Apne Pyaare rishte - Page 2 - SexBaba
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Apne Pyaare rishte

अपडेट 7

वही घर पे

दीदी सोच रही थी की वह कैसे मुझे खुद के तरफ अत्त्रक्ट कर सके जिससे हम दोनों सेक्स भी कर पाए और में उन्हें गलत भी न समझू बहुत सोचा लेकिन जब उन्हें जवाब नहीं मिला तोह उन्होंने अंतिम रास्ता चुना मोबाइल उन्होंने बहुत साडी इन्सेस्ट स्टोरीज पहले भी पढ़ी थी इसलिए उनका इन्सेस्ट सेक्स की तरफ झुकाव पहले से था लेकिन आज से पहले उन्होंने कभी नहीं सोचा था की ऐसा उनकी रियल लाइफ में भी होगा इसलिए उन्होंने सरे स्टोरीज पढ़कर आइडियाज इकठा करने सुरु कर दिए

वही हीरो साइड

मीरा माँ :- छोटे मालिक आपकी तब्येत तोह ठीक है न

में :- है क्यों

मीरा माँ :- आपने बोलै था न की जब आप आये आपका पूरा गाला सुख रहा था इसलिए पूछा कही आपकी तबियत तोह ठीक नहीं

में :- (हकलाते हुए) नहीं….. नहीं मीरा माँ ऐसा बिलकुल नहीं है

मीरा माँ को मेरा यु हाकलना अटपटा लगने लगा

मीरा माँ :- छोटे मालिक अगर आपने एक पल के लिए सच्चे दिल से माँ मन है तोह सच बताना

अब में बुरी तरह फास गया था

में :- ठीक है लेकिन मेरी एक शर्त है

की आप मेरे से नाराज नहीं होंगी और पहले की तरह hi नोर्मल्ली मुझसे बात करेंगे और किसी को नहीं बताएँगे

मीरा माँ :- छोटे मालिक में आपसे छह कर भी नाराज नहीं हो सकती आप बताइये

में (डरते हुइल) :- वो… वो मीरा माँ वो..

मीरा माँ :- छोटे मालिक बिना डरे बताइये भले hi आप मुझे माँ का दर्जा दिया हो लेकिन में आप की एक दासी hi हु अगर आप मुझे मरेंगे भी तोह भी मेरे मुँह से उफ़ तक नहीं निकलेगी

में :- वह जब में आ रहा था तोह रस्ते में मुझे झाड़ियों से कुछ आवाज़ आ रही थी जब में अंदर जेक देखा तोह वह वह

मीरा माँ :- वह क्या

में :- वह आप पेशाब कर रही थी और आपको देखके मेरे मन me(rote हुए) गलत विचार आ रहे थे मुझे माफ़ करना

मीरा माँ ये सुन के hi दांग रह गयी क्योंकि उन्होंने कभी नहीं सोचा था की में उनके बारे में ऐसा सोचूंगा लेकिन तभी पता नहीं उन्हें क्या हुआ और वह मंद मंद मुस्कुराने लगी

मीरा माँ (मुस्कुराते हुए) :- तोह कैसे लगी

मीरा माँ के ऐसे कहने से में तोह दांग हो गया की मीरा माँ कहना क्या चाहती है

में :- क्या कैसी लगी

मेरे ये पूछने के बाद पता नहीं मीरा माँ को क्या हुआ वो अपना एक हाथ ले जेक मेरे धोती के उभर पे फिरने लगी जिससे में मदहोश होने लगा

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में (मदहोश होते हुए) :- मीरा माँ अह्हह्ह्ह्ह ये अआप क्या करररररर राहीईई हीी

मीरा माँ :- मीरा माँ नहीं सिर्फ मीरा मेरे मालिक आज अपने इस दासी को अपनी सेवा का अवसर दीजिये आज तक मेने आपसे कुछ नहीं माँगा लेकिन आज मांग रही हु प्लीज में जो कर रही हु करने दीजिये

इतना बोलके मीरा माँ ने मुझे खड़ा कर के मेरी धोती उतर दी और अब में निचे से सिर्फ कच्चे में था मीरा माँ ने मेरा कच्चा भी उतर दिया जिसे मेरा लुंड सीधा उनके मुँह पे जा लगा

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मीरा माँ :- अह्ह्ह्हह मालिक आपका लौड़ा तोह बिलकुल किसी मर्द की तरह खड़ा है लगता है आप बहुत तड़प रहे हो इसीलिए तोह ये बिना छुए hi पानी छोड़ रहा है

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मेरा लुंड बहुत देर से खड़ा था इसलिए उसमे से अब वह पानी की बून्द निकल रहा था

और उसे हाथ में लेकर मुठियाने लगी

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मीरा माँ :- मालिक कितना गरम है आपका लौड़ा इसपर तोह आपकी नसे तक दिख रही है

और वह मेरे नसों पर ऊँगली फिरने लगी

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जिससे मेरे मुँह से एक हलकी सी चीख निकल गयी

में :- अह्ह्ह्हह एई क्याआ कररर रहीए हो मीरा माँ ये गलत होगा

मेरे लुंड को छत्ते हुए

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मीरा माँ :- आज के दिन माँ नहीं मालिक में आपकी रैंड कुत्तिया बनना चाहती हु मुझे मेरा काम करने से मत रोकिये और इतना बोलके मेरे लुंड की मालिश करने लगी

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अब मुझे भी मजा आ रहा था तोह मेने भी रोका नहीं तोह वो भी खुश हो गयी

में :- अह्ह्ह्हह मेरी कुटिया में तोह तुझे अपनी माँ का दर्जा दे रहा था लेकिन तू इसी लायक है एक कुटिया बनाने के

मीरा :- है मालिक में इसी लायक हु ये तोह आपकी दिलदारी थी की आप इस कुटिया को अपनी माँ का दर्जा दे रहे थे

इतना बोलके वो फिर से मेरे लुंड की मालिश करने लगी

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अब उन्होंने वह किया जो में सोच भी नहीं सकता था उन्होंने मेरे लुंड को अपने मुँह में भर लिया

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में :- अह्हह्ह्ह्ह कुटिया ये क्याआ कररर रहीए ही वहह्ह्ह्ह कोई मुँह में लेता है क्याआ

मीरा :- ये वह नहीं है ये मेरे मालिक का लुंड है इसे तोह में कही भी ले सकती हु

इतना बोलके उसने लुंड को किश कर ली

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फिर से चूसने लगी

अब मेरे से भी कण्ट्रोल नहीं हो रहा था इसलिए मेरा हाथ अपने आप उसके बालो में चला गया और में उसका मुँह छोड़ने लगा

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जब मेरा निकल ने वाला था तोह मुझे लगा की मेरे शरीर का सारा खून मेरे लुंड में जमा हो रहा है और फिर में उनके सर को पकड़ के और जोर से ढाका मरने लगा जिससे मेरा पूरा लुंड उनके मुँह में जा रहा था जिसे उनके गले में साफ़ पता चल रहा था

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जब में झड़ने लगा तोह उन्हें सास लेने में भी तकलीफ हो रही थी तब मेने लुंड उनके मुँह से निकला जिससे मेरा बचा कुछ माल उनके चेहरे पर गिरने लगा

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अब वह भी अपने ससे दुरुस्त करने में लगी हुई थी आज मुझे इतना मजा आया था जितना में बता नहीं सकता खासकर तब जब में उसे रैंड कुटिया बोलके गली दे रहा था

अब मुझे भी इस मालिक दासी वाले खेल में मजा आ रहा था तोह मेने इस ऐसे hi चालू रखने का फैसला लिया

लेकिन जब मेने बहार देखा तोह शाम हो रही थी इसलिए मैंने अपने कपडे पहने और बहार जाते हुए उसके गांड पे एक थपड मारा जिससे उसकी चीख निकल गयी

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मीरा :- अह्हह्ह्ह्ह मालिक धीरे दर्द होता है

इस बात पे मेने उसे और एक के बाद एक 3-4 जड़ दिए गांड पे

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में :- अभी तक तोह मस्त चूस रही थी जब में मजे लेने लगा तोह बड़ा नखरे करती है रैंड साली आज समय नहीं है इसीलिए नहीं तोह अभी बताता

ये सुन के मीरा मुस्कुराने लगी क्यूंकि अबे भी खुल के मजे ले रहा था जैसा वह चाहती थी

में :- चल अब चलता हु कल फिर आऊंगा

मीरा :- रुकिए मालिक

इतना बोलके मीरा ने तुरंत अपनी अलमारी खोल के एक अंगूठी निकली और मुझे दी

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मीरा :- ये लीजिये मालिक मेरे तरफ से ये छोटा सा तोहफा ये तोह में अपने छोटे बेटे के लिए लायी थी लेकिन नहीं पता था की वो बीटा मेरा मालिक बन जाये गए

ये सुन कर अचानक मेरे दिमाग में जैसे एक साथ 2 टीवी चालू हो गए जिसमे आज के पहले के मेरे और मीरा माँ के pyar(ma बेटे वाला) भरे लाहो की क्लिप्स चल रही थी जिसमे वो मेरा ख्याल रखती अलग अलग जड़ीबूटियों की बारे में बताती मेरी गलती होने पर भी मुझे न डटकर अपने बचो को डट देती जब में उनके सामने होता तोह कैसे वो सब भूल जाती

और 2ऋ स्क्रीन पर अभी थोड़ी देर पहले वाला जिसमे मेरी वजह से उन्हें दर्द हुआ उनका दम गहने से जो उनकी आखो से ासु बाह रहे थे

में अब खुद को कोष रहा था की में कितना घटिया आदमी हु जो खुद के मजे के लिए अपनी माँ सामान औरत को चोट पहुंचा रहा था

इस वजह से मेरी आखे भी नाम हो गयी जो मीरा माँ ने देख ली

मीरा माँ (मेरे ासु पोछते हुए) :- ऐसा बिलकुलर मत सोचना की तुम घटिया आदमी हु जो खुद के मजे के लिए अपनी माँ सामान औरत को चोट पहुंचा रहे थे

इस बार में शॉक रह गया की इन्हे मेरे मन की बात कैसे मालूम

में :- आपको कैसे

मीरा माँ :- बचपन से जानती हु आपको आपके राग राग से वाकिफ हु

में (रट हुए) :- माफ़ करना

मीरा माँ :- अरे ये क्या मालिक अपने गुलामो से माफ़ी नहीं मांगते बल्कि उन्हें आदेश देते है इस गांव में 200 से ज्यादा मर्द है जो मेरे हुस्न पे मरते है फिर भी में पिछले 10 सालो से जिस्म की आग में जल रही हु और आज आप के निचे लेटने को तैयार हो गयी क्यों इसकी वजह ये नहीं है की आप उस घराने से है जिनकी सेवा करना हमारा धरम है न की ये की में अपनी आग को लबु नहीं कर सकती बल्कि में आपको बचपन से देखा है और आप एक सच्चे और अचे मर्द है और अगर आज आप वो शरबत नहीं पिटे तोह शायद आप कभी मुझे छूटे भी नहीं

ये सब सुनके मेरे चेहरे पे रहत की मुस्कान आ गयी जैसे कितनी बड़ी समस्या का बोझ दिल पर से उतर गया

मीरा :- चलिए अब जाइये और है कल भी मुझे मेरे मालिक चाहिए जिन्हे में कल पूरी तरीके से खुश कर पाव

में :- ठीक है मेरी रंडी अरे है तेरे चाकर में मैं भूल hi गया दादाजी के घुटनो का तेल चाहिए था

तोह मीरा ने अलमारी से एक बोतल निकल के दे दी जिसे लेकर में घर की तरफ चल पड़ा

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आज के लिए इतना hi

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अपडेट 8

तोह मीरा ने अलमारी से एक बोतल निकल के दे दी जिसे लेकर में घर की तरफ चल पड़ा

अब आगे

अब घर जाते समय मेरे दिमाग में आज जो हुआ वही सब चल रहा था तब मुझे मीरा माँ ने जो फायदे बताये उनका ख्याल आया अब में उन्हें टेस्ट करना चाहता था

में (मन में) :- किसपे टेस्ट करू जिससे किसी को पता भी न चले और में परख भी सकू

तभी मेरा ध्यान वह पर 2-3 चट्टान थे उनपे गया जो वही पास में पड़ा था उससे देख के

मेने जेक एक चट्टान पे जोर से पंच मार दिया जिससे वो वही छोटे छोटे पथरो में बदल गया ये होने के बाद में कभ अपना हाथ देखता कभी उन टूटे हुए पत्थर को

उसके बाद में दूसरे पत्थर की और बढ़ा अब में उसे लात मरने hi वाला था की तभी मेरे दिल में ख्याल आया की

में :-(मन में) ताकत तोह देख ली है कुछ और तरय करते है

ये सोच कर में 2ऋ चट्टान को उठता हु जिसका वजन मुझे कुछ लग hi नहीं रहा था इसलिए में ने उसे उठा के आसमान में पूरा दम लगा के फेक दिया जो कुछ फुट दूर जेक गिरा जब वो जमीं पे गिरा तोह वह खड़ा हो गया

फिर में ने 1 छोटा कंकर उठाया और उस चट्टान पर दे मारा जो सीधा उस चट्टान के बिच में छेद करते हुए पार हो गया

जो देखके में काफी खुश हुआ ऐसा लग रहा था की में हवा में उड़ रहा हु

जब ये सब करके ख़तम हुआ तोह में घर के लिए निकल गया

जब में घर पंहुचा तोह सबका ध्यान मेरे तरफ गया तोह सब मुझे hi देख रहे थे

में :- ऐसे क्या देख रहे हो कुछ लगा है क्या चेहरे को

दीदी :- चेहरे को छोड़ ये कपड़ो पे इतनी मिटटी कहा से लगी

में :- वह मीरा माँ की मदद कर रहा था न तभी लगी होगी

दीदी :- ठीक है जा नाहा ले पहले

में :- ठीक है दादाजी ये आप का आयुर्वेदिक तेल

दादाजी :- ला दे और नाहा ले जा के

में :- जी दादाजी

फिर में अपने कमरे में जेक नहाने लगा जब नाहा के बहार आया तोह में सिर्फ टॉवल में था

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तो वह बीएड के पास चेयर पैर दीदी को बैठा पाया जो की बहार आते हुए मुझ को घूरे जा रही थी और मैं में कुछ और hi चल रहा था

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दीदी:-( मैं में) ऊऊफफफ क्या बॉडी है भाई की कसम से ये तो निचोड़ कर रख देगा मेरे जिस्म को

में अपने कपडे पहन रहा था की मेरी नज़र दीदी पर गयी जो मुझे hi घूरे जा रही थी तब तक मेने पंत पहन ली थी

में :- क्या हुआ दीदी पसंद आयी

मेरे इस तरह पूछनेसे दीदी हड़बड़ा गयी

दीदी :- (हड़बड़ा कर) ककककया क्या भाई

में :- (हस्ते हुए) वही जो घर कर देख रही थी मेरी बॉडी

और में दीदी को अलग अलग पोज़ में बॉडी दिखने लगा

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फिर ऐसे

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फिर कुछ इस तरह से

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मेरी बॉडी देख के पहले hi दीदी से कण्ट्रोल करना मुश्किल हो रहा था अब जब में ऐसे बॉडी फ्लेक्स करने लगा तोह उनके टैंगो के बिच में तोह बढ़ hi आ गयी

दीदी :- भाई तू निचे चल दादाजी बुला रहे है में अभी बाथरूम जेक आयी

और इतना बोलके वह अपने रूम में भाग गयी

जब में निचे उतरा तोह सब निचे hi थे

दादाजी :- आ गए बीटा

में :- है दादाजी बुलाया आपने

दादाजी :- अरे बीटा तेरे गिफ्ट ऐसे कप्बोर्ड में पड़े पड़े सड़ने से तोह ाचा है की तुझे देदे इस लिए बुलाया तुझे

में :- क्या दादाजी में सुबह तोह मजाक कर रहा था

दादीजी :- लेकिन हम मजाक नहीं कर रहे ये लीजिये मेरे तरफ से बाइक

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में :- (दादी को गले लगा कर) थैंक्यू मेरी प्यारी दादी

दादाजी :- और ये मेरी तरफ से आपके लिए कार

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में :- थैंक यू दादाजी

डैड :- बीटा ये मेरी तरफ से

ये बोल कर डैड ने एक डिब्बा मेरी तरफ बढ़ा दिया जिसमे एक कड़ा था

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में :- थैंक्स डैड

माँ :- ये मेरे तरफ से मेरे बेटे के लिए

माँ ने दिया हुआ गिफ्ट खोला तोह उसमे एक मस्त टुक्सेडो था

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दीदी :- भाई ये मेरी तरफ से तेरे लिए

ये बोल कर दीदी ने एक बॉक्स मेरे तरफ बढ़ा दिया जिसमे लेटेस्ट स्मार्ट फ़ोन था

हमारे घर में रूल था की जब तक 18 के नहीं होते तब तक फ़ोन नहीं मिलता इसलिए मैं इसे देख कर एक्ससिटेड हो गया और दीदी को गॉड में उठके गोल गोल घूमने लगा

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माँ :- अरे छोड़ गिर जाएगी

डैड :- है छोड़ दे बीटा गिर गयी तोह मुसीबत हो जाएगी

तोह मेने उन्हें छोड़ दिया

चाचा :- बीटा ये तेरे लिए और इसे संभल के रखना क्यूंकि इसमें तेरे पापा का आशीर्वाद है ये तेरे पिता की अंगूठी है उन्होंने मुझे देते हुए कहा था की तू जब 18 का होगा तब तुझे दू

इतना बोलके चाचा ने अपने हाथ से निकल कर मुझे दी

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में :- थैंक्स चाचा आपने मुझे इस दुनिया का सबसे अनमोल तोहफा दिया है थैंक यू वैरी मच

इतना बोलके मेने चाचा को गले लगा लिया

दादाजी :- राज तुझे पता है ये अंगठी मेरे भी परदादा की है जीने उनके परदादा ने दी थी ये बहुत पुराणी और उतनी hi कीमती है में पैसों की नहीं भावनाओ की बात कर रहा हु

में :- जी दादाजी में इसे अपने से भी ज्यादा संभल के रखूँगा

जब में वह रिंग पहन रहा था तोह सब ने मेरे हाथो में पहले से एक अंगठी देख मुझसे सवाल करने लगे

दादाजी :- बीटा ये अंगठी किसने दी सुबह तोह नहीं थी हटो में

में :-

दादाजी :- बहुत अचे

अभी हम बात hi कर रहे थे की घर में भीमा काका आगये

भीमा काका :- प्रणाम मालिक

दादाजी :- आओ भीमा बोलो कैसे आना हुआ

भीमा काका :- मालिक में छोटे मालिक के लिए बिरथ डे गिफ्ट देने आया था अगर आप की अनुमति हो तोह

दादाजी :- अरे ये तुम चाचा भतीजे की बात है में बिच में नहीं पडूंगा

में :- काका आपको किसी भी चीज के लिए अनुमति की जरुरत नहीं है

भीमा काका :- छोटे मालिक ये आपके लिए आपको आज मिले उतने महंगे तोह नहीं लेकिन मेरी और मेरे परिवार के भावनाओ का उतना hi भर है इसमें जितना की आपके परिवार के प्यार का

इतना बोलके भीमा काका ने एक बॉक्स मुझे दे दिया जिसे खोलके देखा तोह उसमे एक वाच सेट था

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में :- काका आप सब मेरे परवर का hi हिस्सा हो आपका दिया हर तोहफा अनमोल है

फिर इसके बाद सब अपने अपने रूम में चले जाते है दादाजी भी भीमा काका से बात करके उसे घर भेज देते है

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 9



जब हम सब अपने रूम में चले गए तोह दादाजी भी भीमा काका के साथ उनके स्टडी रूम में चले गए

दादाजी :- भीमा इस बार के कलाकारी पार्टियोगा के बारे में क्या सोचा है

काका :- मालिक इस बार मेरा छोटा बीटा शेरा इस में भाग लेना चाहता है

दादाजी :- ये तोह अछि बात है उसकी उम्र क्या होगी

काका :- 19 वर्ष

दादाजी :- क्या इस प्रतियोगिता के लिए तैयार है

काका :- आप चिटा मत करिये पिछले साल ये प्रतियोगिता मेरा बड़ा बीटा जीता था इसबार मेरा छोटा बीटा जीतेगा

दादाजी :- लेकिन इसबार राणा भी भाग ले रहा है जिसे हराना तुम्हारे लिए भी मुश्किल है

काका :- आप चिंता मत करिये इस बार भी हम hi जीतेंगे

दादाजी :- तुमसे यही उम्मीद है

काका :- ठीक है अब मुझे अनुमति दीजिये

दादाजी :- ठीक है सुनो राज को तलवार बजी सिखने का भूत चढ़ा है इस चक्कर में अपना हाथ काट बैठा है तोह उसे एक दो दिन तलवार बजी सिखाओ जिससे उसका ये भूत उतर जाये

काका :- जी मालिक कल सुबह 6 बजे उन्हें अखाड़े में भेज देना

दादाजी :- ठीक है अब तुम जाओ और याद रखना राणा जितना शक्तिशाली है उतना hi षड्यंत्रकारी भी संभल के

काका :- जी मालिक

फिर काका चले गए

वही मेरे रूम में .

में अभी भी आज के बारे में hi सोच रहा था की ऐसा क्यों हुआ जिन्हे में अपने माँ के सामान मंटा था उनके साथ इतना बुरा किया उन्हें गालिया दी

में :-(मन में) में आज कैसे इतना गिर गया अपने hi माँ सामान औरत को इतना भला बुरा कहा मैंने उनपे हाथ भी उठाया ऐसा क्यों हुआ में ऐसा कैसे बन गया क्या ये सब उन पोशनस के वजह से हुआ या किसी और वजह से नहीं कल सबसे पहले मीरा माँ से बात करूँगा मुझे इन पोशनस को कण्ट्रोल करना होगा (आज शाम के बारे में सोच कर) वैसे क्या ताकत है अगर ये पावर मेरे कण्ट्रोल में हो तोह कितना ाचा होगा

में अभी ये सब सोच hi रहा था की तभी मेरा दूर नॉक हुआ

वही दीदी के कमरे में

दीदी अभी मेरे बारे में hi सोच रही थी या कहे मुझे लेकर उनके मन में जो सब विचार आ रहा था उस बारे में सोच रही थी

Didi(man में) :- क्या में जो सोच रही हु वह सही है क्या राज के साथ सम्बन्ध बनाना सही होगा कही पाप तोह नहीं ये लेकिन जब भी वह सामने आता है तब तोह कण्ट्रोल hi नहीं होता और ऊपर से उसका लुंड जब से देखा है तब से hi बुरा हल हुआ है

जब मेरा ये हाल जबकि में ने वीडियोस वगैरा में बहुत बार ऐसे सन देखे है लेकिन भाई उसे तोह कल hi फ़ोन मिला है और उसका तोह कोई दोस्त भी नहीं गर्लफ्रेंड तोह दूर की बात और भाई ने तोह मुझे 2 बार फुल नुदे देखा है उसके मन में ऐसा कुछ नहीं आया होगा. एक काम करती हु भाई इस बारे में घुमा फिरा कर बात करू तोह नहीं अगर उसने मुझे hi गलत समझ लिया तोह

आईडिया नेट पे सर्च करती हु इन्सेस्ट रिलेशनशिप के बारे में शायद कुछ आईडिया मिल जाये

फिर दीदी ऐसे hi कुछ देर सोचती है फिर अपना फ़ोन उठके कुछ टाइप लारती है फाई दीदी नेट पे सर्च कर रही है इन्सेस्ट रिलेशनशिप के बारे में

दीदी :- नेट पर तोह बता रहे है की ये सब नार्मल है लेकिन क्या भाई ये एक्सेप्ट करेगा

फिर से दीदी कुछ सोचती है फिर नेट पर इन्सेस्ट स्टोरीज पढ़ने लगती है जिसमे से उसे कुछ आइडियाज मिलते है जिनमेंसे वह 2 आइडियाज सेलेक्ट करते है जो की

पहले आईडिया था फ़ोन की मदद से जैसा हर दूसरे इन्सेस्ट स्टोरी का हीरो करता है मतलब सबसे पहले एक फेक ईद बनके इन्सेस्ट के तरफ झुकाव बढ़ता है वही आईडिया दीदी मुझपर आजमाने वाली थी उसके 2 रेअसोंस थे 1 दीदी के पास पहले से hi एक प्राइवेट सिम था और 2 मेने अभी अभी नया फ़ोन लिया था तोह मेरे पास किसी का नंबर सेव नहीं था

और दूसरा था मुझे अपने बॉडी पार्ट्स की झलक दिखा कर खुद की तरफ अत्त्रक्ट करे

दीदी ये दोनों आईडिया एक साथ एक्सेक्यूटे करने का प्लान बना रही थी जिस की शुरुआत के लिए वह मेरे रूम के तरफ बढ़ी लेकिन बढ़ने से पहले एक शार्ट निघ्त्य पहन ली जिससे उनके बॉडी पार्ट्स आराम से साफ़ दिखे

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लेकिन जब वह मेरे कमरे के तरफ बढ़ी hi थी की तब hi रूम के दरवाजे पर उन्हें दादाजी दिख गए

जब दीदी ने दादाजी को देखा तोह तुरंत hi वापस अपने कमरे में भाग गयी

वही हेओ रूम

जब में अपने hi दुनिया में गम था की तभी मेरा दरवाजा नॉक हुआ जब खोलके देखा तोह बहार दादाजी खड़े थे

में :- दादाजी आप आइये न

दादाजी :- क्या हुआ बीटा बड़े चिंतित लग रहे हो

में :- नहीं दादाजी वो अभी 1महीने बाद 12तह का रिजल्ट लगेगा न इसलिए थोड़ा परेशां था की क्या पता क्या रिजल्ट लग जाये

दादाजी :- देख बीटा पढाई इम्पोर्टेन्ट है में मंटा हु लेकिन इतनी भी नहीं की हम अपने लाइफ के हसीं पल को जीना भूल जाओ

में :- अगर हसीं पल जीते जीते कीच गड़बड़ हो जाये या किसी को कुछ हमने हद से ज्यादा बुरा भला कह दिया तोह

दादाजी :- हम्म्म बड़ा ाचा सवाल पूछा लेकिन इसका जवाब थोड़ा डिपेंडेबल

में :- मतलब

दादाजी :- तुम ने जिसे बुरा भला कहा तब सामने वाला किस हालत में था तुम किस हालत में थे तुम होश में थे क्या या सामने वाले ने hi कुछ गलती की है इस सब को ध्यान में रख कर hi क्या बोलना चाहिए क्या करना चाहिए इस बात का पता लगता है समझे और एक बात रिजल्ट का टेंशन लो लेकिन एक्साम्स के पहले ताकि पढ़ाई अछि हो नाकि एक्साम्स के बाद ये वकेशंस तुम्हे तुम्हारा मंद रिलेक्स करने के लिए मिलता है नाकि एक्साम्स के बारे में सोच कर मंद को और स्ट्रेस में डालने के लिए तोह अभी टेंशन लेना बंद कर और अभी के बारे में सोच

में :- जी दादाजी थैंक्यू

दादाजी :- और है बीटा मेने भीमा से बात कर ली है

में :- किस बारे में

दादाजी :- अरे तुम hi तोह सुबह बोल रहे थे न तलवारबाजी सीखनी है

में :- है याद आया में hi बोलै था (दादाजी को गले लगा के) थैंक्यू

दादाजी :- चल नीचे कहना तैयार हुआ की नहीं

में :- चलिए दादाजी

हम जब निचे पहुंचे तोह सब लोग टेबल पे बैठे थे लेकिन दादी और माँ अभी भी किचन में खाना बना रही थी



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आज के लिए इतना hi

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भाई डेली अपडेट दे रहा हु वो भी मोरे थान 1200 वर्ड्स

साथ में एक स्टोरी और रनिंग जिसके 2 अपडेट पैर वीक देने है

कॉलेज शुरू हो गए है

इस बच्चे के बारे में जरा तोह सोच लो भाई

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अपडेट 10



हम जब निचे पहुंचे तोह सब लोग टेबल पे बैठे थे लेकिन दादी और माँ अभी भी किचन में खाना बना रही थी

फिर हम दोनों भी टेबल पे जेक बैठ गए

दादाजी :- क्या बात है आज अभी तक खाना तैयार नहीं हुआ

डैड :- पता नहीं बाबूजी हम भी अभी आये अभी हम आवाज देने hi वाले थे की आप लोग आगये.

में :- रुकिए में जेक देखता हु

फिर में किचन में जाता हु तोह देखता हु की माँ और दादी खाना बना रही थी और दीदी एक साइड में बैठके सब्जी काट रही थी

में जेक दादी को पीछे से हुग कर लेता हु

जिससे दादी अचानक हुए इस हमले से दर जाती है दादी को ऐसे डरता देख में भी उन्हें छोड़ देता हु और उनसे अलग होते हुए कहता हु

में :- क्या बना रही हो दादी

दादी ने जब मेरी आवाज सुनी तोह उनके जान में जान आयी

दादी :- बदमाश डरा दिया न

इतना बोलके दादी मेरे कान मरोड़ने लगती है

में :- आआआ दादी कान छोड़ो आज उखड hi डोज कान नहीं तोह

फिर दादी कान छोड़ देती है ये सब देखने के बाद दीदी और माँ है रही

दादी :- अब बता क्या कर रहा है किचन में

में :- क्या कर रहा हु मतलब जोरो की भूक लग रही है और अभी तक खाना hi तैयार नहीं हुआ

माँ :- खाना तोह तैयार हो गया बस सलाद बाकि है वह भी तेरी दीदी बना रही है

दीदी :- लो माँ सलाद भी हो गया

फिर सब मिलके खाना डाइनिंग टेबल पे सेट करती है फिर परोसने के बाद जब सब खाना खाने बैठते हे तब दादाजी छोटे चाचा से बोलते है

दादाजी :- सुन छोटे 1 हफ्ते बाद से प्रतियोगिता शुरू होने वाली है तोह सरे तयारी हो जनि चाहिए

में :- लेकिन दादाजी वो तोह हर साल मई के स्टार्टिंग में होती है अभी तोह अप्रैल स्टार्ट हुए 15 दिन hi हुए है

दादाजी :- है बीटा इस बार प्रतियोगिता को जल्दी रखा है

में :- तोह इस बार भी संग्राम भैया hi होंगे न तब तोह आराम से हम hi जीतेंगे

दादाजी :- नहीं बीटा इस बार उनका छोटा भाई शेरा उतर रहा है आखाड़े में. और 8स बार का मुकाबला आसान नहीं होगा

डैड :- क्यों पिताजी

दादाजी :- इस बार राणा फिर से आ रहा है

डैड :- क्या वह तोह भाग नहीं ले सकता उसपे बन लगा है न

दादाजी :- है उसपे 5 साल का बन लगा था जो इस साल ख़तम होगया अब वह भाग ले सकता है

में :- उनपे बन क्यों लगा था

डैड :- उसने खेल का नियम तोडा था

में :- दादाजी अगर में कुछ मांगू तोह क्या आप देंगे मुझे

अभी दादाजी कुछ बोलते की तभी माँ बिच में बोल पड़ी

माँ :- नहीं मिलेगा

दीदी :- अरे माँ पहले सुन तोह लो

दादाजी :- है बहु सुन तोह लो वह क्या मांग रहा है फिर डीडे करेंगे देना है या नहीं

माँ :- मुझे पता है पिताजी ये आपसे प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए hi परमिशन मांगेगा

दादाजी :- अगर ऐसी बात है तोह हम आपके माँ से सहमत है

ये सुनके मेरा मूड ऑफ हो गया क्यों की में यही मांगने वाला था बचपन से ये प्रतियोगिता देख रहा था इसलिए मेरा भी मन था इसमें भाग लेने का

माँ :- मूड ऑफ मत कर तेरी माँ हु तेरे हर rag-rag से वाकिफ हु

दीदी :- वैसे दादाजी मीणा कब वापस आ रही है नानाजी के यहाँ से

माँ :- अरे वह अपने नाना के घर गयी है जल्दी तोह आएगी नहीं आखिर नाना नानी इतना प्यार जो करते है अपने नातियों से और बस तेरे hi नाना नानी नहीं दुनिया के सरे नाना नानी अपने नातियों से प्यार करते है क्यों….

अभी माँ कुछ और बोलती की तभी डैड उनका हाथ पकड़ कर रोक लेते है तब माँ को उनकी गलती का अहसास होता है

बात ये है की जब मेरा जन्म हुआ था तभी माँ मुझे जन्म देते वक़्त hi मर गयी फिर उसी सदमे में कुछ दिन बाद मेरे पिता भी मर गए उसके बाद मेरे नाना नानी ने मुझे मनहूस बोलके मरने का प्रयास किया लेकिन दादाजी ने मुझे उस्वक़्त बचा लिया लेकिन जब में 5 साल का हुआ तोह मेरे बहुत जिद करने के बाद दादाजी मुझे लेके उनके घर गए लेकिन उन्होंने फिर मुझे मरने के लिए तलवार निकल ली तबसे हमारे शेरगढ़ और उनके सूर्यगढ़ में हमेसाह आना की का माहौल रहा है

बैक तो स्टोरी

जब दीदी ने मेरा मूड ऑफ होता देखा तोह उन्होंने मेरा मंद को डिस्ट्रक्ट करने के लिए मेरे जांघ पर हाथ फेरने लगी

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जब मेने दीदी के तरफ देखा तोह उनके चेहरे पर नॉटी स्माइल थी

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था की दीदी ऐसे क्यों कर रही है लेकिन दीदी फिर से मेरे जांघ सहलाने लगी जिससे मेरे अंदर का पोशण एक्टिवटे हो गया और मेरा लुंड खड़ा होने लगा जिस वजह से मेरा अब निचे सब के साथ रुकना मुश्किल हो रहा था इसलिए मैंने जल्दी खाना ख़तम कर के अपने रूम में भाग गया

इन माय रूम

में रूम में आके सबसे पहले अपने रूम का दरवाजा अचे से बंद किया अब में बीएड पे लेट के सोने का तरय करने लगा लेकिन फिर भी कुछ नहीं हो रहा था ऊपर से अब लुंड में दर्द भी सुरु हो गया था लग रहा था की अभी फैट जायेगा फिर में कुछ देर ऐसे hi करवाते बदलते रहा जब आराम नहीं मिला तोह में अपने बाथ रूम में जेक नहाने लगा नहाने के बाद थोड़ा आराम मिला तोह आज डाइनिंग टेबल पर जो भी हुआ वह याद आने लगा जब माँ के शब्द फिर से दिमाग में आने लगे जब वो सब दिमाग में आ रहा था तोह वही अतीत की यादे भी याद आने लगी वैसे उन पालो की याद हर दिन आती थी लेकिन आज कुछ अलग था हर दिन जहा गम दुःख और अपमान होने वाली फीलिंग आती थी वही आज गुस्से और बदले वाली फीलिंग आ रही थी लेकिन एक चीज आज भी शामे थी वो थे ासु जिन्हे में दिन भर तोह सबसे छुपा लेता लेकिन रात को अकेले में जरूर बहने लगते

ये सब सोचते सोचते में कब सो गया पता hi नहीं चला

वही मेरे जाने बाद

डैड (माँ से) :- तुम्हे समझ नहीं है क्या बोलना चाहिए क्या नहीं

माँ :- मुझे पता है लेकिन आज पता नहीं क्या हो गया अपने आप मुँह से निकल गया

अभी कोई कुछ बोलता की तभी हवेली का एक सेवक अंदर आया

सेवक :- ठाकुर साहब कोई आदमी और औरत दरवाजे पर आपसे मिलने की ीचा लिए हुए है

दादाजी :- उन्हें इज्जत के साथ अंदर ले आओ

जब वह दोनों अंदर आये तोह उन्हें देख कर सब चौक गए

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 11



Jab woh dono ander aaye toh unhe dekh kar sab chowk gye kyonki wo koi aur nahi mere mama aur mami the (meri mami ki nayi nayi shadi hui hai isliye unhe mere baare me nahi pta)

Mama mami ne sabse pahle dada aur dadi ke pair chue phir dad aur mom ke

Dada :- arun(mama) tum yaha kya baat hai aaj hath me talwar nahi mithai hai

Mama :- ye mithayi me apne bhanje ke liye leke aaya hu uske 18 ve janmdin ke khushi me

Dad :- acha toh ek kaam kar pahle tu kha phir 10 - 15 mint ruk agar tu sahi salamat hoge toh hum sochenge raj ko niche bulane ke baare me

Mama :- purani bato me kya…

Abhi mama kuch bolte ki tabhi chote chacha ek sewak ko bulakar usse bolte hai

Chote :- suno sewak jao jake bheema ko bulao aur jara dekhna bahar kitne aadmi leke aaye hai aur agar aadmi ho toh tum mat jao sidha bheema ko phone lagao pta nahi kab yudh ho

Ye sab sunke jaha mama ke chehre pe halki muskuraht lekin aakho me dukh ka samundar aajata hai jise chupa toh nahi pate lekin bahne se rok lete hai

Wahi mami jinko atit ka kuch pata nahi hai unke aakho me gussa saaf dikh raha tha

Dadi :- kya baat hai aaj abhi tak chup hai abhi tak toh apne kapdo me se gun nikal ke hum sab ke sir me goli mar deni chahiye thi

Mom :- abhi kaha maji pahle toh ye apne aadmiyon ko bulayege phir kisi flop movie ke flop dialogue marenge phir goli marenge. Lekin aaj shayad jahr deke marne ka irada hai

Ab mami ke sabr ka bandh tut gaya

Mami (gusse me) :- kya laga rakha hai aapne kab se hum apne bhanje se milne aaye hai aur aap

Ab mom bhi mami ki gusse bhari aawaj sun ke unhe bhi gussa aa gaya tha

Mom (gusse me) :- hum kya kar rahe hai hum toh bas khud ke jaan bachane ke liye safety plan bana rahe hai kya pata kab kaha se kaise goli aake kis ke sir me jaa lage ye akela aaya hai shayad isiye abhi tak goli nahi chali iska baap aata toh ab tak tum aur tumhari sas dono vidhwa ho gayi hoti

Mami :- agar aapne ek aur shabd mere bhagwan jaise pati aur pita saman sasur ke khilaf nikala to acha nahi hoga

Maa :- jaja ye sab kisi aur ko suna aur soch agar teri jaban fisli toh tu aaj yaha se paka widhwa hoke bahar niklegi

Kya ho raha hai yaha

Abhi koi kuch bolta ki tabhi piche se ek jordaar aawaj aati hai jo meri thi

Me :- kya hua itni raat ko itna hungama

Dada :- raj beta tum andar jao

Jaise hi dadaji ne mera naam bola turant mama ki nazar mere pe padi aur meri unpe me chlte hue unke pass gaya

Me :- kya baat hai suryagarh ke kunwar aaj hum se milne aaye

Mami :- ye bache shant rah suna nahi kya jab bade baat kar rahe ho toh shaant rahte hai itni bhi tamiz nahi sikhayi

Abhi koi kuch aur bolta ki ek jhanaate dar thappad ki aawaj hall me gunji jo ki mami ko pada tha mama ke hatho

Mama :- tere ko gadi me samjhaya tha na ki apni juban mat kholna

Mami toh jaise shock me thi ki jo log unke pariwaar ki itni bejati kar rahe hai unke liye uske pati uspe hath uthaya

Mami :- toh kya koi bhi mere pati parmeshwar aur dewta saman sasur ke baare me kuch bhi bole aur me kuch nahi bolu

Mama :- tere ko bola na muh band

Mama abhi ek aur thapad mami ko marne hi wale the ki mene unka hath pakad liya

Me (hath ko pakade hue) :- is haweli me sare mard hi rahte hai isilye aurto pe hath uthane jaisi harkat bahar jake kijiye samjhe

Abhi mere hath pakadne ke wajah se unka hath dukhne laga tha kyu ye sabko pata hi hoga

Mama :- ha mera hath chod

Me ne jaise hi hath choda ki koi kuch bolta ki bheema kaka ki entry hoti hai

Bheema kaka :- aapne bulaya malik

Me :- ha bheema jao jake humare mehmano ko ijjat ke sath humare sima ke bahar chod ke aao

Mere bolne ke baad bhi bhima kaka wahi khade dadaji ki taraf dekhte rahe

Me (gusse me) :- bheema suna nahi tum jate ho ya me jau bolo

Ye baat me ekdum gusse me aur chilla ke bola tha jisse ek baar toh dada dadi bhi dar gaye

Wahi meri aisi aawaj sun ke mama mami wapas jane lage the ki tabhi

Me :- ruka humare haweli se kabhi koi khali hath nahi lauta isliye aaj aap bhi apne saat kuch le jayenge aur woh hai sach duniya ki sabse kimti aur kadwi cheej

(mami se) to shurwat aapke dewta saman sasur se karte hai toh ghar jake apne unhi sasur se puchna ki jab unka 5 saal ka nati unse milne unke ghar aaya tha sirf thode pyar ke lalach me toh uske pith pe talwaar ka war karke konsa pyar lutaya tha us 5 saal ke bache pe

Apni pati se puchiye ki jab unki bahan maa banne wali thi toh unka dhyan nahi rakha aur jab kamjori ki wajah se inkk bahan apne bache ko janm dete waqt mar gayi aur us sadme me jab us bache ka baap bhi mar gaya toh us bache ko pita ka pyar dene ke bajay us 5 din ke navjat bache par bandook tanne ka kya matlab tha usse kadakti dhup me dupehar ke waqt jab us bache ko dudh ki jarurat hoti toh use raste par sulane ka kya matlab tha

Apni sas se puchna ki jis bache ko maa ka pyar dena tha usi bache jab woh 5 saal ka tha tab use nadi me dubake marna konsa insaaf tha ya itne bade surya garh ki rani ko aisi kya paiso ki jarurat aan padi ki woh us 5 saal ke bache ko bechne ke liye bina kisi sawal ke raji ho gayi

Aur is sab me us bache ki bas itni si galti thi ki use paida hote hi jaha maa ka hasta chehra dekhna tha use apne maa ka mara hua chehra dekhne ko mila jab use apne pita ko apna role model bante dekhna tha wahi use apne pita ko uske mama ke daru le nashe ne dhut hote hue dekha

Sabko yahi lagta ki ye kuch din pahle paida hua bacha kaha kuch dekh aur samajh paye ga lekin wo bhul gaye sach ko jitna chupao woh ek na ek din bahar aahi jata hai

Ye aakhri line me ne pure gum aur guse me boli thi jisse waha khade sab ke rid ki hadi me ek sirhan se daud uthi

Me :- (gusse me) bheema le jao inhe nahi toh kuch kar jaunga

Ye sunke jaha sab dar gaye wahi kaka bhi bina dadaji ki taraf dekhe mama mami ko le jane lage jaha mama ke aakho me aasu toh mami ke chehra ek dum sapaat tha

Wahi me apne parivaar ke taraf dekhte hue :- aap sab kya dekh rahe hai jao aur apna khana khatam karo ann(अन्न food) dewta ka apman na hone paye

Itna bolke me turant apne room me aajata hu lekin jaise hi me room ka gate lock karta hu waise hi me behose hoke apne room me gir padta hu

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Aaj ke liye itna hi


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अपडेट 12



फिर सब अपना खाना ख़तम करते है और अपने रूम में सोने के लिए चले जाते है

वही दादा दादी रूम

दादाजी दादीजी रूम

दादीजी :- आज राज को क्या हो गया था उसे इतने गुस्से में पहले कभी नहीं देखा

दादाजी :- सालो पुराण गम था आज उसे गुस्से का साथ मिल गया अगर इस में अरुण ने शांति नहीं राखी होती और राज के साथ लड़ने लग जाता तोह सच में आज उसकी बीवी विधवा इस हवेली से बहार जाती

दादीजी :- उसका ये रूप देखके तोह एक पल के लिए में भी दर गयी थी

दादाजी :- तुम अपनी बात कर रही हो आज पहली बार भीमा ने बिना मेरी आज्ञा के मेरे हवेली में आये लोगो को बहार निकला है उसने एक बार मेरी तरफ देखा भी नहीं

लेकिन मेने उसके आखो में दर साफ़ देखा जो की 50 साल पहले जब में 20 साल का था और भीमा छोटे की उम्र का तब जब भी मेरे दादाजी को गुस्सा आता था टेम वो दर भीमा की आखो में देखता था जो आज दिखा अब तक कभी मेरे गुस्से से भी भीमा इस कदर नहीं डरा था

दादी ने जब दादा को सीरियस होते हुए देखा तोह मंद डाइवर्ट करने की कोशिश करने लगी

दादी :- है अब आप से कोई क्यों डरेगा बुद्धों से लोग नहीं डरते मन लीजिये अब आप डुभे हो गए है

दादा (हस्ते हुए) :- है भाग्यवान अब मेरे से कोण डरेगा (थोड़ा रुक कर) चलो अब सो जाते है

फिर दादा और दादी सो जाते है

अब चलते है माँ डैड के रूम में

डैड :- आज जो कुछ भी हुआ ठीक नहीं हुआ

माँ :- नहीं आप गलत हो आज जो भी हुआ ाचा हुआ

डैड :- मतलब

माँ :- आज तक हम समझते थे की हमारे प्यार के चलते वो अपना अतीत भूल गया है लेकिन आज जो हुआ उसे देखते हुए लगता है की कल तक जो राज हमारे सामने था वह कोई और hi था सबके सामने हस्ता हुआ चेहरा अपने पागलपंती से सबको हसना ये सब सिर्फ अपने अंदर के उस राज को छुपाने के लिए था जो आज हम सबके सामने था

डैड :- और इस सब का क्या फायदा हुआ

माँ :- इस सब का ये फायदा हुआ की आज तक हम समझते थे की राज की जिंदगी से हम उसके बुरे पालो को निकलने में सक्सेसफुल हुए लेकिन अब हमारी ये गलत फहमी ख़तम हो गयी है और अब हमे उसका और ध्यान रखना होगा जैसे पहले प्यार जताते थे उसके साथ हस्ते खेलते थे वो सब फिर शुरू करना होगा उसे ऐसा न लगे की वह अकेला है एक बात याद रखना खली दिमाग शैतान का घर होता है अगर हम ने राज को अभी नहीं संभाला तोह कही कुछ अनर्थ न हो जाये

डैड :- तुमने ठीक कहा चलो अब सो जाते है कल से हमारे ऊपर बहोत जिम्मेदारी होगी

माँ :- है चलिए इस उम्र में आपसे तोह कुछ होगा नहीं अब सोने के अलावा कोई दूसरा काम तोह है नहीं

डैड :- अब अगर तने मार्के हो गए हो तोह सो जाओ

फिर माँ डैड भी सो गए.

वही मेरे रूम में

मुझे बेहोस हुए अभी 6 घंटे से ज्यादा हो गए थे की अचानक मेरे गले का लॉकेट चमकने लगा और की तभी उसकी चमक काम होने लगी जैसे जैसे चमक काम हो रही थी वैसे वैसे मुझे होश आ रहा था जैसे hi में पुरे होश में आया वैसे hi मिझे शॉक लगा

में (मन में) :- रात को नहाने के बाद तोह में बीएड पे सोया था अभी जमीं पर कैसे आ गया (घडी देखते हुए) अरे ये क्या 4 बज गए 6 बजे तोह मुझे अखाड़े में पहुंचना था चल बीटा राज तैयार हो जा नहीं तोह आज परेड निकलेगी तेरी

फिर में जल्दी से फ्रेश होक अपने खेत वाले (धोती कुरता) कपडे पहन लेता हु जिस सब में 4:30 बज गए थे

जब में निचे उतर रहा था तोह सोफे पे दादाजी बैठे हुए दिखे

में (दादाजी के पेअर छूटे हुए) :- गुड मॉर्निंग दादाजी

दादाजी :- गुड मॉर्निंग बीटा तोह सुबस सुबस कहा चली सवारी

में :- यहाँ से पहले मंदिर फिर आखाड़ा फिर मीरा माँ के खेत वहासे वापस घर

दादाजी :- ाचा वैसे कल रात को आप को हुआ क्या था

में (मन में) :- दादाजी को कैसे पता

दादाजी :- क्या सोच रहे हो बीटा

में :- कुछ नहीं दादाजी कल रात के बारे में सोच रहा था ये सब बहुत अजीब है न

दादाजी (शॉक से) :- अजीब कैसे

में :- देखिये न कल रात को आप सब के साथ डिनर करके में अपने रूम में गया फिर थोड़ी देर में मेरी आँख लग गयी और जब सुबह उठा तोह में जमीं पे पड़ा हुआ था ये अजीब hi तोह है

दादाजी :- है बीटा अजीब hi है लेकिन टेंशन मत लो कल तुम बोल रहे थे न की तुम्हारा रिजल्ट लगने वाला है तुम्हे उसका स्ट्रेस है तोह शायद उसी स्ट्रेस के वजह से ये सब हो रहा होगा

में :- जी दादाजी

दादाजी :- चलो जल्दी जाओ तुम्हे देर हो रही होगी न

में :- अरे सही याद दिलाया दादाजी आपने चलो चलता हु

फिर में वह से दादी की दी हुई बाइक उठके चल पड़ता हु मंदिर की और

मंदिर पहुंच कर में बाइक को पार्क करके अंदर मंदिर के अंदर चला जाता हु जहा मुझे पुजारी जी मिलते है

में (पुजारी जी के पेअर पड़ते हुए) :- प्रणाम पुजारी जी

पुजारी :- अरे अरे ये आप क्या कर रहे है

में :- आपको प्रणाम

पुजारी :- अरे आप हमारे भावी राजा है और में एक आम पुजारी आप मेरे पेअर कैसे पद सकते है छोटे मालिक

में :- अरे पुजारी जी हम अभी उसके दरबार में है जिसके सामने 3no लोक का मालिक भी भिकारी होगा वह क्या आप ये उच्च नीच लेके बैठे हो

पुजारी :- उत्तम विचार है आपके छोटे मालिक लेकिन फिर भी

में :- अरे पुजारी जी में आशीष लेने आया था आप ज्ञान दे रहे हो अगर ज्ञान देना है तोह मेरे एक सवाल का जवाब दो

पुजारी :- पूछिए छोटे मालिक

में :- सबसे पहले ये आप छोटे मालिक कहना छोड़िये पुरे संसार के मालिक के सामने मेरे मालिक होने की क्या औकात

और सवाल ये है की अगर हमे हमारे अंदर की शक्ति को या विचारो को काबू करना है तोह क्या करना होगा

पुजारी :- इसका जवाब तोह नहीं है है मंदिर के पीछे एक ज्ञानी बाबा कल आये है सब बोलते है की उनके पास हर सवाल का जवाब मिलता है आप उनसे मिल लीजिये

और रही औकात की बात तोह क्या में आपसे सवाल पूछ सकता हु

में :- है पूछिए

पुजारी :- सब आपके दादाजी को ठाकुर साहब कहते है बराबर

में :- है बराबर

पुजारी :- आपके बड़े चाचा को और छोटे चाचा को बड़े ठाकुर और छोटे ठाकुर कहते है बराबर

में :- है बराबर

पुजारी :- तोह अब आप बताइये की सब आपको hi मालिक क्यों बोलते है

पुजारी जी का सवाल सुनके में भी सोच में पद गया

वही घर में

सब अभी डाइनिंग टेबल पे बैठे थे

दीदी :- माँ भाई कहा है अभी तक उठा नहीं

दादाजी:- नहीं बीटा वह उठ गया है और आखाड़ा गया है भीमा के पास

माँ :- लेकिन पिताजी आपने उसे

दादाजी :- मुझे पता है बहु तुम क्या पूछना चाहती हो और तुम सब भी ध्यान से सुनो राज को कल रात जो भी हुआ उसके बारे में कुछ भी याद नहीं है

सब :- क्या

दादाजी :- है तुम सब ने सही सुना

फिर दादाजी आज सुबह की बात सबको बताते है

माँ :- तोह अब क्या करे

दादाजी :- में चाहता हु की छोटे या रीना तुम दोनों में से कोई न कोई रात के वक़्त उसके रहो चाहे तोह उसके कमरे में hi सो जाओ

तुम दोनों को hi इसलिए बोल रहा हु क्योंकि तुम दोनों hi उसके दोस्त की तरह उसके साथ रहते हो और दोनों उसके क्लोज भी हो

दीदी :- जी दादा जी मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है

छोटे :- जी बाबूजी मुझे भी कोई समस्या नहीं बाई

दादाजी :- और एक बात सब उसके साथ वैसा hi बर्ताव करेंगे जैसा की कल शाम तक कर रहे थे और कोई भी उसके सामने उन लोगों ली बात नहीं करेगा समझे मेने भीमा को भी समझा दिया है

सब :- जी ठीक है

अब जरा चल लेते है मां ममी के यहाँ

जब वो दोनों हमारे घर से निकले तब से लेके अब तक ममी ने एक शब्द भी नहीं बोलै था

अभी वह लोग अपनी हवेली के गेट के अंदर घुसे hi थे की दो लोग उनके पास आये जिन के पहनावे से वह सेवक लग रहे थे

मां (पहले सेवक से) :- गाड़ी को पार्किंग में लगा दो

2 सेवक :- साहब आपका बड़े साहब सुबह से इन्तजार कर रहे है

मां :- है चलो

फिर मां और ममी दोनों अंदर चले गए

जहा नाना नानी और छोटे मां और मौसी बैठे थे

नानी :- क्या हुआ कहा है मेरा नाती मेने कहा था न उसे साथ लेके आना

मां :-......

नाना :- क्या हुआ तुम दोनों ने ऐसे मुँह क्यों लटकाया हुआ है वह साथ नहीं आया क्या कोई नहीं हमने hi शायद ज्यादा उम्मीद लगा ली थी

मौसी :- क्या हुआ भैया वह बताओ तोह सही

फिर मां उन्हें सब कुछ बता देते है जिसे सुन कर सब के आखो में ासु थे केवल मौसी को छोड़के उनके आखो में गुस्सा था

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 13



Wahi mandir me

Me abhi Pujari ji ke sawal me hi khoya tha ki

Pujari :- kya hua malik jawab nahi mil raha hai kya me batata hu aapke ddadaji ho ya koi bhi thakur unhone pure gav ko apne santan jaise pala lekin woh kabhi char diwaro se bahar nahi aa sake unhone hum sab ko pariwar ka sthan aadar aur prem diya lekin kabhi milne nahi aaye isliye wo sab pure gav walo ke liye devtulya(देवतुल्य) hai lekin aap hum sab ke bich me khade rehkar har samasya ka samadhan khud karte ho humari har samsya ko khud ki samasya samajhte ho jab bhi koi gav wala bimar hota hai aur jab bhi aapke pass is ka samachar pahuchta hai aap uske sahayta ke liye dhan bhijwate nahi khud aate ho aur ek bimari ke chalte sare dukh dard mita dete ho

Isliye aap hum sab ke liye humare sarvasva ho

Jaise humne kabhi devta ko dekha nahi lekin hume pata hai ki use ek baar bolne se woh humari har sambhav sahayta karega waise hi humare ghar ka jo bhi karta dharta hota use bina bole woh har sima langh kar humari sahayta karega

Thik waise hi aapka pariwar humare liye bhagwan hai lekin aap is gav ke har ghar ke karta dharta

Me :- are bas bas aapse ek request kya ki aap toh mujhe chane ke jhad pe chdhane lage thik hai me chalta hu un baba se bhi mil lunga.

Phir me waha se mandir ke piche chala jata hu jaha ek sadhu maharaj baithe hue the

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जिनके अस पास इतनी भीड़ थी की वह बैठने की भी जगह नहीं थी लेकिन इतने लोग होते हुए भी वह के वातावरण में ऐसी शांति थी की जैसे वह दूर दूर तक कोई भी न हो में बैठने के लिए जगह देखि तोह कोई भी नहीं थी इसलिए में वही जमीं पे बैठ गया सरे गांव वालो के पीछे और अपनी आखे बंद करके इस शांति को महसूस करने लगा

अभी मुझे बैठे हुए 2-3 मिंट hi हुए थे की एक गांव वाले की नज़र मुझ पे पड़ी उसने अपने अस पास के लोगो का ध्यान मेरी तरफ खेचा

जब वह बैठे सभी गांव वालो ने मुझे देखा तोह सब खड़े हो गए और एक आसान लेकर सबसे आगे रख दिया उसके बाद एक गांव वाला मेरे पास आया

आदमी :- मालिक मालिक

जब में आखे खोलकर सामने देखता हु तोह दांग रह जाता हु जहा कुछ देर पहले लोगों की भीड़ थी अभी वह पूरा खली एरिया था सरे लोग साइड में खड़े थे और बिच में एक छोटा सा आसान था

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में ये देखने के बाद जब गांव वालो के तरफ देखा तोह सब खड़े मुस्कुरा रहे थे जैसे कह रहे हो ये आसान आपके लिए hi है

में ये सब देखके मुस्कुरा उठा और धीमे आवाज में

में (मुस्कुराते हुए) :- ये लोग नहीं सुधरेंगे

शायद ये उस गांव वाले ने सुन लिया था जो मुझे उठाने आया था क्योंकि जब मेने उसके और देखा तोह ऐसा लगा अभी है देगा

जैसे hi में उस ाशन के पास पंहुचा hi था की उन बाबा ने आखे खोली

बाबा :- क्या बात है आज तक हमारे लिए कोई आसान नहीं आया आज क्या बात है

फिर जब उनकी आखे मुझ पर पड़ी तोह उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया

वही नाना के घर

मां उन्हें सब कुछ बता देते है जिसे सुन कर सब के आखो में ासु थे केवल मौसी को छोड़के उनके आखो में गुस्सा था

मौसी (गुस्से में):- माँ में ये क्या सुन रही हु आपने आज तक बताया की राज अपने मर्जी से गया था फिर उन लोगो ने उसे आने नहीं दिया लेकिन ये सब तोह कुछ और hi बता रहे है आखिर सच क्या है

ममी :- जो आपको मुझे आज पता चला है वही सच है क्योंकि जब ये हमें राज के बारे में बता थे तोह इनकी आखे नीची होती थी लेकि जब राज बता रहा था तोह आखो में आखे दाल कर बोलै था

मौसी :- आप लोगो ने क्या सोच कर उसे मनहूस बोलै था जब की आप उन्हें जब यहाँ लेके आये थे उसके बाद 2 बार उनका एक्सीडेंट हुआ था और (मां से) भैया आप तोह नशे में उनकी जान लेने वाले थे अगर जीजाजी बिच में नहीं आते तोह आप तोह उन्हें मार hi देते क्यों

(नाना से) आप ने माँ को वचन दिया था न की जब भी उसका बीटा या बेटी जो भी होगा उसे अपने बचे जैसा प्यार देंगे उसे अपने सराखों पर बिठाएंगे

अब क्या हुआ आपके उन वचनो का आप तोह बड़ा मुचो पे तव देते हुए कहते थे की "हम सूर्यगढ़ वाले जान से जायेंगे लेकिन हमने दिया हुआ वचन नहीं मिटने देंगे" आज क्या हुआ आपके उन वचनो का

अब मुझे इस घर में रुकना hi नहीं है

नानी :- बेटी सुन तोह

मौसी :- नहीं माँ आज मुझे मत रोको

इतना बोलके मौसी अपने कमरे में चली गयी

ममी :- ससुर जी मुझे भी माफ़ करना में ये घर तोह छोड़के नहीं जाउंगी लेकिन आपका जो मान सामान मेरे नजरो में था वो आज ख़तम हो गया है मुझे माफ़ करना

इतना बोलके ममी भी अपने रूम में चली गयी फिर c.mama भी घर से बहार चले गए

वही मंदिर में

जब में उन बाबा के पास पंहुचा तोह

बाबा :- आज तक मेने किसी के प्रति लोगो का ऐसा स्वाभाव नहीं देखा जैसे तुम्हारे लिए है या तोह तुमने लोगो के दिल में अपने कर्मो से अपनी जगह बनायीं है या तोह तुम किसी बड़े घराने से हो परन्तु

(कुछ देर ध्यान से मुझे देखते हुए) तुम्हारे मुख का तेज ये कहता है की तुम जरूर किसी बड़े घराने से तालुक्कात रखते हो और तुम्हारे आखो का विनम्र भाव मुझे ये बताता है की तुम्हारे कर्मो के कारन इन नागरिको में तुम्हारे प्रति खास लगाव है

तभी उस भीड़ मेसे बाबा का एक चेला आकर उनके कान में कुछ कहता है जीसे वो मुस्कुरा उठते है

बाबा :- तोह तुम हो इस शेरगढ़ के छोटे मालिक इस पुरे साम्राज्य के वरिष्ठ ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह

में :- माफ़ कहना बाबा परन्तु ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह तोह अभी अपने हवेली के कमरे में सो रहे है और वो तभी उठते है जब कोई उन्हें या उनके परिवार को कबेडटा है में तोह इस गांव का एक आम किसान हु मेरा नाम राज है

बाबा :- जैसा सुना था वैसा hi पाया बताओ किस लिए यहाँ आये हो

में :- मुझे जानना है की हम कैसे अपने विचार और शक्ति को अपने काबू में रख सके

बाबा :- ध्यान बीटा ध्यान लगाओ जब तुम खुदको ध्यान मार्ग से देखोगे तब तुम्हे अपने विचारो से लड़ने की आवश्यकता नहीं होगी

में :- जी बाबा

बाबा :- एक बात याद रखना तुम्हारा जन्म प्यार बाटने के लिए हुआ है तुम किसी को भी अपने से प्यार करने से नहीं रोक पाओगे तुम्हारा रूप या तुम्हारे कर्म किसी को भी तुमसे लगाव या प्यार करने पर मजबूर कर देगा

में :- जी बाबा में ध्यान रखूँगा लेकिन मुझे ध्यान लगाना नहीं आता

बाबा :- आज कल के बचो के पास हर सवाल का जवाब होता है केवल उसे ढूंढ़ना आना चाहिए अब तुम जाओ तुम्हे कही और भी पहुंचना है

बाबा के बोलने के बाद जब में घडी देखता हु तोह उसमे 5:30 बज गए थे

में :- जी बाबा आज्ञा दीजिये

बाबा :- आज्ञा है बस एक बात याद रखना तुम्हारा जन्म प्यार बाँटने के लिए हुआ है

फिर में वह से निकल के मंदिर के बहार आ जाता हु जब में बहार आता हु तोह मुझे हसी आती है

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 14



ात होम

जब से दादाजी ने दीदी को बोलै था की उन्हें मेरे साथ रूम शेयर करना होगा तब से वह बहुत खुश थी की अब वह रात में आराम से मुझे सडके कर सकती है लेकिन इसमें भी एक रुकावट थी वो थे चाचा अभी दीदी उसी बारे में सोच रही थी की उनका फ़ोन रिंग होने लगा

जब उन्होंने फ़ोन देखा तोह उनकी जुड़वाँ बहन मीणा का था

फिर उनमे कुछ बाते हुए फिर जब फ़ोन रखा तोह फिर से वही सब दिमाग में आने लगा की वो कैसे मुझे सडके करेंगे मेरा क्या रिएक्शन होगा (कल रात वाले सन के बाद अब घर में सभी मेरे गुस्से को जितना ताल सकते है उतना टालने की तरय कर रहे थे)

अगर मेरा रिएक्शन पॉजिटिव हुआ तोह क्या करेंगे और नेगेटिव हुआ तोह कैसे खुद को जस्टिफाई कर्नेगे ये सब सोचते सोचते उनका ध्यान उनके फ़ोन पे गया जिसपर से उन्हें एक आईडिया आया और वह आईडिया था की इन्सेस्ट स्टोरीज में आईडिया ढूंढना

तोह अब इन्हे ढूंढने देते है और हम देखते है की हीरो क्या कर रहा है

जब में मंदिर से निकलता हु तोह सामने का नजारा देख के मेरी हसी निकल जाती है क्यूंकि जहा मेने बाइक कड़ी की थी अभी वह लोगो की भीड़ थी जहा बचे गाड़ी की स्टाइल देख रहे थे तोह जवान लोग बाइक पे बैठ के या बाइक के साथ फोटो खींच रहे थे और बूढ़े उन सब को देख रहे थे की कैसे 1 बाइक के पीछे सब पागल हुए पड़े है

अब में बाइक के पास जा hi रहा था की एक रॉब दर आवाज वह हुई

हैट जाओ सरे ये मेरी बाइक है कुछ देर के लिए पार्क क्या किया सब फोटो खींचने लगे

जब सब ने उस आवाज का पीछा किया तोह वह एक पहलवान टाइप आदमी खड़ा था

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आदमी :- सुना नहीं क्या जो अभी भी बैठे हो

तब तक में भी वह भीड़ में पहुंच गया था मुझे जानने वाले कुछ बोले उससे पहले मेने उन्हें इशारे से रोक दिया

में :- हम कैसे मन ले

मेरे बोलने पर सब का ध्यान मेरी तरफ गया जो मुझे जानते थे उनको तोह मेने पहले hi इशारा कर दिया था और जो नहीं जानते थे वो मेरी है में है मिलते हुए पूछने लगे

सब :- है बोलो हम कैसे मान ले

सब लोगो के पूछने से वो आदमी हड़बड़ा गया

आदमी :- ये तू अभी बालक है वही रह अगर जय बकवास की तोह ाचा नहीं होगा

में :- ठीक है गाड़ी का बिल दिखाओ और गाड़ी ले जाओ

आदमी :- ये तू नहीं जनता की में कौन हु

में :- कही आप ठाकुर साहब तोह नहीं

आदमी :- नहीं में वो नहीं हु

में :- है तोह तुम मेरा कुछ बिगड़ नहीं पायेगा

आदमी :- क्यों अपनी जान देव पे लगा रहा है ये मेरी बाइक है

में :- ाचा तोह चाबी तोह होगी न

आदमी :- देख बालक चुप चाप निकल ले नहीं तोह ाचा नहीं होगा

इस वक़्त उसका इशारा उसके लठबाजो की तरफ था

में :- बस यही ताकत एक बचे के लिए 10 लठबाज क्यों अकेले लड़ने में पहात गयी

आदमी :- आज तेरी अकड़ नहीं निकली रोह मेरा नाम भी शिवा पहलवान नहीं (लठबाजो से) मारो रे इसको

आदमी का इशारा मिलते hi सरे लठबाज मेरे सामने आ गए फिर उन मेसे 2 जान आगे आये जब वह आगे आ रहे थे ऐसा लग रहा था की जैसे वह स्लो मोशन में आ रहे हो तोह में भी तैयार हो गया मुकाबले के लिए और जैसे hi सामने से कोई आते हुए दिखा तोह

सामने से ा रहे सबसे पहले वाले के पेट में एक तेज जोरदार मुक्का मारा पांच इतना जोरदार ता इतना जबरदस्त था उसके अंदर इतनी ताकत थी की पेट के अंदर लगने के बाद पेट से एक कड़क्की आवाज़ हुई और उसके मुँह से खून की धार निकलने लगी उसकी ऐसी हालत देख करके सरे लठबाज एक बार अचानक hi रुक गया उम्मीद नहीं थी उन्होंने सोचा भी नहीं था की एक इंसान के अंदर इतनी ताकत हो सकती ह की एक hi मुक्के से रिड की हदी तक को तोड़ सकता ह ऐसा तोह बस उन्होंने साउथ के फिल्म्स में hi देखा था

सामने से दूसरे लठबाज को देखकर मेने अपने बांये हाथ का मुक्का दूसरे वाले के मुंह पैर मारा और वह मुक्का भी तेज था की उसके पूरा जबड़ा हिल गया और वह सीधा उडाता हुवा दूर जेक गिरा ….

तीसरे के चेस्ट पर पंच मारा जिसे वो उडाता हुवा पीछे आरहे लठबाजो के ऊपर जाकर गिरा…

सामने खड़े लेत बज के गले को पकड़ कर उठा कर सीधा जमीन पे फेंका और वो लठबाज निचे तेजी से टकरा कर फिर खड़ा हुआ अब वह पीछे गिरने लगा hi था की तब राज ने एक लात मर दी जिसे वो दूर जेक गिरा

वही उसका ध्यान सामने से आरहे सबसे तगड़े पहलवान पर गया तोह उसने अपने धन्य हाथ पंच उसके मुँह पर मार दिया जिसे वो हवा मई उडाता हुवा पीछे जाने लगा तोह मेने उसके पेअर पकड़ निचे गिरा दिया

फिर मेने उस गुंडों को मार कर आगे की तरफ चल दिया किसी में इतनी हिम्मत नहीं थी की उसे रोके उन लोगो की भी हालत ऐसी हो गयी किसी हाथ टूटे थे तोह किसी के पेअर किसी के तोह दोनों टूटे हुए थे सरे जमीं पर पड़े कराह रहे थे

सरे लेथ बाजो की ऐसे हालत देख सब शॉक हो गए लेकिन बचो ने शो का पूरा मजा उठाया हर पंच पे सिटी तोह हर किक पे ताली बजाते अभी भी वो सरे लेथ बाजो को चिढ़ा रहे थे

में भी एक दम स्टाइल से बाइक के पास जेक अपने कुर्ते के जेब से बाइक की के निकल के बाइक में फिट की और हेलमेट पहन लिया

वही वो आदमी गुस्से में तलमलने उठा और मुझपे वार करने लगा जैसे hi मैंने उसका एक पंच रोका था hi की तभी पीछे से आवाज आयी

क्या हो रहा है यहाँ

जब सब ने उस तरफ देखा तोह वह भीमा खड़ा था भीमा को देख के तोह जैसे उस आदमी में जोश जी भर गया

आदमी :- देखिये न ताऊजी इसने आपके इन सबसे बढ़िया पहलवानो की क्या हालत कर दी

जब भीमा ने अपने आदमियों की हालत देखि तोह उसे भी शॉक लगा की कैसे एक अकेला इंसान इतने त्रिनेड पहलवानो की ऐसे हालत कर सकता है

भीमा (मुझसे) :- क्यों रे इतनी चर्बी छड़ी है तो आखदे में do-do हाथ लड़ में भी तोह देखु क्या ताकत है तेरी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 15

भीमा (मुझसे) :- क्यों रे इतनी चर्बी छड़ी है तो आखदे में do-do हाथ लड़ में भी तोह देखु क्या ताकत है तेरी

अब आगे

में (हेलमेट उतर के) :- वही आ रहा था जी इस शिवा ने मुझ पर लठबाजो से हमला किया

जैसे भीमा काका ने मेरी शकल देखि उन्हें तोह जैसे 440 वाल्ट का झटका लग गया और लगे भी क्यों न उन्हों ने रत को hi मेरा गुस्सैल रूप देखा था लेकिन अभी उन्हों ने मेरी ताकत भी देख ली थी

फिर वो हमारे तरफ ए जैसे जैसे वो पास आरहे थे आदमी का कॉन्फिडेंस बढ़ता जा रहा था अभी उसने कॉन्फिडेंस में आके मेरी कल्लोर पकड़ी hi थी की एक झन्नाटे दर थप्पड़ उसके गाल पे पड़ा

जो मेरे hi हाथो उसपे पड़ा था लेकिन मेने थोड़ा काम जोर लगाया था.

आदमी:- (भीमा से) देखिये न ताऊजी आपके सामने मुझपर हाथ उठाया और बोल रहा था की आप उसका कुछ नहीं बिगड़ सकते

(मुझसे) अब क्या हुआ हेकड़ी निकल गयी ताऊजी को देख कर अब देख तेरी क्या हालत होती है

में :- भीमा ये सब साफ़ करवाओ और आधे घंटे में आखाड़े में पहुँचो में इंतज़ार कर रहा हु

भीमा :- जी

फिर में वह से अपनी बाइक लेके निकल गया और पीछे रह गया वो आदमी गांव वाले और भीमा गांव वाले तोह धीरे धीरे जाने लगे लेकिन वो आदमी भीमा की hi तरफ देख रहा था की कैसे वह एक बालक से ऐसे डरगया की उसके आर्डर फॉलो कर रहा है वही भीमा ने मेरे आर्डर पर काम करना सुरु कर दिया और सबसे पहले एम्बुलेंस को फ़ोन मिला दिया

आदमी :- ये क्या ताऊ जी आप कैसे एक आम किसान से ऐसे दर गए वो आपके सामने आपके भतीजे को मार गया आपके पहलवानो की ये हालत कर दी और आप शांत खड़े रहे

अभी उसने इतना hi बोलै था की उसे एक थप्पड़ और पड़ा जो भीमा ने मारा था

भीमा :- मुर्ख मेने क्या बोलै था यहाँ अपनी ताकत का शो ऑफ मत दिखा तुझे पता है जिससे तूने पन्गा लिया वह कोण है

आदमी :- होगा कोई आम सा किसान

भीमा :- आम सा किसान वाले वो कोई आम किसान नहीं बल्कि खुद ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह थे यानि छोटे मालिक समझे वही जिनकी सुरक्षा करने के लिए तुझे बुलाया था लेकिन तूने आते hi सारा गोबर कर दिया चल जा अब घर पे hi रहना में आता हु

इतना बोलके भीमा काका भी वह से निकल गए पीछे रह गया वो आदमी जो अभी शॉक में hi था जैसे उसके आसपास क्या हो रहा है उसे कुछ पता hi न हो उसका ब्रेन hi हैंग हो गया

जब थोड़ा समय बीत गया तोह उसे भीमा काका के आखरी शब्द याद आये और वह याद आते hi उसके पेअर थार थार कपङे लगे क्योंकि वह भी जनता था की मेरे घर पे किसी को भी पता चला तोह उसकी क्या हालत होगी

वही जब में अखाड़े में पंहुचा तोह देखा 1 पहलवान 3 पहलवान से एक साथ लड़ रहा है जब में उसके पास गया तोह ऐसा लगा जो भी देव वह इस्तेमाल कर रहा है वो सरे देव मेरे दिमाग में भी स्टोर हो रहे है जैसे की मेरी आखे कोई कैमरा हो और बस वही नहीं उन हमलों से कैसे बचा जाये उसके आईडिया भी अपनेआप मेरे दिमाग में आ रहे थे और जब मुकाबला ख़त्म हुआ तोह वो पहलवान निचे खड़े लोगो के तरफ देखके

प. :- हे कोई मैकलाल यहाँ जो मुझे हरा सके है हिम्मत किसी में या सरे कायर भरे पड़े है यहाँ

अब ऐसी ललकार सुनके में कहा शांत बैठने वाला था मेने अपना हाथ उठा लिया

में :- में लडूंगा तुझसे

वह खड़े सब लोग मेरे तरफ देख रहे थे

प. :- तेरे हिम्मत की डैड देनी पड़ेगी चल तुझे एक मौका और दिया सोच ले

में :- क्यों अब तू दर गया क्या

प. :- ज्यादा बोल रहा है

में :- है बोल रहा हु तोह क्या कर लेगा

इतना बोल के में भी मैदान में कूद गया अभी हम लड़ना स्टार्ट hi करने वाले थे की भीमा काका आगये

भीमा :- शेरा रुको क्या हो रहा है

प. :- कुछ नहीं पिता जी वो प्रतियोगिता में जो दंगल होना है उसका अभ्यास.

काका :- और वो किसके साथ कर रहे हो पता है

प. :- नहीं मेने तोह सब को चुनौती दी थी इसने स्वीकार कर ली

भीमा :- शांत बैठ (मुझसे) आप चलिए मेरे साथ आप को तलवार बजी के अभ्यास के लिए स्थान बता देता हु

में :- चलिए

फिर काका ने मुझे सबसे पहले आखाड़ा घुमाया फिर मुझे वो जगह दिखाई जहा पे सरे लोग तलवारबाजी सिख रहे थे फिर भीमा काका ने मुझे कुछ इम्पोर्टेन्ट इनफार्मेशन दी की क्या कैसे करना है फिर मुझे जाने के लिए कह दिया

जब में बहार निकल रहा था की मेरी नजर कोने में खड़े shiva(mandir वाला) और shera(akhade वाला) वो दोनों बात कर रहे थे उन्हें इग्नोर करके में वह से मीरा माँ के खेत की और निकल गया

जब में खेत में पंहुचा तोह उसे खेत से कुछ आवाजे आके लगी जब उसने झक के देखा तोह गांव का hi एक आदमी एक औरत को छोड़ रहा था

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उनकी बातो से लग रहा था की वह मिया बीवी है और घर में ज्यादा लोग होने कारन उन्हें खेतो का सहारा लेना पड़ा

राज वह रुक कर पूरा शो देख रहा था की तभी उसे लगा की शो अब ओवर होने वाला है तोह वह तुरंत वह से भाग गया और थोड़े दूर जेक अपनी स्पीड काम की अब राज के लिए बड़ी समस्या थी एक तोह उस पोशण ने अपना काम किया ऊपर से उसे साडी चीजे अब स्लो मोशन में दिख रही थी जिस वजह उस लड़की के चुड़ते वक़्त आने वाली आवाजे और हिलते हुए उसके बूब्स और गांड उसके सामने बिलकुल स्लो मोशन दिख रहे थे जिससे उसे और hi एक्ससिटेमेंट हो रही थी वो खुद को काबू करते हुए कैसे तैसे मीरा माँ की झोपड़े की तरफ चल दिया लेकिन वह वह भी नहीं थी जिससे राज परेशां हो गया और फिर वह उन्हें ढूँढ़ते हुए जा पंहुचा वही झोपड़े के थोड़ी दूर hi नदी की तरफ

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जहा से उसे कुछ आवाजे आ रही थी जब वह वह पंहुचा तोह देखता hi रह गया वह मीरा माँ नदी में नाहा रही थी भले hi कपडे पहने थे परन्तु भीगने के वजह से वो सरीर से पूरी तरीके से चिपक गए थे जिससे वह और भी आकर्षित लग रही थी

इधर जब मीरा ने राज को देखा तोह उसे आवाज देने लगी लेकिन उसके दिमाग में तो मीरा की कामुक काय घूम रही थी जो की उसे अपनी और आकर्षित कर रही थी मनो कह रही हो की आज अपने दिल की हर मुराद पूरी कर लीजिये भर लीजिये मुझे अपनी मजबूत बाहो में और इस खुले आसमान के निचे मेरे जिस्म का हर अंग मसल दीजिये मेरे मालिक

यही सब सोचते हुए काफी समय निकल गया तो राज का मैं मीरा को देखने के लिए बेचैन होने लगा इस लिए वो भी वह से खेत के दूसरे साइड की तरफ चल दिया जहा उससे मीरा मिल गयी

अभी वो कुछ दूर hi चला था की उसे उसकी मीरा पानी में से बहार आती दिखाई दी

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राज तो उसके कामुक रूप में खो सा गया और कही मीरा उसे न देख ले इसलिए झाड़ियों की कवर में चुप गया

मीरा ने रूद्र को पहले hi देख लिया था इसलिए स्माइल उसके चेहरे पे आ गयी

और वो पानी में से बहार निकल ने लगी

और पानी से बहार आकर वो वही किनारे पैर बैठ कर खुद को साफ़ करने लगी मीरा को देख कर कोई नहीं कह सकता था की घर में इतनी साढ़े वेश में रहने वाली गाओ की एक आम औरत ऐसे वेश भूषा में इतनी कामुक लग सकती

उसके ऐसे बैठने से उसका पेटीकोट थोड़ा सा उठ गया था जिसकी वजह से साफ़ तो नहीं लेकिन राज को अपनी भविष्य की कर्मभूमि के दर्शन कल्पना मात्र से तो हो hi गए जिसे देख कर उसका लुंड भी अब सर उठाने लगा था जिसे वो हाथो से मसल रहा था

थोड़ी देर यही खुद को साफ़ करने के बाद मीरा झाड़ियों की कवर में खड़े हो कर अपने कपडे खोल ने लगी जो की पुरे भीग गए थे

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राज की सांसें ये कामुक नज़ारा देख कर hi भरी हो चली थी की मीरा ने एक और वार करके उसकी आग में घी का काम कर दिया

मीरा ने अपने दोनों हाथो से अपनी छाती को पकड़ा और उन्हें अपने हाथो से दबा दबा कर पानी निकाल ने लगी

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जिसे देख कर राज के कदम खुद बा खुद अपनी मीरा की तरफ चल दिए जैसे जैसे वो मीरा के करीब जा रहा था मीरा की सांसें भी तेज़ होने लगी थी क्युकी वो जानती थी की राज कुछ न कुछ हरकत जरूर करेगा क्युकी उसने हरकत hi ऐसी की थी

मीरा अभी ये सब सोच hi रही थी की राज ने पीछे से आकर उसे अपनी बाहो में भर लिया

जिस के लिए मीरा तैयार नहीं थी इसलिए वो राज की बहो में चटपटा ने लगी

मीरा- आअह्ह्ह ये क्या कर रहा है मालिक हटिये न आप पागल तो नहीं हो गए है उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़

राज- हां में पागल हो गया है मीरा तुम्हारी इस चमकती काय ने मुझे पागल कर दिया में तुम्हे पाना चाहता हु तुम में शमा जाना चचता हु आज मुझे मत रोको मीरा नहीं तोह में काबू नहीं रख पाउँगा

मीरा :- अह्ह्ह्हह तोह किसने कहा है आपको को काबू रखिये बस खुले में नहीं कोई देख लेगा तोह अनर्थ हो जायेगा उफ्फफ्फ्फ़

मीरा ने जब ये बोलै तोह उसे अभी कुछ देर पहले की बात याद आगयी तोह वो भी मीरा को लेके झोपडी में आ गया

राज :- चल अब कोई नाटक नहीं

मीरा :- जी मेरे मालिक.

जैसे hi मीरा ने राज को ग्रीन सिग्नल दिया वैसे hi उसे अपने बहो में भर लिया

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मीरा :- अह्ह्ह्हह मालिक आज आपको क्या हो गया है आप इतने बेसब्र तोह पोशनस पिने के बाद भी नहीं थे

राज (उसकी गांड पर मरते हुए) :- शांत हो जा जो भी बात करनी है बाद में अभी नहीं अभी बस मजे कर और करने दे

मीरा :- अह्हह्ह्ह्ह मालिक तो रोका किसने है आपको

राज :- बस अब कुछ नहीं आअज मुझे ये रास चख लेने दो

और कहते hi मीरा के होठो को अपने होठो से बंद कर दिया

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और मीरा की गोरी चुकी को हाथ में लेकर मसल ने लगा

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मीरा इस दोहरे हमले से कमजोर पड़ने लगी और अपने मालिक का साथ देने लगी राज तो ये देख कर hi खुश हो गया था की आज उसे वो मिलने वाला है जिसके लिए वह इतना तड़पा है

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आज के लिए इतना hi

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