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अपडेट NO 24
पर अंचल की हमरा घर कुछ खास पसंद नहीं आ रहा था एक साल तक तोह वह हमरे प्यार में ठीक रही पर अब उससे वह सब याद आने लगा जो उसके पापा दे सकते थे मैं नहीं
उसने मुझे अपने पापा के यहाँ चलने को कहा पर मैंने मन कर दिया इस बिच तुम 2 साल के हो गए थे
अंचल में चिड़चिड़ापन आने लगा था वह घुसा रहने लगी थी घर से बहार रहने लगी थी देर रात को आने लगी थी
इस बात को लेकर हमरी लड़ाई भी हो रही थी फिर एक दिन वह हुआ जो मैं कभी नहीं देखना चाहता था उस हादसे ने मुझे तोड़ कर रख दिया तथा
अब आगे............
उस दिन भी अंचल घर नहीं आयी थी मैं बहुत बेचैन हो रहा था घर पर रात के 12 बजह गए थे
मैं अंचल को ढूंढ़ने का फैसला किया मैंने अंचल के कुछ दोस्तों को जनता था उन्हें फ़ोन किया पर अंचल का पता नहीं लगा
किस्मत से एक दोस्त से पता लगा वह पब गयी थी आज मैंने पब का एड्रेस लिया और उस एड्रेस पर चल दिया
मुझे पता लग गया था कुछ मंथ से अंचल ड्रिंक कर रही है
मैं जब वह पोछा अंचल पब से बहार आ रही थी मैं अंचल के पास जाता उस से पहले मेरी नज़र उसके साथ आ रहे सकस पर पड़ी वह अंचल के पापा के दोस्त का बीटा था जो अंचल के पापा की कंपनी का पटनेर भी था
मैं अंचल के पास पोछता उस से पहले अंचल उसके कार में बैठ गयी मैं भी वापस अपनी बाइक पर आ उसके पीछे चलने लगा
अंचल और वह दोनों वह से एक फार्महाउस चले गए मैं भी वह चला गया
किस्मत से फार्महाउस पर सिक्योरिटी नहीं थी जिस करने में आसानी से अंदर आ गया मैं जब फार्महाउस के नजदीक तोह वह और अंचल एक रूम में जाते हुए दिखे
मैं अंदर नहीं जा सकता था इस लिए मैं रूम की खिड़की ढूंढ़ने लगा जो मुझे घर के पीछे मिला और किस्मत से खुला भी मिला
पर जब मैंने अंदर देखा तोह सोचा यह मैंने क्यों देखा अंदर अंचल और वह सेक्स कर रहे थे मैं टूट गया मेरी आखो में ासु थे
समझ नहीं आ रहा था मेरे प्यार में क्या कमी रह गयी थी जो अंचल ने मुझे धोखा दिया
मैं तोह नहीं शादी करना चाहता था वह चाहती थी पर फिर भी मैंने अपना प्यार भूला उस से शादी की पर आज मुझे क्या मिला सिर्फ धोखा
मैं अंदर जा सकता था और उन्हें रोक सकता था पर क्या इस से सब ख़तम हो जाता
मैं वापस अपनी आखो में ासु लिए घर आ गया
मेरे दिल में अंचल के लिए गुस्सा और नफरत आ रहा था पर मैंने खुद को जैसे तैसे रोके रखा
सुबह जब अंचल आयी तोह मैंने रात के बारे में पोछा तोह उस ने कहा वह मुझे बाटना जरुरी नहीं समझती
मुझे सच पता था इस लिए मुझे भी गुस्सा आ गया और जो मैंने देखा था वह अंचल के सामने रख दिया
पर अंचल को इस से ज्यादा फर्क नहीं पड़ा उस ने कहा वह यहाँ फस्स गयी है मैं उससे वह ख़ुशी नहीं दे पा रहा हु जो उससे चाहिए
मैं अब बर्दास्त नहीं कर सकता था इस लिए मैंने अंचल के पापा से बात करि और अंचल को तलाक देने का कहा उन्होंने ने भी अंचल से बात कही तोह अंचल ने कहा वह उस से प्यार करती है
मेरा और अंचल का तलाक हो गया तब तुम इतने छोटे थे के तुम्हे अपनी माँ के पास रहना चाहिए था
उस रमेश ने तुम्हे रखने से मन कर दिया जिस पर अंचल भी राजी हो गयी
अंचल और रमेश ने शादी कर ली मैं और तुम ऐकले हो गए
मुझे अपनी ज़िंदगी पर गुस्सा आ रहा था कहा मैं दिया से मोहब्बत करता था और मैंने उसकी मोहब्बत को टुक्र्या था आज ऐसा hi मेरे साथ हुआ था दिया का मुझे कुछ पता नहीं था वह कैसी है क्या कर रही
अंचल के दिए गए धोके से मैं उभर नहीं पाया और शराब पीने लगा जिस से तुम्हरी परवसिंह नहीं हो पा रही थी इसी बिच दिया वापस अपने घर आयी और उससे भी सब कुछ पता लगा
दिया ने जब तुम्हे देखा वह तुम्हे गले से लगा कर चूमने लगी और प्यार करने लगी
मेरी मम्मी पापा ने दिया के मम्मी पापा से मुझसे उसकी शादी करने को कहा दिया वैसे भी मेरे बाद किसी से शादी कर नहीं रही थी तोह उसके मम्मी पापा ने हां कर दी
दिया ने भी हां कर दी और हमरे घर मेरी बीवी और तेरी माँ बन कर आ गयी
उसके आते hi वापस इस घर में खुशिया आ गयी उस ने आते hi सब संभल लिया वह तुझे कभी एकला नहीं छोड़ती थी
इस लिए वह मेरे पास भी कभी कभी आती थी हर पल तुझे सीने से लगा के रखती थी ताकि तेरे प्यार में कमी ना आ जाये
मेरे और परिवार के लोगो के बहुत कहने पर दिया ने अपने बचे के बारे में सोचा वार्ना वह तेरे लिए कोई और बचा चाहती hi नहीं थी ताकि तेरे प्यार में कोई कमी ना आ जाये
कभी कभी सोचता हु जिस माँ ने तुझे जनम दिया वह एक बार भी पलट कर देखने नहीं आयी तू कैसा है और एक दिया है जिस ने तुझे प्यार करने में खुद को भी भूला दिया
बीटा यही थी तेरी माँ की खहनी अगर तुझे लगता है हम ने तुझे सच ना बात कर अलग किया तोह तू जो कहे गए वही होगा बस अपनी इस माँ के त्याग को कभी मात भूलना क्योकि इतना तोह जनम देने वाली माँ भी अपने बचे के लिए नहीं करती जितना दिया ने तेरे लिए किया
राज पे पापा सब कुछ कर चुप हो गए उनकी आखो में ासु थे वही राज की आखो में से भी लगातार ासु घिर रहे थे
राज अपने पापा से कुछ नहीं बोलता और वह से उठा रूम का दरवाजा खोल बगता हुआ अपनी माँ के पास जाता है
दिया भी जैसे राज के रूम में बेचैन लेती करवाते ले रही थी
जब राज रूम में आता है तोह दिया बीएड पर उठ कर बैठ जाती है पर जैसे hi राज को रोटा हुआ देखती है
वह खुद भी रोने लगती है राज भागता हुआ आता है और अपनी मम्मी के गले लग कर रोने लगता है
raj:*mummy अपने मेरे लिए इतना किया
र mummy:*tu मेरा बीटा है तेरे लिए नहीं करो गयी तोह किसके लिए करो गयी तू तोह मेरी आखो का तारा है
raj:*mummy आप मुझे कभी छोड़ कर नहीं जाये गयी ना
र mummy:*kabhi एक माँ अपने बेटे को छोड़ कर जा सकती है
raj:*haa माँ जा सकती है... मुझे छोड़ कर गयी है
र mummy:*woh कभी नहीं माँ नहीं बन्न पायी ना तुझे संभाला जो इतना प्यारा है ना अपनी बेटी को जो हमेसा प्यार को तरसती रहती है
raj:*yeh आप क्या बोल रही हो मम्मी
र mummy:*raj जब अंचल गयी थी तब वह प्रेग्नेंट थी तुम्हरे पापा से यह बात तेरे पापा को hi पता थी क्योकि जिस रात तेरे पापा ने वह सब देखा उसी साम रिपोर्ट आयी थी वह प्रेग्नेंट है
raj:*par मम्मी वह तोह रमेश की बेटी भी हो सकती है.....
र mummy:*woh तेरे पापा की hi बेटी है मैंने उससे देखा है वह तेरे पापा पर गयी है बहुत प्यारी है
raj:*matlb....
र mummy:*toh तेरी सगी बहिन है
raj:*mujhe कुछ नहीं चाहिए मुझे बस आप सब का प्यार चाहिए
र mummy:*kyo नहीं चाहिए बीटा इस सब में उस बची की क्या गलती उससे तोह ना कभी माँ का प्यार मिला ना बाप का... वह ऐसे लोग है बीटा जिसके लिए इन् रिस्तो और औलाद की कोई कदर नहीं है
raj:*aap क्या चाहती है मम्मी आप जो कहे गयी मैं वही करो हां
र mummy:*tu अपनी बहिन से एक बार मिल उससे समझ और उससे उसके हिस्से का प्यार दे
raj:*main उस आवर्त के पास कभी नहीं जाओ गए
र mummy:*main खुद उस औरत की परछाहई नहीं पढ़ने दूगी अपने बेटे पर... बीटा पर इस सब में राधा की क्या गलती है
raj:*radha कोण...
र mummy:*(halka थपड मार) तेरी बहिन और कोण पागल लड़का
raj:*vaise मम्मी आपको राधा के बारे में क्या पता है
र mummy:*sab कुछ वह भी मेरी बेटी hi है तोह खबर तोह राखु गयी ना और एक बात तेरे पापा भी उसकी पूरी खबर रखते है राज सुबह ऑफिस जाने से पहले उसके स्कूल जाते है ताकि उसकी सकल देख सके प्यार तोह यह कभी जाता नहीं पाए गए राधा से इस लिए पर यह उस से बहुत प्यार करते है इन्हे तोह पता है ना वह इनकी बेटी है बेसक राधा को नहीं पता
raj:*woh सब छोड़िये आप मुझसे इतना प्यार क्यों करती है जब की मेरी माँ ने मुझे छोड़ दिया था
र mummy:*ek खींच के थपड दूगी अगर डरा ऐसा कहा तोह तू हमरी जान है सबकी समझा और सब तुझसे प्यार करते है जिसे प्यार का मतलब hi नहीं पता उसके लिए तू हम सब को तकलीफ देगा
raj:*bilkul नहीं तल्किफ तोह उन्हें दुगा जिन्हो ने आपको दुःख दिया है
र mummy:*ab बस अब रोया ना तोह देख लेना बायत नहीं करो गयी तुझसे अब चल सजा रात बहुत हो गयी है
raj:*mujhe आपकी गोद में सार रख के सोना है
र mummy:*mere बेटे को जैसा सोना है वैसा सू जा
raj:*mummy बागवान ने मुझे आपकी खोह में क्यों नहीं दिया
र mummy:*kyoki तुझे मेरे नसीब में देना था
raj:*mummy मैं आपसे बहुत प्यार करता हु आपको कभी तकलीफ नहीं दुगा
र mummy:*mera प्यारा बीटा सब चल सजा no बाते
raj:*teek है पर एक बात तोह बात दो राधा कहा पढ़ती है
र mummy:*uss से मिलने का दिल कर रहा है
raj:*bas देखना चाहता हु
र mummy:*(muskura कर( अचे से देख लेना ********* इस स्कूल में पढ़ती है
राज अपनी मम्मी को गले लगा पर लेट जाता है राज की मम्मी भी प्यार से उंगलिया घुमा कर सुलाने लगती है
दोनों को पता hi नहीं लगता कब दोनों नींद की आगोश में चले जाते है
सुबह राज की मम्मी सुबह जल्दी उठ जाती है राज को सोता हुआ देख प्यार से उसके माथे पर किश कर के किचन चल देती है
राज भी अपने टाइम पर उठ कर त्यार होने लगता है और सारा के पास चला जाता है
राज और सारा मिल कर प्रैक्टिस करते है उसके बाद राज अपने रूम में आ कर त्यार होने लगता है
राज आज कल से बेहतर फील कर रहा था हलकी उसको तल्किफ तोह थी पर अपनी इस माँ के प्यार को देख उस ने अपने कल के बारे में ज्यादा नहीं सोचा
राज को खुश देख राज के मम्मी पापा भी खुश थे सब मिल कर लंच करते है
आज नैना भी कॉलेज जाने को कहती है पर राज साफ मन कर देता है जिस पर नैना ज्यादा कुछ नहीं बोलती
राज रश्मि को लेकर कॉलेज निकल जाता है राज आज कुछ जल्दी निकला था पर रस्ते की ट्रैफिक के कारन वह लेट हो hi जाता है
राज जब टाइम देखता है तोह मन मायूस कर के बाइक कॉलेज में hi लगा देता है जिसे रश्मि भी देख लेती है
rashmi:*kya हुआ भाई अप्प प्र्शन हो कुछ कही जाना था क्या
raj:*haa रश्मि जाना तोह था पर छोड़ लेट हो गया दुपहर को चला जाओ गए तू आज संजना यार गीता के साथ घर चली जाना
rashmi:*acha ठीक है वैसे आज आपका मूड कैसा है कल तोह...
raj:*kal के लिए सॉरी रश्मि बूत आज बिलकुल फ्रेश हु और इलेक्शन का काम देखो गए अब चलो कॉलेज के अंदर
रश्मि और राज बाकि सब के पास आ जाता है जहा सब थे राज को खुश देख गीता और संजना का चेहरा एक दम से खिल जाता है जो थोड़ी देर पहले मुरझ्या हुआ था सायद कल की वजह से परेशान होंगे
राज और बाकि सब आज मिल कर सभी क्लास में राउंड लगते है पड़े तोह हो नहीं रही थी सभी जगह इलेक्शन के चर्चे थे
सैंडी का ग्रुप भी जोरो शोरो से तयारी कर रहा था
राज था तोह सब के साथ पर कही ना कही वह बार बार अपनी घडी की तरफ देख रहा था जो सायद गीता और संजना ने नोट कर लिया
इस लिए दोनों एक साथ एक hi टाइम पॉच बैठे
संजना और geeta:*kya हुआ कही जाना है आपको....
राज कभी गीता को देखता है तोह कभी संजना की तरफ बाकि सब बस मुस्कुरा रहे थे
rashmi:*kitne परेशान है भैया बात दो ना
इसी के सब हसने लगते है संजना और गीता इस से झेप जाती है
raj:*tujhe लगता है मार कहानी है और हां मुझे सच में जाना है तोह तुम दोनों में से कोई रश्मि को घर ड्राप कर देना
संजना और geeta
fir एक साथ) मैं ड्राप कर दूगी
एक बार फिर ऐसा होने से सब हसने लगते है
sanjana:*main छोड़ दूगी अपनी कार से इसी बहाने आंटी से भी मिल लगी
geeta:*mujhe क्या आंटी ने मिलने से मन किया है क्या आने को
sanjana:*kya पता किया हो..
geeta:*jada ना बोल समझी
sayra:*stop स्टॉप प्लस ऐसा करो दोनों hi चली जाओ और आंटी से मिल लो
sanjana:rashmi मेरे साथ जाये गयी
geeta:*aise कैसे जाये गयी वह मेरे साथ जाये गयी
rashmi:*yar प्लस अब तुम दोनों लाडो मात मैं सायरा भाभी के साथ चली जाओ गयी
sayra:*yeh ठीक रहे गए अब तोह बंद करो लड़ना कैसे घूर रहे हो एक दूसरे को और देवर जी आप इन् दोनों की लड़ाई ख़तम क्यों नहीं कर देते एक को हां बोल कर मैं तोह कहती हो दोनों को हां बोल दो
sanjana:*raj तोह मुझे प्यार करता है
geeta:*raj मुझे प्यार करता है तुझसे पहले से जनता है
इन् दोनों की तू तू मैं मैं देख सब धीरे धीरे खिसकने लगते है राज जैसे पहले hi जनता था ऐसा होगा वह इन् सब से काफी आगे निकल गया था वह तोह अब तक बाइक निकल कर कॉलेज के बहार भी चला गया था
बाकियो ने आकर इन् की लड़ाई ख़तम करि फिर कही जाकर यह सब भी घर को निकल गए
पर अंचल की हमरा घर कुछ खास पसंद नहीं आ रहा था एक साल तक तोह वह हमरे प्यार में ठीक रही पर अब उससे वह सब याद आने लगा जो उसके पापा दे सकते थे मैं नहीं
उसने मुझे अपने पापा के यहाँ चलने को कहा पर मैंने मन कर दिया इस बिच तुम 2 साल के हो गए थे
अंचल में चिड़चिड़ापन आने लगा था वह घुसा रहने लगी थी घर से बहार रहने लगी थी देर रात को आने लगी थी
इस बात को लेकर हमरी लड़ाई भी हो रही थी फिर एक दिन वह हुआ जो मैं कभी नहीं देखना चाहता था उस हादसे ने मुझे तोड़ कर रख दिया तथा
अब आगे............
उस दिन भी अंचल घर नहीं आयी थी मैं बहुत बेचैन हो रहा था घर पर रात के 12 बजह गए थे
मैं अंचल को ढूंढ़ने का फैसला किया मैंने अंचल के कुछ दोस्तों को जनता था उन्हें फ़ोन किया पर अंचल का पता नहीं लगा
किस्मत से एक दोस्त से पता लगा वह पब गयी थी आज मैंने पब का एड्रेस लिया और उस एड्रेस पर चल दिया
मुझे पता लग गया था कुछ मंथ से अंचल ड्रिंक कर रही है
मैं जब वह पोछा अंचल पब से बहार आ रही थी मैं अंचल के पास जाता उस से पहले मेरी नज़र उसके साथ आ रहे सकस पर पड़ी वह अंचल के पापा के दोस्त का बीटा था जो अंचल के पापा की कंपनी का पटनेर भी था
मैं अंचल के पास पोछता उस से पहले अंचल उसके कार में बैठ गयी मैं भी वापस अपनी बाइक पर आ उसके पीछे चलने लगा
अंचल और वह दोनों वह से एक फार्महाउस चले गए मैं भी वह चला गया
किस्मत से फार्महाउस पर सिक्योरिटी नहीं थी जिस करने में आसानी से अंदर आ गया मैं जब फार्महाउस के नजदीक तोह वह और अंचल एक रूम में जाते हुए दिखे
मैं अंदर नहीं जा सकता था इस लिए मैं रूम की खिड़की ढूंढ़ने लगा जो मुझे घर के पीछे मिला और किस्मत से खुला भी मिला
पर जब मैंने अंदर देखा तोह सोचा यह मैंने क्यों देखा अंदर अंचल और वह सेक्स कर रहे थे मैं टूट गया मेरी आखो में ासु थे
समझ नहीं आ रहा था मेरे प्यार में क्या कमी रह गयी थी जो अंचल ने मुझे धोखा दिया
मैं तोह नहीं शादी करना चाहता था वह चाहती थी पर फिर भी मैंने अपना प्यार भूला उस से शादी की पर आज मुझे क्या मिला सिर्फ धोखा
मैं अंदर जा सकता था और उन्हें रोक सकता था पर क्या इस से सब ख़तम हो जाता
मैं वापस अपनी आखो में ासु लिए घर आ गया
मेरे दिल में अंचल के लिए गुस्सा और नफरत आ रहा था पर मैंने खुद को जैसे तैसे रोके रखा
सुबह जब अंचल आयी तोह मैंने रात के बारे में पोछा तोह उस ने कहा वह मुझे बाटना जरुरी नहीं समझती
मुझे सच पता था इस लिए मुझे भी गुस्सा आ गया और जो मैंने देखा था वह अंचल के सामने रख दिया
पर अंचल को इस से ज्यादा फर्क नहीं पड़ा उस ने कहा वह यहाँ फस्स गयी है मैं उससे वह ख़ुशी नहीं दे पा रहा हु जो उससे चाहिए
मैं अब बर्दास्त नहीं कर सकता था इस लिए मैंने अंचल के पापा से बात करि और अंचल को तलाक देने का कहा उन्होंने ने भी अंचल से बात कही तोह अंचल ने कहा वह उस से प्यार करती है
मेरा और अंचल का तलाक हो गया तब तुम इतने छोटे थे के तुम्हे अपनी माँ के पास रहना चाहिए था
उस रमेश ने तुम्हे रखने से मन कर दिया जिस पर अंचल भी राजी हो गयी
अंचल और रमेश ने शादी कर ली मैं और तुम ऐकले हो गए
मुझे अपनी ज़िंदगी पर गुस्सा आ रहा था कहा मैं दिया से मोहब्बत करता था और मैंने उसकी मोहब्बत को टुक्र्या था आज ऐसा hi मेरे साथ हुआ था दिया का मुझे कुछ पता नहीं था वह कैसी है क्या कर रही
अंचल के दिए गए धोके से मैं उभर नहीं पाया और शराब पीने लगा जिस से तुम्हरी परवसिंह नहीं हो पा रही थी इसी बिच दिया वापस अपने घर आयी और उससे भी सब कुछ पता लगा
दिया ने जब तुम्हे देखा वह तुम्हे गले से लगा कर चूमने लगी और प्यार करने लगी
मेरी मम्मी पापा ने दिया के मम्मी पापा से मुझसे उसकी शादी करने को कहा दिया वैसे भी मेरे बाद किसी से शादी कर नहीं रही थी तोह उसके मम्मी पापा ने हां कर दी
दिया ने भी हां कर दी और हमरे घर मेरी बीवी और तेरी माँ बन कर आ गयी
उसके आते hi वापस इस घर में खुशिया आ गयी उस ने आते hi सब संभल लिया वह तुझे कभी एकला नहीं छोड़ती थी
इस लिए वह मेरे पास भी कभी कभी आती थी हर पल तुझे सीने से लगा के रखती थी ताकि तेरे प्यार में कमी ना आ जाये
मेरे और परिवार के लोगो के बहुत कहने पर दिया ने अपने बचे के बारे में सोचा वार्ना वह तेरे लिए कोई और बचा चाहती hi नहीं थी ताकि तेरे प्यार में कोई कमी ना आ जाये
कभी कभी सोचता हु जिस माँ ने तुझे जनम दिया वह एक बार भी पलट कर देखने नहीं आयी तू कैसा है और एक दिया है जिस ने तुझे प्यार करने में खुद को भी भूला दिया
बीटा यही थी तेरी माँ की खहनी अगर तुझे लगता है हम ने तुझे सच ना बात कर अलग किया तोह तू जो कहे गए वही होगा बस अपनी इस माँ के त्याग को कभी मात भूलना क्योकि इतना तोह जनम देने वाली माँ भी अपने बचे के लिए नहीं करती जितना दिया ने तेरे लिए किया
राज पे पापा सब कुछ कर चुप हो गए उनकी आखो में ासु थे वही राज की आखो में से भी लगातार ासु घिर रहे थे
राज अपने पापा से कुछ नहीं बोलता और वह से उठा रूम का दरवाजा खोल बगता हुआ अपनी माँ के पास जाता है
दिया भी जैसे राज के रूम में बेचैन लेती करवाते ले रही थी
जब राज रूम में आता है तोह दिया बीएड पर उठ कर बैठ जाती है पर जैसे hi राज को रोटा हुआ देखती है
वह खुद भी रोने लगती है राज भागता हुआ आता है और अपनी मम्मी के गले लग कर रोने लगता है
raj:*mummy अपने मेरे लिए इतना किया
र mummy:*tu मेरा बीटा है तेरे लिए नहीं करो गयी तोह किसके लिए करो गयी तू तोह मेरी आखो का तारा है
raj:*mummy आप मुझे कभी छोड़ कर नहीं जाये गयी ना
र mummy:*kabhi एक माँ अपने बेटे को छोड़ कर जा सकती है
raj:*haa माँ जा सकती है... मुझे छोड़ कर गयी है
र mummy:*woh कभी नहीं माँ नहीं बन्न पायी ना तुझे संभाला जो इतना प्यारा है ना अपनी बेटी को जो हमेसा प्यार को तरसती रहती है
raj:*yeh आप क्या बोल रही हो मम्मी
र mummy:*raj जब अंचल गयी थी तब वह प्रेग्नेंट थी तुम्हरे पापा से यह बात तेरे पापा को hi पता थी क्योकि जिस रात तेरे पापा ने वह सब देखा उसी साम रिपोर्ट आयी थी वह प्रेग्नेंट है
raj:*par मम्मी वह तोह रमेश की बेटी भी हो सकती है.....
र mummy:*woh तेरे पापा की hi बेटी है मैंने उससे देखा है वह तेरे पापा पर गयी है बहुत प्यारी है
raj:*matlb....
र mummy:*toh तेरी सगी बहिन है
raj:*mujhe कुछ नहीं चाहिए मुझे बस आप सब का प्यार चाहिए
र mummy:*kyo नहीं चाहिए बीटा इस सब में उस बची की क्या गलती उससे तोह ना कभी माँ का प्यार मिला ना बाप का... वह ऐसे लोग है बीटा जिसके लिए इन् रिस्तो और औलाद की कोई कदर नहीं है
raj:*aap क्या चाहती है मम्मी आप जो कहे गयी मैं वही करो हां
र mummy:*tu अपनी बहिन से एक बार मिल उससे समझ और उससे उसके हिस्से का प्यार दे
raj:*main उस आवर्त के पास कभी नहीं जाओ गए
र mummy:*main खुद उस औरत की परछाहई नहीं पढ़ने दूगी अपने बेटे पर... बीटा पर इस सब में राधा की क्या गलती है
raj:*radha कोण...
र mummy:*(halka थपड मार) तेरी बहिन और कोण पागल लड़का
raj:*vaise मम्मी आपको राधा के बारे में क्या पता है
र mummy:*sab कुछ वह भी मेरी बेटी hi है तोह खबर तोह राखु गयी ना और एक बात तेरे पापा भी उसकी पूरी खबर रखते है राज सुबह ऑफिस जाने से पहले उसके स्कूल जाते है ताकि उसकी सकल देख सके प्यार तोह यह कभी जाता नहीं पाए गए राधा से इस लिए पर यह उस से बहुत प्यार करते है इन्हे तोह पता है ना वह इनकी बेटी है बेसक राधा को नहीं पता
raj:*woh सब छोड़िये आप मुझसे इतना प्यार क्यों करती है जब की मेरी माँ ने मुझे छोड़ दिया था
र mummy:*ek खींच के थपड दूगी अगर डरा ऐसा कहा तोह तू हमरी जान है सबकी समझा और सब तुझसे प्यार करते है जिसे प्यार का मतलब hi नहीं पता उसके लिए तू हम सब को तकलीफ देगा
raj:*bilkul नहीं तल्किफ तोह उन्हें दुगा जिन्हो ने आपको दुःख दिया है
र mummy:*ab बस अब रोया ना तोह देख लेना बायत नहीं करो गयी तुझसे अब चल सजा रात बहुत हो गयी है
raj:*mujhe आपकी गोद में सार रख के सोना है
र mummy:*mere बेटे को जैसा सोना है वैसा सू जा
raj:*mummy बागवान ने मुझे आपकी खोह में क्यों नहीं दिया
र mummy:*kyoki तुझे मेरे नसीब में देना था
raj:*mummy मैं आपसे बहुत प्यार करता हु आपको कभी तकलीफ नहीं दुगा
र mummy:*mera प्यारा बीटा सब चल सजा no बाते
raj:*teek है पर एक बात तोह बात दो राधा कहा पढ़ती है
र mummy:*uss से मिलने का दिल कर रहा है
raj:*bas देखना चाहता हु
र mummy:*(muskura कर( अचे से देख लेना ********* इस स्कूल में पढ़ती है
राज अपनी मम्मी को गले लगा पर लेट जाता है राज की मम्मी भी प्यार से उंगलिया घुमा कर सुलाने लगती है
दोनों को पता hi नहीं लगता कब दोनों नींद की आगोश में चले जाते है
सुबह राज की मम्मी सुबह जल्दी उठ जाती है राज को सोता हुआ देख प्यार से उसके माथे पर किश कर के किचन चल देती है
राज भी अपने टाइम पर उठ कर त्यार होने लगता है और सारा के पास चला जाता है
राज और सारा मिल कर प्रैक्टिस करते है उसके बाद राज अपने रूम में आ कर त्यार होने लगता है
राज आज कल से बेहतर फील कर रहा था हलकी उसको तल्किफ तोह थी पर अपनी इस माँ के प्यार को देख उस ने अपने कल के बारे में ज्यादा नहीं सोचा
राज को खुश देख राज के मम्मी पापा भी खुश थे सब मिल कर लंच करते है
आज नैना भी कॉलेज जाने को कहती है पर राज साफ मन कर देता है जिस पर नैना ज्यादा कुछ नहीं बोलती
राज रश्मि को लेकर कॉलेज निकल जाता है राज आज कुछ जल्दी निकला था पर रस्ते की ट्रैफिक के कारन वह लेट हो hi जाता है
राज जब टाइम देखता है तोह मन मायूस कर के बाइक कॉलेज में hi लगा देता है जिसे रश्मि भी देख लेती है
rashmi:*kya हुआ भाई अप्प प्र्शन हो कुछ कही जाना था क्या
raj:*haa रश्मि जाना तोह था पर छोड़ लेट हो गया दुपहर को चला जाओ गए तू आज संजना यार गीता के साथ घर चली जाना
rashmi:*acha ठीक है वैसे आज आपका मूड कैसा है कल तोह...
raj:*kal के लिए सॉरी रश्मि बूत आज बिलकुल फ्रेश हु और इलेक्शन का काम देखो गए अब चलो कॉलेज के अंदर
रश्मि और राज बाकि सब के पास आ जाता है जहा सब थे राज को खुश देख गीता और संजना का चेहरा एक दम से खिल जाता है जो थोड़ी देर पहले मुरझ्या हुआ था सायद कल की वजह से परेशान होंगे
राज और बाकि सब आज मिल कर सभी क्लास में राउंड लगते है पड़े तोह हो नहीं रही थी सभी जगह इलेक्शन के चर्चे थे
सैंडी का ग्रुप भी जोरो शोरो से तयारी कर रहा था
राज था तोह सब के साथ पर कही ना कही वह बार बार अपनी घडी की तरफ देख रहा था जो सायद गीता और संजना ने नोट कर लिया
इस लिए दोनों एक साथ एक hi टाइम पॉच बैठे
संजना और geeta:*kya हुआ कही जाना है आपको....
राज कभी गीता को देखता है तोह कभी संजना की तरफ बाकि सब बस मुस्कुरा रहे थे
rashmi:*kitne परेशान है भैया बात दो ना
इसी के सब हसने लगते है संजना और गीता इस से झेप जाती है
raj:*tujhe लगता है मार कहानी है और हां मुझे सच में जाना है तोह तुम दोनों में से कोई रश्मि को घर ड्राप कर देना
संजना और geeta
एक बार फिर ऐसा होने से सब हसने लगते है
sanjana:*main छोड़ दूगी अपनी कार से इसी बहाने आंटी से भी मिल लगी
geeta:*mujhe क्या आंटी ने मिलने से मन किया है क्या आने को
sanjana:*kya पता किया हो..
geeta:*jada ना बोल समझी
sayra:*stop स्टॉप प्लस ऐसा करो दोनों hi चली जाओ और आंटी से मिल लो
sanjana:rashmi मेरे साथ जाये गयी
geeta:*aise कैसे जाये गयी वह मेरे साथ जाये गयी
rashmi:*yar प्लस अब तुम दोनों लाडो मात मैं सायरा भाभी के साथ चली जाओ गयी
sayra:*yeh ठीक रहे गए अब तोह बंद करो लड़ना कैसे घूर रहे हो एक दूसरे को और देवर जी आप इन् दोनों की लड़ाई ख़तम क्यों नहीं कर देते एक को हां बोल कर मैं तोह कहती हो दोनों को हां बोल दो
sanjana:*raj तोह मुझे प्यार करता है
geeta:*raj मुझे प्यार करता है तुझसे पहले से जनता है
इन् दोनों की तू तू मैं मैं देख सब धीरे धीरे खिसकने लगते है राज जैसे पहले hi जनता था ऐसा होगा वह इन् सब से काफी आगे निकल गया था वह तोह अब तक बाइक निकल कर कॉलेज के बहार भी चला गया था
बाकियो ने आकर इन् की लड़ाई ख़तम करि फिर कही जाकर यह सब भी घर को निकल गए