Dil-Dimag aur Sajish - Page 5 - SexBaba
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Dil-Dimag aur Sajish

अपडेट NO 34

radha:*roo मैट देना वार्ना और थपड पड़े गए और सुन्न अगर तूने यह काम कर दिया मेरा तोह तुझे इनाम भी दूगी स्कूल की जिस लड़की से बोले गए तेरी फ्रेंडशिप करा दूगी अगर नहीं हुआ तोह तेरी हाड़िया तोड़ दूगी चल भाग यहाँ से

वह लड़का तोह वह से ऐसे भागता है जैसे भूत लगा हो उसके पीछे राधा भी उसकी अछि खासी ढुलई करने के बाद चल देती है अपने क्लास में

अब आगे.......

राज रश्मि नैना और संजना जब घर पोछे तोह दरवाजा राज की मम्मी ने खोला उनके हाथो में आरती की थाली थी

जिसे देख कर सब हैरान और खुश हो गए

raj:*mummy अप्प यह थाली क्यों लायी है

mummy:*(muskura कर) क्योकि मेरी बेटी जीत जो गयी है इस लिए इसकी नज़र तोह उतरनी होगी ना ताकि ऐसे hi कामयाब होती रहे

rashmi:*par मदर इंडिया आपको पता कैसे लगा दीदी जीत गयी

mummy:*tune अपनी मम्मी को क्या समझ रखा है सब खबर रखती हु मैं

rashmi:*acha माता shree...kahi ऐसा तोह नहीं है के हमरे पीछे सीबीआई एजेंट लगा रखा हो apne...fir हमरी मस्ती का क्या होगा

mummy:bohot बोलने लगी है अब चुप रहे मुझे आरती लेने दे मेरी बेटी की

उसके बाद मम्मी सब की आरती उतरती है और सभी को अंदर लेकर आ जाती है

सभी हॉल में बैठ जाते है राज की मम्मी फटाफट जाकर सबके लिए जूस लेकर आ जाती है और खुद उनके सामने बैठ जाती है

mummy:*sanjana बेटी तुम बड़े दिनों बाद आयी हो हम्मे तोह भूल hi गयी क्या दिल नहीं करता यहाँ आने का

rashmi:*mummy आप भी ना संजना जी तोह कब से बैठी है इस घर में आने को वह तोह भैया hi नहीं मान रहे

mummy:*haa तोह क्यों नहीं बैठे गयी क्या कमी है मेरी बची में फूलो और परियो की सहजादी है इस से अछि बहु कहा मिले गयी मुझे ढूंढ़ने से भी

रश्मि ने यह बात मजाक में कही जिस मम्मी थोड़ी सीरियस होकर संजना को बढ़ई करती है वही राज इन् सब में अजीब सा फील कर रहा था पर नैना रश्मि की बात से परेशान हो गयी थी साथ में रश्मि पर गुस्सा भी आ रहा था घर में मम्मी और बाकि थे तोह वह कुछ नहीं बोलती पर इस तरह संजना का नाम राज के साथ जोड़ना उस से बरसात नहीं हो रहा था

naina:*mummy मैं चेंज कर के आती हु

mummy:*baith ना रुक कर चली जाना अभी तोह सब आये हो और कितने दिनों के बाद घर में ख़ुशी आयी तेरी वजह से

naina:*mummy मुझे भूख लग रही है सुबह से कुछ नहीं खाया मैं फ्रेश होकर आती हु ना

mummy:*acha ठीक है जल्दी आ मैं खाना लगा देती हु

sanjana:*chaliye आंटी मैं मदत कर देती हु

rashmi:*oh मेरी प्यारी भोली स होने वाली भाभी अभी वक़्त है फिर बाद में अपने hi करना है फ़िलहाल रेस्ट करिये ना भैया से बाते करिये अपनी गाडी आगे चलिए तब तक हम खाना लगा देते है

रश्मि ने जैसे hi यह सब कहा उसकी मम्मी ने मुस्कुरा कर हल्का सा थपड उसके सर मारा और दोनों किचन चले गए

वही रश्मि की बात नैना को अपने रूम में जा रही थी उस ने भी सुन्न लिया था उससे बहुत गुस्सा आ रहा था पर वह कुछ नहीं कर सकती थी सिवये अपने रूम में जाने के

रश्मि की इस बात का सबसे ज्यादा असर संजना पर पड़ा था उसका गोर गाल सुर्ख गुलाबी हो गए थे

वह निचे देख अपनी उंगलिया से खेल रही थी वही राज इस सब को समझने की कोसिस कर रहा था अब दोनों ऐकले थे हॉल में

raj:sorry रश्मि थोड़ी मजाकिया है इस लिए कुछ भी बोल देती

sanjana:*kuch भी कहा उस ने मेरे दिल की बात कही है काश ऐसा हो जाये जैसा रश्मि कहती है

raj:*vaise तुम इतना शर्मा क्यों रही हो

sanjana:*toh और क्या करो रश्मि आंटी जी के सामने ऐसे बोल रही थी तोह शर्म आये गयी ना

raj:*mujhe नहीं पता था तुम्हे शर्म भी आती है मैं तोह सोचता था तुम बिन्दसस्स लड़की हो

sanjana:*hu तोह पर मुझे शर्म भी आती है मैं भी लड़की हु

raj:*achi बात है और शर्माते हुए बहुत खूबसूरत लगती हो

sanjana:*aap भी ना

संजना एक बार फिर शर्म से लाल हो जाती है वही अभी अभी नैना जो फ्रेश हो निचे आ रही थी उससे राज और सनजना आपस में इस तरह बात करते हुए अचे नहीं लगते उससे गुस्सा आने लगता है

वह फटाफट राज और संजना के बिच आकर बैठ जाती है

naina:*sanjana घर कब जाना है

mummy:*(piche से) खाना खाने के बाद चलो सब आ जाओ खाने

sanjana:*nhi आंटी मैं चलती हु टाइम बहोत हो गया

mummy:*maine क्या बोलै सुन्ना नहीं संजना क्या तुम भूल गयी मैं कोण हु राज वही करे गए जो मैं कहु गयी

संजना राज के मुंय की बात सुन्न अपनी जगह से उठ कर दिंनिंग टेबल पर आ जाती है वही राज की मम्मी मुस्कुरा देती है

इस सब में नैना को हर तरफ अपने दुसमन hi नज़र आ रहे थे वह बहुत मुश्किल से अपना गुस्सा कण्ट्रोल किये हुए थी ताकि उसका इतना ाचा दिन ना ख़राब हो जाये

सब मिल कर दिंनिंग टेबल पर बैठ जाते है और खाना सुरु करते है

दिंनिंग टेबल पर भी रश्मि अपने अंदाज़ में सब का दिल लगा के रखती है सब हस्सी मजाक में अपना खाना ख़तम करते है

खाने के बाद संजना थोड़ी देर और रूकती है और फिर वापस अपने घर को चल देती है अब घर में अपने लोग hi रह जाते है तोह वह आपस में बाते करने लगते है पर नैना का दिल घबरा रहा था दर रहा था

वह अपने hi सोच में घूम थी सभी बातो में इतने मस्त होते है के टाइम का पता hi नहीं लगता राज की मम्मी फ़ोन करके राज के पापा को भी नैना के जीत की खुश देती है

राज के पापा आते वक़्त मीठा लेकर आते है और सब मिल कर आज बहार से hi डिनर माँगा कर करते है बहुत दिंनो के बाद सभी फॅमिली इस तरह बैठ कर हसी मजाक कर रहे थे जिस कारन नैना भी अपना दिमाग से साडी बाते झटक सबका साथ एन्जॉय करती है

*****************

सैंडी उससे से पागल हो गया था उस से हार बर्दास्त नहीं हो रही थी ऊपर से सबके सामने राज और उनके दोस्तों के डरा की बजती उसकी नींद हराम कर राखी थी

वह घर आते hi एक बोतल खोल के शराब पी रहा था अपने बेटे की हार की खबर सुन्न कर उसका बाप भी आ जाता है

Mla:*tu चिंता ना कर एक कॉलेज इलेक्शन hi तोह था

sandy:*ek कॉलेज इलेक्शन था अपने वादा किया था

mla:*haa पर वह लड़का चाक निकला दुबले मात दे गया

sandy:*ab मुझे hi कुछ करना होगा उस ने बहुत बजती की है मेरी मैं इसके इस गजमद को टॉड कर रख दुगा

mla:*bilkul टॉड देना पर उसके लिए शराब नहीं दिमाग चाहिए तोह शराब को दूर रख और दिमाग चला

sandy:*woh तोह लगाओ गए hi पापा और मुझे पता है उस कुत्ते को कैसे छोट पोछनि है अब टेंशन ना लीजिये

mla:*tu जो मर्जी का पर परदे के पीछे सामने तेरा चेहरा नहीं आना चाहिए अपने आदमी लगा इस काम में अगले साल मक के इलेक्शन में उतर रहा हु तुझे तोह इमेज ना खराब ना हो

sandy:*(apna गलास ख़तम कर) कुछ ख़राब नहीं होगा पापा जो ख़राब होगा अब उस राज का hi होगा आप टेंशन ना लो

mla:*chl ठीक है जो भी करे गए मुझे बाते रहना अभी मुझे एक जरुरी मीटिंग में शामिल होना है तोह चलता हु पर अब दारू मात पीना

उसके बाद मला अपने बेटे को समझा कर निकल जाता है सैंडी भी एक दो और पेग लगा बोतल साइड कर देता है और आखे बंद कर कुछ प्लान सोचने लगता है

**********************

अंचल इस वक़्त अपने रूम में थी और उसके कपडे ास्ट व्यस्त थे

उसके हाथो में सिगरेट थी जो सायद भरी हुयी थी

अंचल देखने से hi लग रही थी वह नशे में है

रात के 9 बजह रहे थे तभी रूम के बाथरूम का दूर ओपन होता है और उस में से रमेश बहार आता है

ramesh:*meri जान बहुत नशीली हो अब बस करो कितना पियो गयी

anchal:*mujhe मात रखो मैं जब भी होश में आती हु मुझे मेरे बेटे के पास जाने का दिल करता है

ramesh:*tumhra बीटा है कहा जाये गए जल्द hi तुम्हरे पास ला दुगा

anchal:*sach में...

ramesh:*haa बिलकुल वैसे मेरा काम हुआ

anchal;*kaha हुआ वह डॉक्टर जो ड्रग दे रही थी वह अरेस्टेड हो गयी और राज को भी पता लग गया कितना भरा बुला कह कर गया था वह

ramesh:*tu उदाश क्यों हो रही हो आज कह कर गया है कल प्यार भी करे गए तुम जो कर रही हो वह अपने बेटे को पाने के लिए hi तोह कर रही हो

anchal:*main अपने बेटे को पाने के लिए कुछ भी कर सकती हु

ramesh:*hamm तोह अब तुम्हे उसके लिए कुछ करना होगा

anchla:*main कुछ भी करने को त्यार हु अपने बेटे को पाने के लिए

ramesh:*teek है तोह समझा तुम्हरा बीटा आ गया तुम्हरे पास

उसके बाद रमेश कुछ बाते समझता है जिसे सुन्न कर अंचल पहले तोह मन करती है पर रमेश राज को मोहरा बना कर अंचल से बात मनवा hi लेता है
 
अपडेट NO 35

ramesh:*hamm तोह अब तुम्हे उसके लिए कुछ करना होगा

anchla:*main कुछ भी करने को त्यार हु अपने बेटे को पाने के लिए

ramesh:*teek है तोह समझा तुम्हरा बीटा आ गया तुम्हरे पास

उसके बाद रमेश कुछ बाते समझता है जिसे सुन्न कर अंचल पहले तोह मन करती है पर रमेश राज को मोहरा बना कर अंचल से बात मनवा hi लेता है

अब आगे............

सुबह जब राज उठा तोह अपने आप को फ्रेश महसूस कर रहा था वह फ्रेश होकर वर्कआउट करने लगता है

जब वह वर्कआउट कर के उठ ता है तोह सामने जूस का गलास लिए नैना कड़ी थी

raj:*(badan पोछते हुए) तुम कब आयी

naina:*bas अभी अभी आयी थी यह लीजिये जूस

raj:*are वह क्या बात है आज सुबह सुबह इतनी सेवा मेरी बात क्या है

naina:*kyo क्या आप hi मॉर्निंग टिया पीला सकते है मैं जूस नहीं ला सकती आपके लिए

raj:*maine ऐसा कब कहा मुझे तोह बहुत ाचा लगा के मेरी बहिन मेरा इतना ख्याल रखती है पहले तोह तुम हमेसा मुझसे दूर hi रहती थी

naina:*aisa किस लिए हुआ आप भी तोह जानते है अगर वह ज़हर मेरे अंदर नहीं घुलता और मेरे दिमाग से वह डॉक्टर नहीं खेलती तोह मैं आपसे क्यों दूर रहती

raj:*(naina को हाथ) बुरी बातो को भूल जाना चाहिए तेरा यह भाई तुम सब से बहुत प्यार करता है और करता रहे गए हमेसा

Naina:*oh मुझे पता है पहले यह बताइये आज का क्या प्लान है

raj:*tum hi बात दो प्रेजिडेंट साहिबा

naina:*aap भी ना भैया तोह आज हम कही घूमने चलते है कल की पार्टी रहती थी तोह वह भी कर लेते है

raj:*teek है त्यार हो जाओ मैं सबको बुला लेता हु सब ने तुम्हरी इतनी मदत की थी उन्हें पार्टी देना तोह बनती है

naina:*apki बात भी सही है वैसे तोह मैं ऐकले जाने की सोच रही थी मतलब आप और मैं चलते पर फिर कभी चले गए

raj:*haa ठीक है रश्मि को भी बोल दो त्यार होने को कही वह गुस्सा हो जाये के बतया नहीं

naina:*teek है भैया

उसके बाद राज जूस पीकर त्यार होने लगा नैना भी रश्मि को बात कर त्यार होने गई

सभी आधे घंटे के बाद हॉल में आ गए नैना और रश्मि तोह एक दम टिप टॉप त्यार होकर आयी थी ऐसा लग रहा था जैसे किसी की शादी में जा रही हो दोनों आज बहुत hi प्यारी लग रही थी राज की तोह नज़र hi नहीं हट रही थी ऐसा hi हॉल उसकी मम्मी पापा का भी था पर राज भी कुछ काम नहीं लग रहा था

अपने सरे बचो को इतना खूबसूरत और सजा देख कर दोनों अपनी जगह से उठ कर नैना रश्मि राज का माथा चुम लिया

papa:*toh कहा जा रहे हो सब के सब इतना साझ धज कर

raj:*papa नैना के जितने की ख़ुशी में आज सब को पार्टी देने का सोचा है सब ने बहुत ज्यादा म्हणत की थी तोह उनका सुक्रिया तोह बनता है

mummy:*yeh तुमने बहुत ाचा किया बीटा किसी का एहसान मानना बहुत बड़ी बात होती है बीटा ऐसे hi सब के बारे में सोचना

raj:*ji मम्मी

papa:*beta पैसे तोह चाहिए होंगे दिया तुम राज को पैसे दे देना जितने चाहिए हो

raj:*nhi पापा मैं देख लगा मेरे पास पैसे है

papa:*beta पर जरूरत पढ़ जाते है ज्यादा दोस्त हुए तोह पास होंगे तोह काम आ जाये गए

raj:*ji पापा

mummy:*kab जाना है बीटा

raj:*bas निकल hi रहे है पापा मैं तब तक दोस्तों को कॉल कर देता हु रश्मि और नैना तुम सब नास्ता कर लो

mummy:*beta तू भी कर ले

raj:*mummy मैं वही कर लगा थोड़ा देखना भी है अभी किसी को बतया नहीं है तोह सबको कॉल करना है

राज इतना बोल कर वह से बहार निकल जाता है फिर बरी बरी अपने सभी दोस्तों को कॉल कर देता है अभी किसी ने कोई होटल नहीं देखा था तोह सब को त्यार होने को कहा था राज चाहता था पार्टी अछि हो इस लिए वह ाचा सा होटल देखना चाहता था

सबसे लास्ट में राज संजना को कॉल करता है क्योकि वह उसके साथ hi जाना चाहता था यह तोह सब आराम से आ जाते दूसरा किसी को प्रॉब्लम नहीं होती

राज संजना को फ़ोन करता है तोह संजना पहली रिंग में hi कॉल उठा लेती है

sanjana:*good मॉर्निंग

Raj:*good मॉर्निंग संजना कैसी हो

sanjana:*main ठीक हु आप बाटिये कैसे है और कहा है

Raj:*main घर पर hi हो सुनो तुम त्यार हो गयी हो

sanjana:*haa मैं तोह त्यार hi हु आपको पिक करने के लिए आने वाली थी

Raj:*acha ठीक है आ जाओ पर आज हम कॉलेज नहीं जा रहे आज कही पार्टी करते है सबको मैंने कॉल कर दिया है तुम आ जाओ उसके बाद कोई ाचा सा होटल देख कर वह पार्टी कर लेंगे तुम्हे इसके बारे में ज्यादा पता होगा

sanjana:*matlb अपने जगह फिक्स नहीं की

Raj:*nhi ओह मुझे कुछ ज्यादा पता नहीं था होटल का और मैं चाहता था पार्टी अछि हो जिस से नैना खुश हो जाये

sanjana:*teek है आप होटल मात खोजिये वह काम हो गया समझिये हो गया... हमरा खुद का होटल है थोड़ा दूर है पर प्लेस बहुत ाचा है सब को मजा आये गए

Raj:*jada कैसल तोह नहीं होगा बजट ठीक तक hi है मेरा

sanjana:*haa बजट में हो जाये गए डिस्काउंट मिल जाये गए हम्मे इस लिए अब ज्यादा बहाने मात करना यह वह.... पार्टी अछि होगी यह मैं वादा करती हु

Raj:*teek है तुम एड्रेस दो मैं सबको मश्ग कर देता हु

sanjana:*teek है मैं मश्ग करती हु

संजना कॉल रख कर दो मिंट में hi मश्ग कर देती है वही राज भी मश्ग मिलते hi सबको मश्ग कर देता है वह आने के लिए

वही संजना होटल फ़ोन कर के अछि स पार्टी का इंतज़ाम करने को कह देती है ताकि सब कुछ ाचा हो

राज घर के अंदर आ जाता है जहा पर दोनों बहनो ने नास्ता कर लिया था उसकी मम्मी राज को भी नास्ता करा देती है

15 मिंट में संजना भी आ जाती है तीनो उसकी कार में बैठ कर निकल जाते है होटल की तरफ बाकि सब भी वही आ रहे थे

संजना के आने से नैना थोड़ा उनकंफर्टबले थी पर वह राज के पास बैठी थी इस लिए अपने आप को रिलेक्स किये हुए थी पर कही न कही उसके दिमाग में रात की बात भी चल रही थी

राज फिर एक बार बजट की बात करता है पर संजना चुप करा देती है

सभी आधे घंटे में जब होटल पोछते है तोह सब का मुँह खुला का खुला hi रह जाता है

naina:*bhai इस होटल में पार्टी करनी है खर्चा सोचा है कितना होगा

sanjana:*kuch ज्यादा नहीं होगा बस 10000 होगा

रश्मि:*10000 इस होटल में पागल हो गयी हो क्या संजना

Raj:*sanjana सच में यह होटल मेहगा है कही और चलते है

sanjana:*woh सब बाद में देखे गए पहले एक बात बातो होटल पसंद आया

rashmi:*aise होटल में पार्टी किसे पसंद नहीं होगी यार बहार से देखो कितना ाचा है अंदर से कैसा होगा

sanjana:*ander से भी बहुत ाचा है और खरचा नहीं होगा बोल तोह रही हु मैं यह मेरा होटल है तोह खर्चा कैसे होगा

rashmi:*tum मजाक कर रही हो या सच यह होटल तुम्हरा है

sanjana:*sach में मेरा है और तुम मेरे खास गेस्ट हो तोह डिस्काउंट मिल जाये गए जिस से ज्यादा बजट नहीं होगा

rashmi:*fir तोह मैं यही पार्टी करना चाहती हु दीदी तुम क्या कहती हो

naina:*jo भैया कहे

Raj:*teek है मैं देख लगा जितना भी खर्चा होगा बाकि सब कब आये गए

sanjana:*baki भी आ जाये गए तुम सब पहले अंदर चलो और आप कॉल कीजिये एक बार कहा पोछे

राज कॉल करता उस से पहले hi सायरा और रितेश अपनी से आ जाते है उसके पीछे hi आशीष भी आ जाता है

ritesh:*tu क्या पागल हो गया इस होटल में पार्टी करे गए सोचा भी है कितना लगे गए

sanjana*sab हो जाये गए भैया इतनी बड़ी जित की पार्टी है अछि तोह होगी ना

ashish:*yarr तूने तोह दिल खुश कर दिया ऐसी जगह पार्टी रख कर आज मजा आये गए क्या क्या रखा है अंदर

sanjana:*party का अरेंजमेंट मैं देख रही हु आशीष और यकीन मनो अंदर और मज़ा आये गए पार्टी जब देखो गए

sayra:*tum देख रही हो तोह मजा तोह आये गए

rashmi:*geeta नहीं आयी भैया अपने बुलया तोह था ना उससे

Raj:*haa बुलया था एक मिंट मैं कॉल करता हु

राज गीता को कॉल करता है तब तक वह भी आ जाती है अपनी स्कूटी लेकर

सभी आ गए थे तोह सब एक साथ अंदर चल देते है सब आज बहुत अचे लग रहे थे

होटल में सब का बड़े अचे से स्वागत किया जाता है मैनेजर खुद सब को आकर अटेंड करता है क्योकि संजना खुद जो आ रही थी

sanjana:*maine जो कहा था वह हो गया

manager:*madam सब कुछ रेडी है आप मेरे पीछे आइये यहाँ इस प्राइवेट एरिया में कोई नहीं आये गए आपको डिस्टर्ब करने आप सब अचे से एन्जॉय कर सकते है

सभी होटल को बहुत अचे से देख रहे थे सभी ऐसे किसी होटल में पहली बार hi आये थे सब वह अपनी फोटो लेने लगते है

संजना सबके लिए हल्का खाना माँगा लेती है साथ में हल्का म्यूजिक लगवा देती है पर उस से पहले संजना एक बड़ा सा केक माँगा लेती है

rashmi:*yeh केक किसके लिए संजना

sanjana:*ek तोह हमरी दोस्ती के लिए दूसरी वजह है नैना का इलेक्शन जित जाना इस ख़ुशी में केक तोह काटना बनता है

sayra:*bilkul सही पार्टी बड़ी मस्त जा रही है चलो नैना केक काटो

naina:*iski क्या जरूरत है

Raj:*bilkul है संजना बिलकुल सही कह रही

सभी केक के आस पास आ जाते है नैना केक को काट कर सबसे पहले राज को खिलिटी है उसके बाद अपनी बहिन को बाद में सब को बरी बारी कहती है सब इस मोमेंट्स को अपने फ़ोन में कैद कर रहे थे

सब को बड़ा मज़ा आ रहा था केक काटने के बाद हल्का खाना था तोह सब वह खा लेते है क्योकि संजना के बतया था इसके बाद सभी डिस्को बार जाये गए जो होटल में hi थी

सभी हस्सी मजाक कर के अपनी पार्टी एन्जॉय कर रहे थे

अगले अपडेट में बहुत कुछ होने वाला है इस होटल में इस लिए अपडेट को यही रोक रहा हु क्योकि वह थोड़ा लम्बा होगा
 
अपडेट NO 36

राधा आज स्कूल नहीं गयी थी वह अपने रूम में त्यार हो रही थी के तभी उसकी मम्मी उसके रूम में आ जाती है

Anchal:*kya हुआ आज स्कूल नहीं जाना

राधा अपनी मम्मी की बात का कोई जवाब नहीं देती वह है चुप चाप त्यार होती रहती है

Anchal:*tujhe सुन नहीं रहा मैं कुछ पॉच रही हु

radha:*aap को कब से मेरी फ़िक्र होने लगी मम्मी के मैं क्या कर रही हु कहा जा रही हु मेरी छोड़िये आपको अपनी फ़िक्र है पहले

anchal:*tujhe शर्म नहीं आती अपनी माँ से ऐसे बात करते हुए

radha:*bilkul नहीं जब माँ hi ऐसी हो तोह शर्म कैसी और मैंने गलत क्या कहा जो मुझे शर्म आये गयी

कल अपने बेटे की बात और आज राधा का इस तरह जुबान लड़ना अंचल से बर्दास्त नहीं हुआ और वह आगे बढ़ कर राधा के दोनों गालो पर थपड जड़ देती है

anchal:*apni माँ से जुबान लड़ती है बहुत बिगड़ गयी है ऐसे अपनी माँ से बात करते है इसी लिए तू इतने सालो से फ़ैल हो रही है पता नहीं कैसे लोगो के साथ घूमती है इस पास नहीं हुयी तोह स्कूल से नाम कटवा घर बैठा दूगी

अपनी मम्मी के डरा मरे गए थपड और इस तरह बोलने से राधा का भी पारा बढ़ गया वह भी आग की भट्टी की तरह जलने लगी

radha:*main कैसे भी दोस्तों के साथ घूमती हु अप्प जैसी नहीं हु काम से काम नसेड़ी और बेशर्म

राधा इतना बोल अपना पर्स उठा कर घर से निकल लेती है वही पर अंचल राधा के कहे लबाज सुन्न कर एक दम स्तम्भ थी

उसके कानो में अभी भी राधा के बोल गूंज रहे थे

राधा गुस्से में घर से बहार निकल जाती है और अपनी स्कूटी लेकर निकल लेती है

थोड़ी देर में वह एक होटल में होती है वह अपनी स्कूटी लगा कर अंदर जाती है तोह वह पर पहले से hi उसकी सेहली थी

radha:*ab जल्दी चल मेरा मूड बहुत ख़राब है तूने डिस्को के पास ले लिए

(राधा की यह सेहली दूसरी थी जो कॉलेज में hi पढ़ती थी राज के कॉलेज में इसका नाम है कनिका इसकी बेस्ट फ्रेंड है आगे इसकी डिटेल इस अपडेट ी पता लग जाये गयी बेहद खूबसूरत और चालक लड़की है)

kanika:*are क्या हुआ इतना पारा क्यों चढ़ा रखा है जान और आज मेरा बर्थडे है विश तोह कर दे काम से काम

radha:*tu क्या बची है विश कर विश कर दे कह रही है चल ना चील करते है

kanika:*chl मेरी माँ पता नहीं किस बात का गुस्सा है जो मुझ पर उतर रही है

radha:*haa तोह चल ना मुझे बियर पीनी है

kanika:*tera गुस्सा अपनी जगह अगर तूने नसेड़ी वाली बात की तोह मुझसे बुरा कोई नहीं होगा हम बस एन्जॉय करने और टाइम स्पेंड करने आये तू तोह जानती है मुझे कोई कुछ व् दे कोई विश करे पर जब तक तेरे साथ का दिन न गुजरू तोह चैन नहीं आता मुझे

radha:*acha ठीक अब काम से काम डिस्को तोह चल

उसके बाद दोनों एंट्री पास दिखा कर अंदर आ जाते है

इस वक़्त दुपहर हो गयी थी तोह थोड़े बहुत सुप्ले थे पर ज्यादा लोग नहीं थे जितने रात को या साम को होते है

दोनों एक कार्नर पर चले जाते है कनिका सॉफ्ट ड्रिंक माँगा लेती है

दोनों पीने लगते है

kanika:*ab बात बात क्या है

radha:*kuch नहीं एरर

kanika:*ab तू मुझसे झूट बोले गयी बात ना क्या बात है

radha:*kuch नहीं यार माँ से झगड़ा हो गया बस

kanika:*aunty से झगड़ा क्यों हो गया

radha:*bas एरर पता तोह है हार वक़्त नशे में खुद रहती है आज मेरा हॉल चल पोछने आ गयी

kanika:*tu भी ना यार असल में तू ेक्लि हो गयी है एरर और नहीं तेरी लाइफ बोरिंग हो गयी है मैं तोह कब से कह रही हु एक बर्फ बना ले जो तेरा ख्याल रखे तुझसे बाते करे

radha:*bas यार मुझे इसकी जरूरत नहीं है

kanika:*yarr तू तरय तोह कर तू कह तोह मैं अपने भाई से बात करो वह अब बिलकुल बदल गया है

radha:*dekh कनिका तू मेरी फ्रेंड है इस लिए मैं इस बात को छोड़ रही वार्ना तेरे उस भाई की वह हालत करती के वह याद रखता होगा ढूढे वह कॉलेज में होंगे उसके आगे पीछे लड़किया पर मेरे साथ बतमीज़ी कर के ाचा नहीं किया उस ने

kanika:*yar वह अब बदल गया है सैंडी अब किसी लड़की के पीछे नहीं जाता और तोह और इस साल इलेक्शन भी हार गया अब उसका मैं hi नहीं लगता किसी बात में वह तोह हार वक़्त तुझे hi ढूंढ़ता रहता है

radha:*dekh कनिका अब बंद कर इस टॉपिक को मेरा मूड ख़राब हो रहा है और ज्यादा तू एक काम कर एक बियर माँगा तब तक मैं वाशरूम जाकर आती हु

kanika:*chl मैं भी साथ आती हु

radha:*yaar मैं चली जाओ गयी मैं कोनसा पहली बार यहाँ आयी हु तू बियर माँगा

kanika:*maine मन किया था ना

radha:*mood तूने hi ख़राब किया है अब माँगा जल्दी मैं आयी

राधा बाथरूम की तरह चल देती है

वही उधर राज और उसके साथी सभी नास्ता बगैर सब कर के सब डिस्को की तरफ चल देते है

जब सभी डिस्को आते है तोह वह का महल नैना रश्मि राज और गीता के लिए नया था बाकि सब ने सायद डिस्को देखा हुआ था

Naina:*wahh भैया यह जगह तोह बहुत अछि है पर सरब भी यहाँ पर

Sanjana:naina हम यहाँ पर सिर्फ डांस करने आये है बाकि सॉफ्ट ड्रिंक पिए गए शराब हम सब में कोण पीटा है

इस बात प्
 
अपडेट 37

वही उधर राज और उसके साथी सभी नास्ता बगैर सब कर के सब डिस्को की तरफ चल देते है

जब सभी डिस्को आते है तोह वह का महल नैना रश्मि राज और गीता के लिए नया था बाकि सब ने सायद डिस्को देखा हुआ था

Naina:*wahh भैया यह जगह तोह बहुत अछि है पर सरब भी यहाँ पर

Sanjana:naina हम यहाँ पर सिर्फ डांस करने आये है बाकि सॉफ्ट ड्रिंक पिए गए शराब हम सब में कोण पीटा है

अब आगे.....

सभी एक टेबल पर बैठ जाते है संजना कोल्ड ड्रिंक माँगा लेती है रितेश और सायरा तोह डांस करने चली जाती है

आशीष बी गीता से डांस के लिए पोछता है पर गीता मन कर देती वह तोह राज के साथ डांस करना चाहती थी

आशीष रश्मि को डांस को पोछता है तोह वह आशीष की चुटकी ले लेती है

rashmi:*mr.ashish मेरे पर लाइन मात मरना डोले देख रहे हो मेरे भाई के हड्डिया तोड़ देगा

ashish:*meri माँ तू मेरी बहिन है क्योकि तुम राज की बहिन हो मैं भी बहिन hi मंटा हु चलो मैं किसी और को ढूंढ़ता हु ऐसे ऐकले तोह नहीं बैठ सकता

rashmi:*toh ऐसा बोलो ना भैया अब चलिए मैं चलती हु डांस के लिए पर आपको जल्दी से गर्लफ्रेंड दंड कर देना मेरा काम है

ashish:*hye माते आपके पेअर कहा है... (आशीष सच में रश्मि के कदमो में लेट जाता है जिस पर रश्मि उछाल जाती है साथ में सबकी हस्सी भी) प्लस रश्मि यह काम करदे यह तेरा भाई तोह मेरे किसी काम नहीं आता काम से काम तू तोह मेरी सुन्नी ज़िंदगी भार दो

rashmi:*bas बस मुझे लग गया पता आप बहुत मुश्किल में है करना पड़े गए कुछ आपका

रश्मि आशीष के साथ डांस फ्लोर पर चले जाते है वही नैना संजना और गीता रह जाते है

तीनो राज के साथ डांस करना चाहते थे पर कह नहीं पा रहे थे शर्म के कारन वही राज इन् तीनो को छोड़ किसी और को देख रहा था और उससे थोड़ा गुस्सा आ रहा था

जब की राज की और देख रही नैना जब राज का ध्यान कही और देखती है तोह वह राज की नज़र का पीछा करती है तोह पति है राज किसी लड़की को देख रहा है जो बेहद खूबसूरत है

नैना राज को इस तरह किसी लड़की को घूरता देख गुस्सा आ रहा था वह बेचारी थोड़ी पहले से hi यहाँ संजना और गीता के कारन परेशान थी इस लिस्ट में किसी और का आना उसके लिए बड़ी मुश्किल की बात थी

naina:*thoda गुस्से में) भैयाआ

raj:*haa क्या हुआ क्यों चीला रही है

naina:*kon है वह लड़की जिसे आप घूर है कबसे

sanjana:*kon लड़की किस लड़की की बात कर रही हो नैना

geeta:*woh जो टेबल पर बैठी है वही है ना नैना

naina:*tum दोनों चुप रहो और आप बताइये वह कोण है कही वह भी तोह प्यार नहीं करती

raj;*tum भी ना नैना कुछ भी बोल देती हो तुम तीनो यही बैठो मैं आता हु अभी

naina:*par है कोण वह....

raj:*baata रहा हु यही बैठो ना तुम तीनो को आकर बताता हु

राज वह से उस लड़की के पास चला जाता है जो अभी बैठी अपने दोस्त के साथ बियर पी रही थी

राज उसके पास जाता है और बियर की बोतल चीन कर टेबल पर रख देता है

राज का चेहरा एक दम गुस्से से भर गया था वही जिस लड़की से राज ने बियर को होटल ली थी वह भी अपने सामने इस वक़्त राज को देख कर हैरान परेशान थी वह तोह कभी सोची भी नहीं थी के वह इस हालत में डरा फसे गयी

राधा के चेहरे पर दार और घबराहट साफ़ दिख रही थी वही उसके साथ आयी लड़की भी राज को देख हैरान परेशान थी

राज एक बार राधा को देखता है फिर एक थपड जड़ देता है पर ध्यान रखता है ज्यादा डोर से ना लगे

raj:*yeh सब क्या हो रहा है यह तेरी उम्र है यह सब करने की कभी सिगरेट पीती है कभी बियर यही संस्कार दिए है उस ने तुझे इसी तरह पाला है

राधा की तोह जुबान hi बंद हो गयी थी वही नैना संजना और गीता जो राज को भी देख रहे थे इस तरह राधा के थपड मरने से घबरा गए और जल्दी से उठ कर फटाफट राज की तरफ चल दिए

raj:*ab चुप क्यों हो मैंने कुछ पोछा है यह सब क्या है

राधा जो चुप चाप अपने हालत पर परेशान थी इस तरह सबके सामने डाटने से थोड़ी गुस्से में वह भी आ गयी सभी राज और राधा को hi देख रहे थे जिस से राधा को शर्म आ रही थी

radha:*aap कोण होते हो यह पोछने वाले

raj:*ek थपड से अकाल आयी नहीं या और खाना है.. तू नहीं जानती मैं कोण हु

radha:*nhi जानती और कैसे जानो गयी कभी अपने जानना आपकी बहिन कैसी है कहा है किस हालत में है अछि है या बिगड़ गयी है कभी पता किया अपने

अब तक नैना संजना और बाकि सब भी आ गए थे जब नैना ने राधा की बात सुन्नी तोह वह हैरान परेशान हो गयी उससे नहीं पता था कुछ राधा के बारे में

naina:*juban संभल कर बात कर लड़की... और यह मेरा भाई है ना की तेरा

radha:*tu कोण है जब देख रही है मैं और यह बात कर रहे है तोह बिच में क्यों बोल रही है लगती क्या है तू इसकी.. और मैं इसकी बहिन हु

naina:*ab अगर मेरे और भैया के खिलाफ कुछ बोली ना तोह दस्त तोड़ दूगी समझी यह मेरे भैया है पता नहीं किस ने पैदा कर दिया और आ गयी मेरे भाई को अपना भाई कहने

नैना की बात पर राज को एक दम से गुस्सा आ जाता है

raj:*naina यह क्या तरीका है किसी से बात करने का क्या तमीज़ भूल गयी हो क्या यही कुछ सिख्या है मम्मी पापा ने

naina:*aap मुझे क्यों डाट रहे है यह देखिये कैसे बात कर रही है

raj:*woh इस लिए बात कर रही है क्योकि उसकी परवरिश वैसी हुयी है तेरी तोह नहीं और यह तुम्हरी बहिन है

naina:*meri बहिन यह है रश्मि यह कब से हमरी बहिन हो गयी

sanjana:*aap सुनिए सब यहाँ देख रहे है तमसा बन्न रहा है हमरा चलिए बहार चलते है वह बात कर लेंगे

radha:*tum सब जाओ मुझे इनसे बात करनी है कुछ पोछना है दुनिया भी तोह जाने... जो मुझ पर हक्क जाता रहा है किया क्या है मेरे लिए जो आज मेरी ज़िंदगी में तंग दे रहा है उस दिन स्कूल में आकर आप में मुझे बतया आप मेरे भाई हो पहले क्यों नहीं

raj:*kyoki पहले मुझे hi नहीं पता था तुम्हरे बारे में जब पता लगा तुझसे मिलने आ गया और सायद यही गलती कर दी

radha:*haa सबने गलती hi तोह की है माँ बाप ने मुझे फ़ायदा कर के गलती की है पैसा तोह दे दिया ना एक पाल का प्यार दिया ना साथ... बागवान ने ऐसे परिवार में जनम देकर गलती किया और आप ने मुझसे मिल कर गलती किया.. सब ने गलती hi किया है पर मैंने क्या गलती की है आखिर मेरी कि गलती है मैं ऐसी हो गयी हो इस में मेरी क्या गलती है कोण था समझने वाला की गलत सही क्या है

राधा वही ज़मीन पर बैठ कर रोने लगती है सभी लोग आस पास आकर घेर लिया था राज भी यहाँ के हालत देख कर समझ गया यहाँ और बात करना ाचा नहीं वह राधा के पास गया और उससे गोद में उठा लिया

दज वाले ने इतनी बिध होने पर दज बंद कर दिया जिस से रश्मि और बाकि सब भी बिध की तरफ आ गए राज को एक लड़की को गोद में उठा कर ले जाते हुए देख वह भी राज की तरफ भाग लिए

राज राधा को गोद में ले लिया और डिस्को से बहार जाने लगा वही संजना राज के आगे चल कर उससे कही ले जाने लगी

संजना और उसके पापा का ऑफिस था और रूम भी वह सभी को वही ले जाते है राज राधा को सोफे पर बैठा देता है

raj:*acha चुप हो जाओ ी ऍम सॉरी तुम्हरी कोई गलती नहीं है अब रोना तोह बंद करो

radha:*jab से आपके बारे में जाना था तब से आपसे मिलना चाहती थी आपको कभी देखा hi नहीं था ना आपके बारे में कुछ जानती थी तोह कैसे मिलती बस उम्मीद थी आप जरूर मिलो गए.. जब आप आये तब अपने मुझे डाटा पर मुझे इतनी ख़ुशी कभी नहीं हुयी थी किसी के डाटने से जब उस दिन हुयी थी पर आप वह से चले गए मैं आपके पीछे भी आये पर आप नहीं रुके मैं रोज सुबह साम वही आपका इंतज़ार करने लगी के आप आओ गए मुझसे मिलने पर आप नहीं आये कभी नहीं आये.. नहीं आये वापस आप

raj:*main इस लिए नहीं आया क्योकि मैं थोड़ा फास गया था माफ़ कर दे अपने भाई को चुप होजा

radha:bhiaya मेरी क्या गलती है इस सब में घर में नशा hi चलता है सुबह साम तोह मैं क्या करती जो देखो गयी वही पियो गयी ना... मम्मी ने सब गलती की इस में मेरी क्या गलती मम्मी ने आपको छोड़ मैं तोह तब पैदा भी नहीं हुयी थी और मेरा बाप इतना कमीना है के वह मुझ पर hi गन्दी नज़र रखता है अपने फायदे के लिए बेच देना चाहता है ऐसे घर में आप मुझमे संस्कार चाहते है भैया कैसे... कैसे इन् सब में संस्कार आये गए... मेरा एक बार रपे होते होते बचा पर पापा ने कुछ नहीं किया क्योकि उसके दोस्त का बीटा था वह और उसी से मेरी शादी करना चाहते है बोलो क्या करो मैं कोण सोचता है मेरे बारे में बोलो ना भैया कोण सोचता है मैं तोह इस उम्मीद में रह रही थी के एक दिन तोह आप आओ गए एक दिन तोह आपको लगे गए आपकी बहिन है एक जिससे आपकी जरूरत है पर आप..

राज को जब राधा के दुखो का पता लगता है उसकी आखो में हलके ासु आ जाते है

राज आगे बढ़ कर राधा के ासु पोछने लगता है राधा भी रट हुए राज के गले लग जाती है

radha:*bhaiya मुझसे आपकी जरूरत है वह घर नहीं नरक है नर्क

raj:*gudiya तूने जो दर्द साहे है तेरा भाई वह मिटा तोह नहीं सकता पर अब तेरा भाई तुझे रोने नहीं देगा

naina:*wahhh भैया वहहह आप यह कैसे कर सकते है आप इससे कैसे अपना सकते है

नैना की बात सुन्न राधा और राज दोनों नैना की तरफ देखते है

naina:*iski माँ की वजह से मेरी माँ की ज़िंदगी ख़राब हो गयी उस माँ की जिस ने आपको इतना प्यार दिया.. इसके बाप और माँ ने मिलकर मेरे पापा को इतना दुःख दिया और आप इससे अपना रहे है उनकी इस औलाद को... यह एक घटिया लड़की है घटिया माँ की घटिया बेटी जिसकी माँ ऐसी हो उसकी औलाद तोह वैसी hi होगी ना... कपूत के कोख से सपूत पैदा नहीं होता मेरे हाथ में खंज़र होता तोह इससे अभी चिर देती फिर इसकी माँ को

rashmi:*didi यह आप क्या बोल रहे हो आपको होश तोह है आप क्या अनाप सांप बोल रही है

raj:*(bighi आखो से) नैना फिर तोह मैं भी कपूत hi हूँ... मैं भी तोह उसी की खूख से निकला हु अगर राधा कपूत है तोह मैं भी हु naa...acha किया जो तूने बात दिया मैं क्या हूँ

rashmi;*bhaiya प्लस दीदी की बातो को दिल पर मात लीजिये वह तोह पागल है कुछ भी बोल देती है आप कपूत नहीं हमरे प्यारे भाई हो सबसे प्यारे भाई

raj;*naina कीचड़ कैसा भी हो ना हो पर उसमे कमल जरूर उगता है जो मंदिर में चढ़ता hai...meri माँ कैसी भी हो इसकी माँ कैसी भी हो पर ना मेरी बहिन कपूत है ना मैं... मैं सिर्फ उसका hi बीटा नहीं हु मैं पापा का भी बीटा हु

rashmi:*bhaiya आप यह क्या बोले जा रहे आप हमरे प्यारे भैया हो और रहो गए दीदी से गलती से निकल गया

raj:*nhi रश्मि आज इसके दिल में यह बात थी तभी निकला ना... आज इसने राधा को बोलै कल मुझे भी बोले गयी

rashmi:*bhaiya को आप इसके लिए हमसे लड़ रहे हो

raj:*main लड़ नहीं रहा हु रश्मि जो नैना ने कहा उससे समझ रहा हु और इस से क्या रिस्ता है तोह यह मेरी बहिन है सगी बहिन है यह मेरी पर मेरे लिए तुम दोनों सबसे पहले हो यह नहीं... इसके बारे में जब जनता भी नहीं था तब से तुमसे प्यार करता हु तबसे तुम्हे अपना मंटा हु मगर तुम......

नैना जो कब से अंदर hi अंदर अपनी कही बातो से जाल के ासु बहा रही थी वह बर्दास्त नहीं कर पति

वह राज के कदमो में गिर जाती है

naina:"bhaiya मैं नहीं कहना चाहती थी वह सब मेरे मुँह से निकल गया... जब मुझे पता लगा यह कोण है तब मुझे मुंय का दर्द सामने आ गया पापा का दर्द सामने आ गया और वह सब बोल गयी... आप तोह हमरी जान हो भला आप से बढ़ कर क्या होगा हमरे लिए

raj:*toh क्या मेरे लिए तुजसे बढ़ कर है कुछ तुम दोनों hi तोह मेरे लिए सब कुछ हो मम्मी पापा के बाद तुम दोनों ने hi तोह प्यार दिया था और तुझे क्या लगता है नैना क्या मैंने नहीं मम्मी पापा के बारे में सोचा होगा पर मम्मी भी चाहती थी मैं राधा से मिलो क्योकि राधा पापा और मेरी माँ की बेटी है ना की उस हैवान की

राज की बात से राधा और बाकि सब चौक जाते है बाकि सब को तोह कुछ ज्यादा समझ भी नहीं आ रहा था आखिर बात क्या हो रही है पर वह भी वही बैठ सुन्न रहे थे

naina:*yeh कैसे हो सकता है भैया

raj:*radha तुम सब से बड़ी है 7 मंथ... मम्मी और पापा का जब डाइवोर्स हुआ था तब राधा मम्मी के पेट में थी और पापा यह बात मम्मी को बाटने hi आये थे पर उन्होंने ने अपना सब कुछ खो दिया एक हादसे से

rashmi:*par... छोड़िये आपको जैसा करना है कीजिये पर हमसे नाराज ना होइए और दीदी आप कुछ तोह सोच कर बोलै कीजिये

radha:*bhaiya मुझे जाना है मैं आपकी सगी बहिन कैसे हु जबकि मेरे पापा...

raj:*ghar पर बात दुगा तू मेरे साथ घर चल और वह लड़की कोण थी पता नहीं कहा गयी

radha:*kya वह चली गयी... (राधा आस पास देखने लगती है). वह मेरी दोस्त थी भैया छोड़िये उससे पर मुझे उस घर से भचा लीजिये मैं और नहीं रहना चाहती वह

ashish:*raj मुझे लगता है अब हम्मे घर जाना चाहिए वक़्त बहुत हो गया है और तू भी हमरी वजह से कुछ बात नहीं पाए गए बातो से तोह लग रहा है पर्सनल है बाते

sanjana:haa राज चलो घर चलते है यहाँ से

rithesh:*ham भी चलते है राज कहा मस्ती करने आये थे पर यह इमोशन हो गया चल तू देख अपनी फॅमिली को पर जरूरत पड़े तोह याद करना और बाद में बाटना यह सब क्या था मुझे कुछ ज्यादा समझ नहीं आया

raj:"ji भैया आप सब जाइये मैं भी निकल hi रहा हु

radha:*par भैया...

raj:*tu घर चल हमरे साथ वह मम्मी बात देगी कैसे तू मेरी सगी बहिन है

sanjana:*main भी जाओ गयी मुझे भी सब जानना है आखिर...

geeta:*jada ना हवा में ना ुध... राज मैं भी आ रही हु इसी बहाने आंटी से मिल लगी

raj:*par.....teek है चलो

उसके बाद राज बाकि सब के घर की और चल देता है राधा जहा खुश थी उससे भाई मिल गया वही रश्मि और नैना दुखी थी के उन् दोनों के हिस्से का प्यार अब राज किसी और को भी देगा सायद यह भी एक वजह थी जो नैना इतना गुस्सा हुयी

गीता और संजना सब कुछ जान कर परिवार में घुसना चाहते थे

राज जहा एक तरफ खुश था के उससे उसकी सगी बहिन मिल गयी वही उससे दुःख था के नैना ने उसके और राधा के लिए वह बात कही बेसक वह बात उस ने भूला दी थी पर कही न कही वह बात अभी भी उसके दिमाग में चल थी
 
अपडेट NO 38

उसके बाद राज बाकि सब के घर की और चल देता है राधा जहा खुश थी उससे भाई मिल गया वही रश्मि और नैना दुखी थी के उन् दोनों के हिस्से का प्यार अब राज किसी और को भी देगा सायद यह भी एक वजह थी जो नैना इतना गुस्सा हुयी

गीता और संजना सब कुछ जान कर परिवार में घुसना चाहते थे

राज जहा एक तरफ खुश था के उससे उसकी सगी बहिन मिल गयी वही उससे दुःख था के नैना ने उसके और राधा के लिए वह बात कही बेसक वह बात उस ने भूला दी थी पर कही न कही वह बात अभी भी उसके दिमाग में चल थी

अब आगे...........


कनिका चुके से वह से निकल गयी थी वह होटल से बहार आते hi किसी को फ़ोन लगा दिया

kanika:*hello पापा एक प्रॉब्लम हो गयी है

(कनिका ने इस वक़्त अपने पापा यानि मला को फ़ोन किया था)

Mla:*kya हुआ बेटी तू तोह राधा के साथ थी ना कुछ काम बना

kanika:*nhi पापा कुछ काम नहीं बना एक तोह सैंडी ने पहले hi काम करब कर दिया था ऊपर से यहाँ पर उससे राज मिल गया

कनिका की बात सुन्न मला खड़ा हो जाता है

mla:*woh वह कैसे आ गया कही वह दोनों एक दूसरे के बारे में जान तोह नहीं गए

kanika:*haa पापा वह दोनों एक दूसरे के बारे में जानते है और सायद एक भी हो गए मुझे कोई पहचान ना ले मैं इस लिए निकल गयी

mla:(gusse में) तुम दोनों नेलक हो ना सैंडी उस लड़की को अपनी तरफ कर पाया और तू भी पता नहीं राज को अपने प्यार के जाल में फसा पाए गयी के नहीं

kanika:*papa इसी लिए तोह मैं सैंडी से कॉलेज में दूर थी पर अब राधा ना बात दे मैं कोण हु

Mla:*iska वक़्त नहीं देना है हम्मे तू एक काम कर घर जा मैं कुछ करता हु

Kanika:*jee पापा

उसके बाद कनिका वह से घर चली जाती है मला किसी को फ़ोन कर के कुछ समझा देता है

इधर राज और बाकि सब घर के गेट तक पॉच गए थे सभी गेट पर खड़े थे राज गेट नॉक करता है तोह थोड़ी देर में उनकी माँ दिया दरवाजा खोल देती है

जब सामने सभी को देखती है और साथ में एक प्यारी स लड़की को तोह समझने लगती है के यह लड़की कोण है वह बड़े ध्यान से देख रही थी

Raj:*mummy अंदर तोह आने दो

diya:*koi अंदर नहीं आये गए मैं अभी आयी सब यही रुको

दिया फटाफट अंदर जाती है और 5 मिंट में बहार आ जाती है और अपने साथ एक थाली ले आती है जो पूजा की थी

rashmi:*mummy अप्प पूजा की थाली क्यों ले आयी

mummy:*meri प्यारी बेटी घर आयी है तोह आरती नहीं उतरो गयी (राधा से) बेटी आगे आओ

राधा आगे आ जाती है उसकी आखो में अभी भी हलके ासु थे वही सब हैरान थे के उसकी मम्मी को पता कैसे लगा राधा के बारे में

कोई कुछ नहीं बोलता दिया आरती पूजा कर के राधा को टिका लगा अंदर बुला लेती है

राधा के अंदर आते है दिया उससे जोर से गले लगा लेती है

mummy:*meri प्यारी बेटी कितना वक़्त लगा दिया आने में.. हम्मे माफ़ कर दे हम कभी मिल भी नहीं सके तुझसे पर मैं और तेरे पापा हमेसा चाहते थे तुझसे मिले तुझे प्यार करे

Radha:*toh आप सब आये क्यों नहीं क्यों छोड़ दिया मुझे उस नरक में

mummy:*beta माँ बाप कैसे अपने बचे को किसी मुसीबत में छोड़ सकते है पर किस्मत हम्मे मजबूर कर देती है

radha:*toh मेरी hi ऐसी क्यों किस्मत लिखी माँ... क्यों मेरे नसीब में hi दर्द दिया

mummy:*beta दर्द और ख़ुशी तोह ऊपर वाला लिखता बेटी हम्म तोह बस उसके किरदार है

राधा इस पर कुछ नहीं बोलती बस चुप रहती है

mummy:*main भी ना कितनी बुलाकड़ हु आज पहली बार मेरी बेटी आयी है और मैं हूँ के चाय नास्ता भी नहीं कार्य नैना और रश्मि जाकर कहने को बन्नो

raj:*mummy मैं राधा को उस घर वापस नहीं जाने दुगा वह दोनों इसकी ज़िंदगी बर्बाद कर देंगे

mummy:*beta मैं क्या जाने देना चाहती हु पर अगर यह यहाँ रही तोह बहुत मुसीबत आ जाये गयी अंचल और गुस्सा हो जाये गयी

radha:*mummy मैं उस नरक में नहीं जाना चाहती

mummy:*beta ऐसा नहीं बोलते वह भी तेरी माँ है

radha:*woh माँ है नहीं माँ वह माँ नहीं हो सकती एक माँ अपनी बेटी को कैसे बर्बाद कर सकती है उससे सिर्फ अपने नशे से प्यार है और किसी से नहीं

अब दिया के पास बोलने को कुछ नहीं था पर वह भी जानती थी के वोग राधा को यहाँ नहीं रख सकती वार्ना अंचल भूचाल ले आये गयी

तभी रश्मि चाय और नास्ता ले आती है

mummy:*beti तू वह सब छोड़ पहले चाय पी और तुम दोनों तोह अब घर hi नहीं आती कहा रहती हो

sanjana:*main तोह आती रहती हु आंटी

mummy:*kya आती रहती हु राज से मिलने hi आती है कभी हमसे भी मिलने आया कर

geeta:*aunty मुझे तोह राज hi नहीं आने देता

mummy:*kyo रे तू क्यों नहीं आने देता मेरी बेटी को

raj:*main क्यों रोको गए माँ यह ऐसे hi झूट बोल रही है

सभी हस्सी मजाक के साथ नास्ता कर रहे थे

तभी जोर से घर की बेल्ल बजने लगता है

mummy:*kon है यह बेल्ल hi ना टॉड दे आज जा नैना बीटा देख कोण है बहार

नैना बहार चली जाती है पर जब दरवाजा खोलती है तोह सामने उसके एक औरत होती है जो गुस्से में थी

दरवाजा खुलते hi नैना कुछ पोछती या बोलती उस से पहले hi वह औरत अंदर आ जाती है

naina:*hello आप हो कोण ऐसे अंदर कहा जा रही हो

aurat:*radha...radha.... राधा

किसी औरत की आवाज सुन्न कर सभी की नज़र दरवाजे पर जाती है क्योकि सभी हॉल में hi बैठे थे तोह सामने अंचल कड़ी थी जो गुस्से में थी

जब अंचल की नज़र सामने राधा पर पड़ती है तोह उस का गुस्सा और बढ़ जाता है वह आगे तेज़्ज़ी से आगे बढ़ जाती है

राधा अपनी माँ को गुस्से में अपनी तरफ आता देख दिया के पीछे छिपने लगती है

अंचल आगे आ जाती है और बिलकुल दिया के सामने आ जाती है

anchal:*teri हिम्मत कैसे हुयी मेरी बेटी को भी छीनने की

mummy:*anchal कोई किसी को नहीं छिन्न रहा यह अपने भाई से मिलने आयी है

anchal:*sab जानती हो मैं तुझ जैसी गिरी हुयी औरत को जब पता लगा होगा के साडी दौलत मेरी बेटी और बेटे के नाम कर दी मेरे बाप में मरते वक़्त तब से तू मेरे बेटे के साथ मेरी बेटी को भी चिन्ना चाहती है तू मेरे बेटे को तोह अपनी तरफ कर चुकी है पर अपनी बेटी के साथ ऐसा नहीं होने दूगी

diya:*tu गलत समझ रही है अंचल और इसी के कारन तू इस हालत में है

anchal:*main इस हालत में हु क्योकि तूने मेरी ज़िंदगी बर्बाद करदी है... पहले अपने यार के साथ चुपके चुपके मिलती थी बाद में मेरे पति को फस्स कर मेरे बेटे को अपना बना लिया अब मेरी बेटी के साथ करना चाहती है यह सब दौलत के लिए कर रही है तुझ जैसी गरीब और मिडिल क्लास औरत कर क्या सकती है

अंचल का इस तरह दिया की बजती करना ना राज से बर्दास्त हो रहा था ना नैना और रश्मि से वही गीता और संजना को भी गुस्सा आ रहा था

राज से और बर्दास्त नहीं होता और वह अपना हाथ अंचल पर उठाने लगता है तोह बिच में hi दिया उसका हाथ पकड़ लेती है और उल्टा कीच कर राज को hi थपड मरती है

diya:*tu अपनी माँ को थपड मारे गए उस माँ को जिस ने तुझे जनम दिया तेरे हाथ उठ कैसे गए यह टूटे क्यों नहीं....

naina:*mummy यह देख रही है ना आपसे कैसे बात कर रही है और आप भैया को दन्त रही हो

diya:*tum सब चुप रहो कोई कुछ नहीं बोले गए और तू जल्दी से माफ़ी मांग

anchal:*yeh नाटक किसी और के सामने करना पहले मेरे बेटे को मेरे खिलाफ करती है अब तू यह अछि बनने का नाटक करती है सब जानती हु मैं और तू क्या पीछे चिप रही है तू बहार निकल पहले

राधा जोर से दिया को पीछे से पकड़ लेती है पर अंचल आगे बढ़ कर राधा को अपने सामने कर लेती है

अंचल का गुस्सा तोह पहले hi सातमे आसमान पर था जैसे hi राधा सामने आती है वैसे hi वह अपना हाथ उठा देती है राधा के ऊपर पर उसका थपड राधा को लगता उस से पहले बिच में hi राज उसका हाथ पकड़ लेता है

raj:*aaj से पहले अपने किया वह मैं बदल नहीं सकता पर अब और नहीं अब मैं किसी को अपनी बहिन को दुःख नहीं देने दुगा अगर आप ने इससे कुछ किया तोह आपको और आपके उस नामर्द पति को जान से मार दुगा

diya:*rajjjj......

raj:*nhi माँ आप बिच में मात आइये आप ने एक बार मुझे रोक लिया पर मैं राधा को मार खाने नहीं दे सकता आखिर गलती क्या है उसकी

anchal:*woh मेरे दुसमन के घर आयी है यह गलती है उसकी

raj:*fir आप मेरे पास क्यों आती है मैं भी तोह आपका दुसमन हु

anchal:*tu मेरा बीटा है इस लिए आती हु

raj:*yeh मेरी बहिन है इस लिए मेरे पास आयी है समझे आप

anchal:*toh चल मेरे साथ घर

raj:*ghar पर hi तोह हु मैं और जिसे आप घर कहते हो वह यह पैसे से कड़ी की हुयी ईमारत है बस घर नहीं घर में प्यार होता जो उस घर में नहीं है सिर्फ पत्थर के घर बना लेने से और बचे पैदा कर लेने से घर नहीं बनता उससे प्यार की मंदिर में सजाना पड़ता है तब जाकर घर बनता है

anchal:*yeh सब इस ने सिख्या होगा और कर क्या सकती है पैसा तोह है नहीं बेकार का ज्ञान hi दे सकती है जिसकी कोई कीमत नहीं होती

raj:*hoti है कीमत पर उसके लिए जिसका ज़मीर होता है जो अपना इमां कुछ कागज़ के टुकड़ो और नशो में बेच देते है उनके लिए नहीं होता

anchal:*jab तुझे एहसास होगा दौलत क्या होता है तब तुझे एहसास होगी मेरी बाते अभी तोह इस डायन का असर है तेरे में पर मैं भी तुझे नहीं छोडो गयी तू मेरा बीटा है और मैं अपने बेटे को पा कर राहु गयी

raj:*sif पैदा करने से माँ बाप नहीं बन्न जाते उन्हें पलना पड़ता है जो अपने नहीं मेरी इस माँ ने किया है तुम जैसे नहीं जो गैरो के बिस्तर गर्म करने लग गयी अपने पति को छोड़

राज की बात पूरी होते hi अंचल तोह जैसे अवाक् hi रह गयी वही दिया से ऐसी बाते बर्दास्त नहीं हुयी उस ने राज को एक थपड मार दिया

diya:*chl जा यहाँ से मुझे तुमसे यह उम्मीद नहीं थी क्या हमने एहि सिख्या है संजना और नैना इससे लेकर जाओ मेरी नज़रो से

राज को भी और बर्दास्त नहीं हो रहा था वह भी जाने लगता है पर फिर वह वापस राधा के पास आ जाता है

raj:*meri बहिन तू चिंता ना कर तू अभी इसके साथ जा पर अगर तुझे इन् दोनों में से किसी ने भी तकलीफ दी तोह उसकी दुनिया में आखिर सासे होगी यह तेरा भाई तेरी कसम खता है तू जा इसके साथ

अंचल को अपनी और बजती बर्दास्त नहीं होती वह राधा का हाथ खींचने लगती है

radha:"bhaiya मुझे नहीं जाना प्लस मुझे वह मात बेझो उस नरक में मात बेझो

अंचल अपनी बेटी पर जरा भी तरस नहीं करती और उससे वापस घर से बहार ले जाती है

राज भी राधा का दुःख बर्दास्त नहीं हो रहा था उससे गुस्सा आ रहा था पर अपनी माँ दिया के कारन वह चुप था वार्ना वह राधा को कभी नहीं वापस जाने देता

घर के गलत ऐसे थे के किसी को समझ नहीं आ रहा था वह क्या करे

राज अपनी hi सोचो में घूम था वही रश्मि और नैना अपने रूम में चले जाते है उनकी भी आखो में ासु थे संजना और गीता भी आज वही रुकने का सोच कर वह से सामान ले जाते है उसकी मम्मी बहुत दुखी हॉल के सोफे पर भी बैठ जाती है

घर में बिलकुल सनता था जैसे तेज़्ज़ बारिश के बाद मौसम में होता है किसी में मौत के बाद घर में होता है ऐसी hi अब इस वक़्त घर वालो की थी

अंचल राधा को अपनी कार में बैठा कर घर की तरफ चल देती है उसकी आखो में अभी भी गुस्सा था पर उसने राधा पर हाथ नहीं उठया था सायद वह राज की धमकी से दर गयी थी

राधा कार के बहार देख कर रू रही थी वह वह से वापस नहीं जाना चाहती थी वह सबके साथ रहना चाहती थी पर सायद उसकी किस्मत में भी ख़ुशी थी hi नहीं
 
अपडेट NO 39

अंचल राधा को अपनी कार में बैठा कर घर की तरफ चल देती है उसकी आखो में अभी भी गुस्सा था पर उसने राधा पर हाथ नहीं उठया था सायद वह राज की धमकी से दर गयी थी

राधा कार के बहार देख कर रू रही थी वह वह से वापस नहीं जाना चाहती थी वह सबके साथ रहना चाहती थी पर सायद उसकी किस्मत में भी ख़ुशी थी hi नहीं

अब आगे...............

राज इस वक़्त अपने रूम में था उससे बहुत गुस्सा आ रहा था गुस्सा इस बात का आ रहा था के वह अपनी बहिन के लिए कुछ नहीं कर सका उससे उस नरक में जाने से रोक नहीं सका

naina:*bhaiya प्लस गुस्सा संत हो जाइये....

raj:*kaise संत कर लू मेरी बहिन की आखो में ासु होंगे और मैं कुछ ना कर सका

rashmi:*mujhe तोह मम्मी पर गुस्सा आ रहा है मम्मी ने उस औरत के लिए आपको थपड मारा

sanjana:*rashmi आंटी ने थपड ऐसे नहीं मारा है वजह होगी

naina:*par थपड थोड़ी मारे गयी

mummy:*(piche से) तोह क्या करती... वह जैसी भी थी मेरा बीटा ऐसा थोड़ी है जो किसी की गलत बोले

naina:*par जानती है ना उस ने क्या कुछ किया आपके साथ... आपके साथ तोह छोडो भैया के साथ क्या कुछ किया... क्या उम्र थी जब भैया को छोड़ दिया उन्होंने

mummy:*toh मैं कब मन किया इस सब से पर मेरा बीटा सबसे ाचा है मैं उससे ाचा hi देखना चाहती हु ऐसे नहीं के वह किसी को गलत बोले वह भी एक औरत को


naina:*toh आप ऐसे थपड मारे गए भैया को

mummy:*tujhe क्या लगता है मुझे ख़ुशी मिली अपने बेटे को थपड मार के जब तू माँ बनने गयी ना तब समझे गयी की क्या बीत रही है मेरे पर

राज कुछ नहीं बोलता वह उठ कर बहार जाने लगता है तोह उसकी माँ हाथ पकड़ लेती है

mummy:*apni माँ से गुस्सा है

raj:*nhi माँ मैं खुद से गुस्सा हु के क्यों कुछ नहीं कर सका

mummy:*beta अभी राधा को हम पास नहीं रख सकते उसके पास पावर और पैसा दोनों है

raj:*main आपकी बात समझता हु माँ पर मैं बर्दास्त नहीं कर पा रहा हु के मेरी बहिन तकलीफ में है

mummy;*par बीटा.....

raj;*mummy मैं अभी एकला रहना चाहता हु थोड़ी देर आप मेरी चिंता ना करिये मैं ठीक हु

राज इतना बोल के रूम से बहार चला जाता है वही सभी रूम में परेशान खड़े थे पर संजना वह नहीं रूकती वह वह से निकल जाती है

निचे देखती है तोह राज घर से बहार जा रहा था संजना भी बहार चल देती है

राज घर से निकल कर घर के पास वाले पार्क में आ जाता है और एक खली बैंच देख कर बैठ जाता है

राज अभी बैठे 2 मिंट hi हुए थे के तभी वह संजना आ जाती है और बिना कुछ बोले राज के साथ बैठ जाती है

राज एक बार संजना की तरफ देखता है पर कहता कुछ नहीं संजना भी कुछ नहीं कहती बस चुप चाप बैठ जाती है

5 मिंट तक दोनों में ख़ामोशी रहती है आखिर कर संजना बोल hi पड़ती है

sanjana:*ab आप गुस्सा छोड़ भी दीजिये बासक वह राधा को ले गयी है पर कल तोह आप मिल सकते है स्कूल में

raj:*plss संजना जाओ यहाँ से

Sanjana:*kaha जाओ आपको छोड़ मुझे भी तोह आपको ऐसे देख सकूं नहीं मिले गए

raj:*aakhir क्या मिलता है सबको मुझे तंग कर के

sanjana:*aise देख आपको जान निकल रही है और आप कह रहे है आपको तंग कर के ाचा लगता है मैं जानती hi आप परेशान है कुछ ना कर सकने से पर इस से क्या होगा आपके परेशान हो जाने से क्या परेशानी ख़तम हो जये गयी

raj;janta हु इस से कुछ नहीं होगा पर ऐसे भी क्या कर सका मैं

sanjana:*toh क्या हुआ आप को अपनी बहिन को हिफाज़त करनी है इसके लिए ऐसे ऐकले बैठने से कुछ नहीं होगा कल तोह सबसे पहले राधा मिलना उसके बाद उसको प्यार से समझना और हौसला देना आंटी सही कह रही थी यह सब इतना आसान नहीं होगा

raj:*tum ठीक कह रही हो पर तुमने सुन्ना ना संजना कैसे राधा को वह तंग करते उसका रपे तक होते होते बचा

sanjana:*haa यह तोह है पर आप यह भूल रहे है अपने ट्रेनिंग इसी के लिए ली है आप सब चीज़ो में मजबूत है बस यकीन करिये अपने आप पर

raj:*yakeen है संजना मुझे खुद पर और मैं राधा को कुछ होने भी नहीं दुगा पर वह दूर है और जो सुन्ना उसके बारे में इस से दिल घबरा रहा है

sanjana:*janti हु पर सिर्फ राधा hi नहीं नैना और रश्मि भी आपकी बहिन और वह भी आपसे प्यार करती है

raj:*janta हु संजना राधा तोह अभी मिली है पर वह दोनों तोह मेरे बचपन से मेरे साथ है.. वह भी परेशान होंगे

sanjana:*toh चलिए घर इस तरह से निकल जाने से सब परेशान होंगे

राज संजना की तरफ पलट जाता है और उसके को बड़े ध्यान से देखने लगता है

sanjana:*aise क्या देख रहे है आप

raj:*yahi के पागल स लगने वाली लड़की इतनी समझदार भी हो सकती है

sanjana:*yeh सब आपका असर है वार्ना मुझे तोह दुनिया दरी का पता भी नहीं था

raj:*sanjana कभी कभी लगता है तुम मेरी ज़िंदगी में वह खुशिया लाने आयी जिसके लिए तरसा हुआ फिर अपने अप्प से दर जाता हु तुमसे दूर भागने लगता हु

राज की बात सुन्न संजना का दिल एक उमग से भर जाता है उसका दिल नाचने का कर रहा था पर अपने आप को कण्ट्रोल रखती है

sanjana:*kyo डरता है आपका दिल प्यार के नाम से

raj:*tum ेक्लि नहीं हो संजना जो इतना प्यार करती हो.. गीता भी करती है वह पगली इस लिए इजहार नहीं कर पाती क्योकि वह अमीर और गरीब के दलदल में फस्स गयी है अगर मैंने उससे छोड़ तुझे अपनया तोह वह टूट जाये गयी पर अगर तुम्हे छोड़ा तोह तुम टूट जाओ गयी बस इस लिए मैं प्यार से भागता हु

sanjana:*main गीता को अमीर बना देती हु अपनी साडी दौलत दे देती हु पर आप की बिख मांग लेती हु बस आप मेरे हो जाइये

raj:kya तुम दौलत के लिए छोड़ देती

sanjana:*mere पास जो दौलत है वह hi सकूं नहीं दे पति आपके बैगैर तोह और ज्यादा दौलत क्या दे देगी

raj:*toh तुम ऐसा क्यों सोचती हो के गीता को दौलत से खरीद सकती हो... इस दौलत से प्यार बिखर जाता है संजना मैं नहीं चाहता जो मेरे पापा के साथ हुआ वह मेरे साथ हो एक बार फिर

sanjana:*(roni सूरत बना) क्या आपको लगता है मैं आपकी माँ जैसा करो गयी

raj:*(gaalo को थम) मुझे नहीं लगता संजना ऐसा कभी पर मैं यह नहीं चाहता तुम दोनों मेरे लिए लड्डू इस लिए hi दूर भागता हु

sanjana:*main आपसे प्यार करती हु और आपको जिस में ख़ुशी मिले गयी वह hi करो गयी अगर आपको गीता पसंद हुयी और जिस दिन अपने कहा मुझे छोड़ दो मैं उसी दिन आपसे बहुत दूर चली जाओ गयी मैं आपसे प्यार करती हु और जब प्यार होता है ना तोह जनून होता है पहले पर बाद में अपने यार के लिए हर दुःख सेह लेने की हिम्मत होती है आपके बिना किसी और के साथ नहीं जी सकती पर आपकी हो आपसे दूर रह जी सकती हु

संजना की बात राज से बर्दास्त नहीं होता वह जोर से संजना को गले लगा लेता है संजना भी कब से इसी के इंतज़ार में थी वह भी राज को गले लगा हल्का होने लगती है थोड़ी देर दोनों ऐसे hi गले लगे रहते बाद में राज hi अलग होता है

अलग होते hi संजना आगे हो राज के माथे को चुम लेती है

sanjana:*pyar है कभी हसना और रोना चलता रहे गए और राधा की चिंता करने से ज्यादा कल मिलना जरुरी है अभी आप घर चलिए वार्ना आपकी बहने भी परेशान होगी यहाँ

raj:*haa चलो कल उस बहिन से मिलो गए पहले इन् बहनो को संत करो

संजना कुछ नहीं बोलती कड़ी हो जाती है राज भी संजना के साथ खड़ा हो घर की और चल देता है

raj:*sanjana तुम ऐसे hi मेरे साथ रहना

sanjana:*hamesa....

संजना और राज एक दूसरे को देख मुस्कुरा देते है और दोनों घर आ जाते है सभी हॉल में hi बैठे थे सायद राज के आने का इंतज़ार कर रहे थे

naina:*aap कहा गए थे

raj:*kahi नहीं बहिन बस पार्क गया था

rashmi:"aap ठीक हो ना भैया

raj:*haa मैं ठीक हु मुझे क्या हुआ मैं राधा की हिफाज़त कर लगा थोड़ी टेंशन थी अब ठीक है

mummy:*beta मुझे माफ़ दे

raj:*mummy आप माफ़ी क्यों मांग रही है अपने कुछ नहीं किया आपका मुझ पर पूरा हक्क है

mummy:*mera प्यारा बीटा... राधा को कुछ नहीं होगा बीटा हम जल्द hi राधा के लिए केस फाइल कर देंगे

raj:*uski जरूरत नहीं मम्मी वह सब मैं देख लगा आप बस अपना ख्याल रखिये

mummy:*acha ठीक है चलो डिनर की तयारी करे तेरे पापा भी आने वाले उन्हें इस बारे में कुछ मात बताना उन्हें तकलीफ होगी हुए अंचल के लिए और ज्यादा नफरत होगी और प्रश्न होंगे

उसके बाद सभी काम में लग जाती है और राज अपने रूम में जाकर आराम करने लगता है

दोस्तों आज टाइम निकल कर इतना hi त्यार कर पाया मैं ज्यादा डोर नहीं देना चाहता हेल्थ पर जब पूरा सही होगा तब अपडेट बढे होंगे
 
अपडेट no 40

mummy:*acha ठीक है चलो डिनर की तयारी करे तेरे पापा भी आने वाले उन्हें इस बारे में कुछ मात बताना उन्हें तकलीफ होगी हुए अंचल के लिए और ज्यादा नफरत होगी और प्रश्न होंगे

उसके बाद सभी काम में लग जाती है और राज अपने रूम में जाकर आराम करने लगता है

अब आगे....................

राधा को उसकी माँ घर ले आयी थी अंचल राधा को कार से निकल कर घर के हॉल में ले आती है

anchal:*(gusse में) अब अगर तू उन् से मिली ना तोह तेरी लाश इस से बहार जाये गयी

radha:*main तोह जाओ गयी जो करना है कर लो फिर मेरा भाई करे गए

anchal:*mujhse जुबान लड़ती hai...teri माँ की ज़िन्दगी जिस ने ख़राब की उस के पास जाती है मिलने

radha:*apki ज़िंदगी किसी और ने नहीं अपने की है नाम किसी और का मात लीजिये

anchal:*tu उनकी बात मान रही है

radha:*kyoki उनकी बात सच है ना की आपकी अगर आपकी बात सच होती तोह भैया उनके पास नहीं हमरे पास होते

anchal:*woh तोह उस चुड़ैल ने कुछ किया है मेरे बेटे पर इस लिए दूर है मेरे बीटा

radha:*nhi आपका बीटा और मेरा भाई इस लिए हमसे दूर है क्योकि अपने उससे वह छोड़ आये थे और उस माँ ने अपने प्यार से उससे पला है

anchal:*tu नहीं जानती उस वक़्त क्या हालत थे

radha;*acha है मैं नहीं जानती वार्ना अपने आप को कुछ कर लेती आपकी हरकत को सुन्न

राधा इतना बोल कर वह से चल देती है अपने रूम में वही अंचल का दिमाग ख़राब हो रहा था के उसके बचो में से कोई भी बचा उससे प्यार नहीं कर रहा

आज उससे अपनी ज़िंदगी से नफरत हो रही थी आज उससे पता लग रहा था उस ने क्या क्या खो दिया है

अंचल वही सोफे पर बैठ जाती है और आखे बंद कर के अपनी बीती ज़िंदगी के बारे में सोचने लगती है

*******************

एक खूबसूरत घर के हॉल में चार लोग बैठे थे सभी के हाथो में जाम था

kanika:*papa अब कुछ करना होगा नहीं सरे किये पर पानी फिर जाये गए

sandy:*haa पापा मेरी भी बहुत बजती हो गयी कॉलेज में

mla:*tu तोह चुप रह यह सारा गुड़ गोबर तेरा hi किया हुआ है ना तू राधा के साथ जबरदस्ती करता ना यह दिन आते

sandy:*papa मैं नशे में बहक गया था

mla:*tere बहक जाने से आधी दौलत रह गयी अगर वह ज़मीन मिल जाती तोह अब तक काम सुरु हो गया होता और बिना दोनों से ज़मीन लिए काम सुरु नहीं कर सकते

kanika:*papa मुझे एक बात समझ नहीं आती रमेश चाचा क्यों नहीं सुरु करा सकते काम

अभी तक तीनो बाप बेटे बात कर रहे थे और रमेश चुप चाप सुन्न रहा था कनिका की बात सुन्न आखिर कर वह बोल hi पड़ता

ramesh:*kyoki उस सेल रायचंद ने वरिष्ठ घोषित कर रखा है और अपने खास आदमी वह रखे है हम वह पेअर भी नहीं रख सकते राज और राधा के बिना

(रायचंद अंचल का दादा था जो के एक बहुत hi ताकतवर राजा रहा था और उसकी दौलत इतनी ज्यादा थी के कोई हिसाब hi नहीं था... रायचंद का बीटा हरिचंद ने बाप की दौलत को छोड़ यहाँ सेहर आ गया और अपना काम देखने लगा जो की अंचल का बाप भी था हलकी अपने पापा से वह भी मिलता रहता था पर अपनी बेटी को कभी नहीं मिल्या था रायचंद से बस इतना जानती थी वह एक राजा है और उनका अलग hi रुतबा है... रायचंद के बाद हरिचंद hi राजा बना पर वह वह कभी नहीं गया क्योकि उससे यह सब पसंद नहीं था पर अपने पापा की निशानी को संभल के रखने के लिए उस ने अपने कुछ खास आदमियों का साथ लिया और वह का ख्याल रखा जब अंचल को अपने हाथ से जाते देखा तोह हरिचंद टूट गया पर जब अंचल की शादी रमेश से हुयी तोह उस ने फ़ौरन अपनी दौलत अपने नाती राज में नाम कर दी क्योकि रमेश हरिचंद को कभी पसंद नहीं था आखिर में जब राधा हुयी तोह उस ने अपनी साडी दौलत दोनों नाती के नाम कर दी क्योकि ना तोह उससे अपनी बेटी से कोई उम्मीद थी और ना hi दामाद से और अपने खास आदमियों को राज और राधा को hi अपने महल में जाने की इजाजत थी.. यह रमेश इस लिए जनता था क्योकि जब उससे रायचंद की दौलत का पता लगा तोह वह उससे पाने को गया था पर वह के गार्ड जो की हरिचंद के थे उन्हों ने महल के अंदर भी जाने नहीं दिया रमेश का पुलिस का सहर लेने पर भी वह कुछ नहीं कर पाया तब उससे पता लगा के वह की दौलत सिर्फ और सिर्फ राज और राधा hi दिला सकते है)

Sandy:*matlb उस कमीने के वजह ऐ हमें कुछ नहीं मिल रहा था

ramesh:*agar मिल गया होता तोह वह दौलत हमरे पास होती साकार के अनुसार इतनी दौलत है के कितने hi जनम ले लो पर दौलत ख़तम नहीं होगी और सबसे बड़ी बात वह के ज़मीन में सोना है जो ना सर्कार निकल प् रही है ना हम्म

kanika:*kya मजाक कर रहे हो चाचा अगर वह सोना है तोह आटोमेटिक वह ज़मीन गोवत की होती और वह वह से सोना निकल लेती कोई कुछ नहीं कर पता

mla:*aisa नहीं है कनिका वह से सोना निकलना इतना आसान नहीं है गोवत तोह वह की दौलत तक जबत नहीं कर पा रही क्योकि वह के लोग रायचंद और उसके परिवार को बागवान मानते है अगर वह कोई हलचल होती है तोह लोग बिध जमा कर लेते है खून बहने लगता है सर्कार गिरा दी जाती है इतनी पावर है वह से

sandy:*papa और चाचा इतनी पावर अभी भी कैसे और फिर यह जगह है कहा

ramesh:*up के बॉर्डर ****** इस जगह से है रायचंद इस जगह कोई नहीं जा सकता यहाँ तक के सर्कार भी नहीं

kanika:*matlb राज और राधा को कब्बू कर के hi वह जाया जा सकता है

mla:*haa और कोई रास्ता नहीं है मैं और मेरा भाई तोह कब से रास्ता दंड रहे है पर हम्मे नहीं मिला तुम दोनों भी ना राधा को पाटा सके ना राज को

kanika:*raj को पाटना तोह पहले hi मुश्किल था पापा पर सैंडी की जल्दबाजी से राधा हाथ से निकल गयी

ramesh:*haa और राज और राधा के मिल जाने से यह और ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड हो गया है मामला

kanika:*itna भी नहीं हुआ है पापा और चाचा जी अभी कनिका ने अपना वार नहीं किया था पर लगता है अब करना होगा अब दिखाना होगा अपना जलवा

ramesh:*jo करना है जल्दी करो पर उस से पहले कनिका तुम मेरे साथ चलो आज तुम्हरे साथ प्यार करने का दिल कर रहा है

kanika:*mere प्यारे चाचा जी जब देखो अपनी भतीजी को निचे लेता लेते हो अपने कुछ तोह मेरा ख्याल करा करो

ramesh:*tum हो hi इतनी सेक्सी मैं क्या करो मैं तोह अब तक राधा को भी लिटा लेता पर वह हाथ नहीं आती वह तेरे जैसी कहा जो अपनों का इतना ख्याल रखती है

sandy:*(kanika के पास हो अपना एक हाथ पैरो पर रख के सहलाते हुए) यह अपने सही कहा चाचा दीदी जितना ख्याल कोई नहीं रखता

mla:*chote मेरी बेटी को तूने क्या समझ रखा है वह तोह लाखो में एक है

kanika:*muskura कर) तोह आज आप तीनो फिर से एक साथ प्यार करना चाहते हो

तीनो एक sath:"bilkul.....

kanika:*toh देर किस बात की चलिए आज मेरा बर्थडे गिफ्ट में अपना प्यार दीजिये

कनिका की बात सुनने कनिका को उठा कर रूम में ले जाते है और तीनो एक साथ कनिका पर टूट पड़ते है

**********************

सभी ने मिल कर खाना कर लिया था और सभी हॉल में बैठे थे सभी ने राज के पापा को इस बात का पता नहीं चलने दिया था सब नार्मल बात कर रहे थे उसके बाद सभी अपने अपने रूम में चले जाते है

राज भी अपने रूम में आ जाता है अब भी उससे राधा की चिंता सत्ता रही थी वह बस उस से मिलना चाहता था पर वह भी जनता था यह मुमकिन नहीं

राज को आज बड़ी बेचैनी हो रही थी वह रूम में इधर उधर घूम रहा था के तभी राज के रूम का दूर ओपन होता है और नैना रूम के अंदर आ जाती है

naina:*aap सोये नहीं भैया

raj:*bas नींद नहीं आ रही थी नैना

naina:*bhaiya क्या आप अब भी परेशान है

raj:*tu जानती है ना राधा के साथ क्या हुआ

naina:*haa भैया मई ने भी सुना और मैं जानती हु उससे हमरी जरूरत है और हम उसके साथ भी है पर आपके इस तरह परेशान रहने से मुझे पका यकीन है राधा भी खुश नहीं होगी

raj:*main क्या करो नैना मुझे राधा से मिलने का दिल कर रहा है

naina:*toh हम कल मिले गए ना पहले स्कूल चले गए अगर स्कूल नहीं मिली तोह घर चल देंगे पर कल मिले गए आप परेशान न होइए और चलिए मेरे साथ सो जाइये

raj:*main सो जाओ गए नैना थोड़ी देर में तुम आराम करो अपने रूम में

naina:*main कुछ नहीं जानती आप मेरे साथ चलिए

नैना राज को जबरदस्ती बीएड पर ले जाती है और उससे सुलाने लगती है राज भी अपनी इस मासूम स बहिन के पास कुछ देर के लिए सब भूल कर नींद में खो जाता है
 
अपडेट NO 41

raj:*main सो जाओ गए नैना थोड़ी देर में तुम आराम करो अपने रूम में

naina:*main कुछ नहीं जानती आप मेरे साथ चलिए

नैना राज को जबरदस्ती बीएड पर ले जाती है और उससे सुलाने लगती है राज भी अपनी इस मासूम स बहिन के पास कुछ देर के लिए सब भूल कर नींद में खो जाता है

अब आगे..................

सुबह पानी की आवाज से राज की नींद खुली तोह उस ने बीएड पर अपने आप को एकला पाया टाइम देखा तोह आज वह लेट उठा था

सुबह के 7 बजने वाले थे वह भी हैरान था इतनी देर तक कैसे सोता रहा ऊपर से किसी ने जग्य क्यों नहीं

तभी उसके दिमाग में आया के वह तोह यहाँ है फिर उसका बाथरूम कोण उसे कर रहा है

raj:(khud से) सायद नैना होगी

राज बीएड से उठने लो होता है बहार जाने के लिए के तभी बाथरूम का दूर खुल जाता है

सामने से जो निकटि है उससे देख कर तोह राज की आखे hi उस पर जम्म गयी थी

सामने उसके येलो सूट और वाइट पजामी में गीता कड़ी थी जिसके बाल हलके गीले थे और टोलिया लिया हुआ था

गीता इस वक़्त बेहद खूबसूरत लग रही थी बिलकुल सुबह सुबह खिले सूरजमुखी के फूल की तरह

राज को इस तरह खुद को देखता हु पा कर गीता शर्मा रही थी उसका चेहरा सुर्ख गुलाबी हो गया था जो नाहा कर आने से तारो ताज़ा था

गीता को समझ नहीं आ रहा था वह क्या करे पर उससे राज का इस तरह देखना बहुत ाचा लग रहा था जैसे उसकी लाइफ की सबसे अछि बात हो रही हो ऐसा लग रहा था

geeta:*(himmat कर के) ऐसे hi देखते रहो गए आप....

गीता की बात सुनते hi राज झिप जाता है

raj:*sorry woh....haa तुम बहुत खूबसूरत लग रही हूँ

geeta:*kyo आगे नहीं लगती थी...

raj:*mera वह मतलब नहीं था ी मैं तुम हमेसा खूबसूरत थी पर आज कुछ ज्यादा hi लग रहे हो

geeta:*apko ाचा लगा मेरे लिए इतना काफी है अब कैसे है आप

raj:*mujhe क्या हुआ मैं तोह बिलकुल ठीक हु

geeta:*bahut अछि बात है आप हमेसा ठीक रहे यही तोह दुआ मांगती हु

raj:*kya बोली.....

geeta:*kuch आप त्यार हो जाइये ना आज पहले hi लेट उठे है कॉलेज भी जाना है

raj:*college... ओह सहित तुम निचे जाओ मैं त्यार होकर आता हु

राज फटाफट बाथरूम जाता है और फ्रेश हो त्यार होने लगते है सुबह के हसीं लम्हो में वह भूल गया था उससे क्या करना है

राज फटाफट त्यार होकर निचे आता है तोह सब त्यार थे ब्रेकफास्ट के लिए

राज के आते hi सब ब्रेकफास्ट करने लगते है राज को सब नार्मल देख खुश थे पर राज के भी वह होने से कोई कुछ नहीं पोछता सब अपना नास्ता करते है

राज तोह बहुत जल्दी में नास्ता कर रहा था वह बस बहार जाना चाहता था जो उसके पापा ने भी नोट कर ली

र papa:*kya बात है बीटा आज चुप चाप हो और नास्ता भी जल्दी कर रहे हो

raj:*aisa कुछ नहीं है पापा और भूख ज्यादा लगी थी तोह बस ऐसे hi

र papa:*paka ना कोई बात तोह नहीं है कोई बात है तोह मुझसे कह सकते हो

raj:*nhi पापा ऐसी कोई बात नहीं है

र papa:*acha ठीक है


उसके बाद सभी नास्ता करते है राज अपना नास्ता कर के बहार आता है तोह उसके साथ बाकि सब भी बहार आ जाते है

raj:*tum सब कॉलेज जाओ मैं राधा से मिल कर आता हु

sabhi:*ham भी चलते है

raj:*nhi तुम सब कॉलेज में जाओ मैं वही आता हु जल्दी hi आओ गए

sanjana:*par... ठीक है अप्प नैना को साथ ले जाइये इस से हम्मे भी काम चिंता होगी

naina:*haa यह ठीक रहे गए प्लस भैया

raj:*acha ठीक है जल्दी चलो

राज और नैना दोनों बाइक से स्कूल को चल देते है राज को बहुत ज्यादा बेचैनी हो रही थी वह बस एक बार राधा को देख उसका हॉल चल पोछना छह रहा था

करीब आधे घंटे में hi दोनों स्कूल पॉच जाते है अभी स्कूल टाइम में 30 मिंट बाकि थे बचे भी नहीं आये थे पर राज को जिसका इंतज़ार था वह आ गयी थी

राज की नज़र जैसे hi गेट पर जाती है तोह वह राधा कड़ी थी जैसे उससे भी पता था राज उस से मिलने जरूर आये गए

राज अपनी बाइक राधा के पास रोकता है और बाइक से उतर राधा को जोर से गले लगा लेता है राधा भी सायद इसी का इंतज़ार कर रही थी

वह भी अपने भाई की बाहो में ऐसे सामा जाती है जैसे कबसे इस दिन का इंतज़ार किया हो

नैना दोनों भाई बहिन को देखे जा रही थी कही न कही उसका दिल में थोड़ा सा दर जरूर आ रहा था

raj:*(bhare गले से) तू ठीक है ना राधा....

radha:*(rote हुए) आप मिल गए भैया मैं ठीक hi होगी पहले तोह ऐसा लगता था जैसे दुनिया में मेरा कोई है hi नहीं पर अब लगता है मेरा भी कोई अपना है

raj:*aisa क्यों सोचती है मेरी बहिन मैं हु ना मुझे तोह पता hi नहीं था मेरी फूल स बहिन है वार्ना इतना दिन तुझसे क्यों दूर रहता

radha:*mujhe भी कहा पता था भैया जब पता लगा तबसे आपसे मिलने को तड़पती रही

राज राधा को दूर कर ध्यान से देखने लगता

radha:*mujhe कुछ नहीं किया भैया माँ ने सायद आपकी वजह से

raj:*ab वह कुछ कर भी नहीं सके गयी मैं हो ना तू चल मेरे साथ आज दिल नहीं कर रहा तुझे दूर जाने देने का और बहुत कुछ तेरी सुन्नी है

radha:*mera भी दिल नहीं कर रहा भैया

naina:*teek है तोह कॉलेज चलते है भैया

नैना की आवाज सुन्न राधा और राज का ध्यान नैना पर आता है

raj:-radha यह तेरी छोटी बहिन है नैना

राधा राज से दूर हो नैना के गले लग जाती है

naina:*didi रोना बंद कीजिये अब से हम है ना आपके साथ

radha:*tum सब हमेसा मेरे साथ रो गए ना नैना

naina:*ham सब कभी राज को नहीं छोड़ सकते राज आपको नहीं छोड़ सकता तोह हम साथ रहे गए ना

radha:*matlb तुम अपना नहीं मानती मुझे

raj:*aisa नहीं है राधा बार उसी दर लग रहा है मुझे खोने का पर मुझे यकीन है तुम सबका दिल जीत लोगी और नैना और रश्मि कितनी अछि है तुम सोच नहीं सकती

radha:*haa भैया मैं सबका दिल जीतने की खोसिस करो गयी

raj:*toh चलो अब कॉलेज वह तुम्हरी दूसरी छोटी बहिन इंतज़ार कर रही है और है अब से सिगरेट या कुछ और पिया तोह मुझसे बुरा कुछ नहीं होगा

radha:*woh तोह मैं अपने एकलेपन को दूर करने को पीती थी अब मैं ेक्लि कहा हो

raj:*teek है अब चलो स्कूटी यही रहने दो हमरे साथ hi चलो

उसके बाद राज नैना और राधा को बैठा कर चल देता है कॉलेज की तरह जहा बाकि सब इंतज़ार कर रहे थे

************************

साडी रात अंचल परेशान थी उससे नींद नहीं आ रही थी दूसरा रमेश भी घर पर नहीं था

उससे एक पल भी नींद नहीं आयी कही न कही उसके दिमाग में राधा और राज की बाते चल रही थी

सुबह जब राधा निकली तब अंचल को होश आया वह बहार गयी तब तक राधा जा चुकी थी

अंचल के दिगमग में हज़ार सवाल जवाब चल रहे थे जो घूम रहे थे राधा और राज के िरद गिर्द

आखिर कर जब उस से बर्दास्त ना हुआ तोह वह थोड़ा बहुत मुँह हाथ धो कर अपनी कार लेकर घर से निकल पड़ी

अंचल बहुत तेज़्ज़ कार चला रही थी आखिर कर वह पॉच hi गयी जहा उससे जाना था

अंचल एक बैंक के आगे कड़ी थी अंचल ने एक बार आखे बंद की अपने आप को अपने अंदर hi कही खोजै और चल दी बैंक के अंदर

अंचल बैंक में जाकर किसी से कुछ पोछा और थोड़ी देर के बाद वह एक केबिन के सामने कड़ी हो गयी कुछ बैंक कस्टमर भी थे

अंचल को अब भी समझ नहीं आ रहा था वह क्या कर रही है पर समझ आ गया था इसके सिवा उसके पास कोई रास्ता नहीं है बचो के पाने की चाहत ने उसके घमंड को चकनाचूर कर दिया

anchal:*varinder.........

बड़ी hi दिमि आवाज में अंचल ने कहा पर सामने बैठे सकस तक पॉच जाये इतनी काफी थी

जब वरिंदर ने अपना नाम सुना तोह उस ने काम से निकल कर ऊपर देखा तोह सामने अंचल कड़ी थी

अंचल को अपने सामने देख कर वरिंदर एक दम से हैरान हो गया था वह अपनी चेयर से खड़ा हो जाता है

varinder:*anchal तुम यहाँ

anchal:*main कुछ बात करने आयी हु क्या तुम

varinder:*mujhe काम था कोई खास बात है

अंचल तोह अपने आप से जाने कितनी बार लड़ कर यहाँ आयी थी बड़ी मुश्किल से अपने आप को खड़ा किया हुआ था

anchal:*hamm कोई बात नहीं

अंचल का चेहरा देख कर hi ऐसा लग रहा था जैसे दुखो का पहाड़ टूट पड़ा हो जिसे वरिंदर ने भी महसूस कर लिया था

varinder:*anchal तुम वह वेट करो मैं मैनेजर से बात कर के आता हु

वरिंदर अपना सारा काम छोड़ कर मैनेजर के पास जाता है बैंक में एक अचे एम्प्लाइज होने के कारन वरिंदर को जाने दिया

वरिंदर अपना काम किसी और को देकर खुद अंचल के पास आ जाता है

varinder:*chlo अंचल

अंचल कुछ नहीं बोलती वह बस वरिंदर के साथ चल देती है वरिंदर एक ाचा आदमी था इस लिए कभी उस ने अंचल के पैसे को अपना ना समझा ना कभी लालच किया

वरिंदर अपनी बाइक के पास चला गया

Varinder:*bolo अंचल कहा बात करनी है यहाँ तुम्हे सायद ठीक फील ना हो

anchal:*haa वह क्या यहाँ कोई पार्क है

varinder:*teek है तुम कार से मेरे पीछे आ जाओ

anchal:"nhi मैं साथ hi चलती हु

varinder:*r ु सूरे.. मतलब बाइक पर

anchal:*koi बात नहीं

इसके बाद वरिंदर कुछ नहीं बोलता और बाइक पर अंचल को बैठा कर पार्क चल देता है 10 मिंट की ड्राइविंग के बाद दोनों एक पार्क में आ जाते है

इस 10 मिंट में अंचल को वह सब याद आ गया था जो उसने वरिंदर को पाने के लिए किया था और वरिंदर के साथ किया था उसकी आखो से अचानक hi ासु आ जाते है

वरिदनेर बाइक रोक कर जैसे hi देखता है तोह अंचल के आखो से ासु बह रहे थे

varinder:*kya हुआ अंचल तू रो क्यों रही हो... कोई परेशानी है तोह बातो

अंचल और बर्दास्त नहीं कर पति और झट्ट से वरिंदर के गले लग कर रोने लगती है

अंचल का इस तरह गले लग्न और ऐसे रोने से वरिंदर पूरी तरह से घबरा गया था पर वह किसी तरह खुद को संभल कर अंचल को चुप करने लगता है

varinder:*hua क्या है अंचल तुम ऐसे क्यों रो रही हो रमेश और तुम में झगड़ा हुआ है क्या

anchal:*meri किस्मत ऐसी क्यों लिखी है वीरू क्यों लिखी है ऐसी

आज कितने सालो बाद यह नाम सुना था वरिंदर ने अंचल के मुँह से बेसक वह दिया से प्यार करता था पर अंचल के साथ गुजरे वक़्त ने उससे अंचल से भी प्यार करा hi दिया था

आज इतने सालो बाद अपने लिए वीरू नाम सुन्न वह थोड़ा इमोशनल हो गया उसकी भी आखो से भी हलके ासु आने लगे थे पर वरिदनेर ने खुद संभल लिया

varinder:*baat क्या है अंचल

anchal:*main ऐसी क्यों हो गयी वीरू क्यों मेरे पास कुछ नहीं है वीरू कुछ नहीं ना बचे ना पति.. सिर्फ है तोह नशे का धुवा जिस में मैं खोटी जा रही हो आज तड़प रही हो अपने बचो के लिए पर वह मुझे माँ तक नहीं मानते वीरू माँ भी नहीं मानते

varinder:*anchal इस में गलती किसकी है तुम hi तोह यह ज़िंदगी चाहती थी जिस में ऐशो आराम हो फिर आज यह रोना धोना क्यों तुम्हे तोह खुश होना चाहिए तुम्हरी ऐसष भरी ज़िंदगी में कोई रोड़ा नहीं है

anchal:*main पागल हो गयी थी मुझे समझ hi नहीं थी मैं क्या छोड़ रही हो

varinder:*toh आज यह सब क्यों

anchal:*mere बचे वीरू मेरे बचे मुझे मेरा बीटा चहिये

varidner:*konsa बीटा मेरे पास मेरा बीटा है तुम्हरा कोई बीटा नहीं है

anchal:*mujhe मेरा राज चाहिए

varinder:*woh मेरा बीटा है तुम कब मिली उस से और हां तुम्हे तोह ऐशो आराम चाहिए था तोह बेटे का क्या करो गयी

anchal:*mujhe यह सब नहीं चाहिए वीरू मुझे मेरा बीटा चाहिए.. अब तोह मेरी बेटी भी मेरे पास नहीं आ रही

varinder:*kis बेटे की बात कर रही हो जिसे तुमने अपने सीने से लगाने की जगह छोड़ दिया था और मेरी बेटी के साथ क्या किया तुम दोनों ने जो ऐसी हो गयी है

anchal:*tumhri बेटी.....

varidner:*haa मेरी बेटी मेरा खून है है वह क्या किया उसके साथ

anchal:*woh तोह रमेश और मेरी बेटी है

varinder:*aisa तुम सोचती हो जब मैं तुम्हे बताने आया तब तक तोह तुमने मेरी दुनिया उजाड़ दी थी

anchal:*maine जो किया मुझे समझ नहीं थी मैं क्या कर रही हो मुझे मेरा बचा चाहिए वार्ना मैं मार जाओ गयी वीरू मार जाओ गयी

varidner:*agar तुम मार भी गयी तोह भी मेरा बीटा तुम्हरे पास नहीं आये गए अंचल अब जाओ यहाँ से और ाइश की ज़िंदगी

अंचल आज पता नहीं कैसे इतनी जिलात बर्दाश्त कर पा रही थी पर वरिदनेर को भी ाचा नहीं लग रहा था इस तरह अंचल को जलील करना पर वह अपने बचो को ऐसे खोना नहीं चाहता था

अंचल वरिदनेर के पैरो में गिर जाती है

anchal:*plss वीरू प्लसस

varinder:*kal को अगर उन् से मैं भर गया तोह तुम तोह उससे भी मेरी तरह छोड़ डौगी

anchal:*unhe मेरे पास मात बेझो अपने पास hi रखो पर कुछ वक़्त के लिए तोह मुझसे मिल लेने को कहो मुझसे प्यार से बात करने को कहो मैं यह एहसान कभी नहीं भूलो गयी वीरू प्लस मेरे बचे.....

वरिंदर निचे बैठ अंचल को उठा लेता है और उससे पार्क में ले जाकर ेल खली बेंच पर बैठा देता है

varinder:*(aasu पोछते हुए) वह तुम्हरे बचे है अंचल... इतने प्यारे बचे...... तुमने उससे जनम दिया अंचल मतलब तुम कितनी प्यारी होगी... वह बचे तुम पर hi गए है अंचल इस लिए इतने प्यारे है अब रोना बंद करो कोई नहीं छिन्न सकता तुम्हरे बचो को और कही नहीं गए तुम्हरे बचे बस तुम पर गुस्सा और नाराज है प्यार से मानो गयी तोह मान जाये गए आखिर माँ हो तुम उनकी कहा जाये गए... एक बार बहो फैला लो देखना कैसे लिपट जाये गए.. थोड़ा वक़्त दो उन्हें और खुद को सम्भालो और सोचो क्या से क्या हो गयी हो तुम

अंचल के अभी भी आखो से ासु निकल रहे थे पर अब वरिंदर की बात सुन्न और आशु निकलने लगते है

varinder:*tum इस जगह क्यों हो कभी सोचा... तुम्हे नशे की लात क्यों लगी पहले तोह नहीं.... तुम क्यों अपनी ज़िंदगी से नफरत करने लगी पहले तोह नहीं नफरत... क्यों सब कुछ छोड़ कर आ गयी थी तुम था hi क्या मेरे पास अंचल... पर तुम्हे प्यार चाहिए था जो मिला भी पर तुम्हरी ज़िंदगी में कोई ज़हर घोल रहा है यह तुम समझ hi नहीं पायी अंचल कभी समझा hi नहीं

अंचल कुछ नहीं बोलती

varinder:*jab हम किसी से प्यार करते है तोह उससे मरने से रोकते अपनी उम्र भी उससे लग जाये दुआ करते ना की खुद मौत के मुँह में झोक देते है... क्या कभी सोचा तुमने पर पगली तुमने कभी सोचा hi कहा था जो दिल में आया करती गयी यह ना समझा के कितना पड़े गए इसके लिए

अंचल वरिंदर को एक तक्क देख रही थी आखो में ासु बहते hi जा रहे थे पर जुबान जैसे सील गए थे

varinder:*aaj तुम्हरे सामने राज या राधा नशा करे गए तोह क्या तुम उससे रोको गयी या नशे ला कर डौगी उन्हें भी तोह फ्रीडम और मॉडर्न लाइफ चाहिए... नहीं अंचल ऐसा कभी नहीं कर पाओ गयी क्योकि तुम जानती हो इस नशे से क्या हालत होती है तोह क्यों देता रहा तुम्हे रमेश यह ज़हर कभी सोचा तुमने... नहीं सोचा क्योकि कभी सोचने hi नहीं दिया उसने... मेरी बाते गलत लग रही होगी सायद तुम्हे अंचल पर सोचना जरूर

वरिंदर एक आगे बढ़ कर अंचल का माथा चुम लेता है

varinder:*woh तुम्हरे भी बचे है अंचल और तुम्हरे भी rehnge...main बात करो हां राज से पर इस बार गलती मस्त करना अंचल सायद इस बार खोने को कुछ नहीं बचे gaa...badi मुश्किल से खुद के दिल पर पत्थर रख अपने प्यारे बचो को तुम्हरी झोली में दाल रहा hi अब तुम उससे संभालना तुम्हरे हाथ में है

वरिंदर उठ कर जाने लगता है तोह अंचल वरिंदर का हाथ पकड़ लेती है

varinder:*ab हमरे रिश्ते बदल गए है अंचल अब हमरे बिच सिर्फ हमरे बचो की वजह से रिस्ता बचा है उससे वही तक रहने दो और कुछ सायद नहीं दे पाओ गए... खुद को सम्भालो और जो मिल रहा है उससे संजो कर रखना सीखो

वरिंदर से और बर्दास्त नहीं होता वह वह से चल देता है वही अंचल अपना मुँह आपने हाथो में रख कर रोने लगती है

anchal:*kash मैं कुछ बदल सकती वीरू

अंचल अपनी ही
की हुयी गलतियों पर रोने लगती है

अंचल उस बेंच पर hi साम तक बैठी रहती है वरिदनेर बेसक कहने को पार्क से बहार चला गया था पर वह भी बहार बाइक पर बैठ कर इंतज़ार करता है वह जाकर ना तोह चुप करा सकता था ना अंचल को ऐसे छोड़ कर जा सकता था

दोनों इसी किसी न किसी वजह से वही बैठे रहते है

************************

राज नैना और राधा तीनो कॉलेज पॉच जाते है बाकि सब को भी बात दिया था वह तीनो आ रहे है

जब तीनो कैंटीन में आते है तोह वह साडी मण्डली होती है सभी राधा और राज को एक साथ देख कर खुश हो जाते है आशीष और रितेश को राधा के बारे में ज्यादा पता नहीं था पर कल इतना तोह पता लग गया था यह राज की बहिन है

sanjana:*badi प्यारी लग रही हो राधा बैठो

geeta:*main खाने को लाती हु

राधा को यह सब थोड़ा अजीब लग रहा था पर तभी रश्मि वह से निकल राधा के गले लग जाती है

rashmi:*toh माय स्वीट दीदी कैसी हो... अप्प तोह नैना दीदी से भी ज्यादा सूंदर हो

naina:*matlb मैं सूंदर नहीं हो

rashmi:*maine ऐसा कब कहा दीदी

naina:*nayi दीदी मिली तोह मुझे भूल

rashmi:*ole ओले मेरी दीदी गुस्से हो गयी वैसे आप दोनों hi स्वीट हो

sayra:*haa यह तोह रश्मि ने सही कहा तोह इस ख़ुशी में आज पार्टी हो जाये

raj:*haa बिलकुल बोलो क्या खाओ गए

rashmi:*kya भैया दीदी की ख़ुशी में कही भर पार्टी करते है ना

raj:*tu मात छोड़ना भाई की पॉकेट को चलो फिर

उसके बाद जो गीता कोल्ड ड्रिंक्स लायी थी उससे वही छोड़ कर सब चल देते है

raj:*sanjana तुम मेरे साथ छलो रितेश भैया कार ले आये गए

radha:*main चलती हु ना भैया आपके साथ

raj:*tujhe इस लिए कार में बेझ रहा हु ताकि तू सब से खुल जाये और नैना और रश्मि के साथ रहे ताकि तुम तीनो में भी प्यार रहे... क्या तू चाहती है वह बहने तेरे भाई से नाराज हो

radha:*aap जाइये मैं नैना और रश्मि के आती हु

राधा में चल देती है बाकि सब कार में बैठे जाते है पर गीता को ाचा नहीं लगता राज का संजना के साथ जाना पर वह अपने मैं में hi रख लेती है क्योकि वह जानती थी राज इस वक़्त किस हल से गुज़र रहा है

geeta:*(mann में) आपके लिए तोह हज़ार दर्द हस्स के सेह लगी फिर यह छोड़ा सा hi तोह दर्द है आप किसी और के है पर चाहत तोह मेरी है

गीता बाकियो के साथ बैठ जाती है राज उन्हें एक होटल की तरफ जाने लगता है

raj:*sanjana ठंकु कल तुम न समझती तोह सायद सब इतना खुश नहीं होते

sanjana:*app परेशान रहते तोह मुझे भी तोह परेशानी होती... मेरी हर ख़ुशी आपसे hi तोह जुडी हुयी है

raj:*sanjana.....

sanjana:*boliye.....

raj:*kuch नहीं आज साम फ्री हो तुम

sanjana:*mujhe क्या काम होगा आप बोलिये कोई काम था

raj:*haa था तोह मुझे कही जाना था तुम चलो गयी साथ

sanjana:*haa क्यों नहीं कब जाना है

raj:*saam 7 बजे त्यार हो जाना पार्टी में जाना है

sanjana:*kiski पार्टी है

raj:*saam को बातो गए

sanjana:*teek है

थोड़ी देर में सब एक अचे से होटल पॉच जाते है राज सब को लेकर जाता है और वह सब राधा की पसंद का माँगा लेता है सब राधा को फ्री करने की खोसिस कर रहे थे ताकि राधा वह एन्जॉय कर सके जिस में राज भी कामयाब हो गया था पता नहीं लगा कब स्कूल की छुट्टी का टाइम हो गया

raj:*chlo राधा मैं छोड़ देता हु टाइम हो गया

radha:*bhaiya आज जितना मज़ा कभी नहीं आया सब कितने अचे है

raj:*haa क्योकि मेरी बहने जो इतनी अछि है

इस बात पर रश्मि और नैना भी खुश हो जाती है क्योकि राज ने सिर्फ राधा को नहीं रखा अपनी ख़ुशी में

radha:*(gale लग) ठंकु... सोचा नहीं था मेरे नसीब में इतना प्यार है


raj:*pagli मैं हूँ ना अब चलो नहीं देर हो जाये गयी और संजना...

sanjana:*main सब को छोड़ दूगी चलो सभी गीता तुम भी चलो मैं छोड़ दूगी

geeta:*main ऑटो से चली जाओ गयी

sanjana:*mujhe जाना hi है छोड़ दूगी चलो भी

raj:*geeta संजना के साथ जाओ इस से मुझे चिंता काम होगी

geeta:*teek है

उसके बाद सभी अपने अपने रस्ते निकल जाते है
 
अपडेट NO 42

geeta:*main ऑटो से चली जाओ गयी

sanjana:*mujhe जाना hi है छोड़ दूगी चलो भी

raj:*geeta संजना के साथ जाओ इस से मुझे चिंता काम होगी

geeta:*teek है

उसके बाद सभी अपने अपने रस्ते निकल जाते है

अब आगे...............

अंचल पार्क में काफी देर बैठी रही आखिर कर वरिंदर को hi वापस जाना पड़ा पार्क में

जब वरिंदर पार्क में गया तोह अंचल अभी भी रू रही थी

varinder:-bass करो
 
geeta:*main ऑटो से चली जाओ गयी

sanjana:*mujhe जाना hi है छोड़ दूगी चलो भी

raj:*geeta संजना के साथ जाओ इस से मुझे चिंता काम होगी

geeta:*teek है

उसके बाद सभी अपने अपने रस्ते निकल जाते है

अब आगे...............

अंचल पार्क में काफी देर बैठी रही आखिर कर वरिंदर को hi वापस जाना पड़ा पार्क में

जब वरिंदर पार्क में गया तोह अंचल अभी भी रू रही थी

varinder:-bass करो कितना रोयो गयी अंचल रोने से क्या हो जाये गए

anchal:*yeh सब मैं कैसे कर गयी वीरू... क्यों मैंने नहीं सोचा कुछ क्यों

varinder:*agar हर इंसान सब सोच hi लेता तोह गलतिया किस से होती

anchal:*par इतनी बड़ी गलती से मेरा सब कुछ ख़तम हो गया वीरू

varinder:*ho जाता है अंचल पर इस तरह रोने से कुछ नहीं होगा अब तुम्हे खुद को संभालना होगा और जो तुम्हे खो दिया है अपनी गलती से उन्हें संभालना होगा आखिर उन्हें भी तोह तुम्हरी कमी महसूस होती होगी

anchal:*pata नहीं मेरे बचे मुझे माफ़ करे गए भी

varinder:"woh हमरे बचे है वह कभी गलत नहीं करे गए अब ज्यादा मात सोचो और रोना बंद करो देखो वक़्त कितना हो गया

anchal:*kash मैं कुछ बदल सकती वीरू

varinder:*jo गुज़र गया उससे बदलने की जगह जो होने वाला है उससे बदलो अंचल

anchal:*aap सही कह रहे है

उसके बाद अंचल वरिंदर के साथ पार्क से बहार आ जाती वरिंदर उससे बाइक पर बैठा कर वापस बैंक आ जाता है

अंचल अपनी कार में बैठने से पहले वरिंदर के गले लग जाती है

anchal:*thanku वीरू तुम आज मुझे नहीं सँभालते तोह सायद पता नहीं मैं क्या कर जाती

varinder:*aisa वैसा कुछ मात सोचो कभी भी कोई परेशानी हो तोह मुझे बात देना हमेसा तुम्हरे साथ हु

अंचल प्यार से वरिंदर को देखती है फिर कार में बैठ जाती है

anchal:*veeru अगर तुम्हरा नंबर मिल जाता तोह....

varinder:*haa क्यों नहीं

वरिंदर अपना नंबर दे देता है

anchal:*acha मैं चलती हु... Bye

varinder:*bye ध्यान से जाना

उसके बाद अंचल वह से चली जाती है वही वरिंदर भी अपनी बाइक लेकर घर चल देता है

***************

राधा स्कूल से अपनी स्कूटी लेकर घर आ जाती है और घर में किसी को ना देख अपने कपडे चेंज कर के वापस हॉल में आती है और अपने नुकर को बुला लेती है

radha:*kaka मम्मी नहीं दिख रही

kaka:*beta मेम साहिब तोह सुबह hi कही गयी थी बहार अभी तक आयी नहीं थोड़ी परेशान थी

radha:*kuch बात कर गयी है कहा गयी है

kaka;nhi बेतिया हम्मे तोह कुछ नहीं बात कर गयी और कल से खाना भी उन्होंने ने नहीं खाया

radha:*teek है काका

kaka:*beta खाने को लगा दे

radha:*nhi काका मैं बहार से खा कर आयी हु

उसके बाद काका चले जाते है राधा हॉल में बैठ जाती है उससे बहुत चिंता हो रही थी आज से पहले उसकी माँ ने ऐसा नहीं किया था और कल से नहीं कहने का सुन्न राधा घबरा गयी थी कही उसकी मम्मी उसकी वजह से ऐसा ना किया हो

बेसक वह अपनी माँ से नाराज थी पर थी तोह वह उसकी माँ hi इस लिए उससे चिंता हो रही थी

गुजर रहे वक़्त के साथ राधा के चेहरे पर परेशानी भी बढ़ रही थी

आखिर कर साम 5 बजे घर की दूर बेल्ल बजी जिसे सुन्न फटाफट राधा गेट की तरफ भागी पर जैसे hi दरवाजा खोल सामने देखा उसका मुँह खुल गया

सामने उसकी माँ थी जिसकी हालत बहुत पतली थी चेहरे से ऐसा लग रहा था जैसे सरे जहाँ का दर्द उन्हें hi मिल गया हो आखे रोने से पूरी तरह से सूझ गयी थी

अपनी माँ को ऐसे हालत में देख राधा के आखो से अपने आप आयसु निकल गए वह झट से अपनी माँ को गले लगा लिया

radha:*maa क्या हुआ आपको कैसी हालत बना ली है क्या यह मेरी वजह से हुआ है

anchal:*beti तू क्यों रो रही है रोना तोह मुझे चाहिए तू मात रो बेटी

radha:*fir अपने ऐसी हालत क्यों बना ली

anchal:*beta यह मेरी गलतियों का नतीजा है

राधा अपनी माँ को सहारा देकर सोफे पर बैठा देती है

radha:*yeh कैसी बाते कर रही है मम्मी अगर अप्प मेरे भैया से मिलने से नाराज है.....

anchal:*bilkul नहीं मेरी बची मैं तुझसे बिलकुल नाराज नहीं हु तू तोह मेरी गुड़िया रानी है तू अपने भाई से मिला कर उसकी अछि बाते सीखा कर उस के जैसा बनना पर अपनी इस माँ जैसी मात बन्न जाना मेरी बची

radha:*aaap कैसी बाते कर रही है मम्मी मैं पापा को कॉल करती हु

anchal:*kisi को कॉल नहीं karna....main ठीक हु तू मेरी बात सुन्न तू ना अपने पापा से दूर रहा कर और अपने भैया के पास रहा कर जल्दी

radha:*baat क्या है मम्मी

anchal:*abhi नहीं बेटी पहले मुझे कुछ पता करने दे फिर बातो गयी अभी तू जा आराम कर

radha:*apni हालत देखि है अपने और आप मुझे आराम करने को बोल रही hai...kaka...kaka

kaka:*haa बेतिया....

radha:mummy के लिए खाना और जुइ लाइए

anchal:*nhi बीटा मुझे भूख नहीं है

radha:*agar अपने मेरी बात नहीं माननी को आपसे बात नहीं करो गयी मैं

anchal:*gale लगा) बीटा तू जो कहे गयी वह सब मैं करो गयी पर ऐसा मात करना तू मुझसे दूर मात जाना

radha:*main कही नहीं जाओ गयी मम्मी आपको छोड़ अब चलिए फ्रेश हो जाइये

राधा अपनी मम्मी को रूम ले जाती है और फ्रेश करा देती है थोड़ी देर में काका भी खाना लेकर आ जाते है

राधा अपने हाथो से अपनी माँ को खाना खिला जुइ पीला देती है

अपनी बेटी का अपने लिए इतना प्यार देख कर खुद पर रोना आ रहा था पर वह रोई नहीं क्योकि उससे वरिंदर की बात याद आ जाती थी रोने से कुछ भी हासिल नहीं होगा

राधा खाना खिला कर सोने को कहती है तोह उसकी मम्मी उससे रोक लेती है और अपने पास सोने को कहती है

anchal:*aaj अपने भाई से मिली

radha:*haa मम्मी भैया आज सुबह hi मुझसे मिलने आये थे और अपने साथ अपने कॉलेज लेकर गए और अपनी बहनो और दोस्तों से मिलता मुझसे पूरा दिन खुश रखा

anchal:*woh तुझसे इतना प्यार जो करने लगा है उसका और अपना ख्याल रखना अगर मैं राहु या न राहु

radha:*aap आज कुछ ज्यादा hi बहकी बहकी बाते कर रही है सो जाइये आपको कुछ नहीं होगा

anchal:*haa मेरी बेटी (माथे को चुम) मुआअह्ह्ह

राधा अपनी माँ की बहो में समां जाती है अपनी बेटी को अपने सीने से लगा पा अंचल बहुत सकूं महसूस करती है और आखे बंद कर वरिंदर को ठंकु कहती है

*******************

कॉलेज के बाद संजना और बाकि सब पहले राज के घर जाते है नैना और रश्मि को घर छोड़ और आंटी से थोड़ी देर बाद कर दोनों घर जाने को निकल पड़ते है

दोनों कार मैं बैठ जाते है दोनों के चेहरे पर अजीब स बेचैनी और कश्मकश थी दोनों में कोई बात नहीं होती

संजना कार ड्राइव करने लगती है गीता कार से बहार देखने लगती है संजना के दिमाग और दिल में कोई जुंग चल रही थी जिस के रिजल्ट पर नहीं पॉच पा रही थी

आखिर में संजना एक सुनसान जगह पर कार रोक देती है कार को मंजिल से पहले रुक जाने से गीता पहली बार संजना की तरफ देखती है

geeta:*car क्यों रो दी

sanjana:*kuch बात करनी थी बहुत जरुरी

गीता सावलिये नज़रो से संजना की तरफ देखने लगती है

sanjana:*(tandi सास छोड़) गीता तुम और मैं दोनों एक ऐसी नाव पर सवार है के कोई एक भी उस नाव पर से उतर गया वह दुब जाये गए

geeta:*kya बोले जा रही हो मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा

sanjana:*raj.... तुम भी रहा से दिलो जान से प्यार करती हो मैं भी दिलो जान से प्यार करता हु... ना तुम राज को भूल सकती हो ना मैं पर अगर हम ऐसे hi रहे तोह ना रहा तुम्हरा होगा ना मेरा....

geeta:*yeh क्या बकवास कर रही हो राज मेरा है बेसक तुम अमीर हो पर मेरा राज इन् सब बातो में नहीं सोचता वह बस प्यार को महसूस करता है

sanjana:*haa तुम सच कह रही हो गीता वह प्यार को देखते है इसी लिए वह ना तुझे अपना रहे है ना मुझे क्योकि वह जानते है अगर उन्होंने ने मुझे कबूल किया तोह तुम टूट कर बिखर जाओ गयी और अगर तुम्हे किया तोह मैं बिखर जाओ गयी वह ना तुम्हे टूटने देना चाहते है ना मुझे

geeta:*agar तुम ना आती हमरे बिच तोह राज सिर्फ मेरा होता आज मैं उनकी बहो में होती

sanjana:*yeh मैं भी तोह कह सकती हो गीता सवाल यह नहीं है कोण कब आया सवाल है राज को किसने कितना चाहा मैं पहले बस उन्हें पाना चाहती थी पर अब बस उन्हें खुश देखना चाहती हो उनकी मुस्कराहट देखना चाहती

geeta:*kya मैं नहीं चाहती यह सब जब तुम्हे राज करीब देखती हो तोह अपने आप से नफरत हो जाती है दिल करता है अपने आप को कुछ कर लो पर फिर सोचती हो मार कर क्या मैं राज देख भी पाओ गयी... तुम अमीर हो तुम्हरे एहसान है राज पर मैं मैंने तोह सिर्फ लिया है राज से क्या दिया राज को

गीता इतना बोल कर रोने लगती है

geeta:*maine अपनी किस्मत नहीं लिखी मैं ऐसे क्यों गरीब हुयी

sanjana:*geeta राज के लिए फर्क नहीं पड़ता तुम गरीब हो अमीर हो... मुझे hi देख लो मैं अमीर हु क्या राज ने अपना लिया मुझे... नहीं गीता नहीं वह कभी मुझे नहीं अपनये गए ना hi तुम्हे

geeta:*sanjana मैं बिख मांगती हु मुझे राज दे दो मेरे हिस्से में कुछ नहीं आया संजना ना दौलत ना प्यार सिर्फ राज है वह मुझे दे दो

sanjana:*dolat सकूं नहीं देती गीता चाहो तोह अभी अपने हिस्से hi साडी दौलत दे दू तुझे पर यकीन मनो बिना राज के सब फीकी है... गीता मैं बस राज को खुश देखना चाहती हु अब मेरी कोई हसरत नहीं बची राज बहुत परेशान है उसी एक ऐसा हमसफ़र चाहिए जिस से वह अपने दिल की बाते कर सके

geeta:*sanjana तुम कहना क्या चाहती हो साफ साफ कहो मेरा दिल बहुत घबरा रहा है

sanjana:*agar हम दोनों hi राज को अपना ले.. वार्ना राज कभी नहीं हम्मे अपनये गए

geeta:*nhi यह नहीं हो सकता मैं राज को किसी और की बहो में नहीं देख सकती मैं मार जाओ गयी

sanjana:*kya देख सकती हो मेरे दिल पर वही गुजरे गयी पर यह बात तुम्हरे और मेरे दिल की बात नहीं है राज के दिल की बात उससे भी समझो

geeta:*main राज को नहीं शेयर कर सकती

संजना कुछ नहीं बोलती और कार को स्टार्ट कर देती है उसकी आखो से हलके ासु निकल रहे थे वही हल गीता का भी था संजना ने बहुत दिल मजबूत कर यह बात कही थी वह राज को ऐसे अपने और गीता के बिच में लड़ता हुआ नहीं देखना चाहती थी सायद इसी लिए उसने गीता से बात की थी

शेयर करना उससे लिए भी आसान नहीं था पर वह यह करने को त्यार थी क्योकि वह राज की ख़ुशी छह रही थी और राज से बात कर के उससे पता लग गया था राज किसी एक को नहीं चाहे गए और से अब दूर रहना उसके लिए मुश्किल हो रहा था

संजना जल्द hi गीता के घर के पास रोक देती है कार को गीता भी रट हुए फटाफट कार से उतर जाती है

गीता घर की तरफ भागने लगती है

sanjana:*geeta अपने बारे में मात सोचो राज के बारे में सोचो तब फैसला कर पाओ गयी

गीता संजना की बात सुनती है और घर को भाग जाती है वही संजना भी कार घर की तरफ भगा देती है

*****************

राज राधा को छोड़ कर आता है तोह हॉल में नैना और रश्मि उसकी मम्मी थी जिसे दोनों आज की मस्ती के बारे में बात रही थी उसकी मुन्नी भी राधा के घुलने मिलने से खुश थी

राज के आते hi दिया राज को गले मिल अपनी ख़ुशी जाहिर करती है उसके बाद सभी मिल कर लंच करते है

राज अपने रूम में रेस्ट करने आ जाता है और कुछ सोचने लगता है आधे जानता सोचने के बाद अपने मोबाइल से किसी को कॉल कर देता है थोड़ी देर बाद कॉल पिक हो जाता है

raj:*hello सायरा भाभी

(सायरा रितेश की गफ थी)

sayra:*hello राज

raj:*aap फ्री है भाभी कुछ बात करनी थी

sayra:*haa राज मैं बिलकुल फ्री हु बोलो

raj:*wohh.. भाभी वह..

sayra:*are यह वह वह क्या लगा रखा बोलो क्या बात है

raj:*bhabhi आप और भैया खुश है

sayra:*ab यह कैसा सवाल है

raj:*bolo ना

sayra:*haa भाई हम दोनों बहुत खुश है

raj:*app दोनों में से पर्पस किसने किया था

sayra:*baat क्या जनाब कोई पसंद आ गयी है क्या आप तोह ऐसे hi बोल दीजिये कोई नाह hi नहीं सकती आप को

raj:*aap बताइये ना

sayra:*mere मामले में तोह भाई मैंने hi पर्पस किया था तुम्हरे भैया को पर लड़का पर्पस के तोह लड़की को ज्यादा ाचा लगता है

raj:*aur पर्पस कैसे करना चाहिए मेरा मतलब है...

sayra:*(haste हुए) मतलब मैं समझ गयी देखो अगर लड़की का सूरे नहीं है के वह है कहे गयी के ना फिर तोह सिंपल कह दो क्या पता ना hi कर दे पर अगर सूरे हो है कर देगी तोह एक अचे से डिनर पर लेकर जाओ रिंग देकर पर्पस करो इस से ना तुम यह मोमेंट भूलो गए ना तुम्हरी पार्टनर कभी भूलिए गयी... राज लाइफ में यादे अपने आप बन्न जाती है पर कुछ यादे हम्म बनाते है यह याद भी उन्ही में से एक होती है

raj:*ji भाभी वैसे भाभी रिलेशनशिप में आने से फ्रेंड्स और फॅमिली से दूर तोह नहीं हो जाते

sayra:*pehli बात तोह यह सब सोच hi मात अगर सोचे गए तोह ना hi रिलेशनशिप को एन्जॉय कर पाए गए ना फॅमिली और फ्रेंड्स टाइम को बस सब को टाइम देकर चल अगर साथी समझने वाला मिल जाये तोह सब आसान हो जाता है

raj:*ji भाभी ठंकु सो मच भाभी

sayra:*vaise है कोण वह खुशनसीब मुझे तोह जलन हो रही है

raj:*aur ऐसा क्यों

sayra:*tum सबसे खास हो इस लिए

raj:*kya भाभी आप कुछ भी बोल देती हो ाचा bye ठंकु सो मच मुझे बस एक आर्टिकल लिखना था इस लिए यह सब पोछा आपको तोह पता है मुझे इस सब का पता नहीं है

sayra:*acha अब लव लेटर को आर्टिकल कहने लगे पता नहीं था

सायरा यह बोल हसने लगती है वही रहा फटाफट फ़ोन कट कर देता है उसके चेहरे पर स्माइल आ जाती है राज अपना लेपटॉप लेकर कुछ काम करता है

साम 6 बजे अचे से त्यात होकर वह निचे अपनी मम्मी को किसी काम का बहाना बना घर से निकल जाता है
 
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