बससससस.. करो ..(नम्रता एक पहेली) - Page 2 - SexBaba
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बससससस.. करो ..(नम्रता एक पहेली)

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अपडेट--- 009

डोरे बेल्ल बजती हैं

है ........ट्रिंग ....ट्रिंग............. लगता है नम्रता की माँ आ गयी थी .....वोह जल्दी से उठके ...... दरवाजा खोलने निकल पड़ती है .......

अब्ब आगे ...................

नम्रता तेजी से अपना हुलिए ठीक करते हुवे दूर खोलने के लिए भगति hai......uski माँ आ चुकी थी ...उनके हाट में ढेर साडी बैग्स थे ....और साथ में उसके डैड भी थे ........ दोनों के चेरे पर स्माइल थी .

.........वोह दोनों ...घर मैं एंटर करते है .... नम्रता को जानना था की उन बैग्स मैं क्या है लेकिन नम्रता की माँ उससे न दिखते हुए हे वोह बैग्स अपने रूम मैं ले जाती है .....और ....फ्रेश होने चली जाती हैं.

नम्रता हॉल मैं सोफे पे बैठ जाती hai....uske डैड भी हॉल मैं थे ...

डैड :- कैसे हो बीटा

नम्रता:- वेल ...आप आज जल्दी आ गए .!

डैड:- है बीटा ....!!

नम्रता:- ok ...थें आपने क्या लाया हैं उन बैग्स मैं ??

डैड:- तुम्हारे माँ से पूछो ......

नम्रता:- ोककक

...डैड भी अंदर चले जाते हैं ....

आज नम्रता को लाइफ मैं पहली बार ऐसा कुछ देखा था . उसका तोह उसकी माँ डैड के आने पर भी ध्यान नहीं था ....वोह चीज उसके लिए बोहोत नई थी ....और उसको उस चीज के बारे मैं एक्ससिटेमेंट ज्यादा बढ़ जाती है .......उसको बोहोत अच्छा फील हो रहा था ......कुछ देर के लिए उससे वोह सब गन्दा लगा ....पर कुछ पल देखने के बाद ....उसको यकीं नहीं आ रहा था ..की दुनिया मैं आईएस भी कुछ होता है .....

वोह. मन मैं सोचने लगती है ...

( क्या ऐसा भी कुछ होता है .....देखा तोह है अभी मैंने ...तोह होता हे होगा ......क्या सच मैं इतना मजा अत है ....वोह लड़की के चेरे पर तोह बोहोत सारा सुख लग रहा था ..मनो वोह जन्नत मैं गयी हो ......क्या सच मैं ....लड़किया ऐसा करती है ....वर्षा बोल रही थी वोह भी करती है...............

वोह लड़की जो वीडियो मैं कर रही थी ...वोह तोह मुझ से भी छोटी लग रही थी या फिर मेरे हे उम्र की थी ....पर कितना मजे कर रही थी voh....kya सच मैं इतना मजा अतः hain.....ahhh.....mujhe भी कुछ कुछ .महसूस. हो रहा था ....मनो ...पुरे बदन मैं बिजली कड़क रही हो ......अहह अगर माँ डैड नहीं आते तोह .मैं क्या करने जा रही थी ......अह्ह्ह कुछ तोह हो रहा हैं......)

तभी नम्रता की माँ उसको पुकारती हैंन.....

माँ:- नम्रता बीटा यहाँ आ जाओ

नम्रता:- .. एस माँ

माँ:- यहाँ आओ बैठो यहाँ पर

नम्रता:- क्या हुवा माँ

माँ:- बोलो दिवाली मैं तुम्हे क्या चाहिए

नम्रता:- ओह्ह में दिवाली आने वाली है ...न ....

माँ:- एस बोलो क्या चाहिए

नम्रता:- ढेर साडी शॉपिंग करेंगे हम आपके लिए भी और मुझे भी ...

माँ:- है बीटा और ये देखो मैंने तुम्हारे लिए ...कुछ ड्रेसेस लाये हैं ......

( नम्रता सब कुछ देखती है ...उसे सब बोहोत पसंद आता हैं ....वोह ....सब ड्रेसेस देखती है )

अब्ब नम्रता अपने बैडरूम मैं चली जाती hain...mom से बात करने की वजह से वोह सब कुछ भूल जाती ...है पर ...

अब्ब उसे फिरसे वोह सन दिखने लगते हैं ...उसके सामने वही कला आदमी ...और वोह लड़की ....आते है ...उनकी ...अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh की आवाज उसे मध् होश कर देती है .....वोह बीएड पे सो जाती हैं .....और ....अपना मोबाइल निकलती है .....और वोह वीडियो फिरसे निकलती hai.....aur देखने लग जाती है ....लेकिन इस बर्र ...उसके चेरे पर एक हवस थी ....देखने की हवस.

......अपने अंदर की हवस वोह बाहर निकलती देख सकती थी ....उसको महसूस हो रहा था ..

उसके बदन मैं क्या चेंज आ रहा है .....वोह देख सकती थी कैसे उसके t-shirt के ऊपर से उसके 34 के तने हुवे बूब्स खड़े हो रहे थे .....

उसको महसूस हो रहा था कैसे उसकी ...पंतय मैं हलचल हो रही थी ........और खास बात ये थी की .....उसको ये सब अच्छा लग रहा tha.....usko इसमें मजा आ रहा था...........

और अगले हे पल उस वीडियो मैं ....वोह कला आदमी उस ..लड़की को कुट्टी जैसा बिठाता है और उसके ऊपर आके अत है और उसका तना हुवा कला लावड़ा ...उसके छूट पैन टिकता hai.....aur ...और ....उस लड़की के मुह्ह से आवाज निकलती है ....

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Ouchhhhhhhhhh अह्ह्ह फ़क में बेबी. अह्ह्ह फ़क मीटीई

वोह आवाज नम्रता को इतनी बेबस कर देती हैं की अगले हे पल उसके मुह्ह से एक कोमल सिसकारी निकलती है ......अह्ह्ह्हह्हह........

उसे अब्ब बोहोत अच्छा लग रहा tha...vohh उस वीडियो को पूरा एन्जॉय कर रही थी ......उसकी छूट मांग कर रही थी की मुझे टच करो ...प्यार करो मुझ. Se......aur उस छूट की पुकार नम्रता के कानो पर आ जाती है .....

बोहोत गरम माहौल था ...और इसी गरमा माहौल में गर्मी और बधाई जब.... नम्रता ने अपने जीन्स मैं हाट डाला .....और उसके मुह्ह से और एक सिसकारी निकल आयी ... ोुछःह माँ

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अब्ब वोह अपने पंतय के अंदर अपना हाट घुसती hai...aur धीरे से अपने छूट के इधर पौह्चती hai.....usko उस जगह ढेर सारा गिला पैन महसूस होता hain.....use अपनी शर्म आ जाती hai......aur ासको ...अब्ब..... जिंदगी का मजा समझ आता hai....ahhhh और वोह ....फिरसे एक बार छूट के ऊपर से हाट फेरती है......

नम्रता:- अह्ह्ह्हह ोुछहहहहहहह

उसको बोहोत मजा आ रहा था अब्ब वोह वीडियो बाजु मैं रख देती हैं ...और इस पल ला आनंद लेती हैं.......

वोह अब्ब पूरी तरह मधहोशी के हालत मैं चली गयी थी .....उसको इस चीज मैं बोहोत मजा आ रहा था ....उसकी छूट औरर करने की डिमांड कर रही थी .....और नम्रता उस डिमांड को पूरा भी कर रही थी...........

जो सुख उस लड़की में चेरे पर उससे दिख रहा था ....वही कुछ हालत तक उससे महसूस हो रहा था.....

अब्ब्ब वोह तेजी से हैट सहलाना चालू करती hai.....aur ....उसके मुहहह से ..

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नम्रता:- अह्ह्ह्हह ouchhhhhhhhhh. Ahhhhhhb.......ummmm

और तभी वोह रुक जाती हैंण्ण्न

और सोचती हैं.....

क्या मैं ये गलत कर रही हु ....क्या मुझे ऐसा करना चाहिए .....kya.....ye सब ठीक hai......nahi ...मैं ऐसा नहीं कर सकती ....ये गलत बात है......

और अगले हे पल वोह उठती hain...aur फ्रेश होने बाथरूम चली जाती hai..........aab वोह सब कुछ भूल चुकी थी ......

वोह अपने माँ डैड से ढेर साडी बाते करती हैंण्ण्न

वोह सब मिलके खाना कहते हैंन

डैड :- नम्रता बीटा कल आप घर पर हो न ......

नम्रता:- है पापा क्यू क्या हुवा ....

डैड:- है तोह बीटा कल ..जब वोह सावला आ जायेगा न ....तोह उससे कह देना ...की ...पापा ने सब घर की पूरी सफाई करने बोलै हैं ...और है .....बोलना इसके वोह ज्यादा पैसे देंगे .......

नम्रता:- जी पापा ....बता दूंगी उन्हें

माँ:- बीटा थोड़ी तुम भी उनकी मदद कर देना ....बेचारे थोड़े बुजुर्ग हैं

डैड :- है नामु वैसे भी तुम घर पे हे हो

नम्रता:- जी पापा कर दूंगी .....

और सब खाना खा के सूने चले जाते हैं ......

नम्रता भी अपने रूम मैं जा कर अपने बिस्तर पर लेट जाती हैं ....और कब उसे नींद आ जाती हैं पता नहीं चलता ..........

इधर ..... सनशाइन सोसाइटी के इधर ....बिरजू अपने केबिन मैं बैठे .....baithe....kuch तोह सोच रहा था.....

बिरजू:- ( साला दो दिन हो गए वोह साली दिखी नहीं ....लगता हैं दिवाली की छुट्टी लगी ...hain....kya लरना होगा जिससे ....उसका और मेरे मिलान हो .......साला ...मिलान दूर की बात हैं अभी तक तोह जान पहचान भी नहीं हुवी .......कोई बात nahi.......sahi मौका आ जायेगा ..... सिर्फ सही वक्त की देरी hain........kuch नहीं हुवा तोह सोसाइटी के दिवाली के प्रोग्राम मैं तोह आ हे जाएगी .......तब देखेंगे कुछ तोह .....तरकीब लधानी पड़ेगी ........अह्ह्ह .इस दिवाली कुछ तोह अच्छा होना चाहिए.......)

इधर सावला भी अपने झोपड़े मैं ... पड़ा हुवा होता hain........badan से तोह वोह थक चूका था बुद्धा ...हो गया tha.....lekin उसका लावड़ा आज भी जवान tha.........aur उसी के बलबूते पर उसकी नम्रता को पाने की .....मनोकामना तिकी हुवी थी .........

सावला :- कुछ तोह करना पड़ेगा कल जिससे उसका ध्यान मेरे लवडे पे जाये .....साला टाइम भी नहीं मिलता उतना .....और उसके बाप को बता दिया तोह ...उसने मेरी छुट्टी हो जाएगी ....नहीं पर वोह नहीं बताएगी ..... शर्मीली लगती है...............

बीबी छोड़ के चली गयी .....बच्चे भी गए ....अब्ब जीवन मैं कोनसी दिवाली बची हैं ....अगर ऐसा माल मिल जाये toh......jindagi की हसीं दिवाली मन सकता हूउउ........

इधर नम्रता अपने रूम मैं सो रही थी. उसके चेरे पर ...एक अलग हे स्माइल थी ......उसको क्या पता उसके बारे मैं अभी दो हवस से भरे बुड्ढे उसको छोड़ने के बारे मैं ....सोच रहे हैं ........

एक तरफ बिरजू सही वक्त और मौके की रह मैं था ......

और सावला सही समय के.........

क्या नम्रता बच पायेगी इस हवस भरे बुड्ढे मर्दो से .....या फिर .....उअसके आंख में जो ... वीडियो देखते वक्त हवस और मजा था वोह बहार आ जायेगा ..............और तूफान आएगा .................

तो बे कॉन्टिनोएड---------------------------

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हैप्पी दिवाली तो आल माय लवली रीडर्स

कीप ......... सपोर्टिंग.....
 
अपडेट----- 010

क्या नम्रता बच पायेगी इस हवस भरे बुड्ढे मर्दो से .....या फिर .....उअसके आंख में जो ... वीडियो देखते वक्त हवस और मजा था वोह बहार आ जायेगा ..............और तूफान आएगा .................

अब्ब्ब ाआगे...............

मॉर्निंग होती हे रोज की तरह आज भी .......घर में तैयारी चालू थी ...... नम्रता की माँ और डैड काम पे जाने के लिए ...तैयारी कर रहे थे ....और आज दोनों का भी लास्ट डे तहा क्यू की इसके बाद दोनों को दिवाली की हॉलिडे चालू होने वाली थी .......

दिवाली के लिए सिर्फ एक दिन बचा tha......aaj सब तैयारी करनी थी ...... नम्रता के माँ डैड का वही प्लानिंग चालू था ...की क्या करे ....और उनको हॉलिडे में कुछ रिलेटिव के पास भी जाना था ......

माँ :- नम्रता बीटा उठो .....और यद् है न ...घर की साफ सफाई करनी है ....और थोड़ा हेल्प भी करना है सावला चाचा को ...

नम्रता:- एस माँ ..पता है .

माँ:- ठीक है बीटा अब्ब हम निकलते है ...और शाम को हम तुम्हारे शॉपिंग के लिए फटेंगे ोककक

नम्रता:- हां माँ bye

माँ :- है बीटा bye

नम्रता को बोहोत नींद आ रही थी पर वोह कैसे तोह उठ जाती है .....और वाशरूम चली जाती है .....

इधर सावला अपने झोपड़े से निकल पड़ा था ....आज उसके चेरे पर एक कामिनी स्माइल थी .....जो की ......साफ बता रही थी की उसके मन में क्या चल रहा है .........

इधर नम्रता वाशरूम वैगेरा करके नहाने चली जाती है ...............

सावला पुरे सनशाइन सोसाइटी को झाड़ू लगता है .....अपना मिला शर्ट न जाने कितने दिनों से धोया नहीं tha.....aur एक मैली सी धोती ....जिससे बोहोत बस आती थी .....वोह पहने huve.....logo के घर का कचरा उठाते हुवे ......पूरी सोसाइटी साफ और चका चक कर देता है.......

..........और नम्रता के घर की तरफ निकल पड़ता है .......

इधर नम्रता नाहा के अपने बैडरूम मैं खुदको ताड रही थी उसने अभी सिर्फ ब्रा और पंतय पहनी थी ......

उसके 34 के बड़े बूब्स तने हुवे थे ......उसने आज ट्रेडिशनल पहन ने का तय किया था ...क्यू की शाम को बहार भी जाना था

.......उसने एक ब्राउन कलर की सलवार निकली और पहन le.....pehante वक्त वोह सलवार नम्रता के बड़े ामो की दबाते हुवे निचे जा रही थी .........

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उसके बाद नम्रता ने मेक उप किया और खुदको देखने लगी ................उसके बड़े बूब्स उस सलवार मैं बोहोत तने हुवे दिख रहे थे .....मनो पहाड़ की तरह खड़े हो गए हो .........और उसकी गांड टाइट लेग्गिंग्स से बहार खुल कर उभर के दिख रही ...थी ....अगर कोई उसे देखता toh.........uska वही लावड़ा टाइट हो जाता ...........

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इधर नम्रता बैडरूम मैं थी और सावला घर के बहार पोहोच चूका था उसके कंधे पर कचरे की थैली थी .और हैट मैं jhadu.....aur वोह दूर बेल्ल बजता है ........

Tring.....tring......tring......

नम्रता को पता चल जाता है की सावला चाहा आए गए वोह दरवाजा खोलने निकल पड़ती है .....उसके बदन की खुसबू पुरे रूम मैं और घर मैं फ़ैल चुकी थी

.............

इधर सावला इंतजार करता है और अगले हे पल ..... नम्रता दरवाजा खोलती है. ........

और सावला को पहली हे नजर मैं नम्रता के बड़े बड़े 34 के आजम नजर आते है ........

उसके सामने हे नम्रता के तने हुवे कैसे हुवे टाइट बूब्स से वोह पागल हो जाता है 2 मं वोह उसे हे देखता है ..............

नम्रता:- चाचा क्या हुवा !

सावला:- कुछ बही बीटा .

नम्रता:- ठीक hai.....(aur स्माइल देती है)

सावला:- बीटा जरा पानी देना !!

नम्रता:- ठीक है चाचा अभी लती हु......

नम्रता मूड के किचन के तरफ चलने लगती है .......

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और सावला अपने लुंड पे हैट रख देता है. ......अह्ह्ह्हह्ह्ह्हज्ज

साली की गांड क्या दिख रही ....है ....ahhh.....kitni बड़ी है .......36 की होगी शायद इसकी गांड अह्ह्ह्हह इतने काम उम्र में इतनी बड़ी है .....इसको छोड़ने के बाद कितनी हो जाएगी...........

अह्ह्ह खुदा क्या चीज बनायीं है ....तूने इस्सस बूढ़े को अपनी ढ़ालतु उम्र मैं .....ऐसा नजारा दिखा रहा है ...............

नम्रता:- ये लीजिये चाचा पानी!!!!!

सावला:- है बीटा...

नम्रता:- माँ ने आज आपको पूरा घर साफ करने बोलै है .......कल से दिवाली चालू होगी न तोह ... घर को साफ करना है .........

सावला:- ठीक है बीटा ...!!

नम्रता:- है और पापा बोले की . आपको इसके अलग पैसे मिलेंगे.... दिवाली के दिन आ जाना

.....

सावला:- इसकी क्या जरुरत थी बीटा मई ऐसे हे कर देता .

नम्रता:- कोई बात ने ..पापा ने बताने के लिए बोलै मुझे

सावला मन में ( चलो दिवाली मैं दारू के पैसे निकल गए )

नम्रता:- हैं चाचा और आज मैं भी मदत करुँगी आपको साफ सफाई मैं ...

सावला:- उसकी क्या जरुरत है बीटा मैं कर लूंगा ......तुम आराम करो ....

नम्रता:- नहीं चाचा माँ ने बोलै है मुझे आपको मदत करने को ........

सावला:- ठीक है मैं जो बोलूंगा वोह करना तुम ठीक है .....

नम्रता:- हाआआ

सावला मन में ( अह्ह्ह्ह इससे बढ़िया मौका नहीं मिलेगा सावला तुझे आह यही चांस है .......इसको काबू करने का ........काम से kam......najdiki तोह बढ़ जाएँगी )

और सावला पहले अपना डेली रूटीन का काम करना स्टार्ट करता hai.........voh पुरे रूम्स को झाड़ू मरता है और साफ कर देता है ........ कॉमन बाथरूम को साफ कर देता है

.................

इधर नम्रता अपना दुपट्टा निकल देती जिस में उसके 34 के चुके साफ दिख रहे थे

और कुछ तोह टीवी के यहाँ साफ करती है .....और फिर आके बैठ जाती है .वोह सावला का इंतजार कर रही थी .की सावला उसको क्या काम बताएगा .....

इधर सावला नम्रता के रूम को साफ कर देता है ......

और उसके बाथरूम मैं एंटर करता है ........फिर उसको वही नम्रता के बदन और अंग की खुशबू मधहोश कर देती है ......पर इस बार वोह बहक नहीं jata.........q की इस्सस बार उसको टारगेट कन्फर्म tha........plan कन्फर्म था को उसको क्या करना है ......और कैसे करना. ...... Hai.........voh नम्रता का बाथरूम साफ करके बहार आए जाता है ......

सावला काम करने की वजह से पूरा पसीने से भीग चूका था ......उसके शरीर से पसीने की बदबू आए रही थी ........उसका चेहरा और रूप देख तोह कोई भी उसको भिकारी बोलेगा ......पर तभी भी वोह अपने औकात के ऊपर वाली लड़की को पाना चाहता था .......अपनी बाकि बुद्धि बची जिंदगी के मजे लेना चाहता था

..........और एक हसीं नम्रता को पाकर अपना सुख पाना चाहता था .....पर क्या ये पॉसिबल था...... .ऐसा क्या था सावला के passs......koh नम्रता को पसंद aaye..........par सावला के पास इसका जवाब था और वोह ये की उसका कला 10 इंच का लुंड.

............

सावला नम्रता की तरफ बढ़ता है ....

सावला:- हो गया अब सब बेटी ....बोलो अब्ब क्या करना है ..!!!

नम्रता:- आप हे देखो चचा कहा से शुरू करे साफसफाई ...........

सावला:- एक काम करते है ......पहले सीलिंग की सफाई करते है ......जाओ तुम एक स्टूल लेके आए जायो ......

नम्रता:- अच्छा चाचा!!!

नम्रता एक स्टूल लेके आती है........

सावला:- बीटा मुझसे नहीं होगा इस्पे चढ़ना ......तुम ये झाड़ू लो और साफ करो मैं स्टूल पकड़ता हु............

नम्रता:- ोकक चाचा

नम्रता अपने टाइट ड्रेस मैं उप्पर चढ़ती है ...........अगले हे पल .....उसकी 36 की गद्देदार गांड सावला के मुह्ह के सामने होती है.............

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सावला:- अह्ह्ह क्या बड़ी गांड है साली की

सावला की नजर अब्ब्ब पूरी तरह नम्रता के उभरी हुई गांड पे थी .....और उसकी गांड एकदम सावला के मुह्ह के सामने थी ..

.........सावला स्टूल पकडे खड़ा था .........

इधर नम्रता एक हैट से सीलिंग साफ कर रही थी .....और एक हैट अपने मुह्ह पे ेखा था. ....क्या पता उसको बोहोत गन्दी बड़बो आए रही थी.......

शायद वोह बस सावला के मैली शर्ट और उसके बदन से आए रही थी .......

इधर सावला के मन में कुछ तोह अत है और वोह हल्का सा स्टूल को हिलता है .......और तभी नम्रता चिल्लाती है चचा मैं गिर जावूँगी ...........

सावला कुछ बिना सोचे ......फाटक से नम्रता के नाजुक कमर को पकड़ लेता hai.........ahhhhhhhh

क्या सन था दोस्तों एक कचरेवाले के हैट मैं एक हाई क्लास लड़की की नाजुक कमर थी ..........यह

सावला:- पकड़ा है बीटा तुम्हे तुम करो!!!!!! और सावला वैसे हे नम्रता की कमर पकड़ता है ..........

इधर नम्रता को बोहोत सरप्राइज होता है .....उससे क्या करे समाज .में नहीं अत ... .लाइफ मैं पहली बार उसके कमर को किसीने पकड़ा था ........और वोह उसको थोडासा ावक्वार्ड लग रहा था ........

सावला अपने उंगलियों जोर से नम्रता के कमर में दबोचता है. ......और हल्का सा एक ऊँगली उसके पेट पे रख देता है. ........

सावला:- बीटा अब्ब मैंने तुम्हे कस के पकड़ा है ......ठीक से साफ़ करो.....

नम्रता:- ha......but नम्रता को बोहोत ऑक्वर्ड फील हो रहा था .......

इधर नम्रता की 36 की गांड सावला के एकदम सामने थी .......वोह धीरे से अपना मुह्ह उसके गांड के पास लेके जाता hai.....aur 1कम की दुरी रखकर उसके गांड की खुशबू लेता हैईईईई........

सावला:- अह्हह्ह्ह्ह क्या खुसबू है यार. पागल कर देगी मुझि ये

......अह्ह्ह्ह

और उससे प्रेरित होक सावला धीरे से नम्रता के पेट पे अपना हैट लेके जाता है .....और धीरे से सहलाता है ............

नम्रता का कोई जवाब न आने पर वोह और एक बार अपना हैट उसके पेट पे रखता हाउ .....और धीरे से सहलाता है. ... ...और अगले हे पल नम्रता के मुह्हह्ह से अह्ह्ह्ह की आवाज निकलती है ......

नम्रता को वोह टच बोहोत अजीब फील हुवा .....उसके पुरे बदन में एक सिसकारिसि बिजली निकल गयी .........और उससे उसके मुँह से अह्ह्ह्ह की आवाज आयी ......

सावला:- क्या हुवा बीटा !

नम्रता:- कुछ नहीं चाचा ......वोह आपका हैट .....

सावला:- क्या अरे वोह तुम्हे पकड़ने के लिए रखा है..... छोड़ दूंगा तोह कैसे होगा......

नम्रता:- हा

सावला नम्रता की ख़ामोशी जान जाता है ऑर्डर अब्ब्ब उसके दिमाग में कुछ शीतनी आता है.....

अगले हे पल सावला धीरे से अपना अन्घुता नम्रता के कसमार से होते हुवे ......उसकी गांड तक पोहकता है ..........और बड़ी हिम्मत करके. ...और ताकत से नम्रता के गांड को दबाता है .......

उसने नम्रता के 36 के गांड को इतनी जोर से दबाया की ........ अगले हे पल नम्रता को अलग से फीलिंग आती hai.....uska श्री उभर अत है. ....और उसके मुह्ह से .....जोर से ..... ouchhhhhhhhhh ऐसे आवाज आयति है ...........

ुसस्स आवाज में इतनी कोमलता थी की उसके चेरे पर अलग सा भाव अत है......

सावला:- अरे बीटा हैट फिसल गया. !!!

तुम्हे कुछ हुवा kya......thik है मैं दूसरा काम करता हु .......

नम्रता मन में कुछ सोचती है कर अगले हे पल सावला को प्यारी स्माइल देके ......बोलती है

.......

नम्रता:- पकड़ो न चाचा मुझे!!!! मैं गिर गयी टोह्हह्हह!!!!!!!!!

( और एक मुस्कान देती है)

ये सुनके सावला को बोहोत कॉन्फिडेंस आता है ... उसको अपने आप पर विश्वास नहीं होता.........

क्यू नम्रता ने ऐसा कहा क्या उसे ये अच्छा लग रहा था. .......या फिर उसको कुछ आईडिया नहीं थी ............क्या उसके बदन में कुछ हो रहा था ........ या फिर वोह सावला को सिर्फ छाछ और बुड्ढे होने की वजह से नजर अंदाज कर रही थी ..................

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अपडेट---- 011 हार्ट

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क्यू नम्रता ने ऐसा कहा क्या उसे ये अच्छा लग रहा था. .......या फिर उसको कुछ आईडिया नहीं थी ............क्या उसके बदन में कुछ हो रहा था ........ या फिर वोह सावला को सिर्फ छाछ और बुड्ढे होने की वजह से नजर अंदाज कर रही थी ..................

अब आगे _______________

हॉल मैं माहौल बोहोत गरम हो चूका था .....सावला को अपने आप पर भरोसा नहीं हो रहा था ....की उसने नम्रता को छुआ .....और तो और उसने फिरसे हाट रखने के लिए भी कहा .......

एक 65 साल के बुड्ढे को और क्या चाहिए ....वोह भी उसने एक हुस्न के रानी को चुवा था .........जो बड़े बड़े अमीरो के लड़को के किस्मत मैं नहीं था ....

नम्रता ने बास उस हरकत को नजरअंदाज किया था. ....उसके मन मैं ऐसा कुछ नहीं था ...और नहीं उसे कोई ऐसी फीलिंग आयी और उसमे भी ....सावला को वोह एक गरीब और बुड्ढे हुवे चाचा की तरह मानती थी .......और उसने उस चीज को नजरअंदाज किया

लेकिन इधर सावला को उसकी ये हरकत उसे कामयाबी जैसी लगी वोह मनो सातवे आसमान में था ........क्या उसका ये कॉन्फिडेंस उसको और नम्रता के करीब ले जा रहा था .....या फिर ........उसको ये कॉन्फिडेंस महंगा पड़ने वाला था .........

इधर नम्रता स्टूल पे कड़ी होक ....... सीलिंग साफ करि जा रही थी .......और ....उसका पूरा ध्यान सफाई पर tha.....uski 36 की नशीली गांड अभी भी सावला के बिलकुल सामने थी .....वोह गांड अभी भी सावला को पुकार रही थी ......अब्ब सावला को रहा नहीं जाता .......

वोह धीरे से नम्रता के गांड के पास अपनी नक् लेके जाता है .....और थोडासा 1 कम के दुरी से उसकी नाक से उसके गांड की खुशबू लेता है .....अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

क्या नसीब था एक कचरेवाले गंदे काळा बुड्ढे ka.....na जाने कितने लोगो ने नम्रता के गांड को यद् करके अपने सपने मैं उसकी गांड मरी होगी ......न जा ने कितने कॉलेज के लड़को ने नम्रता के नाम की मुठ मरी होगी .....यहाँ तक तो कॉलेज के प्रोफेसर भी नम्रता के गांड को और शरीर को देखने का मौका नहीं छोड़ते थे ..........और ...और ....उस गांड को ऊपर से हे क्यू न लेकिन सूंघ ने का मौका किसको मिल रहा था. ....

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एक गंदे शराबी और शरीर से थके हुए बुड्ढे को .......वोह भी नम्रता के हे घर मैं क्या नसीब था सावला का ........

सावला की गरम गरम सांसे नम्रता के कमीज के ऊपर गिर रही थी .......और सावला भी उसके सामने वाले गांड के पुरे मजे ले रहा tha.......uske दोनों हैट नम्रता के कमर पर थे .....अगर अब वोह जल्दी से एक्शन लेता तोह नम्रता को शक हो जाता ..... इसलिए वोह अब नम्रता के गलती का वेट कर रहा था ................

तब तक वोह नम्रता के गांड के खुशबू ले कर मजे ले रहा था ........

नम्रता भी अपने काम में बिजी थी ......अब वोह जरा दूर से हाट करके सफाई कर रही थी और उसने आपने पेअर थोड़े अपने उंगलियों के बल पे ऊँचे किये थे ......अब्ब्ब उसकी कमीज थोड़ी ऊपर हो जाती hainnnnn.......aur उसका सूंदर पेट दिख जाता हैं ........अह्ह्ह्हह्हह

सावला वोह सन देख के तोह मनो पागल हो गया थोड़ा हे सही लेकिन उसी नम्रता के गोर गोर पेट के दर्शन हो चुके the.........voh देख के तोह उसका लावड़ा और भी उसके लुंगी मैं मचने लगता हैं

............

अब्ब्ब वोह धीरे से उसकी उंगलियों को नम्रता के पेट के पास लता हैं अब उसकी आधी उंगलिया नम्रता के पेट पे थी ......और नम्रता को भी एहसास होता हैं की सावला की उंगलिया उसके पेट पे हैं लेकिन वोह फिर से इग्नोर करती है ......

सावला भी ज्यादा रिस्क लेने के लिए रेडी नहीं था ......वोह भी .... नम्रता के मूवमेंट का इंतजार कर रहा था. .....जब नम्रता हिलेगी तभी वोह उंगलियों को उसके नैवेल पे घुमायेगा .......

और तभी नम्रता थोड़ा मूवमेंट करती है ......और सावला अपना हैट पूरा अंदर दाल के नम्रता के पेट को सहलाता हैंण्ण्ण्ण्ण्ण्न

और नम्रता भी सरप्राइज हो जाती है ........उसके मुँह से अह्ह्ह की आवाज आती hainnnnnn.....voh आवाज सुनके सावला और मधहोशी मैं चला जाता है......

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सावला अपना हैट उसके पेट पे हे रखता है ....और धीरे धीरे हैट को सहलाना चालू करता हैं .... नम्रता भी कुछ कह नहीं रही थी ........सावला को अब्ब. कॉन्फिडेंस आ जाता हैं......

वोह अपनी एक ऊँगली उसके पुरे पेट पे घूमता हाउ और धीरे से उसके नैवेल को दबाना चालू करता hain......aur अपना दूसरा हैट उसके कमर पे रख के कमर को सहलाता हैंण्ण्ण्ण्न ..........हुए उसका मुहहह नम्रता के गांड के पास ले जेक उसकी गांड की खुशबू लेता हैं..........

वाहहह क्या सन था एक कचरेवाले वाला एक हाई क्लास गर्ल को ऐसे बेबस हालत मैं पकडे हुवा tha...........jo की उसके सपने मैं भी इम्पॉसिबल था. ..........

नम्रता को भी वोह टच अलग फीलिंग दे रहा था ....और उसके चेरे के भाव भी बदल रहे थे मनो उसको भी सावला के पेट पे राखी उंगलिया अलग फीलिंग दे रही हो ......वोह अपने मुह्ह को ऊपर उठाते हुवे लम्बी साँस लेती हैं और एक स्माइल देती हैं ....और उस उंगलियों का टच महसूस कर के एक हलकी से सिसकारी छोड़ते है .....अह्हह्ह्ह्ह

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पर अगले हे पल बजी पलट जाती हैं .......और सावला ने बनाई पकड़ छूट जाती hain......q की नम्रता का काम हो चूका था और वोह उसको आवाज लगाती हैंण्ण्ण्ण्न

नम्रता:- चाचा ....हो gaya...abb छोड़ो......!!!!

सावला:- ठीक हैं बीटा......!!!!

और नम्रता उस स्टूल से निचे उतरती हैं और अगले हे पल वोह सावला को एक स्माइल देता हैं ....और पूछती हैं....

नम्रता:- चाचा और क्या करना हैं ....

सावला:- रुको बेटी मैं देखता हु ....और बताता हु.....

सावला को फिरसे वोह फीलिंग चाहिए थी और इस बार वोह ....कोई गलती नागि करने वाला था

.........वोह नम्रता को किचन मैं लेके जाता हैं और ऊपर चढ़ने को बोलता hain.....aur फ्लोर की सफाई करने बोलता हैं नं नं

इस बार नम्रता अपनी कमीज ऊपर करके चढ़ती है ........चढ़ते वक्त वोह थोड़ा निचे झुकती हैं तोह सावला को उसके 34 के चुचो का दर्शन हो जाता हैंण्ण्ण्ण्न

सावला मन में ( अह्ह्बब क्या गुलाबी चुके हैं साली के काश एक बार चुने का मौका मिल जाये अह्ह्ह्हह क्या लग रही हैं साली इस कमीज और सलवार मैं अह्हह्ह्ह्ह )

नम्रता फिरसे स्टूल पे चढ़ जाती हैं और एक बार निचे देख के सावला को स्माइल देती हैं .....और बोलती हैं चाचा कल से दिवाली हैं कुछ होना नहीं चाहिए मुझे ...... ...... मुझे ठीक से पकड़ो

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सावला भी उसको देख के मुस्कता है और है बोल के उसके पतली कमर पे हैट रख देता है .......अब्ब सावला पूरा क्लियर था उसे क्या करना हैं......

नम्रता फ्लोर साफ कर रही थी .....सावला अपने पेअर से धीरे से स्टूल हिलता हैं ....जिससे नम्रता दर जाती हैं और सावला उसे और जोर से पकड़ता हैं.......

और सीधा उसका एक हैट उसके कमर पे और एक हाट गांड पे रख देता हैंण्ण्न............

और धीरे से उसके एक गांड को प्रेस करता हैंण्ण्ण्ण्ण्न..... नम्रता का कोई जवाब नहीं अयन ....वोह काम कर रही thi..........savla अब्ब प्यार से उसके गांड को सहलाता हैं ........ नम्रता के मन मैं शक की सुई चुभती hain........par तभी सावला और एक बार स्टूल हिलता हैं .......और इस बार नम्रता थोड़ा ज्यादा हिलती हैंण्ण्ण्न.

और मौका मिला हैं तोह सावला अपनी एक ऊँगली उसके कमीज के ऊपर से उसके गांड मैं घुसा देता हैं ...........

और नम्रता के मुह्ह से हलकी से चीख निकलती हैंन ोुछःह

सावला:- क्या हुवा बीटा !!

नम्रता:- कुछ नहीं ...!!

सावला अब धीरे से वोह ऊँगली और अंदर घुसता हैं .....जिससे नम्रता की काँमेज़ भी अंदर घुस रही थी ................. अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

इधर नम्रता के चेरे पर अलग हे भाव. आ रहे थे उसने इससे पहले ऐसे फीलिंग कभी नहीं आयी थी .....वोह अपने चेरे को एक सुख का अनुभव लेती स्माइल दे रही थीईई.....

अब्ब्ब सावला और एक ऊँगली उसके गांड में घुसता hainnnn.....aur एक हैट को उसके पेट पे रख के सहलाता hainnnnn......jisase नम्रता के मुह्ह से अह्हह्ह्ह्ह की सिसकारी निकलती हैं .....

अब्ब्ब सावला जोर से उसके दोनों चूतड़ों के बीचो बिच अपनी तीन उंगलिया भोक देता hain......jiase नम्रता को बोहोत दर्द होता हैंण्ण्ण्न.......

Ouchhhhhhhhhh चाचा क्या कर रहे हो ........अह्ह्ह

सावला:- ओह्ह वोह बेटी गलती से हो गया !!!! माफ़ करना

नम्रता:- अह्ह्ह ठीक हैं...!!

नम्रता बोल रही थी लेकिन निकलने के बारे मैं कुछ नहीं बोली

सावला और एक्सीटेंड होक उसके अंदर और उंगलिया घुसता हैंण्ण्न और दूसरे हाट से जोर से उसके पुरे गांड को पकड़के ........दबा देता हैं.....

नम्रता:- ouchhhhhhhhhh माँ अहह

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और अगले हे पल सावला ....

उसकी कमीज के ऊपर उसके गांड की जगह अपना गन्दा भद्दा मुँह रख देता हैं .......अब्ब्ब वोह एक हैट से गांड दबा रहा था और अपना मुह्ह उसके गांड पे रखा था .......

नम्रता के चेरे पर एक संतुष्टि का भाव था मनो उसी ये पसंद आ रहा हो .....और वोह धीरे से अह्ह्ह्ह करती हैं .....

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इधर सावला अपना मुह्ह नम्रता के गांड पर रख कर उसके गांड पे अपनी गरम गरम सांसे छोड़ रहा था .......

जिससे नम्रता के बदन में आग लग जाती हैंन वोह गरम गरम सांसे उससे अपने गांड पे महसूस हो रही थी ......और वोह धीरे से मुस्कुरा भी रही थी मनो उसी ये फीलिंग अच्छी लग रही hoooo......life मैं पहली बार उसके गांड को किसीने छुआ tha.......aur उसपे मुह्ह भी रकह था ...

.उससे बास ये अच्छा लग रहा था ....और वोह इसका विरोध नहीं कर रही थी अपने बदन में उठ रहे इस आग के वजह से उसकी हालत ख़राब हो रही थी.........

और नम्रता भी अपने गांड को पीछे करके सावला को मनो कह रही हो के छतो इसी अह्ह्ह्हह्हह

और नम्रता अपनी गांड और ....पीछे कर क्र ुसस्स सावला के मुह्ह पे रख देती हीी........

और एक हवस भरी सिसकारी अपने मुह्ह से निकलती हैंन.....

अह्ह्ह्ह चाचा. .....

सावला धीरे से अपनी जबान निकालके उसके कमीज के ऊपर से उसके गांड पे रख देता hain......aur उस जबान को ...... नम्रता के कमीज पे फेरना चालू करता हैं.........

जिससे नम्रता के बदन में आग लग जाती हैंण्ण्न...

इधर सावला तेजी से जबान को नम्रता के कमीज के ऊपर से गांड को काट रहा था .....अब्ब नम्रता की कमीज गीली हो चुकी थी.........

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उसके मुहहह से अह्हह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh चाचा रुको .........ऐसे आवाज आ रहे थे और तभी नम्रता जोर से चिल्लाती हैं.....

नम्रता:- अह्ह्ह चाचा रुक जाओ क्या कर रहे हो !!!!!!

वोह इतने जोर से चिल्लाती हैं की सावला की पूरी हवस उतर जाती हैं ........

नम्रता भी अब अपनी गांड आगे लेके स्टूल पे चुप चाप कड़ी थी और अपनी कमीज को हैट लगाती hain....voh पूरी गीली हो चुकी थी ......

सावला दर के मरे पीछे हैट जाता हैं .......

पर ये उसके लिए बोहोत बड़ी बात थी .... एक हाई कस जवान लड़की के गांड ओर जबान रखना वोह भी उसके घर मैं .......ये एक 65 साल के गंदे कचरेवाले को जन्नत जैसा था ....पररर.....

अब्ब्ब क्या होगा ......कैसे करेगी नम्रता सावला का सामना ....

या फिर सावला को नम्रता का सामना करना पड़ेगा ......

क्या ...इस चीज का अंजाम बुरा होगा या फिर अच्छा ..........

क्या नम्रता के बदन में सच में आग लगी थी या फिर वोह बास फ्लो में दुब गई थी.........

तो बे कॉन्टिनोएड_ _------_____-----_____----
 
अपडेट------- 12 हार्ट

नम्रता इतने जोर से चिल्लाती हैं की सावला की पूरी हवस उतर जाती हैं ........

नम्रता भी अब अपनी गांड आगे लेके स्टूल पे चुप चाप कड़ी थी और अपनी कमीज को हैट लगाती hain....voh पूरी गीली हो चुकी थी ......

सावला दर के मरे पीछे हैट जाता हैं .......

पर ये उसके लिए बोहोत बड़ी बात थी .... एक हाई क्लास जवान लड़की के गांड पर कमीज़ के ऊपर से जबान रखना वोह भी उसके घर मैं .......ये एक 65 साल के गंदे कचरेवाले को जन्नत जैसा था ....पररर.....

अब्ब्ब क्या होगा ......कैसे करेगी नम्रता सावला का सामना ....

या फिर सावला को नम्रता का सामना करना पड़ेगा ......

क्या ...इस चीज का अंजाम बुरा होगा या फिर अच्छा ..........

क्या नम्रता के बदन में सच में आग लगी थी या फिर वोह बास फ्लो में दुब गई थी.........

अब्ब्ब आएगी --------

नम्रता की ससे ऊपर निचे हो रही थी मनो कोई तूफान आने वाला हो ....वोह बोहोत दरी हुवी भी थी ......उसको समझ नहीं आ रहा था की अब्ब क्या करे .............उसके ठीक थोड़ी दूर पीछे सावला खड़ा था ......

फिलाल तोह सावला को बोहोत दर लग रहा था ....उसे लग रहा था कही उसने जल्द बजी मैं गड़बड़ तोह नहीं किए ......क्या ये गलती की उसको भोत बड़ी कीमत भरनी पड़ेगी ..........दर के वजह से सावला की फटी पड़ी थी.....

नम्रता भी स्टूल पे कड़ी होकर जो कुछ हुवा उसके बारे मैं सोच रही ...थी उसके काँमेज़ के ऊपर से गांड का गिला पैन उसे महसूस हो रहा tha........savla ने उसकी काँमेज़ इतनी गीली कर दिए थी की ... नम्रता की कमीज उसके गांड से पूरी तरह चिपक गयी थी ....और नम्रता को भी वोह गिला पैन अलग हे फीलिंग दे रहा था .....

पर थोड़ी देर सोचने के बाद नम्रता को सबकुछ बोहोत गन्दा लगा ....कैसे एक बुड्ढे कचरेवाले ने उसके घर मैं उसे ऐसा किया ...और माँ डैड क्या सोचेंगे अगर पता चला तोह .....इन सब इमोशनल फीलिंग्स के वजह से उसके आँख से एक असू टपकता हैं ....और

अगले हे पल नम्रता .

स्टूल्स से उतर जाती हैं और हॉल की तरफ निकल पड़ती हैं .....सावला उसके तरफ देखता हे रहता हैं ...

नम्रता चलते वक्त भी कुछ सोच रही थी ........

किचन से हॉल में जाने तक उसको बोहोत बुरा लगता हैं वह सोचती हैं सही यार कितना गन्दा था एक गरीब बदबुद्दार इंसान का मुँह मेरे कमज पैन सही कितना गन्दा नहाये भी नहीं होंगे कितने दिनों से .

यार इतने बड़े हैं वोह क्यों किया उन्होंने ऐसा सही में माँ पापा को नाम hi बताउंगी इनका

और नम्रता सोफे पैन जेक बैठ के रोने लगती हैं...

अपनी गीली गांड वोह सोफे पे टिकती हैं और अपने दोनों हैट मुँह पे लगाके रोने लगती हैं ..... उसको बोहोत हे गिलटी फील हो रहा था मनो उससे बोहोत बड़ा पाप हो गया हो ......

सावला को भी क्या करे और क्या नहीं समझ नहीं आ रहा था ....उसकी भी फटी पड़ी थी ....वोह इस ख्याल मैं था की कही नम्रता उसके हाट से न निकल जाये .....और यही सोचते हुवे वोह नम्रता की तरफ बढ़ता hainnn...aur लम्बी साँस लेकर ......

वोह नम्रता के पास खड़ा हो जाता हैं ....और धीरे से .......

अपना कला गन्दा हैट नम्रता के गोर नाजुक ......

कंधे पर रखता हैं ...

सावला:- बीटा क्या हुवा ....रो क्यू रही हो ....

( बोलते वक्त उसके मुह्ह से गन्दी बदबू आ रही थी ........और उसका हैट थोडासा कप रहा था)

नम्रता बीटा बताओ क्या हुवा ......

नम्रता: चाचा दूर रहो मुज़हे हैट मत लगाओ.......( नम्रता ग़ुस्से से बोलती हैं उसकी आँखे लाल हो चुकी थी ...और चेरे पर आंसू थे)

सावला पीछे हैट जाता हैं और उसे सिचुएशन जा पता चलता हैं ....और पीछे हैट कर वोह .......

निचे जमीं पैन .... नम्रता के सामने बैठ जाता हैं...... ... और निचे बैठ कर वोह सिचुएशन को जैसे संभाला जाये इसके बारे मैं सोचता हैं ......

सावला : क्या हुआ बीटा ऐसा क्यू कर रही हो माफ़ कार्डो मुझे .....

नम्रता: चाचा आप मुझे बीटा भी बोल रहे हो और ऐसे हरकत भी करते हो .......chiiii.....kya कर रहे थे आप .....मैं आपकी रेस्पेक्ट करती हु और आप ऐसे हरकत करते हो .....

सावला: बीटा मुज़हे माफ़ krdo.......mujh से गलती से हो गया ......मेहरबानी कार्डो मुझ पे बीटा ....

नम्रता: नहीं चाचा में माँ और डैड को आपका नाम बता दूंगी ...

.( बहुत hi ग़ुस्से में थी उसको बहुत गिलटी फील होता हैं)

चाचा: बीटा मुज़हे माफ़ krdo.....paav पड़ता हु तुम्हारे ...

( और मन में सोचता हैं ऐसे अमर लड़की को मुझे हैट से नहीं जाने देना नहीं तोह मेरा सब कुछ चला जायेगा कैसे तोह मानना पड़ेगा ....नहीं तोह इसका बाप मुझे मर मर के जेल में दाल देगा ....)

नम्रता निचे मुँह करके अपने घुटनो पर फेस रख कर रो रही थी ....... और इस वजह से निचे बैठे सावला को उसके ब्रा का और ऊपर के चुचो का दर्शन हो रहा था .......चाहते न चाहते हुवे सावला उसका भी मजा ले रहा था

.....

(सावला मन हे मन में अह्ह्ह्ह क्या बड़े बड़े हैं इसके 34 साइज के पूरा दिख रहा हैं साली ka.....ahhhh )

सावला : बीटा मुज़हे माफ़ करदो पर साहब को कुछ मत बताना मेरी नुकरि चली जाएगी .........

( नम्रता ऊपर सर उठती हैं रोने की वजह से उसकी गोरी गोरी स्किन पूरी लाल हो चुकी थी .....)

नम्रता: नहीं चाचा आप ऐसा कैसे क्र सकते हो में आपके लड़की के आगे की हु आपको शर्म नहीं आती ...सीई....

( अब्ब सावला को कुछ भी समझ नहीं आता क्या करे ....रभी उसी कुछ सूझता हैं जिससे नम्रता को इमोशनल किया जाये और वोह भी बच जाये ........सावला एक बड़ा हे हरामी बुद्धा था .....कैसे क्या करे उसे ....सब मालूम था .....)

सावला : बीटा है क्या बताऊ अब तुम्हे मेरी जीवन की ढक भरी कहानी.... जिससे मुझे बोहोत बड़ा नुकसान हुवा और मैं ऐसा गरीब बन गया .....

नम्रता सोच में पड़ती हैं और पूछती हैं क्या हुवा बोलिये......

सावला : बीटा मेरे शादी होने के बाद मेरे बीवी ने मुज़हे छोड़ दिया क्यू के उसे मुझसे ढेर सारा पैसा और .....सुख चाहिए था .....पर मैं गरीब था ...और एक जगह नौकरी कर ता था ......कुछ साल बाद मुझे दो बच्चे भी हुवे ....मैं बोहोत प्यार करता था. ....पर मेरे बीवी को मुझसे नफरत होने लगी .......और उसने मुझे छोड़ दिया .....वोह मेरे ...

छोटे छोटे बच्चो को लेके चली गयी वह...

बीटा मैंने फिर झोपड़े में hi अपनी पूरी जवानी निकली.... कुछ दिन गम में निकलने के बाद मुझे अपनी जिंदगी का गुजरा करने के लिए ..... जो भी काम मिले वोह काम मैं करने लगा ..........

धीरे धीरे जवानी ढलती गयी और .......कोई अच्छा काम भी नहीं मिला एक बुड्ढे को कोण काम देगा फिर मैं ...

जोह काम मिलता... जिधर का कचरा उठा न होता हैं उधर का उठता हु.... बीटा..... मुझे मजा नहीं अत बीटा कचरेवाला बनाने मैं लेकिन मज़बूरी हैं बीटा करना पड़ता हैं ...........

( सावला खुद भी इमोशनल होने की एक्टिंग करता हैं ......और अपना सर निचे झुकता हैं )

नम्रता:- चाचा अआप रो क्यू रहे हो उठो ......

सावला :-

अगर तुम अपने डैड को बता डौगी तोह मेरे नुकरि चली जाएगी mein.......bohot गरीब हु बीटा ......पाँव पड़ता हु तुम्हारे भगवन के लिए माफ़ कर दो.......

नम्रता को अभी थोड़ा बुरा लगता हैं .....उसे सावला के लिए बुरा फील होता हैं ......उसके दिल मैं बोहोत हमदर्दी थी ......पर वोह सावला ने किए हरकत भुला नहीं पाती .....

सावला :- बीटा मैं कचरेवाले का काम करके बहुत कम कमतता था पर अभी तुम्हारे घर में काम करके जयदा कमा रहा हु उसे मेरा खर्चा भी होजायेगा दिवाली ka(man hi मन में दारू का)

और वह बहुत hi धूकभरा मुँह बनता हैं

नम्रता मन hi मन में सोचती हैं की कितना बुरा हुआ हैं इनके saath......aise जिंदगी किसको भी न मिले ...

..

सावला: बीटा मैं बहुत अकेला हु

तभी अचानक सावला को बताते बताते खासी आती हैं ...............

नम्रता:- चाचा क्या हुवा रुका एक मिनट में आपके लिए पानी लती हु .....वेट

.....

और नम्रता किचन की तरफ चल पड़ती हैं .....सावला उसकी गीली गांड को देखता हैं ...जो अभी भी गीली थी .....ये देख कर सावला का लावड़ा फिरसे हलचल मचता हैं... नम्रता की 36 की गांड बहार आके तन गयी थी

सावला देख कर पागल हो जाता हैं ....

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नम्रता पानी लती हैं...

और जब पानी देने के लिए ज़्हुकति हैं t.oh उसके ताने हुए 34 साइज के आम दिख रहे थे...... गोर गोर ..

उसको बहुत मस्त लगता हैं ...

नम्रता पानी देकर बैठ जाती हैं ....सोफे पर उसका बदन अब्ब खुलकर दिख रहा था ..

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सावला उसके बदन के और खास कर उसके सैंट्रो को देख कर मजे ले रहा था...... नम्रता के बूब्स मस्त लग रहे थे पुरे टाइट मनो बहार आने के लिए नाचल रहे हो..........

वह नम्रता से बोलता हैं बीटा में जवानी से अकेला हु कोई नहीं हैं मेरा बहुत अकेला हु में

लोगो में आके मुज़हे अच्छा लगा बीटा

नम्रता: फिर चाचा आपने ऐसा क्यों किया.......

सावला: बीटा हवस की वजह से

नम्रता: क्या?? किस बात की हवस.

सावला: बीटा मेरी बीवी जाने के बाद अकेला हे हु में और आप को पता hi होगा की लड़का और लड़की के सम्बन्ध बहुत जयदा मायने रखते हैं उस चीज़ की तरफ हम जाते चले जाते हैं

और जब में तुझे देखा तब बीटा मैंने पहली बार ऐसे ब्यूटी dekhi.....bohot खूबसूरत हो तुम बीटा .....

नम्रता को थोड़ी शर्म आ जाती हैं ....हुए उसको अच्छा भी लगता हैं अपनी तारीफ सुनके...

सावला: ऐसा लगता हैं बीटा तुम्हे भगवन ने बोहोत फुर्सत से बनाया हैं ...और ... खूबसूरती की मिसाल हो बीटा तुम .....

नम्रता और शर्माती हैं और अगले हे पल वोह नार्मल मोड़ में आती हैं ....और सावला को बोलती हैं

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नम्रता:- ठीक हैं चाचा .....मैं आपका नाम डैड को नहीं बतावुंगी ....पर पर ...

सावला :- पर क्या बीटा ....

नम्रता:- आप मुझ से प्रॉमिस करो की मुझे फिरसे कुछ नहीं करोगे और बेटी जैसा मानोगे ....

सावला:- ठीक हैं बीटा ....( तुझे में बताता हु साली कैसी बेटी हैं तू मेरी )

नम्रता:- वादा करो चाचा....

सावला:- है बेटी लेकिन ....

नम्रता:- क्या लेकिन ....

सावला :- में बोहोत दिनों से तरय कर रहा हु भावनाओ पर काबू रखना .....मुझे पहले थोड़ी दिक्कत होगी .....पर बाद मैं ....में कण्ट्रोल कर लूंगा बीटा .....क्यू की तुम हो हे इतनी खूबसूरत.....

नम्रता:- क्या मैं कुछ सामजी नहीं चाचा ...

सावला :- बीटा तुम्हे मुझे थोड़ा सहना पड़ेगा .....अगर मैंने कुछ किया तोह मुझे माफ़ कर देना .....

नम्रता चौक जाती हैं......

नम्रता:- मतलब क्या करोगे अआप

सावला :- कुछ नहीं अगर गलती से कुछ हो गया तोह समझ लेना मुझे और माफ़ कर देना ......बीटा ......

नम्रता:- लेकिन करोगे क्या आप .... चाचा

सावला :- पता नहीं बीटा वोह फीलिंग पर देपेंद हैं........

नम्रता:- लेकिन चाचा ये गलत हैंन ... मैं ऐसा नहीं कर सकती ....

तभी सावला नम्रता के पेअर पकड़ लेता hain......aur उसे कहता हैं.....

प्लीज बीटा ऐसा मत करो ....नहीं तोह . मैं फिरसे अकेलेपन मैं दुब जावूंगा .....बीटा .......

नम्रता को भी उसके ऊपर तरस आ जाता हैं .....और वोह कहती हैंन

नम्रता:- ठीक हैं चाचा ........अगर आप कुछ गलत करोगे तोह मैं रोकूंगी .......और एक स्माइल देती है.....

सावला मन हे मन हस्ता हैं क्यू की उसको पता था ायबबब नम्रता फास चुकी हैं ..........उसका डाला हुवा मछली का जला सही जगह जेक गिरा tha.....abb बस मछली अटकने का इंतजार करना हैं.......

नम्रता भी सोच में डूबती हैं की उसने राइट किया........

सावला:- चलो बीटा जाता हु मैं कल से दिवाली हैं ........मुझे थोड़ा जल्दी आना पड़ेगा सुबह ......

नम्रता:- है चाचा....

नम्रता सोफे से उठती हैं सावला भी जाने के लिए निकलता हैं .....

नम्रता की कमीज अभी भी बोहोत गीली थी ....सावला उसके गीली कमीज़ को देखता हैं .....अह्ह्ह क्या लग रही हैंन

सावला:- नम्रता बीटा अपनी कमीज बदल लेना.....

नम्रता चौक जाती हैं और ..... शर्माती हुवी हाआआ बोलती हैं ....

सावला निकल जाता हैं........

इधर नम्रता अपने बैडरूम मैं चली जाती हैं ......

उसको उसके गांड के ऊपर का गिला पैन महसूस हो रहा था........

जिससे उसके अंदर अलग हे रोमांच दौंड रहा था .......पहली बार किसी मर्द वोह भी बुड्ढे ने उधर तक पोहचने की हिम्मत किए थी .....

वोह गिला पैन नम्रता को अलग हे फीलिंग दे रहा tha........mano उसे अत्तरस कर रहा था .....

उसको पता था ये कोई पानी नहीं ...............ये सावला चाचा के मुह्ह का पानी हैंन........

उसकी कैमेज़ गांड के अंदर फांसी हुवी थी ......जो की सावला ने पूरी अंदर घुसा दिए थी ......वोह भी अपने अंघूठे से .........सावला ने नम्रता के गांड को कमीज के ऊपर से बोहोत छठा था ...........उअसके मुह्ह के अंदर का घुटका उस कमीज़ पर कुछ जगह चिपक गया था....... उसके मुह्ह की गन्दी बदबू उस कमीज़ पे आए रही थी .....

नम्रता अपने बैडरूम मैं कड़ी थी और सोच रही थी ......

तभी वोह अपना एक हैट पीछे ले जाती ...hain......aur अपने गांड के अंदर घड़ी हुवी कमीज को धीरे से निकलती hainn......ahhh

कमीज जब गांड को घिसते हुवे बाहर निकलती हैं तोह नम्रता को बोहोत अच्छा फील होता हैंन और उसके मुहहह से हल्का सा आवाज आता हिनननन

अह्हह्ह्ह्ह ......

उअसके हाट पर गिला पैन महसूस होता hainnn.....aur हैट थोड़ा गिला भी हो जाता हैंण्ण्न

नम्रता हाट निकलती hain.....aur क्या पता वोह हाट अपने नाक के पास ले जाती हैंण्ण्ण्ण्न.

और धीरे से अपने उंगलियों को सूंघती हैंण्ण्ण्न

अहह वोह बदबूदार बुड्ढे के मुह्ह का पानी ...... नम्रता अपने नाक के पास लेके सूंघती हैंण्ण्ण्न

बोहोत गन्दी बदबू थी ....गटर जैसे वोह गन्दी बदबू नम्रता के जेहन में घुस जाती hainnnnn.....aur उसे गन्दा फील होता हैंन.

पर उसके बावजूद उसने सूंघना बंद नहीं किया था .......वोह अपने उंगलियों को और पास ले जाती हैं ........और फिरसे सूंघती हैं ......उसे ऐसा करने मैं अलग हे रोमांच आए रहा tha........mano वोह दुब गयी थी ........उसको वोह गन्दी बदबूदार खुसबू अच्छी लग रही थी ......वोह मधहोशी मैं जा रही थे ......उसे वोह खुसबू और चाहिए थे . .......

वोह अपना हाट फिरसे गांड पे लेके जाती हैं .....और और अपनी उंगलियों को कमीज के ऊपर से घूमती हैं .....और ...... उंगलियों को गिला कर के .......अहह

वोह अपना हाट फिरसे नाक पे लगाती हैं ....और जोर से ुसस्स गन्दी खुसबू को अपने अंदर लेती hai...ahhhh

एक अलग हे सटिस्फैक्शन उसके चेरे पर दिख रहा था ....क्या पता उसको वोह खुसबू मधहोशी मैं ले जा रही थी .......

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सावला के मुह्ह की वोह बदबू ...और तम्बाकू के कुछ टुकड़े उस खुसबू मैं थे .....और एक हाई क्लास गिर वोह खुसबू सूंघ रही थी ........

और अगले हे पल नम्रता को कुछ अलग सा फील होता हैं .....उसको वोह खुसबू चाहिए थी .......सावला के मुह्ह की गंध उसके जेहन मैं घुस चुकी थे ..............और अगले हे पल वोह एक अनएक्सपेक्टेड हरकत करती हैं....

धीरे से वोह ऊँगली अपने गुलाबी लिप्स पे रखती hain.......ahhh क्या सन था....

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और धीरे से वोह ऊँगली को अपने लिप्स पे घूमती हैं ........और हलकी से जबान भर निकलती हैं .....और उस ऊँगली को धीरे से चाटती हैं ....अह्ह्ह

उसको खट्टा सा टेस्ट लगता हैंण्ण्ना .........अहह अब्ब्ब वोह और चाटने लगती हैं ........उसको बोहोत इंटरेस्टिंग लगता हैं ....

अब्ब्ब धीरे से नम्रता अपनी पूरी ऊँगली को मुह्ह के अंदर लेती हैं .....और ऊँगली को अंदर बहार करती हैंण्ण्ण्न

वोह मधहोश हो रही थी उसको ऐसा करने मैं अकाज हे मजा आ रहा था ...........

सावला के मुँह की गांडू बदबूदार खुस्भु उसे अच्छी लग रही थी ......

और तभी उसे पता चलता हैं की .....उसके कमीज पे और गीला पैन हैं ....उसके दिमाग मैं कुछ सूझता हैं .....और अगले हे पल..........

तो बे कॉन्टिनोएड.............-------
 
अपडेट ----------+------ 013 हार्ट

सावला के मुह्ह की वोह बदबू ...और तम्बाकू के कुछ टुकड़े उस खुसबू मैं थे .....और एक हाई क्लास गिर वोह खुसबू सूंघ रही थी ........

और अगले हे पल नम्रता को कुछ अलग सा फील होता हैं .....उसको वोह खुसबू चाहिए थी .......सावला के मुह्ह की गंध उसके जेहन मैं घुस चुकी थे ..............और अगले हे पल वोह एक अनएक्सपेक्टेड हरकत करती हैं....

धीरे से वोह ऊँगली अपने गुलाबी लिप्स पे रखती hain.......ahhh क्या सन था....

और धीरे से वोह ऊँगली को अपने लिप्स पे घूमती हैं ........और हलकी से जबान भर निकलती हैं .....और उस ऊँगली को धीरे से चाटती हैं ....अह्ह्ह

उसको खट्टा सा टेस्ट लगता हैंण्ण्ना .........अहह अब्ब्ब वोह और चाटने लगती हैं ........उसको बोहोत इंटरेस्टिंग लगता हैं ....

अब्ब्ब धीरे से नम्रता अपनी पूरी ऊँगली को मुह्ह के अंदर लेती हैं .....और ऊँगली को अंदर बहार करती हैंण्ण्ण्न

वोह मधहोश हो रही थी उसको ऐसा करने मैं अकाज हे मजा आ रहा था ...........

सावला के मुँह की गांडू बदबूदार खुस्भु उसे अच्छी लग रही थी ......

और तभी उसे पता चलता हैं की .....उसके कमीज पे और गीला पैन हैं ....उसके दिमाग मैं कुछ सूझता हैं .....और अगले हे पल..........

अब्ब्ब आएगी ..............

नम्रता को समझ मैं नहीं आ रहा तहत की वोह क्या कर रही है पर ......उसके बदन का बदलाव और शरीर मैं आने वाले वोह मीठी फीलिंग उसे मधहोश कर रही थी .....

उसको ये भी नहीं पता था की वोह सही कर रही थी या गलत पर जो कुछ भी हो रहा था उसे मजा आ रहा .....था .....

जब वोह अपने कमीज़ पे हैट रखती तोह उसे ......अच्छा लगता था ....जब उसकी वोह गीली ऊँगली ....उसके ोठो को चीरते हुवे उसके गुलाबी जबान पे चिपक जाती .......तोह वोह टास्ते उसे पागल करे जा रहा था क्या पता उस चीज मैं नम्रता को इतना मजा क्यों आ रहा था ........

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उसकी गीली गांड उसी हर एक सेकंड मैं उत्तेजना से भरे हुवे फुंकार दे रही थी मनो उसके गांड मैं लावा बह रहा था .......पूरा गरम गरम ....मनो अंदर के गांड का लावा डिमांड कर रहा हो की ....मेरे ऊपर ठंडा बर्फ डालो .......

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नम्रता महसूस कर सकती थी ....की उसके बूब्स कैसे तने हुवे हैं ......किश प्रकर उसके शरीर मैं बदलाव आए रहा हैं .......और उत्तेजना की लहरें उसके बूब्स से बड़े बड़े ायमो से होते हुवे कैसे उसके जेहन मैं दफ़न हो रहे हैं ....

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नम्रता अभी भी वोह गीलापन पुरे नम्रता से चाट रही थी ....मनो कोई मीठे रास को अपने उंगलियों को दुबके चाट रही हो .....

उसके उस कोमल ोठो पे गुलाबी लिप्स पैन ......सावला का गिला गन्दा बदबूदार .......पानी .....वोह पुरे नम्रता पूर्वक चाट रही थी और उसके मजे भी पुरे सिद्धांत से उठा रही थी .....

तभी उसका ध्यान अचानक उसके तने हुवे

.......बड़े बड़े 34 के ामो पे जाता हैं ....उसके बूब्स से बह रही .....उत्तेजना को वोह अपने सांसो से बयां कर रही थी .....उसके गरम गरम सांसे उसके हे बूब्स पे गिर रही थी .....

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तभी वोह अपना एक हैट धीरे से उस बूब्स पे रख देती हैं .....और उसके जेहन मैं बिजली से दावूद पड़ती ....हैं. अह्ह्ह क्या एहसास था वोह नम्रत के लिए एक अलग हे रोमांच देने वाला एहसास था वोह .....जो उसे और कुछ करने के लिए मजबूर कर रहा था ....

नम्रता का ये अहसास आने वाले समय मैं क्या बदलाव लाएगा .....क्या नम्रता इस ैशस को झेल पायेगी .....क्या पता पर अभी तोह वोह अपने जवानी के मजे ले रही थी .....जो उसने इस से पहले कभी नहीं लिए थे ........

अब्ब्ब वोह धीरे से अपने तने हुवे कच्चे ामो पे धीरे से अपना हैट सहलाती हैं ......जिस के वजह से उसके ........सलवार मैं से उसके निप्पल्स फूल के उप्पर खड़े हो जाते हैं ....

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जिस से उसके बदन मैं तूफान जिसे कम्प महसूस होता हैं .....और अगले हे पल ....वोह अपने बूब्स के ऊपर अब्ब धीरे से हैट सहलाते हुवे ...अपने 34 के तने हुवे गुब्बारों को अपने मुट्ठी मैं पकड़ने की कोशिश करती हैं पर उसके हैट कुछ नहीं लगता .....और तभी उसको अपने आप के ऊपर शर्म आ जाती हैं की वोह ये क्या कर रही हैं ........

नम्रता को समझ नहीं अट्टा क्या करे पर उसको इतना पता चल गया था की उसको एक अलग हे प्रकार का सुख मिल रहा था .....

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उसको वोह गिला पैन बार बार सत्ता रहा था जिससे उसके गांड मैं हलचल बढ़ रही थी ......और एक अलग हे अनुभव और रोमांच उसके शरीर मैं मच रहा था .....जिसकी आवाज वोह सुन तोह नहीं सकती थी पर वोह आवाज आने वाले कुछ समय में नम्रत को क्या से क्या बनके रख देगी ये तोह खुद नम्रत को भी नहीं पता था ........

कुछ देर के बाद नम्रत को कुछ सूझता हैं अब्ब उसे थोड़ा थोड़ा समझ आ रहा था वोह जो भी कुछ कर रही हैं उसमे मजा तोह आ रहा हैं लेकिन ....ये गलत बात हैं ...पर एक तरफ वोह मीठी फीलिंग नम्रता को कुछ करने पे मजबूर कर रही थी ......

और अगले हे पल नम्रता अपने सुन्दर से कमीज के ऊपर अपने कोमल हैट रखती हैं और अपने उस हटो से अपनी कमीज पकड़ के धीरे से अपनी गांड थोड़ी पीछे करती हैं और ......तब उसके गांड मैं गरम गरम ऐसा लावा बह रहा था पर क्या करे बेचारे नम्रत को पता नहीं था ुसस्स लावा को कैसे शांत करे ....

इस्सलिये वोह अब सिर्फ उस फीलिंग को एक नया अयं दे सकती थी या फिर उसको कण्ट्रोल कर सकती थी ........

अब्ब नम्रता अपने कमज को अपने हटो से थोड़ा से निचे खींचती हैं और अगले हे पल उसके गोरी नबी के निचे उअसके ब्लैक पंतय दिखती हैं

.....

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अहह क्या सन था वोह उसके नाभि के ठीक निचे एक टिल था और वोह गोर गोर स्किन पे वोह टिल कातिलाना दिख रहा था ........ नम्रता के बदन की खुशबु अब्ब पुरे रूम में फ़ैल चुकी थी ......

अगर अगर कोई बहार वाला आदमी आता तोह वोह खुशबु सूंघ के सीधा नम्रता को पािल देता .......इतनी मधहोश कर देने वाली खुशबु नम्रता अपने बदन से छोड़ रही थी ...मनो कोई पारी आसमान से उतरके उस रूम मैं आ गयी हूँ....

फिर नम्रता अब्ब अपनी पूरी कमीज उतर देती हैं .....और तभी उसको महसूस होता हैं की .....उसके पंतय मैं कुछ हलचल हूँ रही हैं....

उसके ुसस्स पंतय से एक मर्द को घायल कर देने वाली खुशबु बह रही थी जिससे ......खुद नम्रता भी चौक जाती हैं की ये क्या हैं ...

उस हलचल से नम्रता को एकदम से झटका लग ता हैं क्यू की वोह हलचल नार्मल नहीं थे उसको लगता हैं की उसने ये क्या किया .....

जब्ब वोह अपनी पूरी कमज बीएड पे रख देती है तोह निचे देखती हैं उसकी ब्लैक कलर की पंतय पूरी गीली हो चुकी थी .....

पर उसको अपने आप पर शर्म आए जाती हैं की ये उसने क्या किया ..........क्या उसने पंतय मैं हे

.....कर दिए ......

लेकिन उसको महसूस होता हैं की ये वाला गिला पैन कुछ अलग था ...मनो ......बोहोत गद्देदार था पर नम्रता उसको इग्नोर करती हैं ....

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पर वोह गिला पैन उसको उत्तेजना की तरफ लेके जा रहा था ....तभी उसी याद आता हैं जब सावला ने उसके गरम गरम गांड पे मुह्ह रकः था तब उसके छूट में कुछ महसूस हुवा था .... क्या ये उसका तोह नतीजा नहीं ....उस सोच में नम्रत दुब जाती हैं .....और .......कुछ देर बाद ......

नम्रता अपने कमज बदल कर ....बीएड पे लेट जाती हैं ......

अब्ब्ब उसका मन पूरा शांत हो चूका था ......उसके लिए आज का अनुभव बोहोत कुछ बता के जा रहा था .. .....

आअज पहली बार नम्रता अपने शरीर के उत्तेजना से उत्तेजित हो चुकी थी ....

वोह अपने मन में शोचति हैं.....

""ये क्या हो रहा हैं मेरे साथ ......कुछ समझ नहीं आ रहा हैं ......क्या .....मुझे कुछ हो रहा hainnn.....ye सब कितना रोमांचित कर देने वाला हैं......

पर कैसे मैंने वोह चाचा के मुह्ह का रास अपने मुह्ह पे लगे चीईंईंउउउउउउउउउ

कितना गन्दा देखते हैं वोह .......मैं कैसे ये सब कर सकती हुऊ .....क्या ये सही हैंण्ण्न

Chiiiiiiiiiiiii मैं दोबारा ऐसा कभी नहीं करुँगी ...........पर मजा तोह बोहोत आ रहा था ......क्या मैंने सही किया या फिर गलत ......मुझे वैसा कटना चाहिए था .. .

पर मेरे अंदर कैसे वोह सब हो रहा था ... .अह्ह्ह्ह सोचकर भी .......दिल मैं ....घबराहट और रोमांच दोनों आ जाता हैंण्ण्ण्न

.......

ये सब सोचते सोचते कब नम्रता सो गयी उसको भी पता नहीं चला ..............एक सुभे से भड़का हुवा उसके मन का जुलमुखी अब्ब शांत हो गया ......

क्या नम्रता अब्ब पाने जवानी मैं कदम रख चुकी थी ......abbb......sirf उसे जवानी का एहसास होना वाली था.........

उसके अनादर ाआग भड़क चुकी थी ...अब्ब्ब सिर्फ जलने वाली चिंगारी चाहिए .......

क्या नम्रता झेल पायेगी ये सब

.......

क्या नम्रता के लाइफ मैं आयने वाले उसके इस तूफान मैं ये पहला पड़ाव था ..........

तो बे कॉन्टिनोएड--------------------------

...

......
 
अपडेट------------------015 हार्ट

ये सब सोचते सोचते कब नम्रता सो गयी उसको भी पता नहीं चला ..............एक सुभे से भड़का हुवा उसके मन का जुलमुखी अब्ब शांत हो गया ......

क्या नम्रता अब्ब अपने जवानी मैं कदम रख चुकी थी ......abbb......sirf उसे जवानी का एहसास होना वाली था.........

उसके अनादर ाआग भड़क चुकी थी ...अब्ब्ब सिर्फ जलने वाली चिंगारी चाहिए .......

क्या नम्रता झेल पायेगी ये सब

.......

क्या नम्रता के लाइफ मैं आयने वाले उसके इस तूफान मैं ये पहला पड़ाव था ..........

अब्ब्ब आएगी ...............

नम्रता सो रही थी .......काफी सुन्दर लग रही थी .......उसका मदमस्त शरीर धीरे से उस बीएड के ऊपर दाल के अपने अंदर के .....ज्वाला को ठंडा कर वोह सो गयी थी ....पर सोते वक्त भी नम्रता का शरीर बेहत खूबसूरत लग रहा था .......

कुछ .........der..........bad.......

अचानक डोरे बेल्ल बजती ......हैं पर नम्रता को आवाज नहीं आती ...

तभी और एक बार बेल बजती हैं तब नम्रता हड़बड़ाती हुवी नींद से जग जाती हैं ......

अभी तोह 4:30 बजे हैं कोण आया होगा नम्रता शोचति हैं और दरवाजे के तरफ चल पड़ती हैं .......वोह धीरे से दरवाजा खोलती ....हैं .....

नम्रता के सामने उसकी माँ कड़ी थी ....

नम्रता:- माँ आज आप इतने जल्दी ???

माँ:- है बीटा आज हाफ डे दे दिया कल से दिवाली चालू होगी न इस्सलिये

नम्रता:- अच्छा ठीक हैं ....माँ

माँ:- क्या कर रही थी बीटा तुम .

नम्रता:- कुछ नहीं माँ सो रही थी ..

माँ:- सावला चाचा से घर साफ करवा लिया न .....और तुमने भी मदद किए न .?

नम्रता:- है माँ कर लिया ....और मैंने भी मदद किए ....

माँ :- अच्छा बीटा ठीक हैं ....

नम्रता:- माँ ये सब बैग्स किश चीज के हैं ......क्या लाया हैं अपने...

माँ:- अरे बीटा इसमें सब साड़ी वैगेरा हैं

.......और तुम्हारे पापा को मैंने लाइटिंग वैगेरा लेन को बोलै हैं .......

नम्रता:- अच्छा ठीक हैं ....हम कही जाने वाले हैं क्या दिवाली मैं माँ ....

माँ:- देखेंगे बीटा अगर तुम्हारे पापा को ज्यादा छुट्टिया मिले तोह जायेंगे ....नहीं तोह हमारे सोसाइटी मैं हे सेलिब्रेट करेंगे

नम्रता:- ok माँ

माँ:- अच्छा बीटा अब्ब मैं फ्रेश होने जाती हु ....तुम ये सब बैग्स मेरे बैडरूम मैं अच्छे से जेक रखो ok .

नम्रता:- ठीक हैं माँ अभी करती हूँ...

और नम्रता वोह बैग्स लेके बैडरूम मैं जाती हैं .....

इधर सनशाइन सोसाइटी के ..... सिक्योरिटी रूम मैं .......बिरजू आराम से पड़ा हुवा था ....वोह खुर्सी पैन बैठे बैठे आने जाने वाले लोगो को देख रहा था ......अगर लड़की या औरत होगी तोह घर रहा था........

तभी उसे पीछे से जोर से आवाज आती हैं बिरजू ......क्या कर रहे हो .......

वोह आवाज सनशाइन सोसाइटी के चेयरमैन की थी ....mr...Rakesh अब्दुल की थी .....

अब्दुल सनशाइन सोसाइटी का चेयरमैन और सेक्रेटरी था ......अभी रिटायरमेंट ले लिए हैं बूत पहले बैंक मैं c.a था ........दिखने मैं एकदम बुद्धा पर कद काठी से अच्छा ज्यादा मोटा था ....उसके मुह्ह मैं हमेशा पैन रहता था ...... उसकी आगे तक़रीबम 60 रहेगी ..

अब्दुल अभी सोसाइटी के सब मेंटेनेंस और कुछ फेस्टिवल रहेगा तोह उसकी प्लानिंग करता था.

है पर एक बात हैं अक्सर सोसाइटी के कुछ मीटिंग मैं उसकी नम्रता के पापा से जमती नहीं थी ....उनमे अक्सर बहस होती थी ........

अब्दुल :- क्या बे हरामी तुझे मैंने क्या काम दिया था वोह किया की नहीं ....

बिरजू:- क्या साहब मुझे याद नहीं ...

अब्दुल :- अबे तुझे मैंने सुबह इनविटेशन लेटर लेक दिए थे 150 वोह पुरे सोसाइटी मैं बाटने थे .

बिरजू:- अरे है साहब अभी जाता हु ....

अब्दुल :- अरे सेल अभी क्या तू दिवाली के बाद देगा इनविटेशन लेटर साला कामचोर कही का ..

बिरजू:- साहब एक बात पुछु.

अब्दुल:- है पूछ....

बिरजू :- किश चीज के हैं ये लेटर.

अब्दुल:- अरे हर साल की तरह इस साल भी हमारे सोसाइटी मैं दिवाली का सेलिब्रेशन होगा ....सब लोग साथ मिलकर दिवाली मनाएंगे ......और वोह कुछ इस साल मेटिंग मैं इस दिवाली को बोहोत बड़ा मानाने की प्लानिंग हो चुकी हैं ....तोह तू अपना मुह्ह बंद कर और जा काम पैन लग जा ....

बिरजू :- अच्छा तोह ये कार्ड्स दिवाली के हैं ..

मन मैं ( इसका मतलब इस साल भी हरयाली देखने को मिलेगी )

बिरजू मन में खुश होते हुवे हर एक घर कार्ड देने निकल जाता हैं ......

इधर नम्रता के घर मैं नम्रता और उसको माँ नई ड्रेसेस देख रही थी जो की नम्रता के माँ ने लायी थी .......

सब ड्रेसेस अच्छी थी और नम्रता को बोहोत पसंद भी आयी .......

इधर ...........

बिरजू सब जगह पे वोह इनविटेशन कार्ड्स दे के आए रहा था अब्ब नम्रता के घर की पारी थी .....

तभी बिरजू रुक जाता हैं ......

अरे ये तोह वही खड़ूस सिक्योरिटी अफसर वाले का घर हैं .........खुदा करे वोह घर पे न हो ....नहीं तोह लेने के देने पद जायेंगे .....और फिर बिरजू ..... डोरे बेल्ल बजता हैं.......

Tringgg......Tring.........

माँ:- अब्ब्ब कोण आया .....

नम्रता:- क्या पता .....

माँ:- जाओ बीटा देखो कोण है

नम्रता:- ok माँ .

इधर बिरजू के मन में कुछ नहीं था उसी तोह ये भी नहीं पता था की नम्रता दरवाजा ओपन करेगी पर इधर Namrata.....Darwaja खोलने के लिए आगे बढ़ रही थी ......उसके चल मैं अलग हे मजा .....था ........

नम्रता की वोह ब्लैक कलर का सलवार उसपे क्या लग रहा था ........ नम्रता ने अपने 34 के बड़े बड़े आजम उस सलवार मैं चुपके रखे थे ......उसके चेरे पर एक अलग सा ग्लो था ............

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नम्रता के चलते वक्त वोह बड़े बड़े आजम ऐसे हिल रहे थे .......क्या बतावु .....उसके वोह बूब्स की मूवमेंट देख कर कोई भी पागल हो जाये ..............ऐसा लग रहा था नम्रत दरवाजा खोलने नहीं किसीको अपने खूबसूरती की बिजली से मरने जा रही हो ......

नम्रता का बदन से एक अलग हे महक आ रही थी जो बुड्ढे को भी अत्त्रक्ट कर दे ..........

चल ते वक्त उसकी 36 की गांड बोहोत हिल रही थी.....

इस सब से अनजान बिरजू दरवाजे पे खड़ा था

......यूजर क्या पता कुछ हे देर में उसके सामने रूप की कामिनी कड़ी होनी वाली हैं ...........

बिरजू और एक बार बेल्ल बजता हैंण्ण्ण्न ..

और तभी उससे एक कोमल सी आवाज उसके कानो पे पड़ती हैंन

नम्रता:- ओने मिनट वेट अभी आयी ......

वोह आवाज सुनके बिरजू को दिलासा मिलता हैं की वोह सिक्योरिटी अफसर वाला नहीं hainnnn......aur उसके मन मैं गुदगुदी भी होती हैं ....कही ये नम्रता तोह नहीं ...................

तभी नम्रता अपना दरवाजा ओपन करती हैं ......और अगले हे पल .........बिरजू उसके सामने जो देखता हैं .....वोह वही के वही घायल हो जाता hainnnn........uske मुह्ह से शब्द नहीं निकलते ......

क्यू की उसको नम्रता के सलवार के ऊपर से उसके 34 के तने हुवे बूब्स उसके ठीक मुह्ह के सामने थे .....और वोह इतने पास थे की .....ुन्नन सैंट्रो मैं से हलकी से गंध बिरजू के नाक में जेक उससे उत्तेजित कर रही thiiii........aise अचानक से नम्रता के दर्शन होने पर बिरजू एकदम गड़बड़ा जाता ....हैं ....उसकी बोलती बंद होक उससे लगता गेन ....साप सूंघ जाता हैं....

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ऊपर से उसके सामने नम्रता के वोह तन्ने और कच्चे पर बड़े बड़े आजम उससे पागल कर देते hainnn........Birju ......उस ाआमो की तरफ ही देखता रहता hainn.....ahhh क्या खुशबु आए रही थीई........

तभी नम्रता इस माहौल को तोड़ती हुवे बोलती हैं ......

नम्रता:- कोण.....?? पहचाना नहीं आपको ?

बिरजू वैसे हे नम्रता के मुह्ह को देखता हैंण्ण्न.

...... नम्रता फिर से पूछती हैं ....

नम्रता:- चाचा कोण हो आप क्या काम हैं ....?

तभी बिरजू होश मैं आता हैं ....और हड़बड़ाता हुवे कहता हैंण्ण्न.....

बिरजू :- जी ji.....main आपके सोसाइटी का वॉचमन हु ..... पहचाना नहीं अपने ......( और एक गन्दी से स्माइल देता हैं)

नम्रता:- ारीये haaa.....boliye क्या क्या हुवा ...

बिरजू :- जी ये हमरे सोसाइटी के सेक्रेटरी अब्दुल जी ने ये आपके पापा को देने बोलै हैं ....

नम्रता:- क्या हैं ये .....

बिरजू:- जी ये दिवाली का इनविटेशन कार्ड hainnnn...hamrae सोसाइटी मैं भी इस बार दिवाली मानाने वाले हैं उसका .....

नम्रता:- ओह्ह्ह अछ्हा ....ठीक हैंन.

इन सब मैं बिरजू का लावड़ा एकदम टाइट हो चूका था ............ नम्रता के बदन से आती हुवी खुशबु ........वोह सीधा ......अपने लुंड मैं सूंघ रहा था .....

रोज तोह बिरजू नम्रता को आँखों से सकता था .....लेकिन ाआज वोह सुंदरी .....उसके सामने कड़ी थी .............जिस के वजह से वोह एक रात सो नहीं पाया था .....उस .....बाला को आअज वोह इतने पास से .....देख रहा था ......

बिरजू :- जी अआप का नाम क्या हैं.....

( नम्रता थोड़ी सरप्राइज होती हैं )

नम्रता:- नम्रता नाम हैं मेरा चाचा

बिरजू:- बड़ा हे सुन्दर नाम हैं बिलकुल तुम्हारे जैसा .....सुन्दर......

( नम्रता ये सुनके चौक जाती hain.....par....use अच्छा भी लगता हैं.....)

नम्रता:- ठीक हैं चाचा ....और एक प्यारी से स्माइल देती हैं .....

बिरजू भी बोहोत मजा हुवा खिलाडी था ...उसे मौके पे चक्का मरना आटा था ......उम्र हो गयी थी .....लेकिन उसके पास तजुर्बे की कमी nahi.....theeeee

बिरजू:- नम्रता बोहोत खूबसूरत हो तुम ......( और बिरजू उसके पुरे बदन पे नजर डालता hain......aur बूब्स को देखता हैं)

नम्रता को अब ावक्वार्ड फील होता हैं पर खुदकी तारीफ सुन ने पर वोह हल्का सा शर्मा जाती hain.....aur एक प्यारी से स्माइल बिरजू को देती हैं...... ....

और वोह स्माइल बिरजू को मर देती हैंन. अह्ह्ह्ह

साँस के ऊपर निचे होने से नम्रता के तने हुवे बूब्स भी ....हिल रहे ....थे ...ah...jiss को देख बिरजू का लुंड और खड़ा हो रहा था......

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नम्रता:- ठीक हैं चाचा मैं पापा को आने के बाद ये दे दूंगी .......

और नम्रता वोह इनविटेशन कार्ड रखने के लिए पीछे मुड़ती हैं ................और टेबल की तरफ चल पड़ती हैं

और इधर बिरजू का लुंड 10 टोफू की सलामी देने के लिए फाटक से खड़ा हो जाता हैंण्ण्न. ...

क्यू की उसके सामने अब्ब्ब एक नाजुक काली की .....बड़ी बड़ी टाइट .....36 की गांड आआ जाती हैंण्ण्ण्न .......

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बिरजू धीरे से अपने लुंड पे हाट रखता हैं और वही अपने लुंड को मसलता हैंण्ण्ण्न...

नम्रत की गांड की मूवमेंट एकदम सेक्सी thi....ek के ऊपर एक गांड घिस रही थी .......जिस के वजह से उसका सलवार गांड मैं अटक रहा था.....

अह्ह्ह्ह क्या गांड हैं साली की .....इतने काम उम्र में इतनी बड़ी गांड ....अह्ह्ह ये तोह सिर्फ किस्मत वालों को देखने मिलती hainnnn....ahhhh....kya गरम गांड रहेगी अंदर से .....अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

तभी नम्रता फिर से दरवाजे की तरफ आ जाती हैंण्ण्न.........

बिरजू :- नम्रता पापा को बताना ....और दिवाली मैं जरूर आयना ......

नम्रता:- है चाचा......

और बिरजू को ब्येई करके .....दरवाजा बंद कर देती हैंण्ण्ण्न..........

अब्ब्ब बिरजू पूरा आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो चूका था ...........उसका लुंड बार बार नम्रता को सोचते हुवे .......तन रहा tha......uske पंत मैं ....से वोह ....लुंड पूरा पहला .....हुवा .....दिख Raha......tha.....

बिरजू अक्सर रनिडियो को छोड़ता था .....पर ऐसा माल उसने पहले .....कभी ....नहीं .....देखा .....था.....

इसके पहले भी बिरजू ने नम्रता को देख कर हिलाया tha.....par.....aaj तोह हद .....हो गयी......

बिरजू के सामने बार बार नम्रता की बड़ी गांड घूम रही thi.......aur उसके तने हुवे बूब्स .........

वोह सिर्फ इस सोच मैं था की लुंड को शांत कैसे किया जाये......

अह्ह्ह्ह साली ne.........aaag लगाके चली gayi....ahh

एक 60 साल के बुड्ढे के लिए ये बोहोत हे बड़ी बात थी नम्रता जैसे लड़की के नयन सुख Lena.........par अब्ब्ब

बिरजू के शीतनी दिमाग मैं कुछ और हे चल रहा था.........

Abbb....kya

.....होगा ..

.

क्या बिरजू की अंदर की आग उसको नम्रता की करीब लेके जाएगी .......या phir..........iss बार भी नम्रता को बिरजू ....सिर्फ सपनो मैं छोड़ेगा.......................

.

तो बे कॉन्टिनोएड............................ :शाय:
 
डिअर रीडर्स माफ़ करना अपडेट स्लो आ रहे हैं

बूत मैं भी प्रोफेशनल राइटर नहीं हु मैं भी सिख रहा हु

आपके सुग्गेस्टियन्स दीजिये .......जिस से मुझे भी हेल्प मिलेगी

थैंक you......keep सपोर्टिंग हार्ट बनाना
 
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हार्ट विशिंग यू हैप्पी नई ईयर हार्ट
 
हार्ट RECAP.......OF...........THIS......... स्टोरी हार्ट

बास करो ..............(संस्कारी गर्ल तो रंडी)

..इस कहानी की मुख्या किरदार है नम्रता जो की एक सोसाइटी मई अपने माँ डैड के साथ रहती है और ..अभी कॉलेज स्टडीज कर रही है ...उसके लाइफ मई क्या चेंज आये कोण है नम्रता और क्या हुवा उसके साथ ये सब हम जानेंगे ..इस कहानी मई ...कल इसका पहला अपडेट आएगा

ये है हमरी करैक्टर और कहानी की मुख्या किरदार नम्रता

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रिकैप:-. कहानी को चालू हुवे काफी टाइम हुवा इस्सलिये इस

कहानी के अब तक के करैक्टर और जगह के बारे में जान लेते हे ......

i]Place :- सनशाइन सोसाइटी (जो कुछ मंथ पहले हे नई बानी है )

चरक्टेर्स:-

1) बिरजू :- आगे :- 50 ( सनशाइन सोसाइटी का वॉचमन ) नम्रता जिस सोसाइटी में रहती है उसका बिरजू वॉचमन है ..वोह उधर हे 10 मिनट्स के दुरी पर उसका झोपड़ा है वह रहता है . उसका परिवार पूरा गाओं मैं hai..dikhne में बोहोत कला और गन्दा है और दारू पिने की बुरी आदत है

2) सावला :- आगे 58 (सनशाइन सोसाइटी का कचरेवाला). सावला रोज मॉर्निंग और इवनिंग मई सोसाइटी को झाड़ू मरने माँ काम करता है ...दिखने मई बोहोत बदसूरत और कला है

3) राकेश अब्दुल :- आगे 60. ( अब्दुल सनशाइन सोसाइटी का चेयरमैन और सेक्रेटरी था ......अभी रिटायरमेंट ले लिए हैं बूत पहले बैंक मैं c.a था ........दिखने मैं एकदम बुद्धा पर कद काठी से अच्छा ज्यादा मोटा था ....उसके मुह्ह मैं हमेशा पैन रहता था ...... उसकी आगे तक़रीबम 60 रहेगी ..

अब्दुल अभी सोसाइटी के सब मेंटेनेंस और कुछ फेस्टिवल रहेगा तोह उसकी प्लानिंग करता था.

............................... .......................................

मैं करैक्टर ऑफ़ थे स्टोरी:-

नम्रता :- आगे (21)---

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नम्रता एक बोहोत संस्कारी और स्कॉलर लड़की है जो जो कुछ महीने पहले हे अपने माँ डैड के साथ सनशाइन सोसाइटी मई रहने आयी hi . नम्रता एक कॉलेज गोइंग स्टूडेंट है जो अपनी बीएससी तस की पढाई कर रही है

नम्रता दिखने मई बोहोत खूबसूरत है

उसकी आंखे , उसका हसना एकदम मस्त ..ऐसा लगता था की वोह कोई शादी शुदा लड़की हो क्यू की शरीर से वोह 28 साल की लगती थी उसका बदन पूरा भरा हुवा है . और उसकी चल मैं अलग हे नशा है .जो कोई भी नम्रता को देखता घायल हो जाता

इन सबके बावजूद नम्रता का कोई बॉय फ्रेंड नहीं था क्यू की उसके डैड एक सिक्योरिटी अफसर अफसर है . सो भोत सरे लड़के उससे बात करने के लिए भी कतराते . कॉलेज मैं भी नम्रता स्कॉलर थी .

नम्रता की माँ एक कॉलेज मई क्लेअरक है और डैड अफसर तोह बचपन से हे नम्रता को अकेली रेहनी की आदत हो गयी थी . नम्रता के फ्रेंड्स भी बोहोत काम थे .

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अब तक हमने देखा :-

सनशाइन सोसाइटी में दिवाली की तैयारी जोरो शोरो से चालू हे ........

नम्रता के घर में भी दिवाली का माहौल बना हुवा हे .....

नम्रता और उसकी माँ दिवाली के तैयारी में जुट गयी हे .

इधर बिरजू जो सोसाइटी का वॉचमन हे वोह नम्रता के जवानी पे फिसल चूका हे पिछली बार के मुलाकात ने उसको नम्रता के जवानी में डूबा दिया हे .....वो बस अब्ब किसी तरह नम्रता को पाने के कोशिश में जुट चूका हे .........उसके अंदर की ज्वाला और नम्रता को पाने की चाहत क्या उसे दिवाली में मजे दे पायेगी ........

इधर हमारे कहानी का दूसरा करैक्टर सावला ........

नम्रता के घर में किस्मत से मिले हुवे नौकर का काम अच्छे तरीके से निभा रहा हे .......

दिवाली के लिए नम्रता और सावला के बिच घर में साफ सफाई करते हुवे जो हुवा उसकी वजह से उसके मन में नम्रता को पाने की चाहत और बढ़ गयी हे ....... नम्रता के वजह से सावला जैसे बुड्ढे को अब्ब ढलती उम्र में जवानी चढ़ चुकी हे ...........

ऐसा लग रहा हे सावला नम्रता को पाने के रेस में बस कुछ हे कदम दूर हे

क्यू की नम्रता को सावला की वजह से हे अपने जवानी का इंदिरेक्ट्ली पता चला

क्या सावला दिवाली के बहाने नम्रता के छूट का दिया जला पायेगा .......

नाउ .....

करंट सिचुएशन ऑफ़ नम्रता:-

नम्रता में ज्यादा बदलाव नहीं आया हे लेकिन सबसे बड़ा ये हे की उसको उसके जवानी का पता चल चूका हे .....

शरीर सुख तो उसे पता नहीं ....लेकिन उसके बदल उसके सर पे मंडरा रहे हे .......

नम्रता को अब्ब सिर्फ कोई ऐसा चाहिए जो उसके जवानी का उसे अहसास करा दे . ..

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प्रेजेंट सिचुएशन इन सोसाइटी:-

सनशाइन सोसाइटी में सब लोग अब्ब दिवाली के तैयारी में लग चुके हे कल दिवाली का पहला दिन हे और ....उस दिन को सब सवेरे 7 बजे मिल कर साथ में मनाएंगे ....

मॉर्निंग को सोसाइटी में संगीत का प्रोग्राम हे ......

इस लिए सोसाइटी का चेयरमैन और बिरजू और बाकि लोग आज तेरी कर रहे हे .................

तोह दोस्तों यहाँ तक अपनी स्टोरी एके रुकी थी अगर किसी को यद् करने में प्रॉब्लम हो रहा होगा तोह एकबार स्टोरी देख लीजिये लेकिन बेसिक डिटेल्स यहाँ पे दे दिए हे

एंड ी क्नोव आपको तकलीफ हुवी हे मुझे भी पर्सनल प्रॉब्लम थी लेकिन अब्ब ये स्टोरी आगे बढे गए और कम्पलीट भी होगी ये मेरा वादा हे

तोह प्लीज सपोर्ट एंड सुपरटे कीजिये
 
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