का मोड़ था — जब उसके माँ बाप को बिना वजह उस मख्लूक़ ने मार दिया.

उसने हर वो हुलिया याद रखा है — वह ज़ख़्म, वह रोर, वह हवा की बू...

उसने आँखें मलिन, ताक़त संभाली.

उसके आस पास दो और लोग थे — मिलिट्री गियर में तैयार — लेकिन वह दोनों सिकंदर को अजीब नज़रों से देख रहे थे.

इंसानो और सुपरनैचरल मख्लूक़ के दरमियान जंग पिछले पंद्रह सालों से चल रही है...

और आज से उस जंग का असली रूप शुरू होने जा रहा है — सिकंदर के हाथों से.

अचानक hi सुपरनतुरलस ने अपने आप को दुनिया के सामने ज़ाहिर किया और आधी दुनिया पर क़ब्ज़ा कर लिया, हर इंसान को क़त्ल करते गए जो उनके रस्ते में आया.

ये मुख्तलिफ किसम की नेसल से तालुक रखते हैं,

और तमाम वो मख़लूक़ात जो इंसान नहीं हैं, उन्हें "सुपरनैचरल" कह कर क्लास्सिफ़ी किया गया है. ये सब मिल कर उन be-khabar इंसानो पर हमला करते हैं जो उनकी वुजूद से बिलकुल अनजान थे.

ये be-rehmi से मारते हैं, किसी इंसान को नहीं छोड़ते – न माओं के गॉड के बचपन को भी.

इस अचानक और आलमगीर खतरे के जवाब में,

दुनिया भर के इंसानी मुल्कों ने एक दोसराय के साथ मिल कर इन का खत्म करने का फैसला किया – और यूँ एक जंग का आग़ाज़ हुआ.

लेकिन इंसानी साइंस और एडवांस्ड हथ्यार भी इन सुपरनतुरलस के मुक़ाबले में be-asar साबित हुए.

सुपरनतुरलस हर पहलु में इंसानों से बेहतर हैं – इन में सुपर स्ट्रेंथ, सुपर स्पीड, और इतनी तेज़ हिस्से होते हैं के पालक झपकने से पहले hi जान ले लेते हैं.

कुछ तो ऐसे हैं जो घेबना क़ुव्वतों के मालिक हैं, जो के इंसानी फौज के इलीट लोगों को भी शर्मिंदा कर देते हैं.

लेकिन फिर इंसानी उम्मीद का एक नया रौशनी का चिराग़ रोशन हुआ जब कुछ इंसानों ने ताक़त हासिल की.

ऐसी ताक़त जो इंसानियत के लिए उम्मीद बन गयी.

इन इंसानों को "ावकेनेड" कहते हैं – ये वो लोग हैं जिन्हों ने एक कुदरती अमल के ज़रिये जादूवी ताक़त हासिल की.

ावकेनेड लोग सुपरनैचरल की रॉ पावर का मुक़ाबला कर सकते हैं.

इन्ही ावकेनेड लोगों की वजह से जंग का मैदान इंसानियत के हक़ में बदलने लगा. लेकिन जंग अभी भी ख़तम नहीं हुई है.

मज़ीद ताक़त की तलाश में, इंसानों ने नौजवानो को भी जंग में भेजना शुरू कर दिया.

सिकंदर भी उन्ही में से एक है – सिर्फ 22 साल का, और बिना माँ बाप के.

वह नौजवान था जब उसने फ़ौज ज्वाइन की, तब से ले कर आज तक ट्रेनिंग में मशग़ूल है. उसका ta'alluq स्पेशल रेकनाइसेन्स यूनिट से है – एक यूनिट जो छुप कर काम करती है, और स्काउट करने में माहिर है.

फ़ौज ज्वाइन करने से पहले,

मस. ग्रीन ने सिकंदर पर रेहम खाया – जब उसने देखा के उसके माँ बाप उसकी आँखों के सामने मरे गए – उसने सिकंदर को गॉड ले लिया और उसकी गार्डियन बन गयी.

आज सिकंदर अपनी पहली मिशन पर जा रहा है, अपने दो टीम मेंबर्स के साथ.

ट्रेनिंग के दौरान, जब वह सिर्फ एक बचा था, तो फ़ौज ने देखा के सिकंदर कितनी तेज़ी से हर हालत में खुद को ढल लेता है.

इसी वजह से उसे स्पेशल रेकनाइसेन्स यूनिट में शामिल किया गया.

हालाँकिह सिकंदर ने कई बार मिस्सों के लिए रिक्वेस्ट की, आज उसे पहली दफा एक असली मिशन मिल गया है – एडवर्ड और काइल के साथ.

"यो, तू ठीक है? एक अजीब नाईटमेयर ले रहा था लगता है", एडवर्ड ने पुछा.

सिकंदर ने अजीब सी मुस्कराहट के साथ जवाब दिया, "मैं बिलकुल ठीक हूँ, बस इंतज़ार नहीं होता के इन हरामियों को ज़मीन में दफना दूँ."

एडवर्ड ने हल्का सा हंस कर नज़र फेर ली.

तभी काइल – तीसरा लड़का जो उनके साथ रव गाडी में था – हंस के बोलै, "यह काम सब से घटिया दिया गया है हमें."

उसकी आँखों में घबराहट का हल्कासा झलक था, लेकिन सिर्फ सिकंदर ने महसूस किया.

"मुझे मालूम है, लेकिन यह सब से सेंसिटिव ऑपरेशन है, और बदकिस्मती से हम तीन इसके लिए चुने गए हैं," एडवर्ड ने be-basi से कहा.

काइल ने ग़ुस्से में कहा, "लेकिन सिर्फ हम hi क्यों? दुसरे भी तो हैं!"

"मैंने सार्जेंट मेजर से सुना है के चाहे हम हॉल्स के साथ डील कर रहे हैं, लेकिन वहां और भी सुपरनतुरलस होंगे. अगर हम higher-rank ावकेनेड को भेजें तो वह आसानी से पकड़े जाएंगे. इस लिए यह काम हम जैसों के लिए hi है", एडवर्ड ने बयां दिया.

जब वह मिशन की बात कर रहे होते हैं,

एक सख्त चेहरा और छाती पर घाव वाला आदमी उनके सामने अत है – उसके कंधे पर आठ लाइन्स बानी होती हैं – यह उसके सार्जेंट मेजर होने का सबूत है.

"खरे हो जाओ, सोल्जर!"

बिना दिएर किये, सिकंदर और उसके साथी सीधे हो कर खरे हो जाते हैं.

सार्जेंट मेजर सर हिला कर कहते हैं, "आज का मिशन है – हॉल्स के दें का पता लगाना. हमें उसका लोकेशन एयर फाॅर्स को रिपोर्ट करना है ताके एयर स्ट्राइक से सब कुछ ख़तम हो सके."

"यह ऑपरेशन बोहोत एहम है. तुम तीनों स्पेशलय त्रिनेड हो – और तुम्हारी प्रजेंस सुपरनतुरलस के सेंस से नीचे है. अगर तुम कामयाब हुए तो द्विघ्त सिटी की सब से बड़ी जंग जीत लेंगे, और हज़ारूं ज़िंदगियाँ बचा लेंगे."

सार्जेंट मेजर की हर लफ्ज़ में एक तहक़ीक़ का पैग़ाम था.

"यह हॉल्स मुश्किल बना रहे हैं – उनकी तादाद ख़तम होने का नाम नहीं लेती – इस लिए किसी भी सूरत में यह मिशन पूरा करना होगा. अपनी जान भी क़ुर्बान करनी परे तो पीछे नहीं हटना – समझे, सोल्डिएर्स?!"

"सर, यस सर!" – तीनों ने जवाब दिया.

सार्जेंट मेजर ने एडवर्ड और काइल की तरफ देखा, "तुम दोनों रैंक 2 ावकेनेड हो – ग़लती की गुंजाईश नहीं है!"

"सर, यस सर!" – दोनों ने कहा.

फिर उसने सिकंदर की तरफ देखा और कहा, "तुम ावकेनेड नहीं हो, लेकिन तुमने ट्रेनिंग और इंतज़ार किया है. इन दोनों को लीड करो – अपने अंदर के गुस्से को अपना हथ्यार बनाओ!"

"सर, यस सर!" – सिकंदर ने जज़्बे से जवाब दिया.

थोड़ी दिएर बाद रव के पीछे लगे लाइट ने पहले पीला रंग दिखाया.

सिकंदर, एडवर्ड, और काइल अपना गियर पहनने लगते हैं.

हर एक ने all-black यूनिफार्म, बूट्स, वेस्ट, हेडगियर, और नाईट गॉगल्स पहने.

काइल ने एक तेज़ ब्लैक तलवार उठाई, एडवर्ड ने दो रेड और वाले डैगर्स, और सिकंदर ने कई बैकपैक्स और एक लम्बा सोर्ड अपने साथ लिया.

जब लाइट ग्रीन हुई, रव का दरवाज़ा खुला और तीनो जंगल में घुस गए.

नीचे की मिटटी उनके बूट्स को चाट रही थी, हवा में सदी हुई लाशों की बदबू थी, और जंगल इतना अँधेरा था के बिना गॉगल्स के कुछ नज़र नहीं आता.

तीनो ने नाईट विज़न गॉगल्स पहने और काम शुरू कर दिया.

तीनो की गियर्स साइलेंट थे – वह अंधेरे में किसी भटकती रूह की तरह चले.

उन्हें एक लैंडस्लैड मिला – जो के उनके छुपने के लिए परफेक्ट था.

सिकंदर ने हैंड सिग्न के ज़रिये एडवर्ड से बैत निकलने को कहा, जबकि काइल ने चौकीदारी शुरू की.

एडवर्ड ने अपने बैग से एक इंसान का गोश्त निकला – और खुली जगह में फेंक दिया. बदबू फैल गयी लेकिन तीनो बिलकुल ुनफेड थे.

उसके बाद वह सब लैंडस्लैड में छुप गए – रोप्स से बांध कर अपने आप को छुपाया – सब कुछ इतना ख़ामोशी से के एक आवाज़ भी न हो.

अब वह सिर्फ इन्तिज़ार कर रहे थे – हॉल्स के बैत पर आने का.

लेकिन यह आसान नहीं था.

5 दिन बीत गए – बैत काम नहीं कर रही थी.

सिकंदर और काइल ने शक किया – लेकिन मिलिट्री ने कन्फर्म किया था के बैत ठीक है – इस लिए वह सिर्फ इन्तिज़ार hi कर सकते थे.

पहले पहले वह थकावट महसूस करने लगे – लेकिन जैसे जैसे दिन गुज़रे, गर्मी, पसीना, और सिर्फ राशन खा कर उनका स्टैमिना घुटने लगा.

सिकंदर के बैग्स में से सब कुछ ख़तम हो गया.

वह प्लान बनाने लगे के खाना कहाँ से लाएं.

मन कर दिया गया था के आग जलाएं या मन उसे करें – वर्ण ऑपरेशन फ़ैल हो सकता है.

इसी दरमियान,

कई सुपरनैचरल मख़लूक़ात जैसे बंशी, निम्फस, और डार्क पीसीएस आये – लेकिन काइल और एडवर्ड ने उन्हें आम हत्यारों से छुप कर मार दिया.

एक रात, हवा में ठण्ड बढ़ गयी.

काइल ने देखा के एक हुडेड फिगर जिसे देख कर इंसान का खून जैम जाये – नीला जिस्म, लाल आँखें – और उसके आते hi ठण्ड बढ़ने लगी.

वह लीच था – उंडेड रेस का मगे – जो सिर्फ हीट और मन को महसूस करता है.

सिकंदर और एडवर्ड भी जाग गए – काइल ने तुरंत पानी उन पर डाला – हीट काम करने के लिए.

लीच ने उन्हें नहीं देखा – लेकिन अगर देखता तो वह ज़िंदा न रहते.

एक और हफ्ता गुज़र गया – तीनो भूख से परेशान हो गए.

"अब नहीं बर्दाश्त होता – कुछ करना पड़ेगा", एडवर्ड ने कहा.

काइल ने शनाख्त की – वह शिकार करेगा.

सिकंदर और एडवर्ड बैत पर नज़र रखते रहेंगे.

काइल एक डियर मार के लाया – तीनो ने एक दूसरे की तरफ देखा – और फिर रॉ गोश्त खाना शुरू कर दिया.

ज़हर लग रहा था – लेकिन ज़िंदा रहना था.

एडवर्ड बोलै, "अगर इस सब के बाद हमें मैडल नहीं मिला, तो मैं साइड बदल लूँगा!" – उसने मज़ाक में कहा.

सिकंदर और काइल हंस दिए – फिर खांस गए.

तभी दाएं तरफ से कुछ आवाज़ें आयी.

काइल ने डियर का गोश्त तुरंत उठके फेंक दिया – ताके हॉल्स को बैत की स्मेल आये, गोश्त की नहीं.

थुड़! थुड़! थुड़!

ज़्यादा दिएर नहीं गुज़री थी के

कई हॉल्स के क़दमों की आवाज़ सुनाई देने लगी. चार पाऊँ वाले हॉल्स, इंसानी गोश्त की तरफ बढ़ने लगे और फ़ौरन उस पर टूट परे.

जैसे hi खाने लगे, उनके दरमियान लड़ाई छिड़ गयी – ये तो होना hi था.

सिकंदर, एडवर्ड और काइल साइड में चुप कर सब कुछ देख रहे थे, तीनो ने अपनी नाक पर हाथ रखा हुआ था क्यों के घोल की बू इंसानी बर्दाश्त से बहार थी.

ट्रेनिंग के बावजूद, घोल की स्मेल ने उन तीनो को उलटी कर देने पे मजबूर कर दिया था.

बोहत ज़्यादा हौसला चाहिए था इस स्मेल को बर्दाश्त करने के लिए – ये बू किसी के लिए भी घिनोना ख्वाब बन सकती थी.

ये हॉल्स इंसानो की तरह थे लेकिन चार हाथों (या पाऊँ) पे चल रहे थे.

उनकी कमर झुकी हुई थी, पीठ में नोकीले हड्डी निकल रही थी, खुनी पंजे जो किसी भी नए फौजियों को कांपने पर मजबूर कर दें, और उनकी आँखें बिलकुल काली थी – अंधेरे जैसी गहरी.

उनके पेट से लरकती हुई आते सब से ज़्यादा बू फैला रही थी – एक ऐसी स्मेल जो एक मिले तक महसूस की जा सकती थी.

सिकंदर का हाथ कांपने लगा – एहि वो लम्हा था जिस का उसे इंतज़ार था. उसकी आँखें गुस्से में लाल हो गयीं, लेकिन वो मुश्किल से अपना जज़्बा दबा रहा था, सुपरनैचरल के सामने खामोश रहना ज़रूरी था.

काइल ने सिकंदर के चेहरे का इज़हार महसूस किया,

उसने फ़ौरन अपना हाथ सिकंदर के कंधे पर रखा और धीरे से बोलै:

"हॉल्स से डायरेक्ट लड़ाई नहीं करनी, हमारा मक़सद बस रिपोर्ट करना है और वापस जाना है."

सिकंदर ने गुस्से से दांत भींचा, लेकिन उसने अपना ग़ुस्सा दबा लिया.

वो मिटटी को कास के पकड़ रहा था के कुछ न कर बैठे, लेकिन तभी…

स्नेप!

मिटटी के अंदर एक सूखा तीली टूट गया, जो हॉल्स में से एक को होशियार कर गया.

तीनो ने फ़ौरन साँस रोक ली, जैसे मारिओं की तरह चुप कर गए.

उन्हों ने रस्सी ढीली छोड़ी और धीरे धीरे पीछे सरकने लगे टा के अपनी पोजीशन छुपाये रख सकें – अगर हॉल्स ने देख लिया तो पूरी मिशन ख़राब हो जाये गई.

हॉल्स की नज़र कुत्तो की तरह होती है – अछि नहीं, लेकिन कुछ न कुछ देख सकते हैं.

सिकंदर और बाक़ी दोनों साँस रोक कर चुप गए, वो घोल घूर कर देखता रहा – लेकिन फिर जब एक और घोल उस से टकरा गया तो उसने फिर से खाना खाना शुरू कर दिया.

सिकंदर ने झाँक कर देखा और सुकून का सांस लिया.

खुश क़िस्मती से, तीनो अभी तक हॉल्स की नज़र से बचे हुए थे. काइल और एडवर्ड ने सिकंदर को गुस्से भरी नज़र से देखा और फिर हॉल्स का पीछा करना शुरू कर दिया.

इंसानी गोश्त काम था इस लिए कुछ hi देर में हॉल्स ने सब कुछ ख़तम कर दिया.

हॉल्स को काम अक़्ल सुपरनतुरलस मन जाता है, इस लिए वो किसी चीज़ को ले कर सवाल नहीं करते – जहाँ गोश्त मिले, खा कर वापस चले जाते हैं.

सिकंदर का टीम उन का पीछा करते हुए 15 मीटर का फासला बनाये रखते हैं – इतना फासला काफी है ताके हॉल्स को शक न हो.

तकरीबन पंद्रह मिनट बाद, वो लोग एक पुराणी कबरिस्तान तक पोहंच गए.

सिर्फ एक नज़र में उन्हों ने कई हॉल्स को घुमते हुए देखा.

कुछ हॉल्स एक बड़े मक़बरे में जा रहे थे – बे शक एहि वो Ghoul’s दें था जिसे उन्हें मार्क कर के एयर फाॅर्स को सिग्नल भेजना था.

लेकिन प्लान बनाने से पहले hi,

दाएं तरफ से घूमता हुआ एक घोल उन तक आ गया.

ये घोल दूसरों से बोहोत ज़्यादा खतरनाक लग रहा था – उसके पाठय पहले हुए थे, दांतों की दरिंदगी चेहरे से बरस रही थी, और उसके जिस्म पर हड्डी का आरमोर था.

घोल उन की तरफ धीरे धीरे चलने लगा – शायद अभी वो कन्फर्म नहीं कर प् रहा था के सामने क्या है.

एडवर्ड और काइल अभी प्लान सोच hi रहे थे के सिकंदर ने उस घोल को देख लिया.

लेकिन उस के बोलने से पहले hi घोल उन पर छलांग लगता है!

रोर!

एडवर्ड और काइल ने अपनी पीठ के पीछे से आने वाली खौफनाक लेहाज़ महसूस की.

उन दोनों ने लाल रौशनी से भरपूर और गेनेराते किया.

लेकिन घोल का अटैक इतना तेज़ था के काइल के सर पर सीधा पंजा लगा – रेड और होने के बावजूद वो उस से बचा नहीं.

"काइल!" एडवर्ड चीख पड़ा.

काइल ने सँभालते hi अपना सबीर निकाला, लेकिन घोल ने दोबारा उस पर वार किया – इस बार सीधा गर्दन पर.

उस वक़्त,

सिकंदर ने फ़ौरन काइल को खींच लिया – उसकी गर्दन बच गयी लेकिन घोल का वार सिकंदर के कंधे को चीयर गया.

"अर्घह!" सिकंदर ने दर्द में कराहते हुए कहा.

भारी चोट लगने के बावजूद, उसकी आँखों में ज़िंदा रहने की रौशनी अभी भी थी – उसने काइल की तरफ देखा जो अब पुरे लाल रौशनी में लपेटा हुआ था.

रेड और और तेज़ हो गया – काइल ने घोल को एक लात मारी और सिकंदर को सँभालते हुए भागना शुरू कर दिया.

इस ठोकर से साबित हो गया के ये तीनों इस घोल के मुक़ाबले में कुछ भी नहीं हैं.

जब वो भाग रहे थे, काइल ने खून भरी आँखों से कहा:

"कबरिस्तान जाओ! मैं इस दरिंदे के साथ खेलता हूँ!"

एडवर्ड और सिकंदर ने उसकी आँखों में उसका आज़म देख लिया…

"वह मरने वाला है...", सिकंदर ने सोचा जब उसने काइल की तरफ आखरी बार देखा.

सिकंदर ने महसूस किया था के काइल रव में बोहोत बेचैन था, लेकिन किसने सोचा था के वह सबसे पहले अपनी जान दे कर वक़्त खरीदने का फैसला करेगा.

उसके आज़म को देख कर, वह दोनों सर हिला कर कबरिस्तान की तरफ चल दिए.

काइल अचानक रुक गया और चीखा, "ोये तेरी शकल के भयानक शैतान! आ जा इधर, मैं तेरा इंतज़ार कर रहा हूँ, ग़लीज़ सुपरनैचरल!"

यह ताना काम कर गया, एक डरावना घोल रुक गया और काइल की तरफ देखा. "इंसान!" उसने गुस्से भरी गरज के साथ कहा और काइल के पीछे भाग पड़ा.

काइल ने कामयाबी से उन हॉल्स को सिकंदर और एडवर्ड से दूर ले गया.

सिकंदर ने पीछे देखा और देखा के काइल उन हॉल्स के साथ भाग रहा है — ये तस्वीर साफ़ थी, काइल ज़िंदा वापस नहीं आएगा.

"तू हमेशा घबराता रहता था, लेकिन अंदर से बोहोत हिम्मत वाला था," सिकंदर ने धीरे से कहा.

फिर उसने अपनी दांत भींचते हुए कहा, "मैं याद रखूँगा ये, और सबको बताया जाएगा."

ज़्यादा तर हॉल्स को काइल ने डिस्ट्रक्ट कर दिया था.

बाक़ी को सिकंदर और एडवर्ड ने मिल कर ख़तम कर दिया, और तेज़ी से कबरिस्तान में घुस गए.

"ग्रह!"

"गर्डर!"

"रोअरर!"

एडवर्ड ने अपनी लाल और को आज़ाद किया जो हर पल ज़्यादा ताक़तवर हो रही थी.

एक हाथ के इशारे से, ज़मीन पर आग का धमाका हुआ और हॉल्स हवा में उछाल गए — सिकंदर ने फ़ौरन उन सब को अपनी लम्बी तलवार से काट दिया.

"श्रृंग!!"

हॉल्स के गर्दन पर ज़ख्म आये लेकिन वह अभी ज़िंदा थे.

उन्हें मारने का सिर्फ एक तरीक़ा था — सर काटना.

लेकिन सिकंदर के पास वक़्त नहीं था, और नए नए हॉल्स आ रहे थे.

अचानक, एक घोल ने अपने तेज़ पंजे उठाये और सिकंदर पर हमला कर दिया.

सिकंदर ने अपनी तलवार से ब्लॉक किया लेकिन उस पंजे की ताक़त बोहोत ज़्यादा थी — वह हवा में दूर जा गिरा.

एडवर्ड ने फ़ौरन रियेक्ट करते हुए घोल का चेहरा पकड़ा और ज़मीन पर दे मारा — उसका सर चुटकियों में चूर चूर हो गया.

"सिकंदर! ठीक हो?", एडवर्ड ने पुछा.

सिकंदर मुश्किल से उठते हुए बोलै, "ठीक हूँ... चलो कबरिस्तान अंदर."

उसका कन्धा खून से भरा हुआ था, लेकिन दर्द उसके इरादे को नहीं तोड़ सका.

"यह दर्द कुछ भी नहीं उस दर्द के सामने जब माँ बाप को खोया था," उसने सोचा.

उसने अपना बैग उठाया और कहा, "हमें अंदर का रास्ता उदा देना होगा ताके कोई और घोल भाग न सके."

जब एडवर्ड जवाब देने लगा, उन्होंने देखा के क़बर के अंदर से और हॉल्स निकल रहे हैं.

वक़्त जाया किये बिना, वह दोनों उन हॉल्स के ढेर में घुस गए.

सिकंदर हर घोल पर तलवार चलता गया — किसी के सर, किसी के आँख, किसी के सीने में.

एडवर्ड अपनी ताक़त से तेज़ी से उन्हें क़त्ल कर रहा था, उसके डैगर्स हवा में गायब से लग रहे थे.

फिर सिकंदर चीखा, "एडवर्ड!"

"यह रुक नहीं सकता! यह एक्सप्लोसिव्स ले लो और दरवाज़े पर लगा दो!"

एडवर्ड ने एक्सप्लोसिव पकड़े, और फिर...

बूम!

अपनी और का इस्तेमाल करते हुए एडवर्ड ने एक धमाके से खुद को हवा में उछाला और सीधा क़बर के दरवाज़े पर गया.

सिकंदर देख कर सोचने लगा, "यह रैंक 3 के करीब होगा, स्पेल भी उसे कर गया."

उसका पूरा जिस्म हॉल्स के खून से भीग चूका था.

फिर एक चीख सुनाई दी: "अर्घह!!"

सिकंदर ने देखा एडवर्ड खून थूक रहा है — एक बोहोत ज़्यादा बारे घोल ने उस पर हमला किया था.

सिकंदर ने सोचा, ‘यह तोह... किंग ऑफ़ हॉल्स है…’

लेकिन एडवर्ड ने हाथ उठाये दिखने के लिए के उसने एक्सप्लोसिव लगा दिया है — "उदा दो!"

सिकंदर ने फ़ौरन डेटोनेटर दबा दिया —

बोओओओओओओम!!!

एक बारे धमाका हुआ, दरवाज़ा गिर गया, और सरे हॉल्स का रास्ता बंद हो गया.

किंग ऑफ़ हॉल्स भी इस धमाके से पीछे गिरा, लेकिन ज़िंदा था.

जब सिकंदर ने एयर सपोर्ट को कांटेक्ट करना चाहा, उसने देखा के किंग ऑफ़ हॉल्स एडवर्ड की तरफ भाग रहा है.

"एडवर्ड!!"

सिकंदर फ़ौरन भागा, ताके किंग ऑफ़ हॉल्स को रोके.

किंग ऑफ़ हॉल्स ने लाल चमक वाले पंजे उठाये — एडवर्ड की जान लेने आया था — लेकिन उससे पहले सिकंदर आ गया.

"मैं तुम्हे ये करने नहीं देने वाला!!"

सिकंदर ने उसके गले को पकड़ लिया और पूरी ताक़त से उसका गाला दबा दिया.

घोल ने अपना जिस्म इधर उधर दे मारा लेकिन सिकंदर छोड़ा नहीं.

"रर्घ्हह!", सिकंदर गुस्सा कर के चीखा, उसका ज़ख़्मी कन्धा अब और पहात गया था.

बूम! बेम! — घोल हर जगह टकराया लेकिन सिकंदर ने छोड़ने से इंकार कर दिया.

"एडवर्ड! फ्लारे जलाओ और एयर फाॅर्स को बुलाओ!"

"लेकिन तुम—"

"ज़िंदा रहो!" सिकंदर ने उसकी बात काट दी.

"तुम ावकेनेड हो... तुम और ज़्यादा सुपरनतुरलस मार सकते हो. मैं बस एक इंसान हूँ, लेकिन आज का काम मेरे लिए काफी है."

एडवर्ड की आँखों में आंसू आ गए.

"प्राइवेट सिकंदर... नहीं, सिकंदर सिल्वेर्स्टर! मैं सबको बताऊंगा जो तुमने आज किया!"

"तुम और काइल — द्विघ्त सिटी के हीरोज बन गए हो!"

एडवर्ड ने सिकंदर का बैग उठाया, फ्लारे चलाया, और कांटेक्ट किया:

"हॉक 89, यह ऊसर 08 है, फ्लारे डेप्लॉयड. डेंजर क्लोज कन्फर्म करो."

"कॉपी तहत ऊसर 08, डेंजर क्लोज. गुड लक सर!"

इस दौरान, किंग ऑफ़ हॉल्स ने सिकंदर को पटक दिया.

क्रैक!

सिकंदर ज़मीन पर गिरा, हर हड्डी टूटी हुई थी — लेकिन उसके चेहरे पर मुस्कराहट थी.

आस्मां में जेट्स के आवाज़ सुनाई दी — मिसाइल्स आते हुए.

"हहहहहहह!"

किंग ऑफ़ हॉल्स उसके पास आया, लेकिन सिकंदर ने चीखा,

"सिकंदर सिल्वेर्स्टर!"

"इंसानियत का नाम याद रखना जो तुम सबको जहन्नुम ले गया!"

उसकी आँखों में आग थी — वह एक हीरो था, एक असल फ़ौज का सिपाही जो इंसानियत के लिए जान देता है.

अपनी माँ बाप का लॉकेट पकड़ कर उसने कहा, "माँ... बाबा... आ रहा हूँ. मेरे पास एक कहानी है... मेरी कहानी."

जूंग!! — जेट्स का शोर.

किंग ऑफ़ हॉल्स भागना चाहा — लेकिन अब दिएर हो चुकी थी.

"अब देर हो चुकी है! मर जाओ सब!"

बोओओओओओओओओम!!!

एक ज़बरदस्त धमाका हुआ जब मिसाइल्स सीधा मक़बरे पर जा लगे, पूरी क़ब्रिस्तान टुकड़ों में बिखर गयी, सिर्फ राख और मट्टी का ढेर रह गया.

उस धमाके की ताक़त ने सिकंदर को दूर फेंक दिया और उसकी स्किन काफी हद्द तक जल गयी थी.

सिकंदर का जिस्म जंगल में जा टकराया, और ज़मीन पर गिरते hi रुक गया — सिर्फ देख कर hi लगता था के कोई भी इंसान ऐसे क्रैश से ज़िंदा नहीं बच सकता.

जंगल के दूसरी तरफ,

एडवर्ड ने ज़मीन का लरज़ने महसूस किया जब हवाई फ़ौज ने हमला किया. उसने पीछे मूढ़ कर उस जंगल की तरफ देखा जहाँ मिसाइल्स की आग ने रौशनी फैला दी थी.

बीप "ऊसर 08, टारगेट तबाह कर दिया गया है, ओवर"

"कॉपी तहत हॉक 89" बीप

एडवर्ड ने एक गहरी सांस ली, जिसमें जाली हुई चीज़ों की बू थी. फिर उसने कम्युनिकेशन डिवाइस निकाला, "सार्जेंट मेजर, ऑब्जेक्टिव कम्पलीट हो गया है, दो कसुअलटी हुई हैं. ओवर" बीप

हालांके मिशन ख़तम हो चूका था, लेकिन एडवर्ड के दिल में दर्द अभी भी महसूस हो रहा था.

बीप "Pick-up पॉइंट पर रिपोर्ट करो, एक रव तुम्हारा इंतज़ार कर रही है. बाकी टीम लाशें उठाएगी", सार्जेंट मेजर ने जवाब दिया.

"रॉजर तहत" बीप

एडवर्ड के लबों से निकलते अलफ़ाज़ भारी थे.

उसने कम्युनिकेशन डिवाइस नीचे रखा, फिर जंगल की तरफ एक आखरी उदास नज़र डाली — वह जंगल जो उसके दो दोस्तों की जान ले गया था.

एक उदासी भरी आह भर कर, वो मूढ़ गया और pick-up पॉइंट की तरफ चल दिया.

न उससे पता था, न किसी और को — लेकिन यह वाक़िअ इंसानी तारिख में हमेशा याद रखा जाएगा, एक ऐसी दास्ताँ के आग़ाज़ के तोर पर जो बाद में सिकंदर सिल्वेर्स्टर की लीजेंडरी सागा के नाम से जानी जायेगी.
 
Episode 03

मैडल ऑफ़ हॉनर एंड सिस्टम

कहीं Ghoul’s दें के जंगल में...

“खठ... खठ...”

ज़मीन पर एक आदमी पड़ा था जिसका जिस्म जला हुआ था, ऐसा लगता था के वह मर गया hoga—magar वह अब भी ज़िंदा था. उसकी आँखें रात के आसमान को तक रही थी, जहाँ चमकते हुए सितारे नज़र आ रहे थे.

सिकंदर किसी तरह उस धमाके से बच गया था, लेकिन ज़्यादा देर के लिए नहीं...

उसका पूरा जिस्म हिल भी नहीं रहा था, हर हड्डी टूटी हुई थी.

उसका डायन कन्धा खून में लथपथ था, ज़ख्म जलन की वजह से फफोला बन चूका था. उसका हाथ और पेअर जले हुए थे, और उलटे मुद गए थे.

लेकिन इस हालत के बावजूद, सिकंदर की आँखों में न दर्द था, न पछतावा.

उसने अपने जिस्म का जायज़ा लेने की कोशिश की मगर कुछ फ़ायदा नहीं हुआ, उसका गाला भी नहीं हिल रहा था. उसका सर थोड़ा दाएं की तरफ झुका हुआ था, जिस से उसने देखा के आस पास के दरख़्त आग में जल रहे हैं.

किस्मत अच्छी थी या बुरी, वह एक खुला मैदान था जो आग से कुछ दूर था.

‘मैं ज़िंदा कैसे हूँ...? मुझे तो मर जाना चाहिए था...’

‘मैं कुछ भी नहीं सुन सकता... लगता है धमाके से मेरी सुनाई चली गयी है’, उसने सोचा.

जलते हुए घोलों के धीरों को देख कर, सिकंदर के चेहरे पर हल्का सा मुस्कराहट आयी. जब उसने देखा के किंग ऑफ़ हॉल्स आग के पास बेजान पड़ा है, तो वह अंदर से खुश हुआ.

‘आखिर तुम भाग नहीं पाए... अब मुझे कोई पछतावा नहीं’ “खठ...”

सिकंदर धीरे से अपनी आँखें बंद कर रहा था, मौत को क़ुबूल करते हुए जो अब उस से बस एक कदम दूर थी.

उसकी हालत वैसी थी जो किसी भी वक़्त उसकी जान ले लेती. मगर जैसे hi उसने आँखें बंद की, अचानक उसके ज़ेहन में वह फर्री मॉन्स्टर का चेहरा आया जो उसके वालिदैन को ज़िंदा खा रहा था.

उसकी आँखें फिर से खुल गयीं, “मैं मर नहीं सकता! वह दरिंदा अभी ज़िंदा है!”, उसने कमज़ोर आवाज़ में कहा.

सिकंदर ने पूरी कोशिश की अपने आप को उठाने की, लेकिन उसका जिस्म उसका साथ नहीं दे रहा था. सिर्फ खुनी खांसी hi उसकी कोशिश का नतीजा थी.

‘मैं अभी नहीं मर सकता! खुदा के लिए! कोई... कोई मदद करो!’, उसने बेचैनी से सोचा.

लेकिन उसके आस पास सिर्फ आग थी... और हॉल्स के लाशें. ‘या अल्लाह! मेरी दुआ क़ुबूल कर लो... मुझे अभी नहीं मरना... मुझे बदला लेना है!’

‘प्लीज...’

खामोशी...

रात बेपनाह खामोश थी, या शायद सिकंदर की सेंसेस अब कमज़ोर हो चुकी थी.

‘वह दरिंदा अभी ज़िंदा है!’, उसने गुस्से से सोचा. वह बेचैन था, लेकिन खुदा ने भी उसकी दुआ का जवाब नहीं दिया.

‘अगर खुदा नहीं मदद कर रहा तो... कोई भी कर दे!’

‘शैतान भी अगर मदद करे, तो मुझे ज़िंदा रखो! मेरा बदला लेना अभी बाक़ी है!’

‘मेरी रूह ले लो! जो चाहिए ले लो! बस मुझे ज़िंदा रखो जब तक मैं उस दरिंदे को ख़तम न कर दूँ!’

जैसे hi उसने यह इल्तिजा पूरी की, एक अजीब सी लहर रात की खामोशी में गूँज उठी.

सिकंदर ने कमज़ोरी से आसमान की तरफ देखा, जहाँ आधा चाँद उसकी तरफ घूर रहा tha—ya शायद उससे ऐसा महसूस हुआ.

उसने अपने दिल में हंस के सोचा, ‘न खुदा, न शैतान... दोनों सिर्फ कहानियां रह गयी हैं सुपरनतुरलस के आने के बाद. आखिर में, सिर्फ मौत बची है.’

मगर उसी वक़्त चाँद ने एक काला नूर सिकंदर की तरफ भेज दिया.

वह कुछ समझ भी नहीं पाया था के वह नूर उस तक पोहंच गया और उसके अंदर एक चक्कर सी चल गयी. वह घूमने लगा, समझ गया के शायद अब उसका आखरी वक़्त है.

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<बंधन थे होस्ट बॉडी>

<चेंजिंग ब्लूद्लिने>

<अक्सेप्टिंग थे ब्लेसिंग ऑफ़ थे मून, हीलिंग आल इंजरीज>

सिकंदर की नज़र के सामने एक के बाद एक नोटिफिकेशन्स आने लगे.

उसकी आँखें भारी होने लगी थी. उसे पता भी नहीं चला के क्या हो रहा है, वह नोटिफिकेशन्स पढ़ भी नहीं पाया.

मगर नींद में जाने से पहले उसे आखरी नोटिफिकेशन नज़र आयी:

<सक्सेस्स्फुल्ली असिमिलातेड़ विथ थे इन्विंसिबल Full-Moon सिस्टम>

<कोंग्रटुलतिओन्स ों बिकमिंग ा वे...>

उस से पहले के पूरा लिखा जाता, सिकंदर बेहोश हो गया.

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एक घंटा बाद...

एक रेस्क्यू टीम जंगल में पोहंच चुकी थी.

“दो लाशें मिल चुकी हैं, काइल और सिकंदर.”

“इनफार्मेशन के मुताबिक़, काइल क़ब्रिस्तान के मग़रिबी साइड में था. यूनिट फाइव उसे उठाएगी. हम लोग सिकंदर को ढूंढ़ते हैं.” एक औरत ने कहा जो पूरी मिलिट्री गियर में थी. उसकी पतली सूरत hi उसे मर्दों से मुख्तलिफ बना रही थी.

यूनिट फाइव का लीडर सर हिला कर मग़रिब की तरफ चला गया, जब के वह औरत अपनी टीम के साथ कबरिस्तान के आस पास छानबीन में मसरूफ हो गयी.

कुछ हॉल्स अभी भी ज़िंदा थे, लेकिन उन्हें फ़ौरन मार दिया गया.

वह औरत दिल से चाहती थी के काइल या सिकंदर ज़िंदा मिल जाएं. उन दोनों की वजह से द्विघ्त सिटी के नुख्सानात आधे हो गए थे.

मगर जब उसने जगह देखि—

जले हुए हॉल्स का ढेर, कुछ तो बिलकुल राख हो चुके थे... धमाके की तबाही... ‘यह सिर्फ ख़याली बात थी’, उसने सोचा और उदासी से ताना भरा सांस लिया.

जैसे hi वह वापस जाने लगी, उसने दूर एक इंसानी जिस्म देखा जो बाक़ियों से अलग था.

वह धीरे धीरे उस लाश की तरफ चली...

जब वह पास पोहंची, उसने नीचे देखा और एक हिरन कुन अंदाज़ में सांस रोक गयी!

‘यह जिस्म तो जला हुआ भी नहीं... खून से लथपथ है लेकिन बुरा हाल नहीं है’, उसने सोचा, हैरान होकर.

फिर एक सोच उसके ज़ेहन में आयी, ‘शायद... बस शायद...’

वह उम्मीद से आगे बढ़ी, उसने सिकंदर की आँख खोली और फ्लैशलाइट से उस में रौशनी डाली.

‘उसकी आँखें लाल हैं, मगर प्यूपिल कॉन्ट्रैक्ट हो रही है’, उसके चेहरे पर एक चिंगारी सी चमक उठी. उसने फिर सिकंदर की नाक के नीचे ऊँगली रख कर उसकी सांस महसूस की.

वह पीछे हट गयी, “वह ज़िंदा है!”, उसने हैरानी से कहा.

उसने क़ब्रिस्तान की तरफ देखा और फिर सिकंदर की तरफ, ‘यह तो 50 मीटर दूर था, फिर भी ज़िंदा है?! क्या यह भी ावकेनेड है?’ उसने सोचा.

“सिकंदर मिल गया है, रैली पॉइंट पर मिलते हैं” बीप

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कुछ दिएर बाद...

सिकंदर ने धीरे से आँखें खोली, उसकी नज़र धीरे धीरे आस पास एडजस्ट होने लगी.

जैसे hi उसने आँखें खोली, उसके सर में दर्द उठा. वह be-ikhteyaar अपना हाथ सर पर ले गया दर्द काम करने के लिए.

मगर जैसे hi उसने अपना हाथ देखा, उसकी आँखें फट गयी.

‘मेरा हाथ काम कर रहा है?! यह कैसे हो गया?’, उसने हैरानी से सोचा.

फिर उसने देखा के वह जंगल में नहीं था.

उसके आस पास का महल किसी मिलिट्री बैरक के हॉस्पिटल जैसा था.

‘हम्म... लेकिन यहाँ सिर्फ एक बंक बीएड क्यों है?’, उसने सोचा, मेडिकल इक्विपमेंट देखते हुए.

लेकिन जैसे hi वह सोच रहा था, दरवाज़ा ज़ोर से खुल गया...

एक नर्स जो के अपनी ट्वेंटीज में थी, अचानक एक कमरे में दाखिल होती है जबकि वह किसी कागज़ पर कुछ लिख रही होती है. जैसे hi वह अंदर आयी, उसकी नज़र सिकंदर पर पड़ती है जो के जाग चूका होता है.

"हाउ अरे यू टुडे?", उस ने पुछा, जबकि वह सिकंदर की आँखों में देखती है जो उसकी तरफ सीधा देख रहा होता है.

मगर दोनों के दरमियान सिर्फ ख़ामोशी होती है. फिर अचानक से, "यह...?", वह हैरानी से सिकंदर को देखती है. उसके बाद उस ने गहरी सांस ली और अचानक उसे याद आया के वह तो एक कटसे (बेहोश) पेशेंट से बात कर रही है.

"You're अवेक?!", नर्स चीख कर बोली.

सिकंदर कुछ कह भी नहीं पाटा के नर्स घबरा कर दौड़ती है, "डॉक्टर! डॉक्टर! रूम 303 का पेशेंट जो कोमा में था, वह होश में आ गया है!"

यह सुनकर सिकंदर हैरान होता है, "मैं कोमा में था?"

नर्स के चीखने के बाद काफी लोगों के तेज़ क़दमों की आवाज़ें कमरे की तरफ आती हैं, फिर एक डॉक्टर सफ़ेद कोट में अंदर दाखिल होता है, जिसके चेहरे पर शक भरा इज़हार होता है.

मगर जैसे hi उसकी नज़र सिकंदर पर पड़ती है, उसकी आँखें फैल जाती हैं, "कैसे?"

यह सवाल डॉक्टर ने सिकंदर से नहीं, खुद से किया होता है जैसे वह अपनी आँखों पर यक़ीन नहीं कर सकता.

डॉक्टर का हैरान चेहरा देख कर,

सिकंदर सोचता है, "सब इतने हैरान क्यों हैं? क्या मैं वाक़ई कोमा में था?"

फिर अचानक उसके ज़ेहन में वह यादें वापस आने लगती हैं — वह ऑपरेशन जहाँ उन्हों ने हॉल्स का ठिकाना ढूंढना था... जहाँ उसे मर जाना चाहिए था.

"मुझे तो टोटी हुई गुड़िया की तरह तोड़ दिया गया था! मैं वापिस कैसे आ गया इतनी बड़ी चोट के बाद?" उस ने सोचा.

सिकंदर डॉक्टर की तरफ देखता है जो अब थोड़ा संभल चूका होता है, और उस से पूछता है, "डॉक्टर, मुझे कितना अरसा हो गया है यहाँ?"

"यहाँ लाये हुए दो हफ्ते हो गए हैं," डॉक्टर ने जवाब दिया.

फिर वह धीमे से कहने लगा, "मुझे यक़ीन नहीं होता के तुम इन ज़ख्मों से इतनी जल्दी ठीक हो गए... यह किसी mo’jize से काम नहीं."

यह सुनकर सिकंदर भी हैरान रह गया, "दो हफ्ते? क्या मैं कोई सुपरहमन हूँ?"

डॉक्टर ने पूरा मुआइना करने के बाद जब देखा के सब कुछ बिलकुल नार्मल था, जैसे कोई चोट लगी hi न हो, तो वह रिपोर्ट लिखने चला गया.

नर्स रुकी रही और उस ने सिकंदर को उस दिन के बारे में बताया जब उसे हॉस्पिटल लाया गया था.

"जब मिलिट्री तुम्हें यहाँ लाया, तुम्हारा हाल देखने लायक नहीं था. आधी रिब्स टूटी हुई थे, स्कल फ्राक्टूरेद था, androon-e-jism चोटों से भरा था, तुम्हारी बैक और आर्म्स की हड्डियां कुचली गयी थे, और बाएं टांग भी टूटी हुई थी. कोई भी इंसान ऐसे हालात में ज़िंदा नहीं बचता."

यह कहते कहते नर्स की आँखों में आंसू आ गए, "मैं सोच भी नहीं सकती के तुमने क्या कुछ सहा होगा."

सिकंदर यह सब सुन कर हैरान हो गया, "तोह दुनिया में अब भी कुछ अचे लोग बाक़ी हैं," उस ने सोचा और प्यार से नर्स के कंधे पर हाथ रखा.

नर्स ने आंसू पोछे और रोशन चेहरा बनाकर मुस्कुरायी, "तुम्हारी क़ुर्बानियों का शुक्रिया."

"यह मेरा फ़र्ज़ था, शुक्रिया की ज़रूरत नहीं," सिकंदर ने भी एक रोशन मुस्कराहट के साथ जवाब दिया.

जैसे hi नर्स जाने लगी ताके सिकंदर को आराम मिल सके, उस ने फिर से मुद कर हैचान में एक कागज़ हाथ में लिया.

सिकंदर उसकी तरफ देखता है — थोड़ा कन्फ्यूज्ड.

थोड़ी दिएर के बाद, नर्स ने हिम्मत जुताई और पुछा, "क्या मैं तुमसे ऑटोग्राफ ले सकती हूँ, अगर तुम्हें ऐतराज़ न हो?"

सिकंदर का माथा शिकन से भर गया, "क्यों? मैं तो कोई सेलिब्रिटी नहीं हूँ."

नर्स के चेहरे पर थोड़ी मुस्कराहट आयी और वह बोली, "मुझे याद hi नहीं रहा के तुम कोमा में थे, तीही..."

फिर वह दोबारा बैठ गयी और वह वाक़ेआत बताने लगी जो सिकंदर के होश में न होने के दौरान हुए:

"पिछले हफ्ते हमने द्विघ्त सिटी की जंग जीत ली. हॉल्स जैसे सुपरनैचरल फाॅर्स के ख़तम होने के बाद बाक़ी दुश्मनों पर हमला करना आसान हो गया. और इसी वजह से वह िम्पेनेत्रबल फोर्ट्रेस भी गिर गया."

"तीन दिन पहले एक सेरेमनी हुई जिसमे तुम, एडवर्ड रारता और काइल हिंतों को मैडल ऑफ़ ऑनर दिया गया. तुम लोगों को दो मेडल्स मिलें — मैडल ऑफ़ ब्रावेरय और हीरोज ऑफ़ द्विघ्त सिटी."

यह सुनकर सिकंदर के चेहरे पर हैरानी आयी.

उसकी आँखों में चमक आ गयी जब उस ने कहा, "काइल? काइल अब भी ज़िंदा है?"

उसे याद था के काइल ने हॉल्स को डाइवर्ट किया था ताके वह और एडवर्ड बच सकें. अगर वह ज़िंदा है तो...?

नर्स ने अफ़सोस से सर हिला दिया.

"उसकी फॅमिली उसकी रिप्रेजेन्टेटिव थी, और तुम्हारी तरफ से तुम्हारी गार्डियन मरस. ग्रीन आयी थी... मुझे अफ़सोस है," नर्स ने कहा.

यह सुनकर सिकंदर का चेहरा उदास हो गया.

नर्स ने हल्का सा अफ़सोस महसूस किया और बताया के उसकी माँ और एडवर्ड ने दो हफ़्तों में कई दफा उसे देखने की कोशिश की.

"चाहे मैं काइल के क़रीब नहीं था, मगर उसका इज़्ज़त करता हूँ... मुझे उसकी फॅमिली से मिलना चाहिए," सिकंदर ने सोचा.

वह ज़रा आराम करना hi चाहता था के उसे एक धुंधला नोटिफिकेशन याद आया जो be-hoshi से पहले दिखा था — एक अजीब सी चीज़ जो उसे नज़र आयी थी जैसे hi वह be-hosh होने लगा था.

"आखिर वह क्या था? मुझे याद है एक होलोग्राम नोटिफिकेशन था."

और जैसे hi उस ने उस बात के बारे में सोचा, उसके सामने अचानक एक ब्लू होलोग्राम फ्लोट करता हुआ नज़र आया:

<नोटिफिकेशन्स>

<स्टैट्स>

<स्किल्स>

<इन्वेंटरी>

<शॉप>

"हम्म?", सिकंदर ने हैरानी से थोड़ी दिएर उसे देखा.

यह इंटरफ़ेस किसी गेम जैसा लगता था.

सिकंदर को मरस. ग्रीन ने गॉड ले रखा था, जिसे वह अपनी माँ कहता था. वक़्त के साथ वह मिलिट्री में चला गया, इसलिए दुसरे बच्चों की तरह गेम्स खेलने का वक़्त नहीं मिला.

"क्या यह कोई नया गेम है? मगर यह तो khud-ba-khud खुला है... मैंने तो यह खरीदा भी नहीं," उस ने सोचा.

फिर उस ने <स्टैट्स> तब तप करने की कोशिश की — मगर फिंगर उस के अंदर से गुज़री.

फिर जब उस ने सोच कर उसे ओपन करना चाहा तो तब स्क्रीन चेंज हो गयी:

---

<स्टैट्स>

सिकंदर सिल्वेर्स्टर

लेवल: 1 (0/100)

रेस: Half-Blood

Full-Moon: 33 हॉर्स – ब्लड मून

बर्सर्क: 10%

सनीति: 47%

मेन्टल: 2

स्ट्रेंथ: 9

अगिलिटी: 7

ेंदुराने: 6

इंटेलिजेंस: 0

<एवरेज ह्यूमन एडल्ट्स हैवे 5–7 पॉइंट्स फॉर एच स्टेट एक्सेप्ट फॉर इंटेलिजेंस>

---

सिकंदर ने अजीब लफ़्ज़ों को स्किप करते हुए उन स्टैट्स पर फोकस किया जो उसे समझ आएं.

"हम्म, यह मेरे स्टैट्स हैं? बुरे नहीं... लेकिन स्ट्रेंथ थोड़ी काम है, जबकि मैंने उस पर ज़्यादा म्हणत की थी," उस ने सोचा.

स्ट्रेंथ, अगिलिटी, और ेंदुराने तो सिंपल थे, मगर इंटेलिजेंस, मेन्टल, सनीति, बर्सर्क, और Full-Moon — यह सब उसके लिए नए थे.

सोचते सोचते उसके सर में दर्द होने लगा और वह सोचता है के तब क्लोज कर दे...

मगर फिर उसकी नज़र रेस वाले सेक्शन पर पड़ती है.

उसका चेहरा गुस्से से भर जाता है और वह ज़ोर से चीखता है:

"HALF-BLOOD का क्या मतलब है?!?"
 
Episode 04

डेली क्वेस्ट

"HALF-BLOOD का किआ मतलब है!", सिकंदर गुस्से में चीखा.

चाहे Half-blood का मतलब अभी तक पूरी तरह से समझ नहीं आया, लेकिन सिकंदर इतना तोह जानता था के इसका मतलब है के उसकी नेसल किसी और चीज़ के साथ मिलके बानी hai—woh खालिस इंसान नहीं है.

और जितनी नफरत उससे सुपरनतुरलस से thi—jo उसकी इंसानियत और उसके वालिदैन के साथ kiya—woh अपने रेस सेक्शन को बिलकुल पसंद नहीं करता था.

सिकंदर ने सोचा के शायद वह अपनी रेस बदल सकता है, लेकिन हर कोशिश में नाकाम रहा. रेस का सेक्शन हिलता भी नहीं था, उल्टा एक चमकदार चांदनी जैसे रौशनी में चमक रहा था जैसे के वह उसका मज़ाक उदा रहा हो.

यह देख कर सिकंदर का खून खोल गया. यह गेम उससे मज़ाक बना रहा था.

लेकिन उसका गुस्सा उस वक़्त डाब गया जब दरवाज़े पर दस्तक हुई. एक middle-aged औरत दरवाज़े से अंदर आयी.

उस औरत के लम्बे भूरे बाल थे. सियाह रिम वाली आँखों के चश्मे, और उसका सख्त और mutma'in chehra—sirf एक झलक में सिकंदर समझ गया के यह कौन है.

यह थी उसकी guardian—Mrs. ग्रीन.

सिकंदर ने मरस. ग्रीन को देखा और उसके चेहरे पर सुकून आया, "मुझे लगा में कभी माँ को दोबारा नहीं देख पाउँगा... पर कौन सोच सकता था के में उस हादसे से बच गया," उसने सोचा.

मरस. ग्रीन ने जैसे hi देखा के सिकंदर होश में है, वह वहीँ रुक gayi—bilkul स्तनद.

लेकिन जैसे hi उसने यक़ीन किया के सिकंदर वाक़ई होश में आ चूका है, वह फ़ौरन भाग कर उसके पास आयी और उससे ज़ोर से गले लगाया.

"मेरा प्यारा बचा, मुझे लगा में तुम्हें खो दूँगी," उसकी आँखों से आंसू चालक पड़े.

वह इस तरह रो रही थी जैसे किसी ने एक साफ़ पानी का चाशमा खोल दिया हो. "में हफ़्तों से नहीं सोई जब से सुना था के तुम अपने पहले मिशन पर हो, लेकिन फिर यह खबर आयी..."

"के तुम हॉस्पिटल में हो, मौत के क़रीब!"

मरस. ग्रीन का दुःख इतना गहरा था के सिर्फ उसकी आँखों में देख कर इंसान का दिल रो पड़े. सिकंदर ने भी उससे ज़ोर से गले लगाया.

उसकी माँ का यह प्यार, यह गर्माहट, उसके लिए दुनिया की हर चीज़ से ज़्यादा कीमती थी. असलियत में, उसकी ज़िन्दगी में रौशनी का बस एक ही जरिया tha—Mrs. Greene—uske असल वालिदैन के मरने के बाद.

कुछ दिएर बाद जब मरस. ग्रीन ने अपना दुःख हल्का किया, तोह उसने सिकंदर के जिस्म को छोकर चेक किया के कहीं कोई चोट तोह नहीं, लेकिन हर ज़ख्म जैसे khud-ba-khud भर गया हो. उसने सुकून का सांस लिया.

"में वापस आ गया हूँ, माँ," सिकंदर ने आँखों में आंसुओं को रोकने की कोशिश करते हुए कहा.

मरस. ग्रीन के चेहरे पर चमकती मुस्कराहट थी, उसी मुस्कराहट जैसे उसने बचपन में देखि थी. वह दोनों maa-beta एक गर्म और प्यारी गुफ्तगू में मसरूफ हो गए.

सालों बाद उनका यह मुलाक़ात हुई थी. सिकंदर बस कभी कभी उसे खत भेजता tha—military में डिसिप्लिन बुहत सख्त होता है. आखरी खत उसने तब भेजा जब उसका पहला मिशन तय हुआ था.

लेकिन उस कन्वर्सेशन के दौरान एक सोच ने उसे झुनझुना diya—"Mein ज़िंदा कैसे बच गया? किसने मुझे बचाया? खुदा? या शैतान?"

उसने याद किया के हॉल्स' दें में मौत के क़रीब उसने एक वक़्त पर खुदा और शैतान दोनों से दुआ की थी. पर अब तक उसे यह नहीं पता के किस ने उसे जवाब दिया.

फिर मरस. ग्रीन ने कहा, "क्या तुम्हें पता है के तुम अब मशहूर हो गए हो?"

"में जब सेरेमनी में गयी थी, तोह उन लोगों ने तुम्हारे नाम दो मेडल्स दिए, और साथ में एक बरी रक़म भी. उनका कहना था के तुमने जो बहादुरी दिखाई उसके लिए यूनाइटेड वर्ल्ड ऑर्गनिज़तिओन्स की तरफ से शुक्रिया."

"लेकिन वह भी! हम्फ!"

मरस. ग्रीन के लफ़्ज़ों में गिला था, लेकिन उसकी मुस्कराहट उसका फखर छुपा नहीं सकीय. वह सेरेमनी उसके लिए बुहत अहमियत रखती थी.

मरस. ग्रीन एक lower-class खानदान से थी. उसकी नस्ल में कोई ावकेनेड नहीं था, इस लिए न पैसा था न रुतबा. लेकिन अब, जब उसका बीटा हीरोज ऑफ़ द्विघ्त सिटी जैसे इवेंट में मैडल जीत गया था, वह ख़ुशी से फूल नहीं समेत रही थी.

सिकंदर के पास मिलिट्री का पैसा आता रहा, लेकिन मरस. ग्रीन हमेशा पूछती थी के कितना मिला. उसने अपने पहले हस्बैंड को छोड़कर एक middle-class शख्स से शादी की, लेकिन असल में वह अब भी lower-class की सोच में बंधी हुई थी.

लेकिन सिकंदर को उससे कोई गिला नहीं था. उसके लिए वह सब कुछ थी. ज़िंदा लोगों में सबसे प्यारी शख्सियत.

काफी दिएर गुफ्तगू के बाद, मरस. ग्रीन को कुछ ज़रूरी काम के लिए निकलना पड़ा.

लेकिन जाते जाते उसने दरवाज़ा बंद करने से पहले फिर से अपना सर अंदर डाला, "ओह हाँ, तुम्हें हॉस्पिटल से डिस्चार्ज के बाद यूनिवर्सिटी ज्वाइन करनी होगी. गवर्नमेंट ने नए यूनिवर्सिटी बनायीं है ावकेनेड और मिलिट्री यूनिट्स के लिए, तुम्हें वही भेजा जा रहा है," उसने कहा जैसे वह अपने फ़ोन में कोई ईमेल पढ़ रही हो.

फिर मुस्कुराते हुए बोली, "उनका कहना है के यूनिवर्सिटी में आराम से रहो, वह तुम्हारी ट्रेनिंग में मदद करेंगे. मिलिट्री के काम के बदले यह उनका इनाम है. और हाँ, में तुम्हारा फ़ोन भी लायी हूँ."

उसने फ़ोन सिकंदर को दिया, हाथ हिला कर कहा, "चलती हूँ, bye! रात को वापस आउंगी," और चली गयी.

सिकंदर थोड़ा हैरान रह गया.

"में? यूनिवर्सिटी जॉन? पता नहीं क्यों लेकिन में एक्ससिटेड हूँ," उसने सोचा और मुस्करा दिया.

फिर उसने अपना फ़ोन चेक kiya—bilkul उसी तरह जैसे आम लड़के चेक करते हैं. मिलिट्री में भी वह छुप कर फ़ोन चला लेता था.

उसके फ़ोन पर तीन नोटिफिकेशन्स थे:

एक उसकी बचपन की दोस्त लौरा फ्रॉस्टबृंद से.

एक उसके पलटन लीडर का मैसेज.

और एक एडवर्ड का.

सबसे पहले उसने लौरा का मैसेज खोला.

"सुना है तुम ज़िंदा हो. ाचा है."

सिर्फ इतना सा मैसेज था. ठंडा, be-taalluq. सिकंदर का दिल थोड़ा टूट गया.

वह तो बचपन से hi लौरा को पसंद करता था. जब उसके वालिदैन मरे, तोह लौरा hi थी जो उसके पास थी.

लेकिन जैसे जैसे लौरा बड़ी होती गयी, वह दूर होती गयी. आज तक सिकंदर नहीं समझ पाया के क्यों.

उसने सोचा था के लौरा काम आज काम उससे मिलने आएगी, लेकिन ज़िन्दगी ने उसका भरम तोड़ दिया. सिर्फ एक छोटा सा टेक्स्ट मिला.

सिकंदर ने उदासी से अगला मैसेज khola—platoon लीडर का. जैसे के हमेशा होता था, उसने फखर से लिखा के वह उसकी हिम्मत पर नाज़ करता है.

"वह बुहत अचे लोगों में से एक था," सिकंदर ने मुस्करा कर सोचा.

और आखरी मैसेज एडवर्ड का था जो के पांच दिन पुराण था. एडवर्ड ने लिखा था के वह उससे मिलने आ रहा है. शायद वह मिल कर चला भी गया था.

फिर सिकंदर ने गेम के बारे में सोचा.

"नोटिफिकेशन", उसने सोचा, और फ़ौरन एक होलोग्राम स्क्रीन सामने आ गया.

वह स्क्रीन में कोई "हेल्प" बटन ढूंढने लगा, लेकिन सिर्फ कुछ ओप्तिओंस hi नज़र आये:

<नोटिफिकेशन>, <स्टेट>, <स्किल>, <इन्वेंटरी>, और <शॉप>.

फ़्रस्ट्रेशन में उलझ कर, सिकंदर ने स्क्रीन बंद करने का सोचा hi था के अचानक एक नोटिफिकेशन नज़र आयी:

<वेलकम होस्ट, यू हैवे ग्रैनेड थे इन्विंसिबल Full-Moon सिस्टम>

सिकंदर को पूरा यक़ीन था के ये सिर्फ कोई नए ज़माने का गेम है जो किसी ने बनाया है, मगर फिर भी तसल्ली के लिए उसने कुछ सवालात करने का फैसला किया.

‘तोह क्या मुझे तुम ने बचाया था?’, उसने क्यूरोसिटी से पुछा.

<यस>

ये देख कर सिकंदर ने फिर पुछा, ‘अगर ऐसा है तोह, क्या तुम खुदा हो? या शैतान?’

<I’m नॉट थे गॉड और थे डेविल>

सिकंदर शक भरी सोच में पद गया, और बोलै: ‘हम्म… ये तोह वही बात है जो खुदा या शैतान कहेंगे. तोह फिर तुम्हारा मक़सद क्या है?’

<माय पर्पस इस तो मेक यू स्ट्रांगर. यू विल बिकम इन्विंसिबल अंडर थे full-moon.>

‘बेशक, ये तोह एक दम शैतान वाली बात है,’ सिकंदर ने मुस्कुराते हुए सोचा.

सिर्फ मज़ाक़ में, सिकंदर ने एक और सवाल किया ताके देखे के क्या असल में ये शैतान hi है:

‘अगर ऐसा है, तोह मुझे इस क़ुदरत के बदले में क्या देना होगा?’

<योर ह्यूमैनिटी, योर लव्ड ओनेस, एंड एवरीथिंग यू हैवे>

‘बिंगो! ये तोह बिलकुल शैतान की बात है,’ सिकंदर ने हलकी सी हंसी के साथ सोचा.

लेकिन इस से पहले के वो अगला सवाल करता, एक और नोटिफिकेशन उसके सामने आयी – मगर इस दफा वह आम सी नहीं थी जैसे पहले होती थी जब वो गेम खोलता था:

<डेली क्वेस्ट>

रात के वक़्त, चांदनी की रेहमत में तीन घंटे गुज़ारो.

0/180 मिनट्स

क्वेस्ट रिवॉर्ड: 50 ऍक्स्प, एक अछि नींद

क्वेस्ट फेलियर: सनीति में 20% कमी

सिकंदर ने डेली क्वेस्ट पर नज़र डाली और सोचा: ‘लूनर की रेहमत? क्या मतलब में चाँद के नीचे तीन घंटे बैठूं? ऐसा तोह हरगिज़ नहीं होगा!’

उसने मज़ीद सोचा:

‘ये गेम कितना be-wakoofana है, कौनसा गेम प्लेयर को चाँद के नीचे बैठने को कहता है? और इस हॉस्पिटल का तोह रूफ भी नहीं है! बेहतरीन चीज़ ये है के में खिड़की से सर बहार निकलूं, लेकिन वो भी तीन घंटे तक? पागलपन है!’

जितना ज़्यादा सिकंदर इस बात को सोचता गया, उतना hi ज़्यादा गुस्सा उससे इस गेम पे आने लगा.

लेकिन क्यूरोसिटी अभी तक उसके ज़ेहन में ज़िंदा थी, खास कर Ghoul's दें वाली वाक़िये के बाद से, तोह उसने स्टैट्स तब बंद कर के स्किल्स तब खोल दिया:

---

<स्किल्स>

<नाईट सिघ्त (पैसिव – लौ)>

<क्रेअटुरे ऑफ़ थे नाईट (पैसिव – मिड)>

सिकंदर ने हाथ बढ़ाया और नाईट सिघ्त स्किल पर क्लिक किया – उसका हाथ होलोग्राम में से गुज़र गया.

‘Be-wakoof, भूल गया के ये टच स्क्रीन नहीं है,’ उसने अपने आप को डांटा.

इस दफा उसने सोच के ज़रिये स्किल को सेलेक्ट किया.

<नाईट सिघ्त>

एक low-level स्किल जो रात में बेहतर देखने की सलाहियत देता है – उपग्रडेब्ले.

‘सिंपल और क्लियर,’ सिकंदर ने सोचा और फिर दूसरी स्किल पर गया जिसका नाम उसके लिए नया था:

<क्रेअटुरे ऑफ़ थे नाईट>

एक middle-level स्किल जो रात के वक़्त होस्ट के स्टैट्स को 50% बढ़ाता है, और full-moon के वक़्त 100% – उपग्रडेब्ले.

स्किल का डिस्क्रिप्शन पढ़ने के बाद उसने सोचा:

‘यह तोह काफी इंटरेस्टिंग है… मतलब में रात को ज़्यादा ताक़तवर हो जाता हूँ? लेकिन ये कुछ ज़्यादा hi ाचा लग रहा है, इतना आसान नहीं हो सकता,’ उसने शक भरी मुस्कराहट के साथ सोचा.

सिस्टम के हवाले से डाउट अभी तक उसके ज़ेहन में था.

इसलिए सिकंदर ने सिस्टम बंद करने का सोचा ताके सो सके. हालांके उसके ज़ख्म ठीक हो चुके थे, लेकिन ऑपरेशन का असर अभी भी उसके जिस्म पर था.

आँखें बंद करते वक़्त भी, सिकंदर इस सिस्टम को रिडिक्युलॉस hi समझ रहा था.

‘जैसे के में इन सब बातों पे यक़ीन करूँगा, रात में ताक़तवर? ये तोह सिर्फ किसी सुपरनैचरल कहानी का हिस्सा लगता है,’ उसने सोचा जबकि बीएड पर आराम से लेट गया.

लेकिन जैसे hi उसने तकिये को महसूस किया, उसका चेहरा उस पर रगड़ने लगा.

‘यार ये तकिये और बीएड तोह कमाल के हैं, मिलिट्री के वह खुश्क और बदबू दार तकिये याद आ गए,’ सिकंदर ने सोचा जब उसकी पलकें भरी होने लगी और वो आहिस्ता आहिस्ता सो गया.

उसे अभी तक ये अंदाज़ा नहीं था के इस सिस्टम को नज़र अंदाज़ करने का फैसला, उसकी ज़िन्दगी का सबसे बारे पछतावा बनने वाला है...
 
Episode 05

ब्लड मून

सिकंदर सुबह उठता है तो उसके सामने एक होलोग्राम नोटिफिकेशन नज़र आता है, ये कल देखे गए डेली क्वेस्ट के बारे में होता है.

<डेली क्वेस्ट फेलियर, सनीति डिक्रीसेस बी 20%>

ये देख कर सिकंदर कंधे उचकता है और कहता है,

"जैसा में ने सोचा था, ये सिर्फ एक गेम है. मगर ये गेम कह रहा है के में half-blood हूँ? क्या मज़ाक है!"

फिर वो अपने जिस्म की तरफ देखता है और हल्का सा हिलता है.

सिकंदर अपना हाथ उठता है और कुछ मर्तबा अपने फ़िस्ट्स को बंद करता है, किसी किसम का दर्द नहीं होता, उसकी साड़ी चोटों का naam-o-nishaan नहीं होता – ये किसी mo’jze से काम नहीं.

जब उससे लगता है के उसका जिस्म पूरी तरह रिकवर हो चूका है, तो वो डीडे करता है के आज मिलिट्री हॉस्पिटल छोड़ दे.

उसका बैग बीएड के साइड में पड़ा होता है, सिकंदर उठता है, अपना प्यारा नेकलेस पहनता है और अपना सामान पैक करने लगता है.

सब कुछ तैयार होने के बाद, वो गहरी सांस लेता है और कमरे से बहार निकल जाता है.

रास्ते में वो उस नर्स से मिलता है जो कल मिला था, उसके बाद डॉक्टर उसका एक आखरी check-up करता है सिर्फ यक़ीन हासिल करने के लिए, और जब check-up मुकम्मल होता है तो सिकंदर हॉस्पिटल से निकल जाता है.

"एक बार फिर, आप की खिदमत का शुक्रिया!", नर्स हाथ हिला कर कहती है.

सिकंदर भी मुस्कुरा कर हाथ हिलाता है और फिर मुद कर चला जाता है.

जैसे hi वो हॉस्पिटल से बहार निकलता है, तप्त हुआ सूरज उसके चेहरे पर गिरता है. नै रेक्रुइट्स नज़र आते हैं जो बराबर लाइन में भाग रहे होते हैं और बार्बी सांग्स गए रहे होते हैं.

ये मंज़र उस के लिए नास्टैल्जिया से भरपूर होता है.

सिकंदर हंस पड़ता है, अपने पहले दिन का सोच कर जब वो पहली बार मिलिट्री में आया था – उसकी ज़िन्दगी का एक bhool-ne-na-wala दिन.

वो मिलिट्री बैरक्स जहाँ सिकंदर होता है, उसे “नूब बॉक्स” कहा जाता है – यहाँ जैसे जवान लड़के एक साल की सख्त ट्रेनिंग लेते हैं पहले के वो बटलेफील्ड पर सुपरनैचरल के खिलाफ लड़ सकें. एहि वो जगह थी जहाँ सिकंदर ने अपनी पहली मिलिट्री ज़िन्दगी शुरू की थी.

नए रेक्रुइट्स ठीक लगते हैं लेकिन...

सिर्फ उनकी ट्रेनिंग देख कर hi पता चलता है के हवा में टेंशन कैसे भर गया है. वो सुपरनैचरल के खिलाफ पहली लाइन में लड़ने जा रहे हैं – जो के नए लोगों के लिए बोहत hi डरावना होता है.

तब भी, जब सुपरनैचरल के लिए नफरत बोहत थी, दर तो फिर भी दिल में था.

सुपरनैचरल की लायी हुई दहशत इंसान के ज़ेहन में हमेशा के लिए असर कर जाती है, बोहत से वेटरन्स इस साइकोलॉजिकल ट्रामा से गुज़रते हैं.

नए रेक्रुइट्स को देख कर सिकंदर सोचता है:

“उम्मीद है ये तैयार होंगे... बटलेफील्ड इतना मेहरबान नहीं होता.”

नूब बॉक्स का चक्कर लगाने के बाद, सिकंदर अपना बैग कंधे पर डालता है और निकल पड़ता है – हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद अब वो आगे की ट्रेनिंग के लिए तैयार है.

उसका पहला मिशन कामयाबी से मुकम्मल हुआ था, इसलिए उसे बेहतर ट्रेनिंग के लिए रिलीज़ कर दिया गया.

कल उसकी माँ ने कहा था के अब वो एक यूनिवर्सिटी में दाखिल होगा जहाँ उसे मज़ीद तरबियत मिलेगी – मिलिट्री का अपने हीरोज के लिए शुक्रिया ऐडा करने का तरीक़ा.

जो मिशन सिकंदर ने किया था, वो एक सीक्रेट ऑपरेशन था.

मिलिट्री चाहता तो और बेहतर सोल्डिएर्स भेज सकती थी, लेकिन सिकंदर और उसके दोस्तों को चुना गया क्यूंकि वो ऊसर का हिस्सा थे.

सिर्फ चाँद hi लोग ऊसर का हिस्सा बनते हैं.

आम तोर पर ऊसर सबसे टैलेंटेड सोल्डिएर्स को चुनता है, लेकिन सिकंदर, काइल, और एडवर्ड को शुरू से hi वहां ट्रेनिंग मिली थी.

इसी वजह से वो तीनो ऊसर का हिस्सा थे – ऑपरेशन के लिए ख़ास तौर पर तैयार किये गए.

जब सिकंदर नूब बॉक्स के एग्जिट की तरफ बढ़ता है, सब उसे देख कर सेलिब्रिटी की तरह ग्रीट करते हैं – कल के सेरेमनी के बाद वो हीरो बन गया है.

कुछ तो उसे अपना रोले मॉडल भी बनाते हैं.

द्विघ्त सिटी की जंग उन कई जंगों में से एक थी जो ह्यूमैनिटी और सुपरनैचरल के दरमियान चल रही हैं. ये जंग तीन साल से चल रही थी.

द्विघ्त सिटी में हज़ारों फौजियों का क़तल हुआ – सुपरनैचरल के घोल सोल्डिएर्स के हाथों.

ये हॉल्स सुपरनैचरल के फ्रोंटलीने फिघ्टर्स हैं, और वो पीछे से पावरफुल सुपरनैचरल को मौक़ा देते हैं के वो अपनी पावर्स उसे कर सकें.

इसी वजह से वो ऑपरेशन जिसमे सिकंदर ने हिस्सा लिया, एक साल पहले प्लान किया गया था.

सिकंदर और उसके दोस्तों की वजह से hi ह्यूमैनिटी सुपरनैचरल को पीछे धकेल पायी. इसी लिए ुवो ने उनके लिए शुक्रिया का एक बारे इवेंट रखा था.

सिकंदर फिलहाल राटमवटी सिटी में रहता है.

जब से सुपरनैचरल सामने आये हैं, ह्यूमैनिटी को पीछे हटना पारा. कन्ट्रीज ने एक टेम्पररी अलायन्स बनाया जिसे एलपीड़ा अलायन्स कहते हैं – इंसानियत का आखरी मरकज़.

राटमवटी सिटी एलपीड़ा अलायन्स का एक बारे सिटी है, जहाँ सत्तर मिलियन लोग रहते हैं.

नूब बॉक्स से बहार निकल कर, सिकंदर गार्ड्स को एक हल्का सा सर हिला कर सलाम करता है, फिर एक टैक्सी बुलाता है के घर जा सके.

टैक्सी में बैठ कर उसका फ़ोन बजता है.

उसकी रॉक रिंगटोन पूरे टैक्सी में गूंजती है, वो फ़ोन देखता है – उसकी माँ का कॉल होता है.

"Hello, माँ?", सिकंदर कॉल रिसीव करता है.

उसकी माँ का आवाज़ दूसरी तरफ से आता है:

"कहाँ हो तुम? क्या तुम ठीक हो? हॉस्पिटल से ऐसे hi डिस्चार्ज हो गए?" – उनका लहजा फ़िक्र भरा होता है.

"में ठीक हूँ माँ, अभी घर जा रहा हूँ", सिकंदर हंस कर कहता है.

लम्बा अरसा हो गया था माँ के ऐसे फ़िक्र भरे अल्फ़ाज़ सुने, मिलिट्री की ज़िन्दगी ने उसका नार्मल ज़िन्दगी का वक़्त चीन लिया.

लेकिन एहि उसका रास्ता था – उसे अपने असल वालिदैन का बदला लेना है.

मरस. ग्रीन फिर सांस भर्ती हैं, मगर फिर पुरजोश आवाज़ में कहती हैं:

"ठीक है, अब तुम बचे नहीं रहे... तुम्हारी मर्ज़ी! नोकस मॉल आ जाओ, तुम्हारा डिस्चार्ज सेलिब्रेट करते हैं!"

सिकंदर एक लम्हा रुकता है, सोचता है के जाये या नहीं.

फिर वो कहता है:

"रिलैक्स करने में क्या हर्ज है? इतने दिन बाद छुट्टी मिली है."

उसने माँ को कहा के वो मॉल आ रहा है, फिर कॉल बंद कर दी.

सड़कों पर ट्रैफिक भरा होता है, कुछ करने को नहीं होता इस लिए सिकंदर अपने फ़ोन का न्यूज़ अप्प खोलता है – जहाँ एक न्यूज़ उसकी नज़र में आती है:

‘अप्प्रेसिअशन फॉर थे हीरोज ऑफ़ द्विघ्त सिटी’

ये ुवो की तरफ से मैडल ऑफ़ ऑनर देने की न्यूज़ होती है – जैसा के कल नर्स और माँ ने कहा था. ये उसके लिए शुक्रिया ऐडा करने का तरीक़ा है.

कमैंट्स सेक्शन देखते हुए, सिकंदर देखता है के लोगों ने बोहत प्यारे मेस्सगेस लिखे हैं – किसी ने दुआएं दी हैं तो किसी ने सुपरनैचरल को लानत भेजी है.

"लगता है नर्स जैसे अचे लोग अब भी हैं इस दुनिया में", सिकंदर मुस्करा के सोचता है.

थोड़ा और स्क्रॉल करते हुए उसे एक और न्यूज़ मिलती है – "ग्रैंड ओपनिंग ऑफ़ ोचीरा यूनिवर्सिटी"

ोचीरा यूनिवर्सिटी के तसवीर देख कर सिकंदर हैरान रह जाता है:

"क्या ये पागल हो गए हैं? ये यूनिवर्सिटी है या कोई किंगडम?", वो दिल hi दिल में चीखता है.

ये यूनिवर्सिटी राटमवटी सिटी के दरमियान में होती है – लेकिन तस्वीर में वो एक शानदार क़िला लगती है!

ोचीरा यूनिवर्सिटी राटमवटी सिटी के बिलकुल बीच में واقع है.

इस यूनिवर्सिटी का साइज इतना बारे है के लगता है जैसे यहां करोड़ों स्टूडेंट्स आराम से आ सकते हैं! सोचना भी हैरान कुन है के ये सिर्फ एक यूनिवर्सिटी है.

सिकंदर ने अपने दाएं तरफ देखा और उसे हैरानी हुई के यूनिवर्सिटी का ऊपर का हिस्सा यहां से भी नज़र आ रहा था,

जबकि वह इस वक़्त राटमवटी सिटी के सेक्टर 3 के ऑउटस्कर्ट्स में था, फिर भी उसे यूनिवर्सिटी का छोटा सा हिस्सा दिख रहा था — बस इसकी शिद्दत से अंदाज़ा होता है के कितनी बड़ी जगह है.

“यह तो कुछ नया है,” सिकंदर ने सोच कर सर हिलाया.

लम्बी और थका देने वाली ट्रैफिक के बाद, सिकंदर आखिरकार नोकस मॉल पोहंच गया.

उसने आस्मां की तरफ देखा तो मालूम हुआ के अँधेरा चा रहा है,

यह सफर इतना लम्बा नहीं होना चाहिए था, लेकिन ट्रैफिक ने वक़्त बर्बाद कर दिया. वह मॉल के अंदर गया ताके अपनी माँ, मरस. ग्रीन, से मॉल के हाईएस्ट फ्लोर के एक फैंसी रेस्टोरेंट में मिले.

जब सिकंदर टेबल तक पोहंचा तो देखा के मरस. ग्रीन अकेली नहीं थी.

उनके साथ तीन लोग और भी थे,

एक middle-aged आदमी जो के फॉर्मल सूट और टाई में था, उसके ग्रे बाल उसकी उम्र का पता दे रहे थे लेकिन उसका कॉंफिडेंट बॉडी पोस्चर किसी जवान आदमी का लग रहा था.

उसके साथ एक औरत थी जो दूर से hi सिकंदर को देख रही थी,

उसकी हेज़ल आँखें रौशनी में चमक रही थी, लेकिन जो चीज़ सिकंदर का सबसे ज़्यादा ध्यान खींच रही थी वह उसके पास बैठी एक खूबसूरत लड़की थी.

उन दोनों में शकल की मुशबीहाट देख कर,

सिकंदर ने अंदाज़ा लगाया के वह लड़की इन दोनों की बेटी है. उसके ब्राउन कर्ली बाल उसके कलरबोने तक लटक रहे थे, और उसकी साफ़ और नरम स्किन उसके ब्लैक गाउन को और भी खूबसूरत बना रही थी. गाउन उसकी कमर का आधा हिस्सा दिखता था जो उसकी pur-kashish शकल को और निखरता था.

‘ये लोग कौन हैं? माँ ने तो कभी नहीं बताया के वह किसी दोस्त को भी लाएंगी,’ सिकंदर ने सोचा.

तभी दूर से मरस. ग्रीन ने हाथ हिलाया, जिस पर सिकंदर ने भी हाथ हिलाया और टेबल की तरफ चला गया.

“सिकंदर, मैं इंट्रोडस करवाती हूँ, ये अकोस्टा फॅमिली है,” मरस. ग्रीन ने कहा और फिर middle-aged आदमी की तरफ देखा, “अकोस्टा फॅमिली, मिलो मेरे बेटे सिकंदर सिल्वेर्स्टर से.”

ये सुन कर वह middle-aged आदमी उठ गया.

वह हल्का झुका और हाथ बढ़ाया, “ख़ुशी हुई मिल कर, सिकंदर. मैं तुम्हारी माँ का पुराण दोस्त हूँ, मुजी रील अकोस्टा. तुम मुझे बस मुजी कह सकते हो.”

सिकंदर ने उसका हाथ दबा कर मिलाया, “ख़ुशी हुई, सर.”

“लगता है तुम एक रात में सेलिब्रिटी बन गए हो, साड़ी न्यूज़ में तुम्हारा नाम ारः है द्विघ्त सिटी के हीरो के तौर पर,” मुजी ने कहा, आँखों में घूरती नज़र के साथ.

लेकिन सिकंदर को कुछ अजीब सा महसूस हुआ,

मुजी का हाथ मिलाना कुछ ज़्यादा hi टाइट था, जैसे वह कुछ महसूस कर रहा हो. ‘यह मुझे टेस्ट कर रहा है... लेकिन क्यों?’ सिकंदर ने सोचा.

तभी, एक होलोग्राम नोटिफिकेशन मुजी के पास चमक उठा:

<मुजी रील अकोस्टा>

पावर: रैंक 4 ावकेनेड – विंड ेलेमेंटलिस्ट

मेन्टल: ??

स्ट्रेंथ: ??

अगिलिटी: ??

ेंदुराने: ??

इंटेलिजेंस: ??

सिकंदर हैरान रह गया, ‘ये क्या? सिस्टम मुझे मुजी का स्टेटस दिखारा है? या यह बस शो ऑफ करने के लिए है?’

उसने हाथ छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन...

मुजी ने हाथ ज़ोर से पकड़ रखा था, उसकी गृप और भी टाइट हो गयी.

सिकंदर उसे घर कर देख रहा था, दर्द होने लगा लेकिन वह कुछ नहीं बोलै.

फिर मुजी ने उसका हाथ छोर दिया और अपनी बीवी और बेटी की तरफ देखा,

उन दोनों की आँखों में उम्मीद थी, लेकिन मुजी ने सर हिला दिया — जैसे कुछ पसंद नहीं आया हो.

सिकंदर ने ये नोटिस किया, ‘तो ये लोग मुझे जज कर रहे थे... पर किस बेस पर?’

मुजी ने फिर कहा: “यह मेरी बीवी चिंता है, और यह मेरी बेटी रोसिए,” उसने दोनों की तरफ इशारा किया.

दोनों ने मुस्करा कर सिकंदर का सलाम लिया, और उसने भी जवाब दिया.

सब लोग टेबल पर बैठ गए, लेकिन सिकंदर ने अपनी माँ को एक क़ुएस्तिओनिंग लुक दिया.

मरस. ग्रीन ने जवाब दिया, “मुजी मेरा पुराण दोस्त है.”

“कुछ दिन पहले मुझसे पुछा के रोसिए के लिए कोई अच्छा रिश्ता हो तो मिलवाओ, तो मैंने सोचा क्यों न तुम दोनों को मिलवौ.”

सिकंदर ने अंदर hi अंदर अपना सर पकड़ लिया, ‘तो ये सब उसी का part था... मुजी ने मुझे टेस्ट किया ये जान ने के लिए के मैं ावकेनेड हूँ या नहीं. लेकिन शायद उसे ये समझ नहीं आयी के मैं सच में ावकेनेड हूँ.’

थोड़ी देर बातें करने के बाद,

मरस. ग्रीन ने सुग्गेस्ट किया, “क्यों न तुम दोनों मॉल में थोड़ा वाक करो, शायद कुछ स्पार्क हो जाए.”

“यहाँ hi बात कर लें तो बेहतर होगा...” चिंता ने कहा.

लेकिन मरस. ग्रीन ने उसकी बात काट दी, “यहाँ हम बड़े लोग बैठे हैं, वो ावक्वार्ड होगा.” और उसने सिकंदर को आँख मरी.

सिकंदर छुप कर मुस्करा दिया और फिर कहा, “रोसिए, क्या तुम मेरे साथ मॉल में चलोगी थोड़ी देर?”

रोसिए ने पेरेंट्स की तरफ देखा और फिर हाँ कह दिया.

दोनों side-by-side रेस्टोरेंट से निकल गए.

एक तरफ सिकंदर की कासुअल T-shirt और शॉर्ट्स, और दूसरी तरफ रोसिए का ग्लैमरस ब्लैक गाउन — दोनों में बोहोत कंट्रास्ट था.

रोसिए ने अपनी ड्रेस को देखा और थोड़ा परेशां नज़र आयी.

सिकंदर ने पूछा, “अगर तुम्हे कपड़े बदलने हैं तो मैं वेट कर लेता हूँ, ये गाउन शायद उनकंफर्टबले हो.”

“मैं ठीक हूँ,” रोसिए ने ठन्डे लहजे में जवाब दिया.

मॉल के अंदर थोड़ी देर चलने के बाद,

रोसिए ने देखा के सिकंदर बार बार एक hi जगह से घूम रहा है. उसने गुस्से से पूछा, “तोह... जाना कहाँ है?”

“ओह? तुम अभी तक यहाँ हो?” सिकंदर ने मज़ाक में कहा.

“तुम्हारे चेहरे से तो लग रहा था के तुम्हे पसंद नहीं आया के तुम्हे एक non-Awakened से मिलवाया गया, तो सोचा के तुम तो पहले hi चक्कर में चली जाओगी.”

“तो तुम्हें समझ आ गया?” रोसिए ने कहा.

“अच्छा है. Non-Awakened लोग किसी लायक नहीं होते. मैं खुद भी ावकेनेड हूँ, और तुम में मुझे कोई दिलचस्पी नहीं. तुम्हारा अचीवमेंट तुम्हारे लेवल के लिए काफी है.”

ये कह कर रोसिए ने अपने बाल पीछे किये और चल दी.

सिकंदर ने कंधे उचकाए जैसे उसे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, लेकिन फिर अचानक...

उसका जिस्म गरम होने लगा.

एक और नोटिफिकेशन सामने आया:

<ब्लड मून विल स्टार्ट इन तेन मिनट्स>

<चेकिंग स्टैट्स...>

<अड्डिंग मेन्टल स्टैट्स ईंटो user's सनीति>

<User's सनीति स्टैट्स इस स्टिल नॉट सुफ्फिसिएंट तो कण्ट्रोल थे ब्लड मून ब्लेसिंग>

सिकंदर घबरा गया. उसका जिस्म इतना गरम हो रहा था के उसकी सांस तेज़ होने लगी और मुँह से धुवां निकल रहा था जैसे सर्दी हो.

वह मॉल के बहार निकलने लगा ताके किसी तनहा जगह पे जा सके.

रोसिए धीमे कदम चली — उसने एक्सपेक्ट किया था के सिकंदर उसका जवाब देगा, या रुकवाएगा. लेकिन...

सिकंदर तो सीधा भाग गया था, दर्द भरी शकल के साथ.

रोसिए ने देखा के उसके जिस्म से हल्का सा वाइट स्टीम निकल रहा है.

“यह उसके साथ क्या हो रहा है...?” रोसिए ने सोचा. “शायद यह कोई आम बाँदा नहीं...”

मॉल से बहार निकल कर, सिकंदर ने आस्मां की तरफ देखा.

लाल मून चमक रहा था.

“अम्मी देखो! चाँद लाल हो गया!” एक बचा चिल्लाया.

सिकंदर ने उस बचे की तरफ देखा और अचानक उसके अंदर एक खुनी ख्वाहिश उठती है — जैसे वह उस बचे को पहाड़ डेल.

उसने अपना सर पकड़ लिया, अपने आप से लड़ने लगा.

फिर उसने अपने स्टैट्स चेक किये:

<सिकंदर सिल्वेर्स्टर>

लेवल: 1 (0/100)

रेस: Half-Blood

Full-Moon: 01:47 मिनट्स – ब्लड मून

बर्सर्क: 20%

सनीति: 27%

मेन्टल: 2

स्ट्रेंथ: 9

अगिलिटी: 7

ेंदुराने: 6

इंटेलिजेंस: 0

और निचे लिखा था:

<एवरेज ह्यूमन एडल्ट्स हैवे 5–7 पॉइंट्स फॉर एच स्टेट एक्सेप्ट फॉर इंटेलिजेंस>

सिकंदर ने अपने हाथ देखे...

उनके अंदर के बोनस हिल रहे थे, बालों ने निकलना शुरू कर दिया था.

“यह सच में हो रहा है?!” उसने सोचा.

और फिर एक और नोटिफिकेशन आयी:

<ुनाबले तो कॉन्टैन थे इफ़ेक्ट ऑफ़ थे ब्लड मून, थे यूजर इस ओवरव्हेल्मेड विथ ब्लूद्लुस्त>

<ट्रांसफॉर्मेशन विल बिगिन शॉर्टली>
 
Episode 06

ट्रांसफॉर्मेशन

सिकंदर के पीछे रोसिए उसका ta'aqub कर रही थी, उसकी आँखों में ताज्जुब था.

रोसिए ने देखा के सिकंदर के जिस्म से निकलती भाप अब सुर्ख और सफ़ेद रंग में तब्दील हो रही थी, इस वजह से उसका शक और गहरा गया के सिकंदर सिर्फ एक आम इंसान नहीं है.

लेकिन वो हैरान रह गयी जब उसने देखा के सिकंदर दीवानो की तरह भाग रहा है.

रोसिए क्यूंकि एक ावकेनेड थी, थोड़ी सी कोशिश से वो भी सिकंदर की रफ़्तार का मुक़ाबला कर सकती थी बिना मॉल के लोगों से टकराये, लेकिन सिकंदर को ये फ़िक्र hi नहीं थी के उसके रस्ते में लोग हैं.

सिकंदर की भाग दौड़ तेज़ होती गयी और वो सीधा मॉल के एग्जिट की तरफ बढ़ने लगा.

रोसिए ने देखा के जैसे hi वो मॉल से बहार निकला, उसने आस्मां की तरफ सर उठाया — इस अजीब हरकत ने उसे और भी हैरान कर दिया.

फिर अचानक, सिकंदर ज़मीन पर गिर गया.

रोसिए दिएर किये बग़ैर फ़ौरन उसकी तरफ दौड़ी और देखा के सिकंदर ज़मीन पर लेते हुए दर्द से अपने जिस्म को झपि मारे हुए है.

"हे! तुम ठीक हो?! क्या हो रहा है?!", रोसिए ने परेशानी से पुछा.

वह हालां के सिकंदर में दिलचस्पी नहीं रखती थी क्यूंकि वो ावकेनेड नहीं था, लेकिन वो उसे इस हालत में छोड़ नहीं सकती थी.

सिकंदर बोहोत दर्द में था, उसकी आवाज़ हलकी थी, "H-Help..."

"क्या कहा? मैं सुन नहीं पायी, दोबारा कहो!"

"क्या तुम बीमार हो? क्या दवाई है तुम्हारे पास? बोलो मुझसे!"

सिकंदर की आवाज़ इतनी हलकी थी के रोसिए कुछ समझ नहीं पायी, उसका स्ट्रेस बढ़ता गया.

लोगों ने भी इस मंज़र को देखना शुरू कर दिया.

एक झुण्ड इकठा हो गया और लोग इस larki-larki की झिलमिलाहट और बेचैनी का तमाशा देखने लगे. रोसिए ने दांतों को मसला और आखरी फैसला लिया के उसे वहां से ले जाना होगा.

उसने अपने पर्स से एक सफ़ेद क्रिस्टल निकला.

जैसे hi उसने क्रिस्टल को तोडा, वो चमक उठा और एक रौशनी दोनों को घेरने लगी जिससे लोग उन्हें देख नहीं पाए.

जब रौशनी गयी, तो सिकंदर और रोसिए वहां से ग़ैब हो चुके थे.

"वो कहाँ गए?", एक आदमी ने हैरानी से कहा.

एक औरत ने जवाब दिया, "वो टेलिपोर्ट हो गए हैं, ये ुवो की नयी ईजाद है — ट्रांस्फेर्राल क्रिस्टल."

"और ये चीज़ सिर्फ ावकेनेड लोग अफ़्फोर्ड कर सकते हैं", एक और ने कहा.

उदार, नोकस मॉल से दूर एक क़स्र में चमकती रौशनी के साथ वो दोनों नज़र आये.

रोसिए ने फैसला किया के वो सिकंदर को अपने घर ले आयी है, क्यूंकि हॉस्पिटल ले जाना मुश्किल था — क्रिस्टल उनके मेन्शन से लिंक्ड था.

"ायरगगह!!", अचानक सिकंदर चीख उठा.

रोसिए ने झटके से पीछे देखा, सिकंदर अभी भी दर्द में अपने आप को पकड़े हुआ था, "सिकंदर! मुझे बताओ क्या हो रहा है? मैं क्या करून?!"

लेकिन जवाब देने के बजाये, सिकंदर ने उससे दूर धक्का दिया और उसके जिस्म से हड्डी टूटने की आवाज़ आणि लगी.

क्रैक!

क्रैक!

हड्डियां टूट रही थी, और उसका जिस्म बारे होता जा रहा था. उसके नाख़ून दरिंदों जैसे तेज़ हो गए थे, दांत भी लम्बे और तेज़.

रोसिए के सामने उसका जिस्म ग़ैर इंसानी तोर पर मस्कुलर हो गया.

लेकिन रोसिए को सब से ज़्यादा घबराहट उस वक़्त हुई जब उसने देखा के उसके जिस्म पर काली काली बाल निकल रहे हैं जो धीरे धीरे फर बन गए.

रोसिए ने पीछे हटना शुरू कर दिया.

“क्या ये ावकेँ हो रहा है? लेकिन इसमें तो कोई ेलेमेंटल पावर नहीं नज़र आ रही”, रोसिए ने सोचा, लेकिन ये बिलकुल उस तरह नहीं था जैसे ावकेनेड लोग बदलते हैं.

सिकंदर का जिस्म झुकने लगा और रोसिए के अंदर खौफ की लहर दौड़ गयी.

उसने फ़ौरन अपनी ताक़त एक्टिवटे की और हरे रंग का नूर उसके जिस्म को घेरने लगा, "मुझे इसे ट्रेनिंग रूम में डालना होगा", उसने कहा.

"विंड गले!"

उसने दोनों हाथों से सिकंदर के पीठ पर ज़ोर से धमाका किया, जिससे तेज़ हवा का झोंका निकला और सिकंदर ट्रेनिंग रूम के अंदर धकेल दिया गया.

रोसिए ने फ़ौरन दरवाज़ा बंद कर दिया.

“यह किसी भी तरह से आम इंसान नहीं... एक non-Awakened मेरी बॉडी को कैसे कांपने पे मजबूर कर सकता है”, रोसिए ने सोचा.

अंदर, सिकंदर अपनी ज़िन्दगी के सब से ज़्यादा दर्दनाक लम्हे से गुज़र रहा था.

“यह मेरे साथ क्या हो रहा है?! क्या सिस्टम जिसे मैं मज़ाक समझता था असल में सच था?!”, उसने दिल hi दिल में चीखा.

उसने अपने हाथ को देखा — पूरी तरह से फर में लिपटे हुए, नाख़ून इतने लम्बे के रूलर जितने, और दरिंदों जैसे तेज़.

लेकिन फिर भी उसका ज़ेहन इंकार कर रहा था:

"यह नहीं हो सकता... मैं इंसान हूँ! मैं उन गन्दी सुपरनतुरलस में से नहीं हूँ!!"

"आह्हः!!"

उसका बदलाव अभी मुकम्मल नहीं हुआ था, हड्डियां अब भी लम्बे हो रही थी, जिस्म बढ़ता जा रहा था.

उसकी चीखें पूरे मेन्शन में दो मिनट तक गूंजती रही.

रोसिए दरवाज़े के बहार थी, उसके पैरूं में जान नहीं थी, उसके कान वह हर चीख सुन रहे थे जो उसकी रूह तक को हिला गयी.

“क्या वो सुपरनैचरल है?”, रोसिए ने अपने दिल में पुछा.

लेकिन फ़ौरन उसने इंकार किया, “नहीं, कोई भी सुपरनैचरल इंसान नहीं बन सकता. रेक्स— नहीं, सिकंदर — सुपरनैचरल नहीं हो सकता.”

लेकिन अब चीखें बंद हो चुकी थी.

हर तरफ ख़ामोशी छायी हुई थी.

रोसिए ने हिम्मत जमा की और दरवाज़े पर कान लगा दिया.

अंदर से एक हलकी घुररहत की आवाज़ सुनाई दी — लेकिन वो इंसानी आवाज़ नहीं थी.

रोसिए का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा, अंदर झाँकने का जज़्बा बढ़ गया.

“बस देखती हूँ…”

क्रीक…

दरवाज़ा हल्का सा खुलता है.

रोसिए ने आहिस्ता से अंदर झाँका, अपनी ताक़त एक्टिवटे कर के — हर इमकान के लिए तैयार.

रूम बास्केटबॉल कोर्ट जितना बारे था. किनारी पर मुख्तलिफ हथियार लगे हुए थे और आखिर में एक बारे खुला शीशा जहाँ से चांदनी अंदर आ रही थी.

रोसिए ने मुश्किल से अपना गला निगला.

रूम के बीच में एक सियाह मख्लूक़ दो पैरों पर खरा था, उसके पीछे लाल चांदनी उसके पूरे जिस्म का साया दाल रही थी.

लकड़ी के फर्श पर नाखूनों के निशाँ बने हुए थे.

रोसिए की रूह काँप गयी जब उस मख्लूक़ ने अचानक उसकी तरफ देखा.

उसके पीठ रोसिए की तरफ थी, लेकिन उसकी पीली चमकती आँखों ने उसे देख लिया था.

उसका जिस्म अब भी इंसानी शक्ल में था लेकिन नाख़ून और दांत दरिंदों जैसे थे.

और जब के सिकंदर नज़र नहीं आ रहा था, रोसिए यक़ीन से कह गयी के ये मख्लूक़ सिकंदर hi था.

उसका जिस्म पूरा वेयरवोल्फ का नहीं था — उसके मुँह में स्नोत नहीं था और वो इतना बारे भी नहीं जितना आम वेयरवोल्फ होता है.

लेकिन फिर भी, इस मख्लूक़ का दर और हैबत रोसिए के लिए काफी थी.

वेयरवोल्फ एक अज़ीम सुपरनैचरल क़ौम है.

यह उन चाँद क़ौमों में से है जो सब से ज़्यादा ताक़तवर और सुपरनैचरल दुन्या की बैकबोन मणि जाती हैं.

उनकी जानवरों जैसी शिद्दत और बेपनाह ताक़त इंसानियत के लिए दहशत बन जाती है.

और सब से बुरा वक़्त तब होता है जब रात होती है...

क्यूंकै रात में एक वेयरवोल्फ की ताक़त कई गुना बढ़ जाती है.

दिन में तो एक इलीट ावकेनेड ग्रुप भी किसी वेयरवोल्फ को मार सकता है,

मगर रात को यह बन जाता है वह खौफनाक दलदल जैसा जहाँ सिर्फ मौत होती है.

---

रोसिए ने be-ikhtiari में एक क़दम पीछे लिया जब उसकी नज़र सिकंदर से मिली.

सिकंदर ने धीरे से पीठ मोरी, लेकिन उसकी चमकती पीली आँखें रोसिए को घूर रही थी.

रोसिए का सांस रुक गया.

उसके पैरो टेल ज़मीन खिसक गयी जब उसने वह खुनी नज़र देखि जो उसके अंदर झाँक रही थी.

गर्र...

सिकंदर के मुँह से हलकी घर्राहट निकली, और उसने अपने नाख्तून दिखाए.

"सिकंदर... M-Main हूँ रोसिए... होश में आओ!" रोसिए ने कम्पटी आवाज़ में कहा,

उसके दिल में अब भी उम्मीद थी के सिकंदर का असली होश कहीं अंदर छुपा हुआ होगा.

उसने देखा था के सिकंदर अपनी माँ से प्यार करता था,

उसकी मासूमियत और फरमाबरदारी रोसिए के दिल में यह भरोसा करती थी के वह कोई दरिंदा नहीं हो सकता.

लेकिन उस वक़्त, सिकंदर अपनी होश में नहीं था.

खून की प्यास और ब्लड मून का असर उसके होश को ढूंढने नहीं दे रहा था.

उसकी आँखों में सिर्फ एक शिकार था — रोसिए.

टपक टपक कर थूक उसके मुँह से गिर रहा था.

रोसिए धीरे धीरे दरवाज़े के क़रीब जा रही थी जब अचानक...

सिकंदर की आँखों में एक झिलमिलाहट चमकी

और वह अचानक रोसिए पर झपटा!

स्लैश!

रोसिए ने हवा का झटका लगाकर एक तरफ छलांग लगायी.

सिकंदर का वार चूक गया लेकिन उसकी ताक़त से दरवाज़ा ज़ोर से बंद हो गया — और रोसिए का रास्ता बंद हो गया.

अब उसके पास सिर्फ एक रास्ता था: लड़ना.

"मैं एक रैंक 2 ावकेनेड हूँ... और यह तो एक वेयरवोल्फ है! मैं कैसे लड़ूँ?!" रोसिए के चेहरे पर पसीना था.

लेकिन फिर उसकी नज़र एक चीज़ पर जा कर रुक गयी:

"मेरी तलवार!"

वह तलवार जो सब आर्म्स से मुख्तलिफ थी — चंडी की चमक के साथ हरा निशान उसकी धार पर था.

उसी वक़्त, सिकंदर घूर कर रोसिए की तरफ दौड़ता है, मुँह खोल कर उसे काटने को.

रोसिए ने एक और छलांग लगायी और दीवार से टकरा गया सिकंदर.

रोसिए ने तुरंत स्पेल बोलै:

"बेसिक मैजिक, विंड कटर!"

व्हूश!

हवा की धार उसके हाथ से निकल कर सिकंदर की तरफ गयी.

सिकंदर ने ग़ुस्सा में अपने नाख़ून से उससे काटने की कोशिश की.

हल्का सा रोक मिला, लेकिन वह विंड कटर दो टुकड़ों में टूट गया.

रोसिए ने इस मौका का फ़ायदा उठाया और अपनी तलवार उठा ली:

"बेसिक मैजिक! विंड कटर!"

इस दफा स्पेल ज़्यादा ताक़तवर था.

सिकंदर ने रोकते वक़्त थोड़ा वक़्त लिया — और रोसिए ने फ़ौरन फासला काम कर दिया.

रोसिए ने अपना हाथ सिकंदर के पेट पर रखा और सीधा स्पेल मारा:

"विंड गले!"

बेम!

सिकंदर दीवार से टकरा गया, लेकिन कुछ hi लम्हों में वापस खरा हो गया — हलके से हिलता हुआ.

रोसिए तुरंत भागती है:

"यह hi मौका है!"

लेकिन जैसे hi वह दरवाज़े के क़रीब पोहंची...

एक ठंडी हवा उसके चेहरे से गुज़री...

सिकंदर उसके सामने आ गया — और अपना हाथ उठाया अटैक के लिए!

"यह बोहत तेज़ है! मैं इससे ब्लॉक नहीं कर सकती!"

रोसिए ने अपने हाथों को सामने कर के ब्लॉक करना चाहा, एक सब्ज़ नूर उसके गिर्द आ गया.

लेकिन...

स्लैश!

"अह्ह्ह!" रोसिए चीख उठी.

सिकंदर का वार इतना शिद्दत भरा था के रोसिए दीवार से टकरा गयी — फिर खीड कर ज़मीन पर गिर गयी.

खून उसके होंठ से निकल रहा था.

उसके दोनों हाथ खुनी थे — चार गहरी नाख़ून की लकीरें उन पर थी.

रोसिए ने कमज़ोर नज़र से सिकंदर को देखा:

"यह... बोहत ज़्यादा ताक़तवर है..."

अचानक उसकी नज़र परदे पर पड़ी.

आखरी उम्मीद के तोर पर, उसने पर्दा पकड़ा — और खिड़की बंद कर दी.

पूरा कमरा अँधेरे में डूब गया.

कहीं न कहीं रोसिए के ज़ेहन में था:

"शायद डायरेक्ट मूनलाइट उससे ताक़तवर बनता है... तो अँधेरा उससे कमज़ोर करेगा."

रोसिए ज़मीन पर गिर गयी, बिलकुल कमज़ोर.

थुड़... थुड़... थुड़...

क़दम उसकी तरफ बढ़ने लगे.

रोसिए ने मुश्किल से सर उठाया — सिकंदर सामने था, उसकी पीली आँखें चमक रही थी.

और फिर अचानक...

"यह?"

सिकंदर की आँखें हलकी सी खुली, जैसे उसकी होश का एक ज़र्रा वापस आ गया हो.

उसने रोसिए की हालत देखि — खून में लथपथ — और उसके दिल में गिल्ट भर गया:

"मैं ने यह क्या कर दिया?!"

मगर ब्लूद्लुस्त अब भी था...

उसका दूसरा रूप उससे कहता था के रोसिए को मार दे...

लेकिन...

सिकंदर ने अपनी पूरी ताक़त से खुद पर काबू पाया — और खिड़की तोड़ कर बहार छलांग लगा दी!

रोसिए का घर शहर के किनारे था, जहाँ पास में ेमहम जंगल था.

सिकंदर बिना सोचे सीधा जंगल की तरफ भाग गया.

"मैं किसी और को नुकसान नहीं पोहचा सकता."

उसके ज़ेहन में सिर्फ यह था.

ेमहम जंगल में दाखिल होते hi, एक ज़ोर दार हौलिंग सुनाई दी.

Aoooouuuuuuuuuu!!

---

जंगल के दूसरी तरफ...

Aoooouuuuuuuuuu!!

एक बरी सी लाल जिल्द वाली शैतानी मख्लूक़ एक मुर्दा हिरन का गोश्त खा रही थी.

हौल सुनते hi उसने अपना सर उठाया.

वह सिकंदर से बोहत ज़्यादा बारे था.

दो पैरों पर खरा था, उसके मुँह से दो बारे दांत बहार निकले हुए थे, और हाथ में एक दरख़्त का तना था जो उसका हथियार था.

उसकी आँखों में खून भर गया.

उसने हिरन को एक तरफ फेका — और हौलिंग की तरफ दौड़ पढ़ी.
 
Episode 07

बैटल ऑफ़ सुपरनैचरल

रात का अँधेरा पूरे जंगल पर छ गया था, झाड़ियाँ और पत्ते ठंडी हवा के साथ लेहराय रहे थे जो रात के जानवरों के लिए सुकून का सबब थी.

व्हूश!

जब भी किसी जानवर के दौड़ने की आवाज़ सुनाई देती, झाड़ियाँ और दरख़्त के तनय टूटने की सी आवाज़ करते.

इस ख़ामोशी भरी रात में, लाल रौशनी में चमकता चाँद खून का मंज़र पेश कर रहा था, जिसे देख कर आस पास के मुतातेड़ जानवर छुप गए जैसे यह किसी बुरी निशानी का पता हो.

इस वक़्त, सिकंदर की होश का आखरी हिस्सा भी खो चूका था.

वो रोसिए के मेन्शन से मुश्किल से निकला था, सिर्फ अपनी बची हुई हिम्मत से. वो बिना वजह किसी को तकलीफ देना पसंद नहीं करता, खासकर किसी औरत को जिससे उसने अभी अभी मुलाक़ात की हो.

लेकिन अब उसका हर हिस्सा गुस्से से पागल हो चूका था, खुनी चाँद उसके अंदर के ग़ुस्से को भर चूका था.

अपनी नै ताक़त और लाल धुंध से भरी नज़र के साथ, सिकंदर ेमहम जंगल में दीवानो की तरह दौड़ रहा था, उसका हर हिस्सा खून की चाहत में डूब रहा था.

सुपरनैचरल एमेर्जेंस से पहले भी,

इंसानियत इन सुपरनैचरल मख़लूक़ात के बारे में जानती थी, मगर उन्हें सिर्फ कहानियों या लोक कहानिओं का हिस्सा समझती थी.

वेरेवोल्वेस भी उन्ही मशहूर कहानियों का हिस्सा थे.

वह रात के शहंशाह होते हैं, चांदनी रात में उनकी ताक़त बढ़ जाती है. हर पुर्ज़ा उनका तब्दील हो जाता है और वो रात के सब से खतरनाक मख्लूक़ बन जाते हैं. आज भी, यह सुपरनैचरल दुन्या में एक बड़ी ताक़त हैं.

हर शख्स को इन से हमेशा होशियार रहना चाहिए.

मुओ!!

रोअरर!!

अचानक एक मूसे (बारे जंगली जानवर) ने सिकंदर को दौड़ता देखा तोह दिएर न की और चीख मार दी, लेकिन इस चीख ने सिकंदर के अंदर के खून के भूके दरिंदे को जगा दिया.

सिकंदर की आँखों में क़त्ल की चमक भर गयी.

मूसे के पैरो टेल ज़मीन काँप गयी, उसकी आँखें पहात गयी जैसे मौत को समझ गया हो. मूसे धीरे से पीछे हैट गया, जैसे खतरा महसूस कर रहा हो.

लेकिन जैसे hi उसने एक ताना तोड़ा, वो आवाज़ किसी बॉक्सिंग बेल्ल की तरह थी — शुरुआत का सिग्नल.

सिकंदर ने अपनी ताक़त भरी टांगें कॉन्ट्रैक्ट की और एक झटके के साथ आगे कूड़ा, उसके नाख़ून निकल आये थे.

मूसे ने पहली कोशिश में बचाओ किया और उलटे रुख भाग गया.

रोअरर!!

सिकंदर गुस्से से दहाड़ा, और जानवर की तरह उसके पीछे भाग पड़ा.

मूसे ने अपनी पूरी ताक़त से भागना शुरू कर दिया जैसे उसकी ज़िन्दगी का सवाल हो.

लेकिन सिकंदर ने उससे पाकर hi लिया.

चांदनी की रौशनी में उसकी ताक़त मज़ीद बढ़ चुकी थी, उसने छलांग लगायी, और मूसे के पीठ पर हाथ मार कर उससे झंकझोर दिया.

मूओ!

मूसे ने चीख मरी, उसकी आँखों से आंसू निकल आये. उसे एहसास हो गया के अब वो नहीं बचेगा.

जब किसी जानवर को शेर या बाघ पकड़ ले, तोह ज़िन्दगी की उम्मीद लगभग ख़तम हो जाती है – बिलकुल ऐसे hi.

सिकंदर ने अपने नाख़ून से मूसे का पेट पहाड़ दिया.

मूसे चीखता रहा लेकिन ज़्यादा दिएर नहीं गुज़री के उसकी गर्दन पर सिकंदर ने वार किया और उसका सर काट दिया. मूसे की आँखों से ज़िन्दगी का नूर चला गया.

खाये बगैर, सिकंदर आगे बढ़ता गया.

जो भी जानवर या मुतातेड़ क्रेअटुरे रास्ते में आया, वो सब उसकी शिकार बन गए. खून से भरी हुई राह उसके केहर की गवाही दे रही थी.

थोड़े देर बाद, सिकंदर का जनवरी इंस्टिंक्ट जग गया और उसने अपने शिकार को खाना शुरू कर दिया.

लेकिन कुछ hi देर बाद उसके अंदर का एक इंस्टिंक्ट चीख उठा — झुक जाओ!

स्वुयश!

हलकी हवा उसके सर के ऊपर से गुज़री, कोई चीज़ उसके पास से निकली और सामने के दरख़्त से टकरा गयी.

उसके पीछे एक भरी धमाका हुआ — कोई आया था!

“एक अकेला आधा वेयरवोल्फ? उग्रक तुम्हे मारेगा! उग्रक तुम्हारा लाश अपने दोस्तों को दिखायेगा!” — एक भयानक सी आवाज़ पीछे से सुनाई दी.

सिकंदर धीरे से मुद कर देखता है.

उसके सामने एक मख्लूक़ खरी थी, उसके चेहरे पर एक मज़ाक भरी मुस्कराहट थी.

वो सिकंदर से भी ज़्यादा बारे था. उसकी लाल जिल्द थी, पत्थर जैसे मसल्स थे, बारे सा पेट था, और उसकी एक आँख — सर के बराबर बारे — उसकी पूरी शक्ल को खौफनाक बना रही थी.

वो एक वाक़ई डरावनी शख्सियत थी.

उस के आने के बाद पूरी रात और ज़्यादा खामोश हो गयी.

ये था एक साईक्लोप्स!

साईक्लोप्स एक प्राणी है जो अकेला रहता है, अपनी नेसल से जुड़ा हुआ. ये दिनों में भी कहानियों का हिस्सा है — लेकिन असल में ये बोहोत ताक़तवर और मुश्किल से मारने वाले क्रीचर्स में से है.

सिकंदर की आँखों में पीली चमक भर गयी थी — वो अब तैयार था.

जब वह क्रेअटुरे सामने आया, तो सिकंदर की तेज़ आँखें पीले रंग में चमकने लगीं. उसका खून खौलता गया जैसे hi उसने इस महलुक को फख्र से गर्दन ऊंची करके खरे देखा.

अगर कोई आम शख्स इस महलुक को देखता, तो फ़ौरन डर के मारे जम्म जाता.

एक साईक्लोप्स!

साईक्लोप्स एक पुराण और क़दीम सुपरनैचरल महलुक है जो अक्सर अकेले रहते हैं, और अपनी कॉम से अलग. ये उन चाँद महलुकात में से है जो अफ़सानूं में सबसे ज़्यादा ताक़तवर समझे जाते हैं – और इन्हें मारना निहायत मुश्किल है!

मगर ख़ुशक़िस्मती से, सिकंदर के सामने जो साईक्लोप्स खरा था वह अभी अपने बचपन के डोर में था.

इसके जवान होने की एक खास निशानी इसका छोटा क़द था – जबकि साईक्लोप्स आम तोर पर रक्षतों जैसा बारे होता है, ये साईक्लोप्स तो मुश्किल से सिकंदर से ज़्यादा बारे था.

बिला किसी डर के, सिकंदर की पीली आँखें सीधा उग्रक की एक आँख में घूरती हैं.

ये एक इंटेंस स्टारडौं था – दोनों के सांस रुके हुए, एक दोसराय को तोलते हुए, मगर दोनों अभी पहला वॉर करने में हिचकिचा रहे थे.

एक वेयरवोल्फ, सब से ऊँचा रुतबा रखने वाला सुपरनैचरल महलुक, मुक़ाबला कर रहा था साईक्लोप्स से – जो सब से बरबरीक और जंगली सुपरनैचरल समझा जाता है. अगर ये लड़ाई दुनिया को पता चलती, तो हर कोई देखने भागता.

आज तक सब से ताक़तवर ावकेनेड भी शायद इस तरह का मुक़ाबला न देखा होता.

सिकंदर का जिस्म एकदम से तन गया. उसकी तमाम हिस्सियत इन्तेहाई हद तक बढ़ गयीं.

स्टारडौं से उसका खून और भी ज़्यादा उबाल गया. वह छिलेंग लगते हुए ज़ोर से चीखता है:

ाऊऊऊऊ!!!

बर्सर्क स्टेट में चले जाने के बाद, सिकंदर सीधा उग्रक की तरफ झपट पड़ा.

उग्रक ने भी बिना किसी डर के मज़ाकिया अंदाज़ में मुस्करा कर कहा,

"उग्रक ताक़तवर! वेयरवोल्फ मुर्दा!"

वह भी भागता हुआ सिकंदर की तरफ आया और दोनों ने एक दोसराय के हाथ मज़बूती से पाकर लिए.

बेम!

अब दोनों एक दोसराय से सिर्फ ब्रूते स्ट्रेंथ के ज़रिये टकरा रहे थे. देखना था के कौन ज़्यादा जंगली और जानवर है.

लगता था दोनों की ताक़त बराबर है.

दोनों एक जगह झगड़े हुए खरे थे, मगर दोनों के चेहरों पर मुस्कराहट थी.

तभी सिकंदर ने छलकंग लगायी, हाथ छोड़े बिना, और अपने पाऊँ उग्रक के सीने पर रख के ज़ोर से किक मारी.

इस से उग्रक ने लॉक छोर दिया और पीछे चला गया.

उसकी मोती चमड़ी ने सिकंदर के क्लॉस के नुकसान को रोका, लेकिन उग्रक ने देखा के सिकंदर चारों हाथ पाऊँ पर घुमा रहा है, उसकी आँखें उसका कमज़ोर नुक्ता ढूंढने में लगी हुई हैं.

जब उग्रक को लगा के वह शिकार बन गया है, तो वह ग़ुस्से से डहर उठता है:

"ग्रह!"

उसका रोर एक इंटिमीडेशन का सिग्नल था, बिलकुल एक गोरिल्ला की तरह. अगर सिकंदर होश में होता तो शायद दर जाता, लेकिन ब्लड मून के असर में आकर वह भी डहर उठता है:

रोअरर!!

ये दोनों के दरमियान एक डोमिनके का सौदों था.

गुस्से में आकर, उग्रक ने दोनों हाथ ऊपर उठाये. उसके बाज़ुओं पर रगों का जाल उभर आया.

> <थे एनिमी इस एक्टिवेटिंग इतस स्किल!>

<ानलीजिंग थे Enemy's स्किल...>

नोटिफिकेशन के फ़ौरन बाद, उग्रक ने ज़मीन पर ज़ोर से हाथ पटख दिए:

बूम!

ज़मीन दरख़्त गयी और 10 मीटर तक क्रैक्स फैल गयी.

सिकंदर के पाऊँ इन दरारों में फँस गए.

वह निकलने की कोशिश करता रहा, मगर कोई फ़ायदा नहीं.

उग्रक की आँख चमकती है, वह फ़ौरन दौरता हुआ सिकंदर की तरफ आया और फिर हाथ ऊपर उठाये.

सिकंदर ने हाथ उठाये टकराने के लिए.

बेम!!

टकराव से हवा में झटका फैला, लेकिन सिकंदर ने गिरने से इंकार कर दिया.

लेकिन इस दफा उग्रक ने एक चकमा दे कर सिकंदर के जिस्म पर ज़ोर का पंच मारा.

ज़ोर से लगा और सिकंदर को दूर तक उछाल दिया गया.

रोर!!

वह चीखता हुआ कई दरख्तों से टकराता गया.

> <स्किल एनालिसिस कम्पलीट!>

<चेकिंग User's स्ट्रेंथ स्टैट्स...>

<कम्पेटिबल!>

<स्किल लीर्नेद: ग्राउंड स्प्लिंटर>

टूटे हुए दरख्तों के नीचे से, सिकंदर धीरे धीरे उठता है.

उसका जिस्म खून से लटपट था, मगर ब्लड मून के असर से उसके ज़ख्म तेज़ रफ़्तार से भर रहे थे – सफ़ेद भाप ज़ख्मों से निकल रही थी.

गुस्से से भर गया, उसकी आँखों से खून की प्यास चमक रही थी.

उग्रक हंस के कहता है:

"तू कमज़ोर है! उग्रक ज़्यादा ताक़तवर!"

लेकिन सिकंदर भी छलक उठा, उसने भी उग्रक की तरह हाथ ऊपर उठाये और ज़मीन पर पंच मारा.

ज़मीन में क्रैक्स आये – मगर इस दफा सिर्फ 6 मीटर तक.

सिकंदर ने छलकंग लगायी – एक साया की तरह.

अपने क्लॉस कास के, उसने उग्रक के चेहरे पर स्लैश किया.

उग्रक के चेहरे से खून बहने लगा.

पहले कहले संभाले, सिकंदर ने उसके पेट पर ज़ोर का मुक्का मारा.

उग्रक चिल्ला उठा और पीछे गिरा.

सिकंदर अभी भी खड़ा था – मुस्कुराता हुआ.

उग्रक ने अपना क्लब उठाया, आँखों में खुनी जज़्बा था.

उसने क्लब से ज़ोर का स्विंग मारा, लेकिन सिकंदर ने बच के हर बार क्लॉस से जवाब दिया.

लेकिन धीरे धीरे, उग्रक की चमड़ी भी फटने लगी.

अब उग्रक थक गया था – उसकी सांसें भारी थी.

आखिर में एक चकमा मार कर उसने सिकंदर को क्लब से ज़ोरदार स्ट्राइक मारा.

बेम!

सिकंदर ने खून थूका और फिर से हवा में ुरता गया.

लेकिन तभी...

"ये शोर किस चीज़ का है इतनी रात में?"

"वहां से आवाज़ आ रही है, चलो देखते हैं!"

झाड़ियों से पांच लोग निकले – नीला चोग़ा, काले ुंदेरशिरत और बाए सीने पर कला शेर का निशाँ.

"क्या?! ये तो साईक्लोप्स है!" एक शख्स चीखा.

"कहा तो गया था के ेमहम फारेस्ट क्लियर हो चूका है?!"

"अफ़सानो के मुताबिक़ चाँद hi साईक्लोप्स ज़िंदा बचे हैं..."

"मगर देखो, ये छोटा है – शायद अभी टोडलर है"

चार लोग एक गंजे आदमी की तरफ देखते हैं, जिसके सीने पर चंडी का बैज है – चार मार्क के साथ.

लगता था वह इनका लीडर है.

"हमें एहतियात करनी होगी, चाहे ये जवान है, फिर भी ये चाँद fourth-rank ावकेनेड से लड़ सकता है. अगर ज़्यादा मुश्किल हुआ तो हम वापस रिपोर्ट करेंगे."

सब ने अपनी ताक़तें जगा दी – लाल, नीला, सब एलिमेंट निकल आये.

उग्रक ने यह देखा और गुस्से में दौर गया.

"पकरो इससे!" गांजा आदमी चिल्लाया.

वह सब दौरते हुए पीछे चले गए.

लेकिन उन्हें ये नहीं पता था के वहां पास hi एक aadha-Werewolf – सिकंदर – बेहोश पड़ा था...
 
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