Apne Pyaare rishte - Page 16 - SexBaba
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Apne Pyaare rishte

अपडेट 137



अगली सुबह जब मेरी आँख खुली तोह दीदी वह नहीं थी जिसे देख के मुझे एक बार तो लगा की वह सब सपना था लेकिन जब मुझे मेरी हालत का अंदाजा हुआ तोह पता चला की ये सब सपना नहीं बल्कि सच था फिर में उठके सबसे पहले बाथरूम में जेक फ्रेश हो गया

और फिर ध्यान लगाने लगा जिसके बाद मेने एक राउंड मेरे अंतर्मन में भी मारा जिसमे अब पहले से बहुत चंगेस हुए थे अब अंतर्मन पहले से भी ज़्यादा बड़ा और शक्तिशाली महसूस हो रहा था जिसके बाद मेने अपने सभी रूपों से आज रात के प्लान को लेके कुछ देर डिसकस किया जिसके बाद मेने अपना ध्यान तोड़ कर निचे चला गया

जहा पर सभी लोग पहले से मौजूद थे में भी अचानक सरे परिवार को देख कर खुश हो गया था खासकर अपने दोनों बहनों को रीना दीदी और उनकी जुड़वाँ बहन और हम तीनो में सबसे बड़ी मीणा दीदी उनके और रीना दीदी में केवल कुछ मिनट्स का hi अंतर था मीणा दीदी ज्यादातर समय अपने नाना नानी के हु घर रहती थी

क्यूंकि उनके नाना नानी के माँ के अलावा कोई और संतान नहीं थी जिस वजह से वह हम तीनों को hi अपने पोता पोती के तरह मानते थे लेकिन जो भी मेरे साथ बचपन में हुआ था उसके बाद में कभी उनके पास नहीं गया था जिस वजह से मीणा दीदी hi ज्यादा समय उनके साथ बिताने लगी थी और फिर जब उनका बांड स्ट्रांग हो गया तोह साल में 6 महीनों के लिए मीणा दीदी अपने नाना नानी के घर hi रहती थी और बाकि 6 महीने वह हमारे साथ रहती थी

फिर मेने सबसे पहले दादाजी और बाकि सरे बड़ों को प्रणाम किया दादाजी ने सभी पंडितों और मेहमानो के रहने का बंदोबस्त गाओं में hi कर दिया था जिस वजह से उनका सरप्राइज बना रहे फिर जब मेरा सबसे मिलके हुआ तोह फिर सब ने मिलके ब्रेकफास्ट किया ज

जहा मुझे नानाजी ने बताया की आज दुपहर ममी के प्रेग्नेंट होने के ख़ुशी में पार्टी राखी है जिस लिए सबको बुलाया है फिर सब पार्टी के लिए तैयार होने चले गए जिसके बाद दुपहर को घर में hi एक छोटी सी पार्टी का इंतज़ाम कर दिया था

और उस पार्टी में सिर्फ कुछ स्पेशल गेस्ट्स hi इन्वितेद थे उसके बाद जब पार्टी ख़तम हुई तोह सब कमरों में चले गए जहा में अपने कमरे में जेक फ्रेश हो जाता हु और थोड़ी देर के लिए ध्यान लगाने लगता हूँ वही निचे सभी लोग शाम को रखे गए राज्याभिषेक की प्लानिंग कर रहे होते है

मीणा दीदी :- दादाजी आज राज के राज्याभिषेक की साडी तयारी हो गयी है न

दादाजी :- है मीणा सब तैतरीय हो गयी है और जो बाकि है उसे भीमा और बिल्ला दोनों मिलके पुरे कर ढींगे

रीना :- आज कितना मजा आएगा न जब भाई शेरगढ़ और सूरजगढ़ दोनों hi राज्यों का किंग बनेगा

दादी :- राजा तोह वह पहले hi बन चूका है रीना अभी तोह बस एक अनाउंसमेंट जैसे होगा

स्वाति :- (कन्फ्यूज्ड होक) पहले hi बन चूका है मतलब क्या है आपका दादीजी

नानी :- मतलब ये है की जब राज ने सब गांव वालों के दिल ने जगह बनायीं तभी वह उनका राजा बन गया है अभी तोह बस उसके सर पे मुकुट रख के उसे राजा घोषित करना है

दादाजी :- बिलकुल सही (डैड से) वैसे धर्मवीर और अरुण तुम दोनों को तोह कुछ प्रॉब्लम नहीं है न की तुम्हारे बच्चों को छोड़के हम राज को ये जिम्मेदारी सौंप रहे है

मां :- बिलकुल नहीं अंकल ये आप कैसी बात कर रहे हो राज को हम कोई जिम्मेदारी नहीं सौंप रहे है बल्कि उसके जो भी पाया है अपने काबिलियत से hi पाया है हम सब से पहले दोनों hi राज्यों की प्रजा ने hi अपना राजा चुना है और राज इसके काबिल भी है

डैड :- और पिता जी आपने ये कैसे सोच लिया की मुझे कुछ प्रॉब्लम होगी में तोह जब से राज ने जनम लिया है तभी से आपको बोल रहा हूँ की राज hi आपका उत्तराधिकारी होगा

जहा ये सब बाते कर रहे थे तोह वही में अपने रूम में बैठे हुए उन सभी की बाते सुन रहा था ध्यान में बैठने की वजह से मेरी सेंसेस पुरे घर में फ़ैल गयी थी जिससे मुझे घर के कोने कोने में हो रही साडी बाते सुनाई देने लगी थी लेकिन जब मेने सबका प्लान सुना तोह मेरे चेहरे पे एक मुस्कान सी च गयी सबका अपने प्रति प्यार देख के

वही जब शाम को सब मुझे सरप्राइज देने के लिए बुला रहे थे तोह मेने भी उन्हें सरप्राइज देने के लिए जो किंग का कस्टम मेने ख़रीदा था वह मेने पहन लिया और जब में वह पहन कर सबके सामने गया तोह मेरा ये रूप देख कर सभी शॉकेड हो गए थे

मेने न सिर्फ कस्टम किंग की तरह पहना था बल्कि मेने किंग वाले रूप को भी अपना शरीर दे दिया था जिससे मेरे चेहरे का ग्लो मेरा और और मेरी आवाज सब कुछ एक चक्रवर्ती राजा जैसा स्ट्रांग एंड पावरफुल हो गया था

जिससे मेरे चल में भी एक रुबाब था वही जब में सबके सामने गया तो सब शॉक के मरे अपने आप खड़े हो गए

नाना :- (शॉक से) राज ये तुम्हारे कपडे

में :- (बिच में hi) क्यों सरप्राइज सिर्फ आप hi दे सकते हो क्या ये मेरा सरप्राइज सोचा अगर मेरा राज्याभिषेक तय आप लोगो ने कर hi दिया है तोह क्यों न में भी इसमें आप सब का साथ दू क्यों कैसा लग रहा हूँ में

मेरे आवाज में आया वजन को महसूस करके कोई भी कुछ बोल नहीं प् रहा था खैर फिर मेने सबको रिलैक्स किया फिर हम सब उस जगह पहुंच गए जहा पे दादा और नाना ने मिलकर मेरे राज्याभिषेक की तयारी की थी

वह पे भीमा काका और उनका सारा परिवार भी मौजूद था और डैड के कुछ बिज़नेस पार्टनर्स भी थे जिसमे लक्समी और उसका परिवार भी था फिर पुरे रीती रिवाजों से मेरा राज्याभिषेक किया गया और जहा मुझे स्पीच भी देनी थी

जो काम मेरे किंग वाले रूप ने संभल लिया था

वही दूसरी तरफ जब से लक्समी ने मुझे देखा था उसके मन में एक अलग hi जुंग चल रही थी हुआ यु की जब में सबके सामने आया तोह मेने फिर से अपना शरीर किंग को सौंप दिया जिससे किंग का और फिर से रिलीज़ हो गया जिसे महसूस कर लक्समी के प्रतिबिम्ब चौक गयी

(लक्समी और उसके प्रतिबिम्ब में होने वाली साडी बाते उनके मन में होंगी जिससे कोई और उन्हें सुन नहीं पायेगा)

लक्समी :- क्या हुआ तुम इतने शॉकेड में क्यों हो

प्रतिबिम्ब :- इस लड़के का और मुझे शॉक कर रहा है इस ज़माने में भी इतना पावरफुल और वह भी एक किंग के जैसा जरूर ये कोई खास लड़का है

लक्समी :- लगता है तुम्हे ये पसंद आ गया है लेकिन मेरी चॉइस इतनी कमजोर नहीं है सॉरी

प्रतिबिम्ब :- क्या पसंद नहीं अपने घमंड को छोड़ो लक्समी याद रखना ये घमंड hi तुम्हे एक दिन बर्बाद कर्जा में अभी भी कह रही हु ये लड़का

अभी प्रतिबिम्ब कुछ और बोलती की तभी उसे कुछ महसूस होने लगता है

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 138



लक्समी :- क्या हुआ तुम इतने शॉकेड में क्यों हो

प्रतिबिम्ब :- इस लड़के का और मुझे शॉक कर रहा है इस ज़माने में भी इतना पावरफुल और वह भी एक किंग के जैसा जरूर ये कोई खास लड़का है

लक्समी :- लगता है तुम्हे ये पसंद आ गया है लेकिन मेरी चॉइस इतनी कमजोर नहीं है सॉरी

प्रतिबिम्ब :- क्या पसंद नहीं अपने घमंड को छोड़ो लक्समी याद रखना ये घमंड hi तुम्हे एक दिन बर्बाद कर्जा में अभी भी कह रही हु ये लड़का

अभी प्रतिबिम्ब कुछ और बोलती की तभी उसे कुछ महसूस होने लगता है

प्रतिबिम्ब :- लक्ष्मी जल्दी चलो रक्त चढ़ वाली रत आरम्भ हो गयी है और उन लोगों ने मेरे मणि के दूसरे हिस्से को भी जागृत कर लिया है

लक्ष्मी :- क्या चलो जल्दी वह दूसरा हिस्सा मेरा है वह कैसे उसका उसे कर सकते है चलो जल्दी

प्रतिबिम्ब :- हम वह लड़कियों को बचने के लिए जा रहे हैं न की कोई शक्तिया लेने

लेकिन लक्ष्मी उसकी बातों को इग्नोर करके वह से निकल गयी

वही अभी मेरा राज्याभिषेक सम्पूर्ण हो गया था और केवल दान पुण्य की hi रसम बची थी जो कुछ देर बाद थी

अभी में अपने सीट पर बैठा था की तभी मेरे मन में मुझे जैसें की आवाज सुनाई देने लगी

जैसें :- आका रक्त चाँद वाली रात आरम्भ हो गयी है हमे जल्द से जल्द निकलना होगा

में :- ok में समझ गया

फिर में वह से वाशरूम का बहाना बना कर निकल गया और वही मौजूद एक घर में चला गया जहा इस वक़्त मेरे अलावा कोई नहीं था तोह मेने तुरंत मेरा डुप्लीकेट तैयार कर लिया इस मैजिक का पता मुझे काल की दी हुई किताब से चला था

जिसके बाद मेने उस डुप्लीकेट को बहार भेज दिया और खुद जैसें के वाले कस्टम में आ गया और उसके बाद जैसें के मदद से एक टेलीपोर्ट करने के लिए पोर्टल का निर्माण किया और पहुंच गया जहा बलि दी जाने वाली थी

जैसे hi में वह पंहुचा मेरे दिमाग में लड़कियों के चीखने की आवाज गूंजने लगी जिससे मेरा गुस्सा बढ़ता hi जा रहा था

में जैसे hi उस फैक्ट्री में एंटर करना चाहा वैसे hi उन मर. नेगेटिव के चमचों द्वारा बनाये कवच ने मेरा रास्ता रोक दिया

में :- (गुस्से में) इस कवच की तोह में अभी

इतना बोलके मेने अपने त्रि नेत्र को जागृत किया और फिर में अपने त्रि नेत्र से उस कवच पर ब्लास्ट करने हज वाला था की तभी मेरे मन में डेविल की आवाज सुनाई देने लगी

डेविल :- ये क्या कर रहे हो राज इस टुच्चे से जादू पर त्रि नेत्र का इस्तेमाल ऐसे तोह तुम इस कवच के साथ पुरे इमारत को तबाह कर डोज साथ में hi इमारत के अंदर के लोगों को भी

में :- तोह में क्या करू

डेविल :- तुम्हे क्या करना है ये में तुम्हे बाद में बताता हु पहले ये काम जरूरी है तोह अब आगे मुझे सम्हालने दो

इतना बोलके डेविल ने मेरे शरीर को अपने कण्ट्रोल में ले लिया जाइए hi डेविल ने मेरे शरीर को अपने कण्ट्रोल में लिया वैसे hi जैसें का कस्टम भी मेरे शरीर से हैट गया और अब में डेविल के कस्टम में था

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डेविल :- (खुद को देखते हुए) मेरा कस्टम चेंज करना होगा कितना पुराण स्टाइल हो गया है

उसके इतने बोलते hi उसके सरीर के कपडे बदल गए अब कुछ ऐसे कपडे थे

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डेविल :- अब हुई न 21वि सदी वाली बात अब बहुत सैलून बाद में शिकार करने में मजा आएगा

उसके बाद डेविल ने एक जोरदार पंच उस कवच पे मार दिया जिससे वो कवच तुरंत टूट गया

वही दूसरी तरफ कुछ देर पहले

जैसे hi लक्ष्मी उस सेलिब्रेशन से निकली वह भी मेरे तरह एक खली घर में चली जहा जाते hi उसके शरीर के ऊपर अचानक से लाल रंग की परत सी चिपकने लगी और देखते hi देखते उसके शरीर पूरा उस परत में चुप गया अभी वह कुछ ऐसे दिख रही थी

लक्ष्मी :- ये क्या है जो मेरे शरीर पे चिपक गया है

प्रतिबिम्ब :- ये मेरा कार्नेज क्वीन का कस्टम है इसे काटने की ताकत किसी भी धरती के हथियार में नहीं है

लक्ष्मी :- ाचा तुम कार्नेज क्वीन हो और तुम्हारे पास केवल 3 hi शक्तिया है ये कैसे क्या तुम इतनी कमजोर हो

कार्नेज क्वीन :- अपनी ज़ुबान सम्हलके लक्ष्मी अभी मेरी आधी hi ऊर्जा है इसीलिए में अपनी साडी शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकती नहीं तोह अगर मेरी कार्नेज आर्मी जागृत हो गयी तोह इस पुरे धरती के लोगों को में अपना गुलाम बना सकती हूँ

कार्नेज क्वीन के इतना बोलते hi लक्ष्मी गहरी सोच में पद गयी और लक्ष्मी को ऐसे सोचते देखकर तुरंत hi कार्नेज क्वीन को रीलीज़ हो गया की अभी अभी उसने क्या बोल दिया है

स. क्वीन :- देखो लक्ष्मी सब भूल जाओ मेने जो कुछ भी बोलै

लक्ष्मी :- (बिच में hi रोकते हुए) मेरे पास पूरी कार्नेज की आर्मी है और तुमने मुझे बताया भी नहीं उसे जागृत करने के लिए क्या करना होगा रुको में समझ गयी वह मणि का आधा भाग चलो जल्दी अब ये दुनिया हमारी मुट्ठी में होगी

इतना बोलके वह पीछे के रस्ते से उस घर के बहार निकल गयी और फिर एक जोरदार जम्प लगाके उड़ने लगी (बिलकुल जैसे सुपरगर्ल उड़ने के लिए जम्प मारती है)

वही दूसरी तरफ कुछ ज्यादा देर पहले

इस वक़्त उसी फैक्ट्री में मर. नेगेटिव और उसके 2no चमचे मौजूद थे

मर. नेगेटिव :- साडी तयारी हो गयी है न कोई गलती नहीं होनी चाहिए समझे

चमचा 1 :- आप चिंता मत कीजिये मेने अपने आसुरी सैनिकों को बहार तैनात किया है वही किसी को भी अंदर आने नहीं देंगे

चमचा 2 :- वह अपना काम तभी कर पाएंगे न जब कोई मेरे लगाए हुए कवच को तोड़ पाए जो की न मुमकिन है

मर. नेगेटिव :- गुड अब तुम दोनों जाओ और उस मणि को लेके आओ

फिर चमचा 1 वह से निकल गया और फिर जब आया तोह उसके हाथ में एक बॉक्स था जिसमे वह मणि था जैसे hi मर. नेगेटिव ने वह बॉक्स खोला तोह उसके अंदर रखे मणि से एक अदृश्य ऊर्जा निकलने लगी (इसी ऊर्जा से कार्नेज क्वीन को रक्त चाँद की रात के शुरू होने का पता चला था अभी भी इसी ऊर्जा से वह इस जगह का रास्ता ढूंढ प् रही थी)

उसके बाद मर. नेगेटिव वह मणि ले गया और दोनों चमचे भी उसके पीछे चले गए

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 139



अभी में यानि डेविल उस गोडावण के बहार hi खड़े थे जैसे hi डेविल ने कवच को तोडा था वैसे hi पुरे वातावरण में उस कवच के टूटने की आवाज गूंज उठी थी जिसे सुन कर गोडावण के अंदर से 5 आदमी दौड़ते हुए बहार निकले सभी के हाथ तलवार थी जिसमे से ब्लैक रेज़ निकल रही थी जिन्हे देख के डेविल के चेहरे पर भी एक मुस्कान सी आ गयी

डेविल :- ओह्ह देखो तोह राज हमारे स्वागत के लिए खुद आसुरी सैनिक आ रहे है चलो अब खेक को आरम्भ कर देते है

इतना बोलके डेविल भी स्टाइल में चलते हुए उनके तरफ जाने लगा जैसे hi वह उनके पास पंहुचा वैसे hi उन पांचों में से जो सब से आगे था उसने अपनी तलवार से डेविल पर हुम्ला किया लेकिन डेविल ने उसके हाथ को पकड़ के उसे मरोड़ दिया फिर उसीके हाथ से उसके पेट में तलवार घुसड़ी ये सन देख कर बाकि चरों की स्पीड काम हुई लेकिन वह रुके नहीं बल्कि अब 2 लोगों ने एक साथ हुम्ला किया लेकिन डेविल ने इस बार भी उन दोनों के हाथ को पकड़ कर इतनी तेज मरोड़ा की उन दोनों का हाथ उनके कंधे से अलग हो गया वही जब उनका हाथ उनके कंधे से अलग हुआ तोह उनकी जोरदार चीख वातावरण में फ़ैल गयी तोह डेविल इन दोनों के सर को आपस में इतनी जोरसे भिड़ा दिया की उन दोनों का सर अण्डों जैसा फुट गया अभी ये देख कर बाकि दोनों की हिम्मत तोह नहीं हो रही थी आगे बढ़ने की लेकिन वह थे तोह असुर hi बिना मार खाये कहा सुनेंगे वही हुआ बाकि दोनों ने भी डेविल पर हुम्ला करने की सोची लेकिन इससे पहले वह हुम्ला करते उससे पहले hi डेविल ने उन्हें गर्दन से उठा लिया और गर्दन को इतनी जोर से पकड़ा था की उनकी गर्दन hi टूट गयी और दोनों भी मरे गए वही जब डेविल ने गोडावण के अंदर एंटर किया तोह वह पहले से hi 20 30 आसुरी सैनिक मौजूद थे जिन्हे देख के डेविल ने अपना राइट हैंड आगे किया तोह उसके हाथ में रक ब्लैक सोर्ड आ गयी जिस में से आग निकल रही थी जिसे देख कर सरे आसुरी सैनिओं की हवा hi टाइट हो गयी उसके बाद डेविल ने वही खड़े खड़े अपनी तलवार को स्पिन काने लगा जिससे उसके तलवार से आग की लपटे निकलने लगी जिसकी चपेट में आकर सरे सैनिक ऐसे hi मरे गए

वही कुछ देर पहले जब डेविल ने अपने पंच से कवच को तोडा था तोह उस कवच के टूटने की आवाज अंदर भी सुनाई दी थी जिसे सुनकर वह के सरे सैनिक तोह सतर्क हो गए थे लेकिन ये आवाज मर. नेगेटिव के कानो तक भी पहुंची थी

मर. नेगेटिव :- सूबा (चमचा 2) ये बहार कैसी आवाज है कुआ हो रहा है बहार

सूबा :- और क्या होगा बॉस जरूर इस उमिर (चमचा 1) के आसुरी सैनिकों में आपस में लड़ाई शुरू हो गयी होगी वह भी तोह इसके जैसे hi है बिलकुल बैल बुद्धि

अभी उमिर (चमचा 1) कुछ बोलता की तभी मर. नेगेटिव ने बोलना स्टार्ट किया

मर. नेगेटिव :- सूबा जाओ चेक करो याद रखना अभी बस बलि प्रक्रिया बची है और उसमे मुझे कोई दिक्कत नहीं चाहिए और उमिर तुम बलि के लिए एक एक करके लड़कियों को लाओ

सूबा :- जी बॉस

इतना बोलके वह बहार चला गया जैसे hi वह बहार आया तोह उसने डेविल की ताकत देख उसके कदम वही रुक गए और जब डेविल ने सरे असुर सैनिकों को मारने के बाद जब अपनी सोर्ड को स्विंग करना बंद किया तोह उसकी नज़र वह खड़े सूबा पे पड़ी और जब उसने सूबा को देखा तोह डेविल के फेस पर शैतानी मुस्कान आ गयी जिसे देख सूबा तुरंत hi अंदर की और भाग गया और उसको ऐसे भागते देख डेविल भी उसके पचे जाने लगा

सूबा अंदर आके सीधा मर. नेगेटिव के पास चला गया

सूबा :- बॉस हमारे ऊपर हुम्ला हुआ है जरूर ये वही होगा जिसके पास उस कार्नेज क्वीन के शक्तियों का आधा हिस्सा है जिससे उसके पास ये ताकते आ गयी है

अभी सूबा बोल hi रहा था की तभी में भी वह पहुंच जाता हूँ और जब मेरी नज़र मर. नेगेटिव के चेहरे पर पड़ी तोह मुझे फिर से वही सपने याद आ गए जहा ये लड़कियों की बलि चढ़ा रहा था उसे देखते hi में देबिल से बोलता हु

में :- डेविल अब मेरी बारी है इन तीनों को तोह में hi मरूंगा

डेविल :- लेकिन अभी तोह मुझे मजा आने लगा था

लेकिन में बिना कुछ सुने तुरंत अपने शरीर को काबू कर लेता हु और जैसे मेरे शरीर पे फिर से मेरा काबू हो जाता है तोह जैसें का कस्टम भी तुरंत hi मेरे सरीर पे आ जाता है मुझे ऐसे रूप बदलते देख वह तीनो भी शॉक रह जाते है

जैसें (मेरे मन में) :- आका अब बारी है आप मेरे वेपन्स को उसे करो

में :- तुम्हारे कोनसे वेपन्स

जैसें :- जिस ड्रैगन को आपने पकड़ा है वह एक तरीके का वेपन्स का पूरा स्टॉक है जो की ड्रैगन के रूप में है

फिर जैसें मुझे उन हथियारों के बारे में बढ़ाता है ये सब होने के लिए केवल कुछ सेकण्ड्स का hi समय लगा था

में :- आज इन्हे में किसी हथियार से नहीं बल्कि अपने हाथों से मारना चाहूंगा

जैसें :- जो हुकुम मेरे आका

उसके बाद में धीरे धीरे चलते हुए उन तीनों के पास जाने लगता हूँ जिसे देख कर मर. नेगेटिव ने अपने दोनों चमचों को आगे कर दिया

सबसे पहला हुम्ला मुझ पर सूबा ने किया उसकी तलवार से उसने मेरी गर्दन काटने की कोशिस की लेकिन मेने उसका हाथ पकड़ के उसके वार को वही रोक दिया और उसके पेट में लात मार दी जिससे वह दूर जेक गिर गया

वही सूबा के गिरते hi उमिर ने भी मेरे पर अपने तलवार से हुम्ला किया लेकिन उसका वार मेरे तक पहुंच पता उससे पहले hi मेने अपने किक से उसके हाथ पर अटैक किया जिससे उसकी तलवार जमीं पर गिर गयी और फिर मेने उसके साइन पर एक पूछ मार दिया जिससे वो भी थोड़ी दूर जेक गिर गया

वही मेरे से मार खाने के बाद सूबा सीधा मर. नेगेटिव के पास चला गया

सूबा :- आका लगता है इसके पास hi शक्ति मणि का आधा टुकड़ा है इसीलिए ये इतना शक्तिशाली है हमे यहाँ से जाना होगा क्यूंकि अगर इसने आधे टुकड़े को भी प् लिया तोह इसे रोकना हमारे लिए न मुमकिन हो जायेगा अभी हमे भागना होगा बाद में अपनी पूरी शक्ति से हुम्ला करेंगे हम

इतना बोलके सूबा ने एक पोर्टल को क्रिएट कर दिया जिसे देख सूबा और मर. नेगेटिव दोनों उसके अंदर चले गए और फिर उमिर भी उसके अंदर जाने लगा लेकिन वह जा पता उससे पहले hi मेने उसे पकड़ कर उसी पत्थर पे लिटा दिया और मेरे अंदर का सारा गुस्सा में उसे मार के निकलने लगा

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 140



इतना बोलके सूबा ने एक पोर्टल को क्रिएट कर दिया जिसे देख सूबा और मर. नेगेटिव दोनों उसके अंदर चले गए और फिर उमिर भी उसके अंदर जाने लगा लेकिन वह जा पता उससे पहले hi मेने उसे पकड़ कर उसी पत्थर पे लिटा दिया और मेरे अंदर का सारा गुस्सा में उसे मार के निकलने लगा

में उसे तब तक मारता रहा जब तक वह तड़प तड़प कर मर न गया हो उसके बाद में लड़कियों को छुड़ाने के लिए जा hi रहा था की तभी मेरे कानो में किसी की आवाज सुनाई देने लगी वह मुझे किसी लड़की की आवाज लग रही थी लेकिन वह कोई भी नहीं दिख रहा था और जब में उस आवाज का पीछा करने लगा तोह में किसी दूसरे कमरे में पहुंच गया जहा पर एक बड़ी मूर्ति राखी हुई थी जो की किसी राक्षस की hi लग रही थी जब में उस मूर्ति के पास पंहुचा तोह वह एक लकड़ी का बॉक्स रखा हुआ था जिसमे से लाइट निकल रही थी जब में उस बॉक्स के पास गया तो फिर से मुझे वैसे hi आवाज सुनाई देने लगी जो की उसी बॉक्स से आ रही थी जिस वजह से में सतर्क हो गया और विजय धनुष को याद किया मेरे याद करते hi विजयी धनुष तुरंत hi मेरे हाथ में आ गया और जब मेने वह बॉक्स खोला तोह तुरंत hi उस बॉक्स से कुछ निकल के मेरे शरीर में चला गया लेकिन मुझे कुछ महसूस नहीं हुआ तोह में वह से जाने का सोचा जैसे hi में वह से निकलता उतने में hi देवल फिर से बोलने लगा

डेविल :- मेरा एक काम करोगे राज

राज :- तुम्हारा क्या काम है अब

डेविल :- ज्यादा कुछ नहीं बस मेरे कुछ सेवक है जिन्हे खाना खिलाना है

में :- तोह इसमें में क्या कर सकता हूँ

डेविल :- बस कुछ समय के लिए अपना शरीर देदो बाकि में संभल लूंगा

राज :- ठीक है

मेरे बोलते hi डेविल फिर से बहार आ गया और में अंतर्मन में चला गया जहा मेरे सरे रूप मौजूद थे

वही बहार

जैसे डेविल ने मेरे शरीर पे काबू पाया तुरंत hi वह सबसे पहले उसी राक्षस वाली मूर्ति के पास गया और उसके एक hi झटके में वह मूर्ति तोड़ दी अउ4 उसके बाद बहार आके अपना राइट हाथ ऊपर किया तोह तुरंत hi वह जगह हिलने लग गयी और जल्द hi वह की जमीं दो हिस्सों में बात गयी और देखते hi देखते जमीं के अंदर से कुछ अजीब से लोग आ गए जिनको देख डेविल के चेहरे पर मुस्कान आ गयी और जैसे hi उन लोगों ने डेविल को देखा तोह सब एक साथ अपने घुटनो पे बैठ गए

डेविल :- लो मेरे गुलामों तुम्हारे लिए नए साथी और भोजन दोनों तैयार है

इतना बोलके वह कोई मंत्र पढ़ने लगा जिसके बाद वह जितने भी असुर सैनिक और वह सूबा सबके अंदर से कला धुआँ निकलने लगा और देखते hi देखते वह सब भी धरती के अंदर से निकले हुए लोगों जैसे दिखने लगे जिसके बाद डेविल ने उन्हें कुछ इशारा किया तोह वह सभी चरण उन डेड बॉडीज पे टूट पड़े और उसे खाने लगे फिर डेविल वह से निकल के बहार आ गया

में :- (डेविल से) वह सब क्या था क्या किया है तुमने

डेविल इस सब का अभी समय नहीं है राज हमे अफ्ले यहाँ से निकलने के बारे में सोचना होगा

में :- ठीक है चलो वैसे भी कल तुमसे बहुत साडी बाते जननी है

मेरे बोलते hi डेविल ने तुरंत अपने दोनों कन्धों को हल्का झटका दिया तोह उसके पीठ से दो पंख निकल आये

फिर में वह से निकल गया और जाते जाते मेने पुलिस स्टेशन को कॉल करके यहाँ की लोकेशन बतादि फिर में वह से पोर्टल टॉयर कर के उससे सीधा अपने रूम में पहुंच गया और पीछे रहे गए वह डेविल की सेना जो पीछे अपना खाना खा रही थी जैसे hi उन्होंने अपना खाना ख़तम किया तोह वह वापस जमीं के अंदर चले गए

वही दूसरी तरफ

अभी लक्ष्मी अपने कार्नेज क्वीन वाले रूप में उड़ते हुए जा रही थी अभी उसकी स्पीड एक एयरप्लेन के बराबर थी

लक्ष्मी :- हम और तेज़ नहीं उड़ सकते

स. क्वीन :- अपने औकात में रहो तुम्हारा शरीर जितनी स्पीड झेल सकता है उससे भी ज्यादा स्पीड है ये इस स्पीड को तुम्हारा शरीर इस स्पीड को इसीलिए झेल प् रहा है क्यूंकि अभी तुम्हारे शरीर पर मेरे ऊर्जा का कवच है

लक्ष्मी :- ज्यादा तने मत मारो आज तुम्हारा बचा हुआ आधा हिस्सा भी मुझे मिल गया तोह में इस एअर्थ की सबसे ताकतवर लड़की बन जाउंगी देखना

स. क्वीन :- देखना तुम्हारा ये घमंड hi तुम्हे हार का मुँह दिखायेगा

अभी वह कुछ और बोलती की तभी स. क्वीन ने अचानक ब्रेक लगा दिया

लक्ष्मी :- क्या हुआ रुक क्यों गयी

स. क्वीन :- मुझे मेरे आधे हिस्से की ऊर्जा महसूस नहीं हो रही है

लक्ष्मी :- महसूस नहीं हो रही है मतलब क्या है तुम्हारा क्या वह लड़किया ठीक है न

स. क्वीन :- है ये बलि प्रक्रिया इतनी जल्दी सम्पूर्ण नहीं हो सकती जरूर मेरे तरह hi मेरे आधे हिस्से को भी उसका धारक मिल गया होगा

लक्ष्मी :- ऐसे कोसे मेरे से ज्यादा काबिल कोई नहीं है इस धरती पर जिसने भी ये किया है वह मेरे हाथो बचेगा नहीं देख लेना वैसे अब हमे क्या करना है

स. क्वीन :- चलो जहा से आये थे वही चलते है

लक्ष्मी :- आधा घंटा वेस्ट करा दिया तुम्हारे स्लो स्पीड ने

लक्ष्मी की बात शायद स. क्वीन ने दिल पे ले ली इसीलिए अब वह और भी ज्यादा स्पीड पर उड़ने लगी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 141



वही जब में अपने कमरे में पंहुचा तोह वह मेरा डुप्लीकेट उसी राजा के पोशाख में बीएड पर लेता हुआ था जैसे hi उसे मेरे होने का एहसास हुआ वह तुरंत उठ गया और फिर मेरे शरीर में चला गया जैसे hi वह मेरे शरीर में गया वैसे hi मेरे जाने के बाद जो कुछ भी हुआ वह सब मुझे पता चल गया फिर में अपने रूम में जेक फ्रेश हो गया और

फिर से निचे चला गया जहा सब बैठे हुए थे और आज के दिन के बारे में hi चर्चा कर रहे थे वह पर मेरा पूरा परिवार मौजूद था मेने सबका आशीर्वाद लिया और अभी हम सब खाने के लिए बैठे hi थे की तभी कुछ मेहमान आ जाते है जिनको देख कर डैड उनको गले से लगा लेते है

डैड :- (हम सब से) ये है हमारे बिज़नेस पार्टनर और मेरे दोस्त सुनील सिंह और उनकी फॅमिली

फिर हम सबने उनका स्वागत किया फिर सुनील अंकल हमे सबका इंट्रो देने लगे

सुनील :- डैड के बिज़नेस पार्टनर और फ्रेंड

रेखा :- सुनील की वाइफ

कमल सिंह ;- सुनील के डैड

हेमा :- सुनील की माँ

लक्ष्मी :- सुनील की बेटी और कहानी की मैं हीरोइन

उनके इंट्रो देने के बाद मेने जेक सबके पेअर चुकार उनका आशीर्वाद लिया और फिर मेरे देखा देखि करते हुए साडी बहनों ने भी उनको प्रणाम किया जब हम सबने उन्हें प्रणाम किया तोह अंकल आंटी ने भी जो उनसे बड़े थे उनके पेअर चुके प्रणाम किया उसके बाद मेने देखा की सुनील अंकल और उनकी पत्नी बार बार उनके बेटी को कुछ इशारा करने लगे जैसा कह रहे हो की तुम भी उनके पेअर चुके सबको प्रणाम करो

लेकिन वही लक्ष्मी जिसका मूड पहले से hi ऑफ लग रहा था वह उनके हर इशारे को अनदेखा कर रही थी जो मेरे साथ साथ दादाजी ने भी देख लिया था जिसके बाद दादाजी ने टॉपिक चेंज करते हुए सबको खाने के लिए बुलाया

उसके बाद सब खाना खाने लगे जहा पर भी लक्ष्मी अपने hi घमंड में चूर हो गयी थी जब उसने माँ और बाकि लेडीज को खाना सर्वे करते देखा तोह उसने मजाक उड़ाते हुए कहा

लक्ष्मी :- ये क्या आपके घर की साडी औरते खाना सर्वे कर रही है कोई नौकर नहीं रख सकते क्या या सारा आज के फंक्शन पर उदा दिया

जहा उसकी बात सुनने के बाद मेरे घर के सरे शॉकेड से देख रहे थे तोह उसके परिवार वाले उसे गुस्से और निराशा से देख रहे थे

लक्ष्मी :- क्या बात है ऐसे क्या घर रहे हो ाचा अब समझी आप लोग तोह गांव में रहते होंगे आपको ऐशो आराम के बारे में कैसे पता होगा

उसकी बाते सुनकर अब मेरे परिवार वालों को भी गुस्सा आ रहा था लेकिन वह सब उसे बची और मेहमान होने के नाते इग्नोर कर रहे थे

वही में सिर्फ उसकी बाते सुन रहा था की तभी उसने हद पार कर दी

लक्ष्मी :- आपको पता नहीं होगा लेकिन हमारे घर में भी नौकर है जिन्हे हम फॅमिली मेंबर्स के तरह रखते है लेकिन यहाँ तोह फॅमिली मेंबर्स को hi नौकर बनके रखा है

उसकी ये बात सुनके लगा की अभी इसे इसकी औकात दिखा दू लेकिन तभी मेरी नज़र उसके फॅमिली पे पगी जो भी उसे गुस्से से घर रही थी और उनके चेहरे पर दुःख भी साफ़ दिख रहा था जिसे देख कर मेने अपने गुस्से पे काबू किया और उसे मुस्कुराने लगा

में :- (मुस्कुराते हुए) वह क्या है न लक्ष्मी तुम नहीं समझोगी बचपन से दूसरे पराये लोगों के हाथ का खाना खा रही हो न तुम्हे पता नहीं जो मज़ा माँ के हाथ के खाने में है वह दुनिया में कही नहीं भले hi त्रिनेड चीफ्स उसमे स्पेशल मसाले दाल के खाने को स्पेशल बना सकते है लेकिन माँ का प्यार हर एक दाने को स्पेशल बना देता है लेकिन तुम्हे कैसे पता होगा तुमने थोड़ी न कभी माँ के हाथ के खाने का स्वाद लिया होगा

मेरी बात सुनकर जहा लक्ष्मी गुस्से से मुझे दिख रही थी तोह वही उसकी और मेरी फॅमिली दोनों hi मुझे मुस्कुराते हुए देख रहे थे

उसके बाद में न लक्ष्मी कुछ बोली और न मेने इस मामले को आगे बढ़ाया फिर उसके बाद कुछ नहीं हुआ उसके बाद सब खाना ख़तम करके अपने अपने रूम में सोने चले गए

जब की रात बहुत हो गयी थी इसीलिए लक्ष्मी और उसके घरवालों के रहने का इंतज़ाम भी गेस्ट रूम में कर दिया था वह लक्ष्मी के बेहेवियर के वजह से रुकना नहीं चाबते थे लेकिन डैड ने उन्हें मन लिया

वही सब अपने कमरे में सोने चले गए और में भी अपने कमरे में आके दरवाजा लॉक करके ध्यान लगाने लगा तोह वही लक्ष्मी के कमरे में वह अलग hi प्लानिंग कर रही थी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 142

एक घनघोर अँधेरे जंगल में बिस्बो बिच एक गुफा में किसी आदमी के जोर जोर से चीखने की आवाज आने लगी वह आवाज किसी और की नहीं बल्कि मर. नेगेटिव की hi थी जो अपने हार को पचा नहीं प् रहा था

मर. नेगेटिव :- नहीं मेरे 100 सैलून की तपस्या को कोई ऐसे नहीं तोड़ सकता मेने आज के लिए अपनी साडी शक्तियों को बांध के रखा था लेकिन उस लड़के ने

सूबा :- माफ़ करना बॉस लेकिन मुझे पूरा यकीं है की उस लड़के के पास जरूर वही कार्नेज क्वीन के शक्ति मणि के आधे हिस्से के मदद से hi उस जगह पहुंच गया होगा और अब तक तोह उसने उस दूसरे हिस्से को भी प् लिया होगा अब हम क्या कर सकते है

मर. नेगेटिव :- अब इतने सैलून से अपनी शक्तियों को हमने बांध के रखा था अब उन्ही शक्तियों को आजाद करने की जरुरत है उमिर के मौत का बदला हम जरूर लेंगे तुम यही रुक कर पुरे देश में उत्पाद मचा दो उसे रोकने के लिए तोह उसे आना hi होगा तभी तुम उसपर मायावी ध्वनि से प्रहार करना जिसे वह कार्नेज सहन नहीं कर सकती तब तुम महा मणि का आव्हान करना जिससे उस कार्नेज को हम फिर से कैद कर पाए तब तक में पटल लोक जेक मालिक से अपने शक्तियों को जागृत करने का मार्ग पूछता हूँ याद रहे मेरे आने तक उसे तड़पना लेकिन मारना मत उसकी मौत मेरे hi हाथों से लिखी है

सूबा :- जी बॉस पिछले 10 सैलून से मेने इस देश के सभी मुजरिमों को अपने पक्ष में कर लिया है आप चिंतित न हो जल्द hi वह लड़का मेरे गिरफ्त में होगा

मर. नेगेटिव :- चाहे जितना का खून बहाना पड़े बहा देना लेकिन वह लड़का मुझे जिन्दा चाहिए

इतना बोलके वह उस गुफा से धुआँ बन उड़ गया

वही इस वक़्त में अपने कमरे में ध्यान लगा रहा था जब में ध्यान लगते हुए अंतर्मन में पंहुचा तोह वह पे मेरे सरे रोऊँ के साथ काल और गाइड भी मौजूद थे जिन्हे देख के मेने सबसे पहले उन दोनों को प्रणाम किया

में :- प्रणाम गाइड प्रणाम काल

काल :- तोह आज तुमने अपने जीवन की 2 जिम्मेदारी अपना hi ली

में :- 2 जिम्मेदारी कैसे

गाइड :- 1ली एक राजा की और दूसरी बुरी शक्तियों से इस दुनिया की रक्षा करने वाले रक्षक की जिम्मेदारी

काल :- याद रखना राज जिसके पास जितनी ज्यादा शक्तिया आती है उसके दुश्मन भी उतने hi शक्तिशाली होते है

में :- जी में समझ गया वैसे आप दोनों यहाँ मुझे सिर्फ इतनी सी बात बताने तोह आये नहीं होंगे

गाइड :- सही कहा तुमने हम यहाँ तुम्हे काल के शक्ति और अस्त्र शास्त्रों का सम्पूर्ण नियंत्रण देने आये है

काल :- है राज तुमने अपने कड़ी मेहनत और तपस्या से आज तुमने इन्हे भी अपने शक्ति के असीमित समुद्र की कुछ बूंदों में परावर्तित कर दिया है

गाइड :- राज अपना ध्यान तोड़ो

इतना बोलके वह और काल गायब हो गए और उनके गायब होने के बाद मेने भी अपना ध्यान तोड़ दिया और जब मेने आखे खोली तोह में अपने कमरे में न होक किसी अलग जगह पर था जो की देखने से hi किसी बड़े महाराज का कोई भव्य महल था जिसमे चाट नहीं थी अभी में उस महल को देख hi रहा था की तभी वह गाइड और काल भी आ गए

काल :- काल लोक में तुम्हारा स्वागत है राज आज तुम्हे काल के साडी शक्तियों के साथ काल के काल लोक का भी सम्पूर्ण नियंत्रण मिलेगा

गाइड :- आओ बैठो यहाँ राज

उनके इतना बोलते hi उस जगह एक सिंहासन आ गया में सिर्फ जैसे काल और गाइड बोल रहे थे वैसा hi कर रहा था क्यूंकि अब तक में ये तोह समझ गया था की में अपनी किसी भी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता था इसीलिए अब मेने सोच लिया था की खुदको इतना काबिल बनाना है की में हर जिम्मेदारी को संभल पाव उसके बाद गाइड और काल ने मुझे बहुत से अस्त्र सश्त्रों का ज्ञान दिया लेकिन उन सभी का ज्ञान पहली है मुझे प्रभु के आशीर्वाद से पहले hi मिल गया था लेकिन उन सब में 3 अस्त्र सबसे खास थे

गाइड :- राज अब जो अस्त्र में तुम्हे देने वाला हु उन्हें ग्रहण करने से पहले तुम्हे अपने शरीर की सम्पूर्ण ऊर्जा को जागृत करना होगा

गाइड के बोलते hi मेने अपनी कुण्डिनी को पूरी तरह से जागृत कर लिया

गाइड :- सबसे पहले है ब्रम्हास्त्र जिसके बारे में तुमने ज्यादातर ग्रंथों में पढ़ा होगा लेकिन ये उन सब में दिखये रूप से भी ज्यादा खतरनाक है इसीलिए इसका इस्तेमाल सम्हलके करना

में :- जी

मेरे बोलते hi वह आसमान में एक तीर जैसा अस्त्र आने लगा और वह आते hi सीधा मेरे अंदर घुस गया उससे मुझे दर्द तोह नहीं हुआ क्यूंकि मेरे पास स्वयं परमब्रम्ह के अस्त्र का तप सहन किया था उसके सामने ये तोह कुछ नहीं था

गाइड :- अब जो दूसरा अस्त्र है वह ब्रम्हास्त्र से भी 4 गुना ज्यादा शक्तिशाली है जिसे कहते है ब्रम्हशिरस्त्रा

में :- में उसके लिए भी तैयार हु

उसके बाद में बिलकुल पहले की तरह hi हुआ लेकिन इस बार मेरे शरीर को एक हल्का सा झटका लगा लेकिन में उससे संभल गया

गाइड :- अब सबसे आखिर में सबसे शक्तिशाली और सबसे ज्यादा विध्वंसक ब्रम्हाण्डास्तरअ अपने नाम की hi तरह इसके एक वार से hi पुरे ब्रम्हांड का विनाश हो सकता है

उसके बाद भी वही हुआ बस इस बार मुझे थोड़ी परेशानी हुई थी लेकिन मेने उसे सम्हाल लिया था उसके बाद गाइड और काल ने मुझे बधाई सी जिसके बाद में जैसें के मदद से टेलिपोर्ट करके अपने रूम में आ गया और एयर बीएड पे लेटते hi में सो गया

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 143



इस वक़्त लक्ष्मी अपने कमरे में बैठी हुई थी उसके चेहरे से hi पता चल रहा था की वह कितने गुस्से में है उसकी आखे पूरी लाल रंग की हो गयी थी

स. क्वीन :- क्या हुआ आज िरने गुस्से में क्यों हो देखो जिस शक्ति के न मिलने की वजह से तुम इतने गुस्से में आ गयी हो तोह सोचो अगर वह तुमको मिल भी जाती तोह तुम उसका उसे सिर्फ अपनी भलाई के लिए करती जिसमे नुक्सान तुम्हारा hi होता

लक्ष्मी :- मुझे उस शक्ति के न मिलने का गुस्सा तोह है लेकिन उससे भी ज्यादा गुस्सा मुझे उस राज पर आ रहा है एक मामूली लड़के ने मेरी बजती की नेशनल लेवल फाइटिंग कॉम्पिटशन में मई फर्स्ट आयी हु इतना hi नहीं कार्नेज क्वीन की महँ शक्तिया भी मेरे पास है और वह एक मामूली सा बाँदा सबके सामने मेरे परिवार के सामने मेरी बजती करके आराम से सो रहा है में उसे नहीं छोडूंगी कल सुबह उसकी और उसके परिवार की सबकी ऐसे बजती करुँगी की वह भी यद् रखेंगे

स. क्वीन :- देखो लक्ष्मी तुम ऐसा कुछ नहीं करोगी याद है न सेलिब्रेशन में उसका और कितना पावरफुल था और वैसे भी बेज्जती की शुरवात तुमने hi की थी उसने नहीं अगर तुम उसके परिवार की बेज्जती नहीं करती तोह वह भी कुछ नहीं करता और वैसे भी उसने तुम्हारी बेज्जती नहीं की थी उसने बस अपने परिवार के बेज्जती का जवाब दिया था

लक्ष्मी :- चुप रहो तुम पता नहीं क्या हुआ है तुम्हे कही तुम उसके प्यार में तोह नहीं पद गयी

स. क्वीन :- प्यार नहीं लेकिन उसे देख कर आकर्षण जरूर हो रहा था जैसे की वह और में एक hi हो

लक्ष्मी :- चुप करो तुम्हारी बाते कर में उसकी ऐसी हालत करुँगी की सब लोग याद रखेंगे की लक्ष्मी से उलझने का अंजाम क्या है

स. क्वीन अगर ऐसी बात है तोह कल मेरी कोई भी पावर तुम्हारी मदद नहीं करेगी जब मेने तुम्हे चुना था तोह ऐसा लगा की तुम एक अछि लड़की हो उन अनजान लड़कियों को बचने के लिए अपनी जान खतरे में डालने का फैसला करना तुम्हारी ये हिम्मत देख कर hi मेने तुम्हे अपने धारक के रूप में चुना था लेकिन अब तुम्हारा घमंड मुझे मेरे उस फैसले पर दुबारा विचार कार्नर के लिए मजबूर कर रहा है

लक्ष्मी :- मुझे तुम्हारी शक्तिया चाहिए भी नहीं जो खुद आधे हिस्से में बाटी हुई है उसकी पावर्स मेरे किस काम की

स. क्वीन :- ठीक है फिर

स. क्वीन के इतना बोलते hi लक्ष्मी का शरीर लाल रंग में चमकने लगा और फिर शांत हो गया उसके बाद अचानक लक्ष्मी को थकन सी महसूस होने लगी जिससे वह वही जमीं पे गिरके बेहोस हो गयी

अगली सुबह में हमेशा की तरह सुबह जल्दी उठ कर ध्यान लगाने लगा था आज जब में ध्यान लगा रहा था तोह मुझे मेरे अंतर मन में अलग सी हलचल होने का अनुभव होने लगा जिसके बाद में जब अपने अंतर्मन में पंहुचा तोह वह कुछ भी अलग नहीं लगा था जो मुझे और भी शॉक कर रहा था लेकिन जब मेने अपने त्रिनेत्र को जागृत किया तोह उसके ऊर्जा के मदद से में उस हलचल के स्त्रोत रक् पहुंच गया जो की एक लाल मणि था

में :- ये लाल मणि मेरे अंतर्मन में कैसे आया और कब

ये सोचते हुए मेने जैसे hi उस मणि को छुआ तोह मुझे दृश्य दिखने लगा जो की कल फैक्टिरय में hi था जो वुडेन बॉक्स मेने खोला था उसी में ये लाल मणि कैद था और जब ये मेरे शरीर में समां गया तोह मुझे इसीलिए पता नहीं पड़ा क्यूंकि मेरे सभी शक्तियों के सामने ये मणि एक तुच्छ ऊर्जा साबित हो रही थी

अभी में ये सब सोच hi रहा था की तभी मेरे कानो में एक लड़की की आवाज सुनाई देने लगी जब मेने अपनी आखे खोली तोह मेरे सामने एक लड़की कड़ी थी जिस्मसे लाल रंग की ऊर्जा निकल रही थी

लड़की :- प्रणाम मालिक

में :- कोण हो तुम और यहाँ क्या कर रही हो

लड़की :- में महँ कार्नेज प्रजाति की क्वीन हु बरसों पहले कुछ स्वार्थी लोगों ने मेरी शक्तिया पाने के लिए मुझे मणि में कैद कर दिया था लेकिन वह मणि मेरी ऊर्जा सहन नहीं कर पायी जिससे उस मणि के साथ मेरे ऊर्जा शक्ति के भी 2 टुकड़े हो गए और एक हिस्सा कुछ दिनों पहले hi न जाने कहा खो गया

में :- ाचा तोह ऐसी बात है

लड़की :- आपको खुश होना चाहिए की मेरे जैसे महान ऊर्जा स्त्रोत ने आप जैसे मामूली इंसान का चयन किआ

में (मुस्कुराते हुए) :- मामूली इंसान है अब क्या ख्याल है

इतना बोलके मेने अपने सभी रूपों का स्मरण किआ जिससे सभी तुरंत hi मेरे पीछे आ खड़े हो गए वही मेरे सरे रूपों के साथ जैसें और ड्रैगन को देखकर उस लड़की की हवा hi टाइट हो गयी

लड़की :- इस कलयुग में तुम कोण हो जिसने अपने अंदर के एंजेल और डेविल दोनों को भी जागृत कर दिया है और तुम्हारा पूरा काबू भी है उनपर असंभव

में :- तोह अब ये बताओ महा कार्नेज प्रजाति की रानी मेरे जैसे मामूली इंसान को अपना धारक चुनना कही तुम्हारे शान के खिलाफ तोह नहीं

लड़की :- मुझे माफ़ कर दीजिये मालिक में अपने अहंकार में थी अब से में ये गलती नहीं करुँगी

में :- गुड

उसके बाद में कुछ देर अंतर्मन में hi ध्यान लगता रहा फिर ध्यान तोड़कर में फ्रेश होक निचे किसते में चला गया जहा सभी लेडीज खाना बना रहे थे

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 144



उसके बाद में कुछ देर अंतर्मन में hi ध्यान लगता रहा फिर ध्यान तोड़कर में फ्रेश होक निचे किसते में चला गया जहा सभी लेडीज खाना बना रहे थे

जब में कीकतें में गया तो उसीके कुछ देर बाद लक्ष्मी भी कीकतें में आ गयी

लक्ष्मी :- (छिलके) ये क्या अभी तक नाश्ता नहीं बना मुझे भूख लगी है

में :- लोगों का दिमाग इतना कहती हो फिर भी भूख लगी है स्ट्रेंज इतना खा कैसे लेती हो

लक्ष्मी :- हाउ डरे यू

में :- वही हाउ डरे यू मेरव घरवालों पर ऐसे छिलने की हिम्मत कैसे की

लक्ष्मी :- अगर इतना hi बुरा लगता है तोह नौकर क्यों नहीं रखते अफ़्फोर्ड नहीं कर सकते क्या तुम लोग

में :- तुम कल से इतना नौकर नौकर कर रही हो मुझे ये बताओ नौकर कहते किसे है

लक्ष्मी :- लगा hi था मुझे तुम्हे पता hi नहीं होगा की नौकर किसे कहते हो नौकर उसे कहते है जो तुम्हारा हर हुकुम मने तुम जो काम बोले वह चुप चाप वह काम पूरा करे

में :- ाचा तोह तुम्हारे घर भी नौकर जरूर होंगे बराबर या तुम hi घर का सारा काम करती हो

लक्ष्मी :- ओह hello में नेशनल लेवल बॉक्सिंग चैंपियन हूँ ये नौकर वाले काम में नहीं करती

में :- में नहीं मानता तुम नेशनल लेवल विनर हो प्रोवे करो

अभी में लक्ष्मी से बात करते हुए डेविल के पावर्स के मदद से उसके अंदर का अहंकार में लगातार बढ़ा रहा था जिससे वह अब और भी इर्रिटेट हो रही थी

लक्ष्मी :- में क्यों प्रोवे करू

में :- मतलब तुम झूट बोल रही हो

लक्ष्मी (इर्रिटेट होते हुए) बोलो क्या करू में

में :- वह 5चोन कद्दू उठके माँ को दो उसके बाद चाट से सूखे हुए कपडे निकल के लाओ फिर वाशिंग मशीन में जो कपड़ों का ढेर है उसे चाट पे सूखने को डालो

लक्ष्मी :- में ये सब नहीं करुँगी

में :- अगर तुम इतने छोटे काम नहीं कर सकती तोह में कैसे यकीन करू की तुम झूट नहीं बोल रही हो

इतना बोलके मेने उसके अंदर के अहंकार को और ज्यादा बढ़ा दिया

लक्ष्मी :- ये इतने छोटे काम में चुटकियों में कर लुंगी

में :- तिह बजाओ चुटकी करो काम और है में टाइम लगा रहा हूँ कितना समय लगेगा

लक्ष्मी ;- 5 मं

में :- ok

मेरे इतना बोलते hi वह दौड़ते हुए कीकतें के दूसरे कोने में गयी और वह से कद्दू उठके फिर से दौड़ते हुए मेरे पास आयी और कद्दू उठके वैसे hi दौड़ते हुए लेकर माँ के पास रखती गयी इसीमे उसके दो मिनट निकल गए और उसके बाद वह वैसे hi दौड़ते हुए चाट पर भी गयी उसके जाते hi माँ ने मुझसे सवाल करना शुरू कर दिया

माँ :- ये सब क्या था

में :- मेरे परिवार की तुलना कोई नौकरों से करे और में शांति से सुनता राहु

अभी में कुछ और बोलता की तभी किचन में बाकि गेट्स भी आ गए जब लक्ष्मी दौड़ते हुए जा रही थी तोह सबने उसे दौड़ते हुए देख लिया था इसी बात का पता लगाने वह सभी आये थे

डैड :- राज वह हमारे मेहमान है और उसके साथ

में :- (बिच में hi रोकते हुए) अतिथि तब तक hi भगवन सामान होते है जब तक अपने सिमा में रहे अगर इस लक्ष्मी की जगह कोई लड़का होता तोह अब तक उसे लात घूसों की मशीन में दाल के उसका घमंड पूरी तरीके से धो देता

अभी कोई कुछ और बोलता की तभी बहार से लक्ष्मी की चीख सुनाई देने लगी हुआ यु की बार बार भाग दौड़ करके वह थक गयी थी ऊपर से भीगे हुए कपड़ों की वजह से उसकी स्पीड और काम हो गयी थी लेकिन घमंड के मारे वह खुद पर ज्यादा जोर दाल रही थी ऊपर से अभी स. क्वीन की भी कोई शक्ति उसके साथ नहीं थी तोह वह सीढ़ियों से गिर पड़ी लेकिन उसे ज्यादा चोट नहीं आयी क्यूंकि मेरे आदेश के वजह से जैसें उसपे ध्यान रखे हुए था

वही जैसे hi वह गिरी हम सभी भी उसके पास पहुंच गए

में :- क्या बात है तुम इतने जल्दी थक गयी आज कल के नौकरों में डैम hi नहीं रहा

लक्ष्मी :- कहना क्या चाहते हो तुम

रीना दीदी :- तुम्ही ने कहा था न की जो तुम्हारे कहे अनुसार काम करे वह नौकर होते है तोह उस हिसाब से कद्दू उठाना सूखे हुए कपडे निकलना गीले कपडे सुकहाना ये सारे काम भाई ने दिए थे और तुम कर रही थी मतलब तुम भी भाई की नौकर हो

लक्ष्मी (फुल गुस्से में) तुम्हारी ये हिम्मत तुम मुझे नौकर बोलो

इतना बोलके वह दीदी पे हाथ उठाने आगे बढ़ी लेकिन तभी में बिच में आ गया और उसका हाथ पकड़ लिया इस वक़्त में फुल गुस्से में था जिस वजह से मेरे अंदर से किंग का और रिलीज़ होने लगा जिससे सब सहम गए

में :- (गुस्से में) अब बस बहुत हुआ रात से तुम्हे झेल रहे है अतिथि है बोलके माफ़ कर रहे है लेकिन अब नहीं

इतना बोलके मेने करारा चांटा लक्ष्मी के गाल पे मार दिया जिससे वो वही बेहोस हो गयी

में :- (डैड से) डैड क्या में आपके हर बिज़नेस का वरिष्ठ हु

डैड (डरते हुए) ये सवाल अभी क्यों

में :- (छिलके) है या न

डैड :- है तुम्हारा मेरे हर दौलत पर मुझसे भी ज्यादा हक़ है

में :- तोह ठीक है उसी हक़ से में लक्ष्मी कोऑपरेशन लिमिटेड (लक्ष्मी के डैड के कम्पनीज का नाम) के साथ अपने सारे बिज़नेस रिलेशन तोड़ ता हु और उन्हें ये नोटिस भी देता हूँ की अगले 3 दिन यानि 72 घंटों में हमारा जितना भी उधार उनके ऊपर है वह सब चूका दे नहीं तोह अपने लकए वालिक ढूंढ ले

मेरा ये फैसला सुनकर सभी शॉकेड हो गए थे तोह वही लक्ष्मी के डैड की तोह जैसे दुनिया hi लूट गयी थी क्यूंकि उन्हें मालूम था की हमारे उनके ऊपर कितने hi करोड़ रूपीस उधार थे

लेकिन में इन सबको इग्नोर करके में अपने रूम में चला गया और जाते जाते लक्ष्मी के अंदर के घमंड को फिर से काम कर दिया

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 145



रात के घनघोर अँधेरे में सहर के बाहरी इलाके में एक बिल्डिंग में जहा इस समय सब सोये हुए थे वही उसी बिल्डिंग के एक फ्लैट की लाइट अभी भी जल रही थी उस घर में एक आदमी बैठा खाना खा रहा था की तभी उसका फ़ोन बजने लगा जब उसने अपने बैग से फ़ोन निकला और उसके हाथ में जो फ़ोन था वह सॅटॅलाइट फ़ोन था

आदमी :- बोलिये इतने सैलून बाद कैसे याद किया

सामने से :- बॉस का कहना है की इस बार दिवाली जल्दी आने वाली है फटाके फोड़ना शुरू कर दो

आदमी :- में भी फटाके फोड़ने के लिए बहुत एक्ससिटेड हूँ आप बस फटाके भिजवाओ

सामने से :- फटाके भिख्वा दिए है कल शाम तक दुकान पर आ जायेंगे याद रखना पहला फटका सिर्फ टेस्ट के लिए होगा उसके बॉस आर्डर देंगे

आदमी :- ठीक है रखता हूँ दिवाली की तयारी करनी है

उसके बाद में वह कॉल कट हो जाता है वही उसके बाद वह आदमी और कुछ लोगों को कॉल करके दिवाली के बारे में बताता है

तोह वही इस वक़्त में अपने कमरे में आ गया था और निचे सब अभी भी शॉक में थे

बी. मां (डैड से) :- ये राज को क्या हुआ आज उसका अलग hi रूप देखने को मिला

डैड :- मुझे भी नहीं पता अभी वह गुस्से में है दुपहर को बात करता हूँ उससे (सुनील अंकल से) तुम चिंता मत करो सुनील में उसे मन लूंगा

सुनील अंकल :- नहीं धरम ऐसा मत करना में नहीं चाहता की हमारे वजह से तुम्हारे घर की शांति और भांग हो ये सब मेरी बेटी की वजह से हुआ है अगर हम कल hi निकल गए होते तोह आज सब ठीक होता चलो में चलता हूँ

उसके बाद सुनील अंकल ने लक्ष्मी को अपने कंधे पे उठाया और अपने घर के लिए निकल गए

वही मेरे कमरे में इस वक़्त में ध्यान में बैठ के अपने गुस्से को काबू कर चूका था लेकिन अभी भी लक्ष्मी की बाते मेरे दिमाग में चल रही थी की तभी मेरे रूम के दरवाजे पे नॉक हुआ जब मैंने दूर खोल के देखा तोह दूर पे दीदी कड़ी थी और उनके हाथ में इस वक़्त नाश्ते की प्लेट थी

में :- दीदी आइये न आप अंदर

दीदी :- (अंदर आते हुए) क्या कर रहा था राज

में :- कुछ नहीं दीदी बस ऐसे hi बैठा था अपने गुस्से को काम कर रहा था

दीदी :- ाचा ये ले नाश्ता कर ले भूक लगी होगी न

उसके बाद मेने दीदी के हाथों से प्लेट ली और खाने लगा वही दीदी मेरे सामने बैठ कर मुझे कहते हुए निहार रही थी

में :- ऐसे क्या घर राहु हो आपको कुछ कहना है क्या

दीदी :- हाँ कुछ कहना तोह है

में :- अगर ये जो भी aa0ko कहना है आहार वह लक्ष्मी के बारे में है तोह मत बोलो

दीदी :- पहले बात तोह सुन ले में कह रही थी की कितने दिन हो गए हम कही बहार घूमने नहीं गए क्यों न हम दोनों आज मूवी देखने जाये बस में और तुम

में :- उसमे आपको पूछने की क्या बात है चलिए चलते है आ दुपहर को चलेंगे

दीदी :- ठीक है तैयार रहना

उसके बाद दीदी अपने रूम में चली गयी और में भी खाना ख़तम करके फिर से ध्यान लगाने लगा और जब में अपने अंतर्मन में पंहुचा तोह वह पे मेरे सभी रूप वह ध्यान में बैठे हुए थे तोह वही एंजेल और डेविल आपस में युद्ध कर रहे थे तोह स. क्वीन उन्हें देख मजे ले रही थी तोह वही जैसें भी वही अंतर्मन में मौजूद था लेकिन वह किसी और hi सोच में था

वही जब में उनके पास पंहुचा तोह सब एकता हो गए

में :- क्या बात है सब अपने एंटरटेनमेंट का रास्ता खोज रहे हो ाचा है (कार्नेज क्वीन से) वैसे तुम कह रही थी की तुम्हे जिस मणि में पकड़ा था उसके दो टुकड़े हुए थे तोह दूसरा टुकड़ा कहा है

स. क्वीन :- पता नहीं बहुत समय से मुझे उसका अहसास नहीं हो रहा है शायद उस हिस्से को पहले hi कोई धारक मिल गया हो

में :- क्या वह किसी गलत हाथ में नहीं लग गया

स. क्वीन :- नहीं जब हमारे 2 टुकड़े हुए थे तोह शक्तियों के साथ हमारे भावनाओं के भी हिस्से हो गए थे जहा मेरे अंदर अहंकार क्रोध और सबसे महत्वपूर्ण कार्नेज पावर है तोह वही उसके पास संतुष्टि शांति समझदारी और फिजिकल पावर है तोह उसने जिसे भी अपना धारक चुना होगा वह सच्ची में उसके काबिल होगा

में :- ठीक है

उसके बाद में सबसे कुछ देर बात किया और ध्यान तोड़ दिया

वही जब दीदी मेरे रूम से बहार निकली तोह सबने उनसे मेरे बारे में पूछा

दादाजी :- अब राज का मूड कैसा है

दीदी :- अब ठीक है लेकिन अभी वह उस बारे में कुछ बात नहीं करना चाहता और माफ़ी का तोह भूल hi जाओ

डैड :- में उससे बात करके देखता हूँ हम ऐसे अगर सुनील के बिज़नेस से अचानक से हाथ हटा देंगे तोह वह पूरी तरीके से बर्बाद हो जायेगा

दीदी :- आप चिंता मत कीजिये डैड में उसे लेके आज मूवी का प्लान बनाया है उसे वह में समझा दूंगी

माँ :- ठीक है लेकिन उसे मानाने के लिए मूवी प्लान करने की क्या जरुरत थी कही तेरा hi घह्मणे का प्लान तोह नहीं है

दीदी :- नहीं माँ वह जरा बहार घूमेगा तोह उसका मंद रिलैक्स होगा

दादाजी :- संभलके जाना बीटा आज से पहले जब भी वह कही घूमने गया है तोह किसी न किसी को हॉस्पिटल पंहुचा के hi लौटा है

बी. मां :- में बिल्ला से बोल के इनके साथ जाने के लिए गार्ड्स का इंतज़ाम करता हूँ

दीदी :- नहीं अंकल उसे ये गार्ड्स बिलकुल पसंद नहीं है और अभी हमने उसको जैसे पसंद है वैसे hi करना है जिससे वह खुश रहे

नाना :- ठीक है बीटा

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 146 (मेगा अपडेट)



वही लक्ष्मी के घर में

इस वक़्त सभी अपने घर पहुँच गए थे और लक्ष्मी को भी होश आ गया था लेकिन कोई उससे बात नहीं कर रहा था

ल. दादा :- अब आगे क्या होगा सुनील

लक्ष्मी :- क्यों क्या हुआ

सुनील अंकल (लक्ष्मी को इग्नोर करके) :- अब जो भी हो हमारा बर्बाद होना तय है

लक्ष्मी :- बर्बाद मतलब क्या है आपका

ल. दादी :- अगर माफ़ी मांग के देखे तोह हो सकता है वह हमर माफ़ करदे वैसे उसके बारे में मेने गांव में जितना सुना है उससे तोह वह ाचा hi लड़का लगता है

ल. माँ :- माफ़ी मांगेंगे तोह वह माफ़ जरूर कर देंगे लेकिन हम माफ़ी किस मुँह से मांगेंगे हम अगर ये सब गलती से हुआ होता तोह भी हम माफ़ी के काबिल थे लेकिन यहाँ तोह जानबूझ के उनका अपमान किआ था

ल. दादा :- बहु की बात भी सही है

लक्ष्मी :- क्या कोई मुझे बताएगा की हो क्या रहा है किस्मे इतनी हिम्मत आ गयी जो मेरे परिवार से माफ़ी मंगवाए

अभी लक्ष्मी कुछ और बोलती की तभी उसे सुनील अंकल ने एक खींच के तमाचा जड़ दिया जो देख कर सभी शॉकेड हो गए क्यूंकि आज से पहले उन्होंने कभी भी लक्ष्मी पर हाथ नहीं उठाया था

लक्ष्मी (शॉक से) :- डैड

सुनील :- क्या हुआ शॉक लगा की मेने तुझ पर हाथ कैसे उठाया काश ये काम में पहले करता तोह आज मेरे परिवार को भिक मांगने पर मजबूर न होना पड़ता

लक्ष्मी :- ये आप क्या बोल रहे हो डैड हमे किसी से भिक मांगने की जरुरत नहीं है

सुनील :- चुप रहो तुम तुम्हारे इसी घमंड की वजह से hi आज ये सब हो रहा है तुम्हे जानना है न की हम सब ऐसे क्यों बात कर रहे है तोह सुनो क्या हुआ

उसके सुनील अंकल ने लक्ष्मी को उसके बेहोस होने के बाद की साडी बाते उसे बताई

लक्ष्मी :- तोह इसमें क्या है अगर वह हम से अलग हो गए तोह भी हमे क्या फरक पड़ता है हम पुरे इंडिया के टॉप 5 बिजनेसमैन के लिस्ट पर आते है बल्कि नुक्सान तोह उनका होगा और उनका जो भी लोन है उसे हम 3 दिन तोह क्या 3 घंटे में चूका देंगे

सुनील :- पागलों के जैसे बात मत करो लक्ष्मी तुम्हारे इसी घमंड के वजह से आज ये सब हुआ है अभी तोह घमंड छोड़ा हम सिर्फ इंडिया में टॉप 5 में है लेकिन वह पुरे वर्ड में टॉप 1 बिजनेसमैन है और तोह और देश के सरे पॉलिटिशंस भी उनके सामने हाथ जोड़ते है और रही लोन की बात तोह मुझे ये बताओ हमारी अगर साडी प्रॉपर्टी बेच दे तोह कितना अम्मोनत आएगा बोलो

लक्ष्मी :- ये कैसे बात कर रहे हो डैड आप hi तोह कहते हो हमारे पास इतना है जितना कोई गईं भी नहीं सकता

सुनील :- अगर हम सब कुछ बेच दे फिर भी हमारे पास केवल 2000 करोड़ आएंगे

लक्ष्मी :- 2000 करोड़ तोह आप क्यों टेंशन ले रहे हो पैसा उनके मुँह पे मार्के हम उन्हें उनकी औकात दिखा सकते है न कितना लोन है उनका हम पर

सुनी :- उनका जो लोन हमारे ऊपर है वह है 5000 करोड़ और बस इतना hi नहीं जितनी भी कंपनी नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पे हमारी पार्टनर्स है वह भी केवल उनके वजह से

जब सुनील ने सबको लोन की अम्मोनत बताई तोह जहा सब लोग बैठे थे वह सब अचानक खड़े हो गए उन्हें तोह पता hi नहीं था की उनके ऊपर इतना बड़ा लोन है तोह वही लक्ष्मी की भी अब हवा टाइट हो गयी थी

वही इस वक़्त में और दीदी दोनों शॉपिंग मॉल आये थे जहा पे सिनेमा हॉल भी था

में :- बताइये दीदी अब क्या करना है

दीदी :- पहले मूवी देखेंगे फिर थोड़ा घूमेंगे

में :- ाचा तोह शो का टाइमिंग क्या है

दीदी :- शो अभी स्टार्ट होने वाला है जल्दी चल

इतना बोलके दीदी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और खींचते हुए मुझे थिएटर में लेके गयी टिकट्स दीदी ने पहले hi ले ली थी हमारी सीट कार्नर सीट थी

ये मूवी एक साइंस फिक्शन मूवी थी जिस वजह से इसे देखने के लिए मेरी एक्ससिटेमेंट जरूर बढ़ गयी थी की तभी मूवी में एक सन आया जिसे देख के में भी सोच में पद जाता हु

अभी में उस सन के बारे में सोच hi रहा था की तभी मुझे मेरे जांघ पर किसी का हाथ महसूस हुआ जब मेने देखा तोह वह दीदी का hi हाथ था जो मेरे जांघ को धीरे धीरे सहला रहा था

दीदी :- क्या बात है मूवी देखने में बहुत बिजी हो वह भी तब जब (मेरे पंत के ऊपर से लुंड को मसलते हुए) तुम्हारे पास इतनी हॉट एंड सेक्सी लड़की बैठी है

में :- मई मूवी देखने में बिजी नहीं हूँ एक क्वेश्चन है मेरे दिमाग में उसका आंसर सोच रहा हूँ

दीदी :- क्वेश्चन मुझे बताओ क्या पता मई मदद कर सकू तुम्हारी

में :- हाँ आप hi हो जो मेरी मदद कर सकती हो मेरा सवाल है की (उनके हाथ को पकड़ये हुए) आपने मुझे यहाँ मूवी देखने के लिए लायी हो या..

इतना बोलके में शांत हो गया और दीदी को देखने लगा जिनके चेहरे पर इस वक़्त मुस्कान थी

दीदी :- (मुस्कुराते हुए) या से तुम्हारा क्या मतलब है भाई

इतना बोलके उन्होंने फिर से मेरा लुंड मसलना स्टार्ट कर दिया

में :- या अपनी खुजली मिटने

मेरे ये बोलने के बाद दीदी ने अपना हाथ हटा लिया और वाशरूम का बोलके चली गयी अभी दीदी को गए 5 मिनट्स hi हुए थे की तभी मेरे मोबाइल पे मश्ग आया जो की दीदी ने hi भेजा था

दीदी :- अगर जानना हाउ की में तुझे यहाँ किस लिए लायी हु तोह तुरंत वाशरूम के तरफ आओ

ये मश्ग पढ़ के मेरे चेहरे पे भी मुस्कान सु च गयी जिसके बाद में वाशरूम के तरफ चला गया अभी में वाशरूम के पास पंहुचा hi था की तभी किसी ने मेरा हाथ पकड़ कर अंदर खींच लिया ये कोई और नहीं बल्कि दीदी hi थी

जैसे hi में वाशरूम के अंदर आया तोह दीदी ने तुरंत बाथ्रून को अंदर से लॉक कर दिया

में :- अब मुझे बताओ की आप मुझे यहाँ क्यों लेके आयी हो

दीदी - अब ज्यादा भोले मत बनो तुम्हे पता है

दीदी ने इतना hi कहा था की में आगे बढ़ कर दीदी को किश करने लगा जिसमे दीदी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी में किश करते हुए एक हाथ से दीदी की गांड मसलने लगा और दूसरे से उसके बूब्स मसलने लगा जिससे अब दीदी बहुत गरम हो चुकी थी

अब शायद दीदी से भी सहन नहीं हो रहा था इसीलिए दीदी ने एक डैम से मुझे ढाका दिया और मेरे सामने घुटनो पर बैत कर मेरे पंत को खोल के उसमे से मेरा लुंड बहार निकलने लगी जो की पहले से hi किसी रोड की तरह हार्ड हो चूका था

दीदी :- (लुंड को पकड़ के) देखो तोह इसे भाई हर वक़्त तैयार hi रहता है

में :- (दीदी के बूब्स दबाते हुए) अब जिसके पास आपके जैसी बहन hi उसका हाल तोह यही होगा

मेरे इतना बोलने के बाद दीदी ने धीरे धीरे मेरे लुंड को चाटने लगी जैसे की किसी कुल्फी को चाट रही हो ऐसे hi कुछ देर चाटने के बाद दीदी ने मेरे लुंड को अपने मुँह में भर लिया और उसे चूसने लगी और में अपने एक हाथ से उनके सर को सहला रहा था तोह दूसरे हाथ से में उनके बूब्स मसल रहा था

ऐसे hi थोड़ी देर तक लुंड चुसवाने के बाद जब मेरे से कण्ट्रोल नहीं हुआ तोह मेने दीदी के मुँह से लुंड बहार निकल लिया और दीदी को खड़ा कर के उन्हें वह के सिंक पर बिठा दिया

जैसे hi मेने उन्हें सिंक पे बिठाया वह मेरा इशारा समझ गयी और फिर उन्होंने जल्दी जल्दी आपने कपडे उतर दिए और फिर मेने भी अपने बचे हुए कपडे उतर दिए और दीदी को सिंक पर घोड़ी बना कर उनके पीछे आ गया और अपना लुंड उनकी छूट पे घिसने लगा जिससे दीदी सिसकिया लेने लगी

दीदी :- क्यों तड़पा रहे हो भाई अब बस छोड़ डालो मुझे अब सहन नहीं हो रहा है अह्ह्ह अहहह भाई

जैसे hi दीदी ने ये बोलै मेने अपना लुंड पूरा दीदी के छूट में उतर दिया और धक्के मारने लगा

दीदी :- अह्ह्ह अह्ह्ह भाई और जोर से हआ ऐसे hi अह्ह्ह भाई

ऐसे hi 20 मं की लगातार चुदाई में दीदी 3 बार झाड़ चुकी थी और उनकी हालत ख़राब होने लगी थी लेकिन फिर भी में नहीं रुका लेकिन जब मेने दीदी की हालत को देखा तोह पोजीशन चेंज कर ली

और फिर मेने दीदी का एक घुटना मोड़ कर उप्पेर रख दिया और फिरसे चुदाई स्टार्ट कर दी

नयी पोजीशन के वजह से अब दीदी को भी मजा आने लगा

दीदी :- है यह यह यस यस यस ी म किंग ी म किंग .... आआआहहह.

5 मं की चुदाई में hi दीदी फिरसे झाड़ गई पर मेरा अभी तक हुआ नहीं था

अगले 15 मं की चुदाई में दीदी फिर से 3 बार झाड़ चुकी थी अब मुझ से भी सहन नहीं हो रहा था तोह मेने भी अपने धक्कों की स्पीड तेज कर दी और जैसे hi मेरा निकलने वाला था तोह मेने लुंड को बहार निकल के अपना लुंड दीदी के मुँह में दाल दिया और अब उनके मुँह की चुदाई करने लगा जिससे थोड़ी hi देर में मेरा माल निकल गया जिससे दीदी ने पि लिया और फिर हम दोनों वही वाशरूम में फ्रेश हुए और उसके बाद छुपते हुए बहार निकल आये

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आज के लिए इतना hi


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