नीरू वहीं हॉल में खड़ा इधर-उधर देख रहा था। मुझे देखते ही बोला, “मैम साब, शुरू करें सफाई?”
मैं बोली, “हाँ, लेकिन सबसे पहले हमें स्टोर रूम से शुरू करना है। आओ मेरे साथ।”
मैं उसे लेकर स्टोर रूम की तरफ चल पड़ी। हमारा स्टोर रूम बेसमेंट में था। सीढ़ियाँ उतरकर नीचे जाने पर एक मध्यम साइज का कमरा था। उस कमरे के एक हिस्से में छत की ऊँचाई से करीब 4 फुट नीचे और जमीन से 5 फुट ऊपर एक गैलरी बनी हुई थी। गैलरी ज्यादा बड़ी नहीं थी, लेकिन उस पर काफी सारा सामान पड़ा हुआ था – ढेर सारे कार्टन और सूटकेस।
बेसमेंट में होने की वजह से स्टोर रूम में कोई एग्जॉस्ट विंडो या रोशंदान नहीं था। इसलिए वहाँ हमेशा भारी गर्मी, नमी और हबस रहती थी। किसी तरफ से सीधी रोशनी या हवा नहीं आती थी। जितनी बार भी मैं स्टोर से कुछ निकालने या रखने जाती, कुछ ही मिनटों में पसीने से तर-बतर हो जाती थी।फनलव की रचना।
मेरे पीछे-पीछे नीरू चल रहा था। उसके पीछे आने की वजह से मैं अचानक बहुत ज्यादा conscious हो गई थी कि उसकी नजर मेरी गांड पर तो नहीं पड़ रही होगी। इसी वजह से मेरी चाल कुछ अजीब सी हो रही थी। मैं कोशिश कर रही थी कि मेरी गांड ज्यादा न मतके, लेकिन शायद इस कोशिश में मेरी कमर में ज्यादा ही खम पड़ रहे थे।
नीरू मेरे पीछे ही स्टोर में दाखिल हुआ। मैंने अंदर की लाइट जलाई। एक ट्यूब लाइट लगी हुई थी, जो जलते ही पूरे स्टोर को काफी रोशन कर देती थी। लेकिन अंदर घुसते ही गर्मी का जोरदार अहसास हुआ।
मैंने उससे कहा, “सबसे पहले ऊपर चढ़कर गैलरी की सफाई करनी है और कुछ बॉक्सेस व कार्टन्स इधर-उधर एडजस्ट करने हैं।”
वह बोला, “ठीक है मैम साब, जैसा आप कहें।”
मैंने एक तरफ पड़ी लकड़ी की सीढ़ी की तरफ इशारा किया, “ये ले लो और ऊपर चढ़कर ब्रश लगा लो। फिर कुछ बॉक्सेस की सेटिंग का काम करते हैं। तुम ये काम कर लो, मैं अभी वापस आती हूँ।”
उसे काम बता कर मैं बेसमेंट से ऊपर आ गई। इतनी सी देर में ही मेरे बदन पर पसीना आने लगा था।
मैं अपने बेडरूम में गई, एसी चला दिया और टीवी देखने लगी। साथ ही मैंने ब्रश उठाया और अपने शोल्डर लेंथ के काले रेशमी बालों में ब्रश (कंघी) करने लगी। मैं ड्रेसिंग टेबल के पास बैठी थी और ब्रश करते हुए टीवी सीरियल देख रही थी।
टीवी देखने में इतनी खो गई कि मुझे बिल्कुल याद नहीं रहा कि घर में कोई काम करने के लिए आया हुआ है। बैठे-बैठे अपनी धुन में ब्रश करने के बाद अपनी रूटीन के मुताबिक हल्का-फुल्का मेकअप करने लगी। मैंने एक प्यारी सी चमकदार रेड लिपस्टिक लगाई, फेस पाउडर से अपने चेहरे की खूबसूरती बढ़ा ली। साथ ही अपना फेवरेट परफ्यूम अच्छी तरह पूरे शरीर पर स्प्रे कर लिया।
घर में मैं अक्सर इसी तरह रहती थी जब तक मेरे पति के आने का समय न हो जाता। मेकअप से फारिग होकर मैं बेड पर तकिए के सहारे लेट गई और टीवी देखने लगी। मुझे नीरू के बारे में बिल्कुल याद नहीं था। फनलव की पेशकश।
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jude rahiye..........
Funlover.