Update 010 -
सबसे पहले हमने एक रेस्टोरेंट में जाकर लंच किया। उसके बाद रवि मुझे भोपाल की कुछ फेमस जगह घुमाने ले गया। इस दौरान हमारी काफी अच्छी बाऊंडिंग हो गई थी। फिर लास्ट में हम लोग भोपाल के बड़ा तालाब पर पहुँचे। वहाँ काफी सारे लोग घुमने आये हुए थे, खासकर कपल्स। मुझे वो जगह काफी अच्छी लगी, वहाँ बड़ा तालाब पर वोटिंग की सुबिधा भी थी। पर चूँकि शाम हो गई थी, इसलिए हमने अगले दिन बोटिंग करने के बारे में डिसाईड किया था। हम अभी वहाँ यूँ ही टहल रहे थे कि अचानक रवि ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और अपने एक हाथ से मेरी कमर को मजबूती से पकडकर दूसरे हाथ से मेरी गाँड को सहलाने लगा।
इससे पहले मैं कोई रियेक्ट करती उसने मेरे होँठों पर अपने होंठ रख दिए और मुझे किस करने लगा। हालाँकि रवि का ऐसा करना मुझे अच्छा ही लगा था, पर अब तक हमारा रिलेशन मात्र फ्रेंडशिप बाला था। इसके अलावा दोपहर में जब वो मुझे लेने होटल आया था, तब भी उसने मेरे साथ कोई गलत हरकत नहीं की थी। जिस कारण मेरी नजर में वो अब तक एक अच्छा लड़का ही था। पर अचानक से उसकी इस हरकत से मैं बुरी तरह से हैरान थी। मैं इस बारे में सोच ही रही थी कि तभी उसने मुझे किस करना बंद कर दिया और मेरे कान में धीरे से बोला।
रवि- सॉरी…… प्लीज बुरा मत मानना.... वो मेरी एक्स गर्लफ्रेंड अपने नये बॉयफ्रेंड के साथ यहाँ पर है और वो मुझे देखकर अपने बॉयफ्रेंड को हग कर रही थी। इसलिए मैंने भी उसे जलाने के लिए ऐसा कर दिया। प्लीज प्लीज मुझे माफ कर दो
रवि की बात सुनकर मैं सारा मामला समझ गई थी। लेकिन फिर भी मैं उसे थोडा गुस्से में धूरते हुए बोली
निशा- ठीक है मैं समझ गई कि तुमने अपनी एक्स को जलाने के लिए मुझे हग किया था, लेकिन फिर तुमने मुझे किस क्यों किया????
मेेरी बात सुनकर रवि थोडा हकलाते हुए बोला
रवि- वो वो तो बस मैंने अपना रिलेशनशिप रियाल दिखाने के लिए किया था…
निशा- या फिर मौके का फायदा उठाने के लिए
रवि- माँ कसम ऐसा कुछ नहीं है, और सॉरी तो बोला है ना मैंने
निशा- तो अब छोडो मुझे…. क्या पूरे भोपाल को बताना है कि मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड हूँ और एक बात बताओ, तुम्हारा हाथ हर बार मेरे पिछबाडे पर ही क्यों जाकर अटक जाता है। अपनी एक्स को जलाने के लिए हग किया और किस भी किया चलो ठीक है, मेरी कमर पर पर हाथ रख लिया ये भी ठीक है और ये भी मान लिया की मेरे पिछबाडे पर गलती से हाथ रख दिया, पर उसे सहलाने का क्या मतलब था मिस्टर रवि
मेरी बात सुनकर रवि ने मुझे तुरंत छोड दिया और बोला
रवि- वो वो वो तो बस हीट ऑफ मूवमेंट में हो गया। बैसे भी तुम पीछे से इतनी हॉट और सेक्सी लगती हो कि कोई आदमी कंट्रोल कर ही नहीं पाता है। मैंने भी अब तक अपने आप को कैसे कंट्रोल किया हुआ है, यह तो बस मैं ही जानता हूँ।
निशा- सच बोल रहे हो ना... कहीं ऐसा तो नहीं कि तुम गे हो और तुम्हें बस लडके लडकियों के पिछबाडे ही पसंद आते हों। देखा अगर ऐसी कोई बात है तो अभी बता दो। बैसे मुझे इससे कोई प्रॉब्लम नहीं है। पर मैं अगली बार अपनी सेफ्टी का ध्यान रखूंगी खासकर पिछबाडे का।
रवि- कैसी बात कर रही हो... मेरे ऐसे बैसे कोई शौक नहीं है। मैं एक स्ट्रेट लड़का हूँ और मुझे केवल लडकियों में ही इंट्रेस्ट है.. बस। हाँ यह बात अलग है कि लडकियों का पिछबाडा मुझे कुछ ज्यादा ही एक्साईटेड करता है, पर लडकों का नहीं समझी। इसलिए अगली बार मुझे गे मत कहना।
निशा- अच्छा तो यह बात है, तो फिर बताओ कहाँ है तुम्हारी एक्स। सच में यहाँ है या फिर मुझसे झूठ बोलकर मेरा एडवांटेज ले रहे थे।
मेरी बात सुनकर रवि ने एक लड़का और लड़की की तरफ इशारा किया। हाँलाकि वो लड़की काफी खूबसूरत थी, पर मुझसे ज्यादा तो बिल्कुल भी नहीं थी और उसके साथ जो लड़का था वो भी एवरेज ही था। रवि तो उस लडके से कई गुना ज्यादा हैंडसम दिखता था। मुझे उस लड़की की च्वाईस पर हैरानी हुई की उसने रवि जैसे हैंडसम लडके को छोडकर, उस लडके को सिलेक्ट किया है। मैं उन दोनों को देखकर बोली
निशा- आखिर तुम लोगों का ब्रेकअप क्यों हुआ था
रवि- कोई खास बजह नहीं थी। बस बो लड़का शायद मुझसे ज्यादा पैसे बाला है। असल में मेरी एक्स के बर्थडे पर मैंने उसे एक गोल्ड चैन गिफ्ट की थी औऱ उस लडके ने डायमंड रिंग गिफ्ट कर दी। मैंने अपनी एक्स से कहा कि उसे वो डायमंड रिंग बापिस कर देनी चाहिए। क्योंकि वो लड़का केवल उसका दोस्त है और अपने दोस्त से इतना मंहगा गिफ्ट लेना ठीक नहीं है। खासकर तब जब हम किसी को इतना मंहगा रिटर्न गिफ्ट ना दे सकते हों। अगर तुम्हें डायमंड रिंग पसंद है तो मैं तुम्हें इससे अच्छी डायमंड रिंग लाकर दे दूँगा। पर उसने मना कर दिया और मेरे साथ साथ उस लडके से भी फोन पर बातें करने लगी। जब मुझे इस बारे में पता चला, तो मैंने अपनी एक्स से इस बारे में बात की। लेकिन उसने सफाई देने के स्थान पर सीधा ब्रेकअप कर लिया।
निशा- पर तुमने गिफ्ट बापिस करने के लिए कहा ही क्यों और तुमने भी तो उसे गोल्ड चैन दी थी और डायमंड रिंग देने की बात कह रहे थे।
रवि- हम लोग ऑफीसियल गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड थे, और बारे में सारे कॉलेज को पता था। मैं उसे काफी पसंद करता था, इसलिए यह बात भी पक्की थी कि मैं आगे चलकर उससे शादी जरूर करूँगा। इसलिए मैंने जो भी गिफ्ट उसे दिया वो अपनी होने बाली बाईफ के लिए दिया था। पर वो लडका तो मात्र उसका दोस्त था। बैसे भी मेरी एक्स की फैमली मिडिल क्लास फैमिली है। एक बॉयफ्रेण्ड होने के बाबजूद किसी दूसरे लडके से दोस्ती रखना या उससे कोई गिफ्ट लेना गलत नहीं है। पर अगर हम अपने किसी दोस्त से कोई मंहगा गिफ्ट लेते हैं, तो वो भी हमसे यही उम्मीद रखता है कि हम भी उसे भी रिटर्न में कोई महंगा गिफ्ट दें। पर ना तो मेरी एक्स कोई मंहगा गिफ्ट देना अफोर्ड कर सकती है और ना ही उसकी फैमली। बस इसीलिए मैंने उसे गिफ्ट लेने से रोका था।
रवि अब तक मुझे काफी समझदार और सुलझा हुआ लडका लग रहा था और उसकी बातों और पर्सनेलिटी में मैं अब तक काफी इम्प्रेश हो चुकी थी। इसलिए रवि की बात सुनकर मैं उसे समझाते हुए बोली
निशा- हूँ तो ये बात है... चलो कोई नहीं…. जो हो गया सो हो गया। तुम यह सोचो की वो लडकी तुम्हारे लायक ही नहीं थी।
रवि- मैं उसे भूल चुका हूँ। वस बो यूँ अचानक सामने आ गई, इसलिए मुझे थोडा गुस्सा आ गया था।
निशा- अच्छा एक बात पूछूँ थोडा पर्सनल है। अगर ना बताना चाहो तो कोई बात नहीं
रवि- अरे बाबा पूछो ना…. मैं तुम्हें अपना अच्छा दोस्त मानता हूँ। इसलिए तुमसे कुछ भी नहीं छिपाना चाहता। तुम्हें जो भी पूछना है वो बिंदास होकर पूछो।
रवि की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुए बोली
निशा- नहीं नहीं रहने दो… मुझे नहीं पूछना कुछ
रवि- अरे मेरी माँ पूछो ना…. आखिर क्या जानना चाहती हो…..
निशा- कहीं ऐसा तो नहीं है कि वो तुम्हारे साथ फिजीकल होना चाहती हो, पर तुमने मना कर दिया हो या तुममें कोई कमी हो। इसलिए उसने दूसरा रास्ता अपनाया हो
मेरी बात सुनकर रवि ने अजीब सा मूँह बनाया और बोला
रवि- सच में तुम लड़की ही हो ना.... यह तो हद हो गई.... देखो मैडम मुझमें कोई कमी नहीं है। मैं एक परफेक्ट मैन हूँ और हाँ हम पहले कई बार फिजीकल भी हुए हैं।
निशा- तो कहीं टाईमिंग या साईज की तो कोई प्राब्लम.....
मैं अपनी बात पूरी करते करते रह गई थी। क्योंकि रवि ने मुझे गुस्से से घूरा पर फिर बेचारा सा मूँह बना कर बोला
रवि- यार ऐसा कुछ भी नहीं है, जो तुम सोच रही हो... मेरे साथ सब कुछ नार्मल है। अब मैं यहाँ अपनी पेंट खोलकर तो दिखा नहीं सकता।
निशा- अच्छा अच्छा ठीक है मैं समझ गई। पर इतना गुस्सा क्यों हो रहे हो। मैं तो बस तुम्हारे मजे ले रही थी। चलो चलकर तुम्हारी एक्स को थोडा तंग करते हैं।
रवि- नहीं मुझे नहीं जाना उसके पास
निशा- मतलब तुम अब भी उसे पसंद करते हो। अगर तुम कहो तो मैं उन दोनों का ब्रेकअप भी करवा सकती हूँ। फिर तुम्हारा रास्ता क्लीयर हो जाऐगा
रवि- नहीं अब मैं उसे बिल्कुल भी पसंद नहीं करता हूँ।
निशा- तो फिर चलो ना... दोनों को जलाते हैं
रवि- तुम अभी ब्रेकअप के बारे में क्या कह रही थी
निशा- अगर तुम कहो तो मैं उन दोनों का ब्रेकअप भी करवा सकती हूँ।
रवि- पर कैसे
निशा- कुछ खास नहीं वस मुझे अपने थोडे जलबे उस लडके को दिखाने पडेंगे। जिसके बाद वो मुझसे मेरा नम्बर जरूर माँगेगा और फिर वो पक्का मुझे कही मिलने के लिए भी बुलाऐगा। बस तुम्हें उसी वक्त अपनी एक्स को वहाँ भेजना है, और फिर हो गया उन दोनों का ब्रेकअप। जो उसने तुम्हारे साथ किया, वही उसका नया बॉयफ्रेंड उसके साथ करेगा।
रवि- लेकिन उस लडके ने कोई ऐसी बैसी हरकत की तुम्हारे साथ तो
निशा- तुम उसकी चिंता मत करो... बैसे भी तुम हो ना मेरी सेफ्टी के लिए
रवि- ठीक है हम यही करेंगे। पर मैं यह सब अपनी एक्स को सबक सिखाने के लिए कर रहा हूँ, ना कि उसे फिर से पाने के लिए। इसलिए कुछ भी ऐसा बैसा मत सोचना
निशा- क्या फर्क पडता है
रवि- मुझे पडता है। मैं नहीं चाहता कि तुम मेरे बारे में कुछ गलत सोचो
निशा- क्यों
रवि- पता नहीं... शायद मैं तुम्हें पसंद करने लगा हूँ
निशा- इतनी जल्दी मेरे बारे में ऐसे ख्याल लाना ठीक नहीं है। बैसे भी तुम मेरे बारे में कुछ भी नहीं जानते।
रवि- मुझे कोई फर्क नहीं पडता
निशा- ठीक है तुम्हारी मर्जी पर इतना याद रखना कि आगे जाकर हमारा कोई भविष्य नहीं है। हम दोनों अच्छे दोस्त बनकर तो रह सकते हैं या हो सकता है कि थोडा उससे भी आगे कुछ हो जाऐ। पर हम सारी जिंदगी एक साथ नहीं रह सकते है और मैं नहीं चाहती कि तुम एक बार फिर आज बाली स्थिती में फंसो। इसलिए फ्यूचर में अगर तुम्हें कोई अच्छी लड़की मिले, तो उसे अपने से दूर मत जाने देना।
रवि- हाँ हाँ ठीक है ठीक है तब की तब से देखेंगे पर कल के चक्कर में अपना आज क्यों खराब करें।
निशा- ये भी ठीक है तो चलो
इसके बाद हम दोनों एक साथ रवि की एक्स की तरफ जाने लगे। चलते हुए रवि ने अपना एक हाथ मेरी कमर पर रखने के बहाने मेरी गाँड के ऊपर रख दिया और उसे हल्के से सहलाने लगा। तो मैंने उसे एक गुस्से बाला लुक दिया। पहले तो उसने ध्यान नहीं दिया पर जब उसे लगा की मैं उसे गुस्से से घूर रहीं हूँ तो वो समझ गया कि क्या बात है। इसलिए उसने अपना हाथ थोडा ऊपर कर के कमर पर रख दिया। उसकी इस हरकत से मैं मुस्कुराकर बोली
निशा- मतलब तुम नहीं सुधरोगे...
रवि- सॉरी वो गलती से वहाँ हाथ चला गया था
निशा- हाँ हाँ पता है तुम्हारी सॉरी का मतलब। तुम्हें तो बस मौका चाहिए होता है। कम से कम यह तो देख लो कि कितने लोग हैं यहाँ पर। क्या सोचेंगे हमारे बारे में, कही भी हाथ रख देते हो
रवि- मतलब
निशा- मतलब कुछ नहीं
रवि- यानि तुम गुस्सा नहीं हो
निशा- अब क्या कर सकती हूँ, जब दोस्त के इतने अजीब अजीब शौक हैं तो, बार बार झगडा तो कर नहीं सकती
रवि- मतलब अगर मैं फिर से वहीँ हाथ रखूँ, तो तुम बिल्कुल भी गुस्सा नहीं करोगी
रवि की बात सुनकर मैंने उसे फिर से गुस्से में देखा तो वो बोला
रवि- अभी अभी तो तुमने कहा कि तुम झगडा नहीं करोगी
निशा- हाँ… तो क्या तुम हर बार मेरा एडवांटेज लेने की कोशिश करोगे
रवि- नहीं वो तो बस जब ज्यादा एक्साईटमेंट हो, तो उसे कम करने के लिए
निशा- मिस्टर रवि यहाँ वहाँ हाथ रखने से या ऐसी बैसी कोई हरकत करने से एक्साईटमेंट कम नहीं होता है, बल्कि और भी ज्यादा बड जाता है। बैसे भी मैं एक ओपन माईंडेड लड़की हूँ, इसलिए मैं ऐसी बातें खुल कर कर लेती हूँ। जैसे लडके एक्साईटेड होते हैं, बैसे ही लडकियाँ भी होती हैं और ऐसा बैसा करने से जितना मजा तुम लडकों को आता है। उतना ही मजा हम लडकियों को भी आता है।
रवि- मतलब मेरे वहाँ हाथ रखने और सहलाने से तुम्हें कोई प्रॉब्लम नहीं है और तुम्हे भी यह सब अच्छा लगता है।
निशा- हाँ लगता है…. पर अगर हम लड़कियाँ इसका विरोध ना करे और बस मजे लें, तो तुम लडके उसे गलत समझने लगते हैं।
रवि- ऐसा नहीं है… पक्का मैं तुम्हारे बारे में कुछ भी गलत नहीं सोचूँगा… माँ कसम
निशा- तो अब क्या करूँ मैं,,,,
रवि- कुछ खास नहीं बस मुझे तुम्हारे पिछबाडे पर हाथ रखने और सहलाने की परमीशन दे दो... मैं भी थोडा इंजाय कर लूँगा और तुम भी कर लेना
निशा- अरे पागल हो क्या... सिचुऐशन तो देखो, कितने लोग है यहाँ पर.... कहीं अकेले में कर लेना मैं नहीं रोकूँगी। लेकिन केवल उतना ही उससे आगे बढने की कोशिश मत करना।
रवि- हाँ पक्का... जब तक तुम नहीं कहोगी आगे नहीं बडूँगा
इतना बोलकर उसने फिर से मेरी गाँड पर हाथ रख दिया और सहलाने लगा। मैंने उसे फिर से गुस्से में घूरा तो बो बोला
रवि- तुमने ही तो कहा था कि सिचूऐशन देखकर करना है। देखो हम मेरी एक्स गर्लफ्रेंड के पास जा रहे हैं, तो उसे भी तो लगना चाहिए कि हम दोनों कितने पास आ गए हैं।
इतना बोलकर उसने मेरे गाल पर जल्दी से एक किस भी कर दिया। अब तक हम रवि की एक्स के एकदम पास आ गए थे। इसलिए मैं अब उससे कुछ कह भी नहीं सकती थी। बैसे भी उसकी इन हरकतों से मुझे बहुत मजा आ रहा था। इसलिए मैं बस मुस्कुराकर रह गई। रवि के साथ एक बार फिर मैं अपनी कॉलेज लाईफ को इंजॉय कर रही थी। कितने हसीन दिन थे वो, पर शादी के बाद सब बदल गया था। इसलिए मैं उसके साथ एक बार फिर वही पुरानी जिंदगी जीकर बहुत खुश थी।
हालाँकि यह सब बस कुछ दिनों का ही था। क्योंकि उसके बाद मुझे फिर से अपनी पुरानी जिंदगी मैं लौटना था। पर फिलहाल मैं अपनी पुरानी जिंदगी के बारे में बिल्कुल भी सोचना नहीं चाहती थी। मैं अपना यह पूरा हफ्ता इंजॉय करना चाहती थी।
कहानी जारी है..........