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अपडेट no 51
राज गीता को घूर रहा था गीता राज को घर घूर रहा था पर जैसे hi गीता ने राज की नज़र का पीछा किया उसकी तोह हवा hi टाइट हो गयी जब उससे अपनी हालत का एहसास हुआ
गीता ने फटाफट बेडशीट खींच कर अपने बदन से लपेट ली गीता के ऐसा करने से राज भी होश में आया और फटाफट दूर क्लोज कर कर दिया और दूर से लग जोर जोर से सास लेने लगा उसकी आखे बंद हो गयी थी और आखो के सामने अभी भी वह तस्वीर घूम रही थी जो कुछ देर पहले देखि थी जब गीता कपडे बदल रही थी और दरवाजा खुलते वक़्त सिर्फ ब्रा और पंतय में थी
अब आगे..................
राज ने जो देखा आज उसके लिए एक दम नया एहसास था अपने अंदर एक अलग hi रोमंच पैदा हो गया था उसके अंदर वह अपने आप को कब्बू कर रहा था आज उसके निचे भाग में ठीक वैसी hi उभर था जैसा रात के वक़्त स्टोरी पढ़ते आया था पर राज इतना भी मंदबुद्धि नहीं था के उससे पता नहीं था सेक्स और आकर्षण क्या होता है
जब राज ने अपने आप को सेंट्रल कर लिया तोह उसके चेहरे पर अलग hi मुस्कान आ गयी
Raj:*main भी पागल हु पर काम से काम नॉक तोह कर लेता कहा उससे मैंने आया था और हो क्या गया पर कितनी खूबसूरत थी geeta...yar मैं भी क्या सोचने लगा अब अंदर कैसे जाओ और यह फूल अब इसका क्या करो अगर अब दिया तोह मतलब बिलकुल जीरो इमेज हो जाये गयी इससे शर्ट में hi दाल बीटा
Raj:*ab हिम्मत कर भी ले ऐसे तोह खड़ा रहे gaa...common राज तू कर सकता है
राज बड़ी हिम्मत जूता कर दूर नॉक करने लगता है के तभी दूर ओपन हो जाता है
एक बार फिर गीता और राज एक दूसरे को देखने लगते है पर इस बार गीता अपनी नजरे नीची कर लेती है
Raj:*sorry
geeta:*sorry
दोनों एक साथ सॉरी कहने पर दोनों फिर एक दूसरे को देखते है फिर निचे मुँह कर लेते है पर इस बार गीता के चेहरे पर शर्म और मुस्कान थी तोह वही राज के चेहरे पर स्माइल थी
Raj:*tum क्यों सॉरी कह रही हो गलती मेरी थी मुझे नॉक करना चाहिए था
geeta:*nhi गलती मेरी थी मुझे दूर क्लोज रखना चाहिए था
इस बार दोनों ऐसे गलती कर देते है जिस पर एक बार फिर चेहरे पर शर्म और मुस्कराहट ने जगह ले ली थी
राज जहा बात करते हु रूम के अंदर चला जाता है तोह वही गीता रूम से बहार आ जाती है
राज और गीता जैसे hi देखते है फिर एक दूसरे की पहली वाली जगह पर आ जाते है मतलब राज बहार तोह गीता अंदर इस बार यह दोनों कुछ बोलते उस से पहले किसी और की आवाज आती है
aunty:*aaj कोनसा नशा किया हुआ है दोनों ने थोड़ी देर से देख रही हो वह भी निचे देख रही है तुम भी निचे देख रहे दोनों मुस्कुरा रहे हो कभी एक अंदर जाता है तोह दूसरा बहार तोह कभी एक अंदर तोह कभी दूसरा bahar...ho क्या रहा है अब अंदर चलो दोनों कोई अंदर तोह कोई बहार नहीं
Raj:*(mann में) अब क्या hi बातो आपकी बेटी का hi नशा किया है
geeta:*woh तोह अचानक राज को देख कर हैरान हो गयी थी इस लिए......
Raj:*haa आंटी....
aunty:*samjh गयी मैं ज्यादा बाते बनने की जरूरत नहीं चलो चाय पियो मुश्किल से तोह दर्शन दिए है इस ने मेरी बेटी ने तोह ऐसा करना hi था तू आता क्यों नहीं है यहाँ
Raj:*apko तोह बतया होगा आंटी गीता कुछ दिन से हालत कैसे है
aunty:*haa बीटा सब बता मैं तोह आ ना सकीय पता है ना काम कितना होता है पर सुन्न कर ाचा लगा अब ठीक है
Raj:*haa आंटी आप सभी के प्यार से सब ठीक हो गया
aunty:*beta यह सब हमरे कारन नहीं तुम्हरे नेक दिल होने के कारन हुआ है
Raj:*kya आंटी आप भी आपकी चाय बड़ी टेस्टी है
aunty:*haa इसी लिए पीने आ जाता है ना तू
Raj:*acha सॉरी आंटी अब से आ जाया करो गए आपसे मिलने
aunty:*mujhse ना सही जिस से मिलने आया है उस से hi मिलने आ जाया कर
geeta:*mummyyyyy
aunty:*chilla क्यों रही है सच hi तोह कहा है
geeta:*mummy आपको निचे काम नहीं है
aunty:*nhi बीटा मैं तोह बिलकुल फ्री हो
geeta:*mummy प्लस
aunty:*achaa ठीक है जाती हु क्या जमाना आ गया है बचे माँ के पास भी नहीं बैठ सकते
geeta:*(udas मैं से) मम्मी रहने दीजिये आप यही बैठिये कोई बात नहीं
aunty:*(geeta के गालो को सेहला) बीटा तुम बैठ मुझे थोड़ा काम है मैं तोह मजाक कर रही थी
Raj:*aunty बैठिये ना मैं तोह आप सब से मिलने hi आया था
aunty:*beta तुम बाते करो मैं जा hi रही हो काम पर बस लंच करने आयी थी और राधा का लंच त्यार करने
Raj:*aunty आप वह जॉब छोड़ दो मैंने आपके लिए नयी जॉब देखि है जो आपके लिए अछि भी है और सैलरी भी अछि है
aunty;*par बीटा ऐसे अचानक जॉब कैसे चेंज कर लू और कोण स जॉब है सेलेक्ट होगी के नहीं
Raj:*sab हो जाये गए आप अपना मैं बना लीजिये बस
geeta:*kaha है जॉब राज
Raj:*Clark की जॉब है और संजना के पापा का ऑफिस है
geeta:*waha जॉब नहीं करे गयी मम्मी जॉब
Raj:*tum ना चुप hi रहो जो मैं बोल रहा हु ओह सुनने आंटी आप कल वह कह आना आप पढ़ी लिखी है और क्या सैलरी देते है वह वह प्रोटेक्शन के साथ सैलरी है
aunty:*(geeta को देख) पर बीटा....
Raj:*koi पर बार नहीं मैं समझा दुगा गीता को उसकी नादानी के कारन आप गलत फैसला मात लो उसको दुनिया की समझ अभी इतनी नहीं है और आपको क्या लगता है मैं कोई गलत फैसला लगा आपके लिए
aunty:*nhi मेरा बीटा कभी गलत फैसला नहीं ले सकता है
Raj:*ab आप जाइये और नौकरी छोड़ कर आ जाइये
aunty:*teek है तुम दोनों बात करो और बीटा राज के जाने के बाद दूर लगा लेना
गीता :*जी मम्मी
उसके बाद गीता की मम्मी चली जाती है रह जाते है यह दोनों एक दूसरे के सामने पर जैसे hi गीता की माँ घर से बहार गयी गीता बादक गयी राज पर
geeta:*(narajgi से) क्या जरूरत थी उस से मदत मांगने की... अब क्या समझे गयी वह मैं तोह किसी लायक नहीं उसके बराबर
Raj:*(gusse में) एक खींच के तपाद दुगा तोह साडी अकाल वापस आ जाये गयी वह तुम्हरी कॉलेज लाइफ है ना वह तुम कुछ भी करो उस में फॅमिली क्यों ला रही हो जरा सोची है आंटी इतनी काम सैलरी में कैसे सब देखती है तुम्हरी फी मैं दे रहा हु पर क्या इतना hi खर्चा होता है घर का मैं सामने से दू भी ना तोह भी कभी नहीं लेंगी बेसक कितनी भी जरूरत क्यों ना कल को दो पैसे की जरूरत होगी तोह क्या करे गयी वह... तुम्हरी फी देने के लिए भी मुझे कितनी मिन्नत करनी पड़ी थी भूल गयी तुम... वह कभी एहसान नहीं लेगी मुझे बीटा मानती है सायद तुम दोनों कुछ ओपन हो तोह कुछ ज्यादा मानती है इस लिए इतना करने दिया पर इतना जरुरी नहीं अब रो क्यों रही हो (ासु पॉच गले से लगा) पागल तुम मुझे प्यार करती हो और इस लिए तुम संजना से मदत नहीं लेना चाहती पर यहाँ संजना थोड़ी मदत कर रही है यह कंपनी उसके पापा की और वह आंटी को पैसे ऐसे hi नहीं मिले गए काम करे गयी तोह मिले गए समझी... तुम्हे अभी बहुत कुछ सीखना है दुनिया दरी का अब रोना बंद करो तुम दोनों के लिए जो बेहतर होगा वही करो गए मैं इतना समझ लो
geeta:*i ऍम सॉरी मैं कभी ऐसा नहीं सोचती पर जब बात आप पर आ जाती है मुझसे बर्दास्त नहीं होता ऐसा लगता है साडी दुनिया चीन रहा है मुझसे आपको
raj:*geeta क्यों नहीं मानती तुम इसकी मंजिल नहीं है कोई
geeta:*kyo नहीं है इस लिए के अब वह मंजिल संजना है
raj:*fir तुम वही सोचने लगी फिर कहो गयी मैं इस लिए तुम्हे अपना रहा क्योकि तुम गरीब हो
geeta:*nhi ऐसा नहीं है आप ऐसा नहीं हो मैं जानती हो पर मुझे बर्दास्त नहीं होगा मैं नहीं रह सकती आपके बिना
raj:*acha ठीक है सुनो मेरी छाती में अब दर्द हो रहा
geeta:*thoda दूर हो) हो तोह मेरे गालो को भी रहा है जैसे कोई काटा चुभ रहा हो ऐसे लग रहा है क्या अंदर
raj:*kuch भी तोह....
राज अपनी बात पूरी करता उस से पहले राज की शर्ट में हाथ दाल गीता वह रेड रोज निकल लेती है
geeta:*yeh किसके लिए है किसके लिए लिया है संजना के लिए ना या आज वह जो लड़की आयी थी उस के लिए और कैसे उस से बाते कर रहे थे मैं तोह भूल hi गयी मैं गुस्सा थी
raj:*yar तुम्हरा मतलब समझ में कोई दिमाग का part हिला हुआ है
geeta:*(gusse और नाराजगी में) एक तोह ऐसी हरकत करते हो ऊपर से मुझे hi ऐसा बोल रहे हो
raj:*toh क्या बोलो मुझे बातो मतलब मैं तुमसे मिले आया हु और रोज लेकर जा रहा हु संजना या उसके लिए
geeta:*(gusse में) ाचा मेरा लिए होता तोह अब तक दे नहीं देते मुझे
raj:*miss गीता जी आप सायद भूल रही है जब हम मिले थे तोह आप और मैं किश हालत में थे
राज ने जैसे hi यह बात कही दोनों के आखो के सामने फिर वह सीन आ गया जहा राज मुस्कुरा रहा था तोह गीता शर्मा रही थी
geeta:*woh तोह... बस हो गया गलती से और आप कैसे घूर रहे थे मुझे
raj:*acha तोह मतलब तुम वैसे हालत में हो और मैं घूरो भी naa...main अंदर से ठीक हो
geeta:*sharm भी होती है
raj:*kaisi होती है
geeta:*aaj आपको हुआ क्या है पहले तोह ठीक से बात भी नहीं करते थे जैसे मुझ में काटे लगे हो
गीता की बात सुन्न राज एक दम सीरियस हो जाता है जिस पर गीता को लगता है उसने कुछ गलत कह दिया
geeta:*i ऍम सॉरी मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए था वह मैंने आपके अंदर अचानक इतने बदलाव देखे तोह मुझे से निकल गया....
raj:*geeta ऐसा नहीं है के मुझे तुम्हरी बात बुरी लगी बात तुम्हरी बिलकुल ठीक है और सच कहु तोह मैं भी ऐसी लाइफ चाहता था पर तब मुझे लगता था ज़िंदगी में कुछ हासिल करना hi सब कुछ है पर अब ऐसा नहीं लगता अब लगता है मैंने बहुत कुछ खो दिया पर अब ऐसा नहीं करना चाहता पर सच यह भी है के तुम दोनों का प्यार मुझे बदल रहा है
geeta:*(bhari गले से) तुम दोनों से आपका क्या मतलब
raj:*yar प्लस अब मात रोना.. तुम दोनों से मतलब तुम और संजना जिस तरह से प्यार का इकरार करती हो और मैं तुम्हे गुस्से से भगा देता था इस मुझे भी बुरा लगता था इसकी वजह यह भी है के जब मैं प्यार महसूस करने लगा तोह तुम दोनों hi मेरे दिल में बर्बर जगह में हो मैं तुम्हरे भी पसंद करता था और संजना क्यों इस लिए मैं दोनों को मन कर देता हु क्योकि मैं किसी का दिल नहीं तोड़ सकता दोनों मेरे लिए अब खास हो
geeta:*main आपसे कब से प्यार करती हो जानते हो ना
Raj:*maine जो महसूस किया उससे बात दिया
गीता झट्ट से राज का हाथ उठा कर अपने सर पर रख लेती है
geeta:*aap दोनों ने एक दूसरे से इजहार और इकरार कर लिया ना मेरी कसम झूट मात कहिये गए
raj:*haa यह सच है मैंने कल hi संजना से प्यार का इकरार किया था
गीता ने जैसे hi इतना सुन्ना उसका दिल hi भार आया आखे से नीर बहने लगा राज चाहता था यह बात पता ना लगे पर अब जब कसम दी गीता ने वह छह कर झूट ना बोल सकीय
राज ने आगे बढ़ कर गीता के ासु पोछने चाहे तोह गीता ने हाथ झटक दिया
geeta:*aap इस लिए यहाँ आये ताकि मुझे समझा सके वार्ना आप प्यार तोह संजना से करते है मुझसे नहीं
raj:*main तुमसे भी प्यार करता हु गीता वार्ना मैं झूट भी तोह बोल सकता और तुम इस लिए रो रही हो मैंने संजना को पहले परपोज़ किया या मैं दोनों को कैसे प्यार कर सकता हु तोह इसका जवाब मेरे पास नहीं है तुम्हरे इस सवाल का पर तुम्हरी hi कसम यह देख लो यह रिंग मैंने कल hi ली थी तुम्हरे और संजना के लिए दोनों शामे है कुछ भी अलग नहीं है और एक साथ hi ली है मैंने.... संजना को इस लिए पहले कहा क्योकि वह तुम्हरे थोड़ी मातुरे है मैं तुम्हे अभी नहीं बाटना चाहता था मैं चाहता था तुम्हरे करीब आओ तुम्हे प्यार का एहसास दिलो तब तुम्हे अपने लिए मानगो पर तुम्हरी कसम ने सब अचानक कर दिया यह रिंग भी अपने पास हर इस लिए hi रखा हु के कल को ऐसा कभी ना लगे के मैं तुम्हरे भूल रहा हु संजना के पास रहते हो
geeta:*main ेक्लि खुश नहीं कर पति क्या आपको आखिर क्या कमी है मुझे सिवये दौलत के
raj:*tumne मुझे यह कह कर मेरे किरदार पर hi गली दे दी गीता... मैं नहीं जनता मुझे कैसे तुम दोनों से प्यार हुआ पर जब मुझे एहसास हुआ तोह दोनों का उतना hi प्यार महसूस हुआ पर ना तोह मैंने दौलत के लिए संजना को चाहा था ना जिस्म के लिए तुम्हे... मैं जैसा था वैसा hi ठीक हो मैं ना संजना के पास जाओ ना तुम्हरे पास चलता हु दरवाजा लगा लो
raj:*(gate के पास रुक कर) अगर मुझे दौलत hi चाहिए होती गीता तोह मैं अपनी उस माँ के जाता जिस ने जनम दिया था वह साडी दौलत देकर मुझे पाना चाहती है पर मैंने उन् से दो बोल नहीं बोले ठीक से क्योकि जब मुझे जरूरत थी इस प्यार की तब उनका प्यार नहीं था मेरे liye.....geeta जिस्म और पैसे के भूखे बहुत मिल जाये गए पर प्यार का बुखा नहीं मिले गए मेरी एक यही वजह थी जब तुम दोनों के पास आया था...
राज वह और ना रुका गीता को उस रूम में hi छोड़ कर घर से भर निकल गया वही गीता बीएड पर बैठी रोटी रही अपने कहे सब्दो और राज के लब्जो को समझ के रोने लगती है
राज का दिल था यहाँ से मिल कर संजना के पास जाना और थोड़ा वक़्त बिता कर ऑफिस जान आज पर एक तोह यहाँ जो कुछ हुआ उस से मूड ख़राब हो गया था और दूसरा वह संजना से अभी बिलकुल नहीं मिलना चाहता था काम से काम गीता को तोह यही वादा कर के आया था राज ने टाइम देखा तोह ऑफिस का हो गया था तोह राज वह से ऑटो पकड़ कर संजना के पापा के ऑफिस चल देता है और साथ hi कॉल कर देता है अपने आने के बारे में
ज
जब 30 मिंट बाद वह ऑफिस आता है वह संजना के पापा आ जाते है राज से खुद मिलने और उन्हें अपने साथ hi ले जाते है अपने ऑफिस
raj:*uncle आपका ऑफिस तोह बहुत ाचा है
स papa:*tum म्हणत करो गए तोह इस से ाचा करो गए क्योकि अभी तुम बस सीखो क्योकि यह एक्सपीरियंस हर किसी को नहीं मिलता और हां जरुरी नहीं यहाँ हर टाइम तुम्हे रहना यह टाइम भी दुबारा नहीं मिलता तोह जब चाहो आना और जाना बस एक काम करना डेली यहाँ आना है आधे घंटे के लिए भी और फिर गेट से बहार जाने वक़्त सोचना आज कुछ नया था
raj:*uncle ऐसा क्यों और फिर ऐसा करो गए वह मुफ्त की सैलरी लगा ना
स papa:*(muskura कर) बिलकुल नहीं ऐसा इस लिए कर रहा हु क्योकि मैं एक नई पार्टनर त्यार कर रहा हु और जितना ाचा तुम त्यार होंगे उतना मेरा फ़ायदा होगा घर में बेसक तुम दामाद हो यहाँ तुम और मैं एक बिजनेसमैन है और बिजनेसमैन इन्वेस्टमेंट करने से नहीं डरता जहा उससे फ्यूचर में फ़ायदा लगे मैं भी कर रहा क्योकि यह मेरे और मेरे बची दोनों के लिए ाचा है क्या समझे
raj:*samjh गया अंकल और मैं भी पूरी खोसिस करो गए आप की उम्मीद पर खरा उतरो
स papa:*very गुड आज तुम यहाँ घूमो और देखो यहाँ क्या होता है लोग क्या क्या कर रहे है कल मैं तुम्हे अपने मैनेजर से मिलो गए तुम्हे उनके पास hi रहना है फिर उससे देखना है क्या करता है क्या नहीं
raj:*fir तोह आपको देखना चाहिए
स papa:*bilkul पर मुझ तक पोछने के लिए तीन लोग है जिसे समझना होगा पहले इससे समझो बाकि मेंबर से भी मिला दुगा जिस समझना है जब मेरे तक आ गए समझ लो काम ख़तम
raj:*ji अंकल ठंकु और अंकल आपसे काम कहा था एक
स papa:*woh हो गया कल उन्हें कल यहाँ ले आना कल छोटी इंटरव्यू कर लेंगे और जहा वह ठीक होगी पोस्ट दे देंगे ोकक अब घूम कर घर चले जाना तुम्हे किसी से पोछने की जरूरत नहीं
raj:*teek है अंकल थैंक्स
संजना के पापा राज को मिल और समझा के चले जाते है राज भी ऑफिस में घूम घूम कर वर्कर को देखता है सब कुछ समझने लगता है पर लगभग 2 घंटे में सब देख समझ कर भोर होने लगता है तोह वह घर को निकल जाता है
राज गीता को घूर रहा था गीता राज को घर घूर रहा था पर जैसे hi गीता ने राज की नज़र का पीछा किया उसकी तोह हवा hi टाइट हो गयी जब उससे अपनी हालत का एहसास हुआ
गीता ने फटाफट बेडशीट खींच कर अपने बदन से लपेट ली गीता के ऐसा करने से राज भी होश में आया और फटाफट दूर क्लोज कर कर दिया और दूर से लग जोर जोर से सास लेने लगा उसकी आखे बंद हो गयी थी और आखो के सामने अभी भी वह तस्वीर घूम रही थी जो कुछ देर पहले देखि थी जब गीता कपडे बदल रही थी और दरवाजा खुलते वक़्त सिर्फ ब्रा और पंतय में थी
अब आगे..................
राज ने जो देखा आज उसके लिए एक दम नया एहसास था अपने अंदर एक अलग hi रोमंच पैदा हो गया था उसके अंदर वह अपने आप को कब्बू कर रहा था आज उसके निचे भाग में ठीक वैसी hi उभर था जैसा रात के वक़्त स्टोरी पढ़ते आया था पर राज इतना भी मंदबुद्धि नहीं था के उससे पता नहीं था सेक्स और आकर्षण क्या होता है
जब राज ने अपने आप को सेंट्रल कर लिया तोह उसके चेहरे पर अलग hi मुस्कान आ गयी
Raj:*main भी पागल हु पर काम से काम नॉक तोह कर लेता कहा उससे मैंने आया था और हो क्या गया पर कितनी खूबसूरत थी geeta...yar मैं भी क्या सोचने लगा अब अंदर कैसे जाओ और यह फूल अब इसका क्या करो अगर अब दिया तोह मतलब बिलकुल जीरो इमेज हो जाये गयी इससे शर्ट में hi दाल बीटा
Raj:*ab हिम्मत कर भी ले ऐसे तोह खड़ा रहे gaa...common राज तू कर सकता है
राज बड़ी हिम्मत जूता कर दूर नॉक करने लगता है के तभी दूर ओपन हो जाता है
एक बार फिर गीता और राज एक दूसरे को देखने लगते है पर इस बार गीता अपनी नजरे नीची कर लेती है
Raj:*sorry
geeta:*sorry
दोनों एक साथ सॉरी कहने पर दोनों फिर एक दूसरे को देखते है फिर निचे मुँह कर लेते है पर इस बार गीता के चेहरे पर शर्म और मुस्कान थी तोह वही राज के चेहरे पर स्माइल थी
Raj:*tum क्यों सॉरी कह रही हो गलती मेरी थी मुझे नॉक करना चाहिए था
geeta:*nhi गलती मेरी थी मुझे दूर क्लोज रखना चाहिए था
इस बार दोनों ऐसे गलती कर देते है जिस पर एक बार फिर चेहरे पर शर्म और मुस्कराहट ने जगह ले ली थी
राज जहा बात करते हु रूम के अंदर चला जाता है तोह वही गीता रूम से बहार आ जाती है
राज और गीता जैसे hi देखते है फिर एक दूसरे की पहली वाली जगह पर आ जाते है मतलब राज बहार तोह गीता अंदर इस बार यह दोनों कुछ बोलते उस से पहले किसी और की आवाज आती है
aunty:*aaj कोनसा नशा किया हुआ है दोनों ने थोड़ी देर से देख रही हो वह भी निचे देख रही है तुम भी निचे देख रहे दोनों मुस्कुरा रहे हो कभी एक अंदर जाता है तोह दूसरा बहार तोह कभी एक अंदर तोह कभी दूसरा bahar...ho क्या रहा है अब अंदर चलो दोनों कोई अंदर तोह कोई बहार नहीं
Raj:*(mann में) अब क्या hi बातो आपकी बेटी का hi नशा किया है
geeta:*woh तोह अचानक राज को देख कर हैरान हो गयी थी इस लिए......
Raj:*haa आंटी....
aunty:*samjh गयी मैं ज्यादा बाते बनने की जरूरत नहीं चलो चाय पियो मुश्किल से तोह दर्शन दिए है इस ने मेरी बेटी ने तोह ऐसा करना hi था तू आता क्यों नहीं है यहाँ
Raj:*apko तोह बतया होगा आंटी गीता कुछ दिन से हालत कैसे है
aunty:*haa बीटा सब बता मैं तोह आ ना सकीय पता है ना काम कितना होता है पर सुन्न कर ाचा लगा अब ठीक है
Raj:*haa आंटी आप सभी के प्यार से सब ठीक हो गया
aunty:*beta यह सब हमरे कारन नहीं तुम्हरे नेक दिल होने के कारन हुआ है
Raj:*kya आंटी आप भी आपकी चाय बड़ी टेस्टी है
aunty:*haa इसी लिए पीने आ जाता है ना तू
Raj:*acha सॉरी आंटी अब से आ जाया करो गए आपसे मिलने
aunty:*mujhse ना सही जिस से मिलने आया है उस से hi मिलने आ जाया कर
geeta:*mummyyyyy
aunty:*chilla क्यों रही है सच hi तोह कहा है
geeta:*mummy आपको निचे काम नहीं है
aunty:*nhi बीटा मैं तोह बिलकुल फ्री हो
geeta:*mummy प्लस
aunty:*achaa ठीक है जाती हु क्या जमाना आ गया है बचे माँ के पास भी नहीं बैठ सकते
geeta:*(udas मैं से) मम्मी रहने दीजिये आप यही बैठिये कोई बात नहीं
aunty:*(geeta के गालो को सेहला) बीटा तुम बैठ मुझे थोड़ा काम है मैं तोह मजाक कर रही थी
Raj:*aunty बैठिये ना मैं तोह आप सब से मिलने hi आया था
aunty:*beta तुम बाते करो मैं जा hi रही हो काम पर बस लंच करने आयी थी और राधा का लंच त्यार करने
Raj:*aunty आप वह जॉब छोड़ दो मैंने आपके लिए नयी जॉब देखि है जो आपके लिए अछि भी है और सैलरी भी अछि है
aunty;*par बीटा ऐसे अचानक जॉब कैसे चेंज कर लू और कोण स जॉब है सेलेक्ट होगी के नहीं
Raj:*sab हो जाये गए आप अपना मैं बना लीजिये बस
geeta:*kaha है जॉब राज
Raj:*Clark की जॉब है और संजना के पापा का ऑफिस है
geeta:*waha जॉब नहीं करे गयी मम्मी जॉब
Raj:*tum ना चुप hi रहो जो मैं बोल रहा हु ओह सुनने आंटी आप कल वह कह आना आप पढ़ी लिखी है और क्या सैलरी देते है वह वह प्रोटेक्शन के साथ सैलरी है
aunty:*(geeta को देख) पर बीटा....
Raj:*koi पर बार नहीं मैं समझा दुगा गीता को उसकी नादानी के कारन आप गलत फैसला मात लो उसको दुनिया की समझ अभी इतनी नहीं है और आपको क्या लगता है मैं कोई गलत फैसला लगा आपके लिए
aunty:*nhi मेरा बीटा कभी गलत फैसला नहीं ले सकता है
Raj:*ab आप जाइये और नौकरी छोड़ कर आ जाइये
aunty:*teek है तुम दोनों बात करो और बीटा राज के जाने के बाद दूर लगा लेना
गीता :*जी मम्मी
उसके बाद गीता की मम्मी चली जाती है रह जाते है यह दोनों एक दूसरे के सामने पर जैसे hi गीता की माँ घर से बहार गयी गीता बादक गयी राज पर
geeta:*(narajgi से) क्या जरूरत थी उस से मदत मांगने की... अब क्या समझे गयी वह मैं तोह किसी लायक नहीं उसके बराबर
Raj:*(gusse में) एक खींच के तपाद दुगा तोह साडी अकाल वापस आ जाये गयी वह तुम्हरी कॉलेज लाइफ है ना वह तुम कुछ भी करो उस में फॅमिली क्यों ला रही हो जरा सोची है आंटी इतनी काम सैलरी में कैसे सब देखती है तुम्हरी फी मैं दे रहा हु पर क्या इतना hi खर्चा होता है घर का मैं सामने से दू भी ना तोह भी कभी नहीं लेंगी बेसक कितनी भी जरूरत क्यों ना कल को दो पैसे की जरूरत होगी तोह क्या करे गयी वह... तुम्हरी फी देने के लिए भी मुझे कितनी मिन्नत करनी पड़ी थी भूल गयी तुम... वह कभी एहसान नहीं लेगी मुझे बीटा मानती है सायद तुम दोनों कुछ ओपन हो तोह कुछ ज्यादा मानती है इस लिए इतना करने दिया पर इतना जरुरी नहीं अब रो क्यों रही हो (ासु पॉच गले से लगा) पागल तुम मुझे प्यार करती हो और इस लिए तुम संजना से मदत नहीं लेना चाहती पर यहाँ संजना थोड़ी मदत कर रही है यह कंपनी उसके पापा की और वह आंटी को पैसे ऐसे hi नहीं मिले गए काम करे गयी तोह मिले गए समझी... तुम्हे अभी बहुत कुछ सीखना है दुनिया दरी का अब रोना बंद करो तुम दोनों के लिए जो बेहतर होगा वही करो गए मैं इतना समझ लो
geeta:*i ऍम सॉरी मैं कभी ऐसा नहीं सोचती पर जब बात आप पर आ जाती है मुझसे बर्दास्त नहीं होता ऐसा लगता है साडी दुनिया चीन रहा है मुझसे आपको
raj:*geeta क्यों नहीं मानती तुम इसकी मंजिल नहीं है कोई
geeta:*kyo नहीं है इस लिए के अब वह मंजिल संजना है
raj:*fir तुम वही सोचने लगी फिर कहो गयी मैं इस लिए तुम्हे अपना रहा क्योकि तुम गरीब हो
geeta:*nhi ऐसा नहीं है आप ऐसा नहीं हो मैं जानती हो पर मुझे बर्दास्त नहीं होगा मैं नहीं रह सकती आपके बिना
raj:*acha ठीक है सुनो मेरी छाती में अब दर्द हो रहा
geeta:*thoda दूर हो) हो तोह मेरे गालो को भी रहा है जैसे कोई काटा चुभ रहा हो ऐसे लग रहा है क्या अंदर
raj:*kuch भी तोह....
राज अपनी बात पूरी करता उस से पहले राज की शर्ट में हाथ दाल गीता वह रेड रोज निकल लेती है
geeta:*yeh किसके लिए है किसके लिए लिया है संजना के लिए ना या आज वह जो लड़की आयी थी उस के लिए और कैसे उस से बाते कर रहे थे मैं तोह भूल hi गयी मैं गुस्सा थी
raj:*yar तुम्हरा मतलब समझ में कोई दिमाग का part हिला हुआ है
geeta:*(gusse और नाराजगी में) एक तोह ऐसी हरकत करते हो ऊपर से मुझे hi ऐसा बोल रहे हो
raj:*toh क्या बोलो मुझे बातो मतलब मैं तुमसे मिले आया हु और रोज लेकर जा रहा हु संजना या उसके लिए
geeta:*(gusse में) ाचा मेरा लिए होता तोह अब तक दे नहीं देते मुझे
raj:*miss गीता जी आप सायद भूल रही है जब हम मिले थे तोह आप और मैं किश हालत में थे
राज ने जैसे hi यह बात कही दोनों के आखो के सामने फिर वह सीन आ गया जहा राज मुस्कुरा रहा था तोह गीता शर्मा रही थी
geeta:*woh तोह... बस हो गया गलती से और आप कैसे घूर रहे थे मुझे
raj:*acha तोह मतलब तुम वैसे हालत में हो और मैं घूरो भी naa...main अंदर से ठीक हो
geeta:*sharm भी होती है
raj:*kaisi होती है
geeta:*aaj आपको हुआ क्या है पहले तोह ठीक से बात भी नहीं करते थे जैसे मुझ में काटे लगे हो
गीता की बात सुन्न राज एक दम सीरियस हो जाता है जिस पर गीता को लगता है उसने कुछ गलत कह दिया
geeta:*i ऍम सॉरी मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए था वह मैंने आपके अंदर अचानक इतने बदलाव देखे तोह मुझे से निकल गया....
raj:*geeta ऐसा नहीं है के मुझे तुम्हरी बात बुरी लगी बात तुम्हरी बिलकुल ठीक है और सच कहु तोह मैं भी ऐसी लाइफ चाहता था पर तब मुझे लगता था ज़िंदगी में कुछ हासिल करना hi सब कुछ है पर अब ऐसा नहीं लगता अब लगता है मैंने बहुत कुछ खो दिया पर अब ऐसा नहीं करना चाहता पर सच यह भी है के तुम दोनों का प्यार मुझे बदल रहा है
geeta:*(bhari गले से) तुम दोनों से आपका क्या मतलब
raj:*yar प्लस अब मात रोना.. तुम दोनों से मतलब तुम और संजना जिस तरह से प्यार का इकरार करती हो और मैं तुम्हे गुस्से से भगा देता था इस मुझे भी बुरा लगता था इसकी वजह यह भी है के जब मैं प्यार महसूस करने लगा तोह तुम दोनों hi मेरे दिल में बर्बर जगह में हो मैं तुम्हरे भी पसंद करता था और संजना क्यों इस लिए मैं दोनों को मन कर देता हु क्योकि मैं किसी का दिल नहीं तोड़ सकता दोनों मेरे लिए अब खास हो
geeta:*main आपसे कब से प्यार करती हो जानते हो ना
Raj:*maine जो महसूस किया उससे बात दिया
गीता झट्ट से राज का हाथ उठा कर अपने सर पर रख लेती है
geeta:*aap दोनों ने एक दूसरे से इजहार और इकरार कर लिया ना मेरी कसम झूट मात कहिये गए
raj:*haa यह सच है मैंने कल hi संजना से प्यार का इकरार किया था
गीता ने जैसे hi इतना सुन्ना उसका दिल hi भार आया आखे से नीर बहने लगा राज चाहता था यह बात पता ना लगे पर अब जब कसम दी गीता ने वह छह कर झूट ना बोल सकीय
राज ने आगे बढ़ कर गीता के ासु पोछने चाहे तोह गीता ने हाथ झटक दिया
geeta:*aap इस लिए यहाँ आये ताकि मुझे समझा सके वार्ना आप प्यार तोह संजना से करते है मुझसे नहीं
raj:*main तुमसे भी प्यार करता हु गीता वार्ना मैं झूट भी तोह बोल सकता और तुम इस लिए रो रही हो मैंने संजना को पहले परपोज़ किया या मैं दोनों को कैसे प्यार कर सकता हु तोह इसका जवाब मेरे पास नहीं है तुम्हरे इस सवाल का पर तुम्हरी hi कसम यह देख लो यह रिंग मैंने कल hi ली थी तुम्हरे और संजना के लिए दोनों शामे है कुछ भी अलग नहीं है और एक साथ hi ली है मैंने.... संजना को इस लिए पहले कहा क्योकि वह तुम्हरे थोड़ी मातुरे है मैं तुम्हे अभी नहीं बाटना चाहता था मैं चाहता था तुम्हरे करीब आओ तुम्हे प्यार का एहसास दिलो तब तुम्हे अपने लिए मानगो पर तुम्हरी कसम ने सब अचानक कर दिया यह रिंग भी अपने पास हर इस लिए hi रखा हु के कल को ऐसा कभी ना लगे के मैं तुम्हरे भूल रहा हु संजना के पास रहते हो
geeta:*main ेक्लि खुश नहीं कर पति क्या आपको आखिर क्या कमी है मुझे सिवये दौलत के
raj:*tumne मुझे यह कह कर मेरे किरदार पर hi गली दे दी गीता... मैं नहीं जनता मुझे कैसे तुम दोनों से प्यार हुआ पर जब मुझे एहसास हुआ तोह दोनों का उतना hi प्यार महसूस हुआ पर ना तोह मैंने दौलत के लिए संजना को चाहा था ना जिस्म के लिए तुम्हे... मैं जैसा था वैसा hi ठीक हो मैं ना संजना के पास जाओ ना तुम्हरे पास चलता हु दरवाजा लगा लो
raj:*(gate के पास रुक कर) अगर मुझे दौलत hi चाहिए होती गीता तोह मैं अपनी उस माँ के जाता जिस ने जनम दिया था वह साडी दौलत देकर मुझे पाना चाहती है पर मैंने उन् से दो बोल नहीं बोले ठीक से क्योकि जब मुझे जरूरत थी इस प्यार की तब उनका प्यार नहीं था मेरे liye.....geeta जिस्म और पैसे के भूखे बहुत मिल जाये गए पर प्यार का बुखा नहीं मिले गए मेरी एक यही वजह थी जब तुम दोनों के पास आया था...
राज वह और ना रुका गीता को उस रूम में hi छोड़ कर घर से भर निकल गया वही गीता बीएड पर बैठी रोटी रही अपने कहे सब्दो और राज के लब्जो को समझ के रोने लगती है
राज का दिल था यहाँ से मिल कर संजना के पास जाना और थोड़ा वक़्त बिता कर ऑफिस जान आज पर एक तोह यहाँ जो कुछ हुआ उस से मूड ख़राब हो गया था और दूसरा वह संजना से अभी बिलकुल नहीं मिलना चाहता था काम से काम गीता को तोह यही वादा कर के आया था राज ने टाइम देखा तोह ऑफिस का हो गया था तोह राज वह से ऑटो पकड़ कर संजना के पापा के ऑफिस चल देता है और साथ hi कॉल कर देता है अपने आने के बारे में
ज
जब 30 मिंट बाद वह ऑफिस आता है वह संजना के पापा आ जाते है राज से खुद मिलने और उन्हें अपने साथ hi ले जाते है अपने ऑफिस
raj:*uncle आपका ऑफिस तोह बहुत ाचा है
स papa:*tum म्हणत करो गए तोह इस से ाचा करो गए क्योकि अभी तुम बस सीखो क्योकि यह एक्सपीरियंस हर किसी को नहीं मिलता और हां जरुरी नहीं यहाँ हर टाइम तुम्हे रहना यह टाइम भी दुबारा नहीं मिलता तोह जब चाहो आना और जाना बस एक काम करना डेली यहाँ आना है आधे घंटे के लिए भी और फिर गेट से बहार जाने वक़्त सोचना आज कुछ नया था
raj:*uncle ऐसा क्यों और फिर ऐसा करो गए वह मुफ्त की सैलरी लगा ना
स papa:*(muskura कर) बिलकुल नहीं ऐसा इस लिए कर रहा हु क्योकि मैं एक नई पार्टनर त्यार कर रहा हु और जितना ाचा तुम त्यार होंगे उतना मेरा फ़ायदा होगा घर में बेसक तुम दामाद हो यहाँ तुम और मैं एक बिजनेसमैन है और बिजनेसमैन इन्वेस्टमेंट करने से नहीं डरता जहा उससे फ्यूचर में फ़ायदा लगे मैं भी कर रहा क्योकि यह मेरे और मेरे बची दोनों के लिए ाचा है क्या समझे
raj:*samjh गया अंकल और मैं भी पूरी खोसिस करो गए आप की उम्मीद पर खरा उतरो
स papa:*very गुड आज तुम यहाँ घूमो और देखो यहाँ क्या होता है लोग क्या क्या कर रहे है कल मैं तुम्हे अपने मैनेजर से मिलो गए तुम्हे उनके पास hi रहना है फिर उससे देखना है क्या करता है क्या नहीं
raj:*fir तोह आपको देखना चाहिए
स papa:*bilkul पर मुझ तक पोछने के लिए तीन लोग है जिसे समझना होगा पहले इससे समझो बाकि मेंबर से भी मिला दुगा जिस समझना है जब मेरे तक आ गए समझ लो काम ख़तम
raj:*ji अंकल ठंकु और अंकल आपसे काम कहा था एक
स papa:*woh हो गया कल उन्हें कल यहाँ ले आना कल छोटी इंटरव्यू कर लेंगे और जहा वह ठीक होगी पोस्ट दे देंगे ोकक अब घूम कर घर चले जाना तुम्हे किसी से पोछने की जरूरत नहीं
raj:*teek है अंकल थैंक्स
संजना के पापा राज को मिल और समझा के चले जाते है राज भी ऑफिस में घूम घूम कर वर्कर को देखता है सब कुछ समझने लगता है पर लगभग 2 घंटे में सब देख समझ कर भोर होने लगता है तोह वह घर को निकल जाता है