Dil-Dimag aur Sajish - Page 10 - SexBaba
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Dil-Dimag aur Sajish

अपडेट NO 74

Mla:-dekh यार वह चालक लोमड़ी है कुछ भी उसके दिमाग में चल सकता है हम्मे अपने बदन तक को हाथ लगाने से मन कर दिया था कुछ दिन पहले... ऐसा कहना उसका प्लान हो सकता है तू नज़र रख और मौका मिले तोह बात करने की खोसिस कर उस से तू

Raychand:-jada उसने फड़के की खोसिस की ना तोह जान से मरने में मुझे वक़्त नहीं लगे गए

Mla:-aisa कुछ करने की जरूरत नहीं पड़े गयी मैं जनता हु अपनी बेटी को वह कभी मुझे धोखा नहीं देगी यह उसका प्लान है तू उस से बात कर पहले

Raychhand:-teek है मैं बात करने की कोसिस करता हु तू भी उस से खोसिस कर कुछ पता लगे तोह

उसके बाद रायचंद कॉल कट कर देता है और सोचने लगता है आखिर क्या वजह है यह सब झूट कहने की कनिका डरा उससे कुछ समझ नहीं आ रहा था तोह वह बात कर के hi जानने का फैसला करता है

अब आगे......... ....

साम को राज अपनी बुआ के साथ हॉस्पिटल के लिए निकल पड़ा था बाकि सब भी आने वाले थे पर राज ने बोलै वह कल आ जाये गए इस लिए आज जाकर क्या फ़ायदा कल मिल लेना बार बार हॉस्पिटल जाना ाचा नहीं होता

राज और बुआ दोनों जा रहे थे दोनों में अभी ख़ामोशी थी जिसे दोनों तोडना तोह चाहते थे पर तोड़ नहीं पा रहे थे आखिर कर राज hi इससे तोड़ने की पहल करता है

Raj:-bua पापा आपसे बहुत प्यार करते है

Kavya:-haa बीटा बहुत ज्यादा प्यार करते है तुम्हरे पापा पर हमरे प्यार को पता नहीं किसकी नज़र लगी के इतने साल हम्मे दूर रहना पड़ा

Raj:-aisi क्या वजह थी पापा

Kavya:-bas मेरी hi ज़िंदगी से जुडी कुछ कड़वी बाते थी राज जिसे तुम्हरे पापा बर्दास्त नहीं कर पाए कर तोह मैं भी नहीं पायी थी पर बस, मुझे भैया के सीने पर एक बार फिर सर रख सोना था इस लिए हार दिन ज़हर पी भी ज़िंदा रहती थी

Raj:-apne बहुत दुःख देखे है बुआ पर अब और नहीं मैं अब सब ठीक कर दुगा

Kavya;-Raj मेरा एक काम करे गए

Raj:-aap बस हुकम करो बुआ मैं आपकी बात हर हल में पूरी करो गए

Kavya:-mere बाद अगर मैं ना राहु तोह मेरी बेटी का ख्याल तू रखे गए बीटा

Raj:-woh मेरी बहिन है बुआ यह मेरा फ़र्ज़ है अप्प ना भी कहती तोह भी मैं उसका ख्याल रखता

Kavya:-bas यही सुन्ना था बीटा मुझे बीटा उससे अपने पास रखना उससे एकला कभी मेरे पति के घर मात जाने देना

Raj:-bua मैंने कल पापा को भी देखा था फूफा पर गुस्सा होते आप भी उस से गुस्सा है ऐसा लग रहा है फिर.....

Kavya:-(bich में रोक) गुस्सा नहीं हु राज उस इंसान से बस नफरत है नफरत... घिन्न आती है अपने hi बदन से के उसने मेरे बदन को बुआ है दिल करता है अपने हर हिसे को जला दू जिस पर उसके हाथ लगे है

काव्य बुआ की बात सुन्न राज एक दम से ब्रेक लगा देता है इतनी नफरत वह भी अपने पति से क्यों आखिर क्यों थी इतनी नफरत फिर अगर नफरत थी तोह उनसे शादी क्यों की जबकि लगता है इनकी शादी मर्जी से नहीं की है

Kavya:-kya हुआ बाइक क्यों रोका

Raj:-hospital आ गया बुआ चलिए

उसके बाद राज कुछ न कुछ सोचते हुए अंदर आ जाता है अपने पापा से मिलता है काव्य और उसके पापा आपस में बात करने लगते है वह उनकी बाते सुनता है और साथ देता है थोड़ी देर रुकने के बाद राज डॉक्टर से मिलता है जिन्होंने ने उन्हें घर लेकर जाने की इजाजत आज hi दे देते है केयर के साथ रखने का कह साथ hi एक नर्स भी देते है राज भी खुश होता है और जल्द से अपने पापा को ख़ुशी बाटने जाता है के वह सीसे से कुछ देख वह बहार hi रुक जाता है

उससे आखो पर विस्वास नहीं हो रहा था पर जो हो रहा था उसके लिए अजीब तोह नहीं था पर हैरान करने वाला जरूर था

राज गेट पर लगे सीसे से अंदर देख रहा था अंदर उसकी बुआ उसके पापा पर हलकी जोकि हुयी थी और हलके से राज के पापा के होठो को चुम रही थी पर ज्यादा देर नहीं कर पति क्योकि राज के पापा खुद उससे दूर कर देते है

राज देखता है दोनों के आखो में ासु होते है काव्य कुछ बोलती भी है पर वरिंदर उससे चुप करा के खुद से दूर कर देता है

राज को कुछ समझ नहीं आता पर इतना तोह समझ गया के इनके बिच कुछ तोह था जो उससे जाना जरुरी है

राज जब देखता है दोनों दूर है तोह वह थोड़ा पीछे हो डरा आता है जैसे वह अभी आया हो और दूर खोल अंदर आ जाता है

Raj:-papa और बुआ खुशखबरी है आपको लीव मिल गयी है बस नर्स भी हमरे साथ जाएगी आपकी देखभाल के लिए मैंने घर फ़ोन कर दिया है हरिया अंकल कार लाते hi होंगे फिर घर चले गए

Varinder:-haa यह ाचा किया वह ज्यादा ाचा फील करो गए बीटा

Raj:-teek है पापा आप रेस्ट करिये मैं बुआ के साथ बहार घूम आता हु

Varinder:-jaa बीटा घूम आ

उसके बाद राज काव्य को लेकर हॉस्पिटल के पार्क में आ जाता है

Raj:-bua आप पापा को किस नज़र से देखती है

राज की बात को सुन्न काव्य घबरा जाती है पर राज के चेहरे को देख थोड़ी नार्मल हो जाती है

Kavya:-bhagwan के रूप में जिसे आप पूजा कर सकते हो पर अपने पास नहीं रख सकते

Raj:-apki बाते अजीब होती है पर दिलचस्प होती है वैसे आपको मुझसे मिल कर ख़ुशी हुयी

Kavya:-bahut ज्यादा बीटा मैं तोह तुझे गोद में खिला ना सकीय इसका अफ़सोस करती हो अंचल भाभी कैसे इस घर की बहु बानी सब जानते थे पर उन्होंने ने अपने प्यार से सब का दिल जीत लिया था मैंने देखा है पर कुछ कर नहीं सकते ना कैसे वक़्त बदला कैसे हालत यहाँ तक के मैं तुझे दुनिया में आते हुए भी नहीं देख सकीय बस इतना जानती थी तू होने वाला है जिस से मैं बहुत खुश थी

Raj:-kya बुआ अब आप मेरे बचे को हमेसा अपनी गोद में खिलना

Kavya:-haa बाट्या भाभी ने संजना और गीता के बारे में दोनों लड़किया एक से बढ़ कर एक है पर दो दो क्यों

Raj:-bua दिल hi तोह है एक को दे दिया जाये या 10 को दे दिया जाये बस प्यार होना चाहिए

Kavya:-kash हर कोई यह बात समझ पता

Raj:-apko कैसी लगी आपकी बहु

Kavya:-dono समझदार है इस घर को आगे लेकर जा सकती है संजना जहा अंतर्मुखी लगी वही गीता से सबर नहीं होने वाला लगा पर दोनों बहुत प्यार करती है

Raj:-haa बुआ अपने सही समझा चलिए अब पापा को लेकर चलते देखिये हरिया आ गया

राज ने देखा हरी कार ले आया है तोह वह बुआ के साथ उनके पास आ गया डॉक्टर ने भी वरिंदर को कार में ठीक से बैठा दिया नर्स और बुआ साथ बैठ गए राज ने उन्हें जाने के लिए कहा और खुद निकल गया अपनी बाइक से घर की तरफ जहा सब वरिंदर के घर आने का इंतज़ार कर रहे थे

******************

कनिका को राज ने एक रूम दे दिया था साथ अपनी सबसे खास जासूस रश्मि को उसके ध्यान रखने को कह दिया था क्योकि वह अपने सुभाव से सबसे असनी से मिल जाने वाली थी पर जैसे hi रश्मि अपने रूम में रेस्ट करने गयी कनिका को छोड़ उसी वक़्त रायचंद मौका देख कनिका के रूम में आ गया और दरवाजा लगा दिया

Raychand:-tum यहाँ क्या कर रही हो जबकि तेरे बाप को भी कुछ नहीं पता तू यहाँ क्यों आयी है

Kanika:-sale भड़वे यहाँ से निकल अगर छूट के चाकर में आया है तोह और यहाँ मेरा अपना खुद का काम है तोह किसी को बात कर आने की जरूरत नहीं है

Raychand:-meri की लोदी मुझसे ऐसे बात करती है

रायचंद गुस्से में आ कनिका के बाल पकड़ के खींच देता है

Kanika:-ooooo माआआआ टेरिइइइ माआ की छुटत सेल छोड़ मेरे बाल मादरचोद छोड़

रायचंद कनिका छोड़ एक झापड़ जड़ देता है

Raychand:-sali कुटिया तू मुझे गली देगी तेरा तोह वह हज़ार करो गए के याद रखे गयी रंडी की औलाद रंडी

रायचंद फिर एक के बाद एक दो थपड जड़ देता है थपड इतने जोर से थे के कनिका के होठो से खून निकलने लगता है उसके आखो में ासु के साथ गुस्सा और नफरत भर जाती है

Raychand:-aisi क्या देख रही है साली कुटिया सुबह होते यहाँ से निकल जाना नहीं मेरी माँ छोड़ दुगा समझी बहनचाद झट्ट के बाल ठीक से निकले नहीं और मुझसे उलझने चली थी

रायचंद कनिका के मुँह से लाहु निकल उससे गालिया सुन्ना कर वह से चला जाता है वही अपने आखो में ासु और गुस्सा लिया अपने मुँह में जमा खून और थूक कनिका फेक देती है

Kanika:-madarchhhod मुझसे मारा तूने ना मुझे बोलै मेरे झात के बाल नहीं निकले देख इस झट के निचे जो छूट है ना वह कैसे तुझे यहाँ से निकलवाती है कल तू कैसे यहाँ से बहार होगा यह तू छोड़ लेना मर्दरछोड

कनिका आग बबूला हुयी थी वह बार बार अपने दिमाग को ठंडा कर रही थी जो नहीं हो रहा था जब उस से बर्दास्त नहीं हुआ तोह वह अपने कपडे खोल बाथरूम चली जाती है और नाहने लगती है
 
अपडेट NO. 75

Raychand:-aisi क्या देख रही है साली कुटिया सुबह होते यहाँ से निकल जाना नहीं मेरी माँ छोड़ दुगा समझी बहनचाद झट्ट के बाल ठीक से निकले नहीं और मुझसे उलझने चली थी

रायचंद कनिका के मुँह से लाहु निकल उससे गालिया सुन्ना कर वह से चला जाता है वही अपने आखो में ासु और गुस्सा लिया अपने मुँह में जमा खून और थूक कनिका फेक देती है

Kanika:-madarchhhod मुझसे मारा तूने ना मुझे बोलै मेरे झात के बाल नहीं निकले देख इस झट के निचे जो छूट है ना वह कैसे तुझे यहाँ से निकलवाती है कल तू कैसे यहाँ से बहार होगा यह तू छोड़ लेना मर्दरछोड

कनिका आग बबूला हुयी थी वह बार बार अपने दिमाग को ठंडा कर रही थी जो नहीं हो रहा था जब उस से बर्दास्त नहीं हुआ तोह वह अपने कपडे खोल बाथरूम चली जाती है और नाहने लगती है

अब आगे...............

घर पर वरिंदर आ गया था सब उन्हें घेर कर खड़े होते है के सभी उनका हाल समाचार लेते है धीरे धीरे उस रूम में से मेले की बात सुरु हो जाती है जिसके लिए वह सब आये थे

Hari:-malik कल आपको जांदा लगाने जाना है ताकि मेले और खेल का मुकाबला सुरु किया जाये

हरी राज से कहता है

Raj:-par पापा.....

Varinder:-main ठीक हु बीटा कल जाना तोह पड़े गए और आखिर हम आये भी इस लिए hi थे ना

Kavya:-matlb मुझे छोड़ कर फिर जाइये गए

Varinder:-jana तोह पड़े गए ना वह सब काम है

काव्य के आखो में हलके ासु आ जाते है

Araadhya:-mamu यही रह जाइये ना वार्ना हमें भी साथ लेकर चलिए ताकि हम भी एन्जॉय कर सके यहाँ कितना मजा आ रहा था सभी के साथ और आप हो के मैं आपसे बात नहीं करो गयी और अभी तोह मैंने भाई से बात भी नहीं की

Arjun:-tujhe तोह अब मैं साथ hi लेके जाओ गए मेरी नकचढ़ी गुड़िया

Araadhya:-yeh बड़े मामू को कहिये

Diya:-Tu दोनों हमरे साथ जाओ गए कुछ दिन वह रहना फिर आ जाना

Raychand:-haa हां क्यों नहीं मैं भी चलो गए

इस बात पर कोई कुछ नहीं बोलता जैसे कोई भी इससे लेकर जाना नहीं चाहता था

Raj:-papa मेले मई सुरक्षा का क्या होगा

Arjun:-oh जाये गए बीटा सब मस्ती से एन्जॉय कर पाए गए और फिर किसी की इतनी हिम्मत नहीं के वरिंदर और अर्जुन के होते उनके बचो को छू भी जाये आज भी गोअन हमरे नाम से डरता है बीटा

Chachi;-aap भी कुछ ज्यादा hi बोल जाते हो

Hari:-malik सुरक्षा का पूरा इंतज़ाम है आप चिंता ना करिये

Raj:-acha ठीक है तोह कल चलते है अब तोह सोने चले तभी एन्जॉय कर पाए गए

Rashmi:-bhaiya आप मेरे साथ रोये गए

Radha;-aap मेरे साथ सोये गए

Naina:-nhi मेरे साथ

गीता और संजना का दिल था पर वह दोनों कह नहीं सकते थे मेरे साथ सोइये वही आराध्य का दिल था पर वह राज से बात भी नहीं की थी पर आखिर में जिसने यह कहा उससे देख राज भी हैरान हो गया

Niharika:-nhi राज आज मेरे साथ रोये गए मुझे कुछ बात करनी है इम्पोर्टेन्ट और इस पर फाइनल करते है तोह चलो राज सोने

राज तोह मुँह खोले निहारिका को देख रहे थे वही सभी मैं में अफ़सोस कर रहे थे उनका नंबर क्यों नहीं आया राज भी चुप चाप सब को गुड नाईट बोल के चले जाता बाकि सब भी अपने अपने रूम में चले जाते है

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राज और निहारिका जब रूम में आये निहारिका दूर लगा देती है

Niharika:-tum बीएड पर बैठो मैं आ रही हो थोड़ा फ्रेश होकर और कपडे चेंज कर के

Raj:-ji दीदी

राज समझ नहीं आ रहा था आज निहारिका ने उससे यहाँ क्यों बुला लिया क्योकि आज उसका दिल था रश्मि से प्यार करने का या संजना गीता से पर अब कुछ नहीं हो सकता था वह मैं मार के बीएड पर लेट जाता है उसके दिमाग में फिर काव्य और अपने पापा के वह ांचक हुए किश की बात याद आ जाती है पर फिर खुद झटक देता है

तभी बाथरूम का दूर ओपन होता है और जैसे hi राज उधर देखता है उसके तोह होश hi उड़द जाते है एक बेहद सेक्सी ब्लू कलर की निघ्त्य में निहारिका बहार आ रही थी बाल हलके गीले थे जैसे नाहा कर आ रही थी रूम में अलग स खुशबु फ़ैल रही थी

राज बस एक तक निहारिका को देख रही था उसका आधा मुँह खुला हुआ था निहारिका ने जो निघ्त्य पहनी थी वह स्लाविलास थी साथ hi साथ घुटनो तक थी

निघ्त्य में निहारिका का रूप जोबन एक दम निखार रहा था जैसे आज अपने नाम को साबित करने की तन्न ली थी निहारिका ने वह इत्र कर सीसे आगे जा हलके बाल सही करती है फिर वापस आ जाती है राज के पास और बीएड पर लेट जाती है राज के बराबर राज अभी भी उससे hi देख रहा था

Nihaarika:-aise क्या देख रहा है तेरे पास तोह तीन तीन गर्लफ्रेंड है ना और एक तोह कभी भी सेक्स करने वाली लड़की है ना

Raj:-par सब आपके जैसी नहीं है ना दीदी आप कितनी सूंदर हो और इस निघ्त्य में कितनी हॉट लग रही हो

निहारिका राज की बात सुन्न मुस्कुरा देती है

Niharika:-acha मैं तुझे हॉट लग रही हो

Raj:-ho तोह लगो गयी ना दीदी

Niharika:-toh अब क्या

Raj:-kya....

Niharika:-dekho राज मैं घुमा फिर के बात नहीं करना चाहती मैं कुछ दिनों से अजीब से उलझन में हु समझ नहीं आ रहा क्या फैसला लू तुम्हरे और रश्मि के रिलेशनशिप और ऊपर से दो दो गफ ने मेरा दिमाग ख़राब कर दिया मेरा भी दिल करता है बर्फ रखने का पर मैं यह नहीं कर सकती बहार पर मैं इससे महसूस करना चाहती हो

Raj:-toh.....

Niharika:-toh रश्मि की तरह तुम.....

राज जैसे समझ तोह पहले hi गया था जब निहारिका ने आधी बात कही राज फाटक से निहारिका के ऊपर आया और अपने होठो को निहारिका के मुलायम होठो पर रख दिया निहारिका सायद इसका hi इंतज़ार कर रही थी वह भी इस पहल का भरपूर साथ देती है और राज के ऊपर वाले होठो को चूसने लगती है

राज निचे वाले होठो को चूस रहा था तोह निहारिका ऊपर वाले होठो को दोनों एक दूसरे होठो को बड़े जोश से चूस रहे थे जैसे बहुत जन्मो से प्यासे हो

थोड़ी देर में राज निहारिका के जीभ को अपने मुँह ले चूसने लगता है तोह निहारिका भी राज के जीभ को ढूंढ़ने लगती है अब जैसे जुंग hi हो गयी थी कभी राज तोह कभी निहारिका दोनों एक दूसरे के होठो को चूस रहे थे

फाइनली दोनों सास लेने में जब दिकत होती है तोह दोनों किस को तोड़ देते है और दोनों एक दूसरे के आखो में देख जोर जोर से सास लेने लगते है पर राज निहारिका से जल्दी नार्मल हो उसके गर्दन को चुम्मे लगता है अपने दोनों हाथो को निहारिका के बदन पर रेंगने लगता है निहारिका भी फूल मस्ती में हलकी हलकी सिसकारियां लेने लगती है साथ राज के बालो को सहलाने लगती है

Niharika;-aaaaahhh उफ्फ्फ्फ़ राज आराम से करो ना क्यों काट रहे हो निशान पड़ जाये गए कल दिकत होगी आआआ हां ऐसे hi चुसो चूमो उफ्फ्फ्फ़ तुम पहले क्यों नहीं मिले राज

Niharika:-maaaainnnn इस्सस प्याररर को बहुत तदपि हो राज आज दूर कर दो इससे आह्हः और जोर से चुसो

राज अपने हाथो को निहारिका के मुलायम आनर के पास लेकर जाता है तोह निहारिका और जोर से सिसक जाती है पर राज को रोकती नहीं है राज भी जैसे थोड़ा आगे बढ़ना चाहता था राज निहारिका की गर्दन को छोड़ देता है जो छोड़ना नहीं चाहता था पर अगले hi पल निहारिका के निघ्त्य को पकड़ ऊपर करने लगता है

Niharika:-kyaa आज hi...

Raj:-nhi बस आज ऊपर ऊपर से प्यार करो गए आपको ऐसा प्यार करो गए के आप मुझे कल को सब कुछ करने खुद कहे गयी

Niharika:-teek है पर प्यार से और गर्दन के ऊपर नहीं वह निशान पड़ जाये गए

Raj:-teek है

राज निहारिका के निघ्त्य को पकड़ निकल देता है जिस के अंदर ब्रा भी निहारिका ने नहीं डाली थी उसके 34 के बूब्स हवा में झूल जाते है

निहारिका इस वक़्त सिर्फ पंतय में थी और उसका दूधिया बदन राज के आखो के सामने बेपर्दा था राज प्यार से निहारिका को लिटा देता है और माथे को चुम लेता है

Raj:-yeh मेरी हवस नहीं प्यार है अप्प सूंदर hi इतनी हो के मैं कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा हु और मैं सिर्फ ऊपर से करो गए अभी बस हल्का टच करो गए

Niharika:-jo मर्जी करो मुझे ाचा लग रहा है

राज मुस्कुरा कर निहारिका के बदन के हर हिस्से को घूमने लगता है हर हिस्से को चुम कर आखिर अपने प्यारे चुचो के पास आ जाते है जिसकी जुलाई सबसे मस्त थी उसपे से लेफ्ट बूब्स और राइट बूब्स के बिच एक बड़ा टिल अलग hi मजा दे रहा था चुचो के ऊपर हलके मोठे गुलाबी निकल जो बिलकुल अकड़ चुके थे

Niharika:-ruk क्यों गए राज कुछ करो ना निचे भी कुछ कुछ हो रहा है प्लस

Raj:-didi देख लेने दो ना आप कितनी प्यारी लग रही हो बिना कपडे के (निपल को पकड़ हल्का दबा देता है) यह कितने अचे है और सेक्सी है दीदी

Niharika:-inhe प्यार कर ना हाथ से या मुँह से

Raj:-sab से करो गए दीदार करने के बाद

Niharika:-main फोटो दे दूगी तू करता रहना दीदार पर अभी प्यार कर

Raj:-photo तोह अभी भी ले सकते है

राज अपना फ़ोन निकल लेता है और अपना हाथ में चुके पकड़ कर निहारिका के साथ लेट जाता है और तीन चार अछि पिक लेता है जिस में निहारिका भी साथ देती है

Niharika:-ab बहुत हुयी अब चल प्यार कर

Raj:-itna उतावलापन

Niharika:-tum नहीं समझे गए

Raj:-sab समझता हु दीदी

Niharika:-samjhta तोह प्यार नहीं करता

राज कुछ ना बोल उन् दोनों चुचो को पकड़ के जुलाई का मुआयना करता है उसके बारी बारी दोनों पर किश करता है फिर एक को पकड़ के प्यार से मसलने लगता, है तोह दूसरे को मुँह में ले चूसने लगता है जिस से निहारिका का बुरा हो जाता है यह सब उसके लिए पहला अनुभव था

राज पूरी सीडट से दोनों में से दूध पी रहा था के निहारिका आप चरमसीमा में पॉच खुद hi राज का एक हाथ पकड़ के अपनी छूट के पास ले जाती है

Niharika:-isse रगड़ो जल्दी से कुछ हो रहा है जैसे जान निकलने वाली है

राज प्यार से छूट को रगड़ते हुए चूसने लगता है मटर 10 मिंट में hi अपना पानी छोड़ देती है

जैसे पानी छोड़ निहारिका रिलेक्स होने लगती है राज ऊपर हो प्यार से माथे को चूमता है फिर होठो को फिर दोनों बूब्स को नेवेल को आखिर कर छूट को भी चूस कर छोड़ देता है और प्यार से निहारिका के सर को सहलाने लगता है

Raj:-didi मज़ा आया

Niharika:-itna के पॉच hi मात काश के रश्मि पहले मिल गयी होती तू पहले मिल गया होता

Raj:-yeh तोह शुरुआत है आगे तोह बहुत कुछ है दीदी

Niharika:-ab मैं सब कुछ करो गयी पीछे नहीं रहो गयी

Raj:-chliye अब कपडे पहन लीजिये और सो जाइये मेरे साथ

Niharika:-main ऐसे hi सोने वाली हो

निहारिका अपने ऊपर ब्लैंकेट ले लेती है राज भी उससे बहो में पकड़ के सू जाता है

**************

कनिका सुबह जल्दी उठ जाती है सभी कमरों में देखते देखते आखिर कर रायचंद के कमरे पास आ जाती है अंदर देखती है तोह बीएड पर रायचंद एकला लेता हुआ था

इस वक़्त सुबह के 4 बजह रहे थे

कनिका आराम से दूर खोल अंदर आती है बिना दूर लगये रायचंद के पास लेट जाती है

Kanika:-uth भी जाइये मेरे सहजादे कितना सोये गए

किसी की अचानक आवाज सुन्न रायचंद की नींद खुल जाती है जिसकी नींद सबसे कच्ची hi थी

उठ ते hi उससे जोर का झटका लगता है के क्योकि कनिका अभी एक सेक्सी निघ्त्य में पास बैठी थी

Raychand:-tum यहाँ क्या करने आयी हो

Kanika:-tumse प्यार सोची सुबह जाना है तोह अभी प्यार कर लेती हो

Raychand:-tum यहाँ से जाओ समझी नहीं बुरा होगा

Kanika:-main जा hi रही हो पर आपसे चुदाई किये काफी टाइम हो गया आज कुछ तूफानी हो जाये

रायचंद भी इस कमसिन को बड़े लालची नज़रो से देख रहा था जो कनिका पहचान गयी वह होठो पर मुस्कान लिए एक चुके को निघ्त्य से निकल रायचंद के हाथो में दे देती है

Kanika:-dekhiye ना यह आपके हाथो में आने को कितने बेताब है

रायचंद था तोह एक टर्की मर्द hi वह भी प्यार से बूब्स को दबने लगता है 5 मिंट तक कनिका कुछ नहीं बोलती जब देखती है के का अब वह मूड में आ गया है तोह कनिका रायचंद का हाथ हटा देती है

Kanika:-yaha नहीं यहाँ सेफ नहीं है तुम्हरी वाइफ और बेटी कभी भी आ सकती है मेरे रूम में करे गए तुम मुझे जाम कर छोड़ना ताकि कुछ दिन की कसार निकल जाये

रायचंद तोह जैसे छूट में hi दुब गया था

Raychand:-haa चलो अब मुझसे भी बर्दास्त नहीं होगा

रायचंद को लेकर कनिका अपने रूम में आ जाती है

कनिका आज कुछ वाइल्ड करो मुझे मजा आना चाहिए ऐसी करो के तुम्हरी यह मर्दानगी हमेसा याद रहे

Raychand:-kaise करना है जान बातो

Kanika:-mujhe नंगी करके हाथ पेअर बांध दो और मुँह पर बूब्स पर थपड मारो जैसे ब्लू फ्लिम में करते है

Raychand:-sunne में ाचा है पर तुझे तोह दर्द होगा

Kanika:-dard में hi तोह मजा है जान क्या कहते हो

Raychand:-teek है

रायचंद कनिका के कपडे उतर कपडे से hi दोनों हाथ और पेअर बांध देता है फिर अचे से चेक कर मुँह पर लगातार थपड मरने लगता है

Kanika:-aur जोर से मार सेल और जोर से

Kanika:-dum लगा न भोस्डिके

कनिका रायचंद को उकसा उकसा अपनी हालत पतली करा लेती है जब उससे लगता है बहुत हो गया वह इतनी मार खाने और ऐसी हालत पर भी मुस्कुरा देती है

Kanika:-khel ख़तम भोस्डिके के तू गया....... आआआआअह्ह्ह्ह mummmmmmmmmmyyyyyyn बछूऊऊओ ममममममय बछ्हूऊओ बछ्हूऊओऊ बछूऊऊ

रायचंद को कुछ समझ नहीं आता क्योकि कनिका ने पूरी ताकत लगा के चिलयी थी जैसे hi रायचंद मुँह बंद करने आता है वह घुटने से बार कर रायचंद को गिरा देती है और जोर जोर से चिल्लाने लगती है बचो बचो बचोओओओ

अभी कमरे में बचो बचो hi गूंज रहा था जिस से पूरा घर भी उठ गया था रायचंद की अभी अभी बिना तेल लिए गांड मार ली थी

कमरे में बस कनिका की आवाज गूंज रही थी

बचोओओओओओओओ बचोओओओओओ
 
अपडेट NO 76

रायचंद को कुछ समझ नहीं आता क्योकि कनिका ने पूरी ताकत लगा के चिलयी थी जैसे hi रायचंद मुँह बंद करने आता है वह घुटने से बार कर रायचंद को गिरा देती है और जोर जोर से चिल्लाने लगती है बचो बचो बचोओओओ

अभी कमरे में बचो बचो hi गूंज रहा था जिस से पूरा घर भी उठ गया था रायचंद की अभी अभी बिना तेल लिए गांड मार ली थी

कमरे में बस कनिका की आवाज गूंज रही थी

बचोओओओओओओओ बचोओओओओओ

अब आगे..........

रायचंद कुछ करता उस से पहले hi गेट पर नॉक होने लगता है अब तोह रायचंद की फट कर हाथ में आ जाती है

बहार से राज उसके पापा और चाचा के साथ सभी लड़कियों की आवाज आ रही थी

जब कुछ मिंट तक दरवाजा नहीं खुलता राज के पापा अपने जोर से दरवाजा को तोड़ देते है

जैसे hi दरवाजा टूट के खुलता है वैसे hi अंदर का हॉल देख सब का मुँह खुल जाता है

सब औरत तोह अपना मुँह धक् कर बहार को hi निकल जाती है वही अंचल एक कपडा रूम से उठा कनिका का बदन धक् खुद उसके हाथ खोल देती है

कनिका रोल के अकॉर्डिंग फुल रो रही थी जिसे देख सब को गुस्सा आ रहा रहा था राज समझने की खोसिस कर रहा था के तभी उससे अपने पापा आगे जाते दिखयी देते है उनका चेहरा शख्त हो चूका था

उनके सामने इस वक़्त रायचंद था मुट्ठी बंद हो चुकी थी जबड़े काश गए थे आखो में गुस्सा था वह रायचंद के सामने खड़े हो जाते है

Varinder:-uss रात तू बच गया था क्योकि मेरे हाथ बंधे थे आज तूने खुद मौका दिया है सुक्रिया तुझे तेरे करम की सजा देने के लिए मौका देने को

राज के पापा लगातार ग़ुस्से पे घुसा मार रहे थे रायचंद बचे ने की खोसिस कर रहा रहा पर वरिंदर का मुकाबला करने में भी वह असमर्थ था

रयचन्द सभी से बचने की गुहार लगा रहा था पर कोई आगे नहीं आ रहा था यहाँ तक के काव्य और आराध्य तक आगे ना आये

उनके आखो में ासु थे पर यह ासु जैसे कुछ और hi बयां कर रहे थे उन्हें जैसे रायचंद के मार खाने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था

रायचंद को मार मार वरिंदर ने अधमरा कर दिया था पर जैसे उसका मान अभी भी भरा नहीं था वह मार रहा था और किसी में इतनी हिम्मत नहीं थी के उससे रोक सके वरिंदर भी जैसे अपने आप को खुशनसीब मान कर अचे से कुत्त रहा था

रायचंद तोह वरिंदर का ना वार रोक प् रहा था कर पा रहा था वह जैसे एक कठपुतली बन्न कर रह गया था

वरिंदर अपने अंदर का आज सारा गुस्सा निकल देना चाहता था वरिंदर की ऐसी मार देख कर हैरान परेशान थे

पर अब रायचंद की हालत सच में नाजुक थी अब रोका ना गया तोह हो सकता है वह मार जाये

इस लिए वरिंदर को रोकने के लिए अर्जुन ने अपने भाई को रोकने की खोसिस करने लगा

Arjun:-nhi भैया नहीं और ज्यादा नहीं वह मार जाये गए

Varinder:-maar तोह इससे मैं आज से 18 साल पहले hi देता पर रोक दिए थे मेरे हाथ उस वक़्त आज कोई नहीं रोक सकता इस कुत्ते को सजा देने से

Arjun:-aaj भी रुक जाइये सबके लिए प्लस भैया कोई आपको ऐसे देखना नहीं चाहता आप ऐसे नहीं है

Varinder--sabki तरफ देख कर रायचंद को छोड़ देता है) दूर करो इससे मेरे नज़रो से अभी के अभी और तू अगर डरा इस घर में और मेरी बहिन के पास भी दिखा तोह गोली मार दुगा और तेरे मेरे बिच कोई नहीं आये गए याद रखना

राज आगे आ रायचंद को बहार ले जाता है साथ में काव्य बुआ भी आ जाती है जैसे hi राज गेट के बहार छोड़ता है रायचंद को वैसे hi काव्य अपना मुँह खोल देती है

Kavya:-aaj बच गया यह एहसान है मेरा तुझ पर आगे भी बचे गए ऐसा नहीं कह सकती पर तू वापस मेरी ज़िंदगी में नहीं आये गए यह कह देती हो और अगर आने की खोसिस भी की तोह मेरे जल्लाद भाई को तुम देख hi चुके हो और समझ गए होंगे वह क्या करे गए तुम्हरे साथ मैंने इस 18 साल में तुम्हे बर्दास्त कर लिया पर अब घिन्न आती है खुद पर भी और तुझ पर भी दफा हो जाओ

रायचंद अधमरी हालत में भी गुस्से से काव्य और इस महल को देख अपने ासु और खून पोछता हुआ बहार निकल जाता है

काव्य वह कड़ी रो रही थी जिसे राज जाकर चुप करता है

काव्य राज के गले लग जाती है

Kavya:-iss हैवान से मैंने सोचा नहीं था कभी बच पाओ गयी पर आज इस से बचने से ऐसा लग रहा है कुछ साल तोह सकूं से ज़ी सको गयी

Raj:-app हमेसा सकूं से जिये गए इस बात का खास ख्याल मैं रखो गए चलिए

राज काव्य को जैसे hi अंदर लेकर आता है सभी इस वक़्त गेस्ट रूम में hi थे कनिका ने इस वक़्त कपडे पहन लिए थे पर रू रही थी जिसे राधा और दिया चुप करा रहे थे

Varinder:-teri मुझे माफ़ करदे तेरे साथ यह हुआ और हम कुछ कर नहीं सके

Kanika:-nhi अंकल अपने तोह मुझे बचा लिया और उस कुत्ते को सजा भी दी

Varinder:-beta सजा तोह मैं कब का देना चाहता था और यह तेरी वजह से मुमकिन हुआ ठंकु बीटा अपना ख्याल रखना यह एहसान है मुझ पर तू कभी भी मुझसे कुछ भी मांग लेना मैं ना नहीं कहु गए

वरिंदर वह से चला जाता है सब कनिका को हौसला दे वह से चले जाते है राधा भी थोड़ी देर रूक कर चली जाती है अब रूम में राज और कनिका रह जाते है

Raj:-yeh कैसे हुआ कनिका तुम्हरा रपे यह पॉसिबल नहीं है मैं जनता हु फिर यह कैसे फूफा तुम्हरा रपे कर रहा था

Kanika:-dekho राज मेरी ज़िंदगी में पहले कुछ दाग थे यह तुम भी जानते हो उस दाग में यह भी शामिल था यह मुझे यहाँ से निकलने की धमकी देने आया था सो मैंने उससे निकल दिया हमेसा के लिए

राज तोह कनिका की बात समझ कर hi हिल गया मतलब इस खेल के पीछे इसका hi हाथ था

Raj:-tum तोह बड़ी कामिनी लड़की हो

Kanika:-kuch भी कह सकते हो मैं यह मानती भी हूँ पर तुम एक बात जनन लो तुम मेरे लिए एक पागल पैन हो मैंने अपने बाप भाई के खलिएफ जा सकती हो जो मुझे तुमसे दूर करे उसका यह हज़ार कर सकती हो तोह सोच लो मैं क्या कर सकती हो और किस हद्द तक गिर सकती हो

Raj:-Tu मुझे कभी नहीं पा सकती समझी वह पहले से कमीना था इस लिए तूने फसा किया पर मैं नहीं हु

Kanika:-woh तोह वक़्त hi बताये गए अब मुझे आराम करने दो bye

कनिका बीएड पर लेट आखे बंद कर लेती है राज भी वह से बहार चला जाता है उसके दिमाग में ढेर साडी बाते चल रही थी उससे समझ नहीं आ रहा था इस मुसीबत से छुटकारा कैसे पाया जाये

वह कनिका को छोड़ फ़िलहाल बुआ और अपने पापा के बारे में सोचता है और सोचता है के उसके बारे में कैसे जाने और उससे एक hi रास्ता मिलता है जानने का और थी खुद उसकी बुआ जिसे वह प्यार से मन सकता था

राज वह से खुश हो महल से बहार चला जाता है घूमने तब तक सब कुछ न कुछ काम में या आराम में लग जाते है

ठीक 9 बजे सब खाने को आ जाते है सब मिलकर खाना कहते है सुबह के बारे में कोई बात नहीं करता है खाना खाने के बाद सब मेला में जाने वाले थे इस लिए सब वह से त्यार होने चले जाते है राज भी खास त्यार होने चला जाता है

त्यार होने के बाद सब ठीक 10 बजे घर से निकल जाते है यहाँ के खास मंदिर के लिए सभी कार में बैठे थे ाचा खासा खाफिलिअ त्यार हो गया था गाड़ियों का सब गोअन वाले इस काफिले को देख रहे थे

घर की सभी लड़किया इस के लिए फुल एक्ससिटेड थी वह जाकर मजे करे गयी

जब मंदिर पोछते है जो की यहाँ का सबसे प्राचीन मंदिर था वह पर लोग hi लोग थे सभी राज की जय जय कर कर रहे थे

राज सब को हाथ हिला कर अभिवादन करता और पुरे परिवार के साथ मंदिर के अंदर आ जाता है जहा वह के पुजारी खुद सवागत करते है

Pujari:-maharaj आज की पूजा आपके हाथो से सम्पन होगी तोह आप को जैसा बोलै जाये वैसा करते रहे यह पूजा और यह मेला इस साम्राज्य की ख़ुशी का प्रतीक है आज से एक नया मौसम सुरु होने वाला है जिस से सभी के परिवार में खुशिया आये इस के लिए यह पूजा कर रहे है और इस पूजा में सब की खुशिया मांगना और देवी को ख़ुशी करना आपका कर्तव् है

राज आज धोती कुरता में था वह आगे आ जाता है सब बड़ो का आशीर्वाद लेने के बाद खुद पुजारी के साथ उनके खहे अनुसार काली माता की पूजा करता है और वह पर बलि देता है जो वह की पार्था था

राज हलाकि इसके खिलाफ था पर पंडित ने बता दिया था यह जरुरी है वार्ना घोर समस्या आ सकती है उसके पापा के भी यह कहने पर राज ने इस कार्य को पूरा उसके बाद मेला को झंडी दिखा सुरु करने का मौका दे दिया

पूजा होते hi मेले में ढोल बजा बजने सुरु हो गए लोग राजा और उनके परिवार के पूजा करने के बाद खुद पूजा करने लगे

सब मुखिया और बड़े मंत्री खुद राज को वह से खेल कीड़ा में ले गए और वह का भी आयोजनों करवाया जिसके बाद राज ने यह सब काम अपने पापा और चाचा को देखने का बोल सभी बहनो के पास आ गया जो उस से नाराज थी

Radha:-sukar है आप आ गए मुझे लगा इसी सब में सारा मेला निकल डोज

Naina:-ache लग रहे थे भैया आप चलिए यह कपडे बदल कर दूसरे पहन लीजिये देखिये कैसे आपको लड़किया घूर रही है ाचा लगता है

राज जो ऊपर से अभी नंगा था वह जल्दी से कार में जाकर अपना दूसरे कपडे पहन आ जाता है

Raj:-*ab राजा की ड्यूटी ख़तम और नौकर की सुरु तोह बोलो कहा से सुरु करना है मेला देखना

Rashmi:-pehle घूमते है फिर यहाँ के झूलो का मजा लेंगे फिर खाने का

Sanjana:-haa यह ठीक रहे गए चलो

उसके बाद सभी टोली बना मेला में घूमते है राज एकला सभी लड़कियों बिच पइसस जाता है कभी इसकी बात मंटा तोह कभी उसकी पर वह सबके चेहरे पर आयी ख़ुशी के लिए कुछ करने को त्यार था

देखते देखते साम तक वह फुल एन्जॉय करते है उसके बाद जब उसके पापा जाने को कहते है तोह सब घर चल देते है मेला तोह कुछ दिन और चलने वाला था पर राज का आज hi होना जरुरी था कुछ दिन नहीं भी आये गए तोह चल जाने वाला था

सब घर आकर आराम करने की सोचते है क्योकि सब थक गए थे के तभी राज के पापा बोल देते है

Varinder:-kal हम सेहर जा रहे है सभी

Rashmi:-itni जल्दी पापा इतना मजा आ रहा है यहाँ

Varinder:-mujhe पता है बीटा तुम्हे मजा आ रहा पर बीटा वह कॉलेज भी देखना है या छोड़ देना है

Naina:-okk पापा

उसके बाद सब खुश तोह नहीं थे के उन्हें वापस जाना है पर इस बात से खुश थे यहाँ पर उन्होंने ने मस्ती की पर कनिका को समझ नहीं आ रहा था अब वह क्या करे क्योकि सेहर जाकर हो सकता था उससे घर जाना पड़े और ऐसे में उसका बना बांया खेल बिगड़ सकता था अभी रात होने वाली थी इस लिए वह सुबह तक कुछ सोचने का सोच अपने रूम में चली जाती है राज भी अपनी बुआ के पास चला जाता है
 
अपडेट No:-77

सब घर आकर आराम करने की सोचते है क्योकि सब थक गए थे के तभी राज के पापा बोल देते है

Varinder:-kal हम सेहर जा रहे है सभी

Rashmi:-itni जल्दी पापा इतना मजा आ रहा है यहाँ

Varinder:-mujhe पता है बीटा तुम्हे मजा आ रहा पर बीटा वह कॉलेज भी देखना है या छोड़ देना है

Naina:-okk पापा

उसके बाद सब खुश तोह नहीं थे के उन्हें वापस जाना है पर इस बात से खुश थे यहाँ पर उन्होंने ने मस्ती की पर कनिका को समझ नहीं आ रहा था अब वह क्या करे क्योकि सेहर जाकर हो सकता था उससे घर जाना पड़े और ऐसे में उसका बना बांया खेल बिगड़ सकता था अभी रात होने वाली थी इस लिए वह सुबह तक कुछ सोचने का सोच अपने रूम में चली जाती है राज भी अपनी बुआ के पास चला जाता है

अब आगे.............

राज बीएड पर लेट गया था और बुआ का वेट कर रहा था

थोड़ी देर बाद आखिर कर उसकी बुआ आ hi गयी सभी जो राज को मुस्कुरा कर देख खुद बाथरूम जाती थी और फ्रेश और चेंज कर के राज के पास बैठ जाता है प्यार से बुआ उसके सर को सेहला देती है

Kavya:-soya नहीं बीटा अभी तक

Raj:-nind नहीं आ रही है बुआ और वैसे भी मुझे आप से बात करनी थी

Kavya:-kya बात करनी है मेरे बचे ने अपनी बुआ से

Raj:-bua अब आप क्या करो गयी क्योकि मुझे पता है आप फूफा के साथ खुश नहीं थी फिर यह कांड हो गया

Kavya:-beta वह मेरा पहले hi दम घुट रहा था और दर रहता था मेरी बेटी का क्या होगा अब मेरा भाई है तोह सब ठीक हो जाये गए और मेरी बेटी की भी कोई चिंता नहीं है

Raj:-bua पूछना तोह नहीं चाहिए पर क्या आप बात सकते थे ऐसा क्या हुआ था आप और पापा अलग हो गए और दादी की मौत कैसे हुयी जिस इंसान से आप इतनी नफरत करती है वह आपका पति कैसे हुआ

Kavya:-beta कुछ बाते दफ़न रहे ज्यादा अछि रहती है

Raj:-haa बुआ पर तब नहीं जब किसी को बेचैनी हो और मैं जनता हो आपका और पापा का प्यार कैसे है और किस हद्द तक है फिर अलग कैसे हो गए

Kavya:-(ghabra कर और डरते हुए) क्या मतलब है तेरा राज

Raj:-bua मेरा कोई गलत मतलब नहीं है मैं इस प्यार को कभी गलत नहीं कह रहा पर मैंने आपको पापा को किश करते देखता था और पापा को मन करते हुए भी पर दोनों के आखो में एक बेचैनी थी मिलने की

राज की बात सुन्न काव्य रोने लगती है उसने नहीं सोचा था ऐसा दिन भी आये गए के उसके बेटे जैसा भतीजा अपने पापा और बुआ के सामान्य के बारे पोछे गए पर अब पॉच लिया था और आखो से देखा भी था तोह काव्य के पास कोई ऑप्शन नहीं था झूट बोलने का लिए वह हिम्मत हार रो रही थी और उससे लग रहा था राज उसके बारे में क्या सोच रहा होगा

Raj:-bua मैं आप रोइये नहीं आप ने कुछ गलत नहीं किया प्यार कभी गलत नहीं हो सकता

राज की बात सुन्न उसकी बुआ बिघि आखो से देखने लगती है

Raj:-(aasu पोछते हुए) ऐसे देखने की जरुरत नहीं है यह सच है मेरे दिल में आपके लिए बहुत इज्जत है

Kavya:-betaaaaa..........

Raj:-bua प्यार की परिभासा बहुत काटीं है इस लिए इस में नहीं घुसते है मैं बस यह जानना चाहता हु के वजह क्या थी आप के अलग होने की

Kavya:-beta यह एक लम्बी खांनी थी

Raj:-mere साथ आप रोज रोया करना और साडी स्टोरी बात देना शार्ट में

Kavya:-par बीटा.......

Raj:-yeh बात मेरे तक रहे गयी यह आपसे मेरा वादा है

Kavya:-beta मुझे इतना विस्वास है पर मैं बस अपने आप से लड़ रही है ठीक है अगर तू जानना चाहता है तोह सुन्न

राज भी ध्यान लगा के सुनने लगता है

Kavya:-beta तू जनता hi है अब के हमरा परिवार यहाँ के राजा से काम नहीं है तुम्हरे दादा यानि मेरे पापा यहाँ के जमींदार थे जो राजा के बाद बहुत ज्यादा पावर रखते थे पर वह हमेसा सब का भला सोचते थे राजा और पापा में अछि दोस्ती थी जिसके कारन कभी लड़ाई नहीं होती थी ना कोई परेशानी होती थी

******************फ्लैशबैक********************

zamindar:-vijay कुमार (डेड) काफी मजबूत इंसान और मेहनती इनका रोले जस्ट पास्ट के लिए hi है

जमींदार की patni:-mohini देवी (डेड) संत और कोमल दिल की सब का सोचने वाली अपने परिवार को hi अपनी दुनिया मैंने वाली

वरिंदर kumar:-Raj के प्रेजेंट डैड काफी बहादुर इंसान और समझदार अपने परिवार के लिए कुछ व् कर देने वाला

अर्जुन कुमार:- अपने भाई को भगवन मंटा था और उनकी बातो को कभी नहीं काटने वाला नटखट और ज़िंदादिल इंसान

काव्य kumari:-iss घर की जान और सां थी यह सब इससे अपनी आखो पर बैठा कर रखते थे पर इसकी जान तोह जैसे इसके पापा और बड़े में रहती थी

Raja:-Rajinder sah:-ek सच्चा इंसान और raja...sab को अपना hi बचा मैंने वाला इंसान था

Rani:-parbha devi:-behad खूबसूरत और धार्मिक पर्विति की औरत इसके लिए इसका पति hi सब कुछ था

अंचल kumari:-inki ेकोटि बेटी.. सबसे ज़िद्दी और नकचढ़ी... खुद पर गुमान था और होता भी क्यों नहीं इस राज्य की सबसे खूबसूरत लड़की जो थी

जमींदार 2:-(dead)ranjit thakur:-kafi खरनाक और निर्दयी इंसान... इसके लिए जैसे शान hi सब कुछ थी उसके लिए यह कुछ व् कर सकता था इसके यहाँ ऊँची जाट के सिवा कोई नहीं आ सकता था

कामिनी thakur:-(dead)jaisa पति वैसी hi पत्नी इसके अंदर भी गरीबो के लिए थी तोह सिर्फ नफरत hi नफरत

गजराज thakur:-(dead)bahut ज्यादा बलवान और क्रूर इंसान था गजराज... अपने बाप को भगवन मान इसके फैसले को मंटा था

रायचंद thakur:-behad कपटी और नापाक इरादे वाला इंसान... लड़किया इसके लिए हवस भुझाने का एक मातर साधन था

(दोस्तों इस इंट्रो में ज्यादा तर पुराने hi इंसान है जिसे आप पहले मिल चुके है पर यह पास्ट में एक दूसरे से लिपटे हुए है जिनका अभी बाटना जरुरी है स्टोरी पास्ट और प्रेजेंट दोनों में चले गयी क्योकि वरिंदर के चले जाने का सच जानने के लिए उसके परिवार और हालत को जानना जरुरी है)

एक जमींदार दूसरे जमींदार से बहुत जलता वजह है किसी एक का ज्यादा ताकतवर होना या रुतवा होना यह हर जगह होता है सिर्फ जमींदार में hi नहीं होता यह एक मानव विचारधाराओं में आता है

विजयकुमार और रंजीत ठाकुर में हमेसा तनाव रहा है कही न कही इसकी वजह है दोनों का राजा के साथ उठना बैठना.. राजिंदर सह दोनों को मंटा था पर कही न कही उसका पलड़ा हमेसा विजय कुमार की तरफ अधिक रहता

वह दोनों सिर्फ इस राजय के लिए नहीं बल्कि एक दूसरे के दोस्त भी थे दोनों में अछि बनती थी पर इस बात का हमेसा से मलाल रहता था रंजीत ठाकुर को वह जनता है अब पहले जैसा राजपथ नहीं रहा अब बस एक कहने को राजा रह गया है क्योकि गोवत ने सब कुछ तोह ले लिया है पर हर राज्य की एक अलग खांनी होती है इस राजय की भी अपनी खांनी थी

(काल्पनिक naam:-kehgarh एक ऐसा जगह का नाम था जहा खुशिया hi खुशिया थी हर कोई अपनी म्हणत से खता और अपनी ज़िंदगी गुजर रहा जिसकी वजह थी साह परिवार का जनता के सुख दुःख में खड़े रहना पहले तोह नियम यहाँ भी सकत थे पर अब हालत बदल गए थे पर इनका रुतवा वैसा का वैसा था यहाँ की जनता आज भी सर्कार से ज्यादा यहाँ के राजा पर निर्भर थी जिसे यह भगवन मानते थे)

पीछे का मैं नहीं बात सकती पर जब हम बचपन में थे तब से मैं तुम्हे बातो गयी पर यहाँ नहीं आज बस इतना समझ हमरा परिवार कैसा था क्या था पर तुझे एक किस्सा बात देती हो

भैया उस वक़्त महज 10 साल के थे मैं तब सायद 5 साल की होगी मैं हमेसा उनके पास hi सोती थी पर के दिन क्या हुआ भैया और मैं साथ ना सोये वजह थी मेरी मम्मी उन्हें दर था लड़का और लड़की को एक साथ नहीं सोना चाहिए क्योकि भैया हल्का हल्का जवान हो रहे थे तुम समझ सकते हो पहले जममने की सोच पर पापा ने मम्मी को कहा गुड़िया मेरे पास सोये गयी पर मम्मी नहीं माननी और डाट कर उन्हें अलग रूम दे दिया पर मम्मी को कहा पता था भैया मुझे कितना प्यार करते है

मम्मी मुझे अपने साथ लेकर राज महल आये हुए थे पापा भी हमरे साथ hi आये थे हम वही रुकने वाले थे पर भैया को लगा मम्मी मुझे जनन बुझ कर मम्मी वह लेकर जा रही है और मुझे वही रख देगी

वह साडी रात परेशान रहे उन्हें सायद नींद भी नहीं आयी पर अगले दिन भी जब नहीं आये और रात रुकने की खबर उन्हें मिली तोह जानते हो उन्होंने ने क्या किया

Raj:-kya किया हुआ

Kavya:-(haste हुए) वह आधी रात को hi महल की तरफ ऐकले चल दिए मटर 10 साल के थे वह जब महल पोछे तोह उन्हें सब जानते थे वह कोण है इस लिए उन्हें किसी ने नहीं रोका वह मेरे रूम में आये मैं ेक्लि सोई थी वह मुझे आधी रात को hi उठा लाये और साथ लेकर आ गए अपने घर और मेरे साथ चैन की नींद सो गए

वह जब सुबह हुयी तोह मम्मी मुझे वह ना पाकर महल में ढूंढ़ने लगे और सारा महल ढूंढ़ने के बाद भी जब मैं ना मिली तोह उन्होंने ने सारा महल सर उठा लिया सब वह परेशान थे और यहाँ मैं और भैया आराम से चैन की नींद सो रहे थे दुनिया से बेखबर राजा साहिब खुद परेशान थे की 5 साल की बची कहा जा सकती है क्या कोई उससे उठा कर ले गया मम्मी तोह रोने hi लगी पर जब सभी दरबारी को बुलाया गया तोह जिसने भैया को आते और मुझे लेते जाते दिखा था उस ने बात दिया मैं आधी रात को hi भैया ले साथ चली गयी थी

मम्मी पापा फटाफट घर आये और जब मुझे और भैया को सोते देखा तोह लग गयी मम्मी पित्तयी करने भैया को तोह समझ नहीं आया की उनकी पित्तयी क्यों हो रहे है आखिर में पापा ने उन्हें रोका और प्यार से समझने को कहा

Mummy:-isse रात को क्यों लेकर आया

Varinder:-do दिन से आप आये क्यों नहीं मुझे नींद नहीं आती अपनी गुड़िया के बिना मैं उसके साथ hi साओ गए

Papa:-par बीटा तुम दोनों ऐकले अगर कुछ हो जाता तोह

Varinder:-mujhe कुछ हो सकता है पापा पर मेरी गुड़िया के खर्च आ जाये ऐसा दिन नहीं आये गए

बुआ इतना बोलते hi रोने लगी थी राज को भी समझ नहीं आता के आखिर बुआ को क्या हुआ

Raj:-kya हुआ बुआ

Bua:-beta कुछ याद आ गया था

Raj:-par यह ासु

Bua:-iski भी वजह है राज चल अब सजा बीटा बाकि तुझे सेहर में बातो गयी पर कल सुबह जाना है तोह सजा अब

Raj:-kya दादा दादी ने आपको सोने दिया साथ पापा के

Bua:-(haste हुए) हां बिलकुल क्योकि भैया नहीं मैंने गए उन्हें पता था उनका प्यार मेरे लिया बहुत ज्यादा था वह इस बात से खुश भी थे दुखी भी पर मम्मी यह सोच रही थी वक़्त के साथ दूर कर देगी पर कर पायी

Raj:-aap दोनों अचे लगते है

Bua:-haa पर रिस्ता कुछ अलग था हमरा राज जिस ने एक नहीं होने दिया चल अब कुछ नहीं सो बस

Raj:-good नाईट बुआ

Bua:-good नाईट बीटा

राज तोह बुआ को पकड़ सो गया और पर बुआ को नींद नहीं आ रही थी उससे बार बार अपने भाई के पास जाने की तालाब हो रही थी जैसे एक प्यासे को पानी की होती है आखिर कर राज के सोने के बाद वह बहार जाती है और अपने भाई के रूम में देखती है जहा पर दिया सो रही थी वह वापस आ राज को hi पकड़ सो जाती है
 
अपडेट no 78

Bua:-haa पर रिस्ता कुछ अलग था हमरा राज जिस ने एक नहीं होने दिया चल अब कुछ नहीं सो बस

Raj:-good नाईट बुआ

तह eesua:-good नाईट बीटा

राज तोह बुआ को पकड़ सो गया और पर बुआ को नींद नहीं आ रही थी उससे बार बार अपने भाई के पास जाने की तालाब हो रही थी जैसे एक प्यासे को पानी की होती है आखिर कर राज के सोने के बाद वह बहार जाती है और अपने भाई के रूम में देखती है जहा पर दिया सो रही थी वह वापस आ राज को hi पकड़ सो जाती है

अब आगे..........

सुबह सब जल्दी में थे क्योकि वह जल्दी से जल्दी निकलना चाहते थे ताकि ट्रैफिक का सामना ना करना पड़े सब ने मिल कर खाना भी बना दिया सब बचे उठ कर त्यार हो निचे आ गयी थी वही कनिका मुँह लटका के बैठी थी हॉल में सब को उसका लटका हुआ मुँह देख रहे थे हर कोई इग्नोर कर रहे थे सिवये राज और राधा के क्योकि राधा जस्ट अभी हॉल में आयी थी वही राज के दिमाग में चल रहा था अब क्या प्लान होगा इसका जो ऐसे बैठी है

Radha:-kya हुआ कनिका तू परेशान क्यों है

Kanika:-toh क्या करो राधा क्या करो (हलके ासु निकल) तू जानती है ना मैं यहाँ क्यों आयी थी पर अब जब तुम सब घर जा रहे हो तोह मुझे भी उस नर्क में जाना होगा

Radha:-aisa किस ने कहा तुझे

Kanika:-toh मैं कहा जाओ गयी बातो तुम

Radha:-tum मेरे साथ मम्मी ने नया घर लिया है जहा पर मैं राहु गयी मम्मी रहे गए तुम भी साथ रहना

Kanika:-par राधा मैं तुझे कैसे परेशान कर सकती हु

Raj:-haa राधा यह सही कह रही है

राधा राज की बात सुन्न घूर के देखती है वही कनिका राज को देख मुस्कुरा देती है

Raj:-ab ऐसे मात घूर ठीक है इससे साथ hi रखना पर अगर इसने कोई गलत हरकत तुझे सिखयी ना

Kanika:-nhi राज मैं अपने नरक में hi चली जाओ गयी तुम मेरी वजह से परेशान ना हो और तुम्हरा विस्वास ना करना बनता है मुझ पर

Raj:-main तोह......

Radha:-bhaiya यह क्या है यह इतना दुखी है और आप हो के

Raj:-acha यह तेरे साथ रहे गयी ठीक है

Radha:-aap भी रहो गए मेरे पास एक दिन छोटी मम्मी के पास एक दिन मेरे पास समझे और बुआ भी हमरे यहाँ रहे गयी

Raj:-achaa ठीक है मेरी माँ तूने कोनसा मन्ना है

राज वह से उठ जाता है साथ राधा से बच कर कनिका को पीछे आने का िश्रा कर देता है जिस पीडीआर कनिका मुस्कुरा देती है जैसे यह भी उसकी hi एक जीत हो

कनिका राधा को बोल राज के पीछे उसके रूम आ जाती है जहा राज बीएड पर बैठा हुआ था

Kanika:-tumne मुझे बुलया राज इतनी जल्दी वह माय गुड

Raj:-darwaja लगा दो कनिका

कनिका बिना कुछ बोले दरवाजा लगा देती है उसके चेहरे पर दर या परेशानी बिलकुल भी नज़र नहीं आ रही थी वह एक दम निश्चिंत थी

Raj:-dekho मैंने पहले hi बोलै इस सब में मेरी फॅमिली को बिच में ले आओ

Kanika:-main कुछ भी नहीं ला रही हो राज तुम hi नहीं मान रहे अगर तुम मान गए होते तोह सायद मैं किसी को क्यों कुछ कहती और यह सब करती

Kanika:-tumhre लिए तोह मैंने अपने बाप भाई और रमेश को रेपिस्ट बना दिया... तुम्हरी बुआ को परेशान करने वाले को उनकी ज़िंदगी से निकल दिया जिसके लिए अब वह मेरी जान लेने को चाहे गए पर देखो तुम खुश होकर मुझे इनाम देने की जगह गुस्सा कर रहे हो... राज मेरी छूट मचल रही है तुम्हरे प्यार में प्लस छोड़ दो ना मुझे राज

Raj:-(bilkul पास आ) बिलकुल रंडी है तू रंडी

Kanika:-haa हु रंडी कोई फर्क नहीं पड़ता पर यह देखो

कनिका इतना बोल अपनी लोअर के साथ पंतय भी उतर देती है

जिस से राज चौंक जाता है पर जैसे hi कनिका की मखमली छूट पर जले के नीसाण देखता है उसका मुँह खुल जाता है

Kanika:-yeh मैंने किया है सजा दी है इसको को तुम्हरे लुंड के काबिल नहीं हो पायी इस लिए मुझे कुछ नहीं चाहिए सिवये तुम्हरे लुंड के वार्ना मैं पागल हो जाओ गयी फिर क्या होगा मुझे भी नहीं पता

राज कनिका की बाते और छूट ले ऊपर जले हुए का नीसाण देख समझ जाता है यह पागल है इससे थोड़ा प्यार से हैंडल करना होगा वार्ना उल्टा नुकसान होगा वैसे व् इस ने बुआ को बचा उस के ऊपर एक एहसान hi किया है बेसक वजह कोई भी हो

राज कनिका के पास जाता है और प्यार से उसकी कमर में हाथ दाल उससे अपने साथ सत्ता लेता है

Raj:-main सिर्फ सेक्स करो गए और कुछ नहीं होगा हमरे बिच और यह सिर्फ की बात सिर्फ मेरे और तुम्हरे बिच होगी किसी को पता लगा तोह जान ले लगा तुम्हरी और हां तुम किसी को कुछ नहीं नुकसान नहीं करो गयी

Kanika:;main पागल नहीं हो अगर तुम मुझे वह दे दो जो मुझे चाहिए तोह मैं क्यों ऐसा करो गयी

Raj:-teek है अब जाओ निचे सिटी जाकर मैं कुछ करता हु अभी कोई आ गया तोह प्रॉब्लम हो गयी

Kanika:-mujhe खली कर दो ना राज भरी हुयी हु

Raj:-abhi बिलकुल नहीं घर जाकर पहले तुम्हरा hi काम करो हां अभी नहीं

Kanika:-teek है

मैं मायूस कर कनिका वह से चल देती है वह भी समझती थी के अभी यह पॉसिबल नहीं है निचे सब ब्रेकफास्ट को बैठे थे राज भी सबके साथ ज्वाइन कर लेती है उसके बाद सब बड़े लोग एक कार में बैठ जाते है तोह सभी यंग दो कार में हो जाते है

राज और कनिका की कार में

राज की कार में आगे रश्मि और पीछे राधा नैना बैठ जाती है तोह कनिका के कार में आराध्य और निहारिका बैठ जाती है

कनिका की कार में नार्मल बात चित चलती है पर राज की कार का महल गरम था

पीछे राधा और नैना बैठे थे तोह आगे राज और रश्मि... रश्मि पीछे देख अपना हाथ उठा राज के जांघो पर रख देती है और प्यार से स्माइल दे सहलाने लगती है

Raj:kya कर रही है रश्मि कोई देख लेगा

Rashmi:-didi आपस में बाते कर रहे है आप मजा लो ना भैया कितने दिन से आपके पास मैं आयी भी नहीं हो

Raj:-room में करे गए ना घर पर रश्मि यहाँ समझा कर प्रॉब्लम हो जाये गयी

Rashmi:-mera बड़ा मान हो रहा है कुछ करने का भैया प्लस कुछ करो या करने दो

Raj:-acha ठीक है पर आ आराम से

रश्मि हाथ को जांघो पर घुमा घुमा आखिर कर राज के लुंड पर हाथ पोछा देती है

Rashmi:-(lund को सेहला कर) कैसा लग रहा है भैया

Raj:-madhosh हो) तेरे हाथ में जड्डू है रश्मि

Rashmi:-bahar निकलो भैया

Raj:-nhi नहीं रश्मि..... आअह्ह्ह हां निकल ले पर देख के

रश्मि भी काफी उत्तेजिक हो गयी थी वह एक बार पीछे देखती है उनको अपनी बातो में देख जिप्प खोल अंडरवियर निचे कर राज के लुंड को निकल कर छोड़ देती है

Raj:-kya हुआ छोड़ क्यों दिया अगर छोड़ना hi है तोह निकला hi क्यों था पागल

Rashmi:-aap भी रुको चुप चाप और मुझे करने दो

राज भी सोचता है यह पागल क्या करे गयी

Rashmi:-(piche देख) तुम दोनों क्या बक बक लगा राखी है मुझे नींद आ रही है दीदी चादर देना आपके पास जो है मैं भैया के गोद में सर रख सो जाती हु

Radha:-rashmi ज्यादा नींद आ रही है तोह पीछे आ जाओ भैया को क्यों तंग करना

Rashmi:-nhi नहीं अब लेट नहीं होना हम्मे देखो कार चले गए और मैं यही सो जाओ गयी

Raj:-radha मुझे अपनी बहनो से कभी प्रॉब्लम नहीं होती समझ गयी मेरी गुड़िया

Naina:-haa हां समझ गए हम्मे भी सुला लो ऐसे गोद में भैया

Rashmi:-kamini मुस्कान लेकर) सुला लो ना भैया कितनी ज़िद्द कर रही है

Raj:-woh सो लेगी तू सो जा नहीं संकले कर दुगा सोना

Rashmi:-aaj तोह सोना मैं बिलकुल संकले नहीं होगा नैना तुम फिर सो लेना

Raj:-tum नैना को नाम से क्यों बुला रही हो

Naina:-yeh राधा का आईडिया था के हम पांचो हम उम्र है तोह दीदी क्यों कहना बस निहारिका दीदी को दीदी कहे गए

Raj:-pata नहीं क्या क्या सोचते रहते हो तुम सोई नहीं

रश्मि राज की बात सुन्न मुस्कुरा कर विंडो की तरफ पेअर कर अपना मुँह लुंड के बिलकुल कर देती है

Rashmi:-bhaiya बहुत हो गया स्लो स्लो आज कुछ फ़ास्ट करे है जब गफ बर्फ है hi तोह क्या सोचना है

Raj:-acha ऐसा क्या फिर मैं जो मर्जी कर लो

Rashmi:-hamm भैया जो मर्जी

राज एक हाथ छोड़ रश्मि के मुलयम और कैसे हुए चुकी पकड़ कर हल्का सा मसल देता है जिससे मुँह दाब सिसकियों को रोक लेती है

राज प्यार से रश्मि के चूचियों को मसल रहा था तोह वही राज की इस हरकत से पहले से गरम रश्मि भी अपना मुँह राज के लुंड को पकड़ उसके टोपे को मुँह में ले जीभ से घूमने लगती है

Raj:-(halki आवाज में) आह्हः रश्मि यह कहा से सीखा है तुम्हरा मुँह कितना गर्म है

Rashmi:-(lund निकल) भैया अब आवाज बंद करिये और मुझे अपना काम करने दीजिये और आप अपना काम करिये

राज भी समझ जाता है उससे क्या करना है वह रश्मि के टीशर्ट के अंदर हाथ दाल कर बूब्स को दबाना लगता है तोह वही रश्मि आधे लुंड को मुँह में ले चूसने लगती है जैसा उस ने फिल्मो में देखा था राज तोह जैसे आज स्वर्ग में था उस ने आज तक ऐसी फीलिंग को महसूस नहीं किया था

रश्मि को सुरु में प्रॉब्लम हो रही थी पर अब वह भी मजे से लुंड चूसते हुए अपने पेण्ट में हाथ दाल अपनी छूट को रगड़ने लगती है दोनों के लिए एक नया अनुभव था इस लिए दोनों ज्यादा देर नहीं टिक पते 5 मिंट में hi रश्मि का बदन अकड़ जाता है पर वह मुँह से लुंड नहीं निकलती वही राज भी बस पूछने वाला होता है

Raj:-rashmi मेरा होने वाला है बहार निकल दे

रश्मि जैसे आज कुछ और hi सोच के आयी थी वह थोड़ी देर अपने आप को संभालती है और लुंड को मुँह में रखती है पर जैसे hi फ्री होती है फिर से लुंड को चूसने लगती है जस्ट एक hi मिंट में राज का सारा माल रश्मि के मुँह में जाने लगता है

रश्मि आधा माल hi पी पायी थी के खस्ने लगती है और अपना मुँह पूछने लगती है चादर से

Naina:-kya हुआ रश्मि लो पानी पी लो

Rashmi:-main ठीक हो नैना लगता है मुझे कोई दिल से याद कर रहा है

रश्मि यह बात राज के लगे स्पैम के साथ राज की आखो में देख मुस्कुरा के कहती है तोह वही राज भी होठो से बहार आये स्पैम को अपनी ऊँगली पर ले डरा रश्मि के मुँह में दे देता है मुस्कुरा कर दोनों को अलग hi आनद आया था और सायद अब यह तूफान रुकने वाला नहीं था

इधर जब यह दोनों मस्ती में लगे थे तब पीछे कुछ और hi बात चल रही थी

Naina:-radha तूने कनिका को क्यों रखा अपने घर में मुझे वह अछि नहीं लगती

Radha:-janti हो नैना वह अछि क्यों नहीं लगती मैं भी तोह आपके साथ थी पर जो उसके साथ हुआ

Naina:-woh झूट भी तोह बोल सकती है वह राज को पाना चाहती है सायद इस लिए ऐसा कर रही है देखना नहीं वह राज के पास बहुत जाती है

Radha:-baat तोह सही है तुम्हरी नैना पर देखो मुझे भैया पर विस्वास है वह ऐसा वैसा कुछ नहीं करे गए

Naina:-kyo भैया के पास लुंड नहीं है क्या और वह जैसी रहती है किसी के दिमाग को ख़राब कर देगी देख लेना बोल देती हो वह भैया को पका फसा लेगी

नैना की बात सुन्न राधा के मैं में भी अजीब सा दर पैदा हो गया था क्योकि उसका सच वह भी जानती है के लड़को के मामले में उसका चरित्र ाचा नहीं है

Radha:-naina मैं नज़र रखो गयी ऐसा कुछ नहीं होगा

Naina:-agar हुआ तोह....

Radha:-ham क्या कर सकते है नैना वैसे भी वह हमरा भाई है

Naina:-bhai है तोह क्या कही भी मुँह मरे गए और इस कनिका के साथ तोह मैं बिलकुल नहीं देख सकती तू बस नज़र रख कही सक्क हुआ तोह मुझे बाटना क्योकि भैया को मैं देख लगा

Radha:-haa नैना मैं एक पल को भी कनिका का पीछा नहीं छोडो गयी

Naina:-haa और उसकी मदत कर रही है यह तुम्हरे सॉफ्ट हार्ट को दीखता है और मैं बहुत खुश हु मेरी बहिन इतनी अछि है

Radha:-naina क्या अब भी तुम मुझे सिर्फ....

Naina:-bilkul नहीं तुम मेरी भी बहिन है सिर्फ भैया की नहीं सुरु में बस बड़ी मम्मी के कारन

Radha:-haa नैना जानती हो उन्होंने ने गलतिया की है पर वह दिल के बुरे नहीं है मैं भी उन्हें बुरा मैंने लगी थी पर उन्हें बुरा बांया गया था वह है नहीं

Naina:-haa बिलकुल कैसे बुरी हो सकती है जो इतनी क्यूट लड़की की मम्मी हो जो इतनी सॉफ्ट हार्ट वाली है और से इतने हैंडसम भाई की मम्मी हो तोह वह बुरी तोह हो hi नहीं सकती

राधा नैना की बात सुन्न उसके गले लग जाती नैना भी उससे बहो में भर गालो को चुम लेती है

उसके बाद दोनों ऐसे hi बाते करते रहते है रश्मि भी सच में राज की गोद में राज की मलाई खा कर सो गयी थी

राज रश्मि के सोते hi प्यार से उसके चेहरे पर हाथ फेरता है

Raj:-meri बहिन ने सबसे ज्यादा ख़ुशी दी है आज और मैं भी उतनी hi ख़ुशी दुगा मेरी प्यारी स गुड़िया को अपनी बना कर तन्न बदन दोनों से बस घर आने दो मेरी गुड़िया

राज देखता है उसके पापा और कनिका की कार बहुत आगे निकल गयी है तोह वह भी आपकी स्पीड भाड़ा देता है क्योकि उसकी जानबहार तोह सो गयी थी

**************

इस तरी घर से जिलात होकर निकल जाने से और यह पता होने पर के अब तुम डरा वह नहीं जा सकते इस बात से रायचंद का दिमाग ख़राब हो गया था वह अपने घर में बैठा शराब पी रहा था साथ में उसका बड़ा भाई बैठा था जो देखने में बड़ा hi खतरनाक दिख रहा था

(फूल चाँद उसका भाई एक बलशाली सरीर का मालिक जो कुछ भी कर सकता था)

Phoolchand:-(gusse से डाट पिस्ते हुए) इतने सालो की म्हणत तूने अपने हवस में गवा दी रायचंद

Raychand:-mujhe माफ़ कर दीजिये भैया मैं तोह यही सोच के गया था उसके भाई को वह और जलील करो गए और वह महल छोड़ देगा और मालिक रहे गयी काव्य

Phoolachand:-behanchhod तुझे नहीं पता वह तेरी सकल भी नहीं देखे गए जब तूने उसके साथ और......

कहते हुए जैसे फूलचंद की जुबान hi लकवा मार गयी हो ऐसा लग रहा था

Raychand:-agar वह गलती नहीं करता तोह आज काव्य हमरे घर की बहु नहीं होती आज तक हम्म उस वरिदनेर को गोअन से कैसे दूर रख पते पर यह गलती हुयी है भैया मैं जनता हु

Phoolchand:-purni बाते मात याद करो रेचबंद आगे सोचो क्या करना है

Raychand:-kuch नहीं भैया मुझे बस तोह बस उस दो टक्के लोंड़िया से बदला लेना है उस लोंड़िया ने मेरी पुरे परिवार में नाक कटवा दिया अब चाहे कुछ भी हो भैया पर उसे साली का अंत देखना है मुझे

Phoolchand:-tujhe पहले भी कहा है लंगोट से ढीला मात बना कर पर मेरी सुनता कहा है और उस लोंड़िया का तोह वह हज़ार करू गए के वह पैदा होने पर रोये गयी उसके बाप को कॉल लगा

रायचंद मला को फ़ोन लगा देता है और अपने बड़े भाई को फ़ोन देता है

Mla:-haa बोलो रायचंद

Phoolchand:-main फूल बोल रहा हूँ

फूलचंद की आवाज सुनते hi मला अपनी जगह पर खड़ा हो गया दर उसके चेहरे पर था असल बात यह थी के बिन वजह फूलचंद कभी किसी को फ़ोन नहीं करता था करता था तोह सिर्फ जिस के दिन पुरे हो गया हो

Mla:-boliye मालिक

Phoolchand:-tumhri बेटी तुम्हरे हाथ में नहीं है क्या... इतनी आग भी अछि नहीं होती किसी के लिए उस ने हमरा वर्षो पूर्ण काम बिगाड़ा है अब उससे मरना होगा

Mla:-sir वह ऐसा नहीं कर सकती वह ऐसा क्यों करे गयी

Phoolchand:-aaj तक फूलचंद ने यह नहीं जानना के गलती क्यों हुयी है बस सजा दी है जिसने गलती की है और तेरी बेटी को भी मिले गयी तू बिच में मात आना बस इतना hi कहो गए

Mla:-jeee

मला और कुछ बोल hi ना सका और फ़ोन काट गया वह परेशान था आखिर उसकी बेटी ने किया क्या है ऊपर से वह यह पॉच नहीं सकता था पिछले कुछ दिन से उसकी अपनी बेटी से बात भी नहीं हुयी थी बस इतना पता था वह राज के घर गयी है वह भी उस ने इनको रेपिस्ट hi कहा था

मला जनता था फूलचंद के रस्ते में वह नहीं आ सकता उसके हाथ अब बांध हो गए थे वह बस बेबस पंछी बन्न के रह गया था
 
अपडेट NO 79

Phoolchand:-aaj तक फूलचंद ने यह नहीं जानना के गलती क्यों हुयी है बस सजा दी है जिसने गलती की है और तेरी बेटी को भी मिले गयी तू बिच में मात आना बस इतना hi कहो गए

Mla:-jeee

मला और कुछ बोल hi ना सका और फ़ोन काट गया वह परेशान था आखिर उसकी बेटी ने किया क्या है ऊपर से वह यह पॉच नहीं सकता था पिछले कुछ दिन से उसकी अपनी बेटी से बात भी नहीं हुयी थी बस इतना पता था वह राज के घर गयी है वह भी उस ने इनको रेपिस्ट hi कहा था

मला जनता था फूलचंद के रस्ते में वह नहीं आ सकता उसके हाथ अब बांध हो गए थे

अब आगे..............

सभी इस वक़्त सेहर वाले राज के घर में थे क्योकि रमेश के घर जाने से अंचल ने मन कर दिया था वैसे भी उन्होंने ने घर ले लिया

सभी हॉल में बैठे थे लड़कियों ने चाय नास्ते का इंतज़ाम कर दिया था

Anchal:-main चलती हो दिया वह पर भी सब ठीक करना होगा

Kavya:-haa भाभी चलिए देखना तोह होगा वह क्या क्या है क्या नहीं

Arjun:-tum वह रहो गयी

Kavya:-haa भैया भाभी को एकला रखना ठीक नहीं है और फिर वह सेहरा है ना मैं वह राहु गयी राधा ेक्लि नहीं रहे गयी आराध्य साथ होगी उसके

Varinder:-teek है छोटी और कोई घर ज्यादा दूर नहीं है तोह मैं और अर्जुन आते रहे गए या तुम आ जाना

Kavya:-jee भैया

Radha;-meri शर्त याद है ना भैया

Raj:-haa बाबा याद है अचे से तू चिंता ना कर

Niharika:-ab यह शर्त कहा से आ गयी हम्मे भी बातो

Raj;-radha चाहती है मैं एक दिन यहाँ रुको एक दिन वह

Diya:-beta ऐसे तोह तुम पड़े कब करो गए

Raj:-main देख लगा मम्मी और वैसे भी जॉब में भी टाइम जाये गए

र papa:-ab जॉब की क्या जरूरत है अभी पड़े करो

Raj:-papa मैं सिख रहा हु वह और वह कोई काम नहीं होता बस कुछ नया सिख रहा हो ताकि आगे काम आये यह रुतवा यह दौलत मुझे नहीं चाहिए मैं खुद के दम पर खड़ा होना चाहता हो

र papa:-acha ठीक है जैसे तुझे ठीक लगे

Kavya:-apki तरह ज़िद्दी है भैया अपनी बात मनवा कर hi रहता है

Arjun:-haa पर तेरी तरह इसको भी इसकी बहने हरा देती है

Kavya:-bas मेरी तरह नहीं हरनी चाहिए भैया मेरी बेतिया

Anchal:-chlo बाते बहुत हो गयी चलो अब और कनिका तुम...

Raj:-yeh आपके साथ hi रह लेगी वह जाना इसका ठीक नहीं है मम्मी और मैं भी साथ चलता हो सायद जरूरत पढ़ जाये

Rashmi:-jana जरुरी है भैया आज मुझे आपके पास रहना है

Raj:-aaj नहीं कल पका रश्मि

Chachi:-yeh भाई बहिन भी ना पता नहीं क्या क्या करते रहते है चलिए सब आराम कर लीजिये आप भी जाइये दीदी और काव्य को जरूरत पढ़ सकती है

Arjun:-achaa ठीक है चलो

Naina:-bhaiya कल से कॉलेज भी जाना होगा बहुत काम पढ़े प्रेजिडेंट बनने के बाद काम होते है जो मेरे पेंडिंग है रितेश भैया का भी कल कॉल आया था वह भी पॉच रहे थे सायद कोई मीटिंग है V/C के साथ

Raj:-haa कल से जाना तोह पढ़े गए संजना और गीता सब को कॉल कर के बात दो हम कल से कॉलेज सुरु करे गए

Aardhya:main क्या करो गयी घर पर ेक्लि

Raj:-tera भी एडमिशन करा देंगे मैंने T.C लेने को कहा है तेरा स्कूल से फिर यहाँ एडमिशन करा देंगे राधा के साथ

Radha:-haa यह ाचा रहे गए

उसके बाद राज अंचल राधा काव्य कनिका आरध्या सब घर को निकल जाते है साथ में अर्जुन भी सामान लेकर चल देता है ज्यादा तर नया hi सामान माँगा लिया था तोह ज्यादा सामान था hi नहीं इनके पास सभी घर से 20 मिंट की दूरी पर एक अचे सोसाइटी में एक बेहद खूबसूरत घर के आगे कार रोकते है

संजना भी गीता को लेकर घर को निकल गयी थी क्योकि उसके मम्मी पापा तोह ऑफिस भी जा चुके थे क्योकि थे तोह एक hi ऑफिस में

सब घर देख खुश हो जाते है क्योकि घर बहुत ाचा था सब कार से निकल अपना सामान उठा लेते है

Arjun:-bhabhi आप सब का एकला यहाँ रहना ठीक नहीं लग रहा मुझे

Anchal:-mujhe पता है आपको मेरी चिंता है देवर जी पर चिंता ना करे सेहरा खुद यहाँ की देखभाल करे गए और इस पर आपको कोई सक्क नहीं होगा और यह जो सोसाइटी है ना यह भी कोई आम नहीं है यहाँ पर ज्यादातर घर पुलिस और आईपीएस अफसर के है तोह चिंता ना करे

Arjun:-fir भी

Kavya:-mera बीटा है देख लेगा भैया और आप के होते मुझे क्या हो सकते हो फिर भैया क्या लगता है मुझे यहाँ ऐकले भूल सकते है

Arjun:-haste हुए) कभी नहीं काव्य वह तोह आलरेडी यहाँ की जानकारी ले चुके होंगे

Raj:-ab चले अंदर घर बहार से मुझे मस्त लग रहा अंदर से देखते है

Aardhya:-ghar मैंने सेलेक्ट किया है भैया मस्त तोह होगा hi

Raj:-teri िन्नी अछि चॉइस नॉट बाद चुहिया

Radha:-thanku चूहा....

इस बात पर सब हसने लगते है सब अंदर को चल देते है

जब सभी घर को अंदर से देखते है तोह घर एक दम अचे से सजा हुआ था सभी घर को अचे से देखते है

(घर में ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर थे साथ में एक खुली छत थी ग्राउंड फ्लोर पर चार रूम थे जिस से सबसे पहले अंचल ने एक रूम लिया तोह एक काव्य ने एक गेस्ट के लिए रहने दिया एक में कनिका को रूम दिया गया

फर्स्ट फ्लोर पर भी शामे रूम थे तोह एक में आरध्या एक में राधा तोह एक राज के लिए रूम दिया गया क्योकि वह यहाँ रहने वाला था आ जाने के लिए एक रूम को बंद hi रखा गया था)

घर पर सब सामान था hi और नास्ता वह कर के आये थे तोह किसी ने खाने की ीचा ज़ाहिर नहीं की गयी घर के अंदर hi छोटा सा पार्क था और पार्क और गेट के साथ hi बना एक गेस्ट रूम की तरह रूम था जिस में सेहरा रहने को राजी हुआ हलकी सबने घर में रहने को कहा पर वह चाहता था उसका ध्यान रक्षा में ज्यादा रहे इस लिए बहार वाले घर में hi रुकना ठीक रखा

सब ठीक से एडजेस्ट करा के अर्जुन और राज सबको रेस्ट करने का बोल घर से बहार पार्क में आ गए जहा सेहरा खड़ा था

Sehra:-malik चिंता ना करे यहाँ कुछ नहीं होगा जब तक सेहरा के अंदर सासे चलती रहे गयी

Arjun:-mujhe तुम्हरी काबलियत पर कभी सक्क नहीं है सेहरा ना भैया को है

Sehra:-yahi मेरी असली कमाई है मालिक

Raj:-dad यहाँ पर कुछ सीकरी कुत्तो का होना जरुरी है जो रात को खुले घूम सके

Sehra:-uska इंतज़ाम हो गया है आप ज्यादा दिन वह नहीं रुक पाए वार्ना महल में हरमे वफदार से मिल लेते वह आज रात से पहले यहाँ आ जाये गए

Arjun:-kya वह यहाँ आ रहा है पर महल

Sehra:-uski औलाद और वाइफ तोह वही है ना मालिक वह मेरी तरह आखिरी सास तक वफादार है

Arjun:-uska यहाँ होना हम सब से भी ज्यादा जरुरी था यह ाचा किया

राज का दिल कर रहा था जानने को आखिर कोण है जिसकी बाते हो रही है उसने तोह कुत्ते रखने की बात कही थी फिर यह कोण है

Raj:-chacha आप दोनों किसी की बात कर रहे है मुझे भी तोह बाटिये मैंने तोह डॉग पालने की बात की थी

Arjun:-usse कुत्ता कहना तोह उसकी बजती होगी बीटा वह अपने आप में एक मिस्साल है उसकी बराबरी हम भी नहीं कर सकते वफादारी में उस पर आँख बंद कर के विस्वास कर सकते है जब मैं भैया महल जाते थे तोह बचपन में उसके पास खड़ा होने भी दर लगता था एक दम पागल है वह पर उसका दिमाग और अपनों की पहचान करने की कला सबसे ाचा है उसके जैसा सीकर कोई नहीं कर सकता यह उसके खून में है भैया का पसंदीदा है वह साम को आये गए मिलना उस से

Sehra:-tiger की खासियत आप उसके साथ रह कर hi पता लगा सकते है वह रात तक आ जये गए गुड़िया सब से बोल दीजिये गए सुबह तक घर से रात को ना निकले वह समझदार के साथ खतरनाक है फ़िलहाल दोस्ती नहीं होगी इस लिए मन करे रात को बहार आने से

Raj:-main मिलने को बहुत ज्यादा एक्ससिटेड हो चाचा

Arjun:-mil लेना मैं जा रहा हो सुबह आता हु उस से मिलने और तुझसे भी ख्याल रखना

Raj:-jaldi आइये गए कल कॉलेज जाना है

Arjun:-teek है

उसके बाद वह चल देते है घर राज भी घर में आ अपने रूम में जाकर रेस्ट करने लगता है सायद hi अपनी ज़िंदगी में ए इतने अजीब बदलाव के बारे में सोचने लगता है

***********************

मला के घर में उस वक़्त हॉल में सभी बैठे थे सैंडी रमेश और खुद मला बैठा हुआ था सब के हाथो में शराब पकड़ी हुयी थी

Ramesh:-aakhir यह सब हुआ कैसे और कनिका को क्या हुआ है

Mla:-Behanchhod यही तोह पता नहीं उस पागल लड़की ने यह क्यों किया अब उससे कोई नहीं बचा सकता तू जनता है बहनचोद फूलचंद को

Sandy:-aakhir यह है कोण पापा जो सीधे आपको कॉल कर के कनिका को मरने की धमकी दे दी

Ramesh:-saitan है वह इंसान के रूप में उसकी काया और सकल देख बचा अपने जीवन को छोड़ दे

Mla:-uska चुनना हुआ सीकर कभी नहीं बचता कनिका को कोई नहीं बचा सकता

Sandy:-toh क्या मैं कनिका को मरने दो

Ramesh:-haa बिलकुल उससे तुम मैं यहाँ पर कोई नहीं बचा सकता है

Sandy:-aakhir वह इंसान hi है ना कैसा दर आप लोगो से नहीं होगा तोह मैं देखो गए मैं कनिका को मरने नहीं दे सकता

सैंडी की बात पूरी होते hi मला ने थपड रासिद दिया

Mla:-bekuf लड़के अपनी बहिन की तरह कोई बेवकूफी मात करना वह हैवान माफ़ी नहीं देता कभी नहीं

Ramesh:-hamme इस दलदल से निकलना होगा उसके लिए फूलचंद और वरिंदर दोनों को हटना होगा हमने तोह सोचता था फूलचंद वरिंदर को हटा देगा हम उससे होता देंगे

Sandy:-abhi आप के नाम से काँप रहे थे अभी हटाने की बात कर रहे हो

Ramesh:-Sandy सब पता लगे गए फूलचंद को हम नहीं उसकी एक कमजोरी मरने वाली थी सब सही जा रहा था अगर कनिका यह सब नहीं करती अब कनिका की कुर्वानी hi हम्मे यह जित दिलाये गयी तोह कोई बेवकूफी मात करना

Mla;-usse ना हम रोक नहीं सकते पर हम उसके रस्ते को भटका के ख़तम करने वाले थे पर खैर तू जो कह रहे है वह कर अभी तक तेरा काम पूरा नहीं हुआ

Ramesh:-haa तू अपना कॉलेज एन्जॉय कर यह हम दोनों देखे गए भूल जा कनिका तेरी बहिन थी एक रंडी समझ जिसके तूने और हमने मजे लिए और छोड़ दिया

Sandy;-parrrr

Mla:-jo कह रहे है समझो उससे आज उसका सिक्का है बस हम्मे थोड़ा इंतज़ार करना है

उसके बाद सैंडी वह कुछ ना बोल उठ के चला जाता है पर वह दोनों प्लान बनते रहते है
 
प्लसस पेज मात बढ़ो दोस्तों अभी ना रिप्लाई कर सकता हो ना अपडेट दे सकता hoo...next मंथ स्टोरी स्टार्ट हो जाये गयी कहने की जरूरत नहीं है पंजाब में मेरा मास्टर का एग्जाम है जिसकी तयारी में ही अभी टाइम है स्टोरी के लिए nhi...soo 1 मंथ और वेट karo...date आ गयी है बस एग्जाम ाचा हो jaye..thanxx लोट बूत वेट फ्यू डे मोरे
 
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